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मध्यप्रदे श
शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 34]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 25 अगस्त 2017- भाद्र 3 , शक 1939
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.-स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2) सांख्यिकीय सूचनाएं,
4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग
(3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 4 अगस्त 2017
क्र. ई - 5-594- आयएएस लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री प्रमोद अग्रवाल , आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग को दिनांक 8 से 14 अगस्त 2017 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 6, 7 अगस्त 2017 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
(2) श्री प्रमोद अग्रवाल की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री मनोज गोविल, भाप्रसे प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , लोक स्वास्थ्ययांत्रिकी विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश जल निगम को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री प्रमोद अग्रवाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री प्रमोद अग्रवाल द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री मनोज गोविल, भाप्रसे उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाशकाल में श्री प्रमोद अग्रवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रमोद अग्रवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई - 5-835 - आयएएस-लीव-5- एक. ( 1 ) श्री कवीन्द्र कियावत, आयएएस. , सचिव , मध्यप्रदेश शासन , लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को दिनांक 28 अगस्त से 6 सितम्बर, 2017
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नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2017 .
4912
तक, दस दिन का एक्स-इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्री कवीन्द्र कियावत को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री कवीन्द्र कियावत को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व. मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री कवीन्द्र कियावत अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
भोपाल, दिनांक 5 अगस्त 2017
क्र. ई - 1-27-2016-5- एक.- भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्यप्रदेश संवर्ग में वरिष्ठ समय वेतनमान में पदोन्नति के लिये आवंटन वर्ष 2008 तथा पूर्व के अवशेष अधिकारियों के नामों पर वरिष्ठ समय वेतनमान में पदोन्नति हेतु उपयुक्तता निर्धारण के लिये छानबीन समिति की बैठक दिनांक 13 जनवरी, 2012 को सम्पन्न हुई थी . उक्त बैठक में हुई अनुशंसा के क्रम में आवंटन वर्ष 2008 के अधिकारियों को दिनांक 31 जनवरी 2012 से वरिष्ठ समय वेतनमान प्रदान किया गया.
(2) आवंटन वर्ष 2008 की एक अधिकारी श्रीमती सुरभि गुप्ता के द्वारा आवंटन वर्ष 2012 के भाप्रसे अधिकारियों के साथ दिनांक 3 सितम्बर 2012 को लाल बहादुर शास्त्री, राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में उपस्थिति दी गई थी. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के पत्र दिनांक 8 फरवरी , 2013 से मध्यप्रदेश राज्य को अवगत कराया गया कि श्रीमती सुरभि गुप्ता , जो फिजीकली हैण्डीकैप्ड कैटेगरी की बैकलॉग रिक्तियों के अन्तर्गत सी. एस. ई. 2007 ( 2008 बैच ) के आधार पर भाप्रसे में नियुक्ति हुई हैं, को मध्यप्रदेश संवर्ग आवंटित किया गया है. श्रीमती सुरभि गुप्ता का प्रशिक्षण आवंटन वर्ष 2012 के भा. प्र. से. अधिकारियों के साथ ही पूर्ण हुआ है.
(3) भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय , नई दिल्ली के पत्र क्रमांक - 11037-02-2011- AIS ( III ) , दिनांक 2 दिसम्बर, 2014 से श्रीमती सुरभि गुप्ता की परस्पर वरिष्ठता आवंटन वर्ष 2008 बैच अधिकारियों के साथ नियत की गई है और भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 7 मई , 2015 से श्रीमती सुरभि गुप्ता को दिनांक 3 सितम्बर 2014 से भारतीय प्रशासनिक सेवा में स्थाई किया गया है. आवंटन वर्ष 2008 के अधिकारियों को वरिष्ठ समय वेतनमान देने के बारे में दिनांक 13 जनवरी , 2012 को संम्पन्न हुई बैठक के समय श्रीमती गुप्ता ने सेवा में कार्यभार ग्रहण ही नहीं किया था, अतः उनका नाम समिति के समक्ष प्रस्तुत करने जैसी स्थिति नहीं थी.
(4) आवंटन वर्ष 2012 बैच के अधिकारियों की सेवा में उपस्थिति की तिथि से 4 वर्ष की अवधि पूर्ण होने पर आवंटन
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
वर्ष 2012 तथा पूर्व के अवशेष अधिकारियों की भाप्रसे के वरिष्ठ समय वेतनमान में पदोन्नति के लिये उपयुक्तता निर्धारण हेतु दिनांक 30 जनवरी , 2016 को छानबीन समिति की बैठक सम्पन्न हुई. इस बैठक में श्रीमती गुप्ता के नाम पर भी विचार किया गया और उपयुक्त पाए जाने पर आवंटन वर्ष 2012 के अधिकारियों के साथ श्रीमती गुप्ता को दिनांक 1 जनवरी 2016 से वरिष्ठ समय वेतनमान में पदोन्नति प्रदान की गई है.
( 5 ) श्रीमती सुरभि गुप्ता द्वारा एक अभ्यावेदन प्रस्तुत कर यह अनुरोध किया गया है कि भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा उन्हें आवंटन वर्ष 2008 आवंटित किये जाने और उनकी वरिष्ठता आवंटन वर्ष 2008 के अधिकारियों के साथ नियत किए जाने के आलोक में उनका नोशनल वेतन निर्धारण वर्ष 2008 से किया जाए. उन्होंने यह अनुरोध भी किया है कि उनकी वरिष्ठता वर्ष 2008 से मान्य होने से उन्हें वरिष्ठ समय वेतनमान ( रुपये 15600-39100 ग्रेड पे 6600 ) की पात्रता वर्ष 2012से आती है, अतः उन्हें वर्ष 2012 से वरिष्ठ समय वेतनमान स्वीकृत किया जाए. श्रीमती सुरभि गुप्ता ने अपने अभ्यावेदन के साथ भारत सरकार द्वारा उन्हें प्रदत्त नियुक्ति पत्र दिनांक 16 अगस्त, 2012की प्रति संलग्न की है , जिसमें यह विशिष्ट उल्लेख है कि श्रीमती सुरभि गुप्ता को आवंटन वर्ष 2008 के अपने बैचमेट्स के साथ पे बैण्ड 15600-39100+ ग्रेड पे 5400 में वेतन के नोशनल फिक्सेशन की पात्रता बैचमेट्स के सेवा में ज्वाइनिंग की तिथि से रहेगी, तथापि वास्तविक वेतन श्रीमती सुरभि गुप्ता द्वारा सेवा में ज्वाईन करने की तिथि से प्राप्त होगा .
(6) परीक्षण में यह पाया गया कि श्रीमती गुप्ता की वरिष्ठता आवंटन वर्ष 2008 के साथ नियत हो गई है , आवंटन वर्ष 2008 के आधार पर उनके द्वारा भाप्रसे में 04 वर्ष की सेवा दिनांक 1 जनवरी 2012 को पूर्ण कर ली गई है और उन्हें आवंटन वर्ष 2008 के अधिकारियों के साथ वरिष्ठ समय वेतनमान के लिये विचारण की पात्रता उद्भूत हो गई है.
उपरोक्त के आलोक में यह निर्णय लिया गया कि आवंटन वर्ष 2008 के भाप्रसे अधिकारियों को वरिष्ठ समय वेतनमान प्रदान किए जाने के बारे में दिनांक 13 जनवरी 2012 को संपन्न छानबीन समिति की बैठक का रिव्यू आयोजित कर श्रीमती सुरभि गुप्ता को 2008 बैच के अधिकारियों के साथ वरिष्ठ समय वेतनमान प्रदान करने के लिये उनकी उपयुक्तता का निर्धारण करने की कार्रवाई की जाए. तद्नुक्रम में दिनांक 13 जनवरी 2012 को आवंटन वर्ष 2008 के अधिकारियों को वरिष्ठ समय वेतनमान स्वीकृत किए जाने के लिए सम्पन्न हुई छानबीन समिति की रिव्यू बैठक दिनांक 22 जुलाई, 2017 को आयोजित की गई.
(7) श्रीमती सुरभि गुप्ता, भा. प्र. से. ( 2008 ) द्वारा सभी विभागीय परीक्षाएं दिनांक 19 जून 2015 को उत्तीर्ण कर ली गई हैं. भारत सरकार की अधिसूचना दिनांक 7 मई , 2015 से उनका सेवा में स्थायीकरण दिनांक 3 सितम्बर 2014 से किया गया है.
भाग 1 ]
श्रीमती गुप्ता के विरुद्ध कोई विभागीय जांच/अभियोजन प्रकरण प्रचलित नहीं है, अतः श्रीमती सुरभि गुप्ता की संनिष्ठा प्रमाणित की गई. श्रीमती सुरभि गुप्ता को आवंटन वर्ष 2012 के अधिकारियों के साथ दिनांक 1 जनवरी , 2016 से वरिष्ठ समय वेतनमान स्वीकृत्त किया जा चुका है. भारत सरकार के पत्र दिनांक 16 अगस्त, 2012 से यह व्यवस्था की गई है कि श्रीमती सुरभि गुप्ता की वरिष्ठता सिविल सेवा परीक्षा, 2007 के संदर्भ में आवंटन वर्ष 2008 के भाप्रसे अधिकारियों के साथ नियत होने के आलोक में उन्हें उनके बैच मैट के साथ वेतन के नोशनल निर्धारण की पात्रता होगी और वास्तविक वेतन सेवा में कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से देय होगा. इन निर्देशों के आलोक में श्रीमती सुरभि गुप्ता को आवंटन वर्ष 2008 के अधिकारियों के साथ वरिष्ठ समय वेतनमान प्रदान किये जाने की पात्रता है.
(8 ) विचारोपरांत समिति ने श्रीमती गुप्ता को आवंटन वर्ष 2008 के भाप्रसे अधिकारियों के साथ वरिष्ठ समय वेतनमान प्रदान किए जाने हेतु उपयुक्त पाया.
(9) आवंटन वर्ष 2008 के अधिकारियों को दिनांक 31 जनवरी , 2012 से वरिष्ठ समय वेतनमान प्रदान किया गया है. श्रीमती गुप्ता उक्त तिथि को सेवा में ज्वाईन नहीं हुई थी. उनकी सेवा में ज्वाइनिंग की तिथि दिनांक 3 सितम्बर 2012 'है. श्रीमती गुप्ता आवंटन वर्ष 2008 के सीधी भरती के अधिकारियों में कनिष्ठतम है. भारत सरकार द्वारा दिनांक 3 सितम्बर 2014 से उन्हें सेवा में स्थायी घोषित किया गया है .
( 10) ऊपर कंडिका 5 में अंकित भारत सरकार, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्देश दिनांक 16 अगस्त 2012 के अनुक्रम में राज्य शासन एतद्वारा श्रीमती सुरभि गुप्ता का नोशनल पे फिक्सेशन आवंटन वर्ष 2008 के अधिकारियों की सेवा में ज्वाइनिंग की तिथि से नियत किया जाता है .
( 11 ) इसके अलावा राज्य शासन एतद्वारा श्रीमती सुरभि गुप्ता को आवंटन वर्ष 2008 के अधिकारियों को वरिष्ठ समय वेतनमान स्वीकृत होने की तिथि, अर्थात् दिनांक 31 जनवरी , 2012 से नोशनल रूप से वरिष्ठ समय वेतनमान स्वीकृत करता है , इसका वास्तविक लाभ श्रीमती सुरभि गुप्ता को सेवा में उनके स्थाईकरण की दिनांक अर्थात् दिनांक 3 सितम्बरर 2014 से प्राप्त होगा. श्रीमती गुप्ता को आवंटन वर्ष 2012 के अधिकारियों के साथ दिनांक 1 जनवरी 2016 से वरिष्ठ समय वेतनमान का लाभ पूर्व में ही दिया जा चुका है , अतः उन्हें दिनांक 3 सितम्बर 2014 से दिनांक 31 दिसम्बर 2015 तक की अवधि के एरियर्स का लाभ प्राप्त होगा.
क्र. ई- 1-263-2017-5- एक.- श्री भगत सिंह कुलेश, भाप्रसे (2005) , उप सचिव , मध्यप्रदेश शासन, गृह विभाग को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न अपर आयुक्त ( राजस्व ) , रीवा संभाग , रीवा पदस्थ किया जाता है .
4913
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
क्र. ई - 1-266-2017-5- एक. श्री हरिरंजन राव , भाप्रसे (1994) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम एवं आयुक्त पर्यटन एवं सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पर्यटन विभाग, लोक सेवा प्रबंधन विभाग तथा सचिव, मुख्यमंत्री को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.
क्र. ई- 1-269-2017-5- एक. श्री व्ही. एल. कान्ताराव , भाप्रसे (1992) प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा आयुक्त, उद्योग , मध्यप्रदेश तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश वस्त्र निगम को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ आगामी आदेश तक प्रबंध संचालक, लघु उद्योग निगम का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है.
(2) उपरोक्तानुसार श्री व्ही. एल. कान्ताराव द्वारा प्रबंध संचालक, लघु उद्योग निगम का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री अरूण कुमार पाण्डे, भाप्रसे ( 1992 ) , राहत आयुक्त एवं पदेन प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग एवं पुनर्वास आयुक्त ( अतिरिक्त प्रभार) तथा प्रबंध संचालक, लघु उद्योग निगम केवल प्रबंध संचालक, लघु उद्योग निगम के प्रभार से मुक्त होंगे.
