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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

निर्वाचन व्‍यय (लेखा संधारण और प्रस्‍तुति) आदेश 2014

Published 12 December 2018

Department
म.प्र. राज्‍य निर्वाचन आयोग
Type
Extraordinary
Gazette no.
635
Identifier
in.gazette.madhya.2018-12-12.635.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
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मध्यप्रदेश

सत्यमेव जयते

शासन

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 635]

भोपाल , बुधवार, दिनांक 12 दिसम्बर 2018 - अग्रहायण 21 , शक 1940

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

" निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल (म. प्र. ) -462011 आदेश

भोपाल , दिनांक 12 दिसम्बर 2018

क्र. एफ- 87-150-15 - ग्यारह - 379.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है. उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा .

माह-दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगरपालिका परिषद्, अमरवाड़ा, जिला- छिंदवाड़ा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री नवीन मालवीय भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 4 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर श्री नवीन मालवीय को अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , छिंदवाड़ा ( म. प्र. ) के समक्ष दाखिल किए जाने थे.

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- छिंदवाड़ा के पत्र क्रमांक, 178 , दिनांक 13 जनवरी 2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट - छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री नवीन मालवीय द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे ही दाखिल नहीं किए गए.

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्थानीय निर्वाचन ) , जिला- छिंदवाड़ा से उक्ताशय् की रिपोर्ट प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी , श्री नवीन मालवीय को निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल नहीं करने के परिणामस्वरूप आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 13 अप्रैल 2015 जारी किया गया. नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी.

1269 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 दिसम्बर 2018

1270

अभ्यर्थी, श्री नवीन मालवीय को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को उपजिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन ) जिला- छिंदवाड़ा के पत्र क्रमांक-02, दिनांक 02 जनवरी , 2016 के संलग्न प्राप्त हो गई थी.

उपरांत आयोग के पत्र दिनांक 13 जनवरी, 2016 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, ( स्थानीय निर्वाचन ) , जिला- छिंदवाड़ा से जानकारी चाही गई कि नोटिस की तामीली के उपरांत अभ्यर्थी, श्री मालवीय द्वारा जिलास्तर पर निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से पेश किए गए हों या इस संबंध में कोई अभ्यावेदन/जवाब प्रस्तुत किया गया हो तो उसकी सत्यता/स्वीकार्यता के संबंध में स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये .

उपजिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला- छिंदवाड़ा के पत्र क्रमांक 125, दिनांक 6 सितम्बर, 2018 द्वारा आयोग को इस बात की जानकारी दी गई कि नगरपालिका परिषद्, अमरवाड़ा के अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी, श्री नवीन मालवीय द्वारा आज दिनांक तक रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है.

जिले से उक्ताशय् की जानकारी आयोग को प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु उन्हें नोटिस दिनांक 8 अक्टूबर 2018 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 27 नवम्बर 2018 को आयोग मुख्यालय में सभिलेख/ सप्रमाण बुलाया गया.

आयोग द्वारा जारी नोटिस की तामीली अभ्यर्थी, श्री नवीन मालवीय को समय पूर्व हो चुकने की जानकारी उपजिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन ) जिला छिंदवाड़ा के पत्र दिनांक 9 अक्टूबर, 2018 के संलग्न प्राप्त पंचनामें सहित प्राप्त हो चुकी थी. परन्तु अभ्यर्थी आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन ही आयोग को प्राप्त हुआ.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी, श्री नवीन मालवीय द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत ही नहीं किए गए और न ही व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किए जाने बावत् कोई अभ्यावेदन इत्यादि ही आयोग को प्रस्तुत किया गया. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखे निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः , मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों एवं मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन श्री नवीन मालवीय को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगरपालिका परिषद्, अमरवाड़ा, जिला छिन्दवाड़ा (म. प्र. ) का अध्यक्ष एवं पार्षद् होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

भोपाल , दिनांक 12 दिसम्बर 2018

क्र. एफ-87-130-15 - ग्यारह- 382.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नामनिर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति ) आदेश 2014 " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

1270 ( 1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 दिसम्बर 2018

माह - दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, बरेला, जिला- जबलपुर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री कृष्णा/जी. एस. तिवारी भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 4 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर सुश्री कृष्णा/जी. एस. तिवारी को अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , छिंदवाड़ा ( म. प्र. ) के समक्ष दाखिल किए जाने थे.

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( न. पा. ) जिला- जबलपुर के पत्र क्रमांक, 296 , दिनांक 19 जनवरी 2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी , सुश्री कृष्णा/जी. एस. तिवारी द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे ही दाखिल नहीं किए गए.

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, ( स्थानीय निर्वाचन ) , जिला-जबलपुर से उक्ताशय की रिपोर्ट प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री कृष्णा/जी. एस. तिवारी को निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल नहीं करने के परिणामस्वरूप आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 20 मार्च 2015 जारी किया गया. नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी.

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन ) , जबलपुर के पत्र दिनांक 19 सितम्बर 2018 के संलग्न अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित रजिस्टर आयोग को भेजा गया.

उपरांत आयोग के पत्र दिनांक 27 सितम्बर 2018 के संलग्न अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित रजिस्टर को मूलतः कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , ( स्थानीय निर्वाचन ) , जिला-जबलपुर को भेजकर 4 बिन्दुओं पर जानकारी चाही गई.

