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मध्यप्रदेश
शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 109]
भोपाल, गुरुवार, दिनांक 7 मार्च 2019- फाल्गुन 16 , शक 1940
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल , दिनांक 7 मार्च 2019
क्रमांक एफ-16-4-22- पं.- 1-2019 .-मध्यप्रदेश शासन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) में प्रकाशित अधिसूचना क्र. 18 दिनांक 10 जनवरी, 2018 को संशोधित करते हुए राज्य शासन, एतद्वारा 14वें वित्त आयोग के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों को प्राप्त होने वाले निष्पादन अनुदान ( परफॉरमेंस ग्राण्ट) के वितरण हेतु निम्नानुसार नीति निर्धारित की जाती हैं:-
217 218
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मार्च 2019
2. भूमिका - 14वें वित्त आयोग की अवधि 2015-16 से 2019-20 तक ( पांच वर्ष) है । 14वें वित्त आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 से मूल अनुदान तथा वर्ष 2016-17 से कार्य निष्पादन अनुदान ग्राम पंचायतों को देने का प्रावधान किया गया है । आयोग के प्रतिवेदन के अनुच्छेद संख्या 9.70 के अनुसार ग्राम पंचायतों को अनुदान का 90 प्रतिशत अनुदान मूल अनुदान एवं 10 प्रतिशत अनुदान कार्य निष्पादन के रूप में प्राप्त होगा । मध्यप्रदेश को ग्राम पंचायतों हेतु मिलने वाले परफॉरमेंस ग्राण्ट की राशि वर्षवार निम्नानुसार है :-
(रूपये करोड़ में) 2015-16
2016-17
2019-20
2017-18 2018-19
वर्ष
341.63
447.34 परफॉरमेंस ग्राण्ट
300.83
265.84
3. 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष 2018-19 के अंतर्गत मूल अनुदान का वितरण किया जा चुका है । वर्ष 2017-18 से वर्ष 2019-20 तक ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त आयोग अंतर्गत कार्य निष्पादन अनुदान वितरण करने के लिये भारत सरकार के पंचायत राज मंत्रालय के पत्र क्रमांक एन-11011 /4 / 2017- एफडी दिनांक 02 जनवरी, 2019 के द्वारा योजना पुर्ननिर्धारित की गई है तथा राज्य सरकार से पुनरीक्षित योजना वर्ष 2017-18 से वर्ष 19-20 के लिये अधिसूचित करने की अपेक्षा की गई है । राज्य सरकार तदानुसार कार्य निष्पादन अनुदान वितरण करने के लिये निम्नानुसार दो शर्तों को पूर्ण करने की अनिवार्यतः होगी :-
अनिवार्य मापदण्ड
क्रम संख्या
i
कार्य निष्पादन अनुदान की दावा करने वाले ग्राम पंचायतों को लेखा परीक्षित वार्षिक लेखा अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होंगे , जो कि उस वर्ष जिसके लिए ग्राम पंचायत ने कार्य निष्पादन अनुदान का दावा प्रस्तुत किया हैं, उससे दो वर्ष पूर्व से अधिक समय से संबंधित नहीं होंगे ।
ii
कार्य निष्पादन अनुदान की पोत्रता हेतु ग्राम पंचायतों को पूर्ववर्ती वर्ष की तुलना में अपनी स्वयं की आय के राजस्व (OSR ) में वृद्धि करनी होगी, और यह वृद्धि परीक्षित लेखा के माध्यम से परिलक्षित होना चाहिए । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मार्च 2019