क्र. ई- 5-565 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्रीमती गौरी सिंह , आयएएस. , प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को दिनांक 9 से 11 अगस्त 2017 तक, तीन दिन तथा दिनांक 16 से 18 अगस्त 2017 तक, तीन दिन कुल छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2) अवकाश से लौटने पर श्रीमती गौरी सिंह, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण , गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्रीमती गौरी सिंह को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती गौरी सिंह अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करती रहतीं. भोपाल, दिनांक 8 अगस्त 2017
क्र. ई - 5-559- आयएएस लीव- 5 - एक. ( 1 ) श्री आशीष उपाध्याय, भाप्रसे ( 1989 ) , तत्का. प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को दिनांक 29 जनवरी , 2017 से 03 फरवरी, 2017 तक हावर्ड विश्वविद्यालय , अमेरिका में आयोजित विदेश प्रशिक्षण के अनुक्रम में निर्धारित सीमा अनुसार दिनांक 4 से 7 फरवरी 2017 तक, चार दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश तथा अतिरिक्त उपभोग किये गये दिनांक 8 फरवरी 2017 ( एक दिन ) का असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave ) अवैतनिक कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है .
[ भाग 1 4914
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
(2) एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश अवधि में श्री आशीष उपाध्याय को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था. असाधारण अवकाश ( Extraordinary Leave ) अवधि में उन्हें वेतन- भत्तों की पात्रता नहीं होगी .
क्र. ई- 1-253-2017-5- एक.- श्री रघुराज एम. आर. भाप्रसे (2004) , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम तथा मिशन संचालक, समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन ( अतिरिक्त प्रभार) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ आगामी आदेश तक पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भी घोषित किया जाता है.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि श्री आशीष उपाध्याय अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बसंत प्रताप सिंह, मुख्य सचिव.
भोपाल , दिनांक 2/3 अगस्त 2017 क्र. ई- 5-570- आयएएस- लीव- एक - 5.- ( 1 ) श्री अजीत केसरी , भाप्रसे, प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग को दिनांक 14 से 18 अगस्त 2017 तक पाँच दिन अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . उक्त अवकाश के साथ दिनांक 12 , 13 अगस्त 2017 एवं दिनांक 19, 20 अगस्त 2017 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .
क्र. बी-1-128-2017-2- एक. श्री बंदरसिंह कलेश , राप्रसे (पी-2014) डिप्टी कलेक्टर , बड़वानी द्वारा प्रस्तुत आवेदन- पत्र पर पूर्ण विचारोपरांत राज्य शासन, एतद्वारा उनका नाम श्री बंदर सिंह कलेश, के स्थान पर श्री बोन्दर सिंह कलेश परिवर्तित करने की स्वीकृति प्रदान करता है.
(2) श्री अजीत केसरी की अवकाश अवधि में उनका प्रभार, श्री विनोद कुमार, भाप्रसे प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ , अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.
(2) उपरोक्तानुसार उप नाम परिवर्तन करने की प्रविष्टि श्री बोंदर सिंह कलेश के सेवा अभिलेखों में की जाए.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सुधीर कुमार कोचर , उपसचिव, " कार्मिक".
( 3) अवकाश से लौटने पर श्री अजीत केसरी को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पशुपालन विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
भोपाल, दिनांक 4 अगस्त 2017 (4) श्री अजीत केसरी द्वारा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , पशुपालन विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री विनोद कुमार उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाशकाल में श्री अजीत केसरी को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री अजीत केसरी अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. एफ-3-3-2017- एक-4.- राज्य शासन , एतद्वारा संलग्न क्रमशः अलग- अलग परिशिष्ट - एक में दर्शाये गये अनुसूचित क्षेत्रों में स्थित नगरीय निकायों के आम निर्वाचन वर्ष 2017 , उप निर्वाचन 2017 ( पूर्वार्द्ध ) एवं अध्यक्ष को पद से वापस बुलाये जाने के निर्वाचन हेतु मतदान दिनांक 11 अगस्त 2017 शुक्रवार को जिले के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों के लिये सामान्य अवकाश तथा परक्राम्य लिखित अधिनियम ( निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26 ) की धारा 25 के अन्तर्गत सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है.
भोपाल, दिनांक 9 अगस्त 2017
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अमिताभ अवस्थी, उपसचिव.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग "निर्वाचन भवन"
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल क्र. ई- 1-230-2017-5- एक.- भारत सरकार, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग , नई दिल्ली द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक 13017-26-2017 - AIS - I , दिनांक 7 अगस्त , 2017 द्वारा सुश्री सरनीत कौर ब्रोका, भाप्रसे (MP: 2016 ) सहायक कलेक्टर, जिला ग्वालियर को श्री प्रथमेश कुमार, भाप्रसे ( UP: 2016 ) से विवाह के आधार पर उत्तरप्रदेश संवर्ग स्थानांतरित किया गया है .
अनुसूचित क्षेत्र में स्थित नगरीय निकायों की जिलेवार सूची 2017
परिशिष्ट- एक
नगरीय निकाय का नाम
क्र.
क्र. जिले का नाम
(1) (2)
(3) (4). (2) अतः , राज्य शासन, भारत सरकार, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग जारी उक्त अधिसूचना के अनुपालन में सुश्री सरनीत कौर ब्रोका, भाप्रसे ( MP: 2016 ) , सहायक कलेक्टर, जिला ग्वालियर को उत्तरप्रदेश संवर्ग में कार्यभार ग्रहण करने के लिये कार्यमुक्त करता है.
1 खण्डवा
1 नगर परिषद्, छनेरा 4915
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
(4)
(3)
(1) (2)
2 नगर परिषद्, सैलाना 2 रतलाम
3 नगरपालिका परिषद्, सारनी
4 नगर परिषद्, आठनेर 3 बैतूल
5 नगर परिषद्, चिचोली
6 नगरपालिका परिषद्, झाबुआ
7 नगर परिषद्, रानापुर 4 झाबुआ
8 नगर परिषद्, थान्दला
9 नगर परिषद्, पेटलावद
10 नगर परिषद्, भाभरा
11 नगर परिषद्, जोबट 5 अलिराजपुर
12 नगरपालिका परिषद्, अलिराजपुर
नगर परिषद्, भीकनगांव
13
6 खरगौन
नगर परिषद्, महेश्वर
14
नगर परिषद्, मण्डलेश्वर
15
16 नगरपालिका परिषद्, नेपानगर 7 बुरहानपुर
17 नगरपालिका परिषद्, जुन्नारदेव
18 नगरपालिका परिषद्, दमुआ
19 नगर परिषद्, हर्रई 8 छिन्दवाड़ा
20 नगरपालिका परिषद्, पांढुरना
21 नगरपालिका परिषद्, सौंसर
22 नगर परिषद्, मोहगांव
नगर परिषद्, लखनादौन
23
9 सिवनी
24 नगरपालिका परिषद्, मण्डला
25 नगर परिषद्, निवास
26 नगर परिषद्, बम्हनीबंजर 10 मण्डला
27 नगर परिषद्, बिछिया
28 नगरपालिका परिषद्, नैनपुर
(4)
(3)
(2)
(1)
29 नगर परिषद्, डिण्डोरी 11 डिण्डोरी
30 नगर परिषद्, शहपुरा 12 बालाघाट
31 नगर परिषद्, बैहर
नगर परिषद्, जयसिंहनगर
32
33 नगरपालिका परिषद्, शहडोल 13 शहडोल
34 नगर परिषद्, बुढ़ार
35 नगरपालिका परिषद्, कोतमा
36 नगरपालिका परिषद्, बिजुरी 14 अनूपपुर
15 उमरिया
37 नगरपालिका परिषद्, पाली
हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
परिशिष्ट-एक नगरीय निकायों के उप निर्वाचन 2017 ( पूर्वाद्ध ) रिक्तियों की अन्तिम सूची
1. अध्यक्ष पद का उप निर्वाचन
नगरीय निकाय का नाम जिला
स. क्र.
(3)
(2)
(1)
खरगोन
1
नगरपालिका परिषद्, सनावद सतना
2
नगर परिषद्, जैतवारा
नगरपालिका परिषद्, डबरा 3 ग्वालियर
4
नगर परिषद्, कैलारस
मुरैना
हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी)
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
" निर्वाचन भवन "
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल
भोपाल, दिनांक 20 जुलाई 2017
नगरपालिका परिषद्, गाडरवारा , जिला नरसिंहपुर, नगरपालिका परिषद्, सबलगढ़ , जिला मुरैना एवं नगर परिषद्, शंमशाबाद, जिला विदिशा के अध्यक्ष को अपने पद से वापस बुलाये जाने के संबंध में निर्वाचन के लिये निर्वाचन कार्यक्रम की सूचना
प्रकाशित किया जाना
क्र. एफ- 53 - एनएन- 03-2017- पांच-572.-मध्यप्रदेश शासन एवं कतिपय आदिवासी संगठनों द्वारा आयोग को प्रेषित प्रस्ताव में दिनांक 9 अगस्त 2017 को विश्व आदिवासी दिवस होने के कारण मतदान तिथि 9 अगस्त , 2017 को बढ़ाने का अनुरोध किया गया है.
4916
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
[ भाग 1 आयोग द्वारा प्रस्ताव पर विचार कर मतदान एवं मतगणना तिथियों में आंशिक रूप से परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया है.
मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम 11 क में प्रदत्त शक्तियों के अनुक्रम में आयोग के संदर्भित आदेश द्वारा जारी कार्यक्रम में मतदान एवं मतगणना की तिथि में निम्नानुसार संशोधन किया जाता है : -
स. क्र.
कार्यवाई
समय
संशोधित तिथि (तारीख) (4)
(5)
पूर्व में निर्धारित
तिथि (तारीख)
(3)
(1)
(2)
1
मतदान ( यदि आवश्यक हो)
9-8-2017 (बुधवार) 2
मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा
(शनिवार) 12-8-2017
प्रातः 7.00 बजे से अपरान्ह 5.00 बजे तक 11-8-2017 (शुक्रवार)
प्रात: 9.00 बजे से 16-8-2017 (बुधवार)
2. मतदान एवं मतगणना की तिथि में संशोधन की सूचना सर्वसंबंधित को दी जाना सुनिश्चित करें. शेष नियम यथावत् लागू रहेंगे.
3. इस पत्र की प्राप्ति की अभिस्वीकृति आयोग को ई - मेल द्वारा तत्काल भेजी जाए.
हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
भोपाल, दिनांक 8 अगस्त, 2017
क्र. एफ 3-4-2017- एक-4.- राज्य शासन, एतद्वारा त्रि- स्तरीय पंचायतों के आम/उप निर्वाचन 2017 ( पूर्वार्द्ध ) हेतु आयोग द्वारा जारी संलग्न परिशिष्ट- एक के अनुसार मतदान दिनांक 11 अगस्त 2017 शुक्रवार को जिले के संबंधित क्षेत्रों में सामान्य अवकाश घोषित करता है.
2. उक्त दिनांक को संबंधित क्षेत्रों के लिये पराक्रम्य लिखित अधिनियम ( निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेट्स एक्ट ) 1881 ( 1881 का क्रमांक 26) की धारा 25 के अन्तर्गत सार्वजनिक अवकाश भी घोषित करता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय कुमार , उपसचिव.
परिशिष्ट- एक
रिक्त पदों की जिलेवार अनन्तिम ( Provisional ) जानकारी
स. क्र. जिला
उप निर्वाचन हेतु संभावित रिक्त पदों की संख्या
पंच
सरपंच
आम निर्वाचन हेतु पदों की संख्या पंच
सरपंच जिला पंचायत सदस्य
जनपद पंचायत
सदस्य
(4)
(5) (1)
(3)
(2)
1 मुरैना
292 373
2 श्योपुर
(7)
(8) (6) 4917
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
(7)
(8)
(6)
(3)
(4)
(5)
(1)
(2)
1
3
22
भिण्ड
6
2
4 ग्वालियर
1
5
369
शिवपुरी
382
6 दतिया
8
111
4
2
7 गुना
90
8 अशोकनगर
4
424
9 उज्जैन
नीमच
7
10
2
11
रतलाम
83
223
12 शाजापुर
1
13
2
आगर-मालवा
7
14 मंदसौर
4
751
देवास
15
1
186
16 भोपाल
1
40
17 सीहोर
3
630
18 विदिशा
19
186
1
राजगढ़
1
146
20 रायसेन
3
21
245
होशंगाबाद
2
5
1
22 हरदा
4
23
115
बैतूल
2
25
24 इन्दौर
2
8
25 झाबुआ
26 अलीराजपुर
3
12
27 धार
2
223
28 खरगौन
29
135
बड़वानी
17
1
30 खण्डवा
2
58
31 बुरहानपुर
3
62
32 सागर
1
7
33 टीकमगढ़
1
34 पन्ना
12
5
1
35 छतरपुर
143
3
36 दमोह
9
1
37 जबलपुर
1
10
38 कटनी
3-413-- 26
39 नरसिंहपुर
3
16
40 छिन्दवाड़ा
17-464-652055----
2
21
41 सिवनी
1
48
42 बालाघाट
12
2
43
36
मण्डला
2
82
1
रीवा
44
3
31
45 सतना
12--30-
सीधी
9
1
46 [ भाग 1 4918
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
(8)
(7)
(4)
(5)
(6)
(1)
(2) (3)
1
47
5
1
सिंगरौली
15
शहडोल
48
15
2
49 अनूपपुर
1
10
2
50 उमरिया
3
51 डिण्डोरी
356
23
3
74
14
योग .. 5631
टीप.- कृपया उक्त जानकारी को अनिवार्यतः वेरिफाई एवं अपडेट करना सुनिश्चित कर लें.
