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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

(संशोधन) मध्‍यप्रदेश माल और सेवा कर नियम 2017

Published 07 December 2018

Department
वाणिज्यिक कर
Type
Extraordinary
Gazette no.
631
Identifier
in.gazette.madhya.2018-12-07.631.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 7 दिसम्बर 2018- अग्रहायण 16, शक 1940

क्रमांक 631 ]

वाणिज्यिक कर विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-20-2018-1- पांच ( 58 ) .- राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-

संशोधन

इन संशोधनों को 19 जून, 2018 से प्रवृत्त समझा जाएगा.

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में,-

(xii ) नियम 58 के उपनियम ( 1 ) के पश्चात्, निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

1261 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262

"( 1 क) इन नियमों के अध्याय 16 के प्रयोजनों के लिए, एक ही स्थायी खाता संख्या वाला कोई ऐसा परिवाहक , जो एक से अधिक राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में रजिस्ट्रीकृत है, अपनी किसी एक माल और सेवा कर पहचान संख्यांक का उपयोग करके प्ररूप जीएसटी ईएनआर-02 में ब्यौरे देते हुए विशिष्ट सामान्य नामांकन संख्यांक के लिए आवेदन कर सकेगा और दिए गए ब्यौरों का विधिमान्यकरण होने पर, विशिष्ट सामान्य नामांकन संख्यांक बनाया जाएगा और उसे उक्त परिवाहक को संसूचित किया जाएगा:

परंतु जहां उक्त परिवाहक ने विशिष्ट सामान्य नामांकन संख्यांक प्राप्त कर लिया है, वहां वह उक्त अध्याय 16 के प्रयोजनों के लिए किसी भी माल और सेवा कर पहचान संख्यांक के उपयोग का हकदार नहीं होगा । ";

(xiii) नियम 138ग के उपनियम ( 1 ) के पश्चात्, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् "परंतु जहां परिस्थितियां ऐसा अपेक्षित करें, वहां आयुक्त, या उसके द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी, दर्शित किए गए पर्याप्त कारणों के आधार पर , प्ररूप ईडब्ल्यूबी-03 के भाग ख में अंतिम रिपोर्ट अभिलिखित करने के समय को, तीन दिन से अनधिक की अतिरिक्त अवधि के लिए बढ़ा सकेगा ।

स्पष्टीकरण यथास्थिति, चौबीस घंटे या तीन दिन की अवधि की संगणना उस तारीख की मध्यरात्रि से की जाएगी, जिसको यान बीच में रोका गया था ।";

(xiv) नियम 142 के उपनियम (5) में, "धारा 76 की उपधारा (3 )" शब्दों, अंकों और कोष्ठकों के पश्चात्, "या धारा 129 या धारा 130" शब्द और अंक अंतःस्थापित किए जाएंगे;

(xv) प्ररूप् जीएसटी ईएनआर-01 के पश्चात्, निम्नलिखित प्ररूप अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:--

"प्ररूप जीएसटी ईएनआर -02

[नियम 58(1 क) देखिए

विशिष्ट सामान्य नामांकन संख्यांक अभिप्राप्त करने के लिए आवेदन

[एक ही स्थायी खाता संख्या वाले केवल ऐसे परिवाहक के लिए , जो एक से अधिक राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में रजिस्ट्रीकृत

है।

1.

(क) विधिक नाम

(ख) स्थायी खाता संख्या 1262( 1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

2. एक ही स्थायी खाता संख्या वाले के रजिस्ट्रीकरण के ब्यौरे

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र

व्यापार का नाम

माल और सेवा कर पहचान संख्यांक

क्रम सं०

3. सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषित करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और उसमें से कोई बात छिपाई नहीं गई है ।

हस्ताक्षर

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम -

स्थान:

पद/प्रास्थिति-

तारीख

कार्यालय उपयोग के लिए-

तारीख -.. 1"

नामांकन संख्या-.

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-20-2018-1-V(58 ) दिनांक 5 जुलाई, 2018 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 379 भोपाल दिनांक 5 जुलाई, 2018 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(2)

क्रमांक एफ ए 3-20-2018-1- पांच(54)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्: --

संशोधन

जैसा अन्यथा उपबंधित के सिवाय, यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 25 जून, 2018 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में, --

(i ) नियम 37 के उपनियम (1 ) के परंतुक के पश्चात्, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा , अर्थात् :-

"परंतु यह और कि धारा 15 की उपधारा (2 ) के खंड (ख) के उपबंधों के अनुसार जोड़ी गई किसी रकम के मद्दे प्रदायों के मूल्य को धारा 16 की उपधारा (2) के दूसरे परंतुक के प्रयोजनों के लिए संदत्त किया गया समझा जाएगा: । ";

(ii) नियम 83 के उपनियम (3 ) के दूसरे परंतुक में "एक वर्ष" शब्दों के स्थान पर "अठारह मास " शब्द रखे जाएंगे;

(iii) 1 जुलाई, 2017 से, नियम 89 में, उपनियम (5) के स्थान पर, निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"(5) विपरीत शुल्क ढांचा के मद्दे प्रतिदाय की दशा में, इनपुट कर प्रत्यय का प्रतिदाय , निम्नलिखित सूत्र के अनुसार दिया जाएगा:--

अधिकतम प्रतिदाय की रकम = (व्युतक्रमित दर के माल और सेवाओं के प्रदाय का आवर्त) x शुद्ध आईटीसी समायोजित कुल आवर्त - ऐसे व्युतक्रमित दर के माल और सेवाओं के प्रदाय पर संदेय कर ।

स्पष्टीकरण- इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए,-

(क) "शुद्ध आईटीसी" पद से सुसंगत अवधि के दौरान, ऐसे उपभोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय से भिन्न, जिसके लिए उपनियम (4क) या उपनियम (4ख) या दोनों के अधीन प्रतिदाय का दावा किया गया है , इनपुटों पर उपभोग किया गया इनपुट कर प्रत्यय अभिप्रेत है ; और

(ख) "समायोजित कुल आवर्त" पद का वही अर्थ होगा जो उपनियम (4) में उसका है 1";

1262(3)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(lv) 1 जुलाई , 2017 से , नियम 95 के उपनियम (3 ) के खंड (क) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्:-

(क) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से, माल का आवक प्रदाय या सेवाएं या दोनों किसी कर बीजक के विरुद्ध प्राप्त किए गए थे; ";

(v) नियम 97 के उपनियम ( 1 ) के परंतुक के पश्चात्, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा , अर्थात् :--

"परंतु यह और कि माल और सेवा कर (राज्यों को प्रतिकर) अधिनियम, 2017 (2017 का 15 ) की धारा 11 के साथ पठित धारा 54 की उपधारा (5) के अधीन अवधारित उपकर की रकम के पचास प्रतिशत के समतुल्य रकम निधि में जमा की जाएगी ।

(vl) नियम 133 के उपनियम (3 ) के स्थान पर, निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात् : -

"(3 ) जहां प्राधिकरण यह अवधारित करता है कि रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति ने, प्राप्तिकर्ता को माल या सेवाओं के प्रदाय पर कर की दर में कमी का फायदा या इनपुट कर प्रत्यय का फायदा, कीमत में आनुपातिक कमी के रूप में नहीं दिया था, वहां प्राधिकरण,-

(क) कीमतों में कमी करने ;

(ख) प्राप्तिकर्ता को, उच्चतर रकम के संग्रहण की तारीख से, यथास्थिति, ऐसी रकम की वापसी या ब्याज सहित वापस न की गई रकम की वसूली की तारीख तक, अठारह प्रतिशत की दर पर ब्याज सहित कीमतों में आनुपातिक कमी के रूप में नहीं दी गई रकम के समतुल्य रकम को वापस करने ;

(ग) जहां पात्र व्यक्ति ने रकम की वापसी का दावा नहीं किया है या उसकी पहचान नहीं हुई है, वहां उपरोक्त खंड के अधीन अवधारित रकम के पचास प्रतिशत के समतुल्य रकम को, धारा 57 के अधीन गठित निधि में और रकम का शेष पचास प्रतिशत संबद्ध राज्य के माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 57 के अधीन गठित निधि में जमा करने ;

(घ) अधिनियम के अधीन यथा विनिर्दिष्ट शास्ति के अधिरोपण ; और

(ङ) अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण,

का आदेश कर सकेगा ।.

स्पष्टीकरण- इस उपनियम के प्रयोजन के लिए, "संबद्ध राज्य" पद से ऐसा राज्य अभिप्रेत है , जिसके संबंध में प्राधिकरण ने आदेश पारित किया है । " ;

(vii) नियम 138 के उपनियम ( 14 ) के खंड (ढ) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा , अर्थात्:-

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(4)

"(ण) जहां प्रदाय से भिन्न किन्हीं कारणों से, द्रवित पैट्रोलियम गैस की पैंकिग के लिए खाली सिलेंडरों को हटाया जाता है । ";

(viii) प्ररूप जीएसटीआर-4 में, अनुदेशों में, क्रम सं0 10 पर दिए गए अनुदेश के स्थान पर, निम्नलिखित अनुदेश रखा जाएगा, अर्थात् :-

" 10. जुलाई , 2017 से सितंबर , 2017 , अक्तूबर, 2017 से दिसंबर, 2017 , जनवरी , 2018 से मार्च , 2018 और अप्रैल, 2018 से जून, 2018 तक की कर अवधियों के लिए सारणी 4 का क्रम 4क नहीं दिया जाएगा । " ।

(Ix) 1 जुलाई, 2017 से प्ररूप जीएसटी पीसीटी-01 के भाग आ में,-

(क) क्रम संख्यां 4 के सामने, प्रविष्टि ( 10 ) के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-

"( 11 ) कम से कम पांच वर्ष की अवधि के लिए विद्यमान विधि के अधीन विक्रय कर व्यवसायी

(12) कम से कम पांच वर्ष की अवधि के लिए विद्यमान विधि के अधीन कर विवरणी तैयारकर्ता";

(ख) "सहमति" के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-

"घोषणा

मैं घोषणा करता हूं कि :

(1) मैं भारत का नागरिक हूं;

(II ) मैं स्वस्थ्य चित्त का व्यक्ति हूं

(iii) मुझे दिवालिया के रूप में न्यायनिर्णित नहीं किया गया है; और

(iv) मुझे किसी सक्षम न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध नहीं ठहराया गया है। " ;

(x) प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01 के उपाबंध -1 में,

(क) विवरण 1 क के स्थान पर निम्नलिखित विवरण रखा जाएगा, अर्थात्: -

"विवरण 1क

[नियम 89 (2)(ज) देखें]

प्रतिदाय किस्म : विपर्यस्त कर ढांचे के कारण संचित आईटीसी [ धारा 54( 3 ) के पहले परंतुक का खंड (II)] 1262(5)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

जावक प्रदायों पर संदत्त कर

आवक प्रदायों पर

संदत्त कर

प्राप्त प्रदायों के आवक बीजकों के ब्यौरे

सं.

सं तारी ख

केंद्री य कर

एकी कृत कर

करा धेय मूल्य

प्रदायकर्ता का जीएसटीआ ईएन

2

34

1

56

7 8

जारी जावक प्रदायोंके बीजकों के ब्यौरे

सं तारी ख

एकी कृत कर

केंद्री य कर

करा धेय मूल्य

राज्य कर/सं घ राज्य क्षेत्र कर राज्य कर/सं घ राज्य क्षेत्र कर

12 13 14 9 10 11

(ख) विवरण 5ख के स्थान पर निम्नलिखित विवरण रखा जाएगा, अर्थात् :-

"विवरण 5ख

[नियम 89( 2)(छ) देखें]

प्रतिदाय किस्म : समझे गए निर्यातों के मद्दे क्रम सं.

प्रदायकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में जावक प्रदायों के बीजकों के ब्यौरे/प्राप्तिकर्ता द्वारा दावा किए गए प्रतिदाय की दशा में आवक प्रदायों के बीजकों के ब्यौरे

तारीख

सं.

कराधेय मूल्य प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन

4

5

2

3

1

(xi) प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01 क, के उपाबंध-1 में, --

(रकम रुपए में)

संदत्त कर

उपकर केंद्रीय कर

एकीकृत कर

राज्य करसंघ राज्यक्षेत्र कर

9

8

7

6

(क) "विवरण 1 क के स्थान पर निम्नलिखित विवरण रखा जाएगा , अर्थात्ः-

"विवरण 1क

[नियम 89 (2)(ज)देखें]

प्रतिदाय किस्म: विपर्यस्त कर ढांचे के कारण संचित आईटीसी [ धारा 54(3) के पहले परंतुक

का खंड (II)]

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(6)

जावक प्रदायों पर संदत्त कर प्राप्त प्रदायों के आवक बीजकों के ब्यौरे

आवक प्रदायों पर

संदत्त कर

जारी जावक प्रदायों के बीजकों के ब्यौरे

सं

सं तारी ख

तारी ख

एकी कृत कर

करा धेय मूल्य

एकी कृत कर

केंद्री य कर करा धेय मूल्य

केंद्री य कर

प्रदायकर्ता का जीएसटीआ ईएन

राज्य कर/सं घ राज्य क्षेत्र कर

राज्य कर/सं घ राज्य क्षेत्र कर

12 13 14

11

910

6

34 5

78

2

1

";

(ख ) विवरण 5ख के स्थान पर निम्नलिखित विवरण रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"विवरण 5ख

[नियम 89(2)(छ)देखें]

प्रतिदाय किस्म : समझे गए निर्यातों के मद्दे

(रकम रुपए में)

संदत्त कर

क्रम सं.

प्रदायकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में जावक प्रदायों के बीजकों के ब्यौरे/ प्राप्तिकर्ता द्वारा दावा किए गए प्रतिदाय की दशा में आवक प्रदायों के बीजकों के ब्यौरे

उपकर

तारीख

सं..

केंद्रीय कर

एकीकृत कर

कराधेय मूल्य

प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन

राज्य कर संघ राज्यक्षेत्र कर

9

8

7

6

5

4

3

2

1

;" 3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-20-2018-1 - V(54) दिनांक 25 जून, 2018 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 323 भोपाल दिनांक 25 जून, 2018 में प्रकाशित । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(7) क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1-पांच(111 )

मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 11 की उपधारा (1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार इस परिषद की सिफारिशों के आधार पर इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-35-2017-1 - पांच(63 ), दिनांक 7.12.18 , में और आगे भी निम्नलिखित संशोधन करती है अर्थात्ः-

उक्त अधिसूचना में, -

(क)सूची में, -

(i) क्रम संख्या 27 के स्तंभ (3) में "उनसे भिन्न, जो यूनिट कंटेनरों में रखे गए हों और जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो " शब्दों के स्थान पर शब्द, कोष्ठक और अक्षर " उनसे भिन्न,जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और, -

(क) जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिस पर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध I में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए , उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नाम पर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया गया हो] " , को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(ii) क्रम संख्या 29 और 45 के स्तंभ (3 ) में "उनसे भिन्न, जो यूनिट कंटेनर में रखे गए हों और जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो" शब्दों के स्थान पर शब्द, कोष्ठक और अक्षर "उनसे भिन्न ,जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और, -

(क) जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिस पर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध 1 में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए, उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नाम पर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया गया हो] " , को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(iii) क्रम संख्या 65 , 66, 67 , 68 , 69, 70, 71 , 72, 73, 74, 75, 77 और 78 के स्तंभ (3 ) में "उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और जिनका कोई मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 8)

पंजीकृत ब्रांड नाम हो " शब्दों के स्थान पर शब्द, कोष्ठक और अक्षर "उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और,-

जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

(क)

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिस पर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध 1 में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए, उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नामपर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया गया हो] " , को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(iv) क्रम संख्या 101 के स्तंभ (3 ) में "उनसे भिन्न, जो यूनिट कंटेनर में रखे गए हों और जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो " शब्दों के स्थान पर शब्द, कोष्ठक और अक्षर "उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और, -

(क) जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिस पर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध I में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए , उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नाम पर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया गया हो। " , को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(A) क्रम संख्या 108 के स्तंभ (3 ) में "उनसे भिन्न, जो यूनिट कंटेनरों में रखे गए हों और जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो " शब्दों के स्थान पर शब्द, कोष्ठक और अक्षर "उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और,-

(क) जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिस पर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध 1 में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए , उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नाम पर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया गया हो। " , को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(vi ) क्रम सं0 102 में, कॉलम (2) में प्रविष्टि "2301,2302,2308,2309 " , प्रतिस्थापित की जायेगी;

1262(9)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(vii ) क्रम संख्या 102 के बाद और उससे संबंधित प्रविष्टि के निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टि अंतःस्थापित की जाएगी,: -

2306

कॉटन सीड आयल केक" ;

"102क

(viii ) क्रम संख्या 130 के बाद और उससे संबंधित प्रविष्टि के निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टि अंतःस्थापित की जाएगी , अर्थात्ः-

50 से 55

" 130क

खादी एवं ग्राम उ‌द्योग आयोग (केवीआईसी) एवं केवीआईसी द्वारा प्रमाणित संस्थानों/ दुकानों, के द्वारा बेचे गए खादी वस्त्र" ;

(ix) क्रम संख्या 135 के बाद और उससे संबंधित प्रविष्टि के निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टि अंतःस्थापित की जाएगी: -

69

"135क

मिट्टी से बनी मूर्तियां" ;

(x) क्रम संख्या 138 में, कॉलम (3 ) की प्रविष्टि में, " हाथ से धागा कताई के चरखे, अम्बर चरखा सहित", प्रतिस्थापित की जायेगी;

(xi ) क्रम संख्या 143 में, कॉलम (3 ) की प्रविष्टि के स्थान पर, "अनुबंध।। में उल्लिखित स्वदेशी हस्तनिर्मित संगीत वाद्ययंत्र", को प्रतिस्थापित किया जायेगा;

(xii ) क्रम संख्या 144 में, कॉलम (3 ) की प्रविष्टि के स्थान पर " सरकंडे से मोड़े, फूलझाडू या झाडू, जोकि सीकों या अन्य वनस्पतियों से बने हों, इकटठे बांधे गए हों, जिनमें हत्थे लगे हों या नहीं ",को प्रतिस्थापित किया जायेगा;

(ख) स्पष्टीकरण, खंड ( ii ) में निम्नलिखित प्रतिस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्ः-

"( ii) (क) वाक्यांश "ब्रांड नाम" का अर्थ ब्रांड नाम या व्यापार का नाम है, जिसका अर्थ है, नाम या चिह्न , जैसे प्रतीक, मोनोग्राम , लेबल, हस्ताक्षर या आविष्कार शब्द या लेखन जिसका उद्देश्य इस उद्देश्य के लिए निर्दिष्ट माल के संबंध में उपयोग किया जाता है । या ऐसे व्यक्ति के पहचान के किसी भी संकेत के बिना या ऐसे नाम या चिह्न का उपयोग मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(10)

करने वाले कुछ व्यक्ति के बीच व्यापार के क्रम में एक कनेक्शन को इंगित करने के लिए या ऐसा करने के लिए ।

(ख) " पंजीकृत ब्रांड नाम " वाक्यांश का अर्थ है, -

(क) ट्रेड मार्क एक्ट, 1999 के तहत 15 मई 2017 को पंजीकृत एक ब्रांड, चाहे ब्रांड को बाद में पंजीकरण रद्द कर दिया गया हो या नहीं ।

(ख) कॉपीराइट अधिनियम, 1957 (1957 का 14 ) के तहत 15 मई 2017 को पंजीकृत एक ब्रांड;

(ग) किसी भी अन्य देश में किसी भी कानून के तहत 15 मई , 2017 को पंजीकृत एक ब्रांड (ग) अनुच्छेद 2 के बाद, निम्नलिखित अनुबंधकों को अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः -

"अनुबंध ।

किसी ब्रांड नाम पर कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार के परित्याग के लिए

(क) ऐसा व्यक्ति जो कि यूनिट कंटेनर में ऐसे माल की पैकिंग करा रहा हो, जिसे पर ब्रांड नेम छपा हो, क्षेत्राधिकार प्राप्त राज्य कर आयुक्त के समक्ष इस आशय का शपथ पत्र प्रस्तुत करेगा कि वह स्पष्टीकरण ( ii ) (क) में यथापरिभाषित ऐसे ब्रांड नाम पर अपने कार्रवाई योग्य दावे या अपरिवर्तनीय अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर रहा है ।

(ख) ऐसा व्यक्ति जो कि किसी यूनिट कंटैनरों में ऐसे माल की पैकिंग करा रहा हो, जिस पर, प्रत्येक यूनिट कंटेनर पर ब्रांड नाम छपा हो, अंग्रेजी और स्थानीय दोनों ही भाषाओं में अमिट स्याही में यह मुद्रित कराएगा कि ऐसे यूनिट कंटैनर पर मुद्रित स्प्ष्टीकरण ( ii ) (क) में यथापरिभाषित ब्रांड नाम के संबंध में उसने कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनीय अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया है ।

अनुबंध II

स्वदेशी हस्तनिर्मित संगीत वाद्ययंत्रों की सूची

1.

बुलबुल तरंग

2. दोतार, दोतोरा या दोतारा

3.

एकतारा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018 1262(11) 4.

गटचू वाद्य या झालारी

5. गोपीचंद या गोपीयंत्र या खामक

6.

गोटुवाध्यम या चित्रावीणा

7. काथो

8. सरोद

9. सितार

10.

सुरबहार

11.

सुरसिंगार

12.

सुराबात

13.

स्वरमंडल

14.

तंबूरा

15. तुंबी

16

तुनतुना

17. मगाधी वीणा

18. हंस वीणा

19.

मोहन वीणा

20.

नकुल वीणा

21.

नन्दुनी

22. रुद्रा वीणा

23 . सरस्वती वीणा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262 ( 12)

24. विचित्रा वीणा

25. येज

26. रंजन वीणा

27. त्रिवेणी वीणा

28 . चिकारा

29. दिलरुबा

30.. एकतारा वायलीन

31.

इसराज

32. कमायिचा

33.

मयूरी वीणा या टाउस

34. ओनाविलू

35. बहेला (वाइलिन टाइप)

36. पीना और बाना

37 पलुवन वीणा-एक तार वाले वायलिन

38.

रावनाहाथा

39. लोक सारंगी

40.

शास्त्रीय सारंगी

41. सारींडा

42.

तार शहनाई

43.

गीथू या झल्लारी

44.

गब्बूबा या जामुकु -पर्क्यूशन स्टिंग इंस्ट्रूमेंट

1262( 13 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

45.

पुल्लुवन्तकुतम

46. संतूर- हम्मार्ड कॉर्ड वॉक्स

47. पेपा

48. पुंगी या बीन

49. भारतीय हारमोनियम डबल रीड

50.

कुज्हल

51.

नादस्वरम

52. शहनाई

53.

सुंदरी

54.

तंगमुरी

55. अल्गोजा डबल बांसुरी

56. बांसुरी

57

वेणु ( क्रर्नाटिक बांसुरी) पुलंगाझल

58.

मसक

59 . तिती

60.

सिश्रुतूपंगा

61.

गोगोना

62. मोर्सिंग

63.

श्रुति बॉक्स

64. हारमोनियम हाथ से पंप

65.

इकालम मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 14)

66.

करनाल

67. रामसिंगा

68.

काहल

69. नागफनी

70. तूरी

71.

डाड

72.

डामरू

73. डिमाडी

74. ढोल

75. ढोलक

76. ढोलकी

77. दुग्गी

78. घाटिंगहारी या गदसिंगारी

79. घुमोद

80.

घुमेटा

81. कंजीरा

82. खोल

83. कंपर और धोपर (आदिवासी ड्रम)

84. माडली

85.

माराम

86.

मिजहवु 1262(15)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

87.

मृदंगम

88.

पखावज

89. पखवाजोज़री - तबले के समान सिख के टबल के समान साधन

90. पंजामुखावाद्यम

91. पुंग

92.

शुधमदलम या मददलम्

93. तबला / टेबल / चैमली-गॉलेट ड्रम

94.

तबला

95. तबला तरंग तबलों का समूह

96.

तामुट

97. थानुथीपानई

98 . थिमुला

99. तुंबक, तुंबकनारी , तुंबकनेर

100. डफ, डफ, डीएएफ या डूफडीमडी या डिमी-जिंगल के बिना छोटा फ्रेम ड्रम

101 . कांजीरा- एक जिंगल के साथ छोटा फ्रेम ड्रम

102. कांसी जिंगल के बिना छोटा

103 . पट्यनितप्पा- हाथों से खेला जाने वाला मध्यम फ्रेम ड्रम

104. चेन्दा

105.

ढोलु

106.

धक

107. ढोल

108. ढोली मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 16)

109 .

इडाका

110. थाविल

111. उडुकई

112. चंडे

113. नागारा - केटस्लेड्रम्स की जोड़ी

114. पम्बाई-दो बेलनाकार ड्रम की इकाई

115. पैरातिप्पु, हल्गी- फ्रेम ड्रम दो स्टिक्स के बजाने वाला

116. संबल

117. स्टिक डफ या स्टिक डफ लाठी के साथ खेला जाने वाला स्टैंड में डेफ

118 .

तमक

119. ताशा- केटस्लेड्रम का प्रकार

120. उर्मि

121 . जलातरंग चिम्पत्ता पीतल के जिंगल के साथ आग टोंग

122. चेंगिल - धातु डिस्क

इलाथलम

123.

124. गेजर - ब्रास पोत

125. घटक और मटकाम (मिट्टी के बरतन बर्तन ड्रम)

126.

घुंघरू

127. खारताल या चिप्पला

128. मनजीरा या झांज या ताल

129. नट-क्ले पॉट

130. संकरजांग- लिथोफोन

131. थाली-धातु प्लेट

132. थाकुकाजामनाई 1262( 17)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

133 . कंच तरंग, कांच के एक प्रकार

134. काष्ठ तरंग, एक प्रकार का जेलोफ़ोन

2. , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 22 सितम्बर , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1 -v ( 111 ) दिनांक 22 सितम्बर, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक (असाधारण)516 भोपाल दिनांक 22 सितम्बर, 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(18)

क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1-पांच(130)

मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 11 की उपधारा (1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, इस परिषद की सिफारिशों के आधार पर, एतदद्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए- 3-35/2017-1- पांच (63 ), दिनांक -7: 12.18 , में निम्नलिखित और संशोधन करती है, अर्थात् -

उक्त अधिसूचना में,

(क) सारणी में क्रम संख्या 122 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

4907

ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स"

"122क

(ii) क्रम संख्या 149 और उससे संबंधित प्रविष्टियों को निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: -

"150.

केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय निकाय, जैसी भी स्थिति हो, से अनुदान के रूप में प्राप्त प्रतिफल के एवज में, केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र, स्थानीय निकाय या ऐसे किसी व्यक्ति, जिसे केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय निकाय द्वारा विनिर्दिष्ट किया गया हो, को किसी सरकारी निकाय द्वारा की जाने वाली वस्तुओं की आपूर्ति। "

(ख) स्पष्टीकरण में, खंड (iv) के बाद निम्नलिखित खंड अंतस्थापित किया जाएगा , अर्थात् -:

"(v) वाक्य "सरकारी निकाय " से अभिप्राय किसी ऐसे प्राधिकरण या बोर्ड या अन्य किसी निकाय जिसमें सोसायटी, ट्रस्ट निगम भी आते हैं, जोकि;

(क) संसद या राज्य विधान मंडल के किसी अधिनियम

(ख) किसी सरकार द्वारा किया गया

और जिसमें साम्या या नियंत्रण के माध्यम से 90 प्रतिशत या इससे अधिक की भागीदारी हो और जिसका काम केंद्र सरकार , राज्य सरकार , संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय प्राधिकरण के द्वारा सौंपे गए कार्यों को पूरा करना है । " 1262(19)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(ग) अनुबंध 1 में, (ख) के पश्चात निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाएगाः-

बशर्ते कि, यदि ब्राण्ड नेम पर कार्यवाही किए जाने के लिए दावा या प्रवर्तनीय अधिकार रखने वाला व्यक्ति और यूनिट कंटेनरों में ऐसे माल को पैक करने वाले दो अलग-अलग व्यक्ति है तो वह व्यक्ति जो कि ब्राण्ड नेम पर दावा कर सकता है या जिसका प्रवर्तनीय अधिकार है ऐसे माल की पैकिंग करने वाले व्यक्ति के क्षेत्राधिकार वाले राज्य कर आयुक्त के पास इस आशय का शपथ पत्र जमा करेगा की वह स्पष्टीकरण ( ii) (क) में यथा परिभाषित ऐसे ब्राण्ड नेम पर अपने कार्यवाही योग्य दावे या प्रवर्तनीय अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग करता है; और उसने उस व्यक्ति[जो कि ऐसे यूनिट कंटेनरों में ऐसे ब्राण्ड नेम वाले माल की पैकिंग करता है। को इस बात केलिए प्राधिकृत करता है कि वह ऐसे यूनिट कंटेनरों पर अंग्रेजी और स्थानीय दोनों भाषाओं में तथा न मिटने वाली स्याही से यह मूद्रित कर सकेगा कि ऐसे ब्राण्ड नेम पर वह (जिसके पास ब्राण्ड नेम का अधिकार होगा। ऐसे ब्राण्ड नेम पर कार्यवाही योग्य दावे या प्रवर्तनीय अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर रहा है। "

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण) में , अंग्नेजी में प्रकाशन दिनांक 13 अक्टूबर, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1 -V (130) दिनांक 13 अक्टूबर, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 557 भोपाल दिनांक 13 अक्टूबर , 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(20)

क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1-पांच( 148)

मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार इस परिषद की सिफारिशों के आधार पर इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफए/3/35/2017 /1 /पांच(63 ), दिनांक 07.12.14 में और आगे निम्नलिखित संशोधन करती है अर्थात्ः-

उक्त अधिसूचना में,

(1 ) सूची में, -

(i ) क्रम संख्या 8 और 9 और उनसे संबंधित प्रविष्टि के स्थान पर निम्नलिखित को प्रतिस्थापित की जाएगी, यथा;-

"8

सभी सामान, ताजा या द्रुतशितित

0203, 0204, 0205, 0206, 0207, 0208, 0209

9

सभी सामान , ( ताजा या द्रुतशितित से भिन्न) उनसे भिन्न, जिन्हें किसीयूनिट कंटेनर में रखा गया हो और, -

(क) जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

0203 , 0204, 0205, 0206, 0207, 0208, 0209; 0210

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिसपर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध । में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए , उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नामपर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग करदिया गया हो] ";

(ii) क्रम संख्या 10, 11 , 12, 13, 14, 15, 16, 17 को और उससे संबंधित प्रविष्टियों को निरसित कर दिया जाएगा ;

(iii) क्रम संख्या 21 और 22 और उनसे संबंधित प्रविष्टि के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित की जाएगी, यथा;- 1262(21)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

"21

0304,

सभी सामान, ताजा या द्रुतशितित

0306,

0307, 0308

22

0303,

सभी सामान , ( ताजा या द्रुतशितित से भिन्न) उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और, -

(क) जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

0304, 0305, 0306, 0307, 0308

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिसपर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध । में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए , उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नामपर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छासे परित्याग कर दिया गया हो] ";

(iv) क्रम संख्या 23 , 24 को और उससे संबंधित प्रविष्टियों को निरसित कर दिया जाएगा;"

(v) क्रम संख्या 30 और उससे संबंधित प्रविष्टि के बाद निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टिअंतःस्थापित की जाएगी, यथा;-

0504

"30क

सभी सामान, ताजा या द्रुतशितित

0504

30ख

सभी सामान , ( ताजा या द्रुतशितित से भिन्न) उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और, -

(क) जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिसपर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध I में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए , उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नामपर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया गया हो। ";

(vi) क्रम सख्या 43 और उससे संबंधित प्रविष्टि के बाद निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टिअंतःस्थापित की जाएगी, यथा;- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(22)

"43क 0710

वनस्पतियां (बिना पकाई गई या भापन या पानी में उबाल कर पकाई गई) , हिमशीतित उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और, -

(क) जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिसपर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध I में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए, उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नामपर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छासे परित्याग कर दिया गया हो] " ;

(vil) क्रम संख्या 46 के स्तंभ (3) में, शब्दों "ताजा, द्रुतशितित " के स्थान पर शब्दों "ताजा, या द्रुतशितित, शुष्क" को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(viii ) क्रम सख्या 46 के बाद और उससे संबंधित प्रविष्टि के बाद निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टि अंतःस्थापित की जाएगी, यथा;-

0714

"46क

मेनिओक , अरारूट , संलेप , जेरुसलम पाथीचक, शकरकंद और वैसी ही जड़ें और कंद, जिनमें स्टार्च और इनूलिन की मात्रा अधिक है , हिमशीतित , चाहे स्लाइस किए गए हैं या नहीं या गुटिका रूप में हैं उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और, -

(क) जिनका कोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिस पर किसी विधिक न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध I में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए , उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नाम पर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छासे परित्याग कर दिया गया हो।

08

46खः.

शुष्कित मखाना, चाहे कवचयुक्त या छिलकारहित है या नहीं उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट कंटेनर में रखा गया हो और, -

(क)जिनकाकोई पंजीकृत ब्रांड नाम हो, या

(ख) जिनका कोई ऐसा ब्रांड नाम हो जिसपर किसी विधिक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(23)

न्यायालय में कार्रवाई योग्य दावा किया जा सकता हो या उस पर कोई प्रवर्तनी अधिकार उपलब्ध हो [अनुबंध । में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए , उनसे भिन्न जहां के ऐसे ब्रांड नामपर किसी कार्रवाई योग्य दावे या प्रवर्तनी अधिकार का स्वेच्छासे परित्याग कर दिया गया हो। " ;

(Ix) क्रम संख्या 77 के स्तंभ (3 ) में, शब्दों "आलू का आटा" के स्थान पर शब्दों "आलू का आटा, अवचूर्ण , चूर्ण पत्र या दलित" को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(x) क्रम सख्या 78 और उससे संबंधित प्रविष्टि के बाद निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टिअंतःस्थापित की जाएगी, यथा;-

"78क 1106 10.10

ग्वार अवचूर्ण";

(xi) क्रम सख्या 87 और उससे संबंधित प्रविष्टि के बाद निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टिअंतःस्थापित की जाएगी, यथा;-

"87क 1210 10.00

हाप कोन , जो दलित, चूर्णित या गुटिका के रूप में नहीं है";

(xii ) क्रम सख्या 93 के बाद और उससे संबंधित प्रविष्टि के बाद निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टि अंतःस्थापित की जाएगी , यथा;-

"93क 1404 90 60

नारियल कवच, अकर्मित ";

(xiii ) क्रम संख्या 94 के स्तंभ (3 ) की प्रविष्टि, के स्थान पर , प्रविष्टि "सभी प्रकार के गुड़, जिसके अंतर्गत गन्ना गुड़ (गुड़), पालमिरा गुड़ सम्मिलित है, खांडसारी चीनी" को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(xiv) क्रम संख्या 103 के स्तंभ (3 ) की प्रविष्टि, के स्थान पर , प्रविष्टि "नमक ( टेबल नमक और विकृत नमक) और शुद्ध सोडियम क्लोराइड , चाहे जलीय घोल या नहीं , या एंटी- केक या फ्री फ्लोइंग एजेंट युक्त, समुद्र जन" को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(xv) क्रम सख्या 103 और उससे संबंधित प्रविष्टि के बाद निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टिअंतःस्थापित की जाएगी, यथा;-

"103क 26

यूरेनियम अयस्क सान्द्रित";

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(24)

(xvi) क्रम सख्या 136 और उससे संबंधित प्रविष्टि के बाद निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टिअंतःस्थापित की जाएगी, यथा;-

"136क 7113

लाख या शलक लाख की चूड़ियाँ";

(2) स्पष्टीकरण में, खंड (ii) में उपखंड (ख) के स्थान पर निम्नलिखित उपखंड प्रतिस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्ः-

"(ख) "पंजीकृत ब्रांड नाम" वाक्यांश का अर्थ है, -

(क) ट्रेड मार्क एक्ट, 1999 के तहत 15 मई 2017 को या उसके बाद पंजीकृत एक ब्रांड, चाहे ब्रांड को बाद में पंजीकरण रद्द कर दिया गया हो या नहीं ।

(ख) कॉपीराइट अधिनियम, 1957 ( 1957 का 14) के तहत 15 मई 2017 को या उसके बाद पंजीकृत एक ब्रांड;

(ग) किसी भी अन्य देश में किसी भी कानून के तहत 15 मई , 2017 को या उसके बाद पंजीकृत एक ब्रांड

2. यह अधिसूचना 15, नवंबर 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1 -V(148) दिनांक 14 नवम्बर , 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 610 भोपाल दिनांक 14 नवम्बर, 2017 में प्रकाशित। 1262(25)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1-पांच(63)

۱۰ राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन 2017 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद् की सिफारिशों पर यह समाधान हो जाने पर कि ऐसा करना लोकहित में आवश्यक है, माल की राज्य के भीतर पूर्तियों पर, जिनका वर्णन इस अधिसूचना से संलग्न अनुसूची के स्तंभ (3 ) में विनिर्दिष्ट है, जो उक्त अनुसूची के स्तंभ (2) में तत्स्थानी प्रविष्टि में यथाविनिर्दिष्ट, यथास्थिति, टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष या अध्याय के अंतर्गत आता है, उक्त अधिनियम की धारा 9 के अधीन उन पर उद्‌ग्रहणीय संपूर्ण मध्यप्रदेश माल और सेवा कर से छूट प्रदान करती है ।

अनुसूची

माल का विवरण

क्रम सं० अध्यायउपशीर्ष/शीर्ष/ टैरिफ मद

(3)

(1)

(2)

0101

1.

जीवित , गधे, खच्चर और हिन्नी

2.

0102

जीवित गोकुलीय प्राणी

3.

0103

जीवित सुअर

4.

0104

जीवित भेड़ और बकरे

5.

0105

जीवित कुक्कुट अर्थात् गैलस घरेलू जाति के मुर्गे, बतख़ , हंस, टर्की और गिनि मुर्गे

6.

0106

अन्य जीवित प्राणी जैसे स्तनपायी, पक्षी, कीट

7 .

0201

गोकुलीय प्राणी का मांस, ताज़ा और द्रुतशीतित

8. '

0202

गोकुलीय प्राणी का मांस , हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है ।

0203

9.

सुअर का मांस , ताज़ा, द्रुतशीतित या हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है।

10.

0204

:

भेड़ या बकरे का मांस , ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है। 11.

0205

अश्व, गधे, खच्चर या हिन्नी का मांस ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है।

12.

0206

गोकुलीय प्राणी, सुअर, भेड़, बकरे, अश्व, गधे, खच्चर या हिन्नी के खाद्य अवशिष्ट, ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है] मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(26)

0207

13.

शीर्ष 0105 के कुक्कुट का मांस और खाद्य अवशिष्ट, ताजा , द्रुतशीतित या हिमशीतित [ हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है।

0208

14.

अन्य मांस और खाद्य मांस अवशिष्ट, ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है।

0209

15.

चर्बी रहित मांस विहीन सुअर वसा और कुक्कुट वसा, अपरिष्कृत या निष्कर्शित , ताजा, द्रुतशीतित, हिमशीतित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है। 0209

16.

चर्बी रहित मांस विहीन सुअर वसा और कुक्कुट वसा, अपरिष्कृत या निष्कर्शित, लवणित, लवण जल में रखा शुष्कित या धूमित [हिमशीतित से भिन्न और जो इकाई आधान में रखा हुआ है।

0210

17.

मांस और खाद्य मांस अवशिष्ट, लवणित , लवण, जल में रखा, शुष्कित या धूमित, मांस या मांस अवशिष्ट, से मिन्न इकाई आधान में रखे जाएंगे

3

18.

मछलीबीज , झींगाझींगी बीज़ जो पठसंस्कृत , संसाधित या हिमशीतित अवस्था में हैं या नहीं [अध्याय 3 के अंतर्गत आने वाले ऐसे मालों से भिन्न, जिन पर 2.5 प्रतिशत कर लागू है।

जीवित मछली

0301

19.

0302

20.

मछली, ताज़ी या द्रुतशीतित, जिसके अंतर्गत शीर्ष 0304 के मछली कतले और अन्य मछली मांस नहीं है

0304

21.

मछली के कतले और अन्य मछली का मांस (चाहे टुकड़े किया गया या नहीं ) , ताजी या द्रुतशीतित

0306

22.

क्रेस्टेशिया, चाहे कवच युक्त है या नहीं, जीवित, ताजी या द्रुतशीतित; क्रेस्टेशिया कवच युक्त, जो भापन या जल में उबालकर पकाई गई है, जीवित, ताज़ी या द्रुतशीतित

0307

23.

मोलस्क, चाहे कवच युक्त है या नहीं जीवित, ताजी, द्रुतशीतित; क्रेस्टेशिया और मोलस्क से भिन्न जलीय अकशेरुकी जीवित, ताजे, द्रुतशीतित

0308

24.

क्रेस्टेशिया और मोलस्क से भिन्न जलीय अकशेरुकी जीवित , ताजे, द्रुतशीतित

0401

25.

अल्ट्रा उच्च तापमान ( यूएचटी) दूध को छोड़कर ताज़ा दूध

2 1262(27)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

और पास्तुरीकृत दूध, जिसके अंतर्गत पृथक दूध, दूध और क्रीम हैं, जो सांद्रित नहीं है या जिसमें मिलाई गई चीनी या अन्य मधुरण द्रव्य नहीं हैं ।

0403

दही; लस्सी छाछ

26.

0406

27.

छैना या पनीर , उनसे भिन्न, जो इकाई आधान में रखे गए हैं और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम हो

0407

28.

पक्षियों के अंडे कवच युक्त , ताजे, परिरक्षित या पकाए हुए 0409

29.

इकाई आधान में रखे गए से भिन्न, प्राकृतिक मधु जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम हो

0501

30.

मानव केश , अकर्मित, चाहे धुले या अभिमार्जित हैं या नहीं;मानव केश के अपशिष्ट

0506

31.

सभी माल अर्थात् हड्डियां और सींग क्रोड जो अकर्मित , निर्वसीकृत, केवल निर्मित अम्लोपचारित या (किन्तु आकार में आकर्तित ) जिलेटीनीकृत हैं, इन उत्पादों का चूर्ण और अपशिष्ट

0507 90

32.

सभी माल अर्थात् खुर अवचूर्ण; सींग अवचूर्ण ; खुर, नखर , नख, और चोंच ; मृगशश्रृंग; आदि

0511

33 .

शुक्र जिसके अंतर्गत हिमशीतित शुक्र भी है

6

34.

जीवित वृक्ष और अन्य पौधे, कंद, जड़ें और वैसी ही चीजें ; कर्तित पुष्प और अलंकृत पर्ण समूह

0701

35.

आलूताजे या द्रुतशीतित

0702

36.

टमाटर ताजे या द्रुतशीतित

0703

37.

प्याज, शैलट , लहसुन, लीक और अन्य लशुनी वनस्पतियां ;ताजी या द्रुतशीतित

0704

38.

बंदगोभी, फूलगोभी, कोहलरबी, केल और उसी प्रकार के खाद्य ब्रेसिका, ताजे या द्रुतशीतित

0705

39.

लेट्यूस ( लैक्ट्रका सैटाइवा)और कासनी ( साइकोरियम जातियां सभी) , ताजे या द्रुतशीतित

0706

40.

और वैसी ही खाद्य जड़ें ताजी या द्रुतशीतित गाजर , शलजम, सलाद चुकंदर, सेलसिफी, सेलेरिऐक मूली 0707

41.

खीरादि और घेरकिन, ताजे या द्रुतशीतित

0708

42.

कवचयुक्त या कवचरहित फलीदार वनस्पतियां, ताजी या द्रुतशीतित

0709

43.

अन्य वनस्पतियां, ताजी या द्रुतशीतित

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(28)

0712

44.

शुष्क वनस्पतियां जो साबुत , कर्तित , कतरी गई या चूर्णित हैं, किन्तु और आगे निर्मित नहीं हैं

0713

45.

शुष्कित फलीदार वनस्पति, कवच युक्त, चाहे त्वचा रहित या विपाटित हैं अथवा नहीं

0714

46.

मेनिओक, अरारुट , सेलद , जेरूसलम पाथीचक, शकरकंद और वैसी ही जड़े और कंद जिनमें स्टार्च या इनूलिन की मात्रा अधिक है ताजे या द्रुतशीतित ; साबुदाने का पिथ

0801

47.

नारियल , ताजे या शुष्कित चाहे कवचयुक्त या छिलकारहित हैं अथवा नहीं

0801

ब्राजील नट ताजे ,चाहे कवचयुक्त या छिलकारहित हैं या नहीं 48.

0802

49.

अन्य दृढ़ फल ताजे, जैसे कि बादाम, हेज़लनट या फिलबर्ट , (कोरिअस सभी प्रजातियां ) , अखरोट , चेस्टानट ( कास्टानिया सभी जातियां ) , पिस्ता, मैकाडामिया नट्स , कोला नट ( कोला सभी जतियां ) एरिका नटस् ताजे चाहे कवचयुक्त, या छिलकारहित हैं अथवा नहीं

0803

केले, जिसके अंतर्गत कदली भी है, ताजे या शुष्कित

50.

0804

51.

छुहारा , अंजीर , अनानास, एवोकेडोज , अमरूद, आम और मैंगोस्टीनस, ताजे

0805

52.

निम्बुकुल फल , जैसे कि नारंगियां, मैंडारिन, (जिसे अंतर्गत टेन्जेरीन और सटसूमसयी हैं) क्लेमेन्टाइन, विलकिंग और अन्य वैसे ही निम्बुकुल हाईब्रिड, अंगूर फल जिसके अंतर्गत पोमलोस भी है, नींबू (निम्बुकुल नींबू), निम्बुकुल लिमोनम और लाइम ( निम्बुकुलआरन्टीफोलिया), निम्बुकुल लैटिफोलिया ताजे

0806

53.

अंगूर, ताजे

0807

54.

तरबूजादि ( जिसके अंतर्गत तरबूज है) , और पपीते ( पपायाज़), ताजे

0808

सेब, नाशपती और क्विन्स , ताजे

55:

0809

56.

खुमानी, चैरी , आड्डु (जिसके अंतर्गत शफतालू हैं) ,आलू बुखारा और स्लो, ताजे

0810

57.

अन्य फल जैस की स्ट्राबेरी , रसभरी, ब्लैकबेरी , शहतूत और लोगनबेरी , काली सफेद या लाल किशमिश तथा गूज़बेरी, करोंदा, बिलबेरी और वैक्सीनियम वंश के अन्य फल ,कीवी फल, डयूरियन्स, पर्सिमोन्स, अनार, इमली, सपोटा 1262( 29)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(चीकू) ,शरीफा (अटा) , बोर, लीची, ताजे

0814

58.

निम्बुकुल फल या तरबूजादि ( जिसके अंतर्गत तरबूज़ भी हैं) के छिलके , ताजे

बीज किस्म के सभी माल

9

59.

0901

कॉफी बीन्स, अभर्जित

60.

चाय की अप्रसंस्करित हरी पत्तियां

0902

61.

0909

62.

सौंफसफेद जीरा या काला जीरा के धनिया, बड़ी सौंफ, बेडियन बीज; हपुषा बेरी (की बीज क्वालिटी)

0910 11 10

63.

ताजी अदरक, प्रसंस्कृत रूप से भिन्न

0910 3010

64.

ताजी हल्दी, प्रसंस्कृत रूप से भिन्न

1001

65.

में रखा गया है और जिनका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है। गेहूं और मेसलीन [उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान 1002

66.

राई उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

1003

67.

जौ उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

1004

68.

जई [ उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

1005

69.

मक्का (कार्न) [उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

70.

1006

चावल [उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

71 .

1007 ज्वारादि उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

72.

1008 कुड्छु, मिलेट और कैनेरी बीज़ ; अन्य धान्य जैसे ज्वार, बाजरा , रागी [उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

1101

73.

गेहूं या मेसलीन का आटा [उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

74.

1102

गेहूं या मेसलीन के आटे से भिन्न, धान्य आटा [मक्का (कार्न) आटा, राई आटा, आदि] [उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(30)

1103

75.

धान्य, दलिया, अवचूर्ण और गुटिका [उनसे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिनका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

1104

76.

धान्य दाना, तुष निकाले गए

1105

77 .

आलू का आटा [उससे भिन्न जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

1106

78.

शीर्ष 0713 का आटा (दालों) के शुष्कित फलीदार वनस्पतियों [ 1106 10 10 के गवार गोंद 1106 10 90 के गवार अवचूर्ण और परिष्कृत से भिन्न ] , साबूदाने या शीर्ष 0714 की जड़ों या कंदों या के उत्पादों अर्थात् हल्दी अध्याय 8, इमली का आटा , सिंगाड़े का आटा, आम का आटा आदि [उससे भिन्न जिसे किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिसका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

बीज क्वालिटी के सभी माल

12

79.

1201

80.

सोयाबीन , चाहे टूटी है अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की 1202

81.

मूंगफली, जो भर्जित अन्यथा पकाई गई नहीं है , चाहे कवच रहित या टूटी हुई अथवा नहीं , बीज क्वालिटी की

1204

82.

अलसी, चाहे टूटी हुई अथवा नहीं , बीज क्वालिटी की

1205

83.

तोरिया या कोल्जा बीज़, चाहे टूटे हैं अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की

1206

84.

सूर्यमुखी के बीज़ चाहे टूटे हैं अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की 1207

85.

अन्य तिलहन और तेलोत्पादक फल अर्थात् ताड़फल और गिरी, बिनौले, एरंड के बीज, तिल के बीज, सरसों के बीज, कुसंभम बीज ( करथोमस टिंकटोरियस) , खरबूजे के बीज, खसखस बीज , एजाम्स, आमगुठली, नाइजर बीज , कोकम चाहे टूटे हों अथवा नहीं, बीज क्वालिटी की

1209

86.

बीज, फल और किसी प्रकार के बीजाणू, जो बोने के लिए उपयोग में लाए जाते हैं

1210

कोन, ताजे

87.

1211

88.

उस प्रकार के पौधे और पौधों के भाग ( जिसके अंतर्गत बीज और फल भी हैं) , जिनका उपयोग मुख्यतः सुगंध सामग्री, मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(31)

फार्मेसी में या कीटनाशी, फफूंदीनाशी के लिए या वैसे ही प्रयोजनों के लिए किया जाता है , ताजे या द्रुतशीतित 1212

89.

लोकस्ट फलियां, समुद्री शैवाल और अन्य शैवाल , चुकंदर और गन्ना, ताजे या द्रुतशीतित

1213

90.

धान्य पुआल और भूसी, अनिर्मित चाहे काटी हुई, दलित, दावित या गुटिका के रूप में है अथवा नहीं

1214

91.

स्वेड्स का शलजम, मंगोल्ड, चारे की जड़ें , सूखी घास, रिजका (अल्फाल्फा) , क्लोवर , सेनफोइन, हरा चारा काले, ल्यूपिन, वैचिस और वैसा ही हरा चारा उत्पाद , चाहे वे गुटिका के रूप में हैं या नहीं

लाख और शल्क लाख

92.

1301

1404 9040 पान के पत्ते

93.

94.

1701 या 1702 सभी प्रकार के गुड़ , जिसके अंतर्गत गन्ना गुड़ (गुड़ ) और पालमिरा गुड़ सम्मिलित है

95.

1904 फुला हुआ चावल, जो समान्यतः मुरी के नाम से ज्ञात है, सपाटिल या कुटा हुआ चावल, जो समान्यातः च्यूड़ा च्यूड़ा के नाम से ज्ञात है, सूखा चावल, जो समान्यतः खोई के नाम से ज्ञात है, सूखा धान या चीनी अथवा गुड़ से विलेपित चावल, जो समान्यनतः मुर्की के नाम से ज्ञात है,

96.

1905

पापड़, चाहे किसी नाम से ज्ञात हो, सिवाय तब के जब उसे उपभोग के लिए दिए जाते हैं

97.

1905

डबल रोटी (ब्रांडेड या अन्यथा) सिवाय तब के जब उसे उपभोग के लिए और पिज्जा ब्रेड के रूप में रखा जाता है । 2106

98.

मंदिरों , मस्जिदों, चर्चों, गुरु‌द्वारों, दरगाहों जैसे धार्मिक स्थानों पर दिया जाने वाला प्रसाद

99.

2201

;

जल [वातित, खनिज, शुद्धीकृत, आसवित , चिकित्सीय , आयनिक, बैटरी , विखनिजीकृत और सीलबंद आधानों में विक्रय किए जाने वाले जल से भिन्न]

100.

2201

गैर अल्कोहाली टोडी , नौरा , जिसके अंतर्गत खजूर और पाम नीरा भी है

101. 2202 90 90 युनिट आधान में रखे हुए और रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम वाले मृदु नारियल जल से भिन्न

102.

2302,2304 , 2305,

जलीय खाद्य जिसके अंतर्गत झींगी खाद्य और झींगा खाद्य भी है , कुक्कुट खाद्य और पशु खाद्य , सूखी घास और पुआल, मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 32)

2306,2308 , दालों का अनुपूरक और भूसी, सांद्रण और योज्यक , गेहूं का चोकर और तेल निकाला गया केक

2309

2501

103.

नमक, सभी किस्मों के

104.

2716 00 00 विद्युतीय ऊर्जा

2835

105.

भारतीय मानक विनिर्देश संख्यास 5470 : 2002 के अनुरूप पशु खाद्य ग्रेड का डाईकैलशियम फ़ास्फेट (डीसीपी)

मानव रक्त और उसके संघटक

3002

106.

3006

सभी प्रकार के गर्भनिरोधक

107.

3101

108.

सभी माल और आर्गेनिक खाद [उनसे भिन्न, जिन्हें किसी यूनिट आधान में रखा गया है और जिनका रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है।

3304

109.

काजल [काजल पैसिल स्टिकों से भिन्न ,कुमकुम, बिंदी, सिंदूर, आल्ता

3825

110.

नगर पालिक अपशिष्ट, मल स्लज , नैदानिक अपशिष्ट 3926

111.

प्लास्टिकचूड़ियां

4014

कंडोम और गर्भनिरोधक

112.

4401

113 .

जलावन काष्ठ, ईंधन काष्ठ

4402

114.

काष्ठ चारकोल जिसके अंर्तगत कोष या दृढफल चारकोल भी ) (है , चाहे वह संपीड़ित है अथवा नहीं

115.

4802/4907 न्यायिक , न्यायेतर स्टांप पेपर, न्यायालय फीस स्टांप , जब उनका सरकारी खजाने या सरकार द्वारा प्राधिकृत विक्रताओं द्वारा विक्रय किया जाए

116.

4817/4907 डाक संबंधी मदें जैसे सरकार द्वारा विक्रीत लिफाफे , पोस्टकार्ड आदि

117.

48/4907 रुपये के नोट, जब उनका विक्रय भारतीय रिजर्व बैंक को

किया जाए

118.

4907

चैक, खुली हुई या पुस्तक रूप में

119.

4901 मुद्रित पुस्तकें, जिसके अंतर्गत ब्रेल पुस्तकें भी हैं

120.

4902

समाचार पत्र, पत्रिकाए , नियत कालिक पत्रिकाएं , चाहें चित्रनिरुपित हों अथवा नहीं या चाहे उनमें विज्ञापन सामग्री हो अथवा नहीं

121.

4903

बालकों के लिए चित्र, ड्राइंग या रंगकारी पुस्तकें

122.

4905

सभी प्रकार के मानचित्र ओर जलराशिक या वैसे ही चार्ट, जिनके अंतर्गत एटलस , दीवारमानचित्र, स्थलाकृतिक रेखांक 1262(33 ) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

और ग्लोब हैं, मुद्रित

5001

रेशम कीट रखना , कोया

123. 124. 5002

अपरिष्कृत रेशम

रेशम अपशिष्ट

125. 126. 5003

5101 ऊन, जो धूनित या कंकतकृत नहीं है

127. 128. 129. 130. 131. 132. 5102

सूक्ष्म या स्थूल प्राणी रोम , जो धूनित या कंकतकृत नहीं है 5103

ऊन या सूक्ष्म या स्थूल प्राणी रोम के अपशिष्ट

गांधी टोपी

52

52

खादी सूत

5303

जूट रेशे , कच्चे या प्रसंस्कृत किन्तु अव्युतित नहीं 5305

नारियल, कयर रेशे

133. 134 135. 63

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज.

6703

मानव केश, प्रसाधित, तनुकृत, वरंजित या अन्यथा कर्मित 69120040 मिट्टी के बर्तन और मृतिका लैंप

136. 137. 138. 139. 7018

कांच की चूड़िया, ( बहुमूल्य धातु से बनी चूड़ियों के सिवाय ) 8201

मानवीय रूप से प्रचालित या पशुओं द्वारा चालित उपकरण अर्थात् हाथ के औजार जैसे फावड़े , शावल , गैंती, कुदाल, हो, कांटे और पंजे कुल्हाड़ी, बांका और वैसे ही काटने के औजार , किसी भी प्रकार के कैंचा और कलम कैंची, दराती हंसिए , घास कर्तित्र , झाड़ समाकर्तित्र, प्रकाष्ठफान और अन्य औजार, जिनका कृषि, उ‌द्यान कृषि, वानिकी में उपयोग किया जाता है

अंबर चरखा

8445

8446 हथकरघा (व्युतन मशीन)

140. 141. 8802 60 00 अंतरिक्ष यान (जिसके अंतर्गत उपग्रह भी हैं) और उपकक्षीय तथा अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण यान.

8803

शीर्ष सं0 8801 के माल के पुर्जे

142. 9021

श्रवण सहायिकी

143. 92

देशी हस्तनिर्मित वाद्य यंत्र

144. 9603

सरकंड़ें और फूल बहारी झाडू से बने मोढ़े

9609

स्लेट पैसिलें और चाक स्टिक

145. 146. 147. 148. स्लेटें

9610 00 00

9803

यात्री सामान

अन्य अध्याय पूजा सामग्री , अर्थात् -:

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(34)

(i ) रुद्राक्ष, रुद्राक्ष माला, तुलसी कंठी माला , पंचगव्य (गाय के गोबर , देशी घी, दूध और दही का मिश्रण) ;

(ii ) पवित्रधागा (जो सामान्यितः यज्ञोपवीत के नाम से ज्ञात है);

(iii) लकड़ी की खड़ाऊं ;

(iv)पंचामृत ;

(v) धार्मिक संस्थाओं द्वारा विक्रीत भभूति ;

(vi )अब्रांडीकृत शहद [प्रस्तावित जी.एस.टी. शून्यक] ;

(vii) दीये के लिए बाती ;

(viii) रोली

(ix) कलावा (रक्षासूत्र)

(x)

चंदन टीका ।

149.

