ध्य प्रदे श शास
इसे वेबसाईट www.govtpressmp.nic.in से भी डाउन लोड किया जा सकता है .
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 17 ]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 22 अप्रैल 2016- वैशाख 2 , शक 1938
विषय-सूची
1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, भाग
(3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं,
( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.-(क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक,
(3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 5 अप्रैल 2016
क्र. एफ- 5-05-2016- एक- ( 1 ) उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्तें ) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री एस. सी. शर्मा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खण्डपीठ इन्दौर को दिनांक 29 दिसम्बर 2015 से 30 दिसम्बर 2015 तक के शीतकालीन अवकाश के साथ यात्रा सुविधा का लाभ लेने के फलस्वरूप भारत सरकार, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के ज्ञापन क्रमांक एफ क्र. 31011/4/2008 - ईएसटीटी ( ए) , दिनांक 23 सितम्बर, 2008 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत एल.टी.सी. एवं 10 दिवस का पूर्ण वेतन भत्ते सहित अवकाश नगदीकरण करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं.
(2) उपरोक्तानुसार नगद भुगतान एक मुश्त किया जावे. भारत सरकार के उक्त निर्देशों के प्रावधान अनुसार यह नगदीकरण सेवानिवृत्ति के समय अनुमत अधिकतम 300 दिन के नगदीकरण में से घटाया नहीं जावेगा.
क्र. एफ - 5-06-2016-एक- ( 1 ) उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्तें) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री रोहित आर्य , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 23 दिसम्बर 2015 से 29 दिसम्बर 2015 तक के शीतकालीन अवकाश के साथ यात्रा सुविधा का लाभ लेने के फलस्वरूप भारत सरकार, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के ज्ञापन क्रमांक एफ क्र. 31011 /4/ 2008 - ईएसटीटी ( ए ) , दिनांक 23 सितम्बर, 2008 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत एल.टी.सी.
1227
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2016 .
1228
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
एवं 10 दिवस का पूर्ण वेतन भत्ते सहित अवकाश नगदीकरण करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं .
(2 ) उपरोक्तानुसार नगद भुगतान एक मुश्त किया जावे. भारत सरकार के उक्त निर्देशों के प्रावधान अनुसार यह नगदीकरण सेवानिवृत्ति के समय अनुमत अधिकतम 300 दिन के नगदीकरण में से घटाया नहीं जावेगा.
क्र. एफ 5-7-2016- एक ( 1 ) .- उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्ते ) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री एस. के. सेठ , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत करते हैं:-
अ.क्र .
अभियुक्ति अवकाश अवधि
अवकाश का प्रकार
कुल दिन
(2)
(3) (4)
(5) (1)
12
अवकाश के पश्चात् में दिनांक
पूर्ण वेतन तथा भत्तों
26 जनवरी 2015 01 14 जनवरी 2016 से दिनांक 25 जनवरी 2016. सहित अवकाश. सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.
क्र. एफ 5-9-2016- एक ( 1 ) .- उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्ते) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री एन. के. गुप्ता , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ, ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत करते हैं:-
अ.क्र. अवकाश अवधि कुल दिन अवकाश का प्रकार
(4) (1)
(2)
(3)
02
01
पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.
दिनांक 11 फरवरी 2016 से दिनांक 12फरवरी 2016 तक.
क्र. एफ 5-10-2016- एक ( 1 ) .- उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्ते) अधिनियम , 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री सुजॉय पॉल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत करते हैं:-
अ.क्र. अवकाश अवधि कुल दिन अवकाश का प्रकार (2)
(3)
(1)
(4) 01
04 पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश .
दिनांक 18 जनवरी से 2016 से दिनांक 21 जनवरी 2016 .
क्र. एफ- 5-20-2015- एक- ( 1 ) उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्तें) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल, जस्टिस श्री डी. के. पालीवाल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खण्डपीठ, इन्दौर को दिनांक 19 दिसम्बर 2015 से 30 दिसम्बर 2015 तक के शीतकालीन अवकाश के साथ यात्रा सुविधा का लाभ लेने के फलस्वरूप भारत सरकार, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के ज्ञापन क्रमांक एफ क्र. 31011/4/ 2008 - ईएसटीटी ( ए ) , दिनांक 23 सितम्बर, 2008 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत एल.टी.सी. एवं 10 दिवस का पूर्ण वेतन भत्ते सहित अवकाश नगदीकरण करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं.
(2) उपरोक्तानुसार नगद भुगतान एक मुश्त किया जावे . भारत सरकार के उक्त निर्देशों के प्रावधान अनुसार यह नगदीकरण सेवानिवृत्ति के समय अनुमत अधिकतम 300 दिन के नगदीकरण में से घटाया नहीं जावेगा.
भोपाल , दिनांक 6 अप्रैल 2016
क्र. एफ 5-20-2015 - एक ( 1 ) .- उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्ते) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री डी. के. पालीवाल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ, इन्दौर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत करते हैं:-
अ.क्र. अवकाश अवधि कुल दिन अवकाश का प्रकार
(3)
(4) (1)
(2)
01
05 पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.
दिनांक 4 दिसम्बर 2015 से दिनांक 8 दिसम्बर 2015 तक.
02
07 पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश .
दिनांक 11 दिसम्बर 2015 से दिनांक 17 दिसम्बर 2015 तक.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. कातिया, अपर सचिव.
1229
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
सामान्य प्रशासन विभाग (अधीक्षण शाखा ) मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 7 अप्रैल 2016
एफ. क्र. 22-49-1985- एक-स्था. 2. भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश के राज्यपाल , एतद्वारा , मध्यप्रदेश सचिवालय ( चतुर्थ श्रेणी ) सेवा भर्ती नियम, 1987 में निम्नलिखित संशोधन करते हैं , अर्थात्:-
संशोधन
उक्त नियमों में, अनुसूची में, कॉलम ( 2 ) में दर्शित पद " भृत्य, फर्राश , वाटरमैन , चौकीदार, वाल्वमैन और स्वीपर के सामने, कॉलम (12) मे, शब्द " एवं व्यक्तिगत साक्षात्कार " का लोप किया जाए.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. एन. चौहान, अवर सचिव.
भोपाल, दिनांक 7 अप्रैल 2016
क्र. एफ. 22-49-1985- एक-स्था. 2.- भारत के संविधान अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 22-49-1985- एक-स्था-2 , दिनांक 7 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. एन. चौहान , अवर सचिव.
Bhopal the 7th April 2016
F. No. 22-49-1985 - I- Esst- 2.- In exercise of the powers conferred by the proviso to Article 309 of the Constitution of India the Governor of Madhya Pradesh , hereby, makes the following amendment in the Madhya Pradesh Secretariat ( Class IV) Service Recruitment Rules , 1987 namely:-
AMENDMENT
In the said rules in the Schedule , in column ( 12) , against the posts "Peon , Farrash , Waterman , Chowkidar, Volveman and Sweeper " shown in column (2) , the words " and personal interview " shall be omitted.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
R. N. CHOUHAN , Under Secy.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 29 मार्च 2016
फा. क्र. 3 (ए) 2-2015- इक्कीस- ब ( एक ) 1200.- राज्य शासन, उच्चतर न्यायिक सेवा के सदस्य श्री राम गोपाल सिंह, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जिला छतरपुर को उनके द्वारा दिनांक 15 फरवरी 2016 को प्रस्तुत सूचना पत्र के अनुसार मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( पेंशन ) नियम, 1976 के नियम 42 ( 1 ) ( क ) के अधीन उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर सेवानिवृत्त होने के लिए अनुज्ञात किया जाता है तथा उन्हें दिनांक 30 अप्रैल 2016 के अपराह्न से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अनुमति प्रदान करता है.
भोपाल , दिनांक 1 अप्रैल 2016
फा. क्र . 3 (बी) 02-2014- इक्कीस- ब( एक) .-( मेरिट क्र. 32 ) , राज्य शासन, श्री महेन्द्र सैनी पिता श्री राम सिंह सैनी को मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920-40450-1080- 44770 में एतद्वारा नियुक्त करता है.
अभ्यर्थी का गृह जिला मेरठ ( उत्तरप्रदेश ) है. उसकी जन्मतिथि 26मार्च 1980 है.
भोपाल , दिनांक 6 अप्रैल 2016
फा. क्र. 3 (ए) 01-2016- इक्कीस - ब( एक ) -1328 .- मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा के सदस्य श्री एम.एस. रावत सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 पेटलावद जिला झाबुआ ( वर्तमान में निलम्बित मुख्यालय- ग्वालियर ) के विरुद्ध संस्थित विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर उनके विरुद्ध गंभीर कदाचरण के आरोप प्रमाणित पाये जाने पर उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश द्वारा फुलकोर्ट मीटिंग ( by circulation ) दिनांक 3 मार्च 2016 में पारित प्रस्ताव द्वारा उक्त न्यायिक अधिकारी को सेवा से पदच्युत ( Dismissal from service ) किये जाने की अनुशंसा की गई है.
उक्त न्यायिक अधिकारी के सेवा अभिलेख तथा समस्त सामग्री पर विचार करने के उपरान्त उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश की अनुशंसा से सहमत होते हुए राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि श्री एम. एस . रावत सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 पेटलावद जिला झाबुआ ( वर्तमान में निलम्बित मुख्यालय - ग्वालियर) को सेवा से पदच्युत (Dismissal from service ) किया जाए.
1230
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
अतः मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील ) , नियम 1966 के नियम 10 के उपनियम ( ix ) के अन्तर्गत दीर्घ शास्ति अधिरोपित करते हुए एतद्वारा , राज्य शासन श्री एम.एस. रावत सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 पेटलावद जिला झाबुआ ( वर्तमान में निलम्बित मुख्यालय - ग्वालियर ) को तत्काल प्रभाव से सेवा से पदच्युत ( Dismissal from service ) करता है.
भोपाल, दिनांक 7 अप्रैल 2016
फा. क्र. 3 (सी ) -8-86-इक्कीस- ब-( एक ) .- राज्य शासन, श्री आदित्य चौबे , अधिवक्ता, जबलपुर को इंडियन लॉ रिपोर्टर (ILR) ( मध्यप्रदेश सीरीज ) के लिये मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर की स्थापना पर निर्मित पार्ट टाइम रिपोर्टर के स्थायी पद पर रुपये 5000/ - ( रुपये पांच हजार ) केवल प्रतिमाह निश्चित मानदेय पर दिनांक 23 फरवरी 2016 से 22 फरवरी 2017 तक एक वर्ष अथवा नवीन नियुक्ति होने ( जो भी पहले हो ) तक नियुक्त करता है.
इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29-2014-न्याय प्रशासन ( 102 ) उच्च न्यायालय ( 579 ) उच्च न्यायालय भारित (01 ) वेतन के अंतर्गत विकलनीय होगा.
भोपाल, दिनांक 11 अप्रैल 2016
फा. क्र. 3 (बी) -2-2014- इक्कीस- ब-( एक) -1310.- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा 2014 की चयन सूची दिनांक 3 सितम्बर 2015 में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर) के पद पर चयनित अभ्यर्थी श्री मृदुल गुप्ता ( मेरिट क्र. 11 ) की ओर से प्रेषित आवेदन पर, विचारोपरांत स्वीकार करते हुए राज्य शासन, एतद्वारा , श्री मृदुल गुप्ता का नाम चयनित सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) की मुख्य चयन सूची के मेरिट क्र. 11 से विलोपित कर उनका चयन का अधिकार समाप्त करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विरेन्दर सिंह, प्रमुख सचिव.
वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 21 मार्च 2016
क्र. एफ. 11-7-2016- बी- ग्यारह. उद्योग संवर्धन नीति, 2010 एवं कार्य योजना की कंडिका क्रमांक 14.4 के संदर्भ में विभागीय आदेश क्रमांक एफ 20-1-2010- बी- ग्यारह , भोपाल दिनांक 4जनवरी 2011 से जारी मार्गदर्शी बिन्दु एवं मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबधन नियम, 2015 की कंडिका क्रमांक 4 ( 2 ) में उल्लेखित प्रावधान अनुसार निम्नलिखित क्षेत्र को नवीन औद्योगिक क्षेत्र एतद्वारा अधिसूचित किया जाता है:-
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
जिला (4)
43.41
(3) धार
क्र. औद्योगिक क्षेत्र का नाम (2) (1) 1 नवीन औद्योगिक क्षेत्र उज्जैनी
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अनिल भारतीय , उपसचिव.
नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्र. एफ- 3-37-2016- अठारह 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 2 ) ( क ) के अनुसरण में राज्य सरकार, एतद्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये ग्वालियर निवेश क्षेत्र तथा ग्राम नियोजन विभाग की अधिसूचना क्रमाकं 282- एफ-1-7- तैंतीस-74, भोपाल दिनांक 24 जनवरी 1974 , जिला योजना समिति ग्वालियर की अधिसूचना क्रमांक 1864-189- जियो-99 , ग्वालियर दिनांक 9 जुलाई 1999 तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-69-2007- बत्तीस, भोपाल दिनांक 21 सितम्बर 2017 की सीमाओं में परिवर्तन करती है, जिसकी पुनरीक्षित सीमायें निम्न अनुसूची में परिलक्षित की गई है.
अनुसूची ग्वालियर पुनरीक्षित निवेश क्षेत्र की सीमाएं उत्तर में- ग्राम बरौआ नूराबाद, सुसेरा कुवरपुरा, करगवां, टीकरी नरेश्वर एवं बरेठा की उत्तरी सीमा तक.
पूर्वमें- ग्राम चंद्रपुरा , सूरो , चककेशोपुर, वीरमपुरा , धनेली , बनारपुरा , गनेशपुरा , सुनारपुरा, हिरीं बघोली , सौंसा, रमौआ, बस्तरी एवं अलीनगर की पूर्वी सीमा तक.
दक्षिण में- ग्राम छौदा, सातऊ, कुशराजपुर, पुरासानी, डॉगसरकार एवं अलीनगर की दक्षिणी सीमा तक.
पश्चिम में-ग्राम छौदा, खिरिया, मूत्यु, अजयपुर, नीमचन्दौहा, चक गिरवाई, कोटा लश्कर, बहोडापुर, किशनबाग , थर, शंकरपुर, टिलहरी, खिरियाभान , रायरू एवं बरौआ नूराबाद की पश्चिमी सीमा तक.
1231
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
क्र. एफ- 3-91-2015- अठारह 5.- राज्य शासन एतद्वारा चंदेरीह विकास योजना हेतु मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 17 (क ) ( 1 ) के अन्तर्गत निम्नानुसार गठन किया जाता है. यह समिति मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 17-क( 2 ) सह पठित मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 के नियम 12 में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी:-
संस्था/पता
समिति में पद व्यक्ति का नाम/पद
अधिनियम की धारा 17क ( 1 ) खण्ड
(3)
(4) (2)
(1)
नगरपालिका चंदेरी
सदस्य अध्यक्ष
(क)
सदस्य अध्यक्ष
(ख)
जिला पंचायत, अशोक नगर
सदस्य सांसद
(ग)
गुना संसदीय क्षेत्र
सदस्य
विधानसभा क्षेत्र चंदेरी
विधायक
(घ)
अध्यक्ष
नगर तथा ग्राम निवेश विकास प्राधिकारी
कोई नहीं (ड)
सदस्य अध्यक्ष
जनपद पंचायत, चंदेरी
(च)
1.
सरपंच
सदस्य (छ)
ग्राम पंचायत, मुरादपुर
सरपंच
2.
सदस्य
ग्राम सिंहपुरताल, ग्राम पंचायत, गोधन
सरपंच
सदस्य 3.
ग्राम सराय , ग्राम पंचायत, रामनगर
सदस्य 4.
सरपंच
ग्राम रामनगर, ग्राम पंचायत, रामनगर
सदस्य 5.
सरपंच
ग्राम पंचायत, प्राणपुर
सदस्य सरपंच
6.
ग्राम चकखानपुर, ग्राम पंचायत , अमरोल
1.
सदस्य प्रतिनिधि
काउंसिल ऑफ आर्किटेक्ट ( इण्डिया )
(ज)
नई दिल्ली.
सदस्य 2.
प्रतिनिधि
काउंसिल ऑफ टाउन प्लानर
नई दिल्ली.
3.
प्रतिनिधि
सदस्य
इन्स्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स कोलकाता
प्रतिनिधि
सदस्य 4.
जिला कलेक्टर, अशोक नगर
सदस्य 5.
वनमण्डलाधिकारी अशोक नगर
प्रतिनिधि
6.
सदस्य प्रतिनिधि
अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) चंदेरी
सदस्य 7.
प्रतिनिधि
कार्यपालन यंत्री, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल,
अशोक नगर.
संयोजक समिति का संयोजक
(झ)
उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय गुना मध्यप्रदेश.
सूचना
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्र. एफ- 3-07-2016- अठारह 5.-मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) , की धारा 23-" क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3-07- 1232
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
2016-अठारह-5 , दिनांक 25 जनवरी 2016 द्वारा प्रस्तावित किये गये अनुसार प्रवर्तित भोपाल विकास योजना 2005 में निम्नानुसार उपांतरण की पुष्टि करती है . उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार है:-
अनुसूची
क्रमांक
ग्राम
खसरा क्र.
क्षेत्रफल हेक्टेयर में
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग
उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू- उपयोग (1)
(4)
(2)
(3)
(5)
(6) 1
6.94 हेक्ट.
1.
कृषि
ग्राम चंदुखेड़ी
2
0.21 हेक्टे.
सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक (तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र) .
3
10.68 हे .
0.60 हे.
4
0.24 हे.
5
6
0.05 हे.
18
1.62 हे.
0.32हे.
19
52/1
1.58 हे.
54/1
6.80 हे.
0.32 हे.
55
56/1
26.21 हे.
57
2.91 हे.
योग .. 58.48
(1) राजस्व अभिलेख तथा स्थल पर विद्यमान नाले के अन्तर्गत आने वाली भूमि भोपाल विकास योजना 2005 तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों अन्तर्गत खुली छोड़नी होगी
(2) उक्त उपांतरण भोपाल विकास योजना 2005 का एकीकृत भाग होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
सी. के. साधव , उपसचिव.
1233 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
वन विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्रमांक एफ- 25-11 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम , 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा -29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड N - 21 ° 57'35.249 " से N- 21 ° 57'52.675 " तथा E - 79 ° 02′55.508 " से E- 79 °03′27.503 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
:: अनुसूची::
जिला -छिन्दवाड़ा
तहसील
छिन्दवाड़ा वनमण्डल
वन परिक्षेत्र
छिन्दवाड़ा •पूर्व छिन्दवाड़ा वनमंडल (क्षेत्रीय)
क्रमांक
वनखंड की सीमाएं वनखंड की भूमि का विवरण
प्रस्तावित वनखंड का नाम
ग्राम का नाम
भूमि का वर्तमान मद
खसरा क्रमांक
1
2
3
4
5
क्षेत्रफल (हे० में) 6
7
1 कुहिया कुहिया
उत्तर
पहाड़ / चट्टान
21.330
13/1
मुनारा क्रमांक 01 से 02 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
पूर्व मुनारा क्रमांक 02 से 04 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
दक्षिण मुनारा क्रमांक 04 से 16 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
पश्चिम मुनारा क्रमांक 16 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
21.330
योग
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार : -
1. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक / 6 -MPC064/2007 - BHO/1431 दिनांक 06.08.2014 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा की स्वीकृति परियोजना, अम्बाखापा जलाशय में प्रभावित 19.80 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 21.330 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 21.330 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक /45/ अ-19(3 ) / 2012-13 दिनांक 25.10.2013 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । 1234
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी, तहसीलदार छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण - पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
1. व्यक्तिगत अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है । 2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल, दिनांक 12 अप्रैल 2016
एफ- 25-11-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ - 25-11-2016 - दस -3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 12th April 2016
No. F - 25-11 / 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927 ) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner , except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between North Latitude N - 21 ° 57'35.249 " to N- 21 ° 57'52.675 " & E - 79 ° 02'55.508 " to E - 79 ° 03'27.503 " East Longitude.
SCHEDULE
District
Chhindwara
Tehsil .
Chhindwara
Chhindwara Forest Division East Chhindwara Division (T) Forest Range
Forest Block Boundaries
Details of Land Present head ofLand
Included Khasra No.
Area (Hectare)
Name of Village
No. Name of Proposed Forest Block
4
2
3
6
5
7
21.330
Kuhia
Kushi
North-
Pahad/ chattan 13/1
boundary
Pillar No. 01 to 02 Artificial forest East- Pillar No. 02to 04 Artificial forest
boundary
South - Pillar No. 04to 16 Artificial forest boundary
Total 21.330
West- Pillar No. 161to 01 Artificial forest boundary.
1235
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(A) Reason for publication of Notification : -
1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 6 - MPC064/2007- BHO/1431 dated 06.08.2014 and in lieu of 19.80 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Ambakhapa Tank Project of Executive Engineer Irrigation the above mentioned Non Forest Land of 21.330 hectare Transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department by order No./45/A/19(3)/2012-13 dated 25.10.2013 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .
2. Details of other Resoans - Nil
(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar - Chhindwara, District - Chhindwara are as under: - 1. Individuals Right There are no individual rights on the said land .
2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA, Secy.
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्रमाक एफ-25-14/ 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16 , सन् 1927 ) , की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड N- 22 ° 19'35.180 " से N- 22 ° 19'52.220 " तथा E- 78 °44'59.260 " से E- 78 ° 45'29.690 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
:: अनुसूची::
जिला -छिन्दवाड़ा
तहसील
तामिया वनमण्डल पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल
वन परिक्षेत्र
तामिया क्रमांक
वनखंड की भूमि का विवरण
वनखंड की सीमाएं
प्रस्तावित वनखंड का नाम
ग्राम का नाम
खसरा क्रमांक
क्षेत्रफल (हे० में)
भूमि का वर्तमान मद
1
2
3
4
5
6
7
1 लिंगा 'अ'
504 10.836
ग्राम लिंगा
पहाड़ चट्टान
उत्तर मुनारा क्रमांक 01 से 08 तक की कृत्रिम वन सीमा।
पूर्व मुनारा क्रमांक 08 से 15 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
दक्षिण मुनारा क्रमांक 15 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा।
योग 10.836
पश्चिम मुनारा क्रमांक 01 (N- 22° 19'36.180 " से E- 78 " 44'59.260 " के मध्य) [भाग 1 1236
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :--
1. पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक / 8-67/2009 - FC दिनांक 09.12.2010 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यकारी अभियंता, पाट बंधारे प्रकल्प विभाग बैनगंगा नगर अजनी , नागपुर महाराष्ट्र की स्वीकृत परियोजना कन्हान नदी प्रकल्प कोच्चि बैरेज में प्रभावित 72.00 हेक्टेयर वनभूमि (महाराष्ट्र सरकार की 51.00 हेक्टेयर वनभूमि एवं म.प्र. सरकार अनतर्गत छिन्दवाड़ा जिले के दक्षिण वनमंडल की 21.00 हेक्टेयर वनभूमि) के एवज में प्राप्त (पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल अनतर्गत) केल 21.00 हेक्टेयर (पहाड़ चट्टान) गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 10836 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 01 / अ-19 (3 ) / 2012-13 दिनांक 09.10 . 2012 एवं संशोधित आदेश क्रमांक 01 / अ -19 (3) / 2012-13 दिनांक 13.05.2014 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण ।
2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी, तहसीलदार तामिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
1. व्यक्तिगत अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है ।
2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
एफ- 25-14-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-14-2016- दस 3, दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
1237 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
Bhopal , the 12th April 2016
No. F - 25-14/ 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies in Khasra no . 504 between N - 22 ° 19'35.180 " to N - 22 ° 19'52.220 " North Latitude and E- 78 °44'59.260 " to E - 78 ° 45'29.690 " East Longitude.
SCHEDULE
Tamia
Tehsil .
Chhindwara
District
Tamia West Division Chhindwara
Forest Division
Forest Range
Forest Block Boundaries Details of Land Included
Khasra No.
