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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

नगरपालिका (लेखा एवं वित्‍त) नियम 2018

Published 17 December 2018

Department
नगरीय विकास एवं आवास
Type
Extraordinary
Gazette no.
643
Identifier
in.gazette.madhya.2018-12-17.643.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

शा

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मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , सोमवार, दिनांक 17 दिसम्बर 2018- अग्रहायण 26, शक 1940

क्रमांक 643]

नगरीय विकास एवं आवास विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल दिनांक 17 दिसम्बर 2018

अधिसूचना

क्र. 44- एफ-4-44-2018-18-1.- मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम , 1961 , (1961 का क्रमांक 37) की धारा 355 एवं धारा 356 के प्रावधानों के अधीन प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य सरकार एतदद्वारा , निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्-

नियम

अध्याय -एक

प्रारम्भिक

1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभः-

(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश नगरपालिका (लेखा एवं वित्त) नियम, 2018 है ।

(2) ये नियम मध्यप्रदेश राज्य की समस्त नगरपालिकाओं में प्रवृत्त होंगे ,

(3) "मध्यप्रदेश के राजपत्र " में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रभावशील होंगे ।

2. परिभाषाएं:-(1 )इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न होः-

(क) "संभूति लेखांकन " से अभिप्रेत है लेखांकन वह प्रणाली जिसके अन्तर्गत राजस्व एवं व्यय विनिर्दिष्ट कालावधि में यथा मासिक अथवा वार्षिक होती है, तथा नकद आधार से विशिष्ट, नकद की प्राप्ति अथवा भुगतान की तारीख से संबंध के बिना, अधिग्रहीत (ख) परिसम्पत्तियों के लिए किए गए व्यय के रूप में दर्ज किया जाता है । "अधिनियम" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 (कमांक 37 सन 1961)

(عد) "लेखा मैन्युअल" से अभिप्रेत है राज्य सरकार के आदेश क्र. एफ-1368/18-3 /07 दिनांक 25 जुलाई, 2007 तथा समय - समय यथा संशोधित द्वारा यथा विहित मध्यप्रदेश नगरपालिका लेखा मैन्युअल,

(घ) "बैलेंस शीट" से अभिप्रेत है किसी दिए हुए तारीख को नगरपालिका की वित्तीय स्थिति का एक विवरण जिसमें इसकी परिसंपत्तियों, दायित्वों, निधियों, आरक्षित एवं अन्य लेखा शेषों को उनके संबंधित वही मूल्य दर्शित हो.

(ड.) "बैंक बुक" से अभिप्रेत है नगरपालिका के बैंक खातों से संबंधित वित्तीय व्यवहार दर्ज करने की मूल प्रविष्टि पुस्तिका,

:

(च) "पूंजीगत व्यय " से ऐसा व्यय अभिप्रेत है जो राजस्व व्यय से भिन्न भावी अवधि के लाभ के लिए आशयित हो, जो वर्तमान अवधि में लाभ देता है । यह निबंधन स्थायी परिसम्मपित्तयों की इकाईयों को बढ़ाने या विद्यमान परिसम्पत्ति की क्षमता, दक्षता और जीवनकाल में सुधार अथवा प्रचालन में मितव्ययता लाने के व्यय तक सीमित है, (छ) "कैश बुक" से अभिप्रेत है नगर पालिका की नकद राशियों के वित्तीय व्यवहार दर्ज करने के लिए प्रयुक्त मूल प्रविष्टि पुस्तिका, "सक्षम प्राधिकारी" से अभिप्रेत है मुख्य नगरपालिका अधिकारी अथवा उस अधिकारी (ज) से है जिसे इन नियमों अथवा राज्य सरकार द्वारा जारी किसी अन्य सामान्य या विशिष्ट आदेशों के अन्तर्गत शक्ति प्रत्यायोजित की गई हों,

( झ) "परिषद" से अभिप्रेत है नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 5 के द्वारा या इसके अंतर्गत गठित नगरपालिका परिषद अथवा नगर परिषद,

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(ञ) "विभाग" से अभिप्रेत है :-

(1) नगरपालिका की दशा में:-

(एक) सामान्य प्रशासन विभागः

(दो) जल कार्य एवं सीवरेज विभाग;

(तीन) लोक निर्माण, उद्यान, विद्युत और यांत्रिक विभाग;

(चार) राजस्व, वित्त एवं लेखा विभाग;

(पांच) स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभागः

(छह) योजना, यातायात, परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग; तथा

(सात) शहरी गरीबी उन्मूलन विभाग;

(2) नगर परिषद् के लिए:-

(एक) सामान्य प्रशासन, राजस्व, वित्त एवं लेखा विभाग;

(दो) जल कार्य, सीवरेज , स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग;

(तीन) लोक निर्माण, उद्यान , विद्युत और यांत्रिक विभाग;

(चार) योजना, यातयात, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी विभागः तथा

(पांच) शहरी गरीबी उन्मूलन विभागः

(ट) " वित्तीय विवरण " से अभिप्रेत है बैलेंस शीट, आय और व्यय पत्रक, प्राप्तियां और भुगतान विवरण, नकद प्रवाह विवरण तथा अन्य कोई सहायक विवरण अथवा लेखा अभिलेखों से प्राप्त वित्तीय आंकड़ों के अन्य प्रस्तुतिकरण;

(ठ) " वित्तीय वर्ष" से अभिप्रेत है ऐसा वित्तीय वर्ष जो 1 अप्रैल से प्रारंभ होता है और आगामी 31 मार्च को समाप्त होता है;

(ड) " प्ररूप"से अभिप्रेत है इन नियमों में संलग्न प्ररूप अथवा इन नियमों के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के अधीन निर्धारित कोई प्ररूप;

(ढ़) "निधि" से अभिप्रेत है एक गतिविधि जिसके लिए राज्य शासन के आदेशानुसार पृथक लेखा पुस्तकें एवं वित्तीय विवरण तैयार किए जाने आवश्यक हैं;

(ण) " जनरल लेजर" से अभिप्रेत है लेखाकरण के उद्देश्य हेतु उपयोग किए गए सभी लेखाओं के एक संकलन;

(त) " लेखा और वित्त विभाग के प्रमुख" से अभिप्रेत है ऐसा अधिकारी जो नगरपालिका के लेखा एवं वित्त विभाग के समस्त कार्यों के प्रचालन एवं कृत्यों का प्रभारी हो एवं इन के लिए उत्तरदायी हो;

(थ) "विभागाध्यक्ष" से अभिप्रेत है संबंधित विभागों के लिए उत्तरदायी समस्त प्रभार से युक्त अधिकारी जैसा कि नियम 2 (ट) में परिभाषित है एवं इसमें राजस्व अधिकारी , स्वास्थ्य अधिकारी, अभियन्ता, स्वच्छता निरीक्षक आदि सम्मिलित होंगे, तथा ये सभी अधिकारी मुख्य .. नगरपालिका अधिकारी के अधीनस्थ होंगे;

(द) " आय" से अभिप्रेत है एक वित्तीय वर्ष के दौरान अर्जित या उपार्जित धन या धन का समतुल्य, पूर्व की विद्यमान निवल परिसम्पत्तियों के योग में वृद्धि एवं किसी प्रकार की सेवा या किराएदारी के प्रावधानों से उद्भूत धन सहित शासन आदि से प्राप्त हुए कोई अनुदान/अंशदान ;

(ध) " आय एवं व्यय विवरण" से अभिप्रेत है नगरपालिका की आय एवं व्यय से संबंधित विवरण । यह लाभ एवं हानि विवरण के ही समान है तथा इसे राजस्व एवं व्यय विवरण भी कहा जाता है;

(न) "मूलभूत नगरपालिक सेवाओं का न्यूनतम स्तर" से अभिप्रेत है ऐसे मानक सेवा स्तर संकेतक जिन्हें शहरी विकास मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा चार मूलभूत नगरपालिक 1286

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सेवाओं- जलापूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं वर्षा जल निकासी में निर्धारित किया गया है;

(प) "नगरपालिकाओं का स्वयं का राजस्व" से अभिप्रेत है कर राजस्व, गैर कर राजस्व से प्राप्त राजस्व एवं राज्य शासन से हस्तांतरित राशि किन्तु इसमें पूँजी अनुदान, परिसंपत्तियों के विक्रय से पूँजीगत प्राप्तियां तथा राज्य शासन से अन्य पूँजीगत प्राप्तियां सम्मिलित नहीं होंगी;

(फ) "प्राप्तियाँ एवं भुगतान विवरण " से अभिप्रेत है एक प्रत्रक जो नकद के किसी भी रूप (नकद, चैक , आदि) में प्राप्ति एवं किए गए भुगतान के दर्शाता है ।इस विवरण को तैयार करते समय सभी गैर नकद लेन- देनों की अनदेखी की जाती है;

(ब) " राजस्व व्यय"से अभिप्रेत है पूंजीगत व्यय से भिन्न अन्य व्यय;

(भ) " राजस्व प्राप्ति" से अभिप्रेत है पूंजीगत प्राप्ति से भिन्न अन्य प्राप्ति;

(म) "विशेष अवसर ' से अभिप्रेत है कोई भी मेले, प्रदर्शनियां, क्रीड़ा प्रतियोगिताएं या टूर्नामेण्ट अन्य स्थानीय त्यौहार, एवं राष्ट्रीय या प्रादेशिक महत्व के आयोजन अथवा प्राकृतिक आपदा, जैसा कि इस संबंध में परिषद् द्वारा निर्णय किया जाए ;

(य) " सरकार"से अभिप्रेत है मध्य प्रदेश सरकार;

(यक) "सब लेजर" से अभिप्रेत है सहायक लेखों के समूह, जिनके शेषों का योग जनरल लेजर में सृजित नियंत्रण लेखों के शेष के समतुल्य हो;

(यख) "व्हाउचर" से अभिप्रेत है ऐसा दस्तावेज़ , जो किसी वित्तीय व्यवहार को अधिकृत करता है तथा पुस्तकों में मूल प्रविष्टि दर्ज करने का आधार बनाता है उदाहरणार्थ रसीद व्हाउचर, प्रति रसीद व्हाउचर, भुगतान व्हाउचर, जर्नल व्हाउचर, आदि ।

(2) इन नियमों में प्रयुक्त शब्द, या अभिव्यक्तियां जिनका उपयोग इस नियम में किया गया हो, किन्तु परिभाषित न किया गया हो, का वही अर्थ होगा जो कि अधिनियम में समनुदेशित किया गया है ।

अध्याय-दो

लेखांकन प्रणाली

3. लेखांकन प्रणाली.-

(1) नगरपालिकाएं उनकी लेखा पुस्तकों का संधारण दोहरी प्रविष्टि प्रणाली के अंतर्गत संभूति आधार पर करेंगी ।

(2) नगरपालिकाएं संव्यवहारों के लेखाकरण, लेखा पुस्तकों के संधारण एवं वित्तीय विवरणों को तैयार करने हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्धारित रूप में लेखाकरण सिद्धांतों का अनुसरण करेगी।

(3) प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए पृथक लेखा पुस्तकें संधारित की जायेंगी ।

(4) नगरपालिका से संबंधित सभी संव्यवहार नगरपालिका की लेखा पुस्तकों में दर्ज किए जाएंगे ।

4. लेखा पुस्तकें.-

(1 ) लेखा पुस्तकें एवं सहायक दस्तावेज़ निम्नानुसार होंगे:-

(क) कैश बुक:

(ख) बैंक बुक;

(ग) जर्नल बुकः

(घ) जनरल लेजर और सब लेजर;

(ङ) ट्रायल बैंलेस;

(च) पंजियाँ और;

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(छ) व्हाउचर्स;

(2) लेखा पुस्तकें एवं अन्य समर्थन दस्तावेज़ राज्य सरकार द्वारा यथानिर्धारित प्ररूप में संधारित किए जाएंगे ।

(3) लेखा पुस्तकें एवं अन्य दस्तावेज़ हिन्दी देवनागरी अथवा अंग्रेजी लिपि में संधारित किए जायेंगे । :

(4) लेखा पुस्तकों में सभी प्रविष्टियां दैनिक रूप से कालक्रमानुसार की जाएंगी ।

(5) लेखा पुस्तकें, पंजियाँ, रसीद बुक्स, बिल बुक्स एवं अन्य लेखाकरण अभिलेखों की सुदृढ़ जिल्द बनाकर उनके प्रत्येक पृष्ठ पर क्रमांक अंकित कर नगरपालिका की मोहर लगायी जाएगी।

(6) प्रत्येक लेखा पुस्तक या रजिस्टर के पृष्ठों की संख्या का सत्यापन के पश्चात् मुख्य नगरपालिका अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत किसी अधिकारी द्वारा पंजी के अंतिम पृष्ठ पर लिखित रूप में प्रमाणीकरण किया जाएगा ।

(7) लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी लेखा पुस्तकों के प्रत्येक पृष्ठ पर हस्ताक्षर कर उनका प्रमाणीकरण करेंगे ।

5. कैश बुक.-

(1) नकद प्राप्तियाँ, संवितरण , नगरपालिका के बैंक खातों में नकद जमा एवं नकद आहरणों से संबंधित समस्त संव्यवहार, उसी दिन कैशबुक में दर्ज किए जायेंगे ।

(2) कैशबुक का योग दैनिक आधार पर करके मिलान किया जायेगा । दैनिक नकद अंतशेष को अगले दिवस के प्रारम्भिक शेष के रूप में अग्रेषित किया जाएगा ।

(3) लेखापाल प्रति दिन कैशबुक के अंतशेष की जांच करेगा तथा ऐसे परीक्षण के प्रतीक रूप में हस्ताक्षर करेगा । कैशियर के पास हस्तगत नकद राशि का मिलान कैशबुक के अंतशेष से दैनिक आधार पर किया जाएगा तथा लेखापाल इस प्रभाव का प्रमाणपत्र कैशबुक में अंकित करेगा ।

बैंक बुक.- 6.

(1) नकद,चैक,डिमाण्ड ड्राफ्ट या किसी इलेक्ट्रानिक ट्रान्सफर के रूप से नगरपालिका के बैंक खातों में जमा राशियाँ अथवा आहरित की गई राशियां उसी दिन बैंक बुक में दर्ज कीजाएंगी ।

(2) नगरपालिका के प्रत्येक बैंक खाते के लिए पृथक बैंक बुक संधारित की जाएगी । (3) बैंक बुक का दैनिक योग कर मिलान किया जाएगा एवं अंतिम बैंक शेष अगले दिन के प्रारम्भिक शेष के रूप में अग्रेषित किया जाएगा ।

(4) लेखापाल प्रतिदिन बैंकबुक की प्रविष्टियों व अंतिम बैंक शेष का परीक्षण करेगा तथा इसकी पुष्टि के प्रतीक रूप में हस्ताक्षर करेगा ।

(5) प्रतिमाह नगरपालिका की बैंकबुक के अनुसार बैंक पासबुक तथा बैंक स्टेटमेण्ट से मिलान कर नगरपालिका के सभी बैंक खातों का पुनर्मिलान किया जायेगा । अंतर पाए जाने पर सत्यापन के पश्चात् लेखा की पुस्तकों में आवश्यक प्रविष्टियाँ पारित की जाएंगी अथवा बैंक को उसके स्तर पर आवश्यक सुधार हेतु सूचित किया जाएगा । नोटः बैंक स्टेटमेंट या पासबुक के साथ प्रविष्टियों का मिलान करते समय राशि के साथ चैक नम्बर, पाने वाले तथा अदाकर्ता के नाम आदि की भी जाँच की जाएगी । (6) नगरपालिका के सभी बैंक खातों के लिए मासिक पुनर्मिलान प्रपत्र अगले माह की 10 तारीख तक तैयार किए जाएंगे तथा इस पर लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे ।

7. जर्नल बुक.- ऐसे व्यवहार जिनमें नकद एवं बैंक अंतर्ग्रस्त न हों उनको जर्नल बुक में अभिलिखित किए जाएगें । 1286(3)

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8. जनरल लेजर- लेखे के प्रत्येक शीर्ष के लिए जनरल लेजर संधारित किया जाएगा जिसमें प्रारम्भिक शेष हो अथवा वित्तीय वर्ष के दौरान लेन- देन हुआ हो । प्रत्येक दिन के अंत में कैश बुक, बैंक बुक एवं जर्नल बुक में अभिलिखित किए गए संव्यवहार की उपयुक्त लेजर्स में प्रविष्टियां की जाएंगी । लेजर खाते प्रत्येक माह के अंत में बंद किए जाएंगे एवं अंतशेष को अगले माह हेतु प्रारम्भिक शेष के रूप में अग्रेषित किया जाएगा ।

9. सब लेजर- जानकारी ब्यौरों के लिए, जनरल लेजर में चिन्हित किसी लेखा हेतु नियंत्रण लेखे के रूप में सब-लेजर संधारित किया जा सकता है ।

10. ट्रायल बैलेन्स- माह के अंत तक के संव्यवहारों हेतु सभी लेखाकरण समायोजन किए जाने के पश्चात् प्रत्येक माह के लिए अनुवर्ती माह की 10 तारीख तक ट्रायल बैलेन्स तैयार किया जाएगा ।

11. व्हाउचर्स.-

(1) नगरपालिक निगम के प्रत्येक वित्तीय वित्तीय संव्यवहार को एक व्हाउचर में प्रविष्टि की जाएगी तथा उपयोग किए जाने वाले व्हाउचर का प्रकार वित्तीय व्यवहार की प्रकृति पर निर्भर होगा ।

(क) नकद, चैक या डिमाण्ड ड्राफ्ट, बैंक में प्रत्यक्ष जमा या इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण से प्राप्ति अन्तर्ग्रस्त संव्यवहारों हेतु प्राप्ति व्हाउचर तैयार किया जाएगा;

(ख) नकद, चैक या बैंक द्वारा प्रत्यक्ष नामे या इलेक्ट्रॉनिक अंतरण से किए गए भुगतान अन्तर्ग्रस्त संव्यवहारों हेतु भुगतान व्हाउचर तैयार किया जाएगा;

(ग) नगरपालिक निगम के बैंक खातों में नकद जमा, नकद आहरण या नगरपालिक निगम के बैंक खातों के बीच अंतरण के लेन- देन के लिए कॉन्ट्रा व्हाउचर तैयार किया जाएगा ; और

(घ) ऐसे संव्यवहारों के लिए जिनमें नकद या बैंक खाते अंतर्ग्रस्त नहीं होते, जर्नल व्हाउचर तैयार किया जाएगा ।

(2) सभी व्हाउचर्स लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख या उसके द्वारा सम्यक् रूप से प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति के पर्यवेक्षण में तैयार किए जाएंगे तथा उसे अन्य सहायक दस्तावेजों की आवरण शीट के रूप में उपयोग किया जाएगा जो लेन-देन प्राधिकृत करने का आधार बनाते हैं ।

(3) प्रत्येक श्रेणी के व्हाउचर के लिए क्रमिक नंबर दिए जाएंगे । प्रत्येक वित्तीय वर्ष में व्हाउचर नवीन क्रमांक शुरू होंगे ।

(4) एक व्हाउचर में विविध लेखा शीर्ष हो सकते हैं किन्तु संव्यवहार केवल एक ही निधि के संबंध में अभिलिखित होगा ।

12. लेखाओं का चार्ट. -

(1) समस्त वित्तीय संव्यवहारों के अभिलेखन हेतु राज्य सरकार द्वारा विहित लेखा चार्ट एवं संहिताकरण संरचना का उपयोग किया जाएगा ।

(2) लेखा चार्ट या संहिता संरचना में किसी परिवर्धन संशोधन को आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा अनुमोदित किया जाएगा ।

कम्प्यूटरीकृत लेखांकन और इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में अभिलेखों का संधारण,- 13.

(1) इन नियमों के अंतर्गत विहित किए गए रूप में लेखा पुस्तकों एवं अन्य लेखा अभिलेखों को इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में संधारित करने हेतु नगरपालिक निगम उपयुक्त कम्यूटर साफ्टवेयर का उपयोग कर सकेगी ।

(2) जहां कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली अपनायी गई हो वहां नगरपालिक निगम का आयुक्त निम्न के प्रति उत्तरदायी होंगेः-

(क) डेटा और सॉफ्टवेयर की सुरक्षा एवं सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करना;

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(ख) डेटा का बैकअप और इसका पुनः प्रतिष्ठापन;

(ग) डेटा प्रविष्टि, डेटा संशोधन और रिपोर्टिंग के लिए अभिगमन नियंत्रण; तथा (घ) प्रत्येक माह के अंत में लेखा पुस्तकों का प्रिंट लेना ।

(ङ) शहरी विकास और आवास विभाग के निर्देशों के अनुसार डिजिटल हस्ताक्षर प्राप्त करना और समाप्ति से पूर्व इसे नवीनीकृत करना ।

(च) अगले माह के हर तीसरे दिन प्रणाली में वित्तीय अवधि (माह) बंद करना ताकि उस माह के सांविधिक विवरण अगले माह के 7 वें दिन तक तैयार किए जा सकें ।

(छ) केवल सिस्टम के क्रय आदेश जारी करना सुनिश्चित करना ।

(ज) विक्रेता/ ठेकेदारों/ कर्मचारियों को भुगतान सिस्टम के माध्यम से ही किया जाना सुनिश्चित करना । यदि मानवीय रूप से चैक जारी किए जाते हैं, तो सिस्टम में चैक की प्रविष्टि की जानी चाहिए ।

( झ) यह सुनिश्चित करना कि प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतिसिस्टम के माध्यम होनी चाहिए । स्वीकृति प्राप्त होने पर प्रेसीडेन्ट- इन- काउंसिल से ली गई . स्वीकृतियां सिस्टम में दर्ज किया जाना सुनिश्चित करना चाहिए ।

(ञ

) सभी नागरिक परियोजनों की प्रगति के साथ कार्य प्रारंभ होने के पूर्व के फोटो के संलग्न किए जाना, सुनिश्चित करना चाहिए । ये फोटो सिस्टम में संबंधित परियोजना /कार्य संरचना में अपलोड की जानी चाहिए ।

(3) उप नियम (2) उपबंधित प्रिंट किए गए लेखा विवरणों की जिल्द के रूप में सुदृढ़ बाईंडिंग की जाएगी तथा पृष्ठ क्रमांकित किए जाएंगे । प्रत्येक पृष्ठ पर नगरपालिक निगम की सील लगाई जाएगी । लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख तथा आयुक्त प्रत्येक पृष्ठ पर हस्ताक्षर कर लेखा पुस्तकों के प्रिंट अभिप्रमाणित करेंगे ।

(4) जहां नगरपालिक निगम के अन्य विभागों का प्रचालन कम्प्यूटराईज्ड है, लेखा की पुस्तकों के मानकीकृत प्ररूपों में या ऐसे क्षेत्र से संबंधित किन्हीं अन्य अभिलेखों में, पंक्तियों, कॉलमों या अंतर्वस्तु जो डेटाबेस में पूर्व से ही उपलब्ध हो या जिन्हें सॉफ्टवेयर में अधिकार में लिया जाना रूपांकित हो एवं सत्यापन अथवा रिपोर्टिंग हेतु सरलता से निकाला जा सके, इनके संशोधन का अनुमोदन आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति को प्राधिकृत कर सकेगे ।

(5) जहां आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग संतुष्ट अधिकारी संतुष्ट हो कि कम्प्यूटरीकृत लेखा प्रणाली विश्वसनीय , स्थिर है और पर्याप्त सुरक्षा तथा बैकअप प्रणालियाँ लगा दी गई हैं, वह शासन से अनुरोध कर सकता है कि लेखाओं की ऐसी पुस्तकों, फार्म्स, रजिस्टर्स एवं अभिलेखों का हस्तलिखित संधारण समाप्त करने के निर्देश दिए जाएं , जैसा कि वह उचित समय ऐसा अनुरोध प्राप्त होने पर शासन स्तर से नगरपालिकाओं को निर्देश जारी किए जा सकेंगे कि ऐसे , फार्म्स , रजिस्टर्स एवं अभिलेखों का हस्तलिखित संधारण समाप्त कर दिया जाए एवं इन्हें कम्प्यूटरीकृत प्रणाली पर केवल इलेक्ट्रॉनिक फार्म में ही संधारित किया जाए ।

14. लेखा पुस्तकों तथा अन्य अभिलेखों में सुधार.-

(1) लेखा पुस्तकों में की गई प्रविष्टि के किसी भी प्रकार के संशोधन मुख्य नगरपालिका अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति द्वारा अधिकृत किया जाएगा तथा जर्नल व्हाउचर में संशोधन प्रविष्टि के माध्यम से किए जाएंगे । 1286(5)

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(2) व्हाउचर अथवा प्ररूप अथवा पंजियों में किसी भी प्रकार का संशोधन अथवा सुधार लाल स्याही से किया जाएगा (सुधारी जानेवाली प्रविष्टि केवल एक क्रास लाईन खींचकर काटी जाएगी) तथा इसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी के तारीख सहित आद्याक्षर से अंकित कर प्रमाणित करेगा ।

(3) बिल /दावों और भुगतान व्हाउचर के सभी सुधार और परिवर्तन समान रूप से अदाकर्ता द्वारा सत्यापित किए जाएंगे ।

(4) रसीदों में अंकित आंकड़ों में कोई सुधार या परिवर्तन नहीं किया जाएगा एवं जब कभी रसीदों के लिखने में त्रुटि हो जाए , ऐसी रसीदों की सभी प्रतियां निरस्त की जाएंगी तथा जारी की गई नवीन रसीदों के समर्थन में संरक्षित रखी जाएंगी ।

( 5) उद्घर्षण नहीं किया जाएगा तथा उदघर्षण किए गए कोई दस्तावेज़ स्वीकार नहीं होंगे ।

15. नगरपालिका निधि.-

(1 ) " नगरपालिक निधि" नगरपालिकाओं द्वारा प्रबंधित की जाने वाली मुख्य निधि होगी और वह अधिनियम में वर्णित स्रोतों से मिलकर बनेगी ।

(2) राज्य सरकार विशिष्ट प्रयोजनों के लिए पृथक् निधियां विहित कर सकती है ।

टिप्पण : तथा राज्य सरकार द्वारा विहित की गई प्रत्येक निधियां, नगरपालिका निधि हेतु पृथक् अनुसूची, नगरपालिका के वार्षिक वित्तीय विवरण का भाग बनोंगे । अनुसूची में वित्तीय वर्ष के दौरान निधि में किए परिवर्धनों एवं कटौतियों या उपयोगिता के विवरण, सम्मिलित होंगे ।

(3) राज्य सरकार, प्रत्येक निधि के लिए पृथक् वित्तीय विवरण तैयार करना विहित कर सकती है ।

(4) जहां राज्य सरकार से प्रत्येक निधि के लिए पृथक् वित्तीय विवरण तैयार करना विहित हो, नगरपालिका, प्रत्येक निधि के लिए पृथक् अभिलेख संधारित करेगी एवं निम्न बिन्दुओं का अनुपालन करेगीः-

(क

) प्रत्येक निधि के लिए लेखे की पुस्तकें एवं व्हाउचर पृथक् रूप से तैयार किए जाएंगे । प्रत्येक निधि हेतु व्हाउचर पर व्हाउचर क्रमांक स्पष्ट रूप से चिंहित होंगी ।

(ख) प्रत्येक निधि के लिए पृथक् बैंक खाता संधारित किया जायेगा तथा संबंधित निधि के बैंक खाते में प्रेषण किए जायेंगे । किसी प्रकार की प्राप्ति अथवा भुगतान किसी अन्य निधि के बैंक खाते में अंकित होने की दशा में तो इसे अंतर-निधि अंतरण के रूप में माना जायेगा एवं तद्‌नुसार ही लेखांकन किया जाएगा ।

(ग) नगरपालिका, प्रत्येक निधि के लिए पृथक वित्तीय विवरण तैयार करने के अतिरिक्त सम्पूर्ण रूप से नगरपालिका के लिए समेकित वित्तीय विवरण तैयार करेगी ।

16. आरक्षित निधि.-

(1) नगरपालिका प्रतिवर्ष अपने राजस्व का पाँच प्रतिशत आरक्षित निधि में अंतरित करेगी । (2) नगरपालिका आरक्षित निधि हेतु पृथक बैंक खाता संधारित करेगी;

(3) आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास के अनुमोदन से आरक्षित निधि का उपयोग किया जाएगा किन्तु निम्न गतिविधियों तक ही सीमित नहीं होगा;

(क) कर्मचारियों के किसी भी संबंधित भुगतानों या उपदान (ग्रेच्युटी) के लिए जमा;

(ख) केन्द्रीय या राज्य योजना हेतु कोई भी मार्जिन मनी;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(ग) आपात स्थितियों में या विशेष जन कल्याण योजनाओं हेतु व्यय के लिए जहां बजट प्रावधान नहीं हो; एवं

(घ) राज्य सरकार द्वारा जारी किसी अन्य आदेश हेतु ।

ओपनिंग बैलेन्स शीट तैयार करना.- 17.

(1) नकद आधारित लेखा पद्धति से स्थानांतरित कर बुक कीपिंग की संभूति आधारित दोहरी लेखा प्रणाली अपनाने के लिए नगरपालिका द्वारा , राज्य सरकार द्वारा यथा निर्धारित दिनांक पर ओपनिंग बैलेन्स शीट तैयार की जायेगी ।

(2) ओपनिंग बैलेंस शीट, तैयार की जाएगी तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थायी परिसम्पत्तियों का मूल्यांकन किया जाएगा ।

(3 ) नगरपालिका परिसंपत्तियों के चिन्हांकन हेतु बाहरी एजेन्सियों की सहायता ले सकती है। इसमें परिसम्पत्तियों की सूची बनाने एवं परिसम्पत्तियों की स्थिति तथा दशा आदि भी सम्मिलित की होगी ।

(4) मुख्य नगरपालिका अधिकारी , ओपनिंग बैलेन्स शीट अपनाये जाने एवं अनुमोदनार्थ प्रेसिडेन्ट- इन- कौंसिल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे ।..

(5) ओपनिंग बैलेन्स शीट में यदि कोई त्रुटि या चूक परिलक्षित होती है तो प्रेसिडेन्ट- इन-कौंसिल के अनुमोदन के पश्चात् ऐसी त्रुटि या चूक हेतु संबंधित लेखाशेषों में समायोजन किया जाएगा तथा ऐसे समायोजन का त्तस्थानी प्रभाव उस वित्तीय वर्ष में नगरपालिका निधि के शेष में किया जायेगा जिसमें यह त्रुटि या चूक परिलक्षित हुई है । ऐसा कोई समायोजन लेखों में समावेश के पूर्व अनुमोदन हेतु प्रेसिडेन्ट- इन-कौंसिल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा ।

अध्याय- तीन

करों और शुल्कों का संग्रह

18. सामान्य.-

मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा नगरपालिका क्षेत्र को, घूमने और वितरण किए जाने वाले बिलों की गणना के आधार पर संग्रहण मण्डलों में विभाजित किया जाएगा । प्रत्येक मण्डल क्रमांकित किया जाएगा और प्रत्येक मण्डल में एक संहायक राजस्व निरीक्षक नियुक्त किया जाएगा । संग्रहण मण्डल यथा संभव सघन होगा और उसमें उससे अधिक घर नहीं होंगे जितने एक सहायक राजस्व निरीक्षक एक माह में निरीक्षण कर सके ।

टिप्पणी: जब एक सहायक राजस्व निरीक्षक बदल जाए तो बहिगामी सहायक राजस्व निरीक्षक बकाया की सूची तैयार करेगा जो मुक्त करने वाले सहायक राजस्व निरीक्षक को दी जाएगी । जब बाद वाला ऐसी सूची प्राप्त कर लेता है तब वह संग्रहणों हेतु पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगा ।

19. इस प्रयोजन के लिए नियुक्त प्रत्येक सहायक राजस्व निरीक्षक उसके मण्डल में समस्त नवीन भवनों के प्रकरण , पुनर्निर्माण और वर्तमान भवनों में किए गए परिवर्धन को दर्शाते हुए त्रैमासिक विवरण पत्रक, नगरपालिका द्वारा नियुक्त अधिकारी को प्रस्तुत करेगा । ये विवरण पत्र भवन निर्माण अनुज्ञा अधिकारी द्वारा प्रदत्त जानकारी पर आधारित होंगे , जो कि जानकारी प्रदत्त करने के लिए उत्तरदायी होगा । विवरण पत्र प्रस्तुत करने के पूर्व सहायक राजस्व निरीक्षक उन पर निमांकित प्रमाण पत्र पृष्ठांकित करेगाः-

"इस मण्डल में कोई भी नवीन भवन निर्माणाधीन नहीं है और न ही विद्यमान भवनों में कोई परिवर्धन या परिवर्तन ही किया जा रहा है सिवाय जो विवरण पत्र में दर्शाये गए हैं । " टिप्पणी- त्रैमासिक विवरण पत्रकी प्राप्ति पर, जहां आवश्यक हो, कर के निर्धारण या पुनर्निर्धारण के लिए शीघ्घ्र कार्यवाही की जाएगी । 1286(7)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

20. (1) प्रत्येक नई मांग और विद्यमान मांग में प्रत्येक परिवर्तन, जो संपत्ति कर निर्धारण सूची की पूर्णता और प्रमाणिकता के उपरांत स्वीकृत किए गए हों, जहां तक वह उस वित्तीय वर्ष की मांग को प्रभावित करे उसकी प्रविष्टि मांग , संग्रहण , एवं शेष पंजी में की जाएगी ।

(2) प्रत्येक वर्ष में वृद्धि या कमी का परिणाम दर्शाने की दृष्टि से प्ररूप -एक में विवरण पत्र तैयार किया जाएगा जिसमें प्रत्येक परिवर्तनों की प्रविष्टि द्वारा उसे अद्यतन रखा जाएगा और वित्तीय वर्ष के अंत में योग किया जाएगा ।

21. (1) कर निर्धारण सूची से मांग, संग्रहण, अवशेष रजिस्टर तैयार किया जाएगा और पिछले मांग एवं संग्रहण रजिस्टर में अंकित की गई कोई लंबित शेष राशि भी दर्शायी जाएगी । (2) वित्तीय वर्ष के अंत में लेखाओं का शेष निकाला जाएगा और उन्हें बंद किया जाएगा, प्रगामी योग किया जाएगा और पृष्ठ दर पृष्ठ अग्रेषित किया जाएगा और आंकड़ों की प्रविष्टिकर्ता के अतिरिक्त अन्य व्यक्ति महायोग करेगा और यह प्रमाणित करने के प्रयोजन से कि लेखा सही है, लेखा तैयार करने के लिए निम्नांकित अंतशेष प्रविष्टियाँ भी की जाएंगी:-

(क) वित्तीय वर्ष के आरम्भ में मांग सूची के अनुसार मांग;

बकाया;

(ख)

(ग) वित्तीय वर्ष के दौरान की गई वृद्धि या कमी;

(घ) वित्तीय वर्ष के लिए कुल मांग;

संग्रहण;

(ङ)

(च) रियायतें (छूट);

वित्तीय वर्ष के अन्त में बकाया शेष ।

(छ)

लेखाकंन एवं अभिलेखन प्रणाली.- 22.

(1 ) सम्पत्ति एंव अन्य करों से सम्बन्धित राजस्व, उस अवधि के लिए मान्य किए जाएंगे जिसमें वे देय होते हैं ।

(2) जब कभी प्राप्ति योग्य कर के संबंध में मांग उठेगी तब उसके संबंध में प्रविष्टि की जाएगी ।

23.. अधिनियम के अन्तर्गत सम्पत्ति कर के भुगतान के संबंध में, यदि कोई छूट अनुज्ञेय है, तो उसे लेखा में जर्नल व्हाउचर के माध्यम से व्यय माना जाएगा ।

24. केन्द्र या राज्य सरकार के पक्ष में यदि कोई उपकर संग्रहित किया जाता है, तब संबंधित कर प्राधिकारियों के प्रति भुगतान का दायित्व के रूप में माना जाएगा । उपकर वसूली के लिए नगर पालिका को प्राप्य संग्रहण प्रभार या शेयर को आय के रूप में लिया जाएगा, तथा उसे संबंधित अधिकारियों को भुगतान योग्य राशि से घटा दिया जायेगा ।

25. प्रतिदिन की गई वसूली को राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप और रीति के अनुसार लेखा में लाया जाएगा ।

26. यदि किसी पक्ष से करों या अन्य नगरपालिका शोध्यों की दो या अधिक किस्तें वसूली योग्य हों और जब केवल एक किस्त प्राप्त हो तब पूर्ववर्ती शोध्य किस्त जमा की जाएगी ।

27. सम्पत्ति कर से आय. सम्पत्ति कर से आय की राशि स्वनिर्धारण विवरणी के जमा होने के पश्चात् ही अभिनिश्चित् की जाएगी और प्रत्येक अर्ध-वर्ष की समाप्ति पर उचित समायोजन प्रविष्टिकी जाएगी जिससे राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप और रीति में वित्तीय वर्ष में सम्पत्ति कर से आय की सही राशि प्रतिबिम्बित हो ।

28. उपयोगकर्ता शुल्क के लिए लेखा प्रक्रिया. उपयोगकर्ता प्रभारों के संबंध में राजस्व जिसमें शास्ति सम्मिलित है, राजस्व उस वित्तीय वर्ष में मान्य किया जाएगा, जिसके लिए मांग की गई है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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29. जल प्रभार. जल प्रदाय हेतु यथा स्थिति एक समान दर या माप के आधार पर निर्धारित की गई दर के संबंध मेंमांग पंजी रखी जाएगी ।

30. मूल रसीदों की जांच. मुख्य नगरपालिका अधिकारी यह प्रबंध करेगा कि उसके कर्मचारियों द्वारा करदाताओं को दी गई रसीदों में से दस प्रतिशत से अन्यून रसीदों का मिलान प्रतिमाह उसके प्रतिपर्ण और संग्रहण रजिस्टर से किया जाए । इस प्रकार मिलान की गई रसीदों का अभिलेख संबंधित व्यक्तियों द्वारा रखा जाएगा ।

31. दैनिक संग्रहण पंजी. इन रजिस्टरों में दैनिक और मासिक योगों को अग्रनिति किया जाएगा और मास के आगामी दिन के योग के साथ जोड़ा जाएगा । माह के अंत में वित्त एवं लेखा विभाग द्वारा , योग की जांच की जाएगी और सावधिक लेखाओं में दर्शायी राशियों से मिलान किया जाएगा और विसंगति का सुधार किया जाएगा ।

32. वापसी.- राजस्व की वापसी की टीप, कैश बुक या अन्य रजिस्टर में प्राप्ति की मूल प्रविष्टि के सम्मुख की जाएंगी, ताकि अकस्मात् दूसरी बार उसी राशि की वापसी से न हो सके । रसीद के प्रतिपर्ण में प्रतिदाय टीप की जाएगी । किसी वापसी को प्राधिकृत किए जाने के पूर्व जहां संभव हो, पार्टी को दी गई रसीद प्राप्त की जाएगी और उसे रद्द किया जाएगा ।

33. अन्य कर. अन्य कर के मामले में जहाँ वार्षिक कर निर्धारण किया जाता है और कर निर्धारण सूची के प्ररूप संबंधित नियमों या उपनियमों में विहित न हों, उनके लिए प्रतिवर्ष जनवरी माह में हर वार्ड के लिए अगले वित्तीय वर्ष हेतु प्ररूप 2 में पृथक् पृथक् कर के लिए पात्र व्यक्तियों की कर निर्धारण सूची तैयार की जाएगी ।

टिप्पणी यह सूची वित्त समिति को सूचित मांग और संग्रहण रजिस्टर का आधार होगी और यदि ऐसी कोई समिति नहीं है तब सूची के तैयार होने के वित्तीय वर्ष के फरवरी माह में प्रेसिडेंट- इन- कौंसिल को प्रस्तुत की जाएगी ।

34. कर निर्धारण सूचियों में से तैयार किया गया मांग और संग्रहण रजिस्टर उसमें की गई प्रविष्टियां , वार्ड वार किए गए योग सहित राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूपऔर रीति में संधारित किया जाएगा । उसमें की गई प्रविष्टियों की जांच राजस्व अधिकारी / राजस्व निरीक्षक द्वारा की जाएगी और जहां राजस्व अधिकारी / राजस्व निरीक्षक न हों, वहां यह जांच मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा की जाएगी और जांच पूरी होने पर वह प्रत्येक पृष्ठ पर अपने आद्याक्षर करेंगे । गत वर्ष या वर्षों का अदत्तशेष, रजिस्टर के आरंभ के पृष्ठों पर वर्षानुसार पृथक् पृथक् पृष्ठों में लिखा जाएगा और प्राप्तियों की प्रविष्टि कर मांग को मूल रजिस्टर में न कर इस रजिस्टर में संबंधित प्रविष्टियों के समक्ष दर्शाया जाएगा । रजिस्टर वित्त वर्ष आरंभ होने के पूर्व तैयार होगा और उसमें एक सूची होगी जिसमें सभी वार्डों की कर निर्धारण राशि का योग होगा । इन राशियों का योग होने के उपरांत किए गए कर निर्धारण की प्रविष्टियाँ, संबंधित क्षेत्र की प्रविष्टियों के योग के नीचे दर्शायी जाएंगी और कर निर्धारण सूची के क्रमांक और प्राधिकार को उद्धृत किया जाएगा ।

35. वृद्धि एवं छूट. वित्तीय वर्ष के दौरान स्वीकृत कर वृद्धि एवं छूट की प्रविष्टियां प्ररूप-तीन में रखे गए रजिस्टर में होंगी, विस्तृत विवरण संबंधित संग्रह और मांग के रजिस्टरों में प्रविष्ट किया जाएगा ।

36. मांग संग्रहण और शेष का पत्रक. प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में लंबितों का शेष निकाला जाएगा एवं वित्तीय वर्ष के दौरान यदि कोई वृद्धि कीगई हो कुल संग्रहण राशि में जोड़ कर और वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की गई छूट की राशि का योग घटाया जाएगा । यह विवरण निगम लेखा समिति को और यदि ऐसी समिति न हो तो प्रेसीडेन्ट-इन-कौंसिल को प्रस्तुत किया जाएगा । 1286(9)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

37. सूचना और जप्ती वारंट.-

(1 ) अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जारी किए गए मांग के नोटिस और जप्ती वारंट के प्रतिपर्ण सहित प्ररूप 4 व 5 में रखी जाने वाली पुस्तक में रखे जाएंगे । जप्ती द्वारा राशि प्राप्त होने पर उसका उल्लेख कैशियर की कैश बुक में और मांग और संग्रहण रजिस्टर में किया जाएगा , रसीद के स्थान पर वारंट का क्रमांक और अक्षर "डी.डब्ल्यु." उधृत होगा । चूककर्ता द्वारा, वारंट निष्पादन पदाधिकारी को संपूर्ण राशि का भुगतान करने पर चूककर्ता को राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप और रीति में स्पष्ट टीप के साथ रसीद दी जाएगी कि राशि जप्ती वारंट द्वारा प्राप्त की गई है ।

(2) नोटिस और वारंट फीस भी प्रभारित की जाएगी और राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में रसीद दी जाएगी ।

(3) जब भुगतान पूरा नहीं किया गया हो और अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की की गई है, वारंट द्वारा कवर्ड शेष राशि की प्राप्ति तक चल संपत्ति कुर्क रहेगी । इस प्रकार जप्त की गई संपत्ति के विवरण की एक सूची करदाता को दी जाएगी । जिस कर्मचारी को सुपुर्दगी सौंपी गई है वह जप्त की गई संपत्ति स्वविवेक से किसी विश्वसनीय व्यक्ति की, जिसकी नगरपालिका सीमा में भू- संपत्ति हो सुपुर्दगी में दे सकता है । सुपुर्ददार उसकी सुपुर्दगी में दी गई संपत्ति मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा इस प्रयोजन के लिए निश्चित किए गए स्थान पर सूचना प्राप्ति से 24 घंटे के अंदर अपने व्यय से प्रदान करेगा । वह जप्त की गई संपत्ति अपनी अभिरक्षा में रखने हेतु किसी प्रकार का प्रभार प्राप्ति के लिए हकदार न होगा । विक्रय द्वारा प्राप्त राशि "विविध" प्राप्ति शीर्ष में जमा होगी और तदंतर समुचित शीर्ष में अंतरित की जाएगी । इस प्रकार प्राप्त राशि की सूचना करदाता को भी दी जाएगी ।

टिप्पणी: (1 ) वारंट निष्पादन अधिकारी को सभी वारंट प्राप्ति से एक माह के अंदर अपनी अभ्युक्ति सहित कार्यालय में वापस किया जाएगा । मुख्य नगरपालिका अधिकारी, अनिष्पादित वारंटों पर अभिलिखित अभ्युक्तियों पर विचार करेगा और शोध्यों की वसूली हेतु आगे क्या कार्यवाही किया जाना चाहिए इस संबंध में निर्देश देगा ।

(2) वारंटों की सामयिक वापसी और वसूल की गई राशि की आंकलन का साक्ष्य प्रतिपर्ण से किया जाएगा । प्राप्ति की रसीदों के क्रमांक जप्ती वारंट के प्रतिपर्ण पर दिए जाएंगे ।

38. अनुज्ञप्तियों के माध्यम से कर और फीस का संग्रहण. अनुज्ञप्तियाँ हस्तांरणीय नहीं हैं और वह उनका समय व्यतीत हो जाने के उपरांत, पुनः जारी नहीं की जा सकेंगी । चूंकि शोध्य राशि कड़ाई के साथ अग्रिम में भुगतान योग्य है, अतः मांग और संग्रहण रजिस्टर संधारित नहीं किया जाना है ।

39. जब तक अनुज्ञप्ति हेतु फीस या कर का भुगतान नहीं होगा, अनुज्ञप्ति नहीं दी जाएगी ।

40. उस स्थिति के सिवाय जहां किन्हीं विशिष्ट प्रयोजनों के लिए किसी नियम- उपनियम या शासन के आदेशों में विशिष्ट प्ररूप विहित किए गए हों सभी अनुज्ञप्तियाँ प्ररूप6 में दी जाएंगी । प्ररूप 7 और 8 प्राथमिक रूप से क्रमशः वाहन चालक और वाहनों की अनुज्ञप्ति हेतु होंगे । 41. (1) अनुज्ञप्ति और रसीद प्ररूपप्रतिपर्ण पुस्तक में बद्ध होगा । प्रत्येक पुस्तक में मशीन से लगातार नम्बर दिए और नगरपालिका की सामान्य मोहर युक्त प्ररूप होंगे । मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा एक बार में केवल एक ही पुस्तक दी जाएगी । नई पुस्तक तब तक नहीं दी जाएगी जब तक पुस्तक के सभी प्ररूपों का उपयोग न हो जाए और प्रतिपर्णों सहित पुस्तक वापस न की जाए । उपयोग की गई पुस्तक प्रतिपर्णों सहित प्राप्त होने पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी यह देखेगा कि- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(क) कोई पृष्ठ निकाला नहीं गया है ।

(ख) निरस्त किए गए प्ररूप के प्रकरण में, मूल और दूसरी प्रतियाँ पुस्तक में हैं एवं निरस्त की गई हैं, तथा,

संपूर्ण राशि जमा हो चुकी है ।

(ग)

प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, उपयोग की गई पुस्तक में आधिक्य प्ररूप मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा निरस्त कर दिए जाएंगे ।

(2) प्रतिपर्णों की जांच की जाने के उपरांत उन पर "जांचा और निरस्त मुद्रा अंकित की जाएगी ।

(3) नगरपालिका की सामान्य सील, मुख्य नगरपालिका अधिकारी या राजस्व अधिकारी की अभिरक्षा में रखी जाएगी, जो व्यक्तिगत रूप से यह देखते रहने के लिए उत्तरदायी होंगे कि उसका दुरूपयोग न हो ।

(4) प्रत्येक रसीद पर जारी करने वाले अधिकारी के पूर्ण हस्ताक्षर द्वारा अनुप्रमाणन भी होगा और वह कार्बन प्रक्रिया द्वारा रसीद दो प्रतियों में भरेगा और दूसरी प्रति प्रतिधारित करेगा ।

(5) एक बार मुद्रांकित की गई रसीद पुस्तकों की संख्या का अभिलेख रखा जाएगा और वह संबंधित पदाधिकारी की व्यक्तिगत अभिरक्षा में रहेगा ।

(6) सामान्यतः एक बार में अपेक्षित रसीद पुस्तकें मुद्रांकित की जाएंगी जो कि एक सप्ताह से अनधिक काल के लिए हों ।

(7) रसीदों पर यह चेतावनी मुद्रित की जाएगी कि रसीद पर किया गया मुद्रांकन धनराशि की प्राप्ति नहीं होगी जब तक इस पर वास्तविक रूप से धनराशि प्राप्तकर्ता राजस्व निरीक्षक या अन्य किसी व्यक्ति ने उन पर हस्ताक्षर न किए हों ।

(8) किसी भी दशा में न तो खुले, बिना नम्बर की अनुज्ञप्तियों या रसीदों के प्ररूप कार्यालय में रखे जाएंगे और न हस्तलिखित रसीद ही दी जाएगी ।

42. अनुज्ञप्तियों हेतु प्राप्त फीस की प्रविष्टि प्ररूप 9, 10 और 11 में संधारित संबंधित अनुज्ञप्ति रजिस्टरों में अभिलिखित की जाएगी ।

43. संग्रह मंडलों के सहायक राजस्व निरीक्षक से, यह अपेक्षित होगा कि वह प्रत्येक तिमाही के आरंभ में, प्रत्येक अनुज्ञप्ति के लिए, अलग-अलग सूची तैयार कर प्रस्तुत करे जिसमें उन सभी व्यक्तियों के नाम होंगे जो फीस या कर के लिए दायी हैं ।

44. अनुज्ञप्ति अधिकारी नियम 43 के अधीन प्रस्तुत सूची प्राप्त होने पर तुरंत ही नियम 42 में विहित अनुज्ञप्ति रजिस्टर से उनका मिलान करेगा और प्रत्येक प्रकरण में जिसके लिए अनुज्ञप्ति आवश्यक है, परंतु आवेदन पत्र नहीं दिया गया है आवश्यक कार्यवाही की जाएगी ।

45. प्रत्येक माह के अंत में अनुज्ञप्ति अधिकारी अनुज्ञप्तिधारियों के रजिस्टर की जांच करेगा और ऐसे प्रत्येक व्यक्ति के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करेगा जिसकी अनुज्ञप्ति का समय उस दिन तक समाप्त हो चुका हो और नवीन अनुज्ञप्ति न ली गई हो ।

46. फीस.- पशु पंजीयन फीस के लिए रसीद प्ररूप 12 में दी जाएगी, पर्ण और प्रतिपर्ण दोनों पर सहायक राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर होंगे और वह संग्रहण रजिस्टर प्ररूप 13 में रखेगा । 47. सराय / धर्मशाला , दैनिक बाजार फीस के संग्रहण के लिए रजिस्टर प्ररूप 14 और 15 में रखे जाएंगे और अन्य फीस के लिए रजिस्टर और रसीद इन नियमों के अनुसार रखी जाएंगी । 48. अन्य राजस्व किराया.- राज्य सरकार द्वारा विहित रीति के अनुसार किराया रजिस्टर संधारित किया जाएगा, जिसमें कि राजस्व की प्राप्ति और ब्यौरेवार उल्लिखित होगा जिसके लिए नियतकालिक मांग नियत है ।

49. प्रत्येक प्रकार के राजस्व हेतु जिसके लिए मासिक , तिमाही , अर्द्धवार्षिक या वार्षिक मांग नियत है, रजिस्टर में अलग पृष्ठ या पृष्ठों के सेट रखे जाएंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(11) 50. रजिस्टर में किराये के कारण शोध्य सभी प्रकार की मांग यथाक्रम से दिखायी जाएगी- (क) गत् वित्तीय वर्ष में समाप्त हुए पट्टों पर;

(ख) गत् वर्ष में समाप्त न हुए पट्टों पर ; और

(ग) वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत पट्टों पर ।

उपरोक्त प्रविष्टियाँ (क) और (ख) की गत् वर्ष के रजिस्टर से ली जाएंगी । राजस्व निरीक्षक या मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा नियुक्त कोई भी व्यक्ति वर्तमान वर्ष का रजिस्टर भरेगा और वह गत् वर्ष के रजिस्टर के साथ उसे राजस्व पदाधिकारी और जहां राजस्व पदाधिकारी न हो वहां मुख्य नगरपालिका अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा जो प्रविष्टियों का मिलान कर अपने आद्याक्षर करेगा ।

जब (ग)के संबंध में पट्टेदार के साथ करारनामे पर हस्ताक्षर होने और प्रतिभूति जमा हो जाने पर, राजस्व निरीक्षक या मुख्यनगरपालिकाअधिकारी , द्वारा नियुक्त कोई व्यक्ति रजिस्टर भरेगा । वह करारनामा रजिस्टर और कैशियर की कैशबुक राजस्व अधिकारी या मुख्य नगरपालिकाअधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा जो करारनामे के साथ प्रविष्टियों का मिलान करेगा ।

51. प्रत्येक तिमाही के अंत में राजस्व पदाधिकारी या मुख्य नगरपालिका अधिकारी किराया रजिस्टर की जांच करेगा और बकाया की वसूली हेतु आवश्यक कार्रवाई करेगा ।

52. घोष विक्रय प्राप्ति, दावाहीन पशु , गाड़ीपड़ाव की कांजी हाउस, की खाद, भूमि और बाग की उपज, स्टाक की निष्प्रयोज्य ठहराई गई वस्तुएं या अन्य निष्प्रयोज्य वस्तुओं का उचित सार्वजनिक सूचना करने के पश्चात् अधिकृत व्यक्ति द्वारा घोष विक्रय किया जाएगा । विक्रय करने वाला पदाधिकारी बोली की राशि की प्रविष्टि विक्रय पत्रों में करेगा, सबसे अधिक बोली लगाने वाले के हस्ताक्षर लेगा और उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा । राशि जमा होने पर भुगतान करने वाले को राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में रसीद दी जाएगी ।

53. (1) विष्ठा और शहरी कचरे का निपटारा भिन्न- भिन्न तरीकों से होगा । प्रत्येक नगरपालिका को इस कार्य के लिए लेखा हेतु अपने स्वयं के प्ररूप विहित करेगी ।

(2) जब कम्पोस्ट खाद तैयार की जाए , तब प्ररूप 16 में रजिस्टर में लेखा रखा जाएगा और रसीद राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में दी जाएगी ।

54. कांजी हाउस.- पशु को काँजी हाउस में बंद करने पर काँजी हाउस का रखवाला पशु को काँजी हाउस में बन्द करने वाले को प्ररूप 17 में एक रसीद देगा और उसके हस्ताक्षर या अंगूठे की छाप रसीद के प्रतिपर्ण के पीछे लेगा । पशु की मुक्ति की दशा में रसीद प्ररूप 18 में दी जाएगी । ये दोनों प्रकार की रसीदें कार्बन के द्वारा तीन प्रतियों में तैयार की जाएगी । इनमें से एक प्रति काँजी हाउस पर रहेगी, एक प्रति नगरपालिका के अधिकृत अधिकारी को भेजी जाएगी, और तीसरी , यथास्थिति पशु बन्द करने वाले को या पशु को छुड़ाने वाले को, दी जाएगी ।

टिप्पणी-नगरपालिकाओं के लिए यह काफी रसीदें दो प्रतियों में हों ।

55. (1) प्रत्येक काँजी हाउस रखवाला प्ररूप 19 में एक रजिस्टर रखेगा । इस रजिस्टर के धन विषयक कालमों का योग प्रतिदिन किया जाएगा और वह रजिस्टर प्रतिदिन के संग्रहण और दिन भर के दौरान जारी की गई रसीदों की प्रति के साथ नगरपालिका को भेजा जाएगा । उस समय के कार्य सम्पादन की प्रविष्टि जबकि रजिस्टर नगरपालिका कार्यालय में हों, काँजी हाउस पर रजिस्टर वापस होने पर यथा शीघ्र की जाएगी । (2) पशु अतिचार अधिनियम, 1871 प्रवेश (कैटिल ट्रेसपास एक्ट) ( 1871 का 1 ) की धारा 14 में विहित सूचना प्ररूप 20 में दी जाएगी और धारा उक्त अधिनियम की 16 में विहित लेखा प्ररूप 21 में होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(3) उन नगरपालिकाओं में जहां काँजी हाउस में बन्द हुए पशुओं पर लिया गया अर्थ दण्ड अन्त में राज्य शासन को आकलनीय हो, वहां वह पहले डिपाजिट के रूप में आकलित होगा और इस नियम के अन्तर्गत राज्य शासन को जमा की जाने वाली समस्त राशि, निकटतम बैंक में तिमाही रूप से जमा की जाएगी । अन्य नगरपालिकाओं में सभी अर्थदण्ड नगरपालिका निधि में जमा किया जाएगा ।

56. (1) काँजी हाउस का रखवाला प्ररूप 22 के प्रथम दस कालम भर कर चालान को काँजी हाउस से विक्रय के लिए भेजे जानेवाले सभी पशुओं के साथ भेजेगा । पशुओं की विक्रय होने पर चालान की शेष प्रविष्टियाँ, विक्रय करने वाले अधिकारी द्वारा की जाएंगी और क्रेता को रसीद राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में दी जाएगी ।

(2) चालान में दर्शायी राशि तीन माह तक जमा शीर्ष में रहेगी और यदि इस काल में कोई दावा न हुआ तो वह राशि समय के समाप्त हो जाने पर "दावा - हीन पशुओं की विक्रय प्राप्तियां" शीर्ष में समायोजित होगी, परन्तु उन नगरपालिकाओं में जहां विक्रय की अतिरिक्त राशि राज्य शासन के प्रति आकलनीय है वहां वह शीर्ष " एल-2 विविध लघु शीर्ष 'शुल्क अर्थदण्ड और जप्तियाँ (समपहरण) " विस्तृत शीर्ष " काँजी हाउस से प्राप्तियाँ , (मुख्य शीर्ष 0070, लघु शीर्ष, 60 एवं विस्तृत शीर्ष -800 ) में बैंक में चैक प्रस्तुती 'भुगतान अन्तरित आंकलन द्वारा राशि जाएगी। को प्राप्त हुई द्वारा जमा की टिप्पणी (1) इस नियम के अंतर्गत राज्य शासन को आकलनीय समस्त संग्रहित राशि प्रति तिमाही में राज्य सरकार के निकटस्थ बैंक खाते में जमा की जाएगी ।

(2) दावाहीन पशु के विक्रय प्राप्तयों की अतिरिक्त राशि की वापसी का दावा यदि तीन माह व्यतीत हो जाने पर किया गया है, तो उस पर विचार नहीं होगा । किन्तु तीन माह की समाप्ति के पूर्व किए गए दावे पर इस काल में अन्तिम निर्णय न हो सकने पर भी इस नियम से कोई अवरोध नहीं होगा ।

57. पुस्तकें प्रतिवर्ष बदली जाएगी, विगत वर्ष की सभी पुस्तकें वर्ष की समाप्ति पर नगरपालिका कार्यालय को वापस कर दी जावेंगी और उनकी एवज में नये सेट दिए जाएंगे । नये रजिस्टर काम में लाने के समय वे पशु जो, काँजी हाउस में हों, उन रजिस्टरों में लिखे जाएंगे ।

अर्थ दण्ड और खुराक की दरों की अनुसूची काँजी हाउस में रखी जाएगी । काँजी हाउस में किसी बन्द पशु को वास्तव में जितनी खुराकें दी गई हों, उतनी खुराकों का प्रभार वसूल किया जाएगा। 58.

59. प्रत्येक पशु को दिए जाने वाले घास का मान आदि प्रेसिडेंट- इन-कौंसिल निश्चित करेगी । खरीदी और दिए जाने वाले घास आदि का हिसाब, काँजी हाउस के रखवाले द्वारा प्ररूप 23 में रखा जाएगा और काँजी हाउस के रजिस्टर के साथ मिलान व जांच हेतु प्रति माह भेजा जाएगा । प्राप्तियां और निर्गम की प्रविष्टियाँ , किस प्रकार की जाना चाहिए यह प्ररूप में नमूने की प्रविष्टियों द्वारा बतलाया गया है ।

60. काँजी हाउस में हुई सभी मृत्यु या उससे निकल भागे पशुओं की रिपोर्ट रखवाले द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी को भेजी जाएगी , रिपोर्ट दो विश्वसनीय साक्षियों द्वारा प्रमाणीकृत की जाएगी । काँजी हाउस में मरे पशु का चमड़ा नीलामी द्वारा बेचा जा सकेगा या अन्य किसी रीति से उसका निर्वर्तन किया जा सकेगा और आगम के बाबत् नियम 56 के उप नियम (2 ) के अनुसार, कार्यवाही की जाएगी । '

61. प्रेसिडेंट- इन- कौंसिल , काँजी हाउस के निरीक्षण की व्यवस्था करेगी और काँजी का निरीक्षण अधिकारी द्वारा मांगने पर सभी रजिस्टर और प्ररूप प्रस्तुत करने के लिए बाध्य होगा । निरीक्षण 1286(13)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

अधिकारी अपने निरीक्षण के दौरान प्रतिमाह नियम 54 के अंतर्गत स्वामियों को दी गई रसीदों में से जितनी भी हो सके, उतनी रसीदें प्राप्त कर काँजी हाउस में उपलब्ध प्रतिपर्णों से मिलान करेगा और प्रेसिडेंट- इन-कौंसिल को पाई गई अनियमितताओं की, यदि कोई हो, रिपोर्ट देगा । 62. अभिदान.-

जब नगरपालिका द्वारा किसी सार्वजनिक प्रयोजन हेतु, जैसे नगर भवन, बाजार या औषधालय के निर्माण हेतु स्वेछिक अभिदान का संग्रहण हाथ में लिया जाए तब निम्नांकित प्रक्रिया अपनाई जाएगी-

(क) अभिदान के लिए अपील के साथ संग्रहण पुस्तक चारों ओर भेजी जाएगी;

(ख) अभिदान की पावती की रसीद राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में होगी और

(ग) प्रत्येक माह या तिमाही के अंत में अभिदान की पुस्तक में दर्शायी राशि (चाहे वह दिया गया हो या नहीं) का योग किया जाएगा और योग का लेखांकन किया जाएगा । 63. नौका राजस्व.-

उत्तरी भारत नौघाट अधिनियम, 1878 के अंतर्गत नगरपालिका द्वारा वसूल की गई नौका संबंधी राशि पहले उचंत शीर्ष 'डिपाज़िट" , उप शीर्ष "नौघाट प्राप्तियों" में जमा होगी और प्रत्येक माह के अंत में उपशीर्ष के अधीन संग्रहित कुल राशि मुख्य शीर्ष " 1054- सड़कें एवं पुल" लघु शीर्ष "800-अन्य प्राप्तियाँ " विस्तृत शीर्ष नगरपालिका द्वारा वसूल "नौका राजस्व" के अंतर्गत राज्य सरकार के निकटतम बैंक खाते में जमा की जाएगी । चैक पर "भुगतान अन्तरित आंकलन द्वारा राशि को प्राप्त हुई" के पृष्ठांकन द्वारा भुगतान किया जाएगा । इस नियम के अंतर्गत समान प्रक्रिया अपनायी जाएगी ।

टिप्पणः इस नियम के अंतर्गत कुल संग्रह की राशि राज्य सरकार के निकटतम बैंक खाते में जमा की जाएगी ।

गैर वसूली योग्य राशि.-

64.

(1) करों और उपयोगकर्ता प्रभार के सिवाय , गैर वसूली योग्य राशि का अपलेखन निम्नानुसार किया जाएगा:

प्राधिकारी

सरल क्रमांक

गैर वसूली योग्य राशि की सीमा

1

रूपये एक हज़ार तक

प्रेसीडेन्ट- इन- कौंसिल

कौंसिल

2

यदि राशि 1 हजार रूपये से अधिक हो किन्तु 5 हजार रूपये से कम हो

3.

उपसंचालक, नगरीय प्रशासन

यदि राशि 5 हजार रूपये से अधिक हो किन्तु 10 हजार रूपये से कम हो

4.

संचालक, नगरीय प्रशासन यदि राशि 10 हजार रूपये से अधिक हो किन्तु 2 लाख रूपये से कम हो

5.

राज्य सरकार

यदि राशि 2 लाख रूपये से अधिक हो

) प्रेसीडेन्ट- इन-कौंसिल संकल्प पारित कर गैर वसूली योग्य राशि को अपलिखित करेगी । (2

(3) कोई भी गैर वसूली न होने योग्य राशि जो रु 200 /- से अधिक है तब तक अपलिखित नहीं की जाएगी जब तक कि प्राधिकारी की संतुष्टि के लिए यह स्थापित न कर दिया जाए कि

व्यक्ति, जिससे राशि शोध्य है उसे अदा करने के असमर्थ है ; या

(क)

(ख) ऐसे व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है और मृत व्यक्ति के वारिसों या उसकी सम्पत्ति से वसूली करने की कोई सम्भावना न हो, या

(ग) अधिनियम, नियम और उपविधियों के प्रावधानों के अनुसार राशि के वसूल करने के समस्त समुचित प्रयास कर लिए गए हों । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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65. (1) मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रत्येक तिमाही की समाप्ति पर वसूल न होने योग्य राशि का विवरण तैयार करेगा और उसे यथास्थिति, प्रेसीडेन्ट-इन-कौंसिल को अपने कारणों और अनुशंसा के साथ प्रस्तुत करेगा ।

(2) यथास्थिति प्रेसीडेन्ट-इन-कौंसिल समुचित विचार करने के पश्चात्, यदि वह नियम 64 के उपनियम (2 ) के द्वारा सशक्त है, गैर योग्य राशि को अपलिखित करने या उस से इन्कार करने संबंधी संकल्प पारित करेगी अन्यथा प्रकरण को अपने प्रतिवेदन तथा उस पर अनुशंसा सहित परिषद् के समक्ष प्रस्तुत करेगी ।

(3) प्रकरण के प्राप्त होने पर परिषद् प्रेसिडेन्ट- इन- कौंसिल के प्रतिवेदन तथा अनुशंसा पर विचार करेगी और यदि वह नियम 64 के अधीन सक्षम है, गैर वसूली योग्य राशि को अपलिखित करने या उससे इंकार करने संबंधी संकल्प पारित करेगी । अन्य प्रकरणों में नगरपालिका अपने प्रतिवेदन और उस पर अपनी अनुशंसा सहित, अधिनियम में उचित विहित माध्यम से यथा स्थिति उप- संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास या संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास को अग्रेषित करेगी, जो प्रकरण में समुचित आदेश पारित कर सकेंगे ।

( 4) प्रेसीडेन्ट- इन-कौंसिल इन नियमों के अधीन प्रत्येक राशि अपलिखित करने के उसके आदेश के लिए कारण दर्शाएगी।

अध्याय चार

स्थापना व्यय

66. सामान्य. नगरपालिका की संपूर्ण स्थापना का उल्लेख प्ररूप 24 में वेतनमान रजिस्टर में अंकित किया जाएगा जिसमें प्रत्येक नियुक्ति की प्रविष्टि मुख्य नगरपालिका अधिकारी या उसके द्वारा अधिकृत व्यक्ति के आद्याक्षर के अंतर्गत होगी। बजट की प्रत्येक मद के लिए प्रभारणीय स्थापना के लिए अलग-अलग पृष्ठ आबंटित किया जाएगा । जब कोई परिवर्तन किया जाता है तब पुनरीक्षित वेतनमान को इस प्रयोजन हेतु निर्धारित समुचित कालम में अंकित जाएगा ।

67. जब कभी भी स्थापना में कोई परिवर्तन प्रस्तावित हो, तब मुख्य नगरपालिका अधिकारी, प्रेसीडेंट-इन- कौंसिल , के समक्ष वह स्थितियाँ जिनके कारण परिवर्तन आवश्यक हुआ, स्पष्ट करते हुए, प्रस्ताव प्रस्तुत करेगा । ज्ञापन में निम्नलिखित दर्शाया जाएगाः-

(क) प्रभावित यथास्थिति या अनुभाग या अनुभांगों, में विद्यमान संख्या और उन पर होने वाला व्यय ;

(ख) कुल कर्मचारी संख्या के पुनरीक्षण पर व्यय ;

वृद्धि या संशोधन के लिए प्रस्तावित पदों की संख्या, वेतन और अन्य विवरण ; (ग)

(घ) नगरपालिका की सामान्य आय से अतिरिक्त व्यय वहन करने की क्षमता ;

(ड. ) वह दिनांक या वे दिनांक जिनसे प्रस्तावित परिवर्तन प्रभावशील होंगे ।

68. मुख्य नगरपालिका अधिकारी , प्रेसिडेंट- इन- कौंसिल को प्रस्तावप्रस्ताव प्रस्तुत करेगा । प्रेसिडेंट- इन-कौंसिल अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के अधीन बनाये गए नियमों के अध्यधीन रहते हुए कार्रवाई करेगी ।

69. वेतन.- नगरपालिका से संबंधित वेतन, मजदूरी तथा अन्य लाभ तथा परिलब्धियों का भुगतान माह के अन्तिम कार्य दिवस पर या ऐसी अन्य दिनांक पर किया जाएगा जैसा कि नगर पालिका निर्णय ले:

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

परन्तु जब अन्तिम कार्य दिवस पर या वह दिनांक जिसको नगरपालिका ने निश्चित् किया है, रविवार या सार्वजनिक अवकाश पर पड़े, स्थापना का वेतन पूर्व कार्य दिवस को आहरित किया जाएगा और भुगतान किया जाएगा ।

70. (1) सभी कर्मचारियों के वेतन, श्रमिकों की मजदूरी , पेन्शन निधि, चिकित्सा व्यय , यात्रा भत्ता और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की वर्दियों आदि पर आने वाले व्यय सहित, अपने स्थापना व्यय को नगरपालिका गत वित्तीय वर्ष के "स्वयं के राजस्व" के अधिकतम 65 प्रतिशत तक सीमित करेगी । स्थापना व्यय की सीमा 75 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकेगी , यदि नगरपालिका के पास उसकी अपनी पर्याप्त निधियाँ हो और व्यय मेहतरों और सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति अथवा नियमितीकरण पर किया जाए ।

(2) प्रत्येक नगरपालिका अपने स्थापना व्यय को कम करने का प्रयास करेगी ।

(3) प्रत्येक नगरपालिका तीन वर्षों की एक रोलिंग अवधि के लिए , स्थापना व्यय में कमी के लिए लक्ष्य निर्धारित करेंगी तथा आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को इस विषय में सूचित करेगी ।

71. वेतन बिल तैयार करना.-

(1) नगरपालिका के स्थापना विभाग या संबंधित विभाग द्वारा वेतन बिल तैयार किया जाएगा और उसके साथ कर्मचारियों की अनुपस्थिति या प्रतिनियुक्ति पर या निलम्बन के अधीन कर्मचारी को दर्शाने वाला विवरण संलग्न किया जाएगा । वेतन बिल राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुसरण में और संबंधित विभाग के प्रमुख द्वारा सत्यापित होना चाहिये ।

(2) वेतन बिल लेखा एवं वित्त विभाग को प्रस्तुत किया जाएगा और भुगतान योग्य वेतन, लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाएगा और मुख्य नगरपालिका अधिकारी या वेतन बिल के प्रबंधन के लिए उसके द्वारा पदाभिहित और अधिकृत ऐसे अन्य अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जाएगा और सत्यापित तथा स्वीकृत वेतन राशि से माह का वेतन बिल निर्मित होगा ।

(3) संबंधित विभाग या स्थापना विभाग, का प्रमुख वेतन बिल की राशि में त्रुटियाँ, यदि कोई हों, तथा वेतन बिल की राशि में तत्काल सुधार के लिए उत्तरदायी होंगे ।

(4) अधिकारी जो वेतन वितरण करता है वेतन बिल की कार्यालय प्रति पर विधिमान्य वैध रसीद प्राप्त करेगा । स्थापना का वृहत आकार होने की स्थिति में अथवा किसी अन्य कारण से, यदि भुगतान प्राप्त करने वालों से वेतन बिल की कार्यालय प्रति पर रसीद प्राप्त करना सुविधाजनक नहीं पाया जाता है तब पृथक से रसीद सूची का संधारण किया जा सकता हैं ।

इलेक्ट्रानिक क्लीयरिंग सर्विस भुगतान के लिए समय समय पर संशोधित भारतीय रिजर्व बैंक की नवंबर , 2007 की इलेक्ट्रानिक क्लीयरिंग सर्विस (डेबिट क्लियरिंग) प्रक्रिया संबंधी दिशा निर्देश को रसीद के संबंध में संदर्भित किया जा सकता है ।

72. वेतन वृद्धि.- जब वेतन के प्रथम भुगतान जिसमें नगरपालिका के किसी कर्मचारी के नियत कालिक वेतन वृद्धि का आहरण किया जाता है तब मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा प्राधिकार के साथ इस संबंध में एक प्रमाण पत्र संलग्न किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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73. i लेखाकंन तथा अभिलेखन. वेतन बिल में यथा प्रतिबिम्बित समस्त भत्तों सहित सम्पूर्ण वेतन, माह के व्यय के रूप में अभिलिखित किया जाएगा । शुद्ध देय वेतन तथा तत्संबंधी समस्त अन्य कटौतियाँ और वसूलियाँ प्रत्येक माह के अन्तिम दिन संबंधित माह के लिए दायित्व के रूप में अभिलिखित की जाएंगी ।

74. कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर्मचारियों के बैंक खाते में सीधे जमा करके किया जाएगा । प्रत्येक ऐसे भुगतान को, ऊपर यथा अभिलिखित दायित्व के विरूद्ध समायोजित किया जाएगा । 75 . वेतन से कटौती.-(1 ) मूल वेतन के अधिकतम एक तिहाई के अध्यधीन निम्नलिखित

कटौतियां वेतन बिल से की जाएंगी:-

कर्मचारी पर आरोपित अर्थदण्ड ; (क)

कर्मचारी को दिए गए ऋण तथा अग्रिम की वसूलियाँ ; (ख)

(ग) भविष्य निधि एवं / अथवा पेन्शन अंशदान की प्राप्ति में, जो लागू हो;

(घ) अग्रिम वेतन की वसूली;

(ड.) वैधानिक अपेक्षाओं के अनुसार वसूली, जैसे आयकर, कर्मचारी की सहकारी समिति की बकाया राशि, किसी न्यायालय आदि के आदेशानुसार, आदि;

(च) कोई अन्य विधिसंगत वसूली ।

(2) जहां पति या पत्नि कार्यरत् हो वहां अधिकतम सीमा मूल वेतन के 10 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकेगी ।

(3) उपरोक्त वसूलियों को सही ढंग से वर्गीकृत , दर्ज किया जाएगा और इन नियमों के लेखांकन प्रावधानों के अनुसार लेखांकित किया जाएगा ।..

76. अदत्त ( भुगतान बिना ) वेतन.-(1 ) यदि वेतन बिल में दर्शित वेतन प्राप्त किए बगैर बचता है, भुगतान योग्य वेतन का शेष अधिकतम तीन माह तक के लिए आगे ले जाया जाएगा । यदि इस अवधि से परे राशि अदत्त रहती है, तो अदत्त वेतन की राशि का चैक निरस्त कर दिया जाएगा और लेन- देन को अभिलिखित करने हेतु समुचित जर्नल प्रविष्टि पारित की जाएगी । (2) अदत्त वेतन राशि के विरूद्ध कोई भी भुगतान मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा अधिकृत पृथक भुगतान आदेश के द्वारा किया जाएगा ।

77. बकाया दावे.-(1 ) बकाया वेतन, सामान्य मासिक बिल में नहीं वरन् पृथक बिल में आहरित किया जाएगा, उसमें उस बिल का उद्धरण होगा जिसमें यह प्रभार आहरित होने से छूट गया हो या उसे रोका गया हो या काटकर वापस किया गया हो या विशिष्ट आदेश से नया भत्ता : स्वीकृत हुआ हो । इस प्रकार के बिल कभी भी प्रस्तुत किए जा सकेंगे और इसमें जितनी मदें आवश्यक हों, उतनी जोड़ी जा सकेंगी किन्तु उनका समर्थन वित्त एवं लेखा विभाग के प्रमुख और मुख्य नगरपालिका अधिकारी के इस प्रमाण- पत्र से होगा कि राशि का भुगतान पहले नहीं किया गया था ।

(2) बिलों के भुगतान होने पर, व्हाउचर का क्रमांक और दिनांक उस मूल बिल पर संबंधित मद के सामने अभिलिखित किया जाएगा जिससे राशि का भुगतान रोका गया हो, या जिससे वह काटा गया हो, ताकि दूसरे दावे को ग्रहण करने से रोका जा सके ।

78. सेवानिवृत्ति लाभ.-

(1 ) नगरपालिका के किसी कर्मचारी की अधिवार्षिकी या सेवा निवृत्ति पर सेवा से मुक्त होने पर समस्त लाभों को " सेवा निवृत्ति लाभ" कहा जाएगा ।

(2) भविष्य निधि जमा, ग्रेच्युटी या सुरक्षा जमा तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि यह सुनिश्ििचत न हो जाए कि कोई भी बकाया मांग उसके विरूद्ध शेष नहीं है । इस संबंध में मुख्य नगरपालिका अधिकारी का हस्ताक्षर युक्त प्रमाण-पत्र ऐसे प्रत्येक बिल के साथ संलग्न किया जाएगा । 1286(17)

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79. पेंशन एवं ग्रेच्युटि.-

(1) समस्त नगरपालिका कर्मचारियों को केवल 01 अप्रैल, 1970 से पेन्शन, ग्रेच्युटी तथा परिवारिक पेन्शन की ग्राह्यता होगी जैसा मध्यप्रदेश नगरपालिक सेवा (पेंशन) नियम, 1980 में उपबंधित है जो एक अप्रैल , 1970 से लागू हुए माने गए हैं:

परन्तु इस नियमों के प्रारंभ होने के पूर्व कर्मचारियो को लागू पेंशन नियम प्रवृत्त बने रहेगे तथा ऐसी नगरपालिका के कर्मचारी उन नियमों एवं उप- विधियों से शासित होंगे ।

(2) नगरपालिका का मुख्य नगरपालिका अधिकारी, सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी का पेंशन प्रकरण कर्मचारी की सेवा निवृत्ति की दिनांक से कम से कम 06 माह पूर्व अग्रिम रूप से तैयार करेगा और उस स्थिति में जब नगरपालिका के स्वयं के पेंशन नियम हो , पेंशन कार्यालय को प्रस्तुत करेगा । मृत्यु की दशा में, मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्ति से तीन माह के भीतर परिवार पेंशन प्रकरण तैयार किया जाएगा ।

(3) मुख्य नगरपालिका अधिकारी, कर्मचारी के सेवा निवृत्त होने की दिनांक से कम से कम डेढ़ माह पूर्व , कर्मचारी से किसी भी वसूली योग्य बकाया राशि के संबंध में भी पेंशन कार्यालय को जानकारी उपलब्ध करायेगा । यदि कोई बकाया नहीं है, तब " मांग नहीं होने का प्रमाण पत्र जारी करेगा जो कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी के संबंध में नगरपालिका की प्रेसीडेन्ट- इन- कौंसिल द्वारा , जहां अधिकारी अंतिम सेवा में रहा हो, तथा आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा भी जारी किया जाएगा ।

टिप्पणी-" मांग नहीं होने का प्रमाण पत्र प्राप्त न होने की स्थिति में लेखा एवं वित्त विभाग " मांग नहीं होने का प्रमाण पत्र' हेतु अंतिम अनुस्मारक जारी करेगा और सेवानिवृत्ति के एक माह पश्चात् भी यदि किसी अनुभाग द्वारा लेखा अनुभाग को वसूली के बारे में सूचित नहीं किया जाता तो " मांग नहीं होने का प्रमाण पत्र" मान लिया जायेगा तथा इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित अनुभाग का होगा ।

(4) नगरपालिकाओं हेतु उपसंचालक (पेंशन) या पेंशन कार्यालय द्वारा स्वीकार्य पेंशन, ग्रेच्युटि तथा परिवार पेंशन प्रमाणपत्र स्वीकृत करने के लिए सक्षम प्राधिकारी पेंशन नियंत्रक होगा और पेंशन प्रकरणों से संबंधित समस्त मामलों में अन्तिम प्राधिकारी होगा ।

(5) पेंशन का भुगतान नगरपालिका कर्मचारी पेंशन निधि से संबंधित निधि नियमों में विहित रीति से किया जाएगा।

80. नवीन परिभाषित अंशदायी पेंशन योजना.- नगरपालिका के समस्त नियमित और स्थायी कर्मचारी , जो 01.01.2005 को या उसके पश्चात् नियुक्त हुए हैं, भविष्य निधि नियामक प्राधिकरण द्वारा विचारित तथा राज्य सरकार के आदेश से लागू नवीन परिभाषित अंशदायी पेंशन योजना, 2005, से प्रशासित होंगे ।

81. यात्रा भत्ता.-

(1) नगरपालिका के किसी अधिकारी या कर्मचारिवृंद को यात्रा भत्ता राज्य सरकार द्वारा इस प्रयोजन हेतु बनाए गए नियमों के अनुसार भुगतान किया जाएगाः

परंतु आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास की स्वीकृति के बिना किसी अधिकारी या कर्मचारिवृंद को भुगतान किया गया यात्रा भत्ता, राज्य सरकार के अधीन आने वाले समान अधिकारी या कर्मचारिवृंद को मूलभूत नियम और उसके अंतर्गत बने अनुपूरक (सप्लीमेंटरी) नियमों के अनुसरण में अनुमत्य से अधिक न होगा :

परन्तु यह और कि अंतरित चिकित्सालयों के प्रभारी सहायक सर्जन और सहायक चिकित्सा अधिकारी के बिलों पर सिविल सर्जन प्रति हस्ताक्षर करेंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) नगरपालिका निधि से भुगतान किए गए अधिकारियों और कर्मचारिवृंद का यात्रा भत्ता बिल प्ररूप 25 में होगा ।

(3) नगरपालिका के पार्षदों तथा पदाधिकारियों के बिल प्ररूप 25 में तैयार किए जाएंगे, ऐसे बिल, इस आशय के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाये गए नियमों के अनुसार, शासित होंगे ।

82. डाइट मनी (भोजन राशि) रजिस्टर प्ररूप 26 में रखा जाएगा । न्यायालयों से प्राप्त भोजन राशि या यात्रा भत्ता के लिए प्राप्त राशि की प्रविष्टि तत्काल ही उक्त रजिस्टर में की जाएगी और नगरपालिका निधि में जमा कर दी जाएगी । जो कर्मचारी अपनी शासकीय हैसियत से साक्ष्य देने हेतु बुलाया जाए उसे नियम 81 के अंतर्गत ग्राहय यात्रा भत्ता दिया जाएगा, किन्तु जिस कर्मचारी को उसकी निजी हैसियत से साक्ष्य देने बुलाया जाए उसे वही यात्रा भत्ता दिया जाएगा, जो कि न्यायालय से वास्तव में प्राप्त हुआ हो, जहाँ वह उपस्थित हुआ । इस प्रकार भुगतान की गई राशि प्रमाणक संख्या और भुगतान के दिनांक की प्रविष्टि उक्त रजिस्टर के समुचित कालम में की जाएगी ।

83. मस्टर रोल. जब कार्य दैनिक श्रमिकों द्वारा किया जाए तो मजदूरी राशि का प्ररूप 27. में संधारित उपस्थिति नामावली पर आधारित होगी । जब दैनिक श्रमिकों को दैनिक भुगतान न किया जाए तब मस्टर रोल वह सूची होगी जिस पर श्रमिकों के नाम दर्ज होंगे । नामिनल मस्टर रोल किसी निर्माण कार्य में प्रतिदिन लगे श्रमिकों का आरम्भिक अभिलेख होने से इस कार्य के लिए प्रतिनियुक्त अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा प्रतिदिन प्रातःकाल श्रमिकों द्वारा काम आरम्भ करने के पूर्वलिखी जाएगी । वह सप्ताह की समाप्ति पर या जिस काल को रखी गई हो, उसकी समाप्ति के तुरंत बाद बंद की जाएगी और उसके पश्चात् यथाशीघ्र श्रमिकों को भुगतान किया जाएगा । भुगतान नगरपालिका अभियन्ता या मुख्य नगरपालिका अधिकारी की उपस्थिति में किया जाएगा, जो उस दिनांक को श्रमिकों के समूह को किए गए भुगतान के सामने दिनांक सहित आद्याक्षर करेंगे , प्रतिदिन के भुगतान की राशि शब्दों में और अंकों में मस्टर रोल के नीचे लिखी जाएगी । तब संवितरण प्रमाणपत्र पर साक्ष्य के लिए उस अधिकारी द्वारा जिसकी उपस्थिति में भुगतान हुआ है हस्ताक्षर किए जाएंगे ।

अध्याय-पांच

अधिप्राप्ति एवं अनुबंध प्रबंधन

84. प्रत्येक नगरपालिका, अपने भंडार और सहायक सामग्री राज्य के भीतर स्थित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के उत्पादों से क्रय करेंगे, जैसा कि समय- समय पर संशोधित "मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियम, 2015" के अनुलग्नक ए और बी में "आरक्षित मदों "में उपबंधित किया गया है । 85. (1) बीस हज़ार रूपये तक का क्रय किसी निविदा या कोटेशन्स के बिना किया जा सकता है । स्वीकृतिकर्ता प्राधिकारी प्रमाणित करेगा कि क्रय उचित बाजार मूल्य, गुणवत्ता एवं आवश्यक विनिर्देश के अनुसार किया गया हैः

परंतु स्वीकृतिकर्ता प्राधिकारी उपरोक्त प्रक्रिया के माध्यम से एक माह में पाँच बार से अधिक क्रय नहीं कर करेगा ।

(2) नगरपालिकाके लिए प्रत्येक अवसर पर रूपये बीस हजार से अधिक किन्तु एक लाख से अनधिक का क्रय कम से कम तीन कोटेशन्स बुलाकर किया जा सकेगा तथा स्वीकृत करने वाले प्राधिकारी के लिए यह आवश्यक होगा कि वह सुनिश्चित् करे कि वह दर जो स्वीकृत की जा रही है प्रचलित बाजार दर से अधिक नहीं है:

परंतु स्वीकृतिकर्ता प्राधिकारी उपरोक्त, प्रक्रिया के माध्यम से एक माह में दो बार से अधिक क्रय नहीं करेगा । 1286(19)

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86. एक लाख रूपये से अधिक की क्रयों की दशा में ऐसे प्रत्येक अवसर पर नगरपालिका खुली निविदा आमंत्रित करेगी ।

87. वस्तुओ के दिन प्रति दिन के क्रयों हेतु आइटम अनुबंध के आधार पर अधिप्राप्ति का अनुसरण किया जाएगा । ऐसी वस्तुऐं जिनके लिए वैध आइटम रेट अनुबंध उपलब्ध न हों अथवा व्यवहारिक रूप से प्राप्त करना संभव न हो, ऐसी वस्तुओं को खुले बाजार से निविदा आमंत्रित कर अर्जित किया जाएगा और इसके लिए राज्य में व्यापक प्रसार वाले एक हिन्दी दैनिक समाचार पत्र में सूचना प्रकाशित की जायेगी । सूचना के विज्ञापन में वस्तु, सामग्री तथा सेवाओ का विवरण व विशिष्टियाँ , प्राक्कलित लागत, बयाना राशि, सुरक्षा जमा, निविदा प्रपत्र जारी करने की अंतिम दिनांक, समय एवं स्थान तथा इसका मूल्य, निविदा प्रस्तुत करने की अंतिम दिनांक तथा निविदा खोलने की दिनांक, समय व स्थान, आपूर्ति पूर्ण करने हेतु नियत दिनांक, निबन्धन व शर्तें निविदाकारों द्वारा पालन किए जाने वाले दिशा-निर्देश एवं ठेके के सैम्पल की जानकारी दी जाएगी । माल , सामग्री एवं सेवाओं के संबंध में नियम 92 एवं 93 को संदर्भित किया जा सकता है ।

88. एक ही समय में सौंपे जाने के लिए सभी वस्तुओं, सामग्री एवं सेवाओं हेतु संयुक्त निबिदा सूचना जारी की जा सकेगी ।

89. (1 ) निम्नलिखित परिस्थितियों में नगरपालिकाद्वारा सीमित निविदाओं के माध्यम से क्रय किया जा सकेगा, यदिः-

(क) प्राधिकारी यह प्रमाणित करता है कि मांग अत्यावश्यक है, एवं विज्ञापित निविदा के माध्यम से क्रय न करने पर कोई अतिरिक्त व्यय अंतर्ग्रस्त है तब अत्यावश्यकता के दृष्टिकोण से पूछताछ न्यायोचित होगी । प्राधिकारी अत्यावश्यकता की प्रकृति और अधिप्राप्ति का पूर्वानुमान क्यों नहीं लगाया जा सका इसके कारण भी अभिलिखित करेगा ।

(ख) प्राधिकारी द्वारा लिखित रूप में अभिलिखित किए जाने वाले यह दर्शाने वाले पर्याप्त कारण हों कि वस्तुओं, सामग्री एवं सेवाओं को निविदा की सूचना प्रकाशित कर अभिप्राप्त करने की प्रक्रिया जन हित में उचित नहीं होगी ।

(ग) आपूर्ति के स्रोत निश्चित रूप से ज्ञात हैं तथा इनसे लिए जा रहे लाभ से परे नवीन स्रोतों की संभावना दूरस्थ है । परंतु:-

(एक) सीमित निविदा पूछताछ में प्रदायक फर्म्स की संख्या तीन से कम नहीं होगी ;

(दो) स्पर्धात्मक आधार पर अधिक जवाबी निविदाएं प्राप्त करने के लिए अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं की अधिक संख्या चिन्हित किए जाने के प्रयास किए जाएंगे ।

(तीन) सीमित निविदा पूछताछ स्पीड पोस्ट, रजिस्टर्ड डाक, कोरियर या ई- मेल जैसे सदृश साधनों से वस्तुओं ,सामग्रियों एवं सेवाओं जिसके लिए पूछताछ की गई है, के लिए नगरपालिका द्वारा संधारित अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं को सीधे भेजी जाएगी ।

(चार) एक लाख रूपये से अधिक मूल्य की वस्तुओं ,सामग्रियों एवं सेवाओं के लिए कोई सीमित निविदा पूछताछ नहीं की जाएगी । ऐसे मामलों में नगरपालिका विज्ञापित निविदा प्रक्रिया का अनुसरण करेगी । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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टिप्पणीः-(1 ) सीमित निविदाएं केवल उन्हीं आपूर्तिकर्ताओं को जारी की जायेंगी जो नगरपालिका में नीचे वर्णित रूप में पंजीकृत हों ।

(2) नगरपालिका के लिए सामान्य रूप से आवश्यक वस्तुओं, सामग्री एवं सेवाओं की अधिप्राप्ति के लिए विश्वसनीय स्रोतों को स्थापित करने की दृष्टि से नगरपालिका द्वारा मद वार पात्र और समर्थ प्रदायकर्ताओं की सूची तैयार की जाएगी और संधारित की जाएगी । ऐसे अनुमोदित प्रदायकर्ता "पंजीकृत प्रदायकर्ता" के रूप में जाने जाएंगे । ऐसे पंजीकृत प्रदायकर्ता, सीमित निविदा पूछताछ के माध्यम से सामग्री की अधिप्राप्ति के लिए प्रथमतः पात्र विचारणीय होंगे । वे सामान्यतः उनकी निविदा के साथ सुरक्षा राशि देने से भी मुक्त हैं । विभाग प्रमुख भी विशेष रूप से उस विभाग को अपेक्षित वस्तुओं, सामग्री एवं सेवाओं के प्रदायकर्ताओं को पंजीकृत कर सकेंगे । प्रदायकर्ताओं की विश्वसनीयता का प्रत्यय पत्र, निर्माण में समर्थता, गुणवत्ता नियंत्रण की प्रणाली, पूर्व का निष्पादन, विक्रय के पश्चात् सेवा, वित्तीय पृष्ठभूमि आदि का सत्यापन, पंजीयन के पूर्व किया जाएगा । प्रदायकर्ताओं का पंजीयन नियत अवधि (एक से तीन वर्ष) के लिए वस्तुओं, सामग्री एवं सेवाओं की प्रकृति पर निर्भरता अनुसार, किया जाएगा । इस अवधि की समाप्ति पर, अपने पंजीयन को जारी रखने के इच्छुक पंजीकृत प्रदायकर्ता को पंजीयन के नवीनीकरण के लिए नवीनतः आवेदन करना होगा । पंजीयन के लिए किसी भी समय नवीन प्रदायकर्ताओं पर भी विचार किया जा सकेगा, बशर्ते कि वे सभी अपेक्षित शतों की पूर्ति करते हों ।

(3) प्रत्येक पंजीकृत प्रदायकर्ता के निष्पादन एवं आचरण पर नगरपालिका निगरानी रखेगी ऐसे पंजीकृत प्रदायकर्ता, जो पंजीकरण की निबन्धन एवं शर्तों का पालन करने में असमर्थ रहते हैं या समय पर वस्तुओं, सामग्री एवं सेवाओं का प्रदाय करने में असमर्थ रहते है, या अमानक स्तर की वस्तुएं, समाग्री एवं सेवाएं प्रदाय करते है या नगरपालिका को असत्य घोषणा करते हैं या किसी अन्य आधार पर, जो नगरपालिका के मत में जनहित के विरूद्ध है, अनुमोदित प्रदायकर्ताओं की सूची से हटाये जाने के पात्र होंगे ।

90. नगरपालिका निम्नलिखित परिस्थितियों में अधिप्राप्ति करने के लिए, एकल स्रोत का आश्रय ले सकेगीः-

(क) उपभोग करने वाले विभाग की जानकारी में है कि केवल एक विशेष फर्म ही अपेक्षित वस्तुओं, सामग्री एवं सेवाओं की उत्पादक है; और

(ख) मशीनरी या कलपुर्जे वर्तमान उपकरणों के सेट्स (सक्षम तकनीकी विशेषज्ञ के परामर्श पर) के अनुकूल होने के लिए अपेक्षित आयटम केवल चयनित फर्म से यह कारण अभिलिखित करने के पश्चात् कि क्यों अन्य मेक या मॉडल स्वीकार्य नहीं है , और प्राधिकारी से वित्तीय सहमति और स्वीकृति प्राप्त कर क्रय किया जा सकेगा ।

91. निविदाओं का प्रकाशनः

(1 ) प्रत्येक नगरपालिका के लिए किसी कार्य या कोई वस्तु, सामग्री एवं सेवा, जिसका मूल्य एक लाख रूपये से अधिक हो, के लिए निविदा प्रकाशन की

प्रक्रिया निम्न रूप में होगीः-

(क) (एक) एक लाख रूपये से अधिक मूल्य की प्रत्येक निविदा के लिए ई- टेन्डरिंग प्रक्रिया अपनाई जायेगी;

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(दो) एक लाख रुपये एवं अधिक मूल्य की प्रत्येक निविदा के लिए फार्म 28 में दिए अनुसार विज्ञापन क्रमांक, कार्य का नाम, कार्य का अनुमानित मूल्य, निविदा जिस वेबसाईट पर उपलब्ध होगी उसके विवरण के साथ राज्य में व्यापक रूप से प्रसारित एक हिन्दी समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा;

(तीन) एक लाख रुपये एवं अधिक मूल्य की निविदाओं के लिए उपरोक्त उप कण्डिका (दो) में वर्णित विषय अनुसार राज्य में व्यापक रूप से प्रसारित कम से कम एक दैनिक हिन्दी समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित किया जाना आवश्यक होगा;

(ख) एक करोड़ रूपये से अधिक मूल्य की प्रत्येक निविदा के लिए उपरोक्त उप कण्डिका (दो) में वर्णित विषयवस्तु अनुसार राज्य में व्यापक रूप से प्रसारित एक राज्य स्तरीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र. एवं एक राष्ट्रस्तरीय एक दैनिक अंग्रेज़ी समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा;

(ग) दस लाख रूपये से कम मूल्य के किसी कार्यों, सामग्री एवं सेवाओं के लिए निविदा आमंत्रण के लिए प्रथम आमंत्रण में निविदा प्रस्तुत करने की अवधि 15 दिवस से कम नहीं होगी एवं निविदा के दूसरे आमंत्रण के लिए निविदा प्रस्तुत करने की अवधि विज्ञापन प्रकाशन की दिनांक से सात दिवस होगी । लाख रूपये से अधिक मूल्य के कार्यों, सामग्री एवं सेवाओं के लिए निविदा प्रस्तुत करने की अवधि प्रकाशन की दिनांक से तीस दिवस से कम नहीं होगी एवं दूसरी बार या निविदा के पश्चातवर्ती आमंत्रण में निविदा प्रस्तुत करने की अवधि 15 दिवस की हागी । दस

(2) इन नियमों के नियम 239 में प्रदत्त वित्तीय शक्तियों के अनुसार प्राधिकारी के अनुमोदन के अध्यधीन रहते हुए निविदा के दूसरे आमंत्रण के प्रकरण में समय सीमा को घटाने पर विचार किया जा सकेगा ।

92. निविदा सूचना एवं विषय वस्तु नगरपालिका द्वारा किसी ठेका कार्य, सामग्री आपूर्ति एवं सेवाऐं हेतु जारी निविदा सूचना में स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट होगाः-

(क) वह दिनांक जब तक सीलबंद निविदा प्राप्त की जा सकती है;

(ख) कार्य का प्रकार जिसे निष्पादित किया जाना है , तथा स्टेज-1 के प्राक्कलन का विवरण;

(ग). कार्य प्रारम्भ करने संबंधी आदेश की प्राप्ति की दिनांक से, समय जिसके भीतर ठेका कार्य, सामग्री आपूर्ति एवं सेवाऐं पूर्ण किया जाना है;

(घ) आवश्यक सुरक्षा जमा की राशि;

(ङ) बयाना राशि(अर्नेस्ट मनी) जो प्रत्येक सीलबंद निविदा के साथ संलग्न होना चाहिए;

(च) कार्यालय का नाम जहां से रिक्त निविदा फार्म प्राप्त किया जा सकता है तथा प्रत्येक ऐसे फार्म का मूल्य, जो लिया जाएगा, कार्य, सामग्री एवं सेवा से संबंधित प्लान्स की संख्या तथा स्थान और समय जहां उनका निरीक्षण किया जा सकेगा, यदि ऐसे प्लान निविदा फार्म के भाग नहीं है;

(छ) तारीख और समय जिस पर निविदा खोली जा सकती है ।.

