मध्यप्र
शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, मंगलवार, दिनांक 21 अगस्त 2018 - श्रावण 30 , शक 1940
क्रमांक 464]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
" निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( म. प्र. )-462011
आदेश
भोपाल , दिनांक 21 अगस्त 2018
क्र. एफ- 87-194-15-11-227 .- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 -ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .
माह - दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, पचोर, जिला- राजगढ़ ( म. प्र. ) के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री मंजू मालवीय भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 4 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर सुश्री मंजू मालवीय को अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , राजगढ़ ( म. प्र. ) के समक्ष दाखिल किए जाने थे.
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला राजगढ़ के पत्र क्रमांक 459, दिनांक 7 फरवरी 2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट - छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री मंजू मालवीय द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से अर्थात् दिनांक 20 जनवरी 2015 दाखिल किए गए एवं परिशिष्ट -36 के कॉलम-08 में दर्शाए अनुसार बिल व्हाउचर प्रस्तुत नहीं किए गये.
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला राजगढ़ से उक्ताशय् की रिपोर्ट प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री मंजू मालवीय को निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से दाखिल करने के लिये आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 5 मार्च 2015 जारी किया गया. नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी.
927 928
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 अगस्त 2018
अभ्यर्थी, सुश्री मंजूमालवीय को जारी कारण नोटिस की तामीली की प्रति उपयोग को उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला राजगढ़ के पत्र क्रमांक 140, दिनांक 25 अप्रैल 2016 के संलग्न प्राप्त हो गई थी.
कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी, सुश्री मंजू मालवीय को हो जाने के उपरांत आयोग के पत्र दिनांक 15 जून 2018 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्था. निर्वा. ) जिला राजगढ़ से जानकारी चाही चाही गई कि नोटिस तामीली के उपरांत नियत समयावधि में अभ्यर्थी द्वारा जिला स्तर पर लिखित अभ्यावेदन या मौखिक सुनवाई हेतु कोई अभ्यावेदन आदि प्रस्तुत किये गये हों तो उनकी विश्वसनीयता/स्वीकार्यता के संबंध में स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये.
अपर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला- राजगढ़ के पत्र क्रमांक 294, दिनांक 29 जून 2018 द्वारा आयोग को इस बात की जानकारी दी गई कि नोटिस तामीली उपरांत सुश्री मंजू मालवीय द्वारा इस संबंध में जिला स्तर पर कोई लिखित अथवा मौखिक अभ्यावेदन आजपर्यन्त तक प्रस्तुत नहीं किया गया है.
जिले से उपरोक्त जानकारी प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री मंजू मालवीय के निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिये जाने हेतु अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनांक 6 जुलाई 2018 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय में दिनांक 7 अगस्त 2018 को सभिलेख उपस्थित होने हेतु कहा गया. अभ्यर्थी को जारी सूचना- पत्र की तामीली समय पूर्व हो चुकी थी, पर वे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन ही उनकी ओर से आयोग को प्राप्त हुआ.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी , सुश्री मंजू मालवीय द्वारा त्रुटिपूर्ण एवं विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किए गए. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखे निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों एवं मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम- 11 - क के अधीन अभ्यर्थी , सुश्री मंजू मालवीय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् पचोर, जिला- राजगढ़ (म. प्र. ) का पार्षद् या अध्यक्ष होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 21 अगस्त 2018
क्र. एफ- 87-123-15-11-230.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 2014 " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह-दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, नौरोजाबाद, जिला- उमरिया के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री भागवती कोल भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 4 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर सुश्री भागवती कोल को अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी, उमरिया ( म . प्र. ) के समक्ष दाखिल किए जाने थे.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 अगस्त 2018
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला उमरिया के पत्र 286 , दिनांक 10 मार्च 2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट - छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री भागवती कोल द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से अर्थात् दिनांक 5 जनवरी 2015 दाखिल किए गए.
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला उमरिया से उक्ताशय् की रिपोर्ट प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री भागवती कोल को निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से दाखिल करने के लिये आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 16 अप्रैल 2015 जारी किया गया . नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी.
अभ्यर्थी, सुश्री भागवती कोल को जारी कारण नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला उमरिया के पत्र क्रमांक 376 , दिनांक 30 अप्रैल 2015 के संलग्न प्राप्त हो गई थी.
कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी, सुश्री भागवती कोल को हो जाने के उपरांत आयोग के पत्र दिनांक 25 मई 2015 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्था. निर्वा. ) जिला उमरिया से जानकारी चाही चाही गई कि यदि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस में नियत समयावधि में विलम्ब से व्यय लेखा के संबंध में कोई अभ्यावेदन जिला स्तर पर प्रस्तुत किया गया हो तो उनकी विश्वसनीयता/स्वीकार्यता के संबंध में स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये.
श्री माल सिंह , कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- उमरिया के पत्र क्रमांक 228 , दिनांक 30 जून 2018 द्वारा आयोग को इस बात की जानकारी दी गई कि कार्यालय में उपलब्ध नस्ती का अवलोकन उपरांत यह पाया गया कि सुश्री भागवती कोल द्वारा इस कार्यालय में कोई भी व्यय लेखा से संबंधित अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.
जिले से उपरोक्त जानकारी प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री भागवती कोल के निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिये जाने हेतु अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनांक 6 जुलाई 2018 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय में दिनांक 7 अगस्त 2018 को सभिलेख उपस्थित होने हेतु कहा गया. अभ्यर्थी को जारी सूचना - पत्र की तामीली समय पूर्व हो चुकी थी, पर वे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन ही उनकी ओर से आयोग को प्राप्त हुआ.
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी, सुश्री भागवती कोल द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत ही नहीं किए गए. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखे निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों एवं म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम - 11 - क के अधीन अभ्यर्थी, सुश्री भागवती कोल को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् नौरोजाबाद , जिला- उमरिया (म. प्र. ) का पार्षद् या अध्यक्ष होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है .
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 21 अगस्त 2018
क्र. एफ -87-123-15-11-231.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 21 अगस्त 2018
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राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 2014 " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.
माह-दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, नौरोजाबाद , जिला- उमरिया के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं. इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 4 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर को अपने निर्वाचन व्यय का लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , उमरिया ( म. प्र. ) के समक्ष दाखिल किए जाने थे.
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला उमरिया के पत्र क्र. 286 , दिनांक 10 मार्च 2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से अर्थात् दिनांक 5 जनवरी 2015 दाखिल किए गए.
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला उमरिया से उक्ताशय् की रिपोर्ट प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर को निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से दाखिल करने के लिये आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 16 अप्रैल 2015 जारी किया गया. नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थीं.
अभ्यर्थी, सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर को जारी कारण नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला उमरिया के पत्र क्रमांक 376 , दिनांक 30 अप्रैल 2015 के संलग्न प्राप्त हो गई थी.
कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी, सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर को हो जाने के उपरांत आयोग के पत्र दिनांक 25 मई 2015 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्था. निर्वा. ) जिला उमरिया से जानकारी चाही गई कि यदि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस में नियत समयावधि में विलम्ब से व्यय लेखा के संबंध में कोई अभ्यावेदन जिला स्तर पर प्रस्तुत किया गया हो तो उनकी विश्वसनीयता/स्वीकार्यता के संबंध में स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये.
श्री माल सिंह, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला उमरिया के पत्र क्रमांक 228 , दिनांक 30 जून 2018 द्वारा आयोग को इस बात की जानकारी दी गई कि कार्यालय में उपलब्ध नस्ती का अवलोकन उपरांत यह पाया गया कि सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर द्वारा इस कार्यालय में कोई भी व्यय लेखा से संबंधित अभ्यावेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है.
जिले से उपरोक्त जानकारी प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर के विलम्ब से प्रस्तुत निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिये जाने हेतु अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनांक 6 जुलाई 2018 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय में दिनांक 7 अगस्त 2018 को सभिलेख उपस्थित होने हेतु कहा गया. अभ्यर्थी को जारी सूचना- पत्र की तामीली समय पूर्व हो चुकी थी, पर वे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन ही उनकी ओर से आयोग को प्राप्त हुआ.
उपरोक्तविवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी, सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत ही नहीं किए गए. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखे निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.
अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों एवं म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम - 11 - क के अधीन अभ्यर्थी, सुश्री सीता लखन सिंह पेंटर को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् नौरोजाबाद, जिला- उमरिया ( म. प्र. ) का पार्षद् या अध्यक्ष होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2018 .