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मध्यप्रदे श शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 17 जून 2016- ज्येष्ठ 27, शक 1938
क्रमांक 25 ]
विषय-सूची
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश,
भाग 1.-
(2) सांख्यिकीय सूचनाएं,
(3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं,
(4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश
( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन,
भाग 4.- ( क)
(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक, और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम,
(3 ) संसद्के अधिनियम,
भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
(ग) (1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
2." पूर्व मुख्यमंत्री, यदि केन्द्र अथवा राज्य में मंत्री पद धारित करते हैं, तो उक्त अवधि के लिए उन्हें वेतन एवं भत्ते की पात्रता नहीं होगी , किन्तु अन्य सुविधाओं हेतु पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से पात्र होंगे . "
भोपाल , दिनांक 26 मई 2016
क्र. एफ ए- 3-24-2016- एक ( 1 ) .- इस विभाग के समसंख्यक
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. कातिया, अपर सचिव.
आदेश दिनांक 21 अप्रैल 2016 के पैरा -2 के स्थान पर निम्नानुसार पैरा स्थापित किया जाता है :-
2059
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2016.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2060
गृह विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 7 जून 2016
क्र. एफ- 12-44-2015 - बी- 1- दो.- यतः, राज्य सरकार यह आवश्यक समझती है कि राज्य के उन परिलक्षित क्षेत्रों में जहां कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर अत्याचार होने की संभावनाएं अधिक हैं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों पर अत्याचार के अपराधों का निवारण किया जाए;
अतएव, इन क्षेत्रों में अत्याचारों का निवारण करने तथा केन्द्र सरकार द्वारा बनाई गई विधि के अधीन अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के संरक्षण तथा उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने तथा अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम , 1989 ( 1989 का 33 ) की धारा 21 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( सात ) के उपबंधों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दृष्टि से, राज्य सरकार, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम ( 4 ) में विनिर्दिष्ट ग्रामों, वार्डों नगरों के क्षेत्रों के लिये उक्त अनुसूची के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट जिले के लिये कॉलम ( 3 ) में विनिर्दिष्ट पुलिस थानों को , उक्त अधिनियम तथा उसके अधीन बनाये गये नियमों के अधीन ऊपर उल्लिखित प्रयोजनों के लिये चिन्हित क्षेत्र अधिसूचित करती है , अर्थात्ः-
अनुसूची
पुलिस थाना (3)
जिला (2)
अनुक्रमांक (1)
पीपलरांवा
देवास
1
बागली
कन्नौद
कन्नौद
सतवास
कराहल 2
श्योपुर
रायसेन
3
औबेदुल्लागंज 4
बैतूल कोतवाली
बैतूल
बैतूल कोतवाली
बैतूल कोतवाली
बैतूल कोतवाली
सारनी
कोतवाली
विदिशा
5
कोतवाली
कोतवाली 6
शिवपुरी
स्टेशन 7
मुरैना
स्टेशन
कोतवाली
अम्बाह
सिराली 8
हरदा
ग्वालियर
हजीरा 9
ग्राम, वार्ड/नगर (4)
मेहरखेड़ी मुण्डला
बागली
बावड़ीखेड़ा
पिपलानी
जिनवानी
कराहल
अर्जुन नगर ( वार्ड 12 )
हमलापुर
सदर
गंज
टिकारी
पाथाखेड़ा
मोहनगिरी ( वार्ड 3 एवं 5 )
लोहांग मोहल्ला ( वार्ड 21 एवं 22 )
लालमाटी फतेहपुर ( वार्ड 13 )
तुस्सीपुरा (वार्ड 12 )
सुभाष नगर ( वार्ड 14)
गोपालपुरा ( वार्ड 45 )
पूठा वडफरा
मकड़ाई रोड
हजीरा चौराहा 2061
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
F.12-44-2015 - B1 - Two , WHEREAS , the State Govemment considers it necessary to prevent the commision of offences of atrocities against the members of the Scheduled Caste and Scheduled Tribes in such identified areas of the State where there are much possibilities of atrocities on Scheduled Caste and Scheduled Tribe members ;
Now , THEREFORE with a view to prevent atrocities in these area and to ensure protection and safety of members of Scheduled Caste and Scheduled Tribes under the law made by the Central Govemment and in order to ensure effective implementation of provisions of clause (vii ) of sub- section (2 ) of Section 21 of the Scheduled Caste and Scheduled Tribes ( Prevention of Atrocities) Act , 1989 (No. 33 of 1989 ) , the State Govemment hereby , notify the Police Stations Specified in column (3 ) for the area of village , ward /town specified in column (4 ) for the District specified in column (2) of the Scheduled given below as identified area for the above mentioned purpose under the said Act and rules made there under , namely :-
SCHEDULE
S. No.
District (2)
Policee Station (3) (1)
1
Dewas
Peepalrawa
Bagli
Kannod
Kannod
Satwas
Karahal 2
Sheopur
3
Raisen
Obaidullaganj
Betul Kotwali 4
Betul
Betul Kotwali
Betul Kotwali
Betul Kotwali
Sarni
Vidisha
5
Kotwali Kotwali
Kotwali 6
Shivpuri
7
Morena
Station Station
Kotwali Ambah
Sirali
Harda
8
Hazira
Gwalior
9
Village , Ward/Town (4)
Meharkhedi Mundla
Bagli
Bawrikhedi
Piplani
Jinwani
Karahal
Arjun Nagar (Ward No. 12)
Hamlapur
Sadar
Ganj
Tikari
Pathakheda
Mohangiri (Ward No. 3 and . 5) Lohangi Mohalla ( Ward No. 21 and 22) Lalmati Phatehpur (Ward No. 13 )
Tussipura (Ward No. 12) Subhash Nagar (Ward No. 14)
Gopalpura (Ward No. 45)
Pootha wadphara
Makdai Road
Hazira Chouraha
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
डी. पी. गुप्ता, सचिव.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2062
भोपाल, दिनांक 2 जून 2016
जाने की अनुमति एवं 10 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण की सुविधा प्रदान की जाती है: -
संबंध
परिवार के सदस्यों के नाम
क्रमांक
(2)
(3)
(1)
स्वयं
1
श्री जयदीप प्रसाद
पत्नी
श्रीमती भारती प्रसाद .
2
3
पुत्र
यशदीप
क्र. एफ-1 (ए) 192-99-ब- 2-दो- श्री मकरन्द, देउस्कर, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा , पुलिस मुख्यालय , भोपाल को दिनांक 8 से 17 जून 2016 तक, दस दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 18 , 19 जून 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए खण्ड वर्ष 2014-17 में गृह नगर की अवकाश यात्रा सुविधा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यांत्रा सुविधा के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ लद्दाख जाने की अनुमति एवं 10 दिवस अवकाश नगदीकरण की सुविदा प्रदान की जाती है:-
संबंध
परिवार के सदस्यों के नाम
क्रमांक
(2) अवकाश से लौटने पर श्री जयदीप प्रसाद, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है:
(3)
(2)
(1)
स्वयं
श्री मकरन्द देउस्कर
1
पत्नी
श्रीमती निधि
2
(3) अवकाशकाल में श्री जयदीप प्रसाद, भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
3
पुत्री
कु. सौम्या
4
पुत्री
कु. सनिका
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री जयदीप प्रसाद , भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
भोपाल , दिनांक 3 जून 2016 (2) श्री मकरन्द, देउस्कर, भापुसे, की उक्त अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा , पुलिस मुख्यालय, भोपाल का चालू कार्यभार सुश्री सोनाली मिश्रा भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक गुप्तवार्ता, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के द्वारा अपने वर्तमान कार्य के साथ - साथ सम्पादित किया जायेगा.
क्र. एफ-1 ( ए) -42-2009- ब-2-दो -( 1 ) श्री आर. पी. सिंह, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा, रेंज छिन्दवाड़ा को दिनांक 1 से 12 अगस्त 2016 तक, बारह दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 31 जुलाई 2016 एवं 13, 14 अगस्त 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री मकरन्द, देउस्कर, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(2 ) श्री आर. पी . सिंह, भापुसे, की अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक, ( प्रशासन ) , भोपाल का कार्य श्री जी. के. पाठक, भापुसे अधीक्षक, छिन्दवाड़ा द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा..
(4 ) श्री मकरन्द, देउस्कर, भापुसे, द्वारा अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करने परं कण्डिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(3 ) अवकाश से लौटने परं श्री आर. पी. सिंह, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस उप महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा, रेंज छिन्दवाड़ा के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(5) अवकाशकाल में श्री मकरन्द, देउस्कर , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री मकरन्द, देउस्कर , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
(4) श्री आर. पी. सिंह, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, छिन्दवाड़ा, रेंज छिन्दवाड़ा द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
( 5) अवकाशकाल में श्री आर. पी. सिंह, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर. पी. सिंह, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ -1 (ए) 213-96-ब- 2-दो श्री जयदीप प्रसाद, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, राज्य आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, भोपाल को दिनांक 23 से 28 मई 2016 तक, छः दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 20, 21 एवं 29 मई 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुएं खण्ड वर्ष 2014-17 में गृह नगर की अवकाश यात्रा सुविधा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यात्रा सुविधा के तहत् परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ ( जम्मू कश्मीर ) भाग 1 ]
2063
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
क्र. एफ-1 ( ए) -154-93- ब-2-दो -( 1 ) श्री डी. श्रीनिवास राव, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक , जबलपुर जोन , जबलपुर को दिनांक 13 से 17 जून 2016 तक, पांच दिवस अर्जित अवकाश एवं दिनांक 11 , 12 , 18 एवं 19 जून 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्री डी. श्रीनिवास राव , भापुसे , की अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन, जबलपुर, कार्य श्री आर.पी. सिंह, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस उप महानिरीक्षक, जबलपुर जोन, जबलपुर, द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री डी. श्रीनिवास राव, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन, जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री डी. श्रीनिवास राव, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन, जबलपुर द्वारा कार्यभार ग्रहण करने परं कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5) अवकाशकाल में श्री डी. श्रीनिवास राव, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. श्रीनिवास राव , भांपुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
क्र. एफ -1 ( ए) -156-93- ब- 2- दो - राज्य शासन के समसंख्यक आदेश दिनांक 2 मई 2016 द्वारा श्री पवन श्रीवास्तव, भा.पु.से. पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, रेंज इन्दौर को दिनांक 2 से 13 मई 2016 तक, तेरह दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 1 एवं 14-15 मई 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए खण्ड वर्ष 2014-17 के पार्ट वर्ष 2016-17 में गृह नगर की अवकाश यात्रा सुविधा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यात्रा सुविधा के तहत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों सहित लक्ष्यदीप जाने की अनुमति तथा 10 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति प्रदान की गई थी जिसे निरस्त किया जाता है.
भोपालं, दिनांक 4 जून 2016
क्र. एफ -1 ( ए) -85-1999- ब- 2-दो- ( 1 ) श्री वेदप्रकाश शर्मा, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, ( कार्मिक ) भोपाल को दिनांक 6 से 10 जून 2016 तकं पांच दिवस अर्जित अवकाश एवं दिनांक 5, 11 एवं 12 जून के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है.
(2 ) श्री वेदप्रकाश शर्मा , भापुसे, की अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक, ( कार्मिक ) भोपाल का कार्य श्री पंकज श्रीवास्तव , भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( प्रशासन ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री वेदप्रकाश शर्मा, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक ) , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री वेदप्रकाश शर्मा, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक ( कार्मिक) , भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाशकाल में श्री वेदप्रकाश शर्मा , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री वेदप्रकाश शर्मा , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ-1 ( ए) -153-90-ब- 2-दो ( 1 ) श्री पी. एस . फलणीकर, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक, ( मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी ) , भौंरी , भोपाल को दिनांक 13 से 30 जून 2016 तक, अठारह दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) श्री पी . एस. फलणीकर, भापुसे, की अवकाश अवधि में अति. पुलिस महानिदेशक ( मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी ) , भौंरी , भोपाल का कार्य श्री आलोक रंजन, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( प्रशिक्षण ) , पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री पी. एस. फलणीकर भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक ( मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी ) , भौंरी , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री पी . एस. फलणीकर, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक (मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी ) , भौंरी , भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका -2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्री पी. एस. फलणीकर, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री पी. एस. फलणीकर, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
भोपाल , दिनांक 8 जून 2016
क्र. एफ-1 ( ए) 20-92- ब-2-दो श्री प्रदीप कुमार रूनवाल, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( सतर्कता) , पुलिस मुख्यालय, 2064
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भोपाल को दिनांक 13 से 17 जून 2016 तक, पांच दिवस अर्जित अवकाश दिनांक 11 , 12 एवं 18, 19 जून 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत करते हुए खण्ड वर्ष 2014-17 के द्वितीय ब्लाक वर्ष 2016 में गृह नगर की अवकाश यात्रा सुविधा के बदले में भारत भ्रमण की अवकाश यात्रा सुविधा के तहत् परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ उटी ( तमिलनाडू) जाने की अनुमति तथा 10 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति प्रदान की जाती है:-
संबंध परिवार के सदस्यों के नाम
क्रमांक
(3)
(2)
(1)
स्वयं 1
श्री प्रदीप रूनवाल
2
पत्नी श्रीमती ममता रूनवाल
( 2 ) श्री प्रदीप कुमार रूनवाल , भापुसे, की उक्त अवकाश अवधि में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( सतर्कता) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल का चालू कार्यभार श्री जी. पी. सिंह , भापुसे, अपराध अनुसंधान विभाग , पुलिस मुख्यालय , भोपाल के द्वारा अपने वर्तमान कार्य के साथ-साथ सम्पादित किया जायेगा.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री प्रदीप कुमार रूनवाल, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ( सतर्कता ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री प्रदीप कुमार रूनवाल , भापुसे के द्वारा अपने पद पर कार्यभार ग्रहण करने पर कण्डिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाशकाल में श्री प्रदीप कुमार रूनवाल , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रदीप कुमार रूनवाल, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
क्र. एफ-1 (ए) -116-2005- ब-2 दो-( 1 ) श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे , पुलिस महानिरीक्षक , विसबल, रेंज , भोपाल को दिनांक 1 से 10 जून 2016 तक, दस दिवस अर्जित अवकाश एवं दिनांक 11 एवं 12 जून 2016 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .
(2) श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे , की अवकाश अवधि में पुलिस महानिरीक्षक , विसबल , रेंज , भोपाल का कार्य श्री मनीष शंकर शर्मा, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ( अभियान/ प्रशिक्षण ) , पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा वर्तमान कार्य के साथ- साथ संपादित किया जायेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, रेंज, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4 ) श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, रेंज, भोपाल द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाशकाल में श्री आर. एल. प्रजापति, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री आर.एल. प्रजापति, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , कमला उपाध्याय, अवर सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग ! भोपाल, दिनांक 3 जून 2016
पंजी क्र. 1971- इक्कीस- ब( दो ) .- इस विभाग के आदेश क्रमांक फा. 17 ( ई) 59-2002- इक्कीस- ब ( एक ) 06, भोपाल, दिनांक 12 दिसम्बर 2006 के द्वारा कुटुम्ब न्यायालय अधिनियम, 1984 के अन्तर्गत स्थापित परिवार न्यायालय , रीवा में कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 6 के प्रावधानों के अन्तर्गत श्रीमती ज्ञान देवी पाण्डेय को परामर्शदाता के रूप में नियुक्त किया गया था.
कुटुम्ब न्यायालय नियम, 2002 के नियम 19 के प्रावधानों के अन्तर्गत कुटुम्बं न्यायालय ( परिवार न्यायालय ) के प्रधान न्यायाधीश ने श्रीमती ज्ञान देवी पाण्डेय की परामर्शदाता के पद पर नियुक्ति को समाप्त किय जाने की सिफारिश की है .
प्रधान न्यायाधीश की उक्त सिफारिश दिनांक 20 नवम्बर 2014 पर विचार करने के उपरान्त राज्य सरकार, एतद्वारा , परामर्शदाता के पद पर नियुक्त श्रीमती ज्ञान देवी पाण्डेय की नियुक्ति को समाप्त करता है .
फा. क्र . 17- ( ई ) 83-03 - इक्कीस ब ( एक ) -1851- 2016.-विद्युत अधिनियम, 2003 ( 2003 का 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा. क्रमांक 17 ( ई ) 83-03 - इक्कीस- ब( एक) , दिनांक 16 सितम्बर, 2010 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग -1 में दिनांक 24 सितम्बर, 2010 में प्रकाशित की गई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है , अर्थात्ः-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक 38 एवं 80 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर , निम्नलिखित अनुक्रमांक भाग 1 ]
2065
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
और उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-
सारणी
स.क्र सिविल जिले का
विशेष न्यायालय का नाम
विशेष न्यायालय के न्यायालय का
नाम नाम (2 )
(1)
(4)
(3)
" 38. ग्वालियर अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश विशेष न्यायालय
श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-3, ग्वालियर.
क्रमांक-3.
80. सागर
श्री सुनील कुमार जैन अतिरिक्त सेशन
न्यायाधीश विशेष न्यायालय क्रमांक-10.
(सीनि. ) अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक-10 सागर. ".
F. No. 17 ( E) 83-03 - XXI - B ( One) -1851-2016 .- In exercise of the powers conferred by sub - section (2) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 (No. 36 of 2003), the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh, hereby makes the following further amendments in this department's Notification F. No. 17 (E) 83-03 - XXI - B ( 1 ) , dated 16th September , 2010 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part - I dated 24th September , 2010 namely :-
AMENDMENTS
In the said Notification , in the Table , for serial numbers 38 and 80 and entries relating thereto , the following serial numbers and entries relating thereto shall be substituted , namely: ----
TABLE
S.
Name of
No. the Civil District
(1). (2)
Name of Special Court (3)
Name of the Judge of the Special Court (4) "38. Gwalior Additional Sessions Judge , Special Court No. 3 , Gwalior.
Shri Sudeep Kumar Shrivastava , Additional Sessions Judge , Special Court No. 3 , Gwalior.
80. Sagar Additional Sessions Judge , Special Court No. 10, Sagar.
Shri Sunil Kumar Jain ( Sr. ) Additional Sessions Judge , Special Court No. 10 , Sagar. " .
फा. क्र. 17( ई ) 83-03-इक्कीस- ब ( एक) -1851-016.-विद्युत अधिनियम, 2003 ( 2003 का संख्यांक 36 ) की धारा 153 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की सहमति से, एतद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना फा क्र. 17 (ई ) 83-03-इक्कीस - ब( एक ) , दिनांक 16 सितम्बर 2010 में , जो मध्यप्रदेश राजपत्र , भाग -1 में दिनांक 24 सितम्बर 2010 को प्रकाशित की गई थी, निम्नलिखित संशोधन करता है अर्थात्: -
संशोधन
उक्त अधिसूचना में , सारणी में, अनुक्रमांक 38 तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं:-
सारणी
अ.क्र .
विशेष न्यायालय का नाम
सिविल जिले का नाम
विशेष न्यायालय की क्षेत्रीय अधिकारिता (विद्युत् क्षेत्र के अनुसार)
(3)
(1) (2)
(4) " 38. ग्वालियर
सिविल जिला ग्वालियर का समस्त विद्युत् क्षेत्र.".
अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, विशेष न्यायालय क्रमांक 3 .
F. No. 17 (E ) 83-03 - XXI - B ( 1 ) -1851-016 . In exercise of the powers conferred by sub- section ( 1 ) of Section 153 of the Electricity Act , 2003 ( No. 36 of 2003 ) , the State Government , with the concurrence of the High Court of Madhya Pradesh , hereby makes the following amendment in this Department's Notification F. No. 17 ( E ) 83-03 - XXI - B ( 1 ) , dated 16th September 2010 , which was published in the Madhya Pradesh Gazette , Part- I , dated 24th September 2010 , namely :-
AMENDMENT
In the said Notification , in the Table , for serial numbers 38 and entries relating thereto , the following serial number and entries relating thereto shall be substituted , namely:-
TABLE
S. No.
Name of the Civil District
Name of Special Court
(2)
Territorial jurisdiction of Special court (According to the electricity Area) (4) (1)
(3)
" 38. Gwalior
District Gwalior . " . AllElectricity Area of Civil Additional Sessions Judge , Special Court No. 3 , Gwalior.
[ भाग 1 2066
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भोपाल, दिनांक 6 जून 2016
and in partial supersession of this departments notification F.No. 1-5-96 - XXI - B (One) 3277-2014 , dated 1 November 2014 and in supersession of this departments notification F.No. 1-5-96- XXI - B (One ) 186- 2015, dated 7 February 2015 and F.No. 1-5-96-XXI- B( One ) 1510-2016 , dated 5 May 2016, the State Government, in consultation with the High Court of Madhya Pradesh , hereby , appoints the Additional Sessions Judges specified in column (2) of the Table below to be the Special Judge with the head Quarter specified in the corresponding entry in column ( 3 ) thereof for the areas comprising in column (4) thereof to try the cases relating to the offences specified in clauses ( a) and (b) of sub - section ( 1 ) of Section 3 of the said Act and all other offences investigated under the Delhi Special Police Establishment Act , 1946 (No. 25 of 1946) by the Delhi Police and Central Bureau of Investigation , namely :-
TABLE
S. Name of
Jurisdiction of
Headquarter
No. Judge
special court (4)
(3)
(2)
(1)
फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब ( एक ) -2051-2016 .- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 ( 1988 का सं. 49 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, और इससं विभाग की अधिसूचना फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस- ब (एक) 3277- 2016 , दिनांक 1 नवम्बर 2014 को आंशिक अतिष्ठित करते हुए तथा फा. क्र. 1-5-96- इक्कीस - ब( एक ) 186-2015, दिनांक 7 फरवरी 2015 एवं फा.क्र. 1-5-96-इक्कीस - ब ( एक ) 1510-2016, दिनांक 5 मई 2016 को अतिष्ठित करते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट अतिरिक्त सेशन न्यायाधीशों को सारणी के कॉलम ( 3 ) की तत्स्थानी प्रविष्टि में विनिर्दिष्ट मुख्यालय के लिए सारणी के कॉलम ( 4 ) में समाविष्ट क्षेत्रों के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 3 उपधारा ( 1 ) खण्ड (क) तथा ( ख ) में विनिर्दिष्ट अपराधों के संबंध में तथा दिल्ली पुलिस तथा केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरों द्वारा दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन अधिनियम , 1946 ( 1946 का सं. 25 ) के अधीन अनवेषण किये गये अन्य समस्त अपराधों के संबंध में, मामलों के विचारण के लिए, विशेष न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है :-
सारणी
न्यायाधीश
1 Shri Raveendra Kumar Bhadrasen , 11nd Additional Sessions Judge , Bhopal.
मुख्यालय
का नाम
अनु क्र.
विशेष न्यायालय का क्षेत्राधिकार (4)
(2) " .(3)
(1)
Bhopal Bhopal , Sehore , Raisen , Gwalior , Bhind, Morena , Shivpuri , Datia, Tikamgarh , Vidisha , Chhatarpur , Betul , Hoshangabad , Guna , Rajgarh , Harda , Sheopur and Ashoknagar .
2 Shri Jai Prakash Singh Indore Indore , Dhar , Ratlam, IVthAdditional Sessions Judge, Indore.
1 श्री रविन्द्र कुमार भद्रसेन, भोपाल द्वितीय अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश, भोपाल.
Jhabua, Mandsaur , Mandleshwar , Ujjain , Dewas , Shajapur, Khandwa , Neemuch , Badwani , Alirajpur and Burhanpur.
भोपाल , सीहोर, रायसेन , ग्वालियर, भिण्ड, मुरैना, शिवपुरी , दतिया, टीकमगढ़ , विदिशा, छतरपुर , बैतूल , होशंगाबाद, गुना, राजगढ़ , हरदा, श्योपुर एवं अशोकनगर.
भोपाल , दिनांक 7 जून 2016 चतुर्थ अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश , इन्दौर. 2 श्री जय प्रकाश सिंह , इन्दौर इन्दौर, धार , रतलाम , झाबुआ,
मंदसौर, मण्डलेश्वर, उज्जैन, देवास , शाजापुर , खंडवा, नीमच, बड़वानी, अलीराजपुर एवं बुरहानपुर.
F.N. 1-5-96 - XXI - B ( One ) -2051-2016 .-In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of Section 3 of the Prevention of Corruption Act , 1988 (No.49 of 1988 ) ,
फा. क्र. 17 ( ई ) 17-2016-इक्कीस- ब ( एक ) 1740- 2016.-कॉमर्शियल कोर्ट, कॉमर्शियल डिवीजन एंड कॉमर्शियल अपीलेट डिवीजन ऑफ हाईकोर्ट एक्ट, 2015 ( 2016 का 4 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) एवं उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के परामर्श से, एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 2 ) में उल्लिखित जिलों के लिये जिलास्तर पर, कॉलम ( 3 ) में यथा विनिर्दिष्ट क्षेत्र की स्थानीय सीमाओं के लिए उक्त अधिनियम के भाग 1 ]
अधीन उन्हें प्रदत्त क्षेत्राधिकार एवं शक्तियों का प्रयोग करने के प्रयोजन से, वाणिज्यिक न्यायालयों का गठन करता है , अर्थात्: -
सारणी
स्थानीय क्षेत्राधिकार स.क्र.
(3)
(1)
जिला (2)
1
बालाघाट
राजस्व, जिला बालाघाट 2
भोपाल
राजस्व, जिला भोपाल 3
बुरहानपुर
राजस्व, जिला बुरहानपुर 4
इन्दौर
राजस्व, जिला इन्दौर 5
जबलपुर
राजस्व, जिला जबलपुर 6
रायसेन
रजस्व, जिला रायसेन 7
सतना
राजस्व, जिला सतना F.N. 17 (E ) 17-2016 - XXI - B ( One ) -1740-2016 .- In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) and (2) of Section 3 of the Commercial Courts , Commercial Division and Commercial Appellate Division of High Courts Act , 2015 (No. 4 of 2016) the State Government , with the consultation of the High Court , hereby constitutes Commercial Courts at District level for the districts mentioned in column (2) of table given below for the purpose of exercising the jurisdiction and powers conferred on them under the said Act for the local limits of the area , as specified in column (3 ) thereof, namely :-
TABLE
District (2)
Local limits of area (3)
S.No. (1)
1 Balaghat Revenue District Balaghat 2
Bhopal
Revenue District Bhopal 3
Revenue District Burhanpur Burhanpur
4
Indore
Revenue District Indore 5
Revenue District Jabalpur Jabalpur
6
Revenue District Raisen Raisen
Satna
7
Revenue District Satna फा. क्र. 17 ( ई ) 17-2016- इक्कीस ब ( एक ) 2057- 2016.- कॉमर्शियल कोर्ट, कॉमर्शियल डिवीजन एंड कॉमर्शियल अपीलेट डिवीजन ऑफ हाईकोर्ट एक्ट, 2015 ( 2016 का सं. 4) की धारा 3 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में
2067
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
लाते हुए, राज्य शासन, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय कार्यकारी मुख्य न्यायाधिपति की सहमति से, एतद्वारा , नीचे दी गई सारणी के कॉलम ( 3 ) में उल्लिखित व्यक्तियों को उसके कॉलम ( 2 ) में उल्लिखित वाणिज्यिक न्यायालयों के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करता है अर्थात्: -
सारणी
स.क्र.
जिला
(1)
(2)
अधिकारी का नाम एवं पदनाम (3)
1
बालाघाट जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट 2
भोपाल कु. भावना साधो , चतुर्दश अपर जिला न्यायाधीश , भोपाल.
3
बुरहानपुर
4
इन्दौर
जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बुरहानपुर श्री पद्मेश शाह, द्वादश अपर जिला न्यायाधीश , इन्दौर.
5
जबलपुर श्री सुनील कुमार श्रीवास्तव, चतुर्थ अपर जिला न्यायाधीश , जबलपुर.
6
रायसेन जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रायसेन 7
सतना
जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सतना F.N. 17 (E ) 17-2016 - XXI - B (One) -2057-2016 .-In exercise of the powers conferred by sub- section (3) of Section 3 of the Commercial Courts , Commercial Division and Commercial Appellate Division of High Courts Act, 2015 (No. 4 of 2016) the State Government , with the concurrence of Hon'ble the Acting Chief Justice of the High Court of Madhya Pradesh , hereby appoints the persons mentioned in column (3) of the table given below to be the Judges of the Commercial Courts of districts mentioned in column (3) thereof, namely : -
TABLE
S.No. District
(1)
(2)
Name of the Officer and Designation (3)
1 Balaghat
The District and Sessions , Judge , Balaghat .
2 Bhopal
Ku . Bhawana Sadho , XIV , Additional District Judge , Bhopal.
3 Burhanpur The District and Sessions Judge, Burhanpur .
4
Indore
Shri Padmesh Shah , XII Additional District Judge , Indore.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2068
(3)
(2)
(1)
5 Jabalpur
यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
Shri Sunil Kumer, Shrivastava , IV Additional District Judge , Jabalpur
टीप.- श्री नवीन वर्मा की जन्मतिथि 20 सितम्बर 1972 ( बीस सितम्बर उन्नीस सौ बहत्तर) है.
6 Raisen
The District and Sessions , Judge , Raisen
Satna
7
The District and Sessions , Judge, Satna .
