Servants of Knowledge
Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र के लिए विकाश योजना का प्रारूप........

Published 01 October 2019

Department
नगरीय विकास एवं आवास
Type
Extraordinary
Gazette no.
407
Identifier
in.gazette.madhya.2019-10-01.407.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

मध्यप्रदेश

शासन

इसे वेबसाईट www.govtpressmp.nic.in से भी डाउन लोड किया जा सकता है.

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल , मंगलवार, दिनांक 1 अक्टूबर 2019-आश्विन 9 , शक 1941

क्रमांक 407]

नगरीय विकास एवं आवास विभाग

मंत्रालय , वल्लभ भवन , भोपाल संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश, भोपाल "कचनार " , ई-5 , पर्यावरण परिसर , अरेरा कालोनी, हबीबगंज पुलिस थाना के पास , भोपाल .

भोपाल, दिनांक 30 सितम्बर 2019 क्र.-5830-अमृत-वि.यो.-01 - नग्रानि-2019.-

सूचना

एतद् द्वारा यह सूचना दी जाती है कि ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र के लिए विकास योजना का प्रारूप म.प्र नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 (क. 23 सन् 1973 ) की धारा 18 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार दिनांक 30.09.2019 को निम्नानुसार प्रकाशित किया गया है, इसकी एक प्रति संचालनालय की वेब साइट-

www.mptownplan.gov.in/plan_khandwa.html/Amrut/Omkareshwar.pdf पर तथा कार्यालयीन समय में निम्नलिखित कार्यालयों में निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं 1. आयुक्त, इंदौर संभाग , इंदौर

2. जिला कलेक्टर , खंडवा

3. मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद, ओंकारेश्वर

4. उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय खंडवा, म.प्र.

यदि कोई आपत्ति या सुझाव प्रारूप विकास योजना के संबंध में हों, उसे लिखित रूप में उप संचालक , नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय, खंडवा में इस सूचना के म.प्र. राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से 30 दिन की अवधि का अवसान होने के पूर्व, सम्यक विचार हेतु प्रस्तुत किया जा सकता है ।

राहुल जैन, संचालक,

813 814

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

भोपाल, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

क्र.-एफ- 03-47-2019-अठारह-5.- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड (3 ) के अनुसरण में, संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश की सूचना क्रमांक-5830-अमृत - वियो-01-नग्रानि-2019 , दिनांक 30 सितम्बर 2019 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शुभाशीष बैनर्जी, उपसचिव.

Bhopal, the 30th September 2019 No. - 5830 -Amrut.D.P. -01 -TCP -2019.-

NOTICE

Notice is hereby given that the Draft Development Plan for omkareshwar Planning area has been published as under on 30.09-2019 in accordance with the provisions of sub - section [1 ] of Section 18 of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam , 1973 ( No.23 of 1973 ) , a copy thereof is available for inspection on Directorate's website www.mptownplan.gov.in/plan_khandwa.html/Amrut/Omkareshwar.pdf and at following offices during office hours namely -

1- Commissioner, Indore Division , Indore

2- Collector, District- khandwa

3- ChiefMunicipal officer, Nagar Parishad , Omkareshwar

4- Deputy Director , Town and Country Planning, District office , khandwa If there be any objection or suggestion with respect to the said Draft Plan , the same may be submitted in writing to the Deputy Director, Town and Country Planning, Khandwa , before the expiry of thirty days from the date of publication of this notice in the Madhya Pradesh Gazette for due consideration .

RAHUL JAIN , Director .

814(1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

ओंकारेश्वर

विकास योजना-2031 (प्रारूप)

संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश भोपाल मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(2)

प्रस्तावना

ओंकारेश्वर नर्मदा नदी के तट पर बसा हुआ एक प्राचीन नगर है । ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग , भारत वर्ष में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है । विंध्याचल पर्वत की पहाड़ियों के मध्य तथा नदियों से घिरा होने के कारण इसका प्राकृतिक सौंदर्य रमणीय हैं । निवेश क्षेत्र के अंदर सघन वन क्षेत्र भी विद्यमान है, जिसके कारण भावी जनसंख्या के मान से विकास हेतु भूमि बहुत ही सीमित मात्रा में उपलब्ध है ।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा ओंकारेश्वर को पवित्र नगर घोषित किया गया है, जिसके लिए विभिन्न विभागों के सहयोग से, विकास प्रस्ताव तैयार किए गए हैं । ओंकारेश्वर नगर में प्रतिदिन हजारों तीर्थयात्री आते हैं । विशेष धार्मिक पर्वों पर यहाँ लाखों की संख्या में तीर्थयात्रियों का आगमन होता है । विशेषकर 12 वर्षों में एक बार उज्जैन में सिहंस्थ पर्व पर देश-विदेश से धार्मिक श्रद्धालु लाखों की संख्या में प्रतिदिन ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने आते हैं । अतएव तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए ही नगर विकास के प्रस्ताव किए गए हैं । ओंकारेश्वर विकास योजना भावी जनसंख्या वर्ष 2031 को लक्षित वर्ष मानकर भावी जनसंख्या 25,000 तथा धार्मिक पर्वों पर लाखों की संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए तैयार की गई है ।

केन्द्र सरकार की अमृत योजना की GIS आधारित मास्टर प्लान की उपयोजना के अन्तर्गत, ओंकारेश्वर शहर की विकास योजना में सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली तथा अमृत मानकों का उपयोग किया गया है । इन प्रणालियों के माध्यम से प्राप्त डाटा अत्यंत विश्वसनीय एवं समयानुकूल होकर नियोजन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने में भी सहायक होते हैं । अतः विकास योजना तैयार करने के इस कार्य में राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र, हैदराबाद तथा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल के वैज्ञानिकों का भी सहयोग लिया गया है । इस कार्य में कलेक्टर खंडवा, नगर परिषद ओंकारेश्वर, लोक निर्माण विभाग, म०प्र० पर्यटन विभाग, म०प्र ०प०क्षे०वि०वि०क०लि० एन०एच०डी०सी० एवं अन्य संबंधित विभागों एवं नगर के वरिष्ठ विशेषज्ञों का सक्रिय सहयोग रहा है ।

ओंकारेश्वर विकास योजना 2031 (अमृत), जनसामान्य से आपत्ति/ सुझाव आमंत्रित करने हेतु प्रकाशित की जा रही है । मुझे आशा है कि, नागरिकगण अपने व्यवहारिक एवं रचनात्मक सुझावों को प्रस्तुत करेंगे ताकि, इस योजना को अंतिम रूप देकर प्रभावशील किया जा सके।

(राहुल जैन) 24/09/19 संचालक

नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश भोपाल 814(3)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

ओंकारेश्वर विकास योजना (2031 )

योजना दल

अपर संचालक

बी.एन.त्रिपाठी

संयुक्त संचालक

एस. के. मुदगल

उप संचालक (प्रभारी)

कविता नागर (सहायक संचालक)

कर्मचारीगण

अनूप कुमार खेरदे (उपयंत्री)

जितेन्द्र खतवासे (सहायक ग्रेड- III)

बी.एस. भाटिया (शोध सहायक) श्रीमती शीतल सिंगोरिया (स्टेनोटाईपिस्ट) समय-समय पर योजना दल से सम्बद्ध अधिकारीगण / कर्मचारीगण

संयुक्त संचालक

डॉ. अमित कुमार गजभिये

सहायक संचालक

श्रीमति इन्दु त्रिपाठी

योगेश पाठक(सी. प्रोजेक्ट फेलो) मानसी गुज्जेवार (कम्प्यूटर ऑपरेटर) श्रीमती शताक्षी मिश्रा (स. सूचना अधिकारी) राकेश कुमार मरकाम (स. सूचना अधिकारी)

म.प्र.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (LU & USD ) का दल

डॉ. विवेक कटारे हैड, प्रिंसीपल सांईटिस्ट, श्याम अवतार अग्रवाल प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर.

डॉ.देवानु भटनागर प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर, (अमृत) दयाराम राजपूत रिसर्च एसोसिएट, मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

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भाग

1

समस्याओं का विश्लेषण

अध्याय-1

नियोजन दृष्टिकोण एवं कार्यप्रणाली भूमि, सम्पूर्ण पर्यावरण का एक घटक है एवं मानव बस्तियां बसाने हेतु भूमि की आवश्यकता होती है । जिस भूमि पर नगर की बसाहट है, उसका संलग्न भूमि पर हुआ प्रभाव , जो भूमि उपयोग परिवर्तन के फलस्वरूप होता है, इस बात का प्रमाण है कि पर्यावरण के इस महत्वपूर्ण घटक , अर्थात भूमि का उपयोग मानव सभ्यता द्वारा नियोजित दृष्टिकोण से किया है अथवा नही । नगरीय क्षेत्र के अध्ययन एवं विश्लेषण से स्पष्ट है कि, द्रुतगति से एवं नियोजन सिद्धांतों के विपरीत नगरीय क्षेत्र का बेतरतीब फैलाव , जनसंख्या वृद्धि का दबाव , इसका मुख्य कारण है । जिसके फलस्वरूप अधोसंरचना सुविधाओं में कमी आयी है । नगर की भौगोलिक संरचना के कारण जैसे कि ओंकारेश्वर में स्थित पहाड़ियों, नर्मदा एवं कावेरी नदी के कारण समतल भूमि कम उपलब्ध होने से विकास प्रभावित हुआ है ।

अतः पर्यावरण की दृष्टि से नगर नियोजन एवं भूमि का उपयोग सुसंगत आधार पर किया जाना चाहिये । उपरोक्त संदर्भ में नगर की विकास योजना के पुनरीक्षण के समय आवश्यकता अनुसार संशोधन, जनसंख्या वृद्धि तथा नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने की दृष्टि से किया जाता है ।

ओंकारेश्वर की विकास योजना , मूलतः नगर के सुनियोजित विकास हेतु तैयार की गई है । मांधाता में, पवित्र ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मन्दिर एवं परिक्रमा पथ है । इस क्षेत्र में पहुँच हेतु पैदल पुल के अतिरिक्त अन्य कोई पहुँच मार्ग न होने से , इस क्षेत्र को तीर्थ यात्रियों की सुख सुविधाओं के लिए संरक्षण कर, धार्मिक गतिविधियों के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है । गोदड़पुरा का अधिकांश भाग , संरक्षित वन एवं जलाशय में होने तथा नर्मदा परियोजना की मुख्य नहर यहां से गुजरने के कारण , नगरीय विकास के लिए बहुत ही कम भूमि उपलब्ध है । केवल मोरटक्का मार्ग पर ही भावी विकास हेतु भूमि उपलब्ध है । विकास योजना में नगरीय आबादी का विकास इस तरह सुनियोजित किया गया है कि, धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आपसी समन्वय विकल्पों के साथ बना रहे एवं नगर के धार्मिक विरासत को संरक्षित किया जा सके ।

भारत सरकार द्वारा " Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " (AMRUT) योजना की शुरूआत जून 2015 में राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में देश के सभी शहरों में परिवारों को बुनियादी सेवायें अर्थात जल- आपूर्ति, सीवरेज कनेक्शन , बिजली , शहरी परिवहन, हरित क्षेत्र इत्यादि मुहैया कराने एवं सेवा- सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अधोसंरचना का सृजन करना है, जिससे 814(5)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

सभी व्यक्तियों, विशेषतः गरीबों और वंचितों के जीवन स्तर में सुधार होगा । इस योजना की उपयोजना के अन्तर्गत मध्य प्रदेश के चयनित 34 शहरों की विकास योजनाओं में सुदूर संवेदन (रिमोट सेसिंग ) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई.एस. तकनीकी) का उपयोग कर, विकास योजना तैयार करने के मापदण्ड (Design & Standards ) दिये गये है ।

विकास योजनाऐं तैयार करने हेतु सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग ) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई.एस. तकनीक) का महत्वपूर्ण योगदानं है । इन पद्धतियों से भूमि उपयोग , सर्वेक्षण तथा विभिन्न प्रकार के आकड़ों का संकलन तथा विश्लेषण कम समय में, विश्वसनीय एवं वैज्ञानिक तरीके से किया जा सकता है एवं भावी नियोजन हेतु विभिन्न प्रकार के विकल्प उपलब्ध कराये जा सकते हैं । इसके आधार पर नियोजकों को सर्वश्रेष्ठ विकल्प का चयन कर भावी विकास हेतु भूमि उपयोगों को प्रस्तावित करने में तथा विकास मापदण्डों को निर्धारित करने में आसानी होती है । 1.1 नियोजन हेतु प्रयास :

ओंकारेश्वर, विंन्ध्य एवं सतपुड़ा पर्वतमाला के मध्य स्थित है । नर्मदा नदी इस पर्वतमाला के मध्य से प्रवाहित होकर मांधाता और गोदड़पुरा क्षेत्रों में विभक्त करती है । भौगोलिक दृष्टिकोण से नर्मदा एवं कावेरी नदी का यह संगम स्थल है । जो कि विंध्य की पहाड़ियों के मध्य " ऊँ " के आकार में प्रवाहित होती है । नगर की भौगोलिक संरचना के कारण समतल भूमि सीमित है, जिससे नगर का विकास प्रभावित हुआ है । ओंकारेश्वर विकास योजना-2021 , वर्ष 2006 में प्रकाशित की गई थी जिसका मध्यावधि पुनर्विलोकन वर्ष 2017 में किया गया है । उक्त विकास योजना में ओंकारेश्वर नगर के विकास की रूप रेखा प्रस्तावित की गई थी । ओंकारेश्वर नगर के विकास के संदर्भ में उपांतरित ओंकारेश्वर विकास योजना-2021 का प्रकाशन किया गया है, जो वर्तमान में अंगीकृत होकर प्रभावशील है । विकास योजना (प्रारूप )-2031 तैयार करने हेतु, नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम-1973 के अंतर्गत गठित समिति के माध्यम से प्राप्त निर्देश एवं सुझाव / आपत्ति प्राप्त कर, शहरी और क्षेत्रीय विकास योजना, निर्माण एवं कार्यान्वयन (URDPFI ) दिशा- निर्देश के मार्गदर्शक सिद्धांतों का विकास योजना में समावेश किया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

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विकास योजना में निहित प्रस्तावों के अंतर्गत नगर का विस्तार , विकास योजना, क्रियान्वयन की पद्धति, जो नागरिकों के सक्रिय सहभागिता पर आधारित है, एवं नियोजित विकास प्रक्रिया को समाहित किया गया है । विकास योजना में अन्य विभागों के स्वीकृत विकास के प्रस्तावों को भी गुण दोषों के आधार पर समायोजित किया गया है । क्रियान्वयन की दृष्टि से, विशिष्टता के आधार पर यह प्रस्ताव है कि, भूमि के बड़े भू-भाग को विस्तृत किया जावें तथा नागरिकों एवं यहाँ आने वाले यात्रियों को सार्वजनिक सेवा एवं सुविधाऐं उपलब्ध हो ।

1.2 नियोजन प्रस्ताव :

नियोजन की अवधारणा में, समयानुसार बदलाव आया है एवं विकास योजना तैयार करना, अब संतुलित विकास पर केन्द्रित है । ओंकारेश्वर विकास योजना तैयार करते समय , अमृत योजना की रूपरेखा एवं मानकों के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक आकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण कर प्रस्ताव किये गये है ।ओंकारेश्वर विकास योजना 2031 में निम्न उद्देश्यों/ लक्ष्यों को दृष्टिगत रखते हुए तैयार की गई है:-

1. भूमि का समुचित एवं सक्षम उपयोग ।

2. कुशल यातायात प्रणाली का विकास, जिससे नागरिक एवं तीर्थयात्री अपनी यात्रा सुरक्षित एवं द्रुतगति से कर सकें ।

3. नगरीय गतिविधियों से सामंजस्य पूर्ण , वाणिज्यिक उपयोग हेतु भूमि का प्रावधान ।

4. मूलभूत सेवा सुविधाओं का विकास ।

5. प्राकृतिक भू- दृश्यीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण ।

6. पुराने ऐतिहासिक / धार्मिक मन्दिर एवं पुरातत्वीय महत्व की धरोहरों का संरक्षण ।

7. वाहन विराम स्थलों के प्रावधान ।

8. धार्मिक आयोजन हेतु नवीन मेला मैदान के प्रावधान ।

9. नर्मदा के तटों पर सौन्दर्यकरण (River Side Beautification ) |

10. आपदा प्रबंधन हेतु सुझाव ।

1.3 अमृत मानकों के अनुसार, विकास योजना तैयार करने में सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग :

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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

1.3.1 अमृत योजना

भारत सरकार द्वारा "Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " (AMRUT ) योजना की उपयोजना के अन्तर्गत देश के 500 चयनित शहरों की विकास योजनाओं में सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग ) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई.एस. तकनीकी) का उपयोग करना सुनिश्चित किया गया है । इन 500 शहरों में मध्य - प्रदेश के 34 शहरों का चयन किया गया है , जिसमें एक ओंकारेश्वर शहर भी सम्मिलित है । इस योजना के मुख्य उद्देश्य है :-

भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करते हुए भूमि उपयोग मानचित्र एवं जियोरिफरेंस आधार पर मानचित्र तैयार करना ।

अमृत योजना के अन्तर्गत चयनित शहरों को जी.आई.एस. आधारित विकास योजनाएं तैयार करना ।

1.3.2 सुदूर संवेदन :

इस अध्ययन तकनीक के अंतर्गत , राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र हैदराबाद से प्राप्त वर्ल्ड व्यू- II (World View - II ) उच्च आवर्धन उपगृह चित्रों का उपयोग , थीमेटिक मानचित्र तैयार करने हेतु किया गया है । उपग्रह चित्रों का उपयोग , अमृत योजना के अन्तर्गत आधार मानचित्र 1:4000 पैमाने पर तैयार करने हेतु किया गया । अमृत योजना में उपग्रह चित्रों के मानक, सारणी क्रमांक-1.3.2 में दर्शाये गये हैं ।

Table 1.3.2 : Raw Image Standards

Remarks

Value

Description

S. No

0.5 metres or Better

1 Spatial Resolution

IRband is optional 2

PAN Sharpened

Spectral Resolution

(Bands : Panchromatic , Red, Green , Blue and Near Infrared)

Band Less than 1/41/4th of pixel size

3

Band to registration

10 bit or better

4 Radiometry

5

Nearest Neighbourhood

Image Resampling

6

Plain Areas : Monoscopic

Highly Hilly areas : Stereoscopic

a. Monoscopic/ Stere oscopic

of Need Stereoscopic to be reviewed case by case . If the city is built on the terrain मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

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degrees.

Less than 10 degree from nadir

b . Monoscopic data View angle

In specific cases , maximum upto 15 degrees view angle shall be allowed c. Stereoscopic

Base to Height( B/H ) ratio: 0.6

One of the stereo image view angle should be less than 10 degrees from nadir

7 Product type

Ortho - kit data with RPCs

Image data should be associated with corresponding Rational Polynomial Coefficients (RPCs)

Format:

1. image data: Geo-tiff

1.3.3 भौगोलिक सूचना प्रणाली:

यह प्रणाली कम्प्यूटराईज पद्धति से सभी भौगोलिक जानकारियों को संयुक्त रूप से उपलब्ध कराती है , जिसका वैज्ञानिक विश्लेषण संभव है । भौगोलिक सूचना प्रणाली, प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण के व्यवस्थापन, एवं क्षेत्रीय योजना प्रस्ताव एवं अन्य भौगोलिक संदर्भ में निर्णय लेने में उपयोगी है । अमृत योजना में विभिन्न स्पेशियल लेयर्स ( spatial layers ) को क्लासेज एवं सब - क्लासेज ( classes and sub classes ) में विभाजित किया गया है । इनका उपयोग विकास योजना तैयार करने में किया गया है, जो कि सारणी क्रमांक 1.3.3 में दर्शाया गया है ।

Table- 1.3.3 GEO Spatial Data Content Standards

Classification based on Use & Attributes Spatial Layers

SI. No

Source for Spatial data generation

Classes

Sub Classes

16

3

I

Baselayers

Very High Resolution satellite data

1. Road

2. Bridges

3. Water bodies

22

48 II Urban Land Use/Land cover VeryHigh Resolution satellite data

46

16

III Building Footprints

Very High Resolution satellite data 814(9)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

PlanningAres

Отапати

26

252753325

Legend

PlanningAreaBoundary

OMKARESHWAR 1.3.2SATELLITEIMAGES

Landuse&UrbenSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

99.250507611251.51.7522.252.

Scale District-Khandes

WORLDVIEW-II,2016

LISS- SS-IV,2003

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

CARTOSAT,2012

LISS-III,2012 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(10)

1

1

IV Digital Elevation Model (DEM) CARTO DEM - NRSC , ISRO

Type : Digital Terrain Model (DTM)

1

V

State Revenue Department

Cadastral Layer

VI Boundaries

1

1

1. Planning boundaries Town& Country Plannimg

1

1

Urban Local Bodies

2. Municipal Boundaries

1

3. Hazard Prone Areas

NHDC , Department of Seismology

1.4 अध्ययन क्षेत्र एवं स्थिति:

प्राकृतिक सौम्यता एवं सुषमा की साकार मूर्ति, विन्ध्याचल तथा सतपुड़ा पहाड़ी के सुरम्य स्थल में, माँ नर्मदा नदी के तट पर स्थित, ओंकारेश्वर, भारत वर्ष में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है । यह खंडवा- इंदौर मीटर रेल लाईन पर स्थित मोरटक्का रेल्वे स्टेशन से 12 किमी. की दूरी पर स्थित है । प्रशासकीय दृष्टि से यह नगर खंडवा जिले में स्थित होकर इन्दौर राजस्व संभाग के अंतर्गत आता है । ओंकारेश्वर, शहर से इन्दौर शहर 77 कि.मी. एवं खंडवा नगर से 72 कि.मी. की दूरी पर स्थित है । भौगोलिक दृष्टि से यह स्थल 22° 13′ - 22° 15' उत्तर अक्षांश एवं 76°7' - 76° 11 ' पूर्वी देशान्तर रेखा के मध्य समुद्र सतह से लगभग 269 मीटर ऊँचाई पर स्थित है ।

1.5 क्रियान्वयन परिदृश्य:

विकास योजना 2021 , में क्रियान्वन की प्रक्रिया के अंतर्गत विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर नागरिकों की सक्रिय सहभागिता अर्जित करना था , किन्तु अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सके। यह विकास योजना, मुख्य रूप से निम्न बिन्दुओं के प्रबन्धन के अभाव में प्रभावित हुई है ।

1. विकास प्राधिकरण का गठन नहीं होना । संस्थागत संरचना के लिए भूमि आपूर्ति एवं नगरीय भूमि प्रबंधन व प्रक्रिया का अभाव ।

2. नगरीय अधोसंरचना के विकास के लिए स्थानीय निकाय के पास संसाधनों की पर्याप्त रूप से एवं समय पर अनुपलब्धता ।

3. स्थानीय निकाय द्वारा योजना प्रस्तावों का क्रियान्वयन नही करना ।

4. निवेश के लिए संस्थाओं को प्रोत्साहन करने में अपेक्षित प्रणाली के विकास का व । अभाव ।

5. पर्यावरण सुधार के लिए प्रबंधन का अभाव ।

6. योजना क्रियान्वयन का सतत् पर्यवेक्षण न होना ।

7. विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग के विपरीत विकास / निर्माण । 814(11)

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1.6 विकास योजना (2006-2021 ) के क्रियान्वयन का मूल्यांकन (2004-2015):

ओंकारेश्वर विकास योजना में 16,000 अनुमानित जनसंख्या को समाहित करने हेतु विभिन्न उपयोगों के अंतर्गत 105.00 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाना प्रस्तावित किया गया था । वर्ष 2015 के वर्तमान भूमि उपयोग सर्वेक्षण के अनुसार 77.58 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित हुआ जो प्रस्तावित विकास क्षेत्र का 73.88 प्रतिशत है । विकास योजना के सम्पूर्ण प्रस्तावों का क्रियान्वयन विभिन्न उपयोगों के अंतर्गत 27.42 हेक्टेयर कम रहा । विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन का भूमि उपयोग अनुसार विवरण सारणी 1.6 में दिया गया ।

सारणी -1.6: भूमि उपयोग मूल्यांकन (2004-2015)

क्षेत्रफल

भूमि उपयोग

क्रं.

