Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

0

Published 17 June 2016

Type
Ordinary
Gazette no.
25
Part
1
Identifier
in.gazette.madhya.2016-06-17.25.Ordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदे श शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 17 जून 2016- ज्येष्ठ 27, शक 1938

क्रमांक 25 ]

विषय-सूची

भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.

( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश,

भाग 1.-

(2) सांख्यिकीय सूचनाएं,

(3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं,

(4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश

( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन,

भाग 4.- ( क)

(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.

(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम,

(3 ) संसद्के अधिनियम,

भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,

(ग) (1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.

भाग १

राज्य शासन के आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

2." पूर्व मुख्यमंत्री, यदि केन्द्र अथवा राज्य में मंत्री पद धारित करते हैं, तो उक्त अवधि के लिए उन्हें वेतन एवं भत्ते की पात्रता नहीं होगी , किन्तु अन्य सुविधाओं हेतु पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से पात्र होंगे . "

भोपाल , दिनांक 26 मई 2016

क्र. एफ ए- 3-24-2016- एक ( 1 ) .- इस विभाग के समसंख्यक

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. कातिया, अपर सचिव.

आदेश दिनांक 21 अप्रैल 2016 के पैरा -2 के स्थान पर निम्नानुसार पैरा स्थापित किया जाता है :-

2059

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2016.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2060

गृह विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल

भोपाल, दिनांक 7 जून 2016

क्र. एफ- 12-44-2015 - बी- 1- दो.- यतः, राज्य सरकार यह आवश्यक समझती है कि राज्य के उन परिलक्षित क्षेत्रों में जहां कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर अत्याचार होने की संभावनाएं अधिक हैं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर अत्याचार के अपराधों का निवारण किया जाए;

अतएव, इन क्षेत्रों में अत्याचारों का निवारण करने तथा केन्द्र सरकार द्वारा बनाई गई विधि के अधीन अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के संरक्षण तथा उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने तथा अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम , 1989 ( 1989 का 33 ) की धारा 21 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( सात ) के उपबंधों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दृष्टि से, राज्य सरकार, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 4 ) में विनिर्दिष्ट ग्रामों, वार्डों नगरों के क्षेत्रों के लिये उक्त अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट जिले के लिये कॉलम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट पुलिस थानों को , उक्त अधिनियम तथा उसके अधीन बनाये गये नियमों के अधीन ऊपर उल्लिखित प्रयोजनों के लिये चिन्हित क्षेत्र अधिसूचित करती है , अर्थात्ः-

अनुसूची

पुलिस थाना (3)

जिला (2)

अनुक्रमांक (1)

पीपलरांवा

देवास

1

बागली

कन्नौद

कन्नौद

सतवास

कराहल 2

श्योपुर

रायसेन

3

औबेदुल्लागंज 4

बैतूल कोतवाली

बैतूल

बैतूल कोतवाली

बैतूल कोतवाली

बैतूल कोतवाली

सारनी

कोतवाली

विदिशा

5

कोतवाली

कोतवाली 6

शिवपुरी

स्टेशन 7

मुरैना

स्टेशन

कोतवाली

अम्बाह

सिराली 8

हरदा

ग्वालियर

हजीरा 9

ग्राम, वार्ड/नगर (4)

मेहरखेड़ी मुण्डला

बागली

बावड़ीखेड़ा

पिपलानी

जिनवानी

कराहल

अर्जुन नगर ( वार्ड 12 )

हमलापुर

सदर

गंज

टिकारी

पाथाखेड़ा

मोहनगिरी ( वार्ड 3 एवं 5 )

लोहांग मोहल्ला ( वार्ड 21 एवं 22 )

लालमाटी फतेहपुर ( वार्ड 13 )

तुस्सीपुरा (वार्ड 12 )

सुभाष नगर ( वार्ड 14)

गोपालपुरा ( वार्ड 45 )

पूठा वडफरा

मकड़ाई रोड

हजीरा चौराहा 2061

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

F.12-44-2015 - B1 - Two , WHEREAS , the State Govemment considers it necessary to prevent the commision of offences of atrocities against the members of the Scheduled Caste and Scheduled Tribes in such identified areas of the State where there are much possibilities of atrocities on Scheduled Caste and Scheduled Tribe members ;

Now , THEREFORE with a view to prevent atrocities in these area and to ensure protection and safety of members of Scheduled Caste and Scheduled Tribes under the law made by the Central Govemment and in order to ensure effective implementation of provisions of clause (vii ) of sub- section (2 ) of Section 21 of the Scheduled Caste and Scheduled Tribes ( Prevention of Atrocities) Act , 1989 (No. 33 of 1989 ) , the State Govemment hereby , notify the Police Stations Specified in column (3 ) for the area of village , ward /town specified in column (4 ) for the District specified in column (2) of the Scheduled given below as identified area for the above mentioned purpose under the said Act and rules made there under , namely :-

SCHEDULE

S. No.

District (2)

Policee Station (3) (1)

1

Dewas

Peepalrawa

Bagli

Kannod

Kannod

Satwas

Karahal 2

Sheopur

3

Raisen

Obaidullaganj

Betul Kotwali 4

Betul

Betul Kotwali

Betul Kotwali

Betul Kotwali

Sarni

Vidisha

5

Kotwali Kotwali

Kotwali 6

Shivpuri

7

Morena

Station Station

Kotwali Ambah

Sirali

Harda

8

Hazira

Gwalior

9

Village , Ward/Town (4)

Meharkhedi Mundla

Bagli

Bawrikhedi

Piplani

Jinwani

Karahal

Arjun Nagar (Ward No. 12)

Hamlapur

Sadar

Ganj

Tikari

Pathakheda

Mohangiri (Ward No. 3 and . 5) Lohangi Mohalla ( Ward No. 21 and 22) Lalmati Phatehpur (Ward No. 13 )

Tussipura (Ward No. 12) Subhash Nagar (Ward No. 14)

Gopalpura (Ward No. 45)

Pootha wadphara

Makdai Road

Hazira Chouraha

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

डी. पी. गुप्ता, सचिव.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2062

भोपाल, दिनांक 2 जून 2016

जाने की अनुमति एवं 10 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण की सुविधा प्रदान की जाती है: -

संबंध

परिवार के सदस्यों के नाम

क्रमांक

(2)

(3)

(1)

स्वयं

1

श्री जयदीप प्रसाद

पत्नी

श्रीमती भारती प्रसाद .

2

3

पुत्र

यशदीप

क्र. एफ-1 (ए) 192-99-ब- 2-दो- श्री मकरन्द, देउस्कर, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा , पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 8 से 17 जून 2016 तक, दस दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 18 , 19 जून 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए खण्ड वर्ष 2014-17 में गृह नगर की अवकाश यात्रा सुविधा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यांत्रा सुविधा के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ लद्दाख जाने की अनुमति एवं 10 दिवस अवकाश नगदीकरण की सुविदा प्रदान की जाती है:-

संबंध

परिवार के सदस्यों के नाम

क्रमांक

(2) अवकाश से लौटने पर श्री जयदीप प्रसाद, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है:

(3)

(2)

(1)

स्वयं

श्री मकरन्द देउस्कर

1

पत्नी

श्रीमती निधि

2

(3) अवकाशकाल में श्री जयदीप प्रसाद, भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

3

पुत्री

कु. सौम्या

4

पुत्री

कु. सनिका

(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जयदीप प्रसाद , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

भोपाल , दिनांक 3 जून 2016 (2) श्री मकरन्द, देउस्कर, भापुसे, की उक्त अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा , पुलिस मुख्यालय, भोपाल का चालू कार्यभार सुश्री सोनाली मिश्रा भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक गुप्तवार्ता, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के द्वारा अपने वर्तमान कार्य के साथ - साथ सम्पादित किया जायेगा.

क्र. एफ-1 ( ए) -42-2009- ब-2-दो -( 1 ) श्री आर. पी. सिंह, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा, रेंज छिन्दवाड़ा को दिनांक 1 से 12 अगस्त 2016 तक, बारह दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 31 जुलाई 2016 एवं 13, 14 अगस्त 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री मकरन्द, देउस्कर, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(2 ) श्री आर. पी . सिंह, भापुसे, की अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशासन ) , भोपाल का कार्य श्री जी. के. पाठक, भापुसे अधीक्षक, छिन्दवाड़ा द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा..

(4 ) श्री मकरन्द, देउस्कर, भापुसे, द्वारा अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करने परं कण्डिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(3 ) अवकाश से लौटने परं श्री आर. पी. सिंह, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस उप महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा, रेंज छिन्दवाड़ा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(5) अवकाशकाल में श्री मकरन्द, देउस्कर , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मकरन्द, देउस्कर , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

(4) श्री आर. पी. सिंह, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा, रेंज छिन्दवाड़ा द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

( 5) अवकाशकाल में श्री आर. पी. सिंह, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. पी. सिंह, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र. एफ -1 (ए) 213-96-ब- 2-दो श्री जयदीप प्रसाद, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, भोपाल को दिनांक 23 से 28 मई 2016 तक, छः दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 20, 21 एवं 29 मई 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुएं खण्ड वर्ष 2014-17 में गृह नगर की अवकाश यात्रा सुविधा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यात्रा सुविधा के तहत् परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ ( जम्मू कश्मीर ) भाग 1 ]

2063

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

क्र. एफ-1 ( ए) -154-93- ब-2-दो -( 1 ) श्री डी. श्रीनिवास राव, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक , जबलपुर जोन , जबलपुर को दिनांक 13 से 17 जून 2016 तक, पांच दिवस अर्जित अवकाश एवं दिनांक 11 , 12 , 18 एवं 19 जून 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री डी. श्रीनिवास राव , भापुसे , की अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन, जबलपुर, कार्य श्री आर.पी. सिंह, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस उप महानिरीक्षक, जबलपुर जोन, जबलपुर, द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री डी. श्रीनिवास राव, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन, जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री डी. श्रीनिवास राव, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन, जबलपुर द्वारा कार्यभार ग्रहण करने परं कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(5) अवकाशकाल में श्री डी. श्रीनिवास राव, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. श्रीनिवास राव , भांपुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ -1 ( ए) -156-93- ब- 2- दो - राज्य शासन के समसंख्यक आदेश दिनांक 2 मई 2016 द्वारा श्री पवन श्रीवास्तव, भा.पु.से. पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, रेंज इन्दौर को दिनांक 2 से 13 मई 2016 तक, तेरह दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 1 एवं 14-15 मई 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए खण्ड वर्ष 2014-17 के पार्ट वर्ष 2016-17 में गृह नगर की अवकाश यात्रा सुविधा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यात्रा सुविधा के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों सहित लक्ष्यदीप जाने की अनुमति तथा 10 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति प्रदान की गई थी जिसे निरस्त किया जाता है.

भोपालं, दिनांक 4 जून 2016

क्र. एफ -1 ( ए) -85-1999- ब- 2-दो- ( 1 ) श्री वेदप्रकाश शर्मा, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( कार्मिक ) भोपाल को दिनांक 6 से 10 जून 2016 तकं पांच दिवस अर्जित अवकाश एवं दिनांक 5, 11 एवं 12 जून के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.

(2 ) श्री वेदप्रकाश शर्मा , भापुसे, की अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक, ( कार्मिक ) भोपाल का कार्य श्री पंकज श्रीवास्तव , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री वेदप्रकाश शर्मा, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक ) , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री वेदप्रकाश शर्मा, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( कार्मिक) , भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री वेदप्रकाश शर्मा , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री वेदप्रकाश शर्मा , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

क्र. एफ-1 ( ए) -153-90-ब- 2-दो ( 1 ) श्री पी. एस . फलणीकर, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, ( मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी ) , भौंरी , भोपाल को दिनांक 13 से 30 जून 2016 तक, अठारह दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.

(2) श्री पी . एस. फलणीकर, भापुसे, की अवकाश अवधि में अति. पुलिस महानिदेशक ( मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी ) , भौंरी , भोपाल का कार्य श्री आलोक रंजन, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( प्रशिक्षण ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री पी. एस. फलणीकर भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक ( मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी ) , भौंरी , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री पी . एस. फलणीकर, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक (मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी ) , भौंरी , भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .

(5 ) अवकाशकाल में श्री पी. एस. फलणीकर, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पी. एस. फलणीकर, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.

भोपाल , दिनांक 8 जून 2016

क्र. एफ-1 ( ए) 20-92- ब-2-दो श्री प्रदीप कुमार रूनवाल, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( सतर्कता) , पुलिस मुख्यालय, 2064

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भोपाल को दिनांक 13 से 17 जून 2016 तक, पांच दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 11 , 12 एवं 18, 19 जून 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए खण्ड वर्ष 2014-17 के द्वितीय ब्लाक वर्ष 2016 में गृह नगर की अवकाश यात्रा सुविधा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यात्रा सुविधा के तहत् परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ उटी ( तमिलनाडू) जाने की अनुमति तथा 10 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति प्रदान की जाती है:-

संबंध परिवार के सदस्यों के नाम

क्रमांक

(3)

(2)

(1)

स्वयं 1

श्री प्रदीप रूनवाल

2

पत्नी श्रीमती ममता रूनवाल

( 2 ) श्री प्रदीप कुमार रूनवाल , भापुसे, की उक्त अवकाश अवधि में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( सतर्कता) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल का चालू कार्यभार श्री जी. पी. सिंह , भापुसे, अपराध अनुसंधान विभाग , पुलिस मुख्यालय , भोपाल के द्वारा अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ सम्पादित किया जायेगा.

(3) अवकाश से लौटने पर श्री प्रदीप कुमार रूनवाल, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( सतर्कता ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.

(4) श्री प्रदीप कुमार रूनवाल , भापुसे के द्वारा अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करने पर कण्डिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(5 ) अवकाशकाल में श्री प्रदीप कुमार रूनवाल , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रदीप कुमार रूनवाल, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

क्र. एफ-1 (ए) -116-2005- ब-2 दो-( 1 ) श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक , विसबल, रेंज , भोपाल को दिनांक 1 से 10 जून 2016 तक, दस दिवस अर्जित अवकाश एवं दिनांक 11 एवं 12 जून 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .

(2) श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे , की अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक , विसबल , रेंज , भोपाल का कार्य श्री मनीष शंकर शर्मा, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ( अभियान/ प्रशिक्षण ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.

(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, रेंज, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .

(4 ) श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, रेंज, भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.

(5) अवकाशकाल में श्री आर. एल. प्रजापति, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.

(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , कमला उपाध्याय, अवर सचिव.

विधि और विधायी कार्य विभाग ! भोपाल, दिनांक 3 जून 2016

पंजी क्र. 1971- इक्कीस- ब( दो ) .- इस विभाग के आदेश क्रमांक फा. 17 ( ई) 59-2002- इक्कीस- ब ( एक ) 06, भोपाल, दिनांक 12 दिसम्बर 2006 के द्वारा कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1984 के अन्तर्गत स्थापित परिवार न्यायालय , रीवा में कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 6 के प्रावधानों के अन्तर्गत श्रीमती ज्ञान देवी पाण्डेय को परामर्शदाता के रूप में नियुक्त किया गया था.

कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 19 के प्रावधानों के अन्तर्गत कुटुम्बं न्यायालय ( परिवार न्यायालय ) के प्रधान न्यायाधीश ने श्रीमती ज्ञान देवी पाण्डेय की परामर्शदाता के पद पर नियुक्ति को समाप्त किय जाने की सिफारिश की है .

प्रधान न्यायाधीश की उक्त सिफारिश दिनांक 20 नवम्बर 2014 पर विचार करने के उपरान्त राज्य सरकार, एतद्वारा , परामर्शदाता के पद पर नियुक्त श्रीमती ज्ञान देवी पाण्डेय की नियुक्ति को समाप्त करता है .

फा. क्र . 17- ( ई ) 83-03 - इक्कीस ब ( एक ) -1851- 2016.-विद्युत अधिनियम, 2003 ( 2003 का 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस- ब( एक) , दिनांक 16 सितम्बर, 2010 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग -1 में दिनांक 24 सितम्बर, 2010 में प्रकाशित की गई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 38 एवं 80 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर , निम्नलिखित अनुक्रमांक भाग 1 ]

2065

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

और उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-

सारणी

स.क्र सिविल जिले का

विशेष न्यायालय का नाम

विशेष न्यायालय के न्यायालय का

नाम नाम (2 )

(1)

(4)

(3)

" 38. ग्वालियर अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश विशेष न्यायालय

श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-3, ग्वालियर.

क्रमांक-3.

80. सागर

श्री सुनील कुमार जैन अतिरिक्त सेशन

न्यायाधीश विशेष न्यायालय क्रमांक-10.

(सीनि. ) अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-10 सागर. ".

F. No. 17 ( E) 83-03 - XXI - B ( One) -1851-2016 .- In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 (No. 36 of 2003), the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh, hereby makes the following further amendments in this department's Notification F. No. 17 (E) 83-03 - XXI - B ( 1 ) , dated 16th September , 2010 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part - I dated 24th September , 2010 namely :-

AMENDMENTS

In the said Notification , in the Table , for serial numbers 38 and 80 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely: ----

TABLE

S.

Name of

No. the Civil District

(1). (2)

Name of Special Court (3)

Name of the Judge of the Special Court (4) "38. Gwalior Additional Sessions Judge , Special Court No. 3 , Gwalior.

Shri Sudeep Kumar Shrivastava , Additional Sessions Judge , Special Court No. 3 , Gwalior.

80. Sagar Additional Sessions Judge , Special Court No. 10, Sagar.

Shri Sunil Kumar Jain ( Sr. ) Additional Sessions Judge , Special Court No. 10 , Sagar. " .

फा. क्र. 17( ई ) 83-03-इक्कीस- ब ( एक) -1851-016.-विद्युत अधिनियम, 2003 ( 2003 का संख्यांक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा क्र. 17 (ई ) 83-03-इक्कीस - ब( एक ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में , जो मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग -1 में दिनांक 24 सितम्बर 2010 को प्रकाशित की गई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है अर्थात्: -

संशोधन

उक्त अधिसूचना में , सारणी में, अनुक्रमांक 38 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं:-

सारणी

अ.क्र .

विशेष न्यायालय का नाम

सिविल जिले का नाम

विशेष न्यायालय की क्षेत्रीय अधिकारिता (विद्युत् क्षेत्र के अनुसार)

(3)

(1) (2)

(4) " 38. ग्वालियर

सिविल जिला ग्वालियर का समस्त विद्युत् क्षेत्र.".

अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक 3 .

F. No. 17 (E ) 83-03 - XXI - B ( 1 ) -1851-016 . In exercise of the powers conferred by sub- section ( 1 ) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 ( No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 17 ( E ) 83-03 - XXI - B ( 1 ) , dated 16th September 2010 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part- I , dated 24th September 2010 , namely :-

AMENDMENT

In the said Notification , in the Table , for serial numbers 38 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely:-

TABLE

S. No.

Name of the Civil District

Name of Special Court

(2)

Territorial jurisdiction of Special court (According to the electricity Area) (4) (1)

(3)

" 38. Gwalior

District Gwalior . " . AllElectricity Area of Civil Additional Sessions Judge , Special Court No. 3 , Gwalior.

[ भाग 1 2066

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भोपाल, दिनांक 6 जून 2016

and in partial supersession of this departments notification F.No. 1-5-96 - XXI - B (One) 3277-2014 , dated 1 November 2014 and in supersession of this departments notification F.No. 1-5-96- XXI - B (One ) 186- 2015, dated 7 February 2015 and F.No. 1-5-96-XXI- B( One ) 1510-2016 , dated 5 May 2016, the State Government, in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby , appoints the Additional Sessions Judges specified in column (2) of the Table below to be the Special Judge with the head Quarter specified in the corresponding entry in column ( 3 ) thereof for the areas comprising in column (4) thereof to try the cases relating to the offences specified in clauses ( a) and (b) of sub - section ( 1 ) of Section 3 of the said Act and all other offences investigated under the Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946) by the Delhi Police and Central Bureau of Investigation , namely :-

TABLE

S. Name of

Jurisdiction of

Headquarter

No. Judge

special court (4)

(3)

(2)

(1)

फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब ( एक ) -2051-2016 .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का सं. 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, और इससं विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब (एक) 3277- 2016 , दिनांक 1 नवम्बर 2014 को आंशिक अतिष्ठित करते हुए तथा फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस - ब( एक ) 186-2015, दिनांक 7 फरवरी 2015 एवं फा.क्र. 1-5-96-इक्कीस - ब ( एक ) 1510-2016, दिनांक 5 मई 2016 को अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अतिरिक्त सेशन न्यायाधीशों को सारणी के कॉलम ( 3 ) की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट मुख्यालय के लिए सारणी के कॉलम ( 4 ) में समाविष्ट क्षेत्रों के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 3 उपधारा ( 1 ) खण्ड (क) तथा ( ख ) में विनिर्दिष्ट अपराधों के संबंध में तथा दिल्ली पुलिस तथा केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरों द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम , 1946 ( 1946 का सं. 25 ) के अधीन अनवेषण किये गये अन्य समस्त अपराधों के संबंध में, मामलों के विचारण के लिए, विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है :-

सारणी

न्यायाधीश

1 Shri Raveendra Kumar Bhadrasen , 11nd Additional Sessions Judge , Bhopal.

मुख्यालय

का नाम

अनु क्र.

विशेष न्यायालय का क्षेत्राधिकार (4)

(2) " .(3)

(1)

Bhopal Bhopal , Sehore , Raisen , Gwalior , Bhind, Morena , Shivpuri , Datia, Tikamgarh , Vidisha , Chhatarpur , Betul , Hoshangabad , Guna , Rajgarh , Harda , Sheopur and Ashoknagar .

2 Shri Jai Prakash Singh Indore Indore , Dhar , Ratlam, IVthAdditional Sessions Judge, Indore.

1 श्री रविन्द्र कुमार भद्रसेन, भोपाल द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, भोपाल.

Jhabua, Mandsaur , Mandleshwar , Ujjain , Dewas , Shajapur, Khandwa , Neemuch , Badwani , Alirajpur and Burhanpur.

भोपाल , सीहोर, रायसेन , ग्वालियर, भिण्ड, मुरैना, शिवपुरी , दतिया, टीकमगढ़ , विदिशा, छतरपुर , बैतूल , होशंगाबाद, गुना, राजगढ़ , हरदा, श्योपुर एवं अशोकनगर.

भोपाल , दिनांक 7 जून 2016 चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , इन्दौर. 2 श्री जय प्रकाश सिंह , इन्दौर इन्दौर, धार , रतलाम , झाबुआ,

मंदसौर, मण्डलेश्वर, उज्जैन, देवास , शाजापुर , खंडवा, नीमच, बड़वानी, अलीराजपुर एवं बुरहानपुर.

F.N. 1-5-96 - XXI - B ( One ) -2051-2016 .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No.49 of 1988 ) ,

फा. क्र. 17 ( ई ) 17-2016-इक्कीस- ब ( एक ) 1740- 2016.-कॉमर्शियल कोर्ट, कॉमर्शियल डिवीजन एंड कॉमर्शियल अपीलेट डिवीजन ऑफ हाईकोर्ट एक्ट, 2015 ( 2016 का 4 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) एवं उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में उल्लिखित जिलों के लिये जिलास्तर पर, कॉलम ( 3 ) में यथा विनिर्दिष्ट क्षेत्र की स्थानीय सीमाओं के लिए उक्त अधिनियम के भाग 1 ]

अधीन उन्हें प्रदत्त क्षेत्राधिकार एवं शक्तियों का प्रयोग करने के प्रयोजन से, वाणिज्यिक न्यायालयों का गठन करता है , अर्थात्: -

सारणी

स्थानीय क्षेत्राधिकार स.क्र.

(3)

(1)

जिला (2)

1

बालाघाट

राजस्व, जिला बालाघाट 2

भोपाल

राजस्व, जिला भोपाल 3

बुरहानपुर

राजस्व, जिला बुरहानपुर 4

इन्दौर

राजस्व, जिला इन्दौर 5

जबलपुर

राजस्व, जिला जबलपुर 6

रायसेन

रजस्व, जिला रायसेन 7

सतना

राजस्व, जिला सतना F.N. 17 (E ) 17-2016 - XXI - B ( One ) -1740-2016 .- In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 3 of the Commercial Courts , Commercial Division and Commercial Appellate Division of High Courts Act , 2015 (No. 4 of 2016) the State Government , with the consultation of the High Court , hereby constitutes Commercial Courts at District level for the districts mentioned in column (2) of table given below for the purpose of exercising the jurisdiction and powers conferred on them under the said Act for the local limits of the area , as specified in column (3 ) thereof, namely :-

TABLE

District (2)

Local limits of area (3)

S.No. (1)

1 Balaghat Revenue District Balaghat 2

Bhopal

Revenue District Bhopal 3

Revenue District Burhanpur Burhanpur

4

Indore

Revenue District Indore 5

Revenue District Jabalpur Jabalpur

6

Revenue District Raisen Raisen

Satna

7

Revenue District Satna फा. क्र. 17 ( ई ) 17-2016- इक्कीस ब ( एक ) 2057- 2016.- कॉमर्शियल कोर्ट, कॉमर्शियल डिवीजन एंड कॉमर्शियल अपीलेट डिवीजन ऑफ हाईकोर्ट एक्ट, 2015 ( 2016 का सं. 4) की धारा 3 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में

2067

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय कार्यकारी मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 3 ) में उल्लिखित व्यक्तियों को उसके कॉलम ( 2 ) में उल्लिखित वाणिज्यिक न्यायालयों के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है अर्थात्: -

सारणी

स.क्र.

जिला

(1)

(2)

अधिकारी का नाम एवं पदनाम (3)

1

बालाघाट जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट 2

भोपाल कु. भावना साधो , चतुर्दश अपर जिला न्यायाधीश , भोपाल.

3

बुरहानपुर

4

इन्दौर

जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर श्री पद्मेश शाह, द्वादश अपर जिला न्यायाधीश , इन्दौर.

5

जबलपुर श्री सुनील कुमार श्रीवास्तव, चतुर्थ अपर जिला न्यायाधीश , जबलपुर.

6

रायसेन जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायसेन 7

सतना

जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना F.N. 17 (E ) 17-2016 - XXI - B (One) -2057-2016 .-In exercise of the powers conferred by sub- section (3) of Section 3 of the Commercial Courts , Commercial Division and Commercial Appellate Division of High Courts Act, 2015 (No. 4 of 2016) the State Government , with the concurrence of Hon'ble the Acting Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby appoints the persons mentioned in column (3) of the table given below to be the Judges of the Commercial Courts of districts mentioned in column (3) thereof, namely : -

TABLE

S.No. District

(1)

(2)

Name of the Officer and Designation (3)

1 Balaghat

The District and Sessions , Judge , Balaghat .

2 Bhopal

Ku . Bhawana Sadho , XIV , Additional District Judge , Bhopal.