राज्य सरकार, संघ राज्यक्षेत्र या स्थानीय प्राधिकारी से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा लाटरी का पूर्ति, इस शर्त के अध्यधीन कि ऐसी लाटरी की पूर्ति पर, जब इसकी पूर्ति, यथास्थिति, राज्य सरकार , संघ राज्यक्षेत्र या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा , यथास्थिति, राज्य सरकार , संघ राज्यक्षेत्र या स्थानीय प्राधिकारी द्वारा नियुक्त लाटरी वितरक या विक्रय अभिकर्ता को की जाती है , समुचित, यथास्थिति, केंद्रीय कर , राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर या एकीकृत कर भुगता है ।

स्पष्टीकरण- इस अनुसूची के प्रयोजन के लिए, --

(i ) "इकाई आधान" पद से कोई ऐसा पैकेज, चाहे वह बड़ा हो या छोटा ( उदाहरणार्थ टिन, केन बाक्स, जार, बोतल , थैला या कार्टन, ड्रम, बैरल या कनस्तर) अभिप्रेत है, जो ऐसे पूर्व अवधारित मात्रा या संख्या जो ऐसे पैकेज पर उपदर्शित की गई है, रखने के लिए डिजाइन किया गया है।

(ii ) "रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम" पद से ऐसा ब्रांड नाम या व्यापार नाम अभिप्रेत है, अर्थात् नाम या चिह्न जैसे संप्रतीक, मोनोग्राम , लेबल, हस्ताक्षर, आविष्कृत शब्द या लेख जिसका ऐसे विनिर्दिष्ट माल तथा उस व्यक्ति की पहचान के किसी उपदर्शन सहित या रहित ऐसे नाम या चिह्न का प्रयोग करने वाले किसी व्यक्ति के बीच व्यापार के अनुक्रम में किसी संबंध को उपदर्शित करने के प्रयोजन के लिए या जिससे उसे उपदर्शित किया जा सके, ऐसे विनिर्दिष्ट माल के संबंध में उपयोग किया जाता है, और जो व्यापार चिह्न अधिनियम, 1999 के अधीन रजिस्ट्रीकृत है । 1262(35)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(iii) "टैरिफ मद" , "उपशीर्ष" , " शीर्ष" और "अध्याय" से सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम , 1975 (1975 का 51 ) की पहली अनुसूची में यथाविनिर्दिष्ट क्रमशः टैरिफ मद , उपशीर्ष, शीर्ष और अध्याय अभिप्रेत होगा ।

(iv) उक्त सीमाशुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 ( 1975 का 51 ) की पहली अनुसूची, जिसके अंतर्गत पहली अनुसूची के अनुभाग और अध्याय टिप्पण तथा साधारण स्पष्टीकारक टिप्पण भी हैं, के निर्वचन के लिए नियम, जहां तक हो सके, इस अधिसूचना के निर्वचन के लिए लागू होंगे ।

2. यह अधिसूचना 1 जुलाई, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1 - FIVE(63) दिनांक 30 जून, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 316 भोपाल दिनांक 30 जून, 2017 में प्रकाशित। 1262(36)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए-3-35-2017-1-पांच (16)

मध्यप्रदेश माल एवं सेवाकर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 11 की उप धारा ( 1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , राज्य सरकार, जीएसटी परिषद की सिफारिशों के आधार पर, एतदद्वारा, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3- 35/2017/ 1 / पांच ( 63) , दिनांक 7:1218 , में और आगे भी निम्नलिखित संशोधन करती है, यथा:-

उक्त अधिसूचना में,

(1) अनुसूचीमें,-

(i) क्रम संख्या 102 में, कॉलम (3) में वर्तमान प्रविष्टि के स्थान पर प्रविष्टि "जलीय खाद्य जिसके अंतर्गत झींगी खाद्य और झींगा खाद्य भी है , कुक्कुट खाद्य और पशु खाद्य, सूखी घास और पुआल, दालों का अनुपूरक और भूसी, सांद्रण और योज्यक, गेहूं का चोकर और तेल निकाला गया केक [राइस ब्रान से मिन्न] को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(ii ) क्रम संख्या 102क और उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियों को अंतः स्थापित किया जाएगा, यथाः -

2302

"102क

तेल रहित राइस ब्रान

2306

102ख

बिनौले कीखली";

(iii) क्रम संख्या 136क के समक्ष, कॉलम (2) में, वर्तमान प्रविष्टि के स्थान पर प्रविष्टि "7117" को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(iv) क्रम संख्या 137 में, कॉलम (3) में " कृषि, बागवानी या बानकी में प्रयोग किए जाते हैं" , शब्दों के स्थान पर घमेला से भिन्न" शब्दों को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(۸) क्रम संख्या 148 में, कॉलम (3) के बिंदु (v) की प्रविष्टि के स्थान पर, प्रविष्टि "विभूति" को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(vi ) क्रम संख्या 150 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियों को प्रतिस्थापित किया जाएगा यथा-

" सुनाई देने में सहायक उपकरण संबंधित कलपुर्जे";

"151 कोई भी अध्याय

2. यह अधिसूचना 25 जनवरी, 2018 से लागू होगी ।

3 यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए- 3-35-2017-1-V-(16) दिनांक 25 जनवरी, 2018 , मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 59 भोपाल दिनांक 25 जनवरी, 2018 में प्रकाशित। 1262( 37)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-47/2017/1/पांच/(59) राज्य सरकार , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 9 की उपधारा (3 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद् की सिफारिशों पर यह अधिसूचित करती है कि नीचे दी गई सारणी के स्तंभ ( 2) में वर्णित सेवाओं की पूर्ति के प्रवर्गों पर , जिनकी पूर्ति उक्त सारणी के स्तंभ (3) में यथाविनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा की गई है, उक्त मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 9 के अधीन उद्‌ग्रहणीय संपूर्ण राज्य कर का संदाय, उक्त सारणी के स्तंभ (4) में यथाविनिर्दिष्ट ऐसी सेवाओं के प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिलोम प्रभार आधार पर किया जाएगा :-

क्र.सं. सेवाओं की पूर्ति के प्रवर्ग

सारणी

सेवा का प्राप्तिकर्ता

सेवा का

पूर्तिकार

(1)

(2)

1 किसी माल परिवहन अभिकरण (जीटीए) द्वारा माल के सड़क द्वारा निम्नलिखित को परिवहन की बाबत सेवाओं की पूर्ति-

(क) कारखाना अधिनियम, 1948 (1948 का 63) के अधीन या उसके द्वारा किसी भी कारखाने को; या

(ख) भारत के किसी भाग में सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण

अधिनियम , 1860 (1860 का 21 ) या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी भी सोसाइटी को ; या (ग) किसी विधि द्वारा या उसके

(4)

(3)

कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित,-

माल परिवहन अभिकरण (जीटीए)

(क) कारखाना अधिनियम, 1948 (1948 का 63) के अधीन या उसके द्वारा किसी भी कारखाने को ; या (ख) भारत के किसी भाग में सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 (1860 का 21 ) या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी भी सोसाइटी को ; या

(ग) किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित किसी भी सहकारी सोसाइटी को; या

(घ) मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम/ एकीकृत माल और सेवा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(38)

अधीन स्थापित किसी भी सहकारी सोसाइटी को ; या (घ) केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम/ एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम/ राज्य माल और सेवा कर अधिनियम/ संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी भी व्यक्तिको या

(ड. ) किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित किसी भी निगमित निकायःको ; या (च) किसी विधि के अधीन किसी भी भागीदारी फर्म को, चाहे रजिस्ट्रीकृत हो या नहीं, जिसके अंतर्गत व्यक्तियों का संगम भी है; या

(छ) कोई आकस्मिक कराधेय व्यक्ति ।

2

कोई

व्यष्टिक अधिवक्ता

कर अधिनियम/ राज्य माल और सेवा कर अधिनियम/ संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर के अधीन रजिस्ट्रीकृत किसी भी व्यक्ति को ; या

(ड. ) किसी विधि द्वारा या उसके अधीन स्थापित किसी भी निगमित निकाय को; या

(च) किसी विधि के अधीन किसी भी भागीदारी फर्म को, चाहे रजिस्ट्रीकृत हो या नहीं, जिसके अंतर्गत व्यक्तियों का संगम भी है ; या

(छ) कोई आकस्मिक कराधेय व्यक्ति। कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित कोई कारबार अस्तित्व ।

अधिवक्ताओं

की फर्म

किसी व्यष्टिक अधिवक्ता, जिसके अंतर्गत कोई वरिष्ठ अधिवक्ता भी है द्वारा किसी कराधेय राज्यक्षेत्र, जिसके अंतर्गत वह स्थान भी है, जहां ऐसी या सेवाओं के उपबंध के लिए कोई संविदा किसी अन्य अधिवक्ता या अधिवक्ताओं की किसी फर्म के माध्यम से की गई थी, में अवस्थित किसी कारबार अस्तित्व को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी न्यायालय , अधिकरण या प्राधिकरण के समक्ष प्रतिनिधित्व संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु या अधिवक्ताओं की किसी फर्म द्वारा किसी कारबार अस्तित्व को विधिक सेवाओं के माध्यम से उपलब्ध 1262(39)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

कराई गई सेवाएं ।

3

कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित कोई कारबार अस्तित्व ।

कोई

माध्यस्थम्

अधिकरण

किसी माध्यस्थम् अधिकरण द्वारा किसी कारबार अस्तित्व को पूर्तित सेवाएं ।

4

कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित कोई निगमित निकाय या भागीदारी फर्म ।

कोई भी

व्यक्ति

किसी भी निगमित निकाय या भागीदारी फर्म को प्रायोजितता के रूप में दी गई सेवाएं ।

5

कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित कोई कारबार अस्तित्व ।

किसी कारबार अस्तित्व को केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्यक्षेत्र या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा पूर्तित सेवाएं, जिसके अंतर्गत निम्नलिखित नहीं हैं,-

केंद्रीय

सरकार,

राज्य

सरकार, संघ

राज्यक्षेत्र या

स्थानीय

प्राधिकरण

: (1) स्थावर संपत्ति को किराए पर देना; और

(2) नीचे विनिर्दिष्ट सेवाएं-

(i ) स्पीड पोस्ट, एक्सप्रेस पार्सल पोस्ट, जीवन बीमा और अभिकरण सेवाओं के रूप में डाक विभाग द्वारा केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन से भिन्न किसी व्यक्ति को दी गई सेवाएं;

(ii ) किसी पत्तन या किसी विमानपत्तन की प्रसीमाओं के भीतर या बाहर किसी वायुयान या जलयान के संबंध में सेवाएं ;

(iii) माल या यात्रियों का परिवहन ।

6

कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित कोई कंपनी या निगमित निकाय ।

किसी कंपनी या किसी निगमित निकाय के निदेशक द्वारा उक्त कंपनी या निगमित निकाय को पूर्तित सेवाएं ।

किसी कंपनी

या किसी

निगमित

निकाय का

कोई

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(40)

निदेशक

7

कोई बीमा

अभिकर्ता

कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित कोई व्यक्ति, जो बीमा कारबार कर रहा है । किसी बीमा अभिकर्ता द्वारा बीमा कारबार करने वाले किसी व्यक्ति को पूर्तित सेवाएं ।

8

कोई वसूली

अभिकर्ता

कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित कोई बैंककारी कंपनी या वित्तीय संस्था या गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी ।

किसी वसूली अभिकर्ता द्वारा किसी बैंककारी कंपनी या किसी वित्तीय संस्था या किसी गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी को पूर्तित सेवाएं ।

9

कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित कोई प्रकाशक, संगीत कंपनी, निर्माता और उसी प्रकार के अन्य ।

लेखक,

संगीतकार,

फोटोग्राफर,

कलाकार

और उसी

प्रकार के

अन्य

किसी लेखक, संगीतकार, फोटोग्राफर , कलाकार और उसी प्रकार के अन्य द्वारा प्रतिलिप्यधिकार अधिनियम, 1957 की धारा 13 की उपधारा (1) के खंड (क) के अंतर्गत आने वाले मूल साहित्यिक, नाट्य, संगीत संबंधी या कला संबंधी कार्यों से संबंधित प्रतिलिप्यधिकार का किसी प्रकाशक, संगीत कंपनी, निर्माता और उसी प्रकार के अन्य द्वारा उपयोग या उपभोग का अंतरण करने या उसकी अनुज्ञा देने के रूप में सेवाओं की पूर्ति ।

स्पष्टीकरण-इस अधिसूचना के प्रयोजन के लिए,-

( क) कोई व्यक्ति, जो कराधेय राज्यक्षेत्र में स्थित माल वाहक में सड़क द्वारा माल के परिवहन के लिए किराए का संदाय करने का दायी है, ऐसा व्यक्ति समझा जाएगा , जो इस अधिसूचना के प्रयोजनों के लिए सेवा प्राप्त करता है ।

(ख) "निगमित निकाय" का वही अर्थ है, जो कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 2 के खंड ( 11 ) में उसका है ।

(ग) कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित ऐसे किसी कारबार अस्तित्व को, जो यथास्थिति, मुकदमेबाज, आवेदक या याची है, ऐसे व्यक्ति के रूप में माना जाएगा, जो इस अधिसूचना के प्रयोजन के लिए विधिक सेवाएं प्राप्त करता है ।

(घ) इस अधिसूचना में प्रयुक्त शब्दों और पदों का, जो इस अधिसूचना में परिभाषित नहीं हैं, किंतु केंद्रीय माल और सेवाकर अधिनियम, एकीकृत माल और सेवाकर अधिनियम और संघ राज्यक्षेत्र 1262( 41)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

माल और सेवाकर अधिनियम में परिभाषित हैं, वही अर्थ होगा, जो उन अधिनियमों में उनका है ।

2. यह अधिसूचना 1 जुलाई, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-47/2017/ 1 ///(59) दिनांक 30 जून, 2017 से मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 312 भोपाल दिनांक 30 जून, 2017 में प्रकाशित ।

क्रमांक एफ ए 3-47-2017-1-पांच (12)

मध्यप्रदेश माल एवं सेवाकर अधिनियम , 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 9 की उप धारा (3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , राज्य सरकार, परिषद की सिफारिशों के आधार पर, एतदद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-4/1 /2017/7 पांच(59) दिनांक 7:12:18 , में और आगे भी निम्नलिखित संशोधन करती है, यथा:-

उक्त अधिसूचना में, -

(1) सारणी में, क्रम संख्या 5 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात , निम्नलिखित क्रम संख्या और उससे संबंधित प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा, यथाः-

(4)

(3)

(1)

"5क

मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 के अंतर्गत पंजीकृत कोई भी व्यक्ति ।

सरकार , राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय प्राधिकरण

3 (2) मध्यप्रदेश माल एवं सेवा कर अधिनियम , केन्द्र 2017( क्रमांक 19 सन् 2017 ) के अंतर्गत पंजीकृत किसी व्यक्ति को अचल संपत्ति को किराए पर देकर केन्द्र सरकार , राज्य सरकार , संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय प्राधिकरण के द्वारा दी जाने वाली सेवाएं ।

(II) स्पष्टीकरण में, उप वाक्य (ड. ) के पश्चात निम्नलिखित उपवाक्य को अंतःस्थापित किया जाएगा, यथा- '(घ) किसी "बीमा अभिकर्ता" का अभिप्राय वही होगा जो इसके लिए बीमा अधिनियम , 1938 (1938 का 4) की धारा 2 के उपवाक्य (10) में दिया गया है ।' ।

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में (असाधारण ), अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 25 जनवरी, 2018, से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-47-2017-1 -V( 12) दिनांक 25 जनवरी, 2018, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 55 भोपान दिनांक 25 जनवरी, 2018 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(42)

क्रमांक एफ ए 3-47-2017-1-पांच(131)

1 मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 9 की उप- धारा (3 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, जी.एस.टी. परिषद की सिफारिशों के आधार पर, एततद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ़ ए-3-47-2017-1-पांच(59) ,दिनांक 7:12 . 2018 , में निम्नलिखित और आगे भी संशोधन करती है, यथाः-

(i) सारणी में, क्रम संख्या 9. और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाएगा, यथा, -

"10

भारतीय रिजर्व बैंक । " ।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गठित ओवेरसीइंग कमेटी के सदस्य

भारतीय रिजर्व बैंक की ओवेरसीइंग कमेटी के सदस्यों द्वारा सेवाओं की आपूर्ति

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 13 अक्टूबर , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-47-2017-1-V(131 ) दिनांक 13 अक्टूबर, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 558 भोपाल दिनांक 13 अक्टूबर , 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(43) क्रमांक एफ ए 3-47/2017/1/पांच/(93)

मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 9 की उपधारा (3 ) , के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सरकार , एततद्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए- 3-47-2017-1 - पांच( 59 ) , दिनांक 7:12:18 में परिषद की सिफारिशों के आधार पर निम्नलिखित संशोधन करती है, यथा-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, -

(1 ) सारणी में, क्रम सं. 1 के समक्ष, कॉलम (2) में, शब्द और कोष्ठक "माल वाहक अभिकरण (जीटीए) " के पश्चात शब्द और अक्षर ", जिसने 6 प्रतिशत की दर से राज्य कर का भुगतान नहीं किया है," अंतःस्थापित किए जाएंगे;

( II ) स्पष्टीकरण में, उपवाक्य (घ) के पश्चात, निम्नलिखित उपवाक्य को अंतःस्थापित किया जाएगा, यथा-

" (इ) लिमिटेड लिएबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट, 2008 (2009 का 6 ) के प्रावधानों के अंतगर्त निर्मित और पंजीकृत "लिमिटेड लिएबिलिटी पार्टनरशिप" को एक फर्म या फर्म माना जाएगा। "

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 22 अगस्त, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-47/2017/ 1 ///(93 ) दिनांक 22 अगस्त, 2017 , मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 459 भोपाल दिनांक 22 अगस्त, 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(44)

क्रमांक एफ ए 3-42-2017-1-पांच(134)

मध्यप्रदेश मान और सेवा कर अधिनियम , 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 11 की उप-धारा ( 1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, इस बात से संतुष्ट होते हुए की ऐसा करना जनहित में आवश्यक है, और जी.एस.टी. परिषद की सिफारिशों के आधार पर, एतद‌द्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-42/2017/1/पांच (53 ), दिनांक 18 अक्टूबर , 2017, जो मध्यप्रदेश के राजपत्र, (असाधारण) क्रमांक 569 दिनांक 18 अक्टूबर, 2017 में प्रकाशित किया गया था, में निम्नलिखित और आगे भी संशोधन करती है, यथा:-

(क) क्रम सं 0 5 में, कालम (3) में शब्दों " सरकारी प्राधिकारी " के स्थान पर "केंद्र सरकार , राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय प्राधिकरण या सरकारी प्राधिकरण" शब्दों को प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(ख) क्रम सं0 9ख और उससे संबन्धित प्रविष्टियों के पश्चात , निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियो को अन्तः स्थापित किया जाएगा,यथाः-

(4) (5)

(3)

(2)

(1)

"9गं

कुछ कुछ अध्याय

99

नहीं नहीं";

केंद्र सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय निकाय , जैसी भी स्थिति हो, से अनुदान के रूप में प्राप्त प्रतिफल के एवज में केंद्र सरकार, राज्य सरकार , संघ राज्य क्षेत्र, स्थानीय निकाय ऐसे किसी व्यक्ति, जिसे केंद्र सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय निकाय द्वारा विनिर्दिष्ट किया गया हो, को किसी सरकारी निकाय द्वारा की जाने वाली सेवा की आपूर्ति।

(ग) क्रम सं0 21 और उससे संबन्धित प्रविष्टियों के पश्चात , निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियो को अन्तः स्थापित किया जाएगा, यथाः-

(4) (5)

(3)

(2)

(1)

कुछ शीर्ष 9965

"21क

नहीं नहीं";

शीर्ष

या 9967.

किसी माल परिवहन एजेंसी द्वारा किसी गैर पंजीकृत कुछ व्यक्ति, जिसमें गैर पंजीकृत नैमित्तिक कर योग्य व्यक्ति भी आते हैं, और निम्नलिखित व्यक्तियों से भिन्न हों, के द्वारा प्रदान की गयी सेवाएँ:-

(क) फैक्टरी एक्ट, 1948 (1948 का 63 ) के अंतर्गत पंजीकृत या उसके द्वारा अधिशाषित कोई कारखाना;या

(ख) सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 ( 1860 का 21 ) के 1262(45)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

अंतर्गत या तत्समय भारत के किसी भाग में प्रचलित किसी कानून के अंतर्गत पंजीकृत कोई सोसाइटी;

(ग) किसी कानून के द्वारा या उसके अंतर्गत स्थापित कोई कोआपरेटिव सोसाइटी-; या :

(घ) किसी कानून के द्वारा या उसके अंतर्गत स्थापित कोई बॉडी कॉर्पोरेट-; या

(ङ) कोई भी पार्टनरशिप फ़र्म चाहे वह किसी कानून के अंतर्गत पंजीकृत हो या नहीं, इसमें व्यक्तियों के संघ भी आते हैं;

(च) कोई भी नैमित्तिक करयोग्य व्यक्ति जो केंद्रीय माल एवं - सेवाकर अधिनियम या एकीकृत माल एवं सेवाकर अधिनियम या राज्य माल एवं सेवाकर अधिनियम या संघ राज्यक्षेत्र माल एवं सेवाकर अधिनियम में पंजीकृत हो।

(घ) क्रम सं0 23 और उससे संबन्धित प्रविष्टियों के पश्चात, निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियो को अन्तः स्थापित किया जाएगा, यथाः-

(4) (5)

(3)

(2)

(1)

"23क

कुछ नहीं";

नहीं कुछ

शीर्ष 9954

किसी वार्षिक वृत्ति के भुगतान के एवज में किसी सड़क या किसी पुल तक पहुँच प्रदान करने वाली सेवा ।

(ङ) क्रम सं0 41 में, कालम (3 ) की प्रविष्टि के स्थान पर, निम्नलिखित को प्रतिस्थापित किया जाएगा, यथाः-

"औ‌द्योगिक भू-खण्ड या ऐसे भू- खण्ड जो वित्तीय- व्यापार का अव-संरचनाओं के विकास के लिए हों तथा (क) किसी औ‌द्योगिक इकाई या (ख) औ‌द्योगिक या वित्तीय व्यापारिक क्षेत्र के किसी डेवलपर को, तथा राज्य सरकार औ‌द्योगिक विकास निगम । प्रतिस्ठान या ऐसे किसी निकाय द्वारा दीर्घ कालीन अवधि (तीन वर्ष या इससे अधिक) के लिए पट्टे पर दिये गए हों जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार , संघ राज्य क्षेत्र, का स्वामित्व 50 प्रतिशत या इससे अधिक हों, तो ऐसी सेवा के बारे में भुगतान किए जाने वाली अग्रिम (upfront) राशि, (जिसे प्रीमियम, सलामी, लागत, विकास खर्च या आँय किसी भी नाम से जाना जाता हो)"

(II ) पैराग्राफ 2 में, उप-वाक्य (यच) के स्थान पर निम्नलिखित को प्रतिस्थापित किया जाएगा, यथाः- "(यच) "सरकारी प्राधिकरण" से अभिप्राय किसी ऐसे प्राधिकरण या बोर्ड या अन्य किसी निकाय से है जिसका गठन,

(1 )संसद या राज्य विधान मण्डल के किसी अधिनियम; या

(II) किसी सरकार द्वारा ,

किया गया हो और जिसमें साम्या या नियंत्रण के माध्यम से 90 प्रतिशत या इससे अधिक की भागीदारी हो, और जिसका काम संविधान के अनुच्छेद 243 व के अंतर्गत नगर निगम को या संविधान के अनुच्छेद 243 छःके अंतर्गत किसी पंचायत को सौंपे गए कार्यों को निष्पादित करना है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(46)

(यचक) "सरकारी निकाय " से अभिप्राय किसी ऐसे प्राधिकरण या बोर्ड या अन्य किसी निकाय (जिसमें सोसाइटी, ट्रस्ट, निगम भी आते हैं) से है जिसका गठन, -

(1)संसद या राज्य विधान मण्डल के किसी अधिनियम; या

(II ) किसी सरकार द्वारा ,

किया गया हो और जिसमें साम्या या नियंत्रण के माध्यम से 90 प्रतिशत या इससे अधिक की भागीदारी हो,और जिसका काम केंद्र सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय प्राधिकरण के द्वारा सौंपे गए कार्यों को निष्पादित करना है ।"

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 13 अक्टूबर, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-42-2017-1 -V(134)दिनांक 13 अक्टूबर, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक (असाधारण)561 भोपाल दिनांक 13 अक्टूबर, 2017 में प्रकाशित। क्रमांक एफ ए 3-42-2017-1-पांच(116)

मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार , इस बात से संतुष्ट होते हुए कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक है तथा परिषद की सिफारिशों के आधार पर , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-42-2017-1- पांच(53 ), दिनांक 18 अक्टूबर , 2017 मध्यप्रदेश के राजपत्र , असाधारण क्रमांक 569 दिनांक 18 अक्टूबर 2017 में प्रकाशित किया गया था, में और आगे निम्नलिखित संशोधन करती है , यथा-

उक्त अधिसूचना में, सारणी में, क्रम संख्या 9 क तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चातनिम्नलिखित को अंतः स्थापित किया जाएगा, यथा-

(1)

(2)

(3)

(4)

(5) "9ख

अध्याय 99

कुछ नहीं".

कुछ नहीं

नेपाल और भूटान (भू- स्थल से घिरे देश ) को ट्रांजिट कार्गो से संबंधित सेवाओं का आपूर्ति

2. , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 28 सितम्बर, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3.यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-42-2017-1 -v(116) दिनांक 28 सितम्बर, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 529 भोपाल दिनांक 28 सितम्बर , 2017 में प्रकाशित। 1262(47)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-42-2017-1-पांच (147)

मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन 2017) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , राज्य सरकार , इस बात से संतुष्ट होते हुए कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक है , और जीएसटी परिषद की सिफारिशों के आधार पर , एततद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफए - 3-42/ 2017 /1 /पांच (53) दिनांक 18 अक्टूबर , 2017 , में निम्नलिखित संशोधन करती है, यथाः-

उक्त अधिसूचना में, सारणी में, -

:

(क) क्रम सं. 11 क के समक्ष, कॉलम ( 3 ) की प्रविष्टि के स्थान पर निम्नलिखित प्रविष्टि को प्रतिस्थापित किया जाएगा, यथाः-

"कमीशन या मार्जिन के रूप में किसी प्रतिफल के एवज में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत खा‌द्यान , मिट्टी का तेल , चीनी, खाद्य तेल आदि की बिक्री के माध्यम से केंद्र सरकार , राज्य सरकार या संघ-राज्य को उचित दर दुकानों के द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा। ";

क्रम सं. 11 ख और उससे संबंधित प्रविष्टियों को निरसित किया जाएगा;

(ख)

(ग) क्रम सं. 79 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित क्रम सं. और प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा, यथाः-

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

कुछ नहीं" ।

कुछ नहीं

शीर्ष

"79क

9996

प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम , 1958 के अंतर्गत या किसी राज्य अधिनियम के अंतर्गत घोषित संरक्षित स्मारक में प्रवेश के माध्यम से दी जाने वाली सेवाएं।

2. यह अधिसूचना 15 नवंबर , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-42-2017-1 -V ( 147) दिनांक 14 नवंबर, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 609 भोपाल दिनांक 13 अक्टूबर, 2017 में प्रकाशित । 1262(48)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-42/2017/ 1/पांच( 107)

मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार , इस बात से संतुष्ट होते हुए कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक है, परिषद की सिफारिशों पर, एततद्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-42-2017-1-पांच(53 ) , दिनांक 18 अक्टूबर , 2017, में निम्नलिखित संशोधन करती है; यथाः-

उक्त अधिसूचना में, तालिका में, क्रम संख्या 81 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के बाद , निम्नलिखित को शामिल किया जाएगा, यथाः-

(1)

(2)

(3)

(4)

(5) "82

कुछ नहीं कुछ नहीं अध्याय 9996

फीफा अंडर -17 विश्व कप 2017 के तहत होने वाले आयोजनों में प्रवेश के अधिकार के माध्यम से सेवाएं

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) में , अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 21 सितम्बर , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-42/ 2017/1 //( 107 ) दिनांक 21 सितम्बर, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 511 भोपाल दिनांक 21 सितम्बर , 2017 में प्रकाशित। 1262(49)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-42/2017/1/पांच (92)

मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , राज्य सरकार, इस बात से संतुष्ट होते हुए कि ऐसा करना जनहित में आवश्यक है , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-42-2017-1- पांच(53 ), दिनांक 18 अक्टूबर , 2017, मध्यप्रदेश के राजपत्र, असाधारण क्रमांक 569 दिनांक 18 अक्टूबर , 2017 में प्रकाशित किया गया था, में परिषद की सिफारिशों के आधार पर निम्नलिखित संशोधन करती है, यथाः-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, -

(1) सारणी में,-

(क) क्रम सं. 9 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के बाद निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाएगा:-

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

"9क अध्याय 99

कुछ नहीं

फेडरेशन इंटरनेशनल डी फुटबॉल एशोसिएशन (एफआईएफए ) और इसके सब्सिडियरी के द्वारा और इनको प्रदान की गई सेवाएं जोकि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से एफआईएफए यू-17 विश्व कप 2017, जोकि भारत में होना है, की किसी भी घटना से संबंधित हो ।

बशर्ते कि निदेशक (खेल), युवा और खेल मंत्रालय, के द्वारा यह प्रमाणित किया गया हो कि ये प्रत्यक्ष या सेवाएं अप्रत्यक्ष रूप से फीफा यू-17 विश्व कप 2017 की किसी घटना से संबंधित है।";

(ख) क्रम सं. 11 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के बाद निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाएगा:-

(1)

(2)

(3)

(4)

(5)

"11क शीर्ष 9961

या शीर्ष

कुछ नहीं

कुछ नहीं

9962

किसी कमीशन या मार्जिन के एवज में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गेहूं, चावल और मोटे अनाज की बिक्री के माध्यम से उचित मूल्य दर वाली दुकानों मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(50)

के द्वारा केंद्र सरकार को प्रदान की जाने

वाली सेवा।

11ख

या 9962 शीर्ष 9961

कुछ नहीं";

कुछ नहीं

किसी कमीशन या मार्जिन के एवज में शीर्ष सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत मिट्टी का तेल , चीनी, खाद्य तेल आदि की बिक्री के माध्यम से उचित मूल्य दर वाली दुकानों के द्वारा राज्य सरकारों या संघ राज्य क्षेत्रों को प्रदान की जाने वाली सेवा।

(ग) क्रम सं. 35 के समक्ष, कॉलम (3) में, -

(क) मद (ज) में, "मौसम आधारित फसल बीमा स्कीम या उपांतरित राष्ट्रीय कृषि बीमा स्कीम" शब्दों के स्थान पर 'पुनर्संरचित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूसीआईएस) " , शब्द, कोष्ठक और अक्षर प्रतिस्थापित किए जाएंगे;

(ख) मद (ञ) में, "राष्ट्रीय कृषि बीमा स्कीम (राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना) " शब्दों के स्थान पर "प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ( पीएमएफबीवाई ) " , शब्द, कोष्ठक और अक्षर प्रतिस्थापित किए जाएंगे;

(il) पैराग्राफ 3 में, स्पष्टीकरण में, उपवाक्य (II ) के पश्चात, निम्नलिखित उपवाक्य को अंतःस्थापित किया जाएगा:-

"(iii) लिमिटेड लिएबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट, 2008 ( 2009 का 6 ) के प्रावधानों के अंतर्गत निर्मित और पंजीकृत "लिमिटेड लिएबिलिटी पार्टनरशिप " को एक पार्टनरशिप फर्म या फर्म माना जाएगा। "

2.यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 22 अगस्त, 2017 से प्रवृत्तसमझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-42/ 2017/ 1 // (92) दिनांक 22 अगस्त, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 459 भोपाल दिनांक 22 अगस्त, 2017 में प्रकाशित। 1262(51)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-40-2017-1- पांच(83)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017(क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:--

संशोधन

नियम में,--

1. नियम 44 में, -

(1) उपनियम (2) में "एकीकृत कर और केन्द्रीय कर" शब्दों के स्थान पर " केन्द्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकीकृत कर" शब्द रखे जाएंगे ;

(2) उपनियम (6) में, "आई.जी.एस.टी. और सी.जी.एस.टी. " , शब्दों स्थान पर "केन्द्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकीकृत कर" शब्द रखे जाएंगे ;

2. नियम 96 में, उपनियम ( 1 ) के खंड (ख) और उपनियम (3 ) में, "प्ररूप जीएसटीआर-3" , शब्दों और अंकों के स्थान पर " यथास्थिति, प्ररूप जीएसटीआर-3 या प्ररूप जीएसटीआर-3ख;" शब्द, अंक और अक्षर रखे जाएंगे ;

3. नियम 96 के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"96क. बंधपत्र या परिवचनपत्र के अधीन माल या सेवाओं के निर्यात पर संदत्त एकीकृत कर का प्रतिदाय-( 1 ) एकीकृत कर का संदाय किए बिना निर्यात के लिए माल या सेवाओं के प्रदाय के विकल्प का उपभोग करने वाला कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, निर्यात से पहले, अधिकारिता आयुक्त को,--

(क) यदि मान का भारत के बाहर निर्यात नहीं किया जाता है तो निर्यात के लिए बीजक जारी करने की तारीख से तीन मास की समाप्ति के पश्चात् पंद्रह दिन की अवधि के भीतर ; या

(ख) यदि निर्यातकर्ता को यदि ऐसी सेवाओं का भुगतान संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में प्राप्त नहीं होता है तो एक वर्ष की समाप्ति के पश्चात् पंद्रह दिन की अवधि के भीतर या ऐसी और अवधि के भीतर जो आयुक्त द्वारा अनुज्ञात की जाए,

धारा 50 की उपधारा ( 1 ) के अधीन विनिर्दिष्ट ब्याज के साथ देय कर का संदाय करने के लिए स्वयं को बाध्यकर बनाने हेतु प्ररूप जीएसटी आरएफडी-11 में बंधपत्र या परिवचन पत्र देगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

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(2) सामान्य पोर्टल पर दिए गए प्ररूप जीएसटीआर-1 में अंतर्विष्ट निर्यात बीजकों के ब्यौरे इलैक्ट्रोनिक रूप से सीमा शुल्क द्वारा अभिहित सिस्टम को पारेषित किए जाएंगे और यह संपुष्टि कि उक्त बीजकों के अंतर्गत आने वाला माल का भारत से बाहर निर्यात किया गया है, इलैक्ट्रोनिक रूप से, उक्त सिस्टम से सामान्य पोर्टल को पारेषित की जाएगी ।

(3) जहां उपनियम (1 ) में विनिर्दिष्ट समय के भीतर माल का निर्यात नहीं किया जाता है और रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति उक्त उप नियम में उल्लिखित रकम का संदाय करने में असफल रहता है वहां बंधपत्र या परिवचनपत्र के अधीन यथा अनुज्ञात निर्यात को तुरंत वापस ले लिया जाएगा और रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से, धारा 79 के उपबंध के अनुसार उक्त रकम की वसूली की जाएगी ।

(4) उप नियम (3 ) के निबंधनानुसार वापस लिए गए बंधपत्र या परिवचन पत्र के अधीन यथा अनुज्ञात निर्यात को रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा देय रकम का संदाय करते ही तुरंत पुनःस्थापित कर दिया जाएगा ।

(5) सरकार, अधिसूचना द्वारा ऐसी शर्तें और रक्षोपाय विनिर्दिष्ट कर सकेगा जिनके अधीन किसी बंधपत्र के स्थान पर परिवचन पत्र दिया जा सकेगा ।

(6) उपनियम ( 1 ) के उपबंध, यथा आवश्यक परिवर्तन सहित किसी विशेष आर्थिक जोन के विकासकर्ता या किसी विशेष आर्थिक जोन इकाई को एकीकृत कर का संदाय किए बिना शून्य दर पर माल या सेवाओं या दोनों के प्रदाय के संबंध में लागू होंगे । "

4. नियम 117 में, उपनियम (1 ) में शब्द " आगत कर प्रत्यय की राशि " शब्दों को "धारा 140 के स्पष्टीकरण 2 में यथा परिभाषित उपयुक्त शुल्क और करों के " शब्द से अंतःस्थापित किए जाएंगे;

5. नियम 119 में,

(1) शीर्षक में "अभिकर्ता " शब्द के स्थान कर्मकार/अभिकर्ता " शब्द रखे जाएंगेः और पर "छुट -पुट कार्य करने वाले (2) शब्दों "धारा 142 की उपधारा ( 14) के प्रावधानों" के स्थान पर शब्द और अंक "धारा 141 या धारा 142 की उपधारा 14 के प्रावधानों" को अंतःस्थापित किया जाएगा ।

6. नियम 138 के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

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1262( 53 )

"अध्याय 17

निरीक्षण, तलाशी और अभिग्रहण

139. निरीक्षण, तलाशी और अभिग्रहण - ( 1 ) जहां किसी उचित अधिकारी, जो संयुक्त आयुक्त की पंक्तिसे नीचे का न हो , के पास यह विश्वास करने का कारण है कि धारा 67 के उपबंधों के अनुसार, यथास्थिति, निरीक्षण या तलाशी या. अभिग्रहण के प्रयोजनों के लिए कारबार के स्थान या किसी अन्य स्थान का दौरा किया जाना है, वहां वह अपने अधीनस्थ किसी अधिकारी को, यथास्थिति, निरीक्षण या तलाशी या अभिग्रहण किए जाने योग्य माल , दस्तावेजों, पुस्तकों या वस्तुओं का अभिग्रहण करने के लिए प्ररूप जीएसटी आईएनएस -01 प्राधिकृत करते हुए एक प्राधिकार पत्र जारी करेगा ।

(2) जहां कोई माल या दस्तावेज या पुस्तकें या वस्तुएं धारा 67 की उपधारा (2) के अधीन अभिग्रहण किए जाने योग्य हैं वहां उचित अधिकारी या प्राधिकृत अधिकारी प्ररूप जीएसटी आईएनएसए-02 में अभिग्रहण का आदेश करेगा ।

(3) उचित अधिकारी या प्राधिकृत अधिकारी माल के ऐसे स्वामी या अभिरक्षक को, जिसकी अभिरक्षा से ऐसा मान या वस्तुओं का अभिग्रहण किया गया है, माल की सुरक्षित देखरेख करने के लिए ऐसे माल या वस्तुओं की अभिरक्षा सौंप सकेगा और उक्त व्यक्ति, ऐसे अधिकारी की पूर्व अनुज्ञा के सिवाय ऐसे माल या वस्तुओं या उसके किसी भाग को न तो हटाएगा और न ही अन्यथा उसके संबंध में कोई कार्रवाई करेगा ।

(4) जहां ऐसे किसी माल को अभिगृहीत करना व्यवहार्य नहीं है वहां उचित अधिकारी या प्राधिकृत अधिकारी , माल के स्वामी या अभिरक्षक पर प्ररूप जीएसटी आईएनएस -03 में ऐसे प्रतिषेध आदेश की तामील कर सकेगा कि वह ऐसे अधिकारी की पूर्व अनुज्ञा के सिवाय माल या उसके किसी भाग को न तो हटाएगा और न ही अन्यथा उसके संबंध में कोई उस पर कोई कार्रवाई करेगा ।

(5) माल, दस्तावेजों, पुस्तकों या वस्तुओं का अभिग्रहण करने वाला अधिकारी , ऐसे माल या दस्तावेजों या पुस्तकों या वस्तुओं का विवरण, परिमाण या इकाई, बनावट, चिन्ह या माडल, जहां कहीं लागू हो, के साथ-साथ उनकी एक सूची तैयार करेगा और उस पर ऐसे व्यक्ति के हस्ताक्षर लेगा जिससे ऐसा माल या दस्तावेज या पुस्तकों या वस्तुओं का अभिग्रहण किया गया है ।

140. अभिगृहीत माल के निर्मोचन के लिए बंधपत्र और प्रतिभूति ( 1 ) अभिगृहीत माल को, प्ररूप जीएसटी आईएनएस-04 में माल के मूल्य के लिए एक बंधपत्र का निष्पादन करके और संदेय लागू कर, ब्याज और शास्ति की रकम के बराबर की बैंक प्रत्याभूति के रूप में प्रतिभूति देकर अनंतिम आधार पर निर्मोचित किया जा सकेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

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स्पष्टीकरण- इस अध्याय के उपबंधों के अधीन नियमों के प्रयोजनों के लिए "लागू कर" के अंतर्गत, माल और सेवाएं ( राज्यों को प्रतिकर) अधिनियम , 2017 (2017 का 15) के अधीन संदेय , यथास्थिति, केन्द्रीय कर और राज्य कर या केन्द्रीय कर और संघ राज्यक्षेत्र कर तथा उपकर, यदि कोई हो, भी है ।

(2) यदि ऐसा व्यक्ति, जिसको अनंतिम रूप से माल का निर्मोचन किया गया था, उचित अधिकारी द्वारा यथा उपदर्शित नियत तारीख और स्थान पर माल प्रस्तुत करने में असफल रहता है , तो ऐसे माल के संबंध में प्रतिभूति नकद में ली जाएगी और उसे संदेय कर, ब्याज और शास्ति तथा जुर्माने, यदि कोई हों, के प्रति समायोजित किया जाएगा ।

141. अभिगृहीत माल के संबंध में प्रक्रिया (1 ) जहां अभिगृहीत माल या वस्तुएं विनश्वर या परिसंकटमय प्रकृति की है और यदि कराधेय व्यक्ति, ऐसे मान या वस्तुओं की बाजार कीमत के बराबर रकम का या ऐसे कर , ब्याज और शास्ति की रकम का, जो कराधेय व्यक्ति द्वारा संदेय है या हो गई है , के बराबर , इनमें से जो भी निम्नतर हो, संदाय कर देता है वहां, यथास्थिति, ऐसे माल या वस्तुओं को, संदाय के सबूत के आधार पर प्ररूप जीएसटी आई एनएस-05 में आदेश द्वारा तुरंत निर्मोचित कर दिया जाएगा ।

(2) जहां कराधेय व्यक्ति उक्त माल या वस्तुओं के संबंध में उपनियम ( 1 ) में निर्दिष्ट रकम का संदाय करने में असफल रहता है वहां आयुक्त ऐसे माल या वस्तुओं का व्ययन कर सकेगा और उसके द्वारा वसूल की गई रकम को ऐसे माल या वस्तुओं के संबंध में संदेय कर , ब्याज, शास्ति या किसी अन्य रकम के प्रति समायोजित कर सकेगा ।

अध्याय 18

मांग और वसूली

142. अधिनियम के अधीन संदेय रकम की मांग के लिए सूचना और आदेश (1 ) उचित अधिकारी, --

(क) धारा 73 की उपधारा ( 1 ) या धारा 74 की उपधारा ( 1 ) या धारा 76 की उपधारा (2) के अधीन सूचना, उसके संक्षिप्त विवरण की, इलैक्ट्रानिक रूप से प्ररूप जीएसटी डीआरसी-01 में, (ख) धारा 73 की उपधारा (3) या धारा 74 की उपधारा (3) के अधीन कथन , उसके संक्षिप्त विवरण की, इलैक्ट्रानिक रूप से प्ररूप जीएसटी डीआरसी-02 में,

उसमें संदेय रकम के ब्यौरे विनिर्दिष्ट करते हुए तामील करेगा ।

(2). जहां सूचना या कथन की तामील से पहले कर से प्रभार्य व्यक्ति, यथास्थिति, धारा 73 की उपधारा (5) के अनुसार कर और ब्याज का या धारा 74 की उपधारा (5) के उपबंधों के अनुसार ब्याज और शास्ति का संदाय कर देता है, वहां वह उचित अधिकारी को, प्ररूप जीएसटी 1262( 55)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

डीआरसी-03 में ऐसे संदाय की सूचना देगा और उचित अधिकारी , प्ररूप जीएसटी डीआरसी-04 में उक्त व्यक्ति द्वारा किए गए संदाय को स्वीकार करते हुए एक अभिस्वीकृति जारी करेगा । (3) जहां, कर से प्रभार्य व्यक्ति उपनियम ( 1 ) के अधीन सूचना की तामील होने के तीस दिन के भीतर, यथास्थिति, धारा 73 की उपधारा ( 8) के अधीन कर और ब्याज का या धारा 74 की उपधारा ( 8) के अधीन कर, ब्याज और शास्ति का संदाय कर देता है वहां वह उचित अधिकारी को, प्ररूप जीएसटी डीआरसी-03 में ऐसे संदाय की सूचना देगा और उचित अधिकारी उक्त सूचना के संबंध में कार्यवाहियों को समाप्त करते हुए प्ररूप जीएसटी डीआरसी-05 में आदेश जारी करेगा ।

(4) धारा 73 की उपधारा (9 ) या धारा 74 की उपधारा (9) या धारा 76 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट अभ्यवेदन प्ररूप जीएसटी डीआरसी-06 में होगा ।

(5) धारा 73 की उपधारा (9) या धारा 74 की उपधारा (9) या धारा ( 76) की उपधारा ( 3 ) के अधीन जारी संक्षिप्त विवरण को इलैक्ट्रोनिक रूप से प्ररूप जीएसटी डीआरसी-07 में, उसमें कर से प्रभार्य व्यक्ति द्वारा संदेय कर, ब्याज और शास्ति की रकम विनिर्दिष्ट करते हुए अपलोड किया जाएगा ।

(5) में निर्दिष्ट आदेश को वसूली की सूचना के रूप में माना जाएगा ।

(6) उपनियम

(7) उचित अधिकारी द्वारा , धारा 161 के उपबंधों के अनुसार परिशुद्धि का आदेश प्ररूप जीएसटीडीआरसी-08 में दिया जाएगा ।

143. किसी ऋणग्रस्त रकम से कटौती द्वारा वसूली जहां अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों में से किन्हीं उपबंधों के अधीन सरकार के प्रति किसी व्यक्ति द्वारा (जिसे इस अध्याय के उपबंधों के अधीन नियमों में "व्यतिक्रमी" कहा गया है) संदेय की रकम संदत्त नहीं की जाती है , वहां उचित अधिकारी , प्ररूप जीएसटी डीआरसी-09 में विनिर्दिष्ट अधिकारी से, धारा 79 की उपधारा (1 ) के खंड (क) के उपबंधों के अनुसार ऐसे व्यतिक्रमी के प्रति किसी ऋणग्रस्त रकम से उक्त रकम की कटौती करने की अपेक्षा कर सकेगा ।

स्पष्टीकरण इस अध्याय के नियमों के उपबंधों के अधीन नियमों के प्रयोजनों के लिए "विनिर्दिष्ट अधिकारी" से केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार या किसी संघ राज्यक्षेत्र की सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकरण या बोर्ड या निगम या केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार या संघ राज्यक्षेत्र की सरकार या स्थानीय प्राधिकरण के पूर्ण या भागतः स्वामित्वाधीन या नियंत्रणाधीन किसी कंपनी का कोई अधिकारी अभिप्रेत है ।

144. उचित अधिकारी के नियंत्रणाधीन माल के विक्रय द्वारा वसूली (1 ) जहां किसी व्यतिक्रमी से शोध्य कोई रकम, धारा 79 की उपधारा ( 1 ) के खंड (ख ) के उपबंधों के अनुसार ऐसे व्यक्ति के माल के विक्रय द्वारा वसूल की जानी है वहां उचित अधिकारी , ऐसे माल की मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

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सूची तैयार करेगा और उसके बाजार मूल्य का प्राक्कलन करेगा और केवल उतने माल के विक्रय के लिए कार्यवाही करेगा जितना वसूली प्रक्रिया पर उपगत प्रशासनिक व्यय के साथ संदेय रकम की वसूली के लिए अपेक्षित हैं ।

(2) उक्त माल का, नीलामी, जिसके अंतर्गत ई-नीलामी भी है, की प्रक्रिया के माध्यम से विक्रय किया जाएगा, जिसके लिए प्ररूप जीएसटी डीआरसी-10 में विक्रय किए जाने वाले माल को और नीलामी के प्रयोजन को स्पष्ट रूप से उपदर्शित करते हुए एक सूचना जारी की जाएगी ।

(3) नीलामी की तारीख या बोली प्रस्तुत करने के लिए अंतिम दिन उपनियम (2) में निर्दिष्ट सूचना जारी करने की तारीख से पन्द्रह दिन से पूर्व की नहीं होगी ।

परन्तु जहां माल विनश्वर या परिसंकटमय प्रकृति का है या जहां उसे अभिरक्षा में रखने का व्यय उसकी कीमत से अधिक होने की संभवना है, वहां उचित अधिकारी उसका तुरंत विक्रय कर सकेगा ।

(4) उचित अधिकारी, नीलामी में भाग लेने के लिए बोली लगाने वालों को पात्र बनाने के लिए, ऐसे अधिकारी द्वारा विनिर्दिष्ट रीति में दी जाने वाली पूर्व निक्षेप की ऐसी रकम विनिर्दिष्ट कर सकेगा जिसे, यथास्थिति, सफल बोली लगाने वालों को वापस किया जा सकेगा या यदि सफल बोली लगाने वाला पूरी रकम का संदाय करने में असफल रहता है तो उसे समपहृत किया जा सकेगा ।

(5) उचित अधिकारी , सफल बोली लगाने वाले को प्ररूप जीएसटी डीआरसी 11 में नीलामी की तारीख से पन्द्रह दिन की अवधि के भीतर उससे संदाय करने की अपेक्षा करते हुए सूचना जारी करेगा । बोली की पूरी रकम के संदाय पर उचित अधिकारी उक्त माल का कब्जा सफल बोली लगाने वाले को अंतरित करेगा तथा प्ररूप जीएसटी डीआरसी-12 में प्रमाणपत्र जारी करेगा ।

(6) जहां व्यतिक्रमी उपनियम (2) के अधीन सूचना जारी करने से पूर्व, वसूली के अधीन रकम का, जिसके अन्तर्गत वसूली की प्रक्रिया पर उपगत व्यय भी है संदाय कर देता है, वहां उचित अधिकारी नीलामी की प्रक्रिया रद्द करेगा और माल निर्मोचित कर देगा ।

(7) जहां कोई बोली प्राप्त नहीं होती है या नीलामी को पर्याप्त भागीदारी की कमी या कम बोलियों की कारण से गैर- प्रतियोगी समझा जाता है, वहां उचित अधिकारी प्रक्रिया रद्द करेगा और पुनः- नीलामी के लिए कार्यवाही करेगा ।

145. किसी तृतीय व्यक्ति से वसूली ( 1 ) उचित अधिकारी, धारा 79 की उप- धारा (1 ) के खंड (ग) में निर्दिष्ट किसी व्यक्ति पर, (जिसे इस नियम में इसके पश्चात् "तृतीय व्यक्ति" कहा गया है) प्ररूप जीएसटी डीआरसी 13 में, उसे सूचना में विनिर्दिष्ट रकम जमा कराने का निदेश देते हुए, सूचना की तामीन कर सकेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 57) (2) जहां तृतीय व्यक्ति, उपनियम ( 1 ) के अधीन जारी सूचना में विनिर्दिष्ट रकम का संदाय कर देता है, वहां उचित अधिकारी तृतीय व्यक्ति को प्ररूप जीएसटी डीआरसी 14 में ऐसे उन्मोचित दायित्व के ब्यौरे स्पष्टतः उपदर्शित करते हुए प्रमाणपत्र जारी करेगा ।

146. किसी डिक्री, आदि, के निष्पादन के माध्यम से वसूली जहां किसी रकम का किसी सिविल न्यायालय की डिक्री के निष्पादन में व्यतिक्रमी को संदेय है या किसी बंधक या भार के प्रवर्तन में विक्रय के लिए है वहां उचित अधिकारी प्ररूप जीएसटी डीआरसी 15 में उक्त न्यायालय को अनुरोध करेगा और न्यायालय , सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 ( 1908 का 5) के उपबंधों के अध्यधीन, संलग्न डिक्री का निष्पादन करेगा और वसूलीय रकम के परिनिर्धारण के लिए शुद्ध आगमों को जमा करेगा ।

147. जंगम या स्थावर सम्पत्ति के विक्रय द्वारा वसूली (1 ) उचित अधिकारी, व्यतिक्रमी की जंगम और स्थावर सम्पत्ति की एक सूची तैयार करेगा , प्रचलित बाजार मूल्य के अनुसार उसकी कीमत का प्राक्कलन करेगा और कुर्की या करस्थम् का आदेश जारी करेगा तथा प्ररूप जीएसटी डीआरसी 16 में, ऐसी स्थावर और जंगम संपत्ति जो देय रकम की वसूली के लिए अपेक्षित है, के संबंध में किसी संव्यवहार को प्रतिषिद्ध करते हुए विक्रय के लिए सूचना जारी करेगा :

परन्तु कोई ऋण जो पराक्रम्य निखत द्वारा, किसी निगम में कोई अंश या अन्य जंगम संपत्ति द्वारा प्रतिभूत नहीं है, में किसी संपत्ति की कुर्की जो व्यतिक्रमी के कब्जे में नहीं है, किसी न्यायालय में निक्षेपित या अभिरक्षा में संपत्ति से भिन्न, नियम 151 में उपबंधित रीति से कुर्क की जाएगी ।

(2) उचित अधिकारी, कुर्की या करस्थम् आदेश की एक प्रतिलिपि संबंधित राजस्व प्राधिकारी या परिवहन प्राधिकारी या किसी ऐसे प्राधिकारी को, स्थावर या जंगम संपत्ति पर विल्लंगम रखने को भेजेगा जो केवल उचित अधिकारी द्वारा उस प्रभाव के लिखित निदेशों पर हटाया जाएगा । (3) जहां उपनियम ( 1 ) के अधीन कुर्की या करस्थम् के अध्यधीन , कोई संपत्ति-

(क) स्थावर संपत्ति है , कुर्की या करस्थम् आदेश उक्त संपत्ति पर चिपकाया जाएगा और विक्रय की पुष्टिहोने तक चिपका रहेगा ।

(ख) कोई जंगम संपत्ति है, वहां उचित अधिकारी उक्त संपत्ति को इस प्रकार अधिनियम के अध्याय 14 के उपबंधों के उक्त संपत्ति का अभिग्रहण करेगा और उक्त संपत्ति की अभिरक्षा या तो उचित अधिकारी के द्वारा स्वयं या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा ली जाएगी ।

(4) कुर्की या करस्थम् की गई संपत्ति नीलामी के माध्यम से विक्रय की जाएगी , जिसके अन्तर्गत ई-नीलामी भी है , जिसके लिए प्ररूप जीएसटी डीआरसी 17 में सूचना, विक्रय की जाने वाली संपत्ति को स्पष्टतः उपदर्शित करते हुए और विक्रय का प्रयोजन देते हुए , जारी किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

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(5) इस अध्याय के उपबंधों के अधीन इन नियमों में किसी भी बात के होते हुए , जहां विक्रय की जाने वाली संपत्ति, पराक्रम्य लिखत या किसी निगम में कोई अंश है , वहां उचित अधिकारी इसे लोक नीलामी से विक्रय करने के बजाय ऐसे लिखत या अंश को किसी दलाल के माध्यम से विक्रय कर सकेगा और उक्त दलाल वसूली के अधीन यथा अपेक्षित रकम को उन्मोचन के लिए, उसके कमीशन को घटाकर ऐसे विक्रय के आगम को सरकार को निक्षेप करेगा और अधिशेष रकम, यदि कोई हो, का संदाय ऐसे लिखत या अंश के स्वामी को करेगा ।

(6) उचित अधिकारी, नीलामी में , भाग लेने के लिए बोली लगाने वालों को पात्र बनाने के लिए, ऐसे अधिकारी द्वारा विनिर्दिष्ट रीति में दी जाने वानी पूर्व निक्षेप की ऐसी रकम विनिर्दिष्ट कर सकेगा जिसे, यथास्थिति, सफल बोली लगाने वालों को वापस किया जा सकेगा या यदि सफल बोली लगाने वाला पूर्ण रकम का संदाय करने में असफल हो जाता है तो उसे समपहृत किया जा सकेगा ।

..(7) नीलामी की तारीख या बोली प्रस्तुत करने के लिए अंतिम दिन उपनियम (4) में निर्दिष्ट सूचना जारी होने की तारीख से 15 दिन से पूर्व नहीं होगा ।

परन्तु जहां मान विनश्वर या परिसंकटमय प्रकृति का है या जहां उनको अभिरक्षा में रखने का व्यय उनकी कीमत से अधिक होना संभवनीय है, तो अधिकारी उन्हें तुरंत विक्रय कर सकेगा ।

(8) जहां किसी दावे को वरीयता दी गई है या कोई आक्षेप किसी संपत्ति की कुर्की या करस्थम् के संबंध में इस आधार पर किया जाता है या उठाया जाता है कि ऐसी संपत्ति ऐसी कुर्की या करस्थम् के लिए दायी नहीं है, वहां उचित अधिकारी ऐसे दावे या आक्षेप का अन्वेषण करेगा और विक्रय को ऐसे समय के लिए , जैसा वह ठीक समझे, मुल्तवी कर सकेगा ।

(9) दावा या आक्षेप करने वाला व्यक्ति साक्ष्य देगा कि उपनियम ( 1 ) के अधीन जारी आदेश की तारीख को कुर्की या करस्थम् के अधीन प्रश्नगत संपत्ति में वह कब्जे में था या उसका कुछ हित था ।

(10) जहां अन्वेषण करने पर उचित अधिकारी का दावा या आक्षेप में कथित कारण से, यह समाधान हो जाता है कि ऐसी संपत्ति उक्त तारीख को व्यतिक्रमी या उसकी ओर से किसी व्यक्तिके कब्जे में नहीं थी या व्यतिक्रमी के या उक्त तारीख पर व्यतिक्रमी के कब्जे में होने के कारण यह उसके कब्जे में नहीं थी जहां अन्वेषण पर, उचित अधिकारी का दावे या आक्षेप में कथित कारणों से यह समाधान हो जाता है कि उक्त तारीख को ऐसी सम्पत्ति, व्यतिक्रमी या उसकी ओर से किसी अन्य ऐसे व्यक्ति के, कब्जे में नहीं थी या वह उक्त तारीख को जो व्यतिक्रमी के कब्जे में थी, वह उसके स्वयं की या उसके स्वामित्वाधीन सम्पत्ति नहीं थी अपितु किसी अन्य व्यक्ति की या उसके न्यास की थी या भागतः उसकी स्वयं की और भागतः किसी अन्य व्यक्ति की थी, वहां उचित अधिकारी, ऐसी सम्पत्ति को, पूर्णतः या ऐसे विस्तार तक, जो वह ठीक समझे, कुर्की या करस्थम् से निर्मोचन का अधिकार देगा । 1262( 59)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(11) जहां उचित अधिकारी का यह समाधान हो जाता है कि उक्त तारीख को संपत्ति व्यतिक्रमी के कब्जे में उसकी अपनी संपत्ति के रूप में थी, न कि किसी अन्य व्यक्ति की जिम्मेदारी पर, या उसके लिए न्यास में किसी अन्य व्यक्ति के कब्जे में था या किसी किरायेदार या किसी अन्य व्यक्ति जो उसे किराया दे रहा था, के अधिभोग में था उचित अधिकारी दावा नामंजूर करेगा और नीलामी के माध्यम से विक्रय की प्रक्रिया अग्रसर करेगा ।

(12) उचित अधिकारी , सफल बोली लगाने वाले को प्ररूप जीएसटी डीआरसी 11 में सूचना, उससे अपेक्षा करते हुए कि रकम का संदाय ऐसे सूचना की तारीख से 15 दिन की अवधि के भीतर करे , जारी करेगा और जब उक्त संदाय हो जाता है तो वह प्ररूप जीएसटी डीआरसी 12 में संपत्ति के ब्यौरे , अंतरण की तारीख , बोली लगाने वाले के ब्यौरे और संदत्त रकम , विनिर्दिष्ट करते हुए प्रमाणपत्र जारी करेगा और ऐसा प्रमाणपत्र जारी होने पर ऐसे बोली लगाने वाले को संपत्तिमें अधिकार , हक और हित अंतरित समझे जाएंगे:

परन्तु जहां अधिकतम बोली एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा लगाई जाती है और उनमें से एक संपत्ति का सहस्वामी है वहां वह सफल बोली लगाने वाला समझा जाएगा।

(13) उपनियम ( 12) में विनिर्दिष्ट संपत्ति के अंतरण के संबंध में देय कोई रकम, जिसके अंतर्गत स्टाम्प शुल्क, कर या फीस भी है , उस व्यक्ति द्वारा सरकार को संदत्त की जाएगी जिसे ऐसी संपत्ति में हक अंतरित किया जाता है ।

(14) उपनियम (4) के अधीन सूचना जारी करने से पूर्व , जहां व्यतिक्रमी वसूली अधीन रकम का संदाय करता है, जिसके अन्तर्गत वसूली की प्रक्रिया पर उपगत व्यय भी हैं, वहां उचित अधिकारी नीलामी की प्रक्रिया को रद्द करेगा और माल को निर्मोचित करेगा ।

(15) जहां कोई बोलियां प्राप्त नहीं होती है या नीलामी को पर्याप्त भागीदारी की कमी या कम बोलियों के कारण से गैर-प्रतियोगी समझा जाता है , वहां उचित अधिकारी प्रक्रिया को रद्द करेगा और पुनः- नीलामी के लिए कार्यवाही करेगा ।

148. अधिकारी द्वारा बोली लगाने या क्रय करने का प्रतिषेध-कोई अधिकारी या अन्य व्यक्ति जो इस अध्याय के उपबंधों के अधीन नियमों के अंतर्गत किसी विक्रय के संबंध में किसी कर्तव्य का निर्वहन करता है , प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः , विक्रय संपत्ति में किसी हित का अर्जन या हित अर्जन करने का प्रयास करने के लिए बोली नहीं लगाएगा ।

149. अवकाश-दिन पर विक्रय करने का प्रतिषेध--इस अध्याय के उपबंधों के अधीन नियमों के अंतर्गत, रविवार या सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त अन्य साधारण अवकाश -दिन पर या किसी अन्य दिन, जो सरकार ‌द्वारा उस क्षेत्र के लिए जिसमें विक्रय किया जाना है अवकाश-दिन घोषित किया गया है, कोई विक्रय नहीं किया जाएगा ।

150. पुलिस द्वारा सहायता - उचित अधिकारी , अधिकारिता रखने वाले पुलिस स्टेशन के भारसाधक-अधिकारी से ऐसी सहायता जो उसके कर्तव्यों के निवर्हन के लिए आवश्यक हो, मांग मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(60)

सकेगा और उक्त भारसाधक अधिकारी ऐसी सहायता उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस अधिकारियों को तैनात करेगा ।

