Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

0

Published 22 April 2016

Type
Ordinary
Gazette no.
17
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2016-04-22.17.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

ध्य प्रदे श शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 17 ]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 22 अप्रैल 2016- वैशाख 2 , शक 1938

विषय-सूची

1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, भाग

(3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, (6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

(2 ) सांख्यिकीय सूचनाएं,

( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.-(क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक,

(3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,

(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 5 अप्रैल 2016

क्र. एफ- 5-05-2016- एक- ( 1 ) उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्तें ) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री एस. सी. शर्मा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खण्डपीठ इन्दौर को दिनांक 29 दिसम्बर 2015 से 30 दिसम्बर 2015 तक के शीतकालीन अवकाश के साथ यात्रा सुविधा का लाभ लेने के फलस्वरूप भारत सरकार, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के ज्ञापन क्रमांक एफ क्र. 31011/4/2008 - ईएसटीटी ( ए) , दिनांक 23 सितम्बर, 2008 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत एल.टी.सी. एवं 10 दिवस का पूर्ण वेतन भत्ते सहित अवकाश नगदीकरण करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं.

(2) उपरोक्तानुसार नगद भुगतान एक मुश्त किया जावे. भारत सरकार के उक्त निर्देशों के प्रावधान अनुसार यह नगदीकरण सेवानिवृत्ति के समय अनुमत अधिकतम 300 दिन के नगदीकरण में से घटाया नहीं जावेगा.

क्र. एफ - 5-06-2016-एक- ( 1 ) उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्तें) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री रोहित आर्य , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खण्डपीठ, ग्वालियर को दिनांक 23 दिसम्बर 2015 से 29 दिसम्बर 2015 तक के शीतकालीन अवकाश के साथ यात्रा सुविधा का लाभ लेने के फलस्वरूप भारत सरकार, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के ज्ञापन क्रमांक एफ क्र. 31011 /4/ 2008 - ईएसटीटी ( ए ) , दिनांक 23 सितम्बर, 2008 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत एल.टी.सी.

1227

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2016 .

1228

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

एवं 10 दिवस का पूर्ण वेतन भत्ते सहित अवकाश नगदीकरण करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं .

(2 ) उपरोक्तानुसार नगद भुगतान एक मुश्त किया जावे. भारत सरकार के उक्त निर्देशों के प्रावधान अनुसार यह नगदीकरण सेवानिवृत्ति के समय अनुमत अधिकतम 300 दिन के नगदीकरण में से घटाया नहीं जावेगा.

क्र. एफ 5-7-2016- एक ( 1 ) .- उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्ते ) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री एस. के. सेठ , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत करते हैं:-

अ.क्र .

अभियुक्ति अवकाश अवधि

अवकाश का प्रकार

कुल दिन

(2)

(3) (4)

(5) (1)

12

अवकाश के पश्चात् में दिनांक

पूर्ण वेतन तथा भत्तों

26 जनवरी 2015 01 14 जनवरी 2016 से दिनांक 25 जनवरी 2016. सहित अवकाश. सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.

क्र. एफ 5-9-2016- एक ( 1 ) .- उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्ते) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री एन. के. गुप्ता , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ, ग्वालियर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत करते हैं:-

अ.क्र. अवकाश अवधि कुल दिन अवकाश का प्रकार

(4) (1)

(2)

(3)

02

01

पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.

दिनांक 11 फरवरी 2016 से दिनांक 12फरवरी 2016 तक.

क्र. एफ 5-10-2016- एक ( 1 ) .- उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्ते) अधिनियम , 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री सुजॉय पॉल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत करते हैं:-

अ.क्र. अवकाश अवधि कुल दिन अवकाश का प्रकार (2)

(3)

(1)

(4) 01

04 पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश .

दिनांक 18 जनवरी से 2016 से दिनांक 21 जनवरी 2016 .

क्र. एफ- 5-20-2015- एक- ( 1 ) उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्तें) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल, जस्टिस श्री डी. के. पालीवाल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, खण्डपीठ, इन्दौर को दिनांक 19 दिसम्बर 2015 से 30 दिसम्बर 2015 तक के शीतकालीन अवकाश के साथ यात्रा सुविधा का लाभ लेने के फलस्वरूप भारत सरकार, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के ज्ञापन क्रमांक एफ क्र. 31011/4/ 2008 - ईएसटीटी ( ए ) , दिनांक 23 सितम्बर, 2008 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत एल.टी.सी. एवं 10 दिवस का पूर्ण वेतन भत्ते सहित अवकाश नगदीकरण करने की स्वीकृति प्रदान करते हैं.

(2) उपरोक्तानुसार नगद भुगतान एक मुश्त किया जावे . भारत सरकार के उक्त निर्देशों के प्रावधान अनुसार यह नगदीकरण सेवानिवृत्ति के समय अनुमत अधिकतम 300 दिन के नगदीकरण में से घटाया नहीं जावेगा.

भोपाल , दिनांक 6 अप्रैल 2016

क्र. एफ 5-20-2015 - एक ( 1 ) .- उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्ते) अधिनियम, 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री डी. के. पालीवाल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खण्डपीठ, इन्दौर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत करते हैं:-

अ.क्र. अवकाश अवधि कुल दिन अवकाश का प्रकार

(3)

(4) (1)

(2)

01

05 पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.

दिनांक 4 दिसम्बर 2015 से दिनांक 8 दिसम्बर 2015 तक.

02

07 पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश .

दिनांक 11 दिसम्बर 2015 से दिनांक 17 दिसम्बर 2015 तक.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. कातिया, अपर सचिव.

1229

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

सामान्य प्रशासन विभाग (अधीक्षण शाखा ) मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 7 अप्रैल 2016

एफ. क्र. 22-49-1985- एक-स्था. 2. भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश के राज्यपाल , एतद्वारा , मध्यप्रदेश सचिवालय ( चतुर्थ श्रेणी ) सेवा भर्ती नियम, 1987 में निम्नलिखित संशोधन करते हैं , अर्थात्:-

संशोधन

उक्त नियमों में, अनुसूची में, कॉलम ( 2 ) में दर्शित पद " भृत्य, फर्राश , वाटरमैन , चौकीदार, वाल्वमैन और स्वीपर के सामने, कॉलम (12) मे, शब्द " एवं व्यक्तिगत साक्षात्कार " का लोप किया जाए.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. एन. चौहान, अवर सचिव.

भोपाल, दिनांक 7 अप्रैल 2016

क्र. एफ. 22-49-1985- एक-स्था. 2.- भारत के संविधान अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 22-49-1985- एक-स्था-2 , दिनांक 7 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, आर. एन. चौहान , अवर सचिव.

Bhopal the 7th April 2016

F. No. 22-49-1985 - I- Esst- 2.- In exercise of the powers conferred by the proviso to Article 309 of the Constitution of India the Governor of Madhya Pradesh , hereby, makes the following amendment in the Madhya Pradesh Secretariat ( Class IV) Service Recruitment Rules , 1987 namely:-

AMENDMENT

In the said rules in the Schedule , in column ( 12) , against the posts "Peon , Farrash , Waterman , Chowkidar, Volveman and Sweeper " shown in column (2) , the words " and personal interview " shall be omitted.

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

R. N. CHOUHAN , Under Secy.

विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 29 मार्च 2016

फा. क्र. 3 (ए) 2-2015- इक्कीस- ब ( एक ) 1200.- राज्य शासन, उच्चतर न्यायिक सेवा के सदस्य श्री राम गोपाल सिंह, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , जिला छतरपुर को उनके द्वारा दिनांक 15 फरवरी 2016 को प्रस्तुत सूचना पत्र के अनुसार मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( पेंशन ) नियम, 1976 के नियम 42 ( 1 ) ( क ) के अधीन उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर सेवानिवृत्त होने के लिए अनुज्ञात किया जाता है तथा उन्हें दिनांक 30 अप्रैल 2016 के अपराह्न से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अनुमति प्रदान करता है.

भोपाल , दिनांक 1 अप्रैल 2016

फा. क्र . 3 (बी) 02-2014- इक्कीस- ब( एक) .-( मेरिट क्र. 32 ) , राज्य शासन, श्री महेन्द्र सैनी पिता श्री राम सिंह सैनी को मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर, दो वर्ष की परिवीक्षा पर अथवा अन्य आदेश होने तक, अस्थायी रूप से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से कनिष्ठ वेतनमान रुपये 27700-770-33090-920-40450-1080- 44770 में एतद्वारा नियुक्त करता है.

अभ्यर्थी का गृह जिला मेरठ ( उत्तरप्रदेश ) है. उसकी जन्मतिथि 26मार्च 1980 है.

भोपाल , दिनांक 6 अप्रैल 2016

फा. क्र. 3 (ए) 01-2016- इक्कीस - ब( एक ) -1328 .- मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा के सदस्य श्री एम.एस. रावत सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 पेटलावद जिला झाबुआ ( वर्तमान में निलम्बित मुख्यालय- ग्वालियर ) के विरुद्ध संस्थित विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर उनके विरुद्ध गंभीर कदाचरण के आरोप प्रमाणित पाये जाने पर उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश द्वारा फुलकोर्ट मीटिंग ( by circulation ) दिनांक 3 मार्च 2016 में पारित प्रस्ताव द्वारा उक्त न्यायिक अधिकारी को सेवा से पदच्युत ( Dismissal from service ) किये जाने की अनुशंसा की गई है.

उक्त न्यायिक अधिकारी के सेवा अभिलेख तथा समस्त सामग्री पर विचार करने के उपरान्त उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश की अनुशंसा से सहमत होते हुए राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि श्री एम. एस . रावत सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 पेटलावद जिला झाबुआ ( वर्तमान में निलम्बित मुख्यालय - ग्वालियर) को सेवा से पदच्युत (Dismissal from service ) किया जाए.

1230

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

अतः मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील ) , नियम 1966 के नियम 10 के उपनियम ( ix ) के अन्तर्गत दीर्घ शास्ति अधिरोपित करते हुए एतद्वारा , राज्य शासन श्री एम.एस. रावत सिविल न्यायाधीश वर्ग -1 पेटलावद जिला झाबुआ ( वर्तमान में निलम्बित मुख्यालय - ग्वालियर ) को तत्काल प्रभाव से सेवा से पदच्युत ( Dismissal from service ) करता है.

भोपाल, दिनांक 7 अप्रैल 2016

फा. क्र. 3 (सी ) -8-86-इक्कीस- ब-( एक ) .- राज्य शासन, श्री आदित्य चौबे , अधिवक्ता, जबलपुर को इंडियन लॉ रिपोर्टर (ILR) ( मध्यप्रदेश सीरीज ) के लिये मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर की स्थापना पर निर्मित पार्ट टाइम रिपोर्टर के स्थायी पद पर रुपये 5000/ - ( रुपये पांच हजार ) केवल प्रतिमाह निश्चित मानदेय पर दिनांक 23 फरवरी 2016 से 22 फरवरी 2017 तक एक वर्ष अथवा नवीन नियुक्ति होने ( जो भी पहले हो ) तक नियुक्त करता है.

इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29-2014-न्याय प्रशासन ( 102 ) उच्च न्यायालय ( 579 ) उच्च न्यायालय भारित (01 ) वेतन के अंतर्गत विकलनीय होगा.

भोपाल, दिनांक 11 अप्रैल 2016

फा. क्र. 3 (बी) -2-2014- इक्कीस- ब-( एक) -1310.- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा 2014 की चयन सूची दिनांक 3 सितम्बर 2015 में सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर) के पद पर चयनित अभ्यर्थी श्री मृदुल गुप्ता ( मेरिट क्र. 11 ) की ओर से प्रेषित आवेदन पर, विचारोपरांत स्वीकार करते हुए राज्य शासन, एतद्वारा , श्री मृदुल गुप्ता का नाम चयनित सिविल न्यायाधीश वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) की मुख्य चयन सूची के मेरिट क्र. 11 से विलोपित कर उनका चयन का अधिकार समाप्त करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विरेन्दर सिंह, प्रमुख सचिव.

वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 21 मार्च 2016

क्र. एफ. 11-7-2016- बी- ग्यारह. उद्योग संवर्धन नीति, 2010 एवं कार्य योजना की कंडिका क्रमांक 14.4 के संदर्भ में विभागीय आदेश क्रमांक एफ 20-1-2010- बी- ग्यारह , भोपाल दिनांक 4जनवरी 2011 से जारी मार्गदर्शी बिन्दु एवं मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबधन नियम, 2015 की कंडिका क्रमांक 4 ( 2 ) में उल्लेखित प्रावधान अनुसार निम्नलिखित क्षेत्र को नवीन औद्योगिक क्षेत्र एतद्वारा अधिसूचित किया जाता है:-

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

जिला (4)

43.41

(3) धार

क्र. औद्योगिक क्षेत्र का नाम (2) (1) 1 नवीन औद्योगिक क्षेत्र उज्जैनी

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अनिल भारतीय , उपसचिव.

नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्र. एफ- 3-37-2016- अठारह 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 की उपधारा ( 2 ) ( क ) के अनुसरण में राज्य सरकार, एतद्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये ग्वालियर निवेश क्षेत्र तथा ग्राम नियोजन विभाग की अधिसूचना क्रमाकं 282- एफ-1-7- तैंतीस-74, भोपाल दिनांक 24 जनवरी 1974 , जिला योजना समिति ग्वालियर की अधिसूचना क्रमांक 1864-189- जियो-99 , ग्वालियर दिनांक 9 जुलाई 1999 तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-3-69-2007- बत्तीस, भोपाल दिनांक 21 सितम्बर 2017 की सीमाओं में परिवर्तन करती है, जिसकी पुनरीक्षित सीमायें निम्न अनुसूची में परिलक्षित की गई है.

अनुसूची ग्वालियर पुनरीक्षित निवेश क्षेत्र की सीमाएं उत्तर में- ग्राम बरौआ नूराबाद, सुसेरा कुवरपुरा, करगवां, टीकरी नरेश्वर एवं बरेठा की उत्तरी सीमा तक.

पूर्वमें- ग्राम चंद्रपुरा , सूरो , चककेशोपुर, वीरमपुरा , धनेली , बनारपुरा , गनेशपुरा , सुनारपुरा, हिरीं बघोली , सौंसा, रमौआ, बस्तरी एवं अलीनगर की पूर्वी सीमा तक.

दक्षिण में- ग्राम छौदा, सातऊ, कुशराजपुर, पुरासानी, डॉगसरकार एवं अलीनगर की दक्षिणी सीमा तक.

पश्चिम में-ग्राम छौदा, खिरिया, मूत्यु, अजयपुर, नीमचन्दौहा, चक गिरवाई, कोटा लश्कर, बहोडापुर, किशनबाग , थर, शंकरपुर, टिलहरी, खिरियाभान , रायरू एवं बरौआ नूराबाद की पश्चिमी सीमा तक.

1231

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

क्र. एफ- 3-91-2015- अठारह 5.- राज्य शासन एतद्वारा चंदेरीह विकास योजना हेतु मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 17 (क ) ( 1 ) के अन्तर्गत निम्नानुसार गठन किया जाता है. यह समिति मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 17-क( 2 ) सह पठित मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश नियम 2012 के नियम 12 में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी:-

संस्था/पता

समिति में पद व्यक्ति का नाम/पद

अधिनियम की धारा 17क ( 1 ) खण्ड

(3)

(4) (2)

(1)

नगरपालिका चंदेरी

सदस्य अध्यक्ष

(क)

सदस्य अध्यक्ष

(ख)

जिला पंचायत, अशोक नगर

सदस्य सांसद

(ग)

गुना संसदीय क्षेत्र

सदस्य

विधानसभा क्षेत्र चंदेरी

विधायक

(घ)

अध्यक्ष

नगर तथा ग्राम निवेश विकास प्राधिकारी

कोई नहीं (ड)

सदस्य अध्यक्ष

जनपद पंचायत, चंदेरी

(च)

1.

सरपंच

सदस्य (छ)

ग्राम पंचायत, मुरादपुर

सरपंच

2.

सदस्य

ग्राम सिंहपुरताल, ग्राम पंचायत, गोधन

सरपंच

सदस्य 3.

ग्राम सराय , ग्राम पंचायत, रामनगर

सदस्य 4.

सरपंच

ग्राम रामनगर, ग्राम पंचायत, रामनगर

सदस्य 5.

सरपंच

ग्राम पंचायत, प्राणपुर

सदस्य सरपंच

6.

ग्राम चकखानपुर, ग्राम पंचायत , अमरोल

1.

सदस्य प्रतिनिधि

काउंसिल ऑफ आर्किटेक्ट ( इण्डिया )

(ज)

नई दिल्ली.

सदस्य 2.

प्रतिनिधि

काउंसिल ऑफ टाउन प्लानर

नई दिल्ली.

3.

प्रतिनिधि

सदस्य

इन्स्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स कोलकाता

प्रतिनिधि

सदस्य 4.

जिला कलेक्टर, अशोक नगर

सदस्य 5.

वनमण्डलाधिकारी अशोक नगर

प्रतिनिधि

6.

सदस्य प्रतिनिधि

अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व ) चंदेरी

सदस्य 7.

प्रतिनिधि

कार्यपालन यंत्री, मध्यप्रदेश विद्युत् मंडल,

अशोक नगर.

संयोजक समिति का संयोजक

(झ)

उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश जिला कार्यालय गुना मध्यप्रदेश.

सूचना

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्र. एफ- 3-07-2016- अठारह 5.-मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) , की धारा 23-" क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार एतद्वारा इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3-07- 1232

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

2016-अठारह-5 , दिनांक 25 जनवरी 2016 द्वारा प्रस्तावित किये गये अनुसार प्रवर्तित भोपाल विकास योजना 2005 में निम्नानुसार उपांतरण की पुष्टि करती है . उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार है:-

अनुसूची

क्रमांक

ग्राम

खसरा क्र.

क्षेत्रफल हेक्टेयर में

विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग

उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू- उपयोग (1)

(4)

(2)

(3)

(5)

(6) 1

6.94 हेक्ट.

1.

कृषि

ग्राम चंदुखेड़ी

2

0.21 हेक्टे.

सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक (तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र) .

3

10.68 हे .

0.60 हे.

4

0.24 हे.

5

6

0.05 हे.

18

1.62 हे.

0.32हे.

19

52/1

1.58 हे.

54/1

6.80 हे.

0.32 हे.

55

56/1

26.21 हे.

57

2.91 हे.

योग .. 58.48

(1) राजस्व अभिलेख तथा स्थल पर विद्यमान नाले के अन्तर्गत आने वाली भूमि भोपाल विकास योजना 2005 तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों अन्तर्गत खुली छोड़नी होगी

(2) उक्त उपांतरण भोपाल विकास योजना 2005 का एकीकृत भाग होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

सी. के. साधव , उपसचिव.

1233 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

वन विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्रमांक एफ- 25-11 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम , 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा -29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड N - 21 ° 57'35.249 " से N- 21 ° 57'52.675 " तथा E - 79 ° 02′55.508 " से E- 79 °03′27.503 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

:: अनुसूची::

जिला -छिन्दवाड़ा

तहसील

छिन्दवाड़ा वनमण्डल

वन परिक्षेत्र

छिन्दवाड़ा •पूर्व छिन्दवाड़ा वनमंडल (क्षेत्रीय)

क्रमांक

वनखंड की सीमाएं वनखंड की भूमि का विवरण

प्रस्तावित वनखंड का नाम

ग्राम का नाम

भूमि का वर्तमान मद

खसरा क्रमांक

1

2

3

4

5

क्षेत्रफल (हे० में) 6

7

1 कुहिया कुहिया

उत्तर

पहाड़ / चट्टान

21.330

13/1

मुनारा क्रमांक 01 से 02 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

पूर्व मुनारा क्रमांक 02 से 04 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

दक्षिण मुनारा क्रमांक 04 से 16 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

पश्चिम मुनारा क्रमांक 16 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

21.330

योग

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार : -

1. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक / 6 -MPC064/2007 - BHO/1431 दिनांक 06.08.2014 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग , छिन्दवाड़ा की स्वीकृति परियोजना, अम्बाखापा जलाशय में प्रभावित 19.80 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 21.330 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 21.330 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक /45/ अ-19(3 ) / 2012-13 दिनांक 25.10.2013 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । 1234

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी, तहसीलदार छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण - पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

1. व्यक्तिगत अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है । 2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल, दिनांक 12 अप्रैल 2016

एफ- 25-11-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ - 25-11-2016 - दस -3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 12th April 2016

No. F - 25-11 / 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927 ) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner , except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between North Latitude N - 21 ° 57'35.249 " to N- 21 ° 57'52.675 " & E - 79 ° 02'55.508 " to E - 79 ° 03'27.503 " East Longitude.

SCHEDULE

District

Chhindwara

Tehsil .

Chhindwara

Chhindwara Forest Division East Chhindwara Division (T) Forest Range

Forest Block Boundaries

Details of Land Present head ofLand

Included Khasra No.

Area (Hectare)

Name of Village

No. Name of Proposed Forest Block

4

2

3

6

5

7

21.330

Kuhia

Kushi

North-

Pahad/ chattan 13/1

boundary

Pillar No. 01 to 02 Artificial forest East- Pillar No. 02to 04 Artificial forest

boundary

South - Pillar No. 04to 16 Artificial forest boundary

Total 21.330

West- Pillar No. 161to 01 Artificial forest boundary.

1235

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(A) Reason for publication of Notification : -

1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 6 - MPC064/2007- BHO/1431 dated 06.08.2014 and in lieu of 19.80 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Ambakhapa Tank Project of Executive Engineer Irrigation the above mentioned Non Forest Land of 21.330 hectare Transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department by order No./45/A/19(3)/2012-13 dated 25.10.2013 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .

2. Details of other Resoans - Nil

(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar - Chhindwara, District - Chhindwara are as under: - 1. Individuals Right There are no individual rights on the said land .

2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA, Secy.

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्रमाक एफ-25-14/ 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16 , सन् 1927 ) , की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड N- 22 ° 19'35.180 " से N- 22 ° 19'52.220 " तथा E- 78 °44'59.260 " से E- 78 ° 45'29.690 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

:: अनुसूची::

जिला -छिन्दवाड़ा

तहसील

तामिया वनमण्डल पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल

वन परिक्षेत्र

तामिया क्रमांक

वनखंड की भूमि का विवरण

वनखंड की सीमाएं

प्रस्तावित वनखंड का नाम

ग्राम का नाम

खसरा क्रमांक

क्षेत्रफल (हे० में)

भूमि का वर्तमान मद

1

2

3

4

5

6

7

1 लिंगा 'अ'

504 10.836

ग्राम लिंगा

पहाड़ चट्टान

उत्तर मुनारा क्रमांक 01 से 08 तक की कृत्रिम वन सीमा।

पूर्व मुनारा क्रमांक 08 से 15 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

दक्षिण मुनारा क्रमांक 15 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा।

योग 10.836

पश्चिम मुनारा क्रमांक 01 (N- 22° 19'36.180 " से E- 78 " 44'59.260 " के मध्य) [भाग 1 1236

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :--

1. पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक / 8-67/2009 - FC दिनांक 09.12.2010 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यकारी अभियंता, पाट बंधारे प्रकल्प विभाग बैनगंगा नगर अजनी , नागपुर महाराष्ट्र की स्वीकृत परियोजना कन्हान नदी प्रकल्प कोच्चि बैरेज में प्रभावित 72.00 हेक्टेयर वनभूमि (महाराष्ट्र सरकार की 51.00 हेक्टेयर वनभूमि एवं म.प्र. सरकार अनतर्गत छिन्दवाड़ा जिले के दक्षिण वनमंडल की 21.00 हेक्टेयर वनभूमि) के एवज में प्राप्त (पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल अनतर्गत) केल 21.00 हेक्टेयर (पहाड़ चट्टान) गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 10836 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 01 / अ-19 (3 ) / 2012-13 दिनांक 09.10 . 2012 एवं संशोधित आदेश क्रमांक 01 / अ -19 (3) / 2012-13 दिनांक 13.05.2014 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण ।

2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी, तहसीलदार तामिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

1. व्यक्तिगत अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है ।

2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

एफ- 25-14-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-14-2016- दस 3, दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

1237 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

Bhopal , the 12th April 2016

No. F - 25-14/ 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies in Khasra no . 504 between N - 22 ° 19'35.180 " to N - 22 ° 19'52.220 " North Latitude and E- 78 °44'59.260 " to E - 78 ° 45'29.690 " East Longitude.

SCHEDULE

Tamia

Tehsil .

Chhindwara

District

Tamia West Division Chhindwara

Forest Division

Forest Range

Forest Block Boundaries Details of Land Included

Khasra No.

Area (Hectare)

Name of Village

Present head of Land

No. Name of Proposed Forest Block

7

4

6

2

5

1

10.836 North-

504

Artificial forest boundary Pillar No. 01 to 08 1 "Linga 'A'

East- Artificial forest boundary Pillar No. 08 to 15 Pahad Chattan

3 Village Linga

South - Artificial forest boundary Pillar No. 15 to (01

West -

10.836

Total

Artificial forest boundary Pillar No. 01 (N- 22°19'36.230 " to E - 78 " 44'59.260 " ) (A) Reason for publication of Notification : -

1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8-67/2009 - FC dated 09.12.2010 and in lieu of 21.00 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Kanhan River Project Kochhi Barage of Executive Engineer Pat Bandhare Project Dept. Bainganga Nagar Ajani , Nagpur , Maharashtra the above mentioned Non Forest Land of 72.00 hectare (51.00 ha. forest land of Maharshtra Govt . and 21.00 ha forest loand of Chhindwara Southe Division of Madhya Pradesh Govt . under Chhindwara District ) total 10.836 hactare (Pahad Chattan ) Transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department order No.01 /A- 19 (3 )/2012-13 dated 09.10.2012 of Collector Chhindwara and revised order No 01 /A- 19 (3 )/2012-13 dated 13-05-2014 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .

