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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्‍यप्रदेश विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2019

Published 17 July 2019

Department
विधान सभा सचिवालय
Type
Extraordinary
Gazette no.
297
Identifier
in.gazette.madhya.2019-07-17.297.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदे श शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , बुधवार , दिनांक 17 जुलाई 2019- आषाढ़ 26 शक 1941

क्रमांक 297]

विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश

भोपाल, दिनांक 17 जुलाई 2019

क्र. 9669- मप्रविस - 15- विधान- 2019.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन सम्बन्धी नियम -64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन ) विधेयक, 2019 ( क्रमांक 19 सन् 2019 ) जो विधान सभा में दिनांक 17 जुलाई, 2019 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.

ए. पी. सिंह, प्रमुख सचिव.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जुलाई 2019

मध्यप्रदेश विधेयक

क्रमांक १ ९ सन् २०१ ९

मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन ) विधेयक, २०१ ९

मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, १ ९ ७३ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.

भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-

संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.

१. ( १ ) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन) अधिनियम, २०१ ९ है.

द्वितीय अनुसूची का संशोधन.

( २ ) यह मध्यप्रदेश राजपत्र में इसके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.

२. मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम , १ ९७३ ( क्रमांक २२ सन् १ ९७३ ) की द्वितीय अनुसूची में,-

(एक) भाग एक में, अनुक्रमांक २, ५ और ६ तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उनसे संबंधित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-

अनुक्रमांक विश्वविद्यालय का नाम (१)

(२)

"२. रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर ५. अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय , रीवा ६. बरकतउल्ला विश्वविद्यालय , भोपाल (

मुख्यालय

(३)

क्षेत्रीय अधिकारिता ( राजस्व जिलों की सीमाओं के भीतर समाविष्ट क्षेत्र ) (४)

जबलपुर

जबलपुर, मण्डला, कटनी, डिण्डोरी और नरसिंहपुर.

रीवा

रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया एवं सिंगरौली.

भोपाल

भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, होशंगाबाद, राजगढ़, हरदा.";

दो) भाग दो में, अनुक्रमांक १ तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात्, निम्नलिखित अनुक्रमांक तथा उससे संबंधित प्रविष्टियां जोड़ी जाएं, अर्थात्ः- अनुक्रमांक विश्वविद्यालय का नाम (१ )

(२)

"२. छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा निरसन व्यावृत्ति.

मुख्यालय

(३ )

क्षेत्रीय अधिकारिता ( राजस्व जिलों की सीमाओं के भीतर समाविष्ट क्षेत्र ) (४)

छिंदवाड़ा

छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और बैतूल ".

तथा ३. ( १ ) मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन ) अध्यादेश, २०१ ९ ( क्रमांक ४ सन् २०१ ९ ) एतद्वारा निरसित किया जाता है.

( २ ) उक्त अध्यादेश के निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या कार्रवाई इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंध के अधीन की गई समझी जाएगी.

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 17 जुलाई 2019

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उद्देश्यों और कारणों का कथन

राज्य से सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट और बैतूल जिले में रह रहे युवाओं को उच्च शिक्षा की सहज पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से, एक नया विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है जिसका मुख्यालय छिंदवाड़ा में होगा.

२. वर्तमान में सिवनी, छिन्दवाड़ा और बालाघाट जिलों के महाविद्यालय रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से संबद्ध हैं और बैतूल जिले के महाविद्यालय बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से संबद्ध हैं. इन जिलों के छात्रों को उनके विश्वविद्यालय से संबंधित समस्याओं के निवारण के लिये २०० किलोमीटर से अधिक की यात्रा करना पड़ती है. छिन्दवाड़ा में विश्वविद्यालय की स्थापना से निश्चित् रूप से ऐसे छात्रों को सहायता होगी.

३. छिंदवाड़ा में विश्वविद्यालय की स्थापना, उन जिलों में बड़ी संख्या में रह रहे आदिवासी युवाओं को प्रस्तावित विश्वविद्यालय के शिक्षण विभागों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सहज पहुंच प्राप्त करने में सहायता करने हेतु अपेक्षित है . यह राज्य के सकल नामांकन अनुपात को भी उन्नत करने में सहायता करेगा.

४. छिंदवाड़ा में विश्वविद्यालय की स्थापना से रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर तथा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के अत्यधिक भार में कमी आना संभाव्य है.

५. अतएव, नवीन प्रस्तावित विश्वविद्यालय को स्थापित करने के लिये मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, १ ९ ७३ ( क्रमांक २२ सन् १ ९७३ ) में यथोचित संशोधन प्रस्तावित हैं.

६. चूंकि मामला अत्यावश्यक था तथा विधान सभा का सत्र चालू नहीं था, अतएव, मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन ) अध्यादेश , २०१९ ( क्रमांक ४ सन् २०१ ९ ) इस प्रयोजन के लिये प्रख्यापित किया गया था. अब उक्त अध्यादेश के स्थान पर, राज्य विधान- मण्डल का अधिनियम बिना उपांतरण के लाया जाना प्रस्तावित है .

७. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.

भोपाल :

तारीख : ९ जुलाई , २०१ ९ .

जीतूपटवारी भारसाधक सदस्य.

" संविधान के अनुच्छेद २०७ के अधीन राज्यपाल द्वारा अनुशंसित. "

ए. पी. सिंह

प्रमुख सचिव

मध्यप्रदेश विधान सभा.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 17 जुलाई 2019

वित्तीय ज्ञापन

प्रस्तावित विधेयक मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन ) अध्यादेश , २०१ ९ ( क्रमांक ४ सन् २०१९ ) को अधिनियमित करने हेतु लाया जा रहा है .

उक्त विधेयक के प्रभावशील होने पर राज्य शासन पर रुपये ३.०० करोड़ का वित्तीय भार अनुमानित है.

अध्यादेश का विवरण

मध्यप्रदेश भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत विस्तृत एवं सामाजिक रूप से विविधतापूर्ण राज्य है . इस विस्तृत राज्य के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है. मध्यप्रदेश शासन इस हेतु सजग है तथा इसके लिये सिवनी, छिन्दवाड़ा, बालाघाट तथा बैतूल जिले में निवारत युवाओं के लिये उच्च शिक्षा में प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने हेतु छिंदवाड़ा जिले में मुख्यालय पर आगामी शिक्षण सत्र २०१ ९- २० में एक नवीन राज्य विश्वविद्यालय " छिन्दवाड़ा विश्वविद्यालय " का स्थापित किया जाना आवश्यक था.

चूंकि मामला अत्यावश्यक था तथा विधान सभा का सत्र चालू नहीं था, अतएव मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय ( संशोधन ) अध्यादेश , २०१ ९ (क्रमांक ४ सन् २०१ ९ ) इस प्रयोजन के लिए प्रख्यापित किया गया था .

ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश विधान सभा.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 17 July 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2019-07-17.297.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2019-07-17.297.Extraordinary.