151. ऋणों और शेयरों आदि की कुर्की (1 ) कोई ऋण जो परक्राम्य लिखत द्वारा सुनिश्चित नहीं किया गया है, निगम में शेयर या अन्य जंगम सम्पत्ति जो व्यतिक्रमी के कब्जे में नहीं है, सिवाए ऐसी सम्पत्ति के जो निक्षेप की गई है या किसी न्यायालय की अभिरक्षा में है, प्ररुप जीएसटीडी आरसी-16 में लिखित आदेश द्वारा ,--

(क) ऋण के मामले में लेनदार को ऋण की वसूली करने से और ऋणी को उसका संदाय करने से जबतक कि उचित अधिकारी से अतिरिक्त आदेश प्राप्त नहीं किया जाता ;

(ख) शेयर के मामले में व्यक्ति जिसके नाम में शेयर धारित हो, को उसे अंतरित करने से या उस पर कोई लाभांश प्राप्त करने से ;

(ग) किसी अन्य जंगम सम्पत्ति के मामले में, उसका कब्जा रखने वाले व्यक्ति को इसे व्यतिक्रमी को देने से प्रतिषिद्ध करते हुए कुर्क किया जाएगा ।

(2) ऐसे आदेश की एक प्रति उचित अधिकारी के कार्यालय के किसी सहजदृश्य भाग पर चिपकाया जाएगा, और एक अन्य प्रति ऋण के मामले में , ऋणी को भेजी जाएगी, और शेयरों के मामलों में, निगम के रजिस्ट्रीकृत पते पर भेजी जाएगी और अन्य जंगम सम्पत्ति के मामले में, उसका कब्जा रखने वाले व्यक्ति को भेजी जाएगी ।

(3)उप नियम (1 (के खण्ड) क) के अधीन प्रतिषिद्ध कोई ऋणी, अपने ऋण की राशि का संदाय उचित अधिकारी को कर सकेगा, और ऐसा संदाय व्यतिक्रमी को संदेय किया गया समझा जाएगा ।

152 .न्यायालयों या लोक अधिकारी की अभिरक्षा में सम्पत्ति की कुर्की जहां कुर्की की जाने वाली सम्पत्ति किसी न्यायालय या लोक अधिकारी की अभिरक्षा में है, वहां उचित अधिकारी ऐसे न्यायालय या अधिकारी को यह अनुरोध करते हुए कुर्की का आदेश भेजेगा कि, ऐसी सम्पत्ति और उस पर संदेय कोई ब्याज या लाभांश , संदेय राशि की वसूली तक धारित कर लिया जाए । 153. भागीदारी में हित की कुर्की (1) जहां कुर्की की जाने वाली सम्पत्ति में, व्यतिक्रमी का किसी भागीदारी में एक भागीदार होने पर एक हित सम्मिलित है , वहां उचित अधिकारी प्रमाणपत्र के अधीन, शोध्य राशि के ऐसे संदाय के साथ भागीदारी सम्पत्ति में ऐसे भागीदार के हिस्से और लाभों को प्रभारित करते हुए एक आदेश कर सकेगा और उसी या पश्चात्वर्ती आदेश द्वारा ऐसे लाभों जो पहले से ही घोषित हों या प्रोद्भूत हुए हैं और ऐसे अन्य धन जो उसे भागीदारी के सम्बन्ध में उस पर शोध्य हो गए हों में ऐसे भागीदार के हिस्से के सम्बन्ध में रिसीवर नियुक्त कर सकेगा , लेखा और जाँच के लिए निदेश दे सकेगा और ऐसे हित के विक्रय के लिए आदेश कर सकेगा या ऐसा अन्य आदेश कर सकेगा, जैसा कि मामले की परिस्थितियों में अपेक्षा हो । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(61 ) **(2) अन्य भागीदारों को किसी भी समय, प्रभारित हित का मोचन करने या विक्रय का निदेश किए जाने की दशा में, उसका क्रय करने की स्वतंत्रता होगी ।

154. माल और जंगम या स्थावर सम्पत्ति के विक्रय के आगमों का व्ययन किसी व्यतिक्रमी से शोध्य की वसूली के लिए, माल , जंगम या स्थावर सम्पत्ति के विक्रय से इस प्रकार प्राप्त की गई रकमें,--

जाएगी; (क) प्रथमतया, वसूली प्रक्रिया पर हुए प्रशासनिक व्यय के विरुद्ध विनियोजित की (ख) तत्पश्चात् वसूली की जाने वाली रकम के विरुद्ध विनियोजित की जाएगी ;

(ग) तत्पश्चात् अधिनियम, या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 13 ) या संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (2017 का 14) या किसी राज्य का राज्य माल और सेवा कर अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन व्यतिक्रमी से शोध्य किसी अन्य रकम के विरुद्ध विनियोजित की जाएगी; और

(घ) व्यतिक्रमी को संदत्त किए जाने वाले किसी अधिशेष के विरुद्ध विनियोजित की जाएगी ।

155. भू-राजस्व प्राधिकारी के माध्यम से वसूली- जहां किसी रकम की धारा 79 की उपधारा(1 ) के खण्ड (ङ) के उपबंधों के अनुसार वसूली की जानी है, वहां उचित अधिकारी जिले के कलक्टर या उपायुक्त को या प्ररुप जीएसटीडीआरसी-18 में इस निमित्त प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी को एक प्रमाणपत्र, प्रमाणपत्र में, विनिर्दिष्ट रकम की सम्बंधित व्यक्ति से वसूली के लिए भेजेगा , जैसे कि यह भू-राजस्व की बकाया रकम थी ।

156 न्यायालय के माध्यम से वसूली - जहां किसी रकम की ऐसे वसूली की जानी है जैसे कि यह दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अधीन अधिरोपित जुर्माना हो, वहां उचित अधिकारी धारा 79 की उपधारा ( 1) के खण्ड (च) के उपबन्धों के अनुसार समुचित मजिस्ट्रेट के समक्ष प्ररूप जीएसटीडीआरसी-19 में सम्बंधित व्यक्ति से तद्धीन विनिर्दिष्ट रकम की वसूली के लिए एक आवेदन करेगा, जैसे कि यह उसके द्वारा अधिरोपित एक जुर्माना हो ।

157.प्रतिभू से वसूली - जहां कोई व्यक्ति व्यतिक्रमी पर शोध्य रकम के लिए प्रतिभू बना है, वहां इस अध्याय के अधीन उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी, जैसे कि वह व्यतिक्रमी हो ।

158.किस्तों में कर और अन्य रकमों का संदाय ( 1) किसी कराधेय व्यक्ति द्वारा अधिनियम के अधीन शोध्य करों या किसी रकम के संदाय के लिए समयावधि के विस्तार की ईप्सा करते हुए या धारा 80 के उपबंधों के अनुसार किस्तों में ऐसे करों या रकम के संदाय को अनुज्ञात करने के लिए प्ररुप जीएसटीडीआरसी-20 में इलैक्ट्रोनिकली आवेदन फाइल किए जाने पर, आयुक्त , उक्त मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(62)

रकम का संदाय करने के लिए कराधेय व्यक्ति की वित्तीय योग्यता के सम्बंध में, अधिकारिता रखने वाले अधिकारी से रिपोर्ट की माँग करेगा ।

(2) कराधेय व्यक्ति की प्रार्थना और अधिकारिता रखने वाले अधिकारी की रिपोर्ट पर विचार करने के पश्चात्, आयुक्त कराधेय व्यक्ति को संदाय करने के लिए अतिरिक्त समय और/या रकम का ऐसी मासिक किस्तों में, जो चौबीस से अनधिक हो , जैसा वह उपयुक्त समझे, संदाय अनुज्ञात करते हुए, प्ररुप जीएसटीडीआरसी-21 में एक आदेश जारी कर सकेगा ।

(3) उपनियम (2) में निर्दिष्ट सुविधा, वहां अनुज्ञात नहीं की जाएगी, जहां-

(क) कराधेय व्यक्तिअधिनियम या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 या संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 या किसी राज्य के राज्य माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 के अधीन किसी रकम का संदाय करने का पहले से व्यतिक्रमी है जिसके लिए वसूली प्रक्रिया चालू है ;

(ख) कराधेय व्यक्ति अधिनियम या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 या संघ राज्यक्षेत्र माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 या किसी राज्य के राज्य मान और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अधीन पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में किस्तों में संदाय करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया गया है ;

(ग) कोई रकम, जिसके लिए किस्त सुविधा की ईप्सा की गई है , पच्चीस हजार रुपयों से कम है ।

159. सम्पत्ति की अनंतिम कुर्की ( 1 ) जहां आयुक्त धारा 83 के उपबंधों के अनुसार बैंक खाता सहित , किसी सम्पत्ति की कुर्की करने का विनिश्चय करता है, वहां वह प्ररुप जीएसटीडीआरसी-22 में तद्धीन सम्पत्ति जो कुर्की की गई है के विवरणों का उल्लेख करते हुए एक आदेश पारित करेगा ।

(2) आयुक्त कुर्की के आदेश की प्रति सम्बंधित राजस्व प्राधिकारी या परिवहन प्राधिकारी या किसी ऐसे प्राधिकारी को भेजेगा, कि वह उक्त जंगम या स्थावर सम्पत्ति पर विल्लंगम रखे, जो केवल आयुक्त के इस निमित्त लिखित अनुदेशों पर ही हटाया जाएगा ।

(3) जहां कुर्की की गई सम्पत्ति विनश्वर या परिसंकटमय प्रकृति की है , और यदि कराधेय व्यक्ति ऐसी सम्पत्ति के बाजार मूल्य के समतुल्य रकम का संदाय करता है या ऐसी रकम का संदाय करता है या ऐसी रकम का संदाय करता है जो कराधेय व्यक्ति पर संदेय है या संदेय बन जाती है , जो भी न्यून हो, तब ऐसी सम्पत्ति, संदाय के सबूत पर , प्ररुप जीएसटीडी आरसी-23 में एक आदेश द्वारा तुरंत निर्मुक्त की जाएगी ।

(4) जहां कराधेय व्यक्ति विनश्वर या परिसंकटमय प्रकृति की उक्त सम्पत्ति के सम्बन्ध में उपनियम(3) में निर्दिष्ट रकम का संदाय करने में विफल रहता है, वहां आयुक्त ऐसी सम्पत्ति 1262(63)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

काःव्ययन कर सकेगा और तद् द्वारा प्राप्त रकम, कर, व्याज , शस्ति, शुल्क या कराधेय व्यक्तिद्वारा संदेय किसी अन्य रकम के विरुद्ध समायोजित की जाएगी ।

(5) कोई व्यक्ति जिसकी सम्पत्ति कुर्क की गई है, कुर्की के सात दिवसों के भीतर, उपनियम ( 1 ) के अधीन इस प्रभाव की एक आपत्ति फाइल कर सकेगा कि कुर्की की गई सम्पत्ति कुर्की किए जाने के लिए दायी नहीं थी या है, और आयुक्त आपत्ति फाइल करने वाले व्यक्ति को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् प्ररुप जीएसटीडीआरसी-23 में एक आदेश द्वारा उक्त सम्पत्ति: को निर्मुक्त कर सकेगा ।

(6) आयुक्त इस सम्बन्ध में समाधान होने पर कि सम्पत्ति कुर्की के लिए और अधिक दायी नहीं थी या है , प्ररुप जीएसटीडीआरसी-23 में एक आदेश जारी करते हुए ऐसी सम्पत्ति को निर्मुक्त कर सकेगा ।

- 160. समापनाधीन कंपनी से वसूली जहां कंपनी समापनाधीन है जैसा कि धारा 88 में विनिर्दिष्ट किया गया है, वहां आयुक्त, कर, व्याज, शास्ति दर्शित करते हुए कोई रकम या अधिनियम के अधीन शोध्य किसी अन्य रकम की वसूली के लिए प्ररुप जीएसटीडीआरसी-24 में समापक को अधिसूचित करेगा ।

J 161. कतिपय वसूली कार्यवाहियों का जारी रहना धारा 84 के अधीन किसी माँग में कमी या वृद्धि के लिए आदेश प्ररुप जीएसटीडीआरसी-25 में जारी किया जाएगा ।

अध्याय 19

अपराध और शास्तियाँ

162. अपराधों के प्रशमन के लिए प्रक्रिया ( 1 ) कोई आवेदक, या तो अभियोजन के संस्थित किए जाने के पूर्व या पश्चात् धारा 138 की उपधारा ( 1 ) के अधीन प्ररुप जीएसटीसीपीडी-01 में, अपराध के प्रशमन के लिए आयुक्त को आवेदन कर सकेगा ।

(2) आवेदन की प्राप्ति पर, आयुक्त ,आवेदन में प्रस्तुत की गई विशिष्टियों या कोई अन्य सूचना, जो ऐसे आवेदन की परीक्षा के लिए सुसंगत विचार की जा सकेगी, के संदर्भ में सम्बंधित अधिकारी से एक रिपोर्ट मांगेंगा ।

(3) आयुक्त, आवेदन प्राप्त होने के नब्बे दिन के भीतर , उक्त आवेदन की अन्तर्वस्तु पर विचार करने के पश्चात् प्ररुप जीएसटीसीपीडी-02 में आदेश द्वारा या तो इस सम्बन्ध में समाधान होने पर कि आवेदक ने उसके समक्ष कार्यवाहियों में सहयोग किया है और मामने से सम्बन्धित तथ्यों का पूर्ण और सत्य प्रकटन किया है, यह प्रशमित रकम इंगित करते हुए आवेदन मंजूर कर सकेगा और उसे अभियोजन से उन्मुक्ति प्रदान कर सकता है या ऐसा आवेदन को नामंजूर कर सकेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(64)

(4) उपनियम (3) के अधीन आवेदन का विनिश्चय , आवेदक को उस पर सुनवाई का अवसर दिए बिना और ऐसी नमंजूरी के कारणों को अभिलिखित किए बिना नहीं किया जाएगा ।

(5) आवेदन अनुज्ञात नहीं जाएगा जबतक संदाय के लिए दायी कर, ब्याज और शास्ति का मामले में संदाय नहीं कर दिया जाता जिसके लिए आवेदन किया गया है ।

(6) आवेदक उप नियम (3 ) के अधीन आदेश की प्राप्ति की तारीख से तीस दिवसों की अवधि के भीतर आयुक्त द्वारा आदेश की गई प्रशमित रकम का संदाय करेगा और उन्हें ऐसे संदाय का सबूत प्रस्तुत करेगा ।

(7) यदि आवेदक उपनियम (6) में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर प्रशमित रकम का संदाय करने में विफल रहता है , तब उप नियम (3) के अधीन किया गया आदेश दूषित और शून्य हो जाएगा । (8) किसी व्यक्ति को उप नियम (3) के अधीन प्रदान की गई उन्मुक्ति ,आयुक्त द्वारा किसी समय भी प्रत्याइत की जा सकेगी, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि ऐसे व्यक्ति ने प्रशमन कार्यवाहियों के अनुक्रम में, कोई तात्विक विशिष्टियाँ छिपायी थी या मिथ्या साक्ष्य दिया था तदुपरि ऐसे व्यक्ति का ऐसे अपराध के लिए विधारण किया जा सकेगा जिसके लिए उन्मुक्ति प्रदान की गई थी या किसी अन्य अपराध के लिए विचारण किया जा सकेगा, जो कि उसके द्वारा प्रशमन कार्यवाहियों के सम्बन्ध में कारित किया गया प्रतीत होता है और अधिनियम के उपबंध लागू होंगे , जैसे कि ऐसी कोई उन्मुक्ति प्रदान नहीं की गई थी ।

7.फॉर्म "जीएसटीटीआरएएन-2" के पश्चात, निम्नलिखित फॉर्म जोड़े जाएंगे, 1262(65)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप - जीएसटी-आरएफडी-01

[नियम 89(1 ) देखें]

प्रतिदाय के लिए आवेदन

चयन - रजिस्ट्रीकृत/आकस्मिक/अरजिस्ट्रीकृत/अनिवासी कराधेय व्यक्ति

1. जीएसटीआईएन/अस्थायी आईडी:

2. विधिक नाम

3. व्यापार नाम, यदि कोई हो

4. पता:

से दिन/मास/वर्ष>

<दिन/मास/वर्ष>

5. कर अवधि:

6. दावा किए गए प्रतिदाय की रकम:

ब्याज शास्ति फीस अन्य कुल

कर

अधिनियम

केन्द्रीय कर

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

एकीकृत कर

उपकर

कुल

7. दावा किए गए प्रतिदाय के आधार (नीचे से चयन करें) :

(क) इलैक्ट्रानिक नकद खाता में अतिरिक्त अतिशेष:

(ख) सेवाओं का निर्यात कर के संदाय सहित :

(ग) माल/सेवाओं का निर्यात कर के संदाय के बिना उदरहणार्थ, संचित इनपुट कर प्रत्यय

(घ) निर्धारण/अनंतिम निर्धारण/अपील/किसी अन्य आदेश के कारण-

(i) आदेश के प्रकार चयन

निर्धारण/अनंतिम निर्धारण/अपील/ अन्य

(ii) निम्नलिखित ब्यौरों का उल्लेख करें ,

1. आदेश संख्या;

2. आदेश की तारीख कलेंडर>

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(66)

3. आदेश जारी करने वाला प्राधिकारी

संदाय संदर्भ संख्या (प्रतिदाय के रूप दावे के लिए रकम) ( यदि आदेश सिस्टम के भीतर जारी किया जाता है ,तो 2,3, स् वतः वांसित)

(ङ) विपर्यस्त कर ढांचा के लिए निवेश कर प्रत्यय संचित( धारा 54(3) ) के परन्तुक के खंड ( ii)

(च ) विशेष आर्थिक जोन इकाई/विशेष आर्थिक विकासकर्ता या समझे गए निर्यात प्रापक के लिए गए प्रदाय पर-

(प्रदायकर्त)/प्राप्तिकर्ता के प्रकार चयन करें

1. विशेष आर्थिक जोन इकाई के लिए प्रदाय

2. विशेष आर्थिक जोन के विकासकर्ता को प्रदाय

3. माने गए निर्यात के प्राप्तिकर्ता ।

(छ) विशेष आर्थिक जोनयुनिट/ विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को किए प्रदाय पर संचित इनपुट कर प्रत्यय का प्रतिदाय है। (ज) प्रदाय पर संदत्त कर जिसे उपबंधित नहीं किया गया है, या तो पूर्णतः या भागतः और जिसके लिए बीजक जारी किया गया (झ) राज्यांतरिक पर संदत्त कर पर जिसे अन्तराज्यिक और विपर्ययेन धारित किया जाए ।

(ञ) कर की अधिकता संदाय, यदिकोईहो

(ट) कोई अन्य (विनिर्दिष्ट करें)

8. बैंक लेखा के ब्यौरे (रजिस्ट्रीकृत करदाता के मामले में आरसी से स्वतः वासित)

(क) बैंक खातासंख्या

(ख) बैंक कानाम

(ग) बैंक खाता प्रकार

(घ) खाता धारक कानाम

(ङ) बैंक शाखा कापता

(च) भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड (आईएफएससी):

(छ) मैगनेटिक इंक करेक्टर रिकागनाइजेशन (एमआईसीआर) :

9. क्याधारा 54(4) के अधीन आवेदक द्वारा स्व घोषणा फाइल की गई है, यदि लागू हो

हां नहीं

घोषणा

つ मैंतदनुसार घोषणा करता हूं कि निर्यातित माल किसी निर्यात शुल्क के लिए कोई विषय नहीं है, मैं यह भी घोषणा करता हूं किमाल या सेवाएं दोनों पर कोई प्रतिदाय प्राप्य नहीं है और कि मैने प्रदाय पर संदत्त कर एकीकृत कर जिसकी बाबत प्रतिदाय दावाकिया गया है, के प्रतिदाय हेतु दावा नहीं किया है ।...

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम/ प्रास्थिति

घोषणा

मैं घोषणा करता हूं कि आवेदन में किए गए दावा निवेश कर प्रत्यय का प्रतिदाय दरों पर शून्य के लिए उपयोजित माल या सेवाओं पर प्राप्य किया था या पूर्णतः छूट जो प्रदाय करता है । 1262(67)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

हस्ताक्षर

नाम- पदनाम/प्रास्थिति

स्वयं-घोषणा

संख्या/अस्थायी आईड........सत्यानिष्ठा से मैं/हम (आवेदक) जिसके पास माल या सेवा कर पहचान प्रतिज्ञान और प्रमाणित करता हूं/करते हैं और प्रमाणित करता हूं/करते हैं कि कर , ब्याज या उसकी अवधि...... से................तक के लिए कर , ब्याज, यो कोई अन्य रकम के बारे में . ....रुपए के लिए उसकी कोटि प्रतियां की बाबत आवेदन प्रतिदाय में दावा किया गया है, ऐसे कर और ब्याज की घटना किसी व्यक्ति द्वारा पारित नहींकिया गया है (इस घोषणा का ऐसे आवेदकों द्वारा दिया जाना अपेक्षित नहीं होगा जिन्होंनें धारा 54 की उपधारा ( 8) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) याः खंड (घ) या खंड (च) के अधीन प्रतिदाय का दावा किया है) ।

10.सत्यापन

मैं/हम (करदाता का नाम) सत्यानिष्ठा प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं/करते हैं कि ऊपर दी गई सूचना मेरे/ हमारे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहींगईहै । मैं/हम घोषणा करता हूं/करते हैं कि मेरे/हमारे द्वारा इस मद्दे कोई प्रतिदाय प्राप्त नहींकिया गया है ।

प्राधिकारी का हस्ताक्षर स्थान

(नाम)

तारीख

पदनाम/प्रास्थिति मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 68)

कथन 1:

(उपाबंध-1)

प्रतिदाय प्रकार : विपरीत क्रम कर संरचना के कारण संचित आईटीसी ( धारा 54( 3 ) के परंतुक के खंड ( 1 ) ]

भाग कः जावक प्रदाय

(जीएसटी आर-1: सारणी 4 और 5) :

जीएसटीआईएन/यूआईएन बीजक के ब्यौरे

दर कराधेय मूल्य

संख्या तारीख मूल्य

5 1

2 3

4

6 भाग क : आवक प्रदाय :

जीएसटी आर-2 सारणी 3 ( मिलाए गए बीजक) :

रकम

उपकर

एकीकृत केन्द्रीय कर

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)

11

9

10

7

8

... कर अवधि

बीजक के ब्यौरे

कर की रकम तारीख मूल्य

उपलब्ध आटीसी की रकम क्या इनपुट या इनपुट

उपकर

केन्द्रीय कर

प्रदाय का

स्थान (राज्य

का नाम)

करा दर धेय मूल्य

एकीकृत कर

केन्द्रीन कर

प्रदायकर्ता का जीएसटीआ सं० ईपन

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र उपकर कर

10. 2

4

6

9 3

?

56

टिप्पणः डाटा जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-2 से स्वतः भरा जाएगा प्रतिदाय का प्रकार कर संदाय सहित सेवाओं का निर्यात

(जीएसटीआर-1: सारणी क और सारणी -8)

1.

बीजक के ब्यौरे

एकीकृत कर

रकम

एसएसी दर

प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन सं ० तारीख मूझ्य

कराधेय कर

1

3

4

5

2

6

7

8 6क. निर्यात

बीआरसी/ एफआईआरसी के ब्यौरे , आशापक है -सेवाओं के मामले में)

एकीकृत कर

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

सेवा/पूंजीमाम (जिसके अंतर्गत प्मांट और मशीने हैं ) आंटीसी के सिए अपात्र हैं

15

16 12

13

14

11 .

कथन 2:

बीआरसी/एफआईआरसी

संख्यां

तारीख

नामेनोटः एकीकृत कर/ संशोधित (यदि कोई

शुद्ध एकीकृत कर (11/8)+12 -13

संशोधित (एकीकृत कर) (यदि कोई है)

अमापत्र एकीकृत कर संशोधि त (बदि कोई है) 9

10

11

12

13

14 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 69)

कथन 3:

परिदाय का प्रकारः कर के संदाय के बिना निर्यात-संचित आईटीसी

(जीएसटीआईआर-1: सारणी 6क)

1.

पत्तनकोड

बौजक के ब्यौरे

एकीकृत कर

इजीएम ब्यौरे

बीआरसी/फ आईआरसी प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआ

सं० ता०

रकम

दर

तारीख कोड

परिमाण संख्यां

सं० तारीख मूल्य

यूक्यूसी

ईएन

संदर्भ तारी सं० ख माल/सेवारिचएसएना (मा/से) एसएसी

कराधेय मूल्य

4

10

13

1

6

7

9

11-

12

15 16 17 18 2

3

5

8

14

6क. निर्यात

टिप्पण-1 . पोत परिवहन पत्र और ईजीएम आज्ञापक है माल के मामले में ।

2. बीआरसी/ एफआईआरसी के ब्यौरे आज्ञापक है सेवाओं के मामले में।

कथन 4:

विशेष आर्थिक जोन/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को प्रदाय

प्रतिदाय का प्रकार विशेष आर्थिक जोन/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को किए गए प्रदाय के कारण या प्राप्तिकर्ता के समझे गए निर्यात (जीएसटीआर-1 सारणी 6ख और सारणी 9)

बीजक के ब्यौरे

एकीकृत कर

पोत परिवहन पत्र निर्यात पत्र

प्राप्तिकर्ता का

रकम

वर

सं० तारीख मूल्य संख्यां तारीख

जीएसटीआ ईएन

कराधेय मूल्य

जमापत्र एकीकृत कर संशोधित (बदि कोई है)

शुद्ध एकीकृत ( 10/9) +1 कर 1-12

नामेनोट एकीकृत कर / संशोधित (यदि कोई है)

संशोधित मूल्य (एकीकृत कर) (यदि कोई है।

4

2

5

6

9

12

1

3

7

8

11

13

10

आर्थिक जोन विकासकर्ता को किया गया प्रदाय

6ख . विशेष आर्थिक जोन/विशेष

(जीएसटीआर-1: सारणी 5 और सारणी 8)

बीजक के ब्यौरे

रकम

जीएसटीआ

सुब एकीकृत कर (12/7)+13-14

उपकर

ईपन/यूआई एन सं० तारीख मूल्य

प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)

संशोधित मूम्य (एकीकृत कर ) (यदि कोई है)

नामेनोट एकीकृत कर/ संशोधित (यदि कोई है )

जमापत्र एकीकृत कर संशोधित (यदि कोई है)

केन्द्रीय कर

करा दर धेय मूल्य

एकीकृत कर

राज्य/संच राज्यक्षेत्र कर

h

2

3

4

8

9

10

11

12

13

14

15 567 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(70)

कथन 5.

समझे गए निर्यात आदि का प्राप्तिकर्ता

(जीएसटीआर 2: सारणी 3 और सारणी 68)

उपलब्ध आईटीसी की रकम

कर की रकम

बीजक के ब्यौर

नामेनोट

जमापत्र

आईटी

उपकर

केन्द्रीय कर

एकीकृत कर

तारीख मूम्ब

करा वर धेय मुम्ज

एकीकृत कर कर केन्द्रीय

प्रदाय का स्थान (राज्य का नाम)

प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआ सं० ईएन

राज्य/ संघ राज्यक्षेत्र उपकर कर

राज्यास राज्यक्षे कर

क्या इनपुट वा इनपुट सेवापूंजीमाल जिसके अंतर्गत प्लांट और मशीने है) आटीसी के लिए अपान हैं

सुज आईटीसी एकीकृत कर (17/7)+ 18-19

सौ पकीकृत करासं शोधित (यदि

संशोधित (आईटी एकीकृत सौ कर) (बदि कोई है )

आईटीसी एकीकृत कर/संशो धित (यदि कोई है)

20

19

18

16 17

14

15

13

12

11

10

8

7

9

4 56

3

2

कथन 6:

प्रतिदाय का प्रकार : अंतःराज्यिक प्रदाय पर संदत्त कर जो तत्पश्चात् अंतरराज्यिक प्रदाय के रूप में धारित है और विपर्ययेन

आदेश के ब्यौरे ( धारा 77 ( 1 ) और ( 2 ) के अनुसरण में जारी , यदि कोई है):

आदेश की तारीख:

आदेश संख्या:

जीएसटी राज्यांतरिक/अन्तरराज्यिक के पूर्व के रूप में विचारणीय अच्छादित संव्यवहार बीजक के ब्यौरे संव्यवहार जिसके लिए अन्तरराज्यिक/ राज्यांतरिक प्रदाय पश्चातवर्ती धारित किए गए थे

बीजक के ब्यौरे

उपकर

राज्य कर

राज्य कर

केन्द्रीय कर

एकीकृत कर

एकीकृत कर

केन्द्रीय कर

प्रदाय का स्थान (केवस गदि प्रास्थिति से मिन्न) आईएन। यूआईएन नामा (बी 2 सी के मामलेमें)

रकम

रकम

रकम

उपकर रकम

रकम

रकम

रकम

कराधेय रकम

प्रदाय का स्थान ( केवस यदि प्रास्थिति सेमिन्न)

सं० तारीख मुम्ब

15

14

13

12

10

8

9

11

4

6

7

5

2 3

कथन: 7

प्रदाय का प्रकार : कर का अधिक संदाय यदि कोई टर्मिनल विवरणी फाइल करने की दशा में

(करदाता की दशा में जिसने जीएसटीआर विवरणी फाइल की है- सारणी 12)

संदेय कर

क्रम सं.

विवरणी फाइल

करने की तारीख

विवरणी की संदर्भ सं०

कर अवधिः

उपकर

राज्य कर

एकीकृत कर केन्द्रीय कर

8

7

6

5

4

3

2

1 1262( 71)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

उपाबंध-2

प्रमाणपत्र

यह प्रमाणित किया जाता है कि मैसर्स ....... कर अवधि के लिए माल और सेवा कर पहचान संख्या/अस्थायी आईडी, ...... (आवेदक का नाम) द्वारा (शब्दों में) आई एन आर दावे के प्रतिदाय के संबंध में कर और ब्याज का आपतन किसी अन्य व्यक्तिः नेः पारित नहीं किया है । यह प्रमाणपत्र आवेदक ‌द्वारा विशेष रूप से अनुरुशित/दिए गए लेखा पुस्तकों और अन्य सुसंगत अभिलेखों और विवरणियों के परीक्षण के आधार पर है ।

चार्टर्ड आकाऊन्टेंट/लागत लेखाकार के हस्ताक्षर:

नाम:

सदस्यता संख्या:

स्थान:

तारीख:

यह प्रमाणपत्र आवेदक द्वारा अधिनियम की धारा 54 की उपधारा (8 ) के खंड ( क) या खंड (ख) या खंड (म) या खंड (ड. ) या खंड (च) के अधीन प्रतिदाय दावा दिया जाना अपेक्षित नहीं है ।

प्ररूप जीएसटी आरएफडी- 02:

[नियम 90(1 ) , 90(2) और 95 (2) देखें]

अमिस्वीकृति

प्रतिदाय के लिए आपका आवेदन का आवेदन संदर्भ संख्या के विरुद्ध अभिस्वीकृत कर लिया गया है।

अभिस्वीकृति संख्या:

:

अमिस्वीकृति की तारीखः

जी एसटीआईएन/ यूआईएन/अस्थायी आई डी, यदि मागू हो :

आवेदक का नामः

प्ररुपसं.:

प्ररुप विवरणः

अधिकारिता (समुचित निसान सगाएं):

केन्द्रीय

राज्य/

संघ राज्य क्षेत्र:

द्वारा भरा गया

प्रतिदाय आवेदन ब्यौरा

कर अवधि

फाइल करने की तारीख और समय

प्रतिदाय के लिए कारण मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(72)

दावाकृत प्रतिदाय की रकम

कुल

ब्याज शास्ति फीस अन्य

कर

केन्द्रीय कर

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र सेवा कर

एकीकृत कर

उपकर

कुल

टिप्पण 1 : आवेदन की प्रास्थिति जीएसटी प्रणाली पोर्टल पर ट्रैक आवेदन प्रास्थिति प्रतिदाय के माध्यम से आवेदन संदर्भ संख्या दर्ज करने से देखी जा सकती है ।

टिप्पण 2: यह एक प्रणाली उत्पन्न अभिस्वीकृति है और इसमें हस्ताक्षर अपेक्षित नहीं है ।

प्ररुप जीएसटी आरएफंडी--04

नियम 91 (2) देखें/

तारीखः दिन/मास/वर्ष >

मंजूरी आदेश सं.:

सेवामें

(माल और सेवा कर पहचान संख्या)

(नाम)

(पता)

अनंतिम प्रतिदाय आदेश

....... तारीख: दिन /मास/वर्ष >

प्रतिदाय आवेदन संदर्भ सं. (ए आर एन) .. ..तारीख ...

अमिस्वीकृति संतारीख दिन /मास वर्ष >

महोदय महोदया,

प्रतिदायं के लिए आपके उपरोक्त वर्णित आवेदन के संदर्भ में, निम्नलिखित रकम अनंतिम आधार पर आपको स्वीकृत की जाती है:

उपकर

ऐकीकृत कर

केन्द्रीय कर राज्य / संघ राज्य क्षेत्र कर

विवरण

क्र.सं.

(i ) दावाकृत प्रतिदाय की रकम

(ii ) दावाकृत रकम का 10% प्रतिदाय के रूप में (बाद में स्वीकृत किया जाएगा)

(iii ) बकाया रकम ( i -ii )

(iv) स्वीकृत प्रतिदाय की रकम

बैंक विवरण

(v) आवेदन के अनुसार बैंक खाता संख्या

बैंक का नाम

(vi )

(vii) बैंक शाखा का पता

(viii ) आई एफ. एस सी

(ix) एम आई सी आर

हस्ताक्षर (डी एस सौ):.

तारीखः

नामः

स्थानः

पदनामः

कार्यामय पताः 1262(73).

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी आरएफडी-05

(नियम 91 (3 ), 92(4), 92(5) और 94 देखें)

संदाय परामर्श

संदाय परामर्श सं.

तारीखः दिन /मास /वर्ष >

सेवा में, म.प्र.राज्य > पीएओ/ खजाना/आरबीआई/बैंक

प्रतिदाय स्वीकृति आदेश सं..

आदेश तारीख ...... दिन /मास / वर्ष > .

जी एस टीआई एन /यू आई एन/ अस्थायी आई डी

नामः

प्रतिदाय रकम (आदेश के अनुसार):

उपकर

विवरण

केन्द्रीय कर

एकीकृत कर

राज्यर्थ्यांसंब राज्यक्षेत्र कर

कुल एफ

टी

कुम टी आई

कुल टी आई

कुल टी आई

t

स्वीकृत शुद्ध प्रतिदाब की रकम

प्रतिदाब पर

कुल

टिप्पण-कर के लिए " टी" , ब्याज के लिए " आई ", शास्ति के लिए "पी", फीस से लिए " एक" , अल्प के लिए " ओ "

बैंक के ब्यौरे

आवेदन के अनुसार बैंक खाता संख्या

(i)

बैंक का नाम

(ii)

बैंक शाखा का नाम और पता

(iii)

आईएफएससी

( iv)

एमआईसीआर

(v)

तारीखः

हस्ताक्षर (डी एस सी):

स्थानः

नामः

पदनामः

कार्यालय पताः

सेवामें

..(जीएसटीआईएन/यूआईएन/अस्थायी आईडी)

(नाम)

.(पता) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(74)

प्ररुप जीएसटी आरएफडी-06

(नियम 92 (1 ), 92(3 ), 92( 4), 92(5) और 98(7) देखें/

तारीखः दिन/मास/वर्ष > आदेश सं.

सेवा में,

(जीएसटीआईएन/यूआईएन/अस्थायी आईडी)

..(नाम)

(पता)

कारण बताओ नोटिस संख्या ( बदि मागू हो)

तारीख.......<दिन/मास /वर्ष > अभिस्वीकृति संख्या

मंजूर किया गया प्रतिदाय/अस्वीकृत आदेश

महोदय/महोदया,

यह अधिनियम की धारा 54 के अधीन प्रतिदाय के लिए आपके उपरोक्त वर्णित आवेदन के संदर्भ में प्रतिदाब पर ब्याज०/ <<प्रतिदाय मंजूर करने या नमंजूर करने के कारण , यदि कोई हो>>

आपके आवेदन का परीक्षण करने पर आपको मंजूर प्रतिदाय की रकम बकाया (जहां लागू है) के समायोजन के पश्चात् की जाएगी, जो

निम्नलिखित है:-

"जहां सामू न हो उसे काट दें

:

राज्य/ संच राज्यक्षेत्र कर

केन्द्रीय कर

उपकर

विवरण

कुम एकीकृत कर टी आ पी एफ ओ कुम टी आई पी एक ओ कुम टी आई पी एफ ओ कुस टी आई पी एकः

1.

दावाकृत प्रतिदान/

की रकम

2.

अंमितम

आधार पर स्वीकृत प्रतिदाय (आदेश सं०....ता रीख )

सं०....ता

रीख) बदि

लागू हो)

3.

अग्राह्य प्रतिदाय रकम <<कारण नौचे

करें>>

<अनुज्ञात के लिए

बहु 1262(75)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

कारण>

4. संदत्त की जाने वाली सकल रकम (1- 2-3)

5.

विद्यमान

विधि या

अधिनिय

भ के

अधौन

परादेब

मांग पर

समायोजि

त रकम

(यदि कोई है) मांग आदेश संख्या..... अधिनिय म अवधिसं अव बहु पंक्तियां- दी गई पंक्तियां जोड़ें

6. शुद्ध मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(76)

संदत्त रकम

टिप्पण कर के लिए "टी" , म्याज के लिए " आई " , शास्ति के लिए " पी" , फीस से लिए "एक" , अन्य के लिए "ओ"

*जो लागू न हो उसे काट दें ।

* 1 . मैं, अधिनियम की धारा 56 के अधीन अधिनियम की धारा 54 की उपधारा (5 ) के अधीन माल और सेवा कर पहचान संख्या रखने वाले मैसर्स ...... को आई एन आर की रकम की मंजूरी देता हूं ।

*जो लागू न हो उसे काट दें।

(क) और रकम को उसके ‌द्वारा उसके आवेदन में विनिर्दिष्ट बैंक खाता में संदाय किया गया है

(ख) रकम को उपरोक्त तालिका के क्रम संख्यां 5 पर विनिर्दिष्ट बकाया की वसूली को समायोजित किया गया है ।

(ग) पए की रकम को उपरोक्त तालिका के क्रम संख्या 6 पर विनिर्दिष्ट बकाया की वसूली को समायोजित किया है और शेषरुपए की रकम को उसके द्वारा उसके आवेदन में विनिर्दिष्ट बैंक खाता में संदाय कर दिया गया है ।

'जो लागू न हो उसे काट दें ।

या

2 करता हूं । मैं, अधिनियम की धारा (.....) की उपधारा (.....) के अधीन उपभोक्ता कल्याण निधि को आई एन आर ...की रकम जमा 3 मैं, 'अधिनियम की धारा की उपधारा (.....) के अधीन माल और सेवा कर पहचान संख्या रखने वाले मैसर्सको आई एन आर की रकम को निरस्त करता हूं ।

* जो लागू न हो उसे काट दें । :

मैं धारा 56 के अधीन आवेदक को प्रतिदाय की रकम की तारीख तक ब्याज के संदाय का आदेश देता हूं ।

हस्ताक्षर (डी एस सी):

तारीखः

नामः

स्थानः

पदनामः

कार्यालय पताः 1262(77)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररुप जीएसटी आरएफडी-07

(नियम 92(1 ), 92(2), 96(6) देखें/

तारीखः दिन/मास/वर्ष > संदर्भ सं.

सेवामें,

(जीएसटीआईएन/यूआईएन/अस्थायी आईडी सं .)

.....नाम

.......(पता)

तारीखः. <दिन /मास/वर्ष > अभिस्वीकृति संख्या...........

स्वीकृत प्रतिदाय के पूर्ण समायोजन के लिए आदेश

भाग क

महोदय/महोदया,

उपरोक्त यथानिर्दिष्ट आपके प्रतिदाय आवेदन के संदर्भ में और आपको स्वीकृत किए गए प्रतिदाय की रकम के विरुद्ध और दी गई सूचना या फाइल किए गए दस्तावेज बकाया मांग के विरुद्ध पूर्ण रूप से समायोजित कर दिया गया है जो ब्यौरे के अनुसार निम्नलिखित है:-

उपकर

प्रतिदाय गणना

राज्य /संघ राज्यक्षेत्रकर

एकीकृत कर

केन्द्रीय कर

(i ) दावाकृत प्रतिदाय की रकम

(ii) अनंतिम आधार पर नेट मंजूर प्रतिदाय

(iii) अस्वीकृत अग्राह्यः प्रतिदावः रकम <<कारण

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(78)

उल्लेख कीजिए >>

(iv) प्रतिदाय अनुमेय (i- ii-iii)

(v) विद्यमान विधि के अधीन या इस विधि के अधीन बकाया मांग (आदेश सं. के अनुसार) के विरुद्ध समायोजित प्रतिदाय मांग आदेश संतारीख ..........

<बहु-पंक्तियों में दी जा सकती है>

शून्य शून्य

शून्य

( vi ) प्रतिदाय रकम का शेष

मैं, यह आदेश देता हूं कि उपरोक्त यथादर्शित दावाकृत अनुज्ञेय प्रतिदाय की रकम इस अधिनियम के अधीन विद्यमान विधि के अधीन बकाया मांग के विरुद्ध पूर्ण रूप से समायोजित कर ली जाए । इस आवेदन का निपटारा अधिनियम की धारा (......) की उपधारा (.....) के अधीन उपबंधों के अनुसार जारी किया गया है ।

या

भाग- ख

प्रतिदाय रोकने के लिए आदेश

यह आपके ऊपर निर्दिष्ट प्रतिदाय आवेदन और मामले में दी गई सूचना/दस्तावेजों के संदर्भ में है । आपको मंजूर किए गए प्रतिदाय की रकम निम्नलिखि कारणों से प्रतिधारित कर दी गई है.:

प्रतिदाय आदेश सं.

आदेश दारी करने की तारीख

उपकर

प्रतिदाय गणना

केन्द्रीय

एकीकृत

कर

राज्य संघ राज्यक्षेत्रकर

कर

1. मंजूर प्रतिदाय की रकम

ii. रोके गए प्रतिदाय की रकम

iii. अनुज्ञेय प्रतिदाय की रकम

प्रतिदाय रोकने के लिए कारण

<<पाठ>>

मैं, यह आदेश देता हूं कि उपरोक्तः यथादर्शित दावाकृत अनुज्ञेय प्रतिदाय की रकम इस अधिनियम के अधीन उपरोक्त वर्णित कारणों के लिए रोक दीगई । यह आदेश इस अधिनियम की धारा (.......) उपधारा (.....) के अधीन उपबंधों के अनुसार जारी किया गया है

हस्ताक्षर (डी एस सी):

तारीखः

नामः

स्थानः

पदनामः

कार्यालय पताः 1262(79)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररुप जीएसटी आरएफडी-10

(नियम 95(1 ) देखें/

संयुक्त राष्ट्र का कोई विशिष्ट अभिकरण या कोई बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान और संगठन , कान्सुलेट या विदेशी राज्यों के दूतावास आदि द्वारा

प्रतिदाय के लिए आवेदन

1.यूआईएन:

2. नाम:

3. पता:

<दिन /मास /वर्ष > से दिन /मास /वर्ष > तक..

4. कर अवधि(तिमाही)

<आई एन आर > < शब्दों में>

5.दावा प्रतिदाय की रकम

रकम

केन्द्रीय कर

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

एकीकृत कर

उपकर

कुल

6.बैंक खाते का ब्यौराः

(क) बैंक खाता संख्या

(ख) बैंक खाते का प्रकार

(ग) बैंक कानाम

(घ) खाता धारक / संचालक का नाम

(ङ) बैंक शाखा का पता

(च) आई एफ एस सी

(छ) एम आई सी आर

7.संदर्भ संख्या और दिए गए प्ररुप जीएसटीआर-11 की तारीख

8. सत्यापन

मैं, दुतावास/अंतर्राष्ट्रीय संगठन का नाम का प्राधिकृत प्रतिनिधि के रूप में सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणी करता हूंकि ऊपर दी गई जानकारी मेरे ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है ।

यह कि हम सरकार द्वारा अधिसूचित संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान और संगठन, कान्सुलेट वा विदेशी राज्यों के दूतावास कोई अन्य व्यक्ति विशिष्ट व्यक्तियों का वर्ग के रूप में ऐसे प्रतिदाय दावा के पात्र हैं ।

स्थानः

प्राधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर

तारीख:

(नाम)

पदनाम / प्रास्थिति मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(80)

प्ररूप जीएसटी आरएफडी- 11-

[नियम 96क देंखें]

माल या सेवाओं के निर्यात के लिए दिया गया बंधपत्र या परिवचन पत्र

1.जीएसटीआईएन

2.नाम

परिवचन पत्र

बंधपत्र

3. दिए गए दस्तावेज का प्रकार उपदर्शित करें

4. दिए गए बंधपत्र का ब्यौरा

रकम

बैंक का नाम और शाखा

क्रम सं०

तारीख

बैंक गारंटी की संदर्भ संख्या

4

1

3

5

2

टिप्पण: बैंक गारंटी और बंधपत्र की ठोस प्रति अधिकारिता अधिकारी को दी आएगी ।

5. घोषणा-

(1) ऊपर उल्लिखित बैंक गारंटी, भाभ और सेवाओं के निर्यात पर संदेब एकीकृत कर को सुरक्षित करने के लिए जमा की गई हैं

(H) मैं इसके अवसान से पूर्व बैंक गारंटी के नवीकरण का परिवचन पत्र करता हूं । मेरे हमारे ऐसा करने में विफल रहने की दशा में, विभाग बैंक से बैंक गारंटी पर संदाय सेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा ।

(iii) विभाग , मात या सेवा के मिर्गात के संदर्भ में एकीकृत कर संदेय की रकम को आच्छादित करने के लिए हमारे द्वारा दी गई बैंक गारंटी को अवलंब करने के लिए पूर्णतः स्वतंत्र होगा ।

प्राधिकृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर

नाम

पदनाम/प्रास्थिति......

तारीख ...

1262(81)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

एकीकृत कर के संदाय के बिना माल या सेवाओं के निर्यात के लिए बंधपत्र

(नियम 96क देखें)

मैं/हम- "बाध्यताधारी (बाध्यताधारियों) " कहा जाएगा, भारत के राष्ट्रपति (जिन्हे इसमें इसके पश्चात् रू० ...की रकम का राष्ट्रपति को संदाय करने केलिए "राष्ट्रपति" कहा गया है) के प्रति.. वचनबद्ध और दृढ़तापूर्व आबद्ध हूं/हैं ।

इसका संदाय पूर्णतयं स्वः रूप से और पृथकतहम संयुक्त/के लिए मैं और सही रूप में किए जाने: अपने को और अपने/को हमारे क्रमिक वारिसोंरवर्तियों उत्त/विधिक प्रतिनिधियों/प्रशासकों/दकोंनिष्पा/ ...तारीख /करते हैं/को इस विलेख द्वारा दृढ़तापूर्वक आबद्ध करता हूं क्षर किए को इस पर हस्ता...... गए ।

उपरोक्त आबद्धकर बाध्यताधारी द्वारा को समय - समय पर एकीकृत कर का संदाय किए बिना भारत के बाहर निर्यात के लिए माल या सेवाओं के प्रदाय के लिए अनुज्ञप्त किया गया है ;

और बाध्यताधारी धारा 16 की उपधारा (3 ) के खंड (क) के उपबंधों के अनुसार माल या सेवाओं का निर्यात करने की वांछा रखता है। रखते हैं ;

और आयुक्त, बाध्यताधारी से राष्ट्रपति के पक्ष में पृष्ठांकितरूपए रकम की बैंक ताधारीप्रतिभूति देने की अपेक्षा करता है और जबकि बाध्यने आयुक्त के पास ऊपर उल्लिखित बैंक प्रत्याभूति जमा करके ऐसी प्रतिभूति दे दी है ।

इस बंधपत्र की शर्त यह है कि बाध्यताधारी और उसका प्रतिनिधि, माल या सेवाओं के निर्यात से संबंधित अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के सभी उपबंधों का पालन करें ;

और यदि सुसंगत और विनिर्दिष्ट माल या सेवाओं का सम्यक् रूप से निर्यात किया जाता है;

और यदि ऐसे एकीकृत कर और अन्य सभी विधिक प्रभारों के सभी शोध्यों का ब्याज सहित, यदि कोई हो, सम्यक् रूप से, उक्त अधिकारी द्वारा लिखित में की गई उसकी मांग की तारीख से पन्द्रह दिन के भीतर संदाय कर दिया गया है तो यह बाध्यता शून्य हो जाएगी ;

अन्यथा और इस शर्त के किसी भाग के पालन का भंग या असफल होने के आधार पर उसका पूर्ण बल और आधार होगा;

और राष्ट्रपति, अपने विकल्प पर, बैंक प्रत्याभूति की रकम से या ऊपर लिखित बंधपत्र के अधीन अपने अधिकारों का पृष्ठांकन करके या दोनों से सभी हानि और नुकसानों को पूरा करवाने के लिए सक्षम होंगे ।

मैं। हम यह और घोषणा करता हूंकरते हैं कि यह बंधपत्र , किसी ऐसे कृत्य के अनुपालन के लिए, जिसमें जनता हितबद्ध है, सरकार के आदेशों के अधीन दिया गया है ;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 82)

इसके साक्ष्य स्वरूप बाध्यताधारी द्वारा इसमें इसके पूर्व (ताधारियोंबाध्य) लिखित तारीख को इनकी उपस्थितिमें हस्ताक्षर किए ।

बाध्यताधारी (ताधारियोंबाध्य) का (के) हस्ताक्षर

तारीख:

स्थान:

साक्षी

व्यवसाय

(1 ) नाम और पता

व्यवसाय

(2) नाम और पता

मैं आज, (वर्ष)..

(मास). तारीख को(पदनाम) उपस्थिति में भारत के राष्ट्रपति के लिए और उनकी ओर से इसे स्वीकार करता हूं । की 1262( 83 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

एकीकृत कर के संदाय के बिना माल या सेवाओं के निर्यात के लिए परिवचनपत्र

(नियम 96क देखें)

सेवा में,

भारत के राष्ट्रपति ( जिन्हें इसमें इसके पश्चात् " राष्ट्रपति" कहा गया है) , उचित अधिकारी के माध्यम से कार्य करते हुए मैं/हम... निवासी पता), जिसका/जिनका माल और सेवा कर पहचान सं० -(रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति का है, इसमें इसके पश्चात् परिवचनकर्ता कहा जाएगा, संयुक्त रूप से और पृथक् रूप से स्वयं को अपने को, मेरे /हमारे वारिसों, निष्पादकों/प्रशासकों, विधिक प्रतिनिधियों/उत्तरवर्तियों सहित राष्ट्रपति के प्रति,-

(क) नियम 96क के उपनियम (1 ) में निर्दिष्ट समय के भीतर एकीकृत कर का संदाय किए बिना माल और सेवाओं का निर्यात करने ;

(ख) माल या सेवाओं के निर्यात से संबंधित माल और सेवा कर अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों के सभी उपबंधों का पालन करने ;

(ग) माल या सेवाओं के निर्यात करने में असफल होने पर एकीकृत कर का, बीजक की तारीख से संदाय की तारीख तक का ऐसे व्याज सहित संदाय करने के लिए , जो संदत्त न किए गए कर की रकम पर अठारह प्रतिशत वर्षिक रकम के बराबर होगी,

आज तारीख को इस विलेख द्वारा दृढ़तापूर्वक आबद्ध करता हूं/करते हैं ।

मैं/ हम यह घोषणा करता हूं/करते हैं कि यह परिवचन ऐसी अधिनियमितियों के जिनमें जनताहितबद्ध है, अनुपालन के लिए उचित अधिकारी के आदेश के अधीन दिया जाता है ।

इसके साक्ष्य स्वरूप परिवचनकर्ता (परिवचनकर्ताओं) द्वारा इसमें इसके पूर्व तारीख को इनकी उपस्थिति में हस्ताक्षरकिए ।

परिवचनकर्ता (परिवचनकर्ताओं) का (के) हस्ताक्षर

तारीख:

स्थान:

साक्षी

व्यवसाय

(1) नाम औरपता

व्यवसाय

(2) नाम और पता

मैंआज, ..तारीख.. (मास) ..(वर्ष) को. (पदनाम) की उपस्थिति में भारत के राष्ट्रपतिके लिए और उनकी ओर से इसे स्वीकार करता हूं । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(84)

प्ररुप जीएसटी आईएनएस- 01

निरीक्षण और तलाशी के लिए प्राधिकरण

(नियम 139(1 ) देखें)

सेवा में,

(अधिकारी का नाम और पदनाम)

चूंकि, मेरे समक्ष सूचना प्रस्तुत की गई है और मुझे विश्वास करने का कारण है

कि.

अ. मैसर्स.

माल और /या सेवाओं के प्रदाय से संबंधित संव्यवहारों को छिपाया गया है

हस्तगत माल के स्टाक से संबंधित संव्यवहारों को छिपाया गया है

अधिनियम के अधीन अपने हकदारी के अतिरिक्त निवेश कर प्रत्यय का दावा किया है अधिनियम के अधीन अपने हकदारी के अतिरिक्त प्रतिदाय का दावा किया है

इस अधिनियम के अधीन कर का अपवंचन, उसके अधीन बनाये गए अधिनियम और नियमों के प्रावधानों के उल्लंघन में अनुग्रह किया है;

या

आ. मैसर्स .

माल के संदाय से बच निकलने के लिए माल परिवहन के कारबार में वचनबद्ध किया है कर के संदाय से बचने के लिए भांडागार या गोदाम या स्थान के स्वामी या प्रचालकद्वारा जहां माल का भंडार किया गया है

इस अधिनियम के अधीन संदेय कर का अपवंधन करने के लिए उस रीति में लेखा या माल को रखा गया है 1262(85)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

अधिनियम के अधीन प्रक्रियाओं से सुसंगत जब्ती योग्य माल/ दस्तावेजों को कारबार/ आवासीय परिसर में गुप्त रखा गया है, जिसका ब्यौरा निम्नलिखित है

<<परिसरों का ब्यौरे>>

इसलिए.-

मैं, अधिनियम की धारा 67 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं आपको प्राधिकृत करता हूं और अपेक्षा करता हूं कि आवश्यक सहायक के साथ इसके अधीन बनाये गए उक्त अधिनियम और नियमों के अधीन प्रक्रियाओं से सुसंगत माल या दस्तावेजों और/ या अन्य वस्तुओं का निरीक्षण करें ।

या

मैं, अधिनियम की धारा 67 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मैं आपको प्राधिकृत करता हूं और अपेक्षा करता हूं कि आवश्यक सहायक के साथ इसके अधीन बनाये गए उक्त अधिनियम और नियमों के अधीन प्रक्रियाओं से सुसंगत माल या दस्तावेजों और/ या अन्य वस्तुओं का निरीक्षण करें और यदि कुछ पाया जाता है , तो इसके अधीन आगे की कार्यवाही के लिए उसे जब्त करके उसे प्रस्तुत करें ।

किसी व्यक्ति द्वारा भुलावा देने का, साक्ष्य को बिगाड़ने का, निरीक्षण/ तलाशी की प्रक्रिया के दौरान सुसंगत प्रश्नों का उत्तर देने से इंकार करने का कोई भी प्रयत्न, भारतीय दण्ड संहिता की द्वारा 179, 181 , 191 और 418 सपठित अधिनियम के अधीन कारावास और/ या जुर्माना के साथ दण्डनीय होगा ।

दिन................मास... ...20 ...... वर्ष में मेरा हस्ताक्षर और मुद्रा। दिनों के लिए वैध ।

मुद्रा

जारी करने वाले प्राधिकारी का

स्थान

हस्ताक्षर , नाम और पदनाम

निरीक्षण करने वाले अधिकारी/अधिकारियों का नाम, पदनाम और हस्ताक्षर

(1)

(II) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(86)

प्ररुप जीएसटी आईएनएस- 02

अभिग्रहण का आदेश

(नियम 139(2) देखें)

जबकि मेरे द्वारा, धारा 67 की उपधारा ( 1 ) के अधीन निरीक्षण/उपधारा (2) के अधीन तलाशी, तारीख परिसर/परिसरों में संचालित किया गयाः ..पूर्वान्ह/अपरान्ह को निम्नलिखित <<परिसरों का ब्यौरे>>

जिसका स्थान/कारबार का स्थान/ परिसर है।हैं

<<व्यक्तिका नाम>>

<< जीएसटीआईएन, यदि रजिस्ट्रीकृत हो >>

निम्नलिखित साक्षी/साक्षियों की उपस्थिति में :

1. << नाम और पता>>

2. << नाम और पता>>

और निरीक्षण/तलाशी के दौरान पाये गये लेखाबही, रजिस्टर , दस्तावेज/कागज और माल की संवीक्षा करना, मुझे विश्वास करने का कारण है कि इस अधिनियम के अधीन प्रक्रियाओं के लिए या से सुसंगत जब्ती योग्य माल और/ या दस्तावेज और/ या पुस्तकें और/या उपयोगी वस्तुएं उपर्युक्त वर्णित स्थान (स्थानों) में गुप्त रखे गये हैं ।

इसलिए मैं धारा 67 की उप-धारा (2) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित माल/पुस्तक/दस्तावेज और वस्तुओं को एतत् द्वारा अभिग्रहित करता हूं: अभिग्रहीत माल के ब्यौरे:

क्र.सं. माल का वर्णन

टिप्पणियां

मात्रा या ईकाई

मेक/चिन्ह या मॉडल

5

1.

2

अभिग्रहीत की गई पुस्तकें वस्तुओं के ब्यौरे/दस्तावेजों:

क्र.सं.

टिप्पणी अभिग्रहीत की गई पुस्तकें/दस्तावेजों/वस्तुओं का वर्णन

अभिग्रहीत की गई पुस्तकें /दस्तावेजों/वस्तुओं की संख्या

4

3

1

2 1262(87)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

और ये माल और चीजें संभाल कर सुरक्षित रखने के लिए है ;

<<नाम और पता>>

इस निर्देश के साथ कि वह समनुदेशिती की पूर्व अनुमति के बिना माल या वस्तुओं, उसके भाग या उसके साथ अन्यथा व्यवहार नहीं करेगा ।

अधिकारी का नाम और पदनाम स्थानः

दिनांकः

साक्षियों का हस्ताक्षर

हस्ताक्षर

नाम और पता

क्र. सं.

1.

2.

सेवा में:

<<नाम और पता>>

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(88 )

प्ररूप जीएसटी आईएनएस-03

प्रतिषेध का आदेश

(नियम 139(4) देखें)

जबकि मेरे द्वारा धारा 67 की उप-धारा (1 ) के अधीन निरीक्षण/उप-धारा (2) के अधीन पूर्वान्ह/अपरान्ह को निम्नलिखित तलाशी, तारीख.. परिसर/परिसरों में संचालित किया गया

<<परिसरों के ब्यौरे>>

जिसका स्थान/कारबार का स्थान/परिसर है/हैं :

1.<<व्यक्ति का नाम>>

2. <<जीएसटीआईएन, यदि रजिस्ट्रीकृत हो>>

निम्नलिखित साक्षी/साक्षियों की उपस्थिति में :

<<नाम और पता >>

<<नाम और पता >>

और निरीक्षण/तलाशी के दौरान पाये गये लेखाबही, रजिस्टर , दस्तावेज/कागज और माल की संवीक्षा करना, मुझे विश्वास करने का कारण है कि इस अधिनियम के अधीन प्रक्रियाओं के लिए या से सुसंगत जब्ती योग्य माल/और या दस्तावेज और/ या पुस्तकें और/या उपयोगी वस्तुएं उपर्युक्त वर्णित स्थान (स्थानों) में गुप्त रखे गये हैं ।

इसलिए मैं धारा 67 की उप- धारा (2) के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं एतत् द्वारा आदेश करता हूं कि आप समनुदेशिती की पूर्व अनुमति के बिना माल, उसके भाग या उसके साथ अन्यथा व्यवहार नहीं करेंगे/करायेंगे:

टिप्पणियां

मात्रा और ईकाई

मेक/चिन्ह और मॉडल

माल का विवरण

क्र. सं.

5 1

2

स्थानः

अधिकारी का नाम और पदनाम तारीखः 1262(89)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

साक्षियों के हस्ताक्षर

हस्ताक्षर

नाम और पता

1..

2.

