ध्यप्रदे श शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , बुधवार, दिनांक 24 अप्रैल 2019- वैशाख 4, शक 1941
क्रमांक 164]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग भोपाल
"निर्वाचन भवन"
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल-(म० प्र०) 462011
//आदेश //
भोपाल दिनांक 24 अप्रैल 2019
मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, क्र. एफ-87-108-15-11-409.-
1956 का धारा- 14- क के अनुसार महापौर के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1956 की धारा 14 - ख के अनुसार महापौर पद का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अप्रैल 2019
माह दिसम्बर, 2014 में सम्पन्न हुये नगरपालिक निगम , रीवा, जिला-रीवा के आम निर्वाचन में सुश्री मेहरूनिशा उर्फ नूर बीबी भी महापौर पद की अभ्यर्थी थीं । नगरपालिक निगम, रीवा , जिला-रीवा के महापौर पद के आम निर्वाचन का परिणाम दिनांक 04/02/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1956 की धारा 14-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 02/01/2015 तक अभ्यर्थी, सुश्री मेहरूनिशा उर्फ नूर बीबी को निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था० निर्वा०) जिला- रीवा के आयोग को प्राप्त पत्र क्रमांक/ 376 / स्था० निर्वा0 / 2014, दिनांक 16/01/2015 के संलग्न परिशिष्ट-36 के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री मेहरूनिशा उर्फ नूर बीबी द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत ही नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप अभ्यर्थी सुश्री मेहरूनिशा उर्फ नूर बीबी को आयोग स्तर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 20/3/2015 जारी कर नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
इसके उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर जिले से वांछित जानकारी वर्ष-2016 से 2019 तक स्मरण पत्र जारी कर चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने एवं उनका पक्ष सुने जाने हेतु उन्हें नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/4/2019 को उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
अभ्यर्थी सुश्री मेहरूनिशा उर्फ नूर बीबी को जारी सूचना-पत्र की तामीली की पावती नोडल अधिकारी , नगरपालिक निगम, रीवा के पत्र क्रमांक / 1004 / लोकसभा निर्वा. /न.पा.नि. / 2019 , दिनांक 27/3/2019 के संलग्न आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी सुश्री मेहरूनिशा उर्फ नूर बीबी उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुए ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री मेहरूनिशा उर्फ नूर बीबी के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1956 की धारा- 14- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन सुश्री मेहरूनिशा उर्फ नूर बीबी को नगरपालिक निगम, रीवा, जिला-रीवा का महापौर/ पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तारीख से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
328(1)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
आदेश
भोपाल दिनांक 24 अप्रैल 2019
क्र. एफ-87-109-15-11-412.-
मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32-क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, गोविन्दगढ़ , जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री तुलसी बाई भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन , का परिणाम दिनांक 04/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 02/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री तुलसी बाई को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के पास दाखिल करने थे ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था.निर्वा .) जिला-रीवा के पत्र कमांक / 376 / स्था० निर्वा०/ 2014 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री तुलसी बाई द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा ही प्रस्तुत नहीं किया गया ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , सुश्री तुलसी बाई को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 10/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
328(2)
इसके उपरांत अभ्यर्थी, सुश्री तुलसी बाई के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर वांछित जानकारी जिले से वर्ष 2015 से वर्ष 2019 तक चाही गई पर आयोग को प्राप्त न हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री तुलसी बाई के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला-रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/3/2049 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगर परिषद्, गोविंदगढ़ जिला- रीवा के पत्र कमांक/1539 / न०प० / निर्वा./ 2018-19 , दिनांक 27/3/2019 द्वारा आयोग को जानकारी दी गई कि अभ्यर्थी, सुश्री तुलसी बाई की दिनांक 23/2/2018 को मृत्यु हो गई है ।
अतः जिले से प्राप्त जानकारी अनुसार सुश्री तुलसी बाई की मृत्यु दिनांक 23/2/2018 को हो जाने के परिणामस्वरूप उनके प्रकरण में खात्मा लगाया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार हस्ता./-
(सुनीतात्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
328(3)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
आदेश
भोपाल दिनांक 24 अप्रैल 2019
मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 क्र. एफ-87-109-15-11-415.-
की धारा - 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, गोविन्दगढ़, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री बफातन भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 04/12/2014 को घोषित हुआ। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 02/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री बफातन को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के पास दाखिल करने थे ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला-रीवा के पत्र कमांक /376 / स्था० निर्वा0/ 2014 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री बफातन द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा ही प्रस्तुत नहीं किया गया ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, सुश्री बफातन को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 10/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
328(4)
इसके उपरांत अभ्यर्थी, सुश्री बफातन के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर वांछित जानकारी जिले से वर्ष 2015 से वर्ष 2019 तक चाही गई पर आयोग को प्राप्त न हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री बफातन के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला-रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगर परिषद्, गोविंदगढ़ जिला-रीवा के पत्र कमांक / 1539 / न ० प० / निर्वा. / 2018-19, दिनांक 27/3/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई तिथि के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, सुश्री बफातन आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री बफातन के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री बफातन को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम , 11-क के अधीन नगर परिषद्, गोविंदगढ़ , जिला- रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग .
328(5)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
आदेश
भोपाल दिनांक 24 अप्रैल 2019
मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, क्र. एफ-87-114-15-11-418.-
1961 की धारा - 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा। मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, त्योंथर, जिला- रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री आशा देवी पति श्री राजेन्द्र प्रसाद उर्फ कल्लू भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री आशा देवी पति श्री राजेन्द्र प्रसाद उर्फ कल्लू को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा .) जिला-रीवा के पत्र कमांक/376 / स्था० निर्वा0/ 2014, दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री आशा देवी पति श्री राजेन्द्र प्रसाद उर्फ कल्लू द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा ही प्रस्तुत नहीं किया गया ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, सुश्री आशा देवी पति श्री राजेन्द्र प्रसाद उर्फ कल्लू को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
328(6)
27/3/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
इसके उपरांत अभ्यर्थी, सुश्री आशा देवी पति श्री राजेन्द्र प्रसाद उर्फ कल्लू के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर वांछित जानकारी जिले से वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक चाही गई पर आयोग को प्राप्त न हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री आशा देवी पति श्री राजेन्द्र प्रसाद उर्फ कल्लू के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला-रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगर परिषद्, त्योंथर, जिला- रीवा के पत्र कमांक /654 / न० परि०/ निर्वा./ 2019, दिनांक 27/3/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई तिथि के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
: अभ्यर्थी , सुश्री आशा देवी पति श्री राजेन्द्र प्रसाद उर्फ कल्लू आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री आशा देवी पति श्री राजेन्द्र प्रसाद उर्फ कल्लू के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री आशा देवी पति श्री राजेन्द्र प्रसाद उर्फ कल्लू को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र . नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11- क के अधीन नगर परिषद्, त्योंथर, जिला- रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी)
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अप्रैल 2019
328(7)
आदेश
भोपाल दिनांक 24 अप्रैल 2019
मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, क्र. एफ-87-114-15-11-419.-
1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, त्योंथर, जिला- रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री बसंती देवी भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक -67/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री बसंती देवी को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला- रीवा के पत्र कमांक / 376/ स्था ० निर्वा0 / 2014 , दिनांक 16/01/15' के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री बसंती देवी द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा ही प्रस्तुत नहीं किया गया ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, सुश्री बसंती देवी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 27/3/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
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इसके उपरांत अभ्यर्थी, सुश्री बसंती देवी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर वांछित जानकारी जिले से वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक चाही गई पर आयोग को प्राप्त न हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री बसंती देवी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को कारण बताओ नोटिस दिनाँक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगर परिषद्, त्योंथर, जिला-रीवा के पत्र कमांक / 654 / न०परि० / निर्वा. / 2019 , दिनांक 27/3/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई तिथि के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, सुश्री बसंती देवी आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री बसंती देवी के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री बसंती देवी को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगर परिषद्, त्योंथर, जिला- रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग .
328(9)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 24 अप्रैल 2019
आदेश
भोपाल दिनांक 24 अप्रैल 2019
मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, क्र. एफ-87-116-15-11-424.-
1961 की धारा - 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, नईगढ़ी, जिला- रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री अनिल सिंह (बब्लू भैया) भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री अनिल सिंह (बब्लू भैया) को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था .निर्वा.) जिला-रीवा के पत्र कमांक / 376/ स्था० निर्वा0 / 2014 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री अनिल सिंह (बब्लू भैया) द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा ही प्रस्तुत नहीं किया गया ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , श्री अनिल सिंह (बब्लू भैया) को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 5/3/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
328(10)
इसके उपरांत अभ्यर्थी, श्री अनिल सिंह (बब्लू भैया) के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर वांछित जानकारी जिले से वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक चाही गई पर आयोग को प्राप्त न हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी , श्री अनिल सिंह (बब्लू भैया) के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला-रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगर परिषद्, नईगढ़ी , जिला- रीवा के पत्र क्रमांक / 400 / न ०परि० / 2019, दिनांक 27/3/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई तिथि के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी , श्री अनिल सिंह (बब्लू भैया) आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री अनिल सिंह (बब्लू भैया) के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री अनिल सिंह (बब्लू भैया) को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम , 11 -क के अधीन नगर परिषद्, नईगढी, जिला-रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
328(11)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
आदेश
भोपाल दिनांक 24 अप्रैल 2019
मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 'क्र. एफ-87-117-15-11-427.-
1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, सिरमौर, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री जगिता कुशवाहा पति राजेश कुशवाहा भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री जगिता कुशवाहा पति राजेश कुशवाहा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा .) जिला-रीवा के पत्र कमांक /376/ स्था० निर्वा0 /2014 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री जगिता कुशवाहा पति राजेश कुशवाहा द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा ही प्रस्तुत नहीं किया गया ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , सुश्री जगिता कुशवाहा पति राजेश कुशवाहा को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 28/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 24 अप्रैल 2019
328(12)
इसके उपरांत अभ्यर्थी, सुश्री जगिता कुशवाहा पति राजेश कुशवाहा के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर वांछित जानकारी जिले से वर्ष 2015 से वर्ष 2019 तक चाही गई पर आयोग को प्राप्त न हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री जगिता कुशवाहा पति राजेश कुशवाहा के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को कारण बताओ नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद्, सिरमौर जिला- रीवा के आयोग को प्रेषित पत्र दिनांक 27/3/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई तिथि के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, सुश्री जगिता कुशवाहा पति राजेश कुशवाहा आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक 02/04/2019 में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री जगिता कुशवाहा पति राजेश कुशवाहा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री जगिता कुशवाहा पति राजेश कुशवाहा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, सिरमौर, जिला-रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित -2019.