3 Burhanpur The District and Sessions Judge, Burhanpur .

4

Indore

Shri Padmesh Shah , XII Additional District Judge , Indore.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2068

(3)

(2)

(1)

5 Jabalpur

यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

Shri Sunil Kumer, Shrivastava , IV Additional District Judge , Jabalpur

टीप.- श्री नवीन वर्मा की जन्मतिथि 20 सितम्बर 1972 ( बीस सितम्बर उन्नीस सौ बहत्तर) है.

6 Raisen

The District and Sessions , Judge , Raisen

Satna

7

The District and Sessions , Judge, Satna .

भोपाल, दिनांक 9 जून 2016

फा. क्र. 1 ( बी ) 12-2014- इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , श्री दिनेश प्रसाद त्रिपाठी को शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये उमरिया सत्र खण्ड के उमरिया राजस्व जिले के एतद्वारा नियुक्तकरता है.

यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

फा. क्र. 3 (ए) -1-2005- इक्कीस- ब( एक) -2148.- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी , श्री रमेश कुमार सोनी, विशेष न्यायाधीश, अजा/अजजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम, के अन्तर्गत गठित विशेष न्यायालय , विदिशा को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से अस्थायी रूप से आगामी आदेश होने तक, अतिरिक्त सचिव, मध्यप्रदेश शासन, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करता है.

टीप.- जन्मतिथि 17 अक्टूबर 1955. भोपाल , दिनांक 3 जून 2016 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विरेन्दर सिंह , प्रमुख सचिव.

भोपाल , दिनांक 1 जून 2016

फा. क्र. 1 (सी) 12-2012-2014- इक्कीस- ब ( दो ).- राज्य शासन एतद्वारा इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 जून 2015 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय , खंडपीठ ग्वालियर में राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो भोपाल के प्रकरणों में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा -24 ( 8 ) के अधीन राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरों भोपाल की ओर से पैरवी हेतु नियुक्त श्री सुशील चंद्र चतुर्वेदी, अधिवक्ता, ग्वालियर के कार्यकाल में एक वर्ष अर्थात् दिनांक 28 जून 2016 से 27 जून 2017 तक की अभिवृद्धि करता है.

फा. क्र. 1 ( बी) 13-2004- इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री अशोक गवली अधिवक्ता को अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष के लिये आगर मालवा सत्र खण्ड के आगर मालवा राजस्व जिले के एतद्वारा नियुक्त करता है.

यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

फा. क्र. 1 ( बी ) 12-2004-इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, निम्नलिखित अधिवक्ताओं को उनके नाम के सामने दर्शाये पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर, जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये भिण्ड सत्र खण्ड के भिण्ड राजस्व जिले के लिये एतद्वारा नियुक्त करता है:-

भोपाल , दिनांक 2 जून 2016

पद

नाम

क्रमांक

(3)

(2)

(1)

1 श्री वीरेन्द्र सिंह भदौरिया शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक जिला भिण्ड.

2 श्री जगदीश प्रसाद दीक्षित अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला भिण्ड.

फा. क्र. 1 (बी ) 05-2005- इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री नवीन वर्मा को शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये विदिशा सत्र खण्ड के विदिशा राजस्व जिले के एतद्वारा नियुक्त करता है.

2069

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(3)

(2)

(1)

3 श्री रवीन्द्र कुमार मुदगल अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला भिण्डः

4 श्री रवीन्द्र कुमार नगाइचं अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/

अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला भिण्ड.

यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

फा. क्र. 1 ( बी ) 19-2004- इक्कीस- ब ( दो).-दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, निम्नलिखित अधिवक्ताओं को उनके नाम के सामने दर्शाये पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर, जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये शहडोल सत्र खण्ड के शहडोल राजस्व जिले के लिये एतद्वारा नियुक्त करता है:-

नाम

क्रमांक

(2)

(1)

पद (3) शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक जिला शहडोल.

1 श्री शिवकांत त्रिपाठी (जन्ततिथि 9-2-1967 )

2 श्री सुरेश कुमार जेठानी (जन्ततिथि 5-10-1968 )

अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला शहडोल.

3 श्री नारायण कुमार मिश्रा (जन्ततिथि 1-6-1964 )

अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला शहडोल.

यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

फा. क्र. 1 ( बी )-20-2004- इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन , एतद्वारा श्री नन्द किशोर चौरसिया, अधिवक्ता को निम्न शर्तों पर शिवपुरी राजस्व जिले के तहसील पिछोर के लिए शासकीय अधिवक्ताओं के पैनल में एक वर्ष की अवधि के लिए शामिल करता है यह पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये तथा सूचना दिये बिना समाप्त की जा सकती है .

श्री चौरसिया अभिभाषक/अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक की अनुपस्थिति में ही न्यायालय में मध्यप्रदेश राज्य की ओर से पैरवी काकार्य करेंगे .

भोपाल , दिनांक 4 जून 2016

फा. क्र. 1 (सी) -13-2015 - एट्रोसिटीज-1401- इक्कीस- ब( दो) .- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये, अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री कुंवर बहादुर सिंह, अधिवक्ता जिला रीवा को जिला रीवा में निम्नलिखित शर्तों के अधीन विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.

1. यह नियुक्ति उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है. किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होंगे.

2. उन्हें विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. 1 ( सी)- एट्रोसिटी- इक्कीस- ब ( दो ) , दिनांक 3 नवम्बर 2014 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225-(5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31- व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां 003-अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.

फा. क्र. 1 (सी) -13-1970- एट्रोसिटी- इक्कीस - ब( दो).- राज्य शासन , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार ग्वालियर जिले के विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) नियम, 1995 के नियम 4 ( 1 ) के अनुसार श्री दीपक कुर्रे, अधिवक्ता को जिला खण्डवा में विशिष्ठ ज्येष्ठ अधिवक्ता नियुक्त करता है.

उक्त नियुक्ति श्री दीपक कुर्रे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है. किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होंगे. विशेष लोक अभियोजक की अनुपस्थिति के दिनांक पर विशेष न्यायालय में केवल उस दिन की कार्यवाही हेतु पैनल अधिवक्ता को कार्य जिला दण्डाधिकारी द्वारा आवंटित किया जावेगा.

नियुक्त अभिभाषक को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. 1 ( सी ) -एट्रोसिटी- इक्कीस- ब ( दो ) , दिनांक 3 नवम्बर 2014 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31- व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां 003-अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2070

फा. क्र . 1 ( बी ) 03-2004- इक्कीस- ब ( दो) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, निम्नलिखित अधिवक्ताओं को उनके नाम के सामने दर्शाये अनुसार कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर , जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये देवास सत्र खण्ड के देवास राजस्व जिले के लिये एतद्वारा नियुक्त करता है:-

जन्मतिथि

क्रमांक नाम

पदनाम (4)

(3)

(2)

(1)

3-5-1956

1 श्री गिरीश मुंगी

शासकीय अभिभाषक/ लोक अभियोजक, जिला देवास.

25-1-1971

2 श्रीमती जयन्ती पौराणिक.

अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला देवास.

8-3-1969

3 श्री कमल किशोर हरनिया.

अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, तहसील बागली, जिला देवास.

4 श्री गोपाल तिवारी 18-6-1963 अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, तहसील कन्नौद, जिला देवास.

यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

भोपाल , दिनांक 6 जून 2016

फा. क्र. 1 ( बी ) 30-2004- इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषकों/अतिरिक्त लोक अभियोजकों के पद पर उनके नाम के सामने दर्शाये अनुसार उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर, जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये रीवा सत्र खण्ड के रीवा राजस्व जिले के लिये एतद्वारा नियुक्त करता है:-

नाम

क्रमांक

पद (3)

(2)

(1)

1 श्री हरिशंकर पटेल

(जन्ततिथि 1-12-1966 )

अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला रीवा.

(3)

(2)

(1)

2 श्री नीलग्रीव पाण्डेय (जन्ततिथि 28-10-1972 ) अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला रीवा.

अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/

अतिरिक्त लोक अभियोजक, 3 श्रीमती सरिता सिंह (जन्ततिथि 20-8-1964 )

जिला रीवा.

4 श्रीमती शशि तिवारी (जन्ततिथि 20-8-1973 ) अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला रीवा.

5 श्री जयलाल साकेत (जन्ततिथि 1-9-1968 )

अतिरिक्त, शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, तहसील मउगंज, जिला रीवा.

यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

भोपाल , दिनांक 8 जून 2016

फा. क्र. 1 ( बी) 15-2014- इक्कीस ब (दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री केशव सिंह चौहान को अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से. एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये होशंगाबाद सत्र खण्ड के होशंगाबाद राजस्व जिले के लिए एतद्वारा नियुक्त करता है.

यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.

टीप.- जन्मतिथि 10 जून 1975.

फा. क्र. 1 (सी ) -1969 - एट्रोसिटीज- इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री रामचरित्र मिश्रा, अधिवक्ता जिला उमरिया को जिला उमरिया में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.

उक्तनियुक्ति श्री रामचरित्र मिश्रा द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष अथवा 62 वर्ष जो भी पहले हो, तक की अवधि के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

2071

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

श्री रामचरित्र मिश्रा , अधिवक्ता, उमरिया को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. 1 ( सी ) -एट्रोसिटी- इक्कीस - ब (दो) , दिनांक 3 नवम्बर 2014 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना-31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां - 003- अभिभाषकोंको फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.

जन्मतिथि 31 अक्टूबर 1958

फा. क्र. 1 ( सी ) -1972- एट्रोसिटीज-इक्कीस- ब ( दो ).- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री कृष्णपाल सिंह झाला, अधिवक्ता जिला नीमच को जिला नीमच में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.

उक्त नियुक्ति श्री कृष्णपाल सिंह झाला द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष अथवा 62 वर्ष जो भी पहले हो, तक की अवधि के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.

श्री कृष्णपाल सिंह झाला, अधिवक्ता, नीमत को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. 1 ( सी ) एट्रोसिटी- इक्कीस -ब (दो) , दिनांक 3 नवम्बर 2014 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष-2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003- अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा. जन्मतिथि 11 जनवरी 1979

पंजी क्र. 1627- इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन , तहसील हरसूद, जिला खण्डवा में नियुक्त नोटरी श्री आर.सी. उपाध्याय का दिनांक 30 मई 2013 को निधन होने के फलस्वरूप , नोटरी नियुक्ति आदेश दिनांक 31 अक्टूबर 1996 एवं नवीनीकरण आदेश दिनांक 31 अक्टूबर 2012 को अपास्तकरते हुए, श्री आर. सी. उपाध्याय का नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित करता है.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

फा. क्र. 1 (सी ) 1999- इक्कीस- ब-( दो) -2016.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 52 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (8 ) एवं मध्यप्रदेश विशेष न्यायालय नियम 2012 के नियम 7 के (1 ) एवं नियम 8 (4 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा, श्री आलोक गुप्ता, उप संचालक अभियोजन, ग्वालियर को मध्यप्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 के अन्तर्गत गठित विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण एवं प्राधिकृत अधिकारी ग्वालियर के समक्ष विचाराधीन प्रकरणों में मध्यप्रदेश शासन की ओर से संचालन हेतु पदस्थापना ग्रहण करने की तिथि से 3 वर्ष की अवधि अथवा अन्यत्र आदेश होने तक के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. के. वैद्य, सचिव.

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 28 अप्रैल 2016

क्र. बी- 4-20-15 - चौदह-2 .- राज्य शासन , एतद्वारा ; जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय , जबलपुर के अन्तर्गत पंवारखेड़ा, जिला होशंगाबाद में कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतु मंत्रि - परिषद् आदेश क्रमांक 39 , दिनांक 21 अप्रैल 2016 के परिपालन में स्वीकृति निम्नानुसार प्रदान की जाती है:-

1. उक्त महाविद्यालय में प्रवेश शैक्षणिक सत्र जुलाई 2016 से प्रारंभ किया जावे.

2. नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतु जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के अधीन आंचलिक कृषि अनुसंधान केन्द्र, पवारखेड़ा की कुल 183.287 हैक्टेयर भूमि में से 50 हैक्टेयर भूमि का उपयोग किया जावे .

3. कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास के लिये अनावर्ती मद में रुपये 7410.56 लाख [ परिशिष्ट-2 ( अ ) के अनुसार ] तथा संचालन के लिये आवर्ती व्यय हेतु प्रति वर्ष राशि परिशिष्ट 2 ( ब ) के अनुसार राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई जावेगी . महाविद्यालय का व्यय मांग संख्या 54-2023- कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा आयोजना मद के अन्तर्गत विकलनीय होगा.

कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतु विभागीय संक्षेपिका दिनांक 21 मार्च, 2016 के परिशिष्ट 3 ( अ ) एवं परिशिष्ट 3 ( ब ) अनुसार अधिष्ठाता का एक पद, सहप्राध्यापक के 09 , पद सहायक प्राध्यपक के 38 पद तथा गैर शैक्षणिक 55 पद कुल 103 पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

बी. एस. धुर्वे , उपसचिव.

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2072

परिशिष्ट 2 ( अ ) नवीन कृषि महाविद्यालय पंवारखेड़ा, जिला - होशंगाबाद की स्थापना हेतु अनावर्ती एवं आवर्ती मद

अन्तर्गत व्यय का विवरण

अ-अनावर्ती व्यय ( अधोसंरचना विकास ) :

मद (2) क्र. (1)

1

प्रशासनिक एवं महाविद्यालय भवन 2

छात्रावास ( बालक) भवन

3

छात्रावास ( बालिका ) भवन

4

आवासीय भवन

5

स्टूडेन्ट सुविधायें

(इस घटक में 30 दुधारू पशु सम्मिलित हैं ) 6

अभियांत्रिकी एवं विद्युतीय कार्य ( 33 के. व्ही. लाईन सब स्टेशन ) पुराने भवनों का नवीनीकरण , कक्षा प्रारंभ करने हेतु 4 शेड का निर्माण आदि.

7 महाविद्यालय प्रॉगण विकास

8

अनुसंधान प्रक्षेत्र का विकास एवं यांत्रिकी वर्कशाप निर्माण

उपकरण

9

10

महाविद्यालय बस

जीप/कार

11

ब-आवर्ती व्यय ( पांच वर्ष के लिये ) :

1

वेतन एवं भत्ते ( शैक्षणिक संवर्ग ) 2

वेतन एवं भत्ते ( गैर शैक्षणिक संवर्ग ) 3

यात्रा भत्ता एवं पी.ओ.एल.

4

आवर्ती ( आकस्मिकता व्यय )

5

ब्लाक ग्रांड ( पांच वर्ष के लिये ) राशिरुपये लाख में (3)

3795.21

512.95

462.77

767.10

357.59

5895.62

योग

723.00

197.94

260.00

विकास कार्य योग 1180.94

300.00

18.00

16.00

अधोसंरचना विकास कुल योग . 7410.56

1634.89

1130.11

100.00

348.00

1000.00

आवर्ती व्यय योग 4213.00

अएवं ब का योग 11623.56 2073

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

परिशिष्ट 2 ( ब ) नवीन कृषि महाविद्यालय पंवारखेड़ा, जिला-होशंगाबाद की स्थापना हेतु वर्षवार पांच वर्षों के लिये बजट प्रावधान

प्रथम वर्ष (3)

द्वितीय वर्ष (4) विवरण (2)

क्र. (1)

293.01

252.83

1 वेतन एवं भत्ते ( शैक्षणिक/ गैर शैक्षणिक संवर्ग ) .

65.00

60.00

आवर्ती आकस्मिकता व्यय

2

18.33

16.67

3 यात्रा भत्ता एवं पी.ओ.एल.

200.00

100.00

4 उपकरण

1030.00

300: 00

5 अधोसंरचना कार्य ( भवनों का निर्माण कार्य ( मुख्य भवन, छात्रावास, आवासीय भवन आदि) .

200.00

200.00

6 विकास कार्य (विद्युत् केन्द्र की स्थापना, अनुसंधान प्रक्षेत्र विकास एवं कृषि महाविद्यालय प्रॉगण विकास , यांत्रिकी वर्कशाप निर्माण.

200.00

200.00

7 ब्लाक ग्रांड

34.00

8 वाहन ( बस/जीप)

2006.34

1163.00

महायोग

कुल (8)

पंचम वर्ष (7)

तृतीय वर्ष (5)

चतुर्थ वर्ष (6)

2765.00

869.73

553.65

795.78

348.00

78.00

75.00

70.00

100.00 21.67

23.33

20.00

300.00

5895.62

1521.88

1521.87

1521.87

1180.94

260.32

260.31

260.31

1000:00

200.00

200.00

200.00

34.00

11623.56

2953.26

2874.63

2625.83

परिशिष्ट 3 ( अ) कृषि महाविद्यालय पंवारखेड़ा ( होशंगाबाद ) के लिये प्रशासकीय पद एवं शैक्षणिक पद

अ. प्रशासकीय पद

1. अधिष्ठाता ( एक ) वेतनमान रुपये 37,400-67.000 + 10000 ग्रेड पे ब. शैक्षणिक पद: -

क्र.

विभाग

(2)

(1)

सहायक प्राध्यापक वेतनमान रु. 15,600-39,100 (ग्रेड पे 6000 ) (4) 03

सह -प्राध्यापक वेतनमान

रु. 37,400-67,000

(ग्रेड पे 9000)

(3)

01

सस्य विज्ञान

1 [ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2074

(2)

(1)

2

अनुवांशिकी एवं पौध प्रजनन

3

मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन

4

कीट शास्त्र

5

कृषि अर्थशास्त्र एवं प्रक्षेत्र प्रबंध

6

कृषि अभियांत्रिकी ( फार्म मशीनरी मृदा जल यांत्रिकी/ सिविल) .

7

पादप रोग ( प्लाट पैथोलाजी )

उद्यानिकी

8

9

कृषिविस्तार शिक्षा

10 वायों केमिस्ट्री/क्राप फिजियोलाजी/माइक्रबायोलाजी/ इन्वायरमेन्टल साइंस.

सांख्यिकी

11

12

पशुपालन

13

जैव प्रौद्योगिकी

सहायक ग्रंथपाल

14

15

कम्प्यूटर साइंस

अंग्रेजी भाषा

16

17

शारीरिक शिक्षा ( क्रीडा अधिकारी )

(4)

(3)

03

01

03

01

02

01

03

01

03

01

03

03

01

03

01

04

00

प्रत्येक विषय हेतु एक पद

01

00

02

00

01.

00

01

00

01

00

01

00

01

00

38

कुल पद 09

कुल पद- अधिष्ठाता

सह प्राध्यापक

सहायक प्रध्यापक

01

09

38

योग कुल पद 48

2075

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

परिशिष्ट 3 ( ब )

कृषि महाविद्यालय पंवारखेड़ा ( होशंगाबाद ) के लिये गैर शैक्षणिक पद

स. गैर शैक्षणिक पद:

पदनाम

(2)

क्र. (1)

1

शीघ्रलेखक/निज सहायक

2

सहायक ग्रेड-1

सहायक ग्रेड-2

3

4

सहायक ग्रेड-3

5

कम्प्यूटर प्रोग्रामर

6

सब इंजीनियर

7

फार्म मैनेजर ( कृषि/पशुपालन)

कार्यालय परिचारक

8

9

पुस्तकालय सहायक (सहायक ग्रेड-2 ) 10

प्रक्षेत्र विस्तार अधिकारी

11

प्रयोगशाला तकनीशियन

प्रयोगशाला परिचारक

12

13

इलेक्ट्रीशियन

14

वाहन चालक ( बस + ट्रेक्टर ) 15

वाहन चालक (जीप )

16

परिचालक (बस )

कम्पाउंडर

17

नर्स

18

19

सेनेटरी इंस्पेक्टर

20

माली

21

भृत्य

22

चौकीदार

सफाईकर्मी

23

संख्या (4)

वेतनमान रु. (3)

01

5200-20220 + 2800

01

5200-20220 + 2800

01

5200-20220 + 2400

12

5200-20220+ 1900

02

5200-20220+ 2400

01

9300-34800+ 3200

02

9300-34800 + 3200

05

5200-20200 + 1800

01

5200-20200 + 2400

03

5200-20200 + 2400

05

5200-20200+ 2400

05

5200-20200 + 1800

01

5200-20200 + 2400

02

5200-20200 + 2100

01

5200-20200 + 1900

01

4440-7440+ 1300

01

5200-20200 + 1900

01

5200-20200 + 2100

01

5200-20200 + 2100

02

4440-7440+ 1300

02

4440-7440+ 1300

02

4440-7440+ 1300

02

4440-7440+ 1300

कुल पद 55 [ भाग 1 2076

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

सहकारिता विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 16 मई 2016

क्र. एफ - 1-25-2014 - पन्द्रह - 2.- राज्य शासन द्वारा विभागीय आदेश क्रमांक एफ 1 ( ए) -45-2003- पन्द्रह -2, दिनांक 17 दिसम्बर, 2008 के सरल क्रमांक 11 से 25 को संशोधित करते हुए तत्कालीन उप/ सहायक आयुक्त सहकारिता एवं उप/सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं को उनके नाम के समक्ष दर्शाई गई तिथि से स्थाई किया जाता है:-

स्थाईकरण का दिनांक अधिकारी का नाम

जिस पद पर स्थाई किया

क्र.

(4)

(3)

(2)

(1)

30-6-2000 1

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री भंवर सिंह कोठारी , उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

31-7-2000 2

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

'श्री सुनील कुमार सिंह , उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

28-2-2001 3

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्रीमती सुरेखा अहिरवार, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

31-3-2001 4

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं .

श्री डी. पी. सिंह, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

30-11-2001 5

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं .

श्री शिव प्रकाश कौशिक, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

28-2-2002 6

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री पी. आर. कावड़कर, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

30-6-2002 7

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री संजय मौर्य उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

30-6-2002 8

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्रीमती अनुभा वाष्र्णेय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

31-3-2003 9

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री रमाशंकर विश्वकर्मा, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

2077 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(4) (2)

(3)

(1)

28-6-2005 10

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री उमेश तिवारी , उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

30-9-2005 11

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री ओम प्रकाश गुप्ता, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

30-9-2005 12

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री मनोज कुमार जायसवाल, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

28-6-2005 13

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री मदनलाल गजभिये उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

31-12-2006 14

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री एस. डी. आर्य, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

28-2-2007 15

सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

श्री अखिलेश कुमार निगम उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.

(2 ) उक्त आदेश क्रमांक एफ 1 (ए) 45-2003- पन्द्रह -2 , दिनांक 17 दिसम्बर 2008 के सरल क्रमांक 25 पर श्री सी.पी. सिंह भदोरिया तत्कालीन सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं का किया गया स्थाईकरण निरस्त किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गायत्री पाराशर, अवर सचिव .

संस्कृति विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 24 मई 2016

क्र. एफ- 11-15-2016- तीस. - राज्य शासन की यह राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनष्ट किये जाने , क्षतिग्रस्त किये जाने , परिवर्तित किये जाने, विरूपित किये जाने , हटाये जाने, तितर - बितर किये जाने या उनका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है.

2. अतएव , मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आक्र्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा दो माह पश्चात् उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है .

2078

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

3. किसी भी ऐसी आपत्ति पर , जो इस संबंध में उक्त प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो, राज्य शासन द्वारा विचार किया जाएगा:-

स्थल जिला तहसील

राज्य

(4)

(3)

(1)

(2)

सरभंगा सतना

मध्यप्रदेश

मझगवां

सरभंगा

मझगवां

सतना

मध्यप्रदेश

मझगवां

सतना

मध्यप्रदेश

सरभंगा

सतना मझगवां

मध्यप्रदेश

सरभंगा

सतना

मध्यप्रदेश

मझगवां सरभंगा

अनुसूची

क्षेत्रफल

स्मारक का नाम

स्वामित्व धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं राजस्व खण्ड क्रमांक जिसे संरक्षक में सम्मिलित करना है

(9) (6)

(7)

(8)

(5)

नहीं 51/1

म. प्र. शासन, वन विभाग रास्ता.

18.736 में से मीटर क्षेत्र.

यज्ञवेदी स्थल के प्राचीन मंदिरों के अवशेष.

0.198

45

म. प्र. शासन, नहीं वन विभाग

0.129 म. प्र. शासन, नहीं रास्ता.

शैलोत्कीर्ण गणेश प्रतिमा व ब्रम्हकुण्ड के समीप के मंदिर 46 व छत्र.

47

म. प्र. शासन, नहीं पहाड़

18.896 में से 500×500 मी. क्षेत्र.

0.352 म. प्र. शासन , नहीं वन विभाग

महावीर पहाड़ी का 29 हनुमान मंदिर.

0.858

30

म. प्र. शासन , नहीं वन विभाग

0.979

42

में से

वृद्धाश्रम के पीछे काप्राचीन शिवमंदिर.

श्री राम जानकी हां भगवान पुजारी श्री महन्त रामशिरोमणीदास चेला लक्ष्मणदास प्रबंधक कलेक्टर सतना.

नहीं 47

प्र . शासन पहाड़.

18.896 में से म. मी. क्षेत्र

शैलोत्कीर्ण चमुण्डा सांवर पहाड़ी (खदान क्षेत्र में स्थित) .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

राजेश प्रसाद मिश्र, सचिव.

2079 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

वाणिज्यिक कर विभाग

9 जून, 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 9 जून 2016

अरूण परमार, उपसचिव.

Bhopal , the 9th June 2016 क्र. एफ बी-4-08-2016-2- पांच-( 16 ) .- भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 ( 1899 का संख्यांक 2 ) की धारा 2 के खण्ड (9 ) के उपखण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा इस विभाग की अधिसूचना बी-7 ( ए) -98- 94- वा.कर- पांच, दिनांक 8 सितम्बर 1994. को निरस्त करती है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अरूण परमार , उपसचिव.

No. B - 4-08-2016-2 - V ( 16) . In exercise of the powers conferred by sub- clause (b) of clause 9 of Section 2 of the Indian Stamp Act , 1899 (No. II of 1899 ) , the State Government , hereby, rescinds this Department Notification No. B - 7 (A) -98-94 - CTD , dated 8th September 1994 .

भोपाल , दिनांक 9 जून 2016

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , ARUN PARMAR , Dy . Secy.

क्र. एफ-बी-4-08-2016-2- पांच ( 16 ) .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-बी- 4-08-2016-2-पांच-( 16 ) , दिनांक

राजस्व विभाग

कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) बैहर, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग

बैहर, दिनांक 25 मई 2016

क्र. 01 - अ -82 वर्ष 2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (3 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 4 ) एवं ( 5 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन :-

( क ) जिला- बालाघाट ( ख ) तहसील- बैहर ( ग ) ग्राम बैहर ( रौंदा टोला ) ( घ ) पटवारी ह. नं. 17/1 ( ङ) क्षेत्रफल

खसरा क्रमांक

भूमि का प्रकार

कुल अर्जित क्षेत्रफल

क्रमांक भूमिस्वामी का नाम पिता/पति का नाम, जाति व निवासी ग्राम

(6)

असिंचित (5)

सिंचित (4)

(2)

(3)

(1)

0.411

21/1 में से

निजी भूमि 1 श्रीमति सुन्नीबाई पति बृजलाल , शिवलाल पिता बृजलाल अन्य 4 जाति अहीर, निवासी बैहर (रौंदा टोला ).