[भाग 1 1238

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

2. Details of other Resoans - Nil

(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar -Tamia , District-Chhindwara are as under : - 1. Individuals Right There are no individual rights on the said land .

2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land.

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.

भोपाल, दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्रमांक एफ- 25-14/ 2016/10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड N- 22° 19′23.560 " से N- 22° 19′32.960 " उत्तर अक्षांस व E- 78 ° 44'7.250 " से E- 78 ° 45'25.560 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

::अनुसूची::

जिला -छिन्दवाड़ा

तहसील वन परिक्षेत्र तामिया तामिया

वनमण्डल पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल

क्रमांक

वनखंड की सीमाएं

वनखंड की भूमि का विवरण

ग्राम का नाम

प्रस्तावित वनखंड का नाम

खसरा क्रमांक

क्षेत्रफल (हे० मे)

भूमि का वर्तमान मद

1

3

4

6

7

2

1

5 514 10.164

लिंगा 'ब ' ग्राम लिंगा

उत्तर मुनारा क्रमांक 02 से 04 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

पहाड़ चट्टान

पूर्व- मुनारा क्रमांक 05 से 06 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

दक्षिण मुनारा क्रमांक 07 से 10 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

पश्चिम मुनारा क्रमांक 11 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा।

10.164

योग

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-

1. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक 8-67/2009- FC दिनांक 09.12.2010 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यकारी अभियंता, पाट बंधारे प्रकल्प विभाग बैनगंगा नगर अजनी , नागपुर महाराष्ट्र की स्वीकृत परियोजना कन्हान नदी प्रकल्प कोच्चि बैरेज में प्रभावित 72.00 हेक्टेयर वनभूमि (महाराष्ट्र सरकार की 51.00 हेक्टेयर वनभूमि एवं म.प्र . सरकार अन्तर्गत छिन्दवाड़ा जिले के दक्षिण वनमंडल की 21.00 हेक्टेयर वनभूमि) के एवज में प्राप्त ( पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमंडल अन्तर्गत) कुल 21.00 हेक्टेयर (पहाड़ चट्टान) गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 10.164 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 01 / अ-19(3) / 2012-13 दिनांक 09.10. 2012 एवं संशोधित आदेश क्रमांक 01 / अ-19(3) / 2012-13 दिनांक 13.05.2014 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । 1239

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक

(ख ) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी , तहसीलदार तामिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

1. व्यक्तिगत अधिकार: - उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है ।

2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल, दिनांक 12 अप्रैल 2016

एफ- 25-14-2016- दस-3 .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-14-2016- दस 3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 12th April 2016

No. F - 25-14/ 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner , except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies in between N - 22 ° 19'23.560 " to N - 22 ° 19'32.960 " North Latitude and E- 78° 45'7.250 " to E - 78 ° 45'25.560 " East Longitude .

1240

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

SCHEDULE

District

Tamia Chhindwara

Tehsil .

Forest Division

Tamia West Division Chhindwara Forest Range

Details of Land Included

Forest Block Boundaries

Khasra No.

Name of Village

Area (Hectare)

No. Name of Proposed Forest Block

Present head of Land

2

4

1

5

3

6

7

1

514

10.164 North-

Linga 'B '

Artificial forest boundary Pillar No. 02 to 04 Pahad Chattan

East-

Village Linga

Artificial forest boundary Pillar No. 05 to 06

South- Artificial forest boundary Pillar No. 07 to 10

West- Artificial forest boundary Pillar No. 11 to 01

Total 10.164

(A) Reason for publication of Notification : -

1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8-67/ 2009 - FC dated 09.12.2010 and in lieu of 21.00 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Kanhan River Project Kochhi Barage of Executive Engineer Pat Bandhare Project Dept. Bainganga Nagar Ajani , Nagpur , Maharashtra the above mentioned Non Forest Land of 72.00 hectare (51.00 ha . forest land of Maharshtra Govt . and 21.00 ha forest loand of Chhindwara Southe Division of Madhya Pradesh Govt . under Chhindwara District ) total 10.164 hactare (Pahad Chattan) Transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department order No.01 / A- 19 (3 )/2012-13 dated 09.10.2012 of Collector Chhindwara and revised order No 01 /A - 19 (3 )/2012-13 dated 13-05-2014 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .

2. Details of other Resoans - Nil

(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar - Tamia , District-Chhindwara are as under : - 1. Individuals Right - There are no individual rights on the said land .

2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.

1241 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्रमांक एफ- 25-15 / 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम , 1927 (क्रमांक 16 , सन् 1927) , की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड उत्तर अक्षांश N - 22 ° 10'23.156 " से N - 22° 10'29.283 " तथा E- 78 °52′44.079 " से E- 78 ° 52'50.532 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

::अनुसूची::

तहसील परासिया जिला -छिन्दवाड़ा

वन परिक्षेत्र छिन्दवाड़ा वनमण्डल - पूर्व छिन्दवाड़ा वनमंडल (क्षेत्रीय)

प्रस्तावित

क्रमांक

वनखंड की सीमाएं

वनखंड की भूमि का विवरण

वनखंड का नाम

ग्राम का नाम

खसरा क्रमांक

क्षेत्रफल (हे० में)

भूमि का वर्तमान मद

1

2

3

4

5

6

7

1

फुटेरा

257/3 1.92

फुटेरा "स "

उत्तर - मुनारा क्रमांक 01 से 02 तक की कृत्रिम वन सीमा।

पहाड़ चट्टान

पूर्व- मुनारा क्रमांक 02 से 03 तक की कृत्रिम वन सीमा।

दक्षिण मुनारा क्रमांक 03 से 04 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

पश्चिम - मुनारा क्रमांक 04 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

योग 1.92

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-

1. पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक 6MPB - 30/2015 - BHO/1246 दिनांक 05.11.2015 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग छिंदवाड़ा की स्वीकृत परियोजना डेहरी जलाशय परियोजना में प्रभावित 1.92 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 1.92 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 1.92 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 06/अ-19(3)/2013-14 दिनांक 30.12.2013 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण ।

2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक

(

ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी, तहसीलदार परासिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

1. व्यक्तिगत अधिकार :- उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है ।

2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

[भाग 1 1242

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

एफ- 25-15-2016 - दस -3 .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-15-2016 - दस 3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.

Bhopal , the 12th April 2016

No. F - 25-15 / 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between North Latitude N- 22° 10'23.156 " to N- 22° 10'29.283 " & E - 78° 52'44.079 " to E - 78° 52'50.532 " East Longitude .

SCHEDULE

Chhindwara

Tehsil .

Parasia District

Chhindwara Forest Division East Chhindwara Division ( T) Forest Range

Details of Land Included

Forest Block Boundaries

Khasra No.

Name of Village

Area (Hectare)

No. Nameof Proposed Forest Block

Present head of Land

5

2

4

6

7

3

1 Futera-C Futera

257/3 1.92

North - Artificial forest boundary Pillar No. 01 to 02 Pahad Chattan

East -

Pillar No. 02 to 03

Artificial forest boundary

South- Artificial forest boundary Pillar No. 03 to 04

West - Artificial forest boundary Pillar No. 04 to 01

1.92

Total

(A) Reason for publication of Notification : -

1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt. of India's order no . 6MPB - 30/2015- BHO/ 1246 dated 05.11.2015 and in lieu of 1.92 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Dehri Tank Project of Executive Engineer Irrigation the above mentioned Non Forest Land of 1.92 hectare Transferred or muted in favour of M.P. Govt. Forest Department order No.06 /A - 19 ( 3 )/2013-14 dated 30.12.2013 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation.

1243 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

2. Details of other Resoans - Nil

(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar - Parasia , District- Chhindwara are as under : - 1. Individuals Right - There are no individual rights on the said land .

2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land.

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy .

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्रमांक एफ- 25-16 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा -29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड 23 ° 7'48.06 " से 23 ° 7'55.65 " उत्तर अक्षांश तथा 75 °47′28.42 " से 75 °47'33.86 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

::अनुसूची::

- उज्जैन

जिला

तहसील

उज्जैन वनमण्डल उज्जैन

वन परिक्षेत्र

उज्जैन क्रमांक

वनखंड की सीमाएं

वनखंड की भूमि का विवरण

प्रस्तावित वनखंड का नाम नाम ग्राम का

(हे० में) क्षेत्रफल

खसरा क्रमांक

मद भूमि का वर्तमान

1

3

2

4

5

6

7

1

उत्तर मुनारा क्रमांक 01 से 02 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

147/1 147/3

0.794 1.247

गोयला खुर्द

भूमि गैर वन

ग्राम गोयला खुर्द

पूर्व मुनारा क्रमांक 02 से 03 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

दक्षिण मुनारा क्रमांक 03 से 04 तक की कृत्रिम वन सीमा एवं क्षिप्रा नदी

पश्चिम मुनारा क्रमांक 04 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

2.041

योग

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-

1. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , भारत सरकार के आदेश क्रमांक 8B/43/2003 - FCW/ 2569 दिनांक 19.11.2003 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, उज्जैन की स्वीकृत परियोजना पंचक्रोशी मार्ग सह रिंग रोड निर्माण में परिक्षेत्र उज्जैन के आरक्षित वनखण्ड नौलखी की प्रभावित 2.041 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त ग्राम गोयला खुर्द तहसील उज्जैन की कुल 2.041 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 2.041 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर उज्जैन के आदेश क्रमांक 8424 दिनांक 13.10.2003 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । [भाग 1 1244

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी , तहसीलदार, तहसील उज्जैन जिला उज्जैन के प्रतिवेदन क्रमांक 4 दिनांक 02.01.2016 द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है: -

1. व्यक्तिगत अधिकार:- निरंक

2. सामुदायिक अधिकार :- निरंक

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

एफ - 25-16-2016 - दस - 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-16-2016 - दस 3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 12th April 2016

No. F - 25-16/ 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927 ) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between 23° 7'48.06 " to 23° 7'55.65 " Northd Latitude and 75 ° 47'28.42 " to 75 °47'33.86 " East Longitude.

SCHEDULE

District

Tehsil .

Ujjain

Forest Division

Ujjain Ujjain

ForestRange Ujjain

No.

Forest Block Boundaries

Name of Village

Land Included Khasra No.

Area (Hectare)

Name of Proposed Forest Block

Details of Present head of Land

1

3

4

5

6

7

1

North- Artificial forest boundary Pillar No. 01 to 02 2 Goyala khurd

147/1 147/3

0.794 1.247

East - Artificial forest boundary Pillar No. 02 to 03 Non Forest Land

Village Goyala Khurd

South Artificial forest boundary Pillar No. 03 to 04

& River Shipra

West- Artificial forest boundary Pillar No. 04 to (01

Total 2.041 1245

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(A) Reason for publication of Notification : -

1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8B/43 /2003 - FCW/ 2569 dated 19.11.2003 and in lieu of 2.041 hectare of affected forest land of Range Ujjain Reserved Forest Block Noulakhi under the sanctioned project of Panchcroshi Marg Saha Ring Road Nirman of Executive Engineer Public Works Department , Ujjain , the above mentioned Non Forest Land of 2.041 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department by order No.8424 dated 13.10.2003 of Collector District Ujjain for the purpose of compensatory afforestation .

Details of other Resoans - Nil

The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report No. 4 Dated 02-01-2016 of Tahsildar , Tehsil Ujjain , District - Ujjain are as under : - 1. Individuals Right - Nil

2. Communities Rights - Nil

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्रमांक एफ- 25-17 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) , की धारा -29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य शासन , एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड उत्तर अक्षांश N - 22 ° 10'14.247 " से 22 ° 10'33.961 " तथा E- 78°52'54.679 " से E- 78 ° 53'14.960 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है । 1246

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

:: अनुसूची::

जिला

तहसील

-छिन्दवाड़ा

परासिया

वन परिक्षेत्र

छिन्दवाड़ा

वनमण्डल - पूर्व छिन्दवाड़ा वनमंडल (क्षेत्रीय)

वनखंड की भूमि का विवरण

वनखंड की सीमाएं

क्रमांक प्रस्तावित वनखंड का नाम

ग्राम का नाम

क्षेत्रफल (हे ० में)

खसरा क्रमांक

भूमि का वर्तमान मद

1

2

3

4

5

6

7

1

फुटेरा

257/2 23.092 उत्तर

फुटेरा "अ"

पहाड़ चट्टान

मुनारा क्रमांक 01 से 03 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

पूर्व- मुनारा क्रमांक 03 से 07 तक की कृत्रिम वन सीमा।

दक्षिण - मुनारा क्रमांक 07 से 09 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

पश्चिम मुनारा क्रमांक 09 से 01 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

योग 23.092

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-

1. भारत सरकार, पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आदेश क्रमांक F.No. 8-31/2008 - FC दिनांक 29.10.2008 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री , द.पू.म. रेल्वे छिन्दवाड़ा की स्वीकृत परियोजना नागपुर गेज परिवर्तन परियोजना में प्रभावित 127.174 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 23.092 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 23.092 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 02/अ-19(3)/2007-08 दिनांक 11.05.2009 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण ।

2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी , तहसीलदार परासिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

1. व्यक्तिगत अधिकार:- उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है ।

2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

एफ- 25-16-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-16-2016- दस 3 , दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

1247 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

Bhopal , the 12th April 2016

No. F - 25-16/ 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927 ) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between North Latitude N - 22 ° 10'14.247 " to 22 ° 10'33.961 " & E - 78 ° 52'54.679 " to E- 78 ° 53'14.960 " East Longitude .

SCHEDULE

Tehsil .

Parasia

Chhindwara District Forest Division

- Chhindwara East Chhindwara Division ( T) Forest Range

No.

Details of Land Included

Forest Block Boundaries

Khasra No.

Name of Village

Area (Hectare)

Name of Proposed Forest Block

Present head of Land

1

4

2

5

6

7

Futera- A

3 Futera

257/2 23.092 North- Artificial forest boundary Pillar No. 01 to 03 Pahad Chattan

East- Artificial forest boundary Pillar No. 03 to 07

South- Artificial forest boundary Pillar No. 07 to 09

West - Artificial forest boundary Pillar No. 09 to 01

Total 23.092

(A) Reason for publication of Notification : -

1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . F.No. 8-31 / 2008 - FC dated 29.10.2008 and in lieu of 127.174 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Chhindwara to nagpur Gauge Conversion Project of Executive Engineer S.E.C. Railway Chhindwara the mentioned Non Forest Land of 104.082 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department order No.02/A - 19 (3)/2007-08 dated 11.05.2009 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .

1248

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

2. Details of other Resoans - Nil (B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar -Parasia, District- Chhindwara are as under : - 1. Individuals Right - There are no individual rights on the said land .

2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्रमांक एफ-25-17 / 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) ,

की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये , राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड उत्तर अक्षांश N- 22°04'42.692 " से N - 22° 05'13.658 " तथा E- 79 ° 02′51.655 " से E- 79 ° 03′48.778 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

:: अनुसूची::

जिला -छिन्दवाड़ा

वनमण्डल पूर्व छिन्दवाड़ा वनमंडल (क्षेत्रीय) क्रमांक

वनखंड की भूमि का विवरण

भूमि का वर्तमान मद प्रस्तावित वनखंड का नाम

ग्राम का नाम

3

1

2

4 1

छोटे झाड़ का जंगल चन्हियाखुर्द चन्हियाखुर्द

छोटे झाड़ का जंगल

छोटे झाड़ का जंगल

पहाड़ चट्टान

पहाड़ चट्टान

पहाड़ चट्टान

पहाड़ चट्टान

पहाड़ चट्टान तहसील

छिन्दवाड़ा

वन परिक्षेत्र

छिन्दवाड़ा

वनखंड की सीमाएं

खसरा क्रमांक

5

क्षेत्रफल (हे० में) 6

7

433

2.225

414/2 4.047

उत्तर मुनारा क्रमांक 30 से 10 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

414/3 4.047

434

23.322

पूर्व- मुनारा क्रमांक 10 से 18 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

9.144

443/1

16.039

443/2

दक्षिण - मुनारा क्रमांक 18 से 25 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

17.740

414/1

461

27.518

पश्चिम मुनारा क्रमांक 25 से 30 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

योग 104,082

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-

1. भारत सरकार, पर्यावरण , वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय , के आदेश क्रमांक F.No. 8-31/2008 - FC दिनांक 29.10.2008 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री , द.पू.म. रेल्वे छिन्दवाड़ा की स्वीकृत परियोजना नागपुर गेज परिवर्तन परियोजना में प्रभावित 127.174 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 104.082 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 104.082 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर छिन्दवाड़ा के आदेश क्रमांक 01 /अ-19(3 )/2007-08 दिनांक 11.05.2009 एवं 22.08.2909 से हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । 1249 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी , तहसीलदार परासिया, जिला छिन्दवाड़ा के प्रमाण- पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

1. व्यक्तिगत अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है । 2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

एफ- 25-17-2016 - दस -3 .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-17-2016- दस 3, दिनांक 12 अप्रैल 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 12th April 2016

No. F - 25-16 / 2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between North Latitude N- 22 ° 04'42.692 " to 22 ° 05'13.658 " & E - 79 ° 02'51.655 " to E - 79 ° 03'48.778 " East Longitude.

1250

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

SCHEDULE

District

Chhindwara Chhindwara

Tehsil .

Chhindwara Forest Division

( T) Forest Range

East Chhindwara Division

Details of Land Included

Forest Block Boundaries Present head of Land Khasra No.

Name of Village

Area (Hectare)

No. Name of Proposed Forest Block

2

1

3

4

5

6

7

1

North -

433

2.225

Chhote Jhad kajangle

Chanhiya khurd

Chanhiya khurd

Artificial forest boundary Pillar No. 30 to 10

4.047

Chhote Jhad ka jangle 414/2

Chhote Jhad ka jangle 414/3 4.047

434

Pahad Chattan

23.322

East- Artificial forest boundary Pillar No. 10 to 18

Pahad Chattan

South -

443/1 9.144

16.039

Pahad Chattan

443/2

No. 18 to 25 Artificial forest boundary Pillar

17,740

Pahad Chattan

414/1

West-

461

27.518

Pahad Chattan

Artificial forest boundary Pillar No. 25 to 30

104.082

Total

(A) Reason for publication of Notification : -

1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment, Forest and Climet change , Govt . of India's order no . F.No. 8-31 / 2008- FC dated 29.10.2008 and in lieu of 127.174 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Chhindwara to nagpur Gauge Conversion Project of Executive Engineer S.E.C. Railway Chhindwara the mentioned Non Forest Land of 104.082 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . Forest Department order No.01 /A- 19 ( 3 ) / 2007-08 dated 11.05.2009 & 22.08.2009 of Collector Chhindwara for the purpose of compensatory afforestation .

2. Details of other Resoans - Nil

(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report of (Certificated) of Tahsildar - Chhindwara, District- Chhindwara are as under: - 1. Individuals Right There are no individual rights on the said land .

2. Communities Rights - There are no communities rights on the said land .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy .

भाग 1 ]

1251

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला अलीराजपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

अलीराजपुर, दिनांक 30 मार्च 2016

प्र. क्र. 01-अ-82-2015-16.-

* चूँकि, राज्य शासन को यह प्रतीत् होता है कि इसके संलग्न अनुसूचि के खाने (1 ) से (4) में वर्णित भूमि में स्थित केवल परिसम्पत्तियों (भूमियों नहीं ) अनुसूची के कॉलम (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है ।

अतः भू-अर्जन ,पुनर्वास और पुनस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को, इस आशय की सूचना दी जाती है । राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमियो पर स्थित परिसम्पत्तियों के संबंध में उक्त धारा 11 (1 ) की उपधारा, (3 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूँ:-

अनुसूची 01

तहसील

जिला

ग्राम लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1

3

2

4 अलीराजपुर

हरसवाट

अलीराजपुर

सर्वे क्रमांक 80, 157 में स्थित परिसम्पत्तियों का अर्जन ( भूमियों का नहीं)

उक्त भूमि पर स्थित परिसंपत्तियों का अर्जन है, भूमि का नही ।

सार्वजनिक प्रयोजन का प्रयोज विवरण धारा 4 की उपधारा (2) के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी

61

5 डिप्टी चीफ छोटा उदयपुर धार हेतु रेलवे लाईन इंन्जीनियर (निर्माण) वेस्टर्न रेलवे, (बड़ौदा)

अनुसूची 01

स०

खसरा क्रमांक

कृषक का नाम

1

27

3 1

80 :

चन्दरसिंह पिता वेस्ता एवं भूरली पति वेस्ता

157 2 भुवान, कुवरसिंह पिता अमरसिंह

योग:-

02 कुल रकबा (हेक्टेयर)

अर्जित की जाने वाली भूमि का कुल रकबा

4

5/

1.05

सर्वे क्रमांक में स्थित

परिसम्पत्तिया( भूमियाँ नहीं) 0.42

सर्वे क्रमांक में स्थित परिसम्पत्तिया( भूमियों नहीं) 1.47

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शेखर वर्मा , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1252

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

झाबुआ, दिनांक 2 अप्रैल 2016

क्र. 431 - भू-अर्जन-री- 1-16-17.-

एतद् द्वारा सर्व साधारण को सूचित किया जाता है , कि माही परियोजना, तहसील पेटलावद, जिला-झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है ।

अतएव राज्य सरकार को ग्राम सागड़िया, तहसील पेटलावद, जिला-झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतित होता है, कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है, उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावें ।

अंतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट्स (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम (क्रमांक 5 सन् 2013) की धारा 3 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आश्य की घोषणा करती है ।

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि के हितबद्ध है, उस तारीख को जिसकों उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी, तहसील पेटलावद, जिला-झाबुआ (म.प्र .) को लिखित में भेज सकेगा ।

!

-: अनुसूची:- י

क्रं. जिला

खसरा क्रमांक

तहसील ग्राम/ पटवारी हल्का क्रमांक 1

पेटलावद सागड़िया / 26 झाबुआ

2

3

4

5

6

7

8

9

10

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हें. में) 737

0.010

738

0.020

736

0.010

0.030

735

734

0.048

742

0.011

637/1

0.006

641

0:068

642

0.019

644

0.001 भाग 1 ]

1253 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्र. जिला तहसील 11

पेटलावद झाबुआ

12

13

14

15

16

17

18

19

20

21

22

23

24

25

26

27

28

29

30

31

32

33

34

35

36

37

38

39

40

41

42

43,

खसरा क्रमांक

ग्राम/पटवारी हल्काक्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हें.में) 665

0.034

सागड़िया / 26

648

0.038

649

0.028

650

0.026

651

0.024

653

0.024

666

0.004

667

0.013

0.130

604

603

0.036

588/1

0.029

390/2

0.068

588/2

0.029

580

0.005

581

0.024

385/2/1

0.004

0.027

582

0.010

384

371

0.015

0.018

553/1

553/2

0.010

553/3

0.002

0.002

553/4

0.060

560/2

0.006

549/1

549/2

0.006

546/1

0.002

546/3

0.002

546/5

0.002

542/1

0.044

540

0.019

372

0.013

387/2

0.010 1254

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्रं. जिला

खसरा क्रमांक

तहसील ग्राम/ पटवारी हल्का क्रमांक 44 झाबुआ पेटलावद | सागड़िया / 26

1

45

46

47

48

49

50

51

52

क्र.-433 - भू-अर्जन-री - 1-16-17.- उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हें. में ) 263/3

0.028

263/1

0.010

263/5

0.020

263/2

0.010

263/4

0.032

258

0.028

247/1

0.024

0.022

248

249

0.004

1.165

कुल योग :-

एतद् द्वारा सर्व साधारण को सूचित किया जाता है, कि माही परियोजना, तहसील पेटलावद, जिला- झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है ।

अतएव राज्य सरकार को ग्राम अनन्तखेड़ी, तहसील पेटलावद, जिला-झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतित होता है, कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है, उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावें ।

अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट्स (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम (क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आश्य की घोषणा करती है ।

कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि कें हितबद्ध है, उस तारीख को जिसकों उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी, -तहसील पेटलावद, जिला- झाबुआ (म.प्र. ) को लिखित में भेज सकेगा । 1255 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

-: अनुसूची :-

खसरा क्रमांक

क्र. जिला तहसील ग्राम/ पटवारी हल्का क्रमांक

उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हैं.में)

0.046

848/1

1

अनन्तखेड़ी / 26

पेटलावद

झाबुआ

0.034

843

2

0.003

844

3

0.014

842

4

0.023

825

5

0.010

820/1

6

0.010

820/2

7.

0.010

820/3

8

0.010

820/4

9

0.010

820/5

1.0

0.010

820/6

11

0.010

820/7

12

0.010

819

13

0.020

809

14

0.015

808

15

0.035

806

16

0.004

805

17

0.015

729/1

18

0.010

729/2

19

0.010

729/4

20

0.015

729/8

21

0.015

729/9

22

0.010

729/10

23

0.003

725

24

0.023

731

25

0.033

733

26

0.065

724/1

27.

0.045

724/2

28

0.041

419/1

29

0,036

419/2

30

0.015

418

31

0.020

305/1

32

0.030

413/2

33

0.030

304/2

34

0.690

कुल योग:-

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अरुणा गुप्ता, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1256

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर , जिला मन्दसौर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

मन्दसौर , दिनांक 16 मार्च 2016

क्र. 780- रीडर- 2016-प्र. क्र. 08- अ- 82-15-16.-

चूंकिम. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम दुधली तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस कां विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।

क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तोस्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।

अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -

क्षेत्रफल - रकबा 3.651है.

