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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

निर्वाचन व्‍यय (लेखा संधारण और प्रस्‍तुति) आदेश 2014........

Published 26 June 2019

Department
म.प्र. राज्‍य निर्वाचन आयोग
Type
Extraordinary
Gazette no.
251
Identifier
in.gazette.madhya.2019-06-26.251.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
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ध्य प्रदेश शास

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 251 ]

भोपाल , बुधवार, दिनांक 26 जून 2019- आषाढ़ 5, शक 1941

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

" निर्वाचन भवन" 58, अरेरा हिल्स , भोपाल (म. प्र. )-462011

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 जून 2019

क्रमांकः एफ-87-16/2015/11 / 827

:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् फूफ, जिला- भिण्ड (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्री राजेश दुबे भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के

501 502

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 जून 2019

अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री राजेश दुबे को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- भिण्ड के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला , निर्वाचन अधिकारी, जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक 164-165 दिनांक- 20/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट-छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री राजेश दुबे द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 06/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अभ्यर्थी, श्री राजेश दुबे द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 03/04/2019 जारी कर समस्त कागजातों/ प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 10/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।

अभ्यर्थी, श्री राजेश दुबे को जारी सूचना-पत्र क्रमांक क्यू/ स्था० निर्वा० / 2019 / 92 दिनांक 09/04/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी । अभ्यथी श्री राजेश दुबे व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक -10 / 04 / 2019 को आयोग मुख्यालय में उपस्थित हुए । व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान अभ्यर्थी द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे समयावधि में विहित अधिकारी को दाखिल / प्रस्तुत नहीं किये गये हैं साथ ही निर्वाचन व्यय पंजी की छायाप्रति बिना शपथ-पत्र सुनवाई के दौरान दिखाये गये ।

निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक-10 / 07/ 2014 की कंडिका 7 की उप कंडिका (4) के अनुसार निर्वाचन व्ययों के लेखों के साथ प्रोफार्मा- घ में एक शपथ- पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा और ऐसे शपथ- पत्र के बिना लेखा पूर्ण नहीं माना जायेगा । इसके अलावा कंडिका-7 की उप कंडिका (1 ) में निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल करने के संबंध में प्रावधान है कि निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अंदर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

अभ्यर्थी, श्री राजेश दुबे द्वारा उपर्युक्त आदेश के प्रावधान के अधीन अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पास 04 वर्ष के उपरांत आयोग द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई हेतु बुलाये जाने पर व्यय लेखा पंजी की छायाप्रति प्रस्तुत की गई । अतः अभ्यर्थी श्री राजेश दुबे द्वारा आयोग के निर्देशों के अनुरूप अपने निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं किए गए है ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री राजेश दुबे के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री राजेश दुबे को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् फूफ , 502(1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 जून 2019

जिला-भिण्ड का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .

आदेश

भोपाल, दिनांक 26 जून 2019

क्रमांकः एफ-87-16/2015/ 11 / ९२८ ::मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् फूफ, जिला-भिण्ड (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्रीकृष्ण शर्मा भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12/2014 को घोषित हुआ। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक- 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीकृष्ण शर्मा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- भिण्ड के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक 164-165 दिनांक- 20/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीकृष्ण शर्मा द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 06/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अभ्यर्थी, श्रीकृष्ण शर्मा द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्तं नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्त्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 03/04/2018 जारी कर समस्त कागजातों/ प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 10/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया । 502( 2)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 जून 2019

अभ्यर्थी, श्रीकृष्ण शर्मा को जारी सूचना-पत्र क्रमांक क्यू/ स्था०निर्वा० / 2019 / 92 दिनांक 09/04/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी । नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 10/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्रीकृष्ण शर्मा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्रीकृष्ण शर्मा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, फूफ, जिला-भिण्ड का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 जून 2019

