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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

निर्वाचन व्‍यय (लेखा संधारण और प्रस्‍तुति) आदेश 2014........

Published 01 June 2019

Department
म.प्र. राज्‍य निर्वाचन आयोग
Type
Extraordinary
Gazette no.
213
Identifier
in.gazette.madhya.2019-06-01.213.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
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ध्यप्रदेश शास

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

( असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , शनिवार , दिनांक 1 जून 2019- ज्येष्ठ 11 , शक 1941

क्रमांक 213]

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

"निर्वाचन भवन" 58 , अरेरा हिल्स, भोपाल (म०प्र०) 462 011 आदेश

भोपाल , दिनांक 01 मई 2019

क्रमांक- एफ- 87-176-15-11-699.-

:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, गैरतगंज, जिला- रायसेन के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री कवलजीत सिंह (गोल्डी) भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 04/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2016 तक अभ्यर्थी श्री कवलजीत सिंह (गोल्डी) को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- रायसेन के पास दाखिल करना था ।

425 426

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा. ) जिला-रायसेन से प्राप्त पत्र कमांक/लेखा/निर्वाचन/2014-15 /249 दिनांक 20/03/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री कवलजीत सिंह (गोल्डी) द्वारा निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , श्री कवलजीत सिंह (गोल्डी) को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 07/04/15 जारी कर अभ्यर्थी को तामील नोटिस की द्वितीय मूल प्रति सहित अन्य जानकारी चाही गई । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

जिले से अभ्यर्थी, श्री कवलजीत सिंह (गोल्डी) के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में वांछित जानकारी जिले से पत्राचार कर वर्ष 2019 तक चाही गई , पर वांछित जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री कवलजीत सिंह (गोल्डी) के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- रायसेन के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थितहोने हेतु कहा गया ।

व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, श्री कवलजीत सिंह (गोल्डी) द्वारा अभ्यावेदन दिनांक 04/04/19 के संलग्न निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित मूल रजिस्टर आयोग को प्रस्तुत किया गया । सधाराण

निर्वाचन व्यय (लेखा और प्रस्तुति ) आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 की कंडिका-7 की उप कंडिकां (1 ) में प्रावधानित है कि निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका अभिकर्ता अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के भीतर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा । प्रावधान अनुसार अभ्यर्थी द्वारा अपना निर्वाचन व्यय लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन के समक्ष यथासमय प्रस्तुत करना था, किंतु 04 वर्ष की कालावधि के अवसान के बावजूद भी उनके द्वारा प्रस्तुत न कर सीधे आयोग को प्रस्तुत किया गया, जो अभ्यर्थी की उदासीनता को प्रदर्शित करता है ।

अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्फत आयोग को परिशिष्ट-36 में प्राप्त होती है ।

अभ्यर्थी द्वारा सीधे अपना मूल व्यय लेखा आयोग को प्रस्तुत करने का आदेश में कोई प्रावधान नहीं है ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री कवलजीत सिंह (गोल्डी) द्वारा आदेश दिनांक 10 जुलाई , 2014 के प्रावधान के अनुसार अपने निर्वाचन व्यय लेखा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रायसेन को प्रस्तुत न कर 04 वर्ष पश्चात् आयोग को प्रस्तुत किया गया , जो आदेश के उपबंधों के अनुरूप नहीं होने से स्वीकार्य योग्य नहीं है । 426(1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

अतः आयोग द्वारा जारी आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 के उपबंधों के अधीन अपना निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 - क के अधीन अभ्यर्थी, श्री कवलजीत सिंह (गोल्डी) को नगर परिषद्, गैरतगंज, जिला- रायसेन का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 1 जून 2019

क्रमांक- एफ-87-176-15-11-700.-

:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, गैरतगंज , जिला- रायसेन के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री मदन सिंह राजपूत भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 04/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्नदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2016 तक अभ्यर्थी श्री मदन सिंह राजपूत को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला "निर्वाचन अधिकारी, जिला रायसेन के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला-रायसेन से प्राप्त पत्र कमांक/लेखा/ निर्वाचन/2014-15/249 दिनांक 20/03/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री मदन सिंह राजपूत द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

