इसे वेबसाईट www.govtpressmp.nic.in से भी डाउन लोड किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 121 ]
भोपाल, सोमवार , दिनांक 11 मार्च 2019- फाल्गुन 20, शक 1940
विधि एवं विधायी ( निर्वाचन ) कार्य विभाग
भोपाल , दिनांक 9 मार्च 2019
फा. क्र. 71 -वि.निर्वा. 2019 चार-69.- भारत निर्वाचन आयोग का आदेश क्र. 3-4- आई.डी.- 2019- एसडीआर- खण्ड-1 , दिनांक 28 फरवरी 2019 सर्व साधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित की जाती है.
व्ही. एल. कान्ता राव, प्रमुख सचिव.
241 242
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 मार्च 2019
भारत निर्वाचन आयोग
निर्वाचन सदन, अशोक रोड, नई दिल्ली-110 001
नई दिल्ली, दिनांक 28 फरवरी 2019 सं. 3-4- आई.डी.2019- एसडीआर- खण्ड- I
आदेश
1. यतः , लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम , 1951 की धारा 61 में यह उपबंधित है कि निर्वाचकों के प्रतिरूपण का निवारण करने की दृष्टि से, ताकि उक्त अधिनियम की धारा 62 के अधीन वास्तविक निर्वाचकों का उनके मत देने के अधिकार को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके, मतदान के समय निर्वाचकों की पहचान सुनिश्चित करने के साधन के रूप में निर्वाचकों के लिए निर्वाचक फोटो पहचान पत्र के उपयोग हेतु नियमों के द्वारा उपबंध किए जा सकते हैं; तथा
2. यतः , निर्वाचकों का रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 का नियम 28 निर्वाचन आयोग को , इस दृष्टिसे कि निर्वाचकों के प्रतिरूपण का निवारण हो सके तथा मतदान के समय उनकी पहचान को सरल बनाया जा सके, निर्वाचकों को राज्य की लागत पर फोटोयुक्त निर्वाचक फोटो-पहचान पत्र जारी करने के लिए निदेश देने की शक्ति प्रदान करता है; तथा
3. यतः, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 49 ज(3) और 49 ट(2) (ख) में यह उपबंधित है कि जहां किसी निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचकों को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 28 के उक्त उपबंधों के अधीन निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र दिए गए हैं, वहां निर्वाचकों को मतदान केन्द्र में अपना निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र दिखाना होगा तथा उनकी ओर से उन निर्वाचक फोटो पहचान पत्रों को नहीं दिखाए जाने या दिखाने में असमर्थ होने पर उन्हें मत डालने की अनुमति देने से इन्कार किया जा सकता है; तथा
4. यतः, उक्त अधिनियम और नियमों के उपर्युक्त उपबंधों को मिलाकर एवं सामंजस्यपूर्ण ढंग से उनके अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि यद्यपि मत देने का अधिकार निर्वाचक नामावली में नाम के होने से ही होता है, यह निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य की लागत पर, मतदान के समय उनकी पहचान सुनिश्चित करने के साधन के रूप में प्रदान करवाए गए निर्वाचक फोटो पहचान पत्र के प्रयोग पर भी निर्भर करता है , तथा दोनों का एक साथ प्रयोग करना होता है; तथा
5. यतः, भारत निर्वाचन आयोग ने एक समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार सभी निर्वाचकों को निर्वाचक फोटो पहचान-पत्र (ईपीआईसी) जारी करने का निदेश देते हुए 28 अगस्त, 1993 को एक आदेश जारी किया था; तथा
6. यतः, देश में 99% निर्वाचकों से अधिक को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं; तथा
8. अतः, अब, सभी संबद्ध कारकों तथा विधिक एवं तथ्यात्मक स्थितियों को ध्यान में रखते मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 11 मार्च 2019
242( 1) हुए , निर्वाचन आयोग , एतद्दद्वारा , यह निदेश देता है कि आगामी लोक सभा साधारण निर्वाचन, 2019तथा लोक सभा साधारण निर्वाचन के साथ होने वाले राज्य विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों एवं उप निर्वाचनों के लिए सभी निर्वाचक जिन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं, मतदान स्थल पर अपना मत डालने से पहले अपनी पहचान सुनिश्चित करने हेतु अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र दिखाएंगे । ऐसे निर्वाचक जो अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए निम्नलिखित वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगाः-
( 1) पासपोर्ट;
(ii) ड्राइविंग लाइसेन्स,
(iii) राज्य । केन्द्र सरकार के लोक उपक्रम, पब्लिक लिमिटेड कम्पनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान-पत्र,
(iv) बैंकों / डाकघरों द्वारा जारी की गई फोटोयुक्त पासबुक,
पैन कार्ड, (A)
(vi) एनपीआर के अंतर्गत आरजीआई द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड,
(vii) मनरेगा जॉब कार्ड,
(vii) श्रम मंत्रालय की योजना के अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड,
(ix) फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज,
(x) सांसदों, विधायकों / विधान परिषद् सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र (xi) आधार कार्ड
9. एपिक के संबंध में, लेखन अशुद्धि, वर्तनी की अशुद्धि इत्यादि को नजरअंदाज कर देना चाहिए बशर्ते निर्वाचक की पहचान ईपीआईसी से सुनिश्चित की जा सके । यदि कोई निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रदर्शित करता है, जो कि किसी अन्य सभा निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जारी किया गया है, ऐसे एपिक भी पहचान स्थापित करने हेतु स्वीकृत किए जाएंगे बशर्ते उस निर्वाचक का नाम जहां वह मतदान करने आया है उस मतदान केंद्र से संबंधित निर्वाचक नामावली में उपलब्ध हो। यदि फोटोग्राफ इत्यादि के बेमेल होने के कारण निर्वाचक की पहचान सुनिश्चित करना संभव न हो तब निर्वाचक को उपर्युक्त पैरा 8 में वर्णित किसी एक वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज को प्रस्तुत करना होगा।
10. उक्त पैरा 8 में किसी भी बात के होते हुए , प्रवासी निर्वाचक जो अपने पासपोर्ट में उल्लिखित विवरणों के आधार पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 20क के अधीन निर्वाचक नामावलियों में पंजीकृत हैं, को मतदान केन्द्र में केवल उनके मूल पासपोर्ट (तथा कोई अन्य पहचान दस्तावेज नहीं) के आधार पर ही पहचाना जाएगा।
आदेश से, हस्ता./- (के. एफ. विल्फ्रेड ) वरिष्ठ प्रधान सचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2019 .