Area (Hectare)
Name of Village
Present head of Land
No. Name of Proposed Forest Block
7
4
6
2
5
1
10.836 North-
504
Artificial forest boundary Pillar No. 01 to 08 1 "Linga 'A'
East- Artificial forest boundary Pillar No. 08 to 15 Pahad Chattan
3 Village Linga
South - Artificial forest boundary Pillar No. 15 to (01
West -
10.836
Total
Artificial forest boundary Pillar No. 01 (N- 22°19'36.230 " to E - 78 " 44'59.260 " ) (A) Reason for publication of Notification : -
1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8-67/2009 - FC dated 09.12.2010 and in lieu of 21.00 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Kanhan River Project Kochhi Barage of Executive Engineer Pat Bandhare Project Dept. Bainganga Nagar Ajani , Nagpur , Maharashtra the above mentioned Non Forest Land of 72.00 hectare (51.00 ha. forest land of Maharshtra Govt . and 21.00 ha forest loand of Chhindwara Southe Division of Madhya Pradesh Govt . under Chhindwara District ) total 10.836 hactare (Pahad Chattan ) Transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department order No.01 /A- 19 (3 )/2012-13 dated 09.10.2012 of Collector Chhindwara and revised order No 01 /A- 19 (3 )/2012-13 dated 13-05-2014 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .
[भाग 1 1238
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
2. Details of other Resoans - Nil
(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar -Tamia , District-Chhindwara are as under : - 1. Individuals Right There are no individual rights on the said land .
2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.
भोपाल, दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्रमांक एफ- 25-14/ 2016/10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड N- 22° 19′23.560 " से N- 22° 19′32.960 " उत्तर अक्षांस व E- 78 ° 44'7.250 " से E- 78 ° 45'25.560 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
::अनुसूची::
जिला -छिन्दवाड़ा
तहसील वन परिक्षेत्र तामिया तामिया
वनमण्डल पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल
क्रमांक
वनखंड की सीमाएं
वनखंड की भूमि का विवरण
ग्राम का नाम
प्रस्तावित वनखंड का नाम
खसरा क्रमांक
क्षेत्रफल (हे० मे)
भूमि का वर्तमान मद
1
3
4
6
7
2
1
5 514 10.164
लिंगा 'ब ' ग्राम लिंगा
उत्तर मुनारा क्रमांक 02 से 04 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
पहाड़ चट्टान
पूर्व- मुनारा क्रमांक 05 से 06 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
दक्षिण मुनारा क्रमांक 07 से 10 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
पश्चिम मुनारा क्रमांक 11 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा।
10.164
योग
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-
1. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक 8-67/2009- FC दिनांक 09.12.2010 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यकारी अभियंता, पाट बंधारे प्रकल्प विभाग बैनगंगा नगर अजनी , नागपुर महाराष्ट्र की स्वीकृत परियोजना कन्हान नदी प्रकल्प कोच्चि बैरेज में प्रभावित 72.00 हेक्टेयर वनभूमि (महाराष्ट्र सरकार की 51.00 हेक्टेयर वनभूमि एवं म.प्र . सरकार अन्तर्गत छिन्दवाड़ा जिले के दक्षिण वनमंडल की 21.00 हेक्टेयर वनभूमि) के एवज में प्राप्त ( पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल अन्तर्गत) कुल 21.00 हेक्टेयर (पहाड़ चट्टान) गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 10.164 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 01 / अ-19(3) / 2012-13 दिनांक 09.10. 2012 एवं संशोधित आदेश क्रमांक 01 / अ-19(3) / 2012-13 दिनांक 13.05.2014 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । 1239
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक
(ख ) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी , तहसीलदार तामिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
1. व्यक्तिगत अधिकार: - उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है ।
2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल, दिनांक 12 अप्रैल 2016
एफ- 25-14-2016- दस-3 .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-14-2016- दस 3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 12th April 2016
No. F - 25-14/ 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner , except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies in between N - 22 ° 19'23.560 " to N - 22 ° 19'32.960 " North Latitude and E- 78° 45'7.250 " to E - 78 ° 45'25.560 " East Longitude .
1240
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
SCHEDULE
District
Tamia Chhindwara
Tehsil .
Forest Division
Tamia West Division Chhindwara Forest Range
Details of Land Included
Forest Block Boundaries
Khasra No.
Name of Village
Area (Hectare)
No. Name of Proposed Forest Block
Present head of Land
2
4
1
5
3
6
7
1
514
10.164 North-
Linga 'B '
Artificial forest boundary Pillar No. 02 to 04 Pahad Chattan
East-
Village Linga
Artificial forest boundary Pillar No. 05 to 06
South- Artificial forest boundary Pillar No. 07 to 10
West- Artificial forest boundary Pillar No. 11 to 01
Total 10.164
(A) Reason for publication of Notification : -
1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8-67/ 2009 - FC dated 09.12.2010 and in lieu of 21.00 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Kanhan River Project Kochhi Barage of Executive Engineer Pat Bandhare Project Dept. Bainganga Nagar Ajani , Nagpur , Maharashtra the above mentioned Non Forest Land of 72.00 hectare (51.00 ha . forest land of Maharshtra Govt . and 21.00 ha forest loand of Chhindwara Southe Division of Madhya Pradesh Govt . under Chhindwara District ) total 10.164 hactare (Pahad Chattan) Transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department order No.01 / A- 19 (3 )/2012-13 dated 09.10.2012 of Collector Chhindwara and revised order No 01 /A - 19 (3 )/2012-13 dated 13-05-2014 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .
2. Details of other Resoans - Nil
(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar - Tamia , District-Chhindwara are as under : - 1. Individuals Right - There are no individual rights on the said land .
2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.
1241 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्रमांक एफ- 25-15 / 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम , 1927 (क्रमांक 16 , सन् 1927) , की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड उत्तर अक्षांश N - 22 ° 10'23.156 " से N - 22° 10'29.283 " तथा E- 78 °52′44.079 " से E- 78 ° 52'50.532 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
::अनुसूची::
तहसील परासिया जिला -छिन्दवाड़ा
वन परिक्षेत्र छिन्दवाड़ा वनमण्डल - पूर्व छिन्दवाड़ा वनमंडल (क्षेत्रीय)
प्रस्तावित
क्रमांक
वनखंड की सीमाएं
वनखंड की भूमि का विवरण
वनखंड का नाम
ग्राम का नाम
खसरा क्रमांक
क्षेत्रफल (हे० में)
भूमि का वर्तमान मद
1
2
3
4
5
6
7
1
फुटेरा
257/3 1.92
फुटेरा "स "
उत्तर - मुनारा क्रमांक 01 से 02 तक की कृत्रिम वन सीमा।
पहाड़ चट्टान
पूर्व- मुनारा क्रमांक 02 से 03 तक की कृत्रिम वन सीमा।
दक्षिण मुनारा क्रमांक 03 से 04 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
पश्चिम - मुनारा क्रमांक 04 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
योग 1.92
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-
1. पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक 6MPB - 30/2015 - BHO/1246 दिनांक 05.11.2015 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा की स्वीकृत परियोजना डेहरी जलाशय परियोजना में प्रभावित 1.92 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 1.92 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 1.92 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 06/अ-19(3)/2013-14 दिनांक 30.12.2013 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण ।
2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक
(
ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी, तहसीलदार परासिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
1. व्यक्तिगत अधिकार :- उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है ।
2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
[भाग 1 1242
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
एफ- 25-15-2016 - दस -3 .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-15-2016 - दस 3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.
Bhopal , the 12th April 2016
No. F - 25-15 / 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between North Latitude N- 22° 10'23.156 " to N- 22° 10'29.283 " & E - 78° 52'44.079 " to E - 78° 52'50.532 " East Longitude .
SCHEDULE
Chhindwara
Tehsil .
Parasia District
Chhindwara Forest Division East Chhindwara Division ( T) Forest Range
Details of Land Included
Forest Block Boundaries
Khasra No.
Name of Village
Area (Hectare)
No. Nameof Proposed Forest Block
Present head of Land
5
2
4
6
7
3
1 Futera-C Futera
257/3 1.92
North - Artificial forest boundary Pillar No. 01 to 02 Pahad Chattan
East -
Pillar No. 02 to 03
Artificial forest boundary
South- Artificial forest boundary Pillar No. 03 to 04
West - Artificial forest boundary Pillar No. 04 to 01
1.92
Total
(A) Reason for publication of Notification : -
1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt. of India's order no . 6MPB - 30/2015- BHO/ 1246 dated 05.11.2015 and in lieu of 1.92 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Dehri Tank Project of Executive Engineer Irrigation the above mentioned Non Forest Land of 1.92 hectare Transferred or muted in favour of M.P. Govt. Forest Department order No.06 /A - 19 ( 3 )/2013-14 dated 30.12.2013 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation.
1243 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
2. Details of other Resoans - Nil
(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar - Parasia , District- Chhindwara are as under : - 1. Individuals Right - There are no individual rights on the said land .
2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy .
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्रमांक एफ- 25-16 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा -29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड 23 ° 7'48.06 " से 23 ° 7'55.65 " उत्तर अक्षांश तथा 75 °47′28.42 " से 75 °47'33.86 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
::अनुसूची::
- उज्जैन
जिला
तहसील
उज्जैन वनमण्डल उज्जैन
वन परिक्षेत्र
उज्जैन क्रमांक
वनखंड की सीमाएं
वनखंड की भूमि का विवरण
प्रस्तावित वनखंड का नाम नाम ग्राम का
(हे० में) क्षेत्रफल
खसरा क्रमांक
मद भूमि का वर्तमान
1
3
2
4
5
6
7
1
उत्तर मुनारा क्रमांक 01 से 02 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
147/1 147/3
0.794 1.247
गोयला खुर्द
भूमि गैर वन
ग्राम गोयला खुर्द
पूर्व मुनारा क्रमांक 02 से 03 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
दक्षिण मुनारा क्रमांक 03 से 04 तक की कृत्रिम वन सीमा एवं क्षिप्रा नदी
पश्चिम मुनारा क्रमांक 04 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
2.041
योग
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-
1. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक 8B/43/2003 - FCW/ 2569 दिनांक 19.11.2003 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, उज्जैन की स्वीकृत परियोजना पंचक्रोशी मार्ग सह रिंग रोड निर्माण में परिक्षेत्र उज्जैन के आरक्षित वनखण्ड नौलखी की प्रभावित 2.041 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त ग्राम गोयला खुर्द तहसील उज्जैन की कुल 2.041 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 2.041 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर उज्जैन के आदेश क्रमांक 8424 दिनांक 13.10.2003 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । [भाग 1 1244
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी , तहसीलदार, तहसील उज्जैन जिला उज्जैन के प्रतिवेदन क्रमांक 4 दिनांक 02.01.2016 द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है: -
1. व्यक्तिगत अधिकार:- निरंक
2. सामुदायिक अधिकार :- निरंक
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
एफ - 25-16-2016 - दस - 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-16-2016 - दस 3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 12th April 2016
No. F - 25-16/ 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927 ) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between 23° 7'48.06 " to 23° 7'55.65 " Northd Latitude and 75 ° 47'28.42 " to 75 °47'33.86 " East Longitude.
SCHEDULE
District
Tehsil .
Ujjain
Forest Division
Ujjain Ujjain
ForestRange Ujjain
No.
Forest Block Boundaries
Name of Village
Land Included Khasra No.
Area (Hectare)
Name of Proposed Forest Block
Details of Present head of Land
1
3
4
5
6
7
1
North- Artificial forest boundary Pillar No. 01 to 02 2 Goyala khurd
147/1 147/3
0.794 1.247
East - Artificial forest boundary Pillar No. 02 to 03 Non Forest Land
Village Goyala Khurd
South Artificial forest boundary Pillar No. 03 to 04
& River Shipra
West- Artificial forest boundary Pillar No. 04 to (01
Total 2.041 1245
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(A) Reason for publication of Notification : -
1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8B/43 /2003 - FCW/ 2569 dated 19.11.2003 and in lieu of 2.041 hectare of affected forest land of Range Ujjain Reserved Forest Block Noulakhi under the sanctioned project of Panchcroshi Marg Saha Ring Road Nirman of Executive Engineer Public Works Department , Ujjain , the above mentioned Non Forest Land of 2.041 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department by order No.8424 dated 13.10.2003 of Collector District Ujjain for the purpose of compensatory afforestation .
Details of other Resoans - Nil
The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report No. 4 Dated 02-01-2016 of Tahsildar , Tehsil Ujjain , District - Ujjain are as under : - 1. Individuals Right - Nil
2. Communities Rights - Nil
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्रमांक एफ- 25-17 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) , की धारा -29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य शासन , एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड उत्तर अक्षांश N - 22 ° 10'14.247 " से 22 ° 10'33.961 " तथा E- 78°52'54.679 " से E- 78 ° 53'14.960 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है । 1246
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
:: अनुसूची::
जिला
तहसील
-छिन्दवाड़ा
परासिया
वन परिक्षेत्र
छिन्दवाड़ा
वनमण्डल - पूर्व छिन्दवाड़ा वनमंडल (क्षेत्रीय)
वनखंड की भूमि का विवरण
वनखंड की सीमाएं
क्रमांक प्रस्तावित वनखंड का नाम
ग्राम का नाम
क्षेत्रफल (हे ० में)
खसरा क्रमांक
भूमि का वर्तमान मद
1
2
3
4
5
6
7
1
फुटेरा
257/2 23.092 उत्तर
फुटेरा "अ"
पहाड़ चट्टान
मुनारा क्रमांक 01 से 03 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
पूर्व- मुनारा क्रमांक 03 से 07 तक की कृत्रिम वन सीमा।
दक्षिण - मुनारा क्रमांक 07 से 09 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
पश्चिम मुनारा क्रमांक 09 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
योग 23.092
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-
1. भारत सरकार, पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आदेश क्रमांक F.No. 8-31/2008 - FC दिनांक 29.10.2008 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री , द.पू.म. रेल्वे छिन्दवाड़ा की स्वीकृत परियोजना नागपुर गेज परिवर्तन परियोजना में प्रभावित 127.174 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 23.092 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 23.092 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 02/अ-19(3)/2007-08 दिनांक 11.05.2009 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण ।
2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी , तहसीलदार परासिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
1. व्यक्तिगत अधिकार:- उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है ।
2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
एफ- 25-16-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-16-2016- दस 3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
1247 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
Bhopal , the 12th April 2016
No. F - 25-16/ 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927 ) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between North Latitude N - 22 ° 10'14.247 " to 22 ° 10'33.961 " & E - 78 ° 52'54.679 " to E- 78 ° 53'14.960 " East Longitude .
SCHEDULE
Tehsil .
Parasia
Chhindwara District Forest Division
- Chhindwara East Chhindwara Division ( T) Forest Range
No.
Details of Land Included
Forest Block Boundaries
Khasra No.
Name of Village
Area (Hectare)
Name of Proposed Forest Block
Present head of Land
1
4
2
5
6
7
Futera- A
3 Futera
257/2 23.092 North- Artificial forest boundary Pillar No. 01 to 03 Pahad Chattan
East- Artificial forest boundary Pillar No. 03 to 07
South- Artificial forest boundary Pillar No. 07 to 09
West - Artificial forest boundary Pillar No. 09 to 01
Total 23.092
(A) Reason for publication of Notification : -
1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . F.No. 8-31 / 2008 - FC dated 29.10.2008 and in lieu of 127.174 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Chhindwara to nagpur Gauge Conversion Project of Executive Engineer S.E.C. Railway Chhindwara the mentioned Non Forest Land of 104.082 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department order No.02/A - 19 (3)/2007-08 dated 11.05.2009 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .
1248
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
2. Details of other Resoans - Nil (B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar -Parasia, District- Chhindwara are as under : - 1. Individuals Right - There are no individual rights on the said land .
2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्रमांक एफ-25-17 / 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) ,
की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड उत्तर अक्षांश N- 22°04'42.692 " से N - 22° 05'13.658 " तथा E- 79 ° 02′51.655 " से E- 79 ° 03′48.778 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
:: अनुसूची::
जिला -छिन्दवाड़ा
वनमण्डल पूर्व छिन्दवाड़ा वनमंडल (क्षेत्रीय) क्रमांक
वनखंड की भूमि का विवरण
भूमि का वर्तमान मद प्रस्तावित वनखंड का नाम
ग्राम का नाम
3
1
2
4 1
छोटे झाड़ का जंगल चन्हियाखुर्द चन्हियाखुर्द
छोटे झाड़ का जंगल
छोटे झाड़ का जंगल
पहाड़ चट्टान
पहाड़ चट्टान
पहाड़ चट्टान
पहाड़ चट्टान
पहाड़ चट्टान तहसील
छिन्दवाड़ा
वन परिक्षेत्र
छिन्दवाड़ा
वनखंड की सीमाएं
खसरा क्रमांक
5
क्षेत्रफल (हे० में) 6
7
433
2.225
414/2 4.047
उत्तर मुनारा क्रमांक 30 से 10 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
414/3 4.047
434
23.322
पूर्व- मुनारा क्रमांक 10 से 18 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
9.144
443/1
16.039
443/2
दक्षिण - मुनारा क्रमांक 18 से 25 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
17.740
414/1
461
27.518
पश्चिम मुनारा क्रमांक 25 से 30 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
योग 104,082
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-
1. भारत सरकार, पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , के आदेश क्रमांक F.No. 8-31/2008 - FC दिनांक 29.10.2008 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री , द.पू.म. रेल्वे छिन्दवाड़ा की स्वीकृत परियोजना नागपुर गेज परिवर्तन परियोजना में प्रभावित 127.174 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 104.082 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 104.082 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 01 /अ-19(3 )/2007-08 दिनांक 11.05.2009 एवं 22.08.2909 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । 1249 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी , तहसीलदार परासिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
1. व्यक्तिगत अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है । 2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
एफ- 25-17-2016 - दस -3 .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-17-2016- दस 3, दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 12th April 2016
No. F - 25-16 / 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between North Latitude N- 22 ° 04'42.692 " to 22 ° 05'13.658 " & E - 79 ° 02'51.655 " to E - 79 ° 03'48.778 " East Longitude.
1250
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
SCHEDULE
District
Chhindwara Chhindwara
Tehsil .
Chhindwara Forest Division
( T) Forest Range
East Chhindwara Division
Details of Land Included
Forest Block Boundaries Present head of Land Khasra No.
Name of Village
Area (Hectare)
No. Name of Proposed Forest Block
2
1
3
4
5
6
7
1
North -
433
2.225
Chhote Jhad kajangle
Chanhiya khurd
Chanhiya khurd
Artificial forest boundary Pillar No. 30 to 10
4.047
Chhote Jhad ka jangle 414/2
Chhote Jhad ka jangle 414/3 4.047
434
Pahad Chattan
23.322
East- Artificial forest boundary Pillar No. 10 to 18
Pahad Chattan
South -
443/1 9.144
16.039
Pahad Chattan
443/2
No. 18 to 25 Artificial forest boundary Pillar
17,740
Pahad Chattan
414/1
West-
461
27.518
Pahad Chattan
Artificial forest boundary Pillar No. 25 to 30
104.082
Total
(A) Reason for publication of Notification : -
1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment, Forest and Climet change , Govt . of India's order no . F.No. 8-31 / 2008- FC dated 29.10.2008 and in lieu of 127.174 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Chhindwara to nagpur Gauge Conversion Project of Executive Engineer S.E.C. Railway Chhindwara the mentioned Non Forest Land of 104.082 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department order No.01 /A- 19 ( 3 ) / 2007-08 dated 11.05.2009 & 22.08.2009 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .
2. Details of other Resoans - Nil
(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar - Chhindwara, District- Chhindwara are as under: - 1. Individuals Right There are no individual rights on the said land .
2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy .
भाग 1 ]
1251
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला अलीराजपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
अलीराजपुर, दिनांक 30 मार्च 2016
प्र. क्र. 01-अ-82-2015-16.-
* चूँकि, राज्य शासन को यह प्रतीत् होता है कि इसके संलग्न अनुसूचि के खाने (1 ) से (4) में वर्णित भूमि में स्थित केवल परिसम्पत्तियों (भूमियों नहीं ) अनुसूची के कॉलम (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है ।
अतः भू-अर्जन ,पुनर्वास और पुनस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है । राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमियो पर स्थित परिसम्पत्तियों के संबंध में उक्त धारा 11 (1 ) की उपधारा, (3 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ:-
अनुसूची 01
तहसील
जिला
ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1
3
2
4 अलीराजपुर
हरसवाट
अलीराजपुर
सर्वे क्रमांक 80, 157 में स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन ( भूमियों का नहीं)
उक्त भूमि पर स्थित परिसंपत्तियों का अर्जन है, भूमि का नही ।
सार्वजनिक प्रयोजन का प्रयोज विवरण धारा 4 की उपधारा (2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
61
5 डिप्टी चीफ छोटा उदयपुर धार हेतु रेलवे लाईन इंन्जीनियर (निर्माण) वेस्टर्न रेलवे, (बड़ौदा)
अनुसूची 01
स०
खसरा क्रमांक
कृषक का नाम
1
27
3 1
80 :
चन्दरसिंह पिता वेस्ता एवं भूरली पति वेस्ता
157 2 भुवान, कुवरसिंह पिता अमरसिंह
योग:-
02 कुल रकबा (हेक्टेयर)
अर्जित की जाने वाली भूमि का कुल रकबा
4
5/
1.05
सर्वे क्रमांक में स्थित
परिसम्पत्तिया( भूमियाँ नहीं) 0.42
सर्वे क्रमांक में स्थित परिसम्पत्तिया( भूमियों नहीं) 1.47
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शेखर वर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1252
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
झाबुआ, दिनांक 2 अप्रैल 2016
क्र. 431 - भू-अर्जन-री- 1-16-17.-
एतद् द्वारा सर्व साधारण को सूचित किया जाता है , कि माही परियोजना, तहसील पेटलावद, जिला-झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है ।
अतएव राज्य सरकार को ग्राम सागड़िया, तहसील पेटलावद, जिला-झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतित होता है, कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है, उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावें ।
अंतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट्स (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम (क्रमांक 5 सन् 2013) की धारा 3 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आश्य की घोषणा करती है ।
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि के हितबद्ध है, उस तारीख को जिसकों उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी, तहसील पेटलावद, जिला-झाबुआ (म.प्र .) को लिखित में भेज सकेगा ।
!
-: अनुसूची:- י
क्रं. जिला
खसरा क्रमांक
तहसील ग्राम/ पटवारी हल्का क्रमांक 1
पेटलावद सागड़िया / 26 झाबुआ
2
3
4
5
6
7
8
9
10
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हें. में) 737
0.010
738
0.020
736
0.010
0.030
735
734
0.048
742
0.011
637/1
0.006
641
0:068
642
0.019
644
0.001 भाग 1 ]
1253 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्र. जिला तहसील 11
पेटलावद झाबुआ
12
13
14
15
16
17
18
19
20
21
22
23
24
25
26
27
28
29
30
31
32
33
34
35
36
37
38
39
40
41
42
43,
खसरा क्रमांक
ग्राम/पटवारी हल्काक्रमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हें.में) 665
0.034
सागड़िया / 26
648
0.038
649
0.028
650
0.026
651
0.024
653
0.024
666
0.004
667
0.013
0.130
604
603
0.036
588/1
0.029
390/2
0.068
588/2
0.029
580
0.005
581
0.024
385/2/1
0.004
0.027
582
0.010
384
371
0.015
0.018
553/1
553/2
0.010
553/3
0.002
0.002
553/4
0.060
560/2
0.006
549/1
549/2
0.006
546/1
0.002
546/3
0.002
546/5
0.002
542/1
0.044
540
0.019
372
0.013
387/2
0.010 1254
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्रं. जिला
खसरा क्रमांक
तहसील ग्राम/ पटवारी हल्का क्रमांक 44 झाबुआ पेटलावद | सागड़िया / 26
1
45
46
47
48
49
50
51
52
क्र.-433 - भू-अर्जन-री - 1-16-17.- उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हें. में ) 263/3
0.028
263/1
0.010
263/5
0.020
263/2
0.010
263/4
0.032
258
0.028
247/1
0.024
0.022
248
249
0.004
1.165
कुल योग :-
एतद् द्वारा सर्व साधारण को सूचित किया जाता है, कि माही परियोजना, तहसील पेटलावद, जिला- झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है ।
अतएव राज्य सरकार को ग्राम अनन्तखेड़ी, तहसील पेटलावद, जिला-झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतित होता है, कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है, उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावें ।
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट्स (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम (क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आश्य की घोषणा करती है ।
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि कें हितबद्ध है, उस तारीख को जिसकों उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी, -तहसील पेटलावद, जिला- झाबुआ (म.प्र. ) को लिखित में भेज सकेगा । 1255 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
-: अनुसूची :-
खसरा क्रमांक
क्र. जिला तहसील ग्राम/ पटवारी हल्का क्रमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हैं.में)
0.046
848/1
1
अनन्तखेड़ी / 26
पेटलावद
झाबुआ
0.034
843
2
0.003
844
3
0.014
842
4
0.023
825
5
0.010
820/1
6
0.010
820/2
7.
