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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

उज्‍जैन विकास योजना 2021 में प्रस्तावित उपांतरण की सूचना

Published 22 March 2018

Department
नगरीय विकास एवं आवास
Type
Extraordinary
Gazette no.
176
Identifier
in.gazette.madhya.2018-03-22.176.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 176]

भोपाल, गुरुवार, दिनांक 22 मार्च 2018- चैत्र 1 , शक 1940

नगरीय विकास एवं आवास विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश , भोपाल " कचनार " ई -5, पर्यावरण परिसर, अरेरा कालोनी , हबीबगंज पुलिस थाना के पास, भोपाल

भोपाल , दिनांक 5 मार्च 2018

उज्जैन विकास योजना 2021 में प्रस्तावित उपांतरण की सूचना

क्र. 1274- वि.यो. 496- नग्रानि-2018 .- एतद्वारा सूचना दी जाती है कि उज्जैन विकास योजना में उपांतरण का प्रारूप मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 23 ( क्रमांक 23 सन् 1973 ) , की धारा 18 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार निम्नलिखित अनुसूची में प्रकाशित किया गया है. जिसकी प्रति निरीक्षण के लिये निम्न कार्यालयों में उपलब्ध है:-

1. आयुक्त, उज्जैन संभाग, उज्जैन.

2. कलेक्टर, जिला उज्जैन .

3. संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , उज्जैन.

4. आयुक्त, नगर पालिक निगम, उज्जैन.

अनुसूची

उपांतरण पश्चात् उपांतरित प्रावधान (3)

विकास योजना में निर्दिष्ट प्रावधान (2)

क्रमांक (1)

1.3 योजना क्रियान्वयन का मूल्यांकन उपरोक्त सारणी के अवलोकन से स्पष्ट है कि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 74.69 प्रतिशत प्रस्ताव क्रियान्वित हुआ है . विभिन्न उपयोग के अन्तर्गत हुए विकास का विवरण नीचे दिया गया है .

1. 1.3 योजना क्रियान्वयन का मूल्यांकन उपरोक्त सारणी के अवलोकन से स्पष्ट है कि कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 474.69 प्रतिशत प्रस्ताव क्रियान्वित हुआ है. विभिन्न उपयोग के अन्तर्गत हुए विकास का विवरण नीचे दिया गया है.

351 352

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 मार्च 2018

2)

(1)

2. 4.1 प्रवृत्तशीलता 2. भूमि के स्वरूप में परिवर्तन जिसमें भूमि का उपविभाजन तथा भूमि के व्यवसायिक उपयोग शामिल है.

3. 4.2क्षेत्राधिकार

इस अध्याय में वर्णित विकास नियमन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23-1973 ) की धारा ( 13 ) के अन्तर्गत अधिसूचना क्रमांक 402/एफ-1/33/74, भोपाल दिनांक 2-2-1974 एवं मध्यप्रदेश शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक 1319/32-1/85, भोपाल दिनांक 2-4-1985 द्वारा गठित निवेश क्षेत्र पर लागू होंगे तथा जो नियम इस अध्याय में वर्णित नहीं है , वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 में निहित प्रावधानों के अनुरूप होंगे.

4. 4.4.2उपयोग परिक्षेत्र का उपयोग परिसरों में उपविभाजन (6) आवासीय अभिन्यासों में राज्य शासन निर्धारित मापदण्ड एवं समय- समय पर प्रसारित आदेशानुसार समाज के कमजोर वर्ग हेतु भूमि/ भवन का आरक्षण किया जावेगा.

(7) मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 1984 के परिशिष्ट एम. ( नियम 94) में निहित प्रावधानों के अनुरूप विशेषतः अल्प आय वर्ग का अभिन्यास तैयार किया जाना चाहिये.

- उज्जैन विकास योजना के पृष्ठ क्रमांक 75 सारणी 4 सा-2 के नोट-7 के पश्चात् 8 का स्थापन.

5. समूह आवास

समूह आवास परियोजनायें निम्न नियमनों से अधिशासित होगी.

(अ) ऐसे प्रकार के विकास हेतु स्थल का न्यूनतम आकार 5000 वर्ग मीटर होना चाहिये.