क्रिन्यान्वयन का प्रतिशत

उच्चायुक्त (+) (+)

विकसित क्षेत्र

(हेक्टे.में)

5.59

88.15

41.59

47.18

आवासीय

1

8.49

32.51

4.09

12.58

वाणिज्यिक

2

8.15

160.96

21.52

13.37

3 सार्व. एवं अर्द्ध सार्वजनिक

15.5

0.31

1.69

2.0

4 सार्व उपयोगिताएँ एवं सेवाएँ

1.50

120.44

7.34

8.84

आमोद प्रमोद

5

5.46

21.3

1.23

22.53

6 यातायात एवं परिवहन

73.88

27.42

77.58

105.00

योग

स्त्रोत:- जी.आई.एस.आधारित विश्लेषण वर्ष 2015

उपरोक्त सारणी से यह ज्ञात होता है, कि विकास योजना के लगभग 73.88 प्रतिशत प्रस्ताव क्रियान्वित किये जा चुके है । कुछ भूमि उपयोगों का क्रिन्यान्वयन कम हुआ है । वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार नगर की जनसंख्या 10063 है । विभिन्न उपयोग मे अंतर्गत क्रियान्वयन की स्थिति निम्नानुसार है मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

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1.6.1 आवासीय:

विकास योजना 2021 में आवासीय क्षेत्र के अंतर्गत 47.18 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 41.59 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । अतः क्रियान्वयन का प्रतिशत, प्रस्तावित क्षेत्र का 88.15 प्रतिशत रहा है ।

1.6.2 वाणिज्यिक :

वाणिज्यिक क्षेत्र के अंतर्गत 12.58 हेक्टेयर भूमि का, विकास योजना 2021 में प्रस्ताव दिया गया था । विकास योजना अनुसार पंचवर्षीय पुनरीक्षित विकास योजना (2014) में क्रियान्वयन के अन्तर्गत विकसित क्षेत्र 4.09 हेक्टेयर भूमि ही विकसित हो पाई है , अर्थात् प्रस्तावित क्षेत्र का 32.51 प्रतिशत ही क्रियान्वयन हो पाया है ।

1.6.3 सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक :

इस उपयोग के अंतर्गत विकास योजना 2021 में 13.37 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी । इस उपयोग के अन्तर्गत विकास योजना में प्रस्तावित क्षेत्र से अधिक क्षेत्र पर क्रियान्वयन होकर विकास हुआ है । यह प्रस्तावित क्षेत्र कां 160.96 प्रतिशत है । 1.6.4 सार्वजनिक उपयोगिताएं एवं सेवाएं :

विकास योजना-2021 में सार्वजनिक उपयोगिताएं एवं सेवाएं उपयोग के अन्तर्गत 2.00 हेक्टेयर भूमि, प्रस्तावित की गई थी जिसमें से मध्यावधि पुनर्विलोकन विकास योजना में 0.31 हेक्टेयर भूमि का ही विकास हुआ है । जिसका क्रियान्वयन का प्रतिशत प्रस्तावित क्षेत्र का 15.50 प्रतिशत रहा है ।

1.6.5 आमोद- प्रमोद :

इस उपयोग के अंतर्गत ओंकारेश्वर विकास योजना 2021 में 7.34 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, इस उपयोग में विकास योजना में प्रस्तावित क्षेत्र से अधिक क्षेत्र का क्रियान्वयन होकर विकास हुआ है । यह प्रस्तावित क्षेत्र का 120.44 प्रतिशत है । 1.6.6 यातायात एवं परिवहन :

इस उपयोग के अंतर्गत 22.53 हेक्टेयर भूमि, यातायात के लिए प्रस्तावित की गई थी । जिसमें से 1.23 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जा चुका है । यातायात के अंतर्गत नया बस स्टैण्ड भी प्रस्तावित किया गया था , जिसका निर्माण पूर्ण किया जा चुका है । इस उपयोग के अंतर्गत प्रस्तावित क्षेत्र का 5.46 प्रतिशत क्षेत्र का क्रियान्वयन हुआ है । 814(13)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

1.7 विकास योजना (2016-2021 ) का क्रियान्वयन भूमि मूल्यांकन (2019) :

ओंकारेश्वर विकास योजना-2021 में 16,000 अनुमानित जनसंख्या की आवश्यकताओं को समाहित करने हेतु विभिन्न उपयोगों के अंतर्गत 105.00 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी । वर्ष 2016 में विकास योजना का मध्यावर्ती पुनर्विलोकन के किये जाने पर , पूर्व प्रस्तावित 105.00 हेक्टेयर भूमि में से 77.58 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास हुआ है, तथा इसमें से , शेष 27.42 हेक्टेयर अविकसित भूमि एवं 50.76 हेक्टेयर अतिरिक्त प्रस्तावित भूमि को सम्मिलित कर कुल 78.18 हेक्टेयर भूमि को नगरीय विकास के अंतर्गत प्रस्तावित की गई थी । अतः इस प्रकार विकास योजना 2016-2021 में कुल 155.76 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई ।

वर्ष 2019 के वर्तमान भूमि उपयोग सर्वेक्षण के अनुसार 128.55 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित हुआ है, जो प्रस्तावित क्षेत्र का 82.53 प्रतिशत रहा है । विकास योजना के सम्पूर्ण प्रस्तावों का क्रियान्वयन , विभिन्न उपयोगो के अंतर्गत 27.21 हेक्टेयर कम रहा है । विकास योजना प्रस्तावों के क्रियान्वयन का, भूमि उपयोग अनुसार विवरण , सारणी क्रमांक 1.7 में दर्शाया गया है । सारणी-1.7: प्रस्तावित भूमि उपयोग मूल्यांकन (2004-2019)

क्रं. भूमि उपयोग

प्रस्तावित क्षेत्रफल

क्रिन्यान्वयन का प्रतिशत

उच्चायुक्त (-) (+)

विकसित क्षेत्र

(हेक्ट. में)

81.57 1 आवासीय

7.85 2 वाणिज्यिक (मिश्रित)

32.83 3 सार्व. एवं अर्द्ध सार्वजनिक

0.31 4 सार्व उपयोगिताएँ एवं सेवाएँ

28.20 5 आमोद-प्रमोद

5.00 6 यातायात एवं परिवहन

155.76 योग

76.19 -19.42

62:15

125.22

+1.98

9.83 (2.37)

123.94

+7.86

40.69

2748.39

+8.21

8.52

-22.89

18.83 5.31

41.00

-2.95

2.05

82.53 -27.21

128.55 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (14)

1.7.1 आवासीय:

विकास योजना 2021 में आवासीय क्षेत्र के अंतर्गत 81.57 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें से 62.15 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । इस उपयोग में क्रियान्वयन का प्रतिशत, प्रस्तावित क्षेत्र का 76.19 प्रतिशत रहा है ।

i

1.7.2वाणिज्यिक :

वाणिज्यिक क्षेत्र के अंतर्गत 7.85 हेक्टेयर भूमि को, विकास योजना 2021 में प्रस्ताव दिया गया था । विकास योजना का वर्तमान भू- उपयोग सर्वेक्षण 2019 अनुसार क्रियान्वयन के अन्तर्गत विकसित क्षेत्र 9.83 हेक्टेयर भूमि विकसित हुई है, जो कि प्रस्तावित क्षेत्र से 1.98 हेक्टेयर भूमि का अधिक विकास कार्य हुआ है, अर्थात् प्रस्तावित विकास योजना के प्रस्ताव का 125.22 प्रतिशत विकास हुआ है ।

1.7.3 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक :

सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत विकास योजना 2021 में 24.68 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी योजना क्रियान्वयन में विकसित क्षेत्र का 164.87 हेक्टेयर हो गई है, जो कि प्रस्तावित क्षेत्र से 7.86 हेक्टेयर भूमि का अधिक विकास कार्य हुआ है, अर्थात प्रस्तावित क्षेत्र का 304.34 प्रतिशत विकास कार्य हुआ है । 1.7.4 सार्वजनिक उपयोगिताएं एवं सेवाएं :

विकास योजना में 0.31 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित भूमि प्रस्तावित की गई थी, जिसमें वर्ष 2019 तक विकास योजना में प्रस्तावित क्षेत्र से अतिरिक्त 8.21 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य हुआ है, अर्थात प्रस्तावित क्षेत्र का 2748.39 प्रतिशत विकास कार्य हुआ है ।

1.7.5 आमोद- प्रमोद :

आमोद - प्रमोद उपयोग के अंतर्गत ओंकारेश्वर विकास योजना 2021 में 28.20 हेक्टेयर भूमि प्रस्तातिव की गई, जिसमें से वर्ष-2019 तक विकास योजना में 5.31 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । ओंकारेश्वर शहर में अमृत योजना के अन्तर्गत दो उद्यानों को प्रस्तावित किया गया है जिसका कार्य प्रगति पर है । आमोद - प्रमोद के अंतर्गत प्रस्तावित विकास का 18.83 प्रतिशत क्षेत्र विकसित हुआ है । 814(15)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

1.7.6 यातायात एवं परिवहन:

इस उपयोग के अंतर्गत 5.00 हेक्टेयर भूमि यातायात के लिए प्रस्तावित की गई थी । यातायात के अंतर्गत नया बस स्टैण्ड भी प्रस्तावित किया गया था जिसका निर्माण किया जा चुका है । इस उपयोग के अंतर्गत 2.05 प्रतिशत क्षेत्र विकसित हुआ है । 1.8 क्रियान्वयन संस्थाओं द्वारा संपादित विकास कार्य :

1.8.1 ओंकारेश्वर नगर परिषद

ओंकारेश्वर नगर परिषद की, विकास योजना क्रियान्वयन में प्रभावी भूमिका है । नगर परिषद द्वारा निम्नलिखित प्रमुख विकास / निर्माण कार्य किये गये है-

मोरटक्का मुख्य मार्ग पर नवीन बस स्थानक का विकास ।

नवीन बस स्थानक के समीप ट्रेंचिग ग्राउण्ड का विकास ।

ज़ीरो पाईंट के समीप नवीन जल शोधन संयंत्र का निर्माण ।

शहर में विभिन्न स्थानों पर चार (4) मल शोधन संयंत्रों का निर्माण ।

नवीन बस स्थानक के समीप अग्निशमन केन्द्र की स्थापना ।

नवीन घाट से सन्यास आश्रम तक सीमेंट काँक्रीट मार्ग का निर्माण ।

1.8.2 लोक निर्माण विभाग :

लोक निर्माण विभाग की, विकास योजना क्रियान्वयन में प्रभावी भूमिका है, विभाग द्वारा निम्नलिखित विकास / निर्माण कार्य किये गये है-

नवीन बस स्थानक से नवीन घाट तक मार्ग का निर्माण

1.8.3 जल संसाधन विभाग:

जल संसाधन विभाग द्वारा निम्नलिखित विकास कार्य किये गये है-

नर्मदा नदी के किनारों पर नवीन घाट एवं संगम घाट का निर्माण

1.8.4 निजी संस्थाएं / विकासकर्ता:

निजी कॉलोनाईजर एवं विकासकर्ताओं द्वारा आवासीय भू- खण्ड़ों का विकास, आवासीय भवन एवं वाणिज्यिक दुकानों का निर्माण कार्य किया गया । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (16)

1.8.5 असंगत भूमि उपयोग की पुनर्स्थापना:

विकास योजना-2021 में, असंगत भूमि उपयोग को वर्तमान स्थल से अन्यत्र स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित किया गया था, यह कार्य अभी पूर्ण नही हुआ है । उपरोक्त जानकारी सारणी -1.8.5 में प्रस्तुत दी गई है ।

सारणी-1.8.5 असंगत भूमि उपयोग की पुर्नस्थापना एवं रिक्त भूमि का उपयोग क्र.

प्रस्तावित स्थल

क्रियान्वयन की स्थिति वर्तमान स्थल

असंगत भूमि उपयोग

रिक्त होने पर भूमि का उपयोग

6

4

3

5

2

1

खुला मैदान एवं मार्ग विस्तार क्रियान्वित नही जे.पी. चौक

1.

मोरटक्का मार्ग पर

प्रस्तावित

वाणिज्यिक क्षेत्र

जे.पी. चौक में आस-पास की दुकानें

जे.पी. चौक

2. सुलभ काम्पलेक्स

खुला मैदान एवं मार्ग विस्तार

अंशतः क्रियान्वित

उपलब्ध सुविधा जनक

स्थल

क्रियान्वित नही जे.पी. चौक

जाट धर्मशाला

3.

खुला मैदान एवं मार्ग विस्तार

मोरटक्का मार्ग पर

प्रस्तावित वाणिज्यक क्षेत्र

मार्ग विस्तार क्रियान्वित नही 4.

अन्नपूर्णा

मार्ग

अन्नपूर्णा मार्ग के किनारे नदी की ओर के समस्त निर्माण

मोरटक्का मार्ग पर

प्रस्तावित

वाणिज्यक/ आवासीय

क्षेत्र

क्रियान्वित नही

मार्ग विस्तार

5.

मोरटक्का मार्ग पर

प्रस्तावित आवासीय क्षेत्र

नरसिंह मार्ग

ब्रम्हपुरी क्षेत्र में नर्मदा किनारे के समस्तनिर्माण

क्रियान्वित नही

घाट विस्तार

गऊघाट

6.

गऊघाट की अस्थाई दुकानें

प्रस्तावित

वाणिज्यिक / आवासीय

क्षेत्र

क्रियान्वित नही

घाट विस्तार

गऊघाट

7.

प्रस्तावित पार्किंग स्थल

पर

गऊ घाट की पार्किंग

क्रियान्वित

पर्यावरण संरक्षण

शमशान घाट

8.

निरंजनी अखाड़े के पास

नदी प्रवाह के पश्चिम

की ओर सुविधाजनक

भूमि

क्रियान्वित नही 9.

सम्पूर्ण क्षेत्र ग्राम डुहकिया आबादी विस्तार क्षेत्र

झुग्गी झोपड़ियाँ अतिक्रमण

नियोजित पुनर्विकास

क्रियान्वित नही

पर्यावरण संरक्षण

10.

सम्पूर्ण क्षेत्र

मांधाता क्षेत्र की समस्त झुग्गी झोपड़ी

ग्राम डुहकिया आबादी

विस्तार क्षेत्र मोरटक्का

मार्ग

814(17)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

1.9 योजना अवधारणा:

ओंकारेश्वर, देश का प्रमुख धार्मिक स्थल है । मध्य प्रदेश शासन धर्मस्व विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ- 2-1 / 2001 / 6, भोपाल , दिनांक 03.02.2004 द्वारा " पवित्र" नगर घोषित किया गया है । ओंकारेश्वर नगर के भौतिक, धार्मिक एवं पर्यावरणीय स्वरूप को संरक्षित करने हेतु नियंत्रित विकास किया जाना आवश्यक है । नगर की धार्मिक , सांस्कृतिक , प्राकृतिक , वाणिज्यिक तथा पर्यावरणीय घटकों का आपसी समन्वय का विश्लेषण कर, सुनियोजित विकास की संभावनाओं को ज्ञात किया जाना आवश्यक है । नगर के प्राकृतिक संसाधनों, सामाजिक तथा आर्थिक परिवेश तथा अमृत योजना में प्रस्तावित नगरीय क्षेत्र के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर , ओंकारेश्वर विकास योजना 2031 के लिये विकास अवधारणा तैयार की गई है:-

मांधाता पहाड़ी क्षेत्र का संरक्षण करना ।

नगरों के मध्य एवं नगरीय क्षेत्र में सक्षम एवं सुगम यातायात संरचना । नगर के धार्मिक महत्व को देखते हुए , श्रद्धालुओं के लिए समुचित अधोसंरचना का विकास करना ।

शहर में मेला मैदान एवं अतिरिक्त पार्किंग के लिए स्थान निर्धारण ।

संपूर्ण नगरीय क्षेत्र के लिए एकीकृत जलप्रदाय एवं मलवहन प्रणाली का विकास, विशेषतः ऐसे क्षेत्रों में जो वर्तमान में प्राकृतिक रूप से असंबद्ध है एवं उपरोक्त दोनों सेवाओं से वंचित है ।

नैसर्गिक संसाधन एवं नगरीय धरोहरों का संरक्षण ।

पुरातात्विक महत्व के स्थलों का संरक्षण एवं उनका रखरखाव ।

नर्मदा नदी के किनारों एवं मांधाता पहाड़ी पर बसाहट को पुनर्स्थापित करना जिससे यातायात असुविधा एवं अतिक्रमण की समस्याएँ समाप्त हो ।

नगर की भौगोलिक विशेषताएँ एवं सांस्कृतिक सभ्यता का संरक्षण कर, नगर विकास प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय सहभागिता स्थापित करना । नगर के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से, प्रस्तावित दूरगामी प्रस्तावों को कायम रखना ।

जीवन पोषक मूल्यों का संरक्षण एवं पुर्न- उपयोग प्रक्रिया का समावेश करना ।

सुदूर संवेदन प्रणाली एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के विश्लेषण से प्राप्त संभावनाएँ एवं प्रतिरोध को आधार मानकर, प्रस्तावित विकास हेतु भूमि की उपयुक्तता का निर्धारण कर , विकास योजना के प्रस्ताव तैयार करना । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (18)

1.10 उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली:

विकास योजना प्रस्ताव तैयार करने का मुख्य उद्देश्य है , स्थायी एवं पूर्ण क्षमता- युक्त नगरीय उपलब्ध क्षेत्र का विकास करना । तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ एवं पर्यावरण की दृष्टि से सुसंगत विकास योजना तैयार करने हेतु, पर्यावरण के सभी घटकों पर विचार जो आज विद्यमान है, अर्थात नैसर्गिक पर्यावरण एवं भविष्य में होने वाली बसाहट जो अत्यावश्यक है । भूमि उपयोग मानचित्र के प्रावधान लचीले होना आवश्यक है , जिससे बदलती परिस्थितियों का समायोजन हो सके । अतः स्थायी एवं पूर्ण क्षमता - युक्त भूमि उपयोग तैयार करने , नगर एवं परिक्षेत्र हेतु प्राकृतिक , भौगोलिक , ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं पर विचार किया जाना चाहिये । इसके साथ ही , यह भी लक्ष्य रखा गया है कि प्रस्ताव, भूमि उपयोग क्षमता के आधार पर हो । एकीकृत विकास योजना तैयार करने हेतु निम्न लिखित घटकों के संबंध में विस्तृत जानकारी आवश्यक है-

धरातल विशेषताएँ :

भौतिक स्थिति, कंटूर , सामान्य अथवा अत्यधिक ढलान, भूगर्भ विशेषताएँ , मिट्टी की विशेषताएँ एवं गहराई , भूमिगत जल स्त्रोत, जलप्लवित क्षेत्र, सघन कृषि भूमि, वन क्षेत्र, जलीय जीवन , तापमान, हवा , बारिश एवं सूर्य के प्रवास का मार्ग ।

भूमि उपयोग वितरण :

नगरीय विस्तार , कृषि एवं अनुपयोगी भूमि, वन क्षेत्र के अधीन भूमि, उत्तम भू- दृश्यीकरण , स्थल , नगरीय भूमि उपयोग जैसे आवासीय , वाणिज्यिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध - सार्वजनिक, आमोद प्रमोद , यातायात, रिक्त क्षेत्र जो आगामी विकास हेतु उपलब्ध हैं, प्रत्येक उपयोगों के प्रकार एवं सघनता ।

जनसंख्या विशेषताएँ :

संख्या, आयु , लिंग , वितरण बढ़ने की प्रक्रिया विशेषताएँ, आव्रजन वितरण , आगामी जनसंख्या, जनसंख्या घनत्व, मजदूर एवं गैर मजदूर एवं व्यवसायिक संरचना ।

आर्थिक गतिविधियों :

कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य भूमि आधारित गतिविधियाँ, आर्थिक धरातल समस्याएँ एवं संभावनाएँ, वाणिज्यिक क्षेत्र का वितरण , व्यापार का आकार, स्थानीय संस्था की वित्तीय स्थिति, संस्थाएँ एवं आगामी विकास हेतु संभावनाएँ ।

यातायात विशेषताएँ :

814(19)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

वर्तमान सेवाओं के प्रकार एवं क्षमताएँ, माल वाहन, निजी वाहन, सार्वजनिक वाहन, सायकल पथ , पादचारी पथ, जलाशय , रेल्वे, वायु सेवा, केन्द्रीय सुविधायें एवं यातायात संरचना ।

आवास विशेषताएँ :

उपलब्ध संख्या एवं भवनों की स्थिति, सक्रिय आवश्यकता, झुग्गीवासियों की आवश्यकताएँ, एवं उसका निराकरण, भूमि तथा वित्तीय स्थिति ।

सार्वजनिक सेवाएँ :

पेयजल वितरण एवं आवश्यकता, मलवहन प्रणाली, विद्युत प्रदाय , संचार सेवाएँ ।

सार्वजनिक सुविधाएँ:

शैक्षणिक संस्थाएँ , आमोद प्रमोद क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाएँ , वाणिज्यिक क्षेत्र, पूजा/ अर्चना स्थल ।

अतः जो जानकारी एकत्रित की गयी है, वह एकीकृत प्रक्रिया के अंतर्गत, वर्ल्डव्यू- II ( World View - II ) उपग्रह चित्रों के आधार पर अमृत योजनानुसार निम्नलिखित उद्देश्य पर निर्धारित हैं ।

1.10.1 उद्देश्य:

भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करना

वर्ल्डव्यू- II (World View - II ) उच्च आवर्धन उपग्रह द्वारा प्राप्त जानकारी जो श्रेणी- II को दर्शाती है, नगरीय भूमि उपयोग का मानचित्र तैयार करना, जिसमें आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक, आमोद प्रमोद एवं यातायात भूमि उपयोग अंकित हो ।

बसाहट के विस्तार का मानचित्र

विभिन्न स्थितियों पर, उपग्रह से उपलब्ध जानकारी के आधार पर, नगर का विकास , क्रमशः विभिन्न समयावधि में हुआ है, का मानचित्र तैयार करना ।

संपूर्ण ओंकारेश्वर नगर के लिए यातायात मानचित्र तैयार करना ।

नैसर्गिक आपदाओं का, जैसे बाढ़, भूमि कटाव, भूकम्प से संबंधित क्षेत्र इत्यादि का मानचित्र तैयार करना ।

जल स्त्रोत , नैसर्गिक जल प्रवाह प्रणाली, जलाशय , ढलान , मिट्टी के प्रकार का मानचित्र तैयार करना ।

नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का मानचित्र तैयार करना एवं जिस भूमि का संरक्षण करना है, उसका मानचित्र पर अंकन करना । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (20)

प्रस्तावित भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करना ।

जनगणना के आंकड़ें

अनुमानित जनसंख्या का निर्धारण करने हेतु, भारत की जनगणना वर्ष 1961 , 1971 , 1981 , 1991 , 2001 एवं 2011 के आंकड़ों को विकास योजना में उपयोग किया गया हैं ।

1.10.2 कार्यप्रणाली:

ओंकारेश्वर नगर की अमृत योजना की उप- योजना के अनुसार जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करने हेतु, अंगीकृत कार्यप्रणाली, चित्र क्रमांक-1.10.2 में प्रस्तुत है । अमृत योजना के अन्तर्गत एन.आर.एस.सी. हैदराबाद से प्राप्त, स्थल मानचित्र जिसमें उपग्रह चित्र के साथ बिल्डिंग फुटप्रिंट अंकित थे, का स्थल पर सत्यापन कर, अमृत मानकों के अनुसार आंकड़ें एकत्रित कर, सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर जी.आई.एस. आधारित विकास योजना हेतु, आधार मानचित्र तैयार किया गया । विकास योजना तैयार करने हेतु कार्यप्रणाली विवरण को चित्र क्रमांक 1.10.2 में दर्शाया गया है ।

Ancillary data

World View II Satellite Data

GIS Layers

Demography & Socia

Economicdata

Acts&Rules

Population Projection

Data Vetting and Correction

T&CP Act 1973

ThematicMapping

Infrastructure

MP Bhumi Vikas Niyam2012

Geomorphology

AMRUT Guideline

Urban Sprawl

↓

Landuse

URDPFI Guidelines

Soil

GAPAnalysis

Land Allocation

Slope

DrainageBuffer

Weightage Analysis

Comprehensive Urban land Suitability Map

Sultability Index

Land Available for Planning

Proposed Landuse Allocation

DraftDevelopment Plan

चित्र क्र 1.10.2: अंगीकृत कार्यप्रणाली

814(21)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

1.10.2.1 जनसंख्या आंकलन पद्धति:

सन् 2031 की भावी जनसंख्या के आंकलन करने हेतु, वर्ष 1961 से 2011 तक की जनगणना जानकारी एकत्र की गई , एवं विभिन्न सांख्यिकी पद्धति के आधार पर { ( I ) अंक गणितीय वृद्धि पद्धति (II) ज्यामितीय वृद्धि पद्धति ( III ) दरवृद्धि पद्धति ( IV) घातांकीय पद्धति (V) अनुपातिय पद्धति प्रगणित की गई है ।

1.10.2.2 अमृत मानकों की व्याख्या:

अमृत मानकों के अनसार, शहर के विभिन्न विभागों से आंकड़ें एकत्रित किये गये , जो परिशिष्ट 1.1 में दर्शाये गये है । इन आंकड़ों में शहर की भौगोलिक जानकारी , जनसांख्यिकी आंकड़ें , औद्योगिक पहलु, अधोसंरचना जिसमें शैक्षणिक , स्वास्थ्य, संचार, इत्यादि सम्मिलित है । जल प्रदाय , जल- मल निकास , ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, परिवहन, पर्यावरण , पुरातत्व , पर्यटन , राजस्व आदि से संबधित इत्यादि जानकारी सम्मिलित है ।

1.11 थिमेटिक मानचित्रीकरण (Thematic Mapping ) :

विकास योजना तैयार करने हेतु किए जाने वाले विश्लेषण में उपयोग किए जाने बाबत् विभिन्न थिमेटिक मानचित्र तैयार किए गये है जिसकी कार्यप्रणाली आकृति चित्र क्रमांक-1.10.2 में स्पष्ट की है ।

1.11.1 यातायात संरचना मानचित्र:

अमृत योजना के मानकों के आधार पर उपग्रह चित्र आधारित वर्तमान यातायात मानचित्र तैयार किया गया, जिसमें निम्न मानकों को आधार मानकर वर्गीकृत किया गया है, जिसे सारणी क्रमांक -1.11.1 में दर्शाया गया है ।

Table- 1.11.1 Road : Geo- Spatial Data Content

SUB-CLASS

CLASS

CODE

S.No

01-09

Major City Roads

Other Public Roads

01-11

Road

01-12

1

Other Private Roads

01-15

Villageroads

01-16

Footpath

Table- 1.11.1.A : Bridges /Flyovers -Geo - Spatial Data Content

SUB-CLASS

CLASS

CODE

S.No

Culvert

03-01

3

Bridges

03-03

Bridge across river मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (22)

1.11.2 भूमि उपयोग / भूमि आच्छादन मानचित्र :

एन.आर.एस.सी. से प्राप्त उच्च आवर्धन उपग्रह चित्रों पर आधारित बिल्डिंग फुटप्रिंट के उपयोग को आधार मानकर , ओंकारेश्वर शहर का वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र , स्थल सत्यापन के उपरांत तैयार किया गया । भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करते समय , अमृत योजना में दिए गये वर्गीकरण प्रणाली को अंगीकृत किया गया । अमृत योजना के अंतर्गत नगरीय भूमि उपयोग वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 1.11.2 में उल्लेखित है:-

Table- 1.11.2 : Building Footprint_Geo Spatial Data Content

CODE S.No

06-04

06-05

1

07-01

07-03

2

07-04

07-13

3

09-01

10-01

4

10-05

11-01

11-02

5

11-04

6

12-01

12-02

7

13-01

8

15-02

9

15-05

15-06

SUB- CLASS CLASS

House

Residential

Group ofHouses

Retail

General Business

Commercial

Hotel/ Lodge/ Restaurant

Hostel

Mixed

Residential & Commercial

School

Educational

Anganwari

Govt. Hospital

Health Services PrivateHospital

Clinic/Dispensary

Office

Central Govt. Property

Quarter

State Govt.

