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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

निर्वाचन व्‍यय (लेखा संधारण और प्रस्‍तुति) आदेश 2014........

Published 01 August 2019

Department
म.प्र. राज्‍य निर्वाचन आयोग
Type
Extraordinary
Gazette no.
337
Identifier
in.gazette.madhya.2019-08-01.337.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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ध्य प्रदे श शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 337 ]

भोपाल, गुरुवार, दिनांक 1 अगस्त 2019 - श्रावण 10 , शक 1941

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

" निर्वाचन भवन"

58, अरेरा हिल्स, भोपाल (म. प्र.) -462011

आदेश

भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2019

क्रमांकः एफ-87-107/2015/11 / 1193 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् जैतवारा, जिला सतना (म० प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्री बाबूलाल डोहर भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07/12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री बाबूलाल डोहर को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- सतना के पास दाखिल करना था ।

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सतना के पत्र क्रमांक 1883 दिनांक- 19/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री बाबूलाल डोहर द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 27/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला सतना के पत्र क्रमांक 954 दिनांक 05/10/2016 द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली की पावती पत्र के साथ संलग्न कर आयोग को भेजी गई है । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अतंतः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री बाबूलाल डोहर के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला. निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 01/07/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक- 09/07/2019 को पूर्वान्हः 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने को कहा गया था ।

अभ्यर्थी, श्री बाबूलाल डोहर को जारी सूचना- पत्र क्रमांक / 239 / स्था० निर्वा० / न० पा० / 2019 दिनांक 04/07/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 09/07/2019 को आयोग मुख्यालय , भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री बाबूलाल डोहर के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी , श्री बाबूलाल डोहर को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, जैतवारा , जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

आदेश

भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2019

क्रमांकः एफ-87-107 / 2015 / 11 / 1194:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा-32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा। मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद् जैतवारा , जिला सतना (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्री मोतीलाल डोहर भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07/ 12 / 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक- 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री मोतीलाल डोहर को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- सतना के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला सतना के पत्र क्रमांक 1883 दिनांक- 19/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री मोतीलाल डोहर द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक- 27/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला सतना के पत्र क्रमांक 954 दिनांक 05/10/2016 द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली की पावती पत्र के साथ संलग्न कर आयोग को भेजी गई है । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अतंतः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री मोतीलाल डोहर के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 01/07/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक- 09/07/2019 को पूर्वान्हः 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने को कहा गया था ।

अभ्यर्थी, श्री मोतीलाल डोहर को जारी सूचना- पत्र क्रमांक / 239 / स्था० निर्वा० / न० पा० /2019 दिनांक 04/07/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

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नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 09/07/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री मोतीलाल डोहर के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री मोतीलाल डोहर को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, जैतवारा , जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2019

क्रमांकः एफ-87-107 / 2015 / 11 / 1195:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा । ; :

माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद् जैतवारा , जिला सतना (म०प्र० ) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्री लल्ला फिटर भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-07 /12 / 2014 को घोषित हुआ। मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 06/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री लल्ला फिटर को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- सतना के पास दाखिल करना था । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

674(3) कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सतना के पत्र क्रमांक 1883 दिनांक- 19/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री लल्ला फिटर द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 27/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सतना के पत्र क्रमांक 954 दिनांक 05/10/2016 द्वारा कारण बताओ नोटिस की तामीली की पावती पत्र के साथ संलग्न कर आयोग को भेजी गई है । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अतंतः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री लल्ला फिटर के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 01/07/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक- 09/07/2019 को पूर्वान्हः 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने को कहा गया था ।

अभ्यर्थी, श्री लल्ला फिटर को जारी सूचना-पत्र क्रमांक/239/ स्था० निर्वा० /न०पा०/2019 दिनांक 04/07/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 09/07/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री लल्ला फिटर के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री लल्ला फिटर को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, जैतवारा , जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुनीता त्रिपाठी )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

674(4)

आदेश

भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2019

क्रमांकः एफ-87-173/ 2015/ 11 / 1198 ::मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

2. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

3. माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, उदयपुरा, जिला- रायसेन के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री बुजकिशोर शर्मा(तिनगुरिया) भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12/ 2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक-02/ 01 / 2015 तक अभ्यर्थी श्री बुजकिशोर शर्मा (तिनगुरिया) को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- रायसेन के पास दाखिल करना था ।

4. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला रायसेन के पत्र क्रमांक 64 दिनांक 09/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी , श्री बुजकिशोर शर्मा (तिनगुरिया) द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया ।

5. निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

6. अभ्यर्थी, श्री बुजकिशोर शर्मा(तिनगुरिया) द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना- पत्र दिनांक 11/02/2019 जारी व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 22/02/2019 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया था, तामीली होने के उपरांत भी अभ्यर्थी श्री बुजकिशोर शर्मा (तिनगुरिया) उपस्थित नहीं हुए ।

