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मध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 49 ]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 8 दिसम्बर 2017- अग्रहायण 17, शक 1939
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, (7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2) सांख्यिकीय सूचनाएं,
( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.-( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक,
(3) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख ) ( 1 ) अध्यादेश , ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग) (1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 21 नवम्बर, 2017
क्र. ई - 5-841 - आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्रीमती जयश्री कियावत, आयएएस. , आयुक्त, महिला सशक्तिकरण , मध्यप्रदेश तथा पदेन प्रबंध संचालक, महिला वित्त एवं विकास निगम तथा आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा मध्यप्रदेश तथा पदेन मिशन संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन को दिनांक 4 से 13 दिसम्बर 2017 तक, दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है साथ ही दिनांक 02 , 03 दिसम्बर 2017 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .
(2) श्रीमती जयश्री कियावत की अवकाश अवधि में श्री संदीप यादव , भाप्रसे आयुक्त- सह- संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश तथा आयुक्त, विमानन को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक आयुक्त, महिला सशक्तिकरण , मध्यप्रदेश तथा पदेन प्रबंध संचालक, महिला वित्त एवं विकास निगम तथा आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा मध्यप्रदेश तथा पदेन मिशन संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन का प्रभार सौंपा जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर श्रीमती जयश्री कियावत को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न आयुक्त, महिला सशक्तिकरण, मध्यप्रदेश तथा पदेन प्रबंध संचालक, महिला वित्त एवं विकास निगम
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नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2017.
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तथा आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा मध्यप्रदेश तथा पदेन मिशन संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(4) श्रीमती जयश्री कियावत द्वारा आयुक्त, महिला सशक्तिकरण , मध्यप्रदेश तथा पदेन प्रबंध संचालक, महिला वित्त एवं विकास निगम तथा आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा मध्यप्रदेश तथा पदेन मिशन संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री संदीप यादव , भाप्रसे उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाशकाल में श्रीमती जयश्री कियावत को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती जयश्री कियावत अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहतीं.
क्र. ई. - 5-857 - आयएएस- लीव- 5 - एक. ( 1 ) सुश्री आईरिन सिंथिया जे. पी. , आयएएस . , कलेक्टर, जिला पन्ना को समसंख्यक आदेश दिनांक 6 एवं 16 नवम्बर 2017 द्वारा दिनांक 16 नवम्बर से 14 मई 2017 तक एक सौ अस्सी दिन का मातृत्व अवकाश स्वीकृत किया गया है, में आंशिक संशोधन करते हुए अब उन्हें दिनांक 22 नवम्बर 2017 से 21 मई 2018 तक, एक सौ अस्सी दिन का संशोधित/ पुनरीक्षित मातृत्व अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
(2) सुश्री आईरिन सिंथिया जे. पी. की अवकाश अवधि में डॉ. गिरीश मिश्रा, भाप्रसे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, पन्ना अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, कलेक्टर, जिला पन्ना का प्रभार सौंपा जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर सुश्री आईरिन सिंथिया जे . पी. को अस्थायी रूप से , आगामी आदेश तक, स्थानापन्न कलेक्टर, जिला पन्ना के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) सुश्री आईरिन सिंथिया जे. पी . द्वारा कलेक्टर, जिला पन्ना का कार्यभार ग्रहण करने पर डॉ. गिरीश मिश्रा , भाप्रसे, कलेक्टर, जिला पन्ना के प्रभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में सुश्री आईरिन सिंथिया जे . पी . को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि सुश्री आईरिन सिंथिया जे. पी. अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर कार्य करतीं रहीं .
भोपाल, दिनांक 22 नवम्बर 2017
क्र. ई- 1-329-2017-5- एक. श्री सचिन सिन्हा, भा.प्र.से. ( 1995 ) , सचिव मध्यप्रदेश शासन , खेल एवं युवा कल्याण की सेवाएं भारत सरकार, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय , कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को प्रतिनियुक्ति पर संयुक्त सचिव , भारत सरकार, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पद पर पदस्थापना हेतु कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 05 वर्ष की अवधि अथवा आगामी आदेश तक जो भी पहले हो, के लिए सौंपी जाती है.
क्र. ई - 5-594- आयएएस लीव- 5- एक.- ( 1 ) श्री प्रमोद अग्रवाल, आयएएस. , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग को दिनांक 26 दिसम्बर से 1 जनवरी 2018 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. उक्त अवकाश के साथ दिनांक 24 , 25 दिसम्बर 2017 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है .
(2) श्री प्रमोद अग्रवाल की अवकाश अवधि में उनका प्रभार श्री मनीष रस्तोगी, भा.प्र.से. प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा पदेन सचिव लोक निर्माण विभाग तथा संचालक, आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ- साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक सौंपा जाता है.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री प्रमोद अग्रवाल को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , लोक निर्माण विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री प्रमोद अग्रवाल द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री मनीष रस्तोगी, भाप्रसे उक्त प्रभार से मुक्त होंगे.
(5 ) अवकाशकाल में श्री प्रमोद अग्रवाल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रमोद अग्रवाल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
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भाग 1 ]
क्र. ई- 1-404-2017-5- एक. नीचे तालिका के खाना ( 2 ) में दर्शाए भाप्रसे अधिकारियों को उनके नाम के समक्ष खाना ( 3 ) में दर्शाए गए पद पर अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से, पदस्थ किया जाता है:-
क्र.
नवीन पदस्थापना
अधिकारी का नाम तथा वर्तमान पदस्थापना
(3)
खाना ( 3 ) में अंकित पद असंवर्गीय होने की दशा में संवर्गीय पद जिसके समकक्ष घोषित किया गया है (4) (1)
(2)
अध्यक्ष , राजस्व मण्डल 1
अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग.
श्री राधेश्याम जुलानिया ( 1985 ) , वि.क.अ. - सह - विकास आयुक्त एवं पदेन अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग.
2
अध्यक्ष , राजस्व मण्डल
वि.क.अ. - सह-विकास आयुक्त एवं पदेन अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग , संसदीय कार्य विभाग तथा आनंद विभाग .
श्री इकबाल सिंह बैंस ( 1985 ) , अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, ऊर्जा विभाग , आनंद विभाग तथा संसदीय कार्य विभाग ( अतिरिक्त प्रभार) .
3 श्री आई.सी.पी. केशरी ( 1998 ) , विशेष आयुक्त ( समन्वय ) , मध्यप्रदेश भवन , नई दिल्ली.
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, ऊर्जा विभाग तथा विशेष आयुक्त (समन्वय ) , मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली का ( अतिरिक्त प्रभार) .
4
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग , वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग तथा प्रवासी भारतीय विभाग.
श्री मोहम्मद सुलेमान ( 1989 ) , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार विभाग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग एवं प्रवासी भारतीय विभाग (अतिरिक्त प्रभार) .
5
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग तथा आयुक्त-सह- संचालक, संस्थागत वित्त ( अतिरिक्त प्रभार) .
श्री मनोज गोविल ( 1991 ) , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश जल निगम.
6 श्री प्रमोद अग्रवाल ( 1991 ) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , लोक निर्माण विभाग.
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश जल निगम.
7
प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग.
श्री पंकज अग्रवाल ( 1992) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग.
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[ भाग 1
(3)
(4) (2)
(1)
8 श्री अनुपम राजन ( 1993 ) , पर्यावरण आयुक्त एवं कार्यपालक संचालक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन ( एप्को ) तथा आयुक्त, जनसम्पर्क तथा आयुक्त-सह-संचालक, पुरातत्व एवं संग्राहलय मध्यप्रदेश
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग तथा पर्यावरण आयुक्त , महानिदेशक एप्को एवं प्रशासक, राजधानी परियोजना प्रशासन तथा आयुक्त- सह- संचालक, पुरातत्व एवं संग्रहालय , मध्यप्रदेश ( अतिरिक्त प्रभार).
9
प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग.
श्री अनिरुद्ध मुखर्जी ( 1993 ) , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वित्त विभाग.
10
सचिव, मध्यप्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग.
श्री अमित राठौर ( 1996 ) सचिव, मध्यप्रदेश शासन , वित्त विभाग तथा आयुक्त- सह-संचालक, संस्थागत वित्त (अतिरिक्त प्रभार).
11 श्री संदीप यादव ( 2000 ) , आयुक्त-सह-संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश तथा आयुक्त, विमानन (अतिरिक्त प्रभार) .
आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा मध्यप्रदेश तथा पदेन मिशन संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन तथा आयुक्त-सह-संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश तथा आयुक्त, विमानन ( अतिरिक्त प्रभार).
12 डॉ. एम. के. अग्रवाल ( 2000 ) , आयुक्त , भू- अभिलेख एवं बन्दोबस्त, ग्वालियर.
सदस्य राजस्व मण्डल , ग्वालियर तथा कमिश्नर, चम्बल संभाग, मुरैना.
13
आयुक्त,
जनसम्पर्क मध्यप्रदेश तथा कार्यपालक संचालक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को) ( अतिरिक्त प्रभार)
श्री पी. नरहरि ( 2001 ) , सचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग तथा नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, भोपाल ( अतिरिक्त प्रभार ) .
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भाग 1 ]
(4)
(3)
(2)
(1)
14
कलेक्टर,
श्री मनोज खत्री ( 2008) ,
पन्ना
उप सचिव,
मध्यप्रदेश शासन,
उच्च शिक्षा विभाग तथा अपर
परियोजना संचालक, राष्ट्रीय उच्च
शिक्षा मिशन ( अतिरिक्त प्रभार)
15
मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, डिण्डोरी.
सुश्री अनुग्रह पी . ( 2011 ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, अलीराजपुर.
( 2 ) उपरोक्तानुसार श्री राधेश्याम जुलानिया द्वारा अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा विभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती गौरी सिंह, भाप्रसे ( 1987 ) , प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन , लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग , भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग ( अतिरिक्त प्रभार ) केवल प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगी.
(3 ) श्री मुन श्रीवास्तव ( 1991 ) , प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग एवं विकअप- सह- आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम ( अतिरिक्त प्रभार ) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है.
(4) उपरोक्तानुसार श्री अनुपम राजन द्वारा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन , पर्यावरण विभाग तथा महानिदेशक एप्को एवं प्रशासक, राजधानी परियोजना प्रशासन का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री मलय श्रीवास्तव, भाप्रसे ( 1990 ) , प्रमुख सचिव , नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा पर्यावरण विभाग एवं महानिदेशक, एप्को तथा प्रशासक, राजधानी परियोजना प्रशासन को केवल प्रमुख सचिव, पर्यावरण विभाग तथा महानिदेशक एप्को एवं प्रशासक, राजधानी परियोजना प्रशासन के प्रभार से मुक्त होंगे.
(5 ) उपरोक्तानुसार डॉ. एम. के. अग्रवाल , द्वारा कमिश्नर, चम्बल संभाग का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री शिव नारायण रुपला, भाप्रसे ( 2000 ) , कमिश्नर, ग्वालियर संभाग एवं चंबल संभाग ( अतिरिक्त प्रभार ) केवल कमिश्नर, चम्बल संभाग के अतिरिक्त प्रभार से प्रभार से मुक्त होंगे .
(6) उपरोक्तानुसार श्री संदीप यादव द्वारा आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा मध्यप्रदेश तथा पदेन मिशन संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन का कार्यभार ग्रहण करने पर श्रीमती जयश्री कियावत , भाप्रसे ( 2000 ) , आयुक्त, महिला सशक्तीकरण, मध्यप्रदेश तथा पदेन प्रबंध संचालक , महिला वित्त एवं विकास निगम तथा आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा मध्यप्रदेश तथा पदेन मिशन संचालक, अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन ( अतिरिक्त प्रभार ) को केवल आयुक्त, एकीकृत बाल विकास सेवा मध्यप्रदेश तथा पदेन मिशन संचालक , अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के अतिरिक्त प्रभार से प्रभार से मुक्त होंगी.
(7 ) श्री एम. सेलवेन्द्रन, भाप्रसे ( 2002 ) अपर सचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग तथा अपर आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बन्दोबस्त, ग्वालियर को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक आयुक्त, भू- अभिलेख एवं बन्दोबस्त ग्वालियर का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है .
( 8 ) श्री राजेश कुमार कौल , भाप्रसे ( 2007 ) , संयुक्त आयुक्त, प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय , भोपाल को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ आगामी आदेश तक नियंत्रक, शासकीय मुद्रण एवं लेखन सामग्री , भोपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है .
[ भाग 1
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भोपाल, दिनांक 23 नवम्बर 2017
क्र. ई- 1-383-2017-5- एक. -डॉ. फटिंग राहुल हरिदास, भाप्रसे (2012 ) , कार्यपालक संचालक, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम, भोपाल तथा उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग (अतिरिक्त प्रभार ) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ, आगामी आदेश तक, पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, खनिज साधन विभाग भी घोषित किया जाता है, तथा उन्हें उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया जाता है .
भोपाल , दिनांक 24 नवम्बर 2017
क्र. ई- 5-479 - आयएएस- लीव -5 - एक. ( 1 ) श्री प्रभांशु कमल , आयएएस. , अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग ( मानव अधिकार प्रकोष्ठ ) को दिनांक 26 दिसम्बर 2017 से 4 जनवरी 2018 तक दस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा इस अवकाश के साथ दिनांक 24, 25 दिसम्बर , 2017 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान कीजाती है.
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री प्रभांशु कमल को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अपर मुख्य सचिव , मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग ( मानव अधिकार प्रकोष्ठ ) के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाशकाल में श्री प्रभांशु कमल को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री प्रभांशु कमल अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते .
क्र. ई -5-803- आयएएस- लीव- 5- एक. ( 1 ) श्री के. के. खरे, आयएएस. , सचिव, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग , भोपाल को दिनांक 11 से 23 दिसम्बर 2017 तक तेरह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त अवकाश के साथ दिनांक 9 , 10 एवं 24, 25 दिसम्बर 2017 के सार्वजनिक अवकाश को जोड़ने की अनुमति प्रदान की जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री के. के. खरे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न सचिव , मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3) अवकाशकाल में श्री के. के. खरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री के. के. खरे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
क्र. ई - 5-847 - आयएएस- लीव- 5-एक. ( 1 ) श्री एस. एस.
कुमरे, आयएएस. , उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , लोक स्वास्थ्ययांत्रिकी विभाग को दिनांक 27 नवम्बर से 15 दिसम्बर 2017 तक बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री एस. एस. कुमरे, को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न उप सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री एस. एस. कुमरे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री एस . एस. कुमरे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर कार्य करते रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बसंत प्रताप सिंह , मुख्य सचिव.
भोपाल , दिनांक 28 नवम्बर 2017
क्र. एफ - 5-17-2017- एक ( 1 ) .- उच्च न्यायालय न्यायाधिपतिगण ( सेवा शर्तें ) अधिनियम 1954 की धारा 13 के अन्तर्गत मध्यप्रदेश के राज्यपाल , जस्टिस श्री अनुराग श्रीवास्तव , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय , जबलपुर को निम्नांकित विवरण अनुसार अवकाश स्वीकृत करते हैं:-
अवकाश अवधि
अ. क्र.
कुल दिन
03 1
दिनांक 25-9-2017 से
दिनांक 27-9-2017 तक.
अवकाश का प्रकार
अभियुक्ति
पूर्ण वेतन तथा भत्तों सहित अवकाश.
अवकाश के पूर्व में दिनांक 23 एवं 24-9-2017 तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 28-9-2017 से 2-10-2017 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति सहित.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, के. के. कातिया, अपर सचिव.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 20 नवम्बर 2017
क्र. 2133-2017- ए- ग्यारह बॉयलर्स एक्ट, 1923 की धारा 34 ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन , मेसर्स भारत ओमान रिफायनरी लिमि. बीना, जिला सागर के वाष्पयंत्र क्रमांक एमपी/4892 के स्टीमिंग लाइसेंस की वैधता अवधि बढ़ाये जाने को निम्नलिखित शर्तों पर उक्त अधिनियम की धारा 6 ( सी ) के उपबंधों के प्रवर्तन से वाष्पयंत्र क्रमांक एमपी/4892 के प्रमाण पत्र की वैद्यता अवधि में दिनांक 20 नवम्बर 2017 से 19 नवम्बर 2018 तक की छूट प्रदान करता है :-
1. संदर्भाधीन बायलर को पहुंचने वाली किसी भी हानि की सूचना बायलर्स अधिनियम, 1923 की धारा 18 ( 1 ) की अपेक्षानुसार तत्काल बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश इन्दौर को दी जावेगी एवं दुर्घटना होने के दिनांक से छूट की मान्यता समाप्त समझी जावेगी.
2. उपर्युक्त अधिनियम की धारा 2 तथा 13 की अपेक्षानुसार बायलर मुख्य निरीक्षक मध्यप्रदेश के पुर्वानुमोदन के बिना संदर्भाधीन बायलर में किसी प्रकार का संरचनात्मक परिवर्तन अथवा नवीनीकरण नहीं किया जावेगा.
3. संदर्भाधीन बायलर का सरसरी दृष्टि से निरीक्षण किये जाने पर यदि यह खतरनाक स्थिति में पाया गया तो यह छूट समाप्त हो जावेगी.
4. नियत कालिक सफाई और नियमित रूप से तलक्षर निकलने (रेग्युलर ब्लोडाउन ) का कार्य किया जावेगा और उसका अभिलेख रखा जावेगा.
5. भारतीय बायलर विनियम 1950 के विनियम 385- क के अपेक्षानुसार संदर्भाधीन बायलर के संबंध में वार्षिक निरीक्षण शुल्कअग्रिम दी जावेगी.
6. यदि राज्य शासन आवश्यक समझे तो प्रश्नांकित छूट में संशोधन कर सकता है अथवा उसे वापस ले सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
शालिनी सिन्हा, अवर सचिव.
गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 23 नवम्बर 2017
क्र. एफ 1-124-2017- ब- 2- दो. राज्य शासन द्वारा श्री सिद्धार्थ बहुगुणा भापुसे, पुलिस अधीक्षक, जिला सीहोर को दिनांक 25 नवम्बर से 2 दिसम्बर 2017 तक लंदन ( U.K. ) में आयोजित " Sheffield hallam University " में आयोजित स्टडी टूर में सम्मिलित होने के उपरांत दिनांक 3 से 5 दिसम्बर 2017 तक तीन दिवस अर्जित अवकाश, के साथ विदेश यात्रा ( Ex India Leave ) की अनुमति निम्नलिखित शर्तों के साथ प्रदान करता है :-
1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला किसी भी प्रकार का व्यय राज्य शासन द्वारा वहन नहीं किया जावेगा.
2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे .
3. विदेश में कोई ( Assignment ) नहीं लेंगे.
4. स्वीकृत अवकाश में वृद्धि नहीं करेंगे.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न रूप से पुलिस अधीक्षक, जिला सीहोर को पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3 ) अवकाशकाल में श्री सिद्धार्थ बहुगुणा भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सिद्धार्थ बहुगुणा भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, डी. एस. मुकाती , अवर सचिव. भोपाल, दिनांक 27 नवम्बर 2017
क्र. एफ 1-100-2017- ब- 2- दो. राज्य शासन एतद् द्वारा श्री राजेश गुप्ता, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक ( गुप्त. /वि.अभि. ) ओ.एस.डी. , संस्कृति विभाग , मध्यप्रदेश शासन एवं प्रभारी कुलसचिव सांची बौद्ध भारतीय- ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय, भोपाल को दिनांक 9 दिसम्बर 2017 से 2 जनवरी 2018 तक पच्चीस दिवस तक संयुक्त राज्य अमेरिका की निजी विदेश यात्रा ( Ex India Leave ) की अनुमति/स्वीकृति निम्नलिखित शर्तों के साथ प्रदान करता है :-
1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला किसी भी प्रकार का व्यय राज्य शासन द्वारा वहन नहीं किया जावेगा.
2. विदेश में शासकीय अथवा किसी निजी संस्था का आतिथ्य स्वीकार नहीं करेंगे.
3. विदेश में कोई ( Assignment ) नहीं लेंगे .
4. स्वीकृत अवकाश में वृद्धि नहीं करेंगे .
6040
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(2) अवकाश से लौटने पर श्री राजेश गुप्ता, भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न रूप से अति. पुलिस महानिदेशक (गुप्त./वि. अभि. ) ओ.एस.डी. , संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन एवं प्रभारी कुलसचिव सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्व विद्यालय , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) अवकाशकाल में श्री राजेश गुप्ता, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राजेश गुप्ता, भापुसे अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
क्र. एफ 1 (ए) 155-93- ब- 2- दो. राज्य शासन श्री राजेश गुप्ता, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक ( गुप्त. विशेष अभियान ) ओएसडी संस्कृतिविभाग, मध्यप्रदेश शासन एवं प्रभारी सांची बौद्ध भारतीय- ज्ञान अध्ययन विश्व विद्यालय , भोपाल को स्वयं का उपचार, बोम्बे हास्टपीटल मुम्बई में कराने हेतु दिनांक 16 से 18 अगस्त 2017 तक तीन दिवस लघुकृत अवकाश एवं दिनांक 19-20 अगस्त 2017 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ भोपाल से मुम्बई तक एक सहायक के साथ हवाई यात्रा की अनुमति सहित चिकित्सा अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति अखिल भारतीय सेवा ( चिकित्सा परिचर्या ) नियम 1954 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत प्रदान की जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री राजेश गुप्ता , भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न अति. पुलिस महानिदेशक (गुप्त./विशेष अभियान ) ओएसडी संस्कृति विभाग , मध्यप्रदेश शासन , एवं प्रभारी सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्व विद्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री राजेश गुप्ता, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राजेश गुप्ता , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
भोपाल, दिनांक 29 नवम्बर 2017
शासन द्वारा क्र. एफ 1 ( ए) 69-2013- ब-2-दो र श्री संजय तिवारी , भापुसे, समनि ( सा ) वि. शा. पुलिस मुख्यालय को परिवार सहित रायपुर ( छत्तीसगढ़ ) जाने हेतु अवकाश यात्रा सुविधा की अनुमति एवं दिनांक 20 से 27 नवम्बर 2017 तक आठ दिवस अर्जित अवकाश स्वीकृत करते हुए उक्त अवकाश अवधि में खण्डवर्ष 2014-17 के विस्तार वर्ष 2017 में परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ भारत भ्रमण की यात्रा की अवकाश यात्रा सुविधा की स्वीकृति प्रदान की जाती है :-
1. श्री संजय तिवारी स्वयं
2. श्रीमती श्रृद्धा तिवारी पत्नि
पुत्र
3. प्रज्ञान
4. आराधिका
पुत्री
(2) श्री संजय तिवारी , भापुसे, समनि ( सा ) वि. शा. , पुलिस मुख्यालय की अवकाश अवधि में इनका चालू कार्य श्रीमती सारिका शुक्ला, रापुसे समनि, ( एक्स ) वि. शा. पुलिस मुख्यालय , भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ समपादित किया जाना प्रस्तावित किया गया है.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री संजय तिवारी , भापुसे को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, पुलिस अधीक्षक जिला रतलाम के पद पर पुनः पदस्थकिया जाता है.
(4) श्री संजय तिवारी , भापुसे, समनि ( सा ) वि. शा. , पुलिस मुख्यालय के कार्यभार ग्रहण करने पर उक्त कण्डिका ( 2 ) में अतिरिक्त कार्यभार संपादित करने हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाशकाल में श्री संजय तिवारी , भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय तिवारी , भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ 1 (ए ) 148-95- ब- 2- दो. राज्य शासन श्री डी. पी. गुप्ता, भा. पु.. से. , पुलिस महानिरीक्षक, ( रेल ) म . प्र. भोपाल को दिनांक 6 से 8 नवम्बर 2017 तक तीन दिवस अर्जित अवकाश की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.
(2 ) अवकाश से लौटने पर श्री डी. पी. गुप्ता, भापुसे को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, ( रेल ) मध्यप्रदेश भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है .
(3) अवकाशकाल में श्री डी. पी. गुप्ता, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री डी. पी. गुप्ता, भापुसे उक्तअवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
6041
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
भोपाल, दिनांक 30 नवम्बर 2017
क्र. एफ 1 (ए) 77-2011- ब-2-दो. राज्य शासन श्री भगवत सिंह चौहान, भापुसे, पुलिस उप महानिरीक्षक, जबलपुर रेन्ज जबलपुर, को दिनांक 20 नवम्बर से 8 दिसम्बर 2017 तक उन्नीस दिवस अर्जित अवकाश, दिनांक 18-19 नवम्बर 2017 एवं 9-10 दिसम्बर 2017 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ स्वीकृत किया जाता है .
(2) श्री भगवत सिंह चौहान, भापुसे की अवकाश अवधि में उनका चालू कार्य श्री शशिकांत शुक्ला , भापुसे, पुलिस अधीक्षक, जबलपुर द्वारा अपने कार्य के साथ - साथ संपादित किया जायेगा.
(3) अवकाश से लौटने पर श्री भगवत सिंह चौहान, भापुसे को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक स्थानापन्न पुलिस उप महानिरीक्षक, जबलपुर रेन्ज जबलपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री भगवत सिंह चौहान, भापुसे, द्वारा कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका 2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5 ) अवकाशकाल में श्री भगवत सिंह चौहान, भापुसे को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री भगवत सिंह चौहान, भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्री दास , अवर सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 27 नवम्बर 2017
फा. क्र. 5268-2017- इक्कीस ब ( एक ) . - न्यायिक सेवा के सदस्य श्री आशीष डेनियल , व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 कोतमा जिला अनूपपुर वर्तमान पदस्थापना व्यवहार न्यायाधीश वर्ग -2 जतारा जिला टीकमगढ़ के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के विरुद्ध संस्थित विभागीय जाँच के निष्कर्षों के आधार पर उनके द्वारा कदाचरण प्रमाणित पाये जाने पर प्रशासनिक समिति की बैठक दिनांक 27 अक्टूबर 2017 एवं फुलकोर्ट ( by circulation ) द्वारा लिए गए निर्णय के फलस्वरुप मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने उक्त न्यायिक अधिकारी को सेवा से पृथक् ( Removal from Service ) किये जाने की अनुशंसा की है.
उक्त न्यायिक अधिकारी के सेवा अभिलेख तथा समस्त सामग्री पर विचार करने के उपरान्त मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की अनुशंसा से सहमत होते हुए, राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है कि श्री आशीष डेनियल , व्यवहार न्यायाधीश, वर्ग -2 कोतमा जिला अनूपपुर वर्तमान पदस्थापना व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 2 जतारा जिला टीकमगढ़ के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश को शास्तिस्वरूप सेवा से पृथक (Removal from Service ) किया जाए.
अतः मध्यप्रदेश सिविल सेवा ( वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10( 8 ) के प्रावधानों के अनुसार, एतद्वारा, राज्य शासन, श्री आशीष डेनियल, व्यवहार न्यायाधीश , वर्ग -2 कोतमा जिला अनूपपुर वर्तमान पदस्थापना व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 2 जतारा जिला टीकमगढ़ के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश को दीर्घ शास्ति स्वरुप उक्त पद से ( सेवा से ) पृथक् ( Removal from Service) करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. एम. सक्सेना, प्रमुख सचिव.
भोपाल, दिनांक 29 नवम्बर 2017
फा. क्र . 4722-2017 - इक्कीस ब (दो ) .- राज्य शासन एतद्वारा श्री ओ. पी. दुबे , अधिवक्ता को आदेश जारी होने के दिनांक से रायसेन जिले की बेगमगंज तहसील हेतु पैनल लॉयर के पद पर 3 वर्ष की कालावधि के लिये नियुक्ति करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष प्रसाद शुक्ल, अतिरिक्त सचिव.
जेल विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 27 नवम्बर 2017
क्र.-एफ - 06-16-2002-तीन जेल. जेल प्रिजन्स एक्ट, 1894 की धारा ( 3 ) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा पुरानी जेल परिसर एवं टी. टी. नगर, दशहरा मैदान को विधान सभा बैठक दिनांक 27 नवम्बर 2017 से दिनांक 8 दिसम्बर 2017 के दौरान अस्थायी जेल घोषित करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजीव दुबे , अपर सचिव.
महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 1 दिसम्बर 2017
क्र.- 2822-2786-2017- पचास- 2.- राज्य शासन, एतद्वारा किशोर न्याय ( बालकों की देखरेख और संरक्षण ) अधिनियम, 2015 6042
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(सहपठित नियम 2016 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम (2 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये किशोर न्याय बोर्ड में कॉलम ( 3 ) में उल्लेखित व्यक्तियों को अध्यक्ष/ सदस्य के रूप में अधिसूचना जारी दिनांक से तीन वर्ष के लिये पदांकित करता है : -
अनुसूची
क्र. जिले का नाम
(2)
सदस्य का नाम एवं प्रवर्ग (3)
(1)
सिंगरौली
1
1. सुश्री किरण जैन, सदस्य
(अनारक्षित.)
2 रतलाम
1. श्री कैलाश नारायण जोशी , सदस्य, (अनारक्षित) .
(3)
(1) (2)
2. श्री विरेन्द्र कुलकर्णी , सदस्य, (अनारक्षित.)
रायसेन
3
1. श्री संदीप कुमार दुवे अध्यक्ष, (अनारक्षित.)
2. श्री हल्के भाई सेन , सदस्य,
(अनारक्षित).
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पंकज शर्मा , उपसचिव.
वित्त विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 6 नवम्बर 2017
क्र. एफ -1 (सी) -26-2016-ई- चार. मध्यप्रदेश, स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम, 1973 (क्रमांक 43 सन् 1973 , की धारा 3 की उपधारा ( 4 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन एतद्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक 933-638-2012- ई- चार, दिनांक 28 मार्च, 2012 को अधिक्रमित करते हुए उक्त अधिनियम की धारा 8 , 9 और 10 के अधीन संचालक, स्थानीय निधि संपरीक्षा मध्यप्रदेश को प्रदत्त शक्तियाँ, नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम (3 ) में उल्लेखित अधिकारियों को कॉलम (4 ) में वर्णित किये गये अनुसार, कॉलम ( 5 ) में अधिकथित शर्तों के अध्यधीन रहते हुए प्रत्यायोजित करती हैं , अर्थात्: -
पदनाम
क्र.
(3)
अभ्युक्तियाँ (5)
प्रत्यायोजित शक्तियों की
विशिष्टता
(4)
अधिनियम कीधारा (2)
(1)
1
धारा-8 एवं 1. अपर संचालक, स्थानीय निधि संपरीक्षा म . प्र.
धारा -9
कार्यवाही की जावेगी:- 'संपरीक्षा प्रतिवेदन पर क्षेत्रीय कार्यालय , स्थानीय निधि संपरीक्षा स्तर से निम्नानुसार
ऐसे समस्त स्थानीय निकाय के संपरीक्षा प्रतिवेदन की विषयवस्तु तैयार कराना एवं प्रतिवेदन प्रसारण कराना जिनकी वार्षिक आय अथवा व्यय राशि रुपये 50 करोड़ से रुपये 100 करोड़ तक है.
1. पूर्ण संपरीक्षा प्रतिवेदन- स्थानीय प्राधिकारी एवं स्थानीय प्राधिकारी के संभागीय स्तर पर नियंत्रण अधिकारी को प्रेषित करना.
2. संक्षिप्त संपरीक्षा प्रतिवेदन- संपरीक्षा प्रतिवेदन में निहित गबन हानि तथा गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का संक्षिप्त प्रतिवेदन स्थानीय प्राधिकारी के विभागाध्यक्ष , महालेखाकार ग्वालियर ( केवल नगरीय निकायों तथा पंचायतराज संस्थाओं के लिये ) एवं विभागाध्यक्ष स्थानीय निधि संपरीक्षा को प्रेषित करना.
6043
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
संपरीक्षा प्रतिवेदन पर क्षेत्रीय कार्यालय , स्थानीय निधि संपरीक्षा स्तर से निम्नानुसार कार्यवाही की जावेगी.- 2. संयुक्त संचालक , क्षेत्रीय कार्यालय , स्थानीय निधिसंपरीक्षा ( म . प्र . )
ऐसे समस्त स्थानीय निकाय के संपरीक्षा प्रतिवेदन की विषयवस्तु तैयार कराना एवं प्रतिवेदन प्रसारण करना जिनकी वार्षिक आय अथवा व्यय राशि रु . 50 करोड़ की सीमा तक है .
1. पूर्ण संपरीक्षा प्रतिवेदन- स्थानीय प्राधिकारी एवं स्थानीय प्राधिकारी के संभागीय स्तर पर नियंत्रण अधिकारी को प्रेषित करना.
2. संक्षिप्त संपरीक्षा प्रतिवेदन- संपरीक्षा प्रतिवेदन में निहित गबन हानि तथा गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का संक्षिप्त प्रतिवेदन स्थानीय प्राधिकारी के विभागाध्यक्ष, महालेखाकार ग्वालियर (केवल नगरीय निकायों तथा पंचायतराज संस्थाओं के लिये ) एवं विभागाध्यक्ष स्थानीय निधि संपरीक्षा मध्यप्रदेश को प्रेषितकरना.
संपरीक्षा प्रतिवेदन पर जिला कार्यालय, स्थानीय निधि संपरीक्षा स्तर से निम्नानुसार कार्यवाही कीजावेगी.-
3. उप संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय , स्थानीय निधि संपरीक्षा (म. प्र. )
ग्राम पंचायत ( ग्राम कोष सहित ) के संपरीक्षा प्रतिवेदन की विषयवस्तु तैयार कराना एवं प्रसारित कराना.
1. पूर्ण संपरीक्षा प्रतिवेदन - स्थानीय प्राधिकारी (ग्राम पंचायत ) , मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जनपद पंचायत कोप्रेषित करना.
2. संक्षिप्त संपरीक्षा प्रतिवेदन- संपरीक्षा प्रतिवेदन में निहित गबन , हानि तथा गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का संक्षिप्त प्रतिवेदन स्थानीय प्राधिकारी के विभागाध्यक्ष , महालेखाकार ग्वालियर (म. प्र. ) क्षेत्रीय कार्यालय स्थानीय निधि संपरीक्षा ( म. प्र. ) एवं विभागाध्यक्ष स्थानीय निधि संपरीक्षा ( म. प्र. ) को प्रेषितकरना.
2
धारा -10
संपरीक्षा आपत्तियों का अंतिम निपटारा पूर्ण रूप से समाधान होने के पश्चात् ही किया जावेगा .
1. संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय , स्थानीय निधिसंपरीक्षा ( म. प्र. ) .
1. म. प्र. स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 8 ओर 9 के अनुसार स्थानीय निकायों के लेखों पर तैयार की गई संपरीक्षा रिपोर्ट में आपत्ति अनुसार ऐसी रकम की वसूली तथा उसे जमा करने का सत्यापन होने पर.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6044
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
2. प्रक्रियात्मक तथा सूचनात्मक आपत्तियां होने पर.
3. संपरीक्षा आपत्तियों के निबंधनों तथा शर्तों का अनुपालन करने पर.
संपरीक्षा आपत्तियों का अंतिम निपटारा पूर्ण रूप से समाधान होने के पश्चात् ही किया जावेगा.
2. उप संचालक , क्षेत्रीय कार्यालय , स्थानीय निधिसंपरीक्षा ( म. प्र.) .
1. ( म. प्र. ) स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 8 ओर 9 के अनुसार समस्त ग्राम पंचायतों ( ग्राम कोष सहित ) तहसील/विकास खण्ड स्तरीय रोगी कल्याण समितियां एवं शासकीय अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के लेखों पर तैयार की गई रिपोर्ट में आपत्ति के अनुसार ऐसी रकम की वसूली तथा उसे जमा करने का सत्यापन होने पर.
2. प्रक्रियात्मक तथा सूचनात्मक आपत्तियां होने पर.
3. संपरीक्षा आपत्तियों के निबंधनों तथा शर्तों का अनुपालन करने पर.
3
धारा-10
1. संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय , स्थानीय निधि संपरीक्षा ( म. प्र. )
म. प्र. स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 8 ओर 9 के अनुसार स्थानीय निकायों के लेखों पर तैयार की गई संपरीक्षा रिपोर्ट में यथा उल्लेखित हानि गबन एवं गंभीर वित्तीय अनियमितता से संबंधित संपरीक्षा आपत्तियां होने परः
संपरीक्षा आपत्तियों के प्रत्याहरण और अंतिम निपटारे की जानकारी संभागायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति के सक्षम रखी जावेगी तथा संपरीक्षा आपत्तियों के प्रत्याहरण में स्थानीय निधि संपरीक्षा विभाग तथा स्थानीय निकाय के मध्य एक मत न होने की स्थिति में उक्त समिति के निर्णय अनुसार आगामी कार्यवाही सम्पादित की जावेगी .
निधिसंपरीक्षा ( म. प्र.) 1. उप संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय , स्थानीय
ग्राम पंचायत , तहसील /विकासखण्ड स्तरीय रोगी कल्याण समितियां एवं शासकीय अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की संपरीक्षा आपत्तियों का प्रत्याहरण और अंतिम निपटारा कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा स्थानीय प्रधिकारी द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण के प्रकाश में उपयुक्त परामर्श प्राप्त करने के पश्चात् किया जायेगा.
( म. प्र. ) स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम, 1973 की धारा 8 ओर 9 के अनुसार ग्राम पंचायतों (ग्राम कोष सहित ) तहसील/ विकासखण्ड स्तरीय रोगी कल्याण समितियां एवं शासकीय अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के लेखों पर तैयार की गई रिपोर्ट में यथा उल्लेखित हानि, गबन एवं गंभीर वित्तीय अनियमितता से संबंधित संपरीक्षा आपत्तियां होने पर.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
अनिरूद्ध मुकर्जी , प्रमुख सचिव.
6045
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 25 नवम्बर 2017
सूचना
क्र. एफ- 3-171-2012- बत्तीस. मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) की धारा 23 " क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , एतद्वारा , इस विभाग की सूचना क्रमांक एफ- 3- 171-2012 - बत्तीस, दिनांक 22 अगस्त 2014 द्वारा उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) द्वारा अपेक्षित किये गये अनुसार प्रवर्तित छतरपुर विकास योजना 2021 में उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे एवं शर्तें निम्नानुसार हैं :-
अनुसूची
खसरा क्र.
ग्राम
क्रमांक
क्षेत्रफल
(वर्गमीटर में)
उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू- उपयोग
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग
(6)
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
वाणिज्यिक एवं मार्ग 1
आमोद-प्रमोद एवं मार्ग.
शहर छतरपुर की भूमि
1451.0 वर्गमीटर
में से 875 वर्गमीटर
योग .. 875.00 वर्गमीटर
ब्लाक नम्बर -2 शीट क्रमांक -26 ( 9 ) प्लाट क्रमांक-32
(1) विकास योजना छतरपुर 2021 में प्रस्तावित मार्ग चौड़ाई के अनुसार शेष भूखण्ड का उपांतरण प्रस्तावित है. यह उपांतरण प्रश्नाधीन भूमि पर राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण से छतरपुर विकास योजना 2021 में प्रस्तावित मार्गों की चौड़ाई से सहमति के ही अध्याधीन होगा.
(2) प्रश्नाधीन स्थल दो राष्ट्रीय राज्यमार्गों के संगम पर स्थित होने से तथा न्यूनकोण पर मिलने के कारण वस्तुतः किये जाने वाले विकास में मार्ग संरचना का नियोजन कर ही शेष विकास प्रस्तावित किया जाये.
(3) उपरोक्त उपांतरण छतरपुर विकास योजना 2021 का एकीकृत भाग होगा .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सी. के. साधव , उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायसेन, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रायसेन, दिनांक 7 नवम्बर 2017
क्र. 2951.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बेगमगंज , जिला रायसेन के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल )
(2) टपरा टोला प.ह.नं. 17
(1) मूल ग्राम - उमरखोह, प.ह.नं. 17 उपरखोह का कुल क्षेत्रफल- 1111.881 विभाजन पश्चात्: उपरखोह का कुल क्षेत्रफल-443.835 टपरा टोला का कुल क्षेत्रफल-668.046 ..
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6046
क्र. 2952.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बेगमगंज, जिला रायसेन के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर (2) तिन्साई, प.ह.नं. 34
भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल ) (1) मूल ग्राम - मरखण्डी, प.ह.नं. 34 मरखण्डी का कुल क्षेत्रफल-756.356 विभाजन पश्चात्: मरखण्डी का कुल क्षेत्रफल-519.607 तिन्साई का कुल क्षेत्रफल- 236.749.
क्र. 2953.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील सिलवानी , जिला रायसेन के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर (2) लमनयाउ, प.ह.नं. 57
विभाजन पश्चात्:
भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल ) (1) मूल ग्राम - मेहकाजागीर, प.ह.नं. 57 मेहकाजागीर का कुल क्षेत्रफल-657.537 मेहकाजागीर का कुल क्षेत्रफल-390.230 लमनयाउ का कुल क्षेत्रफल- 267.307.
क्र. 2954. - मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बेगमगंज, जिला रायसेन के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर (2) सुल्तानगंज पठार , प.ह.नं. 4 भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल ) (1) मूल ग्राम- सुल्तानगंज , प.ह.नं. 4 सुल्तानगंज का कुल क्षेत्रफल-662.448 विभाजन पश्चात्: सुल्तानगंज का कुल क्षेत्रफल -421.573 सुल्तानगंज पठार का कुल क्षेत्रफल-240.875 .
6047
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 2955.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील बेगमगंज, जिला रायसेन के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर (2) भजिया, प.ह.नं. 46
भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल ) (1) मूल ग्राम - बेरसला, प.ह.नं. 46 बेरसला का कुल क्षेत्रफल-442.511 विभाजन पश्चात्: बेरसला का कुल क्षेत्रफल-206.431 भजिया का कुल क्षेत्रफल- 236.080
क्र. 2956.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता , 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील सिलवानी , जिला रायसेन के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर (2) जूनापुरा, प.ह.नं. 58
भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल ) (1) मूल ग्राम-फुलमार , प.ह.नं. 58 फुलमार का कुल क्षेत्रफल-683.912 विभाजन पश्चात्: फुलमार का कुल क्षेत्रफल-455.835 जूनापुरा का कुल क्षेत्रफल- 228.077
क्र. 2957.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील सिलवानी , जिला रायसेन के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर (2) नगझिरी , प.ह.नं. 52
भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर एवं इससे पृथक् किया गया क्षेत्रफल (1) मूल ग्राम- नगपुरा, प.ह.नं. 52 नगपुरा का कुल क्षेत्रफल-889, .194 विभाजन पश्चात्: नगपुरा का कुल क्षेत्रफल -414.330 नगझिरी का कुल क्षेत्रफल -474.864 [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6048
क्र. 2958.- मध्यप्रदेश भू- राजस्व संहिता, 1959 ( संख्या 20 , 1959 ) की धारा 2 ( 1 ) की की उपधारा ( य -5 ) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद्वारा नीचे दर्शाए अनुसूची में स्तम्भ ( 1 ) में वर्णित भूमि के भाग को स्तम्भ ( 2 ) में दर्शित नाम से तहसील सिलवानी, जिला रायसेन के अन्तर्गत राजस्व ग्राम घोषित किया जाता है :-
अनुसूची
राजस्व ग्राम का नाम व पटवारी हल्का नम्बर भू- भाग का विवरण ( मूल ग्राम का व पटवारी हल्का नम्बर एवं इसके पृथक् किया गया क्षेत्रफल
(2)
(1)
उचेर, प.ह.नं. 5
मूल ग्राम - सिंगपुरी , प.ह.नं. 5 सिंगपुरी का कुल क्षेत्रफल-935.312
विभाजन पश्चात्:
सिंगपुरी का कुल क्षेत्रफल-563.611
उचेर का कुल क्षेत्रफल-371.701 .
भावना वालिम्बे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर ( भू- अभिलेख ) बैतूल बैतूल, दिनांक 30 नवम्बर 2017
क्र. 9267- एल.आर. - 4-का.रा.नि. - 2017.- शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू संचालन हेतु मैं, शशांक मिश्र (भा.प्र.से. ) कलेक्टर, बैतूल मध्यप्रदेश भू- राजस्व, संहिता, 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए जिले की तहसील, भैसदेही के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल , भैसदेही की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए पटवारी हल्का नम्बर 75, 76 , 77 , 78 , 79 , 80 , 81 , 82 , 83, 84 , 85, 86 , 87, 88, 93, 94, 95 , 98 कुल 18 जिलों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल, भैसदेही एवं पटवारी हल्का नम्बर 89 , 90 , 91 , 92 , 96 , 97, 99 , 100 , 101 , 102 , 103 , 104, 105, 106 कुल 14 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मंडल सावलमेंढ़ा की सीमाओं का पुनर्गठन करता हूं.
क्र. 2268 - एल.आर.-4-का.रा.नि.- 2017 .-शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू संचालन हेतु मैं , शशांक मिश्र ( भा.प्र.से. ) कलेक्टर, बैतूल मध्यप्रदेश भू- राजस्व , संहिता, 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए जिले की तहसील , आमला के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल, बोरदेही की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए पटवारी हल्का 43 , 44, 45, 46, 47, 48 , 49, 50 , 51 , 52 , 53 , 54, 55, 56, 57 , 58, 59 कुल 17 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल, बोरदेही एवं पटवारी हल्का नम्बर 37 , 38 , 39 , 40 , 41 , 42 , 60 , 61 , 62 , 63 , 64 , 65, 66 , 67, 68, 69, 70 कुल 17 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मंडल मोरखा की सीमाओं का पुनर्गठन करता हूं.
क्र. 2269 - एल.आर. -4-का.रा.नि.- 2017.- शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू संचालन हेतु मैं , शशांक मिश्र ( भा.प्र.से. ) कलेक्टर, बैतूल मध्यप्रदेश भू- राजस्व, संहिता , 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए जिले की तहसील , बैतूल के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल, बैतूल 1 की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए पटवारी हल्का 34 , 35, 36 , 37 , 38 , 39 , 40 , 41 , 42 , 43 , 44, 45, 46, 47, 48 , 49, 50 कुल 17 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल, बैतूल 1 एवं पटवारी हल्का नम्बर 51 , 52 , 53 , 54 , 55 , 56 , 57 , 58 , 59 , 60 कुल 10 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मंडल कोलगांव की सीमाओं का पुनर्गठन करता हूं.
6049
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 2271 - एल.आर. -4-का.रा.नि. - 2017.- शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू संचालन हेतु मैं , शशांक मिश्र (भा.प्र.से. ) कलेक्टर , बैतूल मध्यप्रदेश भू- राजस्व, संहिता, 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए जिले की तहसील, आमला के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल, आमला की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए पटवारी हल्का 1 , 2 , 3 , 4, 5 , 6 , 7, 8 , 9 , 10 , 11 , 12 , 13 , 14 , 15, 16, 17 , 18, 35, 36 कुल 20 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल , आमला एवं पटवारी हल्का नम्बर 19 , 20, 21 , 22, 23 , 24 , 25 , 26 , 27 , 28 , 29 , 30 , 31 , 32, 33 , 34 कुल 16 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मंडल नरेरा कीसीमाओं का पुनर्गठन करता हूं.
