ध्य प्रदेश शास
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 181 ]
भोपाल , बुधवार, दिनांक 8 मई 2019- वैशाख 18, शक 1941
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
" निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( म. प्र. ) -462011
आदेश
भोपाल, दिनांक 8 मई 2019
कमांकः एफ-87-06/15 /11 /499 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा - 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
361 362
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
माह सितम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, टोंकखुर्द, जिला-देवास के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री शंकरसिंह कुशवाह भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 09/08/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 08/09/2014 तक अभ्यर्थी श्री शंकरसिंह कुशवाह को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, देवास के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला- देवास से प्राप्त परिशिष्ट-36 के अनुसार श्री शंकरसिंह कुशवाह द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 27/10/14 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
जिले के आयोग को प्रेषित पत्र कमांक / 82 / स्था. निर्वा./ 2016, दिनांक 26/02/2016 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील कारण बताओ नोटिस की तामीली की पावती की प्रति आयोग को प्राप्त हो गई थी ।
अभ्यर्थी को कारण बताओ नोटिस की तामीली के उपरांत इनके लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से वर्ष 2018 तक पत्राचार किया जाता रहा पर वांछित जानकारी आयोग को जिले से प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री शंकरसिंह कुशवाह के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- देवास के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 03/04/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 09/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
जिले के आयोग को प्रेषित पंत्र कमांक/ स्था. निर्वा./ 2019 / 662, दिनांक 08/04/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, श्री शंकरसिंह कुशवाह व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । 362( 1)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री शंकरसिंह कुशवाह के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री शंकरसिंह कुशवाह को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, टोंकखुर्द, जिला- देवास का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 8 मई 2019
कमांकः एफ-87-47/2014 / 11 /502 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा - 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
362( 2)
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, मुंगावली, जिला-अशोकनगर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती फरगाना बानो भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 04/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती फरगाना बानो को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, अशोकनगर के पास दाखिल करना था ।
निर्वाचन पर्यवेक्षक जिला निर्वाचन कार्यालय , अशोकनगर (म.प्र. ) से प्राप्त पत्र क. /1883 / स्था० निर्वा०/ पंचायत / 2014 /165 , दिनांक 12 जनवरी , 2015 के संलग्न परिशिष्ट-36 अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती फरगाना बानो द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 09/02/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
कारण बताओ नोटिस अभ्यर्थी को जारी होने के उपरांत आयोग के पत्र कमांक एफ-87-47/ 2015 /11 / 671 , दिनांक 22/7/15 कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला-अशोकनगर श्रीमती फरगानो बानो को जारी नोटिस की तामीली सहित यह भी जानकारी चाही गई कि कि यदि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस में उल्लिखित अवधि के उनके समक्ष अपना निर्वाचन व्यय लेखा, विलंब से लेखा प्रस्तुति के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया हो तो लेखों की स्वीकार्यता तथा विलंब से लेखा प्रस्तुति के कारण की विश्वसनीयता का परीक्षण कर अभिमत सहित जानकारी आयोग को भेजी जाए । वांछित जानकारी अप्राप्त होने पर जिले से जानकारी भिजवाने हेतु वर्ष-2018 तक पत्राचार किया गया, पर जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी , श्रीमती फरगाना बानो के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला-अशोकनगर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 03/04/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 09/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
जिले के आयोग को प्रेषित पत्र कमांक/ स्था. निर्वा./ 2019 /1408, दिनांक 05/04/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी । 362(3)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
जिले के आयोग को प्रेषित पत्र कमांक / स्था. निर्वा./ 2019 / 1408 , दिनांक 05/04/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, श्रीमती फरगाना बानो व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्रीमती फरगाना बानो के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती फरगाना बानो को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11-क के अधीन नगर परिषद्, मुंगावली, जिला-अशोकनगर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(सुनीता त्रिपाठी )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 8 मई 2019
कमांकः एफ-87-74/15 /11 /505 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
362(4)
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, हरपालपुर जिला-छतरपुर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री करूणा रवि सिसोदिया भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 04/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री करूणा रवि सिसोदिया को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , छतरपुर के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला-छतरपुर से प्राप्त पत्र क्रमांक/ 360 /ले-38 / नपा.नि. / 2015 , दिनांक 30/01/15 के संलग्न परिशिष्ट-36 अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री करूणा रवि सिसोदिया द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 28/02/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
अभ्यर्थी, सुश्री करूणा रवि सिसोदिया को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र क्रमांक 800 / स्था. निर्वा./ शिका. / 2015 , दिनांक 12/05/2015 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से प्राप्त जानकारी वर्ष-2018 तक आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री करूणा रवि सिसोदिया के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला - छतरपुर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 03/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया । 362(5)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
जिले के आयोग को प्रेषित पत्र क्रमांक / 110 / स्था. / ले -76-01 / स्था. निर्वा. /2019 दिनांक 02/04/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, सुश्री करूणा रवि सिसोदिया व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री करूणा रवि सिसोदिया निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री करूणा रवि सिसोदिया को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, हरपालपुर, जिला- छतरपुर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 8 मई 2019
कमांकः एफ-87-100/15 /11 /508 ::मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने , नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
362( 6)
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, बिरसिंहपुर, जिला- सतना के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री रामजस वर्मा भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री रामजस वर्मा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सतना से प्राप्त पत्र कमांक/ 1883 / स्था० निर्वा० / न.पा.नि. / 2014, दिनांक 19/01/15 के संलग्न परिशिष्ट-36 अनुसार अभ्यर्थी, श्री रामजस वर्मा द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/03/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री रामजस वर्मा को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक / 931 / स्था . निर्वा./न.पा./ 2018 , दिनांक 25/10/2018 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से प्राप्त जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री रामजस वर्मा के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला - सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 03/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया । 362( 7)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
