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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर विधेयक  2018

Published 20 March 2018

Department
विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
170
Identifier
in.gazette.madhya.2018-03-20.170.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 170]

भोपाल , मंगलवार , दिनांक 20 मार्च 2018-फाल्गुन 29 , शक 1939

विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश

भोपाल, दिनांक 20 मार्च 2018

क्र. 7033- वि.स. - विधान-2018 .- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम 64 के उपबंधों के पालन मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर विधेयक, 2018 ( क्रमांक 1 सन् 2018 ) जो विधान सभा में दिनांक 20 मार्च 2018 को पुरःस्थापित हुआ है . जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.

अवधेश प्रताप सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2018

मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक १ सन् २०१८

मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर विधेयक , २०१८

विषय-सूची

खण्ड:

१. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ.

२ . परिभाषाएं.

३. उपकर का उद्ग्रहण और संग्रहण .

४. स्थानीय प्राधिकरण निधि.

५. उपकर का भार .

६. उपकर का संदाय.

७. रजिस्ट्रीकरण.

८. कतिपय परिस्थितियों में प्रतिदाय.

९. फर्मों का दायित्व.

१०. उपकर प्राधिकारी.

११ . शक्तियों का प्रत्यायोजन.

१२ . कार्यवाहियों के अंतरण की शक्ति.

१३. वेट अधिनियम के कतिपय उपबंधों का लागू होना.

१४. कतिपय विक्रयों का उपकर के अधीन दायी न होना .

१५. नियम बनाने की शक्ति.

१६ . कठिनाईयां दूर करने की शक्ति.

१७. निरसन तथा व्यावृत्ति.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2018

मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक १ सन् २०१८

मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर विधेयक, २०१८

मध्यप्रदेश राज्य में नगरीय परिवहन अधोसंरचना के विकास के लिए निधि उपलब्ध कराने के प्रयोजन अथवा उसके लिए प्राप्त किए गए ऋण के पुनर्भुगतान के लिए मध्यप्रदेश राज्य में मोटर स्पिरिट ( सामान्यतः पेट्रोल के नाम से जाना जाता है ) के विक्रय पर उपकर उद्गृहीत करने के लिए विधेयक.

भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-

१. ( १ ) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर अधिनियम , २०१८ है.

संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ.

(२ ) इसका विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश राज्य पर है.

(३ ) यह मध्यप्रदेश राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.

परिभाषाएं.

२. ( १ ) इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो ,-

(क) " उपकर" से अभिप्रेत है, धारा ३ के अधीन उद्‌गृहीत मोटर स्पिरिट के करयोग्य कुल राशि पर देय उपकर;

(ख) " व्यापारी " से अभिप्रेत है , कोई व्यक्ति , जो मोटर स्पिरिट के क्रय , विक्रय, प्रदाय या वितरण का कारबार करता है ;

(ग) " रजिस्ट्रीकृत व्यापारी " से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत व्यापारी ;

(घ) " नियम " से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियम;

(ङ) " कर" से अभिप्रेत है, वेट अधिनियम के अधीन देय कर और अतिरिक्त कर ;

(च) किसी व्यापारी के संबंध में " करयोग्य कुल राशि" ( टैक्सेबल टर्न ओवर) से अभिप्रेत है, व्यापारी की कुल राशि का वह भाग , जो किसी रजिस्ट्रीकृत व्यापारी के हाथ में ऐसे मोटर स्पिरिट के उस विक्रय मूल्य को, जिससे इसे क्रय किया गया है तथा जिस पर विक्रेता रजिस्ट्रीकृत व्यापारी ने उपकर संदत्त किया है , घटाने के पश्चात् शेष बचता है ;

(छ) " कुल राशि " ( टर्न ओवर ) से अभिप्रेत है, मोटर स्पिरिट के किसी विक्रय या प्रदाय या वितरण के संबंध में किसी व्यापारी द्वारा प्राप्त किए गए तथा प्राप्त किए जाने योग्य विक्रय मूल्य की कुल राशि जिसमें खण्ड (ङ) में यथापरिभाषित कर की राशि सम्मिलित है;

(ज) " वेट अधिनियम " से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश वेट अधिनियम, २००२ ( क्र. २० सन् २००२) .