0.010
820/3
8
0.010
820/4
9
0.010
820/5
1.0
0.010
820/6
11
0.010
820/7
12
0.010
819
13
0.020
809
14
0.015
808
15
0.035
806
16
0.004
805
17
0.015
729/1
18
0.010
729/2
19
0.010
729/4
20
0.015
729/8
21
0.015
729/9
22
0.010
729/10
23
0.003
725
24
0.023
731
25
0.033
733
26
0.065
724/1
27.
0.045
724/2
28
0.041
419/1
29
0,036
419/2
30
0.015
418
31
0.020
305/1
32
0.030
413/2
33
0.030
304/2
34
0.690
कुल योग:-
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अरुणा गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1256
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर , जिला मन्दसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
मन्दसौर , दिनांक 16 मार्च 2016
क्र. 780- रीडर- 2016-प्र. क्र. 08- अ- 82-15-16.-
चूंकिम. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम दुधली तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस कां विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।
क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तोस्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।
अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -
क्षेत्रफल - रकबा 3.651है.
जिला - मन्दसौर
तहसील - भानपुरा ग्राम - दुधली अनुसूची (1 )
विवरण
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है .) स. क्रं.
असिंचित कुल
सिंचित
5
4
3
2
1
3.651
0.000
3.651
1
दुधली
3.651
0.000
3.651
योग
अनुसूची(2)
भानपुरा नहर परियोजना यूनिट
प्रभावित भूमि प्रभावित कृषक का नाम
कुल
असिंचित
सिंचित
कुल भूमि का रकबा
खसरा नम्बर
स. क्रं.
7
6 .
5.
3
2
1
0.235
0.000
0.235
1.000
130
1 बालाराम फुलचंद पिता मांगु चमार नि. ग्राम
0.285
0.000
0.285
1.210
128
2 घासीलाल रतनलाल पिता उदा बंजारा चमार 1257
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
0.130
0.000
0.130
1.120
125/3
3 कंस्तुरीबाई पति गणपत बंजारा नि. ग्राम
0.000 0.290
0.290
1.240
123
4 शोभाराम पिता काना गुर्जर नि. सानड़ा
0.095
0.000
0.095
0.390
122
5
0.060
0.000
0.420 0.060
नोला घुरा रग्गा जयराम प्रभुलाल पिता लालु पारीबाई बेवा लालु बंजारा चमार गोरधनपुरा 108
0.035
0.000
0.035
0.990
121
6 कजोड़ा रोडु नन्दुबाई पिता बालु व जानीबाई बेवा बालु बंजारा चमार नि. ग्राम
0.053
0.000
0.053
1.860
101
7 पुरीलाल मदनलाल पिता मुकंदलाल व रतनीबाई बेवा मुकुन्दलाल कुम्हार नि. ग्राम
0.480
0.000
1.870 0.480
102
8 मांगीलाल पिता रुपलाल मोहनलाल पिता रुपलाल कुम्हार नि. सानड़ा
0.086
0.000
1.860 0.086
9
97
नेपाल पिता धन्नालाल भुलीबाई बेवा धन्नालाल कुम्हार नि. सानड़ा
0.020
0.000
0.020
0.050
99
10 भागीरथ बसंतीलाल प्रभुलाल मनोहरलाल पुरीबाई केशरबाई सोहनबाई बसंतीबाई पिता कंवरलाल व पुरीलाल पिता मुकुनलाल पालकबाई पूरीलाल रतनीबाई बेवा मुकुनलाल गोपाल पिता धन्नालाल ना.बा. पालन कर्ता भुलीबाई व भुलीबाई बेवा धन्नालाल व मांगीलाल सोहनबाई पिता रुपलाल कुम्हार नि. सानड़ां
0.319
0.000
0.319
35 2.100
11 शिवलाल द.पु. शालीगराम भील नि. कालाकोट
0.034
0.0340.000
1.570
33
12 चैनसिंह पिता तुफानसिंह अ.पा.क. सज्जनसिंह पिता सुल्तानसिंह राजपुत नि. गोरधनपुरा मजरा रामनगर
0.400
1.310
13
30/2
कान्हा उर्फ कन्हैयालाल पिता पन्ना अहीर नि. कालाकोट
0.250
0.000
0.250
0.600
29/2
14 जगदीश पिता प्रहलाद व बाबुलाल पिता प्रहलाल ना.बा. अ.पा.क. काका जीतमल पिता नारायण व जीतमल पिता नारायण नि. कालाकोट बजरंग पिता रामलाल धाकड़ नि. नियामतखेडी तह. रामगंजमंड़ी
0.380
0.000
0.380
0.960
27/1
15 गिरीराजसिंह पिता शंभुसिंह राजपुत नि. सानड़ा
0.120
0.000
0.120
0.430
24
16 कालु पिता चम्पा धाकड़ नि. कालाकोट
0.355
0.000
0.355
1.630
22
0.024
0.000
0.024
0.320
23
17 रामचन्द्र पिता सेवा कालु पिता चम्पा विमलचन्द्र पिता गुलाबचन्द्र धाकड़ नि. कालाकोट
3.651
0.000
3.651
20.930
योग
किया जा सकता है.
नोट : - भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में 1258
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्र. 786- रीडर- 2016-प्र. क्र. 09- अ- 82-15-16.- चूंकि म. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्यशासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम बडोदिया तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है । क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तोस्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।
अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -
क्षेत्रफल- रकबा 2.430हे .
ग्राम - बडोदिया
जिला - मन्दसौर
तहसील - भानपुरा
अनुसूची ( 1 )
विवरण
सं. क्रं.
2
1
बडोदिया
1
योग
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है .)
असिंचित कुल सिंचित
5
4
3
2.430
0.000
2.430
2.430
0.000
2.430
अनुसूची (2)
भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2
प्रभावित कृषक कानाम
खसरा नम्बर स. क्रं.
3
2
1
58पै.
1 करणसिंह पिता भीमसिंह राजपुत नि. ग्राम
58पै.
2
ग्राम भगवानसिंह पिता भीमसिंह राजपुत नि.
प्रभावित भूमि
असिंचित
सिंचित
कुल भूमि का रकबा
कुल 7
6
0.110
0.000
0.110
1.500
0.057
0.000
0.057
1.068 1259
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
3
58पै. 1.500
0.000
0.158
0.158 इन्दसिंह पिता केशरसिंह सो . रा. नि. ग्राम
4
53
1.411
0.210
0.210 0.000 सज्जनसिंह पिता रामसिंह राजपुत नि. ग्राम
5
1.500
0.325
4.7पै.
0.325 0.000 भुवानीसिंह पिता केशरसिंह राजपुत नि. ग्राम
6
31/6/ 10.700
0.210 0.000 0.210 लाभुंबाई पति प्रभुसिंह लीलाबाई पति बालुसिंह राजपुत नि. बडोदिया
7
0.205 0.000
31/1पै . 2.000
0.205 बनेसिंह पिता नाहरसिंह राजपुत नि. बडोदिया
8
31/1चे. ! 1.300
0.300 भारतसिंह पिता बहादुरसिंह राजपुतनि. ग्राम
9
0.245 0.000 0.245
31/2पै. 1.035
उदेसिंह पिता केशरसिंह राजपुत नि. ग्राम
10
1.000 0.160 0.000 0.160
24पै.
वरजीबाई पति देवा चमार नि. दुधली
11
1.500
0.450
0.450 0.000
21पै.
शम्भुसिंह पिता बापुसिंह राजपुत नि. ग्राम
योग
14.514 2.430 0.000 2.430 नोट:- भूमि का नक्षा (प्लान) निरीक्षण भू.अर्जन अधिकारी उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है । क्र. 792-रीडर- 2016-प्र. क्र. 10-अ-82-15-16.-
चूंकिम. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम गोर्वधनपुरा तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।
क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तोस्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।
अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -
क्षेत्रफल रकबा 0.415है.
जिला - मन्दसौर
तहसील - भानपुरा ग्राम- गोर्वधनपुरा 1260
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
अनुसूची (1)
विवरण
स. क्रं.
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा( है. )
असिंचित
सिंचित
कुल
4
5
3
2
1
0.415
0.415 0.000
1
गोर्वधनपुरा
0.415
0.000
0.415
योग
अनुसूची (2)
भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2
प्रभावित भूमि प्रभावित कृषक का नाम
खसरा नम्बर
असिंचित
कुल भूमि का रकबा
स. क्रं.
सिंचित
कुल
7
4
6
5
3
2
1
0.140
0.000
1.000 0.140
87/1
1. प्रकाश पिता घासी व दाखीबाई पति प्रकाश चमार निवासी दुधली
0.275
0.000
0.275
87/2 1.000
2. वरदुबाई पति देवा चमार निवासी दुधली
2.000 0.415 0.000 0.415 योग
नोट: - भूमि का नक्षा (प्लान) निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है । क्र. 798- रीडर - 2016- प्र. क्र. 11 - अ-82-15-16.-
चूंकिम. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 केअन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम आमझरी तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है।-
क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तो स्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।
अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -
क्षेत्रफल- रकबा 1.418है.
ग्राम आमझरी
जिला - मन्दसौर
तहसील - भानपुरा 1261
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
अनुसूची (1)
विवरण स. क्रं.
2 1
आमझरी 1
योग
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है. )
असिंचित
सिंचित
कुल
5
4
3
1.418
0.000
1.418
1.418
0.000
1.418
अनुसूची (2)
भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2
प्रभावित कृषक का नाम स. क्रं.
2
1
1 कंवरलाल पिता प्रभुलाल कुल्मी नि. आमझरी 2 राधेश्याम पिता प्रभुलाल कुल्मी नि. आमझरी 3 नाथूलाल पिता भेरुलाल कुल्मी नि. आमझरी 4 राधेश्याम गोरधनलाल पिता गंगाराम व भेरुलाल बालु पिता नन्दराम इश्वरचंद राकेश पिता नन्दराम राजुबाई सीताबाई पिता नन्दराम नाईनि.सानड़ा
5 लीलाबाई पति राधेश्याम नाई निवासी सानड़ा 6 रतनलाल जगन्नाथ रामनिवास राधेस्याम पिता कालुराम हुड़ीबाई बेवा कालुराम नि. आमझरी
योग
प्रभावित भूमि
असिंचित
कुल भूमि का रकबा सिंचित
खसरा नम्बर
कुल
7
6
5
4
3
0.250
0.000
0.250
1.120
234
0.025
0.000
0.025
0.700
233
0.010 0.130
232
0.290
0.000
0.290
4.390
228
0.068
0.000
0.068
0.650
187
0.220
0.220 0.000
0.220
229
0.060 0.060
186
0.015
0.015 0.000
0.320
230
0.480
0.000
0.480
1.650
188
1.418
0.000
1.418
9.240
नोट:- भूमि का नक्षा (प्लान) निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है । [भाग 1 1262
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्र. 804- रीडर - 2016- प्र. क्र. 12- अ-82-15-16.-
चूंकि म . प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम सानड़ा तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।
: क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रयं कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तोस्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।
अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -
क्षेत्रफल रकबा 2.182है.
ग्राम - सानड़ा
जिला - मन्दसौर
तहसील - भानपुरा
अनुसूची (1)
विवरण
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है .) स. क्रं.
असिंचित
सिंचित
कुल
5
4
3
2
1
2.182
0:000
2.182
1
सानड़ा
2.182
0.000
2.182
योग
अनुसूची (2)
भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2
प्रभावित भूमि प्रभावित कृषक का नाम
असिंचित
सिंचित
कुल
कुल भूमि का रकबा
खसरा नम्बर
स. क्रं.
7
6
5
4
3
2
1
0.143
0.000
0.143
1.712
243/2
1 लीलाबाई पति उकारलाल भट्ट नि. ग्राम
0:182
0.000
0.182
1.740
244
2 मोडीराम, रतिराम पिता गोर्वधन व घीसीबाई बेवा गोर्वधन बागरी नि. सानड़ा 1263
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
0.000 0.024
0.024
3
0.170
241/1
0.028
0.000
0.028
240
0.330
रतनलाल मांगीलाल प्रभुलाल पिता रामा चमार नि. सानड़ा
0.068
0.000
0.068
0.460
4
241/2/1
राजेन्द्र प्रसाद पिता किशनलाल मीणानि. सानड़ा
0.068
0.000
0.068
241/2/2 0.450
हीरालाल पिता किशनलाल मीणा नि. सानड़ा
0.042 6
0.000
0.470 0.042
239/3
0.000
0.300
0.042
0.042
239/2
मोहम्मद हुसैन कमरुद्दीन जन्नतबी अनिसाबी पिता नूरमोहम्मद जैतुनाबाई बेवा नूरमोहम्मद मुसलमान नि. सानड़ा
7
0.030
0.200
भगतराम पिता नारायण गुर्जर निवासी सानड़ा 239/1
0.020
0.100
238/2
0.075
0.000
8
0.300
238/1
0.075
गोपाल पिता बालु गुर्जर नि. सालड़ा
0.750
9
0.000 0.130
0.130
229/3
रामगोपाल , गंगाराम कंचनबाई मनोहर पिता बालु जाति गुर्जर नि. सानड़ा
0.060 10
0.760
229/1
कारुलाल कैदार मुरलीधर पिता हेमराज सुहागबाई बेवा हेमराज गुर्जर नि. सानड़ा
0.350
1.730
0.000
11
0.350
230
रमेश पिता जगन्नाथ जाति कलाल नि. सानड़ा
0.100
0.980
228
12 भागीरथ पिता लीम्बा व धापुबाई बेवा मांगीलाल गुर्जर नि. सानड़ा
13
225/2
0.070
0.440
शंकरलाल पिता केशुराम गुर्जर नि. सानड़ा
0.990
0.070 14
224
मदनलाल पिता रतनलाल नारायणीबाई बेवा रतनलाल गुर्जर नि. सानड़ा
15
226
0.980
0.070 रामप्रसाद रामदयाल पिता रामलाल व जगदीश बापुलाल रामकुवारीबाईपित्ता मोहनलाल व कस्तुरीबाई बेवा मोहनलाल व छगनलाल पिता नाथु गुर्जर निवासी सानड़ा
222
0.000 0.140
0.980 0.140
0.100
0.610
218/1
16 घासीलाल नन्दकिशोर श्यामलाल फुलबाई सोहनबाई गुड्डीबाई पिता कन्हैयालाल गुर्जर निवासीसानड़ा
17
0.130
0.810-
0.000
0.130
218/2
मदन झमकुबाई धापुबाई विद्याबाई रोशनबाई संतोषबाई पिता रतन व नारायणीबाई बेवा रतन व भागीरथ पिता लिम्बा गुर्जर निवासी सानड़ा
0.052 18
49
0.000
0.580 0.052
दौलतराम पिता नारायण व द्वारकीबाई पति दौलतराम बागरी निवासी सानड़ा
19
4
0.168
0.000
0.440 0.168
नन्दलाल उदेलाल रमेश कंवरलाल केशरीलाल कैलाश गौरखनाथ पिता भंवरनाथ व वरजीबाई बेवा भंवरनाथ बाबा नि. सानड़ा
20
6
0.000
0.020
0.020
0.340
2.182
0.000
2.182
16.622
जगन्नाथ पिता नारायण व द्वारकीबाई पति जगन्नाथ बागरी निवासी सानड़ा योग
नोट :- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है.
1264
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्र. 810- रीडर - 2016-प्र. क्र. 13- अ- 82-15-16.-
चूंकि म. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम कागल्याखेडी तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।
क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तो स्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।
अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण :
क्षेत्रफल रकबा 0.125है .
ग्राम - कागल्याखेडी
जिला - मन्दसौर तहसील - भानपुरा
अनुसूची (1)
विवरण
स. क्रं.
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है.)
सिंचित असिंचित कुल
2
3
4
5 1
0.125
0.125 0.000
1
कागल्याखेडी
0.000 0.125
0.125
योग
अनुसूची (2)
भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2
प्रभावित भूमि प्रभावित कृषक कानाम
कुल भूमि का रकबा
स. क्रं.
खसरा नम्बर
असिंचित
सिंचित
कुल
7
6 2
3
5
4
1
0.125
0.000
0.350 0.125
78/1
1. रामगोपाल गंगाराम पिता बालु देउबाई बेवा बालु गुर्जर नि. ग्राम
0.125
0.000
0.350 0.125
योग
नोट : - भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है.
1265
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
क्र. 816- रीडर - 2016- प्र. क्र. 14- अ-82-15-16.-
चूंकि म. प्र.ःशासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम ढाबलामाधोसिंह तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।'
क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तो स्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।
अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -
क्षेत्रफल - रकबा4.712है .
जिला- मन्दसौर
ग्राम - ढाबलामाधोसिंह
तहसील - भानपुरा
अनुसूची (1)
विवरण
स. क्रं.
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है. )
असिंचित
सिंचित
कुल
5
2
3
4.
1:
0.000 4.712
4.712
1
ढाबलामाधोसिंह
4.692
0.000
4.592
योग
अनुसूची (2)
भानपुरा नहर परियोजना यूनिटर
प्रभावित भूमि
खसरा नम्बर
प्रभावित कृषक कानाम
स. क्र.
कुल भूमि का रकबा
असिंचित
सिंचित
कुल
6 1
2
3
0.250
0.000 1
1.013 0.250
66/1/1/1
मनोहर हरिसिंह रमेश पिता नाथु बंजारा [भाग 1 1266
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
0.275 2
2.400
0.000
64
0.275
हजारी पिता गब्बा हेमा जगदीश पिता हरलाल व दल्ला पिता मांगीलाल पुरीबाई बेवा मांगीलाल दयाराम पिता फरसा रुपवती पिता फरसा बंजारा चमार
0.275 3
0.000
63
1.243 0.275
राखीबाई पति गोदुराम बंजारा नि. ग्राम
0.070 4
0.418
66/1/1/2
उदेराम पिता गोरीलाल बंजारा नि. ग्राम
0.275 5
0.000
0.275
102
1.013
धन्नाः पिता केशा बंजारा चमार नि. ग्राम
0.250
0.000
6
0.250
58/3
1.200
रेशमबाई पति जगदीश चमार नि. ग्राम
7
0.155
0.462 0.155 0.000
172
नैनसुख पिता कन्हैयालाल बंजारा नि. ग्राम
8
0.000
0.434 0.155
0.155
171
अमरलाल रमेश सजनबाई पिता मला व कजड़ीबाई बंजारा नि. ग्राम
0.070 9
0.502
170
दुर्गा पिता देवा बंजारा नि. ग्राम
10
0.112
0.112 0.000
182/4
1.000
सुरज पिता नग्गा बंजारा चमार नि. ग्राम
0.220
182/3/2 1.000
11
0.220 0.000
नैनीबाई पति मदनलाल उर्फ पप्पु बंजारा चमार नि. ग्राम
12
0.035
167/3
1.216 0.035 0.000
गोरा पितामानसिंह बंजारा चमार नि. ग्राम
0.015 13
1.195 0.015 0.000
अमरसिंह पिता मला बंजारा चमार नि . ग्राम 165
0.080 14
1.349 0.080 0.000
166/1/2
विष्णु पिता राधेश्याम महाजन नि. ग्राम
0.310
1.440 0.310 0.000
164
15 प्यारीबाई बेवा खेता व विजयसिंह पिता खेता बंजारा नि. ग्राम
0.270
0.486
0.000
119/2
0.270
16 सलाबाई पति लक्ष्मीचंद बंजारा नि. ग्राम
2.529
0.005
118/3
17 योगेन्द्रसिंह पिता महेन्द्रसिंह राजपुत नि. ग्राम
0.450
0.000
18
0.450
0:914
भुपेन्द्रसिंह पिता महेन्द्रसिंह राजपुत नि. ग्राम 118/2
0.000 0.165 19
0.165
131/2/1 0.405
चन्द्रकला पति नन्दकिशोर तेली
20
0.235
0.000
131/2/5 1.011 0.235
सोजी पिता उकारलाल बंजारा नि. केरा तलाई
21
623/2
2.023
0.000 0.375
0.375
गुजीबाई पति रतनलाल बंजारा नि. ग्राम
22
0.627
0.000 0.190
624/2/1
0.190
रामलाल पिता रतनलाल बंजारा नि. ग्राम
0.205
0.000
0.627 0.205
624/2पै.
23 मोहनलाल पिता हेमराज कमलाबाई पति नारायण बंजारा नि. ग्राम
0.005
136
0.418
24 जैसिंह मनसा मेम्बर जगदीश
25
0.000 0.005
0.005
138
0.304
उदा पिता भाना बंजारा
26
0.000 0.080
625/2
0.080
1.011
सुरेश पिता हीरालाल पाटीदार नि. ग्राम
625/3
0.080
1.012
27 विकास पिता रमेशचन्द्र पाटीदार
28
0.080
0.000
1.012 0.080
625/4
विनोद कुमार पिता प्रकाशचन्द्र पाटीदार नि. कागल्याखेडी
4.69.2
0.000
4.69.2
योग
28.264
नोट :- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है .
1267
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
मन्दसौर, दिनांक 28 मार्च 2016
क्र. 897-2016-प्र. क्र. 01-अ-82-15-16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक . 1 में आक्याबीका तालाब योजना तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर की तालाब योजनान्तर्गत ग्राम आक्याबीका के लिए आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची (2) के उल्लेखित है । अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 19 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।
अनुसूची (1 )
आक्याबीका
ग्राम
विवरण
स. क्र.
2
1
1 नीजी भूमि
2 शासकीय पट्टेदारों की भूमि
2
कुल योग
आक्याबीका तालाब योजना
तहसील - मल्हारगढ़ अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हे. ) सिंचित
असिंचित
कुल
5
4
3
0.680हे.
0.160 हे.
0.520 हे.
2.920 हे
0.880 हे
2.040 हे.
3.600 हे.
1.040 हे.
2.560 हे.
अनुसूची (2)
ग्राम-आक्याबीका , तहसील - मल्हारगढ़ , जिला- मन्दसौर आक्याबीका तालाब योजना में आने वाली निजी भूमि का विवरण
प्रभावित
सं. क्र.
कृषक का नाम
2
(1)
जगदीशदास पिता किशनदास बैरागी
1
2 सोहनबाई पति दामोदार दास
कैलाशचन्द्र पिता भेरूलाल लोहर
3
दोलतराम पिता केशुराम
5
रामकुवर बेवा चुन्नीलाल, भागीरथ ,जमनालाल पिता चुन्नीलाल
6 प्रदीप पिता जादूलाल बलाई (शास . पटा. ग्रहिता) 7 बाबुलाल पिता किशनलाले चमार (शास .पटा. ग्रहिता) 8 रमेश पिता लक्ष्मण बलाई (शास .पटा. ग्रहिता) 9. कैलाश पिता लक्ष्मण बलाई (शास. पटा. ग्रहिता) 10 शांतिबाई बेवा मांगीलाल खटीक (शास.पटा. ग्रहिता) कारूलाल पिता हिरालाल चमार (शास.पटा. ग्रहिता) 11
कुल योग
प्रभावित भूमि खसरा नम्बर
असिंचित कुल
सिंचित
कुल भूमि का रकबा
6
5
4
(3
0.080
0.080
1.430
127/1
0.090 0.320
0.090
136/1
0.050 0.550 0.050
132/1
0.320 0.660 0,320
147/3
0.140
0.140
0.950
132/2
0.500
0.220
0.500
0.280
125/2
0.650
0.250
0.650
0.400
142
0.410
0.410
156
0.410
0.100 160
0.620
0.100
0.510
0.200
0.510 0.310
161
0.750 0.750 0.750
239/2
0.880 3.600
2.720
7.350
भूमि के नक्शे का निरीक्षण भू अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ के कार्यालय में किया जा सकता है । [भाग 1 1268
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्र. 898-2016-प्र. क्र. 02-अ-82-2015-16.-
चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक 1 में दौरवाडा योजना तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर की तालाब योजनान्तर्गत ग्राम दौरवाडा के लिए आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची (2) के उल्लेखित है । तालः
अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 19 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।
अनुसूची (1)
तहसील- मल्हारगढ़
दौरवाडा
ग्राम
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हे.)