Office

Property

Banks

Police Station

Public & Semi- public

Cantonment/Battalion 814(23)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

41

OMKARESHWAR

02

Legend

015

Transportation

Recreational

Educational

Waterbody

Commercial

Residential

MunicipalAreaBoundary

Religious

Heritago

Others VillageBoundary

CentralStateGovt.Property

PublicUtilitiesFacilities

Landuse&UrbanSurveyDivision

Trafficrelated

HealthServices

Road

Public&Semi-public

Mixed

Rural

1.11.2BUILDINGFOOTPRINT

01

Source:BuildingFootprintGeospatialDataAMRUT

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictKhandwa

Scale

0

NARMADARIVER

Mandhata

NARMADARIVER

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Godadpura मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019 814(24)

15-08

15-09

15-11

15-12

15-15

15-16

15-25

15-28

15-30

16-01 10

16-05

16-09

17-01 11

18-01-01

18-01-02 12

18-03-01

18-04-02

21-01

13

21-02

21-03

24-01

14

15

25-04

26-02

16

26-03

33-09

17

33-10

33-17

Crematorium Burial Ground/Grave Yard

Guesthouse/Resthouse

Dharmashala

Tourist Facility Centre

Museum

Public Library

Public/Community Toilet

OldAgeHome

Fire Station

Temple

Gurudwara

Religious

Aashram/Math/Bhojanshala Recreational

Garden

Water Treatment Plant

Water Pumping Station Public Utilities

Sewage Treatment Plant

Electric Sub - Station

Monuments

Fort

Heritage

Archaeological Site

Bus stand /Terminus Transportation

Traffic related Multi -Level Parking

House

Rural

GroupOfHouse

Farm house

Others

Dairyfarm

Gaushala 814(25)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

1.11.3 ढलान मानचित्र:

भारतीय सर्वेक्षण विभाग से प्राप्त टोपोशीट के आधार पर एवं मेप आई.टी. Madhya Pradesh Agency for Promotion of Information Technology से प्राप्त Carto-DEM के आधार पर ढलान मानचित्र तैयार किया है । इसका विश्लेषण अध्याय-3 में किया गया है । ग्रिड पद्धति से निम्नलिखित समीकरण इसका आधार है । ढलान का प्रतिशत = ऊँचाई में अंतर / दूरी में अंतर X 100

1.11.4 मृदा मानचित्र :

संपूर्ण जिले के मिट्टी के प्रकार का मानचित्र, भारत की मृदा और भूमि उपयोग सर्वेक्षण विभाग (SLUSI) जो मृदा के सर्वेक्षण का कार्य करती है, से जानकारी प्राप्त की गई हैं । उक्त मानचित्र तैयार करने में, सुदूर संवेदन प्रणाली एवं मृदा प्रोफाईल के विश्लेषण के आधार पर मिटटी की उपयोगिता निर्धारित की गई है जिसका उपयोग किया है । मृदा के विभिन्न घटकों के आधार पर, भूमि का कटाव मानचित्र , मिट्टी की बनावट का मानचित्र तथा मिट्टी की गहराई का मानचित्र तैयार किया गया । इसका विश्लेषण अध्याय-3 में किया गया है ।

1.11.5 बाढ़ आपदा मानचित्र:

उक्त जानकारी हेतु ढलान, जलाशय मानचित्र, एन.एच.डी.सी. (Narmada Hydroelectric Development Corporation) से प्राप्त आंकड़ों तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग , संभावित बाढ़ क्षेत्रों का निर्धारण कर मानचित्र तैयार किया गया है । इसका विश्लेषण अध्याय-3 में किया गया है ।

1.11.6 जलाशय मानचित्र :

वर्ल्डव्यू- II ( World View) उच्च आवर्धन उपग्रह चित्र एवं अमृत योजना की वर्गीकरण प्रणाली को आधार मानकर, ओंकारेश्वर शहर मे स्थित जलाशयों का मानचित्र तैयार किया गया है तथा इसका विश्लेषण अध्याय -3 में किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत जलाशयों की वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 1.11.6 में उल्लेखित है:-

Table- 1.11.6: Water Bodies - Geo Spatial Data Content

SUB-CLASS

CLASS

CODE

S.No

River

05-01

Stream

Water Bodies

5

05-02

Canal

05-03 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(26)

Drain

05-04

Ponds

05-05

Island (River/Lake)

05-08

Reservoir

05-09

1.11.7 भूकम्प आपदा परिक्षेत्र मानचित्र :

भूगर्भीय स्थिति के फ्रेक्चर्स एवं फॉल्टस् (Fractures and Faults ) तथा मिट्टी की जानकारी , ढलान की जानकारी एवं जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया, एन.जी. आर.आई. के आंकड़ों के आधार पर भूकम्प आपदा परिक्षेत्रों का मानचित्रीकरण किया गया है । इसका विश्लेषण अध्याय-3 में किया गया है ।

1.11.8 भूमि मूल्य मानचित्र:

महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा प्रकाशित बाज़ार मूल्य मार्गदर्शिका द्वारा निवेश क्षेत्र के अन्दर कुल वार्ड के अन्तर्गत, भूमि मूल्य की जानकारी एकत्रित की गई एवं बाज़ार मूल्य के संदर्भ में वर्गीकृत जानकारी का मानचित्र तैयार किया है । इसका विश्लेषण अध्याय-3 में किया गया है ।

1.11.9 ग्राम/ वार्ड सीमा मानचित्र :

राजस्व विभाग से प्राप्त डिजिटल खसरा मानचित्रों का उपयोग कर ग्राम सीमा मानचित्र तैयार किया है । भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर खसरा मानचित्रों को जियोरिफरेंस किया गया है । ग्राम मानचित्रों को जियोरिफरेन्स करने के पश्चात निवेश क्षेत्र सीमा निर्धारित की गयी है । नगर परिषद से प्राप्त वार्ड मानचित्र के आधार पर नगर का वार्ड मानचित्र तैयार किया गया है । अन्य सीमाओं हेतु भारतीय सर्वेक्षण विभाग की 1 : 30,000 तथा 1 :25,000 मापमान पर तैयार टोपोशीट का उपयोग किया गया है । उक्त मानचित्र , विभिन्न जानकारी के एकीकृत वॉर्ड आधारित जानकारी में किया गया है । जनसंख्या के ऑकड़ें जो भारत की जनगणना 2011 से प्राप्त किये गये, उनको ग्राम मानचित्रों से संबद्ध किया है । अमृत योजना के अंतर्गत सीमाओं की वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 1.11.9 में उल्लेखित है:-

Table - 1.11.9 : Administrative , Planning & Municipal Boundaries

Administrative Boundaries

SUB- CLASS

CLASS

CODE

S.No.

37-05

Village Boundary

1.

Administrative

Boundaries

37-06

Forest Boundary 814(27)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

37-07

Revenue Boundary

Planning Boundaries

SUB - CLASS

CLASS

CODE

S.No.

38-01

Planning Area Boundary

Planning

2.

Boundaries

38-04

Controlled Area Boundary

Municipal Boundaries

SUB - CLASS

CLASS

CODE

S.No.

37-05

Municipal Boundary

37-06

WardBoundary

3.

Municipal

Boundaries

37-07

Zone Boundary

थीमेटिक मानचित्र , भौगोलिक सूचना प्रणाली के अंतर्गत, उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर ए-1 आर.एस. Classification का उपयोग कर Digitize किये हैं एवं ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र के साथ समन्वित किये हैं । क्षेत्र के सांख्यकीय आंकड़ें, भौगोलिक सूचना प्रणाली के माध्यम से ही, विचारणीय बिन्दु ज्ञात किये गये हैं । डाटाबेस निर्माण करने तथा व्यवस्थित करने , एवं समन्वय करने की कार्यप्रणाली नीचे प्रस्तुत है ।

1.12 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता :

नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में यह निर्धारित करना है कि, कौनसी भूमि का विकास किया जाये एवं किस प्रकार किया जाये । इस कारण भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में प्राकृतिक विशेषताएँ , नैसगिक अवरोध तथा सामाजिक एवं आर्थिक समानताएँ महत्वपूर्ण हैं । मूलतः इस प्रक्रिया में भूमिकी धारण क्षमता के अंतर्गत, भूमि उपयोग उपयुक्तता एवं स्थानीय भूमि का मूल्य सम्मिलित है । भूमि उपयुक्तता का निर्धारण , भूमि की प्राकृतिक एवं नैसर्गिक क्षमता पर निर्भर है, भूमि का मूल्य प्रमुखतः तीन आधार पर निर्भर होना चाहिए (1 ) भूमि का बाजार मूल्य जो पूर्णतः विक्रय के आधार पर होता है (2) प्राकृतिक संरचना के गुणात्मक मूल्यांकन पर (3) संस्पर्शी क्षेत्र का भूमि मूल्य । भूमि मूल्य एवं भूमि उपयुक्तता के संयुक्त मानचित्र, के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक मूल्य के संदर्भ में वैकल्पिक विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जा सकते हैं । निवेश क्षेत्र में नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का निर्धारण महत्वपूर्ण है एवं इसी आधार पर विकास याजना प्रस्ताव तैयार किये जाते हैं । भूमि की उपयुक्तता न सिर्फ मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(28 )

प्राकृतिक विशेषता पर निर्भर है, अपितु इसका आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण है । उक्त दोनों मापदण्डों का परिणाम उपयुक्तता श्रेणी का निर्धारण करना है, एवं भूमि के विस्तृत वर्गीकरण , विभिन्न विकास हेतु करना संभव है । इसके अतिरिक्त भूमि उपयोग उपयुक्तता निर्धारण , वर्तमान स्थिति जैसे भूमि पर दबाव महत्वपूर्ण है । यदि भूमि पर आर्थिक दबाव रहा, उस दशा में, उक्त भूमि जो उपयुक्तता के आधार पर, विकास हेतु ग्राह्य नहीं है, का भी विकास होगा । यह स्पष्ट है कि मापदण्डों की श्रेणियाँ अधिक होगी जो बाजार के संदर्भ से प्रभावित होती हैं । अतः उपरोक्त संदर्भ में, उपयोगिता विश्लेषण प्रक्रिया जो इस रिपोर्ट में उल्लेखित है, वरीयता के आधार पर नगरीय भूमि उपयोग हेतु निर्धारण की दृष्टि से देखा गया है ।

अतः इस अध्ययन में, बहु प्रणाली आधारित अध्ययन (स्थल सर्वेक्षण, स्थल की वास्तविकता, पुराने मानचित्र एवं सुदूर सवेदन तकनीक से प्राप्त चित्र) किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप भूमि उपयुक्तता का विश्लेषण संभव हुआ है । ओंकारेश्वर नगर के संदर्भ में Composite land Suitability Analysis हेतु अपनाई गई , इस प्रक्रिया को अध्याय -3 में दर्शाया गया है । उदाहरण के रूप में, इस प्रकार के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि कौन सी भूमि, विकास / भवन निर्माण हेतु उपयुक्त है एवं किस भूमि को हरित क्षेत्र के रूप में अथवा विकास हेतु प्रतिबंधित / संरक्षित रखो जाना है । भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने हेतु निम्नलिखित श्रेणी घटकों का विचार किया है ।

1.

वर्तमान भूमि उपयोग

2.

मिट्टी का प्रकार

ढलान का प्रतिशत

3.

4.

बाढ़ आपदा

5.

जलाशय

मार्ग संरचना

6.

जियोमार्फोलॉजी

7.

8.

भूमि का मूल्य (वार्ड अनुसार)

उपरोक्त घटकों के मूल्यांकन के माध्यम से, नगर विकास हेतु भूमि के संदर्भ में उपयोग सीमा निर्धारित होती है । सीमा की अवधारणा, भूमि क गुणात्मक मूल्यांकन से हैं । उदाहरण स्वरूप , यदि ढलान अधिक है तो यह स्पष्ट है कि, अधिक ढलान वाले क्षेत्र को विकसित करने हेतु व्यापक स्त्रोत (पैसा, जनशक्ति, सामग्री) आवश्यक होंगे । अतः उक्त भूमि समतल भूमि से कम उपयोगी होगी । उक्त अवधारणा सभी घटकों के संदर्भ म प्रभावी है । 814(29)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

उपरोक्त सभी घटकों का प्राकृतिक विचारणीय बिन्दु को नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि के विश्लेषण में शामिल किया है तथा पर्यावरण के विश्लेषण में शामिल किया है । इन घटकों का विश्लेषण जानकारी का, भौगोलिक सूचना प्रणाली से समन्वय कर , संकेतक प्राप्त किये हैं ।

1.13 भूमि उपयोग का आवंटन :

नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि का चयन करने के पश्चात्, भूमि उपयोग क्षेत्र का निर्धारण , भारतसरकार के शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय द्वारा प्रसारित यू.आर. डी.पी.एफ.आई. गाईड लाईन एवं राज्य के विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखकर किया गया है ।

इस अध्याय में सुदूर संवेदन प्रणाली एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के उद्देश्य एवं इसमें अंगीकृत कार्यप्रणाली , विस्तार से प्रस्तुत है । पारंपरिक पद्धति से किये गये सर्वेक्षण कार्य की तुलना में, उपरोक्त प्रणाली अधिक उपयोगी एवं प्रभावी है । इसके अंतर्गत, उपग्रह से प्राप्त चित्रों की व्याख्या करने के पश्चात् भूमि उपयोग मानचित्र, वस्तुस्थिति के अनुरूप तैयार करना, संभव है । पर्यावरण के घटकों का अध्ययन एवं विश्लेषण संभव है । इसी कार्यप्रणाली के आधार पर, ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र का विश्लेषण आगामी अध्याय-3 में प्रस्तुत है तथा प्रस्तावित विकास की दिशा निर्धारण , जो विभिन्न घटकों के विश्लेषण के आधार पर है, विकास हेतु भूमि चयन के वैकल्पिक प्रस्ताव प्रस्तुत है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(30)

अध्याय - 2

तीर्थ यात्री (पर्यटक) रूपरेखा एवं सुविधाएं 2.1 तीर्थ यात्रियों (पर्यटक) का आगमन:

भारत वर्ष में 12 ज्योर्तिलिंग में से एक ज्योर्तिलिंग ओंकारेश्वर में स्थित होने से इस स्थान की गणना , प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में की जाती है । इस कारण प्रतिदिन एवं विभिन्न पर्वों पर यहां बड़ी संख्या में तीर्थ यात्रियों का आवागमन होता है । औसत रूप से चार से पांच हजार तीर्थ यात्रियों का प्रतिदिन आवागमन होता है, किन्तु प्रत्येक अमावस्या और पूर्णिमा को तीर्थ यात्रियों की संख्या में सामान्य दिनों की अपेक्षा 10 से 12 गुना वृद्धि हो जाती है । इसके साथ ही ओंकारेश्वर से 122 कि.मी. दूरी पर स्थित उज्जैन नगर में, प्रत्येक 12 वर्षों में सिंहस्थ महापर्व का आयोजन भी होता है । उक्त अवसर पर भी ओंकारेश्वर में बहुत बडी संख्या में तीर्थयात्री आते है ।

ओंकारेश्वर , एक धार्मिक स्थल के साथ- साथ पर्यटन स्थल भी होने से विदेशी पर्यटकों का भी यहां आवागमन होता है । यहां पर कुछ विशेष त्यौहारों पर मेलों का आयोजन भी होता है , जिसमें कार्तिक मेला, महाशिवरात्रि मेला, श्रावण मास, नर्मदा जयंती एवं गंगा दशमी प्रमुख है । 814(31)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

छायाचित्रः 2.1 ; ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग 2.2 प्रमुख धार्मिक केन्द्र :

ओंकारेश्वर में ज्योतिलिग के अतिरिक्त, कई अन्य प्रमुख एवं प्राचीन मंदिर स्थित है, जिनका धार्मिक एवं पुरातात्विक दृष्टि से भी महत्व है । ओंकारेश्वर में प्रमुख मंदिरों का समूह, तीन भागों में विभक्त है; नर्मदा नदी के दक्षिण में विष्णुपुरी एवं ब्रम्हपुरी तथा उत्तर की ओर शिवपुरी । उक्त तीनों भागों में विभिन्न मंदिर स्थित है । प्रमुख मन्दिरा की जानकारी एवं उनकी स्थानीय बस स्टैण्ड से दूरी निम्न सारणी में दी गई है । मंदिरों की स्थिति मानचित्र क्रमांक 2.2 में दर्शित है ।

सारणी-2.2: प्रमुख धार्मिक स्थल एवं बस स्टैण्ड से दूरी

मंदिरों के नाम

क्रमांक

पुराने बस स्टैण्ड से दूरी (कि.मी.)

0.50

काशी विश्वनाथ मंदिर

1

0.50

ममलेश्वर मंदिर

2

0.75

3

ब्रम्हेश्वर मंदिर

0.50

4 विष्णु मंदिर

1.20

मार्कण्डेश्वर मंदिर

5

1.00

6 मॉ अन्नपूर्णा मंदिर

1.00

7 कृष्ण विराट मंदिर

1.20

मार्कण्डेय सन्यास आश्रम

8

1.05

9

आदि शंकराचार्य मंदिर

1.20

10 अभ्येश्वर महादेव मंदिर (मार्कण्डेय आश्रम)

1.70

11 शूलभेद बावड़ी मंदिर

0.90

12 खेड़ापति गणेश मंदिर

1.10

13 कुबेर भंडारी मंदिर

0.85

14 जुड़वा गणपति मंदिर

0.50

15 वृद्ध कालेश्वर मंदिर (ममलेश्वर मंदिर के समीप)

0.60

16 इन्द्रेश्वर महादेव मंदिर (जूना अखाड़ा)

0.55

17 कपलेश्वर महादेव मंदिर (महानिर्वाणि अखाड़ा)

0.60

18 चन्द्रभोलेश्वर मंदिर (गौ- मुख घाट) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(32)

OMKARESHWAR 2.2RELIGIOUSPLACES

NARMADARIVER

Mandhata Hil

Bridge

+ Mandhata

-KAVERIRIVER

Ad

0000

Godadpura NARMADARIVER

075 RarnisishanTompic

SidtrathTempl

AashadeviTemple

NarunghTemple

43

42

40

34

GaunSomnathTempe 39SatywnarayanTemple

41 VegyenShataTemple

36 RanchoTemple 37 SangestuvmarTemple

S.No.varmeofTemples

025

HanumanTemple

GayatiTeniple

RamTemple

GupteshwarTemple

NameofTemples

KatkaGufaTemple

PanchmuteGaneshTemple

OrrkateshwarMukhyaTemple

ChatSamurdayTemple

31 32

50

35

28

24 25 27inMukeshwarMahadevTemple GersentPadachryaTemple

29HirbheshwarMahadevTemple

29

5.No.

ListofTemples

Dubikya

NeelkarittishwarTemple

NarmadaTemple

NameofTamples

medapalıGaneshTemple

Landuse&UrbanSurveyDivision

JaclynGangartsTemple

BadoGanpatiTemple

vradKaleshwarΤανίν

14

22 MahakaleshwarTemple 12

16 IndrestremerΜοληθηςΓειτορία RapleshwarMahadevTemple

15

21

33

20

18ChandratholeshwarTemple

19

17

S.No.

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal KrehremantTample VishauTemple

MakandeshmarTaracte

shanViratTemple

NailTermales

ShulbhedBavdiTarg

MasArvipumaTemple

KashVanathTmple

BMahnmdeySarryasAashram

11 No. 1

9 AadiSharkracharyaTemule

10AbheshwarMahadevTempla

----શખસ

WATERBODY

BOUNDARIES

MUNICIPAL

PROTECTEDZONE

VILLAK CONTOUR

Legend

اديدجوال

gala131andweathe

CapeTROMDISR

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

TRANSPORTAJIKIN

NINA

PUBLIC&SEMPUBLIC मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

19 बड़ा गणपति मंदिर

20 नर्मदा मंदिर

21 नीलकण्ठेश्वर मंदिर

महाकालेश्वर मंदिर

22

23 ओंकारेश्वर मुख्य मंदिर

24 कालिका गुफा मंदिर

25 पंचमुखी गणेश मंदिर

26 गुप्तेश्वर महादेव

27 ऋण - मुक्तेश्वर महादेव

गोवंत पदाचार्य

28

ऋम्भेश्वर महादेव

29

30 गायत्री मंदिर

राम मंदिर

31

32 हनुमान मंदिर

33 चार संप्रदाय (ऊँकार मठ / बर्फानी आश्रम) केदारनाथ मंदिर

34

35 रामकृष्ण मंदिर

36

814(33) 1.00

1.10

0.50

1.10

1.10

1.10

1.10

1.10

2.70

1.60

1.80

1.80

1.00

1.00

2.20

2.0

2.20

2.75

रणछोड़जी मंदिर (ऋणमुक्तेश्वर मंदिर के समीप)

संगेश्वर महादेव

37

38 गौरी सोमनाथ

सत्यनारायण मंदिर

39

नरसिंह मंदिर

40

41 विज्ञान शाला

आशादेवी मंदिर

42

43 सिद्धनाथ मंदिर

44 सिद्धवरकुट जैन मंदिर ( निवेश क्षेत्र से बाहर) 45 द्वारकाधीश मंदिर (टेकरी ) 46 द्वारकाधीश मंदिर (ओंकार मंदिर) स्त्रोतः- स्थल सत्यापन एवं नगर परिषद ओंकारेश्वर 3.50

1.50

1.00

0.80

1.20

2.00

1.80

3.10

2.70

1.10 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (34)

उपरोक्त मंदिरों के अतिरिक्त अनेक दर्शनीय मंदिर, मठ , आश्रम एवं अखाड़े आदि भी ओंकारेश्वर में एवं उसके आसपास विद्यमान है । उपरोक्त मंदिरों में से निम्न वर्णित मंदिर पुरातत्त्व विभाग के अधीन है :-

सारणी-2.2.1: पुरातत्वीय महत्व के मंदिर

स्थान

मंदिर का नाम

विभाग का नाम

अनुक्रमांक

4

3

2

1

1.

ब्रम्हपुरी

(अ) ममलेश्वर मंदिर

केन्द्रीय पुरातत्त्व विभाग

आशापुरी

(ब) सिद्धनाथ मंदिर

आशापुरी

(स) चाँद सूरज

दरवाजा

2.

