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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्‍यप्रदेश राज्‍य उच्‍च शिक्षा परिषद् विधेयक 2018

Published 25 June 2018

Department
विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
326
Identifier
in.gazette.madhya.2018-06-25.326.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

म

ध्य प्रदेश शासन

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1

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 326]

भोपाल, सोमवार , दिनांक 25 जून 2018- आषाढ़ 4, शक 1940

विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश

भोपाल , दिनांक 25 जून 2018

क्र. 13967 -वि.स. - विधान-2018.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम 64 के उपबंधों के पालन में, मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् विधेयक, 2018 ( क्रमांक 7 सन् 2018 ) जो विधान सभा में दिनांक 25 जून 2018 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.

अवधेश प्रताप सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जून 2018

मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक ७ सन् २०१८

मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् विधेयक, २०१८

विषय-सूची

खण्ड:

१. संक्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ .

२. परिभाषाएं.

३. परिषद् का गठन.

४. परिषद् की संरचना.

५. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों की सेवा के निबंधन तथा शर्तें.

६. परिषद् से सम्मिलन.

७. परिषद् के कर्मचारिवृंद.

८. परिषद् के आदेशों और विनिश्चयों का अधिप्रमाणीकरण.

९. परिषद् की शक्तियां तथा कृत्य.

१० . परिषद् की निधि.

११ . वार्षिक लेखे तथा संपरीक्षा.

१२ . वार्षिक वित्तीय विवरणी.

१३. वार्षिक प्रतिवेदन.

१४. जांच.

१५. निरर्हता.

१६. रिक्तियों आदि के कारण कार्यवाहियों का अविधिमान्य न होना.

१७. सरकार द्वारा निदेश.

१८. नियम बनाने की शक्ति.

१९. विनियम बनाने की शक्ति.

२०. सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण.

२१ . कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जून 2018

मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक ७ सन् २०१८

मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् विधेयक , २०१८

राज्य में उच्च शिक्षा से संबंधित मामलों में सरकार को परामर्श देने के लिये मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् का गठन करने और उससे संसक्त और उसके आनुषंगिक विषयों के लिये उपबंध करने हेतु विधेयक.

भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-

१. ( १ ) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् अधिनियम, २०१८ है .

संक्षिप्तनाम. विस्तार तथा प्रारंभ.

(२ ) इसका विस्तार संपूर्ण मध्यप्रदेश राज्य पर होगा.

( ३ ) यह मध्यप्रदेश राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.

२. इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -

परिभाषाएं.

(क) " अभियान " से अभिप्रेत है , राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान;

(ख) " केन्द्र सरकार " से अभिप्रेत है , भारत सरकार;

(ग) " अध्यक्ष" से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् का अध्यक्ष;

(घ) " महाविद्यालय " से अभिप्रेत है , राज्य में के किसी विश्वविद्यालय से संबद्ध या सहयुक्त या मान्यताप्राप्त कोई महाविद्यालय जिसमें सम्मिलित हैं, इंजीनियरिंग महाविद्यालय , पॉलीटेक्निक महाविद्यालय तथा मध्यप्रदेश शासन के किसी भी विभाग के अधीन निजी क्षेत्र में स्थापित समस्त महाविद्यालय;

(ङ) " परिषद्" से अभिप्रेत है, धारा ३ के अधीन गठित मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद्;

(च) " उपाधि" से अभिप्रेत है , कला , वाणिज्य, विज्ञान , प्राच्य भाषा, इंजीनियरिंग , प्रौद्योगिकी विधि में उपाधि या कोई ऐसी अन्य उपाधि जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यताप्राप्त, राज्य के किसी विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई हो;

(छ) " विभाग " से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश शासन का कोई विभाग;

(ज) " उपाधि पत्र " से अभिप्रेत है , दसवीं या बारहवीं कक्षा के पश्चात् का कोई अध्ययन पाठ्यक्रम जिसके लिए उपाधि पत्र प्रदान किया जाता हो , परंतु इसमें प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम सम्मिलित नहीं है ;

(झ) " संचालनालय अथवा परियोजना संचालनालय " से अभिप्रेत है, अभियान के क्रियान्वयन हेतु मध्यप्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्थापित राज्य परियोजना संचालनालय;

(ञ) " शैक्षणिक संस्था " से अभिप्रेत है . उच्च शिक्षा एवं गवेषणा हेतु शैक्षणिक संस्था.