जिला - मन्दसौर

तहसील - भानपुरा ग्राम - दुधली अनुसूची (1 )

विवरण

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है .) स. क्रं.

असिंचित कुल

सिंचित

5

4

3

2

1

3.651

0.000

3.651

1

दुधली

3.651

0.000

3.651

योग

अनुसूची(2)

भानपुरा नहर परियोजना यूनिट

प्रभावित भूमि प्रभावित कृषक का नाम

कुल

असिंचित

सिंचित

कुल भूमि का रकबा

खसरा नम्बर

स. क्रं.

7

6 .

5.

3

2

1

0.235

0.000

0.235

1.000

130

1 बालाराम फुलचंद पिता मांगु चमार नि. ग्राम

0.285

0.000

0.285

1.210

128

2 घासीलाल रतनलाल पिता उदा बंजारा चमार 1257

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

0.130

0.000

0.130

1.120

125/3

3 कंस्तुरीबाई पति गणपत बंजारा नि. ग्राम

0.000 0.290

0.290

1.240

123

4 शोभाराम पिता काना गुर्जर नि. सानड़ा

0.095

0.000

0.095

0.390

122

5

0.060

0.000

0.420 0.060

नोला घुरा रग्गा जयराम प्रभुलाल पिता लालु पारीबाई बेवा लालु बंजारा चमार गोरधनपुरा 108

0.035

0.000

0.035

0.990

121

6 कजोड़ा रोडु नन्दुबाई पिता बालु व जानीबाई बेवा बालु बंजारा चमार नि. ग्राम

0.053

0.000

0.053

1.860

101

7 पुरीलाल मदनलाल पिता मुकंदलाल व रतनीबाई बेवा मुकुन्दलाल कुम्हार नि. ग्राम

0.480

0.000

1.870 0.480

102

8 मांगीलाल पिता रुपलाल मोहनलाल पिता रुपलाल कुम्हार नि. सानड़ा

0.086

0.000

1.860 0.086

9

97

नेपाल पिता धन्नालाल भुलीबाई बेवा धन्नालाल कुम्हार नि. सानड़ा

0.020

0.000

0.020

0.050

99

10 भागीरथ बसंतीलाल प्रभुलाल मनोहरलाल पुरीबाई केशरबाई सोहनबाई बसंतीबाई पिता कंवरलाल व पुरीलाल पिता मुकुनलाल पालकबाई पूरीलाल रतनीबाई बेवा मुकुनलाल गोपाल पिता धन्नालाल ना.बा. पालन कर्ता भुलीबाई व भुलीबाई बेवा धन्नालाल व मांगीलाल सोहनबाई पिता रुपलाल कुम्हार नि. सानड़ां

0.319

0.000

0.319

35 2.100

11 शिवलाल द.पु. शालीगराम भील नि. कालाकोट

0.034

0.0340.000

1.570

33

12 चैनसिंह पिता तुफानसिंह अ.पा.क. सज्जनसिंह पिता सुल्तानसिंह राजपुत नि. गोरधनपुरा मजरा रामनगर

0.400

1.310

13

30/2

कान्हा उर्फ कन्हैयालाल पिता पन्ना अहीर नि. कालाकोट

0.250

0.000

0.250

0.600

29/2

14 जगदीश पिता प्रहलाद व बाबुलाल पिता प्रहलाल ना.बा. अ.पा.क. काका जीतमल पिता नारायण व जीतमल पिता नारायण नि. कालाकोट बजरंग पिता रामलाल धाकड़ नि. नियामतखेडी तह. रामगंजमंड़ी

0.380

0.000

0.380

0.960

27/1

15 गिरीराजसिंह पिता शंभुसिंह राजपुत नि. सानड़ा

0.120

0.000

0.120

0.430

24

16 कालु पिता चम्पा धाकड़ नि. कालाकोट

0.355

0.000

0.355

1.630

22

0.024

0.000

0.024

0.320

23

17 रामचन्द्र पिता सेवा कालु पिता चम्पा विमलचन्द्र पिता गुलाबचन्द्र धाकड़ नि. कालाकोट

3.651

0.000

3.651

20.930

योग

किया जा सकता है.

नोट : - भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में 1258

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्र. 786- रीडर- 2016-प्र. क्र. 09- अ- 82-15-16.- चूंकि म. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्यशासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम बडोदिया तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है । क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तोस्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।

अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -

क्षेत्रफल- रकबा 2.430हे .

ग्राम - बडोदिया

जिला - मन्दसौर

तहसील - भानपुरा

अनुसूची ( 1 )

विवरण

सं. क्रं.

2

1

बडोदिया

1

योग

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है .)

असिंचित कुल सिंचित

5

4

3

2.430

0.000

2.430

2.430

0.000

2.430

अनुसूची (2)

भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2

प्रभावित कृषक कानाम

खसरा नम्बर स. क्रं.

3

2

1

58पै.

1 करणसिंह पिता भीमसिंह राजपुत नि. ग्राम

58पै.

2

ग्राम भगवानसिंह पिता भीमसिंह राजपुत नि.

प्रभावित भूमि

असिंचित

सिंचित

कुल भूमि का रकबा

कुल 7

6

0.110

0.000

0.110

1.500

0.057

0.000

0.057

1.068 1259

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

3

58पै. 1.500

0.000

0.158

0.158 इन्दसिंह पिता केशरसिंह सो . रा. नि. ग्राम

4

53

1.411

0.210

0.210 0.000 सज्जनसिंह पिता रामसिंह राजपुत नि. ग्राम

5

1.500

0.325

4.7पै.

0.325 0.000 भुवानीसिंह पिता केशरसिंह राजपुत नि. ग्राम

6

31/6/ 10.700

0.210 0.000 0.210 लाभुंबाई पति प्रभुसिंह लीलाबाई पति बालुसिंह राजपुत नि. बडोदिया

7

0.205 0.000

31/1पै . 2.000

0.205 बनेसिंह पिता नाहरसिंह राजपुत नि. बडोदिया

8

31/1चे. ! 1.300

0.300 भारतसिंह पिता बहादुरसिंह राजपुतनि. ग्राम

9

0.245 0.000 0.245

31/2पै. 1.035

उदेसिंह पिता केशरसिंह राजपुत नि. ग्राम

10

1.000 0.160 0.000 0.160

24पै.

वरजीबाई पति देवा चमार नि. दुधली

11

1.500

0.450

0.450 0.000

21पै.

शम्भुसिंह पिता बापुसिंह राजपुत नि. ग्राम

योग

14.514 2.430 0.000 2.430 नोट:- भूमि का नक्षा (प्लान) निरीक्षण भू.अर्जन अधिकारी उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है । क्र. 792-रीडर- 2016-प्र. क्र. 10-अ-82-15-16.-

चूंकिम. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम गोर्वधनपुरा तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।

क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तोस्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।

अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -

क्षेत्रफल रकबा 0.415है.

जिला - मन्दसौर

तहसील - भानपुरा ग्राम- गोर्वधनपुरा 1260

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

अनुसूची (1)

विवरण

स. क्रं.

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा( है. )

असिंचित

सिंचित

कुल

4

5

3

2

1

0.415

0.415 0.000

1

गोर्वधनपुरा

0.415

0.000

0.415

योग

अनुसूची (2)

भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2

प्रभावित भूमि प्रभावित कृषक का नाम

खसरा नम्बर

असिंचित

कुल भूमि का रकबा

स. क्रं.

सिंचित

कुल

7

4

6

5

3

2

1

0.140

0.000

1.000 0.140

87/1

1. प्रकाश पिता घासी व दाखीबाई पति प्रकाश चमार निवासी दुधली

0.275

0.000

0.275

87/2 1.000

2. वरदुबाई पति देवा चमार निवासी दुधली

2.000 0.415 0.000 0.415 योग

नोट: - भूमि का नक्षा (प्लान) निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है । क्र. 798- रीडर - 2016- प्र. क्र. 11 - अ-82-15-16.-

चूंकिम. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 केअन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम आमझरी तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है।-

क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तो स्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।

अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -

क्षेत्रफल- रकबा 1.418है.

ग्राम आमझरी

जिला - मन्दसौर

तहसील - भानपुरा 1261

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

अनुसूची (1)

विवरण स. क्रं.

2 1

आमझरी 1

योग

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है. )

असिंचित

सिंचित

कुल

5

4

3

1.418

0.000

1.418

1.418

0.000

1.418

अनुसूची (2)

भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2

प्रभावित कृषक का नाम स. क्रं.

2

1

1 कंवरलाल पिता प्रभुलाल कुल्मी नि. आमझरी 2 राधेश्याम पिता प्रभुलाल कुल्मी नि. आमझरी 3 नाथूलाल पिता भेरुलाल कुल्मी नि. आमझरी 4 राधेश्याम गोरधनलाल पिता गंगाराम व भेरुलाल बालु पिता नन्दराम इश्वरचंद राकेश पिता नन्दराम राजुबाई सीताबाई पिता नन्दराम नाईनि.सानड़ा

5 लीलाबाई पति राधेश्याम नाई निवासी सानड़ा 6 रतनलाल जगन्नाथ रामनिवास राधेस्याम पिता कालुराम हुड़ीबाई बेवा कालुराम नि. आमझरी

योग

प्रभावित भूमि

असिंचित

कुल भूमि का रकबा सिंचित

खसरा नम्बर

कुल

7

6

5

4

3

0.250

0.000

0.250

1.120

234

0.025

0.000

0.025

0.700

233

0.010 0.130

232

0.290

0.000

0.290

4.390

228

0.068

0.000

0.068

0.650

187

0.220

0.220 0.000

0.220

229

0.060 0.060

186

0.015

0.015 0.000

0.320

230

0.480

0.000

0.480

1.650

188

1.418

0.000

1.418

9.240

नोट:- भूमि का नक्षा (प्लान) निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है । [भाग 1 1262

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्र. 804- रीडर - 2016- प्र. क्र. 12- अ-82-15-16.-

चूंकि म . प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम सानड़ा तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।

: क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रयं कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तोस्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।

अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -

क्षेत्रफल रकबा 2.182है.

ग्राम - सानड़ा

जिला - मन्दसौर

तहसील - भानपुरा

अनुसूची (1)

विवरण

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है .) स. क्रं.

असिंचित

सिंचित

कुल

5

4

3

2

1

2.182

0:000

2.182

1

सानड़ा

2.182

0.000

2.182

योग

अनुसूची (2)

भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2

प्रभावित भूमि प्रभावित कृषक का नाम

असिंचित

सिंचित

कुल

कुल भूमि का रकबा

खसरा नम्बर

स. क्रं.

7

6

5

4

3

2

1

0.143

0.000

0.143

1.712

243/2

1 लीलाबाई पति उकारलाल भट्ट नि. ग्राम

0:182

0.000

0.182

1.740

244

2 मोडीराम, रतिराम पिता गोर्वधन व घीसीबाई बेवा गोर्वधन बागरी नि. सानड़ा 1263

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

0.000 0.024

0.024

3

0.170

241/1

0.028

0.000

0.028

240

0.330

रतनलाल मांगीलाल प्रभुलाल पिता रामा चमार नि. सानड़ा

0.068

0.000

0.068

0.460

4

241/2/1

राजेन्द्र प्रसाद पिता किशनलाल मीणानि. सानड़ा

0.068

0.000

0.068

241/2/2 0.450

हीरालाल पिता किशनलाल मीणा नि. सानड़ा

0.042 6

0.000

0.470 0.042

239/3

0.000

0.300

0.042

0.042

239/2

मोहम्मद हुसैन कमरुद्दीन जन्नतबी अनिसाबी पिता नूरमोहम्मद जैतुनाबाई बेवा नूरमोहम्मद मुसलमान नि. सानड़ा

7

0.030

0.200

भगतराम पिता नारायण गुर्जर निवासी सानड़ा 239/1

0.020

0.100

238/2

0.075

0.000

8

0.300

238/1

0.075

गोपाल पिता बालु गुर्जर नि. सालड़ा

0.750

9

0.000 0.130

0.130

229/3

रामगोपाल , गंगाराम कंचनबाई मनोहर पिता बालु जाति गुर्जर नि. सानड़ा

0.060 10

0.760

229/1

कारुलाल कैदार मुरलीधर पिता हेमराज सुहागबाई बेवा हेमराज गुर्जर नि. सानड़ा

0.350

1.730

0.000

11

0.350

230

रमेश पिता जगन्नाथ जाति कलाल नि. सानड़ा

0.100

0.980

228

12 भागीरथ पिता लीम्बा व धापुबाई बेवा मांगीलाल गुर्जर नि. सानड़ा

13

225/2

0.070

0.440

शंकरलाल पिता केशुराम गुर्जर नि. सानड़ा

0.990

0.070 14

224

मदनलाल पिता रतनलाल नारायणीबाई बेवा रतनलाल गुर्जर नि. सानड़ा

15

226

0.980

0.070 रामप्रसाद रामदयाल पिता रामलाल व जगदीश बापुलाल रामकुवारीबाईपित्ता मोहनलाल व कस्तुरीबाई बेवा मोहनलाल व छगनलाल पिता नाथु गुर्जर निवासी सानड़ा

222

0.000 0.140

0.980 0.140

0.100

0.610

218/1

16 घासीलाल नन्दकिशोर श्यामलाल फुलबाई सोहनबाई गुड्डीबाई पिता कन्हैयालाल गुर्जर निवासीसानड़ा

17

0.130

0.810-

0.000

0.130

218/2

मदन झमकुबाई धापुबाई विद्याबाई रोशनबाई संतोषबाई पिता रतन व नारायणीबाई बेवा रतन व भागीरथ पिता लिम्बा गुर्जर निवासी सानड़ा

0.052 18

49

0.000

0.580 0.052

दौलतराम पिता नारायण व द्वारकीबाई पति दौलतराम बागरी निवासी सानड़ा

19

4

0.168

0.000

0.440 0.168

नन्दलाल उदेलाल रमेश कंवरलाल केशरीलाल कैलाश गौरखनाथ पिता भंवरनाथ व वरजीबाई बेवा भंवरनाथ बाबा नि. सानड़ा

20

6

0.000

0.020

0.020

0.340

2.182

0.000

2.182

16.622

जगन्नाथ पिता नारायण व द्वारकीबाई पति जगन्नाथ बागरी निवासी सानड़ा योग

नोट :- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी , उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है.

1264

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्र. 810- रीडर - 2016-प्र. क्र. 13- अ- 82-15-16.-

चूंकि म. प्र. शासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम कागल्याखेडी तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।

क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तो स्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।

अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण :

क्षेत्रफल रकबा 0.125है .

ग्राम - कागल्याखेडी

जिला - मन्दसौर तहसील - भानपुरा

अनुसूची (1)

विवरण

स. क्रं.

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है.)

सिंचित असिंचित कुल

2

3

4

5 1

0.125

0.125 0.000

1

कागल्याखेडी

0.000 0.125

0.125

योग

अनुसूची (2)

भानपुरा नहर परियोजना यूनिट-2

प्रभावित भूमि प्रभावित कृषक कानाम

कुल भूमि का रकबा

स. क्रं.

खसरा नम्बर

असिंचित

सिंचित

कुल

7

6 2

3

5

4

1

0.125

0.000

0.350 0.125

78/1

1. रामगोपाल गंगाराम पिता बालु देउबाई बेवा बालु गुर्जर नि. ग्राम

0.125

0.000

0.350 0.125

योग

नोट : - भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है.

1265

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

क्र. 816- रीडर - 2016- प्र. क्र. 14- अ-82-15-16.-

चूंकि म. प्र.ःशासन राजस्व विभाग की आपसी सहमति से भूमि क्रय निति अधिसूचना दिनांक 12/11/2014 एवं राजपत्र दिनांक 14/11/2014 के अन्तर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों की सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसरंचनाओं के लिये समय समय पर निजी भूमि की आवश्यक्ता पड़ती है इस नीति के अन्तर्गत राज्य शासन के विभाग / उपक्रम कार्यपालन यंत्री गांधीसागर बांध संभाग गांधासागर की भानपुरा वाँयी तट नहर योजना के लिये ग्राम ढाबलामाधोसिंह तहसील भानपुरा जिला मन्दसौर की निजी भूमि की आवश्यक्ता है इस का विवरण निम्नानुसार है तथा इसके भूमि स्वामी / भूमि स्वामियों के द्वारा नीति की कण्डिका 10 के अन्तर्गत अर्जन हेतु निर्धारित प्रारुप " ख " में सहमति मुझे प्रस्तुत कर दी गई है ।'

क्रय नीति की आपसी सहमति से भूमि क्रय कंडिका 11 ( 1 ) के अन्तर्गत सर्व साधारण की सूचना के लिये यह सूचना जारी की जाती है कि नीति के अन्तर्गत अर्जित की जा रही भूमि एवं विभाग के पक्ष में क्रय किये जाने पर विचार किया जा रहा है यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ती हो तो वह सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन दिनांक से 15 दिवस की अवधी में अपनी आपत्ती अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में आपत्ती प्रस्तुत कर सकता है नियत अवधी के पश्चात प्राप्त होने वाली आपत्तियों को ना तो स्वीकार किया जावेगा ओर ना ही उन पर किसी प्रकार का विचार किया जावेगा ।

अर्जन की जाने वाली भूमि का विवरण -

क्षेत्रफल - रकबा4.712है .

जिला- मन्दसौर

ग्राम - ढाबलामाधोसिंह

तहसील - भानपुरा

अनुसूची (1)

विवरण

स. क्रं.

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा(है. )

असिंचित

सिंचित

कुल

5

2

3

4.

1:

0.000 4.712

4.712

1

ढाबलामाधोसिंह

4.692

0.000

4.592

योग

अनुसूची (2)

भानपुरा नहर परियोजना यूनिटर

प्रभावित भूमि

खसरा नम्बर

प्रभावित कृषक कानाम

स. क्र.

कुल भूमि का रकबा

असिंचित

सिंचित

कुल

6 1

2

3

0.250

0.000 1

1.013 0.250

66/1/1/1

मनोहर हरिसिंह रमेश पिता नाथु बंजारा [भाग 1 1266

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

0.275 2

2.400

0.000

64

0.275

हजारी पिता गब्बा हेमा जगदीश पिता हरलाल व दल्ला पिता मांगीलाल पुरीबाई बेवा मांगीलाल दयाराम पिता फरसा रुपवती पिता फरसा बंजारा चमार

0.275 3

0.000

63

1.243 0.275

राखीबाई पति गोदुराम बंजारा नि. ग्राम

0.070 4

0.418

66/1/1/2

उदेराम पिता गोरीलाल बंजारा नि. ग्राम

0.275 5

0.000

0.275

102

1.013

धन्नाः पिता केशा बंजारा चमार नि. ग्राम

0.250

0.000

6

0.250

58/3

1.200

रेशमबाई पति जगदीश चमार नि. ग्राम

7

0.155

0.462 0.155 0.000

172

नैनसुख पिता कन्हैयालाल बंजारा नि. ग्राम

8

0.000

0.434 0.155

0.155

171

अमरलाल रमेश सजनबाई पिता मला व कजड़ीबाई बंजारा नि. ग्राम

0.070 9

0.502

170

दुर्गा पिता देवा बंजारा नि. ग्राम

10

0.112

0.112 0.000

182/4

1.000

सुरज पिता नग्गा बंजारा चमार नि. ग्राम

0.220

182/3/2 1.000

11

0.220 0.000

नैनीबाई पति मदनलाल उर्फ पप्पु बंजारा चमार नि. ग्राम

12

0.035

167/3

1.216 0.035 0.000

गोरा पितामानसिंह बंजारा चमार नि. ग्राम

0.015 13

1.195 0.015 0.000

अमरसिंह पिता मला बंजारा चमार नि . ग्राम 165

0.080 14

1.349 0.080 0.000

166/1/2

विष्णु पिता राधेश्याम महाजन नि. ग्राम

0.310

1.440 0.310 0.000

164

15 प्यारीबाई बेवा खेता व विजयसिंह पिता खेता बंजारा नि. ग्राम

0.270

0.486

0.000

119/2

0.270

16 सलाबाई पति लक्ष्मीचंद बंजारा नि. ग्राम

2.529

0.005

118/3

17 योगेन्द्रसिंह पिता महेन्द्रसिंह राजपुत नि. ग्राम

0.450

0.000

18

0.450

0:914

भुपेन्द्रसिंह पिता महेन्द्रसिंह राजपुत नि. ग्राम 118/2

0.000 0.165 19

0.165

131/2/1 0.405

चन्द्रकला पति नन्दकिशोर तेली

20

0.235

0.000

131/2/5 1.011 0.235

सोजी पिता उकारलाल बंजारा नि. केरा तलाई

21

623/2

2.023

0.000 0.375

0.375

गुजीबाई पति रतनलाल बंजारा नि. ग्राम

22

0.627

0.000 0.190

624/2/1

0.190

रामलाल पिता रतनलाल बंजारा नि. ग्राम

0.205

0.000

0.627 0.205

624/2पै.

23 मोहनलाल पिता हेमराज कमलाबाई पति नारायण बंजारा नि. ग्राम

0.005

136

0.418

24 जैसिंह मनसा मेम्बर जगदीश

25

0.000 0.005

0.005

138

0.304

उदा पिता भाना बंजारा

26

0.000 0.080

625/2

0.080

1.011

सुरेश पिता हीरालाल पाटीदार नि. ग्राम

625/3

0.080

1.012

27 विकास पिता रमेशचन्द्र पाटीदार

28

0.080

0.000

1.012 0.080

625/4

विनोद कुमार पिता प्रकाशचन्द्र पाटीदार नि. कागल्याखेडी

4.69.2

0.000

4.69.2

योग

28.264

नोट :- भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी, उपखण्ड गरोठ के कार्यालय में किया जा सकता है .

1267

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

मन्दसौर, दिनांक 28 मार्च 2016

क्र. 897-2016-प्र. क्र. 01-अ-82-15-16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक . 1 में आक्याबीका तालाब योजना तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर की तालाब योजनान्तर्गत ग्राम आक्याबीका के लिए आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची (2) के उल्लेखित है । अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 19 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।

अनुसूची (1 )

आक्याबीका

ग्राम

विवरण

स. क्र.

2

1

1 नीजी भूमि

2 शासकीय पट्टेदारों की भूमि

2

कुल योग

आक्याबीका तालाब योजना

तहसील - मल्हारगढ़ अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हे. ) सिंचित

असिंचित

कुल

5

4

3

0.680हे.

0.160 हे.

0.520 हे.

2.920 हे

0.880 हे

2.040 हे.

3.600 हे.

1.040 हे.

2.560 हे.

अनुसूची (2)

ग्राम-आक्याबीका , तहसील - मल्हारगढ़ , जिला- मन्दसौर आक्याबीका तालाब योजना में आने वाली निजी भूमि का विवरण

प्रभावित

सं. क्र.

कृषक का नाम

2

(1)

जगदीशदास पिता किशनदास बैरागी

1

2 सोहनबाई पति दामोदार दास

कैलाशचन्द्र पिता भेरूलाल लोहर

3

दोलतराम पिता केशुराम

5

रामकुवर बेवा चुन्नीलाल, भागीरथ ,जमनालाल पिता चुन्नीलाल

6 प्रदीप पिता जादूलाल बलाई (शास . पटा. ग्रहिता) 7 बाबुलाल पिता किशनलाले चमार (शास .पटा. ग्रहिता) 8 रमेश पिता लक्ष्मण बलाई (शास .पटा. ग्रहिता) 9. कैलाश पिता लक्ष्मण बलाई (शास. पटा. ग्रहिता) 10 शांतिबाई बेवा मांगीलाल खटीक (शास.पटा. ग्रहिता) कारूलाल पिता हिरालाल चमार (शास.पटा. ग्रहिता) 11

कुल योग

प्रभावित भूमि खसरा नम्बर

असिंचित कुल

सिंचित

कुल भूमि का रकबा

6

5

4

(3

0.080

0.080

1.430

127/1

0.090 0.320

0.090

136/1

0.050 0.550 0.050

132/1

0.320 0.660 0,320

147/3

0.140

0.140

0.950

132/2

0.500

0.220

0.500

0.280

125/2

0.650

0.250

0.650

0.400

142

0.410

0.410

156

0.410

0.100 160

0.620

0.100

0.510

0.200

0.510 0.310

161

0.750 0.750 0.750

239/2

0.880 3.600

2.720

7.350

भूमि के नक्शे का निरीक्षण भू अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ के कार्यालय में किया जा सकता है । [भाग 1 1268

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्र. 898-2016-प्र. क्र. 02-अ-82-2015-16.-

चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक 1 में दौरवाडा योजना तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर की तालाब योजनान्तर्गत ग्राम दौरवाडा के लिए आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची (2) के उल्लेखित है । तालः

अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 19 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।

अनुसूची (1)

तहसील- मल्हारगढ़

दौरवाडा

ग्राम

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हे.)

विवरण

क

असिंचित

सिंचित

कुल

3.26

1.91

1.35

1

नीजी भूमि

3.26

1.91

1.35

कुल योग

दौरवाडा तालाब योजना

ग्राम दौरवाडा , तहसील- मल्हारगढ़ , जिला-मन्दसौर

अनुसूची (2)

दौरवाडा तालाब योजना में आने वाली निजी भूमि का विवरण

खसरा

प्रभावित भूमि

प्रभावित

सं.

कुल भूमि

असिंचित

सिंचित

नम्बर का रकबा

कुल

क्र.