विवरण
क
असिंचित
सिंचित
कुल
3.26
1.91
1.35
1
नीजी भूमि
3.26
1.91
1.35
कुल योग
दौरवाडा तालाब योजना
ग्राम दौरवाडा , तहसील- मल्हारगढ़ , जिला-मन्दसौर
अनुसूची (2)
दौरवाडा तालाब योजना में आने वाली निजी भूमि का विवरण
खसरा
प्रभावित भूमि
प्रभावित
सं.
कुल भूमि
असिंचित
सिंचित
नम्बर का रकबा
कुल
क्र.
कृषक का नाम
6
5
4
2
3
1
0.22
0.22
0.24
1856
1
कॅवरबाई, बापूसिंह, जसवंतसिंह , हरिसिह पिता सज्जनसिंह
0.01
1.00
0.99
1.01
1968
2
भेरूसिंह , बापूसिंह, उदयसिंह, सज्जनसिंह पिता रूपसिंह काशीबाई बेवा रूपसिंह
0.07
0.07
1901
0.37
3 बापूसिंह पितः नाथूसिंह राजपूत
0.05
1900
0.05
0.37
4
मनोहरसिंह, हरिसिंह पिता उदयसिंह कंचनबाई बेवा उदयसिंह राजपूत
0.02
0.35
0.02
5 भगतसिंह पिता भंवरसिंह जाति सो. राजपूत
1837/1 /मिन-2
0.40
0.40
0.71
1910/2
मुकेश पिता रामलाल लीलाबाई पति मुकेश जाति मेहतर (शास. भूमि का पटटेदार)
0.50
0.50
0.50
1988/1
7
दिनेश पिता भुवानः प्रेमलता पति दिनेश (शासकिय भूमि पर पटटेदार)
0.50 0.50
0.50
1988/3
8
राकेश पिता भुवान संगिताबाइ पति राकेश (शासकिय भूमि पर पटटेदार)
0.50
0.50 0.50
1988/4
9
राजेश पिता वान उशाबाई पति राजेश शासकिय भूमि पर पटटेदार)
1.35
3.26
4.55
1.91
कुल योग
भूमि के नक्शे का निरीक्षण भू अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ के कार्यालय में किया जा सकता है ।
क्र. 899-2016-प्र. क्र. 03-अ-82-2015-16.-
चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक 1 में दौरवाडा तालाब योजना तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर की तालाब योजनान्तर्गत ग्राम तलाब पिपलिया के लिए आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची (2) के उल्लेखित है ।
अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 19 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्. वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।
अनुसूची (1) ...
ग्राम तलाव पिपलिया
तहसील मल्हारगढ़
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हे. )
क
विवरण
सिंचित
असिंचित
कुल
1.50
4.19
2.69
1
नीजी भूमि
4.19
2.69
1.50
कुल योग 1269
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
दौरवाडा तालाब योजना
ग्राम- तलाव पिपलिया , तहसील - मल्हारगढ़ , जिला- मन्दसौर
अनुसूची (2)
दौरवाडा तालाब योजना में आने वाली निजी भूमि का विवरण
प्रभावित
सं क्र.
कृषक का नाम
1
2
1
अर्जुनसिंह पिता भंवरसिंह, सुमित्राबाई बेवा भंवरसिंह जाति सो. राजपुत
2 प्रेमसिंह पिता अमरसिंह जाति सो.राज.
डूंगरसिंह , मदनसिंह पिता मानसिंह 3
4
कमलसिंह पिता मदनसिंह, अर्जुनसिंह पिता डूंगरसिहं जाति सो. राजपुत कमलसिंह पिता मदनसिंह जाति सोः राज.
5.
6
दिलीपसिंह ,नरेन्द्रसिंह पिता करणसिंह जाति सो.राजपुत
7
ईश्वरसिंह पिता गंगारामसिंह जाति सो. राजपुत
8
रामसिंह , ईश्वरसिंह, लक्ष्मणसिंह पिता गंगारामसिंह, प्रेमसिंह , रायसिंह पिता अमरसिंह , शीतलसिंह पिता उकारसिंह जाति सो. राजपुत
9 मोडसिंह पिता लालसिंह
हरीसिंह पिता धासीसिंह जाति सो. राजपुत 10
11
हरिसिंह पिता धांसीसिंह हि. 1/2 वापूसिंह, भोपालसिंह , उदयसिंह,
जुझारसिंह पिता लालसिंह जाति सो. राज.
कारू पिता कान्हा व भारतीबाई पति कारू 12जाति चमार
(शासकिय भूमि पर पटटेदार )
13
नानूराम पिता मांगीलाल जाति भील (शासकिय भूमि पर पटटेदार)
14
नारू पिता ५ रथा जाति भील (शासकिय भूमि पर पटटेदार)
15
बगदीबाई बेवा रामा जाति भील (शासकिय भूमि पर पटटेदार )
कुल योग
प्रभावित भूमि
असिंचित
सिंचित
खसरा नम्बर
कुल भूमि का रकबा
कुल 3
4
5
6
0.48
0.48
0.48
827 मिन-2
0.16 0.16 0.59
792
0.06
0.01
0.06
0.05
797 मिन-4
0.02
0.03
0.01 0.03 701
0.15
0.15
0.15 700 मिन-2
0.08
0.08
0.08
703 मिन-2
0.04
0.04 0.04 797 मिन-2
0.25
0.25
0.25 0.19
0.19
0.19 797 मिन-3 796 मिन-1
0.30
0.27
0.03
0.21
0.21
796 मिन-2 797 मिन-1
0.07
0.07
798 मिन-1
0.17
0.37
मिन-1 794
793
1.24
0.30
0.50
1.00
835 मिन-1
0.40
0.50
835 मिन-2
0.40
0.50
835 मिन-3
0.40
0.50
835 मिन--4
4.19
2.69
1.50
6.56
भूमि के नक्शे का निरीक्षण भू अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ के कार्यालय में किया जा सकता है । [भाग 1 1270
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्र. 900-2016-प्र. क्र. 04-अ-82-15-16.-
चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक 1 में टिडवास से बडा हिगोरिया (व्हाया बरखेडा डागी ) मार्ग के ग्राम बरखेडा डांगी तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर की मार्ग के ग्राम बरखेडा डांगी मार्ग योजनान्तर्गत ग्राम बरखेडा डांगी के लिए आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृष गर, सर्वे क्रम. कवार विवरण अनुसूची (2) के उल्लेखित है ।
अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 19 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।
अनुसूची (1)
तहसील - मल्हारगढ़ बरखेडा डांगी
ग्राम
अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा वर्म मीटर में विवरण
असिंचित
कुल
सिंचित
स. क्र.
5
4
3
2
1
3150 वर्ग मी.
1470 वर्ग मी.
1680वर्ग मी.
1 नीजी भूमि
3150 वर्ग मी.
1470 वर्ग मी.
1680वर्ग मी.
कुल योग
अनुसूची (2)
टिड न से बडा हि गोरिया (व्हाया बरखेडा डागी) मार्ग ग्राम- बरखेडा डांगी , तहसील- मल्हारगढ़ , जिला- मन्दसौर
टिडवास से बडा हिंगोरिया (व्हाया बरखेडा डागी मार्ग ) में आने वाली निजी भूमि का विवरण
प्रभावित भूमि प्रभावित
असिंचित
सिंचित
कुल
खसरा नम्बर
कुल भूमि का रकबा
सं. क्र.
कृषक का नाम
6
5
4
3
2
1
270वग मीटर
0.040
730 पे. 2
1
270 वर्ग मीटर्र
राधाबाई पति मूलचंद खटीक निवासी संजीत
960वर्ग मीटर
0.150 960 वर्ग मीटर
734/1
अमरसिंह, मोतीलाल, हीरालाल 2 पिता पुरालाल जाति डांगी निवासी बरखेडा डांग
0.180
720 वर्ग मीटर
736
720 वर्ग मीटर हिरालाल पिता रूपा जाति 3 डांगी निवासी बरखेंडा डागी
701 पे 2 0.180
720 वर्ग मीटर 4
720 वर्ग मीटर बालु पिता मांगीलाल जाति डांगी निवासी बरखेडा डागी '
0.070
739/2
480 वर्ग मीटर
480 वर्ग 4मीटर नाथीबाई बेवा रामलाल , बालुराम, 5। केलाश पिता रामलाल डांगी निवासी बरखेडा डागी
1680 वर्ग मी.
3150 वर्ग मी.
1470 वर्ग मी.
कुल योग
:
भूमि के नक्शे का निरीक्षण भू अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ के कार्यालय में किया जा सकता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1271 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन भोपाल
भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016
क्र. एफ- 3-107-2015- अठारह 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक-1 सन् 2012 ) की धारा 23-" क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा इस विभाग की सूचना क्रमांक- एफ- 3- 107-2015 - अठारह -5, दिनांक 16-11-2015 द्वारा प्रस्तावित किये गये अनुसार प्रवर्तित खण्डवा विकास योजना , 2011 में निम्नानुसार उपांतरण की पुष्टि करती है . उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं:-
अनुसूची
खसरा क्र .
क्रमांक ग्राम
क्षेत्रफल हेक्टेयर में
उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू-उपयोग (6) (2)
(3)
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)
(4)
(1)
आवासीय 1/5
1 ग्राम चिराखान
सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक
7.77 हेक्टेयर में से 3.00 हेक्टेयर.
योग 3.00 हेक्टेयर
1. भूमि जिस प्रयोजन हेतु आवंटित की गई है, उससे भिन्न उपयोग प्रतिबंधित रहेगा.
2. उक्त उपांतरण खण्डवा विकास योजना 2011 का एकीकृत भाग होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. के साधव, उपसचिव.
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर , जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश
नरसिंहपुर, दिनांक 7 अप्रैल 2016
क्र. 124- भू- अर्जन-2016 .- एनटीपीसी पावर प्लांट में जल परिवहन हेतु मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 के अन्तर्गत भूमिगत पाइप लाइन बिछाने के लिए निजी भूमि के अर्जन हेतु अग्रिम कार्यवाही के लिए श्री राजेन्द्र राय , संयुक्त कलेक्टर व जिला भू-अर्जन अधिकारी , नरसिंहपुर को पदेन सक्षम पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है.
सक्षम पदाधिकारी मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 30 अगस्त 2013 में प्रकाशित भाग 4 ( ग) अंतिम नियम राजस्व विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल दिनांक 29 अगस्त 2013 के तहत कार्य करेगा
नरेश पाल , कलेक्टर.
1272
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 22 मार्च 2016
क्र. 1138 - भू.अर्जन - तेन्दूखेड़ा- 2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 11 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गयी शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
अनुसूची
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) तहसील/ तालुका
(4) (1) (2)
(3)
0.78 जबेरा
दमोह
घाट बम्होरी
धारा 11 की उपधारा
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन
( 1 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
बांदकपुर- बलारपुर वनमार्ग मार्ग पर व्यारमा नदी पर उच्च स्तरीय पुल.
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग , सागर, मध्यप्रदेश.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तेन्दूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण संभाग , सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीनिवास शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
ग्वालियर, दिनांक 22 मार्च 2016
प्र. क्र. 12 - अ - 82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है, कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/ सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा -11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
लगभग क्षेत्रफल सर्वे नम्बर
रकबा (हेक्टर में )
(4) (2)
(1)
0.280 ग्वालियर
(3) सुपावली
ग्वालियर
1096/1 मिन2 1098/मिन1
0.120
1096/1 मिन3 1098/मिन2 1122
0.050
कुल रकबा 0.450
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
हरसी उच्च स्तरीय नहर शीतला माता शाखा नहर की 1 एल/4 आर नहरके निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्र. 2 डबरा, जिला ग्वालियर.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(2) 1273
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
प्र. क्र. 24- अ-82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है , कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा , अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है , इस कारण धारा -11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील
ग्राम
सर्वे नम्बर
रकबा (हेक्टर में) (2)
(4)
(3)
(1) ग्वालियर ग्वालियर सिरसौद
1242 971
0.03 0.03
कुल रकबा 0.06
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री , हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 1 डबरा , जिला
ग्वालियर.
(6) हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर की 1 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(
प्र. क्र. 25 - अ- 82-14-15- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है , कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/ सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा- 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन ग्राम
लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील
सर्वे
नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(4) (2)
(3)
0.02
127
ग्वालियर चपरोली
(1) ग्वालियर
0.02
कुल रकबा
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च- स्तरीय नहर संभाग क्र . 2 डबरा, जिला ग्वालियर.
माता शाखा नहर की 1 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1274
प्र. क्र. 26- अ- 82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है, कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा -11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
लगभग क्षेत्रफल जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील
सर्वे नम्बर
रकबा (हेक्टर में)
(3)
(2)
(4) (1)
ग्वालियर दयेली
ग्वालियर
0.10 0.10
100 कुल रकबा
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(6)
हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला (5) कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च- स्तरीय नहर संभाग क्र. 2 डबरा, जिला ग्वालियर.
माता शाखा नहर की 1 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(2 )
प्र. क्र. 27- अ- 82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है, कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा , अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा -11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
अनुसूची
भूमि का वर्णन ग्राम
लगभग क्षेत्रफल तहसील
जिला
रकबा
सर्वे नम्बर (हेक्टर में)
(4) (1)
0.08 ग्वालियर
(2) ग्वालियर सुपावली (3)
2490/11 2490/2
2500
0.04
0.12
कुल रकबा
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(5)
कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च- स्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , डबरा, जिला ग्वालियर
(6) हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर की 2 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
1275
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
प्र. क्र. 28- अ-82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है , कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है . मुख्य नहर/माईनर नहर/ सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है , इस कारण धारा-11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमिका वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल
सर्वे
रकबा
नम्बर
(हे. में)
(4) (2)
0.02
(3) जखारा
(1) ग्वालियर ग्वालियर
2234 कुल रकबा 0.02
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(6)
हरसी उच्च स्तरीय नहर की शीतला (5) कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्र. 2, डबरा , जिला ग्वालियर.
माता शाखा नहर की 2 एल मायनर नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 29- अ-82-14-15 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है, कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है . मुख्य नहर/माईनर नहर/ सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
भूमिका वर्णन
लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील
ग्राम
रकबा
सर्वे
नम्बर
(हे. में)
(4) (2) ग्वालियर
(3) बिल्हैटी
0.05 (1) ग्वालियर
0.05
1963 कुल रकबा
सार्वजनिक प्रयोजन
कावर्णन
धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) हरसी उच्च स्तरीय नहर की शीतला कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्र. 2, डबरा , जिला ग्वालियर.
माता शाखा नहर की 4 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
1276
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन
उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 7 अप्रैल 2016
प. क्र. 1056 - प्रशा. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) के उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर के अमिलकी वितरक के माईनर एवं सबमाइनर में आने वाले अधिकांश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का विवरण
जिला तहसील नगर/ग्राम
(2)
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)
1.500
परसा-348
(1) रीवा
रायपुर कर्चुलियान
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा. (मध्यप्रदेश) .
(6) बहुती नहर के अमिलकी वितरक नहर के माइनर क्र . 4 के निर्माण कार्य हेतु.
रीवा , दिनांक 11 अप्रैल 2016
प. क्र. 1078 - प्रशा. - भू-अर्जन- गोविन्दगढ़. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि- अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(3)
(4) (1)
0.100 रीवा
करौदी
गुढ़
प.ह.नं. 8
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
करौदी 0.100 हे. बाणसागर परियोजना के अंतर्गत गुढ़ - मऊगंज उदवहन् निर्माण नहर कार्य सार्वजनिक प्रयोजन.
(5) कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 2 गोविन्दगढ़ , रीवा (म. प्र. )
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
1277
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
प. क्र. 1080 - प्रशा. - भू-अर्जन- गोविन्दगढ़. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.495
पांती
रीवा
गुढ़
370
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
धारा 11 की उपधारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
पांती 0.495 हे. बाणसागर परियोजना के अंतर्गत गुढ़ - मऊगंज उदवहन् निर्माण नहर कार्य सार्वजनिक प्रयोजन.
कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 2 गोविन्दगढ़ , रीवा ( म. प्र. )
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
प. क्र. 1082 - प्रशा.- भू-अर्जन- गोविन्दगढ़. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) (1)
(2) (3)
0.033 रीवा
महाडांडी
गुढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
महाडांडी 0.033 हे. बाणसागर परियोजना
के अंतर्गत गुढ़ - मऊगंज उदवहन् निर्माण नहर कार्य सार्वजनिक प्रयोजन.
कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 2 गोविन्दगढ़ , रीवा ( म. प्र. ) .
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
1278
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
प. क्र. 1084- प्रशा .- भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) 13.90
(3) सरदा
(2) रामपुर नैकिन
(1) सीधी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
(5) कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
प. क्र. 1086 - प्रशा. - भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है : -
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3) पटना
(4) 8.94 (1) सीधी
(2) रामपुर नैकिन
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
(5) कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
1279
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
प. क्र. 1088 - प्रशा.- भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
जिला तहसील
भूमि का वर्णन ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(4)
(3)
20.66
मझिगवाँ
रामपुर नैकिन
(1) सीधी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.
(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
प. क्र. 1090- प्रशा. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(3)
(4) (1)
19.80 रामपुर नैकिन करियाझार
सीधी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .
कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.
( 2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
1280
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
प. क्र. 1092 - प्रशा. - भू-अर्जन-2016 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि वहती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का वर्णन
जिला
ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2)
(3)
(4)
44.10 सतना
रामनगर हिनौती
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.
कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
प. क्र. 1094- प्रशा. - भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि वहती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील
ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(4) 10.70
(3) डेंगरहा
रामनगर
(1) सतना
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.
(6) बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.
(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एल. साकेत, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
1281
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग डिण्डौरी , दिनांक 18 मार्च 2016
क्र.- भू- अर्जन -15( अ-82) 2015-2016-1164.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजना सार की आवश्यकता नहीं है.
अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला डिण्डौरी
(ख) तहसील- शहपुरा
(ग) ग्राम- रमपुरी प. ह. नं. 58 रा. नि. म. शहपुरा (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.880 हेक्टेयर.
खसरा नं.
भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में)
(2)
(1)
0.02
161/1
0.16
162
0.05
144
145
0.05
0.16
146
0.18
153/3
0.26
154
0.880
कुल योग निजी भूमि ..
शासकीय भूमि-
0.00 0.880
सकल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- देवरी जलाशय के नहर कार्य अंतर्गत हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है.
क्र. - भू- अर्जन-16 ( अ -82 ) 2015-2016-1163 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजना सार की आवश्यकता नहीं है.
अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला डिण्डौरी
(ख) तहसील- शहपुरा
(ग) ग्राम- देवरी कला प. ह. नं. 58 रा. नि. म. शहपुरा (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.560 हेक्टेयर.
खसरा नं.
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में)
(2)
(1)
13/2
0.06
0.27
14
0.17
16
0.06
15
0.560
कुल योग निजी भूमि
शासकीय भूमि-
0.00 0.560
सकल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- देवरी जलाशय के नहर कार्य अंतर्गत हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है .
क्र.- भू-अर्जन-17( अ-82) 2015-2016-1160.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजना सार की आवश्यकता नहीं है.
1282
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला डिण्डौरी
(ख ) तहसील- शहपुरा
(ग) ग्राम-बिछिया प. ह. नं. 57 रा. नि. म. बिछिया (घ) लगभग क्षेत्रफल-2.030 हेक्टेयर .
खसरा नं.
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में )
(2)
(1)
0.03
474
0.15
477
0.08
479/2
480
0.12
0.08
481
482
0.09
0.19
436
0.12
435/1
0.16
487
475/1
0.10
0.06
475/2
0.07
475/3
0.04
476/2
0.10
477
0.06
440
0.08
441/2
0.07
441/3
0.10
443
445
0.01
0.05
431/1
0.06
431/2
430
0.02
0.08
424
0.02
444
0.01
425
1.95
कुल योग निजी भूमि ..
0.08
2.030
शासकीय भूमि सकल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बड़झर जलाशय के अन्तर्गत ( मुख्य नहर एवं माइनर) हेतु.
(3) भूमि के नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है.
क्र.-भू-अर्जन-18(अ-82) 2015-2016-1161.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजनासार की आवश्यकता नहीं है.
अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला डिण्डौरी
(ख ) तहसील- शहपुरा
(ग ) ग्राम- बड़झर प. ह. नं. 59 रा. नि. म. बिछिया (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.600 हेक्टेयर.
खसरा नं.
भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में)
(2)
(1)
0.06
141
0.02
146/1
0.03
147/1
0.02
146/2
147/2
0.03
0.02
146/3
0.03
147
0.12
3/2
0.06
2
0.04
1
0.04
7
8
0.05
0.08
9
0.600
कुल योग निजी भूमि ..
0.00 0.600
शासकीय भूमि सकल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बड़झर जलाशय के अन्तर्गत ( मुख्य नहर एवं माइनर ) हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है .
1283
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
क्र.- भू-अर्जन-19 ( अ-82 ) 2015-2016-1161.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजना सार की आवश्यकता नहीं है.
अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला डिण्डौरी
(ख) तहसील- शहपुरा
(ग) ग्राम- बड़झर, प. ह. नं. 59 रा . नि. म. बिछिया (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.670 हेक्टेयर.
खसरा नं.
भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में )
(2)
(1)
0.43
130/1
0.05
3/2
0.01
142/1
0.01
143/1
0.01
142/2
0.01
143/2
0.01
143/3
0.04
137
138/1
0.04
0.04
135
0.02
4
कुल योग निजी भूमि 0.670
शासकीय भूमि
0.00 0.670
सकल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बड़झर जलाशय के अंतर्गत हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, छवि भारद्वाज, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर, दिनांक 7 अप्रैल 2016
क्र. 225- भू-अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 01 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क ) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग) ग्राम- महगवाँ, न. ब. - 385, प. ह. नं. 42 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.846 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में )
(1)
(2)
0.041
30
0.093
31
0.076
32/1
0.020
33, 34
0.025
0.016
36/2, 37/1 37/2 42
0.045
0.032
43/2, 44/2
0.028
43/3, 44/3
0.032
43/4, 44/4
0.056
46
0.020
47/3
0.052
47/4
0.036
38/1
0.038
38/2, 38/4, 38/5
0.030
38/3 , 39/1 , 40/1
0.045
38/8 , 39/4 , 40/4
60/1
0.040
0.020
62, 63
0.028
64/2
0.013
64/4
0.032
64/1-3
0.028
65 41 55
0.846
कुल रकवा 1284
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र . शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील - तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
क्र. 227 - भू- अर्जन - 2015- प्रकरण क्रमांक 02 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क ) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग ) ग्राम- नोरगपुर, न. ब. - 243, प. ह. नं. 30 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.742 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)
(2)
0.050
0.027
0.065
0.600
(1) 500/1 500/5 , 500/8 501, 502/9 502/1
0.742
कुल रकवा .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http : // www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. )/ कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 229- भू- अर्जन- 2015-प्रकरण क्रमांक 03 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग ) ग्राम- नैनवारा , न. ब. - 242 , प. ह. नं. 43 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.322 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)
(2)
(1)
2/1
0.095
0.020
3/1
3/2
0.015
3/3
0.017
0.016
3/4
0.015
3/5
3/6
0.042
5/1
0.052
0.012
4/1
0.005
4/2
0.033
4/3-4-5
कुल रकवा 0.322
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
भाग 1 ]
1285
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्र. 231 - भू-अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 04 अ -82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग ) ग्राम-डौभी , न. ब. 198, प. ह. नं . 28 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.357 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.020
318
0.016
320
321
0.085
323/1
0.016
323/3
0.004
324/1
0.016
324/2
0.012
324/3
0.020
324/4
0.012
324/5-6-7
0.032
0.012
324/8
0.012
1096/1 , 1097/1 , 1096/2 , 1097/2 ,
0.024
1090/1
1091/1
0.016
1091/2
0.008
1093
0.016
0.024
1094/1 , 1094/2 , 1094/3
0.012
1095/2
कुल रकवा 0.357
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/ स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
क्र. 233- भू- अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 05 अ -82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग ) ग्राम- छत्तरपुर, न. ब. 156, प. ह. नं. 27 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.610 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.008
1/1
1/2
0.070
14
0.018
0.076
16, 17
0.072
18, 19
0.048
50/1
0.014
50/2, 57 ख
93/2
0.016
0.012
93/4
0.032
93/3
0.006
94/1क
0.006
94/1 ख
0.025
94/2
0.016
95/1क
0.031
96/2
0.010
97/4
0.014
97/3
0.024
97/1
0.028
97/2ख
67/2
0.036
70/9
0.040
70/7
0.020
71
0.004
0.610
कुल रकवा .
