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ध्य प्रदेश शास
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
( असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 71 ]
भोपाल, बुधवार, दिनांक 20 फरवरी 2019- फाल्गुन 1 , शक 1940
विधान सभा सचिवालय मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 20 फरवरी 2019
क्र. 2288- मप्रविस-15- विधान- 2019.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम 64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश आधार ( क्त्तिीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान ) विधेयक, 2019 ( क्रमांक 4 सन् 2019) जो विधान सभा में दिनांक 20 फरवरी , 2019 को पुनःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
अवधेश प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव.
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 फरवरी 2019
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक ४ सन् २०१९
मध्यप्रदेश आधार ( वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान ) विधेयक , २०१ ९
विषय-सूची.
खण्ड :
१. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ.
२. परिभाषाएं.
३. कतिपय सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं आदि को प्राप्त करने के लिये आधार संख्या के प्रमाण का आवश्यक होना.
४. राज्य सरकार द्वारा योजनाएं अधिसूचित करना.
५. केन्द्रीय अधिनियम के अध्याय तीन एवं छह का लागू होना.
६. इस अधिनियम के उपबंधों का अन्य विधियों के अतिरिक्त होना न कि उनके अल्पीकरण में होना.
७. सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण .
८. नियम बनाने की शक्ति.
९. कठिनाइयां दूर करने की शक्ति.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2019
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक ४ सन् २०१ ९
मध्यप्रदेश आधार ( वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान ) विधेयक , २०१ ९
मध्यप्रदेश राज्य में निवास कर रहे व्यक्तियों को, जो आधार को एकल पहचान के रूप में उपयोग कर रहे हैं, सुशासन उपाय के रूप में, ऐसी सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं के, जिनके लिए राज्य की संचित निधि से व्यय सम्पूर्णरूप से उपगत किया जाता है, दक्ष, पारदर्शी और लक्ष्यित परिदान के लिए और उससे संसक्त या उनसे आनुषंगिक विषयों का उपबंध करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-
संक्षिप्त नाम , विस्तार और प्रारंभ.
१. ( १ ) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश आधार ( वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान ) अधिनियम , २०१९ है.
(२ ) इसका विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश राज्य पर है.
(३ ) यह मध्यप्रदेश राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.
२. ( १ ) इस अधिनियम में , जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
परिभाषाएं.
(क) " आधार संख्या " से अभिप्रेत है, केन्द्रीय अधिनियम की धारा ३ के अधीन किसी व्यक्ति को जारी की गई पहचान संख्या;
(ख) " राज्य सरकार का अभिकरण " से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश राज्य में किसी केन्द्रीय अधिनियम या राज्य अधिनियम द्वारा स्थापित या गठित कोई प्राधिकरण या निकाय जिसमें स्थानीय निकाय , और राज्य सरकार के स्वामित्व के तथा उसके द्वारा नियंत्रित कोई अन्य निकाय सम्मिलित है तथा वे निकाय भी सम्मिलित हैं जिनका गठन एवं प्रशासन राज्य सरकार द्वारा मुख्यरूप से नियंत्रित किया जाता है;
(ग) " अभिप्रमाणन " से अभिप्रेत है, वह प्रक्रिया जिसके द्वारा किसी व्यक्ति की जनसांख्यिकीय सूचना एवं बायोमैट्रिक सूचना सहित आधार संख्या, केन्द्रीय पहचान डाटा निक्षेपागार को उसके सत्यापन के लिए प्रस्तुत की जाती है और ऐसा निक्षेपागार उसके पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर, उसकी शुद्धता का या कमी का सत्यापन करता है