कृषक का नाम

6

5

4

2

3

1

0.22

0.22

0.24

1856

1

कॅवरबाई, बापूसिंह, जसवंतसिंह , हरिसिह पिता सज्जनसिंह

0.01

1.00

0.99

1.01

1968

2

भेरूसिंह , बापूसिंह, उदयसिंह, सज्जनसिंह पिता रूपसिंह काशीबाई बेवा रूपसिंह

0.07

0.07

1901

0.37

3 बापूसिंह पितः नाथूसिंह राजपूत

0.05

1900

0.05

0.37

4

मनोहरसिंह, हरिसिंह पिता उदयसिंह कंचनबाई बेवा उदयसिंह राजपूत

0.02

0.35

0.02

5 भगतसिंह पिता भंवरसिंह जाति सो. राजपूत

1837/1 /मिन-2

0.40

0.40

0.71

1910/2

मुकेश पिता रामलाल लीलाबाई पति मुकेश जाति मेहतर (शास. भूमि का पटटेदार)

0.50

0.50

0.50

1988/1

7

दिनेश पिता भुवानः प्रेमलता पति दिनेश (शासकिय भूमि पर पटटेदार)

0.50 0.50

0.50

1988/3

8

राकेश पिता भुवान संगिताबाइ पति राकेश (शासकिय भूमि पर पटटेदार)

0.50

0.50 0.50

1988/4

9

राजेश पिता वान उशाबाई पति राजेश शासकिय भूमि पर पटटेदार)

1.35

3.26

4.55

1.91

कुल योग

भूमि के नक्शे का निरीक्षण भू अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ के कार्यालय में किया जा सकता है ।

क्र. 899-2016-प्र. क्र. 03-अ-82-2015-16.-

चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक 1 में दौरवाडा तालाब योजना तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर की तालाब योजनान्तर्गत ग्राम तलाब पिपलिया के लिए आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची (2) के उल्लेखित है ।

अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 19 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्. वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।

अनुसूची (1) ...

ग्राम तलाव पिपलिया

तहसील मल्हारगढ़

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा (हे. )

क

विवरण

सिंचित

असिंचित

कुल

1.50

4.19

2.69

1

नीजी भूमि

4.19

2.69

1.50

कुल योग 1269

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

दौरवाडा तालाब योजना

ग्राम- तलाव पिपलिया , तहसील - मल्हारगढ़ , जिला- मन्दसौर

अनुसूची (2)

दौरवाडा तालाब योजना में आने वाली निजी भूमि का विवरण

प्रभावित

सं क्र.

कृषक का नाम

1

2

1

अर्जुनसिंह पिता भंवरसिंह, सुमित्राबाई बेवा भंवरसिंह जाति सो. राजपुत

2 प्रेमसिंह पिता अमरसिंह जाति सो.राज.

डूंगरसिंह , मदनसिंह पिता मानसिंह 3

4

कमलसिंह पिता मदनसिंह, अर्जुनसिंह पिता डूंगरसिहं जाति सो. राजपुत कमलसिंह पिता मदनसिंह जाति सोः राज.

5.

6

दिलीपसिंह ,नरेन्द्रसिंह पिता करणसिंह जाति सो.राजपुत

7

ईश्वरसिंह पिता गंगारामसिंह जाति सो. राजपुत

8

रामसिंह , ईश्वरसिंह, लक्ष्मणसिंह पिता गंगारामसिंह, प्रेमसिंह , रायसिंह पिता अमरसिंह , शीतलसिंह पिता उकारसिंह जाति सो. राजपुत

9 मोडसिंह पिता लालसिंह

हरीसिंह पिता धासीसिंह जाति सो. राजपुत 10

11

हरिसिंह पिता धांसीसिंह हि. 1/2 वापूसिंह, भोपालसिंह , उदयसिंह,

जुझारसिंह पिता लालसिंह जाति सो. राज.

कारू पिता कान्हा व भारतीबाई पति कारू 12जाति चमार

(शासकिय भूमि पर पटटेदार )

13

नानूराम पिता मांगीलाल जाति भील (शासकिय भूमि पर पटटेदार)

14

नारू पिता ५ रथा जाति भील (शासकिय भूमि पर पटटेदार)

15

बगदीबाई बेवा रामा जाति भील (शासकिय भूमि पर पटटेदार )

कुल योग

प्रभावित भूमि

असिंचित

सिंचित

खसरा नम्बर

कुल भूमि का रकबा

कुल 3

4

5

6

0.48

0.48

0.48

827 मिन-2

0.16 0.16 0.59

792

0.06

0.01

0.06

0.05

797 मिन-4

0.02

0.03

0.01 0.03 701

0.15

0.15

0.15 700 मिन-2

0.08

0.08

0.08

703 मिन-2

0.04

0.04 0.04 797 मिन-2

0.25

0.25

0.25 0.19

0.19

0.19 797 मिन-3 796 मिन-1

0.30

0.27

0.03

0.21

0.21

796 मिन-2 797 मिन-1

0.07

0.07

798 मिन-1

0.17

0.37

मिन-1 794

793

1.24

0.30

0.50

1.00

835 मिन-1

0.40

0.50

835 मिन-2

0.40

0.50

835 मिन-3

0.40

0.50

835 मिन--4

4.19

2.69

1.50

6.56

भूमि के नक्शे का निरीक्षण भू अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ के कार्यालय में किया जा सकता है । [भाग 1 1270

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्र. 900-2016-प्र. क्र. 04-अ-82-15-16.-

चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक 1 में टिडवास से बडा हिगोरिया (व्हाया बरखेडा डागी ) मार्ग के ग्राम बरखेडा डांगी तहसील मल्हारगढ़ जिला मन्दसौर की मार्ग के ग्राम बरखेडा डांगी मार्ग योजनान्तर्गत ग्राम बरखेडा डांगी के लिए आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृष गर, सर्वे क्रम. कवार विवरण अनुसूची (2) के उल्लेखित है ।

अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 19 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।

अनुसूची (1)

तहसील - मल्हारगढ़ बरखेडा डांगी

ग्राम

अर्जित की जाने वाली भूमि का रकबा वर्म मीटर में विवरण

असिंचित

कुल

सिंचित

स. क्र.

5

4

3

2

1

3150 वर्ग मी.

1470 वर्ग मी.

1680वर्ग मी.

1 नीजी भूमि

3150 वर्ग मी.

1470 वर्ग मी.

1680वर्ग मी.

कुल योग

अनुसूची (2)

टिड न से बडा हि गोरिया (व्हाया बरखेडा डागी) मार्ग ग्राम- बरखेडा डांगी , तहसील- मल्हारगढ़ , जिला- मन्दसौर

टिडवास से बडा हिंगोरिया (व्हाया बरखेडा डागी मार्ग ) में आने वाली निजी भूमि का विवरण

प्रभावित भूमि प्रभावित

असिंचित

सिंचित

कुल

खसरा नम्बर

कुल भूमि का रकबा

सं. क्र.

कृषक का नाम

6

5

4

3

2

1

270वग मीटर

0.040

730 पे. 2

1

270 वर्ग मीटर्र

राधाबाई पति मूलचंद खटीक निवासी संजीत

960वर्ग मीटर

0.150 960 वर्ग मीटर

734/1

अमरसिंह, मोतीलाल, हीरालाल 2 पिता पुरालाल जाति डांगी निवासी बरखेडा डांग

0.180

720 वर्ग मीटर

736

720 वर्ग मीटर हिरालाल पिता रूपा जाति 3 डांगी निवासी बरखेंडा डागी

701 पे 2 0.180

720 वर्ग मीटर 4

720 वर्ग मीटर बालु पिता मांगीलाल जाति डांगी निवासी बरखेडा डागी '

0.070

739/2

480 वर्ग मीटर

480 वर्ग 4मीटर नाथीबाई बेवा रामलाल , बालुराम, 5। केलाश पिता रामलाल डांगी निवासी बरखेडा डागी

1680 वर्ग मी.

3150 वर्ग मी.

1470 वर्ग मी.

कुल योग

:

भूमि के नक्शे का निरीक्षण भू अर्जन एवं अनुविभागीय अधिकारी मल्हारगढ के कार्यालय में किया जा सकता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

स्वतंत्र कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1271 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन भोपाल

भोपाल , दिनांक 12 अप्रैल 2016

क्र. एफ- 3-107-2015- अठारह 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक-1 सन् 2012 ) की धारा 23-" क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा इस विभाग की सूचना क्रमांक- एफ- 3- 107-2015 - अठारह -5, दिनांक 16-11-2015 द्वारा प्रस्तावित किये गये अनुसार प्रवर्तित खण्डवा विकास योजना , 2011 में निम्नानुसार उपांतरण की पुष्टि करती है . उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं:-

अनुसूची

खसरा क्र .

क्रमांक ग्राम

क्षेत्रफल हेक्टेयर में

उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू-उपयोग (6) (2)

(3)

विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)

(4)

(1)

आवासीय 1/5

1 ग्राम चिराखान

सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक

7.77 हेक्टेयर में से 3.00 हेक्टेयर.

योग 3.00 हेक्टेयर

1. भूमि जिस प्रयोजन हेतु आवंटित की गई है, उससे भिन्न उपयोग प्रतिबंधित रहेगा.

2. उक्त उपांतरण खण्डवा विकास योजना 2011 का एकीकृत भाग होगा.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. के साधव, उपसचिव.

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय , कलेक्टर , जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश

नरसिंहपुर, दिनांक 7 अप्रैल 2016

क्र. 124- भू- अर्जन-2016 .- एनटीपीसी पावर प्लांट में जल परिवहन हेतु मध्यप्रदेश भूमिगत पाइप लाइन केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 के अन्तर्गत भूमिगत पाइप लाइन बिछाने के लिए निजी भूमि के अर्जन हेतु अग्रिम कार्यवाही के लिए श्री राजेन्द्र राय , संयुक्त कलेक्टर व जिला भू-अर्जन अधिकारी , नरसिंहपुर को पदेन सक्षम पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है.

सक्षम पदाधिकारी मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 30 अगस्त 2013 में प्रकाशित भाग 4 ( ग) अंतिम नियम राजस्व विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल दिनांक 29 अगस्त 2013 के तहत कार्य करेगा

नरेश पाल , कलेक्टर.

1272

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

दमोह, दिनांक 22 मार्च 2016

क्र. 1138 - भू.अर्जन - तेन्दूखेड़ा- 2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भू- अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 11 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गयी शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -

अनुसूची

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम/नगर लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) तहसील/ तालुका

(4) (1) (2)

(3)

0.78 जबेरा

दमोह

घाट बम्होरी

धारा 11 की उपधारा

सार्वजनिक प्रयोजन

का वर्णन

( 1 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

बांदकपुर- बलारपुर वनमार्ग मार्ग पर व्यारमा नदी पर उच्च स्तरीय पुल.

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग , सागर, मध्यप्रदेश.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तेन्दूखेड़ा ( दमोह ) तथा कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग , सेतु निर्माण संभाग , सागर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीनिवास शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

ग्वालियर, दिनांक 22 मार्च 2016

प्र. क्र. 12 - अ - 82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है, कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा . राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/ सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा -11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टर में )

(4) (2)

(1)

0.280 ग्वालियर

(3) सुपावली

ग्वालियर

1096/1 मिन2 1098/मिन1

0.120

1096/1 मिन3 1098/मिन2 1122

0.050

कुल रकबा 0.450

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

हरसी उच्च स्तरीय नहर शीतला माता शाखा नहर की 1 एल/4 आर नहरके निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्र. 2 डबरा, जिला ग्वालियर.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(2) 1273

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

प्र. क्र. 24- अ-82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है , कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा , अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है , इस कारण धारा -11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन

लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील

ग्राम

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टर में) (2)

(4)

(3)

(1) ग्वालियर ग्वालियर सिरसौद

1242 971

0.03 0.03

कुल रकबा 0.06

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 1 डबरा , जिला

ग्वालियर.

(6) हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर की 1 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(

प्र. क्र. 25 - अ- 82-14-15- भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है , कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/ सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा- 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील

सर्वे

नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(4) (2)

(3)

0.02

127

ग्वालियर चपरोली

(1) ग्वालियर

0.02

कुल रकबा

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6)

हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च- स्तरीय नहर संभाग क्र . 2 डबरा, जिला ग्वालियर.

माता शाखा नहर की 1 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1274

प्र. क्र. 26- अ- 82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है, कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा -11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

लगभग क्षेत्रफल जिला

भूमि का वर्णन ग्राम

तहसील

सर्वे नम्बर

रकबा (हेक्टर में)

(3)

(2)

(4) (1)

ग्वालियर दयेली

ग्वालियर

0.10 0.10

100 कुल रकबा

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(6)

हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला (5) कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च- स्तरीय नहर संभाग क्र. 2 डबरा, जिला ग्वालियर.

माता शाखा नहर की 1 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

(2 )

प्र. क्र. 27- अ- 82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है, कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा , अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा . राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/ माईनर नहर/सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा -11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -

अनुसूची

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल तहसील

जिला

रकबा

सर्वे नम्बर (हेक्टर में)

(4) (1)

0.08 ग्वालियर

(2) ग्वालियर सुपावली (3)

2490/11 2490/2

2500

0.04

0.12

कुल रकबा

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(5)

कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च- स्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , डबरा, जिला ग्वालियर

(6) हरसी उच्चस्तरीय नहर की शीतला माता शाखा नहर की 2 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

भाग 1 ]

1275

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

प्र. क्र. 28- अ-82-14-15- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को , इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है , कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है . मुख्य नहर/माईनर नहर/ सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है , इस कारण धारा-11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

लगभग क्षेत्रफल

सर्वे

रकबा

नम्बर

(हे. में)

(4) (2)

0.02

(3) जखारा

(1) ग्वालियर ग्वालियर

2234 कुल रकबा 0.02

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(6)

हरसी उच्च स्तरीय नहर की शीतला (5) कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्र. 2, डबरा , जिला ग्वालियर.

माता शाखा नहर की 2 एल मायनर नहर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय, भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

प्र. क्र. 29- अ-82-14-15 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को, इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है, कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा. राज्य शासन, इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है . मुख्य नहर/माईनर नहर/ सब माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है, इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

भूमिका वर्णन

लगभग क्षेत्रफल जिला तहसील

ग्राम

रकबा

सर्वे

नम्बर

(हे. में)

(4) (2) ग्वालियर

(3) बिल्हैटी

0.05 (1) ग्वालियर

0.05

1963 कुल रकबा

सार्वजनिक प्रयोजन

कावर्णन

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

(5)

(6) हरसी उच्च स्तरीय नहर की शीतला कार्यपालन यंत्री, हरसी उच्च स्तरीय नहर संभाग क्र. 2, डबरा , जिला ग्वालियर.

माता शाखा नहर की 4 एल मायनर के निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू-अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

1276

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन

उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

रीवा, दिनांक 7 अप्रैल 2016

प. क्र. 1056 - प्रशा. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) के उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर के अमिलकी वितरक के माईनर एवं सबमाइनर में आने वाले अधिकांश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-

भूमि का विवरण

जिला तहसील नगर/ग्राम

(2)

(3)

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4)

1.500

परसा-348

(1) रीवा

रायपुर कर्चुलियान

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा. (मध्यप्रदेश) .

(6) बहुती नहर के अमिलकी वितरक नहर के माइनर क्र . 4 के निर्माण कार्य हेतु.

रीवा , दिनांक 11 अप्रैल 2016

प. क्र. 1078 - प्रशा. - भू-अर्जन- गोविन्दगढ़. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि- अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4) (1)

0.100 रीवा

करौदी

गुढ़

प.ह.नं. 8

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

करौदी 0.100 हे. बाणसागर परियोजना के अंतर्गत गुढ़ - मऊगंज उदवहन् निर्माण नहर कार्य सार्वजनिक प्रयोजन.

(5) कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 2 गोविन्दगढ़ , रीवा (म. प्र. )

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.

1277

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

प. क्र. 1080 - प्रशा. - भू-अर्जन- गोविन्दगढ़. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4)

(3)

(2)

(1)

0.495

पांती

रीवा

गुढ़

370

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन

धारा 11 की उपधारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

पांती 0.495 हे. बाणसागर परियोजना के अंतर्गत गुढ़ - मऊगंज उदवहन् निर्माण नहर कार्य सार्वजनिक प्रयोजन.

कार्यपालन यंत्री, भू-अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 2 गोविन्दगढ़ , रीवा ( म. प्र. )

(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .

प. क्र. 1082 - प्रशा.- भू-अर्जन- गोविन्दगढ़. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई योजना के निर्माण चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-

भूमि का वर्णन

तहसील

जिला

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4) (1)

(2) (3)

0.033 रीवा

महाडांडी

गुढ़

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

महाडांडी 0.033 हे. बाणसागर परियोजना

के अंतर्गत गुढ़ - मऊगंज उदवहन् निर्माण नहर कार्य सार्वजनिक प्रयोजन.

कार्यपालन यंत्री , भू- अर्जन एवं पुनर्वास संभाग क्र. 2 गोविन्दगढ़ , रीवा ( म. प्र. ) .

( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .

1278

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

प. क्र. 1084- प्रशा .- भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(4) 13.90

(3) सरदा

(2) रामपुर नैकिन

(1) सीधी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .

प. क्र. 1086 - प्रशा. - भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है : -

भूमि का वर्णन ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में)

(3) पटना

(4) 8.94 (1) सीधी

(2) रामपुर नैकिन

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6) बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.

1279

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

प. क्र. 1088 - प्रशा.- भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-

जिला तहसील

भूमि का वर्णन ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(4)

(3)

20.66

मझिगवाँ

रामपुर नैकिन

(1) सीधी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.

(2 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.

प. क्र. 1090- प्रशा. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि बहुती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-

भूमि का वर्णन

ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(3)

(4) (1)

19.80 रामपुर नैकिन करियाझार

सीधी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन .

कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.

( 2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .

1280

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

प. क्र. 1092 - प्रशा. - भू-अर्जन-2016 . - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है , कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि वहती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-

भूमि का वर्णन

जिला

ग्राम

तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)

(2)

(3)

(4)

44.10 सतना

रामनगर हिनौती

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों का अर्जन.

कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल

(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .

प. क्र. 1094- प्रशा. - भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है, कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. भूमि-अर्जन और पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा, इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूं. चूंकि वहती नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है और इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-

भूमि का वर्णन

जिला तहसील

ग्राम

लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)

(4) 10.70

(3) डेंगरहा

रामनगर

(1) सतना

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(5) कार्यपालन यंत्री, रॉकफिल बांध संभाग देवलोंद, जिला-शहडोल.

(6) बहुती नहर में आने वाली भूमि के लिए तथा उस पर स्थित सम्पत्तियों काअर्जन.

(2) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , बी. एल. साकेत, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

1281

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर, जिला डिण्डौरी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग डिण्डौरी , दिनांक 18 मार्च 2016

क्र.- भू- अर्जन -15( अ-82) 2015-2016-1164.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजना सार की आवश्यकता नहीं है.

अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम- रमपुरी प. ह. नं. 58 रा. नि. म. शहपुरा (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.880 हेक्टेयर.

खसरा नं.

भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में)

(2)

(1)

0.02

161/1

0.16

162

0.05

144

145

0.05

0.16

146

0.18

153/3

0.26

154

0.880

कुल योग निजी भूमि ..

शासकीय भूमि-

0.00 0.880

सकल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- देवरी जलाशय के नहर कार्य अंतर्गत हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र. - भू- अर्जन-16 ( अ -82 ) 2015-2016-1163 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजना सार की आवश्यकता नहीं है.

अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम- देवरी कला प. ह. नं. 58 रा. नि. म. शहपुरा (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.560 हेक्टेयर.

खसरा नं.

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में)

(2)

(1)

13/2

0.06

0.27

14

0.17

16

0.06

15

0.560

कुल योग निजी भूमि

शासकीय भूमि-

0.00 0.560

सकल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- देवरी जलाशय के नहर कार्य अंतर्गत हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

क्र.- भू-अर्जन-17( अ-82) 2015-2016-1160.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजना सार की आवश्यकता नहीं है.

1282

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम-बिछिया प. ह. नं. 57 रा. नि. म. बिछिया (घ) लगभग क्षेत्रफल-2.030 हेक्टेयर .

खसरा नं.

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में )

(2)

(1)

0.03

474

0.15

477

0.08

479/2

480

0.12

0.08

481

482

0.09

0.19

436

0.12

435/1

0.16

487

475/1

0.10

0.06

475/2

0.07

475/3

0.04

476/2

0.10

477

0.06

440

0.08

441/2

0.07

441/3

0.10

443

445

0.01

0.05

431/1

0.06

431/2

430

0.02

0.08

424

0.02

444

0.01

425

1.95

कुल योग निजी भूमि ..

0.08

2.030

शासकीय भूमि सकल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बड़झर जलाशय के अन्तर्गत ( मुख्य नहर एवं माइनर) हेतु.

(3) भूमि के नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

क्र.-भू-अर्जन-18(अ-82) 2015-2016-1161.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजनासार की आवश्यकता नहीं है.

अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख ) तहसील- शहपुरा

(ग ) ग्राम- बड़झर प. ह. नं. 59 रा. नि. म. बिछिया (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.600 हेक्टेयर.

खसरा नं.

भू-अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में)

(2)

(1)

0.06

141

0.02

146/1

0.03

147/1

0.02

146/2

147/2

0.03

0.02

146/3

0.03

147

0.12

3/2

0.06

2

0.04

1

0.04

7

8

0.05

0.08

9

0.600

कुल योग निजी भूमि ..

0.00 0.600

शासकीय भूमि सकल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बड़झर जलाशय के अन्तर्गत ( मुख्य नहर एवं माइनर ) हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है .

1283

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

क्र.- भू-अर्जन-19 ( अ-82 ) 2015-2016-1161.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. इस मध्यम सिंचाई परियोजना में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है इसलिए इस प्रकरण में पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन के योजना सार की आवश्यकता नहीं है.

अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है.

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला डिण्डौरी

(ख) तहसील- शहपुरा

(ग) ग्राम- बड़झर, प. ह. नं. 59 रा . नि. म. बिछिया (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.670 हेक्टेयर.

खसरा नं.

भू- अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा ( हेक्टर में )

(2)

(1)

0.43

130/1

0.05

3/2

0.01

142/1

0.01

143/1

0.01

142/2

0.01

143/2

0.01

143/3

0.04

137

138/1

0.04

0.04

135

0.02

4

कुल योग निजी भूमि 0.670

शासकीय भूमि

0.00 0.670

सकल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बड़झर जलाशय के अंतर्गत हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी कार्यालय कलेक्टर/डिण्डौरी में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, छवि भारद्वाज, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग नरसिंहपुर, दिनांक 7 अप्रैल 2016

क्र. 225- भू-अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 01 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क ) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग) ग्राम- महगवाँ, न. ब. - 385, प. ह. नं. 42 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.846 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में )

(1)

(2)

0.041

30

0.093

31

0.076

32/1

0.020

33, 34

0.025

0.016

36/2, 37/1 37/2 42

0.045

0.032

43/2, 44/2

0.028

43/3, 44/3

0.032

43/4, 44/4

0.056

46

0.020

47/3

0.052

47/4

0.036

38/1

0.038

38/2, 38/4, 38/5

0.030

38/3 , 39/1 , 40/1

0.045

38/8 , 39/4 , 40/4

60/1

0.040

0.020

62, 63

0.028

64/2

0.013

64/4

0.032

64/1-3

0.028

65 41 55

0.846

कुल रकवा 1284

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र . शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील - तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

क्र. 227 - भू- अर्जन - 2015- प्रकरण क्रमांक 02 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क ) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग ) ग्राम- नोरगपुर, न. ब. - 243, प. ह. नं. 30 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.742 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)

(2)

0.050

0.027

0.065

0.600

(1) 500/1 500/5 , 500/8 501, 502/9 502/1

0.742

कुल रकवा .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http : // www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. )/ कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 229- भू- अर्जन- 2015-प्रकरण क्रमांक 03 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग ) ग्राम- नैनवारा , न. ब. - 242 , प. ह. नं. 43 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.322 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)

(2)

(1)

2/1

0.095

0.020

3/1

3/2

0.015

3/3

0.017

0.016

3/4

0.015

3/5

3/6

0.042

5/1

0.052

0.012

4/1

0.005

4/2

0.033

4/3-4-5

कुल रकवा 0.322

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

भाग 1 ]

1285

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्र. 231 - भू-अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 04 अ -82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग ) ग्राम-डौभी , न. ब. 198, प. ह. नं . 28 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.357 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.020

318

0.016

320

321

0.085

323/1

0.016

323/3

0.004

324/1

0.016

324/2

0.012

324/3

0.020

324/4

0.012

324/5-6-7

0.032

0.012

324/8

0.012

1096/1 , 1097/1 , 1096/2 , 1097/2 ,

0.024

1090/1

1091/1

0.016

1091/2

0.008

1093

0.016

0.024

1094/1 , 1094/2 , 1094/3

0.012

1095/2

कुल रकवा 0.357

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/ स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

क्र. 233- भू- अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 05 अ -82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग ) ग्राम- छत्तरपुर, न. ब. 156, प. ह. नं. 27 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.610 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)

(1)

(2)

0.008

1/1

1/2

0.070

14

0.018

0.076

16, 17

0.072

18, 19

0.048

50/1

0.014

50/2, 57 ख

93/2

0.016

0.012

93/4

0.032

93/3

0.006

94/1क

0.006

94/1 ख

0.025

94/2

0.016

95/1क

0.031

96/2

0.010

97/4

0.014

97/3

0.024

97/1

0.028

97/2ख

67/2

0.036

70/9

0.040

70/7

0.020

71

0.004

0.610

कुल रकवा .

