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मध्यप्रदेश शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 364]
भोपाल, मंगलवार, दिनांक 27 अगस्त 2019 - भाद्र 5, शक 1941
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग
" निर्वाचन भवन"
58 , अरेरा हिल्स, भोपाल ( म. प्र. ) 462 011
भोपाल, दिनांक 27 अगस्त 2019
आदेश
कमांकः एफ-87-105/ 15 / 11 / 1382 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र . राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला- रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री आनंदलाल सेन भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री आनंदलाल सेन को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- सतना (म०प्र०) से प्राप्त पत्र क्रमांक / 1883 /स्था.निर्वा,/न.पा.नि./ 2014 , दिनांक 19/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री आनंदलाल सेन द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी श्री आनंदलाल सेन को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/3/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना से चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2018 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
न्यायहित में आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री आनंदलाल सेन के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 29/06/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 09/07/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थितहोने हेतु कहा गया ।
जिले के पत्र कमांक/238 / स्था. निर्वा./न.पां/ 2019, दिनांक 04/07/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को निर्धारित सुनवाई तिथि से पूर्व प्राप्त हो गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री आनंदलाल सेन व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित हुए , परन्तु अभ्यर्थी , श्री आनंदलाल सेन द्वारा म० प्र० राजपत्र (असाधारण ) निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई , 2014 की कंडिका-07 के अनुसार अपने निर्वाचन व्यय लेखे 04 वर्ष से अधिक की समयावधि के व्यतीत होने के बावजूद भी नियत समयावधि में जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री आनंदलाल सेन के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री आनंदलाल सेन को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32 - ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम, 11 - क के अधीन नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
भोपाल, दिनांक 27 अगस्त 2019
आदेश
कमांकः एफ-87-105/ 15 / 11 / 1383 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला- रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री इन्द्रभान जैसवाल भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री इन्द्रभान जैसवाल को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सतना (म०प्र० ) से प्राप्त पत्र कमांक / 1883 / स्था. निर्वा,/ न.पा.नि. / 2014 , दिनांक 19/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री इन्द्रभान जैसवाल द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी श्री इन्द्रभान जैसवाल को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/3/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना से चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2018 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
न्यायहित में आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री इन्द्रभान जैसवाल के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 29/06/2019 जारी कर मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 27 अगस्त 2019
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आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 09/07/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया।
जिले के पत्र कमांक/ 238 /स्था. निर्वा./न.पा/ 2019, दिनांक 04/07/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को निर्धारित सुनवाई तिथि से पूर्व प्राप्त हो गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री इन्द्रभान जैसवाल व्यक्तिगत सुनवाई में अनुपस्थित रहे और न ही इस अनुपस्थित बावत् कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । अभ्यर्थी, श्री इन्द्रभान जैसवाल द्वारा म०प्र० राजपत्र (असाधारण) निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 की कंडिका-07 के अनुसार अपने निर्वाचन व्यय लेखे 04 वर्ष से अधिक की समयावधि के व्यतीत होने के बावजूद भी नियत समयावधि में जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री इन्द्रभान जैसवाल के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री इन्द्रभान जैसवाल को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11-क के अधीन नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./-
( सुनीतात्रिपाठी )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
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भोपाल, दिनांक 27 अगस्त 2019
आदेश
कमांकः एफ-87-105/15 / 11 / 1384 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32-ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण ) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री मनोज वर्मा भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री मनोज वर्मा को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- सतना (म०प्र०) से प्राप्त पत्र कमांक/ 1883 / स्था. निर्वा. /न.पा.नि./ 2014 , दिनांक 19/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री मनोज वर्मा द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए । निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप, अभ्यर्थी श्री मनोज वर्मा को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/3/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना से चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2018 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
न्यायहित में आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री मनोज वर्मा के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला - सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 29/06/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 09/07/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
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जिले के पत्र कमांक / 238 / स्था. निर्वा. / न.पा/ 2019, दिनांक 04/07/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को निर्धारित सुनवाई तिथि से पूर्व प्राप्त हो गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री मनोज वर्मा व्यक्तिगत सुनवाई में अनुपस्थित रहे और न ही इस अनुपस्थित बावत् कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । अभ्यर्थी, श्री मनोज वर्मा द्वारा म० प्र ० राजपत्र (असाधारण) निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 की कंडिका-07 के अनुसार अपने निर्वाचन व्यय लेखे 04 वर्ष से अधिक की समयावधि के व्यतीत होने के बावजूद भी नियत समयावधि में जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए । उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री मनोज वर्मा के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री मनोज वर्मा को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11- क के अधीन नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य ) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी ) सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग , भोपाल .