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
1286
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र . ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/ स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
क्र. 235- भू-अर्जन- 2016- प्रकरण क्रमांक 07 अ-82 वर्ष 2014- 15.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि, अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग) ग्राम- करहैयाँ , न. ब. -49, प. ह. नं. 25/21 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.361 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
105/2
0.016
0.056
103/1
0.050
103/2
0.006
76/3
0.030
73
0.012
68/3
0.010
68/1 , 68/4
0.024
0.044
0.024
0.020
42/6
0.033
0.036
68/2 42/5, 42/2 42/4 42/3 42/1
0.361
कुल रकबा
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील-तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर (म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 237- भू-अर्जन- 2016- प्रकरण क्रमांक 06 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि, अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
(1) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग) ग्राम- बारहा , न. ब. - 313, प. ह. नं. 25/21 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.129 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.007
62/1, 62/9
0.022
62/2, 66/2 , 67/2
0.011
62/3
0.022
0.012
0.055
66/6, 67/6 66/1 , 66/3 , 67/1 , 67/3 68
0.129
कुल रकबा ..
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण, कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 239- भू-अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 08 अ-82 वर्ष 2014- 15.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि, अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा 1287
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(ग) ग्राम- सिमरिया- कलॉ , न. ब.-440, प. ह. नं. 24/21 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.889 हेक्टेयर .
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में ) (2)
(1)
0.032
115/1
0.016
115/2, 115/3
0.024
116/1 , 117/1
0.024
116/2, 117/2
0.020
120/3
121
0.024
0.020
119/5 , 122/2 , 123/2
0.016
119/4, 122/1 , 123/1
0.008
60
0.076
57, 58 , 59/1
53
0.065
52
0.053
0.012
51/3 , 51/4
0.012
51/1
50/2
0.024
0.028
126/2, 127/2
0.032
126/6, 127/6
0.003
126/7 , 127/7
0.002
126/1 , 127/1
0.032
126/4, 5 127/4, 5
0.024
133/1 , 6 , 134/1 , 4
0.020
133/3 , 133/5 , 134/3
0.018
134/2,
135
0.024
0.024
143
144
0.014
145/2
0.016
0.033
145/1
0.020
147
0.073
149, 150
0.020
151/2
0.024
153
0.024
154/1 , 2 , 155/1 , 3 , 158
0.020
159/1 , 159/21 , 160/1 , |
160/2ग , 161/1 , 161 /2 ग
0.006
159/2क, 160/2क, 161/2 क, 159/2ख , 160/2ख
0.003
61/1
61/2
0.003
0.889
कुल रकवा
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील - तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर (म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
क्र. 241 - भू- अर्जन - 2016 - प्रकरण क्रमांक 09 अ -82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग) ग्राम-बिलथारी , न. ब. -326, प. ह . नं. 23/22 (घ) लगभग क्षेत्रफल-3.955 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.048
215/2
215/4
0.036
0.040
214/9 , 214/13
204
203/2
0.020
0.032
203/4
203/1
0.057
0.012
202, 203/5
0.057
217
218/2
0.030
0.020
218/4
0.040
218/3
223/2
0.016
233/1
0.020 1288
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(1)
(2)
0.013 223/4 , 223/5
0.013 223/3
0.013 222/3 , 224/3
0.013 222/2 , 224/2
225/2
0.014 226/1
0.008
0.006 226/2
0.010 227
0.002 253/3 , 254/1
0.010 253/5 , 254/2
255
0.026 256/5
0.012
0.012 256/4
0.014 257, 258
0.008 259/3
0.004 260/1
0.004 260/2
0.029 262, 263 , 267 , 265 , 266
0.011 274/1
0.022 274/2 , 275/2 , 274/3 , 275/3
0.027 276, 277 , 278
0.022 298/2
0.026 298/3
299/3
0.011
0.015 299/1 , 299/2
0.128 385/1-2 , 386/ 1-2
0.056 383/2
0.060 383/1
382/1
0.068
0.116 379/1 , 379/2 , 392
0.030 379/3
0.105 379/5, 379/7
0.080 379/6
0.020 416/2
0.011 415/2, 416/1
0.004 415/1
0.015 415/4
0.006 413/2
0.010 411/1
0.012 411/4
411/2
0.011
0.010 411/3
0.010 410/4
(2)
(1)
0.020
410/5
0.007
404/10 , 410/11 , 410/12, 410/13
0.016
404/3 , 410/6 , 410/8 , 410/9
0.006
404/7
0.006
404/4
0.040
404/1 , 404/8
0.009
403/1
0.006
387/2
0.006
387/1
0.006
385/5 , 386/5
0.005
385/6, 386/6
0.006
385/3, 386/3
0.111
451
0.043
450/10, 450/17
0.097
450/11
0.076
450/5, 450/6
448
0.173
0.214
497, 498/1 , 498/2 , 499/1 , 500/1
0.202
499/2, 500/2
524/1
0.005
0.010
524/9
0.024
524/8
0.008
628
0.008
634/2
0.008
634/1 , 635/1 , 636/1 , 637/1 , 638/1
0.006
634/3 , 635/2 , 634/5 , 634/4 , 636/3 ,
637/4, 638/4
0.073
617/1
0.085
617/2
0.004
661/1
662
0.056
0.053
615/2ग , 616/3
612
0.090
0.144
611
0.129
605/1
0.073
607, 608
0.129
605/2
0.043
603/2
0.042
602/1
0.042
602/2
615/1
601/1
0.021
597/3 , 598/3 , 601/3 1289
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2)
(1)
0.113
597/5 , 598/5
0.215
597/1 , 598/1
599/1 ,
3.955
कुल रकबा .
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 243 - भू-अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 10अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग) ग्राम- भामा, न. ब. - 344, प. ह. नं. 20/23 (घ) लगभग क्षेत्रफल-2.155 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.170
338/8
0.132
338/2क, 349/3, 350/2, 351/2 ,
0.045
338/2ख, 349/2, 350/1 , 351/1
0.040
338/2घ, 349/6 , 350/3 , 351/6
0.141
352/1-2, 353/1-2
0.097
352/3, 353/3
0.049
348/3 , 348/7
0.013
354
(2)
0.020
(1) 348/4, 348/5
0.097
347
0.016
346
0.093
355, 356/2
0.052
357/5 , 358/4
0.085
294/2
0.049
287/2
0.109
0.028
287/1 , 287/4
0.009
364/2, 365/2 107
0.013
285, 286
0.008
284/1
0.008
284/2
0.054
111/3 , 269/3 , 270/3 , 271/3, 273/3
269/1 , 270/1 , 271/1 , 272/1 , 273/1 0.012 269/5 , 270/5 , 271/5 , 272/5 , 273/5 0.007 269/2 , 270/2 , 271/2 , 272/2 , 273/2 0.016 259/4, 264/4, 266/4, 267/4, 268/4 0.057
0.005
108/1
0.026
106, 111/1
0.005
110
0.040
111/2
0.010
111/4
0.012
111/6
0.016
112/5 , 113/5 , 115/5
114/1 , 114/2 , 114/3 , 114/4 , 114/5, 0.020 114/6
0.360
112/1 , 113/1 , 115/1 , 112/2 , 113/2 , 115/2 , 112/3 , 113/3 , 115/3 , 112/4 , 0.120 113/4 , 115/4 , 112/6 , 113/6 , 115/6 116/7 , 117/1
0.036
117/3
0.045
116/10, 117/8
कुल रकवा 2.155
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र . शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1290
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा, जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 245- भू- अर्जन- 2016 - प्रकरण क्रमांक 11 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील - तेंदूखेड़ा
(ग ) ग्राम-बिलगुवां, न. ब. - 324, प. ह. नं. 6 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.586 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)
(2)
(1)
66/3
0.016
0.024
89, 90
0.016
91/4, 92/4
0.004
91 /2ग2 , 92/ 1 ग/2, 92/2 ग/2
0.004
91/21/1 , 92/1 ग/ 1 , 92/ 2 ग/ 1
0.032
91/2क 92/1 क , 92/2क,
0.012
91/3, 92/3
0.024
91/2ख , 92/ 1 ख , 92/2ख
0.040
99
0.008
96
0.012
97, 98
0.040
103
0.002
104/1
0.032
101/1 , 101/4 , 101/2 , 101/3
0.012
109/1
0.068
110/2 , 129/ 1 छ , 129/ 1 च
0.016
129/1 ड
0.024
129/1 ख
0.144
कुल रकवा
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- एन एच 12 से बिजौरा मार्ग निर्माण हेतु .
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http :// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 247 - भू-अर्जन-2016- प्रकरण क्रमांक12 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा
( ग ) ग्राम- बांसखेड़ा, न. ब. - 317 , प. ह. नं. 35 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.144 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.020
182
0.013
181 , 164/1 , 164/4
0.006
164/3
163/3
0.003
163/2
0.003
0.003
163/6
0.002
163/5
0.004
131, 132
0.002
125, 126
0.005
122, 118 , 119 ,
121
0.002
120
0.002
81/2
0.003
0.002
81/1 1291
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2)
(1)
0.030
183/1
0.005
183/2
0.004
183/3
0.008
184/2
0.005
196/1
0.005
198/1
0.005
199
0.002
206
0.002
201/1
0.002
203
0.006
204/1
0.144
कुल रकबा
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - एन एच 12 से बिजौरा मार्ग निर्माण हेतु .
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म . प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http :// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- तेंदूखेड़ा , जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 249- भू- अर्जन- 2016- प्रकरण क्रमांक 13 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग) ग्राम- मानकपुर , न. ब. - 375, प. ह. नं. 35/6 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.792 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)
(1)
(2)
0.064
0.022
33, 34 , 35, 36, 37 113/2
(2)
(1)
0.076
114, 40 , 41 , 42
113/6
0.014
0.032
43/2
0.018
110/2
109
0.026
0.035
48/2, 97/1
50/1
0.010
50/2
0.016
0.032
103/1, 103/2
0.004
102
0.006
63/1, 64/1
0.005
63/2, 64/2
0.006
67/1 , 68/1
0.005
67/2, 68/2
0.002
66
0.002
69
0.008
98
0.004
97/2
0.004
70
0.002
89, 90 , 91 , 92
0.002
87
0.024
95/1
0.024
9/1 ख
0.022
9/1क
8
0.036
0.101
5
0.041
6
0.064
1/1, 1/2
0.008
83 , 84, 85, 86
0.010
94/6 , 200/6
0.024
94/1, 200/1
0.060
94/3, 200/3
0.792
कुल रकबा
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- एन एच 12 से बिजौरा मार्ग निर्माण हेतु.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- तेंदूखेड़ा, जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
1292
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्र. 251 - भू- अर्जन- 2016- प्रकरण क्रमांक 14 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- नरसिंहपुर
(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा
(ग ) ग्राम-बिजौरा, न. ब. - 323, प. ह. नं. 35 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.224 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में )
(2)
(1)
0.006
96/5
0.004
96/3
0.004
96/4
0.004
98/2
0.005
98/3
0.007
98/4
0.017
99
0.004
105/3
0.007
105/ 1ख, 106/2
0.040
107/3-4
0.004
129, 130
0.040
107/1
0.047
151 , 152 , 153 , 154
155
0.003
0.006
180/1
0.002
180/3
0.002
180/2
0.004
181/1
0.012
183/2
0.006
183/3
कुल रकवा .. 0.224
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- एन एच 12 से बिजौरा मार्ग निर्माण हेतु.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- तेंदूखेड़ा, जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेश पाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 7 अप्रैल 2016
पत्र क्र. 1046- प्रका. - भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- मनगवां
(ग) ग्राम- बेलवा पैकान 396
(घ) क्षेत्रफल -5.931 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.004
2468
2469
0.023
0.035
2470
2471
0.032
2472
0.039
0.046
2473
0.001
2474
2464
0.053 भाग 1 ]
(1)
(2) 2463
0.049 2462
0.016
0.006 2461
0.006 2447
0.020 2458
2457
0.026 2448
0.003
0.004 2449
0.021 2454
0.017 2453
0.028 2452
2450
0.008
0.032 2451
2363
0.049 2429
0.095 2428
0.019
0.036 2420
2422
0.036 2421
0.089 2365
0.003 2366
0.019
0.018 2368
0.001 2371
0.046 2369
0.009 2346
0.012 2344
0.001 2345
0.014 2325
0.001 2294
0.002 2303
0.001 2530/2295
0.027 2297
0.001 2296
0.036 2298
0.001 2231
0.001 2230
0.003 2370
0.003 826
1293
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.079
823
0.008
824
822
0.085
825
0.009
0.085
821
0.005
836
837
0.018
820
0.107
842
0.168
0.081
843
845
0.063
925
0.014
847
0.135
0.051
848
850
0.014
807
0.024
805
0.001
0.097
804
0.003
856
0.018
857
0.037
791
0.067
860
0.002
790
859
0.015
0.047
861
0.003
863
0.102
785
0.024
786
724
0.100
0.010
784
0.092
781
0.001
782
0.065
778
777
0.071
0.001
779
733
0.023
734
0.060
735
0.087 1294
(2) (1)
0.010 751
736
0.094
0.246 737
677
0.106 607
0.002
0.020 675
676
0.053 608
0.148 609
0.117
0.010 613
0.036 614
0.042 617
618
0.128 629
0.005
0.025 628
0.015 627
0.049 620
0.044 624
0.001 623
0.076 622
303
0.046
0.106 302
0.036 301
0.092 300
73
0.019
0.001 838
0.002 839
0.009 840
0.065 841
2483/966
0.013 928
0.044 2484/1/967
0.004 2484/2/967
2482/929
0.004
0.131 966
0.005 967
965
0.016 972
0.041 973
0.093
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.046
976
0.018
1044
0.056
1045
0.092
1074
0.063
1075
0.038
1078
0.004
1080
0.031
1068
1067
0.046
0.005
573
0.010
574
575
0.016
576
0.012
0.076
561
0.012
577
0.001
569
566
0.028
0.002
565
564
0.032
0.006
567
0.003
501
0.029
503
522
0.006
502
0.002
504
0.014
521
0.010
0.008
511
0.007
514
0.006
515
0.012
512
516
0.005
0.002
482
0.009
483
703
0.050
0.023
702
705
0.103
706
0.028
0.059
708
0.046
707
5.834
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 1295
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2)
(1)
ब-म. प्र. शासन की भूमि
0.011
1028
0.071
1043
0.015
1046
म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.097
अ + ब का योग 5.931
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1048 - प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम- पड़रा 332
(घ) क्षेत्रफल -0.750 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
764
0.069
0.021
763
588
0.083
0.071
587
0.108
585
0.072
593
0.067
595
0.007
596
(1)
(2)
0.070
629
0.011
630
0.015
631
0.011
553
0.007
632
0.009
552
0.046
634
0.001
633
0.001
636
0.007
635
0.001
397
396
0.001
399
0.031
0.013
400
0.011
398
0.004
238
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 0.737 ब-म. प्र. शासन की भूमि
0.013
592
म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.013 अ + ब का योग 0.750
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 17 " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1050 - प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान 1296
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(ग) ग्राम-खीरा 132
(घ) क्षेत्रफल -1.611 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.192 23
0.011 24
22
0.016 21
0.017 20
0.345
0.006 36
17
0.015
0.006 19
16
0.010
0.004 38
0.008 37
13
0.183
0.011 12
0.024 15
14
0.038 11
0.165
0.008 42
0.094 44
0.002 43
0.021 61
0.023 9
0.007 62
0.152 67
0.009 74
75
0.018 72
0.181 71
0.006
0.003 77
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 1.575
ब-म. प्र. शासन की भूमि 1
0.013
0.023 78
म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.036 अ + ब का योग 1.611 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 16 " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
पत्र क्र. 1052- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम- महसुआ 516
(घ) क्षेत्रफल -2.327 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
1026
0.013
0.154
1025
0.019
1027
1050
0.056
0.020
1086
0.093
1087
0.043
1089
0.087
1096
0.006
1095
0.007
855
854
0.094
851
0.005
0.036
849
850
0.028
0.052
838 भाग 1 ]
(2) (1)
0.006 839
800
0.052
0.020 799
1297
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.001
1088
0.001
481
2.290
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग
0.019 798
787
0.003
0.080 784
561
0.058 562
0.007
0.063 564
0.075 565
ब-म. प्र. शासन की भूमि
0.011
921
771
0.013
355
0.004
0.009
1090
0.037
म. प्र. शासन की भूमि का योग
0.005 622
571
0.090
0.077 570
371
0.001 370
0.116
0.004 368
353
0.044 352
0.037 344
0.070
0.001 343
354
0.010 357
0.003 359
0.007
0.003 342
0.005 397
0.009 395
0.005 396
0.013 470
0.001 399
0.037 469
400
0.001 402
0.001 412
0.002 468
0.063 466
0.001 467
0.004
0.043 25
249
0.134
0.101 248
246
0.082
0.215 245
0.001 253
0.001 259
0.001 465
358
0.004
2.327
अ + ब का योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 16 एवं 17 " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1054- प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग ) ग्राम-लोहन्दवार 576
(घ) क्षेत्रफल -0.289 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.017
257
0.086
256
0.002
255
0.058
252 1298
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.003
251
250
0.051
0.004
253
0.030
249
0.030
248
0.001
245
0.007
247
0.289
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग
ब-म. प्र. शासन की भूमि
म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.000
अ + ब का योग 0.289
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 17" में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1058- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग ) ग्राम- ब्यौहरा 462
(घ) क्षेत्रफल - 2.047 हेक्टेयर.
अर्जित रकबा
खसरा नं.
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.098
1178
0.007
1177
(2)
(1)
1092
0.063
0.001
1176
1175
0.039
0.122
1094
0.001
1096
0.008
1097
0.009
1098
0.045
1099
1100
0.006
1101
0.015
0.016
1102
0.017
1104
0.025
1105
0.028
1107
0.001
1106
0.017
1108
0.013
1109
0.060
1113
0.043
1112
0.023
1111
0.038
1116
0.024
1117
0.017
1118
0.014
1120
0.007
1119
0.021
1123
0.021
1124
0.039
1127
0.047
1129
0.031
1132
0.003
989
0.008
987
0.013
986
0.105
984
0.018
985
0.030
973
0.008
967
0.027
966
738
0.012 1299
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2)
(1)
0.009
729
718
0.013
1135
0.002
0.009
1136
977
0.062
968
0.024
965
0.006
964
0.003
0.003
963
0.006
962
0.011
739
0.007
737
0.004
730
0.003
728
0.002
724
0.002
725
0.005
723
0.007
716
0.003
717
0.024
689
0.005
687
661
0.015
662
0.012
0.013
688
112
0.015
0.043
111
109
0.033
0.029
108
0.076
107
0.119
106
0.059
105
0.065
104
0.186
103
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 2.015
ब-म. प्र. शासन की भूमि
0.012
1152
736
0.002
0.004
713
0.014
657
0.032
म. प्र. शासन की भूमि का योग अ + ब का योग 2.047
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 5 एवं 6 " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1060 - प्रका. - भू-अर्जन- 2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम- टेपरो 226
(घ) क्षेत्रफल -0.713 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
190
0.192
0.080
189
0.039
169
0.071
168
0.209
170
0.010
171
0.009
101
0.010
102
148
0.001
0.008
103
0.025
136
147
0.001
0.039
137
0.003
139
0.008
140
0.001
145
0.003
141
0.004
142
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 0.713 1300
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
ब-म. प्र. शासन की भूमि
म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.000
अ + ब का योग 0.713
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 12" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1062- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील-रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम- पटना 329
(घ) क्षेत्रफल -1.652 हेक्टेयर .
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.093
289
0.236
290
0.146
291
0.033
521
0.032
519
0.078
518
0.016
517
0.133
515
0.147
436
0.019
437
0.045
433
(2)
(1)
0.002
438
429
0.146
428
0.110
0.033
427
0.007
452
0.251
453
0.025
454
0.002
456
1.554
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग
ब-म. प्र. शासन की भूमि
0.030
516
0.043
432
0.010
435
0.015
457
0.098
म. प्र. शासन की भूमि का योग
1.652
अ + ब का योग
(१) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 16" में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1064- प्रका .- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम- पतौना 338
(घ) क्षेत्रफल -2.074 हेक्टेयर .
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
169
0.183
168
0.015 1301
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2)
(1)
0.221
165
75
0.035
0.019
21
0.155
73
70
0.011
0.172
91
0.021
92
0.006
90
0.008
89
0.176
127
0.024
125
118
0.081
119
0.347
0.010
113
0.271
111
110
0.018
0.156
109
0.019
4
3
0.050
0.011
2
0.065
1
2.074
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग
ब-म. प्र. शासन की भूमि
म. प्र . शासन की भूमि का योग 0.000
अ + ब का योग 2.074
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 17" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
पत्र क्र. 1066- प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- मनगवां
(ग ) ग्राम- पलिया 350
(घ) क्षेत्रफल -1.737 हेक्टेयर .
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.041
384
0.016
383
0.033
382
0.041
380
0.003
379
0.072
378
0.122
377
0.093
333
375
0.001
334
0.083
0.001
335
0.051
331
0.050
330
0.100
329
0.056
215
216
0.086
0.001
310
0.016
309
0.031
311
0.001
156
0.097
308
0.033
307
306
0.001
223
0.046
224
0.085
231
0.021
234
0.039
235
0.046 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1302
(2)
(1)
236
0.103
0.006
241
240
0.065
0.066
28
27
0.027
26
0.039
0.002
25
24
0.031
0.018
22
0.031
19
0.002
18
0.042
13
0.015
2
1.713
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग
ब-म. प्र. शासन की भूमि
0.024
232
म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.024
अ + ब का योग 1.737
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1068 - प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम- खुझ 133
(घ) क्षेत्रफल -2.886 हेक्टेयर .
अर्जित रकबा
खसरा नं.
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.130
724
(2)
(1)
723
0.011
484
0.111
486
0.140
582
0.153
0.035
583
0.012
578
577
0.049
0.002
576
0.056
507
0.048
508
0.040
509
0.094
510
0.007
511
0.003
513
0.056
514
0.070
516
0.006
515
0.015
517
524
0.124
0.035
523
0.001
522
0.014
532
0.002
531
0.010
399
0.009
398
0.020
533
0.008
534
0.007
397
396
0.033
0.003
393
0.046
394
0.039
391
0.081
390
0.038
235
0.082
236
0.052
237
328
0.004
0.040
244
0.104
327 1303
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2)
(1)
0.170
324
0.003
270
0.006
323
0.108
315
0.059
314
0.122
295
0.059
145
144
0.070
143
0.147
0.013
149
110
0.161
0.015
107
0.023
106
0.024
105
0.001
104
0.004
103
0.006
100
0.014
102
0.008
79
0.005
81
0.001
78
77
0.015
0.013
89
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 2.837
ब-म. प्र. शासन की भूमि
0.024
497
0.003
238
0.015
150
0.001
101
0.005
80
0.001
90
म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.049
अ + ब का योग 2.886
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 11 " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु .
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1070- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम- ब्योहरा 461
(घ) क्षेत्रफल -2.023 हेक्टेयर.
खसरा नं .
