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मध्यप्रदेश
शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 177]
भोपाल , गुरुवार , दिनांक 22 मार्च 2018-चैत्र 1 , शक 1940
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल, दिनांक 22 मार्च 2018
फा. कं. 1316 / 21 - ब (एक) / 2018 , भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय से परामर्श पश्चात् मध्यप्रदेश के राज्यपाल , एतद्वारा सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की संविदा नियुक्ति के संबंध में निम्नलिखित नियम बनाते हैं, अर्थात्-
नियम
1. संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभ.-
(1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम " मध्यप्रदेश सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की संविदा पर नियुक्ति नियम , 2017 " है ।
(2) ये नियम राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे ।
2. परिभाषाएं.- इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,- (1 ) किसी सेवा या पद के संबंध में "नियुक्ति प्राधिकारी " से अभिप्रेत है शासन या ऐसा प्राधिकारी , जिसे उस सेवा या पद पर नियुक्त करने की शक्ति, उस सेवा या पद से संबंधित भर्ती नियम में प्रदत्त हो अथवा शासन द्वारा सामान्य या विशेष आदेश द्वारा सौंपी गई हो या इसके पश्चात् सौंपी जाए ;
(2) "विभागीय भर्ती नियम " से अभिप्रेत है संबंधित सेवा या पद पर नियुक्ति हेतु प्रचलित सेवा भर्ती नियम;
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(3) "राज्य सरकार " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश सरकार ;
(4) "सेवानिवृत्त न्यायाधीश " से अभिप्रेत है राज्य की न्यायिक सेवा से अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त न्यायिक अथवा उच्च न्यायिक सेवा अधिकारी;
(5) "उच्च पद " से अभिप्रेत है सेवानिवृत्ति के समय धारित पद से ' एक उच्च पद';
(6) "राज्य" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश राज्य ।
3. विस्तार तथा लागू होना.- यह नियम प्रत्येक ऐसे पद / पदों के संबंध में एवं उन पर इन नियमों के अधीन नियुक्त सेवा निवृत्त न्यायाधीश या नियुक्ति पाने वाले सेवा निवृत्त न्यायाधीशों पर लागू होंगे जिन पद / पदों को राज्य सरकार द्वारा नियम 4 के अंतर्गत संविदा नियुक्ति का पद घोषित किया गया है अथवा घोषित किया जाए । 4. संविदा नियुक्ति के पद.- निम्नलिखित पद संविदा नियुक्ति के पद कहलाएंगे , अर्थात्ः-
(1 ) ऐसे पद जो विभागीय सेटअप में संविदा पद के रूप में स्वीकृत हों । (2 ) सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति से विभागीय सेटअप में नियमित स्थापना में स्वीकृत ऐसे पद / पदोन्नति से भरे जाने वाले ऐसे पद जिनकी पूर्ति में अपरिहार्य कारणों से एक वर्ष से अधिक अवधि लगना संभावित हो । (3 ) विभागीय भर्ती नियमों में किसी बात के होते हुए भी, ऐसे पद जिनके लिए तत्समय प्रवृत्त किसी विधि या नियम के अंतर्गत न्यायिक सेवा के क्षेत्र में विधिक अनुभव होना अपेक्षित है , को राज्य सरकार के संबंधित विभाग अपवादात्मक विशिष्ट प्रकरणों में सामान्य अथवा विशेष आदेश के द्वारा संविदा नियुक्ति का पद घोषित करें ।
5. नियुक्ति का तरीका. - राज्य सरकार के संबंधित विभागों द्वारा संविदा नियुक्ति निम्नलिखित प्रकार से की जा सकेगी , अर्थात्ः-