(ब ) यह सुनिश्चित किया जावे कि 5000 वर्ग मीटर आकार स्वीकृत अभिन्यास का भाग होगा जिससे अनौपचारिक वर्ग के प्रावधान के साथ नगर स्तरीय समन्वित परिभ्रमण तथा वृत्तखण्ड उपखण्ड 4.1 प्रवृत्तशीलता

2. भूमि के स्वरूप में परिवर्तन जिसमें भूमि का उपविभाजन, संयुक्तिकरण/विलियन उपांतरण एवं भूमि का उपयोग सम्मिलित है .

4.2क्षेत्राधिकार

इस अध्याय में वर्णित विकास नियमन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23-1973 ) की धारा ( 13 ) के अन्तर्गत अधिसूचना क्रमांक 402/एफ-1/33/74, भोपाल दिनांक 2-2-1974 एवं मध्यप्रदेश शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक 1319/32-1/85, भोपाल दिनांक 2-4-1985 द्वारा गठित निवेश क्षेत्र पर लागू होंगे तथा जो नियम इस अध्याय में वर्णित नहीं है , वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012में निहित प्रावधानों के अनुरूप होंगे .

4.4.2 उपयोग परिक्षेत्र का उपयोग परिसरों में उपविभाजन (6 ) राज्य शासन द्वारा समय - समय पर जारी किये गये निर्देशों के अनुरूप ई.डब्ल्यू.एस ./एल.आई.जी. वर्ग हेतु अभिन्यासों में प्रावधान करना होगा.

(7) मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के परिशिष्ट ञ नियम 99 में निहित प्रावधानों के अनुरूप विशेषतः अल्प आय तथा कमजोर वर्ग के अभिन्यास मान्य होंगे .

कण्डिका 7 के पश्चात् 8 का अन्तः स्थापन (8 ) रोहाउसिंग अथवा निर्मित भवन योजना विकासकर्ता को अभिन्यास अनुमोदन उपरान्त कालोनी विकास की अनुमति के साथ - साथ भवन निर्माण हेतु अनुमति मान्य हो सकेगी. इस हेतु मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 42 , 56 एवं 61 के अनुसार नियोजन मापदण्ड निर्धारित किये जावेंगे .

समूह आवास

समूह आवास मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 60 तथा 42 (आवश्यकता अनुसार ) के अनुरूप मान्य होंगे.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 मार्च 2018

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(1)

हेतु आवश्यक सेवाओं एवं सुविधाओं का प्रावधान होना चाहिये

(द) भवन की अधिकतम ऊंचाई 12 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिये ऐसी अवस्था में जब भू- तल पर आच्छादित पार्किंग के लिये उपयोग में लाया गया हो तो भवन की अधिकतम ऊंचाई 14.5 मीटर होगी .

(इ) ऐसे स्थल से लगी सड़क की ऊंचाई न्यूनतम 24 मीटर से कम नहीं होगी.

(

फ) ऐसे विकास हेतु सिमांत खुला क्षेत्र निम्नानुसार

होगा:-

अग्रभागन्यूनतम 6.0 मीटर बाजू का भाग न्यूनतम 4.5 मीटर पिछला भाग न्यूनतम 4.5 मीटर .

(स) अधिकतम ऊंचाई 12 मीटर होगी .

फर्शी क्षेत्रानुपात अधिकतम 1.25 होगा

(ह)

(ई ) मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 1984 के नियम 32 के अनुसार आवासीय इकाई आकार तथा आवासीय इकाईयों की गणना की जावे.

6.

4.43 उंचे भवनों का निर्माण

4.4.3 बहुविध बहुमंजिली इकाई निर्माण :

12मीटर से ऊंचे भवनों को बहुमंजिले भवन की श्रेणी में माना जावेगा ऐसे विकास का स्वरूप भिन्न होता है:

उंचे भवनों हेतु म. प्र . भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 एवं सहपठित नियम 12 के प्रावधान मान्य होंगे , किन्तु 30.0 मीटर तथा अधिक ऊंचाई के भवनों के लिये एफएआर की अधिकतम सीमा 2.5 होगी.

(1 ) भूखण्ड का आकार 2000 वर्ग मीटर से कम नहीं.

(2) मार्गों की ओर भूखण्ड चौड़ाई 30 मीटर न्यूनतम.

