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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

निर्वाचन व्‍ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्‍ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करने के संबंध में

Published 27 April 2019

Department
म.प्र. राज्‍य निर्वाचन आयोग
Type
Extraordinary
Gazette no.
168
Identifier
in.gazette.madhya.2019-04-27.168.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

प्रद श शा

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सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , शनिवार, दिनांक 27 अप्रैल 2019- वैशाख 07 , शक 1941

क्रमांक 168]

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

"निर्वाचन भवन "

58 , अरेरा हिल्स, भोपाल -(म0प्र0) 462011

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक- एफ-67-09-14 - तीन -436:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा - 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

335 336

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह जनवरी , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, नगर परिषद्, मझौली, जिला-सीधी के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री आशा गणेश सोनी भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 08/1/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 07/02/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री आशा गणेश सोनी को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल करने थे ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा .) जिला- सीधी से प्राप्त पत्र कमांक /640 / स्था० निर्वा 0 / 2014 , दिनांक 01/05/14 में अंकित जानकारी अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री आशा गणेश सोनी द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 26/8/14 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री आशा गणेश सोनी को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र क्रमांक / 1446 / स्था 0 निर्वा 0 / 2014 / दिनांक 21 अक्टूबर, 2014 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री आशा गणेश सोनी के लंबित निर्वाचन व्ययं लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला-टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(1) जिले के आयोग को प्रेषित पत्र कमांक / 57 / स्था० निर्वा0 /2019 दिनांक 05 अप्रैल, 2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री आशा गणेश सोनी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री आशा गणेश सोनी के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री आशा गणेश सोनी को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगर परिषद्, मझौली, जिला- सीधी का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार ,

हस्ता./-

(सुनीता त्रिपाठी)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(2)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक - एफ- 67-09-14 - तीन -437:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा । माह जनवरी , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, नगर परिषद्, मझौली, जिला-सीधी के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री बुटई केवट भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 08/1/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 07/02/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री बुटई केवट को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सीधी के पास दाखिल करने थे ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला-सीधी से प्राप्त पत्र कमांक/ 640 / स्था० निर्वा0 / 2014 , दिनांक 01/05/14 में अंकित जानकारी अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री बुटई केवट द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए । निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 26/8/14 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(3)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री बुटई केवट को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक / 1446 / स्था0 निर्वा0/ 2014 / दिनांक 21 अक्टूबर, 2014 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री बुटई केवट के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला-टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

जिले के आयोग को प्रेषित पत्र कमांक / 57 / स्था ० निर्वा० /2019, दिनांक 05 अप्रैल, 2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री बुटई केवट सोनी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री बुटई केवट के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री बुटई केवट को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगर परिषद्, मझौली, जिला- सीधी का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(4)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक - एफ- 67-09-14 - तीन-438: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेशं नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह जनवरी, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, नगर परिषद्, मझौली, जिला-सीधी के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री श्यामकली उर्फ जगवा देवी केवट भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 08/1/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 07/02/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री श्यामकली उर्फ जगवा देवी केवट को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सीधी के पास दाखिल करने थे ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला- सीधी से प्राप्त पत्र कमांक /640 / स्था० निर्वा0 / 2014 , दिनांक 01/05/14 में अंकित जानकारी अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री श्यामकली उर्फ जगवा देवी केवट द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 26/8/14 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(5)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री श्यामकली उर्फ जगवा देवी केवट को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र क्रमांक / 1446 / स्था० निर्वा0 / 2014 / दिनांक 21 अक्टूबर, 2014 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री श्यामकली उर्फ जगवा देवी केवट के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला-टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

