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दध्य प्रदेश शास
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, गुरुवार, दिनांक 6 जून 2019-ज्येष्ठ 16 , शक 1941
क्रमांक 225]
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
निर्वाचन भवन
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल -462011
आदेश
भोपाल, दिनांक 6 जून 2019
क्रमांकः एफ-87-96/ 2015/11 / 735 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा - 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् अजयगढ़ , जिला-पन्ना (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में डॉ. श्यामलाल सेन भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07/12 / 2014 को घोषित हुआ। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक- 07/01/2015 तक अभ्यर्थी डॉ. श्यामलाल सेन को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- पन्ना के पास दाखिल करना था ।
449 450
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला पन्ना के पत्र क्रमांक 565 दिनांक 31/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट-छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, डॉ. श्यामलाल सेन द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन ) जिला- पन्ना को पत्र दिनांक 25/03/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, डॉ. श्यामलाल सेन द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 27/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, डॉ. श्यामलाल सेन को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती कलेक्टर जिला पन्ना के पत्र क्रमांक 53 / निर्वा0 / 2019 दिनांक 02/04/2019 द्वारा आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 04/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी डॉ. श्यामलाल सेन के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, डॉ.श्यामलाल सेन को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् अजयगढ़ , जिला- पन्ना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 6 जून 2019
क्रमांकः एफ-87-96/ 2015/11 / 736 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-' क ' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- 'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(1) राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् अजयगढ़ , जिला-पन्ना (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्री रिजवान खान भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07/12/ 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक- 07/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री रिजवान खान को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला - पन्ना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला पन्ना के पत्र क्रमांक 565 दिनांक 31/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री रिजवान खान द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- पन्ना को पत्र दिनांक 25/03/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, श्री रिजवान खान द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 27/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, श्री रिजवान खान को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती कलेक्टर जिला पन्ना के पत्र क्रमांक 53 / निर्वा0/ 2019 दिनांक 02/04/2019 द्वारा आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 04/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री रिजवान खान के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री रिजवान खान को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् अजयगढ़ , जिला- पन्ना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच ) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(2)
आदेश
भोपाल , दिनांक 6 जून 2019
क्रमांकः एफ-87-125/2015/11 / 739 : मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क'
के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद् कैमोर, जिला-कटनी के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री शिवप्रसाद भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12/ 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री शिवप्रसाद को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , कटनी के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- कटनी के पत्र क्रमांक 1553 दिनांक- 12/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री शिवप्रसाद द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्था०निर्वा० ) जिला- कटनी को पत्र दिनांक 16/03/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी। इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी , श्री शिवप्रसाद द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 28/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों/ प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 05/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, श्री शिवप्रसाद को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती कलेक्टर जिला कटनी के पत्र क्रमांक 28 / स्था ०निर्वा ०/ स्था0/ 2019 दिनांक 11/04/2019 द्वारा आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 05/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री शिवप्रसाद के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री शिवप्रसाद को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् कैमोर, जिला कटनी का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 जून 2019
450(3)
आदेश
भोपाल , दिनांक 6 जून 2019
क्रमांकः एफ-87-192/ 2015 / 11 / 742
:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा-32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् नसरूल्लागंज जिला सीहोर (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में सुश्री सुनीता यादव भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07 /12/ 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक- 06/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री सुनीता यादव को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सीहोर के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सीहोर के पत्र क्रमांक 98 दिनांक- 09/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री सुनीता यादव द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।
आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन ) जिला- सीहोर को पत्र दिनांक 09/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।
अभ्यर्थी, सुश्री सुनीता यादव द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 27/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 04/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।
अभ्यर्थी, सुश्री सुनीता यादव को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यथी सुश्री सुनीता यादव व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक-04/ 04/ 2019 को आयोग मुख्यालय में उपस्थित हुई । व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान अभ्यर्थी द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे समयावधि में विहित अधिकारी को दाखिल / प्रस्तुत नहीं किये गये हैं साथ ही निर्वाचन व्यय पंजी बिना शपथ- पत्र सुनवाई के दौरान दिखाये गये। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(4)
निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक-10 / 07/ 2014 की कंडिका 7 की उप कंडिका (4) के अनुसार निर्वाचन व्ययों के लेखों के साथ प्रोफार्मा - घ में एक शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा और ऐसे शपथ- पत्र के बिना लेखा पूर्ण नहीं माना जायेगा । इसके अलावा कंडिका-7 की उप कंडिका (1 ) में निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल करने के संबंध में प्रावधान है कि निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अंदर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
अभ्यर्थी, सुश्री सुनीता यादव द्वारा उपर्युक्त आदेश के प्रावधान के अधीन अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , सीहोर के पास 04 वर्ष से अधिक की कालावधि व्यतीत हो जाने के पश्चात् भी प्रस्तुत नहीं किये गये ।
उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री सुनीता यादव के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री सुनीता यादव को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् नसरूल्लागंज, जिला सीहोर का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 6 जून 2019
कमांकः एफ-87-112/15 / 11 / 745 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 -ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी " निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद् , हनुमना, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री संजीदा बानो पति मुस्तकीम आजम भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री संजीदा बानो पति मुस्तकीम आजम को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला रीवा से प्राप्त पत्र कमांक 376 / स्था. निर्वा. /15,/2014, दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री संजीदा बानो पति मुस्तकीम आजम द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए । 450(5)
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 जून 2019
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी सुश्री संजीदा बानो पति मुस्तकीम आजम को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक10/2/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2019 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री संजीदा बानो पति मुस्तकीम आजम के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/03/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
कार्यालय नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा के पत्र क्रमांक/ 972 / नग ०परि० /2019 , दिनांक 27/03/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्व आयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, सुश्री संजीदा बानो पति मुस्तकीम आजम व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री संजीदा बानो पति मुस्तकीम आजम के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री संजीदा बानो पति मुस्तकीम आजम को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -क के अधीन नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(सुनीता त्रिपाठी )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल, दिनांक 6 जून 2019
कमांकः एफ-87-112/15 /11 / 746 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014". म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(6)
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, हनुमना, जिला- रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री अंशु जायसवाल भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री अंशु जायसवाल को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- रीवा से प्राप्त पत्र कमांक 376/स्था. निर्वा. /15,/2014, दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी , सुश्री अंशु जायसवाल द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी सुश्री अंशु जायसवाल को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 10/2/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2019 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री अंशु जायसवाल के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/03/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थितहोने हेतु कहां गया ।
कार्यालय नगर परिषद्, हनुमना, जिला- रीवा के पत्र कमांक/ 972 / नग ० परि० /2019 , दिनांक 27/03/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को तामील नोटिस की पावती व्यक्तिगत सुनवाई की तिथि के पूर्वआयोग को प्राप्त हो चुकी थी ।
अभ्यर्थी, सुश्री अंशु जायसवाल द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यावेदन के संलग्न व्यय लेखा का मूल रजिस्टर प्रस्तुत किया गया ।
निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 की कंडिका-7 की उप कंडिका (1 ) के उपबंध के अनुसार निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के भीतर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा । अभ्यर्थी, सुश्री अंशु जायसवाल द्वारा आयोग के आदेश के अनुरूप जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा को अपने निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किए गए , अपितु 04 वर्ष के उपरांत आयोग द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई हेतु बलाए जाने पर विलंब से प्रस्तुत किये गए हैं ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री अंशु जायसवाल के पास आयोग के आदेश के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे विलम्ब से प्रस्तुत करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः आयोग के आदेश के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री अंशु जायसवाल को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11 क के अधीन नगर परिषद्, हनुमना, जिला- रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
आदेश
भोपाल , दिनांक 6 जून 2019
कमांकः एफ-87-112/15 /11 / 747 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32-क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती पुष्पलता पति राजेन्द्र तिवारी भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती पुष्पलता पति राजेन्द्र तिवारी को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- रीवा से प्राप्त पत्र कमांक 376 / स्था. निर्वा. /15 /2014, दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट-छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती पुष्पलता पति राजेन्द्र तिवारी द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी श्रीमती पुष्पलता पति राजेन्द्र तिवारी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 10/2/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2019 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्रीमती पुष्पलता पति राजेन्द्र तिवारी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/03/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, श्रीमती पुष्पलता पति राजेन्द्र तिवारी के स्थान पर उनके प्रतिनिधि उपस्थित हुए । अतः अभ्यर्थी को व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक 23/4/2019 में स्वयं उपस्थितहोने हेतु पुनः नोटिस दिनांक 16/4/2019 जारी किया गया ।
जिले के पत्र कमांक/75/ स्था. निर्वा./2019, दिनांक18/4/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति जिले के पत्र क्रमांक / 75 / स्था. निर्वा./ 2019 , दिनांक 18/04/2019 के संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(8)
अभ्यर्थी, श्रीमती पुष्पलता पति राजेन्द्र तिवारी को दो मौके व्यक्तिगत सुनवाई के दिए जाने के उपरांत भी वे सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्रीमती पुष्पलता पति राजेन्द्र तिवारी के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती पुष्पलता पति राजेन्द्र तिवारी को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम , 11 -क के अधीन नगर परिषद्, हनुमना , जिला - रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
आदेश
भोपाल , दिनांक 6 जून 2019
कमांकः एफ-87-112/15 / 11 / 748 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा - 32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र . राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में सुश्री रेनु केशरी भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी सुश्री रेनु केशरी को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(9) कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- रीवा से प्राप्त पत्र कमांक 376/ स्था.निर्वा. /15,/2014 , दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, सुश्री रेनु केशरी द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी सुश्री रेनु केशरी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 10/2/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष-2019 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, सुश्री रेनु केशरी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला-रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/03/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
जिले के पत्र कमांक / 972/ नग ० परि०/2019, दिनांक 27/3/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई है ।
अभ्यर्थी, सुश्री रेनु केशरी व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुईं और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी सुश्री रेनु केशरी के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, सुश्री रेनु केशरी को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(10)
आदेश
भोपाल , दिनांक 6 जून 2019
कमांकः एफ-87-112/15 /11 / 749 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा-32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती विनय कुमारी मिश्रा पति सुरेन्द्रमणि मिश्रा भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती विनय कुमारी मिश्रा पति सुरेन्द्रमणि मिश्रा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- रीवा से प्राप्त पत्र कमांक 376 / स्था. निर्वा. /15, /2014, दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती विनय कुमारी मिश्रा पति सुरेन्द्रमणि मिश्रा द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी श्रीमती विनय कुमारी मिश्रा पति सुरेन्द्रमणि मिश्रा को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 10/2/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2019 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे , पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्रीमती विनय कुमारी मिश्रा पति सुरेन्द्रमणि मिश्रा के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला- रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/03/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
जिले के पत्र कमांक / 972 / नग ०परि० / 2019, दिनांक 27/3/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई है ।
अभ्यर्थी, श्रीमती विनय कुमारी मिश्रा पति सुरेन्द्रमणि मिश्रा व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(11) उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्रीमती विनय कुमारी मिश्रा पति सुरेन्द्रमणि मिश्रा के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती विनय कुमारी मिश्रा पति सुरेन्द्रमणि मिश्रा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .
आदेश
भोपाल, दिनांक 6 जून 2019
कमांकः एफ-87-112/15 / 11 / 750 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती शैलजा गुप्ता भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती शैलजा गुप्ता को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- रीवा से प्राप्त पत्र कमांक 376/ स्था. निर्वा. /15,/2014, दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती शैलजा गुप्ता द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(12)
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी श्रीमती शैलजा गुप्ता को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 10/2/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष-2019 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्रीमती शैलजा गुप्ता के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला-रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/03/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
जिले के पत्र कमांक / 972 / नग ०परि० / 2019, दिनांक 27/3/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई है ।
अभ्यर्थी, श्रीमती शैलजा गुप्ता व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और साथ ही अभ्यावेदन के संलग्न आयोग को मूल व्यय लेखा रजिस्टर प्रस्तुत किया गया ।
निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई , 2014 की कंडिका-7 की उप कंडिका (1 ) के उपबंध के अनुसार निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के भीतर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा । अभ्यर्थी, श्रीमती शैलजा गुप्ता द्वारा आयोग के आदेश के अनुरूप जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा को अपने निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किए गए , अपितु 04 वर्ष के उपरांत आयोग द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई हेतु बुलाए जाने पर विलंब से प्रस्तुत किये गए हैं । मूल व्यय लेखा रजिस्टर आयोग को प्रस्तुत करने का आदेश में कोई प्रावधान नहीं है । आयोग को अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखों की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा परिशिष्ट -36 में भेजी जाती है ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्रीमती शैलजा गुप्ता के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद विलम्ब से निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः 04 वर्ष से अधिक की कालावधि व्यतीत हो जाने के उपरांत आयोग को विलम्ब से व्यय लेखा प्रस्तुत करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती शैलजा गुप्ता को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन नगर परिषद्, हनुमना, जिला- रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
450(13)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
आदेश
भोपाल , दिनांक 6 जून 2019
कमांकः एफ-87-112 /15 /11 / 751
धारा- 32-क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती सुनीता गुप्ता भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती सुनीता गुप्ता को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- रीवा से प्राप्त पत्र कमांक 376 /स्था.निर्वा. /15,/2014, दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती सुनीता गुप्ता द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी श्रीमती सुनीता गुप्ता को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 10/2/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष-2019 . तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्रीमती सुनीता गुप्ता के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/03/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(14)
अभ्यर्थी, श्रीमंती सुनीता गुप्ता के स्थान पर उनके प्रतिनिधि सुनवाई में उपस्थित हुए । इस कारण पुनः अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 04/5/2019 जारी कर दिनांक 09/05/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने हेतु कहा गया ।
अभ्यर्थी, श्रीमती सुनीता गुप्ता व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक 09/05/2019 उपस्थित हुईं और साथ ही बताया गया कि निर्वाचन व्यय लेखा विधि अनुसार संधारित किया गया है साथ ही जिला कार्यालय को निरीक्षण किया गया, जिसकी छायाप्रति संलग्न कर भेजी है ।
निर्वाचन व्यय ( लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 की कंडिका-7 की उप कंडिका (1 ) के उपबंध के अनुसार निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के भीतर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा । अभ्यर्थी, श्रीमती सुनीता गुप्ता द्वारा आयोग के आदेश के अनुरूप जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा को अपने निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किए गए , अपितु 04 वर्ष के उपरांत आयोग द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई हेतु बुलाए जाने पर विलंब से प्रस्तुत किये गए हैं । मूल व्यय लेखा रजिस्टर आयोग को प्रस्तुत करने का आदेश में कोई प्रावधान नहीं है । आयोग को अभ्यर्थियों के निर्वाचन व्यय लेखों की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा परिशिष्ट-36 में भेजी जाती है ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्रीमती सुनीता गुप्ता के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद विलम्ब से निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः 04 वर्ष से अधिक की कालावधि व्यतीत हो जाने के उपरांत आयोग को विलम्ब से व्यय लेखा प्रस्तुत करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती सुनीता गुप्ता को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र . नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11- क के अधीन नगर परिषद्, हनुमना, जिला- रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
(सुनीता त्रिपाठी )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
450(15)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
आदेश
भोपाल, दिनांक 6 जून 2019
कमांकः एफ-87-112/ 15 / 11 / 752 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32 - क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम. निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्रीमती सुशीला गुप्ता भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थीं । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती सुशीला गुप्ता को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , रीवा के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- रीवा से प्राप्त पत्र कमांक 376 / स्था. निर्वा. /15,/ 2014, दिनांक 16/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती सुशीला गुप्ता द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी श्रीमती सुशीला गुप्ता को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 10/2/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष-2019 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्रीमती सुशीला गुप्ता के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला-रीवा के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 26/03/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 02/04/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थितहोने हेतु कहा गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 6 जून 2019
450(16)
जिले के पत्र कमांक / 972 / नग ०परि० / 2019, दिनांक 27/3/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति संलग्न आयोग को प्राप्त हो गई है ।
अभ्यर्थी , श्रीमती सुशीला गुप्ता व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित नहीं हुई और न ही इस अनुपस्थिति बावत् उनकी ओर से कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्रीमती सुशीला गुप्ता के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती सुशीला गुप्ता को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म. प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 - क के अधीन नगर परिषद्, हनुमना, जिला-रीवा का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार,
हस्ता./-
(सुनीता त्रिपाठी )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019