(घ) " प्रसुविधा" से अभिप्रेत है, किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को नकद या वस्तु के रूप में प्रदान की गई कोई सहूलियत , दान, इनाम, अनुतोष या संदाय और इसमें ऐसी अन्य प्रसुविधाएं सम्मिलित हैं जैसी की राज्य सरकार द्वारा समय - समय पर अधिसूचित की जाएं;
(ङ) " बायोमैट्रिक सूचना " से अभिप्रेत है, केन्द्रीय अधिनियम द्वारा विनिर्दिष्ट किया गया किसी व्यक्ति का छायाचित्र, अंगुली छाप , आईरिस स्केन या ऐसी ही अन्य जैविक विशेषताएं;
(च) " केन्द्रीय अधिनियम " से अभिप्रेत है, आधार ( वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान ) अधिनियम, २०१६ ( २०१६ का १८ ) ;
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2019
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(छ) "केन्द्रीय पहचान डाटा निक्षेपागार " से अभिप्रेत है, एक या अधिक अवस्थानों में ऐसा केन्द्रीकृत डाटाबेस, जिसमें आधार संख्या धारकों को जारी की गई आधार संख्या के साथ - साथ ऐसे व्यक्तियों की तत्संबंधी जनसांख्यिकीय सूचना तथा बायोमैट्रिक सूचना और उनसे संबंधित अन्य सूचना अंतर्विष्ट है;
" राज्य की संचित निधि " से अभिप्रेत है , मध्यप्रेदश राज्य की संचित निधि;
(ज)
(झ) " जनसांख्यिकीय सूचना " में, केन्द्रीय अधिनियम के उपबंधों के अनुसार किसी व्यक्ति के नाम, जन्म तारीख, पता तथा अन्य सुसंगत जानकारी से संबंधित सूचना सम्मिलित है, परन्तु इसमें मूलवंश , धर्म, जाति, जनजाति, जातियता, भाषा, हकदारी, आय तथा चिकित्सीय इतिहास संबंधी अभिलेख सम्मिलित नहीं हैं;
(ञ) " नामांकन" से अभिप्रेत है, केन्द्रीय अधिनियम के अधीन उपबंधित किए गए अनुसार किसी व्यक्ति को आधार संख्या जारी करने के प्रयोजन से नामांकनकर्ता अभिकरणों द्वारा व्यक्तियों से जनसांख्यिकीय तथा बायोमैट्रिक सूचना एकत्र करने की प्रक्रिया;
" सरकार " या " राज्य सरकार " से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश सरकार ;
(ट)
" विहित " से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित;
( ठ)
(ड) " सेवा " से अभिप्रेत है, किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को किसी भी रूप में उपलब्ध कराई गई कोई व्यवस्था, सुविधा, उपयोगिता या कोई अन्य सहायता और इसमें ऐसी अन्य सेवाएं सम्मिलित हैं, जैसी कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित की जाएं;
(ढ) " सहायिकी " से अभिप्रेत है, किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को नकद या वस्तु के रूप में किसी भी प्रकार की सहायता, समर्थन, अनुदान, आर्थिक सहायता या विनियोग और इसमें ऐसी अन्य सहायिकियां भी सम्मिलित हैं, जैसी कि राज्य सरकार द्वारा , समय- समय पर अधिसूचित की जाएं.
(२ ) इस अधिनियम में, प्रयुक्त किए गए किन्तु इसमें ऊपर परिभाषित नहीं किए गए शब्दों तथा अभिव्यक्तियों के बही अर्थ होंगे जैसे कि केन्द्रीय अधिनियम में उनके लिए, क्रमशः समनुदेशित किए गए हैं.
३. राज्य सरकार या यथास्थिति, सरकार का कोई अभिकरण, सहायिकी, प्रसुविधा या सेवा, जिसका व्यय सम्पूर्णरूप से राज्य की संचित निधि या राज्य सरकार के किसी अभिकरण द्वारा स्थापित निधि के भाग से आहरण के माध्यम से या उससे प्राप्त कर उपगत किया गया है, प्राप्त करने के लिये शर्त के रूप में, किसी व्यक्ति की पहचान स्थापित करने के प्रयोजन से , यह अपेक्षा कर सकेगा कि ऐसा व्यक्ति अभिप्रमाणन से होकर गुजरे या आधार संख्या धारित करने का प्रम्माण प्रस्तुत करे या उस दशा में जहां कि ऐसे व्यक्ति को आधार संख्या नहीं दे दी गई है तो ऐसा व्यक्ति नामांकन के लिए आवेदन करेः
कातियय सहायित्कियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं आदि को आमप्त करने के लिये आधार संख्या के प्रमाण आवश्यक होना. का
परन्तु ऐसे समय तक जब तक कि व्यक्ति को आधार संख्या नहीं दे दी जाती , ऐसे व्यक्ति को सहायिकी, प्रसुविधा या सेवा के परिदान के लिए पहचान के वैकल्पिक और व्यवहार्य साधन प्रस्तावित किए जाएंगे .
४. राज्य सरकार समय - समय पर योजनाओं की सूची, सहायिकियों, प्रसुविधाओं या सेवाओं जिनके लिए धारा ३ के अनुसार ऐसा अधिप्रमाणन या प्रमाण अपेक्षित है, अधिसूचित करेगी.