( २ ) उन शब्दों और अभिव्यक्तियों के, जो इसमें प्रयोग में लाई गई हैं और परिभाषित नहीं की गई हैं किंतु वेट अधिनियम में परिभाषित किए गए हैं, क्रमशः वे ही अर्थ होंगे जो उक्त अधिनियम में उनके लिए समनुदेशित हैं.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2018

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उपकर का उद्ग्रहण और संग्रहण.

३. ( १ ) मध्यप्रदेश राज्य में नगरीय परिवहन अधोसंरचना के विकास के लिए निधि उपलब्ध कराने के प्रयोजन के लिए, राज्य के भीतर व्यापारी की मोटर स्पिरिट की करयोग्य कुल राशि पर उपकर उद्‌गृहीत और संगृहीत किया जाएगा.

( २ ) उपधारा ( १ ) के अधीन उपकर, ऐसी कालावधि के लिए जैसी कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, ऐसे मोटर स्पिरिट की करयोग्य कुल राशि के एक प्रतिशत की दर से , ऐसी रीति में उद्‌गृहीत किया जाएगा, जैसी कि विहित की जाए.

(३ ) उप धारा ( १ ) के अधीन उद्गृहीत उपकर व्यापारी द्वारा देय होगा.

स्थानीय प्राधिकरण निधि.

४. ( १ ) इस अधिनियम के अधीन वसूल किए गए उपकर और ब्याज ( जुर्माने को छोड़कर ) के आगम, प्रथमतः राज्यसंचित निधि में जमा किए जाएंगे और संग्रहण तथा उससे हुई वसूली के व्ययों की कटौती के पश्चात्, इस निमित्त विधि द्वारा सम्यरूप से किए गए विनियोजन के अधीन, मध्यप्रदेश नगरीय परिवहन अधोसंरचना विकास निधि के नाम से ज्ञात , एक पृथक् निधि में प्रविष्ट और अंतरित किए जाएंगे .

( २ ) मध्यप्रदेश नगरीय परिवहन अधोसंरचना विकास निधि में अंतरित रकम को धारा ३ के अधीन राज्य के भीतर नगरीय परिवहन अधोसंरचना के विकास के लिए या उस हेतु लिए गए ऋण के पुनर्भुगतान के लिए व्यय किया जाएगा.

उपकर का भार.

५. वेट अधिनियम के अधीन मोटर स्पिरिट पर कर का भुगतान करने के लिए दायी प्रत्येक व्यापारी , इस अधिनियम के अधीन उसके मोटर स्पिरिट की करयोग्य कुल राशि पर, उपकर के भुगतान का दायी होगा .

उपकर का भुगतान. ६. धारा ३ के अधीन उद्गृहीत उपकर , व्यापारी द्वारा , ऐसी रीति में देय होगा , जैसा कि विहित किया जाए.

रजिस्ट्रीकरण.

७. वेट अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत मोटर स्पिरिट में संव्यवहार कर रहे प्रत्येक व्यापारी को इस अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत व्यापारी समझा जाएगा.

कतिपय परिस्थितियों में प्रतिदाय.

८. जहां धारा ३ के अधीन मोटर स्पिरिट की करयोग्य कुल राशि पर उपकर उद्गृहीत और संगृहीत किया जाता हो और ऐसी मोटर स्पिरिट उसके बाद किसी व्यापारी द्वारा अंतर्राज्यीय व्यापार या वाणिज्य के अनुक्रम में विक्रय कर दिया जाता है या भारत की सीमा के बाहर निर्यात कर दिया जाता है वहां व्यापारी , इस निमित्त दिए गए आवेदन पर और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जैसी कि विहित की जाएं, उसके द्वारा किए गए मोटर स्पिरिट के ऐसे विक्रय के संबंध में उपकर के प्रतिदाय का हकदार होगा.