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

1286

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र . ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/ स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

क्र. 235- भू-अर्जन- 2016- प्रकरण क्रमांक 07 अ-82 वर्ष 2014- 15.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि, अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग) ग्राम- करहैयाँ , न. ब. -49, प. ह. नं. 25/21 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.361 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

105/2

0.016

0.056

103/1

0.050

103/2

0.006

76/3

0.030

73

0.012

68/3

0.010

68/1 , 68/4

0.024

0.044

0.024

0.020

42/6

0.033

0.036

68/2 42/5, 42/2 42/4 42/3 42/1

0.361

कुल रकबा

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील-तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर (म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 237- भू-अर्जन- 2016- प्रकरण क्रमांक 06 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि, अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

(1) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग) ग्राम- बारहा , न. ब. - 313, प. ह. नं. 25/21 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.129 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

0.007

62/1, 62/9

0.022

62/2, 66/2 , 67/2

0.011

62/3

0.022

0.012

0.055

66/6, 67/6 66/1 , 66/3 , 67/1 , 67/3 68

0.129

कुल रकबा ..

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण, कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 239- भू-अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 08 अ-82 वर्ष 2014- 15.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि, अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा 1287

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(ग) ग्राम- सिमरिया- कलॉ , न. ब.-440, प. ह. नं. 24/21 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.889 हेक्टेयर .

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में ) (2)

(1)

0.032

115/1

0.016

115/2, 115/3

0.024

116/1 , 117/1

0.024

116/2, 117/2

0.020

120/3

121

0.024

0.020

119/5 , 122/2 , 123/2

0.016

119/4, 122/1 , 123/1

0.008

60

0.076

57, 58 , 59/1

53

0.065

52

0.053

0.012

51/3 , 51/4

0.012

51/1

50/2

0.024

0.028

126/2, 127/2

0.032

126/6, 127/6

0.003

126/7 , 127/7

0.002

126/1 , 127/1

0.032

126/4, 5 127/4, 5

0.024

133/1 , 6 , 134/1 , 4

0.020

133/3 , 133/5 , 134/3

0.018

134/2,

135

0.024

0.024

143

144

0.014

145/2

0.016

0.033

145/1

0.020

147

0.073

149, 150

0.020

151/2

0.024

153

0.024

154/1 , 2 , 155/1 , 3 , 158

0.020

159/1 , 159/21 , 160/1 , |

160/2ग , 161/1 , 161 /2 ग

0.006

159/2क, 160/2क, 161/2 क, 159/2ख , 160/2ख

0.003

61/1

61/2

0.003

0.889

कुल रकवा

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील - तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर (म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है .

क्र. 241 - भू- अर्जन - 2016 - प्रकरण क्रमांक 09 अ -82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग) ग्राम-बिलथारी , न. ब. -326, प. ह . नं. 23/22 (घ) लगभग क्षेत्रफल-3.955 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)

(1)

(2)

0.048

215/2

215/4

0.036

0.040

214/9 , 214/13

204

203/2

0.020

0.032

203/4

203/1

0.057

0.012

202, 203/5

0.057

217

218/2

0.030

0.020

218/4

0.040

218/3

223/2

0.016

233/1

0.020 1288

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(1)

(2)

0.013 223/4 , 223/5

0.013 223/3

0.013 222/3 , 224/3

0.013 222/2 , 224/2

225/2

0.014 226/1

0.008

0.006 226/2

0.010 227

0.002 253/3 , 254/1

0.010 253/5 , 254/2

255

0.026 256/5

0.012

0.012 256/4

0.014 257, 258

0.008 259/3

0.004 260/1

0.004 260/2

0.029 262, 263 , 267 , 265 , 266

0.011 274/1

0.022 274/2 , 275/2 , 274/3 , 275/3

0.027 276, 277 , 278

0.022 298/2

0.026 298/3

299/3

0.011

0.015 299/1 , 299/2

0.128 385/1-2 , 386/ 1-2

0.056 383/2

0.060 383/1

382/1

0.068

0.116 379/1 , 379/2 , 392

0.030 379/3

0.105 379/5, 379/7

0.080 379/6

0.020 416/2

0.011 415/2, 416/1

0.004 415/1

0.015 415/4

0.006 413/2

0.010 411/1

0.012 411/4

411/2

0.011

0.010 411/3

0.010 410/4

(2)

(1)

0.020

410/5

0.007

404/10 , 410/11 , 410/12, 410/13

0.016

404/3 , 410/6 , 410/8 , 410/9

0.006

404/7

0.006

404/4

0.040

404/1 , 404/8

0.009

403/1

0.006

387/2

0.006

387/1

0.006

385/5 , 386/5

0.005

385/6, 386/6

0.006

385/3, 386/3

0.111

451

0.043

450/10, 450/17

0.097

450/11

0.076

450/5, 450/6

448

0.173

0.214

497, 498/1 , 498/2 , 499/1 , 500/1

0.202

499/2, 500/2

524/1

0.005

0.010

524/9

0.024

524/8

0.008

628

0.008

634/2

0.008

634/1 , 635/1 , 636/1 , 637/1 , 638/1

0.006

634/3 , 635/2 , 634/5 , 634/4 , 636/3 ,

637/4, 638/4

0.073

617/1

0.085

617/2

0.004

661/1

662

0.056

0.053

615/2ग , 616/3

612

0.090

0.144

611

0.129

605/1

0.073

607, 608

0.129

605/2

0.043

603/2

0.042

602/1

0.042

602/2

615/1

601/1

0.021

597/3 , 598/3 , 601/3 1289

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2)

(1)

0.113

597/5 , 598/5

0.215

597/1 , 598/1

599/1 ,

3.955

कुल रकबा .

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 243 - भू-अर्जन- 2015- प्रकरण क्रमांक 10अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग) ग्राम- भामा, न. ब. - 344, प. ह. नं. 20/23 (घ) लगभग क्षेत्रफल-2.155 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.170

338/8

0.132

338/2क, 349/3, 350/2, 351/2 ,

0.045

338/2ख, 349/2, 350/1 , 351/1

0.040

338/2घ, 349/6 , 350/3 , 351/6

0.141

352/1-2, 353/1-2

0.097

352/3, 353/3

0.049

348/3 , 348/7

0.013

354

(2)

0.020

(1) 348/4, 348/5

0.097

347

0.016

346

0.093

355, 356/2

0.052

357/5 , 358/4

0.085

294/2

0.049

287/2

0.109

0.028

287/1 , 287/4

0.009

364/2, 365/2 107

0.013

285, 286

0.008

284/1

0.008

284/2

0.054

111/3 , 269/3 , 270/3 , 271/3, 273/3

269/1 , 270/1 , 271/1 , 272/1 , 273/1 0.012 269/5 , 270/5 , 271/5 , 272/5 , 273/5 0.007 269/2 , 270/2 , 271/2 , 272/2 , 273/2 0.016 259/4, 264/4, 266/4, 267/4, 268/4 0.057

0.005

108/1

0.026

106, 111/1

0.005

110

0.040

111/2

0.010

111/4

0.012

111/6

0.016

112/5 , 113/5 , 115/5

114/1 , 114/2 , 114/3 , 114/4 , 114/5, 0.020 114/6

0.360

112/1 , 113/1 , 115/1 , 112/2 , 113/2 , 115/2 , 112/3 , 113/3 , 115/3 , 112/4 , 0.120 113/4 , 115/4 , 112/6 , 113/6 , 115/6 116/7 , 117/1

0.036

117/3

0.045

116/10, 117/8

कुल रकवा 2.155

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- ग्राम महगुवांतला से भामा तक मार्ग निर्माण हेतु.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र . शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1290

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा, जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 245- भू- अर्जन- 2016 - प्रकरण क्रमांक 11 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील - तेंदूखेड़ा

(ग ) ग्राम-बिलगुवां, न. ब. - 324, प. ह. नं. 6 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.586 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)

(2)

(1)

66/3

0.016

0.024

89, 90

0.016

91/4, 92/4

0.004

91 /2ग2 , 92/ 1 ग/2, 92/2 ग/2

0.004

91/21/1 , 92/1 ग/ 1 , 92/ 2 ग/ 1

0.032

91/2क 92/1 क , 92/2क,

0.012

91/3, 92/3

0.024

91/2ख , 92/ 1 ख , 92/2ख

0.040

99

0.008

96

0.012

97, 98

0.040

103

0.002

104/1

0.032

101/1 , 101/4 , 101/2 , 101/3

0.012

109/1

0.068

110/2 , 129/ 1 छ , 129/ 1 च

0.016

129/1 ड

0.024

129/1 ख

0.144

कुल रकवा

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- एन एच 12 से बिजौरा मार्ग निर्माण हेतु .

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http :// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) तहसील- तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 247 - भू-अर्जन-2016- प्रकरण क्रमांक12 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 का उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

( ग ) ग्राम- बांसखेड़ा, न. ब. - 317 , प. ह. नं. 35 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.144 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.020

182

0.013

181 , 164/1 , 164/4

0.006

164/3

163/3

0.003

163/2

0.003

0.003

163/6

0.002

163/5

0.004

131, 132

0.002

125, 126

0.005

122, 118 , 119 ,

121

0.002

120

0.002

81/2

0.003

0.002

81/1 1291

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2)

(1)

0.030

183/1

0.005

183/2

0.004

183/3

0.008

184/2

0.005

196/1

0.005

198/1

0.005

199

0.002

206

0.002

201/1

0.002

203

0.006

204/1

0.144

कुल रकबा

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है - एन एच 12 से बिजौरा मार्ग निर्माण हेतु .

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म . प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http :// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- तेंदूखेड़ा , जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 249- भू- अर्जन- 2016- प्रकरण क्रमांक 13 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग) ग्राम- मानकपुर , न. ब. - 375, प. ह. नं. 35/6 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.792 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में)

(1)

(2)

0.064

0.022

33, 34 , 35, 36, 37 113/2

(2)

(1)

0.076

114, 40 , 41 , 42

113/6

0.014

0.032

43/2

0.018

110/2

109

0.026

0.035

48/2, 97/1

50/1

0.010

50/2

0.016

0.032

103/1, 103/2

0.004

102

0.006

63/1, 64/1

0.005

63/2, 64/2

0.006

67/1 , 68/1

0.005

67/2, 68/2

0.002

66

0.002

69

0.008

98

0.004

97/2

0.004

70

0.002

89, 90 , 91 , 92

0.002

87

0.024

95/1

0.024

9/1 ख

0.022

9/1क

8

0.036

0.101

5

0.041

6

0.064

1/1, 1/2

0.008

83 , 84, 85, 86

0.010

94/6 , 200/6

0.024

94/1, 200/1

0.060

94/3, 200/3

0.792

कुल रकबा

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- एन एच 12 से बिजौरा मार्ग निर्माण हेतु.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- तेंदूखेड़ा, जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

1292

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्र. 251 - भू- अर्जन- 2016- प्रकरण क्रमांक 14 अ-82 वर्ष 2014- 15.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार यह घोषित किया जाता है कि अर्जित भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यक है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- नरसिंहपुर

(ख ) तहसील- तेंदूखेड़ा

(ग ) ग्राम-बिजौरा, न. ब. - 323, प. ह. नं. 35 (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.224 हेक्टेयर.

खसरा नंबर

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकवा (हेक्टर में )

(2)

(1)

0.006

96/5

0.004

96/3

0.004

96/4

0.004

98/2

0.005

98/3

0.007

98/4

0.017

99

0.004

105/3

0.007

105/ 1ख, 106/2

0.040

107/3-4

0.004

129, 130

0.040

107/1

0.047

151 , 152 , 153 , 154

155

0.003

0.006

180/1

0.002

180/3

0.002

180/2

0.004

181/1

0.012

183/2

0.006

183/3

कुल रकवा .. 0.224

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- एन एच 12 से बिजौरा मार्ग निर्माण हेतु.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.narsinghpur.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http:// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) तहसील- तेंदूखेड़ा, जिला नरसिंहपुर ( म. प्र. ) / कार्यालय कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ( भ/स ) संभाग नरसिंहपुर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेश पाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, रीवा मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग रीवा, दिनांक 7 अप्रैल 2016

पत्र क्र. 1046- प्रका. - भू-अर्जन-2016 . चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- मनगवां

(ग) ग्राम- बेलवा पैकान 396

(घ) क्षेत्रफल -5.931 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.004

2468

2469

0.023

0.035

2470

2471

0.032

2472

0.039

0.046

2473

0.001

2474

2464

0.053 भाग 1 ]

(1)

(2) 2463

0.049 2462

0.016

0.006 2461

0.006 2447

0.020 2458

2457

0.026 2448

0.003

0.004 2449

0.021 2454

0.017 2453

0.028 2452

2450

0.008

0.032 2451

2363

0.049 2429

0.095 2428

0.019

0.036 2420

2422

0.036 2421

0.089 2365

0.003 2366

0.019

0.018 2368

0.001 2371

0.046 2369

0.009 2346

0.012 2344

0.001 2345

0.014 2325

0.001 2294

0.002 2303

0.001 2530/2295

0.027 2297

0.001 2296

0.036 2298

0.001 2231

0.001 2230

0.003 2370

0.003 826

1293

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.079

823

0.008

824

822

0.085

825

0.009

0.085

821

0.005

836

837

0.018

820

0.107

842

0.168

0.081

843

845

0.063

925

0.014

847

0.135

0.051

848

850

0.014

807

0.024

805

0.001

0.097

804

0.003

856

0.018

857

0.037

791

0.067

860

0.002

790

859

0.015

0.047

861

0.003

863

0.102

785

0.024

786

724

0.100

0.010

784

0.092

781

0.001

782

0.065

778

777

0.071

0.001

779

733

0.023

734

0.060

735

0.087 1294

(2) (1)

0.010 751

736

0.094

0.246 737

677

0.106 607

0.002

0.020 675

676

0.053 608

0.148 609

0.117

0.010 613

0.036 614

0.042 617

618

0.128 629

0.005

0.025 628

0.015 627

0.049 620

0.044 624

0.001 623

0.076 622

303

0.046

0.106 302

0.036 301

0.092 300

73

0.019

0.001 838

0.002 839

0.009 840

0.065 841

2483/966

0.013 928

0.044 2484/1/967

0.004 2484/2/967

2482/929

0.004

0.131 966

0.005 967

965

0.016 972

0.041 973

0.093

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.046

976

0.018

1044

0.056

1045

0.092

1074

0.063

1075

0.038

1078

0.004

1080

0.031

1068

1067

0.046

0.005

573

0.010

574

575

0.016

576

0.012

0.076

561

0.012

577

0.001

569

566

0.028

0.002

565

564

0.032

0.006

567

0.003

501

0.029

503

522

0.006

502

0.002

504

0.014

521

0.010

0.008

511

0.007

514

0.006

515

0.012

512

516

0.005

0.002

482

0.009

483

703

0.050

0.023

702

705

0.103

706

0.028

0.059

708

0.046

707

5.834

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 1295

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2)

(1)

ब-म. प्र. शासन की भूमि

0.011

1028

0.071

1043

0.015

1046

म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.097

अ + ब का योग 5.931

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1048 - प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग) ग्राम- पड़रा 332

(घ) क्षेत्रफल -0.750 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

764

0.069

0.021

763

588

0.083

0.071

587

0.108

585

0.072

593

0.067

595

0.007

596

(1)

(2)

0.070

629

0.011

630

0.015

631

0.011

553

0.007

632

0.009

552

0.046

634

0.001

633

0.001

636

0.007

635

0.001

397

396

0.001

399

0.031

0.013

400

0.011

398

0.004

238

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 0.737 ब-म. प्र. शासन की भूमि

0.013

592

म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.013 अ + ब का योग 0.750

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 17 " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1050 - प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान 1296

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(ग) ग्राम-खीरा 132

(घ) क्षेत्रफल -1.611 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में ) (1)

(2)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.192 23

0.011 24

22

0.016 21

0.017 20

0.345

0.006 36

17

0.015

0.006 19

16

0.010

0.004 38

0.008 37

13

0.183

0.011 12

0.024 15

14

0.038 11

0.165

0.008 42

0.094 44

0.002 43

0.021 61

0.023 9

0.007 62

0.152 67

0.009 74

75

0.018 72

0.181 71

0.006

0.003 77

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 1.575

ब-म. प्र. शासन की भूमि 1

0.013

0.023 78

म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.036 अ + ब का योग 1.611 (2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 16 " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

पत्र क्र. 1052- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग) ग्राम- महसुआ 516

(घ) क्षेत्रफल -2.327 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

1026

0.013

0.154

1025

0.019

1027

1050

0.056

0.020

1086

0.093

1087

0.043

1089

0.087

1096

0.006

1095

0.007

855

854

0.094

851

0.005

0.036

849

850

0.028

0.052

838 भाग 1 ]

(2) (1)

0.006 839

800

0.052

0.020 799

1297

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.001

1088

0.001

481

2.290

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग

0.019 798

787

0.003

0.080 784

561

0.058 562

0.007

0.063 564

0.075 565

ब-म. प्र. शासन की भूमि

0.011

921

771

0.013

355

0.004

0.009

1090

0.037

म. प्र. शासन की भूमि का योग

0.005 622

571

0.090

0.077 570

371

0.001 370

0.116

0.004 368

353

0.044 352

0.037 344

0.070

0.001 343

354

0.010 357

0.003 359

0.007

0.003 342

0.005 397

0.009 395

0.005 396

0.013 470

0.001 399

0.037 469

400

0.001 402

0.001 412

0.002 468

0.063 466

0.001 467

0.004

0.043 25

249

0.134

0.101 248

246

0.082

0.215 245

0.001 253

0.001 259

0.001 465

358

0.004

2.327

अ + ब का योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 16 एवं 17 " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1054- प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग ) ग्राम-लोहन्दवार 576

(घ) क्षेत्रफल -0.289 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.017

257

0.086

256

0.002

255

0.058

252 1298

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.003

251

250

0.051

0.004

253

0.030

249

0.030

248

0.001

245

0.007

247

0.289

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग

ब-म. प्र. शासन की भूमि

म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.000

अ + ब का योग 0.289

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 17" में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1058- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग ) ग्राम- ब्यौहरा 462

(घ) क्षेत्रफल - 2.047 हेक्टेयर.

अर्जित रकबा

खसरा नं.

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.098

1178

0.007

1177

(2)

(1)

1092

0.063

0.001

1176

1175

0.039

0.122

1094

0.001

1096

0.008

1097

0.009

1098

0.045

1099

1100

0.006

1101

0.015

0.016

1102

0.017

1104

0.025

1105

0.028

1107

0.001

1106

0.017

1108

0.013

1109

0.060

1113

0.043

1112

0.023

1111

0.038

1116

0.024

1117

0.017

1118

0.014

1120

0.007

1119

0.021

1123

0.021

1124

0.039

1127

0.047

1129

0.031

1132

0.003

989

0.008

987

0.013

986

0.105

984

0.018

985

0.030

973

0.008

967

0.027

966

738

0.012 1299

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2)

(1)

0.009

729

718

0.013

1135

0.002

0.009

1136

977

0.062

968

0.024

965

0.006

964

0.003

0.003

963

0.006

962

0.011

739

0.007

737

0.004

730

0.003

728

0.002

724

0.002

725

0.005

723

0.007

716

0.003

717

0.024

689

0.005

687

661

0.015

662

0.012

0.013

688

112

0.015

0.043

111

109

0.033

0.029

108

0.076

107

0.119

106

0.059

105

0.065

104

0.186

103

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 2.015

ब-म. प्र. शासन की भूमि

0.012

1152

736

0.002

0.004

713

0.014

657

0.032

म. प्र. शासन की भूमि का योग अ + ब का योग 2.047

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 5 एवं 6 " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1060 - प्रका. - भू-अर्जन- 2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग) ग्राम- टेपरो 226

(घ) क्षेत्रफल -0.713 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

190

0.192

0.080

189

0.039

169

0.071

168

0.209

170

0.010

171

0.009

101

0.010

102

148

0.001

0.008

103

0.025

136

147

0.001

0.039

137

0.003

139

0.008

140

0.001

145

0.003

141

0.004

142

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 0.713 1300

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

ब-म. प्र. शासन की भूमि

म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.000

अ + ब का योग 0.713

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 12" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1062- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील-रायपुर कर्चुलियान

(ग) ग्राम- पटना 329

(घ) क्षेत्रफल -1.652 हेक्टेयर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.093

289

0.236

290

0.146

291

0.033

521

0.032

519

0.078

518

0.016

517

0.133

515

0.147

436

0.019

437

0.045

433

(2)

(1)

0.002

438

429

0.146

428

0.110

0.033

427

0.007

452

0.251

453

0.025

454

0.002

456

1.554

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग

ब-म. प्र. शासन की भूमि

0.030

516

0.043

432

0.010

435

0.015

457

0.098

म. प्र. शासन की भूमि का योग

1.652

अ + ब का योग

(१) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 16" में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1064- प्रका .- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग) ग्राम- पतौना 338

(घ) क्षेत्रफल -2.074 हेक्टेयर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

169

0.183

168

0.015 1301

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2)

(1)

0.221

165

75

0.035

0.019

21

0.155

73

70

0.011

0.172

91

0.021

92

0.006

90

0.008

89

0.176

127

0.024

125

118

0.081

119

0.347

0.010

113

0.271

111

110

0.018

0.156

109

0.019

4

3

0.050

0.011

2

0.065

1

2.074

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग

ब-म. प्र. शासन की भूमि

म. प्र . शासन की भूमि का योग 0.000

अ + ब का योग 2.074

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 17" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

पत्र क्र. 1066- प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- मनगवां

(ग ) ग्राम- पलिया 350

(घ) क्षेत्रफल -1.737 हेक्टेयर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.041

384

0.016

383

0.033

382

0.041

380

0.003

379

0.072

378

0.122

377

0.093

333

375

0.001

334

0.083

0.001

335

0.051

331

0.050

330

0.100

329

0.056

215

216

0.086

0.001

310

0.016

309

0.031

311

0.001

156

0.097

308

0.033

307

306

0.001

223

0.046

224

0.085

231

0.021

234

0.039

235

0.046 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1302

(2)

(1)

236

0.103

0.006

241

240

0.065

0.066

28

27

0.027

26

0.039

0.002

25

24

0.031

0.018

22

0.031

19

0.002

18

0.042

13

0.015

2

1.713

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग

ब-म. प्र. शासन की भूमि

0.024

232

म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.024

अ + ब का योग 1.737

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1068 - प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग) ग्राम- खुझ 133

(घ) क्षेत्रफल -2.886 हेक्टेयर .

अर्जित रकबा

खसरा नं.

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.130

724

(2)

(1)

723

0.011

484

0.111

486

0.140

582

0.153

0.035

583

0.012

578

577

0.049

0.002

576

0.056

507

0.048

508

0.040

509

0.094

510

0.007

511

0.003

513

0.056

514

0.070

516

0.006

515

0.015

517

524

0.124

0.035

523

0.001

522

0.014

532

0.002

531

0.010

399

0.009

398

0.020

533

0.008

534

0.007

397

396

0.033

0.003

393

0.046

394

0.039

391

0.081

390

0.038

235

0.082

236

0.052

237

328

0.004

0.040

244

0.104

327 1303

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2)

(1)

0.170

324

0.003

270

0.006

323

0.108

315

0.059

314

0.122

295

0.059

145

144

0.070

143

0.147

0.013

149

110

0.161

0.015

107

0.023

106

0.024

105

0.001

104

0.004

103

0.006

100

0.014

102

0.008

79

0.005

81

0.001

78

77

0.015

0.013

89

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 2.837

ब-म. प्र. शासन की भूमि

0.024

497

0.003

238

0.015

150

0.001

101

0.005

80

0.001

90

म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.049

अ + ब का योग 2.886

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 11 " में आने वाली निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु .

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1070- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत, इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग) ग्राम- ब्योहरा 461

(घ) क्षेत्रफल -2.023 हेक्टेयर.

खसरा नं .