93. निविदा फार्म, यथा संभव एकमुश्त या एकमुश्त सह आयटम दर उद्धृत करने होंगे तथा निम्नलिखित सम्मिलित होंगेः

(क) निविदा आमंत्रित करने वाली सार्वजनिक सूचना की प्रति;

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निविदाकारों के मार्गदर्शन के लिए आवश्यक नियम या निर्देश;

(ख)

(ग) निविदा प्ररूप;

(घ) अनुबंध या करार का प्ररूप;

(ङ) ठेके की शर्तें;

(च) निर्माण कार्यों, सामग्री एवं सेवाओं की विस्तृत विशिष्टियाँ;

(छ) निविदाकार, प्रकाशित या लिखित में की गई शर्ते स्वीकार करने एवं इस आशय का शपथ पत्र साथ देगा कि उसे राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार के किसी भी विभाग द्वारा ब्लैक लिस्टेड अथवा प्रतिबंधित नहीं किया गया है । (ज) अनुसूचियां:-

(एक) कार्यों, सामग्री एवं सेवाओं का वर्णन तथा की जाने वाली सेवा का प्रयोजन;

(दो) प्लान्स की गिनती जो विशिष्टियों के साथ संलग्न हो;

(तीन) सामग्री तथा अन्य वस्तुएं जिनके नमूने जमा होने चाहिये;

(चार) कार्य एवं सेवाओं के पूर्ण होने की दिनांक;

(पांच) कोई निर्माण कार्य , सामग्री, एवं सेवाएं जो नगरपालिका की सम्पत्ति हैं, जिसका उपयोग करना ठेकेदार से अपेक्षित होगा और दर जिस पर प्रदाय किया जाएगा उसके विवरण की अनुसूची ।

94. निविदाओं की प्राप्ति.-

(1) निविदाओं की प्रस्तुति, की प्रक्रिया निविदा दस्तावेजों में विनिर्दिष्ट की गई है और स्पीड पोस्ट/ रजिस्टर्ड पोस्ट/ कोरियर या हाथ से इस आशय से रखे नविदा पेटी में डाल कर की जा सकेगी । प्राप्त समस्त निविदाएं, इन नियमों में शक्तियों के प्रत्यायोजन के अन्तर्गत विहित निविदा समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी तथा अधिसूचित दिनांक और समय पर बालीकर्ताओं/निविदाकर्ताओं के प्रतिनिधियों, जो उपस्थित हों, की उपस्थिति में मुख्य नगरपालिका अधिकारी या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य कर्मचारी द्वारा खोली जाएंगी और खोली गई प्रत्येक निविदा पर निविदा समिति के सदस्यों द्वारा अपने आद्याक्षर किए जाएंगे निविद समिति तत्पश्चात् प्राप्त निविदाओं का मूल्याकंन किया जाएगा एवं मूल्यांकित निविदाओं की तुलनात्मक विवरण तैयार किया जाएगा और प्राधिकारी को अपनी अनुशंसा सहित स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

(2) ऐसी कोई भी निविदा जो व्यवस्थित न हो, या जिसका संपूर्ण मूल्य न दिया गया हो और ऐसी निविदा आमंत्रित करने हेतु दी गयी सूचना के अनुदेशों के अक्षरशः अनुरूप न हो, स्वीकृत नहीं की जाएगी। यदि बोलीकर्ता या निविदा कर्ता निविदा देने के पश्चात् सुस्पष्ट गणितीय त्रुटि के सुधार के अतिरिक्त किसी भी तरह की कमी या परिवर्तन करे तो वह निविदा व्यवस्थित नहीं मानी जाएगी । सक्षम प्राधिकारी किसी भी निविदा को अस्वीकार करने का अधिकार सुरक्षित रखता है यहाँ तक कि वह मूल्य के पद में न्यूनतम निविदा हो, बशर्ते कि यदि न्यूनतम निविदा स्वीकृत नहीं की गई है उसे अस्वीकार करने का कारण अभिलिखित किया जाएगा और निविदा के स्वीकार करने में अन्य सभी संबंधित विषयों के साथ बोलीकर्ता की आर्थिक स्थिति पर भी विचार किया जाएगा ।

(3) कोई भी निविदा जो अंतिम विस्तृत प्राक्कलन से उच्चतर या निम्नतर प्राप्त हुई है उसके संबंध में राज्य सरकार सक्षम प्राधिकारी द्वारा के निर्देशों का पालन किया जाएगा । 1286(23)

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(4) यदि यह पाया जाता है कि नगरपालिका द्वारा प्राप्त कोई भी निविदा संतोषप्रद नहीं है या किसी भी कारण से यह विश्वास होता है कि बोलीकर्ताओं निविदाकारों या द्वारा निविदा में की गई अपेक्षाओं को समुचित रूप से नहीं समझा गया है जिससे उचित बोलियाँ प्राप्त नहीं हुई हैं, तो प्रश्नगत निविदा को निरस्त किया जाएगा और नवीन निविदा आमंत्रित की जाएगी ।

95. लोक निर्माण कार्य.-

(1) लोक निर्माण कार्य " भवन , सड़कें और "भवनों एवं सड़कों के अतिरिक्त" में विभाजित किए गए हैं और इनमें से प्रत्येक को "मूल कार्य" और "मरम्मत या रखरखाव में पुनः विभाजित किया गया है ।

(2) इसके पश्चात् उपबंधित के सिवाय "मूल कार्य" में सभी नव निर्माण कार्य चाहे वह पूर्णतः नये हो या विद्यमान कार्यों में वर्धन और परिवर्तन के हों, शामिल हैं और उसमें नवीन क्रय किए गए भवन या पूर्व में परित्यक्त भवन भी सम्मिलित हैं जिन्हें उपयोग के योग्य बनाना आवश्यक हो । जब किसी विद्यमान संरचना का कोई भाग गिराना और पुनः बनाना हो और यदि इस पर होने वाले व्यय से परिसम्पत्ति के रूप में संपत्ति के स्थायी मूल्य में वृद्धि होती हो, तो वह कार्य "मूल कार्य" की श्रेणी में होगा । बदले गए भाग की लागत (जानकारी के अभाव में अनुमानित की जाएगी) "मूल कार्य" के रूप में प्रभारित होगी । अन्य समस्त प्रकरणों में नवीन कार्य की सम्पूर्ण लागत "मरम्मत" में प्रभारित होगी ।

( 3) किसी भी भवन किसी भाग का परित्यजन कर दिए जाने या गिरा दिए जाने और उसका प्रतिस्थापन न होने पर भवन की सकल पूंजीगत लागत में से उसके पूंजीगत मूल्य का अपलेखन किया जाना चाहिये ।

(4) "मरम्मत या "रखरखाव " श्रेणी में पूर्ववर्ती के अलावा वे सभी कार्य शामिल होंगे जो भवन, सड़क और अन्य निर्माणों को मूल उपयोग में रखने के लिए आवश्यक हैं ।

96. आपातकालीन प्रकरणों या क्षति या हानि को रोकने के सिवाय , कोई कार्य तब तक प्रारम्भ नहीं किया जाएगा, जब तक कि समुचित विस्तृत प्राक्कलन तैयार होकर स्वीकृत नहीं हो जाएं ।

97. निर्माण कार्य की संस्वीकृति की प्रक्रिया. नगरपालिका द्वारा निष्पादित किए जाने वाले सभी निर्माण कार्यों (अंतरित निर्माण कार्यों के अतिरिक्त) में निम्नांकित प्रक्रिया अपनाई जाएगी:-

(क) नियम 98 में यथा अवधारित प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा;

(ख) नियम 99 में तथा 103 में यथा अवधारित योजनाओं एवं प्राक्कलनों के लिए तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की जाएगी; और

(ग) नियम 100 में यथा अवधारित अंतिम स्वीकृति प्राप्त की जाएगी ।

98. प्रशासकीय अनुमोदन.-

(1) "प्रशासकीय अनुमोदन" से अभिप्रेत है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी कार्य के निर्माण या विद्यमान कार्य में परिवर्धन एवं सुधार सम्बन्धी प्रस्तावों को तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति देने के पूर्व सहमति देना ।

प्रशासकीय अनुमोदन निम्नलिखित प्रक्रिया अनुसार होगाः-

(2)

(क) प्रशासकीय अनुमोदन समस्त नवीन कार्यों तथा वर्तमान कार्यों में सुधार के लिए अपेक्षित होगा;

(ख) प्रशासकीय अनुमोदन के लिए प्रस्ताव, हस्ताक्षरयुक्त प्राथमिक प्राक्कलन तथा योजना नियम 102 के अनुसार के साथ होगा;

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(ग) समस्त प्रकरणों में प्रशासकीय अनुमोदन प्राधिकारियों द्वारा प्रदान किया जाएगा, जैसा कि इन नियमों के अन्तर्गत शक्तियों के प्रत्यायोजन के अधीन विहित किया गया है ।

99. तकनीकी स्वीकृति.-

(1 ) कार्यों के समस्त प्राक्कलन फार्म 29 में निम्नानुसार तैयार किए जाएंगे:-

(क) प्रशासकीय अनुमोदन के लिय प्लान तथा कुर्सी क्षेत्र के साथ प्राथमिक प्राक्कलन एवं

(ख) तकनीकी स्वीकृति के लिए अन्तिम विस्तृत प्लान तथा प्राक्कलन ।

टिप्पणी (1 ) प्राथमिक प्राक्कलन उन कार्यों के लिए अपेक्षित नहीं होगा जिसके लिए कि मानक प्लान मौजूद है ।

(2) उन कार्यों के लिए , जिनकी लागत रूपये पच्चीस हज़ार से अधिक नहीं है सामान्यतः अन्तिम विस्तृत प्राक्कलन तैयार किया जाएगा । (3) अंतिम विस्तृत प्लान एवं प्राक्कलनों को तकनीकी स्वीकृति देने की शक्तियां, प्राधिकारियों में वेष्ठित होंगी जैसा इन नियमों में विहित है । 100. निर्माण कार्यों की अंतिम स्वीकृति. निर्माण कार्यों और मरम्मत के विस्तृत प्राक्कलनों की स्वीकृति, अंतिम प्राक्कलन की राशि के अनुसार नियम 97 के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा दी जाएगी ।

101. कार्य का आरम्भ. सक्षम प्राधिकारी बजट प्रावधान के अध्यधीन किसी भी स्टेज पर नियम 99 के अधीन कार्य आरम्भ करने की स्वीकृति दे सकेगा । ऐसा प्राधिकारी प्राथमिक स्टेज में स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार वस्तुओं एवं सामग्री के संग्रहण की स्वीकृति भी दे सकेगा है । यह प्रक्रिया केवल विशेष अत्यावश्यकता की परिस्थिति में ही अपनाई जाएगी एवं स्वीकृतिकर्ता प्राधिकारी को पहले अपना यह समाधान करेगा अंतिम स्टेज में लागत उसके स्वीकृति के अधिकार की सीमा से अधिक नहीं होगी ।

102. योजना और प्राक्कलनों पर हस्ताक्षर किया जाना. पर उन अधिकारियों के हस्ताक्षर होंगे जिनके द्वारा और संस्वीकृति अधिकारी और अनुमोदन प्राधिकारी भी उन पर हस्ताक्षर करेंगे । समस्त मामलों में योजनाओं और प्राक्कलनों और जिनके माध्यम से वह प्रस्तुत हुए हो । 103. तकनीकी विवरणों के लिए उत्तरदायित्व. समस्त मामलों में नगरपालिका यंत्री और जहां ऐसा यंत्री न हो वहां नगरपालिका लोक निर्माण स्थापना का मुख्य प्रभारी पदाधिकारी अपने द्वारा हस्ताक्षरित प्राक्कलनों के तकनीकी विवरणों के लिए उत्तरदायी होगा । स्थल निरीक्षण आवश्यक होने पर जैसा कि सामान्यतः पुलों एवं रपटा मार्गों आदि के संबंध प्राकलनों में होता है, अंतिम विस्तृत प्राक्कलन बनाने के पूर्व ऐसा निरीक्षण किया जाना चाहिये । अधीक्षण यंत्री या मुख्य यंत्री के लिए सामान्यतः यह संभव न होगा कि वह स्थल पर प्रस्तावों का निरीक्षण कर सकें और साधरणतः इन पदाधिकारियों की टीप, बिना स्थल निरीक्षण किए नगरपालिका यंत्री या जहां नगरपालिका यंत्री नहीं है, वहां नगरपालिका लोक निर्माण स्थापना के प्रभारी अधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण कर दिए गए संकेत तक ही सीमित रहेगी ।

104. निर्माण एवं विकास कार्य.-

(1) सभी खुली निविदाओं के लिए नगरपालिका तीन लिफाफों पद्धति का अनुसरण करेगी । पहला लिफाफा बयाना राशि का होगा । दूसरे लिफाफा में व्यावसायिक निबन्धन व शर्तों सहित समस्त तकनीकी विवरणों के साथतक‌नीकी बोली होगी । तीसरा लिफाफा, तकनीकी बोली में उल्लिखित आयटम्स के संबंध में आयटम - वार मूल्य सहित वित्तीय बोली का होगा । 1286(25)

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(2) बोलीदाता द्वारा बयाना राशि का लिफाफे, तकनीकी बोली तथा वित्तीय बोली ऊपर लिखकर अलग-अलग कवर में सील किए जाएंगे और ये तीनों सील्ड कवर एक बड़े कवर में रखकर उसके ऊपर लिखा जाएगा तथा सील भी किया जाएगा । बयाना राशि का लिफाफा पहले खोला जाएगा उसकी वैधता यथार्थताएवं की जाँच की जाएगी । पहले स्तर पर निविदा समिति द्वारा तकनीकी बोली खोली जाएगी और मूल्यांकित की जाएगी । दूसरे स्तर पर केवल स्वीकार योग्य तकनीकी प्रस्ताव के ही ठेका देने के पूर्व आगे को मूल्याकंन और श्रेणी के लिए, की खोला जाएगा ।

105. अनुबंध ठेके पर दिए गए प्रत्येक निर्माण कार्य के लिए समुचित मूल्य के स्टाम्प पेपर पर एक अनुबंध किया जाएगा जिसमें ठेके के समस्त निबन्धनों और शर्तों तथा उन शास्तियों का उल्लेख होगा और जिसका सभी या किसी शर्त का पालन न हो सकने की स्थिति में ठेकेदार दायी होगा तथा उन बोनस का यदि कोई हों जिसका कि ठेकेदार प्ररूप30 में विहित अनुसार किसी भी शर्त की पूर्ति करने के लिए हकदार होगा, प्रतिभूति लेगी । 106.

संभावित हानि की दशा में मुख्य नगरपालिका ठेके को सम्यक रूप से पूरा करने हेतु नियम 217 में उपबंधित निष्पादन प्रतिभूति के रूप में प्रतिभूति लेगी । 107. अनुपूरक प्राक्कलन.- किसी भी योजना के प्रगतिकाल में विकास की आवश्यकता का अनुभव होने पर, जो पूर्व स्वीकृत निर्माण कार्य के आकस्मिक व्यय के प्रावधान से पूरा न हो सके, उसके अनुपूरक प्राक्कलन द्वारा पूरा होना चाहिये और उसके साथ उन परिस्थितियों का पूर्ण प्रतिवेदन होना चाहिए जिसके की कारण यह आवश्यक हुआ हो । संक्षेप में मूल प्राक्कलन की राशि, अपेक्षित मंजूरी का योग और अनुपूरक राशि दर्शायी जानी चाहिए । अनुपूरक प्राक्कलन की स्वीकृति सक्षम प्राधिकारी द्वारा होना चाहिए ।

108. पुनरीक्षित प्राक्कलन.- जब यह स्पष्ट हो कि मूल प्राक्कलन दस प्रतिशत से अधिक परन्तु किसी भी स्थिति में बीस प्रतिशत से अधिक नहीं होगा तब पुनरीक्षित प्राक्कलन को तैयार करना और स्वीकृत करना चाहिए । जब स्वीकृत प्राक्कलन से दस प्रतिशत से अधिक व्यय होना पूर्व ज्ञात हो और पुनरीक्षित प्राक्कलन को तैयार करने में अपरिहार्य रूप से विलम्ब हो तो स्थिति की सूचना तुरंत स्वीकृति कर्ता प्राधिकारी को दी जाना चाहिए । जब पुनरीक्षित प्राक्कलन प्रस्तुत हो तो उसके साथ उसकी तुलना पूर्व नवीनतम स्वीकृति से करने वाला विवरण पत्र, और उस दिनांक तक प्रगति दर्शाने वाला प्रतिवेदन होना चाहिए । कार्य के उत्तरदायी यंत्री पर्यवेक्षक या प्रभारी अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह सावधानी पूर्वक व्यय की प्रगति को देखे और जैसे ही आवश्यकता उद्भूत हो पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर प्रेषित करना सुनिश्चित करे । जब कार्य के निर्माण में अधिक व्यय उन्नत स्तर पर उस समय हो जबकि पुनरीक्षित प्राक्कलन को प्रेषित करना उद्देश्यहीन हो, तब अधिक व्यय का स्पष्टीकरण नियम 113 में यथा विहित समाप्ति प्रतिवेदन में दिया जाना चाहिए ।

109. दर अनुसूची. राज्य सरकार के नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा जारी एवं समय समय पर संशोधित दरों की अनुसूची (दरों की एकीकृत मानक सूची) के अनुसार प्राक्कलन तैयार किया जाएगा ।

निर्माण कार्यों का निरीक्षण.-

110.

(1) नगरपालिका यंत्री या जहां नगरपालिका यंत्री न हो वहां नगरपालिका लोक निर्माण स्थापना के प्रमुख प्रभारी अधिकारी चल रहे निर्माण कार्यों में से सभी श्रेणियों के जितने भी वह कर सकें, निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे । अंतिम निरीक्षण के संबंध में वह नियम 113 के प्रावधान का अनुसरण करेंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) सभी हस्तांतरित निर्माण कार्यों या ऐसे निर्माण कार्यों में, जिनकी की जानी है (जिसमें मरम्मत भी सम्मिलित है) सम्पूर्ण या आंशिक लागत (मरम्मत सहित) की पूर्ति राज्य शासन से प्राप्त अंशदान से की जानी है (जिसमें मरम्मत भी सम्मिलित है) लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री या सहायक यंत्री और राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य पदाधिकारी को निरीक्षण करने और तकनीकी नियंत्रण का अधिकार होगा और इनमें से किसी अधिकारी द्वारा तकनीकी विषयों पर दी गई सलाह या निर्देशों का पालन करना नगरपालिका पर बंधनकारी होगा ।

111.

ठेकेदारों का बिल. ठेकेदारों का बिल प्ररूप 31 में तैयार किया जाएगा और वह निर्माण कार्य के प्रभारी अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा जो माप लेने और जांच करने के उपरांत प्रमाणित कर उसे नगरपालिका यंत्री और जहां नगरपालिका यंत्री न हो वहां नगरपालिका लोक निर्माण स्थापना के प्रमुख प्रभारी अधिकारी के माध्यम से मुख्य नगरपालिका अधिकारी को भेजेगा जो बिल को वित्त एवं लेखा विभाग को भेजेंगे । वित्त एवं लेखा विभाग तब उस बिल का, माप पुस्तक, प्राक्कलन, अनुबंध, पूर्व भुगतान (चालू बिल के मामले में) उपलब्ध आवंटन का शेष और अंकगणितीय गणनाओं की जांच करेगा और उसे वित्त एवं लेखा विभाग के प्रमुख के माध्यम से और यदि वित्त एवं लेखा विभाग का कोई प्रमुख न हो तो सीधे मुख्य नगरपालिका अधिकारी को प्रेषित करेंगे । मुख्य नगरपालिका अधिकारी, यदि वह बिल पारित करने हेतु सक्षम हो, तो आदेश पारित करेगा वरना अपनी सिफारिश के साथ बिल को अध्यक्ष को प्रस्तुत करेगा । चालू भुगतान प्रायः किए गए कार्य के मूल्य का 9/10 वें भाग तक किया जाएगा । शेष 10 प्रतिशत राशि का भुगतान तब होगा जब अंतिम बिल प्रस्तुत हो, और नियम 112 के अनुसार प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर हो जाएं । ठेकेदार की अभिस्वीकृति सामान्यतः बिल के पीछे की ओर मूल रूप से प्राप्त की जाएगी । यह संभव न होने की स्थिति में अलग रसीद का उल्लेख सावधानी पूर्वक बिल पर किया जाएगा । लेखा के पूर्ण समाप्ति पर ठेकेदार की रसीद में यह स्पष्ट वर्णन होना चाहिए कि लेखा का पूर्णतः निपटारा हो चुका है । वृहद निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों के बिल मासिक रूप से तैयार किए जाएंगे परन्तु छोटे निर्माण कार्यों की दशा में, जो केवल कुछ सप्ताह तक ही चलते हैं, यह अधिक सुविधाजनक होगा कि कार्य समाप्ति पर उसका माप कर भुगतान किया जाए और जब व्यवहारिक हो ठेकेदारों से किए गए अनुबंध में इसका प्रावधान हो । ऐसे छोटे निर्माण कार्यों के बिल प्ररूप32 में होंगे ।

टिप्पणी- (1 ) जहां तक संभव हो अंतिम बिल की सभी माप प्रभारी अधिकारी द्वारा लिए जाएं और वह ठेकेदार की उपस्थिति में लिए जाना चाहिए । टिप्पणी-(2) नगरपालिका कार्यालय में ठेकेदार के लिए तैयार किए गए बिल के शीर्ष पर " ठेकेदार की प्रार्थना पर तैयार किया गया" लिखा जाएगा और इसके लिए कोई प्रभार नहीं लिया जाएगा ।

टिप्पणी-(3) यदि ठेकेदार का बिलस्वीकृत राशि से 10 प्रतिशत से अधिक है, तो नियम 108 के अनुसार पुनरीक्षित प्राक्कलन को सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत किए जाने तक ऐसे बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा । 112.

माप पुस्तिका.-

(1) माप पुस्तिका प्ररूप 33 में सभी परिमाणों के लेखाओं का आधार है चाहे निर्माण कार्य खण्ड कार्य से किया गया हो या ठेके से किया गया हो या दैनिक श्रमिकों द्वारा किया गया हो, या सामग्री प्राप्त या जारी की गयी हो । माप का विस्तृत विवरण पेंसिल से प्रविष्ट किया जा सकता है अन्य प्रविष्टियां स्याही से और दिनांक लाल स्याही से लिखी जाएगी । जब माप का विवरण पेंसिल से 1286 (27)

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किया गया हो, उसके ऊपर स्याही से नहीं लिखा जाएगा । चिन्हांकन और जांच की सुगमता हेतु निर्माण कार्य की प्रगति को स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट किया जाएगा । नियमतः माप पुस्तक उन बिलों के साथ होनी चाहिए जिसमें कार्य की मात्राओं के लिए प्रभार हुआ है और उसकी तुलना सावाधानी से बिलों और स्वीकृत प्राक्कलनों के विवरण से भी भुगतान आदेश के पूर्व की जाना चाहिए । किसी भी तरह की त्रुटियों, अधिक मात्राओं या निर्माण कार्य की अनधिकृत मदों के कारण किसी अंतर की जांच तुरंत की जानी चाहिए और बिलपारित करते समय नगरपालिका यंत्री या प्रभारी अधिकारी और यदि कोई नगरपालिका यंत्री या प्रभारी अधिकारी न हो तब मुख्य नगरपालिका अधिकारी माप पुस्तक पर उसकी जांच और परीक्षण करने के प्रतीक रूप में आद्याक्षर करेंगे । विवादों के परिहार्य हेतु माप पुस्तक पर ठेकेदार के हस्ताक्षर भी लिए जाना चाहिए । माप पुस्तकें महत्त्वपूर्ण अभिलेख हैं । उनका उपयोग सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए और उनकी समाप्ति पर उन्हें नगरपालिका कार्यालय में अभिलेख हेतु वापस किया जाना चाहिए ।

(2) माप पुस्तकों को जारी करने और प्राप्ति का लेखा फार्म 34 में संधारित किया जाएगा । सभी माप पुस्तकों पर क्रमबद्व संख्या अंकित की जाएगी ।

(3 ) संबधित नगरपालिका की वेबसाइट पर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में माप पुस्तिका अपलोड की जाएगी ।

113. पूर्णता प्रतिवेदन.-

(1 ) जब निर्माण कार्य समाप्त हो उसका प्रभारी अधिकारी प्ररूप 35 में नगरपालिका यंत्री के माध्यम से और यदि नगरपालिका यंत्री न हो तो सीधे मुख्य नगरपालिका अधिकारी को पूर्णता प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा । प्राक्कलन के किसी मद में आधिक्य होने पर वह

निष्पादित निर्माण कार्य के परिमाण , दर और मूल्य के सभी अंतर की तुलना करते हुए स्पष्ट करेगा एवं उसका प्राक्कलन किया जाएगा । ऐसे निर्माण कार्यों का, जिनका मूल्य रूपये पंच्चीस हजार की सीमा से अधिक है, उसका मुख्य नगरपालिका अधिकारी निरीक्षण करेंगे और प्रमाणित करेंगे कि पूर्ण हुए निर्माण कार्य से वह संतुष्ट हैं ।

(2) हस्तांतरित निर्माण कार्य या कार्यों की दशा में, जिनकी संपूर्ण या आंशिक लागत राज्य शासन से प्राप्त संपूर्ण या आंशिक, अनुदान से वहन की जाती है की समाप्ति का

प्रतिवेदन मुख्य नगरपालिका अधिकारी को प्रस्तुत करने के पूर्व प्राक्कलन की स्वीकृति हेतु नियम 99 में प्राधिकृत अधिकारी के भी प्रतिहस्ताक्षर होंगे । रूपये पांच हजार से कम मूल्य के निर्माण कार्य छोटे निर्माण कार्य माने जाएंगे और इनकी पूर्णता प्रतिवेदन

मुख्य नगरपालिका अधिकारी या उसके द्वारा प्राधिकृत अन्य अधिकारी द्वारा अवलोकन होने के पश्चात् भरी जाएगी, जो इस बात से स्वयं की संतुष्टि करेंगे कि कार्य सुचारू रूप से निष्पादित किया गया है ।

114. कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र.- निर्माण कार्य पूरा हो जाने पर इन नियमों में प्रत्यायोजित शक्तियों के अंतर्गत तथा विहित प्राधिकारयििो द्वारा प्ररूप 36 में अंतिम पूर्णता का प्रमाण पत्र अभिलिखित किया जाएगा:

परंतु अलग-अलग जिन कार्यो की लागत रूप्ए पांच हजार से कम है, छोटे कार्यों के रूप में माने जाएंगे और कार्य पूर्णता का कोई प्रमाणपत्र अभिलिखित नहीं किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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115. ठेकेदारों को अन्तिम भुगतान.- पूर्ववर्ती नियमों के अनुसार अपेक्षित पूर्णता प्रमाण- पत्र और पूर्णता रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने तक किसी भी ठेकेदार को अंतिम रूप से भुगतान नहीं किया जाएगा ।

116. अग्रिम भुगतान.- उपलब्ध कराई गई सेवाओं या किए गए प्रदाय का भुगतान, सेवाएं उपलब्ध कराने या प्रदाय किए जाने के पश्चात् ही किया जाएगा । तथापि, निम्नलिखत अग्रिम भुगतान किया जा सकेगाः-

(क ) राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा- निर्देशों के परिपालन में गतिशीलल (मोबलाईजेशन) के कार्य के लिए गतिशीलन अग्रिम (मोबलाईजेशन एडवान्स) का भुगतान किया जायेगा । (ख

) (मोबलाईजेशन एडवान्स) का भुगतान करते समय प्ररूप 37 में विहित रूप में बैंक गारंटी के रूप में अथवा अन्य रीति में जैसा कि नगरपालिका द्वारा स्वीकृतकिया जाये पर्याप्त रक्षोपाय ठेकदार से प्राप्त किया जाएगा ।

संयंत्र एवं मशीनों का क्रय.-

117.

(1) जब संयत्र तथा मशीनरी आदि की मांग करते समय मांग करने वाला विभाग यह निर्णय लेगा कि किस मात्रा में अतिरिक्त पुर्जे मुख्य उपकरण के साथ क्रय किए जाएं । मांग करने वाला अधिकारी यह भी विनिर्दिष्ट करेगा कि क्या निम्नलिखित गारन्टियोंमें से कोई गारन्टी उपकरण के प्रदायकर्ता से प्राप्त करना अपेक्षित है:-

(क) उपकरण के प्रदायकर्ता से यह गारन्टी कि वह स्पेयर पार्टस , जब कभी भी आवश्यक हो , सहमति आधार पर सहमत्य अवधि के लिए प्रदाय करेगा । सहमति का आधार प्रकाशित मूल्य सूची पर सहमत्य छूट देने का होगा । (ख) इस आशय का वचन पत्र कि प्रदायकनी द्वारा आपूर्ति किए गए उपकरण के कल पुर्जों का उत्पादन बंद करने के पूर्व वह पर्याप्त समय पर नगरपालिका को अग्रिम सूचना पत्र प्रेषित करेगा ताकि नगरपालिका द्वारा शेष जीवन पर्यन्त आवश्यकता के अनुसार कल पुर्जे एक ही बार में क्रय कर लिए जायें, तथा (ग) यदि संभव हो, मुख्य उपकरणों के प्रदायक से इस आशय की गांरटी प्राप्त करना कि वह मूल उपकरणों के संबंध में जब भी आवश्यक हो कल पुर्जो की ड्राईंग के ब्लू प्रिंट आदि उपलब्ध करायेगा ।

(2) कल पुर्जे के मांगपत्र में, मुख्य उपकरण के ठेके का क्रमांक और दिनांक तथा उसमें दी गई किसी गारण्टी या वारण्टी का संदर्भ मांगपत्र देने वाले अधिकारी द्वारा उधृत किया जाएगा ।

(3) मांग पत्र देने वाला विभाग यह प्रयास करेगा जहां कहीं उपलब्ध हो भारतीय मानक विशिष्टियों को अपनाया जाय , और जहां ऐसे मानक उपलब्ध नही है वे देशी पद्धति उत्पादन में शिथिलता प्रदान करेंगे, जो भंडार के बचाव , सुरक्षा , अंतिम उपयोग की आवश्यकता के सुसंगत होगी ।

118. तकनीकी सेवाओं की प्राप्ति के लिए अनुमोदन की शक्तियां. नियम 239 में विहित उपबंधित किए गए के अनुसार प्राधिकारी द्वारा तकनीकी सेवाओं की अधिप्राप्ति स्वीकृत किया जायेगा । (1 ) तकनीकी सेवाओं की अधिप्राप्तिः-

119.

(क) किन्हीं सेवाओं की अधिप्राप्ति के पूर्व सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त किया (ख) सेवा की माँग करने वाले विभाग द्वारा सरल एवं संक्षिप्त भाषा में की जाने वाली सेवा की आवश्यकता उद्देश्य एवं सीमा का विवरण तैयार किया जायेगा साथ ही साथ सेवा प्रदाता के चयन हेतु अर्हता एवं मापदण्ड का चिन्हांकन भी किया जायेगा । 1286(29)

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(ग) सेवा की माँग करने वाले विभाग उसके लिए यथोचित व्यय प्राक्कलित करेगा जो समान सेवाएं प्रदाय करने में संलग्न संगठनों और प्रचलित बाजार स्थितियों से अभिनिश्चित किया जायगा ।

(घ) जहां सेवा की प्राक्कलित लागत रूपये एक लाख से अधिक हो वहां नगरपालिकाद्वारा नियम 104 में वर्णित तीन लिफाफा पद्धति का पालन किया जायेगा, एवं

(ङ) कुछ विशिष्ट परिस्थितियों के अधीन यह आवश्यक हो सकता है कि विशिष्ट सेवा प्रदाता का चयन किया जाए जब कि नगरपालिका के पूर्ण हित के दृष्टिगत एकमात्र स्रोत के चयन के लिए पूर्ण औचित्य मौजूद हो । ऐसे एकमात्र स्रोत के चयन के लिए पूर्ण औचित्य अभिलिखित किए जाएंगे तथा ऐसे एकल स्रोत चयन का आश्रय लेने से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा ।

(2) विभिन्न कार्यों/ सेवाओं के लिए मानवशक्ति का नियोजन नगरपालिका के सांविधिक कृत्यों को निष्पादित करने के लिए विशिष्ट अवसरों पर आरोग्य प्रबंध , गलियों की सफाई आदि सेवाओं के लिए नगरपालिका विभिन्न कार्यों/ सेवाओं के लिए, मानवशक्ति नियोजन हेतु निविदा आमंत्रित करेगी तथा इस संबंध में निविदा आमंत्रित करने के लिए नियम 92 एवं 93 में यथा उपबंधित अनुसार प्रक्रिया का पालन करेगी । ऐसे मानवशक्ति नियोजन के कारण व्यय को नगरपालिका राज्य सरकार द्वारा इन नियमों के अंतर्गत समय समय पर जारी निर्देशों के अनुसरण में अभिलिखित करेगी । उपरोक्त सेवाओं एवं या इन सेवाओं की आउट सोर्सिंग हेतु मानवशक्ति नियोजन से संबंधित व्यय को (प्राथमिक कोड 2, मुख्य शीर्ष-30 लघु शीर्ष-80 एवं विस्तृत शीर्ष-04 के अंतर्गत्) व्यय अभिलेखों में दर्ज किया जायेगा ।

120. टुकड़ों में कार्यों की स्वीकृति अथवा क्रय किया जाना प्रतिबंधित होगा. पूर्व के नियमों में विनिर्दिष्ट स्वीकृत करने की शक्त्तियों का इस प्रकार से प्रयोग नहीं किया जाएगा जिससे टुकड़ों में कार्य स्वीकृत किए जाएं या अनेकों समय पर ऐसी वस्तुएं , सामग्री एवं सेवाएं अधिप्राप्त की जाएं, जो कि एक ही प्राक्कलन में सम्मिलित करना चाहिए हैं ।

121. ई-प्रोक्योरमेन्ट.-

(1) ई-प्रोक्यूरमेंट सिस्टम के लिए राज्य सरकार के नियमों और प्रक्रियाओं के अध्यधीन रहते हुए नगरपालिकारूपये एक लाख मूल्य से अधिक के माल , सामग्री एवं सेवाओं की अधिप्राप्ति के लिए इंटरनेट का उपयोग कर सकेगी ।

(2) जब ई- प्रोक्योरमेन्ट की दशा में नगरपालिका, इलेक्ट्रॉनिक फार्म में निम्न उपायों का अनुसरण करेगी:-

(क) आवश्यकताओं के अनुसार मांग करना;

(ख) भांग पत्रों का ऑन लाईन अनुमोदन;

(ग) निविदा आमंत्रण सूचना का सृजित एवं प्रकाशन;

(घ) निविदा दस्तावेज़ों का विक्रय;

(ङ) बोलियाँ प्राप्त करना;

(च) बोलियों का मूल्याकंन; एवं

(छ) क्रय आदेश या ठेका सौंपना (अवार्ड) ।

(3) जब ई-प्रोक्यूरमेंट सिस्टम के माध्यम से माल, सामग्री और सेवाओं की अधिप्राप्ति की जाती है तब यह सुनिश्चित किया जाएगाः-

(क) सुरक्षा उपाय, यह सुनिश्ििचत करने के लिए कि समस्त क्रियाकलाप लाग्ड् हैं, किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की डेटा तक पहुंच नहीं है, समस्त संवेदनशील मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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डेटा कूटबद्ध हैं , तथा आपदा या प्रणाली के ध्वस्त होने की स्थिति में न्यूनतम सम्भव समय में सिस्टम को पूर्ववत किया जा सकता है ।

(ख) डेटा कूटलेखन इस बात का समर्थन करने के लिए कि, समस्त मूल्य दरें जो निविदा के परिपेक्ष्य में प्राप्त हुई हैं, डेटा बेस स्तर पर कूटबद्ध है, तथा समस्त उपयोगकर्ताओं तथा प्रदायकर्ताओं के लॉगिन पासवर्ड भी डेटाबेस स्तर परं कूटबद्ध है ।

(ग) प्रक्रिया पुष्टीकरण ताकि उपयोगकर्ता, किसी प्रदायकर्ता की वित्तीय बोली को, निविदा के तकनीकी मूल्यांकन के पूरा होने तक तथा वित्तीय बोली के खोलने के लिए विनिर्दिष्ट तारीख तथा समय, बाकी रहने तक, देख न सके ।

(घ) सम्पूर्ण समाधान, फायरवॉल कंप्यूटर की सुरक्षा के लिए प्रयुक्त सॉफ्टवेयर) तथा घुसपैठ पहचान प्रणाली के पीछे रखा जाएगा जो अनधिकृत पहुंच तथा हैकर्स से इसका बचाव करता है ।

(4) नगरपालिका ई -प्रोक्यूरमेन्ट ट्रस्ट टूल्स स्थापित करेगी जैसे डिजिटल हस्ताक्षर तथा सत्यापन का उपकरण, प्रस्ताव कूटलेखन तथा कूटानुवाद प्रक्रिया तथा ई- टेंडर बाक्स को खोलने की डिजिटल अनुमति आदि ।

122. अधिप्राप्ति.- नगरपालिका निम्नलिखित के लिए प्रक्रिया और क्रियाविधि का अनुसरण करेगी (क) बोलीदाताओं या निविदाकारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बोली के प्रस्ताव का खोलना, पंजीयन और अभिलेखन करना;

(ख) धन का सर्वोतम मूल्य सुनिश्चित करने के लिए बोलियों का मूल्याकंन;

(ग) ठेके की अंतिम शर्तों में समझौता करना ।

123. नगरपालिका किसी भावी बोलीदाताओं या निविदाकारों के किसी विशिष्ट निविदा में हित के टकराव को अनिवार्य रूप से प्रकट करना सुनिश्चित करेगी और ऐसे भावी बोलीदाताओं या निविदाकारों को उन निविदाओं से अपवर्जित करेगी ।

124. नगरपालिका बिडिंग की कार्यवाही के बाहर प्राप्त किसी बिड पर विचार नहीं करेगी । यदि नगरपालिका, सामान्य बिडिंग प्रक्रिया के बाहर किसी बिड पर विचार करने का विनिश्चय करती है तब वह उसे पहले प्रेसीडेन्ट- इन- कौंसिल के समक्ष विचारा, चर्चा और अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करेगी ।

125. आवधिक मांग पत्र तैयार किए जाएंगे तथा ऐसे मांग पत्रों के द्वारा प्राप्त की जाएंगी । यह सावधानी बरती जाएगी कि माल एवं सामग्री भंडार में वास्तविक आवश्यकताओं से अधिक क्रय नहीं किया जाए ।

126. ठेका निष्पादन.- नियम 105 एवं 106 के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुएः-

(क) समस्त ठेके अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के अन्तर्गत ऐसा करने के लिए सशक्त प्राधिकारी द्वारा किए जाएंगे ।

(ख) नगरपालिका की कार्यपालक शक्तियों का प्रयोग करते हुए किए गए समस्त ठेके और सम्पत्ति के आवश्वासन नगरपालिका की ओर से निष्पादित किए जाएंगे ।

127. इन नियमों में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, निम्नलिखित सामान्य शर्तों का ठेके निष्पादित करते समय , पालन किया जाएगा:-

(क) ठेके के निबंधन संक्षिप्त, निश्चित् और बिना किसी अस्पष्टता के होने चाहिये । निबन्धन अनिश्चिता या अनियमित दायित्व से अन्तर्ग्रस्त नहीं होंगे, सिवाय कास्टप्लस कान्ट्रेक्ट के या जहां ठेके में मूल्य भिन्न्ता का खण्ड हो । 1286(31)

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(ख) जहां संभव हो ठेके के मानक प्ररूप ऐसे संशोधनों के साथ , जैसे कि वैयक्तिक ठेकों की स्थिति में आवश्यक समझे जाएं, अपनाए जाएंगे । संशोधन केवल वित्तीय और विधिक परामर्श प्राप्त करने के पश्चात् ही किए जाएंगे ।

(ग) ऐसे मामलों में जहां ठेके के मानक फार्म जहां उपयोग में नहीं लाये जाते है, ठेके के खण्डों के प्रारूप में वित्तीय और विधिक परामर्श लिया जाएगा ।

(घ) एक लाख से दस लाख रूपए के बीच के मूल्य की निर्माण कार्यों या क्रय करने संबंधी ठेकों के संबंध में, जहां निविदा दस्तावेजों में ठेकों की सामान्य शर्तें, ठेके की विशेष शर्तें और कार्य का विस्तार सम्मिलित है, स्वीकृति संबंधी पत्र एक बंधनकारी ठेके में परिणमित होगा ।

(ङ) निर्माण कार्यों के ठेकों के संबंध में जहां अनुमानित मूल्य रूपये 10 लाख या उससे अधिक या रूपए 10 लाख उससे अधिक को क्रय के लिए उसे एक ऐसा दस्तावेज स्वतः पूर्ण ठेका बनाने के लिए समस्त आवश्यक खण्ड सहित एक ऐसा दस्तावेज निष्पादित किया जाएगा । तथापि, बेहतर बनाए जाने ठेके की सामान्य शर्तें तथा ठेके की विशेष शर्तें, कार्य का पूर्ण विवरण और विस्तार तथा विशिष्टियाँ के साथ निविदा के आमंत्रण द्वारा यदि यह बेहतर बनाए जाते हैं तो एक पृष्ठ का सरल ठेका, ठेके की सामान्य शर्तें, और ठेके की विशेष शर्तें तथा विस्तार और विशिष्टियों के विवरणों की प्रतियाँ संलग्न करते हुए निविदाकार का प्रस्ताव और स्वीकृति पत्र संलग्न कर ठेका निष्पादित किया जा सकता है ।

(च) दायित्वपूर्ण कार्यों या उपकरणों के रखरखाव, सेवाओं के प्रदान किया जाने आदि के लिए अनुबन्धों के मामले में ठेके के दस्तावेज को सदैव निष्पादित किया जाएगा ।

(छ) पूर्ववर्ती उपबन्धों में विहित अनुबन्ध के समुचित निष्पादन हुए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य, प्रारम्भ नहीं होगा

(ज) ठेके के दस्तावेज, स्वीकृति पत्र जारी होने से 30 दिन के भीतर, निष्पादित किए जाएंगे । ठेकेदार या प्रदायकर्ता द्वारा ठेके के निष्पादन की इस शर्त की पूर्ति न करना सौंपे गए कार्य को निरस्त करने और बयाना राशि (अर्नेस्ट मनी) को जब्त करने का पर्याप्त आधार गठित करेगा ।

(झ) केवल दीर्घ अवधि के ठेकों में , जहां परिदान अवधि 18 माह से अधिक होती है, मूल्य वृद्धि (भिन्नता) का खण्ड़ प्रावधानित किया जा सकता है । अल्पकालिक ठेकों में दृढ़ और नियत मूल्य का प्रावधान किया जाएगा । जहां मूल्य भिन्नता की शर्त प्रावधानित है, तय पाया गया मूल्य उस आधार मूल्य को विनिर्दिष्ट करेगा अर्थात् वह माह और वर्ष जिससे मूल्य जुड़ा है, जिससे मूल्य भिन्नता की गणना, उस माह और वर्ष में प्रचलित मूल्य के संदर्भ में की जा सके; एवं

(एक) आधार स्तर तथा अनुसूचित परिदान दिनांक के बीच जो मूल्य की भिन्नता हो उसकी गणना करने का एक सूत्र इस खण्ड में सम्मिलित किया जाएगा । केन्द्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा नियतकालिक रूप से प्रकाशित सूचनांक का उपयोग करते हुए मूल्य में भिन्नता की गणना की जाएगी ।

(दो) सामग्री एवं श्रमिक के लिए कट- आफ डेट्स ठीक ठीक बताना चाहिये क्योंकि ये निविष्टियाँ अनुसूचित परिदान तारीखों के काफी पूर्व कम हो सकती हैं ।

(तीन) मूल्य भिन्नता पर उच्चतम सीमा उपबंधित की जाएगी, विशेष कर जहां वृद्धियाँ सन्निहित हैं । यह प्रतिवर्ष प्रतिशत के रूप में या कुल मिलाकर अधिकतम सीमा या दोनों हो सकते हैं । मूल्य में भिन्नता के खण्ड के संदर्भ में , मूल्य में किसी कमी का लाभ लेने के लिए नगरपालिका ठेके में एक प्रावधान रखना सुनिश्चित करेगी । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(चार) ठेका मूल्य भिन्नता के न्यूनतम प्रतिशत को निर्धारित किया जाएगा जिसके ऊपर मूल्य की भिन्नता मान्य होगी (उदाहरणार्थ, जहां परिणामी बढ़ोत्तरी दो प्रतिशत से कम है, प्रदायकर्ता के पक्ष में कोई मूल्य समायोजन नहीं किया जाएगा)

(पांच) जहां अग्रिम या चरण बद्ध भुगतान किए जाते हैं वहां एक और शर्त होगा कि भुगतान की ऐसी दिनांक के पश्चात् मूल्य के ऐसे भाग पर, कोई मूल्य भिन्नता अनुमत्य नहीं होगा ।

(छह) जहां परिदान, निर्णीत हर्जाना लगाने की शर्त के अध्यधीन अनुसूचित परिदान दिनांक के परे स्वीकर किया जाता हैं जैसा कि ठेके में प्रावधानित है, निर्णीत हर्जाना (यदि मूल्य का प्रतिशत है) , मूल्य के भिन्नता खण्ड के प्रवर्तन द्वारा जैसा परिवर्तित हुआ है, उस पर लागू होगा ।

(सात) प्रदायकर्ता की ओर से हुई चूकों के लिए , मूल अनुसूचित परिदान दिनांक के परे मूल्य की भिन्नता अनुमत्य नहीं होगी ।

(आठ) अप्रत्याशित घटना अथवा नगरपालिका की ओर से हुई चूकों के मामलों में ठेके में एक औपचारिक संशोधन आदेश के माध्यम से, उस दिनांक में विशिष्ट परिवर्तन कर , मूल अनुसूचित परिदान दिनांक के परे मूल्य भिन्नता को अनुमत किया जा सकेगा ।

(नौ) जहाँ ठेके, उपकरण , माल आदि प्रदाय करने का हैं, आयातित (सीमा शुल्क तथा विदेशी मुद्रा घट- बढ़ के अध्यधीन) और/ या स्थानीय रूप से निर्मित (उत्पाद शुल्क और अन्य शुल्कों तथा करों के अध्यधीन) , शुल्कों तथा करों के अंश का प्रतिशत मूल्य में सम्मिलित है साथ ही आयातित आयटम के मूल्य की गणना में विदेशी मुद्रा की विक्रय दर का अंश गणना में लिया गया है यह विशिष्ट रूप से विनिर्दिष्ट किया जाएगा । शुल्कों तथा करों और विदेशी मुद्रा विनियम की दरों में उतार- चढ़ाव की गणना की रीति और दस्तावेज़ों को ऐसे मूल्य भिन्नता के दावों के समर्थन में प्रस्तुत किया जाएगा।

(दस) स्वीकार्य मूल्य भिन्नता के भुगतान की रीति और शर्तें सम्मिलित होंगी ; एवं (ग्यारह) ठेकेदार या प्रदायकर्ता द्वारा समस्त लागू करों के भुगतान का प्रावधान सम्मिलित किया जाएगा ।

128. एकमुश्त ठेके निष्पादित नहीं किए जाएंगे, सिवाय परम आवश्यक मामलों के जहां एकमुश्त ठेके अपरिहार्य हो जाएं , पूर्ण औचित्य अभिलिखित किया जाएगा । ठेका देने वाला प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि एकमुश्त ठेके में शर्तें पर्याप्त रूप से नगरपालिकाके हितों की सुरक्षा और संरक्षण देने वाली हों ।

129. जहां तक संभव हो नगरपालिका द्वारा माल एवं सामग्री जारी किया जाना टालना चाहिये । जहां यह निर्णय लिया जाता है, नगरपालिका द्वारा माल एवं सामग्री प्रदाय किए जाएं जो ठेके के कार्य को क्रियान्वित करने के लिए अपेक्षित है, माल एवं सामग्री की निर्गम दरों सहित ऐसे माल एवं सामग्री की मात्रा की अनुसूची को ठेके का आवश्यक भाग बनाया जाएगा ।

130. ठेकों में, जहां नगरपालिका की सम्पत्ति, ठेकेदार को या तो किराया प्रभारों को उपयोग करने या ऐसी सम्पत्ति पर और कार्य करने के लिए सौंपी जाती है, नगरपालिका सम्पत्ति की सुरक्षा सम्बन्धी (बीमा कवर सहित) और किराया प्रभारों की नियमित वसूली के विशिष्ट उपबंध ठेके में सम्मिलित किए जाएंगे । ठेकेदार के परिसर में मदों की भौतिक दशा एवं संख्या का नियतकालिक भौतिक सत्यापन करने का प्रावधान किया जाएगा । ऐसे सत्यापन के परिणाम अभिलिखित किए जाएंगे और जहां आवश्यक हो, समुचित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी । 1286 (33)

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131. ठेके के विस्तार एवं विशिष्टियों सहित निबन्धनों को एक बार प्रविष्ट होने पर सारवान रूप से परिवर्तित नहीं किया जाएगा ।

132. जहां कहीं ठेके के किसी निबन्धन या शर्तों में सार- रूप से परिवर्तन करना अपरिहार्य हो जाता है, अंतर्ग्रस्त वित्तीय और अन्य प्रभावों का परीक्षण किया जाएगा और अभिलिखित किया जाएगा और शर्तों को परिवर्तित करने के पूर्व पुनरीक्षित वित्तीय और अन्य प्रतिबद्धता का अनुमोदन करने वाले प्राधिकारी से ठेके के विशिष्ट अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा ठेके के समस्त पक्षों द्वारा सम्यक् रूप से विधिवत हस्ताक्षर युक्त ऐसे समस्त परिवर्तन ठेके में एक संशोधन के रूप में होंगे ।

133. सामान्यतया अनुसूचित परिदानया पूर्ण होने की तारीख को बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी जाएगी सिवाय जहां अप्रत्याशित घटनाएं (घटित हुई हों या अन्य कारणों हेतु निबन्धनों एवं शर्तों में ऐसे उपबंध सम्मिलित हों जैसा कि ठेके में उपबंधित हैं । छेके में यथाउपबंधित विस्तार ठेके को पक्षकारों द्वारा सम्यक् रूप से हस्ताक्षरित ठेके को हस्ताक्षरों के बाद औपचारिक आदेश के माध्यम से ठेके में समयवृद्धियाँ दी जा सकेंगी ।

134. समस्त ठेकों में, ठेकेदार की ओर से हुई व्यतिक्रमों के कारण परिनिर्धारित नुकासानी की वसूली का प्रावधान निहित होगा ।

135. प्रत्येक ठेके में एक वारन्टी खण्ड सम्मिलित होगा जिसमें प्रदायकर्ता से यह अपेक्षित होगा कि बिना प्रभार के त्रुटिपूर्ण माल तथा सामग्री की मरम्मत या सुधार या ऐसे माल या सामग्री को ऐसे ही सदृश माल या सामग्री से, जो त्रुटी से मुक्त हो, प्रतिस्थापित किया जाएगा । प्रदायकर्ता द्वारा मरम्मत किया गया या प्रतिस्थापित किया गया कोई माल या सामग्री नगरपालिका परिसर में लागत लिए बिना परिदान किया जाएगा ।

136. माल तथा सामग्री के प्रदाय करने के सभी ठेकों में नगरपालिका का यह अधिकार सुरक्षित रहेगा कि, जो माल तथा सामग्री विशिष्टियों के अनुरूप न हो उसे अस्वीकार कर दे ।

137. ठेकों का प्रबन्धन.-

(1 ) ठेकों का कार्यान्वयन कड़ाई के साथ भॉनीटर किया जाएगा और जहां कहीं प्रावधानों का उल्लंघन होना पाया जाता है, तुरन्त नोटस जारी किए जाएंगे । (2) मानीटरिंग में, समस्त बैंक गारण्टी या अन्य लिखतों की जो अगले तीन माहों के पश्चात् समाप्त होने जा रहे हैं, मासिक समीक्षा के साथ प्रदाय या कार्य की प्रगति पर समीक्षा सम्मिलित होगी । बैंक गारण्टियां या अन्य लिखितों की वैधता बढ़ाना जहां आवश्यक हो तत्काल मांगी जाएगी ।

(3) ठेकों के क्रियान्वयन के दौरान जब कभी कोई विवाद उ‌द्भूत होता है, तो सुलह तथा /या माध्यस्थम को, जैसा ठेके में प्रावधानित है, विवाद निर्दिष्ट करने या जहां माध्यस्थम के खण्ड़ ठेकों में सम्मिलित न हों, दावा प्रस्तुत करने के पूर्व कानूनी परामर्श लिया जाएगा । माध्यस्थम के लिए दावे के प्ररूपका परीक्षण कानूनी और वित्तीय सलाह लेकर किया जाएगा । विवाद के समाधान के मामले में, यदि कोई हो, दस्तावेज़ जो प्रस्तुत किया जाना है नगरपालिका के हितों के संरक्षण के लिए प्रस्तुत करने के पूर्व उसकी सावधानीपूर्वक संवीक्षित की जाएगी ।

138. कर्मशालाः- कर्मशाला का यंत्री या प्रभारी अधिकारी कर्मशाला में उपयोग के लिए प्राप्त स्टाक, सामग्री, उपकरण , फिटिंग्स आदि का अभिलेख रिकार्ड रखेगा । इस रजिस्टर को संतुलित किया जाएगा एवं हस्तगत स्टाक आदि का कर्मशाला के ठीक प्रभारी अधिकारी द्वारा ऐसे अंतराल में सत्यापन किया जाएगा जैसा कि प्रेसिडेंट- इन- कौंसिल द्वारा विहित किया जाए परन्तु एक वर्ष में एक बार से कम नहीं किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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139. निर्माण कार्यों का रजिस्टर और मस्टर रोल.-(1 ) कर्मशाला में होने वाले कार्यों की जांच को समर्थ बनाने के लिए प्रभारी अधिकारी प्ररूप 38 में निर्माण कार्य के रजिस्टर का संधारण करेगा । वह प्ररूप 27 में एक मस्टर रोल भी रखेगा ।

(2) कर्मशाला की स्टाक बुक और निर्माण कार्य के रजिस्टर का परीक्षण माह में कम से कम एक बार नगरपालिक यंत्री या लोक निर्माण के प्रभारी अधिकारी द्वारा किया जाएगा, जो यह परीक्षण करने के प्रतीक स्वरूप रजिस्टर पर हस्ताक्षर करेंगे । ये अधिकारी बारम्बार और अप्रत्याशित अंतरालों में मस्टर रोल्स की जांच करेंगे ।

140. निर्माण कार्यों का रजिस्टरः (1 ) नगरपालिका द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक कार्य का लेखा, इन नियमों में यथा विहित प्ररूप और रीति में संधारित किया जाएगा ।

(2) नगरपालिका द्वारा किए जाने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य का लेखा, जिसकी अनुमानित लागत प्ररूप 39 में रखी जाएगी, जिसमें स्वीकृत प्राक्कलन की मदों और शीर्षों के अनुसार कॉलम आवंटित किए जाएंगे । ऊपर खाली कालमों में प्रत्येक निर्माण कार्य का प्रकार और स्वीकृत निविदा या ठेके के अनुसार उसकी दर लाल स्याही से लिखी जाएंगी और प्राक्कलन स्वीकार होने या निविदा स्वीकृत होने पर यथाशीघ्र प्राक्कलन का परिमाण या निविदा की राशि प्राक्कलन स्वीकार होने या प्रत्येक निर्माण कार्य की प्रविष्टि समुचित कालम में की जाएगी । इस रजिस्टर में माह के दौरान हुए वास्तविक व्यय और किए गए कुल निर्माण कार्य और प्रत्येक माह के अंत तक किए गए कुल व्यय की प्रविष्टियां माह दर माह ठेकेदारों के बिल और समय- समय पर निकाले गए व्हाउचर्स से की जाएंगी । जब कोई निर्माण कार्य समाप्त होता है तो प्रविष्टियों के नीचे दोहरी लाल रेखा खींची जाएगी और निम्नलिखित टीप " निर्माण कार्य समाप्त हुआ और दिनांक.........को पूर्णता प्रतिवेदन प्राप्त हुआ । " लिखी जाएगीः

141. क्रय रजिस्ट्रर : नगरपालिका द्वारा किए गए माल एवं सामग्री के प्रत्येक क्रय का लेखा इन नियमों के अध्याय 8 में यथा विहित अभिलिखित किया जाएगा । स्टाक का भौतिक सत्यापन मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा वार्षिक आधार पर किया जाएगा ।

142. सार्वजनिक निजी भागीदारी

(1) सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं के प्रयोजन के लिए, नगरपालिका निदेशालय , नगरीय प्रशासन और विकास के लिए समस्त आनुशंगिक दस्तावेजों के साथ पीपीपी प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी ।

(2) पीपीपी परियोजनाओं के लिए नीचे दिए गए अनुसार चयनात्मक निविदा प्रक्रिया का पालन किया जाएगाः

(क) यदि नगरीय प्रशासन और विकास संचालनालय, की राय में यह परियोजना विशिष्ट प्रकृति की है एवं बाजार में कई सक्षम बोलीकर्ता नहीं हो सकते हैं, दो चरण की बोली प्रक्रिया को अपनाया जाएगा ।

(एक) प्रारंभिक चरण में निर्माण कार्य या परियोजना के लिए तकनीकी और वित्तीय क्षमता के आधार पर पूर्व- योग्यता के लिए निजी क्षेत्र को आमंत्रित करना सम्मिलित है, जिसके लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी की मांग की गई है ।

(दो) पूर्व अर्हता प्राप्त या शार्ट लिस्टेड पार्टियों को सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजना के प्रस्ताव के अनुरोध के उत्तर में उनकी बोलियाँ प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा । 1286(35)

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(ख) यदि नगरीय प्रशासन और विकास संचालनालय , की राय में यह परियोजना सामान्य प्रकृति की है, तो एकल चरण की बोली प्रक्रिया अपनाई जा सकेगा ।

(3) यह विनिश्चय करने से पूर्व कि क्या एक विशिष्ट परियोजना को सार्वजनिक निजी भागीदारी (पी.पी.पी. ) साधन के माध्यम से निष्पादित किया जाना चाहिए या नहीं, नगरीय प्रशासन और विकास संचालनालय , विचार करेगााः-

(क) उन्नत गुणवत्ता सेवा;

(ख) उपयोग किए जाने वाले निजी ऑपरेटर के वित्तीय संसाधन;

(ग) कम जीवन चक्र लागत;

(घ) तीव्रतर क्रियान्वयन;

(ङ) जोखिम का बेहतर आवंटन

(च) अतिरिक्त राजस्व का सृजनः

परन्तु, यह बशर्ते कि नगरपालिकानिर्देश चिन्ह (बेंचमार्किंग ) के प्रयोजन से राज्य सरकार की संस्थागत वित्त (पीपीपी सेल) के संचालनालय या एक सक्षम और योग्य लेनदेन सलाहकार की सहायता से सेवा प्रदान करने के लिए अनुमानित मूल्य स्थापित करेगी एवं लाभों और लागतों का मात्रात्मक और गैर-मात्रात्मक मदों को ध्यान में रखते हुए विश्लेषण किया जाएगा । (4) इसके अतिरिक्त परियोजना विशेष घटकों में समान परियोजनाओं के अनुभव एवं परिमाणन परियोजना के विशिष्ट लक्षण प्रयुक्त किए जाएंगे ।

143. डिपॉजिट वर्कर्स. व्यक्तियों से विशिष्ट रूप से निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त राशि डिपॉजिट कार्यों में सम्मलित होगी ।

144. डिपॉजिट्स की प्राप्ति.-

(1 ) जब कभी डिपॉजिट कार्य हाथ में लिया जाता है, कार्य पर कोई भी दायित्व उठाने के पूर्व डिपॉजिट प्राप्त की जाएगी । प्राथमिक प्राक्कलनों की तैयारी के पूर्व परियोजना की प्रत्याशित लागत का एक प्रतिशत् वसूल किया जाएगा । इसके अतिरिक्त प्राथमिक प्राक्कलनों में कार्य के परिव्यय पर विभागीय प्रभार ऐसे प्रतिशत से, जैसा कि राज्य सरकार समय-समय पर विहित करे, भी अग्रिम रूप से वसूल किए जाएंगे । निजी अंशदान सहित किसी भी स्रोत से जमा की गई राशि पर किसी ब्याज की अनुमति नहीं होगी ।

(2) डिपॉजिट कार्यों की दशा में, जिनमें पूर्ण रूप से राज्य सरकार के अनुदान से साधन वित्तपोषित हैं, और जिनसे डिपॉजिट की प्राप्ति आश्वस्त है, कार्य की अनुमानित लागत का 33-1 / 3 प्रतिशत अग्रिम रूप से जमा कराया जा सकेगा तत्पश्चात्, किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति मासिक बिलों से, कार्य की प्रगति पर दिए गए मासिक लेखे के साथ - साथ की जा सकती है । प्रथम किश्त के रूप में प्राप्त 33-1 / 3 प्रतिशत की जमा राशि अनुमानित व्यय के अन्तिम भाग के विरूद्ध समायोजन के लिए रोक रखी जाएगी ।

(3) जहां डिपाज़िट प्राप्त करने में विलंब का अनुभव हो, एवं जहां कार्य को चालू रखने के लिए 33-1 / 3 प्रतिशत आरक्षित राशि में से व्यय किया जाता है, पक्षकार के साथ मामले को उठाने के लिए प्रकरण तत्काल आयुक्त की जानकारी में लाया जाएगा । नगरपालिका निधि से निक्षेप कार्यों पर और इसके विपर्ययेन कोई भी व्यय नहीं किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(4) जब कभी प्राथमिक अनुमानित आंकड़े से अधिक व्यय प्रत्याशित हों, एक पुनरीक्षित प्राथमिक प्राक्कलन , कार्य निष्पादन के दौरान ठीक समय पर पक्षकार को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि पक्षकार समय पर अतिरिक्त निधि उपलब्ध कराने योग्य हो सके ।

(5) जहां पक्षकार अपेक्षित डिपॉजिट करने में व्यतिक्रम करता है, या जहां कार्य की लागत प्रधानता से मुख्य उपकरण और मशीनरी के क्रय करने पर है, विभागीय प्रभार सम्मिलित करते हुए सम्पूर्ण डिपॉजिट, अग्रिम में वसूल किया जाएगा ।

(6) किसी भी स्थिति में एक पक्षकार से उसके कार्य के लिए प्राप्त डिपॉजिटको किसी अन्य कार्य में व्यपवर्तित नहीं किया जाएगा ।

(7) पक्षकार को स्पष्ट रूप से समझा दिया जाएगा कि नगरपालिका प्राथमिक प्राक्कलन की राशि के भीतर कार्य को पूर्ण करने के लिए आबद्ध नहीं है, और उन्हें अधिक व्यय जो होता है का भुगतान करने के लिए सहमत होना चाहिए । इस स्पष्ट समझ की अभिस्वीकृ तिपक्षकार से डिपॉजिट कार्य के हाथ में लेने के पूर्व प्राप्त की जाएगी ।

(8) कार्य का प्रभारी यंत्री यह सुनिश्चित करेगा कि कार्य की प्रगति के दौरान किसी समय , निर्माण कार्य के लिए प्राप्त डिपॉजिट से अधिक व्यय न हो । जहां प्रभारी यंत्री को समय पर डिपॉजिट प्राप्ति पर संदेह हो, वह पक्षकार को सूचित करेगा कि यदि और आगे डिपॉजिट प्राप्त नहीं होता है, कार्य रोक दिया जाएगा , और कार्य को ऐसे रोकने से ठेके संबंधी कोई भी संविदात्मक दायित्व उद्भूत होता है तब उसे पक्षकार को वहन करना होगा । उसे मुख्य नगरपालिकाअधिकारी की जानकारी में पक्षकार के समक्ष मामले को उठाने के लिए लाना चाहिए ।

145. डिपॉजिट कार्यों का संपादन और लेखे.-

(1 ) डिज़ाईन, प्राक्कलन और निर्माण कार्य के संपादन के संबंध में पूर्ववर्ती नियमों में यथाअंतर्विष्ट निर्देशों का अनुसरण किया जाएगा । कार्य का विस्तार पक्षकार की लिखित अनुमति के बिना परिवर्तित नहीं किया जाएगा ।

(2) कार्य का प्रभारी यंत्री, जमा की गई राशि और उसके विरूद्ध प्रत्येक कार्य पर हुआ व्यय दर्शाते हुए लेखों के परिर्निधारण के लिए पक्षकार को त्रैमासिक प्रतिवेदन भेजेगा ।

(3) यह आवश्यक है कि कार्य का प्रभारी यंत्री, निक्षेप कार्यों के विरूद्ध लेखों का निपटारा तत्परता से करेंगा जिससे नगरपालिकाया पक्षकार की पुस्तकों में राशि बिना निपटारे लम्बे समय तक न रह सके ।

146. जहां किसी निर्माण कार्य अथवा आपूर्ति के संबंध में इन नियमों में कोई प्रावधान उपलब्ध नहीं किए गए हों, वहां नगरपालिका, नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग द्वारा नगरपालिकाओं के लिए निर्माण कार्य नियमावली जारी की जानेतक, अधिनियम एवं उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों का उल्लंघन किए बिना राज्य सरकार की लोक निर्माण विभाग कार्य नियमावली में उपबंधित प्रक्रियाओं का अनुसरण करेगी ।.

अध्याय छह

स्थायी परिसम्पत्तियाँ, निवेश एवं अनुदान

147. स्थायी परिसम्पत्तियाँ.-

(1 ) समस्त चल और अचल स्थायी परिसम्पत्तियाँ नगरपालिकाके स्वत्व में हों, या अन्यथा उसमें वेष्ठित हों या न्यास द्वारा उसके अधिकार में हों, को स्थायी परिसंपत्तियों की पंजियों में अभिलिखित किया जाएगा । स्थायी परिसंपत्तियों में जब भी परिवर्धन अथवा उनका निपटान हो तब ये पंजियाँ अद्यतन की जाएगी । 1286(37)

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(2) भूमि, ऐतिहासिक इमारतों, मूर्तियों, कला के बहुमूल्य कार्य और पुरातन वस्तुओं के सिवाल समस्त स्थायी परिसम्पत्तियों पर मूल्यह्रास प्रतिवर्ष सीधी रेखा पद्धति से उपबंधित होगा ।

(3) स्थायी परिसम्पत्तियों के लेखाकरण की प्रक्रिया , मूल्यांकन, मूल्यह्रास के प्रावधान तथा मूल्यह्रास की दर, राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए गए रूप में होगी ।

148. मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा प्राधिकृत अधिकारी वित्त वर्ष के दौरान कम से कम एक बार स्थायी परिसंपत्तियों का भौतिक सत्यापन करेगा । स्थायी परिसंपत्तियों की पंजी के अभिलेखों में किसी प्रकार की विसंगतियाँ होने पर उसका समाधान कर मुख्य नगरपलिका अधिकारी को सूचित किया जाएगा । सत्यापन विवरणमें अभिलेखित किए गए विवरणों का स्थायी परिसंपत्तियों की पंजी से मिलान किया जाएगा एवं विसंगतियों की पहचान की स्थिति में सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ।

149. अधिशेष राशि का निवेश.-

(1) अधिशेष राशि जो किसी भी व्यय के लिए निकट दिनांक में अथवा नगरपालिकाद्वारा लिए गए ऋण के पुनर्भुगतान हेतु तत्काल आवश्यक न हो, ऐसी राशि का अधिनियम के अनुपालन में इन नियमों के प्रावधानों के अन्तर्गत निवेश किया जा सकेगा ।

(2) किसी योजना के अंतर्गत प्राप्त निधियों में से मुख्य नगरपालिकाअधिकारी, प्रेसीडेंट- इन- कौंसिल के अनुमोदन से, उपयोग न किए जाने की अवधि हेतु, निधियों का सावधिक जमा में निवेश कर सकेगा एवं उन पर अर्जित ब्याज़ का उन योजनाओं में उपयोग किया जाएगा जिनके लिए निधि स्वीकृत की गई थी।

150. निवेश नीति.- निवेश करने के लिए प्रस्तावोंको बनाने और निर्णय करने में नगरपालिका निम्नलिखित पर विचार करेगी:-

(क) जोखिम की अनावृत्ति को सीमित करने के लिए एक से अधिक संस्थान में निवेश किया जाए एवं जहां तक सम्भाव्य हो, निवेश को एक से अधिक निवेश श्रेणी के (अर्थात सरकारी बॉण्डस, बैंक सावधि जमा तथा सार्वजनिक प्रतिभूतियाँ) निवेश को विभाजित किया जाए;

(ख) ऐसे संस्थान में निवेश न करें जहां निवेश संस्थानों से संबद्ध औसत जोखिम की अपेक्षा अधिक जोखिम की डिग्री अनुभव की गई हो;

(ग) निवेश की अवधि 12 माह तक सीमित रखना, जब तक प्रेसीडेन्ट- इन - कौंसिल द्वारा अन्यथा स्वीकृतनहीं हो;

(घ) अनुसूचित बैंक में किसी सावधि जमा के लिए कम से कम तीन बैंकों से लिखित में प्रस्ताव प्राप्त करना;एवं

(ङ) बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए निवेश हेतु अलग-अलग अनावृति सीमा निश्चित करना ।

151. निवेश का निपटान. नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा निपटान करने की आवश्यकता और औचित्यता पर विचार कर और स्वीकृतकरने के पश्चात निदेशों कापरिपक्वता दिनांक से पूर्व ही निपटानकिया जा सकेगा । नगरपालिका द्वारा निवेश के निपटान होने पर अर्जित लाभ या वहन की गई हानि को लेखा पुस्तकों में अभिलिखित किया जाएगा । निवेश का सत्यापन और अभिलेखन.-

152.

(1 ) प्रत्येक माह के अन्त में नगरपालिकाका मुख्य नगरपालिका अधिकारी, निवेश पंजी के संदर्भ में सभी निवेश दस्तावेज़ों का परीक्षण करेगा एवं भौतिक रूप से सत्यापन करेगा और सत्यापन को निवेश पंजी, में अभिलिखित करेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में नगरपालिका के लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख, तत्काल पूर्व के माह में किए गए निवेश , धारित करने और निराकृत होने के संबंध में मुख्य नगरपालिका अधिकारी को एक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा । प्रतिवेदन में देय दिनांक को ब्याज या मूलधन के भुगतान में हुई कोई चूक और अतिदेय या अवशिष्ट राशियों की वसूली के लिए की गई कार्यवाही भी दर्शायी जाएगी ।

153. अनुदान. (1 ) अनुदान प्राप्त करने पर नगरपालिका के लिए आवश्यक होगा कि जिस प्रयोजन के लिए अनुदान दिया गया, उस पर उसका उपयोग उसी के लिए निम्नानुसार किया जाएः-

(क) अनुदान की पूर्ण राशि का उपयोग नगरपालिका द्वारा अनुदान के विमुक्त होने से एक वर्ष के भीतर या उसी वित्तीय वर्ष में किया जाएगा जिसमें अनुदान दिया गया हो, जैसी कि अनुदान की शर्तों में अनुमति दी गई हो;

(ख) नगरपालिका वित्तीय वर्ष की समाप्ति से 30 दिन के भीतर प्रदाता को मुख्य नगरपालिका अधिकारी के अधिकृत करने के अध्यधीन अनुदान राशि के उपयोग होने संबंधी प्रतिवेदन प्ररूप 40में भेजेगी;एवं

(ग) नगरपालिका का अंकेक्षक यह प्रमाणित करेगा कि वित्तीय वर्ष में अनुदान का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए ही हुआ है जिसके लिऐ यह स्वीकृत किया गया था ।

(2) प्रेसीडेंट-इन-कौंसिल, अनुदान स्वीकृत करने संबंधी आदेश के आधार पर प्राप्ति योग्य मान्य किए गए अनुदान जो तीन वर्ष से अधिक अवधि से बकाया के रूप में हैं, की समीक्षा करेगी और यदि उचित समझा जाए तब अनुदान की राशि अपलेखित की जाएगी ।

अध्याय-सात

नकद और बैंक

154. नगरपालिकाएं आय और व्यय की समस्त मदों के अभिलेखन हेतु राज्य सरकार द्वारा विहित लेखांकन सिद्धांतों का पालन करेगी ।

155. (1) नगरपालिका विभिन्न विकल्पों के माध्यम से, जैसे बिल- संग्रहकर्ताओं, नागरिक सुविधा केन्द्रों, बैंक के माध्यम से प्रत्यक्ष जमा, बैंकों द्वारा इंटरनेट के माध्यम से संग्रह के रूप में राजस्व प्राप्त कर सकती है ।

(2) समस्त धनराशि के लेन-देनों को, जिसमें नगरपालिका के पदाधिकारी, नगर पार्षद , नगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी अपनी आधिकारिक क्षमता में पार्टी हों, बिना किसी भी शर्त तथा विलम्ब के लेखा में लाया जाएगा एवं नगरपालिका द्वारा अथवा नगरपालिका की ओर से अर्जित समस्त राशियाँ नगरपालिका के बैंक खाते में जमा की जाएंगी ।

(3) बाह्य संग्रहकर्ताओं द्वारा संग्रहित राशि सहित किसी भी स्रोत से प्राप्त समस्त धनराशि, उसी दिवस अथवा अगले कार्य दिवस पर नगरपालिका के बैंक खाते में जमा की जाएगी । 1286(39) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(4) संग्रह का अंश किसी भी कारण वापिस नहीं किया जाएगा और न ही वर्तमान व्यय हेतु उपयोग किया जाएगा ।

156. दिवस के अंत में, नकद शेष, यदि कोई हो, तो वह तिजोरी में एवं सुरक्षित स्थान पर तथा डबल लॉक सिस्टम के भीतर, नगरपालिका परिसर में रखा जायेगा । एक चाबी कैशियर के पास तथा अन्य चाबी वित्त और लेखा विभागके प्रमुख के पास रखीजाएगी ।

157. (1) वित्त एवं लेखा विभाग का प्रमुख प्रत्येक माह में एक बार हस्तगत नकदी का भौतिक रूप से सत्यापन करेगा तथा कैश बुक में दर्ज अंत शेष के साथ जांच करेगा तथा कैश बुक प्रतिहस्ताक्षरित करेगा । मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रत्येक त्रैमास में कम से कम एक बार नकद अंत शेष का सत्यापन कैश बुक से करेगा तथा कैश बुक प्रतिहस्ताक्षरित करेगा ।

(2) यदि भौतिक नकद अवशेष तथा कैश बुक के अवशेष में कोई विसंगति पायी जाती है, तो प्रकरण को तत्काल प्रतिकार या परिशोधित किया जाएगा । ऐसी स्थिति में जब अंतर बना रहता है, तो लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख द्वारा समुचित कार्यवाही हेतु नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी को तत्काल प्रतिवेदित किया जाएगा । 158. नगरपालिका हस्तगत एवं मार्गस्थ नकदी हेतु उचित राशि का व्यापक बीमा कवर लेगी ।

159. बैंक खाता. -

( 1) प्रत्येक नगरपालिका कम से कम एक बैंक खाता अपने नाम से खुलवायेगी और संधारित करेगी ।

नगरपालिका बैंक खाता निम्न स्थिति में नहीं खुलवायेगी

(2)

(क) अपने नाम के सिवाय अन्य नाम पर;

(ख) नगरपालिका की सीमा के बाहर; तथा

(ग) ऐसे बैंक में जो राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में नहीं है ।

(3) जहाँ भी अपेक्षित हो, राज्य सरकार या भारत सरकार अथवा अन्य किसी एजेंसी से वित्त पोषित विभिन्न योजानाओं के लिए पृथक बैंक खाता खोला जाएगा । एक योजना विशेष से संबंधित समस्त प्राप्तियों और व्ययों का संचालन ऐसी योजना हेतु केवल बैंक खाते के माध्यम से किया जाएगा ।

(4) विशिष्ट योजना की निधि से किए गए निवेश से अर्जित आय को निवेश से आय में जमा किया जायेगा सिवाय जहां ऐसी आय के व्यवहार से संबंधित विशिष्ट शर्त वित्तपोषण एजेंसी अथवा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई हो ।

160. बैंक खाते से नगरपालिका के व्यय हेतु आवश्यकता होने पर या अपवाद परिस्थितियों में एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन के बाद, नकद का आहरण किया जायेगा । यदि नकद का आहरण किया जाता है, नकद आहरण हेतु कारण लिखित में दर्ज किए जाएंगे ।

161. चैक्स. अपवाद परिस्थितियों में आवश्यक होने पर और सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन के बाद , नगरपालिकाके व्यय के लिए बैंक खाते से चैक आहरित किया जाएगा । भुगतान निधि अंतरण के इलेक्ट्रोनिक माध्यम से किया जाएगा (अर्थात् आर.टी.जी.एस. और एन.

आई.एफ.टी. आदि)

162. (1) बैंक से चैक पुस्तक की प्राप्ति पर, लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख द्वारा उसकी सावधानी पूर्वक जांच की जाएगी, प्रत्येक चैक बुक में सन्निहित पन्नों को गिना जाएगा और फ्‌लाई लीफ पर उनकी संख्या के संबंध में प्रमाण पत्र लिखा जाएगा । जब वह अपने कार्यालय से कार्यमुक्त होगा, तब वह कार्यमुक्त करने वाले अधिकारी से, उसे सौंपे गए मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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चैक्स की यथार्थ संख्या की रसीद प्राप्त करेगा , उसी समय उसके कार्यभार ग्रहण करने वाले अधिकारी के नमूने के हस्ताक्षर संबंधित बैंक को अग्रेषित किए जाएंगे ।

(2) प्रत्येक चैक बुक एवं समस्त प्रतिपणों को लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख की सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगा ।

(3) लेखा और वित्त विभाग के प्रमुख समय- समय परअपनी संतुष्टि करेंगे कि सभी अप्रयुक्त चैक बुक में ही हैं तथा कोई भी निकाला नहीं गया है ।

(4) उपयोग में लाई जाने वाली चैक बुक जब भी आवश्यक होगा, किसी भी अधीनस्थ चैक लिखने हेतु उत्तरदायी कर्मचारी को दी जाएगी, परन्तु उस दिवस के कार्यालय बंद होने के पूर्व वापस ले ली जाएगी और किसी भी कारण से अधीनस्थ के संपूर्ण प्रभार में नहीं रहने दी जाएगी ।

163. चैक बुक के नुकसान की सूचना संबंधित बैंक को तुरन्त दी जाएगी तथा पुलिस स्टेशन में शिकायत भी तुरंत दर्ज कराई जाएगी ।

164. (1) किसी भी चैक पर सामान्यतः तब तक हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे जब तक वह आदाता को तुरन्त देने के लिए आवश्यक न हो । हस्ताक्षर किए गए चैक कार्यालय में रोके रखने के अभ्यास की अनुमति नहीं दी जाएगी ।

(2) समान्य नियम के तहत (वैधानिक कटौतियों के भुगतान तथा स्थायी अग्रिम की प्रतिपूर्ति के अलावा) , 50 रूपये से कम राशि के लिए चैक्स जारी किए जाएंगे तथा चैक केवल खाते में भुगतानयोग्य के रूप में पृष्ठांकित होंगे ।

(3) चैक्स सामान्यत भुगतान वाउचर के अनुसार वास्तविक आदाता के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में तैयार नहीं किए जाएंगे ।

टिप्पणी: इन नियमों में संदर्भित आपवादिक परिस्थितियों में जब राशि के संवितरण हेतु किसी आदाता विशेष के पक्ष में चैक आहरित नहीं किया जा सकताहो, तब चैक मुख्य नगरपालिका अधिकारी के पक्ष में आहरित किया जाएगा, वे इस राशि के लिए तब तक उत्तरदायी होंगे जब तक कि उसका पूर्ण भुगतानएवं लेखांकित न करलिया गया हो । ऐसी राशि का लेखा संधारित किया जाएगा तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी की अभिरक्षा में रखा जाएगा ।

(4) प्रत्येक चैक की राशि चैक और प्रतिपर्ण दोनों पर शब्दों और अक्षरों में लिखी जाएगी, प्रतिपर्ण पर चैक पर हस्ताक्षर करने वाले के आद्याक्षर होंगे । चैक की राशि को इस प्रकार लिखा जाना चाहिए कि कोई परिवर्तन या प्रच्छेपन्न होने पर अत्यंत सरलता से दिख सके । प्रत्येक चैक पर शब्दों में लिखी राशि के उपरांत " मात्र" शब्द जोड़ा जाएगा । प्रत्येक चैक पर उसकी राशि में एक रुपया जोड़कर से अधिक नहीं लिखा जायेगा ।

टीपः नियम 161 में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर बीयरर चैक द्वारा कोई भुगतान नहीं किया जाएगा ।

165. (1) नगरपालिकाओं की दिन- प्रतिदिन की गतिविधियां के लिए आवर्ती व्यय का भुगतान करने के लिए , इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के लिए आवश्यक चेक / दस्तावेजों पर मुख्य नगरपालिकाअधिकारी और लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे ।

दिन -प्रतिदिन की गतिविधियां चलाने के लिए राजस्व व्यय में शामिल हैं:

(क) वेतन, मजदूरी और स्थापना व्यय.

(ख) टेलीफोन बिल 1286(41)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(ग) विद्युत बिल

(घ) किराया

(ङ) लेखन सामग्री

(च) मरम्मत और रखरखाव

(छ) वाहन व्यय

(ज) उपभोग्य

(झ) सफाई खर्च

(ञ) कर्मचारी कल्याण और जलपान व्यय

(ट) फोटोकॉपी व्यय

(2) गैर आवर्ती व्यय , पूंजी व्यय और नगरपालिकाओं की परियोजना व्यय का भुगतान करने के लिए , इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर के लिए आवश्यक चैक और दस्तावेजों पर मुख्य नगर अधिकारी और परिषद् के अध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे ।

166. (1) चैक्स का पुनर्वैधीकरण.- नगरपालिका द्वारा जारी किए गए चैक्स उनकी वैधता की अवधि के भीतर आदाता द्वारा भुनाया नहीं गया हो, आदाता के अनुरोध पर नगरपालिका द्वारा पुनर्वैध किया जा सकता है परन्तु यदि विस्तारित वैधता के भीतर भी भुनाया नहीं गया तो बिना भुनाये हुए वापस किए गए चैक के सत्यापन के पश्चात् उसके स्थान पर एक नया चैक जारी किया जाएगा ।

(2) चैक्स को रद्द करना. चैक रद्द किया जाने पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा लाल स्याही से "कैन्सिल्ड" लिखा जाएगा और प्रतिपर्ण पर तथा प्रमाणक पर भुगतान आदेश के आर- पार भी लाल स्याही से लिखकर आद्याक्षर करेगा । कैन्सिल्ड चैक , चैक पंजी पर यथोचित स्थान पर चस्पा किए जाएंगे ।

(3) भुगतान रोकने के आदेश. जब कोई चैक भुनाने की अवधि में खो जाने की सूचना मिलती है तब मुख्य नगरपालिका अधिकारी आदाता के लिखित अनुरोध परऐसे चैक के भुगतान आदेश को रोकने के लिए संबंधित बैंक को के आदेश जारी करेगा । खो गए चैक के संबंध में बैंक से "भुगतान नहीं होने का प्रमाणपत्र" प्राप्त होने पर नगरपालिका की बैंक बुक पर चैक प्रविष्टि पलट दी जायगी और नया चैक जारी किया जाएंगा और चैक खोने का तथ्य तथा नये चैक का नम्बर और दिनांक पुराने चैक के प्रतिपर्ण पर अभिलिखित किया जाएगा । खो गए चैक का नम्बर और दिनांक नये चैक के प्रतिपर्ण पर भी प्रविष्ट किया जाएगा ।

167. (1) नगरपालिकाद्वारा समस्त भुगतान केवल आपवादित परिस्थितियों में भुगतान चैक या मांग आदेश या भुगतान आदेश के माध्यम से किया जाएगा । यदि भुगतान, भुगतान आदेश या मांग आदेश के द्वारा किया जाता है नियम 161 में अधिकथित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा । आदाता के बैंक खाते में केवल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रंसफर के माध्यम से किए जाएंगे ।

(2) समस्त भुगतान उपयुक्त वाउचर और दस्तावेजों द्वारा समर्थित होंगे ।

(3) भुगतान हेतु बिल या दावा, व्यय करने वाले विभाग के प्रमुख द्वारा तैयार किया जाएगा तथा लेखा एवं वित्त विभाग को भेजा जाएगा । लेखा और वित्त विभाग इन नियमों के संदर्भ में स्वीकार्यता, व्यय का औचित्य, व्यय से पूर्व प्राप्त स्वीकृति, सामग्री की आपूर्ति के मामले में भंडार रसीद, सिविल निर्माण कार्य के मामले में माप पुस्तक एवं/अथवा ऐसे अन्य दस्तावेज़ जो अंकगणितीय परिशुद्धता हेतु उपयुक्त हों जाँच करेगा ।

(4) यदि ऐसी जांच के पश्चात् बिल भुगतान हेतु नियमानुकूल होना पाया जाता है, तो लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख अथवा उसके द्वारा अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षरै के मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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तहत अनुशंसा के साथ सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति प्राप्त करने हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भेजा जाएगा ।

(5) बिल या दावे में यदि कोई कमियां देखी जाती हैं, तो इसे संबंधित विभाग के प्रमुख के पास भुगतान अस्वीकृत करने के कारणों सहित संशोधन हेतु लौटा दिया जायेगा । (6) मुख्य नगर अधिकारी बिल या दावे का पुनर्विलोकन करने के पश्चात् भुगतान की स्वीकृति देगा तथा भुगतान वाउचर तैयार करने हेतु इसे लेखा एवं वित्त विभाग को भेजेगा ।

168. (1) समस्त वाउचर्स, रसीदों, अनुज्ञप्तियों, प्राप्त या भुगतान की गई राशियों को शब्दों सहित अंको में भी व्यक्त किया जाएगा ।

(2) बैंक के माध्यम से भुगतान हेतु व्हाउचर में चैक क्रमांक तथा दिनांक लिखी जाएगी । स्थायी अग्रिम का नकद भुगतान करने पर "नकद भुगतान" शब्द की मुद्रा भुगतान व्हाउचर पर अंकित की जायेगी ।

(3) इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस भुगतान सहित समस्त भुगतानों के संबंध में पाने वाले से पावती प्राप्त की जाएगी ।

169. मृतक कर्मचारी की ओर से प्रस्तुत किसी अधिमान्य दावे का भुगतान नामांकित व्यक्ति/ कानूनी वारिस को ही किया जाएगा ।

170. यदि एक डुप्लीकेट बिल पर भुगतान किया जाता है, तो सम्बंधित विभाग का प्रमुख प्रमाणित करेगा कि मूल बिल का भुगतान नहीं किया गया है

171. समस्त दावे जो कि कालातीत हैं, का राज्य सरकार द्वारा विहित नियमानुसार समाधान किया जाएगा ।

172. पुनर्मिलान.- प्रत्येक माह के अंत में नगरपालिकाद्वारा निम्न प्रक्रियाओं का क्रियान्वयन किया जाएगाः नकद, बैंक एवं जर्नल बुक के साथ लेजर्स तथा सब लेजर्स की जाँच की जायेगी; (क)

(ख) राजस्व संग्रह अभिलेखों के साथ जारी की गई रसीदों का सत्यापन; ..

(ग) स्थायी अग्रिमों से किए गए व्यय को पुनर्मिलान एवं अभिलेखित करना;

(घ) जमा, अग्रिम , प्राप्तियों एवं आय का पुनर्मिलान करना;

(ङ) ऋणों पर देय ब्याज़ प्रोद्भूत करना ; एवं

(च) दिए गए अग्रिमों एवं निवेश पर ब्याज प्रोद्भूत करना । 1286(43)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

अध्याय-आठ

भंडार

माल और सामग्री की प्राप्ति.-

173.

(1 ) प्रदायकर्ता से माल तथा सामग्री की प्राप्ति के समय नगरपालिका के भण्डार का प्रभारी अधिकारी संबंधित ठेके के निबन्धन को संदर्भित करेगा एवं इन नियमों में, सामग्री के प्राप्त करने के संबंध में जो प्रणाली निर्धारित की गई है, उसका अनुसरण करेगा । (2) यह सुनिश्चित करने के लिए कि मात्रा या परिमाण सही है, गुणवत्ता अपेक्षित विशिष्टियों के अनुरूप है और माल या सामग्री में कोई क्षति या खराबी नहीं है, प्राप्ति के समय समस्त माल और सामग्री की गिनती की जाएगी, माप या वज़न किया जाएंगे, जो दृश्य निरीक्षण के अध्यधीन होंगे । इस चरण पर जहां अपेक्षित हो, तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। माल और सामग्री प्राप्त होने पर संबंधित ठेके के प्रावधानानुसार प्रदायकर्ता को उपयुक्त रसीद दी जाएगी ।

(3) माल और सामग्री जो प्राप्त हुआ है, का विवरण , गणना, वजन या नाप को प्ररूप 41 में माल प्राप्ति टीप में रखा जाएगा, और कुल मात्रा, प्रति यूनिट दर और प्राप्त माल और सामग्री का कुल मूल्य प्ररूप 42 में भंडार पंजी में साथ- साथ दर्ज किया जाएगा । 174. माल और सामग्री का निर्गम.-

(1) माल और सामग्री की समस्त निकासी प्ररूप43 में भंडार मांगपत्र, जो नगरपालिका के इंडेन्ट/ मांग करने वाले विभाग द्वारा यथोचित रूप से अधिकृत होने पर ही की जाएगी।

(2) माल और सामग्री की निकासी पर माल और सामग्री जो दिया गया है उसकी रसीद लिखित में भंडार मांगपत्र पर नगरपालिका के इन्डेन्ट/मांगपत्र जारी करने वाले विभाग से प्राप्त की जाएगी और मात्रा की कुल संख्या, दर और सामग्री का कुल मूल्य जिसकी निकासी की गई है को फर्स्ट- इन- फस्ट-आउट आधार पर भंडार पंजी में प्ररूप42 में अभिलिखित किया जाएगा ।

(3) ठेकेदार को सामग्री देने की स्थिति में, जिसका मूल्य ठेकेदार से वसूली योग्य है, वसूली की दर और कुल वसूली योग्य मूल्य सहित, ठेकेदार पर प्रभारणीय कुल मूल्य से समस्त संबंधित विवरण पर ठेकेदार से उसके हस्ताक्षर और दिनांक युक्त पावती प्राप्त की जाएगीः

परन्तु कोई भी माल एवं सामग्री ठेकेदार को, ठेकेदार के कार्य के लिए उत्तरदायी विभाग के अधिकृत भंडार मांगपत्र के बिना नहीं दी जाएगीः

परन्तु यह भी कि भंडार पंजी में अभिलेखन के आशय से ठेकेदार को दिए गए माल एवं सामग्री की राशि जो ठेकेदार से वसूल की जानी है के होते हुए भी फर्स्ट-इन-फस्ट- आउट आधार पर अभिलिखित की जाएगी ।

(4) यदि नगरपालिका के भंडार का प्रभारी अधिकारी मांगपत्र का पूर्ण रूप से पालन करने में असमर्थ हो तब वह उपलब्धता की सीमा तक प्रदाय करेगा और इस संबंध में मांगपत्र देने वाले की मांगपत्र की प्रति पर त्तसंबंधी उपयुक्त प्रविष्टि करेगा । मांगपत्र में लिखे माल एवं सामग्री की एवज में उपलब्ध वैकल्पिक माल एवं सामग्री की स्थिति में, तत्संबंधी उपयुक्त संकेत मांगपत्र देने वाले की मांगपत्र की कापी पर किया जा सकता है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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175. माल और सामग्री की वापसी.-

(1) भंडार से दिया गया माल या सामग्री यदि संपूर्ण या भाग में मांगपत्र देने वाले विभाग द्वारा वापस किया जाता है, रक्षक दृश्य निरीक्षण के अधीन उसकी गणना, वजन या नाप भंडार रक्षक द्वारा प्राप्त करते समय रंक्षक की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो कि मात्रा सही है और माल या सामग्री में कोई क्षति या खराबी नहीं है ।

(2) ऐसे प्राप्त सामग्री की जानकारी प्ररूप 44 में माल वापसी टीप में उसकी एक प्रति माल या सामग्री वापस करने वाले विभाग को, जाएगी । रखी जाएगी और रसीद लेकर, दी 176. स्टाक का मिलान. प्रत्येक माह के अन्त में, नगरपालिकाके भंडार का प्रभारी अधिकारी जिसकी अभिरक्षा में माल और सामग्री विशेष रूप के प्रत्येक आयटम की प्राप्ति और निर्गम का योग करेगा और माल और मूल्य दर्शाते हुए हस्तगत शेष निकालेगा और स्टोर के प्रत्येक आयटम के स्टाक का फर्स्ट- इन- फस्ट-आउट आधार पर अन्तिम शेष निकालेगा:

परन्तु भंडार पंजी में प्रत्येक लेन देन के अभिलिखित किए जाने के पश्चात् प्रत्येक भंडार आयटम का शेष निकाला जाएगा।.

177. माल तथा सामग्री की अभिरक्षा.-

नगरपालिकाका भंडार प्रभारी अधिकारी, जिसकी अभिरक्षा में माल तथा सामग्री रहता है, विशेषकर मूल्यवान और / या ज्वलनशील वस्तुओं की सुरक्षित अभिरक्षा, संग्रहण के लिए उपयुक्त स्थान, अपेक्षित तापमान सहित, धूल मुक्त वातावरण, आदि के संबंध में समुचित व्यवस्था करेगा । 178. औषधालय.-

भंडार से संबंधित इन नियमों का नगरपालिका के औषधालयों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर संग्रहित दवाइयों और अन्य आयटम के संबंध में यथावश्यक परिवर्तनों सहित अनुसरण किया जाएगा । 179. भौतिक सत्यापन.-

(1) समस्त भंडार तथा उपभोज्य सामग्रियों (दवाओं सहित) का प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में भंडार प्रभारी द्वारा अंकेक्षकों और लेखा एवं वित्त विभाग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में भौतिक सत्यापन किया जाएगा ।

(2) सत्यापन का प्रमाण पत्र, निष्कर्ष सहित, सत्यापनकर्ता और सत्यापित माल सूची (Inve के लिए उत्तरदायी अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा और इसे मुख्य नगरपालिकाअधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा ।

(3) भौतिक रूप से सत्यापित भंडारों का पुनर्मिलान भंडार अभिलेखों के अनुसार शेषों से किया जाएगा ।

(4) विसंगतियां यदि कोई हों, कमियाँ, क्षतिग्रस्त, और अनुपयोगी माल एवं सामग्रियों सहित भण्डार पंजी में अंकित की जाएंगी एवं समुचित कार्रवाही हेतु तत्काल मुख्य नगरपालिकाअधिकारी की जानकारी में लाई जाएंगी ।

(5) भौतिक रूप से सत्यापित समापन स्टॉक का मूल्य वित्तीय विवरणों में सम्मिलित किया जाएगा ।

180. सुरक्षित भंडार .-

(1) निरन्तरता मांग और मात्रा के साथ ही माल और सामग्री के प्रदाय के तरीक के आधार पर सुरक्षित भंडार, मुख्य नगरपालिकाअधिकारी द्वारा निश्चित किया जायेगा ।

(2) मुख्य नगरपालिकाअधिकारी सुरक्षित भंडार के लिए आदेश जारी करने से पूर्व माल एवं सामग्री की कुल आवश्यकता तथा मात्रा सुनिश्चित करेगा । 1286(45) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

181. प्रभार का हस्तांतरण माल , सामग्री आदि के प्रभारी अधिकारी के स्थानान्तरण की स्थिति में, स्थानान्तरित अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि माल या सामग्री की सुपुर्दगी मुक्त करने वाले अधिकारी को ठीक प्रकार से हो गई है । माल , सामग्री आदि से संबंधित समस्त विवरण दर्शाने वाली तालिका तैयार की जाएगी और भारमुक्त होने वाले अधिकारी और मुक्त करने वाले अधिकारी द्वारा दिनांक सहित हस्ताक्षर किए जाऐंगे । प्रत्येक ऐसा अधिकारी हस्ताक्षर युक्त तालिका की एक प्रति अपने पास रखेगा और एक प्रति मुख्य नगरपालिकाअधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी ।

182. माल का निपटान.-

(1) भंडार का एक आयटम अधिशेष या अप्रचलित या अनुपयोगी घोषित किया जा सकेगा , यदि वह नगरपालिका के किसी उपयोग का न हो । आयटम के अधिशेषया अप्रचलित या अनुपयोगी घोषित करने के कारणों को मुख्य नगरपालिकाअधिकारी द्वारा स्वीकृति हेतु अभिलिखित किया जाएगा ।

टिप्पणीः स्टॉक में एक साल से अधिक रखे हुए माल एवं सामग्री को सामान्यतया अधिशेष माना जाएगा, जब तक कि अन्यथा समझने के लिए पर्याप्त कारण मौजूद न हों ।

(2) मुख्य नगरपालिकाअधिकारी आयटम के अधिशेष या अप्रचलित या अनुपयोगी घोषित करने के लिएअपने विवेक से उपयुक्त स्तर की एक समिति गठित कर सकेगा । (3) पुस्तांकित मूल्य , मार्गदर्शी मूल्य और आरक्षित मूल्य, अधिशेष माल और सामग्री के निराकरण के समय अपेक्षित होगा, निकाला भी जाएगा । ऐसी स्थिति में जहां पुस्तांकित मूल्य निकालना सम्भव न हो, सम्बन्धित मालएवं सामग्री का प्रारम्भिक मूल्य उपयोग में लाया जा सकेगा । निराकरण हेतु भंडारों की एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी ।

(4) ऐसी स्थिति में जब नगरपालिका के कर्मचारी की तरफ से लापरवाही, धोखा, शरारत के कारण कोई आयटम अनुपयोगी हुआ है, उसके लिए उत्तरदायित्व का निर्धारण किया जाएगा ।

183. निपटान की रीति.-अधिशेषया अप्रचलित या अनुपयोगी माल एवं सामग्री के निपटानका आंकलित अवष्टिमूल्य, निम्नानुसार तय किया जाएगाः-

विज्ञापित निविदा के माध्यम से बोलिया प्राप्त कर, या

( क)

(ख) सार्वजनिक नीलामी ।

विज्ञापित निविदा के माध्यम से निपटान.-

184.

