ध्य प्रदेश शास
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , बुधवार, दिनांक 17 जुलाई 2019- आषाढ़ 26, शक 1941
क्रमांक 295]
विधान सभा सचिवालय मध्यप्रदेश
भोपाल , दिनांक 17 जुलाई 2019
क्र. 9663 - मप्रविस- 15- विधान- 2019.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम-64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध ( संशोधन ) विधेयक, 2019 ( क्रमांक 17 सन् 2019 ) जो विधान सभा में दिनांक 17 जुलाई, 2019 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है .
ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १७ सन् २०१ ९
मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध ( संशोधन ) विधेयक, २०१ ९
विषय-सूची.
खण्ड:
१. संक्षिप्त नाम.
२. धारा २ का संशोधन.
३. धारा ६ ग और ६ घ का अंतःस्थापन.
४. धारा ९ का संशोधन.
५. धारा १० का संशोधन.
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मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जुलाई 2019
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक १७ सन् २०१ ९
मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध ( संशोधन ) विधेयक , २०१ ९
मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, २००४ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान - मण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध ( संशोधन ) अधिनियम, २०१ ९ है.
संक्षिप्त नाम.
धारा २ का संशोधन.
२. मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, २००४ ( क्रमांक ६ सन् २००४ ) ( जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट है ) की धारा २ में, खण्ड ( छ ) में, पूर्ण विराम के स्थान पर, सेमी कोलन स्थापित किया जाए और उसके पश्चात् निम्नलिखित खण्ड जोड़ा जाए, अर्थात्:-
" (ज) उन शब्दों और अभिव्यक्तियों के , जो इसमें प्रयुक्त हुए हैं और परिभाषित नहीं हैं, किन्तु भारतीय दण्ड संहिता ( १८६० का ४५ ) में परिभाषित हैं, क्रमशः वे ही अर्थ होंगे , जो कि उस अधिनियम में उनके लिए दिए गए हैं. ".
३. मूल अधिनियम की धारा ६ख के पश्चात्, निम्नलिखित धाराएं अंतःस्थापित की जाएं, अर्थात्:-
धारा ६ ग और ६घ काअंतःस्थापन.
" ६ग. कोई भी व्यक्ति विधि विरूद्ध रूप से, किसी व्यक्ति या सम्पत्ति को, इस कारण से कि ऐसे व्यक्ति ने धारा ४, ५ या ६ के अधीन कोई अपराध किया है, कोई हिंसा, क्षति या उपहति कारित नहीं करेगा.
किसी व्यक्ति या सम्पत्ति को हिंसा क्षति या उपहति का प्रतिषेध.
" ६घ. यदि कोई व्यक्ति, जिसमें परिवाहक भी सम्मिलित है , मध्यप्रदेश राज्य में अन्य राज्य से किसी गौवंश का परिवहन करना चाहता है, तो उसे गंतव्य स्थान के सक्षम प्राधिकारी से ऐसी रीति में, जैसी कि विहित की जाए, अभिवहन अनुज्ञापत्र प्राप्त करना, अपेक्षित होगा. " .
मध्यप्रदेश राज्य में अन्यराज्य से गौवंश के परिवहन हेतु अभिवहन अनुज्ञापत्र का दिया जाना.
धारा ९ का संशोधन.