(ट) " शिक्षाविद्" से अभिप्रेत है, विश्वविद्यालय या महाविद्यालयों के कार्यरत या सेवानिवृत्त आचार्य, महाविद्यालय का प्राचार्य , विश्वविद्यालय का कुलपति या किसी राष्ट्रीय स्तर की संस्था के निदेशक जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया होः मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जून 2018

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(ठ) " सरकार" से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश सरकार;

(ड) " उच्च शिक्षा " से अभिप्रेत है , किसी उपाधि या उपाधिपत्र हेतु बारहवीं कक्षा से ऊपर की प्रत्येक शिक्षा;

(ढ) " सदस्य" से अभिप्रेत है , परिषद् का सदस्य;

(ण) " अधिसूचना " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना तथा शब्द " अधिसूचित " का तद्नुसार अर्थ लगाया जाएगा;

(त) " अधिकारी " से अभिप्रेत है, केन्द्र अथवा राज्य सरकार का अधिकारी;

( थ) "विहित" से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित;

(द) " परियोजना संचालक या अपर परियोजना संचालक " से अभिप्रेत है, अभियान के क्रियान्वयन हेतु सरकार द्वारा नियुक्त राज्य परियोजना संचालक अथवा अपर परियोजना संचालक;

(ध) " विनियम" से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन परिषद् द्वारा बनाए गए विनियम;

(न) "नियम" से अभिप्रेत है, इस अधिनियम द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बनाए गए नियम;

(प) " राज्य" से अभिप्रेत है , मध्यप्रदेश राज्य;

(फ) " विश्वविद्यालय " से अभिप्रेत है, राज्य विधान- मण्डल के किसी अधिनियम द्वारा स्थापित राज्य का कोई विश्वविद्यालय;

(ब) " विश्वविद्यालय अनुदान आयोग " से अभिप्रेत है , विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, १ ९५६ (१ ९५६ का ३ ) के अधीन स्थापित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग;

(भ) " उपाध्यक्ष " से अभिप्रेत है , परिषद् का उपाध्यक्ष;

परिषद्का गठन.

३. ( १ ) सरकार, अधिसूचना द्वारा ऐसी तारीख को तथा से जो कि इस निमित्त विनिर्दिष्ट की जाए, इस अधिनियम के प्रयोजन हेतु मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद् के नाम से एक परिषद् का गठन करेगी;

(२ ) ( क ) परिषद् एक निगमित निकाय होगी जिसका शाश्वत उत्तराधिकार होगा और उसकी एक सामान्य मुद्रा होगी और वह अपने निगमित नाम से वाद चला सकेगी तथा उसके विरूद्ध वाद चलाया जा सकेगा .

(ख) परिषद् द्वारा या उसके विरूद्ध समस्त वादों और अन्य विधिक कार्यवाहियों में, कार्यवाहियां सदस्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित तथा सत्यापित की जाएंगी और ऐसे वादों तथा कार्यवाहियों में समस्त आदेशिकाएं सदस्य सचिव को जारी और तामील की जाएंगी.

( ३ ) परिषद् का मुख्यालय भोपाल में होगा .