क्र. 2272- एल.आर. -4-का.रा.नि.-2017.-शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू संचालन हेतु मैं, शशांक मिश्र (भा.प्र.से. ) कलेक्टर, बैतूल मध्यप्रदेश भू- राजस्व , संहिता, 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए जिले की तहसील , भैसदेही के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल , चिल्लौर की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए पटवारी हल्का 1 , 2 , 3 , 4, 5 , 6 , 7, 8 , 22 , 23, 24 , 25 कुल 12 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल , चिल्लौर एवं पटवारी हल्का नम्बर 9 , 10, 11 , 12, 13 , 14 , 15 , 16, 17, 18 , 19 , 20, 21 कुल 13 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मंडल दामजीपुरा की सीमाओं का पुनर्गठन करता हूं.
क्र. 2275 - एल.आर. -4-का.रा.नि.-2017.- शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू संचालन हेतु मैं, शशांक मिश्र (भा.प्र.से. ) कलेक्टर, बैतूल मध्यप्रदेश भू- राजस्व, संहिता , 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए जिले की तहसील , घोडाडोंगरी के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल, घोडाडोंगरी की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए पटवारी हल्का नम्बर 18 , 19 , 20 , 21 , 33 , 34 , 35, 36 , 52 , 53 , 54, 55, 56, 57 , 58 कुल 15 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल, घोडाडोंगरी एवं पटवारी हल्का नम्बर 37, 38, 39, 40, 41 , 42, 43, 44, 45 , 46 ,47, 48,49 , 50, 51 कुल 15 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मंडल सारणी एवं पटवारी हल्का नंबर 22 , 23 , 24, 25, 26 , 27 , 28, 29 , 30, 31 , 32 कुल 11 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल पाढ़र की सीमाओं का पुनर्गठन करता हूं.
क्र. 2274- एल.आर. -4-का.रा.नि.- 2017 .- शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू संचालन हेतु मैं , शशांक मिश्र (भा.प्र.से. ) कलेक्टर, बैतूल मध्यप्रदेश भू- राजस्व , संहिता , 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए जिले की तहसील, बैतूल के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल , खेडीसावलीगढ़ की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए पटवारी हल्का 1 , 2 , 3, 4 , 5, 19 , 20, 21 , 22, 23 , 24, 25, 26 , 27 कुल 14 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल, खेडीसावलीगढ़ एवं पटवारी हल्का नम्बर 6, 7 , 8 , 9 , 10, 11 , 12 , 13 , 14, 15 , 16 , 17, 18 कुल 13 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मंडल कल्याणपुर की सीमाओं का पुनर्गठन करता हूं.
क्र. 2273 - एल.आर. - 4-का.रा.नि.-2017.-शासकीय कार्यों में सुविधा की दृष्टि से तथा कार्यों के सुचारू संचालन हेतु मैं, शशांक मिश्र (भा.प्र.से. ) कलेक्टर, बैतूल मध्यप्रदेश भू- राजस्व, संहिता, 1959 की धारा 105 में प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए जिले की तहसील , मुलताई के अन्तर्गत प्रशासकीय इकाई वर्तमान राजस्व निरीक्षक मण्डल, मुलताई एवं मासौद की सीमाओं को परिवर्तित करते हुए पटवारी हल्का नम्बर 18, 19 , 20, 21 , 22, 23 , 24, 25 , 26 , 27 , 28 , 29 , 30, 31 , 32, 33 , 34, 35, 36, 37 , 38 , 39, 40, 106 कुल 24 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल, मुलताई एवं पटवारी हल्का नम्बर 98 , 99 , 100, 102, 102, 103 , 104 , 105, 114 , 115 , 116 , 117 , 118 , 119, 120, 121 , 122, 123 , 124 , 125 , 126 , 127 , 128 , 129 , 130 , 131 , 132, 133, 134, 135 कुल 30 हल्कों का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल मासोद एवं पटवारी हल्का नम्बर 1 , 2 , 3 , 4, 5 , 6 , 7, 8 , 9 , 10 , 11 , 12 , 13 , 14 , 15 , 16, 17, 107 , 108 , 109, 110 , 111 , 112 , 113 कुल 24 हल्का का नया राजस्व निरीक्षक मण्डल सांईखेड़ा की सीमाओं का पुनर्गठन करता हूं.
शशांक मिश्र , कलेक्टर.
[ भाग 1 6050
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
कार्यालय , कलेक्टर, एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला शहडोल, मध्यप्रदेश
शहडोलं, दिनांक 20 जून 2017
क्र. 18- भू- अभि. नवी. था. - 2017-764.- दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 ( 1974 का सरल क्रमांक 2 ) की धारा 2 के खण्ड एस एवं शासन के आदेश क्रमांक- एफ-2 ( क) -15-99-बी- 3- दो, दिनांक 11 अक्टूबर 2004 एवं पत्र क्रमांक एफ-2( क )-9-08-बी- 3- दो, दिनांक 30 जुलाई 2010 द्वारा कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक तथा जिला अभियोजन अधिकारी की जिला समिति को प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए समिति की बैठक दिनांक 13 जून 2017 में लिये गये निर्णय के परिप्रेक्ष्य में नीचे दी गयी सारणी में विनिर्दिष्ट क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली पूर्व की अधिसूचना में आंशिक उपान्तरण करते हुए इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के दिनांक सेः-
एक- नीचे दी गयी सारणी के कालम ( 1 ) में उल्लिखित पुलिस थाने से उसके ( सारणी के ) कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को अपवर्जित करते हैं तथा
दो- सारणी के कालम ( 2 ) में विनिर्दिष्ट स्थानीय क्षेत्रों को सारणी के कालम ( 3 ) में उल्लिखित पुलिस थाने , में सम्मिलित करती है.
सारणी
ग्राम/स्थानीय क्षेत्र का नाम
पुलिस थाने का नाम ( तहसील जिला सहित) जिसमें सम्मिलित किया गया है (3)
(2)
पुलिस थाने का नाम ( तहसील जिला सहित) जिसमें से अपवर्जित किया गया है (1)
1. खैरहा
पुलिस थाना खैरहा तहसील बुढ़ार जिला शहडोल म. प्र .
2. बरतरा
पुलिस थाना बुढ़ार तहसील बुढ़ार जिला शहडोल म. प्र.
3. खन्नाथ
4. नवगवां
5. गरूहा
6. अरझुली
7. देवगवां
8. अरझुला
9. छिरहटी
10. सिरौंजा
11. पिपरिया
12. सारंगपुर
13. सिलपरी
14. कठई
15. धमनीकला
16. धमनीखुर्द
17. जवारी
18. करकटी
19. चौराडीह
20. देवगई
21. लखवरिया
22. कोईलहा
23. कुदरी
24. कंदोहा
25 राजेन्द्र कालोनी ( सिरौंजा)
26. मझियार
27. भोंदलखार
28. बंगवार
29. धनौरा
30. अमहाई
31. छिरहनी
32. बरछीडांड
मुकेश कुमार शुक्ल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
6051
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 16 नवम्बर 2017 क्र. एफ 2-121-2017-अ-तेहत्तर
वाणिज्य उद्योग एवं रोजगार विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 2-6/2014/अ- ग्यारह दिनांक 21.07.2014 , सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के आदेश क्रमांक एफ 2-2/ 2016/ अ-तेहत्तर , दिनांक 09.06.2016 एवं एफ 2-2/2016/अ-तेहत्तर , दिनांक 29.08.2016 को अधिक्रमित करते हुए ( 1 ) मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना , (2) मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना, (3 ) मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं (4) मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना का क्रियान्वयन निम्न निर्देशों के तहत किया जाना है
1.1 मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना
योजना का लाभ केवल नवीन उद्यमों की स्थापना हेतु देय होगा । योजनान्तर्गत उद्यमी के प्रशिक्षण का भी प्रावधान होगा। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की अर्हता एवं वित्तीय सहायता संबंधी प्रावधान निम्नानुसार होंगे : -
: रूपये 10 लाख से 2 करोड़ तक ।
(i ) परियोजना लागत
(ii) पात्रता :
: 18-40 वर्ष ।
(क) आयु
(ख) शैक्षाणिक योग्यता
: न्यूनतम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण ।
(ग) आय सीमा
: कोई बंधन नहीं , परन्तु आवेदक का परिवार पहले से ही उद्योग/ व्यापार क्षेत्र में स्थापित होकर आयकरदाता न हो ।
(iii ) वित्तीय सहायता :
(क) मार्जिनमनी सहायता : (अ) सामान्य वर्ग हेतु परियोजना के पूँजीगत लागत
का 15 प्रतिशत। (अधिकतम रूपये 12 लाख)
(ब) BPL हेतु परियोजना के पूँजीगत लागत का 20 [भाग 1 6052
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
प्रतिशत। (अधिकतम रूपये 18 लाख )
(ख) ब्याज अनुदान
: परियोजना के पूँजीगत लागत पर 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से तथा महिला उद्यमी हेतु 6 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से, अधिकतम 7 वर्षों तक। (अधिकतम रूपये 5 लाख प्रतिवर्ष)
: प्रचलित दर से अधिकतम 7 वर्षों तक ।
(ग) गांरटी फीस
(CGTMSE)
(iv) प्रशिक्षण
: उद्यमियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था के संबंध में सम्पूर्ण योजना बनाकर वित्त विभाग की अनुमति से संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जावेगी ।
(v) पात्र परियोजनायें
: उद्योग (विनिर्माण) एवं सेवा क्षेत्र की समस्त परियोजनायें जो CGTMSE अन्तर्गत बैंक ऋण 'गांरटी के लिए पात्र हैं ।
(vi ) योजना का क्रियान्वयन : इस योजना का क्रियान्वयन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग , अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा किया जायेगा ।
1.2 मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना
योजना का लाभ केवल कृषक पुत्री/ पुत्र द्वारा नवीन उद्यमों की स्थापना हेतु देय होगा । इस योजनान्तर्गत अर्हता एवं वित्तीय सहायता संबंधी प्रावधान निम्नानुसार होंगे : -
: रूपये 10 लाख से 2 करोड़ तक ।
परियोजना लागत
(i)
(ii) पात्रता :
18-40 वर्ष ।
:
(क) आयु
: न्यूनतम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण ।
(ख)शैक्षाणिक योग्यता
(ग) आय सीमा
: कोई बंधन नहीं , परन्तु आवेदक का परिवार पहले से ही उद्योग/ व्यापार क्षेत्र में स्थापित होकर आयकरदाता न हो ।
(घ) किसान पुत्री/पुत्र : किसान पुत्री/पुत्र वह होंगे जिनके माता , पिता या स्वयं के पास कृषि भूमि हो तथा वह आर्यकरदाता न हो । 6053
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(iii) वित्तीय सहायता :
(क) मार्जिनमनी सहायता : (अ) सामान्य वर्ग हेतु परियोजना के पूँजीगत लागत का 15 प्रतिशत। (अधिकतम रूपये 12 लाख )
(ब) BPL हेतु परियोजना के पूँजीगत लागत का 20 प्रतिशत । (अधिकतम रूपये 18 लाख )
(ख) ब्याज अनुदान
: परियोजना के पूँजीगत लागत का 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से तथा महिला उद्यमी हेतु 6 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से, अधिकतम 7 वर्षों तक। (अधिकतम रूपये 5 लाख प्रतिवर्ष)
प्रचलित दर से अधिकतम 7 वर्षों तक ।
:
(ग) गांरटी फीस (CGTMSE)
:
(iv) प्रशिक्षण
: उद्यमियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था के संबंध में सम्पूर्ण योजना बनाकर वित्त विभाग की अनुमति से संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक 'कार्यवाही की जावेगी।
(v) पात्र परियोजनायें
: उद्योग (विनिर्माण) एवं सेवा क्षेत्र से संबंधित कृषि आधारित परियोजनाऐं- एग्रो प्रोसेसिंग , फूड प्रोसेसिंग , कोल्ड स्टोरेज , मिल्क प्रोसेसिंग , केटल फीड , पोल्ट्री फीड, फिश फीड , कस्टम हायरिंग सेंटर , वेजीटेबल डीहाईड्रेशन , टिश्यू कल्चर, कैटल फीड , दाल मिल , राईस मिल , आईल मिल , फ्लोर मिल , बेकरी , मसाला निर्माण, सीड ग्रेडिंग/शॉर्टिंग व अन्य कृषि आधारित/ अनुषांगिक परियोजनाएँ ।
(vi ) योजना का क्रियान्वयन : इस योजना का क्रियान्वयन किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग , उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग , मछुआ कल्याण तथा मत्स्य पालन विभाग एवं पशुपालन विभाग के द्वारा किया जाएगा । [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6054
.3 मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना
योजना का लाभ केवल नवीन उद्यमों की स्थापना हेतु देय होगा । इस योजना के प्रावधान विभिन्न विभागों के लिए समान रहेगा । योजना की अर्हता एवं वित्तीय सहायता संबंधी प्रावधान निम्नानुसार होंगे:-
(i) परियोजना लागत : रूपये 50,000 से 10 लाख तक ।
(ii ) पात्रता:
: 18-45 वर्ष ।
(क) आयु
: न्यूनतम पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण ।
(ख)शैक्षाणिक योग्यता
(ग) आय सीमा
: कोई बंधन नहीं, परन्तु आवेदक का परिवार पहले से ही उद्योग/ व्यापार क्षेत्र में स्थापित होकर आयकरदाता न हो ।
(iii) वित्तीय सहायता:
(क)मार्जिनमनी सहायता : (अ) सामान्य वर्ग हेतु परियोजना लागत का 15 प्रतिशत (अधिकतम रु. 1.00 लाख ) ।
(ब) बीपीएल/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति /अन्य पिछड़ा वर्ग (क्रीमीलेयर को छोडकर) /महिला/अल्पसंख्यक/ निःशक्तजन हेतु परियोजना लागत का 30 प्रतिशतं (अधिकतम रू. 2 लाख) ।
(स)- अतिरिक्त प्रावधान
(i) विमुक्त घुमक्कड एवं अर्धघुमक्कड जनजाति को परियोजना लागत का 30 प्रतिशत (अधिकतम रु. 3.00 लाख ) ।
(ii ) भोपाल गैस पीडित परिवार के सदस्यों को परियोजना लागत पर अतिरिक्त 20 प्रतिशत (अधिकतम रू. 1.00 लाख ) की पात्रता है । (ख) ब्याज अनुदान
: परियोजना लागत का 5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से तथा महिला उद्यमी हेतु 6 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से, अधिकतम 7 वर्षों तक। (अधिकतम रु. 25,000 प्रतिवर्ष)
प्रचलित दर से अधिकतम 7 वर्षों तक । (ग) गांरटी फीस (CGTMSE/ CGFMU) :
6055
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(LV) पात्र परियोजनायें
: उद्योग (विनिर्माण ) , सेवा एवं व्यवसाय की समस्त परियोजनायें जो CGTMSE / CGFMU अन्तर्गत बैंक ऋण गांरटी के लिए पात्र हैं।
( योजना का क्रियान्वयन : इस योजना का क्रियान्वयन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग , पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग , नगरीय विकास एवं आवास विभाग, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग एवं विमुक्त घुमक्कड एवं अर्धघुमक्कड जनजाति कल्याण विभाग द्वारा किया जायेगा ।
1.4 मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना
यह योजना के अन्तर्गत समाज के सबसे गरीब वर्ग को कम लागत के उपकरण तथा /या कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जावेगी । योजना का लाभ केवल नवीन 'उद्यमों की स्थापना हेतु देय होगा। योजना की अर्हता एवं वित्तीय सहायता के प्रावधान निम्नानुसार होंगे: -
(i ) परियोजना लागत : अधिकतम रूपये 50,000 ।
(ii) पात्रता:
: 18-55 वर्ष ।
(क) आयु
: कोई बंधन नहीं ।
(ख) शैक्षाणिक योग्यता
(ग) आय श्रेणी
: राष्ट्रीय खाद्यान मिशन के अन्त्योदय /प्राथमिक परिवार का सदस्य (पीडीएस कार्डधारी)
(iii) वित्तीय सहायता:
(क) मार्जिन मनी सहायता : (अ) सामान्य वर्ग के लिए परियोजना लागत का 15 प्रतिशत ।
(ब) बीपीएल/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति /अन्य पिछड़ावर्ग( क्रीमीलेयर को छोडकर )/ महिला/ अल्पसंख्यक/निःशक्तजन/विमुक्त घुमक्कड एवं अर्धघुमक्कड जनजाति हेतु परियोजना लागत का 50 प्रतिशत , अधिकतम रु. 15,000 1 [भाग 1
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6056
(M) पात्र परियोजनायें
: केश शिल्पी, स्ट्रीट वेण्डर , हाथठेला चालक , साइकिल रिक्शा चालक , कुम्हार , आदि ।
(v) योजना का क्रियान्वयन : इस योजना का क्रियान्वयन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग , कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग , पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग , नगरीय विकास एवं आवास विभाग, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग एवं विमुक्त घुमक्कड एवं अर्धघुमक्कड जनजाति कल्याण विभाग द्वारा किया जायेगा । प्रत्येक विभाग द्वारा अपने विभागीय बजट में इन योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु प्रावधान किया जावे तथा तद्नुसार ही. लक्ष्य का निर्धारण किया जावे। विभागों का प्रयास रहे कि औसत प्रति हितग्राही पूंजी निवेश, योजनाओं की परियोजना लागत की अधिकतम राशि के 50 प्रतिशत से अधिक रहे ।
3. योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रक्रियाओं का निर्धारण तथा योजना के प्रारूप का अनुमोदन संबंधित विभाग द्वारा प्रशासकीय अनुमोदन तथा वित्त विभाग की सहमति से किया जावे । इस हेतु पृथक से मंत्रि-परिषद् के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी ।
4. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग इन योजनाओं के समन्वय एवं क्रियान्वयन संबंधी आंकड़े एकत्र करने हेतु नोडल विभाग होगा।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, व्ही. एल. कान्ता राव, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 16 नवम्बर 2017
क्रमांक एफ 5-21 / 2017/अ- तेहत्तर : राज्य शासन द्वारा संलग्न परिशिष्ट- एक अनुसार " मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति, 2017 " तथा संलग्न परिशिष्ट-दो अनुसार "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना, 2017 " जारी की जाती है । संलग्न: -उपरोक्तानुसार
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, धनंजय सिंह, उपसचिव.
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भाग 1 ]
परिशिष्ट-एक म. प्र . एमएसएमई विकास नीति , 2017
1. परिचय
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई ) क्षेत्र देश में सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए इंजन माना जाता है और यह तेजी से भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे जीवंत और गतिशील क्षेत्र के रूप में उभर रहा है । एमएसएमई प्राथमिक क्षेत्र के बाद रोजगार का सबसे बड़ा सृजक है । आज देश में सामने आने वाली मुख्य चुनौतियों में से एक रोजगार सृजन है और यह तथ्य एमएसएमई क्षेत्र के विकास को सबसे महत्वपूर्ण बना देता है । मध्यप्रदेश सरकार इस पहलू को स्वीकार करती है और तदनुसार राज्य में एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए अधिकत्तम जोर दिया जा रहा है ।
राज्य में एमएसएमई की स्थापना तथा विकास हेतु एक सहायक और सक्रिय पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए बहु आयामी पहल राज्य में की गई है । मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में एमएसएमई स्थापित हैं , जो मुख्य रूप से इंजीनियरिंग , वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण आदि जैसे क्षेत्रों की औद्योगिक मूल्य श्रृंखला में उत्पादनकर्ताओं के रूप में कार्य करती हैं । म . प्र . में लगभग 3 लाख पंजीकृत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम हैं और एमएसएमई की स्थापना में दिनोदिन वृद्धि हो रही है । वित्तीय वर्ष 2016-17 में 87,000 इकाइयों द्वारा अपने पंजीयन हेतु उद्योग आधार मेमोरेण्डम ( UAM) फाईल किये गये थे, जो वित्तीय वर्ष 2015-16 में पंजीकृत UAM से लगभग दोगुने हैं । रोजगार सृजन और आर्थिक व सामाजिक विकास में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका को ध्यान में रखते हुए राज्य ने इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया और इन उद्देश्यों के साथ एमएसएमई के लिए समर्पित एक विभाग, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग बनाया गया है ।
एमएसएमई क्षेत्र के लिए अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए केन्द्रीय और राज्य स्तर पर मध्य प्रदेश ने नीतिगत पहल से कई कदम उठाए हैं । व्यापार करने की आसानी में सुधार लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रगतिशील कदम उठाए गए हैं । राज्य सरकार द्वारा उद्यमशीलता की संस्कृति विकसित करने व नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु म. प्र . इंक्यूबेशन और स्टार्टअप नीति 2016 जारी की गई है। यह नीति राज्य में इन्क्यूबेटरों , प्लग और प्ले की सुविधाओं और स्टार्टअप की स्थापना को प्रोत्साहित कर रही है और हमारे युवाओं को नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी प्रदाय करने वाला बनाने का सपना साकार करने में मदद कर रही है । एमएसएमई के विकास के पहलुओं पर सुझाव और सलाह देने के लिए राज्य के प्रमुख उद्योग संघों के [भाग 1
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सहयोग से 'लघु उद्योग संवर्धन बोर्ड का गठन किया गया है। बोर्ड द्वारा मासिक आधार पर बैठक की जाती है ।
युवा सशक्तिकरण मध्यप्रदेश सरकार के विकास के एजेंडा का केंद्र है । राज्य के युवाओं की राज्य के विकास में योगदान करने की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और उन्हें सफल होने के लिए संशक्त होना है । युवाओं द्वारा उद्यमों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री कस्टम प्रोसेसिंग सेंटर्स योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना शुरू की गई है , जिसके तहत युवाओं को अपने उद्यम की स्थापना के लिए वित्तपोषण के साथ ब्याज अनुदान, मार्जिन मनी सहायता और क्रेडिट गारंटी का प्रावधान किया गया है ।
राज्य सरकार मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया , डिजिटल इंडिया , स्टैंडअप इंडिया आदि के लिए प्रतिबद्ध हैं और राज्य में एक जीवंत एमएसएमई के विकास की प्रक्रिया में सहभागी है। इस प्रतिबद्धता के साथ , राज्य सरकार ने म. प्र . की एमएसएमई को समर्पित नीति, " म. प्र. एमएसएमई विकास नीति 2017" को लागू करने का निर्णय लिया है । इस नीति का संपर्क राज्य में एमएसएमई क्षेत्र के केंद्रित विकास की ओर जाने वाले समस्त पहलुओं से है। नीति का मसौदा उद्योग संघों, वित्तीय संस्थानों, विशेषज्ञों और संबंधित सरकारी विभागों सहित सभी हितधारकों की राय एवं सुझावों को लेने के बाद परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किया गया है।
2. नीति का उद्देश्य
एमएसएमई विकास नीति का उद्देश्य रोजगार सृजन, समावेशी विकास, एक सक्रिय नीति एवं विनियामक वातावरण बनाना , स्वरोजगार के लिए अवसर पैदा करना आदि के माध्यम से राज्य के समग्र औद्योगिक विकास के लक्ष्य को प्राप्त करना हैं।
3: नीति केन्द्रित क्षेत्र
नीतिगत उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इस नीति के केंद्रित क्षेत्र निम्नानुसार हैं: - (i ) नीति और विनियामक ढांचे के सरलीकरण के माध्यम से व्यापार करने में सुविधा । (ii) पात्र एमएसएमई इकाइयों को रियायतें प्रदान करने हेतु प्रक्रियात्मक सुधार। ( iii) एमएसएमई के लिए बेहतर अधोसंरचना सुविधाओं का निर्माण और रखरखाव। 4. नीति की प्रभावशील अवधि एवं कार्यक्षेत्र
4.1 यह नीति दिनांक 1 अप्रेल , 2018 से सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में प्रभावशील होगी । 4.2 यह नीति प्रदेश की नई एमएसएमई विकास नीति द्वारा प्रतिस्थापित किये जाने तक जारी रहेगी। 6059
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भाग 1 ]
4.3 31 मार्च , 2018 के बाद वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने वाली विनिर्माण क्षेत्र की एमएसएमई इस नीति के तहत सहायता प्राप्त करने के लिये पात्र होंगी अर्थात् इस नीति के लागू होने के पश्चात् नवीन विनिर्माण इकाईयों के लिये म. प्र. एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2014 की सुविधाओं/ सहायताओं का विकल्प समाप्त होगा । 1 अप्रैल , 2018 से पहले उत्पादन प्रारंभ करने वाली विनिर्माण क्षेत्र की एमएसएमई , उद्योग संवर्धन नीति 2014 या इससे पहले की नीतियों, जैसी भी स्थिति हो , के तहत सहायता प्राप्त करने के लिये पात्र होंगी ।
4.4 1. अप्रेल , 2018 से पहले उत्पादन प्रारंभ करने वाली विनिर्माण क्षेत्र की एमएसएमई द्वारा इस नीति की प्रभावशील अवधि में यदि गुणवत्ता के प्रमाणन हेतु प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाता है एवं/ या पेंटेंट प्राप्त किया जाता है, तो उसे इस नीति अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणीकरण के लिए प्रतिपूर्ति एवं/ या पेटेंट के लिये प्रतिपूर्ति की सहायता प्राप्त होगी।
4.5 "म. प्र . एमएसएमई विकास नीति 2017 " की प्रभावशील अवधि में पॉवरलूम का उन्नयन करने पर पॉवरलूम इकाई को सहायता प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार उक्त अवधि में निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना करने वाली संस्था/ऐजेन्सी/निवेशक को सहायता प्रदान की जाएगी।
नीति के लिए शब्दावलीः
5.
(i) नीति से सामान्य अभिप्रेत है, " म . प्र. एमएसएमई विकास नीति 2017 " । (ii) एमएसएमई से अभिप्रेत है, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 (समय - समय पर किए गए संशोधन सहित ) में परिभाषित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम ।
(iii) इकाई से अभिप्रेत है, एमएसएमई श्रेणी की विनिर्माण इकाई।
(iv ) स्थायी पूंजी निवेश से अभिप्रेत है, भूमि, भवन , संयंत्र व मशीनरी और अन्य स्थिर अस्तियों में किया गया कुल निवेश।
(v) संयंत्र और मशीनरी में किये गये निवेश से अभिप्रेत है, मशीनों और उद्योग द्वारा औद्योगिक निर्माण प्रक्रिया को चलाने के लिए आवश्यक उपकरणों में किया गया निवेश , मशीनों के परिवहन पर हुआ व्यय, मशीनों पर जीएसटी व अन्य कर (भूमि, भवन, औद्योगिक सुरक्षा उपकरण, जनरेटर सेट, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण, अनुसंधान व विकास उपकरण , अतिरिक्त ट्रांसफार्मर, स्टोरेज टैंक, गोदाम और अग्निशमन उपकरणों में किये गये व्यय को छोड़कर) । यह निवेश इकाई की वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक से अधिकतम तीन वर्ष पूर्व का मान्य होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6060
[भाग 1 (vi ) नई औद्योगिक इकाई से अभिप्रेत है , एमएसएमई श्रेणी की ऐसी विनिर्माण इकाई, जो मध्यप्रदेश राज्य के किसी भी जिले में स्थापित हो एवं जिसमें दिनांक 01.04.2018 को अथवा उसके पश्चात् परंतु इस नीति को शासन द्वारा संशोधित या अधिक्रमित किये जाने तक वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ हुआ हो ।
(vii ) विद्यमान औद्योगिक इकाई से अभिप्रेत , एमएसएमई श्रेणी की ऐसी विनिर्माण इकाई से है, जिसमें दिनांक 01.04.2018 के पूर्व वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ हुआ हो या ऐसी नई औद्योगिक इकाई जिसके द्वारा इस नीति के राज्य शासन द्वारा संशोधित या अधिक्रमित किये जाने तक विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन किया गया हो ।
(viii ) वाणिज्यिक उत्पादन की दिनांक से अभिप्रेत , इकाई द्वारा उत्पादन प्रारंभ कर उत्पादित माल के प्रथम बार विक्रय के दिनांक अर्थात प्रथम विक्रय के देयक के दिनांक से है ।
(ix) पूर्व में किये गये संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश से अभिप्रेत , विद्यमान औद्योगिक इकाई द्वारा , जिस वर्ष में विस्तार /डायवर्सीफिकेशन / तकनीकी उन्नयन के लिए नवीन पूंजी निवेश करना प्रारम्भ किया गया हो , उस वर्ष के ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि की स्थिति में किया गया संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश अथवा विद्यमान औद्योगिक इकाई में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने की तिथि की स्थिति में किया गया संयंत्र एवं मशीनरी में निवेश, जो भी अधिक हो, से होगा ।
(x) पूर्व स्थापित क्षमता से अभिप्रेत, विद्यमान औद्योगिक इकाई द्वारा , जिस वर्ष में विस्तार /डायवर्सीफिकेशन के लिए नंचीन पूंजी निवेश करना प्रारम्भ किया गया हो, उस वर्ष के ठीक पूर्ववर्ती तीन वित्तीय वर्षों के वार्षिक उत्पादन का औसत या विद्यमान औद्योगिक इकाई की वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक के समय स्थापित क्षमता , इसमें से जो भी अधिक हो , से है।
(xi ) जीएसटी से अभिप्रेत , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 में परिभाषित 'राज्य कर' से है।
(xii ) गुणवत्ता प्रमाणीकरण से अभिप्रेत, एमएसएमई की गुणवत्ता प्रमाणीकरण हेतु तीसरे पक्ष की अधिकृत एजेंसियों द्वारा प्रदाय आईएसओ, जीएमपी और सीजीएमपी प्रमाणपत्रों से है । 6061
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(xiii ) वैण्डर से अभिप्रेत , ऐसी विनिर्माण एमएसएमई से है, जो निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में एक मध्यम/ वृहद स्तर की इकाई के लिए अपने उत्पादों को बेचने का इरादा रखती है ।
(xiv) एंकर यूनिट से अभिप्रेत , निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में एक मध्यम/ वृहद स्तर की इकाई से है, जो राज्य के एमएसएमई से उत्पादों को खरीदने का इरादा रखती है । (xv) अंशदायी भविष्य निधि से अभिप्रेत , अंशदायी भविष्य निधि नियम ( भारत) , 1962 (समय - समय पर किये गये संशोधनों सहित) के अनुसार परिभाषित अंशदायी भविष्य निधि से है ।
(xvi ) पेटेंट से अभिप्रेत , पेटेंट अधिनियम, 1970 (समय- समय पर किये गये संशोधनों सहित) में परिभाषित और या अंतर्निहित पेटेंट से है ।
(xvii ) उद्योग संचालनालय से अभिप्रेत मध्यप्रदेश शासन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अधीन उद्योग संचालनालय से है ।
6. व्यापार करने में आसानी
राज्य के उद्योगों के संवर्धन तथा विकास हेतु निरंतर नियामक सुधार और प्रक्रियाओं के सरलीकरण के माध्यम से म. प्र . शासन द्वारा मध्य प्रदेश में कारोबारी माहौल को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न पहल की गई हैं । सरकार द्वारा एमएसएमई को राज्य में कारोबार करने के लिए उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं में सुधारों के प्रयासों को एमएसएमई विभाग निरंतर रखेगा । एमएसएमई के लिए सेवाओं में सुधारों के प्रयासों के तहत अब तक निम्न कदम लिये गये हैं:
6.1 एमएसएमई से संबंधित विभिन्न विभागों की बड़ी संख्या में सहमति/अनुमतियाँ ऑनलाइन कर दी गई हैं ।
6.2 श्रम कानूनों के पुराने प्रावधानों में प्रक्रियाओं का तार्किक सरलीकरण कर संशोधन किया गया है ।
6.3 लघु उद्योगों को श्रम कानूनों के अनुसार रियायत दी गई है ताकि वे कुशलतापूर्वक कार्य कर सकें।
6.4 म. प्र . शासन द्वारा लघु उद्योग संवर्धन बोर्ड का गठन किया गया है, जिसमें राज्य के लघु उद्योगों के संवर्धन हेतु सुझाव व सलाह प्रदान करने के लिए राज्य के प्रमुख औद्योगिक संघों को शामिल किया गया है ।
6.5 एमएसएमई के लिए भू- आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है । [भाग 1
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6.6 शासकीय विभागों में एमएसएमई प्रदायकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें क्रय प्राथमिकता देने के लिए राज्य भंडार क्रय नियम को संशोधित किया गया है । 7 . एमएसएमई का फेसिलिटेशन
7.1 एमएसएमई व्यापार सुविधा केंद्र ( MBFC ) एमएसएमई को फेसिलिटेशन प्रदान करने के लिये, उद्योग आयुक्त के कार्यालय के लिए एक सैल का गठन किया गया है और इस सैल के माध्यम से कंसलटेंट राज्य भर में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों में प्रतिनियुक्त किये गये हैं ताकि सभी संभव हैण्डहोल्डिंग सहायता एमएसएमई तक पहुंचाई जा सके। इस सैल के द्वारा राज्य में एमएसएमई विकास पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
7.2 परिवाद के समाधान के लिए संस्थागत उपाय
सरकारी एजेंसियों द्वारा भुगतान में देरी के कारण एमएसएमई के सामने आने वाले विभिन्न मुद्दों को दूर करने के लिए एमएसएमई विकास अधिनियम 2006 के अनुसार मध्य प्रदेश सूक्ष्म एवं लघु उद्यम फसिलिटेशन काउंसिल (MSEFC ) का गठन किया गया है । काउंसिल द्वाराः राज्य में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों परिवाद के समाधान के लिए अपनी सेवाएं दी जा रही हैं ।
8. एमएसएमई के लिए समर्थन
8.1 विभिन्न उपायों के माध्यम से राज्य सरकार वैण्डर और एंकर इकाइयों के मध्य संपर्क को प्रोत्साहित करेगी तथा सहूलियतें प्रदान करेगी ।
8.2 लीन विनिर्माण , ऊर्जा संरक्षण, अनुपालन कोड, उत्पाद डिजाइन और विकास , गुणवत्ता प्रमाणन , आईटी का उपयोग , उत्पाद विविधीकरण और उन्नयन, पैकेजिंग और बार-कोडिंग जैसी नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग को राज्य सरकार प्रोत्साहित करेगी तथा सहूलियतें प्रदान करेगी ।
9. स्वरोजगार
9.1 युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर को बढ़ाने के उद्देश्य से, एमएसएमई विभाग द्वारा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना नामक स्वरोजगार योजनाएँ संचालित की जा रही हैं । योजनाओं के लाभों को पात्र एवं जरूरतमंद युवाओं तक पहुंचना सुनिश्चित करने हेतु विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
9.2 मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के चयनित लाभार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों/ प्रदर्शनीयों में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा। 6063
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भाग 1 ]
9.3 स्वरोजगार के लिए आसानी से सुलभ निःशुल्क ऑनलाइन प्रशिक्षण मॉड्यूल का विकास किया जाएगा ।
10. स्टार्ट-अप और इंक्यूबेशन को सहायता
राज्य में युवा उद्यमियों के लिए नवाचार और प्रारंभिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए , मध्य प्रदेश सरकार ने " म. प्र . इंक्यूबेशन और स्टार्टअप नीति 2016 " तथा नीति को क्रियान्वित करने के लिए 'म . प्र . इंक्यूबेशन और स्टार्टअप संवर्धन योजना 2016' जारी की गयी है ।
11. औद्योगिक अधोसंरचना
< 11.1 एमएसएमई विभाग द्वारा एमएसएमई विकास नीति 2017 के अनुरूप नवीन भू-आवंटन और भू- प्रबंधन नियम लाया जाएगा ।
11.2 मध्यम श्रेणी के विनिर्माण उद्यमों को मांग अनुसार एमएसएमई विभाग के आधिपत्य की अविकसित भूमि आवंटित करने हेतु नियमों में "प्रावधान किया जाएगा ।
11.3 भविष्य में विशेष रूप से एमएसएमई इकाइयों हेतु औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए एमएसएमई विभाग शासकीय भूमि के "लैंड बैंक " को बढ़ाएगा/ विस्तार करेगा ।
11.4 राज्य शासन द्वारा औद्योगिक क्षेत्र विहीन , जिलों में एमएसएमई के लिये औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जाएंगा ।
11.5 एमएसएमई के लिये निजी औद्योगिक क्षेत्रों तथा बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा ।
11.6 औद्योगिक संघों को निजी भागीदारी के माध्यम से संबंधित औद्योगिक क्षेत्रों के संधारण का अवसर दिया जाएगा ।
11.7 इकाइयों को भू- आवंटन की प्रक्रिया में गति लाने के लिए एक ऑनलाइन भू आवेदन और आवंटन प्रणाली सुदृढ़ की जाएगी ।
11.8. मध्य प्रदेश राज्य में एमएसएमई के संबंध में समस्त आवेदन प्रक्रिया और भू- आवंटन एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा । [भाग 1 6064
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12. क्लस्टर विकास
12.1 राज्य सरकार समस्त राज्य में क्लस्टरों के विकास के लिए सहायता प्रदान करेगी । इस सहायता के अंतर्गत बहुमंजिला औद्योगिक परिसर सार्वजनिक अधोसंरचना और सार्वजनिक सुविधाओं का विकास शामिल होगा।
12.2 राज्य सरकार क्लस्टर विकास के लिए विभिन्न केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के तहत उपलब्ध सहायता प्राप्त करने हेतु प्रयास करेगी । एक क्लस्टर विकास समन्वय समिति (CDCC ) इस दिशा में पहल की निगरानी के लिए उद्योग आयुक्त , मध्य प्रदेश शासन की अध्यक्षता में गठित की जाएगी।
12.3 क्लस्टरों के विकास में राज्य सरकार की ओर से वित्तीय सहायता देने हेतु योजना तैयार की जाएगी ।
< 12.4 एमएसएमई विभाग के भीतर एक समर्पित क्लस्टर विकास सैल भी स्थापित किया जाएगा । क्लस्टर विकास सैल राज्य में क्लस्टर विकास हेतु प्रारंभ किये गये कार्यों के प्रभावी समन्वय के लिए जिम्मेदार होगा ।
13. रियायतें
13.1 इस नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन/ रियायतः संबंधी वित्तीय सहायता केवल औद्योगिक इकाई के लिए उपलब्ध होंगी । इस नीति की कण्डिका 13.8.6 में दी गई सहायता पॉवरलूम इकाई को तथा कण्डिका 13.8.2.2 में दी गई सहायता संस्था/ऐजेन्सी/निवेशक को दी जाएगी ।
13.2 नीति के क्रियान्वयन हेतु उद्योग संचालनालय , म . प्र. नोडल ऐजेन्सी होगा , जो अधीनस्थ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रों के माध्यम से रियायतें प्रदान करेगा । 13.3 औद्योगिक इकाई को सूक्ष्म , लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम , 2006 अंतर्गत उद्योग आधार ज्ञापन फाइल करना और 'मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017' (जीएसटी अधिनियम ) अंतर्गत पंजीयन कराना सहायता/सुविधा प्राप्त करने के लिये आवश्यक होगा । साथ ही विस्तार /डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन के प्रकरणों में पूर्व से जीएसटी अधिनियम अंतर्गत पंजीयन होने पर भी पृथक से विस्तार /डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन हेतु पंजीयन कराना होगा । किसी कंपनी /फर्म या संस्था का जीएसटी अधिनियम अंतर्गत पंजीयन होने पर भी उसकी इकाई को इस नीति अंतर्गत सहायता प्राप्त करने हेतु पृथक से जीएसटी अधिनियम अंतर्गत पंजीयन कराना आवश्यक होगा । 6065
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13.4 किसी भी मामले में , इकाई को रियायतों की कुल राशि इकाई द्वारा किये गये स्थायी पूंजी निवेश से अधिक नहीं होगी और रियायत प्राप्त इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक से पांच वर्ष तक कार्यरत रहना आवश्यक होगा ।
13.5. यदि राज्य शासन की ऐसी एक से अधिक नीतियाँ हैं, जिनके अंतर्गत इकाई प्रोत्साहन /रियायतें प्राप्त कर सकती है , तो इकाई किसी एक नीति का चयन कर सकेगी और उसे केवल चयनित नीति अंतर्गत ही प्रोत्साहन/ रियायतें लेने की पात्रता होगी ।
13.6 कोई इकाई , जिसने स्वरोजगार योजनाओं के तहत प्रोत्साहनों का लाभ प्राप्त किया हो, वह म. प्र . एमएसएमई विकास नीति , 2017 के तहत किसी भी प्रोत्साहन/सहायता का लाभ लेने के लिये पात्र नहीं होगी ।
13.7 हालाँकि, यदि एक इकाई इस नीति के तहत अपनी पात्रता के अतिरिक्त भारत सरकार से वित्तीय सहायता का लाभ लेना चाहे तो , वह इस शर्त के अधीन ऐसा कर सकती है कि उसे प्राप्त होने वाले अनुदान उसके द्वारा किये गये स्थायी पूंजी निवेश से अधिक न हों ।
13.8 परिशिष्ट-अ में उल्लेखित अपात्र उद्योगों को छोड़कर , मध्यप्रदेश में स्थापित इकाइयों को निम्नलिखित रियायतों की पात्रता होगी:
13.8.1 उद्योग विकास अनुदान
सूक्ष्म, लघु और मध्यम विनिर्माण उद्यमों को संयंत्र एवं मशीनरी में किये गये निवेश का 40% उद्योग विकास अनुदान के रूप में 5 समान वार्षिक किश्तों में प्रदान किया जाएगा ।
13.8.2 अधोसंरचना विकास के लिए वित्तीय सहायता
13.8.2.1 यदि निवेशक मध्यम श्रेणी के विनिर्माण उद्यम की स्थापना हेतु निजी भूमि क्रय करता है या अविकसित शासकीय भूमि शासन से प्राप्त करता है तो ऐसी इकाइयों को इकाई परिसर तक पानी , सड़क , और बिजली के अधोसंरचना विकास में किये गये व्यय का 50% वित्तीय सहायता , अधिकतम रुपये 25 लाख राज्य शासन द्वारा प्रदान की जाएगी ।
13.8.2.2 राज्य में विनिर्माण एमएसएमई के लिये निजी औद्योगिक क्षेत्रों/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/विकास को प्रोत्साहित करने हेतु सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। निजी [भाग 1 6066
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
परिसर की औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक स्थापना/विकास में व्यय हुई राशि का 20 प्रतिशत अधिकतम रू. 2 करोड़ , सहायता के रूप में निजी क्षेत्रों को उपलब्ध कराया जाएगा , बशर्तें इस प्रकार विकसित औद्योगिक क्षेत्र का क्षेत्रफल कम से कम 5 एकड़ हो या बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का कारपेट क्षेत्र कम से कम 10000 वर्ग फीट हो और विकसित औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर में कम से कम पांच औद्योगिक इकाईयां कार्यरत हों ।
13.8.2.3 औद्योगिक इकाईयों को अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों (जैसे ईटीपी , एसटीपी आदि ) की स्थापना में निवेश के लिए 50 प्रतिशत पूंजी अनुदान अधिकतम 25 लाख रुपए प्रदान किया जाएगा ।
13.8.3 अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) में योगदान की प्रतिपूर्ति यदि न्यूनतम 10 नियमित कर्मचारियों के सीपीएफ. में किसी इकाई द्वारा अधिकतम 1000 रूपये (प्रत्येक कर्मचारी हेतु) नियोक्ता के अंश के रूप में जमा किये जा रहें हों, तो ऐसे सभी कर्मचारियों के नियोक्ता के अंश की शत प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति 5 वर्ष की अवधि के लिये या अधिकतम रु . 5 लाख ( इनमें से जो भी कम हो ) की जाएगी ।
13.8.4 गुणवत्ता प्रमाणीकरण के. लिए प्रतिपूर्ति इकाइयों द्वारा गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु किए गए व्यय का 50% , अधिकतम रू . 3 लाख की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा की जाएगी ।
13.8.5 पेटेंट/आईपीआर के लिए प्रतिपूर्ति
इकाईयों द्वारा पेटेंट/आईपीआर पंजीकरण करने हेतु किए गए व्यय का शत प्रतिशत , अधिकतम 5 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा की जाएगी ।
13.8.6 पॉवरलूम उन्नयन हेतु सहायता
13.8.6.1 भारत सरकार की INSITU अपग्रेडेशन योजना के तहत पॉवरलूम का उन्नयन करने के लिए किये गये व्यय में से , भारत सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता के समायोजन के 6067
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भाग 1 ]
पश्चात्, शेष राशि का शत - प्रतिशत या उन्नयन लागत का 25% , जो भी कम हो , अधिकतम 8 पॉवरलूम प्रति इकाई राज्य शासन द्वारा प्रदान किया जाएगा ।
13.8.6.2 प्रदेश के 150. अश्वशक्ति तक के पॉवरलूमों को उर्जा विभाग द्वारा रियायती दरों पर विद्युत उपलब्ध कराई जाएगी और दी गई रियायत की प्रतिपूर्ति एमएसएमई विभाग द्वारा संबंधित विद्युत वितरण कंपनी को की जाएगी।
14. विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन
14.1 सूक्ष्म व लघु स्तर की विद्यमान औद्योगिक इकाई, जिनमें संयंत्र और मशीनरी में अपने विद्यमान निवेश का न्यूनतम 50% अतिरिक्त निवेश , जो रू. 25 लाख से कम नहीं हो , विस्तार / डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन पर किया गया है , उन्हें नई औद्योगिक इकाई के समकक्ष सहायता/सुविधाओं की पात्रता होगी।
14.2 मध्यम स्तर की विद्यमान औद्योगिक इकाई , जिनमें संयंत्र और मंशीनरी में अपने विद्यमान निवेश का न्यूनतम 30% अतिरिक्त निवेश विस्तार /डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन पर किया गया है , उन्हें नई औद्योगिक इकाई के समकक्ष सहायता/सुविधाओं की पात्रता होगी ।
14.3 इकाई का विस्तार/ डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन के बाद संयंत्र और मशीनरी में कुल निवेश रू . 15 करोड़ से अधिक होने पर वह वृहद श्रेणी के उद्योगों हेतु सहायता/ सुविधाओं के लिये पात्र होगी ।
14.4 विस्तार/डायवर्सिफिकेशन के प्रकरणों में उपरोक्त सुविधा इकाईयों को पूर्व स्थापित क्षमता में कमी नहीं होने की शर्त के साथ प्राप्त होगी ।
14.5 विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन अंतर्गत पात्रता का निर्धारण इकाई द्वारा उसकी विस्तार /डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन अंतर्गत उत्पादन दिनांक से पिछले तीन वर्ष में, परंतु विस्तार/ डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन के पूर्व की वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक के पश्चात , संयंत्र और मशीनरी में किए गए नवीन निवेश से किया जाएगा ।
15. जिला स्तरीय समिति
पूर्व प्रचलित उद्योग संवर्धन नीतिओं अंतर्गत सहायता/ सुविधा प्रदान करने हेतु गठित समितिओं को समाप्त कर एक जिला स्तर की साधिकार समिति का गठन किया जाएगा, जो वर्तमान नीति के साथ - साथ पहले की नीतियों से संबंधित स्वीकृति , निगरानी आदि जैसे मामलों / मुद्दों को हल करने के लिए सक्षम होगी।
उद्योग संवर्धन नीति 2010/2014 के अंतर्गत शेष सहायता
16. ऐसी एमएसएमई इकाइयाँ , जिन्हें उद्योग संवर्धन नीति 2010/2014 के अंतर्गत वैट /सीएसटी प्रतिपूर्ति और / या प्रवेश कर में छूट की सुविधा स्वीकृत हुई हो और उनकी पात्रता अवधि 30 जून , 2017 के पश्चात् भी पात्रतानुसार शेष हो, के प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा गठित समिति की अनुशंसा अनुसार किया जाएगा। 6068