भोपाल, दिनांक 9 जून 2016
फा. क्र. 1 ( बी ) 12-2014- इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , श्री दिनेश प्रसाद त्रिपाठी को शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये उमरिया सत्र खण्ड के उमरिया राजस्व जिले के एतद्वारा नियुक्तकरता है.
यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 3 (ए) -1-2005- इक्कीस- ब( एक) -2148.- राज्य शासन, उच्च न्यायालय की अनुशंसा पर उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी , श्री रमेश कुमार सोनी, विशेष न्यायाधीश, अजा/अजजा (अत्याचार निवारण) अधिनियम, के अन्तर्गत गठित विशेष न्यायालय , विदिशा को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की दिनांक से अस्थायी रूप से आगामी आदेश होने तक, अतिरिक्त सचिव, मध्यप्रदेश शासन, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पद पर प्रतिनियुक्ति पर नियुक्त करता है.
टीप.- जन्मतिथि 17 अक्टूबर 1955. भोपाल , दिनांक 3 जून 2016 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विरेन्दर सिंह , प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 1 जून 2016
फा. क्र. 1 (सी) 12-2012-2014- इक्कीस- ब ( दो ).- राज्य शासन एतद्वारा इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 11 जून 2015 द्वारा माननीय उच्च न्यायालय , खंडपीठ ग्वालियर में राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो भोपाल के प्रकरणों में दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा -24 ( 8 ) के अधीन राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरों भोपाल की ओर से पैरवी हेतु नियुक्त श्री सुशील चंद्र चतुर्वेदी, अधिवक्ता, ग्वालियर के कार्यकाल में एक वर्ष अर्थात् दिनांक 28 जून 2016 से 27 जून 2017 तक की अभिवृद्धि करता है.
फा. क्र. 1 ( बी) 13-2004- इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री अशोक गवली अधिवक्ता को अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष के लिये आगर मालवा सत्र खण्ड के आगर मालवा राजस्व जिले के एतद्वारा नियुक्त करता है.
यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी ) 12-2004-इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, निम्नलिखित अधिवक्ताओं को उनके नाम के सामने दर्शाये पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर, जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये भिण्ड सत्र खण्ड के भिण्ड राजस्व जिले के लिये एतद्वारा नियुक्त करता है:-
भोपाल , दिनांक 2 जून 2016
पद
नाम
क्रमांक
(3)
(2)
(1)
1 श्री वीरेन्द्र सिंह भदौरिया शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक जिला भिण्ड.
2 श्री जगदीश प्रसाद दीक्षित अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला भिण्ड.
फा. क्र. 1 (बी ) 05-2005- इक्कीस ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, श्री नवीन वर्मा को शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये विदिशा सत्र खण्ड के विदिशा राजस्व जिले के एतद्वारा नियुक्त करता है.
2069
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(3)
(2)
(1)
3 श्री रवीन्द्र कुमार मुदगल अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला भिण्डः
4 श्री रवीन्द्र कुमार नगाइचं अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/
अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला भिण्ड.
यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी ) 19-2004- इक्कीस- ब ( दो).-दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, निम्नलिखित अधिवक्ताओं को उनके नाम के सामने दर्शाये पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर, जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये शहडोल सत्र खण्ड के शहडोल राजस्व जिले के लिये एतद्वारा नियुक्त करता है:-
नाम
क्रमांक
(2)
(1)
पद (3) शासकीय अभिभाषक/लोक अभियोजक जिला शहडोल.
1 श्री शिवकांत त्रिपाठी (जन्ततिथि 9-2-1967 )
2 श्री सुरेश कुमार जेठानी (जन्ततिथि 5-10-1968 )
अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला शहडोल.
3 श्री नारायण कुमार मिश्रा (जन्ततिथि 1-6-1964 )
अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक जिला शहडोल.
यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
फा. क्र. 1 ( बी )-20-2004- इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन , एतद्वारा श्री नन्द किशोर चौरसिया, अधिवक्ता को निम्न शर्तों पर शिवपुरी राजस्व जिले के तहसील पिछोर के लिए शासकीय अधिवक्ताओं के पैनल में एक वर्ष की अवधि के लिए शामिल करता है यह पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये तथा सूचना दिये बिना समाप्त की जा सकती है .
श्री चौरसिया अभिभाषक/अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक की अनुपस्थिति में ही न्यायालय में मध्यप्रदेश राज्य की ओर से पैरवी काकार्य करेंगे .
भोपाल , दिनांक 4 जून 2016
फा. क्र. 1 (सी) -13-2015 - एट्रोसिटीज-1401- इक्कीस- ब( दो) .- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये, अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री कुंवर बहादुर सिंह, अधिवक्ता जिला रीवा को जिला रीवा में निम्नलिखित शर्तों के अधीन विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
1. यह नियुक्ति उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है. किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होंगे.
2. उन्हें विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. 1 ( सी)- एट्रोसिटी- इक्कीस- ब ( दो ) , दिनांक 3 नवम्बर 2014 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225-(5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31- व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां 003-अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
फा. क्र. 1 (सी) -13-1970- एट्रोसिटी- इक्कीस - ब( दो).- राज्य शासन , अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार ग्वालियर जिले के विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) नियम, 1995 के नियम 4 ( 1 ) के अनुसार श्री दीपक कुर्रे, अधिवक्ता को जिला खण्डवा में विशिष्ठ ज्येष्ठ अधिवक्ता नियुक्त करता है.
उक्त नियुक्ति श्री दीपक कुर्रे द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है. किसी भी स्थिति में 62 वर्ष की आयु के पश्चात् वे उक्त पद पर कार्य करने हेतु अर्ह नहीं होंगे. विशेष लोक अभियोजक की अनुपस्थिति के दिनांक पर विशेष न्यायालय में केवल उस दिन की कार्यवाही हेतु पैनल अधिवक्ता को कार्य जिला दण्डाधिकारी द्वारा आवंटित किया जावेगा.
नियुक्त अभिभाषक को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. 1 ( सी ) -एट्रोसिटी- इक्कीस- ब ( दो ) , दिनांक 3 नवम्बर 2014 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31- व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां 003-अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2070
फा. क्र . 1 ( बी ) 03-2004- इक्कीस- ब ( दो) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन, निम्नलिखित अधिवक्ताओं को उनके नाम के सामने दर्शाये अनुसार कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर , जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये देवास सत्र खण्ड के देवास राजस्व जिले के लिये एतद्वारा नियुक्त करता है:-
जन्मतिथि
क्रमांक नाम
पदनाम (4)
(3)
(2)
(1)
3-5-1956
1 श्री गिरीश मुंगी
शासकीय अभिभाषक/ लोक अभियोजक, जिला देवास.
25-1-1971
2 श्रीमती जयन्ती पौराणिक.
अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला देवास.
8-3-1969
3 श्री कमल किशोर हरनिया.
अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, तहसील बागली, जिला देवास.
4 श्री गोपाल तिवारी 18-6-1963 अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक, तहसील कन्नौद, जिला देवास.
यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
भोपाल , दिनांक 6 जून 2016
फा. क्र. 1 ( बी ) 30-2004- इक्कीस- ब ( दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , अतिरिक्त शासकीय अभिभाषकों/अतिरिक्त लोक अभियोजकों के पद पर उनके नाम के सामने दर्शाये अनुसार उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर, जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये रीवा सत्र खण्ड के रीवा राजस्व जिले के लिये एतद्वारा नियुक्त करता है:-
नाम
क्रमांक
पद (3)
(2)
(1)
1 श्री हरिशंकर पटेल
(जन्ततिथि 1-12-1966 )
अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला रीवा.
(3)
(2)
(1)
2 श्री नीलग्रीव पाण्डेय (जन्ततिथि 28-10-1972 ) अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला रीवा.
अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/
अतिरिक्त लोक अभियोजक, 3 श्रीमती सरिता सिंह (जन्ततिथि 20-8-1964 )
जिला रीवा.
4 श्रीमती शशि तिवारी (जन्ततिथि 20-8-1973 ) अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, जिला रीवा.
5 श्री जयलाल साकेत (जन्ततिथि 1-9-1968 )
अतिरिक्त, शासकीय अभिभाषक/ अतिरिक्त लोक अभियोजक, तहसील मउगंज, जिला रीवा.
यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
भोपाल , दिनांक 8 जून 2016
फा. क्र. 1 ( बी) 15-2014- इक्कीस ब (दो ) .- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , श्री केशव सिंह चौहान को अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक/अतिरिक्त लोक अभियोजक के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से. एक वर्ष अथवा 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर जो भी पहले हो तक की अवधि के लिये होशंगाबाद सत्र खण्ड के होशंगाबाद राजस्व जिले के लिए एतद्वारा नियुक्त करता है.
यह नियुक्ति सामान्य पदावधि समाप्त होने के पूर्व बिना कोई कारण बताये किसी भी समय कोई सूचना दिए बिना समाप्त की जा सकती है.
टीप.- जन्मतिथि 10 जून 1975.
फा. क्र. 1 (सी ) -1969 - एट्रोसिटीज- इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री रामचरित्र मिश्रा, अधिवक्ता जिला उमरिया को जिला उमरिया में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
उक्तनियुक्ति श्री रामचरित्र मिश्रा द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष अथवा 62 वर्ष जो भी पहले हो, तक की अवधि के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.
2071
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
श्री रामचरित्र मिश्रा , अधिवक्ता, उमरिया को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. 1 ( सी ) -एट्रोसिटी- इक्कीस - ब (दो) , दिनांक 3 नवम्बर 2014 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष- 2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना-31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां - 003- अभिभाषकोंको फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
जन्मतिथि 31 अक्टूबर 1958
फा. क्र. 1 ( सी ) -1972- एट्रोसिटीज-इक्कीस- ब ( दो ).- राज्य शासन, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 की धारा 14 के अनुसार विनिर्दिष्ट विशेष न्यायालय के लिये अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री कृष्णपाल सिंह झाला, अधिवक्ता जिला नीमच को जिला नीमच में विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
उक्त नियुक्ति श्री कृष्णपाल सिंह झाला द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से तीन वर्ष अथवा 62 वर्ष जो भी पहले हो, तक की अवधि के लिये होगी. यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकती है.
श्री कृष्णपाल सिंह झाला, अधिवक्ता, नीमत को शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्र. 1 ( सी ) एट्रोसिटी- इक्कीस -ब (दो) , दिनांक 3 नवम्बर 2014 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 64- मुख्य शीर्ष-2225- ( 5171 ) विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां- 003- अभिभाषकों को फीस के अन्तर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा. जन्मतिथि 11 जनवरी 1979
पंजी क्र. 1627- इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन , तहसील हरसूद, जिला खण्डवा में नियुक्त नोटरी श्री आर.सी. उपाध्याय का दिनांक 30 मई 2013 को निधन होने के फलस्वरूप , नोटरी नियुक्ति आदेश दिनांक 31 अक्टूबर 1996 एवं नवीनीकरण आदेश दिनांक 31 अक्टूबर 2012 को अपास्तकरते हुए, श्री आर. सी. उपाध्याय का नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित करता है.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
फा. क्र. 1 (सी ) 1999- इक्कीस- ब-( दो) -2016.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 52 सन् 1974 ) की धारा 24 की उपधारा (8 ) एवं मध्यप्रदेश विशेष न्यायालय नियम 2012 के नियम 7 के (1 ) एवं नियम 8 (4 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा, श्री आलोक गुप्ता, उप संचालक अभियोजन, ग्वालियर को मध्यप्रदेश विशेष न्यायालय अधिनियम, 2011 के अन्तर्गत गठित विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण एवं प्राधिकृत अधिकारी ग्वालियर के समक्ष विचाराधीन प्रकरणों में मध्यप्रदेश शासन की ओर से संचालन हेतु पदस्थापना ग्रहण करने की तिथि से 3 वर्ष की अवधि अथवा अन्यत्र आदेश होने तक के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. के. वैद्य, सचिव.
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 28 अप्रैल 2016
क्र. बी- 4-20-15 - चौदह-2 .- राज्य शासन , एतद्वारा ; जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय , जबलपुर के अन्तर्गत पंवारखेड़ा, जिला होशंगाबाद में कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतु मंत्रि - परिषद् आदेश क्रमांक 39 , दिनांक 21 अप्रैल 2016 के परिपालन में स्वीकृति निम्नानुसार प्रदान की जाती है:-
1. उक्त महाविद्यालय में प्रवेश शैक्षणिक सत्र जुलाई 2016 से प्रारंभ किया जावे.
2. नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतु जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के अधीन आंचलिक कृषि अनुसंधान केन्द्र, पवारखेड़ा की कुल 183.287 हैक्टेयर भूमि में से 50 हैक्टेयर भूमि का उपयोग किया जावे .
3. कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतु अधोसंरचना विकास के लिये अनावर्ती मद में रुपये 7410.56 लाख [ परिशिष्ट-2 ( अ ) के अनुसार ] तथा संचालन के लिये आवर्ती व्यय हेतु प्रति वर्ष राशि परिशिष्ट 2 ( ब ) के अनुसार राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराई जावेगी . महाविद्यालय का व्यय मांग संख्या 54-2023- कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा आयोजना मद के अन्तर्गत विकलनीय होगा.
कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतु विभागीय संक्षेपिका दिनांक 21 मार्च, 2016 के परिशिष्ट 3 ( अ ) एवं परिशिष्ट 3 ( ब ) अनुसार अधिष्ठाता का एक पद, सहप्राध्यापक के 09 , पद सहायक प्राध्यपक के 38 पद तथा गैर शैक्षणिक 55 पद कुल 103 पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
बी. एस. धुर्वे , उपसचिव.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2072
परिशिष्ट 2 ( अ ) नवीन कृषि महाविद्यालय पंवारखेड़ा, जिला - होशंगाबाद की स्थापना हेतु अनावर्ती एवं आवर्ती मद
अन्तर्गत व्यय का विवरण
अ-अनावर्ती व्यय ( अधोसंरचना विकास ) :
मद (2) क्र. (1)
1
प्रशासनिक एवं महाविद्यालय भवन 2
छात्रावास ( बालक) भवन
3
छात्रावास ( बालिका ) भवन
4
आवासीय भवन
5
स्टूडेन्ट सुविधायें
(इस घटक में 30 दुधारू पशु सम्मिलित हैं ) 6
अभियांत्रिकी एवं विद्युतीय कार्य ( 33 के. व्ही. लाईन सब स्टेशन ) पुराने भवनों का नवीनीकरण , कक्षा प्रारंभ करने हेतु 4 शेड का निर्माण आदि.
7 महाविद्यालय प्रॉगण विकास
8
अनुसंधान प्रक्षेत्र का विकास एवं यांत्रिकी वर्कशाप निर्माण
उपकरण
9
10
महाविद्यालय बस
जीप/कार
11
ब-आवर्ती व्यय ( पांच वर्ष के लिये ) :
1
वेतन एवं भत्ते ( शैक्षणिक संवर्ग ) 2
वेतन एवं भत्ते ( गैर शैक्षणिक संवर्ग ) 3
यात्रा भत्ता एवं पी.ओ.एल.
4
आवर्ती ( आकस्मिकता व्यय )
5
ब्लाक ग्रांड ( पांच वर्ष के लिये ) राशिरुपये लाख में (3)
3795.21
512.95
462.77
767.10
357.59
5895.62
योग
723.00
197.94
260.00
विकास कार्य योग 1180.94
300.00
18.00
16.00
अधोसंरचना विकास कुल योग . 7410.56
1634.89
1130.11
100.00
348.00
1000.00
आवर्ती व्यय योग 4213.00
अएवं ब का योग 11623.56 2073
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
परिशिष्ट 2 ( ब ) नवीन कृषि महाविद्यालय पंवारखेड़ा, जिला-होशंगाबाद की स्थापना हेतु वर्षवार पांच वर्षों के लिये बजट प्रावधान
प्रथम वर्ष (3)
द्वितीय वर्ष (4) विवरण (2)
क्र. (1)
293.01
252.83
1 वेतन एवं भत्ते ( शैक्षणिक/ गैर शैक्षणिक संवर्ग ) .
65.00
60.00
आवर्ती आकस्मिकता व्यय
2
18.33
16.67
3 यात्रा भत्ता एवं पी.ओ.एल.
200.00
100.00
4 उपकरण
1030.00
300: 00
5 अधोसंरचना कार्य ( भवनों का निर्माण कार्य ( मुख्य भवन, छात्रावास, आवासीय भवन आदि) .
200.00
200.00
6 विकास कार्य (विद्युत् केन्द्र की स्थापना, अनुसंधान प्रक्षेत्र विकास एवं कृषि महाविद्यालय प्रॉगण विकास , यांत्रिकी वर्कशाप निर्माण.
200.00
200.00
7 ब्लाक ग्रांड
34.00
8 वाहन ( बस/जीप)
2006.34
1163.00
महायोग
कुल (8)
पंचम वर्ष (7)
तृतीय वर्ष (5)
चतुर्थ वर्ष (6)
2765.00
869.73
553.65
795.78
348.00
78.00
75.00
70.00
100.00 21.67
23.33
20.00
300.00
5895.62
1521.88
1521.87
1521.87
1180.94
260.32
260.31
260.31
1000:00
200.00
200.00
200.00
34.00
11623.56
2953.26
2874.63
2625.83
परिशिष्ट 3 ( अ) कृषि महाविद्यालय पंवारखेड़ा ( होशंगाबाद ) के लिये प्रशासकीय पद एवं शैक्षणिक पद
अ. प्रशासकीय पद
1. अधिष्ठाता ( एक ) वेतनमान रुपये 37,400-67.000 + 10000 ग्रेड पे ब. शैक्षणिक पद: -
क्र.
विभाग
(2)
(1)
सहायक प्राध्यापक वेतनमान रु. 15,600-39,100 (ग्रेड पे 6000 ) (4) 03
सह -प्राध्यापक वेतनमान
रु. 37,400-67,000
(ग्रेड पे 9000)
(3)
01
सस्य विज्ञान
1 [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2074
(2)
(1)
2
अनुवांशिकी एवं पौध प्रजनन
3
मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन
4
कीट शास्त्र
5
कृषि अर्थशास्त्र एवं प्रक्षेत्र प्रबंध
6
कृषि अभियांत्रिकी ( फार्म मशीनरी मृदा जल यांत्रिकी/ सिविल) .
7
पादप रोग ( प्लाट पैथोलाजी )
उद्यानिकी
8
9
कृषिविस्तार शिक्षा
10 वायों केमिस्ट्री/क्राप फिजियोलाजी/माइक्रबायोलाजी/ इन्वायरमेन्टल साइंस.
सांख्यिकी
11
12
पशुपालन
13
जैव प्रौद्योगिकी
सहायक ग्रंथपाल
14
15
कम्प्यूटर साइंस
अंग्रेजी भाषा
16
17
शारीरिक शिक्षा ( क्रीडा अधिकारी )
(4)
(3)
03
01
03
01
02
01
03
01
03
01
03
03
01
03
01
04
00
प्रत्येक विषय हेतु एक पद
01
00
02
00
01.
00
01
00
01
00
01
00
01
00
38
कुल पद 09
कुल पद- अधिष्ठाता
सह प्राध्यापक
सहायक प्रध्यापक
01
09
38
योग कुल पद 48
2075
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
परिशिष्ट 3 ( ब )
कृषि महाविद्यालय पंवारखेड़ा ( होशंगाबाद ) के लिये गैर शैक्षणिक पद
स. गैर शैक्षणिक पद:
पदनाम
(2)
क्र. (1)
1
शीघ्रलेखक/निज सहायक
2
सहायक ग्रेड-1
सहायक ग्रेड-2
3
4
सहायक ग्रेड-3
5
कम्प्यूटर प्रोग्रामर
6
सब इंजीनियर
7
फार्म मैनेजर ( कृषि/पशुपालन)
कार्यालय परिचारक
8
9
पुस्तकालय सहायक (सहायक ग्रेड-2 ) 10
प्रक्षेत्र विस्तार अधिकारी
11
प्रयोगशाला तकनीशियन
प्रयोगशाला परिचारक
12
13
इलेक्ट्रीशियन
14
वाहन चालक ( बस + ट्रेक्टर ) 15
वाहन चालक (जीप )
16
परिचालक (बस )
कम्पाउंडर
17
नर्स
18
19
सेनेटरी इंस्पेक्टर
20
माली
21
भृत्य
22
चौकीदार
सफाईकर्मी
23
संख्या (4)
वेतनमान रु. (3)
01
5200-20220 + 2800
01
5200-20220 + 2800
01
5200-20220 + 2400
12
5200-20220+ 1900
02
5200-20220+ 2400
01
9300-34800+ 3200
02
9300-34800 + 3200
05
5200-20200 + 1800
01
5200-20200 + 2400
03
5200-20200 + 2400
05
5200-20200+ 2400
05
5200-20200 + 1800
01
5200-20200 + 2400
02
5200-20200 + 2100
01
5200-20200 + 1900
01
4440-7440+ 1300
01
5200-20200 + 1900
01
5200-20200 + 2100
01
5200-20200 + 2100
02
4440-7440+ 1300
02
4440-7440+ 1300
02
4440-7440+ 1300
02
4440-7440+ 1300
कुल पद 55 [ भाग 1 2076
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
सहकारिता विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 16 मई 2016
क्र. एफ - 1-25-2014 - पन्द्रह - 2.- राज्य शासन द्वारा विभागीय आदेश क्रमांक एफ 1 ( ए) -45-2003- पन्द्रह -2, दिनांक 17 दिसम्बर, 2008 के सरल क्रमांक 11 से 25 को संशोधित करते हुए तत्कालीन उप/ सहायक आयुक्त सहकारिता एवं उप/सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं को उनके नाम के समक्ष दर्शाई गई तिथि से स्थाई किया जाता है:-
स्थाईकरण का दिनांक अधिकारी का नाम
जिस पद पर स्थाई किया
क्र.
(4)
(3)
(2)
(1)
30-6-2000 1
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री भंवर सिंह कोठारी , उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
31-7-2000 2
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
'श्री सुनील कुमार सिंह , उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
28-2-2001 3
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्रीमती सुरेखा अहिरवार, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
31-3-2001 4
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं .
श्री डी. पी. सिंह, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
30-11-2001 5
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं .
श्री शिव प्रकाश कौशिक, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
28-2-2002 6
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री पी. आर. कावड़कर, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
30-6-2002 7
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री संजय मौर्य उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
30-6-2002 8
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्रीमती अनुभा वाष्र्णेय उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
31-3-2003 9
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री रमाशंकर विश्वकर्मा, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
2077 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(4) (2)
(3)
(1)
28-6-2005 10
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री उमेश तिवारी , उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
30-9-2005 11
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री ओम प्रकाश गुप्ता, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
30-9-2005 12
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री मनोज कुमार जायसवाल, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
28-6-2005 13
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री मदनलाल गजभिये उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
31-12-2006 14
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री एस. डी. आर्य, उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
28-2-2007 15
सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
श्री अखिलेश कुमार निगम उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं.
(2 ) उक्त आदेश क्रमांक एफ 1 (ए) 45-2003- पन्द्रह -2 , दिनांक 17 दिसम्बर 2008 के सरल क्रमांक 25 पर श्री सी.पी. सिंह भदोरिया तत्कालीन सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं का किया गया स्थाईकरण निरस्त किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गायत्री पाराशर, अवर सचिव .
संस्कृति विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 24 मई 2016
क्र. एफ- 11-15-2016- तीस. - राज्य शासन की यह राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनष्ट किये जाने , क्षतिग्रस्त किये जाने , परिवर्तित किये जाने, विरूपित किये जाने , हटाये जाने, तितर - बितर किये जाने या उनका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है.
2. अतएव , मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आक्र्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा दो माह पश्चात् उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है .
2078
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
3. किसी भी ऐसी आपत्ति पर , जो इस संबंध में उक्त प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के " मध्यप्रदेश राजपत्र " में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो, राज्य शासन द्वारा विचार किया जाएगा:-
स्थल जिला तहसील
राज्य
(4)
(3)
(1)
(2)
सरभंगा सतना
मध्यप्रदेश
मझगवां
सरभंगा
मझगवां
सतना
मध्यप्रदेश
मझगवां
सतना
मध्यप्रदेश
सरभंगा
सतना मझगवां
मध्यप्रदेश
सरभंगा
सतना
मध्यप्रदेश
मझगवां सरभंगा
अनुसूची
क्षेत्रफल
स्मारक का नाम
स्वामित्व धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं राजस्व खण्ड क्रमांक जिसे संरक्षक में सम्मिलित करना है
(9) (6)
(7)
(8)
(5)
नहीं 51/1
म. प्र. शासन, वन विभाग रास्ता.
18.736 में से मीटर क्षेत्र.
यज्ञवेदी स्थल के प्राचीन मंदिरों के अवशेष.
0.198
45
म. प्र. शासन, नहीं वन विभाग
0.129 म. प्र. शासन, नहीं रास्ता.
शैलोत्कीर्ण गणेश प्रतिमा व ब्रम्हकुण्ड के समीप के मंदिर 46 व छत्र.
47
म. प्र. शासन, नहीं पहाड़
18.896 में से 500×500 मी. क्षेत्र.
0.352 म. प्र. शासन , नहीं वन विभाग
महावीर पहाड़ी का 29 हनुमान मंदिर.
0.858
30
म. प्र. शासन , नहीं वन विभाग
0.979
42
में से
वृद्धाश्रम के पीछे काप्राचीन शिवमंदिर.
श्री राम जानकी हां भगवान पुजारी श्री महन्त रामशिरोमणीदास चेला लक्ष्मणदास प्रबंधक कलेक्टर सतना.
नहीं 47
प्र . शासन पहाड़.
18.896 में से म. मी. क्षेत्र
शैलोत्कीर्ण चमुण्डा सांवर पहाड़ी (खदान क्षेत्र में स्थित) .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
राजेश प्रसाद मिश्र, सचिव.
2079 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
वाणिज्यिक कर विभाग
9 जून, 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 9 जून 2016
अरूण परमार, उपसचिव.
Bhopal , the 9th June 2016 क्र. एफ बी-4-08-2016-2- पांच-( 16 ) .- भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 ( 1899 का संख्यांक 2 ) की धारा 2 के खण्ड (9 ) के उपखण्ड ( ख ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा इस विभाग की अधिसूचना बी-7 ( ए) -98- 94- वा.कर- पांच, दिनांक 8 सितम्बर 1994. को निरस्त करती है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अरूण परमार , उपसचिव.
No. B - 4-08-2016-2 - V ( 16) . In exercise of the powers conferred by sub- clause (b) of clause 9 of Section 2 of the Indian Stamp Act , 1899 (No. II of 1899 ) , the State Government , hereby, rescinds this Department Notification No. B - 7 (A) -98-94 - CTD , dated 8th September 1994 .
भोपाल , दिनांक 9 जून 2016
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , ARUN PARMAR , Dy . Secy.
क्र. एफ-बी-4-08-2016-2- पांच ( 16 ) .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-बी- 4-08-2016-2-पांच-( 16 ) , दिनांक
राजस्व विभाग
कार्यालय , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) बैहर, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग
बैहर, दिनांक 25 मई 2016
क्र. 01 - अ -82 वर्ष 2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (3 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 4 ) एवं ( 5 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन :-
( क ) जिला- बालाघाट ( ख ) तहसील- बैहर ( ग ) ग्राम बैहर ( रौंदा टोला ) ( घ ) पटवारी ह. नं. 17/1 ( ङ) क्षेत्रफल
खसरा क्रमांक
भूमि का प्रकार
कुल अर्जित क्षेत्रफल
क्रमांक भूमिस्वामी का नाम पिता/पति का नाम, जाति व निवासी ग्राम
(6)
असिंचित (5)
सिंचित (4)
(2)
(3)
(1)
0.411
21/1 में से
निजी भूमि 1 श्रीमति सुन्नीबाई पति बृजलाल , शिवलाल पिता बृजलाल अन्य 4 जाति अहीर, निवासी बैहर (रौंदा टोला ).
0.379
21/2में से
निजी भूमि 2 श्री सुरेश पिमत बुधराम, अशोक पिता बुधराम अन्य-2 जाति अहीर , निवासी बैहर (रौंदा टोला) .
0.524
21/3 में से
निजी भूमि 3 श्री संतलाल पिता मलकू जाति अहीर निवासी बैहर ( रौंदा टोला) .
0.433
21/4 में से
निजी भूमि 4 श्री लखन पिता मलकू, जाति अहीर, निवासी बैहर ( रौंदा टोला ) .
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2080
(6)
(4)
(5)
(3)
(2)
(1)
0.638
निजी भूमि
21/5 में से
5 श्री सुरेन्द्र पिता जुगराज, रामबती पति जुगराज, अन्य 6 जाति अहीर, निवासी बैहर ( रौंदा टोला) .
1.011
निजी भूमि
40में से
6 श्री रामसिंह, सम्पत , प्रकाश पिता जंगलसिंह चम्मीबाई पति जंगलसिंह , जाति गोंड, निवासी बैहर (रौंदा टोला) .
