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मध्यप्रदेश शासन सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 163 ]
भोपाल, गुरुवार, दिनांक 15 मार्च 2018- फाल्गुन 24, शक 1939
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल, दिनांक 15 मार्च, 2018 ( फाल्गुन 24, 1939)
क्रमांक 6356/वि.स./विधान/2018. -मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियमावली के नियम 231 के उपनियम (3) के अनुसरण में सभा द्वारा अनुमोदित निम्नलिखित संशोधन, जो दिनांक 15 मार्च, 2018 के पत्रक भाग-दो में प्रकाशित होने पर प्रभावशील हुये, एतदद्वारा प्रकाशित किये जाते हैं: -
संशोधन क्रमांक 1:- नियम 36 के अन्तर्गत शर्त क्रमांक (20 ) के अंतिम शब्द " और " को विलोपित किया जाये तथा शर्त क्रमांक (21 ) के अंत में आये " पूर्ण विराम ( . ) " के स्थान पर " अर्द्ध विराम (; ) " प्रतिस्थापित किया जाकर, नवीन शर्तें क्रमशः (22), (23) , (24) एवं (25) निम्नानुसार स्थापित की जायें, अर्थात्ः-
" (22) उसमें किसी समिति की ऐसी कार्यवाही के बारे में नहीं पूछा जायेगा जो समिति के प्रतिवेदन द्वारा सभा के सामने न रखी गयी हो या समिति के समक्ष विचाराधीन हो;
(23) उसमें ऐसे मामलों के संबंध में जानकारी नहीं मांगी जायेगी जिससे विखण्डनवादी और अलगाववादी प्रवृत्तियों को प्रोत्साहन मिलता हो एवं देश की एकता तथा अखण्डता प्रभावित होती हो;
(24) वह उन विषयों से संबंधित नहीं होगा , जिसमें राज्यपाल , मुख्यमंत्री एवं सांविधिक प्राधिकारियों सदृश्य अतिविशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा अमले संबंधी जानकारी चाही गई हो; और
(25) उसमें साम्प्रदायिक दंगों, संवेदनशील घटनाओं अथवा गोपनीय स्वरूप की ऐसी गतिविधियों की जानकारी नहीं मांगी जायेगी जिनको प्रकट न करने का संवैधानिक, संविहित या पारम्परिक दायित्व हो. ".
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 मार्च 2018
संशोधन क्रमांक 2: -
(i) नियम 117 की द्वितीय एवं तृतीय पंक्ति में विद्यमान शब्दावली " संकल्पों के लिए नियत प्रथम दिन के पूरे पन्द्रह दिन पूर्व " के स्थान पर निम्नांकित शब्दावली प्रतिस्थापित की जाये, अर्थात्ः-
" संकल्पों के लिए उस सत्र में नियत अंतिम दिन के पूरे पन्द्रह दिन पूर्व"
(ii) वर्णित नियम के प्रथम परन्तुक की प्रथम पंक्ति में विद्यमान शब्द " पन्द्रह दिन " के स्थान पर , शब्द " उक्त अवधि " अन्तःस्थापित किये जायें.
संशोधन क्रमांक 3:-
(i) अध्याय-17 के विद्यमान शीर्षक " मंत्रि-परिषद् में अविश्वास का प्रस्ताव और पद त्याग करने वाले मंत्री का वक्तव्य" को निम्नांकित नवीन शीर्षक से प्रतिस्थापित किया जाये, अर्थात्: -
"मंत्रि -परिषद् में अविश्वास का प्रस्ताव / विश्वास प्रकट करने का प्रस्ताव और पद त्याग करने वाले मंत्री का वक्तव्य"
(ii) नियम 143 के उपनियम (5) के पश्चात् नवीन नियम 143- क पार्श्व शीर्ष सहित निम्नानुसार स्थापित किया जाये, अर्थात्: -
143-क.
"मंत्रि-परिषद्में विश्वास प्रकट करने का प्रस्ताव .
(1 ) राज्यपाल के निर्देश अथवा परिस्थिति विशेष में, यदि आवश्यक समझा जाये तो, मंत्रि -परिषद् में विश्वास प्रकट करने का प्रस्ताव सभा में प्रस्तुत करने की सूचना दी जा सकेगी.
(2) ऐसे प्रस्ताव की सूचना सभा की बैठक प्रारंभ होने के पूर्व प्रमुख सचिव/सचिव को दी जायेगी.
(3 ) यदि, अध्यक्ष की राय हो कि प्रस्ताव नियमानुकूल है तो वह सभा में प्रस्ताव पढ़ कर सुनायेगा तथा उक्त प्रस्ताव पर चर्चा एवं मतदान के लिए समय नियत करेगाः
परन्तु यदि मंत्रि- परिषद् में विश्वास का अभाव प्रकट करने के प्रस्ताव की कोई सूचना भी दी गई हो तो मंत्रि- परिषद् में विश्वास प्रकट करने के प्रस्ताव को विश्वास का अभाव प्रकट करने के प्रस्ताव पर पूर्ववर्तिता होगी.".
संशोधन क्रमांक 4:- आचरण समिति से संबंधित नियम 234-ज के अधीन वर्णित चतुर्थ अनुसूची " मध्यप्रदेश विधान सभा के सदस्यों द्वारा सदन के भीतर एवं बाहर अपनाई जाने वाली आचार संहिता के सामान्य नियम" के अधीन कंडिका-2 की उपकंडिका (झ) के अंतिम शब्द " तथा " को विलोपित किया जाये, एवं उपकंडिका (ञ) के अंत में आये " पूर्ण विराम ( . ) " के स्थान पर " अर्द्ध विराम (; ) " प्रतिस्थापित किया जाकर, तत्पश्चात् नवीन उपकंडिकाएं निम्नानुसार स्थापित की जायें, अर्थात्:-
" (ट) जब अध्यक्ष अथवा आसंदी द्वारा किसी वाक्यांश अथवा शब्द को असंसदीय ठहराया जाये तो सदस्य को तत्काल अपने शब्द वापस लेना चाहिये तथा इसमें कोई वाद -विवाद नहीं करना चाहिये.
(ठ) जब कोई सदस्य अपने भाषण में किसी दूसरे सदस्य की आलोचना करता है, तब उस सदस्य को संबंधित सदस्य के आलोचना के उत्तर देने के समय सदन में उपस्थित रहना चाहिये . ऐसे समय आलोचना करने वाला सदस्य यदि अनुपस्थित रहता है तो यह संसदीय शिष्टाचार का उल्लंघन है .
(ड) यदि कोई सदस्य सदन की संपत्ति को नष्ट करता है या क्षति पहुंचाता है तो उसका हर्जाना सदस्य के वेतन से वसूलनीय होगा. " .
अवधेश प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2018.