0.379

21/2में से

निजी भूमि 2 श्री सुरेश पिमत बुधराम, अशोक पिता बुधराम अन्य-2 जाति अहीर , निवासी बैहर (रौंदा टोला) .

0.524

21/3 में से

निजी भूमि 3 श्री संतलाल पिता मलकू जाति अहीर निवासी बैहर ( रौंदा टोला) .

0.433

21/4 में से

निजी भूमि 4 श्री लखन पिता मलकू, जाति अहीर, निवासी बैहर ( रौंदा टोला ) .

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2080

(6)

(4)

(5)

(3)

(2)

(1)

0.638

निजी भूमि

21/5 में से

5 श्री सुरेन्द्र पिता जुगराज, रामबती पति जुगराज, अन्य 6 जाति अहीर, निवासी बैहर ( रौंदा टोला) .

1.011

निजी भूमि

40में से

6 श्री रामसिंह, सम्पत , प्रकाश पिता जंगलसिंह चम्मीबाई पति जंगलसिंह , जाति गोंड, निवासी बैहर (रौंदा टोला) .

0.774

निजी भूमि

47/3

0.210

47/4

7 श्री चेतराम पिता चाहू, जाति गोंड, निवासी बैहर ( रौंदा टोला) .

0.984

0.081

निजी भूमि

41/1/2,

0.128

(45/145/2) 2

8 श्रीमति सरोज पति चेतराम जाति गोंड, निवासी बैहर ( रौंदा टोला ) .

46/1ख

0.209.

निजी भूमि

0.405

47/2/1 में से

9 श्रीमति धनेश्वरी पति सम्पतसिंह , जाति गोंड, निवासी बैहर ( रौंदा टोला) .

2.385

2.609

10

09खातेदार

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन. -झारा जलाशय ( झाराखेडा ) के पूर्ण जलस्तर पर डूब से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , बैहर के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, बंजर नदी परियोजन, संभाग बैहर में किया जा सकता है.

क्र. 02- अ-82 वर्ष 2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद. ( 3 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 4 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है. :-

अनुसूची

भूमि का वर्णन :-

(क ) जिला- बालाघाट ( ख ) तहसील- बैहर ( ग ) ग्राम बैहर ( रौंदा टोला ) ( घ ) पटवारी ह. नं. 17/1 ( ङ ) क्षेत्रफल

भूमि का प्रकार

खसरा क्रमांक .

क्रमांक

असिंचित

कुल अर्जित क्षेत्रफल सिंचित

भूमिस्वामी का नाम पिता/पति का नाम, जाति व निवासी ग्राम

(6)

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

1.371

निजी भूमि

18में से

1 श्री छत्तरसिंह वल्द दशरू , जाति गोंड अन्य 08 सा रौंदाटोला.

0.470

निजी भूमि

20में से

2 श्री बृजलाल पिता नंदराम अन्य 10 सा.

रौंदाटोला.

02

1.841

02खातेदार

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन.- झारा जलाशय ( झाराखेडा ) के पूर्ण जलस्तर पर डूब से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बैहर के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, बंजर नदी परियोजन, संभाग बैहर में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

हर्ष दीक्षित, अनुविभागीय अधिकारी ( रा. ) एवं पदेन उपसचिव.

2081

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

विभाग प्रमुखों के आदेश

कार्यालय, कलेक्टर ( श्रम ) , जिला डिण्डौरी, मध्यप्रदेश

डिण्डौरी , दिनांक 1 जून 2016

क्र. 2-2016 .- बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति) अधिनियम 1976 की धारा 10 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग करते हुए मैं , अमित तोमर, कलेक्टर , जिला डिण्डौरी , बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति ) अधिनियम 1976 की धारा 13 ( 2 ) के अन्तर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समितिः तथा धारा 13 ( 3 ) के अन्तर्गत अनुभाग स्तरीय सतर्कता समिति पुनर्गठन का एतद्वारा करता हूं: -

जिला स्तरीय सतर्कता समिति जिला डिण्डौरी (म. प्र. )

(ए) अध्यक्ष धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-

अध्यक्ष (1) अपर जिला दण्डाधिकारी , डिण्डौरी ( म. प्र).

(बी) सदस्य- तीन व्यक्ति जो अनु. जाति/अनु. जनजाति के हों एवं जिले में निवास करते हों- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य श्री मान सिंह करपेती, ग्राम पो . गाडासरई , जिला डिण्डौरी

(1)

सदस्य श्री धरम सिंह मसराम, ग्राम पो . सक्का, जिला डिण्डौरी

(2)

सदस्य (3) श्री चैन सिंह तेकाम , ग्राम भालापुरी , पो. मारगांव , जिला डिण्डौरी

(सी) सदस्य- दो सामाजिक कार्यकर्ता जो जिले में निवास करते होंः- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार -

सदस्य श्री विरेन्द्र सोनी, गायत्री मंदिर के पास डिण्डौरी जिला डिण्डौरी

( 1)

सदस्य (2) श्री के. एस. राजपूत, सुब्खार डिण्डौरी , जिला डिण्डौरी

(डी) सदस्य राज्य शासन द्वारा नामांकित- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-

सदस्यं (1) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, डिण्डौरी

सदस्य (2) पुलिस अधीक्षक, जिला डिण्डौरी

सदस्य (3) सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग , जिला डिण्डौरी

(ई) सदस्य-वित्तीय संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने हेतु- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( च ) के अनुसार-

सदस्य (1) प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक जैन पेट्रोल पंप के सामने, जिला डिण्डौरी

3. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग डिण्डौरी

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार -

अध्यक्ष (1) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , डिण्डौरी ( म. प्र ) .

[ भाग 1 2082

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य (1) श्री भारत सिंह नेटी, ग्रम पो. करंजिया, जिला डिण्डौरी

सदस्य (2) श्री अशोक कुमार साहू, ग्रा. पो. बजाग , जिला डिण्डौरी

सदस्य (3) श्री हरिनारायण खैरवार, ग्रा. पो. डिण्डौरी जिला डिण्डौरी

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार -

सदस्य (1) श्री घनश्याम यादव , ग्रा. अलोनी पो. अमरपुर, जिला डिण्डौरी

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार-

सदस्य मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत, डिण्डौरी

(1)

सदस्य (2) अध्यक्ष, जनपद पंचायत , डिण्डौरी

सदस्य (3) सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत, डिण्डौरी

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ङ) के अनुसार-

सदस्य प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, मैन रोड डिण्डौरी जिला डिण्डौरी

(1)

4. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग शहपुरा

धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-

अध्यक्ष (1) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , शहपुरा (म. प्र) .

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-

सदस्य (1) श्रीमती तिरंजना धुर्वे, ग्राम पारापानी , पोस्ट पारापानी , जिला डिण्डौरी

सदस्य (2) श्री गुलाब सिंह भवेदी, ग्राम पोस्ट मेहदवानी

सदस्य (3) श्री जगन्नाथ बनवासी, वार्ड नं. 08, शहपुरा

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-

सदस्य (1) श्री गोवर्धन दास तेजवानी , शहपुरा

सदस्य (2) कु. कृष्णा उरैती, ग्रा. पं. कस्तूरी पिपरिया, हाल मुकाम शहपुरा

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार-

सदस्य (1) तहसीलदार शहपुरा जिला डिण्डौरी

सदस्य परियोजना अधिकारी , महिला एवं बाल विकास विभाग शहपुरा

(2)

सदस्य (3) विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी , मेंहदवानी , जिला डिण्डौरी

धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ङ ) के अनुसार -

सदस्य (1) प्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय मर्यादित बैंक, शहपुरा .

अमित तोमर , कलेक्टर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश-462 011 भोपाल, दिनांक 4 जून 2016

आदेश

क्र. एफ. 87-318-15 - ग्यारह- 278.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 2014 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) " , दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह फरवरी , 2015 में सम्पन्न नगर परिषद् भेड़ाघाट, जिला जबलपुर म. प्र. के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती मालती रघुवीर व्यास भी अध्यक्ष अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 26 दिसम्बर 2015 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25 जनवरी 2016 तक, श्रीमती मालती रघुवीर व्यास को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी जबलपुर म . प्र. के समक्ष दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर के पत्र क्रमांक 2047 , दिनांक 2 फरवरी 2016 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी श्रीमती मालती रघुवीर व्यास द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा ही नहीं प्रस्तुत किया गया.

विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन कलेक्टर, जबलपुर से आयोग को प्राप्त होने पर इस संबंध में अभ्यर्थी श्रीमती मालती रघुवीर व्यास को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2016 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर

2083 उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.

अभ्यर्थी को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली के उपरान्त कलेक्टर एवम् जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर का ज्ञापन क्रमांक 16 , दिनांक 7 अप्रैल 2016 आयोग को प्राप्त हुआ. ज्ञापन में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर द्वारा यह व्यक्त किया गया है कि अभ्यर्थी को सूचना उपरान्त अभ्यर्थी ने अपना लिखित अभ्यावेदन व निर्वाचन व्ययों का पूरा लेखा 5 अप्रैल 2016 अपराह्न में प्रस्तुत किया है. अभ्यावेदन में प्रत्याशी ने स्वयं के स्वास्थ्य खराब होने के कारण लेखा समय पर जमा न करना बताया है. साथ ही संबंधित सभी दस्तावेज संलग्न आयोग को भेजे गए.

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जबलपुर से उक्ताशय् की रिपोर्ट को प्राप्त होने पर आयोग द्वारा पूर्णविचारोपरांत अभ्यर्थी, श्रीमती मालती रघुवीर व्यास को उनके निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिये जाने हेतु एक मौका और देते हुए नोटिस दिनांक 2 मई 2016 जारी कर, आयोग मुख्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 24 मई 2016 को बुलाया गया. नोटिस की तामीली अभ्यर्थी श्रीमती व्यास को समय पूर्व अर्थात् दिनांक 7 मई 2016 को हो चुकी थी.

व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 24 मई 2016 को अभ्यर्थी श्रीमती व्यास के स्थान पर उनके पुत्र श्री विमल व्यास उपस्थित हुए. उनके द्वारा अभ्यर्थी श्री व्यास की ओर से आयोग को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया. जिसमें अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वास्थ्य संबधी कारणों का उल्लेख कर विलम्ब से व्यय लेखा प्रस्तुत करने का लेख अभ्यावेदन में किया गया , पर इसके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किये गये.

अतः, उपर्युक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरान्त भी अभ्यर्थी, श्रीमती मालती रघुवीर व्यास द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत ही नहीं किये गये. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती मालती रघुवीर व्यास को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् भेड़ाघाट जिला जबलपुर ( म. प्र . ) का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

[भाग 1 2084

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

राज्य शासन के आदेश

वन विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

क्रमांक एफ- 25-29 / 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन , एतद् द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबन्धों को नीचे की अनुसुची में उल्लेखित की गई भूमि पर लागू होने की घोषणा, इस शर्त के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार , जहां तक कि वे. राज्य शासन द्वारा समय- समय पर रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड 22 ° 2'04 " से 22 ° 2'09 " उत्तर अक्षांश तथा 80°24'26.5 " से 80 °24'35.7 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

अनुसूची

तहसील - परसवाड़ा

जिला - बालाघाट

वन परिक्षेत्र- पश्चिम बैहर (सा. ) परिक्षेत्र वनमण्डल - उत्तर (सामान्य) वनमण्डल बालाघाट

वनखण्ड की सीमाएँ

विवरण

अ.

वनखण्ड की भूमि का

क्र.

खसरा क्र.

भूमि का वर्तमान

क्षेत्रफल (हेक्टे.मे. )

मद

ग्राम का नाम

प्रस्तावित वनखंड कानाम

0.982

सिंघई

1. सिंघई

निजी भूमि

उत्तर प्रस्तावित मुनारा क्रमांक 16 D से 16 F तक की कृत्रिम वन सीमा ।

पूर्व वन कक्ष क्रमांक 1539 की पश्चिमी सीमा के 70/4 में से, 70/5, 70/6

0.809 0.809

मुनारा क्रमांक 16 F से मुनारा क्र. 16 तक की वन सीमा ।

दक्षिण कक्ष क्रमांक 1539 के प्रस्तावित मुनाराड

क्रमांक 16 से मुनारा क्रमांक 16 B तक की कृत्रिम वन सीमा ।

पश्चिम - प्रस्तावित मुनारा क्रमांक 16 3 से 16 की कृत्रिम वन सीमा ।

2.600

योग 2085 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-

1. पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश क्रमांक 6 एम.पी.सी .11 / 2005- बी.एच.ओ ./615 दिनांक 10.04.2006 में अधिरोपित शर्त के अनुसार ए.पी. त्रिवेदी संस, मेन रोड़ बालाघाट की स्वीकृत परियोजना ग्राम रमरमा में मैंगनीज उत्खनन पट्टे के नवीनीकरण हेतु में प्रभावित 2.452 हेक्टेयर राजस्व वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 2.600 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 2.600 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग पक्ष में कलेक्टर बालाघाट, जिला बालाघाट के आदेश क्रमांक /4054 / ख.लि./12 दिनांक 09.11.2012 से हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण संरक्षित वन घोषित किया जाना है ।

2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार उकवा, परसवाड़ा के प्रतिवेदन क्रमांक 1 अ-24- वर्ष- 11-12 दिनांक 01.08.2012 द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

(अ) व्यक्ति अधिकार:- उक्त भूमि पर कोई व्यक्गित अधिकार नहीं है । (ब) सामुदायिक अधिकार:- उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 के अन्तर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ- 25-29-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-29-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

[भाग 1 2086

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

Bhopal , the 10th June 2016

No. F25/29/ 2016/13 in exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian forest Act 1927 (XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the land, specified in the Schedule below, subject to the condition that the existing right of individuals or communities shall not be abridged of affected in any manner , except in so far as they may be modified by the State Government from time to time. This Forest Block lies between 22 ° 2'04 " to 22 °2'9 " North Latitude and 80 °24'26.5 " to 80 °24'35.7 " East Longitude.

SCHEDULE

Tahsil : Paraswara District :Balaghat

Forest Range : West Baihar Forest Division: North (T) Forest Division Balaghat

Forest Block Boundaries Details of Land Included

S.N.

Khasra no.

Area (Нас.)

Name of Village

Present head of land

Name of Proposed Forest Block

0.982

1.

Singhai

Singhai

Private land

0.809

70/4 में से, 70/5, 70/6

0.809

North Proposed Artificial Forest Boundary of Pillar number 16D from Pillar number 16F.

East Forest Line of Pillar No. 16 F from Pillar No 16 of Forest Compartment No. 1539 of Western Boundary .

South - Forest Compartment No. 1539 of Proposed Pillar NO . 16 to pillar No. 16 В.

West Proposed Artificial Forest Boundary of Pillar No. 16 B to pillarNo. 16D.

2.600

Total 2087 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

(A) Reason for publication of Notification : -

1. In accordance with the condition laid known in the Ministry of Environment and Forest, Govt . of India's order No. 6MPC11/2005 - BHO/615 dated 10.04.2006 and in lieu of 2.452 Hac. hectare of affected forest land under the sanctioned project of Village Ramrma , Renewal of Mangnese lease of A. P. Trivedi son's , Main road Balaghat . the above mentioned Non Forest Land of 2.600 hectare transferred or muted in favor of M.P. Govt , Forest Department by order No./4054/M.C./12 Date 09-11-2012 of 2.600 Hac. for the purpose of compensatory a forestation is to be declared as protected forest .

2. Details of other Reason - Nil

( B ) The khasara wise details of recorded rights on the above land as per report No/ 1A- 24- year - 11- 12 Date 01.08.2012 of Thasildar Ukwa , Paraswara (Designation of Competent Revenue Officer) are as Under.

A. Right of Individuals :- No Individuals Right in this land .

B. Right of Communities : - No Communities Right in this land .

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secу.

[भाग 1 2088

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

क्रमांक एफ- 25-33/ 2016 /५०-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ), की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त परं करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित/ रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त , किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड' 22 ° 27'56.003 "N से 22° 28 ′ , 4.095 " उत्तर अक्षांश तथा 75 ° , 45 ' , 5.464 " से E- 75°45 ' , 10.332 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

:: अनुसूची::

तहसील डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) जिला -इन्दौर

वन परिक्षेत्र महू

वनमण्डल - इन्दौर

वनखंड की सीमाएं

वनखंड की भूमि का विवरण

क्रमांक

ग्राम का नाम

खसरा क्रमांक

प्रस्तावित वनखंड का नाम

क्षेत्रफल (हे० में)

भूमि का वर्तमान मद

7

6

5

4

3

2

1

1.550 उत्तर

365

कृत्रिम सीमा.।

मुनारा क्र. 01 से 02 तक की 1

बड़गौंदा शासकीय चारागाह

मुनारा क्र. 02 से 03 तक की कृत्रिम सीमा ।

पूर्व

बड़गौंदा (अ)

मुनारा क्र. 03 से 04 तक की कृत्रिम सीमा ।

1.550

योग

दक्षिण - पश्चिम - मुनारा क्र. 04 से 09 तक एवं मुनारा क्र. 04 से 01 तक की कृत्रिम सीमा । (क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-

L 1. भारत सरकार , पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आदेश क्रमांक 8B/201 / 2000 - FCW/2309 दिनांक 27.06.2001 (सैद्धान्तिक स्वीकृति) में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग इन्दौर की स्वीकृत परियोजना नाहरखेड़ी जलाश्य में प्रभावित 4.920 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 4.920 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 1.550 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में अनुविभागीय अधिकारी महू के आदेश क्रमांक 2212 दिनांक 26.09.2002 हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण । 2. अन्य कारणों का विवरण निरंक 2089

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार महू के प्रमाण पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है: -

1. व्यक्तिगत अधिकार :- उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है । 2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 के अन्तर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ- 25-33-2016- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-33-2016 - दस-3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.

Bhopal , the 10th June 2016

* No . F - 25-33 /2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below ; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between 22 ° 27'56.003 " N to 22 ° 28 ' , 4.095 " North Latitude and 750,45' , 5.464 " to E- 75 ° 45 ' , 10.332 " East Longitude.

[भाग 1 2090

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

SCHEDULE

Tehsil .

- Indore

-Dr . Ambedkarnagar (Mhow) District

-Mhow

Indore

Forest Range

Forest Division

Forest Block Boundaries Details of Land Included

No.

Khasra No.

Area (Hectare)

Name Village

of Present head of Land

Name of Proposed Forest Block

6

4

1

North

1,550

5 365

1

3 Bargonda

7 Munara no. 01 to 02 Artificial boundary Line:

Shashkiya Charagah

2 Bargonda (A)

East- Munara no . 02 to 03 Artificial boundary Line.

South Munara no . 03 to 04 Artificial boundary Line

West -

Total 1,550

Munara no . 04 to 09 and Munara No. 04 to 01 Artificial boundary Line.

(A) Reason for publication of Notification : -

:

1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8B/201 /2000 - FCW/ 2309 dated 27.06.2000 and in lieu of 4.920 hectare of affected forest land order the sanctioned project of Naharkhedi watertank project of Ex. Engr . water resources Dept. Indore , the above mentioned Non Forest Land of 1.550 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . , Forest Department by order No - 2212 dated 26-09-2002 of S.D.M. Mhow Distt- Indore for the purpose of compensatory afforestation.

(B ) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report (Certification) of Tahsildar Mhow Distt . Indore are as under .

1. İndividuals Right - There are no individual rights on the said land .

2. Communities Rights - There are no Communities rights on the said land .

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA, Secy.

2091

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

क्रमांक एफ- 25-33 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927), की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त , किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड 22° 27'55.740". से 22 ° 28 ' , 3.143 " उत्तर अक्षांश तथा 75 °, 44 ' , 41.541 " से E- 75 ° 44 ' , 49.976" पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।।

1

::अनुसूची::

तहसील

डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) जिला -इन्दौर

वन परिक्षेत्र महू

वनमण्डल - इन्दौर

वनखंड की सीमाएं

वनखंड की भूमि का विवरण

क्रमांक

क्षेत्रफल (हे ० में)

खसरा क्रमांक

ग्राम का नाम

प्रस्तावित वनखंड का नाम

भूमि का वर्तमान मद

7

6

5

4

3

1

उत्तर मुनारा क्र. 01 से 03 की कृत्रिम सीमा । बड़गौंदा

1.

1.230 2.140

703 704

शासकीय चारागाह

पूर्व मुनारा क्र. 03 से 04 की कृत्रिम सीमा । बड़गौंदा (ब)

दक्षिण मुनारा क्र. 04 से 05 की कृत्रिम सीमा ।

पश्चिम मुनारा क्र. 05 से 01 की कृत्रिम सीमा ।

3.370

योग

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-

1. भारत सरकार , पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आदेश क्रमांक 8B/201 /2000 -FCW/2309 दिनांक 27.06.2001 (सैद्धान्तिक स्वीकृति) में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग इन्दौर की स्वीकृत, परियोजना नाहरखेड़ी जलाश्य में प्रभावित 4.920 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 4.920 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 3.370 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में अनुविभागीय अधिकारी महू के आदेश क्रमांक 2212 दिनांक 26.09.2002 हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण । 2. अन्य कारणों का विवरण: निरंक [भाग 1 2092

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार महू के प्रमाण पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

1. व्यक्तिगत अधिकार :- उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है । 2. सामुदायिक अधिकृबर : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा -29 के अन्तर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ-25-33-2016- दस - 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-33-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.

Bhopal , the 10th June 2016.

No. F - 25-33 /2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities , in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time. This Forest Block lies between 22 °27'55.740 " to 22 ° 28' , 3.143 " North Latitude and 75° ,44 ' , 41.541 " to 75 ° 44' , 49.976 " East Longitude .

2093 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

SCHEDULE

Tehsil .

District

Indore

-Dr . Ambedkarnagar (Mhow) - Indore

Forest Division

-Mhow

Forest Range

Forest Block Boundaries Details of Land Included

No.

Khasra No.

Area , (Hectare)

Name Village

of Present head of Land

Name of Proposed Forest Block

7

6

4

5

2

3

1

1.230

Bargonda Shashkiya 703 Charagah

Bargonda (B)

North Munara no . 01 fo 02 Artificial boundary.

704 2.140

East- Munara no . 03 fo 04 Artificial boundary.

South Munara no . 04 fo 05 Artificial boundary..

Total

3.370

West - Munara no . 05 fo 01 Artificial boundary.

(A) Reason for publication of Notification : -

1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8B /201 /2000 -FCW/ 2309 dated 27.06.2000 and in lieu of 4.920 hectare of affected forest land order the sanctioned project of Naharkhedi watertank project of Ex . Engr . water resources Dept. Indore , the above mentioned Non Forest Land of 3.370 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . , Forest Department by. order No - 2212 dated 26-09-2002 of S.D.M. Mhow Distt- Indore for the purpose of compensatory afforestation .

2. Details of Reason : - Nil

(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report (Certification) of Tahsildar Mhow Distt . Indore are as under .

1. Individuals Right - There are no individual rights on the said land .

2. Communities Rights - There are no Communities rights on the said land.

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.

[भाग 1 2094

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

कमांक एफ-25-35 / 2016/10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान/ उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार, जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृतं या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड N 21 ° 53'45 " से N 21 °53'49 " उत्तर अक्षांश तथा E 80 ° 11'46" से E 80 ° 12'00 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

अनुसूची

जिला बालाघाट

बालाघाट तहसील वन परिक्षेत्र - बालाघाट (सा.) वनमंडल - दक्षिण बालाघाट (सा.)

वनखण्ड की सीमाएं अ.

वनखण्ड की भूमि का विवरण..

क्र.

खसरा क्र.

ग्राम का नाम

भूमिका वर्तमान मद

क्षेत्राफल (हेक्टेयर)

प्रस्तावित वनखंड का नाम

1.704

घांस

1.

17/1

धापेवाड़ा धापेवाड़ा

17/2में से

उत्तर प्रस्तावित संरक्षित वनखण्ड़ के मुनारा क्रमांक 02 से 06 तक कृत्रिम वन सीमा ।

18

1,028

घांस

पूर्व - प्रस्तावित संरक्षित वनखण्ड़ के मुनारा क्रमांक 06 से 09 तक कृत्रिम वंन सीमा ।

19

0.538

घांस

दक्षिण - प्रस्तावित संरक्षित वनखण्ड़ के मुनारा क्रमांक 09 से 20 एवं 20 से 01 तक कृत्रिम वन सीमा ।

पश्चिम- प्रस्तावित संरक्षित वनखण्ड़ के मुनारा क्रमांक 01 से 02 तक कृत्रिम वन सीमा ।

3.270

योग

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधारः

1. भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आदेश क्रमांक 8-452 / 88 / FC दिनांक 28/29. 09.1988 एवं मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पत्रा क्रमांक / एफ-5/13/ 88 /10-3 दिनांक 06.12.1989 में अधिरोपित शर्त के अनुसार म.प्र. राज्य सेतु निर्माण निगम लिमिटेड सिवनी की स्वीकृत परियोजना बालाघाट समनापुर राज्य मार्ग पर निर्मित सोनबिहरी पुलिया / पहुंच मार्ग में प्रभावित 3.270 हेक्टेयेर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 3.270 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 3.270 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर बालाघाट, के आदेश क्रमांक 61 / अ-59 दिनांक 30.08.1990 हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण ।

2. अन्य कारणों का विवरण निरंक 2095

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार बालाघाट, जिला- बालाघाट के प्रमाण-पत्रा के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

1. व्यक्तिगत अधिकारः उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नही है ।

2. सामुदायिक अधिकारः उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नही है ।

जाता है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम , 1927 की धारा-29 के अन्तर्गत संरक्षित वन घोषित किया

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ-25-35-2016- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-35-2016 - दस 3, दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 10th June 2016

No. F - 25-35 / 2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the the Schedule below; subject to the condition that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between N 21 °53'45 " to N 21 ° 53'49 " North Latitude and E 80 ° 11'46 " to E 80 ° 12'00 " East Longitude.

[भाग 1 2096

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

SCHEDULE

Tahsil : - Balaghat

District : - Balaghat

Forest Range : Balaghat ( Territorial ) Forest Division : - South Balaghat (Territorial)

Forest Block Boundaries Details of Land Included

Ν.

Present head ofland

Khasr aNo.