(1) विज्ञापित निविदा के माध्यम से निपटान के लिए मोटे तौर पर निम्नानुसार उपायों का अनुसरण किया जाएगाः-

(क) बोली/ निविदा दस्तावेजों की तैयारी;

(ख) विक्रय किए जाने वाले माल एवं सामग्री के लिए बोली या निविदा का आमंत्रण;

(ग) बोलियों/ निविदाओं की प्राप्ति;

(घ) बोलियों/ निविदाओं का खोला जाना;

(ङ) प्राप्त बोलियों/निविदाओं का विश्लेषण और मूल्याकंन;

(च) उच्चतम प्रत्युत्तर के बोलीदाता / निविदाकारों का चयन;

(छ) चयनित बोलीदाता/ निविदाकारों से विक्रय मूल्य का संग्रहण;

(ज) चयनित बोलीदाता /निविदाकारों को विक्रय निर्गम आदेश जारी किया जाना;

(झ) चयनित बोलीदाता/निविदाकारों को बेचा गया सामान निर्गमित करना; एवं (ञ) असफल बोलीदाता/निविदाकारों को जमानत राशि वापस करना । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (46)

(2) विज्ञापित निविदा के माध्यम से माल के निपटान के समय निम्नलिखित आवश्यक पहलुओं का अनुसरण किया जाएगाः-

(क) विज्ञापित निविदा के माध्यम से ऐसे माल एवं सामग्री के विक्रय में मूलभूत् सिद्वान्त, पारदर्शिता, स्पर्धा, निष्पक्षता और विवेक का विलोपन सुनिश्चित करना है। विक्रय योजना और बेचे जाने वाले माल एवं सामग्री का विस्तृत प्रचार सुनिश्चित किया जाएगा । विक्रय की समस्त अपेक्षित निबन्धन एवं शतों को बोली/ निविदा के दस्तावेजों में व्यापकता के साथ स्पष्ट और सरल भाषा में सम्मिलित किया जाएगा जायें । लागू होने वाले संबंधित करों को स्पष्ट रूप से बोली/निविदा के दस्तावेज में लिखा जाए ।

(ख) बोली/ निविदा दस्तावेजों में, स्थल और विक्रय किए जाने वाले माल एवं सामग्री की वर्तमान दशा भी दर्शायी जाए। जिससे बोलीदाता/निविदाकार यदि इच्छुक हो, बोली लगाने के पूर्व माल एवं सामग्री का निरीक्षण कर सके । (ग) बोलीदाता/ निविदाकार से कहा जाएगा कि अपनी बोलियों/ निविदाओं के साथ जमानत राशि भी प्रस्तुत करें, बोली की जमानत राशि सामान्यतः मालएवं सामग्री के निर्धारित या आरक्षित मूल्य का 10 प्रतिशत होगी । यथार्थ जमानत राशिबोली/ निविदा दस्तावेज में विनिर्दिष्ट की जाएगी ।

(घ) सामान्यतः उच्चतम स्वीकारयोग्य जवाबी बोलीदाता/ निविदाकार की बोली स्वीकृत की जाएगी । यद्यपि यदि उच्चतम उत्तरदायी बोलीदाता/निविदाकार द्वारा प्रस्ताव किया गया मूल्य स्वीकार योग्य नहीं है, तब केवल उक्त बोलीदाता/ निविदाकार के साथ समझौता किया जा सकेगा । ऐसे समझौते से वांछित परिणाम नहीं निकलने की स्थिति में समुचित या स्वीकार योग्य मूल्य अगले उच्चतम स्वीकारयोग्य जवाबी बोलीदाता / निविदाकार के समक्ष प्रति- प्रस्तावित किया जा सकेगा ।

(ङ) ऐसी स्थिति में जब उच्चतम बोलीदाता / निविदाकार निपटारा की जाने वाली... पूरी मात्रा नहीं ले सकता है, तब शेष मात्रा, उच्चतम बोलीदाता/निविदाकार द्वारा प्रस्तावित स्वीकृति योग्य मूल्य पर अगले उच्चतम बोलीदाता/ निविदाकार को प्रस्तावित की जा सकेगी ।

(च) पूर्ण भुगतान अर्थात् बोली की जमानत राशि समायोजित करने के पश्चात् शेष राशि सफल बोलीदाता/ निविदाकार से माल एवं सामग्री को विमुक्त करने के पूर्वप्राप्त किया जाएगा ।

(छ) यदि चयनित बोलीदाता / निविदाकार माल को उठाने में दिलचस्पी नहीं दिखाता है, बोली की जमानत राशि जब्त की जाएगी तथा कानूनी परामर्श प्राप्त करने के पश्चात् माल एवं सामग्री के पुनः विक्रय सहित त्रुटिकर्ता की जोखिम और लागत पर अन्य कार्यवाही की जाएगी ।

(ज) विलंबित बोली अर्थात निर्दिष्ट दिनांक और समय के पश्चात् प्राप्त बोली पर विचार नहीं किया जाएगा ।

सार्वजनिक नीलामी द्वारा निपटान.-

185.

(1) नगरपालिका माल एवं सामग्री के निपटान के लिए या तो सीधे सार्वजनिक नीलामी या राज्य सरकार द्वारा स्वीकृतनीलामकर्ता के माध्यम से आयोजित नीलामी कर सकती है । (2) सार्वजनिक नीलामी के द्वारा माल एवं सामग्री के निपटान के समय निम्नलिखित आवश्यक पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा:-

(क) मूल सिद्धान्त वही लागू रहेंगे जो विज्ञापित निविदा के माध्यम से माल एवं सामग्री के निपटान के समय लागू रहते हैं अर्थात पारदर्शिता, स्पर्धा, 1286(47) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

औचित्यताऔर विवेक के विलोपन को सुनिश्चित किया जायेगा । सार्वजनिक नीलामी योजना में माल और सामग्री के विवरण सहित नीलाम होने के लिए उनके स्थान, लागू नियमों तथा विक्रय की शर्तें आदि का उसी तरीके से व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए जैसा कि विज्ञापित निविदा की दशा में किया जाता है ।

(

ख) सार्वजनिक नीलामी की कार्यवाही जब प्रारम्भ की जाती है, जो माल एवं सामग्री नीलाम किया जाना है उसकी दशा और स्थल, विक्रय आदि पर लागू निबंधन एवं शर्तों को (इसके व्यापक प्रचार के लिए जैसा कि पूर्व में दर्शाया गया है) एकत्रित बोलीदाताओं के लाभ के लिए पुनःघोषित किया जाएगा । (ग) सार्वजनिक नीलामी कार्यवाही के समय, बोली को स्वीकृत करने या अस्वीकृत करने की घोषणा हथोड़े की चोट के द्वारा तत्काल की जाएगी। यदि बोली स्वीकृत की गई है, अर्नेस्ट मनी (बोली मूल्य के 25 प्रतिशत से कम नहीं) , सफल बोलीदाता से, या तो नकद में या विक्रय करने वाली नगरपालिका के पक्ष में लिखा गया डिमांड ड्राफट/ बैंकर्स चैक तत्काल स्थल पर लिया जाएगा । सफल बोलदाता से शेष भुगतान प्राप्त करने के पश्चात ही सफल बोलकर्ता को .माल सुपुर्द किया जाएगा ।

(घ) सार्वजनिक नीलामी टीम का गठन मुख्य नगरपालिकाअधिकारी द्वारा किया जाएगा । तथापि,टीम में नगरपालिका के लेखा विभाग का एक अधिकारी भी शामिल किया जाएगा ।

(3) कतिपय अधिशेष या अप्रचलित या अनुपयोगी माल एवं सामग्री जैसे एक्सपायर्ड दवाऐं, जो कि मानव उपयोग के लिए खतरनाक या अनुपयुक्त हों, को उपयुक्त रीति से तत्काल नष्ट किया जाएगा जिससे स्वास्थ्य के खतरे और/ या पर्यावरण प्रदूषण तथा ऐसे माल एवं सामग्री के गलत उपयोग की संभावना से बचा जा सके ।

186. अपलेखन की शक्तियाँ. पुनर्मूल्यांकन के कारण समस्त लाभ और हानियां, माल की संभाल या अन्य कारण जहां आवश्यक हो यथोचित रूप से अभिलिखित किए जाएंगे और समायोजित किए जाएंगे । , हानियों के संबंध में प्राधिकारी की औपचारिक स्वीकृति प्राप्त की जाएगी । हानियों के अपलेखन की शक्ति नियम 246 में विहित अनुसार होगी ।

187. भंडार का लेखाकंन.-

(1) माल, सामग्री एवं उपकरण आदि की प्राप्ति के संबंध में व्यय प्रोद्भवन आधार पर मान्य किया जाएगा अर्थातः परिदान किए गए माल और सामग्री, उपकरण आकद के संबंध में, बिल नगरपालिकाद्वारा स्वीकार किए जाने पर माल, सामग्रियों को वर्तमान स्थल और स्थिति में लाने पर किया गया व्यय अर्थात् किराया, शुल्क और कर आदि सहित, माल के क्रय मूल्य में शामिल रहेगा ।

(2) जहां "प्राप्त एवं स्वीकृत माल एवं सामग्री " का बिल बैलेन्स शीट की दिनांक के पश्चात् प्राप्त हुआ है, उसका लेखाकरण बीजक में लिखे मूल्य पर आधारित होगा । तथापि, जहां बिल वार्षिक लेखा तैयार करने की अन्तिम दिनांक तक प्राप्त नहीं होता है, क्रय आदेश में उपयोग किया गया मूल्य लिखा जाएगा ।

(3) वर्ष की समाप्ति पर फर्स्ट- इन- फस्ट - आउट मूल्यांकन रीति का अनुसरण करते हुए स्टाक मूल्य आंका जाएगा ।

(

4) निपटान या विक्रय किया गया माल, सामग्री, भंडार का मूल्य, वास्तविक प्राप्ति आधार पर मान्य किया जाएगा। खपतयोग्य आपूर्तियों, जैसे 'लेखन सामग्री और ईंधन व्यय के रूप में माने जाएंगे और क्रय करते समय राजस्व पर प्रभारित होंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(48)

अध्याय- नौ

दिए गए अग्रिम और जमा

188. दिए गए अग्रिम और जमा.-

दिए गए समस्त अग्रिम और जमा, चाहे नकद या डिमाण्ड ड्राफ्ट या विभिन्न प्रकार की अनुज्ञा प्रतिभूतियों के रूप में हों, उनकी पावती नगरपालिका द्वारा प्राप्त की जाएगी ।

189. दिए गए अग्रिम और डिपाजिट का अभिलेखन.-

(1) नगरपालिका द्वारा तृतीय पक्ष या कोई शासकीय अभिकरण के पास रखे गए जमा, उपयुक्त लेखा शीर्ष के अंतर्गत लेखांकित और अभिलिखित किए जाएंगे ।

(2) नगरपालिका द्वारा दिए गए समस्त अग्रिम और जमा, राज्य सरकार द्वारा विहित रूप से पंजियों में अभिलिखित किए जाएंगे ।

190. कर्मचारियों से अग्रिमों की वसूली.-

(1) कर्मचारियों को दिए गए ऋण और अग्रिमों की वसूली उनके मासिक वेतन से की जाएगी । ब्याज सहित वसूल की गई राशि, यदि कोई हो, (मासिक वेतन बिल में अभिलिखित) का समायोजन कर्मचारियों को दिए गए भुगतानयोग्य ब्याज सहित अग्रिम के विरूद्ध किया जाएगा ।

(2) समस्त अग्रिम , अग्रिम प्राप्त करने वाले के नाम पर होंगे । कोई भी अग्रिम, जो वसूली के लिए अनुज्ञा अवधि के भीतर वसूली नहीं होता है, तो राजस्व वसूली के रूप में वसूल किया जाएगा ।

(3 ) प्रेसीडेंट- इन-कौंसिल के अनुमोदन के अध्यधीन, नगरपालिका के कर्मचारी व्यक्तिगत अग्रिमों के लिए पात्र होंगे , जैसा कि राज्य सरकार के कर्मचारी के लिए लागू हैं । (4) किसी कर्मचारी का स्थानांतरण / इस्तीफे/ मृत्यु की दशा में अंतिम वेतन प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिस में वसूली की बकाया राशि के ब्यौरे शामिल होंगे ।

191. दिए गए अग्रिम और जमा का पुनर्मिलान.- दिए गए अग्रिम और जमा का प्रत्येक माह के अन्त में संबंधित लेजर के खातों और जमा या अग्रिम पंजियों से पुनर्मिलान किया जाएगा ।

192. स्थायी अग्रिम.-

(1) ऐसे किसी भी अधिकारी को जिसके कर्त्तव्य में ऐसे छोटे-छोटे व्यय करने पड़ते हैं, जिनका कि आकस्मिक बिल पर राशि आहरित करने के पूर्व ही भुगतान करना पड़ता है, मुख्य नगरपालिका अधिकारी की स्वीकृति से स्थायी अग्रिम के रूप में निर्धारित राशि दी जा सकेगी जिसकी माह में कम से कम एक बार प्रतिपूर्ति की जाएगी । स्थायी अग्रिम, प्रथम बार आहरित किए जाने पर कैश बुक में "अग्रिम" शीर्ष में प्रभारित होगा और अग्रिम पंजी में अग्रिमधारी के खाते में डैबिट किया जाएगा ।

स्वीकृत स्थायी अग्रिम राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में 'अग्रिम' शीर्ष के अंतर्गत लेखांकित और अभिलिखित किया जाएगा ।

प्रत्येक स्थायी अग्रिमधारी प्रथम बार अग्रिम प्राप्त करने पर और तत्पश्चात् प्रतिवर्ष एक अप्रैल को एक अभिस्वीकृती पर हस्ताक्षर करेगा , कि राशि उस पर देय है और स्वयं उसके द्वारा लेखांकित की जाएगा अधिकारी के प्रभार के अंतरण पर, संपूर्ण राशि के लिए समान अभिस्वीकृती पर भारमुक्त अधिकारी के हस्ताक्षर होंगे । अभिस्वीकृ ती नस्तीबद्ध की जाएगी । स्थायी अग्रिम का लेखा प्रत्येक अग्रिमधारी द्वारा प्ररूप 45 में संधारित किया जाएगा, जिसमें उसके अग्रिम से किए जाने वाले प्रत्येक भुगतान की प्रविष्टि करेगा और समस्त सब - वाउचर और रसीदों पर क्रमवार नम्बर अंकित कर संरक्षित रखेगा । 1286(49)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

स्थायी अग्रिम की सीमा निम्नानुसार होगी :-

रूपए दो हज़ार

नगरपालिका (नगर परिषद्)

रूपए तीन हज़ार

नगरपालिका परिषद्

(2) स्थायी अग्रिमधारी अपने पास रखी गई राशि की सुरक्षित अभिरक्षा हेतु उत्तरदायी होगा और वह किसी भी समय संबंधित वाउचर्स या नकद अथवा दोनों प्रस्तुत कर इसके लेखांकन हेतु तैयार रहेगा ।

193. स्थायी अग्रिम की प्रतिपूर्ति.-

(1 ) जबकि हस्तगत नकद राशि कम बचे और वित्तीय वर्ष की समाप्ति के समय , जो भी राशि शेष बचे , यह सुनिश्चित् करने के पश्चात् कि समर्थित वाउचर्स का मिलान अग्रिम लेखे से होता है तथा लेखा धारी द्वारा हस्ताक्षरित है और नगरपालिका के लेखा एवं वित्त विभाग को जांच करने और प्रतिपूर्ति के लिए प्रस्तुत किया गया है, अग्रिम की पूरी प्रतिपूर्ति की जाएगी । (2) समस्त स्थायी अग्रिमों का वित्तीय वर्ष के 31 मार्च तक समाशोधन तक किया जाएगा । 194. अग्रिमों का प्रयोजन और उनका समायोजन.-

(1 ) नियम 192 के सिवाय सामान्यतया अग्रिम नहीं दिए जाएंगे । यद्यपि, मुख्य नगरपालिका अधिकारी निम्नलिखित प्रयोजनों में से किसी अग्रिम के लिए भी, जिसे स्वीकृति आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाएगा, स्वीकृत कर सकेगाः-

(क) नगरपालिका की ओर से या उसके विरूद्ध न्यायालय में दायर प्रकरणों का संचालन;

(ख)चारे का क्रय; और

(ग) अधिनियम या नियम या उसके अधीन बनाई गई उपविधियों के अन्तर्गत नगरपालिका के कर्तव्यों से अन्य कोई आनुसांगिक प्रयोजन, जिसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी अभिलिखित कारणों से घोषित कर सकेगा कि नकद अग्रिम आवश्यक अपरिहार्य है । (2) कोई भी अग्रिम तब तक आहरित नहीं किया जाएगा, जब एक माह के भीतर व्यय सम्भावित हो और सिवाय मुख्य नगरपालिका अधिकारी की अभिव्यक्त अनुज्ञा के, किसी भी स्थिति में जिस आशय से अग्रिम लिया गया है उससे हटकर किसी अन्य उपायोग में नहीं किया जाएगा ।

(3) अग्रिम और उनके समायोजन, चाहे नकद में पुनर्भुगतान या कार्य के बिलद्वारा , लेन- देन होने की प्रविष्टि लेखाधिकारी और यदि कोई लेखाधिकारी नहीं है तब मुख्य नगरपालिका अधिकारी के हस्ताक्षर से, ऐसे बिल की स्वीकृत होने और सक्षम अधिकारी द्वारा पारित होने, जो कि एक आदेश यह करते हुए कि राशि समायोजित कर अभिलिखित करेगा, तत्काल की जाएगी ।

(4) कार्य सम्पादित करने या सामग्री क्रय करने के लिए पार्षद को कोई भी अग्रिम नहीं दिया जाएगा । इस खाते पर समस्त भुगतान या जो स्थायी अग्रिम से या वास्तविक भुगतान प्राप्त करने वाले के नाम से चैक द्वारा आहरित किया जाएगा ।

(5) पहले से ही बकाया अग्रिम के प्रयोजन के लिए अदायगी के आश्य से नवीन अग्रिम सर्वथा वर्जित है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(50)

अध्याय - दस

ऋण तथा उधार

195. उधार लेने की शक्ति. नगरपालिका राज्य सरकार से या राज्य सरकार की स्वीकृति के साथ अन्य स्रोतों से, अधिनियम के अधीन सौंपे गए किन्हीं कृत्यों एवं प्रचालनों के लिए उधार ले सकेगी ।

196. ऋण के लिए आवेदन.-

जब नगरपालिका ऋण लेने के लिए इच्छुक होती है, तब उसे इस संबंध में संकल्प पारित करना होगा । मुख्य नगरपालिका अधिकारी तब राज्य सरकार को यह दर्शाते हुए आवेदन प्रस्तुत करेगाकिः-

वह स्रोत जहां से ऋण लेना है ;

(क)

(ख) प्रयोजन जिसके लिए ऋण की अपेक्षा है तथा संपूर्ण कार्य या ऐसा भाग जो ऋण से किया जाना प्रस्तावित है, उस पर आने वाले व्यय का प्राक्कलन;

)غا( ऋण की राशि जो इसके द्वारा लेना प्रस्तावित है;

(घ) दिनांक जिसके भीतर ऋण लिया जाना है एवं जब किस्तों में ऋण लिया जाना प्रस्तावित हो, दिनांक जिसके भीतर पहली किस्त ली जानी है और समय सीमा जिसमें अन्य किस्तें लेना विचारित है ;

ब्याज की दर जिस पर ऋण लेना प्रस्तावित है;

(ङ)

(च) अवधि, वर्षों में, जिस पर ऋण लेना प्रस्तावित है तथा रीति जिसके अनुसार ऋण वापस किया जाना है ; एवं

(छ) इसकी निधि पर समस्त विद्यमान पूर्व प्रभार के विवरण तथा उसके आय एवं व्यय अंतिम तीन वित्तीय वर्ष का विवरण नगरपालिका की वित्तीय स्थिति के लेखा में सम्मिलित है ।

197. राज्य सरकार द्वारा परीक्षण.-

राज्य सरकार, आवेदन में विवरणों में दिए प्रयोजन की उपयोगिता, जिसके लिए ऋण लेना प्रस्तावित है, का परीक्षण, कर सकेगी ।

198. शासकीय ऋण के आवेदन के लिए अवधि. जब राज्य सरकार से ऋण लेना प्रस्तावित है, तब ऋण लेने के लिए संकल्प सहित राज्य सरकार को, वित्तीय वर्ष जिसमें ऋण अपेक्षित है उसके पूर्वगामी वित्तीय वर्ष में 15 सितम्बर से पहले आवश्यक ब्यौरे प्रस्तुत किया जाएंगे ।

199. आवेदन की अस्वीकृति.- यदि राज्य सरकार को यह प्रतीत होता है कि ऋण लेना उचित नहीं है तो वह कारणों को विनिर्दिष्ट करते हुए आवेदन अस्वीकृत कर सकेगी ।

200. ऋण की स्वीकृति. राज्य सरकार को यदि यह प्रतीत होता है, कि ऋण लेना उचित है तब वह नगरपालिका से प्राप्त प्रस्ताव को ऐसे परिवर्तन के साथ, जैसा वह उचित समझे स्वीकृत कर सकेगी और राज्य सरकार नगरपालिका से प्रस्तावित परिवर्तन पर विचार विमर्श कर सकेगी । 201. राज्य सरकार द्वारा विहित शर्तें.-

राज्य सरकार से कोई ऋण निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन होगाः-

(क) ऋण की अवधि 20 वर्ष से अधिक नहीं होगी, जब तक कि राज्य सरकार विशेष प्रकरण के रूप में इससे दीर्घकालिक अवधि निर्धारित करती है;

(ख) ऐसे ऋणों के प्रयोजन के लिए विधानसभा द्वारा मतदान अनुदान में निधि उपलब्ध हो;

ऋण पर देय ब्याज की दर ऐसी होगी, जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की जाए ;

(ग)

(घ) ब्याज वार्षिक या अर्धवार्षिक, जैसा कि राज्य सरकार निर्धारित करे प्रभारित किया जाएगा और ऐसी किस्त पर, जिस दिनांक को किस्त ली गई है, से गणना की जाएगी और भुगतान किया जाएगा;

1286(51) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(ङ) अदायगी पहले ब्याज के विरूद्ध और शेष, यदि कोई हो, मूलधन के विरूद्धविनियोजित की जाएगी;

(च) राज्य सरकार ब्याज की ऐसी दर से दांडिक दर आरोपित कर सकेगी जैसा वह निर्धारित करें, परन्तु ऐसी दर सामान्य दर से ढाई प्रतिशत से अधिक नहीं होगी । दांडिक ब्याज़ मूलधन और ब्याज की समस्त बकाया किस्तों पर देय होगा ; और (छ) नगरपालिका को स्वीकृत किया गया भुगतान योग्य अनुदान, यदि कोई है, उसमें से राज्य सरकार मूलधन और ब्याज की अतिदेय किस्तें दांडिक ब्याज सहित काट सकेगी । 202. राज्य सरकार ऋण स्वीकृत करने हेतु और भी शर्तें विहित कर सकेगी, जैसा कि वह उचित समझे, जो अधिनियम और इन नियमों से विसंगत नहीं हो ।

203. ऐसी स्थिति में, जब ऋण राज्य सरकार के अन्य स्रोत से लिए जाने सम्बन्धी ऋण के लिए आवेदन है, तब नियम 195, 196 तथा 197 में विहित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा । राज्य सरकार आवेदन पर अपनी स्वीकृति या अस्वीकृति के निर्णय को नगरपालिका से आवेदन प्राप्ति की तारीख से अधिक से अधिक तीन माह के भीतर सूचित करेगी और यदि राज्य सरकार द्वारा गारण्टी दी गई है तब गारण्टी शुल्क अधिरोपित कर सकेगी ।

ऐसा कोई ऋण प्राप्त नहीं किया जाएगा जब तक कि निम्नलिखित शर्तों की पूर्ति न हो:-

(क) ऋण की अवधि पंद्रह वर्षों से अधिक न हो, जब तक कि राज्य सरकार विशेष प्रकरण के रूप में इससे अधिक की अवधि से सहमत न हो;

(ख) ब्याज की दर, राज्य सरकार द्वारा स्वीकृतदर से अधिक न हो;

(ग) नगरपालिका अपनी ऋणग्रस्तता की अवधि की आय और व्यय का वार्षिक अनुमान राज्य सरकार द्वारा पुष्टि के लिए प्रस्तुत करे;

(घ) ऋण सर्विस कवरेज अनुपात, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए ! टिप्पणी-डीएससीआर - परिचालन अधिशेष (परिचालन कम आय परिचालन कम व्यय

ऋण प्रभार)

ऋण प्रभार

(ङ) नगरपालिका ऋण स्वीकृत करने वाले अभिकरण द्वारा उपलब्ध प्ररूप अनुसार बैंक गारण्टी प्रस्तुत करेगी ।

(च) शासन की गारंटी के विरूद्ध नगरपालिका को ऋण, मध्य प्रदेश शासन गारंटी नियम, 2009 के अध्यधीन होगा ।

204. अत्यावश्यक ऋण की स्वीकृति. जहां नगरपालिका अपने आवेदन में यह आधार बताते हुए, कि वह इससे संतुष्ट है कि तत्काल ऋण की आवश्यकता है, यह इच्छा व्यक्त करती है कि ऋण लेने की तुरन्त स्वीकृति दी जाए , राज्य सरकार आवेदन प्राप्त होने के पश्चात् किसी भी समय ऐसे ऋण लेने की स्वीकृति दे सकेगी ।

205. कार्यों और लेखा के नियंत्रण और निरीक्षण. (1 ) यह ज्ञात करने और सुरक्षित करने के लिए कि जिस प्रयोजन से ऋण लिया गया है उसी प्रयोजन पर ऋण का उपयोग किया जा रहा है एवं ऋण की राशि जो अव्ययित अतिशेष बचा है उसका अन्यथा इन नियमों के अनुसार उपयोग नहीं किया गया है, राज्य सरकार ऐसे उपबंध लागू कर सकती है , जैसा कि वह आवश्यक समझे । (2) ऋण के द्वारा पूर्णतः या अंशतः निष्पादित किया गया, प्रत्येक कार्य और उससे सम्बन्धित लेखे निम्न के निरीक्षण के लिए प्रत्येक समय खुले रहेंगे:-

(क) राज्य सरकार के अधीक्षण यंत्री या कार्यपालन यंत्री, जिनके वृत्त या संभाग में कार्य स्थित है;

(ख) कोई भी व्यक्ति जिसे नगरपालिका के लेखों का निरीक्षण करने के लिए मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286( 52)

प्राधिकृत किया गया है ; और

(14) कोई भी अन्य व्यक्ति जिसे राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से इस संबंध में प्राधिकृत किया गया है ।

206. ऋण का अतिशेष शेष. नगरपालिका द्वारा जिस निर्माण का कार्य के लिए ऋण लिया गया है उस कार्य पर हुए पृथक व्यय का लेखा अलग रखा जाएगा और यदि कार्य के पूरा होने पर , राज्य सरकार इस बात से सन्तुष्ट हो कि जिस प्रयोजन के लिए ऋण लिया गया है, उस प्रयोजन पर पूर्ण ऋण व्यय नहीं किया गया है, तब निम्नानुसार कार्यवाही प्रारम्भ की जा सकेगी:-

(क) शासकीय ऋण की स्थिति में, राज्य सरकार यह निदेशित कर सकेगी, कि अव्ययित शेषऋण पर ब्याज और मूल की जो राशि वापस की जा चुकी है, के समतुल्य को घटाकर शेष ब्याज और मूल राज्य सरकार को तत्काल वापस की जाएगी । राज्य सरकार ऋण के परिसमापन के लिए नियत किस्तों के संबंध में ऐसे परिवर्तन हेतु निदेशित कर सकेगी , जो वह आवश्यक समझती है ।

(ख) ऐसी स्थिति में, जब राज्य सरकार से भिन्न किसी अन्य स्रोत से ऋण लिया गया हो, राज्य सरकार यह निदेश दे सकेगी , कि अव्ययित अतिशेष का नगरपालिका पर ऋण को कम करने के लिए उपयोग किया जाएगा ।

(ग) यदि राज्य सरकार की राय में, नगरपालिका किसी ऋण के संबंध में अधिनियम और इन नियमों में विहित शर्तों का पालन करने में असफल रहती है, तब वह किसी भी समय आगे और निर्देश दे सकेगी, कि कोई भी राशि जो अग्रिम रूप से दी गई हो, उसको ब्याज सहित तत्काल चुकता किया जाएगा ।

207. परिपक्वता के पूर्व ऋण की वापसी.- राज्य सरकार की पूर्व सहमति से नगरपालिका किसी भी समय किसी ऋण को पूर्णतः या अंशतः ऋण की शर्तों द्वारा नियत अवधि के पूर्व चुकता कर सकेगी ।

208. ऋण निवारण निधि.-

(1) अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए और जहां ऋण लेने की शर्तों या जारी ऋण- पत्र में ऋण निवारण निधिस्थापित करना उपबंधित है, स्वीकृति की शर्तों में जो राशि निर्धारित हो, प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अन्त में नगरपालिक निधि में से, ऋण निवारण निधि में तथा हस्तांतरित कर पृथक बैंक खाते में जमा की जाएगी ।

(2) अधिनियम के उपबंधों का पालन करते हुए ऋण निवारण निधिमें से निवेश किया जाएगा ।

(3) ऋण निवारण निधि किसी भी प्रयोजन के लिए उपयोग नहीं की जा सकेगी, जब तक कि ऋण या ऋणपत्र जिसके लिए यह सृजित की गयी है उसकी पूर्ण अदायगी नहीं हो जाती है ।

209. लेखाकंन और अभिलेखन की प्रकिया.-

(1) नगरपालिका द्वारा ऋण संव्यवहारों को राज्य सरकार द्वारा विहित पंजी में अभिलिखित किया जाएगा ।

(2) उधार ली गई राशि के संबंध. में लेखा पुस्तकों में प्रविष्टि, राशि की प्राप्ति पर की जाएगी ।

210. ऋण लेने या बांड्स या ऋण-पत्र पर किया गया व्यय. नगरपालिका ऋण लेने या ऋण-पत्र या बांडस् जारी करने के लिए सुरक्षा निर्मिती शुल्क, स्टाम्प शुल्क इत्यादि व्यय कर सकेगी । दीर्घ अवधि के ऋणों के लेने के संबंध में ऐसे व्यय 5 वर्षों की अवधि के ऊपर या ऋण अवधि, 1286(53) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

जो भी कम हो, परिशोधित होंगे । यदि ऋण पूर्वदत्त हुए हों या ऋण पत्रों का अपरिपक्व मोचन हुआ हो, ऋण लेने की ऐसी परिशोधित लागत पूर्णतः अपलिखित की जाएगी ।

211. ब्याज और अन्य प्रभारों का लेखांकन.-

(1) ब्याज और अन्य प्रभार, प्रतिबद्धता प्रभार, देय दाण्डिक ब्याज इत्यादि सहित ऋण की शर्तों के अनुसार जब ब्याज और अन्य प्रभार प्रोद्भूत होने के समय अभिलिखित किए जाएंगे, यद्यपि उल्लिखित ब्याज और प्रभार का भुगतान वित्तीय वर्ष के भीतर देय नहीं हो सकेगें ।

(2) ऊधार पर ब्याज नगरपालिका के राजस्व व्यय की एक मद के रूप में सामान्यतः समझा जायेगा, सिवाय जहां ऋण पूंजीगत परिसंपत्ति के अर्जन से संबंधित हो, ब्याज को परिसंपत्ति अर्जित करने पर आई लागत के रूप में पूंजीकृत किया जाएगा ।

212. अवशेषों की पुष्टि- नगरपालिका के लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख ऋण दाता से एक लेखे का पत्रक दर्शाते हुए कि वित्तीय वर्ष के दौरान प्रोद्भूत ब्याज भुगतान किया जाएगा, मूल और ब्याज तथा ऋण का अतिशेष जो, वर्ष के अन्त में भुगतान योग्य हो, प्राप्त करेगा । ऋणदाता द्वारा सूचित की गई राशि का ऋण पंजी और नगरपालिका के लेखों के अनुसार अतिशेष से पुनर्मिलान किया जाएगा । किसी महत्वपूर्ण भिन्नता की स्थिति में उसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी के अतिशेष तत्काल लाया जाएगा और आवश्यक सुधार संबंधी कदम उठाए जाएंगे ।

अध्याय-ग्यारह

प्राप्त अग्रिम एवं जमा

213. जमा एवं अग्रिमों की प्राप्ति. -

(1) नगरपालिका द्वारा प्राप्त समस्त जमा और अग्रिम चाहे नकद, डिमाण्ड ड्राफ्ट या विभिन्न प्रकार की अनुज्ञा प्रतिभूतियों रूप में, (उदाहरणार्थ, शासकीय सरकारी वचन पत्र, नगरपालिका तथा अन्य ऋण इत्यादि) नगरपालिकाद्वारा रसीद जारी कर अभिस्वीकृत किए जाएंगे ।

(2) नगरपालिका द्वारा विभिन्न प्रकार के जमा और अग्रिमों की पंजियाँ राज्य सरकार द्वारा विहित रूप में संधारित की जाएंगी ।

214. जमा की वापसी.-

(1) नगरपालिका द्वारा ठेकेदार या प्रदायकर्ता को, यथास्थिति अनुबंध के निबन्धनों एवं शर्तों के अनुरूप और केवल संतोषप्रद ढंग से कार्य , सेवाऐं या प्रदाय के पूर्ण होने, यथास्थिति और पक्षकार के विरूद्ध नगरपालिका के दावे के संबंध में पूर्ण संतोष होने के पश्चात् ही सुरक्षा जमा वापस की जाएगी ।

(2) जमा राशि को वापस चाहने वाले जमाकर्ता राशि की वापसी के लिए नगरपालिका को जमा की गई राशि की मूल रसीद प्रस्तुत करेंगे । वापसी प्राधिकृत करते समय नगरपालिका के लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख यह सत्यापित करेगा की राशि वास्तव में बकाया है ।

(3) नगरपालिका के लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख या उसके द्वारा प्राधिकृत अन्य अधिकारी , वापसी करते समय रसीद की मुखकृति पर शब्द "दिनांक को वापसी की गई" अभिलिखित करेगा और वापसी के भुगतान का विवरण जमा रसीद की मुखाकृति पर अंकित करेगा जो भुगतान या वापसी वाउचर के साथ संलग्न की जाएगी।

215. कालातीत एवं अदावाकृत जमा.- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(54)

(1) यदि जमा, जो कि वापसी योग्य है, तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों में दावा नहीं किया जाता है, तब ऐसी जमा व्यपगत हो जाएंगे और नगरपालिका निधि में हस्तांतरित कर जमा किए जाएंगे । नगरपालिका निधि में जमा की गई ऐसी राशि प्रेसीडेंट- इन- कौंसिल की स्वीकृति के बगैर वापस नहीं की जाएगी और जब ऐसी वापसी की जाती है तब नगरपालिका निधि को नामे कर वापसी की जाएगी ।

(2) संबंधित विभाग के प्रमुख समस्त व्यपगत जमा की सूची तैयार करेगा और लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख को अग्रेषित करेगा । लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख इस सन्तुष्टि के बाद कि ठेकेदार या प्रदायकर्ता द्वारा वास्तव में तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों में राशि का दावा नहीं किया गया है, तो आय को मान्य करने संबंधी आवश्यक जर्नल प्रविष्टि पारित करेगा ।

216. प्राप्त जमा और अग्रिमों का मिलान. प्रत्येक माह के अन्त में ठेकेदारों या प्रदायकर्ताओं से प्राप्त जमा का राज्य सरकार द्वारा यथा विहित संबंधित लेजर खाता और जमा या अग्रिम की पंजियों से पुनर्मिलान किया जाएगा ।

217. (1 ) कार्यों के लिए बयाना जमा, निष्पादन प्रतिभूति एवं सुरक्षा जमा के प्ररूप.-

(क) नगरपालिका ठेकेदार से निर्माण कार्यों की अनुमानित लागत की अधिकतम 2 प्रतिशत तक डिमांड ड्राफ्ट या राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से अनुमत्य कोई अन्य प्ररूप के रूप में बयाना राशि प्रभारित करेगी । नगरपालिका इसे स्वीकार करने के पूर्व जारी करने वाले बैंक से बयाना राशि जमा का प्ररूप का सत्यापन करेगी ।

टीपः बयाना राशि जमा की दर निम्नानुसार होगीः-

दर

विवरण

स. क्र.

(एक) 2 लाख रूपये तक की निविदाओं के लिए ।

निविदा की लागत का 2 प्रतिशत किन्तु किसी भी प्रकरण में एक हजार रूपए से कम नहीं ।

1 प्रतिशत

(दो) 2 लाख रूपये से अधिक किन्तु 10 लाख रूपये तक की निविदाओं के लिए ।

0.75 प्रतिशत

(तीन) 10 लाख रूपये से अधिक किन्तु 1 करोड़ रूपये तक की निविदाओं के लिए ।

0.5 प्रतिशत

(चार) 1 करोड़ रूपये से अधिक की निविदाओं के लिए ।

(ख) नगरपालिका कार्यों की अनुमानित लागत का अधिकतम तीन प्रतिशत किसी अनुसूचित बैंक से बैंक गारण्टी के रूप अथवा अन्य किसी स्वरूप में जैसे राज्य सरकार द्वारा जैसा विशेष रूप से अनुमत्य किया जाए, निष्पादन प्रतिभूति प्रभारित करेगी । नगरपालिकाइसे स्वीकार करने के पूर्व जारी करने वाले बैंक से निष्पादन प्रतिभूति जमा के स्वरूप का सत्यापन करेगी ।।

(ग) प्रत्येक नगरपालिका माईलस्टोन की उपलब्धि पर या जैसा नगरपालिका निर्णय करे, ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्रत्येक रनिंग बिल में से ठेके के सकल मूल्य का अधिकतम 7 प्रतिशत तक सुरक्षा जमा के रूप में काटा जाएगा । 1286(55)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(घ) नगरपालिका सफल बोलीदाता को निर्माण कार्यों का ठेका सौंपने के उपरान्त प्रत्येक असफल बोलीदाता की बयाना राशि विमुक्त करेगी तथा सफल बोलीदाता द्वारा प्रस्तुत बयाना राशि नगरपालिका के साथ ठेका हस्ताक्षरित होने तक तथा निष्पादन प्रतिभूति एवं सुरक्षा जमा प्रतिधारण राशि के रूप में अंतिम बिल के भुगतान की स्वीकृति तक रोकी जाएगी ।

(2) आपूर्ति हेतु बयाना जमा एवं निष्पादन प्रतिभूति के स्वरूपः (क) नगरपालिका प्रदायकर्ता से आपूर्ति के अनुमानित मूल्य की अधिकतम 2 प्रतिशत तक डिमांड ड्राफ्ट या राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से अनुमत्य कोई अन्य फार्म के रूप में बयाना राशि प्रभारित करेगी। नगरपालिकाइसे स्वीकार करने के पूर्व जारी करने वाले बैंक से बयाना राशि जमा के फार्म का सत्यापन करेगी ।

नोटः बयाना राशि जमा की दर निम्नानुसार होगी:-

दर

विवरण

स. क्र.

(एक) 2 लाख रूपए तक की निविदाओं के लिए ।

निविदा की लागत का 2 प्रतिशत किन्तु किसी भी प्रकरण में एक हजार रूपये से कम नहीं ।

1 प्रतिशत

(दो) 2 लाख रूपए से अधिक किन्तु 10 लाख रूपये तक की निविदाओं के लिए ।

0.75 प्रतिशत

(तीन) 10 लाख रूपए से अधिक किन्तु 1 करोड़ रूपये तक की निविदाओं के लिए ।

0.5 प्रतिशत

(चार) 1 करोड़ रूपए से अधिक की निविदाओं के लिए ।

(ख) नगरपालिका सफल प्रदायकर्ता को आपूर्ति सौंपने के बाद प्रत्येक असफल प्रदायकर्ता को बयाना राशि विमुक्त करेगी तथा ठेका हस्ताक्षरित होने तक सफल प्रदायकर्ता द्वारा प्रस्तुत बयाना राशि जमा को नगरपालिका रोक कर रखेगी ।

(ग) नगरपालिका प्रत्येक सफल बोलीदाता से आपूर्ति के अनुमानित मूल्य का 2 प्रतिशत, यदि आपूर्ति किए जा रहे माल की लागत 5 लाख रूपये से कम है तथा आपूर्ति किए जा रहे माल की लागत 5 लाख रूपये एवं अधिक होने पर 1 प्रतिशत राशि निष्पादन प्रतिभूति के रूप में प्रभारित करेगी ।

(घ) नगरपालिका किसी अनुसूचित बैंक से बैंक गारण्टी के रूप अथवा अन्य किसी स्वरूप में जैसा राज्य सरकार द्वारा जैसा विशेष रूप से अनुमत्य किया जाये निष्पादन प्रतिभूति स्वीकार करेगी । नगरपालिकाइसे स्वीकार करने के पूर्व जारी करने वाले बैंक द्वारा दी गई निष्पादन प्रतिभूति के स्वरूप का सत्यापन करेगी ।

(ङ) नगरपालिका प्रत्येक आपूर्ति की गुणवत्ता जाँच सुनिश्चित करने के बाद भुगतान हेतु अंतिम बिल की स्वीकृति तक प्रतिधारण राशि के रूप में निष्पादन प्रतिभूति रोक कर रखेगी ।

(3) सेवाओं हेतु बिड सिक्यूरिटी एवं निष्पादन प्रतिभूति के स्वरूप:

(क) बिड सिक्यूरिटीः- नगरपालिका सेवा प्रदाता से सेवाओं के अनुमानित मूल्य का 2 प्रतिशत यदि सेवाओं की अनुमानित मूल्य 10 लाख रूपये से कम है या अनुमानित मूल्य का 1 प्रतिशत बिड सिक्यूरिटी के रूप में प्रभारित करेगी यदि सेवाओं की अनुमानित लागत 10 लाख रू से अधिक हो । नगरपालिकाकिसी अधिसूचित बैंक के डिमाण्ड ड्राफ्ट के रूप में या राज्य शासन द्वारा विशेष रूप से अनुमत्य किसी अन्य मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286( 56)

다

फार्म के रूप में बिड सिक्यूरिटी स्वीकार करेगी । स्वीकार करने से पूर्व नगरपालिकाजारी कर्ता बैंक द्वारा दी गई बिड सिक्यूरिटी के स्वरूप का सत्यापन करेगी ।

(ख) नगरपालिका सफल बोलीदाता को सेवाएं सौंपने के बाद प्रत्येक असफल बोलीदाता को बिड सिक्यूरिटी विमुक्त करेगी तथा नगरपालिका के साथ सेवाओं का अनुबंध हस्ताक्षरित होने तक सफल बोलीदाता की बिड सिक्यूरिटी रोक कर रखेगी ।

(ग) निष्पादन प्रतिभूतिः नगरपालिका सेवा प्रदाता से ठेके के मूल्य के अधिकतम 5 प्रतिशत तक किसी अधिसूचित बैंक द्वारा जारी बैंक गारण्टी के रूप में अथवा राज्य शासन द्वारा विशेष रूप से अनुमत्य किसी अन्य फार्म के रूप में निष्पादन प्रतिभूति प्राप्त करेगी । स्वीकार करने से पूर्व नगरपालिका जारी कर्ता बैंक द्वारा दी गई निष्पादन प्रतिभूति के फार्मके स्वरूपसत्यापन करेगी।

(घ) नगरपालिका सेवाओं के अंतिम परिदानों की गुणवत्ताजाँच सुनिश्चित करने के बाद भुगतान हेतु अंतिम बिल की स्वीकृति तक निष्पादन प्रतिभूति को प्रतिधारण राशि के रूप में रोक कर रखेगी ।

218. बिलों से प्रतिशत कटौतियों एवं नियम 217 के उपनियम (1), (2) एवं (3) में उपबंधित रूप में निष्पादन प्रतिभूति एवं सुरक्षा जमा को निर्माण कार्यों , आपूर्तियों एवं सेवाओंके निष्पादन के ठेकों के संबंध में रोकी गई प्रतिधारण राशि, यथास्थिति अंतिम बिल के तैयार होने, पारित होने तथा संबंधित ठेकों की शर्तों का पालन हो जाने तक भुगतान नहीं की जा सकेगी ।

अध्याय - बारह

वार्षिक वित्तीय विवरण एवं अंकेक्षण

219. वार्षिक लेखे.- (1 ) राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशानिर्देश के अनुसार नगर पालिका द्वारा वार्षिक वित्तीय विवरण तैयार किए जाएंगे तथा निम्नलिखित का समावेश किया जाएगाः-

(क) तुलन पत्र (बैलेंस शीट);

(ख) आय और व्यय विवरण;

नकद प्रवाह विवरण;

(ग)

(घ) प्राप्तियाँ और भुगतान लेखे;

(ङ) लेखों पर टिप्पणियाँ;

(च) जल प्रदाय , मल प्रवाह, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सेवाएं, सम्पत्तिकर संग्रहण और व्यतिक्रम और नगरपालिका की अन्य महत्त्वपूर्ण सेवाएं,एवं कृत्य संबंधी विशेष संदर्भ के साथ वित्तीय निष्पादन के संकेतक ।

(2) मुख्य नगरपालिका अधिकारी, वित्तीय वर्ष की समाप्ति उपरान्त तीन माह के भीतर, उपनियम (1 ) में संदर्भित वार्षिक वित्तीय विवरणों को तैयार कराएगा एवं अंकेक्षण के लिए अंकेक्षक को प्रस्तुत करेगा ।

(3) अंकेक्षण के पूरा होने के 15 दिनों के भीतर अंकेक्षित वार्षिक वित्तीय विवरण आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास को प्रेषित किए जाएंगे ।

220. अंकेक्षण .-

(1) अधिनियम के अधीन विहित रूप में वार्षिक वित्तीय विवरण अंकेक्षक द्वारा अंकेक्षण के अध्यधीन रहेंगे ।

(2) वित्तीय वर्ष की समाप्ति से छः माह के भीतर अर्थात् प्रत्येक वर्ष 30 सितम्बर तक वार्षिक वित्तीय विवरण का अंकेक्षण पूर्ण किया जाएगा ।

(3) (एक) इसके अतिरिक्त, उपनियम (1 ) के तहत भारत सरकार अथवा बाह्य एजेंसी की किसी भी योजना अथवा कार्यक्रम के तहत प्रदान विशिष्ट ऋण निधियाँ, अनुदान आदि के लेखों 1286(57)

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का इस संबंध में भारत सरकार अथवाबाह्यएजेंसी द्वारा जारी किए गए निर्देशों/ दिशा निर्देशों के अनुसार अंकेक्षण किया जा सकता है । (दो) इसके अलावा, लेखापरीक्षा के उप-नियम (1 ) और 3 (एक) के अंतर्गत राज्य सरकार किसी भी या सभी योजनाओं या कार्यक्रमों के लेखों की" विशेष लेखा परीक्षा" का आदेश दे सकती है और इस तरह की लेखापरीक्षा के लिए नगरपालिकाद्वारा शुल्क का भुगतान किया जाएगा ।

(4) नगरपालिका, राज्य सरकार के अनुमोदन के पश्चात् अपने आन्तरिक अंकेक्षण के लिए भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के पास सूचीबद्ध चार्टर्ड एकाउन्टेण्ट को नियुक्त कर सकता है ।

(5) नगर पालिका, अपने लेखे चार्टर्ड एकाउन्टेण्ट द्वारा वार्षिक रूप से अंकेक्षित कराएगा । यह वार्षिक लेखा परीक्षा उपरोक्त खण्ड (1 ) से (4) में उल्लिखित लेखा परीक्षा के अतिरिक्त होगी ।

221. वार्षिक प्रतिवेदन. नगरपालिका का वार्षिक प्रतिवेदन निम्न से मिलकर बनेगाः-

(क) नियम 219 (1 ) उप नियम (1 ) में संदर्भित वार्षिक वित्तीय विवरण;

(ख) अंकेक्षक कीरिपोर्ट;

(ग) वार्षिक लेखों पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी का प्रतिवेदन; और

(घ) नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी के प्रतिवेदन और अंकेक्षक की रिपोर्ट एवं अभिमत पर प्रेसीडेन्ट- इन-कौंसिल द्वारा की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन ।

अध्याय तेरह

बजट

222. बजट तैयार करने की प्रक्रिया एवं स्वरूप.-

(1 ) प्रत्येक नगरपालिका राज्य सरकार द्वाराविहित स्वरूप में वार्षिक बजट अनुमान तैयार करेगी ।

(2) अनुमान इस प्रकार तैयार किए जायेंगे जिनमें अंतिम शेष का प्रावधान किया जाएगा, जिसे वित्तीय वर्ष के अन्त तक नगरपालिका द्वारा इसके खाते में जमा रखा जाएगा । यह राशि बजट में सम्मिलित इसकी सकल वार्षिक आय की पांच प्रतिशत राशि से कम नहीं होगी ।

(3) जब भी आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास के पूर्व अनुमोदन पश्चात् आरक्षित निधि का उपयोग किया जाता है तो ऐसे उपयोग हेतु स्वीकृति में निधारित की गई अवधि के भीतर उसकी प्रतिपूर्ति की जाएंगी ।

(4) अगले वित्तीय वर्ष के लिए बजट प्रस्तुत करते समय पिछले वित्तीय वर्ष के अंतशेष में 10 प्रतिशत से अधिक घट- बढ़ होगी तो उसके कारणों हेतु एक स्पष्टीकरण की टीप भी बजट में संलग्न की जाएगी।

(5) नगरपालिकाके स्वयं के राजस्व से वार्षिक अनुमानित आय का कम से कम 25 प्रतिशत झोपड़ी क्षेत्रों के निवासियों सहित "शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएं , प्रदान करने के लिए चिन्हांकित किया जाएगा ।

टिप्पणी- इस नियम के प्रयोजनों के लिए "शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएं " के व्ययों में जल की आपूर्ति हेतु पूंजीगत एवं राजस्व खातों से जल निकासी, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जोड़ने वाली सड़कों, स्ट्रीट लाईटिंग , सार्वजनिक उद्यानों एवं खेल मैदानों, सामुदायिक एवंआजीविका (रोजगार) केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, पूर्व प्राथमिक शिक्षा केन्द्र, गरीबों के समर्थ योग्य आवास पर होने वाले व्यय सम्मिलित होंगे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(6) यदि "शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएं " के लिए एक वित्तीय वर्ष में बजट आवंटन उस वित्तीय वर्ष के अंत तक अप्रयुक्त रहता हैं, तो अप्रयुक्त बजट की समतुल्य राशि शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाओं की निधि को हस्तांतरित कर दी जाएगी तथा बाद के वर्षों में उपयोग में लाने के लिए अग्रेषित की जाएगी । " शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएं" के लिए बजट प्रावधान " व्यपगत न होने वाले" होंगे ।

223. बजट का उद्धरण. यथाशीघ्र जैसे ही परिषद द्वारा बजट को अंतिम रूप से स्वीकार किया जाता है, नगरपालिका के प्रत्येक विभाग के लिए इसका उद्धरण तैयार कर संबंधित विभाग प्रमुख को अग्रेषित किया जाएगा ।

224. बजट प्रावधान के बिना कोई भी व्यय नहीं किया जाना. कोई भी व्यय किए जाने से पूर्व राशि के आवंटन के लिए इसके संबंधित बजट शीर्ष में चिन्हित किया जाना चाहिये । जिसके लिए बजट में प्रावधान नहीं है कोई भी व्यय नहीं किया जाएगा, जब तक किः-

(क) वह बजट में सुनिश्चित बचत से पूरा किया जा सकता है ; या

(ख) (एक) नगरपालिका राज्य सरकार की ऋण ग्रस्त नहीं है और व्यय विशेष बैठक में स्वीकृत किया गया है और यदि वह अंतिम शेष को घटाकर विहित न्यूनतम से कम करता है तब आयुक्त, नगरीय प्रशासन और विकास की स्वीकृति भी प्राप्त कर ली गई हो,

(दो) यदि नगर पालिका राज्य सरकार की ऋण ग्रस्त है, तब आयुक्त नगरीय प्रशासन और विकास की स्वीकृति प्राप्त कर ली गई हो;

टिप्पणी (1) इन नियमों में अवधारित सीमाओं के अध्यधीन रहते हुए प्रेसीडेन्ट- इन-कौंसिल या प्रेसीडेन्ट-इन- कौंसिल की अनुपस्थिति में, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, आपातकालीन स्थिति में, नगरपालिका की दशा में रूपये पचास लाख की सीमा तक और नगर परिषद् की दशा में रूपये दस लाख की सीमा तक निधियों का पुनर्विनियोजन स्वीकृत कर सकेगा और प्रेसीडेन्ट- इन-कौंसिल से उसकी अगली बैठक में अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा ।

(2) पुनर्विनियोजन प्रस्ताव की आवश्यकता का जैसे ही पूर्वाभास होता है, यथाशीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा परन्तु व्यय किए जाने के पश्चात् नहीं ।

(3) इस अधिनियम के प्रावधानों के अध्यधीन रहते हुए यदि भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा किसी नई योजना एवं परियोजना की स्वीकृति के या बजट पारित होने के बाद उत्पन्न अनपेक्षित कारणों के परिणामस्वरूप किसी भी शीर्ष के अंतर्गत व्यय किए जाने हेतु निधियों की आवश्यकता होती है, नगरपालिकाएक पूरक बजट तैयार कर सकती है ।

(4) बजट अनुमान में रखी गई सामान्य संचालन योजना को जानबूझकर अलग नहीं रखा जाएगा और निर्माण कार्यों के लिए किए गए प्रावधान में से बचत को सामान्यतया राजस्व व्यय की पूर्ति के लिए पुनर्विनियोजित नहीं किया जायेगा । (5) चिन्हित अनुदान का उपयोग उसी प्रयोजन के लिए किया जाएगा जिसके लिए स्वीकृत हुआ है और उसका उपयोग अन्य प्रयोजन पर या तो अस्थायी रूप से या स्थायी रूप से , आयुक्त, नगरीय प्रशासन और विकास की पूर्व स्वीकृति के बिना नहीं किया जाएगा ।

(6) इस नियम के खण्ड़ (क) में वर्णित शब्द "बजट में" अनुमानित प्रारम्भिक शेष के ऊपर वास्तविक आधिक्य को या अनुमानित अंतिम शेष में नियत न्यूनतम शेष के आधिक्य को सम्मिलित नहीं करता है । 1286 (59)

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(7) कोई भी राशि जिसे परिषद् ने एक संकल्प द्वारा किसी विशेष प्रयोजन के लिए पृथक रखी है, उसी प्रयोजन पर उपयोग की जाएगी जिसके लिए चिन्हित की गयी है एवं किसी अन्य प्रयोजन पर अस्थायी या स्थायी रूप से परिषद की पूर्व स्वीकृति के बिना उसका उपयोग नहीं किया जायेगा । इस रीति से विशेष प्रयोजन के लिए पृथक रखी गई कोई भी राशि जब तक कि वह अव्ययित रहती है , नगरपालिका के विहित अंतिम शेष में परिवर्धन के रूप में मानी जाएगी ।

225. बजट प्रावधान के बिना भुगतान पर प्रतिबन्ध नहीं. बजट प्रावधान के अभाव में नगरपालिका द्वारा देय किसी राशि के भुगतान पर रोक नहीं होगी, ना ही संबंधित लेखा शीर्ष के अधीन वास्तविक भुगतान को अभिलिखित करने पर कोई प्रतिबन्ध होगा । बजट प्रावधान न होने के कारण कोई भी भुगतान "अग्रिम" के अन्तर्गत वर्गीकृत नहीं होगा । समस्त दायित्वों का परिसमापन किया जाएगा एवं किसी भी परिस्थिति में अगले वित्तीय वर्ष के बजट अनुदान से निर्वहन करने के लिए स्थगित नहीं रखा जाएगा और न ही भुगतान अथवा वापसियों को वित्तीय वर्ष के माह के अंतिम दिन के लिए स्थगित किया जाएगा ।

226. बजट विसंगति.- राज्य सरकार द्वारा यथा विहित प्ररूप में बजट विसंगति का प्रतिवेदन त्रैमासिक आधार पर या ऐसे समय के अन्तराल पर जैसा कि नगरपालिका द्वारा विनिश्चित किया जाए तैयार किया जाएगा और मुख्य नगरपालिका अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा जो उसे समीक्षा और समुचित निर्णय के लिए प्रेसीडेन्ट- इन- कौंसिल के समक्ष प्रस्तुत करेगा ।

अध्याय -चौदह

सार्वजनिक निजी भागीदारी

227. सार्वजनिक अधोसंरचनाएं और सेवाएं जिसमें , नगरपालिका की अधोसंरचनाएं और सेवाओं के विकास , संचालन, रखरखाव और प्रबंधन से संबंधित राज्य सरकार की किसी नीति के प्रावधानों के अध्यधीन या जारी की गई अधिसूचनाओं अथवा अन्य आदेशों के अनुसरण में नगर निगम ,अधिनियम में विहित या राज्य सरकार द्वारा समनुदेशित अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में नगरीय अधोसंरचनाओं, या सेवाओं, जल प्रदाय, जल एवं मल निकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, व्यवसायिक अधोसंरचना इत्यादि, की आपूर्ति हेतु किसी कम्पनी, फर्म, सोसायटी, न्यास, या किसी निगमित संस्था या किसी संस्थान या कोई एजेन्सी या तत्समय लागू किसी अन्य विधि के अन्तर्गत (इसमें इसके पश्चात् इनका अस्तित्व अलग-अलग और सामूहिक, निजी कार्यक्षेत्र भागीदार के रूप में संदर्भित) नगरपालिका ऐसी परियोजना के निर्माण, रख रखाव और संचालन में वित्त व्यवस्था, संबन्धी किसी परियोजना के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी अनुबन्ध, निष्पादित कर सकती है ।

228. नियम 227 में संदर्भित सार्वजनिक निजी भागीदारी व्यवस्थों में निम्नलिखित सम्मिलित किन्तु सीमित नहीं होंगेः-

(क) निर्माण-स्वामित्व-प्रचालन-हस्तांतरण अनुबन्ध ;

(ख) निर्माण-स्वामित्व-प्रचालन- संधारणअनुबन्ध ;

(ग) निर्माण और हस्तांतरण अनुबन्ध ;

(घ) निर्माण-पट्टा हस्तांतरण अनुबन्ध ;

(ङ) निर्माण - हस्तांतरण-संचालन अनुबंध;

(च) पट्टा और प्रबन्धन अनुबन्ध;

(छ) प्रबन्धन अनुबन्ध;

(ज) पुनर्वास- संचालन-हस्तांतरण अनुबन्ध;

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(60)

(झ) पुनर्वास-स्वामित्व-संचालन- संधारण अनुबन्ध;

(ञ) सेवा अनुबन्ध ; एवं

(ट) प्रदाय-संचालन- हस्तांतरण अनुबन्ध ।

229. (1) सार्वजनिक निजी भागीदारी अनुबंध में राज्य सरकार द्वारा समय- समय पर संशोधन सहित, जारी दिशा निर्देशों में विहित निबन्धन एवं शर्तों का राज्य में सार्वजनिक निजी भागीदारी से संबंधित परियोजनाओं के लिए पालन किया जाएगा ।

(2) नगरपालिका, भारत सरकार या किसी अन्यशासकीय प्राधिकारियों द्वारा सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजनाओं हेतु जारी एवं समय - समय पर संशोधित मॉडल दिशा-निर्देशों , नियमों एवं या / उपनियमों, जैसा उपयुक्त हो, पालन करेगी:

परन्तु जहाँ नियमों एवं उपनियमों के प्रावधान दिशा-निर्देशों के विरोध में हों, नियम एवं उसके बाद उपनियम अभिभावी रहेंगे ।

230. (1 ) किसी व्यक्ति के साथ कोई अनुबंध अथवा सार्वजनिक निजी भागीदारी हेतु अनुबन्ध निष्पादन करने के पूर्व, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नियम 229 (1 ) के अनुसार राज्य शासन के द्वारा निर्धारित किए गए उपायों के माध्यम से स्वयं का समाधान करेंगे कि-

(क) परियोजना की प्रकृति, कार्यक्षेत्र एवं सीमा स्पष्टरूप से परिषद् द्वारा समझ ली गई है एवं ऐसी परियोजना के भीतर अंतर्निहित कृत्यों के संबंध में अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गतनिर्वचन किया जा सकता है ।

(ख) नगरपालिका एवं निजी क्षेत्र भागीदार को एक दूसरे एवं जनता के प्रति बाध्यताओं, दायित्वों के रूप में जिम्मेदारियाँ वृहत् रूप से स्पष्ट हैं और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार हैं ।

(ग) क्या प्रस्तावित निजी क्षेत्र भागीदारी सन्निहित करने की प्रकृति के -परिणाम स्वरूप प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत कवर्ड संबंधित कृत्यों के लिए दक्षता बढ़ेगी, तथा

(घ) नियम 238 में निर्दिष्ट किए गए अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गयी है ।

(2) मुख्य नगरपालिका अधिकारी नियम 229 के अनुसार यह भी सुनिश्चित करेंगेकिः- (क) परियोजना वित्तीय दृष्टिकोण से व्यवहारिक है तथा समान परिस्थितियों में समान परियोजना की तुलना में सन्निहित निजी पार्टी के निवेश पर कुछ प्रति लाभ देती है ।

(ख) राज्य शासन या भारत सरकार से आवश्यक वित्तीय सहायता ,यदि कोई हो, पक्की है, एवं ऐसी वित्तीय सहायता के लिए आवेदन से शासन को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया है; तथा

(ग) निर्माण प्रक्रिया या संक्रियात्मक चरण के दौरान (यदि लागू हो) परियोजना की प्रगति मानीटर करने के लिए नगरपालिका के भीतर समुचित तंत्र स्थापित किया गया है ।

231. सम्भाव्यतो प्रतिवेदन तैयार करने की लागत नगरपालिका द्वारा वहन की जाएगी, जब तक कि ऐसा प्रतिवेदन केन्द्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्रवर्तित किसी योजना या कार्यक्रम के अन्तर्गत तैयार किया गया हो जिसमें सम्भाव्यता प्रतिवेदन तैयार करने की लागत के लिए निधि की व्यवस्था हो । 1286(61)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

232. (1 ) मुख्य नगरपालिका अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि नगरपालिका की प्रस्तावित प्राप्तियाँ एवं देनदारियाँ राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किए अनुसार किसी व्यक्ति या प्राधिकारी के समक्ष सूक्ष्म जाँच के लिए प्रस्तुत की गई हैं ।

(2) जहां मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने उपनियम (1 ) में वर्णित रूप में प्रक्रिया के दौरान प्राप्त हुए अभिमतों,आपत्तियों एवं सुझावों का निराकरण कर दिया हो वह राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजनाओं के संबंध में जारी मार्गदर्शन की विहित निबन्धन एवं शर्तों सहित एक प्रतिवेदन प्रेसीडेन्ट- इन- कौंसिल को प्रस्तुत करेगाः

परन्तु यह कि शब्द "निराकरण " अभिमतों, आपत्तियों एवं सुझावों को स्वीकार करने या अमान्य करने के संबंध में की गई किसी कार्यवाही के लिए प्रयोज्य होगाः

परन्तु यह और कि प्रेसीडेन्ट-इन-कौंसिल को प्रस्तुत किए गए प्रतिवेदन में उपरोक्त उपनियम (2) के प्रावधानों के अनुसार प्राप्त हुए अभिमतों,आपत्तियों एवं सुझावों के सम्मुखकी गई कार्यवाही को मुख्य नगरपालिका अधिकारी उल्लिखित करेगा ।

233. (1) कार्य की प्रकृति एवं नगरपालिका के वित्तीय दायित्व के मूल्य और नियम 239 में यथा विनिर्दिष्ट कार्य भी प्रकृति के आधार पर प्रेसीडेन्ट- इन-कौंसिल संबंधित प्राधिकारी को परियोजना के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के लिए ऐसी शक्तियां प्रत्यायोजित करेगा ।

(2) जहां नगरपालिका के वित्तीय दायित्व का मूल्य नगरपालिका परषिद् से वित्तीय स्वीकृति के लिए आवश्यक मूल्य के समान हो , प्रेसीडेन्ट- इन-कौंसिल नियम 232 के उप नियम (2) में यथा विनिर्दिष्ट किए गए अनुसार रिपोर्ट परिषद् के समय रखेगा पर आगे बढ़ने एवं कोई अभिमत, आपत्तियों या सुझावों जिनके सम्मुख मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने किसी प्रकार का निराकरण उल्लिखित किया है उसे स्वीकार या अस्वीकार करने का निर्णय लेने के लिए एक प्रतिवेदन कौंसिल के समक्ष रखेगा ।

(3) परिषद्, अधिनियम एवं नियमों में विनिर्दिष्ट प्रक्रियाओं अनुसार प्रस्तावित परियोजना के लिए स्वीकृति प्रदान करने उसे अस्वीकार करने या परियोजना को कुछ संशोधनों के साथ पुनर्विचार करने जैसा ठीक समझे संकल्प पारित करेगी ।

234. (1) यदि सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजना में व्यवहार्य अन्तराल निधि (वीजीएफ) अपेक्षित होती है नगरपालिका प्रस्ताव को राज्य सरकार के संचालक संस्थागत वित्त (पीपीपी प्रकोष्ठ) द्वारा विहित फार्मेट में सार्वजनिक निजी भागीदारी के लिए राज्य स्तर समिति को प्रस्तुत करेगी ।

टिप्पणी- व्यवहार्य अन्तराल निधि पूंजी अनुदान के रूप में दी जाने वाली वित्तीय सहायता का परिमाण है, जो परियोजना निर्माण स्तर पर एवं संचालन और संधारण अवधि के दौरान जैसा कि विनिश्चय हो एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा के अध्यधीन दी जाती है ।

(2) राज्य स्तरीय समिति द्वारा व्यवहार्य अन्तराल निधि के अनुमोदन पर, निबंधन एवं शर्तें, यदि कोई हों, संलग्न हों और या जो अनुमोदन का भाग होगा, उसका नगरपालिका द्वारा पालन किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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$235. प्रोक्योरमेंट और अनुबंध प्रबंधन के लिए नियम 142 के अंतर्गत निर्दिष्ट सार्वजनिक निजी भागीदारी केप्रोक्योरमेंटसे संबंधित नियम सार्वजनिक निजी भागीदारी अनुबंध पर लागू होंगे ।

अध्याय

पंद्रह

शक्तियों का प्रत्यायोजन

236. सामान्यः अधिनियम में विनिर्दिष्ट और इन नियमों के अध्यधीन नगरपालिका के विभिन्न संव्यवहारों का अनुमोदन या स्वीकृति देने के लिए विभिन्न अधिकारियों को प्रत्यायोजित शक्तियों का इसके नीचे उपवर्णित किया गया है ।

237. प्रशासकीय अनुमोदनः सभी निर्माण कार्यों, आपूर्तियों और सेवाओं के लिए प्रशासकीय अनुमोदन प्रदान करने हेतु विभिन्न प्राधिकारियों में इस प्रकार शक्तियाँ वेष्ठित होंगीः

नगरपालिका

प्राधिकारी

क्र.

नगरपरिषद्

रूपये पचास हजार तक

रूपये एक लाख तक

1

मुख्य अधिकारी नगरपालिका

अध्यक्ष

2

3 प्रेसीडेन्ट- इन- कौंसिल

4 नगरपालिका परिषद् रूपये पचास हजार से अधिक परन्तु रूपये दो लाख से अधिक नहीं

रूपये एक लाख से अधिक परन्तु रूपये पाँच लाख से अधिक नहीं

रूपये दो लाख से अधिक परन्तु रूपये दस लाख से अधिक नहीं

रूपये पाँच लाख से अधिक परन्तु रूपये बीस लाख से अधिक नहीं

रूपये दस लाख से अधिक परन्तु रूपये एक करोड़ से अधिक नहीं

रूपये बीस लाख से अधिक परन्तु रूपये तीन करोड़ से अधिक नहीं

समस्त शक्तियाँ

समस्त शक्तियाँ

5

आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास 238. तकनीकी स्वीकृति अंतिम विस्तृत प्लान और प्राक्कलनों के लिए तकनीकी स्वीकृति देने की प्राधिकारियों में निम्नानुसार शक्तियाँ वेष्ठित होगी: -

(एक) समस्त नवीन कार्यों के लिए

तकनीकी स्वीकृति

शक्तियाँ

क्र.

प्राधिकारी

(3)

(2)

(1)

रूपये एक लाख तक

1 सहायक यंत्री

रूपये दो करोड़ तक

2 कार्यपालन यंत्री

रूपये पाँच करोड़ तक

3 अधीक्षण यंत्री

रूपये दस करोड़ तक

4 मुख्य अभियन्ता

शर्ते

(4)

यदि विस्तृत प्राक्कलन की राशि प्रशासकीय अनुमोदन से 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होती है या 20 प्रतिशत तक कमी होती 1286(63)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

समस्त शक्तियाँ

प्रमुख अभियन्ता

5

है, तब प्राक्कलन की स्वीकृति के पूर्वपुनरीक्षित अनुमोदन, प्राप्त किया जाना चाहिए ।

(दो) समस्त मरम्मत कार्यों के लिए

तकनीकी स्वीकृति

शर्ते

शक्तियाँ

क्र.

प्राधिकारी

(4)

(3)

(2)

(1)

1 सहायक यंत्री

रूपये पचास हजार तक

2 कार्यपालन यंत्री

रूपये पाँच लाख, तक

3

रूपये पच्चीस लाख तक

अधीक्षण यंत्री

4

रूपये पचास लाख तक

मुख्य अभियन्ता

समस्त शक्तियाँ

5 प्रमुख अभियन्ता

टिप्पणी:- सहायक यंत्री के पदस्थ न होने पर तकनीकी स्वकृिति देने की शक्तियाँ कार्यपालन यंत्री को उसमें वेष्ठित शक्तियों की सीमा तक रहेंगी ।

239. वित्तीय शक्तियाँ. विभिन्न प्राधिकारियों में वेष्ठित वित्तीय शक्तियाँ निम्नानुसार हैं:-

नगरपालिका

प्राधिकारी

नगरपरिषद्

कं

मुख्य

1

रूपये पचास हजार तक

रूपये एक लाख तक

नगरपालिका अधिकारी

2 अध्यक्ष

रूपये पचास हजार से अधिक परन्तु रूपये दो लाख से अधिक नहीं

रूपये एक लाख से अधिक परन्तु रूपये पाँच लाख से अधिक नहीं

3 प्रेसीडेन्ट- इन-कौंसिल

रूपये दो लाख से अधिक परन्तु रूपये दो लाख से अधिक नहीं

रूपये पाँच लाख से अधिक परन्तु रूपये बीस लाख से अधिक नहीं

4 नगरपालिका परिषद्

रूपये दस लाख से अधिक परन्तु रूपये एक करोड़ से अधिक नहीं

रूपये बीस लाख से अधिक परन्तु रूपये तीन करोड़ से अधिक नही

5

आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास

रूपये एक करोड़ से अधिक परन्तु रूपये पच्चीस करोड़ से अधिक नहीं

रूपये तीन करोड़ से अधिक परन्तु रूपये पच्चीस करोड़ से अधिक नहीं

6

रूपये पच्चीस करोड़ से अधिक राज्य सरकार

रूपये पच्चीस करोड़ से अधिक

परन्तु, बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं, केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं, डिपाज़िट कार्य या राज्य सरकार की विशिष्ट परियोजनाओं के मामले में, राज्य सरकार, आदेश द्वारा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(64)

नगरपालिका परिषद / नगर परिषद के मुख्य नगरपालिकाअधिकारी या प्रसीडेन्ट- इन- कौंसिल को, ऐसी बढ़ी हुई वित्तीय शक्तियां, जैसा कि वह उपयुक्त समझे, अधिकृत कर सकती है । परंतु ऊपर वर्णित वित्तीय शक्तियों को निम्नलिखित के अध्यधीन ही प्रयोग में लाया जाएगा:-

240. निविदा समिति.-

(1 ) निविदा समिति निम्न से मिलकर बनेगीः-

(i) तकनीकी बोली के लिए मूल्यांकन समितिः-

अध्यक्ष

(1) संभागीय कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन और विकास

सदस्य सचिव

(2) मुख्य नगरपालिका अधिकारी

सदस्य

(3) कार्यपालन यंत्री यदि उपलब्ध हो अन्यथा सहायक यंत्री और यदि सहायक यंत्री भी उपलब्ध नहीं है तब उप-यंत्री

सदस्य

(4) उस विभाग का प्रमुख जिसके विभाग से कार्य संबंधित है ।

(ii) वित्तीय बोली के लिए मूल्यांकन समिति -

अध्यक्ष

मुख्य नगरपालिका अधिकारी

(1)

सदस्य

(2)

सचिव

कार्यपालन यंत्री यदि उपलब्ध हो अन्यथा सहायक यंत्री और यदि सहायक यंत्री भी उपलब्ध नहीं है तब उप-यंत्री

सदस्य

(3)

उस विभाग का प्रमुख जिसके विभाग से कार्य संबंधित है ।

241. निविदा स्वीकृतिः निर्माण कार्यों, माल और सेवाओं की निविदाओं की स्वीकृति निम्नानुसार होगी:-

(अ) एकल स्रोत अधिप्राप्तिः प्रेसीडेन्ट- इन- कौंसिल की स्वीकृति से इन नियमों के नियम 90 तथा नियम 119 के अनुपालन के अध्यधीन अधिकतम रूपये एक लाख तक ।

(ब) विज्ञापित निविदा के लिए नियम 239 में प्राधिकारियों में वेष्ठित वित्तीय शक्तियों की सीमा तक; एवं

(स) नगरपालिका राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुसार केन्द्र प्रवर्तित या राज्य समर्थित कार्यक्रम के लिए राज्य स्तरीय तकनीकी समिति से स्वीकृति लेगी । प्राधिकारियों में प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियों की शक्तियाँनियम 239 के अनुसार वेष्ठितहोंगी ।

242. वार्षिक दर संविदा. नैत्यिक, सामान्य, साधारण मरम्मत कार्यों के लिए नगरपालिका वार्षिक रेट कान्ट्रैक्ट की निविदाएँ, राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग के वर्क्स मैन्यूअल के प्रावधानों के अनुपालन में आमंत्रित कर सकती है । वार्षिक रेट कान्ट्रैक्ट नगरपालिका और ठेकेदार यां प्रदायकर्ता या सेवा प्रदाता के बीच एक अनुबंध होगा कि तेके में कवर्ड वित्तीय वर्ष में विनिर्दिष्ट मूल्य पर यथास्थिति ठेकेदार द्वारा कार्य सम्पादित किया जाएगा या प्रदायकर्ता द्वारा माल, सामग्री एवं सेवाओं का प्रदाय किया जाएगा । ऐसे कार्य या प्रदाय के प्रभारी अधिकारी द्वारा कार्य या सामग्री प्रदाय की मांग पृष्ठांकित करने के पश्चात् मुख्य नगरपालिका अधिकारी कार्यों या सामग्री प्रदाय करने के लिए आदेश जारी करेगा ।

243. विभिन्न श्रेणियों की नगरपालिकाओं के लिए वार्षिक दर संविदा की शक्तियाँ निम्नानुसार रहेंगी:-

1286(65) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

व्यय

नगरपालिका वर्गीकरण

क्र.

(3)

(2)

(1)

रूपये पच्चीस लाख नगरपालिका

1

रूपये दस लाख

नगर परिषद

2

244. ऐसी मदें जिन पर मद या वार्षिक आधार पर दर संविदा पर कराने के लिए नगरपालिका विचार कर सकेगीः-

(अ) निर्माण एवं निर्माण सामग्री की आपूर्ति के लिए :

(एक) डब्ल्यू.बी.एम सड़क का पैच रिपेयरकार्य ;

(दो) सड़क का पैच रिपेयरकार्य ;

(तीन) प्रबलित सीमेन्ट कांक्रीट/सीमेन्ट कांक्रीट सड़क का मरम्मत कार्य;

(चार) क्षतिग्रस्त पुल, पुलियों का मरम्मत कार्य;

(पांच) क्षतिग्रस्त नाली (ईंट द्वारा निर्मित नाली, पत्थर की नाली , आरसीसी नाली अर्ध गोलाकार पाइप नाली, वी - शेप नाली इत्यादि) का मरम्मत कार्य;

(छह) भवनों की मरम्मत का कार्य;

(सात) हेण्ड पम्प और सामान्य कार्य के मरम्मत कार्य;

(आठ) जल प्रदाय पाइप लाइन तथा सामान्य कार्य;

(नौ) विद्युत् उपकरण का मरम्मत कार्य और सामान्य कार्य;

(दस) सामग्री जो उपकरणों की मरम्मत और सामान्य कार्य के उपयोग में आती हैं । (ब) सेवाओं के लिए:

(एक) अधिकारिक बैठकों/ कार्यशालाओं में जलपान परोसना;

(दो) बैठकों/सम्मेलनों / संगोष्ठियों/ कार्यशाला के दौरान दोपहर का भोजन देना;

(तीन) राष्ट्रीय और राज्यकीय त्यौहारों के अवसर पर व्यय ;

(चार) समारोह और विशेष अवसरों पर व्यय ;

(पांच) टेंट हाउस सेवाओं एवं फूल विक्रेताओं की सेवा लेना, तथा मिठाई का वितरण;

(छह) कार्यालयीन लेखन- सामग्री, रंगीन / ब्लैक एंड व्हाईट फोटो कॉपी तथा दस्तावेजों की स्पाइरल बाइंडिंग;

(सात) फिटिंग, मरम्मत तथा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक वस्तु में बदलाव;

(आठ) झंडा, निमंत्रण पत्र, पर्चे और बोर्ड;

(नौ) कंप्यूटर मरम्मत और संबंधित आइटम्स;

(दस) उपकरणों का नवीनीकरण , फर्नीचर एवं फिटिंग्स;

(स) वार्षिक रखरखाव प्रभार.- स्ट्रीट लाइट स्थानों, नगरपालिका कार्यालय के एयर कंडीशनर, एयर कूलर, फ्रिज, छपाई मशीन , फोटो कॉपी मशीन, टेलीफोन, इलेक्ट्रॉनिक. आइटम्स, फर्नीचर एवं फिटिंग्स के लिए नगरपालिका के बजट में निर्धारित एवं संबंध में नियम 239 के तहत विभिन्न प्राधिकारियों को शक्तियों के प्रत्यायोजन के अनुसार । 245. ठेकों के क्रियान्वयन की रीति.-

(1) नगरपालिका की ओर से मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा निष्पादित किए जाने वाला प्रत्येक ठेका अनुबन्ध ऐसे स्वरूप में सम्पादित किया जाएगा जो कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर बन्धनकारी होगा, यदि ऐसा ठेका (अनुबन्ध) उसके स्वयं की ओर से किया गया होता । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286( 66 )

(2) ठेके पर दिए गए प्रत्येक कार्य के लिए ठेके की निबन्धन एवं शर्तें और शास्तियाँ , जिसके लिए ठेकेदार/ वेन्डर भागी होगा, यदि वह ठेके की किसी शर्त का पालन करने में असफल रहता है, को विनिर्दिष्ट करते हुए अनुबन्ध स्टाम्प पेपर पर तैयार किया जाएगा ।

246. भंडार से संबंधित शक्तियाँ.- आधिक्यया अनुपयोगी भंडार की घोषणा, अपलेखन तथा निपटान के लिए प्राधिकारी और तत्स्थानी शक्तियाँ निम्नानुसार होंगीः-

शक्तियाँ

प्राधिकारी

विवरण

क्र.

(4)

(3)

(2)

(1)

नगरपालिका

मुख्य

(1)

अधिकारी

नियम 239 में प्राधिकारी में वेष्ठित वित्तीय शक्तियाँ समस्त शक्तियाँ

प्रेसीडेन्ट- इन-

कौंसिल

सिवाय उनके जो आधिशेष या वाहनों के स्पेयर पार्टस सहित भंडार को घोषित करने संबंधी आदेश जारी करना, अनुपयोगी नहीं है और हानि के अन्तर्ग्रस्त नहीं हैं

समस्त शक्तियाँ

स्टाकके मूल्यह्रास के कारण हानियाँ

(2)

मुख्य नगरपालिका अधिकारी

समस्त शक्तियाँ

(3)

मुख्य नगरपालिका अधिकारी

चोरी या व्यक्तिगत लापरवाही के कारण भंडार की हानि का अपलेखन

समस्त शक्तियाँ

बोलीदाताओं को भंडार का विक्रय

(4)

मुख्य अधिकारी नगरपालिका

टिप्पणी:मुख्य नगरपालिका अधिकारी अपनी शक्तियों का उप-प्रत्यायोजन नगरपालिका के किसी भी अधिकारी को उस सीमा तक, जैसा कि वह उचित समझे ।

247. मुख्य नगरपालिकाअधिकारी के विशेष कार्य.-

(1) अधिनियम द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी को दिए गए या आरोपित कृत्यों या कर्त्तव्यों अथवा किसी प्रकार की वेष्ठित शक्तियों का मुख्य नगरपालिका अधिकारी के नियंत्रण के अंतर्गत सम्पादन, निष्पादन या निर्वहन किया जा सकेगा एवं उसके पर्यवेक्षण में ऐसी स्थितियों और सीमाओं, यदि कोई हों, जैसा वह उचित समझे किसी नगरपालिका अधिकारी से कराया जा सकता हे जिसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी इस पक्ष में सामान्य या विशेष रूप से लिखित में प्रत्यायोजित किया जा सकेगा ।

(2) प्रत्यायोजन या उप प्रत्यायोजन उप नियम (1 ) मे विहित, इच्छा पर प्रतिसंहरण योग्य होगा और नगरपालिका को किसी प्रकरण पर कार्यवाही करने से निवारित नहीं करेगी । (3) नगरपालिका के एक कार्यपालक को यदि शक्ति प्रत्यायोजित की गई है, तब वह मुख्य नगरपालिका अधिकारी के प्रति शक्तियों का प्रयोग दक्षता और प्रभावी ढंग से करने के लिए उत्तरदायी होगा ।

अध्याय-सोलह

लेखा एवं वित्तीय कर्त्तव्यों का उत्तरदायित्व

248. सामान्य.- अधिनियम के प्रावधानों के अध्यधीन लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख नगरपालिका के लेखा एवं वित्त विभाग के कर्त्तव्योंके प्रभारी अधिकारी होंगे ।लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख की ऐसी अनुपस्थिति में लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख के सभी कर्त्तव्य लेखापाल में वेष्ठित 1286(67)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

होंगेतथा दोनों की अनुपस्थिति में लेखा एवं वित्त विभाग के कर्त्तव्यों को मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा सम्पादित कराया जाएगा ।

249. (1) जहाँ तक संभव हो नगरपालिका के लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख लेखा एवं वित्त विभाग की पृष्ठभूमि वाला एक अधिकारी होना चाहिये जो मुख्य नगरपालिका अधिकारी को सीधे रिपोर्ट करेगा ।

(2) जहाँ तक संभव हो लेखा एवं वित्त विभाग के स्टाफ वाणिज्यिक लेखाकरण एवं कम्प्यूटर का कार्य साधक ज्ञान होना चाहिये । यदि आवश्यक हो, कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ।

वित्त एवं लेखा विभाग के प्रमुख के मुख्य कर्तव्य.-

250.

(1 ) लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख नगरपालिका के समग्र वित्तीय प्रशासन हेतु उत्तरदायी होगा ।

(2) लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख निम्न के लिए उत्तरदायी होगा ।

(क) नियमों में विहित प्रक्रियांओं के अनुसार परिशुद्धढंग से एवं नियमित आधार पर वित्तीय लेन-देनों के अभिलेखों का संधारण करना;

(ख) भुगतान के पूर्व भुगतान व्हाउचर्स के विवरणों का सत्यापन करना;

(ग) सभी व्हाउचर्स में लेखा शीर्ष एवं लेखा कोड सहित सभी विवरणों का सत्यापन करना;

(घ) प्रभावित की जाने वाली सभी कटौतियों एवं वसूलियों तथा केवल निवल राशि के भुगतान किए जाने की जांच करना;

(ङ) प्रत्येक दिन के अंत में आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ पारित करना;

(च) राजस्व एवं पूंजीगत लेन देनों में दो वित्तीय वर्षों में लेन-देनों के प्रभाव के मध्य यथोचित विभेद किया जाना सुनिश्चित रखना;

(छ) इन नियमों के प्रावधानों के अनुसार नियमित आधार पर लेखा पुस्तकों का संधारण करना;

(ज) वार्षिक रूप से एवं ऐसी अवधि हेतु जो आवश्यक हो वित्तीय विवरणों को तैयार करना;

(झ) कैश बुक के अनुसार नकद शेष का भौतिक सत्यापन करना;

(ञ) सभी सांविधिक अनुपालन सुनिश्चित करना एवं सभी सांविधिक देयों का समय पर भुगतान (उदाहरण के लिए सेवा कर करना, टी.डी.एस. की कटौती, मूल्यवर्धित कर अर्थात वैट, स्थानीय कर तथा समय समय पर केन्द्र अथवा राज्य सरकार द्वारा आरोपित प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करों की कटौती एवं संबंधित प्राधिकारी को प्रेषण करना);

(ट) राज्य सरकार से प्राप्त अनुदानों के लिए प्ररूप 40 में विहित रूप में उपयोगिता प्रमाण पत्रों को तैयार करना;

(ठ) तीन से अधिक वर्षों से प्रचालित न किए जा रहे बैंक खातों के लिए स्पष्टीकरणात्मक तथ्यात्मक विवरण देकर बंद करने हेतु अनुशंसा करना;

(ढ) भविष्य निधि एवं नियोक्ता पेंशन योजनाओं का त्रैमासिक रूप से सत्यापन एवं उपयुक्त प्रबंधन सुनिश्चित करना;

(ण) उधार देने वाले विभागों के प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारियों के संबंध में पेंशन अंशदान एवं आवकाश वेतन अंशदान का भुगतान सुनिश्चित करना;

(न) नगरपालिका के सभी बैंक खातों का अगले माह की 10 तारीख तक पुनर्मिलान कर लेखा पुस्तकों में आवश्यक समायोजन सुनिश्चित करना;

(य) यदि नकद अथवा भण्डार में किसी प्रकार के गबन का पंता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी , प्रेसिडेन्ट- इन- कौंसिल एवं संचालक, स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरंत सूचित करना; तथा

(र) अन्य कर्त्तव्य जो इन नियमों में विहित किए गए हों । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(68 )

251. व्यय प्रबंधन.- लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख व्यय के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी होंगे एवं यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएंगे:-

(क) भुगतान हेतु निधियों का स्वीकृति, प्राधिकार देने की प्रक्रिया सहित, व्यय नियत्रंणकी प्रणाली संधारित हैः

(ख) पर्याप्त प्रबंधन, एवं सूचना प्रणाली निम्न हेतु संधारित है :

(एक) व्यय जब हो उसे मान्य करने हेतुः

(दो) किए गए भुगतानों हेतु लेखे रखना;

(तीन) भुगतान योग्य या लेनदारों हेतु लेखे ;

(ग) भुगतान योग्य या लेनदारों के संबंध में एक आंतरिक नियंत्रण प्रणाली संधारित है । (घ) भुगतान केवल अकाउन्ट पेयी चैक या डिमाड ड्राफ्ट या पे आर्डर अथवा इलेक्ट्रानिक अंतरण के माध्यम से किए जाएंगे, अपवाद स्वरूप परिस्थितियों में मुख्य नगरपालिका अधिकारी के स्वीकृति से अधिकतम पाँच सौ रूपये की नकद राशि का भुगतान किया जाएगा ।

(ङ) करों , शुल्कों, पेंशन, ऑडिट फीस अथवा अन्य वैधानिक देयों का भुगतान।

252. बजट क्रियान्वयन. लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख यह सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी एवं यथोचित उपाय उठाने हेतु उत्तरदायी होंगेकिः-

(क) निधियों का बजट प्रावधानों के अनुसार तथा सही बजट शीर्ष में व्यय किया

जावे;

(ख) राजस्व प्राप्ति एवं व्ययों की उचित मॉनीटरिंग की गई है;

(ग) जब बजट में प्रक्षेपित की अपेक्षा राजस्व कम प्राप्त होना प्रत्याशित हो व्यय कम किया गया है;

घ) किसी भी स्थिति में निधियों का व्यपवर्तन नहीं होगा । आपात स्थिति में यदि ऐसा..

( किया जाना अनिवार्य हो तो सक्षम अधिकारी से स्वीकृति लीगई है एवं निधियाँ मूल बजट शशीर्ष में वापस अंतरित की गई हैं जिससे उपयोग की गई थीं ।

253. वित्तीय प्रतिवेदन. वित्त एवं लेखा विभाग के प्रमुख मुख्य नगरपालिका अधिकारी के माध्यम से प्रेसिडेंन्ट- इन-कौंसिल को बजटीय एवं अन्य वित्तीय प्रतिवेदन जिनमें किसी समय विशेष पर आई वित्तीय कठिनाईयाँ उद्भूत हों ,सूचित करेगाजिसमें सम्मिलित होंगे-

(क) कोई आसन्न या वास्तविक कठिनाइयाँ-

(एक) राजस्व प्राप्तियों का कम संग्रहण;

(दो) बजट राजस्व में गिरावट;एवं

(तीन) अधिनियम में प्रावधान के अनुसार किसी बैंक खाते से एक माह से अधिक अवधि के लिए निकाले गए अधिविकर्ष ।

(ख) वित्तीय कठिनाइयों को दूर करने के लिए उठाये गए कदम-

254. लेखापाल के कर्तव्य.-

(1 ) लेखापाल निम्नलिखित के लिए विशेष रूप से उत्तरदायी होगा-

(क) भुगतान के पूर्व भुगतान व्हाउचर्स के विवरणों का सत्यापन करना,

(ख) सभी व्हाउचर्स में लेखाशीर्ष एवं लेखाकोड सहित सभी विवरणों का सत्यापन करना;

(ग ) प्राप्त हुए चैक्स अथवा नकद का सत्यापन एवं निर्धारित प्रपत्र में रसीदें देना;

(घ) ऋणों एवं अग्रिमों का उचित शीर्षों में लेखांकन सुनिश्चित करना;

(ङ) नकद का भौतिक सत्यापन करना;

(च) कैश बुक एवं बैंक बुक का संधारण सुनिश्चित करना;

1286 (69)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(छ) नगरपालिका के सभी बैंक खातों का अगले माह की 10 तारीख तक पुनर्मिलान कर लेखा पुस्तकों में आवश्यक समायोजन सुनिश्चित करना; एवं

(ज) यदि नकद अथवा भण्डार में किसी प्रकार के गबन का पता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी, प्रेसिडेन्ट- इन- कौंसिल एवं संचालक, स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरंत सूचित करना ।

(2) उपरोक्त कर्तव्यों के अतिरिक्त उन दायित्वों का निर्वाह करना जो नियम 250 के उपनियम 2 में वर्णित किए गए है । बशर्ते कि लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख की अनुपस्थिति में लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख के सभी कर्तव्यलेखापाल में निहित होंगे ।

255. कैशियर के कर्तव्य. कैशियरके कर्तव्य निम्नानुसार होंगे-

(क) प्राप्त चैक एवं नकद का सत्यापन करने के उपरान्त दैनिक आधार पर निर्धारित प्रपत्र में रसीदें जारी करना;

(ख) सभी व्हाउचर्स में लेखा शीर्ष एवं लेखा कोड सहित सभी विवरणों का सत्यापन करना;

(ग) कैशबुक एवं बैंक बुक्स का संधारण सुनिश्चित करना;

(घ) हस्तगत कैश एवं चैक बुक्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना;

(ङ) प्राधिकृत अधिकारी द्वारा स्वीकृतबिलों का भुगतान करना;

(च) सभी राशियों को (प्राप्त होने वाली नकद राशि अथवा चैक प्राप्ति) जितनी जल्दी संभव हो एवं उनकी प्राप्ति के अगले कार्य दिवस तक बैंक में जमा करना;

(छ) गुमशुदा, नष्ट, कालातीत या अप्रचलित चैक्स के विवरण निर्धारित प्रपत्र में संधारण करना;

(ज) नगरपालिका के सभी बैंक खातों का अगले माह की 10 तारीख तक पुनर्मिलान कर लेखा पुस्तकों में आवश्यक समायोजन सुनिश्चित करना;

(झ) कैश एवं बैंक बुक्स बंद कर संतुलन कर हस्ताक्षर करना;

(ञ) यदि नकद अथवा भण्डार में किसी प्रकार के गबन का पता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी , प्रेसिडेन्ट- इन- कौंसिल एवं संचालक स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरंत सूचित करना ; और

(ट) इन नियमों के अंतर्गत वर्णित कोई कार्य ।

256. अन्य समस्त विभागों के प्रमुखों के कर्तव्य. नगरपालिका में समस्त विभाग प्रमुखों की लेखा एवं वित्त विषयों के संबंध में उत्तराायित्व निम्नानुसार होंगे-

(क) आय एवं व्यय से संबंधित लेखे संधारित करना एवं सांवधिक विवरण प्रत्येक माह की पांचवीं तारीख तक लेखा एवं वित्त विभाग को द्वारा सत्यापन हेतु' प्रस्तुत करना;

(ख) विभागीय बजट तैयार करने के लिए आय और व्यय से संबंधित डेटा, लेखा एवं वित्त विभाग को उपलब्ध कराना;

(ग) उसके विभाग द्वारा शहरी गरीबों के लिए मूल नगरीय सेवाओं हेतु व्यय के संबंध में बजट प्रावधान हेतु राशि प्रस्तावित करना एवं आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में सम्मिलित करने हेतु नये प्रस्ताव देना;

(घ) उसके विभाग द्वारा अनुबन्धित कार्यों और सेवाओं हेतु प्राप्त बिलों की जाँच करना तथा उपयुक्त पाये जाने पर उन्हें अपनी अनुशंसा के साथ लेखा एवं वित्त विभाग को भुगतान के लिए भेजना;

(ङ) लेखा एवं वित्त विभाग को संभूति आधारित दोहरी लेखा प्रणाली के लिए आवश्यक दस्तावेज, डेटा या जानकारी उपलब्ध कराना;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (70)

(च) यदि नकद अथवा भण्डार में किसी प्रकार के गबन का पता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी, प्रेसिडेन्ट- इन-कौंसिल एवं संचालक स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरंत सूचित करना; एवं

(छ) अन्य कोई कर्त्तव्य जो इन नियमों में वर्णित हों ।

257. मुख्य नगरपालिका अधिकारी के कर्तव्य. नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी के वित्तीय एवं लेखाकरण प्रबंधन से संबंधित निम्नलिखित कर्त्तव्य होंगे:-

(क) वार्षिक वित्तीय विवरण तैयार करना तथा ऐसे दस्तावेज प्रेसिडेन्ट- इन-कौंसिल के माध्यम से कौंसिल के समक्ष प्रस्तुत करना;

(ख) सभी सांविधिक अनुपालनएवं सभी सांविधिक देयों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना (उदाहरण के लिए सेवा कर, टी.डी.एस. की कटौती, मूल्यवर्धित कर अर्थात वैट, स्थानीय कर तथा समय समय पर केन्द्र अथवा राज्य सरकार द्वारा आरोपित प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करों की कटौती एवं संबंधित प्राधिकारी को प्रेषण करना) ;

(ग) भुगतान स्वीकृत करने के पूर्व भुगतान व्हाउचर्स के विवरणों का सत्यापन करना;

(घ) इन नियमों में विहित प्रक्रियाओं एवं अधिनियम के प्रावधानों के अनुसरण में जो व्यय बजट से आच्छादित न हो उस व्यय को पुनर्विनियोजित करना;

(ङ) कैश एवं बैंक बुक्स का संधारण एवं सभी बैंक खातों का बैंक पास बुक्स या बैंक स्टेटमेण्ट्स के साथ मासिक आधार पुनर्मिलान करना;

(च) कौंसिल के स्वीकृति से किन्हीं अधिसूचित बैंकों में नवीन खाते खोलना;

(छ) कौंसिल के स्वीकृति से तीन से अधिक वर्षों से प्रचालित न किए जाने वाले खाते को बंद करना;

(ज) कौंसिल के स्वीकृति से अधिशेष निधियों की इन नियमों में विहित प्रक्रियाओं एवं अधिनियम के प्रावधानों के अनुसरण में निवेश की व्यवस्था करना;

(झ) नगरपालिका की सभी प्राप्तियों एवं भुगतानों का लेखाकरण , लेखाओं की पुस्तकों का संधारण , करों, किराया , फीस तथा उपभोक्ता प्रभारों के संबंध में संभावित प्राप्तियों एवं संग्रहणों का पुनर्मिलान करना;

(ञ) स्थायी परिसंपत्तियों एवं भण्डार की सूची का भौतिक सत्यापन वर्ष में कम से कम एक बार सुनिश्चित करना;

(ट) यदि नकद अथवा भण्डार में किसी प्रकार के गबन का पता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे मुख्य नगरपालिका अधिकारी , प्रेसिडेन्ट- इन- कौंसिल एवं संचालक स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरंत सूचित करना; एवं

(ठ) अन्य कोई कर्त्तव्य जो इन नियमों में वर्णित हो ।

अध्याय- सत्रह विविध

258. गबन.-

(1) जब कभी नगरपालिका निधि या सम्पत्ति के गबन, चोरी या अन्य रीति से हानि होना पाये जाने अथवा ऐसा होने का संदेह हो , इसकी सूचना लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख या लेखा अधिकार या संबंधित विभाग के प्रमुख की सलाह पर तत्काल मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा प्रेसिडेन्ट- इन-कौंसिल तथा संचालक, स्थानीय निधि एवं संपरीक्षा को दी जाएगी । किसी प्रकार के गबन अथवा संदिग्ध हानि का प्रकरण प्रेसिडेन्ट- इन-कौंसिल की अगली बैठक में भी रखा जाएगा । मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा प्रकरण की पूर्ण रूप से जांच की जाएगी एवं यह गबन की गई कुल राशि , वह तरीका जिसके द्वारा गबन किया गयातथा राशि की वसूली एवं दोषी के 1286(71) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

विरूद्धदण्ड देने के लिए उठाये गए कदम का विवरण देकर विस्तृत प्रतिवेदन कौंसिल को प्रेषित करेगा । यदि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो कि प्रकरण गबन, चोरी या अन्यथा है तो मुख्य नगरपालिका अधिकारी प्रचलित वाद को छोड़कर संज्ञेय अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करेगा, यदि अपराध असंज्ञेय प्रकृति का है तो न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया जाएगा ।

(2) जब ऐसे गबन की जानकारी प्राप्त हो 15 दिवस के भीतर प्रेसिडेन्ट- इन-कौंसिलतथा संचालक , स्थानीय निधि एवं संपरीक्षा को प्रपत्र-46 अनुसार सूचना दी जायेगी ।

(3) समस्त प्रकरण जिनमें हानि रूपये 5,000 /- से अधिक सन्निहित है, मुख्य नगरपालिका अधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार के ध्यान में लाये जाएगे ।

259. (1 ) आकस्मिक व्यय. प्रेसिडेन्ट- इन- कौंसिल आपदा स्थिति से निपटने के लिए यथोचित रूप से आवश्यक व्यय कर सकता है अवं अनुमोदित कर सकता है, निम्न के संबंध में ऐसे व्यय करने और उनका अनुमोदन करने के लिए मुख्य नगरपालिका अधिकारी को शक्तियाँ उप-प्रत्यायोजित कर सकता है:-

(क) आपदा के समय अग्नि शमन सेवाऐं, आपातकालीन चिकित्सा सेवाऐं, खोज एवं बचाव कार्य, जल आपदा से बचाव, सहायता एवं लोगों की संपत्तियों को बचाने सहित किन्तु दंगा भड़कने पर नागरिक बचाव, बाढ़ , भूकम्प, आंधी तूफान, मोटर वाहन दुर्घटना अन्य प्राकृतिक आपदाऐं जो प्रशासन के नियंत्रण से परे हो, तक सीमित नहीं होंग

. तथा

(ख) किसी महत्वपूर्ण तथा अति महत्वपूर्ण व्यक्ति के प्रवास के दौरान व्यवस्थाओं एवं कार्यों को नगरपालिकाद्वारा किया जाना आवश्यक हो;

तथा

(ग) अन्य कोई विशेष व्यवस्थाऐं जो उप नियम (1 ) कंडिका अ एवं ब के अनुपालन के लिए आवश्यक हों ।

आपातकालीन व्यय के होने के बाद विस्तृत विवरण का लेखाकरण किया जाएगा एवं ऐसे व्यय के परिणाम आपात स्थिति समाप्त होने के बाद प्रेसिडेन्ट- इन- कौंसिल के समक्ष जैसा उपयुक्त माना गया हो ,समीक्षा एवं संपुष्टि के लिए रखे जायेंगे । नगरपालिका अधिकारी किए गए व्यय हेतु एक संक्षिप्त स्पष्टीकरणात्मक वृतांत प्रेसिडेन्ट- इन-कौंसिल को उपलब्ध कराएगा ।

(2 ) किसी जनसमारोह आदि पर किए जाने वाले अधिकतम व्यय.- नगरपालिका स्वयं के स्रोतों से पूर्व वित्त वर्ष में अर्जित होने वालें राजस्व की अधिकतम 2 प्रतिशत की सीमा तक जन समारोह, मनोरंजन अथवा प्रदर्शनी आदि के लिए निम्नानुसार व्यय कर सकेगीः-

प्रदर्शनी नगरपालिका

जनसत्कार समारोह

मनोरंजन

25 हजार रूपये 50 हजार रूपये

25 हजार रूपये

25 हजार रूपये

नगरपालिकापरिषद्

15 हजार रूपये

20 हजार रूपये 30 हजार रूपये 15 हजार रूपये

नगरपरिषद्

नोटः- (1 ) उपरोक्त तालिका में दी गई राशि , प्रदर्शनी आदि से यदि कोई वास्तविक आय, यदि हुई हो, के अतिरिक्त होगी

(2) "स्वागत समारोह" से अभिप्रेत एक या अधिक विशेष अदिनांकयों के स्वागत हेतु व्यवस्थित या किसी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के स्वागत या अभिनंदन करने के लिए मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (72)

विशेष रूप से विचारित सामाजिक प्रसंग के आयोजन से है जिसमें भोजन, पेय आदि परोसा जाता है ।

(3) "प्रदर्शनी" से अभिप्रेत सार्वजनिक नुमाईश के आयोजन से है जिसमें आदर्श व्यवहार के रूप में नगरपालिका अथवा राज्य सरकार द्वारा लोगों को कलात्मक कार्यों, दस्तकारी , खेतों में अथवा फैक्टरियों में उत्पादित सामग्री का प्रदर्शन सामान्य हित के उद्देश्य से किया जाए ।

(4) "मनोरंजन" से अभिप्रेत स्पर्धा, खेलकूद, सामाजिक अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित कोई प्रदर्शन या नुमाइश ।

(5) "समारोह" से अभिप्रेत ऐसे विशेष परम्पराओं के साथ औपचारिक लोक आयोजन से है जो, कार्यों अथवा परम्परागत अथवा धार्मिक आयोजन के लिए शासकीय समारोह के रूप में नये भवनों के उद्घाटन, खोलने आदि अथवा भवनों के निर्माण के लिए शिलान्यास के समय आयोजित किए जायें । यह आयोजन किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति की प्रशंसा में सम्मान स्वरूप अथवा स्मृति स्वरूप आयोजित किए जाएं ।

(6) दो या दो से अधिक समारोह एक ही स्थान व समय पर आयोजित किए जाने की स्थिति में, उपरोक्त तालिका में वर्णन अनुसार अधिकतम 75 प्रतिशत का व्यय विस्तारित किया जा सकेगा ।

260. लेखा अभिलेखों का नष्ट किया जाना.- कैश बुक, बैंक बुक, जर्नल बुक, स्टाक रजिस्टर, वेतन रजिस्टर, ऋण एवं अग्रिम रजिस्टर को छोड़कर, नगरपालिका द्वारा राज्य शासन द्वारा विहित की गई प्रक्रियाओं एवं पद्धति के अनुपालन में लेखाओं से संबंधित अभिलेखों का विनिष्टिकरण किया जासकेगा ।

261. वार्षिक वित्तीय विवरणों तथा बजट का प्रकाशन. मुख्य नगरपालिका अधिकारी अंकेक्षित वार्षिक वित्तीय विवरण तथा स्वीकृतबजट का प्रकाशन अपनी वेबसाईटया नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की वेबसाईट पर प्रकाशित पर करेगा यदि नगरपालिका की अपनी वेबसाईट नहीं है । वाद एवं अभियोजन-

262. वाद पंजी. नगरपालिका को इसके द्वारा या इसके विरूद्धदायर किए गए व्यवहार वाद की नियमित प्रगति पर निगरानी के लिए प्रत्येक नगरपालिका के कार्यालय में प्रपत्र 47 में एक वाद पंजी संधारित की जाएगी । नगरपालिका के विधि एवं सामान्य प्रशासन विभाग का प्रभारी अधिकारी इस पंजी के संधारण के लिए उत्तरदायी होगा । मुख्य नगरपालिकाअधिकारी अथवा उनके द्वारा नियुक्त किसी अधिकारी द्वारा प्रतिमाह इस पंजी का निरीक्षण किया जायेगा । 263. अभियोजन पंजी.- अधिनियम, इसके अधीन बनाये गए नियमों, उप नियमों या अन्य अधिनियम के अंतर्गत दायर किए गए सभी अभियोजन प्रपत्र 48 में प्रविष्ट किए जायेंगे । इसमें न्यायालयों के आदेश एवं अधिरोपितशास्ति की राशि प्रत्येक प्रकरण के विरूद्धअंकित की जायेगी । यह पंजी नगरपालिका के विधि एवं सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी अधिकारी द्वारा संधारित की जाएगी ।

264. नियमों का निर्वचन. यदि इन नियमों के प्रावधानों के निर्वचन के संबंध में यदि कोई प्रश्न उपस्थित होताहै तोइसके निराकरण हेतु प्रकरण राज्य सरकार को भेजा जायेगा, तथा प्रकरण में राज्य सरकार का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।

265. प्रपत्र , प्रारूप, प्रक्रियाओं आदि निर्धारित करने की राज्य सरकार की शक्तियाँ.-

(1) इन नियमों के अंतर्गत नगरपालिकाओं द्वारा संधारित किए जाने वाले फार्म्स , फार्मेट्स, प्रक्रियाएं एवं नगरपालिकाओं द्वारा वित्तीय विवरण , प्रतिवेदन आदि तैयार करने एवं प्रस्तुत किए जाने के संबंध राज्य सरकार विस्तृत दिशा- निर्देश , परिपत्र, मैन्युअल, आदेश आदि में राज्य सरकार यथा आवश्यक समझे जारी कर सकेगी । 1286(73)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(2) इन नियमों का उचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार समय-समयपर जो अधिनियम के प्रावधानों से असंगत न हों, यथोचित दिशा-निर्देश,. स्पष्टीकरण या अनुदेश आदि जो उचित समझे जारी कर सकेगी ।

266. शिथिलिकरण. इन नियमों का कोई प्रावधान किसी कारण से, जो स्पष्ट किया जाएगा, राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति से शिथिल किया जा सकेगा ।

267. निरसन एवं व्यावृत्ति.-

(1 ) मध्यप्रदेश नगरपालिका लेखा नियम, 1971 सार्वजनिक स्वागत समारोह इत्यादि पर व्यय की अधिकतम लागत के संबंध में नियम अशोध्य राशियों के संबंध में नियम मध्यप्रदेश नगरपालिका द्वारा धन का उधार लिया जाना नियम, 1974 एवं मध्यप्रदेश नगरपालिका (बजट अनुमान) नियम, 1962 एतद्द्वारा निरसित किए जाते हैं ।

(2) इन नियमों के समरूपी पूर्व प्रवृत्त समस्त नियम ,उपनियम अथवा आदेश इन नियमों के प्रवृत्त होने की दिनांक से निरसित किए जाएंगेः

परन्तु इस प्रकार निरसित नियमों, उपनियमों अथवा आदेशों के अन्तर्गत यदि कोई कार्यवाही की गई हो या कदम उठाये गए हों, जहाँ तक इन नियमों से असंगत न हों, इन नियमों के प्रावधानों अंतर्गत की गई मानी जाएगी ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार

(राजीव निगम) उप सचिव

मध्यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (74)

आद्याक्षर

(7)

(6)

प्रभावमें लानेकी दिनांक

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

(5)

वर्षकेलिएमांगमें

कमी

(4)

प्ररूप-1

वार्षिकनिर्धारणमें

वर्ष20.......