0.774
निजी भूमि
47/3
0.210
47/4
7 श्री चेतराम पिता चाहू, जाति गोंड, निवासी बैहर ( रौंदा टोला) .
0.984
0.081
निजी भूमि
41/1/2,
0.128
(45/145/2) 2
8 श्रीमति सरोज पति चेतराम जाति गोंड, निवासी बैहर ( रौंदा टोला ) .
46/1ख
0.209.
निजी भूमि
0.405
47/2/1 में से
9 श्रीमति धनेश्वरी पति सम्पतसिंह , जाति गोंड, निवासी बैहर ( रौंदा टोला) .
2.385
2.609
10
09खातेदार
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन. -झारा जलाशय ( झाराखेडा ) के पूर्ण जलस्तर पर डूब से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू- अर्जन अधिकारी , बैहर के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, बंजर नदी परियोजन, संभाग बैहर में किया जा सकता है.
क्र. 02- अ-82 वर्ष 2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद. ( 3 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 4 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है. :-
अनुसूची
भूमि का वर्णन :-
(क ) जिला- बालाघाट ( ख ) तहसील- बैहर ( ग ) ग्राम बैहर ( रौंदा टोला ) ( घ ) पटवारी ह. नं. 17/1 ( ङ ) क्षेत्रफल
भूमि का प्रकार
खसरा क्रमांक .
क्रमांक
असिंचित
कुल अर्जित क्षेत्रफल सिंचित
भूमिस्वामी का नाम पिता/पति का नाम, जाति व निवासी ग्राम
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
1.371
निजी भूमि
18में से
1 श्री छत्तरसिंह वल्द दशरू , जाति गोंड अन्य 08 सा रौंदाटोला.
0.470
निजी भूमि
20में से
2 श्री बृजलाल पिता नंदराम अन्य 10 सा.
रौंदाटोला.
02
1.841
02खातेदार
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन.- झारा जलाशय ( झाराखेडा ) के पूर्ण जलस्तर पर डूब से प्रभावित होने वाली भूमि की आवश्यकता है.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , बैहर के न्यायालय में एवं कार्यपालन यंत्री, बंजर नदी परियोजन, संभाग बैहर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
हर्ष दीक्षित, अनुविभागीय अधिकारी ( रा. ) एवं पदेन उपसचिव.
2081
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय, कलेक्टर ( श्रम ) , जिला डिण्डौरी, मध्यप्रदेश
डिण्डौरी , दिनांक 1 जून 2016
क्र. 2-2016 .- बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति) अधिनियम 1976 की धारा 10 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग करते हुए मैं , अमित तोमर, कलेक्टर , जिला डिण्डौरी , बंधक श्रम प्रथा ( समाप्ति ) अधिनियम 1976 की धारा 13 ( 2 ) के अन्तर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समितिः तथा धारा 13 ( 3 ) के अन्तर्गत अनुभाग स्तरीय सतर्कता समिति पुनर्गठन का एतद्वारा करता हूं: -
जिला स्तरीय सतर्कता समिति जिला डिण्डौरी (म. प्र. )
(ए) अध्यक्ष धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-
अध्यक्ष (1) अपर जिला दण्डाधिकारी , डिण्डौरी ( म. प्र).
(बी) सदस्य- तीन व्यक्ति जो अनु. जाति/अनु. जनजाति के हों एवं जिले में निवास करते हों- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-
सदस्य श्री मान सिंह करपेती, ग्राम पो . गाडासरई , जिला डिण्डौरी
(1)
सदस्य श्री धरम सिंह मसराम, ग्राम पो . सक्का, जिला डिण्डौरी
(2)
सदस्य (3) श्री चैन सिंह तेकाम , ग्राम भालापुरी , पो. मारगांव , जिला डिण्डौरी
(सी) सदस्य- दो सामाजिक कार्यकर्ता जो जिले में निवास करते होंः- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार -
सदस्य श्री विरेन्द्र सोनी, गायत्री मंदिर के पास डिण्डौरी जिला डिण्डौरी
( 1)
सदस्य (2) श्री के. एस. राजपूत, सुब्खार डिण्डौरी , जिला डिण्डौरी
(डी) सदस्य राज्य शासन द्वारा नामांकित- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-
सदस्यं (1) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, डिण्डौरी
सदस्य (2) पुलिस अधीक्षक, जिला डिण्डौरी
सदस्य (3) सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग , जिला डिण्डौरी
(ई) सदस्य-वित्तीय संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने हेतु- धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( च ) के अनुसार-
सदस्य (1) प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक जैन पेट्रोल पंप के सामने, जिला डिण्डौरी
3. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग डिण्डौरी
धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार -
अध्यक्ष (1) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , डिण्डौरी ( म. प्र ) .
[ भाग 1 2082
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-
सदस्य (1) श्री भारत सिंह नेटी, ग्रम पो. करंजिया, जिला डिण्डौरी
सदस्य (2) श्री अशोक कुमार साहू, ग्रा. पो. बजाग , जिला डिण्डौरी
सदस्य (3) श्री हरिनारायण खैरवार, ग्रा. पो. डिण्डौरी जिला डिण्डौरी
धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार -
सदस्य (1) श्री घनश्याम यादव , ग्रा. अलोनी पो. अमरपुर, जिला डिण्डौरी
धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार-
सदस्य मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत, डिण्डौरी
(1)
सदस्य (2) अध्यक्ष, जनपद पंचायत , डिण्डौरी
सदस्य (3) सहायक परियोजना अधिकारी, जिला पंचायत, डिण्डौरी
धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ङ) के अनुसार-
सदस्य प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, मैन रोड डिण्डौरी जिला डिण्डौरी
(1)
4. अनुविभागीय स्तरीय सतर्कता समिति अनुविभाग शहपुरा
धारा 13 ( 2 ) खण्ड ( क ) के अनुसार-
अध्यक्ष (1) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , शहपुरा (म. प्र) .
धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ख ) के अनुसार-
सदस्य (1) श्रीमती तिरंजना धुर्वे, ग्राम पारापानी , पोस्ट पारापानी , जिला डिण्डौरी
सदस्य (2) श्री गुलाब सिंह भवेदी, ग्राम पोस्ट मेहदवानी
सदस्य (3) श्री जगन्नाथ बनवासी, वार्ड नं. 08, शहपुरा
धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ग ) के अनुसार-
सदस्य (1) श्री गोवर्धन दास तेजवानी , शहपुरा
सदस्य (2) कु. कृष्णा उरैती, ग्रा. पं. कस्तूरी पिपरिया, हाल मुकाम शहपुरा
धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( घ ) के अनुसार-
सदस्य (1) तहसीलदार शहपुरा जिला डिण्डौरी
सदस्य परियोजना अधिकारी , महिला एवं बाल विकास विभाग शहपुरा
(2)
सदस्य (3) विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी , मेंहदवानी , जिला डिण्डौरी
धारा 13 ( 3 ) खण्ड ( ङ ) के अनुसार -
सदस्य (1) प्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय मर्यादित बैंक, शहपुरा .
अमित तोमर , कलेक्टर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग " निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल , मध्यप्रदेश-462 011 भोपाल, दिनांक 4 जून 2016
आदेश
क्र. एफ. 87-318-15 - ग्यारह- 278.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिये प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश, 2014 " " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) " , दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह फरवरी , 2015 में सम्पन्न नगर परिषद् भेड़ाघाट, जिला जबलपुर म. प्र. के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती मालती रघुवीर व्यास भी अध्यक्ष अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 26 दिसम्बर 2015 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25 जनवरी 2016 तक, श्रीमती मालती रघुवीर व्यास को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी जबलपुर म . प्र. के समक्ष दाखिल करना था , किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर के पत्र क्रमांक 2047 , दिनांक 2 फरवरी 2016 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी श्रीमती मालती रघुवीर व्यास द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा ही नहीं प्रस्तुत किया गया.
विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय का लेखा प्रस्तुत नहीं करने का प्रतिवेदन कलेक्टर, जबलपुर से आयोग को प्राप्त होने पर इस संबंध में अभ्यर्थी श्रीमती मालती रघुवीर व्यास को आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 10 मार्च 2016 जारी किया गया. कारण बताओ नोटिस में सभी वैधानिक स्थिति बताते हुए यह भी अंकित किया गया था कि 15 दिन के अन्दर
2083 उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में यह माना जाकर कि उन्हें इस संबंध में कुछ नहीं कहना है , उनके विरुद्ध एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया जायेगा.
अभ्यर्थी को कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली के उपरान्त कलेक्टर एवम् जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर का ज्ञापन क्रमांक 16 , दिनांक 7 अप्रैल 2016 आयोग को प्राप्त हुआ. ज्ञापन में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जबलपुर द्वारा यह व्यक्त किया गया है कि अभ्यर्थी को सूचना उपरान्त अभ्यर्थी ने अपना लिखित अभ्यावेदन व निर्वाचन व्ययों का पूरा लेखा 5 अप्रैल 2016 अपराह्न में प्रस्तुत किया है. अभ्यावेदन में प्रत्याशी ने स्वयं के स्वास्थ्य खराब होने के कारण लेखा समय पर जमा न करना बताया है. साथ ही संबंधित सभी दस्तावेज संलग्न आयोग को भेजे गए.
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जबलपुर से उक्ताशय् की रिपोर्ट को प्राप्त होने पर आयोग द्वारा पूर्णविचारोपरांत अभ्यर्थी, श्रीमती मालती रघुवीर व्यास को उनके निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिये जाने हेतु एक मौका और देते हुए नोटिस दिनांक 2 मई 2016 जारी कर, आयोग मुख्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 24 मई 2016 को बुलाया गया. नोटिस की तामीली अभ्यर्थी श्रीमती व्यास को समय पूर्व अर्थात् दिनांक 7 मई 2016 को हो चुकी थी.
व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 24 मई 2016 को अभ्यर्थी श्रीमती व्यास के स्थान पर उनके पुत्र श्री विमल व्यास उपस्थित हुए. उनके द्वारा अभ्यर्थी श्री व्यास की ओर से आयोग को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया. जिसमें अभ्यर्थी द्वारा अपने स्वास्थ्य संबधी कारणों का उल्लेख कर विलम्ब से व्यय लेखा प्रस्तुत करने का लेख अभ्यावेदन में किया गया , पर इसके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किये गये.
अतः, उपर्युक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरान्त भी अभ्यर्थी, श्रीमती मालती रघुवीर व्यास द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत ही नहीं किये गये. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों के अन्तर्गत श्रीमती मालती रघुवीर व्यास को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् भेड़ाघाट जिला जबलपुर ( म. प्र . ) का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए इस आदेश की तारीख से 05 ( पांच वर्ष ) की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
[भाग 1 2084
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
राज्य शासन के आदेश
वन विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
क्रमांक एफ- 25-29 / 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन , एतद् द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबन्धों को नीचे की अनुसुची में उल्लेखित की गई भूमि पर लागू होने की घोषणा, इस शर्त के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार , जहां तक कि वे. राज्य शासन द्वारा समय- समय पर रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड 22 ° 2'04 " से 22 ° 2'09 " उत्तर अक्षांश तथा 80°24'26.5 " से 80 °24'35.7 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
अनुसूची
तहसील - परसवाड़ा
जिला - बालाघाट
वन परिक्षेत्र- पश्चिम बैहर (सा. ) परिक्षेत्र वनमण्डल - उत्तर (सामान्य) वनमण्डल बालाघाट
वनखण्ड की सीमाएँ
विवरण
अ.
वनखण्ड की भूमि का
क्र.
खसरा क्र.
भूमि का वर्तमान
क्षेत्रफल (हेक्टे.मे. )
मद
ग्राम का नाम
प्रस्तावित वनखंड कानाम
0.982
सिंघई
1. सिंघई
निजी भूमि
उत्तर प्रस्तावित मुनारा क्रमांक 16 D से 16 F तक की कृत्रिम वन सीमा ।
पूर्व वन कक्ष क्रमांक 1539 की पश्चिमी सीमा के 70/4 में से, 70/5, 70/6
0.809 0.809
मुनारा क्रमांक 16 F से मुनारा क्र. 16 तक की वन सीमा ।
दक्षिण कक्ष क्रमांक 1539 के प्रस्तावित मुनाराड
क्रमांक 16 से मुनारा क्रमांक 16 B तक की कृत्रिम वन सीमा ।
पश्चिम - प्रस्तावित मुनारा क्रमांक 16 3 से 16 की कृत्रिम वन सीमा ।
2.600
योग 2085 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-
1. पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश क्रमांक 6 एम.पी.सी .11 / 2005- बी.एच.ओ ./615 दिनांक 10.04.2006 में अधिरोपित शर्त के अनुसार ए.पी. त्रिवेदी संस, मेन रोड़ बालाघाट की स्वीकृत परियोजना ग्राम रमरमा में मैंगनीज उत्खनन पट्टे के नवीनीकरण हेतु में प्रभावित 2.452 हेक्टेयर राजस्व वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 2.600 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 2.600 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग पक्ष में कलेक्टर बालाघाट, जिला बालाघाट के आदेश क्रमांक /4054 / ख.लि./12 दिनांक 09.11.2012 से हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण संरक्षित वन घोषित किया जाना है ।
2. अन्य कारणों का विवरण:- निरंक
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार उकवा, परसवाड़ा के प्रतिवेदन क्रमांक 1 अ-24- वर्ष- 11-12 दिनांक 01.08.2012 द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
(अ) व्यक्ति अधिकार:- उक्त भूमि पर कोई व्यक्गित अधिकार नहीं है । (ब) सामुदायिक अधिकार:- उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 के अन्तर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ- 25-29-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-29-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
[भाग 1 2086
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
Bhopal , the 10th June 2016
No. F25/29/ 2016/13 in exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian forest Act 1927 (XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the land, specified in the Schedule below, subject to the condition that the existing right of individuals or communities shall not be abridged of affected in any manner , except in so far as they may be modified by the State Government from time to time. This Forest Block lies between 22 ° 2'04 " to 22 °2'9 " North Latitude and 80 °24'26.5 " to 80 °24'35.7 " East Longitude.
SCHEDULE
Tahsil : Paraswara District :Balaghat
Forest Range : West Baihar Forest Division: North (T) Forest Division Balaghat
Forest Block Boundaries Details of Land Included
S.N.
Khasra no.
Area (Нас.)
Name of Village
Present head of land
Name of Proposed Forest Block
0.982
1.
Singhai
Singhai
Private land
0.809
70/4 में से, 70/5, 70/6
0.809
North Proposed Artificial Forest Boundary of Pillar number 16D from Pillar number 16F.
East Forest Line of Pillar No. 16 F from Pillar No 16 of Forest Compartment No. 1539 of Western Boundary .
South - Forest Compartment No. 1539 of Proposed Pillar NO . 16 to pillar No. 16 В.
West Proposed Artificial Forest Boundary of Pillar No. 16 B to pillarNo. 16D.
2.600
Total 2087 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
(A) Reason for publication of Notification : -
1. In accordance with the condition laid known in the Ministry of Environment and Forest, Govt . of India's order No. 6MPC11/2005 - BHO/615 dated 10.04.2006 and in lieu of 2.452 Hac. hectare of affected forest land under the sanctioned project of Village Ramrma , Renewal of Mangnese lease of A. P. Trivedi son's , Main road Balaghat . the above mentioned Non Forest Land of 2.600 hectare transferred or muted in favor of M.P. Govt , Forest Department by order No./4054/M.C./12 Date 09-11-2012 of 2.600 Hac. for the purpose of compensatory a forestation is to be declared as protected forest .
2. Details of other Reason - Nil
( B ) The khasara wise details of recorded rights on the above land as per report No/ 1A- 24- year - 11- 12 Date 01.08.2012 of Thasildar Ukwa , Paraswara (Designation of Competent Revenue Officer) are as Under.
A. Right of Individuals :- No Individuals Right in this land .
B. Right of Communities : - No Communities Right in this land .
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secу.
[भाग 1 2088
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
क्रमांक एफ- 25-33/ 2016 /५०-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ), की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त परं करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित/ रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त , किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड' 22 ° 27'56.003 "N से 22° 28 ′ , 4.095 " उत्तर अक्षांश तथा 75 ° , 45 ' , 5.464 " से E- 75°45 ' , 10.332 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
:: अनुसूची::
तहसील डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) जिला -इन्दौर
वन परिक्षेत्र महू
वनमण्डल - इन्दौर
वनखंड की सीमाएं
वनखंड की भूमि का विवरण
क्रमांक
ग्राम का नाम
खसरा क्रमांक
प्रस्तावित वनखंड का नाम
क्षेत्रफल (हे० में)
भूमि का वर्तमान मद
7
6
5
4
3
2
1
1.550 उत्तर
365
कृत्रिम सीमा.।
मुनारा क्र. 01 से 02 तक की 1
बड़गौंदा शासकीय चारागाह
मुनारा क्र. 02 से 03 तक की कृत्रिम सीमा ।
पूर्व
बड़गौंदा (अ)
मुनारा क्र. 03 से 04 तक की कृत्रिम सीमा ।
1.550
योग
दक्षिण - पश्चिम - मुनारा क्र. 04 से 09 तक एवं मुनारा क्र. 04 से 01 तक की कृत्रिम सीमा । (क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-
L 1. भारत सरकार , पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आदेश क्रमांक 8B/201 / 2000 - FCW/2309 दिनांक 27.06.2001 (सैद्धान्तिक स्वीकृति) में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग इन्दौर की स्वीकृत परियोजना नाहरखेड़ी जलाश्य में प्रभावित 4.920 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 4.920 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 1.550 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में अनुविभागीय अधिकारी महू के आदेश क्रमांक 2212 दिनांक 26.09.2002 हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण । 2. अन्य कारणों का विवरण निरंक 2089
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार महू के प्रमाण पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है: -
1. व्यक्तिगत अधिकार :- उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है । 2. सामुदायिक अधिकार : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा-29 के अन्तर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ- 25-33-2016- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-33-2016 - दस-3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.
Bhopal , the 10th June 2016
* No . F - 25-33 /2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below ; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between 22 ° 27'56.003 " N to 22 ° 28 ' , 4.095 " North Latitude and 750,45' , 5.464 " to E- 75 ° 45 ' , 10.332 " East Longitude.
[भाग 1 2090
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
SCHEDULE
Tehsil .
- Indore
-Dr . Ambedkarnagar (Mhow) District
-Mhow
Indore
Forest Range
Forest Division
Forest Block Boundaries Details of Land Included
No.
Khasra No.
Area (Hectare)
Name Village
of Present head of Land
Name of Proposed Forest Block
6
4
1
North
1,550
5 365
1
3 Bargonda
7 Munara no. 01 to 02 Artificial boundary Line:
Shashkiya Charagah
2 Bargonda (A)
East- Munara no . 02 to 03 Artificial boundary Line.
South Munara no . 03 to 04 Artificial boundary Line
West -
Total 1,550
Munara no . 04 to 09 and Munara No. 04 to 01 Artificial boundary Line.
(A) Reason for publication of Notification : -
:
1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8B/201 /2000 - FCW/ 2309 dated 27.06.2000 and in lieu of 4.920 hectare of affected forest land order the sanctioned project of Naharkhedi watertank project of Ex. Engr . water resources Dept. Indore , the above mentioned Non Forest Land of 1.550 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . , Forest Department by order No - 2212 dated 26-09-2002 of S.D.M. Mhow Distt- Indore for the purpose of compensatory afforestation.
(B ) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report (Certification) of Tahsildar Mhow Distt . Indore are as under .
1. İndividuals Right - There are no individual rights on the said land .
2. Communities Rights - There are no Communities rights on the said land .
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA, Secy.
2091
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
क्रमांक एफ- 25-33 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927), की धारा-29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये, राज्य शासन, एतद्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त , किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड 22° 27'55.740". से 22 ° 28 ' , 3.143 " उत्तर अक्षांश तथा 75 °, 44 ' , 41.541 " से E- 75 ° 44 ' , 49.976" पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।।
1
::अनुसूची::
तहसील
डॉ. अम्बेडकर नगर (महू) जिला -इन्दौर
वन परिक्षेत्र महू
वनमण्डल - इन्दौर
वनखंड की सीमाएं
वनखंड की भूमि का विवरण
क्रमांक
क्षेत्रफल (हे ० में)
खसरा क्रमांक
ग्राम का नाम
प्रस्तावित वनखंड का नाम
भूमि का वर्तमान मद
7
6
5
4
3
1
उत्तर मुनारा क्र. 01 से 03 की कृत्रिम सीमा । बड़गौंदा
1.
1.230 2.140
703 704
शासकीय चारागाह
पूर्व मुनारा क्र. 03 से 04 की कृत्रिम सीमा । बड़गौंदा (ब)
दक्षिण मुनारा क्र. 04 से 05 की कृत्रिम सीमा ।
पश्चिम मुनारा क्र. 05 से 01 की कृत्रिम सीमा ।
3.370
योग
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-
1. भारत सरकार , पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आदेश क्रमांक 8B/201 /2000 -FCW/2309 दिनांक 27.06.2001 (सैद्धान्तिक स्वीकृति) में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग इन्दौर की स्वीकृत, परियोजना नाहरखेड़ी जलाश्य में प्रभावित 4.920 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 4.920 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 3.370 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में अनुविभागीय अधिकारी महू के आदेश क्रमांक 2212 दिनांक 26.09.2002 हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण । 2. अन्य कारणों का विवरण: निरंक [भाग 1 2092
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार महू के प्रमाण पत्र के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
1. व्यक्तिगत अधिकार :- उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं है । 2. सामुदायिक अधिकृबर : - उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा -29 के अन्तर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ-25-33-2016- दस - 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-33-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.
Bhopal , the 10th June 2016.
No. F - 25-33 /2016/ 10-3 :: in exercise of the powers of conferred by section 29 of Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities , in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time. This Forest Block lies between 22 °27'55.740 " to 22 ° 28' , 3.143 " North Latitude and 75° ,44 ' , 41.541 " to 75 ° 44' , 49.976 " East Longitude .
2093 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
SCHEDULE
Tehsil .
District
Indore
-Dr . Ambedkarnagar (Mhow) - Indore
Forest Division
-Mhow
Forest Range
Forest Block Boundaries Details of Land Included
No.
Khasra No.
Area , (Hectare)
Name Village
of Present head of Land
Name of Proposed Forest Block
7
6
4
5
2
3
1
1.230
Bargonda Shashkiya 703 Charagah
Bargonda (B)
North Munara no . 01 fo 02 Artificial boundary.
704 2.140
East- Munara no . 03 fo 04 Artificial boundary.
South Munara no . 04 fo 05 Artificial boundary..
Total
3.370
West - Munara no . 05 fo 01 Artificial boundary.
(A) Reason for publication of Notification : -
1. In Accordance with the condition laid down in Ministry of Environment , Forest and Climet change , Govt . of India's order no . 8B /201 /2000 -FCW/ 2309 dated 27.06.2000 and in lieu of 4.920 hectare of affected forest land order the sanctioned project of Naharkhedi watertank project of Ex . Engr . water resources Dept. Indore , the above mentioned Non Forest Land of 3.370 hectare transferred or muted in favour of M.P. Govt . , Forest Department by. order No - 2212 dated 26-09-2002 of S.D.M. Mhow Distt- Indore for the purpose of compensatory afforestation .
2. Details of Reason : - Nil
(B) The khasra Wise details of recorded right on the above land as per report (Certification) of Tahsildar Mhow Distt . Indore are as under .
1. Individuals Right - There are no individual rights on the said land .
2. Communities Rights - There are no Communities rights on the said land.
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.
[भाग 1 2094
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
कमांक एफ-25-35 / 2016/10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) , की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान/ उपबन्धों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार, जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृतं या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह वनखण्ड N 21 ° 53'45 " से N 21 °53'49 " उत्तर अक्षांश तथा E 80 ° 11'46" से E 80 ° 12'00 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
अनुसूची
जिला बालाघाट
बालाघाट तहसील वन परिक्षेत्र - बालाघाट (सा.) वनमंडल - दक्षिण बालाघाट (सा.)
वनखण्ड की सीमाएं अ.
वनखण्ड की भूमि का विवरण..
क्र.
खसरा क्र.
ग्राम का नाम
भूमिका वर्तमान मद
क्षेत्राफल (हेक्टेयर)
प्रस्तावित वनखंड का नाम
1.704
घांस
1.
17/1
धापेवाड़ा धापेवाड़ा
17/2में से
उत्तर प्रस्तावित संरक्षित वनखण्ड़ के मुनारा क्रमांक 02 से 06 तक कृत्रिम वन सीमा ।
18
1,028
घांस
पूर्व - प्रस्तावित संरक्षित वनखण्ड़ के मुनारा क्रमांक 06 से 09 तक कृत्रिम वंन सीमा ।
19
0.538
घांस
दक्षिण - प्रस्तावित संरक्षित वनखण्ड़ के मुनारा क्रमांक 09 से 20 एवं 20 से 01 तक कृत्रिम वन सीमा ।
पश्चिम- प्रस्तावित संरक्षित वनखण्ड़ के मुनारा क्रमांक 01 से 02 तक कृत्रिम वन सीमा ।
3.270
योग
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधारः
1. भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के आदेश क्रमांक 8-452 / 88 / FC दिनांक 28/29. 09.1988 एवं मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पत्रा क्रमांक / एफ-5/13/ 88 /10-3 दिनांक 06.12.1989 में अधिरोपित शर्त के अनुसार म.प्र. राज्य सेतु निर्माण निगम लिमिटेड सिवनी की स्वीकृत परियोजना बालाघाट समनापुर राज्य मार्ग पर निर्मित सोनबिहरी पुलिया / पहुंच मार्ग में प्रभावित 3.270 हेक्टेयेर वनभूमि के एवज में प्राप्त कुल 3.270 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 3.270 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में कलेक्टर बालाघाट, के आदेश क्रमांक 61 / अ-59 दिनांक 30.08.1990 हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण ।
2. अन्य कारणों का विवरण निरंक 2095
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार बालाघाट, जिला- बालाघाट के प्रमाण-पत्रा के आधार पर अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
1. व्यक्तिगत अधिकारः उक्त भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नही है ।
2. सामुदायिक अधिकारः उक्त भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नही है ।
जाता है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम , 1927 की धारा-29 के अन्तर्गत संरक्षित वन घोषित किया
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ-25-35-2016- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-35-2016 - दस 3, दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 10th June 2016
No. F - 25-35 / 2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) , the State Government are pleased to declare the provisions of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the the Schedule below; subject to the condition that the existing rights of individuals or communities in such forests shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between N 21 °53'45 " to N 21 ° 53'49 " North Latitude and E 80 ° 11'46 " to E 80 ° 12'00 " East Longitude.
[भाग 1 2096
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
SCHEDULE
Tahsil : - Balaghat
District : - Balaghat
Forest Range : Balaghat ( Territorial ) Forest Division : - South Balaghat (Territorial)
Forest Block Boundaries Details of Land Included
Ν.
Present head ofland
Khasr aNo.
Name of Village
S. Name of Proposed Forest Block
Area (Hecta re)
1.704
Ghansh
17/1
Dhapewada
1. Dhapewada
17/2
North- Proposed Artificial forest Boundary from Pillar No. 02 to 06 ofProtected Forest Block.
in
Ghansh
1.028
18
Ghansh
0,538
19
East- Proposed Artificial forest Boundary from Pillar No. 06 to 09 ofProtected Forest Block.
South- Proposed Artificial forest Boundary from Pillar No. 09 to 20 and 20 to 01 of Protected Forest Block .
West Proposed Artificial forest Boundary from Pillar No. 01 to 02 of Protected Forest Block .
Total 3.270
(A) Reason for publication of Notification:-
1. In accordance with the condition laid down in the Ministry of Environment and Forest, Govt. of India's order No 8-452/88 /FC dated 28 / 29-09-1988 & Μ.P. Government Forest Department Letter No./F- 5/13/88/ 10-3 Dated 06-12-1989 and in lieu of 3.270 hectare of affected forest land under the sanctioned. project of Balaghat Samnapur State Highway approach road to Sonbehri Bridge of M.P. Rajya Setu Nirman Nigam Ltd Seoni, the above mentioned Non Forest Land of 3.270 hectare transferred or muted . in favors of M.P. Govt . , Forest Department by order No. 61 / 3-59 dated 30.08.1990 of Collector Balaghat for the purpose of compensatory a forestation .
2. Details of other Reasons- Nil
(B) The Khasara wise details of recorded rights on the above land as per report ( Certificated ) of Tahsildar Balaghat, District Balaghat are as under .
1. Individual Rights - There are no individual rights on the said land.
2. Community Rights - There are no Communities rights on the said land.
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 . :
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA, Secy.
