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मध्यप्रदेश शासन सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपालं , बुधवार, दिनांक 19 जून 2019- ज्येष्ठ 29, शक 1941
क्रमांक 241]
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल , दिनांक 19 जून 2019
क्र. एफ - 14-17-2007 - बयालीस (1 ).- मध्यप्रदेश निजी व्यवसायिक संस्था (प्रवेश का विनियमन एवं शुल्क का निर्धारण ) अधिनियम, 2007 की धारा 12 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये राज्य शासन , एतद्वारा , मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा प्रवेश नियम, 2018 में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात्:-
संशोधन
1. उपनियम 2 (ठ) तथा 2 (प) के स्थान पर, क्रमशः निम्नलिखित उपनियम स्थापित किए जाएं अर्थात्: - (ठ) "प्रवर्ग" से अभिप्रेत है, महिला , स्वतंत्र संग्राम सेनानी, सैनिक एवं दिव्यांग प्रवर्ग.
(प) 'श्रेणी' से अभिप्रेत है , अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग , आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) एवं अनारक्षित श्रेणी." .
नियम 4 के उपनियम (2 ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपनियम स्थापित किया जाए अर्थात्:- 2.
"(2) "प्रवर्गवार आरक्षण:-
(क) प्रवर्गवार आरक्षण अनुसूची-2 के खण्ड 'ब ' के अनुसार होगा.
(ख) प्रथमतः प्रवर्गवार आरक्षण की रिक्तियां श्रेणीवार न होकर कुल रिक्तियों के आधार पर निर्धारित की जायेंगी. तत्पश्चात् इन रिक्तियों पर निर्धारित श्रेणीवार आरक्षण लागू किया जाकर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया जायेगा.
(ग) काउंसिलिंग के द्वितीय चक्र (मॉप अप चरण) में प्रवर्ग विशेष के अर्हताधारी पंजीकृत अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने की दशा में प्रवर्ग विशेष की रिक्तियां आवंटन हेतु संबंधित श्रेणी के पंजीकृत अभ्यर्थियों को स्वतः आवंटन हेतु उपलब्ध हो जायेंगी. ".
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 19 जून 2019
3. नियम 6 के स्थान पर निम्नलिखित नियम स्थापित किया जाए , अर्थात्:-
"6 पंजीयन - चयन परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी को पोर्टल पर आवश्यक जानकारी देते हुये काउंसिलिंग के प्रथम चरण से पूर्व विनिर्दिष्ट समय- सीमा के भीतर पंजीयन कराना होगा. अभ्यर्थी को पंजीयन के लिए आवश्यक समस्त जानकारी पोर्टल पर पंजीयन के प्रपत्र में उपलब्ध कराना होगा. जानकारी अपूर्ण होने की दशा में पंजीयन नहीं हो सकेगा. पंजीयन पश्चात पंजीयन में दी गई जानकारी में परिवर्तन, संशोधन अथवा अतिरिक्त जानकारी प्रदाय अथवा स्वीकार नहीं की जाएगी. द्वितीय चरण के पश्चात् एवं काउंसिलिंग के अंतिम चरण (मापॅ अप चरण) से पूर्व पंजीयन पुनः खोला जायेगा जिसमें पूर्व में पंजीयन कराये गये अभ्यर्थियों को छोड़कर अन्य अभ्यर्थी भी पंजीयन कर सकेंगे. ".
4. नियम 11 के उपनियम (2 ) के खण्ड (ख) के पश्चात् निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्:-
" (ग) (एक) प्रथम चक्र से प्रवेशित अभ्यर्थियों को छोड़कर अन्य पात्र अभ्यर्थी जो स्नातक पाठ्यक्रम हेतु 2 ( क) के अनुसार द्वितीय चक्र में सम्मिलित होना चाहते हैं उन्हें द्वितीय चक्र में विकल्प भरने से पूर्व शासकीय महाविद्यालय हेतु रु. 10,000 /- दस हजार (अनारक्षित श्रेणी) एवं रु. 5000/- रु. पांच हजार (अनारक्षित श्रेणी ) तथा निजी महाविद्यालय के लिये समस्त श्रेणी के अभ्यर्थियों को रु. 1,00,000/- रु. एक लाख अग्रिम शुल्क के रूप में ऑनलाईन जमा करना होगा.
(दो) प्रथम चक्र से प्रवेशित अभ्यर्थियों को छोड़कर अन्य पात्र अभ्यर्थी जो स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हेतु 2 (क) एवं (ख) के अनुसार द्वितीय चक्र में सम्मिलित होना चाहते हैं उन्हें द्वितीय चक्र में विकल्प भरने से पूर्व शासकीय महाविद्यालय हेतु रु. 25,000/- रु. पच्चीस हजार (अनारक्षित श्रेणी) एवं रु. 12,500 /- रु. बारह हजार पांच सौ (अनारक्षित श्रेणी) तथा निजी महाविद्यालय के लिये समस्त श्रेणी के अभ्यर्थियों को रु. 2,00,000 /- दो लाख अग्रिम शुल्क के रूप में ऑनलाइन जमा करना होगा.