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग "निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल
[email protected]
Ph No. 0755-2555527
भोपाल, दिनांक 20 जुलाई 2017 क्र. एफ- 37- PN -01-2017- तीन-277.-
त्रिस्तरीय पंचायतों के आम/उप निर्वाचन वर्ष 2017 ( पूर्वार्द्ध ) हेतु संशोधित निर्वाचन कार्यक्रम ( समय अनुसूची ) 1. मध्यप्रदेश शासन एवं कतिपय आदिवासी संगठनों द्वारा आयोग को प्रेषित प्रस्ताव में दिनांक 9 अगस्त, 2017 को विश्व आदिवासी दिवस होने के कारण मतंदान तिथि 09 अगस्त, 2017 को बढ़ाने का अनुरोध किया गया.
2. आयोग को प्राप्त प्रस्ताव पर विचार कर मतदान एवं मतगणना, सारणीकरण तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तिथियों में आंशिक रूप से परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया है.
3. मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम, 1995 के नियम 18 एवं सहपठित नियम 30 में प्रदत्त शक्तियों के अनुक्रम में आयोग के संदर्भित पत्र द्वारा जारी कार्यक्रम में मतदान एवं मतगणना , सारणीकरण तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तिथियों में निम्नानुसार संशोधन किया जाता है:-
संशोधित तिथि
समय स.क्र.
कार्यवाही
पूर्वमें निर्धारित
तिथि (तारीख )
(5)
(तारीख) (4)
(3)
(1)
(2)
9-8-2017
1 मतदान ( यदि आवश्यक हो )
प्रात: 7.00 बजे से अपराह्न 3.00 बजे तक
11-8-2017 (शुक्रवार)
(बुधवार)
मतगणना, सारणीकरण तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा
09-8-2017
मतदान समाप्तिके तुरन्त 2
पश्चात्.
11-8-2017 (शुक्रवार)
(i ) मतदान केन्द्र पर की जाने वाली मतगणना (केवल पंच पद के लिए) .
(बुधवार)
प्रातः 8.00 बजे से
12-8-2017
(शनिवार)
16-8-2017 (बुधवार)
(ii ) सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकासखण्ड मुख्यालय पर ई.व्ही.एम. से की जाने वाली मतों की गणना.
प्रात: 10.30 बजे से
14-8-2017 (सोमवार)
(iii ) पंच पद की मतदान केन्द्र पर की गई मतगणना का सारणीकरण और परिणाम की घोषणा.
18-8-2017 (शुक्रवार) 4919
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
(4)
(5)
(3)
(2)
(1)
( iv ) पंच पद की विकासखण्ड मुख्यालय पर की जाने वाली मतगणना सारणीकरण तथा निर्वाचन परिणाम कीघोषणा.
प्रातः 10.30 बजे से
12-8-2017 (शनिवार)
16-8-2017 (बुधवार)
(v ) सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य पद के लिए मतों का सारणीकरण और निर्वाचन परिणाम की घोषणा.
(vi ) जिला पंचायत सदस्य पद के लिये मतों का विकासखण्ड स्तरीय सारणीकरण.
प्रातः 10.30 बजे से
17-8-2017 (गुरुवार)
13-8-2017 ( रविवार )
(vii ) जिला पंचायत सदस्य पद के लिए मतों का जिला मुख्यालय पर सारणीकरण और निर्वाचन परिणाम की घोषणा.
4. मतदान एवं मतगणना , सारणीकरण तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तिथियों में संशोधन की सूचना सर्वसम्बधितों को दी जाना सुनिश्चित करें एवं इसका व्यापक प्रचार - प्रसार भी करायें. संदर्भित पत्र द्वारा जारी शेष नियम/निर्देश यथावत लागू रहेंगे. इस पत्र की प्राप्ति की अभिस्वीकृति आयोग को ईमेल द्वारा तत्काल भेजी जाए.
हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग .
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
आदेश दिनांक 29 जुलाई 2017 द्वारा दिनांक 21 अगस्त से 29 सितम्बर 2017 तक, चालीस दिन का एक्स- इंडिया अर्जित अवकाश स्वीकृत किया गया था, एतद्वारा निरस्त किया जाता है.
भोपाल, दिनांक 11 अगस्त 2017
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एम. के बातव, अवर सचिव " कार्मिक ".
भोपाल, दिनांक 8 अगस्त 2017 क्र. एफ 5-13-2017- एक( 1 ) .-उच्च न्यायालय, न्यायाधिपतिगण (सेवा शर्तें) अधिनियम , 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल, जस्टिस श्री जे. पी. गुप्ता , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार कम्युटेड अवकाश स्वीकृत करते हैं:-
अवकाश
अ. क्र.
अभियुक्ति
कुल अवकाश का
अवधि
दिन
प्रकार
(3) (4) (5)
(2)
(1)
क्र. ई- 5-558 - आयएएस- लीव- 5- एक. श्री विनोद कुमार, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, मछुआ कल्याण एवं मत्स्यविभाग को दिनांक 3 से 29 जुलाई 2017 तक, सत्ताईस दिन कालघुकृत अवकाश दिनांक 30 जुलाई 2017 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति सहित कार्योत्तर स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश के
पश्चात् में
01 दिनांक 19 से 23 जून 2017.
(2) अवकाशकाल में श्री विनोद कुमार को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
पांच पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश. 26जून
(3) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री विनोद कुमार अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
सार्वजनिक
भोपाल, दिनांक 9 अगस्त 2017
लाभ उठाने
दिनांक 24 से 2017 के अवकाश का की अनुमति सहित.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संजय कुमार, उपसचिव.
भोपाल, दिनांक 8 अगस्त 2017
क्र. बी-1-72-2017-2- एक.- राज्य शासन द्वारा सुश्री अंशु जावला, राप्रसे ( आर आर 2016 ) परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर , बड़वानी की शैक्षणिक योग्यता एल.एल.बी. होने के कारण सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ. 10-1-2016- एक -9 , दिनांक 7 सितम्बर 2016 के प्रावधान के अन्तर्गत विभागीय परीक्षा के निम्न प्रश्न पत्र को उत्तीर्ण करने से छूट प्रदान करता है-
दांडिक, विधि तथा प्रक्रिया प्रश्न पत्र प्रथम.
क्र. ई- 5-843 - आयएएस लीव- 5- एक- श्री नीरज दुबे, आयएएस. , आयुक्त, लोक शिक्षण को इस विभाग के समसंख्यक 4920
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भोपाल, दिनांक 16 अगस्त 2017
क्र. बी- 1-57-2017-2- एक. राज्य शासन द्वारा श्री नितिन कुमार टाले, राप्रसे ( आर आर 2016 ) परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर, कटनी को उनके द्वारा नायब तहसीलदार के पद पर रहते हुए निम्न विषयों की विभागीय परीक्षायें उत्तीर्ण किये जाने के फलस्वरूप राज्य प्रशासनिक सेवा में नियुक्त होने के उपरान्त विभागीय परीक्षा के निम्न विषयों की विभागीय परीक्षायें उत्तीर्ण करने से छूट प्रदान करता है.
1. पंचायत राज तथा प्रक्रिया
2. सिविल विधि तथा प्रक्रिया
3. लेखा प्रथम एवं द्वितीय
4. दांडिक, विधि तथा प्रक्रिया प्रश्न पत्र प्रथम
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, फजल मोहम्मद , अवर सचिव " कार्मिक".
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 8 अगस्त 2017
फा. क्र. 3 (ए) 19-2003- इक्कीस-ब- (एक ) 1163.- राज्य सरकार, एतद्वारा . इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 4 अप्रैल 2017 में जो मध्यप्रदेश राजपत्र भाग 1 दिनांक 14 अप्रैल, 2017 में प्रकाशित हुई थी, निम्नलिखित संशोधन करती है , अर्थात्:-
संशोधन
उक्त अधिसूचना में, सारणी में, अनुक्रमांक ( 2 ) तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-
सारणी
चिकित्सालय का नाम
अनु.क्र. जिला
(3)
(1) (2)
भोपाल 2
आकृति नेचर क्योर सेन्टर, इन्दौर- भोपाल
एक्सप्रेस हाइवे ( फंदा ) , भोपाल.
F. No. 3 (A) -19-2003 - XXI - B ( One ) 1163.-The State Government hereby , makes the following amendment in this department's Notification of even number dated 4th April 2017 which was published in the Madhya Pradesh Gazette, Part- 1 , dated 14th April 2017 namely :-
AMENDMENT
In the said Notification in the table , for serial number (2) and entries relating thereto , the following serial number and entries thereto shall be substituted , namely:-
TABLE
S.No. District
Name of the Hospital (3)
(1) (2)
"2 Bhopal Aakriti Nature Cure Center , Indore- Bhopal Express Highway (Fanda), Bhopal.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. एम. सक्सेना , प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 9 अगस्त 2017
फा. क्र. 1983- इक्कीस- ब( दो ) 2017.- राज्य शासन, नोटरी अधिनियम, 1952 की धारा 5 की उपधारा ( 2 ) सहपठित धारा 9 की उपधारा ( 1 ) के अन्तर्गत , एतद्वारा , आदेश देता है कि श्री केशव चंद रावत , नोटरी , जिनका सामान्य वृत्तिक पता.- हनुमान रोड़, राघौगढ़ जिला गुना है, उनके द्वारा दिनांक 25 फरवरी 2016 से आरंभ होने वाली कालावधि के लिए नोटरी के व्यवसाय का प्रमाण पत्र नवीनीकरण नहीं कराये जाने के फलस्वरूप, विधि के प्रभाव से नोटरी के रूप में व्यवसाय करने के लिये वर्जित होने से नोटरी के रूप में व्यवसाय नहीं करेंगे अथवा नोटरी की पदीयमुद्रा के अधीन नोटरी का कार्य नहीं करेंगे.
भोपाल, दिनांक 11 अगस्त 2017
फा. क्र. 3542- इक्कीस- ब( दो ) 2017.- राज्य शासन , दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1974 ( क्रमांक 2 सन् 1974) की धारा 24 की उपधारा (8 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में मध्यप्रदेश राज्य के प्रत्येक सत्र खण्ड में भारतीय दण्ड संहिता एवं अन्य अधिनियम के अन्तर्गत जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध के रूप में चिन्हित अपराधों से संबंधित सत्र प्रकरणों में अभियोजन का संचालन करने के लिये, विशेष लोक अभियोजक नियुक्ति विषयक पूर्ववर्ती आदेशों को अतिष्ठित करते हुए, मध्यप्रदेश राज्य के प्रत्येक जिले में पदस्थ उपसंचालक, अभियोजन/जिला लोक अभियोजन अधिकारी/अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी को, एतदद्वारा विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
किसी जिले के लिए, ऐसे नियुक्त किये गये विशेष लोक अभियोजकों के मध्य जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध के रूप में चिन्हित अपराधों से संबंधित सत्र प्रकरणों का आवंटन अथवा कार्य वितरण संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा किया जा सकेगा. यह आदेश दिनांक 11 अगस्त 2017 से प्रभावशील होगा.
फा. क्र. 3543 - इक्कीस ब ( दो ) 2017.- राज्य शासन , मध्यप्रदेश राज्य के प्रत्येक जिले में लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 ( क्रमांक 32 सन् 2012) की धारा 32 ( 1 ) के अधीन, उक्त अधिनियम की धारा 28 ( 1 ) के अंतर्गत पदाभिहित विशेष न्यायालयों में प्रकरणों का संचालन करने के लिये, विशेष लोक अभियोजक नियुक्ति विषयक पूर्ववर्ती आदेशों को / अधिसूचनाओं को अतिष्ठित करते हुए, ऐसे जिले में पदस्थ उपसंचालक, अभियोजन/ जिला लोक अभियोजन अधिकारी/अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी को, एतदद्वारा विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है.
किसी जिले के लिए, ऐसे नियुक्त किये गये विशेष लोक अभियोजकों के मध्य उक्त अधिनियम के अंतर्गत पदाभिहित एकाधिक विशेष न्यायालयों में प्रकरणों का आवंटन अथवा कार्य वितरण संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा किया जा सकेगा.
यह अधिसूचना दिनांक 11 अगस्त 2017 से प्रभावशील होगी .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशनुसार, रामकुमार चौबे, सचिव.
4921
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 11 अगस्त 2017
संशोधन
क्र. एफ- 7-55-2001- छैः - इस विभाग की अधिसूचना दिनांक 28 मई 2008 द्वारा गठित समिति का कार्यकाल समाप्त होने के कारण मध्यप्रदेश श्री महाकालेश्वर महादेव अधिनियम, 1982 (क्रमांक 21 सन् 1983 ) धारा 6 के अन्तर्गत श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति में शासन निम्नानुसार नामनिर्दिष्ट करते हुए, आदेश के दिनांक से तीन वर्ष के लिए, अधिसूचित करता है:-
(1 ) अधिनियम धारा 6 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( ङ) के अधीन पुजारी नाम निर्देशनः-
1. प्रदीप गुरू, निवासी उज्जैन
(1 ) अधिनियम धारा 6 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( च ) के अधीन अशासकीय व्यक्तियों के नामनिर्देशन:-
1. श्री विभाष उपाध्याय, निवासी उज्जैन
2. श्री सत्यनारायण गुरू निवासी उज्जैन के स्थान पर श्री जगदीश शुक्ला, निवासी उज्जैन पढ़ा जाये.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
किरण मिश्रा , उपसचिव.