426(2)

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, श्री मदन सिंह राजपूत को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 07/04/15 जारी कर अभ्यर्थी को तामील नोटिस की द्वितीय मूल प्रति सहित अन्य जानकारी चाही गई । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

जिले से अभ्यर्थी, श्री मदन सिंह राजपूत के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में वांछित जानकारी जिले से पत्राचार कर वर्ष 2019 तक चाही गई , पर वांछित जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री मदन सिंह राजपूत के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला रायसेन के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, श्री मदन सिंह राजपूत द्वारा अभ्यावेदन दिनांक 04/04/19 के संलग्न निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित मूल रजिस्टर आयोग को प्रस्तुत किया गया ।

सधारण

निर्वाचन व्यय (लेखा और प्रस्तुति ) आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 की कंडिका-7 की उप कंडिका (1 ) में प्रावधानित है कि निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका अभिकर्ता अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के भीतर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा । प्रावधान अनुसार अभ्यर्थी द्वारा अपना निर्वाचन व्यय लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन के समक्ष यथासमय प्रस्तुत करना था, किंतु 04 वर्ष की कालावधि के अवसान के बावजूद भी उनके द्वारा प्रस्तुत न कर सीधे आयोग को प्रस्तुत किया गया, जो अभ्यर्थी की उदासीनता को प्रदर्शित करता है ।

अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखों से संबंधित जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्फत आयोग को परिशिष्ट -36 में प्राप्त होती है ।

अभ्यर्थी द्वारा सीधे अपना मूल व्यय लेखा आयोग को प्रस्तुत करने का आदेश में कोई प्रावधान नहीं है ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री मदन सिंह राजपूत द्वारा आदेश दिनांक 10 जुलाई , 2014 के प्रावधान के अनुसार अपने निर्वाचन व्यय लेखा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , रायसेन को प्रस्तुत न कर 04 वर्ष पश्चात् आयोग को प्रस्तुत किया गया , जो आदेश के उपबंधों के अनुरूप नहीं होने से स्वीकार्य योग्य नहीं है ।

अतः आयोग द्वारा जारी आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 के उपबंधों के अधीन अपना निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 - क के अधीन अभ्यर्थी , श्री मदन सिंह राजपूत को नगर परिषद्, गैरतगंज, जिला रायसेन का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

426(3)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

आदेश

भोपाल , दिनांक 1 जून 2019

:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की क्रमांक- एफ-87-176-15-11-701.-

धारा-32-क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, गैरतगंज, जिला- रायसेन के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री अभयराज आ. यदुवंश भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 04/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2016 तक अभ्यर्थी श्री अभयराज आ. यदुवंश को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला-रायसेन के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था. निर्वा.) जिला-रायसेन से प्राप्त पत्र कमांक / लेखा/निर्वाचन/ 2014-15 / 249 दिनांक 20/03/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री अभयराज आ. यदुवंश द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, श्री अभयराज आ. यदुवंश को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 07/04/15 जारी कर अभ्यर्थी को तामील नोटिस की द्वितीय मूल प्रति सहित अन्य जानकारी चाही गई । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी।

जिले से अभ्यर्थी, श्री अभयराज आ. यदुवंश के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में वांछित जानकारी जिले से पत्राचार कर वर्ष 2019 तक चाही गई, पर वांछित जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

426(4)

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री अभयराज आ. यदुवंश के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला रायसेन के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थितहोने हेतु कहा गया ।

व्यक्तिगत सुनवाई के दरमियान अभ्यर्थी, श्री अभयराज आ. यदुवंश द्वारा बताया किया गया कि उनके द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत किये जा चुके हैं , पर इसके समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री अभयराज आ. यदुवंश द्वारा निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र . नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन अभ्यर्थी, श्री अभयराज आ. यदुवंश को नगर परिषद्, गैरतगंज, जिला-रायसेन का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुनीतात्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 1 जून 2019