आयोग के प्रेषित पत्र दिनांक 27 सितम्बर 2016 के संदर्भ में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला- जबलपुर के पत्र दिनांक 27 अक्टूबर 2016 के संलग्न अभ्यर्थी, सुश्री कृष्णा/जी. एस. तिवारी के निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित मूल रजिस्टर पुनः आयोग को भेजकर पत्र में जानकारी दी गई कि अभ्यर्थी द्वारा अपना निर्वाचन व्यय लेखा दिनांक 12 सितम्बर 2018 को प्रस्तुत किया गया. रजिस्टर के अवलोकन के उपरांत पाया गया कि अभ्यर्थी द्वारा व्यय लेखा रजिस्टर की पूर्ति आयोग के आदेश/निर्देशों के अनुरूप नहीं की गई है . निर्वाचन के दरमियान अभ्यर्थी द्वारा कितना खर्च किया गया इत्यादि कोई भी जानकारी रजिस्टर में अंकित नहीं है.

जिले से उक्ताशय की जानकारी आयोग को प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा अभ्यर्थी के विलम्ब से प्रस्तुत निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु उन्हें नोटिस दिनांक 5 नवम्बर 2018 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 27 नवम्बर 2018 को आयोग मुख्यालय में सभिलेख/सप्रमाण बुलाया गया.

आयोग द्वारा जारी नोटिस की तामीली अभ्यर्थी , के परिजनों को समय पूर्व हो चुकने की जानकारी आयोग को उप जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन ) जिला- जबलपुर के पत्र दिनांक 13 नवम्बर, 2018 के संलग्न प्राप्त हो चुकी थी. परन्तु अभ्यर्थी आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन ही आयोग को प्राप्त हुआ.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी, सुश्री कृष्णा/जी. एस. तिवारी द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किए गए और न ही व्यय लेखे प्रस्तुत किए जाने बावत् कोई अभ्यावेदन इत्यादि ही आयोग को प्राप्त हुआ. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास काफी विलम्ब से एवं निरंक निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

अतः, मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों एवं म. प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन सुश्री कृष्णा/जी. एस. तिवारी को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, बरेला, जिला- जबलपुर ( म. प्र. ) का अध्यक्ष एवं पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित ( अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 दिसम्बर 2018

1270 (2)

भोपाल , दिनांक 12 दिसम्बर 2018

क्र. एफ -87-157-15 - ग्यारह-385.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक् और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा.

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) दिनांक 10 जुलाई 2014 में प्रकाशित हुआ है . उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा.

माह -दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, चांदामेटाबुटरिया, जिला- छिंदवाड़ा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे . इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 7 दिसम्बर 2014 को घोषित हुआ. मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू को अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , छिंदवाड़ा ( म. प्र. ) के समक्ष दाखिल किए जाने थे.

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- छिंदवाड़ा के पत्र क्रमांक, 178, दिनांक 13 जनवरी 2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल नहीं किए गए.

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन ) , जिला- छिंदवाड़ा से उक्ताशय् की रिपोर्ट प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू को निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल नहीं करने के परिणामस्वरूप आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 16 अप्रैल 2015 जारी किया गया. नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी.

अभ्यर्थी, श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगर परिषद्, चांदामेटाबुटरिया, जिला - छिंदवाड़ा के पत्र क्रमांक-76, दिनांक 21 अप्रैल 2016 के संलग्न प्राप्त हो गई थीं.

उपरांत अभ्यर्थी श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू का अभ्यावेदन दिनांक 26 अप्रैल 2016 आयोग को प्राप्त हुआ. अभ्यर्थी श्री विश्वकर्मा के अभ्यावेदन को आयोग के पत्र दिनांक 7 मई 2016 के संलग्न कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, ( स्थानीय निर्वाचन ) , जिला- छिंदवाड़ा को भेजकर अभ्यावेदन में वर्णित स्थित के संबंध में स्पष्ट अभिमत चाहा गया.

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ( स्थानीय निर्वाचन ) जिला- छिंदवाड़ा के पत्र क्रमांक 125, दिनांक 6 सितम्बर, 2016 के संलग्न संशोधित परिशिष्ट-36 में अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित जानकारी आयोग को प्राप्त हुई. चूंकि प्रकरण में व्यय लेखा दाखिल करने की अंतिम तिथि दिनांक 6 जनवरी 2015 नियत थी, किंतु अभ्यर्थी , श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू द्वारा उनके निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से अर्थात् दिनांक 18 मई 2015 को प्रस्तुत किए गए.

जिले से उक्ताशय की जानकारी आयोग को प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा अभ्यर्थी के विलम्ब से दाखिल निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु उन्हें नोटिस दिनांक 8 अक्टूबर 2018 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 27 नवम्बर 2018 को आयोग मुख्यालय में सभिलेख/सप्रमाण बुलाया गया.

आयोग द्वारा जारी नोटिस की तामीली अभ्यर्थी, श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू को समय पूर्व हो चुकी थी . परन्तु अभ्यर्थी आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन ही आयोग को प्राप्त हुआ.

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी, श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत ही नहीं किए गए और न ही इस विलम्ब हेतु कोई संतोषप्रद/विश्वसनीय उत्तर ही आयोग को प्राप्त हुआ. अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्ययों के लेखे निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त् एवं न्यायोचित कारण नहीं है.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 12 दिसम्बर 2018

1270( 3) अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों एवं म. प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम- 11 - क के अधीन श्री भगवानदास विश्वकर्मा उर्फ बूबू को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद् चांदामेटाबुटरिया, जिला छिन्दवाड़ा ( म. प्र. ) का अध्यक्ष या पार्षद् होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 ( पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है.

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2018 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 12 December 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2018-12-12.635.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2018-12-12.635.Extraordinary.