Name of Village

S. Name of Proposed Forest Block

Area (Hecta re)

1.704

Ghansh

17/1

Dhapewada

1. Dhapewada

17/2

North- Proposed Artificial forest Boundary from Pillar No. 02 to 06 ofProtected Forest Block.

in

Ghansh

1.028

18

Ghansh

0,538

19

East- Proposed Artificial forest Boundary from Pillar No. 06 to 09 ofProtected Forest Block.

South- Proposed Artificial forest Boundary from Pillar No. 09 to 20 and 20 to 01 of Protected Forest Block .

West Proposed Artificial forest Boundary from Pillar No. 01 to 02 of Protected Forest Block .

Total 3.270

(A) Reason for publication of Notification:-

1. In accordance with the condition laid down in the Ministry of Environment and Forest, Govt. of India's order No 8-452/88 /FC dated 28 / 29-09-1988 & Μ.P. Government Forest Department Letter No./F- 5/13/88/ 10-3 Dated 06-12-1989 and in lieu of 3.270 hectare of affected forest land under the sanctioned. project of Balaghat Samnapur State Highway approach road to Sonbehri Bridge of M.P. Rajya Setu Nirman Nigam Ltd Seoni, the above mentioned Non Forest Land of 3.270 hectare transferred or muted . in favors of M.P. Govt . , Forest Department by order No. 61 / 3-59 dated 30.08.1990 of Collector Balaghat for the purpose of compensatory a forestation .

2. Details of other Reasons- Nil

(B) The Khasara wise details of recorded rights on the above land as per report ( Certificated ) of Tahsildar Balaghat, District Balaghat are as under .

1. Individual Rights - There are no individual rights on the said land.

2. Community Rights - There are no Communities rights on the said land.

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 . :

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA, Secy.

2097 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

1 क्रमांक एफ- 25-37 / 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एतद् द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबंधो को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार, जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित/रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह प्रस्तावित वनखंड बोरई उत्तर अक्षांश N 23 ° 51 ′ 35.7 से N 23 ° 51′ 58.0" उत्तर अक्षांश तथा पूर्व देशांश E 79 ° 07′ 06.7 . से E 79 ° 07′ 31.0" पूर्व देशांश के बीच स्थित हैं ।

अनुसूची

तहसील - सागर

वन परिक्षेत्र गढाकोटा जिला- सागर वनमंडल का नाम -दक्षिण सागर (सामान्य)

वनखंड की सीमाएं

विवरण

वनखंड की भूमि का

अ. क

क खसरा

भूमि का वर्तमान मद

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

ग्राम का नाम

प्रस्तावित वनखंड कानाम

39.860

178/8

बोरई

बोरई

1

चरोखर (शासकीय भूमि)

उत्तर प्रस्तावित संरक्षित वनखंड के मुनारा क्रमांक 13 से 08 तक कृत्रिम वन सीमा

पूर्व- प्रस्तावित संरक्षित वनखंड के मुनारा क. 08 से 01 तक कृत्रिम वन सीमा

दक्षिण प्रस्तावित संरक्षित वनखंड के मुनारा क. 01 से 22 तक कृत्रिम वन सीमा पश्चिम प्रस्तावित संरक्षित वनखंड के मुनारा क. 22 से 13 तक कृत्रिम वन सीमा

39.860

योग:-

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-

पर्यावरण एवं वन संत्रालय भारत सरकार के आदेश क्रमांक/6MPCO031 / 2006 - BHO/ 442 दिनांक 26.02. 2008 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक-1 जिला सागर म.प्र. की स्वीकृत परियोजना तिन्सी मारपानी जलाशय में प्रभावित 39.860 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में कुल रकवा 39.860 हे. गैर वनभूमि क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में 39.860 हे. कलेक्टर सागर के आदेश क्रमांक 43/ 19(3 )2005-06 दिनांक 27.12 . 2015 द्वारा हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । [भाग 1 2098

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार गढ़ाकोटा द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र अभिलेखित अधिकारों का खसराबार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:- :

(अ) व्यक्तिगत अधिकार:- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं हैं । (ब ) सामुदायिक अधिकार :- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं हैं । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव..

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ- 25-37-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-37-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 10th June 2016

No.F - 25-37/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) the state Government are pleased to Declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forest shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the state Government form time to time . This Forest Block Borai lies between North Latitude N 23 ° 51 ' 35.7 " to N 23 ° 51 ' 58.0 " North Latitude and East . Longitude E 79 ° 07′ 06.7 " to E 79 ° 07' 31.0 " East Longitude .

2099

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

SCHEDULE

Tehsil- Sagar District- Sagar

Range- Garahakota Forest Division - South Sagar (territorial)

Forest Block Boundaries Details of land Included

S.N.

Area in He.

Khasr aNo.

Present head of land

Name of Proposed Forest Block

Name . of Village

39.860

178/8

Borai Borai

1

Govt. land Charokhar

North Proposed Protected Forest Block Pillar No.13 to 08 Artificial Forest Boundri

East Proposed Protected Forest Block Pillar No. 08 to 01 Artificial Forest Boundri

South- Proposed Protected Forest Block Pillar No.01 to 22 Artificial Forest Boundri

West- Proposed Protected Forest Block Pillar No.22 to 13 Artificial Forest Boundri .

TOTAL 39.860

(A) Reason for publication of Notification : -

In accordance with the condition laid down in the Ministry of Environment and forest Govt . of India's order no . 6 - mpc031 /2006- BHO/442 Bhopal dated 26.02.2008 and in lieu of 39.860 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Tinsi Marpani Tank Project of Executive Engineer Water Resource Division No .. 1 sagar M.P. the above mentioned non forest land of 39.860 Hectare transferred or muted in favour of mp Government, Forest Department by Collector Sagar order no . 4A/ 19 (3 ) 2005-06 Dated 27-12-2015 for the purpose of compensatory afforestation .

(B) The Khasara wise details of recored rights on the above land as per Certificate of Tehsildar Garahakota (Designation of Competent revenue officers ) are as under .

(a) Rights of individuals : - Above Mentioned Land Does Not Have any individuals Rights

(b) Rights of communities : - Above Mentioned Land Does Not Have any communities Rights

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy .

2100

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

क्रमांक एफ - 25-38 / 2016/ 10-3: भारतीय वन अधिनियम 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियो को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एतद् द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबंधो को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायो के वर्तमान अधिकार , जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह प्रस्तावित वनखंड पिपरिया बैध उत्तर अक्षांश N 23 ° 47′ 26.5 से N 23 ° 48 03.5 उत्तर अक्षांश तथा पूर्व देशांश E 78 ° 53 ' 12.0" से E 78 ° 53′ 53.0 " पूर्व देशांश के बीच स्थित हैं ।

जिला- सागर वनमंडल का नाम -दक्षिण सागर (सामान्य) अ.

वनखंड की भूमि का विवरण क

भूमि का वर्तमान मद खसरा क

ग्राम का नाम

प्रस्तावित वनखंड का नाम

1 पिपरिया वैध

पिपरिया वैध

चरोखर, छोटा घास (शासकीय भूमि) (क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-

अनुसूची

सागर / ढाना तहसील वन परिक्षेत्र

वनखंड की सीमाएं

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

उत्तर - प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क्रमांक 39 से 06 तक कृत्रिम वन सीमा 38.660 26.570

97/1 213 /

पूर्व- प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा कमांक 6 से 17 तक कृत्रिम वन सीमा दक्षिण - प्रस्तावित संरक्षित वनंखंड मुनारा क. 17 से 19 तक कृत्रिम वन सीमा पश्चिम प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 19 से 39 तक कृत्रिम वन सीमा 45.230

योग:-

पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश कमांक 8-87/2014- FC दिनांक 26.10.2015 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक-1 जिला सागर म.प्र. की स्वीकृत परियोजना हिलगन जलाशय में प्रभावित 45.230 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में कुल रकवा 45.230 हे. गैर वनभूमि क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में 45.230 हे. कलेक्टर सागर के आदेश क्रमांक 723/19(3)2011-12 दिनांक 20.02.2015 द्वारा हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । 2101

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार सागर द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र अभिलेखित अधिकारों का खसराबार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है :-

(अ ) व्यक्तिगत अधिकार :- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं हैं । (ब ) सामुदायिक अधिकार: - उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं हैं । जाता है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ - 25-38-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-38-2016- दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 10th June 2016

No. F - 25-38/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927 ) the state Government are pleased to Declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forest shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the state Government form time to time. This Proposed Protected Forest Block Pipriya Baith lies between North Latitude N 23 ° 47' 26.5' to N 23 ° 48' 03.5 " North Latitude and East Longitude E 78 ° 53 ' 12.0 " to E 78 ° 53 ' 53.0 " East Longitude .

[भाग 1 2102

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

SCHEDULE

Tehsil- Sagar District- Sagar

Range- Dhana Forest Division- South Sagar (territorial)

Forest Block Boundaries Details of land Included

N.

Khasra No.

Area inHe.

Present head of land

S. Name of Proposed Forest Block

Name of Village

38.660

1

97/1

6.570

213/2

Pipriya Baith

Pipriya Baith

North Block Pillar No. 39 to 06 Artificial Proposed Protected Forest Forest Boundri

Charokhar , Chhota Ghas Govt . land

East Proposed Protected Forest Block Pillar No. 06 to 17 Artificial Forest Boundri

South Proposed Protected Forest Block Pillar No.17 to 19 Artificial Forest Boundri

West- Proposed Protected. Forest Block Pillar No.19 to 39 Artificial ForestBoundri

TOTAL 45.230

(A)Reason for publication of Notification : -

In accordance with the condition laid down in the Ministry of Environment and forest Govt . of India's order no . 8-87 / 2014 - FC dated 26.10.2015 and in lieu of 45.230 . hectare of affected forest land under the sanctioned project of Hilgan Tank Project of Executive Engineer Water Resource Division No. 1 sagar M.P. the above mentioned non forest land of 45.230 Hectare transferred or muted in favour of mp Government, Forest Department by Collector Sagar order no . 72A/ 19 ( 3 ) 2011-12 Dated. 20-02-2015 for the purposeof compensatory afforestation .

(B) The Khasara wise details of recored rights on the above land as per Certificate of Tehsildar Sagar are as under.

(a) Rights of individuals : - Above Mentioned Land Does Not Have any individuals Rights

(b) Rights of communities : - Above Mentioned Land Does Not Have any communities Rights

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.

2103 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

कमांक एफ-25-40 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16 , सन् 1927) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एतद् द्वारा , उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई भूमि पर लागू होने की घोषणा, इस शर्त के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार , जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर रूप भेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगें । यह वनखण्ड से N 24° 11 ' 26.0 " से N 24° 12' 6.0 " उत्तर अक्षांश तथा E 78 ° 40' 46.0 " से E 78° 41 ' 7.5 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

अनुसूची

जिला सागर

तहसील बण्डा

वन परिक्षेत्र- मालथौन

वन मंडल उत्तर सागर (सा.)

वनखण्ड की सीमाएं वनखण्ड की भूमि का विवरण

अनु. क.

ग्राम का नाम

प्रस्तावित वनखण्ड का नाम

खसरा कमांक

क्षेत्रफल (हेक्टेयर)

भूमि का वर्तमान मद

4

2

3

7

5

6

1

1

सेसई माफी

107/2, 5/2

22.01 4.50

सेसई माफी

छोटा घांस

उत्तर :- पी.एफ. 172 के मुनारा कमांक 16 से नया मुनारा कमांक 1 तक की कृत्रिम वन सीमा । पूर्व:- नया मुनारा कमांक 1 से पी.एफ. 172 के मुनारा कमांक 32 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

दक्षिण:- पी.एफ. 172 के मुनारा कमांक 32 से 26 तक की वन सीमा ।

' पश्चिम:- पी.एफ. 172 का मुनारा कमांक 26 से 16 तक की वन सीमा ।

Total: -

26.51

अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-

1 ) पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश कमांक 6- एम.पी.सी .027 / 2015 - बी.एच.ओ . / 1279 दिनांक 18 . 11.2015 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक -1 सागर की स्वीकृत परियोजना नयाखेड़ा (गनेशपुरा) जलाशय में प्रभावित 26.51 हेक्टेयर वनभूमि की एवज में प्राप्त कुल 26.51 हेक्टेयर गैरवनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 26.51 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश क्रमांक / 223/ 19 (3) वर्ष 2013-14 दिनांक 05.08.2015 एवं 033/19 (3 ) वर्ष 2014-15 दिनांक 05.08.2015 से हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये ज्ञाने के कारण संरक्षित वन घोषित किया जाना है । [भाग 1 2104

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश कमांक / 223 / 19 (3 ) वर्ष 2013-14 दिनांक 05.08.2015 एवं 03/19 (3) वर्ष 2014-15 दिनांक 05.08.2015 के द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

(अ) व्यक्तिगत अधिकार:- उक्त भूमि पर व्यक्तिगत अधिकार निरंक है ।

(ब ) सामुदायिक अधिकार उक्त भूमि पर सामुदायिक अधिकारी निरंक है ।

अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ- 25-40-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-40-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 10th June 2016

No. F - 25-40/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act. , 1927 (XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the land , specified in the schedule below, subject to the condition that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner , except in so for as they may be modifiedby the State Government from time to time . This Forest Block lies between N 24° 11 ' 26.0 " to N 24° 12 ' 6.0 " North Latitude and E 78° 40' 46.0 " to E 78° 41 ' 7.5 " East Longitude .

2105

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

SCHEDULE

Tahsil - Banda

District - Sagar

Forest Range - Malthone Forest Division - North Sagar (T)

Details of Land Included

Forest Block Boundaries

S. Ν.

Khasra No.

Area (Hectare)

Name of Village

Name of Propose dForest Block

Present head of land

2

3

1

4

6

7

1

Sasai

Sasai Mafi

22.01, 4.50

5 107/2 , 5/2

Chhota Ghas

Mafi

North Artificial Forest Boundary PF 172 Pillar No. 16 to 1 .

East : Artificial Forest Boundary Pillar No. 1 to 32 PF 172 .

South: Forest Boundary of PF 172 Pillar No. 32 to 26 .

West: Forest Boundary of PF 172 Pillar No. 26 to 16.

26.51

Total: -

Reason for Publication of Notification : -

1) In accorcance with the condition laid down in the Ministry of Emnvironment and Forest Govt . of India's order . No. 6 - MPC027/2015 - BHO/ 1279 Dated 18-11-2015 and in lieu of 26.51 hactare of affected forest land order the sanctioned project of NayaKhera (Ganashpura) Tank of E.E.W.R.D. No. 1 Sagar of the above mentioned Non Forest Land of 26.51 hectare transfered of muted in favour of M.P. Govt . , Forest Department by order No 22A/ 19 (3 ) Year 2013-14 Dated 05-08-2015 & 3A/ 19 (3 ) Year 2014-15 Dated 05- 08-2015 of Revunue Collector Sagar for the purpose of compensatory afforestation is to be declared as protected forest.

2) The Khasra wise details of recorded rights on the above land as per report order No 22A/ 19 (3 ) Year 2013-14 Dated 05-08-2015 & 3A/ 19 (3 ) Year 2014-15 Dated 05-08-2015 of Revenue Collector are as under .

(A) Rights of Individuals :- There are not rights of individuals

(B) Rights of Communities :- There are not rights of communities .

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secу.

[भाग 1 2106

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

कमांक एफ- 25-43/ 2016/10-3:: भारतीय वन अधिनियम 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियो को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन , एतद् द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधानं/ उपबंधो को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायो के वर्तमान अधिकार , जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित/ रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मोरिया उत्तर अक्षांश N 23 ° 14' 01.9 से N 23° 14 21.5′ उत्तर अक्षांश तथा पूर्व देशांश E 79 ° 04' 01.5 " से E 79 ° 04′ 38.0° पूर्व देशांश के बीच स्थित हैं ।

अनुसूची

जिला- सागर

तहसील - देवरी वन परिक्षेत्र देवरी वनमंडल का नाम - दक्षिण सागर (सामान्य)

वनखंड की भूमि का विवरण

वनखंड की सीमाएं अ. क

ग्राम का नाम

भूमि का वर्तमान मद

खसरा क

प्रस्तावित वनखंड का नाम

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

1

उत्तर

मोरिया मोरिया

275/4

प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 28 से 07 तक कृत्रिम वन सीमा

28.900 0.950

छोटा घास, चरनोई (शासकीय भूमि)

276/4 275/5

276/5

पूर्व- प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 07 से 12 तक कृत्रिम वन सीमा

दक्षिण - प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 12 से 21 तक कृत्रिम वन सीमा

पश्चिम प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 21 से 28 तक कृत्रिम वन सीमा

29,850

योग:-

(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार: -

पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश क्रमांक 6 - mpc069/ 2013 - BHO /455 दिनांक 20. 05.2015 एवं वैनमण्डल अधिकारी , दक्षिण सागर का पत्र कमांक / मा.चि. / 2253 दिनांक 14.07 . 2014 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक -1 जिला सागर म.प्र. की स्वीकृत परियोजना सूरजपुरा जलाशय एवं जोलनपुर जलाशय में प्रभावित 29.850 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में कुल रकवा 29.850 हे . गैर वनभूमि क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में 29.850 हे. कलेक्टर सागर के आदेश कमांक 12एवं 403/ 19(3) 2012-13 दिनांक 15.09.2014 द्वारा हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । م 2107 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार देवरी द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र अभिलेखित अधिकारों का खसराबार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

(अ) व्यक्तिगत अधिकार:- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं हैं । (ब) सामुदायिक अधिकार:- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं हैं । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ- 25-43-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-25-43-2016- दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 10th June 2016

No.F - 25-43/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) the state Government are pleased to Declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forest shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the state Government form time to time. This Proposed Protected Forest Block Moriya lies between North Latitude N 23 ° 14 01.9" to N 23º 14 21.5" North Latitude and East Longitude E 79 ° 04 ' 01.5 " to E 79 ° 04 ' 38.0 " East Longitude .

[भाग 1 2108

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

SCHEDULE

Tehsil- Deori District- Sagar

Range- Deori Forest Division-South Sagar (territorial)

+

Forest Block Boundaries Details of land Included

S. N

Area inHe .

Khasra No.

Present head of land

Name of Proposed Forest Block

Name of Village

28.900

275/4

1

Moriya

Moriya

276/4

Chhota Ghas,

275/5

Charnoi

North - Proposed Protected Forest Block Pillar No. 28 to 7 0.950 Artificial Forest Boundry

276/5

Govt. land

East Proposed Protected Forest Block Pillar No. 07 to 12 Artificial Forest Boundry

South- Proposed Protected Forest Block Pillar No.12 to 21 Artificial Forest Boundry

West- Proposed Protected Forest Block Pillar No.21 to 28 Artificial ForestBoundry

TOTAL 29.850

(A) Reason for publication of Notification : -

In accordance with the condition laid down in the Ministry of Environment and forest,Govt . of India's order no . 6- mpc069/2013- BHO /455 Bhopal dated 20.05.2015 & DFO South Sagar Letter No./2253 Dt . 14.07.2014 in lieu of 29.850 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Surajpura Medium Project and Jolanpur Irrigation Project of Executive Engineer Water Resource Division No. 1 sagar M.P. the above mentioned non forest land of 29.850 Hectare transferred or muted in favour of mp Government, Forest Department by Collector Sagar order no . 12 and 40A/19 ( 3 ) 2012-13 Sagar Dated 15-09-2014 for the purpose of compensatory afforestation .

(B) The Khasara wise details of recored rights on the above land as per Certificate of Tehsildar Deori are as under.

(a) Rights of individuals : - Above Mentioned Land Does Not Have any individuals Rights

( b) Rights of communities : - Above Mentioned Land Does Not Have any communities Rights

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secу.

2109 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

क्रमांक एफ-25-44/2016/10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद् द्वारा , उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई भूमि पर लागू होने की घोषणा, इस शर्त के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार , जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर रूप भेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगें । यह वनखण्ड से छ 23 ° 58' 48.0" से छ 23° 59' 57.5 " उत्तर अक्षांश तथा E 78° 43 ' 46.5 " से E 78°. 44' 23.5 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

अनुसूची

जिला - सागर

तहसील - सागर

वन परिक्षेत्र - उत्तर सागर

वन मंडल - उत्तर सागर (सा. )

वनखण्ड की भूमि का विवरण

वनखण्ड की सीमाएं अनु.

क.

ग्राम का नाम

प्रस्तावित वनखण्ड का नाम

खसरा कमांक

क्षेत्रफल (हेक्टेयर)

भूमि का वर्तमान मद

..

2

3

1

7

4

5.

6.

1 मढैया गौड़ मढ्या गौड़

उत्तर :- आर.एफ. 377 का मुनारा कमांक 478 से 471 तक की वन सीमा ।

367/5, 367/4 319/1

20.00 10.81 14.19

छोटा घांस, चरनोई

पूर्व:- आर.एफ. 377 का मुनारा कमांक 471 से आर.एफ. 376 का मुनारा कमांक 466 तक की वन सीमा ।

दक्षिण:- आर.एफ. 376 का मुनारा कमांक 466 से नया मुनारा कमांक 6 तक की कृत्रिम सीमा ।

पश्चिम:- मुनारा क्रमांक 6 से आर.एफ. 377 के

मुनारा क्रमांक 478 तक की कृत्रिम सीमा ।

45.00

Total:-

अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-

1 ) पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश कमांक 6 - एम.पी.सी.032 / 2013- बी.एच.ओ ./1036 दिनांक 19.05.2014 , 6- एम.पी.सी.056/ 2012-बी.एच.ओ./ 1066 दिनांक 23.05.2014 , 6- एम.पी.सी. 027/2013- बी.एच.ओ ./ 1456 दिनांक 20.08.2014, व.म.अ. दक्षिण सागर की स्वीकृति का पत्र कमांक / 290 दिनांक 28.01.2014 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक-1 सागर की स्वीकृत परियोजना जलंधर, कंजेला, तोड़ा, खजुरिया जलाशय में प्रभावित 44,502 हेक्टेयर वनभूमि की एवज में प्राप्त कुल 45.00 हेक्टेयर गैरवनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 45.00 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश कमांक 713/19 (3) वर्ष 2011-12 दिनांक 23.08.2013 एवं 733/19 (3) वर्ष 2011-12 आदेश दिनांक 31.12.2013 से हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण संरक्षित वन घोषित किया जाना है । [भाग 1 2110

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश कमांक 713/19 (3) वर्ष 2011-12 दिनांक 23.08.2013 एवं 733/19 (3 ) वर्ष 2011-12 आदेश दिनांक 31.12.2013 द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

(अ) व्यक्तिगत अधिकार उक्त भूमि पर व्यक्तिगत अधिकार निरंक है ।

(ब ) सामुदायिक अधिकार:- उक्त भूमि पर सामुदायिक अधिकारी निरंक है ।

जाता है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया

मध्यप्रदेश के राज्यपोल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ- 25-44-2016- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-44-2016 - दस 3, दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 10th June 2016

No. F - 25-44/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act . , 1927 (XVI of 1927 ), the State Government hereby declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the land , specified in the schedule below, subject to the condition that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner, except in so for as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between N 23 ° 58' 48.0 " to N 23 ° 59 ' 57.5 " North Latitude and E 78° 43 ' 46.5 " to E 78° 44' 23.5 " East Longitude .

भाग 1 ]

2111

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

District - Sagar

Forest Division - North Sagar (T) S. N.

SCHEDULE

Tahsil - Sagar

Forest Range - North Sagar

Details of Land Included

Name of Village

Name of Propose dForest Block

Present head of land 1

4 1

Chhota Ghas , 2 Madhiya Gound

3 Madhiya Gound

Charnoi

Total:-

Reason for Publication of Notification : -

Forest Block Boundaries Khasra No.

Area (Hectare)

5

6

7

367/5,

20.00

367/4

10.81

North: Forest Boundary of RF 377 Pillar No. 478 to 471 .

319/1

14.19

East: Forest Boundary of RF 377 Pillar No. 471 to RF . 376 Pillar No. 466..

South: Articifical Forest Boundary ofRF 376 Pillar No. 466 to 6 .

45.00

West : Articifical Forest Boundary ofPillar No. 6 to 478 RF 377 .

1) In accorcance with the condition laid down in the Ministry of Emnvironment and Forest Govt . of India's order . No. 6-MPC032/2013 -BHO/ 1031 Dated 19-05-2014 ,6- MPC056/ 2012 - BHO/ 1066 Dated 23-05- 2014, 6-MPC027/2013 -BHO / 1456 Dated 20-08-2014 ; DFO South Sagar Approved Let . No. 290 Dated 28- 01-2014 and in lieu of 44.502 hactare of affected forest land order the sanctioned project of Jalandhar , Kanjala , Toda, Khajuria Tank of E.E.W.R.D. No. 1 Sagar of the above mentioned Non Forest Land of45.00 hectare transfered of muted in favour of M.P. Govt . , Forest Department by order No 71A/ 19 (3 ) Year 2011- 12 Dated 23-08-2013 and 71A/ 19 (3 ) Year 2011-12 Date 31-12-2013- of Revunue Collector Sagar for the purpose of compensatory afforestation is to be declared as protected forest .

2) The Khasra wise details of recorded rights on the above land as per report No. 71A/ 19(3 ) Year 201112 Dated 23-08-2013 and 71A/ 19 (3 ) Year 2011-12 Date 31-12-2013 of Revenue Collector are as under.

(A) Rights of Individuals : - There are not rights of individuals

(B) Rights of Communities : - There are not rights of communities .

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy .

[भाग 1 2112

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

कमांक एफ- 25-49/ 2016/10-3 : भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एतद् द्वारा, उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई भूमि पर लागू होने की घोषणा, इस शर्त के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार, जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर रूप भेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगें । यह वनखण्ड से N 23 ° 53 ' 26.5 " से N 23 ° 53' 33.5 " उत्तर अक्षांश तथा E 78 ° 42' 10.0" से E 78 ° 42' 19.0 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।

अनुसूची

तहसील सागर

जिला सागर

वन परिक्षेत्र उत्तर सागर वन मंडल उत्तर सागर (सा. )

वनखण्ड की सीमाएं वनखण्ड की भूमि का विवरण

अनु. क.

