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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण (संशोधन) विधेयक, 2018

Published 25 June 2018

Department
विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
336
Identifier
in.gazette.madhya.2018-06-25.336.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

ध्यप्रदेश शास

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

( असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , सोमवार, दिनांक 25 जून 2018- आषाढ़ 4 , शक 1940

क्रमांक 336]

विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश

भोपाल, दिनांक 25 जून 2018

क्रमांक 13973 - वि.स. - विधान-2018.-मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम -64 के उपबंधों के पालन में, मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण ( संशोधन ) विधेयक, 2018 ( क्रमांक 17 सन् 2018 ) जो विधान सभा में दिनांक 25 जून 2018 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.

अवधेश प्रताप सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.

671 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 जून 2018

672

मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक १७ सन् २०१८

मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण ( संशोधन ) विधेयक, २०१८ मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण अधिनियम, १ ९ ७३ को संशोधित करने हेतु विधेयक हो :- भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित १. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण ( संशोधन ) अधिनियम, २०१८ है .

संक्षिप्तनाम.

२. मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण अधिनियम, १ ९ ७३ (क्रमांक ३ सन् १ ९७४ ) की धारा २६ में,- धारा २६ का

संशोधन.

(एक) पार्श्व शीर्ष में, शब्द " कुष्ठ रोगियों और " का लोप किया जाए;

उपधारा ( १ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा स्थापित की जाए, अर्थात् :-

(दो)

" ( १ ) जहां राज्य सरकार को यह प्रतीत हो कि किसी न्यायालय के आदेश के अधीन किसी प्रमाणित संस्था में निरुद्ध रखा गया कोई भिखारी विकृत चित्त का है, वहां राज्य सरकार अपने इस विश्वास के कि भिखारी विकृत चित्त का है, आधारों को उपवर्णित करते हुए, एक आदेश द्वारा उस अवधि की जिस तक के लिये उसे निरोध में रखे जाने का आदेश दिया गया हो, शेष अवधि के दौरान यथास्थिति मानसिक चिकित्सालय या सुरक्षित अभिरक्षा के अन्य स्थान में रखे जाने के लिये और चिकित्सा की जाने के लिये, जैसा कि राज्य सरकार निदेश दे, उसे वहां ले जाये जाने का आदेश दे सकेगी , या यदि उस अवधि का अवसान होने पर चिकित्सा ऑफिसर द्वारा यह प्रमाणित किया जाए कि भिखारी या अन्य व्यक्तियों की सुरक्षा के लिये यह आवश्यक है कि उसे चिकित्सीय देखरेख या चिकित्सा के अधीन और आगे निरुद्ध रखा जाय तो उसे तब तक रखा जाएगा जब तक कि विधि के अनुसार उसे उन्मोचित न कर दिया जाए. " ;

(तीन) उपधारा ( २ ) में, शब्द " या यह कि उसका कुष्ठ रोग ठीक हो गया है " का लोप किया जाए.

उद्देश्यों और कारणों का कथन

रिट याचिका ( सिविल ) क्रमांक ११५१/२०१७ विधिक नीति के लिए विधि सेन्टर विरुद्ध भारत संघ तथा अन्य में, जो कि भारत के उच्चतम न्यायालय में लंबित है, यह मुद्दा विभिन्न राज्यों और केन्द्रीय अधिनियमिति को समाप्त/संशोधन करने से संबंधित है, जहां कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों के साथ विभेदकारी व्यवहार किया गया है, जबकि कुष्ठरोग अब एक साध्य रोग है. इस संबंध में मध्यप्रदेश भिक्षा वृत्ति निवारण अधिनियम, १ ९७३ ( क्रमांक ३ सन् १ ९ ७४) की धारा २६ चिन्हित की गई है जो कुष्ठ रोगियों के संबंध में विभेदकारी उपबंध से संबंधित है. अतएव , यथोचित संशोधन करने का विनिश्चय किया गया है.

२. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.

गोपाल भार्गव भोपाल :

भारसाधक सदस्य तारीख २२ जून, २०१८

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन मामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित 2018.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 25 June 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2018-06-25.336.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2018-06-25.336.Extraordinary.