नगरीय विकास एवं आवास विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 16 अगस्त 2017
क्र. एफ- 3-15-2014- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, ( संशोधित ) 1973 (क्रमांक 1 सन् 2012 ) , की धारा 23-" क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक-एफ- 3- 15-2014- बत्तीस, दिनांक 27 अप्रैल 2017 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रवर्तित श्योपुर विकास योजना 2021 में उपातंरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे एवं शर्तें निम्नानुसार हैं:-
अनुसूची
क्षेत्रफल ( हेक्येटर में)
खसरा क्र.
ग्राम
क्र
(4)
(3)
(1)
19.629
1
1786,
(2) कस्बा श्योपुर
7.472
1792,
1.56,
1793,
1.839
1794,
1.326
1772,
1.129
1773,
1.212
1774,
4.368
1776 ,
5.196
1764
4.505
1765
48.964
योग ..
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग
उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू-उपयोग (6) औद्योगिक
(5) कृषि एवं आमोद प्रमोद (वृक्षारोपण)
औद्योगिक प्रस्तावित सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक एवं प्रमोद (वृक्षारोपण) .
औद्योगिक प्रस्तावित औद्योगिक एवं 24मीटर मार्ग.
(1 ) प्रश्नाधीन भूमि के मध्य विद्यमान नाले पर पुल/पुलिया का निर्माण श्योपुर विकास योजना में प्रस्तावित कॉर्डिनेशन मार्ग के अनुसार करना आवश्यक होगा.
(2 ) प्रश्नाधीन भूमि पर श्योपुर विकास योजना , 2021 में प्रस्तावित मार्गों से प्रभावित भूमि को मार्ग प्रयोजन हेतु ही विकसित करना अनिवार्य होगा.
(3 ) प्रश्नाधीन भूमि के मध्य विद्यमान नाले के दोनों और श्योपुर विकास योजना, 2021 /मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत निर्धारित खुला क्षेत्र छोड़ना अनिवार्य होगा.
(4) प्रश्नाधीन भूमि पर श्योपुर विकास योजना, 2021 में प्रस्तावित आमोद- प्रमोद भू- उपयोग की भूमि पर विद्यमान वृक्षों को यथासंभव सुरक्षित रखा जावे.
(5 ) उपरोक्त उपातंरण श्योपुर विकास योजना , 2021 का एकीकृत भाग होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
सी. के. साधव , उपसचिव.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
4922
कार्यालय , सक्षम प्राधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , महू, जिला इन्दौर
महू, दिनांक 10 अगस्त 2017
प्ररूप-ख
(नियम 5 का उपनियम 2)
क्र. 2298 - भू- अर्जन-2017.- अतएव , राज्य. सरकार को लोकहित में यह आवश्यक प्रतीत होता है कि डी. एम. आई. सी. , नर्मदा- क्षिप्रा लिंक योजना अन्तर्गत पीथमपुर जल प्रदाय परियोजना हेतु ग्राम सिमरोल तहसील महू जिला इन्दौर से ग्राम सोनवाय तहसील महू, जिला इन्दौर तक मध्यप्रदेश राज्य में डी. एम. आई. सी. पीथमपुर जल प्रबंधन लिमिटेड द्वारा भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाई जाना प्रस्तावित है.
और अतएव राज्य सरकार को उक्त भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन केबल एवं डक्ट बिछाये जाने का प्रस्ताव है जो इस अधिसूचना के संलग्न अनुसूची में वर्णित है उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाना है इस हेतु कृषकों की सहमति प्राप्त हो गई है.
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन केबल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि में हितबद्ध है उस तारीख से जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होता है, इक्कीस दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट बिछाये जाने के संबंध में सक्षम प्राधिकारी अनुविभागीय अधिकारी एवं भू- अर्जन अधिकारी महू जिला इन्दौर मध्यप्रदेश को लिखित में आक्षेप भेज सकेगा : -
खसरा क्रमांक
तहसील
जिला
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि
ग्राम/पटवारी हल्का
क्रमांक
(हेक्टेयर में)
(5)
(4)
0.016
920/2
(3) सिमरोल/65
(1) इन्दौर
(2) महू
0.025
921/1/2
0.020
921/2/2
0.055
931
0.080
932/1
0.053
930/2
0.056
930/4
0.052
930/5/2
0.082
942/2
0.012
943
0.078
947/5
0.080
947/7
0.609
योग रकबा
0.032
हरसोला/62
इन्दौर
महू
0.036
0.080
725 1311 1314
0.024
1315/1 4923
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
(5)
(4)
(3)
(1)
(2)
0.046
1318
0.024
1319/1
0.060
1421/2
0.036
1421/3
1425
0.036
1426/3/1
0.043
0.038
1426/3/2
1426/4
0.044
0.053
1429/2
0.005
1429/3/1
0.038
1430
0.032
1760
0.028
1763/1
0.064
1759
1766
0.038
0.024
1764
1807
0.098.
0.040
1312
0.016
1320/2
योग रकबा 0.935
0.035
पानदा/03
211/2
इन्दौर
महू
0.095
211/3
213/1
0.035
0.030
213/3
0.035
213/4
0.030
213/2/1
213/2/2
0.015
योग रकबा 0.275
अनुविभागीय अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी.
कार्यालय, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला राजगढ़ ( ब्यावरा ) , मध्यप्रदेश
राजगढ़ ( ब्यावरा ) , दिनांक 8 दिसम्बर 2016
क्र. 488- स्था. निर्वा.- मंडी-016 .- एतद्वारा सूचित किया जाता है कि कृषि उपज मण्डी समिति 29 छापीहेड़ा के वार्ड क्र. 05 पीपल्याकला जिला राजगढ़ के कृषक सदस्य के उप निर्वाचन 2016 में निम्नानुसार प्रतिनिधि निर्वाचित घोषित किये गये हैं :-
पता
निर्वाचित सदस्य का नाम
पद जिसके लिये निर्वाचित हुए
(3)
(4)
क्रमांक (1)
(2)
1 श्रीमती केशरबाई पति अमरसिंह दांगी कृषक सदस्य वार्ड क्र. 05 पिपल्याकला तह. खिलचीपुर, जिला राजगढ़
तरूण कुमार पिथोड़े , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन मंडी) .
[ भाग 1 4924
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
कार्यालय , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्था. निर्वा. ) , जिला देवास, मध्यप्रदेश
देवास, दिनांक 27 दिसम्बर 2016
क्र. मण्डी उ. निर्वा.- 2016.- एतद्वारा सूचित किया जाता है कि कृषि उपज मण्डी समिति, सोनकच्छ जिला देवास के वार्ड क्रमांक 05 के उप निर्वाचन 2016 में निम्नानुसार कृषक सदस्य प्रतिनिधि निर्वाचित घोषित किये गये है :-
पता
क्रमांक निर्वाचित सदस्य का नाम
पद जिसके लिये निर्वाचित हुए
(3)
(2)
(4)
(1)
1
महेन्द्र सिंह
कृषक सदस्य
तालोद तहसील सोनकच्छ, जिला देवास मध्यप्रदेश ।
आशुतोष अवस्थी, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( मण्डी निर्वा. ) .
कार्यालय, उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, जिला भोपाल
भोपाल , दिनांक 1 अगस्त 2017
[मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 56 ( 1 ) के अन्तर्गत ]
क्र. विधि- 2017-2408 .- मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 56 ( 1 ) में यह प्रावधान है कि प्रत्येक सोसायटी ऐसे अभिलेख रजिस्टर तथा लेखा पुस्तकें बनाये रखेगी तथा रजिस्ट्रार को ऐसी जानकारी तथा विवरणियां देगी , जिनकी कि उसके द्वारा समय- समय पर अपेक्षा की जावे. अधिनियम की धारा 56 ( 2 ) विर्निदिष्ट कालावधि के भीतर वित्तीय पत्रक एवं विवरणियां प्रस्तुत करने का प्रावधान है. गृह निर्माण सहकारी संस्था की उपविधि के अनुसार संस्था की पुस्तकों एवं विवरणियों को संधारित करने या करवाने का पूर्ण दायित्व अध्यक्ष का है. इस प्रकार उक्त जानकारियां एवं विवरणियां प्रस्तुत करने का दायित्व भी अध्यक्ष का है.
(2 ) मध्यप्रदेश शासन , सहकारिता विभाग के आदेश क्रमांक एफ- 15-23-2014-15-1 , दिनांक 28 अगस्त 2014 के द्वारा प्रदेश की समस्त सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों/अधिकारियों को आदेशित किया गया था कि मध्यप्रदेश सहकारी अधिनियम 1960 के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत सहकारी संस्थाओं से वांछित दस्तावेज/विवरणियां/सूचनायें निर्धारित समय - सीमा में विभागीय पोर्टल पर अपलोड कराई जावे जिसके पालन में, कार्यालयीन आदेश क्रमांक विधि- 2017-116 , दिनांक 16 जनवरी 2017 से विभागीय अंकेक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुये , आदेशित किया गया था किन्तु, अधिकांश संस्थाओं द्वारा अधिनियम के उक्त प्रावधानों एवं इस आशय के विभागीय आदेशों का पालन समय- सीमा में नहीं किया गया है.
(3 ) मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 72 डी/घ ( दस ) अर्थात धारा 72 - ख की उपधारा ( 1 ) के खण्ड (च ) के उपबंधों का अनुपालन न करना अपराध की श्रेणी में रखा गया है. धारा 72 -ख की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( च ) निम्नानुसार है:-
" प्रत्येक गृह निर्माण सोसायटी खण्ड (ख ) और खण्ड ( ड़ ) के अधीन तैयार की गई सदस्यता सूची और सदस्यों की प्राथमिकता सूची के साथ अपना वार्षिक तुलन पत्र तथा आस्तियां और दायित्वों की विशिष्टयां जिले के संबंधित उप रजिस्ट्रार/ सहायक रजिस्ट्रार को प्रस्तुत करेगी और यह जानकारी जनसाधारण को सोसायटी की बेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी. " 4925
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
अतः ऐसी गृह निर्माण सहकारी संस्थाएं जिनके द्वारा उपरोक्त कण्डिकाओं के प्रावधान का पालन नहीं किया गया है, को इस आदेश के माध्यम से अंतिम अवसर प्रदान किया जाता है कि वे आगामी 30 दिवस के भीतर वांछित जानकारियां/विवरणियां जनसाधारण की जानकारी हेतु विभागीय बेवसाइट/पोर्टल पर अपलोड की जाकर उसकी एक प्रति कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित की जावे. यदि संबंधित संस्था के अध्यक्ष/पदाधिकारी/ अधिकारी निर्धारित समयावधि में इसका पालन करने में असफल रहते हैं तो उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960 की धारा 76 ( 2 ) के तहत अभियोजन प्रस्तुत करने की अनुमति जारी करने हेतु कार्यवाही की जावेगी , जिसके लिये वे स्वयं उत्तरदायी होंगे .
यह आदेश आज दिनांक 01 अगस्त 2017 को मेरे हस्ताक्षर एवं पदमुद्रा से जारी किया गया.
एम. एल. गजभिये, उप पंजीयक कार्यालय , कुलाधिपति, पंडित एस. एन. शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल, मध्यप्रदेश
आदेश
राजभवन, भोपाल , दिनांक 9 अगस्त 2017
क्र. : एफ- 1-3-2017- रा.स. यू.ए. - 1-1060 :- पंडित एस.एन. शुक्ला विश्वविद्यालय अधिनियम, 2011 ( क्रमांक 34 सन् 2016 ) की धारा 9 की उपधारा ( 1 ) सहपठित असाधारण राजपत्र क्रमांक 375 , दिनांक 24 जुलाई 2017 में प्रकाशित राज्य सरकार का आदेश क्रमांक 1017-77- सीसी- 17 - अड़तीस के अनुसार राज्य शासन से परामर्श उपरांत मैं, ओम प्रकाश कोहली , कुलाधिपति, पंडित एस.एन.शुक्ला विश्वद्यिालय , शहडोल , एतद्वारा डॉ. मुकेश कुमार तिवारी , प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष , पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज एंड रिसर्च इन हिस्ट्री, शा . इंदिरा गांधी कन्या महाविद्यालय , शहडोल मध्यप्रदेश को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष की कालावधि के लिए उक्त विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त करता हूं.
(2 ) इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन अधिनियम की धारा 27 की उपधारा ( पांच ) के तहत निर्मित परिनियम के अनुसार शासित होंगी.
ओम प्रकाश कोहली, कुलाधिपति.
कार्यालय, कुलाधिपति, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल, मध्यप्रदेश
आदेश
राजभवन, भोपाल , दिनांक 11 अगस्त 2017
क्र. : एफ- 1-7-2017 - रा.स. यू.ए. - 1-1063 :- यतः, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के संबंध में मध्यप्रदेश शासन , उच्च शिक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 22 सन् 1973 ) की धारा 52 ( 1 ) के अंतर्गत अधिसूचना क्रमांक एफ 52- 01-2016- अड़तीस 3 , दिनांक 10 अगस्त 2017 जारी की है, जो कि दिनांक 10 अगस्त 2017 से प्रभावशील हो गई है.
(2 ) अतः मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम , 1973 की धारा 13 एवं 14 सहपठित धारा 52 ( 3 ) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन से परामर्श करने के उपरांत मैं, ओम प्रकाश कोहली, कुलाधिपति, बरकतउल्ला, विश्वविद्यालय , भोपाल एतद्वारा डॉ. प्रमोद कुमार वर्मा, प्राध्यापक, एप्लाईड जिओलाजी , विक्रम विश्वविद्यालय , उज्जैन को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक उक्त विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त करता हूं.