परिषद् की संरचना. ४. ( १ ) परिषद् निम्नलिखित सदस्यों और पदाधिकारियों से मिलकर बनेगी, अर्थात् :-

अध्यक्ष (एक) भारमाधक मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासनः 652(3 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जून 2018

उपाध्यक्ष

(दो) अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव या सचिव , उच्च शिक्षा विभाग , मध्यप्रदेश शासन;

सदस्य

(तीन) सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट लोक ( राज्य निधिक ) विश्वविद्यालयों (मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम , १ ९ ७३ द्वारा स्थापित ) से दो आसीन कुलपति तथा राज्य में स्थापित निजी राज्य विश्वद्यिालयों में से एक कुलपति;

सदस्य

(चार ) शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले , राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट छह शिक्षाविद् जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार आचार्यों के ही समतुल्य अर्हता और अनुभव रखते हों (जिनमें दो महिलाएं, एक अनुसूचित जाति तथा एक अनुसूचित जनजाति तथा मध्यप्रदेश राज्य के बाहर से कम से कम दो शिक्षाविद् सम्मिलित हैं) ;

पदेन सदस्य

(पांच) भारत सरकार का नामनिर्देशिती;

पदेन सदस्य

(छह) अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव या सचिव, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग , मध्यप्रदेश शासन;

पदेन सदस्य

(सात ) आयुक्त, उच्च शिक्षा , मध्यप्रदेश शासन;

पदेन सदस्य

(आठ) संचालक, कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस , भोपाल;

सदस्य

(नौ) राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट , दो शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों के प्राचार्य;

पदेन सदस्य

(दस) राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट मध्यप्रदेश के दो निजी स्वशासी महाविद्यालयों के प्राचार्य या संचालक;

सदस्य सचिव

(ग्यारह ) परियोजना संचालक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान , मध्यप्रदेश शासन.

( २ ) इस धारा के अधीन प्रत्येक नियुक्ति अथवा नामनिर्देशन उस तारीख से प्रभावी होगा जिसको कि सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए .

५. ( १ ) सरकार द्वारा सदस्यों ( पदेन सदस्यों से भिन्न ) की नियुक्ति या नामनिर्देशन सामान्यतः दो वर्ष की अवधि के लिए किया जाएगा और वे द्वितीय अवधि के लिए केवल दो वर्ष के लिये पुनर्नियुक्ति के पात्र होंगे . वे किसी भी सुविधा, जैसे आवास , वाहन इत्यादि के हकदार नहीं होंगे .

अध्यक्ष , उपाध्यक्ष तथा सदस्यों की सेवा के निबंधन तथा शर्तें.

( २ ) सदस्य ( किसी पदेन सदस्य से भिन्न) उपाध्यक्ष को संबोधित अपने हस्ताक्षरित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकेगा और ऐसा प्रत्येक त्यागपत्र ऐसी तारीख से प्रभावी होगा जिसको कि सरकार द्वारा इसे स्वीकार किया जाए .

(३ ) अध्यक्ष की अनुपस्थिति में, उपाध्यक्ष सम्मिलन की अध्यक्षता करेगा.

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(४ ) नामनिर्दिष्ट किए जाने वाले समस्त अशासकीय सदस्यों के लिये पात्रता की शर्तें ऐसी होंगी जैसी कि सरकार द्वारा विहित की जाएं.

परिषद्के सम्मिलन.

६. ( १ ) परिषद्, ऐसे समय और स्थान पर उतनी बार, जितनी बार आवश्यक हो सम्मिलन करेगी और नियमों की ऐसी प्रक्रिया का पालन करेगी , जैसी की विहित की जाए, परन्तु एक वर्ष में कम से कम दो बार सम्मिलन करेगी.

( २ ) सम्मिलन की गणपूर्ति भरी हुई सदस्यता के एक तिहाई सदस्यों से होगी और सम्मिलन में विनिश्चय उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत द्वारा किए जा सकेंगे.

७. राज्य परियोजना संचालनालय, परिषद् के लिए लिपिकीय सेवाओं का उपबंध करेगा.

परिषद् कर्मचारिवृंद. के

८. परिषद् के समस्त आदेश और विनिश्चय सदस्य सचिव द्वारा अधिप्रमाणित किए जाएंगे .

परिषद् के आदेशों और विनिश्चियों का अधिप्रमाणीकरण.

परिषद्की शक्तियां तथा कृत्य.