2097 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
1 क्रमांक एफ- 25-37 / 2016 /10-3:: भारतीय वन अधिनियम 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एतद् द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबंधो को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार, जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित/रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह प्रस्तावित वनखंड बोरई उत्तर अक्षांश N 23 ° 51 ′ 35.7 से N 23 ° 51′ 58.0" उत्तर अक्षांश तथा पूर्व देशांश E 79 ° 07′ 06.7 . से E 79 ° 07′ 31.0" पूर्व देशांश के बीच स्थित हैं ।
अनुसूची
तहसील - सागर
वन परिक्षेत्र गढाकोटा जिला- सागर वनमंडल का नाम -दक्षिण सागर (सामान्य)
वनखंड की सीमाएं
विवरण
वनखंड की भूमि का
अ. क
क खसरा
भूमि का वर्तमान मद
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
ग्राम का नाम
प्रस्तावित वनखंड कानाम
39.860
178/8
बोरई
बोरई
1
चरोखर (शासकीय भूमि)
उत्तर प्रस्तावित संरक्षित वनखंड के मुनारा क्रमांक 13 से 08 तक कृत्रिम वन सीमा
पूर्व- प्रस्तावित संरक्षित वनखंड के मुनारा क. 08 से 01 तक कृत्रिम वन सीमा
दक्षिण प्रस्तावित संरक्षित वनखंड के मुनारा क. 01 से 22 तक कृत्रिम वन सीमा पश्चिम प्रस्तावित संरक्षित वनखंड के मुनारा क. 22 से 13 तक कृत्रिम वन सीमा
39.860
योग:-
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-
पर्यावरण एवं वन संत्रालय भारत सरकार के आदेश क्रमांक/6MPCO031 / 2006 - BHO/ 442 दिनांक 26.02. 2008 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक-1 जिला सागर म.प्र. की स्वीकृत परियोजना तिन्सी मारपानी जलाशय में प्रभावित 39.860 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में कुल रकवा 39.860 हे. गैर वनभूमि क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में 39.860 हे. कलेक्टर सागर के आदेश क्रमांक 43/ 19(3 )2005-06 दिनांक 27.12 . 2015 द्वारा हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । [भाग 1 2098
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार गढ़ाकोटा द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र अभिलेखित अधिकारों का खसराबार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:- :
(अ) व्यक्तिगत अधिकार:- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं हैं । (ब ) सामुदायिक अधिकार :- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं हैं । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव..
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ- 25-37-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-37-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 10th June 2016
No.F - 25-37/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) the state Government are pleased to Declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forest shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the state Government form time to time . This Forest Block Borai lies between North Latitude N 23 ° 51 ' 35.7 " to N 23 ° 51 ' 58.0 " North Latitude and East . Longitude E 79 ° 07′ 06.7 " to E 79 ° 07' 31.0 " East Longitude .
2099
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
SCHEDULE
Tehsil- Sagar District- Sagar
Range- Garahakota Forest Division - South Sagar (territorial)
Forest Block Boundaries Details of land Included
S.N.
Area in He.
Khasr aNo.
Present head of land
Name of Proposed Forest Block
Name . of Village
39.860
178/8
Borai Borai
1
Govt. land Charokhar
North Proposed Protected Forest Block Pillar No.13 to 08 Artificial Forest Boundri
East Proposed Protected Forest Block Pillar No. 08 to 01 Artificial Forest Boundri
South- Proposed Protected Forest Block Pillar No.01 to 22 Artificial Forest Boundri
West- Proposed Protected Forest Block Pillar No.22 to 13 Artificial Forest Boundri .
TOTAL 39.860
(A) Reason for publication of Notification : -
In accordance with the condition laid down in the Ministry of Environment and forest Govt . of India's order no . 6 - mpc031 /2006- BHO/442 Bhopal dated 26.02.2008 and in lieu of 39.860 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Tinsi Marpani Tank Project of Executive Engineer Water Resource Division No .. 1 sagar M.P. the above mentioned non forest land of 39.860 Hectare transferred or muted in favour of mp Government, Forest Department by Collector Sagar order no . 4A/ 19 (3 ) 2005-06 Dated 27-12-2015 for the purpose of compensatory afforestation .
(B) The Khasara wise details of recored rights on the above land as per Certificate of Tehsildar Garahakota (Designation of Competent revenue officers ) are as under .
(a) Rights of individuals : - Above Mentioned Land Does Not Have any individuals Rights
(b) Rights of communities : - Above Mentioned Land Does Not Have any communities Rights
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy .
2100
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
क्रमांक एफ - 25-38 / 2016/ 10-3: भारतीय वन अधिनियम 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियो को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एतद् द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधान / उपबंधो को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायो के वर्तमान अधिकार , जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर संशोधित / रूपभेदित किये जायें , के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह प्रस्तावित वनखंड पिपरिया बैध उत्तर अक्षांश N 23 ° 47′ 26.5 से N 23 ° 48 03.5 उत्तर अक्षांश तथा पूर्व देशांश E 78 ° 53 ' 12.0" से E 78 ° 53′ 53.0 " पूर्व देशांश के बीच स्थित हैं ।
जिला- सागर वनमंडल का नाम -दक्षिण सागर (सामान्य) अ.
वनखंड की भूमि का विवरण क
भूमि का वर्तमान मद खसरा क
ग्राम का नाम
प्रस्तावित वनखंड का नाम
1 पिपरिया वैध
पिपरिया वैध
चरोखर, छोटा घास (शासकीय भूमि) (क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-
अनुसूची
सागर / ढाना तहसील वन परिक्षेत्र
वनखंड की सीमाएं
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
उत्तर - प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क्रमांक 39 से 06 तक कृत्रिम वन सीमा 38.660 26.570
97/1 213 /
पूर्व- प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा कमांक 6 से 17 तक कृत्रिम वन सीमा दक्षिण - प्रस्तावित संरक्षित वनंखंड मुनारा क. 17 से 19 तक कृत्रिम वन सीमा पश्चिम प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 19 से 39 तक कृत्रिम वन सीमा 45.230
योग:-
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश कमांक 8-87/2014- FC दिनांक 26.10.2015 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक-1 जिला सागर म.प्र. की स्वीकृत परियोजना हिलगन जलाशय में प्रभावित 45.230 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में कुल रकवा 45.230 हे. गैर वनभूमि क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में 45.230 हे. कलेक्टर सागर के आदेश क्रमांक 723/19(3)2011-12 दिनांक 20.02.2015 द्वारा हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । 2101
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार सागर द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र अभिलेखित अधिकारों का खसराबार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है :-
(अ ) व्यक्तिगत अधिकार :- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं हैं । (ब ) सामुदायिक अधिकार: - उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं हैं । जाता है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव , सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ - 25-38-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-38-2016- दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 10th June 2016
No. F - 25-38/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927 ) the state Government are pleased to Declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forest shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the state Government form time to time. This Proposed Protected Forest Block Pipriya Baith lies between North Latitude N 23 ° 47' 26.5' to N 23 ° 48' 03.5 " North Latitude and East Longitude E 78 ° 53 ' 12.0 " to E 78 ° 53 ' 53.0 " East Longitude .
[भाग 1 2102
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
SCHEDULE
Tehsil- Sagar District- Sagar
Range- Dhana Forest Division- South Sagar (territorial)
Forest Block Boundaries Details of land Included
N.
Khasra No.
Area inHe.
Present head of land
S. Name of Proposed Forest Block
Name of Village
38.660
1
97/1
6.570
213/2
Pipriya Baith
Pipriya Baith
North Block Pillar No. 39 to 06 Artificial Proposed Protected Forest Forest Boundri
Charokhar , Chhota Ghas Govt . land
East Proposed Protected Forest Block Pillar No. 06 to 17 Artificial Forest Boundri
South Proposed Protected Forest Block Pillar No.17 to 19 Artificial Forest Boundri
West- Proposed Protected. Forest Block Pillar No.19 to 39 Artificial ForestBoundri
TOTAL 45.230
(A)Reason for publication of Notification : -
In accordance with the condition laid down in the Ministry of Environment and forest Govt . of India's order no . 8-87 / 2014 - FC dated 26.10.2015 and in lieu of 45.230 . hectare of affected forest land under the sanctioned project of Hilgan Tank Project of Executive Engineer Water Resource Division No. 1 sagar M.P. the above mentioned non forest land of 45.230 Hectare transferred or muted in favour of mp Government, Forest Department by Collector Sagar order no . 72A/ 19 ( 3 ) 2011-12 Dated. 20-02-2015 for the purposeof compensatory afforestation .
(B) The Khasara wise details of recored rights on the above land as per Certificate of Tehsildar Sagar are as under.
(a) Rights of individuals : - Above Mentioned Land Does Not Have any individuals Rights
(b) Rights of communities : - Above Mentioned Land Does Not Have any communities Rights
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.
2103 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
कमांक एफ-25-40 / 2016 / 10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16 , सन् 1927) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एतद् द्वारा , उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई भूमि पर लागू होने की घोषणा, इस शर्त के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार , जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर रूप भेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगें । यह वनखण्ड से N 24° 11 ' 26.0 " से N 24° 12' 6.0 " उत्तर अक्षांश तथा E 78 ° 40' 46.0 " से E 78° 41 ' 7.5 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
अनुसूची
जिला सागर
तहसील बण्डा
वन परिक्षेत्र- मालथौन
वन मंडल उत्तर सागर (सा.)
वनखण्ड की सीमाएं वनखण्ड की भूमि का विवरण
अनु. क.
ग्राम का नाम
प्रस्तावित वनखण्ड का नाम
खसरा कमांक
क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
भूमि का वर्तमान मद
4
2
3
7
5
6
1
1
सेसई माफी
107/2, 5/2
22.01 4.50
सेसई माफी
छोटा घांस
उत्तर :- पी.एफ. 172 के मुनारा कमांक 16 से नया मुनारा कमांक 1 तक की कृत्रिम वन सीमा । पूर्व:- नया मुनारा कमांक 1 से पी.एफ. 172 के मुनारा कमांक 32 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
दक्षिण:- पी.एफ. 172 के मुनारा कमांक 32 से 26 तक की वन सीमा ।
' पश्चिम:- पी.एफ. 172 का मुनारा कमांक 26 से 16 तक की वन सीमा ।
Total: -
26.51
अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-
1 ) पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश कमांक 6- एम.पी.सी .027 / 2015 - बी.एच.ओ . / 1279 दिनांक 18 . 11.2015 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक -1 सागर की स्वीकृत परियोजना नयाखेड़ा (गनेशपुरा) जलाशय में प्रभावित 26.51 हेक्टेयर वनभूमि की एवज में प्राप्त कुल 26.51 हेक्टेयर गैरवनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 26.51 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश क्रमांक / 223/ 19 (3) वर्ष 2013-14 दिनांक 05.08.2015 एवं 033/19 (3 ) वर्ष 2014-15 दिनांक 05.08.2015 से हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये ज्ञाने के कारण संरक्षित वन घोषित किया जाना है । [भाग 1 2104
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश कमांक / 223 / 19 (3 ) वर्ष 2013-14 दिनांक 05.08.2015 एवं 03/19 (3) वर्ष 2014-15 दिनांक 05.08.2015 के द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
(अ) व्यक्तिगत अधिकार:- उक्त भूमि पर व्यक्तिगत अधिकार निरंक है ।
(ब ) सामुदायिक अधिकार उक्त भूमि पर सामुदायिक अधिकारी निरंक है ।
अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ- 25-40-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-40-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 10th June 2016
No. F - 25-40/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act. , 1927 (XVI of 1927) , the State Government hereby declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the land , specified in the schedule below, subject to the condition that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner , except in so for as they may be modifiedby the State Government from time to time . This Forest Block lies between N 24° 11 ' 26.0 " to N 24° 12 ' 6.0 " North Latitude and E 78° 40' 46.0 " to E 78° 41 ' 7.5 " East Longitude .
2105
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
SCHEDULE
Tahsil - Banda
District - Sagar
Forest Range - Malthone Forest Division - North Sagar (T)
Details of Land Included
Forest Block Boundaries
S. Ν.
Khasra No.
Area (Hectare)
Name of Village
Name of Propose dForest Block
Present head of land
2
3
1
4
6
7
1
Sasai
Sasai Mafi
22.01, 4.50
5 107/2 , 5/2
Chhota Ghas
Mafi
North Artificial Forest Boundary PF 172 Pillar No. 16 to 1 .
East : Artificial Forest Boundary Pillar No. 1 to 32 PF 172 .
South: Forest Boundary of PF 172 Pillar No. 32 to 26 .
West: Forest Boundary of PF 172 Pillar No. 26 to 16.
26.51
Total: -
Reason for Publication of Notification : -
1) In accorcance with the condition laid down in the Ministry of Emnvironment and Forest Govt . of India's order . No. 6 - MPC027/2015 - BHO/ 1279 Dated 18-11-2015 and in lieu of 26.51 hactare of affected forest land order the sanctioned project of NayaKhera (Ganashpura) Tank of E.E.W.R.D. No. 1 Sagar of the above mentioned Non Forest Land of 26.51 hectare transfered of muted in favour of M.P. Govt . , Forest Department by order No 22A/ 19 (3 ) Year 2013-14 Dated 05-08-2015 & 3A/ 19 (3 ) Year 2014-15 Dated 05- 08-2015 of Revunue Collector Sagar for the purpose of compensatory afforestation is to be declared as protected forest.
2) The Khasra wise details of recorded rights on the above land as per report order No 22A/ 19 (3 ) Year 2013-14 Dated 05-08-2015 & 3A/ 19 (3 ) Year 2014-15 Dated 05-08-2015 of Revenue Collector are as under .
(A) Rights of Individuals :- There are not rights of individuals
(B) Rights of Communities :- There are not rights of communities .
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secу.
[भाग 1 2106
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
कमांक एफ- 25-43/ 2016/10-3:: भारतीय वन अधिनियम 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियो को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन , एतद् द्वारा उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के प्रावधानं/ उपबंधो को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित भूमि पर लागू होने की घोषणा इस शर्त पर करता है कि इस भूमि पर व्यक्तियों या समुदायो के वर्तमान अधिकार , जहाँ तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय - समय पर संशोधित/ रूपभेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगे । यह प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मोरिया उत्तर अक्षांश N 23 ° 14' 01.9 से N 23° 14 21.5′ उत्तर अक्षांश तथा पूर्व देशांश E 79 ° 04' 01.5 " से E 79 ° 04′ 38.0° पूर्व देशांश के बीच स्थित हैं ।
अनुसूची
जिला- सागर
तहसील - देवरी वन परिक्षेत्र देवरी वनमंडल का नाम - दक्षिण सागर (सामान्य)
वनखंड की भूमि का विवरण
वनखंड की सीमाएं अ. क
ग्राम का नाम
भूमि का वर्तमान मद
खसरा क
प्रस्तावित वनखंड का नाम
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
1
उत्तर
मोरिया मोरिया
275/4
प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 28 से 07 तक कृत्रिम वन सीमा
28.900 0.950
छोटा घास, चरनोई (शासकीय भूमि)
276/4 275/5
276/5
पूर्व- प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 07 से 12 तक कृत्रिम वन सीमा
दक्षिण - प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 12 से 21 तक कृत्रिम वन सीमा
पश्चिम प्रस्तावित संरक्षित वनखंड मुनारा क. 21 से 28 तक कृत्रिम वन सीमा
29,850
योग:-
(क) अधिसूचना प्रकाशन का आधार: -
पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश क्रमांक 6 - mpc069/ 2013 - BHO /455 दिनांक 20. 05.2015 एवं वैनमण्डल अधिकारी , दक्षिण सागर का पत्र कमांक / मा.चि. / 2253 दिनांक 14.07 . 2014 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक -1 जिला सागर म.प्र. की स्वीकृत परियोजना सूरजपुरा जलाशय एवं जोलनपुर जलाशय में प्रभावित 29.850 हेक्टेयर वनभूमि के एवज में कुल रकवा 29.850 हे . गैर वनभूमि क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में 29.850 हे. कलेक्टर सागर के आदेश कमांक 12एवं 403/ 19(3) 2012-13 दिनांक 15.09.2014 द्वारा हस्तांतरित अथवा नामांकित किये जाने के कारण । م 2107 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(ख) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी तहसीलदार देवरी द्वारा दिये गये प्रमाण पत्र अभिलेखित अधिकारों का खसराबार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
(अ) व्यक्तिगत अधिकार:- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई व्यक्तिगत अधिकार नहीं हैं । (ब) सामुदायिक अधिकार:- उपरोक्त वर्णित भूमि पर कोई सामुदायिक अधिकार नहीं हैं । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ- 25-43-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-25-43-2016- दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 10th June 2016
No.F - 25-43/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by section 29 of the Indian Forest Act , 1927 (XVI of 1927) the state Government are pleased to Declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the forest areas specified in the schedule below; subject to the conditions that the existing rights of individuals or communities in such forest shall not be abridged or affected in any manner except in so far as they may be modified by the state Government form time to time. This Proposed Protected Forest Block Moriya lies between North Latitude N 23 ° 14 01.9" to N 23º 14 21.5" North Latitude and East Longitude E 79 ° 04 ' 01.5 " to E 79 ° 04 ' 38.0 " East Longitude .
[भाग 1 2108
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
SCHEDULE
Tehsil- Deori District- Sagar
Range- Deori Forest Division-South Sagar (territorial)
+
Forest Block Boundaries Details of land Included
S. N
Area inHe .
Khasra No.
Present head of land
Name of Proposed Forest Block
Name of Village
28.900
275/4
1
Moriya
Moriya
276/4
Chhota Ghas,
275/5
Charnoi
North - Proposed Protected Forest Block Pillar No. 28 to 7 0.950 Artificial Forest Boundry
276/5
Govt. land
East Proposed Protected Forest Block Pillar No. 07 to 12 Artificial Forest Boundry
South- Proposed Protected Forest Block Pillar No.12 to 21 Artificial Forest Boundry
West- Proposed Protected Forest Block Pillar No.21 to 28 Artificial ForestBoundry
TOTAL 29.850
(A) Reason for publication of Notification : -
In accordance with the condition laid down in the Ministry of Environment and forest,Govt . of India's order no . 6- mpc069/2013- BHO /455 Bhopal dated 20.05.2015 & DFO South Sagar Letter No./2253 Dt . 14.07.2014 in lieu of 29.850 hectare of affected forest land under the sanctioned project of Surajpura Medium Project and Jolanpur Irrigation Project of Executive Engineer Water Resource Division No. 1 sagar M.P. the above mentioned non forest land of 29.850 Hectare transferred or muted in favour of mp Government, Forest Department by Collector Sagar order no . 12 and 40A/19 ( 3 ) 2012-13 Sagar Dated 15-09-2014 for the purpose of compensatory afforestation .
(B) The Khasara wise details of recored rights on the above land as per Certificate of Tehsildar Deori are as under.
(a) Rights of individuals : - Above Mentioned Land Does Not Have any individuals Rights
( b) Rights of communities : - Above Mentioned Land Does Not Have any communities Rights
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secу.
2109 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
क्रमांक एफ-25-44/2016/10-3:: भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद् द्वारा , उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई भूमि पर लागू होने की घोषणा, इस शर्त के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार , जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर रूप भेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगें । यह वनखण्ड से छ 23 ° 58' 48.0" से छ 23° 59' 57.5 " उत्तर अक्षांश तथा E 78° 43 ' 46.5 " से E 78°. 44' 23.5 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
अनुसूची
जिला - सागर
तहसील - सागर
वन परिक्षेत्र - उत्तर सागर
वन मंडल - उत्तर सागर (सा. )
वनखण्ड की भूमि का विवरण
वनखण्ड की सीमाएं अनु.
क.
ग्राम का नाम
प्रस्तावित वनखण्ड का नाम
खसरा कमांक
क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
भूमि का वर्तमान मद
..
2
3
1
7
4
5.
6.
1 मढैया गौड़ मढ्या गौड़
उत्तर :- आर.एफ. 377 का मुनारा कमांक 478 से 471 तक की वन सीमा ।
367/5, 367/4 319/1
20.00 10.81 14.19
छोटा घांस, चरनोई
पूर्व:- आर.एफ. 377 का मुनारा कमांक 471 से आर.एफ. 376 का मुनारा कमांक 466 तक की वन सीमा ।
दक्षिण:- आर.एफ. 376 का मुनारा कमांक 466 से नया मुनारा कमांक 6 तक की कृत्रिम सीमा ।
पश्चिम:- मुनारा क्रमांक 6 से आर.एफ. 377 के
मुनारा क्रमांक 478 तक की कृत्रिम सीमा ।
45.00
Total:-
अधिसूचना प्रकाशन का आधार :-
1 ) पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश कमांक 6 - एम.पी.सी.032 / 2013- बी.एच.ओ ./1036 दिनांक 19.05.2014 , 6- एम.पी.सी.056/ 2012-बी.एच.ओ./ 1066 दिनांक 23.05.2014 , 6- एम.पी.सी. 027/2013- बी.एच.ओ ./ 1456 दिनांक 20.08.2014, व.म.अ. दक्षिण सागर की स्वीकृति का पत्र कमांक / 290 दिनांक 28.01.2014 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक-1 सागर की स्वीकृत परियोजना जलंधर, कंजेला, तोड़ा, खजुरिया जलाशय में प्रभावित 44,502 हेक्टेयर वनभूमि की एवज में प्राप्त कुल 45.00 हेक्टेयर गैरवनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 45.00 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश कमांक 713/19 (3) वर्ष 2011-12 दिनांक 23.08.2013 एवं 733/19 (3) वर्ष 2011-12 आदेश दिनांक 31.12.2013 से हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण संरक्षित वन घोषित किया जाना है । [भाग 1 2110
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश कमांक 713/19 (3) वर्ष 2011-12 दिनांक 23.08.2013 एवं 733/19 (3 ) वर्ष 2011-12 आदेश दिनांक 31.12.2013 द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
(अ) व्यक्तिगत अधिकार उक्त भूमि पर व्यक्तिगत अधिकार निरंक है ।
(ब ) सामुदायिक अधिकार:- उक्त भूमि पर सामुदायिक अधिकारी निरंक है ।
जाता है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया
मध्यप्रदेश के राज्यपोल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ- 25-44-2016- दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-44-2016 - दस 3, दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 10th June 2016
No. F - 25-44/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act . , 1927 (XVI of 1927 ), the State Government hereby declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the land , specified in the schedule below, subject to the condition that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner, except in so for as they may be modified by the State Government from time to time . This Forest Block lies between N 23 ° 58' 48.0 " to N 23 ° 59 ' 57.5 " North Latitude and E 78° 43 ' 46.5 " to E 78° 44' 23.5 " East Longitude .
भाग 1 ]
2111
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
District - Sagar
Forest Division - North Sagar (T) S. N.
SCHEDULE
Tahsil - Sagar
Forest Range - North Sagar
Details of Land Included
Name of Village
Name of Propose dForest Block
Present head of land 1
4 1
Chhota Ghas , 2 Madhiya Gound
3 Madhiya Gound
Charnoi
Total:-
Reason for Publication of Notification : -
Forest Block Boundaries Khasra No.
Area (Hectare)
5
6
7
367/5,
20.00
367/4
10.81
North: Forest Boundary of RF 377 Pillar No. 478 to 471 .
319/1
14.19
East: Forest Boundary of RF 377 Pillar No. 471 to RF . 376 Pillar No. 466..
South: Articifical Forest Boundary ofRF 376 Pillar No. 466 to 6 .
45.00
West : Articifical Forest Boundary ofPillar No. 6 to 478 RF 377 .
1) In accorcance with the condition laid down in the Ministry of Emnvironment and Forest Govt . of India's order . No. 6-MPC032/2013 -BHO/ 1031 Dated 19-05-2014 ,6- MPC056/ 2012 - BHO/ 1066 Dated 23-05- 2014, 6-MPC027/2013 -BHO / 1456 Dated 20-08-2014 ; DFO South Sagar Approved Let . No. 290 Dated 28- 01-2014 and in lieu of 44.502 hactare of affected forest land order the sanctioned project of Jalandhar , Kanjala , Toda, Khajuria Tank of E.E.W.R.D. No. 1 Sagar of the above mentioned Non Forest Land of45.00 hectare transfered of muted in favour of M.P. Govt . , Forest Department by order No 71A/ 19 (3 ) Year 2011- 12 Dated 23-08-2013 and 71A/ 19 (3 ) Year 2011-12 Date 31-12-2013- of Revunue Collector Sagar for the purpose of compensatory afforestation is to be declared as protected forest .
2) The Khasra wise details of recorded rights on the above land as per report No. 71A/ 19(3 ) Year 201112 Dated 23-08-2013 and 71A/ 19 (3 ) Year 2011-12 Date 31-12-2013 of Revenue Collector are as under.
(A) Rights of Individuals : - There are not rights of individuals
(B) Rights of Communities : - There are not rights of communities .
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy .
[भाग 1 2112
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
कमांक एफ- 25-49/ 2016/10-3 : भारतीय वन अधिनियम, 1927 (क्रमांक 16, सन् 1927 ) की धारा 29 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एतद् द्वारा, उक्त अधिनियम के अध्याय 4 के उपबंधों को नीचे की अनुसूची में उल्लेखित की गई भूमि पर लागू होने की घोषणा, इस शर्त के अधीन रहते हुए करता है कि व्यक्तियों या समुदायों के वर्तमान अधिकार, जहां तक कि वे राज्य शासन द्वारा समय- समय पर रूप भेदित किये जायें, के अतिरिक्त, किसी भी रीति में न्यूनीकृत या प्रभावित नहीं किये जायेंगें । यह वनखण्ड से N 23 ° 53 ' 26.5 " से N 23 ° 53' 33.5 " उत्तर अक्षांश तथा E 78 ° 42' 10.0" से E 78 ° 42' 19.0 " पूर्व देशांश के बीच स्थित है ।
अनुसूची
तहसील सागर
जिला सागर
वन परिक्षेत्र उत्तर सागर वन मंडल उत्तर सागर (सा. )
वनखण्ड की सीमाएं वनखण्ड की भूमि का विवरण
अनु. क.
ग्राम का नाम
खसरा कमांक
क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
प्रस्तावित वनखण्ड का नाम
भूमि का वर्तमान मद
7
6
5
4
3
2
1
पगारा
पगारा
1
1.411 1.624
567/2 , 568/2
छोटा घांस,
उत्तर :- आर.एफ. 366 का मुनारा कमांक 90 से नया मुनारा कमांक 1 तक की वन सीमा ।
पूर्व:- नया मुनारा कक्रमांक 1 से 2 तक की कृत्रिम वन सीमा ।
दक्षिण:- नया मुनारा क्रमांक 2 से आर.एफ 366 का मुनारा क्रमांक 93 तक की कृत्रिम वन सीमा । पश्चिम:- आर.एफ. 366 का मुनारा कमांक 93 से मुनारा क्रमांक 90 तक की वन सीमा ।
3.035
Total: -
अधिसूचना प्रकाशन का आधार:-
दिनांक 15. 1) पर्यावरण एवं वन मंत्रालय भारत सरकार के आदेश कमांक 6- एम.पी.बी 100/ 2007-बी.एच.ओ ./
01.2009 में अधिरोपित शर्त के अनुसार कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्रमांक -1 सागर की स्वीकृत परियोजना. पगारा जलाशय निर्माण में प्रभावित 2.45 हेक्टेयर वनभूमि की एवज में प्राप्त कुल 3.035 हेक्टेयर गैर वनभूमि में से उपरोक्त वर्णित भूमि 3.035 हेक्टेयर को क्षतिपूर्ति वनीकरण के उद्देश्य से मध्य प्रदेश शासन वन विभाग के पक्ष में न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश क्रमांक / रि.क्ले./ 88 / 3966 दिनांक 19/20 अप्रैल 1988 से हस्तांतरित अथवा नामांतरित किये जाने के कारण संरक्षित वन घोषित किया जाना है । 2113
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
2) उपरोक्त भूमि पर सक्षम राजस्व अधिकारी न्यायालय कलेक्टर जिला सागर के आदेश क्रमांक / रि. क्ले / 88 /3966 दिनांक 19/20 अप्रैल 1988 द्वारा अभिलेखित अधिकारों का खसरावार विस्तृत विवरण निम्नानुसार है:-
(अ ) व्यक्तिगत अधिकार:- उक्त भूमि पर व्यक्तिगत अधिकार निरंक है ।
(ब) सामुदायिक अधिकार:- उक्त भूमि पर सामुदायिक अधिकारी निरंक है ।
है । अतः उक्त भूमि को भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29 के अंतर्गत संरक्षित वन घोषित किया जाता
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
भोपाल , दिनांक 10 जून 2016
एफ- 25-49-2016 - दस- 3.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 340 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 25-49-2016 - दस 3 , दिनांक 10 जून 2016 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रमेश कुमार श्रीवास्तव, सचिव.
Bhopal , the 10th June 2016
No.F- 25-49/2016/ 10-3 :: In exercise of the powers conferred by Section 29 of the Indian Forest Act. , 1927 (XVI of 1927 ) , the State Government hereby declares the provision of chapter IV of the said Act applicable to the land , specified in the schedule below, subject to the condition that the existing rights of individuals or communities shall not be abridged or affected in any manner , except in so for as they may be modified by the State Government from time to time. This Forest Block lies between N 23 ° 53' 26.5 " to N 23 ° 53 ' 33.5 " North Latitude and E 78 ° 42' 10.0 " to E 78 ° 42' 19.0 " East Longitude.
2114
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
SCHEDULE
District - Sagar
Tahsil - Sagar
Forest Range - North Sagar Forest Division - North Sagar (T)
Details of Land Included
Forest Block Boundaries S. N.
Khasra No.