राज्य पुरातत्व विभाग

खेड़ापति हनुमान के पास

गौरी

मंदिर

सोमनाथ

स्त्रोतः- उपसंचालक, पुरातत्व विभाग , इन्दौर एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग वर्तमान में, नगर के आसपास पहाड़ियाँ तथा चारों ओर नर्मदा-कावेरी नदी से घिरा होने के कारण, मंदिरों तक पहुँचने हेतु पैदल रास्तों के अतिरिक्त किसी अन्य साधन का उपयोग किया जाना संभव नहीं है । अधिकांश मंदिरों तक पहुंचने हेतु सुगम मार्ग उपलब्ध नहीं है , इस कारण अधिकांश यात्री उक्त मंदिरों के दर्शनों से वंचित रह जाते है । अतः सभी महत्वपूर्ण मंदिरों तक पहुँचने हेतु सर्वसुविधा युक्त मार्ग की संरचना की जाना उचित है । नर्मदा नदी के दक्षिण क्षेत्र में स्थित मंदिरों की दूरी , वर्तमान बस स्टैण्ड से कम होने से यात्री, पैदल ही नर्मदा स्नान कर मंदिरों के दर्शन करते है । नदी के उत्तरी भाग में ओंकारेश्वर मुख्य मंदिर स्थित है । उक्त मंदिर में पहुँचने हेतु नर्मदा नदी पर, दो पैदल पुलों का निर्माण किया गया गया है, जिनके द्वारा यात्रियों का आवागमन होता है । यात्रियों के सुगम आवागमन हेतु, परिक्रमा पथ से नवीन घाट तक एक पुल निर्माणधीन है । इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं की सुगमता हेतु, पर्यटन विभाग द्वारा ब‌ह्मा, विष्णु एवं ममलेश्वर मंदिरों को स्काई वॉक के द्वारा जोड़े जाने का भी प्रस्ताव है । 814(35)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

छायाचित्रः क्रमांकः 2.2.1 .; ममलेश्वर मन्दिर

छायाचित्रः क्रमांकः 2.2.2.; सिद्धनाथ मन्दिर मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(36)

छायाचित्रः क्रमांकः 2.2.3.; चाँद- सूरज दरवाजा

मेरी हेमा

छायाचित्रः क्रमांकः 2.2.4.; गौरी- सोमनाथ मन्दिर 814(37)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

2.3 प्रमुख मंदिरों का ऐतिहासिक महत्व :

2.3.1 ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग:

शष्य श्यामला भारत भूमि में, भगवान शंकर के बारह ज्योंतिर्लिंग है । प्रत्येक ज्योतिर्लिंग की महिमा और उसका महत्व अपने आप में विशिष्ट है । मान्धाता का उल्लेख विष्णुपुराण तथा मतस्यपुराण में भी मिलता है । इन्हीं ज्योतिर्लिंगों में भगवान महादेव के ओंकारेश्वर में स्थित ज्योतिर्लिंग के प्रागट्य और उसकी महिमा का वर्णन इस प्रकार है ।

एक समय मुनिश्रेष्ठ नारद, गिरीराज विंध्य पर आये थे । विंध्य ने पूजन-अर्चना के बाद अभिमानपूर्वक कहा " मैं सर्वसुविधा युक्त हूँ" । उसकी अभिमान युक्त बातों को सुनकर नारद मुनि ने लंबी सांस ली । यह देख विंध्य ने पूछा "आपने मेरे यहां क्या कमी देखी ? " नारद ने कहा ' तुम्हारे यहां सब कुछ है फिर भी मेरा पर्वत तुमसे ऊंचा है । इसके शिखरों का भाग, देवताओं के लोकों में पहुंचा हुआ है । मेरे जीवन को धिक्कार है , ऐसा सोचता हुआ विंध्य पर्वत मन ही मन संतप्त हो उठा ।

वांछित फल प्राप्ति हेतु विंध्य ने, भगवान शिवशंकर की आराधना पूर्वक तपस्या करने का निश्चय किया । जहाँ साक्षात् ओंकारलिंग स्थित है, वहां जाकर विंध्य ने शिव की पार्थिव मूर्ति बनाई और छः मास तक निरन्तर भगवान शिव की आराधना करता रहा । अपनी तपस्या के दौरान व तपस्या स्थल से हिले तक नहीं । विंध्याचल का घार तपस्या से भगवान शकर न प्रसन्न हाकर विध्याचल का दशन दिये । विध्य की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान बोले " विंध्य तुम मनोवांछित वर मांगों । मैं भक्तों को अभीष्ट वर देने वाला हू और तुम्हारी तपस्या से प्रसन्न हूँ । " विंध्य बोला " देवधर- शंभों यदि आप मुझ पर प्रसन्न हैं तो मुझे अभीष्ट बुद्धि प्रदान कीजिये जो मेरे कार्य को सिद्ध करने वाली हो । भगवान शिव ने उसे वह वरदान दे दिया और कहा " पर्वतराज विंध्य तुम जैसा चाहो, वैसा करो । उसी समय देवता तथा ऋषिगण वहाँ पधारे और शंकरजी की पूजा कर बोले 'प्रभो आप यहां स्थायी रूप से निवास करें तों उत्तम होगा । देवताओं का यह अनुरोध सुनकर परमेश्वर शिव ने सहर्ष वैसा ही किया । वहां जो एक ही ओंकार लिंग था वह दो स्वरूपों में विभक्त हो गया । प्रणव में जो सदाशिव थे, वे 'ओंकार" नाम से विख्यात हुए और पार्थिवलिंग में जो शिवज्योति प्रतिष्ठित हुई उसकी परमेश्वर, अमलेश्वर , ममलेश्वर संज्ञा हुई । इस प्रकार ओंकार और परमेश्वर के दोनों शिवलिंग भक्तों को अभीष्ट फल प्रदान करने वाले हैं ।

इस मंदिर में प्राचीन भारतीय शिल्पकारों के हाथों की शिल्पकारी देखने को मिलती है । मंदिर के सभी स्तंभों पर उत्कृष्ट कारीगिरी के नमूने दिखाई देते हैं । मंदिर में अनेक छोटी- बड़ी घंटिया टंगी हैं । इसका मतलब यह नहीं है कि घंटानाद भगवान को जगाने के लिये किया जाता है । इसमें एक मनोवैज्ञानिक रहस्य यह है कि मंदिर के गुम्बद के कारण घंटानाद प्रतिध्वनित होकर एक वृत तैयार करता है जिस कारण दर्शनार्थी का संबंध बाहरी जगत से विच्छेदित होकर आराध्य देव की भक्ति में रम जाता है ।

आधुनिक काल में झूमरों के समान ही प्राचीन काल के पीतल निर्मित झूमर भी यहां देखने योग्य है । मन्दिर के एक प्रकोष्ठ में शुकदेव मुनि की प्रतिमा बनी है । कहा जाता है कि रात्रि में भगवान शंकर- पार्वती एवं अन्य देवतागण चौपड़- पासे खेलने हेतु मंदिर में आते हैं । प्रकोष्ठ के सामने बने ओटले पर राजा मान्धाता ने तपस्या की थी । आगे बढ़ने पर ज्योतिर्लिंग स्वरूप में विद्यमान भगवान शंकर के प्रणवलिंग के दर्शन होते हैं । ऐसी मान्यता है कि लिंग के नीचे हमेशा बने रहने वाला जल नर्मदा का जल है । इस जल को चरणामृत के रूप में ग्रहण किया जाता है । यह मंदिर पांच मंजिला है । मंदिर की द्वितीय मंजिल पर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किये जा सकते हैं, जैसा कि उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर की द्वितीय मंजिल पर भगवान ओंकारेश्वर की मूर्ति स्थापित है एवं तृतीय मंजिल पर भगवान सिद्धनाथ, चतुर्थ पर केदारेश्वर एवं पंचम मंजिल पर गुप्तेश्वर महादेव के मंदिर है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (38)

छायाचित्रः क्रमांकः 2.3.1.; ओंकारेश्वर मन्दिर 2.3.2 पंचमुखी गणेश:

ओंकारेश्वर मंदिर जाते समय सर्वप्रथम पंचमुखी गणेश मंदिर आता हैं । किवदंति है कि, राजा मान्धाता के पिता युवनाक्ष ने यज्ञ के समय जब गणेशजी का आव्हान किया था, तब इसी स्थान पर ऋद्धि- सिद्धि भगवान गणपति ने पंचमुखी स्वरूप में राजा मान्धाता को दर्शन दिये थे । इस मूर्ति के चार मुख अग्रभाग पर तथा शेष एक मुख पृष्ठ भाग पर है । मंदिर में ही, वेदमाता गायत्री की संगमरमर से निर्मित सुन्दर मूर्ति हैं जिसके पांच मुख है ।

2.2.3 खेड़ापति हनुमान:

परिक्रमा मार्ग पर सर्वप्रथम, खेड़ापति हनुमान मंदिर आता है । मंदिर में खेड़ापति

हनुमान की प्राचीन आकर्षक मूर्ति स्थापित है । इसी मार्ग पर ही , चार सम्प्रदाय मंदिर ऊँकार मठ, रामकृष्णन साधनाकुटी, मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग , केदाररेश्वर ज्योतिर्लिंग व वेदमाता गायत्री मंदिर सहित अनेक प्राचीन मंदिरों के दर्शन होते है । यहीं से विष्णुपुरी में स्थापित मार्कण्डेय आश्रम का विंहगम दृश्य भी देखा जा सकता है ।

2.3.4 ऋण मुक्तेश्वर मंदिर:

814(39)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

ऋण मुक्तेश्वर का यह प्राचीन मंदिर मूलतः 13 वीं सदी का बना है । इस मंदिर का 18 वीं सदी में जीर्णोद्धार किया गया था । मंदिर में ऋणमुक्तेश्वर की प्राचीन मूर्तियाँ है । इस मंदिर के संबंध में कहा जाता है कि, अज्ञात ऋणों से पीड़ित चिंतित व्यक्ति यदि यहां श्रद्धापूर्वक सवा पाव से सवा मन तक यथाशक्ति चने का दान चढ़ाता है, तो वह पीड़ा व चिंता से मुक्ति पा जाता है । यहीं पर द्वारकाधीश (रणछोड़ जी) की काले पत्थर की मूर्ति भी विद्यमान हैं । प्रतिमा के विशाल नयनों में, शांतिपूर्ण आकर्षण है तथा पास ही माँ दुर्गा की प्रतिमा भी स्थापित हैं ।

छायाचित्रः क्रमांकः 2.3.4; ऋण मुक्तेश्वर मंदिर 2.3.5 आड़े हनुमान :

गौरी सोमनाथ मंदिर के समीप ही हनुमान की विशाल प्रतिमा है । चूंकि यह प्रतिमा आड़ी रखी है, अतः इसे आड़े हनुमान कहा जाता है । यहीं पर गणेशजी की प्रतिमा भी स्थापित है । यह स्थल पहाड़ी पर है , यहाँ जाने हेतु पुल के पास से सीधी चढ़ाई है, जिसमें 350 सीढ़ियों हैं जिसके द्वारा यहाँ पहुंचा जा सकता है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(40)

छायाचित्रः क्रमांकः 2.3.5; आड़े हनुमान मंदिर 2.3.6 गौरी सोमनाथ मंदिर :

यह मंदिर परिक्रमा मार्ग पर ऊंची पहाड़ियों पर स्थित है । इस मंदिर में पहुँचने हेतु, खेड़ापति हनुमान के समीप 350 सीढ़िया बनी है । यह प्राचीन मंदिर तीन मंजिला होकर, वास्तुविधा की भूमिक शैली में पंचस्थ प्रकार से निर्मित है । इसे 13 वीं शताब्दी में परमार राजाओं ने बनवाया था । यद्यपि मंदिर का सभा मंडप ध्वस्त हो चुका है, तथापि दोनों मंजिलें व गर्भगृह सुरक्षित है । इन मंदिरों के आगे ग्रेनाईट से बने विशाल नंदीगण व अंदर शिवलिंग विद्यमान है । इस शिवलिंग के संबंध में कहा जाता है कि पूर्व में इस शिवलिंग में मनुष्य को अपने भूल व भविष्यकालीन जन्म के रूप दिखाई देते थे । इस चमत्कार की सत्यता जानने के लिये क्रूर शासक औरंगजेब भी यहां आया था । उसे अपने दोनों रूप प्रतिकूल व अप्रिय दिखाई दिये । अतः उसने इस शिवलिंग को जला दिया । तभी से वह अद्भुत शक्ति , इस शिवलिंग से समाप्त हो गई तथा यह काला व दरार युक्त हो गया । चूंकि यह शिवलिंग दो मनुष्यों की भुजाओं से भी बड़ा है, अतः एक कथा यह भी प्रचलित है कि, जो मामा- भानजे इस विशाल शिवलिंग को अपनी बाहों में समा लेते है , वे मोक्ष के अधिकारी होते है । 814(41)

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2.3.7 सीता माता मंदिर :

यह मंदिर भी परिक्रमा मार्ग पर स्थित है । मंदिर की ऊँचाई काफी कम है किन्तु धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसका महत्व अधिक है । यह शैवाचार्यों का उपासना स्थल रहा है । मंदिर में माता सीता की प्राचीन प्रतिमा दर्शनीय है । यहीं से जैन धर्मावलम्बियों का प्रसिद्ध तीर्थ सिद्धवरकूट मंदिर दिखाई देता है । मंदिर में जैन उपासकों के आराध्य भगवान की विशाल प्रतिमा दर्शनीय है ।

सीता माता मंदिर

क्रमांकः 2.3.7

छायाचित्रः

2.3.8 राजा मुचकुन्द का किला:

ऋण मुक्तेश्वर मंदिर के आगे जाने पर राजा मुचकुन्द का किला दिखाई देता है जो अब जीर्ण-शीर्णावस्था में हैं । यह किला , प्राचीन कला का अदभूत नमूना होने से दर्शनीय है । इस किले के पांच द्वार है, पूर्व में भीम-अर्जुन द्वार, पश्चिम के द्वार का मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

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नाम लुप्त है. उत्तर में चाँद सूरज द्वार, दक्षिण में भैरव द्वार व मध्य में हुण्डी-कुण्डी द्वार है । कावेरी नदी के किनारे का मार्ग बड़ा ही सुहावना लगता है । ऊंची- ऊंची कगारें मन को रोमांचित करती है, जिन्हें हिडम्बा के नाम से जानते है ।

क्रमांकः 2.3.8 ; राजा मुचकुन्द का किला

छायाचित्रः

2.3.9 चाँद- सूरज द्वार :

सीता माता मंदिर के पश्चात् परिक्रमा मार्ग, ढलान व चढ़ाई की रोमाचंक स्थिति में परिवर्तित हो जाता है । यह मार्ग एक पहाड़ी समाप्त कर, दूसरी पहाड़ी पर प्रारंभ होता है । इस पर्वतीय स्थल की रमणीयता बड़ी मनोहारी है । विशेषकर वर्षाकाल में यहां के दृश्य मन को छू लेते है । चढ़ाई समाप्त होने के पश्चात् चाँद- सूरज दरवाजा आता है । यह काफी ऊँचा बना है । इसके कुछ भाग नष्ट हो चुके है किन्तु जो कुछ शेष है वह कलात्मक है ।

2.3.10 आशादेवी मंदिर :

आशादेवी यहां के राज परिवार की कुलदेवी थी । ऐसी मान्यता है कि, यहां मानी गई मनौती अवश्य पूर्ण होती है । अतः इसे आशापुरी के नाम से भी पुकारा जाता है। मंदिर में देवी की सुन्दर, नयनाभिराम मूर्ति है, साथ ही मूर्ति स्थल की 814(43)

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साज- सज्जा भी उत्कृष्ट हैं । ओंकारेश्वर मंदिर से यहां पहुँचने के लिये सीढ़ीदार मार्ग भी है । आशादेवी मंदिर एवं सिद्धनाथ मंदिर के मध्य हुण्डी- कुण्डी द्वार स्थित है ।

क्रमांकः 2.3.10 आशादेवी मंदिर

छायाचित्रः

2.3.11 कुंतीमाता और भीम-अर्जुन द्वार:

सिद्धनाथ मंदिर के पास ही विशाल वृक्ष के नीचे माता कुंती की प्राचीन प्रतिमा है । वर्तमान में यह भग्न अवस्था में है । समीप ही, भीम, शंकर एवं मल्लिकार्जुन रूप कीविशाल प्रतिमा, दर्शनीय है । यह स्थान, प्राचीन नगर का पूर्वी प्रवेश द्वार होकर 12 वीं शताब्दी से निर्मित है । यह भी कथा प्रचलित है कि, पांडव वनवास के दौरान यहां आए थे । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (44)

ॐ

छायाचित्रः क्रमांकः 2.3.11 भीम-अर्जुन द्वारा 2.3.12 सिद्धनाथ मंदिर :

ओंकारेश्वर के प्राचीनतम मंदिरों में, इस मंदिर की गणना की जाती है । यह मंदिर 8 फीट ऊंचे चबूतरे पर निर्मित है । चबूतरे के चारों ओर विभिन्न मुद्राओं में हाथी उत्कीर्ण है । मंदिर के स्तंभ व छत पर देवी देवताओं की मूर्तियां उत्कीर्ण की गई हैं । मंदिर के मूल स्वरूप में 12 द्वार होने से इस मंदिर का नाम सिद्धनाथ बारहद्वारी भी पड़ा है । सन् 1905 ई. में, यहाँ की गई खुदाई के समय प्राप्त ताम्रपत्र व अन्य वस्तुएँ केन्द्रीय संग्रहालय नागपुर में सुरक्षित हैं । सन् 1935-1936 में इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया था। जनश्रुतियों के अनुसार इस मंदिर से माण्डवगढ़ के दीप दिखाई देते हैं ।

2.3.13 ममलेश्वर महादेव:

भारतवर्ष के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक , ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग है । यह मंदिर पाँच मंजिला है । प्रत्येक मंजिल में शिवलिंग है । मंदिर प्रांगण में छः अन्य प्राचीन मंदिर है । मंदिर के प्रवेश द्वारों व स्तम्भों पर देवासुर इतिहास से संबधित भव्य चित्रकारी विद्यमान है । मंदिर प्राचीन होने से, केन्द्रीय पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है । पौराणिक कथानुसार, इसकी पूजा-अर्चना से ज्योतिर्लिंग के समान ही पूण्य प्राप्त होता है, इस कारण इस मंदिर का महत्व अधिक है । 814(45)

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2.3.14 विष्णु मंदिर:

प्राचीन महा निर्वाणी अखाड़ा परिसर में जगत पालनकर्ता भगवान श्री विष्णु का गगनचुंबी मंदिर है । मंदिर में श्याम पत्थर से निर्मित भगवान विष्णु की चित्ताकर्षक प्रतिमा है । प्रतिमा की बांयी ओर संगमरमर से निर्मित महालक्ष्मी एवं गणपति की प्रतिभाएँ विद्यमान है । मंदिर का आंतरिक भाग भव्य एवं सुन्दर है ।

क्रमांकः 2.3.14 विष्णु मंदिर

छायाचित्रः

2.3.15 मार्कण्डेय सन्यास आश्रम (अन्नपूर्णा मंदिर) /विज्ञान शाला:

विष्णुपुरी में, मार्कण्डेय पब्लिक ट्रस्ट के दो प्रमुख आश्रम है । प्रथम नार्कण्डेय योग- आश्रम तथा द्वितीय मार्कण्डेय सन्यास आश्रम है । मार्कण्डेय योग आश्रम अन्नपूर्णा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है । इस मंदिर का प्रवेश द्वार भव्य एवं मनोहारी है । द्वार के दोनों ओर सिंह और प्रतिहारिणी प्रतिमाएँ है । द्वार के ऊपर, देव विवाह का दृश्य है । इसी परिसर में ब्रम्हा , शिव - पार्वती , नारद, गणेशजी, कार्तिकेय एवं मां अन्नपूर्णा की मूर्तिया है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

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मंदिर में, भगवान श्री कृष्ण के विराट स्वरूप की 35 फिट ऊँची विशाल प्रतिमा है । प्रतिमा के शीर्ष पर शेषनाग है । प्रतिमा के सत्रह मुख है जो विभिन्न देवताओं को प्रगट करते हैं । प्रतिमा के 20 कर हैं, जिनमें चक्र, माला, भाला, कमल, त्रिशूल, बाण , नाग , गदा, पदम, हल, ढाल, शंख , फरसा आदि है । मंदिर के पश्चिम भाग में मार्कण्डेय ऋषि का प्राचीन मंदिर है । ऐसा कहा जाता है कि, यह मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुराना है । मंदिर के उत्तर में भव्य नागर घाट निर्मित है । वहां से नर्मदाजी का मनोहारी दृश्य दिखाई देता है । दोनों आश्रमों के मध्य मे, नवम बुद्ध अवतार स्वामी मायानन्द चैतन्य द्वारा स्थापित आध्यात्मिक विज्ञानशाला है । विज्ञान शाला में बने एक यंत्र में मायानन्दजी के सर्वांग योग संबंधी आठ अध्याय अंकित हैं ।

छायाचित्रः क्रमांकः 2.3.15; मार्कण्डेय सन्यास आश्रम 2.4 तीर्थ यात्री अधोसंरचना:

2.4.1 नर्मदा नदी प्रमुख घाट:

पतित पावन माँ नर्मदा के दर्शन और स्नान के साथ ही, तीर्थ क्षेत्र ओंकारेश्वर का स्मरण स्वाभाविक है । विंध्य एवं सतपुड़ा के मध्य नर्मदा- कावेरी नदियां प्रवाहित 814(47)

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होने से यहां पर संगम विद्यमान है जिसका अपना अलग और विशेष महत्व है । मां नर्मदा का महत्व , नर्मदा घाटी के निवासियों के लिये सीमित न होकर सम्पूर्ण भारत में गंगा के समकक्ष माना गया है । कुछ लोग इसे गंगा से भी पवित्र मानते हैं ।

धार्मिक एवं पौराणिक मान्यता के अनुसार नर्मदा दर्शन एवं स्नान को पवित्र माना गया है, जिस कारण प्रतिदिन, प्रत्येक अमावस्या, पूर्णिमा तथा सोमवती अमावस्या तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर अधिक मात्रा में तीर्थयात्री नर्मदा स्नान एवं देव दर्शन हेतु आते है, तीर्थयात्रियों के लिये पुरातन काल से ही नर्मदा तट पर दोनों ओर, सुन्दर घाटों का निर्माण किया गया है । केवल अभय घाट, नवीन घाट एवं संगम घाट का निर्माण नया है । नागर घाट की गणना, भव्य एवं सुन्दर घाटों में की जाती है । प्रमुख घाटों की जानकारी निम्न अनुसार हैं:-

1. अभ्येश्वर (अभय) घाट

2. नागर घाट

3. गऊघाट

4. केवलराम घाट

5. नाव घाट

6. ब्रम्हपुरी घाट

7. कोटी तीर्थघाट

8. चक्रधर तीर्थघाट

9. खेड़ापति घाट

10. भेरूघाट

11. ओंकार घाट

12. नवीन घाट

13. संगम घाट

उपरोक्त घाटों पर तीर्थयात्री, स्नान करने के पश्चात् ही देवदर्शनों हेतु मंदिरों में जाते है । उक्त घाटों पर तीर्थयात्री, नर्मदा के प्राकृतिक व मनोरम दृश्यों का आनन्द लेते है । नागर घाट सर्वसुविधा युक्त होने से. यहां पर संतों के प्रवचन आदि आयोजित होते रहते है ।

2.4.2 तीर्थयात्री आवास (धर्मशालाएँ एवं विश्राम गृह) :

ओंकारेश्वर एक धार्मिक नगर होने के कारण, यहां प्रतिदिन एवं मुख्य पर्वों पर यात्रियों का बहुतायत से आवागमन होता है । अतः उनके ठहरने हेतु, उपलब्ध सेवा- सुविधाओं का अध्ययन करना आवश्यक है । नगर में वर्तमान में 4 शासकीय रेस्ट हाऊस, 2 निजी रेस्ट हाउस , 4 होस्टल एवं 51 धर्मशालाएँ उपलब्ध है । उच्च आय वर्ग मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (48)

के यात्रियों और पर्यटकों द्वारा विश्राम गृह, पयर्टन परिसर (म.प्र. पर्यटन विभाग द्वारा संचालित) , गजानन महाराज संस्थान का भक्त निवास आदि का उपयोग किया जाता है, किन्तु निम्न एवं मध्यम श्रेणी के यात्री धर्मशालाओं पर निर्भर रहते है । कुछ धर्मशालाओं की स्थिति काफी अच्छी है , जिनमें सर्वसुविधाएँ उपलब्ध है किन्तु अधिकांश धर्मशालाओं की स्थिति अच्छी नहीं है , जिससे यात्रियों को ठहरने में असुविधा होती है और वे, इसी कारण अधिकांशतः उसी दिन लौट जाते है ।

तीर्थयात्रियों के आवागमन की दृष्टि से उपरोक्त सुविधाएं अपर्याप्त है । सामान्य दिनों में यात्रियों का आवागमन कम होने से कठिनाई उत्पन्न नहीं होती किन्तु धार्मिक त्योहारों व विभिन्न अवसरों पर यात्रियों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से काफी समस्या उत्पन्न होती है । ओंकारेश्वर में उपलब्ध आवास की जानकारी की सारणी क्रमांक-2.4.2 में दर्शायी गयी है ।

सारणी-2.4.2: तीर्थ यात्रियों हेतु आवास संख्या

कमरों का संख्या क्रमांक

कुल संख्या

सुविधा का प्रकार

4

3

2

1

1

8

1. एन.एच.डी.सी. प्रोजेक्ट होस्टल

1

4

2. वन विभाग रेस्ट हाऊस

1

6

3. एन.व्ही.डी.ए. रेस्ट हाऊस

10

1

पर्यटन विभाग रेस्ट हाऊस

4.

29

1

गजानन महाराज संस्थान भक्त निवास

5.

4

1

6. होलकर ट्रस्ट रेस्ट हाऊस

27

4

7. होटल

458

51

8. धर्मशालाएँ

स्त्रोतः- नगर परिषद, ओंकारेश्वर एवं नगर तथा ग्राम निवेश का सर्वेक्षण 814(49)

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छायाचित्रः क्रमांक 2.4.2.1: एन.व्ही.डी.ए. रेस्ट हाऊस

नर्मदा घा विकास प्राधिकरण म.प्र. गमले घरोजेक्ट होस्टल

छायाचित्रः क्रमांक 2.4.2.2: एन.व्ही.डी.ए. रेस्ट हाऊस 814(50)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

छायाचित्रः क्रमांकः 2.4.2.3; वन विभाग रेस्ट हाऊस 2.5 आवागमन की सुविधा:

यात्रियों के ओंकारेश्वर आवागमन हेतु केवल एक मात्र मोरटक्का मार्ग ही उपलब्ध है । यह नगर तीनों ओर से पहाड़ियों, घाटियों एवं नदियों से घिरा होने के कारण अन्य सुगम पहुँच मार्ग उपलब्ध नहीं है ।

नगर से 12 कि.मी. दूरी पर मोरटक्का (बस स्थानक) से खंडवा- इन्दौर राज्य मार्ग क्र. - 27 गुजरता है इसी मार्ग से यात्रियों का आवागमन होता है । ओंकारेश्वर के लिये सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है किंतु मोरटक्का (ओंकारेश्वर रोड) रेल्वे स्टेशन से यह सुविधा उपलब्ध है । ओंकारेश्वर नगर से प्रदेश के खण्डवा, इन्दौर, उज्जैन, देवास , खरगौन आदि नगरों के लिये सीधी बस सेवाएँ उपलब्ध है । इसके अतिरिक्त प्रतिदिन, विभिन्न धार्मिक पर्वो एवं मेलों के अवसरों पर निजी कार, टेक्सी, टेम्पों, टूरिस्ट बसों आदि का भी अधिक मात्रा में आवागमन होता है ।

नगर के आसपास पहाड़ियाँ एवं नदी होने से स्थानीय यातायात के रूप में पैदल के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प नहीं है । अधिकांश धार्मिक स्थल पास- पास होने से वाहन की आवश्यकता भी प्रतीत नहीं होती है, इस कारण सामान्यतः यात्री पैदल ही नगर एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण करते है । 814(51)

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अध्याय-3

अध्ययन एवं विश्लेषण 3.1 क्षेत्रीय एवं उप-क्षेत्रीय संदर्भ :

म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम-1973 के प्रावधानों के अंतर्गत म०प्र ० शासन अधिसूचना दिनांक 22.10.1973 एवं दिनांक 13.05.199 के द्वारा अधिसूचित 8 रीजन क्षेत्र में से नर्मदा ताप्ती प्रदेश की एक रीजन है जिसमें बड़वानी , खरगौन , खण्डवा, बुरहानपुर , हरदा एवं होशंगाबाद जिले सम्मिलित है । जिसमें छः जिलों के अन्तर्गत ( 1 ) खण्डवा जिले में खण्डवा, हरसूद, ओंकारेश्वर एवं हनवंतिया (2 ) बुरहानपुर जिले में बुरहानपुर, (3 ) खरगौन जिल में खरगौन एवं महेश्वर, (4 ) बड़वानी जिले में बड़वानी एंव सेंधवा , (5) हरदा जिले में हरदा , (6) होशंगाबाद जिले में होशंगाबाद , विकास योजनाएं सम्मिलित है तथा अंगीकृत होकर प्रभावशील है ।

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र, खण्डवा जिले में स्थित एवं प्रमुख धार्मिक नगर है । यह परिक्षेत्र नर्मदा नदी के किनारे पर स्थित है तथा मध्य प्रदेश की दक्षिणी सीमा का निर्धारण करता है । यह परिक्षेत्र सड़क मार्ग द्वारा मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र एवं गुजरात से जुड़ा है । क्षेत्रफल की दृष्टि से इस परिक्षेत्र का सबसे बडा जिला खरगौन एवं सबसे छोटा जिला हरदा है । ओंकारेश्वर नगर से मोरटक्का रेल्वे स्टेशन (खंडवा- इंदौर मीटर गेज) 12 किमी. की दूरी पर स्थित है तथा इन्दौर राजस्व संभाग के अंतर्गत आता है । ओंकारेश्वर नगर से इन्दौर की दूरी लगभग 77 एवं खंडवा की दूरी 72 किमी. है । भौगोलिक दृष्टि से यह स्थल 22° 13′ - 22° 15 ′ उत्तर अक्षांश एवं 76°7'- 76 ° 11 ' पूर्वी देशान्तर रेखा पर समुद्र सतह से लगभग 269 मीटर ऊँचाई पर स्थित है । ओंकारेश्वर नगर के समीप अन्य बड़े शहरों में सनावद , बड़वाह एवं खण्डवा है ।

यह धार्मिक नगर सड़क मार्ग से मध्यप्रदेश के इन्दौर, उज्जैन, धार, खरगौन , खंडवा एवं बड़वानी आदि शहरों से सीधा जुड़ा हुआ है । क्षेत्रिय परिदृश्य मानचित्र क्रमांक 3.1 में दर्शाया गया है । ओंकोरेश्वर शहर से जुड़े हुए अन्य नगरों की दूरी सारणी क्रमांक-3.1 में दर्शायी गयी है ।

सारणी-3.1: ओंकोरेश्वर शहर से अन्य नगरों की दूरी

Distance

Nearest Town

72 km

KHANDWA

77 km

INDORE

138 km

UJJAIN

80 km

KHARGONE

66km

MAHESHWAR

69 km

KASRAWAD

14 km

SANAWAD 814 (52)

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3.2 निवेश क्षेत्र :

ओंकारेश्वर एक प्रमुख धार्मिक एवं पयर्टन केन्द्र होने से प्रतिदिन यहां पर यात्रियों का आवागमन जारी रहता है । अतः इसके आसपास हो रहे अनियोजित विकास को नियंत्रित करने हेतु मध्यप्रदेश शासन, नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2568 / 1-74 / तैंतीस /73-म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 13 की उपधारा -1 के अंतर्गत दिनांक 19.10.1973 द्वारा " ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र" का गठन हुआ था, जिसमें गोदड़पुरा, मान्धाता एवं डुहकिया ग्रामों को सम्मिलित किया गया है । जिसका कुल क्षेत्रफल 1267.05 हेक्टेयर है । सम्पूर्ण निवेश क्षेत्र में नगर परिषद सीमा भी सम्मिलित है । म.प्र. शासन धर्मस्व विभाग की अधिसूचना क्रमांक एम- 2-1 / 2004 / 6, भोपाल दिनांक 03.02.2004 के द्वारा ओंकारेश्वर नगर परिषद क्षेत्र को पवित्र नगर घोषित किया गया । ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र में सम्मिलित ग्रामों का क्षेत्रफल एवं जनसंख्या (वर्ष-2011 ) की जानकारी सारणी क्रमांक-3.2 में दर्शायी गयी है । निवेश क्षेत्र मानचित्र क्रमांक 3.2 में दर्शाया गया है ।

सारणी-3.2: ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र

ग्राम का नाम

क्रं.