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

19

0.133

0.188

20

0.160

16

30

0.010

15

0.045

0.062

12

0.143

14

0.084

7

0.043

5

0.065

4

2

0.001

0.015

1

0.109

21

0.180

28

0.006

27

150

0.039

142

0.010

0.010

141

0.078

140

0.009

138

137

0.014

136

0.097

0.104

135

0.009

134 1304

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.026

207

206

0.002

0.025

205

0.022

204

0.002

203

0.005

194

195

0.007

0.067

202

201

0.011

220

0.003

0.058

221

222

0.021

0.020

223

224

0.016

0.002

225

0.007

226

182

0.045

227

0.007

318

0.030

0.001

319

0.013

181

2.004

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग

ब-म. प्र. शासन की भूमि

0.019

323

म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.019

अ + ब का योग 2.023

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 6 " में आने वाली निजी /शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1072- प्रका. - भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला-रीवा

(ख ) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग) ग्राम- ब्योहरा 460

(घ) क्षेत्रफल -3.139 हेक्टेयर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.007

342

0.122

341

0.021

340

0.062

339

0.104

333

0.094

332

329

0.061

0.002

327

328

0.054

0.203

107

0.106

108

0.078

109

0.015

147

0.003

151

0.015

148

0.218

149

0.095

141

0.079

170

172

0.086

0.068

173

0.009

175

0.035

174

197

0.052

183

0.074

184

0.040

185

0.010

0.012

186

0.059

187

0.032

188

0.009

41

0.018

189

190

0.002 भाग 1 ]

1305

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.069

39

0.050

38

0.004

16

18

0.069

17

0.100

19

0.003

3

0.047

2

0.044

0.278

1

37

0.037

0.062

36

0.008

35

21

0.085

23

0.024

0.026

22

0.001

917

0.047

914

0.026

915

912

0.042

911

0.030

0.003

926

0.004

908

927

0.012

0.026

928

0.033

929

932

0.022

0.027

931

0.010

898

0.012

897

901

0.001

896

0.023

895

0.031

0.001

939

0.037

894

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग 3.139

ब-म. प्र. शासन की भूमि

म. प्र. शासन की भूमि का योग 0.000

अ + ब का योग 3.139

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4 एवं 5 " में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

पत्र क्र. 1074 - प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख ) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

( ग) ग्राम- मढ़ी 492

(घ) क्षेत्रफल - 2.905 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.011

308

307

0.018

284

0.233

0.121

289

288

0.118

0.010

277

0.270

261

0.534

278

0.140

279

0.010

273

271

0.161

0.013

270

0.202

268

265

0.001

266

0.001

267

0.011

0.006

76

0.215

75

0.011

74

73

0.275

0.013

66

0.078

65

63

0.033

0.075

64

0.163

61 1306

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.046

59

0.062

4

3

0.001

0.001

2

0.001

58

2.834

अ. निजी पट्टे की भूमि का योग

ब-म. प्र. शासन की भूमि

0.019

18

0.019

17

0.014

60

0.019

16

0.071

म. प्र. शासन की भूमि का योग

अ + ब का योग 2.905

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. -" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1076- प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- रायपुर कर्चुलियान

(ग) ग्राम- उमरी 51

(घ) क्षेत्रफल -8.820 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.086

2333

0.186

2341

0.007

2340

(2)

(1)

0.022

2339

2319

0.003

0.062

2320

2318

0.034

0.029

2313

0.025

2317

0.019

2314

0.043

2316

0.030

2315

0.046

2302

0.063

2301

0.001

2300

0.082

2299

0.001

2243

2242

0.015

0.036

2241

0.038

2240

0.103

2239

0.102

2238

2237

0.134

0.069

2234

0.015

2235

2236

0.001

1958

0.087

0.068

1959

1960

0.004

0.088

1961

1982

0.029

0.020

1962

0.034

1981

1980

0.038

0.024

1984

1987

0.047

0.005

1988

0.018

1979

0.001

1978

0.036

1993

0.105

1977

0.004

1992 भाग 1 ]

(2) (1)

0.001 1994

0.034 2028

0.014 2024

0.078 2027

0.056 2046

0.107 2048

2047

0.162 2054

0.019 2062

0.099

0.006 2063

2061

0.132 2060

0.098

0.055 1433

0.014 1434

1480

0.030

0.024 1435

0.016 1479

1478

0.020

0.068 1477

0.115 1447

0.024 1444

1445

0.015

0.015 1446

0.058 1296

0.075 1295

0.299 1269

1270

0.009 1275

0.098 1272

0.009 1271

0.146

0.163 1294

0.043 1228

0.082 1227

0.178 1237

0.135 1239

0.123 1247

0.012 1248

1263

0.113

0.029 1262

1307

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.062

1261

0.001

1256

1255

0.050

0.023

534

0.015

549

0.029

533

0.024

532

0.045

531

518

0.065

0.002

520

0.026

506

0.205

492

0.009

491

0.001

490

0.006

488

0.027

486

0.022

358

485

0.057

0.017

484

0.018

359

0.048

472

0.050

371

0.028

372

0.012

487

0.004

373

0.102

374

0.004

376

0.061

391

0.012

386

0.040

388

390

0.048

0.001

389

0.011

112

0.083

113

0.156

118

0.005

116

0.007

119

0.176

117

0.029

121

0.296

88 1308

(2) (1)

0.064 87

0.126 84

85

0.231

0.078 86

0.007 78

0.059 2231

2227

0.042

0.076 2226

0.009 2225

0.045 2221

2222

0.018

0.027 2190

2223

0.022

0.011 2189

0.046 2188

0.007 2187

2186

0.045

0.026 2182

0.020 2181

0.033 2180

0.046 2179

0.035 2203

0.003 2177

2174

0.053

0.011 2175

0.074 2170

0.108 2169

0.007 2171

0.087 741

0.017 745

0.038 758

0.013 759

760

0.011

0.025 761

0.032 763

765

0.048

0.075 766

0.020 778

0.077 771

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.074

775

0.030

846

0.004

776

0.001

853

0.017

847

0.001

852

0.014

848

0.002

849

882

0.018

0.001

881

0.028

879

880

0.002

0.017

877

0.002

871

0.006

876

0.023

875

0.001

873

0.001

874

0.009

894

0.023

896

0.001

897

0.011

895

0.004

898

0.027

910

0.001

605

911

0.011

.8.612

(अ. ) निजी पट्टे की भूमि का योग

ब-म. प्र. शासन की भूमि

2224

0.029

0.032

2100

1043

0.012

0.011

522

2362/517

0.013

0.002

787

785

0.021

752

0.025

0.015

2349

0.031

2164

0.017

2080

.0.208 (ब. ) म. प्र. शासन की भूमि का योग

8.820

अ + ब का योग 1309

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-" बहुती नहर के अन्तर्गत अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 4 एवं 6" में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है.

रीवा, दिनांक 11 अप्रैल 2016.

पत्र क्र. 1096- प्रका. - भू-अर्जन-2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम- उमरी

(घ) क्षेत्रफल लगभग - 0.034 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-अशासकीय भूमि

145

0.034

ब-शासकीय भूमि

योग

महायोग 0.00 0.034

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

पत्र क्र. 1098- प्रका.- भू-अर्जन- 2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम- बेला

खसरा नं.

(2)

(घ) क्षेत्रफल लगभग -0.077 हेक्टेयर. अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (1)

अ-अशासकीय भूमि

0.037

1069

0.040

705

ब-शासकीय भूमि

0.00

योग .

0.077

महायोग

(4) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1100- प्रका. - भू-अर्जन- 2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग ) ग्राम- पड़ेरूआ

(घ) क्षेत्रफल लगभग - 0.056 हेक्टेयर. खसरा नं. अर्जित रकबा (हेक्टेयर में) (1) (2)

अ-अशासकीय भूमि

148/2

0.056 1310

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(1)

(2)

ब-शासकीय भूमि

0.00

योग

महायोग 0.056

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.-बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास , बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

पत्र क्र. 1102- प्रका.- भू-अर्जन- 2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में, वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम- बगदरी

(घ) क्षेत्रफल लगभग- 0.064 हेक्टेयर.

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हेक्टेयर में)

(1)

(2)

अ-अशासकीय भूमि

0.064

84

ब-शासकीय भूमि

0.00

योग

महायोग 0.064

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .

पत्र क्र. 1104-प्रका. - भू-अर्जन- 2016-17. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत , इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है : -

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- रीवा

(ख) तहसील- गुढ़

(ग) ग्राम- सहिजना

(घ) क्षेत्रफल लगभग- 0.356 हेक्टेयर .

खसरा नं.

अर्जित रकबा

(हेक्टेयर में)

(2)

(1)

अ-निजी पट्टे की भूमि

0.154

573/11 573/2 573/3 573/4

0.152

561/1/क | 561/1/ख 561/2

561/3

0.020

524/1/ख

524/1/क/1 524/1/क/2 524/1/क/3 524/ 1 /ग

523/2

0.010

0.020

559/2

ब-शासकीय भूमि की भूमि

0.00

योग महायोग . 0.356

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- बाणसागर परियोजना के अन्तर्गत गुढ़ - मऊगंज उद्वहन सिंचाई नहर के निर्माण कार्य में आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एल. साकेत. प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.

1311

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

कार्यालय , कलेक्टर, जिला अशोकनगर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

अशोकनगर, दिनांक 18 मार्च 2016

प्रकरण क्रमांक 1 - अ- 82- भू-अर्जन-14-15. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-अशोकनगर

(ख) तहसील- ईशागढ़

( ग) ग्राम- फुटेरा पछार

(घ) क्षेत्रफल-0.400 हेक्टेयर

सर्वे नम्बर

रकबा

(हे. में )

(2)

(1)

0.260

6मिन 1

0.060

6 मिन 2

0.060

84

86 मिन 1

0.010

0.010

86 मिन 2

योग 0.400

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गुना- अशोनगर- ईशागढ़ मार्ग पर टोल प्लाजा निर्माण हेतु भू-अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी ईशागढ़ के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अरुण कुमार तोमर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला गुना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन,

राजस्व विभाग

गुना, दिनांक 22 मार्च 2016

प्र. क्रमांक 11 - अ-82-2014-15- टोल प्लाजा/ 122.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- गुना

(ख) तहसील- गुना

(ग) नगर/ ग्राम- पगारा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.250 हेक्टेयर

सर्वे नम्बर

रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

0.021

174/1 /क 2 में से

174/1/क 3 में से

0.021

0.052

174/1/4 में से

174/1/5

0.031

0.030

179/1 में से

0.023

180/ 1/क

0.011

180/1 /ग

180/1 /ख

0.011

0.050

181/1

0.250

कुल

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गुना- अशोनगर मार्ग पर ग्राम पगारा में टोल प्लाजा निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण- संभागीय प्रबंधक, म. प्र. सड़क विकास निगम ग्वालियर एवं अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी ( राजस्व ) गुना के कार्यालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि के आवासीय संरचना एवं अन्य किसी प्रकार का निर्माण स्थित न होने से पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन की आवश्यकता नहीं है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेश जैन , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1312

कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग पन्ना, दिनांक 9 फरवरी 2016

प्र. क्र. 165- अ-82 - वर्ष 2014-15. भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15( 1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन तारीख से प्रावधानित समय सीमा 60 दिवस की समयावधि में कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं होने के कारण भूमि-अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 (2) के अंतर्गत रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई तथा इस आधार पर राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, इस प्रकरण में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है , इसलिये पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की स्कीम की आवश्यकता नहीं है , अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील-अजयगढ़

(ग) ग्राम- बनहरीकलां, प.ह.नं. 10

(घ) लगभग क्षेत्रफल-190.585 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में )

(3)

(2)

(1)

0.970

3

निजी भूमि

2.050

4

निजी भूमि 5/3

0.660

निजी भूमि 5/5

0.500

निजी भूमि

0.670

5/6

निजी भूमि

0.670

5/7

निजी भूमि

2.000

6/2

निजी भूमि

0.890

7

निजी भूमि

1.870

8

निजी भूमि

0.640

12

निजी भूमि

0.400

13/1

निजी भूमि

(3) (1)

(2)

13/2

0.390

निजी भूमि

0.390

13/3

निजी भूमि

0.390

13/4

निजी भूमि

0.390

13/5

निजी भूमि 13/6

0.300

निजी भूमि 14

0.320

निजी भूमि

1.940

15

निजी भूमि

2.000

16/2

निजी भूमि

1.000

16/3

निजी भूमि

0.580

16/4

निजी भूमि

0.590

16/5

निजी भूमि 17

0.970

निजी भूमि

1.210

18/2

निजी भूमि

1.130

18/3

निजी भूमि 19

1.130

निजी भूमि

0.280

20

निजी भूमि 21

0.980

निजी भूमि

1.700

22

निजी भूमि

1.440

23

निजी भूमि 25

0.780

निजी भूमि 26

0.660

निजी भूमि

0.140

27

निजी भूमि

0.620

28

निजी भूमि

0.280

निजी भूमि 29

0.090

30/1

निजी भूमि

0.320

30/2/क

निजी भूमि

0.070

30/2/ख

निजी भूमि

0.110

30/3

निजी भूमि

0.140

30/4

निजी भूमि

0.250

31

निजी भूमि

0.970

35

निजी भूमि 37/2

2.000

निजी भूमि

0.260

38/1

निजी भूमि

0.260

38/2

निजी भूमि

0.790

39/1

निजी भूमि 39/2

0.790

निजी भूमि

1.010

40

निजी भूमि

2.060

41

निजी भूमि

0.660

42

निजी भूमि 1313

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(1)

(2)

(3) 43/2

1.000

निजी भूमि

3.060

46

निजी भूमि

0.930

47/1

निजी भूमि 47/2

0.930

निजी भूमि

0.420

48

निजी भूमि

0.970

49

निजी भूमि 50/1

1.050

निजी भूमि

1.050

50/2

निजी भूमि

0.170

52

निजी भूमि

0.800

54/1

निजी भूमि 54/2

0.510

निजी भूमि 58

0.970

निजी भूमि

2.000

61/1

निजी भूमि

1.210

61/2

निजी भूमि

2.000

62

निजी भूमि

0.420

62/1454

निजी भूमि

0.420

64/1

निजी भूमि

1.570

64/2

निजी भूमि

1.390

68

निजी भूमि 70

0.980

निजी भूमि 72

1.280

निजी भूमि 73

0.570

निजी भूमि

0.730

76

निजी भूमि

0.730

77/1

निजी भूमि 77/2

0.710

निजी भूमि

0.750

78/1

निजी भूमि 78/2

0.750

निजी भूमि

0.260

79

निजी भूमि

0.310

83

निजी भूमि 84

0.620

निजी भूमि 87

0.620

निजी भूमि 88

1.690

निजी भूमि

0.530

90

निजी भूमि 91/1

0.490

निजी भूमि

0.490

91/2

निजी भूमि

0.700

93

निजी भूमि

0.350

94

निजी भूमि 95

0.090

निजी भूमि 96

0.050

निजी भूमि

(3)

(2)

(1)

2.640

98

निजी भूमि

1.470

99/2

निजी भूमि 100

0.470

निजी भूमि

1.470

102

निजी भूमि

0.160

106

निजी भूमि 107

0.150

निजी भूमि

1.290

114

निजी भूमि

0.640

115

निजी भूमि

0.900

119

निजी भूमि 120

0.120

निजी भूमि 122

0.270

निजी भूमि

0.230

123

निजी भूमि

1.225

127/1

निजी भूमि

0.460

129

निजी भूमि 130/2/क

0.750

निजी भूमि

0.560

131/1

निजी भूमि

0.200

131/2

निजी भूमि

0.210

131/3

निजी भूमि

0.210

131/4

निजी भूमि

0.200

131/5

निजी भूमि

0.010

131/6

निजी भूमि

0.600

132

निजी भूमि

0.260

134/1

निजी भूमि 135

0.090

निजी भूमि 137/1

0.820

निजी भूमि

0.040

138

निजी भूमि

0.400

143

निजी भूमि 145

0.500

निजी भूमि

0.450

147

निजी भूमि

0.200

151/1

निजी भूमि

0.200

151/2

निजी भूमि

0.120

152

निजी भूमि

0.300

153/1

निजी भूमि 153/2

0.440

निजी भूमि

0.360

154

निजी भूमि 155

0.160

निजी भूमि 156

0.020

निजी भूमि

0.430

157

निजी भूमि

0.580

158

निजी भूमि [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1314

(2)

(3) (1)

0.500

159

निजी भूमि

0.160

160

निजी भूमि

0.210

161

निजी भूमि 163

0.350

निजी भूमि

0.400

164

निजी भूमि

0.580

165

निजी भूमि

0.240

166

निजी भूमि

0.170

167/1

निजी भूमि

0.060

167/2

निजी भूमि

0.450

169

निजी भूमि

0.420

173

निजी भूमि 175

0.690

निजी भूमि

0.220

176

निजी भूमि

0.220

177

निजी भूमि

0.070

178

निजी भूमि

0.220

179

निजी भूमि

0.080

180

निजी भूमि

0.150

182

निजी भूमि

0.360

183

निजी भूमि

0.190

185

निजी भूमि

0.280

187

निजी भूमि

0.380

188

निजी भूमि

0.830

189

निजी भूमि 190

0.680

निजी भूमि

0.740

192

निजी भूमि

0.600

193

निजी भूमि

0.350

196

निजी भूमि 197/1

0.320

निजी भूमि 197/2

0.330

निजी भूमि

0.320

197/3

निजी भूमि

0.180

198

निजी भूमि

0.170

199

निजी भूमि

1.130

201

निजी भूमि 202

0.050

निजी भूमि 203/1

0.140

निजी भूमि

0.140

203/2

निजी भूमि

0.100

204

निजी भूमि

0.100

205

निजी भूमि

1.200

206

निजी भूमि

(3)

(2)

(1)

210

0.810

निजी भूमि

0.460

211

निजी भूमि

0.250

220/1

निजी भूमि

0.250

220/2

निजी भूमि 222

0.110

निजी भूमि

0.200

223

निजी भूमि

0.430

254

निजी भूमि

0.200

255

निजी भूमि

2.700

271

निजी भूमि

0.370

272

निजी भूमि

0.900

273

निजी भूमि

0.670

274

निजी भूमि

0.480

275

निजी भूमि

0.800

278

निजी भूमि

0.380

280

निजी भूमि

1.010

285/1

निजी भूमि 285/2

0.290

निजी भूमि

0.220

287

निजी भूमि

0.280

288

निजी भूमि

0.030

289

निजी भूमि

0.160

293

निजी भूमि

0.200

294

निजी भूमि

0.050

302

निजी भूमि

0.050

312

निजी भूमि

0.080

313

निजी भूमि

0.050

319/1

निजी भूमि

0.480

1444/65

निजी भूमि 1445/66

0.380

निजी भूमि

0.350

1450/301

निजी भूमि 1455

0.940

निजी भूमि

2.000

1456

निजी भूमि

1.840

1457

निजी भूमि

2.000

1458

निजी भूमि

1.040

1459/1

निजी भूमि

1.800

1460

निजी भूमि

1.940

1461

निजी भूमि

0.620

1462/1

निजी भूमि

0.620

1462/2

निजी भूमि

0.620

1462/3

निजी भूमि 1315

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2)

(3) (1)

1.740

1463

निजी भूमि

1.700

1464

निजी भूमि

2.000

1465

निजी भूमि 1466

0.980

निजी भूमि 1467

2.000

निजी भूमि

0.670

1468/1

निजी भूमि

0.660

1468/2

निजी भूमि

0.670

1468/3

निजी भूमि

1.800

1469

निजी भूमि

1.400

1470

निजी भूमि

1.640

1471

निजी भूमि

2.000

1475

निजी भूमि

0.260

1476

निजी भूमि

0.350

1477/1

निजी भूमि

0.330

1477/2

निजी भूमि 1477/3

0.330

निजी भूमि

0.330

1477/4

निजी भूमि

0.330

1477/5

निजी भूमि

0.330

1477/6

निजी भूमि

1.540

1479

निजी भूमि

0.220

1480/1

निजी भूमि

0.700

1480/2

निजी भूमि

0.340

1480/3

निजी भूमि 1480/4

0.080

निजी भूमि 1480/5

0.100

निजी भूमि

0.080

1480/6

निजी भूमि

0.020

1480/7

निजी भूमि

0.500

1481/1

निजी भूमि

0.760

1481/2

निजी भूमि

0.220

1481/3

निजी भूमि 1481/4

0.060

निजी भूमि

0.650

1482/1

निजी भूमि

0.880

1482/2

निजी भूमि

0.950

1483/1

निजी भूमि

0.580

1483/2

निजी भूमि

1.540

1484

निजी भूमि

1.690

1486

निजी भूमि

1.690

1487

निजी भूमि

0.650

1488

निजी भूमि

1.230

1489

निजी भूमि

(3)

(2)

(1)

2.000

1490

निजी भूमि

1.600

1491

निजी भूमि

0.830

1493

निजी भूमि

1.000

1495

निजी भूमि

1.900

1496

निजी भूमि

1.280

1497/1

निजी भूमि

0.650

निजी भूमि 1498

0.650

1499

निजी भूमि

0.760

1501

निजी भूमि

2.000

1502

निजी भूमि

0.820

1503

निजी भूमि

0.950

1504

निजी भूमि

0.260

1505

निजी भूमि

1.200

1506

निजी भूमि

0.500

1507

निजी भूमि

1.300

1508

निजी भूमि

1.000

1509

निजी भूमि

0.720

1510/2

निजी भूमि

0.480

1513.

निजी भूमि

1.400

1514

निजी भूमि 1515

0.270

निजी भूमि

0.110

1516/1

निजी भूमि

0.120

1516/2

निजी भूमि

0.120

1516/3

निजी भूमि

0.940

1590/1

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि . 190.585

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अजयगढ़ में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 197- अ-82 - वर्ष 2014-15 . भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15( 1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन तारीख से प्रावधानित समय सीमा 60 दिवस की समयावधि में कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं होने के कारण भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 ( 2 ) के अंतर्गत रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई तथा इस आधार पर राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की, [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

1316

धारा 19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, इस प्रकरण में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है , इसलिये पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की स्कीम की आवश्यकता नहीं है, अतः भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है:-

(ख) तहसील- अजयगढ़

( ग) ग्राम- डुंगरहो, प.ह.नं. 11

अनुसूची

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.04 हेक्टेयर.

(1 ) भूमि का वर्णन-

खसरा नम्बर

(क) जिला- पन्ना

भूमिका प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(ख) तहसील- अजयगढ़

(2)

(3)

(1)

(ग) ग्राम- बरियारपुर भूमियान, प.ह.नं. 04

58

0.570

निजी भूमि (घ) लगभग क्षेत्रफल-1.13 हेक्टेयर.

0.030

निजी भूमि

60

खसरा नम्बर

0.020

67

निजी भूमि

भूमिका प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

0.050

69

निजी भूमि

(3)

(2)

(1)

70

0.100

निजी भूमि 0.010

326

निजी भूमि

0.150

71

निजी भूमि 0.260

327

निजी भूमि

0.120

73

निजी भूमि 0.020

437

निजी भूमि

75

0.130

निजी भूमि 0,200

438

निजी भूमि

102/2

0.080

निजी भूमि 0.640

440

निजी भूमि

0.130

112

निजी भूमि कुल रकबा निजी भूमि 1.130

0.040

113

निजी भूमि

0.050

339

निजी भूमि

340

0.080

निजी भूमि (2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत एप्रोच चैनल निर्माण कार्य हेतु .

0.040

114

निजी भूमि

0.050

116

निजी भूमि

267

0.050

निजी भूमि (3 ) भूमिका नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, अजयगढ़ में किया जा सकता है.

0.110

268

निजी भूमि

0.010

271

निजी भूमि

0.020

272

निजी भूमि

273

0.080

निजी भूमि

0.070

279

निजी भूमि

0.010

278

निजी भूमि

0.160

337

निजी भूमि

0.110

341

निजी भूमि

0.210

342

निजी भूमि

0.060

103

निजी भूमि

0.120

108

निजी भूमि

0.150

269

निजी भूमि

0.020

343

निजी भूमि

0.120

344

निजी भूमि प्र. क्र. 198 - अ- 82- वर्ष 2014-15. भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15( 1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन तारीख से प्रावधानित समय सीमा 60 दिवस की समयावधि में कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं होने के कारण भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 (2 ) के अंतर्गत रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई तथा इस आधार पर राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, इस प्रकरण में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है , इसलिये पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की स्कीम की आवश्यकता नहीं है, अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2)

(3) (1)

338

0.090

निजी भूमि

0.610

345

निजी भूमि

0.020

359

निजी भूमि

0.030

360/1

निजी भूमि

0.050

360/2

निजी भूमि

0.020

361

निजी भूमि

0.060

362

निजी भूमि

0.080

369

निजी भूमि

0.010

412/1

निजी भूमि

0.010

412/2

निजी भूमि

0.090

413/1

निजी भूमि 413/2

0.090

निजी भूमि

0.130

454

निंजी भूमि 455

0.090

निजी भूमि 456

0.130

निजी भूमि 457

0.130

निजी भूमि 458

0.080

निजी भूमि

0.200

469

निजी भूमि

0.180

459

निजी भूमि

5.040

कुल रकबा निजी भूमि

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है. - मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत एप्रोच चैनल निर्माण कार्य हेतु.

(3 ) भूमिका नक्शा( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी, अजयगढ़ में किया जा सकता है.

प्र. क्र. 199- अ- 82- वर्ष 2014-15.- भूमि-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15( 1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन तारीख से प्रावधानित समय सीमा 60 दिवस की समयावधि में कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं होने के कारण भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013की धारा 15 ( 2 ) के अंतर्गत रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई तथा इस आधार पर राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची की कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, इस प्रकरण में किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं किया जाना है , इसलिये पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन की स्कीम की आवश्यकता नहीं है, अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की

1317 धारा -19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 1 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 2 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- पन्ना

(ख) तहसील- अजयगढ़

(ग) ग्राम- भापतपुर कुर्मियान, प.ह.नं. 04

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.69 हेक्टेयर.

खसरा नम्बर

भूमिका प्रकार

कुल अर्जित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(3) (1)

0.250

28/1क

निजी भूमि

0.200

28/1ख

निजी भूमि 28/1 घ

0.180

निजी भूमि 28/2क

0.760

निजी भूमि

0.620

127/2

निजी भूमि 130/1

0.400

निजी भूमि

0.400

130/2

निजी भूमि

0.110

131/1

निजी भूमि 131/2

0.070

निजी भूमि

0.190

134

निजी भूमि

0.110

135

निजी भूमि

0.110

136

निजी भूमि

0.060

137

निजी भूमि

0.110

138

निजी भूमि 139

0.210

निजी भूमि

0.220

140

निजी भूमि

0.280

141

निजी भूमि

0.110

143

निजी भूमि

0.090

166

निजी भूमि

0.210

167

निजी भूमि

4.690

कुल रकबा निजी भूमि

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है.- मझगांय मध्यम सिंचाई परियोजना के अन्तर्गत एप्रोच चैनल निर्माण कार्य हेतु.