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
19
0.133
0.188
20
0.160
16
30
0.010
15
0.045
0.062
12
0.143
14
0.084
7
0.043
5
0.065
4
2
0.001
0.015
1
0.109
21
0.180
28
0.006
27
150
0.039
142
0.010
0.010
141
0.078
140
0.009
138
137
0.014
136
0.097
0.104
135
0.009
134 1304
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.026
207
206
0.002
0.025
205
0.022
204
0.002
203
0.005
194
195
0.007
0.067
202
201
0.011
220
0.003
0.058
221
222
0.021
0.020
223
224
0.016
0.002
225
0.007
226
182
0.045
227
0.007
318
0.030
0.001
319
0.013
181
2.004
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग
ब-म. प्र. शासन की भूमि
0.019
323
म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.019
अ + ब का योग 2.023
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 6 " में आने वाली निजी /शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1072- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला-रीवा
(ख ) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम- ब्योहरा 460
(घ) क्षेत्रफल -3.139 हेक्टेयर .
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.007
342
0.122
341
0.021
340
0.062
339
0.104
333
0.094
332
329
0.061
0.002
327
328
0.054
0.203
107
0.106
108
0.078
109
0.015
147
0.003
151
0.015
148
0.218
149
0.095
141
0.079
170
172
0.086
0.068
173
0.009
175
0.035
174
197
0.052
183
0.074
184
0.040
185
0.010
0.012
186
0.059
187
0.032
188
0.009
41
0.018
189
190
0.002 भाग 1 ]
1305
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.069
39
0.050
38
0.004
16
18
0.069
17
0.100
19
0.003
3
0.047
2
0.044
0.278
1
37
0.037
0.062
36
0.008
35
21
0.085
23
0.024
0.026
22
0.001
917
0.047
914
0.026
915
912
0.042
911
0.030
0.003
926
0.004
908
927
0.012
0.026
928
0.033
929
932
0.022
0.027
931
0.010
898
0.012
897
901
0.001
896
0.023
895
0.031
0.001
939
0.037
894
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 3.139
ब-म. प्र. शासन की भूमि
म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.000
अ + ब का योग 3.139
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4 एवं 5 " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
पत्र क्र. 1074 - प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख ) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
( ग) ग्राम- मढ़ी 492
(घ) क्षेत्रफल - 2.905 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.011
308
307
0.018
284
0.233
0.121
289
288
0.118
0.010
277
0.270
261
0.534
278
0.140
279
0.010
273
271
0.161
0.013
270
0.202
268
265
0.001
266
0.001
267
0.011
0.006
76
0.215
75
0.011
74
73
0.275
0.013
66
0.078
65
63
0.033
0.075
64
0.163
61 1306
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.046
59
0.062
4
3
0.001
0.001
2
0.001
58
2.834
अ. निजी पट्टे की भूमि का योग
ब-म. प्र. शासन की भूमि
0.019
18
0.019
17
0.014
60
0.019
16
0.071
म. प्र. शासन की भूमि का योग
अ + ब का योग 2.905
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. -" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1076- प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान
(ग) ग्राम- उमरी 51
(घ) क्षेत्रफल -8.820 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.086
2333
0.186
2341
0.007
2340
(2)
(1)
0.022
2339
2319
0.003
0.062
2320
2318
0.034
0.029
2313
0.025
2317
0.019
2314
0.043
2316
0.030
2315
0.046
2302
0.063
2301
0.001
2300
0.082
2299
0.001
2243
2242
0.015
0.036
2241
0.038
2240
0.103
2239
0.102
2238
2237
0.134
0.069
2234
0.015
2235
2236
0.001
1958
0.087
0.068
1959
1960
0.004
0.088
1961
1982
0.029
0.020
1962
0.034
1981
1980
0.038
0.024
1984
1987
0.047
0.005
1988
0.018
1979
0.001
1978
0.036
1993
0.105
1977
0.004
1992 भाग 1 ]
(2) (1)
0.001 1994
0.034 2028
0.014 2024
0.078 2027
0.056 2046
0.107 2048
2047
0.162 2054
0.019 2062
0.099
0.006 2063
2061
0.132 2060
0.098
0.055 1433
0.014 1434
1480
0.030
0.024 1435
0.016 1479
1478
0.020
0.068 1477
0.115 1447
0.024 1444
1445
0.015
0.015 1446
0.058 1296
0.075 1295
0.299 1269
1270
0.009 1275
0.098 1272
0.009 1271
0.146
0.163 1294
0.043 1228
0.082 1227
0.178 1237
0.135 1239
0.123 1247
0.012 1248
1263
0.113
0.029 1262
1307
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.062
1261
0.001
1256
1255
0.050
0.023
534
0.015
549
0.029
533
0.024
532
0.045
531
518
0.065
0.002
520
0.026
506
0.205
492
0.009
491
0.001
490
0.006
488
0.027
486
0.022
358
485
0.057
0.017
484
0.018
359
0.048
472
0.050
371
0.028
372
0.012
487
0.004
373
0.102
374
0.004
376
0.061
391
0.012
386
0.040
388
390
0.048
0.001
389
0.011
112
0.083
113
0.156
118
0.005
116
0.007
119
0.176
117
0.029
121
0.296
88 1308
(2) (1)
0.064 87
0.126 84
85
0.231
0.078 86
0.007 78
0.059 2231
2227
0.042
0.076 2226
0.009 2225
0.045 2221
2222
0.018
0.027 2190
2223
0.022
0.011 2189
0.046 2188
0.007 2187
2186
0.045
0.026 2182
0.020 2181
0.033 2180
0.046 2179
0.035 2203
0.003 2177
2174
0.053
0.011 2175
0.074 2170
0.108 2169
0.007 2171
0.087 741
0.017 745
0.038 758
0.013 759
760
0.011
0.025 761
0.032 763
765
0.048
0.075 766
0.020 778
0.077 771
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.074
775
0.030
846
0.004
776
0.001
853
0.017
847
0.001
852
0.014
848
0.002
849
882
0.018
0.001
881
0.028
879
880
0.002
0.017
877
0.002
871
0.006
876
0.023
875
0.001
873
0.001
874
0.009
894
0.023
896
0.001
897
0.011
895
0.004
898
0.027
910
0.001
605
911
0.011
.8.612
(अ. ) निजी पट्टे की भूमि का योग
ब-म. प्र. शासन की भूमि
2224
0.029
0.032
2100
1043
0.012
0.011
522
2362/517
0.013
0.002
787
785
0.021
752
0.025
0.015
2349
0.031
2164
0.017
2080
.0.208 (ब. ) म. प्र. शासन की भूमि का योग
8.820
अ + ब का योग 1309
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4 एवं 6" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.
रीवा, दिनांक 11 अप्रैल 2016.
पत्र क्र. 1096- प्रका. - भू-अर्जन-2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग) ग्राम- उमरी
(घ) क्षेत्रफल लगभग - 0.034 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-अशासकीय भूमि
145
0.034
ब-शासकीय भूमि
योग
महायोग 0.00 0.034
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
पत्र क्र. 1098- प्रका.- भू-अर्जन- 2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग) ग्राम- बेला
खसरा नं.
(2)
(घ) क्षेत्रफल लगभग -0.077 हेक्टेयर. अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (1)
अ-अशासकीय भूमि
0.037
1069
0.040
705
ब-शासकीय भूमि
0.00
योग .
0.077
महायोग
(4) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1100- प्रका. - भू-अर्जन- 2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग ) ग्राम- पड़ेरूआ
(घ) क्षेत्रफल लगभग - 0.056 हेक्टेयर. खसरा नं. अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (1) (2)
अ-अशासकीय भूमि
148/2
0.056 1310
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(1)
(2)
ब-शासकीय भूमि
0.00
योग
महायोग 0.056
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
पत्र क्र. 1102- प्रका.- भू-अर्जन- 2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में, वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग) ग्राम- बगदरी
(घ) क्षेत्रफल लगभग- 0.064 हेक्टेयर.
खसरा नं.
अर्जित रकबा
(हेक्टेयर में)
(1)
(2)
अ-अशासकीय भूमि
0.064
84
ब-शासकीय भूमि
0.00
योग
महायोग 0.064
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
पत्र क्र. 1104-प्रका. - भू-अर्जन- 2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील- गुढ़
(ग) ग्राम- सहिजना
(घ) क्षेत्रफल लगभग- 0.356 हेक्टेयर .
खसरा नं.
अर्जित रकबा
(हेक्टेयर में)
(2)
(1)
अ-निजी पट्टे की भूमि
0.154
573/11 573/2 573/3 573/4
0.152
561/1/क | 561/1/ख 561/2
561/3
0.020
524/1/ख
524/1/क/1 524/1/क/2 524/1/क/3 524/ 1 /ग
523/2
0.010
0.020
559/2
ब-शासकीय भूमि की भूमि
0.00
योग महायोग . 0.356
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एल. साकेत. प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
1311
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला अशोकनगर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
अशोकनगर, दिनांक 18 मार्च 2016
प्रकरण क्रमांक 1 - अ- 82- भू-अर्जन-14-15. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-अशोकनगर
(ख) तहसील- ईशागढ़
( ग) ग्राम- फुटेरा पछार
(घ) क्षेत्रफल-0.400 हेक्टेयर
सर्वे नम्बर
रकबा
(हे. में )
(2)
(1)
0.260
6मिन 1
0.060
6 मिन 2
0.060
84
86 मिन 1
0.010
0.010
86 मिन 2
योग 0.400
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गुना- अशोनगर- ईशागढ़ मार्ग पर टोल प्लाजा निर्माण हेतु भू-अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी ईशागढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अरुण कुमार तोमर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला गुना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,
राजस्व विभाग
गुना, दिनांक 22 मार्च 2016
प्र. क्रमांक 11 - अ-82-2014-15- टोल प्लाजा/ 122.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- गुना
(ख) तहसील- गुना
(ग) नगर/ ग्राम- पगारा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.250 हेक्टेयर
सर्वे नम्बर
रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
0.021
174/1 /क 2 में से
174/1/क 3 में से
0.021
0.052
174/1/4 में से
174/1/5
0.031
0.030
179/1 में से
0.023
180/ 1/क
0.011
180/1 /ग
180/1 /ख
0.011
0.050
181/1
0.250
कुल
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गुना- अशोनगर मार्ग पर ग्राम पगारा में टोल प्लाजा निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण- संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम ग्वालियर एवं अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी ( राजस्व ) गुना के कार्यालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि के आवासीय संरचना एवं अन्य किसी प्रकार का निर्माण स्थित न होने से पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन की आवश्यकता नहीं है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1312
कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 9 फरवरी 2016
प्र. क्र. 165- अ-82 - वर्ष 2014-15. भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15( 1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन तारीख से प्रावधानित समय सीमा 60 दिवस की समयावधि में कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं होने के कारण भूमि-अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 (2) के अंतर्गत रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई तथा इस आधार पर राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, इस प्रकरण में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है , इसलिये पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की स्कीम की आवश्यकता नहीं है , अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील-अजयगढ़
(ग) ग्राम- बनहरीकलां, प.ह.नं. 10
(घ) लगभग क्षेत्रफल-190.585 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
भूमि का प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )
(3)
(2)
(1)
0.970
3
निजी भूमि
2.050
4
निजी भूमि 5/3
0.660
निजी भूमि 5/5
0.500
निजी भूमि
0.670
5/6
निजी भूमि
0.670
5/7
निजी भूमि
2.000
6/2
निजी भूमि
0.890
7
निजी भूमि
1.870
8
निजी भूमि
0.640
12
निजी भूमि
0.400
13/1
निजी भूमि
(3) (1)
(2)
13/2
0.390
निजी भूमि
0.390
13/3
निजी भूमि
0.390
13/4
निजी भूमि
0.390
13/5
निजी भूमि 13/6
0.300
निजी भूमि 14
0.320
निजी भूमि
1.940
15
निजी भूमि
2.000
16/2
निजी भूमि
1.000
16/3
निजी भूमि
0.580
16/4
निजी भूमि
0.590
16/5
निजी भूमि 17
0.970
निजी भूमि
1.210
18/2
निजी भूमि
1.130
18/3
निजी भूमि 19
1.130
निजी भूमि
0.280
20
निजी भूमि 21
0.980
निजी भूमि
1.700
22
निजी भूमि
1.440
23
निजी भूमि 25
0.780
निजी भूमि 26
0.660
निजी भूमि
0.140
27
निजी भूमि
0.620
28
निजी भूमि
0.280
निजी भूमि 29
0.090
30/1
निजी भूमि
0.320
30/2/क
निजी भूमि
0.070
30/2/ख
निजी भूमि
0.110
30/3
निजी भूमि
0.140
30/4
निजी भूमि
0.250
31
निजी भूमि
0.970
35
निजी भूमि 37/2
2.000
निजी भूमि
0.260
38/1
निजी भूमि
0.260
38/2
निजी भूमि
0.790
39/1
निजी भूमि 39/2
0.790
निजी भूमि
1.010
40
निजी भूमि
2.060
41
निजी भूमि
0.660
42
निजी भूमि 1313
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(1)
(2)
(3) 43/2
1.000
निजी भूमि
3.060
46
निजी भूमि
0.930
47/1
निजी भूमि 47/2
0.930
निजी भूमि
0.420
48
निजी भूमि
0.970
49
निजी भूमि 50/1
1.050
निजी भूमि
1.050
50/2
निजी भूमि
0.170
52
निजी भूमि
0.800
54/1
निजी भूमि 54/2
0.510
निजी भूमि 58
0.970
निजी भूमि
2.000
61/1
निजी भूमि
1.210
61/2
निजी भूमि
2.000
62
निजी भूमि
0.420
62/1454
निजी भूमि
0.420
64/1
निजी भूमि
1.570
64/2
निजी भूमि
1.390
68
निजी भूमि 70
0.980
निजी भूमि 72
1.280
निजी भूमि 73
0.570
निजी भूमि
0.730
76
निजी भूमि
0.730
77/1
निजी भूमि 77/2
0.710
निजी भूमि
0.750
78/1
निजी भूमि 78/2
0.750
निजी भूमि
0.260
79
निजी भूमि
0.310
83
निजी भूमि 84
0.620
निजी भूमि 87
0.620
निजी भूमि 88
1.690
निजी भूमि
0.530
90
निजी भूमि 91/1
0.490
निजी भूमि
0.490
91/2
निजी भूमि
0.700
93
निजी भूमि
0.350
94
निजी भूमि 95
0.090
निजी भूमि 96
0.050
निजी भूमि
(3)
(2)
(1)
2.640
98
निजी भूमि
1.470
99/2
निजी भूमि 100
0.470
निजी भूमि
1.470
102
निजी भूमि
0.160
106
निजी भूमि 107
0.150
निजी भूमि
1.290
114
निजी भूमि
0.640
115
निजी भूमि
0.900
119
निजी भूमि 120
0.120
निजी भूमि 122
0.270
निजी भूमि
0.230
123
निजी भूमि
1.225
127/1
निजी भूमि
0.460
129
निजी भूमि 130/2/क
0.750
निजी भूमि
0.560
131/1
निजी भूमि
0.200
131/2
निजी भूमि
0.210
131/3
निजी भूमि
0.210
131/4
निजी भूमि
0.200
131/5
निजी भूमि
0.010
131/6
निजी भूमि
0.600
132
निजी भूमि
0.260
134/1
निजी भूमि 135
0.090
निजी भूमि 137/1
0.820
निजी भूमि
0.040
138
निजी भूमि
0.400
143
निजी भूमि 145
0.500
निजी भूमि
0.450
147
निजी भूमि
0.200
151/1
निजी भूमि
0.200
151/2
निजी भूमि
0.120
152
निजी भूमि
0.300
153/1
निजी भूमि 153/2
0.440
निजी भूमि
0.360
154
निजी भूमि 155
0.160
निजी भूमि 156
0.020
निजी भूमि
0.430
157
निजी भूमि
0.580
158
निजी भूमि [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1314
(2)
(3) (1)
0.500
159
निजी भूमि
0.160
160
निजी भूमि
0.210
161
निजी भूमि 163
0.350
निजी भूमि
0.400
164
निजी भूमि
0.580
165
निजी भूमि
0.240
166
निजी भूमि
0.170
167/1
निजी भूमि
0.060
167/2
निजी भूमि
0.450
169
निजी भूमि
0.420
173
निजी भूमि 175
0.690
निजी भूमि
0.220
176
निजी भूमि
0.220
177
निजी भूमि
0.070
178
निजी भूमि
0.220
179
निजी भूमि
0.080
180
निजी भूमि
0.150
182
निजी भूमि
0.360
183
निजी भूमि
0.190
185
निजी भूमि
0.280
187
निजी भूमि
0.380
188
निजी भूमि
0.830
189
निजी भूमि 190
0.680
निजी भूमि
0.740
192
निजी भूमि
0.600
193
निजी भूमि
0.350
196
निजी भूमि 197/1
0.320
निजी भूमि 197/2
0.330
निजी भूमि
0.320
197/3
निजी भूमि
0.180
198
निजी भूमि
0.170
199
निजी भूमि
1.130
201
निजी भूमि 202
0.050
निजी भूमि 203/1
0.140
निजी भूमि
0.140
203/2
निजी भूमि
0.100
204
निजी भूमि
0.100
205
निजी भूमि
1.200
206
निजी भूमि
(3)
(2)
(1)
210
0.810
निजी भूमि
0.460
211
निजी भूमि
0.250
220/1
निजी भूमि
0.250
220/2
निजी भूमि 222
0.110
निजी भूमि
0.200
223
निजी भूमि
0.430
254
निजी भूमि
0.200
255
निजी भूमि
2.700
271
निजी भूमि
0.370
272
निजी भूमि
0.900
273
निजी भूमि
0.670
274
निजी भूमि
0.480
275
निजी भूमि
0.800
278
निजी भूमि
0.380
280
निजी भूमि
1.010
285/1
निजी भूमि 285/2
0.290
निजी भूमि
0.220
287
निजी भूमि
0.280
288
निजी भूमि
0.030
289
निजी भूमि
0.160
293
निजी भूमि
0.200
294
निजी भूमि
0.050
302
निजी भूमि
0.050
312
निजी भूमि
0.080
313
निजी भूमि
0.050
319/1
निजी भूमि
0.480
1444/65
निजी भूमि 1445/66
0.380
निजी भूमि
0.350
1450/301
निजी भूमि 1455
0.940
निजी भूमि
2.000
1456
निजी भूमि
1.840
1457
निजी भूमि
2.000
1458
निजी भूमि
1.040
1459/1
निजी भूमि
1.800
1460
निजी भूमि
1.940
1461
निजी भूमि
0.620
1462/1
निजी भूमि
0.620
1462/2
निजी भूमि
0.620
1462/3
निजी भूमि 1315
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2)
(3) (1)
1.740
1463
निजी भूमि
1.700
1464
निजी भूमि
2.000
1465
निजी भूमि 1466
0.980
निजी भूमि 1467
2.000
निजी भूमि
0.670
1468/1
निजी भूमि
0.660
1468/2
निजी भूमि
0.670
1468/3
निजी भूमि
1.800
1469
निजी भूमि
1.400
1470
निजी भूमि
1.640
1471
निजी भूमि
2.000
1475
निजी भूमि
0.260
1476
निजी भूमि
0.350
1477/1
निजी भूमि
0.330
1477/2
निजी भूमि 1477/3
0.330
निजी भूमि
0.330
1477/4
निजी भूमि
0.330
1477/5
निजी भूमि
0.330
1477/6
निजी भूमि
1.540
1479
निजी भूमि
0.220
1480/1
निजी भूमि
0.700
1480/2
निजी भूमि
0.340
1480/3
निजी भूमि 1480/4
0.080
निजी भूमि 1480/5
0.100
निजी भूमि
0.080
1480/6
निजी भूमि
0.020
1480/7
निजी भूमि
0.500
1481/1
निजी भूमि
0.760
1481/2
निजी भूमि
0.220
1481/3
निजी भूमि 1481/4
0.060
निजी भूमि
0.650
1482/1
निजी भूमि
0.880
1482/2
निजी भूमि
0.950
1483/1
निजी भूमि
0.580
1483/2
निजी भूमि
1.540
1484
निजी भूमि
1.690
1486
निजी भूमि
1.690
1487
निजी भूमि
0.650
1488
निजी भूमि
1.230
1489
निजी भूमि
(3)
(2)
(1)
2.000
1490
निजी भूमि
1.600
1491
निजी भूमि
0.830
1493
निजी भूमि
1.000
1495
निजी भूमि
1.900
1496
निजी भूमि
1.280
1497/1
निजी भूमि
0.650
निजी भूमि 1498
0.650
1499
निजी भूमि
0.760
1501
निजी भूमि
2.000
1502
निजी भूमि
0.820
1503
निजी भूमि
0.950
1504
निजी भूमि
0.260
1505
निजी भूमि
1.200
1506
निजी भूमि
0.500
1507
निजी भूमि
1.300
1508
निजी भूमि
1.000
1509
निजी भूमि
0.720
1510/2
निजी भूमि
0.480
1513.
निजी भूमि
1.400
1514
निजी भूमि 1515
0.270
निजी भूमि
0.110
1516/1
निजी भूमि
0.120
1516/2
निजी भूमि
0.120
1516/3
निजी भूमि
0.940
1590/1
निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि . 190.585
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अजयगढ़ में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 197- अ-82 - वर्ष 2014-15 . भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15( 1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन तारीख से प्रावधानित समय सीमा 60 दिवस की समयावधि में कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं होने के कारण भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 ( 2 ) के अंतर्गत रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई तथा इस आधार पर राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की, [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
1316
धारा 19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, इस प्रकरण में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है , इसलिये पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की स्कीम की आवश्यकता नहीं है, अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है:-
(ख) तहसील- अजयगढ़
( ग) ग्राम- डुंगरहो, प.ह.नं. 11
अनुसूची
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.04 हेक्टेयर.
(1 ) भूमि का वर्णन-
खसरा नम्बर
(क) जिला- पन्ना
भूमिका प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(ख) तहसील- अजयगढ़
(2)
(3)
(1)
(ग) ग्राम- बरियारपुर भूमियान, प.ह.नं. 04
58
0.570
निजी भूमि (घ) लगभग क्षेत्रफल-1.13 हेक्टेयर.
0.030
निजी भूमि
60
खसरा नम्बर
0.020
67
निजी भूमि
भूमिका प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
0.050
69
निजी भूमि
(3)
(2)
(1)
70
0.100
निजी भूमि 0.010
326
निजी भूमि
0.150
71
निजी भूमि 0.260
327
निजी भूमि
0.120
73
निजी भूमि 0.020
437
निजी भूमि
75
0.130
निजी भूमि 0,200
438
निजी भूमि
102/2
0.080
निजी भूमि 0.640
440
निजी भूमि
0.130
112
निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 1.130
0.040
113
निजी भूमि
0.050
339
निजी भूमि
340
0.080
निजी भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत एप्रोच चैनल निर्माण कार्य हेतु .
0.040
114
निजी भूमि
0.050
116
निजी भूमि
267
0.050
निजी भूमि (3 ) भूमिका नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, अजयगढ़ में किया जा सकता है.
0.110
268
निजी भूमि
0.010
271
निजी भूमि
0.020
272
निजी भूमि
273
0.080
निजी भूमि
0.070
279
निजी भूमि
0.010
278
निजी भूमि
0.160
337
निजी भूमि
0.110
341
निजी भूमि
0.210
342
निजी भूमि
0.060
103
निजी भूमि
0.120
108
निजी भूमि
0.150
269
निजी भूमि
0.020
343
निजी भूमि
0.120
344
निजी भूमि प्र. क्र. 198 - अ- 82- वर्ष 2014-15. भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15( 1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन तारीख से प्रावधानित समय सीमा 60 दिवस की समयावधि में कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं होने के कारण भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 (2 ) के अंतर्गत रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई तथा इस आधार पर राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, इस प्रकरण में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है , इसलिये पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की स्कीम की आवश्यकता नहीं है, अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2)
(3) (1)
338
0.090
निजी भूमि
0.610
345
निजी भूमि
0.020
359
निजी भूमि
0.030
360/1
निजी भूमि
0.050
360/2
निजी भूमि
0.020
361
निजी भूमि
0.060
362
निजी भूमि
0.080
369
निजी भूमि
0.010
412/1
निजी भूमि
0.010
412/2
निजी भूमि
0.090
413/1
निजी भूमि 413/2
0.090
निजी भूमि
0.130
454
निंजी भूमि 455
0.090
निजी भूमि 456
0.130
निजी भूमि 457
0.130
निजी भूमि 458
0.080
निजी भूमि
0.200
469
निजी भूमि
0.180
459
निजी भूमि
5.040
कुल रकबा निजी भूमि
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत एप्रोच चैनल निर्माण कार्य हेतु.