क्रमांकः एफ-87-16/2015/ 11 / 829 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् फूफ, जिला-भिण्ड (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्री सुभाष चंद्र शर्मा भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/ 12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक- 03/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री सुभाष चंद्र शर्मा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- भिण्ड के पास दाखिल करना था । 502( 3)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 जून 2019

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला भिण्ड के पत्र क्रमांक 164-165 दिनांक- 20/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट-छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री सुभाष चंद्र शर्मा द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 06/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अभ्यर्थी, श्री सुभाष चंद्र शर्मा द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 03/04/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 10/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।

अभ्यर्थी, श्री सुभाष चंद्र शर्मा को जारी सूचना- पत्र क्रमांक क्यू/ स्था० निर्वा० / 2019 / 92 दिनांक 09/04/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी । नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 10/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री सुभाष चंद्र शर्मा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री सुभाष चंद्र शर्मा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, फूफ, जिला-भिण्ड का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 26 जून 2019

क्रमांकः एफ-87-33/2015/ 11 /832 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा । 502(4)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 जून 2019

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, भाण्डेर, जिला- दतिया के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री पुष्पेन्द्र सिंह भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07 / 12 / 2014 को घोषित हुआ। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक-06 / 01 /2015 तक अभ्यर्थी श्री पुष्पेन्द्र सिंह को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- दतिया के पत्र क्रमांक 538 दिनांक- 04/09/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट-छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री पुष्पेन्द्र सिंह द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 23/09/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- दतिया के पत्र क्रमांक क्यू 2015/578 द्वारा कारण बताओ नोटिसों की तामीली की पावती पत्र के साथ संलग्न कर आयोग को भेजी गई है । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अभ्यर्थी, श्री पुष्पेन्द्र सिंह द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनांक 03/04/2019 जारी कर समस्त कागजातों/ प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 10/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।

अभ्यर्थी , श्री पुष्पेन्द्र सिंह को जारी कारण बताओ सूचना पत्र क्रमांकः क्यू/ स्था०निर्वा० /व्यय लेखा/ 2019 /11 दिनांक 09/04/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

व्यक्तिगत सुनवाई में अभ्यर्थी, श्री पुष्पेन्द्र सिंह निर्वाचन व्यय लेखा पंजी लेकर समक्ष में उपस्थित हुए , व्यय लेखा पंजी में शपथ-पत्र दिनांक 28/01/2015 भी संलग्न है किन्तु सक्षम प्राधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है और पावती रिक्त है किसके द्वारा पावती दी गई उसका नाम एवं हस्ताक्षर कुछ भी नहीं है ।

अभ्यर्थी, श्री पुष्पेन्द्र सिंह द्वारा उपर्युक्त आदेश के प्रावधान के अधीन अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया के पास 04 वर्ष से अधिक की कालावधि व्यतीत हो जाने के पश्चात् भी प्रस्तुत करने में किसी भी प्रकार की रूचि नहीं दर्शाई । साथ ही आयोग को सीधे व्यय लेखे प्रस्तुत करने का आदेश दिनांक 10 जुलाई 2014 में कोई प्रावधान नहीं है ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री पुष्पेन्द्र सिंह के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । 502(5)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 जून 2019

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री पुष्पेन्द्र सिंह को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, भाण्डेर, जिला- दतिया का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 जून 2019

क्रमांकः एफ-87-33/2015/ 11 / 833 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्तं व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद, भाण्डेर, जिला- दतिया के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में डॉ.जी०एल० वर्मा भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07/12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक-06/01 / 2015 तक अभ्यर्थी डॉ. जी०एल०वर्मा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- दतिया के पत्र क्रमांक 538 दिनांक- 04/09/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, डॉ.जी०एल०वर्मा द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 23/09/2015 जारी किया गया ।नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- दतिया के पत्र क्रमांक क्यू 2015/578 द्वारा कारण बताओ नोटिसों की तामीली की पावती पत्र के साथ संलग्न कर आयोग को भेजी गई है । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे । 502(6)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 जून 2019

