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मध्य प्रदे श शास
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 276]
भोपाल , मंगलवार , दिनांक 9 जुलाई 2019- आषाढ़ 18 शक 1941
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 9 जुलाई 2019
क्र. 8786- मप्रविस - 15- विधान- 2019.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम -64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि ( संशोधन ) विधेयक, 2019 ( क्रमांक 12 सन् 2019 ) जो विधान सभा में दिनांक " 9 जुलाई, 2019 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.
551 552
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2019
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १२ सन् २०१ ९
मध्यप्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि ( संशोधन ) विधेयक, २०१ ९.
मध्यप्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम, १ ९ ८२ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि ( संशोधन ) अधिनियम, २०१ ९ है.
संक्षिप्त नाम.
धारा १८ का
संशोधन.
२. मध्यप्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम, १ ९ ८२ ( क्रमांक ९ सन् १ ९८२ ) ( जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट है ) की धारा १८ में, उपधारा ( १ ) में, शब्द " बीस रुपए और पचास रुपए " के स्थान पर, शब्द " चालीस रुपए और सौ रुपए" स्थापित किए जाएं.
धारा १ ९ का
३. मूल अधिनियम की धारा १ ९ में, -
संशोधन.
(एक) उपधारा ( १ ) में, शब्द " बीस रुपए" के स्थान पर, शब्द " चालीस रुपए " स्थापित किए जाएं.
(दो) उपधारा ( २ ) में , शब्द " पचास रुपए " के स्थान पर, शब्द " सौ रुपए " स्थापित किए जाएं.
उद्देश्यों और कारणों का कथन
वर्तमान में उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों के समक्ष फाइल किए जाने वाले उपसंजाति ज्ञापन पर क्रमशः ५० रुपए और २० रुपए मूल्य के अधिवक्ता कल्याण निधि स्टाम्प लगाए जा रहे हैं .
२. इन स्टाम्पों के विक्रय से प्राप्त होने वाले राजस्व का उपयोग अधिवक्ताओं के लिए चलाई जा रहीं कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किया जाता है. अत्यधिक मुद्रास्फीति के कारण, मध्यप्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम , १ ९ ८२ ( क्रमांक ९ सन् १ ९८२ ) के अधीन चलाई जा रहीं कल्याणकारी योजनाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं. अतएव, मूल अधिनियम के अधीन लगाए जाने वाले स्टाम्पों का मूल्य बढ़ाकर उच्च न्यायालय में ५० रुपए से १०० रुपए तथा अधीनस्थ न्यायालयों तथा अन्य प्राधिकरणों/ अधिकरणों में २० रुपए से ४० रुपए किया जाना प्रस्तावित है. अतः मूल अधिनियम की धारा १८ और १ ९ में यथोचित संशोधन प्रस्तावित हैं.
३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
पी. सी. शर्मा भोपाल :
भारसाधक सदस्य.
तारीख ४ जुलाई, २०१ ९
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.