क्षेत्रफल (हेक्टर में)

जनसंख्या (वर्ष-2011)

4

3

2

1

754.28

6,750 1

गोदड़पुरा

2,569

266.20

मान्धाता

2

744

246.57

3

डुहकिया

1267.05

10,063 योग

3.2.1 नगर परिषद क्षेत्र :

ओंकारेश्वर में नगरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने एवं नियोजित विकास के उद्देश्य से सन् 1978 में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया था, शासन की नीति के तहत् विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण को समाप्त करते हुए सन् 1995 में नगर परिषद् की स्थापना की गई जिसका कुल क्षेत्रफल 12.67 वर्ग कि.मी. है । सम्पूर्ण निवेश क्षेत्र को 15 वार्डों में विभक्त किया गया है । 814(53)

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72

NARMADARIVER

Waterbody

PlanningAreaBoundary

BuiltupAroa

Roads

Legend

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal KAVERIRIVER

ToDhawadiya NARMADA RIVER

7

0.5 Omkareshwar

ToMortakks

0 3.1RegionalLocationMар

Hoshangabad

Harda

Khandwa

Burhanpur

Madhya Pradesh

Khargone

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

Barwani

India मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (54)

A

PranningArea

73

OMKARESHWAR

Legend

3.2PLANNINGAREA

PlanningAreaBoundary

Roads VillageBoundary

MDSSBandmantofTown&CountryDianning

Landuse&UrbanSurveyDivισκη RernateSensingApplicationCentre,MPCST.Bhopal

DistrictKhandwa

ToMortarka

NARMADARIVER

ToDhawadiya

NARMADARIVER

ToDhawadiy

-NARMADARIVER

Mandhata

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

KAVERIRIVER

ToMortakka 814(55)

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3.3 जनसांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण (Demographic & Socio Economic Analysis)

3.3.1 जनसंख्या विश्लेषण:

ओंकारेश्वर नगर , मध्यप्रदेश राज्य में खण्डवा जिले के पुनासा तहसील के अन्तर्गत होने से खण्डवा परिक्षेत्र के संस्पर्शी पांच अन्य जिलों के जनसंख्या का विवरण , इस परिक्षेत्र के नियोजन हेतु महत्वपूर्ण है । इसका विवरण सारणी एवं चित्र क्रमांक -3.3. A में दर्शाया गया है ।

सारणी-3.3 .: राज्य में जनसंख्या विवरण एवं लिंग अनुपात (जिला)

क्र.

महिला

पुरूष

कुल जनसंख्या-2011

जिला एवं तहसील

लिंग अनुपात

931

3,50,14,503

3,76,12,306

7,26,26,809

मध्य- प्रदेश

1.

2. खण्डवा जिला

943

6,35,732

6,74,329

13,10,061

951

3,69,343

3,88,504

7,57,847

बुरहानपुर जिला

4.

6. खरगौन जिला

965

9,19,925

9,53,121

18,73,046

13,85,881 8. बड़वानी जिला

982

6,86,541

6,99,340

935

2,94,838 2,75,627

5,70,465

हरदा जिला

10.

914

5,92,625

6,48,725

12,41,350

होशंगाबाद जिला

12.

स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011 उपरोक्त सारणी का अवलोकन उपरांत, मध्य प्रदेश राज्य के महिला एवं पुरुष लिंग-अनुपात 1000 से कम है तथा उक्त छः जिले में सबसे कम, होशंगाबाद एवं सबसे अधिक बड़वानी जिले का लिंग अनुपात की जानकारी प्राप्त किया गया है । इसका विवरण सारणी क्रमांक-3.3 . A में दर्शाया गया है । ओंकारेश्वर नगर की जनसंख्या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 10,063 है जो वर्ष 2001 में 6,616 थी । अमृत योजना के मानकों के अनुसार वार्ड वार कुल जनसंख्या, शिशु, अनुसुचित जाति, अनुसुचित जनजाति एवं साक्षरता जनसंख्या की जानकारी निम्नानुसार सारणी एवं मानचित्र में दर्शायी गई है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(56)

सारणी-3.3.1: अमृत योजना के मानकों के अनुसार वार्ड वार कुल जनसंख्या -2011

Literates

STPop.

SCPop.

Ward

Child Pop(0-6)

Population

T

M

F

M

T

F

F T

T

F

M

Female M

Total Male

96

353

82 218 257

136

99 74 173

1

46

107

284 61

734 450

274

49

151 123

00 00

24 25

2

40

00

18

198 22

406

208

256

362

606

244 3

83 132 124

44 39

124

62

401 62

457

858

247 542

295

73

151

67

4

121

54

130

78

57

420

415 73

835

158 371

148 272

213

20 49 124

29

123

5

64

330 59

664

334

420

115 241 179 6

58

57

97 50 51 101

52 45

348

323

671

439

35

154

13

285

7

73

22

52

102

34 39

344 50

399

743

477

65

57

65 122

281 196 8

34 31

120

73

47

407

396

803

149 349

13 200

01

05 08

9

01 00

29 42

71

216

239

455

458

242 497 301 157

255

22

143

12 10

10

429 84 59

973

544

232

126 106

9

22 26 48

06

11

44 03

20 24

327

163

164

255

137 118

135

76

49

59

12

23

26

31 33

64

204

217

421

101 289

125 188

62

00

63

13

53

153 31 22

225

378

385

166 125 291

187

198

06 10

14

85 04

34

231 51

471

240

624

726

221403

358 368

15

104 95 199

640 136 138 274

1324

684

5980

2374

955 1591 1556 3147 3606

494 461

4741 808 769 1577

5322

10063

Total

स्त्रोतः- भारत की जनगणना -2011

जनसंख्या लिंगानुपात

ओकारेश्वर नगर परिषद् के वार्ड क्रमांक 11 व 12 में लिंगानुपात 1000 से अधिक है , यह वार्ड ओंकारेश्वर मन्दिर परिक्षेत्र से लगा हुआ पुरानी बसाहट है तथा वार्ड क्रमांक 1 एवं 13 में लिंगानुपात 700 से भी कम है । जिसकी जानकारी सारणी एवं मानचित्र क्रमांक 3.3.A में दर्शाया गया है ।

सारणी-3.3 .A: अमृत योजना के मानकों के अनुसार वार्ड जनसंख्या लिंगानुपात

क्र.

वार्ड क्रमांक कुल वार्डों की संख्या जनसंख्या लिंगानुपात (1000 पुरूष पर महिला)

02

> 1000

11, 12

1.

08

901-1000

2, 4, 5, 6, 8 , 9, 14, 15

2.

02

3,7

801-900

3.

01

10

701-800

4.

02

1, 13

< 700

5.

15

योग 814(57)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011

शिशु जनसंख्या

आकारेश्वर शहर का लिंग अनुपात 890 है, जबकि शिशु श्रेणी में यह अनुपात 951 है । इसकी विस्तृत जानकारी सारणी-3.3.1 में दर्शायी गई है । ओंकारेश्वर में शिशु जनसंख्या प्रतिशत वार्ड क्रमांक -5 , 14 व 15 में सबसे अधिक प्राप्त हुई है । जे.पी. चौक से मार्कण्डेय सन्यास आश्रम क्षेत्र वार्ड क्रमांक -2 के अन्तर्गत सम्मिलित है इसमें शिशु जनसंख्या प्रतिशत सबसे कम प्राप्त हुआ है । जिसकी जानकारी सारणी एवं मानचित्र क्रमांक 3.3.B में. दर्शाया गया है ।

सारणी-3.3. Bः अमृत योजना के मानकों के अनुसार शिशु जनसंख्या

वार्ड क्रमांक

कुल वाडौं की संख्या क्र. शिशु जनसंख्या (0-6) प्रतिशत

1.

03

5,14,15

>16

09 2.

14-16

1, 3, 4, 6, 8, 9, 10, 12, 13

02 3.

7,11

12-14

01 4.

2

<12

15

योग

स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011

अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या

अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या का कुल जनसंख्या से अनुक्रम में 9.49 एवं 31.27 प्रतिशत है । उक्त जनसंख्या संपूर्ण नगर में वितरित है , किन्तु वार्ड क्रमांक -1 , 10, 14 व 15 में उक्त श्रेणी की जनसख्या तुलनात्मक दृष्टि से अधिक है । विष्णु मन्दिर एवं ममलेश्वर मन्दिर के आस - पास क्षेत्र, वार्ड क्रमांक 9 में सम्मिलित है तथा यहां की जनसंख्या प्रतिशत 10 से भी कम है । अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या सारणी एवं मानचित्र क्रमांक 3.3.C में दर्शाया गया है ।

सारणी-3.3 .Cः अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या

वार्ड क्रमांक

कुल वार्डों की संख्या क्र. अनुसूचित जाति / जनजाति जनसंख्या प्रतिशत

04 1.

> 50

1, 10, 14, 15

06 2.

31-50

3, 4, 5, 6, 12, 13

01

8

3.

21-30

03 4.

11-20

2, 7, 11

01

9

5.

<10

15

योग मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(58)

स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011 साक्षरता

ओंकारेश्वर नगर परिषद क्षेत्र में साक्षरता दर 59.42 प्रतिशत है । शहर के वार्ड क्रमांक 1 , 10 व 15 में साक्षरता दर तुलनात्मक दृष्टि से कम एवं वार्ड क्रमांक-3 , 9 , 11 व 13 में सबसे अधिक प्राप्त हुई है । इसका प्रमुख कारण यह है, कि उक्त वार्ड वन क्षेत्र से लगे हुए है एवं यहाँ अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या अधिक है । साक्षरता प्रतिशत , सारणी एवं मानचित्र क्रमांक 3.3.D में दर्शाया गया है ।

सारणी-3.3 . D: साक्षरता प्रतिशत

वार्ड क्रमांक

साक्षरता प्रतिशत क्र.

1.

>77

2.

61-70

3.

51-60

4.

<50

योग स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011 कार्यशील जनसंख्या

कुल वार्डों की संख्या

04

3, 9, 11, 13

05

2, 4, 6, 12, 14

03

5,7,8

03

1, 10, 15

15

ओंकारेश्वर नगर की कुल जनसंख्या में श्रमिकों / कार्य सहभागिता की संख्या के अध्ययन से ज्ञात होता है कि वर्ष 2011 की जनसंख्या में से कितने प्रतिशत व्यक्ति विभिन्न कार्यकलापों एवं व्यवसायों में संलग्न कर जीविकोपार्जन कर रहे हैं तथा सबसे अधिक कार्य सहभागिता का प्रतिशत वार्ड क्रमांक-4 , 8 , 10 , 12, 13 व 15 एवं सबसे कम प्रतिशत वार्ड क्रमांक -5 , 6 व 14 में जानकारी प्राप्त हुई है । यहां प्रमुख व्यावसायिक कार्य के तौर पर दुकानों में पूजन सामग्री, माला, प्रसाद , पीतल के बर्तन, मार्बल , पत्थर की मूर्तियाँ, फोटों, धार्मिक पुस्तकें, भोजनालय तथा होटल आदि की संख्या अधिक है । वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार नगर की व्यावसायिक संरचना सारणी निम्नानुसार है । कार्य"ीिल जनसंख्या को सारणी एवं मानचित्र क्रमांक 3.3.E में दर्शाया गया है ।

सारणी-3.3 . E; ओंकारेश्वर: कार्यशील (सहभागिता) जनसंख्या 2011

कार्य सहभागिता प्रतिशत क्र.

1.

34-41 2.

32-33 3.

30-31 4.

27-29

योग स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011

कुल वाडाँ की संख्या वार्ड क्रमांक

06 4, 8 , 10, 12, 13, 15

03 3, 7, 11

03 1, 2, 9

03 5, 6, 14

15 814(59)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

0.80

0.02 0.14 3.49

0.03

0.02

0.03

0.25 0.66

0.06

0.04 0.05

0.15

0.98 0.12

Onanonww

AREA(sqkm)

Legend

Jawaharward

Kitsturbaward

Sirmheshwarward

Tilakward

Vivekanandaward

Ambedkarward

Mamleshhwarward

ShivajiWard

Vishutupuriward

Markndeshwarward

OMKARESHWAR 3.3.1WARDS

WARDNAME

LarmiBaiWard

Bhagatsinghword

Vinobabhaveward

275

Mahalniagandhiward

Waterbodies

SubhashChandraBoseWard

PlanningAreaBoundary

VillageBoundary

Roads

WardBoundary

CourceManerOnriched

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

WARDNO.

District-Khandwa

78

NARMADARIVER

Mandhata

Ouhikya

KAVERIRIVER

10

NARMADARIVER

ToDhawadiya

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMurtakko 1

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(60)

PlanningArea

Cnsaretear

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodies

901-1000

MunicipalAreaBoundary

701-800

801-900

PlanningAreaBoundary

Roads

-VillageBoundary

3.3.AWARDWISESEXRATIO

Upto700

>1000

035

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SexRatio(Femalesper1000Male)

DistrictKhandwa

79

NARMADARIVER

Mandhata

Duhikya

KAVERIRIVER

10

NARMADARIVER

ToDhawadiya

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka 814(61)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

PlanningArea

125

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodies

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Laaduse&UrbanSurveyDIVISION 12-14

14-16

Roads

-VillageBoundary

<12

>16

ChildPopulation0-6(Percent)

035

RempleSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 3.3.BWARDWISECHILDPOPULATION(0-6)

DistrictKhandwa

Scale

80 Mandhata

Duhikya

ToDhawadiys

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakia 814 (62)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

PlanningArea

16

125

OMKARESHWAR

Legend

075

Waterbodies

1051-1200

851-1050

MunicipalAreaBoundary

751-850

PlanningAreaBoundary

VillageBoundary

Roads

Upto780

>1200

3.3.9WARDWISECHILDSEXRATIO

035

ChildSexRatio(Femalesper1000Male)

Landuse&UrbanSurveyDivesion RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictKhandwa

Scale

81

NARMADARIVER

Mandhata

Duhikya

KAVERIRIVER

RIVER

ToDhawadiya

Godsapura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortekka 814(63)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

PlanningArea

1.25

OMKARESHWAR

Legend

0.75

Waterbodies

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

11-20

ViltageBoundary

31-50

Roads

21-30

<10

>50

3.3.CWARDWISESC/STPOPULATION

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

05 025

SC/STPopulation(Percent)

District-Khandwa

82

NARMADARIVER

Mandhata

Duhikya

KAVERIRIVER

NARMADA

ToDhawadiys

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(64)

PlanningArea

Omkarestiwal

1.25 15

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodies

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision 61-70%

51-60%

VillageBoundary

Roads

Upto50%

3.3.DWARDWISELITERACY

>77%

Literacy(Percent)

025 05

RemoteSensingApplicationCentre.MPCST.Bhopal

Scele DistrictKhandwa

83

NARMADARIVER

Mandhata

Duhikya

KAVERIRIVER

RIVER

ToDhawadlya

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortekks 814(65)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodies

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Roeds

27-29

32-33

30-31

34-41

VillageBoundary

Source-Baseusofboutin2001 3.3.EWARDWISEWORKPARTICIPATION

WorkParticipationRate(Percent)

92525

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Krandiwa

84 Mandhata

Duhikya

ToDhawadiys

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (66)

3.3.2 जनसंख्या घनत्व:

ओंकोरश्वर निवेश क्षेत्र में सकल जनसंख्या घनत्व मुख्यतः नैसर्गिक अवरोध जैसे ढलान युक्त पहाड़ियों, वन क्षेत्र एवं नदी- नाले के कारण आवासीय घनत्व कम है । शहर की वार्ड वार जनसंख्या घनत्व की जानकारी सारणी क्रमांक 3.3.2 में दर्शाया गया है ।

सारणी-3.3.2: वार्ड वार जनसंख्या घनत्व

जनसंख्या घनत्व वार्ड का नाम

जनसंख्या (2011)

क्र.

वार्ड का कुल क्षेत्र हेक्टेयर में

6

3

5

2

1

7.46

374

98.41

1. मार्कण्डेय वार्ड

91.56

406

4.43

2. महात्मा गांधी वार्ड

858

69.66

12.31

तिलक वार्ड

3.

128.36

835

6.50

विवेकानंद वार्ड

4.

123.81

664

5.36

अंबेडकर वार्ड

5.

50.74

671

13.22

ममलेश्वर वार्ड

6.

743

30.25

24.56

7. ब्रम्हमेश्वर वार्ड

803

314.69

2.55

8. कस्तुरबा वार्ड

150.06

455

3.03

9. विष्णुपुरी वार्ड

14.74

973

66.00

10. विनोबा भावें वार्ड

327

135.51

241

सुभाषचंद्र वार्ड

11.

193.44

421

2.18

12. शिवाजी वार्ड

27.36

378

13.81

भगतसिंह वार्ड

13.

86.74

471

5.43

14. लक्ष्मीबाई वार्ड

14.92

1324

88.74

15. जवाहर वार्ड

स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011

उपरोक्त सारणी में जनसंख्या घनत्व के तुलनात्मक अध्ययन से यह स्पष्ट है कि पुराने शहर एवं बाहरी आबादी में, घनत्व के संदर्भ में काफी अंतर है । कस्तुरबा वार्ड क्रमांक 8 में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व श्रेणी में 314.69 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर है एवं शिवाजी वार्ड क्रमांक-12 द्वितीय क्रम पर है तथा सबसे कम विनोबा भावे वार्ड क्रमांक-10 में जनसंख्या का घनत्व 14.74 व्यक्त्ति प्रति हेक्टेयर है । ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के आस- पास उच्च घनत्व युक्त रिहायशी क्षेत्र विद्यमान हैं एवं यहाँ वर्तमान में आवासीय- सह- वाणिज्यिक एवं मिश्रित भूमि उपयोग अधिक है । 814(67)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

Cikarestiwal

1.25 15

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodies

MunicipalAreaBoundary

PlanningArsaBoundary

181-200

101-150

51-100

Landuse&UrbanSurveyDivision

VillageBoundary

Roads

Morethan200

40to50

PopulationDensity(Person/Hectare)

025

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 3.3.2WARDWISEPOPULATIONDISTRIBUTION

DistrictKhandwa

86

NARMADARIVER

Mandhata

Duhikya

KAVERIRIVER

15

NARMADARIVE

ToDhawadiya

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakke मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(68)

सारणी-3.3.2 . A: वार्ड वार जनसंख्या घनत्व

क्र.

वार्ड क्रमांक

जनसंख्या घनत्व (प्रति हेक्टर)

कुल वार्डों की संख्या

01

8

1.

> 200

2 .

02

9,12

151-200

03 3.

101-150

4, 5, 11

4.

04 51-100

2, 3, 6, 14

5.

<50

05

1, 7, 10, 13, 15

15

योग

स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011

बाहरी क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व 150 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर की दर से भी कम है । इनमें से कई क्षेत्रों में नदी, नाला, नहर, वन क्षेत्र एवं अनुपयोगी भूमि सम्मिलित है । परिणामस्वरूप जनसंख्या घनत्व कम है । यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि इन क्षेत्रों में प्रभावशील घनत्व , इस क्षेत्र के सकल घनत्व से अधिक होगा ।

नर्मदा नदी के दक्षिणी क्षेत्र में मध्यम घनत्व युक्त क्षेत्र है जो 50-150 व्यक्ति प्रति हेक्टेर के श्रेणी में विभाजित है । यह क्षेत्र निम्न से मध्यम आवासीय घनत्व का है तथा इनमें धार्मिक संस्थायें अथवा वाणिज्यिक प्रतिष्ठान सम्मिलित है ।

अतः यह स्पष्ट है कि ओंकारेश्वर नगर भिन्न- भिन्न जनसंख्या घनत्व से युक्त होने के कारण , इसकी योजना ठोस एवं परिणामकारक हो, जिससे अत्यधिक घनत्व के क्षेत्रों का विकेन्द्रीकरण किया जा सके तथा आवश्यक सेवायें एवं अधोसंरचना उपलब्ध हो जिससे कम घनत्व के क्षेत्र आगामी विकास हेतु उपलब्ध हो सके ।

3.3.3 जनसंख्या परिवर्तन :

ओंकारेश्वर नगर की वर्ष 1971 में भारत की जनगणना-2011 अनुसार मध्यप्रदेश की औसतन दशकीय जनसंख्या 1598 थी, जिसकी वृद्धि दर 23.11 प्रतिशत रही । जनसंख्या में विशेष वृद्धि 1991 से 2001 के दशक में पाई गई जो क्रमशः 73.00 तथा 67.40 प्रतिशत थी । वर्ष 2001 से 2011 में दशकीय जनसंख्या वृद्धि 52.10 प्रतिशत रही है , इसे सारणी एवं चित्र क्रमांक-3.3.3 में नगर की जनसंख्या एवं दशकीय वृद्धि दर्शायी गयी है :-

सारणी-3.3.3: ओंकारेश्वर : दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर

814(69)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

जनसंख्या

वर्ष

प्रतिशत दशकीय वृद्धि

3

2

1

1298

1961

23.11

1598

1971

42.99

2285

1981

72.95

3952

1991

67.41

6616

2001

52.10

10,063

2011

स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011

Population Growth

12000

10000

10063

8000

6000

6616

-Population 4000

3952

2000

2285

1598

1298

0

2011

2001

1991

1981

1971

1961

चित्र-3.3.3: ओंकारेश्वर : दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर (1961-2011)

3.3.4 अनुमानित जनसंख्या :

ओंकारेश्वर नगर में दशकीय जनसंख्या वृद्धि के आधार पर वर्ष 2021 की भावी जनसंख्या 16000 का आंकलन लिया गया है तथा विकास योजना 2031 के प्रस्ताव औसतन जनसंख्या 25,000 के आधार पर तैयार किए गये है । वर्ष 2021 एवं वर्ष 2031 में जनसंख्या वृद्धि का आकलन विभिन्न गणितीय पद्धति से किया गया है जो सारणी तथा चित्र क्रमांक 3.3.4 में दर्शाया गया है ।

सारणी-3.3.4; जनसंख्या का आंकलन

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(70)

2031

2021

क्र.

जनसंख्या अनुमानित पद्धति

जनसंख्या

जनसंख्या

16957

13510

1. अंकगणित वृद्धि पद्धति

22908

15135

2. ज्यामितिय वृद्धि पद्धति

12602

15927 3. वद्धिशील वृद्धि पद्धति

23280

15305

4. घातांक वृद्धि पद्धति

16846

25,000 5. अनुपातिय वृद्धि पद्धति

Population projection Methods

Arithmatic Method

18000

16000

14000

2000

0000

8000

86000

-popu ...

4000

2000

0

1961 1981 2001 2021 Year

Geometric Method

25000

20000 이

5000

0000

-popul ...

5000

0

1961 1981 2001 2021

Year 814(71)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

Incremental Increase

Ratio method

Method

20000

30000

25000

$5000

20000

0000

5000

-pop ...

-pop ...