९. (१ ) परिषद्, उच्च शिक्षा में पहुंच साम्यता तथा गुणवत्ता को उन्नत करने के लिए नीति सुधारों के क्रियान्वयन हेतु दीर्घावधि उपायों पर शासन को अनुशंसा करेगी.

( २ ) परिषद्, शिक्षा में अविरत विकास लक्ष्य ( एस.डी.जी. ) को प्राप्त करने हेतु दीर्घावधि उपायों पर शासन को अनुशंसा करेगी.

( ३ ) परिषद्, राज्य में के विश्वविद्यालयों तथा उच्च शिक्षा की अन्य संस्थाओं के प्रशासनिक सुधारों, शैक्षणिक और वित्तीय जवाबदेही के लिए उपाय सुझाएगी.

(४ ) परिषद्, राज्य में उच्च शिक्षा से संबंधित किसी मामले पर, सरकार द्वारा यथाअपेक्षित अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी.

परिषद्की निधि.

१०. परिषद् की अपनी स्वयं की निधि होगी, जिसमें सरकार तथा किसी अन्य स्त्रोत से प्राप्त अनुदान समाविष्ट होंगे , और ऐसी रीति में, जैसी कि विहित की जाए, विधिवत लेखा रखा जाएगा.

११. ( १ ) परिषद् के लेखे ऐसी रीति में तथा ऐसे प्ररूप में संधारित किए जाएंगे जैसा कि विहित किया जाए .

वार्षिक लेखे तथा संपरीक्षा.

जाए. ( २ ) परिषद, ऐसे प्ररूप में तथा ऐसी रीति में लेखों के वार्षिक विवरण तैयार करेगी , जैसी कि विहित की (३ ) परिषद् के लेखे वर्ष में एक बार ऐसे संपरीक्षक द्वारा , जिसे कि सरकार इस निमित्त नियुक्त करे, संपरीक्षित किए जाएंगे .

( ४ ) परिषद् का सदस्य सचिव, वर्षिक संपरीक्षा रिपोर्ट मुद्रित करवाएगा और उसकी एक मुद्रित प्रति प्रत्येक सदस्य को भेजेगा और ऐसी रिपोर्ट विचारण के लिए परिषद् के समक्ष इसके अगले सम्मिलम में रखेगा.

(५) परिषद् किसी त्रुटि या अनियमितता, जो कि संपरीक्षा रिपोर्ट में सामने आए, के निवारण के लिए तुरंत समुचत कार्रवाई करेगी .

( 6 ) संपरीक्षक द्वारा यथाप्रमाणित परिषद् के लेखे, संपरीक्षा रिपोर्ट के साथ. उस पर परिषद् की टिप्पणियों सहित ऐसे समय के भीतर. जैसा कि विहित किया जाए, सरकार को प्रेषित किए आएंगे.

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(७ ) सरकार, उपधारा ( ६ ) के अधीन वार्षिक लेखे के साथ संपरीक्षा रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात्, यथाशक्य शीघ्र , उसे राज्य विधान सभा के समक्ष रखवाएगा.

विवरणी. वार्षिक वित्तीय १२. ( १ ) परिषद्, आगामी वर्ष के लिए प्राक्कलित पूंजी और राजस्व प्राप्तियां तथा व्यय की वार्षिक वित्तीय विवरणी तैयार करेगी तथा ऐसी तारीख को या उसके पूर्व, जैसी कि विहित की जाए, शासन को प्रस्तुत करेगी.

( २ ) उक्त विवरणी में परिषद् के सदस्यों के वेतन और भत्ते तथा ऐसी अन्य विशिष्टयां सम्मिलित होंगी , जैसी कि विहित की जाएं.

( ३ ) परिषद्, उस वर्ष के दौरान किसी भी समय जिसके कि संबंध में उपधारा ( १ ) के अधीन विवरणी प्रस्तुत की गई है , सरकार को एक पूरक विवरणी प्रस्तुत कर सकेगी और इस धारा के समस्त उपबंध ऐसी विवरणियों को उसी प्रकार लागू होंगे जैसे कि वे उक्त उपधारा के अधीन ऐसी विवरणी को लागू होते.