फर्मों का दायित्व. ९ . जहां कोई कारबार किसी फर्म के स्वामित्व का है या उसके द्वारा प्रबंधित या चलाया जा रहा है वहां फर्म और फर्म का प्रत्येक भागीदार , इस अधिनियम के अधीन संयुक्तः और पृथक्तः उपकर के भुगतान का दायी होगाः परंतु जहां कोई भागीदार फर्म से सेवानिवृत्त हो जाता है वहां उसकी सेवानिवृत्ति के समय वह इस अधिनियम के अधीन शेष रहे देय उपकर, शास्ति, ब्याज या कोई अन्य राशि के और उसकी सेवानिवृत्ति की तारीख तक शोध्य हुआ कोई उपकर, चाहे उपकर या शास्ति या ब्याज के उद्ग्रहण का निर्धारण पश्चात्वर्ती तारीख को किया गया है, भुगतान कादायी होगा.

उपकर प्राधिकारी .

१०. इस अधिनियम के प्रयोजनों को क्रियान्वित करने के लिए, वेट अधिनियम के अधीन नियुक्त किए गए अधिकारी और प्राधिकारी इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन नियुक्त किए गए अधिकारी समझे जाएंगे.

शक्तियों प्रत्यायोजन. का

११. आयुक्त, राज्य सरकार के सामान्य या विशेष आदेश के अध्यधीन रहते हुए, इस अधिनियम द्वारा या इसके अधीन उसको प्रदत्त किन्हीं शक्तियों को धारा १० के अधीन उसकी सहायता करने के लिए नियुक्त किसी व्यक्ति को प्रत्यायोजित कर सकेगा.

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2018

कार्यवाहियों के अंतरण की शक्ति.

१२. आयुक्त, किसी व्यापारी को सम्यक् सूचना के पश्चात्, लिखित आदेश द्वारा इस अध्यादेश या उसके अधीन बनाए गए नियमों के किन्हीं उपबंधों के अधीन, किन्हीं कार्यवाहियों अथवा कार्यवाहियों के वर्ग को स्वयं के पास से किसी अन्य अधिकारी को अंतरित कर सकेगा और इसी प्रकार किसी ऐसे अधिकारी से दूसरे अधिकारी या स्वयं को किन्हीं ऐसी कार्यवाहियों को ( इस धारा के अधीन पहले से अंतरित कार्यवाहियों को सम्मिलित करते हुए ) अंतरित कर सकेगा.

वेट अधिनियमों के कतिपय उपबंधों का लागूहोना.

१३. इस अधिनियम तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए, वेट अधिनियम के उपबंध और उसके अधीन बनाए गए नियम, जारी किए गए आदेश और अधिसूचनाएं जिसमें रजिस्ट्रीकरण , कर भुगतान करने के दायित्व का निर्धारण , विवरणियां, निर्धारण , स्व-निर्धारण , पुनर्निर्धारण , कर का भुगतान एवं वसूली, लेखे, कर अपवंचन की पहचान और उसका निवारण , प्रतिदाय, अपील , पुनरीक्षण , परिशोधन, अपराध और शास्तियां तथा अन्य प्रकीर्ण विषय से संबंधित उपबंध सम्मिलित हैं, यथावश्यक परिवर्तन सहित, किसी व्यापारी को इस अधिनियम के अधीन उद्गृहीत और देय उपकर, ब्याज या शास्ति के संबंध में, उसी प्रकार लागू होंगे मानो कि ये उपबंध इस अधिनियम में यथावश्यक परिवर्तन सहित इस अधिनियम में समाविष्ट कर लिए गए हों और यह समझा जाएगा कि उन उपबंधों के अधीन बनाए गए नियम और जारी किए गए आदेश तथा अधिसूचनाएं, यथावश्यक परिवर्तन सहित उन सुसंगत उपबंधों के अधीन बनाए गए या जारी किए गए थे/जारी की गई थी जो इस अधिनियम में इस प्रकार समाविष्ट किए गए हैं.

