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मध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 40]
भोपाल, गुरुवार, दिनांक 31 जनवरी 2019- माघ 11 , शक 1940
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 31 जनवरी 2019
क्रमांक एफ 5-13 (4-2 )/ 1996/29-1 , मध्यप्रदेश चावल अधिप्राप्ति (उद्ग्रहण ) आदेश, 1970 के खण्ड-3 'ब' के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों के अनुसरण में पूर्व में इस खण्ड के अधीन जारी समस्त अधिसूचनाओं को अधिक्रमित करते हुए राज्य सरकार , एतद् द्वारा यह निर्देश देती है कि मध्यप्रदेश के समस्त राईस मिलर राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा धारित धान (Paddy) को निम्नलिखित निबंधनों तथा शर्तों पर चावल मे प्राथमिकता पर सम्परिवर्तित करेंगे , अर्थात्ः 1. राज्य शासन द्वारा अधिकृत अधिकारी राईस मिलर को, राज्य सरकार की एजेंसी द्वारा धारित धान को किसी विनिर्दिष्ट कालावधि के लिए , मिल की मिलिंग क्षमता का न्यूनतम ऐसा प्रतिशत जो राज्य शासन निर्धारित करें को चावल में सम्परिवर्तित करने हेतु निर्देश दे सकेगा।
2. मिलिंग क्षमता का नियतन या निर्धारण किसी मिल की प्रति घण्टा मिलिंग क्षमता के आधार पर यह मानकर किया जायेगा कि मिल , प्रत्येक कार्य दिवस पर 8 घण्टे की दो पारियों में मास के 25 कार्य दिवसों को चल रही है।
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3. इस प्रकार निर्देशित किये जाने पर संबंधित राईस मिलर , धान की मिलिंग , जिसे इसमें इसके पश्चात "कस्टम मिलिंग" कहा गया है, के लिए , राज्य सरकार की एजेंसी के साथ करार निष्पादित करेगा । करार के निर्बंधन तथा शर्तें निम्नलिखित सिद्धांतों पर होगी: -
3.1 राईस मिलर , भारत सरकार द्वारा, समय समय पर, नियत की गई धान-चावल-अनुपात (Out turn ratio) तथा गुणवत्ता विनिर्दिष्टियों के अनुसार कस्टम मिलिंग करेगा, जिसके लिये मिलर को भारत सरकार द्वारा समय- समय पर नियत किये गये मिलिंग प्रभारों की दर पर भुगतान किया जाएगा ।
3.2 राईस मिलर का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह राज्य एजेंसियों द्वारा निर्धारित किए गए केन्द्र से धान उठाये और धान की मिलिंग के पश्चात निर्धारित किए गए गोदाम जो कि भारतीय खाद्य निगम/ राज्य एजेंसियों के भण्डारण केन्द्र हो , में निर्धारित किस्म के चावल का परिदान करे ।
3.3 राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार भंडारण केन्द्र से मिल तक परिवहन प्रभार तय होने पर , राज्य सरकार की एजेंसी के माध्यम से मिलर को चुकाया जाएगा। 3.4 राईस मिलर, कस्टम मिलिंग के लिये धान अभिप्राप्त करने हेतु ऐसा अग्रिम धन (Advance ) तथा प्रतिभूति निक्षेप ( Ernest Money) , जैसा कि राज्य एजेंसी एवं मिलर के मध्य निष्पादित करार में उल्लेखित किया जाए , राज्य एजेंसियों को जमा करेगा।
3.5 राईस मिलर, राज्य की एजेंसियों का परिदान आदेश जारी होने की तारीख से अधिकतम 10 दिवस के भीतर राज्य सरकार की एजेसियों से धान उठायेगा और धान का परिदान लेने की तारीख से 30 दिवस अथवा राज्य एजेंसी के अधिकारी द्वारा विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर जो भी पहले हो उसकी मिलिंग पूर्ण करेगा।
3.6 राईस मिलर चावल का प्रसंस्करण राज्य एजेंसी के निर्देशानुसार उसना अथवा अरवा चावल की किस्म के रूप में करेगा ।