(3 ) मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 30 मीटर से कम नहीं.

(4) अग्र सीमांत खुला क्षेत्र प्रस्तावित भवन की कम से कम उंचाई का 1/21 .

(5 ) बाजू एवं पार्श्व सीमांत खुला क्षेत्र 6.0 मीटर न्यूनतम.

(6 ) सीमांत खुला क्षेत्र अग्नि शमन वाहनों आदि के संचालन हेतु रूकावट मुक्त रखा जावेगा.

(7) फर्शी क्षेत्रानुपात 2.50 ( अधिकतम)

(8 ) कार पार्किंग के प्रावधान सारणी क्रमांक 4 सा 16 के अनुरूप रहेंगे.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 मार्च 2018

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(2)

(1)

(9 ) निर्माण रूपांकन अग्निशमन उपकरण एवं तत्संबंधी प्रावधान जल प्रदाय , जल निकास व्यवस्था इत्यादि मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 के अनुरूप रहेंगे.

( 10 ) बहुमंजिले भवनों के निर्माण के पूर्व सर्व प्रथम मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 के नियम 14 के अन्तर्गत गठित समिति से अनुमोदन प्राप्त किया जावेगा. उसके उपरान्त भवन निर्माण के लिये सक्षम प्राधिकारी अपने क्षेत्राधिकार में उक्त हेतु अनुमति दे सकेगा.

(11 ) विमान तल के निकट भवनों की अधिकतम उंचाई विमानन विभाग के मापदण्डों से नियंत्रित होगी.

( 12) यह प्रावधान सभी प्रकार के भू- उपयोगों हेतु लागू होंगे. भवन की उंचाई 12 मीटर से अधिक होने पर किसी भी परिक्षेत्र में किसी विशिष्ट उपयोग हेतु अन्य कोई प्रावधान लागू नहीं माने जावेंगे ( मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 1984 का अवलोकन हो ) .

7. 4.5 वन आवास-

4.5 फार्म हाउस अनुज्ञा-

फार्म हाउस की अनुज्ञा हेतु. मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 17 के प्रावधान मान्य होंगे .

विकास योजना में प्रस्तावित विकासित क्षेत्र एवं निवेश क्षेत्र सीमा के मध्य कृषि क्षेत्र के कृषक के निजी रहवास हेतु निर्मित क्षेत्र एवं कृषि फार्म संबंधी अन्य गतिविधियां आच्छादित क्षेत्र आदि के अन्तर्गत निम्नानुसार प्रस्तावित किया जाता है .

इसके मापदण्ड निम्नानुसार होंगे:-

( 1 ) भूखण्ड का न्यूनतम आकार 4045 वर्ग मीटर होगा.

(2) अधिकतम निर्मित क्षेत्र 5: होगा

(3 ) अधिकतम फर्शी क्षेत्र अनुपात 0.10 अनुज्ञेय होगा.

(4 ) ढलुवा छत सहित ( निर्माण ) की अधिकतम उंचाई 6.5 मीटर होगी व मंजिलों की संख्या भूतल व प्रथम तल से अधिक नहीं होगी .

(5) वन आवास के भूखण्ड में न्यूनतम 200 जीवित वृक्ष प्रति 4045 वर्गमीटर प्राधिकारी को भवन निर्माण अनुज्ञा हेतु आवेदन करने के पूर्व आवेदक द्वारा वृक्षारोपण करना होगा जिसका विकास एवं संरक्षण का दायित्व आवेदक का होगा.

(6 ) वन आवास केवल उसी भूमि पर अनुज्ञेय होगा जिसके लिये सार्वजनिक मार्ग ( सड़क ) द्वारा पहुंच उपलब्ध हो अथवा या क्षेत्र का अभिन्यास संचालक द्वारा अनुमोदित हो.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 मार्च 2018

(3)

(2)

(1)

(7) वन आवास में सभी ओर से न्यूनतम 10.0 मीटर खुला क्षेत्र होगा.

(8 ) किसी भी कृषि भूमि का भू- स्वामी उक्त मापदण्डों केअनुरूप वन आवास के रूप में विकसित करने के पूर्व नगर तथा ग्राम निवेश से अनुज्ञा प्राप्त करेगा.