25000

P 5000

0

0

1961 1981 2001 2021

2021

1961 1981 2001

year

year

Exponential method

25000

20000

15000

Population

10000

-population

5000

0

1961 1981 2001 2021

year

चित्रः-3.3.3: ओंकारेश्वर जनसंख्या वृद्धि का आंकलन की विभिन्न गणितीय पद्धतियों ।

ओंकारेश्वर विकास योजना -2031 में सम्मिलित ग्रामों की कुल जनसंख्या का आंकलन सभी पांचों गणितीय पद्धति अनुसार किया गया है । इसमें से अनुपातिय वृद्धि पद्धति से आंकलन अनुसार सबसे अधिक जनसंख्या 25,000 अनुमानित की गई है । जिसका मुख्य कारण है कि, ओंकारेश्वर धार्मिक नगरीय होने से यहाँ पर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होती रही है ।

3.4 नगर के मुख्य कार्यकलाप :

मुख्य रूप से यह नगर ग्रामीण परिवेश एवं धार्मिक नगरीय तथा तीन ओर से वन क्षेत्र से घिरे होने से, यहाँ औद्योगिक एवं विशेष व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित नहीं है । नगर में प्रतिदिन आने वाले तीर्थ यात्रियों की आवश्यकता की पूर्ति हेतु पूजापाठ की सामग्री, माला , धार्मिक पुस्तकें, फूल - प्रसाद , चाय , होटल , भोजनालय , धर्मशाला, नाव चलाना आदि ही यहां के मुख्य कार्यकलाप है, इसके अतिरिक्त कोई अन्य व्यवसाय यहाँ पर नहीं है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (72)

3.5 गंदी बस्ती:

ओंकारेश्वर नगर में गैर अधिसूचित गंदी बस्ती की संख्या 3 है जिसमें से 634 झुग्गी झोपड़ियों है तथा 634 परिवार निवास करते है । इस प्रकार गंदी बस्ती में निवास कर रही जनसंख्या नगर की कुल जनसंख्या का लगभग 31.50 प्रतिशत है । 3.6 आवास की आवश्यकता:

वर्ष 2011 की जनसख्या के अनुसार ओंकारेश्वर नगर समूह के अंतर्गत 2205 परिवार आवासों में निवास करते है । इस आधार पर परिवार का आकार 5 व्यक्ति आता है जबकि प्रति आवास व्यक्तियोंकी औसत संख्या 5.6 आती है । प्रत्येक परिवार को एक स्वतंत्र आवास की आवश्यकता के मान से 2500 आवासों की कमी के साथ परिवार का आकार बड़ा परिलक्षित होता है । इसका प्रमुख कारण संयुक्त परिवार एवं परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक होना है ।

3.7 नगरीय विस्तार:

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र का नगरीय विस्तार क्रम, अलग-अलग तिथियों पर सुदूर संवेदन प्रणाली के माध्यम से, एकत्रित जानकारी के आधार पर किया गया है । मानचित्र में नगर का प्राकृतिक विकास क्रम एवं दिशा स्पष्ट है । प्राकृतिक विस्तार समय एवं क्षेत्रफल सारणी 3.7 में स्पष्ट है । सारणी से यह स्पष्ट होता है कि नगर विकास / विस्तार का क्रम , वर्ष 2015-2019 में, तुलनात्मक दृष्टि से वर्ष 2004-2015 की समयावधि में संपन्न विस्तार से अधिक एवं उच्च स्तर का था । जिसका प्रमुख कारण सिंहस्थ-2016 समय ओंकारेश्वर शहर में हुए विकास कार्य थे ।

सारणी 3.7: नगरीय विस्तार एवं क्षेत्रफल

क्षेत्रफल % नगरीय विस्तार

अ.क्र.

क्षेत्रफल (हे.में.)

35.00

50.53

2004 तक

1.

18.74

27.05

2004-2015

2.

46.26

66.77

2015-2019

3.

100.00

144.35

कुल

नगरीय विस्तार के मानचित्र एवं सारणी के आधार पर निष्कर्ष निम्नानुसार है :

वर्ष 2004 के पूर्व नगरीय गतिविधियां प्रमुखतः ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के संस्पर्शी क्षेत्र एवं जे.पी. चौक व ब्रह्मपुरी क्षेत्र में केन्द्रित थे । वर्ष 2004 से 814(73)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

PlanningAree

Crokeshwar

OMKARESHWAR

Legend

WorldView-11,2018 Waterbodies

3.7URBANSPRAWL

2015-2018(67)

2004-2016(27)

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDinston

VillageBoundary

Roads

Upto2004(51)

---MunicipalAreaBoundary

UrbanSprawi(Areainha)

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Source:SatelliteImageofIRSLISS-III,2004,WorldView-1015

DistrictKhandwa

NARMADARIVER

Mandhata

Dunikya

NARMADARIVER

ToDhawadlys

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka

26 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(74)

2015 तक नगर का विस्तार, प्रमुखतः वार्ड क्रमांक 5 व 6 एवं 10 में हुआ था । किन्तु वर्ष 2015-2018 की समयावधि में नगर विस्तार मोरटक्का मार्ग , नागर घाट, मान्धाता पहाड़ी व संगम घाट के आस -पास के क्षेत्र में हुआ हैं । ओंकारेश्वर नगर का विकास 2015-2019 की समयावधि में मुख्यतः 12 वर्षों में होने वाले सिंहस्थ-2016 से प्रभावित था, जिससे शहर के विकास की वृद्धि दर तुलनात्मक रूप से अधिक रही ।

3.8 नगर विकास हेतु आवश्यक क्षेत्रफल :

पूर्व में किये गये स्पष्टीकरण के आधार पर, ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र की, वर्ष 2031 में जनसंख्या 25,000 के आसपास रहेगी । अतः वर्ष 2031 तक वृद्धिगत जनसंख्या लगभग 15,000 होगी ।

सारणी-3.8: विकास योजना हेतु अतिरिक्त क्षेत्र आवश्यकता की गणना

25,000 वर्ष 2031 तक प्रस्तावित जनसंख्या ओंकारेश्वर

1267.05 हेक्टेयर निवेश क्षेत्र कुल (ओंकारेश्वर विकास योजना-2031 )

155.76 हेक्टेयर ओंकारेश्वर विकास योजना-2021 में कुल प्रस्तावित क्षेत्रफल

77.58 हेक्टेयर ओंकारेश्वर नगर में वस्तुतः विकसित क्षेत्रफल वर्ष 2004-2015

78.18 हेक्टेयर अतिरिक्त अविकसित उपलब्ध क्षेत्रफल विकास योजना 2021

227.27 हेक्टेयर कुल आवश्यक क्षेत्रफल 2031 ( 110 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर)

विकसित क्षेत्र- इसमें आवासीय , वाणिज्यिक, मिश्रित , सार्वजनिक एवं अर्द्ध सावर्जनिक, सार्वजनिक सेवाएं एवं सुविधाएं, यातायात एवं परिवहन एवं आमोद- प्रमोद निवेश क्षेत्र में सम्मिलित हैं । रिक्त भूमि, जलाशय, वन क्षेत्र, ग्रामीण निर्मित क्षेत्र एवं कृषि भूमि सम्मिलित नहीं है ।

यू.आर.डी.पी.एफ.आई. मानक, जनसंख्या घनत्व के संदर्भ में नगरों के लिये निर्धारित है । ओंकारेश्वर की प्राकृतिक संरचना के कारण कम ऊंचाई एवं मध्यम ऊंचाई के भवनों को प्रधानता दिये जाने के कारण , 110 व्यक्ति प्रति हेक्टयर प्रस्तावित जनसंख्या घनत्व की अनुशंसा की जाती है । इस संदर्भ में वर्ष 2031 तक, ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र में विकास योजना प्रस्ताव निर्धारित करने हेतु क्षेत्रफल की गणना की गई है एवं इस गणना के अनुसार 227.27 हेक्टयर भूमि, कुल 25,000 जनसंख्या (वर्ष-2031 ) के लिये आवश्यक होगी । ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र में प्रस्तावित उपयोग हेतु भूमि का चयन करने हेतु समन्वित भूमि उपयोग उपयुक्तता विश्लेषण किया गया है , 814(75)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

जिसका मुख्य आधार भौगोलिक विशेषताएं एवं पर्यावरणीय घटकों का संयुक्त रूप से "Multicriteria Index " के माध्यम से विश्लेषण है ।

3.9 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता :

अध्याय एक में वर्णित कार्यप्रणाली का आधार 7 प्राकृतिक घटकों का परस्पर महत्व के आधार पर तथा प्रत्येक घटक का महत्व एवं संयुक्त प्रभाव का मूल्यांकन किया गया है । इन प्राकृतिक एवं नैसर्गिक घटकों का विवरण , विश्लेषण के परिणाम के साथ प्रस्तुत है ।

3.9.1 वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र :

ओंकारेश्वर शहर का भूमि उपयोग मानचित्र , नगर में निर्मित इकाईयों एवं रिक्त भूमि के वर्तमान उपयोग पर आधारित है । सारणी -3.9.1 में उल्लेखित वर्गीकरण प्रणाली के आधार पर डिजीटल विश्लेषण तकनीकी एवं स्थल सत्यापन करने के पश्चात निवेश क्षेत्र का भूमि उपयोग मानचित्र तैयार किया गया है ।

भूमि उपयोग के प्रकार एवं व्याप्त क्षेत्रफल सारणी -3.9.1 में उल्लेखित है । विभिन्न भूमि उपयोग प्रकार के संदर्भ में विस्तृत विवरण निम्नलिखित है : -

सारणी-3.9.1: वर्तमान भूमि उपयोग क्षेत्रफल

क्र. भूमि उपयोग (श्रेणी- III)

क्षेत्रफल (प्रतिशत)

क्षेत्रफल

(हेक्टेयर में)

55.16

आवासीय क्षेत्र

1.

6.99

2. आबादी (ग्राम)

7.46

वाणिज्यिक

3.

2.37

मिश्रित निर्मित क्षेत्र

4.

8.52

5. सार्वजनिक सेवाएं एवं सुविधाएं

40.69

सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक 6.

2.05

परिवहन

7.

5.31

आमोद-प्रमोद

8.

23.26

9. रिक्तभूमि

134.48

10. कृषि भूमि

887.72

11. वन क्षेत्र

73.81

वेस्ट लेण्ड

12.

203.45

13. जलाशय

1267.05

कुल

भूमि उपयोग यू.आर.डी.पी.एफ. आई. मार्गदर्शिका अनुसार (प्रतिशत)

4.35

35-40

0.55

0.19

5-7

0.59

0.67

3.21

10-12

1.41

12-14

10-12

0.42

1.84

10.61

54.28

5.83

16,06

100.00 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (76)

PUTY

pur:

FlamingArea

4.Afterste

125

2:0

OMKARESHWAR

Legend

975

Landuse&UrbanSurveyDivision 3.9.1EXISTINGLANDUSE

BUTTONGAND

TRANSPORTATION

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST.Bhopal UKDANNIN

WATERBODIES

RECREATIONAL

AUHKULTURE

PROTECTEDZONE

BOUNDARIES

NINGANANILA COOCATIONANGRESEARCH

COWMERCIAL

RESIDENTIAL

CONTOUR(20m)

GENERALKILICONTIN

FLAN

SPECIALPURPOSE

PUBLICUTILITIES& FACILITIES

GHATS

ELECTOS

PUBLIC&SEMPUBLIC

Scale DistrictKrandea

95

NARMADARIVER

DAM

Mandhata

KAVERYRIVER

Mandhata

Ouhikya

NARMADARIVER

ToDhawadiya

Govedpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh.Bhopal

ToMortakka 814(77)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

स्त्रोत:- नगर तथा ग्राम निवेश एवं जी.आई.एस. सर्वेक्षण

निर्मित क्षेत्र

निर्मित क्षेत्र (विकसित क्षेत्र) का प्राकृतिक विस्तार हेतु कुल निर्मित क्षेत्र 128.55 हेक्टेयर भूमि है । निवेश क्षत्र में , निर्मित क्षेत्र (विकसित क्षेत्र) को विभिन्न श्रेणिओं में वर्गीकृत किया है जैसे आवासीय , वाणिज्यिक, मिश्रित निर्मित क्षेत्र , आमोद- प्रमोद, सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक, यातायात ।

कृषि भूमि

नगरीय क्षेत्र के बाहर कृषि भूमि उपयोग प्रमुख है । कृषि उपयोग के अंतर्गत 157.74 हेक्टेयर भूमि व्याप्त है । उक्त श्रेणी में फसल युक्त कृषि भूमि, रिक्त भूमि तथा वृक्षारोपण भूमि सम्मिलित है । शहर में फसल युक्त ( कृषि) भूमि क्षेत्रफल 134.48 हेक्टेयर उपलब्ध है जिसमें खरीफ मौसम में सोयाबीन एवं रबी मौसम में गेहूँ तथा दाल की फसलों का उत्पादन होता है ।

वन क्षेत्र

संरक्षित वन के अंतर्गत 687.72 हेक्टेयर भूमि है । निवेश क्षेत्र में वन क्षेत्र का प्रतिशत 54.28 है ।

जलाशय

ओंकारेश्वर शहर की पहचान, नर्मदा नदी के किनारे पर बसे ओंकारे" वर मंदिर से है । जलाशय के अंतर्गत मुख्य रूप से नर्मदा नदी, नाला , नहर एवं ओंकारे " वर जल संग्रहण (रिजर्वायर) क्षेत्रफल को सम्मिलित किया गया है । जिसका कुल क्षेत्रफल 203.45 हेक्टेयर भूमि है । निवेश क्षेत्र में जलाशय का प्रतिशत 16.05 है । 3.9.2 भू- संरचना विज्ञान (जिओमॉर्फीलाजीकल) उपखण्ड :

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र को भू-आकृति की दृष्टि से तीन भागों में विभाजित किया गया है । निवेश क्षेत्र का अधिकांश भाग विच्छेदित पहाड़ी एवं घाटी क्षेत्र में आता है । क्षेत्र का दक्षिणी पश्चिमी भाग , भू- आकृति की दृष्टि से पेडीप्लेन तथा शेष भाग विच्छेदित पहाडियां व संरचनात्क घाटी में विभाजित किया गया है । जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 3.9.2 में दर्शाया गया है । 814(78)

6LOZApplelbilalkhlalalakkak

ToMortakka

ToDhawadiya

NARMADARIVER

-KAVERIRIVER

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

NARMADARIVER

97

Soas

025

DistrictKhandwa

40

Geomorphology

Roads

Pediplain

Lineaments

Waterbodies

075

BuiltupArea

StructuralValley

Legend

OMKARESHWAR

3.9.2GEOMORPHOLOGY

PlanningAreaBoundary

125

DissectedHIRSandValleys

Landuse&UrbanSurveyDivision

RemoleSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

SourceNationalGeomorphologicalMappingProjectNRSC.ISRO-2016

A

PlanningArea 814(79)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

सारणी-3.9.2: जिओमॉर्कोलाजीकल उपखण्ड़ एवं क्षेत्रफल

जिओमॉर्फालॉजीकल क्र.

1. पेडीप्लेन मैदानी भाग (Pedi plain) 2. विच्छेदित पहाड़ियां एवं घाटी (Disscetion Hill And Valley) 3. संरचनात्मक घाटी (Structural Valley)

4. जलाशय (Waterbody)

कुल

स्त्रोतः भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण 3.9.3 मिट्टी की जानकारी:

क्षेत्रफल (प्रतिशत) क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

15.60

197.62

63.15

800.12

5.20

65.86

16.05

203.45

100.00

1267.05

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र में मिट्टी की जानकारी एम.पी.आर.एस.ए.सी. भोपाल (स्त्रोत- एन.बी.एस.एस. एवं एल.यू.पी.) के आधार पर अध्ययन कर, प्रत्येक प्रकार की मिट्टी को विभाजित किया गया है । इससे मिट्टी की संरचना संबंधी मानचित्र तैयार किया गया है ।

सारणी-3.9.3: मिट्टी की संरचना के विभिन्न प्रकार

क्र.

मिट्टी की संरचना 1. लोमी स्केलेटल (Loamy Skeletal) 2. लोमी(Loamy)

3. बसाहट (Builtup Land)

4. जलाशय (Waterbody)

कुल

क्षेत्रफल (प्रतिशत) क्षेत्रफल (हे.में)

51.14

647.99

26.31

333.38

6.49

82.24

16.06

203.45

100.00

1267.05

स्त्रोतः-अखिल भारतीय भूमि उपयोग और मिट्टी सर्वेक्षण संगठन

3.9.4 ढलान :

निवेश क्षेत्र में , प्राकृतिक संरचना के अन्तर्गत ढलान के विशिष्ट पहलुओं का अध्ययन, भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने में महत्वपूर्ण है । ऊँचाई के आधार पर निर्धारित दलान की विशेषताएँ दर्शाने वाला मानचित्र Contour एवं Carto-DEM के आधार पर तैयार किया गया है । जो मानचित्र तथा सारणी-3.9.4 पर दर्शित है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (80)

PlanningArea

Orminarestear

1.33

OMKARESHWAR

Legend

Q75

Waterbodies

3.9.3SOILTEXTURE

PlanningAronBoundary

BufitupArea

Loamy Roads

LoantrySkeletal

08

CoumarQallandIanbiesQinafInelis

025

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SoilTexture

Sole DistrictKhandwa

99

NARMADARIVER

KAVERIRIVER

NARMADARIVER

ToDhawadiya

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka 814(81)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

Karstwal

125

OMKARESHWAR

Legend

3.9.4CONTOUR

073

53305CHMANIT Wartorbodies

PlanningAreaBoundary

Contours(160mto200m)

Roads

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

025

DistrictKhantha

2

100

NARMADARIVER

0

KAVERIRIVER

ToDhawatiya 160

160 NARMADA RIVER

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (82)

PlanningAre

Orikanthwar

1.25

OMKARESHWAR

Legend

High

Lu

3.9.4SLOPE

Waterbodies

↑

PlanningAreaBoundary

10

BuiltupArea

10-15

15-25

Roads

25-36

0-3

>35

Slope(Percent)

025

Landuse&UrbanSurveyDivision RemaleSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictKhandwa

101

NARMADARIVER

ΚΑKAVER RIVER

ToDrawadiya -NARMADARIVER

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 814(83)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

सारणी-3.9.4: ढलान के विभिन्न श्रेणी के अन्तर्गत क्षेत्रफल

क्षेत्रफल (प्रतिशत) क्र.

क्षेत्रफल (हेक्टेयर. में)

ढलान (प्रतिशत)

00.77

9.869

35से अधिक

1.

04.97

62.988

25-35

2.

17.53

222.169

15-25

3.

21.03

236.468

10-15

4.

40.49

513.058

3-10

5.

17.56

222.496

0-3

6.

100.00

1267.05

कुल

स्त्रोत:- Contour एवं Carto - DEM

3.9.5 बाढ़ (आपदा) :

नर्मदा नदी के एक ओर सतपुड़ा पर्वत श्रृखला एवं दूसरी ओर विध्यांचल पर्वत माला लगी हुई है । नर्मदा नदी इन दोनों ही पर्वत मालाओं के मध्य भ्रंश घाटी में प्रवाहित होती है । ओंकारेश्वर शहर नर्मदा नदी के दोनों ओर पहाड़ी क्षेत्र पर बसा हुआ है । ओंकारेश्वर में वर्षा का वार्षिक औसत 1267 मि.मी. है, प्राकृतिक ढलान होने से वर्षा का जल नालियों द्वारा सीधे नर्मदा नदी में प्रवाहित होता हैं । अधिक वर्षा होने की स्थिति में , वर्तमान नालियों की चौड़ाई एवं गहराई सीमित होने के कारण तथा नगर का प्राकृतिक ढलान, नर्मदा नदी की ओर होने से, इन नालियों से प्रवाह ओवरफ्‌लो होता है ।

नर्मदा नदी पर , ओंकारेश्वर बांध के अप- स्ट्रीम (Up- Stream) इंदिरा सागर (पुनासा) बांध एवं रानी अवंतीबाई (बरगी ) बांध निर्मित है तथा डेम गेट के माध्यम से इन बांधों के बाढ़ का पानी नियंत्रित किया जाता है । नर्मदा नदी पर ओंकारेश्वर बांध के पूर्व निर्मित इंदिरा सागर बांध एवं रानी अवंतीबाई बांध तथा टोपोग्राफी व वर्षा के आंकड़ों के आधार पर ओंकारेश्वर बांध की डिजाईन की गई है । बांध के गेट से अधिकतम 88,315 क्यूमेक (m³/s ) वर्षा जल छोड़ने पर नर्मदा नदी का बाढ़ जल स्तर (H.F.L ) 188.29 मी. तक पहुंचने पर ओंकारेश्वर शहर बाढ़ से प्रभावित होता है । भू- अभिलेख कार्यालय से प्राप्त वर्षा के आंकड़ों अनुसार वर्ष 2013-2014 में खण्डवा जिले की औसतन वर्षा 1550 मि.मी. से अधिक वर्षा होने पर ओंकारेश्वर बांध से अधिकतम 38,028 क्यूमेक (m³/ s) पानी छोड़ा गया था । जिससे नर्मदा नदी का बाढ़ जल स्तर 179 मी . तक पहुंचने पर ओंकारेश्वर शहर में नर्मदा नदी के किनारों पर बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई थी ।

स्त्रोतः- भू-अभिलेख विभाग , खण्डवा मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(84)

3.9.6 भूकम्प (आपदा) परिक्षेत्र :

क्षेत्र के सूक्ष्म अध्ययन से भूकम्प (आपदा) परिक्षेत्र का स्वटिय मानचित्र, जिसमें फाल्ट तथा छोटे मध्यम एवं वृहद फ्रेक्चर परिक्षेत्र के आधार पर, मिट्टी की स्थिति, भूगर्भीक फाल्टस का अध्ययन एवं विश्लेषण किया गया है । उक्त आधार पर निवेश क्षेत्र का भूकम्प सम्भावना युक्त क्षेत्र का मानचित्र तैयार किया गया है । ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र भूकंप तीवृता की दृष्टि से ज़ोन- VII में वगीकृत किया गया है । यह क्षेत्र दक्षिण के पठार का स्थिर क्षेत्र है तथा जो कि "हॉस्ट ब्लॉक" कहलाता है । देश के मुख्य भूकम्पीय क्षेत्रों से पृथक करता है । अतः उच्च तीवृता के भूकम्प आने की सम्भावना इस क्षेत्र में कम है ।

3.9.7 जल स्त्रोत बफर :

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र में, मुख्यतः नर्मदा नदी एवं उसकी सहायक कावेरी नदी, नहर तथा नाला सम्मिलित किये गये है, जिसका कुल क्षेत्रफल 203.45 हेक्टेयर है । नर्मदा नदी के दोनों ओर 30 मीटर की दूरी तक निर्माण / विकास कार्य पूर्व विकास योजना-2021 अनुसार प्रतिबंधित किया गया है । ताकि नर्मदा नदी का तटीय क्षेत्र, जिससे सुन्दर घाट, मंदिर परिसरों के मूल स्वरूप को यथावत बनाया रखा जा सके । निवेश क्षेत्र के अन्दर तालाब एवं अन्य कोई जल स्त्रोत उपलब्ध नही है । जल स्त्रोत बफर की जानकारी सारणी एवं मानचित्र क्रमांक-3.9.7 में दर्शायी गयी है ।

सारणी-3.9.7: जल स्त्रोत बफर क्षेत्रफल

क्र.

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

बफर (मी० में)

क्षेत्रफल (प्रतिशत)

23.60

36.99

46-60

1.

24.14

37.86

2. 31-45

52.26

36.99

3. 0-30

100.00

156.79

कुल

स्त्रोतः- उपग्रह चित्र एवं जी.आई.एस. विश्लेषण

3.9.8 मार्ग संरचना:

मार्ग संरचना निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत भावी विकास क्षेत्रों को विकसित करने हेतु महत्वपूर्ण माध्यम है । क्योंकि मार्ग संरचना क्षेत्र की विभिन्न निवेश इकाईयों को समन्वित करती है । भौगोलिक दृष्टि से ओंकारेश्वर तीन ओर से प्राकृतिक अवरोध (पहाड़) से घिरा होने के कारण , इस क्षेत्र में केवल दो ही वर्तमान मार्ग है । जिसमें मोरटक्का मार्ग मुख्य है , जो ओंकारेश्वर को सनावद एवं मोरटक्का से जोड़ता है । 814(85)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

MadhyaPradesh

AtlanofIndiaCoun Legend

Waterbodios

NationalHighways

Forost

DistrictBoundary

ZONE-I1LowDamageRiskZone (MSKVIORLess)

ZONE-JIIModeratoDamageRisk Zone(MSKVII)

MADHYAPRADESH

Rail

Landuse&UrbanSurveyDivision 3.9.6EARTHQUAKEZONES

EARTHQUAKEZONES

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale India

104

Balaghat

Omkareshwa

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (86)

A

PlanningArea

Onsarostaar

Ke

b

125

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodies

Drainage PlanningAreaBoundary

BulltupArea

Roade

3.9.7WATERBODYBUFFER

18

60

30

45

9

05

WaterbodyBuffer(DistanceinMeters)

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

035

Stu DistrictKhandwa

105

MADARIVER NARMA

RIVER

NARMADARIVER

ToDhawadiya

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka 814(87)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

Omarishwar

12515

OMKARESHWAR

Legend

0.71

3.8.8ROADBUFFER

Waterbodies

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision Roads

BulitupArea

OnsureWinnin 100

200

600

ReadBuffer(DistanceinMeters)

025

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictKhandwa

106

NARMADARIVER

KAVERIRIVER

NARMADARIVER

ToDhawadiya

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(88)

नगरीय भूमि उपयुक्तता का विश्लेषण करने हेतु इन दोनों मार्गों को सम्मिलित किया गया है एवं बफर जोन मार्ग के दोनों ओर निर्धारित किए गये है । ज़ोन के अन्तर्गत बफर मार्ग संरचना की जानकारी सारणी एवं मानचित्र क्रमांक-3.9.8 में दर्शायी गयी है ।

सारणी-3.9.8: मार्ग संरचना बफर क्षेत्रफल

क्र.

क्षेत्रफल (प्रतिशत)

क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)

मार्ग बफर (मीटर)

45.13

571.778

500 से अधिक

1.

26.91

340.979

201-500

2.

10.85

137.480

101-200

3.

17.11

216.813

0-100

4.