3.7 यदि कोई राईस मिलर, उपखण्ड (5) में विनिर्दिष्ट कालावधि के भीतर मिलिंग पूर्ण करने में असफल रहता है तो ऐसे अनुपालन के लिये किसी राईस मिलर के विरुद्ध किन्ही नियमों या करार के अधीन अनुज्ञेय किसी कार्यवाही पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना राईस मिलर आगामी मास के दौरान किसी प्रकार की मिलिंग तब तक नही करेगा जब तक कि वह ऐसे संपूर्ण धान की कस्टम मिलिंग पूरी नहीं कर लेता है। 3.8 राईस मिलर , कस्टम मिलिंग हेतु प्राप्त की गई धान ( Paddy) के स्टाक (स्कंध) तथा मिलिंग के पश्चात अभिप्राप्त किये गये चावल के स्टॉक से अन्य धान और अन्य चावल के स्टाक से पृथक रखेगा । 80 (1)
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3.9 यह राज्य सरकार की एजेंसी का उत्तरदायित्व होगा कि वे औसत अच्छी गुणवत्ता (Fair average quality) के विहित किये गये मानक (Standard) की धान मिलिंग हेतु राईस मिलर को उपलब्ध कराये।
3.10धान एवं निर्मित चावल के गुणवत्ता एवं संचालन के मानक जो भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गये है , लागू होंगे ।
3.11 गुणवत्ता के संबंध में विवाद का निराकरण राज्य शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अनुसार किया जाएगा।
3.12बारदाना के संबंध में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय -समय पर जारी निर्देश राईस मिलर्स पर बाध्यकारी होंगे।
4. राईस मिलर का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह राज्य सरकार की एजेंसी से प्राप्त धान तथा धान की मिलिंग के पश्चात चावल को भी सुरक्षित अभिरक्षा में रखे और ऐसे धान तथा चावल के संबंध में राईस मिलर पूर्णतः उत्तरदायी होगा।
5. राईस मिलर को अपनी मिल चालू हालत में रखना होगा । वह राज्य सरकार की एजेंसी के साथ करार की गई धान की कस्टम मिलिंग पूरा किये जाने तक मिल को अच्छी हालत में बनाये रखना सुनिश्चित करने के लिए समस्त ऐसी आवश्यक अपेक्षाओं अर्थात विद्युत, पानी, तकनीकी तथा गैर तकनीकी कर्मियों आदि को बनाये रखने हेतु उत्तदायी होगा।
6. राज्य सरकार के अधिकृत अधिकारी द्वारा इस नियंत्रण आदेश के अधीन जारी किए गए आदेश से व्यथित कोई भी राईस मिलर , जिले के कलेक्टर को आदेश तिथि के 30 दिवस के भीतर अपील कर सकेगा। किन्तु ऐसी अपील उस दशा में ग्रहण नहीं की जायेगी यदि सबंधित मिलर ने राज्य सरकार की एजेंसी के परिदान ( Delivery) आदेश के अधीन धान की कस्टम मिलिंग प्रारंभ नहीं की हो। कलेक्टर अपीलार्थी को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर दिये जाने के पश्चात ऐसा आदेश पारित करेगा , जैसा कि वह उचित समझे।
7. प्रत्येक मिलर , राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट किए गए अधिकारी द्वारा मांगे जाने पर लेखा एवं अन्य वांछित जानकारी उपलब्ध करायेगा ।
8. राज्य एजेंसी की धान का मिलिंग करने वाला प्रत्येक मिलर जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी को मिलिंग समयावधि के दौरान प्रत्येक 15 दिवस में आयुक्त/संचालक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण , मध्यप्रदेश द्वारा निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध करायेगा।
9. यह आदेश मध्यप्रदेश के समस्त राईस मिलर पर बंधनकारी होगा ।
10. इस आदेश के कठिनाईयों का निराकरण राज्य शासन से प्राधिकृत अधिकारी द्वारा किया जाएगा ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
बी. के. चन्देल, उपसचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.