क्रमांक-एफ-87-315-16-11-705.-

:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2015 में संपन्न नगरपालिका परिषद्, सीहोर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री रीना राहुल यादव भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 26/12/2015 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2016 तक अभ्यर्थी सुश्री रीना राहुल यादव को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला सीहोर के पास दाखिल करना था । 426(5)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सीहोर से प्राप्त पत्र क्रमांक-58 / स्था. निर्वा. /2016, दिनांक 26/02/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री रीना राहुल यादव द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी, सुश्री रीना राहुल यादव को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 11/3/16 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सीहोर के पत्र कमांक / 222 / स्था. निर्वा./2016, दिनांक 22/09/2016 के संलग्न नोटिस तामीली की मूल प्रति आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

जिले से उपर्युक्त जानकारी आयोग को प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 01/10/16 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सीहोर से जानकारी चाही गई कि यदि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस तामीली के 15 दिवस के भीतर अपने निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में किसी प्रकार का अभ्यावेदन इत्यादि जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाये तो उसकी विश्वसनीयता/ स्वीकार्यता बावत् स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये ।

जिले से वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में आयोग द्वारा जिले से वर्ष 2018 तक पत्राचार किया गया, पर आयोग को जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री रीना राहुल यादव के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला सीहोर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

है । अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति जिले से आयोग को समय पूर्व प्राप्त हो चुकी व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, सुश्री रीना राहुल यादव उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थित बावत् कोई अभ्यावेदन आदि ही उनकी ओर से आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री रीना राहुल यादव के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री रीना राहुल यादव को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन नगरपालिका परिषद्, सीहोर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

426(6)

आदेश

भोपाल , दिनांक 1 जून 2019

क्रमांक-एफ-87-315-16-11-706.-

:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा - 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2015 में संपन्न नगरपालिका परिषद्, सीहोर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री अनुपमा तिवारी भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 26/12/2015 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2016 तक अभ्यर्थी सुश्री अनुपमा तिवारी को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला-सीहोर के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सीहोर से प्राप्त पत्र कमांक-58 / स्था. निर्वा. /2016, दिनांक 26/02/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री अनुपमा तिवारी द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी, सुश्री अनुपमा तिवारी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 11/3/16 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सीहोर के पत्र क्रमांक/ 222 / स्था. निर्वा./2016, दिनांक 22/09/2016 के संलग्न नोटिस तामीली की मूल प्रति आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

जिले से उपर्युक्त जानकारी आयोग को प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 01/10/16 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सीहोर से जानकारी चाही गई कि यदि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस तामीली के 15 दिवस के भीतर अपने निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में किसी प्रकार का अभ्यावेदन इत्यादि जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाये तो उसकी विश्वसनीयता/ स्वीकार्यता बावत् स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये । 426(7)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जून 2019

जिले से वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में आयोग द्वारा जिले से वर्ष 2018 तक पत्राचार किया गया, पर आयोग को जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री अनुपमा तिवारी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला सीहोर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

है । अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति जिले से आयोग को समय पूर्व प्राप्त हो चुकी व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, सुश्री अनुपमा तिवारी उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थित बावत् कोई अभ्यावेदन आदि ही उनकी ओर से आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री अनुपमा तिवारी के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री अनुपमा तिवारी को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगरपालिका परिषद्, सीहोर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी)

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 जून 2019

426(8)

आदेश

भोपाल , दिनांक 1 जून 2019

क्रमांक- एफ-87-315-16-11-707

:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2015 में संपन्न नगरपालिका परिषद्, सीहोर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री इन्द्रा भील भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 26/12/2015 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2016 तक अभ्यर्थी सुश्री इन्द्रा भील को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला-सीहोर के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सीहोर से प्राप्त पत्र क्रमांक-58 / स्था. निर्वा. /2016, दिनांक 26/02/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री इन्द्रा भील द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी, सुश्री इन्द्रा भील को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 11/3/16 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सीहोर के पत्र कमांक / 222 / स्था. निर्वा. /2016, दिनांक 22/09/2016 के संलग्न नोटिस तामीली की मूल प्रति आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