Name of Village
Area (Hectare)
Name of Propose d Forest Block
Present head of land
7
3
1
2
4
5
6
567/2
1
1.411
Pagara Pagara Choota Ghas
568/2
1.624
Pillar No. 90 to New Pillar No. 1 . North: Forest Boundary Line of RF 366
East: - Artifical Forest Boundary Line of New Pillar No. 1 to 2 .
South : New Pillar No. 2 to Forest Boundary Line of RF 366 Pillar No. 93 .
West: Forest Boundary Line of RF 366 Pillar No. 93 to 90 .
Total : -
3.035
Reason for Publicationtof Notification : -
1) In accorcance with the condition laid down in the Ministry of Emnvironment and Forest Govt . ofIndia's order No. 6 - MPB100/2007 - ВНO/ 155 Dated 15-01-2009 and in lieu of 3.035 hactare of affected forest land order the sanctioned project of Pagara Tank of E.E.W.R.D. No. 1 Sagar of the above mentioned Non Forest Land of 3.035 hectare transfered of muted in favour of M.P. Govt. , Forest Department by order No /Rev.Coll/88/3966 Dated 19/20 April 1988 of Revunue Collector Sagar for the purpose of compensatory afforestation is to be declared as protected forest . برا
2) The Khasra wise details of recorded rights on the above land as per report No /Rev.Coll../88/3966 Dated 19/20 April 1988 of Revenue Collector are as under .
(A) Rights of Individuals : - There are not rights of individuals
(B) Rights of Communities : - There are not rights of communities .
Therefore the above land is being declared as protected forest under section 29 of Indian Forest Act 1927 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
RAMESH KUMAR SHRIVASTAVA , Secy.
2115
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
कार्यालय, कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
बड़वानी, दिनांक 30 अप्रैल 2016
क्र. 1982 - भू- अर्जन- 2016-प्र.क्र. 19ए- 20-15-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया हैं, कि नीचे दी गई अनुसूची क्रमांक ( 1 ) में ग्राम बजट्टा खुर्द प.ह.नं. 20 , तहसील बड़वानी जिला बड़वानी में इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की तलुन वितरण शाखा एवं उसकी उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु आवश्यक वर्णित भूमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांकवार विवरण अनुसूची ( 2 ) में उल्लेखित है.
अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्र. 30 सन् 2013) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची ( 2 ) की भूमि की अनुसूची ( 1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है:-
अनुसूची (1 )
ग्राम: बजट्टा खुर्द , तहसील - बड़वानी
विवरण
स. क्र.
अर्जित रकबा ( हेक्टेयर)
कुल रकबा ( हेक्टेयर )
असिंचित
सिंचित
(4)
(3)
(2)
(1)
3.809
असिंचित
सिंचित
पड़त कुल पड़त
(10)
(8) (9)
(7)
कुल (6)
(5)
0.100 0.255 2.950 2.595
10.566 37.810
23.435
बजट्टा खुर्द
1 ग्राम :
अनुसूची (2)
ग्राम : बजट्टा खुर्द प.ह.नं. 20 , तहसील- बड़वानी के इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की तलुन वितरण शाखा एवं उसकी उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु आवश्यक वर्णित भूमि जो आवश्यक हैः
खसरा नंबर स. क्र. कृषक का नाम
(3) (2)
(1)
अर्जित भूमि ( हेक्टेयर )
कुल भूमि
असिंचित
सिंचित
कुल
पड़त
का रकबा
(हेक्टेयर)
(8)
(6) (7)
(5)
(4)
ग्राम- बजट्टा खुर्द
1 विजय पिता रूखडु जाति सिर्वी 14/2/2क 17/2/2क लोनसरा खुर्द.
0.040 0.040
1.182 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2116
अर्जित भूमि (हेक्टेयर )
खसरा नंबर
कृषक का नाम
स. 오.
कुल
असिंचित पड़त
सिंचित
कुल भूमि का रकबा (हेक्टेयर)
0.015
0.015
0.749
15/3,
16/1.
ललीताबाई पति मनोहर सिंह 2 जाति ठाकुर निवासी बडवानी
0.020
0.020
0.226
16/3
15/4
0.100
0.100
0.279
16/55
3
लुणा नानुराम शाताबाई ग्यारूबाई पिता मगा गंगाबाई बेवा मंगा जाति भारूड पता निवासी ग्राम लोनसरा बुजुर्ग भूमि स्वामी
0.198
0.198 0.198
17/7
4
0.032
0.032
0.032
19/4
धन्नालौल , उमलाबाई , तारूबाई, मीराबाई , गोरीबाई पिता बाबु, जाति भारूड़, निवासी- लोनसरा खुर्द
20/2
20/3,
0.250
0.250
2.347
39/1
5
अरूण , राधिका पिता नरेश जमनाबाई बेवा नरेश मीरादेवी बेवा ऊकार जाति जाट पता नि. ग्राम बजटाखुर्द भूमि स्वामी
0.200
0.010
20/137
39/2
0.190
1.619
6
पन्नालाल पिता गोपाल जाति सिर्वी पता निवासी ग्राम लोनसरा खुर्द
21/2
0.835
0.835
20.679
7 •
22/2,
23/2,
}
28
जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविधालय जबलपुर द्वारा धारित कृषि विज्ञान केन्द्र पता निवासी ग्राम बजट्टा खुर्द '
0.270
0.270
3.303
30
8
भानूप्रताप पिता ऊँकार गिताबाई पिता सातन जाति जाट पता निवासी ग्राम बजट्टा खुर्द भूमि स्वामी
0.250
31/17
31/25
0.250
2.263
9
बसतीलाल पिता गोपाल, जाति जाट, पता नि. ग्राम तलुनबुजुर्ग भूमि स्वामी
0.070
0.070
0.101
10
0.170
0.170
0.809
40/1
11
कृष्णा पिता नानुराम , जाति भारूड़ , निवासी- तलुन बुजुर्ग महेन्द्र पिता नत्थु, जाति सुतार पता निवासी ग्राम तलुन बुजुर्ग भूमिस्वामी
निरन्तर..
2117
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अर्जित भूमि (हेक्टेयर)
खसरा नंबर
कृषक का नाम
स. कं
40/2 12
बिना बाई बेवा नत्थु, जाति सुतार, पता सा तलुन बुजुर्ग भूमि स्वामी
40/3 13
राधेश्याम पिता नत्थु जाति सुतार , पता सा तलुन बुजुर्ग भूमि स्वामी
40/4 14
अनिल पिता नत्थु, जाति सुतार, पता सा तलुन बुजुर्ग भूमि स्वामी
41 15
पन्नाताल पिता घीसा , जाति सिवी, पता निवासी ग्राम लोनसरा खुर्द भूमि स्वामी
योग
कुल
पड़त
असिंचित
सिंचित
कुल भूमि का रकबा (हेक्टेयर)
0.040 0.040
0.405
0.220 0.220
0.729
0.200
0.200
0.728
0.040
0.010
0.030
2.161
2.950
0.255
2.595 0.100
37.810
नोटः- 1. भूमि के नक्शे (प्लान) का अवलोकन भू-अर्जन एवं पुनर्वास अधिकारी, एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा घाटी विकास संभाग क्रमांक-11 बड़वानी के कार्यालय के कार्यालीन समय में किया जा सकता है ।
2. कोई भी व्यक्ति अधिसूचना की प्रकाशन के तारीख से उक्त अधिनियम के अधीन कार्यवाहीयों के पूरा हो जाने के समय प्रारंभिक अधिसूचना के विनिर्दिष्ट भूमि का कलेक्टर (भू- अर्जन ) बड़वानी की अनुमति के बिना कोई संव्यवहार नही करेगा/ कराएगा अथवा ऐसी भूमि पर कोई विल्लगंम सृजित नही करेगा ।
3. सिचाई परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण का पर्यावरणीय समाघात का अध्ययन किया गया है अतः धारा -6 की उपधारा 2 ' क' के अनुसार सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित करने की आवश्यकता नही है । 4. भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक-30 सन् 2013 ) की धारा-10 के प्रावधान भी सिचाई परियोजना होने के कारण लागू नही होंगे ।
5. इस प्रारंभिक अधिसूचना वर्णित भूमि के क्षेत्र उपयुक्तता एवं औचित्य के संबंध में हितबद्व व्यक्ति धारा-15 (1 ) के अधीन 60 दिवस के भीतर भू -अर्जन अधिकारी के कार्यालय में आक्षेप प्रस्तुत कर सकते है ।
6. समुचित सरकार की वेबसाईट www.barwani.nic.in पर भी अपलोड किया गया है । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2118
बड़वानी, दिनांक 23 मई 2016
क- 2424- भू-अर्जन- 2016-
प्रकरण क्रमांक 221-82/15-16 चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसुची क्रमांक 1 ग्राम काकरिया, तहसील ठीकरी के इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की कुआ वितरण शाखा एवं उसकी उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु आवश्यक वर्णित भुमि जिसका कृषकवार, सर्वे क्रमांक वार विवरण अनुसूची 2 में उल्लेखित है ।
अतः भूगि अर्जन पूनर्वसान और पुनर्व्यवस्थापन में अचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्र. 30 सन् 2013) की धारा 11 के अन्तर्गत यह घोषित किया जाता है, कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमिकी अनुसूची (1 ) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।
// अनुसूची (1)//
ग्राम:- काकरिया
तहसील:- ठीकरी
अर्जित रकबा (हेक्टयर)
कुल रकबा (हेक्टयर)
विवरण
स.क्र.
असिंचित
सिंचित
4
3
2
1
21.587
30.532
ग्राम:- काकरिया
1
असिंचित
सिंचित
पड़त
कुल 10
पड़त 9
8
7
कुल 6
5
22.445
1.014
11.744
9.687
53.304
1.185
// अनुसूची (2)//
ग्राम काकरिया, तहसील - ठीकरी के इंदिरा सागर परियोजना की मुख्य नहर की कुआ वितरण शाखा एवं उसकी उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्यों हेतु आवश्यक वर्णित भूमि जो आवश्यक है ।
कृषक का नाम
स. क्र.
2
1
1 कनीबाई पति रूधनाथ भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी
2 शंकर पिता भुरला भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी
अर्जित रकबा (हेक्टयर) खसरा नंबर
कुल
पड़त
असिंचित
सिंचित
कुल भूमि का रकबा (हेक्टयर)
8
7
6
5
4
3
0.430
0.030
0.300
0.100
1.085
45/1/5
0.380
0.050
0.330
1.275
45/1/3
0.760
0.007
0.753
0.932
45/1/2/2
3 राधुबाई पति धना भीलाला नि.ग्राम भू- स्वामी 4 सईदाबाई पति भुवान भीलाला नि.ग्राम भू -स्वामी
0.285
0.100
0.185
1.112
45/1/4
0.166
0.166
0.166
159/1/2/क
5 भंगड़ा पिता भिल्या भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी
159/2 /1 /क
161/5/
0.110
0.110
0.300
158/1/6/ क
0.140
0.140
0.217
158/1/6/ख
6
0.190
0.190
0.190
159/1/2/ख
दितया पिता भील्यां जाति भीलाल नि.ग्राम भू-स्वामी
159/2/1 /ख
161/5/ख भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
158/1/ 6 /
159/1 /2 /ग
7 | विश्राम पिता भिल्या भीलाला, 'नि. ग्राम भू- स्वामी
159/2/1 / ग
161/5/
159/1/3
159/2/2
8 गोविन्द बुदन पिता जामसिंह भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी
160
161/6
158/1/7/क/3
9
128/2,
10
130/1/1
158/1/8
रेगसिंग पिता रूपसिंग भीलाला सा.देह भू स्वामी छगन, जगन, गजेन्द्र , शोभाराम, लिलाबाई, 'सुमनबाई, रायकुबाई, लाडकीबाई पिता बुटिया, सोनाबाई बेवा बुटिया, भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी
158/1/5
161/12
11
215/4
विश्राग पिता रायसिंग भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी
165/1/1/1
12
165/1/1/2
कोलु पिता पिल्ला गीलाला नि.ग्राग भू स्वागी सीताराम पिता पिल्ला भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी
165/1/1/3
14 प्रताप पिता पिल्ला भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी
165/1/2
15 छगन पिता फाटला भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 16
165/2/1
रुगनाथ पिता फाटला गीलाला नि.ग्राम भूस्वामी
17
165/2/2/1
विश्राम पिता भावला, भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी
18
165/2/2/2
नारायण पिता भावला, भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी
165/2/2/3
19 शंकर पिता गावला, भीलाला निग्राग भू स्वागी
166/7
हीरा, पिता गंगल्या भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 20
166/9/6
175/1/4
166/8/1
21 बदिया पिता दितु भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी
168/2/3
175/1/1
175/1/3
22 फुलसिंग पिता दितु भीलाला नि.ग्राम गू स्वागी 23 केरिया पिता दलसिंग भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 24 लक्ष्गीबाई पति फूलसिंग भीलाला नि.ग्राग भू खागी
2119
0.180
0.180
0.242
0.288
0.288
0.288
0.150
0.150
1.214
0.101
0.101
0.101
0.360
0.360
0.809
0.510
0.510
0.837
0.005 0.005
0.518
0.010
0.010
0.065
0.040 0.040
0.096
0.077
0.002
0.075
0.122
0.076 0.076
0.121.
0.077 0.077
0.121
0.253 0.253
0.368
0.280 0.280
0.352
0.090 0.090
0.119
0.090 0:090
0.119
0.090 0.090
0.118
0.380
0.380
0.906
0.030
0.030
0.239
0.171
0.1:00
0.071
0.171
0.150 0.150
0.486
0.005
0.005
0.073
0.170 0.170
0.170
0.219
0.219
0.219
0.190
0.006
0.184
0.346
166/8/2
0.175 0.175
0.344
166/10/2
0.010
0.010
0.049
168/2/4
0.101
0.101
0.101
175/1/2
0.121 0.121
0.121
166/9/4
0.182. 0.182
0.344
166/10/1
0.235 0.235
0.235
166/9/5 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2120
166/11
168/2/5
25 दारक्या पिता छीपु भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी
176/1
175/1/5
26
167/3/1
गीताबाई बेवा नूरेसिंह भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी
167/3/2
27 | सुरत्या पिता बिसन भालाला नियाग भू स्वामा
130/3/1
132/1
167/3/3
28 हीरा पिता केशरिया भीलाला निःग्राम गू स्वामी
0.386
0.186
0.200
0.744
0.140
0.140
0.372
0.780 0.780
1.473
0.615
0.307
0.308
0.765
0.060
0.060
0.060
0.060
0.060
0.060
0.035
0.035
0.663
0.060
0.060
0.060
0.034
0.034
0.034
167/3/4
0.020, 0.020
0.170
218/1/4/3
29 रायसिंग पिता गुरेसिंग भीलाला नि.ग्राग भू-स्वामी
0.102
0.102
0.102
218/1/9/3
167/4/1
30 माधव पिता रायसिंग जाति भीलाला निःग्राम
168/3/1
110/1
119/6
0.075
0.075
0.097
0.101
0.101
0.101
0.030 0.030
0.190
218/1/8//1
31
0.050 0.050
0.050
167/4/4/1
रमेश पिता दशरथ भीलाला भूस्वामी निःग्राग
168/3/4/1
218/7/4
रेसिंग पिता रतन भीलाला निग्राग भू स्वागी 32
213/3
215/1/1
167/4/2
168/3/2
167/4/3
33 जलाल पिता रूमाल भीलाला निःग्राग भू स्वागी
168/3/3
0.010 0.010
0.103
0.300 0.300
0.870
0.130
0.130
0.195
0.075
0.075
0.101
0.075
0.075
0.097
0.047
0.047
0.047
167/4/4/2
34 गुकेश पिता दशरथ भीलाला निःग्राग भू स्वागी
167/3/4/2
35
167/4/5
168/3/5
शेरु पिता छोट्या, जगदिश , संतोष, जितेन्द्र पिता हंसराज, केसरबाई बेवा हंसराज, ओंकार पिता मोहन, शाहाबाई बेवा भोहन, गुवान पिता छोट्या भीलाला नि.ग्राग भू-स्वागी
167/4/6
36
168/3/6
फुलसिंग पिता दरियाव भीलाला निग्राम भूस्वागी
0.075
0.075
0.097
0.075
0.075
0.097
0.105
0.105
0.126
218/1/8/9/3
37
146/15
रेवाराम पिता भालसिंग , भीलाला नि.ग्राग भूवागी
38
230/7
सुकलाल पिता आपसिंग भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी
39 ऐरांग रूखडिया दितला पिता खुमसिंग बुंदीबाई बेवा खुमसिंग भीलाला नि.ग्राम भू स्वागी
230/11
0.020
0.020
0.190
0.020 -0.020
0.073
0.040 0.040
0.215 भाग 1 ]
40 ग्यारसीबाई पत्नी मालसिंग भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी
41 रामसिंग पिता गोटिया भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी
42 धुलीबाई बेवा शेरसिंह भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी
43 जुवानसिंग गगन जगन भगा पिता बद्द्या गडीबाई बेवा बद्या भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी
44 पिडिया, दरबार पिता छगन, सकरीबाई बेवा छगन, नानुराम, बाथु, दगडिया, जालमसिं, भुवान पिता गटल्या भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी 45 साहबाई बेवा मोहन ऊँकार पिता गोहन गीलाला निःग्राग भू खागी
46 केसरबाई बेवा हंसराद भीलाला नि.ग्राम भू स्वामी 47 ध्यानसिंग पिता गुरेसिंग भीलाला निःग्राम भू स्वागी
48 ठाकुर पिता केशरिया भीलाला निःग्राम भूस्वामी
49 रूकगाबाई बेवा बाला भीलाला निःग्राग भूस्वामी
50 मेहताब पिता दरियाव भीलाला नि.ग्राग भूस्वागी
51 बंशीलाल पिता रखन गीलाला नि.ग्राम भूस्वामी
52 जयराम पिता रायसिंग गीलाला नि.ग्राग भू स्वागी
53 सद् पिता रायसिंग भीलाला नि.ग्राम भू स्वागी 54 गीरा बेवा बावल्या भीलाला नि.ग्राम भू रखागी 55 विश्राम पिता शेतरिया नि.ग्राम भू-स्वामी 56 गाध्या पिता लटिया भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी
57 बुदन पिता लटिया गीलाला नि.ग्राग भूस्वामी 58 रेवाराग पिता शेरू भीलाला नि.ग्राग भू स्वानी दौलत पिता शेरू भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी 59
60 विश्राग पिता गालसिंग भीलाला नि.ग्राग भू स्वागी 61 शिवराम पिता गंगाराम भीलाला निग्राम भूस्वामी
2121
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
0.050
0.050
0.121
230/10
0.050
0.050
0.467
230/12
0.090
0.090
0.170
218/1/4/4
0.150
0.150
0.150
130/3/3
132/3
0.500
0.500
0.765
218/1/5/1
0.372
0.080
0.765 0.292
218/1/5/2
0.110
0.055 0.055 0.110
218/1/10/1
0.109
0.109
0.109
117
0.160
0.160
0.263
116/2
0.005
0.005
0.069
218/1/6/9/3
0,112 0.112 0.112
215/3/2
0.103
0.103
0.103
218/1/9/2
0.180
0.180
0.240
218/1/9/1
0.060
0.060
0.127
218/1/8/9/1
0.050
0.050
0.127
218/1 /8 /ख/ 2
0.030
0.030
0.103
218/7/3
0.090
0.090
0.166
215/1/2
:
0.389
0.389
0.389
119/5
0.072
0.036
0.036
0.072
218/15
0.10.1
0.101
0.101
119/4
0.102
0.102
0.203
218/14
0.121
0.121
0.121
216/1/1
0.030
0.030
0.122
216/1/2
0.110
0.110
0.160
216/2/1
0.055
0.055
0.290
216/2/2
0.055
0.055
0.055
215/3/1/1
0.056
0.056
0.056
215/3/1/2
0.041
0.041
0.190
146/14
0.300
0.300
0.526
190/1
0.090
0.090
0.131
146/2/1
146/3/1 2122
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
190/2
62 शेरू पिता छोटया भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी
188
146/5
63 प्यारसिंग पिता भुवान सिंग भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी
146/4
64
195/2
जुवानसिंग पिता फकीरा भीलाला, नि. ग्राम भू-स्वामी
146/11
65|
195/2/1
भीलु पिता फकारी पिता फकारा, माলালা ।শ.সাশ भू स्वागी
146/16
146/12
66
195/2/2
गगन पिता पिता फकीरा, भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी
146/2/3
रादु पिता गंगाराम गीलाला नि.ग्राम भू स्वामी 67
146/3/3
146/2/2
68
146/3/2
कालु पिता गंगाराम भीलाला नि.ग्राग भूस्वागी
195/1/3
69 झुमरीबाई पति नरसिह जाति भीलाला नि.ग्राम भू स्वागी
70
145/2/2
तेरसिंग पिता लालसिंग भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी
71
158/1/7/५
तेरसिंग पिता बिसन भीलाला नि.ग्राम भूस्वागी
72
130/5
सुरपाल पिता जागसिंग भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी
133
73 हरलाल पिता गंगा भीलाला नि.ग्राम भू स्वामी
130/3/4
74
132/4
ध्यानसिंग पिता भुरेसिंग भीलाला नि.ग्राम भूस्वामी
130/3/2
75
132/2
गीनाबाई बेवा गुरेसिंग भीलाला निःग्राम भूस्वागी
131
76 टेडा पिता मोहन वेचान पिता गगला डोगरिया पिता सुमला भीलाला नि.ग्रागं भू स्वागी
126/6
77 पर्वत पिता देववन्द बलाई नि.ग्राम भू स्वामी
126/4
126/7
78
126/1
मांगीलाल पिता देवबंद बलाई नि.ग्राम भू-स्वागी
79
126/5
आशाराम पिता देववन्द बलाई नि.ग्राम भूस्वामी
126/3
80 शोभाराम पिता कोरजी, मनोहर, मुकेश पिता हरचन, सुगनबाई, कंचनबाई पिता हरवन बलाई नि.ग्राग
81
काशीराम पिता गोपाल बलाई नि.ग्राम भूस्वागी
82 भुवानसिंग पिता सतीया भीलाला निःग्राम भूस्वामी
[भाग 1
0.005 0.005
0.546
0.150
0.150
0.324
0.450 0.450
1.215
0.180
0.180
0.360
0.060
0.060
0.282
0.020
0.020
0.190
0.060
0.060
0.282
0.150
0.150
0.331
0.131
0.131
0.131
0.040
0.040
0.409
0.420
0.420
0.809
0.113
0.113
0.113
0.350
0.175
0.175
0.409
0.170
0.170
0.304
0.100
0.100
0.170.
0.100
0.100
0.150
0.230
0.030
0.200
0.514
0.049
0.049
0.049
0.030
0.030
0.063
0.024
0.024
0.024
0.020
0.020
0.073
0.056
0.056
0.056
0.050
0.050
0.235
0.075
0.075
0.320
115/1
0.279
0.009
0.270
0.279
126/2
0.162
0.162
0.162
119/2
0.180
0.180
0.610
128/5 2123
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
83| मांगीलाल , मोतलवाई, नीलाबाई पिता गणपत कैलाश , रवि, कोमल , अनिता पिता दुलीचन्द, कुसुमबाई बेवा दुलीचन्द बलाई , नि. ग्राम भू- स्वामी
84 रुखाडेया पिता धनसिंग भीलाला निःग्राग भूस्वामी
85 मदन पिता फकीरा, भीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 86 नारायण पिता बंशीलाल गीलाला गीलाला निःग्राम भूस्वागी
87
शिवराग पिंता बंशीलाल गीलाला गीलाला नि.ग्राग भू-स्वामी
88 अगोबाई पति नारायण भीलाला भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी
कंगूबाई पति मेहताब गीलाला नि.ग्राग भू स्वामी 89
दशरथ पिता धना गीलाला नि.ग्राग भू स्वागी 90
91 नहारसिंग पिता मोत्या भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी
92 गानबाई पति फुलसिंग भीलाला नि.ग्राग भूस्वामी
93 तेजलबाई पति गगल्या भीलाला नि.ग्राम भूस्वागी
94 नवलसिंह, दौलतसिंह, रामसिंह, रघुनाथ, परमानन्द, रानुबाई, सुंदरबाई, गेंदाबाई पिता हावडा गीलाला नि.ग्राम भूस्वागी
श्याणीबाई बेवा गंगत्या, बोंदर, कैलाश पिता छगन, रड़वी पिता भीगा, बावरिया पिता रागा, रागा, कोल्या पिता उमराव शिपु पिता मदन, कालु, मांगीलाल पिता मुनस्या भीलाला नि.ग्राम भूखागी
96 मोहन पिता सुकल्या गीलाला नि.ग्राम भूखागी
97 शान्तीलाल पिता सुकल्या गीलाला नि.ग्राम भूस्वागी
0.081
0.081
0.081
120
0.020
0.020
0.020
118
0.299
0.099
0.200
0.299
121
0.110
0.110
0.344
111/3
119/3
0.075
0.075
0.282
146/13
195/2/3
0.018
0.018
0.190
146/17
0.125
0.125
0.267
92/1/1
0.010
0.010
0.267
92/1/2
0.364
0.064
0.300
0.364
92/2/1
0.085
0.085
0.178
94/1
0.030 0.030 0.030
92/2/3
0.050
0.050
0.064
92/2/2
0.110
0.110
0.126
88/1
0.015
0.015
0.089
92/3
0.032
0.032
0.032
88/2
0.190
0.190
0.303
87/1
0.170
0.170
0.304
87/2
0.300
0.300
0.384
1/4
5/2
7/2
0.020
0.020
0.809
86
0.140
0.140
1.295
3/3
6
0.081
0.081
0.226
1/3/1
4/1/1
5/1/1
0.085
0.085
0.233
1/3/2
4/2/2
5/1/2 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2124
1/2
3/2
7/3 98 धनसिंह पिता अगरसिंह हिरला माग्या कास्या मडया असल्या पिता गापत सुकाबाई बेवा गणपत बनाबाई अनीबाई कनीबाई पिता गणपत, नि. काकरीया रूपसंग गुलाबसिह गजानन्द जगन्नाथ चम्पाबाई कसरबाई पिता भावसिंग बंशीबाई बेवा भावसिंग नि. बलगॉव भीलाला नि.ग्राग भू-स्वामी
45/1/1
99 बालीबाई पति पुना भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी
45/4
100 सायरीबाई पति जुवानसिंग भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी
45/3
101 मडीबाई पति बदिया भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी
45/2
102 जुवानसिंग पिता वेसु भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी
103
44/28
थावलीबाई पति रेमंसिंग भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी
44/27
104
44/3
रूधनाथ पिता मुनस्या भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी
44/26
मंगन पिता मुनस्या भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी 105
44/1
106 मांगीलाल पिता मुनस्या भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी
107
44/12
ध्यानसिंग पिता दवला भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी
108
44/2
जगन्नाथ पिता गुनस्या भीलाला नि. ग्राम भू-स्वामी
0.300
0.300
0.510
0.273
0.003
0.270
0:910
0.121
0.121
1.499
0.142
0.142
1.455
0.150
0.150
1.359
0.025
0.025
0.486
0.020
0.020
0.500
0.010
0.010
0.190
0.020
0.020
0.500
0.010
0.010
0.160
0.049
0.049
0.160
0.018
0.018
0.200
0.010
0.010
0.100
0.390 0.390
0.680
17 / 1/1/1/1 / ख / 1 /1
मंगल्या पिता धना भीलाला नि.ग्राम भू- स्वामी 109
40/8
110 मांगीलाल पिता बिलमण भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी
111 सीताबाई पति मांगीलाल भीलाला नि.ग्राम भू-स्वामी योग नोट:-
0.263 0.263
0.607
16/5
0.040 0.040
1.165
16/1
22.445
1.014
11.744
9.687
53.304
1. भूमि के नक्शे (प्लान ) का अवलोकन भू-अर्जन अधिकारी इंदिरा सागर परियोजना नहरें बड़वानी एवं कार्यपालन यंत्री नर्मदा विकास संभाग क्र.-14, ठीकरी , जिला-बड़वानी के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है ।
2. कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से उक्त अधिनियम के अधीन कार्यवाहीयों के पूर्ण हो जाने के समय प्रारंभिक अधिसूचना के विनिर्दिष्ट भूगि का कलेक्टर (भू-अर्जन ) बड़वानी की अनुमति के बिना कोई संव्यवहार नहीं करेगा/ करायेगा अथवा ऐसी भूमि पर कोई विल्लगंम सृजित नहीं करेगा । 3. सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण का पर्यावरणीय समाघात का अध्ययन किया गया है अतः धारा-6 की उप धारा-2 'क' के अनुसार सामाजिक सगाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित करने की आवश्यकता नहीं है । 2125
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
4' भूमि अर्जन पुर्णवरा और पुर्नव्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013) की घास 10 के प्रथियान भी सिंचाई परियोजना होने के कारण लागू नहीं होगें ।
5.. इस प्रारम्भिक वसूचना वर्णित भूमि के क्षेत्र उपयुक्तता एवं औचित्य के संबंध में हितबद्ध व्यक्ति धारा 15 (1 ) के अधीन 60 दिवस के भीतरू अर्जन अधिकारी के कार्यालय में आक्षेप प्रस्तुत कर सकता है ।
6. समुमित सरकार की वेबसाईट www.barwani.nic.in पर भी अपलोड किया गया है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अजयसिंह गंगवार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला खरगोन एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खरगोन , दिनांक 6 जून 2016
क्र 359- भू-अर्जन-16.-चूंकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची-(1)
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
p
कमाक
खसरा न ०
रकबा (हे० में) 1
2
3 1
215/1
0.073 2
215/3
0.203 3
215/4
0.303 4
215/5
0.384 5
216/2
0.012 6
216/3
0.178 7
216/5
0.385 8
216/6
0.089 9
217/2
0.137 10
252
0.422 11
265
0.603 योग
खरगोन
सनावद
टाकली
5.254 हेक्टर
कमाक
खसरा न ० रकबा (हे० में) 4
5
6
12
266/1 0.179 13
266/2 0.146 14
267/1 0.210 15
267/2 0.154 16
268
0.922 17
250/2 0.101 18
272 0.202 19
271 0.170 20
270 0.219 21
215/2 0.097 22
214/2 0.065
22
5.254 [भाग 1 2126
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3):
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । 2127 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार ।.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । [भाग 1 2128
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /- प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र - छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 360- भू- अर्जन - 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची-(1)
1-
भूमि का वर्णनः-
खरगोन
(क) जिला
सनावद
(ख) तहसील
गोराडिया
(ग) ग्राम
0.853 हेक्टर
(घ) लगभग क्षेत्रफल
रकबा
खसरा न०
क्रमांक
(हे० में)
3
2
1
0.549
4
1
0.280
8/1
2
0.024
8/2
3
0.853
3
योग
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु 2129
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया. जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड़। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । [भाग 1 2130
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी । 2131
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्तं दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ: -
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 361 - भू- अर्जन - 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
:
अनुसूची- (1 )
1- भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.308
167/1
1
0.097
171/1
2
0.069
171/2
3
0.032
173/1
4
0.069
173/2
5
0.050 6
173/4
0.024
173/12
7
0.081
177/1
8
0.551
187
9
योग
खरगोन
सनावद
बिराली
1.815 हेक्टर
खसरा न ०
कमांक
रकबा (हे० में)
6
5
4
0.012
209
10
0.020
177/6
11
0.210
189
12
0.162
190
13
0.068
13/1
14
0.038
15
14/1
0.020
8/1
16
0.004
13/4
17
1.815
17 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2132
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3 )
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचितं या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2133
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।
2
परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1 2134
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी। अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) बडवाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 362 - भू- अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची-(1)
1-
भूमि का वर्णनः-
खरगोन
(क) जिला
सनावद
(ख) तहसील
बालाबाद
(ग) ग्राम
0.416 हेक्टर
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न ०
कमाक
रकबा (हे० में)
3
1
2
0.081
1
77
0.077
78/2
2
3
79
0.162
0.020
80
4
85/6
0.020
5
6
0.014
91/2
0.014
7
91/4
0.028
8
116/1
योग
0.416
8 2135
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब ) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आंवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2136
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमतिं रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू-विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2
परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 2137
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित . होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा .) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 363- भू-अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है , कि नीचे दी गई अनुसूची (1) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1 )
1-
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.190
858
1
0.024
1086/7
2
0.170
1086/8
3
0.235
1087/1
4
0.036
1134
5
0.708 6
1136
0.048
1164/1
7
0.097
1177/9
8
योग
खरगोन
सनावद
ढकलगांव
2.251 हेक्टर
खसरा न०
कमाक
रकबा (हे ० में)
6
4
5
0.125
9
1178/2
0.170
1179/2
10
0.119
1180/1
11
0.214
1181/2
12
0.083
1181/3
13
851/5
0.020
14
0.012
875/2
15
2.251
15 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2138
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की : -
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
:अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2139
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा - राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब ) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी । [भाग 1 2140
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2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः -
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000/ -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र -छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ: -
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति / आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा .) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2141
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
क्र 364- भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1 )
1- भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न० कमांक
2 1
204/1 1
209/2 2
207 3
3 योग
खरगोन
सनावद
तमोलिया
0.380 हेक्टर
रकबा (हे०. में)
3
0.154
0.210
0.016
0.380
:अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की: - आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2142
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000/- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः -
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा ।
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । 2143 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः -
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार ।.