(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी , अजयगढ़ में किया जा सकताहै.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शिव नारायण सिंह चौहान, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1318

राज्य शासन के आदेश

कार्यालय , कलेक्टर, जिला खरगोन मध्यप्रदेश एवं समुचित सरकार मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 [ क्रमांक 30 सन् 2013 की धारा 19 ( 1 ) के अन्तर्गत ]

खरगोन , दिनांक 13 अप्रैल 2016

क्र. 251 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम- बमनगांव

(घ) लगभग क्षेत्रफल-7.480 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.170

21/2

0.146

21/3

22

0.307

0.243

23/2

0.032

24/1

0.210

24/2

0.178

24/4

0.222

26/1

0.215

26/2

0.210

28/2

0.324

28/4

(2)

(1)

0.162

63/4

0.332

204/1

0.421

204/7

0.567

205/1 , 205/2

0.024

206

0.162

211

0.106

213/4

0.008

226/9

0.038

235

0.301

238/1

0.421

238/2

0.049

238/3

238/6

0.162

0.089

238/7

0.032

238/8

0.008

238/9

0.016

241/1

0.012

241/4

0.008

241/5

0.182

242

0.121

244/2

0.105

245/1

0.089

246/1

0.146

246/2

0.073

246/3

0.150

246/4

0.057

246/5

0.057

249

0.409

250/1

250/2

0.324

0.202

250/4

0.251

250/5

0.139

251/1

योग . 7.480

अनुसूची (2 )

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

(1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex- Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से

1319 प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमिके लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स ) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

( द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार - विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये 1320

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10 ) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी .

( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 252 - भू- अर्जन- 16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1) एवं (2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- सनावद

(ग ) ग्राम- भगोरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-3.044 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

22/1

0.364

0.138

23/1

(2)

(1)

0.010

23/2

0.500

23/3

0.364

25, 26

0.372

30/1

0.283

30/2

32/3

0.401

0.142

32/5

0.065

32/13

74

0.405 योग 3.044

अनुसूची (2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा . जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1.00 लाख प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड़ अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण कियाजाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है .

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

1321 (ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग, शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 253 - भू-अर्जन-16. - चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लिखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1322

पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की उपधारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील - सनावद

(ग) ग्राम- ढकलगांव

(घ) लगभग क्षेत्रफल-16.262 हेक्टर .

रकबा

खसरा नं.

(हे. में)

(2)

(1)

0.416

802/1

0.210

802/3

0.049

803/1

803/4

0.065

0.053

813/1

0.089

813/2

0.092

813/3

0.210

813/6

0.251

820

0.291

821/1

0.040

821/6

0.020

821/7

821/8

0.016

0.526

822/1

0.316

822/2

0.267

828/1

0.490

828/2

0.060

828/3

828/4

0.160

0.162

828/5

0.154

828/6

0.355

828/7

0.080

851/3

0.120

851/6

0.862

858

0.320

859/1

0.065

860/1

(2)

(1)

0.125

869

0.024

870/1

0.194

870/2

0.275

879/3

0.065

870/4

0.425

873/1

0.243

873/2

0.142

873/3

0.097

875/1

0.287

876

0.466

877

0.121

878

0.142

879

0.041

883

0.182

884

0.041

1085/1

0.227

1085/2

0.332

1086/1

0.235

1086/2

1086/3

0.235

0.283

1086/4

1086/5

0.149

1086/6

0.149

1086/7

0.162

0.089

1086/8

0.271

1087/1

0.656

1087/2

0.041

1107

0.291

1115/1

0.016

1133/2

0.134

1134

0.526

1136

0.134

1163/1

0.364

1163/2

0.097

1163/3

0.229

1163/5

0.010

1163/9

0.672

1164/1

0.024

1164/3

0.138

1166/1 , 1166/2

0.485

1177/6 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(1)

(2)

1177/7

0.121

1177/8

0.024

0.004

1177/9

0.045

1177/10

0.235

1178/1

0.057

1178/2

0.061

1179/1

0.053

1179/2

0.048

1179/3

0.061

1179/4

1180/1

0.152

0.032

1180/3

1180/4

0.032

0.595

1181/2

0.099

1181/3

1181/4

0.085

योग 16.262

अनुसूची ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

भू- अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सारं

( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/ - प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/ - प्रति एकड़.

1323 2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1324

प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग, शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

[भाग 1 क्र. 254- भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू- अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(द ) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

(ख) तहसील- सनावद

(ग ) ग्राम-बालाबाद

2 परियोजनाओं प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्यशासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

(11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.643 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में) (2)

(1)

20

1.194

0.162

77

0.097

78/2

0.057

79

0.478

80

0.105

85/1

0.494

85/6

0.113

86/1

0.445

88/1

0.474

89

0.437

91/1

0.421

93/1

0.502

93/2

0.510

95/2

0.081

115

0.223

116/2

0.405

116/3

0.344

116/4

0.101

116/5

योग 6.643 1325

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

अनुसूची (2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

अनुसूची ( 3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के तहत

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन

योजना का सार

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प. -( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग, पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा .

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.- कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड़ अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है .

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2. परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

1326

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10 ) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं. परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा .

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 255- भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-खरगोन

(ख) तहसील-सनावद

(ग) ग्राम-बिराली

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 10.530 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

0.040

6/1

(2)

(1)

6/2

0.344

6/3

0.497

0.457

6/4

0.947

9

0.020

10

0.113

11

0.787

12/1

12/2

0.374

0.708

166/8

0.182

166/11

0.263

166/12

0.275

166/13

167/1

0.623

0.041

170/1

0.181

170/2

0.328

171/1

0.097

171/2

0.053

173/1

0.093

173/2

0.063

173/4

0.036

173/12

0.167

174/1

0.101

174/2

0.067

174/3

0.166

174/4

0.167

174/5

1.132

176/1

176/3

0.160

0.008

177/1

0.081

182/2

1.955

187

0.004

209

योग 10.530

अनुसूची ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

अनुसूची (3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रितः निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजन के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. -कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

1327 (6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

1328

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 256 - भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील-सनावद

(ग) ग्राम- बैडिया

( घ) लगभग क्षेत्रफल-14.703 हेक्टर.

रकबा

खसरा नं.

(हे. में)

(2)

(1)

0.016

192/5

0.708

193

194

0.041

0.283

197

0.227

198/1

0.404

198/2, 199/1

0.024

199/3

(2)

(1)

0.223

199/7

0.105

199/8

0.631

205

0.607

206/1

0.405

206/2

0.032

207/2

0.182

400

0.377

403

0.453

404

0.041

405

0.166

413

0.445

414

0.308

415

0.457

505/1

506/3

0.121

0.283

510

0.243

524/6

0.931

526/1

0.240

526/2

0.753

527

0.575

533, 534/2 , 535/1

0.299

534/3

0.291

534/4, 535/3

0.020

571/5

0.365

571/6

0.346

572

0.305

579/4

0.259

615/3

0.142

615/4

0.323

616/2

0.283

616/3

0.016

618/5

0.255

619/3

621/1

0.105

0.049

621/2

0.227

632, 633

0.121

634/2

0.623

634/3

0.425

635

0.595

636/3

0.100

637/2

0.273

637/3

योग 14.703 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

अनुसूची ( 2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची ( 3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

( 1 ) वार्षिकी या नियोजन विकल्प. ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा . एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा . जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5- 5 लाख की राशि देय नहीं होगी. सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000 / - देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजन के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

1329 (5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी .

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

1330

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 257-भू-अर्जन- 16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम-टाकली

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.265हेक्टर.

रकबा

खसरा नं.

(हे. में)

(2)

(1)

0.121

215/1

(2)

(1)

0.283

215/3

0.162

215/4

0.081

215/5

0.322

215/6

0.247

216/2

216/3

0.397

0.870

216/5

0.801

216/6

0.065

217/2

0.173

252

0.886

265

0.121

266/1

0.121

266/2

0.170

267/1

0.121

267/2

0.324

268

योग 5.265

अनुसूची ( 2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची ( 3 ) भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

( 1 ) वार्षिकी या नियोजन विकल्प.- ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5- 5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

( 2 ) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड़ अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी .

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7 ) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं

1331 आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार-विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी .

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.

(10 ) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी .

( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं. परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

1332

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

क्र. 258 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- सनावद

(ग ) ग्राम- बोदगांव

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-8.131 हेक्टर

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.324

19/1

0.138

20

0.109

21/1

0.130

21/2, 66/1

0.073

22/3

0.263

23/1

0.109

24/1

0.255

24/2

0.295

24/4

0.008

24/5

0.186

24/9

0.032

28/1

0.736

28/2

0.041

28/3

0.012

30/3, 31/1

0.012

34/7

0.021

35/1

0.182

35/3

0.232

35/4

0.445

35/5

0.006

35/9

0.230

36/1

36/2

0.234

(2)

(1)

40/1

0.437

0.283

40/2

0.283

40/3

0.020

68/1

0.032

68/2

0.368

167, 168 , 173

0.268

174/1

0.206

174/2

184

0.089

230

0.567

0.032

244/3

0.206

244/4

0.352

244/5

0.482

251/1

0.433

263/1

योग 8.131

अनुसूची ( 2 )

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची ( 3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.

(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर

1333 प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग, पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार-विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि. - वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1334

क्र. 259 - भू-अर्जन-16.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील-सनावद

(ग ) ग्राम- आरसी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-23.674 हेक्टर

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.109

152/3

0.089

154/1

154/2

0.360

0.020

154/3

0.300

154/4

0.142

154/5

0.206

154/6

0.010

155/2

0.235

163/2

0.101

174/1

0.546

177/2

0.010

179/1

0.137

179/2

1.153

198/1

0.870

198/2

0.567

199

0.607

200

0.112

204/1

0.575

214

0.364

215/1

0.601

215/3

0.992

216

(2)

(1)

0.567

228

0.890

229

0.506

283/2

0.223

286/2

0.316

286/4

0.599

286/7

1.028

286/8

0.200 .

286/9

0.729

286/14

0.923

286/15

0.200

286/16

0.251

286/22

1.521

287/1

0.931

287/3

0.146

298/2

0.890

305

0.546

306/1

0.522

310/1

0.467

312/1

0.467

312/3

0.830

313/2

337/2

1.521

0.223

339/2

0.404

339/3

0.668

340/2

योग 23.674

अनुसूची ( 2 )

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची (3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

(1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

(2 ) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.

(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4 ) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.- कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़

1335 के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं. - परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा. भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1336

को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 260- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-खरगोन

(ख ) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम-डाल्याखेडी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-6.872 हेक्टर.

खसरा नं .

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.542

178/1

0.328

179

0.228

180/1 , 180/8 , 180/9

0.251

180/2

0.057

180/3

0.291

180/4

0.008

180/10

0.656

181/1

0.162

185/1 , 185/2 , 185/3

185/4

0.145

0.008

185/7

0.024

188

0.696

209

0.142

210

0.227

219/1

0.271

219/2

0.344

220/1

(2)

(1)

0.445

220/2

0.032

220/3

0.008

220/5

0.190

221/1

0.385

221/2

0.215

222/1

0.182

0.210

222/3

0.215

222/4

0.412

223/2

0.170

224

225/1

0.028 योग 6.872

अनुसूची (2 )

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची (3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी. सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा .

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष कि लिये दिना जाना प्रावधानित.

(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमिके लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर

1337 प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द ) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

( 9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी .

(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

1338

क्र. 261 - भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- सनावद

( ग ) ग्राम- बागदा खुर्द

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.042 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.412

13/3

13/4

0.649

1.071

14

0.142

15/1

0.243

15/2

0.182

15/3

0.044

62/2

0.008

62/3

0.231

64/2

0.567

66

0.906

69/1

0.243

69/3

0.004

69/5

0.053

69/6

0.287

69/9

योग : 5.042

अनुसूची (2 )

( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची (3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा . जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.- कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है . रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

1339 2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

( 9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

(11 ) स्वास्थ्यसेवाएं. परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 262- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील - सनावद 1340

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

(ग ) ग्राम- खानपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.163 हेक्टर.

खसरा नं .

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.506

32

33/1

0.336

33/2

0.041

0.008

33/7

33/9

0.465

0.340

34/1

0.486

34/3

0.527

38/2

0.004

38/3

0.344

39/1

0.384

39/2

44

1.044

0.322

45/1

0.328

45/2, 46/1

0.028

51/1

5.163

योग :

अनुसूची ( 2 )

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची ( 3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार (1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).- ( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

1341 भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 263 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर) के लिये देय होगी.

(10 ) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

(ख) तहसील - सनावद

(ग) ग्राम- बागदा बुजुर्ग

(घ) लगभग क्षेत्रफल-5.631 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में)

(2)

(1)

0.004

3/2

0.344

3/5

0.668

4/1

4/2

0.016

0.559

8/3

0.143

10

0.401

16

34/1

0.247

0.146

34/2

0.223

34/3

0.202

34/4

0.223

35 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

1342

(2)

(1)

36

0.450

0.085

39/5

0.049

47/5

0.498

48

0.386

49

0.987

50

योग : 5.631

अनुसूची (2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची (3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प. ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स ) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/ - प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

[ भाग 1 (2 ) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.- कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी .

(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7 ) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग, मोटर , ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स ) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

1343 भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(द ) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

(ख) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम- भातुड

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी .

(10) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं. परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 264 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः (घ) लगभग क्षेत्रफल-6.052 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा (हे. में) (2)

(1)

0.081

6/1

0.453

7/2

0.425

8/2

0.008

8/7

0.008

9/3

0.749

10/1

10/2

0.356

0.393

10/3

0.170

10/4

0.112

0.008

11/2

0.579

27/1 , 27/2, 28

0.113

29/1

0.291

29/3

0.324

29/4

0.567

56/9 , 56/11 , 56/13

0.004

56/16

0.399

57/2, 57/3 , 57/6

58/2

0.081

0.931

64/1

योग : 6.052

अनुसूची ( 2 )

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

1344

अनुसूची ( 3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा .

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से

[भाग 1 प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग, कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई 1345

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

( 10) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी .

( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 265- भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम- मोखनगांव

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-6.557 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा

(हे. में)

(1)

(2)

0.380

23/9

(2)

(1)

31

0.425

43

0.397

0.372

45/1

0.214

47

0.024

78/1

0.101

78/2

0.004

78/3

0.332

78/5

0.255

78/7

0.036

78/8

0.073

79/2

0.267

87

0.579

103/1

0.231

103/3

0.016

104

0.215

110/4

0.146

110/5

0.181

110/8

0.165

110/9

0.182

110/10

0.154

110/11

0.134

110/12

110/13

0.130

117/2

1.024

0.062

124/1

0.115

124/2

0.060

124/3

0.283

125/1

योग : 6.557

अनुसूची (2)

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

[भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1346

अनुसूची ( 3 )

जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिना जाना प्रावधानित.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

( 3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई 1347

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

( 10 ) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 266- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील-सनावद

(ग) ग्राम- भोगावां निपानी

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.379 हेक्टर.

रकबा

खसरा नं.

(हे. में) (2)

(1)

0.020

256/8

(2)

(1)

0.024

0.534

258/1

0.202

257 259

0.073

260/5

263/2

0.526 योग : 1.379

अनुसूची (2 )

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची ( 3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार (1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1348

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7 ) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमिके लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(8 ) प्रशिक्षण.-एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

[भाग 1 (स ) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी .

(10) छात्रवृत्ति.-प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 267 - भू-अर्जन-16 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 की उपधारा 1349

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(1) एवं (2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम- भुगदड़

(घ) लगभग क्षेत्रफल-4.974 हेक्टर.

रकबा

खसरा नं .

(हे. में )

(1)

(2)

38/2

0.145

0.162

40/1

40/2

0.533

41/1

0.393

0.053

41/2

0.223

41/3

0.301

41/5

0.429

42

45/5

0.445

0.158

45/1 , 46/1

46/4

0.515

0.024

46/5

0.109

47

0.016

48/3

48/9

0.056

0.615

57

58/1

0.615

0.182

58/2

योग : 4.974

अनुसूची ( 2 )

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची (3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है .

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1350

प्रभावित भू-स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी .

(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.-रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

[भाग 1 जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 268 - भू- अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम- ढसगांव

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई (घ ) लगभग क्षेत्रफल- 1.602 हेक्टयर .

रकबा

खसरा नं.

(हे. में)

(2)

(1)

146

0.101 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

(2)

(1)

0.805

147/4

0.364

148

149/4

0.332

योग : 1.602

अनुसूची (2 )

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है. -खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची ( 3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा . जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/ - प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/ - प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/ - देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.- कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.- एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग /रोड अवरूद्ध होंगे वहां

1351 पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4 ) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.- सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6 ) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

1352

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

[भाग 1 (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा, यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची ( 1 )

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-खरगोन

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(ख) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम- चमारदड़

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है .

क्र. 269- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (घ) लगभग क्षेत्रफल-4.583 हेक्टयर.

रकबा

खसरा नं.

(हे. में )

(2)

(1)

0.313

31/1

0.245

31/2

31/3

0.090

0.255

31/4

0.300

31/5

0.202

31/6

0.223

31/7

0.234

31/8

0.150

31/16

0.125

31/18

0.202

32/1

32/2

0.101

0.550

32/3

34

0.101

0.174

35/1

0.761

35/2

35/3

0.395

0.162

36

योग : 4.583

अनुसूची ( 2)

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

अनुसूची ( 3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है . रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से

1353 प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन , वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमिके लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार-विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी .

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1354

जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी .

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 270- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख ) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम-गोराडिया

(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.888 हेक्टर.

खसरा नं.

रकबा

(हे. में)

(1)

04 (2) 0.888

योग : 0.888

अनुसूची ( 2 )

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है.- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची ( 3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार (1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/ - प्रति एकड़.

(ब) Ex -Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें. कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है . रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7 ) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-( अ ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशिमें से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी.

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 ( अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार - विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी .

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

1355 (9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी . यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 271 - भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत, इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची ( 1 )

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ख) तहसील- सनावद मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1356

(ग ) ग्राम- भोपालपुरा

(घ) लगभग क्षेत्रफल-2.810 हेक्टयर.

खसरा नं.

[भाग 1 एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

रकबा

(हे. में)

(2)

(1)

0.202

72/3

0.162

72/4

0.251

73/4

0.243

73/7

0.648

76/1

0.356

78/2

0.190

78/16

0.243

79/4

0.121

79/5

0.135

79/16

0.121

79/18

0.138

79/19

योग : 2.810

अनुसूची (2)

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची (3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार ( 1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.-( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ ( न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता 2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

( 3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण.-कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी . इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी. यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 ( अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

1357 आवश्यकता है. भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19 ( 1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19 ( 2 ) के अन्तर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची ( 3 ) पर प्रदर्शित है. अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (1 ) एवं ( 2 ) के अंतर्गत , इसके द्वारा , यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -

अनुसूची ( 1 )

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- खरगोन

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(ख) तहसील- सनावद

(ग) ग्राम- तमोलिया

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी .

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10 ) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी. अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

(11 ) स्वास्थ्य सेवाएं.- परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

क्र. 272- भू-अर्जन-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये (घ) लगभग क्षेत्रफल-0.403 हेक्टर.

खसरा नं.

(1)

रकबा (हे. में) (2)

0.105

0.153

0.036

0.101

0.008

204/1 204/2 206 209/1 209/2

योग : 0.403

अनुसूची ( 2 )

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- खरगोन वृहद ताप विद्युत् परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची (3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा 19( 1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा 19( 2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार (1 ) वार्षिकी या नियोजन का विकल्प.- ( 1 ) रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रुपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा. एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रुपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा. जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रुपये 3,00,000/- प्रति एकड़.

(ब) Ex-Gratia रुपये 50,000/ - प्रति एकड़.

(स) विशेष अनुदान रुपये 50,000/- प्रति एकड़.

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रुपये 1,00,000/- प्रति एकड़.

1358

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

2. एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक् पृथक् 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी . सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रुपये 5,00,000/- देय होगा.

(2) ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायें.-कार्य योजना के बिन्दु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रुपये 10,00,000/ - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित.

(3 ) खेतों में आवागमन हेतु मार्ग.-एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/रोड अवरूद्ध होंगे वहां पर पुल/पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है.

(4) शेष बची भूमि का अधिग्रहण. कृषक की 75 प्रतिशत/ प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी. इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा.

(5 ) सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमति.-सिंचाई के लिये पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी . यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू-स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी.

(6) संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदान.- रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रुपये 25,000/ - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित.

(7) विशेष पुनर्वास अनुदान ( देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि).-(अ ) जमीन वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार.

(ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रुपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रुपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मूल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी .

(8 ) प्रशिक्षण.- एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों ( आमतौर पर

[भाग 1 प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिये निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगी:-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा.

(ब ) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा.

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार- विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी.

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई.टी.आई. में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा.

(9 ) भूमि विकास राशि.- वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिये रुपये 16,000/ - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि ( अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिये देय होगी.

(10) छात्रवृत्ति.- प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी . अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी. यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी.

( 11 ) स्वास्थ्यसेवाएं.-परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जांच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा.

भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 9 अप्रैल 2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( रा. ) बड़वाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक कुमार वर्मा, कलेक्टर एवं समुचित सरकार.

1359

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश जबलपुर

Jabalpur the 7th April 2016

No. C - 1298 - II - 15-50-87 - V.- In exercise of the powers conferred by clause ( a) of sub- section (2 ) of Section 8A of the Legal Services Authorities Act , 1987 ( No. 39 of 1987) , as amended by the Legal Services Authorities ( Amendement ) Act , 1994 (59 of 1994) , Hon'ble the Chief Justice , High Court of Madhya Pradesh , hereby nominates Hon'ble Shri Justice S. K. Seth , Judge of High Court of Madhya Pradesh , Principal Seat Jabalpur , as Chairman of the High Court Legal Services Committee , with immediate effect .

By order and in the name of Hon'ble the Chief Justice , MANOHAR MAMTANI , Registrar General .

जबलपुर, दिनांक 1 अप्रैल 2016

क्र. 399 - गोपनीय - 2016- II - 2-33-57- ( Pt . 12 ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , एतद्वारा , मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के अधिसूचना दिनांक 2/4-03-2002, 14-1-2005 , 4-11-2009 , 20-5-2011 एवं 30 जुलाई 2013 द्वारा गठित कुटुम्ब न्यायालय हेतु उक्त विभाग के आदेश फा. क्रमांक 1-1-2002- इक्कीस - ब ( एक ) -1231 , दिनांक 30 मार्च , 2016 के अंतर्गत नियुक्त मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा के कार्यरत्, निम्म सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक तथा अथवा आगामी आदेश होने तक स्तम्भ ( 3 ) में वर्णित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 6 ) में वर्णित कुटुम्ब न्यायालय में पदस्थ करता है :-

सारणी क्र. (1)

कहां से (3)

कहां को (4) नाम (2)

ग्वालियर 1

धार

श्री अरविन्द कुमार श्रीवास्तव (जूनियर ) , विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम, धार.

भोपाल गुना 2 श्री देव नारायण पाटिल, रजिस्ट्रार, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, सेन्ट्रल जोन बेंच , भोपाल.

उज्जैन

रतलाम 3 श्रीमती लक्ष्मी शर्मा, विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, उज्जैन.

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)

अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय, ग्वालियर की हैसियत से श्री प्रदीप सोनी ( सीनियर ) स्थान पर. श्री अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ( जूनियर ) वर्तमान पदस्थापना के साथ - साथ कुटुम्ब न्यायालय, दतिया का समवर्ती प्रभार (concurrent charge ) भी संभालेंगे एवं इस हेतु वे प्रत्येक माह में 7 दिवस के लिये कुटुम्ब न्यायालय , दतिया में श्रृंखला न्यायालय आयोजित करेंगे.

प्रधान न्यायालय, कुटुम्ब न्यायालय, गुना की हैसियत से रिक्त स्थान पर. श्री देवनारायण पाटिल वर्तमान पदस्थापना के साथ -साथ कुटुम्ब न्यायालय, अशोकनगर का समवर्ती प्रभार (concurrent charge ) भी संभालेंगे एवं इस हेतु वे प्रत्येक माह में 10 दिवस के लिए कुटुम्ब न्यायालय, अशोकनगर में श्रृंखला न्यायालय आयोजित करेंगे .

प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , रतलाम की हैसियत से श्री सुरेश चन्द्र पाल के स्थान पर.

[भाग 1 1360

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

टिप्पणी.- उपरोक्त सेवानिवृत्त होने जा रहे न्यायिक अधिकारियों को देय वेतन तथा भत्तों का निर्धारण मध्यप्रदेश कुटुम्ब न्यायालय , नियम 2002 के नियम 3 के अंतर्गत होगा.

क्र. 400 - गोपनीय - 2016- II - 2-33-57- ( Pt . 12) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, एतद्वारा, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक (2 ) में उल्लेखित प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से आगामी आदेश होने तक स्तम्भ ( 3 ) में वर्णित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 5 ) में वर्णित कुटुम्ब न्यायालय में पदस्थ करता है :-

सारणी

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी नाम

कहां को

क्र.

कहां से

(5)

(4)

(2)

(3)

(1)

रायसेन विदिशा

1. श्री विमल कुमार जैन , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, रायसेन.

प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , विदिशा की हैसियत से रिक्त स्थान पर . श्री विमल कुमार जैन, वर्तमान पदस्थापना के साथ - साथ कुटुम्ब न्यायालय , रायसेन का समवर्ती प्रभार (concurrent charge ) भी संभालेंगे एवं इस हेतु वे प्रत्येक माह में 7 दिवस के लिए कुटुम्ब न्यायालय, रायसेन में श्रृंखला न्यायालय आयोजित करेंगे.