[ भाग 1
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17. लघु स्तर की बीमार औद्योगिक इकाईयों का पुनर्जीवन
राज्य में संभावित व्यवहार्य बीमार इकाइयों को पुनर्जीवित करने के लिए , बीमार इकाईयों के लिए पॉलिसी पैकेज निम्नलिखित रियायतों और वित्तीय सहायता के साथ जारी रहेगा:
17.1 बीमार इकाइयों की उर्जा विभाग और किसी अन्य शासकीय बकाया की चालू देनदारियों की राशि को 5 वर्षों की अवधि के लिए आस्थगित किया जा सकेगा। 17.2 बैंकों द्वारा पुनर्जीवन हेतु प्रदान किये गये ऋण पर 5% ब्याज अनुदान , अधिकतम 25 लाख रूपये 5/7 साल की अवधि हेतु राज्य शासन द्वारा प्रदान किया जाएगा ।
17.3 सीपीएफ पर रियायत को व्यवहार्य बीमार इकाइयों तक विस्तारित किया जाएगा। 17.4 गुणवत्ता और पेटेंट पर रियायतें व्यवहार्य बीमार इकाइयों तक विस्तारित की जायेंगी।
17.5 राज्य सरकार , राज्य में संभावित व्यवहार्य बीमार इकाइयों की पहचान करेगी और बैंकों के साथ समन्वय कर एक. सकल पुनर्जीवन पैकेज तैयार करेगी।
17.6 संभावित रुग्णता के लक्षण वाली इकाई को सुविधा प्रदान करने और ऋण प्रवाह की निगरानी करने के लिए उद्योग आयुक्त, एमएसएमई विभाग की अध्यक्षता में एक साधिकार समिति का गठन किया जाएगा ।
17.7 साधिकार समिति का गठन निम्नानुसार होगाः
(i ) उद्योग आयुक्त, एमएसएमई विभाग (अध्यक्ष)
(ii ) संबंधित विभाग , जिसके तहत देनदारियों को स्थगित किया जाना है , के वरिष्ठ नामित अधिकारी ( सदस्य)
(iii ) संबंधित बैंक शाखा के क्षेत्रीय प्रबंधक ( सदस्य)
(iv) संयुक्त/उप संचालक, एमएसएमई विभाग (सदस्य सचिव )
18. संशोधन/शिथिलीकरण/ निरसन
नीति अंतर्गत प्रावधानों में किसी बात के होते हुए भी मध्यप्रदेश शासन , सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग किसी भी समय
18.1 इस नीति को संशोधित अथवा निरस्त कर सकेगा,
18.2 इस नीति के प्रावधानों को शिथिल कर सकेगा,
18.3 नीति के क्रियान्वयन को सुगम बनाने की दृष्टि से अथवा विसंगति दूर करने एवं योजना के प्रावधानों की व्याख्या करने के लिए निर्देश एवं मार्गदर्शन प्रसारित कर सकेगा।
19. किसी भी विवाद की स्थिति में न्यायालय क्षेत्र मध्यप्रदेश होगा। 6069
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भाग 1 ]
परिशिष्ट- अ
अपात्र इकाईयों की सूची
01. व्यवसाय और सेवा क्षेत्र की गतिविधियाँ
02 . बीयर और शराब (वाइनरी को छोड़कर)
03. स्लॉटर हाउस और मांस पर आधारित उद्योग
04. सभी प्रकारों के पान मसाला और गुटखा विनिर्माण
05. तम्बाकू और तम्बाकू आधारित उत्पादों का विनिर्माण
06. ' समस्त पॉलिथीन बैग और 40 माइक्रोन या उससे कम मोटाई के प्लास्टिक बैग का विनिर्माण
07 . केंद्रीय या राज्य सरकार या उनके उपक्रम द्वारा स्थापित औद्योगिक इकाइयाँ
08 . स्टोन क्रशर
09. खनिजों की पिसाई, केल्सिनेशन ( गिट्टी से बनाई जाने वाली कृत्रिम रेत के निर्माण को छोड़कर)
10. राज्य सरकार /राज्य सरकार के उपक्रम का अशोधी/चूककर्ता
11. सभी प्रकार की खनन गतिविधियाँ (जहां कोई मूल्य संवर्धन नहीं हुआ हो)
12. लकड़ी के कोयले (चारकोल ) का विनिर्माण
13. सोयाबीन पर आधारित सभी प्रकार के उद्योग
14. सभी प्रकार के सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्लांट ( ऐसी खाद्य तेल एक्पैलर इकाईयाँ, जहाँ संयंत्र और मशीनरी में निवेश रू . 1 करोड़ से अधिक नहीं है, को छोड़कर )
15 . समस्त प्रकार के उपयोग किये गये तेलों की रिफायनिंग तथा खाद्य तेल रिफायनरी
16. सीमेंट/क्लिंकर विनिर्माण इकाईयाँ
17 . सभी प्रकार की प्रकाशन और मुद्रण प्रक्रियायें ( रोटोग्रेवर/फ्लेक्स मुद्रण को छोड़कर)
18. सोने एवं चांदी के बुलियन से निर्मित आभूषण एवं अन्य वस्तुएँ
19. आरा मिल और लकड़ी की प्लेनिंग
20. लोहे /स्टील स्क्रेप को दबाकर इसे ब्लॉकों एवं किसी अन्य किसी आकार में बदलना
21. विद्युत उत्पादक इकाईयाँ
22. म . प्र . एमएसएमई विकास नीति 2017 के संदर्भ में समय - समय पर राज्य सरकार द्वारा घोषित कोई उद्योग [भाग 1
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परिशिष्ट-दो मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना , 2017 1. प्रस्तावना : -
राज्य शासन द्वारा म . प्र . एमएसएमई विकास नीति , 2017 दिनांक 1 अप्रेल , 2018 से लागू की गई है । उक्त नीति में सूक्ष्म , लघु और मध्यम श्रेणी के विनिर्माण उद्यमों को सहायता हेतु किए गए प्रावधानों को क्रियान्वित करने की दृष्टि से राज्य शासन " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " लागू करता है ।
2. योजना के प्रभावशील होने की अवधि एवं कार्यक्षेत्रः-
2.1 यह योजना दिनांक 01.04.2018 से प्रभावशील होगी और शासन द्वारा संशोधित या अधिक्रमित किये जाने तक सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में प्रभावी रहेगी ।
2.2 31 मार्च , 2018 के बाद वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने वाली विनिर्माण क्षेत्र की एमएसएमई इस योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिये पात्र होगी अर्थात इस योजना के लागू होने के पश्चात नवीन विनिर्माण इकाईयों के लिये म . प्र . एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2014 की सुविधाओं / सहायताओं का विकल्प समाप्त होगा ।
2.3 1 अप्रेल , 2018 से पहले उत्पादन प्रारंभ करने वाली विनिर्माण क्षेत्र की एमएसएमई , उद्योग संवर्धन नीति 2014 या इससे पहले की नीतियों, जैसी भी स्थिति हो , के तहत सहायता प्राप्त करने के लिये पात्र होगी ।
2.4 1 अप्रेल , 2018 से पहले उत्पादन प्रारंभ करने वाली विनिर्माण क्षेत्र की एमएसएमई द्वारा म . प्र . एमएसएमई विकास नीति 2017 की प्रभावशील अवधि में यदि गुणवत्ता के प्रमाणन हेतु प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाता है एवं /या पेंटेंट प्राप्त किया जाता है , तो उसे इस योजना अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणीकरण के लिए प्रतिपूर्ति एवं /या पेटेंट के लिये प्रतिपूर्ति की सहायता प्राप्त होगी।
2.5 " म . प्र . एमएसएमई विकास नीति 2017 " की प्रभावशील अवधि में, पॉवरलूम का उन्नयन करने पर पॉवरलूम इकाई को सहायता प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार उक्त अवधि में निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना करने वाली संस्था/ऐजेन्सी/ निवेशक को सहायता प्रदान की जाएगी । 1.- 6071
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2.6 पूर्व/प्रचलित नीति ( यों ) अंतर्गत विनिर्माण एमएसएमई को एमएसएमई विभाग द्वारा सुविधा / सहायता का लाभ प्राप्त करने हेतु गठित विभिन्न समितियों को समाप्त करते हुए , पूर्व की नीति ( यों) अंतर्गत प्राप्त/ स्वीकृत प्रकरणों का निराकरण " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना , 2017 " में निर्धारित प्रक्रियानुसार किया जाएगा ।
3 . परिभाषायें :-
3.1 " विभाग " से तात्पर्य है मध्य प्रदेश शासन का सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग।
3.2 "सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम" ( एमएसएमई ) से अभिप्रेत है , सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम, 2006 ( समय- समय पर किए गए संशोधन सहित) में परिभाषित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम।
3.3 इकाई से अभिप्रेत है , एमएसएमई श्रेणी की विनिर्माण इकाई। +
3.4 स्थायी पूंजी निवेश से अभिप्रेत है , भूमि , भवन , संयंत्र व मशीनरी और अन्य स्थिर अस्तिओं में किया गया कुल निवेश।
3.5 संयंत्र और मशीनरी में किये गये निवेश से अभिप्रेत है , मशीनों और उद्योग द्वारा औद्योगिक निर्माण प्रक्रिया को चलाने के लिए आवश्यक उपकरणों में किया गया निवेश, मशीनों के परिवहन पर हुआ व्यय , मशीनों पर जीएसटी व अन्य कर (भूमि, भवन , औद्योगिक सुरक्षा उपकरण, जनरेटर सेट, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण अनुसंधान व विकास उपकरण , अतिरिक्त ट्रांसफार्मर , स्टोरेज टैंक , गोदाम और अग्निशमन उपकरणों में किये गये व्यय को छोड़कर) । यह निवेश इकाई की वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक से अधिकतम तीन वर्ष पूर्व का मान्य होगा । 3.6 (अ) " नई औद्योगिक इकाई " से अभिप्रेत है, ऐसी इकाई जो मध्यप्रदेश राज्य के किसी भी जिले में स्थापित हो एवं जिसमें दिनांक 1 अप्रैल , 2018 को अथवा उसके पश्चात् परंतु इस योजना के शासन द्वारा संशोधित या अधिक्रमित किये जाने तक वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ हुआ हो ।
(ब ) " विद्यमान औद्योगिक इकाई " से आशय ऐसी इकाई से है , जिसमें दिनांक 01.04.2018 के पूर्व वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ हुआ हो या ऐसी नई औद्योगिक इकाई जिसके द्वारा इस योजना के शासन द्वारा संशोधित या अधिक्रमित किये जाने तक विस्तार /डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन किया गया हो । [भाग 1 6072
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3.7 वाणिज्यिक उत्पादन की दिनांक से अभिप्रेत , इकाई द्वारा उत्पादन प्रारंभ कर उत्पादित माल के प्रथम बार विक्रय के दिनांक अर्थात प्रथम विक्रय के देयक के दिनांक से है।
3.8 पूर्व में किये गये संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश से अभिप्रेत, विद्यमान औद्योगिक इकाई द्वारा , जिस वर्ष में विस्तार/ डायवर्सीफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन के लिए नवीन पूंजी निवेश करना प्रारम्भ किया गया हो, उस वर्ष के ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि की स्थिति में किया गया संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश अथवा विद्यमान औद्योगिक इकाई में वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ करने की तिथि की स्थिति में किया गया संयंत्र एवं मशीनरी में निवेश , जो भी अधिक हो , से होगा ।
3.9 पूर्व स्थापित क्षमता से अभिप्रेत , विद्यमान औद्योगिक इकाई द्वारा , जिस वर्ष में विस्तार /डायवर्सीफिकेशन के लिए नवीन पूंजी निवेश करना प्रारम्भ किया गया हो , उस वर्ष के ठीक पूर्ववर्ती तीन वित्तीय वर्षों के वार्षिक उत्पादन का औसत या विद्यमान औद्योगिक इकाई की वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक के समय स्थापित क्षमता, इसमें से जो भी अधिक हो, से है ।
3.10 जीएसटी से अभिप्रेत , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 में परिभाषित ' राज्य कर ' से है ।
3.11 गुणवत्ता प्रमाणीकरण से अभिप्रेत , एमएसएमई की गुणवत्ता प्रमाणीकरण हेतु तीसरे पक्ष की अधिकृत एजेंसियों द्वारा प्रदाय आईएसओ , जीएमपी और सीजीएमपी प्रमाणपत्र से है ।
3.12 वैण्डर से अभिप्रेत , ऐसी विनिर्माण एमएसएमई से है , जो निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में एक मध्यम / वृहद स्तर की इकाई के लिए अपने उत्पादों को बेचने का इरादा रखती है ।
3.13 एंकर यूनिट से अभिप्रेत, निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में एक मध्यम/ वृहद स्तर की इकाई से है , जो राज्य के एमएसएमई से उत्पादों को खरीदने का इरादा रखती है । 3.14 अंशदायी भविष्य निधि से अभिप्रेत, अंशदायी भविष्य निधि नियम ( भारत ) , 1962 (समय- समय पर किये गये संशोधनों सहित) के अनुसार परिभाषित अंशदायी भविष्य निधि से है ।
3.15 पेटेंट से अभिप्रेत , पेटेंट अधिनियम, 1970 ( समय- समय पर किये गये संशोधनों सहित) में परिभाषित और या अंतर्निहित पेटेंट से है । 6073
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3.16 " उद्योग विकास अनुदान" से अभिप्रेत , इकाई द्वारा संयंत्र एवं मशीनरी में किये गये पूंजी निवेश पर दिए जाने वाले अनुदान से है ।
3.17 "उद्योग आयुक्त" से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश शासन , सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अधीन उद्योग संचालनालय , म. प्र . के आयुक्त।
3.18 " महाप्रबंधक " से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश शासन, सूक्ष्म , लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अधीन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक।
3.19 "जिला स्तरीय सहायता समिति" से अभिप्रेत निम्नानुसार गठित समिति से है: - i. कलेक्टर
अध्यक्ष
सदस्य
ii. अग्रणी जिला प्रबंधक ( LDM )
सदस्यसचिव
महाप्रबन्धक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र
टीप : - संमिति की बैठक का कोरम न्यूनतम 2 सदस्यों से पूर्ण होगा।
4. स्पष्टीकरण: -
4.1 इस योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन/रियायत संबंधी वित्तीय सहायता केवल औद्योगिक इकाई के लिए उपलब्ध होगी । इस योजना की कण्डिका 11 में दी गई सहायता पॉवरलूम इकाई को तथा कण्डिका 12 में दी गई सहायता ऐजेन्सी/संस्था/निवेशक को उपलब्ध होगी ।
4.2 औद्योगिक इकाई को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम , 2006 अंतर्गत उद्योग आधार ज्ञापन ( UAM) फाइल करना और ' मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017' ( जीएसटी अधिनियम) अंतर्गत पंजीयन कराना सहायता/सुविधा प्राप्त करने के लिये आवश्यक होगा। साथ ही विस्तार /डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन के प्रकरणों में पूर्व से जीएसटी अधिनियम अंतर्गत पंजीयन होने पर भी पृथक से विस्तार /डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन हेतु पंजीयन कराना होगा। किसी कंपनी/ फर्म या संस्था का जीएसटी अधिनियम अंतर्गत पंजीयन होने पर भी उसकी इकाई को इस योजना अंतर्गत सहायता प्राप्त करने हेतु पृथक से जीएसटी अधिनियम अंतर्गत पंजीयन कराना आवश्यक होगा ।
4.3 किसी भी मामले में , इकाई को रियायतों की कुल राशि इकाई द्वारा किये गये स्थायी पूंजी निवेश से अधिक नहीं होगी और रियायत प्राप्त इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक से पांच वर्ष तक कार्यरत रहना आवश्यक होगा । [भाग 1 6074
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4.4 यदि राज्य शासन की ऐसी एक से अधिक नीतियाँ हैं , जिनके अंतर्गत इकाई प्रोत्साहन /रियायतें प्राप्त कर सकती है , तो इकाई किसी एक नीति का चयन कर सकेगी और उसे केवल चयनित नीति अंतर्गत ही प्रोत्साहन/ रियायतें लेने की पात्रता होगी ।
4.5 कोई इकाई , जिसने स्वरोजगार योजनाओं के तहत प्रोत्साहनों का लाभ प्राप्त किया हो, वह म . प्र. एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 के तहत किसी भी प्रोत्साहन/सहायता का लाभ लेने के लिये पात्र नहीं होगी।
4.6 हालाँकि , यदि एक इकाई इस योजना के तहत अपनी पात्रता के अतिरिक्त भारत सरकार से वित्तीय सहायता का लाभ लेना चाहे तो, वह इस शर्त के अधीन ऐसा कर सकती है कि उसे प्राप्त होने वाला अनुदान उसके द्वारा किये गये स्थायी पूंजी निवेश से अधिक न हो।
4.7 सूक्ष्म व लघु स्तर की विद्यमान औद्योगिक इकाई , जिनमें संयंत्र और मशीनरी में अपने विद्यमान निवेश का न्यूनतम 50% अतिरिक्त निवेश, जो रू. 25 लाख से कम नहीं हो, विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन पर किया गया है , उन्हें नई औद्योगिक इकाई के समकक्ष सहायता/ सुविधाओं की पात्रता होगी ।
4.8 मध्यम स्तर की विद्यमान औद्योगिक इकाई, जिनमें संयंत्र और मशीनरी मेंअपने विद्यमान निवेश का न्यूनतम 30% अतिरिक्त निवेश विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन पर किया गया है , उन्हें नई औद्योगिक इकाई के समकक्ष सहायता/ सुविधाओं की पात्रता होगी ।
4.9 इकाई का विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन के बाद संयंत्र और मशीनरी में कुल निवेश रू . 15 करोड़ से अधिक होने पर वह वृहद श्रेणी के उद्योगों हेतु सहायता/सुविधाएं के लिये पात्र होगी ।
4.10 विस्तार/डायवर्सिफिकेशन के प्रकरणों में उपरोक्त सुविधा इकाईयों को पूर्व स्थापित क्षमता में कमी नहीं होने की शर्त के साथ प्राप्त होगी ।
4.11 विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन अंतर्गत पात्रता का निर्धारण इकाई द्वारा उसकी विस्तार /डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन अंतर्गत उत्पादन दिनांक से पिछले तीन वर्ष में, परंतु विस्तार/ डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन के पूर्व की वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक के पश्चात , संयंत्र और मशीनरी में किए गए नवीन निवेश से किया जाएगा । 6075 भाग 1 ]
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4.12 इस योजना में उल्लेखित आवेदन की समय - सीमा में जिला स्तरीय सहायता समिति समुचित कारणों से आवेदन प्रस्तुत करने में किये गये विलम्ब को शिथिल कर सकेगी ।
4.13 इकाई/ऐजेन्सी/संस्था/ निवेशक द्वारा सहायता राशि हेतु आवेदन प्रस्तुत किये जाने के दिनांक को इकाई/पॉवरलूम इकाई/निजी औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर को उत्पादनरत / कार्यरत/स्थापित रहना अनिवार्य होगा एवं इकाई/निजी औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर के वणिज्यिक उत्पादन / प्रारंभ/ स्थापित होने की दिनांक से 5 वर्षों तक उत्पादनरत/कार्यरत/स्थापित रखा जाना अनिवार्य होगा । इस अवधि में इकाई/निजी औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर के 6 माह से अधिक अवधि तक बंद होने की स्थिति में इकाई/निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर को दी गई संपूर्ण सहायता राशि भू- राजस्व की बकाया की तरह इकाई/ निजी औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर से 12 प्रतिशत दाण्डिक ब्याज सहित वसूल की जावेगी।
4.14 इकाई/निजी औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर को जिस पूंजी निवेश के आधार पर सहायता स्वीकृत की जायेगी , उसको वाणिज्यिक उत्पादन/प्रारंभ होने की दिनांक से 5 वर्षों तक अच्छी स्थिति में रखना अनिवार्य होगा और इकाई की उत्पादन क्षमता बनाए रखनी होगी । इकाई/ निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर द्वारा उसके किसी भाग में परिवर्तन तथा किये गये पूंजी निवेश में कमी नहीं की जाएगी । सहायता प्राप्त इकाई/निजी औद्योगिक क्षेत्र / बहुमंजिला औद्योगिक परिसर द्वारा उसके स्वामित्व में परिवर्तन, उसके वाणिज्यिक उत्पादन/प्रारंभ होने 'की दिनांक से 5 वर्षों तक, उद्योग आयुक्त की पूर्वअनुमति प्राप्त किये बिना, नहीं किया जाएगा । यदि अनुमति प्राप्त करने पर ऐसा परिवर्तन किया जाता है, तो मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 के अन्तर्गत पूर्व स्थापित इकाई/ निजी औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर के समस्त दायित्व एवं अधिकार नवीन/परिवर्तित इकाई/निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर पर लागू होंगे ।
4.15 म.प्र. शासन , सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा जारी म . प्र. एमएसएमई विकास नीति 2017 के परिशिष्ट-अ में शामिल उद्योग इस योजना अंतर्गत सुविधा/सहायता हेतु अपात्र होंगे । (परिशिष्ट - 1)
जिला स्तरीय सहायता समिति का दायित्व
5.1 जिला स्तरीय सहायता समिति का यह दायित्व होगा कि वह सूक्ष्म, लघु और मध्यम विनिर्माण उद्यम का वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होने के उपरान्त उद्यम से [भाग 1
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आवेदन प्राप्त होने से म . प्र . एमएसएमई प्रोत्साहन योजना , 2017 के अंतर्गत प्रावधानित प्रोत्साहन की स्वीकृति तथा वितरण सुनिश्चित करे। उक्त योजना अंतर्गत सभी प्रोत्साहन सहायताओं की प्रथम बार स्वीकृति जिला स्तरीय सहायता समिति द्वारा जारी की जायेगी। उसके बाद मिलने वाली वार्षिक किश्तें पात्रतानुसार स्वमेव, बिना पुनः समिति में गए , मिलेंगी।
5.2 समिति की बैठक माह में कम से कम एक बार होगी।
5.3 मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 अंतर्गत आवेदन वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक से 90 दिन के भीतर इकाई / संस्था के स्वामी / अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा सहायता हेतु निर्धारित प्रपत्र में संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा । परिशिष्ट में दर्शाये अनुसार अनुलग्नक आवेदन के साथ प्रस्तुत किये जायेंगे । इसके अतिरिक्त परिशिष्ट 8 में शपथ पत्र (निर्धारित शुल्क के स्टॉम्प पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित) भी आवेदन के साथ संलग्न करना आवश्यक होगा ।
5.4 महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा आवश्यकतानुसार विभागीय अधिकारियों से इकाई का निरीक्षण तथा दी गई जानकारी का यथासंभव सत्यापन कराया जायेगा । महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र समुचित परीक्षण उपरान्त अपना प्रतिवेदन जिला स्तरीय सहायता समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करेगा । इस प्रतिवेदन में अन्य सभी सुसंगत बातों के अलावा निम्न बातों , जहाँ लागू हो, का समावेश आवश्यक होगा: -
(i ) इकाई द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक तक संयंत्र एवं मशीनरी पर किया गया निवेश।
(ii) वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक एवं उत्पादनरत रहने का प्रमाण।
(iii) अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना में किया गया निवेश।
(iv) औद्योगिक परिसर तक अधोसंरचना विकास पर व्यय ।
( v) इकाई में पात्रतानुसार कार्यरत नियमित कर्मचारियों की संख्या और उनके सीपीएफ में नियोक्ता के अंश की जानकारी ।
(vi ) गुणवत्ता प्रमाणीकरण/ पेटेंट प्राप्त करने में इकाई द्वारा किया गया व्यय।
(vii ) पॉवरलूम इकाई द्वारा पॉवरलूम को उन्नयन करने के लिए किया गया व्यय , भारत सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता एवं कुल परिवर्तित पॉवरलूमों की संख्या।
(viii ) निजी औद्योगिक क्षेत्र / बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना के प्रकरण में अधोसंरचना व्यय व कार्यरत इकाईयों की जानकारी। 6077 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(ix) औद्योगिक इकाई द्वारा लिये गये विद्युत कनेक्शन की जानकारी ।
5.5 समुचित विचारोपरान्त जिला स्तरीय सहायता समिति को यह अधिकार होगा कि वह म. प्र . एमएसएमई प्रोत्साहन योजना , 2017 अंतर्गत प्रावधानित वित्तीय सहायता स्वीकृति आदेश जारी करे। समिति की स्वीकृति प्राप्त होने पर आदेश समिति के सदस्य सचिव द्वारा स्वीकृत सहायता (सहायताएं ) एवं जहां लागू हो, प्रतिवर्ष दी जाने वाली सहायता राशि का विवरण/मापदण्ड का उल्लेख करते हुये जारी किया जायेगा ।।
5.6 समिति के ध्यान में ऐसा कोई तकनीकी बिंदु आए, जिसके कारण उसे अपने निर्णय को संशोधित करना पड़े , तो वह स्वतः संज्ञान लेकर अपने निर्णय का पुनर्विलोकन कर सकेगी, किन्तु इस प्रकार लिये गये निर्णय की सूचना 30 दिवस के अन्दर संबंधित इकाई तथा उद्योग आयुक्त, मध्य प्रदेश को प्रेषित किया जाना अनिवार्य होगा ।
5.7 समिति द्वारा पूर्व की नीति (यों ) अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों का' निराकरण किया जाएगा ।
6. उद्योग विकास अनुदान : -
6.1 पात्र नवीन सूक्ष्म, लघु और मध्यम विनिर्माण उद्यमों को संयंत्र एवं मशीनरी में किये गये पात्र निवेश का 40% उद्योग विकास अनुदान के रूप में 5 समान वार्षिक किश्तों में प्रदान किया जाएगा ।
परंतु निम्नलिखित क्षेत्रों में स्थापित इकाइयों को इस अनुदान की पात्रता नहीं होगी -
(i) नगर निगम की अधिसूचित सीमा ।
(ii) नगर/ शहर , जिनकी आबादी 4 लाख या अधिक हो ( वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर) ।
उक्त कण्डिका (i ) एवं ( ii ) में उल्लेखित क्षेत्रों में राज्य शासन अथवा उसके उपक्रम द्वारा औद्योगिक प्रयोजन हेतु आवंटित की गई शासकीय भूमि में स्थापित इकाईयों को योजनांतर्गत अनुदान की पात्रता होगी ।
6.2 वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक से अधिकतम 90 दिवस के अंदर इकोई को उद्योग विकास अनुदान हेतु निर्धारित प्रारूप ( परिशिष्ट 2 ) में आवेदन तथा निर्धारित 6078
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
प्रारूप में शपथ पत्र ( परिशिष्ट 8) संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में प्रस्तुत करना होगा । आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक होगा : -
(i ) एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन (UAM) जमा करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति की छायाप्रति
(ii) जीएसटी अंतर्गत पंजीयन की छायाप्रति
( iii ) संयंत्र और मशीनरी में किये गये पात्र निवेश के प्रमाणीकरण हेतु चार्टर्ड इंजीनियर/चार्टर्ड अकाउन्टेंट द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र / मूल्यांकन।
(iv) भारत सरकार के जीएसटी पोर्टल से प्राप्त इकाई के वार्षिक टर्न ओवर का प्रमाण
( v ) सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी उचित अनुमति / अनापत्ति प्रमाण पत्र/ पंजीयन प्रमाण पत्र (यदि लागू हों ) की छायाप्रति
(vi) वित्तीय संस्था का ऋण स्वीकृति एवं वितरण संबंधी पत्र ( यदि इकाई स्थापना हेतु ऋण लिया गया हो) की छायाप्रति
(
vii ) भारत सरकार की किसी योजना में सहायता हेतु आवेदन दिया हो/ प्राप्त की गई हो , की जानकारी , जहां लागू हो
अधोसंरचना विकास के लिए वित्तीय सहायताः-
7.
7.1 यदि निवेशक मध्यम श्रेणी के विनिर्माण उद्यम की स्थापना हेतु निजी भूमि क्रय करता है या अविकसित शासकीय भूमि प्राप्त करता है , तो ऐसी इकाइयों को इकाई परिसर तक पानी, सड़क और बिजली के अधोसंरचना विकास में किये गये व्यय का 50% वित्तीय सहायता , अधिकतम रुपये 25 लाख , राज्य शासन द्वारा प्रदान की जाएगी। यह सहायता म . प्र. एमएसएमई विकास नीति 2017 की प्रभावशील अवधि के अंतर्गत वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने वाली इकाइयों को ही प्राप्त होगी।
7.2 जिस अधोसंरचना के विकास के व्यय हेतु प्रतिपूर्ति चाही गई है , उसका विकास दिनांक 31 मार्च , 2018 के पश्चात हुआ हो एवं इकाई के वाणिज्यिक उत्पादन के दिनांक के पश्चात् का नहीं हो । 6079
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
7.3 इस सुविधा का लाभ उद्योग परिसर तक अधोसंरचना विकसित करने में किये गये वास्तविक व्यय पर किया जावेगा , जिसमें निम्नलिखित व्यय सम्मिलित किये जायेंगे : -
(i) मुख्य मार्ग से उद्योग परिसर तक सड़क निर्माण में हुआ व्यय।
(ii ) पॉवर स्टेशन / विद्युत केन्द्र से उद्योग परिसर तक विद्युतीकरण में हुआ व्यय ।
( iii) जल स्त्रोत/ मुख्य पाइप लाईन से उद्योग परिसर तक जल लाने हेतु पाइप लाइन बिछाने में हुआ व्यय ।
उक्त कार्यों पर हुए व्यय का सत्यापन चार्टर्ड इंजीनियर/चार्टर्ड अकाउन्टेंट द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र/ मूल्यांकन के आधार पर किया जावेगा।
7.4 वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक से अधिकतम 90 दिवस के अंदर इकाई को अधोसंरचना व्यय में दिये जाने वाले अनुदान हेतु निर्धारित प्रारूप (परिशिष्ट- 2 ) में आवेदन तथा निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र (परिशिष्ट 8 ) संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक होगा: -
(i) उद्योग परिसर तक अधोसंरचना विकसित करने में हुए व्यय के प्रमाणीकरण हेतु चार्टर्ड इंजीनियर/ चार्टर्ड अकाउन्टेंट द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र/मूल्यांकन। (ii) एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन जमा करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति की छायाप्रति
(iii) जीएसटी अंतर्गत पंजीयन की छायाप्रति
8. अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) में योगदान की प्रतिपूर्ति
8.1 ऐसी समस्त पात्र नई औद्योगिक इकाइयों, जिनमें 10 से अधिक नियमित कर्मचारियों के सीपीएफ में प्रति कर्मचारी अधिकतम 1000 रूपये नियोक्ता के अंश के रूप में जमा किये जा रहें हों , तो ऐसे सभी कर्मचारियों के नियोक्ता के अंश की शत प्रतिशत राशि की प्रतिपूर्ति 5 वर्ष की अवधि के लिये या अधिकतम रू. 5 लाख ( इनमें से जो भी कम हो) की जाएगी । यह प्रतिपूर्ति छः माही आधार पर की जाएगी । अतः जिस छः माही हेतु प्रतिपूर्ति चाहिए , उसके समाप्त होने के 90 दिवस के भीतर आवेदन करना आवश्यक होगा । [ भाग 1 6080
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
8.2 इस सहायता हेतु इकाई को निर्धारित प्रारूप (परिशिष्ट-3 ) में आवेदन तथा निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र (परिशिष्ट 8 ) संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में प्रस्तुत करना होगा। आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक होगा : -
(i ) आवेदित छः माही में नियोक्ता द्वारा इकाई में कार्यरत 10 से अधिक नियमित कर्मचारियों के सीपीएफ में प्रति कर्मचारी अधिकतम 1000 रूपये नियोक्ता के अंश के रूप में जमा की गई राशि (प्रति कर्मचारी अधिकतम 1000 रूपये ) की पुष्टि हेतु दस्तावेज।
( ii) एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन जमा करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति की छायाप्रति।
(iii) जीएसटी अंतर्गत पंजीयन की छायाप्रति।
9. गुणवत्ता प्रमाणीकरण के लिए प्रतिपूर्ति
9.1 इकाई द्वारा " म. प्र. एमएसएमई विकास नीति 2017 " की प्रभावशील अवधि में , गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु किए गए व्यय का 50% , अधिकतम रू . 3 लाख की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा की जाएगी।
9.2 उक्त वित्तीय सीमा के अन्तर्गत इकाई एक से अधिक गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन कर सकेगी, किन्तु प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा, प्रत्येक इकाई के लिए रू . 3 लाख तक ही होगी ।
9.3 इस सहायता हेतु इकाई को निर्धारित प्रारूप ( परिशिष्ट- 4) में आवेदन तथा निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र (परिशिष्ट 8) संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में प्रस्तुत करना होगा । आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक होगा: -
आईएसओ/जीएमपी/सीजीएमपी प्रमाणीकरण की अभिप्रमाणित प्रति। (i)
(ii) उन दस्तावेजों की अभिप्रमाणित प्रति जो आईएसओ/ जीएमपी/सीजीएमपी प्रमाणीकरण प्राप्त करने के लिये किये गये व्यय को प्रमाणित करते हो । (iii) एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन (UAM) जमा करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति की छायाप्रति।
जीएसटी अंतर्गत पंजीयन की छायाप्रति।
(iv) 6081 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(v) भारत सरकार से समान स्वरूप की योजनान्तर्गत प्राप्त सहायता/ किये गये आवेदन ( यदि कोई हों तो ) की जानकारी ।
10. पेटेंट/आईपीआर के लिए प्रतिपूर्ति
10.1 इकाई को " म . प्र . एमएसएमई विकास नीति 2017 " की प्रभावशील अवधि में, राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय नियम/ कानून के अन्तर्गत शोध एवं अनुसंधान के आधार पर विकसित किये गये उत्पादों/ उत्पादन प्रक्रियाओं का पेटेंट/ आईपीआर कराने पर हुए व्यय का शतप्रतिशत, अधिकतम राशि रु. 5 लाख की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा की जावेगी ।
10.2 इस वित्तीय सीमा के अन्तर्गत इकाई एक से अधिक पेटेंट हेतु किये गये व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन कर सकेगी , किन्तु प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा, प्रत्येक इकाई के लिए रु . 5 लाख तक ही होगी ।
10.3 विकसित किये गये उत्पाद/प्रक्रिया , जिसका पेटेंट कराया गया है , का वाणिज्यिक उत्पादन/ प्रक्रिया का उपयोग इकाई द्वारा किया जाना आवश्यक होगा।
10.4 योजनांतर्गत प्रतिपूर्ति पेटेंट पंजीयन / बौद्धिक सम्पदा अधिकार ( आईपीआर ) प्राप्ति हेतु किये गये वास्तविक व्यय पर की जावेगी , जिसमें निम्न व्यय मान्य किये जाएंगे -
(i) पेटेंट कराने हेतु प्रस्तुत किये गये आवेदन पत्र के साथ जमा की गई निर्धारित शुल्क की राशि ।
(ii) पेटेंट कराए गए उत्पाद के अनुसंधान एवं शोध हेतु स्थापित संयंत्र एवं साज सज्जा पर व्यय राशि ।
(iii) पेटेंट प्रक्रिया अन्तर्गत विषय विशेषज्ञ की ली गई सलाह/ सेवा के लिए भुगतान किये गये व्यय की राशि।
10.5 इस सहायता हेतु इकाई को निर्धारित प्रारूप ( परिशिष्ट- 4) में आवेदन तथा निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र (परिशिष्ट -8 ) संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में प्रस्तुत करना होगा । आवेदन के साथ निम्नदस्तावेज संलग्न करना आवश्यक होगा: -
(i) पेटेंट/आईपीआर पंजीयन प्रमाण पत्र की अभिप्रमाणित प्रति। 6082
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(ii) उन दस्तावेजों की अभिप्रमाणित प्रति जो पेटेंट/ आईपीआर प्राप्त करने के लिये किये गये व्यय को प्रमाणित करते हों ।
(iii ) एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन ( UAM) जमा करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति की छायाप्रति।
(iv) जीएसटी अंतर्गत पंजीयन की छायाप्रति ।
(v) भारत सरकार से समान स्वरूप की योजनान्तर्गत प्राप्त सहायता/ किये गये आवेदन (यदि कोई हों तो ) की जानकारी ।
11. पॉवरलूम उन्नयन हेतु सहायता
11.1 "म. प्र. एमएसएमई विकास नीति 2017 " की प्रभावशील अवधि में , भारत सरकार की INSITU अपग्रेडेशन योजना के तहत पॉवरलूम का उन्नयन करने के लिए किये गये व्यय में से, भारत सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता के समायोजन के पश्चात, शेष राशि का शत- प्रतिशत या उन्नयन लागत का 25% , जो भी कम हो , अधिकतम 8 पॉवरलूम प्रति इकाई राज्य शासन द्वारा प्रदान किया जाएगा।
11.2 इस सहायता हेतु पॉवरलूम इकाई को निर्धारित प्रारूप (परिशिष्ट-5 ) में आवेदन तथा निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र (परिशिष्ट -8 ) संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में प्रस्तुत करना होगा । आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक होगा: -
(i) भारत सरकार की INSITU अपग्रेडेशन योजना के तहत पॉवरलूम को उन्नयन करने के लिए भारत सरकार से प्राप्त वित्तीय सहायता के दस्तावेजों की अभिप्रमाणित प्रति।
(ii) एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन ( UAM) जमा करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति की छायाप्रति।
(iii) भारत सरकार का अन्य कोई पंजीयन ( यदि हो तो ) ।
(iv) विद्युत देयक की प्रति।
12. निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना /विकास हेतु सहायता 12.1 " म. प्र . एमएसएमई विकास नीति 2017 " की प्रभावशील अवधि में , निजी औद्योगिक क्षेत्रों/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/विकास में व्यय हुई राशि का 20 प्रतिशत अधिकतम रू . 2 करोड़ , सहायता के रूप में निजी क्षेत्रों को उपलब्ध कराया जाएगा , बशर्ते इस प्रकार विकसित औद्योगिक क्षेत्र का क्षेत्रफल 1 .
6083
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
कम से कम 5 एकड़ हो या बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का कारपेट क्षेत्र कम से कम 10000 वर्ग फीट हो और विकसित औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर में न्यूनतम पांच औद्योगिक इकाईयां कार्यरत हों ।
12.2 संस्था/ऐजेन्सी/निवेशक द्वारा औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/विकास की अनुमति प्राप्त करने हेतु निर्धारित प्रारूप ( परिशिष्ट-6 ) में आवेदन सहपत्रों सहित उद्योग संचालनालय, म. प्र. में प्रस्तुत किया जायेगा। उद्योग आयुक्त के अनुमोदन उपरांत निम्नलिखित शर्तों के अधीन औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/ विकास हेतु अनुमति जारी की जाएगी: -
12.2.1 औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/विकास अनुमति दिनांक से तीन वर्ष के भीतर होना चाहिए। निर्धारित अवधि में औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/ विकास न होने की दशा में उद्योग आयुक्त, म.प्र. द्वारा संबंधित संस्था/ऐजेन्सी/निवेशक को 60 दिवसीय सूचना पत्र जारी , किया जाएगा । समाधानकारक उत्तर प्राप्त होने पर औद्योगिक क्षेत्र /बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना / विकास हेतु छः माह का अतिरिक्त समय उद्योग आयुक्त, म.प्र. द्वारा प्रदान किया जाएगा । उक्त अतिरिक्त समय में भी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/विकास न होने की दशा में या 60 दिवसीय सूचना पत्र का समाधानकारक उत्तर प्राप्त न होने पर औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/विकास हेतु जारी अनुमति निरस्त की जाएगी। उक्त निरस्तीकरण के विरुद्ध अपील तीन माह के अंदर प्रमुख सचिव, म. प्र . शासन, एमएसएमई विभाग को प्रस्तुत की जा सकेगी ।
12.2.2 प्रमुख सचिव , म . प्र. शासन , एमएसएमई विभाग अपील पर विचार कर गुण दोष के आधार पर अधिकतम छःमाह का अतिरिक्त समय प्रदान कर सकेंगे , परंतु औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर स्थापना/विकास हेतु प्रदत्त कुल समय संस्था/ऐजेन्सी/निवेशक को औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर स्थापना/ विकास हेतु जारी अनुमति की दिनांक से चार वर्ष की अवधि तक सीमित होगा।
12.2.3 औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना हेतु सक्षम स्तर से स्वीकृत अवधि या औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर 6084
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[भाग 1 के पूर्ण होने का दिनांक जो भी पहले हो, तक स्थापना/ विकास में व्यय की गई राशि सहायता हेतु गणना में ली जाएगी। यह स्पष्ट किया जाता है कि औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर के पूर्ण होने से आशय अधोसंरचना पूर्ण होने के बाद न्यूनतम 5 औद्योगिक इकाइयों द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ कर दिये जाने से है ।
12.2.4 औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर के पूर्ण होने के दिनांक के 90 दिवस के भीतर संस्था/ऐजेन्सी/ निवेशक द्वारा सहायता स्वीकृति हेतु निर्धारित प्रारूप (परिशिष्ट- 7 ) में आवेदन तथा निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र ( परिशिष्ट-४ ) निम्नलिखित सहपत्रों के साथ संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को प्रस्तुत किया जाएगा: -
(i) विकसित औद्योगिक क्षेत्र / बहुमंजिला औद्योगिक परिसर में स्थापित किन्हीं पांच औद्योगिक इकाइयों के नाम मय स्थापना को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज सहित ।
(ii) विकसित औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर के क्षेत्रफल को प्रमाणित करने वाला दस्तावेज।
(iii ) औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर विकसित करने में हुए व्यय (कण्डिका 12.2.3 में दी गई अवधि में) के प्रमाणीकरण हेतु चार्टर्ड इंजीनियर/ चार्टर्ड अकाउन्टेंट द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र/मूल्यांकन।
(iv) औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर विकसित करने हेतु प्राप्त आवश्यक अनुमतिओं की प्रमाणित प्रतियां
13. अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना हेतु सहायता
13.1 नई औद्योगिक इकाई को " म. प्र. एमएसएमई विकास नीति 2017 " की प्रभावशील अवधि में , अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों (जैसे ईटीपी , एसटीपी आदि) की स्थापना में निवेश के लिए 50 प्रतिशत पूंजी अनुदान अधिकतम 25 लाख रुपए प्रदान किया जाएगा ।
13.2 अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना में हुआ व्यय दिनांक 1 अप्रेल, 2018 या उसके पश्चात् का होना चाहिए । 6085
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
13.3 इकाई द्वारा इस सहायता हेतु अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना के 90 दिवस के भीतर निम्न दस्तावेजों सहित निर्धारित प्रारूप (परिशिष्ट-2 ) में आवेदन तथा निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र (परिशिष्ट - 8 ) में संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में प्रस्तुत किया जाएगा : -
(i) अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना में हुए व्यय के प्रमाणीकरण हेतु चार्टर्ड इंजीनियर/ चार्टर्ड अकाउन्टेंट द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र/ मूल्यांकन । (मदवार व्यय सत्यापन सहित) ।
(ii ) अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के परिप्रेक्ष्य में प्रदूषण नियंत्रण मण्डल / औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालनालय का प्रमाण-पत्र।
( iii ) अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के उपयोग को प्रमाणित करने वाले दस्तावेजों की छायाप्रति।
14. प्राप्त आवेदनों में जिला स्तरीय सहायता समिति के अनुमोदन उपरांत सदस्य सचिव (महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र) द्वारा सहायता स्वीकृति आदेश जारी किया जायेगा और उपलब्ध आवंटन अनुसार महाप्रबंधक , जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा इकाई को पात्रतानुसार देय सहायता राशि उपलब्ध कराई जायेगी।
15. लघु स्तर की बीमार औद्योगिक इकाईयों के पुनर्जीवन हेतु उद्योग आयुक्त , मध्यप्रदेश (एमएसएमई विभाग ) की अध्यक्षता में गठित साधिकार समिति (Empowered Committee ) द्वारा स्वीकृत पैकेज अनुसार सहायता की स्वीकृति एवं वितरण इस योजना की प्रक्रिया अनुसार किया जाएगा।
16. प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने की सामान्य प्रक्रिया
16.1 इकाई/ऐजेन्सी/संस्था/निवेशक को वित्तीय सहायता हेतु निर्धारित आवेदन पत्र समय सीमा में संबंधित जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र में प्रस्तुत करना होगा। 16.2 समिति से स्वीकृति प्राप्त होने के उपरान्त म . प्र . एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 अंतर्गत देय वित्तीय सहायता का प्रदाय महाप्रबंधक द्वारा किया जायेगा । स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान इकाई को ई- पेमेंट के माध्यम से इकाई के बैंक खाते में किया जायेगा ।
16.3 इकाई के प्रकरण में ई - पेमेंट की पावती ही एमएसएमई प्रोत्साहन के रूप में प्राप्त राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र होगा । 6086
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
16.4 जिला स्तरीय सहायता समिति द्वारा प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति उपरांत बजट में प्रावधान के अभाव में अथवा किसी भी अन्य कारण से ई - पेमेंट वितरण में विलम्ब होने पर कोई ब्याज देय नहीं होगा ।
अपील
17.
जिला स्तरीय सहायता समिति के निर्णय के विरुद्ध प्रथम अपील उद्योग आयुक्त के समक्ष निर्णय प्राप्ति दिनांक से 90 दिवस के भीतर की जा सकेगी । विलंब से प्राप्त अपील के विलंब दोष को उद्योग आयुक्त गुण-दोष के आधार पर शिथिल कर सकेंगे । उद्योग आयुक्त के निर्णय के विरुद्ध द्वितीय अपील प्रमुख सचिव , सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के समक्ष निर्णय प्राप्ति दिनांक से 30 दिवस के भीतर की जा सकेगी । विलंब से प्राप्त अपील के विलंब दोष को प्रमुख सचिव गुण-दोष के आधार पर शिथिल कर सकेंगे ।
18. योजना. के क्रियान्वयन को सुगम बनाने की दृष्टि से अथवा विसंगति दूर करने एवं योजना के प्रावधानों की व्याख्या करने के लिए निर्देश एवं मार्गदर्शन उद्योग आयुक्त द्वारा दिया जा सकेगा, जो अंतिम एवं बाध्यकारी होगा । इस योजना एवं म. प्र. एमएसएमई विकास नीति 2017 की भाषा में विरोधाभास होने पर मध्यप्रदेश शासन , सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा मार्गदर्शन दिया जा सकेगा , जो अंतिम एवं बाध्यकारी होगा । संशोधन/शिथिलीकरण/निरसन
19.
योजनांतर्गत प्रावधानों में किसी बात के होते हुए भी मध्यप्रदेश शासन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग किसी भी समय -
19.1 इस योजना को संशोधित अथवा निरस्त कर सकेगा,
19.2 इस योजना के प्रावधानों को शिथिल कर सकेगा,
किसी भी विवाद की स्थिति में न्यायालय क्षेत्र मध्यप्रदेश होगा ।
20.