कुज्य सरकार द्वारा बोजनाएँ अधिसूचित करना.
५ केन्द्रीय अधिनियम के अध्याय तीन और अध्याय छह के उपबंध यथावश्यक परिवर्तन सहित इस अधिनियम के अधीन अधिप्रमाणन को लागू होंगे.
केंन्द्रीय आधिनिश्वयम्प केअध्याय तीन और छहका लागू होना.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2019
142(3) ६. इस अधिनियम के उपबंध तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अतिरिक्त होंगे न कि उनके आल्पीकरण में होंगे.
इस अधिनियम के उपबंधों का अन्य विधियों के अतिरिक्त होना न कि उनके अल्पीकरणमें होना.
सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण.
७. इस अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन सद्भावपूर्वक की गई या की जाने के लिये नाशयित किसी बात के लिये राज्य सरकार या राज्य सरकार के किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध कोई वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही संस्थित नहीं की जाएगी.
नियम बनाने की शक्ति.
८. ( १ ) राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिये नियम बना सकेगी.
( २ ) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियम, निम्नलिखित सभी या इनमें से किन्हीं विषयों के लिये उपबंध कर सकेंगे , अर्थात्-
(क) विभिन्न सहायिकिओं, प्रसुविधाओं, सेवाओं तथा अन्य प्रयोजन जिनके लिये आधार संख्या उपयोग की जा सके, को उपलब्ध कराने या उपभोग के प्रयोजन के लिये आधार संख्या के उपयोग की रीति विनिर्दिष्ट करना;
(ख) कोई अन्य विषय जो कि अपेक्षित हो या विनिर्दिष्ट किया जाए या जिसके संबंध में नियमों द्वारा उपबंध किए जाने हों.
(३ ) इस अधिनियम के अधीन बनाए गए प्रत्येक नियम, इसके बनाए जाने के पश्चात्, यथाशक्यशीघ्र , राज्य विधान सभा के समक्ष रखे जाएंगे .
कठिनाइयां दूर करने की शक्ति.
९. ( १ ) यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावशील करने में कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो राज्य सरकार , जैसे ही अवसर उद्भूत हो, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, कोई भी ऐसी कार्यवाही कर सकेगी जो इस अधिनियम के उपबंधों से आसंगत न हो, जो कठिनाई को दूर करने के प्रयोजनों हेतु उसे आवश्यक या समीचीन प्रतीत होः
परन्तु ऐसा कोई आदेश इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तारीख से दो वर्ष की कालावधि के अवसान होने के पश्वात् नहीं किया जाएगा.
(२ ) उपधारा ( १ ) के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश , उसके किए जाने के पश्चात्, यथाशक्यशीघ्र, विधान सभा के समक्ष रखा जाएगा.
उद्देश्यों और कारणों का कथन
मध्यप्रदेश राज्य में निवास कर रहे व्यक्तियों को, जो आधार को एकल पहचान के रूप में उपयोग कर रहे हैं, सुशासन उपाय के रूप में ऐसी सरहाविकियों , प्रसुविधाओं और सेवाओं के, जिनके लिए राज्य की संचित निधि से व्यय सम्पूर्णरूप से उपगत किया जाता है, दक्ष, पारदर्शी और लक्ष्यित परिदान के लिये उपबंध करने हेतु विधि बनाए जाने की आवश्यकता अनुभव की गई है .
२. उपसेंसक उद्देश्य को प्राप्त करने हेतु यह विधेयक प्रस्तावित है.
३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
भोगारला :
पी. सी. शर्मा भारसाधक सदस्य.
जासीर १४७७ पध्दत्वाशी , २०१ ९ .
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 फरवरी 2019
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प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन
प्रस्थाविर विधेयक में निम्नांकित खण्डों द्वारा विधायनी शक्तियों का प्रत्यायोजन राज्य सरकार को किया जा रहा है :-
खण्ड-४ योजनाएं अधिसूचित किये जाने;
खण्ड- अधिनियम को क्रियान्वित करने के लिए नियम बनाये जाने; तथा
खण्ड- अधिनियम को प्रभावशील करने में उद्भुत होने वाली कठिनाईयों को दूर करने,
के सम्बंधा में नियम बनाये जाएंगे, जो सामान्य स्वरूप के होंगे.
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रका, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.