[नियम20(2)}

वृद्धिएवंकमीकाविवरण

(3)

वर्षकेलिएमांगमें

वृद्धि

(2)

वार्षिकनिर्धारणमें

(1)

निर्धारणसूची मेंक्रम 1286 (75)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(6)

#करकी राशि

टिप्पणी

(11)

(5)

वार्षिक उद्ग्रहणीय करकी राशि

तक

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

आद्याक्षर

(10)

(4)

*विवरण

राजस्वअधिकारी/ राजस्वनिरीक्षकयामुख्य नगरपालिकाअधिकारीके

(9)

प्ररूप.2

करकीराशि

नगरपालिका

{नियम33]

(3)

निर्धारितीकानाम

भावीदर

(8)

अनुवर्तीसंशोधन

करोंयाअवधिकीनिर्धारणसूची

वार्षिककरकीराशि

(2)

वार्ड/मोहल्ला/गली

(7)

संशोधन आदेशकी तिथि

क्रमांक

(1)

*नगरपालिकाकेलिएस्वीकृतनियमोंकेतहतमूल्यांकनकेप्रयोजनोंकेलिएआवश्यकविवरणकेअनुसारइसकालममेंशीर्षकखोलनाचाहिए. #यहाँवार्षिक,छमाहीयातिमाहीवर्णितकीजिये। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(76)

टिप्पणी

(14)

(7)

करनिर्धारितीका नाम

(13)

(6)

वर्धनया परिहारकी अवधि

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

राजस्वअधिकारी/ राजस्वनिरीक्षकया मुख्यनगरपालिका अधिकारीकेआद्याक्षर

केलिए

(5)

करकानाम

(12)

वृद्धियाछूटके लिएप्राधिकार

प्ररूप.3

(4)

नगरपालिका

[नियम35)

(11)

मांगपंजीमें क्रमांक

भावीकरकी राशि

(3)

(10)

वृद्धियाछूटकीपंजीवर्ष20

प्रेषितराशि

वार्ड/मोहल्ला/गली

(9)

(2)

वर्धितराशि

माहऔर प्रविष्टिकी तिथि

(8)

क्रमांक (1)

मूलकर कीराशि 1286 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

प्ररूप-4

{नियम37)

मांगकेलिएमूलनोटिस/प्रतिपर्ण

4. मांगकीप्रकृति

2. पुस्तकक्रमांक.

3. मांगऔरसंग्रहणपंजीमेंक्रमसंख्या

5.जारीकरनेकीदिनांक

6.भुगतानकीदिनांक

1.सरलक्रमांक...

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(78)

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

प्ररूप-5

{नियम37}

विपत्तिवारंटकीमूलसूचना/प्रतिपर्ण

भुगतानकीदिनांक

पुस्तकक्रमांक

जारीकरनेकीदिनांक

सरलक्रमांक

मांगएवंसंग्रहणपंजीमेंक्रमसंख्या

मांगकीप्रकृति 1286 (79 ) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

परिशिष्ट-1 प्ररूप 1 से48

प्ररूप-6 (क)

प्ररूप-6

[नियम40]

[नियम40}

नगरपालिका

नगरपालिका

(नगर पालिका द्वारा जारी की गई अनुज्ञप्ति)

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

दिनांक

क्रमांक

क्रमांक

अनुज्ञप्तिधारी का नाम

चूकि श्री........

पालिका को

पिता का नाम

पता

...द्वारा नगर रुपयों का भुगतान किया गया है उन्हें एतद् द्वारा , नगर पालिका क्षेत्र से भीतर-स्थल पर दिनांक किया जाता है सेतक के लिए अनुज्ञापित

अनुज्ञप्ति का विवरण

व्यवसाय

टिप्पणी

पता

पिता का नाम

नाम

अनुज्ञप्ति का प्रयोजन

स्थल

अनुज्ञप्तिकी दिनांक

भुगतान की गई राशि ₹..

अनुज्ञापन अधिकारी के हस्ताक्षर

अनुज्ञापन अधिकारी के हस्ताक्षर प्रगामी योग ₹...

यह अनुज्ञप्ति...... के नियंत्रण और विनियमन के नियम और शर्तों के अध्यधीन रहते हुए,है. जिसकी एक प्रति गई है, स्वीकृत की अनुज्ञप्तिधारी को आज मेरे द्वारा दी जाती है

अनुज्ञप्ति तथा उन नियमों और शर्तों की एक प्रति प्राप्त हुई जिसके अध्यधीन यह अनुज्ञप्ति स्वीकृत हुई है

अनुज्ञापन अधिकारी अनुज्ञप्तिधारी के हस्ताक्षर

अनुज्ञप्तिधारी

टीप: स्थल और पृष्ठांकन की प्रविष्टि तब की जाना चाहिए, जबकि अनुज्ञप्ति सशर्त हो, पृष्ठांकन को उस समय रद्द देना चाहिए जब अनुज्ञप्ति सामान्य स्वरुप की हो.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(80)

परिशिष्ट-1 प्ररूप 1 से 48

प्ररूप.7

प्ररूप.7(क)

[नियम40]

{नियम40]

नगरपालिका.

नगरपालिका.

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

क्रमांक

क्रमांक

चालक के लिए अनुज्ञप्ति

चालक के लिए अनुज्ञप्ति

2020 .

चालक का नाम

पता.

चालक का नाम पिता का नाम..........

..पता..

पिता का नाम............

आयु....

फीस की राशि`(

फीस की राशि (

यह अनुज्ञप्ति दिनांक 31 मार्च, 20.... तक प्रभावशील रहेगी ।

दिनांक 20.....

अनुज्ञापन अधिकारी

दिनांक...

अनुज्ञापन अधिकारी भुगतान प्राप्त हुआ एवं बुक के पृष्ठ क्रमांक कैशियर की कैश .पर जमा किया था ।

अनुज्ञापन अधिकारी 1286(81) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

परिशिष्ट-1 प्ररूप 1 से48

प्ररूप-8(क)

प्ररूप-8

{नियम40]

[नियम40]

नगरपालिका .

नगरपालिका

वाहनों के लिए अनुज्ञप्ति 20......20 ..... को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए वाहनों के लिए अनुज्ञप्ति 20..... 20... को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए

पुस्तक क्रमांक

क्रमांक

श्री.................नवासी

............निवासी को नगर श्री पालिका एतद् द्वारा.........की सीमा में निम्नांकित वाहन रखने की स्वीकृति प्रदान करती है

दर

क्रमांक

को नगर पालिका एतद् द्वारा निम्नांकित वाहन रखने की स्वीकृति प्रदान ...की सीमा में करती है

वाहन का विवरण

दर

वाहन का विवरण

क्रमांक

प्राप्त कर की राशि

प्राप्त कर की राशि

यह अनुज्ञप्ति 20 होगी । 20 को समाप्त

भुगतान प्राप्त

इस अनुज्ञप्ति का समय , दिनांक समाप्त होगा । भुगतान प्राप्त हुआ और कैशियर की कैशबुक के पृष्ठ क्रमांक.....पर जमा किया को गया ।

दिनांक

दिनांक.

अनुज्ञापन अधिकरी

अनुज्ञापन अधिकारी मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 ( 82)

अनुज्ञापनअधिकारी (6)

वाहनकावर्ग

(10)

वर्तमान

राशि

(14)

शुल्ककीराशि

(5)

कैशबुकमेंजमाराशि

वाहनकाविवरण

भुगतानकियेगए

(13)

बकाया

(9)

पृष्ठऔरदिनांक

(4)

निवासस्थान

प्ररूप-9

{नियम42]

नगरपालिका..

केलिएबुलायीवाहनअनुज्ञप्तिकीपंजी

स्वामीका

(12)

नाम (3)

अनुज्ञापनअधिकारीकेआद्याक्षर

(8)

वर्ष20......... 20

सामानकाभारजिसेढोनेकेलिए

अनुज्ञप्तकियागया

(2)

(11)

अनुज्ञप्तिकामाह औरदिनांक

(7)

किरायासारणीकामूल्य

(1) व्यक्तियोंकीसंख्या जिन्हेंलेजानेकेलिए अनुज्ञप्तकियागया

अनुज्ञप्ति काक्रमांक 1286(83) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

राशि

(7)

टिप्पणियाँ

(13)

क्रमांक

(6)

प्रत्येकअनुज्ञप्तिकाविवरण

(5)

राशि ₹

(12)

वाहनकाविवरण

कैशबुकमेंजमा

(4)

(11)

निवासस्थान

पृष्ठऔरदिनांक

प्ररूप-10 [नियम42]}

नगरपालिका........

किसेदियागया

नाम

(3)

(10)

अनुज्ञापनअधिकारीके आद्याक्षर

(9)

योग

(2)

20.........केदौराननगरपालिकासीमामेंअभ्यासतउपयोगकियेजानेवालेवाहनोंपरकरकीपंजी

अनुज्ञप्तिकाक्रमांक

वर्ष

बकाया

(8)

(1)

अनुज्ञप्ति कीदिनांक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (84)

दिनांक

(13)

अनुज्ञापनअधिकारी (6)

टिप्पणियाँ

(16)

स्वीकृतकीगई अनुज्ञप्तिकीदिनांक औरक्रमांक

क्रमांक

(12)

नवीनीकृतअनुज्ञप्तिकाक्रमांक

औरदिनांक

(5)

फीसयाकर कीदर

राशि

(11)

(15)

पता (4)

कैशबुकमेंजमा

(10)

अनुज्ञापनअधिकारीकेआद्याक्षर

पृष्ठसंख्याऔर दिनांक

प्ररूप-11 {नियम42]

अनुज्ञप्तियोंकीपंजी

नगरपालिका.

अनुज्ञप्तिधारीकानामऔरपता

नाम

(9)

(3)

अनुज्ञापनअधिकारीकेहस्ताक्षर

(14)

नवीनीकरणनहींकरानेकेकारण

(2)

(8)

अनुज्ञप्तिकाप्रकार

प्राप्तफीसयाकर कीराशि

(7)

क्रमांक (1)

अनुज्ञप्तिकी

अवधि

1286 (85)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

सहायकराजस्वनिरीक्षक प्ररूप-12 नियम48)

नगरपालिका

(प्रतिलिपिकार्बनप्रक्रियाद्वाराभरीजाए) पशुपंजीकरणशुल्ककेलिएरसीद

20

सेप्राप्तहुए

पंजीकरणकेलिएशुल्ककेलिए

दिनांक.

विक्रेतानाम

निवासस्थान

निवासस्थान.........

पुस्तकक्रमांक

पशुकामूल्य₹...............

क्रेतानाम......

(शब्दोंमें) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(90)

पशु जब्ती के लिए रसीद

प्ररूप.17 (नियम54) प्ररूप.17 {नियम 54]

प्रतिपर्ण

प्ररूप.17 (नियम54)

लेखा के साथ भेजा जाये

पशु को कौंजी हाउस लाने वाले

व्यक्ति को दिया जाये

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

रसीद क्रामांक

रसीद क्रामांक

रसीद क्रमांक

काँजी हाउस का नाम....

काँजी हाउस का नाम

काँजी हाउस का नाम..................

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय स्वामी का नाम और निवास स्थान (यदि ज्ञात हो) स्वामी का नाम और निवास स्थान (यदि ज्ञात हो)

काँजी हाउस लाए गए पशु का प्रकार और विवरण.........

काँजी हाउस लाए गए पशु का प्रकार और विवरण.........

काँजी हाउस के रखवाले या सहायक राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर

काँजी हाउस के रखवाले या सहायक राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय स्वामी का नाम और निवास 'स्थान (यदि ज्ञात हो)

काँजी हाउस लाए गए पशु का प्रकार और विवरण.

काँजी हाउस के रखवाले या सहायक राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286( 86)

टिप्पणियाँ

(12)

(6)

निवासस्थान

सहायकराजस्वनिरीक्षक क्रेता

नाम (5)

(11)

पृष्ठऔरदिनांक

कैशबुकमेंजमा

राशि

(10)

(4)

प्ररूप-13

निवासस्थान

{नियम46]

नगरपालिका.

(9)

विक्रेता

पशुपंजीकरणशुल्ककीपंजी

प्राप्तिकीदिनांक

नाम (3)

(8)

प्राप्तशुल्ककीराशि

(2)

पशुका विवरण

(7)

रसीद क्रमांक (1)

H पशुकामूल्य ₹ 1286(87) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

गमन

हस्ताक्षर

(6)

(12)

सहायकराजस्वनिरीक्षक

कैशियरद्वाराप्राप्तकी गईएवंकैशबुकके पृष्ठक्रमांकसहितउसके

दिनांकऔरसमय

आगमन

(5)

(11)

यात्रीकेहस्ताक्षर

(10)

भुगतानकी गईराशि

(4)

निवासस्थानकावर्ग

प्ररूप-14

(9)

नगरपालिका

{नियम47]

प्रतिपशु

(3)

पशुओंकीसंख्या

प्रतिदिनफीसकीदर

वर्ष20..........केलिएसराय/धर्मशालाओंपरप्राप्तशुल्ककीपंजी

(2)

₹

व्यक्तियोंकी संख्या

(8)

प्रतिव्यक्ति

(1)

यात्रीकानाम

(7)

ठहरनेकेदिवस मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 ( 88 )

दर (5)

सहायकराजस्वनिरीक्षक

(9)

तक (4)

करसंग्राहकयासहायकराजस्व निरीक्षककेहस्ताक्षर

(8)

राशि

से (3)

जारीकीगईरसीदकाक्रमांक

प्ररूप-15

{नियम47}

नगरपालिका

कैशबुकमेंजमा

वर्ष22.0............केलिएदैनिकबाजारशुल्ककीपंजी

(7)

(2)

पृष्ठऔरदिनांक

रसीदपुस्तकक्रमांक

₹

(6)

(1)

प्राप्तराशि

दिनांकऔरमाह 1286(89) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

दर (6)

(10)

बकायाखाद

सहायकराजस्वनिरीक्षक

(5)

विक्रयकापरिमाण

राशि (9)

(4)

परिमाणका योग(कि.ग्रा. में)

प्ररूप-16

(3)

{नियम53(2)}

नगरपालिका...........

माहकेदौरान तैयारकियागया

कैशबुकमेंजमा

वर्ष20........केलियेकम्पोस्टखादकीपंजी

(8)

पृष्ठऔरदिनांक

(2)

खादकापरिमाण(कि.ग्रा.में)

(7)

(1)

प्राप्तराशि

दिनांकऔर माह 1286(91)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

पशुओं को मुक्त करने की रसीद

प्ररूप.18(फ्री) {नियम 54]

प्ररूप.18 ()

(नियम 54]

प्ररूप.18 (4) [नियम 54]

लेखा के साथ भेजा जाये

पशु को मुक्त करने वाले

व्यक्तिको दी जाए

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

रसीद क्रमांक

रसीद क्रमांक

रसीद क्रमांक

प्ररूप-17 की रसीद का क्रमांक

प्ररूप-17की रसीद का

क्रमांक

प्ररूप-17 की रसीद का

क्रमांक काँजी हाउस का नाम

काँजी हाउस का नाम...........

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय

काँजी हाउस लाए गए पशु का

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय काँजी हाउस लाए गए पशु

प्रकार और विवरण...........

का प्रकार और विवरण.....

स्वामी का नाम

स्वामी का नाम........

पशु को मुक्त करने का दिनांक और समय.......

पशु को मुक्त करने का दिनांक और समय.......

दण्डकी राशि

दण्ड की राशि..........

खाद्य प्रभार ,दर सहित जल प्रभार, दर सहित

काँजी हाउस का नाम.......

पशु को काँजी हाउस लाने

की दिनांक और समय

काँजी हाउस लाए गए पशु

का प्रकार और विवरण........

स्वामी का नाम..................

पशु को मुक्त करने का दिनांक और समय.......

दण्ड की राशि ....

दर सहित खाद्य प्रभार.......

दर सहित जल प्रभार

खाद्य प्रभार ,दर सहित

जल प्रभार , दर सहित

काँजी हाउस के रखवाले या

राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर

काँजी हाउस के रखवाले या राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर

काँजी हाउस के रखवाले या राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(92)

(8)

निरंतर

साथ

कौंजीहाउससेमुक्तहोने परपशुकोवापसलेने वालेस्वामीयाउसके एजेण्टकेहस्ताक्षर

(12)

(7)

दण्डका भुगतानकिये जानेपर

कुलजमाउसकीरसीदक्रमांकऔरदिनांकके

(6)

मुक्तिकीदिनांकऔरसमय

भुगतानपरमुक्ति

भुगतानकीगयीराशि

अधिनियम1सन्1871 कीधारा14केअंतर्गत विक्रयसे

(11)

प्ररूप-19 नियम55(1))

खाद्यऔरजलप्रभार

(5)

भागनेसे

नगरपालिका........

काँजीहाउसकेरखवालेकारजिस्टर

(4)

मृत्युसे

दण्ड

(10)

(3)

पशुकाविवरण

(2)

प्रविष्टि रसीदकी दिनांकऔर समय

(9)

रोककीअवधि

(1)

पशुका सरल क्रमांक 1286 (93 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

टिप्पणियाँ

योग

(22)

(17)

(21)

(16)

प्राप्तिकीदिनांकसहित कैशियरकेहस्ताक्षर

खाद्यऔरजलप्रभार

विक्रयद्वारामुक्ति जमाकीजानेवालीराशि

प्ररूप-20 (नियम55(2))

दण्ड

नगरपालिका

(20)

(15)

प्रेषणकीदिनांकएवं कौंजीहाउसकेरखवाले केहस्ताक्षर

(19)

(14)

अधिनियमएकसन्1871 कीधारा17केअंतर्गत प्रेषणहेतुशेषजमा

विक्रयमेंप्रभार,यदिकोई हो

(18)

(13)

नीलामीसेप्राप्तराशि

अधिनियम1सन्1871 केअंतर्गतस्वामीको कियागयाभुगतान

टिप्पणीः-प्रत्येकपशुकोपृथक-पृथकदिखलायाजानाचाहिये।

टिप्पणीः-प्रतिदिनकीसमाप्तिपरउसदिनकीप्राप्तिकायोगकियाजाएगाऔरप्रविष्टिकीजाएगी।यदिउसदिनकीप्राप्तियोंकोआगेकेपृष्ठपरलेजाना हैतोउसकाअलगयोगकियाजावेऔरउसेपृष्ठकेयोगमेंशामिलकियाकियाजाएगा।महायोगमाहकेअंतमेंकियाजाएएवंवर्षकेअंतमेंप्रगामीयोगकिया जाएगा। मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (94)

स्थानजहाँपकड़ेगए

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

प्ररूप-21

{नियम55(2)]

नगरपालिका

मवेशीअपराध(ट्रेसपास)अधिनियमकेअंतर्गतनोटिस

विक्रयकियेगयेयास्वामीअथवाउसकेएजेंटकोपरिदत्तकियेगयेपशुओंकाअधिनियमएकसन्1871कीधारा16केअधीनलेखा

काँजीहाउसकेरखवालेकेआद्याक्षर

पशुओंकीसंख्याएवंविवरण

एतद्‌द्वारायहनोटिसदियाजाताहैकिनिम्नलिखितपशुओंको ...काँजीहाउसमेंसातदिनोंतकदावाहीनरहजानेकेकारणदिनांक......... को ..बजेमध्यान्हपूर्व/अपरान्हमें स्थानपरसार्वजनिकनीलामीद्वाराविक्रयकियाजाएगा।.

1286(95 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

सहायकराजस्वनिरीक्षक

(8)

(4)

विक्रयकियेगएपशुओंकीसंख्याऔर विवरण

स्वामीयाउसव्यक्तिकेहस्ताक्षरजिसेदिये गये

(7)

(3)

प्ररूप-22

{नियम56(1)}

अविक्रितपशुओंकीसंख्याएवंविवरणजो स्वामीकोवापसदियेगये

दण्ड,खाद्यप्रभार,जलप्रभारएवंविक्रयपर हुआव्यय.

नगरपालिका

(6)

(2)

विक्रयहेतुभेजेजानेवालेकॉंजीहाउसकेपशुओंकेसाथजानेवालाचालान स्वामीकोदीगईराशि

काँजीहाउसमेंरखे जानेकेदिनोंकीसंख्या

(5)

(1)

नीलामविक्रयकीराशि

पकड़ेगयेपशुओंकीसंख्याऔर विवरण मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(96)

निरंतर...

(12एफ)

कुलप्रभार

(6)

(12ए)

विक्रयहेतुभेजेजानेकी दिनांक

विक्रयहेतुपशुकीप्राप्ति

केपश्चातहुएखाद्यऔर

जलप्रभार

(11)

(5)

विक्रयकीराशि

स्वामीकानाम, यदिज्ञातहो

(12ई)

(10)

(4)

कौंजीहाउसके

रखवालेकेहस्ताक्षर

काँजीहाउसमेंबंद करानेवालेव्यक्तिका नाम

(12डी)

निम्नलिखितकेकारणप्रभारोंकोघटाइये

(9)

(3)

विक्रयहेतुभेजेगए पशुकाविवरण

खाद्यऔरजलप्रभार

(12सी)

विक्रयकेव्यय

दंड (8)

(2)

कॉजीहाउसमेंबंद होनेकीदिनांक

(12बी)

(7)

(1)

पंजीक्रमांक

काँजीहाउसमेंरहतेहुए खाद्यऔरजलप्रभार

विक्रयकीदिनांक 1286 (97)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

सहायकराजस्वनिरीक्षक

टिप्पणियाँ

(16)

हस्ताक्षर

(15)

प्ररूप-23 {नियम59]

विक्रयकरनेवालेपदाधिकारीके

नगरपालिका.

(14)

जमाकरनेकीदिनांक

वर्ष20...20.......केलिएकॉंजीहाउसमेंपशुओंकेलिएप्राप्तऔरदिएगएचारेकीपंजी वर्ष20....20....केलिएकॉंजीहाउसमेंभूसा,घास,कर्बीकीमात्रा

(13)

कालम1से10तककीप्रविष्टियाँकाँजीहाउसकेरखवालेद्वाराकीजावेंगी,कालम11से16विक्रयकरनेवालेपदाधिकारीद्वाराभरेजावेंगे औरचालाननगरपालिकाकोभेजाजावेगा।यदिपशुपरहुएव्ययकीतुलनामेंविक्रयमेंकमराशिप्राप्तहुईतोविक्रयकरनेवालापदाधिकारी संक्षिप्तमेंइसकाकारणचालानपरउल्लिखितकरेगा।नीलामकेसमयबोलीगयीबोलियाँचालानकेपार्श्वपरउल्लिखितकीजावेंगी।

जमाशीर्षमेंरखीगई प्रेषणहेतुशेषराशि

टिप्पणीः- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(98)

(9)

व्हाउचरक्रमांकयापशुओंकी पंजीक्रमांक,जैसीभीस्थितिहो

कर्बी (5)

घास

परिमाण (4)

भूसा (3)

प्ररूप-24

(नियम66]

नगरपालिका

वर्ष20....20....केलिएवेतनमानकीपंजी व्ययकाशीर्ष

शेष

योग

(2)

लेनदेनकीप्रकृति

दिनांक

(1) 1286(99) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

नियुक्तव्यक्ति कामासिक वेतन

प्रत्येकनियुक्तव्यक्ति कामासिकवेतन

स्वीकृतअस्थायीपद कीअवधि

नियुक्तव्यक्तिकानाम

नियुक्तव्यक्तिकानाम

स्वीकृतवेतनमान

स्वीकृतवेतनमान

स्वीकृतपदोंकी संख्या

स्वीकृतपदों कीसंख्या

योग

स्थायी

अस्थायी पदकाप्रवर्ग

पदकाप्रवर्ग

क्रमांक (1)

क्रमांक

(1) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(100)

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

प्ररूप-25 नियम81(2)और(3)) नगरपालिका.....

नगरपालिकाकीस्थापनाकायात्राभत्तादेयकमाह

योग 1286 (101 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(9)

निरंतर

यात्राकाप्रयोजन

(15)

राशि(₹)

समय (8)

(7)

आगमन दिनांक

दर

(14)

स्टेशन (6)

समय (5)

(13)

किलोमीटर्सकी संख्या

यात्राऔररुकनेकाविवरण

दिनांक

(4)

प्रस्थान

सड़क/रेलद्वारातयदूरीकिलोमीटरमेंयावास्तविकव्यय

(

स्टेशन

(12)

(ε)

भुगतानकियागया वास्तविककिराया

(2)

वास्तविकवेतन

(11)

परिवहनकासाधन

(1)

(10)

नामऔरपदनाम

यात्राकाप्रकार अर्थात्रेल/सड़क मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(102)

टिप्पणियाँ

(22)

(21)

प्रत्येकपंक्तिका योग

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

किराया (20)

रेलकिराया

(19)

नियंत्रकअधिकारी

श्रेणीजिसमेंवास्तवमें यात्राकी

राशि

(18)

दावाकियेगयेभत्ते

दर

(17)

दैनिकभत्ता

रुपयोंकाभुगतानकीजिए।

(16)

दिनोंकीसंख्या

.......केलिएपारितकियागया।

दिनांक......20.....

दिनांक......20.....

1286(103) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

iii)जबरेलकिरायाऔरदैनिकभत्ताऐसीयात्राकेलिएचाहागयाहै,जबकिरेलयात्राकेतुरंतपश्चातसड़कसेयात्राकीगईहोयारुकगयाहो।

ii)जबउसकेबदलेमेंमीलभत्ता(माइलेज)यावास्तविकव्ययकादावाकियागयाहो।

i)जबमुख्यालयसेलगातारदोदिनसेअधिकअवधिकीनिरंतरअनुपस्थितिनहोनेपरदोदिनकेदैनिकभत्तेकादावाकियागयाहो।

यात्राभत्तादेयकतैयारकरनेहेतुअनुदेश

4प्रत्येकव्यक्तिहेतुकिसीएकयात्राकेलिएएकदेयककेकुलयोगमेंएककिलोमीटरकाअंशप्रभारितनहींकरेगा।

3सड़कद्वारायात्राकीजानेपरकिलोमीटरकीसंख्यादीजाये।

2केवलयात्राकेघंटे(समय)उल्लिखितकियाजानाचाहिए:-

1पृथकप्रकारकीयात्रायेंऔररुकनेकीप्रविष्टिएकहीपंक्तिमेंनकीजाए।केवलएकहीप्रकारकाभत्ताउसीपंक्तिमेंलिखाजाएऔरउसकीराशिअंतिम राशिकेकालममेंअग्रेषितकीजाए। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(104)

योग

(7)

(9)

यात्राभत्तेकी राशि

(5)

भोजनव्ययकी राशि

(4)

आदेशिकादेनेवाले न्यायालयकानाम

प्ररूप-26 [नियम82]

(3)

प्रकरणक्रमांक

नगरपालिका...

(2)

भोजनव्ययऔरयात्राभत्तेसहित आदेशिकाप्राप्तिकीदिनांक

भोजनव्ययऔरयात्राभत्ताजोकर्मचारियोकोसाक्ष्यदेनेहेतुसाक्षीकीतरहउपस्थितहोनेहेतुन्यायालयसेप्राप्तहुआ

(1)

सरलक्रमांक

टिप्पणियाँ

(13)

(12) व्हाउचरक्रमांक एवंभुगतानकी दिनांक

(11) साक्षीकोभुगतानकीगई यात्राकीराशि

(10) चालानक्रमांक एवंदिनांक

(9) नगरपालिकानिधिमेंजमा कीगईराशि

(8) उपस्थितहोनेवाले अधिकारीकेहस्ताक्षर 1286(105) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

निरंतर...

योग (6)

दिन (5)

(10)

(4)

मुख्यनगरपालिकाअधिकारी/यंत्रीकानामऔरहस्ताक्षर

पिताकानाम

भुगतानपदाधिकारीकेआद्यक्षरऔरटिप्पणीयांयामजदूरकाहस्ताक्षर यदिवहअपनानामलिखनेमेंसक्षमहैयाअंगूठेकानिशान

प्ररूप-27

मस्टररोल

नाम

मस्टररोलकामहायोग

केमहीनेकेदौरानमजदूरोंकीउपस्थितिनामावली(मस्टररोल).

(3)

{नियम84और139(1))

(9)

नगरपालिका..

भुगतानकीदिनांक

द्वारा

राशि

क्रमांक

(8)

(2)

कार्यकानाम.....

प्रमाणितकियाजाताहैकिउपरोक्तविवरणमेंदर्शायेगयेसभीकर्मचारीनगरपालिकाकेहितमेंकार्यरतथेऔरऊपरउल्लिखितभुगतान

प्रत्येककोउनकेसामनेलिखीदिनांकोमेंमेरीउपस्थितिमेंकियागयाहै।

दर

(7)

(1)

मजदूरोंकाविवरण

टिप्पणी-कॉलमोंकीसंख्यामेंपूरेमहीनेकेप्रविष्टियोंकेलिएयदिआवश्यकहोतोवृद्धिकीजासकतीहै। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(106)

टिप्पणियाँ

लागत

प्रभारीअधिकारी पदनाम दर

प्राक्कलनकेअनुसारदर

प्रति इकाई

प्ररूप-28

वैकल्पिकप्रमाणपत्र

मात्रा

योग

विवरण

दिनांक..

प्रमाणितहैकिकियाहुआकार्यमापनेकेलिएग्रहणशीलनहींहै.तथापि,मैंइससेसंतुष्टहूँ.जोराशिभुगतानकीगईहै।

अंतर

इसबिलकेअनुसारराशि 1286(107) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

पूर्णताअवधि(माह)

दिनांक

नामऔरजारीकर्ताप्राधिकारीकापदनाम

संभावितराशि

परएनआईटीदेखसकतेहैं।

जिला(जिले)

प्ररूप-29 मध्यप्रदेशशासन

(नियम91(1)(क)(ii))

ई-निविदाआमंत्रणसूचनाकाप्रारूप

नगरपालिकाकानाम..

निर्माण/आपूर्ति/सेवायें

ई-टेंडरिंग

क्र.सं./पैकेज/कोड

निम्नलिखितनिर्माण/आपूर्ति/सेवाओंकेलिएनिविदामानदंडोंकोपूराकरनेवालेठेकेदारों/कंसल्टेंट्सऔरख्यातिप्राप्तफर्म्स,सेऑनलाइनबोलीआमंत्रितहै:-

एन.आई.टी.संख्या

4किसीभीस्पष्टीकरणकीआवश्यकताहोतोकृपयाश्री (नामऔरपदनाम)सेसंपर्ककरें।संपर्क....

2बोलीदस्तावेज़सार्वजनिकअवकाशकोछोड़कर सकतेहै। (समय) .(दिनांक)से...........(समय)दिनांक)तकऑनलाइनक्रयकियेजा

3एनआईटीमेंसंशोधन,यदिकोईहोताहै,तोकेवल,वेबसाइटपरप्रकाशितकियाजाएगाऔरसमाचारपत्रमेंनहीं।

1इच्छुकबोलीदातावेबसाइटhttp://

115 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(108)

महायोग (8)

योग (7)

(6)

अन्तर्वस्तु/मात्रा

(5)

DयाH

(गहराईया

ऊँचाई)

प्राक्कलन

योग

B

चौड़ाई

(4)

{नियम99(1)]

L

लम्बाई

(3)

क्रमांक (2)

...

सन20...20

(1)

निर्माणकार्यकाविस्तृतवर्णन

नगरपालिका..

प्राक्कलनक्रमांक

स्वीकृतिहेतुप्राधिकार

निर्माणकार्यकानाम

निर्माणकार्यकीप्रकृति-मूल/मरम्मत 1286(109) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

महायोग

(15)

योग

(14)

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामऔरहस्ताक्षर

(13)

राशि`

प्रति

(12)

विशिष्टियाँ

दर

(11)

प्राक्कलनकीलागतकासारांश

(10)

कार्यकाविवरण

परिमाण (9)

योग

प्राक्कलनकीराशि

द्वारास्वीकृत. स्वीकृतिकीदिनांक.......

प्रभारीयंत्री/यंत्री कानामऔरहस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(110)

प्ररुप-30

अनुबंध का प्ररुप

(नियम -105)

नगर पालिका का नाम

स्टाम्प पेपर (उचित मूल्य का)

आज.. ..को श्री माह के दिवस दो हजार .(जो इस के बाद ठेकेदार कहे जाएंगे) एक पक्ष और नगर पालिका... ..(जिसे इस के बाद पालिका कहा जाएगा) दूसरे पक्ष के मध्य यह अनुबंध निष्पादित किया गया है । जहाँ ठेकेदार ने दिनांक..... ...उपलब्ध करने,आपूर्ति परिदान अधिष्ठापित करने , निर्माण करने , रखने एवं को संधारण करने एवं अनुसूची में उल्लिखित सभी अन्य कार्यों के लिये निविदा दी है और उपरोक्त निविदा मुख्य नगरपालिका अधिकारी / अध्यक्ष द्वारा स्वीकृत की गई है । और यह आवश्यक है कि जो अनुबंध निष्पादित किया गया है, वह दस्तावेज में लिखित रूप में लिखा जाएगा ।

अब, निम्न रूप से सहमत हैः

1. ठेकेदार निम्नांकित शर्तों के अनुसार कार्य की अनुसूची में विवरण के अनुसार और उसमें दर्शाये गये भुगतान के बदले में निष्पादित करेगा !

2. दस्तावेज़ में समाविष्ट ठेका निविदा में दर्शायी गई ठेके संबंधी प्रविष्टियों और उसकी स्वीकृति के प्रतिस्थापन स्वरुप होगा और इन शर्तों के विपरीत होने पर ठेका प्रवृत्तिहीन हो जाएगा ।

शर्तें

1. कार्य पूर्ण कर्मठता से किया जाएगा एवं सभी कार्य अति सारभूत एवं कुशल कारीगरी के साथ निष्पादित किये जाएंगे । उपयोग की जाने वाली सामग्री, यदि ठेकेदार द्वारा प्रदाय की जाएगी वह उत्तम गुणवत्ता की होगी एवं सभी प्रकरणों में यंत्री/उपयंत्री/ मुख्य नगरपालिका अधिकारी की स्वीकृति के अध्यधीन होगी एवं निर्माण कार्य की प्रगति की दर और कार्य या सामग्री की गुणवत्ता पर उनका निर्णय अंतिम होगा ।

2. निष्पादित किये गये कार्य की मात्रा का माप किया जाएगा एवं संतोषजनक रुप से कार्य के पूर्ण होने पर भुगतान किया जाएगा ।

3. खराब सामग्री के कार्य को पर्यवेक्षण अधिकारी उसे हटा सकेंगे एवं उन्हें प्रतिस्थापित करवाएंगे, अस्वीकृत कर हटाये गये कार्य या सामग्री का मूल्य या उसके प्रतिस्थापन की लागत, जैसा उचित समझा जाए निविदा देने वाले पक्ष को देय राशि से काट लिया जाएगा ।

4. मुख्य नगरपालिका अधिकारी / यंत्री हस्ताक्षरित कार्य से संबंधित डिजाइन्स,ड्राइंग्स एवं लिखित अनुदेश उसके कार्यालय में, कार्यालय समय में निरीक्षण हेतु रखेगा और उसके अनुरूप कड़ाई के साथ कार्य किया जाएगा । 1286(111) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

5. अध्यक्ष/ मुख्य नगरपालिका अधिकारी / यंत्री को मूल नक्शों या अनुदेशों में ऐसे परिवर्तन करने की शक्ति होगी जो कार्य की प्रगति की दृष्टि से आवश्यक हों और ये परिवर्तन उन्हीं शर्तों पर पूरे किए जाएंगे जो मुख्य कार्य के लिये स्वीकृत की गई हों एवं उस समयावधि में पूरा किया जाएगा जो महापौर/ मुख्य नगरपालिका अधिकारी / यंत्री / यंत्री परिवर्तन का उल्लेख करते हुए लिखित में आदेशित करेंगे । ऐसे परिवर्तनों से आवश्यक हुआ अतिरिक्त कार्य के लिए , यदि कोई हो, निम्न रूप से भुगतान किया जाएगाः-

(क) पूर्व सहमत्य दर से यदि यह उसी समान प्रकृति का हो जैसा अनुबंध में उल्लिखित है;

(ख) कार्य भिन्न प्रकृति का है ऐसे कार्य की दर पूर्व में सहमत्य न हो तो दरों की अनुसूची में उल्लिखित दरों पर जो लागूयोग्य हो;

(ग) यदि अतिरिक्त मदें नगर पालिका को लाग योग्य दरों की अनुसूची में सम्मिलित नहीं हैं विद्यमान बाजार दर से श्रमिक और सामग्री के मुल्य का विश्लेषण कर दरें स्वीकृत कर जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपयुक्त मानी जाएं ।ऐसा परिवर्तन ठेके को अमान्य नहीं करेगा वरन् मूल ठेका कार्य को पूरा करने का समय अनुपात में विस्तारित किया जाएगा ।

6. अध्यक्ष/मुख्य नगरपालिका अधिकारी / यंत्री को प्रतीत होता हो कि कोई भी कार्य विकृत, अपूर्ण या कुशल कारीगरी से या हीन प्रकार की सामग्री के साथ निष्पदित किया गया है तो लिखित में माँग पर ठेकेदार उसमें तुरंत सुधार करेगा, हटाएगा या उसका पूर्णतः या अंशतः जैसा भी प्रकरण में आवश्यक हो बिना किसी अतिरिक्त प्रभार के पुनर्निर्माण करेगा ; और उसके द्वारा अध्यक्ष / मुख्य नगरपालिका अधिकारी / यंत्री द्वारा निर्धारित अवधि में पूरा करने से इनकार करने पर जैसा भी प्रकरण हो, या विकृत अथवा हीन गुणवत्ता की सामग्रियों या वस्तुओं को निर्धारित समय में कार्यस्थल से हटाने और ठेके की शर्तों के अनुसरण में महापौर/ आयुक्त/ यंत्री द्वारा लिखित में माँग पर उन निष्प्रयोज्य सामग्रियों या वस्तुओं के बदले उपयुक्त सामग्रियों या वस्तुएं शीघ्र उपलब्ध कराने में विफलता के प्रकरण में प्राक्कलन की राशि पर एक प्रतिशत की दर से 10 दिनों से अनधिक प्रति दिन के लिये क्षति का भुगतान करेगा ।

7.स्वीकृति प्राधिकारी के विचार में यदि कार्य विशिष्टियों के अनुसार कड़ाई के साथ अनुसरण में निष्पादित नहीं किया गया है तो उन्हें शक्ति होगी कि उस कार्य का भुगतान ऐसी घटी दरों से करें जो वे निर्धारित करें किन्तु यह प्रक्रिया उन के पक्ष में वैकल्पिक होगी ।

8. ठेकेदार द्वारा नीचे दी गई समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं किये जाने के प्रकरण में ठेकेदार के देयक से किये गये कार्य के मूल्य के दस प्रतिशत की कटौती की जाएगी ।

उपरोक्त संदर्भित सूची मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(112)

निष्पादित किये

भुगतान की दर

पूर्णता की दिनांक

गणना की इकाई

मद का क्रमांक

कार्य का नाम

जाने वाले कार्य

की मात्रा

श्रेणी एवं कार्य का विवरण

(7)

(6)

(5)

(1)

(4)

(3)

(2)

आज दिनांक .....

दिनांक सहित ठेकेदार का नाम एवं हस्ताक्षर एवं

नगर पालिका

साक्षी के दिनांक सहित हस्ताक्षर के मध्य

मुख्य नगरपालिका अधिकारी का नाम एवं दिनांक सहित हस्ताक्षर

साक्षी के दिनांक सहित हस्ताक्षर 1286(113) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

नगरपालिका...

ठेकेदार का बिल

व्हाउचर क्रमांक..

निर्माण कार्य का नाम

ठेकेदार का नाम...

निर्माण कार्य का प्राधिकार.......

इस कार्य हेतु पिछले व्हाउचर का क्रमांक एवं दिनांक

मद

विवरण

गत प्रमाण-पत्र के उपरांत निष्पादित किए गए कार्य की मात्रा

माप के अनुसार अद्यतन निष्पादित किए गए कार्य कीमात्रा

(4)

(3)

(2)

(1)

राशि

दर

अद्यतन

टिप्पणियाँ

गत प्रमाण- पत्र के बाद

(8)

(7)

(9)

(5)

निरंतर...

आज दिनांक तक किए कार्य का कुल मूल्य

गत प्रमाणपत्र में दर्शित कार्य के अद्यतन मूल्य को घटाएं

गत प्रमाणपत्र के पश्चात हुए कार्य का शुद्ध मूल्य मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(114)

कार्य के प्रभारी यंत्री का नाम और हस्ताक्षर

ठेकेदार का नाम और हस्ताक्षर

प्रमाणित किया जाता है कि पूर्वगामी दावा सत्य है, आवश्यक माप मेरे द्वारा दिनांक... 20......... को लिए गए और माप पुस्तक क्रमांक के पृष्ठ पर अभिलिखित किये गए है और यह की कार्य संतोषप्रद रीति से पूर्ण किया गया है ।

दिनांक

प्रभारी यंत्री/ यंत्री/ मुख्य नगरपालिका अधिकारी का नाम और हस्ताक्षर

केवलका भुगतान करें

मुख्य नगरपालिका अधिकारी / परिषद अध्यक्ष का नाम और हस्ताक्षर

केवल इस कार्य के लिए..प्राप्त

रसीदी टिकट यदि

20/- से अधिक है

दिनांक 20.............

ठेकेदार

लेखाकार 1286(115) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप 32

{नियम 111]

नगरपालिका..

छोटे (Petty) ठेकेदार का बिल

व्हाउचर क्रमांक

निर्माण कार्य का नाम

ठेकेदार का नाम

प्राधिकार

दर

टिप्पणियाँ

विवरण

मात्रा

प्रति

से

राशि 2

(4) (5)

(6)

(3)

(2)

(1)

कार्य के प्रभारी यंत्री का नाम एवं हस्ताक्षर

ठेकेदार का नाम एवं हस्ताक्षर

प्रमाणित किया जाता है कि पूर्वगामी दावा सत्य है, आवश्यक माप मेरे द्वारा दिनांक.. को लिये गये और माप पुस्तक क्रमांक के पृष्ठ यह कि कार्य संतोषप्रद रीति से पूरा किया गया ..पर अभिलिखित किये गये हैं और दिनांक

प्रभारी यंत्री/ यंत्री/ मुख्य नगरपालिका अधिकारी का नाम और हस्ताक्षर

मात्र का भुगतान करें उपरोक्त उल्लिखित निर्माण कार्य के लिए ₹ प्राप्त किए ।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी / परिषद अध्यक्ष का नाम और हस्ताक्षर रसीदी टिकट यदि 20/- से अधिक है

ठेकेदार मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(116)

प्ररूप 33

[नियम 112(1 )]

माप पुस्तक

नगर पालिका

माप पुस्तक क्रमांक

पदाधिकारी का नाम

पदनाम.........

प्रथम पृविष्टि की दिनांक

अंतिम पृविष्टि की दिनांक

टीप- यह भाग शीर्षक पृष्ठ के रूप में मुद्रित किया जाना चाहिए .

कार्य का नाम

कार्य का स्थिति

एजेंसी द्वारा जो कार्य

माप की दिनांक

किए गए है.

(ये चार पंक्तियों की पुनरावृत्ति प्रत्येक कार्य के माप को प्रारंभ करते समय की जाना चाहिए)

L

क्रमांक

विवरण

लम्बाई

(3)

(2)

(1)

पूर्वगामी माप को घटाइए अद्यतन कुल मूल्य

मात्रा

पृष्ठ

(9)

(8)

(7)

आध्दतन माप

D या H

B

प्रति दर

क्षेत्रफल का परिमाण

चौडाई

(गहराई या ऊँचाई)

(6)

(5अ)

(5)

(4)

पूर्वमाप से

टिप्पणियाँ मात्रा (कालम 5-9)

कालम 6 की दर से कार्य का मूल्य

(11)

(12) (10) 1286(117) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

टिप्पणियाँ (8)

(7)

नष्टकरनेकी दिनांक

(6)

कार्यालयकोवापसी कीदिनांक

(5)

पूर्णताकी दिनांक

प्ररूप34

(চ)

{नियम112(2)]

निर्गमकी दिनांक

नगरपालिक.........

मापपुस्तकोंकीप्राप्तिएवंनिर्गमकापंजी

(3)

उसव्यक्तिकानामऔर पदनामजिसेदीगई

(2)

मापपुस्तकका क्रमांक

क्रमांक

(1) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(118)

निरंतर...

राशि

(7)

दर

(6)

निष्पादितकीगई

मात्रा (5)

₹

राशि (4)

पूर्णताप्रतिवेदन

प्ररूप35 नियम113(1)}

नगरपालिकाकानाम

दर (3)

प्राक्कलितकीगई

मात्रा (2)

योग

(1)

प्राक्कलन

काउपशीर्ष

ठेकेदारकानाम........

अनुबंधमेंनिर्दिष्टदिनांक

निर्माणकार्यकानाम......

निर्माणकार्यकाप्राधिकार

कार्यआरंभहोनेकीदिनांक

(जबकोईभीआइटमप्राक्कलनसेअधिकहोजाएतोनीचेदिएगएप्ररूपकाउपयोगकियाजाएगा) 1286(119) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्रभारीअधिकारी

(11)

अंतरोंकास्पष्टीकरण

राशि

(10)

अंतर

दर (9)

यदिकार्यनिर्धारितसमयकेभीतरपूरानहींकियाजाताहै,तोदेरीकाकारणस्पष्टकियाजायेगा,यदिउनकारणोंकेलिएदंडनहींवसूला गयाहैतोवहअभिलिखितकियाजाएगा।

योग

मात्रा (8)

टिप्पणी- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(120)

मुख्यनगरपालिकाअधिकारी/परिषदअध्यक्ष कानामऔरहस्ताक्षर

प्ररूप-36

{नियम114]

कार्यपूर्णताप्रमाणपत्र

मूलकार्यकेपूर्णहोनेकाप्रमाणपत्र

नगरपालिका..........

परियोजनाक्रमांक

प्राक्कलनक्रमांक

प्राधिकारी

दिनांक......

निर्माणकार्यकानाम.......

..कोपूर्णहुआएवंदिनांक........ ...कोअधिकारमेंलियागयाहैएवंमैं प्रमाणितकियाजाताहैकिऊपरउल्लिखितनिर्माणकार्यदिनांक अपनीसर्वोत्तमक्षमताकेअनुसारकार्यसेसंतुष्टहूँकिकार्यठीकसेकियागयाहै। 1286 (121) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

मुख्यनगरपालिकाअधिकारी/परिषदअध्यक्ष कानामऔरहस्ताक्षर

मरम्मतकापूर्णताप्रमाणपत्र

प्राधिकारी

स्थान

भवनकानाम

प्रमाणितकियाजाताहैकिऊपरउल्लिखितभवनकीमरम्मतकाकार्यदिनांक.... मैंअपनीसर्वोत्तमक्षमताकेअनुसारकार्यसेसंतुष्टहूँकिकार्यठीकसेकियागयाहै। कोपूर्णहुआऔरवहसाफ#तथानिवासयोग्यहै,एवं

दिनांक मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(122)

प्ररूप-37

बैंक गारण्टी का फार्मेट

[नियम 116 (ख)]

नगर पालिका

स्टाम्प पेपर .

(यथोचित मूल्य का स्टाम्प पेपर)

बैंक गारण्टी

संदर्भ

दिनांक

अग्रिम भुगतान के लिये बैंक गारण्टी

मुख्य नगरपालिका अधिकारी

प्रिय महोदय,

नगर पालिका से संबद्ध (इसके बाद "पक्षकार " के रूप में संदर्भित, जब तक विषय या प्रसंग के प्रतिकूल नहीं हो इसकी अभिव्यक्ति यही होगी एवं इसमें उत्तराधिकारी, प्रशासक एवं समनुदेशी सम्मिलित होंगे) पक्षकार द्वारा अनुबंध क्रमांक......... दिनांकको ...(ठेकेदार/आपूर्तिकर्ता/ सेवाप्रदाता का नाम) (इसके बाद ठेकेदार/ आपूर्तिकर्ता / सेवाप्रदाता के रूप में संदर्भित, जब तक विषय या प्रसंग के प्रतिकूल नहीं हो इसकी अभिव्यक्ति यही होगी एवं इसमें उत्तराधिकारी, प्रशासक एवं समनुदेशी सम्मिलित होंगे) एवं उक्त अनुबंध को ठेकेदार /आपूर्तिकर्ता / सेवाप्रदाता द्वारा असंदिग्धतया (Unequivocally) स्वीकार किया गया है, परिणामस्वरूप रूपये.. ...के मूल्य ...के लिये ठेका निष्पादित हुआ है (इसके बाद ठेका/अनुबंध कहा जाएगा) एवं पक्षकार उक्त ठेके के निष्पादन हेतु राशि रू (रूपये.... .)ठेकेदार/ आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता को अग्रिम भुगतान करने के लिये ठेकेदार/ आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता द्वारा बैंक गारण्टी दिए जाने पर सहमत है। हम (बैंक का नाम) रजिस्टर्ड कार्यालय ..(इसके बाद बैंक कहा जाएगा) जब तक विषय या प्रसंग के प्रतिकूल नहीं हो इसकी अभिव्यक्ति यही होगी एवं इसमें उत्तराधिकारी, प्रशासक, निष्पादक एवं समनुदेशी सम्मिलित होंगे, गारण्टी लेते हैं एवं वचन देते हैं कि ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता द्वारा भुगतान योग्य सभी धनराशियाँ उपरोक्त सीमा तक पक्षकार द्वारा किसी भी समय मांगे जाने पर बिना किसी हिचकिचाहट , शर्त, अवलंब , प्रतिवाद एवं ठेकेदार/आपूर्तिकर्ता/सेवा प्रदाता से बिना किसी संदर्भ के पक्षकार को भुगतान करेंगे । पक्षकार एवं ठेकेदार/ आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता के मध्य मतभेद या विवाद किसी न्यायलय , ट्रिब्यूनल, माध्यस्थ या अन्य प्राधिकारी के समक्ष विवाद लम्बित रहते हुए भी पक्षकार द्वारा की गई बैंक पर ऐसी कोई मांग बैंक पर निश्चित रूप से बाध्यकारी होगी । हम सहमत हैं कि इसमें सन्निहित बैंक गारण्टी अखण्डनीय एवं पक्षकार द्वारा मुक्त किए जाने तक निरन्तर प्रभावशील रहेगी ।

पक्षकार को बैंक के दायित्व पर बिना प्रभाव डाले संपूर्ण स्वतंत्रता होगी कि अग्रिम को परिवर्तित करे या ठेकेदार/ आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता के ठेके के निष्पादन हेतु समय को विस्तारित करे । पक्षकार को इस गारण्टी के अधीन संपूर्ण स्वतंत्रता होगी कि इस बैंक गारण्टी को प्रभावित किए बिना समय- समय पर उनमें वेष्ठित शक्तियों के प्रयोग को स्थगित करें या कोई अधिकार जो पक्षकार के विरूद्ध हो एवं उक्त को किसी भी समय या किसी भी ढंग से एवं/ या प्रभावशील किसी प्रसंविदा को प्रभावशील करना छोड़ दें जो पक्षकार और ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता के मध्य अनुबंध में सम्मिलित या निहित हो या कोई अन्य क्रम या उपाय या सुरक्षा पक्षकार को उपलब्ध हो । बैंक उसके दायित्वों से इन प्रस्तुतियों से मुक्त नहीं होगा यदि उपरोक्त मामलों के संदर्भ में पक्षकार द्वारा व्यवहार किया जाए या छोड़ देने के किसी कारण या कृत्य या पक्षकार के पक्ष पर चूक या कृत्य करने या पक्षकार द्वारा किसी अन्य मामले में या वस्तु में उदारता दिखाने पर जो भी हो जो विधि के अंतर्गत यह प्रावधान नहीं होता तो बैंक को मुक्त करने का प्रभाव होता । 1286(123) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

बैंक इस पर भी सहमत है कि पक्षकार ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता के विरूद्ध कार्यवाही किए बिना एवं ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता के दायित्वों के संबंध में कोई प्रतिभूति या अन्य गारण्टी होते हुए भी इस बैंक गारण्टी के विरूद्ध प्रथमतः बैंक को मूल ऋणी के रूप में प्रभावशील करने का हकदार होगा । उपरोक्त में कुछ भी सन्निहित होते हुए भीः

(a) इस गारण्टी के अंतर्गत हमारा उत्तरदायित्वरू .मात्र) तक सीमित है । यह..... हेतु..... ...सहित (रूपये ..तक प्रभावशील रहेगी एवं ऐसी अवधि ...(ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता का नाम द्वारा वांछित समय समय पर बढ़ायी जाएगी जिनके पक्ष में यह गारण्टी दी गई है ।

(b) यह बैंक गारण्टी तक वैध रहेगी ।

(c) हम केवल इस बैंक गारण्टी के अंतर्गत गारण्टी की राशि या उसके किसी भाग के भुगतान के लिए देनदार हैं एवं केवल जब आप हमें करेंगे । से पूर्व लिखित दावा या मांग सूचित दिनांक

(प्राधिकृत हस्ताक्षकर्ता)

(बैंक)

साक्षी के हस्ताक्षर/पता

1

2.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(124)

(5)

टिप्पणियाँ

(9)

कबआरम्भहुआ

(4)

मरम्मतकास्वरूप

(8)

नियम139(1)}

(3)

प्रभारीअधिकारीकेहस्ताक्षर

:प्ररूप-38

निर्माणकार्यकीपंजी

वस्तुओंकास्वरूप

नगरपालिका

(2)

(7)

प्राप्तिकीदिनांक

वस्तुओंकेनिर्गमनकी दिनांक

(9)

(1)

कबपूर्णहुआ

सरलक्रमांक 1286(125) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

निरन्तर....

राशि

राशि ₹

(8)

मात्रा

मात्रा (7)

(15)

वर्षकेलिएविनियोजन

राशि

राशि

(9)

(14)

मात्रा

मात्रा (5)

(13)

12)

राशि

राशि

(4)

निर्माणकार्योंकीपंजी

प्ररूप-39 (नियम140(2)} नगरपालिका.....

...प्राधिकार

मात्रा

मात्रा (3)

(11)

राशि

(2)

व्हाउचरक्रमांक

मात्रा

(1)

(9)

निर्माणकार्यकानाम...........

माहऔरदिनांक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(126)

(20)

प्रभारीयंत्री/यंत्री/मुख्यनगरपालिका अधिकारीकेआद्याक्षर

(19)

कुलप्रभार

(18)

निर्माणकेलियेशेषकार्य

(17)

कार्यपूर्णहोनेपरअंतिमप्रविष्टिकेनीचेदोहरीलाललाईनखींचीजानीचाहियेऔरनिम्नलिखतटिप्पणीलालस्याहीसेदीजानाचाहिए निर्माणकार्यदिनांककोपूर्णहुआ,पूर्णताप्रतिवेदनदेयकक्रमांक..........दिनांककेसाथसलंग्नकियागया।

किएगएकार्यकाकुलमूल्य ₹

टिप्पणीः- 1286 (127) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप-40

उपयोगिता प्रमाण पत्र

{नियम 153 (ख) एवं 250 (2)(ट),

नगरपालिका.......

वर्ष...........हेतु अनुदान का उपयोगिता प्रमाण पत्र योजना का नाम..

1. प्रमाणित किया जाता है कि राज्य सरकार के पत्र क्रमांक. दिनांक द्वारा परियोजना के लिये स्वीकृत कुल ₹...... में से ₹ ... की अनुदान राशि विमुक्त की गई थी । .(रूपये..

2. कुल राशि (राज्य सरकार द्वारा विमुक्त अनुदान ) में से लिए यह स्वीकृत की गई थी । रूपये . की राशि उस प्रयोजन के लिये उपयोग की गई है जिसके 3. प्रमाणित किया जाता है कि मैंने अपनी रवयं की संतुष्टि कर ली है कि जिन शर्तों पर अनुदान स्वीकृ त किया गया था उनका पूर्ण रूप से पालन किया गया है एवं मैंने यह देखने के लिए निम्न लिखित परीक्षण किए हैं कि राशि का वास्तव में उसी उद्देश्य हेतु व्यय किया गया है जिस के यह विमुक्त की गयी थी ।

मेरेद्वारा किये गये परीक्षणः-

1.

2.

3.

4.

5.

मुख्य नगरपालिका अधिकारी का नाम एवं हस्ताक्षर दिनांक............

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(128)

प्रभारीअधिकारीभण्डार

मालक्षतिग्रस्तहुआयापहचानकीगई विसंगतिकाविवरणदर्जकरें

जी.आर.एन.क्र.

जी.आर.एन.दिनांक डिलीवरीनोटक्र. डिलीवरीनोटदिनांक

मालकाविवरण

प्ररूप-41 नियम173(3))

नगरपालिका मालप्राप्तिनोट

डिलीवरीकी मात्रा

द्वाराप्राप्त

आदेशितमात्रा

द्वाराजाँचकीगई।

आपूर्तिकर्ताकानाम

मालक्रयआदेशक्र.

वाहक..

1286(129) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

मूल्य

प्रभारीअधिकारीभण्डार

शेष

दर

इकाई

मात्रा

मूल्य

निर्गम दर

प्ररूप-42

मात्रा

नगरपालिका....

नियम173(3)और174(2))

भण्डारलेजर

₹

मूल्य

दर

प्राप्तियाँ

मात्रा

आदेशक्र.

दिनांक

अधिकतम

दिनांक............

न्यूनतम

द्वारादर्ज..

मालकाविवरण

क्रमस्तर(आर्डरिंगलेवल) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(130)

जीआईएनदिनांक...

जीआईएननं.........

मांगपत्रसंख्या.....

मांगपत्रदिनांक..........

भंडारकेप्रभारीअधिकारीकानामऔरहस्ताक्षर

जारीकरनेकीविस्तरतजानकारीदर्जकरेंयदिवैकल्पिकसामग्री कीपूर्णयाउपलब्धतानहींहै

प्ररूप-43

नियम174(1)}

जारीकीगई मात्रा

भंडारमांगपत्र

नगरपालिकाकानाम........

केद्वाराजांचकीगयी।

मांगकीगईमात्रा

मालकाविवरण

मांगकर्ताकीपावती

जारीकर्ता

मांगकर्ताकानाम 1286(131) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

मालवापसीनोटसंख्या............. मालवापसीनोटदिनांक...........

भण्डारप्रभारीअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

क्षतिग्रस्तमालयाविसंगतिकाविवरणदर्जकरें

प्राप्तकीगईमात्रा

{नियम175(2))

प्रारूप-44

नगरपालिका.....

मालवापसीनोट

लौटायीगईमात्रा

..द्वाराजाँचकीगई

.....द्वाराप्राप्तकीगई

मालकाविवरण

वापिसकरनेवालेकानाम

प्ररूप-44 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(132)

(6)

फर्नीचरकाक्रय

सामान्यप्रशासनकार्यालय

(5)

लेखनसामग्री

प्रत्येकसब-व्हाउचरकावर्गीकरण

व्यय

प्ररूप-45

{नियम192(1)}

(4)

डाकप्रभार

नगरपालिका...

स्थायीअग्रिमकालेखा..

₹

राशि

(3)

सबव्हाउचर

(2)

सरलक्रमांक

दिनांक

(1) 1286(133) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

योग

(12)

(16)

किराया

(11)

अग्रिमधारीकेआद्याक्षर

(10)

फार्म्सकापरिवहन

(15)

चैककाक्रमांकएवं दिनांक

स्थायीअग्रिमकीप्रतिपूर्ति

(9)

लेखनसामग्रीका परिवहन

स्थापनाएवंआकस्मिकताएं

₹

राशि

(14)

डैबिटकियेजानेवालाशीर्षएवंराशिदर्शायें

(8)

पुस्तकोंकाक्रय

(13)

(7)

बिलकेप्रेषणकीदिनांक

पंजियोंकीबाइन्डिंगहेतु प्रभार मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(134)

(5)

कोईहो)

कीगईकार्यवाही(हानिकेलिये उत्तरदायीव्यक्तिकेविरूद्धकीगई अनुशासनात्मककार्यवाहीसहित,यदि.

(4)

परिस्थितियाँ

जिनसेहानिहुई

प्ररुप-46

(3)

अनुमानित

मूल्य

{नियम258(2)}

नगरपालिका..

(2)

वर्ष20.........केहुईदौरानधनएवंसम्पत्तिकीहानिकाविवरण

वस्तुओंकावर्णन

सरल

क्रमांक

(1) 1286(135)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(6)

(11)

वादसेसम्बंधितव्यय, व्हाउचरक्रमांकऔर दिनांकसहित

निर्णययाडिक्रीकीदिनांक

(5)

वादका मूल्य

(10)

(4)

वादमेंकार्यवाही(अंतिम निर्णयसेपूर्वइसकालममें प्रविष्टकीजाए)सुनवायी कीप्रत्येकदिनांकपर प्रकरणप्रगतिकासारांश

प्रतिवादीकानाम,पिताकानाम औरनिवासस्थानसहितनिवास

सिविलवादकीपंजी

प्ररूप-47 {नियम262]

(9)

वादकाक्रमांक,दिनांक एवंवर्षजोन्यायालयद्वारा निश्चितकियागया

(3)

नगरनगरपालिकाकानाम..

वादीकानाम,पिताकानामऔर निवासस्थानसहितनिवास

(8)

न्यायालयकानामजहाँवाद प्रस्तुतहुआहै

(2)

वादकाप्रकार सिविलयाबकाया वसूली

(7)

वादप्रस्तुत करनेकी दिनांक

क्रमांक

(1) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(136)

(18)

निष्पादनकीदिनांक

(22)

(17)

निष्पादनकीलागत

टिप्पणियाँ(क्याराशिप्राप्तहुईहैयावादका निपटाराहोगयाअथवाप्रकरणसमाप्तिकी टीपइसकालममेंदिनांककेसाथदीजाए)

(16)

(21)

अपीलकापरिणाम

वसूलकीगईराशि ₹

योग

(15)

(20)

लागत

(14)

चालानकाक्रमांकएवंदिनांक

डिक्रीकीराशि

मूलधन ₹

(13)

(19)

(12)

निर्णयका परिणाम

कुलदेययासंभाव्यराशि 1286(137) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(5)

अभियोजनकाआधार

(10)

अन्तिमनिर्णयकेपूर्वकीप्रत्येकसुनवाईकी दिनांकपरहुईकार्यवाही

(4)

अधिनियमकीधारायाउप नियमयानियमजिसके अंतर्गतअभियोजनकिया गया

(9)

(3)

प्ररूप-48

न्यायालयद्वारा अभियोजनकेप्रकरण काक्रमांक,दिनांकएवं वर्ष

(नियम263)

नगरपालिक......

लगायागयाअभियोग

अभियोजनपंजी....

(8)

न्यायालयकानामजहाँ अभियोजनप्रस्तुतहुआ

(2)

अधिकारीकानाम

(7)

संस्थित करनेकी दिनांक

(1)

(6)

सरलक्रमांक

कियागयाव्यय ₹ मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(138)

टिप्पणियाँ

(15)

(14)

अपीलकापरिणाम

(13)

अधिरोपितकिये गयेदण्डकीराशि

(12)

निर्णयकासारांश

(11)

निर्णयकीदिनांक 1286 (139) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

स्वामीकानाम..............

पुस्तकक्रमांक

रसीदक्रमांक

प्ररूप-17कीरसीदका क्रमांक काँजीहाउसकानाम...

लाएगएपशुका प्रकारऔरविवरण...........

प्ररूप.18(सी)

पशुकोमुक्तकरनेका दिनांकऔरसमय....... दण्डकीराशि

पशुकोकाँजीहाउस

लानेकीदिनांकऔर

समयकाँजीहाउस

लेखाकेसाथभेजा जाये

{नियम54]

विवरण......

स्वामीकानाम.....

पुस्तकक्रमांक ...

रसीदक्रमांक

प्ररूप-17कीरसीदका क्रमांक काँजीहाउसकानाम.......

काँजीहाउसलाएगए पशुकाप्रकारऔर

प्ररूप.18(बी)

पशुकोकाँजीहाउस लानेकीदिनांकऔर समय

(नियम54]

पशुकोमुक्तकरनेवाले व्यक्तिकोदीजाए

दण्डकीराशि...

काँजीहाउसकानाम............

पुस्तकक्रमांक रसीदक्रमांक

प्ररूप-17कीरसीदका क्रमांक

पशुकोमुक्तकरनेका दिनांकऔरसमय......

पशुकोकाँजीहाउसलाने कीदिनांकऔरसमय काँजीहाउसलाएगएपशु काप्रकारऔरविवरण........... स्वामीकानाम...........

प्ररूप.18(ए) {नियम54] मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (140)

काँजीहाउसके रखवालेयाराजस्व निरीक्षककेहस्ताक्षर

योग..

दरसहितखाद्यप्रभार...

दरसहितजलप्रभार..

खाद्यप्रभार,दरसहित जलप्रभार,दरसहित

काँजीहाउसकेरखवाले याराजस्वनिरीक्षकके हस्ताक्षर

पशुकोमुक्तकरनेका दिनांकऔरसमय...... दण्डकीराशि.........

खाद्यप्रभार,दरसहित जलप्रभार,दरसहित

काँजीहाउसकेरखवाले याराजस्वनिरीक्षकके हस्ताक्षर 1286(141) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

परिशिष्ट-1प्ररूप1से48

पशुकोमुक्तकरनेकीरसीद

पशुकोमुक्तकरनेकीरसीद मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(142)

जारी...

(8)

(12)

काँजीहाउससेमुक्त होनेपरपशुकोवापस लेनेवालेस्वामीया उनकेएजेण्टकेहस्ताक्षर

(7)

अर्थदण्डका भुगतानकिये जानेपर

कुलजमाउसकीरसीदक्रमांकऔर दिनांक

(6)

मुक्तिकादिनांकऔरसमय

अधिनियमएकसन् 1871कीधारा14के अंतर्गतविक्रयसे

भुगतानपरमुक्ति भुगतानकीगयीराशि

(11)

(5)

खाद्यऔरजलप्रभार

प्ररूप-19 [नियम55(1)]

भागनेसे

नगरपालिका

काँजीहाउसकेरखवालेकारजिस्टर

(4)

मर्दैत्युसे

अर्थदण्ड

(10)

(3)

पशुका विवरण

(2)

प्रविष्टि रसीदका दिनांक औरसमय

(9)

रोककीअवधि

(1)

पशुका सरल क्रमांक 1286 (143)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

टिप्पणी

योग

(22)

(17)

(21)

(16)

खाद्यऔरजलप्रभार

प्राप्तिकीदिनांकसहित

कैशियरकेहस्ताक्षर

विक्रयद्वारामुक्ति जमाकीजानेवालीराशि

दण्ड

(20)

(15)

प्रेषणकीदिनांकएवं

काँजी

हाउसके

रखवालेकेहस्ताक्षर

(19

(14)

कोईहो

(Remittance)1

विक्रयमेंप्रभार,यदि

अधिनियमएकसन्

1871कीधारा17के

अंतर्गतशेषजमा

हेतुप्रेषण

(18)

(13)

नीलामीसेप्राप्तराशि

अधिनियमएकसन्

1871केअंतर्गत

स्वामीकोकियागया

भुगतान

टिप्पणीः-प्रत्येकपशुको परंथक-परंथकदिखलायाजानाचाहिये।

टिप्पणीः-प्रतिदिनकीसमाप्तिपरउसदिनकीप्राप्तिकायोगकियाजाएगाऔरप्रविष्टिकीजाएगी।यदिउसदिनकीप्राप्तियोंकोआगे केपर्देष्ठपरलेजानाहैतोउसकाअलगयोगकियाजावेऔरउसेपर्देष्ठकेयोगमेंशामिलकियाजावे।महायोगमाहकेअंतमेंकिया जाएएवंवर्षकेअंतमेंप्रगामीयोगकियाजावे। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(144)

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर स्थानजहाँपकड़ेगए

प्ररूप-20 [नियम55(2)]

नगरपालिका..

पशुअतिचार(ट्रेसपास)अधिनियमकेअंतर्गतसूचना

काँजीहाउसकेरखवालेकेआद्याक्षर पशुओंकीसंख्याएवंविवरण

एतद्द्वारायहसूचनादीजातीहैकिनिम्नलिखितपशुओंको रहजानेकेकारणदिनांक.... जाएगा।. ..को .....काँजीहाउसमें7दिनोंतकदावाहीन ...बजेमध्यान्हपूर्व/अपरान्हमें स्थानपरनीलामकिया 1286(145) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(8)

(4)

विक्रयकियेगएपशुओंकीसंख्या औरविवरण

स्वामीयाउसव्यक्तिकेहस्ताक्षरजिसे दियेगये

सहायकराजस्वनिरीक्षक..

(7)

(3)

अर्थदण्ड,खाद्यप्रभार,जल प्रभारएवंविक्रयपरहुआ व्यय

अविक्रितपशुओंकीसंख्या| एवंविवरणजोस्वामीको वापसदियेगये

!

प्ररूप-21 [नियम55(2)]

नगरपालिका

(6)

(2)

स्वामीकोदीगईराशि

काँजीहाउसमेंरखेजानेके दिनोंकीसंख्या

(5)

(1)

अधिनियमएकसन्1871कीधारा16केअधीनबेचेगयेयास्वामीअथवाउसकेएजेंटकोपरिदत्तकियेगयेपशुओंकालेखा

नीलामविक्रयकीराशि

पकड़ेगयेपशुओंकीसंख्या औरविवरण मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(146)

(6)

प्रभार

(12A)

बिक्रीहेतुभेजे जानेकीदिनांक

बिक्रीहेतुपशुकी प्राप्तिकेपश्चातकिए गएखाद्यऔरजल

(5)

स्वामीकानाम, यदिज्ञातहो

वालाचालान

(11)

बिक्रीकी राशि

(4)

कानाम

(10)

पशुओंकेसाथजाने काँजीहाउसमेंबंद करानेवालेव्यक्ति

काँजीहाउसके रखवालेकेहस्ताक्षर

प्ररूप-22 [नियम56(1)]

(3)

(9)

बिक्रीहेतुभेजेगए पशुकाविवरण

खाद्यऔरजलप्रभार

(2)

अर्थदंड

(8)

बिक्रीकेलिएभेजेजानेवालेकाँजीहाउसके काँजीहाउसमेंबंद होनेकीदिनांक

(7)

(1)

पंजीक्रमांक

बिक्रीकीदिनांक 1286 (147)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

निरंतर...

(12F)

कुलप्रभार

टिप्पणियाँ

(16)

(12E)

(15)

(12D)

विक्रयकरनेवालेअधिकारी केहस्ताक्षर

निम्नलिखितकेकारणप्रभारोंकोकमकरिए

(14)

(12C)

बिक्रीकेव्यय

प्रेषणकीदिनांक

(13)

(12B)

जमाशीर्षमेंरखीजाने वालीप्रेषणराशि

काँजीहाउसमेंरहतेहुए खाद्यऔरजलप्रभार

टिप्पणीः-कालम1से10तककीप्रविष्टियाँकाँजीहाउसकेरखवालेद्वाराकीजावेंगी,कालम11से16बिक्रीकरनेवालेअधिकारीद्वारा भरेजावेंगेऔरचालानमुख्यन्यायपालिकाअधिकारीकोभेजाजावेगा।यदिपशुपरहुएव्ययकीतुलनामेंबिक्रीमेंकमराशिप्राप्तहुईतो मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(148)

सहायकराजस्वनिरीक्षक

(6)

व्हाउचरक्रमांकयापशुकी पंजीक्रमांकजैसीभीस्थिति हो

कड़बी (5)

घास

मात्रा

(4)

भूसा

(3)

प्ररूप-23

[नियम59]

योग

(2)

लेनदेनकास्वरुप

काँजीहाउसमेंपशुओंकेलिएप्राप्तऔरदिएगएचारेकीपंजीवर्ष20..20..

.....काँजीहाउसमेंवर्ष20....20....केलिएभूसा,घास,कड़बीकापरिमाण

दिनांक

(1)

बिक्रीकरनेवालापदाधिकारीसंक्षिप्तमेंइसकेकारणचालानपरउल्लिखितकरेगा।नीलामकेसमयबोलीगयीबोलियाँचालानकेपार्श्व परउल्लिखितकीजावेंगी। 1286 (149)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्रत्येकनियुक्तव्यक्ति कामासिकवेतन

व्हाउचरक्रमांकयापशुकी पंजीक्रमांकजैसीभीस्थिति हो

कड़बी

नियुक्तव्यक्तिका नाम

...

घास

मात्रा

स्वीकृतवेतनमान

भूसा

प्ररूप-24

[नियम66]

व्ययकाशीर्ष

नगरपालिका........

वेतनमानकीपंजीवर्ष20....20

शेष

स्वीकृतपदोंकीसंख्या

लेनदेनकास्वरुप

स्थायी

पदकाप्रवर्ग

दिनांक

क्रमांक

(1) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286( 150)

प्रत्येक नियुक्त व्यक्तिका मासिक वेतन

स्वीकृत अस्थायी पदकी अवधि

नियुक्तव्यक्ति कानाम

स्वीकृत वेतनमान

स्वीकृतपदोंकीसंख्या

योग

अस्थायी

योग

पदकाप्रवर्ग

(1)

सरलक्रमांक 1286( 151)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(9)

यात्राकाप्रयोजन

समय

(8)

दिनांक

(7)

आगमन

स्टेशन (6)

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामऔरहस्ताक्षर

समय

दिनांक

यात्राऔररुकनेकेविवरण

(4)(5)

प्रस्थान

स्टेशन (3)

प्ररूप-25 [नियम81(2)और(3)]

नगरपालिका.........

(2)

वास्तविकवेतन

नगरपालिका........स्थापनाकायात्राभत्तादेयकमाह

(1)

नामऔरपदनाम मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(152)

निरंतर...

(22)

टिप्पणियाँ

राशि

(15)

(21)

प्रत्येक

पंक्तिका

योग

किराया

(20)

दर

(14)

(19)

श्रेणीजिसमें वास्तवमेंयात्रा की

रेलकिराया

(13)

किलोमीटर्स कीसंख्या

राशि

(18)

(12)

मार्ग/रेलद्वारातयदूरीकिलोमीटरमेंयावास्तविकव्यय

वास्तविककिराया भुगतानकियागया

दावाकिएगएभत्ते

दर

(17)

दैनिकभत्ते

(11)

परिवहनकेसाधन

(16)

(10)

दिनोंकीसंख्या

यात्राकाप्रकार अर्थात्सड़क/ रेल

दिनांक......20.....

रू.. केलिएपारितकियागया। 1286(153) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

मुख्यनगरपालिकाअधिकारीकानामऔरहस्ताक्षर

नियंत्रणअधिकारी

रुपयोंकाभुगतानकरें।

iv)जबमुख्यालयसेलगातारदोदिनसेअधिकअवधिकीअनुपस्थितिनाहोनेपरदोदिनकेदैनिकभत्तेकादावाकियागयाहो।

vi)जबरेलकिरायाआरदैनिकभत्ताऐसीयात्राकेलिएचाहागयाहै,जबकिरेलयात्राकेतुरंतपश्चातसड़कसेयात्राकीगईहोया रुकगयाहो।

v)जबउसकेबदलेमेंमीलभत्तायावास्तविकव्ययकादावाकियागयाहो।

दिनांक

यात्राभत्तादेयकतैयारकरनेहेतुअनुदेश

6केवलयात्राकासमयउल्लिखितकियाजानाचाहिए।

5पथकप्रकारकीयात्राएंऔररुकनेकीप्रविष्टिएकहीपंक्तिमेंनाकीजाएगी।केवलएकहीप्रकारकाभत्ताउसीपंक्तिमेंलिखा जाएगाऔरउसकीराशिअंतिमराशिकेकालममेंअग्रेषितकीजाएगी। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(154)

योग (7)

(6)

यात्राभत्ते कीराशि

(5)

भोजनव्यय कीराशि

(4)

आदेशिका देनेवाले न्यायालयका नाम

प्ररूप-26

[नियम82]

प्रकरण क्रमांक

(3)

नगरपालिका............

(2)

भोजनव्ययऔरयात्राभत्ता सहितआदेशिकाप्राप्तिकी दिनांक

भोजनव्ययऔरयात्राभत्ताजोकर्मचारियोंकोसाक्ष्यदेनेहेतुसाक्षीकीतरहउपस्थितहोनेहेतुन्यायालयसेप्राप्तहुआ

(1)

सरलक्रमांक

7सड़कद्वारायात्राकीजानेपरकिलोमीटरकीसंख्यादीजाये।

8एककिलोमीटरकेअंशसेकमकीयात्राकेलिएयात्रादेयकमेंकोईप्रभारनालियाजाए। 1286(155) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

योग (6)

टिप्पणियाँ

(13)

दिन (5)

(12)

व्हाउचर क्रमांकएवं भुगतानकी दिनांक

(4)

पिताकानाम

(11)

साक्षियोंको भुगतानकीगई यात्राकीराशि

नाम

(3)

माहकेदौरानमजदूरोंकीउपस्थितिनामावली(मस्टररोल).

मस्टररोल

प्ररूप-27

(10)

चालानक्रमांक एवंदिनांक

[नियम83और139(1)]

नगरपालिका........

द्वारा....

क्रमांक (2)

(9)

नगरपालिकाकीसामान्य निधिमेंजमाकीगईराशि

(1)

निर्माणकार्यकानाम

(8)

मजदूरोंकाविवरण

उपस्थितहोनेवाले अधिकारीकेहस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (156)

मुख्यनगरपालिकाअधिकारी/यंत्री कानामऔरहस्ताक्षर निरंतर...

(10)

भुगतानपदाधिकारीकेआद्याक्षरऔरटिप्पणियांयामजदूर काहस्ताक्षरयदिवहअपनानामलिखनेमेंसक्षमहैया अंगूठेकानिशान

(9)

उपस्थितिनामावलीकामहायोग

भुगतानकीदिनांक

राशि

(8)

दर

(7)

टिप्पणीः-कॉलमोंकीसंख्याकोयदिआवश्यकहोतोवृद्धिकीजासकतीहैजबकिएकपूरेमहीनेकेप्रविष्टियोंकेलिएअनुमतिहो.।

प्रमाणितकियाजाताहैकिउपरोक्तप्रपत्रमेंदर्शाएगएकर्मचारीवास्तवमेंनगरपालिकाकेहितमेंकार्यरतथेऔरऊपरउल्लिखितभुगतानप्रत्येकको उनकेसामनेलिखीदिनांकोंमेंमेरीउपस्थितिमेंकियागयाहै 1286 (157)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

टिप्पणियाँ

मूल्य

प्रभारीअधिकारी/पदनाम

दर

प्राक्कलनकेअनुसार दर

प्रतिः

:

प्ररूप-28

मात्रा

[नियम91(1)(b)(ii)]

वैकल्पिकप्रमाणपत्र

ईनिविदाआमंत्रणसूचनाकाप्ररूप

योग

विवरण

अंतर प्रमाणितहैकिकियाहुआकार्यमापनेकेलिएग्रहणशीलनहींहै.तथापि,उसकेलिएभुगतानकीगईराशियोग्यहै,मैंइससेसंतुष्टहूँ, दिनांक..........

इसबिलकेअनुसारराशिरु मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(158)

समापनअवधि(माह)

दिनांक

(समय).......(दिनांक)तक

जारीकर्ताप्राधिकारीकानामऔरपदनाम

संभावितराशि

जिला(जिले)

प्ररूप--29

[नियम99]

मध्यप्रदेशसरकार

नगरपालिकाकानाम

निर्माणकार्य/आपूर्तियाँ/सेवाऐं

...परसंपर्ककरें.

एन.आई.टी.संख्या ..../ईटेंडरिंग

प्रकाशितकियाजाएगाऔरसमाचारपत्रमेंनहीं. 8इसकेअतिरिक्तकिसीभीस्पष्टीकरणकीआवश्यकताहोतोकृपयाश्री(दिनांक) .(नामऔरपदनाम)

5इच्छुकबोलीदातावेबसाइटपरएनआईटीदेखसकतेहैंhttp://......

6बोलीदस्तावेजसार्वजनिकअवकाशकोछोड़कर ऑनलाइनक्रयकियेजासकतेहै. (समय) दिनांक)से...... 7एनआईटीमेंसंशोधन,यदिकोईहोताहै,तोकेवल,वेबसाइटपर

क्र.सं./पैकेज/कोड

निम्नलिखितनिर्माण/आपूर्ति/सेवाओंहेतुठेकेदार/कंसल्टेंट्सऔरख्यातिप्राप्तफर्म्ससेजोनिविदामानदंडोंकोपूराकरतीहोऑनलाइन बोलीकेलिएआमंत्रितहैं 1286(159) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

महायोग

E

योग

(6)

अन्तर्वस्तु/मात्रा

(5)

DयाH (गहराई या ऊँचाई)

प्राक्कलन

B चौड़ाई (4)

L लम्बाई (3)

क्रमांक

(2)

सन20.....20

(1)

कार्यकावर्णनऔरब्यौरा

योग

प्राक्कलनक्रमांक

स्वीकृतिप्राधिकारी

निर्माणकार्यकानाम

निर्माणकार्यकास्वरुप-मूल/मरम्मत मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (160)

महायोग

(15)

मुख्यनगरपालिकाअधिकारी कानामऔरहस्ताक्षर योग

(14)

(13)

राशि-रू.

प्रति

(12)

दर

(11)

विशिष्टविवरण

प्राक्कलनकीलागतकासंक्षेप

(10)

कार्यकावर्णन

मात्रा

(9)

योग प्राक्कलनकीराशि

प्रभारीयंत्री/यंत्री कानामऔरहस्ताक्षर

द्वारास्वीकृत. स्वीकृतिकीदिनांक..........

1286(161) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररुप-30

अनुबंध का प्ररुप

(नियम -106)

नगर पालिका..

.माह... ...के दिवस दो हजार ..को श्री के बाद ठेकेदार कहे जाएंगे) एक पक्ष और नगर पालिका.. (जो इस .(जिसे इस के बाद कौंसिल कहा जाएगा ) दूसरे पक्ष के मध्य यह अनुबंध निष्पादित किया गया है । जहाँ ठेकेदार ने दिनांक... ..को ...उपलब्ध करने, आपूर्ति परिदान अधिष्ठापित करने , निर्माण करने, रखने एवं संधारण करने ....एवं अनुसूची में उल्लिखित सभी अन्य कार्यों के लिये निविदा दी है और उपरोक्त निविदा मुख्य नगर पालिका अधिकारी / प्रेसीडेंट द्वारा स्वीकृत की गई है । और यह कि इस ठेके के निष्पादन के सबंध में लिखित दस्तावेज़ के रुप में लिखा जाना अनिवार्य है अतः निम्न रूप से अनुबंध किया जाता है:-

3. ठेकेदार निम्नांकित शर्तों के अनुसार कार्य को अनुसूची में वर्णन के अनुसार और उसमें दर्शाये गये भुगतान के बदले में पूरा करेंगे ।

4. दस्तावेज़ में समाविष्ट ठेका निविदा में दर्शायी गई ठेके संबंधी प्रविष्टियों और उसकी स्वीकृतिं के प्रतिस्थापन स्वरुप होगा और इन शर्तों के विपरीत होने पर ठेका प्रवृत्तिहीन हो जाएगा । शर्तें

9. कार्य पूर्ण कर्मठता से किया जाएगा एवं सभी कार्य अति सारभूत एवं कुशल कारीगरी के साथ निष्पादित किये जाएंगे । उपयोग की जाने वाली सामग्री , यदि ठेकेदार द्वारा प्रदाय की जाएगी वह उत्तम गुणवत्ता की होगी एवं सभी प्रकरणों में यंत्री/ उपयंत्री / मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अनुमोदन के अध्यधीन होगी एवं कार्य की प्रगति की दर और कार्य या सामग्री की गुणवत्ता पर उनका निर्णय अंतिम होगा ।

10. निष्पादित किये गये कार्य की मात्रा का माप किया जाएगा एवं संतोषजनक रुप से कार्य के पूर्ण होने पर भुगतान किया जाएगा ।

11. खराब सामग्री के कार्य को पर्यवेक्षण अधिकारी उसे हटा सकेंगे एवं उन्हें प्रतिस्थापित करवाएंगे, अस्वीकृत कर हटाये गये कार्य या सामग्री का मूल्य या उसके प्रतिस्थापन की लागत , जैसा उचित समझा जाए निविदा देने वाले पक्ष को देय राशि से काट लिया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(162)

12. मुख्य नगर पालिका अधिकारी / यंत्री हस्ताक्षरित कार्य से संबंधित डिज़ाइन्स,ड्राइंग्स एवं लिखित अनुदेश उसके कार्यालय में, कार्यालय समय में निरीक्षण हेतु रखेगा और उसके अनुरूप कड़ाई के साथ कार्य किया जाएगा ।

13. प्रेसीडेंट- इन-कौंसिल/ मुख्य नगर पालिका अधिकारी / यंत्री को मूल नक्शों या अनुदेशों में ऐसे परिवर्तन करने की शक्ति होगी जो कार्य की प्रगति की दृष्टि से आवश्यक हों और ये परिवर्तन उन्हीं शर्तों पर पूरे किए जाएंगे जो मुख्य कार्य के लिये स्वीकृत की गई हों एवं उस समयावधि में पूरा किया जाएगा जो प्रेसीडेंट -इन-कौंसिल / मुख्य नगर पालिका अधिकारी/ यंत्री परिवर्तन का उल्लेख करते हुए लिखित में आदेशित करेंगे । ऐसे परिवर्तनों से आवश्यक हुआ अतिरिक्त कार्य के लिए, यदि कोई हो, निम्न रूप से भुगतान किया जाएगाः-

(क) पूर्व सहमत्य दर से यदि यह उसी समान प्रकृति का हो जैसा अनुबंध में उल्लिखित है ;

(ख) कार्य भिन्न प्रकृति का है ऐसे कार्य की दर पूर्व में सहमत्य न हो तो दरों की अनुसूची में उल्लिखित दरों पर जो लागूयोग्य हो ;

(ग)यदि अतिरिक्त मदें नगरपालिका को लागूयोग्य दरों की अनुसूची में सम्मिलित नहीं हैं विद्यमान बाजार दर से श्रमिक और सामग्री के मुल्य का विश्लेषण कर दरें स्वीकृत कर जो सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपयुक्त मानी जाएं ।ऐसा परिवर्तन ठेके को अमान्य नहीं करेगा वरन् मूल ठेका कार्य को पूरा करने का समय अनुपात में विस्तारित किया जाएगा ।

14. प्रेसीडेंट / मुख्य नगर पालिका अधिकारी / यंत्री को प्रतीत होता हो कि कोई भी कार्य विकृत , अपूर्ण या कुशल कारीगरी से या हीन प्रकार की सामग्री के साथ निष्पदित किया गया है तो लिखित में माँग पर ठेकेदार उसमें तुरंत सुधार करेगा ,हटाएगा या उसका पूर्णतः या अंशतः जैसा भी प्रकरण में आवश्यक हो बिना किसी अतिरिक्त प्रभार के पुनर्निर्माण करेगा; और उसके द्वारा प्रेसीडेंट- इन-कौंसिल/ मुख्य नगर पालिका अधिकारी / यंत्री द्वारा निर्धारित अवधि में पूरा करने से इनकार करने पर जैसा भी प्रकरण हो , या विकृत अथवा हीन गुणवत्ता की सामग्रियों या वस्तुओं को निर्धारित समय में कार्यस्थल से हटाने और ठेके की शर्तों के अनुसरण में प्रेसीडेंट / मुख्य नगर पालिका अधिकारी / यंत्री द्वारा लिखित में माँग पर उन निष्प्रयोज्य सामग्रियों या वस्तुओं के बदले उपयुक्त सामग्रियों या वस्तुएं शीघ्र उपलब्ध कराने 1286 (163) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

में विफलता के प्रकरण में प्राक्कलन की राशि पर एक प्रतिशत की दर से 10 दिनों से अनधिक प्रति दिन के लिये क्षति का भुगतान करेगा ।

15. स्वीकृति प्राधिकारी के विचार में यदि कार्य विशिष्टियों के अनुसार कड़ाई के साथ अनुसरण में निष्पादित नहीं किया गया है तो उन्हें शक्ति होगी कि उस कार्य का भुगतान ऐसी घटी दरों से करें जो वे निर्धारित करें किन्तु यह प्रक्रिया उन के पक्ष में वैकल्पिक होगी ।

16. ठेकेदार द्वारा नीचे दी गई समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं किये जाने के प्रकरण में ठेकेदार के देयक से किये गये कार्य के मूल्य के दस प्रतिशत की कटौती की जाएगी ।

उपरोक्त संदर्भित सूची

पूर्णता की दिनांक

भुगतान की दर

गणना की इकाई

मद का क्रमांक

कार्य का नाम

पूर्ण किये जाने

वाले कार्य की

मात्रा

श्रेणी एवं कार्य का विवरण

(7)

(6)

(5)

(4)

(3)

(2)

(1)

आज दिनांक .....

दिनांक सहित ठेकेदार का नाम एवं हस्ताक्षर

एवं

नगरपालिका

साक्षी के दिनांक सहित हस्ताक्षर

के मध्य

नगरपालिका के मुख्यनगरपालिका अधिकारी का नाम

एवं दिनांक सहित हस्ताक्षर

साक्षी के दिनांक सहित हस्ताक्षर

प्ररूप 31

[नियम 111 ]

ठेकेदार का बिल

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(164)

व्हाउचर क्रमांक..

निर्माण कार्य का नाम

ठेकेदार का नाम.

निर्माण कार्य का प्राधिकार..

इस कार्य हेतु पिछले व्हाउचर का क्रमांक एवं दिनांक

मद

विवरण

माप के अनुसार अद्यतन निष्पादित किए गए कार्य कीमात्रा

गत प्रमाण- पत्र के उपरांत निष्पादित किए गए कार्य की मात्रा

(4)

(3)

(2)

(1)

राशि

टिप्पणियाँ

अद्यतन

दर

गत प्रमाण-पत्र के उपरांत

(8)

(7)

(6)

5)

निरंतर...

आज दिनांक तक हुए कार्य का अद्यतन मूल्य

गत प्रमाणपत्र में दर्शित कार्य के मूल्य को घटाएं

गत प्रमाणपत्र के पश्चात हुए कार्य का शुद्ध मूल्य

कार्य के प्रभारी यंत्री का नाम और हस्ताक्षर

ठेकेदार का नाम और हस्ताक्षर 1286 (165)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्रमाणित किया जाता है कि पूर्वगामी दावा सत्य है, आवश्यक माप मेरे द्वारा दिनांक 20 को लिए गए और माप पुस्तक क्रमांक पर अभिलिखित किये गए है और यह की कार्य संतोषप्रद रीति से पूर्ण किया गया है । के पृष्ठ

दिनांक

प्रभारी यंत्री/ यंत्री/ मुख्य नगरपालिका अधिकारी का नाम और हस्ताक्षर

रूपये केवल का भुगतान करें

मुख्य नगरपालिका अधिकारी / प्रेसिडेंट- इन- कौंसिल का नाम और हस्ताक्षर

...प्राप्त किये ।

केवल इस कार्य के लिए रूपये..

रसीदी टिकट यदि रूपये

5000/- से अधिक है

दिनांक .20 ...

ठेकेदार

लेखापाल

प्ररूप 32

[नियम 111 ]

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(166)

नगरपालिका का नाम

फुटकर ठेकेदार का बिल

व्हाउचर क्रमांक...

निर्माण कार्य का नाम

ठेकेदार का नाम

प्राधिकार ..

दर

टिप्पणियाँ

राशि

विवरण

मात्रा

प्रति

से

(4) (5)

(6)

(3)

(2)

(1)

कार्य के प्रभारी यंत्री का नाम एवं हस्ताक्षर ठेकेदार का नाम एवं हस्ताक्षर

.20......को लिये गये और माप पुस्तक क्रमांक..........के पृष्ठ गये हैं और यह कि कार्य संतोषप्रद रीति से पूरा किया गया । प्रमाणित किया जाता है कि पूर्वगामी दावा सत्य है,आवश्यक माप मेरे द्वारा दिनांक....... ..पर अभिलिखित किये दिनांक

प्रभारी यंत्री/ यंत्री / मुख्य

नगरपालिका अधिकारी का नाम और हस्ताक्षर

केवल रू............. का भुगतान करें

केवल इस कार्य के लिए रूपये प्राप्त

रसीदी टिकट यदि 5000/- से अधिक है

मुख्य नगरपालिका अधिकारी / प्रेसिडेंट- इन- कौंसिल का नाम और हस्ताक्षर

ठेकेदार

लेखापाल 1286(167)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप 33

[नियम 112(1)]

माप पुस्तक

नगरपालिका

माप पुस्तक क्रमांक

अधिकारी का नाम

पदनाम

प्रथम प्रविष्टि की दिनांक

अंतिम प्रविष्टि की दिनांक

टीप- यह भाग शीर्षक पृष्ठ के रूप में मुद्रित किया जाना चाहिए.