(9 ) कृषि भूमि उपयोग में वन आवास निर्माण हेतु 0.4 हेक्टर क्षेत्रफल से कम भूमि उप विभाजन हेतु स्वीकार्य नहीं होगी.

थोक वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक :

8.

थोक वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के

सारणी क्रमांक 4 सा 6

मानक :

सारणी क्रमांक 4 सा 6

क्र ( 6 ) विराम स्थल म. प्र . भूमि विकास नियम 2012 के नियम 84 के अनुरूप मान्य होंगे.

क्र. ( 6 ) विराम स्थल 1.5 कार स्पेस प्रति 100 वर्ग मीटर फर्शी क्षेत्र के ईंधन भराव एवं भराव सह सेवा केन्द्र.

4.8.2 ईंधन भराव एवं भराव सह सेवा केन्द्र

9 . 4.8.2 ईंधन भराव एवं भराव सह सेवा केन्द्र पेट्रोल सेवा केन्द्रों के लिये निम्न नियमन अनुशंसित है:-

ईंधन भराव सह सेवा केन्द्र हेतु मापदण्ड म. प्र. भूमि विकास नियम 2012 नियम 53 ( 3 ) ( चार ) के अनुरूप मान्य होंगे.

1. मार्ग संगम से न्यूनतम दूरी

(अ ) 30 मीटर से कम मार्गाधिकार वाले मार्ग 150 मीटर.

(ब) 30 मीटर अथवा इससे अधिक राईट आफ वे वाले मुख्य मार्गों हेतु ( चौड़ाई ) 250 मीटर.

2. मार्गों के मध्य से पेट्रोल पम्प पेडस्ट्रल की दूरी भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार होना आवश्यक है .

3. न्यूनतम भूखण्ड आकार

(अ ) केवल ईंधन भराव सह सेवा केन्द्र न्यूनतम आकार 30× 17 मीटर .

(ब) ईंधन भराव सह सेवा केन्द्र न्यूनतम आकार 30×36 मी. एवं अधिकतम 45 × 33 मीटर.

(स) भूखण्ड का अग्रभाग 30 मीटर से कम नहीं होना चाहिए.

(द) भूखण्ड का लम्बा भाग अग्र भाग होगा.

4. 30 मीटर से कम मार्गाधिकार वाले मार्गों पर नये पेट्रोल पम्प निषिद्ध होंगे .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 मार्च 2018

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(2)

(1)

10.

4.8.3 . छबिगृहों के लिये मापदण्ड मार्ग चौड़ाई- छबिगृह का भूखण्ड जिस मार्ग पर स्थित होगा , उसकी चौड़ाई 18 मीटर से कम नहीं होगी . विराम स्थल- सीमान्त खुले क्षेत्र के अतिरिक्त फर्शी क्षेत्र का 1.67 ई.सी. एस. प्रति 100 वर्गमीटर अथवा एक ई.सी.एस. प्रति 150 कुर्सियों के लिये इनमें जो भी कम हो.

आवश्यक क्षेत्र-2.3 वर्गमीटर प्रति कुर्सी की दर से आवश्यक क्षेत्र की गणना की जावें. भूखण्ड का निर्मित क्षेत्र- बैठक क्षमता 800 सीट तक के लिये अधिकतम आच्छादित क्षेत्र 40 प्रतिशत स्वीकार्य होगा एवं उससे अधिक क्षमता के छबिगृहों के लिये अधिकतम 33 प्रतिशत. सेट बेक

सामने-न्यूनतम 15 मीटर .

आजू बाजू-न्यूनतम 4.5 मीटर/4.5 मीटर 11. होटल हेतु मापदण्ड :

3. अधिकतम ऊंचाई 12.0 मीटर

12. 4.9 औद्योगिक विकास मानक :

4.9.1 अभिन्यास के मानक-

औद्योगिक क्षेत्र के अभिन्यास के मानक निम्नानुसार होंगे:-

1. भूखण्ड का क्षेत्र- अधिकतम 65 प्रतिशत 2. मार्गों, वाहन विराम एवं खुले क्षेत्र अधिकतम 25 प्रतिशत.

3. दुकानें एवं अन्य सेवा सुविधाएं- न्यूनतम 10 प्रतिशत.