जिले के आयोग को प्रेषित पत्र क्रमांक / 57 / स्था ० निर्वा० /2019, दिनांक 05 अप्रैल, 2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री श्यामकली उर्फ जगवा देवी केवट व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री श्यामकली उर्फ जगवा देवी केवट के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री श्यामकली उर्फ जगवा देवी केवट को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन नगर परिषद्, मझौली, जिला- सीधी का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(6)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक- एफ- 67-09-14- तीन-439:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र . राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह जनवरी , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, नगर परिषद्, मझौली, जिला-सीधी के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री सुनीता दाहिया (कोटवार) भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 08/1/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 07/02/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री सुनीता दाहिया (कोटवार) को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सीधी के पास दाखिल करने थे ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा. ) जिला-सीधी से प्राप्त पत्र कमांक / 640 / स्था० निर्वा0/ 2014 , दिनांक 01/05/14 में. अंकित जानकारी अनुसार अभ्यर्थी , सुश्री सुनीता दाहिया (कोटवार) केवट द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 26/8/14 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(7) अभ्यर्थी, सुश्री सुनीता दाहिया (कोटवार) कों जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक / 1446 / स्था0 निर्वा0/ 2014 / दिनांक 21 अक्टूबर, 2014 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री सुनीता दाहिया (कोटवार) के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

जिले के आयोग को प्रेषित पत्र क्रमांक / 57 / स्था० निर्वा0 / 2019, दिनांक 05 अप्रैल, 2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री सुनीता दाहिया (कोटवार) व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री सुनीता दाहिया (कोटवार) के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री सुनीता दाहिया (कोटवार) को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, मझौली , जिला- सीधीं का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(8)

आदेश

भोपाल, दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक - एफ - 87-66-15 - ग्यारह-442:: मध्य प्रदेश्श नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा - 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए ाधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा। मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, तरीचरकला, जिला-टीकमगढ़ के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री अहिरवार रामकुंवर रामस्वरूप भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री अहिरवार रामकुंवर रामस्वरूप को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पास दाखिल करने थे ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा .) जिला-टीकमगढ़ से प्राप्त पत्र कमांक-व्यय लेखा / 2015 /1721 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री अहिरवार रामकुंवर रामस्वरूप द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन ब्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(9)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री अहिरवार रामकुंवर रामस्वरूप को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक- स्था० निर्वा0 / 2016 /195 , दिनांक 05/4/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2016 से 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री अहिरवार रामकुंवर रामस्वरूप के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद्, तरीचरकला जिला -टीकमगढ के पत्र कमांक /84 /न.प. / 2019, दिनांक 07/2/19 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो गई थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री अहिरवार रामकुंवर रामस्वरूप व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री अहिरवार रामकुंवर रामस्वरूप के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री अहिरवार रामकुंवर रामस्वरूप को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, तरीचरकला, जिला - टीकमगढ़ का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।.

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(10)

आदेश

भोपाल, दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक - एफ - 87-66-15- ग्यारह -443:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति).. आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, तरीचरकला, जिला- टीकमगढ़ के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री अहिरवार जयन्ति मनीष भी अध्यक्ष पदं की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री अहिरवार जयन्ति मनीष को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला-टीकमगढ़ से प्राप्त पत्र कमांक-व्यय लेखा / 2015 / 1721 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री अहिरवार जयन्ति मनीष द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन ब्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(11)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री सुश्री अहिरवार जयन्ति मनीष को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक स्था० निर्वा0 / 2016 /195, दिनांक 05/4/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2016 से 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री अहिरवार जयन्ति मनीष के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगर परिषद्, तरीचरकला जिला -टीकमगढ के पत्र कमांक /84 /न.प./ 2019, दिनांक 07/2/19 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो गई थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री अहिरवार जयन्ति मनीष व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री अहिरवार जयन्ति मनीष के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री अहिरवार जयन्ति मनीष को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा . 32-ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, तरीचरकला, जिला -टीकमगढ़ का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।.