कार्य का नाम

निर्माण कार्य का स्थल.......

एजेंसी जिसके द्वारा कार्य निष्पादित किया गया है...

माप की दिनांक

(ये चार पंक्तियों की पुनरावृत्ति प्रत्येक कार्य से संबंधित माप को प्रारंभ करते समय की जाना चाहिए)

अद्यतन माप

विवरण

क्रमांक L

लम्बाई

(3)

(2)

(1)

पूर्वगामी माप को घटाइए अद्यतन मूल्य

मात्रा

पृष्ठ

दर, प्रति इकाई D या H

B

क्षेत्रफल का परिमाण

चौड़ाई (गहराई या ऊँचाई)

(6) (5)

(4)

(5अ)

टिप्पणियाँ पूर्वमाप से

कालम 6 की दर से मूल्य

मात्रा

(कालम 5-9)

(9)

(8)

(7)

(12)

(11)

(10) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(168)

टिप्पणियाँ

(8)

नष्टकरने कीनियत दिनांक

(7)

कार्यालयको वापसीकी दिनांक

(6)

पूर्णताकी दिनांक

(5)

प्ररूप34

निर्गमकी दिनांक

[नियम112(2)]

(4)

नगरपालिका........

मापपुस्तकोंकीप्राप्तिएवंनिर्गमकीपंजी

उसव्यक्तिकानाम औरपदनामजिसेदी गई

(3)

मापपुस्तकका क्रमांक

(2)

क्रमांक (1) 1286 (169)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

निरंतर...

राशि

(7)

दर

(6)

निष्पादितकीगई

मात्रा

(5)

राशि

(4)

पूर्णताप्रतिवेदन

प्ररूप35 [नियम113(1)]

नगरपालिका

दर

(3)

प्राक्कलितकीगई

मात्रा

(2)

प्राक्कलन

योग

का उपशीर्ष (1)

ठेकेदारकानाम........

अनुबंधमेंनिर्दिष्टदिनांक

निर्माणकार्यकानाम

निर्माणकार्यकाप्राधिकार...

कार्यआरंभहोनेकीदिनांक

(नीचेदिएगएप्ररूपकाउपयोगजबकोईभीआइटमप्राक्कलनसेअधिकहोजाएतोकियाजाएगा) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(170)

प्रभारीअधिकारी

(11)

अंतरोंकास्पष्टीकरण

राशि

(10)

अंतर

दर

(9)

मात्रा

योग

(8)

टिप्पणी-यदिकार्यनिर्धारितसमयकेभीतरपूरानहींकियाजाताहै,तोविलंबकाकारणस्पष्टकियाजायेगा,यदिउनकारणोंकेलिए दंडआरोपितनहींकियागयाहैतोवहअभिलिखितकियाजाएगा 1286(171)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्रेसिडेंट-इन-कौंसिल

कानामऔरहस्ताक्षर

मुख्यनगरपालिकाअधिकारी/

प्ररूप36

[नियम114]

कार्यपूर्णताप्रमाणपत्र

मूलकार्यकेपूर्णहोनेकाप्रमाणपत्र

परियोजनाक्रमांक

प्राक्कलनक्रमांक

प्राधिकारी

दिनांक

निर्माणकार्यकानाम

प्रमाणितकियाजाताहैकिऊपरउल्लिखितनिर्माणकार्यदिनांक...कोपूर्णहुआऔरदिनांक ...कोकार्यअधिकारमेंलिया गयाहै,कार्यठीकसेकियागयाहै,मैंअपनीसर्वोत्तमक्षमताकेअनुसारसंतुष्टहूँकिनिर्माणकार्यउचितरूपसेकियागयाहै। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(172)

कानामऔरहस्ताक्षर

मुख्यनगरपालिकाअधिकारी /प्रेसिडेंट-इन-कौंसिल

मरम्मतकापूर्णताप्रमाणपत्र

प्राधिकार

दिनांक..

स्थान

भवनकानाम

..कोपूर्णहुआऔरवहसाफ#तथा प्रमाणितकियाजाताहैकिऊपरउल्लिखितभवनकीमरम्मतकाकार्यदिनांक... निवासयोग्यहै,औरमरम्मतकार्यठीकसेहुआहै,मैंअपनीसर्वोत्तमक्षमताकेअनुसारकार्यसेसंतुष्टहूँ। 1286 (173) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप-37

(यथोचित मूल्य के स्टाम्प पेपर पर निष्पादित किया जाए)

बैंक गारण्टी का फार्मेट

[नियम116 (b)]

नगरपालिका

संदर्भ

दिनांक.................

अग्रिम भुगतान के लिये बैंक गारण्टी

प्रति

मुख्यनगर पालिका अधिकारी

प्रिय महोदय,

को नगरपालिका से संबद्ध (इसके बाद " सेवार्थी" के रूप में संदर्भित, जब तक विषय या प्रसंग के प्रतिकूल नहीं हो इसकी अभिव्यक्ति यही होगी एवं इसमें उत्तराधिकारी,प्रशासक एवं समनुदेशी सम्मिलित होंगे) सेवार्थी द्वारा अनुबंध क्रमांक........ दिनांक [ठेकेदार/आपूर्तिकर्ता/सेवाप्रदाता का नाम] (इसके बाद ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता /सेवाप्रदाता के रूप में संदर्भित , जब तक विषय या प्रसंग के प्रतिकूल नहीं हो इसकी अभिव्यक्ति यही होगी एवं इसमें उत्तराधिकारी ,प्रशासक एवं समनुदेशी सम्मिलित होंगे) एवं उक्त अनुबंध को ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता / सेवाप्रदाता द्वारा असंदिग्धतया (Unequivocally ) स्वीकार किया गया है, परिणामस्वरूप रूपये के मूल्य पर ..के लिये ठेका निष्पादित हुआ है (इसके बाद ठेका/ अनुबंध कहा जाएगा) एवं सेवार्थी उक्त ठेके के निष्पादन हेतु राशि रू. (रूपये ) ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता को अग्रिम भुगतान करने के लिये ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता द्वारा बैंक गारण्टी दिए जाने पर सहमत है । हम्म.... ........बैंक का नाम) रजिस्टर्ड कार्यर्यालय (इसके बाद बैंक कहा जाएगा) जब तक विषय या प्रसंग के प्रतिकूल नहीं हो इसकी अभिव्यक्ति यही होगी एवं इसमें उत्तराधिकारी , प्रशासक, निष्पादक एवं समनुदेशी सम्मिलित होंगे , गारण्टी लेते हैं एवं वचन देते मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(174)

हैं कि ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता द्वारा भुगतान योग्य सभी धनराशियाँ उपरोक्त सीमा तक सेवार्थी द्वारा किसी भी समय मांगे जाने पर बिना किसी हिचकिचाहट, शर्त, अवलंब, प्रतिवाद एवं ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता से बिना किसी संदर्भ के सेवार्थी को भुगतान करेंगे । सेवार्थी एवं ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता के मध्य मतभेद या विवाद किसी न्यायलय, ट्रिब्यूनल, माध्यस्थ या अन्य प्राधिकारी के समक्ष विवाद लम्बित रहते हुए भी सेवार्थी द्वारा की गई बैंक पर ऐसी कोई मांग बैंक पर निश्चित रूप से बाध्यकारी होगी । हम सहमत हैं कि इसमें सन्निहित बैंक गारण्टी अखण्डनीय एवं सेवार्थी द्वारा मुक्त किए जाने तक निरन्तर प्रभावशील रहेगी ।

सेवार्थी को बैंक के दायित्व पर बिना प्रभाव डाले संपूर्ण स्वतंत्रता होगी कि अग्रिम को परिवर्तित करे या ठेकेदार /आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता के ठेके के निष्पादन हेतु समय विस्तारित करे । सेवार्थी को इस गारण्टी के अधीन संपूर्ण स्वतंत्रता होगी कि इस बैंक गारण्टी को प्रभावित किए बिना समय- समय पर उनमें वेष्ठित शक्तियों के प्रयोग को स्थगित करें या कोई अधिकार जो सेवार्थी के विरूद्ध हो एवं उक्त को किसी भी समय या किसी भी ढंग से एवं/या प्रभावशील किसी प्रसंविदा को प्रभावशील करना छोड़ दे जो सेवार्थी और ठेकेदार /आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता के मध्य अनुबंध में सम्मिलित या गर्भित हो या कोई अन्य क्रम या उपाय या सुरक्षा सेवार्थी को उपलब्ध हो ।

बैंक उसके दायित्वों से इन प्रस्तुतियों से मुक्त नहीं होगा यदि उपरोक्त मामलों के संदर्भ में सेवार्थी द्वारा व्यवहार किया जाए या छोड़ देने के किसी कारण या कृत्य या सेवार्थी के पक्ष पर चूक या कृत्य करने या सेवार्थी द्वारा किसी अन्य मामले में या वस्तु में उदारता दिखाने पर जो भी हो जो विधि के अंतर्गत यह प्रावधान नहीं होता तो बैंक को मुक्त करने का प्रभाव होता ।

बैंक इस पर भी सहमत है कि सेवार्थी ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता के विरूद्ध कार्यवाही किए बिना एवं ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता के दायित्वों के संबंध में कोई प्रतिभूति या अन्य गारण्टी होते हुए भी इस बैंक गारण्टी के विरूद्ध प्रथमतः बैंक को मूल ऋणी के रूप में प्रभावशील करने का हकदार होगा । 1286(175)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

उपरोक्त में कुछ भी सन्निहित होते हुए भीः

(a ) इस गारण्टी के अंतर्गत हमारा उत्तरदायित्व रू ... ...मात्र ) तक सीमित है । यह...... रहेगी एवं ऐसी अवधि हेतु...... (रूपये ..सहित ..तक प्रभावशील ......ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता का नाम] द्वारा वांछित समय समय पर बढ़ायी जाएगी जिनके पक्ष में यह गारण्टी दी गई है ।

(b ) यह बैंक गारण्टी तक वैध रहेगी ।

(c) हम केवल इस बैंक गारण्टी के अंतर्गत गारण्टी की राशि या उसके किसी भाग के भुगतान के लिए देनदार हैं एवं केवल जब आप हमें करेंगे । पूर्व लिखित दावा या मांग सूचित दिनांक

(प्राधिकृत हस्ताक्षकर्ता) (बैंक)

साक्षी के हस्ताक्षर/ पता

1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(176)

टिप्पणियाँ

(5)

(9)

कबआरम्भहुआ

(4)

मरम्मतकीप्रकृति

(8)

प्रभारीअधिकारीकेहस्ताक्षर

प्ररूप-38

(3)

कार्यकीपंजी

[नियम139(1)]

वस्तुओंकीप्रकृति

नगरपालिका

(7)

(2)

प्राप्तिकीदिनांक

वस्तुओंकेनिर्गमकीदिनांक

(6)

(1)

सरलक्रमांक

कबपूर्णहुआ 1286 (177)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

रू.

राशि

(8)

हेतुविनियोजन

मात्रा

(7)

..वर्ष...

रू.

राशि

(6)

...रूपये..

मात्रा

(5)

रू.

राशि

(4)

.प्राधिकार..

प्ररूप-39 (नियम140(2)}

निर्माणकार्योंकीपंजी

नगरपालिका मात्रा (3)

(2)

व्हाउचरक्रमांक

(1)

निर्माणकार्यकानाम......

माहऔर दिनांक

निरन्तर......

राशि

रू.

(16)

मात्रा

(15)

राशि

रू.

(14)

मात्रा

(13)

राशि

रू.

(12)

मात्रा

(11)

राशि

रू.

(10)

मात्रा

(9) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(178)

(20)

प्रभारीयंत्री/मुख्यनगरपालिका अधिकारीकेआद्याक्षर

(19)

कुलप्रभार

(18)

निर्माणकेलियेशेषकार्य

(17)

किएगएकार्यकाकुल मूल्य रू.

टिप्पणी-कार्यपूर्णहोनेपरअंतिमप्रविष्टिकेनीचेदोहरीलाललाईनखींचीजानीचाहियेऔरनिम्नलिखितटिप्पणीलालस्याहीसेदी जानीचाहिए-कार्यदिनांककोपूर्णहुआ,पूर्णताकाप्रतिवेदनदेयकक्रमांकदिनांककेसाथसलंग्नकियागया। 1286 (179)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप-40

उपयोगिता प्रमाण पत्र

[नियम 153 (ख) एवं 250 (2) (ट)]

नगरपालिका

वर्ष .........हेतु अनुदान का उपयोगिता प्रमाण पत्र

योजना का नाम.....

1. प्रमाणित किया जाता है कि राज्य सरकार के पत्र क्रमांक..दिनांक ... द्वारा परियोजना के लिये स्वीकृत कुल रु (रुपये... में की अनुदान राशि से रू........... .(रूपये.. विमुक्त की गई थी ।

अनुदान) में से रू....... 2. कुल राशि (रुपये राज्य सरकार द्वारा विमुक्त ..(रूपये... ......... की राशि उस प्रयोजन के लिये उपयोग की गई है जिसके लिए यह स्वीकृत की गई थी ।

3. प्रमाणित किया जाता है कि मैंने अपनी स्वयं की संतुष्टि कर ली है कि जिन शर्तों पर अनुदान स्वीकृत किया गया था उनका पूर्ण रूप से पालन किया गया है एवं मैंने यह देखने के लिए निम्न लिखित परीक्षण किए हैं कि धन वास्तव में उसी उद्देश्य हेतु व्यय किया गया है जिस के यह विमुक्त किया गया था ।

मेरे द्वारा किये गये परीक्षण

1.

2.

3.

4.

5.

मुख्य नगरपालिका अधिकारी का नाम एवं हस्ताक्षर दिनांक...

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(180)

भण्डारप्रभारीअधिकारी

मालक्षतिग्रस्तहुआयाविसंगतिकी पहचानकीगई,विवरणदर्जकरे

मालप्राप्तिनोटक्रमांक.

मालप्राप्तिनोटदिनांक डिलीवरीनोटक्रमांक डिलीवरीनोटकीदिनांक

मालकाविवरण

मालप्राप्तिनोट

प्ररूप-41 (नियम173(3))

नगरपालिका

डिलीवरीकीमात्रा

द्वाराजाँचकीगई द्वाराप्राप्तकीगई

आदेशितमात्रा

मालक्रय आदेशक्र.

आपूर्तिकर्ताकानाम वाहक 1286( 181)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

मूल्यरू.

प्रभारीअधिकारीभण्डार

शेष

यूनिट

दर

मात्रा

मूल्यरू.

निर्गमन दर

प्ररूप-42

मात्रा

[नियम173(3)और174(2)]

भण्डारलेजरपंजी

नगरपालिका

मूल्यरू.

दर

प्राप्तियाँ

मात्रा

द्वारादर्जकीगई

आदेशक्र.

दिनांक|

अधिकतम

दिनांक

न्यूनतम

आदेशस्तर

मालकाविवरण मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(182)

भण्डारमांगपत्रक्रमांक.

भण्डारमांगपत्रकीदिनांक मांगपत्रक्रमांक

मांगपत्रदिनांक

भण्डारप्रभारीअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

यदिपूर्णमात्रानिर्गमनहींकीगईयावैकल्पिकसामग्री

कीउपलब्धताहो,विवरणदर्जकरें

प्ररूप-43

[नियम174(1)]

भण्डारमांगपत्र

निर्गमकीमात्रा

नगरपालिका

मांगकीमात्रा

मांगकर्ताकीपावती

द्वाराजाँचकीगई

द्वारानिर्गमकीगई

मांगकर्ताकानाम

मालकाविवरण 1286( 183 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

भण्डारप्रभारीअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

मालवापसीनोटक्रमांक...... मालवापसीनोटदिनांक..........

विवरणदर्जकरें

मालक्षतिग्रस्तहुआयाविसंगतिकीपहचानकीगई

प्ररूप-44

[नियम175(2)]

प्राप्तकीगईमात्रा

नगरपालिका

मालवापसीनोट........

वापिसकीगईमात्रा

द्वाराजाँचकीगई

द्वाराप्राप्तकीगई

मालकाविवरण

वापसकरनेवालेकानाम मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(184)

निरन्तर........

(6)

फर्नीचरकाक्रय

...

सामान्यप्रशासनकार्यालय

(5)

लेखनसामग्री

प्रत्येकसबव्हाउचरकावर्गीकरण

व्यय

प्ररूप-45

[नियम192(1)]

(4)

डाकप्रभार

नगरपालिका

स्थायीअग्रिमकालेखा...

(3)

राशिरू.

सबव्हाउचर

(2)

सरलक्रमांक

दिनांक

(1) 1286 (185)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

योग

(12)

(16)

किराया

(11)

स्थायीअग्रिमधारीकेआद्याक्षर

(10)

फार्म्सकावाहनव्यय

(15)

चैककाक्रमांकएवं दिनांक

स्थायीअग्रिमकीप्रतिपूर्ति

(9)

लेखनसामग्रीका वाहनव्यय

स्थापनाएवंआकस्मिकताएं

राशि

(14)

नामेकियेजानेवालाशीर्षएवंराशिदर्शायें

(8)

पुस्तकोंकाक्रय

(13)

(7)

बिलकेप्रेषणकीदिनांक

पंजियोंकीबाइन्डिंगहेतु प्रभार मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286( 186)

निरन्तर....

(5)

कीगईकार्यवाही(हानिकेलिये उत्तरदायीव्यक्तिकेविरूद्धकीगई अनुशासनात्मककार्यवाहीसहित,यदि कोईहो)

(4)

परिस्थितियाँ जिनसेहानिहुई

प्ररूप-46

अनुमानित मूल्य

(3)

[नियम258(2)]

नगरपालिका

वर्ष20.........केहुईदौरानधनएवंसम्पत्तिकीहानिकाविवरण

(2)

वस्तुओंकावर्णन

सरल क्रमांक

(1) 1286-(187)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

निरन्तर

निरन्तर......

(6)

(11)

निर्णययाडिक्रीकीदिनांक

वादसेसम्बंधितव्यय,व्हाउचर क्रमांकऔरदिनांकसहित

(5)

(10)

वादकामूल्य

वादमेंकार्यवाही(अंतिमनिर्णय सेपूर्वइसकालममेंप्रविष्टकी जाए)सुनवायीकीप्रत्येक दिनांकपरप्रकरणप्रगतिका सारांश

(4)

प्रतिवादीकानाम,पिता कानामऔरनिवास स्थानसहितनिवास

(9)

प्ररूप-47

[नियम262]

वादकाक्रमांक,दिनांकएवं वर्षजोन्यायालयद्वारानिश्चित कियागया

(3)

सिविलवादकीपंजी.......

वादीकानाम,पिताका नामऔरनिवासस्थान सहितनिवास

(8)

(2

न्यायालयकानामजहाँवाद प्रस्तुतहुआहै

वादकाप्रकारसिविलया बकायावसूली

(7)

(1)

सरल क्रमांक

वादप्रस्तुतकरने कीदिनांक मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(188 )

निरन्तर

निष्पादनकीदिनांक

(18)

(22)

टिप्पणियाँ(क्याराशिप्राप्तहुईहैयावाद कानिपटाराहोगयाअथवाइसकालममें दिनांककेसाथप्रकरणसमाप्तकीटीप

दीजाए)

निष्पादनकीलागतरू

(17)

(21)

वसूलकीगईराशि

अपीलकापरिणाम

(16)

योगरू

(15)

(20)

चालानकाक्रमांकएवंदिनांक

लागतरू.

डिक्रीकीराशि

(14)

मूलधनरु.

(13)

(19)

कुलदेयराशियापात्रता

निर्णयका परिणाम

(12) 1286(189)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

निरन्तर..........

(5)

अभियोजनकेआधार

(4)

अधिनियम,नियमयाउपनियम कीधाराजिसकेअंतर्गत अभियोजनकियागया

प्ररूप-48

[नियम263]

अभियोग

(3)

नगरपालिका अभियोजनपंजी...

(2)

अभियोगीकानाम

(1)

सरलक्रमांक मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(190)

निरन्तर...

वरिशिष्ट-1प्ररूप1से48

राजीवनिगम

उपसचिव लगरीयविकासएवंआवासविभाग

तथाआदेशानुसार

टिप्पणियाँ

(15)

(10)

मध्यप्रदेशकेराज्यपालकेनामहै

अन्तिमनिर्णयकेपूर्वकीप्रत्येकसुनवाईकी दिनांकपरहुईकार्यवाही

(14)

अपीलकापरिणाम

(9)

न्यायालयद्वारा अभियोजनके प्रकरणकाक्रमांक दिनांकएवंवर्ष

(13)

(118)

अधिरोपित

दण्डकीराशि

(8)

न्यायालयकानामजहाँ अभियोजनप्रस्तुतहुआ

(12)

निर्णयकासारांश

(7)

संस्थित करनेकी दिनांक

(11)

(6)

निर्णयकी

दिनांक

कियागयाव्यय

198 1286( 191)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

मध्यप्रदेश शासन

नगरीय विकास एवं आवास विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल

17-12-2018

भोपाल, दिनांक

अधिसूचना

क्रमांक ५५ / एफ 4-44/ 2018 /18-1 , मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम , 1956 (क्रमांक 23 सन् 1956) की धारा 433 द्वारा प्रदत्त शाक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य सरकार, एतद्वारा निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्

मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम (वित्त एवं लेखा) नियम, 2018

अध्याय-एक

प्रारम्भिक

संक्षिप्त नाम , विस्तार और प्रारंभ-

1.

(1 ) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम (लेखा एवं वित्त) नियम, 2018 है ।

(2) ये नियम मध्यप्रदेश राज्य की समस्त नगरपालिक निगमों में लागू होंगे ।

(3) ये. "मध्यप्रदेश राजपत्र " में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे ।

2. परिभाषाएं-(1 ) इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,

(क) "संभूति लेखाकरण" से अभिप्रेत लेखांकन के उस तरीके से है, जिसके द्वारा राजस्व एवं व्यय की मान्यता समय विशेष के आधार पर, यथा मासिक अथवा वार्षिक होती है , तथा नकद आधार से विशिष्ट, नकद की प्राप्ति अथवा भुगतान की दिनांक से संबंध के बिना, अधिग्रहीत आस्तियों के लिए किए गए व्यय के रूप में अभिलिखित किया जाता है;

(ख) "अधिनियम" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 (क्रमांक 23 सन् 1956)

(ग) "लेखा मैन्युअल " से अभिप्रेत है आदेश क्र. एफ-1368 /18-3 / 07 दिनांक 25 जुलाई 2007 तथा समय- समय पर यथा संशोधित राज्य सरकार द्वारा यथा विहित मध्यप्रदेश म्यूनिसिपल लेखा मैन्युअल;

(घ) "बैलेंस शीट" से अभिप्रेत है नगरपालिक निगम की वित्तीय स्थिति के एक पत्रक से है जो किसी दी गई तारीख पर इसकी आस्तियां, दायित्वों, निधियों, आरक्षित एवं अन्य लेखा शेषों को क्रमशः उनके पुस्तकीय मूल्य पर दर्शाता हो,

(ड) "बैंक बुक " से अभिप्रेत है नगरपालिक निगम के बैंक खातों से संबंधित संव्यवहार अभिलिखित करने हेतु मूल प्रविष्टि पुस्तिका;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(192)

(च) " पूंजीगत व्यय " से अभिप्रेत है ऐसे व्य से जो भावी अवधि के लाभ के लिए आशयित हो । यह राजस्व व्यय से भिन्न है जो वर्तमान अवधि में लाभ देता है । यह निबंधन सामान्यतः नियत आस्तियों की इकाईयों को बढ़ाने या विद्यमान अस्तियों की क्षमता, दक्षता और जीवनकाल में सुधार अथवा प्रचालन में मितव्ययता लाने के लिए व्यय तक सीमित है;

(छ) " कैश बुक" से अभिप्रेत है नगरपालिक निगम की नकद संव्यवहार के लिए मूल प्रविष्टि पुस्तिका;

(ज) "आयुक्त" से अभिप्रेत है नगरपालिक निगम का आयुक्त;

(झ) " सक्षम प्राधिकारी" से अभिप्रेत है नगरपालिक निगम आयुक्त या उस अधिकारी से है जिसे इन नियमों या राज्य सरकार द्वारा जारी किसी अन्य सामान्य या विशिष्ट आदेश के अन्तर्गत शक्ति प्रत्यायोजित की गई हों

(ञ) "निगम" से अभिप्रेत है नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 7 के अंतर्गत या इसके द्वारा गठित नगरपालिक निंनः

(ट) "विभाग" से अभिप्रेत हैः-

(एक) सामान्य प्रशासन विभागः

(दो) जल कार्य तथा सीवरेज विभागः

(तीन) लोक निर्माण तथा उद्यान विभाग;

(चार) राजस्व विभागः

(पांच) वित्त तथा लेखा विभागः

(छह) विद्युत् तथा यांत्रिकी विभाग;

(सात) स्वच्छता तथा ठोस २ शष्ट प्रबंधन विभाग;

(आठ) यातायात तथा परिवहन विभागः

(नौ) योजना तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग; और

(दस) शहरी गरीबी उन्मूलन विभाग ।

(ठ) " वित्तीय विवरण" से अभिप्रेत है बैलेंस शीट, आय एवं व्यय पत्रक, प्राप्तियां एवं भुगतान पत्रक, नकद प्रवाह पत्रक तथा अन्य कोई सहायक पत्रक या लेखा अभिलेखों से प्राप्त वित्तीय आंकड़ों के अन्य प्रस्तुतीकरण ; :

(ड) " वित्तीय वर्ष" से अभिप्रेत है ऐसा वर्ष जो 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर और आगामी 31 मार्च को समाप्त होता है;

(ढ़) " प्ररूप" से अभिप्रेत है इन नियमों से संलग्न प्ररूप;

(ण) "निधि" से अभिप्रेत है एक गतिविधि जि के लिए राज्य सरकार के आदेशानुसार पृथक् लेखा पुस्तकें एवं वित्तीय विवरण तैयार किया जाने अपेक्षित हैं;

1286 ( 193)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(त) "जनरल लेजर" से अभिप्रेत है लेखाकरण के प्रयोजन से उपयोग किए गए सभी लेखाओं का एक संकलन :

(थ ) " लेखा और वित्त विभाग के प्रमुख" से अभिप्रेत है वह अधिकारी जो नगरपालिक निगम के लेखा एवं वित्त विभाग के समस्त कार्यों के प्रचालन एवं कृत्यों का प्रभारी एवं उत्तरदायी हो;

(द) "विभागाध्यक्ष" से अभिप्रेत है संबंधित विभाग के लिए उत्तरदायी समस्त प्रभार से युक्त अधिकारी से है जैसा कि नियम 2 ञ में यथा परिभाषित हैं, तथा ये सभी अधिकारी आयुक्त के अधीनस्थ होंगे ;

(ध) "आय" से अभिप्रेत है एक वित्तीय वर्ष के दौरान अर्जित या उपार्जित धन या धन का समतुल्य, पूर्व की विद्यमान निवल आस्तियों के योग में वृद्धि एवं किसी प्रकार की सेवा या किराएदारी के उपबंधों से उद्‌भूतं धन सहित शासन से प्राप्त हुए अनुदान/अंशदान/ हस्तांतरण ;

(न) "आय एवं व्यय पत्रक" से अभिप्रेत है नगरपालिक निगम की आय एवं व्यय से संबंधित पत्रक :

(प) "मूलभूत नगरपालिक सेवाओं का न्यूनतम स्तर से अभिप्रेत है ऐसे मानक सेवास्तर संकेतकों से जिन्हें शहरी विकास मंत्रालय , भारत सरकार द्वारा नगरपालिक सेवाओं यथा, जलापूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं वर्षा जल निकासी की चार मूलभूत शहरी सेवाओं के लिए निर्धारित किया गया है;

(फ) "नगरपालिक निगम का स्वयं का राजस्व" से अभिप्रेत है कर राजस्व, गैर- कर राजस्व से प्राप्त राजस्व एवं राज्य सरकार एवं केन्द्रीय वित्त आयोग से हस्तांतरित राशि, किन्तु इसमें पूंजी अनुदान, आस्तियों के विक्रयं से पूंजीगत प्राप्तियां तथा राज्य सरकार से अन्य पूंजीगत प्राप्तियां सम्मिलित नहीं होंगी;

(ब) "प्राप्तियाँ एवं भुगतान पत्रक" से अभिप्रेत है एक पत्रक जिसमें किसी भी रूप में नकद प्राप्तियां, नकद भुगतान (नकद, चैक, आदि) के विवरण दर्ज हों । सभी गैर- नकद वित्तीय लेन -देनों इन पत्रक को तैयार करने में सम्मिलित नहीं होगे;

(भ) "राजस्व व्यय" से अभिप्रेत है वह जो पूंजीगत व्यय के अतिरिक्त हो. ;

(म) "राजस्व प्राप्ति" से अभिप्रेत है ऐसी प्राप्ति जो पूंजीगत प्राप्ति से पृथक् हो ;

(य) "विशेष अवसर" से अभिप्रेत है कोई मेले, प्रदर्शनियां , क्रीड़ा प्रतियोगिताएं या टूर्नामेण्ट कोई स्थानीय त्यौहार, या कोई राष्ट्रीय , प्रादेशिक वा स्थानीय के अवसर या कोई अन्य प्राकृतिक आपदा से है, जैसा निगम द्वारा विनिश्चय किया गया हो ;

(र) " सरकार" से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश सरकार :

(ल) "सब लेजर" से अभिप्रेत है सहायक लेखों के समूह जिनके शेषों का योग जनरल लेजर में सृजित किए गए नियंत्रण लेखों के शेष के समाल्य हो ;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(194)

(व) "व्हाउचर" से अभिप्रेत है दस्तावेज़ जो किसी वित्तीय व्यवहार को प्राधिकृत करता है तथा पुस्तकों में मूल प्रविष्टि दर्ज करने का आधार बनाता हो, उदाहरणार्थ रसीद व्हाउचर , कांन्ट्रा व्हाउचर, भुगतान व्हाउचर, जर्नल व्हाउचर आदि ।

(2) उन शब्दों और अभिव्यक्तियों के, जो इन नियमों में प्रयुक्त हुए हैं किन्तु परिभाषित नहीं किए गए हैं वही अर्थ होंगे , जो अधिनियम में उन्हें उनके लिए समनुदेशित किए गए हैं ।

अध्याय-दो

लेखांकन प्रणाली

लेखांकन प्रणाली.- 3.

( 1) नगरपालिक निगम उनकी लेखा पुस्तको का संधारण दोहरी प्रविष्टि के अंतर्गत संभूति आधार पर करेंगी ।

(2) नगरपालिक निगम संव्यवहारों के लेखाकरण, लेखा पुस्तकों के संधारण एवं वित्तीय विवरणों को तैयार करने हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सिद्धांतों का अनुसरण करेंगे । (3) प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए पृथक् लेखा पुस्तकें संधारित की जाएंगी ।

(4) नगरपालिक निगम से संबंधित सभी संव्यवहार नगरपालिक निगम की लेखा पुस्तकों में दर्ज किए जाएंगे..।'

4. लेखा पुस्तकें.-

(1 ) लेखा पुस्तकें एवं समर्थन दस्तावेज़ निम्नांनुसार होंगे:-

(क) कैश बुक:

(ख) बैंक बुक;

(ग) जर्नल बुक;

(घ) जनरल लेजर और सब लेजर;

(ङ) ट्रायल बैलेस;

(च) पंजियां; और

(छ) व्हाउचर्स ।

(2) लेखा पुस्तकें एवं अन्य सहायक दस्तापेज़ राज्य सरकार द्वारा यथा निर्धारित प्ररूप में संधारित किए जाएंगे ।

(3) लेखा पुस्तकें एवं अन्य दस्तावेज़ हिन्दी देवनागरी या अंग्रेजी लिपि में संधारित किए जाएंगे ।

(4) लेखा पुस्तकों में सभी प्रविष्टियाँ दैनिक रूप से कालक्रमानुसार की जाएंगी । 1286(195) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(5) लेखा पुस्तकें, पंजियां, रसीद बुक्स, बिल बुक्स एवं अन्य लेखांकन अभिलेखों की सुदृढ़ जिल्द बनाकर उनके प्रत्येक पृष्ठ पर क्रमांक अंकित कर नगरपालिक निगम की मोहर लगायी जाएंगी ।

(6) प्रत्येक लेखा पुस्तक या रजिस्टर के पृष्ठों की संख्या का सत्यापन के पश्चात् आयुक्त या उनके द्वारा प्राधिकृत अन्य किसी व्यक्ति द्वारा पंजी के अंतिम पृष्ठ पर लिखित में प्रमाणीकरण किया जाएगा ।

(7) लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख तथा आयुक्त लेखा पुस्तकों के प्रत्येक पृष्ठ पर हस्ताक्षर कर उनका प्रमाणीकरण करेंगे ।

5. कैश बुक.-

(1) नकद प्राप्तियां, संवितरण, नगरपालिक निगम के बैंक खातों में नकद जमा एवं नकद आहरणों से संबंधित समस्त संव्यवहार, उसी दिन कैश बुक में अभिलिखित ।

(2) कैशबुक का प्रतिदिन योग करके उसका संतुलन किया जाएंगा । उस दिवस के नकदं अंत शेष को अगले दिवस के प्रारम्भिक अतिशेष के रूप में अग्रेषित किया जाएंगा। (3) लेखापाल, प्रतिदिन कैशबुक के अंतशेष की जांच पड़ताल करेगा तथा ऐसे परीक्षक के प्रतीक रूप में हस्ताक्षर करेगा। कैशियर के पास हस्तगत नकद राशि का कैशबुक के अतिशेष से दैनिक आधार पर सत्यापन किया जाएगा तथा लेखापाल द्वारा इस प्रभाव का प्रमाणपत्र कैशबुक में अभिलिखित किया जाएगा ।

6. बैंक बुक.-

(1) नगरपालिका निगम के बैंक खातों में नकद, चैक, डिमाण्ड ड्राफ्ट या किसी इलेक्ट्रानिक अंतरण के रूप से जमा अथवा आहरित की गई रकम उसी दिन बैंक बुक में अभिलिखित की जाएंगी ।

(2) नगरपालिक निगम के प्रत्येक बैंक खाते के लिए पृथक् बैंक बुक संधारित की जाएंगी । (3) बैंक बुक का दैनिकं योग कर उसे बंद किया जाएंगा । उस दिन का अंत शेष अगले दिन के प्रारम्भिक शेष के रूप में अग्रेषित किया जाएंगा ।

(4) लेखापाल बैंक बुक की प्रविष्टियों व अंतिम बैंक शेष का परीक्षण करेगा तथा ऐसे परीक्षण के प्रतिक रूप में हस्ताक्षर करेगा ।

(5) प्रतिमाह नगरपालिक निगम की बैंक बुकले अनुसार बैंक पास बुक तथा बैंक स्टेटमेण्ट से मिलान कर नगरपालिक निगम के सभी बैंक खातों का पुनर्मिलान किया जाएगा । अंतर पाए जाने पर सत्यापन के पश्चात् लेखा की पुस्तकों में आवश्यक समायोजन प्रविष्टियाँ पारित की जाएंगी अथवा बैंक को उसके स्तर पर आवश्यक सुधार हेतु सूचित किया जाएगा। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(196)

टिप्पणी: बैंक स्टेटमेंट याः पासबुक के साथ प्रविष्टियों का मिलान करते समय रकम के साथ चैक नम्बर, पाने वाले तथा अदाकर्ता के नाम आदि की भी जांच की जाएगी ।"

(6) नगरपालिक निगम के सभी बैंक खातों के लिए मासिक पुनर्मिलान प्रपत्र अनुवर्ती माह की 10वें दिन तक तैयार किए जाएंगे तथा इस पर लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे ।

7. जनरल बुक. ऐसे सभी वित्तीय व्यवहार जिनमें नकद एवं बैंक अंतर्ग्रस्त न हों उनको जनरल बुक में अभिलिखित किया जाएगी।

8. जनरल लेजर.- लेखे के प्रत्येक शीर्ष के लिए जनरल लेजर संधारित किया जाएगा जिसमें प्रारम्भिक शेष हो अथवा वित्तीय वर्ष के दौरान लेन- देन हुआ हो । प्रत्येक दिन के अंत में कैश बुक, बैंक बुक एवं जनरल बुक में अभिलिखित किए गए संव्यवहार की उपयुक्त लेजर्स में प्रविष्टियां की जाएंगी । लेजर खाते प्रत्येक माह के अंत में बंद किए जाएंगे एवं अंतशेष को अगले माह हेतु प्रारम्भिक शेष के रूप में अग्रेषित किया जाएगा ।

9. सब लेजर- जानकारी ब्यौरों के लिए, जनरल लेजर में चिन्हित किसी लेखा हेतु नियंत्रण लेखे के रूप में सब-लेजर संधारित किया जा सकता है ।

10. ट्रायल बैलेन्स- माह के अंत तक के संव्यवहारों हेतु सभी लेखाकरण समायोजन किए जाने के पश्चात् प्रत्येक माह के लिए अनुवर्ती माह की 10वीं तारीख तक ट्रायल बैलेन्स तैयार किया जाएगा ।

11. व्हाउचर्स.-

(1) नगरपालिक निगम के प्रत्येक वित्तीय संव्यवहार को एक व्हाउचर में प्रविष्ट की जाएगी तथा उपयोग किए जाने वाले व्हाउचर का प्रकार वित्तीय व्यवहार की प्रकृति पर निर्भर होगाः-

(क) नकद या चैक या डिमाण्ड ड्राफ्ट या बैंक में प्रत्यक्ष जमा या इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण से प्राप्ति अन्तर्ग्रस्त संव्यवहारों हेतु प्राप्ति व्हाउचर तैयार किया जाएगा

: (ख) नकद या चैक या बैंक द्वारा प्रत्यक्षः नामे या इलेक्ट्रॉनिक अंतरण से भुगतान अन्तर्ग्रस्त संव्यवहारों हेतु भुगतान व्हाउचर' तैयार किया जाएगा

नगरपालिक निगम के बैंक खातों में नकद जमा , नकद आहरण या नगरपालिक निगम के बैंक खातों के बीच अंतरण के लेन- देन के लिए कॉन्ट्रा व्हाउचर तैयार किया जाएगा; और (ग)

(घ) ऐसे संव्यवहारों के लिए जिसमें नकद या बैंक खाते अंतर्ग्रस्त नहीं होते, जनरल व्हाउचर तैयार किया जाएगा । 1286 (197)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(2) सभी व्हाउचर्स लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख या उसके द्वारा सम्यक् रूप से प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति के पर्यवेक्षण में तैयार किए जाएंगे तथा उसे अन्य सहायक दस्तावेजों की आवरण शीट के रूप में उपयोग किया जाएंगा जो लेन- देन को प्राधिकृत करने के आधार बनाते हैं ।

(3) प्रत्येक श्रेणी के व्हाउचर के लिए क्रमिक नंबर दिए जाएंगे । प्रत्येक वित्तीय वर्ष में व्हाउचर नवीन क्रमांक शुरू होंगे;

(4) एक व्हाउचर में विविध लेखा शीर्ष हो सकते हैं किन्तु संव्यवहार केवल एक ही निधि के संबंध में अभिलिखित होगा ।

12. लेखा चार्ट.-

(1) समस्त वित्तीय संव्यवहारों के अभिलेख हेतु राज्य सरकार द्वारा विहित लेखा चार्ट एवं संहिताकरण संरचना का उपयोग किया जाएगा ।

(2) लेखा चार्ट या संहिता संरचना में किसी परिवर्धन या संशोधन को आयुक्त, नगरीय प्रशासन एंव विकास द्वारा अनुमोदित किया जाएगा ।

13. कम्प्यूटरीकृत लेखांकन और इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में अभिलेखों का संधारण.-

(1) इन नियमों के अधीन विहित किए गए रूप में लेखा पुस्तकों एवं अन्य लेखाकंन अभिलेखों को इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में संधारित करने हेतु नगरपालिक निगम उपयुक्त कम्यूटर साफ्टवेयर का उपयोग कर सकेगी ।

(2) जहां कम्प्यूटरीकृत लेखांकन प्रणाली अपनायी गई हो, वहां नगरपालिक निगम का आयुक्त उत्तरदायी होंगे:-

( क) डेटा और सॉफ्टवेयर की सुरक्षा एवं सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करना;

(ख) डेटा का बैकअप और इसका प्रतिष्ठापन;

(ग) डेटा प्रविष्टि, डेटा संशोधन और रिपोर्टिंग के लिए अभिगमन नियंत्रणः

(घ) प्रत्येक माह के अंत में लेखा पुस्तकों का प्रिंट लेना ।

(3) उप-नियम (2) में उपबंधित प्रिंट किए गए लेखा विवरणों की जिल्द के रूप में सुदृढ़ बाईंडिंग की जाएगी तथा पृष्ठ क्रमांकित किए जाएंगे । प्रत्येक पृष्ठ पर नगरपालिक निगम की सील लगाई जाएगी । लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख तथा आयुक्त प्रत्येक पृष्ठ पर हस्ताक्षर कर लेखा पुस्तकों के प्रिंट आउट अभिप्रमाणित करेंगे ।

(4) जहां नगरपालिक निगम के अन्य विभागों का प्रचालन कम्प्यूटराईज्ड है, लेखा की पुस्तकों के मानकीकृत प्ररूपों, में या ऐसे क्षेत्रों से संबंधित कोई अन्य अभिलेखों, पंक्तियों, कॉलमों या अंतर्वस्तुएं जो डेटाबेस में पूर्व से ही उपलब्ध हो या जिन्हें सॉफ्टवेयर में अधिकार में लिया जाना रूपांकित हो एवं सत्यापन अथवा रिपोर्टिंग हेतु मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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सरलता से निकाला जा सके, इनके संशोधन को अनुमोदन आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग अथवा उनके प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति को प्राधिकृत कर सकेगा । (5) जहां आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास संतुष्ट हो कि कम्प्यूटरीकृत लेखा प्रणाली विश्वसनीय , स्थिर है और पर्याप्त सुरक्षा तथा बैकअप प्रणालियां लगा दी गई हैं, वह शासन से अनुरोध कर सकता है कि ऐसी लेखा पुस्तकों, प्ररूपों, पंजियों एवं अभिलेखों का हस्तलिखित संधारण संमाप्त करने के निर्देश दिये जाएं, जैसा कि वह उचित समझे ऐसा अनुरोध प्राप्त होने पर शासन स्तर से नगरपालिक निगम को निर्देश जारी किए जा सकेंगे कि ऐसे प्ररूपों, पंजियो एवं अभिलेखों का हस्तलिखित संधारण समाप्त कर दिया जाए और इन्हें कम्प्यूटरीकृत प्रणाली पर केवल इलेक्ट्रॉनिक प्ररूप में ही संधारित किया जाएं । ۱

14. लेखा पुस्तकों तथा अन्य लेखांकन अभिलेखों में सुधार.-

(1) लेखा पुस्तकों में की गई प्रविष्टि के किसी भी प्रकार के संशोधन आयुक्त अथवा उनके द्वारा अधिकृत व्यक्ति द्वारा प्राधिकृत किया जाएगा तथा जनरल व्हाउचर में प्रविष्टि के माध्यम से किया जाएगा ।

(2) व्हाउचर अथवा प्ररूप अथवा पंजियों में किसी प्रविष्टि सुधार अथवा परिवर्तन लाल स्याही से किया जाएगा (सुधार कि जाने वाली प्रविष्टि केवल एक क्रास लाईन खींचकर काटी जाएगी) तथा इसे आयुक्त की तारीख सहित आद्याक्षर से अंकित कर प्रमाणित करेगा ।

(3) बिल/ दावों और भुगतान व्हाउचर के सभी सुधार और परिवर्तन समान रूप से अदाकर्ता द्वारा सत्यापित किए जाएंगे ।

(4) रसीदों में अंकों में कोई सुधार या परिवर्तन नहीं किया जाएगा एवं जब कभी रसीदों के लिखने में त्रुटि हो जाए , ऐसी रसीदों की समस्त प्रतियां निरस्त की जाएंगी तथा जारी की गई नवीन रसीदों के समर्थन में संरक्षित रखी जाएंगी ।

(5) उद्धर्षण नहीं किया जाएगा तथा उद्धर्षण किए गए कोई दस्तावेज़ स्वीकार नहीं किए जाएंगे ।

नगरपालिक निगम निधि.- i.

(1) नगरपालिक निगम द्वारा संधारित मुख्य निधि "नगरपालिक निगम निधि" होगी तथा अधिनियम में यथावर्णित उन स्त्रोतों से मिलकर बनेगी ।

(2) राज्य सरकार विशिष्ट प्रयोजनों के लिए पृथक् निधियां विहित कर सकेगी ।

टिप्पण: नगरपालिक निगम निधि एवं राय सरकार विहित निधियों में प्रत्येक निधि की

पृथक् अनुसूची नगरपालिक निगम के वार्षिक वित्तीय विवरण का भाग 1286 ( 199)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

बनाएंगी । अनुसूची में वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए परिवर्धनों एवं कटौतियों या निधि से उपयोगिता के विवरण, अंतर्विष्ट होंगे ।

(3) राज्य सरकार, प्रत्येक निधि के लिए पृथक् वित्तीय विवरण तैयार करना विहित कर सकेगी है ।

(4) जहां राज्य सरकार प्रत्येक निधि के लिए पृथक् वित्तीय विवरण तैयार करना विहित किया हो, नगरपालिक निगम, प्रत्येक निधि के लिए पृथक् अभिलेख संधारित करेगा एवं निम्न पालन करेगाः-

(क) प्रत्येक निधि के लिए लेखे की पुस्तकें एवं व्हाउचर पृथक् रूप से तैयार किए जाएंगे । प्रत्येक निधि हेतु व्हाउचर पर व्हाउचर क्रमांक स्पष्ट रूप से निधि का कोड होगा ।

(ख) प्रत्येक निधि के लिए पृथक् बैंक खाता संधारित किया जाएगा तथा संबंधित निधि बैंक खाते में प्रेषण किए जाएंगे । यदि किसी प्रकार की प्राप्ति अथवा भुगतान किसी अन्य निधि के बैंक खाते में दर्ज कियागया हो तो इसे अंतर- निधि अंतरण के रूप में माना जाएगा एवं तद्नुसार ही लेखांकन किया जाएगा ।

(ग

) नगरपालिक निगम, प्रत्येक निधि के लिए पृथक् वित्तीय विवरण तैयार करने के अतिरिक्त सम्पूर्ण रूप से नगरपालिक निगम के लिए समेकित वित्तीय विवरण तैयार करेगा।

16. आरक्षित निधि.-

(1) प्रतिवर्ष नगरपालिक निगम अपने राजस्व का पांच प्रतिशत आरक्षित निधि में अंतरित करेगा।

(2) नगरपालिक निगम आरक्षित निधि हेतु पृथक् बैंक खाता संधारित करेगा ।

(3) आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास अनुमोदन से आरक्षित निधि का उपयोग किया जाएगा किन्तु निम्न गतिविधियों तक ही सीमित नहीं होगाः

(क) कर्मचारियों के किसी भी संबंधित भुगतानों या उपदान के लिए जमा;

(

ख ) केन्द्रीय या राज्य योजना हेतु कोई भी मार्जिन मनी;

(ग) आपात स्थितियों में या विशेष पन कल्याण योजनाओं हेतु व्यय के लिए जहां बजट प्रावधान नहीं हो ; और

(घ) राज्य सरकार द्वारा जारी किसी अन्य आदेश हेतु । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (200)

17. ओपनिंग बैलेन्स शीट तैयार करना.-

(1) नकद आधारित लेखा पद्वति से स्थानांतरित कर बुक कीपिंग की संभूति आधारित दोहरी लेखा प्रणाली अपनाने के लिए , राज्य सरकार द्वारा यथा विहित तारीखं पर नगरपालिक निगम द्वारा ओपनिंग बैलेन्स शीट तैयार की जाएगी ।

(2) राज्य सरकार द्वारा विहित दिशा-निर्देशों के अनुसार ओपनिंग बैलेंस शीट , तैयार की जाएगी एवं नियत आस्तियों का मूल्यांकन किया जाएगा ।

(3) नगरपालिक निगम परिसंपत्तियों की पहचान, मूल्यांकन सूची बनाने एवं आस्तियों की स्थिति तथा दशा आदि के सीमांकन हेतु बाह्य एजेन्सी की सहायता ले सकता है । (4) आयुक्त, अपनाए जाने एवं अनुमोदनार्थ ओपनिंग बैलेन्स शीट मेयर - इन-कौंसिल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे ।

(5) मेयर - इन-कौंसिल के अनुमोदन के एएचात् ओपनिंग बैलेन्स शीट में यदि कोई त्रुटि या चूक परिलक्षित होती है तो ऐसी त्रुटि या चूक हेतु संबंधित लेखा शेषों में समायोजन किया जाएगा तथा ऐसे समार्योजन का तत्स्थानी प्रभाव उस वित्तीय वर्ष में नगरपालिक निगम निधि के शेष में किया जाएगा जिसमें यह त्रुटि या चूक परिलक्षित हुई है । लेखों में समावेश के पूर्व ऐसा कोई समायोजन अनुमोदन हेतु मेयर-इन-कौंसिल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा ।

अध्याय-तीन

करों और फीसों का संग्रह

18. सामान्य.-

आयुक्त द्वारा निगम क्षेत्र को पार करने और वितरण किए जाने वाले देयकों की गणना के आधार पर संग्रहरण मण्डलों में विभाजित किया जाएगा । प्रत्येक मण्डल को

क्रमांकित किया जाएगा एवं प्रत्येक मण्डल में एक राजस्व निरीक्षक नियुक्त किया जाएगा । संग्रहण मण्डल यथा संभव सघन होगा ।

टिप्पणी: जब राजस्व निरीक्षक बदल जाए तो निवर्तमान राजस्व निरीक्षक बकायाओं की 1. सूची तैयार करेगा जो मुक्त कस्ले वाले सहायक राजस्व निरीक्षक को दी जाएगी । जब बाद वाला राजस्व निरीक्षक सूची प्राप्त कर लेता है तब संग्रहणों हेतु पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगा ।

19. टैक्स डिमाण्ड एवं डिमाण्ड रजिस्टर. इस प्रयोजन के लिए नियुक्त प्रत्येक राजस्व निरीक्षक उसके मण्डल में समस्त नवीन भवनों के प्रकरण, विद्यामन भवनों के पुनर्निर्माण और परिवर्धन को दर्शाते हुए निगम द्वारा कार्य हेतु नियुक्त अधिकारी त्रैमासिक पन्त्रक प्रस्तुत करेगा । ये विवरण पत्र भवन निर्माण अनुज्ञा अधिकारी द्वारा प्रदत्त जानकारी पर आधारित होंगे , जो कि 1286(201 )

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जानकारी प्रदत्त करने के लिए उत्तरदायी होगा । विवरण पत्र प्रस्तुत करने के पूर्व, राजस्व निरीक्षक उन पर निमांकित प्रमाण पत्र पृष्ठांकित करेगाः-

"इस भण्डल में कोई भी नवीन भवन निर्माणाधीन नहीं है और न ही विद्यमान भवनों में कोई परिवर्धन या परिवर्तन ही किया जा रहा है सिवाय जो विवरण पत्र में दर्शाये गए हैं । "

टिप्पणी- त्रैमासिक विवरण पत्रकों की प्राप्ति पर, जहां आवश्यक हो , कर के निर्धारण या पुनर्निर्धारण के लिए शीघ्र काईवाई की जाएंगी ।

20. (1) सपंत्ति का कर निर्धारण एवं प्रमाणीकरण पूर्ण होने के बाद पश्चात् प्रत्येक नई मांग और विद्यमान मांग में प्रत्येक परिवर्तन , की प्रविष्टि जहां तक वह वित्तीय वर्ष की मांग को प्रभावित करती हो, मांग एवं संग्रहण जी में की जाएगी ।

(2) प्रत्येक वर्ष में वृद्धि या कमी का परिणाम दर्शाने के क्रम में प्ररूप 1 में उपंबधित किए : गए रूप में एक विवरण पत्र तैयार किया जाएगा तथा जिसमें प्रत्येक परिवर्तनों की प्रविष्टिद्वारा उसे अद्यतन रखा जाएगा और प्रत्येक माह के अंत में योग किया जाएगा । 21. (1 ) कर निर्धारण सूची से मांग , संग्रहण, अवशेष रजिस्टर तैयार किया जाएगा और पिछले मांग एवं संग्रहण रजिस्टर में अंकित की गई कोई लंबित बकाया भी दर्शाए जाएंगे । (2) वित्तीय वर्ष के अंत में लेखाओं का शेष निकाला जाएगा और उन्हें बंद किया जाएगा, प्रगामी योग किया जाएगा और पृष्ठ दर पृष्ठ अग्रेषित किया जाएगा और अंकों के प्रविष्टिकर्ता से भिन्न अन्य व्यक्ति महायोग करेगा और यह प्रमाणित करने के प्रयोजन से कि लेखा सही है, लेखा तैयार करने के लिए निम्नांकित अंतशेष प्रविष्टियां भी की जाएंगी:-

(क) वित्तीय वर्ष के शुरू में मांग सूची के अनुसार मांग;

बकाया;

(ख)

(ग) वित्तीय वर्ष के दौरान की गई वृद्धि या कमी

(घ) वित्तीय वर्ष के लिए कुल मांग;

(ड.) संग्रहण;

(च) रियायतें: और

(छ) वित्तीय वर्ष के अन्त में बकाया शेष ।

(3) रजिस्टर में की गई प्रविष्टियों की जांच पड़ताल राजस्व अधिकारी याः राजस्व निरीक्षक और जहां राजस्व अधिकारी या राजस्व निरीक्षक न हों, यह जांच आयुक्त द्वारा की जाएगी और उसका परीक्षण पूर्ण होने पर वह प्रत्ये पृष्ठ पर अपने आद्याक्षर करेंगे । पिछले वर्ष या वर्षों का अदत्त शेष अग्रेषित किया जाएगा एवं पृथक् रूप से रजिस्टर के शुरू के पृष्ठों में प्रविष्टः किया जाएगा । बकाया की वसूलियां जैसे ही प्रभावित हों इन प्रविष्टियों के विरूद्ध मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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दर्शायी जाएंगी न कि उस रजिस्टर में जिसमें मूल रूप से मांग दिखायी गई है । रजिस्टर वित्तीय वर्ष के आरम्भ से पूर्व तैयार होगा और उसमें एक संक्षेप अतंविष्ट होगा जिसमें विभिन्न वार्डों की कर निर्धारण अंको का योग होगा । इन का योग होने के उपरांत किए गए कर निर्धारण की प्रविष्टियां संबंधित वार्ड की प्रविष्टियों के योग के नीचे दर्शायी जाएंगी और कर निर्धारण सूची क्रमांक और प्राधिकार को उधृत किया जाएगा ।

22. लेखाकंन एवं अभिलेखन प्रक्रिया.-

(1) सम्पत्ति एंव अन्य करों के संबंध में राजस्व उस अवधि के लिए मान्य किए जाएंगे जिसमें वे देय होते हैं एवं मांगें निर्धारण योग्य होती हैं ।

(2) जब कभी प्राप्ति योग्य कर के संबंध में मांग उठेती है तब संग्रहण एवं अवशेष रजिस्टर में प्रविष्टि की जाएगी।

23. अधिनियम के अन्तर्गत सम्पत्ति कर के भुगतान के संबंध में, यदि कोई छूट अनुज्ञेय है उसे लेखों में व्यय के रूप में माना जाएगा ।

24. केन्द्र या राज्य सरकार के निमित्त यदि कोई उपकर संग्रहीत किया जाता है, तब संबंधित कर प्राधिकारियों के प्रति भुगतान के लिए दायित्व के रूप में माना जाएगा । उपकर संग्रहण के लिए नगर निगम को उपलब्ध संग्रह प्रभार या शेयर को आय के रूप में लिया जाएगा तथा उस रकम को संबंधित प्राधिकारियों को भुगतान योग्य रकम से घटा दिया जाएगा ।

25. प्रतिदिन के संग्रहणों को राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप और रीति में नगर निगम के लेखाओं में लाया जाएगा ।

26. यदि किसी एक पार्टी से करों या अन्य नगर निगम के देयों की दो या अधिक किश्तें वसूली योग्य हों और जब केवल एक किश्त का भुगतान प्राप्त हो तब पूर्ववर्ती देय किश्त के विरूद्ध जमा की जाएगी ।

27. सम्पत्ति कर से आय.-

सम्पत्ति कर से आय की रकम सिर्फ स्वनिर्धारण विवरणी के जमा होने के पश्चात् ही निर्धारित् की जाएगी और प्रत्येक अर्ध- वर्ष की समाप्ति पर वित्तीय वर्ष में आय की सही रकम प्रतिबिम्बित करने के लिए उचित समायोजन प्रविष्टि की जाएगी, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप और रीति में निर्धारित की गई हो ।

28. उपयोगकर्ता प्रभारों हेतु लेखा प्रक्रिया.-

उपयोगकर्ता प्रभारों के संबंध में राजस्व उस अवधि में मान्य किया जाएगा जिसमें वे देय होते हैं अर्थात् जब बिल दिए जाते हैं । विलम्बित भुगतान पर शास्ति एवं ब्याज की गणना केवल प्राप्ति होने पर की जाएगी । 1286 (203)

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29. जल प्रभार- जल की प्रदाय हेतु की नियत जल दर के सम्बन्ध में एक समान दर यथास्थिति, या माप के आधार पर मांग पंजी रखी जाएगी ।.

30. मूल रसीदों की जांच-

आयुक्त यह व्यवस्था करेगा कि उसके कर्मचारियों द्वारा करदाताओं को दी गई हस्त लिखित रसीदों में से। प्रतिशत से अन्यून रसीदों का मिलान प्रतिमाह उसके प्रतिपर्णों और संग्रहण रजिस्टर से किया जाएगा । इस प्रकार मिलान की गई रसीदों का अभिलेख संबंधित व्यक्ति द्वारा सघारित किया जाएगा ।

31. दैनिक संग्रहण.-

दैनिक संग्रहणों का लेखांकन राज्य सरकार द्वारा विहित रूप में किया जाएगा ।

32. वापसी.-

राजस्व की वापसी की टीप, कैश बुक या अन्य रजिस्टर में प्राप्ति की मूल प्रविष्टि के सम्मुख की जाएगी, ताकि अकस्मात् दूसरी बार उसी रकम की वापसी से न हो सके । वापसी के संबंध में रसीद नस्ती के प्रतिपर्ण में टीप की जाएगी । किसी वापसी को प्राधिकृत किए जाने के पूर्व जहां संभव हो, पक्षकार को दी गई रसीद प्राप्त की जाएगी और उसे रदद् किया जाएगा ।

33. अन्य कर. -

किसी कर की दशा में, जिसके लिए कर निर्धारण वार्षिक रूप से किया जाना है और संबंधित नियमों या उपविधियों में कर निधार्रण सूची के प्ररूप विहित नहीं हैं, उनके लिए प्रतिवर्ष जनवरी माह में हर वार्ड के लिए अगले वित्तीय वर्ष हेतु रूप 2 में कर के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों की पृथक् पृथक् कर निर्धारण सूची तैयार की जाएगी ।

टिप्पणी

यह सूची वित्त समिति को सूचित मांग और संग्रहण और शेष रजिस्टर के आधार पर तैयार की जाएगी और यदि ऐसी कोई समिति नहीं है तब वित्तीय वर्ष के फरवरी माह में प्रेसिडेंट-इन-कौंसिल को प्रस्तुत की जाएगी । 34. कर निर्धारण सूचियों में से तैयार किया गया मांग और संग्रहण रजिस्टर उसमें की गई प्रविष्टियां, वार्ड वार किए गए योग सहित राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप और रीति में संधारित किया जाएगा ।

35. वृद्धि एवं छूट. वित्तीय वर्ष के दौरान स्वीकृत कर वृद्धि एवं छूट की प्रविष्टियां तत्स्थानी मांग और संग्रहण पंजियों में प्रविष्टि किए जाने वाले ब्यौरे प्ररूप 3 में वर्णित रजिस्टर में दर्ज की जाएगी ।

36. मांग संग्रहण और शेष का पत्रक. प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में बकाया का शेष निकाला जाएंगा एवं वित्तीय वर्ष के दौरान यदि कोई वृद्धि की गई हो कुल संग्रहण में जोड़ कर वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की गई छूट के योग को घटाया जाएगा । यह विवरण निगम लेखा समिति को और यदि ऐसी समिति नहीं है तो मेयर- इन- कौंसिल के समक्ष रखा जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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37. नोटिस और जप्ती वारंट.-

(1) अधिनियम के उपबंधों के अंतर्गत जारी किए गए मांग के नोटिस और जप्ती वारंट के प्ररूप 4 व 5 में वर्णित पुस्तकों में प्रतिपर्ण सहित रखे जाएंगे । प्रत्येक पुस्तक में पुस्तक संख्या और प्ररूपों के क्रमांक सहित समान संख्या के प्ररूपों में अंतर्विष्ट होंगे । जप्ती द्वारा रकम प्राप्त होने पर उसे कैश बुक में और मांग और संग्रहण रजिस्टर में लाया जाएगा, रसीद के स्थान पर वारंट का क्रमांक और अक्षर "डी.डब्ल्यु. " उधृत होगा । जब चूककर्ता द्वारा, वारंट निष्पादन अधिकारी को संपूर्ण भुगतान करने पर चूककर्ता को राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में प्रभाव स्पष्ट टीप के साथ रसीद दी जाएंगी कि रकम जप्ती वारंट द्वारा प्राप्त की गई है ।

(2) नोटिस और वारंट फीस भी प्रभारित की जाएगी और राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में रसीद दी जाएगी ।

(3) जब भुगतान पूरा नहीं किया गया है और अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की की गई है, वारंट द्वारा कवर्ड शेष राशि की प्राप्ति तक चल संपत्ति कुर्क रहेगी । इस प्रकार जप्त की गई संपत्ति के विवरण की एक सूची करदाता को दी जाएगी । जिस कर्मचारी को सुपुर्दगी सौंपी गई है वह जप्त की गई संपत्ति स्वविवेक से किसी विश्वसनीय व्यक्ति की, जिसकी निगम सीमा में भू- संम्पत्ति हो, उसकी सुपुर्दगी में दे सकता है । सुपुर्ददार उसकी सुपुर्दगी में दी गई संपत्ति आयुक्त द्वारा इस प्रयोजन के लिए निश्चित किए गए स्थान पर तथापि इस प्रकार अपेक्षित 24 घंटे के अंदर अपने व्यय से प्रदान करेगा । वह कुर्क गई संपत्ति अपनी अभिरक्षा में रखने हेतु किसी प्रकार का प्रभार का हकदार नहीं होगा । विक्रय द्वारा वसूल की गई रकम "विविध" प्राप्ति शीर्ष के अंतर्गत जमा होगी और तब समुचित लेखा शीर्ष में अंतरित की जाएगी । इस प्रकार प्राप्त रकम की सूचना कर दाता को भी दी जाएगी ।

टिप्पणी: (1 ) सभी वारंट उनकी प्राप्ति से एक माह के भीतर निष्पादन के प्रभारी अधिकारी द्वारा अपनी अभ्युक्ति सहित निगम निगम कार्यालय में वापस किए जाएंगे । आयुक्त अनिष्पादित वारंटों पर अभिलिखित अभ्युक्तियों पर विचार करेंगे और शोध्यों की वसूली हेतु आगे क्या कार्रवाई की जाएगी इस संबंध में निदेश देंगे ।

(2) वारंटों की समय पर वापसी और वसूल की गई रकम के ऑकलन का साक्ष्य प्रतिपर्ण के माध्यम से किया जाएगा । रसीद क्रमांक का संदर्भ जप्ती वारंट के प्रतिपर्ण पर दिया जाएगा । 1286(205)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

38. अनुज्ञप्तियों द्वारा कर और फीस का संग्रहण.-

अनुज्ञप्तियां अहस्तांतरणीय हैं उनकी अवधि व्यतीत हो जाने के उपरांत, पुनः जारी नहीं की जा सकेंगी । देय कड़ाई के साथ अग्रिम में भुगतान योग्य है, मांग और संग्रहण रजिस्टर संधारित नहीं किया जाना है ।

39. जब तक अनुज्ञप्ति हेतु फीस या कर का भुगतान नहीं किया गया हो, अनुज्ञप्ति नहीं दी जाएगी ।

40. सभी अनुज्ञप्तियां प्ररूप 6 में दी जाएंगी उस स्थिति के सिवाय जहां किन्हीं विशिष्ट प्रयोजनों के लिए किसी नियम- उपविधियों या सरकार के आदेशों में विशेष रूप से अलग प्ररूप में हों । प्ररूप 7 और 8 प्राथमिक रूप से क्रमशः वाहन चालक और वाहनों की अनुज्ञप्ति हेतु होंगे । 41. (1) अनुज्ञप्ति और रसीद प्ररूप प्रतिपर्ण पुस्तक में बद्व होंगे , प्रत्येक पुस्तक में मशीन से क्रमवर्ती नम्बर और नगर निगम की सामान्य मोहर युक्त प्ररूप में अंतर्विष्ट होंगे । आयुक्तद्वारा एक बार में केवल एक ही पुस्तक दी जाएगी । नई पुस्तक तब तक नहीं दी जाएगी जब तक पुस्तक के सभी प्ररूपों का उपयोग न हो जाए और प्रतिपर्णो. सहित पुस्तक वापस न की जाए । उपयोग की गई पुस्तक प्रतिपर्णों सहित प्राप्त होने पर आयुक्तः यह देखेंगे कि-

(क) कोई पृष्ठ निकोला नहीं गया है;

(ख) निरस्त किए गए प्ररूपों के प्रकरण में मूल और दूसरी प्रतियां पुस्तक में हैं एवं निरस्त की गई हैं ; और

(ग) संपूर्ण रकम जमा की गई है । प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में उपयोग की गई पुस्तक में अधिशेष प्ररूप आयुक्त द्वारा निरस्त कर दिए जाएंगे;

(2) प्रतिपणों की जांच की जाने के पश्चात् उन पर "जांचा और निरस्त किया की मुहर लगायी जाएगी;

(3) नगरपालिक निगम की सामान्य मुहर, आयुक्त या राजस्व अधिकारी की अभिरक्षा में रखी जाएगी जो व्यक्तिगत रूप से यह देखते रहने के लिए उत्तरदायी होंगे कि उसका. दुरूपयोग न हो;

(4) प्रत्येक रसीद उसे जारी करने के लिए उत्तरदायी अधिकारी के पूर्ण हस्ताक्षर द्वारा अनुप्रमाणित भी होगी और वह कार्बन प्रक्रिया द्वारा दो प्रतियों में रसीद भरेगा और दूसरी प्रति को प्रतिधारित करेगा;

(5) एक बार मुद्रांकित की गई रसीद पुस्तकों की संख्या का अभिलेख रखा जाएगा और वह आयुक्त द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को व्यक्तिगत अभिरक्षा में रहेगा;

(6) सामान्यतः एक सप्ताह से अनधिक अवधि के लिए उपयोग हेतु अपेक्षित रसीद पुस्तकें एक बार मुद्रांकित की जाएंगी;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(7) रसीदों पर यह चेतावनी मुद्रित की जाएगी कि रसीद पर किया गया मुद्रांकन धनराशि की पावती नहीं बनेगी जब तक कि इस पर वास्तविक रूप से धनराशि प्राप्तकर्ता राजस्व निरीक्षक या अन्य किसी व्यक्ति ने उन पर हस्ताक्षर न किए हों:

(8) खुले, बिना नम्बर की अनुज्ञप्तियों या रसीदों के प्ररूप कार्यालय में रखे जाएंगे या हस्तलिखित जारी नहीं की जाएगी ।

42. अनुज्ञप्तियों के लिए प्राप्त फीस की प्रविष्टि प्ररूप 9 , 10 एवं 11 में वर्णित संबंधित अनुज्ञप्ति पंजियों में अभिलिखित की जाएगी ।

43. संग्रह मंडल के राजस्व निरीक्षक से यह अपेक्षित होगा कि वह प्रत्येक तिमाही के आरंभ में प्रत्येक प्रकार की अनुज्ञप्ति हेतु फीस या कर के लिए सभी देनदार व्यक्तियों को दर्शाते हुए पृथक् पृथक् विवरण पत्र तैयार कर प्रस्तुत करे ।

44. नियम 43 के अधीन प्रस्तुत किए गए विवरण पत्र गप्त होने पर अनुज्ञप्ति अधिकारीः तत्काल नियम 42 में विहित अनुज्ञप्तियों के रजिस्टरों से उनका मिलान करेगा और प्रत्येक प्रकरण में जिसके लिए अनुज्ञप्ति ली जानी आवश्यक है, परंतु आवेदन नहीं किया गया है , उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी । 45. अनुज्ञप्ति अधिकारी प्रत्येक माह के अंत में अनुज्ञप्तिधारियों के रजिस्टर का परीक्षण करेगा और ऐसे प्रत्येक व्यक्ति के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करेगा जिसकी अनुज्ञप्ति का समय समाप्त हो चुका हो और जिसने नवीन अनुज्ञप्ति नहीं ली हो ।

46. फीस- पशु पंजीयन फीस के लिए रसीद प्ररू 12 में होगी । पर्ण और प्रतिपर्ण दोनों पर राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर होंगे, जो में प्ररूप 13 एक संग्रहण रजिस्टर रखेगा ।

47. सराय या धर्मशाला हेतु दैनिक बाजार फीस के संग्रहण के लिए प्ररूप 14 एवं 15 में. रजिस्टर रखे जाएंगे तथा अन्य फीसों एवं प्राप्तियों के लिए इन नियमों के अनुसार रखे जाएंगे ।

48. किराया.- किराया रजिस्टर, राज्य सरकार द्वारा विहित किए गए प्ररूप में संधारित किया जाएगा । 49. प्रत्येक प्रकार के राजस्व हेतु जिसके लिए मासिक, त्रैमासिक, अर्द्धवार्षिक या वार्षिक मांग नियत है, रजिस्टर में पृथक् पृष्ठ या पृष्ठों के समूह रखे जाएंगे ।...

50. रजिस्टर क्रम में व्यवस्थित की गई किराए के कारण शोध्य सभी मांगों को दर्शाएगा

(क) पिछले वित्तीय वर्ष में समाप्त हुए पट्टों पर;

(ख) पिछले वित्तीय वर्ष में समाप्त न हुए पट्टों पर और

(ग) वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत पट्टों पर

(क) और (ख) की उक्त प्रविष्टियां पिछले वर्ष के रजिस्टर से ली जाएंगी । राजस्व निरीक्षक या आयुक्तं द्वारा नियुक्त कोई भी व्यक्ति वर्तमान वर्ष का रजिस्टर भरेगा और आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत्त करेगा जो प्रविष्टियों का मिलान करने के बाद अपने आद्याक्षर करेगा ।

(ग) के संबंध में प‌ट्टेदार के साथ करारनामे पर हस्ताक्षर होने और प्रतिभूति जमा का भुगतान हो जाने पर, राजस्व निरीक्षक या आयुक्त द्वारा नियुक्त कोई व्यक्ति रजिस्टर को भरेगा । वह 1286(207) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

राजस्व अधिकारी या आयुक्त के समक्ष करारनामें, रजिस्टर एवं कैशियर की कैशबुक प्रस्तुत करेगा जो करारनामे के साथ प्रविष्टियों का मिलान करेगा ।.

51. प्रत्येक तिमाही के बाद राजस्व अधिकारी या आयुक्त, किराया रजिस्टर का परीक्षण करेगा और "बकाया की वसूली हेतु आवश्यक कार्रवाई करेगा!

52. नीलामी विक्रय प्राप्ति, दावांहीन पशु, गाड़ीपड़ांव की खाद, भूमि और बाग की उपज , स्टाक की निष्प्रयोज्य ठहराई गई वस्तुएं या अन्य निष्प्रयोज्य चल संम्पत्ति का उचित सार्वजनिक सूचना उद्घोषित करने के पश्चात् अधिकृत व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक नीलामी द्वारा विक्रय किया जाएगा । विक्रय करने वाला अधिकारी बोली की रकम की प्रविष्टि विक्रय पत्रों में करेगा , उच्चतम बोलीदाता के हस्ताक्षर लेगा और उन पर अपने हस्ताक्षर करेगा । जब धन राशि जमा हो जाएगी भुगतान करने वाले को राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में रसीद दी जाएगी ।

53. (1 ) विष्ठा और शहरी कचरे का निपटारा भिन्न-भिन्न तरीकों से होगा । प्रत्येक नगरपालिक निगम इस प्रयोजन के लिए लेखा हेतु अपने स्वयं के प्ररूप विहित करेगा ।

(2) जब कम्पोस्ट खाद तैयार की जाए तब प्ररूप 16 में एक रजिस्टर में लेखा रखा जाएगा और रसीद राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में दी जाएगी ।

54. कांजी हाउस.- पशु को काँजी हाउस में बंद करने पर काँजी हाउस का रखवाला पशु को कॉजी हाउस में बन्द कराने वाले को प्ररूप 17 में एक रसीद देगा और उसके हस्ताक्षर या अंगूठे की छाप रसीद के प्रतिपर्ण के पीछे लेगा । पशु की रिहाई के लिए रसीद प्ररूप 18 में दी जाएगी । ये दोनों प्रकार की रसीदें कार्बन उपयोग कर तीन प्रतियों में तैयार की जाएंगी । यथास्थिति, इनमें से एक प्रति काँजी हाउस में नस्ती की जाएगी, एक प्रति निगम के प्राधिकृत निगम अधिकारी को भेजी जाएगी, और तीसरी पशु को बन्द कराने वाले को या पशु को छुड़ाने वाले को दी जाएगी । टिप्पणी: नगरनिगम में यह पर्याप्त होगा यदि रसीदें दो प्रतियों में हों ।

55. ( 1 ) प्रत्येक काँजी हाउस का रखवाला प्ररूप 19 में एक रजिस्टर संधारित करेगा, इस रजिस्टर के धन के कालमों का योग प्रत्येक दिन किया जाएगा और वह रजिस्टर प्रतिदिन के संग्रहणों और दिन भर के दौरान जारी की गई रसीदों की प्रति के साथ नगरपालिक निगम को भेजा जाएगा । जो लेन- देन उस समय हों जबकि रजिस्टर नगरपालिक निगम में हो, उस को रजिस्टर में अभिलिखित कर काँजी हाउस वापस होने पर यथा शीघ्र की जाएंगी ।

(2) पशु अतिचार अधिनियम, 1871 (1871 का 1 ) की धारा 14 में विहित नोटिस प्ररूप 20 में होगा एवं उक्त अधिनियम की धारा 16 में विहित लेखा प्ररूप 21 में होगा ।

(3) ऐसे नगरपालिक निगम में जहां कॉंजी हाउस में बन्द हुए पशुओं पर लिया गया अर्थ दण्ड अन्तिम रूप से राज्य सरकार को क्रेडिट करना हो, वहां वह पहले डिपाजिट के रूप में जमा होगा और इस नियम के अन्तर्गत समस्त रकम जो राज्य सरकार को जमा योग्य हो, निकटतम मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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बैंक में तिमाही रूप से जमा की जाएगी । अन्य नगरपालिक निगम में सभी अर्थदण्ड निगम निधि में जमा किए जाएंगे ।

56. (1 ) काँजी हाउस का रखवाला प्ररूप 22 में चालान के प्रथम दस कालम भर कर कॉजी हौस छोड़ कर विक्रय के लिए भेजे जाने वाले सभी पशुओं के साथ भेजेगा । जब पशुओं का विक्रय हो जाएगा, विक्रय करने वाले अधिकारी द्वारा चालान की शेष प्रविष्टियाँ की जाएंगी और राज्य सरकार द्वारा यथा विहित किए गए विहित प्ररूप में क्रेता को दी जाएगी ।

(2) चालान में दर्शायी गई रकम तीन माह के लिए जमा के अंतर्गत रहेगी, और यदि इस अवधि में कोई दावा नहीं किया गया, तो वह रकम समय के समाप्त हो जाने पर "दावा- हीन पशुओं का विक्रय" में जमा की जाएगी । परन्तु उन नगरपालिक निगम में जहां बिक्रा की अधिशेष राज्य सरकार के प्रति जमायोग्य है वहां वह शीर्ष " एल-2 विविध" "लघु शीर्ष" "फीस, अर्थदण्ड और जप्तियाँ" , ब्यौरे शीर्ष " काँजी हाउस से प्राप्तियां , (मुख्य शीर्ष 0070, लघु शीर्ष, 60 एवं ब्यौरे प्राप्त हुई चेक प्रस्तुती द्वारा बैंक में शीर्ष -800 ) "भुगतान अन्तरण जमा द्वारा रक्कम जमा की जाएगी ।

टिप्पणी: (1) इस नियम के अंतर्गत राज्य सरकार को जमायोग्य समस्त संग्रहीत रकम प्रति तिमाही राज्य सरकार के निकटस्थं बैंक खाते में जमा की जाएगी ।

(2).दावाहीन पशु के विक्रय की अधिशेष की वापसी का दावा यदि तीन माह व्यतीत हो जाने पर किया गया, तो उस पर विचार नहीं होगा । किन्तु यह नियम उस दावे को बाधित नहीं करेगा जो तीन माह व्यतीत होने के पूर्व पंस्तुत किया गया हो यद्यपि दावे पर उस अवधि के दौरान अंतिम विनिश्चय पारित न किया गया हो ।

57. पुस्तकें वार्षिक रूप से बदली जाएंगी.- समाप्त होने वाले वर्ष की उनसे संबंधित सभी पुस्तकें वर्ष की समाप्ति पर नगरपालिक निगम कार्यालय को वापस की जाएंगी और नए रजिस्टर उपयोग में लाने के समय वे पशु जो काँजी हाउस में हों, उन्न रजिस्टरों पर लाए जाएंगे ।

58. अर्थ दण्ड और खुराक की दरों की अनुसूची काँजी हाउस में रखी जाएगी । काँजी हाउस में बन्द पशु को वास्तविक रूप से दी गई खुराकों की संख्या का प्रभार वसूल किया जाएगा ।

59. प्रत्येक पशु को दिए जाने वाले चारे का स्केल आदि मेयर- इन- कौंसिल नियत करेगी । खरीदे और दिए गए चारे आदि का लेखा, काँजी हाउस के रखाले द्वारा प्ररूप 23 में रखा जाएगा और कॉजी हाउस के रजिस्टर के साथ मिलान व जांच हेतु माहवार प्रस्तुत किया जाएगा । प्राप्तियां और निर्गम की प्रविष्टियाँ किस प्रकार की जानी हैं यह प्ररूप में नमूने की प्रविष्टियों द्वारा दर्शित किया गया है । 60. काँजी हाउस में हुई सभी मृत्यु या उससे निकल भागे पशुओं की रिपोर्ट काँजी हाउस रखवाले द्वारा आयुक्त को भेजी जाएगी, रिपोर्ट दो प्रतिष्ठित साक्षियों द्वारा प्रमाणीकृत की जाएगी । काँजी हाउस में मरे पशु का चमड़ा नीलामी द्वारा बेच दिया जाएगा या अन्य किसी रीति से उसका निपटान किया जाएगा और विक्रय आगम के बाबत् नियम 56 के एप नियम (2) के अनुसार कार्यवाही की जाएगी । 1286 (209)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

61. मेयर.- इन- कौंसिल, काँजी हाउस के निरीक्षण की व्यवस्था करेगा और काँजी हाउस रखवाले निरीक्षण अधिकारी द्वारा मांगने पर सभी रजिस्टर और प्ररूप प्रस्तुत करने के लिए बाध्य होंगे । निरीक्षण अधिकारी प्रतिमाह अपने निरीक्षण के दौरान नियमं 54 के अंतर्गत मालिकों को दी गई रसीदों में से जितनी भी उपलब्ध हो सकें, काँजी हाउस में नस्ती प्रतिपर्णों से मिलान करेगा और उसके ध्यान में आयी अनियमितताओं की, यदि कोई हों, मेयर- इन- कौंसिल को रिपोर्ट देगा । 62. अभिदान. जब नगरपालिक निगम द्वारा किसी सार्वजनिक प्रयोजन हेतु, जैसे नगर भवन , बाजार या औषधालय के निर्माण हेतु स्वैछिक अंशदान द्वारा संग्रहण आरंभ किया जाए , तब निम्नांकित प्रक्रिया अपनाई जाएगीः-

(क) अंशदानों के लिए अपील के साथ संग्रहण पुस्तक चारों ओर भेजी जाएगी ।

(ख) अंशदानों की पावती रसीदें राज्य सरकार द्वाण विहित प्ररूप में होगी ।

(ग) प्रत्येक माह या तिमाही के अंत में अंशदान संग्रह की पुस्तक में दर्शायी राशियों का (चाहे चुकायी गई हों या नहीं) योग किया जाएगा और योग का लेखांकन किया जाएगा ।

63. नौका राजस्व.- उत्तरी भारत नौकाघाट अधिनियम , 1878 के अंतर्गत नगरपालिक निगम द्वारा अर्जित नौका राजस्व प्राप्ति पहले उचंत शीर्ष " डिपाजिट" उपशीर्ष " नौका राजस्व" में जमा होगी और प्रत्येक माह के अंत में संग्रहीत कुल राशि मुख्य शीर्ष " 1054- सड़कें एवं पुल" लघु शीर्ष "800-अन्य प्राप्तियाँ" ब्यौरे शीर्ष नगरपालिक निगम द्वारा वसूल "नौका राजस्व" के अंतर्गत राज्य शासन के निकटतम बैंक खाते में एक चैक प्रस्तुत कर जमा की जाएगी, जो भुगतान अन्तरण जमा द्वारा रकम को प्राप्त हुई । " के पृष्ठांकनद्वारा भुगतान किया जाएगा । इस नियम के अंतर्गत समान प्रक्रिया अपनायी जाएगी ।

टिप्पणीः इस नियम के अंतर्गत कुल संग्रहण की रकम राज्य सरकार के निकटतम बैंक खाते में जमा की जाएगी ।

64. अवसूलीय राशियां. आयुक्त, नगरपालिक निगम के पूर्व अनुमोदन से किसी कर या किसी कर की वसूली की लागत पर देय कोई राशि जो उसे अवसूलीय प्रतीत होती हो, पुस्तकों से हटाए जाने का आंदेश दे सकता है ।

65. कोई भी अवसूलीय राशि तब तक बट्टे खाते में हीं डाली जाएगी, जब तक कि प्राधिकारी की संतुष्टि के लिए यह प्रमाणित न कर दिया जाएकिः-

(क) व्यक्ति, जिस पर राशि देय है उसे अदा करने के लिये असमर्थ है; या

(ख) ऐसे व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है और मृत व्यक्ति के वारिसों या मृतक की सम्पत्ति से राशि की वसूली करने की कोई सम्भावना न हो; या

(ग) अधिनियम, और उसके अधीन बनाए गए नियमों या उपविधियों के उपबंधों के अनुसार राशिके वसूल करने के समस्त प्रयास कर लिए गए हों ।

66. आयुक्त प्रत्येक तिमाही की समाप्ति पर अवसूय राशि का विवरण तैयार करेगा और उसे नगरपालिक निगम को अपने कारणों और अनुशंसाओं के साथ प्रस्तुत करेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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अध्याय- चार

स्थापना व्यय

67. सामान्य.- नगरपालिक निगम की संपूर्ण स्थापना प्ररूप 24 में वेतनमान रजिस्टर में अभिलिखित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक नियुक्ति की प्रविष्टि आयुक्त या उसके द्वारा अधिकृत व्यक्ति के आद्याक्षर के अंतर्गत दर्ज होगी। जब वेतनमान में कोई परिवर्तन किया जाए, तब पुनरीक्षित वेतनमान को इस प्रयोजन हेतु निर्धारित समुचित कालम में अभिलिखित किया जाएगा ।

68. स्थापना में किसी परिवर्तन के लिए, आयत, मेयर -इन-कौंसिल के समक्ष स्थितियां जिनके कारण परिवर्तन स्पष्ट करते हुए, प्रस्ताव प्रस्तुत करेगा । प्रस्ताव में निम्नानुसार दर्शाया जाएगाः- (क) प्रभावित स्थापना की विद्यमान संख्या एवं संपूर्ण या अनुभाग या अनुभागों का व्यय, जैसा भी प्रकरण हो;

(ख) पुनरीक्षण पर कुल व्ययः

(ग) जोड़ने या संशोधित करने के लिए प्रस्तावित पदों की संख्या, वेतन और अन्य ब्यौरे;

(घ) सामान्य आय से अतिरिक्त व्यय वहन करने की नगरपालिक निगम की सामर्थ्य;

(ड़) तारीख या वह तारीख जिससे प्रस्तावित परिवर्तन प्रभावशील होंगे ।

69. मेयर - इन-कौंसिल अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों के अध्यधीन रहते हुए कार्रवाई करेगा ।

70. वेतन- वेतन, मजदूरी तथा अन्य लाभों त परिलब्धियों का भुगतान महीने के अन्तिमं कार्य दिवस पर किया जाएगा या ऐसी अन्य तारीख जैसाकि नगरपालिक निगम निर्णय लेः

परन्तु जब अन्तिम कार्य दिवस पर या वह तारीख जिसको नगरपालिक निगम ने विनिश्चित् किया है, उस पर रविवार या सार्वजनिक अवकाश हो, स्थापना का वेतन पूर्व कार्य दिवंस को आहरित किया जाएगा और भुगताः किया जाएगा ।

71. (1) नगरपालिक निगम, सभी कर्मचारियों के वेतन, श्रमिकों की मजदूरी, पेन्शन निधि, चिकित्सा व्यय, यात्रा भत्ता और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की वर्दियों पर व्यय सहित, अपने स्थापना व्यय को, न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में, वेतन आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन या एरियर्स के भुगतानों जैसे विशेष प्रकरणों या परिस्थितियों के संबंध में, स्वयं के स्रोतों से पूर्व वित्तीय वर्ष की वास्तविक आय के अधिकतम 65 प्रतिशत तक सीमित करेगा । स्थापना व्यय की सीमा 75 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकेगी, यटि नगरपालिक निगम के पास उसकी अपनी पर्याप्त निधि हों और व्यय मेहतरों और सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति या नियमितीकरण पर किया जाएगा:

परंतु यह कि उपरोक्त विशेष प्रकरणण या परिस्थितियों में मेयर- इन- कौंसिल द्वारा अनुमोदित किया जाएगा ।

(2) प्रत्त्येक नगरपालिक निगम स्थापना व्ययं को कम करने का प्रयास करेगा तथा इस उद्देश्य 1286(211) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

के लिए आवश्यक कदम उठाएगा ।

(3) प्रत्येक नगरपालिक निगम तीन वर्षों की एक रोलिंग अवधि के लिए, स्थापना व्यय में कमी करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करेगा तथा आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास को इस विषय में सूचित करेगा ।

72. वेतन देयक तैयार करना.-

(1 ) नगरपालिक निगम की स्थापना शाखा या संबंधित विभाग द्वारा वेतन देयक तैयार किया जाएगा और उसके साथ कर्मचारियों को अनुपस्थित, प्रतिनियुक्ति पर या निलम्बन के अधीन दर्शाने वाला पत्रक संलग्न किया जाएगा । वेतन देयक राज्य सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुसार किया जाएगा । और संबंधित विभाग के प्रमुख द्वारा सत्यापित किया जाएगा ।

(2) वेतन देयक लेखा एवं वित्त विभाग को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसे लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा सत्यापित और आयुक्त द्वारा अनुमोदित किया जाएगा । सत्यापित्त तथा अनुमोदित देयक महीने का वेतन देयक निर्मित करेगा।

(3) संबंधित विभाग अथवा स्थापना विभाग के प्रमुख वेतन देयक की राशि में त्रुटियाँ, यदि कोई हों, तो उसके लिए जवाब देह होंगे तथा उस में तत्काल सुधार करेंगे ।

(4) वेत्तन वितरण करने चाला अधिकारी वेतन संधक की कार्यालय प्रति पर विधिमान्य वैध रसीद प्राप्त करेगा । यदि स्थापना के बड़े आकार की दशा में अथवा किसी अन्य कारण से, भुगतान प्राप्त करने वालों से वेतन देयक की कार्यालय प्रति पर रसीद प्राप्त करनाः सुविधाजनक नहीं पाया जाता है तब पृथक वेतन पत्रक का संधारण किया जा सकेगा ।

73.. वेतनवृद्धि. जब वेतन का प्रथम भुगतान जिसमें नगरपालिक निगम के किसी कर्मचारी के लिए नियतकालिक वेतन वृद्धि का आहरण किया जाता है तब इस संबंध में आयुक्त द्वारा प्राधिकार देने का एक प्रमाण पत्र संलग्न किया जाएगा ।

74. लेखाकंम तथा अभिलेखरक्षण. वेतन देयक में प्रतिबिम्बित समस्त भत्तों सहित सम्पूर्ण वेतन, माह के व्यय के तौर पर अभिलिखित किया जाएगा। भुगतान योग्य शुद्ध वेतन तथा उसकी समस्त अन्य कटौतियाँ और वसूलियाँ प्रत्येक महीने के अन्तिम दिन संबंधित माह के लिए. दायित्व के रूप में अभिलिखित की जाएंगी ।.

75. कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर्मचारियों के बैंक खाते में सीधे जमा किया जाएगा । प्रत्येक ऐसे भुगतान को ऊपर अभिलिखित दायित्व के विरूद्ध समायोजित किया जाएगा ।

76. वेतन से कटौती.- (1 ) मूल वेतन से अधिकतम एक तिहाई के अध्यधीन वेतन देयकों से निम्नलिखित कटौतियाँ की जाएंगीः--

(क) कर्मचारी पर आरोपित अर्थदण्ड;

(ख) कर्मचारी को दिए गए ऋणों के खातें पर तथा अग्रिम वसूली;

(ग) भविष्य निधि अभिदान एवं/अथवा पेन्शन अंशदान, जैसा लागू हो;

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(घ) अग्रिम वेतन खाते की वसूली;

(ड़) आयकर, कर्मचारियों की सहकारी समिति की देय राशि जैसी या विधि के किसी न्यायालय आदि के आदेशानुसार कटौतियाँ:

(च) कोई अन्य विधिसंगत वसूली ।

(2) जहाँ पति/ पत्नि सेवा में कार्यरत हों, अधिकतम सीमा मूल वेतन के दस प्रतिशत तक बढ़ायी जा सकेंगी ।

(3) उपर्युक्त वसूलियाँ संमुचित रूप में वर्गीकृत अभिलिखित और लेखांकित की जाएगी । 77. असंदत्त वेतन.-

(1 ) यदि वेतन देयक में दर्शित वेतन प्राप्त किए बगैर बचता है, भुगतान योग्ए शेष वेतन अधिकतम तीन माह तक के लिए अग्रेषित किया जाएगा । यदि इस अवधि से परे राशि असंदत्त रहती है, असंदत्त वेतन की राशि का चैक निरस्त कर दिया जाएगा और और लेन- देन को अभिलिखित करने हेतु समुचित जर्नल प्रविष्टि पारित की जाएगी। (2) असंदत्त वेतन राशि के विरूद्ध कोई भी भुगतान किया जाना हो, तो आयुक्त द्वारा पृथक् से प्राधिकृत भुगतान आदेश के द्वारा किया जाएगा ।

78. बकाया दावे.-(1 ) वेतन का बकाया, सान्य मासिकं देयक में नहीं, किन्तु पृथक् देयक में आहरित किया जाएगा , उसमें उस देयक का उद्धरण होगा जिसमें यह प्रभार आहरित होने से छूट गया हो या उसे रोका गया हो या काटकर वापस किया गया हो या किसी विशिष्ट आदेश से नया भत्ता स्वीकृत हुआ हो । ऐसे देयक कभी भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं और जितनी मदेंः आवश्यक हों, सम्मिलित की जा सकती हैं, किन्तु उनका समर्थन वित्त एवं लेखा विभाग के प्रमुख और आयुक्त के इस प्रमाण पत्र से होगा कि राशि का भुगतान पहले नहीं किया गया है । (2) जब देयकों का भुगतान हो जाए , तो व्हाउचर का क्रमांक और तारीख उस मूल देयक पर संबंधित मद के सामने दर्ज किया जाएगा जिसके द्वारा राशि का भुगतान रोका गया हो या जिससे काटा गया हो , ताकि सम्बन्धित आयन के विरूद्ध दूसरे दावे को ग्रहण करने से रोका जा सके ।

79. सेवानिवृत्तिः लाभ.- (1 ) नगरपालिक निगम के किसी कर्मचारी की अधिवार्षिकी या सेवानिवृत्ति पर सेवा से मुक्त होने पर समस्त लाभों को "सेवानिवृत्ति लाभ" की संज्ञा दी जाएगी ।

(2) भविष्य निधि जमा, ग्रेच्युटी या सुरक्षा जमा का तब तक भुगतान नहीं किया जाएगा, जब तक कि यह सुनिश्ििचत न हो जाए कि कोई भी बकाया मांग उसके विरूद्ध शेष नहीं है । इस संबंध में आयुक्त द्वारा हस्ताक्षर युक्त प्रमाण- पत्र ऐसे प्रत्येक देयक में संलग्न किया जाएगा ।

80. पेंशन एवं ग्रेच्युटि (1 ) समस्त नगरपालिक निगम कर्मचारियों को केवल 01 अप्रैल , 1970 से पेन्शन, ग्रेच्युटि तथा परिवारिक पेन्शन की ग्राह्यता होगी, जैसा कि मध्यप्रदेश नगरपालिका सेवाएं (पेंशन) नियम, 1980 में उपबंधित हैः 1286(213)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

परन्तु इन नियमों के प्रारम्भ होने से पूर्व कर्मचारियों को जो पेंशन नियम लागू हैं वही प्रभावशील होंगे एवं ऐसे नगरपालिक निगम के कर्मचारी नियमों एवं उपविधियों द्वारा शासित होंगे ।

(2) आयुक्त, सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी का पेन्शन प्रकरण कर्मचारी की सेवा निवृत्ति की तारीख से कम से कम छह माह पूर्व अग्रिम रूप से तैयार करेगा और उस स्थिति में, जब नगरपालिक निगम के स्वयं के पेंशन नियम हों, पेंशन कार्यालय को प्रस्तुत करेगा । मृत्यु के प्रकरण में, परिवार पेंशन प्रकरण, मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्ति से तीन माह के भीतर तैयार किया जाएगा । (3) आयुक्त, कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने की तारीख से कम से कम डेढ़ माह पूर्व, कर्मचारी से कोई भी वसूली योग्ए बकाया राशि के संबंध में पेंशन कार्यालय को जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी । यदि कोई बकाया नहीं है , तब "कोई मांग रहित प्रमाण पत्र जारी नहीं करेगा जो कि आयुक्त के संबंध में नगरपालिक निगम की मेयर- इन- कौंसिल द्वारा , जहां अधिकारी अंतिम सेवा में रहा हो , तथा आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी किया जाएगा । टिप्पणी-" मांग रहित प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं होने की दशा में, लेखा एवं वित्त विभाग. "कोई मांग रहित प्रमाण पत्र" हेतु अंतिम अनुस्मारक जारी करेगा । यदि सेवानिवृत्ति के एक माह पश्चात् भी किसी कार्यालय अनुभाग द्वारा लेखा अनुभाग को वसूली के संबंध में सूचित नहीं किया जाता है । इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित अनुभाग का होगा ।

(4) उपसंचालक (पेंशन) या पेंशन कार्यालय द्वारा प्रमाणित अनुज्ञेय पेंशन, ग्रेच्युटि तथा परिवार पेंशन स्वीकृत करने के लिए नगरपालिक निगमों हेतु पेंशन नियंत्रक सक्षम प्राधिकारी होगा और पेंशन प्रकरणों से संबंधित समस्त मामलों में अन्तिम प्राधिकारी होगा ।

(5) पेंशन का भुगतान नगरपालिक निगम कर्मचारी पेंशन निधि से संबंधित निधि नियमों में विहित रीति में किया जाएगा ।

81. नवीन परिभाषित अंशदायी पेंशन योजना -

नगरपालिक निगम के समस्त नियमित और स्थायी कर्मचारी जो 01.01.2005 को या उसके पश्चात् नियुक्त हुए हैं, भविष्य निधि नियामक प्राधिकारी द्वारा विचारित समय समय पर संशोधित रूप में तथा राज्य सरकार के आदेश से लागू नवीन परिभाषित अंशदान पेंशन योजना, 2005, से प्रशासित होंगे ।

82. यात्रा भत्ता.-(1 ) नगरपालिक निगम के किसी अधिकारी या स्टाफ को भुगतान होने वाला यात्रा भत्ता, राज्य सरकार द्वारा इस प्रयोजन हेतु बनाए गए नियमों के अनुसार भुगतान किया जाएगाः

परंतु कि किसी अधिकारी या स्टाफ को भुगतान किया गया यात्रा भत्ता, राज्य सरकार के अधीन उसी वर्ग के अधिकारी या स्टाफ को मूलभूत नियम और उसके अधीन बनाए गए अनुपूरक नियमों के अनुसार जो भत्ता ग्राह्य है, उससे अधिक नहीं होगाः मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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परंतु और इसके अलावा, स्थानान्तरित औषधालयों के प्रभारी सहायक सर्जनों और सहायक चिकित्सा अधिकारियों के देयकों पर सिविल सर्जन द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किए जाएंगे । (2) नगरपालिक निगम निधि से अधिकारियों और स्टाफ को भुगतान किया जाने वाला यात्रा भत्ता देयक प्ररूप 25 में होगा ।

(3) नगरपालिक निगम के पार्षदों तथा पदाधिकारियों के देयक प्ररूप 25 में तैयार किए जाएंगे । ऐसे देयक, राज्य सरकार द्वारा इस प्रयोजन से बनाए गए नियमों के अनुसार , शासित होंगे ।

83. भोजन राशि रजिस्टर - भोजन राशि रजिस्टर प्ररूप 26 में संधारित किया जाएगा। न्यायालय से प्राप्त भोजन राशि या यात्रा भत्तों की प्रविष्टि तत्काल ही उक्त रजिस्टर में दर्ज की जाएगी और नगरपालिक निगम निधि में यथावत। जमा कर दी जाएगी । जो कर्मचारी अपनी शासकीय हैसियत से साक्ष्य देने हेतु बुलाया जाता है उसे नियम 82 के अधीन ग्राह्य यात्रा भत्ता दिया जाएगा, किन्तु जिस कर्मचारी को उसकी निजी हैसियत से साक्ष्य देने बुलाया जाए उसे वही यात्रा भत्ता दिया जाएगा, जो कि उस न्यायालय से वास्तव में प्राप्त हुआ हो जहाँ वह हाज़िर हुआ था । इस प्रकार भुगतान की गई राशि, व्हाउचर क्रमांक और भुगतान के दिनांक की प्रविष्टि उक्त रजिस्टर के समुचित कालम में की जाएगी ।

84. मस्टर रोल. जब निर्माण कार्य दैनिक मज़दूरों द्वारा किया गया है राशि का आधार प्ररूप 27 में संधारित की जाने वाला मंस्टर रोल होगा । जब दैनिक श्रमिकों को दैनिक भुगतांन न किया जाए तब मस्टर एक नाममात्र सूची होगी, जिसपर श्रमिकों के नाम अंकित होंगे । नाममात्र मस्टर रोल किसी निर्माण कार्य में प्रतिदिन लगेामेकों का आरम्भिक अभिलेख होने से इस कार्य के लिए प्रतिनियुक्त अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा प्रतिदिन प्रातःकाल श्रमिकों द्वारा कार्य आरम्भ करने के पूर्व लिखी जाएगी । यह सप्ताह या ऐत्री अन्य अवधि तक जिसके लिए रखी गई हो, उसकी समाप्ति पर बंद की जाएगी और उसके पश्चात् यथाशीघ्रः श्रमिकों को भुगतान किया जाएगा । भुगतान नगरपालिक निगम अभियन्ता या आयुक्त की उपस्थिति में किया जाएगा, जो उस तारीख को श्रमिकों या समूह को किए गए भुगतान के सामने तारीख सहित आद्याक्षर करेंगे , प्रत्येक तारीख के भुगतान की राशि शब्दों में और अंकों में मस्टर रोल के नीचे लिखी जाएगी । संवितरण प्रमाण पत्र , संवितरण साक्ष्य के लिए उस अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे जिसकी उपस्थिति में भुगतान हुआ है । 1286(215) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

अध्याय-पांच

प्राप्ति एवं ठेका प्रबंधन

85.1 85 प्रत्येक नगरपालिक निगम, अपने भंडार और सहायक राज्य के भीतर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के उत्पादों से क्रय करेगे , जैसा कि समय- समय पर संशोधित " मध्यप्रदेश भंडार क्रय नियम, 2015" के अनुलग्नक ए और बी में आरक्षितं मदों " में उपबंधित किया गया है । 86. (1 ) बीस हज़ार रूपए तक का क्रय किसी निविदा या कोटेशन्स के बिना किया जा सकेगा । स्वीकृति प्राधिकारी प्रमाणित करेगा कि कय उचित बाजार मूल्य, गुणवत्ता एवं आवश्यक विनिर्देश के अनुसार किया गया है :

परंतु स्वीकृति प्राधिकारी उपरोक्त प्रक्रिया के माध्यम से एक माह में पाँच बार से अधिक क्रय नहीं कर सकेगा ।

(2) नगरपालिक निगम के लिए प्रत्येक अवसर पर रूपए बीस हजार से अधिक किन्तु एक लाख से अनधिक का क्रय कम से कम तीन कोटेशन्स बुलाकर किया जा सकेगा तथा स्वीकृत करने वाले प्राधिकारी के लिए यह आवश्यक होगा कि वह सुनिश्चित् दर जो स्वीकृत की जा रही है प्रचलित बाजार दर से अधिक नहीं है:

परंतु यहकि स्वीकृति प्राधिकारी उपक्ति प्रक्रिया के माध्यम से एक माह में दो बार से अधिक क्रय नहीं कर सकेगा ।

87. उपरोक्त एक लाख रूपए से अधिक वे क्रयों के मामले में ऐसे प्रत्येक अवसर पर नगरपालिक निगम खुली निविदा आमंत्रित करेगा ।

88. प्राप्ति के आधार पर मदों , ठेका दर दिन प्रति दिन प्रेषित किया जाएगा । ऐसी वस्तुऐं जिनके लिये वैध आइटम रेट अनुबंध उपलब्ध न हों अथवा व्यवहारिक न हो, ऐसी वस्तुओं का क्रय खुले बाजार से निविदा आमंत्रित के माध्यम से किया जा सकेगा

निविदाओं के आमन्त्रण के लिये राज्य में व्यापक प्रसार वाले एक हिन्दी दैनिक समाचार पत्र में सूचना प्रकाशित की जायेगी । वस्तुओं, सामग्रियों एवं सेवाओं के संबंध में नियम 93 एवं 94 को संदर्भित किया जा सकेगा ।

89. एक ही समय में सौंपे जाने के लिये सभी स्तुओं, सामग्रियों एवं सेवाओं हेतु संयुक्त निविदा सूचना जारी की जा सकेगी ।

90. (1) निम्नलिखित परिस्थितियों के अतंर्गत नगरपालिक निगम सीमित निविदाओं के माध्यम से क्रय कर सकेगा, यदि-

(क) प्राधिकारी यह प्रमाणित करता है कि मांग अत्यावश्यक है एवं विज्ञापित निविदा पूछताछ के माध्यम से क्रय न करने पर अंतर्ग्रस्त कोई अतिरिक्त व्यय अत्यावश्यकता के मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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दृष्टिकोण से न्यायोचित है । प्राधिकारी अत्यावश्यकता की प्रकृति और प्राप्तिका पूर्वानुमान क्यों नहीं लगाया जा सका इसके कारण भी अभिलिखित करेगा ।

(ख) प्राधिकारी द्वारा लिखित रूप में यह निर्दिष्ट करते हुए पर्याप्त कारण अंकित करने होंगे , कि वस्तुओं, सामग्रियों एवं सेवाओं के अधिग्रहण की सूचना प्रकाशित कर निविदा प्राप्त करने की प्रक्रिया जन हित में उचित नहीं होगी ।

(ग) आपूर्ति के स्रोत निश्चित रूप से ज्ञात हैं तथा इनसे लिए जा रहे लाभ से परे नवीन स्रोत/स्रोतों की संभावना दूरस्थ है ।

परन्तु यहः-

(एक) सीमित निविदा पूछताछ किए जाने में आपूर्तिकर्ता फर्म्स की संख्या तीन से कम नहीं होगी । (दो) स्पर्धात्मक आधार पर अधिक जवाबी बोली लगाने वाली निविदाएं प्राप्त करने के लिए अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं की अधिक संख्या चिन्हित किए जाने के प्रयास किए जाएंगे ।

(तीन) सीमित निविदा पूछताछ स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक या कोरियर या ई- मेल जैसे समान साधनों से उन फर्म्स को सीधे भेजी जागी जो नगरपालिक निगम द्वारा वस्तुओं, सामग्नियों एवं सेवाओं के लिए संधारित अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं की सूची में हैं, जिनके लिए पूछताछ की गई है ।

(चार) एक लाख रूपए से अधिक मूल्य की वस्तुओं सामग्रियों एवं सेवाओं के लिये सीमित निविदा पूछताछ नहीं की जाएगी । ऐसे अवसरों पर नगरपालिक निगम विज्ञापित निविदा प्रक्रिया का अनुसरण करेगा ।

टिप्पणीः (1 ) सीमित निविदाएं केवल उन्हीं आपूर्तिकर्ताओं को जारी की जाएगी जो नगरपालिक निगम में पंजीकृत हों।

(2) नगरपालिक निगम को सामान्य रूप से आवश्यक वस्तुओं, साम्रग्रियों एवं सेवाओं की प्राप्ति के लिए विश्वसनीय, स्रोतों को स्थापित करने की दृष्टि से पात्र और समर्थ प्रदायकर्ताओं की आयटमवार सूची तैयार की जाएगी और गगरपालिक निगम द्वारा संधारित की जाएगी । ऐसे अनुमोदित आपूर्तिकर्ता " पंजीकृत आपूर्तिकर्ता के रूप में जाने जाएंगे । ऐसे पंजीकृत आपूर्तिकर्ता सीमित निविदा पूछताछ के माध्यम से सामग्री की प्राप्ति के लिए प्रथमदृष्ट्या पात्र विचारणीय होंगे । वे सामान्यतः उनकी निविदा के साथ बोली लगाने वालों सुरक्षा राशि देने से भी मुक्त होंगे । विभाग प्रमुख भी उस विभाग को विशेष रूप से आवश्यक वस्तुओं, सामग्रियों एवं सेवाओं के आपूर्तिकर्ता, को पंजीकृत कर सकेंगे । पंजीयन के पूर्व आपूर्तिकर्ता की विश्वसनीयता का प्रत्यय पत्र विनिर्माण क्षमता, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियाँ, पूर्व का निष्पादन, विक्रय के पश्चात् सेवा, वित्तीय पृष्ठभूमि आदि का सावधानी पूर्वक सत्यापन किया जाएगा । आपूर्तिकर्ता का पंजीयन वस्तुओं, सामग्रियों एवं सेवाओं की प्रकृति पर निर्भरता अनुसार नियत अवधि (एक से तीन वर्ष के मध्य) के लिए किया जाएगा । इस अवधि की समाप्ति पर पंजीयन 1286(217)

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को निरंतर रखने के इच्छुक आपूर्तिकर्ता को पंजीयन के नवीनीकरण के लिये नवीनतः आवेदन करना होगा। नवीन आपूर्तिकर्ता के पंजीयन पर भी किसी भी समय विचार किया जा सकेगा, परंतु वे सभी अपेक्षित शर्तों की पूर्ति करते हों ।

(3) प्रत्येक पंजीकृत आपूर्तिकर्ता के निष्पादन एवं आचरण पर नगरपालिक निगम द्वारा निगरानी रखी जाएगी । पंजीकृत आपूर्तिकर्ता यदि पंजीकरण की निबन्धन एवं शर्तों का पालन करने में विफल रहते हैं या समय पर वस्तुओं, सामग्रियों एवं सेवाओं का प्रदाय करने में विफल रहते है, या अमानक स्तर की वस्तुएं, समाग्रियों एवं सेवाएं प्रदाय करते है या नगरपालिक निगम को असत्य घोषणा करते है या किसी अन्य आधार पर, जो नगरपालिक निगम की राय में जनहित के विरूद्ध है, ऐसे पंजीकृत आपूर्तिकर्ता. अनुमोदित आपूर्तिकर्ता की सूची से हटाये जाने के पात्र होंगे ।

91. नगरपालिक निगम प्राप्ति के लिए निम्नलिखित परिस्थितियों में एकल स्रोत का आश्रय ले सकेगा

(क) उपयोग करने वाले विभाग की जानकारी में है कि केवल एक विशेष फर्म ही अपेक्षित वस्तुओं, समाग्रियों एवं सेवाओं की विनिर्माता है ।

(ख) मशीनरी या अतिरिक्त कलपुर्जी के मानकीकरण लि वर्तमान उपकरणों के सेट्स (सक्षम तकनीकी विशेषज्ञ के परामर्श ) के अनुकूल होना आवश्यक हैं । केवल चयनित फर्म से यह कारण अभिलिखित करने के पश्चात् कि क्यों अन्य मेक या मॉडल स्वीकार्य नहीं है और प्राधिकारी से वित्तीय स्वीकृति और अनुमोदन प्राप्त कर अपेक्षित आयटम क्रय किया जा सकेगा ।

92. निविदाओं का प्रकाशन.-(1 ) प्रत्येक नगरपालिक निगम के लिए एक लाख रूपए से अधिक मूल्य के किसी निर्माण कार्य या कोई वस्तु, सामग्री एवं सेवा क्रय के संबंध में निविदा प्रकाशन की प्रक्रिया निम्नवत् होगीः

(क) (एक) एक लाख रूपए से अधिकं मूल्य की प्रत्येक निविदा के लिये ई - टेन्डरिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी;

(दो) एक लाख रुपए एवं अधिक मूल्य की प्रत्येक निविदा के लिये प्ररूप 28 में दिये अनुसार विज्ञापन क्रमांक, कार्य का नाम, कार्य का अनुमानित मूल्य, तारीख तथा निविदा जिस वेबसाईट पर उपलब्ध होगी उसके विवरण के साथ विस्तृत रूप से प्रसारित राज्य के एक हिन्दी समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा;

(तीन) एक लाख रुपए एवं उपरोक्त मूल्य की निविदाओं के लिए उप कण्डिका (2 ) में वर्णित विषय अनुसार राज्य में विस्तृत रूप से प्रसारित कम से कम एक दैनिक हिन्दी समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित किया जाना आवश्यक होगा;

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(ख) एक करोड़ रूपए तक के मूल्य की प्रत्येक निविदा के लिए उपरोक्त उप कण्डिका (2 ) में वर्णित विषय अनुसार राज्य में विस्तृत रूप से प्रसारित एक राज्य स्तरीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र एवं एक राष्ट्र स्तरीय एक दैनिक अंग्रेज़ी समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा;

(ग) दस लाख रूपए से कम लागत के किन्हीं निर्माण कार्यों, सामग्री एवं सेवाओं के लिये प्रथम निविदा आमंत्रण में निविदा प्रस्तुत करने की अवधि 15 दिवस से कम नहीं होगी एवं निविदा के दूसरे या पश्चात्वर्ती आमंत्रण के लिये निविदा प्रस्तुत करने की अवधि विज्ञापन प्रकाशन की तारीख से 7 दिवस होगी । दस लाख रूपए से अधिक मूल्य के किन्हीं निर्माण कार्यों, सामग्री एवं सेवाओं के लिये निविदा प्रस्तुत करने की अवधि प्रकाशन की तारीख से 30 दिवस से कम नहीं होगी एवं निविदा के दूसरी बार या पश्चात्वर्ती आमंत्रण में निविदा प्रस्तुत करने की अवधि 15 दिवस होगी ।

(2) इन नियमों के नियम 251 में प्रदत्त वित्तीय शक्तियों के अनुसार प्राधिकारी के अनुमोदन के अध्यधीन निविदा के दूसरे आमंत्रण के प्रकरण में समय सीमा को घटाने पर विचार किया जा सकेगा।

93. निविदा सूचना एवं विषयवस्तु नगरपालिक निगम द्वारा किसी ठेका निर्माण कार्य, सामग्री, आपूर्ति एवं सेवाओं हेतु जारी निविदा सूचना में स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट होगाः-

(क) वह समय एवं तारीख जब तक सीलबंद. निविदा प्राप्त की जा सकेंगी;

(ख) निष्पादित किए जाने वाले निर्माण कार्य की प्रकृति एवं विस्तृत विवरण तथा स्टेज -1 प्राक्कलन;

(ग) कार्य प्रारम्भ करने के आदेश की प्राप्ति की तारीख से, जिसके भीतर ठेका कार्य, सामग्री आपूर्ति एवं सेवायें पूर्ण किया जाना है;

(घ) अपेक्षित सुरक्षा जमा की राशि;

(ङ) बयाना राशि (अर्नेस्ट मनी) जो प्रत्येक सीलबंद निविदा के साथ संलग्न होना चाहिए;

(च) कार्यालय का नाम जहां से रिक्त निविदा फार्म प्राप्त किया जा सकता है तथा ऐसे प्रत्येक फार्म के लिए प्रभारित मूल्य, निर्माण कार्य, सामग्री एवं सेवा से संबंधित योजनाओं की संख्या तथा स्थान और समय जहां उनका निरीक्षण किया जा सकेगा, यदि ऐसे योजना निविदा फार्म के भाग नहीं बनाते हैं;

(छ) निविदा खोलने की तारीख और समय ।

94. निविदा फार्म, एक मुश्त या एकमुश्त सह आयटम दर उद्धृत करने के लिये होंगे तथा निम्नलिखित सम्मिलित होंगे-

(क) निविदा आमंत्रण की सार्वजनिक सूचना की प्रति;

(ख) निविदाकर्ताओं के मार्गदर्शन के लिए कोई आवश्यक नियम या निर्देशः 1286 (219)

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(ग) निविदा का प्ररूप;

(घ) अनुबंध या करार का प्ररूप;

(ङ) अनुबंध की शर्तें;

(व) कार्यों, सामग्रियों एवं सेवाओं की विस्तृत विशिष्टियाँ :

(छ) निविदाकर्ताओं, प्रकाशित या लिखित में निविदा की शर्तें स्वीकार करने के लिए शपथ पत्र देगा कि फर्म या संस्थान को राज्य सरकार अथवा केन्द्र सरकार के किसी भी विभाग द्वारा काली सूची अथवा प्रतिबंधित नहीं किया गया है ।

(ज) अनुसूचियाँ:-

(एक) कार्यों, सामग्री एवं सेवाओं और सेवा के उद्देश्य का वर्णन

(दो) योजनाओं की गणना जो विशिष्टियों के साथ संलग्न हों;

(तीन) सामग्री तथा अन्य वस्तुएं जिनके नमूने जमा होने चाहिये;

(चार) निर्माण कार्यों एवं सेवाओं के पूर्ण होने की तारीख ;

(पांच) कोई निर्माण कार्य, सामग्रियाँ एवं सेवाएं जो नगरपालिक निगम की सम्पत्ति हैं, जिसे उपयोग करना संविदादार से अपेक्षित होगा और दर जिस पर प्रदाय किया जाएगा उसके

विवरण की अनुसूची।

95. निविदाओं की प्राप्ति.- (1 ) निविदा की प्रस्तुति, नविदा दस्तावेजों में विनिर्दिष्ट किए अनुसार की जाएगी और स्पीड पोस्ट/ रजिस्टर्ड पोस्ट / कोरियर या हाथ से इस आश्य से रखी निविदा पेटी में डाल कर की जाएगी । प्राप्त हुई समस्त निविदाएं, इन नियमों में शक्तियों के प्रत्यायोजन के अन्तर्गत वर्णित निविदा समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी तथा अधिसूचित दिनांक और समय पर बोलीदाताओं /निविदाकारों के प्रतिनिधियों, जो उपस्थित हों, की उपस्थिति में आयुक्त या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य कर्मचारी द्वारा खोली जाएंगी और निविदा समिति के सदस्यों द्वारा उन पर अपने आद्याक्षर किये जाएंगे । तत्पश्चात् प्राप्त निविदाओं का निविदा समिति द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा और मूल्यांकित निविदाओं का तुलनात्मक विवरण तैयार किया जाएगा और प्राधिकारी को अपनी अनुशंसा सहित अनुमोदन के लिये प्रस्तुत किया जाएगा ।

(2) ऐसी कोई भी निविदा जो व्यवस्थित न हो, जिसका पूर्णरूप से मूल्य न दिया गया हो और ऐसी निविदाओं को आमंत्रित करने हेतु दी गयी सूहका के अनुदेशों के किसी प्रकार से अनुरूप न हो. स्वीकार नहीं की जाएगी । यदि कोई बोली लगाने वाला या निविदाकार निविदा देने के पश्चात् सुस्पष्ट गणितीय त्रुटि के सुधार के अतिरिक्त किसी भी तरह की कमी या परिवर्तन करे तो वह निविदा व्यवस्थित नहीं मान्य होगी । सक्षम प्राधिकारी को किसी भी निविदा को अस्वीकार करने का अधिकार सुरक्षित होगा यहाँ तक कि वह मूज्य के पद में वह न्यूनतम निविदा हो , बशर्ते कि यदि न्यूनतम निविदा स्वीकृत नहीं की गई है उसे अस्वीकार करने का कारण अभिलिखित मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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किया जाएगा और निविदा के स्वीकार करने में अन्य सभी संबंधित विषयों के साथ बोली लगाने वाला की आर्थिक स्थिति पर भी विचार किया जाएगा ।

(3) कोई भी निविदा जो अंतिम विस्तृत प्राक्कलन से उच्चतर या निम्नतर प्राप्त हुई है उसके संबंध में राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों का पालन किया जाएगा ।

(4) यदि यह पाया जाता है कि नगरपालिक निगम द्वारा प्राप्त कोई भी निविदा संतोषप्रद नहीं है या किसी भी कारण से यह विश्वास होता है कि निविदाकारों या बोली लगाने वाले द्वारा निविदा में की गई अपेक्षाओं को समुचित रूप से नहीं समझा गया है जिससे उचित बोलियाँ प्राप्त नहीं हुई हैं, प्रश्नाधीन निविदा निरस्त की जाएगी एवं नवीन निविदा आमंत्रित की जाएगी ।

96. क्षति या हानि को रोकने हेतु आपातकालीन प्रकरणों के अलावा कोई निर्माण कार्य प्रारम्भ नहीं किया जाएगा , जब तक कि एक समुचित विस्तृत प्राक्कलन तैयार करके स्वीकृत नहीं किया गया हो ।

97. निर्माण कार्यों की मंजूरी की प्रक्रिया. नगरपालिक निगम द्वारा निष्पादित किये जाने वाले सभी निर्माण कार्यों में (स्थानांतरित निर्माण कार्यों के अतिरिक्त) निम्नांकित प्रक्रिया अपनाई जाएगी (क)नियम 98 में यथा अधिकारित प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा;

(ख) नियम 99 एवं 103 मेंयोजनाओं एवं प्राक्कलनों के संबंध में तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की जाएगी; एवं

(ग) नियम 100 में यथा अधिकारित अंतिम स्वीकृति प्राप्त की जाएगी ।

98. प्रशासकीय अनुमोदन.-

(1 ) पद "प्रशासकीय अनुमोदन" से अभिप्राय है किं सक्षम प्राधिकारी द्वारा कार्य के निर्माण या विद्यमान कार्य में परिवर्धन और सुधार सम्बन्धी प्रस्तावों को, तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति देने के पूर्व, सहमति देना ।

(2) प्रशासकीय अनुमोदन निम्नलिखित प्रक्रिया अनुसार होगा

(

क) प्रशासकीय अनुमोदन समस्त नवीन कार्यों तथा विद्यमान कार्यों में सुधार के लिये आवश्यक होगा।

(ख) प्रशासकीय अनुमोदन के लिये नियम 102 के अनुसार सम्यक रूप से हस्ताक्षरयुक्त प्राथमिक प्राक्कलन तथा योजना प्रस्ताव के साथ संलग्न किए जाएंगे ।

(14) इन नियमों के अन्तर्गत शक्तियों के प्रत्यायोजन के अधीन यथाविहित प्राधिकारियों द्वारा प्रशासकीय अनुमोदन दिया जाएगा ।

99. तकनीकी स्वीकृति.-

(1 ) कार्यों के समस्त प्राक्कलन फार्म 29 में निम्नानुसार तैयार किए जाएंगेः-

(क). प्रशासकीय अनुमोदन के लिये योजना तथा कुर्सी क्षेत्र के साथ प्राथमिक प्राक्कलनः एवं (ख) तकनीकी स्वीकृति के लिये अन्तिम विस्तृत योजना तथा प्राक्कलन । 1286 (221 )

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टिप्पण (एक) प्राथमिक प्राक्कलन उन निर्माण कारों के लिये अपेक्षित नहीं होगा जिसके लिये मानक प्लान विद्यमान हैं ।

टिप्पण (दो) उन कार्यों के लिये, जिनकी लागत रूपये पच्चीस हज़ार से अधिक नहीं है उनके लिये सामान्यतः केवल अन्तिम विस्तृत प्राक्कलन तैयार किया जाएगा ।

(2) अंतिम विस्तृत योजनाओं एवं प्राक्कलनों के लिये तकनीकी स्वीकृति देने की शक्तियाँ उन प्राधिकारियों में वेष्ठित होंगी जैसा इन नियमों के अधीन प्रत्यायोजित शक्तियों में विहित है । 100. कार्यों की अंतिम स्वीकृति. निर्माण कार्यों और मरम्मत के विस्तृत प्राक्कलनों की स्वीकृति नियम 97 के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम प्राक्कलन की राशि के अनुसार दी जाएगी ।

101. कार्य का आरम्भ. नियम 99 के अधीन निर्माण कार्य को स्वीकृत करने वाला सक्षम प्राधिकारी किसी भी समय बजट प्रावधान के अध्यधीन किसी भी स्टेज पर कार्य आरम्भ करने की स्वीकृति दे सकता है । ऐसा सक्षम प्राधिकारी प्राथमिक स्टेज में स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार वस्तुओं एवं सामग्री के संग्रहण की स्वीकृति भी दे सकता है । यह प्रक्रिया केवल विशेष अत्यावश्यकता के प्रकरणों में ही अपनायी जाएगी और पहले ही स्वीकृति प्राधिकारी स्वयं संतोष कर लेगा कि लागत अंतिम स्टेज में उसकी स्वीकृति की शक्ति की सीमा को पार करने की संभावना नहीं है ।

102. योजना और प्राक्कलनों पर हस्ताक्षर किया जाना समस्त प्रकरणों में योजनाओं और प्राक्कलनों पर उन्न अधिकारियों के हस्ताक्षर होंगे जिनके द्वारा और जिनके माध्यम से वह अग्रेषित हुए हों एवं संस्वीकृति अधिकारी और अनुमोदन प्राधिकारी भी उन पर हस्ताक्षर करेंगे।

103. तकनीकी ब्यौरों का उत्तरदायित्व. समस्त मामलों में नगरपालिक निगम यंत्री और जहां ऐसा यंत्री न हो वहां नगरपालिक निगम लोक निर्माण स्थापना का मुख्य प्रभारी पदाधिकारी उसके द्वारा हस्ताक्षरित प्राक्कलनों के तकनीकी ब्यौरों के लिये उत्तरदायी होगा । स्थल निरीक्षण आवश्यक होने पर जैसा कि सामान्यतः पुलों एवं रपटा मार्गों आदि में होता है, अंतिम विस्तृत प्राक्कलन बनाने के पूर्व ऐसा निरीक्षण किया जाना चाहिये । अधीक्षण यंत्री या मुख्य अभियंता के लिए सामान्यतः यह संभव न होगा कि वह स्थल पर प्रस्तावों का निरीक्षण कर सकें और साधरणतः स्थल निरीक्षण या बिना स्थल निरीक्षण किये इन अधिकारियों के नोट्स पर व्यवहार करते हुए, नगरपालिक निगम यंत्री या जहां नगरपालिक निगम यंत्री नहीं है, वहां नगरपालिक निगम लोक निर्माण स्थापना के प्रमुख प्रभारी अधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण कर टीप में निर्दिष्ट बिन्दुओं पर ध्यान देने तक ही सीमित रहेगा ।

104. निर्माण एवं विकास कार्य (1 ) सभी खुली निविदाओं के लिये नगरपालिक निगम तीन लिफाफा पद्धति का अनुसरण करेगा । पहला लिफाफे में अग्रिम धन जमा होगी । दूसरे लिफाफे में व्यावसायिक निबन्धनों व शर्तों सहित समस्त तकनीकी विवरणों के साथ तकनीकी बोली होगी ।. तीसरा लिफाफा वित्तीय बोली का होगा जिसमें तकनीकी बोली में दर्शित आयटम्स के संबंध में आयटम- वार मूल्य निर्दिष्ट होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) बोली लगाने वाला द्वारा अग्रिम धन तकनीकी बोली तथा वित्तीय बोली के लिफाफे के ऊपर लिखकर अलग-अलग सील किये जाएंगे और हस्ताक्षरयुक्त होंगे और ये सभी तीनों सील्ड लिफाफे एक बड़े लिफाफे में रखकर ऊपर लिखकर उसे हस्ताक्षर कर सील भी किया जाएगा । बयाना राशि का पहला लिफाफा पहले खोला जाएगा,उसकी यथार्थता एवं वैधता की जाँच की जाएगी। पहले स्तर पर निविदा समिति द्वारा तकनीकी बोली खोली जाएगी और मूल्यांकित की जाएगी। दूसरे स्तर पर ठेका देने के पूर्व आगे के मूल्यांकन और श्रेणीकरण के लिये केवल तकनीकी रूप से स्वीकार योग्य प्रस्तावों की वित्तीय बोलियाँ खोली जायेंगी । 105. अनुबंध. ठेके पर दिये गये प्रत्येक कार्य के लिए समुचित मूल्य के स्टाम्प पेपर पर एक अनुबंध किया जाएगा जिसमें समस्त निबन्धनों औरतों तथा शास्तियां विनिर्दिष्ट होंगी और उनमें से सभी या किसी शर्त के पालन में विफल होने की स्थिति में संविदादार के दण्ड के भागी होने एवं बोनसों का वर्णन होगा,यदि कोई हों, सिके लिये प्ररूप 30 में विहित अनुसार किसी भी शर्त की पूर्ति करने पर संविदांदार पात्र है ।

106. संभावित हानि से सुरक्षा की दृष्टि से नगरपालिक निगम अनुबंध हस्ताक्षर करने से पूर्व, संविदा को सम्यक रूप से पूरा करने हेतु नियम 230 में उपबंधित निष्पादन प्रतिभूति लेगा ।

107. अनुपूरक प्राक्कलन. जबकि कार्य प्रगतिरत हो एक परियोजना के किसी भी विकास की आवश्यकता का विचार होने पर पर जो पूर्व स्वीकृत रूप में निर्माण कार्य के उचित निष्पादन की आकस्मिकता न हो, उसे अनुपूरक प्राक्कलन द्वारा कवर्ड होना चाहिये और उसके साथ उन परिस्थितियों का पूर्ण प्रतिवेदन होना चाहिए जिनके कारण यह आवश्यक हुआ हो । मूल प्राक्कलन की राशि, कुल अपेक्षित स्वीकृति और अनुपूरक क्कलन की राशि संक्षेप में दर्शायी जानी चाहिए । अनुपूरक प्राक्कलन सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत होना चाहिए ।

108. पुनरीक्षित प्राक्कलन. जब यह स्पष्ट हो कि निर्माण कार्य के मूल प्राक्कलन में दर्शायी राशि के दस प्रतिशत से अधिक परन्तु किसी भी स्थिति में बीस प्रतिशत से अधिक व्यय नहीं होगा तब पुनरीक्षित प्राक्कलन को तैयार करना और स्वीकृत करना चाहिए । जब स्वीकृत प्राक्कलन से दस प्रतिशत से अधिक व्यय होना पूर्व ज्ञात हो और पुनरीक्षित प्राक्कलन को तैयार करने में अपरिहार्य रूप से विलम्ब हो तो परिस्थितियों की सूचना तुरंत स्वीकृतिदाता सक्षम प्राधिकारी को दी जाएगी। जब पुनरीक्षित प्राक्कलन प्रस्तुत किया गया है उसके साथ पूर्व नवीनतम स्वीकृति से उसकी तुलना करने वाला विवरण पत्र और निर्माण की दिनांक तक प्रगति दर्शाने वाली रिपोर्ट होना चाहिए । कार्यों के लिये उत्तरदायी यंत्री, पर्यवेक्षक या प्रभारी अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह सावधानी पूर्वक व्यय की प्रगति को देखे और नेश्चित करे कि जैसे ही आवश्यकता उत्पन्न, हो पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुतः किया जाए। जब कार्य के निर्माण में अधिक व्यय प्रगति के अंतिम स्तर पर उस समय घटित हो जबक्ति पुनरीक्षित प्राक्कलन को प्रेषित करना उद्देश्य हीन हो, तब अधिक व्यय का स्पष्टीकरण नियंम 113 में वर्णित पूर्णता प्रतिवेदन में दिया जाएगा । 1286 (223)

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109. दरों की अनुसूची. प्राक्कलन , राज्य सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नगरपालिक निगम के लिएं जारी एवं समय समय पर संशोधित दरों की अनुसूची (एकीकृत मानक दरों की सूची) के अनुसार तैयार किये जाएंगे ।

110. निर्माण कार्यों का निरीक्षण.- (1 ) नगरपालिक निगम यंत्री या वशं जहां नगरपालिक निगम यंत्री न हो वहां नगरपालिक निगम लोक निर्माण स्थापना के प्रमुख प्रभारी अधिकारी प्रगतिरत कार्यों में से सभी श्रेणियों के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेगा , जितने भी वह कर सके । अंतिम निरीक्षण के समय नियम 113 के प्रावधान का वह अनुसर"। करेगा ।

(2) सभी हस्तांतरित निर्माण कार्यों या ऐसे निर्माण कार्यों के मामले में, जिनकी सम्पूर्ण या आंशिक लागत (मरम्मत सहित) की पूर्ति राज्य शासन से प्राप्त अंशदान से होगी, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री या सहायक यंत्री और राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी को निरीक्षण करने और तकनीकी नियंत्रण करने का अधिकार होगा और इन अधिकरियों में से किसी के द्वारा तकनीकी विषयों पर दी गई सलाह या निर्देशों का पालन करना नगरपालिक निगम पर बंधनकारी होगा ।

111. ठेकेदारों के देयक. ठेकेदारों के देयक प्ररूप 31 में तैयार किया जाएंगे और वह कार्य के प्रभारी अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा जो माप लेने और जांच करने के उपरांत प्रमाणित कर नगरपालिक निगम यंत्री और जहां नगरपालिक निगम यंत्री न हो वहां नगरपालिक निगम की लोक निर्माण स्थापना के प्रमुख प्रभारी अधिक के माध्यम से नगरपालिक निगम के आयुक्त को भेजेंगे जो वह देयक वित्त एवं लेखा विभाग को भेजेंगे । वित्त एवं लेखा विभाग उस देयक की माप पुस्तक, प्राक्कलन, अनुबंध, पूर्व भुगतान (चलित देयकों के मामले में) आंवंटन का उपलब्ध शेष और अंकगणितीय गणनाओं की जांच करेगा और उसे वित्त एवं लेखा विभाग के प्रमुख के माध्यम से और यदि वित्त एवं लेखा विभाग का कोई प्रमुख न हो तो सीधे आयुक्त को प्रेषित करेगा । आयुक्त, यदि देयक पारित करने हेतु स्वयं सक्षम हों, उस पर पारित आदेश देंगे वरना अपनी सिफारिश के साथ महापौर को भेजेंगे । चलित देयक का भुगतान प्रायः किये गये कार्य के मूल्य के 9/10 तक किया जाएगा । शेष 10 प्रतिशत राशि का भुगतान तब होगा जब अंतिम देयक प्रस्तुत किया गया हो एवं नियम 114 के अनुसार प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर हो जाएं । संविदादार की अभिस्वीकृति सामान्यतः देयक के पीछे की ओर मूल रूप से प्राप्त की जाएगी । जब यह संभव न हो अलग रसीद का संदर्भ सावधानी पूर्वक देय पर अंकित किया जाएगा । जब लेखा अंतिम रूप से बंद किया जाए , संवदादार की रसीद में यह स्पष्ट वर्णन होना चाहिए कि लेखे का अंतिम रूप से पूर्ण निपटारा हो चुका है । वृहद निर्माण कार्यों के लिए संविदादारों के मासिक देयक तैयार किये जाएंगे परन्तु छोटे निर्माण कार्यों के लिए जिनका निष्पादन केवल कुछ सप्ताह तक ही चलता है, यह अधिक सुविधाजनक होगा किं इसके पूर्ण होने पर उनका माप कर भुगतान किया जाए और मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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जब व्यवहारिक हो संविदादारों से किये गये अनुबंध में इसका प्रावधान हो । ऐसे छोटे निर्माण कार्यों के देयक प्ररूप 32 में होंगे ।

टिप्पणी (1 ) जहां तक संभव हो अंतिम देयकों के सभी माप प्रभारी अधिकारी द्वारा लिये जाएं और संविदादार की उपस्थिति में लिये जाने चाहिए ।

टिप्पणी-(2 ) नगरपालिक निगम कार्यालय में संवदादारों के लिए तैयार किये गये देयकों पर शीर्षक "संवेदादार के निवेदन पर तैयार किया गया" लिखा जाएगा और इसके लिये कोई प्रभार नहीं लिया जाना चाहिये ।

(3) यदि संवदादार का देयक स्वीकृत राशि के 10 प्रतिशत से अधिक हो, ऐसे देयक का भुगतान नहीं किया जाएगा जब तक कि नियम 108 के अनुसार सक्षम अधिकारी द्वारा पुनरीक्षित प्राक्कलन स्वीकृत न कर दिया जाए ।

112. माप पुस्तिका.- (1 ) माप पुस्तक प्रारूप 33 में सभी मात्राओं के लेखों का आधार है. चाहे निर्माण. कार्य खण्ड कार्य (पीस वक्र) से या संविदा से या दैनिक श्रमिकों द्वारा किया गया हो या सामग्री .... प्राप्त एवं जारी की गयी हो। मांप का विस्तृत विवरण पैंसिल से प्रविष्ट किया जा सकता है अन्य प्रविष्टियां स्याही से और दिनांक लाल स्याही ने लिखी जाएगी । जब माप का विवरण पैंसिल से किया गया हो उसके ऊपर स्याही से नहीं लिखा जाएगा । चिन्हांकन और जांच की सुगमता हेतु निर्माण कार्य की प्रगति को स्पष्ट रूप से उल्लिखित किया जाएगा । नियमतः माप पुस्तक उन देयकों के साथ भेजी जानी चाहिए जिसमें कार्य की मात्राओं के लिये प्रभार हुआ है एवं भुगतान आदेश दिये जाने के पूर्व साव‌धानी पूर्वक उर की तुलना देयकों और स्वीकृत प्राक्कलनों के विवरण से भी की जाना चाहिए । त्रुटियों, अधिक मात्राओं या निर्माण कार्य की अनधिकृत मदों के कारण किसी अंतर की जांच तुरंत की जानी चाहिए और देयक पारित करते समय नगरपालिक निगम यंत्री या प्रभारी अधिकारी और यदि कोई नगरपालिक निगम यंत्री या प्रभारी अधिकारी न हो तब आयुक्त माप पुस्तक पर उसके द्वारा उसकी जांच और परीक्षण करने के प्रतीक रूप में आद्याक्षर करेंगे । विवादों से बचने के लिए माप पुस्तक पर संविदादार के हस्ताक्षर भी लिये जाना चाहिए । माप पुस्तकें महत्वपूर्ण अभिलेख हैं । एनका उपयोग सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए और उनके पूर्ण होने पर उन्हें नगरपालिक निगम कार्यालय में अभिलेख हेतु वापस किया जाना चाहिए ।

(2) भाप पुस्तकों को प्राप्त करने और जारी करने का लेखा फार्म 34 में संधारित किया जाएगा । सभी माप पुस्तकों पर क्रमबद्ध संख्या अंकित होगी ।

(3) माप पुस्तक संबंधित नगरपालिक निगम के वेब साइट पर इलेक्ट्रानिक रूप में अपलोड की जाएगी ।

113. कार्य पूर्णता प्रतिवेदन (1) जब कार्य समाप्त हो जाए उसका प्रभारी अधिकारी नगरपालिक निगम यंत्री के माध्यम से और यदि नगरपालिक निगम यंत्री न हो तो सीधे आयुक्त को फार्म 35 में 1286(225)

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पूर्णताप्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा । जब प्राक्कलन की कोई आधिक हो जाए वह निष्पादित निर्माण कार्य एवं प्राक्कलन की मात्रा, दरों और मूल्य के सभी अंतरों की तुलना करते हुए स्पष्ट करेगा । ऐसे निर्माण कार्य जिनकी लागत रूपये पच्चीस हजार की सीमा से अधिक होने पर आयुक्त निरीक्षण करेंगे और प्रमाणित करेंगे कि निर्माण कार्य उनकी संतुष्टिः तक पूर्ण हुआ है ।

(2) हस्तांतरित निर्माण कार्य या कार्यों जिनकी संपूर्ण या आंशिक लागत राज्य शासन से प्राप्त अनुदान से वहन की जाएगी उनके पूर्णता प्रतिवेदन, नियम 98 में प्राक्कलन की स्वीकृति हेतु प्राधिकृत अधिकारी के भी प्रतिहस्ताक्षर कराए जाने के बाद, आयुक्त को प्रस्तुत किए जाएंगे । रूपये पांच हजार से कम मूल्य के निर्माण कार्य छोटे निर्माण कार्य माने जाएंगे और उनका पूर्णता प्रतिवेदन आयुक्त या उसके द्वारा प्राधिकृत अन्य अधिकारी द्वारा अवलोकन होने के पश्चात नस्तीबद्ध होगा, जो इस बात से स्वयं की संतुष्टि करेंगे कि कार्य सुचारू रूप से निष्पादित हुआ है ।

114. पूर्णता प्रमाण पत्र अनुबंध के अनुसार जब कार्य पूरा हो जाए इन नियमों में प्रत्यायोजित शक्तियों के अंतर्गत निर्धारित किए गए प्राधिकारियों द्वारा अंतिम पूर्णता का प्रमाण पत्र प्ररूप 36 में अभिलिखित किया जाएगा ।

परंतु अलग-अलग जिन कार्यों की लागत रूपये पांच हजार से कम है , छोटे कार्यों के रूप में माने जाएंगे और कार्य पूर्णतः प्रमाणपत्र अभिलिखिर नहीं किया जाएगा ।

115. ठेकेदारों को अन्तिम भुगतान. प्रचालित नियमों के अनुसार अपेक्षित पूर्णता का प्रमाण पत्र और पूर्णता प्रतिवेदन प्रस्तुत किये बिना किसी संविदादार को अंतिम रूप से भुगतान नहीं किया जाएगा । 116. अग्रिम भुगतान.- उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं या आपूर्ति का भुगतान, सेवाओं को उपलब् कराने के पश्चात् तथा प्रदाय किये जाने के पश्चात् ही किया जाएगा । तथापि, अग्रिम भुगतान निम्नलिखित ढंग से किया जा सकेगाः-

(क) निर्माण कार्यों को गतिमान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसरण में गतिशीलन अग्रिम (मोबलाईजेशन एडवान्स) का भुगतान किया जायेगा ।

(ख) मोबिलाईजेशन एडवान्स का भुगतान करते समय पर्याप्त सुरक्षा उपायों हेतु प्ररूप 37 में विहित प्रारूप में बैंक गांरटी के रूप में अथवा अन्य रीति में जैसा कि नगरपालिक निगम द्वारा अनुमोदित किया जाए ठेकेदार से प्राप्त की जाएगी ।

117. मशीनों एवं संयंत्र का क्रय.-

(1) जब संयत्र एवं मशीनरी आदि की मांग की जाती है तब मांग करने वाला विभाग यह निर्णय लेगा कि किस मात्रा में अतिरिक्त पुर्जे मुख्य उपकरण के साथ क्रय किये जाएं । मांग करने वाला अधिकारी यह भी विनिर्दिष्ट करेगा कि क्या निम्नलिखित प्रत्याभूतियों में से कोई प्रत्याभूति उपकरण के प्रदायकर्ता से प्राप्त करना आवश्यक है:-

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(क) उपकरण के प्रदायकर्ता से यह गारंटी कि वह स्पेयर पार्टस , जब भी आवश्यक हों. सहमति आधार पर सहमत अवधि में प्रदाय करेगा । सहमति का आधार प्रकाशित मूल्य सूची पर सहमत छूट देने का होगा;

(ख) इस प्रभाव की आश्वस्ति कि प्रदायक द्वारा आपूर्ति किये गये उपकरण के कल पुर्जी का उत्पादन बंद करने के पूर्व वह पर्याप्त समय पर नगरपालिक निगम को अग्रिम सूचना पत्र प्रेषित करेगा ताकि नगरपालिक निगम द्वारा मशीनों की शेष जीवन पर्यन्त आवश्यकता के अनुसार कल पुर्जे एक ही बार में क्रय कर लिये जाय; तथा

(ग) यदि संभव हो, मुख्य उपकरणों के प्रदायक से इस आशय की आश्वस्ति प्राप्त करना कि वह मुख्य उपकरण के संबंध में जब भी आवश्यक हो कल पुर्जों की ड्राईंग के ब्लू प्रिंट आदि उपलब्ध करायेगा ।

(2) अतिरिक्त कलपुजों के मांगपत्र में मांगपत्र देने वाले अधिकारी द्वारा मुख्य उपकरण के संविदा का क्रमांक और दिनांक तथा उसमें सम्मिलित की गई किसी गारण्टी या आश्वस्ति का संदर्भ उधृत किया जाएगा ।

(3) मांग पत्र देने वाला विभाग यह प्रयास करेंगा कि जहां कहीं उपलब्ध हो भारतीय मानक विशिष्टियों को अपनाया जाय एवं जहां ऐसी विशिष्टियाँ उपलब्ध नहीं है वहाँ देशी पद्धति उत्पादन में शिथिलता दी जाएगी, जो भंडार के बचाव, सुरक्षा एवं अंतिम उपयोग की आवश्यकता के अनुरूपं होगी।

118. तकनीकी सेवाओं के अधिग्रहणके लिये स्वीकृति की शक्तियां नियम 251 में व्याख्या किए गए अनुसार प्राधिकारी द्वारा तकनीकी सेवाओं का अधिग्रहण स्वीकृत किया जायेगा ।

119. समस्त चेकों पर हस्ताक्षर करने की शक्तियां आयुक्त, लेखा तथा वित्त विभाग के धारक को संयुक्त रूप से दी जाएंगी ।

120. तकनीकी सेवाओं का अधिग्रहण.- (क) किन्हीं सेवाओं की अधिप्राप्ति के पूर्व सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति प्राप्त की जाएगी ।

(ख) सेवा की माँग करने वाले विभाग द्वारा अधिप्राप्ति के संबंध में सरल एवं संक्षिप्त भाषा में आवश्यकता, उद्देश्य एवं सेवा की सीमा का विवरण दिया जायेगा साथ ही साथ सेवा प्रदाता के चयन हेतु अर्हता एवं मापदण्ड की पहचान भी दी जायेगी;

(ग) सेवा की माँग करने वाला विभाग उसके लिए यथोचित व्यय प्राक्कलित करेगा जो समान सेवाएं प्रदाय करने में संलग्न संगठनों और प्रचलित बाजार स्थितियों से अभिनिश्चित किया जायगा;

(घ) जहां ऐसी सेवा की प्राक्कलित लागत एक लाख रूपये से अधिक हो, नगरपालिक निगम द्वारा नियम 104 में वर्णित अनुसार तीन लिफाफा गद्धति का पालन किया जायेगा एवं

(ड. ) कुछ विशिष्ट परिस्थितियों के अधीन गृह आश्यक हो सकता है कि एक विशिष्ट सेवा प्रदाता का चयन किया जाए जब नगरपालिक निगम के पूर्ण हित के दृष्टिगत एकमात्र स्रोत के 1286(227)

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चयन के लिए पर्याप्त औचित्य मौजूद हो । ऐसे एकल स्रोत के चयन के लिए पूर्ण औचित्य अभिलिखित किये जाएंगे तथा ऐसे एकल स्रोत के चयन का आश्रय लेने से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति प्राप्त की जाएगी ।

(2) विभिन्न कार्यों/ सेवाओं के लिये मानवशक्ति का नियोजन. नगरपालिक निगम के वैधानिक कृत्यों को निष्पादित करने के लिये विशिष्ट अवसरों पर स्वास्थ्य रक्षा प्रबंध, गलियों की सफाई आदि सेवाओं के लिये नगरपालिक निगम विभिन्न कार्यों/ सेवाओं में मानव शक्ति नियोजन हेतु निविदा आमंत्रित करेगा एवं निवि आमंत्रित करने के लिये नियम 93 एवं 94 में उपबंधित प्रक्रिया का पालन करेगा । ऐसे मानवशक्ति नियोजन के कारण व्यय को नगरपालिक निगम राज्य सरकार द्वारा इन नियमों के अंतर्गत उपरोक्त सेवाओं एवं इन सेवाओं की आउट सोर्सिंग हेतु मानव शक्ति नियोजन से संबंधित इस व्यय हेतु समय समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुसरण में अभिलिखित करेगा । ाथमिक कोड 2 , मुख्य शीर्ष-30, लघु शीर्ष-80 एवं विस्तृत शीर्ष -04 के अंतर्गत) ।

121. टुकड़े टुकडे में निर्माण कार्यों की स्वीकृति अथवा क्रय किया जाना प्रतिबंधित होगा.- पूर्ववर्ती नियमों में विनिर्दिष्ट स्वीकृत करने की शक्तियों का इस प्रकार से प्रयोग नहीं किया जाएगा जिससे खण्डों में कार्य स्वीकृत किये जा रहे हों या अनेकों समय पर वस्तुएं, सामग्री एवं सेवाएं उपार्जित की जाएं, जो कि एक ही प्राक्कलन में व्यवहार की जानी हैं ।

122. ई-प्रोक्योरमेन्ट,-

(1) राज्य सरकार के ई- प्रोक्यूरमेंट सिस्टम के लिये नियमों और प्रक्रियाओं के अध्यधीन नगरपालिक निगम रूपये एक लाख एवं अधिक मूल्य की माल, सामग्री का क्रय एवं सेवाओं के उपार्जन के लिए इंटरनेट का उपयोग कर सकेगा ।

(2) जब ई- प्रोक्योरमेन्ट सिस्टम का उपयोग किया जाता है तब नगरपालिक निगम इलेक्ट्रॉनिक फार्म में निम्न स्टेप्स का अनुसरण करेगा, जैसा की परम्परागत निविदा प्रक्रिया में होता है :-

(क) आवश्यकताओं के अनुसार मांग पत्र जारी करनाः

(ख) मांग पत्रों का ऑन लाईन अनुमोदनः

(ग) निविदा आमंत्रण सूचना का सृजन एवं प्रकाशनः

(घ) निविदा दस्तावेज़ों का विक्रयः

(ङ) बोलियाँ प्राप्त करनाः

(च) बोलियों का मूल्याकंन करनाः एवं

(छ) क्रय आदेश या ठेका सौंपना (अवार्ड) ।

:

(3) जब नगरपालिक निगम ई- प्रोक्यूरमेंट सिस्टम के माध्यम से माल का क्रय एवं सेवाओं का उपार्जन करता है तंब निम्नलिखित को सुनिश्चित किया जाएगाः--

(क) सुरक्षा उपाय सुनिश्ििचत करने के लिये कि समस्त क्रियाकलाप लाग्ड् हैं , किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की डेटा में पहुंच नहीं है, समात संवेदनशील डेटा इन्क्रिप्टेड हैं तथा थाहाता या सिस्टम के ध्वस्त होने की स्थिति में न्यूनतम सम्भव समय में सिस्टम को पूर्ववत् किया जा सकता है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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123. अधिप्राप्ति: नगर पालिक निगम निम्न के लिये प्रक्रिया और क्रियाविधि का पालन करेगाः- (क) बोलीदाताओं या निविदाकारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बोलियों का खोलना, पंजीयन और अभिलेखन करना;

(ख) धन का सर्वोतम मूल्य सुनिश्चित करने के लिये बोलियों का मूल्यांकन;

(ग) ठेके की अंतिम शर्तों में समझौता करना ।

124. नगर पालिक निगम भावी बोलीदाताओं या निविदाकारों के किसी विशिष्ट निविदा में हित के टकराव को अनिवार्य रूप से प्रकट करना सुनिश्चित करेगा और ऐसे भावी बोलीदाताओं या निविदाकारों को उन निविदाओं से बाहर रखेगा ।

125. नगर पालिक निगम सामान्य बिडिंग की प्रक्रिया से बाहर प्राप्त बोली पर विचार नहीं करेगा । यदि नगर पालिक निगम निश्चय करता है कि सामान्य निविदा प्रक्रिया के बाहर बोली पर विचार करके, तब उसे पहले मेयर- इन- कौंसिल के समक्ष विचारार्थ, चर्चा और अनुमोदन के लिये प्रस्तुत करेगा ।

126. आवधिक मांग-पत्र तैयार किये जाएंगे एवं ऐसे मांग पत्र के माध्यम से जितना संभव हो माल एवं सामग्री प्राप्त की जाएगी ।यह सावधानी बरती जाएगी कि वास्तविक आवश्यकताओं से अधिक भंडार बहुत पहले क्रय नहीं किये जाएं, यदि ऐसा क्रय नगर पालिक निगम के लिये अलाभप्रद सिद्ध होना संभाव्य हो ।

127. ठेका निष्पादनः नियम 105 एवं 106 के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुए:-

(क) समस्त ठेके, अधिनियम या इन नियमों के अन्तर्गत ऐसा करने के लिये शक्तिप्राप्त प्राधिकारी द्वारा किये जाएंगे ।

(ख) नगर पालिक निगम की कार्यपालिक शक्तियों का प्रयोग करते हुये किये गये समस्त ठेके और सम्पत्ति के आश्वासन नगर पालिक निगम की ओर से निष्पादित किये जाएंगे । शब्द नगर पालिक निगम की ओर से और उसके लिये के नीचे इस संबंध में अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर के नीचे उसका पदनाम होगा ।

128. इन नियमों में अन्तर्विष्ट किसी भी बात के होते हुए भी, ठेके निष्पादित करते समय निम्नलिखित सामान्य शर्तों का पालन किया जाएगा:-

(क) ठेके के निंबधन संक्षिप्त, निश्चित् और बिना किसी अस्पष्टता के होने चाहिये । शर्तें अनिश्चितता या अनिश्चित दायित्व से ग्रस्त नहीं होंगे , सिवाय ' कास्ट प्लस कान्ट्रेक्ट' या जहां ठेका में मूल्य भिन्नता का खण्ड हो;

(ख) जहां कहीं संभव हो, ठेके के मानक फार्म अलग-अलग ठेकों के संबंध में ऐसे संशोधनों के साथ जो आवश्यक समझे जाएं, अपनाएं जाएंगे । संशोधन केवल वित्तीय और विधिक परामर्श , प्राप्त करने के पश्चात् ही किये जाएंगे;

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(ग) ठेका के मानक फार्म उपयोग में नहीं लाये जाने की दशा में ठेका के क्लाज़ के प्रारूप बनाने में वित्तीय और विधिक परामर्श लिया जाएगा;

(घ) रूपये एक लाख से दस लाख मूल्य के बीच निर्माण कार्यों के ठेका या क्रयों के ठेकों के संबंध में, जहां निविदा प्रपत्रों में ठेकों की सामान्य शर्तें, विशेष शर्तें और कार्य का विस्तार सम्मिलित हो, स्वीकृति पत्र ठेकों में बंधनकारी परिणामित होगा;

(ङ) निर्माण कार्यों के ठेकों के संबंध में जहां अनुमानित मूल्य रूपये दस लाख या उससे अधिक या रूपये दस लाख या उससे अधिक का क्रय हो, ठेका स्वतः पूर्ण करने वाले समस्त आवश्यक खण्डों सहित निष्पादित किया जाएगा । तथापि, यदि निविदा के आमंत्रण द्वारा ये पूर्व के प्रकरण हैं , ठेका की सामान्य शर्तें तथा ठेका की विशेष शर्ते, कार्य का पूर्ण विवरण औरं विस्तार तथा विशिष्टियां संलग्न है, एक पृष्ठ का सरल ठेका, की सामान्य शर्तें, और ठेका की विशेष शर्तें तथा विस्तार और विशिष्टियों के विवरणों की प्रतियाँ संलग्न करते हुये निविदाकार का प्रस्ताव और स्वीकृति पत्र संलग्न कर ठेका निष्पादित किया जा सकता है;

(च) टर्न-की निर्माण कार्यों या उपकरणों के अनुरक्षण ,सेवाओं के प्रावधान आदि के अनुबन्धों की दशा में ठेके के दस्तावेजों को सदैव निष्पादित किया जाएगा ।

(छ) किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य, अनुबन्ध के समुचित निष्पादन हुये बिना शुरू नहीं किया जाएगा, जैसा कि पूर्ववर्ती उपबन्धों में विहित है;

(ज) ठेके के दस्तावेज, जहां आवश्यक हो, स्वीकृति पत्र जारी होने की दिनांक से 30 दिन के भीतर, निष्पादित किए जाएंगे । ठेकेदार या प्रदायकर्ता द्वारा ठेके के निष्पादन की इस शर्त की पूर्ति न करना सौंपे गये कार्य को निरस्त करने और बयाना राशि (अर्नेस्ट मनी) को जब्त करने का पर्याप्त आधार संस्थापित करेगा ..

(झ) केवल दीर्घ अवधि के ठेकों में, जहां परिदान अवधि 18 माह से अधिक होती है, मूल्य भिन्नता की शर्त उपबंध किया जा सकता है। अल्पकालिक ठेके में स्थिर और नियत मूल्य का प्रावधान किया जाएगा । जहां मूल्य भिन्नता की शर्त का प्रावधान है, सहमत मूल्य उस आधार स्तर को विनिर्दिष्ट करेगा अर्थात माह और वर्ष जिससे मूल्य जुड़ा है, जिससे मूल्य भिन्नता की गणना, उस महीने और वर्ष में प्रचलित मूल्य के संदर्भ में की जा सके और

(एक) आधार स्तर तथा अनुसूचित प्रदाय दिनांक के बीच जो मूल्य की भिन्नता है, उसकी गणना करने का एक वर्णित सूत्र इन शर्तों में सम्मिलित किया जाएगा । केन्द्र सरकार या राज्य शासन द्वारा नियतकालिक रूप से प्रकाशित तालिकाओं का उपयोग करते हुय भिन्नता की गणना की जाएगी;

(दो) सामग्री एवं श्रमिक के लिये कट चाफ डेट्स ठीक ठीक बताना चाहिये क्योंकि ये निविष्टियाँ अनुसूचित परिदान तारीखों के पूर्व समाप्त हो सकती हैं;

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(तीन) मूल्य भिन्नता पर उच्चतम सीमा उपबंधित की जाएगी, विशेष कर जहां वृद्धियाँ जहां सन्निहित हैं । यह प्रतिवर्ष प्रतिशत के रूप में या कुल मिलाकर अधिकतम सीमा या दोनों हो सकते हैं । मूल्य में भिन्नता के क्लाज़ के संदर्भ में, मूल्य में किसी कमी का लाभ लेने के लिये नगर पालिक निगम ठेके में एक प्रावधान रखना सुनिश्चित करेगा;

(चार) ठेका मूल्य भिन्नता के न्यूनतम प्रतिशत को निर्धारित किया जाएगा जिसके ऊपर मूल्य की भिन्नता मान्य होगा (उदाहरणार्थ, परिणामी बढ़ोत्तरी 2 प्रतिशत से कम है, प्रदायकर्ता के पक्ष में मूल्य समायोज नहीं किया जाएगा:

(पांच) जहां अग्रिम या स्टेज भुगतान किये जाते हैं वहां और आगे निर्धारित होगा कि मूल्य भिन्नता, मूल्य के ऐसे भाग पर, भुगतान की ऐसी दिनांक के पश्चात् अनुमत्य नहीं होगा;

(छह) जहां निर्णीत हर्जाना लगाने की शर्त अध्यधीन रहते हुए अनुसूचित परिदान दिनांक के परे स्वीकर की जाती हैं जैसा कि ठेके में प्रावधानित है, निर्णीत हर्जाना (यदि मूल्य का प्रतिशत है), मूल्य के भिन्नता क्लाज़ के प्रवर्तन द्वारा जैसा परिवर्तित हुआ है उस पर लागू होगा; :

(सात) प्रदायकर्ता की ओर से हुई चूकों के लिये, मूल अनुसूचित परिदान दिनांक के परे मूल्य की भिन्नता अनुमत नहीं होगी;

(आठ) फोर्स मेज्यूर अथवा नगर पालिक निगम की ओर से हुई चूकों के मामलों में ठेके में एक औपचारिक संशोधन के माध्यम से, उस दिनांक में विशिष्ट परिवर्तन कर, मूल अनुसूचित परिदान दिनांक के परे मूल्य भिन्नता को अनुमत किया जा सकेगा;

(नौ) जहाँ ठेके उपकरण, माल आदि प्रदाय करने के हैं, आयातित (सीमा शुल्क तथा विदेशी मुद्रा घट-बढ़ के अध्यधीन रहते हुए और/ या स्थानीय रूप से निर्मित (उत्पाद शुल्क और अन्य शुल्कों तथा करों के अध्यधीन रहते हुए, शुल्कों तथा करों के अंश का प्रतिशत मूल्य में सम्मिलित है साथ में आयातित आयटम पर, विदेशी मुद्रा की विक्रय दर का अंश मूल्य की गणना में लिया गया है उसे विशिष्ट रूप से विनिर्दिष्ट किया जाएगा । शुल्कों तथा करों और विदेशी मुद्रा में उतार- चढ़ाव की गणना की रीति और दस्तावेजों को ऐसे मूल्य भिन्नता के दावों के समर्थन में प्रस्तुत किया जाना भी ठेके में निर्धारित किया जाएगा।

(दस) स्वीकार्य मूल्य भिन्नता के भुगतान की रीति और शर्तें सम्मिलित होंगीः एवं

(ग्यारह) ठकेदार या प्रदायकर्ता द्वारा समस्त लागू करों के भुगतान का प्रावधान सम्मिलित किया जाएगा।

129. एकमुश्त ठेके निष्पादित नहीं किये जाएंगे, सिवाय परम आवश्यक मामलों में जहां एकमुश्त ठेके अपरिहार्य हो जाएं, पूर्ण औचित्य अभिलिखित किया जाएगा । ठेका देने वाला प्राधिकारी यह 1286(231) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

सुनिश्चित करेगा कि एकमुश्त ठेके में शर्तें पर्याप्त रूप से नगर पालिक निगम के हितों की सुरक्षा और संरक्षण देने वाली हों ।

130. यथा सम्भव नगर पालिक निगम द्वारा माल एवं सामग्रियाँ देने से बचना चाहिये । जहां यह निर्णय लिया जाता है, नगर पालिक निगम द्वारा माल एवं सामग्री प्रदाय किये जाएंगे जो ठेके के कार्य को क्रियान्वित करने के लिये अपेक्षित है, माल एवं सामग्री की निर्गम दरों सहित ऐसे माल एवं सामुग्री की मात्रा की अनुसूची को ठेके को आवश्यक भाग बनाया जाएंगा ।

131 ठेकों में, जहां नगर पालिक निगम की सम्पत्ति, ठेकेदार को या तो किराये पर उपयोग करने या ऐसी सम्पत्ति पर और आगे कार्य करने के लिये सुपुर्द की जाती है, नगर पालिक निगम सम्पत्ति की सुरक्षा सम्बन्धी (बीमा कवर सहित) और किराये की राशि की नियमित वसूली के विशिष्ट प्रावधान ठेके में सम्मिलित किये जाएंगे । ठेकेदार के परिसर में आयटम्स की भौतिक दशा एवं संख्या का नियतकालिक भौतिक सत्यापन करने का प्रावधान किया जाएगा । ऐसे सत्यापन के परिणाम अभिलिखित किये जाएंगे और जहां आवश्यक हो, समुचित दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

132. ठेके के विस्तार एवं विशिष्टियों सहित निबन्धनों को एक बार प्रविष्टः होने पर महत्वपूर्ण रूप से परिवर्तित नहीं किया जाएगा।

133. जहां कहीं ठेके के किसी भी निबन्धनों या शर्तों में महत्वपूर्ण रूप से परिवर्तन करना अपरिहार्य हो जाता है, अंतर्ग्रस्त वित्तीय और अन्य प्रभावों का परीक्षण किया जाएगा और अभिलिखित किया जाएगा और शर्तों को परिवर्तित करने के पूर्व पुनरीक्षित वित्तीय और अन्य प्रतिबद्धताओं सभी पक्षों के विधिवत हस्ताक्षर का अनुमोदन करने वाले प्राधिकारी से विशिष्ट रूप से अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा । ऐसे समस्त बदलाव ठेके में एक संशोधन के रूप में होंगे । ठेके के सभी. पक्षकारों के विधिवत हस्ताक्षर होंगें ।

134. सामान्यतया अनुसूचित परिदान या पूर्ण होने की दिनांक में कोई समयवृद्धियाँ नहीं दी जाएंगी, सिवाय जहां अप्रत्याशित घटनाएं घटित हुई हों या अन्य कारणों हेतु निबन्धनों एवं शर्तों में ऐसे प्रावधान सम्मिलित हों जैसा कि ठेके में प्रावधानित है । ठेके की पार्टियों के विधिवत हस्ताक्षरों के बाद औपचारिक आदेश से ठेके में समयवृद्धियाँ दी जा सकेंगी।

135. समस्त ठेके में, ठेकेदार की ओर से हुई त्रुटियों के कारण निर्णीत हर्जाने की वसूली का प्रावधान निहित होगा ।

136. प्रत्येक ठेके में एक वारंटी क्लाज़ समाविष्ट होगा जिसमें ठेकेदार से यह अपेक्षित होगा कि बिना प्रभार के खराब माल एवं सामग्री की मरम्मत या सुधार या ऐसे माल को ऐसे ही सदृश माल से जोखराबी से मुक्त हो, प्रतिस्थापित किया जाएगा । प्रदायकर्ता द्वारा मरम्मत किया गया या प्रतिस्थापित किया गया कोई माल नगर पालिक निगम परिसर में बिना लागत के परिदानं किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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137, माल एवं सामग्री प्रदाय करने के सभी ठेकों में नगर पालिक निगम का यह अधिकार सुरक्षित रहेगा कि जो माल विशिष्टियों के अनुरूप न हो उसे अस्वीकार कर दे ।

138. ठेकों का प्रबन्धन-

(1 ) ठेकों का कार्यान्वयन कड़ाई के साथ मॉनीटर किया जाएगा और जहां कहीं प्रावधानों का उल्लंघन होना पाया जाता है. तुरन्त नोटस जारी किये जाएंगे ।

(2) मानीटरिंग में समस्त बैंक गारण्टी या अन्य लिखतों की जो अगले तीन माहों के बाद समाप्त होने जा रहे हैं, मासिक समीक्षा के साथ प्रदाय या कार्य की प्रगति परं समीक्षा सम्मिलित होगी । बैंक गारण्टियाँ या अन्य लिखितों की वैधता बढ़ाना जहां अपेक्षित हों तत्काल मांगी जाएगी ।..

(3) ठेकों के क्रियान्वयन के दौरान जब कभी कोई विवाद उद्भूत हो, सुलहकर्ता तथा / या माध्यस्थम को, जैसा ठेके में प्रावधानित है विवाद संदर्भित करने या जहां माध्यस्थम के क्लाज़ ठेकों में सम्मिलित न हों, दावा प्रस्तुत करने के पूर्व कानूनी परामर्श लिया जाएगा । माध्यस्थम के लिए दावे के प्रारूप का परीक्षण कानूनी और वित्तीय परामर्श लेकर किया जाएगा। विवाद के समाधान के मामले में, यदि कोई हो, दस्तावेज़ जो प्रस्तुत किया जाना है नगर पालिक निगम के हितों के संरक्षण के लिए प्रस्तुत करने के पूर्व उसकी सावधानीपूर्वक सूक्ष्म जाँच की जाएगी ।

139. कर्मशालाः कर्मशाला का यंत्री या प्रभारी अधिकारी कर्मशाला में उपयोग के लिए प्राप्त सामग्री, उपकरण, फिटिंग्स आदि का रिकार्ड रखेगा। इस पंजी को संतुलित किया जाएगा एवं हस्तगत स्टाक आदि का कर्मशाला के तत्काल प्रभारी अधिकारी द्वारा ऐसे अंतराल मे सत्यापन किया जाएगा जैसा कि मेयर- इन- कौंसिल द्वारा विहित किया जाए , परन्तु एक वर्ष में एक बार से कम नहीं हो ।

140. निर्माण कार्यों की पंजी और मस्टर रोलः

(1) कर्मशाला में होने वाले कार्यों की जांच की सुविधा के लिये प्रभारी अधिकारी प्ररूप 38 में निर्माण कार्य की पंजी संधारित करेंगा । वह प्ररूप 27 में एक मस्टर रोल भी रखेगा ।

(2) कर्मशाला की स्टाक बुक और निर्माण कार्य के रजिस्टर की जांच माह में कम से कम एक बार नगरपालिक यंत्री या लोक निर्माण के प्रभारी अधिकारी द्वारा की जाएगी जो यह जांच करने के प्रतीक स्वरूप रजिस्टर पर हस्ताक्षर करेंगे । यह अधिकारी बारम्बार और अप्रत्याशित अंतरालों में भी मस्टर रोल्सकी जांच करेंगे ।

141. निर्माण कार्यों की पंजीः-

(1) नगर पालिक निगम द्वारा किये जाने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य का लेखा इन नियमों में विहित प्ररूप और रीति में संधारित किया जाएगा । 1286(233) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(2) नगर पालिक निगम द्वारा किये जाने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य के लेखों में अनुमानित लागत प्ररूप 39 में संधारित की जाएगी जिसमें स्वीकृत प्राक्कलनों की मदों और शीर्षों के अनुसार कालम आवंटित किये जाएंगे । 'ऊपर कोरे कालमों में प्रत्येक निर्माण कार्य का प्रकार और उसके लिए स्वीकृत निविदा या ठेके की दरें लाल स्याही से लिखी जाएगी और प्राक्कलन स्वीकृत होने या निविदा स्वीकृत होने के पश्चात् यथाशीघ्र प्राक्कलन की मात्राएं एवं निविदा की राशि प्रविष्ट की जाएगी । इस पंजी में माह के दौरान हुये वास्तविकं व्यय और किये गये कुल निर्माण कार्य और प्रत्येक माह के अंत तक कुल व्यय की प्रविष्टियाँ माह दर माह ठेकेदार के देयक और समय - समय पर आहरित किए गये व्हाउचर्स में से की जाएंगी। जब एक निर्माण कार्य समाप्त हो जाए प्रविष्टियों के नीचे दोहरी लाल रेखा खींची जाएगी और निम्नांकित टीप लिखी जाएोः " निर्माण कार्य समाप्त हुआ और (दिनांक) .......... को पूर्णता प्रतिवेदन प्राप्त हुआ।"

142. क्रयों की पंजीः नगर पालिक निगम द्वारा किए गए माल एवं सामग्री के प्रत्येक क्रय का लेखा इन नियमों के अध्याय 8 में विहित रीति और प्ररूप में अभिलिखित किया जाएगा । स्टाक का भौतिक सत्यापन आयुक्त द्वारा वार्षिक आधा पर किया जाएगा ।

143. सार्वजनिक निजी भागीदारीः

(1) सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजनाओं के प्रयोजन हेतु नीचे वर्णित रूप में चयनित निविदाकरण प्रक्रिया का अनुसरण किया जाएगाः

(क) यदि नगरीय प्रशासन और विकास संचालनालय, की राय में यह परियोजना विशेष प्रकृति की है एवं बाजार में कई सक्षम बोलीकर्ता नहीं हो सकते हैं, दो चरण की बोली प्रक्रिया को अपनाया जाएगा ।

(एक) प्रारंभिक चरण में निर्माण कार्य या परियोजना के लिए तकनीकी और वित्तीय क्षमता के आधार पर ई- योग्यता के लिए निजी क्षेत्र को आमंत्रित करना शामिल है, जिसके लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी की मांग की गई है ।

(दो) पूर्व अर्हता प्राप्त या शार्ट लिस्टड पार्टियों को सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजना के प्रस्ताव के अनुरोध के उत्तर में उनकी बोलियाँ प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

(ख) यदि नगरीय प्रशासन और विकास संचालनालय , की राय में यह परियोजना सामान्य प्रकृति की है, तो वह तीन लिफाफा पद्धति को अपनाकर एकल चरण की बोली प्रक्रिया का विकल्प चुन सकता है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) यह निर्णय करने से पहले कि क्या एक विशेष परियोजना को सार्वजनिक निजी भागीदारी साधन के माध्यम से निष्पादित किया जाना चाहिए या नहीं, नगरीय प्रशासन और विकास संचालनालय विचार करेगा:-

(क) उन्नत गुणवत्ता सेवा

(ख) उपयोग किए जाने वाले निजी ऑपरेटर के वित्तीय संसाधन

(ग) कम जीवन चक्र लागत

(घ) तीव्रतर क्रियान्वयन;

(ड़) जोखिम का बेहतर आवंटन

(च ) अतिरिक्त राजस्व का सृजनः

परन्तु कि नगर पालिक निगम निर्देश चिन्ह (बेंचमार्किंग ) के उद्देश्य से राज्य शासन की संस्थागत वित्त (पीपीपी सेल) के निदेशालय या एक सक्षम और योग्य लेनदेन सलाहकार की सहायता से सेवा प्रदान करने के लिए अनुमानित मूल्य, प्रमाणित करेगा और लाभों और लागतों के प्रयोजन हेतु मात्रात्मक और गैर- मात्रात्मक आयटम्स को ध्यान में रखते हुए विश्लेषण किया . जाएगा।

(3) इसके अलावा परियोजना विशेष घटकों में समान परियोजनाओं के अनुभव एवं परिमाणन परियोजना के विशिष्ट लक्षण प्रयुक्त किए जाएंगे ।

144. निक्षेप कार्यः- निक्षेप कार्यों में निर्माण कार्यों दो लिए व्यक्तियों से विशिष्ट रूप से प्राप्त राशि सम्मलित होगी ।

145. निक्षेप की प्राप्ति:-

(1) जब कभी निक्षेप कार्य हाथ में लिया जाता है, कार्य पर कोई भी दायित्व उठाने के पूर्व निक्षेप प्राप्त किया जाएगा। प्राथमिक प्राक्कलनों की तैयारी के पूर्व परियोजना की प्रत्याशित लागत का एक प्रतिशत वसूल किया जाएगा । इसके अतिरिक्त प्राथमिक प्राक्कलनों में कार्य की लागत पर विभागीय प्रभार भी ऐसे प्रतिशत से, जैसा कि राज्य सरकार समय- समय पर विहित करे, अग्रिम रूप से वसूल किये जाएंगे । निजी अंशदान सहित किसी भी स्रोत से जमा की गई राशि पर ब्याज नहीं दिया जाएगा ।

(2) निक्षेप कार्य जो पूर्ण रूप से राज्य सरकारने अनुदान से वित्तपोषित हैं, और जिनसे निक्षेप की प्राप्ति आश्वस्त है, कार्य की अनुमानित लागत का 33-1 / 3 प्रतिशत अग्रिम रूप से जमा करवाया जायेगा । तत्पश्चात्, किये गये व्यय की प्रतिपूर्ति मासिक देयकों से, कार्य की प्रगति पर दिये गये मासिक लेखे के साथ- साथ की जा सकती है । प्रथम किस्त के रूप में प्राप्त 1286(235) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

33-1/ 3 प्रतिशत की जमा राशि अनुमानित व्यय के अन्तिम भाग के विरूद्ध समायोजन के लिए रोक रखी जायगी ।

(3) जहां निक्षेप प्राप्त करने में विलंब का अनुभव हो, एवं जहां कार्य को चालू रखने के लिये 33-1/3 प्रतिशत आरक्षित राशि में से व्यय किया जाता है, पक्षकार के साथ मामले को उठाने के लिए प्रकरण तत्काल आयुक्त की जानकारी में लाया जाएगा । नगर पालिक निगम निधि से निक्षेप कार्यों पर और इसके विपरीत कोई भी व्यय नहीं किया जाएगा।

(4) जब कभी प्राथमिक अनुमानित आंकड़े से अधिक व्यय प्रत्याशित हो, एक पुनरीक्षित प्राथमिक. प्राक्कलन, कार्य निष्पादन के दौरान ठीक समय पर पक्षकार को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि पक्षकार समय पर अतिरिक्त निधि उपलब्ध कराने योग्य हो सके ।

(5) जहां पक्षकार ने अपेक्षित डिपॉजिट करने में चूक की है, या जहां कार्य की लागत प्रधानता सें मुख्य उपकरण और मशीनरी के क्रय करने पर है, विभागीय प्रभार सम्मिलित करते हुए सम्पूर्ण डिपॉज़िट, अग्रिम में वसूल किया जाएगा ।

(6) किसी भी दशा में एक पक्षकार से उसके कार्य के लिये प्राप्त डिपॉजिट को किसी अन्य कार्य में व्यपवर्तित नहीं किया जाएगा ।

(7) पक्षकार को स्पष्ट रूप से समझा दिया जाएगा कि नगर पालिक निगम प्राथमिक अनुमान की राशि के भीतर कार्य को पूर्ण करने के लिये आबद्ध नहीं है, और अधिक व्यय जो हो सकता है उसे उसका भुगतान करने के लिये सहमत होना चाहिए । इस स्पष्ट समझौते की अभिस्वीकृति पक्षकार से डिपॉजिट कार्य के हाथ में लेने के पूर्व प्राप्त की जाएगी ।

(8) कार्य का प्रभारी यंत्री यह सुनिश्चित करेगा कि कार्य की प्रगति के दौरान किसी समय , निर्माण कार्य के लिये प्राप्त निक्षेप से अधिक व्यय न हो। जहां प्रभारी यंत्री को समय पर निक्षेप प्राप्ति पर संदेह हो, वह पक्षकार को सूचित करेगा कि यदि और आगे निक्षेप प्राप्त नहीं होता है, कार्य रोक दिया जाएगा, और क को ऐसे रोकने से ठेका संबंधी कोई भी ठेकात्मक दायित्व उद्भूत होता है तब उसे पक्षन्कार को वहन करना होगा । उसे पक्षकार के. समक्ष मामले को उठाने के लिये आयुक्त की जानकारी में भी लाना चाहिए ।

146. निक्षेप कार्यों का निष्पादन और लेखेः

(1) डिजाईन, प्राक्कलन और निर्माण कार्य के निष्पादनके संबंध में पूर्ववर्ती नियमों में निर्देश सन्निहित हैं, उनका अनुसरण किया जाएगा । कार्य का विस्तार पक्षकार की लिखित अनुमति के बिना परिवर्तित नहीं किया जाएगा ।

(2) कार्य का प्रभारी यंत्री , जमा की गई राशि और उसके विरूद्ध प्रत्येक कार्य पर हुआ व्यथ दर्शाते हुये लेखों के समाधान के लिये पक्षकार को त्रैमासिक प्रतिवेदन भेजेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(3) यह आवश्यक है कि कार्य का प्रभारी यंत्री, निक्षेप कार्यों के विरूद्ध लेखों का निपटारा शीघ्रता से करेगा जिससे नगर पालिक निग्राम या पक्षकार की पुस्तकों में राशि बिना निपटारे लम्बे समय तक न रह सकें ।

147. इन नियमों के अन्तर्गत जहां किसी निर्माण कार्य अथवा आपूर्ति के संबंध में कोई प्रावधान नहीं किये गये हों, नगर पालिक निगम नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नगर पालिक निगमों के लिये निर्माण कार्य नियमावली जारी की जाने तक, अधिनियम एवं उसके अंतर्गत बनाये गये नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किये बिना राज्य शासन की निर्माण विभाग कार्य नियमावली में उपबंधित प्रक्रियाओं का पालन करेगा ।

अध्याय छह

स्थिर आस्तियाँ, वेश एवं अनुदान

148. स्थिर भास्तियाँ:-

(1) समस्त चल और अचल स्थिर आस्तियाँ नगर पालिक निगम के स्वत्व में हों या अन्यथा उसमें वेष्ठित हों या न्यास द्वारा उसके अधिकार में हों, को स्थिर आस्तियाँ की पंजियों में अभिलिखित किया जाएगा । स्थिर आस्तियाँ में जब भी परिवर्धन अथवा उनका निपटान हो तब ये पंजियाँ अद्यतन की जाएंगी ।

(2) भूमि, ऐतिहासिक इमारतों, मूर्तियों, कला के बहुमूल्य कार्य और पुरातन वस्तुओं के अलावा समस्त स्थिर आस्तियों पर मूल्यह्रास प्रतिवर्ष स्ट्रेट लाईन मेथड से उपबंधित होगा ।

(3) स्थिर आस्तियों के लेखाकरण की प्रक्रिया, मूल्यांकन, मूल्यह्रास के प्रावधान तथा मूल्यह्रास की दर, राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए गए रूप में होगी ।

149. आयुक्त द्वारा अधिकृत एक अधिकारी वित्तीय वर्ष के दौरान कम से कम एक बार नगर पालिक निगम की परिसंपत्तियों का भौतिक सत्यापन करेगा । यदि स्थिर आस्तियों की पंजी में किसी प्रकार की विसंगतियाँ पाई जाती है तो उनका पुनर्मिलान कर आयुक्त को सूचित किया * जायेगा । सत्यापन पत्रकों में दर्ज किए गए विस्तृत विवरण का सम्बंधित स्थिर आस्तियों के रजिस्टर से मिलान किया जायेगा एवं पहचानी गई विसंगतियों के प्रकरणें में सुधारात्मक कदम उठाये जायेंगे ।

150. अधिशेष राशि का निवेशः-

(1 ) अधिशेष राशि जो किसी भी व्यय के लिए निकट दिनांक में अथवा नगर पालिक निगम द्वारा लिए गए ऋण के पुनर्भुगतान हेतु तत्काल आवश्यक न हो, ऐसी राशि का अधिनियम के अनुपालन में इन नियमों के प्रावधानों के अन्तर्गत निवेश किया जा सकेगा । (2) किसी योजना के अंतर्गत प्राप्त निधियों में से आयुक्त, मेयर- इन- कौंसिल के अनुमोदन से, उपयोग न किए जाने की अवधि हेतु, निधियों का सावधिक जमा में निवेश कर सकेगा 1286(237) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

एवं उन पर अर्जित ब्याज़ का उन योजनाओं में उपयोग किया जाएगा जिनके लिये निधि स्वीकृत की गई थी ।

151, निवेश नीतिः-

(1) निवेश प्रस्तावों को बनाने और निर्णय करने में नगर पालिक निगम निम्नलिखित पर विचार करेगा अर्थात्:-

(क) जोखिम की अनावृत्ति को सीमित करने के लिये एक से अधिक संस्थान में निवेश किया जाए एवं जहां तक सम्भाव्य हो, निवेश को एक से अधिक निवेश श्रेणी के अंर्थात सरकारी बॉण्डस, बैंक सावधि जमा तथा सार्वजनिक प्रतिभूतियाँ) निवेश को विभाजित किया जाए;

(ख) ऐसे संस्थान में निवेश न करें जहां निवेश संस्थानों से संबद्ध औसत जोखिम की पेक्षा अधिक जोखिम की डिग्री अनुभव की गई हों;

(ग) निवेश की अवधि अठारह माह तक सीमित रखना , जब तक मेयर- इन- कौंसिल द्वारा अन्यथा स्वीकृत न किया गया हो;

(घ) अनुसूचित बैंकों में सावधि जमा के लिये कम से कम तीन बैंकों से लिखित में प्रस्ताव प्राप्त करना; एवं

(ङ) बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों में निवेशों हेतु अलग-अलग अनावृति सीमा निर्धारित करना ।

आयुक्त, सुरक्षित निवेश विकल्पों हेतु अर्हता प्राप्त पेशेवर या विशेषज्ञ से परामर्श ले सकता है । (2) 152. निवेश का निपटानः निवेशों का परिपक्वता की दिनांक के पूर्व निपटान किया जा सकेगा यदि आयुक्त ने निपटान करने की आवश्यकता और औचित्य पर विचार करने के बाद स्वीकृति दे दी हो। नगर पालिक निगम द्वारा निवेश के निपटान होने पर अर्जित लाभ या वहन की गई हानि को लेखाओं की पुस्तकों में अभिलिखित किया जाएगा ।

153. निवेशों का सत्यापन और अभिलेखन

(1) प्रत्येक माह के अन्त में आयुक्त, निवेश रजिस्टर के संदर्भ के साथ सभी निवेश दस्तावेज़ों का भौतिक रूप से सत्यापन करेगा और सत्यापन को निवेश रजिस्टर में अभिलिखित करेगा ।

(2) प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में नगर पात्रिक निगम के लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख, तत्काल पूर्व के माह में किये गये निवेशों धारित करने और निपटान होने के संबंध में अयुक्त को एक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा । प्रतिवेदन में देय दिनांक को ब्याज या मूलधन के भुगतान में हुई कोई चूक और आतेदेय या लंबित राशियों की वसूली के लिये की गई कार्यवाही भी बतलायी जाएगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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154.अनुदानः-

(1 ) अनुदान प्राप्त करने वाले नगर पालिक निगम के लिए आवश्यक होगा कि उसे जिस प्रयोजन के लिये अनुदान दिया गया है उसका उपयोग उसी के लिए निम्नानुसार किया जाए:-

(क) अनुदान की संपूर्ण राशि का उपयोग नगर पालिक निगम द्वारा अनुदान के विमुक्त होने की दिनांक से एक वर्ष के भीतर या उसी वित्तीय वर्ष में किया जाएगा जिसमें अनुदान दिया गया हो, जैसी कि अनुदान की शर्तों में अनुमति दी गई हो;

(ख) नगर पालिक निगम वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर तीस दिन के भीतर आयुक्त के अधिकृत करने के अध्यधीन रहते हुए प्रदाता को अनुदान राशि के उपयोग होने संबंधी प्रतिवेदन प्ररूप 40 में भेजेगा; एवं

(ग) नगर पालिक निगम का अंकेक्षक यह प्रमाणित करेगा कि संबंधी वित्तीय वर्ष में अनुदान का उपयोग उसी प्रयोजन के लिये ही हुआ है जिसके लिये यह स्वीकृत किया गया था ।

(2) मेयर- इन- कौंसिल, अनुदान स्वीकृत क' ने संबंधी आदेश के आधार पर प्राप्ति योग्य मान्य किए गए अनुदान जो तीन वर्ष से अधिक अवधि से बकाया के रूप में है, की समीक्षा करेंगी और यदि उचित समझा जाए तब अनुदान की राशि अपलेखित की जायेगी ।

अध्याय-सात

नकद और बैंक

155. आय और व्यय की समस्त मदों के अभिलेखन के लिए नगर पालिक निगम लेखांकन सिद्धांतों का पालन करेगा जैसा राज्य सरकार द्वारा विहित किया गया हो ।

156. (1 ) नगर पालिक निगम विभिन्न विकल्पों के माध्यम से राजस्व प्राप्त कर सकता है, जैसे बिल संग्रहणकर्ताओं, नागरिक सुविधा केन्द्रों, बैंक के माध्यम से प्रत्यक्ष जमा, बैंकों द्वारा संग्रह, तथा इंटरनेट के माध्यम से ।

(2) समस्त धनराशि के लेन- देनों को जिसमें पदाधिकारी , पार्षद, नगर पालिक निगम के अधिकारी और कर्मचारी अपनी आधिकारिक क्षमता पक्षकार हों, बिना किसी भी शर्त तथा विलम्ब के लेखा में लाया जाएगा एवं नगर पालिक निगम द्वारा अथवा नगर पालिक निगम की ओर से अर्जित समस्त राशियाँ नगर पालिक निगम के बैंक खाते में जमा की जाएंगी । 1286(239) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(3) बाह्य संग्रहकर्ताओं द्वारा संग्रहित राशि सहित किसी भी स्रोत से प्राप्त समस्त धनराशि, उसी दिवस अथवा अगले कार्य दिवस पर नगर पालिक निगम के बैंक खाते में जमा की जाएगी । (4) संग्रह का अंश किसी भी कारण वापिस नहीं किया जाएगा और न ही वर्तमान व्यय हेतु उपयोग किया जाएगा ।

157. दिवस के अंत में नकद शेष, यदि कोइ हो, तो वह तिजोरी में एवं सुरक्षित स्थान पर तथा डबल लॉक सिस्टम के अधीन नगर पालिक निगम परिसर के भीतर रखा जायेगा । तिजोरी की एक चाबी कैशियर के पास तथा अन्य चाबी वित्त और लेखा विभाग के प्रमुख के पास रखी जाएगी । 158. (1 ) वित्त एवं लेखा विभाग का प्रमुख प्रत्येक माह में एक बार हस्तगत नकदी का भौतिक रूप से सत्यापन करेगा एवं कैश बुक में दर्ज अंतिम शेष के साथ जांच करेगा तथा कैश बुक प्रतिहस्ताक्षरित करेगा । आयुक्त, प्रत्येक त्रैमास में कम से कम एक बार नकद अंतिम शेष का सत्यापन कैश बुक से करेगा तथा कैश बुक प्रतिहस्ताक्षरित करेगा ।

(2) यदि भौतिक नकद शेष तथा कैश बुक के अनुसार नक़द शेष में कोई विसंगति पायी जाती है, तो प्रकरण का तत्काल प्रतिकार या पारशोधन किया जाएगा । यदि अंतर बना रहता है, तो लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख द्वारा समुचित कार्यवाही हेतु नगर पालिक निगम आयुक्त को तत्काल प्रतिवेदित किया जाएगा ।

159. नगर पालिक निगम हस्तगत एवं मार्गस्थ नकदी हेतु उचित राशि का व्यापक बीमा कंवर लेगा । 160. बैंक खाताः

(1) प्रत्येक नगर पालिक निगम केवल अनुसूचित बैंक में अपने नाम से कम से कम एक बैंक खाता खोलेगा और संधारित करेगा ।

(2) मेयर- इन-कौंसिल के पूर्व अनुमोदन से आयुक्त, नगर पालिक निगम की नगर पालिक सीमा के बाहर एक बैंक खाता खोल सकता है ।

(3) जहाँ भी अपेक्षित हो, राज्य सरकार या भारत सरकार अथवा अन्य किसी एजेंसी से वित्त पोषित विभिन्न योजानाओं के लिये पृथकः बैंक खाता खोला जाएगा । एक योजना विशेष से संबंधित समस्त प्राप्तियों और व्ययों का संचालन ऐसी योजना हेतु केवल बैंक खाते के माध्यम से किया जाएगा ।

(4) विशिष्ट योजना के धन से किए गए निवेश से अर्जित आय को निवेशों से आय में जमा किया जायेगा सिवाय जहाँ ऐसी आय के व्यवहार से सम्बंधित विशिष्ट शर्त राज्य सरकार अथवा वित्तपोषण एजेंसी द्वारा निर्धारित की गई हो ।

161. बैंक खाते से नगर पालिक निगम के व्यय हेतु आवश्यकता होने पर या विशेष परिस्थितियों में एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन के पश्चात् ही नकद का आहरण किया जायेगा । यदि नकद का आहरण किया जाता है, नकद आहरण हेतु कारण लिखित में दर्ज किए जाएंगे।..

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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162. चैक्स: भुगतान निधि अंतरण के इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (आरटीजीएस और एनईएफटी जैसे) द्वारा किया जाएगा । केवल असाधारण परिस्थितियों में कारणों को दर्ज करने के बाद भुगतान के लिए चेक जारी किए जाने चाहिए । यदि चेक तैयार किया जाता है तो केवल बैंक द्वारा नगर पालिक निगम को प्रदान किए गए, चेक स्क्रॉल या चेक बुक से प्रविष्टि की जाएगी ।

1 163. ( 1 ) बैंक से चैक बुक की प्राप्ति पर, लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख उसकी सावधानी पूर्वक जांच करेगा, प्रत्येक चैक बुक में सन्निहित पन्नों की गिनती करेगा और फ्लाई लीफ पर उनकी संख्या के संबंध में प्रमाण पत्र अंकित करेगा । जब वह अपने कार्यालय से कार्यमुक्त होगा, तब वह कार्यमुक्त करने वाले अधिकारी से, उसे सौंपे गये चैक्स की यथार्थ संख्या की रसीद प्राप्त करेगा, उसी समय उसके कार्यभार ग्रहण करने वाले अधिकारी के नमूने के हस्ताक्षर संबंधित बैंक को अग्रेषित किये जाएंगे ।

(2) प्रत्येक चैक बुक एवं समस्त प्रतिपर्णों (काउण्टर फाइल्स) को लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख की सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगा ।

(3) लेखा और वित्त विभाग के प्रमुख समय- समय पर अपनी संतुष्टि करेंगे कि सभी अप्रयुक्त चैक्स, चैक बुक में हीं हैं तथा कोई भी निकाला नहीं गया है ।

(4) उपयोग में लाई जाने वाली चैक बुक जब भी आवश्यक होगा, किसी भी अधीनस्थ चैक लिखने हेतु उत्तरदायी कर्मचारी को दी जाएगी, परन्तु उस दिवस कार्यालय बंद होने के पूर्व वापस ले ली जाएगी और किसी भी कारण से अधीनस्थ के संपूर्ण प्रभार में नहीं रहने दी जाएगी ।

164. चैक बुक की क्षति की सूचना संबंधित बैंक को तुरन्त दी जाएगी तथा पुलिस थाने में शिकायत भी तुरंत दर्ज कराई जाएगी ।

165. (1 ) किसी भी चैक पर सामान्यतः तब तक हस्तक्षर नहीं किये जाएंगे जब तक वह आदाता को तुरन्त देने के लिए आवश्यक न हो । हस्ताक्षरित चैक्स कार्यालय में रोके रखने की आदत की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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(2) समान्य नियम के तहत, वैधानिक कटौती तथा स्थायी अग्रिम की प्रतिपूर्ति हेतु भुगतान के अतिरिक्त, 100 रूपये (एक सौ रूपये )से कम गशि के लिए चैक्स नहीं दिये जाएंगे तथा चैक केवल खाते में भुगतान योग्य के रूप में पृष्ठांकित होंगे ।

(3) चैक्स सामान्यतः भुगतान वाउचर के अनुसार वास्तविक आदाता के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में आहरित नहीं किये जाएंगे ।

टिप्पणी- इन नियमों में संदर्भित अपवादात्मक परिस्थितियों में जब राशि के संवितरण हेतु किसी आदाता विशेष के पक्ष में चैक आहरित नहीं किया जा सकता हो तब चैक आयुक्त के पक्ष में आहरित किया जाएगा , वे इस राशि के लिए तब तक उत्तरदायी होंगे जब तक कि उसका पूर्ण भुगतान न हो जाए एवं लेखांकित न कर लिया गया हो । ऐसी राशि का लेखा संधारित किया जाएगा तथा आयुक्त की अभिरक्षा में रखा जाएगा । 1286(241) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(4) आहरित किए गए प्रत्येक चैक की राशि चैक और प्रतिपर्ण दोनों पर शब्दों और अक्षरों में लिखी जाएगी, प्रतिपर्ण पर चैक पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्तियों के आद्याक्षर होंगे । चैक की राशि को इस प्रकार लिखा जाना चाहिए कि कोई परिवर्तन या प्रक्षेपन होने पर अत्यंत सरलता से दिख सके । प्रत्येक चैक पर शब्दों में लिखी राशि के उपरांत " मात्र" शब्द जोड़ा जाएगा । प्रत्येक चैक की मुखाकृति पर राशि में एक रुपया जोड़कर " से अधिक नहीं" लिखा जायेगा । (5) बीयरर चैक द्वारा कोई भी भुगतान नहीं किया जाएगा ।

166. समस्त चैक आयुक्त तथा लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित किये जायेंगे ।

167. चैक्स का पुनर्वैधीकरण:

(1) नगर पालिक निगम द्वारा जारी किया गया चैक उसकी वैधता की अवधि के भीतर आदाता द्वारा भुनाया नहीं गया हो, आदाता के अनुरोध पर नगर निगम द्वारा उसका पुनर्वेधीकरण. किया जा सकता है परन्तु यदि विस्तारित्। वैधता के भीतर भी भुनाया नहीं गया तो बिना भुनाये हुए वापस किये गये चैक के सत्यापन के पश्चात् उसके स्थान पर एक नया चैक जारी किया जाएगा।

(2) चैक्स का निरस्त करना जब एक चैक निरस्त किया जाएगा उस पर आयुक्त द्वारा "निरस्त" लिखा जाएगा और प्रतिपर्ण पर तथा व्हाउचर पर भुगतान आदेश के आर-पार भी लाल स्याही से "निरस्त" लिखकर आहरणकर्ता आद्याक्षर करेगा । चैक पंजी पर यथोचित स्थान पर निरस्त चैक्स, चस्पा किये जाएंगे! .

(3) भुगतान रोकने के आदेश जब इसकी वैधता अवधि में किसी चैक के खो जाने की सूचना मिलती है, आदाता के लिखित अनुरोध पर आयुक्त संबंधित बैंक को ऐसे चैक के भुगतान रोकने के आदेश जारी करेगा । खो गये चैक के संबंध में संबंधित बैंक से "भुगतान नहीं होने का प्रमाणपत्र" प्राप्त होने पर नगर पालिक निगम की बैंक बुक पर चैक प्रविष्टि पलट दी जायगी और नया चैक जारी किया जाएगा और चैक खोने का तथ्य तथा नये चैक का. नम्बर और दिनांक पुराने चैक के प्रतिपर्ण पर अभिलिखित किया जाएगा । खो गये चैक का नम्बर और दिनांक नये चैक के प्रतिपर्ण पर प्रविष्ट किया जाएगा ।

:: 168. (1) नगर पालिक निगम द्वारा समस्त भुगतान आदाता के बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण के माध्यम से किये जाएंगे । केवल अपवादात्मक परिस्थितियों में चैक या डिमांड ड्राफ्ट अथवा पे-आर्डर द्वारा भुगतान किया जाएगा ।

(2) समस्त भुगतान उपयुक्त वाउचर और दस्तावेजों द्वारा समर्थित होंगे ।

(3) भुगतान हेतु बिल या दावा, व्यय करने वाले विभाग के प्रमुख द्वारा तैयार किया जाएगा तथा लेखा एवं वित्त विभाग को भेजा जाएगा । लेखा और वित्त विभाग इन नियमों के संदर्भ में स्वीकार्यता, व्यय का ओचित्यं, व्यय से पूर्व प्राप्त की गई स्वीकृति, सामग्री की आपूर्ति के मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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मामले में भंडार रसीद, सिविल निर्माण कार्य के मामले में माप पुस्तक एवं अथवा ऐसे अन्य दस्तावेज़ जो अंकगणितीय परिशुद्धता हेतु उपयुक्त हों, उनकी जाँच करेगा ।

(4) इस प्रकार के परीक्षण पश्चात् यदि भुगतान हेतु बिल का नियमानुकूल होना पाया जाता है, तो लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख अथवा उसके द्वारा अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर के तहत अनुशंसा के साथ सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति प्राप्त करने हेतु आयुक्त को भेजा जाएगा। (5) बिल या दावे में यदि कोई कमियाँ देखी जाती हैं, तो इसे संबंधित विभाग के प्रमुख के पास भुगतान अस्वीकृत करने के कारणों सहित संशोधन हेतु लौटा दिया जायेगा ।

(6) आयुक्त बिल या दावे की समीक्षा करने के पश्चात् भुगतान की स्वीकृति देगा तथा भुगतान वाउचर तैयार करने हेतु इसे लेखा एवं वित्त विभाग को भेजेगा ।

169. (1 ) समस्त वाउचर्स, रसीदों, अनुज्ञप्तियों में, प्राप्त या भुगतान की गई राशियों को शब्दों संहित आंकड़ों में भी व्यक्त किया जाएगा ।

(2) बैंक के माध्यम से भुगतान हेतु व्हाउचर में चैक क्रमांक तथा दिनांक लिखी जाएगी । स्थायी अग्रिम का नकद भुगतान करने पर " नकद भुगतान" शब्द का ठप्पा भुगतान व्हाउचर पर अंकित किया जायेगा ।...

(3) इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस भुगतान सहित समस्त भुगतानों के संबंध में पाने वाले से पावती प्राप्त की जाएगी ।

170. एक मृतक कर्मचारी की ओर से प्रस्तुत किसी दावे का भुगतान नामांकित व्यक्ति / कानूनी वारिस को ही किया जाएगा ।

171. यदि एक डुप्लीकेट बिल पर भुगतान किया जाता है तो सम्बंधित विभाग का प्रमुख प्रमाणित करेगा कि मूल बिल का भुगतान नहीं किया गया है अथवा आंशिक भुगतान किया गया है । 172. समस्त दावे जो कि कालातीत हैं, उनका राज्य सरकार द्वारा विहित नियमों के अनुसार समाधान किया जाएगा ।

173. पुनर्मिलान- प्रत्येक माह के अंत में नगर पालिक निगम द्वारा निम्न प्रक्रियाओं का क्रियान्वयन किया जाएगाः

(क) नकद, बैंक एवं जर्नल बुक जनरल के साथ लेजर्स तथा सब लेजर्स की जाँच की जायेगी;

(ख) राजस्व संग्रह अभिलेखों से जारी की गई रसीदों का सत्यापन;

(ग) स्थायी अग्रिमों से किये गये व्यय को अभिलेखित व पुनर्मिलान करना ;

(६) जमा, अग्रिम, प्राप्तियों, आय और अदत्त चैक्स का पुनर्मिलान करना;

(ङ) ऋणों पर देय ब्याज़ का पुनर्मिलानः एवं :: .

