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शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 211 ]
भोपाल , गुरुवार , दिनांक 30 मई 2019- ज्येष्ठ 9 , शक 1941
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
"निर्वाचन भवन"
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल (म० प्र०) 462 011
आदेश
भोपाल , दिनांक 30 मई 2019
क्रमांक- एफ-87-95-15-11-689
:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आंदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगरपालिका परिषद्, पन्ना, जिला- पन्ना के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री सरफराज अहमद खान भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री सरफराज अहमद खान को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला-पन्ना के पास दाखिल करना थे ।
421 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2019
422
उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला-पन्ना से प्राप्त पत्र कमांक / 365 / स्था. निर्वा. /2015 दिनांक 31/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट-छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री सरफराज अहमद खान द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी, श्री सरफराज अहमद खान को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 25/2/15 जारी कर नोटिस की तामीली आयोग को भिजवाने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.), जिला- पन्ना को कहा गया ।
इसके उपरांत अभ्यर्थी श्री सरफराज अहमद खान के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित वांछित जानकारी आयोग को भिजवाने हेतु जिले से वर्ष 2018 तक पत्राचार किया जाता रहा, पर वांछित जानकारी जिले से आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोगद्वारा अभ्यर्थी , श्री सरफराज अहमद खान के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला-पन्ना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक / 56 /निर्वा0/2019, दिनांक 02/04/2019 के संलग्न व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी है । व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, श्री सरफराज अहमद खान अनुपस्थित रहे एवं न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि भी आयोग को प्राप्त हुए ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री सरफराज अहमद खान के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री सरफराज अहमद खान को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961. की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगरपालिका परिषद्, पन्ना, जिला- पन्ना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
422(1)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2019
आदेश
भोपाल, दिनांक 30 मई 2019
:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की क्रमांक-एफ-87-316-16-11-692
धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2015 में संपन्न नगर परिषद्, शाहगंज, जिला- सीहोर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री देवेन्द्र कुमार गौर भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 26/12/2015 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2016 तक अभ्यर्थी श्री देवेन्द्र कुमार गौर को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला-सीहोर के पास दाखिल करना थे ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला- सीहोर से प्राप्त पत्र कमांक-58/ स्था. निर्वा./ 2016, दिनांक 26/02/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री देवेन्द्र कुमार गौर, द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , श्री देवेन्द्र कुमार गौर को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 11/3/16 जारी किया गए । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री देवेन्द्र कुमार गौर को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक / 113 / स्था. निर्वा./ 2016 , 25/4/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी । कारण बताओ नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को हो जाने के उपरांत अभ्यर्थी द्वारा यदि विहित समयावधि में जिला कार्यालय के समक्ष कोई अभ्यावेदन या विलम्ब से व्यय लेखे दाखिल किए गए हों तो उनकी विश्वसनीयता एवं स्वीकार्यता के संबंध में जिले से स्पष्ट अभिमत पत्र दिनांक 3/5/16 द्वारा चाहा गया । वांछित जानकारी अप्राप्त होने पर जिले से वर्ष 2018 तक पत्राचार किया गया, पर जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2019
422(2)
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री देवेन्द्र कुमार गौर के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सीहोर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, श्री देवेन्द्र कुमार गौर निर्वाचन व्यय लेखा पंजी लेकर समक्ष में उपस्थित हुए, जिसमें कोई प्रविष्टियाँ न होने के साथ शपथ- पत्र भी संलग्न नहीं था ।
निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 की कंडिका -7 की उप कंडिका (4) के अनुसार निर्वाचन व्ययों के लेखों के साथ प्रोफार्मा- "घ" में एक शपथ- पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा और ऐसे शपथ- पत्र के बिना लेखा पूर्ण नहीं माना जायेगा । इसके अलावा कंडिका-07 की उप कंडिका (1 ) में निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल करने के संबंध में प्रावधान है कि निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
अभ्यर्थी, श्री देवेन्द्र कुमार गौर द्वारा उपर्युक्त आदेश के प्रावधान के अधीन अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , सीहोर के पास 04 वर्ष से अधिक की कालावधि व्यतीत हो जाने के पश्चात् भी प्रस्तुत नहीं किया गया । उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री देवेन्द्र कुमार गौर के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री देवेन्द्र कुमार गौर को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन नगर परिषद्, शाहगंज, जिला-सीहोर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
422(3)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2019
आदेश
भोपाल, दिनांक 30 मई 2019
क्रमांक- एफ-87-316-16-11-693
:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2015 में संपन्न नगर परिषद्, शाहगंज, जिला- सीहोर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री मुकेश कुमार यादव भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 26/12/2015 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2016 तक अभ्यर्थी श्री मुकेश कुमार यादव को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला सीहोर के पास दाखिल करना थे ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला सीहोर से प्राप्त पत्र कमांक-58 /स्था. निर्वा. / 2016, दिनांक 26/02/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री मुकेश कुमार यादव द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए । निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी, श्री मुकेश कुमार यादव को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 11/3/16 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री मुकेश कुमार यादव को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक / 113 / स्था. निर्वा./2016 , 25/4/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी । अभ्यर्थी, श्री मुकेश कुमार यादव को कारण बताओ नोटिस जारी होने के उपरांत इनके लंबित निर्वाचन व्ययों से संबंधित जानकारी आयोग को भिजवाने हेतु जिले से वर्ष 2018 तक पत्राचार किया जाता रहा, पर वांछित जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2019
422(4)
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री मुकेश कुमार यादव के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला सीहोर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति कार्यालय नगर परिषद्, शाहगंज, जिला-सीहोर से आयोग को प्राप्त हो चुकी है ।
व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, श्री मुकेश कुमार यादव अनुपस्थित रहे एवं इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि भी आयोग को प्राप्त नहीं हुए ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री मुकेश कुमार यादव के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री मुकेश कुमार यादव को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगर परिषद्, शाहगंज , जिला-सीहोर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी)
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 30 मई 2019
क्रमांक- एफ-87-316-16-11-694
:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा । 422(5)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 30 मई 2019
माह दिसम्बर , 2015 में संपन्न नगर परिषद्, शाहगंज, जिला सीहोर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री सलीम भाई (नेताजी) भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 26/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री सलीम भाई (नेताजी) को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सीहोर के पास दाखिल करना थे ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा .) जिला सीहोर से प्राप्त पत्र कमांक-58 / स्था. निर्वा./ 2016 , दिनांक 26/02/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री सलीम भाई (नेताजी) द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी, श्री सलीम भाई (नेताजी) को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 11/3/16 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री सलीम भाई (नेताजी) को जारी कारण बताओ नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र कमांक / 113 / स्था.निर्वा./2016, 25/4/2016 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई थी । अभ्यर्थी , श्री सलीम भाई (नेताजी) को कारण बताओ नोटिस जारी होने के उपरांत इनके लंबित निर्वाचन व्ययों से संबंधित जानकारी आयोग को भिजवाने हेतु जिले से वर्ष 2018 तक पत्राचार किया जाता रहा, पर वांछित जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री सलीम भाई (नेताजी) के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला सीहोर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति कार्यालय नगर परिषद्, शाहगंज , जिला-सीहोर से आयोग को प्राप्त हो चुकी है ।
व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, श्री सलीम भाई (नेताजी) अनुपस्थित रहे एवं इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि भी आयोग को प्राप्त नहीं हुए ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री सलीम भाई (नेताजी) के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री सलीम भाई (नेताजी) को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म. प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11-क के अधीन नगर परिषद्, शाहगंज, जिला-सीहोर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.