१४. ( १ ) इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों की कोई भी बात, मोटर स्पिरिट की कुल राशि (टर्नओवर ) पर किसी उपकर को अधिरोपित करना या अधिरोपण प्राधिकृत करना नहीं समझी जाएगी , जहां ऐसा विक्रय-

कतिपय विक्रयों का उपकर के अधीन दायी न होना.

मध्यप्रदेश राज्य के बाहर, या

(क)

(ख) भारत के क्षेत्र में ऐसे मोटर स्पिरिट को आयात या ऐसे क्षेत्र से माल के निर्यात के अनुक्रम में , या

(ग) अंतर्राज्यीय व्यापार या वाणिज्य के अनुक्रम में , या

(घ) जहां ऐसा विक्रय विशेष आर्थिक परिक्षेत्र अधिनियम , २००५ ( २००५ का २८ ) के उपबंधों के अधीन केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी विशेष अर्थिक परिक्षेत्र में अवस्थित इकाई को,

किया जाता हो.

( २ ) इस धारा के प्रयोजन के लिए जहां कोई विक्रय-

(क) मध्यप्रदेश राज्य के बाहर, या

(ख) भारत क्षेत्र के भीतर आयात के अनुक्रम में या ऐसे क्षेत्र के बाहर माल के निर्यात, या

(ग) अंतर्राज्यीय व्यापार या वाणिज्य के अनुक्रम में होता हो, तो इसका निर्धारण केन्द्रीय विक्रय कर अधिनियम, १ ९ ५६ ( १ ९ ५६ का ७४ ) की धारा ३ , ४ और ५ में विनिर्दिष्ट सिद्धांतों के अनुसार किया जाएगा.

१५. ( १ ) राज्य सरकार इस अधिनियम के प्रयोजनों को क्रियान्वित करने के लिए नियम बना सकेगी .

नियन बनाने की शक्ति.

( २ ) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, राज्य सरकार निम्नलिखित को विहित करते हुए नियम बना सकेगी, -

(क) प्ररूप और रीति जिसमें विवरणियां प्रस्तुत की जाएंगी;

प्ररूप और रीति जिसमें और कालावधि जिसके पहले उपकर का भुगतान किया जाएगा;

(ख) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2018

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(ग) प्ररूप जिसमें निर्धारण का आदेश पारित किया जाएगा;

(घ) प्ररूप जिसमें मांग पत्र की सूचना जारी की जाएगी.

( ३ ) इस धारा के अधीन बनाए गए समस्त नियम विधान सभा के पटल पर रखे जाएंगे .

कठिनाईयां दूर करने कीशक्ति.

१६. इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में यदि कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो राज्य सरकार, राजपत्र में प्रकाशित सामान्य या विशेष आदेश द्वारा ऐसे उपबंध बना सकेगी जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हों, जो कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक या समीचीन प्रतीत हों.

तथा

१७ ( १ ) मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर अध्यादेश , २०१८ ( क्रमांक २ सन् २०१८ ) एतद्वारा निरसित किया निरसन व्यावृत्ति.

जाता हैं .

( २ ) उक्त अध्यादेश के निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंध के अधीन की गई बात या की गई कार्रवाई समझी जाएगी .

उद्देश्यों और कारणों का कथन

मध्यप्रदेश राज्य में नगरीय परिवहन अधोसंरचना के विकास के लिए निधि उपलब्ध कराने अथवा उसके लिए प्राप्त किए गए ऋण के पुनर्भुगतान के लिए, मध्यप्रदेश राज्य में मोटर स्पिरिट के विक्रय पर उपकर उद्‌गृहीत करने के लिए उपयुक्त विधान लाए जाने का विनिश्चय किया गया है.