(3 ) भूमिका नक्शा( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, अजयगढ़ में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 199- अ- 82- वर्ष 2014-15.- भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15( 1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन तारीख से प्रावधानित समय सीमा 60 दिवस की समयावधि में कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं होने के कारण भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 ( 2 ) के अंतर्गत रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई तथा इस आधार पर राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, इस प्रकरण में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है , इसलिये पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की स्कीम की आवश्यकता नहीं है, अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की
1317 धारा -19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- पन्ना
(ख) तहसील- अजयगढ़
(ग) ग्राम- भापतपुर कुर्मियान, प.ह.नं. 04
(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.69 हेक्टेयर.
खसरा नम्बर
भूमिका प्रकार
कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(3) (1)
0.250
28/1क
निजी भूमि
0.200
28/1ख
निजी भूमि 28/1 घ
0.180
निजी भूमि 28/2क
0.760
निजी भूमि
0.620
127/2
निजी भूमि 130/1
0.400
निजी भूमि
0.400
130/2
निजी भूमि
0.110
131/1
निजी भूमि 131/2
0.070
निजी भूमि
0.190
134
निजी भूमि
0.110
135
निजी भूमि
0.110
136
निजी भूमि
0.060
137
निजी भूमि
0.110
138
निजी भूमि 139
0.210
निजी भूमि
0.220
140
निजी भूमि
0.280
141
निजी भूमि
0.110
143
निजी भूमि
0.090
166
निजी भूमि
0.210
167
निजी भूमि
4.690
कुल रकबा निजी भूमि
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत एप्रोच चैनल निर्माण कार्य हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अजयगढ़ में किया जा सकताहै.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिव नारायण सिंह चौहान, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1318
राज्य शासन के आदेश
कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश एवं समुचित सरकार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 [ क्रमांक 30 सन् 2013 की धारा 19 ( 1 ) के अन्तर्गत ]
खरगोन , दिनांक 13 अप्रैल 2016
क्र. 251 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम- बमनगांव
(घ) लगभग क्षेत्रफल-7.480 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.170
21/2
0.146
21/3
22
0.307
0.243
23/2
0.032
24/1
0.210
24/2
0.178
24/4
0.222
26/1
0.215
26/2
0.210
28/2
0.324
28/4
(2)
(1)
0.162
63/4
0.332
204/1
0.421
204/7
0.567
205/1 , 205/2
0.024
206
0.162
211
0.106
213/4
0.008
226/9
0.038
235
0.301
238/1
0.421
238/2
0.049
238/3
238/6
0.162
0.089
238/7
0.032
238/8
0.008
238/9
0.016
241/1
0.012
241/4
0.008
241/5
0.182
242
0.121
244/2
0.105
245/1
0.089
246/1
0.146
246/2
0.073
246/3
0.150
246/4
0.057
246/5
0.057
249
0.409
250/1
250/2
0.324
0.202
250/4
0.251
250/5
0.139
251/1
योग . 7.480
अनुसूची (2 )
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
(1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex- Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से
1319 प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमिके लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स ) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
( द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार - विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये 1320
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10 ) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी .
( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 252 - भू- अर्जन- 16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1) एवं (2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- सनावद
(ग ) ग्राम- भगोरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.044 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
22/1
0.364
0.138
23/1
(2)
(1)
0.010
23/2
0.500
23/3
0.364
25, 26
0.372
30/1
0.283
30/2
32/3
0.401
0.142
32/5
0.065
32/13
74
0.405 योग 3.044
अनुसूची (2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा . जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1.00 लाख प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड़ अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण कियाजाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है .
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
1321 (ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग, शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 253 - भू-अर्जन-16. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1322
पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की उपधारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील - सनावद
(ग) ग्राम- ढकलगांव
(घ) लगभग क्षेत्रफल-16.262 हेक्टर .
रकबा
खसरा नं.
(हे. में)
(2)
(1)
0.416
802/1
0.210
802/3
0.049
803/1
803/4
0.065
0.053
813/1
0.089
813/2
0.092
813/3
0.210
813/6
0.251
820
0.291
821/1
0.040
821/6
0.020
821/7
821/8
0.016
0.526
822/1
0.316
822/2
0.267
828/1
0.490
828/2
0.060
828/3
828/4
0.160
0.162
828/5
0.154
828/6
0.355
828/7
0.080
851/3
0.120
851/6
0.862
858
0.320
859/1
0.065
860/1
(2)
(1)
0.125
869
0.024
870/1
0.194
870/2
0.275
879/3
0.065
870/4
0.425
873/1
0.243
873/2
0.142
873/3
0.097
875/1
0.287
876
0.466
877
0.121
878
0.142
879
0.041
883
0.182
884
0.041
1085/1
0.227
1085/2
0.332
1086/1
0.235
1086/2
1086/3
0.235
0.283
1086/4
1086/5
0.149
1086/6
0.149
1086/7
0.162
0.089
1086/8
0.271
1087/1
0.656
1087/2
0.041
1107
0.291
1115/1
0.016
1133/2
0.134
1134
0.526
1136
0.134
1163/1
0.364
1163/2
0.097
1163/3
0.229
1163/5
0.010
1163/9
0.672
1164/1
0.024
1164/3
0.138
1166/1 , 1166/2
0.485
1177/6 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(1)
(2)
1177/7
0.121
1177/8
0.024
0.004
1177/9
0.045
1177/10
0.235
1178/1
0.057
1178/2
0.061
1179/1
0.053
1179/2
0.048
1179/3
0.061
1179/4
1180/1
0.152
0.032
1180/3
1180/4
0.032
0.595
1181/2
0.099
1181/3
1181/4
0.085
योग 16.262
अनुसूची ( 2 )
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
भू- अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सारं
( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/ - प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/ - प्रति एकड़.
1323 2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1324
प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग, शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
[भाग 1 क्र. 254- भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू- अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(द ) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
(ख) तहसील- सनावद
(ग ) ग्राम-बालाबाद
2 परियोजनाओं प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्यशासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
(11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.643 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में) (2)
(1)
20
1.194
0.162
77
0.097
78/2
0.057
79
0.478
80
0.105
85/1
0.494
85/6
0.113
86/1
0.445
88/1
0.474
89
0.437
91/1
0.421
93/1
0.502
93/2
0.510
95/2
0.081
115
0.223
116/2
0.405
116/3
0.344
116/4
0.101
116/5
योग 6.643 1325
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
अनुसूची (2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
अनुसूची ( 3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के तहत
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन
योजना का सार
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प. -( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग, पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा .
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.- कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड़ अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है .
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2. परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
1326
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10 ) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं. परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा .
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 255- भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-खरगोन
(ख) तहसील-सनावद
(ग) ग्राम-बिराली
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 10.530 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा
(हे. में)
(2)
(1)
0.040
6/1
(2)
(1)
6/2
0.344
6/3
0.497
0.457
6/4
0.947
9
0.020
10
0.113
11
0.787
12/1
12/2
0.374
0.708
166/8
0.182
166/11
0.263
166/12
0.275
166/13
167/1
0.623
0.041
170/1
0.181
170/2
0.328
171/1
0.097
171/2
0.053
173/1
0.093
173/2
0.063
173/4
0.036
173/12
0.167
174/1
0.101
174/2
0.067
174/3
0.166
174/4
0.167
174/5
1.132
176/1
176/3
0.160
0.008
177/1
0.081
182/2
1.955
187
0.004
209
योग 10.530
अनुसूची ( 2 )
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
अनुसूची (3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रितः निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजन के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. -कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
1327 (6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
1328
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 256 - भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील-सनावद
(ग) ग्राम- बैडिया
( घ) लगभग क्षेत्रफल-14.703 हेक्टर.
रकबा
खसरा नं.
(हे. में)
(2)
(1)
0.016
192/5
0.708
193
194
0.041
0.283
197
0.227
198/1
0.404
198/2, 199/1
0.024
199/3
(2)
(1)
0.223
199/7
0.105
199/8
0.631
205
0.607
206/1
0.405
206/2
0.032
207/2
0.182
400
0.377
403
0.453
404
0.041
405
0.166
413
0.445
414
0.308
415
0.457
505/1
506/3
0.121
0.283
510
0.243
524/6
0.931
526/1
0.240
526/2
0.753
527
0.575
533, 534/2 , 535/1
0.299
534/3
0.291
534/4, 535/3
0.020
571/5
0.365
571/6
0.346
572
0.305
579/4
0.259
615/3
0.142
615/4
0.323
616/2
0.283
616/3
0.016
618/5
0.255
619/3
621/1
0.105
0.049
621/2
0.227
632, 633
0.121
634/2
0.623
634/3
0.425
635
0.595
636/3
0.100
637/2
0.273
637/3
योग 14.703 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
अनुसूची ( 2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची ( 3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
( 1 ) वार्षिकी या नियोजन विकल्प. ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा . एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा . जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5- 5 लाख की राशि देय नहीं होगी. सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000 / - देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजन के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
1329 (5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी .
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
1330
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 257-भू-अर्जन- 16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम-टाकली
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.265हेक्टर.
रकबा
खसरा नं.
(हे. में)
(2)
(1)
0.121
215/1
(2)
(1)
0.283
215/3
0.162
215/4
0.081
215/5
0.322
215/6
0.247
216/2
216/3
0.397
0.870
216/5
0.801
216/6
0.065
217/2
0.173
252
0.886
265
0.121
266/1
0.121
266/2
0.170
267/1
0.121
267/2
0.324
268
योग 5.265
अनुसूची ( 2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची ( 3 ) भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
( 1 ) वार्षिकी या नियोजन विकल्प.- ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5- 5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
( 2 ) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड़ अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी .
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7 ) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं
1331 आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार-विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी .
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.
(10 ) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी .
( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं. परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
1332
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
क्र. 258 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- सनावद
(ग ) ग्राम- बोदगांव
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-8.131 हेक्टर
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.324
19/1
0.138
20
0.109
21/1
0.130
21/2, 66/1
0.073
22/3
0.263
23/1
0.109
24/1
0.255
24/2
0.295
24/4
0.008
24/5
0.186
24/9
0.032
28/1
0.736
28/2
0.041
28/3
0.012
30/3, 31/1
0.012
34/7
0.021
35/1
0.182
35/3
0.232
35/4
0.445
35/5
0.006
35/9
0.230
36/1
36/2
0.234
(2)
(1)
40/1
0.437
0.283
40/2
0.283
40/3
0.020
68/1
0.032
68/2
0.368
167, 168 , 173
0.268
174/1
0.206
174/2
184
0.089
230
0.567
0.032
244/3
0.206
244/4
0.352
244/5
0.482
251/1
0.433
263/1
योग 8.131
अनुसूची ( 2 )
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची ( 3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.
(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर
1333 प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग, पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार-विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि. - वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1334
क्र. 259 - भू-अर्जन-16.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील-सनावद
(ग ) ग्राम- आरसी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-23.674 हेक्टर
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.109
152/3
0.089
154/1
154/2
0.360
0.020
154/3
0.300
154/4
0.142
154/5
0.206
154/6
0.010
155/2
0.235
163/2
0.101
174/1
0.546
177/2
0.010
179/1
0.137
179/2
1.153
198/1
0.870
198/2
0.567
199
0.607
200
0.112
204/1
0.575
214
0.364
215/1
0.601
215/3
0.992
216
(2)
(1)
0.567
228
0.890
229
0.506
283/2
0.223
286/2
0.316
286/4
0.599
286/7
1.028
286/8
0.200 .
286/9
0.729
286/14
0.923
286/15
0.200
286/16
0.251
286/22
1.521
287/1
0.931
287/3
0.146
298/2
0.890
305
0.546
306/1
0.522
310/1
0.467
312/1
0.467
312/3
0.830
313/2
337/2
1.521
0.223
339/2
0.404
339/3
0.668
340/2
योग 23.674
अनुसूची ( 2 )
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची (3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
(1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
(2 ) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.
(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4 ) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.- कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़
1335 के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं. - परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा. भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1336
को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 260- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-खरगोन
(ख ) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम-डाल्याखेडी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.872 हेक्टर.
खसरा नं .
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.542
178/1
0.328
179
0.228
180/1 , 180/8 , 180/9
0.251
180/2
0.057
180/3
0.291
180/4
0.008
180/10
0.656
181/1
0.162
185/1 , 185/2 , 185/3
185/4
0.145
0.008
185/7
0.024
188
0.696
209
0.142
210
0.227
219/1
0.271
219/2
0.344
220/1
(2)
(1)
0.445
220/2
0.032
220/3
0.008
220/5
0.190
221/1
0.385
221/2
0.215
222/1
0.182
0.210
222/3
0.215
222/4
0.412
223/2
0.170
224
225/1
0.028 योग 6.872
अनुसूची (2 )
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची (3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी. सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा .
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.
(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमिके लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर
1337 प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द ) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
( 9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी .
(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
1338
क्र. 261 - भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- सनावद
( ग ) ग्राम- बागदा खुर्द
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.042 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.412
13/3
13/4
0.649
1.071
14
0.142
15/1
0.243
15/2
0.182
15/3
0.044
62/2
0.008
62/3
0.231
64/2
0.567
66
0.906
69/1
0.243
69/3
0.004
69/5
0.053
69/6
0.287
69/9
योग : 5.042
अनुसूची (2 )
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची (3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा . जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.- कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है . रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
1339 2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
( 9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
(11 ) स्वास्थ्यसेवाएं. परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 262- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील - सनावद 1340
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
(ग ) ग्राम- खानपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.163 हेक्टर.
खसरा नं .
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.506
32
33/1
0.336
33/2
0.041
0.008
33/7
33/9
0.465
0.340
34/1
0.486
34/3
0.527
38/2
0.004
38/3
0.344
39/1
0.384
39/2
44
1.044
0.322
45/1
0.328
45/2, 46/1
0.028
51/1
5.163
योग :
अनुसूची ( 2 )
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची ( 3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार (1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).- ( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
1341 भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 263 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.
(10 ) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
(ख) तहसील - सनावद
(ग) ग्राम- बागदा बुजुर्ग
(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.631 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में)
(2)
(1)
0.004
3/2
0.344
3/5
0.668
4/1
4/2
0.016
0.559
8/3
0.143
10
0.401
16
34/1
0.247
0.146
34/2
0.223
34/3
0.202
34/4
0.223
35 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
1342
(2)
(1)
36
0.450
0.085
39/5
0.049
47/5
0.498
48
0.386
49
0.987
50
योग : 5.631
अनुसूची (2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची (3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प. ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स ) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/ - प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
[ भाग 1 (2 ) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.- कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी .
(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7 ) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग, मोटर , ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स ) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
1343 भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(द ) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
(ख) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम- भातुड
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी .
(10) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं. परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 264 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः (घ) लगभग क्षेत्रफल-6.052 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा (हे. में) (2)
(1)
0.081
6/1
0.453
7/2
0.425
8/2
0.008
8/7
0.008
9/3
0.749
10/1
10/2
0.356
0.393
10/3
0.170
10/4
0.112
0.008
11/2
0.579
27/1 , 27/2, 28
0.113
29/1
0.291
29/3
0.324
29/4
0.567
56/9 , 56/11 , 56/13
0.004
56/16
0.399
57/2, 57/3 , 57/6
58/2
0.081
0.931
64/1
योग : 6.052
अनुसूची ( 2 )
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
1344
अनुसूची ( 3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा .
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से
[भाग 1 प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग, कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई 1345
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
( 10) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी .
( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 265- भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम- मोखनगांव
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.557 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा
(हे. में)
(1)
(2)
0.380
23/9
(2)
(1)
31
0.425
43
0.397
0.372
45/1
0.214
47
0.024
78/1
0.101
78/2
0.004
78/3
0.332
78/5
0.255
78/7
0.036
78/8
0.073
79/2
0.267
87
0.579
103/1
0.231
103/3
0.016
104
0.215
110/4
0.146
110/5
0.181
110/8
0.165
110/9
0.182
110/10
0.154
110/11
0.134
110/12
110/13
0.130
117/2
1.024
0.062
124/1
0.115
124/2
0.060
124/3
0.283
125/1
योग : 6.557
अनुसूची (2)
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
[भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1346
अनुसूची ( 3 )
जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिना जाना प्रावधानित.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
( 3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई 1347
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
( 10 ) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 266- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील-सनावद
(ग) ग्राम- भोगावां निपानी
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.379 हेक्टर.
रकबा
खसरा नं.
(हे. में) (2)
(1)
0.020
256/8
(2)
(1)
0.024
0.534
258/1
0.202
257 259
0.073
260/5
263/2
0.526 योग : 1.379
अनुसूची (2 )
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची ( 3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार (1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1348
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7 ) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमिके लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
[भाग 1 (स ) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी .
(10) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 267 - भू-अर्जन-16 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा 1349
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(1) एवं (2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम- भुगदड़
(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.974 हेक्टर.
रकबा
खसरा नं .
(हे. में )
(1)
(2)
38/2
0.145
0.162
40/1
40/2
0.533
41/1
0.393
0.053
41/2
0.223
41/3
0.301
41/5
0.429
42
45/5
0.445
0.158
45/1 , 46/1
46/4
0.515
0.024
46/5
0.109
47
0.016
48/3
48/9
0.056
0.615
57
58/1
0.615
0.182
58/2
योग : 4.974
अनुसूची ( 2 )
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची (3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है .
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1350
प्रभावित भू-स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी .
(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
[भाग 1 जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 268 - भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम- ढसगांव
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई (घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.602 हेक्टयर .
रकबा
खसरा नं.
(हे. में)
(2)
(1)
146
0.101 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
(2)
(1)
0.805
147/4
0.364
148
149/4
0.332
योग : 1.602
अनुसूची (2 )
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. -खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची ( 3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा . जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/ - प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/ - प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.- कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग /रोड अवरूद्ध होंगे वहां
1351 पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4 ) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
1352
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
[भाग 1 (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची ( 1 )
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-खरगोन
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(ख) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम- चमारदड़
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .
क्र. 269- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (घ) लगभग क्षेत्रफल-4.583 हेक्टयर.
रकबा
खसरा नं.
(हे. में )
(2)
(1)
0.313
31/1
0.245
31/2
31/3
0.090
0.255
31/4
0.300
31/5
0.202
31/6
0.223
31/7
0.234
31/8
0.150
31/16
0.125
31/18
0.202
32/1
32/2
0.101
0.550
32/3
34
0.101
0.174
35/1
0.761
35/2
35/3
0.395
0.162
36
योग : 4.583
अनुसूची ( 2)
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
अनुसूची ( 3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है . रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से
1353 प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन , वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमिके लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार-विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी .
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1354
जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी .
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 270- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख ) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम-गोराडिया
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.888 हेक्टर.
खसरा नं.
रकबा
(हे. में)
(1)
04 (2) 0.888
योग : 0.888
अनुसूची ( 2 )
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची ( 3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार (1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.
(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है . रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7 ) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार - विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी .
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
1355 (9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 271 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची ( 1 )
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ख) तहसील- सनावद मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1356
(ग ) ग्राम- भोपालपुरा
(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.810 हेक्टयर.
खसरा नं.
[भाग 1 एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
रकबा
(हे. में)
(2)
(1)
0.202
72/3
0.162
72/4
0.251
73/4
0.243
73/7
0.648
76/1
0.356
78/2
0.190
78/16
0.243
79/4
0.121
79/5
0.135
79/16
0.121
79/18
0.138
79/19
योग : 2.810
अनुसूची (2)
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची (3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता 2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
( 3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
1357 आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
अनुसूची ( 1 )
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- खरगोन
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(ख) तहसील- सनावद
(ग) ग्राम- तमोलिया
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी .
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10 ) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
क्र. 272- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.403 हेक्टर.
खसरा नं.
(1)
रकबा (हे. में) (2)
0.105
0.153
0.036
0.101
0.008
204/1 204/2 206 209/1 209/2
योग : 0.403
अनुसूची ( 2 )
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची (3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार (1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.- ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.
(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/ - प्रति एकड़.
(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.
1358
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.
(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.
(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.
(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.
(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू-स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.
(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.
(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.
(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .
(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर
[भाग 1 प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.
(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.
(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.
(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.
( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक कुमार वर्मा, कलेक्टर एवं समुचित सरकार.
1359
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर
Jabalpur the 7th April 2016
No. C - 1298 - II - 15-50-87 - V.- In exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub- section (2 ) of Section 8A of the Legal Services Authorities Act , 1987 ( No. 39 of 1987) , as amended by the Legal Services Authorities ( Amendement ) Act , 1994 (59 of 1994) , Hon'ble the Chief Justice , High Court of Madhya Pradesh , hereby nominates Hon'ble Shri Justice S. K. Seth , Judge of High Court of Madhya Pradesh , Principal Seat Jabalpur , as Chairman of the High Court Legal Services Committee , with immediate effect .
By order and in the name of Hon'ble the Chief Justice , MANOHAR MAMTANI , Registrar General .
जबलपुर, दिनांक 1 अप्रैल 2016
क्र. 399 - गोपनीय - 2016- II - 2-33-57- ( Pt . 12 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के अधिसूचना दिनांक 2/4-03-2002, 14-1-2005 , 4-11-2009 , 20-5-2011 एवं 30 जुलाई 2013 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालय हेतु उक्त विभाग के आदेश फा. क्रमांक 1-1-2002- इक्कीस - ब ( एक ) -1231 , दिनांक 30 मार्च , 2016 के अंतर्गत नियुक्त मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा के कार्यरत्, निम्म सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक तथा अथवा आगामी आदेश होने तक स्तम्भ ( 3 ) में वर्णित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में वर्णित कुटुम्ब न्यायालय में पदस्थ करता है :-
सारणी क्र. (1)
कहां से (3)
कहां को (4) नाम (2)
ग्वालियर 1
धार
श्री अरविन्द कुमार श्रीवास्तव (जूनियर ) , विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम, धार.
भोपाल गुना 2 श्री देव नारायण पाटिल, रजिस्ट्रार, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, सेन्ट्रल जोन बेंच , भोपाल.
उज्जैन
रतलाम 3 श्रीमती लक्ष्मी शर्मा, विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, उज्जैन.
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)
अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, ग्वालियर की हैसियत से श्री प्रदीप सोनी ( सीनियर ) स्थान पर. श्री अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ( जूनियर ) वर्तमान पदस्थापना के साथ - साथ कुटुम्ब न्यायालय, दतिया का समवर्ती प्रभार (concurrent charge ) भी संभालेंगे एवं इस हेतु वे प्रत्येक माह में 7 दिवस के लिये कुटुम्ब न्यायालय , दतिया में श्रृंखला न्यायालय आयोजित करेंगे.
प्रधान न्यायालय, कुटुम्ब न्यायालय, गुना की हैसियत से रिक्त स्थान पर. श्री देवनारायण पाटिल वर्तमान पदस्थापना के साथ -साथ कुटुम्ब न्यायालय, अशोकनगर का समवर्ती प्रभार (concurrent charge ) भी संभालेंगे एवं इस हेतु वे प्रत्येक माह में 10 दिवस के लिए कुटुम्ब न्यायालय, अशोकनगर में श्रृंखला न्यायालय आयोजित करेंगे .
प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , रतलाम की हैसियत से श्री सुरेश चन्द्र पाल के स्थान पर.
[भाग 1 1360
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
टिप्पणी.- उपरोक्त सेवानिवृत्त होने जा रहे न्यायिक अधिकारियों को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय , नियम 2002 के नियम 3 के अंतर्गत होगा.
क्र. 400 - गोपनीय - 2016- II - 2-33-57- ( Pt . 12) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, एतद्वारा, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक (2 ) में उल्लेखित प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश होने तक स्तम्भ ( 3 ) में वर्णित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 5 ) में वर्णित कुटुम्ब न्यायालय में पदस्थ करता है :-
सारणी
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी नाम
कहां को
क्र.
कहां से
(5)
(4)
(2)
(3)
(1)
रायसेन विदिशा
1. श्री विमल कुमार जैन , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, रायसेन.