(च) दिये गये अग्रिमों एवं निवेश पर ब्याज के उपार्जन का पुनर्मिलान । 1286 (243) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

अध्याय आठ

भंडार

174. माल और सामग्रियों की प्राप्ति: -

(1 ) प्रदायकर्ता से माल तथा सामग्रियों की प्राप्ति के समय नगर पालिक निगम के भण्डार का प्रभारी अधिकारी संबंधित संविदा दी शर्तों को संदर्भित करेगा एवं इन नियमों में, सामग्री के प्राप्त करने के संबंध में जो प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं, उनका अनुसरण करेगा ।

(2) यह सुनिश्चित करने के लिए कि मात्रा या परिमाण सही है, गुणवत्ता अपेक्षित विशिष्टियों के अनुरूप है और माल या सामग्री में कोई क्षति या खराबी नहीं है, प्राप्ति के समय दृश्य निरीक्षण के अध्यधीन रहते हुए समस्त माल और सामग्री की गिनती की जाएगी, माप या वज़न किया जाएगा । इस स्टेज पर जहां अपेक्षित हो, तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा । माल और सामग्रियाँ प्राप्त होने पर संबंधित ठेका के प्रावधानानुसार प्रदायकर्ता को उपयुक्त रसीद भी दी जाएगी ।

(3) इस प्रकार प्राप्त माल और सामग्रियों क" विवरण , गणना, वजन या नाप को प्ररूप 41 माल प्राप्ति नोट में संधारित किया जाएगा, और कुल मात्रा, प्रति यूनिट दर और प्राप्त माल और सामग्री का कुल मूल्य प्ररूप 42 भंडार पंजी में साथ- साथ दर्ज किया जाएगा ।

175. माल और सामग्री का निर्गम

(1) माल और सामग्री के समस्त भंडार मांगपत्र या नगर पालिक निगम के अधिप्राप्ति या मांग करने वाले विभाग द्वारा प्ररूप 43 में मांग पत्र विधिवत रूप से अधिकृत होने पर ही निर्णय किये जाएंगे ।

(2) माल और सामग्री के निर्गम पर जारी किए गए माल और सामग्री के भंडार मांगपत्र पर नगर पालिक निगम के इन्डेन्ट देने वाले विभाग से लिखित पावती प्राप्त की जाएगी और मात्रा की कुल संख्या, दर और माल तथा सामग्री का कुल मूल्य जिसको निर्गम किया गया है उसे फर्स्ट- इन-फस्ट-आउट आधार पर भंडार जी में प्ररूप 42 में अभिलिखित किया जाएगा । (3) ठेकेदार को माल और सामग्री जारी करने की दशा में, जिसका मूल्यं ठेकेदार से वसूली योग्य है, समस्त ससंगत विथिष्टियाँ जिनमें वसूली की दर ठेकेदार से प्रभार्य कुल मूल्य से सभी संबंधित विवरणों पर ठेकेदार से उसके दिनांक सहित हस्ताक्षरयुक्त पावती प्राप्त की जाएगीः परन्तु कोई भी माल एवं सामग्री, ठेकेदार के कार्य के लिए उत्तरदायी विभाग के विधिवंत अधिकृत भंडार मांगपत्र के बिना ठेकेदार को नहीं दी जाएगी:-

परन्तु यह भी कि ठेकेदर को निर्गमित माल एवं सामग्री, ठेकेदार से राशि वसूल की जाने के होते हुए भी भंडार पंजी में अभिलेखन के प्रयोजन से फर्स्ट- इन- फस्ट- आउट आधार पर अभिलिखित की जाएगी । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(244)

بم (4) यदि नगर पालिक निगम के भंडार का प्रभारी अधिकारी मांगपत्र का पूर्ण रूप से पालन करने में असमर्थ हो तब वह उपलब्धता की सीमा तक प्रदाय करेगा और मांगपत्र देने वाले की मांगपत्र की प्रति पर इस प्रभाव की उपयुक्त प्रविष्टि करेगा । यदि मांगे गए माल एवं सामग्री की एवज़ में उपलब्ध वैकल्पिक माल एवं सामग्री उपलब्ध हो, मांगपत्र देने वाले की मांगपत्र की प्रति पर इस का उपयुक्त संकेत दिया जा सकता है ।

176. माल और सामग्री की वापसी:-

(1) भंडार से निर्गम माल या सामग्री को यदि संपूर्ण या भाग में मांगपत्र देने वाले विभाग द्वारा वापस किया जाता है, प्राप्त करते समय भंडारी द्वारा दृश्य निरीक्षण के अधीन उसकी गणना, वजन या माप किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो कि मात्राएं सही हैं और माल या सामग्री में कोई क्षति या खराबी नहीं है ।

(2) ऐसी प्राप्त सामग्री का विवरण प्ररूप 44 में माल वापसी नोट में रखा जाएगा और उसकी एक प्रति माल या सामग्री वापस करने वालें विभाग को प्राप्ति की पावती के रूप में दी जाएगी । 177. स्टाक का संतुलन करना

प्रत्येक माह के अन्त में, नगर पालिक निगम के भंडार का प्रभारी अधिकारी माल और सामग्री के प्रत्येक आयटम की प्राप्ति और निर्गम का योग करेगा और मात्रा एवं मूल्य दर्शाते हुए हस्तगत -शेष निकालेगा और स्टोर के प्रत्येक आयटम के स्टाक का फर्स्ट- इन- फस्ट- आउट आधार पर अन्तिम शेष निकालेगाः

परन्तु, प्रत्येक लेन देन को भंडार पंजी में अभिलिखित किये जाने के पश्चात् प्रत्येक भंडार आयटम का शेष निकाला जाएगा ।

178. माल तथा सामग्री की अभिरक्षा:-

नगर पालिक निगम का भंडार प्रभारी अधिकारी, जिसकी अभिरक्षा में माल तथा सामग्री रहती है, विशेषकर मूल्यवान और या ज्वलनशील वस्तुओं की सुरक्षित अभिरक्षा, संग्रहण के लिये उपयुक्त स्थान, अपेक्षित तापमान संधारित करने संहित, धूल मुक्त वातावरण, आदि के संबंध में समुचित व्यवस्थाएं करेगा ।

179. औषधालय:-

नगर पालिक निगम के औषधालयों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों पर संग्रहीत दवाओं और अन्य आयटम्स के संबंध में भंडार से संबंधित इन नियमों का आवश्यक परिवर्तनों सहित अनुसरण किया जाएगा ।

180. भौतिक सत्यापनः-

(1 ) समस्त भंडार तथा उप‌भोज्य सामग्रियों (दवाओं. सहित) का प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में भंडार प्रभारी द्वारा अंकेक्षकों और लेखा एवं वित्त विभाग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में भौतिक सत्यापन किया जाएगा । 1286(245) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(2) भण्डार का प्रभारी, तीन वर्षों के प्रत्येक अंतराल पर, अप्रचलित मदों, अनुपयोगी मदों एवं अधिशेष मदों की सूची तैयार करेगा एवं आयुक्त को प्रस्तुत करेगा ।

(3) सत्यापनकर्ता एवं सत्यापित माल सूची के लिये उत्तरदायी अधिकारी द्वारा निष्कर्ष सहित, सत्यापन का प्रमाण पत्र हस्ताक्षर किया जाएगा और इसे आयुक्त को प्रस्तुत किया जाएगा।

(4) भौतिक रूप से सत्यापित भंडारों का पुनर्मिलान भंडार अभिलेखों के अनुसार शेषों से किया जाएगा ।

(5) कमियाँ, क्षतिग्रस्त, और अनुपयोगी माल एवं सामग्रियों सहित विसंगतियां, यदि कोई हों, भण्डार पंजी में अंकित की जाएंगी एवं समुचित कार्रवाही हेतु तत्काल आयुक्त की जानकारी में लाई जाएंगी ।

(6) भौतिक रूप से सत्यापित शेष स्टॉक का मूल्य वार्षिक वित्तीय विव्ररणों में सम्मिलित किया जाएगा।

181. सुरक्षित भंडार

(1) आवश्यकता की निरन्तरता और उसकी मात्रा के साथ ही माल और सामग्री के प्रदाय के प्रतिरूप पर निर्भर रहते हुये आयुक्त द्वारा सुरक्षित भंडार निश्चित किया जायेगा ।

(2) आयुक्त, सुरक्षित भंडार के लिए आदेश जारी करने से पूर्व माल एवं सामग्री की कुल आवश्यकता तथा मात्रा सुनिश्चित करेगा ।

182. प्रभार का हस्तांतरणः भण्डार के प्रभारी अधिकारी के स्थानान्तरण की स्थिति में, स्थानान्तरित अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा कि माल या सामग्री की सुपुर्दगी स्थानग्राही अधिकारी को ठीक प्रकार से हो गई है । माल, सामग्री आदि से संबंधित समस्त विवरण दर्शाने वाला विवरण तैयार किया जाएगा और भारमुक्त होने वाले अधिकारी और स्थानग्राही अधिकारी द्वारा दिनांक सहित हस्ताक्षर किये जाएंगे । प्रत्येक ऐसा अधिकारी हस्ताक्षर युक्त विवरण की एक प्रति अपने पास रखेगा और इसकी एक प्रति आयुक्त को प्रस्तुत की जाएगी ।

183. माल का निपटान

(1 ) भंडार का एक आयटम अधिशेष या अप्रचलित या अनुपयोगी घोषित किया जा सकेगा, यदि वह नगर पालिक निगम के किसी उपयोग का न हो । आयटम के अधिशेष या अप्रचलित या अनुपयोगी घोषित करने के कारणों को आयुक्त द्वारा इन आयटम्स को अनुमोदन के लिए अभिलिखित किया जाएगा ।

टिप्पणी- स्टॉक में एक वर्ष से उपर रखे हुये माल एवं सामग्री को सामान्यतया अधिशेष होना विचार किया जाएगा, जब तक कि अन्यथा समझने के लिये पर्याप्त कारण मौजूद न हों । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) आयटम्स के अधिशेष या अप्रचलितं या अनुपयोगी घोषित करने के लिये आयुक्त अपने विवेक से उपयुक्त स्तर पर एक समिति गठित कर सकेगा ।

** (3) बही मूल्य मार्गदर्शी मूल्य और आरक्षित मूल्य जो अधिशेष माल एवं सामग्री के पटान के समय अपेक्षित होगा उसे भी निकाला जाएगा । ऐसी स्थिति में जहां बही मूल्य निकालना सम्भव न हो, सम्बन्धित माल एवं सामग्री का प्रारम्भिक मूल्य उपयोग में लाया जा सकता है । भंडारों के निपटान हेतु एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी ।

(4) ऐसी स्थिति में जब नगर पालिक निगम के कर्मचारी की तरफ से लापरवाही, धोखा या शरारत के कारण कोई आयटम अनुपयोगी हुआ है, उसके लिये उत्तरदायित्व का निर्धारण किया जाएगा ।

184. निपटान की रीतिः- आंकलित अवशिष्ट मूल्य के अधिशेष , अप्रचलित या अनुपयोगी माल एवं सामग्री का निपटान निम्न द्वारा किया जाएगाः-

:

(क) विज्ञापित निविदा के माध्यम से बोलियाँ प्राप्त कर; या

(ख) सार्वजनिक नीलामी ।

185. विज्ञापित निविदा के माध्यम से निपटान:-

(1) विज्ञापित निविदा के माध्यम से निपटान करते समय निम्नानुसार उपायों का मोटे तौर पर अनुसरण किया जाएगा:-

(क) बोली या निविदा के दस्तावेजों की तैयारी;

(ख)विक्रय किए जाने वाले माल एवं सामग्री के लिये बोली या निविदा का आमंत्रण;

(ग) बोलियों या निविदाओं की प्राप्ति;

(घ) बोलियों या निविदाओं को खोलना;

(ड़) प्राप्त बोलियों या निविदाओं का विश्लेषण और मूल्याकंन;

(च) उच्चतम प्रत्युत्तर के बोलीदाता या निविदाकारों का चयन;

(छ) चयनित बोलीदाता या निविदाकारों से विक्रय मूल्य का संग्रहण;

(ज) चयनित बोलीदाता या निविदाकारों को विक्रय करने के आदेश जारी करना;

(झ) चयनित बोलीदाता या निविदाकारों को बेचा गया सामान निर्मोचित करना; एवं

1

(ञ) असफल बोलीदाता या निविदाकारों का बोली सुरक्षा राशि वापस करना ।

(2) विज्ञापित निविदा के माध्यम से माल एवं सामग्री के निपटान के समय निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं को दृष्टिगत रखा जाएगा; :

(क)विज्ञापित निविदा के माध्यम से ऐसे माल तथा सामग्री के विक्रय हेतु मूले सिद्धान्त जैसे पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा, औचित्यता और विवेक के विलोपन को सुनिश्चित करना है । विक्रय योजना और बेचे जाने वाले माल एवं सामग्री का व्यापक प्रचार सुनिश्चित किया 1286(247) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

जाएगा । विक्रय की समस्त अपेक्षित शतों एवं निबन्धनों को बोली या निविदा के दस्तावेजों में व्यापकता के साथ स्पष्ट और सरल भाषा में सम्मिलित किया जाएगा ।लागू होने वाले संबंधित करों को स्पषः रूप से बोली प्रक्रिया या निविदा के दस्तावेज में लिखा जाएगा;

(ख) बोली या निविदा दस्तावेजों में, स्थल और विक्रय किये जाने वाले माल एवं सामग्री की वर्तमान दशा भी दर्शाई जाएगी जिससे बोलीदाता या निविदाकार यदि इच्छुक हों, बोली लगाने के पूर्व गल एवं सामग्री का निरीक्षण कर सकें;

(ग) बोलीदाता या निविदाकार से कहा जाएगा कि अपनी बोलियों या निविदाओं के साथ बोली की प्रतिभूति भी दें । बोली प्रतिभूति की राशि सामान्यतः माल एवं सामग्री के निर्धारित या आरक्षित मूल्य का दस प्रतिशत होगी । यथार्थ बोली प्रतिभूति राशि बोली या निविदा दस्तावेज़ में उपदर्शित की जाएगी;

(घ) सामान्यतः उच्चतम स्वीकार योग्य जवाबी बोलीदाता या निविदाकार की बोली स्वीकृत की जाएगी । तथापि, यदि उच्चतः जवाबी बोलीदाता या निविदाकार द्वारा प्रस्तावित मूल्य स्वीकार योग्य नहीं हो, केवल उक्त बोलीदाता या निविदाकार के साथ समझौतावार्ता की जा सकेगी। ऐसे समझौते से वांछित परिणाम उपलब्ध न होने की स्थिति में समुचित या स्वीकार योग्य मूल्य, अगले उच्चतम स्वीकार योग्य जवाबी बोलीदाताओं या निचिदाकारों के समध , प्रति प्रस्तावित किया जा सकता है;

(ड़) ऐसी स्थिति में, जब उच्चतम बोलीदाता या निविदाकार निपटान की जाने वाली पूरी मात्रा नहीं ले सकता है । तब शेष मात्रा, उच्चतम बोलीदाता या निविदाकार द्वारा प्रस्तावित स्वीकृति योग्य मूल्य पर अगले उच्चतम बोलीदाताओं या निविदाकारों को प्रस्तावित की जा सकेगी ।

(च) पूर्ण भुगतान अर्थात् बोली की बोली की प्रतिभूति राशि समायोजित करने के पश्चात् शेष राशि सफल बोलीदाता या निविदाकार से माल एवं सामग्री को निर्मोचित करने के पूर्व प्राप्त की जाएगी;

(छ) यदि चयनित बोलीदाता या निविदाकार माल एवं सामग्री को उठाने में दिलचस्पी नहीं दिखाता है, बोली प्रतिभूति को सगम्लित करते हुये व्यक्तिकमी की जोखिम और लागत पर अन्य कार्यवाही की जाएगी और

(ज) विलंबित बोलियों अर्थात् विनिर्दिष्ट दिनांक और समय के पश्चात् प्राप्त बोलियों पर विचार नहीं किया जाएगा ।

186. सार्वजनिक नीलामी द्वारा निपटानः -

(1 ) नगर पालिक निगम माल एवं सामग्री के निपटान के लिये या तो सीधे सार्वजनिक नीलामी या राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित नीलामकर्ताओं के माध्यम सेनीलामी का जिम्मा ले सकेगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) सार्वजनिक नीलामी के द्वारा माल एवं सामग्री के निपटान के समय निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगाः-

(क) पालन किए जाने वाले मूल सिद्धान्त उनके समान ही हैं जो विज्ञापित निविदा के माध्यम से निपटान के समय लागू रहते हैं अर्थात पारदर्शिता, स्पर्धा , औचित्यता और विवेक के विलोपन को सुनिश्चित किया जायेगा । सार्वजनिक नीलामी योजना में माल और सामग्री के विवरण सहित नीलाम करने के लिए उनके स्थान, विक्रय की लागू निबंधन तथा शर्तें आदि का उसी रीति से व्यापक प्रचार किया जाना चाहिए जैसा कि विज्ञापित निविदा के प्रकरण में किया जाता है:

(ख) सार्वजनिक नीलामी की प्रकिया प्रारम्भ करते समय नीलाम करने के लिए माल एवं सामग्री की दश और स्थल, विकय आदि पर लागू निबंधन एवं शर्तों को (उसी तरह व्यापक प्रचार के लिए जैसा कि ए में दर्शाया गया है) एकत्रित बोलीदाताओं के लाभ के लिए पुनःघोषित किया जाएगाः

(ग) सार्वजनिक नीलामी प्रक्रिया के दौरान , बोली को स्वीकृत या अस्वीकृत करने की घोषणा तत्काल हथोड़े की चोट पर की जाएगी । यदि बोली स्वीकृत की गई है, सफल बोलीदाता से बयाना राशि (बोली मूल्य के 25 प्रतिशत से कम नहीं) या तो नकद में या माल विक्रय करने वाले नगर पालिक निगम के पक्ष में आहरित डिमांड ड्राफट या बैंकर्स चैक के रूप में स्थल पर ली जाएगी । सफल बोलीदाता से शेष भुगतान प्राप्त करने के पश्चात ही सफल बोलीदाता को माल सुपुर्द किया जाएगाः और

(घ) सार्वजनिक नीलामी टीम के गठन का निर्णय आयुक्त द्वारा लिया जाएगा । तथापि, टीम में नगर पालिकः निगम के लेखा एवं वित्त विभाग का एक अधिकारी भी सम्मिलित किया जाएगा।

(3) कतिपय अधिशेष या अप्रचलित या अनुपयोगी माल एवं सामग्री जैसे अवधि समाप्त होने वाली दवाइयाँ, जो कि खतरनाक या मानव उपयोग के लिए अनुपयुक्त हों, को उपयुक्त रीति अपना कर तत्काल नष्ट किया जाएगा जिससे स्वास्थ्य के खतरे और / या पर्यावरण प्रदूषण से तथा ऐसे माल एवं सामग्री के दुरुपयोग की संभावना से बचा जा सके ।

187. अपलेखन की शक्तियाँः पुनर्मूल्यांकन, माल की संभाल या अन्य कारणों से समस्त लाभ और हानियां, सम्यक रूप से अभिलिखित किये जायेगे । हानियों के संबंध में प्राधिकारी की औपचारिक स्वीकृति प्राप्त की जाएगी । हानियों के अपलेखन की शक्तियां नियम 258 में विहित रूप में होंगी ।

188. भंडारों का लेखांकनः

(1) माल एवं सामग्री उपकरण आदि के संबंध में व्यय की उपाप्ति प्रोद्भवन आधार पर मान्य किया जाएगा अर्थात् परिदत्त एवं सामग्री, उपकरण आदि की नगर पालिक निगम द्वारा 1286(249) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

स्वीकारोक्ति करना ।कम मूल्य में नाल तालिका की लागत सम्मिलित होगी, जिसमें उसकी वर्तमान स्थिति तथा दशा में लाने की मःन तालिकाओं में उपगत व्यय सम्मिलित होंगे जैसे-मालभाड़ा, शुल्क तथा कर आदि ।

(2) जब "प्राप्त एवं स्वीकृत माल एवं सामग्री" का देयक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पश्चात् प्राप्त हुआ है, उसका लेखाकरण बीजक में लिखे मूल्य पर आधारित होगा । तथापि, जहां वार्षिक वत्तीय विवरणों को तैयार करने की अन्तिम दिनांक तक देयक प्राप्त नहीं होते हैं , क्रय आदेश में अवस्थितमूल्य लेखांकित किया जाएगा ।

(3 ) वर्ष की समाप्ति पर फर्स्ट-इन- फस्ट-आट मूल्याकंन पद्धति का अनुसरण करते हुऐ स्टाक मूल्य आंका जाएगा ।

(4) निपटान या विक्रय किया गया माल एव सामग्रियों एवं भंडार का मूल्य, वास्तविक प्राप्ति आधार पर मान्य किया जाएगा । खपतयोग्य आपूर्तियों की माल सूची जैसे लेखन सामग्री ओर ईंधन को व्यय के रूप में माना जाएगा गैर क्रय करते समय राजस्व पर प्रभारित किया जाएगा ।

अध्याय - नौ

दिए गए अग्रिम और जमा

189. दिए गए अग्रिम और जमा-दिऐ गऐ समस्त अग्रिम और जमा, चाहे नकद, डिमाण्ड ड्राफ्ट या विभिन्न प्रकार की अनुमत प्रतिभूतियों के रूप में हों, नगर पालिक निगम द्वारा उनकी पावती -प्राप्त की जाएगी ।

190. दिऐ गऐ अग्रिम और डिपाजिट का अभिम्लेखन:-

(1 ) नगर पालिक निगम द्वारा दिए गए समस्त अग्रिम एवं जमा उपयुक्त लेखा शीर्ष के अंतर्गत लेखांकित किए जाएंगे और अभिलिखित किये जाएंगे ।

(2) नगर पालिक निगम द्वारा दिए गऐ समस्त अग्रिम और जमा राज्य सरकार द्वारा यथा विहित रूप से पंजियों में अभिलिखित किए जाएंगे ।

191. कर्मचारियों को दिए गए अग्रिमों की वसूली:-

* (1 ) कर्मचारियों को दिए गए ऋण और अग्रिमों की वसूली उनके मासिक वेतन से की जाएगी । ब्याज सहित वसूल की गई राशि, यदि कोई हो, (जैसा मासिक वेतन देयक में अंकित हो) का समायोजन कर्मचारियों को दिए गए भुगतान योग्य ब्याज सहित अग्रिम के विरूद्ध किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) समस्त अग्रिम, अग्रिम प्राप्त करने वाले के नाम पर होंगे । कोई भी अग्रिम , जो वसूली के लिये अनुज्ञेय के सावधि के भीतर वसूल नहीं होता है, राजस्व वसूली के रूप में वसूल किया जाएगा ।

(3) मेयर- इन-कौंसिल के अनुमोदन के अध्यधीन , रहते हुए नगर पालिक निगम के कर्मचारी व्यक्तिगत अग्रिमों के लिए पात्र होंगे. जैसा कि राज्य सरकार के कर्मचारी के लिए लागू है । (4) किसी कर्मचारी की स्थानांतरण / इस्तीफे मृत्यु की दशा में अंतिम वेतन प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा जिसमें वसूली की बकाया राशि का विवरण अंतर्विष्ट होगा ।

192. दिए गए अग्रिम और जमा का पुनर्मिगनः- दिऐ गऐ अग्रिम और जमा का प्रत्येक माह के अन्त में संबंधित लेजर के खातों और जमा या अग्रिम पंजियों से पुनर्मिलान किया जाएगा ।

193. स्थायी अग्रिमः

(1) ऐसे किसी भी अधिकारी को, जिसके कर्तव्य में ऐसे छोटे - छोटे व्यय करने पड़ते हैं, जिनका कि आकस्मिक देयक पर धन आहरित करने के पूर्व ही भुगतान करना पड़ता है, आयुक्त की स्वीकृति से एक माह की आवश्यकताओं के लिये पर्याप्त रकम एक स्थायी अग्रिम के रूप में स्वीकृत की जा सकेगी । स्वीकृत स्थायी अग्निम राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई पंजी में अभिलिखित और लेखांकित किया जाएगा ।

प्रत्येक स्थायी अग्रिमधारी थम बार अग्रिम प्राप्त करने पर और तत्पश्चात् प्रतिवर्ष एक अप्रैल को एक अभिस्वीकृति पर हस्ताक्षर करेगा कि राशि उस पर देय है और उसके द्वारा लेखांकन किया जाना है । स्थायी अग्रिम का लेखा प्रत्येक अग्रिमधारी द्वारा प्ररूप 45 में संधारित किया जाएगा जिसमें उसके अग्निम से किये जाने वाले प्रत्येक भुगतान की प्रविष्टि करेगा और स्थायी अग्रिम लेख में प्रविष्ट सभी उप- प्रमाणकों और रसीदों पर क्रमवार नम्बर अंकित कर संरक्षित रखेगा । स्थायी अग्रिम की सीमाःनिम्नानुसार होगी:-

नगर निगम

सीमाएँ

पाँच लाख की जनसंख्या तंक

रूपऐ दस हजार

पाँच लाख से अधिक जनसंख्या तक

रूपऐ पच्चीस हजार

(2) स्थायी अग्रिमधारी अपने पास रखे गए धन की सुरक्षित अभिरक्षा हेतु उत्तरदायी होगा और वह किसी भी समय संबंधित वाउचर्स या कद अथवा दोनों प्रस्तुत कर इसके लेखांकन हेतु तैयार रहेगा ।

194. स्थायी अग्रिम की प्रतिपूर्ति:-

(1) जब अग्रिमधारी के पास की हस्तगत नकद राशि कम बचें या कैलेण्डर माह के अंत में जो भी पहले हो, यह सुनिश्चित करने के पश्चात् कि अग्रिम के उपयोग हेतु समस्त समर्थित प्रमाणकों को स्थायी अग्रिमधारी द्वारा हस्ताक्षरित कर वित्त एवं लेखा विभाग को प्रस्तुत किया 1286(251) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

गया है एवं वित्त एवं लेखा विभाग द्वारा उनकी समीक्षा की गई है और प्ररूप 45 में संधारित अग्रिम लेखे से मिलान होता है ,अग्रिम की पूर्ण प्रतिपूर्ति की जाएगी।

(2) समस्त स्थायी अग्रिमों का समाशोधन वित्तीय वर्ष के 31 मार्च तक किया जायेगा ।

195. अग्रिमों का प्रयोजन और उनका समायोजनः-

(1 ) नियम 192 में यथा उपबंधित के सिवाय सामान्यतया अग्रिम नहीं दिये जाएंगे । तथापि, आयुक्त निम्नलिखित प्रयोजनों में से किसी के लिये अग्रिम के रूप में स्वीकृत कर सकेगा, जिसे स्वीकृति आदेश में विनिर्दिष्ट किया जाएगाः-

(क) नगर पालिक निगम की ओर से या उसके विरूद्ध न्यायालय में संस्थापित प्रकरणों का संचालन करने हेतुः

(ख) चारे का क्रय, और

(ग) अधिनियम या उसके अधीन बनाये गये नियम या उपनियमों के अन्तर्गत नगर पालिक निगम के कर्तव्यों से आनुशैगिक कोई अन्य प्रयोजन, जिसे आयुक्त अभिलिखित कारणों से घोषित कर सकेगा कि नकद अग्रिम अपरिहार्य रूप से आवश्यक हैं ।

(2) कोई भी अग्रिम तब तक आहरित नहीं किया जाएगा जब तक कि एक माह के भीतर व्ययं उपगत होना सम्भावित नहीं हो और किसी भी स्थिति में, किसी अग्रिम को जिसके लिए वह स्वीकृत किया गया है से भिन्न किसी प्रयोजन के लिए व्यपवर्तित नहीं किया जायेगा ।

(3) अग्रिमों और उनके समायोजनों के संबंध में ऐसे प्रविष्टियां चाहे सक्षम अधिकारी द्वारा लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख के हस्ताक्षरों के अधीन पूर्ण रूप से पारित कर दिये गये हों, उसके पश्चात् प्रविष्टियाँ, तत्काल की जाएंगी ।

(4) कार्य सम्पादित करने या वस्तुएं क्रय करने के लिये कोई अग्रिम नहीं दिया जाएगा ।

(5) बकाया अग्रिम के विरूद्ध प्रतिसंदाय के प्रयोज़न से नवीन अग्रिम सर्वथा निषिद्ध है ।

अध्याय दस

ऋण ए उधार

196. उधार लेने की शक्तिः

नगर पालिक निगम राज्य सरकार से या राज्य सरकार की स्वीकृति के साथ अन्य स्रोतों से, अधिनियम के अधीन सौंपे गये किन्हीं कृत्यों एवं संचालनों के लिये उधार ले सकेगा ।

197. ऋण के लिये आवेदन:-जब नगर पालिक निगम ऋण लेना चाहता हो उस प्रयोजन के लिए एक विशेष बैठक आयोजित करके उस का संकल्प पारित करना होगा । तब आयुक्त, राज्य सरकार को यह दर्शाते हुये आवेदन प्रस्तुत करेगाः-

(क) वह स्रोत जहां से उधार लेना है;

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(ख) प्रयोजन जिसके लिये ऋण की अप श्यकता है तथा संपूर्ण निर्माण कार्य की लागत का प्राक्कलन जो ऋण से निर्माण किया जाना प्रस्तावित है;

(ग) ऋण की राशि;

(घ) दिनांक जिसके भीतर ऋण लिया जाना है एवं जब किस्तों में ऋण लिया जाना प्रस्तावित हो, दिनांक जिसको भीतर पहली किस्त ली जानी है और समय सीमा जिसमें अन्य किस्तें लेना आशयित है;

(ड) ब्याज की दर;

(च) अवधि वर्षों में, तथा रीति जिसके अनुसार ऋण चुकाया जाना है; और

(छ) नगर पालिका निगम की की वित्तीय स्थिति का लेखा जिसमे सम्मिलित है, उसकी निधियों पर विद्यमान वित्तीय विवरण । समस्त पूर्व के प्रभारों तथा गत तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों हेतु वार्षिक 198. राज्य सरकार द्वारा परीक्षण राज्य सरकार, आवेदन में अंतर्विष्ट विवरणो तथा उपयोगिता का जिसके लिये ऋण लेना प्रस्तावित है, के ऐसे परीक्षण करवा सकेगी।

199. शासकीय ऋण के लिये आवेदन क। अवधि यदि राज्य सरकार से ऋण लेना प्रस्तावित है, तब आवश्यक विवरण राज्य सरकार को, जिस विधीय वर्ष में ऋण अपेक्षित है उसके पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष में 15 सितम्बर से पहले प्रस्तुत किया जाएगा ।

200. आवेदन की अस्वीकृतिः यदि राज्य सरकार को यह प्रतीत होता है कि ऋण नहीं लेना चाहिए वह कारणों को विनिर्दिष्ट करते हुये आवेदन अस्वीकृत कर सकेगी ।

201. ऋण की स्वीकृति: राज्य सरकार को यदि यह प्रतीत होता है कि ऋण लेना चाहिये तब वह स प्राप्त प्रस्ताव को ऐसे परिवर्तन के साथ, जैसा वह उचित समझे स्वीकृत कर सकेगी । राज्य सरकार, नगर पालिक निगम से ऐसे परिवर्त के संबंध में विचार विमर्श कर सकती है ।

202. राज्य सरकार द्वारा विहित की गई शर्तें- राज्य सरकार से कोई भी ऋण निम्नलिखित शर्तों के अध्यधीन होगाः-

(क) ऋण की अवधि पचास वर्ष से अधिक नहीं होगी, जब तक कि राज्य सरकार विशेष प्रकरण में इससे दीर्घकालिक अवधि नियत न करें ।

(ख) ऐसे ऋणों के प्रयोजन लिये विधानसभा द्वारा दत्तमत अनुदान में निधि उपलब्ध हो;

(ग) ऋण पर भुगतान योग्य ब्याज की दर ऐसी होगी जो राज्य सरकार द्वारा अवधारित की जाए ;

(ङ) ब्याज वार्षिक यां अर्धवार्षिक, जैसा राज्य सरकार अवधारित करे प्रभारित किया जाएगा और ऐसी किस्त पर, जिस दिनांक को किस्त ली गई है , उससे गणना की जाएगी और भुगतान किया जाएगा;

(च) पुनर्भुगतान पहले ब्याज के विरूद्ध और ष, यदि कोई हो, मूलंधन के विरूद्ध विनियोजित किया जाएगा;

1286(253) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(छ) राज्य सरकार ब्याज की दाणिक रख सकेगी ऐसी दर राज्य द्वारा अवधारित की जाएगी जो सामान्य दर के ढाई प्रतिशत से अधिक नहीं होगी । दांडिक ब्याज , मूलधन और ब्याज की समस्त अतिदेय किस्तों पर भुगतान योग्य होगा;

(ज) नगरपालिक निगम को स्वीकृत और भुगतान योग्य अनुदान, यदि कोई है, उसमें से राज्य सरकार मूलधन और ब्याज की अतिदेय किस्तो को भी दांडिक ब्याज के साथ कटोती कर सकेगी;

(झ) यदि राज्य सरकार या वित्तीय अभिकरण ऋण पर की गई कोई अन्य चूक या ऋणों के पुनर्भुगतान में किस्तों के लंबित भुगतान के कारण दाण्डिक ब्याज़ प्रभारित करती है, आयुक्तं 15 दिवस के भीतर इसे मेयर- इन-कौंसिल के ध्यान में लाएगा ।

203. राज्य सरकार ऋण स्वीकृत करने में अधिनियम और इन नियमों से अनअसंगत और भी शर्ते विहित कर सकेगी जैसा वह उचित समझे । ,

204 जब ऋण राज्य सरकार से भिन्न अन्य स्रोत से लिये जाने सम्बन्धी ऋण है, ऐसी स्थिति में नियम 195, 196 तथा 197 में विहित प्रक्रिया का अनुसरण किया जाएगा । राज्य सरकार आवेदन पर अपनी स्वीकृतिःया अस्वीकृति के विनिश्चय को नगर पालिक निगम से आवेदन की प्राप्ति की दिनांक से तीन माह के अनधिक की कालावधि के भीतर सूचित करेगी एवं प्रतिभूति शुल्क आरोपित कर सकेगी वहाँ ऐसी प्रतिभूति राज्य सरकार द्वारा दी गई है ।

(1 ) ऐसा कोई ऋण प्राप्त नहीं किया जा सकेगा जब तक कि निम्न शर्तों की पूर्ति न हो:-

(क) ऋण की अवधि पन्द्रह वर्षों से अधिक न हो, जब तक कि राज्य सरकार विशेष प्रकरण के रूप में इससे अधिक की अवधि के लिये सहमत हो;

ब्याज की दर राज्य सरकार द्वारा किऐ गऐ अनुमोदन से अधिक न हो; (ख)

नगरपालिक निगम अपनी ऋणग्रस्तता की कालावधि के दौरान आय और व्यय का वार्षिक अनुमान राज्य सरकार द्वारा पुष्टि के लिये प्रस्तुत करे: (ग)

(घ) ऋण सर्विस कवरेज अनुपात जैसा कि राज्य सरकार द्वारा अवधारित किया जाए ।

टिप्पणी- परिचालन अधिशेष (परिचालन आय (-) परिचालन व्यय (-) ऋण (प्रभार) ऋण प्रभार

(ड़) नगर पालिक निगम ऋण देने वाली एजेन्सी को उसके द्वारा उपलब्ध कराये प्ररूप के अनुसार, बैंक गारण्टी प्रस्तुत करेगा ।

(च) सरकार की प्रत्याभूति के विद्ध नगर पालिक निगम को ऋण मध्यप्रदेश सरकार प्रत्याभूति नियम, 2009 के अध्यधीन होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) नगर पालिक निगम की वित्तीय स्थिति के सुधार हेतु नगर पालिक निगम आयुक्त मेयर- इन-कौंसिल के अनुमोदन से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र क्रेडिट रेटिंग एजेन्सी से साख रेटिंग की व्यवस्थां करेगा ।

205. अत्यावश्यक ऋण की स्वीकृतिः जहां नगर निगम अपने आवेदन में इस आधार पर ऋण की तत्काल स्वीकृति की वांछा करता है कि ऋण की अत्यावश्यक आवश्यकता है तब राज्य सरकार आवेदन प्राप्त होने के पश्चात् किसी भी सत्य ऐसे ऋण लेने की स्वीकृति दे सकेगी ।

206. निर्माणकार्यों एवं लेखों का नियंत्रण और निरीक्षण:-

(1 ) राज्य सरकार यह ज्ञात करने और सुनिचित करने के लिये कि जिस प्रयोजन से ऋण लिया गया है उसी प्रयोजन पर ऋण का उपयोग किया जा रहा है एवं ऋण की राशि जो अव्ययतित शेष बचा है उसका यथा इन नियमों के अनुसार उपयोग नहीं किया गया है, ऐसे उपबंध बना सकेंगी, जैसा कि वह आवश्यक समझे ।

(2) ऋण के माध्यम से पूर्णतः या अंशतः निष्पादित किया गया प्रत्येक निर्माण कार्य और उससे सम्बन्धित लेखे निरीक्षण के लिये हर समय खुले रहेंगेः-

(क) राज्य सरकार के अधीक्षण यंत्री याः कार्यपालन यंत्री, जिनके सर्किल या संभाग में कार्यस्थल स्थित है;

(ख) कोई व्यक्ति जिसे नगर पालिक निगम के लेखों का निरीक्षण करने के लिये अधिकृत किया गया है; तथा

(ग) कोई अन्य व्यक्ति जिसे राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से इस बारे में अधिकृत किया गया हो ।

207. ऋण का अव्ययित शेष न्नगर पालिक निगम द्वारा जिस निर्माण कार्य के लिये ऋण लिया गया है उस पर हुऐ व्यय का लेखा अलग रखा जाएगा और यदि कार्य के पूर्ण होने पर राज्य सरकार इस बात से सन्तुष्ट हो कि जिस प्रयोजन के लिये ऋण लिया गया है उस प्रयोजन पर पूरे ऋण का व्यय नहीं किया गया है तब निम्नानुसार कार्यवाही की जा सकेंगी:-

(क) सरकारी ऋण की स्थिति में, राज्य सरकार यह निर्देशित कर सकेगी कि अव्ययित शेष पर ब्याज की जो राशि वापस की जा चुकी है , के समतुल्य को घटाकर शेष ब्याज और मूलधन राज्य सरकार को तत्काल वापस किया जाए । राज्य सरकार ऋण केपरिसमापन के लिये नियत किस्तों के संबंध में, ऐसे फेरफार के लिये निर्देशित कर सकेगी जो वह ओवश्यक ावश्यक समझती है ।

(ख) ऐसी दशा में, जब राज्य सरकार से भिन्न स्रोत से ऋण लिया गया हो, राज्य सरकार यड़ निर्देश दे सकेगी अव्ययित शेष, नगर पालिक निगम पर ऋण को कम करने के लिये उपयोग किया जाएगा । 1286(255) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(ग) यदि राज्य सरकार का राय में, नगर पालिक निगम किसी ऋण के संबंध में अधिनियम और इन नियमों में विहित शर्तों का पालन करने में विफल रहा है, तंब वह किसी भी समय आगे और निर्देश दे सकेगी कि कोई भी राशि जो अग्रिम रूप से दी गई हो, एनंको ब्याज सहित तत्काल वापस किया जाए । 208. ऋणों का पुनर्भुगतान:-

(1) इन नियमों के अंतर्गत नगर पालिक निगम द्वारा लिये गये प्रत्येक ऋण, का नियम 201 मे यथा उपबंधित विहितं शर्तों एवं अनुमोदितं समय पर तथा ऐसी निम्न पद्धति द्वारा पुनर्भुगतान किया जाएगा, जैसा अनुगोदित किया जाए, अर्थात:-

(क) नियम 215 के अधीन स्थापित ऋण निवारण निधि से भुगतान द्वारा; या .

(ख) मूलधन के समतुल्य भुगतान; या

(ग) नगर पालिक निगम द्वारा उधार ली गई किसी राशि से; या

(घ) आंशिक रूप से ऋण के संबंध में नियम 215 के अंतर्गत स्थापित ऋण निवारण निधि से तथा आंशिक रूप से नियम 205 के अनुपालन के अध्यधीन नगर पालिक निगम द्वारा उधार ली गई राशि से ।

... (2) परिपक्वता के पूर्व ऋणों की वापसी राज्य सरकार की पूर्व सहमति से नगर पालिक निगम किसी भी समय किसी ऋण को पूर्णतः या अंशतः ऋण की शर्तों द्वारा अवधारित अवधि के पूर्वचुकता कर सकेगा ।

209. ऋण पत्रों का प्रारूप, विनिमय, स्थानांतरण एवं प्रभाव: -

(1) इन नियमों के तहत जारी सभी ऋण पत्र ऐसे प्रारूपों में होंगे जैसा नगर पालिक निगम राज्य सरकार की पूर्व में स्वीकृति से विहित करे ।

(2) उप- नियम (1 ) के अधीन विहित किए गए किसी भी प्रारूप में किसी भी ऋणपत्र का धारक नगर पालिक निगम द्वारा अवधारित ऐसी शर्तों के अनुरूप किसी ऋणपत्र को इस हेतु विहित किसी भी अन्य प्रारूप में विहिते विनिमय कर प्राप्त करें ।

(3) इन नियमों के अंतर्गत नगर पालिक निगम द्वारा जारी किया गया प्रत्येक ऋणपत्र उसमें यथा व्यक्त रीति से ही अंतरित होगा । :

(4) ऐसे ऋणपत्रों द्वारा सुरक्षित धन के भुगतान एवं उसके संबंध में मुकदमा करने का अधिकार , इस प्रकार के ऋणपत्रों में से कुछ की दिनांक अन्यों से पूर्व की होने पर अधिमान्यता दिए बिना कुछ समय के लिए उसके धारकों में नि हत होगा ।

210. ऋणपत्रों में संलग्न कूपनों के हस्ताक्षर इन नियमों के तहत जारी ऋणपत्रों में संलग्नः समस्त कूपनों प्र नगर पालिक निगम की ओर से मेयर- एन- कौंसिल के अध्यक्ष व आयुक्त के हस्ताक्षर होंगे एवं ऐसे हस्ताक्षर उत्कीर्ण अश्म मुद्रित या किसी भी यांत्रिक प्रक्रिया द्वारा छापे जा सकते हैं । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(256)

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211. संयुक्त रूप से दो या अधिक व्यक्ति के लिए जारी ऋणपत्र:-

(1) इन नियमों के अधीन जारी किया गया कोई भी ऋणपत्र या प्रतिभूति जब दो या अधिक व्यक्तियों को संयुक्त रूप से भुगतान योग्य हो अथवा यदि उनमें से कोई मृत हो जाए तो ऋणपत्र या प्रतिभूति ऐसे व्यक्तियों के उत्तरजीवी या उत्तरजीवियों को भुगतान योग्य होंगे । परन्तु इस उप- नियम एक मृत व्यक्ति के कानूनी प्रतिनिधि द्वारा ऐसे उत्तरजीवियाँ या उत्तरजीवियों के विरुद्ध किसी भी कोई बात दावे को प्रभावित नहीं करेगी ।

(2) इन नियमों के अधीन जारी किए गए ऋणपत्र या प्रतिभूति के जब दो या दो से अधिक व्यक्ति संयुक्त धारक हों तो इनमें से किसी एक व्यक्ति द्वारा ऋणपत्र या प्रतिभूति के संबंध में कोई ब्याज़ या देय लाभांश के लिए एक प्रभावपूर्ण पावती दी जा सकती है जब तक कि उसके प्रतिकूल किसी भी अन्य ऐसे व्यक्तियों द्वारा नगर पालिक निगम को नोटिस नहीं दिया गया हो ।

212. प्रतिभूति की प्रतिलिपि जारी करना :

(1) जब इन नियमों के तहत जारी किया गया ऋणपत्र कथित तौर पर खो जाये, चोरी हो जाऐ पूर्णतया या आंशिक रूप से नष्ट हो जाये और एक व्यक्ति दावा करता है कि जो खोया है, चोरी हुआ है या नष्ट हुआ है वह उसको गुगतान योग्य होगा, वह व्यक्ति आयुक्त को

आवेदन कर उसकी संतुष्टि हेतु नुकसान, चोरी या नष्ट होने के प्रमाण प्रस्तुत कर न्याय के लिए दांवा प्रस्तुत कर:-

(क) यदि कथित तौर पर खोया हुआ या चोरी हुआ या नष्ट हुआ जाऐ एवं नियम (2) में निर्दिष्ट अधिसूचना के प्रकाशन की दिनांक से छह वर्ष से अधिक बाद

भुगतान योग्य होः-

(1) ऋणपत्र की प्रतिलिपि भरी करने हेतु लंबित हो, ऋणपत्र संबंधित ब्याज के भुगतान के लिए; और

(2) आवेदक को भुगतान योग्य ऋणपत्र की प्रतिलिपि जारी करने के लिए,

(ख) यदि ऋणपत्र कथित तौर पर खो जाऐ, चोरी हो जाऐ, पूर्णतया करने के लिए. नष्ट हो जाये एवं उपनियम (2) में निर्दिष्ट अधिसूचना के प्रकाशन की दिनांक के बाद भुगतान की अवधि छह वर्ष से अधिक नहीं हो

(1) ऋणपत्र संबंधित ब्याज का बिना ऋणपत्र की प्रतिलिपि जारी करते हुए ... भुगतान करने के लिए एवं,

(2) आवेदक को ऋणपत्र के संबंध में नियत दिनांक तक या उसके पश्चात भुगतान योग्य मूल राशि के भुगतान के लिए आदेश प्राप्त कर सकता है । 1286(257) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(2) नियम (1 ) के अधीन तब तक कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा, जब तक कि ऋणपत्र का खोना, चोरी या नष्ट होने की ऐसी अधिसूचना जारी न हो जाए जैसा कि नगर पालिक निगम द्वारा विहित किया गया हो एवं इस प्रकार की अवधि की समाप्ति के पश्चात् जैसा कि नगर पालिक निगम द्वारा विहित किया जा जाये न ही जब तक खोने, चोरी या नष्ट होने के अंतर्गत व्युत्पन्न हकप पाने वाले समस्त व्यक्तियों के दावों के विरुध्द आवेदक इस प्रकार की क्षतिपूर्ति नहीं देता जैसी कि नगर पालिक निगम द्वारा अपेक्षित की गई है ।

(3) ऋणपत्रों की एक सूची को जिनके संबंध में उप नियम (1 ) के तहत एक आदेश व्यक्त किया गया है, शासकीय राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा ।

(4) यदि, अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन ऋणपत्र जो कथित तौर पर खो गया, चोरी हो गया, या नष्ट हो गया हो उससे संबंधित दायित्व से किसी भी समय नगर पालिक निगम के मुक्त होने से पूर्व ऐसे ऋणपत्र पाए जाते हैं तो इस नियम के अधीन उसके संबंध में पारित कोई आदेश निरस्त किए जाएंगे ।

213. ऋण पत्रों का नवीनीकरण:-

(1 ) इन नियमों के अधीन जारी किए गए ऋण पत्रों की पात्रता का दावा करने वाला व्यक्ति आयुक्त को आवेदन कर तथा उसके दावे को न्यायसंगत होने की संतुष्टि करता है एव ऐसी स्थिति में प्राप्त किए गए ऋणपत्र परिदत्त करता है तथा आयुक्त को ऐसी फीस का भुगतान करता है, जो आयुक्त द्वारा विहित की जाए, आवेदक भुगतान योग्य

नवीनीकृत ऋणपत्र प्राप्त कर सकेगा ।

(2) इन नियमों के अधीन जारी किए गए नग पत्र के हकधिकारी का विवाद हो जिसके संबंध में नवीनीकरण के लिये आवेदन किया गया हो, आयुक्त कार्यवाही करेगाः-

(क) जहाँ विवाद के लिये एक पार्टी ने सक्षम क्षेत्राधिकार के न्यायालय से ऐसे ऋण पत्र का हकधिकारी घोषित करने का अंतिम निर्णय प्राप्त किया हो, ऐसी पार्टी के पक्ष में नवीनीकृत ऋणपत्र जारी करेगा

(ख) जब तक ऐसा कोई विनिश्चय प्राप्त हो, ऋणपत्र नवीनीकृत करने से इनकार करेगा या;

(ग) ऐसी जाँच के पश्चात् जैसा कि इसमें इसके बाद उपबंधित है एवं उसके परिणाम पर विचार करके, लिखित में आदेश द्वारा घोषित किया जाएगा कि उसकी राय में कौन सा पक्षकार हकदार और ऐसी घोषणा के अवसान के पश्चात् नियम (1 ) के उपबंधों के अनुसार में ऐसे पक्षकार के पक्ष में नवीनीकृत ऋणपत्र जारी करेगा, सिवाय ऐसे ऋणपत्र के हकधारी होना प्रमाणित करने के प्रयोजन से किसी व्यक्ति द्वारा सक्षम क्षेत्राधिकार के न्यायालय में कार्यवाही संस्थापित करने की सूचना उस अवधि के भीतर प्राप्त हो । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(258)

टिप्पणीः- इस नियम के प्रयोजन हेतु अभिव्यक्ति "अंतिम विनिश्चय से अभिप्रेत है, ऐस विनिश्चय जो" अपील योग्य न हो या जो अपील योग्य हो, किन्तु उसके विरूद्ध विधि द्वारा अनुज्ञात अवधि की सीमा के भीतर कोई अपील दायर न की गई हो ।

(3) उपनियम (2) में निर्दिष्ट जाँच के प्रयोजन से, आयुक्त स्वयं अभिलिखित कर सकेगा या किसी प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट से या उसके अधीनस्थ किसी मजिस्ट्रेट से जैसा पार्टियों के पास साक्ष्य हो, ऐसे साक्ष्य या किसी साक्ष्य का पूर्ण या कोई भाग अभिलिखित करने तथा ऐसे साक्ष्य का अभिलेख आयुक्त को अग्रेषित करने का नुरोध करेगा ।

(4) आयुक्त या कोई मजिस्ट्रेट इन नियगों के अंतर्गत कार्यवाई करते हुए, यदि वह उचित समझता है शपथ पत्र के आधार पर साक्ष्य अभिलिखित करेगा ।

214. नवीनीकृत ऋणपत्र के संबंध में दायित्व:

(1) जब नियम 212 के अंतर्गत किसी व्यक्ति के पक्ष में एक नवीनीकृत ऋणपत्र जारी किया गया हो, इस प्रकार जारी ऋणपत्र नगर पालिक निगम एवं ऐसे व्यक्ति और उसके माध्यम से उसके पश्चात् व्युत्पन्न हकधिकार प्राप्त करने वाले समस्त व्यक्तियों के मध्य नवीन अनुबंध होना माना जाएगा ।

(2) किसी अन्य व्यक्ति के लिए ऐसा कोई नवीनीकरण नगर पालिक निगम के अधिकारों के विरुद्ध प्रभाव नहीं करेगा ।

215. क्षतिपूर्ति से सुरक्षाः नियम 212 में अंतर्वि किसी बात के होते हुए आयुक्त किसी प्रकरण में इसके अधीन होने पर निम्न कार्यवाही करेगा:-

(1 ) मूल ऋणपत्रों के अंतर्गत दावा करने वाले समस्त व्यक्तियों के दावों के विरुद्ध नगर पालिक निगम के पक्ष में ऐसी क्षतिपूर्ति प्राप्त होने पर आयुक्त जैसा उचित समझता है, नवीनीकृतं ऋणपत्र जारी करेगा;या :

(2) जब तक क्षतिपूर्ति न दी जाए नवीनीकृत ऋणपत्र जारी करने से इनकार करेगा ।

216. ऋण निवारण निधि:-

(1) जहां ऋण लेने की स्वीकृति की शर्तों या जारी ऋण- पत्र में ऋण निवारण निधि स्थापित करना है, ऐसी राशि जैसी की स्वीकृति की शर्तों में अनुबंधित हो, प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अन्त -में नगरपालिक निधि में से, ऋण निवारण निधि में अंतरित कर पृथक बैंक खाते में जमा की जाएगी ।

(2) इन नियमों के उपबंधों का पालन करते हुए ऋण निवारण निधि से निवेश किया जाएगा ।

(3) ऋण निवारण निधि किसी प्रयोजन के लिये प्रयुक्त नहीं की जा सकेगी, जब तक कि ऋण या ऋणपत्र जिसके लिये यह सृजित की गयी है उसकी पूर्ण अदायगी नहीं हो जाती है ।

217. ऐसे ऋणों हेतु ऋण निवारण निधियों की स्थापना एवं संधारणः-जब कभी एक ऋण का पुनर्भुगतान ऋण निवारण निधि से किया जाना नियम, 208 के उप नियम (4 ) में स्वीकृत किया 1286 (259)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

गया हो , नगर पालिक निगम ऐसी निधि स्थापित करेगा एवं ऐसी तारीख अनुमोदित की गयी हों, ऐसी राशियाँ उसमें जमा करेगा कि सभी प्रभारों के भुगतान के पश्चात् चक्रवृद्धि ब्याज़ सहित ऐसी राशि का संचयन हो जो अनुमोदित समय पर ऋण के भुगतान के लिये पर्याप्त हो । ऋण निवारण निधि में भुगतान बन्द करने की शक्तियाँः परन्तु, यदि किसी समय किसी ऋण के पुनर्भुगतान हेतु स्थापित ऋण निवारण निधि में जमा राशि इतनी हो कि चक्रवृद्धि ब्याज़ पर संचय होने के लियें रखी जाए तो यह अनुमोदित समय पर ऋण की वापसी के लिये पर्याप्त होगी तब राज्य सरकार की अनुमति से ऐसी निधि में आगे भुगतान बंद किया जा सकेगा । 218. ऋण निवारण निधि का निवेशः-

(1) ऋण निवारण निधि में भुगतान की गई समस्त राशियों का नगर पालिक निगम द्वारा यथासंभव शीघ्र निवेश किया जाएगाः-

(क) शासकीय प्रतिभूतियाँ: या

(ख) शासन द्वारा प्रत्याभूत प्रतिभूतियाँ: यां

(ग) नगर के नगर पालिक ऋणपत्र।

एवं नगर पालिक निगम द्वारा समय समय पर उसके द्वारा जारी ऋणपत्रों के पुनर्भुगतान के प्रयोजन हेतु रोक कर रखी जाएगी ।

(2) किन्हीं ऐसे निवेशों के संबंध में प्राप्त समस्त लाभांश एवं अन्य राशियों की प्राप्ति के पश्चात् यथासंभव शीघ्र समुचित ऋण निदंण निधि में भुगतान किया जाएगा एवं उप नियम (1)में. विहित रीति में निवेश किया जाएगा ।

(3) दो या अधिकः ऋण निवारण निधियों में जना साख राशि, नगर पालिक निगम के विवेक पर एक समान निधि में निवेश की जाएगी तथा नगर पालिक निगम के लिये आवश्यक नहीं होगा किविभिन्न ऋण निवारण निधियों के साथ ऐसे निवेश में धारित प्रतिभूतियों का आवंटन करे । (4) जब ऋण निवारण निधि का कोई भाग नगरपालिक ऋण पत्रों में निवेश किया जाता है या पुनर्भुगतान की नियत अवधि से पूर्व एक ऋण के किसी भाग के भुगतान में प्रयुक्त किया जाता है, ब्याज़ जो अन्यथा ऐसे ऋण पत्रों पर या ऋण के ऐसे भाग परं भुगतान योग्य होता उसे ऋण निवारण निधि में भुगतान किया जाएगा एवं उपनियम (1 ) में दी गई रीति से निवेशित किया जाएगा ।

(5) इस नियम के अधीन समय समय कर किऐ गऐ कोई निवेश, उपनियम (1) के उपबंधों के अध्यधीन एक ऋण निवारण निधि से अन्य में परिवर्तित या अंतरित किया जा सकेगा ।

बशर्ते कि पूर्व ऋण निवारण निधि को उस समान राशि से बढ़ाया जाएगा जो राशि पश्चात् वाली ऋण निवारण निधि को अंतरित करने के प्रयोजन से ली गयी थी ।

219. ऋण निवारण निधियों का उपयोजन :-जब तक कोई ऋण पूर्ण रुप से चुका नहीं दिया जाए , नगर पालिक निगम उस ऋण के संबंध में स्थापित ऋण निवारण निधि का प्रयोजन उस ऋण मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(260)

के पुनर्भुगतान के सिवाय किसी अन्य प्रयोजन के लिये नहीं करेगाः परन्तु जब अधिनियम के उपबंधों के अनुसार कोई ऋण या उसका भाग समेकित किया जाए, नगर पालिक निगम ऐसे समेकित ऋण हेतु स्थापित निवारण निधि में मूल ऋण की ऋण निवारण निधि की जमा साख राशि अंतरित करेगा या यदि ऋण का केवल' एक भाग समेकित किया गया है तब मूल ऋण की ऋण निवारण निधि की जमा राशि का ऐसा भाग जो मूल ऋण की उस राशि के . समानुपाती हो, जो समेकित निधि में सम्मिलित किया गया है अंतरित करेगा ।

220. ऋण निवारण निधियों का वार्षिक परीक्षण

(1) इन नियमों के अंतर्गत स्थापित. सभी ऋण निवारण निधियाँ लेखा परीक्षक द्वारा वार्षिक निरीक्षण के अध्यधीन होंगी, जो स्वयं को संतुष्ट करेगा कि नियम 217 के प्रावधानों का अनुपालन किया जा रहा है एवं यह कि नकद और उनसे संबंधित प्रतिभूतियों का मूल्य वास्तविक रूप से उस राशि के समतुल्य है जो ऐसी निधियों में जमा होती यदि नियमित रूप से निवेश किया गया होता यदि मूल रूप से ब्याज़ की अनुमानित दर उनसे प्राप्त की जा रही होती ।

(2) नगर पालिक निगम तत्काल ऋण निवारण निधि में ऐसी राशि जमा करेगा जिसे लेखा.. परीक्षक निधि की कमी प्रमाणित ६० रेगा, जब तक कि राज्य सरकार सामान्य अथवा विशेष आदेश द्वारा क्रमिक पुनर्समायोजन के लिये स्वीकृति नहीं दे ।

(३) यदि नकद और ऋण निवारण निधि में जमा प्रतिभूतियों का मूल्य उस राशि से अधिक है जो इसमें जमा होनी चाहिये थी, लेखा परीक्षक ऐसी अधिक राशि को प्रमाणित करेगा और नगर पालिक निगम अधिक राशि को नगरपालिक निधि में अंतरित करेगा ।

(4) यदि लेखा परीक्षक द्वारा उपनियम (2) या (3) में दिए गए किसी प्रमाण पत्र और लेखों में परिशुद्धता के रुप में कोई विवाद होगा तो नगर पालिक निगम भुगतान या अंतरण करने के पश्चात् प्रकरण राज्य सरकार को निर्दिष्ट करेगा जिस का विनिचय अंतिम होगा ।

221. लेखाकंन और अभिलेखन की प्रक्रिया:-

(1) नगर पालिक निगम द्वारा प्राप्त किए गए समस्त ऋणों को ऋणों के रजिस्टर में ऐसे पृष्ठ पर अंकित किया जाएगा जैसा राज्य सरकार द्वारा विहित किया जाए । ऋण की ली गई प्रत्येक किस्त उसमें दर्ज की जाएगी एवं पुनर्भुगतान एवं ब्याज़ के विवरण भी समुचित कालमों में दर्ज किए जाएंगे, जब तक कि ऋण पूर्ण रूप से चुकता कर दिया जाए ।

(2) उधार ली गई राशि के संबंध में लेखा पुस्तकों में प्रविष्टि, उधार की राशि की प्राप्ति. पर की जाएगी।

222. ऋण लेने बांड्स या ऋणपत्रों पर किया गया व्यय: नगर पालिक निगम ऋण लेने या ऋण- पत्र. या बांडस् जारी करने के लिये सुरक्षा निर्मिती शुल्क, स्टाम्प शुल्क इत्यादि जैसे व्यय कर सकेगा । दीर्घ अवधि के ऋणों के लेने के संबंध में ऐसे व्ययं 5 वर्षों की अवधि के ऊपर या 1286(261) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

ऋण अवधि, जो भी कम हो, परिशोधित होगा । यदि ऋण पूर्वदत्त हुऐ हो या ऋण पत्रों का अपरिपक्व मोचन हुआ हो, ऋण लेने की ऐसी परिशोधित लागत पूर्णतः अपलेखित की जाएगी । 23.व्याज और अन्य प्रभारों का लेखांकन:-

(1 ) ब्याज और अन्य प्रभार, प्रतिबद्धता प्रभार, देय दाण्डिक ब्याज इत्यादि सहित ऋण की शर्तों के अनुसार जब ब्याज और अन्य प्रभार प्रोद्भूत होने के समय अभिलिखितकिये जाएंगे यद्यपि उक्त ब्याज और प्रभारों का भुगतान वित्तीय वर्ष के भीतर देय नहीं हो ।

(2) सामान्यतया उधार पर ब्याज नगर पालिक निगम के राजस्व व्यय की एक मद के रूप में समझा जाऐगा, सिवाय जहां उधार पूंजीगत परिसम्पत्ति के अर्जन से संबंधित हो, ब्याज को परिसम्पत्ति अर्जित करने पर आई लागत के रूप में पूंजीकृत किया जाएगा ।

224. अवशेषों की पुष्टि:-

नगर पालिक निगम के लेखा एवं दित्त विभाग का प्रमुख, ऋण दांता से एक लेखे का विवरण , यह दर्शाते हऐ कि वित्तीय वर्ष के दौरान प्रोद्भूत ब्याज, भुगतान किये गये मूल और ब्याज और ऋण का अवशेष जो, वर्ष के अन्त में भुगतान योग्य हो, प्राप्त करेगा । ऋण दातः द्वारा सूचित की गई राशि का, ऋण पंजी और नगर पालिक निगम के लेखों के अनुसार अवशेष से पुनर्मिलान किया जाएगा । किसी सार्थक भिन्नता की स्थिति में उसे आयुक्त के ध्यान में सत्काल लाया जाएगा और आवश्यक सुधार संबंधी कदम उठाए जाएंगे । 225. वार्षिक विवरणः-

(1) प्रत्येक वर्ष के अंत मेंआयुक्त निम्नदर्शाते हेतु एक विवरण तैयार करेगा-

(क) नगर पालिक निगम द्वारा लिए गए ऋणों की तारीख एवं राशियाँ जो लंबित हैं एवं वार्षिक ऋण प्रभार;

(ख) प्रत्येक ऋण के प्रकरण मे, जिसके लिए नियम 215 के अधीन ऋण निवारण निधि स्थापित की गई है, वर्ष में निधि को क्रेडिट की गई राशि अलग दर्शाते हुए वर्ष के अंत में ऋण निवारण निधि में संचयः

(ग) वर्ष के दौरान चुकाये गए ऋण एवं किस्तों में या वार्षिक आहरणों द्वारा चुकाये गए ऋणों के प्रकरणों में, वर्ष के दौरान चुकायी गई राशियाँ और वर्ष के अंत में देय शेष राशि औरः:

(घ) प्रतिभूतियों की विशिष्टियाँ जिनमें ऋण निवारण निधि का निवेश किया गया है या जिन्हें इन निधियों में निवेश हेतु आरक्षित रखा गया है ।

(2) ऐसा प्रत्येक विवरण नगर पालिक निगम की बैठक के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा एवं एक प्रति राज्य सरकार को प्रेषित की जाएगी मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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अध्याय-ग्यारह

प्राप्त अग्रिम एवं जमा

26. जमा एवं अग्रिमों की प्राप्ति: -

(1) नगर पालिक निगम द्वारा प्राप्त समस्त जमा और अग्रिम चाहे नकद डिमाण्ड ड्राफ्ट या विभिन्न प्रकार की अनमत प्रतिभूतियों के रूप में जैसे- सरकारी वचन पत्र नगर पालिका तथा अन्य ऋण इत्यादि, हों नगर पालिक निगम द्वारा रसीद जारी कर अभिस्वीकृत किये जाएंगे । (2)नगर पालिक निगम द्वारा विभिन्न प्रकार के जमा एवं अग्रिमों के रजिस्टर राज्य सरकार द्वारा विहित रूप में संधारित किए जाऐंगे ।

227. जमा की वापसी:-

(i ) नगर पालिक निगम द्वारा ठेकदार या प्रदायकर्ता को यथा स्थिति अनुबंध के निबन्धनों एवं शर्तों के अनुसार और केवल संतोषप्रद ढंग से निर्माण कार्य या सेवाऐं प्रदाय के पूर्ण होने यथास्थिति हो, और पक्षकार के विरूद्ध नगर पालिक निगम के दावे के पूर्ण संतोषप्रद होने के पश्चात् ही सुरक्षा जमा वापस की जाएगी ।:

(2) डिपाजिट राशि को वापस चाहने वाले जमाकर्ता राशि की वापसी के लिये नगर पालिक निगम को जमा की गई राशि की मूल रसीद प्रस्तुत करेंगे । वापसी अधिकृत करते समय नंगर पालिक निगम के लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख यह सत्यापित करेगा की राशि वास्तव में ' बकाया है ।

(3) नगर पालिक निगम के लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख या उसके द्वारा अधिकृत अन्य अधिकारी, वापसी करते समय रसीद के सम्मुख शब्द "दिनांक को वापसी की गई" अभिलिखित करेगा और वापसी के भुगतान का विवरण जमा रसीद पर अंकित करेगा. जो भुगतान या वापसी के व्हाउचर की प्रतिलिपि के साथ संलग्न की जाएगी ।

228. कालातीत तथा दावा न किये गये जमाः-

(1 ) यदि वापसी योग्य डिपाजिट का तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों में दावा नहीं किया जाता है, ऐसे जमा व्यपगत हो जाएंगे और नगर पालिक निगम निधि में अंतरित कर जमा किए जाएंगे । नगर पालिक निगम निधि में जमा की गई ऐसी राशि मेयर- इन- कौंसिल की स्वीकृति के बगैर वापिस नहीं की जाएगी और जब ऐसी वापसी की जाती है तब पुनर्भुगतान की प्रविष्टि नगर पालिक निगम निधि को नामे कर की जाएगी ।

(2) संबंधित विभाग प्रमुख समस्त व्यपगत जमा की सूची तैयार करेगा और लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख को अग्रेषित करेगा । लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख इससे संतुष्ट होने पर यथास्थिति ठेकेदार या प्रदायकर्ता द्वारा वास्तव में तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों में राशि का दावा नहीं किया गया है , आय को मान्य करने संबंधी आश्यक जर्नल प्रविष्टि पारित करेगा । 1286(263) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

229. प्राप्त निक्षेप और अग्रिमों का मिलान:-

प्रत्येक माह के अन्त में संविदादारों या प्रदायकर्ताओं से प्राप्त जमा का, संबंधित लेज़र अकाउन्ट्स और निक्षेप या अग्रिम की पंजियों के साथ पुनर्मिलान किया जाएगा, जैसा राज्य सरकार द्वारा विहित किया जाए ।

230. (1 ) निर्माण कार्यों के लिये अग्रिम जमा राष्ट्रिच संपादन प्रतिभूति एवं सुरक्षा निक्षेप के स्वरूपः- (क) नगर निगम संविदादार से निर्माण कार्यों की अनुमानित ठेका लागत की अधिकतम 2 प्रतिशत तक डिमांड ड्राफ्ट या राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से अनुज्ञात कोई अन्य स्वरूप में अग्रिम जमा राशि प्रभारित करेगा । नगर पालिक निगम इसे स्वीकार करने के पूर्वजारी करने वाले बैंक से अग्रिम जमा राशि के स्वरूप का सत्यापन करेगा ।.

टिप्पणी:- अग्रिम जमा राशि की दर निम्नानुसार होगीः-

अनुक्रमांक

विशिष्टियां

दर

(1) दो लाख रूपये तक की निविदाओं के लिये

निविदा की लागत का 2 प्रतिशत किन्तु किसी भी प्रकरण में एक हजार रूपये से कम नहीं

(2)

1 प्रतिशत

दो लाख रूपये से अधिक तथा दस लाख रूपये तक की निविदाओं के लिये

(3)

0.75 प्रतिशत

दस लाख रूपये से अधिक तथा एक करोड़ रूपये तक की निविदाओं के लिये

(4)

0.5 प्रतिशत

एक करोड़ रूपये से अधिक की निविदाओं के लिए

(ख) नगर पालिक निगम निर्माण कार्यों की अनुमानित लागत के अधिकतम तीन प्रतिशत की, संपादन प्रतिभूति किसी अनुसूचित बैंक प्रतिभूति गारण्टी के रूप में अथवा अन्य किसी स्वरूप में जैसा राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से अनज्ञेय किया जाऐ, प्रभारित करेगा । नगर निगम इसे स्वीकार करने के पूर्व जारी करने वालेले बैंक से संपादन प्रतिभूति जमा के स्वरूप का सत्यापन करेगाः

(ग) ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले प्रत्येक' चल देयक (रनिंग बिल) में से प्रत्येक माईलस्टोन की उपलब्धि पर जैसा कि नगर पालिका निगम विनिश्चित करें, ठेके के सकल मूल्य का अधिकतम 7 प्रतिशत सुरक्षा जमा कांटा जाएग ।

(घ) नगर पालिक निगम, सफल बोलीदाता को निर्माण कार्यों का ठेका सौंपने के उपरान्त प्रत्येक असफल बोलीदाता की बयाना राशि विमुक्त करेगा तथा सफल बोलीदाता द्वारा प्रस्तुत बयाना मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(264)

राशि नगर पालिक निगम के साथ ठेका हस्ताक्षरित होने तक तथा निष्पादन प्रतिभूति एवं सुरक्षा जमा प्रतिधारण राशि के रूप अंतिम बिल के भुगतान के लिये अनुमोदन तक में रोकी जाएगी।

(2)आपूर्ति हेतु अग्रिम जमा राशि एवं संपादन प्रतिभूति के स्वरूपः-

(क) नगर निगम प्रदायकर्ता से पूर्ति के अनुमानित मूल्य की अधिकतम 2 प्रतिशत तक डिमांड ड्राफ्ट या राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से अनुज्ञात किसी अन्य स्वरूप में अग्रिम जमा राशि प्रभारितः करेगा । नगर निगम इसे स्वीकार करने के पूर्व जारी करने वाले बैंक से अग्रिम जमा राशि के स्वरूप का सत्यापन करेगा ।

नोटः अग्रिम राशि जमा की दर निम्नानुसार होगी:-

अनुक्रमांक

विशिष्टिया

दर

(1) दो लाख रूपये तककी निविदाओं के लिये

निविदा की लागत का 2 प्रतिशत किन्तु किसी भी प्रकरण में एक. हजार रूपये से कम नहीं (2)

1.प्रतिशत

दो लाख रूपये से अधिक तथा दस लाख रूपये तक की निविदा के लिये

(3)

0.75 प्रतिशत

दस लाख रूपये से अधिक तथा एक करोड़ रूपये तक की निविदाओं के लिये

(4)

-0.5 प्रतिशत

एक करोड़ रूपये से अधिक की निविदाओं के लिए

(ख) नगर पालिक निगम सफल बोलीदाता को सफल आपूर्ति का ठेका सौंपने के पश्चात् प्रत्येक असफल बोलीदाता की अग्रिम जमा राशि विमुक्त करेगा तथा ठेका हस्ताक्षरित होने तक सफल बोलीदाता अग्रिम जमा राशि जमा को रखेगा ।

(ग) नगर पालिक निगम प्रत्येक सफल बोलीदाता से आपूर्ति के अनुमानित मूल्य का 2 प्रतिशत, * यदि आपूर्ति किये जा रहे माल की लागत 5 लाख रूपये से कम है तथा आपूर्ति किये जा रहे माल की लागत 5 लाख रूपये एवं अधिक होने पर 1 प्रतिशत राशि संपादन प्रतिभूति के रूप में प्रभारित करेगा ।

(घ) नगर पालिक निगमकिसी अनुसूचित बैंक से बैंक गारण्टी के रूप में अथवा अन्य किसी स्वरूप में,जैसा राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से अनुमत्य किया जाये, निष्पादन प्रतिभूति स्वीकार करेगा । नगर निगम इसे स्वीकार करने के पूर्व जारी करने वाले बैंक द्वारा दी गई निष्पादन प्रतिभूति के स्वरूप का सत्यापन करेगा । 1286(265) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(ङ) नगर पालिक निगम प्रत्येक आपूर्ति की गुणवत्ता जाँच सुनिश्चित करने के बाद भुगतान हेतु अंतिम बिल के अनुमोदन तक प्रतिधारण राशि के रूप में निष्पादन प्रतिभूति रोक कर रखेगा । (3 ) सेवाओं हेतु बिड सिक्यूरिटी एवं निष्पादन प्रतिभूति के स्वरूप:

(अ) बिड सिक्यूरिटी:- नगर पालिक निगम सेवा प्रदाता से सेवाओं के अनुमानित मूल्य का 2 प्रतिशत यदि सेवाओं की अनुमानित मूल्य 10 लाख रूपये से कम है या अनुमानित मूल्य का 1 प्रतिशत बिड सिक्यूरिटी के रूप में प्रभारित करेगा यदि सेवाओं की अनुमानित लागत 10 लाख रू से अधिक हो । नगर पालिक निगम किसी अधिसूचित बैंक के डिमाण्ड ड्राफ्ट के रूप में या राज्य शासन द्वारा विशेष रूप से अनुमत्य किसी अन्य फार्म के रूप में बिड सिक्यूरिटी स्वीकार करेगा । स्वीकार करने से पूर्व नगर पालिक निगम जारी कर्ता बैंक द्वारा दी गई बिड सिक्यूरिटी के स्वरूप का सत्यापन करेगा । (ब) नगर पालिक निगम सफल बोलीदाता को सेवाएं सौंपने के बाद प्रत्येक असफल बोलीदाता की बिड सिक्यूरिटी विमुदत्त करेगा तथा नगर पालिक निगम के साथ सेवाओं का अनुबंध हस्ताक्षरित होने तक' सफल बोलीदाताः की बिड सिक्यूरिटी रोक कर रखेगा । (स) निष्पादन प्रतिभूतिः नगर पालिक निगम सेवा प्रदाता से संविदा के मूल्य के अधिकतम 5 प्रतिशत तक किसी अनुसूचित बैंक द्वारा जारी बैंक गारण्टी के रूप में अथवा राज्य शासन द्वारा विशेष रूप से अनुमत्य किसी अन्य स्वरूप में निष्पादन प्रतिभूति प्राप्त करेगा । स्वीकार करने से पूर्व नगर पालिक निगम जारी कर्ता बैंक द्वारा दी गई निष्पादन प्रतिभूति के स्वरूप का सत्यापन करेगा ।

(द) नगर पालिक निगम सेवाओं के अंतिम परिदानों की गुणवत्ता जाँच सुनिश्चित करने के बाद भुगतान हेतु अंतिम बिल के अनुमोदन तक निष्पादन प्रतिभूति को प्रतिधारण राशि के रूप में रोक कर रखेगा।

अध्याय-तेरह बजट

बजट तैयार करने की प्रक्रिया एवं स्वरूपः- 234.

(1) आयुक्तः प्रतिवर्ष 30 नवम्बर या उससे पूर्व राज्य सरकार द्वाराविहित प्ररूपों में वार्षिक बजट अनुमान तैयार करेगा एवं मेयर- इन- कौंसिल के समक्ष प्रस्तुत करेगा ।

(2) अनुमान इस प्रकार तैयार किये जाएंगे जिनमें अंतिम शेष (Closing Balance) का प्रावधान किया जाएगा जिसे वित्तीय वर्ष के अन्त तक नगर निगम द्वारा इसके खाते में जमा रखा जाएगा जो ऐसी राशि से कम नहीं होगा जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कीगयी हो । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(266)

(3) जब भी आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की पूर्व स्वीकृतिके पश्चात् आरक्षित निधि का उपयोग किया जाता है तो ऐसे उपयोग हेतु स्वीकृति में निर्धारित की गई अवधि के भीतर उसकी फिर से भरपाई की जाएगी ।.

(4) अगले वित्तीय वर्ष के लिये बजट प्रस्तुत करते समय पिछले वित्तीय वर्ष के अंतशेष में 10 प्रतिशत से अधिक घट- बढ़ होगी तो उसके कारणों हेतु एक स्पष्टीकरण की टीप भी बजट में संलग्न की जाएगी ।

(5) नगर निगम के स्वयं के राजस्व से वार्षिक अनुमानित आय का कम से कम 25 प्रतिशत झोपड़ी क्षेत्रों के निवासियों सहित शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएं " प्रदान करने के लिए चिन्हांकित किया जाएगा ।

टिप्पणी- इस नियम के उद्देश्यों के लिए "शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएं" जल की आपूर्ति हेतु पूंजीगत एवं राजस्व खातों से जल निकासी, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जोड़ने वाली सड़कों, स्ट्रीट लाईटिंग, सार्वजनिक उद्यानों एवं खेल मैदानों, सामुदायिक एवं आजीविका (रोजगार) केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, पूर्व प्राथमिक शिक्षा केन्द्र, गरीबों के समर्थ योग्य आवास पर होने वाले व्यय सम्मिलित होंगे ।

(6) यदि " शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाएं " के लिए एक वित्तीय वर्ष में बजट आवंटन उस वित्तीय वर्ष के अंत तक अप्रयुक्त रहता है तो अप्रयुक्त बजट के समतुल्य राशि शहरी गरीबों के लिए मूलभूत सेवाओं की निधि को हस्तांतरित कर दी जाएगी, तथा बाद के वर्षों में उपयोग में लाने के लिए अग्रेषित की जाएगी । " शहरी गरीबों के लिए : मूलभूत सेवाएं " के लिए बजट प्रावधान "व्यपगत न होने वाले" होंगे ।

(7) आयुक्त तैयार करेगाः-

(क) समस्त शेषों का अनुनान, यदि कोई जो आगामी वित्त वर्ष के आरम्भ में व्यय अथवा.. विनियोग हेतु उपलब्ध होंगे;

(ख) कराधान के अलावा अगले वित्त वर्ष हेतु नगर निगम की प्राप्तियों एवं आय का अनुमान;

(ग

) वर्तमान कराधान से प्राप्ति का एक अनुमान; एवं

(घ) कराधान प्रस्तावों का विवरण जिनका उसकी राय में अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत अगले वित्तीय वर्ष में अधिरोपण आ यकया समीचीन होगा एवं ऐसे कराधान से प्राप्ति का एक अनुमान ।

टिप्पणी:- किसी विशेष निधि का कोई शेष यदि उपलब्ध हो उपनियम (7)के क्लाज़ (क) के अधीन अगले वर्ष के आरम्भ में व्यय या पुनर्विनियोजन के लिये उपलब्ध नहीं माना जाएगा,सिवाय उस व्यय के संबंध में जो उपनियमों के अंतर्गत ऐसी 1286(267) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

निधियों से किया जाएगा एवं आयुक्त निश्चित करेगा कि इस शेष का संपूर्ण या कोई अंश अगले वित्तीय वर्ष के आरम्भ में ऐसे व्यय हेतु उपलब्ध शेष के रूप में लिया जाएगा । :

(8 ) नवम्बर के 30 वें दिन के बाद यथाशीघ्र मेयर-इन-कौंसिल, आयुक्त द्वारा तैयार बजट अनुमान पर विचार करेगी एवं इसके सिवा ऐसे संशोधन एवं परिवर्धन करेगी जिसे उचित समझे एवं उसे निगम को प्रति वर्ष 15 जनवरी तक प्रस्तुत करेगी ।

235. बजट का सारः- यथाशीघ्र जैसे ही निगम द्वारा बजट को अंतिम रूप से अंगीकृत किया जाता है, नगर निगम के प्रत्येक विभाग लिये अंगीकृत बजट का सार तैयार किया जाएगा तथा इसके द्वारा अपनाए गए बजट की प्रतियाँ राज्य सरकार को सूचनार्थ प्रस्तुत की जाएंगी। 236. बजट प्रावधानों के बिना कोई भी व्यय नह। किया जानाः- कोई भी व्यय किये जाने से पूर्व राशि के आवंटन के लिये इसके संबंधित बजट शीर्ष में चिन्हित किया जाना चाहिये । जिसके लिये बजट में प्रावधान नहीं है कोई भी व्यय नहीं किया जाएगा जब तककिः-

(क) वह बजट में सुनिश्चित बचत से किया जा सकता है; या

(ख) (1)

कम करता है, तब आयुक्त यदि नगर निगम राज्य सरकार का ऋणग्रस्त नहीं है और व्यय विशेष बैठक में स्वीकृत किया गया है और यदि वह अंतिम शेष को घटाकर विहित न्यूनतम से. गरीय प्रशासन और विकास विभाग की स्वीकृति भी प्राप्त कर ली गई हो..

(2) यदि नगर निगम राय सरकार का ऋणग्रस्त है, तब आयुक्त नगरीय प्रशासन और विकास विभाग की स्वीकृति प्राप्त कर ली गई हो ।

टिप्पणी (1 ) अधिनियम में अवधारित सीमाओं के अध्यधीन रहते हुये मेयर- इन- कौंसिल या मेयर- इन-कौंसिल की अनुपस्थिति में आयुक्त, आपातकालीन स्थिति में, निधियों का पुनर्विनियोजन स्वीकृत कर सकेगा एवं मेयर- इन- कौंसिल का अनुमोदन उसकी अगली बैठक में प्राप्त किया जाएगा ।

(2) पुनर्विनियोजन प्रस्ताव की आवश्यकता का पूर्वाभास होते ही उसे यथाशीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा परन्तु व्यय किये जाने के पश्चात् नहीं ।

(3) अधिनियम के प्रावधानों के अध्यधीन, यदि भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा किसी नई योजना एवं परियोजना की स्वीकृति के या बजट पारित होने के बाद उत्पन्न अनपेक्षित करणों केपरिणामस्वरूप किसी भी शीर्ष के अंतर्गत व्यय किए जाने हेतुनिधियों की आवश्यकता होती है, नगर निगम एक पूरक बजट तैयार कर सकता है । :

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(268)

(4) बजट अनुमान में रखी गई परिचालनों की सामान्य योजना को जानबूझकर अलगं नहीं रखा जाएगा एवं निर्माण कार्यों के प्रावधान में से बचत को सामान्यतया राजस्व व्यय की पूर्ति के लिये पुर्वनियोजित नहीं किया जायेगा ।

(5) चिन्हित अनुदान का उपयोग उसी प्रयोजन के लिये किया जाएगा जिसके लिये स्वीकृत हुआ है एवं उसका उपयोग अन्य प्रयोजन पर या तो अस्थायी रूप से अथवा स्थायी रूप से, आयुक्त, नगरीय प्रशासन और विकास विभाग की पूर्व स्वीकृति के बिना नहीं किया जाएगा ।

(6) इस नियम के क्लाज़ (क) में वर्णित शब्द "बजट में" अनुमानित प्रारम्भिक शेष के ऊपर वास्तविक आधिक्य को या अनुमानित अंतिम शेष में नियत न्यूनतम शेष के आधिक्य को सम्मिलित नहीं करता है ।

(7) कोई भी राशि जिसे निगम ने एक संकल्प द्वारा किसी विशेष प्रयोजन के लिये पृथक रखी है, उसी प्रयोजन पर उपयोग की जाएगी जिसके लिये चिन्हित की गयी है एवं ' किसी अन्य प्रयोजन पर अस्थायीया स्थायी रूप से निगम की पूर्व स्वीकृति के बिना उसका उपयोग नहीं किया जायेगा। इस रीति से विशेष प्रयोजन के लिये पृथक रखी गई कोई भी राशि जब तक कि वह अव्ययित रहती है, नगर निगम के विहित . अंतिम शेष में परिवर्धन के रूप में मानी जाएगी ।

237. बजट प्रावधान के अभाव में , भुगतान पर प्रतिबन्ध नहींः- बजट प्रावधान के अभाव में नगर निगम द्वारा देय किसी राशि के भुगतान पर रोक नहीं होगी, ना ही संबंधित लेखा शीर्ष के अधीन वास्तविक भुगतान को अभिलिखित करने पर कोई प्रतिबन्ध होगा । बजट प्रावधान के अभाव में कोई भी भुगतान "अग्रिम" के अन्तर्गत वर्गीकृत नहीं होगा । समस्त दायित्वों का परिसमापन किया जाएगा एवं किसी भी परिस्थितियों में अगले वित्तीय वर्ष के बजट अनुदान से निर्वहन करने के लिये स्थगित नहीं रखा जाएगा और न ही भुगतान अथवा वापसियों को वित्तीय वर्ष के माह के अंतिम दिन के लिये स्थगित किया जाएगा ।

238. बजट विसंगतिः- बजंट विसंगति का प्रतिवेदन राज्य सरकार द्वारा विहित प्ररूप में त्रैमासिक आधार पर या ऐसे समय के अन्तराल पर, जैसा कि नगर निगम द्वारा निर्णय किया जाए , तैयार किया जाएगा एवं आयुक्त को प्रस्तुत 'किया जाएगा जो उसे समीक्षा और समुचित निर्णय के लिये मेयर- इन-कौंसिल के समक्ष प्रस्तुत करेगा। 1286(269)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

अध्य-चौदह

सार्वजनिक निजी भागीदारी

239. सार्वजनिक अधोसंरचनाएं और सेवाएं जिसमें नगर निगम की अधोसंरचनाएं और सेवाओं के विकास, संचालन, रखरखाव और प्रबंधन से संबंधित राज्य सरकार की किसी नीति के प्रावधानों के अध्यधीन या जारी की गई अधिसूचनाओं अथवा अन्ध आदेशों के अनुसरण में नगर निगम, अधिनियम में विहित या राज्य सरकार द्वारा समनुदेशित अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में नगरीय अधोसंरचनाओं, या सेवाओं, जल प्रदाय , जल एवं मल निकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, व्यवसायिक अधोसंरचना इत्यादि, की आपूर्ति हेतु किसी कम्पनी, फर्म, सोसायटी, न्यास , या किसी निगमित संस्था या किसी संस्थान या कोई एजेन्सी या तत्समय लागू किसी अन्य विधि के अन्तर्गत (इसमें इसके पश्चात् इनका अस्तित्व अलग-अलग और सामूहिक, निजी कार्यक्षेत्र भागीदार के रूप में संदर्भित) नगर निगम की ऐसी परियोजना के निर्माण, रख रखाव और संचालन वित्त व्यवस्था, संबन्धी किसी परियोजना के लिये सार्वजनिक निजी भागीदारी अनुबन्ध, निष्पादित कर सकता है ।

240. नियम 239 में संदर्भित सार्वजनिक निजी भागीदारी व्यवस्थाओं में निम्नलिखित सम्मिलित होंगे किन्तु यहीं तक सीमित नहीं होंगेः-

(क) निर्माण-स्वामित्व-संचालन-हस्तांतरण, अनुबन्धः

(ख) निर्माण-स्वामित्व-संचालन-संधारण अनुबन्धः

(ग) निर्माण एवं हस्तांतरण अनुबन्ध;

(घ) निर्माण-पट्टा हस्तांतरण अनुबन्ध;

(च) निर्माण हस्तांतरण- संचालन अनुबंध;

(छ) पट्टा और प्रबन्धन अनुबन्ध;

(ज) प्रबन्धन अनुबन्धः

(झ) पुनर्वास संचालन- हस्तांतरण अनुबन्धः

(प) पुनर्वास-स्वामित्व-प्रचालन- संधारण अनुबन्ध;

(फ) सेवा अनुबन्धः एवं

(ब) प्रदाय-प्रचालन -हस्तांतरण अनुबन्ध।

i

241 . (1) सार्वजनिक निजी भागीदारी अनुबंध में राज्य सरकार द्वारा समय- समय पर संशोधन सहित जारी दिशा निर्देशों में विहित निबन्धनों एवं शर्तों का पालन किया जाएगा ।

(2) यदि राज्य सरकार द्वारा विशिष्ट प्रकार की परियोजनाओं हेतु कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हों, भारत सरकार या वित्त आयोग द्वारा सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजनाओं हेतु जारी एवं समय - समय पर संशोधित मॉडल दिशा-निर्देशों, नियमों एवं या/ उपनियमों, जैसा उपयुक्त हो का नगर निगम द्वारा पालन किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(270)

परन्तु जहाँ अधिनियन के अंतर्गत बनाये गये नियमों एवं उपनियमों के प्रावधान दिशा-निर्देशों के विरोध में हों, नियम एवं उसके बाद उपनियम अभिभावी रहेंगे । 242. (1) एक व्यक्ति के साथ कोई अनुबन्ध अथवा सार्वजनिक निजी भांगीदारी हेतु कोई व्यवस्था के निष्पादन करने के पूर्वआयुक्त, नियम 241 के उप नियम (1 ) के अनुसार राज्य शासन के द्वारा निर्धारित किये गये उपायों के माध्यम से स्वयं को संतुष्ट करेंगे किः-

(क) परियोजना की प्रकृति, कार्यक्षेत्र एवं सीमा, कौन्सिल द्वारा स्पष्ट रूप से समझ ली गई है एवं ऐसी परियोजना के भीत्तर अंतर्निहित कृत्यों के संबंध में अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत् निर्वचन किया जा सकता है ।

( ख) नगर निगम एवं निजी क्षेत्र भागीदार कोएक दूसरे एवं जनता के प्रति बाध्यताओं , दायित्वों के रूप में जिम्मेदारियाँ वृहत् रूप से स्पष्ट हैं और अधिनियम के प्रावधा के अनुसार हैं ।

(ग) क्या प्रस्तावित निजी क्षेत्र भागीदारी सन्निहित करने की प्रकृति के परिणामस्वरूप प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत आच्छादित संबंधित कृत्यों के लिये दक्षता अत्यधिक बढ़ जाएंगी तथा

(घ) जैसा नियम 250 में निर्दिष्ट है सक्षम प्राधिकारी द्वारा तकनीकी अनुमोदन प्रदान किया गया है ।

(2) आयुक्त नियम 241 के अनुरूप यह भी सुनिश्चित करेंगे किः

(क) परियोजना वित्तीय रूप से व्यवहार्य है तथा समान परिस्थितियों में अन्यत्र समान परियोजनाओं की तुलना में सन्निहित निजी पार्टी के निवेश पर कुछ प्रति लाभ देती है ।

(ख) राज्य शासन या भारत सरकार से आवश्यक वित्तीय सहायता,यदि कोई हो, पक्की है, एवंः ऐसी वित्तीय सहायता के लिये आवेदन से शासन को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया है । तथा

)عل( परियोजना के निर्माण के चरण के दौरान (यदि प्रयोज्य हो)या उसके परिचालन चरण के दौरान इसकी निष्पादन की प्रगति सॉनीटर करने के लिये नगर निगम के भीतर एक उपयुक्त प्रणाली स्थापित है ।

243. सम्भाव्यता प्रतिवेदन तैयार करने की लागत नगर निगमः द्वारा वहन की जाएगी, जब तक कि इसे केन्द्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्रवर्तित किसी योजना या कार्यक्रम के अन्तर्गत तैयार किया गया हो जिसमें सम्भाव्यता प्रतिवेदन यार करने की लागत के लिये निधि की व्यवस्था हो ।

244. (1) आयुक्त या सुनिश्चित करेगा कि परियोजना की संरचना, नगर निगम की प्रस्तावित 1286 (271) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्राप्तियाँ एवं देनदारियाँ राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किये अनुसार किसी व्यक्ति या प्राधिकारी के समक्ष सूक्ष्म जाँच के लिये प्रस्तुत की गई है ।

(2) जहां आयुक्त ने उपनियम (1) में वर्णित प्रक्रिया के दौरान प्राप्त हुए अभिमतों, आपत्तियों एवं सुझावों का निराकरण कर दिया हो वह प्रस्तावित निबन्धनों एवं शर्तों सहित एक प्रतिवेदन मेयर- इन- कौंसिल के समक्ष प्रस्तुत करेगाः

परन्तु शब्द " निराकरण " अभिमतों, आपत्तियों एवं सुझावों को स्वीकार करने या अमान्य करने के संबंध में की गई किसी कार्यवाही के लिये प्रयोज्य होगाः

परन्तु यह और कि आयुक्त, मेयर-इन- कौंसिल को प्रस्तुत किये गये प्रतिवेदन में उपरोक्त उपनियम (2 ) के प्रावधानों के अनुसार प्राप्त हुए प्रत्येक अभिमत , आपत्ति एवं सुझाव के सम्मुख की गई कार्यवाही को विनिर्दिष्ट करेगा ।

245. (1) कार्य की प्रकृति एवं नगर पालिक निगम पर वित्तीय दायित्व के मूल्य के आधार पर परियोजना के लिये वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के लियेमेयर - इन-कौंसिल संबंधित प्राधिकारी को नियम 251 में निर्दिष्ट किए गए रूप में ऐसी शक्तियाँ प्रत्यायोजित करेगी । (2) जहां नगर पालिक निगम पर वित्तीय दायित्व का मूल्य, नगर निगम से वित्तीय स्वीकृति के लिये अपेक्षित मूल्य के समान हो, मेयर- इन-कौंसिल नियम 244 के उप नियम (2 ) में निर्दिष्ट अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप निर्णय कर परियोजना पर आगे बढ़ने एवं कोई अभिमत, आपत्तियों या सुझावों जिनके सम्मुख आयुक्त ने किसी प्रकार का : निराकरण उल्लिखित किया है उसे स्वीकार या अस्वीकार करने के लिये एक प्रतिवेदन कौंसिल के समक्ष रखेगा।

(3) निगम, अधिनियम एवं नियमों में विनिर्दिष्ट रूप में निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार प्रस्तावित परियोजना के लिये अनुमोदन प्रदान करने उसे अस्वीकार करने या परियोजना को कुछ संशोधनों के साथ पुनर्विचार करने के लिए जैसा ठीक समझे संकल्प पारितं करेगा ।

246. (1) यदि सार्वजनिक निजी भागीदारी परियोजना में व्यवहार्य अन्तराल निधि अपेक्षित होती है तो नगर निगम प्रस्ताव को संचालक, संस्थागत वित्त (पीपीपी प्रकोष्ठ) द्वारा विहित फार्मेट में सार्वजनिक निजी भागीतारी के लिये राज्य स्तरीय समिति को प्रस्तुत करेगा । टिप्पणी- व्यवहार्य अन्तराल निधि, पूंजी अनुदान के रूप में दी जाने वाली वित्तीय सहायता का परिमाण है , जो परियोजना निर्माण स्तर पर एवं संचालन और संधारण अवधि के दौरान जैसा कि विनिश्चय हो एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा के अध्यधीन दी जाती है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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(2) राज्य स्तरीय समिति द्वारा व्यवहार्य अन्तराल निधि के अनुमोदन पर, निबन्धन एवं शर्तें, यदि कोई हों, संलग्न हों और/ या जो अनुमोदन का भाग होगा, उसका नगर निगम द्वारा पालन किया जाएगा ।

247. सार्वजनिक निजी भागीदारी अनुबंधों के ये नियम 142 लागू होगा ।

अध्याय पन्द्रह

शक्तियों का प्रत्यायोजन

248. सामान्यः- अधिनियम में विनिर्दिष्ट और पूर्ववर्ती नियमों के अध्यधीन नगर निगम के विभिन्न संव्यवहारों का अनुमोदन या स्वीकृति देने के लिये विभिन्न अधिकारियों को प्रत्यायोजित शक्तियों को इसके नीचे उपवर्णित किया गया है ।

249. प्रशासकीय अनुमोदनः अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन किये बिना तथा नियम 250 के अनुपालन के साथ, नियम 251 के अनुसार प्राधिकारियों को समस्त निर्माण कार्यों, आपूर्ति तथा सेवाओं हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की पूर्ण शक्ति होगी ।

250. तकनीकी स्वीकृतिः- अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन किये बिना, तकनीकी स्वीकृति प्राधिकारियों को प्रत्येक अंतिम विस्तृत योजनाओं तथा प्राक्कलनों में उल्लिखित राशि की सीमा तक की तकनीकी स्वीकृति देने की शक्ति होगीः-

(एक) समस्त नवीन निर्माण कार्यों के लियेः-

क्र.

शक्तियाँ

शर्ते

तकनीकी स्वीकृति प्राधिकारी

(1)

(2)

(3)

(4)

1

सहायक यंत्री

रूपये एक लाख तक

2 कार्यपालन यंत्री

रूपये एक लाख से अधिक परन्तु रूपये दो करोड़ से अधिक नहीं

3

अधीक्षण यंत्री

रूपये दो करोड़ से अधिक परन्तु रूपये पाँच करोड़ से अधिक नहीं

4 मुख्य अभियन्ता रूपये पाँच करोड से अधिक परन्तु रूपये दस करोड़ से अधिक नहीं

यदि विस्तृत प्राक्कलनों की राशि प्रशासकीय अनुमोदन से 20प्रतिशत या अधिक बढ़े,प्राक्कलन स्वीकृत करने से पूर्वपुनः प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त किया जाना चाहिये ।

5 प्रमुख अभियन्ता

दस करोड़ से अधिक पर पूर्ण

शक्तियाँ

1286(273)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(दो)समस्त मरम्मत कार्यों के लिये क्र.

M

तकनीकी स्वीकृति प्राधिकारी

(2)

(1)

(1) सहायक यंत्री,

कार्यपालन यंत्री (2)

अधीक्षण यंत्री

(3)

(4) मुख्य अभियन्ता (5) प्रमुख अभियन्ता शक्तियाँ

शर्तें (3)

(4) रूपये पचास हजार तक

रूपये पचास हजार से अधिक परन्तु रूपये पाँच लाख से अधिक नहीं

रूपये पाँच लाख से अधिक परन्तु रूपये बीस लाख से अधिक नहीं

रूपये बीस लाख से अधिक परन्तु रूपये एभास लाख से अधिक नहीं

रूपये पचास लाख से अधिक पर पूर्ण शक्तियाँ

टिप्पणी- ऐसी स्थिति में जब कोई सहायक यंत्री नहीं हों, तकनीकी स्वकृिति देने की शक्तियों कार्यपालन यंत्री में वेष्ठित रहेंगी । वित्तीय शक्तियाँः- विभिन्न प्राधिकारियों में वित्तीय शक्तियाँ निम्नानुसार वेष्ठित होंगीः- 251.

