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मध्यप्रदे श शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , सोमवार, दिनांक 29 अप्रैल 2019-वैशाख 9 , शक 1941
क्रमांक 169 ]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
"निर्वाचन भवन"
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल (म. प्र. )- 462011
आदेश
भोपाल, दिनांक 29 अप्रैल 2019
क्रमांकः एफ-87-46/2015/11 / 459 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
337 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 अप्रैल 2019
338
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगरपालिका परिषद्, अशोकनगर, जिला-अशोकनगर के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्रीमती कलाबाई पत्नि घनश्याम भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04 / 12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती कलाबाई पत्नि घनश्याम को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, अशोकनगर के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला अशोकनगर के पत्र क्रमांक 165 दिनांक- 12/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती कलाबाई पत्नि घनश्याम द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया , और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला-अशोकनगर को पत्र दिनांक 02/03/2015 जारी कर अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत व्यय लेखों को प्रस्तुत कराने हेतु कहा गया । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे । अभ्यर्थी, श्रीमती कलाबाई पत्नि घनश्याम द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 20/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया । अभ्यर्थी , श्रीमती कलाबाई पत्नि घनश्याम को जारी कारण बताओ सूचना- पत्र की तामीली की पावती कलेक्टर जिला अशोकनगर के पत्र क्रमांक / स्था० निर्वा0 / 2019/ 977 दिनांक 19/03/2019 द्वारा आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 02/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अपने निर्वाचन व्यय लेख प्रस्तुत ही नहीं किये ।
आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 अप्रैल 2019
338 ( 1) अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती कलाबाई पत्नि घनश्याम को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगरपालिका परिषद्, अशोकनगर जिला -अशोकनगर का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 29 अप्रैल 2019
क्रमांकः एफ-67-10/2014/तीन/462 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह जून वर्ष, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, मऊगंज जिला- रीवा के अध्यक्ष के उप निर्वाचन वर्ष- 2014 में श्री हरीशचंद्र बंसल पिता श्री प्रेमीलाल बंसल भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-12 / 06/ 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 12/07/2014 तक अभ्यर्थी श्री हरीशचंद्र बंसल पिता श्री प्रेमीलाल बंसल को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला रीवा के पत्र क्रमांक 825 दिनांक- 02/08/2014 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट-छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री हरीशचंद्र बंसल पिता श्री प्रेमीलाल बंसल द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 अप्रैल 2019
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कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन ) जिला-रीवा को पत्र दिनांक 21/08/2014 जारी कर अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत व्यय लेखों को प्रस्तुत कराने हेतु कहा गया । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, श्री हरीशचंद्र बंसल पिता श्री प्रेमीलाल बंसल द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 26/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों/ प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, श्री हरीशचंद्र बंसल पिता श्री प्रेमीलाल बंसल को जारी कारण बताओ सूचना- पत्र की तामीली की पावती जिले द्वारा आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी । नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 02/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अपने निर्वाचन व्यय लेख प्रस्तुत ही नहीं किये ।
आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री हरीशचंद्र बंसल पिता श्री प्रेमीलाल बंसल को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, मऊगंज जिला- रीवा का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 अप्रैल 2019
338(3)
आदेश
भोपाल, दिनांक 29 अप्रैल 2019
क्रमांकः एफ-87-92/2015/11/ 465 ::मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1981 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, पवई जिला- पन्ना के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री बड़ी बाई भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- 'ख' के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री बड़ी बाई को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , पन्ना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला पन्ना के पत्र क्रमांक 365 दिनांक-31 / 01 / 2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट-छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री बड़ी बाई द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- पन्ना को पत्र क्रमांक 188 दिनांक 25/02/2015 जारी कर अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत व्यय लेखों को प्रस्तुत कराने हेतु कहा गया । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, सुश्री बड़ी बाई द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना पत्र दिनांक 27/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों/ प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, सुश्री बड़ी बाई को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती कलेक्टर जिला पन्ना के पत्र क्रमांक / 54/ निर्वा0/2019 दिनांक 02/04/2019 द्वारा आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 04/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 अप्रैल 2019
338 (4)
उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अपने निर्वाचन व्यय लेख प्रस्तुत ही नही किये ।
आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, सुश्री बड़ी बाई को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11 -'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, पवई जिला पन्ना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 29 अप्रैल 2019
क्रमांकः एफ-87-92/2015/ 11 / 466 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, पवई जिला- पन्ना के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री मनका बाई बसोर भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04 /12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री मनका बाई बसोर को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, पन्ना के पास दाखिल करना था । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 अप्रैल 2019
338(5) कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला पन्ना के पत्र क्रमांक 365 दिनांक-31 / 01 / 2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री मनका बाई बसोर द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- पन्ना को पत्र क्रमांक 186 दिनांक 25/02/2015 जारी कर अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत व्यय लेखों को प्रस्तुत कराने हेतु कहा गया । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे । अभ्यर्थी, सुश्री मनका बाई बसोर द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 27/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया । अभ्यर्थी, सुश्री मनका बाई बसोर को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती कलेक्टर जिला पन्ना के पत्र क्रमांक / 54/ निर्वा0/ 2019 दिनांक 02/04/2019 द्वारा आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे आयोजित व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 04/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अपने निर्वाचन व्यय लेख प्रस्तुत ही नही किये ।
आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, सुश्री मनका बाई बसोर को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1984 के नियम, 11 -'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, पवई जिला पन्ना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
338 ( 6)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 अप्रैल 2019
आदेश
भोपाल, दिनांक 29 अप्रैल 2019
क्रमांकः एफ- 87-313/2015/ 11 / 469 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह अगस्त, 2015 में संपन्न नगर परिषद्, लॉजी, जिला बालाघाट के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री लीलाधर डोलस भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-23 /08/ 2015 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22/09/2015 तक अभ्यर्थी श्री लीलाधर डोलस को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , बालाघाट के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला बालाघाट के पत्र क्रमांक 2728 दिनांक- 27/11/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री लीलाधर डोलस द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया । आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- बालाघाट को पत्र दिनांक 31/12/2015 जारी कर अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत व्यय लेखों को प्रस्तुत कराने हेतु कहा गया । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, श्री लीलाधर डोलस द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 26/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 03/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, श्री लीलाधर डोलस को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी । 338( 7)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 29 अप्रैल 2019
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व प्राप्त हो गयी थी । अभ्यर्थी दिनांक 03/04/2019 को व्यक्तिगत सुनवाई में खाली व्यय लेखा पंजी लेकर उपस्थित हुए, जो पूर्ण नहीं है तथा शपथ- पत्र भी संलग्न नहीं किया गया है अतः चार वर्ष के विलम्ब पश्चात् भी निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किये गये है ।
उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अपने निर्वाचन व्यय लेख प्रस्तुत ही नहीं किये ।
आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री लीलाधर डोलस को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, लॉजी जिला- बालाघाट का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.