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मध्यप्रदे श शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 517]
भोपाल, बुधवार , दिनांक 26 सितम्बर 2018- आश्विन 4 , शक 1940
सामान्य प्रशासन विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 26 सितम्बर 2018
क्र. एफ- 17-09-2001- एक-4.- इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 08 फरवरी 2016 के अनुक्रम में मैनोवर्स फील्ड फायरिंग एक्ट एण्ड आर्टिलरी प्रेक्टिस एक्ट, 1938 ( क्रमांक 5 सन् 1938 ) की धारा 9 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतदद्वारा , ई.एम.ई. सेन्टर, तहसील हुजूर, जिला भोपाल को ग्राम सूखी सेवनिया ( कल्याणपुर, पिपलिया, जाहिरपीर ) में निम्नलिखित शर्तों के अन्तर्गत ऐसे क्षेत्र के रूप में निर्धारित करता है, जिसके भीतर 01 अक्टूबर 2018 से प्रारंभ होने वाले तथा दिनांक 30 सितम्बर 2033 को समाप्त होने वाले पंद्रह वर्ष की कालावधि के लिये नियतकालिक रूप से मैदानी गोलाबारी तथा तोप अभ्यास का किया जाना प्राधिकृत किया जा सकेगा:-
1 . सेना सुरक्षा विभाग अपनी भूमि पर ही सैन्य अभ्यास कर सकेगा.
2. सेना सुरक्षा विभाग को फील्ड फायरिंग एक्ट एण्ड आर्टिलरी प्रेक्टिस एक्ट, 1938 एवं मध्यप्रदेश सैन्य चालान मैदानी गोलाबारी तथा तोप अभ्यास नियम 1964 में दर्शाये नियमों का पालन करना होगा.
3. एब्सुल्यूट सेफ्टीजोन के अंतर्गत दर्शायी गई भूमियों में सैन्य अभ्यास के दौरान कम से कम जन - धन हानि हो इसका प्रयास सेना सुरक्षा विभाग को करना होगा.
4. अभ्यास के दौरान सार्वजनिक आवागमन बंद नहीं होगा, मध्यप्रदेश सैन्य चालान , मैदानी गोलाबारी तथा तोप अभ्यास नियम 12 से 15 अनुसार जो निजी भूमियां प्रभावित होंगी ( फसलें ) उनका प्रतिकर क्षति होने पर सुरक्षा विभाग को अदा करना होगा, अभ्यास दिवस में आवागमन बंद किये जाने की स्थिति में आवागमन के रास्तों पर सेना का प्रहरा लगाया जाकर आवागमन पूर्व से ही बंद करना होगा.
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5. उक्त फील्ड फायरिंग रेंज में वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के प्रावधान लागू नहीं होते परन्तु वन संरक्षण की दृष्टि से फायरिंग रेंज के सेफ्टीजोन में बड़े वृक्षों के साथ छोटे वृक्षों का वृक्षारोपण सेना सुरक्षा विभाग को विभिन्न चरणों में पूरा करना होगा ताकि वृक्षारोपण काम्पेक्ट बने और क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण कम हो.
6. फायरिंग के दौरान वन सुरक्षा का पूर्ण प्रबन्ध सेना सुरक्षा विभाग को करना होगा. इस दौरान कोई हानि होती है तो नियमानुसार मुआवजे का भुगतान सेना सुरक्षा विभाग को करना होगा.
7. मैदानी गोलाबारी तथा तोप अभ्यास के दौरान जन- हानि, पशु हानि, फसल हानि होने पर सुरक्षा विभाग को नियमानुसार मुआवजे का भुगतान करना होगा. उक्त रेंज के अंतर्गत एवं आसपास रहने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित रेंज के कमांडिग ऑफीसर की होगी.
8. सेना सुरक्षा से लिखित वचन - पत्र लिया जावे कि भारत सरकार अथवा राज्य शासन द्वारा भविष्य में भी यदि कोई शर्तें निर्धारित की जाती हैं, तो उन शर्तों को मानने के लिए उक्त विभाग बाध्य होगा.
9. भू- रेखांक एवं क्षेत्र के ब्यौरे संबंधी अनुसूची का निरीक्षण कलेक्टर, भोपाल के कार्यालय में किया जा सकेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
कमल नागर, उपसचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2018.