सेवा में:

<<नाम और पता>>

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(90)

प्ररूप जीएसटी आईएनएस - 04

(नियम 140(1 ) देखें)

अभिगृहीत माल के निर्मुक्त के लिए बंधपत्र

मैं.............. के तत्पश्चात् " बाध्यताधारी" कहा गया है , भारत के राष्ट्रपति (जिन्हें इसमें आगे "राष्ट्रपति" कहा गया है) और.............( राज्यपाल ) ( इसमें आगे "राज्यपाल" कहा गया है) के लिए धारित और दृढ़ आबद्ध हूं, रुपए की राशि राष्ट्रपति/राज्यपाल हेत संदत्त के लिए जिसे संदाय किया जाएगा । मैं संयुक्त रूप से और पृथकतः रूप से स्वयं आबद्ध हूं और मेरे वारिस/निष्पादकों/विधिक प्रतिनिधित्व और इन वर्तमान द्वारा समनुदेशित किया गया है ।

यतः धारा 67 की उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसार, आदेश सं० द्वारा अभिगृहीत किया गया है, के रुपए में है । अनुरोध पर माल तारीख रुपए के कर की रकम अन्तर्वलित करते हुए मूल्य.......... मूल्य के बंधपत्र और प्रति...........रुपए की प्रतिभूति बंधपत्र के निष्पादन पर समुचित अधिकारी द्वारा अनंतिम रूप से निर्मुक्त किए जाने के लिए अनुज्ञात की गई है जिसे नकदी/ बैंक गारंटी, राष्ट्रपति/राज्यपाल के पक्ष में प्रस्तुत किया गया है । यतः मैं स्वयं के लिए अनंतिम रूप से निर्मुक्त उक्त माल उत्पन्न करने के लिए परिवचन पत्र करता हूं और जब अधिनियम के अधीन प्राधिकृत सम्यक् समुचित अधिकारी द्वारा अपेक्षित हो ।

और यदि समुचित प्राधिकारी द्वारा विधिपूर्ण प्रभारित मांग द्वारा सभी करें, ब्याज, शास्ति, जुर्माना उक्त समुचित अधिकारी द्वारा लिखित रूप में किया जाएगा, यह बाध्यता शून्य होगी ;

अन्यथा , इस दशा में किसी भाग के निष्पादन में भंग या असफल होने पर पूर्णतः बल होगा । और राष्ट्रपति/राज्यपाल, इसके विकल्प में सभी हानियां और उपर्युक्त लिखित बंधपत्र या दोनों के अधीन इसके पृष्ठांकन द्वारा या प्रतिभूति निक्षेप की रकम से नुकसानी ठीक करने के लिए सक्ष म होगा ।

बाध्यताधारी (यों)द्वारा लिखित के समक्ष के समय हस्ताक्षरित किए गए हैं ।

बाध्यताधारी (यों) के हस्ताक्षर (रों)

तारीख:

स्थान:

साक्षी

(1) नाम और पता:

(2) नाम और पता:

तारीख:

1262(91)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

स्थान:

आज तारीख (मास) वर्ष को (समुचित प्राधिकारी का पदनाम) राष्ट्रपति/राज्यपाल के लिए और उनकी ओर से स्वीकार करता हूं ।

(अधिकारी के हस्ताक्षर) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(92)

प्ररूप जीएसटी आईएनएस -05

विकारी या संकटमय के माल/वस्तुएं के निर्मुक्त का आदेश

(नियम 141 (1 ) देखें)

निम्नलिखित परिसर (परिसरों ) से किए गए थे को निम्नलिखित माल और/ या चीजें अभिग्रहीत "परिसर के ब्यौरे"

जो स्थान/कारबार के स्थान/ संबंधित परिसरों के लिए

"व्यक्तिका नाम "

"जीएसटी आईएन रजिस्ट्रीकृत"

अभिग्रहीत माल के ब्यौरे

माल का वर्णन

क्रम संख्या

टिप्पणियां

मेक/चिन्ह या टिप्पण

मात्रा या यूनिटें

5

3

2

1

और चूंकि ये माल , विकारी या परिसंकटमय प्रकृति के हैं और चूंकि रकम और अंकीय में रकम) रकम समतुल्य होते हुए के लिए - रुपए (शब्दों ऐसे माल या चीजों की बाजार कीमत

कर, ब्याज और शास्ति की रकम जोकि या संदेय हो जाता है , संदत्त किया गया है । मैं तदनुसार उपरोक्त उल्लिखित माल अविल निर्मुक्त किया जाए ।

अधिकारी का नाम और पदनाम स्थानः:

तारीखः

सेवा में,

"नाम और पदनाम" 1262(93)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररुप जीएसटी डीआरसी 01

[नियम 142(1 ) देखें]

तारीख संदर्भ सं० ....

सेवा में

..जीएसटीआईएन/आईडी

नाम.

पता

अधिनियम

वित्तीय वर्ष..

..कर अवधि

धारा/उपधारा जिसके अधीन कारण बताओ सूचना जारी की गई है

तारीख एससीएन संदर्भ सं०

कारण बताओ सूचना का संक्षिप्त विवरण

(क) मामले को संक्षिप्त तथ्य

(ख) आधार

(ग) कर और अन्य शोध्य

(रुपए में रकम)

अन्य योग

कर/उपकर

अधिनियम

कर अवधि

प्रदाय का स्थान

(राज्य का नाम)

क्रम सं०

7

6

5

3

2

1

योग मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(94)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी - 02

(नियम 142(1 ) देखें)

तारीख

संदर्भ संख्या

जीएसटीआईएन/आईडी

नाम .

पता

तारीख ...

एससीएन

कथन/संदर्भ सं०

तारीख

धारा/उपधारा जिसके अधीन कथन जारी किया जा रहा है ।

कथन का संक्षिप्त में

कथन संक्षेप में

(क) मामले का संक्षिप्त तथ्य

(ख) आधार

(ग) कर और अन्य शोध्य

(रुपए में रकम)

योग

अन्य

कर/उपकर

अधिनियम

कर अवधि

क्रम सं०

प्रदाय का

स्थान

(राज्यका

नाम)

7

6

5

4

3

2

1.

योग 1262(95)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी डीआरसी -03

(नियम 142(2) और 142(3) देखें)

स्वैच्छिक रूप से किया गया संदाय की सूचना या किया गया कराण बताओ नोटिस ( एससीएन) के

प्रतिया कथन

1. जीएसटीआईएन

2. नाम

<< नीचे करे>>

3. संदाय के हेतुक

लेखा परीक्षा , अन्वेंषण , स्वैच्छिक/एससीएन, अन्य (विनिर्दिष्ट करें) .

<< नीचे करे>>

4. वह धारा जिसके अधीन स्वैच्छिक संदाय किया गया है ।

संदर्भ संख्या

जारी की तारीख 5. कारण बताओ नोटिस के ब्यौरे , यदि इसके जारी के 30 दिन के भीतर संदाय किया गया है ।

वित्तीय वर्ष

6.

7.

ब्याज और शास्तिः सहित किए गए संदाय के ब्यौरे

(रकम रुपए में)

ब्याज

योग

कर/उपकर

अधिनियम

क्रम सं० कर अवधि

विकलन प्रविष्टि कीतारीख

विकलन प्रविष्टि सं०

शास्ति, यदि प्रयोज्य

किए उपयोग गए खाते

प्रदाय का स्थान (पीओए स)

11

9

10

8

6

7

5

2

4

1

3

8. कारण, यदि कोई हो- <<पाठ खाना>>

9. सत्यापन -

मैं तदनुसार सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं कि यहां ऊपर नीचे दी गई सूचना सर्वोत्तम जानकारी सत्य और सही है और कोई बात छिपाया नहीं गया है ।

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का हस्ताक्षर

पदनाम/प्रास्थिति.

तारीख मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(96)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी- 04

[नियम 142(2) देखें

तारीखः संदर्भ सं.:

सेवामें,

जीएसटीआईएन/आईडी

नाम

पता

वित्तीय वर्ष

कर अवधि

तारीख-

एआरएन-

स्वेच्छाया किए गए संदाय की स्वीकृति की अभिस्वीकृति उपरोक्त निर्दिष्ट आवेदन द्वारा आपके द्वारा किए गए संदाय की, संदत्त की गई रकम के विस्तार तक और उसमें कथित कारणों के लिए अभिस्वीकृति की जाती है ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम प्रति 1262(97)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी डीआरसी - 05

[नियम 142(3) देखों

तारीखः संदर्भ सं.:

सेवा में,

जीएसटीआईएन/आईडी

नाम

पता

वित्तीय वर्ष

कर अवधि

तारीख -

एससीएन

तारीख-

एआरएन-

कार्यवाहियों के निष्कर्ष की सूचना

यह उपरोक्त कारण बताओ सूचना के संदर्भ में है । जैसा कि आपने..............धारा के उपबंधों के अनुसरण में लागू ब्याज और शास्ति के साथ सूचना में उल्लिखित कर की रकम और अन्य बकाया संदत्त कर दिया है , उक्त सूचना द्वारा प्रारम्भ की गई कार्यवाहियां समाप्त की जाती हैं ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम प्रति मध्यप्रदेश राजपत्र,पत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(98)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी- 06

(नियम 142(4) देखें)

कारण बताओ सूचना का प्रतिउत्तर

1.जीएसटीआईएन

2. नाम

जारी करने की तारीख

संदर्भ सं.

3. कारण बताओ सूचना के ब्यौरे

4.वित्तीय वर्ष

5. प्रतिउत्तरः

<< टेक्स्टबॉक्स>>

6. अपलोड किया गया दस्तावेज

<<दस्तावेजों की सूची >>

नहीं

हां

7. वैयक्तिक सुनवाई के लिए विकल्प

8. सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठ प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि उपरोक्त दी गई सूचना मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है तथा इसमें कुछ भी छिपाया नहीं गया है ।

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम/प्रास्थिति.......

तारीख - 1262(99)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी डीआरसी -07

(नियम142(5) देखें]

आदेश का सार

1. आदेश के ब्यौरे

(ग) कर अवधि-

(ख) आदेश की तारीख

(क) आदेश सं.

2. अन्तवर्तित विवा‌द्यक<<नीचे देखें>>

वर्गीकरण , मूल्यांकन , कर की दर, व्यापारावर्त का अधिक्रमण, आईटीसी दावे का आधिक्य, मुक्त किए गए प्रतिदाय का आधिक्य, पूर्ति का स्थान, अन्य ( विनिर्दिष्ट करें)

3. मालों/सेवाओं का विवरण-

विवरण

एचएसएन

क्र. स.

4.मांग के ब्यौरे

(रकम रुपयों में)

शास्ति

ब्याज

कार्य कर/उपकर

पूर्ति का स्थान

व्यापारावर्त

क्र. सं.

कर की दर

7

8

6

5

1

2

3

5. जमा की गई रकम

अन्य

शास्ति

ब्याज

कुल

कर/उपकर

कार्य

कर की अवधि

क्र. स.

7

5.

6

4

8

3

2

1

कुल

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम प्रति - मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(100)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी-08

(नियम 142(7) देखें।

तारीख:

संदर्भ सं.:

आदेश का परिशोधन

उद्देशिका - << मानक >> (केवल आदेश के लिए लागू)

मूल आदेश की विशिष्टियां

कर की अवधि, यदि कोई हो

धारा , जिसके अधीन आदेश पारित किया

गया है

जारी करने की तारीख

आदेश सं.

आदेश की तारीख

उपबंध निर्धारण आदेश सं. , यदि कोई हो

एआरएन की तारीख

एआरएन, यदि परिशोधन के लिए लागू हो

उपरोक्त निर्दिष्ट आदेश के परिशोधन के लिए आपका आवेदन संतोषप्रद पाया गया है;

यह मेरे ज्ञान में आया है कि उपरोक्त आदेश के परिशोधन की आवश्यकता है;

परिशोधन का कारण-

<<पाठ बाक्स >>

मांग के ब्यौरे, परिशोधन के पश्चात्, यदि कोई हो

(रकम रुपयों

शास्ति

कर/उपकर ब्याज

व्यापार आवर्त प्रदाय का स्थान कार्य

क्र.स. कर की दर

7

8

6

3

1

2

5

उपरोक्त आदेश, धारा 161 के अधीन निर्दिष्टः शक्तियों के प्रयोग में नीचे यथा उल्लिखित परिशोधित किया जाता है:

1262( 101 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

<< पाठ>>

सेवा में,

(जीएसटीआईएन/आईडी)

-नाम

(पता)

प्रति- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 102)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी- 09

[नियम 143 देखें]

सेवामें,

व्यतिक्रमी के ब्यौरे -

जीएसटीआईएन-

नाम

तारीखः

मांग आदेश सं.:

वसूली की संदर्भ संः

अवधिः

तारीखः

विनिर्दिष्ट अधिकारी के माध्यम से धारा 79 के अधीन वसूली के लिए आदेश

जहां कर, उपकर, ब्याज और शास्ति के लेखे << >> रुपये की राशि <<एसजीएसटी/यूटीजीएसटी/सीजीएसटी/आईजीएसटी/सेस>> अधिनियम के उपबंधों के अधीन उपरोक्त व्यक्ति, जो ऐसी रकम का संदाय करने में विफल हो चुका है, द्वारा संदेय है । बकाया के ब्यौरे नीचे दी गई सारणी में दिए गए हैं:

(रकम रुपयों में)

ब्याज

कार्य

शास्तिः

कर/उपकर

अन्य

कुल

6

4

5

1

2

3

एकीकृत कर

केन्द्रीय कर

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

उपकर

कुल 1262( 103)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

<< टिप्पणियां>>

आपसे, << एसजीएसटी>> एसीटीटीओ की धारा 79 के उपबंधों के अधीन उपरोक्त लिखित << व्यक्ति >> से बकाया रकम वसूल करना अपेक्षित है ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम स्थानः

तारीखः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(104)

प्ररुप जीएसटी डीआरसी-10

(नियम 144(2) देखें)

अधिनियम की धारा 79 ( 1 )( ख) के अधीन माल के नीलामी की सूचना

तारीखः मांग आदेश संख्याः

अवधिः

मेरे द्वारा-रुपए और उस पर ब्याज की वसूली के लिए नीचे अनुसूची में विनिर्दिष्ट कुर्क किए गए या करस्थम किए गए माल के विक्रय के लिए आदेश किया गया है और जो धारा 79 के उपबंधों के अनुसरण में वसूली प्रक्रिया पर उपगत व्यय ग्राह्य है ।

विक्रय लोक नीलामी द्वारा किया जाएगा और माल अनुसूची में विनिर्दिष्ट लाट में विक्रय के लिए रखा जाएगा । विक्रय व्यतिक्रमी के अधिकार ,शीर्षक और हितों के लिए किया जाएगा और उक्त संपत्तियों के लिए संलग्न दायित्व और दावे, जिस प्रकार उन्हें सुनिश्चित किया गया है, प्रत्येक लाट के सामने अनुसूची में उन्हें विनिर्दिष्ट किया गया है ।

नीलामी........ पर... प्रातः/सांय को आयोजित की जाएगी। नीलामी के तारीख से पूर्व देय संम्पूर्ण रकम के संदत्त हो जाने पर विक्रय रोक दिया जाएगा ।

प्रत्येक लाट की कीमत विक्रय के समय या समुचित अधिकारी/विनिर्दिष्ट अधिकारी के निदेशों के अनुसार संदत्त की जाएगी और संदाय के व्यतिक्रम में माल को पुनः नीलामी और पुनः विक्रय के लिए रखा जाएगा ।

: अनुसूची

मात्रा

माल का विवरण

क्र.सं.

3

2

1

हस्ताक्षर ...............

नाम

पद नाम

स्थानः

तारीखः 1262( 105)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररुप जीएसटी डीआरसी -11

(नियम 144(5 ) और 147(12) देखें)

सफलतापूर्वक बोली लगाने वाले के लिए सूचना

सेवा में,

कृपया लोक नीलामी निर्देश संख्या तारीख.. का निर्देश लें । नीलामी के आधार पर, तत्काल मामले में आप सफलतापूर्वक बोली लगाने वाले पाए गए है। को आयोजित आपसे एतद द्वारा नीलामी के तारीख से 15 दिन अवधि के भीतर की अपेक्षा की जाती है । ...रुपए का संदाय करने आपको माल का कब्जा बोली की रकम के पूर्णरुप से संदाय करने के पश्चात आपको अंतरित किया जाएगा।

हस्ताक्षर..

नाम

पद नाम

स्थानः

तारीखः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 106)

प्ररुप जीएसटी डीआरसी - 12

(नियम 144(5) और 147(12) देखें)

विक्रय प्रमाण पत्र

मांग आदेश संख्याः

तारीखः

वसूली की संदर्भ संख्याः

अवधिः

यह प्रमाणित किया जाता है कि निम्नलिखित मालः

अनुसूची (जंगम माल)

क्र.सं.

माल का विवरण

मात्रा

1

2

3

अनुसूची (स्थावर माल)

अवस्था जिला राज्य

सड़क/ग

फ्लोर सं.

ली

पिनको ड

भवन सं./फ्लै ट सं.

न/ ग्राम

अक्षान्त र )विकल्प )

देशांन्त र )विक ल्प) स्थान/ भवन का नाम

1

2

3

4

6

5

7

8

9

10

अनुसूची (शेयर)

कंपनी का नाम

क्र.सं.

मात्रा

कीमत 1

2

4

3 1262( 107)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

<<एसजीएसटी/यूटीजीएसटी/सीजीएसटी/आईजीएसटी/ सीईएसएस >> अधिनियम की धारा 79 ( 1 ) (ख ) (घ) के उपबंधों और ..उसके अधीन बनाए गए नियमों के अनुसरण में रुपए की वसूली के लिए माल की लोक नीलामी में विक्रय किया गया है और उक्त के लिए (क्रेता) ने विक्रय के समय उक्त माल के क्रेता होने के घोषणा कर दी है । उक्त माल की विक्रय कीमत ........को प्राप्त हुई थी । विक्रय...........को सुनिश्चित किया गया था ।

हस्ताक्षर...............

नाम

पद नाम

स्थानः

तारीखः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 108)

प्ररुप जीएसटी डीआरसी- 13

(नियम 145(1 ) देखें)

धारा 79(1 )( ग) के अधीन तीसरे व्यक्ति के लिए सूचना

सेवामें,

व्यतिक्रमी की विशिष्टियां ..

जीएसटीआईएन.......

नाम....

तारीखः

मांग आदेश संख्याः

तारीखः

वसूली की संदर्भ संख्याः

अवधि:

कर, उपकर , ब्याज और शास्ति की रकम पर << >> रुपए की रकम जीएसटीआईएन >> धारण करने वाले <<कराधेय व्यक्तिका नाम>> जो ऐसी रकम का संदाय करने में विफल हो गया है , के द्वारा<< एसजीएसटी/यूटीजीएसटी/सीजीएसटी/आईजीएसटी/सीईएसएस>> अधिनियम के उपबंधों के अधीन संदाय योग्य है; और/या

यह प्रेक्षित है कि आपसे उक्त कराधेय व्यक्ति के लिए रुपए की रकम देय है या देय हो सकती है;या

यह प्रेक्षित है कि उक्त व्यक्ति के लिए या उस पर ...... रुपए की रकम आपके पास है या आपके पास होने की संभावना है।

आपको अधिनियम की धारा 79 की उपधारा (1 ) के खंड) ग) (i ) में अंतर्विष्ट उपबंधों के अनुपालन में देय के होने या हो सकने वाले धन पर या ...... सरकार के लिए करने के लिए निदेश दिया जाता है । रुपए की रकम का संदाय 1262(109)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

कृपया नोट करे कि इस सूचना के अनुपालन में आपके द्वारा कोई संदाय उक्त कराधेय व्यक्ति के प्राधिकार के अधीन किए जाने के प्रति उक्त अधिनियम की धारा 79 के अधीन समझा जाएगा और प्ररुप जीएसटी डीआरसी-14 में सरकार से प्रमाण पत्र आपके दायित्व का प्रमाण पत्र में विनिर्दिष्ट रकम के विस्तार के लिए ऐसे व्यक्ति के प्रति उत्तम और पर्याप्त रुप से निर्वहन किया जाएगा । कृपया यह भी नोट करे कि यदि इस सूचना की प्राप्ति के पश्चात उक्त कराधेय व्यक्ति के लिए किसी दायित्व का आपने निर्वहन किया है, आप कर ,उपकर ब्याज और शास्ति जो भी कम हो , के लिए कराधेय व्यक्ति के दायित्व के विस्तार के लिए या निर्वहन किए जाने वाले दायित्व के विस्तार के लिए अधिनियम की धारा 79 के अधीन राज्य/केन्द्रीय सरकार के लिए व्यक्ति रुप से दायी होंगे। कृपया नोट करे कि इस सूचना के अनुसरण में संदाय करने में आप विफल होते है ,आपको इस सूचना में विनिर्दिष्ट रकम के संबंध में व्यतिक्रमी समझा जाएगा और अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियम के परिणामस्वरुप पालन किया जाएगा ।

हस्ताक्षर ...............

नाम

पद नाम

स्थानः

तारीखः मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 110)

प्ररुप जीएसटी डीआरसी- 14

(नियम 145(2) देखें)

तीसरे व्यक्ति के लिए संदाय का प्रमाण पत्र

प्ररुप जीएसटी डीआरसी-13 में आपको जारी सूचना के प्रतिउत्तर में बोली लगाने वाली निर्देश संख्या....... तारीख को आपको नीचे दिए गए व्यतिक्रमी के नाम के लिए संदाय करने के लिए आपको दायित्व का निर्वहन करनाः रुपए का जीएसटीआईएन---

नाम--

तारीखः

मांग आदेश संख्याः

तारीखः

वसूली की संर्दभ संख्याः

अवधि

यह प्रमाण पत्र आपके दायित्व का प्रमाण पत्र में विनिर्दिष्ट रकम के विस्तार के प्रति ऊपर उल्लिखित व्यतिक्रमी हेतु पर्याप्त रुप निर्वहन किया जाएगा ।

हस्ताक्षर ..........

नाम

पद नाम

स्थानः

तारीखः 1262( 111)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररुप जीएसटी डीआरसी -15

(नियम 146 देखें)

डिक्री के लिए निष्पादन का अनुरोध करने के लिए सिविल न्यायालय के समक्ष आवेदन सेवा में,

न्यायालय का मजिस्ट्रेट /न्यायाधीश

अवधि

तारीखः.

मांग आदेश संख्याः

महोदय/महोदया,

आपको यह सूचित किया जाता है कि20 की वाद संख्या में ... (व्यतिक्रमी का नाम) के द्वारा20 ..की तारीख को आपके न्यायालय में अभिप्राप्त डिक्री के अनुसार उक्त व्यक्ति के प्रतिरुपए का संदेय किया जाना है । तथापि, उक्त व्यक्तिआदेश संख्या तारीख द्वारा <<एसजीएसटी/ यूटीजीएसटी/ सीजीएसटी/ आईजीएसटी/ सीईएसएस>> अधिनियम के उपबंधों के अधीन रुपए की रकम का संदाय करने के लिए दायी है ।

आपसे डिक्री का निष्पादन करने और ऊपर यथाउल्लिखित बकाया वसूल योग्य रकम का निपटान करने के लिए शुद्ध आगम प्रत्यय के लिए अनुरोध किया जाता है ।

स्थानः

तारीखः

समुचित अधिकारी/विनिर्दिष्ट अधिकारी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 112)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी- 16 (नियम 147(1 ) और 151 (1 ) देखें)

सेवा में

जीएसटीआईएन-

नाम

पता--

तारीख:

मांग आदेश सं०-

तारीखः

वसूली की संदर्भ सं०

अवधि:

धारा 79 के अधीन स्थावर/ जंगम मालों/शेयरों की कुर्की और विक्रय हेतु सूचना ।

<<एसजीएसटी/यूटीजीएसटी/सीजीएसटी/आईजीएसटी/उपकर>> अधिनियम के उपबंधों के अधीन आपके द्वारा संदेय कर/उपकर/ ब्याज/शास्ति/फीस के बकाया... संदाय करने में आप असफल रहे है । रू0 की रकम का इसलिए नीचे दी गई सारणी में उल्लेखित स्थावर मालों को कुर्क किया जाता है और उक्त रकम की वसूली के लिये विक्रय किया जायेगा । अतः आपको किसी भी प्रकार से उक्त माल का अन्तरण करने या उस पर प्रभास सृजित करने से प्रतिषेध किया जाता है और आपके द्वारा किया गया कोई अन्तरण या सृजित प्रभार अवैध होगा ।

अनूसूची (जंगम)

परिमाण

मालों का वर्णन

क्र.सं.

3

2

1

अनूसूची(स्थावर)

जिला राज्य

तल सं.

दिन कोड

परिसर/भवन का नाम

भवन सं. फ्लैट सं.

देशांतर (वैकल्पिक)

अक्षांश (वैकल्पिक)

परिक्षेत्र/ ग्राम

सड़क/ मार्ग 1262( 113)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1

2

3

4

6

8

5

7

9

10

अनूसूची (शेयर):

क्र.सं.

कंपनी का नाम

परिमाण

3

1

2

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम स्थानः

तारीखः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(114)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी - 17

(नियम 147(4) देखें)

धारा 79 ( 1 ) (घ) के अधीन स्थावर/जंगम सम्पति की नीलामी हेतू सूचना ।

तारीख:

मांग आदेश सं०.

तारीख:

वसूली की संदर्भ सं०

अवधि:

धारा 79 के उपबंधों के अनुसरण में -रू० और उस पर ब्याज तथा वसूली प्रक्रिया में उपगत ग्राह्य व्यय की वसूली के लिए नीचे दी गई सारणी में विनिर्दिष्ट कुर्क किये गये या करस्थम किये गये मालों की विक्रय हेतु मेरे द्वारा एक आदेश किया गया है । विक्रय सार्वजनिक नीलामी द्वारा किया जायेगा और माल को अनुसूची में विनिर्दिष्ट लाट में विक्रय के लिए रखा जायेगा । विक्रय व्यतिक्रमी के अधिकार, अभिनाम और हितों का होगा और उक्त संपत्तिसे उपाबद्ध दायित्व और दावें, जहां तक उन्हें अभिनिश्चित किया गया है, वे होगें जिन्हें प्रत्येक लाट के समक्ष अनुसूची में विनिर्दिष्ट किया गया है । मुल्तवी किये जाने के किसी आदेश की अनुपस्थिति में नीलामी पूर्वाहन/अपराहन (बजे) - (तारीख) को होगी । सूचना के जारी होने से पहले जहाँ बकाया सपूर्ण रकम संदत्त कर दी गई है कि दशा में, नीलामी रद्द कर दी जायेगी ।

प्रत्येक लाट की कीमत समूचित अधिकारी/विनिर्दिष्ट अधिकारी के निदेशो के अनुसार विक्रय के समय संदत्त की जायेगी और संदाय के व्यतिक्रम में , माल को दोबारा नीलामी के लिए रखा जाएगा तथा पुनः विक्रय किया जायेगा ।

अनूसूची (जंगम)

परिमाण

मालों का वर्णन

क्र.सं.

3

2

अनूसूची (स्थावर)

देशांतर

अक्षांश

परिक्षेत्र/ जिना

तल सं.

सड़क/

राज्य दिन कोड

परिसर/भवन का नाम

भवन सं./फ्लैट सं.

1262(115)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(वैकल्पिक)

(वैकल्पिक)

मार्ग ग्राम

10

8

7

9

6

5

4

2

3

1

अनूसूची (शेयर)

परिमाण

कंपनी का नाम

क्र.सं.

3

2

1

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम स्थानः

तारीखः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(116)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी - 18

(नियम 155 देखें)

सेवा में

जिला कलक्टर का नाम और पता

तारीख:

मांग आदेश सं० .

तारीख:

वसूली की संदर्भ सं०

अवधि:

धारा 79 की उपधारा (1 ) के खंड (ङ) के अधीन नीलामी प्रमाण पत्र ।

हूँ

अधीन मैं ..प्रमाणित जीएसटीआईएनधारित मैसर्स करता <<एसजीएलटी/यूटीजीएसटी/सीजीएसटी/आईजीएसटी/उपकर>> कि के अधिनियम से रू० की ऐसी राशि की मांग की गई है जो उसके द्वारा संदेय है, लेकिन संदत्त नहीं की गई है और अधिनियम के अधीन उपबंधित रीति से उक्त व्यतिक्रमी से वसूल नहीं की जा सकती है ।

<< मांग विवरण >>

उक्त जीएसटीआईएन धारक आपकी अधिकारिता में संपत्ति का स्वामित्व रखता है/निवास करता है। कारबार करता है , जिसकी विशिष्टयाँ नीचे दी गई है-

<<वर्णन >>

आप से निवेदन है कि उक्त व्यतिक्रमी से रूपये की राशि को इस प्रकार से वसूल करने जैसे कि यह भूमि राजस्व का कोई बकाया हो के लिए शीध्र कदम उठायें ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम स्थानः

तारीखः 1262( 117)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी डीआरसी 19

[नियम 156 देखें]

सेवा में, मजिस्ट्रेट

<<न्यायालय का नाम और पता >>

तारीख:

मांग आदेश सं० .

तारीख:

वसूली की संदर्भ सं०

अवधि:

जुर्मानें के रूप में वसूली के लिए मजिस्ट्रेट को आवेदन ।

____. रू० की कोई राशि अधिनियम के उपबंधों के अधीन संदेय कर ब्याज और शास्ति के कारण <<जीएसटीआईएन>> धारित कराधेय व्यक्ति का नाम>> से वसूली योग्य है । आपसे निवेदन है कि कृपया अधिनियम की धारा 79 की उप-धारा ( 1 ) के खंड (च) के उपबंधों के अनुसरण में इस रकम को इस प्रकार से वसूल करें जैसे कि यह किसी मजिस्ट्रेट द्वारा अधिरोपित कोई जुर्माना हो ।

रकम का विवरण

उपकर

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

केन्द्रीय कर

वर्णन

एकीकृत कर

कर/उपकर

ब्याज

शास्ति

फीस

अन्य

योग

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम

स्थानः

तारीखः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 118)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी - 20

{नियम 158( 1 ) देखें)

आस्थगित संदाय/किश्तों में संदाय के लिए आवेदन

1. कराधेय व्यक्ति का नाम

2. जीएसटीआईएन

3. अवधि

अधिनियम की धारा 80 के अनुसरण में, मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि मुझे कर/अन्य बकायों के संदाय के लिए तक के समय का विस्तार अनुज्ञात करें या मुझें ऐसे कर/अन्य बकायों को नीचे दिये गये कारणों से किश्तों में संदाय करने के लिए अनुज्ञात करें--

मांग आईडी

वर्णन

उपकर

केन्द्रीय कर

एकीकृत कर

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र

कर

कर/उपकर

ब्याज

शास्ति

फीस

अन्य

योग

कारण:

अपलोड किये गये दस्तावेज

सत्यापन

मैं प्रतिज्ञान करता हूँ।घोषणा करता हूँ कि इसमें ऊपर दी गई सूचना मेरी जानकारी और विश्वास से सत्य और सही है तथा इसमें से कुछ भी छिपाया नहीं गया है । प्रधिकृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर

नाम

स्थान 1262( 119)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी डीआरसी-21

[नियम 158(2) देखे]

<<तारीख >>

संदर्भ सं ० <<--- >>

सेवा में,

जीएसटीआईएन

नाम -----

पता

तारीखः

मांग आदेश सं ०

तारीखः

वसूली का संदर्भ संख्या

अवधि-

तारीखः

आवेदन संदर्भ सं० (एआरएन)

आस्थितिसंदाय/किस्तों में संदाय के लिए आवेदन के स्वीकार/अस्वीकार के लिए आदेश

यह, अधिनियम की धारा 80 के अधीन फाइल किए गए आपके उपरोक्त निर्दिष्ट आवेदन के संदर्भ में है आस्थिति संदाय /कर के संदाय/ किस्तों में अन्य देय के लिए आपके आवेदन का परीक्षण कर लिया गया है और इस संबंध में, आपको तारीख....... द्वारा कर और अन्य देय संदाय करने की अनुज्ञा दी जाती है या इस संबंध में आपको...रुपए...मासिक किस्तों में कर और अन्य देय संदाय करने की अनुज्ञा दी जाती है ।

या

यह , अधिनियम की धारा 80 के अधीन फाइल किए गए आपके उपरोक्त निर्दिष्ट आवेदन के संदर्भ में है । आस्थिति संदाय/ कर के संदाय/ किस्तों में अन्य देय के लिए आपके आवेदन का परीक्षण कर लिया गया है और इसको निम्नलिखित कारणों के लिए आपके अनुरोध को मान लेना बिलकूल भी संभव नहीं है ;

अस्वीकार के लिए कारण

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम

स्थानः

तारीखः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 120)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी-22

[नियम 159(1) देखें)

तारीख:

संदर्भ सं०:

सेवा में,

नाम

पता

(बैंक/ डाक खाना/वित्तीय संस्थान/अचल संपति रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण)

स्थान धारा 83 के अधीन संपति की अंनतिम कुर्की आपको यह सूचित किया जाता है कि मैसर्स --(पता) रजिस्ट्रीकरण संख्या के रूप में (नाम) कारबार का मूल (जीएसटीआईएन/आई) , पी.ए.एन.- <<एसजीएसटी/सीजीएसटी>> अधिनियम के अधीन एक रजिस्ट्रीकृत कराधेय व्यक्ति है । उक्त व्यक्तिसे कर या कोई अन्य रकम का अवधारण उक्त अधिनियम की धारा << --->> के अधीन पूर्वोक्त कराधेय व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाहियां आरंभ की गई है । विभाग के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मेरी नोटिस में यह आया है कि उक्त व्यक्ति का -

<<बचत/ चालू/ एफ डी/ आर डी / निक्षेप >> खाता आपके<< बैंक/ड़ाक खात/ वित्तीय संस्थान>> में खाता संख्या<< खाता सं० >>;

या

<< संपति आई डी और अवस्थान>> पर संपति स्थिति है ।

राजस्व के हितों का संरक्षण करने के लिए और अधिनियम की धारा 83 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं करता हूं । (नाम), (पदनाम) , पूर्वोक्त खाता/ संपति की अंनतिम कुर्की कोई विकलन इस विभाग की पूर्व अनुज्ञा के बिना उसी पेन पर पूर्वोक्त व्यक्ति द्वारा संचालित उक्त खाता या कोई अन्य खाता से अनुज्ञात नहीं करने दिया जाएगा ।

या

उपरोक्त उल्लिखित संपति इस विभाग की पूर्व अनुज्ञा के बिना निपरान करने को अनुज्ञात नही किया जाएगा ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम प्रति:-

1262( 121 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी डीआरसी - 23

[नियम 159(3 ) , 159(5) और 159(6) देखे ]

तारीखः संदर्भ संख्या:--

सेवा में,

नाम

पता

(बैंक/ डाक खाता/वित्तीय संस्थान/अचल संपत्ति रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण)

तारीख-

आदेश संदर्भ संख्या:-

धारा 83 के अधीन अनंतिम रूप से कुर्क संपति तारीख बैंक खाता का प्रत्यावर्तन कृपया, व्यक्ति के विरुद्ध आरंभ की गई कार्यवाहियोंमें राजस्व के हित की सुरक्षा के संबंध में उपरोक्त बैंक /डाक खाना निर्दिष्ट आदेश द्वारा कुर्क <<बचत / चालू/ एफ डी/आर डी>> खाता संख्या आपके वित्तीय संस्थान>> में खाता संख्या << >>, की कुर्की का संदर्भ ले । अब, ऐसी कोई कार्यवाहियां व्यक्तिक्रम व्यक्ति के विरुद्ध लंबित नहीं है जिसका उक्त खाता की कुर्की का वारंट था । अतः इसलिए , उक्त खाता अब संबंद्ध व्यक्ति का प्रत्यावर्तन किया जा सकता है ।

या

कृपया, व्यक्ति के विरुद्ध आरंभ की गई कार्यवाहियों में राजस्व के हित की सुरक्षा के संबंध में उपरोक्त निर्दिष्ट आदेश द्वारा कुर्क << आई डी/अवस्थान>> संपति की कुर्की का संदर्भ ले । अब, ऐसी कोई कार्यवाहियां व्यतिक्रम व्यक्ति के विरुद्ध नहीं है जिसका अक्त संपति की कुर्की का वारंट था । अतः इसलिए उक्त संपति अब संबद्ध व्यक्ति का प्रव्यवितन किया जा सकता है ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम प्रति:-: -- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 122)

प्ररूप जीएसटी डीआरसी - 24

[नियम 160 देखे ]

सेवामें,

समापक/प्रापक,

कराधेय व्यक्तिका नाम

जीएसटीआईएनः

अवधिः

तारीखः

मांग आदेश संख्याः

रकम की वसूली के लिए समापक को सूचित करना

यह आपके पत्र सूचना संख्या और तारीख >> के संदर्भ में, << कम्पनी का नाम>>

<<जीएसटीआईएन >> रखने वाले के लिए समापक के रूप में आपकी नियुक्ति की सूचना दी जा रही है । इस संबंध में , यह सूचित किया जाता है कि उक्त कम्पनी राज्य सरकार/ केन्द्रीय सरकार को निम्नलिखित राशि देनदार/संभावनीय देनदार है;

चालू/ प्रत्याशित मांग

(रुपयों में राशि)

शास्ति

कुल बकाया

ब्याज

अन्य देना

कर

अधिनियम

6

5

4

2

3

1

केन्द्रीय कर

राज्य/ यूटी कर

एकीकृत कर

उपकर

नाम अधिनियम की धारा 88 के उपबंधों के अनुपालन में आपको यह निदेशित किया जाता है कि कम्पनी के अंतिम परिसमापन से पहले चालू और प्रत्याशित दायित्वों के उन्मोचन के लिए प्रयात्प उपबंध बनाए ।

पदनाम स्थानः

तारीखः 1262( 123)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी डीआरसी - 25

[नियम 161. देखे ]

<<तारीख >> संदर्भ सं ० <<--- >>

सेवामें,

जीएसटीआईएन

नाम

पता

तारीखः

मांग आदेशःसं ०:

तारीखः

वसूली का संदर्भ संख्या:

अवधिः

अपील या पुनरीक्षण या कोई अन्य कार्यवाही में संदर्भ संख्या. तारीख.........

वसूली कार्यवाहियों का चालू रहना

..रुपए के लिए उपरोक्त निर्दिष्ट वसूली संदर्भ संख्या द्वारा आपके विरुद्ध वसूली कार्यवाहियों को शुरू करने के संदर्भ में है । अपील /पुनरीक्षण प्राधिकारी/ न्यायालय तारीख . << प्राधिकरण का नाम / न्यायालय>>आदेश ..द्वारा उपरोक्त उल्लिखित मांग आदेश सं ० तारीख द्वारा समावेश देय को बढ़ा देगा । कम कर देगा और अब देय रुपए रह गई है । अपील या पुनरीक्षण के निपटान से तत्काल पहले खड़ी उन वसूली कार्यवाहियों पर प्रक्रम से बढ़ी हुई वसूली/कम हुई वसूली की रुपए की राशि निरन्तर बनी हुई है । अपील/पुनरीक्षण प्रभाव देने के पश्चात् मांग की पुनरीक्षित रकम नीचे दी गई है -

वित्तीय वर्ष

(रकम रुपए में)

अन्य देय

शास्ति

कुल बकाया

ग्याज

अधिनियम कर

6

5

3

4.

2

1

केन्द्रीय कर

राज्य/यूटी कर

एकीकृत कर

उपकर

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम स्थानः

तारीखः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(124)

प्ररूप जीएसटी सीपीडी - 01

[नियम 162(1) देखे]

शमनीय अपराध के लिए आवेदन

1. जीएसटीआईएन/ अस्थायी आईडी

2. आवेदक का नाम

3.

पता

4. अधिनियम के उपबंधों को उल्लंघन जिसके लिए अभियोग संस्थितया अन्ध्यात किया जाता है ।

न्यायनिर्णय आदेश नोटिस का ब्यौरा

5.

संदर्भ संख्या

तारीख

कर

ब्याज

शास्ति

जुर्माना, यदि कोई हो

6. मामले का संक्षिप्त तथ्य और भारित अपराध (अपराधों की विशिष्टियां)

क्या यह अधिनियम के अधीन पहला अपराध हैं

7.

8. यदि सं०7 का उत्तर नकारात्मक है तो पिछले मामले का ब्यौरा

9. क्या उसी या कोई अन्य अपराध के लिए कोई कार्यवाहियां किसी अन्य विधि के अधीन अन्ध्यात है ।

यदि सं० 9 का उत्तर सकारात्मक है तो उसका ब्यौरा

10.

घोषणा

(1 ) मैं, आयुक्त द्वारा यथानियत प्रशमन रकम संदाय करुगा ।

(2) मैं, समझता हूं कि मैं अधिकार की दृष्टि से दावा नहीं करूंगा अधिनियम के अधीन मेरे द्वारा कारित उस अपराध का शमन किया जाएगा ।

आवेदक के हस्ताक्षर

नाम 1262( 125)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी सीपीडी-02

(नियम 162(3) देखें-)

तारीखः सदंर्भ सं०:

सेवा में,

जीएसटीआईएन/आईडी--

नाम-

पता

तारीख-

एआरएन

शमनीय अपराध के अस्वीकार / मोक के लिए आदेश

यह उपरोक्त निर्दिष्ट आपके आवेदन के संदर्भ में है । आपका आवेदन का विभाग में परीक्षण कर लिया गया है और निष्कर्ष नीचे अभिलेख किया गया है:--

<<पाठ >>

मैं, सन्तुष्ट हूं कि आप स्तभ (3 ) में दार्यित प्रशमन रकम संदाय पर नीचे दी गई तालिका के स्तर 2 में कथित अपराधों के संबंध में शमनीय अपराध को अनुज्ञात करने की अपेक्षाओं को पूरा करते हो

प्रशमन रकम (रुपए)

अपराध

क्रम सं०

(3)

(2)

(1)

टिप्पणः यदि कराधेय व्यक्ति द्वारा किया गया उपधारा स्तभ (2) में विनिर्दिष्ट एक से अधिक प्रवर्ग में आता है तो शमनीय रकम स्तभ (3) में विनिर्दिष्ट ऐसी रकम होगी जो ऐसे प्रवर्ग के सामने विनिर्दिष्ट अधिकतम रकम है, जिनमें शमन किए जाने के लिए ईप्सीत अपराधों को वर्गीकृत किया जा सकता है ।

आपको निर्देशित किया जाता है तारीख द्वारा पूर्वोक्त शमनीय रकम संदाय कर दे और शमनीय रकम के संदाय पर, आप पूर्वोक्त तालिका के स्तंभ (2) में सूचीबद्ध अपराधों के लिए अभियोजन से उन्मुक्त कर दिया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 126)

या

आपका आवेदन अस्वीकार कर दिया जाएगा ।

हस्ताक्षर

नामः

पदनाम 8. यह अधिसूचना 1 जुलाई , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

9. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-40-2017-1 - V(83 ) दिनांक 5 अगस्त, 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 435 भोपाल दिनांक 5 अगस्त, 2017 में प्रकाशित। 1262( 127)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-40/2017/1/पांच (88)

1 राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 क्रमांक 19 सन्(2017 की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मध्यप्रदेश माल माल और सेवा कर नियम , 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:--

संशोधन

इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश (1 )माल और सेवा कर नियम 2017 नियम (संशोधन)है ।

(2) अन्यथा उपबंधित के सिवाय , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में (असाधारण), अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 17. अगस्त, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम 2017 , में--,

(i) नियम 3 के उप-नियम (4) में, "साठ दिन" शब्दों के स्थान पर "नब्बे दिन" शब्द रखे जाएंगे ।

( ii)नियम 17 में, 22 जून, 2017 से, उप-नियम (2) में, "उक्त प्ररूप" शब्दों के पश्चात "या भारत सरकार केविदेश मंत्रालय से सिफारिश प्राप्त होने के पश्चात " शब्द अन्तः स्थापित किए जाएंगे ;

(iii)नियम 40 में, 1 जुलाई, 2017 से उप-नियम (1 ) में, खंड (ख) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात:-

"(ख ) रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति धारा 18 की उप-धारा ( 1) के अधीन इनपुट कर प्रत्यय का लाभ लेने के लिए पात्र होने की तारीख से तीस दिन की अवधि के भीतर या ऐसी अतिरिक्त अवधि के भीतर, जो इस निमित्त अधिसूचना -द्वारा आयुक्त द्वारा बढ़ाई जा सकेगी, इस आशय की प्ररूप जीएसटीआईटीसी-01 में सामान्य पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से घोषणा करेगा कि वह पूर्वोक्त इनपुट कर प्रत्यय का लाभ लेने के लिए पात्र है:

परन्तु केन्द्रीय कर आयुक्त या संघ राज्य क्षेत्र कर आयुक्त द्वारा अधिसूचित समय -सीमा का कोई विस्तार आयुक्त द्वारा अधिसूचित किया गया समझा जाएगा । ";

(iv) नियम 44 के पश्चात्, निम्नलिखित नियम अन्तःस्थापित किया जाएगा । ";

"44क स्वर्ण डोरें बार की बाबत सीमा शुल्क के अतिरिक्त शुल्क के प्रत्यय को उलटने की रीति- अग्रनीत सेनवेट प्रत्यय से सम्बन्धित धारा 140 के उपबंधों के निबंधनानुसार लिए गए इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाते में केन्द्रीय कर का प्रत्यय, जो सीमा-शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975. (1975 का 51 ) की धारा 3 की उप- धारा (1 ) के अधीन उद्वहीत सीमा शुल्क के अतिरिक्त शुल्क के संदाय के कारण प्रोद्भूत था,

जिसका संदाय 1 जुलाई 2017 को धारित स्वर्ण डोरे बार के स्टॉक पर या ऐसे आयातित स्वर्ण डोरे बार से बनाए गए स्वर्ण या स्वर्ण आभूषण 1 जुलाई, 2017 को स्टॉक में थे, में अन्तर्विष्ट स्वर्ण डोरे बार के आयात के समय किया गया था, ऐसे प्रत्यय का एक बटा छह तक निर्बंधित किया जाएगा और ऐसे प्रत्यय का पांच बटा छह ऐसे स्वर्ण डोरे बार या स्वर्ण या उससे बनाए गए स्वर्ण आभूषण के प्रदाय के समय इलेक्ट्रॉनिक प्रत्यय खाते से विकलित किया जाएगा और जहां ऐसा प्रदाय पहले से ही किया गया है, वहां ऐसा विकलन इन नियमों के प्रारम्भ की तारीख से एक सप्ताह के भीतरहोगा। "

(۸) नियम 61 में, 1 जुलाई , 2017 से उप- नियम (5) में, " विनिर्दिष्ट करता है" शब्दों के स्थान पर "ऐसी रीति और शर्तों केविनिर्दिष्ट करता है जिनके अध्ययीन " शब्द रखे जाएंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 128)

नियम 87 में, -

(vi)

उप-नियम (2) में, निम्नलिखित अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: -

(क)

"परन्तु सामान्य पोर्टल सृजित किया गया प्ररूप जीएसटी, पीएमटी-06 में चालान पंद्रहं दिन की अवधि के लिए विधिमान्य होगा:

परंतु यह और कि एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 13 ) की धारा 14 में निर्दिष्ट अकराधेय ऑनलाइन प्राप्तिकर्ता को भारत के बाहर स्थान से ऑनलाइन सूचना और डाटाबेस पहुंच या पुनः प्राप्य सेवा का प्रदाय करने वाला व्यक्ति बोर्ड की संदाय प्रणाली अर्थात बोर्ड द्वारा अधिसूचित की जाने वाली तारीख से उत्पाद शुल्क और सेवा कर में इलेक्ट्रॉनिक लेखांकन प्रणाली के माध्यम से भी ऐसा कर सकेगा । " ;

उप-नियम 3 में, दूसरे परंतुक के स्थान पर निम्नलिखित परंतुक रखा जाएगा , अर्थात्: -

(ख)

"परंतु यह और कि एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का 13) की धारा 14 में निर्दिष्ट अकराधेय ऑनलाइन प्राप्तिकर्ता को भारत के बाहर स्थान से ऑनलाइन सूचना और डाटाबेस पहुंच या पुनः प्राप्य सेवा का प्रदाय करने वाला व्यक्ति बोर्ड द्वारा अधिसूचित की जाने वाली तारीख से विश्वव्यापी इंटर बैंक वित्तीय दूरसंचार संदाय नेटवर्क सोसोइटी के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा अंतरण के माध्यम से उप-नियम (2) के अधीन भी निक्षेप कर सकेगा। ";.

नियम 103 के स्थान पर, 1 जुलाई, 2017 से निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्:-

(ivi )

"103 सरकार अग्रिम बिंनिर्णय प्राधिकरण के सदस्य के रूप में संयुक्त आयुक्त से अन्यून पंक्तिके अधिकारियों की नियुक्ति करेगी । " ;

(viii)

'रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत करने सम्बन्धी अनुदेश' शार्ष के अधीन "प्ररूप जीएसटीआरईजी-01 में, क्रम संख्या 15 के पश्चात् निम्नलिखित क्रम संख्या अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: -

"16. प्रदायकर्ताओं के रूप में रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन करने वाले सरकारी विभाग बैंक खाते के ब्यौरे प्रस्तुत नहीं कर सकेंगे । " ;

22 जून, 2017 से "प्ररूप जीएसटी आरईजी-13" के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्: -

(ix)

जीएसटी आरईजी-13

[नियम 17 देखिए ]

संयुक्त राष्ट्र निकायों/दूतावासों/ अन्य को विशिष्ट पहचान संख्या अनुदत्त करने के लिए आवेदन/प्ररूप

जिला-

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र-

भाग क

इकाई का नाम

(1 )

(ii) इकाई का स्थायी लेखा संख्या ( अधिनियम की धारा 25 की उप-धारा (9) के खंड (क) में विनिर्दिष्ट ईकाइयों को लागू नहीं होता है)

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम

(iii)

(iv) प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का स्थायी लेखा संख्या (अधिनियम की धारा 25 की उप-धारा (9) के खंड ( क) में विनिर्दिष्ट ईकाइयों को लागू नहीं होता है)

(۸) प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का ई- मेल का पता

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का मोबाइल नंबर (+91 )

(vi) 1262(129)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1. इकाई का किस्म (कोई एक चुनें) 2. देश

2.क विदेश मंत्रालय , भारत सरकार की सिफारिश ( यदि लागू हो)

3. अधिसूचना के ब्यौरे

राज्य में इकाई का पता

4.

भवन संख्या/फ्लैट नंबर

परिसर/भवनका नाम

शहर/कस्बा/गाँव

ब्लॉक/तालुका

अक्षांश

राज्य

संपर्क के लिए जानकारी

ईमेल पता

फैक्स नंबर

7 प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के ब्यौरे, यदि लागू हो

प्रथम नाम विशिष्टियां

नाम

फोटो

पिता का नाम

जन्मतारीख

दिन/मास/वर्ष मोबाइल नंबर

टेलीफोन नंबर

पदनाम/प्रास्थिति

स्थायीलेखा संख्या (अधिनियम की धारा 25की उप-धारा (9) के खंड (क)में विनिर्दिष्ट ईकाइयों को लागू नहीं होता है)

हां/नहीं क्याआप भारत के नागरिक हैं

घर का पता

भवन संख्या/फ्लैट

नंबर

परिसर/ भवन का नाम

भागं ख

संयुक्त राष्ट्र दूतावास अन्य व्यक्ति

तारीख

पत्र संख्या

तारीख

अधिसूचना संख्या

मंजिल संख्या

सडक/गली

जिला

देशान्तर

पिनकोड

टेलीफोन नंबर

मोबाइल नंबर

मध्य नाम

अंतिमनाम

लिंग

<पुरुष, महिला, अन्य>

ईमेल पता

निदेशक पहचान

संख्या (यदि कोई हो)

आधार संख्या

(अधिनियम की धारा 25की उप-धारा (9) के खंड (क) में विनिर्दिष्ट ईकाइयों कोलागू नहीं होता है)

पासपोर्ट संख्या (विदेशियों के मामले में)

मंजिल संख्या

सड़क/गली मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 130)

जिला

नगर/शहर/गाँव

ब्लॉक/तालुका.

राज्य

पिनकोड

8 बैंक खाता ब्यौरे(यदि आवश्यक हो तो और जोड़े)

खाते का प्रकार

खाता संख्या

बैंक का नाम

आईएफएससी

शाखा का पताः

अपलोड किये गये दस्तावेज

9

प्राधिकृत व्यक्ति, जिसके कब्जे में दस्तावेजी साक्ष्य हैं, ऐसे दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रति, जिसके अंतर्गत इकाई का प्रतिनिधित्व करने के लिए आवेदक को प्राधिकृत करने के लिए संकल्प/मुख्तारनामा भीहै,को अपलोड किया जाएगा।

या समुचित अधिकारी, जिसने आवेदक से दस्तावेजी साक्ष्य एकत्र किए हैं, ऐसे दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रति, जिसके अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र निकाय/दूतावास आदि का भारत में प्रतिनिधित्व करने के लिए आवेदक को प्राधिकृत करने के लिए संकल्प/मुख्तारनामा भी हैं, अपलोड किया जाएगा और इसे संबंधितं संयुक्त राष्ट्र निकाय/दूतावास आदि को सृजित और आवंटित विशिष्ट पहचान संख्या के साथ लिंक किया जाएगा।

सत्यापन

11.

मैं सत्यनिष्ठा से यह अभिपुष्टि करता हूँ और घोषणा करता हूं कि इसमें उपर दी गई सूचना मेरे सर्वोत्तम जानकारी और विश्वांस के साथ सत्य और सही है तथा इसमें कुछ छिपाया नहीं गया है ।

स्थानः

(हस्ताक्षर)

तारीखः

प्राधिकृत व्यक्ति का नामः

या

(हस्ताक्षर)

समुचित अधिकारी का नामः

स्थानः

पदनामः

तारीखः

अधिकारिताः

सरकार द्वारा अधिसूचित संयुक्त राष्ट्र निकाय/दूतावासों/अन्य के आरईजी के लिए आवेदन प्रस्तुत करने के लिए अनुवेश ।

प्रत्येक व्यक्ति, जिससे विशिष्ट पहचान संख्या अभिप्राप्त करने की अपेक्षा है, इलेक्ट्रॉनिकी रूप से आवेदन प्रस्तुत करेगा।

आवेदन सामान्य पोर्टल के माध्यम से फाइल किया जाएगा या समुचित अधिकारी द्वारा स्वःप्रेरणा से आरईजी अनुदत्त किया सकता है

सामान्य पोर्टल पर फाइल किए गए आवेदन पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से या सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट किसी अन्य माध्यम से हस्ताक्षर करना अपेक्षित है.

संबंधित इकाई द्वारा प्रतिदाय आवेदन या अन्यथा हस्ताक्षर करने के लिए प्राधिकृत व्यक्ति के ब्यौरों को आवेदन में"प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के ब्यौरे" के सामने भरा जाना चाहिए ।

स्थायी लेखा संख्यांक/ आधार अधिनियम की धारा 25 की उप- धारा (9) के खंड (क) में विनिर्दिष्ट ईकाइयों को लागू नहीं होगा ।

(x) 1 जुलाई, 2017 से; प्ररूप जीएसटी-टीआरएएन-1 के क्रं.सं.7 में, -

जाएंगे ।

(i ) मद (क. में, "और 140(6) " शब्दों, अंको और कोष्ठकों के स्थान पर, 140(6) और 140 (7 ) अंक, कोष्ठक और शब्द रखे :

1262( 131 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(ii ) मद (ख) में, - :

(क) " धारा 140(5)" शब्दों, अंको और कोष्ठकों के पश्चात, "और धारा 140( 7) " शब्द, अंक और कोष्टक अन्तःस्थापित किए जाएंगे ।

(ख) स्तंभ शीर्ष 1 के स्थान पर, " प्रदायकर्ता या इनपुट सेवा विरतक का रजिस्ट्रीकरण संख्यांक" स्तंभ शीर्ष रखे जाएंगे;

(ग) स्तंभ 8 के शीर्ष में , "पात्र शुल्कों और करों" शब्दों के पश्चात " (केन्द्रीय कर ) " कोष्ठक और शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-40/2017/1 /Five ( 88 ) दिनांक 17 अगस्त, 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 448 भोपाल दिनांक 17 अगस्त, 2017 में प्रकाशित। । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(132)

क्रमांक एफ ए 3-57-2017-1- पांच(100)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश माल और सेवाकर नियम , 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-

संशोधन

1. किए गए संशोधन-

() सग्ल कमांक 2,3,4,5,6,7,8,11,12 और 13 को 01.07.2017 से प्रभावशील गाना जाए:

करें । (ii ) सरल क्रमांक 9,10 और 14 उस तारीख को प्रवृत्त होगें जो राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत 2. नियम 119 में,

(क) शीर्षक में शब्द " अभिकर्ता" शब्द के स्थान पर शब्द " जॉब वर्कर" प्रतिस्थापित किया जाए

(ख) शब्द " प्रत्येक व्यक्ति जिसको" के पश्चात् शब्द एवं अंक " धारा 141 या " जोड़ा जाए

3. नियम् 122 का प्रतिस्थापन नियम 122, के स्थान पर निम्न नियम प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात-

" 122 प्राधिकरण का गठन:- प्राधिकरण का गठन केन्द्रीय माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 122 के प्रावधानों के अनुसार होगा । " ;

4. नियम 123 का प्रतिस्थापन- नियम 123 , के स्थान पर निम्न नियम प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात-

" 123 स्थायी समिति और छानबीन समिति का गठन- स्थायी समिति और छानबीन समिति का गठन केन्द्रीय माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 123 के प्रावधानों के अनुसार होगा । " ;

5. नियम 124 का प्रतिस्थापन नियम 124, के स्थान पर निम्न नियम प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात-

"124 प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति, वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य निबंधनों और शर्ते:- प्राधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति, वेतन, भत्ते और सेवा की अन्य निबंधनों और शर्ते केन्द्रीय माल और सेवाकर नियम, 2017 के नियम 124 के प्रावधानों के अनुसार होगा। ";

6. नियम 125 का प्रतिस्थापन नियम 125, के स्थान पर निम्न नियम प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात-

" 125 प्राधिकरण का सचिव:- प्राधिकरण का सचिव केन्द्रीय माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 125 के प्रावधान लागू होंगे । "

7. नियम 126 का प्रतिस्थापन नियम 126, के स्थान पर निम्न नियम प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात-

" 126 पद्धति और प्रकिया अवधारित करने की शक्ति: पद्धति और प्रकिया अवधारित करने की शक्तिकेन्द्रीय माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 126 के प्रावधान अनुसार होगी । ";

नियम 137 का प्रतिस्थापन नियम 137, के स्थान पर निम्न नियम प्रतिस्थापित किया जाए, अर्थात-

8.

