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मध्यप्रदेश
शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , बुधवार , दिनांक 17 जुलाई 2019- आषाढ़ 26 शक 1941
क्रमांक 293 ]
विधान सभा सचिवालय, मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 17 जुलाई 2019
क्र. 9657 - मप्रविस- 15- विधान- 2019.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) संशोधन विधेयक, 2019 (क्रमांक 15 सन् 2019 ) जो विधान सभा में दिनांक 17 जुलाई, 2019 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.
585 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जुलाई 2019
586
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १५ सन् २०१ ९
मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) संशोधन विधेयक , २०१ ९
मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) अधिनियम, १ ९९ ४९४ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम.
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) संशोधन अधिनियम, २०१ ९ है.
धारा ४ का संशोधन. २. मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) अधिनियम, १ ९९४ ( क्रमांक २१ सन् १ ९९४ ) की धारा ४ में, उपधारा ( २ ) में, खण्ड ( एक ) में, - (एक) उपखण्ड ( क) में, शब्द और और अंक " अन्य पिछड़े वर्ग १४ प्रतिशत " के स्थान पर, शब्द और अंक " अन्य पिछड़े वर्ग २७ प्रतिशत " स्थापित किए जाएं.
(दो) उपखण्ड ( ख ) में, शब्द और और अंक " अन्य पिछड़े वर्ग १४ प्रतिशत " के स्थान पर, शब्द और अंक " अन्य पिछड़े वर्ग २७ प्रतिशत " स्थापित किए जाएं.
निरसन व्यावृत्ति.
तथा ३. ( १ ) मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) संशोधन अध्यादेश , २०१ ९ (क्रमांक २ सन् २०१ ९ ) एतद्वारा निरसित किया जाता है.
( २ ) उक्त अध्यादेश के निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंध के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई समझी जाएगी.
उद्देश्यों और कारणों का कथन
अन्य पिछड़े वर्ग मध्यप्रदेश की कुल जनसंख्या का २७ प्रतिशत हैं. यह वर्ग सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा है. राज्य सरकार ने इस वर्ग के उत्थापन के लिए कुछ योजनाएं तैयार की हैं, फिर भी उक्त वर्ग का सामाजिक और आर्थिक रूप से उत्थापन नहीं हो सका.
२. अतएव, मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) अधिनियम, १९९४ ( क्रमांक २१ सन् १ ९९४ ) की धारा ४ में यथोचित संशोधन द्वारा अन्य पिछड़े वर्गों के लिए लोक सेवाओं और पदों में रिक्तियों के आरक्षण का उपबंध १४ प्रतिशत से २७ प्रतिशत बढ़ाए जाने का विनिश्चय किया गया है.
३. चूंकिमामला अत्यावश्यक था तथा विधान सभा का सत्र चालू नहीं था, अतएव, मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) संशोधन अध्यादेश , २०१ ९ ( क्रमांक २ सन् २०१ ९ ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था. अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर, राज्य विधान- मण्डल का अधिनियम बिना उपांतरण के लाया जाना प्रस्तावित है.
४. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
डॉ. गोविन्द सिंह भोपाल :
भारसाधक सदस्य.
तारीख ०८ जुलाई , २०१९.
586 (1)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जुलाई 2019
अध्यादेश के संबंध में विवरण
प्रदेश में अन्य पिछड़े वर्ग की जनसंख्या २७ प्रतिशत है. जो कि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा है. इस वर्ग के उत्थान के लिए मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) अधिनियम, १ ९९४ (क्रमांक २१ सन् १ ९९ ४ ) की धारा -४ में यथोचित संशोधन द्वारा अन्य पिछड़े वर्गों के लिए लोक सेवाओं और पदों में रिक्तियों के आरक्षण का उपबंध १४ प्रतिशत से २७ प्रतिशत बढ़ाए जाने का विनिश्चय किया गया है.
चूंकि मामला अत्यावश्यक था तथा विधान सभा का सत्र चालू नहीं था , अतएव, मध्यप्रदेश लोक सेवा ( अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण ) संशोधन अध्यादेश , २०१ ९ ( क्रमांक २ सन् २०१९ ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था.
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.