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुनीता त्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(12)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक- एफ- 87-66-15- ग्यारह -444:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोगं द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र . राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, तरीचरकला, जिला-टीकमगढ़ के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री पूजा बाल्मीकि भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री पूजा बाल्मीकि को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था . निर्वा.) जिला-टीकमगढ़ से प्राप्त पत्र कमांक-व्यय लेखा / 2015 / 1721 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री पूजा बाल्मीकि द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(13)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री सुश्री पूजा बाल्मीकि को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक- स्था ० निर्वा0/ 2016/ 195, दिनांक 05/4/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2016 से 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री पूजा बाल्मीकि के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद्, तरीचरकला जिला - टीकमगढ के पत्र कमांक / 84 / न.प. / 2019, दिनांक 07/2/19 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो गई थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री पूजा बाल्मीकि व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री पूजा बाल्मीकि के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री पूजा बाल्मीकि को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, तरीचरकला, जिला - टीकमगढ़ का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(14)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक- एफ-87-19-2015- ग्यारह -447:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, दबोह जिला- भिण्ड के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री नरेन्द्र सिंह दुधारिया भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04 /12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री नरेन्द्र सिंह दुधारिया को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, भिण्ड के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक 164-165 दिनांक- 20/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री नरेन्द्र सिंह दुधारिया द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया । उपर्युक्त जानकारी जिले से आयोग को प्राप्त होने पर आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन ) जिला- भिण्ड को पत्र दिनांक 06/02/2015 जारी कर अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत व्यय लेखों को प्रस्तुत कराने हेतु कहा गया । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे । 336(15)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, श्री नरेन्द्र सिंह दुधारिया द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 20/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया । अभ्यर्थी, श्री नरेन्द्र सिंह दुधारिया को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था०निर्वा०) जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक क्यू/ स्था० निर्वा० / 2019 /70 दिनांक 25/03/2019 के संलग्न आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी । नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 02/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अपने निर्वाचन व्यय लेख प्रस्तुत ही नहीं किये ।

उपरोक्त से आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री नरेन्द्र सिंह दुधारिया को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम , 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, दबोह जिला भिण्ड का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुनीता त्रिपाठी)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(16)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक - एफ- 87-19-2015- ग्यारह -448:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32-क के अनुसार अध्यक्ष के निवर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेख विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

3 माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, दबोह जिला-भिण्ड के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री मोतीलाल चिकवा भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री मोतीलाल चिकवा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , भिण्ड के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला भिण्ड़ के पत्र कमांक 164-165 दिनांक -20 / 01 / 2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी , श्री मोतीलाल चिकवा द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

उपर्युक्त जानकारी जिले से आयोग को प्राप्त होने पर आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- भिण्ड को पत्र दिनांक 06/02/2015 जारी कर अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत व्यय लेखों को प्रस्तुत कराने हेतु कहा गया । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे । 336(17)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, श्री मोतीलाल चिकवा द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 20/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया । अभ्यर्थी, श्री मोतीलाल चिकवा को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था०निर्वा०) जिला-भिण्ड के पत्र क्रमांक क्यू/ स्था ० निर्वा0 / 2019/70 दिनांक- 25/03/2019 के संलग्न आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 02/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अपने निर्वाचन व्यय लेख प्रस्तुत ही नही किये ।

उपरोक्त से आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री मोतीलाल चिकवा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, दबोह जिला- भिण्ड का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी)

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(18)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक- एफ-87-69-15- ग्यारह-451 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र . राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, जेरोन खालसा, जिला-टीकमगढ़ के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री प्रभादेवी कुशवाहा भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री प्रभादेवी कुशवाहा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला-टीकमगढ़ से प्राप्त पत्र कमांक- व्यय लेखा / 2015 /1721 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री प्रभादेवी कुशवाहा द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(19)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री सुश्री प्रभादेवी कुशवाहा को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र क्रमांक- स्था० निर्वा० /न०पा० / 2518 दिनांक 25/3/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2015 से 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री प्रभादेवी कुशवाहा के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

जिले के पत्र क्रमांक / स्था. निर्वा./ 2019 / 53, दिनांक 3/4/19 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी , सुश्री प्रभादेवी कुशवाहा व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री प्रभादेवी कुशवाहा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी , सुश्री प्रभादेवी कुशवाहा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन नगर परिषद्, जेरोन खालसा ,जिला-टीकमगढ़ का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(20)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक- एफ- 87-69-15- ग्यारह-452:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा - 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा। मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, जेरोन खालसा, जिला-टीकमगढ़ के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री रजनी राजकुमार साहू भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री रजनी राजकुमार साहू को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला-टीकमगढ़ से प्राप्त पत्र कमांक-व्यय लेखा/ 2015 / 1721 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री रजनी राजकुमार साहू द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(21)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री सुश्री रजनी राजकुमार साहू को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति ज़िले के पत्र क्रमांक- स्था० निर्वा०/ न०पा० / 2518 दिनांक 25/3/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2015 से 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री रजनी राजकुमार साहू के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