218 ( 1) 4. उपरोक्त दोनों शर्तों का पालन करने वाली ग्राम पंचायतें ही 14वें वित्त आयोग अंतर्गत कार्य निष्पादन अनुदान प्राप्त करने हेतु पात्र होंगी तथा उनका मूल्यांकन निम्नानुसार अंकीय पद्धति (Scoring System) के आधार पर किया जावेगा :-
क्र. अर्हता (वित्तीय वर्ष लिमा जावे) i
भार (Weightage )
स्कोर (अंक)
वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत के स्वयं के स्त्रोत के राजस्व की मात्रा में वृद्धि
0 से अधिक 10 प्रतिशत तक 10 से अधिक 25 प्रतिशत तक 25 से अधिक 50 प्रतिशत तक 50 प्रतिशत से अधिक
ii
05
10
15
20
स्कोर (अंक)
कार्य निष्पादन अनुदान दावा वित्तीय वर्ष की तुलना में चौदहवें वित्त आयोग अंतर्गत पिछले वर्ष के मूल अनुदान के संदर्भ में स्वयं के स्त्रोत के राजस्व का प्रतिशत
0 से अधिक 10 प्रतिशत तक 10 से अधिक 20 प्रतिशत तक 20 से अधिक 30 प्रतिशत तक 30 प्रतिशत से अधिक
iii
15
20
30
40
कार्य निष्पादन अनुदान दावा वित्तीय वर्ष की तुलना में पिछले वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत की खुले में शौचमुक्त (ODF) होने की स्थिति
हां
नहीं
iv
30
0
कार्य निष्पादन अनुदान दावा वित्तीय वर्ष की तुलना में पिछले वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत में 0 से 2 वर्ष के शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण (full immunization ) होने की स्थिति
हां
नहीं
कुल पूर्णांक ( i+ ii + iii+iv) 5. ग्राम पंचायतों को कार्य निष्पादन अनुदान वितरण
10
0
100
ग्राम पंचायतों को कार्य निष्पादन अनुदान का वितरण अंकों के आधार पर अधोलिखित अनुसार किया जावेगा:-
स्कोर (प्राप्तांक)
49 तक
50 से 60 तक
61 से 70 तक
71 एवं अधिक
कार्य निष्पादन अनुदान मात्रा की पात्रता आवंटन का 50 प्रतिशत
आवंटन का 70 प्रतिशत
आवंटन का 80 प्रतिशत
आवंटन का 100 प्रतिशत मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मार्च 2019
218 (2)
6. वित्तीय वर्ष में चौदहवें वित्त आयोग अंतर्गत कार्य निष्पादन अनुदान आवंटन हेतु मूल्यांकन का संक्षिप्त विवरण :-
दावा का वित्तीय वर्ष
6.1 अनिवार्य शर्तों में पात्रता:
क्र. मूल्यांकन मानदंड
जिले में कुल ग्राम पंचायतों की संख्या
मानदंड अनुसार पात्रता वाले ग्राम पंचायतों की संख्या 1 वित्तीय वर्ष हेतु लेखा परीक्षण किये खाते प्रस्तुत (संबंधित दावा वर्ष के दो वर्ष पूर्व से ज्यादा पहले के नहीं)
2 वित्तीय वर्ष में स्वयं के स्त्रोत राजस्व में वृद्धि प्रदर्शित (क्रमांक 1 में दिये लेखा परीक्षण किये खातों अनुसार)
6.1.1 ग्राम पंचायत की संख्या जो दो अनिवार्य शर्ते पूरी करते हैं:-
6.2 कार्य निष्पादन अनुदान हेतु ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन वित्तीय वर्ष:-
मूल्यांकन मानदंड
क्र.
