मध्यप्रदेश शास
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 182]
भोपाल , गुरुवार , दिनांक 22 मार्च 2018- चैत्र 1 , शक 1940
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल, दिनांक 22 मार्च 2018
क्र. 7357- वि.स. - विधान-2018 .- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम -59 के अधीन अध्यक्ष महोदय ने मध्यप्रदेश विनियोग ( क्रमांक-3 ) विधेयक, 2018 ( क्रमांक 5 सन् 2018 ) को उससे संबद्ध उद्देश्यों एवं कारणों के विवरण सहित मध्यप्रदेश के राजपत्र में प्रकाशित करने का आदेश दिया है. तद्नुसार यह विधेयक तथा उद्देश्यों और कारणों का विवरण जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
अवधेश प्रताप सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
363 364
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 मार्च 2018
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक ५ सन् २०१८
मध्यप्रदेश विनियोग ( क्रमांक - ३ ) विधेयक , २०१८
३१ मार्च, २००६ को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान कतिपय सेवाओं पर उन रकमों से, जो उन सेवाओं के लिए और उस वर्ष के लिये मंजूर की गई थी, अधिक व्यय हुई रकमों की पूर्ति करने के लिए मध्यप्रदेश राज्य की संचित निधि में से धन के विनियोग को प्राधिकृत करने के लिये उपबंध करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो: - १. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश विनियोग ( क्रमांक -३ ) अधिनियम , २०१८ है.
संक्षिप्तनाम.
३१ मार्च, २००६ को समाप्त हुए वर्षके कतिपय अधिकव्ययकी पूर्तिकरने के लिये मध्यप्रदेश राज्य की संचित निधिमें से रु .
२. मध्यप्रदेश राज्य के संचित निधि में से, अनुसूची के कॉलम ( ३ ) में विनिर्दिष्ट वे राशियां, जिनका कुल योग रुपये सैंतीस करोड़ अठावन लाख चौदह हजार पांच सौ अठारह होता है, उक्त अनुसूची के कॉलम ( २ ) में विनिर्दिष्ट सेवाओं की बावत् प्रभारों को चुकाने के लिए ३१ मार्च, २००६ को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान उन रकमों से, अधिक व्यय हुई रकमों की पूर्ति करने के लिए दी और उपयोजित की जाने के लिये प्राधिकृत की गई समझी जाएंगी.
३७,५८,१४,५१८ का
दियाजाना.
विनियोग.
३. इस अधिनियम के अधीन मध्यप्रदेश राज्य की संचित निधि में से दी जाने और उपयोजित की जाने के लिए प्राधिकृत की गई समझी गई राशियां, अनुसूची में अभिव्यक्त सेवाओं और प्रयोजनों के लिये ३१ मार्च, २००६ को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के संबंध में विनियोजित की गई समझी जाएंगी.
अनुसूची (धारा २ और ३ देखिये )
(२)
सेवायें और प्रयोजन
(१) अनुदान का
योग
(३) आधिक्य भारित
मतदत्त
क्रमांक
रुपये
रुपये
रुपये
०६. वित्त विभाग
२६,९ ६,२६, ९ ०९
पूंजीगत
२६,९६,२६, ९ ०९
राजस्व
७,७५,०६,३ ९४
७,७५,०६,३९४
२४. लोक निर्माण विभाग (सड़क तथा पुल)
२,२६,५८,१०५
पूंजीगत
३ ९ . खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण.
२,२६,५८,१०५
६७. लोक निर्माण भवन
५९, ४९, ८७६
राजस्व
५९ ,४९ ,८७६
२१ . आवास एवं पर्यावरण
२६,५४६
२६,५४६
पूंजीगत
४५. जल संसाधन
४६,६८८
४६,६८८
पूंजीगत
३७,५८,१४,५१८ योग ..
७३,२३४
३७,५७,४१ , ९ ८४ 364 ( 1)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 मार्च 2018
उद्देश्यों और कारणों का कथन
यह विधेयक भारत के संविधान के अनुच्छेद २०५ के साथ पठित उसके अनुच्छेद २०४ ( १ ) के अनुसरण में, मध्यप्रदेश राज्य की संचित निधि में से उस धन के विनियोग के लिए उपबंध करने हेतु पुरःस्थापित किया जा रहा है , जो उक्त निधि पर भारित विनियोग से तथा ३१ मार्च , २००६ को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिये राज्य सरकार के व्यय के हेतु विधान सभा द्वारा किए गए अनुदानों से अधिक हुए व्यय की पूर्ति करने के लिए अपेक्षित है.
२. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
जयंत मलैया भोपाल :
भारसाधक सदस्य.
तारीख २० मार्च , २०१८
" संविधान के अनुच्छेद २०७ के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित. ".
अवधेश प्रताप सिंह प्रमुख सचिव,
मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2018