प्राधिकारी

अनु क्र

शहर / नगर की जनसंख्या

पाँच लाख से अधिक

(1)

(2)

(1)

पाँच लाख तक

(3)

(4)

रूपये चालीस लाख तक

रूपये दो करोड़ तक

निगम आयुक्त

महापौर

(2)

(3) मेयर-इन-कौंसिल

निगम

रूपये दो करोड़ से अधिक परन्तु रूपये पाँच करोड़ से अधिक नहीं

रूपये चालीस लाख से अधिक परन्तु रूपये दो करोड़ से अधिक नहीं

रूपये पाँच करोड़ से अधिक परन्तु रूपये दस करोड़ से अधिक नहीं

रूपये दो करोड़ से अधिक परन्तु रूपये पाँच करोड़ से अधिक नहीं

रूपये पाँच करोड़ से अधिक

रूपये दस करोड़ से अधिक

(4)

बाह्य सहायताः प्राप्त परियोजनाओं , केन्द्र प्रवर्तित योजनाएं , निक्षेप कार्य या राज्य सरकार की विशिष्ट परियोजनाओं के मामले में राज्य सरकार, बढ़ी हुई वित्तीय शक्तियों का प्रयोग करने हेतु मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

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आयुक्त या मेयर- इन- काउंसिल को आदेश द्वारा , प्राधिकृत कर सकती है, जैसा कि वह उचित समझे।

m

252. निविदा समिति (1 ) निविदा समिति निम्न से मिलकर बनेगीः-

(i) आयुक्त

अध्यक्ष (ii)

सदस्य कार्यपालन यंत्री, यदि उपलब्ध हो, अन्यथा सहायक यंत्री और यदि वह भी उपलब्ध नहीं है तब उपयंत्री

(iii)

सदस्य लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख यदि उपलब्ध हो अन्यथा आयुक्त द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य व्यक्ति

(iv)

सदस्य भंडार अनुभाग का प्रमुख यदि उपत् ध हों अन्यथा आयुक्त द्वारा प्राधिकृ तःकोई अन्य व्यक्ति

(v) उस विभाग का प्रमुख जिसके विभाग से निर्माण कार्य संबंधित है । सदस्य सचिव (2) अधिनियम में दिए अनुसार उपरोक्त निविदा समिति सवकृति प्राधिकारी को अपनी सिफारिशें प्रदान करेगी । यदि स्वीकृति प्राधिकारी निविदा समिति की सिफारिशों से सहमत नहीं है तो उसके कारणों को विस्तार से लिखित रूप में अभिलिखित करके उससे वरिष्ठ प्राधिकारी के आदेश प्राप्त करना होंगे ।

253. निविदा स्वीकृतिः- निर्माण कार्यों, माल और सेवाओं की निविदाओं की स्वीकृति निम्नानुसार होगी:-

(अ) एकल स्रोत अधिप्राप्तिः मेयर-इन- कौंसिल की स्वीकृति से इन नियमों के नियम 91 तथा नियमं 119 के अनुपालन के अध्यधी, अधिकतम रूपये एक लाख तकः

(ब) विज्ञापित निविदा के लिये नियम 251 में प्राधिकारियों में वेष्ठित वित्तीय शक्तियों की सीमा तकः

(स) नगर निगमकेन्द्र प्रवर्तित या राज्य समर्थित कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों के अनुसार राज्य स्तरीय तकनीकी समिति से अनुमोदन लेगा । प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृतियाँ प्राधिकारियों में नियम 251 के अनुसार वेष्ठितं होंगी । 254. संविदा दर (रेट कांन्ट्रैक्ट):- नैत्यिक, सामान्य, साधारण मरम्मत कार्यों के लिये नगर निगम, राज्य सरकार की मध्य प्रदेश निर्माण कार्य विभाग नियमावली के प्रावधानों के अनुपालन में वार्षिक रेट कान्ट्रैक्ट की निविदाएं आमंत्रित कर सकता है । वार्षिक रेट कान्ट्रैक्ट नगर निगम एवं ठेकेदार या प्रदायकर्ता या सेवा प्रदाता के बीच एक अनुबंध होगा, जैसा भी प्रकरण हो, कि ठेके में कवर्ड वित्तीय वर्ष के दौरान विनिटिं मूल्य पर ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य सम्पादित किया जाएगा या प्रदायकर्ता द्वारा माल, सामग्री एवं सेवाओं का प्रदाय किया जाएगा । ऐसे 1286(275) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

:

निर्माण कार्य हेतु या प्रदाय के प्रभारी अधिकारों द्वारा सामग्री प्रदाय की मांग पृष्ठांकित करने के पश्चात् आयुक्त निर्माण कार्यों या सामग्री एवं सेवाएं प्रदाय करने के लिये आदेश जारी करेगा । 255. विभिन्न श्रेणियों के नगर निगम के लिये वार्षिक दर संविदा की शक्तियाँ निम्नानुसार रहेंगीः-

व्यय

वर्गीकरण

स.क्र.

रूपये पाँच करोड़ 1 पाँच लाख से अधिक तक की जनसँख्या वाला नगर निगम

रूपये दो करोड़ 2 पाँच लाख तक की जनसँख्या वाला नगर निगम

256.. आयटम्स, जिन्हें वार्षिक आधार पर दरंविदा पर कराने के लिए नगर निगम विचार कर सकेगाः-

(अ) निर्माण कार्यों एवं सामग्री की आपूर्ति के लिए:

i

(i) डब्ल्यू.बी.एम सड़क का पैच रिपेयर्स कार्य;

(ii) सड़क का पैच रिपेयर्स कार्य;

(iii ) प्रबलित सीमेन्ट कांक्रीट / सीमेन्ट कांक्रीट सड़क मरम्मत कार्य;

(iv) क्षतिग्रस्त पुल, पुलियों का मरम्मत कार्य; ..

(v) क्षतिग्रस्त नाली (ईंट द्वारा निर्मित नाली, पत्थर की नाली, आरसीसी नाली अर्ध गोलाकार पाइप नाली, व्ही- शेप नाली इत्यादि) का मरम्मत कार्य

(vi ) भवनों की मरम्मत का कार्य

(vii ) हैण्ड पम्प के मरम्मत कार्य और सामान्य कार्य

(viii) जल प्रदाय पाइप लाइन के मरम्मत कार्य तथा सामान्य कार्य;

(ix ) विद्युत उपकरण का उम्मत कार्य और सामान्य कार्य; एवं

सामग्रियों जो उपकरणों की मरम्मत और सामान्य कार्य के उपयोग में आती हैं । (x)

(ब) सेवाओं के लिए

(i) शासकीय बैठकों/ कार्यशालाओं में जलपान परोसना;

(ii ) बैठकों/ सम्मेलनों / संगोष्ठियों / कार्यशाला के दौरान दोपहर का भोजन (लंच)देना;

(iii ) राष्ट्रीय और राजकीय त्यौहारों के अवसर पर व्ययः

(iv) समारोह और विशेष अवसरों पर व्यय;

(v.) टेंट हाउस सेवाओं एवं फूल विक्रेताओं की सेवा लेना, तथा मिठाई का वितरण;

(vi ) कार्यालयीन लेखन- सामग्री, रंगीन / ब्लैक एंड व्हाईट फोटो कॉपी तथा दस्तावेजों की स्पाइरः बाइंडिंग;

(vii) किसी भी इलेक्ट्रॉनिक वस्तु की फिटिंग , मरम्मत तथा बदलाव;

(viii ) ध्वज , निमंत्रण पत्र, पर्चों और बोर्ड का मुद्रण;

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(276)

(ix) कंप्यूटर मरम्मत और संबंधित आइटम्स;

(x)

उपकरणों, फर्नीचर एवं फिटिंग्स का नवीनीकरण ।

(स) वार्षिक रखरखाव प्रभारः- स्ट्रीट लाइट प्वाइंट्स, नगर निगम कार्यालय के एयर कंडीशनर, एयर कूलर, फ्रिज, छपाई मशीन, फोटो कॉपी मशीन, टेलीफोन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, फर्नीचर एवं फिटिंग्स के लिए नगर निगम के बजट में निर्धारित सीमा एवं नियम 251 के अंतर्गत विभिन्न प्राधिकारियों को शक्तियों के प्रत्यायोजन के अनुसार । 257. ठेकों के निष्पादन की रीतिः-

(1) नगर निगम की ओर से आयुक्त द्वारा निष्पादित किये जाने वाला प्रत्येक देका अनुबन्ध ऐसे स्वरूप में सम्पादित किया जाएगा जो कि आयुक्त पर बन्धनकारी होगा, यदि ऐसा : ठेका (अनुबन्ध) उसके स्वयं की ओर से किया गया होता ।

(2) ठेके पर दिये गये प्रत्येक निर्माण कार्य के लिये ठेके की शर्तों एवं निबन्धनों और शास्तियों, जिसके लिये ठेकेदार या विक्रेता दायी होगा, यदि वह ठेके की सभी या किसी शर्त का पालन करने में असफल रहता है, को विनिर्दिष्ट करते हुये अनुबन्ध स्टाम्प पेपर पर तैयार किया जाएगा ।

258. भंडार से संबंधित शक्तियाँः- अधिशेष या अनुपयोगी भंडारों की घोषणा, अपलेखन तथा निपटान के लिये प्राधिकारी और तत्स्थानी शक्तियाँ निन्नानुसार होंगीः-

विवरण

प्राधिकारी

शक्तियाँ वाहनों के स्पेयर पार्टस सहित भंडार को

(i)

आयुक्त मेयर- इन- कौंसिल

आधिशेषया अनुपयोगी 'रूप में घोषित करने संबंधी आदेश जारी करना, सिवाय उनके जो हानि के अन्तर्ग्रस्त नहीं हैं

नियम 251 में प्राधिकारी में वेष्ठित वित्तीय शक्तियों के अनुसार पूर्ण शक्तियाँ ( ii) स्टाक के मूल्य ह्रास के कारण हानियाँ

आयुक्त

पूर्ण शक्तियाँ (iii)

आयुक्त

पूर्ण शक्तियाँ चोरी या व्यक्तिगत लापरवाही के कारण भंडार की हानि का अपलेखन

(iv) बोलीकर्ताओं को भंडार का विक्रय

आयुक्त

पूर्ण शक्तियाँ टिप्पणीः आयुक्त उस सीमा तक, जैसा कि वह उचित समझे, नगर निगम के किसी भी अधिकारी को अपनी शक्तियाँ उप- प्रत्यायोजित कर सकता है ।

259. आयुक्त के विशेष कार्यः-

(1) अधिनियम द्वारा आंयुक्त को दिए गए कर्तव्यों या कृत्यों अथवा किसी प्रकार की वेष्ठित शक्तियों का आयुक्त के नियंत्रण के अंतर्गत सम्पादन, निष्पादन या निर्वहन किया जा सकेगा एवं उसके पर्यवेक्षण में ऐसी स्थितियों और सीमाओं, यदि कोई हों, जैसा वह 1286(277) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

उचित समझे, किसी नगर निगम अधिकारी से कराया जा सकता है जिसे आयुक्त द्वारा सामान्य या विशेष रूप से लिखित अधिकार दिया जा सकेगा ।

(2) उप नियम (1 ) में वर्णित रूप में प्रत्यायोजन, इच्छा पर प्रतिसहरण योग्य होगा और आयुक्त को किसी प्रकरण पर कार्यवाही करने से नहीं रोकेगा ।

(3) नगर निगम का कार्यपालक अधिकारी, उसे प्रत्यायोजित शक्ति का प्रयोग करते समय आयुक्त के प्रति उत्तरदायी होगा।

अध्याय-सोलह

लेखा एवं वित्तीय कर्त्तव्यों के प्रति उत्तरदायित्व

260. सामान्यः- अधिनियम के प्रावधानों के अध्यधीन लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख , नगर निगम के लेखा एवं वित्त विभाग के कर्त्तव्योंके प्रभारी अधिकारी होंगे । लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख की अनुपस्थिति में लेखा एवं वित्त विभाग के मुख के सभी कर्त्तव्य लेखापाल में वेष्ठित होंगे तथा दोनों की अनुपस्थिति में लेखा एवं वित्त विभाग के कर्त्तव्यों को आयुक्त द्वारा निर्वहन किया जाएगा ।

261. (1) जहाँ तक संभव हो नगर निगम के लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख लेखा एवं वित्त की पृष्ठभूमि वाला एक अधिकारी होना चाहिये जो आयुक्त को सीधे रिपोर्ट करेगा ।

जहाँ तक संभव हो लेखा एवं वित्त विभाग के स्टाफ को वाणिज्यिक लेखाकरण एवं कम्प्यूटर का कार्यकरण ज्ञान होना चाहिये । यदि आवश्यक हो, कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा । (2)

262. वित्त एवं लेखा विभाग के प्रमुख के कर्तव्यः-

(1) लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख नगर निगम के समग्र वित्तीय प्रशासन हेतु उत्तरदायी होगा ।

(2) लेखा एवं वित्त विभाग का प्रमुख विशेष रूप से निम्न के लिये उत्तरदायी होगाः-

(क) नियमों में विहित प्रक्रियाओं के अनुसार परिशुद्ध ढंग से एवं नियमित आधार पर समस्त वित्तीय लेन- देनों के अभिलेखों का संधारण करना;

भुगतान के पूर्व भुगतान व्हाउचर्स के विवरणों का सत्यापन करना;

(ख)

(ग) सभी व्हाउचर्स में लेखा शीर्ष एवं लेखा कोड सहित सभी विवरणों का सत्यापन करना;

(घ) प्रभावित की जाने वाली सभी कटौतियों एवं वसूलियों तथा केवल निवल राशि के भुगतान किये जाने की जांच करना;

आवश्यक जर्नल प्रविष्टियाँ पारित करना;

(ড) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(278)

(च) राजस्व एवं पूंजीगत लेन देनों में तथा दो वित्तीय वर्षों में लेन- देनों के प्रभाव के मध्य यथोचित विभेद किया जाना सुनिश्चित रखना;

(छ) इन नियमों में दिये अनुसार लेखा पुस्तकों का संधारण करना;

(ज) वार्षिक रूप से एवं ऐसी अन्य अवधि हेतु जो आवश्यक हो, वित्तीय विवरणों को तैयार करना;

(झ) कैश बुक के अनुसार नकद शेष का भौतिक सत्यापन करना;

(স) सभी सांविधिक अनुपालन सुनिश्चित करना एवं सभी सांविधिक देयों (अर्थात् सेवा कर, आय कर, वैट या अन्य सांविधिक देयों की कटौती, भुगतान एवं विवरणी दाखिल करना) एवं आडिट फीस का समय पर भुगतान करना;

(ㄹ) केन्द्र या राज्य सरकार से प्राप्त अनुदानों के लिये प्ररूप 40 में विहित रूप में उपयोगिता प्रमाण पत्र तैयार करना;

(8) तीन से अधिक वषा से प्रचालित न किये जा रहे बैंक खातों के लिये स्पष्टीकरणात्मक विवरण के साथ उन्हें बंद करने हेतु अनुशंसा करना;

(ढ) भविष्य निधि एवं नियोक्ता पेंशन योजनाओं का त्रैमासिक रूप से सत्यापन एवं उपयुक्त प्रबंधन सुनिश्चित करना;

(ण) उधार देने वाले विभागों के प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ कर्मचारियों के संबंध में पेंशन अंशदान एवं अवकाश वेतन अंशदान का भुगतान सुनिश्चित करना;

(ন) नगर निगम के सभी बैंक खातों का प्रत्येक माह के अगले माह की 10 दिनांक तक पुनर्मिलान कर लेखा पुस्तकों में आवश्यक समायोजन सुनिश्चित करना;

(य) जब नकद या भण्डार में कसी प्रकार के गबन का पता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे आयुक्त, मेयर- इन-कौंसिल एवं संचालक स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरतं सूचित करना; तथा

अन्य कर्त्तव्य जो इन नियमों में विहित किये गये हों ।

(२)

263. व्यय प्रबंधनः- लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख व्यय के प्रबंधन के लिये उत्तरदायी होंगे एवं यह सुनिश्चित करने के लिये कदम उठाएंगे:-

(क) निधि के भुगतान, प्राधिकार देने के अनुमोदन की प्रक्रिया सहित व्यय नियत्रंण की प्रणाली संधारित है;

ख) निम्न हेतु पर्याप्त प्रबंधन, लेखाकरण एवं सूचना प्रणाली संधारित है ;

(

(i) व्यय जब हो उसे मान्य करने हेतु;

(ii) किए गए भुगतानों हेतु लेखे , '

(iii ) भुगतान योग्य या लेनदारों हेतु लेखे;

(π) भुगतान योग्य या लेनदारों के संबंध में एक आंतरिक नियंत्रण प्रणाली संधारित है;

1286(279) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(घ) भुगतान,केवल एकाउन्ट पेयी-चैक्स या डिमाड ड्राफ्ट या पे - आर्डर अथवा इलेक्ट्रानिक बैंक अंतरण के माध्यम से किये जाएंगे एवं अपवाद स्वरूप परिस्थितियों में आयुक्त के अनुमोदन से पाँच सौ रूपये की अधिकतम सीमा तक नकद राशि का भुगतान किया जा सकेगा।

264. बजट क्रियान्वयनः- लेखा एवं वित्त विभाग के प्रमुख यह सुनिश्चित करने के लिये प्रभावीएवं यथोचित उपाय उठाने हेतु उत्तरदायी होंगे कि:-

(क) बजट प्रावधानों के अनुसार तथा सत्ती बजट शीर्ष में निधियों का व्यय किया जावे;

(ख ) राजस्व प्राप्तियों एवं व्ययों की उचित मॉनीटरिंग की गई है;

(ग) जब बजट में प्रक्षेपित की अपेक्षा राजस्व कम प्राप्त होना प्रत्याशित हो जैसा आवश्यक है, व्यय कंम किया गया है,एव

(घ) निधियों का व्यपवर्तन नहीं होगा । आपात स्थिति में यदि आवश्यक हो तो सक्षम अधिकारी से अनुमोदन लिया गया है एवं निधियाँ मूल बजट शशीर्ष में वापिस अंतरित की गई हैं,जिससे उपयोग की गई थीं ।

(ङ) त्रैमासिक बजट भिन्नता रिपोर्ट तैयार की गई है और आयुक्त / मेयर इन काउंसिल को प्रत्येक तिमाही के 15 दिन के भीतर प्रस्तुत की गई है ।

265. वित्तीय प्रतिवेदनः वित्त एवं लेखा विभाग का प्रमुख आयुक्त के माध्यम से मेयर- इन- कौंसिल को बजटीय एवं अन्य वित्तीय प्रतिवेदन जिनमें किसी समय विशेष पर वित्तीय कठिनाईयाँ उद्भूत हों, सूचित करेगा जिसमें सम्मिलित होंगे-

(क) कोई आसन्नःया वास्तविकः-

(एक) राजस्व देयों का कम संग्रहण;

बजट राजस्व में गिरावट;एवं :

(दो)

(तीन

) अधिनियम में प्रावधान के अनुसार किसी बैंक खाते से एक माह से अधिक अवधि के लिये निकाले गये अधिविकर्ष ।

(ख) वित्तीय कठिनाइयों को दूर करने के लिये उठाये गये कदम-

266. लेखापाल के कर्तव्यः-

(1 ) लेखापाल निम्नलिखित के लिये विशेष रूप से उत्तरदायी होगा-

(क) भुगतान के पूर्व भुगतान व्हाउचर्स के विवरणों का सत्यापन करना;

(ख) सभी व्हाउचर्स में लेखाशीर्ष एवं लेखाकोड सहित सभी विवरणों का सत्यापन करना;

(14) प्राप्त हुए चैक्स अथवा नकद ला सत्यापन एवं निर्धारित फार्मेट में रसीदें देना;

(घ) ऋणों एवं अग्रिमों का उचित शीर्षो में लेखांकन सुनिश्चित करना;

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(280)

नकद का भौतिक सत्यापन करना;

(ঙ)

(च) कैश एवं बैंक बुक्स का संधारण सुनिश्चित करना;

(छ) नगर निगम के सभी बैंक खातों का प्रत्येक माह के अगले माह की 10 तारीख तक पुनर्मिलान कर लेखा पुस्तकों में आवश्यक समायोजन सुनिश्चित करना; एवं

(ज) यदि नकद अथवा भण्डार में किसी प्रकार के गबन का पता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे युक्त, मेयर- इन-कौंसिल एवं संचालक स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरंत सूचित करना ।

(2) उपरोक्त कर्तव्या के अतिरिक्त उन दायित्वों का निर्वाह करना जो नियम 262 के उपनियम 2 में वर्णित किये गये है;

परन्तु यह कि लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख की अनुपस्थिति में लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख के सभी कर्तव्यों का निर्वहन लेखापाल द्वारा किया जायेगा ।

267. कैशियर के कर्तव्यः कैशियरनिम्न के लिये उत्तरदायी होगा

(क) प्राप्त चैक्स एवं नकद का सत्यापन करने के उपरान्त दैनिक आधार पर निर्धारित फार्मेटमें रसीदें जारी करना;

सभी व्हाउचर्स में लेखा शीर्ष एवं लेखा कोड सहित सभी विवरणों का सत्यापन करना; (ख)

(ग) कैश एवं बैंक बुक्स का संधार सुनिश्चित करना;

(घ) हस्तगत्त कैश एवं चैक बुक्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना;

(ङ) प्राधिकृत अधिकारो द्वारा स्वीकृत देयकों का संवितरण करना;

( च) सभी राशियों को (प्राप्त हुए नकद एवं चैक्स दोनों ) यथा संभव शीघ्र उनकी प्राप्ति के अगले कार्य दिवस तक बैंक में जमा करना;

(छ) गुमशुदा, नष्ट, कालातीत या अप्रचलित चैक्स के विवरण निर्धारित प्रपत्र में संधारण करना;

(ज) नगर निगम के सभी बैंक खातों का प्रत्येक माह के अगले माह की 10 तारीख तक पुनर्मिलान कर लेखा पुस्तकों में आ यक समायोजन सुनिश्चित करना;

(झ) दैनिक रूप से कैश एवं बैंक बुक्स बंद कर संतुलन कर हस्ताक्षर करना;

(ञ) यदि नकद अथवा भण्डार में किसी प्रकार के गबन का पता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे आयुक्त, मेयर- इन-कौंसिल एवं संचालक, स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरंत सूचित करना,एवं

(ट) इन नियमों के अंतर्गत वर्णित कोई अन्य कर्तव्य।

268. अन्य समस्त विभागों के प्रमुखों के कर्तव्यः नगर निगम में समस्त विभाग प्रमुखों के लेखा एवं वित्त विषयों के संबंध में उत्तरदायित्व निम्नानुसार होंगे 1286(281) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(क) आय एवं व्यय से संबंधित लेखे संधारित करना एवं नियतकालिक विवरण प्रत्येक माह की पांचवीं तारीख तक लेखा एवं वित्त विभाग को सत्यापन हेतु प्रस्तुत करना;

(ख) विभागीय बजट तैयार करने के लिये आय और व्यय से संबंधित आंकड़े (डेटा) लेखा एवं वित्त विभाग को उपलब्ध कराना;

(ग) उसके विभाग द्वारा शहरी गरीबों के लिये मूल नगरीय सेवाओं हेतु व्यय के संबंध में बजट प्रावधान हेतु राशि प्रस्तावित करना एवं अनुवर्ती वित्तीय वर्ष के बजट में सम्मिलित करने हेतु नये प्रस्ताव देना;

(घ) उसके विभाग द्वारा अनुबन्धित निर्माण कार्यों और सेवाओं हेतु प्राप्त देयकों की जाँच करना तथा उपयुक्त पाये जाने पर उन्हें भुगतान के लिए अपनी अनुशंसा के साथ लेखा एवं वित्त विभाग को भेजना;

(ड़) लेखा एवं वित्त विभाग को संभूति आधारित दोहरी लेखा प्रणाली के लिये आवश्यक दस्तावेज , डेटा या जानकारी उपलब्ध कराना;

( च) यदि नकद अथवा भण्डार में किसी प्रकार के गबन का पता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे आयुक्त, मेयर- इन-क सेल एवं संचालक स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरंत सूचित करना; एवं

(छ) अन्य कोई कर्त्तव्य जो इन नियमों में वर्णित हों ।

269. आयुक्त के कर्तव्यः- नगर निगम आयुक्त के वित्तीय एवं लेखाकरण प्रबंधन से संबंधित निम्नलिखित कर्त्तव्य होंगे:-

(क) वार्षिक वित्तीय विवरण तैयार करना तथा ऐसे दस्तावेज मेयर- इन- कौंसिल के माध्यम से नगर निगम के समक्ष प्रस्तुत करना

(ख) सभी सांविधिक अनुपालन सुनिश्चित करना एवं सभी सांविधिक देयों (अर्थात् सेवा कर, आय कर, वैट या अन्य सांविधिक देयों की कटौती, भुगतान एवं विवरणी दाखिल करना)एवं आडिट फीस का समय पर भुगतान करना :

(ग) भुगतान स्वीकृत करने से पूर्व भुगतान व्हाउचर्स के विवरणों का सत्यापन करना;

(घ) अधिनियम के प्रावधानों एवं इन निमों में विहित प्रक्रियाओं के अनुसरण में जो व्यय बजट से आच्छादित न हो उस व्यय को पुनर्विनियोजित करना;

( ) कैश एवं बैंक बुक्स का संधारण एवं सभी बैंक खातों का बैंक पास बुक्स या बैंक स्टेटमेण्ट्स के साथ मासिक आधार पर पुनर्मिलान सुनिश्चित करना;

1. (च) प्रचालित न किये जाने वाले बैंक खातों को बंद करना, नगर निगम के अनुमोदन से अधिशेष निधियों की अधिनियम के प्रावधानों एवं इन नियमों में विहित प्रक्रियाओं के अनुसरण में निवेश की व्यवस्था करना;

(छ) नगर निगम की सभी प्राप्तियों एवं भुगतानों का लेखाकरण , लेखाओं की पुस्तकों का संधारण एवं करों, किराया , फीस तथा उपभोक्ता प्रभारों के संबंध में संभावित प्राप्तियों एवं संग्रहणों का पुनर्मिलान सुनिश्चित करना;

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(282)

)ما( स्थायी परिसंपत्तियों एवं भण्डार की सूची का वर्ष में कम से कम एक बार भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करना;

(ट) यदि नकद अथवा भण्डार में किसी प्रकार के गबन का पता लगे या संदेहास्पद प्रतीत हो तो उसे मेयर- इन-कौंसिल एवं संचालक स्थानीय निधि लेखा संपरीक्षा को तुरंत सूचित करना;एवं

(8) अन्य कर्त्तव्य जो इन नियमों में वर्णित हों ।

अध्याय-सत्रह

विविध

270. गबनः-

(1) जब कभी नगर निगम निधि या रूपत्ति के गबन , चोरी या अन्य रीति से हानि का पता लगे अथवा ऐसा होने का संदेह हो, इस तथ्य की सूचना लेखा एवं वित्त विभाग प्रमुख या लेखा अधिकारी या संबंधित विभाग के प्रमुख की सलाह पर तत्काल आयुक्त द्वारा मेयर- इन-कौंसिल तथा संचालक , स्थानीय निधि एवं संपरीक्षा को दी जाएगी । ज्ञात हुए अथवा संदिग्ध गबन का प्रकरण मेधर- इन-कौंसिल की अगली बैठक में भी रखा जाएगा । आयुक्त द्वारा प्रकरण की पूर्ण रूप से जांच की जाएगी एवं वह गबन की गई कुल राशि, वह तरीका जिसके द्वारा गबन किया गया तथा राशि की वसूली एवं दोषी के विरूद्ध दण्ड देने के लिये उठाये गये कदम का विवरण देकर विस्तृत प्रतिवेदन कौंसिल को प्रेषित करेगा । यदि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो कि प्रकरण गबन, चोरी या अन्यथा है तो आयुक्त परीक्षण प्रकरणों को छोड़कर संज्ञेय अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करेगा, दि अपराध असंज्ञेय प्रकृति का है तो न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया जाएगा ।

(2) जिस दिन प्रथम बार ऐसे गबन की जानकारी प्राप्त हो उस से 15 दिवस के भीतर मेयर- इन-कौंसिल तथा संचालक, स्थानीय निधि एवं संपरीक्षा को प्ररूप-46 में रिपोर्ट दी जायेगी। :

(3) समस्त प्रकरण जिनमें हानि रूपये पच्चीस हजार से अधिक सन्निहित है, आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार के ध्यान में लाये जाएंगे ।

71. (1 ) आकस्मिक व्ययः-

(1) मेयर- इन-कौंसिल आपदा स्थिति से निपटने के लिये यथोचित रूप से आवश्यक व्यय कर सकता है अवं अनुमोदित कर सकता है, निम्न के संबंध में ऐसे व्यय करने और उनका अनुमोदन करने के लिये आयुक्त को शक्तियाँ उप- प्रत्यायोजित कर सकता है:-

1286(283) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(क) आपदा के समय अग्नि शमन सेवाऐं, आपातकालीन चिकित्सा सेवाऐं, खोज एवं बचाव कार्य , आपदा से बचाव, सहायता एवं लोगों की संपत्तियों को बचाने सहित किन्तु दंगा भड़कने पर नागरिक बचाव , बाढ़ , भूकम्प, आंधी तूफान, मोटर वाहन दुर्घटना अन्य प्राकृतिक आपदाऐं जो प्रशासन के नियंत्रण से परे हो, तक सीमित नहीं होंगी;

(ख) किसी महत्वपूर्ण तथा अति महत्वपूर्ण व्यक्ति के प्रवास के दौरान व्यवस्थाओं एवं कार्यों को नगर निगम द्वारा किया जाना आवश्यक हो;

(ग) अन्य कोई विशेष व्यवस्ट जो उपरोक्त खण्ड (क) एवं (ख) के अनुपालन के लिये आवश्यक हों ।

आपातकालीन व्यय के लेने के बाद विस्तृत विवरण का लेखाकरण किया जाएगा एवं ऐसे व्यय का परिणाम आपात स्थिति समाप्त होने के बाद मेयर- इन-कौंसिल के समक्ष समीक्षा एवं संपुष्टि के लिये रखे जायेंगे । आयुक्त किये गये आकस्मिक व्यय हेतु एक संक्षिप्त स्पष्टीकरणात्मक विवरण भी मेयर- इन-कौंसिल को उपलब्ध कराएगा ।

(2) किसी जन समारोह आदि पर किये जाने वाले अधिकतम व्यय नगर निगम स्वयं के राजस्व से पूर्व वित्त वर्ष में अर्जित होने वाले राजस्व की 2 प्रतिशत की अधिकतम सीमा तक जन समारोह, मनोरंजन अथवा प्रदर्शनी आदि के लिये निम्नानुसार व्यय कर सकेगाः- नगरनिगम

स्वागत

समारोह

मनोरंजन

प्रदर्शनी पाँच लाख की जनसंख्या तक

30,000/- रूपये

30,000/-

रूपये

35,000/- रूपये

70,000/- रूपये पाँच लाख से अधिक जनसंख्या

45,000/- रूपये

40,000/ रूपये

45,000/- रूपये

100,000/- रूपये नोटः (1 ) उपरोक्त तालिका में दी गई राशि, प्रदर्शनी आदि से यदि कोई वास्तविक आय , यदि हुई हो, के अतिरिक्त होगी

(2) "स्वागत" से अभिप्रेत एक या अधिक विशेष अतिथियों के स्वागत हेतु व्यवस्थित या किसी व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के स्वागत या अभिनंदन करने के लिये विशेष रूप से विचारित सामाजिक प्रसंग के आयोजन से है जिसमें भोजन, पेय आदि परोसा जाता है ।..

(3) "प्रदर्शनी" से अभिप्रेत नगर निगम द्वारा 'या राज्य सरकार द्वारा की गई सर्वोत्तम अभ्यास की किसी भी प्रदर्शनी, कलात्मक कार्यों, शिल्प, प्रेत या कारखाने के उत्पादों, प्रदर्शन कौशल , या सामान्य हितों की वस्तुओं की सार्वजनिक प्रदर्शिनी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(284)

(4) "मनोरंजन" से अभिप्रेत स्पर्धा, खेलकूद, सामाजिक अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित कोई प्रदर्शन या नुमाइश ।

(5) "समारोह" से अभिप्रेत ऐसी विशेष परम्पराओं के साथ औपचारिक लोक आयोजन से है जो, कार्यों अथवा परम्परागत अथवा धार्मिक आयोजन के लिये शासकीय समारोह के रूप में नये भवनों के उ‌द्घाटन, खोलने आदि अथता भवनों के निर्माण के लिए शिलान्यास के समय आयोजित किये जायें या किसी विशेष व्यक्ति की प्रशंसा में सम्मान स्वरूप अथवा एक महत्वपूर्ण व्यक्ति की स्मृतिस्वरूप आयोजित किये जाएं ।

(6) दो या दो से अधिक समारोह एक ही स्थानं व समय पर आयोजित किये जाने की स्थिति में, नगर निगम ऐसे अवसरों पर संयुक्त अधिकतम व्यय 75 प्रतिशत तक विस्तारित किया जा सकेगा ।

272. लेखा अभिलेखों का विनष्टीकरणः- कैश बुक, बैंक बुक, जर्नल बुक , स्टाक रजिस्टर, वेतन पंजी, ऋण एवं अग्रिम पंजी को छोड़कर, नगर निगम द्वारा राज्य शासन द्वारा विहित की गई प्रक्रिया एवं पद्धति के अनुपालन में लेखाओं से संबंधित अभिलेखों का विनिष्टिकरण किया जा सकेगा । 273. वार्षिक वित्तीय विवरणों तथा बजट का प्रकाशनः- आयुक्त,अंकेक्षित वार्षिक वित्तीय विवरण तथा अनुमोदित बजट का प्रकाशन नगर निगम की वेबसाईट या नगरीय विकास एवं आवास विभाग की वेबसाईट पर प्रकाशित पर करेगा यदि उस की अपनी वेबसाईट नहीं है ।

वाद एवं अभियोजन

274. वाद पंजीः- नगर पालिक निगम को इसके द्वारा या इसके विरूद्ध दायर किये गये व्यवहार वाद की नियमित प्रगति पर निगरानी के लिये प्रत्येक नगर पालिक निगम के कार्यालय में प्ररूप 47 में एक वाद पंजी संधारित की जाएगी। नगर पालिक निगम के विधि एवं सामान्य प्रशासन विभाग का प्रभारी अधिकारी इस पंजी के संधारण के लिये उत्तरदायी होगा । आयुक्त अथवा उनके द्वारा नियुक्त किसी अधिकारी द्वारा प्रतिमाह इस पंजी का परीक्षण किया जायेगा ।

275. अभियोजन पंजीः- अधिनियम, इसके अधीन बनाये गये नियमों, उप नियमों या अन्य अधिनियम के अंतर्गत दायर किये गये सभी अभियोजन प्ररूप 48 में प्रविष्ट किये जायेंगे । इसमें प्रत्येक प्रकरण के विरूद्ध न्यायालयों के आदेश एवं अधिरोपित शास्ति की राशि अंकित की जायेगी। यह पंजी नगर निगम के विधि एवं सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी अधिकारी द्वारा संधारित की जाएगी ।

276. नियमों का निर्वचनः- यदि इन नियमों के प्रावधानों के निर्वचन के संबंध में यदि कोई प्रश्न उपस्थित होता है तो इसके निराकरण हेतु एकरण राज्य सरकार को भेजा जायेगा, तथा उस पर राज्य सरकार का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।

277. प्रपत्र, प्ररूप , प्रक्रियाओं आदि निर्धारित करने की राज्य सरकार की शक्तियाँ:

1286(285) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(1) इन नियमों के अंतर्गत नगर निगम द्वारा संधारित किये जाने वाले फार्म्स, फार्मेट्स, प्रक्रियाएं एवं नगर निगमों द्वारा वित्तीय विवरण, प्रतिवेदन आदि तैयार करने एवं प्रस्तुत किये जाने के संबंध राज्य सःबंजर विस्तृत दिशा-निर्देश, परिपत्र, मैन्युअल, आदेश आदि राज्य सरकार यथा आबश्यक समझे जारी कर सकेगी ।

(2) इन नियमों का उचित क्रिया गयन सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकार समय - समय पर जो अधिनियम के प्रावधानों से असंगत न हों, यथोचित दिशा - निर्देश, स्पष्टीकरण या अनुदेश आदि जो उचित समझे जारी कर सकेगी ।

278. शिथिलीकरणः इन नियमों का कोई प्रावधान किसी कारण से, जो स्पष्ट किया जाएगा, राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति से शिथिल किया जा सकेगा ।

279. निरसन एवं व्यावृत्ति: इन नियमों के प्रारंभ होने की तारीख से तत्काल पूर्व प्रभावी समस्त नियम, उपनियम, आदेश निरस्त किए जाएंगे ..

परन्तु नियमों, उप- नियमों, निरपेक्ष आदेशों के अंतर्गत की गई कोई भी कार्रवाईया जो कुछ भी हो, वह जब तक इन नियमों के प्रावधानों से असंगत नहीं हैं, इन नियमों के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत की गयी या किया जाना माना जाएगा ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार

(राजीव निगम)

उप सचिन

मध्यप्रदेश शासन

नगरीय विकास एवं आवास विभाग मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(286)

आद्याक्षर (7)

आयुक्तकानामऔरहस्ताक्षर

(6)

प्रभावमेंलाने कीदिनांक

(5)

वर्षकेलिएमांग में

कमी

(4)

वार्षिकनिर्धारणमें

प्ररूप-1

वर्ष20.......

{नियम20(2)]

वृद्धिएवंकमीकाविवरण

(3)

नगरनिगमकानाम

वर्षकेलिएमांगमें

वृद्धि

(2)

वार्षिकनिर्धारणमें

(1)

निर्धारणसूचीमें क्रम 1286 (287) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(6)

टिप्पणी

#करकी राशि

(11)

आयुक्तकानामऔरहस्ताक्षर

(5)

वार्षिककर उद्ग्राह्य राशि

तक

(10)

(4)

*विवरण

राजस्वअधिकारी/राजस्व

निरीक्षकयाआयुक्तके

आद्याक्षर

से

(9)

करकीराशि

प्ररूप-2 {नियम33}

(3)

निर्धारितीकानाम

नगरनिगमकानाम

भावीदर

(8)

करोंयाअवधिकीनिर्धारणसूची

अनुवर्तीसंशोधन

वार्षिककरकीराशि

(2)

वार्ड/मोहल्ला/गली

(7)

क्रमांक (1)

पुनरीक्षणआदेश

कीदिनांक

नगरपालिकाकेलिएस्वीकृतनियमोंकेअंतर्गतमूल्यांकनकेप्रयोजनोंकेलिएआवश्यकविवरणकेअनुसारइसकालममेंशीर्षकखुलाहोनाचाहिए.

* #यहाँवर्णितकीजियेवार्षिक,छमाहीयातिमाही मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018 1286(288)

(7)

निर्धारितीकेनाम

(6)

वृद्धियाछूटकी अवधि

केलिए

(5)

करकानाम प्ररूप-3

{नियम35]

(4)

मांगपंजीमें क्रमांक

(3)

वृद्धियाछूटकीपंजीवर्ष20 20

नगरनिगमकानाम

वार्ड/मोहल्ला/गली

(2)

महीनाऔर प्रविष्टिकी दिनांक

क्रमांक (1) टिप्पणी

(14)

आयुक्तकानामऔरहस्ताक्षर

(13) राजस्वअधिकारी/ राजस्वनिरीक्षकया या आयुक्तकेआद्याक्षर

(12) वृद्धियाछूटकेलिए प्राधिकार

(11) भावीकरकी राशि

(10) प्रेषितराशि

(9) वर्धितराशि

(8) मूलकरकी राशि 1286(289) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप-4

[नियम 37(1)]

नगर निगम का नाम

मांग के लिए मूल नोटिस / प्रतिपर्ण

1. क्रमांकः

2. बुक क्रमांकः..

3. मांग और वसूली पंजी में क्रम संख्याः.

4. मांग की प्रकृतिः .

5. जारी करने की दिनांकः.

6. भुगतान की दिनांकः.

आयुक्त का नाम और हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(290)

प्ररूप-5

{नियम 37(1))

नगर निगम का नाम

विपत्ति वारंट की मूल सूचना / प्रतिपर्ण

1. क्रमांकः

2. बुक क्रमांकः.

3. मांग और वसूली पंजी में क्रम संख्याः

4. मांग की प्रकृतिः.

5. जारी करने की दिनांकः.

6. भुगतान की दिनांकः.

आयुक्त का नाम और हस्ताक्षर 1286(291)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप-6 (क)

प्ररूप -6

[नियम 40]

{नियम40]

नगर निगम का नाम

नगर निगम का नाम

(नगर निगम द्वारा जारी की गई अनुज्ञप्ति)

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

दिनांक

क्रमांक

क्रमांक

...द्वारा नगर

चूकि श्री....

"अनुज्ञप्तिधारी का नाम

निगम को रुपयों का भुगतान किया गया है पिता का नाम

उन्हें नगर निगम क्षेत्र से भीतर- ...स्थल पर दिनांक ...........तक के लिए अनुज्ञापित किया जाता है पता

अनुज्ञप्ति का विवरण

टिप्पणी

पता

नाम पिता का नाम

व्यापार

अनुज्ञप्ति का प्रयोजन

स्थल

अनुज्ञप्ति की दिनांक

भुगतान की गई राशि .

अनुज्ञापन अधिकारी के हस्ताक्षर

अनुज्ञापन अधिकारी के हस्ताक्षर प्रगामी योग

अनुज्ञप्ति तथा उन नियमों और शर्तों की एक प्रति प्राप्त हुई जिसके अधीन यह अनुज्ञप्ति स्वीकृत हुई है

यह अनुज्ञप्ति के नियंत्रण और विनियमन के नियम और शर्तों के अध्यधीन रहते हुए स्वीकृत की गई है जिसकी एक प्रति अनुज्ञप्तिधारी को आज मेरे द्वारा दी गई है,

अनुज्ञप्तिधारी के हस्ताक्षर

अनुज्ञापन अधिकारी

अनुज्ञप्तिधारी

टीप:स्थल और पृष्ठांकन की प्रविष्टि तक की जाना चाहिए , जबकि अनुज्ञप्ति सशर्त हो। पृष्ठांकन उस समय रद्द देना चाहिए जब अनुज्ञप्ति सामान्य स्वरुप की हो । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(292)

प्ररूप-7 (क)

प्ररूप-7

[नियम 40]

{नियम40)

नगर निगम का नाम

नगर निगम का नाम

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

क्रमांक

क्रमांक

चालक के लिए अनुज्ञप्ति

चालक के लिए अनुज्ञप्ति

20

20

20 20

चालक का नाम

चालक का नाम

पिता का नाम

पिता का नाम

...आयु

पता

पता

फीस की राशि ( )

फीस की राशि ( ) .

20

दिनांक

यह अनुज्ञप्ति दिनांक 31 मार्च , 20... तक प्रभावशील रहेगी । अनुज्ञापन पदाधिकारी

दिनांक

भुगतान प्राप्त हुआ कैशियर की रोकड पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक. ..पर जमा किया था ।

अनुज्ञापन अधिकार्र

अनुज्ञापन अधिकारी 1286(293)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप 8 (क)

प्ररूप .8

{नियम 40]

{नियम40}

नगर निगम का नाम

नगर निगम का नाम

वाहनों के लिए अनुज्ञप्ति 20......20.........समाप्त होने वाले वर्ष के लिए वाहनों के लिए अनुज्ञप्ति 20......20.........समाप्त होने वाले वर्ष के लिए

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

क्रमांक

क्रमांक

यह नगर निगम , श्री ...निवासी को

...निवासी

यह नगर निगम, श्री

एतद द्वारा ...की सीमा में निम्नांकित वाहन रखने की

अनुज्ञप्ति प्रदान करता है

... को एतद द्वारा... की सीमा में निम्नांकित वाहने रखने की अनुज्ञप्ति प्रदान करता है

दर

वाहन का विवरण

क्रमांक

दर

वाहन का विवरण

क्रमांक

प्राप्त कर कीराशि

प्राप्त कर कीराशि

इस अनुज्ञप्ति का समय, दिनांक होगा । भुगतान प्राप्त किया गया । को समाप्त

अनुज्ञापन अधिकारी इस अनुज्ञप्ति का समय, दिनांक ...20......को समाप्त होगा । भुगतान प्राप्त किया और केशियर की रोकड़ पुस्तक के पृष्ठ क्रमांक..... पर जमा किया गया ।

दिनांक

अनुज्ञापन अधिकारी

...

दिनांक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(294)

ン

(6)

वाहनकावर्ग

वर्तमान

(10)

(5)

वाहनकाविवरण

भुगतानकियेहुएशुल्ककीराशि

बकाया

(9)

पता

(4)

प्ररूप-9

केलिएवाहनअनुज्ञप्तिकीपंजी

{नियम42}

स्वामीका

नगरनिगमकानाम ...

नाम (3)

वर्ष20..........20

(8)

सामानकाभारजिसेढोनेकेलिए अनुज्ञापितकियागया

(2)

अनुज्ञप्तिकामाह औरदिनांक

(7)

(1)

अनुज्ञप्ति काक्रमांक

उनव्यक्तियोंकीसंख्या जिन्हेंलेजानेकेलिए अनुज्ञापितकियागया 1286(295) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

अनुज्ञापनपदाधिक

राशि

रोकड़पुस्तकमेंजमाराशि

(13)

पृष्ठऔरदिनांक

(12)

अनुज्ञापनपदाधिकारीके आद्याक्षर

(11)

: किरायासारणीकामूल्य मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(296)

राशि

(7)

टिप्पणियाँ

(13)

क्रमांक (6)

प्रत्येकअनुज्ञप्तिकाविवरण

(5)

राशि

(12)

वाहनकाविवरण

रोकडपुस्तकमेंजमा

(4)

(11)

निवासस्थान

पृष्ठऔरदिनांक

प्ररूप-10

[नियम42]

किसेदियागया

नाम

नगरनिगमकानाम......

(3)

(10)

अनुज्ञापनपदाधिकारीके आद्याक्षर

योग (9)

(2)

वर्ष20केदौराननगरनिगमसीमामेंअभ्यासतः-उपयोगकियेजानेवालेवाहनोंकेकरकीपंजी

अनुज्ञप्तिकाक्रमांक

बकाया (8)

(1)

अनुज्ञप्तिकी दिनांक 1286(297) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

जारी

दिनांक (13)

(9)

स्वीकृतकीगई अनुज्ञप्तिकीदिनांक औरक्रमांक

क्रमांक

(12)

नवीनीकृतअनुज्ञप्तिकीदिनांक

औरक्रमांक

(5)

फीसयाकर कीदर

राशि

(11)

पता

(4)

रोकड़पुस्तकमेंजमा

(10)

पृष्ठऔर दिनांक

प्ररूप-11 {नियम42]

अनुज्ञप्तियोंकीपंजी

अनुज्ञप्तिधारीकानामऔरपता

नाम

(9)

(3)

नगरनिगमकानाम

अनुज्ञापनअधिकारीकेहस्ताक्षर

(2)

(8)

अनुज्ञप्तिकाप्रकार

प्राप्तफीसयाकर

कीराशि

क्रमांक

(7)

(1)

अनुज्ञप्तिकी

अवधि

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286 (298)

अनुज्ञापनअधिकारी

टिप्पणियाँ

(16)

(15)

अनुज्ञापनअधिकारीकेआद्याक्षर

प्ररूप-12 (14)

नवीनीकरणनकरनेकाकारण 1286 (299)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

राजस्वनिरीक्षक

{नियम46]

पशुपंजीकरणशुल्ककेलिएरसीद

नगरनिगमकानाम...... (प्रतिपर्णकार्बनप्रक्रियाद्वाराभराजाए)

निवासस्थानः

पंजीकरणकेलिएशुल्क

दिनांक

निवासस्थान:.

विक्रेतानामः,

पुस्तकक्रमांक.........

क्रेतानामः

पशुकामूल्यर

₹(शब्दोमें)

सेप्राप्तहुए मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(300)

राजस्वनिरीक्षक

टिप्पणियाँ

(6)

(12)

निवासस्थान

क्रेता

नाम (5)

(11)

पृष्ठऔरदिनांक

रोकड़पुस्तकमेंजमा

राशि ₹

(10)

(4)

प्ररूप-14 प्ररूप-13

निवासस्थान

{नियम46}

पशुपंजीयनफीसकीपंजी

विक्रेता

(9)

प्राप्तिकीदिनांक

नगरनिगमकानाम

नाम

(3)

(8)

प्राप्तफीसकीराशि

(2)

पशुकाविवरण

(7)

पशुकामूल्य

(1)

रसीदक्रमांक 1286(301) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

राजस्वनिरीक्षक

प्रस्थान

(6)

(12)

केशियरद्वाराप्राप्तकी

गईराशिरोकड़पुस्तक

केपृष्ठक्रमांकसहित

उसकेहस्ताक्षर

दिनांकऔरसमय

आगमन

(5)

(11)

यात्रीकेहस्ताक्षर

(10)

भुगतानकी

गईराशि

₹

(4)

निवासस्थानकावर्ग

प्ररूप-15

(9)

{नियम47}

प्रतिपशु

(3)

पशुओंकीसंख्या

नगरनिगमकानाम

प्रतिदिनफीसकीदर

वर्ष20...........केलिएसराय/धर्मशालाओंपरप्राप्तफीसकीपंजी

(2)

व्यक्तियोंकी संख्या

(8)

प्रतिव्यक्ति

(1)

यात्रीकानाम

(7)

ठहरनेकेदिवस मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(302)

राजस्वनिरीक्षक

दर

(9)

तक

(4)

करसंग्राहकयाराजस्वनिरीक्षककेहस्ताक्षर

राशि 8

से

जारीकीगईरसीदकाक्रमांक

(3)

प्ररूप-16 {नियम47]

नगरनिगमकानाम

रोकडपुस्तकमेंजमा

वर्ष20...केलिएदैनिकबाजारफीसकीपंजी

(7)

(2)

पृष्ठऔरदिनांक

रसीदपुस्तकक्रमांक

(6)

(1)

प्राप्तराशि 2

दिनांकऔरमाह 1286 (303 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

राजस्वनिरीक्षक

(6)

(10)

बकायाखाद

(5)

विक्रयकीमात्रा

(4)

कुलमात्रा (कि.ग्रा.में)

राशि (9)

(3)

{नियम53(2)]

माहकेदौरानतैयार कियागया

नगरनिगमकानाम

वर्ष20........केलियेकम्पोस्टखादकीपंजी

रोकड़पुस्तकमेंजमा

(8)

(2)

पृष्ठऔरदिनांक

खादकीमात्रा(कि.ग्रा.में)

(7)

(1)

प्राप्तराशि

₹

दिनांकऔरमाह मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(304)

पशु को कॉंजी हाउस लाने की रसीद

प्ररूप-17(सी) प्ररूप-17 (ए)

{नियम 54]

प्ररूप-17(बी)

[नियम 54]

{नियम 54]

लेखा के साथ भेजा जाये प्रतिपर्ण

पशु को काँजी हाउस लाने वाले

व्यक्ति को दिया जाये

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

रसीद क्रमांक

रसीद क्रामांक

रसीद क्रामांक

काँजी हाउस का नाम

काँजी हाउस का नाम...

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समयः स्वामी का नाम और निवास स्थान (यदि ज्ञात हो)

काँजी हाउस का नाम........ पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय स्वामी का नाम और निवास स्थान (यदिज्ञात हो)

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय स्वामी का नाम और निवास स्थान (यदि ज्ञात हो)

काँजी हाउस लाए गए पशु का प्रकार और विवरण...

काँजी हाउस लाए गए पशु का

प्रकार और विवरण

काँजी हाउस लाए गए पशु का प्रकार और विवरण.............

काँजी हाउस के रखवाले या राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर

काँजी हाउस के रखवाले या राजस्व

कौंजी हाउस के रखवाले या

राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर

निरीक्षक के हस्ताक्षर 1286(305)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

पशु को मुक्त करने की रसीद

प्ररूप.18(सी) {नियम 54]

प्ररूप.18(बी)

[नियम 54]

प्ररूप.18(ए) [नियम 54]

लेखा के साथ भेजा जाये

पशु को मुक्त करने वाले

व्यक्तिको दी जाए

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

पुस्तक क्रमांक

रसीद क्रमांक

रसीद क्रमांक

रसीद क्रमांक

प्ररूप-17 की रसीद का क्रमांक प्ररूप-17की रसीद का क्रमांक

काँजी हाउस का नाम.......

प्ररूप-17 की रसीद का

क्रमांक

काँजी हाउस का नाम..............

काँजी हाउस का नाम.........

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय काँजी हाउस लाए गए पशु का प्रकार और विवरण..........

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय काँजी हाउस लाए गए पशु का प्रकार और विवरण.....

स्वामी का नाम

स्वामी का नाम.........

पशु को मुक्त करने का दिनांक और समय.......

पशु को मुक्त करने का दिनांक और समय......

दण्डकी राशि...

दण्ड की राशि.........

खाद्य प्रभार ,दर सहित जल प्रभार ,दर सहित

पशु को काँजी हाउस लाने की दिनांक और समय काँजी हाउस लाए गए पशु का प्रकार और विवरण.........

स्वामी का नाम...

पशु को मुक्त करने का दिनांक और समय........ दण्डकी राशि

दर सहित खाद्य प्रभार........

दर सहित जल प्रभार

खाद्य प्रभार ,दर सहित

जल प्रभार ,दर सहित

योग.

काँजी हाउस के रखवाले या

राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर

काँजी हाउस के रखवाले या राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर काँजी हाउस के रखवाले या राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(306)

(8)

जारी

साथ

(12)

कौंजीहाउससेमुक्तहोने परपशुकोवापसलेने वालेस्वामीयाउसके एजेण्टकेहस्ताक्षर

(7)

दण्डका भुगतानकिये जानेपर

कुलजमाउसकीरसीदक्रमांकऔरदिनांकके

(6)

मुक्तिकीदिनांकऔरसमय

भुगतानपरमुक्ति

भुगतानकीगयीराशि

अधिनियम1सन्1871 कीधारा14केअंतर्गत विक्रयसे

(11)

खाद्यऔरजलप्रभार

प्ररूप-19 {नियम55(1)]

(5)

भागनेसे

काँजीहाउसकेरखवालेकारजिस्टर

नगरनिगमकानाम

(4)

मृत्युसे

दण्ड

(10)

(3)

पशुकाविवरण

(2)

प्रविष्टि रसीदकी दिनांकऔर समय

(8)

रोककीअवधि

(1)

पशुका सरल क्रमांक 1286(307)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

टिप्पणियाँ

योग

(22)

(17)

(21)

(16)

खाद्यऔरजलप्रभार

प्राप्तिकीदिनांकसहित

कैशियरकेहस्ताक्षर

विक्रयद्वारामुक्ति जमाकीजानेवालीराशि

दण्ड

(20)

(15)

प्रेषणकीदिनांकएवं

कॉंजीहाउसकेरखवाले

केहस्ताक्षर

(19)

(14)

विक्रयमेंप्रभार,यदिकोई हो

अधिनियमएकसन्1871

कीधारा17केअंतर्गत

प्रेषणहेतुशेषजमा

(18)

(13)

नीलामीसेप्राप्तराशि

अधिनियम1सन्1871

केअंतर्गतस्वामीको

कियागयाभुगतान

टिप्पणीः-प्रत्येकपशुकोपृथक-पृथकदिखलायाजानाचाहिये।

टिप्पणीः-प्रतिदिनकीसमाप्तिपरउसदिनकीप्राप्तिकायोगकियाजाएगाऔरप्रविष्टिकीजाएगी।यदिउसदिनकीप्राप्तियोंकोआगेकेपृष्ठपरले जानाहैतोउसकाअलगयोगकियाजावेऔरउसेपृष्ठकेयोगमेंशामिलकियाजाएगा।महायोगमाहकेअंतमेंकियाजाएएवंवर्षकेअंतमेंप्रगामीयोग कियाजाएगा। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(308)

आयुक्तकानामएवंहस्ताक्षर स्थानजहाँपकड़ेगए

प्ररूप-20 {नियम55(2))

नगरनिगमकानाम

मवेशीअपराध(ट्रेसपास)अधिनियमकेअंतर्गतनोटिस

...काँजीहाउसमेंसातदिनोंतकदावाहीनरहजानेकेकारणदिनांक....... कोबजेमध्यान्हपूर्व/अपरान्हमें स्थानपरसार्वजनिकनीलामीद्वाराविक्रयकियाजाएगा।.

पशुओंकीसंख्याएवंविवरण

काँजीहाउसकेरखवालेकेआद्याक्षर

एतद्द्वारायहनोटिसदियाजाताहैकिनिम्नलिखितपशुओंको 1286(309) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

राजस्वनिरीक्षक

(8)

(4)

गये

स्वामीयाउसव्यक्तिकेहस्ताक्षरजिसेदिये

विक्रयकियेगएपशुओंकीसंख्याऔर विवरण

(7)

प्ररूप-21 (नियम55(2)]

अविक्रितपशुओंकीसंख्याएवंविवरणजो

स्वामीकोवापसदियेगये

दण्ड,खाद्यप्रभार,जलप्रभारएवंविक्रयपर हुआव्यय (3)

नगरनिगमकानाम

(6)

(2)

स्वामीकोदीगईराशि

काँजीहाउसमेंरखे जानेकेदिनोंकीसंख्या

(5)

(1)

विक्रयकियेगयेयास्वामीअथवाउसकेएजेंटकोपरिदत्तकियेगयेपशुओंकाअधिनियमएकसन्1871कीधारा16केअधीनलेखा

नीलामविक्रयकीराशि

पकड़ेगयेपशुओंकीसंख्याऔर विवरण मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(310)

(6)

(12ए)

विक्रयहेतुभेजेजानेकी दिनांक

विक्रयहेतुपशुकीप्राप्ति केपश्चातहुएखाद्यऔर जलप्रभार

(5)

(11)

स्वामीकानाम, यदिज्ञातहो

विक्रयकीराशि

(10)

(4)

काँजीहाउसके रखवालेकेहस्ताक्षर

काँजीहाउसमेंबंद करानेवालेव्यक्तिका नाम

प्ररूप-22 {नियम56(1))

(3)

(9)

नगरनिगमकानाम

विक्रयहेतुभेजेगए पशुकाविवरण

खाद्यऔरजलप्रभार

विक्रयहेतुभेजेजानेवालेकॉंजीहाउस केपशुओंकेसाथजानेवालाचालान

दंड

(8)

(2)

काँजीहाउसमेंबंद होनेकीदिनांक

(7)

(1)

पंजीक्रमांक

विक्रयकीदिनांक 1286 (311)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

राजस्वनिरीक्षक

(12एफ)

कुलप्रभार

टिप्पणियाँ

(16)

(12ई)

(15)

(12डी)

विक्रयकरनेवालेपदाधिकारीके

हस्ताक्षर

निम्नलिखितकेकारणप्रभारोंकोघटाइये

(14)

(12सी)

विक्रयकेव्यय

जमाकरनेकीदिनांक

(13)

(12बी)

कालम1से10तककीप्रविष्टियाँकाँजीहाउसकेरखवालेद्वाराकीजायेंगी,कालम11से16विक्रयकरनेवालेपदाधिकारीद्वाराभरेजावेंगे औरचालाननगरनिगमकोभेजाजावेगा।यदिपशुपरहुएव्ययकीतुलनामेंविक्रयमेंकमराशिप्राप्तहुईतोविक्रयकरनेवालापदाधिकारी संक्षिप्तमेंइसकाकारणचालानपरउल्लिखितकरेगा।नीलामकेसमयबोलीगयीबोलियाँचालानकेपार्श्वपरउल्लिखितकीजायेंगी।

जमाशीर्षमेंरखीगई प्रेषणहेतुशेषराशि

काँजीहाउसमेंरहतेहुए खाद्यऔरजलप्रभार

टिप्पणीः- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(312)

(6)

व्हाउचरक्रमांकयापशुओंकी पंजीक्रमांकजैसीभीस्थितिहो

कर्बी

(5)

घास (4)

परिमाण

भूसा

(3)

प्ररूप-23 {नियम59]

नगरनिगमकानाम

(2)

लेनदेनकीप्रकृति

वर्ष20..20........केलिएकाँजीहाउसमेंपशुओंकेलिएप्राप्तऔरदिएगएचारेकीपंजी वर्ष20....20....केलिएकाँजीहाउसमेंभूसा,घास,कर्बीकीमात्रा

दिनांक

(1) 1286(313)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्रत्येकनियुक्तव्यक्ति कामासिकवेतन

नियुक्तव्यक्तिकानाम

प्ररूप-24 {नियम67]

स्वीकृतवेतनमान

व्ययकाशीर्ष

नगरनिगमकानाम

वर्ष20 20.....केलिएवेतनमानकीपंजी

स्वीकृतपदोंकी संख्या

स्थायी

योग

पदकाप्रवर्ग

क्रमांक

(1) मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(314)

नियुक्तव्यक्ति कामासिक वेतन

आयुक्तकानामऔरहस्ताक्षर

स्वीकृतअस्थायीपद कीअवधि

नियुक्तव्यक्तिकानाम

स्वीकृतवेतनमान

स्वीकृतपदों कीसंख्या

योग

अस्थायी

पदकाप्रवर्ग

क्रमांक

(1) 1286(315)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(9)

निरंतर यात्राकाप्रयोजन

th

₹

राशि

(15)

समय (8)

दिनांक

(7)

आगमन

दर

(14)

स्टेशन

(6)

समय

(5)

(13)

किलोमीटर्सकी संख्या

यात्राऔररुकनेकाविवरण

दिनांक

(4)

प्रस्थान

नगरनिगम

प्ररूप-25 {नियम82(2)और(3)}

सड़क/रेलद्वारातयदूरीकिलोमीटरमेंयावास्तविकव्यय

स्टेशन

(12)

(3)

स्थापनाकायात्राभत्तादेयकमाहसन......

भुगतानकियागया वास्तविककिराया ₹

(2)

वास्तविकवेतन ₹

(11)

परिवहनकासाधन

(1)

(10)

नामऔरपदनाम

यात्राकाप्रकार

अर्थात्रेल/सड़क

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(316)

टिप्पणियाँ

(22)

आयुक्तकानामऔरहस्ताक्षर (21)

प्रत्येकपंक्तिका योग

किराया

(20)

रेलकिराया

(19)

नियंत्रकअधिकारी

श्रेणीजिसमेंवास्तवमें यात्राकी

राशि

(18)

दावाकियागयाभत्ता

दर

(17)

दैनिकभत्ता

रुपयोंकाभुगतानकीजिए।

(16)

केलिएपारितकियागया।

दिनोंकीसंख्या

दिनांक 20

दिनांक......20 1286(317)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

अंतिमराशिकेकालममेंअग्रेषितकीजाए।

ii)जबउसकेबदलेमेंमीलभत्ता(माइलेज)यावास्तविकव्ययकादावाकियागयाहो।

iii)जबरेलकिरायाऔरदैनिकभत्ताऐसीयात्राकेलिएचाहागयाहै,जबकिरेलयात्राकेतुरंतपश्चातसड़कसेयात्राकीगईहोयारुकगयाहो।

i)जबमुख्यालयसेलगातारदोदिनसेअधिकअवधिकीनिरंतरअनुपस्थितिनहोनेपरदोदिनकेदैनिकभत्तेकादावाकियागयाहो।

यात्राभत्तादेयकतैयारकरनेहेतुअनुदेशः-

4.प्रत्येकव्यक्तिहेतुकिसीएकयात्राकेलिएएकदेयककेकुलयोगमेंएककिलोमीटरकेअंशप्रभारितनहींकरेगा।

3.सड़कद्वारायात्राकीजानेपरकिलोमीटरकीसंख्यादीजाये।

2.केवलयात्राकेघंटे(समय)उल्लिखितकियाजानाचाहिए:-

1.पृथकप्रकारकीयात्रायेंऔररुकनेकीप्रविष्टिएकहीपंक्तिमेंनकीजाए।केवलएकहीप्रकारकाभत्ताउसीपंक्तिमेंलिखाजाएऔरउसकीराशि मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(318)

योग

टिप्पणियाँ

(7)

(13)

(9)

यात्राभत्तेकी राशि ₹

(12)

व्हाउचरक्रमांक एवंभुगतानकी दिनांक

(5)

भोजनव्ययकी राशि ₹

(11)

(4)

साक्षीकोभुगतानकीगई यात्राकीराशि ₹

आदेशिकादेनेवाले न्यायालयकानाम

प्ररूप-26

[नियम83]

(3)

(10)

चालानक्रमांक एवंदिनांक

प्रकरणक्रमांक

नगरनिगमकानाम

(9)

(2)

नगरनिगमनिधिमेंजमा कीगईराशि

भोजनव्ययऔरयात्राभत्तेसहित आदेशिकाप्राप्तिकीदिनांक

भोजनव्ययऔरयात्राभत्ताजोकर्मचारियोकोसाक्ष्यदेनेहेतुसाक्षीकीतरहउपस्थितहोनेहेतुन्यायालयसेप्राप्तहुआ

(8)

(1)

उपस्थितहोनेवाले अधिकारीकेहस्ताक्षर

सरलक्रमांक 1286(319)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

योग

(6)

आयुक्त/यंत्री कानामऔरहस्ताक्षर

निरंतर..

दिन (5)

(10)

(4)

पिताकानाम

भुगतानपदाधिकारीकेआद्यक्षरऔरटिप्पणीयांयामजदूरकाहस्ताक्षर यदिवहअपनानामलिखनेमेंसक्षमहैयाअंगूठेकानिशान

मस्टररोल

नाम

केमहीनेकेदौरानमजदूरोंकीउपस्थितिनामावली(मस्टररोल).

(3)

उपस्थितिनामावलीकामहायोग

प्ररूप-27 {नियम84और139(1)}

(9)

भुगतानकीदिनांक

द्वारा

नगरनिगमकानाम

₹

राशि

क्रमांक

(8)

(2)

कार्यकानाम

प्रमाणितकियाजाताहैकिउपरोक्तंविवरणमेंदर्शायेगयेसभीकर्मचारीनगरनिगमकेहितमेंकार्यरतथेऔरऊपरउल्लिखितभुगतान प्रत्येककोउनकेसामनेलिखीदिनांकोमेंमेरीउपस्थितिमेंकियागयाहै

कॉलमोंकीसंख्यामेंपूरेमहीनेकेप्रविष्टियोंकेलिएयदिआवश्यकहोतोवृद्धिकीजासकतीहै।

दर (7)

(1)

मजदूरोंकाविवरण

टिप्पणी- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(320)

टिप्पणियाँ

लागत

पदनाम

प्रभारीपदाधिकारी

दर

अनुमानकेअनुसारदर

प्रति इकाई

वैकल्पिकप्रमाणपत्र

मात्रा

योग

विवरण

प्रमाणितहैकिकियाहुआकार्यमापनेकेलिएग्रहणशीलनहींहै.हालांकि,मैंइससेसंतुष्टहूँ.जोराशिभुगतानकीगईहै। दिनांक..

अंतर

इसबिलकेअनुसारराशिर 1286(321)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

पूर्णताअवधि(माह)

दिनांक

नामऔरजारीकर्ताप्राधिकारीकापदनाम

संभावितराशि

परएनआईटीदेखसकतेहैं।

जिला(जिले)

प्ररूप-28

{नियम92(1)(क)(ii)}

ई-निविदाआमंत्रणसूचनाकाप्रारूप मध्यप्रदेशशासन

नगरनिगमकानाम

निर्माण/आपूर्ति/सेवायें

/ई-टेंडरिंग

सकतेहै।

निम्नलिखितनिर्माण/आपूर्ति/सेवाओंकेलिएनिविदामानदंडोंकोपूराकरनेवालेठेकेदारों/कंसल्टेंट्सऔरख्यातिप्राप्तफर्म्स,सेऑनलाइनबोलीआमंत्रितहै:-

एन.आई.टी.संख्या

3एनआईटीमेंसंशोधन,यदिकोईहोताहै,तोकेवल,वेबसाइटपरप्रकाशितकियाजाएगाऔरसमाचारपत्रमेंनहीं। 4किसीभीस्पष्टीकरणकीआवश्यकताहोतोकृपयाश्री ........(नामऔरपदनाम)सेसंपर्ककरें।संपर्क...

क्र.सं./पैकेज/कोड

1 इच्छुकबोलीदातावेबसाइटhttp://...

2 बोलीदस्तावेज़सार्वजनिकअवकाशकोछोड़कर (समय) (दिनांक)से (समय).......(दिनांक)तकऑनलाइनक्रयकियेजा मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(322)

(8)

महायोग

योग (7)

(6)

अन्तर्वस्तु/मात्रा

(5)

DयाH (गहराईया ऊँचाई)

प्राक्कलन

B चौड़ाई (4)

प्ररूप-29 {नियम99(1)}

L लम्बाई (3)

क्रमांक (2)

सन20.....20

(1)

निर्माणकार्यकाविस्तृतवर्णन

प्राक्कलनक्रमांक

स्वीकृतिहेतुप्राधिकार

योग

निर्माणकार्यकीप्रकृति-मूल/मरम्मत निर्माणकार्यकानाम

नगरनिगमकानाम 1286(323)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

महायोग

(15)

आयुक्तकानामऔरहस्ताक्षर

योग (14)

राशिर

(13)

प्रति

(12)

विशिष्टियाँ

दर

(10)

कार्यकाविवरण

परिमाण (9)

प्राक्कलनकीलागतकासारांश

योग प्राक्कलनकीराशि...

द्वारास्वीकृत. स्वीकृतिकीदिनांक............

प्रभारीयंत्री/यंत्री कानामऔरहस्ताक्षर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(324)

प्ररुप-30

अनुबंध का प्ररुप

(नियम -105)

नगर निगम का नाम

स्टाम्प पेपर (उचित मूल्य का)

आज... ..माह. ...के दिवस दो हज़ार को श्री (जो इस के ..को बाद ठेकेदार कहे जाएंगे) एक पक्ष और नगर निगम..... ..(जिसे इस के बाद निगम कहा जाएगा) दूसरे पक्ष के मध्य यह अनुबंध निष्पादित किया गया है । जहाँ ठेकेदार ने दिनांक........ ...उपलब्ध करने, आपूर्ति परिदान अधिष्ठापित करने , निर्माण करने , रखने एवं संधारण करने ......एवं अनुसूची में उल्लिखित सभी अन्य कार्यों के लिये निविदा दी है और उपरोक्त निविदा आयुक्त / महापौर द्वारा स्वीकृत की गई है । और यहह आवश्यकआवश्यक हैहै।कि जो अनुबंध निष्पादित किया गया है, वह दस्तावेज में लिखित रूप में लिखा जाएगा ।

अब, निम्न रूप से सहमत हैः

1. ठेकेदार निम्नांकित शर्तों के अनुसार कार्य की अनुसूची में विवरण के अनुसार और उसमें दर्शाये गये भुगतान के बदले में निष्पादित करेगा ।

2. दस्तावेज़ में समाविष्ट ठेका निविदा में दर्शायी गई ठेके संबंधी प्रविष्टियों और उसकी स्वीकृति के प्रतिस्थापन स्वरुप होगा और इन शर्तों के विपरीत होने पर ठेका प्रवृत्तिहीन हो जाएगा । शर्ते

1. कार्य पूर्ण कर्मठता से किया जाएगा एवं सभी कार्य अति सारभूत एवं कुशल कारीगरी के साथ निष्पादित किये जाएंगे । उपयोग की जाने वाली सामग्री, यदि ठेकेदार द्वारा प्रदाय की जाएगी वह उत्तम गुणवत्ता की होगी एवं सभी प्रकरणों में यंत्री / उपयंत्री/आयुक्त की स्वीकृति के अध्यधीन होगी एवं निर्माण कार्य की प्रगति की दर और कार्य या सामग्री की गुणवत्ता पर उनका निर्णय अंतिम होगा ।

2. निष्पादित किये गये कार्य की मात्रा का माप किया जाएगा एवं संतोषजनक रुप से कार्य के पूर्ण होने पर भुगतान किया जाएगा ।

3. खराब सामग्री के कार्य को पर्यवेक्षण अधिकारी उसे हटा सकेंगे एवं उन्हें प्रतिस्थापित करवाएंगे, अस्वीकृत कर हटाये गये कार्य या सामग्री का मूल्य या उसके प्रतिस्थापन की लागत, जैसा उचित समझा जाए निविदा देने वाले पक्ष को देय राशि से काट लिया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(325) 4. आयुक्त/यंत्री हस्ताक्षरित कार्य से संबंधित डिज़ाइन्स, ड्राइंग्स एवं लिखित अनुदेश उसके कार्यालय में, कार्यालय समय में निरीक्षण हेतु रखेगा और उसके अनुरूप कड़ाई के साथ कार्य किया जाएगा ।

5. महापौर / आयुक्त / यंत्री को मूल नक्शों या अनुदेशों में ऐसे परिवर्तन करने की शक्ति होगी जो कार्य की प्रगति की दृष्टि से आवश्यक हों और ये परिवर्तन उन्हीं शर्तों पर पूरे किए जाएंगे जो मुख्य कार्य के लिये स्वीकृत की गई हों एवं उस समयावधि में पूरा किया जाएगा जो महापौर / आयुक्त / यंत्री / यंत्री परिवर्तन का उल्लेख करते हुए लिखित में आदेशित करेंगे । ऐसे परिवर्तनों से आवश्यक हुआ अतिरिक्त कार्य के लिए, यदि कोई हो, निम्न रूप से भुगतान किया जाएगाः-

(क) पूर्व सहमत्य दर से यदि यह उसी समान प्रकृति का हो जैसा अनुबंध में उल्लिखित है;

(ख) कार्य भिन्न प्रकृति का है ऐसे कार्य की दर पूर्व में सहमत्य न हो तो दरों की अनुसूची में उल्लिखित दरों पर जो लागूयोग्य हो;

(ग) यदि अतिरिक्त मदें नगर निगम को लाग योग्य दरों की अनुसूची में सम्मिलित नहीं हैं विद्यमान बाजार दर से श्रमिक और सामग्री के मुल्य का विश्लेषण कर दरें स्वीकृत कर जो संक्षम प्राधिकारी द्वारा उपयुक्त मानी जाएं । ऐसा परिवर्तन ठेके को अमान्य नहीं करेगा वरन् मूल ठेका कार्य को पूरा करने का समय अनुपात में विस्तारित किया जाएगा ।

6. महापौर/आयुक्त/ यंत्री को प्रतीत होता हो कि कोई भी कार्य विकृत, अपूर्ण या कुशल कारीगरी से या हीन प्रकार की सामग्री के साथ निष्पदित किया गया है तो लिखित में माँग पर ठेकेदार उसमें तुरंत सुधार करेगा, हटाएगा या उसका पूर्णतः या अंशतः जैसा भी प्रकरण में आवश्यक हो बिना किसी अतिरिक्त प्रभार के पुनर्निर्माण करेगा; और उसके द्वारा महापौर / आयुक्त / यंत्री द्वारा निर्धारित अवधि में पूरा करने से इनकार करने पर जैसा भी प्रकरण हो, या विकृत अथवा हीन गुणवत्ता की सामग्रियों या वस्तुओं को निर्धारित समय में कार्यस्थल से हटाने और ठेके की शर्तों के अनुसरण में महापौर / आयुक्त/ यंत्री द्वारा लिखित में माँग पर उन निष्प्रयोज्य सामग्रियों या वस्तुओं के बदले उपयुक्त सामग्रियों या वस्तुएं शीघ्र उपलब्ध कराने में विफलता के प्रकरण में प्राक्कलन की राशि पर एक प्रतिशत की दर से 10 दिनों से अनधिक प्रति दिन के लिये क्षति का भुगतान करेगा ।

7. स्वीकृति प्राधिकारी के विचार में यदि कार्य विशिष्टियों के अनुसार कड़ाई के साथ अनुसरण में निष्पादित नहीं किया गया है तो उन्हें शक्ति होगी कि उस कार्य का भुगतान ऐसी घटी दरों से करें जो वे निर्धारित करें किन्तु यह प्रक्रिया उन के पक्ष में वैकल्पिक होगी ।

8. ठेकेदार द्वारा नीचे दी गई समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं किये जाने के प्रकरण में ठेकेदार के देयक से किये गये कार्य के मूल्य के दस प्रतिशत की कटौती की जाएगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(326)

उपरोक्त संदर्भित सूची

भुगतान की दर

पूर्णता की दिनांक कार्य का नाम

गणना की इकाई

मद का क्रमांक

श्रेणी एवं कार्य का विवरण

निष्पादित किये

जाने वाले कार्य

कीमात्रा

(1)

(7)

(6)

(5)

(2)

(3)

(4)

आज दिनांक..

दिनांक सहित ठेकेदार का नाम एवं हस्ताक्षर एवं

नगर निगम

साक्षी के दिनांक सहित हस्ताक्षर के मध्य

नगर निगम आयुक्त का नाम एवं दिनांक संहित हस्ताक्षर

साक्षी के दिनांक सहित हस्ताक्षर 1286 ( 327)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप 31

नियम 111]

नगर निगम का नाम

ठेकेदार का बिल

व्हाउचर क्रमांक..

निर्माण कार्य का नाम......

ठेकेदार का नाम...

निर्माण कार्य का प्राधिकार...

इस कार्य हेतु पिछले व्हाउचर का क्रमांक एवं दिनांक

मदः विवरण

गत प्रमाण- पत्र के उपरांत निष्पादित किए गए कार्य की मात्रा

माप के अनुसार अद्यतन निष्पादित किए गए कार्य कीमात्रा

(4)

(3)

(2)

(1)

राशि

दर

अद्यतन

टिप्पणियाँ

गत प्रमाण-पत्र के उपरांत

₹

₹

(7)

(8)

(5)

(6) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(328)

आज दिनांक तक हुए कार्य के कुल मूल्य

गत प्रमाणपत्र दर्शित कार्य के मूल्य को आध्तन घटाएं

गत प्रमाणपत्र के पश्चात हुए कार्य का शुद्ध मूल्य

कार्य के प्रभारी यंत्री का नाम और हस्ताक्षर

ठेकेदार का नाम और हस्ताक्षर

प्रमाणित किया जाता है कि पूर्वगामी दावा सत्य है, आवश्यक माप मेरे द्वारा दिनांक.. 20......... को लिए गए और माप पुस्तक क्रमांक यह की कार्य संतोषप्रद रीति से पूर्ण किया गया है । के पृष्ठ पर अभिलिखित किये गए है और दिनांक

प्रभारी यंत्री/ यंत्री/ आयुक्त का नाम और हस्ताक्षर

केवल....

का भुगतान करें

आयुक्त / महापौर- इन- कौंसिल का नाम और हस्ताक्षर

केवल इस कार्य के लिए..........प्राप्त

रसीदी टिकट यदि

5000/- से अधिक है

दिनांक 20..............

ठेकेदार

लेखाकार मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(330)

प्ररूप 33

{नियम 112(1 )]

माप पुस्तक

नगर निगमः.

माप पुस्तक क्रमांकः.

पदाधिकारी का नामः.....

पदनामः

प्रथम पृविष्टि की दिनांकः..

अंतिम पृविष्टि की दिनांकः.

टीप- यह भाग शीर्षक पृष्ठ के रूप में मुद्रित किया जाना चाहिए ।

कार्य का नामः ....

कार्य का स्थितिः .

एजेंसी द्वारा जो कार्य किए गए हैं.

माप की दिनांकः.

(ये. चार पंक्तियों की पुनरावृत्ति प्रत्येक कार्य के माप को प्रारंभ करते समय की जाना चाहिए)

आध्दतन माप

D या H

B

L

प्रति दर विवरण

क्रमांक

क्षेत्रफल का परिमाण

चौडाई

लम्बाई

(गहराई या ऊँचाई)

(6)

(4)

(5)

(5अ)

(3)

(1)

(2)

पूर्वमाप से

पूर्वगामी माप को घटाइए

टिप्पणियाँ अद्यतन कुल मूल्य

कालम 6 की दर से

मात्रा

मात्रा (कालम 5-9)

पृष्ठ

(12)

(11)

(10)

(9)

(7)

(8) 1286 ( 329)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्ररूप 32

{नियम 111]

नगर निगम का नाम

छोटे (Petty) ठेकेदार का बिल

व्हाउचर क्रमांक

निर्माण कार्य का नाम

ठेकेदार का नाम

प्राधिकार

दर

टिप्पणियाँ विवरण

मात्रा

से

प्रति

राशि ₹

(6)

(5)

(4)

(3)

(1)

(2)

कार्य के प्रभारी यंत्री का नाम एवं हस्ताक्षर ठेकेदार का नाम एवं हस्ताक्षर

प्रमाणित किया जाता है कि पूर्वगामी दावा सत्य है, आवश्यक माप मेरे द्वारा दिनांक को लिये गये और माप पुस्तक क्रमांक .......के पृष्ठ यह कि कार्य संतोषप्रद रीति से पूरा किया गया ..पर अभिलिखित किये गये हैं और दिनांक

प्रभारी यंत्री/ यंत्री/ आयुक्त का नाम और हस्ताक्षर

मात्र का भुगतान करें उपरोक्त उल्लिखित निर्माण कार्य के लिए ....

आयुक्त / महापौर का नाम और हस्ताक्षर

प्राप्त किए।

रसीदी टिकट यदि ₹20/- से अधिक है

ठेकेदार 1286(331)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

टिप्पणियाँ

(8)

(7)

नष्टकरनेकी नियतदिनांक

(6)

कार्यालयकोवापसी कीदिनांक

(5)

पूर्णताकी दिनांक

प्ररूप34 {नियम112(2)}

निर्गमकी दिनांक (4)

मापपुस्तकोंकीप्राप्तिएवंनिर्गमकापंजी

नगरनिगमकानाम........

(3)

उसव्यक्तिकानामऔर पदनामजिसेदीगई

मापपुस्तकका क्रमांक (2)

क्रमांक (1) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(332)

राशि

निरंतर.

(7)

दर

(6)

निष्पादित

मात्रा (5)

प्ररूप35

राशि

पूर्णताप्रतिवेदन

(4)

{नियम113(1)}

नगरनिगमकानाम...

प्राक्कलित

दर (3)

मात्रा (2)

योग

(1)

ठेकेदारकानामः:

निर्माणकार्यकानामः.

निर्माणकार्यकाप्राधिकारः...

अनुबंधमेंनिर्दिष्टदिनांकः.

कार्यआरंभहोनेकीदिनांकः.

(जबकोईभीआइटमप्राक्कलनसेअधिकहोजाएतोनीचेदिएगएप्ररूपकाउपयोगकियाजाएगा)

प्राक्कलन

काउपशीर्ष

1286(333)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्रभारीअधिकारी

(11)

अंतरोंकास्पष्टीकरण

राशि

अंतर

दर

यदिकार्यनिर्धारितसमयकेभीतरपूरानहींकियाजाताहै,तोदेरीकाकारणस्पष्टकियाजायेगा,यदिउनकारणोंकेलिएदंडनहींवसूला गयाहैतोवहअभिलिखितकियाजाएगा

मात्रा

योग

(8)

टिप्पणी- मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(334)

आयुक्त/महापौर कानामऔरहस्ताक्षर

प्ररूप-36

नियम114]

कार्यपूर्णताप्रमाणपत्र

मूलकार्यकेपूर्णहोनेकाप्रमाणपत्र

नगरनिगमकानाम

परियोजनाक्रमांक...

प्राक्कलनक्रमांक

प्राधिकारी........

निर्माणकार्यकानाम

दिनांक

प्रमाणितकियाजाताहैकिऊपरउल्लिखितकार्यदिनांक ठीकसेकियागयाहै,मैंअपनीक्षमताकेअनुसारकार्यसेसंतुष्टहूँ। ..कोपूर्णहुआऔरदिनांककोकार्यअधिकारमेंलियागयाहै,कार्य 1286(335)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

आयुक्त/महापौर कानामऔरहस्ताक्षर

G

कोपूर्णहुआऔरवहसाफतथानिवासयोग्यहै,

मरम्मतकापूर्णताप्रमाणपत्र

प्राधिकारी

दिनांक

स्थान

भवनकानाम प्रमाणितकियाजाताहैकिऊपरउल्लिखितभवनकीमरम्मतकाकार्यदिनांक....... औरमरम्मतकार्यठीकसेहुआहै,मैंअपनीक्षमताकेअनुसारकार्यसेसंतुष्टहूँ। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(336)

प्ररूप-37

बैंक गारण्टी का फार्मेट

[नियम 116 (ख)]

नगर निगम

नगर निगम का नाम

(यथोचित मूल्य के स्टाम्प पेपर पर निष्पादित किया जाए) (अनुमानित मूल्य)

बैंक गारण्टी

संदर्भ:-

दिनांक..

अग्रिम भुगतान के लिये बैंक गारण्टी

आयुक्त

प्रिय महोदय,

नगर निगम से संबद्ध (इसके बाद "पक्षकार " के रूप में संदर्भित, जब तक विषय या प्रसंग के प्रतिकूल नहीं हो इसकी अभिव्यक्ति यही होगी एवं इसमें उत्तराधिकारी, प्रशासक एवं समनुदेशी सम्मिलित होंगे) पक्षकार द्वारा अनुबंध क्रमांक........ दिनांक.. ...को.. {ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवाप्रदाता का नाम) (इसके बाद ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/सेवाप्रदाता के रूप में संदर्भित, जब तक विषय या प्रसंग के प्रतिकूल नहीं हो इसकी अभिव्यक्ति यही होगी एवं इसमें उत्तराधिकारी , प्रशासक एवं समनुदेशी सम्मिलित होंगे) एवं उक्त अनुबंध को ठेकेदार/ आपूर्तिकर्ता /सेवाप्रदाता द्वारा असंदिग्धतया (Unequivocally) स्वीकार किया गया है,परिणामस्वरूप रूपये.. के मूल्य ... ....... लिये ठेका निष्पादित हुआ है (इसके बाद ठेका/ अनुबंध कहा जाएगा) एवं पक्षकार उक्त ठेके के निष्पादन हेतु राशि रुरू (रुपये... ...ठेकेदार/ आपूर्तिकर्ता/सेवा प्रदाता को अग्रिम भुगतान करने के लिये ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता द्वारा बैंक गारण्टी दिए जाने पर सहमत है । हम... ....... बैंक का नाम ) रजिस्टर्ड कार्यालय.. ..(इसके बाद बैंक कहा जाएगा) जब तक विषय या प्रसंग के प्रतिकूल नहीं हो इसकी अभिव्यक्ति यही होगी एवं इसमें उत्तराधिकारी, प्रशासक, निष्पादक एवं समनुदेशी सम्मिलित होंगे, गारण्टी लेते हैं एवं वचन देते हैं कि ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता द्वारा भुगतान योग्य सभी धनराशियाँ उपरोक्त सीमा तक पक्षकार द्वारा किसी भी समय मांगे जाने पर बिना किसी हिचकिचाहट, शर्त,अवलंब,प्रतिवाद एवं ठेकेदार /आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता से बिना किसी संदर्भ के पक्षकार को भुगतान करेंगे । पक्षकार एवं ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/ सेवा प्रदाता के मध्य मतभेद या विवाद किसी न्यायलय , ट्रिब्यूनल, माध्यस्थ या अन्य प्राधिकारी के समक्ष विवाद लम्बित रहते हुए भी पक्षकार द्वारा की गई बैंक पर ऐसी कोई मांग बैंक पर निश्चित रूप से बाध्यकारी होगी । हम सहमत हैं कि इसमें सन्निहित बैंक गारण्टी अखण्डनीय एवं पक्षकार द्वारा मुक्त किए जाने तक निरन्तर प्रभावशील रहेगी ।

पक्षकार को बैंक के दायित्व पर बिना प्रभाव डालें संपूर्ण स्वतंत्रता होगी कि अग्रिम को परिवर्तित करे या ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता के ठेके के निष्पादन हेतु समय को विस्तारित करे । पक्षकार को इस गारण्टी के अधीन संपूर्ण स्वतंत्रता होगी कि इस बैंक गारण्टी को प्रभावित किए बिना समय- समय पर उनमें वेष्ठित शक्तियों के प्रयोग को स्थगित करें या कोई अधिकार जो पक्षकार के विरूद्ध हो एवं उक्त को किसी भी समय या किसी भी ढंग से एवं/ या प्रभावशील किसी प्रसंविदा को प्रभावशील करना छोड़ दें जो पक्षकार और ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता के मध्य अनुबंध में सम्मिलित या निहित हो या कोई अन्य क्रम या उपाय या सुरक्षा पक्षकार को उपलब्ध हो । बैंक उसके दायित्वों से इन प्रस्तुतियों से मुक्त नहीं होगा यदि 1286(337)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

उपरोक्त मामलों के संदर्भ में पक्षकार द्वारा व्यवहार किया जाए या छोड़ देने के किसी कारण या कृत्य या पक्षकार के पक्ष पर चूक या कृत्य करने या पक्षकार द्वारा किसी अन्य मामले में या वस्तु में उदारता दिखाने पर जो भी हो जो विधि के अंतर्गत यह प्रावधान नहीं होता तो बैंक को मुक्त करने का प्रभाव होता । बैंक इस पर भी सहमत है कि पक्षकार ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता/सेवा प्रदाता के विरूद्ध कार्यवाही किए बिना एवं ठेकेदार/आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता के दायित्वों के संबंध में कोई प्रतिभूति या अन्य गारण्टी होते हुए भी इस बैंक गारण्टी के विरूद्ध प्रथमतः बैंक को मूल ऋणी के रूप में प्रभावशील करने का हकदार होगा ।

उपरोक्त में कुछ भी सन्निहित होते हुए भीः

(a) इस गारण्टी के अंतर्गत हमारा उत्तरदायित्व रू... ..सहित ..(रूपये ..तक प्रभावशील रहेगी एवं ऐसी ......मात्र) तक सीमित है । यह...... अवधि हेतु ..... ठेकेदार / आपूर्तिकर्ता / सेवा प्रदाता का नाम द्वारा वांछित समय समय पर बढ़ायी जाएगी जिनके पक्ष में यह गारण्टी दी गई है ।

(b) यह बैंक गारण्टी ... तक वैध रहेगी ।

(c) हम केवल इस बैंक गारण्टी के अंतर्गत गारण्टी की राशि या उसके किसी भाग के भुगतान के लिए देनदार हैं एवं केवल जब आप हमें... सूचित करेंगे । ....से पूर्व लिखित दावा या मांग दिनांक

(प्राधिकृत

(बैंक)

हस्ताक्षकर्ता)

साक्षी के हस्ताक्षर/पता

1.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(338)

(5)

टिप्पणियाँ

(9)

कबआरम्भहुआ

(4)

मरम्मतकास्वरूप

(8)

(3)

प्रभारीअधिकारीकेहस्ताक्षर

प्ररूप-38- {नियम139(1)}

निर्माणकार्यकीपंजी

वस्तुओकास्वरूप

नगरनिगमकानाम..

(2)

(7)

प्राप्तिकीदिनांक

वस्तुओकेनिर्गमनकी दिनांक

(6)

क्रमांक (1)

कबपूर्णहुआ 1286(339)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

निरन्तर......

₹

राशि

राशि ₹

(8)

(16)

मात्रा

मात्रा

...विनियोजनकावर्ष..

(7)

(15).

राशि ₹

राशि ₹

(14)

(6)

मात्रा

मात्रा

(13)

(5)

₹

राशि

राशि

(4)

(12)

प्ररूप-39 (नियम140(2)}

निर्माणकार्योंकीपंजी

...प्राधिकार

नगरनिगमकानाम..

मात्रा

मात्रा

(3)

(11)

₹

राशि

(2)

(10)

व्हाउचरक्रमांक

मात्रा

निर्माणकार्यकानाम..

(9)

(1)

माहऔरदिनांक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(340)

(20)

प्रभारीयंत्री/यंत्री/आयुक्तकेआद्याक्षर

(19)

कुलप्रभार

(18)

निर्माणकेलियेशेषकार्य

(17)

केसाथसलंग्नकियागया। कार्यपूर्णहोनेपरअंतिमप्रविष्टिकेनीचेदोहरीलाललाईनखींचीजानीचाहियेऔरनिम्नलिखतटिप्पणीलालस्याहीसेदीजानाचाहिए निर्माणकार्यदिनांककोपूर्णहुआ,पूर्तिकाप्रतिवेदनदेयकक्रमांकदिनांक

किएगएकार्यकाकुलमूल्य ₹

टिप्पणी- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(341)

प्ररूप-40

उपयोगिता प्रमाण पत्र

[नियम 153 (ख) एवं 262 ( 2) (ट)]

नगर निगम का नाम

वर्ष ..हेतु अनुदान का उपयोगिता प्रमाण पत्र

योजना का नाम...

1. प्रमाणित किया जाता है कि राज्य सरकार के पत्र क्रमांक दिनांक द्वारा परियोजना के लिये स्वीकृत कुल ₹....... में से ₹ ......... ....... की अनुदान राशि विमुक्त की गई थी । .(रूपये..

2. कुल राशि (रूपये.. (राज्य सरकार द्वारा विमुक्तः अनुदान) में से, र जिसके लिए यह स्वीकृत की गई थी । की राशि उस प्रयोजन के लिये उपयोग की गई है 3. प्रमाणित किया जाता है कि मैंने अपनी स्वयं की संतुष्टि कर ली है कि जिन शर्तों पर अनुदान स्वीकृत किया गया था उनका पूर्ण रूप से पालन किया गया है एवं मैंने यह देखने के लिए निम्न लिखित परीक्षण किए हैं कि राशि का वास्तव में उसी उद्देश्य हेतु व्यय किया गया है जिस के यह विमुक्त की गयी थी ।

मेरेद्वारा किये गये परीक्षणः-

1

2.

3.

4.

5.

आयुक्त का नाम एवं हस्ताक्षर दिनांक..

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(342)

प्रभारीअधिकारीभण्डार

मालक्षतिग्रस्तहुआयापहचानकीगई विसंगतिकाविवरणदर्जकरें

जी.आर.एन.क्र.

जी.आर.एन.दिनांक डिलीवरीनोटक्र. डिलीवरीनोटदिनांक

मालकाविवरण

मालप्राप्तिनोट

प्ररूप-41 {नियम173(3)}

डिलीवरीकी मात्रा

नगरनिगमकानाम......

आदेशितमात्रा

सेप्राप्तकी द्वाराजाँच

मालक्रयआदेशक्र.

आपूर्तिकर्ताकानाम........

वाहक 1286(343)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

प्रभारीअधिकारीभण्डार

मूल्य 새

र

शेष

मात्रा

मूल्य

निर्गम दर

प्ररूप-42

यूनिट

मात्रा

{नियम173(3)और174(2))

नगरनिगमकानाम भण्डारलेजर

मूल्य

दर

प्राप्तियाँ

मात्रा

आदेशक्र.

दिनांक

अधिकतम

दिनांकः...

न्यूनतम

द्वारादर्ज

मालकाविवरण

क्रमस्तर(आर्डरिंगलेवल) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(344)

जीआईएनदिनांक...........

जीआईएननं.........

मांगपत्रसंख्या............

मांगपत्रदिनांक..........

भंडारकेप्रभारीअधिकारीकानामऔरहस्ताक्षर

जारीकरनेकीविस्तृतजानकारीदर्जकरेंयदिवैकल्पिकसामग्री कीपूर्णयाउपलब्धतानहींहै

प्ररूप-43

नियम174(1)]

जारीकीगई मात्रा

नगरनिगमकानाम........

भंडारमांगपत्र

मांगकीगईमात्रा

केद्वाराजांचागया

मालकाविवरण

जारीकर्ता

मांगकर्ताकीपावती

मांगकर्ताकानाम 1286(345)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

भण्डारप्रभारीअधिकारीकानामएवंहस्ताक्षर

मालवापसीनोटसंख्या............. मालवापसीनोटदिनांक...

क्षतिग्रस्तमालयाविसंगतिकाविवरणदर्जकरें

प्ररूप-44

प्राप्तकीगईमात्रा

{नियम175(2)]

लौटायीगईमात्रा

नगरनिगमकानाम

द्वाराजाँचकीगई

द्वाराप्राप्तकीगई

मालकाविवरण

वापिसकरनेवालेकानाम

मालवापसीनोट मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(346)

योग

(12)

(6)

फर्नीचरकाक्रय

(16).

किराया

(11)

अग्रिमधारीकेआद्याक्षर

(5)

प्रत्येकसब-व्हाउचरकावर्गीकरण सामान्यप्रशासनकार्यालय

लेखनसामग्री

(10)

फार्म्सकापरिवहन

(15)

व्यय

प्ररूप-45

[नियम192(1)]

स्थायीअग्रिमकीप्रतिपूर्ति चैककाक्रमांकएवं दिनांक

(4)

डाकप्रभार

(9)

लेखनसामग्रीका परिवहन

स्थापनाएवंआकस्मिकताएं

राशि

नगरनिगमकानाम स्थायीअग्रिमकालेखा

(14)

(3)

राशि

डैबिटकियेजानेवालाशीर्षएवंराशिदर्शायें

(8)

पुस्तकोंकाक्रय

सबव्हाउचर

(2)

सरलक्रमांक

(13)

(7)

दिनांक (1)

बिलकेप्रेषणकीदिनांक

पंजियोंकीबाइन्डिंगहेतुप्रभार 1286(347)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(5)

कीगईकार्यवाही(हानिकेलियेउत्तरदायी व्यक्तिकेविरूद्धकीगईअनुशासनात्मक कार्यवाहीसहित,यदिकोईहो)

(4)

परिस्थितियाँजिनसे हानिहुई

अनुमानित मूल्य

(3)

प्ररुप-46 [नियम270(2)]

नगरनिगमकानाम...

वर्ष20.........केहुईदौरानधनएवंसम्पत्तिकीहानिकाविवरण

(2)

वस्तुओंकावर्णन

सरल क्रमांक

(1) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(348)

निरन्तर....

(9)

(11)

(18)

निष्पादनकीदिनांक

वादसेसम्बंधितव्यय, व्हाउचरक्रमांकऔर दिनांकसहित

निर्णययाडिक्रीकीदिनांक

(5)

वादका मूल्यरू.

सारांश

(17)

(10)

निष्पादनकीलागत

(4)

वादमेंकार्यवाही(अंतिमनिर्णय

सेपूर्वइसकालममेंप्रविष्टकी

जाए)सुनवायीकीप्रत्येक

दिनांकपरप्रकरणप्रगतिका

प्रतिवादीकानाम,पिताकानाम औरनिवासस्थानसहितनिवास

(16)

अपीलकापरिणाम

सिविलवादकीपंजी

प्ररूप-47 [नियम274]

(9)

(3)

(15)

वादकाक्रमांक,दिनांकएवं

वर्षजोन्यायालयद्वारानिश्चितः

कियागया

योगरू

वादीकानाम,पिताकानामऔर निवासस्थानसहितनिवास

(14)

(8)

लागतरू.

डिक्रीकीराशि

(2)

न्यायालयकानामजहाँवाद

प्रस्तुतहुआहै

वादकाप्रकार सिविलयाबकाया वसूली

(13)

मूलधनरू.

क्रमांक

(1)

(7)

(12)

निर्णयका परिणाम

वादप्रस्तुतकरने कीदिनांक

नगरनिगमकानाम 1286(349)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 दिसम्बर 2018

(22)

टिप्पणियाँ(क्याराशिप्राप्तहुईहैयावादका निपटाराहोगयाअथवाप्रकरणसमाप्तिकी टीपइसकालममेंदिनांककेसाथदीजाए)

(21.)

वसूलकीगईराशि

(20)

चालानकाक्रमांकएवंदिनांक

(19)

कुलदेयराशियापात्रता मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 दिसम्बर 2018

1286(350)

टिप्पणियाँ

(15)

(5)

अभियोजनकाआधार

(10)

अन्तिमनिर्णयकेपूर्वकीप्रत्येकसुनवाईकी

दिनांकपरहुईकार्यवाही

(14)

(4)

अपीलकापरिणाम..

मध्यप्रदेशकेराज्यपालकेनामसेतथाआदेशानुसार, राजीवनिगम,उपसचिवनगरीयविकासएवंआवासविभाग.

अधिनियमकीधारायाउप नियमयानियमजिसकेअंतर्गत अभियोजनकियागया

(9)

(13)

न्यायालयद्वारा अभियोजनकेप्रकरण काक्रमांक,दिनांकएवं वर्ष

(3)

प्ररूप-48 (नियम275)

अधिरोपितकिये गयेदण्डकीराशि

लगायागयाअभियोग

अभियोजनपंजी

(8)

न्यायालयकानामजहाँ

अभियोजनप्रस्तुतहुआ

(12)

(2)

निर्णयकासारांश

अधिकारीकानाम

(7)

संस्थित

करनेकी

दिनांक

(1)

(6)

(11)

सरलक्रमांक

कियागयाव्यय

निर्णयकीदिनांक

नगरनिगमकानाम:

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2018.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 17 December 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2018-12-17.643.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2018-12-17.643.Extraordinary.