मानदंड अनुसार पात्रता वाले ग्राम पंचायतों की संख्या 1 स्वयं के स्त्रोत राजस्व में वृद्धि (कंडिका 4.1 की सरल क्रमांक 4 अनुसार)
0 से अधिक 10 प्रतिशत तक
10 से अधिक 25 प्रतिशत तक
25 से अधिक 50 प्रतिशत तक
50 प्रतिशत से अधिक
2 वित्तीय वर्ष में लेखा परीक्षण अनुसार (कार्य निष्पादन अनुदान दावा वित्तीय वर्ष की तुलना में चौदहवें वित्त आयोग अंतर्गत पिछले वर्ष के) मूल अनुदान के संबंध में स्वयं के स्त्रोत राजस्व में वृद्धि का प्रतिशत
0 से अधिक 10 प्रतिशत तक
10 से अधिक 20 प्रतिशत तक
0 से अधिक 30 प्रतिशत तक
30प्रतिशत से अधिक
3 वित्तीय वर्ष में खुले में शौचमुक्त (ओ.डी.एफ. ) होने की स्थिति (कार्य निष्पादन अनुदान दावा वित्तीय वर्ष की तुलना में पिछले वित्तीय वर्ष से संबंधित)
4 वित्तीय वर्ष में 0 से 2 वर्ष के शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण ( full immunization ) होने की स्थिति (कार्य निष्पादन अनुदान दावा वित्तीय वर्ष की तुलना में पिछले वित्तीय वर्ष से संबंधित) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मार्च 2019
218 (3) 6.3 ग्राम पंचायतों को कार्य निष्पादन अनुदान संवितरण हेतु प्रस्तावित राशि –
क्र.
प्राप्तांक (Score)
अवितरित राशि (4-5)
ग्राम पंचायतों की संख्या
कुल राशि (रू. करोड़ में) (5+6)
*
योजनांतर्गत
प्राप्त
आवंटन
(रू. करोड़
में)
कार्य निष्पादन अनुदान के प्रारंभिक प्रस्तावित आवंटन
2
3
4
5
1
6
7 1.
49तक
50से 60 तक
61 से 70 तक
71 एवं अधिक
योग
6.4 ग्राम पंचायतों द्वारा कार्य निष्पादन अनुदान प्राप्त करने के लिये दावे प्रपत्र 01 में तैयार कर जनपद पंचायत को संबंधित वर्ष में 30 जून तक प्रस्तुत किये जायेंगे । ऐसे दावों का जनपद पंचायत स्तर पर मुल्यांकन/ परीक्षण कर प्रपत्र 02 में जानकारी तैयार किया जाकर जिला पंचायत को संबंधित वर्ष की 15 जुलाई तक तथा जिला पंचायत ऐसी दावों को संकलित कर एवं कंडिका 6, 6.1.1 , 6.2 एवं 6.3 में पंचायत राज संचालनालय को 31 जुलाई तक प्रस्तुत करेंगें । निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त कार्य निष्पादन अनुदान के दावों पर विभाग द्वारा विचार नहीं किया जायेगा । वित्तीय वर्ष 2017-18 के कार्य निष्पादन अनुदान के प्रस्ताव प्राप्त किये जा चुके है । वित्तीय वर्ष 2018-19 के कार्य निष्पादन अनुदान के दावा 08 मार्च 2019 तक किये जा सकेंगे । शेष एक वर्ष के लिए उपरोक्तानुसार निर्धारित तिथि तक दावा प्रस्तुत करना होगा ।
वित्तीय वर्ष में निर्धारित तिथि पर दावा प्रस्तुत नहीं करने पर या संबंधित ग्राम पंचायत की कार्य निष्पादन की राशि कंडिका-03 में उल्लेखित प्रावधान अनुसार आवंटन उपरांत अपात्र ग्राम पंचायतों को ना दिये जा पाने वाली राशि के साथ- साथ कोई भी अवितरित (वितरण हेतु शेष) राशि हो, तो वह 50 या अधिक पूर्णांक प्राप्त ग्राम पंचायतों को उनके द्वारा संपूर्ण भार के परिपेक्ष्य में प्राप्तांक के औसत भार के आधार पर पुनः वितरित की जायेगी । साथ ही किसी भी ग्राम पंचायत को दावा वित्तीय वर्ष की कार्य निष्पादन अनुदान की प्रारंभिक एवं अवितरित राशि मिलाकर अधिकतम राशि उसके दावा वित्तीय वर्ष की चौदहवें वित्त आयोग मूल अनुदान में प्राप्त हुई राशि के 5 गुना ही जारी हो सकेगी एवं शेष राशि (यदि हो तो) आवंटित नही की जावेगी।
उक्त मापदण्डों के अनुसार किए गए ग्राम पंचायतवार आंकलन के आधार पर सभी जिलें अपनी प्रस्ताव संलग्न प्रपत्र पर संचालक, पंचायती राज को प्रस्तुत करेंगें ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
उर्मिला शुक्ला, उपसचिव.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मार्च 2019
218 (4)
प्रपत्र-1
ग्राम पंचायत का नाम
क्षेत्रफल (वर्ग किलोमीटर में)
जनगणना 2011 के अनुसार आबादी *
जिला
जनपद पंचायत का नाम
दावा का वित्तीय वर्ष -
ग्राम पंचायत का खाता क्रमांक
बैंक का नाम
बैंक का IFSC कोड नम्बर
अनिवार्य शर्ते
विवरण
क्र.