जिले के पत्र क्रमांक / स्था. निर्वा./ 2019 /53, दिनांक 3/4/19 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री रजनी राजकुमार साहू व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री रजनी राजकुमार साहू के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री रजनी राजकुमार साहू को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, जेरोन खालसा ,जिला- टीकमगढ़ का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(22)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक - एफ - 87-69-15- ग्यारह -453:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्ययं (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, जेरोन खालसा, जिला- टीकमगढ़ के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री रती वीरन भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री रती वीरन को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा .) जिला-टीकमगढ़ से प्राप्त पत्र कमांक-व्यय लेखा / 2015 / 1721 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री रती वीरन द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(23)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री रती वीरन को जारी कारण बलाओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र क्रमांक- स्था० निर्वा० / न०पा०/ 2518 दिनांक 25/3/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2015 से 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री रती वीरन के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला -टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

जिले के पत्र क्रमांक / स्था. निर्वा./ 2019 /53 , दिनांक 3/4/19 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री रती वीरन व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री रती वीरन के पास निर्वाचन व्यय लेखें प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री रती वीरन को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगर परिषद्, जेरोन खालसा ,जिला-टीकमगढ़ का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(24)

आदेश

भोपाल, दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक- एफ- 87-69-15- ग्यारह -454 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किखा जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, जेरोन खालसा, जिला- टीकमगढ़ के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री रामसखी रैकवार भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री रामसखी रैकवार को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था.निर्वा. ) जिला-टीकमगढ़ से प्राप्त पत्र कमांक-व्यय लेखा/ 2015 / 1721 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री रामसखी रैकवार द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(25)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री रामसखी रैकवार को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक- स्था ० निर्वा ० /न ० पा० / 2518 दिनांक 25/3/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2015 से 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री रामसखी रैकवार के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

जिले के पत्र क्रमांक / स्था. निर्वा. / 2019 /53 , दिनांक 3/4/19 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री रामसखी रैकवार व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री रामसखी रैकवार के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री रामसखी रैकवार को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन नगर परिषद्, जेरोन खालसा ,जिला- टीकमगढ़ का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(26)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक - एफ- 87-69-15- ग्यारह -455:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा -32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, जेरोन खालसा, जिला- टीकमगढ़ के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री लछिया घनश्याम रैकवार भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री लछिया घनश्याम रैकवार को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा .) जिला-टीकमगढ़ से प्राप्त पत्र कमांक- व्यय लेखा / 2015 / 1721 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री लछिया घनश्याम रैकवार द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(27)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री लछिया घनश्याम रैकवार को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र क्रमांक- स्था० निर्वा०/न० पा०/ 2518 दिनांक 25/3/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2015 से 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री लछिया घनश्याम रैकवार के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

जिले के पत्र क्रमांक/ स्था. निर्वा./2019 /53 , दिनांक 3/4/19 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री लछिया घनश्याम रैकवार व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री लछिया घनश्याम रैकवार के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री लछिया घनश्याम रैकवार को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, जेरोन खालसा ,जिला- टीकमगढ़ का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

336(28)

आदेश

भोपाल , दिनांक 27 अप्रैल 2019

क्रमांक- एफ - 87-69-15 - ग्यारह -456:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा - 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र . राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, जेरोन खालसा, जिला-टीकमगढ़ के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री साधना किशोरी कुशवाहा भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री साधना किशोरी कुशवाहा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, टीकमगढ़ के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला-टीकमगढ़ से प्राप्त पत्र कमांक-व्यय लेखा / 2015/ 1721 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री साधना किशोरी कुशवाहा द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/2/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । 336(29)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अप्रैल 2019

अभ्यर्थी, सुश्री साधना किशोरी कुशवाहा को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र क्रमांक-स्था० निर्वा० /न०पा० / 2518 दिनांक 25/3/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2015 से 2019 तक वांछित जानकारी चाही गई पर प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री साधना किशोरी कुशवाहा के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- टीकमगढ़ के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 28/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 05/4/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

जिले के पत्र कमांक / स्था. निर्वा./ 2019/53, दिनांक 3/4/19 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यर्थी, सुश्री साधना किशोरी कुशवाहा व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री साधना किशोरी कुशवाहा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री साधना किशोरी कुशवाहा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, जेरोन खालसा ,जिला- टीकमगढ़ का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 27 April 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2019-04-27.168.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2019-04-27.168.Extraordinary.