औद्योगिक क्षेत्रों हेतु आच्छादित क्षेत्र , फर्शी क्षेत्र अनुपात एवं खुले क्षेत्र

सारणी क्रमांक 4- सा-7 के प्रावधान सारणी के विवरण सहित .

13. सामुदायिक सेवा सुविधाओं के मापदण्ड- संबंधी सारणी 4 सा 10 के प्रावधान सारणी के विवरण सहित.

(3)

4.8.3 . छबिगृहों के लिये मापदण्ड-

छबिगृहों के लिये मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 नियम 53 ( 3 ) ( दो ) के अनुरूप होंगे.

होटल हेतु मापदण्ड :

3. अधिकतम ऊंचाई 12.0 मीटर-

12.5 मीटर से ऊंचे होटल हेतु मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 ( 1 ) अथवा 42 ( 2 ) के प्रावधान लागू होंगे . 12.5 मीटर से ऊंचे भवनों के लिये निर्धारित मापदण्ड अनुसार स्वीकृति उन्हीं भूमि उपयोग के अन्तर्गत दी जावेगी जिसमें होटल स्वीकृत/ स्वीकार्य योग्य गतिविधियों के रूप में मान्य हो.

4.9 औद्योगिक विकास मानक :

औद्योगिक क्षेत्र के विकास मानक मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012नियम 48 के अनुरूप होंगे .

सामुदायिक सेवा सुविधाओं के मापदण्ड-

सामुदायिक सेवा सुविधाओं के मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 नियम 49 ( 1 ) अनुसार मान्य होंगे . 12.5 मीटर से ऊंचे भवनों के लिये मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42( 1 ) एवं 42 ( 2 ) अनुसार स्वीकृत किये जा सकेंगे .

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 मार्च 2018

(3)

(2)

(1)

14.

4.14 वाहन विराम हेतु मानक :

4.14 वाहन विराम हेतु मानक :

उज्जैन : पार्किंग मानक

उज्जैन : पार्किंग मानक

सारणी 4- सा-17 का प्रतिस्थापन .

सारणी 4- सा -17 वाहन विराम हेतु मानक मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 84 अनुसार मान्य होंगे .

4.15 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन-

15. 4.15 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन-

नदी, नाला एवं तालाबों के किनारे छोड़ा जाने वाला कम-से - कम क्षेत्र मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 के प्रावधानों के अनुसार होगा.

ऐसे क्षेत्र जो किसी ऐसे नदी नाला एवं सार्वजनिक तालाबों के किनारे है तथा उनको विकास योजना में अन्य प्रावधानों के अन्तर्गत चिन्हित नहीं किया गया है वहां नदी, नाला एवं तालाबों के किनारे छोड़ा जाने वाला न्यूनतम क्षेत्र मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 50 के प्रावधानों के अनुसार होगा.

16. 4.17 उपयोग परिक्षेत्रों में उपयोग परिसरों की 4.17 उपयोग परिक्षेत्रों में उपयोग परिसरों की अनुमति :

सारणी 4-सा-18

अनुमति:

सारणी 4-सा-18

अनुक्रमांक 1 कालम 4

अनुक्रमांक 1 कालम 4

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 37 ( 1 ) के अन्तर्गत जोन आर -2 अनुसार गतिविधियां मान्य होगी.

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 के अन्तर्गत

जोन आर-2.

सारणी 4- सा-18

सारणी 4-सा-18

अनुक्रमांक 7 कालम 4 में दुग्ध जलशीत केन्द्र सेवाऐं. अनुक्रमांक 2 कालम 3 में बस स्थानक के पश्चात् अंतःस्थापन " शापिंग माल/खुला माल [ भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 96 (1 ) अनुसार ] नियम 2 (46 ) , 2 ( 66 ) के प्रावधानों के अनुसार अनुज्ञेय होगा".

सारणी 4- सा-18

अनुक्रमांक 7 कालम 4 में " दुग्ध जलशीत केन्द्र सेवाऐं एवं कोल्ड

स्टोरेज" .