वार्षिक प्रतिवेदन.

१३. परिषद्, प्रत्येक वर्ष के लिए उस वर्ष के दौरान इस अधिनियम के अधीन इसके क्रियाकलापों का एक प्रतिवेदन तैयार करेगी और सरकार को प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी.

जांच.

१४. सरकार को परिषद् के किसी भी क्रियाकलाप की जांच करने का अधिकार होगा और यदि कोई कमी पायी जाती है तो सरकार कमी को दूर करने के लिए निदेश देगी.

निरर्हता.

१५. ( १ ) कोई भी व्यक्ति नामनिर्देशन या परिषद् के सदस्य के रूप में निरन्तर बने रहने के लिए अर्ह नहीं होगा, यदि ऐसे नामनिर्देशन की तारीख को या उसके पश्चात्, किसी तारीख को, वहः-

(क) विकृतचित्त का है ; या

(ख ) अनुन्मोचित दिवालिया के रूप में न्यायनिर्णीत किया गया है या नैतिक अधमता से अंतर्ग्रस्त किसी अपराध के लिए आपराधिक न्यायालय द्वारा दण्डादिष्ट किया गया है; या

(ग ) प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से स्वयं या अपने भागीदार द्वारा उसके आदेश से किए गए किसी कार्य में या परिषद् की ओर से की गई किसी संविदा में कोई अंश या हित रखता है; या

(घ ) कोई व्यक्ति जो अवचार या उपेक्षा के दोष के कारण किसी शासकीय या विश्वविद्यालय सेवा से पर्यवसित किया गया है.

( २ ) विवाद या संदेह की दशा में यदि कोई व्यक्ति उप - धारा ( १ ) के अधीन निरर्हित किया गया है तो सरकार का विनिश्चय अंतिम होगा.

१६. ( १ ) यदि परिषद् में कोई आकस्मिक रिक्ति होती है या कोई अन्य सदस्य, ( पदेन सदस्य से भिन्न ) चाहे वह मृत्यु, त्यागपत्र या अस्वस्थता या किसी अन्य अक्षमता से या किसी अन्य कारण से अपने कृत्यों के निर्वहन में अक्षम हो जाता है तो ऐसी रिक्ति धारा ५ के अधीन विनिर्दिष्ट रीति में सरकार द्वारा भरी जाएगी.

रिक्तियों आदि के कारण कार्यवाहियों का अविधिमान्य न होना.

(२ ) परिषद् का कोई कार्य या कार्यवाही, उसमें किसी रिक्ति या परिषद् के गठन में कोई त्रुटि के कारण अविधिमान्य नहीं समझी जाएगी.

मग्कार द्वारा निदेश.

१७. इम अधिनियम के अधीन, सरकार राज्य की नीति तथा आवश्यकताओं के हित में परिषद को यथोचित निदेश देने के लिए सशक्त होगी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जून 2018

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नियम बनाने की शक्ति.

१८. सरकार, अधिसूचना द्वारा , इस अधिनियम के समस्त या उनमें से किसी प्रयोजन के क्रियान्वयन के लिए नियम बना सकेगी .

विनियम बनाने की शक्ति.

१९ . ( १ ) परिषद्, परिषद् के सम्मिलन और उसमें कारबार के संचालन हेतु प्रक्रिया को विनियमित करने हेतु इस अधिनियम तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों से संगत विनियम बना सकेगी .

( २ ) इस धारा के अधीन कोई भी विनियम, सरकार के पूर्व अनुमोदन के सिवाय नहीं बनाया जाएगा.

सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई का

संरक्षण.

२०. परिषद् या परिषद् के किसी सदस्य या अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध किसी ऐसी बात के संबंध में जो कि इस अधिनियम के उपबंधों या उसके अधीन बनाए गए किसी नियम या विनियम के अनुसरण में सद्भावपूर्वक की गई है या जिसका इस प्रकार स‌द्भावपूर्वक किया जाना तात्पर्थित रहा है, कोई वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं होगी .