४. मूल अधिनियम की धारा ९ की उपधारा ( २ ) के पश्चात्, निम्नलिखित उपधारा जोड़ी जाए, अर्थात्:-
" ( ३ ) जो कोई धारा ६ ग के उपबंध का उल्लंघन करेगा वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जो ६ मास से कम का नहीं होगा, परन्तु जो ३ वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माने से, जो पच्चीस हजार रुपये तक का हो सकेगा , दण्डित किया जाएगाः
परन्तु यदि उक्त अपराध विधि विरुद्ध जमाव के सदस्य के रूप में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया है, तब ऐसा व्यक्ति दोनों में से किसी प्रकार के कारावास से जो एक वर्ष से कम का नहीं होगा, परन्तु जो 5 वर्ष तक का हो सकेगा और जुर्माने से, जो पचास हजार रुपये तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा:
परन्तु यह और कि न्यायालय , निर्णय में पर्याप्त और विशेष कारणों को अभिलिखित करते हुए, विनिर्दिष्ट न्यूनतम अवधि से कम के कारावास से दण्डित कर सकेगा.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जुलाई 2019
(४) जो कोई धारा ६ ग के अधीन अपराध का दुष्प्रेरण करता है और दुष्प्रेरण के परिणाम स्वरूप दुष्प्रेषित कार्य कारित हो जाता है, तो ऐसा व्यक्ति अपराध के लिए यथाविनिर्दिष्ट दण्ड से दण्डित किया जाएगा.
(५) जो कोई धारा ६ ग के अधीन अपराध कारित करने का प्रयास करता है , वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जो ऐसे अपराध के लिए विनिर्दिष्ट दण्ड के आधे तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा.
(६) जो कोई धारा ६ ग के अधीन दण्डनीय किसी अपराध के लिए पूर्व में न्यायालय द्वारा सिद्धदोष ठहराया गया हो, तत्पश्चात् उसी अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराया गया है, तब ऐसा व्यक्ति दोनों में से किसी भांति के कारावास से , जो ऐसे अपराध के लिये यथाविनिर्दिष्ट दण्ड के दुगने तक हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा.
(७) उपधारा ( ३ ) से ( ६ ) के उपबंध तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अतिरिक्त होंगे न कि उसके अल्पीकरण में होंगे . ".
धारा १० का संशोधन.
५. मूल अधिनियम की धारा १० उसकी उपधारा ( १ ) के रूप में क्रमांकित की जाए और इस प्रकार क्रमांकित उपधारा ( १ ) के पश्चात्, निम्नलिखित नई उपधारा जोड़ी जाए, अर्थात्:-
"(२ ) धारा ६ ग के अधीन दण्डनीय अपराध की सुनवाई सत्र न्यायालय द्वारा की जाएगी. ".
उद्देश्यों और कारणों का कथन
वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य में अन्य राज्य से गौवंश के परिवहन हेतु अभिवहन अनुज्ञापत्र जारी करने के लिये मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, २००४ ( क्रमांक ६ सन् २००४ ) में कोई उपबंध नहीं है, इस कारण से वे व्यक्ति जो गौवंश का परिवहन करते हैं उन्हें गौवंश के परिवहन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. अतएव , गौवंश के परिवहन हेतु अभिवहन अनुज्ञा पत्र जारी करने के संबंध में उक्त अधिनियम में एक नई धारा ६ घ अन्तःस्थापित की जाना प्रस्तावित है जिससे कि गौवंश के परिवहन में आने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सके.
२. गौवंश के वैध परिवहन में किसी व्यक्ति या सम्पत्ति को हिंसा, क्षति या उपहति का प्रतिषेध करने हेतु एक नई धारा ६ ग अंतःस्थापित की जाना प्रस्तावित है और धारा ९ तथा १० का संशोधन भी प्रस्तावित है.
३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
भोपाल :
लाखन सिंह यादव भारसाधक सदस्य.
तारीख : ८ जुलाई , २०१ ९.
प्रत्यायोजित विधि निर्माण के संबंध में ज्ञापन
प्रस्तावित मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध ( संशोधन ) विधेयक, २०१ ९ के खण्ड-३ द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में अन्य राज्य से किसी गौवंश का परिवहन किये जाने पर गंतव्य स्थान के सक्षम प्राधिकारी से अभिवहन अनुज्ञापत्र विहित रीति में प्राप्त किये जाने संबंधी विधायनी शक्तियों का प्रत्यायोजन राज्य सरकार को किया जा रहा है. जो सामान्य स्वरुप का होगा.
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव,
मध्यप्रदेश विधान सभा.
नियंत्रक , शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2019.