ग्राम का नाम

खसरा कमांक

क्षेत्रफल (हेक्टेयर)

प्रस्तावित वनखण्ड का नाम

भूमि का वर्तमान मद

7

6

5

4

3

2

1

पगारा

पगारा

1

1.411 1.624

567/2 , 568/2

छोटा घांस,

उत्तर :- आर.एफ. 366 का मुनारा कमांक 90 से नया मुनारा कमांक 1 तक की वन सीमा ।

पूर्व:- नया मुनारा कक्रमांक 1 से 2 तक की कृत्रिम वन सीमा ।

दक्षिण:- नया मुनारा क्रमांक 2 से आर.एफ 366 का मुनारा क्रमांक 93 तक की कृत्रिम वन सीमा । पश्चिम:- आर.एफ. 366 का मुनारा कमांक 93 से मुनारा क्रमांक 90 तक की वन सीमा ।

3.035

Total: -

अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-

दिनांक 15. 1) पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश कमांक 6- एम.पी.बी 100/ 2007-बी.एच.ओ ./

01.2009 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 सागर की स्वीकृत परियोजना. पगारा जलाशय निर्माण में प्रभावित 2.45 हेक्टेयर वनभूमि की एवज में प्राप्त कुल 3.035 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 3.035 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश क्रमांक / रि.क्ले./ 88 / 3966 दिनांक 19/20 अप्रैल 1988 से हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण संरक्षित वन घोषित किया जाना है । 2113

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

2) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश क्रमांक / रि. क्ले / 88 /3966 दिनांक 19/20 अप्रैल 1988 द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-

(अ ) व्यक्तिगत अधिकार:- उक्त भूमि पर व्यक्तिगत अधिकार निरंक है ।

(ब) सामुदायिक अधिकार:- उक्त भूमि पर सामुदायिक अधिकारी निरंक है ।

है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

भोपाल , दिनांक 10 जून 2016

एफ- 25-49-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-49-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.

Bhopal , the 10th June 2016

No.F- 25-49/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act. , 1927 (XVI of 1927 ) , the State Government hereby declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the land , specified in the schedule below, subject to the condition that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner , except in so for as they may be modified by the State Government from time to time. This Forest Block lies between N 23 ° 53' 26.5 " to N 23 ° 53 ' 33.5 " North Latitude and E 78 ° 42' 10.0 " to E 78 ° 42' 19.0 " East Longitude.

2114

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

SCHEDULE

District - Sagar

Tahsil - Sagar

Forest Range - North Sagar Forest Division - North Sagar (T)

Details of Land Included

Forest Block Boundaries S. N.

Khasra No.

Name of Village

Area (Hectare)

Name of Propose d Forest Block

Present head of land

7

3

1

2

4

5

6

567/2

1

1.411

Pagara Pagara Choota Ghas

568/2

1.624

Pillar No. 90 to New Pillar No. 1 . North: Forest Boundary Line of RF 366

East: - Artifical Forest Boundary Line of New Pillar No. 1 to 2 .

South : New Pillar No. 2 to Forest Boundary Line of RF 366 Pillar No. 93 .

West: Forest Boundary Line of RF 366 Pillar No. 93 to 90 .

Total : -

3.035

Reason for Publicationtof Notification : -

1) In accorcance with the condition laid down in the Ministry of Emnvironment and Forest Govt . ofIndia's order No. 6 - MPB100/2007 - ВНO/ 155 Dated 15-01-2009 and in lieu of 3.035 hactare of affected forest land order the sanctioned project of Pagara Tank of E.E.W.R.D. No. 1 Sagar of the above mentioned Non Forest Land of 3.035 hectare transfered of muted in favour of M.P. Govt. , Forest Department by order No /Rev.Coll/88/3966 Dated 19/20 April 1988 of Revunue Collector Sagar for the purpose of compensatory afforestation is to be declared as protected forest . برا

2) The Khasra wise details of recorded rights on the above land as per report No /Rev.Coll../88/3966 Dated 19/20 April 1988 of Revenue Collector are as under .

(A) Rights of Individuals : - There are not rights of individuals

(B) Rights of Communities : - There are not rights of communities .

Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .

By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,

RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.

2115

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

कार्यालय, कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

बड़वानी, दिनांक 30 अप्रैल 2016

क्र. 1982 - भू- अर्जन- 2016-प्र.क्र. 19ए- 20-15-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया हैं, कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में ग्राम बजट्टा खुर्द प.ह.नं. 20 , तहसील बड़वानी जिला बड़वानी में इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की तलुन वितरण शाखा एवं उसकी उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है.

अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्र. 30 सन् 2013) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-

अनुसूची (1 )

ग्राम: बजट्टा खुर्द , तहसील - बड़वानी

विवरण

स. क्र.

अर्जित रकबा ( हेक्टेयर)

कुल रकबा ( हेक्टेयर )

असिंचित

सिंचित

(4)

(3)

(2)

(1)

3.809

असिंचित

सिंचित

पड़त कुल पड़त

(10)

(8) (9)

(7)

कुल (6)

(5)

0.100 0.255 2.950 2.595

10.566 37.810

23.435

बजट्टा खुर्द

1 ग्राम :

अनुसूची (2)

ग्राम : बजट्टा खुर्द प.ह.नं. 20 , तहसील- बड़वानी के इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की तलुन वितरण शाखा एवं उसकी उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु आवश्यक वर्णित भूमि जो आवश्यक हैः

खसरा नंबर स. क्र. कृषक का नाम

(3) (2)

(1)

अर्जित भूमि ( हेक्टेयर )

कुल भूमि

असिंचित

सिंचित

कुल

पड़त

का रकबा

(हेक्टेयर)

(8)

(6) (7)

(5)

(4)

ग्राम- बजट्टा खुर्द

1 विजय पिता रूखडु जाति सिर्वी 14/2/2क 17/2/2क लोनसरा खुर्द.

0.040 0.040

1.182 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2116

अर्जित भूमि (हेक्टेयर )

खसरा नंबर

कृषक का नाम

स. 오.

कुल

असिंचित पड़त

सिंचित

कुल भूमि का रकबा (हेक्टेयर)

0.015

0.015

0.749

15/3,

16/1.

ललीताबाई पति मनोहर सिंह 2 जाति ठाकुर निवासी बडवानी

0.020

0.020

0.226

16/3

15/4

0.100

0.100

0.279

16/55

3

लुणा नानुराम शाताबाई ग्यारूबाई पिता मगा गंगाबाई बेवा मंगा जाति भारूड पता निवासी ग्राम लोनसरा बुजुर्ग भूमि स्वामी

0.198

0.198 0.198

17/7

4

0.032

0.032

0.032

19/4

धन्नालौल , उमलाबाई , तारूबाई, मीराबाई , गोरीबाई पिता बाबु, जाति भारूड़, निवासी- लोनसरा खुर्द

20/2

20/3,

0.250

0.250

2.347

39/1

5

अरूण , राधिका पिता नरेश जमनाबाई बेवा नरेश मीरादेवी बेवा ऊकार जाति जाट पता नि. ग्राम बजटाखुर्द भूमि स्वामी

0.200

0.010

20/137

39/2

0.190

1.619

6

पन्नालाल पिता गोपाल जाति सिर्वी पता निवासी ग्राम लोनसरा खुर्द

21/2

0.835

0.835

20.679

7 •

22/2,

23/2,

}

28

जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविधालय जबलपुर द्वारा धारित कृषि विज्ञान केन्द्र पता निवासी ग्राम बजट्टा खुर्द '

0.270

0.270

3.303

30

8

भानूप्रताप पिता ऊँकार गिताबाई पिता सातन जाति जाट पता निवासी ग्राम बजट्टा खुर्द भूमि स्वामी

0.250

31/17

31/25

0.250

2.263

9

बसतीलाल पिता गोपाल, जाति जाट, पता नि. ग्राम तलुनबुजुर्ग भूमि स्वामी

0.070

0.070

0.101

10

0.170

0.170

0.809

40/1

11

कृष्णा पिता नानुराम , जाति भारूड़ , निवासी- तलुन बुजुर्ग महेन्द्र पिता नत्थु, जाति सुतार पता निवासी ग्राम तलुन बुजुर्ग भूमिस्वामी

निरन्तर..

2117

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अर्जित भूमि (हेक्टेयर)

खसरा नंबर

कृषक का नाम

स. कं

40/2 12

बिना बाई बेवा नत्थु, जाति सुतार, पता सा तलुन बुजुर्ग भूमि स्वामी

40/3 13

राधेश्याम पिता नत्थु जाति सुतार , पता सा तलुन बुजुर्ग भूमि स्वामी

40/4 14

अनिल पिता नत्थु, जाति सुतार, पता सा तलुन बुजुर्ग भूमि स्वामी

41 15

पन्नाताल पिता घीसा , जाति सिवी, पता निवासी ग्राम लोनसरा खुर्द भूमि स्वामी

योग

कुल

पड़त

असिंचित

सिंचित

कुल भूमि का रकबा (हेक्टेयर)

0.040 0.040

0.405

0.220 0.220

0.729

0.200

0.200

0.728

0.040

0.010

0.030

2.161

2.950

0.255

2.595 0.100

37.810

नोटः- 1. भूमि के नक्शे (प्लान) का अवलोकन भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी, एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा घाटी विकास संभाग क्रमांक-11 बड़वानी के कार्यालय के कार्यालीन समय में किया जा सकता है ।

2. कोई भी व्यक्ति अधिसूचना की प्रकाशन के तारीख से उक्त अधिनियम के अधीन कार्यवाहीयों के पूरा हो जाने के समय प्रारंभिक अधिसूचना के विनिर्दिष्ट भूमि का कलेक्टर (भू- अर्जन ) बड़वानी की अनुमति के बिना कोई संव्यवहार नही करेगा/ कराएगा अथवा ऐसी भूमि पर कोई विल्लगंम सृजित नही करेगा ।

3. सिचाई परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण का पर्यावरणीय समाघात का अध्ययन किया गया है अतः धारा -6 की उपधारा 2 ' क' के अनुसार सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित करने की आवश्यकता नही है । 4. भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक-30 सन् 2013 ) की धारा-10 के प्रावधान भी सिचाई परियोजना होने के कारण लागू नही होंगे ।

5. इस प्रारंभिक अधिसूचना वर्णित भूमि के क्षेत्र उपयुक्तता एवं औचित्य के संबंध में हितबद्व व्यक्ति धारा-15 (1 ) के अधीन 60 दिवस के भीतर भू -अर्जन अधिकारी के कार्यालय में आक्षेप प्रस्तुत कर सकते है ।

6. समुचित सरकार की वेबसाईट www.barwani.nic.in पर भी अपलोड किया गया है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2118

बड़वानी, दिनांक 23 मई 2016

क- 2424- भू-अर्जन- 2016-

प्रकरण क्रमांक 221-82/15-16 चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसुची क्रमांक 1 ग्राम काकरिया, तहसील ठीकरी के इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की कुआ वितरण शाखा एवं उसकी उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु आवश्यक वर्णित भुमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांक वार विवरण अनुसूची 2 में उल्लेखित है ।

अतः भूगि अर्जन पूनर्वसान और पुनर्व्यवस्थापन में अचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है, कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमिकी अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।

// अनुसूची (1)//

ग्राम:- काकरिया

तहसील:- ठीकरी

अर्जित रकबा (हेक्टयर)

कुल रकबा (हेक्टयर)

विवरण

स.क्र.

असिंचित

सिंचित

4

3

2

1

21.587

30.532

ग्राम:- काकरिया

1

असिंचित

सिंचित

पड़त

कुल 10

पड़त 9

8

7

कुल 6

5

22.445

1.014

11.744

9.687

53.304

1.185

// अनुसूची (2)//

ग्राम काकरिया, तहसील - ठीकरी के इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की कुआ वितरण शाखा एवं उसकी उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु आवश्यक वर्णित भूमि जो आवश्यक है ।

कृषक का नाम

स. क्र.

2

1

1 कनीबाई पति रूधनाथ भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी

2 शंकर पिता भुरला भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी

अर्जित रकबा (हेक्टयर) खसरा नंबर

कुल

पड़त

असिंचित

सिंचित

कुल भूमि का रकबा (हेक्टयर)

8

7

6

5

4

3

0.430

0.030

0.300

0.100

1.085

45/1/5

0.380

0.050

0.330

1.275

45/1/3

0.760

0.007

0.753

0.932

45/1/2/2

3 राधुबाई पति धना भीलाला नि.ग्राम भू- स्वामी 4 सईदाबाई पति भुवान भीलाला नि.ग्राम भू -स्वामी

0.285

0.100

0.185

1.112

45/1/4

0.166

0.166

0.166

159/1/2/क

5 भंगड़ा पिता भिल्या भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी

159/2 /1 /क

161/5/

0.110

0.110

0.300

158/1/6/ क

0.140

0.140

0.217

158/1/6/ख

6

0.190

0.190

0.190

159/1/2/ख

दितया पिता भील्यां जाति भीलाल नि.ग्राम भू-स्वामी

159/2/1 /ख

161/5/ख भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

158/1/ 6 /

159/1 /2 /ग

7 | विश्राम पिता भिल्या भीलाला, 'नि. ग्राम भू- स्वामी

159/2/1 / ग

161/5/

159/1/3

159/2/2

8 गोविन्द बुदन पिता जामसिंह भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी

160

161/6

158/1/7/क/3

9

128/2,

10

130/1/1

158/1/8

रेगसिंग पिता रूपसिंग भीलाला सा.देह भू स्वामी छगन, जगन, गजेन्द्र , शोभाराम, लिलाबाई, 'सुमनबाई, रायकुबाई, लाडकीबाई पिता बुटिया, सोनाबाई बेवा बुटिया, भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी

158/1/5

161/12

11

215/4

विश्राग पिता रायसिंग भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी

165/1/1/1

12

165/1/1/2

कोलु पिता पिल्ला गीलाला नि.ग्राग भू स्वागी सीताराम पिता पिल्ला भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी

165/1/1/3

14 प्रताप पिता पिल्ला भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी

165/1/2

15 छगन पिता फाटला भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 16

165/2/1

रुगनाथ पिता फाटला गीलाला नि.ग्राम भूस्वामी

17

165/2/2/1

विश्राम पिता भावला, भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी

18

165/2/2/2

नारायण पिता भावला, भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी

165/2/2/3

19 शंकर पिता गावला, भीलाला निग्राग भू स्वागी

166/7

हीरा, पिता गंगल्या भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 20

166/9/6

175/1/4

166/8/1

21 बदिया पिता दितु भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी

168/2/3

175/1/1

175/1/3

22 फुलसिंग पिता दितु भीलाला नि.ग्राम गू स्वागी 23 केरिया पिता दलसिंग भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 24 लक्ष्गीबाई पति फूलसिंग भीलाला नि.ग्राग भू खागी

2119

0.180

0.180

0.242

0.288

0.288

0.288

0.150

0.150

1.214

0.101

0.101

0.101

0.360

0.360

0.809

0.510

0.510

0.837

0.005 0.005

0.518

0.010

0.010

0.065

0.040 0.040

0.096

0.077

0.002

0.075

0.122

0.076 0.076

0.121.

0.077 0.077

0.121

0.253 0.253

0.368

0.280 0.280

0.352

0.090 0.090

0.119

0.090 0:090

0.119

0.090 0.090

0.118

0.380

0.380

0.906

0.030

0.030

0.239

0.171

0.1:00

0.071

0.171

0.150 0.150

0.486

0.005

0.005

0.073

0.170 0.170

0.170

0.219

0.219

0.219

0.190

0.006

0.184

0.346

166/8/2

0.175 0.175

0.344

166/10/2

0.010

0.010

0.049

168/2/4

0.101

0.101

0.101

175/1/2

0.121 0.121

0.121

166/9/4

0.182. 0.182

0.344

166/10/1

0.235 0.235

0.235

166/9/5 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2120

166/11

168/2/5

25 दारक्या पिता छीपु भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी

176/1

175/1/5

26

167/3/1

गीताबाई बेवा नूरेसिंह भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी

167/3/2

27 | सुरत्या पिता बिसन भालाला नियाग भू स्वामा

130/3/1

132/1

167/3/3

28 हीरा पिता केशरिया भीलाला निःग्राम गू स्वामी

0.386

0.186

0.200

0.744

0.140

0.140

0.372

0.780 0.780

1.473

0.615

0.307

0.308

0.765

0.060

0.060

0.060

0.060

0.060

0.060

0.035

0.035

0.663

0.060

0.060

0.060

0.034

0.034

0.034

167/3/4

0.020, 0.020

0.170

218/1/4/3

29 रायसिंग पिता गुरेसिंग भीलाला नि.ग्राग भू-स्वामी

0.102

0.102

0.102

218/1/9/3

167/4/1

30 माधव पिता रायसिंग जाति भीलाला निःग्राम

168/3/1

110/1

119/6

0.075

0.075

0.097

0.101

0.101

0.101

0.030 0.030

0.190

218/1/8//1

31

0.050 0.050

0.050

167/4/4/1

रमेश पिता दशरथ भीलाला भूस्वामी निःग्राग

168/3/4/1

218/7/4

रेसिंग पिता रतन भीलाला निग्राग भू स्वागी 32

213/3

215/1/1

167/4/2

168/3/2

167/4/3

33 जलाल पिता रूमाल भीलाला निःग्राग भू स्वागी

168/3/3

0.010 0.010

0.103

0.300 0.300

0.870

0.130

0.130

0.195

0.075

0.075

0.101

0.075

0.075

0.097

0.047

0.047

0.047

167/4/4/2

34 गुकेश पिता दशरथ भीलाला निःग्राग भू स्वागी

167/3/4/2

35

167/4/5

168/3/5

शेरु पिता छोट्या, जगदिश , संतोष, जितेन्द्र पिता हंसराज, केसरबाई बेवा हंसराज, ओंकार पिता मोहन, शाहाबाई बेवा भोहन, गुवान पिता छोट्या भीलाला नि.ग्राग भू-स्वागी

167/4/6

36

168/3/6

फुलसिंग पिता दरियाव भीलाला निग्राम भूस्वागी

0.075

0.075

0.097

0.075

0.075

0.097

0.105

0.105

0.126

218/1/8/9/3

37

146/15

रेवाराम पिता भालसिंग , भीलाला नि.ग्राग भूवागी

38

230/7

सुकलाल पिता आपसिंग भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी

39 ऐरांग रूखडिया दितला पिता खुमसिंग बुंदीबाई बेवा खुमसिंग भीलाला नि.ग्राम भू स्वागी

230/11

0.020

0.020

0.190

0.020 -0.020

0.073

0.040 0.040

0.215 भाग 1 ]

40 ग्यारसीबाई पत्नी मालसिंग भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी

41 रामसिंग पिता गोटिया भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी

42 धुलीबाई बेवा शेरसिंह भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी

43 जुवानसिंग गगन जगन भगा पिता बद्द्या गडीबाई बेवा बद्या भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी

44 पिडिया, दरबार पिता छगन, सकरीबाई बेवा छगन, नानुराम, बाथु, दगडिया, जालमसिं, भुवान पिता गटल्या भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी 45 साहबाई बेवा मोहन ऊँकार पिता गोहन गीलाला निःग्राग भू खागी

46 केसरबाई बेवा हंसराद भीलाला नि.ग्राम भू स्वामी 47 ध्यानसिंग पिता गुरेसिंग भीलाला निःग्राम भू स्वागी

48 ठाकुर पिता केशरिया भीलाला निःग्राम भूस्वामी

49 रूकगाबाई बेवा बाला भीलाला निःग्राग भूस्वामी

50 मेहताब पिता दरियाव भीलाला नि.ग्राग भूस्वागी

51 बंशीलाल पिता रखन गीलाला नि.ग्राम भूस्वामी

52 जयराम पिता रायसिंग गीलाला नि.ग्राग भू स्वागी

53 सद् पिता रायसिंग भीलाला नि.ग्राम भू स्वागी 54 गीरा बेवा बावल्या भीलाला नि.ग्राम भू रखागी 55 विश्राम पिता शेतरिया नि.ग्राम भू-स्वामी 56 गाध्या पिता लटिया भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी

57 बुदन पिता लटिया गीलाला नि.ग्राग भूस्वामी 58 रेवाराग पिता शेरू भीलाला नि.ग्राग भू स्वानी दौलत पिता शेरू भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी 59

60 विश्राग पिता गालसिंग भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी 61 शिवराम पिता गंगाराम भीलाला निग्राम भूस्वामी

2121

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

0.050

0.050

0.121

230/10

0.050

0.050

0.467

230/12

0.090

0.090

0.170

218/1/4/4

0.150

0.150

0.150

130/3/3

132/3

0.500

0.500

0.765

218/1/5/1

0.372

0.080

0.765 0.292

218/1/5/2

0.110

0.055 0.055 0.110

218/1/10/1

0.109

0.109

0.109

117

0.160

0.160

0.263

116/2

0.005

0.005

0.069

218/1/6/9/3

0,112 0.112 0.112

215/3/2

0.103

0.103

0.103

218/1/9/2

0.180

0.180

0.240

218/1/9/1

0.060

0.060

0.127

218/1/8/9/1

0.050

0.050

0.127

218/1 /8 /ख/ 2

0.030

0.030

0.103

218/7/3

0.090

0.090

0.166

215/1/2

:

0.389

0.389

0.389

119/5

0.072

0.036

0.036

0.072

218/15

0.10.1

0.101

0.101

119/4

0.102

0.102

0.203

218/14

0.121

0.121

0.121

216/1/1

0.030

0.030

0.122

216/1/2

0.110

0.110

0.160

216/2/1

0.055

0.055

0.290

216/2/2

0.055

0.055

0.055

215/3/1/1

0.056

0.056

0.056

215/3/1/2

0.041

0.041

0.190

146/14

0.300

0.300

0.526

190/1

0.090

0.090

0.131

146/2/1

146/3/1 2122

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

190/2

62 शेरू पिता छोटया भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी

188

146/5

63 प्यारसिंग पिता भुवान सिंग भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी

146/4

64

195/2

जुवानसिंग पिता फकीरा भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी

146/11

65|

195/2/1

भीलु पिता फकारी पिता फकारा, माলালা ।শ.সাশ भू स्वागी

146/16

146/12

66

195/2/2

गगन पिता पिता फकीरा, भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी

146/2/3

रादु पिता गंगाराम गीलाला नि.ग्राम भू स्वामी 67

146/3/3

146/2/2

68

146/3/2

कालु पिता गंगाराम भीलाला नि.ग्राग भूस्वागी

195/1/3

69 झुमरीबाई पति नरसिह जाति भीलाला नि.ग्राम भू स्वागी

70

145/2/2

तेरसिंग पिता लालसिंग भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी

71

158/1/7/५

तेरसिंग पिता बिसन भीलाला नि.ग्राम भूस्वागी

72

130/5

सुरपाल पिता जागसिंग भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी

133

73 हरलाल पिता गंगा भीलाला नि.ग्राम भू स्वामी

130/3/4

74

132/4

ध्यानसिंग पिता भुरेसिंग भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी

130/3/2

75

132/2

गीनाबाई बेवा गुरेसिंग भीलाला निःग्राम भूस्वागी

131

76 टेडा पिता मोहन वेचान पिता गगला डोगरिया पिता सुमला भीलाला नि.ग्रागं भू स्वागी

126/6

77 पर्वत पिता देववन्द बलाई नि.ग्राम भू स्वामी

126/4

126/7

78

126/1

मांगीलाल पिता देवबंद बलाई नि.ग्राम भू-स्वागी

79

126/5

आशाराम पिता देववन्द बलाई नि.ग्राम भूस्वामी

126/3

80 शोभाराम पिता कोरजी, मनोहर, मुकेश पिता हरचन, सुगनबाई, कंचनबाई पिता हरवन बलाई नि.ग्राग

81

काशीराम पिता गोपाल बलाई नि.ग्राम भूस्वागी

82 भुवानसिंग पिता सतीया भीलाला निःग्राम भूस्वामी

[भाग 1

0.005 0.005

0.546

0.150

0.150

0.324

0.450 0.450

1.215

0.180

0.180

0.360

0.060

0.060

0.282

0.020

0.020

0.190

0.060

0.060

0.282

0.150

0.150

0.331

0.131

0.131

0.131

0.040

0.040

0.409

0.420

0.420

0.809

0.113

0.113

0.113

0.350

0.175

0.175

0.409

0.170

0.170

0.304

0.100

0.100

0.170.