6087 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
परिशिष्ट-1
अपात्र इकाईयों की सूची
01. व्यवसाय और सेवा क्षेत्र की गतिविधियाँ
02. बीयर और शराब (वाइनरी को छोड़कर)
03 . स्लॉटर हाउस और मांस पर आधारित उद्योग
04. सभी प्रकारों के पान मसाला और गुटखा विनिर्माण
05. तम्बाकू और तम्बाकू आधारित उत्पादों का विनिर्माण
06. समस्त पॉलिथीन बैग और 40 माइक्रोन या उससे कम मोटाई के प्लास्टिक बैग कां विनिर्माण
07 . केंद्रीय या राज्य सरकार या उनके उपक्रम द्वारा स्थापित औद्योगिक इकाइयाँ ,
08 . स्टोन क्रशर
09. खनिजों की पिसाई , केल्सिनेशन ( गिट्टी से बनाई जाने वाली कृत्रिम रेत के निर्माण को छोड़कर)
10. राज्य सरकार/ राज्य सरकार के उपक्रम का अशोधी/चूककर्ता
11. सभी प्रकार की खनन गतिविधियों ( जहां कोई मूल्य संवर्धन नहीं हुआ हो)
12. लकड़ी के कोयले (चारकोल ) का विनिर्माण
13. सोयाबीन पर आधारित सभी प्रकार के उद्योग
14. सभी प्रकारके सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्लांट (ऐसी खाद्य तेल एक्पैलर इकाईयाँ , जहाँ संयंत्र और मशीनरी में निवेश रू. 1 करोड़ से अधिक नहीं है , को छोड़कर)
15. समस्त प्रकार के उपयोग किये गये तेलों की रिफायनिंग तथा खाद्य तेल रिफायनरी
16. सीमेंट /क्लिंकर विनिर्माण इकाईयाँ
17. सभी प्रकार की प्रकाशन और मुद्रण प्रक्रियायें ( रोटोग्रेवर/फ्लेक्स मुद्रण को छोड़कर)
18. सोने एवं चांदी के बुलियन से निर्मित आभूषण एवं अन्य वस्तुएँ
19. आरा मिल और लकडी की प्लेनिंग
20: लोहे/स्टील स्क्रेप को दबाकर इसे ब्लॉकों एवं किसी अन्य किसी आकार में बदलना
21. विद्युत उत्पादक इकाईयाँ
22. म. प्र . एमएसएमई विकास नीति 2017 के संदर्भ में समय- समय पर राज्य सरकार द्वारा घोषित कोई उद्योग 6088
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
परिशिष्ट- 2 "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत उद्योग विकास अनुदान, इकाई परिसर तक अधोसंरचना विकास और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना के लिये सहायता हेतु आवेदन का प्रारूप
प्रति,
महाप्रबंधक,
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र,
म.प्र .।
विषयः-- " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत उद्योग विकास अनुदान , इकाई परिसर तक अधोसंरचना विकांस और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना के लिये सहायता उपलब्ध कराने हेतु।
मेरे/ हमारे द्वारा जिला .(मध्यप्रदेश) में विनिर्माण इकाई स्थापित की गई . है। " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " . अंतर्गत उद्योग विकास ' अनुदान , इकाई परिसर तक अधोसंरचना विकास और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की स्थापना के लिये सहायता उपलब्ध कराने हेतु इकाई का विस्तृत विवरण निम्नानुसार है: -
:
01. इकाई का नाम
02. इकाई का कार्यस्थल
स्थान/नगर
विकासखण्ड
तहसील
जिला
:
03. अ/ इकाई का प्रकार
प्रोप्रायटरी/संस्था/पार्टनरशिप/कंपनी (पार्टनरशिप डीड/ मेमोरेण्डम ऑफ एसोसिएशन/आर्टिकल की छायाप्रति संलग्न करें)
:
ब/ यदि इकाई प्रोप्रायटरी ( पूर्ण स्वामित्व)
है तो, इकाई स्वामी का नाम 6089
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
04. एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन फाइल करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति का क्रमांक व दिनांक (छायाप्रति संलग्न करें ) :
05. जीएसटी अंतर्गत पंजीयन का क्रमांक व दिनांक (छायाप्रति संलग्न करें)
06. इकाई का प्रकार (नवीन/विस्तार/ : डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन)
07. इकाई के विद्युत संयोजन का भार , क्रमांक व : दिनांक
08. वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक :
09. वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक तक किये गए संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश की राशि (लाख रूपए में) :
10. इकाई के उत्पादों के नाम व वार्षिक क्षमता
क्र. उत्पाद का नाम
वार्षिक क्षमता 11. इकाई में प्राप्त कुल रोजगार :
:
12. जीएसटी पोर्टल अनुसार इकाई का वार्षिक टर्न ओवर (छायाप्रति संलग्न करें)
13. विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकीउन्नयन होने पर
विवरण
विस्तार/
डायवर्सिफिकेशन/
तकनीकी उन्नयन
के पूर्व
विस्तार/ डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन अंतर्गत
योग (विस्तार/ डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन पश्चात्) संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश (लाख रूपये में) 6090
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[भाग 1 रोजगार
उत्पाद की वार्षिक क्षमता
(i)
(उत्पाद)
(उत्पाद)
(ii)
(उत्पाद)
(iii)
(iv) .(उत्पाद)
14. चाही गई सहायता का विवरण
अ) उद्योग विकास अनुदान (नियम -6)
(
(i) प्रथम विक्रय के देयक का दिनांक (छायाप्रति संलग्न) :
(ii) सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी : अनुमति/ अनापत्ति प्रमाण पत्र/ पंजीयन प्रमाण पत्र (यदि लागू हों)
(राशि लाख रूपये में) (iii
राशि
विवरण
क्र.
1
2
3
व्यय ) संयंत्र एवं मशीनरी पर किये गये चार्टर्ड : की इंजीनियर/चार्टर्ड अकाउन्टेंट द्वारा प्रमाणित मदवार व्यय राशि (प्रमाण पत्र संलग्न) •
योग
(iv) वित्तीय संस्था का ऋण स्वीकृति एवं वितरण संबंधी पत्र। (यदि लागू हों )
(ब) अधोसंरचना विकास के लिए वित्तीय सहायता ( नियम -7)
(i ) विकसित की गई अधोसंरचना का संक्षिप्त विवरण :
6091
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(राशि लाख रूपये में) (ii ) उद्योग परिसर तक अधोसंरचना :
सड़क निर्माण हेतु
विद्युतीकरण हेतु
जल अधोसंरचना हेतु...
विकसित करने हेतु, दिनांक 31 मार्च, 2018 के पश्चात् एवं इकाई की वाणिज्यिक उत्पादन दिनांक तक , किये गये व्यय की चार्टर्ड इंजीनियर/चार्टर्ड अकाउन्टेंट द्वारा प्रमाणित राशि (प्रमाण पत्र संलग्न)
(स) अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों की स्थापना के लिए सहायता (नियम -13)
(राशि लाख रूपये में) (i) अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली की :
राशि
विवरण
क्र.
1
2
3
योग
स्थापना करने हेतु , दिनांक 31 मार्च, 2018 के पश्चात् किये गये व्यय की चार्टर्ड इंजीनियर/चार्टर्ड अकाउन्टेंट द्वारा प्रमाणित मदवार राशि (प्रमाण पत्र संलग्न करें)
(ii ) स्थापित की गई अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों का संक्षिप्त विवरण (प्रदूषण नियंत्रण मण्डल / औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालनालय का प्रमाण पत्र संलग्न करें)
कृपया "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत उक्त सहायता (ओं) को स्वीकृत करने का कष्ट करें ।
संलग्न: -
दिनांक : -
आवेदक/प्राधिकृत व्यक्ति स्थान :-
हस्ताक्षर
नाम ..
पद ...
(सील)
नोट- जिस सहायता के लिये आवेदन नहीं किया जाना हो, उसमें ' लागू नहीं' अंकित किया जावे । 6092
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
परिशिष्ट- 3 "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत अंशदायी भविष्य निधि
(सीपीएफ) में योगदान की प्रतिपूर्ति हेतु आवेदन का प्रारूप
प्रति,
महाप्रबंधक,
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र,
म.प्र . !
विषय:- "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) में योगदान की प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराने हेतु।
मेरे/ हमारे द्वारा जिला
(मध्यप्रदेश ) में विनिर्माण इकाई स्थापित की गई है । मेरी / हमारी इकाई द्वारा न्यूनतम 10 नियमित कर्मचारियों के सीपीएफ में अधिकतम 100.0 रूपये ( प्रत्येक कर्मचारी हेतु) नियोक्ता के अंश के रूप में जमा किये जा रहे हैं । " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत अंशदायी भविष्य निधि (सीपीएफ) में योगदान की प्रतिपूर्ति (नियम ४ ) उपलब्ध कराने हेतु इकाई का विस्तृत विवरण निम्नानुसार है: -
01. इकाई का नाम
02. इकाई का कार्यस्थल
स्थान/नगर
विकासखण्ड
तहसील
जिला
03. इकाई का प्रकार
: प्रोप्रायटरी/संस्था/पार्टनरशिप/कंपनी (पार्टनरशिप डीड/ मेमोरेण्डम ऑफ एसोसिएशन/आर्टिकल की छायाप्रति संलग्न करें)
:
04. एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन फाइल करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति का क्रमांक व दिनांक (छायाप्रति संलग्न करें)
05. जीएसटी अंतर्गत पंजीयन का क्रमांक व दिनांक ( छायाप्रति संलग्न करें)
06. इकाई का प्रकार (नवीन/विस्तार/ : डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन)
:
07. इकाई के विद्युत संयोजन का भार , क्रमांक व दिनांक 6093 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
08. वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक :
09. वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक :
तक किये गए संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी
निवेश की राशि (लाख रूपए में)
10. इकाई की गतिविधि
11. इकाई में प्राप्त कुल रोजगार
12. विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयनं : होने पर
विवरण
विस्तार/ डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन अंतर्गत
विस्तार/
डायवर्सिफिकेशन /
तकनीकी उन्नयन
के पूर्व
योग(विस्तार/ डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन पश्चात्) संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश (लाख रूपये में)
रोजगार
उत्पाद की वार्षिक क्षमता
(i) (उत्पाद)
(ii) (उत्पाद).
(iii) (उत्पाद)
13. कुल सहायता अवधि 5 वर्ष में से वह अवधि (छःमाही) जिस हेतु प्रतिपूर्ति चाही गई है
नियोक्ता के अंश की कुल राशि
नियमित कर्मचारियों की संख्या
14. उक्त छः माही में इकाई में कार्यरत नियमित : कर्मचारियों, जिनके अंशदायी भविष्य निधि में नियोक्ता का अंश अधिकतम 1000 रु. है, के अंशदायी भविष्य निधि में नियोक्ता के अंश की वस्तुतः जमा की गई राशि ( प्रमाण हेतु दस्तावेज संलग्न करें)
15. योजना की इस सहायता अन्तर्गत पूर्व में प्राप्त : कुल स्वीकृत राशि
कृपया "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत उक्त सहायता स्वीकृत करने का
कष्ट करें ।
संलग्न्: -
दिनांक: -
आवेदक/प्राधिकृत व्यक्ति
स्थान : -
हस्ताक्षर
नाम .
पदं
(सील) 6094
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
परिशिष्ट- 4 "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणीकरण और पेटेंट/आईपीआर के लिए प्रतिपूर्ति हेतु आवेदन का प्रारूप
प्रति,
महाप्रबंधक,
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, म.प्र.।
विषयः- " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणीकरण .और/या पेटेंट/आईपीआर के लिए प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराने हेतु।
मेरे/ हमारे द्वारा जिला ... (मध्यप्रदेश) में विनिर्माण इकाई स्थापित की गई है । " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणीकरण 'और/ या पेटेंट/आईपीआर के लिए प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराने हेतु इकाई का विस्तृत विवरपा निम्नानुसार है: -
01. इकाई का नाम
02. इकाई का कार्यस्थल
स्थान/नगर
विकासखण्ड
तहसील
जिला
03. इकाई का प्रकार
: प्रोप्रायटरी/संस्था/पार्टनरशिप/कंपनी (पार्टनरशिप डीड/ मेमोरेण्डम ऑफ एसोसिएशन/आर्टिकल की छायाप्रति संलग्न करें)
04. एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन फाइल करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति का क्रमांक व दिनांक (छायाप्रति संलग्न करें) 6095
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
05. जीएसटी अंतर्गत पंजीयन का क्रमांक व : दिनांक (छायाप्रति संलग्न करें)
06. इकाई का प्रकार (नवीन /विस्तार/ : डायवर्सिफिकेशन/तकनीकी उन्नयन)
07. इकाई के विद्युत संयोजन का भार , क्रमांक व : दिनांक
08. वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक :
09. वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक : * तक किये गए संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश की राशि (लाख रूपए में)
10. इकाई के उत्पादों के नाम व वार्षिक क्षमता
वार्षिक
क्षमता
: क्र . उत्पाद का नाम
11. इकाई में प्राप्त कुल रोजगार
12. विस्तार/डायवर्सिफिकेशन/तकनीकीउन्नयन होने पर :
विवरण
विस्तार/ डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन अंतर्गत
योग (विस्तार/ डायवर्सिफिकेशन/ तकनीकी उन्नयन पश्चात्)
विस्तार/
डायवर्सिफिकेशन/
तकनीकी उन्नयन
के पूर्व
संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश (लाख रूपये में )
रोजगार
उत्पाद की वार्षिक क्षमता
(i) ....... (उत्पाद)
(ii) (उत्पाद) .......
[भाग 1 6096
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
13. चाही गई सहायता का विवरण
(अ) गुणवत्ता प्रमाणीकरण के लिये प्रतिपूर्ति (नियम -9 )
(i ) आईएसओ/जीएमपी/सीजीएमपी प्रमाणीकरण की अभिप्रमाणित प्रति (छायाप्रति संलग्न) :
(ii) उक्त प्रमाणीकरण प्राप्त करने के लिये :
किये गये व्यय ( दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति संलग्न करें )
(ब) पेटेंट/आईपीआर के लिए प्रतिपूर्ति (नियम -10)
(i) पेटेंट/आईपीआरका संक्षिप्त विवरण :
(ii ) पेटेंट/आईपीआर प्राप्त करने के लिये किये गये व्यय ( व्यय को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज की प्रमाणित प्रति संलग्न करे) निर्धारित शुल्क ....... अनुसंधान एवं शोध पर व्यय सलाह/सेवा पर व्यय
14. योजना की इस सहायता अन्तर्गत पूर्व में प्राप्त कुल स्वीकृत राशि एवं विवरण :
कृपया " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत उक्त सहायता(ओं ) को स्वीकृत करने का कष्ट करें ।
संलग्न: -
दिनांक : -
स्थान :-
आवेदक/प्राधिकृत व्यक्ति
हस्ताक्षर
नाम
पद.
(सील)
नोट- जिस सहायता के लिये आवेदन नहीं किया जाना हो, उसमें 'लागू नहीं' अंकित किया जावे । 6097 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
परिशिष्ट- 5 "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत पॉवरलूम उन्नयन हेतु सहायता के लिये आवेदन का प्रारूप
प्रति,
महाप्रबंधक,
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, म.प्र .।
विषय:- " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत पॉवरलूम उन्नयन के लिये सहायता उपलब्ध कराने हेतु।
मेरे/ हमारे द्वारा जिला ........... ( मध्यप्रदेश ) में पॉवरलूम इकाई स्थापित की गई है, जिसमें भारत सरकार की INSITU अपग्रेडेशन योजना के तहत पॉवरलूम का उन्नयन करने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त की गई है और " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत उक्त उन्नयन हेतु सहायता ( नियम 11 ) उपलब्ध कराने बाबत् पॉवरलूम इकाई का विस्तृत विवरण निम्नानुसार है: -
01. इकाई का नाम
02. इकाई का कार्यस्थल
स्थान/ नगर
विकासखण्ड
तहसील
जिला
03. इकाई का प्रकार
: प्रोप्रायटरी/ संस्था/पार्टनरशिप/ कंपनी (पार्टनरशिप डीड/ मेमोरेण्डम ऑफ एसोसिएशन/आर्टिकल की छायाप्रति संलग्न करें)
:
04. एम.एस.एम.ई.डी. एक्ट 2006 के तहत उद्योग आधार ज्ञापन फाइल करने पर प्राप्त अभिस्वीकृति का क्रमांक व दिनांक
(छायाप्रति संलग्न करें ) [भाग 1 6098
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
05. भारत सरकार का अन्य कोई पंजीयन ( यदि : हो तो ) का क्रमांक व दिनांक (छायाप्रति संलग्न करें )
06. इकाई के विद्युत संयोजन का भार , क्रमांक व : दिनांक (नवीनतम विद्युत देयक की छायाप्रति संलग्न करें)
07. वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने का दिनांक :
08. वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने के दिनांक : तक किये गए संयंत्र एवं मशीनरी में पूंजी निवेश की राशि (लाख रूपए में)
09. इकाई के उत्पादों के नाम व वार्षिक क्षमता : क्र.
वार्षिक क्षमता
उत्पाद का नाम
10. इकाई में प्राप्तकुल रोजगार
11. भारत सरकार की INSITU अपग्रेडेशन योजना : के तहत पॉवरलूम को उन्नयन करने के लिए प्राप्त वित्तीय सहायता
12. भारत सरकार की INSITU अपग्रेडेशन योजना : के तहत परिवर्तित पॉवरलूमों की संख्या और उन्नयन का प्रकार
कृपया "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत उक्त सहायता को स्वीकृत करने. का कष्ट करें ।
संलग्न: -
दिनांक: -
स्थान :-
आवेदक/प्राधिकृत व्यक्ति
हस्ताक्षर
नाम .
पद .
(सील) 6099
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
परिशिष्ट- 6 निजी औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना /विकास करने की अनुमति प्राप्त करने हेतु आवेदन का प्रारूप
प्रति,
उद्योग आयुक्त, मध्यप्रदेश।
विषयः- निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/ विकास करने की अनुमति प्रदान करने बाबत्।
मेरे/ हमारे द्वारा जिला ... ( मध्यप्रदेश) में निजी औद्योगिक क्षेत्र बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना/ विकास किया जाना प्रस्तावित है । उक्त क्षेत्र की स्थापना/विकास करने की अनुमति ( नियम 12 ) बाबत् विस्तृत विवरण निम्नानुसार है : -
01. ऐजेन्सी/संस्था/निवेशक का नाम :
02. सम्पर्क का पता
दूरभाष
फैक्स
ई- मेल
03. पंजीकृत कार्यालय का पता
दूरभाष
फैक्स
ई -मेल
04. औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का स्थल :
स्थान/नगर
विकासखण्ड
तहसील
जिला 6100
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[भाग 1
:
05 . औद्योगिक क्षेत्र का क्षेत्रफल (एकड़ में) / बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का कारपेट क्षेत्र (वर्ग फीट में ) (क्षेत्रफल/कारपेट क्षेत्र को प्रमाणितं करने वाले दस्तावेज की प्रति)
06 . औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर : के स्वामी/लीजधारक का नाम (दस्तावेज संलग्न करें)
07. औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर में : प्रस्तावित उद्योगों के नाम (न्यूनतम पांच)
08. औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर : की स्थापना/विकास में किये जाने वाले प्रस्तावित निवेश का संक्षिप्त विवरण (नक्शा व प्लान ले-आउट संलग्न करें)
09. औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसरः की स्थापना/विकास के पूर्ण होने की प्रस्तावित दिनांक (चरणबद्ध समयसीमा संलग्न करें)
कृपया औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना/ विकास करने की अनुमति प्रदान करने का कष्ट करें । संलग्न: -
दिनांक: -
स्थान :-
आवेदक/प्राधिकृत व्यक्ति हस्ताक्षर
नाम .
पद
(सील) 6101
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
परिशिष्ट- 7 "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत निजी औद्योगिक क्षेत्र / बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना हेतु सहायता बाबत् आवेदन का प्रारूप प्रति,
महाप्रबंधक,
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, म.प्र .।
विषय: - "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना हेतु सहायता उपलब्ध कराने बाबत्। मेरे/ हमारे द्वारा जिला (मध्यप्रदेश ) में निजी औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर की स्थापना की गई है । " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत की स्थापना हेतु सहायता ( नियम 12 ) उपलब्ध कराने हेतु विस्तृत विवरण निम्नानुसार है: -
01. ऐजेन्सी/संस्था/ निवेशक का नाम (निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर के स्वामित्व का प्रमाण संलग्न करे)
02. सम्पर्क का पता
दूरभाष
ई-मेल
03. पंजीकृत कार्यालय का पता
दूरभाष
ई-मेल
04. निजी औद्योगिक क्षेत्र / बहुमंजिला औद्योगिक : परिसर का स्थल का पूर्ण पता
:
05. निजी औद्योगिक क्षेत्र का क्षेत्रफल (एकड़ में) / बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का कारपेट क्षेत्र (वर्ग फीट में) ( क्षेत्रफल/ कारपेट क्षेत्र को [भाग 1 6102
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
प्रमाणित करने वाले दस्तावेज सहित)
06. निजी औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक : परिसर में स्थापित उद्योगों के नाम न्यूनतम पांच ( स्थापना को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज संलग्न)
07. चार्टर्ड इंजीनियर/ चार्टर्ड अकाउन्टेंट द्वारा : अधोसंरचना विकास में किया गया प्रमाणित व्यय (प्रमाण पत्र संलग्न)
08. उद्योग आयुक्त, म. प्र. द्वारा निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर को स्थापित/विकसित करने हेतु प्रदाय अनुमति की दिनांक (छायाप्रति संलग्न करें)
09. प्राधिकृत अधिकारी द्वारा निजी औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर को स्थापित/विकसित करने हेतु बढ़ाई गई समय सीमा का विवरण , यदि कोई हो तो (आदेश की प्रति संलग्न करें)
10. औद्योगिक क्षेत्र/बहुमंजिला औद्योगिक परिसर : की स्थापना/विकास के पूर्ण होने की दिनांक
कृपया " मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत उक्त सहायता को स्वीकृत करने का कष्ट करें ।
संलग्न: -
दिनांक: -
स्थान
आवेदक/प्राधिकृत व्यक्ति हस्ताक्षर
नाम .
पद.
(सील) 6103
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
परिशिष्ट - 8 "मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत दिए जाने वाला शपथ पत्र (निर्धारित शुल्क के स्टॉम्प पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित )
मैं/ हम एतद् द्वारा यह शपथपूर्वक कथन करता हूँ करते हैं कि: -
1. मेरे/ हमारे द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र प्रोत्साहन योजना 2017 " अंतर्गत प्रस्तुत आवेदन दिनांक गई जानकारी सत्य है । में "मध्यप्रदेश एमएसएमई मेंदी 2. मैं/ हम राज्य शासन अथवा राज्य शासन के किसी उपक्रम की घोषित चूककर्ता/अशोधी नहीं हूँ हैं ।
3. औद्योगिक परिसर तक विकसित की गई अधोसंरचना आवेदन में उल्लेखित इकाई हेतु विकसित की गई है तथा अच्छी गुणवत्ता की है । (यदि लागू हो तो ) گا
या
स्थापित की गई अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली/प्रणालियों आवेदन में उल्लेखित इकाई हेतु विकसित की गई है तथा मानकों के अनुरूप है । ( यदि लागू हो तो )
4. मैं/ हम यह वचन देता/देते हूँ हैं कि यदि उपरोक्त उल्लेखित योजना में उल्लेखित किसी भी शर्त/प्रावधान का मेरे / हमारे द्वारा उल्लंघन किया जाता है , तो विभाग को नियमानुसार सुविधा को निरस्त करने/ वापस लेने का पूर्ण अधिकार होगा तथा मैं/ हम 12 प्रतिशत ब्याज दर से सुविधा/ सहायता राशि वापस करने के लिये उत्तरदायी रहूँगा/रहेंगे ।
5. मैं/ हम इकाई/उन्नयन किये गये पॉवरलूमों/ औद्योगिक क्षेत्र/ बहुमंजिला औद्योगिक परिसर/अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालीको प्रारंभ उन्नयन दिनांक से कम से कम 5 वर्षों तक उत्पादनरत / कार्यरत रखूँगा / रखेंगे ।
स्थान: -
दिनांक: -
प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर
नाम : -
(सील) 6104
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय, संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला भोपाल - सीहोर - रायसेन, मध्यप्रदेश
ई -5 , पर्यावरण परिसर, अरेरा कॉलोनी, भोपाल
सूचना
भोपाल, दिनांक 29 नवम्बर 2017
औबेदुल्लागंज निवेश क्षेत्र अंतर्गत ग्रामों के वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र का अंगीकरण क्र. 3835- वि.यो. - औबेदुल्लागंज -जिका. भो. -2017.- औबेदुल्लागंज निवेश क्षेत्र के लिए वर्तमान भूमि उपयोग हेतु मानचित्र को मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 15 की उपधारा ( 1 ) के अधीन राजपत्र दिनांक 15 सितम्बर 2017 में प्रकाशित किया गया था एवं उक्त धारा की उपधारा ( 2 ) के उपबन्धो के अधीन जनता से आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किये गये. समस्त ऐसे व्यक्तियों को जिन्होने आपत्ति या सुझाव , उपांतरण प्रस्तुत किए हैं, अपेक्षित विचारण उसमें किया गया है.
अब, उपरोक्त योजना क्षेत्र के लिए वर्तमान भूमि उपयोग हेतु मानचित्र उक्त अधिनियम की धारा 15 की उपधारा ( 3 ) के अधीन एतद् द्वारा , अंगीकृत किया जाता है ओर उसकी प्रति दिनांक 8 दिसम्बर 2017 से 6 जनवरी 2018 तक कार्यालयीन समय के दौरान निरीक्षण हेतु कार्यालय में उपलब्ध रहेगी : -
1. आयुक्त, भोपाल संभाग भोपाल ( मध्यप्रदेश )
2. कलेक्टर, जिला रायसेन ( मध्यप्रदेश )
3. संयुक्त संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश, ई -5, अरेरा कालोनी, पर्यावरण परिसर, जिला कार्यालय भोपाल,
4. मुख्य नगरपलिका अधिकारी , नगर परिषद, औबेदुल्लागंज, जिला रायसेन ( मध्यप्रदेश ) .
एस. के. मुदगल , संयुक्त संचालक.
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
क्रमांक एफ 6-2-2017- सात-3-1522
भोपाल , दिनांक 2 नवम्बर 2017
संशोधित सूचना
प्रदेश के जिलों में वर्षा की कमी , जमीन और सतह के पानी की उपलब्धता, खराब फसल की स्थिति, रिमोर्ट सेंसिंग रिपोर्ट तथा संबंधित जिलों के कलेक्टरों से उपलब्ध रिपोर्टो के आधार पर राज्य सरकार द्वारा निम्नांकित कॉलम (2 ) में दर्शाये जिलो के कॉलम (3 ) में दर्शाई तहसीलों को गंभीर / मध्यम श्रेणी की सूखा प्रभावित मानती है , और वृत्तप्रचार एवं सर्वसाधारण की जानकारी हेतु यह सूचना जारी की जाती है : -
अनुसूची
श्रेणी
तहसीलों का नाम
क्र. जिले का नाम
4.
3.
2.
1.
गंभीर 1. अशोकनगर 1.अशोकनगर 2. ईसागढ़ 3.मुगावली 4. चंदेरी 5. शाढोरा 6. नई सराय 7. पीपरई 6105
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
गंभीर 1.मेहगाँव 2.गौहद
2. भिण्ड
7. मौ
2.अटेर 3.लहार 4 रौन 5. मिहोना 6. गौरमी
1.भिण्ड
मध्यम गंभीर
4. बक्सवाहा
2. बिजावर 3. बड़ामल्हरा
1.धुवारा
मध्यम छतरपुर
3.
1. छतरपुर 2. राजनगर 3. नौगॉव 4.लौडी 5.गौरिहार 6. महराजपुर 7. चंदला
4. दमोह
गंभीर 1. दमोह 2.पथरिया 3. जवेरा 4. तेन्दूखेडा 5. हटा 6. पटेरा 7. बटियागढ़
गंभीर
3. भितरवार
4. चिनौर 5. घाटीगांव
1. गिर्द 2. डबरा
5. ग्वालियर
6. पन्ना
मध्यम 1. पन्ना 2. गुन्नौर 3. पवई 4. शाहनगर 5.अजयगढ़ 6. रैपुरा
7.अमानगंज 8. देवेन्द्र नगर 9. सिमरिया
गंभीर
5. देवरी
7. सागर
1.सागर 2. राहतगढ़ 3.रोहली 4. गढ़ाकोटा 6. केसली 7. बंडा 8.खुरई 9.बीना 10. शाहगढ़
11. माथलोन
मध्यम 8. सतना
1.रामपुर बाघेलान 2.नागौद 3.चेहरा 4.अमरपाटन
5.रामनगर 6. मैहर 7. मझगवां 8. कोटर 9. विरसिंहपुर
10.रघुराजनगर
गंभीर शिवपुरी
9.
1.शिवपुरी 2.कोलारस 3. करेरा 4. नरवर 5. पोहरी 6.पिछोर 7.खनियाधाना 8. बदरवास 9. बैराढ़
मध्यम सीधी
10.
1.गोपदबनास 2. सिंहावल 3. कुसमी 4. मझौली
5. रामपुर- नैकिन 6. चुरहट 7. बहरी
गंभीर
5. जतारा
11. टीकमगढ़
4.पृथ्वीपुर
3. निवाडी
2.बल्देवगढ़
1.टीकमगढ़
10. लिधौरा
9. मोहनगढ़
6. पलेरा 7. ओरछा 8.खरगापुर
11. बड़ागांव (धंसाना)
गंभीर विदिशा
12.
1.विदिशा 2.ग्यारसपुर 3.बासौदा 4. नटेरन 5. कुरवाई
6.सिरोंज 7. लटेरी 8. शमशाबाद 9.त्योंदा 10. गुलाबगंज
11.पठारी
13.
मध्यम
3. शुजालपुर 4. गुलाना
शाजापुर 1.शाजापुर 2. मोमन - बडौदिया
पोलायकलां
7.अवंतिपुर- बडौदिया
5. कालापीपल 6.
गंभीर 1.विजयपुर
14. श्योपुर
मध्यम
1.श्योपुरकलां 2. कराहल 3. बड़ौदा 4. बीरपुर
मध्यम 15. मुरैना 1. मुरैना 2. अम्बाह 3. पोरसा 4.जौरा 5.सबलगढ़ 6. कैलारस
मध्यम दतिया
4. इन्दरगढ़ 5. बढ़ौनी
16.
1. दतिया 2. सेवड़ा 3. भांडेर
मध्यम शहडोल
17.
1. ब्यौहारी 2. जयसिंहनगर
मध्यम उमरिया
18.
1.मानपुर
133 तहसीलें
18 जिले
कुलः-
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
अरूण पाण्डेय, प्रमुख सचिव.
6106
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
NO . F 6-2-2017 - VII - 3
Bhopal , the 2nd November , 2017
REVISED NOTICE
Having taken into account the conditions as arising from rainfall deficiency, decline in theavailability of ground and surface water, poor crop conditions, and parameters related to remote sensing & socio- economic parameters etc. , ascertained the distress situation that is likely to develop in the area affected by these conditions through sample field varification, and, on the basis of reports available from the Collectors of concerned districts, the State Government has decided to declare drought of a severe/Moderate nature in theTahsils of following Districts in the State: -
SCHEDULE
Sl.No. Name of Districts
1
2
Intensity
Nameof Tahsils
4. 3
Severe 4. Chanderi
2. Esagarh
1
1.Ashok Nagar Ashok Nagar
3. Mungaoli
6. Nai saray
5.Shadoura
1.Mehgaon 2. Gohad
Bhind
2
7. Piprai
Severe
Moderate
6.Gormi 7.Mou
5. Mehona
3. Lahar 4. Ron
1. Bhind 2.Ater
Severe 4. Bakswaha
3. Badamalhara
2. Bijawar
1.Dhuwara 3 Chhatarpur 1. Chhatarpur 2. Rajnagar
Moderate
5.Gourihar
3.Nowgaon 4. Londi
7.Chandla
6.Maharajpur Damoh
4
Severe 4.Tendukheda 5. Hatta
2. Pathariya 3.Jabera
1. Damoh
6. Patera 7.Batiyagarh
Severe 5.Ghatigaon
4. Chinor
3. Bhitarwar
Gwalior
1Gird 2. Dabra 5
Panna
2.Gunnaor 3.
6
1. Panna
Moderate
5.Ajayagarh
Pawai 4.Shahnagar
9.Simariya
8. Devendra Nagar
7. Amanganj
6. Repura
Severe
5. Deori
4. Garhakota
3. Rahli
2. Rahatgarh
7
1. Sagar Sagar
6. Kesli 7. Banda
11. Shahgarh Satna
8
9. Beena 10.Malthone
8. Khurai
Moderate 3. Uchehara
1. Rampur Baghelan 2. Nagod
4.Amarpatan 5.
8. Kothar 9. Birsinghpur
Kolaras 3.
1. Shivpuri 2.
9 Shivpuri
Majhgawa
Ramnagar 6. Maihar 7.
10. Raghurajnagar
Severe 4. Narwar 5. Pohri
Karera
8. Badarwas 9. Bairadh
Khaniadhana
6. Pichhore7.
Sidhi
10
Moderate
1.Gopadbanas 2. Sinhawal 3. Kusmi 4. Manjholi
5. Rampurnaikin 6. Churhat 7. Bahari
6107
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
Nameof Tahsils
Intensity Sl.No. Name of Districts
Severe 11 Tikamgarh 1. Tikamgarh 2. Baldeogarh 3. Niwari 4. Prethvipur 5.Jatara 6. Palera 7. Orchha 8. Khargapur 9. Mohangarh 10. Lidhora11.Badagaon (Dhasana)
Severe Vidisha
12
1. Vidisha 2. Gyaraspur 3. Basauda 4. Nateran 5. Kurwai 6. Sironj 7. Lateri 8.Shamshabad 9. Teonda 10.Gulabganj 11. Pathari
Moderate 13. Shajapur 1.Shajapur 2.Moman Badodiya 3.Shujalpur 4.kalapipal 5. Gulana 6. Polay Kalan 7. Avantipur Badodiya
Severe 1.Vijaypur
14 Sheopur
1. Sheopur 2.Karahal 3. Baroda 4.Birpur
Moderate Moderate Morena 1.Morena 2. Ambah 3. Porsa 4.Joura 5. Sabalgarh
15
6.Kailaras
Moderate 16 Datia
1. Datia 2. Sewada 3. Bhander 4.Indergarh 5. Badhauni
Moderate 17 Shahdol 1. Beohari 2. Jaisinghnagar
Moderate Umaria
18
1.Manpur
18 Districts 133 Tahsils
Total
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , ARUN PANDAY, Principal Secy.
कार्यालय , सक्षम प्राधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी, ( राजस्व ) तहसील घट्टिया , जिला उज्जैन मध्यप्रदेश
घट्टिया , दिनांक 27 नवम्बर 2017 क्र. 852 - भू- अर्जन- 2017- रा. प्र. क्र. 14- अ- 82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 475/भू-अर्जन/ 2017, घट्टिया, दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया, जिला- उज्जैन तक नर्मदा - मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/ अधिभोगी को भी दी गई है । [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6108
अतएव , उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
::अनुसूची::
जिला
तहसील
खसरा कमांक
ग्राम / पटवारी
हल्काकमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जितकी जाने वाली भूमि (हेक्टेयर गे)
2
4
5
1 उज्जैन घट्टिया
3 रुई
721
0.050
प.ह.न.-08
720
0.050
719
0.050
718/1
0.040
0.040
709/1
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्काकमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)
4
5
709/2
1 उज्जैन
0.040
2 घट्टिया
709/3
0.050
3
रुई
प.ह.न.-08
708/2
0.020
691
0.020
690
0.040
689
0.040
692/2
0.090
688
0.090
684
0.070
682
0.040
683
0.010
679
0.150
466
0.040
464
0.080
463
0.090
462
0.040
461/1
0.010
461/2
0.030
461/3
0.030
460
0.060
220/1
0.080
220/2
0.050
218/1
0.100
208
0.020
207
0.020
206
0.070
31
कुल योग
1.610 6109
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 853 - भू-अर्जन- 2017- रा. प्र. क्र. 15- अ- 82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 477/भू-अर्जन/ 2017 , घट्टिया, दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलगेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया, जिला- उज्जैन तक नर्मदा- मालवा-गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है ।
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूवना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
::अनुसूची::
तहसील
जिला
ग्राम / पटवारी
हल्काकमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
3
4
5
उज्जैन घट्टिया
279
खेडला,
0.070
प.ह.न.-30
278/1
0.010
281
0.010
277/2
0.010
286/2
0.020 6110
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
1
3
4
5 उज्जैन
286/1
0.040 घट्टिया
285
0.050
खेडला,
प.ह.न.-30
243/1
0.090
243/2
0.030
243/3
0.030
225/2
0.010
226/2
0.010
224
0.010
225/1
0.010
226/1
0.010
223
0.020
213
0.010
227/3
0.020
227/2
0.030
227/1
0.030
228
0.020
206/2
0.120
206/3
0.020
203/2
0.010
203/3
0.020
203/1
0.040
203/5
0.020
203/4
0.020
195/2
0.010
29
कुल योग
0.800 6111
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 854- भू-अर्जन- 2017- रा. प्र. क्र. 16 -अ- 82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक-479/भू-अर्जन /2017, घट्टिया, दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया, जिला- उज्जैन तक नर्मदा- मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है ।
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव , उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा, पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
तहसील
जिला
ग्राम / पटवारी
हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
4
1
3
5 उज्जैन
145
0.160 घट्टिया झोकरा, प.ह.न.-06
146
0.020
0.020
251/1
0.100
251/2
0.090
252/1 6112
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1 जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
3
4
5 उज्जैन घट्टिया
246
0.010
झोकरा,
प.ह.न.-06
247
0.080
243
0.030
199
0.030
0.040
200/1
0.010
208/1
210
0.080
201
0.090
0.060
202/1
207
0.010
209
0.070
212
0.170
215
0.070
216
0.030
217
0.080
222
0.060
0.050
9/2
22
1.360
कुल योग
क्र. 855 - भू-अर्जन- 2017- रा. प्र. क्र. 17- अ- 82-2016-17
1
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक- 481 / भू-अर्जन / 2017 , घट्टिया, दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम- बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया, 6113
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
जिला- उज्जैन तक नर्मदा- मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । ग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन , बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्काकमांक
खरारा क्रमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
3
4
5
उज्जैन
107
0.010 घट्टिया सिलोदारावल, प.ह.न.-26
0.050
106
100
0.010
99
0.090
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्काकमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)
2
3
4
5
1
उज्जैन घट्टिया
98
0.070
सिलोदारावल,
प.ह.न.-26
97/1
0.060
81/2
0.040
81/1
0.140
84/1
0.020
84/2
0.010
83
0.010
11
0.510
कुल योग
[ भाग 1 6114
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
क्र. 856- भू-अर्जन- 2017- रा. प्र. क्र. 18 अ- 82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक-483 / भू-अर्जन/ 2017, घट्टिया, दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया, जिला- उज्जैन तक नर्मदा- मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है ।
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्काकमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
3
4
5
उज्जैन छछट्टिया
379/1
0.020
धूलमहू
प.ह.न.-22
373/3
0.040
375/3
-0.030
373/2
0.030
371/3
0.020 6115
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्का क्रमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
4
5 उज्जैन घट्टिया
371/2
0.020
3
धूलमहू,
प.ह.न.- 22
372
0.100
155/1
0.150
146/5/2
0.100
146/6
0.030
10
कुल योग
0.540 क्र. 857- भू-अर्जन- 2017 - रा. प्र. क्र. 19-अ-82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक-485/भू-अर्जन/ 2017, घट्टिया, दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया, जिला- उज्जैन तक नर्मदा- मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है ।
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर , राज्य सरकार में निहित होगा । 6116
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
::अनुसूची::
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्काकमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
3
4
5
246/1
0.080 उज्जैन घट्टिया
245/3
0.060
सेमल्याबीबी,
प.ह.न.-08
245/2
0.050
245/1
0.050
239
0.130
238/2
0.080
235/2
0.030
7
0.480
कुल योग
क्र. 858 - भू- अर्जन- 2017 - रा. प्र. क्र. 20- अ-82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 487/भू-अर्जन / 2017, घट्टिया , दिनांक 03/08/2017 द्वारा, राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया, जिला- उज्जैन तक नर्मदा- मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है ।
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है । 6117
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन , बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
::अनुसूची::
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
3
4
5 1 उज्जैन घट्टिया
235
0.100
नईखेड़ी,
प.ह.न.-28
234
0.050
233
0.060
230/4
0.090
223/1
0.130 जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
3
4
5
1 उज्जैन घट्टिया
224/1
0.150
नईखेड़ी,
प.ह.न.-28
198
0.090
199
0.050
185
0.070
187
0.010
184/1
0.010
182
0.180
179
0.010
180
0.090
14
1.090
कुल योग
6118
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
क्र. 859 - भू- अर्जन- 2017 - रा. प्र. क्र. 21 - अ-82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक- 489/भू-अर्जन/ 2017, घट्टिया, दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया , जिला- उज्जैन तक नर्मदा- मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दौयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है ।
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचनां भूमिरवामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव , उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा, पाईपलाईन , बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
::अनुसूची::
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्का क्रमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
1
3
4
5
43/3
0.010 उज्जैन घट्टिया महूखेड़ी
41/2
0.010
प.ह.न.-29
40/1
0.030
43/2
0.040
40/2
0.050
43/1
0.050
38
0.180
7
0.370
कुल योग
6119 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
क्र. 860 - भू-अर्जन- 2017- रा. प्र. क्र. 22- अ- 82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश, भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना क्रमांक-491 /भू-अर्जन / 2017, घट्टिया, दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- वड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया , जिला- उज्जैन तक नर्मदा - मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है ।
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर , राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने दाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
3
4
5 उज्जैन घट्टिया
459
0.010
457
0.010
बड़ोदिया
काजी,
प.ह.न.-28
454/2
0.030
454/1
0.050
450
0.010 6120
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1 तहसील
जिला
खसरा कमांक
ग्राम / पटवारी
हल्काकमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)
4
1
3
5
453
0.100 उज्जैन
2 घट्टिया
452/2
0.010
423/1/1
0.010
बड़ोदिया
काजी,
प.ह.न.-28
424
0.070
402/1
0.070
0.070
425/1
428
0.030
427
0.030
401
0.070
395
0.140
0.010
394
381/2
0.140
0.020
135
134
0.010
131
0.040
120
0.080
121/2
0.060
126
0.050
122
0.080
123
0.050
104
0.110
26
1.360
कुल योग
क्र. 861 - भू-अर्जन- 2017- रा. प्र. क्र. 23- अ- 82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक-493/ भू-अर्जन/ 2017, घट्टिया, दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया, जिला- उज्जैन तक नर्मदा-मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । 6121
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव , उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा, पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
::अनुसूची::
तहसील
जिला
खसरा कमांक
ग्राम / पटवारी
हल्काकमांक
उपयोक्ताके अधिकार के लिये अर्जित की जाने ताली भूमि (हेक्टेयर में)
4
5
3
2
0.020
548
घट्टिया
1 उज्जैन
नागपुरा,
प.ह.न.- 29
0.010
505
0.010
541
0.040
507
0.020
509
उज्जैन
508
0.020 घट्टिया नागपुरा, प.ह.न.-29
0.060
535
0.080
209
510
0.020
0.010
511/1
534/6
0.060
0.040
515
534/5
0.020
0.010
534/4
0.060
513
514/2
0.030
0.050
494
495/3
0.020
492
0.100
488/2
0.010 6122
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
488/1
0.090
482
0.050
481
0.010
233
0.130
232
0.100
231
0.020
217/2
0.120
217/1
0.050
0.040
210
208
0.070
206/3
0.030
206/1
0.020
0.040
205/1
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्काकमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)
1
2
3
4
5
उज्जैन घट्टिया
206/4
0.010
नागपुरा,
प.ह.न.-29
203/2
0.110
203/1
0.050
199
0.150
71
0.080
68
0.040
67/1
0.010
67/2
0.080
65/3
0.010
65/1
0.010
64/3
0.020
65/2
0.010
64/2
0.020
64/4/2
0.020
64/6
0.020
64/5
0.020
64/4/1
0.030
64/1
0.030
58
0.020
57
0.020
कुल योग
53
2.220 6123
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 862- भू- अर्जन- 2017- रा. प्र. क्र. 24-अ- 82-2016-17
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 495/ भू-अर्जन/ 2017 , घट्टिया , दिनांक 03/08/2017 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- बड़ीकलमेर तहसील हातोद जिला इन्दौर से ग्राम बोरखेड़ा भल्ला, तहसील- घट्टिया, जिला- उज्जैन तक नर्मदा- मालवा- गंभीर लिंक परियोजना की दॉयी तट पाईप नहर में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है ।
और वह अधिसूचना राजपत्र में दिनांक 08.09.2017 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव , उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा, पाईपलाईन, बिछाने के. लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्काक्रमांक
खसरा कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
1
3
4
5 उज्जैन
253
0.080 घट्टिया बोरखेड़ा
254/1
0.010
भल्ला,
प.ह.न.-04
0.040
254/2
251
0.040
0.070
255 6124
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1 जिला
तहसील
खसरा
ग्राम / पटवारी
हल्का कमांक
कमांक
उपयोक्ता के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
4
5 उज्जैन
257
0.010 घट्टिया
256
0.060
248
0.020
3
बोरखेड़ा
भल्ला,
प.ह.न.-04
258
0.070
259
0.110
245/3
0.040
245/2
0.010
260
0.050
261/1
0.030
244/2/1
0.100
243/2/1
0.010
243/1/1
0.020
244/3
0.040
कुल योग
18
0.810
जी.एस.डाबर
समक्ष प्राधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी , ( राजस्व) .
कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी एवं भूअर्जन अधिकारी गौहरगंज जिला रायसेन मध्यप्रदेश क्र. 557
रायसेन , दिनांक 1 दिसम्बर 2017
प्ररूप ।।
नियम 5 ( i ) देखें
प्रारंभिक अधिसूचना
जबकि समुचित सरकार को ऐसा प्रतीत होता है कि लोक प्रयोजन के लिये रेल्वे लाईन की तीसरी विस्तार ग्राम करमोदा तहसील गौहरगंज विकास खण्ड ओबेदुल्लागंज जिला रायसेन में कुल 1.310 हेक्टेयर भूमि अपेक्षित है ।
भूमि अर्जन के कारण किसी भी कुटुंब के विस्थापन होने की संभावना नहीं है ।
रेल्वे की तीसरी लाईन निर्माण हेतु जिला रायसेन तहसील गौहरगंज ग्राम करमोदा में उक्त परियोजना के लिये 1.310 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया जाता है । भाग 1 ]
6125
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
क्र.सं. सर्वेक्षण संख्या स्वामित्व का प्रकार
भूमि का प्रकार
अर्जन क्षेत्र हेक्टेयर में सीमायें
सरचनाये
बृक्ष
हितबद्ध व्यक्ति का नाम
और पता
1
0.530
Nil
Nil
पश्चिम उत्तर दक्षिण
पूर्व
Nil
Nil
मेहताबसिह आ० रामसिंह
33/ 1 / 3 अहस्तांतरणीय कृषि
2 33/ 1 / 1 अहस्तांतरणीय कृषि 0.450
शायकीय नाला
रेलवे लाइन
भूमि स्वामी की शेष भूमि
मोहनलाल की भूमि
Nil
Nil
मोहनलाल आ० गुलाब
अहस्तांतरणीय कृषि
333/1/10
0.200 रेलवे लाइन
भूमिं स्वामी की शेष भूमि
उदयराम की भूमि
मेहताब की भूमि
Nil
Nil
उदयराम आ० कुंजीलाल
4
32 निजी भूमि कृषि 0.330 सेवाभूमि
भूमि स्वामी की शेष भूमि
रेलवे लाइन
मोहनलाल कीभूमि
Nil
सेवाः भूमि Nil
भूमि स्वामी की शेष भूमि
वनविभाग की भूमि
रेलवे लाइन
मो० मतीन खां आ०
अब्दुल हफीज खां
यह अधिसूचना इससे संबंधित सभी व्यक्तियों के लिये भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 (2013 का 30) की धारा 11 (1 ) के उपबंधों के अधीन जारी की गयी है । भूमि से संबंधित रेखांकन अनुविभागीय अधिकारी एंव भूअर्जन अधिकारी गौहरगज के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस को कार्य समय के दौरान देखा जा सकता है ।
सरकार, उक्त अधिनियम की धारा 12 में यथा उपबंधित एवं विनर्दिष्ट रेल्वे विभाग के अधिकारी और उसके कर्मचारी बृन्द को भूमि में प्रवेश करने और उसका सर्वेक्षण करने, किसी भी भूमि के स्तर लेने, अवमृदा में खुदाई करने या भेदन करने और अपने कार्य के उचित निस्पादन के लिये अपेक्षित सभी अन्य कार्य करने के लिये प्राधिकृत करती है । अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी समव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी समव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगन श्रजित नहीं करेगा । अधिनियम की धारा 15 के अधीन उपबंधित अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में इस कार्यालय के समक्ष आक्षेप यदि कोई हों तो फाईल किये जा सकेंगे । चूंकि धारा 40(2) के कार्यक्षेत्र के भीतर आनेवाली परियोजना के लिये भूमि की तत्काल अपेक्षा है इसके लिये संसद का अनुमोदन प्राप्त है । इसलिये स०आ० संख्या 1 दिनांक 22.11.17 के द्वारा सामाजिक समाघात मूल्यांकन अध्ययन न करने का विनिश्चय किया गया है ।
स्थान:- गौहरगंज
तारीख:- 27.11.17
भावना वालिम्बे
कलेक्टर एवं
पदेन उपसचिव 6126
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1 कार्यालय, कलेक्टर जिला सागर मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग क्र. 35 अ-82-15-16-14257
सागर, दिनांक 17 नवम्बर 2017 भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 (1 ) के अंतर्गत प्रारंभिक अधिसूचना के प्रकाशन दिनांक से प्रावधानित समयसीमा 60 दिवस की अवधि में कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई है जिससे अधिनियम की धारा 15(2) के अंतर्गत कोई रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं हुई है तथा इस आधार पर समुचित सरकार का यह समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित परियोजना हेतु अनुसूची के पद (2) में उल्लिखित भूमि की सार्वजनिक लोक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है एवं उक्त भूमि के अर्जन से किसी भी व्यक्ति अथवा परिवार का विस्थापन नहीं किया जाना है अतः भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अंतर्गत यह घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के पद (2) में वर्णित भूमि एवं स्थाई परिसंपत्तियां लोक प्रयोज़न हेतु अपेक्षित हैः-
:
(1 ) परियोजना का नाम
भूमि का विवरण
... (2)
:
1. जिला
2. तहसील
3. ग्राम
.4. पट.ह.नं.-
32
:
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
स्वामित्व का प्रकार स. क्र.
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
2
1
3 1
भूमिस्वामी श्रीमति गिरजाबाई जोजे बहादुरसींग साकिन ग्राम बीना तहसील देवरी
योगः-
बीनाजी- रानीताल- बारहा मार्ग कि.मी. 1/6 में सुखचैन नदी पर पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य हेतु ।
सागर
देवरी
बीना
0.40 है.
खसरा क्रमांक
भूमि का प्रकार
क्षेत्रफल कुल (रकवा हेक्टे. में)
अर्जित भूमि (रकबा हे. मे)
भूमि पर स्थित स्थावर परिसंपत्ति का विवरण 4
5
7
8
6,
असिंचित निरंक 375
3.670 0.400
0.400 असिंचित निरंक 3.670
01किता
प्रस्तावित भूमि के अर्जन से किसी भी व्यक्ति अथवा परिवार का पुनर्व्यवस्थापन किया जाना अपेक्षित नहीं है अतः पुनर्व्यवसीपन क्षेत्र की पहचान किया जाना एवं पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थान स्कीम तैयार की जाना आवश्यक नहीं है ।
अधिनियम 2013 की धारा 21 के तहत हितबद्ध व्यक्तियों को यह भी सूचित किया जाता है कि सरकार का आशय भूमि का कब्जा लेने का है और ऐसी भूमि में सभी हितों के लिए प्रतिकरों और पुनर्वास तथा प्रतिस्थापन के दावे कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) देवरी जिला सागर के कार्यालय में दिनांक 18/12/2017 को प्रातः 10.30 बजे से दोपहर 3.00 बजे तक व्यक्तिगत रूप से या अभिकर्ता द्वारा या अधिवक्ता द्वारा उपस्थित होकर भूमि में अपने-अपने हितों की प्रकृति तथा ऐसे हितों के लिए प्रतिकर के दावों की रकम और विशिष्टियां, धारा 20 के अधीन किए गए मापों के सबध म आक्षुवे यदि कोई हों, के साथ पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन के दावे प्रस्तुत कर सकते है ।
भूमि के नक्शे तथा प्लान का निरीक्षण कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) देवरी जिला साग्र एवं कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण सागर संभाग सागर के कार्यालय में किया जा सकता है । 6127
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 05 अ-82-17-18-14518
सागर, दिनांक 22 नवम्बर 2017
::सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना देहरा बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक-J - 12011 / 31 / 2014-IA -1 पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6 (2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 6(2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया . जाता है:-
:
परियोजना का नाम
बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना देहरा बांध (1)
(2) भूमि का विवरण
सागर
1. जिला
राहतगढ़
2. तहसील
चौकी
3. ग्राम
29
4. पट.ह.नं.-
67.71 है.
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
:: अनुसूची-1::
भूमिका प्रकार
खसरा क्र.
स्वामित्व का प्रकार
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
स. क्र.
अर्जित भूमि (रकबा हे.में)
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
8-
4
3
2
1
0.770
0.770
70
भूमिस्वामी
1 हरि पिता खिलान साकिन देह
0.150
0.15
भूमिस्वामी 71
1.340
1.340
भूमिस्वामी 87
0.150
0.150
132
भूमिस्वामी
0.110
0.110
भूमिस्वामी 134
0.550
भमिस्वामी
0.550
135
0.56
0.56
72
2
भूमिस्वामी
0.050
0.050
136
भूमिस्वामी
0.650 पूरन, रोहन, जीवन , गुड्डा, गुलाब, परमलाल पिता जमना, लालबाई नाबालिग पिता जमना पालक माँ व खुर्द सुहागरानी वेवा जमना साकिन देह
0.650
भूमिस्वामी 222/4
0.090
0.090
भूमिस्वामी 84 6128
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1
0.260 3
0.260
हरि पिता खिलान साकिन देह
भूमिस्वामी 73/2
4
0.100
0.100
80
भूमिस्वामी
0.100
0.100
190
भूमिस्वामी
भुजबलसींग वल्द हिम्मतसींग , इन्द्रानी वेवा हिम्मत सींग, जगन्नाथ, भैयाराम, मन्नूसिंह वल्द फूलसिंह , लक्ष्मन सींग वल्द निर्भयसींग साकिन खिरिया
5
1.230
1.230
81
भूमिस्वामी
मूलचंद वल्द परम साकिन देह
0.760
0.760
191
6
0.590
0.590
85
भूमिस्वामी
राजकुमार वल्द भैरो प्रसाद साकिन देह
0.410
0.410
88/3
भूमिस्वामी
0.180
0.180 जनकरानी पति रामचरण साकिन देह
7
भूमिस्वामी 88/1
0.730
113
0.730
भूमिस्वामी
1.01 8
1.01
भूमिस्वामी 88/2
गोविन्द, सूरत पिता खित्ता साकिन देह
0.200
0.200 9
भूमिस्वामी
कमल वल्द बूठा साकिन देह
88/4
0.500 10
0.500
89
भूमिस्वामी
0.750
121
0.750
भूमिस्वामी
कमल वल्द बूठा, किरन, ममता नाबालिग पुत्री बूठा पालक व खद हल्कीबाई वेवा बूठा साकिन देह भूमिस्वामी
1.060
1.060
11 रामचरण वल्द हरलाल साकिन देह
90
भूमिस्वामी
0.770 12
0.770
91
भूमिस्वामी
मंजू पति संजय साकिन दीनदयाल कालोनी रीवा
0.920
92
0.92
भूमिस्वामी
0.880
0.880
94
भूमिस्वामी
0.240
0.240
133
भूमिस्वामी
2.110
2.110
13
93
मंगल वल्द दमरू साकिन देह अहस्तांतरणीय
भूमिस्वामी
0.730
0.73
भूमिस्वामी 100
0.770
0.770
101
14
भूमिस्वामी
मुन्ना पिता तुला साकिन चौकी
0.590
0.590
15
102
भूमिस्वामी
नसीम खां वल्द अब्दुल सगीर साकिन शनिचरी सागर
0.350
0.350
16
भूमिस्वामी 106
रामचरण , काशीराम पिता हरलाल , नत्थीबाई, रामवतीबाई, किक्कोबाई पुत्री हरलाल साकिन देह
0.420
0.420
17
107
भूमिस्वामी
चौदा वल्द मुलूसाकिन देह
0.400
0.400
108
18
भूमिस्वामी
गुलाब वल्द मुलू साकिन देह
19
3.390
3.390
111/1
भूमिस्वामी
गुलाब वल्द जालम साकिन देह
1.420
1.420
20
भूमिस्वामी
रामलाल वल्द गुलाब साकिन देह
111/2
0.300
0.300
128
भूमिस्वामी
0.650 21
0.650
परसादी वल्द मनमोहन साकिन देह
112
भूमिस्वामी
0.430 22
0.430
भूमिस्वामी 114/1
0.540 रामसींग , चन्द्रभानसींग पिता शोभाराम साकिन मरदापुर
0.540
भूमिस्वामी 115/1
0.420 23
0.420
114/2
भूमिस्वामी
परमानंद , राजू वल्द लच्छू साकिन देह
0.780
0.780
115/3
भूमिस्वामी
0.020
0.020
24
115/2
भूमिस्वामी
लालचंद वल्द मोहन साकिन शिकारपुर
0.470
0.470
25
116
भूमिस्वामी
चंद्रभान वल्द शोभाराम साकिन देह
1.090
1.090
26
118/1
भूमिस्वामी
रामसींग , पप्पू पिता रामकिशन, श्रीबाई, गोमती, शांतिबाई पिता रामकिशन आदिवासी साकिन देह
1.090
1.090
27
भूमिस्वामी 118/2
मोहन, गोविन्द, सीताराम , प्रकाश, हरिचरन पिता रतन साकिन देह
0.870 28
0.870
119
भूमिस्वामी
महेन्द्र कुमार पिता बाबूलाल राय साकिन सीहोरा
0.060
0.060
124
भूमिस्वामी
1.040
1.040
120
29
भूमिस्वामी
नंदा पिता परसू, शारदा पिता परसू साकिन देह 6129
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
0.760
0.760
127
30
भूमिस्वामी
0.410
0.410
218
गोविन्द, सूरज पिता खित्ता, सुशीला, रामवती विद्या, शशि पुत्री खित्ता, नोनीबाई वेवा खित्ता साकिन देह भूमिस्वामी
1.900
1.900
129
भूमिस्वामी
31
0.390
0.390
139
भूमिस्वामी
0.070
0.070
159
भूमिस्वामी
पूरनलाल, मिहीलाल वल्द भैयालाल , कस्सोबाई, कलोबाई पुत्री भैयालाल, खिम्माबाई पुत्री नवल, लीला, मीरा, सुदा, पूना पुत्री लालसींग, मनोज पुत्र लालसींग साकिन देह
0.040
0.040
164
भूमिस्वामी
2.670
2.670
138
32
भूमिस्वामी
हिम्मत वल्द गुलू फूलाबाई पुत्री मुलू साकिन देह
0.050
0.050
142
33
भूमिस्वामी
0.100
0.100
158
भूमिस्वामी
0.190
0.190
174
भूमिस्वामी
भगवानसींग वल्द अर्जुन सींग , नत्थू, बसंतसींग, रामेश्वर, भानूसींग , जगदीश पिता किशोरसींग, कुसुमबाई, जागृतिबाई, शकुनबाई पिता किशोरसींग साकिन धनौरा
0.020
0.020
177
भूमिस्वामी
0.010
0.010
182
भूमिस्वामी
0.420
0.420
147
34
भूमिस्वामी
परम, शिवप्रसाद, बबलू पिता गोकल, मीरा पुत्री गोकल, जालम पिता देराम साकिन देह
0.030
0.030
171
भूमिस्वामी
0.060
0.060
भूमिस्वामी 197
0.170
0.170
भूमिस्वामी 200
0.100
0.100
154
35
भूमिस्वामी
कुंजनसींग पिता रामसिंह राजपूत साकिन मरदानपुर
0.040
0.040
भूमिस्वामी 160
0.020
0.020
36
भूमिस्वामी 155
वीरेन्द्र कुमार वल्द हरिराम साकिन देह
0.010
0.010
156
भूमिस्वामी
2.510
2.510
भूमिस्वामी 211
4.800
4.800
भूमिस्वामी 212
0.020
0.020
223
भूमिस्वामी
0.060
0.060
163
भूमिस्वामी
रगवर वल्द उमराव साकिन देह अहस्तांतरणीय
37
0.180
0.180
भूमिस्वामी 214/1
0.020
0.020
165
भूमिस्वामी
38
0.040 बाबूलाल वल्द कन्हैयालाल , इन्द्रानी वेवा कन्हैयालाल साकिन देह
0.040
166
भूमिस्वामी
0.130
0.130
168
39
भूमिस्वामी
रामसींग , पप्पू पिता राकिशन , गुलाबरानी वेवा रामकिशन, मोहन , गोविन्द, सीताराम , प्रकाश , हरिचरण पिता रतन साकिन देह
0.240
0.240
169
40
भूमिस्वामी
0.290
0.290
184
भूमिस्वामी
धनराज, विशाल पिता चिन्तामन, गोपी, सरोज, शशि, वर्षा, रीना पिता चिन्तामन, सुहागरानी वेवा चिन्तामन आदिवासी साकिन देह
2.420
2.420
193
भूमिस्वामी
0.080
0.080
170
41
भूमिस्वामी
0.120
0.120
199
मनोहर, रामचरण , नत्थू, छोटेलाल पिता मुल्ले, सुमंत्राबाई वेवा मुल्ले साकिन देह अहस्तांतरणीय भूमिस्वामी
0.560
0.560
भूमिस्वामी 201
0.260
0.260
172
42
भूमिस्वामी
हिम्मतसींग , फूलसींग पिता मोहन सींग साकिन खिरया
0.040
0.040
175
43
भूमिस्वामी
कमल वल्द बूठा, किरन, ममता नाबालिग पुत्री बूठा पालक माँ हल्कीबाई वेवा बूठा, परसू, बिहारी पिता खित्ता साकिन देह
0.040
0.040
176
44
भूमिस्वामी
0.050
0.050
178
भूमिस्वामी
0.030
0.030
179
भूमिस्वामी
कमल वल्द बूठा, किरन, ममता नाबालिग पुत्री बूठा पालक व खुद माँ हल्कीबाई वेवा बूठा, परसू खित्ता पिता बिहारी , गनेश , दुर्गा, हीरा पिता उमेदा, जालम वल्द बिहारी साकिन देह
1.120
1.120
भूमिस्वामी 185/1
45 गनेश, दुर्गा, हीरा पिता उमेदा साकिन देह
0.170
0.170
भूमिस्वामी 187 6130
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1
0.030
46
0.030
भूमिस्वामी 185/2
पुखराज वल्द धनराज साकिन राहतगढ़
0.010
0.010
47 कमलाबाई वेवा नरोत्तम साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी 185/3
0.270
0.270
लीलाधर वल्द मोहनलाल साकिन राहतगढ़
48
भूमिस्वामी 185/4
0.190 0.190
भूमिस्वामी 185/5
0.200
0.200
185/6
भूमिस्वामी
0.040
0.040
भूमिस्वामी 185/7
1.110
186
1.110
49
भूमिस्वामी
सेलटसींग वल्द रतनसींग साकिन बेरखेड़ी सड़क
0.920
0.920
188
50
भूमिस्वामी
परम वल्द गोकल साकिन देह अहस्तांतरणीय
0.580
51
202
0.580
भूमिस्वामी
उद्यभान पिता श्यामलाल , गुड्डीबाई पुत्री श्यामलाल साकिन देह अहस्तांतरणीय
0.400
0.400
209
भूमिस्वामी
0.600
0.600
भूमिस्वामी
52
214/2
राहुल वल्द राकेश राय निवासी बेगमगंज
1.340
1.340
214/3
भूमिस्वामी
0.800
0.800
216
53
भूमिस्वामी
चरन , रामसेवक पिता धनसींग , कृष्णाबाई, पानबाई, भग्गोबाई, कल्लोबाई पुत्री धनसींग रावत साकिन देह अहस्तांतरणीय
0.460
0.460
217
54 मोहनलाल वलद रतन साकिन देह अहस्तांतरणीय भूमिस्वामी
1.200
1.200
219/2/1
भूमिस्वामी
55 परमोबाई वेवा मूलचंद, गनपत पिता मूलचंद साकिन देह
1.200
1.200
56
219/2/2
भूमिस्वामी
चरन, रामसेवक वल्द धनसींग , कृष्णाबाई, पानबाई, भग्गोबाई, कल्लोबाई पुत्री धनसींग साकिन देह
0.240
224
0.240
57
भूमिस्वामी
लक्ष्मन सींग वल्द निर्भयसींग साकिन खिरिया
1.150
1.800
237/1/1
58
भूमिस्वामी
भारतीलाल वल्द डालचंद साकिन बिचपुरी
0.200
237/1/2
59
भूमिस्वामी
शैलेन्द्र वल्द रामेश्वर साकिन खजुरिया
0.710
डालचंद वल्द शिवलाल साकिन देह
60
भूमिस्वामी 237/2
1.210
61
भूमिस्वामी 237/3
दुर्गेश वल्द मनोहरलाल साकिन यादव कालोनी मधुकरशाह वार्ड सागर, पवन वल्द माखनलाल साकिन सदर बाजार सागर
3.280
2.000
भूमिस्वामी
62
238/1
राजेश वल्द माखनलाल यादव , दुर्गेश वल्द मनोहरलाल यादव साकिन सागर
0.820
भूमिस्वामी 238/3
2.480
63
भूमिस्वामी 238/2
मायाबाई पति भारतीलाल साकिन बिचपुरी
0.830
भूमिस्वामी 238/6
0.110
भूमिस्वामी 238/7
1.210
238/4
64
भूमिस्वामी
दुर्गेश कुमार वल्द मनोहर लाल, जयकुमार वल्द माखनलाल साकिन सागर
0.940
भूमिस्वामी 238/5
75.59 67.71
119
योगः-
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15-(7)-2014- सात-शा, 2ए भोपाल , दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ16-15-(8)-2014- सात- शा, 2ए भोपाल, दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी, भू- अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व यूहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15(1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री...बीना.. परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है । मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार 6131
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 06 अ-82-17-18-14517
::सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति के प्रस्ताव क्रमांक-J- 12011 / 31 /2014- IA-I द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6(2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 6 (2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है:-
परियोजना का नाम
(1) (2) भूमि का विवरण
1. जिला
2. तहसील
3. ग्राम
4. पट.ह.नं.-
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
स.
क्र.
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम 1
2
1 ब्रजरानी जोजे रामसेवक साकिन देह 2 कमलरानी पत्नि मिठ्ठू साकिन देह 3 जनकदुलारी पत्नि रमेश साकिन देह 4 जागर सिंह वल्द मुरलीधर साकिन देह 5 देवेन्द्र कुमार वल्द मुरलीधर साकिन देह 6 पूरन वल्द तिजई साकिन भानगढ़ बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध सागर
राहतगढ़
बिलासपुर
27
39.44है.
:: अनुसूची-1 ::
स्वामित्व का प्रकार
खसरा क्र.
भूमि का प्रकार
अर्जित भूमि (रकबा हे.में)
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
4
5
3
6
7 भूमिस्वामी
0.300
0.300
4/1
भूमिस्वामी
0.290
4/4
0.290
भूमिस्वामी
0.99
4/2
0.990
भूमिस्वामी 4/3
0.590
0.590
1.400
भूमिस्वामी
1.400
5/1
भूमिस्वामी
13
3.230
1.150
भूमिस्वामी 5/2
0.850
0.850
सेवाखातेदार 7
1.890
1.890
सेवाखातेदार 11
2.470
2.470
सेवाखातेदार 65
1.090
0.100
सेवाखातेदार 73
0.620
0.620 6132
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
7
भूमिस्वामी
14
0.850
0.020 लक्ष्मन वालिग राजू नाबालिग वल्द बारेलाल पालक व खुद माँ नन्हीबाई वेवा बारेलाल साकिन देह
8 मुन्शीलाल वल्द छोटेलाल साकिन देह
भूमिस्वामी
22
1.730
0.650 9
24
भूमिस्वामी
1.550
1.910
फूलसींग, नारायनसींग , मिट्ठूसींग , रमेश, परषोत्तम, रामसेवक पिता काशीराम साकिन देह
भूमिस्वामी 31
0.550
0.550
भूमिस्वामी 71
0.580
0.200 10 नत्थूवल्द उमराव सकिन देह
भूमिस्वामी 25/1
1.360
1.360 11 बाबूलाल वल्द उमराव साकिन देह
भूमिस्वामी
1.360
25/2
1.360 12 नूरमुहम्मद वल्द अकबर साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी
1.210
1.210
27/2
13
भूमिस्वामी
0.800
27/3
0.800 कौशिल्या, सावित्री, कृष्णा , लक्ष्मी पुत्री करोड़ी साकिन देह
14 नारान वल्द काशीराम साकिन देह
भूमिस्वामी
30
1.210
1.210 15 सतीष वल्द कमल साकिन देह
भूमिस्वामी 32
2.640
1.440 16 रेवाराम वल्द शेव साकिन देह
भूमिस्वामी 35
0.200
0.020 17 मनोज कुमार वल्द मुरलीधर साकिन देह
भूमिस्वामी
36
0.660
0.040 18
भूमिस्वामी
0.590
60/1
0.870 गजराजसींग वल्द तुलसीराम , रघुवीरसींग वल्द हरीप्रसाद साकिन खिरिया
19 रेवाराम वल्द शेव साकिन देह
भूमिस्वामी
0.400
60/2
20 मिट्ठू वल्द काशीराम साकिन देह
भूमिस्वामी 64
1.170
0.230 21 शांतिबाई जोजे मुरलीधर साकिन देह
भूमिस्वामी 70
1.000
0.150 22 मुरलीधर वल्द घनश्याम साकिन देह
0.180
0.100
भूमिस्वामी 71/146/1
23 अमरसिंह वल्द हरीराम साकिन देह
0.100
भूमिस्वामी 71/146/2
24 रामसेवक वल्द काशीराम साकिन देह
भूमिस्वामी 72
0.530
0.530 25 फूलसींग वल्द काशीराम साकिन देह
भूमिस्वामी
1.250
1.250
74/1
26 परषोत्तम वल्द काशीराम साकिन देह
भूमिस्वामी 74/2
1.24
1.240 27
भूमिस्वामी
75
1.040
1.040 जालम वल्द सुकई, नर्मदाप्रसाद कमलसींग वल्द खूबसींग , राजकुमारी वेवा खूबसिंह साकिन खिरिया
28 उत्तम पिता सूरजसीग साकिन खिरिया
भूमिस्वामी
0.420
0.420
76/1
29 मेहताब सिंह वल्द सूरज सिंह साकिन देह
भूमिस्वामी 76/2
0.810
0.810 तखत सिंह वल्द रामचंद साकिन देह
भूमिस्वामी 78
1.680
1.680 30
भूमिस्वामी
84
0.450
0.450 31 नोनीतराम वल्द इमरत साकिन देह
भूमिस्वामी
79
1.490
1.230 32 सीताराम पिता नंदराम यादव साकिन देह
0.020
भूमिस्वामी
0.020
80/1
विमला पत्नि नोनीतराम साकिन देह
भूमिस्वामी
0.300
80/2
0.300 33
0.300
भूमिस्वामी 81
0.150
भूमिस्वामी
0.160
82/2
0.160 34
भूमिस्वामी
0.190
0.190
82/1
राजाराम, बाबूलाल वल्द थानसिंह, सावित्रीबाई, रामसखी पुत्री थानसींग साकिन खिरिया
35 तखत सिंह वल्द रामचंद साकिन देह
83
भूमिस्वामी
0.420
0.420
सुरेन्द्र सिंह वल्द अमरसींग साकिन देह
भूमिस्वामी 86
0.120
0.120
36
भूमिस्वामी 89
0.090
0.090 अमरसिंह वल्द हरीराम साकिन देह
भूमिस्वामी 87
0.150
0.150 37
भूमिस्वामी
88
0.100
0.100
भूमिस्वामी 133
1.370
0.780 विजयसींग वल्द अमरसींग साकिन देह
90
भूमिस्वामी
1.210
1.210 38
भूमिस्वामी
0.600
0.600
91/4
39 बालचंद वल्द बिहारी साकिन शिकारपुर
भूमिस्वामी
1.400
0.280
91/2 6133
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
140 राजाराम पिता शिवप्रसाद साकिन देह
0.910
भूमिस्वामी
0.910
91/3
41 सियारानी जोजे गजराज सिंह साकिन देह
भूमिस्वामी
0.060
1.970
124/1
42 मनोज कुमार वल्द मुरलीधर साकिन देह
0.070
भूमिस्वामी 124/2
अमरसिंह वल्द हरीराम साकिन देह
भूमिस्वामी 125
0.790
0.220 43
भूमिस्वामी
0.310
134
0.310
भूमिस्वामी 129
0.790
44
0.550 बतीबाई पुत्री मथुराप्रसाद साकिन शिकारपुर
45 चन्दारानी पत्नि बालकिशन साकिन देह
130
भूमिस्वामी
1.560
0.650 46 नेमीचंद वल्द इमरत साकिन देह
भूमिस्वामी 131
0.530
1.500
47 बालचंद वल्द हरीराम साकिन देह
भूमिस्वामी 132
0.580
1.350
योगः-
62
56.81
39.44 राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक-एफ 16-15-(7)-2014- सात- शा , 2 ए भोपाल, दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी , (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ 16-15-(8 )-2014- सात- शा, 2ए भोपाल, दिनाँक29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात , क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15 (1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार 6134
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
क्र. 07 अ-82-17-18-14519
::सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची -1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक-J - 12011/31/2014-IA-I द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6(2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 6 (2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है:-
परियोजना का नाम
: बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध भूमि का विवरण
(1) (2)
1. जिला
सागर
2. तहसील
राहतगढ़
3. ग्राम
सेमरामेड़ा
4. पट.ह.नं.-
28
109.500 है.
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
:: अनुसूची-1 ::
स. क्र.
स्वामित्व का प्रकार
अभिलिखित धारक का नाम व पिता/ पति का नाम
खसरा क्रमांक
भूमि का प्रकार
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
अर्जित भूमि (रकबा हे.में) 1
2
3
4
5
6
7 1 खित्ता वल्द कलू साकिन देह
भूमिस्वामी
0.800
0.800
2/2
2 शोभाराम वल्द घूमन साकिन देह
भूमिस्वामी 3
0.700
0.700 3 रामनारायण वल्द चन्द्रशेखर साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी 5
0.810
0.810 4 शम्भूदयाल, रामनारायण पिता चन्द्रशेखर साकिन राहतगढ़ भूमिस्वामी
7
0.050
0.050
9
भूमिस्वामी
0.350
0.350
भूमिस्वामी 11
0.040
0.040
भूमिस्वामी 13
0.020
0.020
भूमिस्वामी 14
0.020
0.020
5 हरज्ञान वल्द परमसुख साकिन देह
10
भूमिस्वामी
0.140
0.140 6
भूमिस्वामी 12
0.120
0.120 प्रकाश , राजेश पिता भद्दा, अनीता, कविता पुत्री भद्दा, जुगताबाई वेवा भद्दा साकिन देह 6135
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
रम्मा पिता कलुवा, करन पिता कन्छेदी, मुला, श्रीबाई पुत्री कन्छेदी, प्रकाश, राजेश पिता भद्दा, अनीता, कविता पुत्री भद्दा जुगताबाई वेवा भद्दा साकिन देह 8 हरविन्द, राजेश पिता तुलसीराम, मीरा, प्रीति पुत्री तुलसीराम, रोहन , धनराज पिता अमोल , राजाबेटी वेवा अमोल साकिन देह
9 राजेश पिता तुलसीराम साकिन देह
10 अब्दुल जलील वल्द अब्दुल बाकर साकिन राहतगढ़ 11 कालेखा पिता दरसे खा साकिन राहतगढ़ 12 हकीमनबी पति कालेखा साकिन राहतगढ़ 13 घासीराम, अमरचंद, हल्के, कन्छेदी, खिलान, रम्मू, रामलाल पिता पंचा, हरवा वेवा पंचा, हरविन्द, राजेश पिता तुलसीराम, रोहन, धनराज पिता अमोल , राजाबेटी वेवा अमोल , हरनाम , राजकुमार पिता चुन्नीलाल साकिन देह 14 हरीसिंह पिता शोभाराम यादव साकिन देह 15 प्रेमसीग, दुरगा पिता बबुआ, शारदा पुत्री बबुआ, शांतिबाई वेवा बबुआ, परसादी पिता मनमोहन साकिन देह 16 दरयावसींग पिता किशनसींग साकिन देह 17 प्रेमसिंह पिता बाबूलाल यादव साकिन देह सूरतसीग वल्द रामलाल साकिन मुडिया मेड़ा 18
19 वाहिद शाह वल्द मजीद शाह साकिन राहतगढ़ 20 मुन्ना शाह वल्द मजीत शाह साकिन राहतगढ़ 21 चन्द्रवती पति रामदयाल साकिन देह
22 संतोष पिता मुरलीधर साकिन राहतगढ़
23 सदारानी पत्नि हरप्रसाद निवासी तेंदूडाबर 24 फैयाद वल्द मुहम्मद सुलेमान साकिन राहतगढ़ 25 नंदराम, रामलाल , गुपाल पिता गया साकिन देह सहादत खां वल्द बाबू खां साकिन देह
26
0.060
0.060
17
भूमिस्वामी
59
भूमिस्वामी
1.910
1.910
0.050
19
0.050
भूमिस्वामी
1.620
1.620
भूमिस्वामी 20/1
0.400
0.400
भूमिस्वामी 20/2
23
0.680
0.680
भूमिस्वामी
0.080
0.080
भूमिस्वामी 24/1
0.100
भूमिस्वामी
0.100
28/1
भूमिस्वामी 29/1
0.240
0.240
भूमिस्वामी
0.050
30/1
0.050
भूमिस्वामी
0.150
24/2 0.150
0.600
भूमिस्वामी 28/2 0.600
भूमिस्वामी
0.800
0.800
29/2
भूमिस्वामी
0.150
0.150
30/2
26
0.500
0.500
भूमिस्वामी
33
भूमिस्वामी
1.040
1.040
45
भूमिस्वामी
0.090
0.090
भूमिस्वामी 51
0.110
0.110
0.100
भूमिस्वामी 117
0.100
भूमिस्वामी 27
0.380
0.380
0.750
0.750
भूमिस्वामी 36
भूमिस्वामी 52
0.070
0.070
भूमिस्वामी 116
0.010
0.010
32
भूमिस्वामी
0.120
0.120
35
0.770
0.770
भूमिस्वामी
भूमिस्वामी 37
0.260
0.260
भूमिस्वामी 46
0.110
0.110
भूमिस्वामी 112
0.030
0.030
34
0.160
0.160
भूमिस्वामी
भूमिस्वामी 38
0.210
0.210
भूमिस्वामी 47
0.130
0.130
0.080
0.080
भूमिस्वामी 39
55
भूमिस्वामी
1.280
1.280
भूमिस्वामी
1.650
1.650
40/1
0.210
0.210
भूमिस्वामी 41/1
भूमिस्वामी
1.650
1.650
40/2
भूमिस्वामी
0.210
0.210
41/2
1.980
1.980
भूमिस्वामी 44
भूमिस्वामी
0.530
0.530
48/1
भूमिस्वामी
1.200
1.200
48/3
128
0.050
0.030
भूमिस्वामी
1.780
भूमिस्वामी 48/2
1.780
भूमिस्वामी 50
0.110
0.110
भूमिस्वामी 54
2.900
2.900
भूमिस्वामी
56
1.010
1.010 6136
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1 27 रामसेवक वल्द ग्या साकिन देह
भूमिस्वामी 57
0.550
0.550 अमजद हसन वल्द नसीरूक हसन साकिन देह
28
भूमिस्वामी
2.540
2.540
61/1
भूमिस्वामी
2.000
2.000
103/1
भूमिस्वामी 121
0.540
0.320 29 सैयावी जोजे असरफ खा साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी
1.000
1.000
61/2
30 मु. सलीम वल्द विलायत अली साकिन देह
भूमिस्वामी
0.600
0.600
61/3
भूमिस्वामी
31 मन्नूखां वल्द बब्बू खां साकिन देह
0.400
0.400
61/4
32 आमिर हसन वल्द नसीरूल हसन साकिन देह
2.540
2.540
भूमिस्वामी 61/5
2.000
भूमिस्वामी
2.000
103/2
भूमिस्वामी 118
0.520
0.300 33 महेश पिता लक्ष्मन प्रसाद साकिन देह
भूमिस्वामी
0.410
0.410
63/1
राजकुमारी पति महेश नामदेव साकिन देह
34
भूमिस्वामी
1.000
1.000
63/2
भूमिस्वामी
0.620
0.620
68/2
35 जुलेशाबी वेवा शौकतअली साकिन देह
भूमिस्वामी
0.020
0.020
65/1
जलील अहमद पिता शौकत अली साकिन देह
36
0.580
भूमिस्वामी 65/2
0.580 37 मु. नबाव पिता शौकत अली साकिन देह
भूमिस्वामी
0.580
0.580
65/3
38 मौलाना मु. फारूक पिता शौकत अली साकिन देह
भूमिस्वामी
1.700
65/4 1.700
39 हल्कई वल्द नंदलाल साकिन देह
1.430
भूमिस्वामी
1.430
67/1
40 रामसींग वल्द नंदलाल साकिन देह
भूमिस्वामी 67/2 1.440
1.440
भूमिस्वामी
41
0.400
0.400 बाबूमियां वल्द अब्दुल जब्बार साकिन राहतगढ़
68/1
42 चेनसींग पिता गोपाल साकिन देह
भूमिस्वामी
2.000
2.000
70/1
0.670
0.670 43
भूमिस्वामी 70/2
नन्नीबाई, दशोदाबाई, रत्तीबाई, पन्नाबाई पुत्रियां गोपाल, चैनसींग पिता गोपाल साकिन देह
भूमिस्वामी
1.440
44 रिजवान वल्द मु. अब्बास साकिन देह
1.440
71/1
भूमिस्वामी
45 इरफान वल्द मुह. अब्बास साकिन राहतगढ़
1.030
1.030
71/2
46 अमरसींग पिता लक्ष्मन साकिन देह
भूमिस्वामी
1.29
1.290
72/1
47 हल्कई पिता लक्ष्मन साकिन देह
भूमिस्वामी
1.300
1.300
72/2
भूमिस्वामी
48 अशोक कुमार वल्द शोभाराम साकिन शिकारपुर
73
1.380
1.380
74
0.660
भूमिस्वामी
0.660 49 वीरसींग , अशोक कुमार, औंकार, रामसेवक, रामबाबू बालिग, वकील, मुनीम नाबालिग वल्द शोभाराम पालक माँ व खुद बेटीबाई वेवा शोभाराम साकिन शिकारपुर
50 परमानंद वल्द फुल्ला साकिन देह
75
भूमिस्वामी
0.170
0.170
76
0.160
0.160
भूमिस्वामी
51 नंदराम, रामलाल, गोपाल पिता गयाप्रसाद, भागवती पुत्री गयाप्रसाद साकिन देह
52
77
भूमिस्वामी
0.220
0.220
1.520
1.520
भूमिस्वामी 81
भूमिस्वामी 83
0.400
0.400
भूमिस्वामी 84/2
3.630
3.630
1.420
1.420
भूमिस्वामी 85
53 नसीरूल हसन वल्द नुरुलहसन साकिन देह
भूमिस्वामी 79
1.720
1.720
167
भूमिस्वामी
0.140
0.140
191
भूमिस्वामी
0.260
2.770
193
0.270
भूमिस्वामी
0.270
भूमिस्वामी 194
0.210
0.210 54 मु. उवेश पिता अ. हफीज साकिन देह
भूमिस्वामी
0.620
0.620
80/1
भूमिस्वामी 82
1.240
1.240
55 समीम वल्द फैयाद साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी 80/2
0.290
0.290
भूमिस्वामी
0.530
0.530
102/2 6137
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
भूमिस्वामी
मु. इमदाद पिता अ . हफीज साकिन देह
1.800
1.800 56
80/3
पूरन, मुन्ना, रामसेवक, गोरेलाल पिता गजा साकिन देह
1.000
भूमिस्वामी
57
1.000
84/1
भूमिस्वामी
3.150
3.150
84/3
भूमिस्वामी 88
1.300
1.300 58 आसिफ वल्द फैयाद साकिन राहतगढ़
87
0.200
0.200
भूमिस्वामी
94
1.050
1.050
भूमिस्वामी
0.200
भूमिस्वामी 89
0.200 59 छोटीबाई जोजे रूपसींग साकिन देह
भूमिस्वामी 90
3.950
3.950
60 माखन वल्द रामचरण साकिन देह
0.600
भूमिस्वामी 91
0.600
भूमिस्वामी
0.050
0.050
96/3
भूमिस्वामी
61
92
0.910
0.910
जुम्मन, मुमराज पिता छोटेखा, सितारा पुत्री छोटेखा, हबीब, मु. रफीक बालिग मुहम्मद नाबालिग वल्द हमीद, सकीना पुत्री हमीद पालक व खुद माँ सहीदबी वेवा हमीद साकिन देह
95
1.860
62 गीताबाई पुत्री शंकर, धनाबाई वेवा शंकर साकिन दह
1.860
भूमिस्वामी
भूमिस्वामी
2.670
2.670 63
96/1
मिहीलाल, पूरनलाल पिता भैयालाल, कलीबाई, रज्जो, कस्सो पुत्री भैयालाल साकिन देह
2.020
2.020
भूमिस्वामी 96/2
64 रूपसींग पिता नवल, नन्नीबाई वेवा नवल, प्रेमबाई, लीलाबाई पुत्री नवल साकिन देह
65 मिहीलाल वल्द भैयालाल साकिन देह
भूमिस्वामी
0.040
0.040
96/4
मुजाहिद वल्द नसीरूकहसन साकिन देह
66
भूमिस्वामी 98
0.240
0.240
भूमिस्वामी 99
0.220
0.220
1.620
भूमिस्वामी 103/3
1.620
0.320
भूमिस्वामी
0.320
104/1
100
67 गाधौ पिता कन्छेदी, रामकली पुत्री कन्छेदी साकिन देह
0.080
0.080
भूमिस्वामी
101
0.440
0.440
भूमिस्वामी
68 गनेशा , हरीराम, हीरा, छोटा पिता भावसींग, खिमिया पुत्री वल्देव, कड़ोरा पिता पुन्ता, अमरसींग , हल्कई पिता लक्ष्मन , केशर , हरिबाई , ललता, मीरा पुत्री लक्ष्मन साकिन देह
69 शहजाद वल्द फैयाद साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी
1.620
1.620
102/1
0.060
70
भूमिस्वामी
0.060
104/2
लालचंद पिता घूमनसींग , शिवराज, माखन, राजकुमार पिता बाबूलाल, जानकी पुत्री बाबूलाल, माधौ पिता कन्छेदी, रामकली पुत्री कच्छेदी साकिन देह
105
0.040
0.040 71
भूमिस्वामी
श्री देव हनुमानजी स्वामी बांके मौजा देह प्रबंधक कलेक्टर सागर
107
0.030
72 सदू खां, मुहम्मद खां पिता सिकन्दर खां साकिन देह भूमिस्वामी
0.010
0.060
भूमिस्वामी 108
73
0.040 इस्माइल खां, मुहम्मद खां, सरदार खां पिता सिकन्दर खां साकिन देह
109
0.180
0.180
भूमिस्वामी
74 लालचंद वल्द घूमनसींग , दरयावसींग वल्द किशनसींग साकिन देह
75
0.030
भूमिस्वामी 111
0.030 दरयावसींग वल्द किशनसींग , बाबूलाल, कच्छेदी, लालचंद साकिन देह
भूमिस्वामी 178
0.050
0.050 76 हरप्रसाद वल्द हल्का साकिन देह
भूमिस्वामी
0.060
0.040
114
115
0.050
0.050
भूमिस्वामी
77 प्रेमसींग , दुरगा पिता बबुआ, शारदा पुत्री बबुआ, शांति वेवा बबुआ, खेतसींग वल्द भावसींग , पंचा वल्द
122
0.110
भूमिस्वामी
0.110 78 रम्पा पिता कलुवा, प्रकाश , राजेश पिता भद्दा, अनीता, कविता पुत्री भद्दा, जुगताबाई वेवा भद्दा साकिन देह
भूमिस्वामी
0.030
124
0.030 79 हरदास , रामदास पिता मरदन, देवकाबाई पुत्री मरदन, कलुवा, रम्मा पिता बालचंद साकिन देह
भूमिस्वामी 137
0.030
0.030
0.030
भूमिस्वामी 125
0.030 80 मुन्ना पिता फदाली, गनेशीबाई पुत्री रमला, भगोनी वेवा रमला साकिन देह 6138
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
81 हरबाई जोजे हरभजन, जयबाई वल्द मुल्ला साकिन देह 82 सितारा पत्नि गुलाम, मु. चांदखा वल्द अलादीन खा साकिनराहतगढ़
83 अमरचंद वल्द पंचमसींग साकिन देह
84 शबनम पति अजीम खा साकिन देह
85 लालचंद वल्द घूमनसींग साकिन देह
86 कलू पिता मंगल, सिन्दी, बाबूलाल, भागीरथ , नन्नू पिता दमरू साकिन देह
87 दम्मा वल्द मुल्ला, हल्कई, रामसींग पिता नंदा, मोहन, भगवानदास पिता रतन साकिन देह
88 नसीरुलहसन पिता नूरुलहसन, नईमाबी, रिहाना पुत्री नूरुलहसन, सूफिया बेगम वेवा नूरुलहसन, जाबिद हुसेन वल्द आबिद हुसेन, नबाव हसन वल्द जियाऊल हसन साकिन रोदा
90
89 पूनम , हरीराम, दौलत पिता चुन्नी, कुन्दनबाई वेवा चुन्नी, महेन्द वल्द शोभाराम, हरिबाई वेवा शोभाराम साकिन देह मुन्ना पिता दमरू , सियाबाई, दौलतबाई, गुड्डीबाई पुत्री दमरू साकिन देह
91 परताप वल्द भगोनी साकिन देह
92 दम्मा वल्द मुल्ला साकिन देह
93 कुद्दा वल्द नंदलाल, खजुरियावारी वेवा नंदलाल साकिन देह
94 हल्का वल्द टूडे साकिन मनऊ
95 काशीराम , तुलाराम, खेमचंद, देवचंद बालिग , हीरा नाबालिग वल्द गफलू पालक भाई काशीराम, अन्नू, प्रेमा पुत्री फदाली , रामचरन, तुलसीराम, शोभा पिता बुद्धा, द्रोपती, कुसुम, कसिया पुत्री बुद्धा, हरलाल वल्द हल्के साकिन देह
96 इन्द्राज सिंह पिता माखन सिंह साकिन देह
97 पूरन वल्द गजा साकिन देह
98 गोरेलाल वल्द गजा साकिन देह
99 तेजाबाई पुत्री वल्देव साकिन देह
100 रामप्रसाद वल्द पंचे साकिन देह
101 नसीरूल हसन वल्द नुरुलहसन साकिन देह 102 नईमा जोजे सलीमुद्दीन साकिन देह
103 श्रीमति साबिराबी जोजे मु. अब्बास साकिन राहतगढ़ 104
105 शमीम बेगम पति नसीरूल हसन साकिन देह
योगः-
[ भाग 1 भूमिस्वामी 126
0.040
0.040 भूमिस्वामी 143
0.060
0.060 136
भूमिस्वामी
0.040
0.160
भूमिस्वामी
0.030
0.030 139
भूमिस्वामी 144
0.110 0.110
भूमिस्वामी
0.080
0.080
145/1
भूमिस्वामी
0.100
0.100 145/2
146
0.060
0.060
भूमिस्वामी
147
0.220
भूमिस्वामी
0.220
166
0.030
भूमिस्वामी
0.320
168
0.080
भूमिस्वामी
0.050
170
0.070
0.070
भूमिस्वामी
0.130
0.130
171
भूमिस्वामी
172
0.080
भूमिस्वामी
0.050
173
भूमिस्वामी
0.040
0.080
174
0.110
0.040
भूमिस्वामी
भूमिस्वामी 175
0.050
0.020
176
भूमिस्वामी
0.010
0.020
179
भूमिस्वामी
0.050
0.050
195
0.380
0.380
भूमिस्वामी
भूमिस्वामी
1.980
1.980
196/1
2.000
भूमिस्वामी
2.000
196/2
भूमिस्वामी
0.49
0.370
199/1
0.500
भूमिस्वामी 199/2
भूमिस्वामी
5.030
3.950
200/1
1.620
भूमिस्वामी 200/2
0.800
भूमिस्वामी 200/3
0.400
भूमिस्वामी 200/4
201
0.750
भूमिस्वामी
0.890
भूमिस्वामी 202
0.890
0.400
109.500 164 118.300
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक- एफ 16-15-(7)-2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । 6139
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
अनुविभागीय अधिकारी , (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ 16-15-(8)-2014- सात-शा , 2ए भोपाल , दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा ( 1 ) के तहत भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री , बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात , क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15 (1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री , बीना परियोजना , जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
क्र. 08 अ-82-17-18-14520
::सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची -1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक-J - 12011/31 /2014 -IA -1 द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6(2) परंतुक के अनुसार पूर्व मेंमें सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 6 (2 ) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है: -
:
परियोजना का नाम
(1)
बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध (2) भूमि का विवरण
:
1. जिला
सागर
:
2. तहसील
राहतगढ़
:
चौकी
3. ग्राम
29
4. पट.ह.नं.-
1.740 है.
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
:: अनुसूची-1 ::
स. क्र.
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
स्वामित्व का प्रकार
खसरा क्र.