(3 ) इनकी सेवा शर्तें एवं निबंधन विश्वविद्यालय के परिनियम -1 के अनुसार शासित होंगी .
ओम प्रकाश कोहली, कुलाधिपति.
4926
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अगस्त 2017
राजस्व विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 17 अगस्त 2017
शासकीय भूमि में से भूमिगत पाईप लाईन, केबल या डक्ट बिछाने के लिये अनुज्ञप्ति
क्र. एफ- 12-5-2016- सात- शा . 2 ए. - जल, गैस, मूल , औद्योगिक अपशिष्ट के वहन के लिए तथा विद्युत् एवं फाईबर आप्टिक्स के पारेषण के लिए भूमिगत पाईप लाईन , केबल एवं डक्ट बिछाने के लिये निजी भूमियों में भूमि के उपयोग का अधिकार का अर्जन करने एवं उससे संबद्ध तथा आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने के लिये मध्यप्रदेश भूमिगत पाईप लाईन, केवल एवं डक्ट ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 एवं उसके अंतर्गत बने नियमों के प्रावधान उपलब्ध हैं किन्तु शासकीय भूमियों में से भूमिगत पाईप लाईन केबल या डक्ट बिछाने के लिये कोई प्रावधान उपलब्ध नहीं है. इस कारण यह आवश्यक समझा गया है कि विभिन्न कम्पनियों, निगमों तथा सार्वजनिक उपक्रमों या अन्य एजेन्सियों को शासकीय भूमियों में से भूमिगत पाईप लाईन, केबल एवं डक्ट बिछाने के लिये प्रावधान बनाये जाएं.
अतएव , राज्य शासन द्वारा शासकीय भूमियों में से भूमिगत पाईप लाईन , केबल या डक्ट बिछाने के लिये निम्नानुसार प्रावधान विहित किये जाते हैं:-
1. जल, गैस, मल, औद्योगिक अपशिष्ट के वहन के लिए तथा विद्युत् एवं फाईबर आप्टिक्स के पारेषण के लिये भूमिगत पाईल पाईन, केबल एवं डक्ट बिछाने के लिये शासकीय भूमियों में भूमि के उपयोग तथा उससे सम्बद्ध एवं आनुषंगिक विषयों के लिये 30 वर्ष की अवधि के लिये वर्षिक शुल्क पर अनुज्ञप्ति दी जा सकेगी , जो अवधि अवसान के अंतिम वर्ष में आवेदन करने पर आगामी 30 वर्ष के लिये नवीकृत की जा सकेगी .
2. अनुज्ञप्ति स्वीकृति के लिए, -
यदि जिले के भीतर पाईप लाईन, केबल या डक्ट बिछाई जाना है तो कलेक्टर;
(1)
(2) यदि एक जिले से अधिक किन्तु संभाग के भीतर पाईप लाईन, केबल या डक्ट बिछाई जाना है तो संभागीय आयुक्त; और
(3) यदि एक से अधिक संभागों के भीतर पाईप लाईन, केबल या डक्ट बिछाई जाना है तो राज्य सरकार; अनुज्ञप्ति जारी करने के लिये सक्षम प्राधिकारी होगी.
3. आवेदक कम्पनी/संस्था/निगम/सार्वजनिक उपक्रम/एजेन्सी सक्षम प्राधिकारी को अपनी परियोजना के विस्तृत विवरण का उल्लेख करते हुए भूमि के विवरण , नक्शा जिसमें प्रस्तावित पाईप लाईन का क्षेत्र दर्शाया जाएगा संलग्न करते हुए आवेदन करेगा. सक्षम प्राधिकारी आवेदन प्राप्त होने पर आवश्यक जांच जैसी कि वह ठीक समझे , करायेगा और सर्वसाधारण को कम से कम 15 दिवस की अवधि देते हुए उद्घोषणा जारी कर आपत्ति/ सुझाव आमंत्रित करेगा और यदि कोई आपत्ति/ सुझाव प्राप्त होता है तो उसका निराकरण करेगा तत्पश्चात् यह सुनिश्चित होने पर कि,-
(1) आवेदक का प्रस्ताव परियोजना के प्लान के अनुरूप है ;
(2) प्रस्ताव लोक हित में है ;
(3) प्रस्ताव केन्द्रीय अथवा राज्य के अधिनियमों/नियमों/परिपत्रों एवं निर्देशों के अनुरूप है;
(4) आवेदक एजेन्सी परियोजना को पूर्ण करने के लिये तकनीकी एवं वित्तीय क्षमता रखती है; तथा (5) परियोजना की स्थापना के लिये चाही गयी अनुज्ञप्ति दिए जाने पर कोई पर्यावरणीय समस्या उत्पन्न नहीं होगी; सक्षम प्राधिकारी अनुज्ञप्ति की अनुमति दे सकेगा. अनुज्ञप्ति- पत्र परिपत्र के साथ संलग्न प्ररूप - क में निष्पादित किया जाएगा.
4927
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
4. अनुज्ञप्ति के लिए प्रीमियम आवेदित भूमि के बाजार मूल्य का 15 प्रतिशत प्रभारित किया जाएगा और वार्षिक अनुज्ञप्ति शुल्क प्रभारित प्रीमियम राशि का 02 प्रतिशत प्रभारित किया जाएगा. यदि अनुज्ञप्तिधारी चाहे तो एक से अधिक वर्षों का अनुज्ञप्ति शुल्क एकमुश्त जमा करा सकता है. अनुज्ञप्ति नवीनीकरण के समय प्रीमियम देय नहीं होगा , किन्तु वार्षिक अनुज्ञप्ति शुल्क पुनर्निर्धारित किया जाएगा जो पूर्व अनुज्ञप्ति शुल्क का दोगुना होगा .
5. अनुज्ञप्ति की मंजूरी निम्न शर्तों/निबंधनों पर दी जाएगी:-
( 1 ) अनुज्ञप्तिधारी को भूमि पर उपयोक्ता का अधिकार प्राप्त रहेगा;
(2) भूमि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिये किया जाएगा, जिसके लिए अनुज्ञप्ति मंजूर की गयी है;
(3 ) 'अनुज्ञप्तिधारी भूमि को सभी विलंगमों ( बकाया/प्रभारों आदि) से एवं अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिये सभी आवश्यक उपाय करेगा;
(4) अनुज्ञप्ति की शर्तों एवं निबंधनों के किसी भी प्रकार के उलंघन के मामले में सक्षम प्राधिकारी को अनुज्ञप्ति वापस लेने तथा भूमि को मूल स्वरूप में वापस लेने का अधिकार होगा जिसके लिए अनुज्ञप्तिधारी को कोई प्रतिकर आदि देय नहीं होगा;
(5 ) भूमि के उपयोग के लिये विकास कार्य की योजना के क्रियान्वयन से पर्यावरण प्रतिकूल प्रभावित नहीं होना चाहिए;
(6 ) वन भूमि के मामले में अनुज्ञप्तिधारी को वन संरक्षण अधिनियम, 1980 एवं वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम , 1972 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवश्यक अनुमतियां वन विभाग के सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त करना अनिवार्य होगा. अनुज्ञप्तिधारी को केवल वन भूमि उपयोग करने की अनुमति होगी. वन का वैधानिक स्वरूप वन ही रहेगा एवं वन भूमि का स्वामित्व भी वन विभाग का ही होगा;
(7) भू- अभिलेखों में भूमि के अभिलिखित नोइयत में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा;
(8 ) अनुज्ञप्तिधारी अनुज्ञप्ति के लिए प्रीमियम राशि रु ( शब्दों में रुपया ) ( भूमि के बाजार मूल्य का 15 प्रतिशत ) देगा और वार्षिक अनुज्ञप्ति शुल्क प्रीमियम की राशि का 02 प्रतिशत प्रतिवर्ष देगा, यदि अनुज्ञप्तिधारी चाहे तो एक से अधिक वर्षों का अनुज्ञप्ति शुल्क एकमुश्त जमा कर सकता है. अनुज्ञप्ति नवीनीकरण के समय प्रीमियम देय नहीं होगा किन्तु वार्षिक शुल्क प्रत्येक नवीनीकरण के समय उस समय देय शुल्क का दोगुना पुनर्निधारित किया जाएगा;
(9 ) अनुज्ञप्तिधारी भूमि पर कोई भवन या संरचना का निर्माण नहीं करेगा;
( 10 ) अनुज्ञप्तिधारी भूमिगत पाईप लाईन , केबल या डक्ट बिछाने के पश्चात् भूमि को मूल स्वरूप में लायेगा . गड्ढों के रूप में नहीं छोड़ेगा;
( 11 ) अनुज्ञप्तिधारी को भूमिगत पाईप लाईन, केबल या डक्ट बिछाने का अनन्य अधिकार प्राप्त नहीं होगा और किसी अन्य उपयोक्ता को भी उसी स्थान पर ऊपर या नीचे या अगल- बगल में तकनीकी अपेक्षाओं की पूर्ति किये जाने के अध्यधीन रहते हुए भूमिगत पाईप लाईन, केबल या डक्ट बिछाने की मंजूरी दी जा सकेगी;
(12) तकनीकी अपेक्षाएं पूरी की गयी हैं या नहीं, यह तय करने का सक्षम प्राधिकारी को पूर्ण विवेकाधिकार प्राप्त रहेगा;
( 13 ) बाद वाले उपयोक्ता के द्वारा पूर्व के स्थल पर विद्यमान उपयोक्ता को पहुंचाई गयी किसी भी क्षति या व्यवधान के मामले में सक्षम प्राधिकारी किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा;
( 14 ) अनुज्ञप्तिधारी खुदाई कार्य के दौरान सभी पाईप लाईन, केबल, डक्ट भूमिगत स्थापन , उपयोगिता एवं सुविधाएं आदि की संभावित क्षति का किसी भी प्रतिष्ठित बीमा कंपनी द्वारा बीमा करा सकेगी;
( 15) सक्षम प्राधिकारी या उसके द्वारा सम्यरूप से प्राधिकृत अधिकारी अनुज्ञप्तिधारी को संसूचित कर किसी भी समय पाईप लाईनों/केबल/डक्ट स्थल का निरीक्षण कर सकेगा;
(16 ) अनुज्ञप्ति अनुबंध के लिये देय स्टाम्प ड्यूटी प्रभार अनुज्ञप्तिधारी द्वारा वहन किए जाएंगे ;
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
4928
(17) अनुबंध की अवधि के अवसान के पश्चात् अथवा शर्त उल्लंघन या अपालन के मामले में अनुज्ञप्ति वापस लिये जाने पर अनुज्ञप्तिधारी 90 दिवस के भीतर पाईप लाईन, केबल या डक्ट हटा लेगा और स्थल को पूर्व स्थिति में वापस लायेगा , यदि अनुज्ञप्तिधारी ऐसा करने में चूक करता है तो उसका पाईप लाईन , केबल या डक्ट हटाने का अधिकार समाप्त हो जाएगा और अनुज्ञप्तिधारी के खर्चे पर पाईप लाईन हटाई जाएगी तथा भूमि को मूल स्वरूप में लाया जाएगा, यह खर्चा अनुज्ञप्तिधारी से वसूल किया जाएगा . ऐसी राशि भू- राजस्व के तौर पर वसूल योग्य होगी.
6. इस नीति के प्रयोजन के लिये बाजार मूल्य से तात्पर्य है मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 की धारा 2 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( णक ) में परिभाषित बाजार मूल्य होगाः
परन्तु जहां उक्तानुसार बाजार मूल्य नियत नहीं है वहां संभागायुक्त का पूर्वानुमोदन प्राप्त कर कलेक्टर द्वारा बाजार मूल्य नियत किया जाएगा.
7. सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुज्ञप्ति स्वीकृति उपरान्त कलेक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत उपखंड अधिकारी और अनुज्ञप्तिधारी के मध्य निष्पादित किए जाने वाले अनुज्ञप्तिं विलेख का प्ररूप- क संलग्न है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजेन्द्र सिंह, अपर सचिव.
प्ररूप-क
(कंडिका 3 देखिए )
अनुज्ञप्ति
शासकीय भूमि में से भूमिगत पाईप लाईन, केबल या डक्ट बिछाने के लिये अनुज्ञप्ति
यह अनुज्ञप्ति विलेख आज तारीख
मास सन् 20 को प्रथम पक्ष मध्यप्रदेश के राज्यपाल ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् अनुदाता कहा गया है, जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत उनके पद के उत्तरवर्ती आएंगे ) और द्वितीय पक्ष श्री
(और जिस मामले
तहसील
निवासी
आज्मज
जिला में कम्पनी या संस्था हो तो ऐसी कम्पनी या संस्था का पूरा नाम पंजीयन क्रमांक एवं पता दिया जाए तथा अनुज्ञप्तिधारी के प्राधिकृत हस्ताक्षरी के विवरण दिए जाएं ) . ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् अनुज्ञप्तिधारी कहा गया है , जिस अभिव्यक्ति के अन्तर्गत, जहां कि संदर्भ में वैसा अनुमत हो, उसके वारिस , निष्पादक , प्रबंधक, प्रतिनिधि तथा समनुदेशिती आएंगे ) के बीच किया जाता है.
