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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
( असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 137]
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 29 मार्च 2019-चैत्र 8 , शक 1941
सामान्य प्रशासन विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 29 मार्च 2019
क्रमांक : एफ 19-38 / 2019/1 /4, मैनोवर्स , फील्ड फायरिंग एण्ड आर्टिलरी प्रैक्टिस एक्ट, 1938 (क्रमांक-5 सन् 1938) की धारा-9 की उपधारा (1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए , राज्य शासन, एत्दद्वारा, नीचे उल्लिखित किए गए क्षेत्र को ऐसे क्षेत्र के रूप में निर्धारित करता है, जिसके भीतर दिनांक 01.01.2019 से प्रारंभ होने वाले तथा दिनांक 31.12.2029 को समाप्त होने वाले 10 वर्षों की कालावधि के लिए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा नियतकालिक रूप से छोटे हथियारों के फायरिंग करने के अभ्यास का किया जाना प्राधिकृत किया जा सकेगाः-
1. सेना सुरक्षा विभाग द्वारा अपनी भूमि पर मुख्य रूप से सैन्य अभ्यास किया जा सकेगा ।
2. एब्सुल्यूट सेफ्टीजोन में जो भूमियां दर्शायी गई है उनके सैन्य अभ्यास के दौरान कम से कम जन - धन हानि हो इसका प्रयास सेना सुरक्षा विभाग को करना होगा । 3. सैन्य अभ्यास के दौरान जन- हानि, पशुहानि, फसल आदि की हानि होने पर सुरक्षा विभाग को नियमानुसार मुआवजा राशि आदि का भुगतान करना होगा, उक्त रेंज के अंतर्गत एवं आसपास रहने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा की सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित रेंज के कमांडिंग ऑफिसर की होगी ।
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 मार्च 2019
4. सैन्य अभ्यास के दौरान पहुँच मार्ग में आम रास्ता बंद नहीं किया जाएगा । इन रास्तों को प्रारंभ रहने देने की शर्त के साथ मध्यप्रदेश सैन्य चालन , मैदानी गोलाबारी तथा तोप अभ्यास नियम 12 से 15 अनुसार जो निजी भूमियां प्रभावित होगी (फसलें) उनका प्रतिकर क्षति होने पर सुरक्षा विभाग को अदा करना होगा , यदि सैन्य अभ्यास दिवसों में रास्ते बंद किए जाते हैं तो आवागमन हेतु रास्तों पर सेना का पहरा लगाया जाकर आवागमन पूर्व से ही बंद करना होगा ।
5. सेना सुरक्षा विभाग को मैनोवर्स फील्ड फायरिंग एक्ट 1938 एवं मध्यप्रदेश सैन्य चालन मैदानी गोलीबारी तथा तोप अभ्यास नियम 1964 में दर्शाये नियमों का पालन करना होगा ।
6. उक्त शॉट फायरिंग रेंज में वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधान लागू नहीं होते , परन्तु वन संरक्षण की दृष्टि से फायरिंग रेंज के सेफ्टीजोन में बड़े वृक्षों के साथ छोटे वृक्षों का वृक्षारोपण सेना सुरक्षा विभाग को विभिन्न चरणों में पूरा करना होगा ताकि वृक्षारोपण कॉम्पेक्ट बने और क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण कम हो ।
7. फायरिंग के दौरान वन सुरक्षा का पूर्ण प्रबंध सेना सुरक्षा विभाग को करना होगा इस दौरान कोई हानि होती है तो नियमानुसार मुआवजे का भुगतान सेना सुरक्षा विभाग को करना होगा ।
8. सेना सुरक्षा विभाग को लिखित वचन- पत्र देना होगा कि वे उपरोक्त नियमों का पालन करने हेतु तथा भारत सरकार अथवा राज्य शासन द्वारा भविष्य में यदि कोई शर्त निर्धारित की जाती है तो उन शर्तों को मानने के लिए बाध्य होंगे ।
9. भू- रेखांक का निरीक्षण रोस्टर कलेक्टर, जिला नीमच के कार्यालय में किया जा सकेगा, का ब्यौरा निम्नानुसार है:-
क्र.
तहसील
क्षेत्र
जिला
ग्राम का नाम
फायरिंग रेंज का विवरण
नीमच केंट नीमच
नीमच
1
शॉर्ट फायरिंग रेंज , सी.टी. सी., केरिपुबल नीमच
समूह केन्द्र नीमच के सीटीसी एरिया में एक शॉट फायरिंग रेंज है, शॉट फायरिंग रेंज की दिशा दक्षिण-पश्चिम है , इस फायरिंग रेंज के पूर्व की तरफ 800 मीटर जंगल क्षेत्र है, पश्चिम दिशा में 900 मीटर तक पेड़- पौधे व झाड़ियों के बाद सीटीसी की ग्रेनेड रेंज स्थित है , उत्तर दिशा में 900 मीटर तक सी.आर.पी.एफ. के बाद सीटीसी की ग्रेनेड रेंज स्थित है । उत्तर दिशा में 900 मीटर तक सी.आर.पी.एफ. का जंगल इलाका आता है तथा दक्षिण में सी.आर.पी.एफ. की बाउन्ड्रीवाल आ जाती है ।
अनुसूची में उल्लिखित भूमि की जानकारी का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नीमच जिला नीमच के कार्यालय में किया जा सकेगा ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
विकास मिश्रा , उपसचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.