जिले के आयोग को प्रेषित पत्र कमांक / 125 / स्था.निर्वा. /न.पा. /2019 दिनांक 01/04/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, श्री रामजस वर्मा व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री रामजस वर्मा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री रामजस वर्मा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग़ के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11 -क के अधीन नगर परिषद्, बिरसिंहपुर , जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 8 मई 2019
कमांकः एफ-87-100/15 /11 /509 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32 -क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
362(8)
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहितं अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, बिरसिंहपुर, जिला सतना के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री प्रवीण कुमार वर्मा भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री प्रवीण कुमार वर्मा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सतना से प्राप्त पत्र क्रमांक / 1883 / स्था० निर्वा०/ न.पा.नि. / 2014, दिनांक 19/01/15 के संलग्न परिशिष्ट-36 अनुसार अभ्यर्थी, श्री प्रवीण कुमार वर्मा द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/03/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री प्रवीण कुमार वर्मा को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक / 931 / स्था. निर्वा./न.पा. / 2018, दिनांक 25/10/2018 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से प्राप्त जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री प्रवीण कुमार वर्मा के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 03/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया । 362(9)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 मई 2019
जिले के आयोग को प्रेषित पत्र क्रमांक / 125 / स्था. निर्वा./न.पा. /2019 दिनांक 01/04/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, श्री प्रवीण कुमार वर्मा व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री प्रवीण कुमार वर्मा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री प्रवीण कुमार वर्मा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगर परिषद्, बिरसिंहपुर, जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी)
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 8 मई 2019
कमांकः एफ-87-100/ 15 / 11 / 5 /0 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । 362( 10)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 मई 2019
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र . रोजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, बिरसिंहपुर, जिला-सतना के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री रामयश साकेत भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री रामयश साकेत को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला- सतना से प्राप्त पत्र कमांक / 1883 / स्था० निर्वा० / न.पा.नि./2014 , दिनांक 19/01/15 के संलग्न परिशिष्ट-36 अनुसार अभ्यर्थी, श्री रामयश साकेत द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/03/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री रामयश साकेत को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक/ 931 / स्था. निर्वा./ न.पा. / 2018, दिनांक 25/10/2018 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिले से प्राप्त जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री रामयश साकेत के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला - सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 03/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया । 362( 11)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
जिले के आयोग को प्रेषित पत्र कमांक / 125 / स्था. निर्वा./न.पा./2019 दिनांक 01/04/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, श्री रामयश साकेत व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री रामयश साकेत के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री रामयश साकेत को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, बिरसिंहपुर, जिला-सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 8 मई 2019
कमांकः एफ-87-100/ 15 / 11 / 5 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा - 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 8 मई 2019
362( 12)
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आंदेश 2014 " म.प्र . राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, बिरसिंहपुर, जिला सतना के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री बाबूलाल वर्मा भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री बाबूलाल बर्मा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला-सतना से प्राप्त पत्र कमांक / 1883 / स्था० निर्वा० / न.पा.नि. / 2014, दिनांक 19/01/15 के संलग्न परिशिष्ट-36 अनुसार अभ्यर्थी, श्री बाबूलाल वर्मा द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/03/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री बाबूलाल वर्मा को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक/ 931 / स्था. निर्वा./न.पा./ 2018 , दिनांक 25/10/2018 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जिलें से प्राप्त जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री बाबूलाल वर्मा के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 03/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
जिले के आयोग को प्रेषित पत्र क्रमांक/ 125/ स्था. निर्वा./न.पा. /2019 दिनांक 01/04/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी । 362( 13)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
अभ्यर्थी, श्री बाबूलाल वर्मा व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री बाबूलाल वर्मा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री बाबूलाल वर्मा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम , 11 -क के अधीन नगर परिषद्, बिरसिंहपुर, जिला-सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 8 मई 2019
कमांकः एफ-87-246/15 /11 /514
धारा-32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
362( 14)
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, गौतमपुरा, जिला-इंदौर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री शंकरलाल सोनी (काका) भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री शंकरलाल सोनी (काका) को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, इंदौर के पास दाखिल करना था । संयुक्त कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला-इन्दौर से प्राप्त पत्र कमांक /733 / स्था० निर्वा० / न.परि. / 2015 , दिनांक 28 जनवरी, 2015 के संलग्न परिशिष्ट-36 अनुसार अभ्यर्थी, श्री शंकरलाल सोनी (काका) द्वारा अपने निर्वाचन व्यय के लेखे दाखिल नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 11/02/15 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री शंकरलाल सोनी (काका) को जारी कारण बताओ नोटिस जारी करने के उपरांत आयोग के पत्र क्रमांकः एफ-87-246 / 2015 / ग्या 0 / 877, दिनांक 30/11/2015 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला- इंदौर से जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली प्रति सहित इस बात की भी जानकारी चाही गई कि कि यदि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस में उल्लिखित अवधि में उनके समक्ष अपना निर्वाचन व्यय लेखा विलंब से प्रस्तुत करने के संबंध में कोई अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया हो तो विलंब से लेखा प्रस्तुति के कारण की विश्वसनीयता का परीक्षण कर अभिमत सहित आयोग को अवगत कराया जाये । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2018 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री शंकरलाल सोनी (काका) के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला-इन्दौर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 03/04/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 09/04/2019 को पूर्वान्ह 11 . 00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
जिले के आयोग को प्रेषित पत्र कमांक / 418 / स्था० निर्वा 0 / 2019 दिनांक 11/04/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, श्री शंकरलाल सोनी (काका) व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 8 मई 2019
362( 15) उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री शंकरलाल सोनी (काका) के पास. निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री शंकरलाल सोनी (काका) को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगर परिषद्, गौतमपुरा, जिला-इंदौर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.