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि. मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2144
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 365- भू- अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
खरगोन
(क) जिला
सनावद
(ख) तहसील
भोगावां निपानी
(ग) ग्राम
3.754 हेक्टर
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.021
256/8
1
0.024
257
2
0.841
258/1
3
0.368
259
4
0.413
260/5
5
1.149
263/2
6
0.260
264/2
7
0.220
264/1
8
0.458
258/2
9
3.754
9
योग 2145
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में. अर्जित भूमि एक एकड़ से कम हैं तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल/ पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु. जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । [भाग 1 2146
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5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 2147 भाग 1 ]
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9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा .) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 366- भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची-(1)
1-
भूमि का वर्णनः-
खरगोन
(क) जिला
सनावद
(ख) तहसील
चमारदड़
(ग) ग्रांम
0.010 हेक्टर
(घ) लगभग क्षेत्रफल
रकबा
खसरा न ०
कमांक
(हे० में)
3
2
1
0.010
31/19
1
0.010
योग
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु 2148
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । 2149 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएंगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।.
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग, मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा। 9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 2150
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा.) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 367- भू-अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.316
23/9
1
0.283
31
2
0.109
43
3
0.255
45/1
4
0.272
47
5
0.061
78/2
6
0.109
78/3
7
0.144
78/5
8
0.234
78/7
9
0.004
78/8
10
0.178
87
11
0.153
103/1
12
खरगोन
सनावद
मोखनगांव
5.028 हेक्टर
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
6.
5
4
0.133
103/3
13
0.211.
104
14
0.055
110/11
15
0.092
110/12
16
0.024
78/4
17
0.012
77
18
0.060
109/1
19
0.121
109/2
20
0.162
109/3
21
0.113
109/4
22
0.263
23/6
23
0.247
23/12
24 2151
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.259
23/11
25
0.111
23/2
26
0.218
142/2
27
0.101
142/1
28
0.211
108/1
29
0.014
145
30
योग
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
6
5
4
0.022
144
31
0.048
103/4
32
0.076
118/1
33
0.024
117/1
34
0.303
117/2
35
0.030
115
36
5.028
36
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोज़न जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः- (1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपयें 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान. से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः- कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मकं सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2152
3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (अ)
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा । 2153
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा.) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2154
क्र 368- भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची-(3)
1-
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.733
32
1
0.384
33/1
2
0.214
33/2
3
0.494
33/7
4
0.474
33/9
5
0.413 6
34/1
1.052
34/3
7
0.889
38/2
8
0.134
38/3
9
0.425
39/1
10
0.668
39/2
11
योग
खरगोन
सनावद
खानपुरा
9.573 हेक्टर
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
6
5
4
0.688
44
12
0.164
45/1
13
0.357 14
45/2, 46/1
0.417
51/1
15
0.793
33/11
16
0.263 17
0.089
57/4
18
0.113
57/1
19
0.121
38/1
20
0.469
46/2
21
0.219
51/5
22
9.573
22 2155
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000/ - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जानाः प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2156
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख वः असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च. एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 2157
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 369- भू- अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमिका वर्णनः-
खरगोन
(क) जिला
सनावद
(ख) तहसील
बागदा खुर्द
(ग) ग्राम
1.812 हेक्टर
(घ) लगभग. क्षेत्रफल
खसरा न ०
कमाक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.445
15/3
1
0.020
2
66
0.450
3
69/1
0.299
69/3
4
0.401
69/5
5
6
0.149
69/6
0.048
69/7
7
1.812
योग
7
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2158
अनुसूची-(3)
भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1-.वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया जायेगा। एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेंगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000/- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु क्रमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । 2159 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व अंसिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आंधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी । [भाग 1 2160
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 370- भू- अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
खरगोन
(क) ज़िला
सनावद
(ख) तहसील
आरसी
(ग) ग्राम
0.111 हेक्टर
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
क्रमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.061
84/1
1
0.050
2
204/2
0.111
योग
2 2161
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की: -
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़े ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित। 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः -
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा। [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016 ..
2162
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः -
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000/- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
. एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्तिं ) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग, पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी । 2163
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2164
क्र 371- भू- अर्जन-16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
खरगोन
(क) जिला
सनावद
(ख) तहसील
ढसगांव
(ग) ग्राम
-0.243 हेक्टर
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.037
147/4
1
0.101
2
148
0.105
149/4
3
0.243
योग
3
:अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु 2165
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । 5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी । [भाग 1 2166
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 2167
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
10- छात्रवृत्तिः--
प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा .) बडवाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 372 - भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची-(1)
1-
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न० कमांक
रकबा (हे ० में)
3
2
1
0.814
178/1
1
0.684
179
2
0.108
3 180/1,180/8,180/9
0.174
180/3
4
0.045
180/4
5
0.445.
180/10
6
0.760
181/1
7
0.368
8 185/1,185/2 , 185/3
0.536
185/7
9
0.219
188
10
209
11
0.728
210
12
219/1
13
योग
खरगोन
सनावद
डाल्याखेडी
11.048 हेक्टर
खसरा न ०
कमांक
रकबा (हे० में)
6
5
4
0.340 219/2
14
0.409 220/1
15
0.506
220/2
16
0.142
220/3
17
0.146
220/5
18
0.235
221/1
19
0.437
224
20
1.308
225/1
21
0.162
218/1
22
0.413
178/2
23
0.737
186/1
24
0.850
0.041
186/3
25
0.441
11.048
25 [भाग 1 2168
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2169
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावितं भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रतिपरिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1 2170
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बरांबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2171
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
क्र 373 - भू-अर्जन - 16. - चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूर्च में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन धेनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं व्र्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन औ सर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 के पधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोज लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.207
7/2
1
0.339
8/2
2
0.478
8/7
3
0.154
9/3
4
0.738
10/1
5
0.603
10/2
6
0.141
10/3
7
0.138
10/4
8
0.232 9
0.202
11/2
10
2.267 1.1 27/1 , 27/2 , 28
0.272
29/1
12
0.170
29/3
13
योग
खरगोन
सनावद
भातुड
8.060 हेक्टर
खसरा न ०
क्रमांक
रकबा (हे० में)
6
5
4
0.347
29/4
14
0.525 15 56/9 , 56/11 , 56/13
0.045
56/16
16
0.361 17 57/2 , 57/3 , 57/6
0.073
58/2
18
0.619
64/1
19
0.024
8/6
20
0.008
8/3
21
0.024
10/5
22
0.081
11/3
23
0.008
65/2
24
0.004
29/6
25
8.060
25 [भाग 1 2172
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकडः। (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 / - प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2173 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः -
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । :
(ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।.
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2174
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बड़वाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2175
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
क्र 374- भू- अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची . (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
खरगोन
सनावद
बैडिया
2.451 हेक्टर
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
रकबा (हे ० में)
कमांक
3
2
1
0.101
403
1
0.074 2
579/1
0.203
638/1
3
0.008 4
638/2
0.101
202/1
5
0.053
642/1
6
0.069 7
642/2
0.081
643/3
8
0.096
578/2
9
0.062
578/3
10
0.127
578/4
11
0.057
579/2
12
0.054 13
579/3
0.075
580/1
14
0.040
571/1
15
0.020
571/3
16
0.048 17
571/4
योग
6
5
4
0.120
571/2
18
571/7
0.087
19
0.097
561
20
0.069
583
21
22
0.041
584
0.085
585
23
524/2
24
0,020
0.073
524/3
25
0.150
524/4
26
524/5
0.138
27
0.073
559/3
28
0.081
559/2
29
0.056
559/1
30
0.004
578/1
31
0.080
580/2
32
0.008
586
33
2.451
33 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2176
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:- आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
:अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किंया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2177
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएंगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग, पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2178
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-.
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा . ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 375- भू-अर्जन-16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
खरगोन
(क) जिला
सनावद
(ख) तहसील
भोपालपुरा
(ग) ग्राम
0.489 हेक्टर
(घ) लगभग क्षेत्रफल
रकबा
क्रमांक
खसरा न०
(हे ० में)
3
2
1
0.202
1
73/1 , 73/2
2
72/1
0.085
0.202
3
72/5
0.489
योग
3 2179
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
:अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु.
अनुसूची-(3)
भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000/- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होंगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः -
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2180
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए हीं विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
अ. जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । ब. प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति , प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 2181
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भाग 1 ]
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान ) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह , महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 376 - भू- अर्जन -16. चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची-(1)
1-
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमाक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.551
38/2
1
0.355
40/1
2
0.357
40/2
3
0.214
41/1
4
0.514
41/2
5
6
0.364
41/3
0.206
41/5
7
0.44.1
42
8
0.251
45/5
9
0.158
45/1,46/1
10 योग
खरगोन
सनावद
भुगदड़
5.587 हेक्टर
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
6
4
5
0.166
47
11
48/3
0.518
12
0.562
57
13
0.444
58/1
14
0.028
48/7
15
16
48/2 0.253
0.080
48/5
17
0.020
56
18
0.024
60/1
19
0.081
48/1
20
20
5.587 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2182
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की: -
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । 2183
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी। यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो , इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2184
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 377- भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2 ) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची-(1)
1-
भूमि का वर्णनः-
खरगोन
(क) जिला
सनावद
(ख) तहसील
भानबरड
(ग) ग्राम
0.093 हेक्टर
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न ०
कमाक
रकबा
(हे० में)
2
3
1
1
206/1
0.073
2
206/2
0.020
योग
2
0.093 2185
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है:-
(अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000/- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु क्रमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । [भाग 1
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5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी। यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू- अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति ) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क. एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन, किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी । 2187
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस - पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / - प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ: -
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासनं एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2188
[भाग 1
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क्र 378 - भू-अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा-19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.113
19/1
1
0.133
21/1
2
0.134
23/1
3
0.073
24/1
4
0.109
24/2
5
0.324 6
24/5
0.194.
28/3
7
0.097 8 167,168,173
0.090
174/1
9
0.155
174/2
10
योग
खरगोन
सनावद-
बोदगांव
2.767 हेक्टर
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
6
5
4
0.073
184
11
0.250
230
12
0.113
244/5
13
0.331 .
251/1
14
0.174
263/1
15
16
0.142
245/1
0.081
242/6
17
0.170
251/3
18
0.004
22/1
19
0.007
34/18
20
2.767
20 2189
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार हैं:-
(अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लियें प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग/ रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुलं / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा। [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2190
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः -
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 / - प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा-राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड़ भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वास्वन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा। 2191
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविकं खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी । 10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 379- भू- अर्जन - 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न० रकबा (हे० में) कमांक
3
2
1
0.012
3/2
1
0.304
3/5
2
0.048
8/3
3
0.084
10
4
0.085
16
5
0.003
34/1
6
0.004
34/2
7
योग
खरगोन
सनावदं
बागदा बुजुर्ग
1.092 हेक्टर
खसरा न ०
क्रमांक
रकबा (हे०में)
6
5
4
0.041
34/4
8
0.101
35
9
0.020
39/5
10
0.150
48
11
0.116
49
12
0.124
50
13
1.092
13 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
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अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा-19 (2) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख) का एक बारगी संदाय किया जायेगा। एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 / - प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक- पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 /- देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये. 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः -
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा। 2193
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन , वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस-पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2194
9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर ) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र-छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा. /अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी। यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ: -
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
क्र 380- भू- अर्जन- 16.- चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3 ) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा -19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता हैं ।.
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
खरगोन
(क) जिला
सनावद
(ख) तहसील
भगोरा
(ग) ग्राम
1.138 हेक्टर
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
कमांक
रकबा (हे० में)
3
2
1
0.385
22/1
1
0.125
23/1
2
0.263
25,26
3
0.122
30/1
4
0.203
30/2
5
0.040
6
1.138
6
योग 2195
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ आवश्यकता है
निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार हैः- (अ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन, विधवा , परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 /- प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक-12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जायेगा । [भाग 1 2196
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5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि):-
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर , प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग, मोटर, ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस-पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैच चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जायेगा । 2197 भाग 1 ]
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9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है, यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है, तो भू- विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 /-प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./ अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति / आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू- अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा. ) बडवाह, महाप्रबंधक, एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 2198
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
क्र 381 - भू- अर्जन- 16.-चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है, कि नीचे दी गई अनुसूची (1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची (2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । भू- अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19(2 ) के अंतर्गत पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम का सार अनुसूची (3) पर प्रदर्शित है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा-19 की उपधारा (1 ) एवं (2) के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची- (1)
1-
भूमि का वर्णनः-
(क) जिला
(ख) तहसील
(ग) ग्राम
(घ) लगभग क्षेत्रफल
खसरा न०
क्रमांक
रकबा (हे ० में)
3
2
1
0.137
21/3
1
0.130
22
2
0.161
23/2
3
0.122
24/2
4
0.113 5
204/1
0.270
235
6
0.163
238/7
7
0.073
238/8
8
0.073
238/9
9
0.093
242
10
0.179
245/1.
11
योग
खरगोन
सनावद
बमनगांव
2.455 हेक्टर
खसरा न ०
कमांक
रकबा (हे ० में)
6
5
4
0.098
250/4
12
0.045
28/3
13
0.032
251/2
14
0.101
27
15
0.141
233
16
0.030
239/1
17
0.112 239/2 , 239/3
18
0.142
239/4
19
0.121
237/4
20
0.018
264/4
21
0.101
264/6
22
2.455
22 2199
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
:अनुसूची-(2)
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की:-
आवश्यकता है
खरगोन वृहद ताप विद्युत परियोजना को कोयला आपूर्ति के लिये रेल पथ निर्माण हेतु
अनुसूची-(3)
भू-अर्जन अधिनियम की धारा -19 (1 ) में विनिर्दिष्ट घोषणा के साथ धारा -19 (2 ) के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन योजना का सार
1- वार्षिकी या नियोजन का विकल्पः-
(1 ) रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ (न्यूनतम रूपये 5 लाख ) का एक बारगी संदाय किया जायेगा । एक एकड़ से अधिक भूमि का अर्जन होने की दशा में रूपये 5.00 लाख प्रति एकड़ का आनुपातिक मान से पुनर्वास अनुदान संदाय किया जायेगा । जिसका वर्गीकरण इस प्रकार है: - (अ ) एक मुश्त नौकरी के एवज में पुनर्वास अनुदान रूपये 3,00,000 /- प्रति एकड । (ब) Ex - Gratia रूपये 50,000 / - प्रति एकड़ ।
(स) विशेष अनुदान रूपये 50,000 /- प्रति एकड़ ।
(द) प्रभावितों पर आश्रित निःशक्तजन , विधवा, परित्यक्तता एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के सदस्यों हेतु पुनर्वास अनुदान रूपये 1,00,000 / - प्रति एकड़ ।
(2) एक ही व्यक्ति की एक एकड़ से कम भूमि के दो या दो से अधिक प्रकरण होंगे तो प्रत्येक प्रकरण में पृथक-पृथक 5-5 लाख की राशि देय नहीं होगी । सभी प्रकरणों में अर्जित भूमि एक एकड़ से कम है तो रूपये 5,00,000 / - देय होगा ।
2- ग्रामों हेतु अवसंरचनात्मक सुविधायेंः-
कार्य योजना के बिंदु कमांक -12 में ग्रामों की अवसंरचनात्मक सुविधाओं के लिये प्रति ग्राम विकास हेतु राशि रूपये 10,00,000 /- प्रति ग्राम प्रति वर्ष तीन वर्ष के लिये दिया जाना प्रावधानित । 3- खेतों में आवागमन हेतु मार्गः-
एनटीपीसी द्वारा रेल पथ निर्माण में सामान्य आवागमन के जो भी मार्ग / रोड़ अवरूद्ध होगे वहाँ पर पुल / पुलियाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । रेल्वे पथ के दोनों ओर खेतों में आवागमन हेतु जमीन रखी गई है ।
4- शेष बची भूमि का अधिग्रहणः-
कृषक की 75 प्रतिशत / प्रति खसरा भूमि अधिग्रहण की दशा में शेष बची हुई भूमि यदि 0.5 हेक्टर सिंचित या 1 हेक्टर असिंचित या इससे अधिक हो तो शेष भूमि के अधिग्रहण की अनिवार्यता नहीं होगी । इससे कम भूमि का अर्जन भूमिस्वामी की सहमति के आधार पर किया जावेगा । [भाग 1 2200
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5- सिंचाई हेतु पाईप लाईन निकालने की अनुमतिः-
सिंचाई के लिए पाईप लाईन निकालने हेतु अनुमति के लिए तकनीकी दृष्टि से विचार किया जावेगा तथा जहां संभव हो वहां पर अनुमति दी जावेगी । यह अनुमति रेल पथ परियोजना के लिए भू-अर्जन से प्रभावित भू- स्वामियों की वर्तमान में प्रभावित हो रही पाईप लाईन के लिए ही विचाराधीन होगी ।
6- संभावित नुकसान भरपाई के लिये विशेष पुनर्वास अनुदानः-
रेल पथ के निर्माण के दौरान प्रभावित कृषकों को संभावित अपरिहार्य क्षति की पूर्ति हेतु राशि रूपये 25,000 /- प्रति एकड़ का भुगतान किया जाना प्रावधानित ।
7- विशेष पुनर्वास अनुदान (देय प्रतिकर के अतिरिक्त राशि): -
(अ) जमीन, वृक्षों तथा मकान का मुआवजा- राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रतिकर अनुसार । (ब) प्रत्येक कृषक को उसकी अर्जित भूमि के लिये प्रति एकड़ के मान से इतनी अतिरिक्त राशि विशेष पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी कि उसे सिंचित भूमि के लिए रूपये 5 लाख व असिंचित भूमि के लिये रूपये 2.50 लाख प्रति एकड भूमि मुल्य प्राप्त हो, इस राशि में से अधिनिर्णित राशि कम करके दी जावेगी ।
8- प्रशिक्षणः-
एनटीपीसी द्वारा क्षमता निर्माण के लिये परियोजना प्रभावित भू- विस्थापितों और उनके आश्रितों (आमतौर पर प्रति परिवार एक व्यक्ति) के लिए निम्नलिखित प्रशिक्षण सुविधाऐं आयोजित की जावेगीः-
1 (अ ) राज्य के ITI में प्रशिक्षण लेने वाले को छात्रवृत्ति, प्रवेश शुल्क एवं शिक्षण शुल्क राज्य शासन के नियमानुसार दिया जावेगा ।
(ब) प्रभावित व्यक्तियों को मेशन, वारवन्डर, प्लम्बरिंग , कारपेन्टरिंग , शटरिंग , मोटर , ड्राईविंग , पेंटिंग आदि का प्रशिक्षण संबंधित संस्थाओं द्वारा दिलाया जायेगा एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(स) कृषि आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जावेगी एवं इसका खर्च एनटीपीसी द्वारा वहन किया जावेगा ।
(द) प्रभावित व्यक्तियों से विचार विमर्श करके आवश्यकतानुसार अन्य प्रशिक्षण की व्यवस्था कीजावेगी ।
2 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को आस- पास के क्षेत्र में राज्य के आई टी आई में प्रशिक्षण प्रयोजित करना एवं विशेष बैचं चलाने हेतु समझौते करने का प्रयास किया जावेगा । 2201 भाग 1 ]
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9- भूमि विकास राशिः-
वर्तमान में इस परियोजना में कोई विस्थापित नहीं हो रहा है , यद्यपि भविष्य में विस्थापित होता है , तो भू-विस्थापितों द्वारा मुआवजा राशि एवं पुनर्वास राशि से खोई हुई जमीन के बराबर वास्तविक खरीदी हुई जमीन के लिए रूपये 16,000 / -प्रति एकड़ की दर से भूमि विकास राशि (अधिकतम 2 हेक्टर) के लिए देय होगी ।
10- छात्रवृत्तिः-
प्रभावित परिवार के छात्र- छात्राओं को 12 वीं कक्षा तक अध्ययन के लिये अ.जा./अ.ज.जा. वर्ग के विद्यार्थियों को राज्य शासन के द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति के बराबर छात्रवृत्ति की गणना कर राशि एक मुश्त दी जावेगी । अनुत्तीर्ण होने पर छात्रवृत्ति देय नहीं होगी । यह छात्रवृत्ति अन्य शासकीय योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली छात्रवृत्ति के अतिरिक्त होगी ।
11- स्वास्थ्य सेवाएँ:-
परियोजना से प्रभावित व्यक्ति/ आश्रितों को एन.टी.पी.सी. परिसर में बनने वाले अस्पताल में परामर्श एवं अन्य जॉच हेतु राशि में 80 प्रतिशत छूट का प्रावधान रहेगा ।
भूमि का नक्शा (प्लान) एवं आयुक्त द्वारा दिनांक 09.04.2016 को अनुमोदित विस्तृत , पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन स्कीम, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , (रा .) बडवाह, महाप्रबंधक , एनटीपीसी लिमिटेड खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अशोक कुमार वर्मा, कलेक्टर एवं समुचित सरकार..
2202
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खण्डवा, दिनांक 18 अप्रैल 2016
नस्ती क्र. 26- एल. ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 12-अ-82-2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः " भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " की धारा 11 ( 1 ) उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
प्रस्तावित खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य की प्रकृति लोक हित के अन्तर्गत सार्वजनिक प्रयोजन की है. अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) की धारा 4 सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट से छूट प्रदान की गयी है. जिसका प्रकाशन पृथक से किया गया है इस कारण से धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारिण रिपोर्ट के प्रकाशन की आवश्यकता नहीं है:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(4) 1.494 (2) खण्डवा
(1) खण्डवा
(3) खण्डवा तरफ माली.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिमरेल्वे, इन्दौर.
खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु. (6)
2. भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी खण्डवा/उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.
नस्ती क्र. 28 - एल. ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 15-अ-82-2015-16.-उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर द्वारा पत्र क्र. इन्दौर- डब्ल्यू- 335-4 दिनांक 17 फरवरी 2016 प्रस्तुत कर खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु अधिग्रहित अथवा उपयोग की जाने वाली भूमि के संबंध में भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " (क्र. 30 सन् 2013 ) के अध्याय 2 ( अ ) धारा 4 सामाजिक संमाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया है.
उक्त प्रस्ताव का अध्ययन करने के पश्चात प्रस्तावित योजना पूर्णतः लोकहित से संबंधित होने के कारण म. प्र. शासन राजस्व विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन , भोपाल के ज्ञाप क्रमांक एफ - 16-15 ( 1 ) / 2014- सात-2 ए, दिनांक 29 सितम्बर 2014 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं,. डॉ. एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर जिला खण्डवा एवं समुचित सरकार म. प्र. शासन विधि एवं विधायी कार्य मंत्रालय , भारत शासन के संशोधित अध्यादेश क्रमांक 9/2014 के बिन्दु 10 - ए अनुसार लोकहित को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित लोक परियोजना के निम्नाकित क्षेत्र को अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) धारा -4 में वर्णित सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करता हूं: -
तहसील
प.ह.न..
जिला
(3) 79
(2) खण्डवा
(1) खण्डवा
नोटः- उपरोक्त प्रस्तावित भूमि के क्षेत्रफल में कमी अथवा वृद्धि संभावित है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
ग्राम का नाम
प्रस्तावित अनुमानित क्षेत्रफल है. में. (5) 7.82
(4) नागचून
(6) खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु.
2. उक्त भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.
2203
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
खण्डवा, दिनांक 19 अप्रैल 2016
नस्ती क्र. 27/एल . ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 11-अ-82-2015-16.- उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर द्वारा पत्र क्र. इन्दौर - डब्ल्यू- 335-4 दिनांक 17 फरवरी 2016 प्रस्तुत कर खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु अधिग्रहित अथवा उपयोग की जाने वाली भूमि के संबंध में भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " ( क्र. 30 सन् 2013 ) के अध्याय 2 ( अ ) धारा 4 सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करने संबंधी प्रस्तावं प्रस्तुत किया है.
उक्त प्रस्ताव का अध्ययन करने के पश्चात प्रस्तावित योजना पूर्णतः लोकहित से संबंधित होने के कारण म. प्र. शासन राजस्व विभाग , मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के ज्ञाप क्रमांक एफ- 16-15 ( 1 )/2014- सात-2 ए, दिनांक 29 सितम्बर 2014 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं डॉ. एम . के. अग्रवाल, कलेक्टर जिला खण्डवा एवं समुचित सरकार म. प्र. शासन विधि एवं विधायी कार्य मंत्रालय , भारत शासन के संशोधित अध्यादेश क्रमांक 9/2014 के बिन्दु 10 - ए अनुसार लोकहित को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित लोक परियोजना के निम्नाकित क्षेत्र को अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) धारा -4 में वर्णित सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करता हूं: -
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
ग्राम'का नाम
प.ह.न.
