मध्यप्रदेश शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , शुक्रवार, दिनांक 3 मई 2019- वैशाख 13 , शक 1941
क्रमांक 176]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
निर्वाचन भवन
अरेरा हिल्स भोपाल- 462011
भोपाल , दिनांक 3 मई 2019
आदेश
क्रमांक-एफ-87-277-2015-11-494
:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि कंड़िका 07(4) के अनुसार शपथ- पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर व्यय लेखा पूर्ण नहीं माने जाने का प्रावधान है ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् , सिंगोली जिला- नीमच के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री कविता जैन भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04 /12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 02/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री कविता जैन को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , नीमच के पास दाखिल करना था ।
351 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 3 मई 2019
352
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला नीमच के पत्र क्रमांक 97 दिनांक- 08/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री कविता जैन द्वारा अपने निर्वाचन व्ययं लेखे समय पर प्रस्तुत किये, परन्तु उनके द्वारा निर्वाचन व्यय लेखों के साथ शपथ- पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- नीमच को पत्र दिनांक 23/01/2015 जारी कर अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत अपूर्ण व्यय लेखों को पूर्ण कर प्रस्तुत कराने हेतु कहा गया । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, सुश्री कविता जैन द्वारा व्यय लेखे समय पर प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त हुई परन्तु शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनांक 20/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, सुश्री कविता जैन को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था०निर्वा ०) जिला नीमच के पत्र क्रमांक / 1476 / स्था०निर्वा० /2019 दिनांक 19/03/2019 के संलग्न आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 02/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
गौरतलब है कि म०प्र० राजपत्र (असाधारण ) निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 10 जुलाई, 2014 की कंडिका-07 (निर्वाचन व्ययों का लेखा दाखिल किया जाना) की उप कंडिका (4 ) में यह प्रावधानित है कि- निर्वाचन व्ययों के लेखों के साथ प्रोफार्मा "घ" में एक शपथ- पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा और ऐसे शपथ- पत्र के बिना लेखा पूर्ण नहीं माना जाएगा । उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी उन्होंने अपने प्रस्तुत अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखों को पूर्ण करने की कोई पहल नहीं की ।
आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः अपूर्ण निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत करने के कारण अभ्यर्थी, सुश्री कविता जैन को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, सिंगोली जिला- नीमच का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.