चूंकि, अनुदाता, अनुज्ञप्तिधारी के निवेदन पर, इस बात के लिये सहमत हो गया है कि उसे अनुसूची में उल्लेखित भूमियों में तथा अधिक स्पष्टता की दृष्टि से इससे उपाबद्ध रेखांक में चित्रित है और उसमें सुर्खी से बतलाया गया है ( जो इसमें इसके पश्चात् उक्त भूमि के नाम से निर्दिष्ट है ) , में भूमिगत पाईप लाईन, केबल या डक्ट बिछाने के लिये ( जो इसमें इसके पश्चात् उक्त निर्माण के नाम से निर्दिष्ट हैं) का निर्माण करने , स्थापन करने, अनुरक्षण करने तथा उपयोग करने के लिए इसमें इसके पश्चात् दिये गये निबंधनों तथा शर्तों के अध्यधीन रहते हुए, अनुज्ञप्ति मंजूर कर देगा.
) तथा अनुज्ञप्ति फीस के मद्दे प्रतिवर्ष राशि रुपये
(शब्दों में
अनुसार एकमुश्त प्रीमियम राशि रुपये
और, चूंकि, अनुज्ञप्तिधारी , उसे मंजूर की गई अनुज्ञप्ति के प्रतिफलस्वरूप , अनुदाता को इसमें इसके पश्चात् उपबंधित किये गये (शब्दों में ..... ) की राशि का संदाय करने के लिये समहत हो गया है और प्रीमियम की राशि एवं प्रथम वर्ष की अनुज्ञप्ति फीस राशि जमा किए जाने के विवरण अंकित किए जाएं ) , - की राशि अनुज्ञप्तिधारी द्वारा जमा करा दी गई है. ( ..
अतएव यह विलेख निम्नलिखित बातों का साक्षी है और एतद्वारा निम्नानुसार करार किया जाता है:-
1. अनुज्ञप्तिधारी निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए उक्त भूमि में भूमिगत रचना या निर्माण, स्थापन, अनुरक्षण तथा उपयोग कर सकेगा, अर्थात्ः- 4929
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
(1) अनुज्ञप्तिधारी को भूमि पर उपयोक्ता का अधिकार प्राप्त रहेगा;
(2) भूमि का उपयोग उसी प्रयोजन के लिये किया जाएगा, जिसके लिए अनुज्ञप्ति मंजूर की गयी है;
(3) अनुज्ञप्तिधारी भूमि को सभी विलंगमों ( बकाया/प्रभारों आदि) से एवं अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिये सभी आवश्यक उपाय करेगा;
(4) अनुज्ञप्ति की शर्तों एवं निबंधनों के किसी भी प्रकार के उलंघन के मामले में सक्षम प्राधिकारी को अनुज्ञप्ति वापस लेने तथा भूमि को मूल स्वरूप में वापस लेने का अधिकार होगा जिसके लिए अनुज्ञप्तिधारी को कोई प्रतिकर आदि देय नहीं होगा;
(5) भूमि के उपयोग के लिये विकास कार्य की योजना के क्रियान्वयन से पर्यावरण प्रतिकूल प्रभावित नहीं होना चाहिए;
(6) वन भूमि के मामले में अनुज्ञप्तिधारी को वन संरक्षण अधिनियम , 1980 एवं वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के अन्तर्गत आवश्यक अनुमतियां वन विभाग के सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त करना अनिवार्य होगा. अनुज्ञप्तिधारी को केवल वन भूमि उपयोग करने की अनुमति होगी. वन का वैधानिक स्वरूप वन ही रहेगा एवं वन भूमि का स्वामित्व भी वन विभाग का ही होगा;
(7) भू- अभिलेखों में भूमि के अभिलिखित नोइयत में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा;
(8) अनुज्ञप्तिधारी अनुज्ञप्ति के लिए प्रीमियम राशि रु ( शब्दों में रुपया ) ( भूमि के बाजार मूल्य का 15 प्रतिशत ) भूमि के बाजार मूल्य का 15 प्रतिशत देगा और वार्षिक अनुज्ञप्ति शुल्क प्रीमियम की राशि का 02 प्रतिशत प्रतिवर्ष देगा , यदि अनुज्ञप्तिधारी चाहे तो एक से अधिक वर्षों का अनुज्ञप्ति शुल्क एकमुश्त जमा कर सकता है. अनुज्ञप्ति नवीनीकरण के समय प्रीमियम देय नहीं होगा किन्तु वार्षिक शुल्क प्रत्येक नवीनीकरण के समय उस समय देय शुल्क का दोगुना पुनर्निर्धारित किया जाएगा ;
(9) अनुज्ञप्तिधारी भूमि पर कोई भवन या संरचना का निर्माण नहीं करेगा;
(10) अनुज्ञप्तिधारी भूमिगत पाईप लाईन , केबल या डक्ट बिछाने के पश्चात् भूमि को मूल स्वरूप में लायेगा. गड्ढों के रूप में नहीं छोड़ेगा;
(11 ) अनुज्ञप्तिधारी को भूमिगत पाईप लाईन , केबल या डक्ट बिछाने का अनन्य अधिकार प्राप्त नहीं होगा और किसी अन्य उपयोक्ता को भी उसी स्थान पर ऊपर या नीचे या अगल- बगल में तकनीकी अपेक्षाओं की पूर्ति किये जाने के अध्यधीन रहते हुए भूमिगत पाईप लाईन, केबल या डक्ट बिछाने की मंजूरी दी जा सकेगी;
( 12) तकनीकी अपेक्षाएं पूरी की गयी हैं या नहीं . यह तय करने का सक्षम प्राधिकारी को पूर्ण विवेकाधिकार प्राप्त रहेगा;
( 13) बाद वाले उपयोक्ता के द्वारा पूर्व स्थल पर विद्यमान उपयोक्ता को पहुंचाई गयी किसी भी क्षति या व्यवधान के मामले में सक्षम प्राधिकारी किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा;
( 14) अनुज्ञप्तिधारी खुदाई कार्य के दौरान सभी पाईप लाईन, केबल , डक्ट भूमिगत स्थापन, उपयोगिता एवं सुविधाएं आदि की संभावित क्षति का किसी भी प्रतिष्ठित बीमा कम्पनी द्वारा बीमा करा सकेगी;
(15) सक्षम प्राधिकारी या उसके द्वारा सम्यक् रूप से प्राधिकृत अधिकारी अनुज्ञप्तिधारी को संसूचितकर किसी भी समय पाईप लाईनों/केबल/डक्ट स्थल का निरीक्षण कर सकेगा;
(16 ) अनुज्ञप्ति अनुबंध के लिये देय स्टाम्प ड्यूटी प्रभार अनुज्ञप्तिधारी द्वारा वहन किए जाएंगे ;
( 17) अनुबंध की अवधि के अवसान के पश्चात् अथवा शर्त उल्लंघन या अपालन के मामले में अनुज्ञप्ति वापस लिये जाने पर अनुज्ञप्तिधारी 90 दिवस के भीतर पाईप लाईन , केबल या डक्ट हटा लेगा और स्थल को पूर्व स्थिति में वापस लायेगा , यदि अनुज्ञप्तिधारी ऐसा करने में चूक करता है तो उसका पाईप लाईन, केबल या डक्ट हटाने का अधिकार समाप्त हो जाएगा और अनुज्ञप्तिधारी के खर्चे पर पाईप लाईन हटाई जाएगी तथा भूमि को मूल स्वरूप में लाया जाएगा, यह खर्चा अनुज्ञप्तिधारी से वसूल किया जाएगा. ऐसी राशि भू- राजस्व के तौर पर वसूल योग्य होगी .
[ भाग 1 4930
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
(2) इस विलेख के अधीन अनुज्ञप्तिधारी द्वारा शोध्य होने वाली कोई भी राशि, उससे भू- राजस्व के बकाया की भांति वसूल की जा सकेगी.
(3) कलेक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत कोई भी आफिसर किसी भी समय उक्त भूमि पर प्रवेश कर सकेगा और उसका तथा उक्त निर्माण का निरीक्षण कर सकेगा. अनुज्ञप्तिधारी ऐसे निरीक्षण के लिये प्रत्येक सुविधा प्रदान करेगा और कलेक्टर या प्राधिकृत आफिसर द्वारा दिये गये किन्हीं भी अनुदेशों का अनुपालन करेगा.
(4) यदि किसी भी समय अनुज्ञप्तिधारी इसमें अंतर्विष्ट शर्तों में से किसी भी शर्त को भंग करे, तो अनुदाता अनुज्ञप्ति को तत्काल खत्म कर सकेगा और अनुज्ञप्ताधिकारी से यह अपेक्षा कर सकेगा कि वह उस संबंध में सूचना प्राप्त होने के 90 दिन के भीतर उक्त निर्माणों को हटा ले. यदि अनुज्ञप्तिधारी सूचना में अनुज्ञात की गई कालावधि के भीतर उक्त निर्माणों को हटाने में असफल रहे , तो अनुदाता के लिये यह विधिपूर्ण होगा कि वह उन्हें मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( क्रमांक 20 सन् 1959 ) , की धारा 248 के उपबंधों में अंतर्विष्ट प्रक्रिया के अनुसार अनुज्ञप्तिधारी खर्चे से हटवा दे.
परन्तु अनुदाता के लिये यहं विधिपूर्ण होगा कि वह अनुज्ञप्ति को खत्म न करने हेतु प्रतिफल के तौर पर अनुज्ञप्तिधारी से ऐसी बढ़ी हुई फीस प्राप्त करे जैसी कि अनुदाता अवधारित करे.
अनुसूची
(भूमि के विवरण तथा अनुलग्न रेखांक)
1.
2.
3.
जिसके साक्ष्य में पक्षकारों ने प्रत्येक मामले में विनिर्दिष्ट की गई तारीख तथा वर्ष को इस पर अपने-अपने हस्ताक्षर कर दिये हैं- साक्षीगण-
1.
अनुदाता 2
अनुज्ञप्तिधारी कार्यालय, कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सागर, दिनांक 29 जून 2017
क्र. 24- अ-82-16-17-6176. चूंकि, समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची ( 1 ) में वर्णित भूमि की , राज्य शासन के विभाग मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम सागर की बी.ओ.टी. ( टोल+ एन्यूटी ) योजनान्तर्गत पाटन तेंदूखेड़ा रहली मार्ग के उन्नयन कार्य हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत किसी भी प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक नहीं है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इस प्रारंभिक अधिसूचना के जरिये 4931
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आश्य की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है:-
(1 ) परियोजना का नाम-
बी.ओ.टी. (टोल+ एन्यूटी ) योजनान्तर्गत पाटन-तेंदूखेड़ा- रहली मार्ग के
उन्नयन कार्य हेतु..
भूमि का विवरण-
(2)
जिला-
सागर
(1)
रहली
तहसील-
(2)
बरखेरा जगन
ग्राम-
(3)
33
पट. ह. नं.-
(4)
0.03 हेक्टर
अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
(5)
अनुसूची-1
स. क्र. भूमिस्वामी का नाम/पिता का नाम
खसरा नंबर
स्वामित्व का प्रकार
अर्जित रकबा ( हेक्टयर में )
कुल स्कबा (हेक्टयर में)
भूमि का प्रकार
(हे. में)
(6)
(7)
(4)
(5)
(1)
(2)
(3)
0.050
0.020
142
1 श्री चन्द्रकांत पिता हल्के नेमा साकिन रहली भूमिस्वामी
0.010
0.010
143
2
भूमिस्वामी
हीराबाई पुत्री हरगोविन्द, काशीबाई वेवा हरगोविन्द लोधी साकिन कांसल पिपरिया.
02
0.030
योग ..
0.060
राज्यसरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15 ( 7 ) -2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनांक 29 सितम्बर 2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 3 अक्टूबर 2014 के पृष्ठ क्रमांक 2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिये प्राधिकृत किया गया है. अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा, सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है. अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , रहली एवं संभागीय प्रबंधक, मध्यप्रदेश रोड डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड सागर, प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा, जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुए आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे.
प्रकरण में अधिनियम, 2013 की धारा 4 के तहत प्राप्त सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार इस प्रकरण में अर्जन हेतु प्रस्तावित भूमि के अर्जन से किसी भी व्यक्ति अथवा परिवार का पुनर्वासन नहीं किया जाना है तथा आमजन को आवागमन की सुविधा होगी . भूमि अर्जन से प्रभावित भू- धारकों की जीविका अर्जन पर भी कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा एवं क्षेत्र के विकास हेतु प्रस्तावित भूमि का अर्जन किया जाना उचित है. सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार किसी भी व्यक्ति अथवा परिवार का पुनर्वासन नहीं किया जाना है अतः अधिनियम, 2013 की धारा 43 के तहत प्रशासक की नियुक्ति की जाना भी प्रकरण में अपेक्षित नहीं है.
अधिनियम की धारा 11 ( 4 ) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात् क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा.
अधिनियम की धारा 15 ( 1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 ( साठ ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष [ कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) रहली में ] आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे.
भूमिका नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , रहली एवं संभागीय प्रबंधक, मध्यप्रदेश रोड डेव्हलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड, सागर, मध्यप्रदेश के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विकास नरवाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
4932
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
पन्ना, दिनांक 24 जुलाई 2017
प्र. क्र. 21 - अ-82-वर्ष 2016-17.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 ( क्रमांक 30 सन् 2013 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
नगर/ग्राम
जिला
धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हैक्टेयर में)
(6) (1) (2)
(3)
(4)
(5)
पन्ना पवई
सिमरिया
कार्यपालन यंत्री जल- संसाधन संभाग, पवई .
गुलाबसिंह.
पवई मध्यम सिंचाई परियोजना अन्तर्गत माइनर नहर निर्माण कार्य हेतु.
निजी भूमि रकबा 0.888 हे. एवं शासकीय भूमि रकबा 0.00 हे. कुल रकबा 0.888 हे.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग, पवई के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. पी. आईरीन सिंथिया, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सिवनी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सिवनी, दिनांक 3 अगस्त 2017
क्र. 4806- जि.भू.अ. - 2017.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास, पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकारी अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
(2) इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
4933
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील/ रा.नि.मं.