(1 ) नियम 4(1 ) एवं 4 (2) में विहित पदों पर सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की संविदा नियुक्तिद्वारा ;
(2) नियम 4 (3 ) में विहित पदों पर, अपवादात्मक विशिष्ट प्रकरणों में सेवानिवृत्त न्यायाधीश की विशेषज्ञता, अनुभव एवं विशिष्ट योग्यता तथा पद हेतु उसकी उपयुक्तता के आधार पर, वित्त विभाग की सहमति के उपरांत, संविदा नियुक्तिद्वारा ;
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6. चयन समिति.-
(1) नियम-4(2) एवं नियम 4(3 ) के अंतर्गत पदों पर संविदा नियुक्ति के मामलों की छानबीन निम्नानुसार गठित समिति द्वारा की जाएगी :-
अध्यक्ष (एक) अपर मुख्य सचिव/ प्रमुख सचिव / सचिव/सामान्य प्रशासन विभाग
सदस्य (दो) प्रमुख सचिव (विधि)
सदस्य (तीन) प्रमुख सचिव / सचिव वित्त
सदस्य (चार) प्रशासकीय विभाग के प्रमुख सचिव/ सचिव
-सदस्य सचिव (पांच) उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (शाखा-3)
(टीप : - विभागाध्यक्ष / अतिरिक्त विभागाध्यक्ष स्तर के पदों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग में अपर मुख्य सचिव पदस्थ नहीं होने की स्थिति में छानबीन समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी । ) (2) छानबीन समिति की अनुशंसा पर आगामी कार्यवाही
यदि समिति संविदा नियुक्ति की सिफारिश करती है, तो वह उसके कारण विनिर्दिष्ट करेगी और सुसंगत नियमों के अनुरूप वह अवधि दर्शाएगी जिसके लिए संविदा नियुक्ति दी जा सकती है । ऐसे मामले जिनमें छानबीन समिति ने संविदा नियुक्ति की सिफारिश की हो , प्रशासकीय विभाग द्वारा मंत्रि- परिषद् के आदेशार्थ प्रस्तुत किए जाएंगे । ऐसे मामले जिनमें छानबीन समिति ने संविदा नियुक्ति की अनुशंसा नहीं की हो , में आगामी कार्यवाही नहीं की जाएगी ।
7. आयु- सीमा.-
(1 ) संविदा नियुक्ति के लिये आयु सीमा वही होगी जो संबंधित पद या सेवा हेतु विभागीय भर्ती नियम में विहित होः
परंतु आयु सीमा में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय - समय पर जारी छूट संबंधी आदेश / निर्देश संविदा नियुक्ति के लिये भी लागू होंगे । (2) सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के मामले में संविदा नियुक्ति 65 वर्ष की आयु तक दी जा सकेगी ।
8. नियुक्ति के लिये अर्हताएं तथा पात्रता मापदंड.-
(1 ) संविदा नियुक्ति के मामलों में नियुक्ति के लिये अर्हताएं तथा पात्रता मापदंड वही होंगे , जैसे कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्ते) नियम, मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 मार्च 2018
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1961 के नियम 5 एवं 6 में विहित हैं । संविदा नियुक्ति हेतु न्यूनतम शैक्षणिक एवं अन्य अर्हताएं वही होंगी , जो उक्त पद हेतु विभागीय भर्ती नियमों में विहित हैं ।
(2) सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की संविदा नियुक्ति, विशेष प्रकरणों में उनके विशिष्ट अनुभव, उत्कृष्ट सेवा अभिलेख एवं कार्य के मूल्यांकन के आधार पर उच्च पद अथवा ऐसे पद जिनके लिये तत्समय प्रवृत्त किसी विधि या नियम के अंतर्गत न्यायिक सेवा के क्षेत्र में विधिक अनुभव होना अपेक्षित हो, पर भी दी जा सकेगी ।
9. सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की संविदा नियुक्ति के लिये अनर्हताएं.-