भूमि का प्रकार
अर्जित भूमि (रकबा हे.में)
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
1
2
3
4
8 1
भूमिस्वामी 9
4.490
जानकी प्रसाद वल्द भावसींग साकिन शिकारपुर
0.570
2
0.600
भूमिस्वामी 21
0.600
बलराम वल्द त्रिलोक सींग साकिन शिकारपुर
3 सीताबाई वेवा सरदार सींग , हरीसींग , दीनासींग भूमिस्वामी 22
2.000
0.570
पिता सरदार सींग साकिन शिकारपुर योगः-
7.090
1.740
03किता
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15-(7)-2014- सात- शा , 2 ए भोपाल , दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । 6140
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1 भुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना , जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ 16-15-(8)-2014-सात-शा , 2 ए भोपाल, दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को , जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15 (1) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
क्र. 09 अ-82-17-18-14521
::सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक -1-12011 /31 / 2014-IA-I द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6(2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 6(2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है: -
: बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध (1) परियोजना का नाम (2) भूमि का विवरण
:
सागर
1. जिला
:
2. तहसील
राहतगढ़
:
3. ग्राम
पीपलखेड़ी
:
09
4. पट.ह.नं.-
: 13.330है.
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
::अनुसूची-1::
भूमि का प्रकार अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
स्वामित्व का प्रकार
खसरा क्र.
स. क्र.
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
अर्जित भूमि (रकबा हे.में)
3
4
8. 1
2
1
0.500
2.000
भूमिस्वामी 2
राजू वल्द तुलसीराम साकिन राहतगढ़
0.300
2
0.090
भूमिस्वामी 4/1
तुलसी वल्द पंचा साकिन देह
3
1.490
4/2
भूमिस्वामी
तमीजुल हसन वल्द मुनब्बर साकिन राहतगढ़
0.400
भूमिस्वामी 4/5
4
1.490
भूमिस्वामी 4/3
मुन्बर वल्द नूरमुहम्मद साकिन राहतगढ़
5
0.460
4/4
भूमिस्वामी
अब्दुल लतीफ वल्द अहमदनूर साकिन राहतगढ़
0.800
भूमिस्वामी 4/8
6
1.600
भूमिस्वामी 4/6
तारिक, ताहिरा नाबालिग वल्द व वली
7 तामीलुलहसन साकिन राहतगढ़
1.600
भूमिस्वामी 4/7
0.350
8
भूमिस्वामी 4/9
कृपाराम पिता तुलसी साकिन देह
9
0.350
भूमिस्वामी 4/10
परषोत्तम पिता तुलसी साकिन देह
10
0.350
भूमिस्वामी 4/11
ज्ञानचंद पिता तुलसी साकिन देह
0.350
11
भूमिस्वामी 4/12
सुरेन्द्र पिता तुलसी साकिन देह 6141
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
12
6
सादाब सायर नाबालिग वल्द रहीश वली हबीव भूमिस्वामी
0.280
0.120 पत्नि रहीश साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी
9
0.520
0.040 13 लतीफ पिता रज्जाक साकिन देह
8
भूमिस्वामी
0.740
0.120 14 आबिद पिता इब्राहीम साकिन देह
भूमिस्वामी
1.000
7.81
49/1
15
1.500
भूमिस्वामी 49/2
मुह. जुबैर नाबालिग वल्द वली आबिद हुसैन, मुह. आमिर नाबालिग वल्द व वली शाबिर हुसैर वल्द इब्राहीम हुसैन साकिन राहतगढ़
16 शौकतबी जोजे इब्राहीम साकिन देह
भूमिस्वामी
2.330
49/3
17 साबिर पिता इब्राहित साकिन देह
1.000
भूमिस्वामी 49/4
18 इदरीश पिता आबिद साकिन राहतगढ़
0.500
भूमिस्वामी 49/5
19
49/6 0.500
भूमिस्वामी
मुह. जुबेर नाबालिग पिता पालक आबिद साकिन राहतगढ़
20
0.500
भूमिस्वामी 49/7
मुह. उजेर नाबालिग पिता पालक आबिद साकिन राहतगढ़
21 खालिद पिता साबिर साकिन राहतगढ़
0.500
भूमिस्वामी 49/8
22
भूमिस्वामी
0.500
49/9
चांदमियां नाबालिग पिता पालक साबिर साकिन राहतगढ़
23
भूमिस्वामी
0.500
49/10
आमिर नाबालिग पिता पालक साबिर साकिन राहतगढ़
24
50
10.050
भूमिस्वामी
4.200 मुह. सिद्दीक वल्द शेख अब्दुल करीम साकिन राहतगढ़
25 रसीद पिता रज्जाक साकिन राहतगढ़
0.560
0.240
भूमिस्वामी 13/1
26
भमिस्वामी
1.630
13/2
रफीक टीपू बालिग शरीफ नाबालिग पिता तालेवर, शायना, शबाना, सकीला, अकीला पुत्री तालेवर पालक व खुद माँ कुरेशाबी वेवा तालेवर साकिन देह
27 याकूब वल्द अब्दुल साकिन राहतगढ़
1.42
भूमिस्वामी 13/3
28 गुल मुहम्मद पिता अब्दुल साकिन राहतगढ़
1.420
भूमिस्वामी 13/4
29 मुलाम वल्द अब्दुल साकिन देह
भूमिस्वामी
1.420
13/5
30 लतीफ पिता रज्जाक साकिन देह
भूमिस्वामी
0.100
13/6
योगः-
34 38.300 13.330 राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक- एफ 16-15- (7)-2014- सात-शा, 2 ए भोपाल, दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को , जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी , (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना , जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी , मू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ16-15-(8)-2014-सात- शा, 2 ए भोपाल , दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15(1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार 6142
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
क्र. 10 अ-82-17-18-14522
[ भाग 1
:: सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची -1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक-J- 12011/31/ 2014 -IA- I द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6(2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 6(2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता हैः-
परियोजना का नाम
भूमि का विवरण
(1) (2)
सागर
1. जिला
2. तहसील
3. ग्राम
09 4. पट.ह.नं.-
:
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
स. क्र.
2
1
1 श्रीमति शकुन्तला पति महेश कुमार तिवारी साकिन राहतगढ़
2 महेश कुमार वल्द राजाराम तिवारी साकिन राहतगढ़ 3 मौजीलाल, गुलझारी, गंगाराम, नब्बू, जसरथ , रामसींग पिता परमा, कुशमबाई पुत्री परमा साकिन भानगढ़ अहस्तांतरणीय
4 शाहजहानबी जोजे कल्लूमिया साकिन राहतगढ़ 5 नसीममिया वल्द कल्लूमिया साकिन राहतगढ़ 6 अब्दुल सलाम वल्द अब्दुल सहीद साकिन राहतगढ़ 7 रगवीर पिता रामसींग, मुन्ना पिता रामसींग साकिन भूलना भानगढ़
बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध
राहतगढ़
भामरा
63.100 है.
::अनुसूची-1 ::
खसरा क्र.
स्वामित्व का प्रकार
भूमि का प्रकार
अर्जित भूमि (रकबा हे. मे)
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
7 4
3
1.640
1.640
भूमिस्वामी 1/1
1.900
1.900
1/2
भूमिस्वामी
1.350
1.350
2
भूमिस्वामी
0.970
0.970
भूमिस्वामी 3/1
0.400
0.400
3/2
भूमिस्वामी
0.240
0.240
3/3
भूमिस्वामी
1.040
1.040
5/2
भूमिस्वामी
0.180
0.180
भूमिस्वामी 6/2
0.800
0.80
3/4
भूमिस्वामी 6143
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
0.940
0.940
4
भूमिस्वामी
घासीराम वल्द वल्देव साकिन भानगढ़ भूमिस्वामी अहस्तांतरणीय
1.150
1.150
5/1
भूमिस्वामी
9 श्रीमति रईसाबी जोजे अब्दुल सहीद साकिन राहतगढ़
1.520
1.520
6/1
भूमिस्वामी
10 प्यारेलाल , मंशाराम, भगौनी, प्रकाश पिता जगन , शांतिबाई, भागवती पुत्री जगन साकिन भानगढ़
1.610
1.610
7/1
भूमिस्वामी
11 संजीव कुमार वल्द बद्री प्रसाद साकिन राहतगढ़
0.090
0.090
7/2
भूमिस्वामी
0.080
0.080
भूमिस्वामी 9
0.100
2.020
भूमिस्वामी 12
1.000
1.000
7/3
भूमिस्वामी
12 मंजूलता पति संजीव कुमार साकिन राहतगढ़
0.810
0.810
10/1
भूमिस्वामी
13 सलीम वल्द अब्दुल रसीद साकिन राहतगढ़
0.540
0.540
भूमिस्वामी 10/2
14 सगीर अहमद पिता अब्दुल गनी साकिन राहतगढ़
1.120
1.120
भूमिस्वामी 10/3
15 रफीक वल्द अब्दुल रजाक साकिन देह
0.400
0.400
15/9
भूमिस्वामी
0.700
0.700
भूमिस्वामी 10/4
16 रफीक वल्द अब्दुल अजीम साकिन राहतगढ़
0.080
0.080
10/5
भूमिस्वामी
1.300
1.300
10/6
भूमिस्वामी
17 जुलेशा वेगम पति सगीर अहमद साकिन राहतगढ़
0.160
0.160
भूमिस्वामी 11
18 प्रकाशचंद वल्द बाबूलाल साकिन राहतगढ़
0.880
0.880
15/1
भूमिस्वामी
0.300
0.730
14
भूमिस्वामी
19
0.810
0.810
25
भूमिस्वामी
ब्रजेश कुमार वल्द वृन्द्रावन चेला सुखरामदास साकिन भानगढ़ अहस्तांतरणीय
0.260
0.530
44
भूमिस्वामी
1.200
1.200
15/2
भूमिस्वामी
20 मुहम्मद शब्बीर पिता मुहम्मद रज्जाक साकिन राहतगढ़
1.200
1.200
15/3
भूमिस्वामी
0.500
0.500
15/4
भूमिस्वामी
21 मुहम्मद आजाद वल्द अब्दुल हकीम साकिन राहतगढ़
1.400
1.400
15/5
भूमिस्वामी
22 मुहम्मद शहजाद उर्फ सुजात वल्द मुस्सू साकिन राहतगढ़
1.200
1.200
15/6
भूमिस्वामी
23 रईस, मु. अब्बास वल्द बशीर कुरैशी साकिन राहतगढ़
1.200
1.200
15/7
भूमिस्वामी
24 गोमतीबाई पत्नि मथरा प्रसाद साकिन देह
0.500
0.500
15/8
भूमिस्वामी
25 शहजाद वल्द अब्दुल हकीम साकिन देह
0.730
0.730
17
भूमिस्वामी
26 अब्दुल कलाम वल्द महबूब हसन साकिन राहतगढ़
0.900
0.900
भूमिस्वामी 19
0.510
0.510
भूमिस्वामी 20
1.770
1.770
18
भूमिस्वामी
27 सेफुल इस्लाम वल्द महबूब हसन साकिन राहतगढ़
1.030
1.030
24/2
भूमिस्वामी
1.160
1.160
22/1
भूमिस्वामी
28 मु. आरिफ वल्द कल्लू मियां साकिन राहतगढ़ भूमिस्वामी अहस्तांतरणीय
1.160
1.160
भूमिस्वामी
29 आजाद मिया वल्द कल्लू मियां साकिन राहतगढ़ भूमिस्वामी अहस्तांतरणीय
0.810
0.81
23/1
भूमिस्वामी
30
0.480
0.480
23/2
अनीस मिया वल्द कल्लू मियां साकिन राहतगढ़ भूमिस्वामी अहस्तांतरणीय
भूमिस्वामी
1.020
1.020
24/1
भूमिस्वामी
31 मुस्लिमा पति शब्बीर साकिन राहतगढ़ भूमिस्वामी अहस्तांतरणीय
1.810
1.810
26/1
भूमिस्वामी
32 हल्काई, तुलाराम, शोभाराम, रामसींग, मुन्ना, वीरसींग पिता हरीराम साकिन भूलनाभानगढ़
0.360
0.360
26/2
भूमिस्वामी
33 कल्लू मियां पिता अब्दुल गनी साकिन राहतगढ़ 6144
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
मुह. तारिक वल्द कल्लू मिया साकिन राहतगढ़ मोहम्मद शाहिद वल्द कल्लू मिया साकिन राहतगढ़ 35
36 शहजाद मियां वल्द कल्लू मियां साकिन राहतगढ़ 37 मोहम्मद अनजर वल्द कल्लू मिया साकिन राहतगढ़ 38 मोहम्मद शाहिद वल्द कल्लू मिया साकिन राहतगढ़ 39 मुह. तारिक वल्द कल्लू मिया साकिन राहतगढ़ 40 बबलू, आशाराम, लीलाधर, सन्तोष पिता इमरत, हेमवती, धनाबाई पुत्री इमरत, अमानो वेवा इमरत साकिन देह अहस्तांतरणीय
41 द्रोपतीबाई पति गुपाल साकिन देह अहस्तांतरणीय प्यारे मियां वल्द बसीर मियां साकिन राहतगढ 42
43 सलीम , हलीम , सगीर अहमद, जहीर पिता रशीद, मन्नीबाई, फरीदा पिता रशीद, मासूमबी वेवा रशीद साकिन राहतगढ़ 44 नूरेहसन पुत्र अकबर साकिन राहतगढ़
45 बेगमबी पत्नि नूरे हसन साकिन राहतगढ़
46 जहीर मिया वल्द वशीर कुरैशी साकिन राहतगढ़ 47
48
शहजाद, ताहिर, आरिफ , सादिक, आशिफ, सद्दाम, सलमान, इरफान, बिलाल, जलाल पिता नूरेहसन, सखावतबी, गुड्डीबी पुत्री नूरेहसन साकिन राहतगढ़ हसीन वल्द बसीर कुरैशी साकिन राहतगढ़ 49 अहलिया बी पत्नि आरिफ कुरैशी , नशरत बी पति अन्सार कुरैशी साकिन राहतगढ़ अहस्तांतरणीय
50 वसीम वल्द बशीर कुरैशी साकिन राहतगढ़ 51 श्रीमति अजीजबानो पत्नि मुह. जलील साकिन राहतगढ़ 52 हसीन वल्द बसीर कुरैशी साकिन राहतगढ़ 53 वसीम वल्द बशीर कुरैशी साकिन राहतगढ़ 54
55
मुह. जलील वल्द इंमाम बक्स साकिन राहतगढ़ अहस्तांतरणीय रूपसींग वल्द हीरालाल साकिन बेरखेरी गुरू अहस्तांतरणीय
56 सुनील कुमार, प्रवीण कुमार वल्द दुर्गापसाद साकिन राहतगढ़ अहस्तांतरणीय
57 श्यामलाल वल्द नथू साकिन भानगढ़ अहस्तांतरणीय 58 रामचरणं वल्द खुमान साकिन भानगढ़ अहस्तांतरणीय योगः-
[ भाग 1
3.400
0.990
27/1
भूमिस्वमी
0.400
27/2
भूमिस्वामी
1.200
27/3
भूमिस्वामी
1.260
27/4
भूमिस्वामी
0.800
27/5
भूमिस्वामी
0.210
27/7
भूमिस्वामी
2.000
1.000
35/2
भूमिस्वामी
1.000
भूमिस्वामी 35/3
0.060
0.620
39
भूमिस्वामी
0.300
0.810
भूमिस्वामी 41/1
1.010
41/2
भूमिस्वामी
0.810
41/3
भूमिस्वामी
0.200
41/4
भूमिस्वामी
0.800
1.620
42
भूमिस्वामी
1.500
0.380
43/1
भूमिस्वामी
1.000
43/2
भूमिस्वामी
1.510
43/3
भूमिस्वामी
1.100
1.570
45
भूमिस्वामी
1.460
1.460
46
भूमिस्वामी
2.080
1.430
47/1
भूमिस्वामी
0.800
भूमिस्वामी 47/2
0.650
47/3
भूमिस्वामी
-0.590
0.590
48
भूमिस्वामी
1.600
1..600
49
भूमिस्वामी
0.990
0.990
50
भूमिस्वामी
1.240
1.24
53
भूमिस्वामी
1.410
1.410
51
भूमिस्वामी
1.610
1.610
52
भूमिस्वामी
1.650
1.650
54
भूमिस्वामी
63.1
73.75
78
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक- एफ 16-15-(7)-2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी , (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री , बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ16-15-(8)-2014- सात- शा, 2 ए भोपाल , दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया हैहै के द्वारा अधिनियम की धार। 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की 6145
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15(1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है । मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
क्र. 11 अ-82-17-18-14523
::सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना देहरा बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक-J - 12011/ 31/ 2014-IA-1 पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6 (2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 6(2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाधात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे। परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है:-
परियोजना का नाम
(1)
: बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना देहरा बांध (2) भूमि का विवरण
:
सागर
1. जिला
2. तहसील
राहतगढ़
:
3. ग्राम
मनकापुर
29
4. पट.ह.नं.-
: 78.500है.
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
::अनुसूची-1::
भूमिका प्रकार
स्वामित्व का प्रकार
खसरा क्र.
स. क्र.
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
अर्जित भूमि (रकबा हे.मे)
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
6
7
4
3
5
2
1
1
69
1.210
1.210
भूमिस्वामी
जयवंत, मुन्ना, जगमोहन पिता महतापसींग, ऋषिबाई पुत्री महतापसींग , झलकना वेवा महतापसींग साकिन देह
2
70
1.210
1.210
भूमिस्वामी
मिठ्ठू वल्द बल्ला साकिन देह
3
भूमिस्वामी 71
1.100
1.100 रामरतन , सरवन, कल्यान पिता खिलान साकिन देह भूमिस्वामी
4
0.410
75
0.410
भूमिस्वामी
नारायण प्रसाद वल्द सुदर्शन प्रसाद साकिन देह
0.070
0.070
भूमिस्वामी 103
0.400
0.400
भूमिस्वामी 107 6146
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
5 प्रीतमसींग वल्द राजाराम , संजीव वल्द प्रेमचंद साकिन राहतगढ़
6 बारेलाल वल्द करनसींग साकिन देह भूमिस्वामी 7 जयराम वल्द मोहन, मुकेश वल्द नंदलाल साकिन देह 8 रामलाल वल्द दौलत सििकन देह
9 चित्तरसींग , राजकुमार, प्रीतम, गंधर्व सींग , मरदन पिता वृन्द्रावन, गुलाबरानी वेवा वृन्द्रावन साकिन देह 10 रामस्वरूप पिता गुलाब अहिरवार साकिन चौकी 11 कलू वल्द हरया साकिन देह
12 तुलसीराम वल्द गनेश साकिन शिकारपुर
13 रामस्वरूप वल्द बद्रीप्रसाद साकिन राहतगढ़ 14 मीराबाई पत्नि परमानंद, रचना, भूरी, अंगूरी पिता परमानंद, राकेश , पप्पू, अशोक पिता परमानंद साकिन देह भूमिस्वामी 15 नारायण पिता देवचंद निवासी शिकारपुर
16 लालसींग वल्द देवचंद साकिन शिकारपुर
17 विजयरानी पति बलराम , पूजा, छोटीबाई, अभिलाषा, अंजनी नाबालिग पुत्री बलराम, सीताराम, सचिन नाबालिग वल्द बलराम वली माँ विजयरानी पत्नि बलराम साकिन शिकारपुर
18 हिम्मत वल्द हजारी , फूलसींग वल्द गजराजसींग , विमलाबाई, प्रेमबाई, बीनाबाई, पुत्री गजराजसींग, चित्तरसींग , राजकुमार , गंधर्वसींग, प्रीतम, मरदन पिता विन्दावन, गुलाबरानी वेवा विन्द्रावन साकिन देह
19 बलराम वल्द काशीराम सकिन देह
[ भाग 1 76
0.040
0.040 भूमिस्वामी
141
1.820 भूमिस्वामी
1.820
0.170
0.170
भूमिस्वामी 77
0.420
0.420 भूमिस्वामी 104
1.110
169/3 1.110
भूमिस्वामी
0.110
79
भूमिस्वामी
0.110
86
भूमिस्वामी
0.940
0.940
भूमिस्वामी 114
0.120
0.120 भूमिस्वामी 111
0.43
0.430 80
1.710
भूमिस्वामी
1.710
110
1.290 भूमिस्वामी
1.29
भूमिस्वामी 81
0.440
0.440 भूमिस्वामी 85
0.890 0.890
सेवाखातेदार 82
2.060
2.060 सेवाखातेदार
0.610
0.610 117
सेवाखातेदार 138
0.970
0.970
83
1.210
1.210
भूमिस्वामी
91
0.090 0.090
भूमिस्वामी
0.090
0.090
भूमिस्वामी 160
0.670
0.670 भूमिस्वामी 161
92
0.250
0.250
भूमिस्वामी
0.400
0.400
भूमिस्वामी 131
0.440
भूमिस्वामी 132
0.440.
0.400
0.400
भूमिस्वामी 130/3
0.200
0.200
भूमिस्वामी 130/1
93
0.170
0.170
भूमिस्वामी
0.200
0.200
भूमिस्वामी 95
0.080
0.080
भूमिस्वामी 98
0.040
0.040
भूमिस्वामी 101
0.520
0.520
भूमिस्वामी 168
0.050 भूमिस्वामी
0.050
96/1
0.950
0.950
भूमिस्वामी 134/1
0.660
0.660
भूमिस्वामी 163/1
0.950
124
0.950 भूमिस्वामी
0.060
0.060
96/2
भूमिस्वामी
0.060
0.060
भूमिस्वामी 96/3
0.960
0.960
भूमिस्वामी 134/3
0.250
0.250
भूमिस्वामी 163/3/1
0.550
0.550 भूमिस्वामी 123/1
0.120
0.120
भूमिस्वामी 97
भूमिस्वामी 164
1.760
1.760
0.240
0.240
भूमिस्वामी 99 6147
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
20 हरीसींग , हरप्रसाद पिता आधार, रामरतन, सुरेश , रगवीर पिता हरगोविन्द, जगरानी वेवा हरगोविन्द, जगरानी वेवा हरगोविन्द, ग्याप्रसाद, बाबूराम पिता घनश्याम, मजलीबहू वेवा घनश्याम साकिन देह
21 हलकई वल्द दुर्गाप्रसाद साकिन राहतगढ़
22 चंद्रभान पिता सुदर्शन प्रसाद साकिन राहतगढ़ 23 हरीसींग वल्द करनसींग साकिन देह
24 फूलरानी वेवा गुलाबसींग , माखन, संतोष, प्रकाश पिता गुलाबसींग, रीना, मीरा नाबालिग वल्द गुलाबसींग वली फूलरानी साकिन देह
25 रंधीरसींग वल्द हरप्रसाद, सुमतरानी वेवा हरप्रसाद साकिन देह
26 उत्तमचंद वल्द जानकी प्रसाद जैन साकिन देह 27 श्रीमति रज्जोबाई पत्नि सरमन यादव साकिन देह 28 श्रीमति अमरवती पति पन्नालाल साकिन शिकारपुर 29 श्री दयाराम पिता उमेद सींग साकिन देह
30 द्वारकाप्रसाद वल्द रामलाल साकिन देह
31 शिब्बू वल्द जगन्नाथ साकिन देह भूमिस्वामी
32 दीनदयाल वल्द जगन्नाथ साकिन देह
33 गौतम नाबालिग वल्द व वली रामभरोसे साकिन शिकारपुर 34 गोलू नाबालिग वल्द व वली रमेश साकिन शिकारपुर 35 सुनील कुमार पिता उत्तमचंद जैन साकिन देह 36 किशोरी , मोतीलाल पिता मूलचंद साकिन समौरिया जिला विदिशा
37 मनोजकुमार वल्द सुदर्शन प्रसाद साकिन राहतगढ़ 38 मंदिर श्री महादेवजी स्वामी मुह. परसराम वल्द रामेश्वर प्रबंधक कलेक्टर महोदय , सागर
39 लक्ष्मीदेवी पत्नि रामरतन, हीरेन्द्र प्रतापसींग , पुष्पेन्द्र, नारायण पिता रामरतन, शिवानी पुत्री रामरतन साकिन देह भूमिस्वामी 40 जयराम पिता जमना, गोपाल, बलराम पिता हरगोविन्द साकिन मनकापुर
41 सीमारानी पत्नि बलराम साकिन मनकापुर
42 राकेश वल्द परमानंद साकिन देह
43 बल्लूवल्द हरगोविन्द साकिन देह
44 इन्दरबाई, तुलाबाई पुत्री हीरालाल , धूरी, मिठ्ठू, मुन्ना, बाबूलाल, पूरन पिता हीरालाल साकिन देह
45 घनश्याम वल्द खुमान साकिन देह
46 वीरसींग वल्द हरप्रसाद , मायाबाई पत्नि हरप्रसाद साकिन देह
0.180
102
0.180
भूमिस्वामी
2.000
167
2.000
भूमिस्वामी
105
भूमिस्वामी
0.110
0.110
166
1.450
1.450
भूमिस्वामी
108
1.250
1.250
भूमिस्वामी
0.150
0.150
भूमिस्वामी 109/1
0.340
भूमिस्वामी
0.340
169/1
भूमिस्वामी
1.210
170/2 1.21
0.150
0.150
109/2
भूमिस्वामी
0.340
0.340
169/2
भूमिस्वामी
1.210
1.210
भूमिस्वामी 170/1
0.280
0.280
119
भूमिस्वामी
121
0.130
0.130
भूमिस्वामी
0.960
122
0.960
भूमिस्वामी
0.400
0.400
भूमिस्वामी 123/2
125
0.890
0.890
भूमिस्वामी
0.200
0.200
भूमिस्वामी 130/2
126
1.140
1.140
भूमिस्वामी
0.140
0.140
भूमिस्वामी 127
भमिस्वामी
0.090
0.090
128/1
0,400
0.400
भूमिस्वामी 133/1
0.100
0.100
भूमिस्वामी 128/2
0.400
0.400
भूमिस्वामी 133/2
0.500
0.500
भूमिस्वामी 129/1
भूमिस्वामी
0.510
0.510
129/2
0.960
भूमिस्वामी
0.960
134/2
0.220
0.220
भूमिस्वामी 136/1
0.310
0.310
भूमिस्वामी 136/2
137
0.350
0.350
भूमिस्वामी
1.320
भूमिस्वामी 139
1.320
भूमिस्वामी
0.990
140
0.990
0.260
0.260
भूमिस्वामी 142/1
0.660
0.660
भूमिस्वामी 142/2
भूमिस्वामी
0.390
0.390
143/1
0.400
0.400
भूमिस्वामी 143/2
144
1.700
1.700
भूमिस्वामी
0.780
0.780
145
भूमिस्वामी
0.700
0.700
भूमिस्वामी 159
0.200
0.200
भूमिस्वामी 146/1
0.580
0.580
147
भूमिस्वामी
भूमिस्वामी
0.140 0.140
157/1 6148
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
47 सुहागरानी पत्नि हरिप्रसाद, रामगुलाम, रामकेश, रामप्यारे पिता हरिप्रसाद, रामसखी पिता हरिप्रसाद साकिन शिकारपुर 48 जवाहर वल्द मर्दन साकिन शिकारपुर
49 महेश सिंह वल्द लक्ष्मन सिंह साकिन शिकारपुर 50 रामस्वरूप, मुरलीधर पिता लक्ष्मनसींग साकिन शिकारपुर 51 रामेश्वर वल्द वंशी साकिन शिकारपुर
52 मुरलीधर वल्द वंशी साकिन शिकारपुर
55 पन्नालाल वल्द वंशी साकिन शिकारपुर भूमिस्वामी 54 प्रदीप कुमार वल्द सरमन साकिन देह भूमिस्वामी 55 दुर्गाप्रसाद, हरीराम, मूलचंद पिता लक्खू साकिन बिचपुरी 56 सविता पिता बलराम, मनोज, जितेन्द्र, संदीप, सुदीप पिता बलराम सकिन राहतगढ़
57 कमलाबाई पत्नि उत्तमचंद जैन साकिन राहतगढ़ 58 दशरथ वल्द रामदयाल साकिन आमाखुर्द रिछोरा श्यामपुरा तह . सागर
59 गिरीश कुमार वल्द सुदर्शनलाल साकिन देह भूमिस्वामी हरभजन वल्द जालम साकिन देह
60
61 चेनसींग वल्द लक्ष्मन साकिन शिकारपुर
62 सरमन वल्द रघुनाथ साकिन शिकारपुर
63 उमेश पिता प्रेमचंद जैन साकिन राहतगढ़
64 होतीलाल पिता लक्ष्मन साकिन राहतगढ़
65 चन्द्रकुमार पिता मिट्ठूलाल साकिन राहतगढ़ 66 राजेन्दर पति परगट सिंह साकिन बरखेड़ा
67 मुह. इकराम वल्द मुह. उस्मान कुरैशी साकिन राहतगढ़ 68 जनरेल सिंह पिता परगट सिंह साकिन बरखेड़ा 69 तेजेन्दर पति सरबन सिह साकिन देह
70 राजेन्दर पति परगट सिंह साकिन बरखेड़ा
71 सरवन सिह पिता गुरदयाल साकिन देह
72 जनेरल सिंह पिता परगट सिंह निवासी बरखेड़ा 73 परगट सिंह पिता गुरदयाल निवासी बरखेड़ा 74 गुरदयाल सिंह पिता बहादुर सिंह साकिन देह 75 जनरेल सिंह पिता परगट सिंह साकिन बरखेड़ा
योगः-
0.380
0.380
146/2
भूमिस्वामी
0.270
0.270
157/3
भूमिस्वामी
0.500
0.500
भूमिस्वामी 148
0.490
0.490
भूमिस्वामी 157/2
0.520
0.520
भूमिस्वामी 149/1
0.060
0.060
151
भूमिस्वामी
1.410 1.410
भूमिस्वामी 176/3
2.830
2.830
149/2
भूमिस्वामी
150
0.630 0.630
भूमिस्वामी
175
0.700
0.700
भूमिस्वामी
152. 1.330
1.330
भूमिस्वामी
0.410
154
0.410
भूमिस्वामी
0.170
165
0.170
भूमिस्वामी
1.330
153
1.330
भूमिस्वामी
0.410
0.410
155
भूमिस्वामी
0.400
0.400
156
भूमिस्वामी
0.410
158
0.410
भूमिस्वामी
0.820
0.820
162
भूमिस्वामी
0.650
0.650
भूमिस्वामी 163/2
0.400
0.400
भूमिस्वामी 163/3/2
0.690
0.690
171/1
भूमिस्वामी
1.210
1.210
भूमिस्वामी 171/2
2.000
2.000
भूमिस्वामी 176/1
2.000
2.000
भूमिस्वामी 176/2
0.080
0.680
भूमिस्वामी 195/1
0.010
भूमिस्वामी 195/2
0.680
भूमिस्वामी 195/3
0.810
भूमिस्वामी 195/5
0.600
0.170
भूमिस्वामी 197/1
1.190
भूमिस्वामी 197/2
1.300
197/3
भूमिस्वामी
2.000
भूमिस्वामी 197/4
0.810
197/5
भूमिस्वामी
1.190
भूमिस्वामी 197/6
4.840
0.250
भूमिस्वामी 198/1
2.000
भूमिस्वामी 198/2
0.170
भूमिस्वामी 198/8
1.430
भूमिस्वामी 198/3
1.370
भूमिस्वामी 198/4
0.630
भूमिस्वामी 198/6
3.450
भूमिस्वामी 198/5
0.020
भूमिस्वामी 198/9
0.080
भूमिस्वामी 198/10
78.5
92.08
132किता 6149
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15-(7)-2014- सात-शा, 2ए भोपाल , दिनाँक 5/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी , भू- अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ16-15-(8)-2014- सात -शा, 2ए भोपाल , दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू- अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात , क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15 (1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है । मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
क्र. 12 अ- 82-17-18-14524
::सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक-J - 12011 /31/ 2014 - IA-1 द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6(2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 6 (2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है:-
6150
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1
:
परियोजना का नाम
बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध भूमि का विवरण
(1) (2)
1. जिला
सागर
2. तहसील
राहतगढ़
3. ग्राम
हंसरई
4. पट.ह.नं.-
28
: 74.720 है.
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
:: अनुसूची-1::
स. क्र.
स्वामित्व का प्रकार
खसरा क्र.
अभिलिखित धारक का नाम व पिता/ पति का नाम
भूमि का प्रकार
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
अर्जित भूमि (रकबा हे.में) 1
4
2
3
8 1
भूमिस्वामी
मुलायम खा वल्द अलाउद्दीन निवासी राहतगढ़
1.160
2/1
1.160 2
भूमिस्वामी
2.020
2.020
दरयाव सिंह वल्द किसन सींग साकिन सेमराखेड़ा
2/2
1.560
भूमिस्वामी
1.560
17/1
0.800
भूमिस्वामी 47/7 0.800
भूमिस्वामी
0.990 0.990
48/1
0.780
भूमिस्वामी 56
0.780
0.660
1.110
भूमिस्वामी 64
0.800
भूमिस्वामी
0.800
51/2
3
0.800
0.800 बलराम वल्द मनमोहन साकिन जामुढाना
2/3
भूमिस्वामी
4
0.570
0.570
भूमिस्वामी 2/4
मुस्तफा, फातमा नाबालिग बहादुर खां, पीरनबी, इन्दुबी वेवा बहादुर खं पालक माँ
0.570
0.570
भूमिस्वामी 52/1
5 शोएल, उवेश नाबालिग वल्द नईम मिया साकिन राहतगढ़
3
0.650
0.650
भूमिस्वामी
4
भूमिस्वामी
0.650
0.650
0.930
भूमिस्वामी
0.930
49
6
भूमिस्वामी
6
1.010
1.010 अब्दुल रहूफ मुलकीम वा.मु. सादिक नाबालिग वल्द व वली फकीर मुहम्मद साकिन राहतगढ़
7
7
1.010
1.010
भूमिस्वामी
मुन्ना बालिग महेन्द्र नाबालिग पिता देवी, रामकली , सावित्री बालिग हल्की नाबालिग पुत्री देवी पालक व खुद माँ ताराबाई वेवा देवी साकिन समराखेड़ा
8
भूमिस्वामी
0.200
0.200
मोहनलाल वल्द तुलाराम साकिन देह
8
भूमिस्वामी 10
0.620
0.620 9
11
0.970 0.970
भूमिस्वामी
रामप्रसाद पिता कुन्जीलाल, तुलसाबाई वेवा कुन्जीलाल साकिन जामुनढ़ाना
12
भूमिस्वामी
0.970
0.970 10 अब्दुल रहूप वल्द अब्दुल बहीद साकिन राहतगढ़
13
0.88
0.880 11 पारवती , शनिया, द्रोपदी, तेजा पुत्री रम्पू साकिन सेमराखेड़ा भूमिस्वामी
12
0.880
0.880
भूमिस्वामी 14
सुखलाल वल्द टूडे साकिन सेमराखेड़ा
13 हरीसींग वल्द हल्के साकिन सेमराखेड़ा
0.920
0.920
भूमिस्वामी 15
14 शांतिबाई जोजे माखन साकिन देह
1.290
भूमिस्वामी 16
1.290
15 रामलाल वल्द गया साकिन सेमराखेड़ा
भूमिस्वामी
1.210
1.210
17/2
16 मुहम्मद युनुस वल्द अब्दुल बाकर साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी
1.750
1.750
17/3
भूमिस्वामी
0.990
18
0.990 17 सिदी, बाबूलाल , भागीरथ , नंदू पिता दमरू साकिन सेमराखेडा
भूमिस्वामी 19
0.900
0.900
18 दमरू , कलू पिता मंगल, मनकुवर वेवा मंगल साकिन सेमराखेड़ा
भूमिस्वामी 20
0.910
0.910 19 गीताबाई पुत्री नरान, पानबाई वेवा नारायण साकिन सेमराखेड़ा 6151 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
22
20
भूमिस्वामी
0.740 0.740
भूमिस्वामी
0.540
0.540
51/1
हरीसींग , गंगाधर, देवीसींग, रतीराम पिता नंदराम, बड़ीबहू वेवा दरयाव, बकील , प्रमोद, सीमा , रमा पिता दरयाव, छतरसींग वल्द सुमेरसींग, रामलाल वल्द गनेश, तेजाबाई वेवा अर्जुन, राधेलाल, कल्याण , सुशीलाबाई, श्यामबाई, उमाबाई, द्वारकाबाई पिता अर्जुन साकिन सेमराखेड़ी
21 फूलाबाई पुत्री सुदामा साकिन सेमरामेड़ा
भूमिस्वामी
1.430
1.430
25/1
22 नदराम वल्द फदाली साकिन देह
भूमिस्वामी 25/2
0.870
0.870
भूमिस्वामी
0.570
47/5
0.570 23 वीरसींग , अमोलसींग पिता महतापसींग साकिन सेमराखेड़ा
27
0.120
भूमिस्वामी
0.120
1..200
भूमिस्वामी 32
1.200 24 खिलान सींग पिता पंचे साकिन देह
भूमिस्वामी 29
0.080
0.080
भूमिस्वामी
0.320
39
0.320
भूमिस्वामी
3.040 25 नारायण, मुन्शी पिता भैयालाल साकिन सेमराखेड़ा
30
3.040
1.320
भूमिस्वामी 31
1.320
26 अब्दुल बहीद पिता अब्दुल शकूर साकिन राहतगढ़
0.960
भूमिस्वामी
27 जमील मिया पिता शकूर मुहम्मद साकिन राहतगढ़
0.960
34/1
0.410
0.410
भूमिस्वामी 34/2
28 वीरसींग वल्द महताब सींग साकिन देह
भूमिंस्वामी
0.500
0.500
35/1
29 कमरूद्दीन वल्द रज्जाक साकिन राहतगढ़
0.980
0.980
35/2
भूमिस्वामी
0.400
0.400 30 अरूण कुमार पिता बाबूलाल गुप्ता साकिन कल्याणपुर माल भूमिस्वामी 35/3
31 सीताराम वल्द गोदनसींग साकिन सेमरामेड़ा
0.630
0.630
भूमिस्वामी 36/1
1.200
1.200
32
भूमिस्वामी 36/2
सिद्धीकी वल्द दम्मा, मु. असार मु. इकबाल वल्द सिद्धीकी साकिन राहतगढ़
33
37
भूमिस्वामी
0.780
0.780 अजीज खा पिता नस्सू खां साकिन सेमरामेड़ा
40
2.020
2.020
34
भूमिस्वामी
सादिक, रासिद पिता शाबिर मिया, फिरदोश पुत्री शाबिर मिया साकिन राहतगढ़
35
42
2.000
2.000
भूमिस्वामी
हरदास, रामदास पिता मरदन, देवकाबाई पुत्री मरदन साकिन सेमराखेड़ा
36
0.800
0.800 रम्मा वल्द कलुवा साकिन सेमराखेड़ा
भूमिस्वामी 43/2
37
0.800
0.800
43/3
भूमिस्वामी
प्रकाश , राजेश पिता भद्दा, अनीता, कविता पुत्री भद्दा, जुगताबाई वेवा भद्दा साकिन सेमरमेड़ा
38 परसराम वल्द दरयाव सिंह साकिन सेमराखेड़ा
2.000
2.000
भूमिस्वामी 45
46/1
0.610
0.610
भूमिस्वामी
1.400
1.400
भूमिस्वामी 46/2
भूमिस्वामी 58
0.430
0.770
39
2.250
2.250
गोकल वल्द कुदऊ साकिन बरोदासागर
47/2
भूमिस्वामी
40 बाबूखां, हल्के खां पिता लालेखा साकिन बरोदासागर
0.280
0.280
भूमिस्वामी 47/3
41 शेरखां पिता शहादत खा साकिन सेमरामेढा
0.890
0.890
भूमिस्वामी 47/4
भूमिस्वामी
1.430
1.430
47/6
42 काशीराम वल्द देवीप्रसाद, ललिताबाई पति काशीराम साकिन सेमरामेड़ा
43 आरिफ पिता नईम मिया साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी 50
0.870
0.870
भूमिस्वामी
44 गोपाल पिता कुंजीलाल साकिन सेमरामेड़ा
0.570
0.570
52/2
45
भूमिस्वामी
भीकम पिता कुन्जीलाल साकिन करई विदिशा
0.570
0.570
52/3
भूमिस्वामी
1.330
1.330 46 हल्कू वल्द जमना, कोमलबाई पति हल्कू साकिन देह
53/3
47
भूमिस्वामी
प्रताप वल्द रूपसींग , बैजन्ती पति प्रताप साकिन सेमरामेड़ा
1.330
1.330
53/4
48
1.330
भूमिस्वामी 53/5 1.330
रामस्वरूप नाबालिग वल्द भूपत, सुनीता नाबालिग पुत्री भूपत, श्रीबाई पति भूपत साकिन सेमरामेड़ा 6152
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
49 हरप्रसाद पिता हल्का साकिन सेमराखेड़ा
भूमिस्वामी
2.000
2.000
76
77
2.010
2.010
भूमिस्वामी
50 दशोदाबाई वेवा कलुवा , किशन वल्द कलुवा, तुलसाबाई पुत्री कलुवा साकिन देह
1.000
1.000
भूमिस्वामी
51
78/1
आरती पुत्री प्यारेलाल , जानकी पति प्यारेलाल साकिन सेमराखेड़ा
52
78/2 0.990 0.990
भूमिस्वामी
लक्ष्मन पिता रख्खा, बैजन्ती , सपना पुत्री रख्खा , केशरबाई वेवा रख्खा साकिन सेमरामेड़ा
0.830
81
0.830
भूमिस्वामी
53 रेवाराम वल्द परमसुख साकिन सेमराखेड़ा
54
भूमिस्वामी
0.140 0.140 सकीना पति मुहम्मद जलील साकिन राहतगढ़
82/1
0.700
0.700
भूमिस्वामी 82/2
0.600
0.600
भूमिस्वामी
55 गिरधारी उर्फ गोवर्धन पिता रामचरण साकिन सेमराखेड़ा
85
56
86
2.000
2.000
भूमिस्वामी
माखन, घूमनसींग, गोवर्धन पिता रामचरन , पार्वती , नन्नी पुत्री रामचरन , पारवती पति भोगीराम, पूनाबाई पति गोपीलाल, जयराम, महताप, हरगोविन्द, हरीराम, तुलसीराम पिता आशाराम , मुलाबाई पुत्री आशाराम साकिन सेमरखेड़ा
योगः-
75
74.72
75.51
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक- एफ 16-15-(7)-2014- सात- शा, 2ए भोपाल, दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ16-15-(8)-2014- सात- शा, 2ए भोपाल , दिनाँक 29/10/14 जिसका - मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को , जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15(1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
1 .
6153
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 13 अ-82-17-18-14525
::सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक-J - 12011/31/ 2014-IA-1 द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6 (2 ) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 6(2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है:-
:
परियोजना का नाम
बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध (1) (2) भूमि का विवरण
:
सागर
1. जिला
2. तहसील
राहतगढ़
3. ग्राम
मनकापुर
4. पट.ह.नं.-
29
6.730है.
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
:: अनुसूची-1 ::
स. क्र.
भूमि का प्रकार
स्वामित्व का प्रकार
खसरा क्रमांक
अभिलिखित भू- धारक का नाम व पिता/ पति का नाम
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
अर्जित भूमि (रकबा हे.मे)
4
5
6
7 2
3
1
1
0.820
6
1.100
भूमिस्वामी
मिठ्ठू वल्द परमानंद, अरूणाबाई जोजे मिठ्ठू साकिन शिकारपुर
2
7
1.060
1.060
भूमिस्वामी
चेनसींग वल्द रामप्रसाद साकिन शिकारपुर
3
0.630 0.630
8
जगदीश, राधे वल्द रविशंकर, विनीता , गौराबाई, भूमिस्वामी
0.180
32
0.180
भूमिस्वामी
कलीबाई, हल्कीबाई पुत्री रविशंकर, कुन्तीबाई वेवा रविशंकर किसन, मिठू पिता परमानंद वलीराम पिता परसू, अरूणबाई पुत्री दमरू , भगतराम वल्द शेवलाल साकिन शिकारपुर
4
34
0.100
0.520
भूमिस्वामी
श्री रामजी वल्द बाबूलाल साकिन देह
5
0.910
1.290
भूमिस्वामी
निरंजन पिता बाबूलाल साकिन शिकारपुर
41/1
6
0.720
भूमिस्वामी
रामविशाल पिता बाबूलालं साकिन देह
41/2
42
0.230
0.030
भूमिस्वामी 6154
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1
0.700
0.950
देवेन्द्र पिता बाबूलाल ग्राम शिकारपुर
भूमिस्वामी 46/1
8
0.110
भूमिस्वामी
निरंजन पिता बाबूलाल साकिन शिकारपुर
46/2
9
48
0.700
0.880
चिरोंजीलाल वल्द खेतसींग साकिन शिकारपुर भूमिस्वामी
10
0.830
49
0.140 सावित्रीबाई पति रंधीर सिंह साकिन शिकारपुर भूमिस्वामी
11
66
0.060
0.120
भूमिस्वामी
रणजीत सिंह, अनीताश सिंह पिता माखन सिंह साकिन भैसा
12
1.020
2.620
9/1
भूमिस्वामी
जगदीश , राधे वल्द रविशंकर, मिठ्ठू पिता परमानंद, फूलाबाई पति किशन , सुमंत्रा, कुशम, शीला, लीला, मीरा पिता किशन, जगमोहन , संतोष, राजन, पप्पू पिता किशन, भगतसींग , सुभाष, विनीता, गौराबाई , कलीबाई, हल्कीबाई पुत्री रविशंकर , राजेश पिता बलीराम, मालतीबाई पिता वलीराम , भगतराम वल्द शेवलाल, राधाबाई , ओमबाई पुत्री वलीराम , कुन्तीबाई वेवा रविशंकर साकिन देह
13
0.400
भूमिस्वामी 9/2
मंगलसींग वल्द गनेशराम साकिन शिकारपुर योगः-
11.26 6.73
15
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15-(7)-2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी , (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ16-15-(8)-2014- सात-शा, 2 ए भोपाल, दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15 (1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेपं यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा ( प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार 6155
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 14 अ-82-17-18-14526
::सार्वजनिक सूचना:
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक -1-12011 /31/ 2014-IA-I द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6 (2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 6 (2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है:-
:
परियोजना का नाम
(1) (2) भूमि का विवरण
1. जिला
2. तहसील
3. ग्राम
:
4. पट.ह.नं.-
:
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
स. क्र.
अभिलिखित भू-धारक का नाम व पिता/ पति का नाम 1
2
1 कंचन, मनोज, विनोद पिता ज्ञानी, सविता पुत्री ज्ञानी, राधा पुत्री गोरेलाल, मुन्नी वेवा गोरेलाल , प्रभू, हुकम पिता जमना, आशाराम पिता शंकर , कुसमबाई, हरीबाई पुत्री शंकर, भगवानसींग पिता रामलाल , फूलाबाई वेवा रामलाल , तिज्जा पुत्री नन्हे, मनका पिता छुट्टी, जगन्नाथ पिता गुबन्दी साकिन देह
2 आशाराम वल्द शंकर, कुसुमबाई, भूरीबाई पुत्री शंकर साकिन
देह
3 कमलसीग वल्द भगोनी साकिन देह
4 वीरसींग , ओंकार, अशोक, रामसेवक, रामबाबू वालिग बकील, मुनीम वल्द शोभाराम, बेटीबाई वेवा शोभाराम, अरुणाबाई, गंगाबाई पुत्री दमरू साकिन देह
5 अरुणाबाई जोजे मिठ्ठूलाल साकिन देह
बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध
सागर
राहतगढ़
शिकारपुर
27
81.480 है.