7. अभ्यर्थी , श्री बुजकिशोर शर्मा (तिनगुरिया) द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा न्यायहित में अभ्यर्थी को पुनः सूचना-पत्र दिनांक 27/02/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 08/03/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।

8. कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था०निर्वा०), जिला- रायसेन के पत्र क्रमांक / 15/ राज्य निर्वा0 / 2019 दिनांक 05/03/2019 द्वारा नोटिस की तामीली की पावती आयोग को पत्र के साथ संलग्न कर भेजी गई है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2019

674(5) 9. नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 08/03/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

10. उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री बुजकिशोर शर्मा (तिनगुरिया) के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री बुजकिशोर शर्मा (तिनगुरिया) का मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, उदयपुरा , जिला- रायसेन का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2019

क्रमांकः एफ-87-173/ 2015/ 11 / 1199 :: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

2. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

3. माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, उदयपुरा , जिला- रायसेन के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री मिथलेश मेहरा भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक-02/ 01 / 2015 तक अभ्यर्थी श्री मिथलेश मेहरा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला-रायसेन के पास दाखिल करना था । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

674 (6)

4. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला रायसेन के पत्र क्रमांक 64 दिनांक- 09/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री मिथलेश मेहरा द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया ।

5. निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

6. अभ्यर्थी, श्री मिथलेश मेहरा द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 11/02/2019 जारी व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 22/02/2019 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया था, तामीली होने के उपरांत भी अभ्यर्थी श्री मिथलेश मेहरा उपस्थित नहीं हुए ।

7. अभ्यर्थी, श्री मिथलेश मेहरा द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा न्यायहित में अभ्यर्थी को पुनः सूचना-पत्र दिनांक 27/02/2019 जारी कर समस्त कागजातों / प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 08/03/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।

8. कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था ०निर्वा०) , जिला- रायसेन के पत्र क्रमांक / 15 / राज्य निर्वा0 / 2019 दिनांक 05/03/2019 द्वारा नोटिस की तामीली की पावती आयोग को पत्र के साथ संलग्न कर भेजी गई है ।

9. नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 08/03/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

10. उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री मिथलेश मेहरा के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री मिथलेश मेहरा का मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, उदयपुरा , जिला- रायसेन का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी )

सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

674 (7)

आदेश

भोपाल , दिनांक 1 अगस्त 2019

क्रमांकः एफ-87-173/ 2015/ 11 / 1२०० : मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

2. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

3. माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, उदयपुरा , जिला-रायसेन के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री सुधीर(पिंकी चक्रधर) भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-04/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक-02/01 / 2015 तक अभ्यर्थी श्री सुधीर (पिंकी चक्रधर) को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- रायसेन के पास दाखिल करना था ।

4. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला रायसेन के पत्र क्रमांक 64 दिनांक- 09/01/2015 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री सुधीर(पिंकी चक्रधर)द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

5. निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/02/2015 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

6. अभ्यर्थी, श्री सुधीर(पिंकी चक्रधर)द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा अनतत्वोगत्वा न्यायहित में अभ्यर्थी को सूचना-पत्र दिनांक 11/02/2019 जारी व्यक्तिगत सुनवाई हेतु दिनांक 22/02/2019 को आयोग कार्यालय में बुलाया गया था, तामीली होने के उपरांत भी अभ्यर्थी श्री सुधीर(पिंकी चक्रधर) उपस्थित नहीं हुए ।

7. अभ्यर्थी, श्री सुधीर (पिंकी चक्रधर)द्वारा व्यय लेखे प्रस्तुत होने की जानकारी आयोग को प्राप्त नहीं होने पर आयोग द्वारा न्यायहित में अभ्यर्थी को पुनः सूचना-पत्र दिनांक 27/02/2019 जारी कर समस्त कागजातों/ प्रमाणों सहित अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगतः सुनवाई हेतु आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 08/03/2019 को उपस्थित होने को कहा गया ।

8. कार्यालय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्था०निर्वा०), जिला- रायसेन के पत्र क्रमांक / 15 / राज्य निर्वा0 / 2019 दिनांक 05/03/2019 द्वारा नोटिस की तामीली की पावती आयोग को पत्र के साथ संलग्न कर भेजी गई है । 674(8)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

9. नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 08/03/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

10. उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री सुधीर(पिंकी चक्रधर)के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री सुधीर(पिंकी चक्रधर) का मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -'क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, उदयपुरा, जिला- रायसेन का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2019

क्रमांकः एफ-87-323/2016/ 11 / 1203:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र . राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।।

माह जुलाई, 2016 में संपन्न नगरपालिका परिषद् मैहर, जिला सतना (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्री फूल चन्द्र बौद्ध भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-18/07/2016 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक- 17/08/2016 तक अभ्यर्थी श्री फूल चन्द्र बौद्ध को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- सतना के पास दाखिल करना था । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अगस्त 2019