(1 ) संबंधित न्यायिक अधिकारी का 10 वर्षों का गोपनीय चरित्रावली अभिलेख समग्र रूप से "बहुत अच्छा " श्रेणी या उससे उच्च कोटि का नहीं होने पर । (2) संबंधित की निष्ठा के बारे में उसके सेवाकाल के दौरान किसी भी समय कोई संदेह या आक्षेप किया गया हो और सामान्यतः ईमानदारी और दक्षता के बारे में उसकी ख्याति अच्छी नहीं रही हो ।
(3) सेवा से पदच्युत या सेवा से हटाये जाने पर या उसके विरूद्ध विभागीय जांच / अभियोजन लंबित होने पर ।
(4) पिछले 10 वर्षों के दौरान संबंधित अधिकारी / कर्मचारी को कोई दंड दिया गया हो ।
(5) उसका स्वास्थ्य अच्छी स्थिति में नहीं होने पर ।
10. नियुक्ति की अवधि.-
(1 ) नियम 4 (1 ) में उल्लिखित संविदा नियुक्ति के पदों पर, संविदा नियुक्ति प्रथम बार एक वर्ष से अनधिक अवधि के लिए होगी , किन्तु राज्य सरकार आवश्यकता के आधार पर संविदा पर नियुक्त व्यक्ति की उपयुक्तता का आंकलन कर संविदा नियुक्ति की अवधि को एक बार में अधिकतम एक वर्ष के लिए बढ़ाते हुए संविदा नियुक्ति के नवीनीकरण का निर्णय ले सकेगी । (2) नियम 4(2) में विहित पदों पर संविदा नियुक्ति की अवधि प्रथम बार में एक वर्ष से अनधिक होगी , जिसे प्रत्येक बार एक वर्ष हेतु बढ़ाया जा सकेगा, किन्तु संविदा नियुक्ति की कुल अवधि 05 वर्ष से अधिक नहीं होगी ।
(3 ) संविदा नियुक्ति की अवधि में दोनों पक्षों में से किसी एक पक्ष द्वारा एक माह की पूर्व सूचना या इसके एवज में एक माह का वेतन देकर संविदा नियुक्ति समाप्त की जा सकेगी । 354 (3)
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(4) संविदा नियुक्ति की अवधि की समाप्ति पर संविदा नियुक्ति स्वयमेव समाप्त मानी जाएगी तथा सेवा समाप्त करने के लिए पृथक् आदेश जारी करना आवश्यक नहीं होगा ।
11. संविदा वेतन एवं अन्य सुविधाएं.-
(1 ) नियम 4 (1 ) में विहित पदों पर संविदा नियुक्ति की स्थिति में देय मासिक एकमुश्त वेतन वह होगा जो संबंधित विभाग द्वारा समय - समय पर वित्त विभाग की सहमति से सामान्य या विशेष आदेश द्वारा नियत किया जाए । (2) नियम 4(2)(3) में विहित पदों पर सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति की स्थिति में सेवानिवृत्ति के समय , वेतन संरचना (यथासंशोधित वेतनमान) में देय मूल वेतन एवं देय महंगाई भत्ते में से देय पेंशन (सारांशीकरण के पूर्व की) एवं उस पर देय महंगाई राहत घटाने के पश्चात् भुगतान योग्य एकमुश्त राशि, संविदा वेतन होगा एवं इसके अतिरिक्त वह सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त कर रहे अन्य भत्ते एवं सुविधाओं के लिए भी हकदार होगा । जैसे कि यदि वह शासकीय आवास धारण नही करता है तो मूल वेतन पर गृह भाड़ा भत्ता एवं नगर क्षतिपूर्ति भत्ता पाने का अधिकारी होगा । इसी प्रकार सेवा निवृत्त न्यायिक अधिकारियों को संबंधित पद / समकक्ष पद हेतु शासकीय सेवकों को देय यात्रा भत्ते और अन्य सुविधाओं की पात्रता होगी तथा उस पद / समकक्ष पद हेतु शासकीय सेवकों के समान चिकित्सा भत्ता / प्रतिपूर्ति की भी पात्रता होगी :
परन्तु संविदा नियुक्ति की दशा में सेवानिवृत्त न्यायाधीश के रूप में प्राप्त भत्ते/ सुविधाएं यथावत रहेंगी , परंतु यदि समान सुविधा, संविदा पर धारित पद पर भी हो तो उसे संविदा पर धारित पद की ऐसी सुविधा का परित्याग करना होगा ।
नोट : उक्त प्रकार से संविदा वेतन की गणना में प्रत्येक वर्ष संविदा नवीनीकरण के फलस्वरूप विगत वर्ष में राज्य द्वारा बढ़ाये गये मंहगाई भत्ते की राशि समाहित कर संविदा वेतन निर्धारित किया जायेगा ।