प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , विदिशा की हैसियत से रिक्त स्थान पर . श्री विमल कुमार जैन, वर्तमान पदस्थापना के साथ - साथ कुटुम्ब न्यायालय , रायसेन का समवर्ती प्रभार (concurrent charge ) भी संभालेंगे एवं इस हेतु वे प्रत्येक माह में 7 दिवस के लिए कुटुम्ब न्यायालय, रायसेन में श्रृंखला न्यायालय आयोजित करेंगे.
क्र. 402- गोपनीय - 2016 - दो - 2-1-2016- ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अधीन एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्टस् एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ (2 ) में दर्शित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तत्संबंधी स्तम्भ (6 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश की हैसियत से तथा मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा-1-2-90-इक्कीस - ब( एक ) , दिनांक26-10-1995 अधिसूचना क्रमांक फा. 1-2-90- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 19-2-97 एवं क्रमांक 1-2-90- इक्कीस अ( एक ) , दिनांक 7-5-99 तथा क्रमांक फा. 1-2-90/21 - ब ( एक ) , दिनांक 4-5-2007 द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 ( 1989 की संख्या 33 ) की धारा 14 के अधीन विनिर्दिष्ट सारणी के तत्संबंधी स्तम्भ ( 7 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रूप में पदस्थ एवं नियुक्त करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 की संख्या 2 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये अपर सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है: -
सारणी
विशेष
कहां को
क्रमांक
नाम
कहां से
न्यायालय
सत्र खण्ड का नाम
न्यायालय के संदर्भ में टिप्पणी
(6)
का नाम (7)
(4)
(5)
(1)
(2)
(3)
बालाघाट 1
बालाघाट
बालाघाट
छिन्दवाड़ा
श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव (जूनियर) .
पीठासीन अधिकारी, विशेष न्यायालय की हैसियत से रिक्त न्ययाालय में.
रतलाम
रतलाम
2
दतिया
रतलाम
श्री भरत सिंह औहरिया
पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री धीमन नारायण शुक्ला के स्थान पर.
1361
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(7)
(6)
(5)
(2)
(3)
(4)
(1)
सीहोर
सीहोर
सीहोर
3
सीहोर
श्री श्याम कांत कुलकर्णी
पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री दिलीप कुमार मिश्रा के स्थान पर .
धार
धार
धार
4
सीधी
डॉ. जगदीश चन्द्र सुनहरे
पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री अरविंद कुमार श्रीवास्तव (जूनियर) के स्थान पर.
टिप्पणी.-
( 1 ) आदेश क्रमांक 355/गोपनीय /2016 , दिनांक 26 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव ( जूनियर ) , विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम, छिन्दवाड़ा का, छिन्दवाड़ा से गुना स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
(2 ) आदेश क्रमांक 355/गोपनीय/2016 , दिनांक 26 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री भरत सिंह औहरिया , विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम, दतिया का, दतिया से रतलाम स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
(3 ) आदेश क्रमांक 309/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 जहां तक इसका संबंध डॉ. जगदीश चन्द्र सुनहरे, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम , सीधी का, सीधी से सीहोर स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
क्र. 403 - गोपनीय - 2016- दो- 2-1-2016-( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक 2. सन्1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्याययाल की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से निययुक्त करता है :-
सारणी
कहां से कहां को
नाम
क्रमांक
पदस्थापना के जिले का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी $
(6)
(3)
(4)
(5)
(2)
(1)
विदिशा
ग्वालियर
बासौदा
1 श्री प्रदीप सोनी ( सीनियर ) ,
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, ग्वालियर.
1362
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
जबलपुर, दिनांक 5 अप्रैल 2016
क्र. 413 - गोपनीय- 2016- दो-3-1-2016.-( 1 ) रजिस्ट्री स्थानांतरण आदेश क्रमांक 302 /गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च 2016 के तारतम्य में , निम्न मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 को सूचित किया जाता है कि उक्त आदेश के विरुद्ध उनके द्वारा दिया गया अभ्यावेदन उच्च न्यायालय द्वारा विचारोपरांत निरस्त कर दिया गया है . वे आदेश में निर्देशित दिनांक को अपनी नवीन पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करें एवं तद् की सूचना इस रजिस्ट्री को यथाशीघ्र प्रेषित करें .-
1. श्री संजय पाल सिंह बुंदेला, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, भोपाल.
2. श्री सुनील कुमार मिश्रा, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, कटनी.
3. श्री दिलीप गुप्ता, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , इंदौर.
4. श्री सुरेश कुमार चौबे ( जूनियर ) , सप्तम् व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, इंदौर.
5. श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, धार.
6. श्री नवीन कुमार शर्मा , सप्तम् व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ग्वालियर.
7. श्री संजीव कुमार गुप्ता, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , नीमच.
( 2 ) रजिस्ट्री स्थानांतरण आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016, दिनांक 14 मार्च 2016 के तारतम्य में, निम्न व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 को सूचित किया जाता है कि उक्त आदेश के विरुद्ध उनके द्वारा दिया गया अभ्यावेदन उच्च न्यायालय द्वारा विचारोपरांत निरस्त कर दिया गया है . वे आदेश में निर्देशित दिनांक को अपनी नवीन पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करें एवं तद् की सूचना इस रजिस्ट्री को यथाशीघ्र प्रेषित करें. -
1. श्री सुशील कुमार जोशी, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , मंदसौर.
2. श्री राजेन्द्र देवड़ा, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , अलीराजपुर.
3. श्री उत्तम कुमार डार्वी, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , नीमच के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , नीमच.
(3 ) रजिस्ट्री स्थानांतरण आदेश क्रमांक 296/गोपनीय/2016, दिनांक 14 मार्च 2016 के तारतम्य में , निम्न व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 ( व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 के पद पर पदोन्नति के आदेश के अधीन ) को सूचित किया जाता है कि उक्त आदेश के विरुद्ध उनके द्वारा दिया गया अभ्यावेदन, उच्च न्यायालय द्वारा विचारोपरांत निरस्त कर दिया गया है . वे आदेश में निर्देशित दिनांक को अपनी नवीन पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करें एवं तद् की सूचना इस रजिस्ट्री को यथाशीघ्र प्रेषित करें.-
1. श्री अभिषेक सक्सेना, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , बुरहानपुर.
2. श्री सुधांशु सिन्हा, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , जबलपुर.
3. श्री मनोज कुमार राठी , चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2, इंदौर.
4. श्री जफर इकबाल , तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , होशंगाबाद.
5. कुमारी ज्योति राजपूत , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 , अनूपपुर.
6. श्री चित्रेन्द्र सिंह सोलंकी, पंचम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2, इंदौर.
7. श्री वैभव सक्सेना, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , इटारसी जिला होशंगाबाद.
8. श्री अभिषेक गोयल , चतुर्थ , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , मुरैना.
क्र. 415- गोपनीय - 2016- दो- 3-1-2016 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 तथा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक 2, सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ ( 5 ) में अंकित जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/ 1363
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है: -
कहां से नाम
क्रमांक
(3) (2)
(1)
कसरावद 1 श्री सुनील मालवीय,
इंदौर 2 श्री शशि भूषण शर्मा ,
टिप्पणीः-
सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी पदस्थापना के जिले का नाम
(6)
(5)
(4)
मंदसौर
नारायणगढ़
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से, रिक्त न्यायालय में.
मण्डलेश्वर
कसरावद
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से, श्री सुनील मालवीय के स्थान पर.
1. आदेश क्रमांक 302/ गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री सुनील मालवीय, व्यवहार न्यायादीश, वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , कसरावद, जिला मण्डलेश्वर का, कसरावद, जिला मण्डलेश्वर से लौंडी जिला छतरपुर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
2. आदेश क्रमांक 302/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री शशि भूषण शर्मा, षष्ठ्म व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , इंदौर का, इंदौर से शहडोल स्थानान्तरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
क्र. 416-गोपनीय- 2016- दो- 3-1-2016 ( भाग -ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 तथा न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
कहां से नाम
क्रमांक
(3) (2)
(1)
आरोन 1 श्री राम प्रकाश कतरोलिया,
2
बैढ़न श्री गुलाब चन्द्र मिश्रा,
3
जावरा श्री निलेश यादव,
भोपाल 4 श्री राजेश नन्देश्वर,
भाण्डेर 5 श्री रवि प्रकाश जैन,
गाडरवारा 6 श्री पंकज यादव ,
मउगंज 7 श्री अब्दुल कादिर मंसूरी ,
सारणी
कहां को पदस्थापना के जिले का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
(6)
(5)
(4)
टीकमगढ़
टीकमगढ़
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , की हैसियत से, रिक्त न्यायालय में.
पाटन
जबलपुर
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , पाटन के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
सतना
सतना
चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
झाबुआ
झाबुआ
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
अशोकनगर
अशोकनगर
तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
भैंसदेही
बैतूल
व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
मंदसौर
मंदसौर
तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
[भाग 1 1364
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016
टिप्पणी.-
1. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री राम प्रकाश कतरोलिया , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 , आरोन, जिला गुना का, आरोन, जिला गुना से भीकनगांव जिला मण्डलेश्वर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
2. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री गुलाब चन्द्र मिश्रा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , बैढ़न जिला सिंगरौली के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , बैढ़न जिला सिंगरौली का, बैढ़न जिला सिंगरौली से बरेली जिला रायसेन स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
3. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री निलेश यादव, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जावरा , जिला रतलाम का, जावरा जिला रतलाम से जतारा जिला टीकमगढ़ स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
4. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री राजेश नन्देश्वर, सप्तम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , भोपाल का, भोपाल से राजगढ़ स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
5. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016, जहां तक इसका संबंध श्री रवि प्रकाश जैन, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , भाण्डेर , जिला दतिया का, भाण्डेर जिला दतिया से पाटन जिला जबलपुर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है .
6. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री पंकज यादव, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , गाडरवारा जिला नरसिंहपुर का, गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से नारायणगढ़ जिला मंदसौर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
7. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री अब्दुल कादिर मंसूरी , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , मउगंज जिला रीवा का, मउगंज जिला रीवा से शाजापुर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
क्र. 417 - गोपनीय- 2016- दो- 3-1-2016 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 को उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान पर, उनकी नियुक्ति व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 के पद पर होने के फलस्वरूप, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से वेतनमान रुपये 39,530-920-40,450-1080-49,090-1230-54,010/- में, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
सारणी
नाम
कहां को
क्रमांक
कहां से
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)
पदस्थापना के जिले का नाम (5)
(4)
(1)
(3)
(2)
उज्जैन
1
उज्जैन
उज्जैन
श्री समरेश सिंह
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , उज्जैन के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
रायसेन
2
बरेली
श्री अमर गोयल
गुना
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
मण्डला
कटनी
निवास
3 श्री अब्दुल्लाह अहमद
व्यवहार न्यायादीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
होशंगाबाद
4. श्रीमती मीनल श्रीवास्तव
इटारसी
इटारसी
व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 , इटारसी जिला होशंगाबाद के न्यायालय के चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.
मण्डलेश्वर
भीकनगांव
शाजापुर
5 श्री अतुल सक्सेना
व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
1365
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
(3) (1)
(2)
दमोह 6 श्री कपिल नारायण भारद्वाज
टिप्पणी
(6)
(5)
(4)
छतरपुर
लौंड़ी
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
1. आदेश क्रमांक 296 /गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री समरेश सिंह, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , उज्जैन का, उज्जैन से, पदोन्नति पर सीधी स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है. श्री समरेश सिंह का उज्जैन पदस्थापना पर कार्यकाल 13 जून, 2016 तक बढ़ाया गया है तत्पश्चात् वे व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , तराना जिला उज्जैन के पद पर कार्यभार ग्रहण करेंगे.
2. आदेश क्रमांक 296/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री अमर गोयल , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , गुना का, गुना से पदोन्नति पर आमला, जिला बैतूल स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
3. आदेश क्रमांक 296/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री अब्दुल्लाह अहमद, पंचम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , कटनी का, कटनी से पदोन्नति पर पाण्डुर्णा, जिला छिन्दवाड़ा स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
4. आदेश क्रमांक 322 /गोपनीय/2016 , दिनांक 16 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्रीमती मीनल श्रीवास्तव, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , इटारसी, जिला होशंगाबाद के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , इटारसी, जिला होशंगाबाद का, इटारसी, जिला होशंगाबाद से पदोन्नति पर बुरहानपुर स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
5. आदेश क्रमांक 322 /गोपनीय/2016 , दिनांक 16 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री अतुल सक्सेना, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , शाजापुर , का शाजापुर से पदोन्नति पर सीधी स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
6. आदेश क्रमांक 296/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री कपिल नारायण भारद्वाज, षष्टम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , दमोह का, दमोह से पदोन्नति पर मनासा, जिला नीमच स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
जबलपुर, दिनांक 6 अप्रैल, 2016
क्र. 423 - गोपनीय - 2016- दो - 3-1-2016 ( भाग - बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
नाम
कहां से क्रमांक
(2)
(3) (1)
सतना 1 श्री श्याम सुंदर झा,
देवास 2 श्रीमती पूनम डामेचा,
खरगोन 3 कुमारी लक्ष्मी वास्कले,
बैढ़न 4 श्री कुसुम हारा चक्रवर्ती
छिंदवाड़ा 5 श्रीमती पुष्पा तिलगाम,
सारणी
कहां को
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी पदस्थापना के जिले का नाम
(6)
(4)
(5)
रीवा
त्यौंथर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.
बुरहानपुर बुरहानपुर
तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से.
बीना
सागर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से.
छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से.
गाडरवाड़ा नरसिंहपुर प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1366
(2)
(3) (1)
6 श्री मयंक मोदी,
शिवपुरी
सबलगढ़ 7 श्री मोहम्मद नियामत हुसैन रजवी,
जबलपुर 8 कुमारी श्वेता श्रीवास्तव,
मुरैना 9 कुमारी शालू सिरोही
पाटन 10 श्री रवीन्द्र कुमार धुर्वे,
11
गुना श्रीमती सुनीता गोयल,
जावद श्रीमती बबीता होरा शर्मा,
12
भोपाल 13 श्री शिवकुमार डावर,
कुक्षी 14 श्रीमती दुर्गा सोलंकी,
बैतूल 15 कुमारी उषा उइके,
मऊगंज 16 श्रीमती शबनम कदीर मंसूरी ,
टिप्पणी:-
(6)
(5)
(4)
मुरैना
सबलगढ़
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से श्री मोहम्मद नियामत हुसैन रजवी के स्थान पर.
उज्जैन
बड़नगर
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.
सतना
सतना
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.
भोपाल
भोपाल
पंचम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2, की हैसियत से.
मण्डला
निवास
व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 , निवास के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, निवास जिला मण्डला की हैसियत से.
सीहोर
सीहोर
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.
सिंगरौली
बैढ़न
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.
देवास
खातेगांव
प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से.
मंदसौर
नारायणगढ़
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से.
सागर
देवरी
व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
मंदसौर
मंदसौर
चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.
1. आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध कुमारी संचिता भदकारिया, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , भोपाल का, भोपाल से लहार जिला भिण्ड, स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है. वे अपने वर्तमान पद पर निरंतर कार्य करती रहेंगी.
2. आदेश क्रमांक 306/गोपनीय / 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्रीमती शोभना गौतम, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , रीवा का , रीवा से मण्डला , स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है. वे अपने वर्तमान पद पर निरंतर कार्य करती रहेंगी . परिणामस्वरूप, श्री कमलेश भरकुन्दिया , व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , गरोठ के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, गरोठ जिला मंदसौर, जो रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च , 2016 द्वारा " प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , की हैसियत से श्रीमती शोभना गौतम के स्थान पर. " पर पदस्थ किये गये थे, को " अष्टम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , रीवा की हैसियत से रिक्त न्यायालय में. " पदस्थ किया जाता है.
3. आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री प्रसन्न सिंह बहरावत, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , इंदौर का, इंदौर से रीवा , स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है . वे अपने वर्तमान पद पर निरंतर कार्य करती रहेंगे. परिणामस्वरूप , श्री महेश कुमार माली , तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , मउगंज , जिला रीवा , जो रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 द्वारा " द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से श्री प्रसन्न सिंह बहरावत के स्थान पर. " पर पदस्थ किये गये थे, को " तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , इंदौर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में . " पदस्थ किया जाता है .
1367
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
भाग 1 ]
4. आदेश क्रमांक 323/गोपनीय/2016, दिनांक 16 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध श्रीमती मोनिका आध्या, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जौरा जिला मुरैना का, जौरा जिला मुरैना से जबलपुर स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है. वे अपने वर्तमान पद पर निरंतर कार्य करती रहेंगी. परिणामस्वरूप , श्री जय प्रताप चिड़ार, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , सिरोंज जिला विदिशा , जो रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 द्वारा " प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 जोरा की हैसियत से श्रीमती मोनिका आध्या के स्थान पर. " पर पदस्थ किये गये थे, को " प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 , जोरा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , जोरा जिला मुरैना की हैसियत से. " पदस्थ किया जाता है.
(2) आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च , 2016, जहां तक इसका संबंध-
1. श्री श्याम सुन्दर झा, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , सतना का, सतना से बुरहानपुर,
2. कुमारी लक्ष्मी वास्कले, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2, खरगोन, जिला मण्डलेश्वर का, खरगौन जिला मण्डलेश्वर से छतरपुर, 3. श्री कुसुम हारा चक्रवर्ती, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , बैढ़न जिला सिंगरौली का, बैढ़न जिला सिंगरौली से निवास जिला मण्डला.
4. श्रीमती पुष्पा तिलगाम, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , छिंदवाड़ा का, छिंदवाड़ा से खाचरौद जिला उज्जैन, 5. श्री मयंक मोदी , चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , शिवपुरी का, शिवपुरी से भैंसदेही जिला बैतूल,
6. कुमारी श्वेता श्रीवास्तव, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जबलपुर का, जबलपुर से मनासा जिला नीमच.
7. कुमारी शालू सिरोही , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , मुरैना के न्यायालय की द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , मुरैना का, मुरैना से शहडोल,
8. श्री रवीन्द्र कुमार धुर्वे, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , पाटन के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , पाटन जिला जबलपुर का, पाटन जिला जबलपुर से धार.
9. श्रीमती सुनीता गोयल, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , गुना के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , गुना का, गुना से बागली जिला देवास ,
10. श्रीमती बबीता होरा शर्मा, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जावद, जिला नीमच का, जावद, जिला नीमच से मऊगंज जिला रीवा, 11. श्रीमती शोभना गौतम, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , रीवा का, रीवा से मण्डला,
12. श्री प्रसन्न सिंह बहरावत, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , इंदौर का , इंदौर से रीवा,
13. कुमारी उषा उइके, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , बैतूल का बैतूल से गरौठ जिला मंदसौर,
14. श्रीमती शबनम कदीर मंसुरी , चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2, मऊगंज जिला रीवा का, मऊगंज जिला रीवा से शाजापुर, स्थानान्तरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
(3 ) आदेश क्रमांक 323/गोपनीय/2016 , दिनांक 16 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध-
1. श्रीमती पूनम डामेचा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , देवास के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश , देवास का, देवास से शहडोल,
2. श्री शिवकुमार डावर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , भोपाल का, भोपाल से तराना जिला उज्जैन,
3. श्रीमती दुर्गा सोलंकी, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2, कुक्षी जिला धार का, कुक्षी जिला धार से भीकनगांव जिला मण्डलेश्वर, स्थानान्तरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
1. श्री मोहम्मद नियामत हुसैन रजवी , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , सबलगढ़ जिला मुरैना का स्थानांतरण स्वयं के व्यय पर किया गया है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
1368
क्र. 424- गोपनीय- 2016- दो- 3-1-2016 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 ( ट्रेनी जज ) को उनके नाम से समक्ष स्तम्भ क्रमांक (4 ) में दर्शित स्थान एवं स्तम्भ क्रमांक ( 6 ) में उल्लेखित नियमित न्यायालय में पदस्थ करते हुए उन्हें दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी की शक्तियाँ प्रदान करता है:-
सारणी
नाम
कहां से कहां को
क्रमांक
पदस्थापना के जिले का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
(6)
(4)
(5)
(1)
(2)
(3)
1
हरदा
छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा
श्री अमित मालवीया,
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.
टीकमगढ़ टीकमगढ़
टीकमगढ़
2 सुश्री दीप्ती ठाकुर,
पंचम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , की हैसियत से.
अशोकनगर अशोकनगर अशोकनगर
3 श्री राजकुमार भद्रसेन ,
तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , की हैसियत से.
अशोकनगर
अशोकनगर मुंगावली
4 श्री साजिद मोहम्मद
द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.
टिप्पणी:-
आदेश क्रमांक 300/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016, जहां तक इसका संबंध-
1. श्री अमित मालवीया, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , हरदा के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश , हरदा का, हरदा से भितरवार, जिला ग्वालियर,
2. सुश्री दीप्ती ठाकुर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , टीकमगढ़ के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, टीकमगढ़ का, टीकमगढ़ से निवाड़ी, जिला टीकमगढ़,
3. श्री राजकुमार भद्रसेन, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , अशोकनगर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, अशोकनगर का, अशोकनगर से मुंगावली जिला अशोकनगर,
4. श्री साजिद मोहम्मद, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , अशोकनगर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , अशोकनगर का, अशोकनगर से अशोकनगर,
स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, मनोहर ममतानी , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 4 अप्रैल, 2016
क्र. 406 -गोपनीय- 2016- दो- 3-27-2016 .- उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, सुश्री सपना कौशल, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , महू जिला इंदौर का विवाह उपरांत नाम परिवर्तन " श्रीमती सपना शर्मा " पत्नी श्री राकेश कुमार शर्मा करने की एतद्वारा स्वीकृति प्रदान करता है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.
आदेशानुसार,
मनोहर ममतानी , रजिस्ट्रार जनरल.
भाग 1 ]
1369
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016
जबलपुर, दिनांक 4 अप्रैल, 2016
क्र. सी- 1256- तीन- 10-42-75 ( विदिशा- बासौदा- कुरवाई ) .- मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम, 1958 (अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री प्रदीप सोनी ( जूनि. ) द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बासौदा अपने घोषित कार्यस्थल बासौदा के अतिरिक्त, कुरवाई में भी प्रत्येक माह में 15 ( पन्द्रह ) दिवस , वहां श्रृंखला न्यायालय आयोजित करने हेतु बैठक करेंगे .
No. C- 1256 - III - 10-42/ 75 (Vidisha- Basoda -Kurwai ) .- In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Courts Act, 1958 (Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Pradeep Soni (Jr. ) , IInd Addl . Distt . & Session Judge , Basoda in addition to his place of sitting declared at Basoda , shall also sit at Kurwai for 15 (Fifteen) days in each month , for holding of Link Court there.
क्र. सी- 1258-तीन-10-42-75 ( विदिशा-सिरोंज-कुरवाई ) .- उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्रमांक ए/3221 , तीन-10-42-75 (विदिशा- सिरोंज- कुरवाई ) दिनांक12-9-2014 जिसका संबंध द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिरोंज की श्रृंखला न्यायालय, कुरवाई से है, को एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
No. C- 1258 - III - 10-42 /75 ( Vidisha- Sironj - Kurwai ) .- High Court Notification No. A/3221 , III - 10-42/75 (Vidisha- Sironj - Kurwai ) dated 12-9-2014 , which relates to holding Link Court of IInd Additional District & Sessions Judge, Sironj to Kurwai is hereby cancelled.
क्र. सी - 1260- तीन-10-42-75 ( विदिशा- सिरोंज- गंजबासौदा ) .- उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्रमांक 689, तीन- 10-42-75 ( विदिशा- सिरोंज- गंजबासौदा ) दिनांक 10-7-2015 जिसका संबंध अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिरोंज के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की श्रृंखला न्यायालय , गंजबासौदा से है , को एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
C- 1260 - III - 10-42/ 75 No. (Vidisha - Sironj- Ganjbasoda. High Court Notification No. 689 - III - 10- 42/75 ( Vidisha- Sironj - Ganjbasoda ) dated 10-7-2015 , which relates to holding Link Court of AJ to Additional District & Sessions Judge , Sironj to Ganjbasoda , is hereby cancelled.
By order of the High Court , VIVEK SAXENA , OSD ( DE) .