संलग्न परिशिष्ट
जानकारी (हां या नहीं)
1 कार्य अनुदान हेतु लेखा परीक्षण का वर्ष ......। उदाहरण स्वरूप किसी ग्राम पंचायत को वर्ष 2017-18 के कार्य निष्पादन अनुदान के लिये वर्ष 2015-16 का परीक्षित लेखा, वर्ष 2018-19 के लिये वर्ष 2016-17 का परीक्षित लेखा तथा वर्ष 2019-20 के लिये वर्ष 2017-18 का परीक्षित लेखा प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ।
2 लेखा परीक्षण अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में स्वयं के स्त्रोत से राजस्व में वृद्धि हुई है । उदाहरण स्वरूप वर्ष 2017-18 के कार्य निष्पादन अनुदान क्लेम के लिये वर्ष 2015-16 में स्वयं की आय के राजस्व में वृद्धि वर्ष 2014-15 की तुलना में परीक्षित लेखा से प्रमाणित होना चाहिये ।
मूल्यांकन
स्कोर
जानकारी
विवरण
क्र.
3 वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत के स्वयं के स्त्रोत के राजस्व की मात्रा में वृद्धि
4 लेखा परीक्षण के अनुसार कार्य निष्पादन अनुदान दावा वित्तीय वर्ष की तुलना में 14वें वित्त आयोग अंतर्गत पिछले वर्ष के मूल अनुदान के संबंध में स्वयं के स्त्रोत राजस्व में वृद्धि का प्रतिशत
5 कार्य निष्पादन अनुदान दावा वित्तीय वर्ष की तुलना में पिछले वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत की खुले में शौचमुक्त (ओ.डी.एफ. ) होने की स्थिति (हां अथवा नहीं) :
6 कार्य निष्पादन अनुदान दावा वित्तीय वर्ष की तुलना में पिछले वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत में 0 से 02 वर्ष के शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण ( immunization ) के होने की स्थिति (हां अथवा नहीं)
यह प्रमाणित किया जाता है उपरोक्त जानकारी सही है एवं ग्राम पंचायत कार्य निष्पादन अनुदान प्रात करने के पश्चात अगले वर्ष खुले में शौचमुक्त (ओ.डी.एफ. ) रहेगी ।
हस्ताक्षर एवं
हस्ताक्षर एवं
सील
सील
सरपंच
सचिव
ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत 218 (5)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 7 मार्च 2019
प्रपत्र-2
क्र. ग्राम पंचायत का नाम
मूल्यांकन के
अनुसार कुल
प्राप्तांक
ग्राम पंचायत को कार्य निष्पादन की आवंटित राशि
शेष राशि (कॉलम क्रमांक 03-05)
कंडिका 5 अनुसार पात्रतानुसार आवंटित राशिका प्रतिशत कार्य निष्पादन अनुदान की राशि
6
5
4
3
2
1
(हस्ताक्षर एवं सील) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत
प्रमाणपत्र
प्रमाणित किया जाता है कि उपरोक्त जानकारी ग्राम पंचायतों द्वारा वित्तीय वर्ष हेतु प्रस्तुत जानकारी के आधार पर समुचित मूल्यांकन उपरांत प्रेषित किया गया है, जो कि योजना हेतु जारी अधिसूचना क्रमांक (राज्य अधिसूचना) अनुसार है ।
(हस्ताक्षर एवं सील) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2019.