नगर/ ग्राम
अर्जित की जाने वाली भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग (हे.मे. )
भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(4)
(2) केवलारी ग्राम-खैरा (3)
(1) सिवनी
(6) पलारी से कहानी मार्ग निर्माण में भूमि का अधिग्रहण.
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग, सिवनी.
रकबा 0.03 हेक्टर एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्ता. भूमि पर आने वाली सम्पत्तियां.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी/भू- अर्जन अधिकारी, केवलारी , जिला सिवनी के कार्यालय में किया जा सकता है.
( 3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई भी व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर, सिवनी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 4810- जि.भू.अ. - 2017 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास, पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकारी अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में भूमि अर्जन पुर्नवासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकार और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
(2 ) इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन पुर्नवासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिनियम , 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
जिला तहसील/ रा.नि.मं.
नगर/ ग्राम
अर्जित की जाने वाली भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग (हे.मे. )
(6)
(4)
भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
(1) सिवनी
(2) केवलारी
(3) ग्राम-मैरा
पलारी से कहानी मार्ग निर्माण में भूमि का अधिग्रहण.
विभाग सेतु संभाग , सिवनी. कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण
रकबा 0.15 हेक्टर एवं उपरोक्त अर्जित की जाने वाली प्रस्ता. भूमि पर आने वाली सम्पत्तियां.
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , अनुविभागीय अधिकारी/भू-अर्जन अधिकारी , केवलारी, जिला सिवनी के कार्यालय में किया जा सकता है.
(3 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई भी व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर , सिवनी के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गोपाल चंद्र डाड, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
4934
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जबलपुर, दिनांक 09 अगस्त 2017
ज्ञाप क्र. 1091-2016-17.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गयी अनुसूची की सारणी के कॉलम (2 ) में वर्णित भूमि के कॉलम में उल्लेखित रकबे का नीचे बिन्दु क्रमांक 02 में वर्णित सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा (4 ) के अंतर्गत एतद्वारा द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण-
(क) जिला- जबलपुर
(ख) तहसील-पाटन
(ग) ग्राम-नीमी, प.ह.नं. - 26/59,
(घ) राजस्व निरीक्षक मंडल पाटन
(ड) अर्जनाधीन क्षेत्रफल 0.56
हेक्टेयर एवं इस पर आने
वाली संपत्तियां .
प्रस्तावित
खसरा नम्बर
(हे. में) प्रस्तावित रकबा
(2)
(1)
0.05
216
0.06
217
0.03
218
0.01
219
(2)
(1)
0.04
223/4
0.06
247/1
247/2
0.03
0.05
247/3
0.22
248
0.01
250
कुल योग . 0.56
(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- बी.ओ.टी . ( टोल - एन्यूटी ) योजनान्तर्गत पाटन- तेंदुखेड़ा रहली मार्ग के उन्नयन कार्य ( राजमार्ग क्रमांक 15 ) हेतु.
(3 ) चूंकि उक्त कार्य हेतु हितबद्ध व्यक्तियों की आंशिक भूमि का अर्जन प्रस्तावित है एवं बी.ओ.टी (टोल- एन्यूटी) कार्य प्रचलित है, अतः धारा 19 की उपधारा ( 2 ) के तहत सामाजिक समाघात स्कीम का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाइट www.Jabalpur.nic.in एवं मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(5 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , पाटन एवं संभागीय प्रबंधक, मध्यप्रदेश रोड डेव्हलप्मेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, सागर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेश चन्द्र चौधरी , कलेक्टर एवं पदेन अपर सचिव.
4935
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग क्र. 7895/भू-अर्जन/2017.-
छिन्दवाड़ा, दिनांक 10 अगस्त 2017 चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गयी अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि के अनुसूची पद (2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है । अतः "भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 " की धारा -19 के अंतर्गत इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है, कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है ।
1. भूमि का वर्णन
जिला
क.
-:अनुसूचीः-
छिन्दवाड़ा
अमरवाडा
ख.
तहसील
ग.
नगर/ग्राम
घ.
अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल
कमांक
प्रस्तावित खसरा नंबर (1)
(2)
1
312/1
2
147/3,312/3-5 3
314/2,315 4
312/2
5
310/1
:
6
147/4,312/4 7
146
8
313,314/1 9
316
10
98/1,100,376/1-2,377/1 11
312/8
12
312/10
ग्राम-केकड़ा
प०ह०न-69 ब.न.-26 , रा.नि.मं.-अमरवाडा
54.409 हेक्टयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में)
(3)
0.987
0.817
0.327
0.307
02.193
0.271
0.482
0.243
0.198
0.405
0.506
0.995 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
4936
13
311/2
14
311/1
15
312/7
16
312/6
17
312/9
18
183/1
19
304
20
305/3
21
180/1-2 22
187
23
191/3
24
191/1,184/1 ख 25
199,200 26
190/10-11-12-13 27
185,186,191/2 28
179/2,184/1 ग , 184/2, 193/3 29
191/4
30
190/5,191/5 31
189.
32
188/4,210/3 33
289
34
282
35
280,281/4 36
310/2 37
190/18-19-20-21 38
190/1-2-3-4 39
:
201,202,203 40
184/1 ग , 0.425
0.424
0.405
0.996
0.202
0.352
01.056
0.502
0.822
0.652
0.910
0.270
01.983
01.000
0.639
0.440
0.365
01.518
0.696
0.040
0.415
0.765
0.805
0.405
01.060
0.430
01.380
0.024 4937
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
41
204,205,206 42
207 43
210/2 44
188/2 45
297,298/2-1 46
188/3 47
290/4 48
279/1 क,279/ 2 ख 49
290/2 50
246/1 ढ, 51
290/3.
52
290/1 53
291/1 54
291/2 55
283/2 56
808/2 57
292 58
294/5 59
295/2,296/2,301 60
294/1 61
294/4,295/1 62
329/8,369/2 63
294/2 64
296/1 65
321/3 66
279/1 ख , 279/2 क, 67
147/1-2 68
326,327 0.195
0.010
0.020
0.178
0.713
0.081
0.415
0.425
0.480
0.057
0.628
0.890
0.127
0.128
0.101
0.030
0.482
0.648
0.427
0.405
0.607
:
0.045
01.619
0.539
0.121
0.810
0.688
0.840 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
4938
69
277 70
329/7 71
299,300,321/2 72
320/3,321/14-15-16 73
321/17-18,324/3 74
320/2,321/9-10-11 75
321/12-13,324/2 76
320/1,321/4-5-8 77
321/6-7,324/1 78
329/13,369/9 79
80
190/6-7-8-9 81
190/14-15-16-17 82
103/1,104/1 83
105/1 84
106 85
55/1-2 86
107/2 87
107/4 88
55/3 89
53/1-2-3 90
835/1 91
374 92
370/1 93
370/2,373,380/5 94
562/1 95
380/8 96
761/2 02.000
0.567
01.270
0.596
0.290
0.596
0.288
0.596
0.288
0.405
0.340
0.610
0.858
0.120
0.020
0.010
0.020
0.015
0.122
0.180
0.148
0.155
0.030
:
0.090
0.060
0.040
0.060
0.030 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
97
762/1,787/1 ख 98
835/2
:
99
835/2 क 100
342/1 101
835/2 ग़ 102
835/3,841/1 ख 103
841/1 क , 841/3, 841/4 104
837/2 105
840/6 106
840/1 107
840/2 108
850/1 109
846/2,847/2 :
110
846/1 111
852/2 112
853/1-2,854/5 113
765,786 114
761/5 कं 115
601,602 1.16
761/4 117
600,603/4-7-9-10 118
603/6 119
727 120
728/1 121
728/2 122
729,730 123
721,732 124
733/2
4939 0.092
0.055
0.055
0.165
0.055
0.135
0.020
0.090
0.180
0.045
0.045
0.077
0.105
0.060
0.075
:
0.032
0.225
0.042
0.108
0.013
0.195
0.010
0.060
0.030
0.030
0.059
0.028
0.090 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
4940
125
0.062
716/2
0.060
126
735/1
127
0.030
713
128
0.092
710/2,711/1
:
129
0.290
801/1,870/1 त .
130
0.101
870/1 ख
131
0.055
821/1
0.048
132
821/2, 820/3
133
0.060
559,560
0.210
134
755/1-2
योग:-
51.409 हेक्टयर एवं प्रस्तावित क्षेत्रफल पर आने वाली संपत्तियां 2. अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है: -केकड़ा जलाशय के अन्तर्गत बांध निर्माण के लिये निजी भूमि के अर्जन के संबंध में । :
3. अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधि-सूचनाः प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट http://www.chhindwara.nic.in एवं म० प्र ० शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है ।
4.-अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी तहसील-अमरवाडा, जिला- छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है ।
5-अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन संभाग छिन्दवाडा के कार्यालय में भी देखा जा सकता है ।
6-अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा (प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी , जल संसाधन उपसंभाग अमरवाडा जिला- छिन्दवाडा के कार्यालय में भी देखा जा सकता. है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. के. जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
4941
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , जबलपुर
Jabalpur , the 08th August 2017
No. 999 -Confdl . -2017- II - 3-1-2017 .-Madhya Pradesh State Judicial Academy, High Court of Madhya Pradesh , Jabalpur is conducting Induction Traning ( Second Phase ) ( Second Batch) for the newly appointed Civil Judges Class II of 2017 Batch from 29th August 2017 to 23rd September 2017 in the Academy. Trainee Judges , whose names and postings figure in the endorsement are directed to attend the aforesaid course .
जबलपुर, दिनांक 09 अगस्त 2017
क्र. 1019-गोपनीय- 2017-दो- 2-1-2017.- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये , माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय , उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित न्यायिक सेवा के अधिकारियों को , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में अंकित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 4 ) में अंकित स्थान पर एवं स्तम्भ ( 5 ) में उल्लेखित पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करते हैं:-
सारणी
कहां से नाम (2)
(3)
कहां को (4) क्र. (1)
जबलपुर
जबलपुर 1 श्री अवधेश कुमार ( गुप्ता ) ,
विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ,
मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी,
जबलपुर.
जबलपुर 2 श्री विधान महेश्वरी,
जबलपुर
विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी ,
मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी,
जबलपुर.
पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)
अतिरिक्त संचालक, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , जबलपुर की हैसियत से रिक्त पद पर . वे मध्यप्रदेश उच्चतर न्यायकि सेवा के अपने वर्तमान पद का वेतनमान धारित करेंगे.
सहायक संचालक, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी, जबलपुर की हैसियत से नवनिर्मित पद पर वे मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा के अपने वर्तमान पद का वेतनमान धारित करेंगे.
टिप्पणीः- श्री अवधेश कुमार ( गुप्ता ) , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी , मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , जबलपुर की पदस्थापना, अतिरिक्त संचालक, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी, जबलपुर के पद पर होने के फलस्वरूप , श्री संजीव सुधाकर कालगांवकर, प्रभारी संचालक, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , जबलपुर का वेतन आहरण संचालक, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी , जबलपुर के रिक्त पद के एवज में होगा एवं वे इस दौरान अपना वर्तमान वेतनमान धारित करेंगे .
No. 1023 - Confdl . - 2017 - II - 2-5-2017 .-Madhya Pradesh State Judicial Academy ( MPSJA) is organizing two days ' Colloquium on-Issues and Challenges relating to cases under theft of Electricity on 02nd September 2017 & 03rd September 2017 at Bhopal for the Special Judges dealing cases under the Act , as per the action plan of XIV Finance Commission for Training of Judicial Officers , with the funds allocated by the State Government under the Head-" Training & Training Material" to the High Court.-
1. Barring exceptional circumstances , the participants nominated for the Workshop shall not pray for adjustment . District & Sessions Judhes of the respective districts are authorized to deal with the letter of adjustment, if any , and exempt the said Judicial Officer looking to his/ her exigency under intimation to the Academy .
2. The Judicial Officers included in the Workshop shall have to report for the Colloquium on 02nd September 2017 at 09.30 a. m . at the venue intimated by the District & Sessions Judge , Bhopal.
3. The participants shall come soberly dressed during entire duration of the Workshop . Proper attire with blazer /coat/ suit would be required for group photograph .
4. Judicial Officers who will come from places other than the venue of Regional Workshop (Headquarters ) may come by their official 4942
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
vehicle or private vehicle . Cost of fuel charges ofprivate vehicles shall be reimbursed to them as per their entitlement according to circular No. F- 4-2/2016/Rules/four dated 05-11-2016 of Government of Madhya Pradesh , Finance Department , Vallabh Bhawan @ Rs . 6/- per km to attend the workshop .
Respective District & Sessions Judges from whose districts Judicial Officers have been nominated for the Workshop shall be allotted fund for reimbursement of TA bills of the participant Judicial Officers .
5. District & Sessions Judge Bhopal has to provide all logistic support like arraning public address system , conference hall having capacity to accommodate the Judicial Officers etc , required for conducting the said Colloquium , stay arrangements of the participants/Officers & Staff of MPSJA, catering services , etc. 6. During Workshop , breakfast , working lunch and tea twice with light snacks and dinner on the firstday of the Colloquium shall be served . On second day, breakfast , working lunch and tea twice with light snacks shall be provided. The
[ भाग 1 outstation participants shall be provided dinner packs , on request .