२. चूंकि मामला अत्यावश्यक था और विधान सभा का सत्र चालू नहीं था. अतः मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर अध्यादेश , २०१८ (क्रमांक २ सन् २०१८ ) इस प्रयोजन हेतु प्रख्यापित किया गया था. अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर राज्य विधान- मण्डल का अधिनियम बिना किसी उपांतरण के लाया जाना प्रस्तावित है.

३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.

जयंत मलैया भोपाल :

भारसाधक सदस्य.

तारीख ९ मार्च, २०१८ .

" संविधान के अनुच्छेद २०७ के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित." .

अवधेश प्रताप सिंह

प्रमुख सचिव,

मध्यप्रदेश विधान सभा.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2018

अध्यादेश के संबंध में विवरण

मध्यप्रदेश राज्य में अधोसंरचना के विकास के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने एवं इस हेतु प्राप्त किए जाने वाले ऋणों के पुनर्भुगतान के लिए राज्य में मोटर स्पिरिट के विक्रय पर उपकर अधिरोपित करने के लिए राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया. इस बाबत् दिनांक १६ जनवरी २०१८ को मोटर स्पिरिट उपकर अध्यादेश , २०१८ ( क्रमांक २ सन् २०१८ ) म . प्र. राजपत्र में प्रकाशित किया गया. यह अध्यादेश दिनांक २ ९ जनवरी २०१८ से संपूर्ण मध्यप्रदेश में लागू है. मध्यप्रदेश परिवहन अधोसंरचना विकास निधि उपकर के उद्ग्रहण एवं संग्रहण के लिए उपकर प्राधिकारी अधिकृत करने शक्तियों के प्रत्यायोजन एवं नियम बनाने एवं कठिनाईयाँ दूर करने बाबत् प्रावधान इस अध्यादेश द्वारा लागू किए गए हैं.

२. चूंकि मामला अत्यावश्यक था एवं मध्यप्रदेश विधान सभा का सत्र चालू नहीं था, अतः मध्यप्रदेश मोटर स्पिरिट उपकर अध्यादेश , २०१८ ( क्रमांक २ सन् २०१८ ) दिनांक १६ जनवरी, २०१८ से प्रख्यापित किया गया. अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर बिना किसी उपांतरण के मध्यप्रदेश विधान मण्डल के समक्ष विधेयक लाया जा रहा है, ताकि अध्यादेश के स्थान पर विधान सभा द्वारा पारित अधिनियमित विधि के स्वरूप में उक्त प्रावधान लाए जा सकें .

प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन

प्रस्तावित विधेयक के जिन खण्डों द्वारा विधायनी शक्तियों का प्रत्यायोजन किया जा रहा है उनका विवरण निम्नानुसार है:-

खण्ड क्र. ३ - उपकर के उद्ग्रहण एवं संग्रहण की कालावधि निर्धारित करने,

खण्ड क्र. ६ - व्यापारी द्वारा उपकर के भुगतान की रीति विहित करने ,

खण्ड क्र. ८- प्रतिदाय देने के लिए शर्तें विहित करने,

खण्ड क्र. ११- आयुक्त, वाणिज्यिक कर को उपकर प्राधिकारी की सहायता करने हेतु किसी व्यक्ति को अधिकृत किये जाने, खण्ड क्र. १५ - राज्य सरकार को नियम बनाने हेतु शक्तियाँ दी जा रही हैं. उक्त के साथ ही माँग पत्र एवं नोटिस तथा उपकर निर्धारण आदेश के प्ररूप तय करने हेतु अधिकृत किया जा रहा है,

खण्ड क्र. १६- इस खण्ड के द्वारा कठिनाईयाँ दूर करने के लिए विशेष आदेश द्वारा उपबन्ध किये जाने

के संबंध में नियम बनाए जाएंगे. उक्त प्रत्यायोजन सामान्य स्वरुप के होंगे .

अवधेश प्रताप सिंह प्रमुख सचिव,

मध्यप्रदेश विधानसभा .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2018 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 20 March 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2018-03-20.170.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2018-03-20.170.Extraordinary.