तहसील
जिला
प्रस्तावित अनुमानित क्षेत्रफल है. में.
(5) 0.351
(3) 80
(2) खण्डवा
खण्डवा (1)
(4) खण्डवा तरफ कुनबी
(6) खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु.
नोटः- उपरोक्त प्रस्तावित भूमि के क्षेत्रफल में कमी अथवा वृद्धि संभावित है.
2. उक्त भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा/उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.
नस्ती क्र . 25/एल . ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 13-अ- 82-2015-16.-उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर द्वारा पत्र क्र. इन्दौर - डब्ल्यू- 335-4 दिनांक 17 फरवरी 2016 प्रस्तुत कर खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु अधिग्रहित अथवा उपयोग की जाने वाली भूमि के संबंध में भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " ( क्र. 30 सन् 2013 ) के अध्याय 2 (अ ). धारा 4 सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया है.
उक्त प्रस्ताव का अध्ययन करने के पश्चात प्रस्तावित योजना पूर्णतः लोकहित से संबंधित होने के कारण म. प्र. शासन राजस्व विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन , भोपाल के ज्ञाप क्रमांक एफ-16-15 ( 1 )/2014 - सात-2ए, दिनांक 29 सितम्बर 2014 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये मैं डॉ. एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर जिला खण्डवा एवं समुचित सरकार म. प्र. शासन विधि एवं विधायी कार्य मंत्रालय, भारत शासन के संशोधित अध्यादेश क्रमांक 9/2014 के बिन्दु 10 - ए अनुसार लोकहित को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित लोक परियोजना के निम्नाकित क्षेत्र को अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) धारा -4 में वर्णित सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करता हूं:-
अनुसूची
प्रस्तावित
सार्वजनिक प्रयोजन
ग्राम का नाम
प.ह.न.
तहसील
जिला
अनुमानित क्षेत्रफल है. मे.
(5) 7.37
(2) खण्डवा
(3) 95
(4) मालीपुरा
(1) खण्डवा
(6) खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यूब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु.
नोटः- उपरोक्त प्रस्तावित भूमि के क्षेत्रफल में कमी अथवा वृद्धि संभावित है.
2. उक्त भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.
[भाग 1 2204
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
नस्ती क्र. 24/एल . ए. - 2016- भू-अर्जन प्र. क्र. 14-अ-82-2015-16.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः " भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर अधिनियम, 2013 " की धारा 11 ( 1 ) उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारियों को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12. द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है.
प्रस्तावित खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य की. प्रकृति लोक हित के अन्तर्गत सार्वजनिक प्रयोजन की है. अधिनियम के अध्याय 2 ( अ ) की धारा 4 सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट से छूट प्रदान की गयी है. जिसका प्रकाशन पृथक से किया गया है इस कारण से धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारिण रिपोर्ट के प्रकाशन की आवश्यकता नहीं है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिला
नगर/ग्राम भूमिका वर्णन
तहसील
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हेक्टरमें)
(4) 4.22
(1) खण्डवा
(2) खण्डवा
(5) उप मुख्य इंजीनियर (निर्माण) पश्चिम रेल्वे, इन्दौर.
(3) बडगांव भीला
(6) खण्डवा सनावद के मध्य आमान परिवर्तन के साथ अजंटी से मथेला के बीच न्यू ब्राडगेज बाईपास कार्य हेतु.
2. उक्त भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी खण्डवा/उप मुख्य इंजीनियर ( निर्माण ) पश्चिम रेल्वे इन्दौर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के. अग्रवाल, कलेक्टर एवं समुचित सरकार.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 2 मई 2016
प्रः क्र. 11 - अ- 82-14-15 - भू- अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है' कि. संलग्न सूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है, अतः भूमि- अर्जन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है , कि कोई भी व्यक्ति अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों को पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं करायेगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखितं अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है. मुख्य नहर/माईनर नहर/ सब - माईनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि का अर्जन पूर्व में किया जा चुका है , इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन भूमिका वर्णन ग्राम
तहसील
जिला
धारा 12 की उपधारा ( 2 ) के अनुसार प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल सर्वे रकबा नम्बर (हे . में. )
(4)
(2) ग्वालियर
(3) उटीला
(1) ग्वालियर
संलग्न सूची अनुसार रकवा ( 12.210 ) है.
(6) हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर के निर्माण हेतु शेष निजी भूमि काअर्जन.
(5) कार्यपालन यंत्री , हरसी उच्चस्तरीय नहर संभाग क्र. 2 , डबरा , जिला ग्वालियर.
कुल रकवा 12.210 2205
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(2 ) सर्वे नबंरान एवं रकवा की सूची संलग्न है.
( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) न्यायालय , भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
फार्म एक( 3 )
ग्राम- उटीला, प.ह.नं. 61 , तह. ग्वालियर, जिला ग्वालियर हर्सी उच्चस्तरीय नहर की कि. मी. 71.38 से 102.40 तक एवं डिस्ट्री. माइनर के निर्माण
सर्वे क्र.
नहर का नाम
स. क.
(3)
(2)
(1)
1342 1 हर्सी उच्चस्तरीय नहर/ आरोली डिस्ट्री./आरोली आर माइनर.
1288 2
1293 3
1275 4
1274 5
1265 6
1283 7
1340 8
1286 9
1276 10
1261 11
1220 12
1221/1 13
1214 14
1164/1 15
1171/1क 16
1164/2 17
1171/2 18
1816 Min 2 19
1817/ 4 min1 20
1219 21
1170/1 22
1817/1 23
हेतु आने वाली निजी भूमि का विवरण ( प्रस्ताव )
रिमार्क कुल रकबा
नहर में आने वाली अर्जित भूमि का रकबा ( हेक्ट. में )
(6)
(5)
(4)
0.010
0.627
निजी भूमि
0.209
0.752
0.042
2.602
0.345
1.588
0.021
0.178
0.167
1.379
0.272
0.481
0.324
1.839
0.543
1.317.
0.01
0.543
0.073
0.418
0.752
0.261
0.125
0.125
0.115
0.92
0.125
0.261
0.105
0.282
0.115
0.418
0.136
0.157
0.209
0.209
0.094
0.094
0.010
0.345 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2206
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.084
निजी भूमि 24 हर्सी उच्च स्तरीय नहर/ आरोली 1170/2 min 2 डिस्ट्री. / आरोली आर माइनर .
0.362
0.522
1249/1 ka
25
0.199
1824/3 ka
26
0.125
0.125
1171/1 kha
27
0.136
0.418
1174
28
0.063
0.397
1175
29
0.073
0.219
1765/2
30
0.115
0.543
1768/2
31
0.042
5.163
1788 min. 1
32
0.972
0.01
1360
33
0.072
0.711
1291/1
34
0.240
0.460
1361/1
35
0.021
0.627
1361/2
36
0.366
1.390
1185
37
0.063
0.509
1153/2
38
0.293
1179/2/1
39
0.042
0.564
1221/2
40
0.136
0.345
1817/2
41
1.139
1249/3
42
0.721
1824/1
43
0.418
1817/3
44
1.149
1249/2
45
0.878
1824/2
46
0.628
1249/1 kha
47
0.198
1824/3 min kha
48
0.042
0.500
: 1825/1
49
0.292
1824/3 min 2
50
0.84
1170/3 min
51
0.230
1.191
1824/4
52
0.157
1817/4 min 1
53
0.105
0.355
1291/2
54
0.345
0.460
1303 min 1
55
0.042
0.429
1304/1
56 2207
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.251
निजी भूमि
0.752
1305/1
57 हर्सी उच्च स्तरीय नहर/ आरोली डिस्ट्री. / आरोली आर माइनर .
0.188
0.188
1305/2
58
0.376
0.930
1306
59
0.7
0.31
1310 min 1
60
0.303
1310 min 3
61
0.011
1310 min 2
62
0.010
1310 min 4
63
0.29
1310 min 5
64
0.209
1310 min 9
65
0.301
1310 min 6
66
0.303
1310 min 7
67
0.301
1310/8 min
68
0.251
1310 min 11
69
0.301
1310/10 min
70
0.229
1310/12 min
71
0.209
0.627
1300
72
0.219
0.554
1179/1
73
0.021
0.031
1178
74
1.16
0.178
1177
75
0.261
0.690
1302
76
0.010
0.345
1301
77
0.01
0.481
1289
78
0.031
0.355
1290
79
0.084
0.523
1260 min 1
80
0.199
1260 min 2
81
0.125
0.104
1262 min 1 kha
82
0.209
1.473
1715
0.125
1816 min 1
83
0.282
1.306
1150
84
0.314
1.035
1341
85
0.230
0.439
1710/3
86
0.314
1.119
1764/3
87
0.105
0.397
1717
88 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2208
(3)
(2)
(1)
89 हर्सी उच्च स्तरीय नहर/ आरोली 1718/2 min 5 डिस्ट्री./आरोली आर माइनर.
1718/1
1745/1 90
1718/2 min 3 91
1718/2 min 4 92
1734 93
1718/2 min 1 94
1718/2 min 2 95
1745/2 min 1 96
1738 min 1 9.7
1738 min 2 98
1282 99
1186 100
1187 101
1735 102
1741/1 103
1173 104
(6)
(5)
(4)
0.439
निजी भूमि 0.502
0.209
0.314
0.209
0.397
0.094
0.167
0.564
0.564
0.648
0.157
0.157
0.198
0.480
0.314
0.794
0.314
0.314
0.031
0.397
0.209
0.303
0.01
0.073
0.042
0.825
योग .. 12.210
कार्यालय, कलेक्टर, जिला अनूपपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
अनूपपुर, दिनांक 26 मई 2016
क्र. 2481-10- भू-अर्जन- 2016.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (7 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 उपधारा ( 1 ) उपबंधों केअनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा , इस आशय , की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता हूँ: -
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
खसरा नंबर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन धारा 4 की उपधारा ( 2 )
का वर्णन रकबा
द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल
.( हेक्टर में)
(4)
(3)
(2)
19/4
अगरियानार
अनूपपुर
(1) अनूपपुर
22/1/3
कुल योग
(7) (6)
(5)
0.202
ताराडांड़ जलाशय योजना भू-अर्जन अधिकारी,
2.023
के डूब क्षेत्र एवं नहर कार्य जिला अनूपपुर ( म. प्र. ).
हेतु.
2.225
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय , कलेक्टर, जिला अनूपपुर एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , अनूपपुर, जिला अनूपपुर ( म. प्र. ) के कार्यालय में निरीक्षण , किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेन्द्र सिंह परमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2209
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
कार्यालय, कलेक्टर, जिला उमरिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
उमरिया, दिनांक 1 जून 2016
क्र. 3405- भू-अर्जन - 2016-17.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू- अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्र. 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपाबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त ( 11 एवं 12 ) की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
कुल क्षेत्रफल (हे. में)
(4)
(3)
(1) (2)
59.500 बांधवगढ़
उमरिया
2.500
2.000
भनपुरा कछारी जुनवानी
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 11 की उपधारा ( 3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
भनपुरा जलाशय सिंचाई योजना.
कार्यपालन यंत्री , जल संसाधन संभाग , उमरिया.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- भनपुरा जलाशय सिंचाई योजना के शीर्ष एवं नहर कार्य निर्माण हेतु.
क्र. 3406 - भू- अर्जन - 2016-17.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के कॉलम ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के कॉलम ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम; 2013 ( क्र. 30 सन् 2013) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा , सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त ( 11 एवं 12 ) की दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता हूं :-
भूमि का वर्णन
ग्राम
तहसील
जिला
कुल क्षेत्रफल (हे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
68.000
मगर
चंदिया
उमरिया
3.000
छतैनी
-,, -
6.900
मझौलीखुर्द
_"_
2.800
बुढ़िया
1.600
जिरौहा
4.500
हर्रवाह
2.000
कोठी विरान
2.000
हर्राडाड
1.600
मानिकपुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का विवरण धारा 11 की उपधारा ( 3 ) के द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
मगर जलाशय सिंचाई योजना.
कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग , उमरिया.
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- मगर जलाशय सिंचाई योजना के शीर्ष एवं नहर कार्य निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अभिषेक सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2210
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सिवनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सिवनी , दिनांक 29 फरवरी 2016
क्र. 2070 - भू. अर्जन-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी
(ग) नगर/ग्राम- ग्राम जुरतरा, प. ह. नं. 16, ब. नं. 211 (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-9.41 हेक्टर एवं
प्रस्तावित
क्षेत्रफल पर.
(अ ) निजी भूमि का विवरण
प्रस्तावित खसरा नं.
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.36
246
0.05
245
0.08
226
0.12
250
0.27
251
0.42
258
252
0.68
0.22
228
0.26
230
0.12
18
0.14
19
0.54
265
0.15
17
15
0.07
0.06
14
(2)
(1)
0.17
333/1
0.01
332
0.13
263/1
0.15
263/2
0.10
263/4
0.27
263/3
0.07
329/1
0.08
329/2
0.07
329/3
0.07
329/4
0.08
329/5
328
0.70
0.52
325
0.14
376
0.08
377
0.09
378
0.12
436
0.05
453/2
0.12
435
0.04
433
327
0.07
278
0.12
323/1
0.13
0.14
321/2
0.23
320
319
0.11
0.08
380
0.11
316/1
0.07
316/6
316/5
0.02
0.17
314/4
0.17
314/2
0.05
143
314/3
0.16
0.05
314/1
0.02
311
0.03
262
0.17
264/1
0.08
270
0.24
272
0.23
273
280
0.12
142
0.03 2211 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
(2)
(1)
0.06
118
0.05
117/1
0.10
117/2
पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
योग .9.41
अनुसूची
( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण
(1 ) भूमि का वर्णन-
खसरा नंबर
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(क) जिला-सिवनी
(2)
(ख) तहसील- सिवनी
(1)
248
0.14
(ग) नगर/ग्राम- ग्राम जुझारपुर, प . ह. नं. 14, बं. नं. 213 0.02
173
(घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित- 5.88 हेक्टर 0.04
259
एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.
0.02
261
0.07
331
( अ ) निजी भूमि का विवरण 0.06
326
0.27
375
प्रस्तावित खसरा नं.
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में) 0.30
260
(2)
(1)
0.03
379
35/2
0.02 313
0.05
0.15
35/1
0.05
145
28
0.03 0.05
144
0.05
32
0.04
289
0.11
29
0.05
267
0.03
31
0.09
33
योग .. 1.19 कुल योग ( अब) .. 10.60
0.23
11
0.01
146
0.05
147
0.10
148
150
0.05
0.05
151
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.
0.04
153/1
0.32
157/1
0.18
157/2
0.30
157/3
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय , राजस्व, तहसील सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है .
0.10
169
168/1
0.01
0.09
168/2
0.04
167
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
0.04
166
255
0.03
0.06
165/1
165/2
0.03 क्र. 2072 - भू. अर्जन- 2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और
0.04
165/4 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
2212
(2) (1)
0.19 190
0.15 191
0.07 196
0.09 198/1
0.09 198/2
0.02 199
0.08 263
0.01 266/2
0.03 265
0.02 264
0.05 262
0.02 261/1
0.02 261/2
0.01 260/1
0.01 260/3
0.01 260/4
0.02 259
0.01 258
0.02 257/1
0.01 257/2
0.01 256/1
0.01 256/2
0.02 254/1
0.01 254/2
0.21 243
0.22 237
0.22 357
0.10 358
0.12 359
0.23 379
0.06 380/1
0.06 380/2
0.06 380/3
0.06 380/4
0.38 422/2
0.06 416
0.18 414
0.06 415/2
0.11 407/1
0.16 407/2
0.08 407/3
0.11 407/4
0.10 406
0.05 403/14
(2)
(1)
0.02
403/15
योग .. 5.88
(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण
खसरा
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
नंबर
(2)
(1)
0.05
34
0.03
30
0.05
39
0.02
149
0.01
158
0.02
189
0.17
197
0.02
253
0.02
189
0.02
242
0.22
240
0:08
238
0.03
234
0.03
381
0.04
405
0.01
404
0.02
241/1
योग ..0.84
कुल योग (अब ) . 6.72
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय , राजस्व, तहसील सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
सिवनी , दिनांक 21 अप्रैल 2016
क्र. 4317- भू. अर्जन-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक 2213
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है : -
(क) जिला-सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी
अनुसूची
(ग) नगर/ग्राम- पिपरीया, प. ह. नं. 08 , ब. नं. 337 (1 ) भूमि का वर्णन-
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित- 1.24 हेक्टर (क) जिला- सिवनी
एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.
(ख) तहसील-सिवनी
(ग) नगर/ग्राम-सिघोंड़ी, प. ह. नं. 07, ब. नं. 577
( अ ) निजी भूमि का विवरण (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-1.23 हेक्टर
एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)
प्रस्तावित खसरा नं.
(2)
(1)
(अ) निजी भूमि का विवरण
0.14
326
0.06
316
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)
प्रस्तावित खसरा नं.
0.14
317
(2)
(1)
0.06
318/1
0.98
151
0.08
318/2
0.09
115
0.03
319/1
0.16
7/1
0.22
86
योग..1.23
0.09
90-
0.10
91
0.32
97
योग ..1.24 (2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.-पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय , राजस्व, तहसील सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय, राजस्व, तहसील सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 4330- भू. अर्जन-2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं
क्र. 4341-जि. भू. अ.-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः 2214
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है, उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी'
(ख) तहसील- सिवनी
(ग) ग्राम- अमोली, प. ह. नं. 33 , लगभग 0.10 हे.
अशासकीय भूमि का रकबा
खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.09
160/1
161/2
0.01
0.10
कुल योग ..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है.- अपर तिलवारा बायी तट नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय, कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता है.
क्र.4344-जि. भू. अ.-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित खसरा भूमि की अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित अर्जित भूमि रकबा का सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है , उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी
(ग ) ग्राम- खिरखिरी , प. ह. नं. 33 , लगभग 1.60 हे .
अशासकीय भूमि का रकबा
अर्जित रकबा (हेक्टर में) (2)
खसरा नम्बर (1)
86/2
85/1
68/2
0.31 0.34 0.10 0.37
85/2
84
0.48 कुल योग 1.60
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यक है.- अपर तिलवारा बायी तट नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , कलेक्टर भू-अर्जन अधिकारी सिवनी, जिला सिवनी में किया जा सकता है .
क्र. 4346 - भू. अर्जन-2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी
(ग) नगर/ग्राम- कोनियापार, ब. नं. 81 , प. ह. नं. 115
रा.नि.म. सिवनी भाग-1
(घ) लगभग क्षेत्रफल- 0.86 हेक्टयर एवं अर्जित क्षेत्रफल पर आने वाली
परिसंपत्तियां.
(अ) निजी भूमि का विवरण
खसरा
नंबर
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(1)
80/4
81
89/4
89/3
91
89/1
89/2
94
(2). 0.04 0.15 0.02 0.21 0.06 0.24 0.02 0.05 0.07
95/1
योग (अ) 0.86
( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(2)
0.00
नंबर (1) 0
योग (ब ) 0.00 कुल योग ( अ ) + ( ब ) .. 0.86 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर से निकलने वाली 18 -L माइनर नहर के निर्माण हेतु निजी एवं शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.seoni.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http :// www.mprevenue.nic.in पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यपालन कलेक्टर भू-अर्जन शाखा सिवनी, जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण कार्यालय, कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 7 सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर सिवनी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 4351 - भू. अर्जन-2016 .-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी
2215 (ग ) नगर/ ग्राम- मुगंवानी खुर्द, प. ह. नं. 17 , ब. नं. 491 (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित- 1.23 हेक्टेयर
एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.
(अ) निजी भूमि का विवरण
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)
प्रस्तावित खसरा नं. (1)
(2)
127/2
0.02
161/2
0.03
149
0.13
132/3
0.12
132/2
0.15
0.25
121/2
120
0.11
119
0.11
0.09
118/1
0.07
118/2
0.03
118/3
117/1
0.12 योग .. 1.23
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील सिवनी के न्यायालय में क्रिया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 4355 - भू. अर्जन- 2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2216
(ग) नगर/ग्राम-पोतलपानी, प. ह. नं. 04, ब. नं. 354
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-1.19 हेक्टेयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे के (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(अ ) निजी भूमि का विवरण
प्रस्तावित खसरा नं.
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.22
80/2
0.02
80/1
0.16
98
0.06
99
क्र. 4356- भू. अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
0.21
97
अनुसूची
0.11
122/1
0.05
(1 ) भूमि का वर्णन-
121
0.15
129
(क) जिला- सिवनी .
(ख) तहसील- सिवनी
0.10
183/2
0.07
180
(ग) नगर/ग्राम- सुकरी, ब. नं. 583, प. ह. नं. 119 रा.नि.म. सिवनी भाग-1 .
0.04
182
योग... 1.19
(घ) लगभग क्षेत्रफल-1.50 हेक्टयर एवं अर्जित क्षेत्रफल पर आने वाली परिसंपत्तियां.
(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण
(अ) निजी भूमि का विवरण
खसरा
खसरा नंबर
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
नंबर
(2)
(1)
(2)
(1)
0.09
78
0.06
226/7
0.02
79
0.18
219
0.02
177
0.21
214
0.06
178
0.01
215
0.07
84
0.07
212/2
0.15
212/4
0.08
211/1
योग 0.26 कुल योग अब 1.45
0.18
211/2
221/2
0.56 योग (अ) .. 1.50
(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.
अर्जित क्षेत्रफल
खसरा
नंबर
(हेक्टर में)
(2)
(1)
0.00
0
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील- सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
योग ( ब) .. 0.00 कुल योग ( अ ) +( ब ) .. 1.50 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर से निकलने वाली 7 - L माइनर नहर के निर्माण हेतु निजी एवं शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.seoni.nic.in एवं म. प्र. शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http: // www.mprevenue.nic.in पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर भू- अर्जन शाखा सिवनी, जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यालय , कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 7 सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर सिवनी के सक्षम प्रस्तुत कर सकता है.
क्र.4361 - भू. अर्जन-2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सिवनी
(ख) तहसील-सिवनी
2217 (ग) नगर/ग्राम- लामटा, प. ह. नं. 04, ब. नं. 525 (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-4.65 हेक्टेयर
एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.
(अ) निजी भूमि का विवरण
प्रस्तावित खसरा नं.
प्रस्तावित ( रकबा ( हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.02
43
0.53
44
0.05
94
0:32
30
0.10
187
0.04
21
0.45
19
0.35
197/1
0.09
197/3
0.12
196/2
0.16
87/1
0.16
87/2
0.13
93/1
0.07
185
0.10
183
0.07
182
0.17
180
0.07
178
0.05
175
0.03
176
0.16
171/1
0.15
171/2
0.04
155/2
0.04
155/3
0.02
155/4
0.04
155/5
0.37
152
0.03
81/1
0.04
81/2
0.09
77
0.24
76
0.30
75
0.05
411
योग .. 4.65 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
2218
( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण
खसरा
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
नंबर
(2)
(1)
0.10
18
0.04
64
0.15
80
क्र. 4362- भू. अर्जन-2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
0.06
195
अनुसूची
0.03
105
0.06
73
(1 ) भूमि का वर्णन-
0.02
45
(क) जिला-सिवनी
0.07
394
(ख) तहसील- सिवनी
0.15
430
(ग) नगर/ ग्राम-सागर, प. ह. नं. 03 , ब. नं. 550 0.06
154
(घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-9.90 हेक्टर
एवं प्रस्तावित 0.20
46/2
क्षेत्रफल पर.
0.45
47/2
0.19
(अ) निजी भूमि का विवरण 398/2
0.10
397/2
प्रस्तावित रकबा
प्रस्तावित
0.09
396/2
(हेक्टेयर में )
खसरा नं.
0.26
395/2
(2)
(1)
0.22
390/2
0.08
371/1
0.22
391/2
0.07
370/1
0.15
389/4
0.05
369/1
0.15
389/6
0.45
368
0.19
431/2
0.12
359
0.24
435/2
0.29
358
0.17
439/2
0.41
357
0.15
442/2
0.11
356/1
0.23
20
योग .. 3.52 कुल योग (अ +ब) . 8.17
0.12
355/1
0.12
234
0.25
232/2
0.08
231
0.19
230/1
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.
0.27
229/1
0.04
221
0.14
71/1
0.08
380/2
0.15
380/3
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील , सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
0.27
380/1
0.13
381
0.15
387
0.11
386
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला- छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
0.07
394/1 2219
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(2) (1)
0.29 468/1
0.26 73/1
0.15 468/3
0.15 73/3
0.05 468/2
0.14 73/2
0.02 466/5
0.01 466/4
2/5
0.04
0.06 2/7
0.12 .2/8
0.05 2/10
0.03 2/6
0.20 6/1
0.20 10/2
0.18 14/2
13
0.04
0.05 15
0.32 23/3
0.45 23/4
0.10 23/2
0.11 23/1
0.07 22
0.08 21
0.23 18
0.35 84
0.13 71/3
0.12 71/2
0.27 70
0.15 112/2
0.04 113
0.12 116/1
0.02 117/2
116/2
0.03
0.30 92/2
0.20 115
0.02 119.
0.17 154
0.24 153
0.04 9
0.20 6/2
0.12 42
योग .. 9.90 ( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा नंबर
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.03
28
0.05
80
0.03
29
0.02
64
0.20
11
0.03
349
0.03
220
0.03
383-
0.03
403
0.22
1
0.10
91
योग .. 0.77
कुल योग ( अ+ब ) 10.67
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील - सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
क्र. 4363 - भू. अर्जन-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी (ख ) तहसील- सिवनी 2220
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(ग ) नगर/ग्राम- लखनवाड़ा, ब.नं. - 532, प.ह.नं. - 114 रा.नि.म. सिवनी भाग -1 .
(घ ) लगभग क्षेत्रफल -5.01 हेक्टर एवं अर्जितक्षेत्रफल पर आने वाली परिसंपत्तियां.
( अ ) निजी भूमि का विवरण
खसरा
अर्जित क्षेत्रफल नम्बर
(हे. में)
(2)
(1)
0.10
408
0.26
415
0.01
417/2
0.74
402
0.19
398/1
0.09
397/3
0.03
397/1
0.10
397/5
0.11
397/6
0.07
397/2
0.08
439
0.05
440
0.18
353/1
0.17
353/2
0.53
351/1 , 351/2 , 351/3
0.06
125/1 , 125/2
0.12
119/4
0.08
127
0.07
128
0.16
129
0.19
130
0.14
135
0.02
215
0.18
207
0.02
205
0.08
206
0.12
204/4
0.03
204/2
0.03
204/3
0.14
204/1
0.06
203/2
0.13
214
0.01
171
0.05
202/2
0.12
172
(2)
(1)
0.28
168
योग (अ ) .4.80
(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा नंबर
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
(2)
(1)
0.03
357
0.03
356
0.04
120
0.03
91
0.08
162
योग (ब) .. 0.21
5.01
योग (अ+ब) ..
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर से निकलने वाली 18 - L , एवं 19 माइनर नहर के निर्माण हेतु निजी एवं शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.seoni.nic.in एवं म. प्र . शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http: // www.mprevenue.nic.in पर भी देखा जा सक्ता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय कलेक्टर भू-अर्जन शाखा सिवनी, जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यालय कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 7 सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अन्दर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर सिवनी के सक्षम प्रस्तुत कर सकता है.
2221
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
क्र. 4366 - भू. अर्जन-2016 .- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी
(ग ) नगर/ ग्राम- बम्होड़ी, ब.नं. - 397, प.ह.नं. - 115, रा.नि.म. सिवनी भाग -1 .
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-3.31 हेक्टर एवं अर्जित क्षेत्रफल
पर आने वाली परिसंपत्तियां.
(अ ) निजी भूमि का विवरण
अर्जित क्षेत्रफल खसरा नम्बर
(हे. में)
(2)
(1)
0.04
436/1
0.10
459
0.01
442.
0.03
443
0.09
458/1
0.01
446
0.23
448/1
0.19
378
0.17
381
384
0.08
0.01
383/1
0.20
389
0.08
391
0.09
392/2
0.01
393/2
0.08
394
0.07
297
0.07
298
0.01
299
144
0.04
(2)
(1)
0.26
148
0.12
62
0.07
63
0.19
64/2
75
0.06
0.04
73/3
73/2
0.11
0.14
82
0.06
61/2
0.13
61/1
0.03
60
65
0.24
0.13
69
0.02
52
3.21
योग (अ)
( ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण
अर्जित क्षेत्रफल
खसरा नंबर
(हेक्टर में)
(1)
(2)
0.02
420
0.02
395/1
0.04
149
0.01
136
0.01
53
योग (अ+ब
योग (ब) .. 0.10 ) .. 3.31
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है. - पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत सिवनी शाखा नहर से निकलने वाली 25 -L 26 - L माइनर नहर के निर्माण हेतु निजी एवं शासकीय भूमि तथा उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.seoni.nic.in एवं म. प्र . शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http: // www.mprevenue.nic.in पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर भू- अर्जन शाखा सिवनी , जिला सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
2222
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(5 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण कार्यालय कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांयी तट नहर उपसंभाग क्रमांक 7 सिवनी के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अन्दर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर सिवनी के सक्षम प्रस्तुत कर सकता है.