1262(133)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्राधिकरण की अवधि:- प्राधिकरण की अवधि केन्द्रीय माल और सेवा कर नियम, 2017 के नियम 137 धान अनुसार होगी । "

9. नियम 138 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात् : --

" 138. माल का संचलन और ई- वे बिल के सृजन से पूर्व प्रस्तुत की जाने वाली सूचना ( 1 ) प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, जो माल के पारेषण , जिसका मूल्य पचास हजार रुपए से अधिक है, का-

(1 ) किसी पूर्ति के संबंध में संचलन कारित करता है ;

(ii ) पूर्ति से भिन्न किसी कारण से संचलन कारित करता है ; या

(iii) किसी गैर- रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से आवक पूर्ति के कारण संचलन कारित करता है,

ऐसे संचलन के प्रारंभ होने से पूर्व उक्त माल के संबंध में सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 के भाग क में सूचना प्रस्तुत करेगा । "

(2) जहां माल का परिवहन रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति पारेषित के रूप में या पारेषिती के रूप में पूर्ति के प्राप्तिकर्ता के रूप में किया जाता है, चाहे स्वयं के परिवहन में या भाटक पर लिए गए या रेल द्वारा या वायुयान द्वारा या किसी जलयान द्वारा, तो उक्त व्यक्ति या प्राप्तिकर्ता प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 के भाग ख में सूचना प्रस्तुत करने के पश्चात् सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप में प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 में ई-वे बिल का सृजन कर सकेगा ।

(3) जहां उपनियम (2) के अधीन ई-वे बिल सृजित नहीं किया जाता है और माल को सड़क द्वारा परिवहन के लिए परिवहनकर्ता को सौंप दिया जाता है तो रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति परिवहनकर्ता के संबंध में सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 के भांग ख में सूचना प्रस्तुत करेगा और ई- वे बिल को उक्त पोर्टल पर परिवहनकर्ता द्वारा रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 के भाग क में प्रस्तुत सूचना के आधार पर सृजित किया जाएगा :

परंतु यथास्थिति, रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या परिवहनकर्ता अपने विकल्प पर ई- बिल का तब भी सृजन और वहन कर सकेगा जब पारेषण का मूल्य पचास हजार रुपए से कम है:

परंतु यह और कि जब संचलन किसी गैर- रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा या तो अपने स्वयं के या किसी भाटक पर वाहन या किसी परिवहनकर्ता के माध्यम से कारित किया जाता है तो वह या परिवहनकर्ता अपने स्वयं के विकल्प पर इस नियम में विनिर्दिष्ट रीति में सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 में ई- बिल का सृजन कर सकेगा :

परंतु यह भी कि जहां माल का परिवहन राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में पारेषक के कारबार के स्थान से परिवहनकर्ता के कारबार के स्थान को आगे परिवहन के लिए दस किलोमीटर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(134)

से कम दूरी के लिए किया जाता है तो पूर्तिकार या परिवहनकर्ता प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी - 01 के भाग ख में वाहन के ब्यौरे प्रस्तुत नहीं करेंगे ।

स्पष्टीकरण 1. इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए जब माल की पूर्ति किसी गैर- रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकार द्वारा किसी प्राप्तिकर्ता को की जाती है जो रजिस्ट्रीकृत है तो संचलन को ऐसे प्राप्तिकर्ता द्वारा कारित किया गया कहा जाएगा यदि माल का संचलन प्रारंभ होने के समय प्राप्तिकर्ता ज्ञात है ।

स्पष्टीकरण 2. प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 के भाग क में सूचना को पूर्ति के पारेषक या प्राप्तिकर्ता द्वारा पारेषिती के रूप में वहां प्रस्तुत किया जाएगा, जहां माल का परिवहन रेल या वायुयानः या जलयान द्वारा किया गया है ।

(4) सामान्य पोर्टल पर ई- वे बिल के सृजन पर सामान्य पोर्टल पर पूर्तिकार, प्राप्तिकर्ता और परिवहनकर्ता को एक विशिष्ट ई- वे बिल संख्या ( ईबीएन) उपलब्ध कराया जाएगा ।

(5) अंतरण के अनुक्रम में एक वाहन से दूसरे वाहन को मालों का अंतरण करने वाला परिवहनकर्ता ऐसे अंतरण से पूर्व और माल के तथा संचलन से पूर्व सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 में ई-वे बिल में वाहन के ब्यौरों को अद्यतन करेगा :

परंतु जहां मालों का परिवहन राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में परिवहनकर्ता के कारबार के स्थान से अंतिमतः पारेषिती के कारबार के स्थान को दस किलोमीटर से कम दूरी के लिए किया जाता है , तो वाहन के ब्यौरों को ई- वे बिल में अद्यतन नहीं किया जाएगा।

(6) उपनियम (1 ) के उपबंधों के अनुसरण में ई- वे बिल के सृजन के पश्चात्, जहां बहुल पारेषणों को एक वाहन में परिवहन करना आशयित है तो परिवहनकर्ता ऐसे प्रत्येक पारेषण के संबंध में सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से सृजित ई- वे बिलों की क्रम संख्या को उपदर्शित कर सकेगा और माल के संचलन से पूर्व उक्त सामान्य पोर्टल पर उसके द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 02 में एक समेकित ई- वे बिल का सृजन किया जा सकेगा ।

(7) जहां पारेषक या पारेषिती ने उपनियम ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी - 01 का सृजन नहीं किया है और वाहन में ले जाए जाने वाले माल का मूल्य पचास हजार रुपए से अधिक है तो परिवहनकर्ता, यथास्थिति, पूर्ति के बीजक या बिल या परिदान चालान के आधार पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 का सृजन करेगा और माल के संचलन से पूर्व सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी- 02 में समेकित ई-वे बिल का भी सृजन कर सकेगा ।

(8) प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी 01 के भाग क में प्रस्तुत सूचना को सामान्य पोर्टल पर रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकर्ता को उपलब्ध कराया जाएगा जो उसका उपयोग प्ररूप जीएसटीआर - 01 में ब्यौरे प्रस्तुत करने के लिए कर सकेगा :

परंतु जहां सूचना को गैर- रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकार द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी - 01 में प्रस्तुत किया गया है तो उसे इलैक्ट्रानिक रूप से सूचित किया जाएगा, यदि मोबाइल नंबर या ई-मेल उपलब्ध नहीं है । 1262(135)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(9) जहां इस नियम के अधीन ई-वे बिल सृजित किया गया है किंतु माल का या तो परिवहन नहीं किया गया है या परिवहन प्रस्तुत ई- वे बिल के ब्यौरों के अनुसार नहीं किया गया है तो ई -वे बिल को सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से या सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केंद्र के माध्यम से ई- वे बिल के सृजन के चौबीस घंटे के भीतर रद्द किया जा सकेगा :

परंतु किसी ई- वे बिल को रद्द नहीं किया जा सकेगा यदि उसका नियम 138ख के उपबंधों के अनुसार अंतरण में सत्यापन कर दिया गया है ।

(10) इस नियम के अधीन सृजित ई-वे बिल या समेकित ई- वे बिल सुसंगत तारीख से नीचे दी गई सारणी के स्तंभ ( 3 ) में वर्णित अवधि के लिए स्तंभ (2) में यथावर्णित माल द्वारा परिवहन की जाने वाली दूरी के लिए वैध होगा :

सारणी

वैधता की अवधि

दूरी

क्रम सं.

(3)

(1)

(2)

एक दिन

100 किलोमीटर तक

1.

एक अतिरिक्त दिन 2. प्रत्येक 100 किलोमीटर या तत्पश्चात् उसके भाग के लिए

परंतु आयुक्त अधिसूचना द्वारा किसी ई-वे बिल की वैधता का उसमें विनिर्दिष्ट माल के कतिपय प्रवर्गों के लिए विस्तार कर सकेगा :

परंतु यह और कि आपवादिक प्रकृति की परिस्थितियों के अधीन, जहां माल का परिवहन ई-वे बिल की वैधता अवधि के भीतर नहीं किया जा सकता है, तो परिवहनकर्ता प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी - 01 के भाग ख में ब्यौरों को अद्यतन करने के पश्चात् दूसरा ई-वे बिल सृजित कर सकेगा ।

स्पष्टीकरण-इस नियम के प्रयोजनों के लिए "सुसंगत तारीख" से वह तारीख अभिप्रेत होगी , जिसको ई- वे बिल का सृजन किया गया है और वैधता की अवधि की गणना उस समय से की जाएगी जिसको ई- वे बिल का सृजन किया गया है और प्रत्येक दिन की गणना चौबीस घंटों के रूप में की जाएंगी ।

(11 ) उपनियम ( 1 ) के अधीन सृजित ई- वे बिल के ब्यौरों को पूर्तिकर्ता को उपलब्ध कराया जाएगा यदि वह सामान्य पोर्टल पर रजिस्ट्रीकत है, वह अपनी ई- वे बिल के अधीन आने वाले पारेषण की स्वीकृति या अस्वीकृति की संसूचना देगा ।

(12) जहां उपनियम ( 11 ) में निर्दिष्ट प्राप्तिकर्ता सामान्य पोर्टल पर ब्यौरों को उसे उपलब्ध कराने के बहत्तर घंटे के भीतर अपनी स्वीकृति या अस्वीकृति से संसूचित नहीं करता है तो यह माना जाएगा कि उसने उक्त ब्यौरों को स्वीकार कर लिया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(136)

(13) इस नियम या किसी राज्य के माल और सेवाकर नियमों के नियम 138 के अधीन सृजित ई- वे बिल प्रत्येक राज्य और संघ राज्यक्षेत्र में वैध होगा ।

(14) इस नियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी किसी ई-वे बिल को सृजित करने की अपेक्षा नहीं होगी-

(क) जहां परिवहन किए जा रहे माल को उपाबंध में विनिर्दिष्ट किया गया है ;

(ख) जहां माल का परिवहन गैर- मोटरीकृत वाहन द्वारा किया जा रहा है ;

(ग) जहां माल का परिवहन किसी पत्तन , विमानपत्तन, एयर कार्गो परिसर और भू- सीमाशुल्क केंद्र से किसी ई-लैंड कंटेनर डिपो या किसी कंटेनर फ्रेट स्टेशन को सीमाशुल्क निकासी के लिए किया जा रहा है ; और

(घ) ऐसे माल के संचलन के संबंध में, और राज्य के ऐसे क्षेत्रों में और ऐसे मूल्य से अनधिक राशि के, जैसा राज्य कर आयुक्त, केंन्द्रीय कर के मुख्य आयुक्त से परामर्शकर, अधिसूचित करे।

स्पष्टीकरण- ई-वे बिल के सृजन और रद्द करने की सुविधा को एसएमएस के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा सकेगा ।

उपाबंध

[(देखें नियम 138( 14)]

माल का विवरण

क्रम सं.

अध्याय या शीर्ष या उपशीर्ष या टैरिफ मद

(3)

(1)

(2)

0101

1.

जीवित अश्व, गधे, खच्चर और हिन्नी

0102

2.

जीवित गोकुलीय प्राणी

3.

0103 जीवित सुअर

जीवित भेड़ और बकरें

4.

0104

0105

5.

जीवित कुक्कुट, अर्थात् गैलस डोमोस्टिकस जाति के मुर्गे, बतख , हंस, टर्की और गिनि मुर्गे

0106

6.

अन्य जीवितं प्राणी , जो स्तनपायी, पक्षी, कीट

0201

7.

गोकुलीय प्राणियों का मांस , ताजा और द्रुतशीतित

0202

8.

गोकुलीय प्राणी का मांस , हिमशीतित (प्रशीतिंत से भिन्न और जो इकाईयों आधानों में रखा गया है)

0203

9.

सुअर का मांस, ताजा , द्रुतशीतित या हिमशीतित (प्रशीतित से भिन्न 1262(137)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

और जो इकाईयों आधानों में रखा गया है)

0204

10.

भेड़ या बकरे का मांस , ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित (प्रशीतित से भिन्न और जो इकाईयों आधानों में रखा गया है)

0205

11.

अश्व, गधे , खच्चर या हिन्नी का मांस, ताजा, द्रुतंशीतित या हिमशीतित (प्रशीतित से भिन्न और जो इकाईयों आधानों में रखा गया है)

0206

12.

गोकुलीय प्राणियों, सुअर, भेड़ , बकरे, अश्व, गधे, खच्चर या हिन्नी का खाद्य अवशिष्ट, ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित (प्रशीतित से भिन्न और जो इकाईयों आधानों में रखा गया है)

0207

13.

शीर्ष सं . 0105 के कुक्कुट का मांस और खाद्य अवशिष्ट, ताजा, द्रुतशीतित या हिमशीतित (प्रशीतित से भिन्न और जो इकाईयों आधानों में रखा गया है)

14. 0208

अन्य मांस और खाद्य अपशिष्ट , ताजा, द्रुतशीतित या हिमंशीतित (प्रशीतित से भिन्न और जो इकाईयों आधानों में रखा गया है)

15. 0209

चर्बी रहित मांस विहीन सुअर वसा और कुक्कुट वसा, अपरिष्कृत या अन्यथा निष्कर्षित, ताजा, द्रुतंशीतिंत , हिमशीतित (प्रशीतित से भिन्न और जो इकाईयों आधानों में रखा गया है)

16. 10209

चर्बी रहित मांस विहीन सुअर वसा और कुक्कुट वसा, अपरिष्कृत या अन्यथा निष्कर्षित, लवणित, लवण जल में रखा , शुष्कित या धूमित [आधान इकाई में रखे गए से भिन्न]

17. 0210

मांस और खाद्य मांस अवशिष्ट , लवणित , लवण जल में रखा, शुष्कित या धूमित ; मांस या मांस अवशिष्ट का खाद्य आटा और अवचूर्ण, आधान इकाई में रखे गए से भिन्न

18. 3

मछली बीज , झिंगा/झिंगी बीज प्रसंस्कृत , संसाधित या हिमशीतित स्थिति में है या नहीं [ अध्याय 3 के अधीन आने वाले माल और आकृष्ट 2.5 प्रतिशत से भिन्न

0301

19.

जीवित मछली

0302

20.

मछली , हिमशीतित, जिसके अंतर्गत शीर्ष सं0 0304 के मछली कतले और मछली मांस नहीं है

0304

21.

मछली के कतले और अन्य मछली का मांस (चाहे कीमाकृत है या नहीं) , ताजे या हिमशीतित मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(138)

0306 क्रेस्टेशिया, चाहे कवच युक्त है या नहीं, कवचयुक्त क्रेस्टेशिया जो भापन द्वारा या जल में उबालकर पकाई गई है, ताजा या हिमशीतित

23 .

0307

मोलस्क, चाहे कवच युक्त है या नहीं, हिमशीतित , क्रेस्टेशिया और मोलस्क से भिन्न जलीय अकशेरुकी जीवित ताजे और हिमशीतित

0308

24.

क्रेस्टेशिया और मोलस्क से भिन्न, जलीय अकशेरूकी, जीवित , ताजा या हिमशीतित

0401

25.

ताजे दूध और पाश्चराईज्ड दूध , जिसमें पृथक किया दूध , दूध और क्रीम, जो सांद्रित नहीं है या जिसमें मिलाई गई चीनी या अन्य मधुरण द्रव्य नहीं है, अल्ट्रा उच्च तापक्रम दूध ( यू.एच.टी) को छोड़कर

0403

26.

दही, लस्सी, छाछ

27.

0406 चना या पनीर जो इकाई आधान में रखा हुआ है, से भिन्न और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है

28.

0407 पक्षियों के अंडे , ताजे, कवच युक्त, परिरक्षित या पकाए हुए

0409

29.

प्राकृतिक मधु, जो इकाई आधान में रखा हुआ हैं, से भिन्न है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है

30:

0501 मानव केश , अक्रमिक चाहे धुले या अभिमार्जित या मानव केश के अपशिष्ट 31

0506 सभी माल जैसे हड्डिया और सींगकरोड जो अकर्मित , निर्वसीकृत केवल निर्मित (किंतु आकार में आकर्तित) , अम्लोपचारित या अजिलेटीवीकृत है, इन उत्पादों का चूर्ण और अपशिष्ट

32. 050790 सभी माल जैसे खुर अवचूर्ण सींग अवचूर्ण खुरं अवचूर्ण नख और चोंच ऐंटलर्स इत्यादि

0511

33.

शुक्र जिसमें शीतित शुक्र हैं

34.

6 जीवित वृक्ष और अन्य पौधे शल्यकंध और जड़े और वैसी ही चीजें ; कर्तित पुष्प और अलंकृत प्रण समूह

35.

0701 आलू ताजे या द्रुतशीतित

36.

0702 टमाटर ताजे या द्रुतशीतित .

37.

0703 प्याज , शैलक, लहसुन , लीक और अन्य लहसुनी वनस्पतियां ताजी या द्रुतशीतित 38.

0704 बंदगोभी, फूलगोभी, कोहोलर्वी केल और उसी प्रकार के खाद्य ब्रेसिका, ताजे या द्रुतशीतित

39.

0705 लेट्यूस (लैक्टूकासैटाइवा) और कासनी (साइकोरियम सभी जातियां) , ताजे या 1262(139)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

द्रुतशीतित

40.

0706 गाजर शल्जम सलाद चुकंदर सैलेरिएक मूली और वैसी ही खाद्य जड़े ताजी या द्रुतशीतित

41.

0707 खीरा आदि या घेरेकिन ताजे या द्रुतशीतित

42.

0708 कवच युक्त या कवच रहित फलीदार वनस्पतियां ताजी या द्रुतशीतित 43.

0709 अन्य वनस्पतियां ताजी या द्रुतशीतित

44.

0712 शुष्कित वनस्पतियां जो साबुत , कर्तित, कतरी गई, टूटी या चूर्णित है किंतु और निर्मित नहीं है

45.

0713 शुष्कित फलीदार वनस्पति, कवचयुक्त, चाहे त्वचारहित या विपाटित हैं या नहीं 0714

46.

मेनिओक, अरारूट , संलेप, जेरुसलम पाथीचक, शकरकंद और वैसी ही जड़ें और कंद, जिनमें स्टार्च और इनूलिन की मात्रा अधिक है ताजी या द्रुतशीतित, साबूदाने का पिथ

0801

47.

नारियल ताजा या शुष्क चाहे कवचयुक्तं या छिलकारहित है या नहीं 48.

ब्राजील नट ताजा या शुष्क चाहे कवचयुक्त या छिलकारहित है या नहीं 0801

49.

0802 अन्य नट, अन्य नट ताजे जैसे बादाम हजैल नटस या फिलबर्ट (कारिलस सभी जातियां) अखरोट, चैस्टनट (कैस्टोनिया सभी जातियां) पिस्ता, मैकाडेमिया नट्स, कोला नट्स (कोला सभी जातियां) अरेका नट्स, चाहे कवच युक्त हो या छिलकारहित

50 .

केले जिसके अंतर्गत कदली भी है ताजे या शुष्कित

0803

51.

0804 छुहार , अंजीर , अनानास , एवोकेडोज , अमरूद , आम और मैंगोस्टीन ताजे 52.

0805 नींबू फल जैसे नारंगिया मैंडारिन (जिसके अंतर्गत टेन्जेरीन और संटसुमस है) क्लेमेन्टाइन , बिलकिंग और अन्य वैसे ही निंबुकल , अंगूर जिसमें पोमीलोस नींबू फल साइट्रस लिमोजम और लाइम (साइकस औरंटीफोलिया , साइट्रस लांटीफोलिया) ताजा

0806

53.

अंगूर , शुष्कित, और किशमिश

54.

0807 खरबूजों ( तरबूज सहित) और पापास (ताजे)

55.

0808 सेब, नाशपाती और क्वींस ; ताजे

56.

0809 खुबानी, चेरी , आडू ( जिसके अंतर्गत शफतालू है) आलू बुखारा और स्लो, ताजे मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(140)

$7.

0810 अन्य फल ताजे जैसे स्ट्राबेरी , रसभरी , ब्लैकबेरी शहतूत और लोगनबेरी , काली सफेद लाल किशमिश तथा गूजबेरी , करोंदा, बिलबेरी , वैक्सीनियम वंश के अन्य फल, कीवी फल , डयूटिमंस , तेइफल , अनार, इमली ताजा । सपोटा (चीकू) शरीफा (अटा) बोर लाची ताजे

58 .

0814 नींबू फल या खरबूजे (तरबूजे सहित) के छिलके ; ताजे

59.

9

बीजगुण का सभी माल

0901

60.

काफी, बीज अभर्जित

0902

61.

[चाय के अप्रसंस्कृत हरे पत्तों की चाया

0909

62.

सौंफ, बेडियन, बड़ी सौंफ, धनिया, सफेद जीरा या काला जीरा के बीज ; जूनिपर बेरी [बीज क्वालिटी के]

63. 0910 11 10 ताजी अदरक प्रसंस्कृत रूप से भिन्न

64. 09103010 ताजी हल्दी प्रसंस्कृत रूप से भिन्न

1001

65.

गेहूं और मेसलिन, जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है से भिन्न

66.

1002 राई, जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है से भिन्न

1003

67.

जौ, जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है से भिन्न

1004

68.

जई, [जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है से भिन्ना

69.

1005 मक्का (कार्न) , (जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है, से भिन्ना

70.

1006 चावल , जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है , से भिन्ना

71 .

1007 ज्वारादि का दाना, जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई : रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है

72.

1008 कुटू, मिलेट और कैनेरी बीज ; अन्य धान्य, जैसे ज्वार , बाजरा , रागी , [जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है , से भिन्ना 73.

1101 गेहूं या मेसलिन आटा, (जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है, से भिन्ना

74.

1102 गेहूं या मेसलिन आटा से भिन्न धान्य आटा, उदाहरणार्थ मक्का (कार्न) आटा, 1262(141)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

राई आटा, आदि, जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है, से भिन्ना

1103

75.

धान्य दलिया , अवचूर्ण और गुटिका, जिसके अंतर्गत सूजी और दलिया है, [जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है, से 1104

76.

धान्य दाना तुष निकाले गए

77.

1105 आलू का आटा, [जो इकाई आधान में रखा हुआ है और जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है, से भिन्ना

1106

78.

शीर्ष संख्या 713 के शुष्कित फलीदार वनस्पतियों (दालों) का [ 1106 10 10 के ग्वार आटे और 1106 10 90 के ग्वार गम परिष्कृत स्पलिट से भिन्ना और शीर्ष 07:14 के साबुदाने का या जड़ों या कंदों का अथवा अध्याय 8 के उत्पादों जैसे टमारिंड , सिंघाड़ा, आमचूर आदि का आटा, जिसे इकाई आघानों में रखा गया है , जिसका कोई रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम है, से भिन्न ] 12

79.

बीज क्वालिटी का सभी माल

1201

80.

बीज क्वालिटी की सोयाबीन, चाहे टूटी हुई है या नहीं

1202

81.

मुंगफली , जो भर्जित या अन्यथा पकाई गई है चाहे कवचरहित या टूटी हुई या नहीं

1204

82.

अलसी, चाहे टूटी हुई है या नहीं, बीज क्वालिटी की

1205

83.

तोरिया या कोलजा बीज, चाहे टूटे हुए है या नहीं, बीज क्वालिटी की 1206.

84.

बीज क्वालिटी की सूर्यमुखी के बीज, चाहे टूटे हुए हैं या नहीं

1207.

85.

अन्य तिलहन और तेलोत्पादक फल (उदाहरणार्थ ताड़फल और गिरी, बिनोले, एरंड तेल बीज, तिल बीज, सरसों के बीज , कुसंभम (कार्थामस टिकटोरियस) बीज, खरबूजे के बीज , खसखस बीज, एजामस बीस, आम गुठली, नाइजेर बीज , कोकम) , चाहे टूटे हुए हैं या नहीं

86.

1209 इस प्रकार के बीज फल और बीजाणु जो बोने के लिए उपयोग में लाए जाते हैं ।

1210

87 .

हाप कोन ताजे

1211

88.

इस प्रकार के पौधे और पौधों के भाग (जिसके अंतर्गत बीज और फल हैं) , जिनका उपयोग प्रथमतः सुगंध सामग्री में, या फार्मेसी में या कीटनाशी, फफूंदी नाशी या वैसे ही प्रयोजनों के लिए किया जाता है, हिमशीतित या शुष्कित 1212

89.

लोकस्ट फलियां , समुद्री शैवाल और अन्य शैवाल , चुकन्दर और गन्ना, ताजे या मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 142)

द्रुतशीतित

900 .

1213 धान्य पुआल और भूरी अनिर्मित चाहे काटी हुई दलित ; दावित या गुटिका के रूप में है या नहीं

91 .

1214 स्वीडन का शलजम मेगोल्ड, चार की जड़ें, सूखी खास रिजका (अल्फाफा) क्लोबर सेनफोइन , हरा चारा काले ल्यूपिन वैचिज और वैसे ही हरा चारा उत्पाद चाहे वह गुटिका के रूप में है या नहीं ।

1301

92.

लाख या शल्क लाख

1404 90 40

93 .

बीड़ी आवेष्टक प‌त्तियां (तेंदू)

94.

गन्ना, गुड़ और पामीरा गुड़ सहित सभी प्रकार के गुड़ और पामीरा चीनी 1701 या 1702

95.

1904 धान्य सामान्यतः मुदी के रूप में जाने वाला फ्लेटेंड या चूड़ा धावन जो सामान्यतः चूरा के रूप में जमा जाता है । पार्चड चावल सामान्यतः खोई के रूप में जाने वाला , पार्चड धान या चीनी या गुड़ लेपित चावल सामान्यतः मुरकी के रूप में जाने वाला ।

96.

पापड़

1905

97.

1905 रोटी (ब्रांडेड या अन्यथा) पिज्जा ब्रेड को छोड़कर

98.

2201 जल एइरोरेटड खनिज , शुद्ध , वातित, चिकित्सीय आयनिक बेटरी, डी मिनरलाईज्ड और सीलबंद आधान में बेचे जाने वाला जला

99.

2201 नान एल्कोहलिक टोड्डी, नीरा जिसमें डेट और पाम नीरा है.

100. 22029090 टेंडर नारियल जल जो यूनिट आधान में रखा से भिन्न है और रजिस्ट्रीकृत ब्रांड नाम रखता है.

101. 2302, 2304,

2305, 2306,

जलीय धारा जिसमें झींगा चारा और प्रान चारा , मुर्गी चारा और पशु चारा जिसमें घास है और स्ट्रा, दाल के एंड चुक सप्लीमेंट , सांद्र और एडीटिप, गेंहू ब्रान और बिना तेल का केक

2308, 2309

102.

लवण सभी प्रकार

2501

103

2835

डायलिसिअम फॉस्फेट (डीसीपी) का प्राइज फीड ग्रेड है जो आईएस स्पेसिफिकेशन नं .54770: 2002

3002

104

मानव रक्त और उसके घटक

3006

105

सभी प्रकार के गर्भनिरोधक

3101

106

सभी माल और कार्बनिक खाद [ इकाई कंटेनरों में लगाए जाने के अलावा और एक पंजीकृत ब्रांड नाम देना। 1262( 143)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

3304

107

काजल काजल पेन्सिल स्टिक्स के अलावा) , कुमकुम, बिंदी सिंदूर, अलता

3825

108

नगरपालिका अपशिष्ट , सीवेज कीचड़, नैदानिक अपशिष्ट

3926

109

प्लास्टिककीचूड़ियाँ

4014

कंडोम और गर्भनिरोधक

110

4401 लकड़ी या ईंधन की लकड़ी

4402

112

लकड़ी का कोयला (शेल या अखरोट का कोयला सहित) , चाहे ढका हुआ हो या नहीं 4802/4907

11.3

न्यायिक, गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर, सरकार द्वारा अधिकृत सरकारी खजाने या विक्रेताओं द्वारा बेचे जाने वाले न्यायालय शुल्क टिकट

114 4817/4907 डाक टिकट, जैसे लिफाफा, पोस्ट कार्ड आदि सरकार द्वारा बेची गई

115

48/4907 रुपया नोट भारतीय रिज़र्व बैंक को बेचा गया है

4907

116

चेक , खुला या पुस्तक के रूप में

4901

117

ब्रेल पुस्तकों सहित मुद्रित पुस्तकें

4902

118

अखबार, पत्रिकाओं और पत्रिकाओं, चाहे वह सचित्र या विज्ञापन सामग्री युक्तहोंया नहीं

4903

119

बच्चों की तस्वीर, किताबें ड्राइंग या रंग

4905

120

नक्शाऔर जल -विज्ञान या सभी तरह के समान चार्ट, जिनमें एटलाज़, दीवार के नक्शे, स्थलाकृतिक योजनाएं और ग्लोब शामिल हैं, मुद्रित

5001

121

रेशमकीट बिछाने, कोकून

5002

122

कच्चे रेशम

5003

123

सिल्कअपशिष्ट

124

5101

ऊन, कार्डड या कॉम्बेड नहीं

5102

125

हल्केया मोटे जानवरों के बाल, कार्डड या कम्बेड नहींहोते हैं

5103

126

ऊन या अपरिवर्तनीय पशु बाल

127

52

गांधीटोपी

:

128

52

खादीयार्न

5303

129

जूट तंतुओं , कच्चे या संसाधित होते हैं लेकिन घूमती नहीं

5305

130

नारियल ,कॉयरफाइबर

131

63

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज

132

6703

मानव बाल, कपड़े पहने हुए, पतले, प्रक्षालित या अन्यथाकाम किया मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(144)

0012.0040 मिट्टीके बर्तन और मिट्टी दीपक

7018

14

कांच की चूड़ियां (बहुमूल्य धातुओं से बनी उनको छोड़कर)

8201

115

हाथ से संचालित या पशु संचालित कृषि करता है, अर्थात हाथों के उपकरण, जैसे हुकुम, फावड़े, मैटैक्स, चुनता है, गैंती, फावड़े और राकियां; कुल्हाड़ियों, बिल हुक और इसी तरह के हीविंग टूल्स; किसी प्रकार के सेकनेटर्स और प्रिंटर; स्किथेस, सिकल, घास का चाकू, हेज कैंची, लकड़ी की पट्टियां और कृषि, बागवानी या वानिकी में प्रयुक्त एक तरह के अन्य उपकरण।.

8445

अंबरचरखा

136

8446

137

हथकरघा [बुनाई मशीनरी]

880260 00

138

अंतरिक्ष यान (उपग्रहों सहित) और उपोर्बिटल और अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण वाहन 8803

शीर्ष 8801 के माल के सामान

139

9021

140

हियरिंग एड्स

92

141

स्वदेशी हस्तनिर्मित संगीत वाद्ययंत्र

9603

142

अंकुर और फुलबहरिजधु से बना मुघता

9609

स्लेट पेंसिल और चाक की छड़ें

143

9610 00 00 स्लेट

144

9803

145

यात्रीसामान

146

पूजा सामग्री,-

किसी भी अध्याय

(1) रुद्राक्ष, रूद्राक्ष माला, तुलसी कनिष्ठ मलाला, पंचगव्य (चूर्ण, देसी घी, दूध और दही कामिश्रण);

( ii ) पवित्र धागा ( आमतौर पर यगयोपवीत के रूप में जाना जाता है) ;

(iii ) लकड़ीके खादौ;

(iv) पंचामृत,

(v) धार्मिक संस्थानों द्वारा बेची गई विभूति,

(Vi ) बिना ब्रांडेड शहद

(vii ) दीयाके लिए बत्ती

(ज) रोली

(1x) कालावा (रक्षा सूत्र)

(x) चन्दन टीका

147

घरेलू और गैर घरेलू छूट वाले श्रेणी (एनडीईसी) ग्राहकों को आपूर्ति के लिए तरलीकृत पेट्रोलियम गैस 1262( 145)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

113

पीडीएस के तहत बेचा गया मिट्टी के तेल

יון

डाक विभाग द्वारा प्रेषित डाक सामान

130

प्राकृतिक या सुसंस्कृत मोती और कीमती या अर्ध कीमती पत्थरों; कीमती धातुओं के साथ कीमती धातुओं और धातु (अध्याय 71)

151

आभूषण, सुनार और चांदी के सामान 'माल और अन्य लेख (अध्याय 71)

152

मुद्रा

153

प्रयोग किया गया व्यक्तिगत और घरेलू प्रभाव

134

कोरल, बिना काम (0508 ) और काम किया कोरल ( 9601 )

10. नये नियम का अंतःस्थापन मूल नियम में, नियम 138 के पश्चात् और नियम 139 के पूर्व निम्नलिखित नियम अन्तःस्थापित किए जाएंगे , अर्थात्:-

" 138क प्रवहण के भारसाधक व्यक्ति द्वारा वहन किए जाने वाले दस्तावेज और युक्तियां - (1 ) प्रवहन का भारसाधक व्यक्ति निम्नलिखित वहन करेगा -

(क) यथास्थिति, बीजक या प्रदाय का बिल या परिदान चालान ; और

(ख) रेडियो आवृत्ति पहचान युक्ति, जो प्रवहण पर ऐसी रीति में, जो आयुक्त द्वारा अधिसूचित की जाए , जड़ीं हुई है , की या तो वास्तिवक रूप से या प्रतिचित्रित ई-वे बिल या ई-वे बिल संख्या की प्रति ।

(2) कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति प्ररूप जीएसटी आईएनवी-1 में उसके द्वारा जारी किए गए कर बीजक को उक्त पोर्टल पर अपलोड करके सामान्य पोर्टल से बीजक निर्देश संख्या अभिप्राप्त कर सकेगा और उसे कर बीजक के बदले में उचित अधिकारी द्वारा सत्यापन के लिए प्रस्तुत कर सकेगा तथा ऐसी संख्या अपलोड करने की तारीख से तीस दिन की अवधि के लिए विधिमान्य होगा ।

(3) जहां रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति उपनियम (2 ) के अधीन बीजक अपलोड करता है, वहां प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग 'क' में सूचना प्ररूप जीएसटी आईएनवी-1 में दी गई सूचना के आधार पर सामान्य पोर्टल द्वारा संकलित की जाएगी ।

(4) आयुक्त, अधिसूचना द्वारा परिवाहकों के वर्ग से विशिष्ट रेडियो आवृत्ति पहचान युक्ति की अपेक्षा कर सकेगा और प्रवहण पर युक्त उक्त जड़वा सकेगा तथा माल के संचलन से पूर्व परिवहन पर रेडियो आवृत्ति पहचान युक्ति ई-वे बिल का प्रतिचित्रण कर सकेगा ।

(5) उपनियम ( 1 ) के खंड ( ख) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां परिस्थितियों में ऐसी अपेक्षा की जाती है, वहां आयुक्त, अधिसूचना द्वारा , प्रवहण भारसाधक से ई-वे बिल के बजाय , निम्नलिखित दस्तावेजों को वहन करने की अपेक्षा कर सकेगा - मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(146)

(क ) कर बीजक या प्रदाय का बिल या प्रवेश पत्र ; या

(ख ) जहां माल प्रदाय के माध्यम से भिन्न कारणों के लिए परिवहन किया जाता है, वहां परिदान খালান ।

" 130 ख दस्तावेजों और प्रवहणों का सत्यापन -

( 1 ) आयुक्त या इस निमित्त या उसके द्वारा सशक्त अधिकारी सभी अन्तर्राज्यीय और राज्य के भीतर माल के संचलन के लिए वास्तविक रूप में ई-वे बिल या ई-वे बिल संख्या का सत्यापन करने के लिए किसी प्रवहण को बीच में रोकने के लिए समुचित अधिकारी को प्राधिकृत कर सकेगा ।

(2) आयुक्त, उन स्थानों पर, जहां माल के संचलन का सत्यापन किया जाना अपेक्षित है, रेडियो आवर्ती पहचान प्रवाचक संस्थापित कराएगा और ज्ञानों के संचलन का सत्यापन ऐसे युक्ति प्रवाचकों के माध्यम से वहां किया जाएगा , जहां ई- वे बिल उक्त युक्ति के साथ प्रतिचित्रित किया गया है ।

(3) प्रवहणों का वास्तविक सत्यापन आयुक्त द्वारा यथा प्राधिकृत उचित अधिकारी या इस निमित्त उसके द्वारा सशक्त अधिकारी द्वारा किया जाएगा :

परंतु कर अपवंचन पर विनिर्दिष्ट सूचना के प्राप्त हो जाने पर, विनिर्दिष्ट प्रवहण का वास्तविक सत्यापन आयुक्त या इस निमित्त उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी का आवश्यक अनुमोदन अभिप्राप्त करने के पश्चात् किसी अधिकारी द्वारा भी किया जा सकता है । "138ग माल का निरीक्षण और सत्यापन -

(1) अभिवहण में माल के प्रत्येक निरीक्षण की सारांश रिपोर्ट निरीक्षण के चौबीस घंटे के भीतर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-03 के भाग 'क' में उचित अधिकारी द्वारा ऑनलाइन अभिलिखित की जाएगी और प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-03 के भाग 'ख' में अन्तिम रिपोर्ट ऐसे निरीक्षण के तीन दिन के भीतर अभिलिखित की जाएगी ।

(2) जहां किसी प्रवहण पर परिवहन किए जा रहे माल का वास्तविक सत्यापन राज्य के भीतर या किसी अन्य राज्य में एक स्थान पर अभिवहण के दौरान किया गया है, वहां उक्त प्रवहण का. और वास्तविक सत्यापन उस राज्य में तब तक दोबार नहीं किया जाएगा, जब तक कर अपवंचन से सम्बन्धित विनिर्दिष्ट जानकारी तत्पश्चात् उपलब्ध नहीं करा दी जाती हैं ।

" 138 घ यान को निरूद्ध किए जाने के बारे में सूचना को अपलोड करने की सुविधा-

जहां कोई यान तीस मिनट से अधिक अवधि के लिए बीच में ही रोक लिया गया है या निरूद्ध कर दिया गया है , वहां परिवाहक सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-04 में उक्त सूचना अपलोड कर सकेगा । ;

1262(147)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

11. प्ररूप जीएसटी ईएनआर-01 का प्रतिस्थापनः प्ररूप के मूल नियमों में,-1 जुलाई ,2017 से- "प्ररूप जीएसटी ईएनआर-01 " के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा और रखा हुआ समझा जाएगा,अर्थात्: -

"प्ररूप जीएसटी ईएनआर -01

(नियम 58(1 ) देखें)

धारा 35( 2) के अधीन अभ्यावेषण के लिए आवेदन

[केवल अरजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के लिए।

1. राज्य का नाम

2. (क) विधिक नाम

(ख) व्यवसाय का नाम, यदि कोई हो

(ग) स्थायी लेखा संख्यांक

(घ) आधार (केवल स्वत्वधारी समुत्थानों के मामले में लागू

3. अभ्यावेशन का प्रकार

(ii )गोदाम

(i ) भांडागार या डिपो

(iv ) शीतागार

(iii) परिवहन सेवाएं

4. कारबार का गठन (कृपया सही का चयन करें)

(ii ) भागीदारी

(i ) स्वत्वधारी या हिन्दु अविभक्त कुटुम्ब

(iii) कम्पनी

(iv) अन्य

5. कारबार के प्रधान स्थान की विशिष्टियां

(क) पता

मकान सं . या फ्लैट सं.

तल सं.

परिसर या भवन का नाम

मार्ग या गली

ताल्लुक या ब्लॉक

शहर या नगर या मोहल्ला या ग्राम

जिला

राज्य

पिनकोड

देशांतर

अक्षांश

(ख) सम्पर्क सूचना (ई- मेल पता और मोबाइल नं . के अधिप्रमाणन के प्रयोग किए जाएंगे) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(148)

एसटीडी

टेलीफोन

ईमेल पता

फैक्स एसटीडी

मोबाइल सं .

(ग) परिसरों का प्रकृति

सहमति सहभाज्य

पट्टाकृत

अन्य(विनिर्दिष्ट करें)

किराए पर लिया गया

स्वामित्वाधी न

कारबार के अतिरिक्त स्थान के ब्यौरे - कारबार के अतिरिक्त स्थान ( स्थानों ) , यदि कोई हों , का उल्लेख करें [वैसी ही जानकारी भरें , जैसी कि वह मद 5[क] , [ख] और [ग] में है 7. सहमति

मैं, प्ररूप में दिए गए आधार संख्या के आधार पर पूर्व में भरे गए आधार संख्या के धारक की ओर से अधिप्रमाणन के प्रयोजन के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से अपने ब्यौरे अभिप्राप्त करने के लिए "माल और सेवा कर नेटवर्क के लिए सहमति देता हूं । "माल और सेवा कर नेटवर्क" ने मुझे सूचित किया है कि पहचान सम्बन्धी सूचना का प्रयोग केवल आधार धारक की पहचान को विधिमान्य करने के लिए किया जाएगा और अधिप्रमाणन के प्रयोजन के लिए ही उसे केन्द्रीय पहचान आंकड़ा संग्रह के साथ साझा किया जाएगा ।

8. अपलोड के लिए दस्तावेजों की सूची

(पहचान और पते का सबूत)

9. सत्यापन

मैं, सत्यानिष्ठा से प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरी सर्वोत्तम जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है तथा इसमें से कुछ नहीं छिपाया गया है ।

हस्ताक्षर

स्थानः

तारीख:

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम कार्यालय उपयोग के लिए :

तारीख-

अभ्यावेशन सं.

1262(149)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

12- । जुलाई , 2017 से " प्ररूप जीएसटी आरएफडी -01 " के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा और रखा हुआ समझा जाएगा , अर्थात्: -

प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01

(नियम 89( 1 ) देखें)

प्रतिदाय के लिए आवेदन

(आकस्मिक/अनिवासी , कराधेय व्यक्ति, कर कटौतीकर्ता , कर संग्रहकर्ता, अरजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या अन्य अरजिस्ट्रीकृत कराधेय व्यक्ति के लिए लागू

1 जीएसटीआईएन/अ स्थायी आईडी:

2 विधिक नामः

3 व्यवसाय का नाम , यदि कोई होः

4

पता:

5

<वर्ष><मास> से <वर्ष><मास तक

कर की अवधिः (यदि लागू हो)

6

अधिनियम

ब्याज शास्ति अन्य

क र

दावाकृत की रकमः प्रतिदायी

फी स

कु ल

केन्द्रीय कर

राज्य/संघराज्य क्षेत्र कर:

एकीकृत कर

उपकर

कुल

7

(क) इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में अतिरिक्त अतिशेष

(ख ) सेवाओं का निर्यात कर के संदाय सहित ;

प्रतिदाय दावे का आधार (ड्रॉप डाउन से चयन करें )::

(ग ) माल /सेवाओं का निर्यात संचित आईटीसी ; कर के संदाय के बिना , अर्थात् ( घ) आदेश के कारण

क्र.सं. आदेश का प्रकार

आदेश की तारीख

आदेश सं०

प्राधिकार जारी करने वाला आदेश

संदाय निर्देश संख्या, यदि कोईहो मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(150)

निर्धारण

(i)

(ii) अनंतिम निर्धारण

अपील

(iii)

(iv) कोई अन्य आदेश (विनिर्दिष्ट करें )

(ड) धारा 54 ( 3 ) के परंतुक के खंड ) ii (की प्रतिलोमित कर संरचना के कारण संचित आईटीसी

(च) विशेष आर्थिक जोन यूनिट /विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता (कर के संदाय सहित) को किए गए प्रदायों के मद्दे

(छ) विशेष आर्थिक जोन यूनिट/ विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता (कर के संदाय के बिना) को किए गए प्रदायों के मद्दे

मानित निर्यात का प्राप्तिकर्ता

(ज)

(झ) ऐसे प्रदाय पर , जिसका या तो पूर्णतया या भागतया उपबंध नहीं किया गया है संदत्त कर और जिसके लिए बीजक जारी नहीं किया गया है ( अग्रिम संदाय पर संदत्त कर)

(ञ) राज्य के भीतरं प्रदाय , जो तत्पश्चात् अन्तर्राज्यिक प्रदाय याः विपर्ययेन ( पीओएस का परिवर्तन) समझा गया है ,पर संदत्त कर

(ट) कर , यदि कोई हो , का अतिरिक्त संदाय

कोई अन्य ( विनिर्दिष्ट करें)

(ठ)

8 बैंक खाते के ब्यौरे

आईएफएससी

बैंक नाम

का शाखा का

पता

खाते प्रकार

का खाता संख्या 9

नहीं

हां

क्या स्वघोषणा , धारा 54( 4 ) के अधीन आवेदक द्वारा फाइल की गई है ,. यदि लागू हो , 1262( 151 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

घोषणा [धारा 54 ( 3 ) का दूसरा परंतुक

मैं घोषणा करता हूं कि निर्यातित माल किसी निर्यात शुल्क के अध्यधीन नहीं है । मैं यह भी घोषणा करता हूं कि मैंने माल या सेवाओं या दोनों पर किसी वापसी का लाभ नहीं लिया है और मैंने उन प्रदायों , जिनके सम्बन्ध में प्रतिदाय का दावा किया जाता है , पर संदत्त एकीकृत कर के प्रतिदाय का दावा नहीं किया है ।

हस्ताक्षर

नाम-

पदनाम / प्रास्थिति

घोषणा (धारा 54( 3 ) ( ii ) ]

मैं घोषणा करता हूं कि आवेदन में दावा किए गए इनपुट कर प्रत्यय के प्रतिदाय में शून्य दर निर्धारण करने के लिए या प्रदायों को पूर्णतया छूट प्रदान करने के लिए उपयोग किए गए माल या सेवाओं पर लिया गया निवेश कर प्रत्यय सम्मिलित नहीं है ।

हस्ताक्षर

नाम-

पदनाम या प्रास्थिति

घोषणा नियम 89(2) (च) ]

मैं घोषणा करता हूं कि विशेष आर्थिक जोन यूनिट/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता ने इस प्रतिदाय दावे के अन्तर्गत आने वाले , आवेदक द्वारा संदत्त कर के इनपुट कर प्रत्यय का लाभ नहीं लिया है ।

हस्ताक्षर

नाम -

पदनाम या प्रास्थिति मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(152)

घोषणा नियम 89 (2 ) (छ) ]

(मानित निर्यात की प्राप्तिकर्ताओं के लिए )

मैं घोषणा करता हूं कि प्रतिदाय का केवल उन बीजकों के लिए दावा किया गया है , जिन्हें उस कर के लिए , जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है , प्ररूप जीएसटीआर-2 में फाइल किए गए आवक प्रदायों के विवरण में रिपोर्ट किया गया है और रकम उक्त कर अवधि के लिए फाइल की गई वैध विवरणी में लिए गए इनपुट कर प्रत्यय की रकम से अधिक नहीं है ।

हस्ताक्षर

नाम-

पदनाम या प्रास्थिति

स्व-घोषणा नियम 89( 2) (ठ) 1

मैं/हम

आईडी. प्रतिदाय

(आंवेदक) जिनका जीएसटीआईएन /स्थायी .है , सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान और प्रमाणित करते हैं कि आवेदन में.... .से . .तक अवधि के लिए कर ब्याज या किसी अन्य रकम के सम्बन्ध में.. ब्याज का भार किसी अन्य .रुपये के प्रतिदाय के सम्बन्ध में ऐसे कर और व्यक्ति को संक्रांत नहीं किया गया है ।

(यह घोषणा' ऐसे आवेदकों द्वारा प्रस्तुत नहीं की जानी अपेक्षित है जो धारा 54 की उपधारा ( 8 ) के खंड ( क) या खंड ( ख ) या खंड ( ग ) या खंड ( घ ) या खंड ( च) के अधीन प्रतिदाय का दावा कर रहे हैं। )

10. सत्यापन:..

मैं/ हम करदाता का नाम सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान और घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे / हमारे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है और इसमें से कोई बात नहीं छिपाई गई है ।

हम घोषणा करते हैं कि इस मद्दे कोई प्रतिदाय पूर्व में हमारे द्वारा प्राप्त नहीं किया गया है ।

स्थान

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का नाम

तारीख

(नाम)

पदनाम/प्रास्थिति 1262( 153)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

विवरण-1 [नियम 89( 5 ) ]

प्रतिनाग का प्रकारः प्रतिलोमित कर संरचना के कारण संचित आईटीसी

(रुपए में)

शुद्ध इनपुट कर

प्रत्यय

समायोजित कुल आवर्त

दावा किए जाने वाले अधिकतम प्रतिदाय की रकम

प्रतिलोमित कर निर्धारित माल के प्रदाय का आवर्त

ऐसे प्रतिलोमित कर निर्धारित माल के प्रदाय पर संदेय कर

[(1×4+3)-2]

2.

4

5

1

3

विवरण- 2 [नियम 89( 2) (ग)]

प्रतिदाय का प्रकारः कर के संदाय सहित सेवाओं का निर्यात

(रुपए में) बीजक के ब्यौरे

एकीकृत कर बीआरसी/एफआई आरसी

क्र. सं.

शुद्ध एकीकृत कर

रकम सं.

सं. तारीख मूल्य

तारीख

नामे नोट में अन्तर्वलित एकीकृत कर, यदि कोई हो

जमा पत्र में अन्तर्वलित कीकृत कर, यदि कोई हो

कराधेय मूल्य

(6+9- 10) 1

2

4

6

7

9

10-

11 3

5

8

विवरण- 3 [नियम 89 (2 ) (ख) और 89( 2) (ग) ]

प्रतिदाय का प्रकारः

कर संचित आईटीसी के संदाय के बिना निर्यात

(रुपए में) बीजक के ब्यौरे

क्र . सं .

बिल परिवहन पत्र/ निर्यात का ईजीएम के ब्यौरे

माल/ सेवाएं पोत

(जी/एस)

बीआरसी / एफ आईआरसी सं. तारीख

तारीख

तारीख सं . तारीख

पत्तन कोड सं .

मूल्य

निर्देश सं.

6

1

2

4

3

5

7

8

9

10 11 12 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(154)

विवरण- उक [नियम 89(4) ]

प्रतिचाग का प्रकारः कर ( संचित आईटीसी ) के संदाय के बिना निर्यात प्रतिदाय रकम की संगणना

(रुपए में)

प्रतिदाय रकम

समायोजित कुल

आवर्त

शुद्ध इनपुट कर प्रत्यय

(1×2+3)

माल और सेवाओं के शून्य निर्धारित प्रदाय का आवर्त

4

3

1

2-

विवरण- 4 [नियम 89( 2) (घ) और 89(2 ) (ङ) ]

विशेष आर्थिक जोन या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को प्रदाय

प्रतिदाय का प्रकारः

विशेष आर्थिक जोन यूनिट/ विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता ( कर के संदाय पर ) को किए गए प्रदायों के मद्दे

(रुपए में) बीजक ब्यौरे

एकीकृत कर

प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन

शुद्ध एकीकृत कर

(8+9- 10)

पोत परिवहन पत्र/निर्यात बिल/विशेष आर्थिक जोन द्वारा पृष्ठांकित बीजक

नामे नोट में अन्तर्वलित एकीकृत कर, यदि कोई हो

जमा पत्र में अन्तर्वलित एकीकृत कर, यदि कोई हो

रकम

सं . तारीख मूल्य सं . तारीख कराधेय मूल्य

1

4

7

9.

2

3

5

6

8

10

11 1262( 155)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

विवरण 5

[नियम 89 (2 ) (घ) और 89(2 ) (ङ) ]

विशेष आर्थिक जोन यूनिट/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता (कर के संदाय के बिना ) को किए गए

प्रदायों के मद्दे

(रुपए में) बीजक के ब्यौरे

क्र.सं.

माल/सेवाएं (जी/एस)

पोत परिवहन पत्र/ निर्यात बिल/ विशेष आर्थिक जोन द्वारा पृष्ठांकित बीजक.

तारीख

सं.

तारीख

सं.

मूल्य

7

6

5

3

4

2

1

विवरण-5A [नियम 89 (4) ]

प्रतिदाय का प्रकारः विशेष आर्थिक जोन यूनिट/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को कर के संदाय के बिना ( संचित आईटीसी ) को किए गए प्रदायों के मद्दे- प्रतिदाय रकम की संगणना

(रुपए में)

समायोजित कुल

आवर्त

शुद्ध इनपुट कर प्रत्यय

प्रतिदाय रकम (1×2+3)

माल और सेवाओं के शून्य निर्धारित प्रदाय का आवर्त

4

3

2

1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(156)

विवरण-6 ( नियम 89 ( 2) (অ)]

प्रतिदाय का प्रकारः प्रदायों ( अन्तर्राज्ययी से राज्य के भीतर और विपर्ययेन ) के पीओएस में परिवर्तन के मद्दे

आदेश के ब्यौरे ( धारा 77 ( 1 ) और ( 2 ) के अनुसरण में जारी ) , यदि कोई होः आदेश की संख्याः पूर्वतर राज्य के भीतर / अन्तर्राज्यीय संव्यवहार के रूप में समझे गए संव्यवहार के अन्तर्गत आने वाले बीजकों के ब्यौरे

बीजक के ब्यौरे एकीकृत कर

केन्द्रीय कर स.

आदेश की तारीखः

(रुपएमें)

वह संव्यवहार , जो तत्पश्चात् अन्तर्राज्यीय/ राज्य के भीतर प्रदाय समझे गए थे

उपक प्रदाय एकीकृत कर

केन्द्रीय कर

र का स्थान

उपकर प्रदाय का स्थान राज्य कर/संघरा ज्य क्षेत्र कर

जीएसटीआईएन -यूआईएन नाम (यदि बी2 सी है)

तारीख मूल्य कराधेय मूल्य

1

23 4

5

6

7

राज्य कर /संघरा क्षेत्र कर

8

9 10 11

12

13

14 15

विवरण 71नियम 89( 2 ) (C) ] [

प्रदाय के प्रकार :

फाइल की गई अन्तिम विवरणी के मामले में कर का अतिरिक्त संदाय , यदि कोई हो

कर की अवधि

विवरणी का एआरएन

विवरणी फाइल करने की तारीख

1

2

3 (रुपए में)

कराधेय मूल्य

एकीकृत

उपकर

कर कर केन्द्रीय राज्य/संघराज्य क्षेत्र कर

4

5

6

7 1262( 157)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

उपाबंध-2

प्रमाणपत्र नियम 89 ( 2) (ड) ]

प्रमाणित किया जाता है कि का नाम ) जीएसटीआईएन/स्थायी आईडी . कर अवधि के लिए ... मैसर्स (आवेदक .द्वारा दावा किए गए < > के प्रतिदाय की बाबत कर और ब्याज का भार किसी अन्य व्यक्ति को संक्रांत नहीं किया गया है । यह प्रमाणपत्र आवेदक द्वारा रखे गए प्रस्तुत लेखा बहियों और अन्य सुसंगत अभिलेखों तथा विवरणियों की विशिष्टियों की परीक्षा पर आधारित है ।

चार्टर्ड एकांउन्टेंट /लागत लेखापाल के हस्ताक्षर

नामः

सदस्यता संख्या:

स्थानः

तारीखः

यह प्रमाणपत्र अधिनियम की धारा 54 की उप- धारा ( 8 ) के खंड ( क ) या खंड ( ख ) या खंड (ग ) या खंड (घ ) या. खंड (च ) के अधीन प्रतिदाय का दावा करने वाले आवेदक द्वारा प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित नहीं है ।

अनुदेश-

1. प्रयुक्त शब्दः

(क) बी सेसीः

रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से अरजिस्ट्रीकृत व्यक्ति को

(ख) ईजीएमः

निर्यात सामान्य माल सूची

(ग) जीएसटीआईएनः माल और सेवा कर पहचान संख्या

माल और सेवा कर

(घ) आईजीएसटीः एकीकृत

(ङ) आईटीसीः

इनपुट कर प्रत्यय

(च) पीओएसः

प्रदाय का स्थान (सम्बन्धित राज्य)

(छ) एसईजेड:

विशेष आर्थिक जोन

(ज) अस्थायी आईडी:

अस्थायी पहचान संख्या

विशिष्ट पहचान संख्या

(झ) यूआईएनः

2. इलेक्ट्रॉनिक नकद खाते में उपलब्ध अतिरिक्त रकम के प्रतिदाय का विवरणी के माध्यम से या आवेदन फाइल करके दावा किया जा सकता है ।

3. नामे प्रविष्टि आवेदन फाइल करने के समय इलेक्ट्रॉनिक जमा या नकद खाते में की जाएगी । 4. प्ररूप जीएसटी आरएफडी-02 में अभिस्वीकृति जारी की जाएगी , यदि आवेदन सभी बाबत पूर्ण पाया जाता है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 158 )

5. आईजीएसटी के संदाय सहित माल के निर्यात पर प्रतिदाय के दावे पर इस आवेदन के माध्यम से प्रक्रिया नहीं की जाएगी ।

6. बैंक खाते के ब्यौरे रजिस्ट्रीकरण आंकड़े के अनुसार होने चाहिए । बैंक ब्यौरों में कोई परिवर्तन आवेदन में कोट करने से पूर्व रजिस्ट्रीकरण विशिष्टियों में पहले संशोधित किया जाएगा ।

7. घोषणा मामलों में वहां फाइल की जाएगी , जहां पर ये अपेक्षित हो ।

8. 'शुद्ध निवेश कर प्रत्यय' से विवरण 1 के प्रयोजन के लिए सुसंगत अवधि के दौरान इनपुट पर किए गए इनपुट कर प्रत्यय अभिप्रेत है और इसमें विवरण उक और 5क के प्रयोजन के लिए भी इनपुट सेवाओं पर आईटीसी सम्मिलित होगी ।

9. 'समायोजित कुल आवर्त से सुसंगत अवधि के दौरान शून्य मूल्य निर्धारित माल प्रदायों से भिन्न छूट प्राप्त प्रदायों के मूल्य को अपवर्जित करते हुए धारा 2 के खंड ( 112 ) के अधीन यथा परिभाषित किसी राज्य या किसी संघराज्य क्षेत्र में आवर्त अभिप्रेत है ।

10. विवरण 1 के प्रयोजन के लिए प्रतिदाय दावा जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर -2 में रिपोर्ट किए गए प्रदायों पर आधारित होगा ।

11. बीआरसी या एफआईआरसी ब्यौरे वहां अनिवार्य होंगे , जहां प्रतिदाय का पोत परिवहन पत्र सेवा निर्यात के ब्यौरों के प्रति दावा किया जाता है और ईजीएम माल के निर्यात के मामले में उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य होगा ।

12. जहां बीजक के ब्यौरों में संशोधन किया जाता है ( निर्यात सहित) , वहां प्रतिदाय संशोधित मूल्य के आधार पर संगणना के अनुसार अनुज्ञात किया जाएगा ।

13. कर के संदाय के बिना किए गए निर्यात के ब्यौरे विवरण 3 में रिपोर्ट किए जाएंगे ।

14. कर के संदाय के बिना विशेष आर्थिक जोन यूनिट या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को किए गए प्रदायों के मामले में दावा किए जाने वाले प्रतिदाय की उपलभ्यता को नियम 89 ( 4 ) में विहित फॉर्मूला के अनुसार परिकलित किया जाएगा ।

15. माल और सेवाओं के शून्य मूल्य निर्धारित प्रदाय का आवर्त का वही अर्थ होगा जो उसका नियम 89 ( 4 ) में परिभाषित है ।

13. 1 जुलाई , 2017 से "प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-2 " में, -

(क) क्रम संख्यांक 4 में , "नियुक्ति की तारीख शब्दों के स्थान पर "नियत तारीख" शब्द रखे जाएंगे और रखे हुए समझे जाएंगे ;

(ख) क्रम संख्यांक 5 में, " पर प्रत्यय " शब्दों के स्थान पर "का प्रत्यय" शब्द रखे जाएंगे और रखे हुए समझे जाएंगे । 1262( 159)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

14. " प्ररूप जीएसटी सीपीडी 02 " के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा और रखा हुआ समझा जाएगा , अर्थात्:-

प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01

(नियम 138 देखें)

ई-वे बिल

भाग-क

क.1 प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईन

क्र .2 परिदान का स्थान

क.3 बीजक या चालान संख्या

क.4 बीजक या चालान की तारीख

क.5 माल का मूल्य

एचएसएन कोड

क.6

क.7 परिवहन का कारण

क.8 परिवहन दस्तावेज संख्या

भाग-ख

ख. यान संख्या

टिप्पण

1. क.6 में एचएसएन कोड पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये तक वार्षिक आवर्त रखने वाले कर दाताओं के लिए न्यूनतम दो अंकीय स्तर और पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये से ऊपर का वार्षिक आवर्त रखने वाले करदाताओं के लिए चार अंकीय स्तर पर उपदर्शित किया जाएगा ।

2.. परिवहन दस्तावेज संख्या ,माल रसीद संख्या या रेल रसीद संख्या या वायु मार्ग बिल संख्या या लदान बिल संख्या को उपदर्शित करता है ।

3.. परिदान का स्थान ,परिदान के स्थान का पिन कोड उपदर्शित करेगा ।

4. परिवहन का कारण निम्नलिखित में से एक चुना जाएगा:

कोड वर्णन

1

प्रदाय

2 निर्यात या आयात.

3 छुटपुटकाम

4 एसकेडीया सीकेडी

5 अज्ञात प्राप्तिकर्ता

6 लाइन सेल्स

7 वापसविक्रय मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 160)

8 प्रदर्शनी या मेले

9 अपनेस्वयं उपयोग के लिए

10 अन्य

प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-02 (नियम 138 देखें)

समेकित ई-वे बिल

ई-वे बिल संख्या

ई-वे बिल संख्या

प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-03

(नियम 138ग देखें)

सत्यापन रिपोर्ट

भाग -क

अधिकारी का नाम

निरीक्षण का स्थान

निरीक्षण का समय

यान संख्या

ई-वे बिल संख्या

बीजक या चालान या बिल की तारीख

बीजक या चालान या बिल की संख्या

यान के भारसाधक व्यक्ति का नाम

माल का वर्णन

माल की घोषित मात्रा

माल का घोषित मूल्य 1262(161)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

विसंगति का संक्षिप्त वर्णन

क्या माल निरूद्ध किया गया था ?

:

यदि नहीं, तो यान को छोड़ने की तारीख और समय

भाग-ख

माल की वास्तविक मात्रा

माल का वास्तविक मूल्य

संदेय कर

एकीकृत कर

केन्द्रीय कर

राज्य या संघराज्य क्षेत्र कर

उपकर

संदेय शास्ति

एकीकृत कर

केन्द्रीय कर

राज्य या संघराज्य क्षेत्र कर

उपकर

सूचना के ब्यौरे

तारीख

संख्या

निष्कर्षों का सार मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(162)

प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-04

(नियम 138घ देखें)

अवरोधन की रिपोर्ट

ई- वे बिल संख्या

अवरोधन की समीपवर्ती स्थान

अवरोधन की अवधि

भारसाधक अधिकारी का नाम (यदि ज्ञात हों)

तारीख

समय

प्ररूप जीएसटी आईएनवी-1

(नियम 138क देखें)

बीजक निर्देश संख्या का सृजन

तारीखः

आईआरएनः

प्रदायकर्ता के ब्यौरे जीएसटीआईएन

विधिक नाम

व्यवसाय का नाम, यदि कोई हो

पता

बीजक का क्रम संख्यांक

बीजक की तारीख

प्राप्तिकर्ता के ब्यौरे ( निम्नलिखित

को बिल भेजा गया है)

परेषिती के ब्यौरे (निम्नलिखित को भेजा गया है)

जीएसटीआईएन या यूआईएन ,यदि उपलब्ध हों

नाम

पता

राज्य (नाम और को)

प्रदाय का प्रकार -

बी से बी तक प्रदाय

बी से सी तक प्रदाय 1262( 163 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्रतिवर्ति प्रभार लागू होता है

प्रचालक का

टीसीएस लागू होता है

जीएसटीआईएन

टीडीएस प्राधिकारी का

टीडीएस लागू होता है

जीएसटीआईएन

निर्यात

विशेष आर्थिक जोन को किए गए प्रदाय

मानितनिर्यात

केन्द्रीय कर

उपकर

एकीकृत कर एचएस मात्रा एन

कुल मूल्य

छूट, यदि कोई हो

कराधेय मूल्य

इका ई

क्र. सं.