कठिनाईयों को दूर करने की शक्ति.

२१. यदि इस अधिनियम के उपबंधों को क्रियान्वित करने में कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो सरकार, आदेश द्वारा , इस अधिनियम के प्रयोजन से असंगत न होने वाले ऐसे उपबंध कर सकेगी जो कि ऐसी कठिनाई को दूर करने के लिए उसे आवश्यक या समीचीन प्रतीत हों.

उद्देश्यों और कारणों का कथन

राज्य में उच्च शिक्षा के लिए व्यापक, दीर्घकालिक और विस्तृत शिक्षा योजना का विकास करने के लिए सर्वोच्च नीति निकाय की आवश्यकता है . केन्द्रीय तंत्र के माध्यम से राज्य के विश्वविद्यालयों को पूर्ण रूप से मानिटर नहीं किया जा सकता है. राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान, राज्य में उच्च शिक्षा के योजनाबद्ध और समन्वित विकास करने, विश्वविद्यालयों के मध्य संसाधनों की सहभागिता, संस्थागत स्तर पर प्रमुख शैक्षणिक और प्रशासनिक सुधार करने, संस्थाओं को निधि देने के लिए सिद्धांत स्थापित करने उच्च शिक्षा का डाटा बैंक संधारित करने और गवेषणा संचालित करने तथा अध्ययन का मूल्यांकन करने के लिए राज्य उच्च शिक्षा परिषद् गठित करने की अपेक्षा करता है . अतएव, राज्य उच्च शिक्षा पद्धति के प्रभावी रूप से कार्य करने के लिए, राज्य में यथोचित अधिनियमिति द्वारा राज्य उच्च शिक्षा परिषद् स्थापित करने की आवश्यकता है.

२. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.

जयभान सिंह पवैया भोपाल :

भारसाधक सदस्य.

तारीख ६ जून, २०१८

" संविधान के अनुच्छेद २०७ के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित. "

अवधेश प्रताप सिंह प्रमुख सचिव,

मध्यप्रदेश विधान सभा.

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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 जून 2018

प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन

प्रस्तावित मध्यप्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद विधेयक , २०१८ के जिन खण्डों द्वारा राज्य सरकार को विधायनी शक्तियों का प्रत्यायोजन किया जा रहा है उनका विवरण निम्नानुसार है:-

खण्ड ४ परिषद की संरचना एवं नियुक्ति अथवा नामनिर्देशन;

खण्ड ५ ( ४) अध्यक्ष , उपाध्यक्ष तथा सदस्यों की पात्रता की शर्तें;

खण्ड ६ ( १ ) परिषद के समिमलन के संबंध में नियम प्रक्रिया निहित किये जाने;

खण्ड ७ परिषद के कर्मचारी वृंदों की सेवाओं उपबंध किये जाने;

खण्ड १० परिषद की निधि का लेखा संधारित किये जाने;

खण्ड ११ वार्षिक लेखे तथा संपरीक्षा द्वारा परिषद के लेखे विहित प्ररूप में संधारित किए जाने;

खण्ड १२ वार्षिक वित्तीय विवरणी विहित रीति में तैयार किये जाने;

खण्ड १६ रिक्तियों आदि को विनिर्दिष्ट रीति से भरे जाने;

खण्ड १८ अधिनियम को क्रियान्वित किये जाने;

खण्ड १ ९ ( १ ) परिषद के सम्मिलन आदि के संचालन के संबंध में, तथा

खण्ड २१

इस अधिनियम के उपबंधों को क्रियान्वयन करने में उद्भूत कठिनाईयों को दूर किये जाने के संबंध में नियम बनाये जायेंगे, जो सामान्य स्वरूप के होंगे.

अवधेश प्रताप सिंह

प्रमुख सचिव,

मध्यप्रदेश विधान सभा.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल में मुद्रित तथा प्रकाशित-2018.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 25 June 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2018-06-25.326.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2018-06-25.326.Extraordinary.