674(9) कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला सतना के पत्र क्रमांक 813 दिनांक- 31/08/2016 के अनुसार अभ्यर्थी, श्री फूल चन्द्र बौद्ध द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक12/09/2016 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अतंतः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री फूल चन्द्र बौद्ध के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 01/07/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 09/07/2019 को पूर्वान्हः 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने को कहा गया था ।

अभ्यर्थी, श्री फूल चन्द्र बौद्ध को जारी सूचना- पत्र क्रमांक / 240 / स्था० निर्वा०/ न० पा० /2019 दिनांक 04/07/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 09/07/2019 को आयोग मुख्यालय , भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री फूल चन्द्र बौद्ध के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री फूल चन्द्र बौद्ध को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहंपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, मैहर , जिला सतना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-

(सुनीता त्रिपाठी ) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

आदेश

भोपाल, दिनांक 1 अगस्त 2019

क्रमांकः एफ-87-323/2016/11 / 1204:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-' क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-'ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले 674 ( 10)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह जुलाई , 2016 में संपन्न नगरपालिका परिषद् मैहर, जिला सतना (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में रेखा मौसी किन्नर भी अध्यक्ष पद की अभ्यर्थी थी । इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-18 / 07 / 2016 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक-17/08/2016 तक अभ्यर्थी रेखा मौसी किन्नर को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला- सतना के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सतना के पत्र क्रमांक 813 दिनांक- 31/08/2016 के अनुसार अभ्यर्थी , रेखा मौसी किन्नर द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ - पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/09/2016 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अतंतः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, रेखा मौसी किन्नर के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 01/07/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 09/07/2019 को पूर्वान्हः 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने को कहा गया था ।

अभ्यर्थी, रेखा मौसी किन्नर को जारी सूचना-पत्र क्रमांक / 240 / स्था० निर्वा० / न० पा०/2019 दिनांक 04/07/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 09/07/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ ।

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी रेखा मौसी किन्नर के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, रेखा मौसी किन्नर को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, मैहर, जिला सतना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव,

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल.

674 ( 11 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

आदेश

भोपाल , दिनांक 1 अगस्त 2019

क्रमांकः एफ-87-323 / 2016 / 11 / 1205:: मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32-'क' के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-' ख' के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/07/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।

माह जुलाई, 2016 में संपन्न नगरपालिका परिषद् मैहर , जिला सतना (म०प्र०) के अध्यक्ष पद के आम निर्वाचन में श्री सुरेश सिंह मौर्य भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगरपालिका परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक-18/07 / 2016 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक- 17/08/2016 तक अभ्यर्थी श्री सुरेश सिंह मौर्य को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- सतना के पास दाखिल करना था ।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला सतना के पत्र क्रमांक 813 दिनांक- 31/08/2016 के अनुसार अभ्यर्थी, श्री सुरेश सिंह मौर्य द्वारा निर्वाचन व्ययों का लेखा प्रस्तुत नहीं किया गया, और न ही शपथ- पत्र प्रस्तुत किया गया ।

निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 12/09/2016 जारी किया गया । नोटिस में सभी वैधानिक पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई थी । इसके उपरांत जिले को इस संबंध में निरन्तर स्मरण पत्र जारी किए जाते रहे ।

अतंतः आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री सुरेश सिंह मौर्य के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 01/07/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक- 09/07/2019 को पूर्वान्हः 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने को कहा गया था ।

अभ्यर्थी, श्री सुरेश सिंह मौर्य को जारी सूचना-पत्र क्रमांक / 240 / स्था०निर्वा ० /न० पा०/ 2019 दिनांक 04/07/2019 द्वारा तामीली की पावती आयोग को व्यक्तिगत सुनवाई के पूर्व प्राप्त हो चुकी थी ।

नोटिस की तामीली अभ्यर्थी को समय पूर्व हो जाने के उपरांत भी वे व्यक्तिगत सुनवाई तिथि 09/07/2019 को आयोग मुख्यालय, भोपाल में उपस्थित नहीं हुए और न ही इस अनुपस्थिति बावत् कोई अभ्यावेदन व अन्यादि उनकी ओर से जिला कार्यालय एवं आयोग को प्राप्त हुआ । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अगस्त 2019

674 ( 12)

उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री सुरेश सिंह मौर्य के पास निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।

अतः राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने के कारण अभ्यर्थी, श्री सुरेश सिंह मौर्य को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11 -' क' के अधीन इस प्रकार चुने जाने तथा नगर परिषद्, मैहर , जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद होने के लिए आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।

राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीता त्रिपाठी) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 01 August 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2019-08-01.337.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2019-08-01.337.Extraordinary.