0.100

0.100

0.150

0.230

0.030

0.200

0.514

0.049

0.049

0.049

0.030

0.030

0.063

0.024

0.024

0.024

0.020

0.020

0.073

0.056

0.056

0.056

0.050

0.050

0.235

0.075

0.075

0.320

115/1

0.279

0.009

0.270

0.279

126/2

0.162

0.162

0.162

119/2

0.180

0.180

0.610

128/5 2123

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

83| मांगीलाल , मोतलवाई, नीलाबाई पिता गणपत कैलाश , रवि, कोमल , अनिता पिता दुलीचन्द, कुसुमबाई बेवा दुलीचन्द बलाई , नि. ग्राम भू- स्वामी

84 रुखाडेया पिता धनसिंग भीलाला निःग्राग भूस्वामी

85 मदन पिता फकीरा, भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 86 नारायण पिता बंशीलाल गीलाला गीलाला निःग्राम भूस्वागी

87

शिवराग पिंता बंशीलाल गीलाला गीलाला नि.ग्राग भू-स्वामी

88 अगोबाई पति नारायण भीलाला भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी

कंगूबाई पति मेहताब गीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 89

दशरथ पिता धना गीलाला नि.ग्राग भू स्वागी 90

91 नहारसिंग पिता मोत्या भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी

92 गानबाई पति फुलसिंग भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी

93 तेजलबाई पति गगल्या भीलाला नि.ग्राम भूस्वागी

94 नवलसिंह, दौलतसिंह, रामसिंह, रघुनाथ, परमानन्द, रानुबाई, सुंदरबाई, गेंदाबाई पिता हावडा गीलाला नि.ग्राम भूस्वागी

श्याणीबाई बेवा गंगत्या, बोंदर, कैलाश पिता छगन, रड़वी पिता भीगा, बावरिया पिता रागा, रागा, कोल्या पिता उमराव शिपु पिता मदन, कालु, मांगीलाल पिता मुनस्या भीलाला नि.ग्राम भूखागी

96 मोहन पिता सुकल्या गीलाला नि.ग्राम भूखागी

97 शान्तीलाल पिता सुकल्या गीलाला नि.ग्राम भूस्वागी

0.081

0.081

0.081

120

0.020

0.020

0.020

118

0.299

0.099

0.200

0.299

121

0.110

0.110

0.344

111/3

119/3

0.075

0.075

0.282

146/13

195/2/3

0.018

0.018

0.190

146/17

0.125

0.125

0.267

92/1/1

0.010

0.010

0.267

92/1/2

0.364

0.064

0.300

0.364

92/2/1

0.085

0.085

0.178

94/1

0.030 0.030 0.030

92/2/3

0.050

0.050

0.064

92/2/2

0.110

0.110

0.126

88/1

0.015

0.015

0.089

92/3

0.032

0.032

0.032

88/2

0.190

0.190

0.303

87/1

0.170

0.170

0.304

87/2

0.300

0.300

0.384

1/4

5/2

7/2

0.020

0.020

0.809

86

0.140

0.140

1.295

3/3

6

0.081

0.081

0.226

1/3/1

4/1/1

5/1/1

0.085

0.085

0.233

1/3/2

4/2/2

5/1/2 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2124

1/2

3/2

7/3 98 धनसिंह पिता अगरसिंह हिरला माग्या कास्या मडया असल्या पिता गापत सुकाबाई बेवा गणपत बनाबाई अनीबाई कनीबाई पिता गणपत, नि. काकरीया रूपसंग गुलाबसिह गजानन्द जगन्नाथ चम्पाबाई कसरबाई पिता भावसिंग बंशीबाई बेवा भावसिंग नि. बलगॉव भीलाला नि.ग्राग भू-स्वामी

45/1/1

99 बालीबाई पति पुना भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी

45/4

100 सायरीबाई पति जुवानसिंग भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी

45/3

101 मडीबाई पति बदिया भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी

45/2

102 जुवानसिंग पिता वेसु भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी

103

44/28

थावलीबाई पति रेमंसिंग भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी

44/27

104

44/3

रूधनाथ पिता मुनस्या भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी

44/26

मंगन पिता मुनस्या भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी 105

44/1

106 मांगीलाल पिता मुनस्या भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी

107

44/12

ध्यानसिंग पिता दवला भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी

108

44/2

जगन्नाथ पिता गुनस्या भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी

0.300

0.300

0.510

0.273

0.003

0.270

0:910

0.121

0.121

1.499

0.142

0.142

1.455

0.150

0.150

1.359

0.025

0.025

0.486

0.020

0.020

0.500

0.010

0.010

0.190

0.020

0.020

0.500

0.010

0.010

0.160

0.049

0.049

0.160

0.018

0.018

0.200

0.010

0.010

0.100

0.390 0.390

0.680

17 / 1/1/1/1 / ख / 1 /1

मंगल्या पिता धना भीलाला नि.ग्राम भू- स्वामी 109

40/8

110 मांगीलाल पिता बिलमण भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी

111 सीताबाई पति मांगीलाल भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी योग नोट:-

0.263 0.263

0.607

16/5

0.040 0.040

1.165

16/1

22.445

1.014

11.744

9.687

53.304

1. भूमि के नक्शे (प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना नहरें बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्र.-14, ठीकरी , जिला-बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है ।

2. कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से उक्त अधिनियम के अधीन कार्यवाहीयों के पूर्ण हो जाने के समय प्रारंभिक अधिसूचना के विनिर्दिष्ट भूगि का कलेक्टर (भू-अर्जन ) बड़वानी की अनुमति के बिना कोई संव्यवहार नहीं करेगा/ करायेगा अथवा ऐसी भूमि पर कोई विल्लगंम सृजित नहीं करेगा । 3. सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण का पर्यावरणीय समाघात का अध्ययन किया गया है अतः धारा-6 की उप धारा-2 'क' के अनुसार सामाजिक सगाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित करने की आवश्यकता नहीं है । 2125

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

4' भूमि अर्जन पुर्णवरा और पुर्नव्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013) की घास 10 के प्रथियान भी सिंचाई परियोजना होने के कारण लागू नहीं होगें ।

5.. इस प्रारम्भिक वसूचना वर्णित भूमि के क्षेत्र उपयुक्तता एवं औचित्य के संबंध में हितबद्ध व्यक्ति धारा 15 (1 ) के अधीन 60 दिवस के भीतरू अर्जन अधिकारी के कार्यालय में आक्षेप प्रस्तुत कर सकता है ।

6. समुमित सरकार की वेबसाईट www.barwani.nic.in पर भी अपलोड किया गया है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजयसिंह गंगवार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खरगोन , दिनांक 6 जून 2016

क्र 359- भू-अर्जन-16.-चूंकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची-(1)

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

p

कमाक

खसरा न ०

रकबा (हे० में) 1

2

3 1

215/1

0.073 2

215/3

0.203 3

215/4

0.303 4

215/5

0.384 5

216/2

0.012 6

216/3

0.178 7

216/5

0.385 8

216/6

0.089 9

217/2

0.137 10

252

0.422 11

265

0.603 योग

खरगोन

सनावद

टाकली

5.254 हेक्टर

कमाक

खसरा न ० रकबा (हे० में) 4

5

6

12

266/1 0.179 13

266/2 0.146 14

267/1 0.210 15

267/2 0.154 16

268

0.922 17

250/2 0.101 18

272 0.202 19

271 0.170 20

270 0.219 21

215/2 0.097 22

214/2 0.065

22

5.254 [भाग 1 2126

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3):

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । 2127 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार ।.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । [भाग 1 2128

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र - छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 360- भू- अर्जन - 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची-(1)

1-

भूमि का वर्णनः-

खरगोन

(क) जिला

सनावद

(ख) तहसील

गोराडिया

(ग) ग्राम

0.853 हेक्टर

(घ) लगभग क्षेत्रफल

रकबा

खसरा न०

क्रमांक

(हे० में)

3

2

1

0.549

4

1

0.280

8/1

2

0.024

8/2

3

0.853

3

योग

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु 2129

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया. जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड़। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । [भाग 1 2130

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी । 2131

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्तं दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ: -

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 361 - भू- अर्जन - 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

:

अनुसूची- (1 )

1- भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.308

167/1

1

0.097

171/1

2

0.069

171/2

3

0.032

173/1

4

0.069

173/2

5

0.050 6

173/4

0.024

173/12

7

0.081

177/1

8

0.551

187

9

योग

खरगोन

सनावद

बिराली

1.815 हेक्टर

खसरा न ०

कमांक

रकबा (हे० में)

6

5

4

0.012

209

10

0.020

177/6

11

0.210

189

12

0.162

190

13

0.068

13/1

14

0.038

15

14/1

0.020

8/1

16

0.004

13/4

17

1.815

17 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2132

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3 )

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचितं या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2133

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।

2

परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1 2134

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी। अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) बडवाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 362 - भू- अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची-(1)

1-

भूमि का वर्णनः-

खरगोन

(क) जिला

सनावद

(ख) तहसील

बालाबाद

(ग) ग्राम

0.416 हेक्टर

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न ०

कमाक

रकबा (हे० में)

3

1

2

0.081

1

77

0.077

78/2

2

3

79

0.162

0.020

80

4

85/6

0.020

5

6

0.014

91/2

0.014

7

91/4

0.028

8

116/1

योग

0.416

8 2135

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब ) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आंवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2136

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमतिं रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू-विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2

परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 2137

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित . होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा .) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 363- भू-अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची (1) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1 )

1-

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.190

858

1

0.024

1086/7

2

0.170

1086/8

3

0.235

1087/1

4

0.036

1134

5

0.708 6

1136

0.048

1164/1

7

0.097

1177/9

8

योग

खरगोन

सनावद

ढकलगांव

2.251 हेक्टर

खसरा न०

कमाक

रकबा (हे ० में)

6

4

5

0.125

9

1178/2

0.170

1179/2

10

0.119

1180/1

11

0.214

1181/2

12

0.083

1181/3

13

851/5

0.020

14

0.012

875/2

15

2.251

15 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2138

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की : -

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

:अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2139

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा - राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी । [भाग 1 2140

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2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः -

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000/ -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र -छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ: -

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति / आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा .) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2141

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

क्र 364- भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1 )

1- भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न० कमांक

2 1

204/1 1

209/2 2

207 3

3 योग

खरगोन

सनावद

तमोलिया

0.380 हेक्टर

रकबा (हे०. में)

3

0.154

0.210

0.016

0.380

:अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की: - आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2142

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000/- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः -

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा ।

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । 2143 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः -

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार ।.

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि. मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2144

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 365- भू- अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

खरगोन

(क) जिला

सनावद

(ख) तहसील

भोगावां निपानी

(ग) ग्राम

3.754 हेक्टर

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.021

256/8

1

0.024

257

2

0.841

258/1

3

0.368

259

4

0.413

260/5

5

1.149

263/2

6

0.260

264/2

7

0.220

264/1

8

0.458

258/2

9

3.754

9

योग 2145

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में. अर्जित भूमि एक एकड़ से कम हैं तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु. जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । [भाग 1 2146

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 2147 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा .) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 366- भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची-(1)

1-

भूमि का वर्णनः-

खरगोन

(क) जिला

सनावद

(ख) तहसील

चमारदड़

(ग) ग्रांम

0.010 हेक्टर

(घ) लगभग क्षेत्रफल

रकबा

खसरा न ०

कमांक

(हे० में)

3

2

1

0.010

31/19

1

0.010

योग

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु 2148

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । 2149 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएंगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।.

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग, मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा। 9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 2150

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा.) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 367- भू-अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.316

23/9

1

0.283

31

2

0.109

43

3

0.255

45/1

4

0.272

47

5

0.061

78/2

6

0.109

78/3

7

0.144

78/5

8

0.234

78/7

9

0.004

78/8

10

0.178

87

11

0.153

103/1

12

खरगोन

सनावद

मोखनगांव

5.028 हेक्टर

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

6.

5

4

0.133

103/3

13

0.211.

104

14

0.055

110/11

15

0.092

110/12

16

0.024

78/4

17

0.012

77

18

0.060

109/1

19

0.121

109/2

20

0.162

109/3

21

0.113

109/4

22

0.263

23/6

23

0.247

23/12

24 2151

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.259

23/11

25

0.111

23/2

26

0.218

142/2

27

0.101

142/1

28

0.211

108/1

29

0.014

145

30

योग

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

6

5

4

0.022

144

31

0.048

103/4

32

0.076

118/1

33

0.024

117/1

34

0.303

117/2

35

0.030

115

36

5.028

36

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोज़न जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः- (1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपयें 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान. से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः- कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मकं सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2152

3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (अ)

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा । 2153

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा.) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2154

क्र 368- भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची-(3)

1-

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.733

32

1

0.384

33/1

2

0.214

33/2

3

0.494

33/7

4

0.474

33/9

5

0.413 6

34/1

1.052

34/3

7

0.889

38/2

8

0.134

38/3

9

0.425

39/1

10

0.668

39/2

11

योग

खरगोन

सनावद

खानपुरा

9.573 हेक्टर

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

6

5

4

0.688

44

12

0.164

45/1

13

0.357 14

45/2, 46/1

0.417

51/1

15

0.793

33/11

16

0.263 17

0.089

57/4

18

0.113

57/1

19

0.121

38/1

20

0.469

46/2

21

0.219

51/5

22

9.573

22 2155

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000/ - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जानाः प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2156

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख वः असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च. एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 2157

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 369- भू- अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमिका वर्णनः-

खरगोन

(क) जिला

सनावद

(ख) तहसील

बागदा खुर्द

(ग) ग्राम

1.812 हेक्टर

(घ) लगभग. क्षेत्रफल

खसरा न ०

कमाक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.445

15/3

1

0.020

2

66

0.450

3

69/1

0.299

69/3

4

0.401

69/5

5

6

0.149

69/6

0.048

69/7

7

1.812

योग

7

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2158

अनुसूची-(3)

भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1-.वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया जायेगा। एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेंगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000/- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । 2159 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व अंसिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आंधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी । [भाग 1 2160

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 370- भू- अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

खरगोन

(क) ज़िला

सनावद

(ख) तहसील

आरसी

(ग) ग्राम

0.111 हेक्टर

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

क्रमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.061

84/1

1

0.050

2

204/2

0.111

योग

2 2161

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की: -

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़े ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित। 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः -

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा। [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016 ..

2162

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः -

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

. एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्तिं ) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग, पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी । 2163

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2164

क्र 371- भू- अर्जन-16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

खरगोन

(क) जिला

सनावद

(ख) तहसील

ढसगांव

(ग) ग्राम

-0.243 हेक्टर

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.037

147/4

1

0.101

2

148

0.105

149/4

3

0.243

योग

3

:अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु 2165

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । [भाग 1 2166

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 2167

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

10- छात्रवृत्तिः--

प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा .) बडवाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 372 - भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची-(1)

1-

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न० कमांक

रकबा (हे ० में)

3

2

1

0.814

178/1

1

0.684

179

2

0.108

3 180/1,180/8,180/9

0.174

180/3

4

0.045

180/4

5

0.445.

180/10

6

0.760

181/1

7

0.368

8 185/1,185/2 , 185/3

0.536

185/7

9

0.219

188

10

209

11

0.728

210

12

219/1

13

योग

खरगोन

सनावद

डाल्याखेडी

11.048 हेक्टर

खसरा न ०

कमांक

रकबा (हे० में)

6

5

4

0.340 219/2

14

0.409 220/1

15

0.506

220/2

16

0.142

220/3

17

0.146

220/5

18

0.235

221/1

19

0.437

224

20

1.308

225/1

21

0.162

218/1

22

0.413

178/2

23

0.737

186/1

24

0.850

0.041

186/3

25

0.441

11.048

25 [भाग 1 2168

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2169

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावितं भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रतिपरिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1 2170

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बरांबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2171

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

क्र 373 - भू-अर्जन - 16. - चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूर्च में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन धेनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं व्र्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन औ सर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 के पधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोज लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.207

7/2

1

0.339

8/2

2

0.478

8/7

3

0.154

9/3

4

0.738

10/1

5

0.603

10/2

6

0.141

10/3

7

0.138

10/4

8

0.232 9

0.202

11/2

10

2.267 1.1 27/1 , 27/2 , 28

0.272

29/1

12

0.170

29/3

13

योग

खरगोन

सनावद

भातुड

8.060 हेक्टर

खसरा न ०

क्रमांक

रकबा (हे० में)

6

5

4

0.347

29/4

14

0.525 15 56/9 , 56/11 , 56/13

0.045

56/16

16

0.361 17 57/2 , 57/3 , 57/6

0.073

58/2

18

0.619

64/1

19

0.024

8/6

20

0.008

8/3

21

0.024

10/5

22

0.081

11/3

23

0.008

65/2

24

0.004

29/6

25

8.060

25 [भाग 1 2172

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकडः। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2173 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः -

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । :

(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।.

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2174

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2175

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

क्र 374- भू- अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची . (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

खरगोन

सनावद

बैडिया

2.451 हेक्टर

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

रकबा (हे ० में)

कमांक

3

2

1

0.101

403

1

0.074 2

579/1

0.203

638/1

3

0.008 4

638/2

0.101

202/1

5

0.053

642/1

6

0.069 7

642/2

0.081

643/3

8

0.096

578/2

9

0.062

578/3

10

0.127

578/4

11

0.057

579/2

12

0.054 13

579/3

0.075

580/1

14

0.040

571/1

15

0.020

571/3

16

0.048 17

571/4

योग

6

5

4

0.120

571/2

18

571/7

0.087

19

0.097

561

20

0.069

583

21

22

0.041

584

0.085

585

23

524/2

24

0,020

0.073

524/3

25

0.150

524/4

26

524/5

0.138

27

0.073

559/3

28

0.081

559/2

29

0.056

559/1

30

0.004

578/1

31

0.080

580/2

32

0.008

586

33

2.451

33 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2176

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

:अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किंया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2177

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएंगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग, पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2178

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-.

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा . ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 375- भू-अर्जन-16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

खरगोन

(क) जिला

सनावद

(ख) तहसील

भोपालपुरा

(ग) ग्राम

0.489 हेक्टर

(घ) लगभग क्षेत्रफल

रकबा

क्रमांक

खसरा न०

(हे ० में)

3

2

1

0.202

1

73/1 , 73/2

2

72/1

0.085

0.202

3

72/5

0.489

योग

3 2179

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

:अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.

अनुसूची-(3)

भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000/- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होंगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः -

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2180

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए हीं विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

अ. जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । ब. प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति , प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 2181

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 376 - भू- अर्जन -16. चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची-(1)

1-

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमाक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.551

38/2

1

0.355

40/1

2

0.357

40/2

3

0.214

41/1

4

0.514

41/2

5

6

0.364

41/3

0.206

41/5

7

0.44.1

42

8

0.251

45/5

9

0.158

45/1,46/1

10 योग

खरगोन

सनावद

भुगदड़

5.587 हेक्टर

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

6

4

5

0.166

47

11

48/3

0.518

12

0.562

57

13

0.444

58/1

14

0.028

48/7

15

16

48/2 0.253

0.080

48/5

17

0.020

56

18

0.024

60/1

19

0.081

48/1

20

20

5.587 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2182

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की: -

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2183

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी। यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2184

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 377- भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची-(1)

1-

भूमि का वर्णनः-

खरगोन

(क) जिला

सनावद

(ख) तहसील

भानबरड

(ग) ग्राम

0.093 हेक्टर

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न ०

कमाक

रकबा

(हे० में)

2

3

1

1

206/1

0.073

2

206/2

0.020

योग

2

0.093 2185

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-

(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000/- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2186

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी। यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क. एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन, किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी । 2187

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ: -

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासनं एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2188

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

क्र 378 - भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.113

19/1

1

0.133

21/1

2

0.134

23/1

3

0.073

24/1

4

0.109

24/2

5

0.324 6

24/5

0.194.

28/3

7

0.097 8 167,168,173

0.090

174/1

9

0.155

174/2

10

योग

खरगोन

सनावद-

बोदगांव

2.767 हेक्टर

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

6

5

4

0.073

184

11

0.250

230

12

0.113

244/5

13

0.331 .

251/1

14

0.174

263/1

15

16

0.142

245/1

0.081

242/6

17

0.170

251/3

18

0.004

22/1

19

0.007

34/18

20

2.767

20 2189

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार हैं:-

(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लियें प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुलं / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा। [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2190

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः -

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा-राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वास्वन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा। 2191

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविकं खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 379- भू- अर्जन - 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न० रकबा (हे० में) कमांक

3

2

1

0.012

3/2

1

0.304

3/5

2

0.048

8/3

3

0.084

10

4

0.085

16

5

0.003

34/1

6

0.004

34/2

7

योग

खरगोन

सनावदं

बागदा बुजुर्ग

1.092 हेक्टर

खसरा न ०

क्रमांक

रकबा (हे०में)

6

5

4

0.041

34/4

8

0.101

35

9

0.020

39/5

10

0.150

48

11

0.116

49

12

0.124

50

13

1.092

13 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2192

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया जायेगा। एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये. 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः -

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा। 2193

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस-पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2194

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी। यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ: -

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

क्र 380- भू- अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता हैं ।.

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

खरगोन

(क) जिला

सनावद

(ख) तहसील

भगोरा

(ग) ग्राम

1.138 हेक्टर

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

कमांक

रकबा (हे० में)

3

2

1

0.385

22/1

1

0.125

23/1

2

0.263

25,26

3

0.122

30/1

4

0.203

30/2

5

0.040

6

1.138

6

योग 2195

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ आवश्यकता है

निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार हैः- (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । [भाग 1 2196

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग, मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस-पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 2197 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति / आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2198

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

क्र 381 - भू- अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।

अनुसूची- (1)

1-

भूमि का वर्णनः-

(क) जिला

(ख) तहसील

(ग) ग्राम

(घ) लगभग क्षेत्रफल

खसरा न०

क्रमांक

रकबा (हे ० में)

3

2

1

0.137

21/3

1

0.130

22

2

0.161

23/2

3

0.122

24/2

4

0.113 5

204/1

0.270

235

6

0.163

238/7

7

0.073

238/8

8

0.073

238/9

9

0.093

242

10

0.179

245/1.

11

योग

खरगोन

सनावद

बमनगांव

2.455 हेक्टर

खसरा न ०

कमांक

रकबा (हे ० में)

6

5

4

0.098

250/4

12

0.045

28/3

13

0.032

251/2

14

0.101

27

15

0.141

233

16

0.030

239/1

17

0.112 239/2 , 239/3

18

0.142

239/4

19

0.121

237/4

20

0.018

264/4

21

0.101

264/6

22

2.455

22 2199

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

:अनुसूची-(2)

सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-

आवश्यकता है

खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु

अनुसूची-(3)

भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार

1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-

(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।

(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।

(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।

(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।

2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-

कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-

एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।

4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-

कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । [भाग 1 2200

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-

सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।

6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-

रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।

7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -

(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।

8- प्रशिक्षणः-

एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-

1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।

(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।

(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।

2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैचं चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 2201 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

9- भूमि विकास राशिः-

वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।

10- छात्रवृत्तिः-

प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।

11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-

परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।

भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा .) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक कुमार वर्मा, कलेक्टर एवं समुचित सरकार..

2202

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

राज्य शासन के आदेश

राजस्व विभाग

कार्यालय, कलेक्टर जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

खण्डवा, दिनांक 18 अप्रैल 2016

नस्ती क्र. 26- एल. ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 12-अ-82-2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः " भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " की धारा 11 ( 1 ) उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

प्रस्तावित खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य की प्रकृति लोक हित के अन्तर्गत सार्वजनिक प्रयोजन की है. अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) की धारा 4 सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट से छूट प्रदान की गयी है. जिसका प्रकाशन पृथक से किया गया है इस कारण से धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारिण रिपोर्ट के प्रकाशन की आवश्यकता नहीं है:-

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

जिला तहसील

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(4) 1.494 (2) खण्डवा

(1) खण्डवा

(3) खण्डवा तरफ माली.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

(5) उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिमरेल्वे, इन्दौर.

खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु. (6)

2. भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा/उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.

नस्ती क्र. 28 - एल. ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 15-अ-82-2015-16.-उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर द्वारा पत्र क्र. इन्दौर- डब्ल्यू- 335-4 दिनांक 17 फरवरी 2016 प्रस्तुत कर खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु अधिग्रहित अथवा उपयोग की जाने वाली भूमि के संबंध में भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " (क्र. 30 सन् 2013 ) के अध्याय 2 ( अ ) धारा 4 सामाजिक संमाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया है.

उक्त प्रस्ताव का अध्ययन करने के पश्चात प्रस्तावित योजना पूर्णतः लोकहित से संबंधित होने के कारण म. प्र. शासन राजस्व विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन , भोपाल के ज्ञाप क्रमांक एफ - 16-15 ( 1 ) / 2014- सात-2 ए, दिनांक 29 सितम्बर 2014 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं,. डॉ. एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर जिला खण्डवा एवं समुचित सरकार म. प्र. शासन विधि एवं विधायी कार्य मंत्रालय , भारत शासन के संशोधित अध्यादेश क्रमांक 9/2014 के बिन्दु 10 - ए अनुसार लोकहित को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित लोक परियोजना के निम्नाकित क्षेत्र को अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) धारा -4 में वर्णित सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करता हूं: -

तहसील

प.ह.न..

जिला

(3) 79

(2) खण्डवा

(1) खण्डवा

नोटः- उपरोक्त प्रस्तावित भूमि के क्षेत्रफल में कमी अथवा वृद्धि संभावित है.

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

ग्राम का नाम

प्रस्तावित अनुमानित क्षेत्रफल है. में. (5) 7.82

(4) नागचून

(6) खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु.

2. उक्त भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.

2203

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

खण्डवा, दिनांक 19 अप्रैल 2016

नस्ती क्र. 27/एल . ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 11-अ-82-2015-16.- उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर द्वारा पत्र क्र. इन्दौर - डब्ल्यू- 335-4 दिनांक 17 फरवरी 2016 प्रस्तुत कर खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु अधिग्रहित अथवा उपयोग की जाने वाली भूमि के संबंध में भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " ( क्र. 30 सन् 2013 ) के अध्याय 2 ( अ ) धारा 4 सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करने संबंधी प्रस्तावं प्रस्तुत किया है.

उक्त प्रस्ताव का अध्ययन करने के पश्चात प्रस्तावित योजना पूर्णतः लोकहित से संबंधित होने के कारण म. प्र. शासन राजस्व विभाग , मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के ज्ञाप क्रमांक एफ- 16-15 ( 1 )/2014- सात-2 ए, दिनांक 29 सितम्बर 2014 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं डॉ. एम . के. अग्रवाल, कलेक्टर जिला खण्डवा एवं समुचित सरकार म. प्र. शासन विधि एवं विधायी कार्य मंत्रालय , भारत शासन के संशोधित अध्यादेश क्रमांक 9/2014 के बिन्दु 10 - ए अनुसार लोकहित को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित लोक परियोजना के निम्नाकित क्षेत्र को अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) धारा -4 में वर्णित सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करता हूं: -

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन

ग्राम'का नाम

प.ह.न.

तहसील

जिला

प्रस्तावित अनुमानित क्षेत्रफल है. में.

(5) 0.351

(3) 80

(2) खण्डवा

खण्डवा (1)

(4) खण्डवा तरफ कुनबी

(6) खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु.

नोटः- उपरोक्त प्रस्तावित भूमि के क्षेत्रफल में कमी अथवा वृद्धि संभावित है.

2. उक्त भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा/उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.

नस्ती क्र . 25/एल . ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 13-अ- 82-2015-16.-उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर द्वारा पत्र क्र. इन्दौर - डब्ल्यू- 335-4 दिनांक 17 फरवरी 2016 प्रस्तुत कर खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु अधिग्रहित अथवा उपयोग की जाने वाली भूमि के संबंध में भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " ( क्र. 30 सन् 2013 ) के अध्याय 2 (अ ). धारा 4 सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया है.

उक्त प्रस्ताव का अध्ययन करने के पश्चात प्रस्तावित योजना पूर्णतः लोकहित से संबंधित होने के कारण म. प्र. शासन राजस्व विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन , भोपाल के ज्ञाप क्रमांक एफ-16-15 ( 1 )/2014 - सात-2ए, दिनांक 29 सितम्बर 2014 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं डॉ. एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर जिला खण्डवा एवं समुचित सरकार म. प्र. शासन विधि एवं विधायी कार्य मंत्रालय, भारत शासन के संशोधित अध्यादेश क्रमांक 9/2014 के बिन्दु 10 - ए अनुसार लोकहित को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित लोक परियोजना के निम्नाकित क्षेत्र को अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) धारा -4 में वर्णित सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करता हूं:-

अनुसूची

प्रस्तावित

सार्वजनिक प्रयोजन

ग्राम का नाम

प.ह.न.

तहसील

जिला

अनुमानित क्षेत्रफल है. मे.

(5) 7.37

(2) खण्डवा

(3) 95

(4) मालीपुरा

(1) खण्डवा

(6) खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु.

नोटः- उपरोक्त प्रस्तावित भूमि के क्षेत्रफल में कमी अथवा वृद्धि संभावित है.

2. उक्त भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.

[भाग 1 2204

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

नस्ती क्र. 24/एल . ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 14-अ-82-2015-16.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः " भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " की धारा 11 ( 1 ) उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12. द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.