(तीन) अभ्यर्थी द्वारा जमा कराई गई अग्रिम शुल्क की राशि का समायोजन नियम 12 के उपनियम (7 ) के अनुसार किया जावेगा.
5. नियम 11 के उपनियम (7) के स्थान पर, निम्नलिखित उपनियम स्थापित किया जाए , अर्थात्:-
(7) काउंसिलिंग के द्वितीय चरण में अभ्यर्थी को बेहतर विकल्प (अपग्रेडेशन) चुनने की सुविधा दी जायेगी. यह विकल्प पाठ्यक्रम , महाविद्यालय, विषय अथवा श्रेणी संबंधी हो सकेगा. "
6. नियम 12 के उपनियम (2 ) के स्थान पर , निम्नलिखित उपनियम स्थापित किया जाए , अर्थात:-
(2) काउंसिलिंग के अंतिम चक्र में केवल निम्नलिखित पंजीकृत अभ्यर्थियों के नाम पर विचार किया जायेगा:-
(एक) ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें काउंसिलिंग के प्रथम एवं द्वितीय चक्र में आवंटन आदेश जारी नहीं किया गया है.
(दो) ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने प्रथम अथवा द्वितीय चरण की काउंसिलिंग में आवंटन उपरांत प्रवेश लिया है एवं बेहतर विकल्प (upgradation) का चयन किया है.
(तीन) नवीन पंजीकृत अभ्यर्थी." उपरोक्त सभी अभ्यर्थियों को प्रवेश शुल्क अग्रिम रु. 2 लाख जमा कराना आवश्यक होगा.
7. नियम 12 के उपनियम (7) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम जोड़ा जाए , अर्थात्:-
"(8 ) (क) मॉप अप चरण की काउंसिलिंग से आवंटित अभ्यर्थियों द्वारा प्रवेश न लिये जाने की स्थिति में अथवा अभ्यर्थी द्वारा प्रवेश लेने के पश्चात् सीट से त्यागपत्र दिये जाने के फलस्वरूप रिक्त सीटें मॉप अप चरण के पश्चात् संस्था स्तर पर कराये जाने वाले चरण की काउंसिलिंग (सी ०एल ० सी० ) में सम्मिलित नहीं की जायेगी.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 जून 2019
(ख) उपरोक्त बिन्दु (क) में वर्णित अभ्यर्थी स्वतः आगामी चरणों की काउंसिलिंग के लिये अपात्र घोषित होंगे एवं इन अभ्यर्थियों की सूची पोर्टल एवं संचालनालय की वेबसाईट पर प्रदर्शित की जायेगी तथा यह सूची अन्य राज्यों के संचालनालय चिकित्सा शिक्षा , भारतीय आर्युविज्ञान परिषद (एम० सी०आई० ), दंत चिकित्सा परिषद (डी० सी० आई ० ) एवं डी० जी० एच० एस० भारत सरकार को अन्य चिकित्सा / दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश न दिये जाने हेतु प्रेषित की जायेगी. ".
8. नियम 14 के पश्चात् निम्नलिखित नियम जोड़ा जाए, अर्थात्:-
"14 (क) अनिवासी भारतीय (एन०आर० आई ०) कोटा
(एक) निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों में 15 प्रतिशत रिक्तियां " अनिवासी भारतीय अभ्यर्थी" के लिये आरक्षित रहेंगी.
(दो) काउंसिलिंग के अंतिम चक्र (मॉप अप राउण्ड) में एन० आर ० आई० कोटे की रिक्तियों हेतु पात्र एन० आर० आई० अभ्यर्थी उपलब्ध न होने की दशा में यह रिक्ति अनारक्षित श्रेणी में परिवर्तित हो जायेगी एवं मेरिट सह विकल्प के आधार पर पात्र अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी को आवंटित की जायेगी.
(तीन) प्रथम चक्र में अनिवासी भारतीय कोटा के तहत प्रवेशित अभ्यर्थियों को छोड़कर अन्य अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग के द्वितीय चक्र एवं मॉप अप चरण मे विकल्प भरने से पूर्व रु. 10 लाख अग्रिम शुल्क के रूप में जमा करने होंगे .
(चार) एन ०आर० आई० अभ्यर्थी द्वारा जमा कराई गई अग्रिम शुल्क की राशि का समायोजन नियम 12 (7) के अनुसार किया जायेगा. "
9. नियम 15 के उप नियम (1 ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपनियम स्थापित किया जाए , अर्थात्: - (1 )(क) प्रथम चरण के उपरांत प्रवेशित सीट से त्यागपत्र दिये जाने की समय- सीमा द्वितीय चरण की काउंसिलिंग प्रारंभ होने की तिथि से दो दिवस पूर्व तक रहेगी.