100.00

1267.050

कुल

स्त्रोतः- उपग्रह चित्र एवं जी.आई.एस. विश्लेषण

3.9.9 रेलवे स्टेशन :

निवेश क्षेत्र में निकटतम रेलवे स्टेशन मोरटक्का है । मोरटक्का- इन्दौर-खण्डवा के मीटर गेज सेक्शन में स्थित है । इस सेक्शन को ब्राड गेज में परिवर्तित करने का कार्य प्रगति पर है । ओंकारेश्वर से मोरटक्का रेलवे स्टेशन तक की दूरी 12 किलो.मी. है ।

3.9.10 भूमि मूल्य:

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत गोदड़पुर, मांधाता एवं डुहकिया ग्राम सम्मिलित है । रजिष्ट्रेशन एवं स्टाम्प विभाग (वाणिज्यिक कर) म०प्र ० से प्राप्त जानकारी अनुसार , बालवाड़ी वार्ड क्रमांक -4 , 5 व 6 तथा गढ़ मोहल्ला वार्ड क्रमांक-12 , 13 व 14 में सबसे कम (2500 प्रति वर्ग मी. ) भूमि मूल्य है । इसमें केवल बालवाड़ी क्षेत्र के वार्ड में ही भूमि उपलब्धता है । इसके उपरांत ग्राम डुहकिया (वार्ड-15 ) की भूमि मूल्य 3600 प्रति वर्गमी . होने से, इस क्षेत्र में विकास कार्य किया जाना आवश्यक होगा । अन्नपूर्णा मार्ग वार्ड क्रमांक -1 , ओंकारेश्वर मन्दिर (मुख्य मार्ग) वार्ड क्रमांक-11 , 12 व 13 में भूमि मूल्य (8000 प्रति वर्ग मी. ) सबसे अधिक है । इसमें केवल अन्नपूर्णा मार्ग पर ही भूमि की उपलब्धता है तथा ओंकारेश्वर मन्दिर से लगे वार्ड मांधाता पहाड़ी पर होने तथा पहाड़ी का संरक्षण करने हेतु, अन्य प्रयोजन करने में अतिरिक्त भूमि उपलब्धता नही है ।

स्त्रोतः- रजिस्ट्रेशन एवं स्टाम्प विभाग (वाणिज्यिक कर) म०प्र० 814(89)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

125

High

OMKARESHWAR

Legend

076

3.9.10LANDVALUE

Waterbodies

8000-12000

7000-14000

5600-11000

2800-5200

8400-16800

8000-16000

3600-7200

4500-9000

MunicipalAreaBoundary

2500-6000Low

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision

Roads VillageBoundary

Residential-Commercial

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

425

LandValueRangeinINR (PerSquareMeter)

District-Khandwa

108

NARMADARIVER

Mandhata

Duhikya

KAVERIRIVER

NARMADARIVER

ToDhawadiya

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(90)

3.10 नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प :

निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत राजस्व भूमि सीमित होने के कारण नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प के घटकों के विश्लेषण का आधार सीमित होने के कारण दो विकल्प प्रस्तावित किये गये है । इन दोनों ही विकल्पों में प्रत्येक घटक का क्रम दूसरे घटक के परस्पर संबंधों पर निर्धारित किया गया है एवं नगरीयकरण के संबंध में निर्धारित उपयुक्तता विकल्प सारणी क्रमांक-3.10.1, 3.10.2 एवं 3.10.3 में दर्शाया गया है ।

Table: - 3.10.1 : Weighted Index For Composite Land Suitability [Model- 1 ] टीपः- विकल्प-1 (समान): सभी लेयर्स को मूल्यांकन में समान वरीयता प्रदान की गई है ।

Class

Theme Weight

7

Agriculture

9

VacantLand

1

Builtup

15

Landuse

8

Wasteland

1

Forest

1

Waterbody

9

Pediplain

2

DissectedHills and Valleys

15

Geomorphology

4

Structural Valley

1

Waterbody

5

Loamy

2

Loamy Skeletal

14

SoilTexture

1

Builtup Land

1

Waterbody

9

100 m

8

200m

14

7

TransportBuffer

500 m

3

>500 m

1

30m

2

45m

14

Stream Buffer

3

60m

7

>60m

9

0-1%

7

1-3%

5

3-10%

4

10-15%

14

Slope

3

15-25%

2

25-35%

1

>35%

7

2500-5000

5

3600-7200

14

Land Value

3

1

4500-9000 814(91)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

25

OMKARESHWAR

Legend

75

Watorbodies

ModoratelySuitable

Landuse&UrbanSurveyDMISION PlanningArdaBoundary

HighlySuttable

LessSuitable

NotSuitable

SUITABILITY

025

RemoteSensingApplicationCentreMPCSTBhopal EqusiVeruntagetuAllCalyst

3.10.1UrbanLandSuitabilityMap(Model-1)

DistrictKhanderd

111

NARMADARIVER

KAVERIRIVER

NARMADARIVER

ToDhawadiye

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(92)

A

PlanningArea

Ormarishww

15

OMKARESHWAR

Legend

5:0

Watorbodies

ModeratelySultable

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision HighlySuttable

LessSuitable

NotSuitabl

SUITABILITY

LandGeomorphologyand VaterbodyBufferownmatte

3.10.2UrbanLandSuitabilityMap(Model-2)

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictKhardwa

112

NARMADARIVER

KAVERIRIVER

NARMADARIVER

ToDhawediya

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakhe 814(93)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

125

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodies

ModeratelySuitable

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision HighlySultablo

LossSuitable

NotSultable

SUITABILITY

Landuse,Supe,TransportBullerande WaterbottyBuforgivenmoreWaghtage)

3.10.3UrbanLandSuitabilityMap(Model-3)

025

RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

Scale DistrictKhandwa

113

NARMADARIVER

KAVERIRIVER

NARMADARIVER

To Dhawatiya

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(94)

Table : - 3.10.3: Weighted Index For Composite Land Suitability [ Model -3 ]

Class

Theme

Theme

eight

7

Agriculture

9

Vacant Land

1

Builtup

20

Landuse

8

Wasteland

1

Forest

1

Waterbody

9

Pediplain

2

Dissected Hills and Valleys

10

Geomorphology

4

Structural Valley

1

Waterbody

5

Loamy

2

Loamy Skeletal

05

Soil Texture

1

Builtup Land

1

Waterbody

9

100 m

8

200 m

20

7

Transport Buffer

500 m

3

>500 m

1

30 m

2

45 m

20

Stream Buffer

3

60m

7

>60m

9

0-1%

7

1-3%

5

3-10%

4

10-15%

20

Slope

3

15-25%

2

25-35%

1

>35%

7

2500-5000

5

3600-7200

05

Land Value

3

1

4500-9000 814(95)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

टीपः-विकल्प -3 (एल.एस.आर.डब्ल्यू):- भूमि उपयोग , ढलान, जलाशय बफ एवं मार्ग बफ को मूल्यांकन में वरीयता प्रदान की गई है । सारणी 3.10.4: नगरीय उपयुक्तता आधार (मूल्यांकन प्रणाली)

घटक

क्र.

अनुपयुक्त निम्न उपयुक्त (Less Suitable)

मध्यम उपयुक्त

(Medium

Suitable)

अति. उपयुक्त. (Highly Suitable)

श्रेणी 4

(Not Suitable)

श्रेणी 1

श्रेणी 2

श्रेणी 3

पड़त भूमि

रिक्त भूमि 1. भूमि उपयोग

0-10% 2. ढलान

3.

अन्य सर्च क्षेत्र

वृक्षारोपण आच्छादित क्षेत्र

> 35 %

15-35%

10-15%

लोमी, स्केलेटल

लोमी मिट्टी का प्रकार

4.

>60 मी.

जलाशय बफर

<100 मी.

5. प्रमुख मार्ग बफ्र

6.

पेडीप्लेन भू-आकृति (जियोमार्फोलॉजी)

7.

30-45 मीटर

45-60 मी.

< 30मी. 200-500 मी.

100-200 मी.

500से अधिक

विच्छेदित पहाड़ियां एवं घाटियों

4500-9000 4000-8000

3600-7200

2500-5000 भूमि का मूल्यांकन

घटकों को नगरीय उपयुक्तता के आधार पर मूल्यांकन के बाद श्रेणी प्रदान की गई है , जो 7 मानचित्रों के एकीकरण परिणाम है । 7 मानचित्रों के संयुक्त परिणाम के कारण कई स्लिवर पॉलीगॉन निर्मित हुए । उक्त पॉलीगोन के संस्पर्शी पॉलीगोन में विसर्जित किया गया जिसका आधार स्थल संदर्भित स्थिति एवं न्यूनतम मानचित्र खंड (Minimum Mappable Unit ) है । एकजाई आकृति में संयुक्त भूमि उपयुक्तता श्रेणी है एवं प्रत्येक श्रेणी में सभी घटकों के चरित्र विद्यमान है जो भूमि उपयुक्तता हेतु आवश्यक है । प्रत्येक श्रेणी की मूल्यांकन वरीयता उक्त घटक के महत्व के आधार पर एवं एक दूसरे से तुलना के आधार पर की है ।

संयुक्त उपयोगिता संकेतक (Composite Suitability Index) की गणना 7 घटकों के मूल्यांकन को उनकी श्रेणी से गुणा कर प्राप्त किया है । सी.एस.आय. को 4 श्रेणी में विभाजित किया गया है । इस प्रक्रिया में प्रत्येक श्रेणी इस बात का सूचक है कि सक्षमता की सीमा प्रत्येक वर्ग के संदर्भ में कितनी है, अर्थात न्यूनतम, अधिकतम, मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(96)

सी.एस.आय. का औसत एवं स्तरीय डिविएशन (Standard Deviation) का उपयोग वर्गीकरण हेतु किया गया है ।

सी.एस.आय. मूल्यांकन जितना अधिक होगा नगरीय विकास हेतु उच्च वरियता का द्योतक है । कम सी.एस.आय. मूल्यांकन का संदर्भ नगर विकास हेतु कम मूल्यांकन परंतु संरक्षण हेतु उच्च वरियता होगी । अंततः संयुक्त श्रेणी के संयुक्त परिणाम हेतु, नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता की चार श्रेणी में विभाजित है ।

Table-3.10.5 Land Suitability Area [Model - 1 ]

Suitability Class

Highly Suitable

Moderatly Suitable

Less Suitable

Not Suitable

Grand Total

%

AreaHa

0.69 8.69

11.02 139.68

3.87 49.03

84.42 1069.65

100.00 1267.05

Table:- 3.10.6 Land Suitability Area [Model -2 ]

Suitability Class

Highly Suitable

Moderatly Suitable

Less Suitable

Not Suitable

Grand Total

%

AreaHa

4.65 58.96

10.15 128.62

0.76 9.64

84.44 1069.83

100.00 1267.05

Table: - 3.10.7 Land Suitability Area [Model -3 ]

Suitability Class

Highly Suitable

Moderatly Suitable

Less Suitable

NotSuitable

Grand Total

%

AreaHa

3.51 44.52

11.33 143.52

00.75 9.52

84.41 1069.49

100.00 1267.05

नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता हेतु [Model- 1 ] , [Model- 2 ] एवं [Model -3 ] तैयार किये गये है । जिसे सारणी एवं चित्र क्रमांक 3.10.5 से 3.10.7 में दर्शाया गया हैं । भूमि उपयुक्तता के संदर्भ में [ Model-2 ] का चयन अंतिम रूप से ओंकारेश्वर विकास योजना तैयार करने हेतु किया गया । यह देखा गया है कि उपयुक्त क्षेत्र दक्षिण पश्चिम में विस्तारित है । नगर के आगामी विकास दक्षिण पश्चिम दिशा में होना उपयुक्त है । 814(97)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

भाग 2

नियोजन प्रस्ताव

अध्याय-4

प्रस्तावित परिवहन तंत्र तथा नगरीय अधोसंरचना 4.1 प्रस्तावित परिवहन संरचना

ओंकारेश्वर नगर की परिवहन संरचना निम्न बिन्दुओं पर आधारित है ।

क्षेत्र के अंतर्गत उपयुक्त यातायात संबंधी सक्षम परिवहन ।

श्रद्वालुओं हेतु पैदल मार्गो का चिन्हांकन, संयोजन , विकास एवं संवर्धन ।

समुचित वाहन पार्किंग स्थलों का प्रावधान ।

परिक्रमा मार्ग का सौन्दर्याकरण एवं संरक्षण ।

नगरीय यातायात के दबाव को कम करने हेतु, वैकल्पिक साधनों जैसे रोप - वे / स्काई वॉक का प्रावधान ।

मेले के दौरान अस्थायी वाहन पार्किंग स्थलों हेतु भूमि का चिन्हांकन ।

क्षेत्रीय एवं नगरीय यातायात का विभाजन ।

मध्यवर्ती क्षेत्र एवं नगर के प्रमुख कार्य क्षेत्रों को भावी विकास हेतु प्रस्तावित क्षेत्रों के मार्गों में संयोजन ।

मिश्रित यातायात हेतु उपर्युक्त मार्ग सरंचना का निर्माण ।

कार्य केन्द्रों एवं बस्ती क्षेत्रों के बीच सीधे मार्गों का निर्माण कर मितव्ययी सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था ।

पर्वों के दौरान नगर के स्थानीय यातायात हेतु ई- रिक्शा का संचालन ।

4.2 वर्तमान मार्गों की चौड़ाई

नगर में वर्तमान प्रमुख मार्गो की जानकारी निम्न सारणी एवं मानचित्र क्रमांक 4. 2 में दर्शाया गयी है ।

सारणी-4.2: प्रमुख वर्तमान मार्गो की चौडाई

वर्तमान मार्ग की चौडाई

अधिकतम न्यूनतम मार्ग का नाम

क्रमांक

7.50

15.00

1. मुख्यमार्ग (बस स्टैण्ड से जे.पी. चौक) तक

6.10

12.00

नाके से रेस्ट हाऊस तक

2.

18.00

24.00

बस स्टैंड से रेस्ट हाऊस तक

3.

10.67

16.46

वन विभाग से गजानन महाराज मंदिर तक

4.

9.15

12.00

5. एन.एच.डी.सी. कार्यालय से डेम जाने वाला मार्ग

6.10

10.67

6. निरंजन अखाड़े से झूला पुल तक मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(98)

A

PlanningArea

Omkareshwat

1.25

OMKARESHWAR

Legend

0.75

Waterbody

ParikramaPath

MunicipalAreaBoundary

TEMPLE PlanningAreaBoundary

Parking

Bridge

VillageBoundary

VillageRoad

OtherPublicRoad

MinorCityRoad

Footpath

MajorCityRoad

BusStand

06

4.2EXISTINGTRANSPORTNETWORK

025

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DistrictKhandwa

Scale

۱۱۹

NARMADARIVER

DAM

KAVERYRIVER

Mandhata

Duhikya

NARMADARIVER

ToDhawadiys

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka 814(99)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

6.71

9.15

ममलेश्वर मंदिर से साप्ताहिक बाजार तक

7.

6.10

18.00

8. अग्रवाल धर्मशाला से एन.एच.डी.सी. कार्यालय तक

3.00

7.62

9. जे.पी. चौक से अन्नपूर्णा मंदिर तक

2.44

3.35

10. ओंकारेश्वर मंदिर मुख्य मार्ग (मांधाता)

2.00

3.00

11. मुख्य मंदिर से राजवाड़ा

16.77

18.00

12. मोरटक्का मार्ग (बस स्टैंड से नाके तक)

स्त्रोतः नगर तथा ग्राम निवेश सर्वेक्षण

4.2.1 वाहन विराम स्थल:

ओंकारेश्वर शहर धार्मिक नगरी एवं ज्योर्तिलिंग होने से यहाँ पर प्रतिदिन लगभग 200 वाहनों के आने से अनुमानित 3,000 श्रद्धालु दर्शन करने आते है तथा यहाँ प्रति वर्ष खास पर्वो जैसे- सोमती अमावस्या, पंचकोशी यात्रा, महाशिव रात्रि, मुतड़ी अमावस्या पर प्रतिदिन लगभग 2000 वाहनों के आवागमन होने से अनुमानित 30,000 श्रद्धालु आने की सम्भावना होती है ।

निवेश क्षेत्रान्तर्गत :

नगर के प्रमुख यातायात उदित केन्द्र एवं अवसान केन्द्र के आस-पास वाहन विराम पार्किंग का होना आवश्यक है । नगर में प्रतिदिन एवं धार्मिक अवसरों पर अधिक मात्रा में यात्री वाहन आते हैं, किन्तु नगर की भौगोलिक स्थिति एवं स्थल की कमी के कारण वाहन पार्किंग स्थलों का अभाव है । वर्तमान में निम्नलिखित स्थलों पर वाहन विराम किए जाते हैं ।

1. पुराना बस स्टैण्ड

2. ममलेश्वर मन्दिर के समीप

3. बालवाड़ी चौक

4. नया बस स्टैण्ड परिसर

5. वृद्धाश्रम के सामने

6. नाके के पास

7. दादा दरबार के पास

अतः नगर में वाहन विराम स्थलों का अभाव है । इनके लिए विकास योजना-2031 में पर्याप्त पार्किंग स्थल प्रस्तावित किये गये है । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(100)

क्रमांकः 4.2.1; पुराना बस स्टैण्ड

छायाचित्रः

निवेश क्षेत्र के बाहर:

ओंकारेश्वर शहर में भूमि की उपलब्धता कम होने तथा खास पर्वों पर वाहनों का आवागमन एवं भीड़ होने से निवेश क्षेत्र के बाहर के ग्रामों में अस्थाई पार्किंग क्षेत्र (जोन) चिन्हित किया जाना होगा । जिससे शहर में बढ़ते हुए यातायात एवं पार्किंग समस्या को नियंत्रित किया जा जिसके लिए अस्थायी रूप से निम्नलिखित स्थलों पर भी वाहन खड़े किए जाते है ।

1. हवाई पट्टी के पास (निवेश क्षेत्र के बाहर)

2. सनावद रोड़ (निवेश क्षेत्र के बाहर)

3. मोरटक्का मार्ग (निवेश क्षेत्र के बाहर)

4.3 मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

ओंकारेश्वर नगर में स्थित वर्तमान एवं नवीन मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई निम्न सारणी एवं मानचित्र क्रमांक-4.3 में दर्शायी गयी है :-

814(101)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

Omkareshwar

पिकापस्टेशन

निवेशक्षेत्र

नगरपालिका

वाहनविरामरथस

जलासय

पुष

बसस्थानक

रापवेस्टेशन

परिवहन

रोपवे

ई-रिख।मार्ग

सीमाएं

ई-रिक्शास्टेशन

OMKARESHWAR

075

Legend

EXISTINGPROPORED

22Main&AmbineMarineDene TRANSPORTATION

WATERBODIES

25

BOUNDARIES

MUNICIPAL

PARIKRAMAPΑΤΗ

PLANNINGAREA

ROPEWAYSTATION

ROPEWAN

VILLAGE

PARKING

BRIDGE

PICKUPSTATION

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal ROAD

TEMPLE

BUSSTAND

E-RIKSHAROUTE

E-RIKSHASTATION

DistrictKhandwa

4.3PROPOSEDTRANSPORTNETWORK(CENTRAL)

122

DAM

Manchata

L-3.17Km

KAVERYRIVER

Duhikya

L-3.17Km

NARMADARIVER

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal Godadpura मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

14 (102)

A

PlanningArea

Chokareshwar

परिक्रमामार्ग

पिकअपस्टेशन

नगरपालिका

अहनविक्रमस्थत

संथवेस्टेशन

परिवहन

पुल

यसस्थानक

जलाशय सीमाए

JRONR1414

ई-रिक्शास्टेशन

OMKARESHWAR EXISTINGPROPOSED

Legend

03

ardes

TRANSPORTATION

WATERBODIES

BOUNDARIES

PARIKRAMAPATH

MUNICIPAL

PLANNINGAREA

ROPEWAY

ROPEWAYSTATION

PARKING

VILLAGE

4.3PROPOSEDTRANSPORTNETWORK

BRIDGE

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal PICKUPSTATION

TEMPLE

ROAD

BUSSTAND

E-RIKSHANOUTE

E-ROKSHASTATION

Scare DistrictKhandwa

123

NARMADARIVER

DAM

Maridhata

KAVERYRIVER

Dutinya

NARMADARIVER

ToDhawadiya

18M

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka 814(103)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

सारणी-4.3: मार्गों की प्रस्तावित चौड़ाई

मार्ग कानाम

क्र.

प्रस्तावित चौड़ाई (मीटर में) वि.यो.-2031 नगरीय मार्ग

1.

18.00

1. मुख्य मार्ग (बस स्टेण्ड से जे.पी. चौक)

24.00

2. नाके से रेस्ट हाऊस मार्ग तक

24.00

3. बस स्टेण्ड से रेस्ट हाऊस मार्ग तक

18.00

वन विभाग से गजानन महाराज मंदिर तक

4.

18.00

5. एन.एच.डी.सी. कार्यालय से बांध तक

12.00

6. निरंजनी अखाड़े से झूलापुल तक

12.00

7. ममलेश्वर मंदिर से बाजार चौक तक

18.00

8. अग्रवाल धर्मशाला से एन.एच.डी.सी. कार्यालय तक

9.00

9. नगर परिषद से अन्नपूर्णा मंदिर तक

9.00

10. पुराने पुल से ओंकारेश्वर मुख्य मंदिर तक

6.00

11. ओंकारेश्वर मंदिर के पीछे से राजवाड़ा तक

30.00

12. मोरटक्का मार्ग

नये प्रस्तावित मार्ग

2.

24.00

1. परिवर्तित मार्ग

18.00

2. अन्य मुख्य मार्ग

12.00

3. ग्रामीण मार्ग

स्त्रोत: नगर तथा ग्राम निवेश सर्वेक्षण

4.3.1 बस स्थानक

इस उपयोग के अंतर्गत नगर में यातायात का अधिक दबाव होने से विभिन्न पर्वों पर आने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों के वाहनों की पार्किंग हेतु जगह की कमी होती है । इस कारण से ओंकारेश्वर विकास योजना -2021 में नया बस स्टैण्ड हेतु 7. 45 हेक्टेयर भूमि बस स्थानक के लिए प्रस्तावित की गई थी । जिसमें नगर सर्वेक्षण वर्ष-2019 अनुसार 1.40 हेक्टेयर भूमि पर नया बस स्टैण्ड विकसित है तथा 6.05 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (104)

हेक्टयर भूमि शेष होने से पुनः बस स्थानक के लिए अतिरिक्त भूमि विकास योजना-2031 में पृथक से प्रस्तावित किये जाने की आवश्यकता नहीं है ।

छायाचित्रः क्रमांकः 4.3.1 ; नवीन बस स्टैण्ड पिकअप स्टेशन

4.3.2

नगर में वर्तमान में संगठित वाहन पार्किंग स्थल उपलब्ध नहीं है । धार्मिक अवसरों एवं उज्जैन नगर में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व के अवसरों पर नगर में तीर्थ यात्रियों का अधिक आवागमन होता है । जिसके लिए नगर में यात्री वाहनों के विराम हेतु भूमि उपलब्ध न होने से, भारी यात्री वाहनों के पार्किंग स्थल निवेश क्षेत्र के बाहर, ग्राम कोठी की सीमा से लगकर, उपलब्ध खुले क्षेत्र में रखना आवश्यक होगा । ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर से प्रभावित क्षेत्र एवं विकास योजना मानचित्र में दर्शाए अनुसार प्रस्तावित हरित क्षेत्र एवं जलाशय के आसपास नहर को एक्वाडक्ट के रूप में निर्मित किया जाना होगा ताकि इसकी ऊपरी सतह को हल्के वाहन विराम स्थलों के रूप में उपयोग किया जा सकेगा । नगर में विद्यमान खुले क्षेत्रों को यथा सम्भव विकसित कर, वाहन पार्किंग स्थलों के रूप में उपयोग किया जा सकेगा । 814(105)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

रोप-वे

4.3.3

यातायात के दबाव को कम करने हेतु विकास योजना -2031 में " रोप-वे " निर्माण का प्रस्ताव किया गया है । जिसकी जानकारी सारणी एवं मानचित्र क्रमांक-4.3. 3 में दर्शायी गई है ।

सारणी-4.3.3: रोप- वे (Rope -Way Specification)

No of Terminals

Rope- Way Length

Near New Bus stand

Upper Terminal

Zero Point

Lower Terminal

Facilities In Terminal

Passenger Handling Area , Ticket Counter , Parking , Public Convenience Area

Travel Time

Ropeway Type

Twin Track Single Haul , Bi - Cable , Double Reversible , Jig Back System

250 PPH (Passenger Per Hour )

Ropeway Capacity

30+1 (Passenger + Operator )

CabinCapacity

SelfDriven Carriage & Cabin

Rescue System

70 Cars & 80 Two Wheelers

Upper terminal Parking

100 Cars & 80 Two Wheelers

Lower terminal Parking

स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश सर्वेक्षण

ओंकारेश्वर शहर में धार्मिक विशेष पर्वों पर अतिरिक्त तीर्थ यात्रियों एवं पर्यटकों के लिए ओंकरेश्वर दर्शन हेतु, पहाड़ियों के उच्च स्तरों को संयोजन करने के लिए अतिरिक्त रोप -वे का निर्माण प्रस्तावित किया गया है, जिसे प्रस्तावित यातायात परिभ्रमण तंत्र मानचित्र में दर्शाया गया है । ओंकारेश्वर शहर की भावी जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए भविष्य में शासन द्वारा रोप - वे का प्रस्तावित किये जाने की स्थिति में, स्थल पर रोप- वे का संरेखण (Alignment) एवं निर्माण / विकास का निर्धारण तथा विस्तृत प्राक्लन को संबंधित विभाग के प्रावधानों अनुसार, अंतिम मान्य किया जावेगा । 4.3.4 स्काई-वॉक

ओंकारेश्वर शहर में धार्मिक पर्वों पर आने वाले दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं की अधिकता होने की स्थिति में , ममलेश्वर मन्दिर से विष्णु एवं बह्मा मन्दिरों का आपस में संयोजन करने के लिए , म० प्र० पर्यटन विभाग के द्वारा बम्हपुरी घाट के समीप मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(106)

स्काई -वॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है । जिससे इन क्षेत्रों में विशेष पर्वों पर होने वाले भीड़ के दबाव को कम किया जा सके । जिसकी जानकारी चित्र क्रमांक 4.3.4 एवं छायाचित्रः 4.3.4 में दर्शाया गया है ।