प्रस्तावित खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य की. प्रकृति लोक हित के अन्तर्गत सार्वजनिक प्रयोजन की है. अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) की धारा 4 सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट से छूट प्रदान की गयी है. जिसका प्रकाशन पृथक से किया गया है इस कारण से धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारिण रिपोर्ट के प्रकाशन की आवश्यकता नहीं है:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला

नगर/ग्राम भूमिका वर्णन

तहसील

धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल (हेक्टरमें)

(4) 4.22

(1) खण्डवा

(2) खण्डवा

(5) उप मुख्य इंजीनियर (निर्माण) पश्चिम रेल्वे, इन्दौर.

(3) बडगांव भीला

(6) खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु.

2. उक्त भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा/उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं समुचित सरकार.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 2 मई 2016

प्रः क्र. 11 - अ- 82-14-15 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है' कि. संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि- अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है , कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखितं अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/माईनर नहर/ सब - माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है , इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन भूमिका वर्णन ग्राम

तहसील

जिला

धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी

लगभग क्षेत्रफल सर्वे रकबा नम्बर (हे . में. )

(4)

(2) ग्वालियर

(3) उटीला

(1) ग्वालियर

संलग्न सूची अनुसार रकवा ( 12.210 ) है.

(6) हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर के निर्माण हेतु शेष निजी भूमि काअर्जन.

(5) कार्यपालन यंत्री , हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , डबरा , जिला ग्वालियर.

कुल रकवा 12.210 2205

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(2 ) सर्वे नबंरान एवं रकवा की सूची संलग्न है.

( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

फार्म एक( 3 )

ग्राम- उटीला, प.ह.नं. 61 , तह. ग्वालियर, जिला ग्वालियर हर्सी उच्चस्तरीय नहर की कि. मी. 71.38 से 102.40 तक एवं डिस्ट्री. माइनर के निर्माण

सर्वे क्र.

नहर का नाम

स. क.

(3)

(2)

(1)

1342 1 हर्सी उच्चस्तरीय नहर/ आरोली डिस्ट्री./आरोली आर माइनर.

1288 2

1293 3

1275 4

1274 5

1265 6

1283 7

1340 8

1286 9

1276 10

1261 11

1220 12

1221/1 13

1214 14

1164/1 15

1171/1क 16

1164/2 17

1171/2 18

1816 Min 2 19

1817/ 4 min1 20

1219 21

1170/1 22

1817/1 23

हेतु आने वाली निजी भूमि का विवरण ( प्रस्ताव )

रिमार्क कुल रकबा

नहर में आने वाली अर्जित भूमि का रकबा ( हेक्ट. में )

(6)

(5)

(4)

0.010

0.627

निजी भूमि

0.209

0.752

0.042

2.602

0.345

1.588

0.021

0.178

0.167

1.379

0.272

0.481

0.324

1.839

0.543

1.317.

0.01

0.543

0.073

0.418

0.752

0.261

0.125

0.125

0.115

0.92

0.125

0.261

0.105

0.282

0.115

0.418

0.136

0.157

0.209

0.209

0.094

0.094

0.010

0.345 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2206

(6)

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

0.084

निजी भूमि 24 हर्सी उच्च स्तरीय नहर/ आरोली 1170/2 min 2 डिस्ट्री. / आरोली आर माइनर .

0.362

0.522

1249/1 ka

25

0.199

1824/3 ka

26

0.125

0.125

1171/1 kha

27

0.136

0.418

1174

28

0.063

0.397

1175

29

0.073

0.219

1765/2

30

0.115

0.543

1768/2

31

0.042

5.163

1788 min. 1

32

0.972

0.01

1360

33

0.072

0.711

1291/1

34

0.240

0.460

1361/1

35

0.021

0.627

1361/2

36

0.366

1.390

1185

37

0.063

0.509

1153/2

38

0.293

1179/2/1

39

0.042

0.564

1221/2

40

0.136

0.345

1817/2

41

1.139

1249/3

42

0.721

1824/1

43

0.418

1817/3

44

1.149

1249/2

45

0.878

1824/2

46

0.628

1249/1 kha

47

0.198

1824/3 min kha

48

0.042

0.500

: 1825/1

49

0.292

1824/3 min 2

50

0.84

1170/3 min

51

0.230

1.191

1824/4

52

0.157

1817/4 min 1

53

0.105

0.355

1291/2

54

0.345

0.460

1303 min 1

55

0.042

0.429

1304/1

56 2207

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(6)

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

0.251

निजी भूमि

0.752

1305/1

57 हर्सी उच्च स्तरीय नहर/ आरोली डिस्ट्री. / आरोली आर माइनर .

0.188

0.188

1305/2

58

0.376

0.930

1306

59

0.7

0.31

1310 min 1

60

0.303

1310 min 3

61

0.011

1310 min 2

62

0.010

1310 min 4

63

0.29

1310 min 5

64

0.209

1310 min 9

65

0.301

1310 min 6

66

0.303

1310 min 7

67

0.301

1310/8 min

68

0.251

1310 min 11

69

0.301

1310/10 min

70

0.229

1310/12 min

71

0.209

0.627

1300

72

0.219

0.554

1179/1

73

0.021

0.031

1178

74

1.16

0.178

1177

75

0.261

0.690

1302

76

0.010

0.345

1301

77

0.01

0.481

1289

78

0.031

0.355

1290

79

0.084

0.523

1260 min 1

80

0.199

1260 min 2

81

0.125

0.104

1262 min 1 kha

82

0.209

1.473

1715

0.125

1816 min 1

83

0.282

1.306

1150

84

0.314

1.035

1341

85

0.230

0.439

1710/3

86

0.314

1.119

1764/3

87

0.105

0.397

1717

88 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2208

(3)

(2)

(1)

89 हर्सी उच्च स्तरीय नहर/ आरोली 1718/2 min 5 डिस्ट्री./आरोली आर माइनर.

1718/1

1745/1 90

1718/2 min 3 91

1718/2 min 4 92

1734 93

1718/2 min 1 94

1718/2 min 2 95

1745/2 min 1 96

1738 min 1 9.7

1738 min 2 98

1282 99

1186 100

1187 101

1735 102

1741/1 103

1173 104

(6)

(5)

(4)

0.439

निजी भूमि 0.502

0.209

0.314

0.209

0.397

0.094

0.167

0.564

0.564

0.648

0.157

0.157

0.198

0.480

0.314

0.794

0.314

0.314

0.031

0.397

0.209

0.303

0.01

0.073

0.042

0.825

योग .. 12.210

कार्यालय, कलेक्टर, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

अनूपपुर, दिनांक 26 मई 2016

क्र. 2481-10- भू-अर्जन- 2016.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 उपधारा ( 1 ) उपबंधों केअनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय , की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूँ: -

भूमि का वर्णन

नगर/ग्राम

तहसील

जिला

खसरा नंबर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा ( 2 )

का वर्णन रकबा

द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

क्षेत्रफल

.( हेक्टर में)

(4)

(3)

(2)

19/4

अगरियानार

अनूपपुर

(1) अनूपपुर

22/1/3

कुल योग

(7) (6)

(5)

0.202

ताराडांड़ जलाशय योजना भू-अर्जन अधिकारी,

2.023

के डूब क्षेत्र एवं नहर कार्य जिला अनूपपुर ( म. प्र. ).

हेतु.

2.225

भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , कलेक्टर, जिला अनूपपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , अनूपपुर, जिला अनूपपुर ( म. प्र. ) के कार्यालय में निरीक्षण , किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेन्द्र सिंह परमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

2209

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

कार्यालय, कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग

उमरिया, दिनांक 1 जून 2016

क्र. 3405- भू-अर्जन - 2016-17.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपाबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त ( 11 एवं 12 ) की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-

भूमि का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

कुल क्षेत्रफल (हे. में)

(4)

(3)

(1) (2)

59.500 बांधवगढ़

उमरिया

2.500

2.000

भनपुरा कछारी जुनवानी

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 11 की उपधारा ( 3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

भनपुरा जलाशय सिंचाई योजना.

कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , उमरिया.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- भनपुरा जलाशय सिंचाई योजना के शीर्ष एवं नहर कार्य निर्माण हेतु.

क्र. 3406 - भू- अर्जन - 2016-17.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम; 2013 ( क्र. 30 सन् 2013) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त ( 11 एवं 12 ) की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-

भूमि का वर्णन

ग्राम

तहसील

जिला

कुल क्षेत्रफल (हे. में)

(4)

(3)

(2)

(1)

68.000

मगर

चंदिया

उमरिया

3.000

छतैनी

-,, -

6.900

मझौलीखुर्द

_"_

2.800

बुढ़िया

1.600

जिरौहा

4.500

हर्रवाह

2.000

कोठी विरान

2.000

हर्राडाड

1.600

मानिकपुर

अनुसूची

सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 11 की उपधारा ( 3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी

(6)

(5)

मगर जलाशय सिंचाई योजना.

कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , उमरिया.

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मगर जलाशय सिंचाई योजना के शीर्ष एवं नहर कार्य निर्माण हेतु.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अभिषेक सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

2210

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

राजस्व विभाग

कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सिवनी , दिनांक 29 फरवरी 2016

क्र. 2070 - भू. अर्जन-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- सिवनी

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम जुरतरा, प. ह. नं. 16, ब. नं. 211 (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-9.41 हेक्टर एवं

प्रस्तावित

क्षेत्रफल पर.

(अ ) निजी भूमि का विवरण

प्रस्तावित खसरा नं.

प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.36

246

0.05

245

0.08

226

0.12

250

0.27

251

0.42

258

252

0.68

0.22

228

0.26

230

0.12

18

0.14

19

0.54

265

0.15

17

15

0.07

0.06

14

(2)

(1)

0.17

333/1

0.01

332

0.13

263/1

0.15

263/2

0.10

263/4

0.27

263/3

0.07

329/1

0.08

329/2

0.07

329/3

0.07

329/4

0.08

329/5

328

0.70

0.52

325

0.14

376

0.08

377

0.09

378

0.12

436

0.05

453/2

0.12

435

0.04

433

327

0.07

278

0.12

323/1

0.13

0.14

321/2

0.23

320

319

0.11

0.08

380

0.11

316/1

0.07

316/6

316/5

0.02

0.17

314/4

0.17

314/2

0.05

143

314/3

0.16

0.05

314/1

0.02

311

0.03

262

0.17

264/1

0.08

270

0.24

272

0.23

273

280

0.12

142

0.03 2211 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

(2)

(1)

0.06

118

0.05

117/1

0.10

117/2

पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

योग .9.41

अनुसूची

( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

(1 ) भूमि का वर्णन-

खसरा नंबर

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

(क) जिला-सिवनी

(2)

(ख) तहसील- सिवनी

(1)

248

0.14

(ग) नगर/ग्राम- ग्राम जुझारपुर, प . ह. नं. 14, बं. नं. 213 0.02

173

(घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित- 5.88 हेक्टर 0.04

259

एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.

0.02

261

0.07

331

( अ ) निजी भूमि का विवरण 0.06

326

0.27

375

प्रस्तावित खसरा नं.

प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में) 0.30

260

(2)

(1)

0.03

379

35/2

0.02 313

0.05

0.15

35/1

0.05

145

28

0.03 0.05

144

0.05

32

0.04

289

0.11

29

0.05

267

0.03

31

0.09

33

योग .. 1.19 कुल योग ( अब) .. 10.60

0.23

11

0.01

146

0.05

147

0.10

148

150

0.05

0.05

151

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

0.04

153/1

0.32

157/1

0.18

157/2

0.30

157/3

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय , राजस्व, तहसील सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है .

0.10

169

168/1

0.01

0.09

168/2

0.04

167

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

0.04

166

255

0.03

0.06

165/1

165/2

0.03 क्र. 2072 - भू. अर्जन- 2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और

0.04

165/4 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

2212

(2) (1)

0.19 190

0.15 191

0.07 196

0.09 198/1

0.09 198/2

0.02 199

0.08 263

0.01 266/2

0.03 265

0.02 264

0.05 262

0.02 261/1

0.02 261/2

0.01 260/1

0.01 260/3

0.01 260/4

0.02 259

0.01 258

0.02 257/1

0.01 257/2

0.01 256/1

0.01 256/2

0.02 254/1

0.01 254/2

0.21 243

0.22 237

0.22 357

0.10 358

0.12 359

0.23 379

0.06 380/1

0.06 380/2

0.06 380/3

0.06 380/4

0.38 422/2

0.06 416

0.18 414

0.06 415/2

0.11 407/1

0.16 407/2

0.08 407/3

0.11 407/4

0.10 406

0.05 403/14

(2)

(1)

0.02

403/15

योग .. 5.88

(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

खसरा

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

नंबर

(2)

(1)

0.05

34

0.03

30

0.05

39

0.02

149

0.01

158

0.02

189

0.17

197

0.02

253

0.02

189

0.02

242

0.22

240

0:08

238

0.03

234

0.03

381

0.04

405

0.01

404

0.02

241/1

योग ..0.84

कुल योग (अब ) . 6.72

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय , राजस्व, तहसील सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

सिवनी , दिनांक 21 अप्रैल 2016

क्र. 4317- भू. अर्जन-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक 2213

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -

(क) जिला-सिवनी

(ख) तहसील- सिवनी

अनुसूची

(ग) नगर/ग्राम- पिपरीया, प. ह. नं. 08 , ब. नं. 337 (1 ) भूमि का वर्णन-

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित- 1.24 हेक्टर (क) जिला- सिवनी

एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.

(ख) तहसील-सिवनी

(ग) नगर/ग्राम-सिघोंड़ी, प. ह. नं. 07, ब. नं. 577

( अ ) निजी भूमि का विवरण (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-1.23 हेक्टर

एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.

प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

प्रस्तावित खसरा नं.

(2)

(1)

(अ) निजी भूमि का विवरण

0.14

326

0.06

316

प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

प्रस्तावित खसरा नं.

0.14

317

(2)

(1)

0.06

318/1

0.98

151

0.08

318/2

0.09

115

0.03

319/1

0.16

7/1

0.22

86

योग..1.23

0.09

90-

0.10

91

0.32

97

योग ..1.24 (2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.-पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय , राजस्व, तहसील सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय, राजस्व, तहसील सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 4330- भू. अर्जन-2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं

क्र. 4341-जि. भू. अ.-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः 2214

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी'

(ख) तहसील- सिवनी

(ग) ग्राम- अमोली, प. ह. नं. 33 , लगभग 0.10 हे.

अशासकीय भूमि का रकबा

खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.09

160/1

161/2

0.01

0.10

कुल योग ..

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है.- अपर तिलवारा बायी तट नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता है.

क्र.4344-जि. भू. अ.-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- सिवनी

(ग ) ग्राम- खिरखिरी , प. ह. नं. 33 , लगभग 1.60 हे .

अशासकीय भूमि का रकबा

अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)

खसरा नम्बर (1)

86/2

85/1

68/2

0.31 0.34 0.10 0.37

85/2

84

0.48 कुल योग 1.60

(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है.- अपर तिलवारा बायी तट नहर निर्माण हेतु.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता है .

क्र. 4346 - भू. अर्जन-2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सिवनी

(ख) तहसील- सिवनी

(ग) नगर/ग्राम- कोनियापार, ब. नं. 81 , प. ह. नं. 115

रा.नि.म. सिवनी भाग-1

(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.86 हेक्टयर एवं अर्जित क्षेत्रफल पर आने वाली

परिसंपत्तियां.

(अ) निजी भूमि का विवरण

खसरा

नंबर

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(1)

80/4

81

89/4

89/3

91

89/1

89/2

94

(2). 0.04 0.15 0.02 0.21 0.06 0.24 0.02 0.05 0.07

95/1

योग (अ) 0.86

( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

0.00

नंबर (1) 0

योग (ब ) 0.00 कुल योग ( अ ) + ( ब ) .. 0.86 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर से निकलने वाली 18 -L माइनर नहर के निर्माण हेतु निजी एवं शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.seoni.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http :// www.mprevenue.nic.in पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन कलेक्टर भू-अर्जन शाखा सिवनी, जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण कार्यालय, कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(6 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 7 सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(7 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर सिवनी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.

क्र. 4351 - भू. अर्जन-2016 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन -

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- सिवनी

2215 (ग ) नगर/ ग्राम- मुगंवानी खुर्द, प. ह. नं. 17 , ब. नं. 491 (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित- 1.23 हेक्टेयर

एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.

(अ) निजी भूमि का विवरण

प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

प्रस्तावित खसरा नं. (1)

(2)

127/2

0.02

161/2

0.03

149

0.13

132/3

0.12

132/2

0.15

0.25

121/2

120

0.11

119

0.11

0.09

118/1

0.07

118/2

0.03

118/3

117/1

0.12 योग .. 1.23

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील सिवनी के न्यायालय में क्रिया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 4355 - भू. अर्जन- 2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- सिवनी [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2216

(ग) नगर/ग्राम-पोतलपानी, प. ह. नं. 04, ब. नं. 354

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-1.19 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे के (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(अ ) निजी भूमि का विवरण

प्रस्तावित खसरा नं.

प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.22

80/2

0.02

80/1

0.16

98

0.06

99

क्र. 4356- भू. अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

0.21

97

अनुसूची

0.11

122/1

0.05

(1 ) भूमि का वर्णन-

121

0.15

129

(क) जिला- सिवनी .

(ख) तहसील- सिवनी

0.10

183/2

0.07

180

(ग) नगर/ग्राम- सुकरी, ब. नं. 583, प. ह. नं. 119 रा.नि.म. सिवनी भाग-1 .

0.04

182

योग... 1.19

(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.50 हेक्टयर एवं अर्जित क्षेत्रफल पर आने वाली परिसंपत्तियां.

(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

(अ) निजी भूमि का विवरण

खसरा

खसरा नंबर

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)

नंबर

(2)

(1)

(2)

(1)

0.09

78

0.06

226/7

0.02

79

0.18

219

0.02

177

0.21

214

0.06

178

0.01

215

0.07

84

0.07

212/2

0.15

212/4

0.08

211/1

योग 0.26 कुल योग अब 1.45

0.18

211/2

221/2

0.56 योग (अ) .. 1.50

(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

अर्जित क्षेत्रफल

खसरा

नंबर

(हेक्टर में)

(2)

(1)

0.00

0

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील- सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

योग ( ब) .. 0.00 कुल योग ( अ ) +( ब ) .. 1.50 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर से निकलने वाली 7 - L माइनर नहर के निर्माण हेतु निजी एवं शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.seoni.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http: // www.mprevenue.nic.in पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर भू- अर्जन शाखा सिवनी, जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यालय , कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(6 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 7 सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर सिवनी के सक्षम प्रस्तुत कर सकता है.

क्र.4361 - भू. अर्जन-2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सिवनी

(ख) तहसील-सिवनी

2217 (ग) नगर/ग्राम- लामटा, प. ह. नं. 04, ब. नं. 525 (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-4.65 हेक्टेयर

एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.

(अ) निजी भूमि का विवरण

प्रस्तावित खसरा नं.

प्रस्तावित ( रकबा ( हेक्टेयर में)

(2)

(1)

0.02

43

0.53

44

0.05

94

0:32

30

0.10

187

0.04

21

0.45

19

0.35

197/1

0.09

197/3

0.12

196/2

0.16

87/1

0.16

87/2

0.13

93/1

0.07

185

0.10

183

0.07

182

0.17

180

0.07

178

0.05

175

0.03

176

0.16

171/1

0.15

171/2

0.04

155/2

0.04

155/3

0.02

155/4

0.04

155/5

0.37

152

0.03

81/1

0.04

81/2

0.09

77

0.24

76

0.30

75

0.05

411

योग .. 4.65 [भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

2218

( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

खसरा

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)

नंबर

(2)

(1)

0.10

18

0.04

64

0.15

80

क्र. 4362- भू. अर्जन-2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

0.06

195

अनुसूची

0.03

105

0.06

73

(1 ) भूमि का वर्णन-

0.02

45

(क) जिला-सिवनी

0.07

394

(ख) तहसील- सिवनी

0.15

430

(ग) नगर/ ग्राम-सागर, प. ह. नं. 03 , ब. नं. 550 0.06

154

(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-9.90 हेक्टर

एवं प्रस्तावित 0.20

46/2

क्षेत्रफल पर.

0.45

47/2

0.19

(अ) निजी भूमि का विवरण 398/2

0.10

397/2

प्रस्तावित रकबा

प्रस्तावित

0.09

396/2

(हेक्टेयर में )

खसरा नं.

0.26

395/2

(2)

(1)

0.22

390/2

0.08

371/1

0.22

391/2

0.07

370/1

0.15

389/4

0.05

369/1

0.15

389/6

0.45

368

0.19

431/2

0.12

359

0.24

435/2

0.29

358

0.17

439/2

0.41

357

0.15

442/2

0.11

356/1

0.23

20

योग .. 3.52 कुल योग (अ +ब) . 8.17

0.12

355/1

0.12

234

0.25

232/2

0.08

231

0.19

230/1

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

0.27

229/1

0.04

221

0.14

71/1

0.08

380/2

0.15

380/3

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील , सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

0.27

380/1

0.13

381

0.15

387

0.11

386

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला- छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

0.07

394/1 2219

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(2) (1)

0.29 468/1

0.26 73/1

0.15 468/3

0.15 73/3

0.05 468/2

0.14 73/2

0.02 466/5

0.01 466/4

2/5

0.04

0.06 2/7

0.12 .2/8

0.05 2/10

0.03 2/6

0.20 6/1

0.20 10/2

0.18 14/2

13

0.04

0.05 15

0.32 23/3

0.45 23/4

0.10 23/2

0.11 23/1

0.07 22

0.08 21

0.23 18

0.35 84

0.13 71/3

0.12 71/2

0.27 70

0.15 112/2

0.04 113

0.12 116/1

0.02 117/2

116/2

0.03

0.30 92/2

0.20 115

0.02 119.

0.17 154

0.24 153

0.04 9

0.20 6/2

0.12 42

योग .. 9.90 ( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा नंबर

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.03

28

0.05

80

0.03

29

0.02

64

0.20

11

0.03

349

0.03

220

0.03

383-

0.03

403

0.22

1

0.10

91

योग .. 0.77

कुल योग ( अ+ब ) 10.67

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील - सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

क्र. 4363 - भू. अर्जन-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी (ख ) तहसील- सिवनी 2220

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(ग ) नगर/ग्राम- लखनवाड़ा, ब.नं. - 532, प.ह.नं. - 114 रा.नि.म. सिवनी भाग -1 .

(घ ) लगभग क्षेत्रफल -5.01 हेक्टर एवं अर्जितक्षेत्रफल पर आने वाली परिसंपत्तियां.

( अ ) निजी भूमि का विवरण

खसरा

अर्जित क्षेत्रफल नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

0.10

408

0.26

415

0.01

417/2

0.74

402

0.19

398/1

0.09

397/3

0.03

397/1

0.10

397/5

0.11

397/6

0.07

397/2

0.08

439

0.05

440

0.18

353/1

0.17

353/2

0.53

351/1 , 351/2 , 351/3

0.06

125/1 , 125/2

0.12

119/4

0.08

127

0.07

128

0.16

129

0.19

130

0.14

135

0.02

215

0.18

207

0.02

205

0.08

206

0.12

204/4

0.03

204/2

0.03

204/3

0.14

204/1

0.06

203/2

0.13

214

0.01

171

0.05

202/2

0.12

172

(2)

(1)

0.28

168

योग (अ ) .4.80

(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा नंबर

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)

(2)

(1)

0.03

357

0.03

356

0.04

120

0.03

91

0.08

162

योग (ब) .. 0.21

5.01

योग (अ+ब) ..

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर से निकलने वाली 18 - L , एवं 19 माइनर नहर के निर्माण हेतु निजी एवं शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.seoni.nic.in एवं म. प्र . शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http: // www.mprevenue.nic.in पर भी देखा जा सक्ता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर भू-अर्जन शाखा सिवनी, जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यालय कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(6 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 7 सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर सिवनी के सक्षम प्रस्तुत कर सकता है.

2221

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

क्र. 4366 - भू. अर्जन-2016 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख) तहसील- सिवनी

(ग ) नगर/ ग्राम- बम्होड़ी, ब.नं. - 397, प.ह.नं. - 115, रा.नि.म. सिवनी भाग -1 .

(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.31 हेक्टर एवं अर्जित क्षेत्रफल

पर आने वाली परिसंपत्तियां.

(अ ) निजी भूमि का विवरण

अर्जित क्षेत्रफल खसरा नम्बर

(हे. में)

(2)

(1)

0.04

436/1

0.10

459

0.01

442.

0.03

443

0.09

458/1

0.01

446

0.23

448/1

0.19

378

0.17

381

384

0.08

0.01

383/1

0.20

389

0.08

391

0.09

392/2

0.01

393/2

0.08

394

0.07

297

0.07

298

0.01

299

144

0.04

(2)

(1)

0.26

148

0.12

62

0.07

63

0.19

64/2

75

0.06

0.04

73/3

73/2

0.11

0.14

82

0.06

61/2

0.13

61/1

0.03

60

65

0.24

0.13

69

0.02

52

3.21

योग (अ)

( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण

अर्जित क्षेत्रफल

खसरा नंबर

(हेक्टर में)

(1)

(2)

0.02

420

0.02

395/1

0.04

149

0.01

136

0.01

53

योग (अ+ब

योग (ब) .. 0.10 ) .. 3.31

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर से निकलने वाली 25 -L 26 - L माइनर नहर के निर्माण हेतु निजी एवं शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.seoni.nic.in एवं म. प्र . शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http: // www.mprevenue.nic.in पर भी देखा जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर भू- अर्जन शाखा सिवनी , जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

2222

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(6 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 7 सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

(7 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर सिवनी के सक्षम प्रस्तुत कर सकता है.

क्र.4374- भू. अर्जन- 2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पदं ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-सिवनी

(ख) तहसील- सिवनी

(ग) नगर/ग्राम- बकोडी, प.ह.नं. - 22, ब.नं.- 390- (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित- 0.12 हेक्टर

एवं प्रस्तावित

क्षेत्रफल पर.

(अ) निजी भूमि का विवरण

प्रस्तावित खसरा

नम्बर

(1)

प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में) (2) 0.08 0.04

11 12/2

योग .. 0.12

(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा

नंबर

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में )

(2)

(1)

1

0.03 योग .0.03 0.15

योग ( अ+ब)

(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि- अर्जन के संबंध में.

(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील - सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना , तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

सिवनी, दिनांक 3 मई 2016

क्र. 4715- भू. अर्जन-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- सिवनी

(ख ) तहसील- सिवनी

(ग) नगर/ग्राम- जमुनिया प.ह.नं. -14, ब.नं. - 198 (घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-7.36 हेक्टर

एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.

(अ) निजी भूमि का विवरण

प्रस्तावित खसरा

प्रस्तावित रकबा नम्बर

(हेक्टेयर में )

(1)

481

480

332/2

331

296/1

296/2

285/1

(2) 0.18 0.20 0.01 0.26 0.17 0.15 0.14 0.18

285/2 2223

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(2) (1)

0.18 285/3

0.18 285/4

0.02 61

0.15 69

0.15 68/2-3

0.10 32

0.15 68/1

0.13. 33

0.04 124/8

0.10 19.