(1 ) (ख ) निर्धारित समय- सीमा के उपरांत अभ्यर्थी द्वारा त्याग - पत्र दिये जाने की दशा में उस पर सीट छोड़ने संबंधी बंध - पत्र की शर्त लागू होगी जिसके अधीन शासकीय चिकित्सा एवं शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय की प्रवेशित सीट से त्याग - पत्र दिये जाने पर बंध राशि रु. 30 लाख अभ्यर्थी द्वारा स्वशासी संस्था को देय होगी. निजी चिकित्सा एवं निजी दंत चिकित्सा महाविद्यालय की प्रवेशित सीट से त्यागपत्र दिये जाने पर संबंधित निजी संस्था में संचालित पाठ्यक्रम में संपूर्ण अवधि का शैक्षणिक शुल्क शासन को देय होगा.
10. नियम 17 के उप नियम (1 ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपनियम स्थापित किया जाए , अर्थात्:-
(1) निम्न परिस्थितियों में, अभ्यर्थी स्नातक पाठ्यक्रम मे प्रवेश के लिए 3 वर्ष तथा स्नातकोत्तर उपाधि (डिग्री) में प्रवेश के लिए 3 वर्ष एवं स्नातकोत्तर पत्रोपाधि (डिप्लोमा) 2 वर्ष तक स्वमेव अनर्हित होगा.
11. नियम 17 के उप नियम (2) के पश्चात् निम्नलिखित उपनियम स्थापित किया जाए, अर्थात्:-
"(3) काउंसिलिंग प्रक्रिया माननीय सर्वोच्च न्यायालय , उच्च न्यायालय, भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एम० सी० आई०) के अधिक्रमण में शासी बोर्ड, भारतीय दंत परिषद (डी०सी० आई ०) एवं भारत सरकार द्वारा समय- समय पर जारी आदेशों के अधीन होगी. " मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 19 जून 2019
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12. अनुसूची-2 के स्थान पर निम्नलिखित अनुसूची स्थापित की जाए, अर्थात्:-
"अनुसूची - 2
[नियम 4 (1 ) देखिए ]
श्रेणीवार आरक्षण
खण्ड (अ)
आरक्षण प्रतिशत
श्रेणी
16
एस.सी.
20
एस.टी.
14
ओ.बी.सी.
10
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)
[नियम 4 (2) देखिए ]
प्रवर्गवार आरक्षण
खण्ड (ब)
कुल सीटों का प्रतिशत प्रवर्ग
पाठ्यक्रम जिसमें लागू है
महाविद्यालय जिनमें लागू है
30
समस्त
महिला अभ्यर्थी
समस्त महाविद्यालयों में }
5
समस्त
दिव्यांग अभ्यर्थी
3
एम.बी.बी.एस. एवं बी.डी.एस.
स्वतंत्रता सेनानी अभ्यर्थी
केवल शासकीय महाविद्यालयों में में }
3
सैनिक अभ्यर्थी
एम.बी.बी.एस. एवं बी.डी.एस.
13. अनुसूची-2 खण्ड-' ब ' के नीचे खण्ड ' स' स्थापित किया जाए :-
खण्ड 'स '
कुल सीटों की प्रतिशत कोटा
पाठ्यक्रम जिसमें लागू है
महाविद्यालय जिनमें लागू है
15
केवल निजी महाविद्यालयों में
समस्त
अनिवासी भारतीय (एन०आर०आई० कोटा)
14. अनुसूची-3 के क्रमांक 9 की प्रविष्टि के स्थान पर , निम्नलिखित प्रविष्टि स्थापित की जाए , अर्थात्: - "दिव्यांग प्रवर्ग का लाभ लेने वाले अभ्यर्थी को किसी भी राज्य के अथवा केन्द्र शासन के अधिकृत विकलांगता/ दिव्यांगता केन्द्र (Disability Centre) से अधिकृत प्रमाणीकरण अधिकारी द्वारा जारी किये गये प्रमाण- पत्र की मूल प्रति (आर.पी.डब्ल्यू.डी. एक्ट 2016 के सेक्शन 58 (3) के अनुसार). "
15. अनुसूची-3 में क्रमांक 10 में शब्द "प्रवर्ग " के स्थान पर, शब्द " कोटा " स्थापित किया जाए. ,
16. अनुसूची 3 के क्रमांक 11 (iii) की प्रविष्टि के स्थान पर , निम्नलिखित प्रविष्टि स्थापित की जाए , अर्थात् "मध्यप्रदेश के अन्यत्र किसी राज्य से मूल निवासी (स्थानीय निवासी) प्रमाण- पत्र प्राप्त नहीं करने एवं अन्य राज्य से मूल निवासी (स्थानीय निवासी) होने का लाभ प्राप्त नहीं किये जाने संबंधी शपथ - पत्र. "
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
आर. के. जैन, अपर सचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.