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
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भोपाल, दिनांक 27 अगस्त 2019
आदेश
कमांकः एफ-87-105 /15 / 11 / 1385 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो , पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014 " म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर , 2014 में संपन्न नगर परिषद्, न्यूरामनगर , जिला- रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री रामकरण पटेल भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री रामकरण पटेल को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला- सतना (म०प्र०) से प्राप्त पत्र कमांक / 1883 / स्था. निर्वा,/ न.पा.नि. / 2014 , दिनांक 19/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी , श्री रामकरण पटेल द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए । निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी श्री रामकरण पटेल को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/3/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना से चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2018 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे , पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
न्यायहित में आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री रामकरण पटेल के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , (स्थानीय निर्वाचन) जिला सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 29/06/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय , भोपाल में दिनांक 09/07/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थितहोने हेतु कहा गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
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जिले के पत्र कमांक/ 238 / स्था. निर्वा./ न.पा/ 2019 , दिनांक 04/07/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को निर्धारित सुनवाई तिथि से पूर्व प्राप्त हो गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री रामकरण पटेल व्यक्तिगत सुनवाई में अनुपस्थित रहे । दिनांक 08/07/2019 को अभ्यर्थी, श्री रामकरण पटेल की ओर से आयोग को अभ्यावेदन प्राप्त हुआ । प्राप्त अभ्यावेदन में अभ्यर्थी, श्री पटेल द्वारा अस्वस्थतावश सुनवाई में उल्लेख के साथ इस बात की जानकारी दी गई कि उनके द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा की समस्त जानकारी एवं अभिलेख जिला निर्वाचन कार्यालय , सतना में पूर्व में उपलब्ध कराने के लेख के साथ पावती उनके पास नहीं होने का भी उल्लेख किया गया । निर्वाचन व्यय लेखा अभ्यर्थी, श्री पटेल द्वारा किस तिथि को तथा किसके समक्ष प्रस्तुत किया गया इसका उल्लेख अभ्यावेदन में कहीं नहीं किया गया है । अतः बिना किसी तथ्य और प्रमाणों के अभ्यर्थी, श्री पटेल का यह कहना कि उनके द्वारा निर्वाचन व्यय लेखा पूर्व में ही प्रस्तुत किया गया है, समाधानकारक नहीं होने से स्वीकार करने के योग्य नहीं है ।
अभ्यर्थी, श्री रामकरण पटेल द्वारा म०प्र ० राजपत्र (असाधारण) निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई , 2014 की कंडिका-07 के अनुसार अपने निर्वाचन व्यय लेखे 04 वर्ष से अधिक की समयावधि के व्यतीत होने के बावजूद भी नियत समयावधि में जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री रामकरण पटेल के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री रामकरण पटेल को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम , 11 - क के अधीन नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार , हस्ता./-
(सुनीतात्रिपाठी ) सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
भोपाल , दिनांक 27 अगस्त 2019
आदेश
कमांकः एफ-87-105/15 / 11 / 1386 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला-रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री वीरेन्द्र चौरसिया भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32-ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री वीरेन्द्र चौरसिया को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी , जिला सतना (म०प्र०) से प्राप्त पत्र कमांक / 1883 / स्था.निर्वा,/न.पा.नि. / 2014, दिनांक 19/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री वीरेन्द्र चौरसिया द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी श्री वीरेन्द्र चौरसिया को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/3/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना से चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2018 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे , पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
न्यायहित में आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री वीरेन्द्र चौरसिया के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन) जिला- सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 29/06/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 09/07/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थितहोने हेतु कहा गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
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जिले के पत्र क्रमांक/238 / स्था. निर्वा./न.पा/ 2019, दिनांक 04/07/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को निर्धारित सुनवाई तिथि से पूर्व प्राप्त हो गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री वीरेन्द्र चौरसिया व्यक्तिगत सुनवाई में अनुपस्थित रहे और न ही इस अनुपस्थित बावत् कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । अभ्यर्थी, श्री वीरेन्द्र चौरसिया द्वारा म०प्र० राजपत्र (असाधारण) निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 की कंडिका-07 के अनुसार अपने निर्वाचन व्यय लेखे 04 वर्ष से अधिक की समयावधि के व्यतीत होने के बावजूद भी नियत समयावधि में जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए । उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री वीरेन्द्र चौरसिया के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है ।
अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री वीरेन्द्र चौरसिया को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम , 1994 के नियम , 11 -क के अधीन नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी )
सचिव, मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
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भोपाल , दिनांक 27 अगस्त 2019
आदेश
कमांकः एफ-87-105/ 15 / 11 / 1387 :: मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा- 32- क के अनुसार अध्यक्ष के निर्वाचन में भाग लेने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिये यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन संबंधी उस समस्त व्यय का, जो उसने स्वयं या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने, नाम निर्दिष्ट होने की तारीख से निर्वाचन के परिणाम की घोषणा की तारीख की अवधि के बीच उपगत किया हो या उपगत करने के लिए प्राधिकृत किया हो, पृथक और सही लेखा रखेगा या अपने निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखवाएगा । मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ख के अनुसार अध्यक्ष का निर्वाचन लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए यह अनिवार्य है कि वह निर्वाचन की तारीख से 30 दिन के अन्दर अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित अधिकारी के पास दाखिल करेगा ।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी "निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश 2014" म.प्र. राजपत्र (असाधारण) दिनांक 10/7/2014 में प्रकाशित हुआ है । उसमें यह निर्दिष्ट किया गया है कि निर्वाचन व्ययों का लेखा विहित अवधि में तथा विनिर्दिष्ट प्रोफार्मा में जिला निर्वाचन अधिकारी के पास दाखिल किया जाएगा ।
माह दिसम्बर, 2014 में संपन्न नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला- रीवा के अध्यक्ष के आम निर्वाचन में श्री संतोष पिता भगवानदीन भी अध्यक्ष पद के अभ्यर्थी थे । इस नगर परिषद् के निर्वाचन का परिणाम दिनांक 07/12/2014 को घोषित हुआ । मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 32- ख के अनुसार निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तारीख से 30 दिन के अन्दर अर्थात् दिनांक 05/01/2015 तक अभ्यर्थी श्री संतोष पिता भगवानदीन को अपने निर्वाचन व्ययों का लेखा जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास दाखिल करना था ।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला सतना (म०प्र०) से प्राप्त पत्र कमांक/ 1883 / स्था. निर्वा, /न.पा.नि. / 2014 , दिनांक 19/01/15 के संलग्न प्रेषित परिशिष्ट- छत्तीस के अनुसार अभ्यर्थी, श्री संतोष पिता भगवानदीन द्वारा अपने निर्वाचन व्ययों के लेखे ही प्रस्तुत नहीं किए गए ।
निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत न करने के परिणामस्वरूप , अभ्यर्थी श्री संतोष पिता भगवानदीन को आयोग की ओर से कारण बताओ नोटिस दिनांक 05/3/15 जारी कर नोटिस तामीली की द्वितीय मूल प्रति के साथ अन्य जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना से चाही गई । वांछित जानकारी अप्राप्त होने की दशा में जिले को वर्ष 2018 तक स्मरण पत्र जारी किये जाते रहे, पर आयोग को प्राप्त नहीं हो सकी ।
न्यायहित में आयोग द्वारा अभ्यर्थी, श्री संतोष पिता भगवानदीन के लंबित निर्वाचन व्यय लेखों पर अंतिम निर्णय लिए जाने हेतु एवं अभ्यर्थी का पक्ष सुनने हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, (स्थानीय निर्वाचन ) जिला- सतना के माध्यम से अभ्यर्थी को नोटिस दिनांक 29/06/2019 जारी कर आयोग मुख्यालय, भोपाल में दिनांक 09/07/2019 को पूर्वान्ह 11.00 बजे व्यक्तिगत सुनवाई में उपस्थित होने हेतु कहा गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 27 अगस्त 2019
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जिले के पत्र कमांक/238 / स्था. निर्वा./न.पा / 2019, दिनांक 04/07/2019 के संलग्न अभ्यर्थी को जारी नोटिस की तामीली की प्रति आयोग को निर्धारित सुनवाई तिथि से पूर्व प्राप्त हो गई थी ।
अभ्यर्थी, श्री संतोष पिता भगवानदीन व्यक्तिगत सुनवाई में अनुपस्थित रहे और न ही इस अनुपस्थित बावत् कोई अभ्यावेदन आदि ही आयोग को प्राप्त हुआ । अभ्यर्थी, श्री संतोष पिता भगवानदीन द्वारा म०प्र० राजपत्र (असाधारण ) निर्वाचन व्यय (लेखा संधारण और प्रस्तुति) आदेश दिनांक 10 जुलाई, 2014 की कंडिका-07 के अनुसार अपने निर्वाचन व्यय लेखे 04 वर्ष से अधिक की समयावधि के व्यतीत होने के बावजूद भी नियत समयावधि में जिला निर्वाचन अधिकारी, सतना के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए ।
उपरोक्त विवेचना से स्वयमेव स्पष्ट है कि अभ्यर्थी श्री संतोष पिता भगवानदीन के पास 04 वर्ष से अधिक की समयावधि व्यतीत हो जाने के बाद भी अपने निर्वाचन व्यय लेखे जिला निर्वाचन अधिकारी , सतना के पास प्रस्तुत नहीं करने का कोई न्यायोचित एवं समाधानकारक कारण नहीं है । अतः निर्वाचन व्यय लेखे प्रस्तुत नहीं करने की इस असफलता के लिए अभ्यर्थी, श्री संतोष पिता भगवानदीन को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 32- ग के उपबन्धों सहपठित म.प्र. नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 के नियम, 11-क के अधीन नगर परिषद्, न्यूरामनगर, जिला- सतना का अध्यक्ष या पार्षद चुने जाने हेतु आदेश जारी होने की तिथि से 05 (पांच) वर्ष की कालावधि के लिए निरर्हित (अयोग्य) घोषित किया जाता है ।
राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेशानुसार, हस्ता./- (सुनीतात्रिपाठी )
सचिव,
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग, भोपाल.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2019.