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श शास
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , बुधवार , दिनांक 22 मई 2019- ज्येष्ठ 1 , शक 1941
क्रमांक 204]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
"निर्वाचन भवन " 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल- 462 011 आदेश
भोपाल, दिनांक 22 मई 2019
क्रमांक-एफ- 87-24-2015-11-638
:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" (म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् आलमपुर, जिला- भिण्ड के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्रीमती साधना दीवोलिया भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक -07 / 12 / 2014 को घोषित हुआ। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती साधना दीवोलिया को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला-भिण्ड के पास दाखिल करना था ।
407 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 मई 2019
408
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक 164-165 दिनांक- 20/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती साधना दीवोलिया द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन ) जिला- भिण्ड को पत्र दिनांक 02/03/2015 जारी किया गया । अभ्यर्थी द्वारा कारण बताओं नोटिस तामील होने के उपरांत भी व्यय लेखों के संबंध में जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हुई है, जबकि नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, श्रीमती साधना दीवोलिया द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 03/04/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 10/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, श्रीमती साधना दीवोलिया को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती कलेक्टर जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक क्यू/ स्था०निर्वा० / 2019 /94 दिनांक 09/04/2019 द्वारा आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 10/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अपने निर्वाचन व्यय लेख प्रस्तुत ही नहीं किये ।
आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती साधना दीवोलिया को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् आलमपुर , जिला- भिण्ड का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
408 ( 1)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 मई 2019
आदेश
भोपाल , दिनांक 22 मई 2019
:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क' क्रमांक-एफ- 87-32-2015-11-641
के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् सेवढ़ा, जिला- दतिया के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्री राम राजा उर्फ " रज्जू" भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12/ 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री राम राजा उर्फ " रज्जू" को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- दतिया के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला दतिया के पत्र क्रमांक 416 दिनांक-16/04/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री राम राजा उर्फ " रज्जू" द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला-दतिया को पत्र क्रमांक 584 दिनांक 05/06/2015 जारी किया गया। अभ्यर्थी द्वारा कारण बताओं नोटिस तामील होने के उपरांत भी व्यय लेखों के संबंध में जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हुई है, जबकि नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, श्री राम राजा उर्फ "रज्जू" द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनांक 03/04/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 10/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, श्री राम राजा उर्फ " रज्जू" को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती कलेक्टर जिला दतिया के पत्र क्रमांक क्यू/ स्था० निर्वा० / व्यय लेखा/ 2019 / 11 दिनांक 09/04/2019 द्वारा आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 22 मई 2019
408 (2)
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 10/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री राम राजा उर्फ " रज्जू" के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री राम राजा उर्फ "रज्जू" को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11-' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् सेवढ़ा, जिला- दतिया का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 22 मई 2019
क्रमांक- एफ-87-20-2015-11-644
:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- 'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद् अकोड़ा, जिला- भिण्ड के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्रीमती संगीता पत्नी श्री आनंदसिंह भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12/ 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती संगीता पत्नी श्री आनंदसिंह को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला-भिण्ड के पास दाखिल करना था । 408(3)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 22 मई 2019
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक 164-165 दिनांक- 20/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती संगीता पत्नी श्री आनंदसिंह द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- भिण्ड को पत्र दिनांक 05/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, श्रीमती संगीता पत्नी श्री आनंदसिंह द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनांक 03/04/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 10/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, श्रीमती संगीता पत्नी श्री आनंदसिंह को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती कलेक्टर जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक क्यू/ स्था०निर्वा० / 2019 /94 दिनांक 09/04/2019 द्वारा आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 10/04/2019 को आयोग मुख्यालय , भोपाल में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी को पर्याप्त अवसर दिए जाने के उपरांत भी अपने निर्वाचन व्यय लेख प्रस्तुत ही नहीं किये ।
आयोग का यह समाधान हो गया है कि उनके पास अपने निर्वाचन व्यय लेखों को प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती संगीता पत्नी श्री आनंदसिंह को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् अकोड़ा, जिला- भिण्ड का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.