क्र.4374- भू. अर्जन- 2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पदं ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-सिवनी
(ख) तहसील- सिवनी
(ग) नगर/ग्राम- बकोडी, प.ह.नं. - 22, ब.नं.- 390- (घ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित- 0.12 हेक्टर
एवं प्रस्तावित
क्षेत्रफल पर.
(अ) निजी भूमि का विवरण
प्रस्तावित खसरा
नम्बर
(1)
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में) (2) 0.08 0.04
11 12/2
योग .. 0.12
(ब ) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा
नंबर
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में )
(2)
(1)
1
0.03 योग .0.03 0.15
योग ( अ+ब)
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.- पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि- अर्जन के संबंध में.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील - सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना , तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
सिवनी, दिनांक 3 मई 2016
क्र. 4715- भू. अर्जन-2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त निजी भूमि एवं शासकीय भूमि तथा स्थित संपत्ति के अर्जन हेतु उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है :-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सिवनी
(ख ) तहसील- सिवनी
(ग) नगर/ग्राम- जमुनिया प.ह.नं. -14, ब.नं. - 198 (घ ) अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित-7.36 हेक्टर
एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर.
(अ) निजी भूमि का विवरण
प्रस्तावित खसरा
प्रस्तावित रकबा नम्बर
(हेक्टेयर में )
(1)
481
480
332/2
331
296/1
296/2
285/1
(2) 0.18 0.20 0.01 0.26 0.17 0.15 0.14 0.18
285/2 2223
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(2) (1)
0.18 285/3
0.18 285/4
0.02 61
0.15 69
0.15 68/2-3
0.10 32
0.15 68/1
0.13. 33
0.04 124/8
0.10 19.
0.12 22
0:19 21
0.07 5/2
0.10 119/3
0.28 295
0.06 287/1
0.12 287/2
0.12 287/3
0.12 287/4
0.11 282/1
0.10 282/2
0.30 279/1
0.15 279/2
0.12 261/1
0.08 261/2
0.14 243/3
0.05 228/1
0.13 567/2
0.19 519/2
0.03 524
0.36 514/1
0.30 525
0.24 523
0.02 520/1
0.10 520/2
0.04 520/3
0.03 520/4
0.09 518/1
0.09 518/2
0.03 557/1
0.38 557/2
0.53 568
573
0.03
0.05 591/3
योग . 7.36 (ब) म. प्र. शासन की भूमि का विवरण खसरा
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
नंबर
(2)
(1)
479
0.04
0.01
478
0.02
477
0.08
71
0.01
72
267
0.08
0.03
70
0.01
245
0.15
31
0.07
281
0.02
286
0.03
263
0.02
512
0.06
558
0.03
587
योग .. 0.66
8.02
कुल योग ( अ+ ब )
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है.-पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अन्तर्गत बखारी शाखा माइनर एवं वितरक नहर निर्माण हेतु निजी भूमि-अर्जन के संबंध में.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय राजस्व तहसील- सिवनी के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, धनराजू एस. , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग ग्वालियर, दिनांक 2 मई 2016
प्र. क्र. 01 -अ-82-15-16- भू-अर्जन. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 2224
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला-ग्वालियर
(ख ) तहसील-ग्वालियर
(ग) ग्राम- उटीला
(घ) क्षेत्रफल-1.113 हेक्टर.
रकबा
सर्वे
नंबर
(हे. में)
(2)
(1)
0.030
1578
0.020
1579
0.100
1580
0.050
1581
0.040
1588
0.010
1589.
0.063
1590
0.290
1592/1
0.440
1584/1
0.070
1546/2
योग....1.113
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है- हरसी उच्चस्तरीय मुख्य नहर की उदयपुरा शाखा नहर निर्माण हेतु भूमि का अर्जन.
(3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण न्यायालय भू- अर्जन अधिकारी , ग्वालियर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय गोयल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला धार, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग धार, दिनांक 30 मई 2016
प्र. क्र. 6588 - भू- अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- धार
(ख) तहसील- कुक्षी
(ग) ग्राम-छड़ावद
(घ) लगभग क्षेत्रफल-11.837 हेक्टर.
खसरा
क्रमांक
अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हेक्टर में)
(2)
(1)
1.547
190
0.752
196
1.829
194/1
0.100
285/1
1.000
334/1
1.521
217/1
218/1
0.441
0.154
221/1
1.595
219/1
1.500
201/1/2/ख
0.252
201/1/1/क
0.933
201/1/3 ग
255/1/1
0.012
0.201
215
योग .. 11.837
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि की आवश्यकता है-" थाना तालाब योजना के निर्माण कार्य हेतु. " (3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , कुक्षी तथा कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग क्रमांक-1 धार के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीमन् शुक्ला, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग छतरपुर , दिनांक 1 जून 2016
प्र. क्र. 01- अ- 82 - भू-अर्जन 2015-16. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के 2225
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
पद ( 2 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची के पद ( 3 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 19 के अंतर्गत इसके लिए यह घोषित किया है कि उक्त भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1) भूमि का वर्णन
(क) जिला- छतरपुर (म. प्र. )
(खं) तहसील- छतरपुर
(ग) नगर/ग्राम- गहरवार
(घ) लगभग क्षेत्रफल-14.606 हेक्टर.
भूमि का खसरा नम्बर
अर्जित रकबा (हेक्टे. में)
(2)
(1)
0.004
3598
0.240
3599
0.200
3595
0.025
3600
0.215
3601/1
0.215
3601/2
0.153
3605
0.505
3557
0.040
3558
0.280
3556
0.170
3555
0.080
3559
0.380
3553
0.170
3552
0.090
3551
0.155
578
0.090
571/2
0.180
572
0.225
566
0.020
565
0:280
562
0.185
502
0.195
503
0.115
414/1
0.105
414/2
0.030.
392
0.005
393/1
0.005
393/2
0.140
394/2
(2)
(1)
0.020
394/3
391/1
0.325
0.305
384/1/2
0.015
395/1/2
0.170
383
0.150
346
0.185
347
0.210
362
0.035
363
0.450
360
0.010
361
0.185
359
354
0.330
235
0.165
0.190
234
0.225
230
0.205
231
227
0.020
0.210
890
0.250
894
0.130
895
0.140
896/1
0.070
896/2
0.160
901
902
0.010
1668
0.020
1669
0.105
0.142
1667
0.100
1666
0.095
1673
0.030
1674
0.012
1662
0.155
1660
0.014
1659
0.120
1658
0.020
1657
0.080
1643
0.025
1644
1642
0.085
0.035
1641
0.105
1623
1622
0.100
0.110
1621
0.160
1606
0.002
1601
0.040
1600 2226
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(2) (1)
0.075 1599
0.115 1602
0.010 1568
0.020 1569
0.075 1570
0.115 1555
0.002 1554
0.005 1553
0.080 1552
0.025 1551
0.025 1542
0.028 1543
0.065 1544
0.020 1545
0.075 1532
0.005 1531/1
2001
0.065
0.045 2002
0.006 1999
0.025 2014
0.075 2016
2015
0.055 2025
0.085
0.085 2027
0.012 2011
0.095 2047
0.025 2048
0.050 2049.
0.305 2050
0.020 2053
0.085 2052
0.050 1977
0.002 1963
0.002 1962
0.040 1965
0.050 1964
0.020 1961
0.005 1960
0.040 1958
0.015 1957
0.030 1955
0.015 1954
0.035 1956
0.070 1947
0.002 1946
0.100 1948
0.050 1943
0.050 1949
(2)
(1)
0.240
502
0.320
410
0.110
399
0.235
406
0.115
405
0.345
418
0.170
419
0.050
433
0.265
438
0.145
437
0.020
440
500
0.015
0.010
1670
योग .. 14.606
(2) सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है- तरपेड मध्यम परियोजना के नहर निर्माण में अर्जित भूमि हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , कलेक्टर , भू-अर्जन कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, छतरपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मसूद अख्तर, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जबलपुर, दिनांक 4 जून 2016
ज्ञाप पत्र क्र. 1285 - भू-अर्जन 2015-16. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की सारणी के कॉलम ( 2 ) में वर्णित भूमि के कॉलम ( 3 ) में उल्लेखित रकबे का नीचे बिन्दु क्र. 2 में वर्णित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 19 उपधारा ( 4 ) के अंतर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- जबलपुर (ख ) तहसील- पनागर 2227
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
भाग 1 ]
(ग ) ग्राम- पिपरिया (प.ह.नं. 42 )
(घ) रा.नि. मण्डल-महाराजपुर
(ङ) अर्जनाधीन क्षेत्रफल- 2.429 हेक्टेयर एवं इस पर आने
वाली सम्पत्तियां.
प्रस्तावित खसरा नम्बर
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
0.651
14/1
0.015
14/2
0.014
14/3
17/1
0.223
0.407
35/1
35/5
0.079
0.423
29/1 , 61/1
0.248
29/24
0.012
29/33
0.155
35/2
35/4
0.051
40/1
0.054
0.024
40/4
0.054
40/5
0.012
40/6
0.006
17/2
0.001
14/7
2.429
कुल योग
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बोरलाग इन्स्टीट्यूट लखनवारा मार्ग सोनपुर सुन्दरपुर मार्ग उन्नयन एवं निर्माण हेतु निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.
(3 ) चूंकि उक्त कार्य हेतु हितबद्ध व्यक्तियों की आंशिक भूमि का अर्जन प्रस्तावित है एवं मार्ग का कार्य पूर्व से प्रचलित है, अतः धारा 19 की उपधारा ( 2 ) के तहत सामाजिक समाघात स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी बेवसाईट www.jabalpur.nic.in एवं मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग भोपाल की बेवसाईट www.mprevenue.nic.in पर भी देख सकता है.
(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) जबलपुर, के कार्यालय में या कार्यालय , कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ( भ . /स. ) संभाग क्र. 1 जबलपुर में किया जा सकता है .
ज्ञाप पत्र क्र. 1286- भू-अर्जन 2015-16.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची की सारणी के कॉलम ( 2 ) में वर्णित भूमि के कॉलम ( 3 ) में उल्लेखित रकबे का नीचे बिन्दु क्र. 2 में वर्णित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 19 उपधारा ( 4 ) के अंतर्गत एतद्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
( क ) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील- पनागर
(ग ) ग्राम-सोनपुर (प.ह.नं. 42/14)
(घ) रा.नि. मण्डल-महाराजपुर
(ङ) अर्जनाधीन क्षेत्रफल-0.030 हेक्टेयर एवं इस पर आने वाली सम्पत्तियां.
प्रस्तावित खसरा नम्बर
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
27
(2) 0.010 0.020
28
कुल योग 0.030
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- बोरलाग इन्स्टीट्यूट लखनवारा मार्ग सोनपुर सुन्दरपुर मार्ग उन्नयन एवं निर्माण हेतु निजी भूमि के अर्जन के संबंध में.
( 3 ) चूंकि उक्त कार्य हेतु हितबद्ध व्यक्तियों की आंशिक भूमि का अर्जन प्रस्तावित है एवं मार्ग का कार्य पूर्व से प्रचलित है, अतः धारा 19. की उपधारा ( 2 ) के तहत सामाजिक समाघात स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी बेवसाईट www.jabalpur.nic.in एवं मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग भोपाल की बेवसाईट www.mprevenue.nic.in पर भी देख सकता है .
(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) जबलपुर, के कार्यालय में या कार्यालय, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग (भ. /स. ) संभाग क्र. 1 जबलपुर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेश चन्द्र चौधरी , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
2228
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर जबलपुर, दिनांक 2 जून 2016
क्र. B -2731-दो- 2-32-2010 .-श्रीमती कनकलता सोनकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को दिनांक 2 से 4 मई 2016 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का कम्युटेर्ड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 1 मई 2016 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती कनकलता सोनकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती कनकलता सोनकर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाती तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. B - 2733- दो-2-27-2014.- श्री पंकज गौड़, रजिस्ट्रार ( J - I ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 31 मई 2016 से 10 जून 2016 तक, ग्यारह दिवस के ग्रीष्मकालीन अवकोश के साथ एल. टी . सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण वर्ष 2013 से वर्ष 2015 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस (केवल दस दिवस ) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए ) 19-03 - इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड ) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक -3666- इक्कीस- ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत प्रदान की जाती है.
क्र. C-2162-दो-2-56-2010. श्री महेश प्रसाद अवस्थी, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, नरसिंहपुर को दिनांक 18 अप्रैल 2016 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 17 अप्रैल 2016 के एवं अवकाश के पश्चात् में दिनांक 19 अप्रैल 2016 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री महेश प्रसाद अवस्थी, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , नरसिंहपुर को नरसिंहपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री महेश प्रसाद अवस्थी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. C-2166-दो-2-30-2014.- श्री शिव मंगल सिंह , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , दमोह को दिनांक 25 से 29 अप्रैल 2016 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पाँच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में 24 अप्रैल 2016 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री शिव मंगल सिंह, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, दमोह को दमोह पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री शिव मंगल सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C- 2168-दो-2-22-2013.- श्री एच. एन. बाजपेयी, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, राजगढ़ - ब्यावरा को दिनांक 20 से 30 अप्रैल 2016 तक ग्यारह दिन के पूर्व स्वीकृत अर्जित अवकाश में से दिनांक 28 से 30 अप्रैल 2016 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश, उपभोग नहीं करने के कारण निरस्त किया जाता है.
क्र. B- 2736-दो-2-6-2012.- श्री बी. बी . शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , कटनी को दिनांक 6 से 10 जून 2016 तक के पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 30 मई 2016 से 5 जून 2016 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 29 मई 2016 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री बी. बी . शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, कटनी को कटनी पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. बी. शुक्ला, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
यू. एस. दुबे, रजिस्ट्रार.
भाग 1 ]
2229
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जून 2016
जबलपुर, दिनांक 31 मई 2016
क्र. 582-गोपनीय- 2016-दो- 2-36-61.- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 235. के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, उच्चतर न्यायिक सेवा में स्थायीकरण का प्रमाण- पत्र धारित निम्नलिखित अधिकारियों को उनके नामों के समक्ष उल्लेखित दिनांक से उनकी नियुक्ति पर स्थायी करता है:-
स्थायी किये
स्थायीकरण
नाम
क्र.
जाने का दिनांक
का प्रमाण- पत्र जारी किये जाने का दिनांक
(4) (1)
(3)
(2)
24-5-2011
24-5-2011
1 श्री रामेश्वर गंगाराम कोठे
24-5-2011
24-5-2011
2 श्रीमती अनुराधा शुक्ला
24-5-2011
24-5-2011
3 श्री संजीव सुधाकर कालगांवकर.
24-5-2011
24-5-2011
4 श्री बृजेन्द्र सिंह भदौरिया
24-5-2011
24-5-2011
5 श्री अमनीस कुमार वर्मा
24-5-2011
24-5-2011
श्री प्रेम नारायण सिंह
6
7
24-5-2011 24-5-2011 श्री अचल कुमार पालीवाल
24-5-2011
24-5-2011
8 स्व. श्रीमती ऊषा श्रोत्रिय
24-5-2011
24-5-2011
श्री श्यामाचरण उपाध्याय
9
24-5-2011
24-5-2011
10 श्री हृदेश
24-5-2011
24-5-2011
11 श्री अवनिन्द्र कुमार सिंह
24-5-2011
24-5-2011
12 श्री गोपाल श्रीवास्तव
24-5-2011
24-5-2011
13 श्री.. अखिलेश जोशी
24-5-2011
24-5-2011
14 श्री प्रेम कुमार सिन्हा
24-5-2011
24-5-2011
15 श्री गुणवंत सिंह सलूजा
24-5-2011
24-5-2011
16 श्री अरूण कुमार सिंह
(सीनियर) .
24-5-2011
24-5-2011
17 श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह
24-5-2011
24-5-2011
18 श्रीमती गिरिबाला सिंह
24-5-2011
24-5-2011
19 श्री राम कुमार चौबे
24-5-2011
24-5-2011
20 श्री बिनोद कुमार द्विवेदी
24-5-2011
24-5-2011
21 श्री राम लाल यादव
24-5-2011
24-5-2011
22 श्री रूचिर शर्मा
16-1-2012
16-1-2012
23 श्री अक्षय कुमार द्विवेदी
16-1-2012
16-1-2012
24 श्री वीरेन्द्र प्रताप सिंह
(4) (2)
(3)
(1)
16-1-2012
16-1-2012
25 श्री योगेश कुमार गुप्ता
16-1-2012
16-1-2012
26 श्रीमती आशा गोधा
16-1-2012
16-1-2012
27 श्री अनिल कुमार भाटिया
16-1-2012 16-1-2012 डॉ. विजय कुमार अग्रवाल
28
16-1-2012
16-1-2012
29 श्री योगेश चन्द्र गुप्त
16-1-2012
16-1-2012
30 श्रीमती इन्द्रा सिंह
16-1-2012
16-1-2012
31 श्री विनोद कुमार दुबे (जूनियर).
16-1-2012
16-1-2012
श्री नवीन कुमार सक्सेना
32
16-1-2012
16-1-2012.
33 श्री राजेश कुमार गुप्ता
16-1-2012
16-1-2012
34 श्री विजय कुमार पाण्डेय (सीनियर) .
16-1-2012
16-1-2012
35 श्री अफसर जावेद खान
16-1-2012
16-1-2012
36 श्री प्रताप कुमार तिवारी
16-1-2012
16-1-2012
37 श्री विनोद कुमार
श्री धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव 16-1-2012 16-1-2012 38
16-1-2012
16-1-2012
39 श्री कृष्ण कांत शर्मा
1-2-2012
16-1-2012
40 श्री सुरेश रणदिवे
1-2-2012
16-1-2012
41 श्री गजेन्द्र सिंह
16-1-2012 1-2-2012 42 श्रीमती सुरभि मिश्रा
1-3-2012
16-1-2012
43 श्री अरूण कुमार वर्मा.
1-3-2012
16-1-2012
44 श्री पवन कुमार शर्मा
16-1-2012 1-4-2012 45 श्री अजय प्रकाश मिश्र
16-1-2012 1-4-2012 46 श्री उमेश कुमार गुप्ता
1-5-2012
16-1-2012
47 श्री पंकज गौड़
19-5-2012
16-1-2012
48 स्व. श्री अशोक कुमार गोयनार.
16-1-2012 1-6-2012 49 श्री ओंकार नाथ
16-1-2012 1-6-2012 50 श्री आलोक अवस्थी
16-1-2012 1-6-2012 51 श्री मुंशी सिंह चन्द्रावत
1-6-2012 52 श्री रत्नेश चन्द्र सिंह बिसेन 16-1-2012
1-7-2012
16-1-2012
श्री भगवती प्रसाद शर्मा
53
1-7-2012 श्री प्रदीप मित्तल
16-1-2012
54
1-7-2012
16-1-2012
55 श्री सुरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव (सीनियर) .
26-9-2012.
16-1-2012
श्री सनत कुमार कश्यप
56
26-9-2012
16-1-2012
57 श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा 2230
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(4) (2)
(3)
(1)
26-9-2012
16-1-2012
58 श्री कृष्णमूर्ति मिश्रा
26-9-2012
16-1-2012
श्री दिलीप कुमार नागले
59
26-9-2012
16-1-2012
60 श्री दीपक गुप्ता
26-9-2012
16-1-2012
61 श्री अजीत सिंह
16-1-2012 26-9-2012 श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव
62
26-9-2012
16-1-2012
63 श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत
26-9-2012
16-1-2012
64 श्री प्राणेश कुमार प्राण
26-9-2012
16-1-2012
65 श्रीमती रश्मि अग्रवाल
26-9-2012
16-1-2012
66 श्री नवनीत कुमार गोधा
26-9-2012
16-1-2012
67 श्री सभापति यादव
26-9-2012
16-1-2012
68 श्री राजेन्द्र प्रसाद शर्मा (जूनियर) .
26-9-2012
16-1-2012
69 श्रीमती सविता दुबे
26-9-2012
16-1-2012
70 श्री हरि शरण यादव
26-9-2012 71 डॉ. ओम प्रकाश तिवारी 16-1-2012
26-9-2012
16-1-2012
श्री महेश चन्द्र सोनी
72
16-1-2012 26-9-2012 श्री सुनील कुमार श्रीवास्तव
73
26-9-2012
16-1-2012
74 श्री श्याम बिहारी वर्मा
15-12-2012
16-1-2012
75 श्री रमा शंकर शर्मा
1-1-2013
16-1-2012
76 श्री राजेश कुमार श्रीवास्तव (सीनियर) .
1-1-2013
16-1-2012
77 श्री योगेश दत्त ( शुक्ला)
1-2-2013
16-1-2012
78 श्री महेश कुमार शर्मा
1-2-2013
16-1-2012
79 श्री भरत 'सिंह जमरा
28-2-2013
16-1-2012
80 श्री अजय कुमार गर्ग
28-2-2013
16-1-2012
81 श्री शिव चरण पाण्डेय
28-2-2013
16-1-2012
82 श्री राकेश श्रोत्रिय
28-2-2013
16-1-2012
83 श्री अनिल कुमार गुप्ता
28-2-2013
16-1-2012
84 श्री अमिताभ मिश्रा
28-2-2013
16-1-2012
85 श्री ज्ञान प्रकश अग्रवाल
28-2-2013
16-1-2012
86 श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर
28-2-2013
16-1-2012
87 श्री यशवंत सिंह परमार
28-2-2013
16-1-2012
88 श्री जोसेफ माईकल राव
16-1-2012 28-2-2013 89 श्री राजेन्द्र प्रसाद मनकेलिया
28-2-2013
16-1-2012
90 श्री जशरथ राज बच्चन
28-2-2013
16-1-2012
91 श्री विजय मालवीया
28-2-2013
16-1-2012
92 श्री देवराज बोहरे
(4)
(3)
(1)
(2)
28-2-2013
16-1-2012
93 श्री संजय कुमार जैन (सीनियर) ..
28-2-2013
16-1-2012
श्री राजीव कुमार सिंह
94
28-2-2013
16-1-2012
95 श्री देवेन्द्र देव द्विवेदी
20-6-2013 20-6-2013 श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्त
96
20-6-2013
20-6-2013
श्री प्रमोद कुमार अग्रवाल
97
20-6-2013
20-6-2013
98 श्री देव नारायण मिश्रा
20-6-2013
20-6-2013
श्री सुबोध कुमार जैन
99
20-6-2013 20-6-2013 श्रीमती रेणुका कंचन
100
20-6-2013、20-6-2013 श्री दीपक कुमार त्रिपाठी
101
20-6-2013
20-6-2013
श्री उपेन्द्र कुमार सिंह
102
20-6-2013 20-6-2013 श्री ब्रम्हा शंकर दीक्षित
103
20-6-2013 श्री रामानन्द चन्द
20-6-2013
104
20-6-2013
20-6-2013
श्री आनंद कुमार तिवारी
105
20-6-2013
20-6-2013
श्री सुशांत हुद्दार
106
20-6-2013 श्री धरमिंदर सिंह
20-6-2013
107
20-6-2013
20-6-2013
श्री उमेश पाण्डव
108
20-6-2013
20-6-2013
श्री रमेश कुमार श्रीवास्तव
109
20-6-2013 श्री ललित किशोर
20-6-2013
110
20-6-2013
20-6-2013
श्री अनीष कुमार मिश्रा
111
20-6-2013 श्रीमती ममता जैन
20-6-2013
112
20-6-2013
20-6-2013
113 श्रीमती आशिता श्रीवास्तव
20-6-2013 श्री राजाराम भारतीय
20-6-2013
114
20-6-2013
20-6-2013
दीपेश कुमार तिवारी
115 श्री
श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल 20-6-2013 20-6-2013 116
1-9-2014 1-9-2014 कुमारी नीना आशापुरे
117
10-12-2014
10-12-2014
श्री राजवर्धन गुप्ता
118
10-12-2014
10-12-2014
119 श्री अतुल्य सराफ
अनिल कुमार अग्रवाल 10-12-2014 10-12-2014 120 श्री
हितेन्द्र सिंह सिसोदिया 10-12-2014 10-12-2014 121 श्री
10-12-2014
10-12-2014
कुमारी भावना साधो
122
10-12-2014 रमेश मावी
10-12-2014
123 श्री
10-12-2014 10-12-2014 काशिफ नदीम ( खान)
124 श्री.
10-12-2014
10-12-2014
अनिल कुमार सोहाने
125 श्री
10-12-2014
10-12-2014
कुमारी किरण गोहर
126
10-12-2014
10-12-2014
127 श्री रवीन्दर सिंह
10-12-2014
10-12-2014
राम प्रकाश मिश्रा
128 श्री 2231 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जून 2016
(4)
(3)
(4)
(1)
(2)
(2)
(3)
(1)
10-12-2014 10-12-2014 10-12-2014 10-12-2014 162 श्री मधुसूदन मिश्रा
129 कुमारी अनीता बाजपेयी
10-12-2014 10-12-2014
10-12-2014
10-12-2014 130 श्री सुनील कुमार जैन
163 श्री सुरेश सिंह
(सीनियर).
7-10-2015 7-10-2015
164 श्री पदम चन्द्र गुप्ता
10-12-2014
10-12-2014
131 श्री संजय कृष्ण जोशी
1-3-2016 1-3-2016
165 श्री एम. एस . ए. अंसारी
10-12-2014 10-12-2014
132 श्री शशि भूषण पाठक
10-12-2014 10-12-2014
133 श्री राजीव कुमार करमहे
10-12-2014 10-12-2014
134 श्री राजेन्द्र प्रसाद सोनी
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, मनोहर ममतानी , रजिस्ट्रार जनरल. 10-12-2014 10-12-2014
135 श्री अजय श्रीवास्तव
श्री सत्येन्द्र गोवर्धन लाल 10-12-2014 10-12-2014
136
जबलपुर, दिनांक 28 मई 2016 जोशी.
श्री प्रकाश चन्द्र मिश्र 10-12-2014 10-12-2014
137
10-12-2014 10-12-2014.
138 कुमारी साधना माहेश्वरी
10-12-2014 10-12-2014
139 श्री अवधेश कुमार सिंह
10-12-2014 10-12-2014
140 श्री सतीश चन्द्र शर्मा
(जूनियर ).
क्र. 571- गोपनीय-2016- दो-3-38-2016.- उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, कुमारी ज्योति राजपूत, व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -1 देवसर जिला सिंगरौली का विवाह उपरांत नाम परिवर्तन " श्रीमती ज्योति राजपूत" पत्नी श्री अनिल धाकड़ करने की एतद्वारा स्वीकृति प्रदान करता है. उनके संबंधित प्रपत्रों में उनका परिवर्तन नाम अंकित किया जावे.
10-12-2014 10-12-2014
141 श्री राजीव आप्टे
आदेशानुसार,
10-12-2014
10-12-2014
142 श्रीमती अलका दुबे
मनोहर ममतानी , रजिस्ट्रार जनरल. 10-12-2014 10-12-2014
श्री संजीव कुमार पाण्डेय
143
10-12-2014
10-12-2014
144 श्री महेन्द्र कुमार जैन
जबलपुर, दिनांक 2 जून 2016
10-12-2014
10-12-2014
145 श्री राकेश मोहन प्रधान
10-12-2014
10-12-2014
146 श्री वाचस्पति मिश्र
10-12-2014
10-12-2014
147 श्री रामप्रताप सिंह
10-12-2014 10-12-2014
148 श्री देव नारायण ( शुक्ला )
10-12-2014
श्री लखन लाल गर्ग 10-12-2014
149
10-12-2014 "
10-12-2014
श्रीमती तृप्ति शर्मा
150
क्र. B 2744-दो-2-45-2015.- श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव, रज़िस्ट्रार ( परीक्षा ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , जबलपुर को दिनांक 26 से 29 मई 2016 तक दोनों दिन सम्मिलित करके चार दिन का अर्जित अवकाश पूर्व स्वीकृत ग्रीष्मकालीन अवकाश दिनांक 30 मई 2016 से 10 जून 2016 तक के पूर्व के अनुक्रम में स्वीकृत किया जाता है.
10-12-2014
10-12-2014
151 श्री जाकिर हुसैन
श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव 10-12-2014 10-12-2014
152
(सीनियर) .
अवकाश से लौटने पर श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव , रजिस्ट्रार ( परीक्षा ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
10-12-2014 10-12-2014
153 श्री संजीव कुमार अग्रवाल
10-12-2014
10-12-2014
श्रीमती विधि सक्सेना
154
10-12-2014
10-12-2014
155 श्री कपिल कुमार मेहता
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
10-12-2014
10-12-2014
श्री मोहन पी. तिवारी
156
श्री राकेश कुमार ( गुप्ता ) 10-12-2014 10-12-2014
157
10-12-2014 10-12-2014
श्री रवीन्द्र सिंह कुशवाह
158
प्रमाणित किया जाता है कि श्री उमेश कुमार श्रीवास्तव , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो रजिस्ट्रार ( परीक्षा ) के पद पर कार्यरत रहते.
10-12-2014 10-12-2014
श्री राजीव कुमार अयाची
159
10-12-2014
10-12-2014
160 श्री जयप्रकाश सिंह
10-12-2014
10-12-2014
श्री सुरेश कुमार चौबे
161
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, यू. एस. दुबे, रजिस्ट्रार.
(सीनियर).