क्र. 402- गोपनीय - 2016 - दो - 2-1-2016- ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अधीन एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्टस् एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ (2 ) में दर्शित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तत्संबंधी स्तम्भ (6 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश की हैसियत से तथा मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना क्रमांक फा-1-2-90-इक्कीस - ब( एक ) , दिनांक26-10-1995 अधिसूचना क्रमांक फा. 1-2-90- इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 19-2-97 एवं क्रमांक 1-2-90- इक्कीस अ( एक ) , दिनांक 7-5-99 तथा क्रमांक फा. 1-2-90/21 - ब ( एक ) , दिनांक 4-5-2007 द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 ( 1989 की संख्या 33 ) की धारा 14 के अधीन विनिर्दिष्ट सारणी के तत्संबंधी स्तम्भ ( 7 ) में निर्दिष्ट विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी के रूप में पदस्थ एवं नियुक्त करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 की संख्या 2 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में निर्दिष्ट अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिए सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये अपर सत्र न्यायाधीश नियुक्त करता है: -

सारणी

विशेष

कहां को

क्रमांक

नाम

कहां से

न्यायालय

सत्र खण्ड का नाम

न्यायालय के संदर्भ में टिप्पणी

(6)

का नाम (7)

(4)

(5)

(1)

(2)

(3)

बालाघाट 1

बालाघाट

बालाघाट

छिन्दवाड़ा

श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव (जूनियर) .

पीठासीन अधिकारी, विशेष न्यायालय की हैसियत से रिक्त न्ययाालय में.

रतलाम

रतलाम

2

दतिया

रतलाम

श्री भरत सिंह औहरिया

पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री धीमन नारायण शुक्ला के स्थान पर.

1361

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(7)

(6)

(5)

(2)

(3)

(4)

(1)

सीहोर

सीहोर

सीहोर

3

सीहोर

श्री श्याम कांत कुलकर्णी

पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री दिलीप कुमार मिश्रा के स्थान पर .

धार

धार

धार

4

सीधी

डॉ. जगदीश चन्द्र सुनहरे

पीठासीन अधिकारी , विशेष न्यायालय की हैसियत से श्री अरविंद कुमार श्रीवास्तव (जूनियर) के स्थान पर.

टिप्पणी.-

( 1 ) आदेश क्रमांक 355/गोपनीय /2016 , दिनांक 26 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री राजीव कुमार श्रीवास्तव ( जूनियर ) , विशेष न्यायाधीश , अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम, छिन्दवाड़ा का, छिन्दवाड़ा से गुना स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

(2 ) आदेश क्रमांक 355/गोपनीय/2016 , दिनांक 26 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री भरत सिंह औहरिया , विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम, दतिया का, दतिया से रतलाम स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

(3 ) आदेश क्रमांक 309/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 जहां तक इसका संबंध डॉ. जगदीश चन्द्र सुनहरे, विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) , अधिनियम , सीधी का, सीधी से सीहोर स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

क्र. 403 - गोपनीय - 2016- दो- 2-1-2016-( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक 2. सन्1974 ) की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्याययाल की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिये , उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से निययुक्त करता है :-

सारणी

कहां से कहां को

नाम

क्रमांक

पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी $

(6)

(3)

(4)

(5)

(2)

(1)

विदिशा

ग्वालियर

बासौदा

1 श्री प्रदीप सोनी ( सीनियर ) ,

द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, ग्वालियर.

1362

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

जबलपुर, दिनांक 5 अप्रैल 2016

क्र. 413 - गोपनीय- 2016- दो-3-1-2016.-( 1 ) रजिस्ट्री स्थानांतरण आदेश क्रमांक 302 /गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च 2016 के तारतम्य में , निम्न मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 को सूचित किया जाता है कि उक्त आदेश के विरुद्ध उनके द्वारा दिया गया अभ्यावेदन उच्च न्यायालय द्वारा विचारोपरांत निरस्त कर दिया गया है . वे आदेश में निर्देशित दिनांक को अपनी नवीन पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करें एवं तद् की सूचना इस रजिस्ट्री को यथाशीघ्र प्रेषित करें .-

1. श्री संजय पाल सिंह बुंदेला, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, भोपाल.

2. श्री सुनील कुमार मिश्रा, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, कटनी.

3. श्री दिलीप गुप्ता, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , इंदौर.

4. श्री सुरेश कुमार चौबे ( जूनियर ) , सप्तम् व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, इंदौर.

5. श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, धार.

6. श्री नवीन कुमार शर्मा , सप्तम् व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, ग्वालियर.

7. श्री संजीव कुमार गुप्ता, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 एवं मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , नीमच.

( 2 ) रजिस्ट्री स्थानांतरण आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016, दिनांक 14 मार्च 2016 के तारतम्य में, निम्न व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 को सूचित किया जाता है कि उक्त आदेश के विरुद्ध उनके द्वारा दिया गया अभ्यावेदन उच्च न्यायालय द्वारा विचारोपरांत निरस्त कर दिया गया है . वे आदेश में निर्देशित दिनांक को अपनी नवीन पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करें एवं तद् की सूचना इस रजिस्ट्री को यथाशीघ्र प्रेषित करें. -

1. श्री सुशील कुमार जोशी, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , मंदसौर.

2. श्री राजेन्द्र देवड़ा, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , अलीराजपुर.

3. श्री उत्तम कुमार डार्वी, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , नीमच के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , नीमच.

(3 ) रजिस्ट्री स्थानांतरण आदेश क्रमांक 296/गोपनीय/2016, दिनांक 14 मार्च 2016 के तारतम्य में , निम्न व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 ( व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-1 के पद पर पदोन्नति के आदेश के अधीन ) को सूचित किया जाता है कि उक्त आदेश के विरुद्ध उनके द्वारा दिया गया अभ्यावेदन, उच्च न्यायालय द्वारा विचारोपरांत निरस्त कर दिया गया है . वे आदेश में निर्देशित दिनांक को अपनी नवीन पदस्थापना के स्थान पर कार्यभार ग्रहण करें एवं तद् की सूचना इस रजिस्ट्री को यथाशीघ्र प्रेषित करें.-

1. श्री अभिषेक सक्सेना, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , बुरहानपुर.

2. श्री सुधांशु सिन्हा, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , जबलपुर.

3. श्री मनोज कुमार राठी , चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2, इंदौर.

4. श्री जफर इकबाल , तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , होशंगाबाद.

5. कुमारी ज्योति राजपूत , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 , अनूपपुर.

6. श्री चित्रेन्द्र सिंह सोलंकी, पंचम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2, इंदौर.

7. श्री वैभव सक्सेना, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , इटारसी जिला होशंगाबाद.

8. श्री अभिषेक गोयल , चतुर्थ , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , मुरैना.

क्र. 415- गोपनीय - 2016- दो- 3-1-2016 ( भाग - ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 तथा मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.

दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 ( क्रमांक 2, सन् 1974 ) की धारा 12 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ ( 5 ) में अंकित जिले में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी/ 1363

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से नियुक्त करता है: -

कहां से नाम

क्रमांक

(3) (2)

(1)

कसरावद 1 श्री सुनील मालवीय,

इंदौर 2 श्री शशि भूषण शर्मा ,

टिप्पणीः-

सारणी

कहां को

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी पदस्थापना के जिले का नाम

(6)

(5)

(4)

मंदसौर

नारायणगढ़

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से, रिक्त न्यायालय में.

मण्डलेश्वर

कसरावद

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी की हैसियत से, श्री सुनील मालवीय के स्थान पर.

1. आदेश क्रमांक 302/ गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री सुनील मालवीय, व्यवहार न्यायादीश, वर्ग-1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , कसरावद, जिला मण्डलेश्वर का, कसरावद, जिला मण्डलेश्वर से लौंडी जिला छतरपुर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

2. आदेश क्रमांक 302/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री शशि भूषण शर्मा, षष्ठ्म व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी , इंदौर का, इंदौर से शहडोल स्थानान्तरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

क्र. 416-गोपनीय- 2016- दो- 3-1-2016 ( भाग -ए) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 तथा न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-

कहां से नाम

क्रमांक

(3) (2)

(1)

आरोन 1 श्री राम प्रकाश कतरोलिया,

2

बैढ़न श्री गुलाब चन्द्र मिश्रा,

3

जावरा श्री निलेश यादव,

भोपाल 4 श्री राजेश नन्देश्वर,

भाण्डेर 5 श्री रवि प्रकाश जैन,

गाडरवारा 6 श्री पंकज यादव ,

मउगंज 7 श्री अब्दुल कादिर मंसूरी ,

सारणी

कहां को पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(6)

(5)

(4)

टीकमगढ़

टीकमगढ़

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , की हैसियत से, रिक्त न्यायालय में.

पाटन

जबलपुर

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , पाटन के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

सतना

सतना

चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

झाबुआ

झाबुआ

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

अशोकनगर

अशोकनगर

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

भैंसदेही

बैतूल

व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

मंदसौर

मंदसौर

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

[भाग 1 1364

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 अप्रैल 2016

टिप्पणी.-

1. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री राम प्रकाश कतरोलिया , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-1 , आरोन, जिला गुना का, आरोन, जिला गुना से भीकनगांव जिला मण्डलेश्वर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

2. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री गुलाब चन्द्र मिश्रा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , बैढ़न जिला सिंगरौली के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , बैढ़न जिला सिंगरौली का, बैढ़न जिला सिंगरौली से बरेली जिला रायसेन स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

3. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री निलेश यादव, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , जावरा , जिला रतलाम का, जावरा जिला रतलाम से जतारा जिला टीकमगढ़ स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

4. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री राजेश नन्देश्वर, सप्तम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 , भोपाल का, भोपाल से राजगढ़ स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

5. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016, जहां तक इसका संबंध श्री रवि प्रकाश जैन, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , भाण्डेर , जिला दतिया का, भाण्डेर जिला दतिया से पाटन जिला जबलपुर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है .

6. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री पंकज यादव, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , गाडरवारा जिला नरसिंहपुर का, गाडरवारा जिला नरसिंहपुर से नारायणगढ़ जिला मंदसौर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

7. आदेश क्रमांक 304/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री अब्दुल कादिर मंसूरी , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , मउगंज जिला रीवा का, मउगंज जिला रीवा से शाजापुर स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

क्र. 417 - गोपनीय- 2016- दो- 3-1-2016 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 को उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान पर, उनकी नियुक्ति व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 के पद पर होने के फलस्वरूप, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -1 की हैसियत से वेतनमान रुपये 39,530-920-40,450-1080-49,090-1230-54,010/- में, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-

सारणी

नाम

कहां को

क्रमांक

कहां से

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (6)

पदस्थापना के जिले का नाम (5)

(4)

(1)

(3)

(2)

उज्जैन

1

उज्जैन

उज्जैन

श्री समरेश सिंह

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 , उज्जैन के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

रायसेन

2

बरेली

श्री अमर गोयल

गुना

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

मण्डला

कटनी

निवास

3 श्री अब्दुल्लाह अहमद

व्यवहार न्यायादीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

होशंगाबाद

4. श्रीमती मीनल श्रीवास्तव

इटारसी

इटारसी

व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 , इटारसी जिला होशंगाबाद के न्यायालय के चतुर्थ अतिरिक्त न्यायाधीश की हैसियत से.

मण्डलेश्वर

भीकनगांव

शाजापुर

5 श्री अतुल सक्सेना

व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

1365

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

(3) (1)

(2)

दमोह 6 श्री कपिल नारायण भारद्वाज

टिप्पणी

(6)

(5)

(4)

छतरपुर

लौंड़ी

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

1. आदेश क्रमांक 296 /गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री समरेश सिंह, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , उज्जैन का, उज्जैन से, पदोन्नति पर सीधी स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है. श्री समरेश सिंह का उज्जैन पदस्थापना पर कार्यकाल 13 जून, 2016 तक बढ़ाया गया है तत्पश्चात् वे व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -1 , तराना जिला उज्जैन के पद पर कार्यभार ग्रहण करेंगे.

2. आदेश क्रमांक 296/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री अमर गोयल , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , गुना का, गुना से पदोन्नति पर आमला, जिला बैतूल स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

3. आदेश क्रमांक 296/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री अब्दुल्लाह अहमद, पंचम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , कटनी का, कटनी से पदोन्नति पर पाण्डुर्णा, जिला छिन्दवाड़ा स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

4. आदेश क्रमांक 322 /गोपनीय/2016 , दिनांक 16 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्रीमती मीनल श्रीवास्तव, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , इटारसी, जिला होशंगाबाद के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , इटारसी, जिला होशंगाबाद का, इटारसी, जिला होशंगाबाद से पदोन्नति पर बुरहानपुर स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

5. आदेश क्रमांक 322 /गोपनीय/2016 , दिनांक 16 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री अतुल सक्सेना, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , शाजापुर , का शाजापुर से पदोन्नति पर सीधी स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

6. आदेश क्रमांक 296/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री कपिल नारायण भारद्वाज, षष्टम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , दमोह का, दमोह से पदोन्नति पर मनासा, जिला नीमच स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

जबलपुर, दिनांक 6 अप्रैल, 2016

क्र. 423 - गोपनीय - 2016- दो - 3-1-2016 ( भाग - बी ) .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 एवं न्यायिक दण्डाधिकारी , प्रथम श्रेणी को उसी हैसियत में स्थानांतरित कर उनके नाम के समक्ष अंकित स्थान एवं पद पर उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-

नाम

कहां से क्रमांक

(2)

(3) (1)

सतना 1 श्री श्याम सुंदर झा,

देवास 2 श्रीमती पूनम डामेचा,

खरगोन 3 कुमारी लक्ष्मी वास्कले,

बैढ़न 4 श्री कुसुम हारा चक्रवर्ती

छिंदवाड़ा 5 श्रीमती पुष्पा तिलगाम,

सारणी

कहां को

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी पदस्थापना के जिले का नाम

(6)

(4)

(5)

रीवा

त्यौंथर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.

बुरहानपुर बुरहानपुर

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से.

बीना

सागर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 की हैसियत से.

छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 की हैसियत से.

गाडरवाड़ा नरसिंहपुर प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1366

(2)

(3) (1)

6 श्री मयंक मोदी,

शिवपुरी

सबलगढ़ 7 श्री मोहम्मद नियामत हुसैन रजवी,

जबलपुर 8 कुमारी श्वेता श्रीवास्तव,

मुरैना 9 कुमारी शालू सिरोही

पाटन 10 श्री रवीन्द्र कुमार धुर्वे,

11

गुना श्रीमती सुनीता गोयल,

जावद श्रीमती बबीता होरा शर्मा,

12

भोपाल 13 श्री शिवकुमार डावर,

कुक्षी 14 श्रीमती दुर्गा सोलंकी,

बैतूल 15 कुमारी उषा उइके,

मऊगंज 16 श्रीमती शबनम कदीर मंसूरी ,

टिप्पणी:-

(6)

(5)

(4)

मुरैना

सबलगढ़

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से श्री मोहम्मद नियामत हुसैन रजवी के स्थान पर.

उज्जैन

बड़नगर

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.

सतना

सतना

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.

भोपाल

भोपाल

पंचम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2, की हैसियत से.

मण्डला

निवास

व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 , निवास के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, निवास जिला मण्डला की हैसियत से.

सीहोर

सीहोर

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.

सिंगरौली

बैढ़न

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.

देवास

खातेगांव

प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 की हैसियत से.

मंदसौर

नारायणगढ़

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से.

सागर

देवरी

व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.

मंदसौर

मंदसौर

चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.

1. आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध कुमारी संचिता भदकारिया, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , भोपाल का, भोपाल से लहार जिला भिण्ड, स्थानान्तरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है. वे अपने वर्तमान पद पर निरंतर कार्य करती रहेंगी.

2. आदेश क्रमांक 306/गोपनीय / 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्रीमती शोभना गौतम, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , रीवा का , रीवा से मण्डला , स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है. वे अपने वर्तमान पद पर निरंतर कार्य करती रहेंगी . परिणामस्वरूप, श्री कमलेश भरकुन्दिया , व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , गरोठ के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, गरोठ जिला मंदसौर, जो रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च , 2016 द्वारा " प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , की हैसियत से श्रीमती शोभना गौतम के स्थान पर. " पर पदस्थ किये गये थे, को " अष्टम् व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , रीवा की हैसियत से रिक्त न्यायालय में. " पदस्थ किया जाता है.

3. आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 , जहां तक इसका संबंध श्री प्रसन्न सिंह बहरावत, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , इंदौर का, इंदौर से रीवा , स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है . वे अपने वर्तमान पद पर निरंतर कार्य करती रहेंगे. परिणामस्वरूप , श्री महेश कुमार माली , तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , मउगंज , जिला रीवा , जो रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 द्वारा " द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से श्री प्रसन्न सिंह बहरावत के स्थान पर. " पर पदस्थ किये गये थे, को " तृतीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , इंदौर की हैसियत से रिक्त न्यायालय में . " पदस्थ किया जाता है .

1367

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

भाग 1 ]

4. आदेश क्रमांक 323/गोपनीय/2016, दिनांक 16 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध श्रीमती मोनिका आध्या, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जौरा जिला मुरैना का, जौरा जिला मुरैना से जबलपुर स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है. वे अपने वर्तमान पद पर निरंतर कार्य करती रहेंगी. परिणामस्वरूप , श्री जय प्रताप चिड़ार, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , सिरोंज जिला विदिशा , जो रजिस्ट्री आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/ 2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016 द्वारा " प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 जोरा की हैसियत से श्रीमती मोनिका आध्या के स्थान पर. " पर पदस्थ किये गये थे, को " प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग-2 , जोरा के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , जोरा जिला मुरैना की हैसियत से. " पदस्थ किया जाता है.

(2) आदेश क्रमांक 306/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च , 2016, जहां तक इसका संबंध-

1. श्री श्याम सुन्दर झा, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , सतना का, सतना से बुरहानपुर,

2. कुमारी लक्ष्मी वास्कले, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2, खरगोन, जिला मण्डलेश्वर का, खरगौन जिला मण्डलेश्वर से छतरपुर, 3. श्री कुसुम हारा चक्रवर्ती, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , बैढ़न जिला सिंगरौली का, बैढ़न जिला सिंगरौली से निवास जिला मण्डला.

4. श्रीमती पुष्पा तिलगाम, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , छिंदवाड़ा का, छिंदवाड़ा से खाचरौद जिला उज्जैन, 5. श्री मयंक मोदी , चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , शिवपुरी का, शिवपुरी से भैंसदेही जिला बैतूल,

6. कुमारी श्वेता श्रीवास्तव, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जबलपुर का, जबलपुर से मनासा जिला नीमच.

7. कुमारी शालू सिरोही , प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , मुरैना के न्यायालय की द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश , मुरैना का, मुरैना से शहडोल,

8. श्री रवीन्द्र कुमार धुर्वे, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , पाटन के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश , पाटन जिला जबलपुर का, पाटन जिला जबलपुर से धार.

9. श्रीमती सुनीता गोयल, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , गुना के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , गुना का, गुना से बागली जिला देवास ,

10. श्रीमती बबीता होरा शर्मा, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , जावद, जिला नीमच का, जावद, जिला नीमच से मऊगंज जिला रीवा, 11. श्रीमती शोभना गौतम, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , रीवा का, रीवा से मण्डला,

12. श्री प्रसन्न सिंह बहरावत, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , इंदौर का , इंदौर से रीवा,

13. कुमारी उषा उइके, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , बैतूल का बैतूल से गरौठ जिला मंदसौर,

14. श्रीमती शबनम कदीर मंसुरी , चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2, मऊगंज जिला रीवा का, मऊगंज जिला रीवा से शाजापुर, स्थानान्तरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

(3 ) आदेश क्रमांक 323/गोपनीय/2016 , दिनांक 16 मार्च , 2016 , जहां तक इसका संबंध-

1. श्रीमती पूनम डामेचा, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , देवास के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश , देवास का, देवास से शहडोल,

2. श्री शिवकुमार डावर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 , भोपाल का, भोपाल से तराना जिला उज्जैन,

3. श्रीमती दुर्गा सोलंकी, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2, कुक्षी जिला धार का, कुक्षी जिला धार से भीकनगांव जिला मण्डलेश्वर, स्थानान्तरण से है , एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

1. श्री मोहम्मद नियामत हुसैन रजवी , द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , सबलगढ़ जिला मुरैना का स्थानांतरण स्वयं के व्यय पर किया गया है.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

1368

क्र. 424- गोपनीय- 2016- दो- 3-1-2016 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्नलिखित व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 ( ट्रेनी जज ) को उनके नाम से समक्ष स्तम्भ क्रमांक (4 ) में दर्शित स्थान एवं स्तम्भ क्रमांक ( 6 ) में उल्लेखित नियमित न्यायालय में पदस्थ करते हुए उन्हें दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी की शक्तियाँ प्रदान करता है:-

सारणी

नाम

कहां से कहां को

क्रमांक

पदस्थापना के जिले का नाम

न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी

(6)

(4)

(5)

(1)

(2)

(3)

1

हरदा

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा

श्री अमित मालवीया,

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.

टीकमगढ़ टीकमगढ़

टीकमगढ़

2 सुश्री दीप्ती ठाकुर,

पंचम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग-2 , की हैसियत से.

अशोकनगर अशोकनगर अशोकनगर

3 श्री राजकुमार भद्रसेन ,

तृतीय व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , की हैसियत से.

अशोकनगर

अशोकनगर मुंगावली

4 श्री साजिद मोहम्मद

द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , की हैसियत से.

टिप्पणी:-

आदेश क्रमांक 300/गोपनीय/2016 , दिनांक 14 मार्च, 2016, जहां तक इसका संबंध-

1. श्री अमित मालवीया, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , हरदा के न्यायालय के तृतीय अतिरिक्त न्यायाधीश , हरदा का, हरदा से भितरवार, जिला ग्वालियर,

2. सुश्री दीप्ती ठाकुर, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , टीकमगढ़ के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, टीकमगढ़ का, टीकमगढ़ से निवाड़ी, जिला टीकमगढ़,

3. श्री राजकुमार भद्रसेन, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 , अशोकनगर के न्यायालय के द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, अशोकनगर का, अशोकनगर से मुंगावली जिला अशोकनगर,

4. श्री साजिद मोहम्मद, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 , अशोकनगर के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश , अशोकनगर का, अशोकनगर से अशोकनगर,

स्थानांतरण से है, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, मनोहर ममतानी , रजिस्ट्रार जनरल.

जबलपुर, दिनांक 4 अप्रैल, 2016

क्र. 406 -गोपनीय- 2016- दो- 3-27-2016 .- उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, सुश्री सपना कौशल, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 , महू जिला इंदौर का विवाह उपरांत नाम परिवर्तन " श्रीमती सपना शर्मा " पत्नी श्री राकेश कुमार शर्मा करने की एतद्वारा स्वीकृति प्रदान करता है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तित नाम अंकित किया जावे.

आदेशानुसार,

मनोहर ममतानी , रजिस्ट्रार जनरल.

भाग 1 ]

1369

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 अप्रैल 2016

जबलपुर, दिनांक 4 अप्रैल, 2016

क्र. सी- 1256- तीन- 10-42-75 ( विदिशा- बासौदा- कुरवाई ) .- मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम, 1958 (अधिनियम क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए उच्च न्यायालय एतद्वारा निर्देशित करता है कि श्री प्रदीप सोनी ( जूनि. ) द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बासौदा अपने घोषित कार्यस्थल बासौदा के अतिरिक्त, कुरवाई में भी प्रत्येक माह में 15 ( पन्द्रह ) दिवस , वहां श्रृंखला न्यायालय आयोजित करने हेतु बैठक करेंगे .

No. C- 1256 - III - 10-42/ 75 (Vidisha- Basoda -Kurwai ) .- In exercise of the powers conferred by Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Courts Act, 1958 (Act No. 19 of 1958) the High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Shri Pradeep Soni (Jr. ) , IInd Addl . Distt . & Session Judge , Basoda in addition to his place of sitting declared at Basoda , shall also sit at Kurwai for 15 (Fifteen) days in each month , for holding of Link Court there.

क्र. सी- 1258-तीन-10-42-75 ( विदिशा-सिरोंज-कुरवाई ) .- उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्रमांक ए/3221 , तीन-10-42-75 (विदिशा- सिरोंज- कुरवाई ) दिनांक12-9-2014 जिसका संबंध द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिरोंज की श्रृंखला न्यायालय, कुरवाई से है, को एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

No. C- 1258 - III - 10-42 /75 ( Vidisha- Sironj - Kurwai ) .- High Court Notification No. A/3221 , III - 10-42/75 (Vidisha- Sironj - Kurwai ) dated 12-9-2014 , which relates to holding Link Court of IInd Additional District & Sessions Judge, Sironj to Kurwai is hereby cancelled.

क्र. सी - 1260- तीन-10-42-75 ( विदिशा- सिरोंज- गंजबासौदा ) .- उच्च न्यायालय की अधिसूचना क्रमांक 689, तीन- 10-42-75 ( विदिशा- सिरोंज- गंजबासौदा ) दिनांक 10-7-2015 जिसका संबंध अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिरोंज के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश की श्रृंखला न्यायालय , गंजबासौदा से है , को एतद्वारा निरस्त किया जाता है.

C- 1260 - III - 10-42/ 75 No. (Vidisha - Sironj- Ganjbasoda. High Court Notification No. 689 - III - 10- 42/75 ( Vidisha- Sironj - Ganjbasoda ) dated 10-7-2015 , which relates to holding Link Court of AJ to Additional District & Sessions Judge , Sironj to Ganjbasoda , is hereby cancelled.

By order of the High Court , VIVEK SAXENA , OSD ( DE) .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 22 April 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2016-04-22.17.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2016-04-22.17.Ordinary.