:: अनुसूची-1 ::
स्वामित्व का प्रकार
खसरा क्रमांक
भूमि का प्रकार
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
अर्जित भूमि (रकबा हे.में ) 3
4
8 11
0.350 0.350
2.330
2.330
भूमिस्वामी भूमिस्वामी 20/1
19
3.710
3.710
भूमिस्वामी
भूमिस्वामी
1.200
1.200
20/2
0.320
25
0.320
27
1.500
भूमिस्वामी भूमिस्वामी
1.500
26
0.730
भूमिस्वामी
0.730 6156
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
प्रकाश वल्द देवी साकिन देह
7 दशरथ वल्द नंदराम साकिन देह
8 बैजन्ती पति सरमन साकिन देह
9 गोराबाई पत्नि सुन्दरलाल साकिन देह
10 राजकुमार, विनोद, सुरेन्द्र पिता ईश्वरीप्रसाद, गुडिया, सोनाबाई पुत्री ईश्वरीप्रसाद साकिन देह
11 हिम्मतसींग वल्द जगन्नाथ साकिन देह
12 रामश्री पति जगन्नाथ साकिन देह
13 बैजनाथ , सुन्दरसींग, कमलसींग पिता घासीराम, प्यारीबहू वेवा कनई साकिन देह
तेजसींग , सुन्दर, छोटेलाल पिता गयाप्रसाद साकिन देह 14
15 सरमन वल्द फूलसींग साकिन देह
16 रामस्वरूप , मुरलीधर, महेश , चैनसींग पिता लक्ष्मन, किशन वल्द मुल्ली, परषोत्तम वल्द रामस्वरूप साकिन देह श्री महावीरजी स्वामी बांके मौजा देह प्रबंधक कलेक्टर सागर 17
18 कालूराम पिता तुलसीराम साकिन देह
19 चतुरसींग वल्द तुलसीराम साकिन देह
कम्मोद पिता अजुद्धी साकिन देह
20
21 संदेर पिता अजुद्धी साकिन देह
22 छोटेलाल पिता कुदउ साकिन देह
23 मकुन्दी, धरम , निरभे, शिवराज पिता दुर्गाप्रसाद, मीरा, सरोज पुत्री दुर्गाप्रसाद, गन्नीबाई वेवा दुर्गाप्रसाद साकिन देह 24 पूरन , अमरसींग पिता जयराम, कमला पुत्री जयराम साकिन देह
25 ग्याप्रसाद, रामरतन पिता खुमान, सुशीला वेवा खुमान साकिन देह
26 प्रभु वल्द रतनसींग साकिन देह
27 प्रेमबाई जोजे चतुरसींग साकिन देह
28 कम्मोद पिता अजुद्धी साकिन देह
29 हरिनारायण वल्द कम्मोद , गोकल नाबालिग वल्द व वली सन्देरसीग साकिन देह
30 छोटेलाल पिता कुदउ साकिन देह
31 मकुन्दी, धरम , निरभे, शिवराज पिता दुर्गाप्रसाद, मीरा , सरोज पुत्री दुर्गाप्रसाद, गन्नीबाई वेवा दुर्गाप्रसाद साकिन देह 32 ग्याप्रसाद, रामरतन पिता खुमान, सुशीला वेवा खुमान साकिन देह
33 जानकी, हरनाम पिता भावसींग साकिन देह 34 नारायण, लालसींग , बलराम पिता देवचंद साकिन देह 35 नेतराम, लक्ष्मीप्रसाद, विष्णुप्रसाद पिता शिवप्रसाद, मु. धनकुवंर वेवा शिवप्रसाद साकिन देह
36 करन, रघुवीर पिता हरगोन्दि, रम्बो पुत्री हरगोविन्द साकिन देह
37 बलराम वल्द त्रिलोकी साकिन देह
0.890
0.890
भूमिस्वामी 28/1
1.800
1.800
भूमिस्वामी 28/2
भूमिस्वामी 30
0.100
0.100
3.420
3.420
भूमिस्वामी 35/1
0.600 भूमिस्वामी
0.600
28/3
0.600
0.600
भूमिस्वामी 33/1
1.840
1.840 भूमिस्वामी 33/2
1.880 भूमिस्वामी
1.880
33/3
0.400
0.400
भूमिस्वामी 33/4
0.800
0.800
भूमिस्वामी 33/5
0.840
0.840
भूमिस्वामी 33/6
34
3.080
3.080
भूमिस्वामी
38
0.820
0.400 भूमिस्वामी
2.020 भूमिस्वामी
2.020
35/2
भूमिस्वामी
1.060
1.060
35/3
36
4.940
भूमिस्वामी
4.940
40
1.070
भूमिस्वामी
0.390
41
0.100
भूमिस्वामी
0.170
0.080
52
0.080
भूमिस्वामी
1.120
1.120
भूमिस्वामी 53/1
1.120
1.120
भूमिस्वामी 53/2
0.040
0.040
भूमिस्वामी 55/1
भूमिस्वामी
0.030
0.030
55/2
0.010
0.010
भूमिस्वामी 55/3
0.050
0.050
भूमिस्वामी 55/4
0.010
0.010
भूमिस्वामी
0.010
0.010
55/6
भूमिस्वामी
0.400
भूमिस्वामी
0.100
56/1
0.400
भूमिस्वामी 56/2
63/1 1.390
3.590
भूमिस्वामी
0.730
भूमिस्वामी 63/2
0.690
भूमिस्वामी 63/3
0.690
63/4
भूमिस्वामी
0.690
भूमिस्वामी 65/5
65
1.900
1.900
भूमिस्वामी
66
0.610
0.610
भूमिस्वामी
67
0.590 0.590
भूमिस्वामी
0.450
0.450
68
भूमिस्वामी
0.300
0.300
भूमिस्वामी 70/1
भूमिस्वामी 72
0.190
0.190 भाग 1 ]
6157
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
28 लखन वल्द रामप्रसाद साकिन देह 39 बाबूलाल वल्द बिहारी साकिन देह 40 जगदीश, बबलू, राकेश पिता शेरसींग , कपूरीबाई वेवा शेरसींग, सुमत्रा, ममता पुत्री शेरसींग साकिन देह 41 राजाराम , गुलाब, बाबूलाल, दौलत, वल्देव पिता मोहनलाल , लक्ष्मीनारायण, हरिनारायण पति सूरतसींग, अशोकरानी वेवा सूरतसींग साकिन देह
42 वलीराम, मिहीलाल, शंकर पिता बाबूलाल , मु. यशोदाबाई वेवा बाबूलाल, रामनाथ, श्रीकिशन, लखन, रामदयाल पिता रामप्रसाद, सूरजसींग , नारायणसींग, रामगोपाल पिता रामलाल, सुमतरानी वेवा रामलाल साकिन देह 43 रामस्वरूप, मुरलीधर, चैनसींग, महेश पिता लक्ष्मन, गुवन्दी साकिन देह
44 मनका वल्द छुट्टी, जगन्नाथ वल्द गुबंदी, शारदा, गुलाबबाई पुत्री गुबंदी साकिन देह
45 गजराजसींग वल्द बिहारी साकिन देह 46 रामसींग पिता बिहारी साकिन देह 47 राजाराम वल्द मोहनलाल साकिन देह 48 गुलाब वल्द मोहनलाल साकिन देह 49 बाबूलाल वल्द मोहनलाल साकिन देह 50 वल्देव वल्द मोहनलाल साकिन देह 51 दौलत वल्द मोहनलाल साकिन देह 52 अजयसिंह वल्द रामचंद सिंह साकिन देह 53 अमित सिंह पिता रामचंद्र सिंह साकिन देह 54 सौरभ सिंह पिता कोमल सिंह साकिन देह 55 रनजीत सिंह वल्द कोमल सिंह साकिन देह 56 कंचन, मनोज, विनोद पिता ज्ञानी, सविता पुत्री ज्ञानी , राधा पुत्री गोरेलाल, मुन्नी वेवा गोरेलाल, प्रभु, हुकम पिता जमना, आशाराम पिता शंकर, कुसुमबाई, भूरीबाई पुत्री शंकर, भगवतसवींग पिता रामलाल, तिज्जा पुत्री नन्हे, हिम्मत, सुम्मे, पप्पू पिता मोनी साकिन देह
57 चैनबाबू, महेश पिता लक्ष्मन, किशन नाबालिग वल्द व वली मुल्ली, परषोत्तम नाबालिग वल्द रामरूप साकिन देह 58 रनजीतसिंह वल्द कोमलसिंह साकिन देह सौरभ सिंह वल्द कोमल सिंह साकिन देह 59
60 अमित सिंह पिता रामचंद्र सिंह साकिन देह 61 रामचंद सिंह पिता भैयालाल साकिन देह 62 प्रतिज्ञा उर्फ ववली पुत्री किशोरीलाल साकिन राहतगढ़ , भगवानसींग, रामचरण , दशरथ, कमल , लक्ष्मन, रामेश्वर पिता देवी, लक्ष्मी, रामवती, कृष्णा, सविता, संध्या पुत्री देवी, फूलाबाई वेवा देवी साकिन रजोली भूमिस्वामी
1.000
1.000
70/2
भूमिस्वामी
0.520
0.520
70/3
0.500
0.500
भूमिस्वामी 70/4
74
भूमिस्वामी
2.740
1.420
76
0.880
0.880
भूमिस्वामी
78
0.790
3.710
भूमिस्वामी
भूमिस्वामी
0.820
0.820
86/1
0.820
0.820
86/2
भूमिस्वामी
2.070
2.380
भूमिस्वामी 88/1
2.380
भूमिस्वामी 88/2
0.640
0.300
भूमिस्वामी 89
0.130
भूमिस्वामी 90
0.390
भूमिस्वामी 91
0.39
0.040
भूमिस्वामी 114
0.110
0.110
भूमिस्वामी 115
0.110
0.050
147
0.040
0.040
भूमिस्वामी
0.410
भूमिस्वामी
0.330
148/1
भूमिस्वामी
0.190
0.190
192/1
भूमिस्वामी 193
0.050
0.050
भूमिस्वामी 194
0.130
0.130
1.290
1.290
भूमिस्वामी 154/4
भूमिस्वामी
0.260
0.440
148/2
0.200
0.200
भूमिस्वामी 192/2
0.240
0.460
भूमिस्वामी 148/3
0.170
0.440
भूमिस्वामी 148/4
0.770
0.770
भूमिस्वामी 152/2
भूमिस्वामी 156
0.150
0.150
150
1.430
भूमिस्वामी
1.430
0.800
भूमिस्वामी
0.800
152/1
भूमिस्वामी
3.150
3.150
152/3
153
1.550
2.680
भूमिस्वामी
0.880
1.400
भूमिस्वामी 154/1
0.860
1.390
भूमिस्वामी 154/2
0.750
1.350
भूमिस्वामी 154/3
0.310
0.310
भूमिस्वामी 192/3
0.950
198
0.950
भूमिस्वामी 6158
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1
203
3.790 2.880 $.3
भूमिस्वामी
रश्मिवाला पुत्री जीवनलाल साकिन राहतगढ़ , भगवानसींग, रामचरन, दशरथ, कमल, लक्ष्मन, रामेश्वर पिता देवीलक्ष्मी , रामवती, कृष्णा , सविता, संध्या पुत्री देवी फूलाबाई वेवा देवी साकिन रजोली
64 प्रेमबाई पति मुन्नालाल साकिन राहतगढ़
1.250
1.550
भूमिस्वामी 207/1
0.750 0.750 65 अनवर पिता अब्दुल वहीद साकिन राहतगढ़
207/2
भूमिस्वामी
66 मुन्नालाल वल्द दयाराम साकिन राहतगढ़
1.600
1.600
207/3
भूमिस्वामी
67 रमेश, बलराम पिता लच्छू साकिन राहतगढ़
3.150
3.150
भूमिस्वामी 207/4
1.600 1.600 68 अनीस वल्द मुह समसुद्दीन साकिन राहतगढ़
207/5
भूमिस्वामी
69 लालमिया वल्द अब्दुल बहीद साकिन देह
0.800
0.800
भूमिस्वामी 207/6
योगः-
81.48
96.63
90
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक-एफ 16-15-(7)-2014- सात- शा, 2ए भोपाल , दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों , कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी , (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ16-15-(8 )-2014- सात- शा , 2ए भोपाल , दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री , बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15(1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो , फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री , बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है । मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार 6159
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 15 अ-82-17-18-14527
::सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची -1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना देहरा बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है। चूँकि कार्यपालन यंत्री , बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक-J- 12011/ 31/ 2014-IA-1 पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6 (2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 6 (2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है:-
:
परियोजना का नाम
बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना देहरा बांध भूमि का विवरण
(1) (2)
सागर
1. जिला
2. तहसील
राहतगढ़
3. ग्राम
रसूलपुर
29
4. पट.ह.नं.-
79.30 है.
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
:: अनुसूची-1::
भूमि का प्रकार
स्वामित्व का प्रकार
खसरा क्र.
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
स. क्र.
अर्जित भूमि (रकबा हे.में )
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
6
8
5
3
4
1
2
0.450
0.810
1
1/2
भूमिस्वामी
मुह. इशाक पिता फतेह मुह. साकिन राहतगढ़
0.450 2
0.450
भूमिस्वामी 3/1
मुह. हनीफ ल्द जमालुद्दीन साकिन राहतगढ़
1.500
1.500
3 नाजिम वल्द हनीफ साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी 3/2
4
0.920
1.550
अभिषेक, अखलेश पिता प्रेमनाथ साकिन सागर भूमिस्वामी 4/1
1.200
1.200
भूमिस्वामी 5/4
2.040
2.040
भूमिस्वामी 6/2
3.010 5
भूमिस्वामी 5/1 3.010
अब्बास वल्द जमालुद्दीन साकिन राहतगढ़
6
2,600
2.600
भूमिस्वामी 5/2
रूस्तम नाबालिग वल्द व वली उस्मान साकिन राहतगढ़
1.200
1.200
7
भूमिस्वामी 5/3
श्रीहरीहर ऐसोसिएट गांधी चौक सागर द्वारा अध्यक्ष सचिन पिता काशीराम साकिन सागर
3.590
3.590
भूमिस्वामी 6/1 6160
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1 8
0.820
0.820
भूमिस्वामी 7/1
इस्माइल पिता इशाक मुहम्मद साकिन राहतगढ़
0.970
0.970
भूमिस्वामी 7/2
मुह. रहीस वल्द अहमदनूर कुरैशी साकिन राहतगढ़
10
0.400
0.400
भूमिस्वामी
फरीद पिता अब्दुल रसीद साकिन राहतगढ़
7/3
11
0.400
0.400
भूमिस्वामी 7/4
मुह. शरीफ बालिग रहीश , इस्लाम , इरफान , इकराम, अकबर नाबालिग पिता रहीश वली मुह. शरीफ वल्द रहीश, मुह. दिलशाद , मुह. शादिक, मुह. मुस्सदिक पिता नोसेमिया , मुह. मुस्तफा पिता नोसेमिया, हाफिज अबुल कलाम पिता मह. अय्यूब साकिन राहतगढ़
12
2.510
2.510
भूमिस्वामी 7/5
स्पीचुवल रिजनरेशन मूवमेंट एस.आर.एम. फाउंडेशन आफ इंडिया पंजीयन क्रमांक 52366 दि. 7/11/1963 मुख्तयार आम मनीश मालिक सुभाषचंद पता निवासी एम.एम.ई.भोपाल
13
4.000
4.000
भूमिस्वामी
नूरमिया पिता इशाक मुह निवासी ग्राम राहतगढ़
8/1
14
भूमिस्वामी
1.070
0.050
8/2
मुह. हाफिज नासेमिया पिता मुह. इशाक
15
1.070
भूमिस्वामी 8/3
मुह. रहीस वल्द अहमदनूर कुरैशी साकिन राहतगढ़
16
0.700
भूमिस्वामी
0.700
10/1
भूरेमिया, अब्बासी, हबीब, नहीम वल्द हमीद साकिन देह
17 हबीब वल्द हमीद साकिन देह
0.800
0.800
भूमिस्वामी 10/2
18 सलीम वल्द वहीद साकिन देह
0.690
0.690
भूमिस्वामी 10/3
19 हलीम वल्द वहीद साकिन देह
0.690
0.690
भूमिस्वामी 10/4
20 अजीम वल्द वहीद साकिन देह
0.700
0.700
भूमिस्वामी 10/5
21
1.570
1.570
12
भूमिस्वामी
मियाबाबू, अनीष वल्द सलामत हुसैन साकिन देह
22
भूमिस्वामी 13
1.150
1.150 कलू पिता सिद्धीक साकिन राहतगढ़
0.860
0.860
भूमिस्वामी 13/93
23
0.950 0.950
भूमिस्वामी
0.960
0.960
भूमिस्वामी 24/2
23
0.490
0.490
भूमिस्वामी
धनसींग वल्द कुदऊ साकिन राहतगढ़
14/1
24 संतोष पिता धनसींग साकिन देह
0.470
0.470
भूमिस्वामी 14/2
25 उत्तम पिता धनसींग साकिन देह
0.170
0.170
भूमिस्वामी 14/3
0.300
0.300
भूमिस्वामी 15/2
26 रमेश पिता धनसींग साकिन देह
0.470
0.470
भूमिस्वामी 14/4
27
0.470
0.470
भूमिस्वामी
राजकुमार वल्द धनसींग साकिन राहतगढ़
15/1
28 किशोर वल्द नारायण साकिन देह
0.250
0.250
भूमिस्वामी 16/1
29
0.160
0.160
राजू वल्द नारायण साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी 16/2
17
0.140
0.140
भूमिस्वामी
30 प्रीतम वल्द नारायण साकिन देह
0.250
0.250
भूमिस्वामी 16/3
31
1.010 1.010
भूमिस्वामी 19
रामबाई जोजू गठू साकिन देह
32
1.010
1.010
भूमिस्वामी 20
कलू वल्द घसीटे साकिन राहतगढ़
33
0.870
0.870
भूमिस्वामी
21
मुन्नी जोजे रूपसींग साकिन राहतगढ़
34
22
2.130
2.130
भूमिस्वामी
कलू वल्द घसीटे, घसीटे, रामबाई, मुन्नीबाई, प्रेमबाई, नत्थीबाई पुत्री घसीटे साकिन देह
35 आविद, शाविर वल्द इब्राहिम साकिन राहतगढ़
3.060
3.060
भूमिस्वामी 24/1
0.860
भूमिस्वामी 25
0.860
36 रामस्वरूप , ब्रजेश वल्द नंदन सिंह साकिन देह
0.420
0.420
भूमिस्वामी 35/1
37 रूपसींग पिता रेवाराम साकिन देह
0.150
35/2 0.150
भूमिस्वामी
0.280
भूमिस्वामी 39
0.280
0.880
0.880
भमिस्वामी 40 6161
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
38
36
0.900
0.900
भूमिस्वामी
1.760
2.300
37
भूमिस्वामी
38
2.620
2.620
भूमिस्वामी
जाफिर हुसैन, लियाकत हुसैन, जाहिद हुसैन, बाहिद हुसैन, अन्सार हुसैन, खालिद, इमरान हुसैन वल्द अहमद हुसैन , वहीदनवी वेवा अहमद हुसैन साकिन राहतगढ़
39 द्रोपतीबाई पत्नि नंदनसिंह साकिन राहतगढ़
2.610
1.410
भूमिस्वामी 43/1
40 रूपसींग पिता रेवाराम साकिन देह
1.400
43/2
भूमिस्वामी
41 रामस्वरूप , ब्रजेश वल्द नंदन सिंह साकिन देह
0.040
1.570
भूमिस्वामी 44/1
42 रूपसींग पिता रेवाराम साकिन देह
0.220
भूमिस्वामी 44/2
43
0.260
0.040
भूमिस्वामी 54
अफसर वल्द अब्दुल करीम साकिन राहतगढ़
0.260
1.540
भूमिस्वामी 55
44
1.370
71
1.370
भूमिस्वामी
रफीक वलद अब्दुल अजीज साकिन राहतगढ़
45
74
1.650
1.650
भूमिस्वामी
अलीम वल्द अब्दुल अजीज साकिन राहतगढ़ (कृषि भिन्न प्रयोजन)
0.640 46 राकेश वल्द हरप्रसाद साकिन बेगमगंज
0.640
भूमिस्वामी 77/1
0.360
0.360
भूमिस्वामी 77/2
0.690
0.690
भूमिस्वामी 78/1
0.440
0.440
भूमिस्वामी 85/1
भमिस्वामी
0.760
0.760
85/2
1.840
1.840
भूमिस्वामी 86/1
0.390
0.390
भूमिस्वामी 86/2
0.800
0.800
भूमिस्वामी 87/1
47
0.820 प्रभा पति राकेश साकिन बेगमगंज
0.820
भूमिस्वामी 78/2
0.800
0.800
78/3
भूमिस्वामी
0.250
0.250
भूमिस्वामी 80
0.070
0.070
भूमिस्वामी 81
0.040
0.040
भूमिस्वामी 82
0.040 0.040
भूमिस्वामी 83
1.830 1.830
भूमिस्वामी 84/1
0.800
0.800
भूमिस्वामी 84/2
48
1.830
1.830
भूमिस्वामी
राहुल पिता राकेश निवासी बेगमगंज
87/2
49
0.660
0.660
भूमिस्वामी 89/1
गुलाब, चौदे पिता मुलू फूलबाई पुत्री मुलू
0.660 50
0.660
भूमिस्वामी 89/2
रामचरन, काशीराम पिता हरलाल, नत्थीबाइ, रामवतीबाई, दुलाबाई पुत्री हरलाल साकिन देह
51
1.660 अभिषेक वल्द राकेश राय निवासी बेगमगंज
1.660
भूमिस्वामी 90
0.630
0.630
भूमिस्वामी 91/1
2.000
2.000
भूमिस्वामी 91/2
84.06 79.300 योगः-
81
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक- एफ 16-15-(7)-2014- सात- शा , 2 ए भोपाल, दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी, भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे । राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ 16-15-(8)-2014- सात- शा, 2 ए भोपाल , दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और 6162
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1 पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4 ) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15 (1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व).... राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।
मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
.۸۰
क्र. 16 अ- 82-17-18-14528
:: सार्वजनिक सूचना::
चूँकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की , राज्य शासन के विभाग बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर को बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढ़ने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला बीना द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु पर्यावरण स्वीकृति का प्रस्ताव क्रमांक-J - 12011/ 31/ 2014 - IA-1 द्वारा पर्यावरण स्वीकृति प्रदान की गई है अतः अधिनियम की धारा 6(2) परंतुक के अनुसार पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबंध लागू नहीं होंगे । भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 6 (2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बाबत्, जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबंधित उपबंध लागू नहीं होगे । परियोजना के निर्माण से लगभग 292 ग्रामों की लगभग 90,000 है. भूमि सिचित होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है:-
:
परियोजना का नाम
बीना संयुक्त सिंचाई एवं बहुउद्देशीय परियोजना चकरपुर बांध भूमि का विवरण
(1) (2)
सागर
1. जिला
2. तहसील
राहतगढ़
3. ग्राम
भूलनाभानगढ़
09
4. पट.ह.नं.-
80.530 है.
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
::अनुसूची-1::
भूमि का प्रकार
स्वामित्व का प्रकार
खसरा क्रमांक
स. क्र.
अभिलिखित भू-धारक का नाम व पिता/ पति का नाम
क्षेत्रफल कुल रकवा हेक्टे. में
अर्जित भूमि (रकबा हे.में)
4
5
6
3
2
7 1
1
0.720
हरप्रसाद वल्द नंदा साकिन देह
0.720
भूमिस्वामी 2/1
2 करन पिता नंदा साकिन देह
0.320
0.320
भूमिस्वामी 2/2/1
3
0.400
0.400
भूमिस्वामी
सुनील कुमार पिता रामस्वरूप अग्रवाल साकिन
राहतगढ़
0.200
0.200
भूमिस्वामी 2/3/2 6163 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
0.510 4
0.510
भूमिस्वामी 2/3/1
प्रभू पिता नंदा साकिन देह.
0.590 5
0.590
भूमिस्वामी
लक्ष्मन वल्द हल्कई साकिन देह
2/4
0.570
0.570
भूमिस्वामी 3/1
0.400
8
0.400
भूमिस्वामी
0.600
0.600
6
भूमिस्वामी 3/2
रोहित पिता कमलेश कुमार जैन साकिन राहतगढ़
0.950
0.950
भूमिस्वामी
7
4
अन्नू वल्द मुन्ना गुप्ता साकिन कल्यानपुर
0.820
6
0.82
भूमिस्वामी
0.290
0.290
भूमिस्वामी 10
5.150
5.150
8
7/1
भूमिस्वामी
प्रीति वेवा सुनील, संदर्भ बालिग समर्थ नाबालिग पिता सुनील वली माँ प्रीति साकिन सागर
0.570
0.570
9
12
भूमिस्वामी
मु.उमेश नाबालिग पिता अब्दुल रहमान साकिन राहतगढ़
1.230
1.230
भूमिस्वामी 13/1
0.140
0.140
भूमिस्वामी 14/1
0.600
भूमिस्वामी 14/3 0.600
0.600
0.600
भूमिस्वामी 14/8
0.400
0.400
भूमिस्वामी 31/1
1.220 10
1.220
भूमिस्वामी 13/2
शाहजाबी जोजे अब्दुल रहमान साकिन राहतगढ़
11
3.210
3.210
भूमिस्वामी 14/2
अ.रहीम नाबालिग वल्द वली अब्दुल रहमान साकिन राहतगढ़
12
0.710
0.710
14/4
भूमिस्वामी
शहीद वल्द अब्दुल रहमान , अब्दुल रहमान पिता रमजानी साकिन देह भूमिस्वामी
0.700
0.700
भूमिस्वामी 14/5
13
0.110
0.110
भूमिस्वामी 14/6
मुह. शहीद नाबालिग वल्द अब्दुल रहमान साकिन राहतगढ़
1.390
1.390
भूमिस्वामी 14/7
0.600
0.600
भूमिस्वामी 31/6
14
0.190
0.190
15
भूमिस्वामी
सियादुलारी वेवा लक्ष्मीनारायण , दीनदयाल , सुरेन्द्र, किशन, संजय पिता लक्ष्मीनारायणसाकिन राहतगढ़
0.350
0.350
29
भूमिस्वामी
30
0.730
0.730
भूमिस्वामी
1.400
1.400
भूमिस्वामी 39/1
15
3.200
3.200
भूमिस्वामी 16/1
पुष्पाबाई पत्नि नारायण प्रसाद साकिन कल्यानपुर
28
0.100
0.100
भूमिस्वामी
4.000
4.000 16
भूमिस्वामी
नारायण प्रसाद वल्द बाबूलाल साकिन कल्यानपुर
16/2
17 लखन पिता प्यारेलाल साकिन देह
0.580
0.580
भूमिस्वामी 22/1
भैरोप्रसाद वल्द परषोत्तम साकिन देह
18
0.580
0.580
भूमिस्वामी 22/2
19
0.500
0.500
भूमिस्वामी 23/1
हरलाल, मुन्नालाल , बृजलाल, खेमचंद, मथुराप्रसाद, लक्ष्मन पिता मिहीलाल, प्रेमबाई वेवा मिहीलाल, संतों साकिन करैया गूजर
20
0.070
0.070
23/2
राकेश नाबालिग वल्द तुलसीराम, हेमराज नाबालिग वल्द धनसींग , गोलू नाबालिग वल्द तखतसींग , करनसींग नाबालिग वंल्द विजयसींग वली दादा भैयालाल साकिन देह
2.230 21 मानक वल्द प्यारेलाल साकिन देह
24
भूमिस्वामी
2.230
3.650 22
25
3.650
भूमिस्वामी
38
2.110
2.110
भूमिस्वामी
1.330
39/2 1.330
भूमिस्वामी
मिथुन पिता नाथूराम, दीपिका, प्रियंका पुत्री नाथूराम, सकुन्तला वेवा नाथूराम, सत्यम, शिवम पिता ऋषिराज, शिल्पी पुत्री ऋषिराज, राधाबाई वेवा ऋषिराज साकिन राहतगढ़
0.690
0.690
भूमिस्वामी 40
23
सेवाखातेदार 27
0.240
0.240 पूरन वल्द तिजई साकिन देह
0.570
0.570
सेवाखातेदार 35 6164
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
2.800 24
2.800
भूमिस्वामी 31/2
मुहम्मद असलम , मुहम्मद अकरम पिता अब्दुल लतीफ साकिन राहतगढ़
1.600
1.600
25
भूमिस्वामी 31/3
मो. नजीर अहमद, सगीर अहमद पिता अनवर साकिन राहतगढ़
2.400 26
2.400
भूमिस्वामी 31/4
रईश, उमर, जाहिद पिता अब्बास साकिन राहतगढ़
0.200
0.200
भूमिस्वामी
27
31/5
अब्दुल रहमान पिता रमजानी साकिन देह
2.180
32
28
2.180
भूमिस्वामी
विनोद कुमार वल्द शंकरलाल साकिन राहतगढ़
1.870 29
1.870
33
भूमिस्वामी
कृष्णकुमार वल्द शंकरलाल साकिन राहतगढ़
0.750
43
0.750
भूमिस्वामी
2.470
2.470 30
34
भूमिस्वामी
संजय कुमार वल्द लक्ष्मीनारायण साकिन राहतगढ़
2.930
41
2.930
भूमिस्वामी
किशनलाल वल्द लक्ष्मीनारायण साकिन राहतगढ़
31
32
42
2.830
2.830
भूमिस्वमी
प्रदीप कुमार वल्द शंकरलाल साकिन राहतगढ़
33
0.050
भूमिस्वामी
0.050
45/1
मो. जमालउद्दीन वल्द सज्जाद हुसैन साकिन राहतगढ़
0.270
0.270
भूमिस्वामी 57/1
34 कमलाबाई वेवा मनमोहन साकिन खाताखंड़ी
0.050
0.050
भूमिस्वामी 45/2
0.270
भूमिस्वामी 57/3
0.270 35
भूमिस्वामी
1.190
1.190 नाथूराम वल्द हरीराम साकिन देह
50/1
0.780
0.780
भूमिस्वामी 54/1
36
1.180
1.180
भूमिस्वामी 50/2
तुलसीराम, बलराम वल्द बिहारी, प्रेमरानी उर्फ मुहरबाई वेवा बिहारी साकिन देह
भूमिस्वामी
0.790
0.790
54/2
37
1.160
1.160
भूमिस्वामी
बन्नेमिया वल्द अब्दुल हक साकिन राहतगढ़
51/1
38
1.32
1.320
भूमिस्वामी
अब्दुलवारी वल्द अब्दुलहक साकिन राहतगढ़
51/2
39
0.130
0.130
भूमिस्वामी 58/1
0.800
भूमिस्वामी 60
0.800 रामस्वरूप , विन्द्रावन , कमलकिशोर, रमेश, संजीव पिता बद्रीप्रसाद, विद्या, मुन्नी पुत्री बद्रीप्रसाद साकिन राहतगढ़
40
1.210
2.300
भूमिस्वामी
शाहजाद हुसेन वल्द कल्लूमियां साकिन राहतगढ़
59/1
41
1.210
भूमिस्वामी
फहीनमियां वल्द कल्लूमियां साकिन राहतगढ़
59/2
42 घासीराम वल्द वल्देव साकिन देह
1.400
1.400
भूमिस्वामी 61
43
62
0.660
0.660
भूमिस्वामी
नाथूराम, नारायण पिता हरीराम, कौशाबाई पुत्री हरीराम, तुलसीराम, बलराम, केशव पिता बिहारी, कपूरीबाई, प्रभा पुत्री बिहारी, मोहरबाई वेवा बिहारी साकिन देह
44
0.23
64
0.230 मुमताज बी पति रफीक साकिन राहतगढ़
भूमिस्वामी
45
65
0.320
0.320
भूमिस्वामी
वशीम मिया नाबालिग वल्द वली कल्लूमियां साकिन राहतगढ़
46
0.060
0.060
भूमिस्वामी
बलराम पिता तुलाराम साकिन देह
65/239
47
0.800
66
0.800
भूमिस्वामी
बलराम पिता तुलाराम साकिन देह
48
0.450 रोहित पिता कमलेश कुमार जैन साकिन राहतगढ़
0.450
भूमिस्वामी 67/1
49
0.450
भूमिस्वामी 67/2
तुलाराम वलद परषोत्तम साहू साकिन देह
50
0.620
0.350
69/1
भूमिस्वामी
मो. जमालउद्दीन वल्द सज्जाद हुसैन साकिन राहतगढ़
51 कमलाबाई वेवा मनमोहन साकिन खाताखंड़ी
0.620
भूमिस्वामी 69/3
52
0.640
0.300
भूमिस्वामी 70/1
हरलाल, मुन्नालाल, बृजलाल , खेमचंद , मथुराप्रसाद, लक्ष्मन पिता मिहीलाल, प्रेमबाई वेवा मिहीलाल , संतो पुत्री साकिन करैया गूजर
53
0.260
70/2
भूमिस्वामी
राकेश नाबालिग वल्द तुलसीराम, हेमराज नाबालिग वल्द धनसींग , गोलू नाबालिग वल्द तखतसींग , करनसींग नाबालिग वल्द विजयसींग वली दादा भैयालाल साकिन देह
खेमचंद पिता प्यारेलाल साकिन देह
54
0.120
0.430
भूमिस्वामी 71/1
55
0.430
भूमिस्वामी
मुमताज बी पति रफीक साकिन राहतगढ़
71/2
योगः-
82
83.33 80.53 6165 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक-एफ 16-15-(7)-2014- सात- शा, 2 ए भोपाल , दिनाँक 29/9/2014 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशों के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशित किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री , बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर प्रभारी अधिकारी , भू- अर्जन शाखा जिला सागर के निर्देशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्र. एफ 16-15-(8 )-2014- सात- शा , 2ए भोपाल, दिनाँक 29/10/14 जिसका मध्य प्रदेश राजपत्र दिनाँक 3/10/14 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर अधिनियम की धारा 16 के तहत पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेंगे । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री , बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर समुचित सहयोग करेंगे एवं प्रशासक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करेंगे ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार नहीं करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रय विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15(1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ में) आक्षेप यदि कोई हो, फाईल किए जा सकेंगे ।
भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राहतगढ़ एवं कार्यपालन यंत्री, बीना परियोजना, जल संसाधन संभाग राहतगढ़ जिला सागर के कार्यालय में किया जा सकता है । मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
आलोक कुमार सिंह, पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बड़वानी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग जा.क्र. 6979 कले.प्र.क्र. 08-अ-82-2017-18 बड़वानी, दिनांक 29 नवम्बर 2017 (अधिनियम धारा-11 का भू-अर्जन, पूनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 क्रं. 30 सन् 2013)
कलेक्टर को ऐसा प्रतीत होता है कि लोक प्रयोजन के लिए इंदिरा सागर परियोजना की कुँआ वितरण शाखा की उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु ग्राम रड़कोट तहसील ठीकरी जिला बड़वानी में 1.861 हेक्टर भूमि अपेक्षित है, अर्थात 4.59 एकड़ (सामाजिक समाघात मूल्याकंन अध्ययन एसआईए यूनिट द्वारा किया गया था और नियम 4 के अधीन तथा विनिश्चित जिला कलेक्टर द्वारा गठित दल द्वारा एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी थी । प्रारंभिक अन्वेषण किया गया था । सामाजिक समाघात मूल्यांकन रिपोर्ट/ प्रारम्भिक जॉच का सार इस प्रकार है (सामाजिक समाघात रिपोर्ट की एक प्रति संलग्न है: अधिनियम की धारा-6 के अनुसार सिंचाई परियोजना होने के कारण लागू नहीं । ) इंदिरा सागर परियोजना की कुँआ वितरण शाखा की उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु, भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य कुटुम्बों के विस्थापित होने की संभावना है । इस प्रकार के विस्थापन की आवश्यकता का कारण नीचे दिया गया है- निरंक
निरंक प्रभावित कुटुम्बों के पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन के प्रयोजन के लिए प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाता है अतः जिला-निरंक तहसील- निरंक के ग्राम निरंक में उक्त परियोजना के लिए निरंक हेक्टेयर माप के एक भूखंड अर्थात निरंक मानक माप के भूखंड जिसका विवरण निरंक है । इंदिरा सागर परियोजना की कुँआ वितरण शाखां की उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु, ग्राम- रड़कोट तहसील ठीकरी जिला बड़वानी की अनुसूची अनुसार वर्णित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है । 6166
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
अनुसूची
खसरा नंबर
भूमिका प्रकार
हक का प्रकार स. क्र.
1
74/2/1
व्यक्ति का नाम और पता
अर्जन का क्षेत्र (हे.)
0.202
निजी भूमि
भू-स्वामी
75/2/1
76/1/1
राजेन्द्र पिता चैनसिंह जाति राजपुत नि.कपाल्याखेडी भू-स्वामी
0.162
निजी भूमि
2
भू-स्वामी
69/1/3
0.032
निजी भूमि
69/8 भू-स्वामी
69/9
69/11/5
3
उदयराम कैलास राधेश्याम जयन्ता पिता सुरजी बालीबाई बेवा सुरजी जाति कोली नि. ब्रहामणगॉव भू-स्वामी
0.502
निजी भूमि
भू-स्वामी
69/6
69/1/4
69/1/5
79/2
69/11/6
4
सेवन्तीबाई, शम्भू पिता बाला , पानूबाई बेवा जगदीश, संगीता, रूखड़ी, मंजू, विजय पिता जगदीश जाति कोली नि. ब्रहामणगॉव भू-स्वामी
0.332
निजी भूमि
65/117 भू-स्वामी 5
69/4
कालूराम पिता लालचन्द्र ,मधुबाई बेवा रमेश, पिंकी, लोकेन, हिना, नेहा पिता रमेश जाति बलाई नि.नन्दगाँव भू- स्वामी
0.235
निजी भूमि
भू-स्वामी
80/1/2
81
प्रकाश पिता श्यामा जाति कोली नि. ब्रहामणगॉव भू-स्वामी
0.396
निजी भूमि
69/7 भू-स्वामी
69/11/7 79/1
योग 1.861
यह अधिसूचना इससे संबंधित सभी व्यक्तियों के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 (2013 का अधिनियम संख्याक 30) की धारा -11 (1 ) के उपबंधों के अधीन जारी की गई है ।
भूमि से संबंधित रेखाकंन भू-अर्जन अधिकरी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -14 ठीकरी जिला बड़वानी में किसी भी कार्य दिवस को कार्य समय के दौरान देखा जा सकता है।
सरकार उक्त अधिनियम की धारा में यथा उपबधित और विनिर्दिष्ट भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री अधिकारी और उसके कर्मचारीवृद को भूमि में प्रवेश करने और उसका सर्वेक्षण करने, किसी भी भूमि के स्तर लेने, अवमृदा में खुदाई करने या वेधन करने और अपने कार्य के उचित निष्पादन के लिए अपेक्षित सभी अन्य कार्य करने के लिए प्राधिकृत करती है ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा । अर्थात क्रय/ विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा-15 के अधीन यथा उपबंधित इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में जिला कलेक्टर के समक्ष आपेक्ष, यदि कोई हो, फाईल किए जा संकेगे । 6167
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण का पर्यावरणीय समाघात का अध्ययन किया गया है अतः धारा -6 की उपधारा 2 ' क' के अनुसार सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित करने की आवश्यकता नहीं है ।
भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013) की धारा -10 के प्रावधान भी सिंचाई परियोजना होने के कारण लागू नहीं होंगे ।
जा.क्र. 6980 रा.प्र.क्र. 06- अ- 82-2017-18
(अधिनियम धारा -11 का भू- अर्जन, पूनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 क्रं. 30 सन् 2013 )
कलेक्टर को ऐसा प्रतीत होता है कि लोक प्रयोजन के लिए इंदिरा सागर परियोजना की कुँआ वितरण शाखा की उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु ग्राम चिचली तहसील ठीकरी जिला बड़वानी में 0.297 हेक्टर भूमि अपेक्षित है, अर्थात 0.73 एकड़ (सामाजिक समाघात मूल्याकंन अध्ययन एसआईए यूनिट द्वारा किया गया था और नियम 4 के अधीन तथा विनिश्चित जिला कलेक्टर द्वारा गठितं दल द्वारा एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी थी । प्रारंभिक अन्वेषण किया गया था । सामाजिक समाघात मूल्यांकन रिपोर्ट / प्रारम्भिक जॉच का सार इस प्रकार है (सामाजिक समाघात रिपोर्ट की एक प्रति संलग्न है:- अधिनियम की धारा-6 के अनुसार सिंचाई परियोजना होने के कारण लागू नहीं । ) इंदिरा सागर परियोजना की कुँआ वितरण शाखा की उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु, भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य कुटुम्बों के विस्थापित होने की संभावना है । इस प्रकार के विस्थापन की आवश्यकता का कारण नीचे दिया गया है- निरंक
निरंक प्रभावित कुटुम्बों के पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन के प्रयोजन के लिए प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाता है अतः जिला- निरंक तहसील- निरंक के ग्राम निरंक में उक्त परियोजना के लिए निरंक हेक्टेयर माप के एक भूखंड अर्थात निरंक मानक माप के भूखंड जिसका विवरण निरंक है । इंदिरा सागर परियोजना की कुँआ वितरण शाखा की उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु, ग्राम- चिचली तहसील ठीकरी जिला बड़वानी की अनुसूची अनुसार वर्णित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।
अनुसूची
व्यक्ति का नाम और पता खसरा नंबर
भूमि का प्रकार
हक का प्रकार
अर्जन का क्षेत्र (हे.)
स. क्र.
1
0.070
निजी भूमि
89/2 भू-स्वामी
वेडु पिता छगन जाति भारूड नि. ग्राम
0.105
निजी भूमि
194/2 भू-स्वामी
2
निजी भूमि
भू-स्वामी
मंशाराम, तेजा , अशोक पिता नत्थु शुशीलाबाई पिता नत्थु आन्नदीबाई बेवा नत्थु, उमेश,
0.122
193/1/1/1
विकाश पिता राजाराम, प्रमिलाबाई बेवा राजाराम, कान्हा पिता अमृत , निशाबाई बेवा अमृत जाति भारूड नि.ग्राम
0.297
Theen
यह अधिसूचना इससे संबंधित सभी व्यक्तियों के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 (2013 का अधिनियम संख्याक 30) की धारा -11 (1 ) के उपबंधों के अधीन जारी की गई है । 6168
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[ भाग 1 भूमि से संबंधित रेखाकंन भू-अर्जन अधिकरी एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक -14 ठीकरी जिला बड़वानी में किसी भी कार्य दिवस को कार्य समय के दौरान देखा जा सकता है ।
सरकार उक्त अधिनियम की धारा में यथा उपबधित और विनिर्दिष्ट भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री अधिकारी और उसके कर्मचारीवृद को भूमि में प्रवेश करने और उसका सर्वेक्षण करने, किसी भी भूमि के स्तर लेने, अवमृदा में खूदाई करने या वेधन करने और अपने कार्य के उचित निष्पादन के लिए अपेक्षित सभी अन्य कार्य करने के लिए प्राधिकृत करती है ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा । अर्थात क्रय / विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा -15 के अधीन यथा उपबंधित इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में जिला कलेक्टर के समक्ष आपेक्ष, यदि कोई हो, फाईल किए जा संकेगे ।
सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण का पर्यावरणीय समाघात का अध्ययन किया गया है अतः धारा -6 की उपधारा 2 ' क' के अनुसार सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित करने की आवश्यकता नहीं है ।
भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक 30 सन् 2013) की धारा -10 के प्रावधान भी सिंचाई परियोजना होने के कारण लागू नहीं होंगे ।
जा.क्र. 6981 कले.प्र.क्र. 07-अ-82-2017-18
(अधिनियम धारा -11 का भू-अर्जन, पूनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 क्रं. 30 सन् 2013)
कलेक्टर को ऐसा प्रतीत होता है कि लोक प्रयोजन के लिए इंदिरा सागर परियोजना की कुँआ वितरण शाखा की उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु ग्राम चैनपुरा तहसील ठीकरी जिला बड़वानी में 3.233 हेक्टर भूमि अपेक्षित है, अर्थात 7.98 एकड़ (सामाजिक समाघात मूल्याकंन अध्ययन एसआईए यूनिट द्वारा किया गया था और नियम 4 के अधीन तथा विनिश्चित जिला कलेक्टर द्वारा गठित दल द्वारा एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी थी । / प्रारंभिक अन्वेषण किया गया था । सामाजिक समाघात मूल्यांकन रिपोर्ट/ प्रारम्भिक जॉच का सार इस प्रकार है (सामाजिक समाघात रिपोर्ट की एक प्रति संलग्न है : अधिनियम की धारा-6 के अनुसार सिंचाई परियोजना होने के कारण लागू नहीं । )
इंदिरा सागर परियोजना की कुँआ वितरण शाखा की उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु, भूमि अर्जन के कारण कुल शून्य कुटुम्बों के विस्थापित होने की संभावना है । इस प्रकार के विस्थापन की आवश्यकता का कारण नीचे दिया गया है- निरंक
निरंक प्रभावितं कुटुम्बों के पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन के प्रयोजन के लिए प्रशासक के रूप में नियुक्त किया जाता है अतः जिला- निरंक तहसील- निरंक के ग्राम निरंक में उक्त परियोजना के लिए निरंक हेक्टेयर माप के एक भूखंड अर्थात निरंक मानक माप के भूखंड जिसका विवरण निरंक है ।
इंदिरा सागर परियोजना की कुँआ वितरण शाखा की उपनहर के निर्माण एवं उससे संबंधित अन्य कार्य हेतु, ग्राम-चैनपुरा तहसील ठीकरी जिला बड़वानी की अनुसूची अनुसार वर्णित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है । 6169
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
खसरा नंबर
क्र.
हक का प्रकार
भूमिका प्रकार
1
भू-स्वामी अनुसूची
व्यक्ति का नाम और पता अर्जन का क्षेत्र (हे.)
