मध्यप्रदे
शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 27 जुलाई 2018- श्रावण 5, शक 1940
क्रमांक 407]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
" निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल (म. प्र. )-462011
आदेश
भोपाल , दिनांक 27 जुलाई 2018
क्र. एफ 87-165-15-11-181 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से तीस दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह- दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, टिमरनी जिला हरदा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 04 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , हरदा ( म. प्र. ) के समक्ष दाखिल किये जाने थे.
श्री रजनीश श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , हरदा के पत्र क्रमांक 232 , दिनांक 30 जनवरी 2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे ही दाखिल नहीं किए गए.
813 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 जुलाई 2018
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कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला- हरदा से उक्ताशय की रिपोर्ट प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी , श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम को निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल नहीं करने के परिणामस्वरूप आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 31 मार्च 2015 जारी किया गया. नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थीं.
अभ्यर्थी श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को श्री के. के. रावत, डिप्टी कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला हरदा के पत्र दिनांक 757 , दिनांक 23 अप्रैल 2015 के संलग्न प्राप्त हो गई थी.
कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम को हो जाने के उपरांत आयोग के पत्र दिनांक 14 मई 2015 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्था. निर्वा. ) जिला हरदा से जानकारी चाही गई कि यदि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस में उल्लेखित अवधि में जिला कार्यालय के समक्ष अपना निर्वाचन व्यय लेखा अथवा विलम्ब से लेखा प्रस्तुति के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया हो तो लेखों की स्वीकार्यता तथा विलंब से लेख प्रस्तुति के कारण की विश्वसनीयता का परीक्षण कर अभिमत सहित आयोग को अवगत कराया जाये.
सुश्री प्रियंका गोयल, संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्था. निर्वा. ) , जिला- हरदा के पत्र क्रमांक 352 , दिनांक 11 जून 2018 द्वारा आयोग को इस बात की जानकारी दी गई कि- अभ्यर्थी श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम नगर परिषद् टिमरनी जिला हरदा को आयोग द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र तामील कराया गया, परन्तु श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम द्वारा आज दिनांक तक जिला निर्वाचन अधिकारी ( नगरपालिका ) को आय - व्यय लेखा संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है.
उपरोक्त जानकारी प्राप्त होने के उपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम के निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिये जाने हेतु अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनाकं 21 जून 2018 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय में दिनांक 17 जुलाई 2018 को सभिलेख उपस्थित होने हेतु कहा गया. अभ्यर्थी को जारी सूचना- पत्र की तामीली समय पूर्व हो चुकी थी, पर वे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन ही उनकी ओर से आयोग को प्राप्त हुआ.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किये गए. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों एवं मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11 - क के अधीन अभ्यर्थी, श्रीमती मनिषा अमलाथे मेडम को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् टिमरनी जिला- हरदा (म.प्र. ) का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .
आदेश
भोपाल , दिनांक 27 जुलाई 2018
क्र. एफ 87-164-15-11-184.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से तीस दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 2014 " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
814(1)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 जुलाई 2018
माह - दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, खिरकिया जिला हरदा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती ममता संतोष यादव भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 04 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर श्रीमती ममता संतोष यादव द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे यद्यपि जिला निर्वाचन अधिकारी , हरदा ( म. प्र. ) के समक्ष दाखिल किए जाने थे, किन्तु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , हरदा के पत्र क्रमांक 232, दिनांक 30 जनवरी 2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती ममता संतोष यादव द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे दिनांक 6 जनवरी 2015 को दाखिल किए गए साथ ही परिशिष्ट-36 के कॉलम नम्बर -08 में उपरिलेखन काट- छांट एवं निर्वाचन व्यय आदेश दिनांक 2014 के अनुसार संधारित नहीं किया गया.
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला- हरदा से उक्ताशय की रिपोर्ट आयोग को प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्रीमती ममता संतोष यादव को निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से दाखिल करने के फलस्वरूप कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. साथ ही कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्था. निर्वा. ) जिला हरदा को परिशिष्ट -36 के कॉलम नम्बर, 8 में उपरिलेखन एवं कांट- छांट के संबंध में वस्तुस्थिति स्पष्ट कर कृत कार्रवाई की जानकारी चाही गई.
अभ्यर्थी श्रीमती ममता संतोष यादव को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को श्री के. के. रावत , डिप्टी कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्था. निर्वा. ) जिला हरदा के पत्र क्रमांक 778 , दिनांक 25 अप्रैल 2015 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी.
कारण बताओ नोटिस की तामीली श्रीमती यादव को हो जाने के उपरांत आयोग के पत्र दिनांक 21 मई 2015 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्था. निर्वा. ) जिला- हरदा से जानकारी चाही गई कि यदि अभ्यर्थी श्रीमती ममता संतोष यादव द्वारा नोटिस में उल्लिखित अवधि में उनके समक्ष अपना निर्वाचन व्यय लेखा अथवा विलम्ब से लेखा प्रस्तुति के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया हो तो लेखों की स्वीकार्यता तथा विलंब से लेखा प्रस्तुति के कारण की विश्वसनीयता का परीक्षण कर अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये .
सुश्री प्रियंका गोयल , संयुक्त कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्था. निर्वा. ) , जिला- हरदा के पत्र क्रमांक 352 , दिनांक 11 जून 2018 द्वारा आयोग को इस बात की जानकारी दी गई कि अभ्यर्थी श्रीमती ममता संतोष यादव द्वारा तीन दिन विलम्ब से व्यय लेखे दाखिल किए जाने एवं निर्वाचन व्यय लेखों में उपरिलेखन/कांट- छांट के संबंध में आयोग द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र प्राप्ति के उपरान्त आज दिनांक तक कोई अभ्यावेदन जिला निर्वाचन अधिकारी ( न. पा. ) को प्रस्तुत नहीं किया गया है.
उपरोक्त जानकारी प्राप्त होने के उपरान्त आयोग द्वारा अभ्यर्थी श्रीमती ममता संतोष यादव के विलम्ब एवं त्रुटिपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिये जाने हेतु अभ्यर्थी को सूचना पत्र दिनांक 22 जून 2018 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय में दिनांक 17 जुलाई 2018 को सभिलेख उपस्थित होने हेतु कहा गया . अभ्यर्थी को जारी सूचना- पत्र की तामीली समय पूर्व हो चुकी थी , पर वे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस बावत् कोई अभ्यावेदन उनकी ओर से आयोग को प्राप्त हुआ.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी, श्रीमती ममता संतोष यादव द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किये गए. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखा निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा - 32- ग के उपबन्धों एवं म. प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11 -क के अधीन अभ्यर्थी , श्रीमती ममता संतोष यादव को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् खिरकिया जिला- हरदा (म.प्र. ) का पार्षद या अध्यक्ष होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2018 .