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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

निर्वाचन व्‍यय (लेखा संधारण और प्रस्‍तुति) आदेश 2014

Published 15 February 2019

Department
म.प्र. राज्‍य निर्वाचन आयोग
Type
Extraordinary
Gazette no.
59
Identifier
in.gazette.madhya.2019-02-15.59.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 59]

भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 15 फरवरी 2019- माघ 26, शक 1940

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

" निर्वाचन भवन"

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( म. प्र. ) 462 011

भोपाल, दिनांक 15 फरवरी 2019

आदेश

कमांकः एफ-87-101 / 15 / ग्यारह / 123.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

117 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 फरवरी 2019

118

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह-दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, चित्रकूट, जिला-सतना अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री चन्द्रकली यादव भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/1/2015 तक सुश्री चन्द्रकली यादव को अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना (मप्र. ) के समक्ष दाखिल किए जाने थे ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सतना के पत्र कमांक 19/1/15 दिनांक 19/01/2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री चन्द्रकली यादव द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल ही नहीं किए गए ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना से उक्ताशय की रिपोर्ट प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री चन्द्रकली यादव को निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल नहीं करने के परिणामस्वरूप आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 02/3/15 जारी किया गया। नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सतना के पत्र कमांक 989 , दिनांक 17/12/2018 के संलग्न अभ्यर्थी सुश्री यादव को कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को तामील हो जाने के उपरांत आयोग के पत्र दिनांक 19/12/2018 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला-सतना से इस आशय की जानकारी आयोग को भिजवाने हेतु कहा गया कि नोटिस तामीली के उपरांत अभ्यर्थी, सुश्री चन्द्रकली यादव द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर जिला कार्यालय के समक्ष विलम्ब से निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत किये गए हों, या इस बावत् अभ्यावेदन, मौखिक सुनवाई हेतु अभ्यावेदन आदि प्रस्तुत किए गए हों तो उनकी विश्वसनीयता/ स्वीकार्यता के संबंध में स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये ।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सतना के पत्र क्रमांक 05, दिनांक 09/1/2019 द्वारा आयोग को अवगत कराया गया कि आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 2/3/2015 के तामीली उपरांत अभ्यर्थी, सुश्री यादव द्वारा जिला निर्वाचन कार्यालय में अपना निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही अभ्यावेदन या मौखिक सुनवाई हेतु अभ्यावेदन प्रस्तुत किये गये हैं ।

जिले से उक्ताशय की जानकारी आयोग को प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा अभ्यर्थी के के निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु उन्हें नोटिस दिनांक 16/1/19 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 31/01/2019 को आयोग मुख्यालय में सभिलेख / सप्रमाण बुलाया गया । 118 (1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 फरवरी 2019

आयोग द्वारा जारी नोटिस की तामीली अभ्यर्थी, सुश्री चन्द्रकली यादव को समय पूर्व हो चुकने की जानकारी जिले से आयोग को प्राप्त हो चुकी थी । परन्तु अभ्यर्थी आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अभ्यर्थी, सुश्री चन्द्रकली यादव द्वारा विहित समयावधि में निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किये गए और न ही व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किए जाने बावत् कोई अभ्यावेदन इत्यादि ही आयोग को प्रस्तुत किया गया । अतः इससे आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास निर्वाचन व्यय लेखे निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं करने का कोई पर्याप्त एवं न्यायोचित कारण नहीं है ।

अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा- 32- ग के उपबन्धों एवं म०प्र० नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन श्री सुश्री चन्द्रकली यादव को इस प्रकार चुने जाने के लिये तथा नगर परिषद्, चित्रकूट, जिला- सतना (मप्र .) का अध्यक्ष एवं पार्षद् होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्यनिर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुनीतात्रिपाठी ) मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

भोपाल, दिनांक 15 फरवरी 2019

आदेश

कमांकः एफ-87-101 / 15 / ग्यारह / 124.- :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की बारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 फरवरी 2019

118 (2)

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह-दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, चित्रकूट , जिला सतना अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री रेशमा देवी भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/1/2015 तक सुश्री रेशमा देवी को अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना (मप्र. ) के समक्ष दाखिल किए जाने थे ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सतना के पत्र कमांक 19/1/15 दिनांक 19/01/2015 के संलग्न प्राप्त परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री रेशमा देवी द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल ही नहीं किए गए ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना से उक्ताशय् की रिपोर्ट प्राप्त होने पर आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री रेशमा देवी को निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल नहीं करने के परिणामस्वरूप आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 02/3/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सतना के पत्र कमांक 989, दिनांक 17/12/2018 के संलग्न अभ्यर्थी सुश्री रेशमा देवी को कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को तामील हो जाने के उपरांत आयोग के पत्र दिनांक 19/12/2018 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला-सतना से इस आशय की जानकारी आयोग को भिजवाने हेतु कहा गया कि नोटिस तामीली के उपरांत अभ्यर्थी, सुश्री रेशमा देवी द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर जिला कार्यालय के समक्ष विलम्ब से निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत किये गए हों, या इस बावत् अभ्यावेदन, मौखिक सुनवाई हेतु अभ्यावेदन आदि प्रस्तुत किए गए हों तो उनकी विश्वसनीयता/ स्वीकार्यता के संबंध में स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये ।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के पत्र क्रमांक 05, दिनांक 09/1/2019 द्वारा आयोग को अवगत कराया गया कि आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस दिनांक 2/3/2015 के तामीली उपरांत अभ्यर्थी, सुश्री रेशमा देवी द्वारा जिला निर्वाचन कार्यालय में अपना निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही अभ्यावेदन या मौखिक सुनवाई हेतु अभ्यावेदन प्रस्तुत किये गये हैं । 118 (3)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 15 फरवरी 2019

जिले से उक्ताशय की जानकारी आयोग को प्राप्त होने के उपरांत आयोग द्वारा अभ्यर्थी के के निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु उन्हें नोटिस दिनांक 16/1/19 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 31/01/2019 को आयोग मुख्यालय में सभिलेख / सप्रमाण बुलाया गया ।

आयोग द्वारा सुश्री रेशमा देवी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को प्राप्त हो चकी है, जिसमें टीप अंकित है कि "संबंधित की मृत्यु हो गई है । "

अभ्यर्थी सुश्री रेशमा देवी सुनवाई हेतु उपस्थित नहीं हुई । अभ्यर्थी सुश्री रेशमा देवी के संबंध में जिले से जानकारी प्राप्त हुई है कि उनका निधन हो चुका है । अतएव इनके प्रकरण पर खात्मा लगाया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुनीता त्रिपाठी ) मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 15 February 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2019-02-15.59.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2019-02-15.59.Extraordinary.