राज्य या संघराज्य क्षेत्र कर

मालों का वर्णन

मूल्य (प्रति इकाई )

दर रकम दर रकम दर रक दर म

र क म भाड़ा

बीमा

पैकिंग और अग्रेषण प्रभार आदि

कुल

कुल बीजक मूल्य (अंकों में)

कुल बीजक मूल्य (शब्दों में)

हस्ताक्षर हस्ताक्षकर्ता का नाम पदनाम या प्रास्थिति" । :

15. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-57-2017-1-V (100) दिनांक 7 सितम्बर, 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 485 भोपाल दिनांक 7 सितम्बर, 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(164)

क्रमांक एफ ए- 3-57-2017-1-पांच- (28)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक FA- 3-57-2017-1- पाँच (26) दिनांक 7: 10: 3-18 को उन बातों के सिवाय विखंडित करती है जिन्हे ऐसे विखंडन से पूर्व किया गया था या करने का लोप किया किया गया था।

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में, अंग्ग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 8 फरवरी, 2018 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए- 3-57-2017-1-V- (28 ) दिनांक 8 फरवरी, 2018, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 99 भोपाल दिनांक 8 फरवरी, 2018 में प्रकाशित। 1262 ( 165)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-54-2017-1-पांच (86)

1

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017( क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश माल और सेवाकर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्ः-

संशोधन

1. (1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम (संशोधन) नियम, 2017 है ।

(2) अन्यथा उपबंधित के सिवाय , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 5 अगस्त, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवाकर नियम, 2017 में:-

(i ) 22 जुलाई , 2017 से, नियम 24 के उपनियम (4 ) में, "नियत तारीख से तीस दिन की अवधि के भीतर शब्दों के स्थान पर, "30 सितम्बर , 2017 को या उससे पूर्व" अंक और शब्द रखे जाएंगे;

(ii ) नियम 34 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा; अर्थात्ः-

"34. मूल्य के अवधारण के लिए भारतीय रुपए से भिन्न मुद्रा के विनिमय की दर- ( 1 ) कराधेय माल के मूल्य का अवधारण करने के लिए विनिमय की दर अधिनियम की धारा 12 के निबंधनों में ऐसे मालों की पूर्ति के समय की तारीख के लिए सीमाशुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 14 के अधीन बोर्ड द्वारा यथा अधिसूचित विनिमय की लागू दर होगी ।

(2) कराधेय सेवाओं के मूल्य का अवधारण करने के लिए विनिमय की दर अधिनियम की धारा 13 के निबंधनों में ऐसी सेवाओं की पूर्ति के समय की तारीख को साधारणतया स्वीकृत लेखांकन के सिद्धांतों के अनुसार अवधारित लागू विनिमय दर होगी । " ;

(iii) 1 जुलाई, 2017 से नियम 44 के उपनियम (2) और उपनियम (3 ) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा , अर्थात्ः-

"(2) उपनियम ( 1 ) में यथाविनिर्दिष्ट रकम का केन्द्रीय कर, राज्य कर, संघ राज्यक्षेत्र कर और एकीकृत कर के इनपुट कर प्रत्यय के लिए अवधारण पृथकतः किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(166)

(iv) नियम 46 के तीसरे परंतुक के स्थान पर निम्नलिखित परंतुक रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"परंतु यह भी कि माल या सेवाओं के निर्यात की दशा में बीजक पर, यथास्थिति, "निर्यात/एसईजेड इकाई या एसईजेड विकासकर्ता को एकीकृत कर के संदाय पर प्राधिकृत प्रचालनों के लिए पूर्ति" या " निर्यात /एसईजेड इकाई या एसईजेड विकासकर्ता को एकीकृत कर का संदाय किए बिना बंधपत्र या वचनबंध के अधीन प्राधिकृत प्रचालनों के लिए पूर्ति का पृष्ठांकन होगा और खंड ( ड़) में विनिर्दिष्ट ब्यौरों के स्थान पर निम्नलिखित ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे, अर्थात्ः-

(i ) प्राप्तिकर्ता का नाम

(ii ) परिदान का पता ; और

(iii ) गंतव्य देश का नाम ; ";

(v)

1 जुलाई, 2017 से नियम 61 के उपनियम (5) के स्थान पर निम्नलिखित उपनियम रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"(5) जहां धारा 37 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर 1 और धारा 38 के अधीन प्ररूप जीएसटीआर 2 में ब्यौरें प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा का विस्तार किया गया है और ऐसी परिस्थितियां हैं, तो आयुक्त

अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट कर सकेगा कि रिर्टन इलैक्ट्रानिक रूप में प्ररूप जीएसटीआर- 3ख में सामान्य पोर्टल के माध्यम से या तो सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केन्द्र के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा ।

(6) प्ररूप जीएसटीआर- 3 ख कोई रिटर्न प्ररूप जीएसटीआर 2 में ब्यौरें प्रस्तुत करने के सम्यक् तारीख के पश्चात् प्रस्तुत किया जाता है

(क) प्ररूप जीएसटीआर 3 में रिर्टन का भाग -क प्ररूप जीएसटीआर-1 , प्ररूप जीएसटीआर -2 के माध्यम से प्रस्तुत सूचना के और पूर्ववर्ती कर अवधियों के अन्य दायित्वों के आधार पर इलैक्ट्रानिकी रूप से सृजित किया जाएगा तथा उक्त रिर्टन का भाग-ख कर अवधि के संबंध में प्रस्तुत प्ररूप जीएसटीआर- 3ख के आधार पर इलैक्ट्रानिकी रूप से सृजित किया जाएगा ;

(ख) रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति प्ररूप जीएसटीआर उख में रिर्टन और प्ररूप जीएसटीआर- 3 में रिर्टन के बीच विसंगतियों, यदि कोई हों, के 1262(167)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

आधार पर प्ररूप जीएसटीआर 3 में रिर्टन भाग-ख को उपांतरित करेगा और अपने कर दायित्वों, यदि कोई हों, का निर्वहन करेगा ;

(ग) जहां प्ररूप जीएसटीआर -3 में प्रत्यय की रकम प्ररूप जीएसटीआर - 3ख के निबंधनों में इनपुट कर प्रत्यय की रकम से अधिक हो जाती है तो अतिरिक्त रकम का रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति की इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बही में प्रत्यय किया जाएगा । ";

(vi) 1 जुलाई , 2017 से नियम 89 के उपनियम (4) के खंड (इ) में, "उपधारा" शब्द के स्थान पर, "खंड" शब्द रखा जाएगा;

(vii ) 1 जुलाई , 2017 से प्ररूप जीएसटी टीआरएएन 1 में क्रम सं. 7 में, सारणी (क) में स्तंभ (2) के शीर्ष के स्थान पर "यथा लागू एचएसएन" शीर्ष रखा जाएगा;

(viii ) 1 जुलाई , 2017 से प्ररूप जीएसटी टीआरएएन -2 में क्रम सं.4 और 5 में, सारणी में स्तंभ ( 1 ) के शीर्ष के स्थान पर "यथा लागू एचएसएन" शीर्ष रखा जाएगा :

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-54-2017-1 -v (86 ) दिनांक 5 अगस्त, 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 438 भोपाल दिनांक 5 अगस्त, 2017 में प्रकाशित। । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(168)

क्रमांक एफ ए-3-54-2017-1-पांच(117)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मध्यप्रदेश माल और सेवाकर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है , अर्थात्:--

संशोधन

1. मध्यप्रदेश माल और सेवाकर नियम , 2017 में,--

(1) नियम 24 में, उपनियम (4) में, "30 सितंबर" अंकों और शब्द के स्थान पर , "31 अक्तूबर" अंक और शब्द रखे जाएंगे ;

(II) नियम 118 में, "नियत दिन के नब्बे दिन की अवधि" शब्दों के स्थान पर , "नियम 117 में विनिर्दिष्ट अवधि या ऐसी और अवधि, जो आयुक्त द्वारा विस्तारित की जाए" शब्द रखे जाएंगे ;

* (ill) नियम 119 में , "नियत दिन के नब्बे दिन" शब्दों के स्थान पर , "नियम 117 में विनिर्दिष्ट अवधि या ऐसी और अवधि, जो आयुक्त द्वारा विस्तारित की जाए" शब्द रखे जाएंगे ;

(iv) नियम 120 में, "नियत दिन के नम्बे दिन" शब्दों के स्थान पर, "नियम 117 में विनिर्दिष्ट अवधि या ऐसी और अवधि, जो आयुक्त द्वारा विस्तारित की जाए" शब्द रखे जाएंगे ;

(v) नियम 120क में, "प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-1 में घोषणा का पुनरीक्षण" पार्श्व शीर्ष अंतःस्थापित किया जाएगा;

(vi ) प्ररूप जीएसटी आरईजी-29 में,-

(क) "अनंतिम रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण के लिए आवेदन" शीर्ष के स्थान पर "प्रवासी करदाताओं के अनंतिम रजिस्ट्रीकरण को रद्द करने के लिए आवेदन" शीर्ष रखा जाएगा:

(ख) उपशीर्ष भाग-क के अधीन मद ( 1) के सामने "अनंतिम एम डी" शब्द और अक्षर के स्थान पर , "जीएसटीआईएन" अक्षर रखे जाएंगे ।

2. अन्यथा उपबंधित के सिवाय , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र में (असाधारण), अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 29 सितम्बर, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए -3-54-2017-1 -V(117) दिनांक 29 सितम्बर , 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 531 भोपाल दिनांक 29 सितम्बर, में प्रकाशित। 1262(169)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-43/2017/ 1/पांच/(55)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 9 की उपधारा (5 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद् की सिफारिश पर, यह अधिसूचित करती है कि सेवा के निम्नलिखित प्रवर्गों की दशा में, राज्य के भीतर पूर्ति पर कर इलेक्ट्रानिक वाणिज्यिक प्रचालक द्वारा संदत्त किया जाएगा-

(i ) रेडियो टैक्सी, मोटर कैब , मैक्सी कैब और मोटर साइकिल द्वारा यात्रियों के परिवहन के माध्यम केरूप में सेवाएं,

(ii ) होटल, सराय , अतिथि गृह, क्लबों, शिविर स्थल या अन्य वाणिज्यिक स्थानों, जो निवासीय या आवासीय प्रयोजनों के लिए है, में वास सुविधा देने के रूप में सेवा, सिवाय वहां जहां इलेक्ट्रानिक वाणिज्यिक प्रचालक के माध्यम से ऐसी सेवाओं की पूर्ति करने वाला व्यक्ति मध्यप्रदेश माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 22 की उपधारा (1 ) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के लिए दायी है ।

स्पष्टीकरण-- इस अधिसूचना के प्रयोजनों के लिए, --

(क) "रेडियो टैक्सी" से टैक्सी अभिप्रेत है जिसके अंतर्गत रेडियो कैब है चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो, जो केन्द्रीय नियंत्रण कार्यालय के साथ टू- वे रेडियो संपर्क में है और ग्लोबल पोजिसनिंग सिस्टम (जीपीएस) या जनरल पैकेट रेडियो सर्विस (जीपीआरएस ) का उपयोग करके ट्रेक किए जाने के लिए समर्थ है,

(ख) "मैक्सी कैब", "मोटर कैब" और "मोटर साइकिल " का वही अर्थ होगा जो उनका क्रमशः मोटर यान अधिनियम 1988 ( 1988 का 59) की धारा 2 के खंड (22) , खंड (25) और खंड (26) में है । 2. यह अधिसूचना 1 जुलाई , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-43/2017/1 ///(55) दिनांक 30 जून , 2017 से मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 308 भोपाल दिनांक 30 जून, 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(170)

क्रमांक एफ ए 3-43/2017/1/पांच(91 )

मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 9 की उपधारा (5), के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सरकार, एतत‌द्वारा इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-43-2017-1 - पांच (55) , दिनांक 7.12.2018 में परिषद की सिफारिशों के आधार पर निम्नलिखित संशोधन करती है, यथा-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, प्रथम पैराग्राफ में उपवाक्य (II) के पश्चात निम्नलिखित उपवाक्य को अंतःस्थापित किया जाएगा;

"(II) हाउस कीपिंग के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं जैसे कि पलंबिंग , कारपेंटरिंग आदि, सिवाय वहां जहां इलेक्ट्रानिक वाणिज्यिक प्रचालक के माध्यम से ऐसी सेवाओं की पूर्ति करने वाला व्यक्ति मध्यप्रदेश माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 22 की उपधारा ( 1 ) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के लिए दायी है । "

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 22 अगस्त, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-43/2017/ 1 //(91 ) दिनांक 22 अगस्त, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 459 भोपाल दिनांक 22 अगस्त, 2017 में प्रकाशित। 1262( 171)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-37-2017-1-पांच(121 )

मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 9 की उपधारा (3 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार परिषद की सिफारिशों के आधार पर इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-37-2017-1-पांच(77 ), दिनांक 26 जुलाई, 2017, जो मध्यप्रदेश के राजपत्र, असाधारण क्रमांक 391 दिनांक 26 जुलाई, 2017 में प्रकाशित किया गया था में और आगे भी निम्नलिखित संशोधन करती है अर्थात्:-

उक्त अधिसूचना में, -

(1 ) क्रम संख्या 5 के बाद और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखितः प्रविष्टि को अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-

तालिका

प्राप्त करने वाला माल का विवरण वस्तुओं की आपूर्ति

क्रम सं०

टैरिफ मद, उपशीर्ष, शीर्ष याःअध्याय

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

"6

कोई प्राधिकृत व्यक्ति" कोई अध्याय

केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, संघ राज्य क्षेत्र या स्थानीय प्राधिकरण

इस्तेमाल किए गए वाहन , जब्त की गई वस्तु, पुरानी और प्रयुक्त माल , अपशिष्ट औरस्कैप

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 13 अक्टूबर, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-37-2017-1 -V (121 ) दिनांक 13 अक्टूबर, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 548 भोपाल दिनांक 13 अक्टूबर, 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 172)

क्रमांक एफ ए 3-37-2017-1-पांच ( 149)

मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 9 की उपधारा (3 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार परिषद की सिफारिशों के आधार पर इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफए 3-37/2017/ 1 /पांच(77 ) दिनांक 26 जुलाई 2017 , में और आगे निम्नलिखित संशोधन करती है , अर्थात्ः-

उक्त अधिसूचना में , तालिका में , क्रम संख्या 4 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित प्रविष्टि को अंतःस्थापित किया जाएगा , अर्थात्ः-

5201

"4क

कच्चा कपास

कृषिक कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति";

2. यह अधिसूचना 15 , नवंबर 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-37-2017-1-V (149) दिनांक 14 नवम्बर, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 611 भोपाल दिनांक 14 नवम्बर , 2017 में प्रकाशित। 1262(173)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए-3-37-2017-1-पांच-(51 )

मध्यप्रदेश माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 9 की उप धारा (3 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , राज्य सरकार, जीएसटी परिषद की सिफारिशों के आधार पर, एतद‌द्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए- 3-37/2017/1/पांच (77) , दिनांक 26 जुलाई, 2017, जो मध्यप्रदेश के राजपत्र, असाधारण क्रमांक 391 दिनांक दिनांक 26 जुलाई, 2017 में प्रकाशित किया गया था में और आगे भी निम्नलिखित संशोधन करती है यथा:-

उक्त अधिसूचना में, क्रम संख्या 6 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा:-

सारणी.

माल का विवरणः

क्र.सं.

मान का प्राप्तकर्ता

मान का आपूर्तिकर्ता

टैरिफ मद, उप-शीर्ष, शीर्ष या अध्याय

(2)

(5)

(1)

(3)

(4)

7. कोई भी अध्याय

कोई भी पंजीकृत व्यक्ति

प्रायर्टी सेक्टर

लेडिंग सर्टीफिकेट

कोई भी पंजीकृत व्यक्ति

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 7 जून, 2018 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

2. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए-3-37-2017-1-V-(51 ) दिनांक 7 जून , 2018, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 307 भोपाल दिनांक 7 जून, 2018 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(174)

क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1-पांच(61 )

मध्यप्रदेश माल एवं सेवाकर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 11 कीउप धारा (1 ) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , राज्य सरकार, जीएसटी परिषद की सिफारिशों के आधार पर, एतद‌द्वारा, इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-35 / 2017 / 1 /पांच (63 ) दिनांक 7.12.018 , में और आगे भी निम्नलिखित संशोधन करती है, यथाः-

उक्त अधिसूचना में, अनुसूची में, -

(i) क्रम संख्या 92 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा, यथाः-

1401

"92क

साल की पत्तियां , दियाली की पत्तियां , सीसल की पत्तियां, सबाई घास"

(ii) क्रम संख्या 93क और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा; यथाः-

14049090

"93ख

वनास्पतिक सामग्री, झाडू या बूम स्टिक के विनिर्माण के लिए";

( HI) क्रम संख्या 102क और उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित को प्रतिस्थापित किया जाएगा; यथाः-

2306

"102क

तेल निष्कर्षित चावल-भूसी

स्पष्टीकरणः यह छूट 25 जनवरी, 2018 से तेल निष्कर्षित चावल -भूसी पर लागू होती है जो कि शीर्ष 2306 के अंतर्गत आती है";

( lv) क्रम संख्या 114 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा; यथा:-

"114क 46

खाली दोना; साल की पत्तियों, सियाली की पत्तियों , सीसल की पत्तियों, सबाई घास से बनी वस्तुएं , जिनमें सबाई घास की रस्सी भी शामिल है

"114 44 या पत्थर, संगमरमर या लकड़ी से निर्मित देवी-देवताओं की मूर्तियां";

ख

68

(۸) क्रम संख्या 117 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित को प्रतिस्थापित किया जाएगा; यथा:-

"117

नोट रुपए या सिक्के जब इनको भारतीय रिजर्व बैंक या भारत सरकार को बेचा गया हो";

48. या 4907 या 71 1262( 175)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(vi) क्रम संख्या 132 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा; यथा-

"132क 53 कोयर पिथ कम्पोस्ट, उनसे मिन्न जो यूनिट कनटेनर में बंद हों और-

(क) जिनका पंजीकृत ब्रांड नेम हों; या

(ख) जिनका ऐसा ब्रांड नेम हो जिसके नाम से किसी विधि न्यायालय में कार्रवाई की जा सकती हो या किसी अधिकार को लागू किया जा सकता हो [उनसे भिन्न जहां किअनुबंध 1 में दी गई शर्तों के अधीन रहते हुए ऐसे ब्रांड नेम के नाम से किसी कार्रवाई या लागू किए जाने वाले अधिकार का स्वेच्छा से परित्याग कर दिया गया हो ।";

( vil) क्रम संख्या 146 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा; यथा:-

सेनेटरी टावल्स ( पैड्स) या सेनेटरी नेपकिन्स, टेम्पोन्स "146क 9619: 00 10 या 9619.00 20

(vill) क्रम संख्या 151 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा; यथाः-

"152

राखी (उनसे भिन्न जो अध्याय 71 के अंतर्गत आने वाली वस्तुओं से बनाई गई हों) "

अध्याय 71 को छोड़कर कोई भी अध्याय

2. यह अधिसूचना 27 जुलाई , 2018 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-35-2017-1 -V(61 ) दिनांक 27 जुलाई , 2018 , मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 409 भोपाल दिनांक 27 जुलाई, 2017 में प्रकाशित।

क्रमांक एफ ए 3-08-2018-1-पांच (37)

राज्य सरकार , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, 1 अप्रैल, 2018 को उस तारीख के रूप में नियत करती है, जिससे इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक F. A- 3-08-2018-1-पांच-(33 ) दिनांक 7:12. 2018 के नियम 2 के उपनियम (ii) [ खंड (7) के सिवाए ] , उपनियम (iii ), उपनियम (iv) , उपनियम (v) , उपनियम (vi ) और उपनियम (vii) के उपबंध प्रवृत्त होंगे । 2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 24 मार्च, 2018 से प्रवृत्त समझी जाएगी । 3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-08-2018-1 -V(37) दिनांक 24 मार्च, 2018 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 189 भोपाल दिनांक 24 मार्च, 2018 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(176)

क्रमांक एफ ए 3-08-2018-1- पांच(33)

राज्यसरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्ः-

संशोधन

इन नियमों में अन्यथा उपबंधित के सिवाय, ये नियम उस तारीख को प्रवृत्त होंगे, जो राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में,--

(i ) नियम 117 में, उपनियम (4) के खंड (ख) में, उपखंड (ii ) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"(iii ) इस स्कीम का लाभ उठाने वाला रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति और उप नियम(2) के खंड (ख) के उपबंधों के अनुसरण में उसके द्वारा रखे गए माल के ब्यौरे 31 मार्च, 2018 तक या ऐसी अवधि के भीतर जैसा परिषद् की सिफारिशों पर आयुक्त द्वारा विस्तारित की जाए, प्ररूप जीएसटी ट्रान 2 में छह कर अवधियों के प्रत्येक के लिए जिसके दौरान स्कीम कर अवधि के दौरान प्रभावित ऐसे माल के प्रदाय के ब्यौरे उसमें उपदर्शित करते हैं, कथन प्रस्तुत करेगा; ";

(ii) नियम 138 के स्थान पर निम्नलिखित नियम को रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"138. माल का संचलन और ई-वे बिल के सृजन से पूर्व प्रस्तुत की जाने वाली सूचना- (1 ) प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, जो माल के पारेषण , जिसका मूल्य पचास हजार रुपए से अधिक है, का-

(i) किसी पूर्ति के संबंध में संचलन कारित करता है ; या

पूर्ति से भिन्न किसी कारण से संचलन कारित करता है ; या

( ii)

(

iii) किसी गैर - रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से आवक पूर्ति के कारण संचलन कारित करता है,

ऐसे संचलन के प्रारंभ होने से पूर्व, उक्त माल के संबंध में सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में यथाविनिर्दिष्ट सामान्य पोर्टल पर अपेक्षित की जाने वाली ऐसी अन्य सूचना प्रस्तुत करेगा और उक्त पोर्टल पर एक विशिष्ट सं. सृजित की जाएगी । 1262(177)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

परंतु परिवाहक , किसी रजिस्ट्रीकृत व्यकृति से प्राप्त प्राधिकार पर, ऐसी अन्य जानकारी , जैसा सामान्य पोर्टल पर अपेक्षित हो , के साथ साथ सामान्य पोर्टल पर इलेक्ट्रोनिक रूप से प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी बी-01 के भाग क में जानकारी देगा और उक्त पोर्टल पर एक विशिष्ट सं. सृजित की जाएगी:

परंतु यह और कि जहां मालों का परिवहन किसी ई- वाणिज्य आपरेटर या कोरियर एजेंसी के माध्यम से किया जाता है या आपूर्ति किया जाता है वहां आपूर्तिकर्ता द्वारा प्राप्त प्राधिकार पर ऐसे ई-वाणिज्य आपेरेटर या कोरियर एजेंसी द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में जानकारी दी जाएगी और उक्त पोर्टल पर एक विशिष्ट सं. सृजित की जाएगी:

परंतु यह भी कि जहां माल एक राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में अवस्थित स्वामी से अन्य राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में अवस्थित कार्यकर्मकार को भेजा जाता है, वहां ई- वे बिल , पारेषण के मूल्य पर ध्यान दिए बिना स्वामी या रजिस्ट्रीकृत हो तो, जो कर्मकार द्वारा सृजित की जाएगी ।

परंतु यह भी कि जहां हस्तशिल्प माल एक राज्य या संघ राज्यक्षेत्र से दूसरे राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में किसी ऐसे व्यक्ति जो धारा 24 के खंड ( 1) और (II) के अधीन रजिस्ट्रीकरण प्राप्त करने की अपेक्षा से छूट प्राप्त है, द्वारा परिवहन किया जाता है तो ई-वे बिल , पारेषण के मूल्य पर ध्यान दिए बिना ऐसे व्यक्ति द्वारा सृजित किया जाएगा

स्पष्टीकरण 1 - इस नियम के प्रयोजन के लिए , अभिव्यक्ति "हस्तशिल्प माल" से वह अर्थ होगा जो इसे , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक ,एफ ए-A-3-62-2017-1-पांच (102) दिनांक 15 सितम्बर, 2017, द्वारा प्रकाशित, समय- समय पर यथासंशोधित, में दिया गया है ।

स्पष्टीकरण 2 - इस नियम के प्रयोजन के लिए माल का परेषण मूल्य वह मूल्य होगा जो धारा 15 के उपबंधों के अनुसरण में अवधारित किया गया है बीजक, उक्त पारेषण के संबंध में जारी किए गए यथास्थिति , आपूर्ति के बिल या परिदान चालान में घोषित किया गया है और इसके अंतर्गत केन्द्रीय कर या संघ राज्य क्षेत्र कर अथवा दस्तावेजों में भारित किया गया सैस , यदि कोई हो , भी है और और इसमे छूट प्राप्त माल का मुल्य अपवर्जित है, जहां बीजक दोनों अपूर्तीयो , छूट प्राप्त तथा करदेय आपूर्ती हेतु जारी किया गया है।

(2) जहां सड़क द्वारा माल का परिवहन रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति परेषित के रूप में या परेषिती के रूप में पूर्ति के प्राप्तिकर्ता के रूप में चाहे स्वयं के परिवहन में या एक भाटक या सार्वजनिक वाहन पर किया जाता है, तो उक्त व्यक्ति प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग ख में सूचना प्रस्तुत करने के पश्चात् सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप में प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 में ई- वे बिल का सृजन कर सकेगाः

(2क) जहां मालों का परिवहन रेल द्वारा या वायुयान या जलयान द्वारा किया जाता है वहां ई- वे बिल रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा सृजित की जाएगी , पूर्तिकर्ता या प्राप्तिकर्ता या तो मालों के संचलन के प्रारंभ से पहले या बाद में सामान्य पोर्टल पर जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग ख में जानकारी देगाः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(178 )

परंतु जहां मालों का परिवहन रेल द्वारा किया जाता है वहां रेल तब तक मालों की पूर्ति नहीं करेगा जब तक कि वह इन नियमों के अधीन अपेक्षित ई- वे बिल पूर्ति करते समय प्रस्तुत नहीं करता।

(3) जहां उपनियम (2) के अधीन ई-वे बिल सृजित नहीं किया जाता है और माल को सड़क द्वारा परिवहन के लिए परिवहनकर्ता को सौंप दिया जाता है तो रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति परिवहनकर्ता के संबंध में सामान्य पोर्टल पर सूचना प्रस्तुत करेगा और ई-वे बिल को उक्त पोर्टल पर परिवहनकर्ता द्वारा रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में प्रस्तुत सूचना के आधार पर सृजित किया जाएगा :

परंतु रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या परिवहनकर्ता अपने विकल्प पर ई- वे बिल का तब भी सृजन और वहन कर सकेगा जब पारेषण का मूल्य पचास हजार रुपए से कम है :

परंतु यह और कि जब संचलन किसी गैर- रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा या तो अपने स्वयं के या किसी भाटक पर वाहन या किसी परिवहनकर्ता के माध्यम से कारित किया जाता है तो वह या परिवहनकर्ता अपने स्वयं के विकल्प पर इस नियम में विनिर्दिष्ट रीति में सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 में ई- वे बिल का सृजन कर सकेगा:

परंतु यह भी कि जहां माल का परिवहन राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में पारेषक के कारबार के स्थान से, परिवहनकर्ता के कारबार के स्थान तक आगे परिवहन के लिए, पचास किलोमीटर से कम दूरी के लिए किया जाता है तो पूर्तिकार या प्राप्तिकर्ता या यथास्थिति परिवहनकर्ता प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग ख में वाहन के ब्यौरे प्रस्तुत नहीं करेंगे 1

स्पष्टीकरण 1.- इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए जब माल की पूर्ति किसी गैर- रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकार द्वारा किसी प्राप्तिकर्ता को की जाती है जो रजिस्ट्रीकृत है तो संचलन को ऐसे प्राप्तिकर्ता द्वारा कारित किया गया कहा जाएगा यदि माल का संचलन प्रारंभ होने के समय प्राप्तिकर्ता ज्ञात है ।

स्पष्टीकरण 2.- ई वे बिल , सड़क द्वारा माल के परिवहन के लिए विधिमान्य नहीं होगा जब तक कि प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 बिल भाग- ख में सूचना नहीं दी जाती है, सिवाय उस दशा के जब परिवहन उपनियम (3) के तीसरे परंतुक और उपनियम (5) के परंतुक के अंतर्गत आता है ।

(4) सामान्य पोर्टल पर ई-वे बिल के सृजन पर सामान्य पोर्टल पर पूर्तिकार , प्राप्तिकर्ता, परिवहनकर्ता को एक विशिष्ट ई- वे बिल संख्या ( ईबीएन) उपलब्ध कराया जाएगा ।

(5) जब माल एक वाहन से दूसरे वाहन पर अंतरित किया जाता है तो पारेषणकर्ता या प्राप्तिकर्ता जिसनें प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में सूचना प्रदान की है या परिवहनकर्ता, ऐसे अंतरण और माल के परिवहन से पूर्व सामान्य पोर्टल पर प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग ख में वाहन के ब्यौरे ई-वे बिल में अद्यतन करेगा :

परंतु जहां मालों का परिवहन राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में परिवहनकर्ता के कारबार के स्थान से अंतिमतः पारेषिती के कारबार के स्थान से पचासकिलोमीटर से कम दूरी के लिए किया जाता है, तो वाहन के ब्यौरों को ई- वे बिल में अद्यतन नहीं किया जा सकेगा । 1262( 179)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(5क) पारेषणकर्ता या प्राप्तिकर्ता जिसने प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग क में वाहन के ब्यौरे की सूचना दी है या परिवहनकर्ता पारेषण के आगे परिवहन के लिए प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग ख में सूचना अद्यतन करने के लिए अन्य रजिस्ट्रीकृत या नामांकित परिवहनकर्ता को ईडब्ल्यूबी-01 बिल सं. समनुदेशित कर सकेगा ।

परन्तु परिवहनकर्ता द्वारा प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग ख में अद्यतन करने के पशचात , यथास्थिति , पारेषणकर्ता या प्राप्तिकर्ता , जिसने प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी- 01 के भाग क में सूचना दी है , को किसी अन्य व्यक्ति को ई- वे बिल संख्या समनुदेशित करने हेतु अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।

(6) उपनियम ( 1 ) के उपबंधों के अनुसरण में ई- वे बिल के सृजन के पश्चात्, जहां बहुल पारेषणों को एक वाहन में परिवहन करना आशयित है तो परिवहनकर्ता ऐसे प्रत्येक पारेषण के संबंध में सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से सृजित ई- वे बिलों की क्रम संख्या को उपदर्शित कर सकेगा और माल के संचलन से पूर्व उक्त सामान्य पोर्टल पर उसके द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-02 में एक समेकित ई-वे बिल का सृजन किया जा सकेगा ।

(7) जहां परेषक या परेषिती ने ई-वे बिल का सृजन प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 में नहीं किया है और वाहन में ले जाए जाने वाले माल के परेषण का कुल योग मूल्य पचास हजार रुपए से अधिक है तो परिवाहक , यथास्थिति, पूर्ति के बीजक या प्रदाय का बिल या परिदान चालान के आधार पर ई- वे बिल का सृजन प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 में अंतरराज्य पूर्ती की बाबत, माल का पारेषण रेल , वायुयान और जलयान के सिवाय , सृजन करेगा और माल के संचलन से पूर्व सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-02 में समेकित ई- वे बिल का भी सृजन कर सकेगा ।

परंतु जहां माल जिनका परिवहन किया जाना है उसकी ई-वाणिज्य परिचालक के माध्यम से आपूर्ति की जाती है वहां ऐसे ई-वाणिज्य परिचालक या कोरियर एजेंसी द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में सूचना दी जा सकेगी ।

(8) प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में प्रस्तुत सूचना को सामान्य पोर्टल पर रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकर्ता को उपलब्ध कराया जाएगा जो उसका उपयोग प्ररूप जीएसटीआर -01 में ब्यौरे प्रस्तुत करने के लिए कर सकेगा :

परंतु जहां सूचना गैर - रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकार या गैर- रजिस्ट्रकृत प्राप्तिकर्ता द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 में प्रस्तुत की गयी है तो उसे इलैक्ट्रानिक रूप से सूचित किया जाएगा, यदि मोबाइल नंबर या ई-मेल उपलब्ध है ।

(9) जहां इस नियम के अधीन ई- वे बिल सृजित किया गया है किंतु माल का या तो परिवहन नहीं किया गया है या परिवहन प्रस्तुत ई - वे बिल के ब्यौरों के अनुसार नहीं किया गया है तो ई- वे बिल को सामान्य पोर्टल पर ई- वे बिल के सृजन के चौबीस घंटें के भीतर रद्द किया जा सकेगा :

परंतु किसी ई- वे बिल को रद्द नहीं किया जा सकेगा यदि उसका नियम 138ख के उपबंधों के अनुसार अंतरण में सत्यापन कर दिया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 180)

परंतु यह और कि उपनियम ( 1 ) के अधीन उत्पन्न विशिष्ट संख्या प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग ख के अद्यतन हेतु पंद्रह दिन की अवधि के लिए विधिमान्य होगी । (10) इस नियम के अधीन सृजित ई- वे बिल या समेकित ई-वे बिल सुसंगत तारीख से नीचे दी गई सारणी के स्तंभ (3 ) में वर्णित अवधि के लिए स्तंभ (2) में यथावर्णित माल का परिवहन की जाने वाली , देश के भीतर दूरी , के लिए विधिमान्य होगा :

सारणी

वैधता की अवधि

दूरी

क्रम सं.

(3)

(1)

(2)

1. 100 किलोमीटर तक

एक दिन सिवाय अधिक विमीय कार्गो के

2.

एक अतिरिक्त दिन सिवाय अधिक विमीय कार्गो के.

प्रत्येक 100 किलोमीटर या तत्पश्चात् उसके भाग के लिए

3. 20किलोमीटर तक

अधिक विमीय कार्गो की दशा में एक दिन

4.

अधिक विमीय कार्गो की दशा में एक अतिरिक्त दिन •

प्रत्येक 20 किलोमीटर या तत्पश्चात् उसके भाग

परंतु आयुक्त, परिषद् की सिफारिशों पर अधिसूचना द्वारा , किसी ई- वे बिल की विधिमान्यता की अवधि का उसमें विनिर्दिष्ट माल के कतिपय प्रवर्गों, जो उसमें विनिर्दिष्ट किए जाए , के लिए विस्तार कर सकेगा :

परंतु यह और कि आपवादिक प्रकृति जिसके अंतर्गत पोतांतरण भी है की परिस्थितियों के अधीन, जहां माल का परिवहन ई-वे बिल की विधिमान्य अवधि के भीतर नहीं किया जा सकता है, तो परिवाहक यदि अपेक्षित हो तो प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग ख में ब्यौरों को अद्यतन करने के पश्चात् विधिमान्य अवधि को बढ़ा सकेगा ।

स्पष्टीकरण 1 - इस नियम के प्रयोजनों के लिए "सुसंगत तारीख से वह तारीख अभिप्रेत होगी, जिसको ई-वे बिल का सृजन किया गया है और विधिमान्य की अवधि की गणना उस समय से की जाएगी जिसको ई- वे बिल का सृजन किया गया है और प्रत्येक दिन की गणना ई- वे बिल के सृजन की तारीख के ठीक पश्चातवर्ती दिन के मध्यरात्री को समाप्त होने वाली अवधि के रूप में की जाएगी ।

स्पष्टीकरण 2- इस नियम के प्रयोजन के लिए " ओवर डायमेंशन कार्गो" पद से ऐसा कोई कार्गो अभिप्रेत है जिसका एकल अविभाजीय यूनिट के रूप में प्रवहन किया जा रहा है और जिसकी डायमेंशन सीमाएं मोटर यान अधिनियम 1988( 1988 के 59) के अधीन बनाए गए केन्द्रीय मोटर यान नियम , 1989 के नियम 93 में विहित डायमेंशन सीमाओं से अधिक हैं । (11 ) इस नियम के अधीन सृजित ई- वे बिल के ब्यौरों को सामान्य पोर्टल पर निम्नलिखित को उपलब्ध कराया जाएगा- 1262( 181)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(क) पूर्तिकार को, यदि वह रजिस्ट्रीकृत है, जहां प्राप्तिकर्ता या परिवाहक द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में जानकारी दी गई है; या

(ख) प्राप्तिकर्ता को, यदि वह रजिस्ट्रीकृत है , जहां पूर्तिकार या परिवाहक द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में जानकारी दी गई है,

और पूर्तिकार या प्राप्तिकर्ता, यथास्थिति, वह अपनी ई- वे बिल के अधीन आने वाले पारेषण की स्वीकृति या अस्वीकृति की संसूचना देगा ।

(12) जहां उपनियम ( 11 ) में निर्दिष्ट जानकारी सामान्य पोर्टल पर ब्यौरों को उसे उपलब्ध कराने के बहत्तर घण्टे के भीतर या माल के परिदान के समय , इसमें से जो भी पूर्वतर हो अपनी स्वीकृति या अस्वीकृति से संसूचित नहीं करता है तो यह माना जाएगा कि उसने उक्त ब्यौरों को स्वीकार कर लिया है ।

(13) इस नियम या किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के माल और सेवाकर नियमों के नियम 138 के अधीन सृजित ई-वे बिल प्रत्येक राज्य और संघ राज्यक्षेत्र में वैध होगा ।

(14) इस नियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी किसी ई- वे बिल को सृजित करने की अपेक्षा नहीं होगी -

(क) जहां परिवहन किए जा रहे माल को उपाबंध में विनिर्दिष्ट किया गया है ;

(ख) जहां माल का परिवहन गैर-मोटरीकृत वाहन द्वारा किया जा रहा है ;

(ग) जहां माल का परिवहन किसी पत्तन, विमानपत्तन , एयर कार्गो परिसर और भू- सीमा-शुल्क केंद्र से किसी ईन- लैंड कंटेनर डिपो या किसी कंटेनर फ्रेट स्टेशन को सीमा- शुल्क द्वारा अनापत्ति के लिए किया जा रहा है :

(घ) ऐसे माल के संचलन के संबंध में, और राज्य के ऐसे क्षेत्रों में और ऐसे मूल्य से अनधिक राशिके, जैसा राज्य कर आयुक्त, केंन्द्रीय कर के मुख्य आयुक्त से परामर्श कर, अधिसूचित करे।

(ङ) जहां डी-ऑयल्ड केक से भिन्न परिवहन किया गया माल इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए - 3-35-2017-1-पांच(63 ) दिनांक 30 जून, 2017 ,द्वारा प्रकाशित, समय -समय पर यथासंशोधित, से उपाबद्ध अनुसूची में विनिर्दिष्ट है;

(च) जहां माल, मानव उपभोग के लिए एल्कोहल लिकर , पेट्रोलियम अपरिस्कृत, हाई स्पीड डीजल, मोटर स्पिरिट (जिसे सामान्य रूप से पेट्रोल के रूप में जाना जाता है) , प्राकृतिक गैस और एविएशन टरबाइन ईंधन ;

(छ) जहां परिवहन किए जाने वाले माल की अपूर्ती को अधिनियम की अनुसूची 3 के अधीन किसी आपूर्ति के रूप में नहीं माना जाता है ।

(ज) जहां मालों का परिवहन, -

(1) किसी अंतरदेशीय आधान डिपो या किसी आधान माल भाड़ा स्टेशन से सीमा शुल्क बंध पत्र के अधीन किसी सीमा शुल्क पत्तन , विमानपत्तन, वायु कार्गो काम्पलैक्स और भू सीमा- शुल्क स्टेशन को या किसी एक सीमा शुल्क स्टेशन या मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 182)

सीमा शुल्क पत्तन से किसी अन्य सीमा शुल्क स्टेशन या सीमा शुल्क पत्तन को किया जा रहा है, या

(ii) सीमा शुल्क पर्यवेक्षण या सीमा शुल्क मुद्रा के अधीन ।

(झ) जहां ऐसे माल जिसका परिवहन किया जा रहा हो नेपाल या भूटान से आने वाली या को जाने वाले पारगमन कार्गो हैं ।

(ञ) जहां परिवहन किए जा रहे माल इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-39- 2017-1- पांच (45 ) दिनांक 30 जून, 2017 और अधिसूचना क्रमांक एफ ए -3-65-2017-1- पांच(108) दिनांक 21 सितम्बर , 2017 द्वारा प्रकाशित तथा समय समय पर यथासंशोधित के अधीन कर से छूट प्राप्त है ।

(ट) जहां माल का पारेषण किसी रक्षा मंत्रालय , भारत सरकार के अधीन रक्षा संगठन द्वारा , अपूर्तीकर्ता या प्राप्तिकर्ता के रूप मे किया जाय।

(ठ) जहां मालों का परेषक, रेल द्वारा मालों के परिवहन के लिए केंद्र सरकार, कोई राज्य सरकार , या कोई स्थानीय प्राधिकारी हैं ।

(ड) जहां खाली कार्गो कंटेनर का परिवहन किया जा रहा है । और

(ढ) जहां मालों का परिवहन , किसी परेषक के कारबार के स्थान से किसी तोल सेतु तक उसका वजन करने के लिए या किसी तोल सेतु से वापस उक्त परेषक के कारबार के स्थान तक 20 किलोमीटर तक की दूरी के लिए इस शर्त के अधीन रहते हुए किया जा रहा है कि मालों का संचलन नियम 55 के अनुसार जारी परिदान चालान से सहयुक्त है ।

स्पष्टीकरण ई-वे बिल के सृजन , रद्द, अद्यतन और सुपुर्दगी की सुविधा को, यथास्थिति, पूर्तिकार, प्राप्तकर्ता और परिवाहक को एसएमएस के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा सकेगा ।

उपाबंध

[(नियम 138( 14) देखें]

माल का विवरण

क्र.सं.

(1)

(2)

1. परिवार और गैर - घरेलू छूट वाले प्रवर्ग (एनडीइसी) ग्राहकों के लिए द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस की आपूर्ति

2. पीडीएस के अधीन बिक्रीत मिट्टी का तेल

3. डाक विभाग द्वारा परिवहन किए गए डाक सामान

4. असली या कल्चरी मोती और कीमती या कम मूल्य के रत्न कीमती धातु और कीमती धातु की परत वाले धातु (अध्याय -71 ) 1262( 183 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

5. आभूषण, स्वर्णकार और रजतकार सामग्री और अन्य वस्तुएं (अध्याय -71 )

करेंसी

6.

7. निजी और घरेलू प्रभाव के उपयोग

8. प्रवाल, अकर्मित (0508) और कर्मित प्रवाल (9601 ) .";

(III) नियम 138क के लिए निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"138क. किसी वाहन के प्रभारी व्यकृति द्वारा साथ रखे जाने वाले दस्तावेज और युकृतियां.-- ( 1 ) किसी वाहन का प्रभारी व्यक्ति से-

(क) यथास्थिति, बीजक या पूर्ति बिल या परिदान चालान अपने साथ रखेगा; और

(ख) भौतिक रूप में ई- वे बिल की प्रति या ई- वे बिल सं . एलेक्ट्रोनिक रूप मे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित की जाने वाली रीति में वाहन में संनिहित्त रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान रीति के माध्यम से पहचान युक्ति से में प्रतिचित्रण की गई ई-वे बिल सं. रखेगा :

परंतु इस उपनियम की खंड ख मे उद्‌धृत कोई बात रेल, वायुयान और जलयान केद्वारा मालों की संचलन की दशा में लागू नहीं होगी ।

(2) कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति प्ररूप जीएसटी आईएनवी-1 में उसके द्वारा जारी किए गए कर बीजक को उक्त पोर्टल पर अपलोड करके सामान्य पोर्टल से बीजक निर्देश संख्या अभिप्राप्त कर सकेगा और उसे कर बीजक के बदले में उचित अधिकारी द्वारा सत्यापन के लिए प्रस्तुत कर सकेगा तथा ऐसी संख्या अपलोड करने की तारीख से तीसतीस दिनदिन कीकी अवधिअवधि के लिए विधिमान्य होगा । T

(3) जहां रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति उपनियम (2) के अधीन बीजक अपलोड करता है, वहां प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग 'क ' में सूचना प्ररूप जीएसटी आईएनवी-1 में दी गई सूचना के आधार पर सामान्य पोर्टल द्वारा संकलित की जाएगी ।

(4) आयुक्त, अधिसूचना द्वारा परिवाहकों के वर्ग से विशिष्ट रेडियो आवृत्ति पहचान युक्ति की अपेक्षा कर सकेगा और प्रवहण पर उक्त युक्ति जड़वा सकेगा तथा माल के संचलन से पूर्व परिवहन पर रेडियो आवृत्ति पहचान युक्ति ई- वे बिल का प्रतिचित्रण कर सकेगा ।

(5) उपनियम ( 1 ) के खंड ( ख) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां परिस्थितियों में ऐसी अपेक्षा की जाती है , वहां आयुक्त, अधिसूचना द्वारा , प्रवहण भारसाधक से ई-वे बिल के बजाय , निम्नलिखित दस्तावेजों को वहन करने की अपेक्षा कर सकेगा -

(क) कर बीजक या प्रदाय का बिल या बिलऑफ एंट्री; या

۱۰ (ख) जहां माल प्रदाय के माध्यम से भिन्न कारणों के लिए परिवहन किया जाता है, वहां परिदान चालान । ";

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(184)

(iv ) नियम 138ख के लिए निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"138ख. दस्तावेजों और वाहनों का सत्यापन (1 ) आयुक्त या उसके द्वारा इस निमित्त सशक्त कोई अधिकारी , समुचित अधिकारी को मालों के सभी अंतरराज्यीय और अंतराराज्यीय संचलन के लिए भौतिक या इलेक्ट्रोनिक रूप में ई - वे बिल का सत्यापन करने के लिए किसी वाहन को रोकने हेतु प्राधिकृत कर सकेगा ।

(2) आयुक्त, उन स्थानों पर, जहां माल के संचलन का सत्यापन किया जाना अपेक्षित है, रेडियो आवर्ती पहचान प्रवाचक संस्थापित कराएगा और यानो के संचलन का सत्यापन ऐसे युक्ति प्रवाचकों के माध्यम से वहां किया जाएगा, जहां ई-वे बिल उक्त युक्ति के साथ प्रतिचित्रित किया गया है ।

(3)प्रवहणों का वास्तविक सत्यापन आयुक्त द्वारा यथा प्राधिकृत उचित अधिकारी या इस निमित्त उसके द्वारा सशक्त अधिकारी द्वारा किया जाएगा :

... परंतु कर अपवंचन पर विनिर्दिष्ट सूचना के प्राप्त हो जाने पर, विनिर्दिष्ट प्रवहण का वास्तविक सत्यापन आयुक्त या इस निमित्त उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी का आवश्यक अनुमोदन अभिप्राप्त करने के पश्चात् किसी अन्य अधिकारी द्वारा भी किया जा सकता है ।";

(v ) नियम 138 ग के लिए निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्ः-

" 138 ग. मालों का निरीक्षण और सत्यापन ( 1 ) पारगमन में मालों के प्रत्येक निरीक्षण की एक संक्षिप्त रिपोर्ट समुचित अधिकारी द्वारा निरीक्षण के चौबीस घंटे के भीतर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-03 के भाग क में और ऐसे निरीक्षण के तीन दिन के भीतर उसकी अंतिम रिपोर्ट प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-03 के भाग ख में अभिलिखित की जाएगी ।

(2) जहां किसी वाहन के परिवहन किए जा रहे मालों का किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के भीतर या किसी अन्य राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में किसी एक स्थान पर पारगमन के दौरान भौतिक सत्यापन किया जाता है वहां उक्त वाहन का उस राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में तब तक आगे और भौतिक सत्यापन नहीं किया जाएगा जब तक कि उसके पश्चात् कर अपवंचन से संबंधित कोई विनिर्दिष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करा दी जाती है । ";

(vi ) नियम 138 घ के लिए निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्:-

" 138घ- यान को निरुद्ध किए जाने से संबंधित जानकारी अपलोड करने संबंधी प्रसुविधा- जहां किसी यान को रोका गया है और तीस मिनट से अधिक की अवधि के लिए निरुद्ध किया गया है वहां परिवाहक उक्त जानकारी को सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-04 पर अपलोड कर सकेगा । ";

1262(185)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(vii) प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 , प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-02, प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-03 , प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-04 तथा प्ररूपं जीएसटी आईएनवी-1 के लिए निम्नलिखित प्ररूपो को रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी -01

(नियम 138 देखें)

ई-वे बिल

:

ई-वे बिल सं.

ई-वे बिल की तारीख :

सृजनकर्ता :

तारीख, जिससे विधिमान्य है :

तारीख , जिस तक विधिमान्य है:

भाग-क

प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन

क. 1

क. 2

प्रेषण का स्थान

क. 3

प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन

क. 4

परिदान का स्थान

क. 5

दस्तावेज संख्यांक

क. 6

दस्तावेज की तारीख

क. 7

माल का मूल्य

क. 8

एचएसएन कोड

क.. 9 परिवहन के कारण

भाग-ख

ख. 1

सड़क के लिए यान संख्यांक

परिवहन दस्तावेज संख्यांकारक्षा यान संख्यांक अस्थायी यान रजिस्ट्रीकरण संख्यांक नेपाल या भूटान यान रजिस्ट्रीकरण

ख. 2

संख्यांक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 186)

टिप्पणः

1. क. 8 में एचएसएन कोड, पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये तक वार्षिक आवर्त रखने वाले करदाताओं के लिए न्यूनतम दो अंकीय स्तर और पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये से ऊपर का वार्षिक आवर्त रखने वाले करदाताओं के लिए चार अंकीय स्तर पर उपदर्शित किया जाएगा ।

2. दस्तावेज संख्या कर बीजक , प्रदाय- पत्र, परिदान चालान या प्रवेश पत्र का हो सकेगा ।

3. परिवहन दस्तावेज संख्या , माल रसीद संख्या या रेल रसीद संख्या या वायु मार्ग बिल संख्या या पोत परिवहन पत्र संख्या को उपदर्शित करता है ।

4. परिदान का स्थान , परिदान के स्थान का पिन कोड उपदर्शित करेगा ।

5. प्रेषण का स्थान, प्रेषण के स्थान में पिन कोड दर्शित करेगा ।

6. जहां प्रदायकर्ता या प्राप्तिकर्ता रजिस्ट्रीकृत नहीं है, तब , यथास्थिति, स्तंभ क.1 या स्तंभ क.3 में "यूआरपी" शब्द भरे जाएंगे ।

7. परिवहन के लिए कारण निम्नलिखित में से एक चुना जाएगा: -

कोड विवरण

1

:

प्रदाय

2 निर्यात या आयात

छुट-पुट कार्य

4 एसकेडी या. सीकेडी

5 प्राप्तिकर्ता ज्ञात नहीं है

6 लाइन सेल्स

7 विक्रय की वापसी

8 प्रदर्शनी या मेले

9 . स्वयं के उपयोग के लिए

0

अन्य 1262( 187)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी -02

(नियम 138 देखें)

समेकित ई- वे बिल

समेकित ई- वे बिल संख्यांक

समेकित ई- वे बिल की तारीख :

सृजनकर्ता

यान संख्या :

ई-वे बिलों की संख्या

ई-वे बिल सं.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 188)

प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी -03

(नियम 138ग देखें)

सत्यापन रिपोर्ट

भाग क

अधिकारी का नाम

निरीक्षण की तारीख

निरीक्षण का समय

यान संख्या

ई-वे बिल संख्या

कर बीजक या पूर्ति बिल या परिदान चालान या बिल ऑफ एंट्री की तारीख

कर बीजक या पूर्ति बिल या परिदान चालान या बिल ऑफ एंट्री की संख्या

यान के प्रभारी व्यक्ति का नाम

माल का वर्णन

घोषित माल की मात्रा

घोषित माल का मूल्य

फर्क का संक्षिप्त वर्णन

क्यामाल निरूद्ध किया गया था ?

यदि नहीं, तो यान निर्मुक्त की तारीख और

समय

भाग ख

माल की वास्तविक मात्रा

माल का वास्तविक मूल्य

संदेय कर

समेकित कर

केंद्रीय कर 1262( 189)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

राज्य या संघ राज्यक्षेत्र कर

उपकर

संदेय शास्ति

समेकित कर

केंद्रीय कर

राज्य या संघ राज्यक्षेत्र कर

उपकर

सूचना के ब्यौरे

तारीख

संख्या

निष्कर्ष के सारांश

प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्युबी-04

(नियम 138घ देखें)

निरूद्ध की रिपोर्ट

ई-वे बिल संख्या

निरूद्ध की अनुमानित स्थिति

निरूद्ध की अवधि

प्रभारी अधिकारी का नाम (यदि ज्ञात हो)

तारीख

समय मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(190)

प्ररूप जीएसटी आईएनवी-1

(नियम 138क देखें)

बीजक संदर्भ संख्या का सृजन

तारीखः

आईआरएन:

प्रदायकर्ता का नाम

जीएसटीआईएन

विधिक नाम

व्यापार नाम, यदि कोई है

पता

बीजक की क्रम संख्या

बीजक की तारीख

प्राप्तिकर्ता के ब्यौरे (जिसके

नाम बिल बनाया गया)

परेषिति के ब्यौरे (जिसको लदान किया गया)

जीएसटीआईएन यूआईएन, यदि उपलब्ध है या

नाम

पता

राज्य (नाम और कोड)

प्रदाय का प्रकार-

बी से बी प्रदाय

बी से सी प्रदाय

प्रतिलोम प्रभार आकर्षित करता है

टीसीएस

का

प्रचालक

जीएसटीआईएन

आकर्षित करता है

टीडीएस प्राधिकारी का

जीएसटीआईएन

टीडीएस आकर्षित करता है 1262(191)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

निर्यात

विशेष आर्थिक जोन को किया गया प्रदाय

माना गया निर्यात

उपकर

केंद्रीय कर

समेकित कर

राज्य या संघ राज्यक्षेत्र कर

एच.एस.एन.

इकाई

कटौती,यदिकोईहै

रकम

रकम

रकम

रकम मात्रा

मालकावर्णन

कुलमूल्य

क्र.स.