0.020
निजी भूमि
86/1/1/17 128/3/1 129/2/1 {
2
कुसुमबाई पति भारत जाति मारू नि. ग्राम
0.160
निजी भूमि
भू-स्वामी 86/1/21 128/3/2
निजी भूमि
भू-स्वामी 86/2 128/5
3
भू-स्वामी नानुराम पिता वेडिया जाति भारू नि.ग्राम
0.110
1.036
निजी भूमि
132/1/2
4
भू-स्वामी बाबु पिता चुन्या गोदावरि, सुदामाबाई सोमाबाई पिता चुन्या ओमप्रकाश कन्हैया पिता दयाराम शांताबाई बेवा दयाराम रूपेश, राकेश पिता काशिराम रेशम निर्मला शिवकन्या पिता काशिराम गोदावरिबाई बेवा काशिराम जाति बलाई नि. ग्राम
0.086
निजी भूमि
135
5
रमेश देवराम पिता हरी, जयन्ति संजुबाई बंशती पिता हरी शांताबाई बेवा हरि मकुन्द मुरारी कृष्णा पिता सीताराम सजनबाई कालीबाई तुलसीबाई पिता सीताराम रामलाल पिता नत्थु सकुबाई बेवा नत्थु जाति बलाई नि. ग्राम
0.105
निजी भूमि
भू-स्वामी 137/2
6
भू-स्वामी निजी भूमि
138/1/3
7
निजी भूमि
भू-स्वामी 138/1/1/2
कृष्णा धन्या ओम पिता मांगीलाल परसराम दयाराम पिता बड़या सेवाराम सीताराम रेवाराम गणेश गोकुल पिता नरसिंग पुनीबाई राजलबाई नानीबाई पिता नरसिंग दिलिप विजय बबलु पिता नन्दकिशोर सावित्रि बेवा नन्दकिशोर मितेश राहुल मनु पिता हिरदाराम उषाबाई बेवा हिरदाराम जाति मारू नि.ग्राम
0.115 उषाबाई बेवा हिरदाराम राहुल पिता हिरदाराम जाति मारू नि. टिटगारिया
0.470 सीताराम पिता नरसिंह जाति मारू निः टिटगारीया [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6170
8
0.121
निजी भूमि
भू-स्वामी
138/1/1/1/3
गणेश पिता नरसिंह जाति मारू नि. टिटगारीया
9
0.150
निजी भूमि
भू-स्वामी
142
ताराचन्द छगन पिता दुलीचन्द जाति मारू नि.ग्राम
10
0.860
निजी भूमि
भू-स्वामी
167/3
श्रीराम मन्दिर चैनपुरा व्यवस्थापक ब्रजलाल पिता भिलुजी घीसालाल पिता रघुनाथ जाति मारू नि.ग्राम
योग
3.233
यह अधिसूचना इससे संबंधित सभी व्यक्तियों के लिए भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 (2013 का अधिनियम संख्याक 30) की धारा-11 (1) के उपबंधों के अधीन जारी की गई है ।
भूमि से संबंधित रेखाकंन भू- अर्जन अधिकरी एवं कार्यपालन यंत्री..नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-14 ठीकरी जिला बड़वानी में किसी भी कार्य दिवस को कार्य समय के दौरान देखा जा सकता है । सरकार उक्त अधिनियम की धारा में यथा उपबधित और विनिर्दिष्ट भू-अर्जन अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री अधिकारी और उसके कर्मचारीवृद को भूमि में प्रवेश करने और उसका सर्वेक्षण करने, किसी भी भूमि के " स्तर लेने, अवमृदा में खूदाई करने या वेधन करने और अपने कार्य के उचित निष्पादन के लिए अपेक्षित सभी अन्य कार्य करने के लिए प्राधिकृत करती है ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई भी संव्यवहार करेगा या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा । अर्थात क्रय /विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई भी विल्लगम सृजित नहीं करेगा । अधिनियम की धारा-15 के अधीन यथा उपबंधित इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में जिला कलेक्टर के समक्ष आपेक्ष, यदि कोई हो, फाईल किए जा संकेगे ।
सिंचाई परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण का पर्यावरणीय समाघात का अध्ययन किया गया है अतः धारा-6 की उपधारा 2 ' क' के अनुसार सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित करने की आवश्यकता नहीं है ।
भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क्रमांक-30 सन् 2013) की धारा -10 के प्रावधान भी सिंचाई परियोजना होने के कारण लागू नहीं होंगे ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, तेजस्वी. एस. नायक , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
6171
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं
विधि और विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 7 दिसम्बर 2017
फा. क्र. सि. अपील.- 8339-95-2016- चार- 307.- माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल याचिका संख्या 8339/1995 ( नारायण सिंह विरुद्ध सुन्दरलाल पटवा एवं अन्य ) में पारित निर्णय बावत् भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना क्र. 82/MP-LA/( 8339/1995)/ 2017 दिनांक 29 नवम्बर 2017 सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित की जाती है.
राकेश कुशरे, उपसचिव.
भारत निर्वाचन आयोग
निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001
नई दिल्ली, दिनांक 29 नवम्बर, 2017-08 अग्रहायण, 1939 ( शक)
अधिसूचना
सं. 82- म.प्र. - वि.स. ( 8339/1995 )-2017.- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ( 1951 का 43 ) की धारा 116 ग की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( ख ) के अनुसरण में, भारत निर्वाचन आयोग , श्री नारायण सिंह द्वारा दायर सिविल याचिका 1995 की संख्या 8339 ( नारायण सिंह बनाम सुन्दरलाल पटवा एवं अन्य) में भारत के माननीय उच्चतम न्यायालय के दिनांक 19-09-2017 के निर्णय/आदेश को एतद्वारा प्रकाशित करता है.
आदेश से, हस्ता./- (अनुज जयपुरियार ) प्रधान सचिव, भारत निर्वाचन आयोग .
ELECTION COMMISSION OF INDIA
Nirvachan Sadan , Ashoka Road, New Delhi- 110001
New Delhi , Dated 29th November , 2017-08 Agrahayana, 1939 ( SAKA)
NOTIFICATION
No. 82-MP- LA- ( 8339/1995 ) -2017 .-In pursuance of clause ( b ) sub - section (2 ) of Section 116C of the Representation of the People Act , 1951 (43 of 1951 ) , the Election Commission of India hereby publishes the judgment/order dated 19-09-2017 of the Honb'le Supreme Court of India in Civil Appeal No. 8339 of 1995 ( Narayan Singh Vs. Sunderlal Patwa and Others ) .
[ भाग 1 6172
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
IN THE SUPREME COURT OF INDIA CIVIL APPELLATE JURISDICTION
CIVIL APPEAL NO . 8339 OF 1995
AAPELLANT ( s) NARAYAN SINGH
Versus
... RESPONDENT ( s ) SUNDERLAL PATWA ( D ) & ORS .
ORDER
Heard learned counsel for the parties .
Shri Vikramjit Banerjee , learned senior counsel appearing for respondent ( s ) states that the respondent , Sunderlal Patwa is reported to have died on 28-12-2016.
In the circumstances , the appeal abates .
The prayer in the appeal is that the respondent No. 1 ought to be disqualified for having indulged in a corrupt practice as found by a Constitution Bench of this Court in this case dated 02-01-2017 reported in (2017) 2 SCC 629. It is not possible now to go into this aspect of the matter.
The appeal is disposed of.
In view of order passed above , all pending applications stand disposed of .
Sd./- ( S. A. BOBDE )
Sd./-
New Delhi:
.J . (L. NAGESWARA RAO ) September 19 , 2017 .
By Order, Sd./-
(ANUJ JAIPURIAR ) Principal Secretary , Election Commission of India .
6173
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
राजस्व विभाग
कार्यालय , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
रीवा, दिनांक 6 नवम्बर 2017
क्र. 1772 - भू- अर्जन-17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट कासार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है :-
भूमि का विवरण
लगभग क्षेत्रफल तहसील नगर/ग्राम
जिला
(हे. में)
(4) (1) रीवा
(2) सिरमौर
(3) मझगवॉ
1.663 योग .. 1.663
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की मझगवॉ माइनर नहर के कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1774- भू- अर्जन-17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है .
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमिकाविवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) 1.241
(3) सथिनी कोठार
(2) सिरमौर
(1) रीवा
1.241
योग ..
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा.
(6) बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की मुडियारी सब- माइनर नं. 6 के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6174
क्र. 1776- भू-अर्जन-17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
जिला तहसील
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1) रीवा
(2) सिरमौर
(3) चौरा नं. 162
(4) 1.490 1.490
योग
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा.
(6) बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की मुडियारी सब-माइनर नं. 6 के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1778- भू- अर्जन-17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है .
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (2)
(1)
चौरा नं. 1
रीवा सिरमौर
0.230 योग .. 0.230
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की मुडियारी सब-माइनर नं . 7 के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
6175
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 1780- भू-अर्जन-17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर, एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(2)
(4) (1)
रीवा सिरमौर खुशखुसा
0.898 0.898
योग ..
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5) कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की मुडियारी सब- माइनर नं. 7 के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1782 - भू- अर्जन- 17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर, एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है .
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
तहसील
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4)
(3)
(1) (2)
0.403 सिरमौर
रीवा
पड़री
0.403
योग .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की डोल सब-माइनर नं . 3 के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6176
[भाग 1 क्र. 1784 - भू-अर्जन-17-18.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर, एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
:
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1)
(2)
सिरमौर चौरा देवार्थ नं. 3
रीवा
1.212 योग 1.212
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की मुडियारी सब-माइनर नं . 6 एवं 7 के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1788 - भू-अर्जन- 17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर, एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
जला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(1) (2)
(4)
2.534 रीवा सिरमौर डिहिया
योग 2.534
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की तिलखन माइनर कम स्केप चैनल के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
6177
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 1786- भू- अर्जन-17-18.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) (2)
(3)
(1)
जोकहा
रीवा सिरमौर
2.042 योग . 2.042
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की तिलखन माइनर कम स्केप चैनल के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1790- भू- अर्जन-17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने (6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर, एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1)
(2)
तिलखन
रीवा सिरमौर
3.168 योग .. 3.168
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की तिलखन माइनर कम स्केप चैनल के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6178
क्र. 1792- भू- अर्जन-17-18.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
सिरमौर
रीवा
मऊ कोठार
1.035 योग .. 1.035
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की डोल सब-माइनर नं. 3 के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
से ( 4 ) में वर्णित क्र. 1794 - भू-अर्जन - 17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर , एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है .
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है.
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) (2) (3)
(1)
0.760 सिरमौर बदरॉव
रीवा
योग 0.760
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की डोल सब-माइनर नं. 3 के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
6179
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
क्र. 1796- भू-अर्जन- 17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब- माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरंण नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1) (2)
रीवा सिरमौर खैरा वृत्त
1.226 योग .. 1.226
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की डोल सब-माइनर नं. 3 के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक , भू- अर्जन पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 1798 - भू- अर्जन- 17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है .
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1)
(2)
रीवा
पिपरी मुड़वार
सिरमौर
1.110 योग .. 1.110
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की पल्हान माइनर के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू-अर्जन पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव, राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6180
क्र. 1800 - भू- अर्जन-17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1)
(2)
रीवा सिरमौर पल्हान
2.589 योग 2.589
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की पल्हान माइनर के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है .
क्र. 1802- भू- अर्जन-17-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावनां है. अतः भूमि का अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि क्योटी नहर संभाग माइनर एवं सब - माइनर नहरों का निर्माण पूर्व से चल रहा है.
तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1) (2)
0.570 सिरमौर भसमा पवाई
रीवा
0.570
योग .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर
संभाग, रीवा.
बाणसागर परियोजना के अंतर्गत सिरमौर वितरक नहर की पल्हान माइनर के नहर कार्य हेतु.
1. भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन प्रशासक, भू- अर्जन पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव , राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
6181
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
रीवा, दिनांक 10 नवम्बर 2017
प. क्र. 1808- भू-अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . चूंकि बहुती नहर के चन्हेद माइनर सब - माइनर नहर में आने वाले अधिकांश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
जिला तहसील
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) (2)
(3)
(1)
0.500
पटेहरा 356
मनगवां
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
बहुती नहर के चन्देह माइनर क्र. 9 के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, जिला रीवा, (म . प्र. ) .
प. क्र. 1810- भू-अर्जन- 2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि बहुती नहर के चन्हेद माइनर सब - माइनर नहर में आने वाले अधिकांश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सन्न- माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
लगभग क्षेत्रफल
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला तहसील
(हे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.500
पलिया 352
मनगवां
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
बहुती नहर के चन्देह माइनर क्र. 6 के नहर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा , ( म. प्र. ).
प. क्र. 1812 - भू-अर्जन- 2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . चूंकि बहुती नहर के चन्हेद माइनर सब - माइनर नहर में आने वाले अधिकांश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं 6182
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
तहसील
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (1) (2)
रीवा
0.500 मनगवां
कोठार-311 नवागांव
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा, ( म. प्र. ) .
बहुती नहर के चन्देह माइनर क्र. 6 एवं 7 के नहर निर्माण हेतु.
प. क्र. 1814- भू-अर्जन-2017 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है . चूंकि बहुती नहर के चन्हेद माइनर सब - माइनर नहर में आने वाले अधिकांश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(4) (2)
(1)
0.500 मनगवां
रीवा
जरहा-169
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा , ( म. प्र. ) .
बहुती नहर के चन्देहं माइनर क्र. 12 के नहर निर्माण हेतु.
अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) प. क्र. 1816-प्रशा. - भू-अर्जन-2017. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि बहुती नहर के चन्हेद माइनर एवं सब - माइनर नहर में आने वाले अधिकांश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल जिला
(हे. में)
(4) (1)
(2) (3)
2.000
चन्देह -153
रीवा मनगवां
अनुसूची
धारा 11 के द्वारा
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, जिला रीवा , म. प्र.
बहुती नहर के चन्देह माइनर क्र. 12 के नहर निर्माण हेतु.
6183
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
प. क्र. 1818- प्रशा. - भू-अर्जन-2017. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि बहुती नहर के डगडगपुर वितरक में माइनर सब - माइनर नहर में आने वाले अधिकांश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(4)
(3)
(1)
0.500
मडफा-438
मनगवां
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, जिला रीवा, म. प्र.
डगडगपुर वितरक के माइनर क्र. 17 के नहर निर्माण हेतु.
प. क्र. 1820 - प्रशा. - भू-अर्जन- 2017.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि बहुती नहर के चन्हेद माइनर एवं सब - माइनर नहर में आने वाले अधिकांश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) (1)
(2)
(3)
0.500 मनगवां नवागांव
रीवा
ढाखरा-313
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योटी नहर संभाग, जिला रीवा, म. प्र.
बहुती नहर के चन्देह माइनर क्र. 6 के नहर निर्माण हेतु.
प. क्र. 1822 - भू-अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि बहुती नहर के अमिलकी वितरक के माइनर एवं सब - माइनर नहर में आने वाले अधिकांश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही पूर्व में 6184
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर , 2017
की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब- माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
जिला
भूमि का विवरण नगर/ग्राम
तहसील
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (2)
(4) (1)
(3)
2.500 रीवा
महसुआ-515
रायपुर कर्चुलियान
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री , क्योटी नहर संभाग , जिला रीवा, म. प्र.
बहुती नहर के अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 15 नहर निर्माण कार्य हेतु.
प. क्र. 1824- प्रशा. - भू-अर्जन-2017 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि बहुती नहर के रतहरा वितरक में आने वाले अधिकांश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर सब- माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का विवरण
तहसील
जिला
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(4) (1)
(2) (3)
0.500
रीठी-554
रीवा
गुढ़
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग , जिला रीवा, म. प्र.
बहुती नहर के रतहरा वितरक नहर निर्माण कार्य हेतु.
प. क्र. 1828- प्रशा.- भू-अर्जन-2017. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में अर्जित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है. चूंकि बहुती नहर के अमिलकी वितरक के माइनर एवं सब - माइनर में आने वाले अधिकांश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
तहसील नगर/ग्राम
जिला
(3)
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (4) (2)
(1)
3.000 रीवा
महसुआ-517
रायपुर कर्चुलियान
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री , क्योंटी नहर संभाग , जिला रीवा, म. प्र.
बहुती नहर के अमिलकी वितरक के माइनर क्र. 15 एवं 16 नहर निर्माण कार्य हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , पी. एस. त्रिपाठी, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सतना, दिनांक 6 सितम्बर 2017
क्र. 535 - भू- अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अधिग्रहण पुनर्वास 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके द्वारा , सभी संबधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग मंत्रालय , भोपाल के आदेश क्रमांक एफ- 16-15- ( 1 ) 2014 - सात- शा2ए, भोपाल दिनांक 29 सितम्बर 2014 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने 5 में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन ग्राम
जिला तहसील
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में ) लगभग
(3) पटनाकला
(4) 5.010 (2) मझगवां
(1) सतना
भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर, कार्यालय में देखा जा सकता है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) पटना बांध निर्माण हेतु.
(5) कार्यपालन यंत्री, जलसंसाधान संभाग, सतना (म. प्र. )
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, नरेश पाल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
दतिया, दिनांक 6 नवम्बर 2017
प्र. क्र. 01 - अ- 82-2017-18.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अधिग्रहण पुनर्वास अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा, सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा अनुसूची ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
जिला
भूमि का वर्णन ग्राम
तहसील.
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में) लगभग (2) दतिया
(4) 0.95 (1) दतिया
(3) राजापुर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री, दतिया सिंचाई नहर संभाग दतिया, ( म. प्र . ) ..
(6) दतिया जिले के अन्तर्गत खैरी लरायटा लघु सिंचाई योजना के नहर निर्माण हेतु.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी कलेक्ट्रेट दतिया के कार्यालय में किया जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, दतिया सिंचाई नहर संभाग दतिया के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मदन कुमार, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
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[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रीवा , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 9 नवम्बर 2017
पत्र क्र. 623 - भू- अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने के ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा ( 12 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है :-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
ग्राम लगभग क्षेत्रफल ( खसरा अर्जित क्रमांक (1) रीवा
(3) रतहरा
(2) हुजूर
(4) 320/1 321/1 322/1/1 योग .
0.081 0.085 0.024 0.190
(2)
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत अधिकारी
हेक्टर में) रकबा
(5) कार्यपालन यंत्री, म. प्र. राज्य पर्यटन विकास निगम रीवा संभाग , रीवा.
(6) रतहरा रीवा में विंध्या रिट्रीट एवं फूड काफ्ट इंस्टीट्यूट को रिंग रोड से जोड़ने हेतु भूमि अधिग्रहण विषयक.
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कार्यपालन यंत्री, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, रीवा संभाग, रीवा के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण कलेक्टर के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, प्रीतिमैथिल नायक , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला रायसेन , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
रायसेन, दिनांक 10 नवम्बर 2017
पत्र क्र. 3910- भू-अर्जन-2017- प्र. क्र. 16-अ-82-16-17.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (6 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 8 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन की पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों की इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 7 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है : -
भूमि का वर्णन
ग्राम
खसरा नं.
तहसील
जिला
कुल रकबा (हेक्टर में )
(5) 0.077
(4) 231 (1) रायसेन
(3) उड़िया
(2) उदयपुरा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन कावर्णन
धारा 4 द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
अर्जित रकबा ( हेक्टर में )
(6) 0.060
(8) विद्युत् उपकेन्द्र हेतु अधिग्रहण भूग्राम उड़िया.
(7) उप महाप्रबंधक परियोजना क्रियान्वयन इकाई, मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित भोपाल मध्यप्रदेश
भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं अर्जित की जाने वाली भूमि का विवरण अनुविभागीय अधिकारी/ भू अर्जन अधिकारी बरेली , जिला रायसेन के कार्यालयीन समय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भावना वालिम्बे, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
छिन्दवाड़ा, दिनांक 10 नवम्बर 2017
क्र. 13485 - भू- अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग, मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016 - एमपीएस- 31-1875, भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है .
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत , भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है , जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
अर्जित की जाने
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में) (4) (1) (2)
चॉद
छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. -45/4,
(3) ग्राम -खूटपिपरिया ब. नं.-51 ,
रकबा 04.800 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
रा.नि.मं. -चॉद,
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई ,
जिला छिन्दवाड़ा.
(6) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत हरदुआ नांदना वितरक नहर की 8 आर नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन, राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है . (3)
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[भाग 1 (5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2, छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13486- भू-अर्जन-2017 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग, मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 (ए) -101-2016 - एमपीएस- 31-1875, भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत , भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन - पत्र प्रस्तुत किया गया है , जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू- अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में) (2) चॉद
(1) छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. -14,
ब. नं. - 148,
(4) रकबा 06.400 . हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
(3) ग्राम-नांदना रा.नि.मं. -चॉद,
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 13 आर एवं 1 एल सब माईनर नहर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक-2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13487 - भू- अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016 - एमपीएस- 31-1875, भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू- अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है .
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
अर्जित की जाने तहसील
वाली प्रस्तावित
भूमि लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में ) (1)
(3)
(4) चॉद (2)
ग्राम-पांजरा
रकबा 01.250 छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. - 16, ब. नं.- 162,
हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
रा.नि.मं. -चॉद,
(2)
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना (5) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
(6) के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की खैरघाट माईनर नहर निर्माण के लिये निजी भूमि का अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
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[ भाग 1 (3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील- चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म . प्र . ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13488 - भू- अर्जन-2017 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016- एमपीएस- 31-1875, भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है , जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है . वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
(2) (3)
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (4) (1)
चाँद
छिन्दवाड़ा
ग्राम- बाम्हनवाड़ा
प.ह.नं. - 12,
ब. नं . - 202,
रकबा 03.800 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
रा.नि.मं. -चौरई.
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत बांयी तट मुख्य नहर की 1 आर, 2 आर. माइनर के निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग, भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक-2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है .
क्र. 13489 - भू-अर्जन- 2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग, मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016- एमपीएस- 31- 1875 , भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है .
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है .
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
तहसील
जिला
नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमिलगभंग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(1)
छिन्दवाड़ा चौरई
(4) रकबा 03.960 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
(3) ग्राम - मुआरी प.ह.नं. -38, ब. नं. -18, रा.नि.मं. -चौरई.
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
(6) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 3 आर, 4 आर, माईनर एवं सब - माइनर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में, (2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
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[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील- चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक-2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13490 - भू- अर्जन-2017. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. मध्यप्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016 - एमपीएस- 31- 1875, भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है , जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है . वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है .
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
(3)
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (4) (1)
(2)
ग्राम -केरिया,
छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. - 15,
चाँद ब. नं. -29,
रकबा 04.800 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
रा.नि.मं. -चॉद.
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 9 आर एवं 10 आर नहर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
6193 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा (म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13491 - भू-अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग , मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016 - एमपीएस- 31- 1875 , भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 " की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है , जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का वर्णन
भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
नगर/ग्राम
जिला तहसील
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1) (2) (3)
रकबा 04.100
ग्राम-बाडीवाडा,
छिन्दवाड़ा चॉद
प.ह.नं.- 20,
(5) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
ब. नं. - 198,
(4) हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां..
रा.नि.मं. -चॉद.
(6) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की माईनर नहर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग, भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
6194
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक-2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13492 - भू- अर्जन- 2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016- एमपीएस- 31- 1875, भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
तहसील नगर/ग्राम
जिला
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2) चौरई
छिन्दवाड़ा
(4) रकबा 04.900 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
(3) ग्राम- पलटवाडा, प.ह.नं. -36, ब. नं.- 160, रा.नि.मं. -चौरई.
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी 5)
( भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
(6) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 6 आर, 7 आर, 8 आर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन, राजस्व विभाग, भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
भाग 1 ]
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2, छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13493 - भू- अर्जन-2017.-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016- एमपीएस- 31- 1875, भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है .
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 " की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (1)
(2)
चॉद ग्राम-राजलवाडी,
छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. - 13,
(4) रकबा 0.850 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
ब. नं.-247, रा.नि.मं. -चॉद. (3)
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील -चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 10 आर एवं 11 आर. (6) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना नहर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
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[भाग 1 (3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा (म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग, सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक-2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13494- भू-अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है .
2. मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग , मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए ) -101-2016- एमपीएस- 31- 1875, भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है .
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभागं द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है .
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(2) (3)
(4)
(6) ग्राम- मोहगांवकला,
छिन्दवाड़ा चॉद
रकबा 05.900 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
(5) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
प.ह.नं. -45/4, ब. नं. -239, रा.नि.मं. -चॉद.
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 8 आर एवं 9 आर नहर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा (म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना , तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2, छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13495 - भू- अर्जन-2017 .-चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016 - एमपीएस- 31- 1875, भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है .
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत , भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है . वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का वर्णन
भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
जिला तहसील नगर/ग्राम
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में )
पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकंर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (2)
(3)
(1)
चॉद
छिन्दवाड़ा
(4) रकबा 0.750 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा. (5)
प.ह.नं. - 26, ब. नं. - 06, रा.नि.मं. -चॉद. ग्राम-आमाझिरी
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 14 एल सब - माईनर के निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
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(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) , तहसील - चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13496- भू- अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. मध्यप्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग, मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016- एमपीएस- 31- 1875, भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है .
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत , भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है . वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का वर्णन
भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
नगर/ग्राम
जिला तहसील
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में)
पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6) (1)
(2) (3)
चौरई ग्राम - सिरेगांव ,
छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. - 16,
(4) रकबा 07.500 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
ब. नं . -288 ,
रा.नि.मं. -चौरई.
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत 4 आर, 5 आर नांदना की 1 आर , 2 आर, 3 आर नहर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन, राजस्व विभाग, भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
6199
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना , तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक-2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13497 - भू-अर्जन- 2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22( ए) -101-2016- एमपीएस- 31-1875 , भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है , जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 (3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाधात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है . वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
अर्जित की जाने तहसील
जिला
भूमि लगभग
वाली प्रस्तावित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(1)
चौरई ग्राम - ऊदादौन,
छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. -38 ,
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) भू-अर्जन अधिकारी ,
(4)
रकबा 02.280 हेक्टेयर
एवं उपरोक्त भूमि पर
आने वाली परिसंपत्तियां.
(3) ब. नं. -08,
रा.नि.मं. -चौरई .
(5) तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नादना वितरक नहर की 5 आर नहर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन, राजस्व विभाग, भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
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[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील - चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील- चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2, छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13498 - भू-अर्जन-2017 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016 - एमपीएस- 31-1875, भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है , जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है . वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
अर्जित की जाने जिला तहसील
वाली प्रस्तावित
भूमि लगभग क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में)
(4) (2) चौरई
(1) छिन्दवाड़ा
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
(6) भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी (5)
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई,
रकबा 0.750 हेक्टेयर
एवं उपरोक्त भूमि पर
आने वाली परिसंपत्तियां.
(3) ग्राम -खटकर प.ह.नं. - 07, ब. नं. -22 , रा.नि.मं. -चौरई.
जिला छिन्दवाड़ा.
के अंतर्गत बांयी तट मुख्य नहर की 4 आर सब माईनर के निर्माण हेतु निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन, राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील- चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13499 - भू-अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिंकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में , भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22( ए) -101-2016- एमपीएस- 31-1875, भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 " की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन - पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है .
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन नगर/ग्राम
जिला तहसील
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में ) (2) चॉद
(1) छिन्दवाड़ा
(4) रकबा 02.900 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां ,
(3) ग्राम- बम्हनीलाला, प.ह.नं. -37, ब. नं. - 190, रा.नि.मं. -चॉद.
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
(6) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नादना वितरक नहर के निर्माण के लिए निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन, राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
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[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय, कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी, पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13500 - भू- अर्जन-2017. - चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. मध्यप्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग, मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 (ए) -101-2016- एमपीएस - 31- 1875, भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है .
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है . वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
तहसील नगर/ग्राम
जिला
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (2)
(1)
ग्राम- सिंगना
चौरई
छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. -07,
(4) रकबा 02.630 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
(3) ब. नं .-282,
रा.नि.मं. -चौरई .
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना (5) भू-अर्जन अधिकारी , तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
के अंतर्गत 3 आर माइनर के निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन, राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक-2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है .
क्र. 13501 - भू- अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016- एमपीएस- 31-1875, भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 " की धारा 40 के अंतर्गत , भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है . वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है .
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन.
जिला तहसील नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1) (2) चॉद
छिन्दवाड़ा
(4) रकबा 04.960 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
(3) ग्राम -परसोली प.ह.नं. -14, ब. नं. - 158, रा.नि.मं. -चॉद.
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
(6) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर के निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
6204
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यालय , कलेक्टर ( भू- अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील- चौरई , जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग , सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है .
क्र. 13502 - भू-अर्जन- 2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में , भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016 - एमपीएस- 31-1875 , भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
भूमि का वर्णन
जिला
अर्जित की जाने
नगर/ग्राम
तहसील
वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) (1)
(2) (3)
चौरई
छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. -37,
(4) रकबा 01.920 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
ग्राम-मेढ़ावानी ब. नं. -233,
रा.नि.मं. -चौरई.
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील -चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 4 एल माईनर नहर निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन, राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है .
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म . प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री , पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग, सिंगना , तहसील- चौरई , जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है.
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक-2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13503 - भू-अर्जन- 2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016 - एमपीएस- 31-1875 , भोपाल , दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन- पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है. वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है .
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का वर्णन
भूमि अर्जन, पुनर्वासन और
नगर/ग्राम
तहसील
जिला
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1) .(2)
(3)
चौरई ग्राम -मरकाहांडी
छिन्दवाड़ा
प.ह.नं. - 38,
(4) रकबा 05.100 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
(5) भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दवाड़ा.
ब. नं. - 18,
रा.नि.मं. -चौरई.
(6) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 4 आर माईनर एवं इसकी 1 एल सब- माइनर नहर के निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
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[ भाग 1 (3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण, भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण , कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग, सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक-2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
क्र. 13504 - भू-अर्जन-2017.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में उल्लेखित वर्णित भूमि के, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतएव " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 " की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है.
2. चूंकि, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग , मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. 22 ( ए) -101-2016- एमपीएस- 31-1875 , भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है.
अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना जो कि राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना के रूप में क्रियान्वित है " भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 40 के अंतर्गत, भूमि अर्जन की अत्यावश्यकता की दशा में आवेदन - पत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें अधिनियम की धारा 9 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा 11 ( 3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है . वैसे भी यह योजना नवीन भू-अर्जन अधिनियम के पूर्व की होने के कारण सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन के सारांश प्रकाशित कराये जाने की आवश्यकता नहीं है.
3. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होंगे:-
अनुसूची
अर्जित की जाने वाली भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि लगभग क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में)
भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(3)
(4)
(5)
(2)
छिन्दवाड़ा चॉद
रकबा 03.250 हेक्टेयर एवं उपरोक्त भूमि पर आने वाली परिसंपत्तियां.
भू-अर्जन अधिकारी, तहसील-चौरई, जिला छिन्दबाड़ा.
ग्राम-झिरिया प.ह.नं. -15, ब. नं.- 108, रा.नि.मं. -चॉद
(6) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नांदना वितरक नहर की 9 आर एवं सब माईनर के निर्माण के लिये निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में.
(2) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म. प्र. शासन, राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , कार्यालय , कलेक्टर ( भू-अर्जन शाखा ) , छिंदवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में किया जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण , भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) , तहसील- चौरई, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना नहर संभाग, सिंगना , तहसील चौरई, जिला छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(6) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि का नक्शा ( प्लान ) एवं प्रकरण का निरीक्षण, अनुविभागीय अधिकारी , पेंच व्यपवर्तन परियोजना दांयी तट नहर, उपसंभाग क्रमांक -2 , छिन्दवाड़ा के कार्यालय में भी किया जा सकता है .
(7) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू-अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है.
छिन्दवाड़ा, दिनांक 14 नवम्बर 2017
रा. प्र. क्र.- 04-अ-82-2016-2017- भू-अर्जन.- मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग , मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल का आदेश क्रमांक एफ- 12-2-2014- सात- शा. 2 ए, भोपाल, दिनांक 12 नवम्बर 2014 द्वारा जारी " आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति" ( Consent Land Purchase Policy ) के तहत पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि क्रय किये जाने हेतु मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के पक्ष में क्रय किया जाना प्रस्तावित है. उक्त अनुसूची में दर्शाये गये कृषकों की निजी भूमि से सम्बन्धित कृषकों को प्रारूप " क " में सूचना दी जाकर उनसे प्रारूप " ख " में सहमति ले ली गई है.
इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है , कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन में पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
खसरा नम्बर
क्रय किये जाने वाला प्रस्तावित
योजना जिसके लिये भूमि क्रय की जाना प्रस्तावित है.
क्रय की जाने वाली प्रस्तावित भूमिके भूमि स्वामी का नाम एवं पता
रकबा (हेक्टेयर में)
(5)
(1) (2)
(6) 0.080
179/4
सीताबाई पिता
ग्राम-पाल्हरी,
छिन्दवाड़ा चांद
(4) हरनाम लोधी निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
(3) प. ह. नं. -36, ब. नं. - 56, रा. नि. मं. चॉद.
(7) पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण हेतु निजी भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन के लिये.
0.080
कुल योग ..
उपरोक्त अनुसूची में दर्शाई गई भूमि के संबंध में किसी जनसामान्य को भूमि अथवा भूमि के स्वत्व एवं प्रस्तावित भूमि के भू- भाग पर स्थित सम्पत्तियों के संबंध में कोई आक्षेप/ आपत्ति है तो वह जारी दिनांक के 15 दिवस के भीतर लिखित रूप में स्वयं अथवा अभिभाषक के माध्यम से न्यायालय कलेक्टर छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है.
रा. प्र . क्र. - 12 - अ- 82-2016-2017- भू-अर्जन. मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग , मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल का आदेश क्रमांक एफ-12-2-2014- सात शा. 2 एं, भोपाल , दिनांक 12 नवम्बर 2014 द्वारा जारी " आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति " ( Consent Land Purchase Policy ) के तहत पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि क्रय किये जाने हेतु मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग के पक्ष में क्रय किया जाना प्रस्तावित है . उक्त अनुसूची में दर्शाये गये कृषकों की निजी भूमि से सम्बन्धित कृषकों को प्रारूप " क " में सूचना दी जाकर उनसे प्रारूप " ख " में सहमति ले ली गई है.
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[भाग 1 इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है , कि उक्त निजी भूमि की उक्त प्रयोजन में पेंच व्यपवर्तन परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण के लिये निजी भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है: -
भूमि का वर्णन
जिला
नगर/ग्राम
तहसील
क्रय की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के भूमि स्वामी का नाम एवं पता
(3)
(1)
अनुसूची
क्रय किये
खसरा नम्बर
जाने वाला
योजना जिसके लिये भूमि क्रय की जाना प्रस्तावित है.
(हेक्टेयर में) प्रस्तावित रकबा
(6)
(7) (5) 7/1
कमलसिंग पिता
छिन्दवाड़ा
(2) छिन्दवाड़ा ग्राम - खमरा ,
प. ह. नं. -57,
ब. नं . -90,
(4) मनसुख गौली, निवासी ग्राम भूमिस्वामी.
रा. नि. मं. छिंदवाड़ा-3 ,
0.080 पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अंतर्गत नहर निर्माण हेतु निजी भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन के लिये.
0.080
कुल योग .
उपरोक्त अनुसूची में दर्शाई गई भूमि के संबंध में किसी जनसामान्य को भूमि अथवा भूमि के स्वत्व एवं प्रस्तावित भूमि के भू- भाग पर स्थित सम्पत्तियों के संबंध में कोई आक्षेप/ आपत्ति है तो वह जारी दिनांक के 15 दिवस के भीतर लिखित रूप में स्वयं अथवा अभिभाषक के माध्यम से न्यायालय कलेक्टर छिन्दवाड़ा के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. के. जैन, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला पन्ना, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
पन्ना, दिनांक 15 नवम्बर 2017
प्र. क्र. 212 - अ- 82 - वर्ष 2014-15.- भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत चकरा तालाब योजना के अंतर्गत नहर निर्माण कार्य हेतु ग्राम गजन्दा स्थित भूमि के अर्जन हेतु अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख 15 जुलाई 2016 से एक वर्ष के भीतर अधिनिर्णय नहीं किया जा सका अतः अधिनियम की धारा 25 के तहत् घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 4 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 6 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है जिनकी भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर अधिनिर्णय करने हेतु 12 मास की अवधि बढ़ाई जाती है :-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
कुल अर्जित निजी भूमि क्षेत्रफल (हैक्टेयर में)
(3)
(4) (2)
(1)
पन्ना
गजन्दा निजी भूमि रकबा 1.40 है.
शाहनगर
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री जल- संसाधन संभाग , पवई
चकरा तालाब योजना के अंतर्गत नहर निर्माण कार्य हेतु (2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , शाहनगर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 212- अ- 82- वर्ष 2014-15 . भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अंतर्गत चौपरा तालाब योजना के अंतर्गत नहर निर्माण कार्य हेतु ग्राम सलैया वीरान स्थित भूमि के अर्जन हेतु अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख 5 अगस्त 2016 से एक वर्ष की के भीतर अधिनिर्णय नहीं किया जा सका अतः अधिनियम की धारा 25 के तहत् 6209
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक (4 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 6 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है जिनकी भू- अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर अधिनिर्णय करने हेतु 12 मास की अवधि बढ़ाई जाती है :-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
कुल अर्जित निजी भूमि क्षेत्रफल (हैक्टेयर में)
(3)
(4) (1) (2)
पन्ना
शाहनगर
निजी भूमि रकबा 1.40 है.
सलैया वीरान
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
कार्यपालन यंत्री जल- संसाधन संभाग , पवई
चौपरा तालाब योजना के अंतर्गत नहर निर्माण कार्य हेतु ग्राम सलैया वीरान.
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी, शाहनगर में किया जा सकता है.
प्र. क्र. 42- अ- 82 - वर्ष 2015-16.- भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अंतर्गत पगरी तालाब योजना के अंतर्गत वायी तट नहर निर्माण कार्य हेतु ग्राम पौसी स्थित भूमि के अर्जन हेतु अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख 15 जुलाई 2016 से एक वर्ष की के भीतर अधिनिर्णय नहीं किया जा सका अतः अधिनियम की धारा 25 के तहत् घोषित किया जाता है कि निम्न अनुसूची के कंडिका क्रमांक ( 4 ) में वर्णित भूमि कंडिका क्रमांक ( 6 ) में वर्णित लोक प्रयोजन के लिये अपेक्षित है जिनकी भू- अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर अधिनिर्णय करने हेतु 12 मास की अवधि बढ़ाई जाती है :-
भूमि का वर्णन
नगर/ग्राम
जिला तहसील
कुल अर्जित निजी भूमि क्षेत्रफल (हैक्टेयर में )
(3)
(4) (2)
(1)
पौसी
पन्ना शाहनगर
निजी भूमि रकबा
0.42 है.
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री जल- संसाधन संभाग , पवई
पगरी तालाब योजना के अंतर्गत बांयी तट नहर निर्माण कार्य हेतु.
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं भू-अर्जन अधिकारी , शाहनगर में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, जे. पी. आईरीन सिंथिया , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव .
कार्यालय, कलेक्टर, जिला सतना , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग सतना, दिनांक 20 नवम्बर 2017
भू-अर्जन प्र . क्र. अ 82-16-17 पत्र क्र. 572- भू-अर्जन-17. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः सही भूमि अधिग्रहण पुनर्वास 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार उसके 6210
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
द्वारा , सभी संबधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये प्राधिकृत करता है:-
भूमि का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
अर्जनीय रकबा (हैक्टेयर में) लगभग
(4)
(3)
0.418 (1) सतना
(2) उचेहरा
महराजपुर
(2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कलेक्टर कार्यालय में देखा सकता है .
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 12 के लिए प्राधिकृत अधिकारी
(5) कार्यपालन यंत्री जल- संसाधन संभाग, सतना.
(6) महराजपुर बांध योजना निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मुकेश शुक्ल, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला झाबुआ, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
झाबुआ, दिनांक 17 नवम्बर 2017
मध्यप्रदेश भूमिगत पाईप लाईन, केबल एवं डक्ट ( भूमि की उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम , 2012 क्र. 1341 - भू-अर्जन-री -1-17-18 .- एतद्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है , कि माही परियोजना , तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है.
अतएव, राज्य सरकार को ग्राम बेड़दा, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है, कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है, उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावे.
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट्स ( भूमि के उपभोक्ता के अधिकारों काअर्जन ) अधिनियम ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार , उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय कीघोषणा करती है.
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि के हितबद्ध है, उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू- अर्जन अधिकारी , तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ मध्यप्रदेश को लिखित में भेज सकेगा : -
जिला
तहसील
ग्राम/पटवारी हल्काक्रमांक
(3) (1)
(2) पेटलावद
बेड़दा/28 झाबुआ
अनुसूची
खसरा क्रमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे. में )
(5)
0.030
0.086
0.110
(4) 282 276 274/1 271
0.073 कुल योग : 0.299
क्र. 1343 - भू-अर्जन- री-1-17-18.- एतद्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है, कि माही परियोजना, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है.
6211
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
भाग 1 ]
अतएव, राज्य सरकार को ग्राम खोरिया, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है , कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है, उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावे.
अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट्स ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय कीघोषणा करती है.
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि के हितबद्ध है, उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू- अर्जन अधिकारी, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ मध्यप्रदेश को लिखित में भेज सकेगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक जिला
तहसील
(4)
375
ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक (3) खोरिया-03
.(2) पेटलावद
(1) झाबुआ
360
374/1
361
362
357
71
29
28/2
49/1
50
18
17
16
14
13
136
137
138
140
160/1
172/1
159/1
171/1 उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हे . में )
(5)
0.025
0.013
0.003
0.020
0.022
0.054
0.058
0.018
0.079
0.035
0.036
0.019
0.017
0.026
0.006
0.031
0.006
0.025
0.025
0.041
0.032
0.012
0.039
0.014
0.656
कुल योग :
क्र. 1345 - भू-अर्जन- री -1-17-18.- एतद्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है, कि माही परियोजना, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है.
6212
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[भाग 1 अतएव, राज्य सरकार को ग्राम रूपगढ़, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है , कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है , जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है, उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावे.
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट्स ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय कीघोषणा करती है.
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि के हितबद्द है , उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू- अर्जन अधिकारी, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ मध्यप्रदेश को लिखित में भेज सकेगा :-
अनुसूची
ग्राम/पटवारी
जिला
खसरा क्रमांक
उपयोग के अधिकार के लिये तहसील
हल्काक्रमांक
अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे. में)
(3)
(4)
(5) (1)
(2)
858
0.036 पेटलावद
रूपगढ़ /04
झाबुआ
0.027
861/1
861/2
0.002
871
0.059
0.010
870
865
0.017
1004
0.029
997
0.013
1002
0.024
859
0.009
0.226
कुल योग :
क्र. 1347- भू-अर्जन-री-1-17-18.- एतद्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है , कि माही परियोजना, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है.
अतएव, राज्य सरकार को ग्राम मोईबागेली, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है, कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है , उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावे.
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट्स ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम ( क्रमांक 5 सन् 2013 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है .
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि के हितबद्ध है, उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू- अर्जन अधिकारी, भाग 1 ]
6213
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 दिसम्बर 2017
तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ मध्यप्रदेश को लिखित में भेज सकेगा :-
अनुसूची
खसरा क्रमांक जिला
तहसील
ग्राम/पटवारी हल्काक्रमांक
(3)
(1)
(2)
(4)
303/6
मोईबागेली /04
पेटलावद
झाबुआ
302/627/1
302
301
312/1
313/2
314
315
282/2
282/1
277
262
261
260
246
244
243
233
230/1
217/1
229
219
143
144
133
132/1
283/3
131/3
399/1
401/1
391/1
587
588
589
590/1
565/1
562/1 उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हे. में )
(5)
0.021
0.037
0.030
0.034
0.032
0.032
0.031
0.033
0.027
0.003
0.024
0.008
0.007
0.060
0.059
0.035
0.007
0.102
0.027
0.016
0.070
0.048
0.005
0.005
0.035
0.028
0.035
0.022
0.042
0.052
0.088
0.052
0.054
0.051
0.071
0.006
0.016 6214
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
[भाग 1 (2)
(3)
(4)
(5) (1)
563
0.049
564/2
0.046
556/1
0.025
0.010
557
559
0.022
560/1
0.021
532
0.039
530
0.026
527
0.079
0.047
528
524/1
0.045
1.714
कुल योग:
क्र. 1349 - भू-अर्जन- री - 1-17-18.- एतद्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है, कि माही परियोजना, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है.
अतएव, राज्य सरकार को ग्राम दाड़िया, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है, कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है , उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावे .
अतएव , मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट्स ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम ( क्रमांक 5 सन् 2013) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है .
कोई व्यक्तिजो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि के हितबद्ध है , उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू- अर्जन अधिकारी, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ मध्यप्रदेश को लिखित में भेज सकेगा : -
अनुसूची
जिला
तहसील
खसरा क्रमांक
ग्राम/पटवारी हल्का क्रमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे. में )
(3)
(4)
(1)
(5)
229
0.045 (2) पेटलावद
दाड़िया/03
झाबुआ
228
0.009
0.022
230
267/1
0.046
0.015
266/1
246
0.003
249
0.026
260
0.026
0.044
258
0.011
257 6215 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(4)
(5)
(3)
(2)
(1)
0.022
256
0.013
262/1
409
0.005
407
0.053
408/1
0.043
0.004
406
0.045
318/4
0.011
318/5
318/1
0.014
317/1
0.135
0.002
332
0.020
342
0.013
312/2
0.009
344
0.023
345/2
0.015
346
0.023
341
0.022
338
340/1
0.016
0.007
355/1
0.008
355/2
363/2
0.048
0.798
कुल योग :
क्र. 1351 - भू-अर्जन-री -1-17-18.- एतद्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है , कि माही परियोजना , तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है.
अतएव, राज्य सरकार को ग्राम नाहरपुरा , तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है, कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है , उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावे .
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट्स ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम ( क्रमांक 5 सन् 2013) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है .
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि के हितबद्ध है , उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है , 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू-अर्जन अधिकारी, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ मध्यप्रदेश को लिखित में भेज सकेगा :-
अनुसूची
उपयोग के अधिकार के लिये
खसरा क्रमांक
ग्राम/पटवारी
तहसील
जिला
हल्काक्रमांक
अर्जित की जाने वाली भूमि ( हे. में )
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.007
848
पेटलावद
नाहरपुरा/04
झाबुआ
780
0.063 [भाग 1 6216
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 दिसम्बर 2017
(4)
(5) (2)
(3)
(1)
0.043
846
0.019
844
0.058
841
0.190
कुलयोग :
क्र. 1353 - भू-अर्जन- री -1-17-18.- एतद्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है , कि माही परियोजना, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ की नहरों के लिये भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है.
अतएव, राज्य सरकार को ग्राम झोसर, तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ के खातेदारों की निजी भूमि से नहरों हेतु भूमिगत पाईपलाईन बिछाने के प्रयोजन के लिये यह आवश्यक प्रतीत होता है , कि उस भूमि में जिसमें भूमिगत पाईपलाईन बिछाये जाने का प्रस्ताव है, जो इस अधिसूचना के संलग्न सूची में वर्णित है, उपयोग के लिये अधिकारों का अर्जन किया जावे.
अतएव, मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट्स ( भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन ) अधिनियम ( क्रमांक 5 सन् 2013) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, उसमें उपयोग के अधिकार का अर्जन करने के अपने आशय की घोषणा करती है.
कोई व्यक्ति जो उक्त अनुसूची में वर्णित भूमि के हितबद्ध है, उस तारीख को जिसको उक्त अधिनियम की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) के अधीन अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित होती है, 30 दिवस के भीतर भूमि के नीचे पाईप लाईन एवं डक्टि बिछाये जाने के संबंध में सक्षम भू- अर्जन अधिकारी , तहसील पेटलावद, जिला झाबुआ मध्यप्रदेश को लिखित में भेज सकेगा:-
अनुसूची
खसरा क्रमांक
जिला
तहसील
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हे . में )
ग्राम/पटवारी हल्काक्रमांक
(5)
(4)
(3)
(2)
(1)
0.028
116/1
झोसर/04
पेटलावद
झाबुआ
0.002
141/1
0.059
146/1
0.029
117
0.012
145/1
0.025
129
0.062
142/1
0.012
128/1
0.030
155
0.259
कुल योग :
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
आशीष सक्सेना , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.