जिले से उपर्युक्त जानकारी आयोग को प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 01/10/16 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सीहोर से जानकारी चाही गई कि यदि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस तामीली के 15 दिवस के भीतर अपने निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में किसी प्रकार का अभ्यावेदन इत्यादि जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाये तो उसकी विश्वसनीयता / स्वीकार्यता बावत् स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये । 426(9)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

इस बीच अभ्यर्थी, सुश्री इन्द्रा भील का अभ्यावेदन दिनांक 23/9/2016 आयोग को प्राप्त हुआ । अभ्यर्थी, सुश्री भील के अभ्यावेदन दिनांक 23/9/2016 की प्रति आयोग के पत्र दिनांक 13/10/2016 के संलग्न कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन ) जिला-सीहोर को भेजकर जानकारी चाही गई कि अभ्यावेन में वर्णित तथ्यों की सत्यता /विश्वसनीयता / स्वीकार्यता के संबंध में स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये । वांछित जानकारी अप्राप्त होने पर जिले को स्मरण-पत्र दिनांक 11/6/18 एवं 30/8/2018 भेजे गए पर वांछित जानकारी जिले से आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री इन्द्रा भील के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सीहोर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

है । अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति जिले से आयोग को समय पूर्व प्राप्त हो चुकी व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, सुश्री इन्द्रा भील उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थितबावत् कोई अभ्यावेदन आदि ही उनकी ओर से आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री इन्द्रा भील के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री इन्द्रा भील को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र . नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11-क के अधीन नगरपालिका परिषद्, सीहोर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

426(10)

आदेश

भोपाल , दिनांक 1 जून 2019

क्रमांक- एफ-87-315-16-11-708

:: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2015 में संपन्न नगरपालिका परिषद्, सीहोर के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री रेखा स्व. मुकेश राय भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 26/12/2015 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 25/01/2016 तक अभ्यर्थी सुश्री रेखा स्व. मुकेश राय को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला सीहोर के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जिला सीहोर से प्राप्त पत्र कमांक-58 / स्था. निर्वा. /2016, दिनांक 26/02/16 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री रेखा स्व. मुकेश राय द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी, सुश्री रेखा स्व. मुकेश राय को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 11/3/16 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सीहोर के पत्र कमांक / 222 / स्था. निर्वा./2016 , दिनांक 22/09/2016 के संलग्न नोटिस तामीली की मूल प्रति आयोग को प्राप्त हो गई थी ।

जिले से उपर्युक्त जानकारी आयोग को प्राप्त होने पर आयोग के पत्र दिनांक 01/10/16 द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सीहोर से जानकारी चाही गई कि यदि अभ्यर्थी द्वारा नोटिस तामीली के 15 दिवस के भीतर अपने निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में किसी प्रकार का अभ्यावेदन इत्यादि जिला स्तर पर प्रस्तुत किया जाये तो उसकी विश्वसनीयता/ स्वीकार्यता बावत् स्पष्ट अभिमत से आयोग को अवगत कराया जाये । 426(11)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 जून 2019

जिले से वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में आयोग द्वारा जिले से वर्ष 2018 तक पत्राचार किया गया, पर आयोग को जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री रेखा स्व. मुकेश राय के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला सीहोर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 27/3/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।

है । अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति जिले से आयोग को समय पूर्व प्राप्त हो चुकी व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी , सुश्री रेखा स्व. मुकेश राय उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थितबावत् कोई अभ्यावेदन आदि ही उनकी ओर से आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री रेखा स्व. मुकेश राय के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री रेखा स्व. मुकेश राय को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगरपालिका परिषद्, सीहोर का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,

हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 01 June 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2019-06-01.213.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2019-06-01.213.Extraordinary.