($LabsYK)phige

दर

दर

दर

दर

toothholice

माल भाड़ा

बीमा

पैकिंग और अग्रेषित प्रभार आदि

कुल

कुल बीजक मूल्य (अंकों में)

कुल बीजक मूल्य (शब्दों में)

हस्ताक्षर

हस्ताक्षरकर्ता का नाम

पदनाम या प्रास्थिति";

(vii) इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से , प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01 में, घोषणा (धारा 54 (3 ) का दूसरा परंतुक के स्थान पर , निम्नलिखित रखा जाएगा , अर्थात्:-

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 192)

"घोषणा (धारा 54(3 ) का दूसरा परंतुक] ]

मैं यह घोषणा करता हूं कि निर्यात किया गया माल किया निर्यात शुल्क के अध्यधीन नहीं है । मैं यह भी घोषणा करता हूं कि मैंने इस माल या सेवा या दोनों पर कोई भी प्रतिदायगी का उपभोग नहीं किया है और मैंने इस प्रदाय पर भुगतान किए गए एकीकृत कर के ऐसे प्रतिदाय का दावा नहीं किया है, जिसके संबंध में प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है ।

हस्ताक्षर नाम पदनाम या प्रास्थिति";

(ix ) इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से , प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01 क में, घोषणा (धारा 54(3) का दूसरा परंतुक) के स्थान पर, निम्नलिखित रखा जाएगा , अर्थात्ः-- "मैं यह घोषणा करता हूं कि निर्यात किया गया माल किया निर्यात शुल्क के अध्यधीन नहीं है । मैं यह भी घोषणा करता हूं कि मैंने इस माल या सेवा या दोनों पर कोई भी प्रतिदायगी का उपभोग नहीं किया है और मैंने इस प्रदाय पर भुगतान किए गए एकीकृत कर के ऐसे प्रतिदाय का दावा नहीं किया है , जिसके संबंध में प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम या प्रास्थिति" ।

यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-08-2018-1 -V(33) दिनांक 7 मार्च, 2018 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 148 भोपाल दिनांक 7 मार्च, 2018 में प्रकाशित। 1262( 193)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-13-2018-1- पांच(35)

राज्यसरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है , अर्थात् --:

1 इन नियमों में अन्यथा उपबंधित के सिवाय, यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 24 मार्च, 2018 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017में, --

(i ) नियम 45 के उपनियम ( 1 ) में, अंत में आने वाले "जहां ऐसा माल किसी छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को सीधे भेजा जाता है" शब्दों के पश्चात्, निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"और जहां माल एक छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार से किसी दूसरे छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को भेजा जाता है, वहां चालान, प्रधान या माल को किसी अन्य छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को भेजने वाले छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा जारी किया जा सकेगा:

परंतु प्रधान द्वारा जारी चालान को, उस दशा में , जहां माल एक छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा दूसरे छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को भेजा जाता है या प्रधान को वापस भेजा जाता है, उसमें माल की मात्रा और विवरण उपदर्शित करते हुए पृष्ठांकित किया जाएगा :

परंतु यह और कि छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा पृष्ठांकित चालान को, जहां माल एक छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार द्वारा दूसरे छुटपुट कार्य करने वाले कर्मकार को भेजा जाता है या प्रधान को वापस भेजा जाता है, उसमें माल की मात्रा और विवरण उपदर्शित करते हुए पृष्ठांकित किया जाएगा : ";

(ii) नियम 127 के खंड ( iv) के हिंदी पाठ में परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है;

(iii) नियम 129 के उपनियम (6) में, "स्थायी समिति से यथा अनुज्ञात लिखित में दिए गए कारणों द्वारा अन्वेषण पूर्ण करेगा" शब्दों के स्थान पर, "ऐसे लिखित में दिए गए कारणों से, जो प्राधिकरण द्वारा अनुज्ञात किए जाएं , अन्वेषण पूर्ण करेगा " शब्द रखे जाएंगे ;

(iv) नियम 133 के उपनियम (3 ) के पश्चात्, निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा , अर्थात्: -

"(4 ) यदि नियम 129 के उपनियम (6) में निर्दिष्ट रक्षोपाय महानिदेशक की रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई है कि धारा 171 के उपबंधों का या इन नियमों का उल्लंघन हुआ है या उल्लंघन न होने की दशा में भी यदि प्राधिकरण की यह राय है कि मामले में और अन्वेषण किया जाना चाहिए या जांच की जानी चाहिए, तो वह मामले को, लेखबद्ध किए जाने वाले कारणों से, रक्षोपाय महानिदेशक को अधिनियम और इन नियमों के उपबंधों के अनुसार और अन्वेषण या जांच करवाने के लिए निर्दिष्ट कर सकेगा । ";

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(194)

(v) नियम 134 के स्थान पर, निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्:-

" 134. विनिश्चय का बहुमत द्वारा किया जाना ( 1 ) प्राधिकरण की बैठकों में गणपूर्ति उसके न्यूनतम तीन सदस्यों से होगी ।

(2 ) यदि किसी बिंदु पर प्राधिकरण के सदस्यों की राय भिन्न-भिन्न है तो उस बिंदु का विनिश्चय उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के बहुमत के अनुसार किया जाएगा और मत बराबर होने की दशा में, अध्यक्ष का दूसरा या निर्णायक मत होगा । ";

(vi ) नियम 138 घं के पश्चात्, 1 अप्रैल , 2018 से निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:--

"स्पष्टीकरण-इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, 'रेल द्वारा परिवहन किया गया', 'भाल का रेल द्वारा परिवहन किया जाना', 'माल का रेल द्वारा परिवहन' और 'रेल द्वारा माल का संचलन' पद में ऐसे मामले सम्मिलित नहीं हैं, जहां रेल द्वारा पार्सल स्थान का पट्टाकरण दिया जाता है ।" ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-13-2018-1 -V(35 ) दिनांक 24 मार्च, 2018 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 191 भोपाल दिनांक 24 मार्च, 2018 में प्रकाशित। 1262(195)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ एः3-27-2018-1-पांच(75)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017 ) (जिसे इस अधिसूचना में इसके पश्चात उक्त अधिनियम कहा गया है) की धारा 148 द्वारा प्रत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , परिषद की सिफारिशों पर, रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों जिनका पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष या चालू वित्तीय वर्ष में संकलित व्यापारावर्त 1.5 करोड़ रुपये तक है को, रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों जो माल या सेवाओं अथवा दोनों की जावक पूर्ति के ब्यौरे प्रस्तुत करने के लिए नीचे यथा उल्लिखित विशिष्ट प्रक्रिया का अनुसरण करेंगे , के वर्ग के रुप में अधिसूचित करती है ।

2. उक्त व्यक्ति, उक्त सारणी के स्तभ (3 ) की तत्स्थानी प्रविष्टि में यथा विनिर्दिष्ट समय अवधि तक, नीचे दी गई सारणी के स्तभ (2) में यथाविनिर्दिष्ट प्रभावी त्रैमास के दौरान, माल या सेवाओं अथवा दोनों की जावक पूर्ति के ब्यौरे मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 के प्ररुप जीएसटीआर-1 में प्रस्तुत कर सकेंगे, अर्थातः-

सारणी

क्र.सं

प्ररूप जीएसटीआर-1 में ब्यौरे प्रस्तुत करने के लिए समय अवधि

त्रैमास जिसके लिए प्ररुप जीएसटीआर-1 में ब्यौरे प्रस्तुत किए जाने है

(3)

(2)

(1)

1

31 अक्तूबर , 2018

जुलाई-सितम्बर, 2018

31जनवरी , 2019

2

अक्तूबर - दिसम्बर , 2018

30 अप्रैल, 2019

3

जनवरी-मार्च, 2019

3. उक्त अधिनियम की धारा 38 की उपधारा (2 ) और धारा 39 की उप धारा ( 1 ) के अधीन यथास्थिति ब्यौरे या विवरणी प्रस्तुत करने की समय-सीमा जुलाई , 2018 से मार्च , 2019 के लिए तत्पश्चात् शासकीय राजपत्र में अधिसूचित की जाएगी।

4. यह अधिसूचना 10 सितम्बर, 2018 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

5. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-27-2018-1-V(75 ) दिनांक 29 अगस्त, 2018 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 474 भोपाल दिनांक 29 अगस्त, 2018 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(196)

क्रमांक एफ ए3-22-2018-1 -पांच(59 )

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन् (2017की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्ः-

संशोधन

ये संशोधन दिनांक 12 जून , 2018 से प्रवृत्त समझे जाएगें ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम , 2017 में,--

(1) नियम 129 में, 'रक्षोपाय महानिदेशालय' शब्दों, जहां कहीं भी ये शब्द हैं, के स्थान पर 'मुनाफाखोरी-रोधी महानिदेशालय' शब्द रखे जाएंगे;

( il) नियम 130 में, 'रक्षोपाय महानिदेशालय' शब्दों के स्थान पर दोनों जगहों पर जहां वे आएं हों'मुनाफाखोरी-रोधी महानिदेशालय' शब्द रखे जाएंगे;

(III) नियम 131 में, 'रक्षोपाय महानिदेशालय' शब्दों के स्थान पर 'मुनाफाखोरी- रोधी महानिदेशालय' शब्द रखे जाएंगे;

(lv) नियम 132 में, 'रक्षोपाय महानिदेशालय' शब्दों के स्थान पर 'मुनाफाखोरी-रोधी महानिदेशालय' शब्द रखे जाएंगे;

(v) नियम 133 में, 'रक्षोपाय महानिदेशालय' शब्दों, जहां कहीं भी ये शब्द हैं, के स्थान पर 'मुनाफाखोरी-रोधी महानिदेशालय' शब्द रखे जाएंगे;

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-22-2018-1 -V( 59 ) दिनांक 20 जुलाई, 2018 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 401 भोपाल दिनांक 20 जुलाई , 2018 में प्रकाशित। 1262(197)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-15-2018-1- पांच(47)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है , अर्थात्:-

संशोधन

1. नियम 89 में संशोधन- मध्य प्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2018 के नियम 89 में उप- नियम 4 बी के बाद, उपनियम (5 ) के स्थान पर, निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्ः-

"(5) विपरीत शुल्क ढांचा के मद्दे प्रतिदाय की दशा में, इनपुट कर प्रत्यय का प्रतिदाय, निम्नलिखित सूत्र के अनुसार दिया जाएगाः-

अधिकतम प्रतिदाय की रकम = {(व्युतक्रमित दर के माल और सेवाओं के प्रदाय का आवर्त) x शुद्ध आईटीसी + समायोजित कुल आवर्त) - ऐसे व्युतक्रमित दर के माल और सेवाओं के प्रदाय पर संदेय कर ।

स्पष्टीकरण-इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए,-

(क) "शुद्ध आईटीसी" पद से सुसंगत अवधि के दौरान, ऐसे उपभोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय से मिन्न, जिसके लिए उपनियम (4क) या उपनियम (4ख) या दोनों के अधीन प्रतिदाय का दावा किया गया है, इनपुटों पर उपभोग किया गया इनपुट कर प्रत्यय अभिप्रेत है ; और

(ख) "समायोजित कुल आवर्त" पद का वही अर्थ होगा जो उपनियम (4) में उसका है ।";

नियम 97 के लिए प्रतिस्थापन - नियम 97 के स्थान पर , निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्ः-- "97. उपभोक्ता कल्याण निधि (1) मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 57 में विनिर्दिष्ट अन्य धनराशियों के साथ राज्य कर और विनिधान से आय की पूरी रकम को इस निधि में जमा किया जाएगा :

परंतु एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 की धारा 20 के साथ पठितः मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 54 की उपधारा (5) के अधीन अवधारित एकीकृत कर की रकम के पचास प्रतिशत के बराबर रकम को निधि में जमा किया जाएगा ।

(2) जहां उचित अधिकारी, अपील प्राधिकारी या न्यायालय द्वारा, निधि में जमा की गई किसी रकम को, किसी दावाकर्ता को संदाय करने का आदेश या निदेश दिया जाता है, वहां उसका संदाय निधि से किया जाएगा ।

(3) केंद्रीय सरकारद्वारा अनुरक्षित निधि के लेखे भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक द्वारा संपरीक्षा के अध्यधीन होंगे ।

(4) सरकार, आदेश द्वारा , अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य सचिव और उतने सदस्यों के साथ , जितने वह ठीक समझे, एक स्थायी समिति ( जिसे इसमें इसके पश्चात् 'समिति' कहा गया है) का गठन करेगी और समिति, निधि में जमा की गई धनराशि का उपभोक्ताओं के कल्याण हेतु उचित उपयोग के लिए सिफारिशें करेगी ।

(5) (क) समिति की बैठक, जब कभी आवश्यक हो, साधारणतया किसी वर्ष में चार बार होगी;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 198)

(ख) समिति की बैठक ऐसे समय और स्थान पर होगी, जो समिति का अध्यक्ष, या उसकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष, ठीक समझे ;

(ग) समिति की बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष द्वारा , या उसकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष द्वारा , की जाएगी;

(घ) समिति की बैठक, प्रत्येक सदस्य को लिखित में कम से कम दस दिन की सूचना देने के पश्चात्बुलाई जाएगी;

(ङ) समिति की बैठक की सूचना में, बैठक का स्थान , तारीख और समय विनिर्दिष्ट होगा और उसमें किए जाने वाले कामकाज का विवरण अंतर्विष्ट होगा ;

(च) समिति की कोई कार्यवाही तब तक विधिमान्य नहीं होगी, जब तक उसकी अध्यक्षता, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष द्वारा न की जाए और उसमें कम से कम तीन अन्य सदस्य उपस्थित न हो ।

(6) समितिको,--

(क) किसी आवेदक से, किसी ऐसे प्राधिकारी के पास, जो राज्य सरकार विनिर्दिष्ट करे, रजिस्ट्रीकृत कराने हेतु अपेक्षा करने की शक्ति होगी ;

(ख) किसी आवेदक से ऐसी पुस्तिकाएं , लेखे, दस्तावेज, लिखतें या आवेदक की अभिरक्षा और नियंत्रण में की ऐसी वस्तुओं को, जो आवदेन के उचित मूल्यांकन के लिए आवश्यक हो , उसके समक्ष या यथास्थिति, राज्य सरकार के सम्यक् रूप से प्राधिकृत किसी अधिकारी के समक्ष पेश करने हेतु अपेक्षा करने की शक्ति होगी ;

(ग) किसी आवेदक से, किसी ऐसे परिसर में, जहां से उपभोक्ताओं के कल्याण हेतु क्रियाकलापों के किए जाने का दावा किया गया है, यथास्थिति, राज्य सरकार के सम्यक् रूप से प्राधिकृत किसी अधिकारी को प्रवेश और निरीक्षण अनुज्ञात. करने हेतु अपेक्षा करने की शक्ति होगी;

(घ) अनुदान का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आवेदकों के लेखाओं की संपरीक्षा करने की शक्ति होगी ;

(ङ) किसी आवेदक से, उसकी ओर से की गई किसी चूक या किसी सारवान जानकारी के छिपाए जाने की दशा में, समिति को मंजूर अनुदान का, उस पर प्रोजूत ब्याज के साथ एक मुश्त प्रतिदाय करने हेतु अपेक्षा करने की और उसे अधिनियम के अधीन अभियोजित करने की शक्ति होगी ;

(घ) इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार किसी आवेदक से शोध्य रकम वसूल करने की शक्तिहोगी;

(छ) किसी आवेदक या आवेदकों के किसी वर्ग से , अनुदान का उचित उपयोग उपदर्शित करते हुए , एक कालिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु अपेक्षा करने की शक्ति होगी ;

(ज) सारवान विशिष्टियों में तात्त्विक असंगतता या गलती होने के कारण उसके समक्ष प्रस्तुत आवेदन को नामंजूर करने की शक्ति होगी ;

(झ) किसी आवेदक को उसकी वित्तीय स्थिति और किए जाने वाले क्रियाकलाप की प्रकृति की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित करने के पश्चात् कि उपलब्ध वित्तीय सहायता का दुरुपयोग नहीं होगा, अनुदान द्वारा न्यूनतम विततीय सहायता की सिफारिश करने की शक्तिहोगी ;

1262(199)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(ञ) ऐसे फायदाप्रद और सुरक्षित सेक्टरों की पहचान करने, जिनमें निधि में से विनिधान किए जा सकें और तदनुसार उनकी सिफारिशें करने की शक्ति होगी ;

(ट) किसी आवेदक के उपभोक्ता कल्याण संबंधी क्रियाकलापों में लगे रहने की अवधि के लिए अपेक्षित शर्तों को शिथिल करने की शक्ति होगी;

(ठ) निधि के प्रबंध और प्रशासन के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत बनाने की शक्ति होगी ।

(7) समिति किसी आवेदन पर तब तक विचार नहीं करेगी , जब तक सदस्य सचिव द्वारा, तदनुसार उसके सारवान् ब्यौरों की जांच न कर ली जाए और वह उस पर अपनी सिफारिश न दे दें ।

(8) समिति निम्नलिखित के संबंध में सिफारिशें करेगी:-

(क) किसी आवेदक को अनुदान उपलब्ध करवाने के लिए ;

(ख) निधि में उपलब्ध धनराशि के विनिधान के लिए ;

(ग) किसी उपभोक्ता विवाद में किसी परिवादी या परिवादियों के किसी वर्ग द्वारा उपगत विधिक व्ययों की उसके अंतिम न्यायनिर्णयन के पश्चात्, प्रतिपूर्ति के लिए अनुदान (चयनात्मकता के आधार पर) उपलब्ध करवाने के लिए ;

(घ) ऐसे किसी अन्य प्रयोजन के लिए, जिनकी केंद्रीय उपभोक्ता सरंक्षण परिषद् द्वारा सिफारिश की जाए , अनुदान उपलब्ध करवाने के लिए (जो समिति द्वारा समुचित समझा जाए) ;

(ङ) माल और सेवा कर के प्रचार/ उपभोक्ता जागरूकता के लिए , प्रत्येक वर्ष निधि में जमा की पचास प्रतिशत तक धनराशि उपलब्ध करवाने के लिए , परंतु उपभोक्ता मामले विभाग के उपभोक्ता कल्याण संबंधी क्रियाकलापों के लिए निधियों की उपलब्धता पच्चीस करोड़ रुपए प्रति वर्ष से कम नहीं होगी ।

स्पष्टीकरण- इस नियम के प्रयोजनों के लिए, -

....(क) 'आवेदक' से निम्नलिखित अभिप्रेत है,-

(1) केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार ;

(II) संसद् या किसी राज्य के विधान मंडल या संघ राज्यक्षेत्र के किसी अधिनियम के अधीन गठित विनियामक प्राधिकरण या स्वशासी निकाय ;

(III) कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) के अधीन या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत, कम से कम तीन वर्ष की अवधि से उपभोक्ता कल्याण संबंधित क्रियाकलापों में लगा हुआ कोई अभिकरण या संगठन ;

(iv) ग्राम या मंडल या समिति या उपभोक्ताओं, विशेषकर स्त्रियों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, की समिति स्तर की सहकारी सोसाइटी ;

(v) संसद् या राज्य विधान मंडल या संघ राज्यक्षेत्र के किसी अधिनियम द्वारा भारत में निगमित ऐसी कोई शैक्षिक या अनुसंधान संस्था या संसद् के किसी अधिनियम द्वारा स्थापित या विश्ववि‌द्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 (1956 का 3 ) की धारा 3 के अधीन समझा गया विश्ववि‌द्यालय के रूप में घोषित अन्य ऐसी शैक्षिक संस्थाएं , और जिनमें कम से कम तीन वर्ष से उपभोक्ता संबंधी अध्ययन उसके पाठ्यक्रम के रूप में चल रहा हो और मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(200)

(vi ) उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 ( 1986 का 68 ) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (ख ) के अधीन यथा परिभाषित कोई शिकायतकर्ता, जिसने, उसके द्वारा किसी उपभोक्ता विवाद प्रतितोष अभिकरण में संस्थित किसी मामले में उसके द्वारा उपगत विधिक व्ययों की पूतिपूर्ति के लिए आवेदन किया है।

(ख) 'आवेदन' से आवेदन का ऐसा प्ररूप अभिप्रेत है , जो स्थायी समिति द्वारा, समय -समय पर विनिर्दिष्ट किया जाए ;

(ग) 'केंद्रीय उपभोक्ता सरंक्षण परिषद् से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (1986 का 68) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के अधीन उपभोक्ताओं के अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण के लिए स्थापित केंद्रीय उपभोक्ता सरंक्षण परिषद् अभिप्रेत है ;

(घ) 'समिति' से उपनियम (4) के अधीन गठित समिति अभिप्रेत है ;

(ङ) 'उपभोक्ता' का वही अर्थ होगा , जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम,1986 (1986 का 68) की धारा 2 की उपधारा ( 1 ) के खंड (घ) में उसका है और इसके अंतर्गत ऐसे माल के, जिस पर केंद्रीय कर संदत्त किया गया है , उपभोक्ता भी हैं ;

(च) निधि' से अभिप्रेत है- मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017)की धारा 57 के अधीन गठित निधि है ;

(छ) 'उचित अधिकारी' से ऐसा अधिकारी अभिप्रेत है , जिसे अधिनियम के अधीन ऐसा आदेश करने की शक्ति है कि संपूर्ण राज्य कर या उसका कोई भाग प्रतिदेय होगा..

3. प्ररूप जीएसटी आईटीसी-03 में, प्रविष्टि 5(ङ) के पश्चात्, ".. " के सामने अनुदेश के स्थान पर, निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्:-

""पूंजी माल का मूल्य, बीजक की तारीख से प्रति मास 1/60 वां या उसके भाग को घटाकर आया बीजक मूल्य होगा";

4. प्ररूप जीएसटीआर-8 में संशोधन , के पश्चात्, और प्ररूप जीएसटीआर-11 के पूर्व निम्नलिखित प्ररूप अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"प्ररूप जीएसटीआर-10

(नियम 81 देखें) अंतिम विवरणी

1. जीएसटीआईएनः

2. विधिक नामः

3. व्यापार का नाम , यदि कोई हो

4.. भावी पत्राचार के लिए पता

5. रजिस्ट्रीकरण रद्द करने की प्रभावी तारीख (कारबार बंद करने की तारीख या वह तारीख जिससे रजिस्ट्रीकरण समाप्त किया गया है)

6. रद्दकरण आदेश की संदर्भ संख्या

7. रहकरण आदेश की तारीख 1262(201)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

8. स्टॉक में धारित इनपुट , स्टॉक में धारित अर्धपरिरुपित या परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट और पूंजीमाल/संयंत्र और मशीनरी जिस पर कर प्रत्यय आरक्षित किया जाना और सरकार को वापस संदत्त करना अपेक्षित है , के ब्यौरे ।

जीएसटीआईए

क्र.सं.

न

संदेय इनपुट कर प्रत्यय/ कर (जो भी उच्चतर हो) (40)

बीजका प्रवेश पत्र

सं

तारी ख

मूम्य (नामेनोट/जमाप त्र द्वारा यथा समा- योजित)

उपक र

केन्द्री य कर

एकीकृ तकर

यूनिट मा

टीकोड

(यूक्यू

सी)

राज्यासं राज्यक्षेत्र कर

स्टॉक धारित में इनपुट, स्टॉक धारित अर्थपरिरूपित या परिरूपित मॉन में अंतर्विष्ट इनपुट और पूंजीमॉन/संयं म और मशीनरी का विवरण

12.

11

10

7

5

6

3

2

8 (क) स्टॉक में धारित इनपुट (जहां बीजक उपलब्ध हो)

(ख ) स्टॉक में धारित अर्धपरिरूपित या परिरूपित मॉम में अंतर्विष्ट इनपुट (जहां बीजक उपलब्ध हो).

8

स्टॉक में धारित पूंजीमाल/संयंत्र और मशीनरी

8 (ग)

नहीं हैं) स्टॉक में धारित इनपुट या स्टॉक में धारित अर्थपरिरूपित या परिरूपित माल में यथाअंतर्विष्ट इनपुट (जहां बौजक उपलब्ध 8 (घ)

9. संदेय और संदत्त कर की रकम ( सारणी 8 पर आधारित)

विवरण

क्र.सं.

विकलन के माध्यम से इलैक्ट्रानिक प्रत्यय बही में संदत्त रकम

उपकर आईटीसी कर विपर्यय/संदेय

एकीकृत कर

संदेय अतिशेष कर (3- 4)

केन्द्रीय कर

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

इलैक्ट्रानिक नकद बही में विकलन के माध्यम से संदत्त रकम

रजिस्ट्रीकरण के रद्दकरण के लिए आवेदन के साथ संदत्त कर (जीएसटीआरईजी- 16)

10

9

8

7

6

5

2

3

1

1. केन्द्रीय कर

2. राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

3. एकीकृत कर

4.

उपकर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(202)

10. संदेय और संदत्त ब्याज , विलंब फीसः

संदत्त रकम

संदेय रकम

विवरण

3

2

(1 )ग्याज

(क) एकीकृत कर के मद्दे

(ख) केन्द्रीय कर के मद्दे

(ग) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर के मद्दे

(घ) उपकर के मद्दे

(II) विलंब फीस

(क) केन्द्रीय कर

(ख) राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

11.सत्यापन

:

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषित करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य और सही है और इसमें कोई बात छिपाई नहीं गई है ।

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर

नाम

पदनाम/ प्रास्थिति

तारीख- दिन/मास/वर्ष अनुदेशः

1. यह प्ररूप ऐसे करदाताओं या ऐसे व्यक्तियों द्वारा भरा जाना अपेक्षित नहीं है जो निम्नलिखित रूप में रजिस्ट्रीकृत हैं:-

(i ) इनुपुट सेवा वितरक;

(ii) धारा 10 के अधीन कर संदाय करने वाले व्यक्ति;

(iii ) अनिवासी कराधेय व्यक्ति;

(iv ) ऐसे व्यक्ति जिनसे धारा 51 के अधीन स्रोत पर कर की कटौती की अपेक्षा है; और

(v) ऐसे व्यक्ति जिनसे धारा 52 के अधीन स्रोत पर कर के संग्रहण की अपेक्षा है।

2. इनपुट, अर्धपरिरूपित या परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट के स्टॉक के और ऐसे पूंजीमाल संयंत्र और मशीनरी के, जिस पर इनपुट कर प्रत्यय का कर उपभोग किया गया है , स्टॉक के ब्यौरे।

3. क्रम सं 0 8 में के स्टॉक के ब्यौरे उपलब्ध करवाते समय निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने की आवश्यकता है:

(i ) जहां स्टॉक में थारित इनपुट या अर्धपरिरूपित या परिरूपित माल में अंतर्विष्ट इनपुट से संबंधित कर बीजक उपलब्ध नहीं है वहां रजिस्ट्रीकृत व्यकृति , मॉल की विद्यमान बाजार कीमत पर आधारित नियम 44 के उपनियम (3 ) के अधीन रकम का प्राक्कलन करेगा ;

(ii ) ऐसे पूंजीमाल/सयंत्र और मशीनरी की दशा में मूल्य पांच वर्ष की उपयोगी अवधि के लिए बीजक क्रय की तारीख से 1/60 प्रतिमास या उसके भाग को घटाकर आया बीजंक मूल्य होगा ।

4. सारणी के क्रम संख्या ४ (प्रविष्टि 8(घ) के सामने ) पर नियम 44 के उपनियम (3 ) के अनुसार दिए गए ब्यौरे किसी व्यवसायरत चार्टड अकाउंटेंट या लागत लेखापाल द्वारा सम्यक् रूप से सत्यापित किए जाएंगे । प्रमाणपत्र की प्रति को ब्यौरे फाइल करते समय अपलोड किया जाएगा।";

5.

प्ररूप जीएसटी डीआरसी 07 के लिए प्रतिस्थापन वर्तमान प्ररूप जीएसटी डीआरसी 07 स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-- 1262(203)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

"प्ररूप जीएसटी डीआरसी -07

[नियम 142(5) देखें]

आदेश का सार

1. आदेश के ब्यौरे -

(ग) कर अवधि-

(ख) आदेश की तारीख

(क)आदेशसं.

2. अंतर्वलित विवाद्यक-<<नीचे देखें>>

वर्गीकरण, मूल्यांकन, कर की दर, व्यापारावर्त का अधिक्रमण , आईटीसीदावे काआधिक्य, निर्मोचित प्रतिदाय का आधिक्य, प्रदाय का स्थान, अन्य (विनिर्दिष्टकरें)

3. मालों/सेवाओं का विवरण--

विवरण

एचएसएन

क्र. सं.

4.मांग के ब्यौरे

(रकम रुपयोंमें)

ग्याज

कर/उपकर

शास्तिअन्य प्रदाय का स्थान कार्य

व्यापारावर्त

क्र.सं. कर की दर

9

8

7

6

5.

2

3

4

1

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम";

प्रतिलिपि-

अनुदेशः

1. यह प्ररूप ऐसे करदाताओं या ऐसे व्यक्तियों द्वारा भरा जाना अपेक्षित नहीं है जो निम्नलिखित रूप में रजिस्ट्रीकृत हैं: -

(i ) इनुपुट सेवा वितरक;

(ii) धारा 10 के अधीन कर संदाय करने वाले व्यकृक्ति;

(iii ) अनिवासी कराधेय व्यकृति;

(iv ) ऐसे व्यकृक्ति जिनसे धारा 51 के अधीन स्रोत पर कर की कटौती की अपेक्षा है; और

(v ) ऐसे व्यक्ति जिनसे धारा 52 के अधीन स्रोत पर कर के संग्रहण की अपेक्षा है।

2. ऐसे पूंजीमाल/सयंत्र और मशीनरी की दशा में मूल्य पांच वर्ष की उपयोगी अवधि के लिए बीजका क्रय की तारीख से 1/80 प्रतिमांस या उसके भाग को घटाकर आया बीजक मूल्य होगा ।.

6. यह अधिसूचना अप्रैल 2018 के 18 वें दिन से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

7.यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-15-2018-1 -V(47) दिनांक 21 मई, 2018 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 285 भोपाल दिनांक 21 मई, 2018 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(204)

क्रमांक एफ. ए 3-47-2017-1-पांच-(60)

मध्यप्रदेश माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 9 की उप धारा (3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , राज्य सरकार, जीएसटी परिषद की सिफारिशों के आधार पर, एतदद्वारा , इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफए- 3-47-2017-1-पांच(59) दिनांक 7.12.2018 , में और आगे भी निम्नलिखित संशोधन करती है, यथाः-

उक्त अधिसूचना में,

(1) सारणी में, क्रम संख्या 10 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात , निम्नलिखित क्रम संख्या और उससे संबंधित प्रविष्टियों को अंतःस्थापित किया जाएगा, यथाः-

(3)

(4)

(1)

(2)

*11

ऐसी बैंकिंग कंपनी या नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी जो कि कर वाले भू-क्षेत्र में अवस्थित हो ।" ;

बॉडी कार्पोरेट, पार्टनरशिप या लिमिटिड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म से मिन्न वैयक्तिक डायरेक्ट सेलिंग एजेंट्स द्वारा बैंकों/नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कं. (एनबीएफसी) को दी जाने वाली सेवाएं ।

बॉडी कार्पोरेट, पार्टनरशिप पार्टनरशिप फर्म से भिन्न वैयक्तिक डायरेक्ट सेलिंग एजेंट्स या लिमिटिड लायबिलिटी

(II ) स्पष्टीकरण में, उप वाक्य (च) के पश्चात निम्नलिखित उपवाक्य को अंतःस्थापित किया जाएगा, यथा- '(छ) "अचल संपत्ति को किराए पर देने से अभिप्राय किसी अचल संपत्ति को पूर्णतया या अंशतया उसमें प्रवेश करने , अपने कब्जे में रखने, प्रयोग करने या इसी प्रकार की सुविधा के लिए अनुमति देने, इजाजत देने, वहां तक पहुंचने की अनुमति देने से है, चाहे ऐसा उक्त अचल संपत्ति के कब्जे के अंतरण या उसके नियंत्रण के साथ या उसके बिना हो और जिसमें किराए पर देना, पट्टे पर देना, लाइसैंस देना या इसी प्रकार की अन्य व्यवस्था करना, जो कि उक्त अचल संपत्ति से संबंधित हो, भी आता है ।

2. यह अधिसूचना 27 जुलाई, 2018 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3 यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-47-2017-1-V-(60) दिनांक 27 जुलाई, 2018 , मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 408 भोपाल दिनांक 27 जुलाई , 2017 में प्रकाशित। 1262(205)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-79-2017-1 - पांच (142)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मध्यप्रदेश माल और सेवाकर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-

1. अन्यथा उपबंधित के सिवाय , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 28 अक्टूबर , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में,-

(i) नियम 24 के उपनियम (4) में, " 31 अक्तूबर , 2017 को या उससे पहले" अंकों और शब्दोंके स्थान पर, " 31 दिसंबर, 2017 को या उससे पहले" अंक और शब्द रखे जाएंगे ;

(ii) नियम 45 के उपनियम (3) में, " उक्त तिमाही के उत्ततरवर्ती" शब्दों के पश्चात्, "या ऐसी अतिरिक्त अवधि के भीतर, जो आयुक्त द्वारा इस निमित्त अधिसूचना द्वारा विस्तारित की जाए:

परंतु राज्य कर आयुक्त या संघ राज्यक्षेत्र कर आयुक्त द्वारा अधिसूचित समय- सीमा का कोई विस्तार आयुक्त द्वारा अधिसूचित किया गया समझा जाएगा" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे;

(iii) नियम 96 के उपनियम (2 ) में, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्:-

"परंतु यह कि जहां किसी कर अवधि के लिए प्ररूप जीएसटीआर -1 में जावक प्रदायों के ब्यौरे प्रस्तुत करने के लिए तारीख का अधिनियम की धारा 37 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विस्तार किया गया है, वहां प्रदायकर्ता प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6क में यथा विनिर्दिष्ट निर्यातों से संबंधित जानकारी प्ररूप जीएसटीआर- उख में विवरणी प्रस्तुत कर दिए जाने के पश्चात् प्रस्तुत करेगा और उसे सीमाशुल्क द्वारा पदाभिहित प्रणाली को सामान्य पोर्टल द्वारा इलेक्ट्रानिक रूप से पारेषित किया जाएगा :

परंतु यह और कि पहले परंतुक के अधीन सारणी 6 क में प्रस्तुत जानकारी उक्त कर अवधि के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 में स्वतः प्रारूपित की जाएगी । " ;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(206)

: ( iv) नियम 96क के उपनियम (2) में, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किए जाएंगे किया जाएगा, अर्थात्:--

"परंतु यह कि जहां किसी कर अवधि के लिए प्ररूप जीएसटीआर-1 में जावक प्रदायों के ब्यौरे प्रस्तुत करने के लिए तारीख का अधिनियम की धारा 37 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विस्तार किया गया है, वहां प्रदायकर्ता प्ररूप जीएसटीआर-1 की सारणी 6क में यथा विनिर्दिष्ट निर्यातों से संबंधित जानकारी प्ररूप जीएसटीआर- उख में विवरणी प्रस्तुत कर दिए जाने के पश्चात् प्रस्तुत करेगा और उसे सीमाशुल्क द्वारा पदाभिहित प्रणाली को सामान्य पोर्टन द्वारा इलेक्ट्रानिक रूप से पारेषित किया जाएगा : परंतु यह और कि पहले परंतुक के अधीन सारणी 6 क में प्रस्तुत जानकारी उक्त कर अवधि के लिए प्ररूप जीएसटीआर -1 में स्वतः प्रारूपित की जाएगी । "

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-79-2017-1 -V(142) दिनांक 28 अक्टूबर, 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) क्रमांक 590 भोपाल दिनांक 28 अक्टूबर, 2017 में प्रकाशित। 1262(207)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-73-2017- पांच-3 (136)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-

1. अन्यथा उपबंधित के सिवाय , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 18 अक्टूबर, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम 2017 में,

(1) नियम 89 के उप नियम ( 1 ) में, तीसरे परंतुक के स्थान पर निम्नलिखित परंतुक रखा जाएगा, अर्थात्:-

"परंतु यह भी कि समझे गए निर्यातों के रुप में मानी गई पूर्तियों की बांबत, आवेदन निम्नलिखित द्वारा फाइल किया जा सकेगा, -

(क) समझी गई निर्यात पूर्तियों का प्राप्तिकर्ता ; या

(ख) उन मामलों में जहां प्राप्तिकर्ता ऐसी पूर्तियों पर इनपुट कर प्रत्यय का लाभ नहीं लेता है और इस आशय का वचनबंध देता है कि पूर्तिकर्ता प्रतिदाय का दावा कर सकेगा, वहां समझी गई निर्यात पूर्तियों का पूर्तिकर्ता" ;

(II ) नियम 96क के उपनियम ( 1 ) के खंड (क) में, " तीन मास की समाप्ति के पश्चात् शब्दों के पश्चात्, "या ऐसी अतिरिक्त अवधि जो आयुक्त द्वारा अनुज्ञात की जा सकेगी, " शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे

(III) प्ररुप जीएसटी आरएफडी - 01 में,

(क) "विवरण 2" के स्थान पर निम्नलिखित विवरण रखा जाएगा, अर्थात्:-

"विवरण 2 [नियम 89 (2)(ग)]

प्रतिदाय का प्रकार: कर के संदाय के साथ सेवाओं का निर्यात

(रकम रुपयों में) बीजक ब्यौरे

उपकर

एकीकृत कर

क्रम सं.

बीआरसी/ एफआईआरसी सं. तारीख

मूल्य

रकम

सं. तारीख कराधेय मूल्य

शुद्ध एकीकृत कर और उपकर 6+7+10 11 )

जमापत्र, यदि कोई हो, में अंतर्वलित एकीकृत ( कर और उपकर

नामे नोट, यदि कोई हो, में अंतवर्तित एकीकृत कर और उपकर

12

11

8

9

10

5

6

7

2

4

3

1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(208)

(ख) "विवरण 4" के स्थान पर निम्नलिखित विवरण रखा जाएगा, अर्थात्:-

"विवरण 4 [नियम 89 (2)( घ)और 89 (2)(ड. )]

प्रतिदाय का प्रकार- विशेष आर्थिक जोन यूनिट या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता (कर के संदाय पर) को की गई पूर्तियों के मद्दे

(रकम रुपयों में) बीजक ब्यौरे

एकीकृत कर

उपक र

शुद्ध एकीकृत कर और उपकर प्राप्तिक र्ताका जीएसटी आईएन

(8+9+10 -11)

जमा पत्र, यदि कोई हो , में अंतर्वलि त एकीकृत कर और उपकर

पोतपरिवह न पत्र/ निर्यात बिल/ विशेष आर्थिक जोन पृष्ठांकित बीजक

तारीख

तारी सं.

सं

नामे नोट यदि कोई हो, में अंतव र्लि एकीकृ त कर और उपकर

मू ल्य

रक म

कराधे य मूल्य

8

10

11

2

6

12

5

7.

9

1

34

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-73-2017-V- 3 ( 136) दिनांक 18 अक्टूबर, 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 571 भोपाल दिनांक 18 अक्टूबर , 2017 में प्रकाशित। 1262(209)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-08-2018-1- पांच-(9)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्ः-

(1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) नियम, 2018 है। (2) अन्यथा उपबंधित के सिवाय , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 23 जनवरी , 2018 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में, --

(i) नियम 3 के उपनियम (3 क) में " नब्बे दिन" शब्दों के स्थान पर " एक सौ अस्सी दिन" शब्द रखे जाएंगे;

(ii) नियम 20 के परंतुक का लोप किया जाएगा;

(iii ) नियम 24 के उपनियम (4) में " 31 दिसंबर, 2017 " अंकों, अक्षरों और शब्दों के स्थान पर "31 मार्च , 2018" अंक , अक्षर और शब्द रखे जाएंगे ;

(iv) नियम 31 के पश्चात् निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"31.क लॉटरी, बाजी, द्यूत तथा घुड़दौड़ की दशा में आपूर्ति का मूल्य.- ( 1 ) इस अध्याय के उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए , नीचे विनिर्दिष्ट आपूर्तियों के संबंध में मूल्य, इसमें इसके पश्चात् उपबंधित रीति से अवधारित किया जाएगा ।

(2 )(क) राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही लाटरी की आपूर्ति का मूल्य, टिकट के अंकित मूल्य का 100/112 या आयोजित करने वाले राज्य द्वारा राजपत्र में यथाअधिसूचित कीमत जो भी अधिक हो, समझी जाएगी;

(ख) राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही आपूर्ति का मूल्य, अंकित मूल्य का 100/128 या आयोजित करने वाले राज्य द्वारा राजपत्र में यथाअधिसूचित कीमत जो भी अधिक हो, समझी जाएगी;

स्पष्टीकरण इस उपनियम के प्रयोजन के लिए , अभिव्यक्तियां

(क) "राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही लॉटरी" से ऐसी लॉटरी अभिप्रेत है जो आयोजित करने वाले राज्य से भिन्न किसी राज्य में विक्रय किए जाने के लिए अनुज्ञात नहींहोगी;

(ख) "राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत लॉटरी" से ऐसी लॉटरी अभिप्रेत है जो आयोजित करने वाले राज्य से भिन्न राज्य/राज्यों में विक्रय करने के लिए प्राधिकृत है; और

(ग) "आयोजित करने वाले राज्य" का वही अर्थ होगा जो उसे लॉटरी (विनियमन) नियम, 2010 के नियम 2 के उपनियम( 1 ) के खंड (च) में दिया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(210)

(3) बाजी में जीतने के मौके के रुप में, द्यूत या दौड़ क्लब में घुड़दौड़ के अनुयोज्य दावे की आपूर्ति का मूल्य , बाजी के अंकित मूल्य या टोटलाइजर में संदत्त रकम का सौ प्रतिशत होगा । ";

(v) नियम 43 के उपनियम (2) , के पश्चात् स्पष्टीकरण के स्थान पर निम्नलिखित स्पष्टीकरण रखा जाएगा, अर्थात्:-

"स्पष्टीकरण:- नियम 42 और इस नियम के प्रयोजन के लिए यह स्पष्टीकृत किया जाता है कि छूट प्राप्त आपूर्ति के संकलित मूल्य में निम्नलिखित अपवर्जित होगा:-

(क) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय , राजस्व विभाग की भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उपखंड (i ) में सा.का.नि. सं. 1338 (अ) , तारीख 27 अक्तूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 42/2017 -एकीकृत कर(दर) , तारीख 27/10/2017 में विनिर्दिष्ट सेवाओं की आपूर्ति का मूल्य;

(ख) निक्षेपों को स्वीकारने द्वारा सेवाओं का मूल्य , ऋण या अग्रिम का विस्तार, जहां तक कि प्रतिफल व्याज या छूट द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, सिवाय बैंकिंग कंपनी या वित्तीय संस्था जिसके अंतर्गत गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी, जो निक्षेप स्वीकारने, ऋणों या अग्रिमों के विस्तार द्वारा सेवाओं की पूर्ति करने में लगे हुए हैं, भी हैं, के अपवर्जित होंगे, और

(ग) भारत में सीमाशुल्क स्टेशन निकासी से भारत के बाहर किसी स्थान पर जलयान द्वारा माल के परिवहन द्वारा सेवाओं की आपूर्ति का मूल्य । " ;

(vi ) नियम 54 में उपनियम ( 1 ) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"(1अ) (क ) एक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति जो इनपुट सेवा वितरक के रुप में समान पैन और राज्य कोड रखता है , वह सामान्य इनपुट सेवा के जमा को इनपुट सेवा वितरक को अंतरित करने के लिए बीजक या यथास्थिति, जमा या विकलन टिप्पण जारी कर सकेगा, जिसमें निम्नलिखित ब्यौरे अंतर्विष्ट होंगे:-

(i ) एक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति जो इनपुट सेवा वितरक के रुप में समान पैन और राज्य कोड रखता है का नाम, पता तथा माल और सेवाकर पहचान सं.;

(ii ) सोलह अक्षरों से अनधिक क्रमवर्ती क्रमसंख्या, एक या बहु श्रेणियां, जिसके अंतर्गत वर्ण या अंक या विशेष अक्षर हाइफन अथवा डैश या स्लैश चिह्न जैसे कि क्रमशः , "-" और "/" और वित्तीय वर्ष के लिए कोई विशिष्ट सहयोजन;

(iii ) जारी करने की तारीख;

(iv) सामान्य सेवा के आपूर्तिकर्ता का माल और सेवाकर पहचान सं. तथा मूल बीजक सं . जिसकी जमा इनपुट सेवा वितरक को अंतरित करना चाही गई है;

(v) इनपुट सेवा वितरक का नाम, पता तथा माल और सेवाकर पहचान सं.

(vi ) जमा का कराधेय मूल्य, दर और रकम जो अंतरित की जानी है; और

(vii) रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या उसके प्राधिकृत प्रतिनिधि का हस्ताक्षर या डिजिटल हस्ताक्षर । 1262(211)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(ख) खंड (क) के अधीन जारी बीजक में कराधेय मूल्य सामान्य सेवाओं के मूल्य के समान होगा । ";

(vii ) नियम 55 के पश्चात् निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्: - "55क माल के अंतरण के साथ आपूर्ति का कर बीजक या बिल.- वाहन के भार साधक व्यक्ति नियम 46, 46 क या यथास्थिति नियम 49 के उपबंधों के अनुसरण मे जारी आपूर्ति के कर बीजक के बिल की प्रति साथ रखेगा यदि ऐसे व्यक्ति के लिए इन नियमों के अधीन ई- वे बिल साथ में रखना अपेक्षित नहीं है । " ;

(viii) 23 अक्तूबर , 2017 से, नियम 89 के उपनियम (4क) और उपनियम (4ख) के स्थान पर निम्नलिखित उपनियम रखे जाएंगे, अर्थात्

" (4 क) प्राप्त आपूर्तियों की दशा में जिस तक आपूर्तिकर्ता ने इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक F.A- 3-74-2017-1-पांच ( 137) दिनांक 18 अक्तूबर , 2017, द्वारा प्रकाशित की गई थी का लाभ उठाया है को माल या सेवाओं अथवा दोनों की पूर्ति शून्य-दर बनाने के लिए उपयोग की गई अन्य इनपुट या इनपुट सेवाओं के संबंध में उपयोग किए गए इनपुट कर जमा का प्रतिदाय प्रदान किया जाएगा ।

(4ख) प्राप्त आपूर्ति की दशा में, आपूर्तिकर्ता इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक F.A- 3-76-2017-1- पांच ( 139) दिनांक 23 अक्तूबर , 2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उपखंड ( i ) में सा.का.नि. सं. 1321 (अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 41/2017 एकीकृत कर (दर) तारीख 23 अक्तूबर, 2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण , भाग 2, खंड 3, उपखंड (i ) में सा.का.नि. सं. 1272(अ ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 78/2017-सीमा-शुल्क तारीख 13 अक्तूबर, 2017 अथवा भारत के राजपत्र, असाधारण , भाग 2, खंड 3, उपखंड (i ) में सा.का.नि. सं. 1299 (अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 79/2017- सीमा शुल्क कर तारीख 13 अक्तूबर, 2017 या उन सभी, का लाभ उठाया है को माल के निर्यात के लिए उक्त अधिसूचना के अधीन प्राप्त इनपुट के संबंध में उपयोग किए गए इनपुट कर जमा का प्रतिदाय और माल का ऐसा निर्यात करने के लिए उपयोग के विस्तार तक की गई अन्य इनपुट या इनपुट सेवा के संबंध में उपयोग की गई इनपुट कर जमा प्रदान की जाएगी । "

( ixix) 23 अक्तूबर, 2017 से, नियम 96 में,

(क) उपनियम ( 1 ) में, " निर्यातकर्ता" शब्दों के स्थान पर " मालों के निर्यातकर्ता" शब्द रखे जाएंगे;

(ख) उपनियम (2 ) में, "सुसंगत निर्यात बीजकों" शब्दों के स्थान पर "निर्यात किए गए माल के संबंध में सुसंगत निर्यात बीजकों" शब्द रखे जाएंगे;

(ग) उपनियम (3 ) में, "सीमाशुल्क द्वारा अभिहित सिस्टम प्रतिदाय के दावे के लिए कार्यवाही करेगा " शब्दों के स्थान पर " सीमाशुल्क या सीमाशुल्क के समुचित अधिकारी, जैसा भी मामला हो , द्वारा अभिहित सिस्टम, मालों के निर्यात के संबंध में प्रतिदाय के दावे के लिए कार्यवाही करेगा " शब्द रखे जाएंगे;

(घ) उपनियम (9 ), के स्थान पर निम्नलिखित उपनियम रखा जाएगा, अर्थात्:-

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(212)

ف "(9) भारत के बाहर निर्यात की गई सेवाओं पर संदत्त एकीकृत कर के प्रतिदाय के लिए आवेदन प्ररुप जीएसटी आरएफडी-01 में भरा जाएगा और नियम 89 के उपबंधों के अनुसरण में व्यौवहार किया जाएगा" ।

(10) व्यक्ति जो निर्यात किए गए माल या सेवाओं के लिए संदत्त एकीकृत कर के प्रतिदाय का दावा करता है उसे ऐसी आपूर्ति प्राप्त नहीं करनी चाहिए जिस पर आपूर्तिकर्ता ने इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक F.A- 3-74-2017-1- पांच ( 137) दिनांक 18 अक्तूबर , 2017 या इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक F.A-3-76-2017-1-पांच (139) दिनांक 23 अक्तूबर, 2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उपखंड (i) में सा.का.नि. सं. 1321 (अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 41/2017-एकीकृत कर (दर), तारीख 23/10/2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण , भाग 2, खंड 3, उपखंड ( i ) में सा.का.नि. सं . 1272 (अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 78/2017-सीमा-शुल्क, तारीख 13/10/2017 या भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3 , उपखंड ( i) में सा.का.नि. सं. 1299 (अ) द्वारा प्रकाशित अधिसूचना सं. 79/2017-सीमा-शुल्क कर, तारीख 13/10/2017 का लाभ उठाया है । ";

(xx) तारीख 1 फरवरी, 2018 से, नियम 138 के स्थान से निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्:-

"138. माल का संचलन और ई -वे बिल के सृजन से पूर्व प्रस्तुत की जाने वाली सूचना( 1 ) प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, जो माल के पारेषण , जिसका मूल्य पचास हजार रुपए से अधिक है,का-

(i) किसी पूर्ति के संबंध में संचलन कारित करता है ; या

(ii) पूर्ति से भिन्न किसी कारण से संचलन कारित करता है ; या

(iii ) किसी गैर-रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से आवक पूर्ति के कारण संचलन कारित करता है,

ऐसे संचलन के प्रारंभ होने से पूर्व , उक्त माल के संबंध में सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग क में यथाविनिर्दिष्ट सामान्य पोर्टल पर अपेक्षित की जाने वाली ऐसी अन्य सूचना प्रस्तुत करेगा और उक्त पोर्टल पर एक विशिष्ट सं. सृजित किया होगी ।

परंतु जहां माल एक राज्य में अवस्थित स्वामी से अन्य राज्य में अवस्थित कार्यकर्मकार को भेजा जाता है, तो ई -वे बिल, पारेषण के मूल्य पर ध्यान दिए बिना स्वामी द्वारा सृजित जाएगा ।

परंतु यह और कि जहां हस्तशिल्प माल एक राज्य से दूसरे में किसी ऐसे व्यक्ति जो धारा 24 के खंड ( 1) और (II) के अधीन रजिस्ट्रीकरण प्राप्त करने की अपेक्षा से छूट प्राप्त है, द्वारा परिवहन किया जाता है तो ई - वे बिल, पारेषण के मूल्य पर ध्यान दिए बिना ऐसे व्यक्तिद्वारा सृजित जाएगा" 1262(213)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

स्पष्टीकरण 1 - इस नियम के प्रयोजन के लिए, अभिव्यक्ति " हस्तशिल्प माल" से वह अर्थ होगा जो इसे इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक F.A-3-62-2017-1-पांच ( 102) दिनांक 15 सितम्बर , 2017, द्वारा प्रकाशित , समय-समय पर यथासंशोधित, में दिया गया है । स्पष्टीकरण 2 - इस नियम के प्रयोजन के लिए माल का पारेषण मूल्य वह मूल्य होगा जो धारा 15 के उपबंधों के अनुसरण में अवधारित किया गया है बीजक, उक्त पारेषण के संबंध में जारी किए गए यथास्थिति, आपूर्ति के बिल या परिदान चालान में घोषित किया गया है और इसके अंतर्गत केन्द्रीय कर या संघ राज्य -क्षेत्र कर अथवा दस्तावेजों में भारित किया गया सैस, यदि कोई हो, भी है ।

(2) जहां माल का परिवहन रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति पारेषित के रूप में या पारेषिती के रूप में पूर्ति के प्राप्तिकर्ता के रूप में किया जाता है, चाहे स्वयं के परिवहन में या भाटक पर लिए गए या रेल द्वारा या वायुयान द्वारा या किसी जलयान द्वारा , तो उक्त व्यक्ति या प्राप्तिकर्ताः प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग ख में सूचना प्रस्तुत करने के पश्चात् सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप में प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 में ई-वे बिल का सृजन कर सकेगाः

परंतु जहां माल का परिवहन रेल द्वारा या वायुयान द्वारा या किसी जलयान द्वारा , किया जाता है ई -वे बिल आपूर्तिकर्ता या प्राप्तिकर्ता होते हुए रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा बनाया जाएगा, जो सामान्य पोर्टल पर निम्नलिखित प्रस्तुत करेगा -

(क) प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग ख में सूचना; और

(ख) यथास्थिति, रेलवे प्राप्ति या वायुयान पारेषण टिप्पण या लदान का बिल की क्रम सं. और तारीख ।

(3) जहां उपनियम (2) के अधीन ई -वे बिल सृजित नहीं किया जाता है और माल को सड़क द्वारा परिवहन के लिए परिवहनकर्ता को सौंप दिया जाता है तो रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति परिवहनकर्ता के संबंध में सामान्य पोर्टल पर सूचना प्रस्तुत करेगा और ई - वे बिल को उक्त पोर्टल पर परिवहनकर्ता द्वारा रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग क में प्रस्तुत सूचना के आधार पर सृजित किया जाएगा :

परंतु यथास्थिति, रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या परिवहनकर्ता अपने विकल्प पर ई - वे बिल का तब भी सृजन और वहन कर सकेगा जब पारेषण का मूल्य पचास हजार रुपए से कम है परंतु यह और कि जब संचलन किसी गैर-रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा या तो अपने स्वयं के या किसी भाटक पर वाहन या किसी परिवहनकर्ता के माध्यम से कारित किया जाता है तो वह या परिवहनकर्ता अपने स्वयं के विकल्प पर इस नियम में विनिर्दिष्ट रीति में सामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 में ई -वे बिल का सृजन कर सकेगा:

परंतु यह भी कि जहां माल का परिवहन राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में पारेषक के कारबार के स्थान से परिवहनकर्ता के कारबार के स्थान से आगे परिवहन के लिए दस किलोमीटर से कम दूरी के लिए किया जाता है तो पूर्तिकार या यथास्थिति परिवहनकर्ता प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग ख में वाहन के ब्यौरे प्रस्तुत नहीं करेंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(214)

स्पष्टीकरण 1.- इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए जब माल की पूर्ति किसी गैर- रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकार द्वारा किसी प्राप्तिकर्ता को की जाती है जो रजिस्ट्रीकृत है तो संचलन को ऐसे प्राप्तिकर्ता द्वारा कारित किया गया कहा जाएगा यदि माल का संचलन प्रारंभ होने के समय प्राप्तिकर्ता ज्ञात है ।

स्पष्टीकरण 2.- ई वे बिल, सड़क द्वारा माल के परिवहन के लिए विधिमान्य नहीं होगा जब तक कि प्ररुप जीएसटी ईब्ल्युबी-01 बिल भाग-ख में सूचना नहीं दी जाती है, सिवाय उस दशा के जब परिवहन उपनियम (3 ) के तीसरे परंतुक और उपनियम (5 ) के परंतुक के अंतर्गत आता है ।

(4) सामान्य पोर्टल पर ई - वे बिल के सृजन पर सामान्य पोर्टल पर पूर्तिकार, प्राप्तिकर्ता, परिवहनकर्ता को एक विशिष्ट ई -वे बिल संख्या (ईबीएन) उपलब्ध कराया जाएगा। (5) जब माल एक वाहन से दूसरे वाहन पर अंतरित किया जाता है तो पारेषणकर्ता या प्राप्तिकर्ता जिसनें प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग क में सूचना प्रदान की है या परिवहनकर्ता, ऐसे अंतरण और माल के परिवहन से पूर्व सामान्य पोर्टल पर प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 में वाहन के ई -वे बिल के ब्यौरे अद्यतन करेगा :

परंतु जहां मालों का परिवहन राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में परिवहनकर्ता के कारबार के स्थान से अंतिमतः पारेषिती के कारबार के स्थान से दस किलोमीटर से कम दूरी के लिए किया जाता है , तो वाहन के ब्यौरों को ई -वे बिल में अद्यतन नहीं किया जाएगा ।

(5क) पारेषणकर्ता या प्राप्तिकर्ता जिसने प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में सूचना दी है या परिवहनकर्ता पारेषण के आगे परिवहन के लिए प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग ख में सूचना अ‌द्यतन करने के लिए अन्य रजिस्ट्रीकृत या नामांकित परिवहनकर्ता को ईडब्ल्यूबी -01 बिल सं. समनुदेशित कर सकेगा ।

परन्तु एक बार परिवहनकर्ता द्वारा प्ररुप जीएसटी ईब्ल्युबी-01 के भाग ख में अद्यतन कर दी जाती है, यथास्थिति, पारेषणकर्ता या प्राप्तिकर्ता, जिसने प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग क में सूचना दी है, को किसी अन्य व्यक्ति को ई-वे बिल संख्या समनुदेशित करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।

(6) उपनियम (1 ) के उपबंधों के अनुसरण में ई- वे बिल के सृजन के पश्चात्, जहां बहुल पारेषणों को एक वाहन में परिवहन करना आशयित है तो परिवहनकर्ता ऐसे प्रत्येक पारेषण के संबंध में सामान्य पोर्टल पर इलैक्ट्रानिक रूप से सृजित ई -वे बिलों की क्रम संख्या को उपदर्शित कर सकेगा और माल के संचलन से पूर्व उक्त सामान्य पोर्टल पर उसकेद्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -02 में एक समेकित ई -वे बिल का सृजन किया जा सकेगा ।

(7) जहां पारेषक या पारेषिती ने उपनियम (1 ) के उपबंधों के अनुसार प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 का सृजन नहीं किया है और वाहन में ले जाए जाने वाले माल का मूल्य पचास हजार रुपए से अधिक है तो परिवहनकर्ता , यथास्थिति, पूर्ति के बीजक या बिल या परिदान चालान के आधार पर प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 का सृजन करेगा और माल के संचलन से पूर्वसामान्य पोर्टल पर प्ररूप जीएसटी ईब्ल्यूबी-02 में समेकित ई - वे बिल का भी सृजन कर सकेगा । 1262(215)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

परंतु जहां माल जिनका परिवहन किया जाना है उसकी ई- वाणिज्य परिचालक के माध्यम से आपूर्ति की जाती है वहां ऐसे ई -वाणिज्य परिचालक द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 के भाग क में सूचना दी जा सकेगी ।

(8) प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग क में प्रस्तुत सूचना को सामान्य पोर्टल पर रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकर्ता को उपलब्ध कराया जाएगा जो उसका उपयोग प्ररूप जीएसटीआर-01 में ब्यौरे प्रस्तुत करने के लिए कर सकेगा :

परंतु जहां सूचना गैर-रजिस्ट्रीकृत पूर्तिकार या गैर-रजिस्ट्रकृत प्राप्तिकर्ता द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 में प्रस्तुत की गयी है तो उसे इलैक्ट्रानिक रूप से सूचित किया जाएगा, यदि मोबाइल नंबर या ई-मेल उपलब्ध है ।

(9) जहां इस नियम के अधीन ई-वे बिल सृजित किया गया है किंतु माल का या तो परिवहन नहीं किया गया है या परिवहन प्रस्तुत ई-वे बिल के ब्यौरों के अनुसार नहीं किया गया है तो ई - वे बिल को सामान्य पोर्टल पर ई -वे बिल के सृजन के चौबीस घंटे के भीतर रह किया जा सकेगा:

परंतु किसी. ई -वे बिल को रद्द नहीं किया जा सकेगा यदि उसका नियम 138ख के उपबंधों के अनुसार अंतरण में सत्यापन कर दिया गया है ।

परंतु यह और कि उपनियम ( 1 ) के अधीन उत्पन्न विशिष्ट संख्या प्ररुप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग ख के अद्यतन के लिए 72 घंटे तक विधिमान्य होगी ।

(10) इस नियम के अधीन सृजित ई -वे बिल या समेकित ई-वे बिल सुसंगत तारीख से नीचे दी गई सारणी के स्तंभ (3) में वर्णित अवधि के लिए स्तंभ (2) में यथावर्णित माल का परिवहन की जाने वाली, देश के भीतर दूरी, के लिए विधिमान्य होगा:

सारणी

वैधता की अवधि

क्रम सं.

दूरी

(3)

(2)

(1)

1.

एक दिन

100 किलोमीटर तक

2.

एक अतिरिक्त दिन

प्रत्येक 100 किलोमीटर या तत्पश्चात् उसके भाग के लिए

परंतु आयुक्त, अधिसूचना द्वारा , किसी ई- वे बिल की विधिमान्यता की अवधि का उसमें विनिर्दिष्ट माल के कतिपय प्रवर्गों, जो उसमें विनिर्दिष्ट किए जाए , के लिए विस्तार कर सकेगा:

परंतु यह और कि आपवादिक प्रकृति की परिस्थितियों के अधीन, जहां माल का परिवहन ई- वे बिल की वैधता अवधि के भीतर नहीं किया जा सकता है, तो परिवहनकर्ता प्ररूप जीएसटी ईब्ल्युबी-01 के भाग ख में ब्यौरों को अ‌द्यतन करने के पश्चात् दूसरा ई- वे बिल सृजित कर सकेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(216)

स्पष्टीकरण-इस नियम के प्रयोजनों के लिए "सुसंगत तारीख " से वह तारीख अभिप्रेत होगी , जिसको ई - वे बिल का सृजन किया गया है और वैधता की अवधि की गणना उस समय से की जाएगी जिसको ई-वे बिल का सृजन किया गया है और प्रत्येक दिन की गणना चौबीस घंटों के रूप में की जाएगी ।

(11 ) उप- नियम (1 ) के अधीन सृजित ई- वे बिल के ब्यौरों को सामान्य पोर्टल पर निम्नलिखित को उपलब्ध कराया जाएगा-

(क) पूर्तिकार को, यदि वह रजिस्ट्रीकृत है , जहां प्राप्तिकर्ता या परिवाहक द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग क में जानकारी दी गई है; या

(ख) प्राप्तिकर्ता को, यदि वह रजिस्ट्रीकृत है, जहां पूर्तिकार या परिवाहक द्वारा प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01 के भाग क में जानकारी दी गई है,

और पूर्तिकार या प्राप्तिकर्ता , यथास्थिति, वह अपनी ई- वे बिल के अधीन आने वाले पारेषण की स्वीकृति या अस्वीकृति की संसूचना देगा ।

(12) जहां उपनियम ( 11 ) में निर्दिष्ट प्राप्तिकर्ता सामान्य पोर्टल पर ब्यौरों को उसे उपलब्ध कराने के बहत्तर घण्टे के भीतर अपनी स्वीकृति या अस्वीकृति से संसूचित नहीं करता है तो यह माना जाएगा कि उसने उक्त ब्यौरों को स्वीकार कर लिया है ।

(13 ) इस नियम या किसी राज्य के माल और सेवाकर नियमों के नियम 138 के अधीन सृजित ई -वे बिल प्रत्येक राज्य और संघ राज्यक्षेत्र में वैध होगा ।

(14) इस नियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी किसी ई-वे बिल को सृजित करने की अपेक्षा नहीं होगी

(क) जहां परिवहन किए जा रहे माल को उपाबंध में विनिर्दिष्ट किया गया है ;

(ख) जहां माल का परिवहन गैर- मोटरीकृत वाहन द्वारा किया जा रहा है ;

(ग) जहां माल का परिवहन किसी पत्तन , विमानपत्तन, एयर कार्गो परिसर और भू- सीमा- शुल्क केंद्र से किसी ईनलैंड कंटेनर डिपो या किसी कंटेनर फ्रेट स्टेशन को सीमा- शुल्क द्वारा अनापत्ति के लिए किया जा रहा है ; और

(घ) ऐसे माल के संचलन के संबंध में, और राज्य के ऐसे क्षेत्रों में और ऐसे मूल्य से अनधिक राशिके, जैसा राज्य कर आयुक्त, केंन्द्रीय कर के मुख्य आयुक्त से परामर्श कर, अधिसूचित करे।

(ङ) जहां डी-ऑयल्ड केक से भिन्न परिवहन किया गया माल इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक F.A- 3-35-2017-1-पांच (63 ) दिनांक 30 जून 2017 , द्वारा प्रकाशित , समय-समय पर यथासंशोधित, से उपाबद्ध अनुसूची में विनिर्दिष्ट है ;

(च) जहां माल, मानव उपभोग के लिए एल्कोहल लिकर, पेट्रोलियम अपरिष्कृत, हाई स्पीड डीजल, मोटर स्पिरिट (जिसे सामान्य रूप से पेट्रोल के रूप में जाना जाता है) , प्राकृतिक गैस और एविएशन टरबाइन ईंधन ; और 1262(217)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(छ) जहां परिवहन किए जाने वाले माल को अधिनियम की अनुसूची 3 के अधीन किसी आपूर्ति के रूप में नहीं माना जाता है ।

स्पष्टीकरण ई-वे बिल के सृजन और रद्द करने की सुविधा को एसएमएस के माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा सकेगा ।

उपाबंध

[( देखें नियम 138 (14) ]

माल का विवरण

क्र.सं.

(2)

(1)

(1) परिवार और गैर - घरेलू छूट वाले प्रवर्ग ( एनडीइसी ) ग्राहकों के लिए द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस की आपूर्ति

पीडीएस के अधीन बिक्रीत मिट्टी का तेल

(2)

डाक विभाग द्वारा परिवहन किए गए डाक सामान

(3)

(4) असली या कल्चरी मोती और कीमती या कम मूल्य के रत्न ; कीमती धातु और कीमती धातु की परत वाले धातु ( अध्याय -71 )

आभूषण , स्वर्णकार और रजतकार सामग्री और अन्य वस्तुएं ( अध्याय -71 )

(5)

करेंसी

(6)

निजी और घरेलू प्रभाव के उपयोग

(7)

प्रवाल , अकर्मित ( 0508 ) और कर्मित प्रवाल ( 9601 ) . ";

(8)

(xi ) हिन्दी पाठ में संशोधन की आवश्यकता नहीं है ।

(xii ) तारीख 1 फरवरी, 2018 से, नियम 138ख में उप-नियम (3 ) के परंतुक में " करने के पश्चात्किसी" शब्दों के स्थान पर "करने के पश्चात् किसी अन्य" शब्द रखे जाएंगे ;

(xiii) प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01 क में,

(क) विवरण 1 क के पश्चात् निम्नलिखित विवरण अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"विवरण-2 [ नियम 89 ( 2)(ग ) ]

प्रतिदाय का प्रकार कर संदाय सहित सेवाओं का निर्यात

(रकम रुपये में)

उपकर

एकीकृत कर

बीजक के ब्यौरे

क्र.सं.