7. Stay arrangement shall be privided on single/ twin sharing basis for the participants .
8. The District Judge may utilize the services of two of the Judges from District Judiciary for logistic support and they shall be paid remuneration of Rs . 1,000/- per head per programme and the District Judge shall be paid remuneration of Rs . 1,500/ - for guidance and providing logistic support , which shall be adjusted towards their honorarium paid as guest faculty.
Class III and Class IV employees ( two each) of the District Headquarters whose services will be utilized during the Colloquium , an incentive of Rs . 450/- to Class III employees and Rs . 250/- to Class IV employees shall be provided.
9. Judicial Officers at regional headquarters or from other places , whose services are utilized as Guest Faculty for the porpose of Colloquium , shall be paid honorarium as per High Court Order dated 26-08-2016 .
क्र. 1025-गोपनीय - 2017-दो- 2-1-2017 .- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 229 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुये, माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में उल्लेखित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारी को, निम्न सारणी के स्तम्भ ( 3 ) में अंकित स्थान से स्थानांतरित कर स्तम्भ ( 4 ) में अंकित स्थान पर एवं स्तम्भ ( 5 ) में उल्लेखित पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करते हैं:-
नाम
क्र.
कहां से कहां को
(2)
(3)
(4)
(1)
1
जबलपुर
श्री ओंकार नाथ,
जबलपुर विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , मुख्यपीठ, जबलपुर
जबलपुर.
Jabalpur , 10th August 2017
No. 1028 -Confdl . -2017 - II - 2-5-2017 .-In continuation of this Registry Order No. 907/Confdl /2017 , dated 14th July 2017 , regarding Specialised Training Programmes for advocates as per the action plan of XIV Finance Commission with the funds allocated by the State Government under the Head- " Training & training Material " to the High Court , some more Advocates is being added for participating in the Programme.
सारणी
पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (5)
सदस्य सचिव , स्टेट कोर्ट मेनेजमेंट सिस्टम कमेटी, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर की हैसियत से नवनिर्मित पद पर .
For the aforesaid purpose , Adovcates whose names are shown as per list " A" annexed with this order , will participate in the aforesaid Specialised Training Programme at Hotel Lake View Ashok , Shyamala Hills , Bhopal Schedule to be held from 15th - 18th August , 2017 (form 10:30 am to 5:00 pm) . , as per the following terms and conditions : -
1. The nominated Advocats shall have to report at 10.00 AM sharp on 15-08-2017 at the aforesaid venue .
भाग 1 ]
4943
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
2. The nominated Advocates are directed to appear soberly dresses (i . e . white shirt and grey - black stripped/white/black trousers in case of men and white saree and blouse in case of women) .
3. Noiminated Advocates are expected to bring law books (Bare Acts as illustrated in the syllabus of the HJS Examination).
4. Nominated Advocates shall have to make their own arrangements for travelling and accommodation .
5. The participants shall be provided with breakfast , working lunch and tea twice with light snacks during the workshop .
6. On successful completion of the proramme , MPSJA shall provide " Certificate of particiption " to the participants .
ANNEXURE-" A"
MADHYA PRADESH STATE JUDICIAL ACADEMY, HIGH COURT OF M. P. WORKSHOP FOR ADVOCATES (VENUE : HOTEL LAKE VIEW ASHOK , SHYAMALA HILLS , BHOPAL) DATE 15th AUGUST 2017 TO 18th AUGUST 2017 ADDITIONAL NAMES OF ADVOCATES TO BE INCLUDED IN THE WORKSHOP Name (2)
Place (3) No. (1)
1 Smt . Bharti Shastri
Bhopal 2
Bhopal Shri Harvinder Singh
3 Shri Vinod Kumar Mishra
Bhopal 4 Shri Kishore Mali
Bhopal 5
Shri Suresh Indorkar
Bhopal 6 Shri Naushad Mohd . Khan Bhopal 7
Bhopal Shri Vinod Kumar Malviya
Shri Anil Kumar Soni
8
Bhopal 9 Shri Madhusudan Tiwari
Bhopal 10 Shri Komal Chand Khangar Bhopal Shri Pawan Kumar Gohar
11
Bhopal 12 Shri Ramesh Vishvakarma
Bhopal Shri Atul Kulsreshath
13
Bhopal 14
Shri Diwakar Sharma
Bhopal 15 Sushari Usha Narnavre
Bhopal 16 Sushari Sharda Pushe
Bhopal 17 Shri Manchit Kumar Pandagare Bhopal (2)
(1)
(3) 18 Shri Jitendra Kumar Soni
Bhopal 19 Shri Shrish Bengali
Bhopal 20
Shri Atamaram Tauk
Bhopal 21 Shri Bharat Bhushan Kathal Bhopal 22
Bhopal Shri Badriprasad Yadav
23
Bhopal Smt. Sunita Rajpoot
24
Bhopal Shri Kailash Narayan Bansal
25
Bhopal Shri Narmada Prasad Kushwaha
26 Shri Varun Sharma
Bhopal 27
Bhopal Shri Brij Mohan Shrivas
28 Shri Mehar Chatar Singh
Bhopal 29
Bhopal Smt . Saroj Namdeo
30
Bhopal Shri Mitesh Gupta
31 Shri Fazal Akbar Zai
Bhopal 32 Shri Rarag Kale
Bhopal 33
Bhopal Smt. Anupama Garg
34 Mohd . Shakil Ahmed
Bhopal 35
Smt . Archana Sharma
Bhopal 36
Smt . Sharika Chaturvedi
Bhopal 37
Smt . Alka Saxena
Bhopal 38 Shri Divya Raj Singh Sisodiya Bhopal माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, मोहम्मद फहीम अनवर, रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 2 अगस्त 2017
क्र. B - 4153- दो- 2-18-2015.- श्री एस. के. शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिवनी को दिनांक 16 से 18 अगस्त 2017 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 13 से 15 अगस्त 2017 तक के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 19 एवं 20 अगस्त 2017 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. शर्मा , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिवनी को सिवनी पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
4944
जबलपुर, दिनांक 3 अगस्त 2017
क्र. B-4192-दो-2-28-2014.- श्री व्ही . पी. एस. चौहान, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , होशंगाबाद को दिनांक 08 से 12 अगस्त 2017 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 06 एवं 07 अगस्त 2017 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 13 एवं 14 अगस्त 2017 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री व्ही . पी . एस. चौहान, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , होशंगाबाद को होशंगाबाद पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री व्ही. पी . एस. चौहान, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B -4194-दो-2-49-2013.- श्री के. के. शर्मा , अपर जिला न्यायाधीश/ओ.एस.डी. ( निरीक्षण ) , ग्वालियर को दिनांक 25 से 28 जुलाई 2017 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री के. के. शर्मा, अपर जिला न्यायाधीश/ ओ.एस.डी. ( निरीक्षण ) , ग्वालियर को ग्वालियर पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री के. के. शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो अपर जिला न्यायाधीश/ ओ.एस.डी. (निरीक्षण ) , के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B-4202- दो-2-32-2014.- श्री आर. के. सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल को दिनांक 04 से 05 जुलाई 2017 तक, दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. सिंह , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
जबलपुर, दिनांक 5 अगस्त 2017
क्र. C-3237-दो-2-47-2010.- श्री आर. एन. पटेल, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , मण्डला को दिनांक 05 से 07 जुलाई 2017 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री आर. एन. पटेल, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , मण्डला को मण्डला पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. एन. पटेल, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. C -3243-दो-2-25-2017.- श्री देवराज बोहरे, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , टीकमगढ़ को दिनांक 27 जून से 01 जुलाई 2017 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 एवं 26 जून 2017 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 02 जुलाई 2017 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री देवराज बोहरे, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , टीकमगढ़ को टीकमगढ़ पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री देवराज बोहरे, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. E-5867-दो- 2-48-2016.- श्री तारकेश्वर सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भिण्ड को दिनांक 10 से 14 जुलाई 2017 तक दोनों दिन सम्मिलित करते हुए पांच दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 15 एवं 16 जुलाई 2017 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री तारकेश्वर सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भिण्ड को भिण्ड पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री तारकेश्वर सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
यू. एस. दुबे , रजिस्ट्रार.
4945
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
भाग 1 ]
जबलपुर, दिनांक 08 अगस्त, 2017
क्र. 1010-गोपनीय - 2017-दो- 2-1-2017 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद , 235 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों एवं मध्यप्रदेश सिविल कोर्ट्स एक्ट, 1958 की धारा 8 की उपधारा ( 1 ) के साथ पठित शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों ( अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों ) को उनके समक्ष स्तम्भ ( 3 ) में निर्दिष्ट स्थान से स्तम्भ ( 4 ) में निर्दिष्ट स्थान पर स्थानांतरित कर, उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष स्तम्भ ( 6 ) में निर्दिष्ट अपर जिला न्यायाधीश की हैसियत से, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है.
दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( क्रमांक 2 सन् 1974 ) की धारा 9 की उपधारा ( 3 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , उच्चतर न्यायिक सेवा के निम्न अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष निम्नलिखित सारणी के स्तम्भ ( 5 ) में निर्दिष्ट सत्र खण्ड के लिये सत्र न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए, उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अपर सत्र न्यायाधीश की हैसियत से नियुक्त करता है:-
सारणी
कहां से कहां को
क्रमांक नाम
पदस्थापना के जिले का नाम
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी
(6) (1)
(2)
(4)
(3)
(5)
ग्वालियर ग्वालियर ग्वालियर षष्ठम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायलय में.
1. श्री नवीन कुमार सक्सेना, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी / रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , खण्डपीठ ग्वालियर, ग्वालियर.
ग्वालियर ग्वालियर
ग्वालियर
अषटम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
2. श्री कृष्ण कान्त शर्मा, अपर जिला न्यायाधीश (निरीक्षण) (विशेष कर्तव्यवस्थ अधिकारी ) , उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश , खण्डपीठ, ग्वालियर, ग्वालियर.
क्र. 1012-गोपनीय- 2017- दो - 2-1-2017 ( भाग- बी) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद, 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश , निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लेखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लेखित न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर, उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
सारणी
क्रमांक अधिकारी का नाम (2)
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)
(1)
1
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पिछोर जिला शिवपुरी की हैसियत से रिक्त न्यायालय में .
श्री संजय गोयल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पिछोर के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश, पिछोर जिला शिवपुरी .
क्र. 1014-गोपनीय- 2017- दो- 2-1-2017 ( भाग- बी ) - भारतीय संविधान के अनुच्छेद, 235 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, निम्न सारणी के स्तम्भ क्रमांक ( 2 ) में उल्लेखित न्यायिक अधिकारी को उनके नाम के समक्ष उक्त सारणी [भाग 1 4946
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अगस्त 2017
के स्तम्भ क्रमांक ( 3 ) में दर्शाये अनुसार उल्लेखित न्यायालय के न्यायाधीश के पद पर , उनके कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से पदस्थ करता है:-
सारणी
अधिकारी का नाम
क्रमांक
न्यायालय में पदस्थापना के संदर्भ में टिप्पणी (3)
(2)
(1)
1
द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार की हैसियत से रिक्त न्यायालय में.
डॉ. ( श्रीमती ) शुभ्रासिंह , पंचम् अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धार.
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, मो. फहीम अनवर, रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 10 अगस्त 2017
S. No.
Name of the Judge and designation
Place, where Link Court is to be held (District)
Period, for which the Link Court is to be held
(3)
(4)
(2)
(1)
10 days in a month .
1. Petlawad (Jhabua) .
Shri Antar Singh Alwa, II ADJ , Jhabua .
10 days in a month.
Shri Vivek Sharma , IV ADJ , Khandwa .
2 Harsud (Khandwa) .
10 days in a month .
Shri Yatindra Kumar Guru , II ADJ , Sidhi .
क्र. बी -4324- तीन- 10-42-75.- उच्च न्यायालय एतद्वारा निर्देशित करता है कि निम्न तालिका के कॉलम क्रमांक ( 3 ) में वर्णित न्यायाधीशगण अपनी पदस्थापना के स्थान के अतिरिक्त कॉलम क्रमांक ( 2 ) में वर्णित स्थानों पर प्रत्येक माह में कॉलम क्रमांक (4) में वर्णित अवधि के लिये श्रृंखला न्यायालय आयोजित करने हेतु बैठक करेंगे. यह अधिसूचना तालिका के क्रमांक ( 2 ) में वर्णित स्थानों पर श्रृंखला न्यायालय से संबंधित समस्त पूर्व अधिसूचनाओं को अतिष्ठित करते हुए जारी की जा रही है.
3 Rampur Naikin (Sidhi) .
Shri Hitendra Kumar 10 days in a month .
4 Garoth (Mand- saur).
Mishra , ADJ , Bhanpura.
Shri Awinash Chandra Tiwari , I ADJ , Shahdol .
15 days in a month.
5 Budhar (Shahdol) .
7 days in a month.
Shri Kripa Shankar Shakya , I ADJ , Sohagpur .
6 Pipariya (Hoshan- gabad) .
7 days in a month.
Shri Kashif Nadeem (Khan ) , IV ADJ .
7 Deori (Sagar ) .
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, विवेक सक्सेना , विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (डी. ई. ) .
No. B - 4324 - III- 6-4-72 .-The High Court of Madhya Pradesh hereby directs that the Judges named in the column No. (3 ) of the following table shall also hold sitting at places mentioned in the column No. (2) of the table in addition to their respective places of posting for the period mentioned in the column No. (4) for holding Link Court . This notification is being issued in supersession of all the earlier notifications issued in respect of Link Courts for the places mentioned in Column No. (2) of the Table:-