12. अवकाश की पात्रता.- संविदा पर नियुक्त न्यायाधीश प्रत्येक कैलेण्डर वर्ष में 13 दिनों के आकस्मिक अवकाश , 3 दिनों के ऐच्छिक अवकाश तथा 30 दिन के अर्जित अवकाश का हकदार होगा, तथा वर्ष के मध्य में नियुक्त होने अथवा सेवामुक्त होने पर आकस्मिक अवकाश की पात्रता की गणना पूर्ण महीनों के लिए आनुपातिक आधार पर की जाएगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 मार्च 2018
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स्पष्टीकरण गणना में अपूर्ण दिवस को आगामी पूर्ण दिवस से पूर्णांकित किया जाएगा तथा विश्रामावकाश विभागों में कैलेण्डर वर्ष का तात्पर्य 12 माह की वास्तविक सेवा से लगाया जाएगा ।
13. अन्य शर्तें.-
(1 ) संविदा पर नियुक्त अधिकारी मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 से शासित होंगे ।
(2) संविदा पर नियुक्त अधिकारी को संविदा सेवा की अवधि के लिए किसी भी प्रकार की पेंशन, उपादान या मृत्युलाभ आदि की पात्रता नहीं होगी । (3) संविदा नियुक्त अधिकारी का गोपनीय प्रतिवेदन / पीएआर (परफारमेंस एपराइजल रिपोर्ट) लिखा जाएगा ताकि यदि आगामी वर्ष उसे पुनः संविदा नियुक्ति दी जानी हो तो इसके आधार पर उसके कार्य का मूल्यांकन हो सके ।
(4) संविदा पर नियुक्त सेवा निवृत्त न्यायाधीश, सेवा निवृत्ति के समय यदि शासकीय आवास में निवासरत हो तो उसे शासकीय आवास की पात्रता उसी प्रकार बनी रहेगी जैसे न्यायिक सेवा में रहते हुए उसे शासकीय आवास की पात्रता थी ।
13. (क) यदि किसी सेवा निवृत्त न्यायाधीश को सार्वजनिक उपक्रम/ निगम/ मण्डल / आयोग / विश्वविद्यालय में संविदा नियुक्ति दी जाना प्रस्तावित है, तो उसकी संविदा नियुक्ति के आदेश भी इन्हीं मापदण्डों एवं प्रक्रिया का अनुसरण करने के बाद ही जारी किए जाऐंगे , यानि ऐसे प्रकरणों में नियम-6 में उल्लेखित छानबीन समिति की अनुशंसा के पश्चात् मंत्रि- परिषद् के आदेश प्राप्त किए जाने के बाद ही संविदा नियुक्ति दी जा सकेगी । यह नीति उन सभी व्यक्तियों के प्रकरणों में लागू होगी जिनमें अपनी अधिवार्षिकी आयु पूर्ण करने पर सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद या कुछ अन्तराल बाद सार्वजनिक उपक्रमों /निगमों / मण्डलों / आयोगों / विश्वविद्यालयों में संविदा पर नियुक्त किया जाना प्रस्तावित हो ।
14. निर्वचन.-
(1 ) यदि इन नियमों के निर्वचन के संबंध में कोई प्रश्न उद्भूत हो तो वह सामान्य प्रशासन विभाग एवं विधि विभाग की संयुक्त समिति द्वारा निराकृत किया जाएगा । 354 ( 5)
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(2) संविदा नियुक्ति के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय - समय पर जारी स्थाई निर्देश के अनुरूप विधि विभाग अद्यतन / स्थाई निर्देश जारी करेगा ।
15. निरसन तथा व्यावृति.- इन नियमों के तत्स्थानी समस्त अन्य नियम और निर्देश जो कि इन नियमों के प्रारंभ होने के ठीक पूर्व प्रवृत्त थे, एतद्वारा निरसित किए जाते हैं:
परंतु नए संविदा नियुक्ति नियम प्रभावशील होने के दिनांक के पहले की गई सभी संविदा नियुक्तियां इन नियमों के अन्तर्गत की गई तथा वैध मानी जाएंगी और संविदा की शेष अवधि में उन पर पूर्व के नियुक्ति आदेश की सेवा शर्तें यथावत् लागू रहेंगी ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, ए. एम. सक्सेना, प्रमुखसचिव.
नियंत्रक , शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2018 .