नामे नोट में

बीआरसी/

एफआईआरसी

शुद्ध एकीकृत

जमापत्र में अन्तर्वलित मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262( 218)

मूल्य

रकम

सं. तारीख

सं. तारीख

कराधेय मूल्य

कर और उपकर (6+7+10- 11)

उपकर , अन्तर्वलित एकीकृत कर और यदि कोई

एकीकृत कर और उपकर, यदि कोई हो

4

7 8

11

10

12

1 23

5

6

9

विवरण -3 [ नियम 89( 2)(ख) और 89(2)(ग)]

प्रतिदाय का प्रकार : कर संदाय के बिना निर्यात (संचित आईटीसी)

(रकम रुपये में)

बीजक के ब्यौरे

क्र. सं.

पोत परिवहन पत्र/निर्यात पत्र

ईजीएम के ब्यौरे

बीआरसी/ एफआईआरसी

माल/सेवा (जी/एस)

पत्तन

तारीख से. तारीख

तारीख

मूल्य

तारीख

संदर्भ सं.

1 2

3

4

7

5

6

8

9 10 11 12";

(ख) विवरण उक के पश्चात् निम्नलिखित विवरण अन्तःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-

"विवरण-4 [ नियम 89 (2 )(घ) और 89(2) (ङ) ]

प्रतिदाय का प्रकार : विशेष आर्थिक जोन यूनिट/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को (कर का संदाय पर) किए गए प्रदाय के मद्दे

(रकम रुपये में)

बीजक के ब्यौरे

एकीकृत कर उप कर

प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन

९

जमा पत्र में अन्तर्वलि

शुद्ध एकीकृ त कर उपकर (8+9+ 10-11) त और

विशेष

आर्थिक जोन

द्वारा पोत

परिवहन

पत्र/निर्यात

पत्र/पृष्ठांकित

बीजक

नामे नोट में अन्तर्वलि त एकीकृत कर और उपकर,

एकीकृत कर और उपकर, 1262( 219)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

मूल्य सं. तारीख कराधेय रकम

सं. तारीख

यदि कोई यदि कोई

मूल्य

हो हो

1

3 4

11

2

5 6

7

8 9 10

12";

(xiv) तारीख 1 फरवरी , 2018 से, प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 और प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी- 02 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखे जाएंगे, अर्थात्:-

"प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -01

(नियम 138 देखिये)

ई-वे बिल

ई-वे बिल सं.

ई -वे बिल की तारीख

सृजनकर्ता

से विधिमान्य

तक विधिमान्य

भाग-क

क.1 प्रदायकर्ता का जीएसटीआईएन

क.2 प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन

क.3 परिदान का स्थान

क.4 दस्तावेज संख्यांक

क.5 दस्तावेज की तारीख

माल का मूल्य

क.6

एचएसएन कोड

क.7

परिवहन के कारण

क.8

भाग-ख मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(220)

सड़क के लिए यान संख्यांक

ख.1

परिवहन दस्तावेज संख्यांक

ख.2

टिप्पणः

1. क.7 में एचएसएन कोड पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये तक वार्षिक आवर्त रखने वाले करदाताओं के लिए न्यूनतम दो अंकीय स्तर और पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में पांच करोड़ रुपये से ऊपर का वार्षिक आवर्त रखने वाले करदाताओं के लिए चार अंकीय स्तर पर उपदर्शित किया जाएगा ।

2. दस्तावेज संख्या कर बीजकपरिदान चालान या प्रवेश पत्र का हो सकेगा । ,पत्र-प्रदाय , 3. परिवहन दस्तावेज संख्यामाल रसीद संख्या या रेल रसीद संख्या या वायु मार्ग बिल संख्या या , पोत परिवहन पत्र संख्या को उपदर्शित करता है ।

परिदान का स्थान परिदान के स्थान का , पिन कोड उपदर्शित करेगा ।

4.

5. परिवहन का कारण निम्नलिखित में से एक चुना जाएगा : -

कोड विवरण

प्रदाय

निर्यात या आयात

छुट-पुट कार्य

एसकेडी या सीकेडी

प्राप्तिकर्ता ज्ञात नहीं

है

लाइन सेल्स

विक्रय की विवरणी

प्रदर्शनी या मेले

स्वयं के उपयोग के

लिए

0

अन्य मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(221)

प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी -02

(नियम 138 देखें)

समेकित ई-वे बिल

समेकित ई-वे बिल संख्यांक

समेकित ई -वे बिल की तारीख

सृजनकर्ता

यान संख्या

ई-वे बिल संख्या

ई-वे बिल सं. " ;

(xv) हिन्दी पाठ में संशोधन की आवश्यकता नहीं है ।

(xvi) हिन्दी पाठ में संशोधन की आवश्यकता नहीं है ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-08-2018-1-V- (9) दिनांक 23 जनवरी, 2018, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 48 भोपाल दिनांक 23 जनवरी, 2018 में प्रकाशित। क्रमांक एफ ए 3-91-2017-1-पांच(159)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017 ) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मध्यप्रदेश माल और सेवाकर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-

1. अन्यथा उपबंधित के सिवाय, यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 21 दिसम्बर, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवाकर नियम , 2017 में,- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(222)

(1 )प्ररूप जीएसटीआर -1 में, सारणी-6 के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्:-

"6. शून्य दर पूर्तियां और समझे गए निर्यात

केंद्रीय कर

राज्यकर संघ राज्यक्षेत्र कर उपकर बीजक के ब्यौरे

एकीकृत कर

प्राप्तिकर्ता का जीएसटीआईएन

शिपिंग बिल/निर्यात काबिल

रकम दर

दर

रकम दर

तारीख

सं. तारीख मूल्य सं.

कराधेय रकम मूल्य

कराधेय मूल्य

कराधेय मूल्य

16

14. 15

11

12

8

13

7

9 10

3

1

2

4 5 6

6क. निर्यात

6ख. विशेष आर्थिक जोन इकाई या विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को की गई पूर्तियां

6ग. समझे गए निर्यात

";

(ii) प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01, -

(क) सारणी 7 में, खंड (ज) में, "समझे गए निर्यात का प्राप्तिकर्ता "शब्दों के स्थान पर " समझी गई निर्यात पूर्तियों का प्राप्तिकर्ता/समझी गई निर्यात पूर्तियों का पूर्तिकार " शब्द रखे जाएंगे ;

(ख) विवरण 1 के पश्चात् निम्नलिखित विवरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"विवरण 1 क [नियम 89(2 )(ज)]

प्रतिदाय किस्म: विपर्यस्त कर ढांचे के कारण संचित आईटीसी [धारा 54(3 ) के पहले परंतुक का खंड (II ) ]

आवक पूर्तियों पर रांदत कर

जारी जानक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे

जावक पूर्तियों पर संदत्त कर क्रम सं.

प्राप्त पूर्तियों के आवक बीजकों के म्यौरे

सं.

केंद्रीय कर

सं.

केंद्रीय कर कराधेय मूल्य एकीकृत कर

तारीख

तारीख कराधेय मूल्य

एकीकृत कर

राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर

राज्य कर/संव राज्यक्षेत्र कर 1

2

3

5

4

6

7

8 9

10

11

12

13 1262( 223 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(ग) विवरण 5क के पश्चात् निम्नलिखित विवरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"विवरण 5ख [नियम 89(2)(छ)]

प्रतिदाय किस्म: समझे गए निर्यातों के लेखे

(रकम रुपएमें) क्रम सं.

संदत्त कर

पूर्तिकार द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में जावक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे/ प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय की दशा में आवक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे

सं. तारीख

राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर

उपकर कराधेय मूल्य

केंद्रीय कर

एकीकृत कर

2

1

4

5

6

3

7

8 (घ) घोषणा [नियम 89(2)(छ) ] के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्:-

"घोषणा [नियम 89(2 )(छ)]

(समझे गए निर्यात के प्राप्तिकर्ता/पूर्तिकार के लिए)

प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में Π मैं, घोषणा करता हूं कि प्रतिदाय का दावा केवल उन बीजकों के लिए किया गया है, जिनके ब्यौरे विवरण 5ख में उस कर अवधि के लिए दिए गए हैं, जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है और रकम. उक्त कर अवधि के लिए फाइल की गई वैध विवरणी में लिए गए इनपुट कर प्रत्यय की रकम से अधिक नहीं है । मैं, यह भी घोषणा करता हूं कि पूर्तिकार ने उक्त पूर्तियों के संबंध में प्रतिदाय का दावा नहीं किया है ।

:

पूर्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में Π

मैं, घोषणा करता हूं कि प्रतिदाय का दावा केवल उन बीजकों के लिए किया गया है, जिनके ब्यौरे विवरण 5 ख में उस कर अवधि के लिए दिए गए हैं, जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है । मैं, यह भी घोषणा करता हूं कि प्राप्तिकर्ता उक्त पूर्तियों के संबंध में किसी प्रतिदाय का दावा नहीं करेगा और प्राप्तिकर्ता ने ऐसी पूर्तियों परं किसी इनपुट कर प्रत्यय भी नहीं लिया हैं।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम / प्रास्थिति";

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(224)

वचनबंध

मैं एतद् द्वारा , वचन देता हूँ कि यदि बाद में यह पाया जाता है कि रिफण्ड की गई राशि के संबंध में सीजीएसटी अधिनियम / एससीजीएसटी अधिनियम की धारा 42 की उपधारा (2) के साथ पठित धारा 16 की उपधारा (2) के उपवाक्य (ग) में विनिर्दिष्ट अपेक्षायें पूरी नहीं हुई है तो मैं स्वीकृत रिफण्ड की राशि तथा साथ में उस पर लगने वाले ब्याज को लौटा दूँगा ।

हस्ताक्षर

नाम-

पदनाम / प्रास्थिति";

(III) प्ररूप जीएसटी आरएफडी-01 क में, -

(के) सारणी 7 में, खंड (छ) में, "समझे गए निर्यात का प्राप्तिकर्ता शब्दों के स्थान पर "समझे गए निर्यातका प्राप्तिकर्ता/समझे गए निर्यात का पूर्तिकर्ता" शब्द रखे जाएंगे;

(ख) घोषणा: [नियम 89(2 )(च )] के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:--

"घोषणा [नियम 89(2)( छ)]

(समझे गए निर्यात का प्रातिकर्ता/पूर्तिकार)

प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में Π

मैं, घोषणा करता हूं कि प्रतिदाय का दावा केवल उन बीजकों के लिए किया गया है, जिनके ब्यौरे विवरण 5ख में उस कर अवधि के लिए दिए गए हैं, जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है और रकम उक्त कर अवधि के लिए फाइल की गई वैध विवरणी में लिए गए इनपुट कर प्रत्यय की रकम से अधिक नहीं है । मैं, यह भी घोषणा करता हूं कि पूर्तिकार ने उक्त पूर्तियों के संबंध में प्रतिदाय का दावा नहीं किया है ।

पूर्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में Π

मैं, घोषणा करता हूं कि प्रतिदाय का दावा केवल उन बीजकों के लिए किया गया है, जिनके ब्यौरे विवरण 5ख में उस कर अवधि के लिए दिए गए हैं, जिसके लिए प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है । मैं , यह भीभी घोषणा करता हूं कि प्राप्तिकर्ता उक्त पूर्तियों के संबंध में किसी प्रतिदाय का दावा नहीं करेगा और प्राप्तिकर्ता ने ऐसी पूर्तियों पर किसी इनपुट कर प्रत्यय भी नहीं लिया है ।

हस्ताक्षर

नाम-

पदनाम/ प्रास्थिति";

1262(225)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

वचनबंध

मैं एतद् द्वारा , वचन देता हूँ कि यदि बाद में यह पाया जाता है कि रिफण्ड की गई राशि के संबंध में सीजीएसटी अधिनियम / एससीजीएसटी अधिनियम की धारा 42 की उपधारा (2) के साथ पठित धारा 16 की उपधारा (2) के उपवाक्य (ग) में विनिर्दिष्ट अपेक्षायें पूरी नहीं हुई है तो मैं स्वीकृत रिफंण्ड की राशि तथा साथ में उस पर लगने वाले ब्याज को लौटा दूँगा ।

हस्ताक्षर

नाम-

पदनाम / प्रास्थिति";

: (ग) विवरण 1 के पश्चात् निम्नलिखित विवरण अंतःस्थापित किया जाएगा , अर्थात्:-

"विवरण 1 क [नियम 89(2 )(ज)]

प्रतिदाय किस्म: विपर्यस्त कर ढांचे के कारण संचित आईटीसी (धारा 54( 3 ) के पहले परंतुक का खंड (II)]

आवक पूर्तियों पर संदत्त कर

जावक पूर्तियों पर संवत्त कर

जारी जावक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे

प्राप्त पूर्तियों के आवक बीजकों के ब्यौरे

क्रम सं.

सं.

केंद्रीय कर

सं.

केंद्रीय कर तारीख कराधेय मूल्य एकीकृत कर

तारीख कराधेय मूल्य

एकीकृत कर

राज्य कर/संव राज्यक्षेत्र कर

राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर 2

4

1

3

5

6

7

8

9

10

11

12

13 (घ) विवरण 5 क के पश्चात् निम्नलिखित विवरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"विवरण 5ख [नियम 89(2)(छ)]

प्रतिदाय किस्म: समझे गए निर्यातों के लेखे

(रकम रुपए में) क्रम सं.

संदत्त कर

पूर्तिकार द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में जावक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे/ प्राप्तिकर्ता द्वारा प्रतिदाय का दावा करने की दशा में आवक पूर्तियों के बीजकों के ब्यौरे

सं तारीख

कराधेय मूल्य

केंद्रीय कर

राज्य कर/संघ राज्यक्षेत्र कर

एकीकृत कर

उपकर 1

2

3

4

5

6

7

8 (3) यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-91-2017-1 -V(159) दिनांक 21 दिसम्बर, 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) क्रमांक 682 भोपाल दिनांक 21 दिसम्बर, 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(226)

क्रमांक एफ ए 3-83-2017-1-पांच( 154)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-

संशोधन

1. मध्यप्रदेश मान और सेवा कर नियम, 2017में, -

(i) नियम 43 में, उपनियम (2) के पश्चात्, निम्नलिखित स्पष्टीकरण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"स्पष्टीकरण- नियम 42 और इस नियम के प्रयोजनों के लिए , यह स्पष्ट किया जाता है कि छूट प्राप्त प्रदायों के संकलित मूल्य में, भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खण्ड 3 , उपखण्ड (i) में सा.का.नि. संख्यांक 1338(ई) , तारीख 27 अक्टूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित भारत सरकार के वित्त मंत्रालय , राजस्व विभाग की अधिसूचना संख्यांक 42/2017-एकीकृत कर, तारीख 27 अक्टूबर, 2017 में विनिर्दिष्ट सेवाओं के प्रदाय के मूल्य को अपवर्जित किया जाएगा । " ;

(ii ) नियम 54 के उपनियम (2) में, "प्रदायकर्ता उसके स्थान पर कोई बीजक या कोई अन्य दस्तावेज जारी करेगा" शब्दों के स्थान पर, " प्रदायकर्ता उसके स्थान पर कोई बीजक या कोई अन्य दस्तावेज जारी कर सकेगा" शब्द रखे जाएंगे;

(iii) नियम 97 के पश्चात्, निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:--

: " 97क, मैनुअल रूप से फाइल किया जाना और प्रक्रमण- इस अध्याय में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इसमें विहित किसी कार्रवाई या प्रक्रिया के संबंध में, सामान्य पोर्टल पर किसी आवेदन, संसूचना, उत्तर, घोषणा, कथन के इलैक्ट्रानिक रूप से फाइल किए जाने, या किसी सूचना, आदेश या प्रमाणपत्र के इलैक्ट्रानिक रूप से जारी किए जाने के प्रति कोई निर्देश, उक्त आवेदन, संसूचना, उत्तर, घोषणा , कथन के मैनुअल रूप से फाइल किए जाने या उक्त सूचना, आदेश या प्रमाणपत्र के ऐसे प्ररूप में, जो इन नियमों से संलग्न है, जारी किए जाने सहित उस कार्रवाई या प्रक्रिया के संबंध में होगा । " ;

(iv) नियम 107 के पश्चात्, निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"107क, मैनुअल रूप से फाइल किया जाना और प्रक्रमण-इस अध्याय में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, इसमें विहित किसी कार्रवाई या प्रक्रिया के संबंध में, सामान्य पोर्टल पर किसी आवेदन, संसूचना, उत्तर, घोषणा, कथन के इलैक्ट्रानिक रूप से फाइल किए जाने, या किसी सूचना, आदेश या प्रमाणपत्र के इलैक्ट्रानिक रूप से जारी किए जाने के प्रति कोई निर्देश, उक्त आवेदन, संसूचना, उत्तर, घोषणा, कथन के मैनुअन रूप से फाइन किए जाने या उक्त सूचना, आदेश या प्रमाणपत्र के ऐसे प्ररूप में, जो इन नियमों से संनग्न है, जारी किए जाने सहित उस कार्रवाई या प्रक्रिया के संबंध में होगा । " ;

(v) नियम 109 के पश्चात् निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"109 क. अपील प्राधिकारी की नियुक्ति ( 1 ) इस अधिनियम या राज्य माल और सेवा कर अधिनियम या संघ राज्यक्षेत्र मान एवं सेवा कर अधिनियम के अधीन पारित किसी विनिश्चय या 1262(227)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

ओदश से व्यथित कोई व्यक्ति, उस तारीख से, जिसको उक्त विनिश्चय या आदेश की संसूचना ऐसे व्यक्तिको दी जाती है, तीन मास के भीतर,-

(क) विशेष आयुक्त(अपील) / अपर आयुक्त(अपील) को अपीन कर सकेगा, जहां ऐसा विनिश्चय या आदेश संयुक्त आयुक्त द्वारा पारित किया गया हो ;

(ख) संयुक्त आयुक्त (अपील) को अपील कर सकेगा, जहां ऐसा विनिश्चय या आदेश उपायुक्त या सहायक आयुक्त या राज्य कर अधिकारी द्वारा पारित किया गया हो।

(2) इस अधिनियम या केंन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम या संघ राज्यक्षेत्र मान और सेवा कर अधिनियम के अधीन पारित किसी विनिश्चय या आदेश के विरुद्ध अपील करने के लिए धारा 107 की उपधारा (2) के अधीन निदेशित कोई अधिकारी, उक्त विनिश्चय या आदेश की संसूचना की तारीख से छह मास के भीतर,

:(क) ) विशेष आयुक्त(अपीन) / अपर आयुक्त(अपील) को अपील कर सकेगा, जहां ऐसा विनिश्चय या आदेश संयुक्त आयुक्त द्वारा पारित किया गया हो ;

(ख) संयुक्त आयुक्त (अपील) को अपील कर सकेगा, जहां ऐसा विनिश्चयःया आदेश उपायुक्त या सहायक आयुक्त या राज्य कर अधिकारी द्वारा पारित किया गया हो।";

(vi ) "प्ररूप जी.एस.टी. आर.एफ.डी. 01 " के पश्चात्, निम्नलिखित प्ररूप अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्:-

" प्ररूप जी.एस.टी. आर.एफ.डी. 01क

[नियम 89( 1 ) और नियम 97क देखें।

प्रतिदाय के लिए आवेदन (मैनुएल रूप से)

(नैमित्तिक कराधेय व्यक्ति , अनिवासी कराधेय व्यक्ति, कर की कटौती करने वाले व्यक्ति, कर संग्रहण करने वाले व्यक्तिया अन्य रजिस्ट्रीकृत कराधेय व्यक्ति को लागू)

1. जी.एस.टी.आई.एन./ अस्थाई पहचान पत्र

2. विधिक नाम

3. व्यापार का नाम , यदि कोई हो

4.

पता

5.

<वर्ष ><मास> तक

<वर्ष ><मास > से

कर की अवधि (यदि लागू हो)

अन्य

योग 6.

ब्याज शास्ति फीस

अधिनियम कर

गए रकम

केंद्रीय कर

दावा किए प्रतिदाय की (रू..)

राज्य/संघ

राज्यक्षेत्र कर

एकीकृत कर

उपकर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(228)

योग

7.

(क) इलेक्ट्रानिक जमा खाते में आधिक्य अधिशेष

(ख ) सेवाओं का निर्यात कर के भुगतान के साथ

मान/सेवाओं का निर्यात कर के भुगतान के बिना (संचित आई.टी.सी.)

(ग)

दावा किए गए प्रतिदाय के आधार (सामने में से चुनें)

(घ). विपरीत कर संरचना के प्रति शोध्य संचित आई.टी.सी. [धारा 54(3 ) के पहले परंतुक के खंड (II ) के अधीन]

(ङ) विशेष आर्थिक जोन इकाइयों/ विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ताओं को किए गए प्रदाय के कारण (कर के भुगतान के साथ)

(च) विशेष आर्थिक जोन इकाइयों/ विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ताओं को किए गए प्रदाय के कारण (कर के भुगतान के बगैर)

समझा गया निर्यात का प्राप्तिकर्ता

घोषणा (धारा 54(3) का दूसरा परंतुका

मैं घोषणा करता /करती हूँ कि निर्यात किया गया माल किसी निर्यात शुल्क के अध्यधीन नहीं है । मैं यह भी घोषणा करता/करती हूँ कि मैंने इस माल या सेवा या दोनों पर कोई भी प्रतिदायगी का उपभोग नहीं किया है और मैंने उस प्रदाय पर भुगतान किए गये एकीकृत कर के ऐसे प्रतिदाय का कोई दावा नहीं किया है जिसके संबंध में प्रतिदाय का दावा किया जा रहा है ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम/प्रास्थिति

घोषणा ( धारा 54( 3) ( ii) ]

मैं घोषणा करता/करती हूँ कि आवेदन में दावा किए गए आई.टी.सी. प्रतिदाय में शून्य दर वाली या पूर्णतया छूट - प्राप्त प्रतिदायों के लिए उपयोग किए गए माल या सेवाओं पर उपभोग किया गया आई.टी.सी. सम्मिलित नहीं है ।

हस्ताक्षर

नाम -

पदनाम/प्रास्थिति

घोषणा । नियम 89( 2) (च)

मैं घोषणा करता/करती हूँ कि विशेष आर्थिक जोन इकाई / विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता ने आवेदक के द्वारा संदत्त कर के ऐसे इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग नहीं किया है, जो इस प्रतिदाय दावे के अंतर्गत आता है ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम/प्रास्थिति मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(229)

स्वघोषणा ।नियम 89 (2) (छ) ।

मैं। हम (आवेदक), जीएसटीआईएन। अस्थायी आईडी करती हूं।करते हैं और प्रमाणित करता हूं/करती हूं।करते हैं कि से सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं। तक कि अवधि के लिए कर, ब्याज या अन्य किसी राशि से संबंधित रूपये की राशि के प्रतिदाय के संबंध में प्रतिदाय आवेदन में जिसका दावा किया गया है , उसके बारे में ऐसे कर और ब्याज के भार को किसी अन्य व्यक्ति पर आरोपित नहीं किया गया है ।

हस्ताक्षर

नाम

पदनाम/प्रास्थिति

(यह घोषणा उन आवेदकों के लिए अपेक्षित नहीं है, जिन्होंने धारा 54 की उपधारा (8) के खंड (क) या खंड (ख) या खंड (ग) या खंड (घ) या खंड (च) के अधीन प्रतिदाय का दावा किया है । )

8. सत्यापन

मैं। हम करदाता का नाम , सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं। करती हूं/करते हैं और यह घोषणा करता हूं।करती हूं। करते हैं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे हमारे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास में सत्य तथा सही है और इसमें कोई भी बात छिपाई नहीं गई है ।

मैं।हम घोषणा करता हूं।करती हूं।करते हैं कि इसके पहले मैंने हमने इस निमित्त कोई भी प्रतिदाय नहीं लिया है ।

स्थान तारीख

प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता के हस्ताक्षर (नाम)

पदनाम/प्रास्थिति

अनुबंध-1

विवरण -1 [नियम 89(5 )]

प्रतिदाय का प्रकार : विपरीत कर संरचना के कारण संचित शोध्य आईटीसी (धारा 54 (3) के पहले परंतुक का खंड(ii)]

(राशि रूपये में)

शुद्ध इनपुट कर प्रत्यय

समायोजित कुल आवर्त

मान की विपरीत कर दर पर प्रदाय का आवर्त:

माल की ऐसी विपरीत कर दर पर संदेय कर

दावा किये जाने वाली अधिकतम प्रतिदाय की राशि [(1×4+3)-2]

1

2

3

4

5

विवरण- 3 क नियम 89(4)]

प्रतिदाय का प्रकार कर के संदाय के बिना निर्यात (संचित आईटीसी) प्रतिदाय राशि की संगणना

(राशि रूपये में)

शुद्ध इनपुट कर

कुल

प्रत्ययः

प्रतिदाय की राशि (1×2+3)

शून्य दर पर माल और सेवाओं के प्रदाय का आवर्त

समायोजित आवर्त

1

2

4

3

विवरण-5क | नियम 89(4)]

प्रतिदाय का प्रकार: विशेष आर्थिक जोन इकाईयों/विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता को कर के भुगतान के बिना किए जाने वाले प्रदाय के कारण (संचित आईटीसी) प्रतिदाय की राशि की संगणना

(राशि रूपये में) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(230)

कुल

शुद्ध इनपुट कर

प्रतिदाय की राशि (1×2+3)

प्रत्यय

शून्य दर पर माल और सेवाओं के प्रदाय का आवर्त

समायोजित आवर्त

1.

2

3

4

प्ररूप-जीएसटी-आरएफडी-01 ख

[नियम 91 (2 ), 92 ( 1 ) , 92 (3 ), 92(4 ), 92(5 ) और 97क देखें]

प्रतिदाय आदेश के ब्यौरे

1.

एआरएन

2. जीएसटीआईएन। अस्थायी आईडी

3.

विधिक नाम

4. फाइल किए जाने की तारीख

5. प्रतिदाय का कारण

6. वित्तीय वर्ष

7.

मास

8.

आदेश सं.:

9. आदेश को जारी किए जाने की तारीख:

10. पेमेंट एडवाइस की सं.:

11. पेमेंट एडवाइस की तारीख:

12. जिसको प्रतिदाय जारी किया गया: ड्राप डाउन करदाता / उपभोक्ता कल्याण निधि

13. के द्वारा जारी:

14. टिप्पणी:

15 .

आदेश का प्रकार

ड्राप डाउन: आरएफडी 04/06/07 (भाग क)

16.

प्रतिदाय राशि के ब्यौरे (मैनुअल रूप से जारी आदेश के अनुसार):

उपक

केन्द्रीय कर राज्य/संघ राज्यक्षेत्र कर

विवरणएकीकृत कर

शास्ति

शास्ति

शुल्क

शुल्क

ब्याज

अन्य

कर

कर

क. दावा की गई प्रतिदाय राशि

ख. अनंतिम आधार पर मंजूर किया गया प्रतिदाय

ग. अतिशेष राशि

घ. अस्वीकार्य प्रतिदाय राशि

ङ सकल राशि, जिसका भुगतान किया जाना है ..

च. व्याज ( यदि कोई हो)

छ. विद्यमान विधि के अधीन या अधिनियम के अधीन बकाया मांग के स्थान पर समायोजित राशि

ज. शुद्ध राशि, जिसका भुगतान किया जाना है 1262(231)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

आरएफडी-04; आरएफडी 06; आरएफडी 07 (भाग क) कुर्की (आदेश)

17.

हस्ताक्षर (डीएससी):

तरीख:

नाम :

स्थान :

पदनाम:

कार्यालय का पता :

(2) अन्यथा उपबंधित के सिवाय , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में, अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 15 नवम्बर , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

(3) यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-83-2017-1 -V (154) दिनांक 15 नवम्बर , 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 616 भोपाल दिनांक 15 नवम्बर , 2017 में प्रकाशित।

क्रमांक एफ ए3-59-2017-1- पांच (99)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 128 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , परिषद् की सिफारिशों पर , उन सभी रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के लिए , जो नियत तारीख तक जुलाई , 2017 मास के लिए प्ररूप जीएसटीआर-3ख में असफल रहे हैं, उक्त अधिनियम की धारा 47 के अधीन संदेय विलंब फीस का अधित्यजन करती हैं ।

2. यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) में , अंग्रेजी में प्रकाशन दिनांक 5 सितम्बर , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-59-2017-1 -V(99) दिनांक 5 सितम्बर, 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 480 भोपाल दिनांक 5 सितम्बर, 2017 में प्रकाशितः । 1262(232)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए- 3-50-2017-1-पांच(69)

1 राज्य सरकार , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 (क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 9 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद् की सिफारिशों पर इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ ए-3-33-2017-1-पांच(42), दिनांक 5 अगस्त, 2017 में निम्नलिखित संशोधन करती है, अर्थात्:-

संशोधन

उक्त अधिसूचना में, -

(1) अनुसूची । - 2.5 % में क्रम सं. 182 और उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात् निम्नलिखित क्रम सं. और प्रविष्टियां अंतःस्थापित की जाएंगी, अर्थात्:-

(3)

(1) (2)

"182क 3102 खनिज या रसायनिक उर्वरक, नाइट्रोजनी , उनसे भिन्न, जिनका स्पष्ट रूप से उर्वरक के रूप में उपयोग नहीं किया जाना है

182ख 3103 खनिज या रसायनिक उर्वरक, फास्फेटी, उनसे भिन्न, जिनका स्पष्ट रूप से उर्वरक के रूप में उपयोग नहीं किया जाना है

1827 3104 खनिज या रसायनिक उर्वरक , पोटाशी, उनसे मिन्न, जिनका स्पष्ट रूप से उर्वरक के रूप में उपयोग नहीं किया जाना है

182घ 3105. खनिज या रसायनिक उर्वरक, जिनमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाशियम में से दो या तीन उर्वरक तत्व अंतर्विष्ट हैं अन्य उर्वरक इस अध्याय के माल , टिकियों या वैसे ही रूपों में या पैकेजों में, जिनका सकल भार 10 कि.ग्रा. से अधिक नहीं है, उनसे भिन्न, जिनका स्पष्ट रूप से उर्वरक के रूप में उपयोग नहीं किया जाना है";

(II) अनुसूची ॥ - 6 % में क्रम सं. 66, 67 , 68 और 69 तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों का लोप किया जाएगा ।

2. यह अधिसूचना 1 जुलाई , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

: 3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए- 3-50-2017-1-V(69) , दिनांक 6 जुलाई , 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 337 भोपाल दिनांक 6 जुलाई , 2017 में प्रकाशित। 1262( 233)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

क्रमांक एफ ए 3-45/2017/1/पांच/(56)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम कहा गया है ) की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, यह समाधान हो जाने पर कि लोकहित में ऐसा करना आवश्यक हैं, परिषद् की सिफारिशों पर, किसी कटौतीकर्ता द्वारा , जो उक्त अधिनियम की धारा 51 के अधीन राज्य के भीतर माल या सेवा या दोनों की पूर्ति पर किसी पूर्तिकार से, जो रजिस्ट्रीकृत नहीं है, उक्त अधिनियम की धारा 9 की उपधारा (4) के अधीन उस पर उद्‌ग्रहणीय संपूर्ण राज्य कर से, इस शर्त के अधीन रहते हुए छूट प्रदान करती है कि कटौतीकर्ता उक्त अधिनियम की धारा 24 के उपखंड (vi ) के अधीन अन्यथा रजिस्ट्रीकृत होने के लिए दायी नहीं है ।

2. यह अधिसूचना 1 जुलाई , 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-45/2017/1/पांच/(56) दिनांक 30 जून, 2017, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 309 भोपाल दिनांक 30 जून, 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(234)

क्रमांक एफ ए 3-64/2017/1/ पांच(105)

राज्य सरकार, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 ( क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-

संशोधन

1. किए गए संशोधन-

(i) सरल क्रमांक 2,3,4और 5 को 15.09.2017 से प्रभावशील माना जाए;

(ii ) सरल क्रमांक 6,7 और 8 उपबंधित अनुसार प्रभावशील माने जाए।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 (जिसे इमसें इसके पश्चात् मूल नियम कहा गया है) के नियम 3 में,-

(1) उपनियम (3) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"(3क) . उपनियम (1 ) , उपनियम (2) और उपनियम (3 ) में किसी बात के अंतर्विष्ट होते हुए भी, कोई व्यक्ति जिसे नियम 24 के अधीन अनंतिम आधार पर रजिस्ट्रीकरण अनुदत्त किया गया है या जिसने नियम 8 के उपनियम ( 1 ) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन किया है , 1 अक्तूबर , 2017 से इलैक्ट्रानिक रूप से प्ररूप जीएसटी सीएमपी-02 में सामान्य पोर्टल पर या तो सीधे या आयुक्त द्वारा अधिसूचित किसी सुविधा केन्द्र के माध्यम से संसूचना फाइल करके धारा 10 के अधीन कर का संदाय , करने का विकल्प ले सकेगा और वह उक्त तारीख से 44 दिन की अवधि के भीतर प्ररूप जीएसटी आईटीसी-03 में नियम 44 के उपनियम (4) के उपबंधों के अनुसरण में एक विवरण प्रस्तुत करेगाः

परंतु उक्त व्यक्तियों को प्ररूप जीएसटी आईटीसी-03 में विवरण प्रस्तुत कर देने के पश्चात् प्ररूप जीएसटी टीआरएएन -1 में घोषणा प्रस्तुत करने के लिए अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।";

(II) उपनियम (5) में, "या उपनियम ( 3 )" शब्दों, कोष्ठक और अंक के पश्चात्, "या उपनियम (3क)" शब्द, कोष्ठक, अंक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे । 1262(235)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

(3) मूल नियमों में नियम 120 के पश्चात् निम्नलिखित नियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः- " 120क. प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति जिसने नियम 117, नियम 118, नियम 119 और नियम 120 में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-1 में इलैक्ट्रानिक रूप से घोषणा प्रस्तुत की है वह ऐसी घोषणा को एक बार पुनरीक्षित कर सकेगा और इलैक्ट्रानिक रूप से सामान्य पोर्टल पर उक्त नियमों में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर या ऐसी और अवधि जो इस निमित्त आयुक्त द्वारा विस्तारित की जाए प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-1 में पुनरीक्षित घोषणा प्रस्तुत करेगा । ";

(4) मूल नियमों के नियम 127 के खंड (Ili) के पश्चात् निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-

"( iv) प्रत्येक तिमाही के समापन की 10 तारीख तक परिषद को एक कार्य निष्पादन रिपोर्ट प्रस्तुत करना । ";

(5) मून नियमों के नियम 138 के उपनियम ( 1 ) के पश्चात् निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्ः-

"परंतु यह कि जहां मालों को किसी एक राज्य में अवस्थित प्रधान द्वारा किसी अन्य राज्य में अवस्थितजाब वर्कर को भेजा जाता है तो ई -वे बिल का सृजन पारेषण के मूल्य के बावजूद प्रधान द्वारा किया जाएगा;

परंतु यह और कि जहां हस्तशिल्प मालों का परिवहन एक राज्य से दूसरे राज्य में ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाता है जिसे धारा 24 के खंड (1 ) और खंड (II) के अधीन रजिस्ट्रीकरण अभिप्राप्त करने की अपेक्षा से छूट प्रदान की गई है, ई-वे बिल का सृजन पारेषण के मूल्य के बावजूद उक्त व्यक्तिद्वारा किया जाएगा।

स्पष्टीकरण-इस नियम के प्रयोजनों के लिए, "हस्तशिल्प माल" का वही अर्थ है जो उसका मध्यप्रदेश सरकार, वाणिज्यिक कर विभाग, भोपाल , की अधिसूचना क्रमांक FA 3-62/ 2017/ 1 / (102) दिनांक, 15.09.2017 द्वारा प्रकाशित की गई थी, में है।";

(6) मूल नियमों में, 1 जुलाई , 2017 से, "प्ररूप जीएसटी टीआरएएन-1" में, -

(1 ) क्रम संख्या 5 (क) में शीर्ष में, "धारा 140( 1 )" शब्द, अंक और कोष्ठक के पश्चात् "धारा 140(4)( क) और धारा 140( 9)" शब्द, अंक, कोष्ठक और अक्षर अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(II ) क्रम संख्या 7 (क) में, सारणी में, क्रम संख्या 7(अ) में शीर्ष में, "बीजक" शब्द के पश्चात् "(प्रत्यय अंतरण दस्तावेज (सीटीडी) सहित)" शब्द और कोष्ठक अंतःस्थापित किए जाएंगे;

(III) "पदनाम/प्रास्थिति" शब्दों के पश्चात् निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः- मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(236)

"अनुदेशः

1. केन्द्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 140 की उपधारा (9) के निबंधनों में केन्द्रीय कर प्रत्ययः ।

2. प्रत्यय अंतरण दस्तावेज (सीटीडी) का फायदा उठाने वाले रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति शीर्ष "इनपुट" के अधीन सारणी-7क में प्रत्यय का फायदा लेने के अतिरिक्त "टीआरएएनएस 3" को भी फाइल करेंगे ।";

(7) मूल नियमों में 1 जुलाई , 2017 से "प्ररूप जीएसटीआर-4" में, क्रम संख्या 8 में प्रविष्टि 8ख (2) में "अंतरराज्यीय प्रदाय" शब्दों के स्थान पर "अंतराज्यिक प्रदाय" शब्द रखे जाएंगे ;

(8) मूल नियमों में 30 अगस्त, 2017 से "प्ररूप जीएसटी ईडब्ल्यूबी-01 " के टिप्पणों में, टिप्पण-4 के पश्चात् निम्नलिखित टिप्पण अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"5. प्रवेश बीजक के ब्यौरों को बीजक के स्थान पर वहां दर्ज किया जाएगा जहां पारेषण आयात से संबंधित है। "

(9) यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-64/ 2017/ 1 /V ( 105 ) दिनांक 19 सितम्बर, 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 506 भोपाल दिनांक 19 सितम्बर, 2017 में प्रकाशित। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(237) क्रमांक एफ ए 3-76/2017/1/ पांच( 163)

राज्य सरकार , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम , 2017(क्रमांक 19 सन् 2017) की धारा 164 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम , 2017 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-

1. (1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश माल और सेवा कर (संशोधन) नियम, 2017 है ।

(2) अन्यथा उपबंधित के सिवाय , यह अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) में, अंग्रेजी में : प्रकाशन दिनांक 29 दिसम्बर, 2017 से प्रवृत्त समझी जाएगी ।

2. मध्यप्रदेश माल और सेवा कर नियम, 2017 में, -

(i ) नियम 17 के उपनियम ( 1 ) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"(1 क) केन्द्रीय वस्तु और सेवा कर अधिनियम , 2017 के तहत दी गई विशिष्ट पहचान संख्या को मध्य प्रदेश के वस्तु और सेवा कर अधिनियम के तहत दिया गया माना जाएगा।";

(ii ) नियम 19 के उपनियम ( 1 ) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

"( 1 क) उपनियम (1 ) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन की किसी विशिष्टि का, लेखबद्ध किए जाने वाले कारणों से आयुक्त के आदेश के सिवाय और ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए जो आयुक्त उक्त आदेश में विनिर्दिष्ट करे , उस तारीख से, जो सामान्य पोर्टल पर प्ररुप जीएसटीआरईजी-14 में आवेदन प्रस्तुत करने , की तारीख से पूर्वतर हो, संशोधन नहीं किया जाएगा । "

(iii ) 23 अक्टूबर , 2017 से नियम 89 के उपनियम (4 ) के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्:-

"(4) एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम , 2017 ( 2017 का 13 ) की धारा 16 की उपधारा (3 ) के उपबंधों के अनुसार बंधपत्र या परिवचन पत्र के अधीन कर का संदाय किए बगैर माल या सेवाओं या दोनों के शून्य दर प्रदाय की दशा में इनपुट कर प्रत्यय का प्रतिदाय निम्नलिखित सूत्र के अनुसार दिया जाएगा, -

प्रतिदाय की रकम = ( माल के शून्य दर प्रदाय का आवर्त + सेवाओं के शून्य दर प्रदाय का आवर्त ) X शुद्ध आई टी सी समायोजित कुल आवर्त मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(238)

जहां, -

(अ) "प्रतिदाय की रकम" से ऐसा अधिकतम प्रतिदाय अभिप्रेत है जो अनुज्ञेय हो;

(आ) " शुद्ध आई टी सी" से ऐसे उपभोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय से भिन्न जिसके लिए उपनियम (4 क) या उपनियम (4 ख ) या दोनों के अधीन प्रतिदाय का दावा किया गया है, ऐसी सुसंगत अवधि के दौरान इनपुटों और इनपुट सेवाओं पर उपभोग किया गया इनपुट कर प्रत्यय अभिप्रेत है ।

(इ) " माल के शून्य दर प्रदाय के आवर्त" से ऐसे प्रदायों के आवर्त से भिन्न, जिसके संबंध में उपनियम ( 4 क) या उपनियम ( 4 ख) या दोनों के अधीन प्रतिदाय का दावा किया गया है, बंधपत्र या परिवचन पत्र के अधीन कर के संदाय के बिना सुसंगत अवधि के दौरान किए गए माल के शून्य दर प्रदाय का मूल्य अभिप्रेत है ;

(ई) "सेवाओं के शून्य दर प्रदाय के आवर्त" से बंधपत्र या परिवचन पत्र के अधीन कर संदाय बिना निम्नलिखित रीति में संगणित किए गए सेवाओं के शून्य दर प्रदाय का मूल्य अभिप्रेत है, अर्थात्-

सेवाओं का शून्य दर प्रदाय, सेवाओं के शून्य पर प्रदाय के लिए सुसंगत अवधि के दौरान प्राप्त संदायों का योग है और संदायों का शून्य दर प्रदाय जहां प्रदाय पूर्ण हो गया है जिसके लिए सुसंगत अवधि से पहले की किसी अवधि में अग्रिम के तौर पर संदाय प्राप्त हुआ था जिसे सेवाओं के शून्य दर प्रदाय के लिए प्राप्त अग्रिमों द्वारा घटाया गया है जिसके लिए सुसंगत अवधि के दौरान सेवाओं का प्रदाय पूर्ण नहीं हुआ है ;

(3) "समायोजित कुल आवर्त" से सुसंगत अवधि के दौरान, -

(क) शून्य दर प्रदायों से भिन्न छूट प्राप्तः प्रदायों के मूल्य और

(ख) ऐसे प्रदायों का आवर्त, जिसके संबंध में उपनियम (4क) या उपनियम (4ख ) या दोनों के अधीन प्रतिदाय का दावा, यदि कोई हो, किया गया है, को अपवर्जित करते हुए धारा 2 के खंड ( 112 ) के अधीन यथा परिभाषित किसी राज्य या किसी संघ राज्य क्षेत्र का आवर्त अभिप्रेत है ;

(ऊ) सुसंगत अवधि से ऐसी अवधि अभिप्रेत है जिसके लिए दावा फाइल किया गया है । (4क) ऐसे प्राप्त प्रदायों की दशा में जिन पर प्रदायकर्ता ने इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-ए-3-74-2017-1 -पांच ( 137 ) , दिनांक 18 अक्टूबर , 2017 के फायदे का उपभोग किया है, माल या सेवाओं को शून्य दर प्रदाय बनाने में उपयोग किए गए अन्य इनपुटों या इनपुट सेवाओं के संबंध में उपभोग किए गए इनपुट कर प्रत्यय का प्रतिदाय अनुदत्त किया जाएगा। (4ख) ऐसे प्राप्त प्रदायों की दशा में जिन पर प्रदायकर्ता ने इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-ए -3-76/2017/1/ पांच ( 139) , दिनांक 23 अक्टूबर, 2017 या अधिसूचना सं. 41/2017 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(239) एकीकृत कर (दर) तारीख 23 अक्टूबर , 2017 या दोनों के फायदे का उपभोग किया है, माल के निर्यात के लिए उक्त अधिसूचनाओं के अधीन प्राप्त इनपुटों के संबंध में उपभोग किए गए कर प्रत्यय का प्रतिदाय और माल का ऐसा निर्यात करने में प्रयोग की गई सीमा तक अन्य इनपुटों या इनपुट सेवाओं के संबंध में उपभोग किया गया इनपुट कर प्रत्यय अनुदत्त किया जाएगा । " ;

(IV) नियम 95 में-

( क) उपनियम ( 1 ) के स्थान पर निम्नलिखित उपनियम रखा जाएगा , अर्थात्:-

"( 1 ) धारा 55 के अधीन जारी अधिसूचना के अनुसार उसके आंतरिक प्रदायों पर उसके द्वारा संदत्त कर के प्रतिदाय का दावा करने के लिए पात्र कोई व्यक्ति, प्ररुप जीएसटीआरएफडी-10 में प्रतिदाय के लिए प्रत्येक तिमाही में एक बार समान पोर्टल पर या अन्य अन्यथा, इलैक्ट्रानिकरुप से प्रत्यक्षतः या आयुक्त द्वारा अधिसूचित सुविधा केन्द्र के माध्यम से प्ररुप जी एस टी आर 11 में माल या सेवाओं या दोनों के आंतरिक प्रदायों के विवरण के साथ आवेदन करेगा " ;

(ख) उपनियम ( 3 ) के खंड (क) में "और पांच हजार रुपए से अधिक संदत्त कर को छोड़ कर यदि कोई है एकल कर बीजक के अधीन आने वाले प्रदाय का मूल्य" शब्दों का लोप किया जाएगा;

(V) 23 अक्टूबर , 2017 से , नियम 96 में, -

(क) शीर्षक में "निर्यात किए गए माल " शब्दों के पश्चात् " या सेवाओं" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे ;

(ख) उपनियम (8) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-

(9) माल या सेवाओं के निर्यात पर संदत्त एकीकृत कर के प्रतिदाय का दावा करने वाले व्यक्ति ऐसे प्रदायों को प्राप्त नहीं करेगा जिन पर प्रदायकर्ता ने इस विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- ए-3-74-2017-1-पांच ( 137) , दिनांक 18 अक्टूबर, 2017 या अधिसूचना क्रमांक एफ- ए -3-76 / 2017/ 1 /पांच ( 139 ) , दिनांक 23 अक्टूबर , 2017 या अधिसूचना सं. 41 /2017-एकीकृत कर (दर ) तारीख 23 अक्टूबर , 2017 के फायदे का उपयोग किया है । " मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(240)

(vi ) प्ररूप जी एस टी आर ई जी-10 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्:-

प्ररूप जीएसटी आरईजी-10

[नियम 14(1 ) देखें/

रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति से मिन्न , भारत में किसी व्यक्ति को भारत से बाहर स्थान से ऑनलाइन सूचना और डाटाबेस पहुंच या पुनः प्राप्ति सेवाओं की पूर्ति करवाने वाले व्यक्ति के रजिस्ट्रीकरण के लिए आवेदन

भाग-क

व्यक्तिका विधिक नाम

(i)

(ii ) कर पहचान संख्या या विशिष्ट संख्या जिसके आधार पर उस देश की सरकार द्वारा अस्तित्व की पहचान की जाती है

( iii) प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम

प्राधिकृत हस्ताक्षरी का ई- मेल पता

(iv)

भारत में नियुक्त प्रतिनिधि का नाम, यदि कोई है

(v)

भारत में प्रतिनिधि का स्थाई खाता संख्या

(क)

भारत में प्रतिनिधि का ई-मेल पता

(ख)

भारत में प्रतिनिधि का मोबाइल नं. (+91 )

(ग)

टिप्पण - जहां व्यवहार्य हो, भाग- ख को भरने से पूर्व, वहां ऊपर प्रस्तुत सुसंगत जानकारी ऑनलाइन सत्यापन के अध्यधीन है।

भाग-ख

1.

प्राधिकृत हस्ताक्षरी के ब्यौरे (भारत का निवासी होगा)

प्रथम नाम

मध्य नाम

अन्तिम नाम

फोटो

लिंग

पुरुष/स्त्री/अन्य

पदनाम

तारीख/मास/वर्ष

जन्म की तारीख

पिता का नाम

राष्ट्रीयता

आधार, यदि कोई हो

पता पंक्ति 1

प्राधिकृत हस्ताक्षरी का पता

पता पंक्ति2

पता पंक्ति3 1262( 241)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

भारत में ऑनलाइन सेवा के प्रारम्भ की तारीख

2.

तारीख/मास/वर्ष

वेबसाइट, जिसके माध्यम से कराधेय सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं , के एक समान स्रोत अवस्थापक ( यूआरएल):

3

2. 123 3.

4

अधिकारिता

केन्द्र

बैंगलुरु पशिचम, सौ.जी.एस.टी, कमिश्नरेट भारत में प्रतिनिधि के बैंक खाते के ब्यौरे (यदि नियुक्ति हुई है)

5

खाता सं.

खाता का प्रकार

शाखा का पता

बैंक का नाम

आइएफएससी

अपलोड किए गए दस्तावेज

6

प्ररूप में फील्ड मूल्यों के अनुसार अपलोड किए जाने वाले अपेक्षित दस्तावेजों (अनुदेश देखें) की अनुकूल सूची घोषणा

मैं सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञान करता और घोषणा करता हूं कि इसमें ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है तथा इससे कोई बात नहीं छिपाई गई है।

7

मैं.......यह घोषणा करता हूं कि मैं रजिस्टरकर्ता की ओर से हस्ताक्षर करने के लिए प्राधिकृत हूं। मैं कराधेय राज्यक्षेत्र में अवस्थित गैर- निर्धारिती ऑनलाइन प्राप्तिकर्ता से दायी से कर प्रभारित करूंगा और संग्रहीत करूंगा और उसे भारत सरकार में जमा करूंगा।

हस्ताक्षर

स्थानः

प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम

पदनाम:

तारीखः

टिप्पणः आवेदक से पासपोर्ट और फोटो की स्कैन की गई प्रति के साथ घोषणा (अधोलिखित रूप विधान के अनुसार) अपलोड करने की अपेक्षा की जाएगी।

साक्ष्य के रूप में अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची निम्नानुसार है:-

1.

भारत में प्रतिनिधि के कारबार के स्थान का सबूतः

(क) स्वयं के परिसरों के लिए-

नवीनतम संपत्ति कर रसीद या नगरपालिक खाते की प्रति या बिजली के बिल की प्रति, जैसे परिसरों के स्वामित्व के समर्थन में कोई दस्तावेज।

(ख) किराए पर या पट्टे पर लिए गए परिसरों के लिए-

पट्टाकर्ता के परिसरों के स्वामित्व के समर्थन में किसी दस्तावेज सहित विधिमान्य किराया पट्टा करार की प्रति जैसे नवीनतम संपत्ति कर रसीद या नगरपालिक खाते की प्रति या बिजली के बिल की प्रति

(ग) उपरोक्त (क) और (ख) के अन्तर्गत न आने वाले परिसरों के लिए -

सहमतिदाता के परिसरों के स्वामित्व के समर्थन में किसी दस्तावेज सहित सहमतिपत्र की प्रति/सांझा की गई संपत्तियों के लिए भी इन्हीं दस्तावेजों को अपलोड किया जाए जैसे नगरपालिका खाता की प्रति या बिजली के बिल की प्रति । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(242)

2.

निम्नलिखित के सबूत:

बीजा ब्यौरों के साथ अनिवासी करदाता के पासपोर्ड की स्कैन की गई प्रति। कंपनी सोसाइटी/एलएलपी/एफसीएनआर आदि के मामले में ऐसा व्यक्ति, जो प्राधिकार पत्र के साथ मुख्तारनामा धारण करता है ।

निगमन के प्रमाणपत्र की स्कैन की गई प्रति यदि कंपनी भारत से बाहर या भारत में रजिस्ट्रीकृत है ।

उद्धव के देश द्वारा जारी अनुज्ञप्ति की स्कैन की गई प्रति

भारत सरकार द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र की स्कैन की गई प्रति।

3

बैंक खाता सम्बद्ध सबूतः

बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ बैंक विवरण के एक पृष्ठ की स्कैन की गई प्रति।

स्वत्वधारी /कारबारः समुत्थान के नाम में धारित बैंक पासबुक का आरंभिक पृष्ठ, जिसमें खाता धारक का खाता संख्या, नाम/एमआइसीआर और आइएफएससी तथा शाखा के ब्यौरे अन्तर्विष्ट हॉ ।

4

भारत में प्रतिनिधि के रूप में नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों की स्कैन कापी, यदि लागू हों ।

5

प्राधिकार प्ररूप:-

प्राधिकार प्ररूप में उल्लिखित हस्ताक्षरी के लिए, निम्नलिखित रूप विधान में फाइल की जाने वाली प्रबंध समिति या निदेशक बोर्ड के प्राधिकार या उसके संकल्प की प्रतिः

प्राधिकृत हस्ताक्षरी के लिए घोषणा (प्रत्येक हस्ताक्षरी के लिए अलग से)

मैं...... (प्रबंध निदेशक/ पूर्णकालिक निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी या मुख्तारनामा धारक सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और यह घोषणा करता हूं कि कारबार <<कारबार का नाम>> जिसके लिए आरईजी का आवेदन माल और सेवा कर अधिनियम, 20 के अधीन फाइल किया जा रहा है। रजिस्ट्रीकृत है, के लिए प्राधिकृत हस्ताक्षरी के रूप में कार्य करने के लिए <<प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम >> प्राधिकृत हूं।

इस कारबार के सम्बन्ध में उसकी सभी कार्रवाईयां मुझ पर हम पर आबद्धकर होंगी।

उन व्यक्तियों के हस्ताक्षर, जो भारसाधक हैं।

पदामिधान/प्रास्थिति

हस्ताक्षर

क्र. सं.

पूरा नाम

1.

प्राधिकृत हस्ताक्षरी के रूप में स्वीकृति

मैं प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम>> ऊपर निर्दिष्ट कारबार के लिए प्राधिकृत हस्ताक्षरी के रूप में कार्य करने की अपनी स्वीकृति सत्यनिष्ठा से देता हूं और मेरे सभी कार्य कारबार पर आबद्धकर होंगे।

(नाम)

स्थान

प्राधिकृत हस्ताक्षरी के हस्ताक्षर

पदनाम /प्रास्थिति

तारीखः

अनुदेश -

1. यदि प्राधिकृत हस्ताक्षरी भारत में नहीं रहता है, तो डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र के माध्यम से प्रमाणीकरण नहीं किया जाएगा । प्रमाणीकरण इलैक्ट्रोनिक वेरीफिकेशन कोड ( ई वी सी) के माध्यम से किया जाएगा । 1262(243)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

2. भारत में नियुक्ति प्रतिनिधि से अभिप्रेत एकीकृत माल और सेवाकर अधिनियम, 2017 की धारा 14 के अधीन यथा विनिर्दिष्ट है ।

(vii ) प्ररूप जी.एस.टी. आर ई जी 13,

(क) भाग-ख के क्रम सं. -4 में "राज्य में अस्तित्व का पता" शब्दों के स्थान पर "अस्तित्व का पता जिसके संबंध में केन्द्रीयकृत यू.आई.एन. गया है" शब्दों को रखा जाएगा ;

(ख) अनुदेशों में, "प्रत्येक व्यक्ति, जिससे विशिष्ट पहचान संख्या अभिप्राप्त करने की अपेक्षा है, इलैक्ट्रानिकी रूप से आवेदन प्रस्तुत करेगा " शब्दों के स्थान पर, " प्रत्येक व्यक्ति, जिससे विशिष्ट पहचान संख्या अभिप्राप्त करने की अपेक्षा है , इलेक्ट्रानिकी रूप से आवेदन प्रस्तुत करेगा या अन्यथा । " ;

(viii ) प्ररूप जीएसटीआर -11 के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्:-

प्ररुप जीएसटीआर-11

[नियम 82 देखें]

विशिष्टिपहचान संख्यांक (यूआईएन) वाले व्यक्तियों द्वारा आवक प्रदाय का विवरण

वर्ष कर

अवधि

1 य एन आई

2. यू एन आई वाले व्यक्ति का नाम

Popdat

3. प्राप्त आवक प्रदाय के ब्यौरे

(सभी सारणी के लिए रकम रुपए में )

कर की रकम

प्रदाय का स्थान प्रदायकर्ता

दर कराधेय मूल्य

बीजक नामे नोट/जमापत्र के ब्यौरे

का जीएसटी

उपकर

आईएन संख्यातारीख मूल्य

कर एकीकृत केन्द्रीय कर

राज्य संघ राज्यक्षेत्र कर

11

10

2

6

7 8

9

1

3 45

3क. प्राप्त बीजक

3ख. प्राप्त नामे नोट/जमापत्र

सत्यापन

मैं सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और या घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कुछ भी नहीं छिपाया गया है।

हस्ताक्षर.......

स्थान:

प्राधिकृत हस्ताक्षरी का नाम

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(244)

तारीखः

पदनाम/प्रास्थिति

अनुदेश-:

1. प्रयुक्त शब्द

(क) जीएसटीआई एनः माल और सेवा कर पहचान संख्यांक

(ख) यूआईएन:- विशिष्ट पहचान संख्यांक

2. प्रतिदाय आवेदन उसी राज्य में फाइल करना होगा, जहां विसिष्ट पहचान संख्यांक दिया गया है ।

3. प्रतिदाय प्रयोजन के लिए केवल वहीं बीजक प्रविष्ट किए जा सकेंगे जिन पर प्रतिदाय मांगा गया है ।

( ix) प्ररूप जी.एस.टी. आरएफडी -10 , के स्थान पर निम्नलिखित प्ररूप रखा जाएगा, अर्थात्:-

प्ररुप जीएसटी आरएफडी-10

[नियम 95 (1) देखें]

संयुक्त राष्ट्र का कोई विशिष्ट अभिकरण या कोई बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान और संगठन , कान्सुलेट या विदेशी राज्यों के दूतावास द्वारा प्रतिदाय के लिए आवेदन

1. यूनिक पहचान संख्या

2. नाम :

3. पता

दिन मास वर्ष से तक... <दिन/मास/वर्ष >

4. कर अवधि (तिमाही):

5. ए आर एन और जी एस टी आर 11 की तारीख एआर एनदिन /मास/ वर्ष

<आई एन आर > <शब्दों 6. दावा प्रतिदाय की रकम में>

राज्य

उपकर

केन्द्रीय कर

एकीकृत कर

राज्य कर संघ

राज्य क्षेत्र कर

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 दिसम्बर 2018

1262(245) कुल

7. बैंक खाते का ब्यौराः

(क) बैंक खाता संख्या

(ख) बैंक खाते का प्रकार

(ग) बैंक का नाम

(घ) खाता धारक/ संचालक का नाम

(ङ) बैंक शाखा का पता

(च) आई एफ एस सी

(छ) एम आई सी आर

8. सत्यापन

मैं, <<दूतावास /अंतर्राष्ट्रीय संगठन का नाम>> का प्राधिकृत प्रतिनिधि के रूप में सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हूं और घोषणा करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी मेरे ज्ञान और विश्वास से सत्य और सही है और इसमें कुछ भी छिपाया नही गया है यह कि हम सरकार द्वारा अधिसूचित संयुक्त राष्ट्र का विशिष्ट अभिकरण, बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान और संगठन, कान्सुलेट या विदेशी राज्यों के दूतावास कोई अन्य व्यक्तिःविशिष्ट व्यक्तियों का वर्ग के रुप में ऐसे प्रतिदाय दावा के पात्र हैं ।

स्थानः

तारीखः

प्राधिकृत व्यक्तिके हस्ताक्षर

(नाम) 1262(246)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 7 दिसम्बर 2018

अनुदेश -

1. प्रतिदाय के लिए आवेदन तिमाही आधार पर किया जाएगा ।

2. सारणी सं. 6. जी एस टी आर-11 की सारणी 3 में दिए गए ब्यौरे से स्वतः भरा जाएगा ।

3. प्रतिदाय रकम को पात्रता के अनुसार बदलने की सुविधा होगी ।

4. एमईए द्वारा जारी अपेक्षित प्रमाणपत्र जिनमें प्रतिदाय की सुविधा अनुदत्त की गई है, को उपयुक्त अधिकारी के समक्ष प्रतिदाय दावा प्रसंस्करण करने हेतु उपलब्ध करवाया जाएगा ।

(x) प्ररूप जी एस टी डी आर सी -07 में , सारणी के क्रम सं. 5 का लोप किया जाएगा ।

3. यह अधिसूचना अंग्रेजी में क्रमांक एफ ए 3-76 /2017/ 1 /V ( 163) दिनांक 29 दिसम्बर , 2017 मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 698 भोपाल दिनांक 29 दिसम्बर , 2017 में प्रकाशित ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

अरुण परमार, उपसचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2018.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 07 December 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2018-12-07.631.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2018-12-07.631.Extraordinary.