अभ्यर्थी, डॉ. जी० एल ०वर्मा द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुतं होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 03/04/2019 जारी कर समस्त कागजातों/ प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 10/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।

अभ्यर्थी, डॉ. जी० एल ० वर्मा को जारी कारण बताओ सूचना पत्र क्रमांकः क्यू/ स्था०निर्वा० / व्यय लेखा / 2019 /11 दिनांक 09/04/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 10/04/2019 को आयोग मुख्यालय , भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी डॉ.जी० एल०वर्मा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी , डॉ. जी० एल० वर्मा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11 -'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, भाण्डेर , जिला- दतिया का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 26 जून 2019

क्रमांकः एफ-87-33/2015/11/ 834 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा । 502(7)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 जून 2019

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, भाण्डेर , जिला- दतिया के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री हाजी सबनम गुरू भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07/12/ 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक-06 /01 / 2015 तक अभ्यर्थी श्री हाजी सबनम गुरू को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , दतिया के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- दतिया के पत्र क्रमांक 538 दिनांक- 04/09/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट-छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री हाजी सबनम गुरू द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 23/09/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- दतिया के पत्र क्रमांक क्यू 2015/578 द्वारा कारण बताओ नोटिसों की तामीली की पावती पत्र के साथ संलग्न कर आयोग को भेजी गई है । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अभ्यर्थी, श्री हाजी सबनम गुरू द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनांक 03/04/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 10/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।

अभ्यर्थी, श्री हाजी सबनम गुरू को जारी कारण बताओ सूचना पत्र क्रमांकः क्यू/ स्था० निर्वा०/व्यय लेखा/ 2019/11 दिनांक 09/04/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 10/04/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री हाजी सबनम गुरू के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री हाजी सबनम गुरू को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, भाण्डेर, जिला- दतिया का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

502(8)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 जून 2019

आदेश

भोपाल, दिनांक 26 जून 2019

क्रमांकः एफ-87-247/2015/11 / 837

:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् महूगांव, जिला-इंदौर (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्रीमती सीमा सुरेन्द्र चौधरी भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07/12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक- 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्रीमती सीमा सुरेन्द्र चौधरी को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- इंदौर के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला इंदौर के पत्र क्रमांक 733 दिनांक- 28/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्रीमती सीमा सुरेन्द्र चौधरी द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 09/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर तामीलशुदा पावती आयोग को भिजवाने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था०निर्वा०) जिला- इंदौर को कहा गया ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्था ०निर्वा०) जिला- इंदौर के पत्र क्रमांक 2007 / स्था० निर्वा० / E.S./ व्यय- लेखा / 2015 दिनांक 10/04/2015 द्वारा कारण बताओ नोटिसों की तामीली की पावती पत्र के साथ संलग्न कर आयोग को भेजी गई है । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अंततः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्रीमती सीमा सुरेन्द्र चौधरी के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला इंदौर के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 03/04/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 09/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 जून 2019

502( 9) अभ्यर्थी, श्रीमती सीमा सुरेन्द्र चौधरी को जारी सूचना- पत्र की तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

अभ्यथी श्रीमती सीमा सुरेन्द्र चौधरी व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक-09/ 04 /2019 को आयोग मुख्यालय में उपस्थित हुई । व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान अभ्यर्थी द्वारा अपने निर्वाचन व्यय लेखे समयावधि में विहित अधिकारी को दाखिल / प्रस्तुत नहीं किये गये हैं साथ ही निर्वाचन व्यय पंजी एवं शपथ- पत्र सुनवाई के दौरान दिखाये गये ।

निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक-10 / 07/ 2014 की कंडिका 7 की उप कंडिका (4) के अनुसार निर्वाचन व्ययों के लेखों के साथ प्रोफार्मा- घ में एक शपथ-पत्र भी प्रस्तुत किया जाएगा और ऐसे शपथ- पत्र के बिना लेखा पूर्ण नहीं माना जायेगा । इसके अलावा कंडिका-7 की उप कंडिका (1 ) में निर्वाचन व्यय लेखे दाखिल करने के संबंध में प्रावधान है कि निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता अधिनियम में विनिर्दिष्ट समय अर्थात् निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अंदर निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

अभ्यर्थी, श्रीमती सीमा सुरेन्द्र चौधरी द्वारा उपर्युक्त आदेश के प्रावधान के अधीन अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , इंदौर के पास 04 वर्ष से अधिक की कालावधि व्यतीत हो जाने के पश्चात् भी प्रस्तुत नहीं किये गये ।

उपरोक्त विवेचना से स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्रीमती सीमा सुरेन्द्र चौधरी के पास आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्रीमती सीमा सुरेन्द्र चौधरी को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् महूगांव , जिला- इंदौर का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )

सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल , दिनांक 26 जून 2019

क्रमांकः एफ-87-313/2015/11 / 840 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह 502( 10)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 जून 2019

निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह अगस्त, 2015 में सम्पन्न नगर परिषद्, लॉजी, जिला- बालाघाट के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री युगेश शोभाराम रामटेक्कर भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 23/08/2015 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ' ख' के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 22/09/2015 तक अभ्यर्थी श्री युगेश शोभाराम रामटेक्कर को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, बालाघाट के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- बालाघाट के पत्र क्रमांक 2728 दिनांक 27/11/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री युगेश शोभाराम रामटेक्कर द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

आयोग द्वारा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था० निर्वा० ) जिला- बालाघाट को पत्र दिनांक 31/12/2015 कारण बताओ नोटिस जारी कर अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत व्यय लेखों को प्रस्तुत कराने हेतु कहा गया ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था०निर्वा०) जिला-बालाघाट से प्राप्त पत्र क्रमांक 33/स्था ०निर्वा 0 / 2016 दिनांक 12/01/2016 द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली की पावती पत्र के साथ संलग्न कर आयोग को पावती भेजी गई है, इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अभ्यर्थी, श्री युगेश शोभाराम रामटेक्कर द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 26/03/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने हेतु व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 03/04/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।

अभ्यर्थी श्री युगेश शोभाराम रामटेक्कर को जारी कारण बताओ सूचना पत्र की तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व प्राप्त हो गयी थी । अभ्यर्थी द्वारा दिनांक 03/04/2019 व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान बताया गया कि उनके द्वारा निर्वाचन व्यय लेखे जमा किए है, पर इस संबंध में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किये गये है ।

इसके उपरांत अभ्यर्थी श्री युगेश शोभाराम रामटेक्कर के निर्वाचन व्यय लेखों के संबंध में जानकारी भेजने हेतु आयोग द्वारा कलेक्टर बालाघाट को पत्र क्रमांक 484 दिनांक 30/04/2019 502( 11)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 26 जून 2019

जारी किया गया कि कब जिला कार्यालय में अभ्यर्थी ने अपने निर्वाचन व्यय लेखे जमा किए है, इसकी पुष्टि कराकर आयोग को जानकारी भिजवाये ।

तद्युपरांत कलेक्टर जिला- बालाघाट के पत्र क्रमांक /290/ स्था० निर्वा०/2019 दिनांक 25/05/2019 द्वारा सूचित किया गया कि अभ्यर्थी श्री युगेश शोभाराम रामटेक्कर द्वारा अपना निर्वाचन व्यय लेखा जिला कार्यालय में आज दिनांक तक जमा नहीं किया गया है ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री युगेश शोभाराम रामटेक्कर के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नही करने के कारण अभ्यर्थी, श्री युगेश शोभाराम रामटेक्कर को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ग' के उपबन्धों सहपठित मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद् लॉजी, जिला- बालाघाट का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 26 June 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2019-06-26.251.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2019-06-26.251.Extraordinary.