सारणी 4 - सा-18 अनुक्रमांक 4 कॉलम 3 में " सूचना प्रौद्योगिकी*,

एवं गैर प्रदूषणकारी उद्योग ** "

सारणी 4- सा-18 अनुक्रमांक 7 कॉलम 3 में " सूचना प्रौद्योगिकी *,

एवं गैर प्रदूषणकारी उद्योग ** ,

कृषि पर्यटन सुविधा *** एवं गोदाम के स्थान पर समस्त प्रकार के भण्डारण जो सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत हों. " व्याख्या-

i * सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है मध्यप्रदेश शासन द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नीति पत्र में वर्णित उद्योग एवं संस्थायें.

ii **गैर प्रदूषणकारी उद्योग से तात्पर्य है कि मध्यप्रदेश प्रदूषण निवारण मंडल द्वारा सफेद श्रेणी में वर्गीकृत उद्योग.

iii ***कृषि पर्यटन सुविधा से तात्पर्य है कि मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 17 ( क) के अनुसार.

टीप:- उपरोक्त । एवं ii के भूखण्ड हेतु पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर होगी.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 मार्च 2018

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विकास योजना में निर्दिष्ट प्रावधान (2)

क्रमांक (1)

17. 4.18 निवेश अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रियाः- विकास योजना प्रस्तावों के अन्तर्गत आवेदक को विकास अनुज्ञा प्राप्त करने हेतु अपने आवेदन- पत्र के साथ मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 के प्रावधानानुसार निम्न दस्तावेज/जानकारी संलग्नित की जाना आवश्यक होंगी.

पृष्ठ क्रमांक 101 एवं 102 पर बिन्दु क्रमांक 1 से 15 एवं टीप 1 एवं 2 का प्रतिस्थापन.

18. 4.19 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया:-

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 की धारा 49 (3 ) के प्रावधानों के अनुरूप विकास योजना प्राप्ति हेतु निम्न की आवश्यकता होगी:-

1. परिशिष्ट -1 ( अ ) के अनुसार निर्धारित प्रपत्र में आवेदन-पत्र.

2. प्रश्नाधीन भूमि का मूल खसरा मानचित्र जिसमें इस भूमि तथा 200 मीटर तक के समीपस्थ खसरा क्रमांक दर्शित हो .

3. अद्यतन खसरा पांचसाला एवं खसरा खितौनी.

4. आवेदन केवल भू- स्वामी द्वारा ही प्रस्तुत किया जावेगा. अन्य द्वारा आवेदन प्रस्तुत किये जाने पर शासन द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करना होगा. जब आवश्यक हो भूमि का पंजीकरण प्रमाण तथा नामांतरण प्रमाण आवेदन के साथ प्रस्तुत हों.

19. अध्याय -5

भूमि उपयोग तथा भूमि विकास के नियंत्रण संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 1984 एवं नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 में निहित है.

उपांतरण पश्चात् उपांतरित प्रावधान (3)

4.18 विकास/ निवेश अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रियाः-

विकास योजना प्रस्तावों के अन्तर्गत आवेदक को विकास अनुज्ञा प्राप्त करने हेतु अपने आवेदन- पत्र के साथ मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानानुसार निम्न दस्तावेज/ जानकारी संलग्नित की जाना आवश्यक होंगी .

मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानानुसार के अनुसार विकास/निवेश अनुज्ञा प्राप्त की जा सकेगी .

4.19 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रियाः- विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया- मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 की धारा 49 टिप्पणी 4 के अनुसार होगी .

अध्याय -5

भूमि उपयोग तथा भूमि विकास के नियंत्रण संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 एवं नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 में निहित है.

प्रस्तावित उपांतरण के ब्यौरे सूचना प्रकाशन की तिथि से 30 दिन की समयावधि के लिये आम जनता के निरीक्षण हेतु www.mptownplan.gov.in वेबसाईट पर भी उपलब्ध होंगे . यदि कोई आपत्ति या सुझाव प्रारूप उपांतरण के संबंध में हों, उसे लिखित में कार्यालयीन समय में नगर तथा ग्राम निवेश के उपरोक्त वर्णित जिला कार्यालय में " मध्यप्रदेश राजपत्र " में इस सूचना के प्रकाशित होने के दिनांक से 30 दिन की अवधि का अवसान होने के पूर्व, सम्यक् विचार हेतु प्रस्तुत किया जा सकता है.

स्वाति मीणा नायक, संचालक.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2018.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 22 March 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2018-03-22.176.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2018-03-22.176.Extraordinary.