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मध्यप्रदश शास
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल, मंगलवार , दिनांक 9 जुलाई 2019- आषाढ़ 18 शक 1941
क्रमांक 277]
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 9 जुलाई 2019
क्र. 8789 - मप्रविस- 15- विधान- 2019.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम -64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय ( संशोधन ) विधेयक, 2019 (क्रमांक 11 सन् 2019 ) जो विधान सभा में दिनांक 9 जुलाई, 2019 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.
553 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 9 जुलाई 2019
554
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक ११ सन् २०१ ९
मध्यप्रदेश माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (संशोधन ) विधेयक, २०१ ९.
मध्यप्रदेश माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय अधिनियम, १ ९९ ० को और संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम और
प्रारंभ.
१. ( १ ) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय ( संशोधन ) अधिनियम, २०१ ९ है..
(२ ) यह ऐसी तारीख को प्रवृत्त होगा जो राज्य सरकार , अधिसूचना द्वारा नियत करे.
धारा १५ का
संशोधन.
२. मध्यप्रदेश माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय अधिनियम, १ ९९ ० ( क्रमांक १५ सन् १ ९९ ० ) की धारा १५ में, उप- धारा ( १ ) में, -
(एक) खण्ड (छह ) और ( सात ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किए जाएं, अर्थात्ः- " ( छह ) मध्यप्रदेश राज्य का एक संसद सदस्य , जो राज्य सरकार द्वारा नामनिर्देशित किया जाएगा;
(सात) मध्यप्रदेश राज्य से राज्यसभा का एक सदस्य, जो राज्य सरकार द्वारा नामनिर्देशित किया जाएगा; ";
(दो) खण्ड ( नौ ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-
" ( नौ ) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा नामनिर्देशित विभिन्न तीन राज्यों के प्रत्येक का एक संचार प्रतिनधि; " ;
(तीन) खण्ड (तेरह ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्ः- " (तेरह ) ख्यातिप्राप्त जनसम्पर्क का विशेषज्ञ या विज्ञापन क्षेत्र का विशेषज्ञ , राज्य सरकार द्वारा नामनिर्देशित किया जाएगा;" ;
(चार) खण्ड ( पंद्रह ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किए जाए, अर्थात्ः- " ( पन्द्रह ) महानिदेशक, भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली ( इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन );";
(पांच) खण्ड ( बीस ) , (इक्कीस ) और (बाईस ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किए जाएं, अर्थात्:-
" (बीस ) भारतीय भाषा ( हिन्दी को छोड़कर ) के दैनिक समाचार पत्र के संस्करणों को सम्मिलित कर रजिस्ट्रार न्यूज पेपर ऑफ इंडिया द्वारा प्रमाणित सर्वाधिक पांच प्रसार वाले समाचार पत्रों में से एक का वरिष्ठ पत्रकार;
(इक्कीस ) भारत के हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के संस्करणों को सम्मिलित कर रजिस्ट्रार न्यूज पेपर ऑफ इंडिया द्वारा प्रमाणित सर्वाधिक प्रसार वाले समाचार पत्र में से एक का वरिष्ठ पत्रकार;
(बाईस ) अपर मुख्य सचिव अथवा उनके द्वारा नामनिर्देशित कोई प्रतिनिधि जो सचिव से निम्न श्रेणी का न हो;";
554( 1)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 9 जुलाई 2019
(छह) खण्ड ( पच्चीस ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्ः-
" ( पच्चीस ) मनोरंजन संचार क्षेत्र का एक वरिष्ठ विशेषज्ञ जो राज्य सरकार द्वारा नामनिर्देशित किया जाएगा; ";
(सात) खण्ड ( सत्ताईस ) , ( अट्ठाईस ) और ( उनतीस ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड स्थापित किए जाएं, अर्थात्ः-
" ( सत्ताईस ) राज्य सरकार द्वारा नामनिर्देशित निम्नलिखित प्रत्येक क्षेत्र से ख्यातिप्राप्त एक विशेषज्ञः-
(क) टेलीविजन समाचार चैनल से एक प्रतिष्ठित पत्रकार;
(ख) कम्प्यूटर या सूचना प्रौद्योगिकी का एक ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ;
(ग) सोशल मीडिया का एक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ;
(घ) विकास संचार का एक प्रतिष्ठित विशेषज्ञ;
(अट्ठाईस ) दो विभिन्न राज्यों में प्रत्येक से एक विख्यात हिन्दी मीडियाकर्मी जो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा नामनिर्देशित किया जाएगा;
(उनतीस ) मध्यप्रदेश के एक विश्वविद्यालय का कुलपति जो राज्य सरकार द्वारा नामनिर्देशित किया जाएगा; ".
उद्देश्यों एवं कारणों का कथन
मध्यप्रदेश माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय अधिनियम, १ ९९ ० (क्रमांक १५ सन् १ ९९ ० ) २८ वर्षों से लागू है . उपरोक्त अधिनियम की धारा १५ में विश्वविद्यालय की महापरिषद् के गठन का प्रावधान उपबंधित है. महापरिषद् अनेक व्यक्तियों से मिलकर बनी है. महापरिषद् विश्वविद्यालय का सर्वोच्च प्राधिकरण है .
२. अधिनियम के उपबंधों के क्रियान्वयन में कतिपय व्यावहारिक कठिनाइयों का अनुभव किया गया है. कठिनाइयों को दूर करने के उद्देश्य से , राज्य सरकार ने अधिनियम की धारा १५ के कतिपय उपबंधों को पुनरीक्षित करने का विनिश्चय किया है.
३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
पी. सी. शर्मा भोपाल :
भारसाधक सदस्य.
तारीख ५ जुलाई , २०१ ९
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.