0.12 22

0:19 21

0.07 5/2

0.10 119/3

0.28 295

0.06 287/1

0.12 287/2

0.12 287/3

0.12 287/4

0.11 282/1

0.10 282/2

0.30 279/1

0.15 279/2

0.12 261/1

0.08 261/2

0.14 243/3

0.05 228/1

0.13 567/2

0.19 519/2

0.03 524

0.36 514/1

0.30 525

0.24 523

0.02 520/1

0.10 520/2

0.04 520/3

0.03 520/4

0.09 518/1

0.09 518/2

0.03 557/1

0.38 557/2

0.53 568

573

0.03

0.05 591/3

योग . 7.36 (ब) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा

अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)

नंबर

(2)

(1)

479

0.04

0.01

478

0.02

477

0.08

71

0.01

72

267

0.08

0.03

70

0.01

245

0.15

31

0.07

281

0.02

286

0.03

263

0.02

512

0.06

558

0.03

587

योग .. 0.66

8.02

कुल योग ( अ+ ब )

(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.-पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि-अर्जन के संबंध में.

(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील- सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, धनराजू एस. , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 2 मई 2016

प्र. क्र. 01 -अ-82-15-16- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 2224

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला-ग्वालियर

(ख ) तहसील-ग्वालियर

(ग) ग्राम- उटीला

(घ) क्षेत्रफल-1.113 हेक्टर.

रकबा

सर्वे

नंबर

(हे. में)

(2)

(1)

0.030

1578

0.020

1579

0.100

1580

0.050

1581

0.040

1588

0.010

1589.

0.063

1590

0.290

1592/1

0.440

1584/1

0.070

1546/2

योग....1.113

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर की उदयपुरा शाखा नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.

(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण न्यायालय भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग धार, दिनांक 30 मई 2016

प्र. क्र. 6588 - भू- अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- धार

(ख) तहसील- कुक्षी

(ग) ग्राम-छड़ावद

(घ) लगभग क्षेत्रफल-11.837 हेक्टर.

खसरा

क्रमांक

अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)

(2)

(1)

1.547

190

0.752

196

1.829

194/1

0.100

285/1

1.000

334/1

1.521

217/1

218/1

0.441

0.154

221/1

1.595

219/1

1.500

201/1/2/ख

0.252

201/1/1/क

0.933

201/1/3 ग

255/1/1

0.012

0.201

215

योग .. 11.837

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है-" थाना तालाब योजना के निर्माण कार्य हेतु. " (3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 धार के कार्यालय में किया जा सकता है .

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीमन् शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 1 जून 2016

प्र. क्र. 01- अ- 82 - भू-अर्जन 2015-16. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के 2225

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

पद ( 2 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची के पद ( 3 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके लिए यह घोषित किया है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-

अनुसूची

(1) भूमि का वर्णन

(क) जिला- छतरपुर (म. प्र. )

(खं) तहसील- छतरपुर

(ग) नगर/ग्राम- गहरवार

(घ) लगभग क्षेत्रफल-14.606 हेक्टर.

भूमि का खसरा नम्बर

अर्जित रकबा (हेक्टे. में)

(2)

(1)

0.004

3598

0.240

3599

0.200

3595

0.025

3600

0.215

3601/1

0.215

3601/2

0.153

3605

0.505

3557

0.040

3558

0.280

3556

0.170

3555

0.080

3559

0.380

3553

0.170

3552

0.090

3551

0.155

578

0.090

571/2

0.180

572

0.225

566

0.020

565

0:280

562

0.185

502

0.195

503

0.115

414/1

0.105

414/2

0.030.

392

0.005

393/1

0.005

393/2

0.140

394/2

(2)

(1)

0.020

394/3

391/1

0.325

0.305

384/1/2

0.015

395/1/2

0.170

383

0.150

346

0.185

347

0.210

362

0.035

363

0.450

360

0.010

361

0.185

359

354

0.330

235

0.165

0.190

234

0.225

230

0.205

231

227

0.020

0.210

890

0.250

894

0.130

895

0.140

896/1

0.070

896/2

0.160

901

902

0.010

1668

0.020

1669

0.105

0.142

1667

0.100

1666

0.095

1673

0.030

1674

0.012

1662

0.155

1660

0.014

1659

0.120

1658

0.020

1657

0.080

1643

0.025

1644

1642

0.085

0.035

1641

0.105

1623

1622

0.100

0.110

1621

0.160

1606

0.002

1601

0.040

1600 2226

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(2) (1)

0.075 1599

0.115 1602

0.010 1568

0.020 1569

0.075 1570

0.115 1555

0.002 1554

0.005 1553

0.080 1552

0.025 1551

0.025 1542

0.028 1543

0.065 1544

0.020 1545

0.075 1532

0.005 1531/1

2001

0.065

0.045 2002

0.006 1999

0.025 2014

0.075 2016

2015

0.055 2025

0.085

0.085 2027

0.012 2011

0.095 2047

0.025 2048

0.050 2049.

0.305 2050

0.020 2053

0.085 2052

0.050 1977

0.002 1963

0.002 1962

0.040 1965

0.050 1964

0.020 1961

0.005 1960

0.040 1958

0.015 1957

0.030 1955

0.015 1954

0.035 1956

0.070 1947

0.002 1946

0.100 1948

0.050 1943

0.050 1949

(2)

(1)

0.240

502

0.320

410

0.110

399

0.235

406

0.115

405

0.345

418

0.170

419

0.050

433

0.265

438

0.145

437

0.020

440

500

0.015

0.010

1670

योग .. 14.606

(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- तरपेड मध्यम परियोजना के नहर निर्माण में अर्जित भूमि हेतु.

(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर , भू-अर्जन कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.

कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जबलपुर, दिनांक 4 जून 2016

ज्ञाप पत्र क्र. 1285 - भू-अर्जन 2015-16. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की सारणी के कॉलम ( 2 ) में वर्णित भूमि के कॉलम ( 3 ) में उल्लेखित रकबे का नीचे बिन्दु क्र. 2 में वर्णित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 19 उपधारा ( 4 ) के अंतर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

(क) जिला- जबलपुर (ख ) तहसील- पनागर 2227

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

भाग 1 ]

(ग ) ग्राम- पिपरिया (प.ह.नं. 42 )

(घ) रा.नि. मण्डल-महाराजपुर

(ङ) अर्जनाधीन क्षेत्रफल- 2.429 हेक्टेयर एवं इस पर आने

वाली सम्पत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नम्बर

प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

(2)

0.651

14/1

0.015

14/2

0.014

14/3

17/1

0.223

0.407

35/1

35/5

0.079

0.423

29/1 , 61/1

0.248

29/24

0.012

29/33

0.155

35/2

35/4

0.051

40/1

0.054

0.024

40/4

0.054

40/5

0.012

40/6

0.006

17/2

0.001

14/7

2.429

कुल योग

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बोरलाग इन्स्टीट्यूट लखनवारा मार्ग सोनपुर सुन्दरपुर मार्ग उन्नयन एवं निर्माण हेतु निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

(3 ) चूंकि उक्त कार्य हेतु हितबद्ध व्यक्तियों की आंशिक भूमि का अर्जन प्रस्तावित है एवं मार्ग का कार्य पूर्व से प्रचलित है, अतः धारा 19 की उपधारा ( 2 ) के तहत सामाजिक समाघात स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है.

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी बेवसाईट www.jabalpur.nic.in एवं मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग भोपाल की बेवसाईट www.mprevenue.nic.in पर भी देख सकता है.

(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) जबलपुर, के कार्यालय में या कार्यालय , कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ( भ . /स. ) संभाग क्र. 1 जबलपुर में किया जा सकता है .

ज्ञाप पत्र क्र. 1286- भू-अर्जन 2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की सारणी के कॉलम ( 2 ) में वर्णित भूमि के कॉलम ( 3 ) में उल्लेखित रकबे का नीचे बिन्दु क्र. 2 में वर्णित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 19 उपधारा ( 4 ) के अंतर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-

अनुसूची

( 1 ) भूमि का वर्णन-

( क ) जिला- जबलपुर

(ख) तहसील- पनागर

(ग ) ग्राम-सोनपुर (प.ह.नं. 42/14)

(घ) रा.नि. मण्डल-महाराजपुर

(ङ) अर्जनाधीन क्षेत्रफल-0.030 हेक्टेयर एवं इस पर आने वाली सम्पत्तियां.

प्रस्तावित खसरा नम्बर

प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)

(1)

27

(2) 0.010 0.020

28

कुल योग 0.030

(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बोरलाग इन्स्टीट्यूट लखनवारा मार्ग सोनपुर सुन्दरपुर मार्ग उन्नयन एवं निर्माण हेतु निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.

( 3 ) चूंकि उक्त कार्य हेतु हितबद्ध व्यक्तियों की आंशिक भूमि का अर्जन प्रस्तावित है एवं मार्ग का कार्य पूर्व से प्रचलित है, अतः धारा 19. की उपधारा ( 2 ) के तहत सामाजिक समाघात स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है .

(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी बेवसाईट www.jabalpur.nic.in एवं मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग भोपाल की बेवसाईट www.mprevenue.nic.in पर भी देख सकता है .

(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) जबलपुर, के कार्यालय में या कार्यालय, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग (भ. /स. ) संभाग क्र. 1 जबलपुर में किया जा सकता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेश चन्द्र चौधरी , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.

2228

उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 2 जून 2016

क्र. B -2731-दो- 2-32-2010 .-श्रीमती कनकलता सोनकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को दिनांक 2 से 4 मई 2016 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का कम्युटेर्ड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 1 मई 2016 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्रीमती कनकलता सोनकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कनकलता सोनकर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाती तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.

क्र. B - 2733- दो-2-27-2014.- श्री पंकज गौड़, रजिस्ट्रार ( J - I ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 31 मई 2016 से 10 जून 2016 तक, ग्यारह दिवस के ग्रीष्मकालीन अवकोश के साथ एल. टी . सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2013 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस (केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए ) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक -3666- इक्कीस- ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत प्रदान की जाती है.

क्र. C-2162-दो-2-56-2010. श्री महेश प्रसाद अवस्थी, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, नरसिंहपुर को दिनांक 18 अप्रैल 2016 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 17 अप्रैल 2016 के एवं अवकाश के पश्चात् में दिनांक 19 अप्रैल 2016 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री महेश प्रसाद अवस्थी, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , नरसिंहपुर को नरसिंहपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.

[भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेश प्रसाद अवस्थी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

क्र. C-2166-दो-2-30-2014.- श्री शिव मंगल सिंह , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , दमोह को दिनांक 25 से 29 अप्रैल 2016 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पाँच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में 24 अप्रैल 2016 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.

अवकाश से लौटने पर श्री शिव मंगल सिंह, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, दमोह को दमोह पुनः पदस्थापित किया जाता है.

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री शिव मंगल सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.

क्र. C- 2168-दो-2-22-2013.- श्री एच. एन. बाजपेयी, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 20 से 30 अप्रैल 2016 तक ग्यारह दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 28 से 30 अप्रैल 2016 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश, उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है.

क्र. B- 2736-दो-2-6-2012.- श्री बी. बी . शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , कटनी को दिनांक 6 से 10 जून 2016 तक के पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 30 मई 2016 से 5 जून 2016 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 29 मई 2016 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .

अवकाश से लौटने पर श्री बी. बी . शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, कटनी को कटनी पुनः पदस्थापित किया जाता है .

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. बी. शुक्ला, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .

माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,

यू. एस. दुबे, रजिस्ट्रार.

भाग 1 ]

2229

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016

जबलपुर, दिनांक 31 मई 2016

क्र. 582-गोपनीय- 2016-दो- 2-36-61.- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235. के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, उच्चतर न्यायिक सेवा में स्थायीकरण का प्रमाण- पत्र धारित निम्नलिखित अधिकारियों को उनके नामों के समक्ष उल्लेखित दिनांक से उनकी नियुक्ति पर स्थायी करता है:-

स्थायी किये

स्थायीकरण

नाम

क्र.

जाने का दिनांक

का प्रमाण- पत्र जारी किये जाने का दिनांक

(4) (1)

(3)

(2)

24-5-2011

24-5-2011

1 श्री रामेश्वर गंगाराम कोठे

24-5-2011

24-5-2011

2 श्रीमती अनुराधा शुक्ला

24-5-2011

24-5-2011

3 श्री संजीव सुधाकर कालगांवकर.

24-5-2011

24-5-2011

4 श्री बृजेन्द्र सिंह भदौरिया

24-5-2011

24-5-2011

5 श्री अमनीस कुमार वर्मा

24-5-2011

24-5-2011

श्री प्रेम नारायण सिंह

6

7

24-5-2011 24-5-2011 श्री अचल कुमार पालीवाल

24-5-2011

24-5-2011

8 स्व. श्रीमती ऊषा श्रोत्रिय

24-5-2011

24-5-2011

श्री श्यामाचरण उपाध्याय

9

24-5-2011

24-5-2011

10 श्री हृदेश

24-5-2011

24-5-2011

11 श्री अवनिन्द्र कुमार सिंह

24-5-2011

24-5-2011

12 श्री गोपाल श्रीवास्तव

24-5-2011

24-5-2011

13 श्री.. अखिलेश जोशी

24-5-2011

24-5-2011

14 श्री प्रेम कुमार सिन्हा

24-5-2011

24-5-2011

15 श्री गुणवंत सिंह सलूजा

24-5-2011

24-5-2011

16 श्री अरूण कुमार सिंह

(सीनियर) .

24-5-2011

24-5-2011

17 श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह

24-5-2011

24-5-2011

18 श्रीमती गिरिबाला सिंह

24-5-2011

24-5-2011

19 श्री राम कुमार चौबे

24-5-2011

24-5-2011

20 श्री बिनोद कुमार द्विवेदी

24-5-2011

24-5-2011

21 श्री राम लाल यादव

24-5-2011

24-5-2011

22 श्री रूचिर शर्मा

16-1-2012

16-1-2012

23 श्री अक्षय कुमार द्विवेदी

16-1-2012

16-1-2012

24 श्री वीरेन्द्र प्रताप सिंह

(4) (2)

(3)

(1)

16-1-2012

16-1-2012

25 श्री योगेश कुमार गुप्ता

16-1-2012

16-1-2012

26 श्रीमती आशा गोधा

16-1-2012

16-1-2012

27 श्री अनिल कुमार भाटिया

16-1-2012 16-1-2012 डॉ. विजय कुमार अग्रवाल

28

16-1-2012

16-1-2012

29 श्री योगेश चन्द्र गुप्त

16-1-2012

16-1-2012

30 श्रीमती इन्द्रा सिंह

16-1-2012

16-1-2012

31 श्री विनोद कुमार दुबे (जूनियर).

16-1-2012

16-1-2012

श्री नवीन कुमार सक्सेना

32

16-1-2012

16-1-2012.

33 श्री राजेश कुमार गुप्ता

16-1-2012

16-1-2012

34 श्री विजय कुमार पाण्डेय (सीनियर) .

16-1-2012

16-1-2012

35 श्री अफसर जावेद खान

16-1-2012

16-1-2012

36 श्री प्रताप कुमार तिवारी

16-1-2012

16-1-2012

37 श्री विनोद कुमार

श्री धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव 16-1-2012 16-1-2012 38

16-1-2012

16-1-2012

39 श्री कृष्ण कांत शर्मा

1-2-2012

16-1-2012

40 श्री सुरेश रणदिवे

1-2-2012

16-1-2012

41 श्री गजेन्द्र सिंह

16-1-2012 1-2-2012 42 श्रीमती सुरभि मिश्रा

1-3-2012

16-1-2012

43 श्री अरूण कुमार वर्मा.

1-3-2012

16-1-2012

44 श्री पवन कुमार शर्मा

16-1-2012 1-4-2012 45 श्री अजय प्रकाश मिश्र

16-1-2012 1-4-2012 46 श्री उमेश कुमार गुप्ता

1-5-2012

16-1-2012

47 श्री पंकज गौड़

19-5-2012

16-1-2012

48 स्व. श्री अशोक कुमार गोयनार.

16-1-2012 1-6-2012 49 श्री ओंकार नाथ

16-1-2012 1-6-2012 50 श्री आलोक अवस्थी

16-1-2012 1-6-2012 51 श्री मुंशी सिंह चन्द्रावत

1-6-2012 52 श्री रत्नेश चन्द्र सिंह बिसेन 16-1-2012

1-7-2012

16-1-2012

श्री भगवती प्रसाद शर्मा

53

1-7-2012 श्री प्रदीप मित्तल

16-1-2012

54

1-7-2012

16-1-2012

55 श्री सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव (सीनियर) .

26-9-2012.

16-1-2012

श्री सनत कुमार कश्यप

56

26-9-2012

16-1-2012

57 श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा 2230

[ भाग 1

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(4) (2)

(3)

(1)

26-9-2012

16-1-2012

58 श्री कृष्णमूर्ति मिश्रा

26-9-2012

16-1-2012

श्री दिलीप कुमार नागले

59

26-9-2012

16-1-2012

60 श्री दीपक गुप्ता

26-9-2012

16-1-2012

61 श्री अजीत सिंह

16-1-2012 26-9-2012 श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव

62

26-9-2012

16-1-2012

63 श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत

26-9-2012

16-1-2012

64 श्री प्राणेश कुमार प्राण

26-9-2012

16-1-2012

65 श्रीमती रश्मि अग्रवाल

26-9-2012

16-1-2012

66 श्री नवनीत कुमार गोधा

26-9-2012

16-1-2012

67 श्री सभापति यादव

26-9-2012

16-1-2012

68 श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा (जूनियर) .

26-9-2012

16-1-2012

69 श्रीमती सविता दुबे

26-9-2012

16-1-2012

70 श्री हरि शरण यादव

26-9-2012 71 डॉ. ओम प्रकाश तिवारी 16-1-2012

26-9-2012

16-1-2012

श्री महेश चन्द्र सोनी

72

16-1-2012 26-9-2012 श्री सुनील कुमार श्रीवास्तव

73

26-9-2012

16-1-2012

74 श्री श्याम बिहारी वर्मा

15-12-2012

16-1-2012

75 श्री रमा शंकर शर्मा

1-1-2013

16-1-2012

76 श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव (सीनियर) .

1-1-2013

16-1-2012

77 श्री योगेश दत्त ( शुक्ला)

1-2-2013

16-1-2012

78 श्री महेश कुमार शर्मा

1-2-2013

16-1-2012

79 श्री भरत 'सिंह जमरा

28-2-2013

16-1-2012

80 श्री अजय कुमार गर्ग

28-2-2013

16-1-2012

81 श्री शिव चरण पाण्डेय

28-2-2013

16-1-2012

82 श्री राकेश श्रोत्रिय

28-2-2013

16-1-2012

83 श्री अनिल कुमार गुप्ता

28-2-2013

16-1-2012

84 श्री अमिताभ मिश्रा

28-2-2013

16-1-2012

85 श्री ज्ञान प्रकश अग्रवाल

28-2-2013

16-1-2012

86 श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर

28-2-2013

16-1-2012

87 श्री यशवंत सिंह परमार

28-2-2013

16-1-2012

88 श्री जोसेफ माईकल राव

16-1-2012 28-2-2013 89 श्री राजेन्द्र प्रसाद मनकेलिया

28-2-2013

16-1-2012

90 श्री जशरथ राज बच्चन

28-2-2013

16-1-2012

91 श्री विजय मालवीया

28-2-2013

16-1-2012

92 श्री देवराज बोहरे

(4)

(3)

(1)

(2)

28-2-2013

16-1-2012

93 श्री संजय कुमार जैन (सीनियर) ..

28-2-2013

16-1-2012

श्री राजीव कुमार सिंह

94

28-2-2013

16-1-2012

95 श्री देवेन्द्र देव द्विवेदी

20-6-2013 20-6-2013 श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्त

96

20-6-2013

20-6-2013

श्री प्रमोद कुमार अग्रवाल

97

20-6-2013

20-6-2013

98 श्री देव नारायण मिश्रा

20-6-2013

20-6-2013

श्री सुबोध कुमार जैन

99

20-6-2013 20-6-2013 श्रीमती रेणुका कंचन

100

20-6-2013、20-6-2013 श्री दीपक कुमार त्रिपाठी

101

20-6-2013

20-6-2013

श्री उपेन्द्र कुमार सिंह

102

20-6-2013 20-6-2013 श्री ब्रम्हा शंकर दीक्षित

103

20-6-2013 श्री रामानन्द चन्द

20-6-2013

104

20-6-2013

20-6-2013

श्री आनंद कुमार तिवारी

105

20-6-2013

20-6-2013

श्री सुशांत हुद्दार

106

20-6-2013 श्री धरमिंदर सिंह

20-6-2013

107

20-6-2013

20-6-2013

श्री उमेश पाण्डव

108

20-6-2013

20-6-2013

श्री रमेश कुमार श्रीवास्तव

109

20-6-2013 श्री ललित किशोर

20-6-2013

110

20-6-2013

20-6-2013

श्री अनीष कुमार मिश्रा

111

20-6-2013 श्रीमती ममता जैन

20-6-2013

112

20-6-2013

20-6-2013

113 श्रीमती आशिता श्रीवास्तव

20-6-2013 श्री राजाराम भारतीय

20-6-2013

114

20-6-2013

20-6-2013

दीपेश कुमार तिवारी

115 श्री

श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल 20-6-2013 20-6-2013 116

1-9-2014 1-9-2014 कुमारी नीना आशापुरे

117

10-12-2014

10-12-2014

श्री राजवर्धन गुप्ता

118

10-12-2014

10-12-2014

119 श्री अतुल्य सराफ

अनिल कुमार अग्रवाल 10-12-2014 10-12-2014 120 श्री

हितेन्द्र सिंह सिसोदिया 10-12-2014 10-12-2014 121 श्री

10-12-2014

10-12-2014

कुमारी भावना साधो

122

10-12-2014 रमेश मावी

10-12-2014

123 श्री

10-12-2014 10-12-2014 काशिफ नदीम ( खान)

124 श्री.

10-12-2014

10-12-2014

अनिल कुमार सोहाने

125 श्री

10-12-2014

10-12-2014

कुमारी किरण गोहर

126

10-12-2014

10-12-2014

127 श्री रवीन्दर सिंह

10-12-2014

10-12-2014

राम प्रकाश मिश्रा

128 श्री 2231 भाग 1 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016

(4)

(3)

(4)

(1)

(2)

(2)

(3)

(1)

10-12-2014 10-12-2014 10-12-2014 10-12-2014 162 श्री मधुसूदन मिश्रा

129 कुमारी अनीता बाजपेयी

10-12-2014 10-12-2014

10-12-2014

10-12-2014 130 श्री सुनील कुमार जैन

163 श्री सुरेश सिंह

(सीनियर).

7-10-2015 7-10-2015

164 श्री पदम चन्द्र गुप्ता

10-12-2014

10-12-2014

131 श्री संजय कृष्ण जोशी

1-3-2016 1-3-2016

165 श्री एम. एस . ए. अंसारी

10-12-2014 10-12-2014

132 श्री शशि भूषण पाठक

10-12-2014 10-12-2014

133 श्री राजीव कुमार करमहे

10-12-2014 10-12-2014

134 श्री राजेन्द्र प्रसाद सोनी

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, मनोहर ममतानी , रजिस्ट्रार जनरल. 10-12-2014 10-12-2014

135 श्री अजय श्रीवास्तव

श्री सत्येन्द्र गोवर्धन लाल 10-12-2014 10-12-2014

136

जबलपुर, दिनांक 28 मई 2016 जोशी.

श्री प्रकाश चन्द्र मिश्र 10-12-2014 10-12-2014

137

10-12-2014 10-12-2014.

138 कुमारी साधना माहेश्वरी

10-12-2014 10-12-2014

139 श्री अवधेश कुमार सिंह

10-12-2014 10-12-2014

140 श्री सतीश चन्द्र शर्मा

(जूनियर ).

क्र. 571- गोपनीय-2016- दो-3-38-2016.- उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, कुमारी ज्योति राजपूत, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 देवसर जिला सिंगरौली का विवाह उपरांत नाम परिवर्तन " श्रीमती ज्योति राजपूत" पत्नी श्री अनिल धाकड़ करने की एतद्वारा स्वीकृति प्रदान करता है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तन नाम अंकित किया जावे.

10-12-2014 10-12-2014

141 श्री राजीव आप्टे

आदेशानुसार,

10-12-2014

10-12-2014

142 श्रीमती अलका दुबे

मनोहर ममतानी , रजिस्ट्रार जनरल. 10-12-2014 10-12-2014

श्री संजीव कुमार पाण्डेय

143

10-12-2014

10-12-2014

144 श्री महेन्द्र कुमार जैन

जबलपुर, दिनांक 2 जून 2016

10-12-2014

10-12-2014

145 श्री राकेश मोहन प्रधान

10-12-2014

10-12-2014

146 श्री वाचस्पति मिश्र

10-12-2014

10-12-2014

147 श्री रामप्रताप सिंह

10-12-2014 10-12-2014

148 श्री देव नारायण ( शुक्ला )

10-12-2014

श्री लखन लाल गर्ग 10-12-2014

149

10-12-2014 "

10-12-2014

श्रीमती तृप्ति शर्मा

150

क्र. B 2744-दो-2-45-2015.- श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव, रज़िस्ट्रार ( परीक्षा ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 26 से 29 मई 2016 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का अर्जित अवकाश पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश दिनांक 30 मई 2016 से 10 जून 2016 तक के पूर्व के अनुक्रम में स्वीकृत किया जाता है.

10-12-2014

10-12-2014

151 श्री जाकिर हुसैन

श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव 10-12-2014 10-12-2014

152

(सीनियर) .

अवकाश से लौटने पर श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव , रजिस्ट्रार ( परीक्षा ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .

10-12-2014 10-12-2014

153 श्री संजीव कुमार अग्रवाल

10-12-2014

10-12-2014

श्रीमती विधि सक्सेना

154

10-12-2014

10-12-2014

155 श्री कपिल कुमार मेहता

अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.

10-12-2014

10-12-2014

श्री मोहन पी. तिवारी

156

श्री राकेश कुमार ( गुप्ता ) 10-12-2014 10-12-2014

157

10-12-2014 10-12-2014

श्री रवीन्द्र सिंह कुशवाह

158

प्रमाणित किया जाता है कि श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( परीक्षा ) के पद पर कार्यरत रहते.

10-12-2014 10-12-2014

श्री राजीव कुमार अयाची

159

10-12-2014

10-12-2014

160 श्री जयप्रकाश सिंह

10-12-2014

10-12-2014

श्री सुरेश कुमार चौबे

161

उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, यू. एस. दुबे, रजिस्ट्रार.

(सीनियर).

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 17 June 2016. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2016-06-17.25.Ordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2016-06-17.25.Ordinary.