चित्र क्रमांकः 4.3.4; स्काई-वॉक 4.3.5 हवाई पटटी

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र में नगर के विकास हेतु भूमि की उपलब्धता कम होने तथा आरक्षित वन भूमि होने की स्थिति में हवाई पटटी का निर्माण निवेश क्षेत्र के बाहर मोरक्कामार्ग पर ग्राम कोठी एवं सनावद मार्ग पर ग्राम इनपुन के समीप प्रस्तावित किया जाना उचित होगा । 814(107)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

छायाचित्रः क्रमांकः 4.3.4 स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश एवं म०प्र ० पर्यटन विभाग

भौतिक अधोसंरचना 4.4

वर्ष 2031 तक ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र की जनसंख्या लगभग 25,000 तक पहुंचना अनुमानित है । नगर अधोसंरचना के घटकों का विकास जैसे जल प्रदाय , निकासी नालियां तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को इस प्रकार प्रस्तावित किया गया है, जिससे नगरवासियों को स्वस्थ पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सके । इसके अतिरिक्त नगर विकास योजना, वृहद् पर्यावरणीय प्रबंध योजना तथा नगरीय जल प्रदाय एवं पर्यावरणीय सुधार योजना के प्रस्ताव भी, यथा आवश्यक उचित सुधारों के साथ, इस विकास योजना में समाविष्ट किए गए है ।

4.4.1 जल प्रदाय

ओंकारेश्वर नगर में, वर्तमान स्थिति अनुसार जल प्रदाय का मुख्य साधन नर्मदा नदी है । नगर में जल प्रदाय हेतु कुल 5.62 एम.एल.डी. की क्षमता के दो जल शोधन संयंत्र उपलब्ध है, जिसके माध्यम से शहर में जल आपूर्ति की व्यवस्था की जाती है । चूंकि ओंकारेश्वर शहर, नर्मदा नदी के दोनों ओर पहाड़ी क्षेत्र पर बसा हुआ है । यहाँ मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(108)

PlanningArea

Orkarestival

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodies

DistributionPipeline

MunicipalAreaBoundary

ProposedOverHeadTank

VillageBoundary

GroundLevelReservior

ServicePipeline

SupplyValve

WaterPumpingStation

WaterTreatmentPlant

RawWaterMainPipeline

4.4.1WATERSUPPLYNETWORK

025

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

District-Khandwa

NARMADARIVER

Mandhata

NARMADARIVER

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 814(109)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

पर भू- जल स्त्रोत पर्याप्त उपलब्धता नही होने से नगरवासी एवं श्रद्धालु नर्मदा नदी के जल पर आश्रित है । यहाँ पर विशेष पर्व पर दर्शन करने हेतु आने वाले श्रद्धालु के लिये पानी की व्यवस्था नल एवं टैंकरों के माध्यम से उपलब्ध करायी जाती है ।

4.4.2 मांग का आकलन एवं जल प्रदाय स्त्रोत (Demand & Gap Analysis) केन्द्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण यांत्रिकी संगठन की, जल प्रदाय एवं उपचार हेतु जारी निर्देशिका में, यह सुझाव दिया गया है कि उन बड़े शहरों में, जहाँ जल प्रदाय व्यवस्था अस्तित्त्व में हो या बनाई जाने वाली हो, वहाँ प्रति व्यक्ति/दिन 150 लीटर पानी प्रदाय किया जाना चाहिये । हालाँकि राष्ट्रीय बिल्डिंग संहिता जल प्रदाय की आधारभूत, आवश्यकता, निकासी एवं स्वच्छता प्रबंध संहिता (आई.एस.: 1172-1983) में न्यूनतम 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन जल प्रदाय , ऐसे सभी निवासों के लिय, जहां मल निकासी के लिये पूर्ण तेज बहाव (फ्लस) व्यवस्था हो, किये जाने का अनुमोदन किया गया है ।

यह प्रस्तावित किया गया है कि 135 लीटर प्रति व्यक्ति, प्रतिदिन जल प्रदाय , पाईप लाईन से किया जाए, तो इस दर से शहर की वर्तमान जनसंख्या वर्ष 2011 (10.063) के आधार पर कुल 1.35 एम.एल.डी. जल की आवश्यकता रही थी तथा शहर के भावी विकास अनुसार वर्ष 2031 कीअनुमानित जनसंख्या 25,000 के आधार पर कुल 3.37 एम.एल.डी. जल आपूर्ति की आवश्यकता होगी । वर्तमान में भी इस अनुमानित आवश्यकता से अधिक की क्षमता उपलब्ध है । चूंकि ओंकारेश्वर धार्मिक एवं पवित्र नगरी होने की स्थिति में यहाँ पर कार्तिक मेला, महाशिवरात्रि मेला, श्रावण मास, नर्मदा जयंती, गंगा दशमी तथा सोमती अमावस्या पर लगभग 2 से 3 लाख श्रद्धालु, दर्शन करने आते है, जो मुख्यतः नर्मदा जल का ही उपयोग करते है । नगर में लगभग 50,000 व्यक्ति प्रति दिन रूकने पर भी जल आपूर्ति के संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है । सामान्यतः पर्यटक उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, माण्डु, इन्दौर पर्यटन सर्किट का उपयोग करते है ।

ओंकारेश्वर शहर में वर्तमान जल प्रदाय हेतु ज़ीरो पाईंट पर स्थित संयंत्र की जल शोधन क्षमता 4.82 एम.एल.डी. तथा मांधाता पहाडी पर स्थित संयंत्र की जल शोधन क्षमता 0.80 एम.एल.डी. है । अतः शहर में जल प्रदाय करने हेतु, कुल जल संग्रहण क्षमता 5.62 एम.एल.डी. उपलब्ध है । जिससे शहर की वर्ष 2031 की अनुमानित जनसंख्या हेतु आवश्यक जल आपूर्ति से अधिक है । शहर में जल मांग आंकलन अनुसार, वर्तमान में 5.62 एम.एल.डी. के जल शोधन संयंत्र उपलब्ध है तथा वर्ष-2050 तक अनुमानित जनसंख्या अनुसार भविष्य की जल आपूर्ति मांग की पूर्ति हेतु पर्याप्त है । जिसका आंकलन सारणी क्रमांक 4.4.2 में दर्शाया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(110)

सारणी-4.4.2: जनसंख्या अनुसार जल आपूर्ति की मांग का आंकलन एवं उपलब्धता For Current Population of10,063 ( Year 2011 ) ut

For Projected Population of 25,000 ( Year 2031 ) at

Perticular Item's

For Projected Population of 42,000 (Year 2050 ) at 135 LPCD .

135 LPCD.

135 LPCD .

5.60 MLD

3.37 MLD

1.35 MLD

Demand

5.62MLD

5.62 MLD

5.62MLD

Availability

6

5

4

Demand 3

Availability 2

1

0

2050

2031

2011

Figure 4.4.2 Chart Showing Demand and Availability of Water Supply 4.4.3 जल वितरण व्यवस्था

यह प्रस्तावित है , कि वर्ष 2031 तक पर्याप्त जल प्रदाय दबाव सहित , नगर की 100 प्रतिशत जनसंख्या को पाईप द्वारा जल प्रदाय व्यवस्था में सम्मिलित किया जावे । वर्तमान में नगर की 85 प्रतिशत जनसंख्या को ही, पाईप द्वारा जल प्रदाय उपलब्ध है । वर्तमान की आवरोधित जल प्रदाय व्यवस्था के स्थान पर, सुरक्षित एवं पीने योग्य गुणवत्ता वाले जल की निरंतर जल प्रदाय व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी । शहर के मांधाता पहाड़ी क्षेत्र में नगर परिषद द्वारा सामुदायिक जल प्रदाय की व्यवस्था की गई है । जल प्रदाय व्यवस्था का विश्लेषण अनुसार , जल शोधन संयंत्र से 200 मि.नी. की मुख्य पाईप लाईन को 150 मि.मी. , 100 मि.मी. , 75 मि.मी. व 1.5 इंच की जल वितरण लाईनों से संयोजन किया गया है । इन पाईप लाईनों पर कुल 21 वाल्वों के द्वारा शहर में जल प्रदाय व्यवस्था को वार्ड अनुसार नियंत्रित किया जाता है ।

पेयजल के दुरूपयोग को रोकने तथा प्रदाय व्यवस्था में उच्चतर उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिये, सेवा मीटर स्थापित किया जाना प्रस्तावित है । इसके अतिरिक्त, जब तक उन्हें जल के वास्तविक उपयोग पर आधारित न किया जावे, जल 814(111)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

दरों की व्यवस्था का निर्माण, दक्षताओं हेतु आवश्यक है । शहर में वर्तमान एवं प्रस्तावित जल वितरण व्यवस्था को मानचित्र क्रमांक 4.4.3 में दर्शायी गयी है ।

4.4.4 नालियां तथा मल उपचार

घरेलू मल निकासी हेतु स्वास्थ्य रक्षा नालियां तथा वर्षा जल की निकासी हेतु वर्षा जल प्रवाह नालियां , इस प्रकार पृथक- पृथक नालियां उपलब्ध कराई जाएंगी । शहर में निकासी की व्यवस्था हेतु निम्नलिखित दृष्टिकोण बनाए गए है-

1. खुले में शौच से मुक्त शहर हेतु सभी मकानों / भवनों में शौचालय ।

2. 100 प्रतिशत नगर को सम्मिलित करती हुई नाली व्यवस्था ।

3. नाली व्यवस्था से सम्पर्क बनाए रखने हेतु सुविधाएं एवं प्रोत्साहन ।

स्वतंत्र स्वशासी तथा सक्षम संगठन । 4.

5. नाली प्रणाली / रीति का निर्धारण तथा सेवाओं पर निगरानी ।

उपचारित गंदे पानी का पुर्नचक्रीकरण व पुनः उपयोग । 6.

7. वाणिज्यिक स्थानों, बगीचों तथा लोक स्थानों पर सुव्यवस्थित सःशुल्क शौचालय ।

8. आर्थिक रूप से वहन किए जाने योग्य नाली व्यवस्था ।

9. मेलों एवं धार्मिक पर्वों में आने वाले श्रद्धालुओं / पर्यटकों की सुविधा हेतु चलित शौचालय अथवा स्वच्छ आधुनिक (मोड्यूलर ) / जैविक शौचालय की व्यवस्था । 4.4.5 अपशिष्ट जल प्रवाह

अपशिष्ट जल प्रवाह की दर, जनसामान्य को प्रदाय की गई जल की दर तथा भू- जल रिसावों की दर पर निर्भर करती है । सामान्य व्यवहार के अनुसार, अनुमानतः जल उपभोग का 80 प्रतिशत अपशिष्ट जल प्रवाह में परिवर्तित होता है । अधिकांश क्षेत्र में पाईप लाईनों का, भूमि जल स्तर के ऊपर होना प्रस्तावित है और इसलिए भूमि जल रिसाव को अनदेखा कर दिया जाता है, किन्तु सबसे खराब परिस्थितियों में, भूमि जल रिसाव के लिए , विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार करते समय वैज्ञानिक तथा तकनीकि अध्ययन आवश्यक है ।

ओंकारेश्वर शहर से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार हेतु 16.50 लाख Lpd . (लीटर प्रतिदिन) की क्षमता के कुल 04 शोधन संयंत्र स्थापित है , जो कि जे.पी. चौक (पुराने नगर परिषद भवन के सामने) , झूला पुल के समीप, बालवाड़ी उद्यान के समीप तथा ओंकार घाट के पास स्थित हैं । इन शोधन संयंत्र से निकलने वाले जल को, नर्मदा में प्रवाहित करने के स्थान पर शहर में आस - पास के उद्यान एवं हरित 814(112)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

ManningArea

Caraareatwar

126

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodios

Lineaments

ModeratetoPoor

PlanningAreaBoundary

BulltupArea

Roads

Landuse&UrbanSurveyDivision Good

4.4.3GROUNDWATERPROSPECT

GroundwaterProspects

SourceResourceSal2.115SIV&IntegrationofEthology.

RempleSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal

DISNIKEKhaгожа

133

NARMADARIVER

KAVERIRIVER

NARMADARIVER

ToDhawediya

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka 814(113)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

PlanningArea

134

OMKARESHWAR

Legend

Waterbodies

MunicipalAreaBoundary

ProposedSewageTreatmentPlant

Manhole

ExistingSewagoTreatmentPlant

VillageBoundary

100

150

250

200

360

CoursMonerDarichardAmbamchierar 4.4.5PROPOSEDSEWERAGENETWORK

Landuse&UrbanSurveyDivisioN RemoteSensingApplicationCentre,MPCST.Bhopal PipeDiameter(mm)

DistrictKhandwa

Scale

NARMADARIVER

BAMING NARMADARIVER

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(114)

क्षेत्र की सिंचाई में उपयोग किया जाता है । शहर में स्थापित शोधन संयंत्र की जानकारी सारणी क्रमांक 4.4.5 में दर्शायी गई है ।

सारणी-4.4.5: मल शोधन संयंत्र (Sewerage Treatment Plant)

Location

STP No.

Capacity ( Ltr . per day)

2,50,000

JP Chauk

STP 1

1,50,000

Jhoola Pul

STP 2

Balwadi

STP 3

2.50,000

Omkar Ghat

STP 4

स्त्रोतः-नगर परिषद् ओंकारेश्वर

मांग का आकलन (Demand & Gap Analysis )

ओंकारेश्वर शहर की वर्ष 2011 की जनसंख्या 10,063 के आधार पर 8,28,000 Lpd. (लीटर प्रतिदिन) अपशिष्ट जल के शोधन की आवश्यकता हेतु वर्तमान में शहर में स्थापित शोधन संयंत्र पर्याप्त है । बालवाड़ी के निचले क्षेत्रों से निकलने वाला अपशिष्ट जल का बहाव, गऊ घाट की ओर होने तथा ओंकार मंदिर से पुराने पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित, नर्मदा घाट से लगे क्षेत्र से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधन किया जाना आवश्यक है । इसकी जानकारी छायाचित्रः क्रमांक-4.4. 5 में दर्शाया गया है ।

क्रमांक-4.5.5; ओंकार मन्दिर से पुराने पुल क्षेत्र छायाचित्रः 814(115)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2031 की प्रस्तावित जनसंख्या 25,000 अनुसार 27,00,000 Lpd . ( लीटर प्रतिदिन) अपशिष्ट जल उपचार हेतु शोधन संयंत्र की आवश्यकता है । इसकी जानकारी सारणी-4.4.5 में दर्शायी गई है ।

सारणी-4.4.5: मल शोधन संयंत्र मांग का आकलन

For Projected Population of 25,000 For Current Population of 10,063

Item's

(2031) 80% of Water Supply (2011 ) 80% of Water Supply

27.00.000 Ltr . Per Day 8,28,000 Ltr . Per Day

Demand

16.50,000 Ltr . Per Day 16,50,000 Ltr . Per Day

Availability

स्त्रोतः नगर परिषद् ओंकारेश्वर एवं नगर तथा ग्राम निवेश

उपरोक्त सारणी का अवलोकन अनुसार, इसके अतिरिक्त पुराने शोधन संयंत्र की क्षमता बढ़ाने एवं नवीन संयंत्र स्थापित करने की भी आवश्यकता है । शहर में वर्तमान में कुल चार पुराने शोधन संयंत्र स्थापित है, तथा प्रस्तावित नवीन संयंत्र की मांग आंकलन को मानचित्र क्रमांक 4.4.5.1 में दर्शाया गया है ।

4.4.6 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन

ओंकारेश्वर शहर में, ठोस अपशिष्ट उत्पादन की वास्तविक मात्रा तथा लक्षण ज्ञात नही है, किन्तु ओंकारेश्वर नगर परिषद से प्राप्त जानकारी अनुसार नगरीय क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 5 टन ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है । शहर में अधिकांश अपशिष्ट पदार्थ श्रद्धालुओं द्वारा कचरा पेटी में डालने की जगह खुले स्थान या घाट के किनारे डाल दिया जाता है । जिसकी साफ- सफाई एवं कचरा एकत्रित करने में नगर परिषद कर्मचारियों को काफी समस्या उत्पन्न होती है ।

ओंकारेश्वर शहर से निकलने वाले कचरें को नगर परिषद की कचरा संग्रहण वाहन (Door To Door Collection ) के माध्यम से इक‌ट्ठा किया जाता है तदु- उपरांत नवीन बस स्टैण्ड के समीप लगभग क्षेत्रफल 0.500 हेक्टेयर ट्रेचिंग ग्राउण्ड क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट का शोधन किया जाता है, जिसमें वर्तमान में, शहर एवं घरों से प्राप्त होने वाला गीला एवं सुखा कचरा (ठोस अपशिष्ट पदार्थ), को जैविक एवं अकार्बनिक प्रक्रिया की जाती है तथा इसके साथ मंदिरों से इकट्ठा होने वाली पूजा की सामग्री में, फूल एवं पत्तियों से, ट्रेचिंग गाउण्ड में स्थापित नाडेब टांके से जैविक खाद के 814 (116)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

रूप में तैयार किया जाता है । शहर में स्थित ट्रेचिंग ग्राउण्ड क्षेत्र की वर्तमान स्थिति को छायाचित्रः क्रमांक 4.4.6 में दर्शाया गया है ।

शहर में स्थित शासकीय उप- स्वास्थ्य केन्द्र से निकलने वाले बॉयो चिकित्सकीय अपशिष्ट को, विभिन्न थैलियों में एकत्रित किया जाता है तथा बंद वाहनों में उसका परिवहन कर उपचार हेतु भेजा जाता है । यह उपचारण संयंत्र वर्तमान में औद्योगिक क्षेत्र सांवेर रोड़, इन्दौर में स्थापित है ।

ओंकारेश्वर शहर के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु निम्नलिखित योजना प्रस्तावित है-

शहर में आने वाले तीर्थ यात्रियों के द्वारा घाट पर गंदगी एवं कचरा ना होने की समुचित व्यवस्था की जाना चाहिये तथा धार्मिक पर्वों पर नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा सतत निगरानी की जानी चाहिये ।

नर्मदा नदी के किनारे पर श्रद्धालुओं के द्वारा होने वाले गंदगी के स्थानों को चिन्हित करने के उपरांत उन जगहों पर कचरा पेटी लगाना चाहिये । सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया का बेहतर प्रबंधन नगर परिषद द्वारा किया जाना चाहिये ।

छायाचित्रः क्रमांकः 4.6.6; ट्रेचिंग ग्राउण्ड स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश एवं नगर परिषद ओंकारेश्वर मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(117) 4.4.7 वर्षा जल निकासी

ओंकारेश्वर शहर नर्मदा नदी के दोनों ओर लगे पहाड़ी क्षेत्र पर बसा हुआ है । ओंकारेश्वर में मध्यम तीव्रता होने से वर्षा 1267 मि.मी. औसतन होती है, जिससे स्थल का प्राकृतिक ढलान होने से वर्षा का जल नालियों एवं सीधे नर्मदा नदी में प्रवाहित होता हैं । चूंकि नर्मदा नदी पर ओंकारेश्वर बांध निर्मित होने से बाढ़ का पानी डेम गेट के माध्यम से नियंत्रण किया जाता है । किन्तु नदी के किनारे की वर्तमान बसाहट को विस्थापित किया जाना आवश्यक होगा । ओंकारेश्वर शहर में वर्षा जल की निकासी हेतु निम्नलिखित समस्याओं एवं विषयों की पहचान की गई है-

शहर की सड़कों में निकासियां पर्याप्त नहीं है तथा मौजूदा प्राथमिक एवं द्वितीय- निकासियों की क्षमता बढ़ाने के लिए , समय - समय पर जमी हुई मिट्टी को हटाने एवं सफाई की आवश्यकता है ।

वर्षा जल नर्मदा नदी में सीधे नाले एवं नालियों के माध्यम से मिलता है । उक्त नालियों की चौड़ाई को बढ़ाया जाने से इसकी क्षमता में सुधार होगा ।

4.4.8 शासकीय कार्यालय

ओंकारेश्वर ग्रामीण परिवेश का होने से कोई भी प्रशासनिक गतिविधियों यहाँ कार्यरत नहीं है । इसका नियन्त्रण जिला मुख्यालय खंडवा एवं तहसील मुख्यालय पुनासा के द्वारा होता है । अन्य विभागों के कार्यालय बड़वाह एवं सनावद में स्थित है । नगर में नगर परिषद कार्यालय, पुलिस थाना, वन विभाग कार्यालय , राजस्व निरीक्षक कार्यालय शहर में स्थापित है ।

4.4.9 शैक्षणिक

ओंकारेश्वर शहर में 6 शास. प्राथमिक शाला, 1 शास . माध्यमिक शाला, 4 निजी माध्यमिक शाला , 1 शास. हाईस्कूल , 1 निजी हाईस्कूल तथा 1 शास. हाई सेकण्डरी स्कूल संचालित है । इसके अतिरिक्त नगर में कोई भी अन्य शिक्षण संस्था- संचालित नहीं है तथा नगर की वर्ष-2031 की प्रस्तावित जनसंख्या का राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता (NBC) -2016 के मानक की गणना अनुसार, अतिरिक्त शालाओं की आवश्यकता की जानकारी, सारणी क्रमांक-4.4.9 में दर्शाया गया है । शहर से विद्यार्थीगण उच्च शिक्षा हेतु समीप स्थित बड़वाह, खंडवा, इन्दौर आदि नगरों में प्राप्त किये जाने हेतु जाते है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(118)

A

PlanningArea

139

OMKARESHWAR

Legend

Transformor

Waterbodbos

MunicipalAreaBoundary

PlanningAreaBoundary

Landuse&UrbanSurveyDivision VillageBoundary

ElectricSubstation

Poles

11KvLine

4.4.11POWERSUPPLYNETWORK

RemoteSensingApplicationCentre,MPCSTBhopal

District-Kharidad

MADARIVER

Mandhata

KAVERI RIRIVER

NARMADARIVER

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal 814(119)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

सारणी-4.4.9: शैक्षणिक शाला की जानकारी

क्र०

स्कूल

वर्तमान शाला की स्थिति

शासकीय निजी

राष्ट्रीय भवन निर्माण

संहिता-2016 के मानक

वर्ष-2031 की जनसंख्या अनुसार अतिरिक्त शाला की आवश्यकता

06

5000 जनसंख्या पर 1

प्राथमिक शाला

1.

02

04

01

7500 जनसंख्या पर 1

माध्यमिक शाला

2.

7500 जनसंख्या पर 1

3. हाई सकूल (10)

02

01

01

02

01

7500 जनसंख्या पर 1

4. हाई- सेकण्डरी (12)

स्त्रोत:- URDPFI की गाईड-लाईन अनुसार 4.4.10 स्वास्थ्य

नगर में एक शासकीय उप- स्वास्थ्य केन्द्र, एक डिस्पेंसरी , एक मेटर्निटी होम एवं गजानन महाराज संस्थान का एक प्राथमिक उपचार केन्द्र संचालित है । ओंकारेश्वर नगर के समीप स्थित सनावद , बड़वाह, खंडवा तथा इन्दौर आदि नगरों में जाकर विशेष चिकित्सा सुविधाएँ प्राप्त की जाती है । जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 4.4.10 में दर्शाया गया है ।

सारणी-4.4.10: स्वास्थ्य सुविधा की जानकारी

राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता-2016 के मानक क्र० स्वास्थ्य सुविधा

15000 जनसंख्या पर 1 डिस्पेंसरी

1.

45000 जनसंख्या पर 1 2. मेटर्निटी हॉम

7500 जनसंख्या पर 1 3. उप-स्वास्थ्य केन्द्र

स्त्रोत: - URDPFI गाईड-लाईन अनुसार 4.4.11 विद्युत प्रदाय

वर्तमान शाला की स्थिति

निजी

शासकीय

वर्ष-2031 की जनसंख्या अनुसार अतिरिक्त शाला की आवश्यकता

01

01

01

01

02

01

शहर में कोई भी वर्तमान उद्योग संचालित नही है । वर्तमान में विद्युत वितरण प्रदाय व्यवस्था हेतु एक 11 KV उपकेन्द्र गोदड़पुरा क्षेत्र में स्थित है । जिसके द्वारा शहर में 1.5 मेगा वॉट विद्युत की खपत की पूर्ति की जा रही हैं । राष्ट्रीय विद्युत पॉलिसी-2005 के मापदण्ड अनुसार 15,000 की जनसंख्या के लिए 11 KV के विद्युत उपकेन्द्र की आवश्यकता तय की गई है । वर्ष 2031 की प्रस्तावित जनसंख्या की विद्युत आपूर्ति (33KV) अनुसार वर्तमान उपकेन्द्र की क्षमता में वृद्धि करना आवश्यक है ।

स्त्रोतः- म०प्र० विद्युत मण्डल

4.4.12 अग्निशमन

ओंकारेश्वर शहर की वर्तमान जनंसख्या अनुसार बस स्थानक के पीछे वर्तमान में 0.22 हेक्टेयर भूमि पर अग्निशमन केन्द्र संचालित है । जिसके द्वारा शहर में आगजनी की स्थिति को नियंत्रण किया जाता है । शहर की प्रस्तावित वर्ष-2031 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर नवीन अग्निशमन केन्द्र के क्षेत्रफल का विस्तार एवं अग्निशमन वाहनों की संख्या में वृद्धि करना प्रस्तावित होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (120)

फार स्टेशन

फावर स्टेशव

छायाचित्रः : 4.4.12; अग्निशमन स्त्रोतः- URDPFI की गाईड लाईन अनुसार ।

4.4.13 पुलिस कार्यालय

ओंकारेश्वर शहर में पुराने बस स्टैण्ड के सामने मार्ग की दूसरी ओर पुलिस थाना स्थापित है । शहर की प्रस्तावित वर्ष-2031 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर एक पुलिस थाना शहर की सुरक्षा हेतु पर्याप्त है ।

स्त्रोत:- URDPFI गाईड- लाईन अनुसार ।

4.4.14 वाचनालय

शहर में पुराने पुल से ओंकारेश्वर मन्दिर मार्ग पर एक वाचनालय संचालित है । शहर की प्रस्तावित वर्ष-2031 की अनुमानितं जनसंख्या के आधार पर नवीन वाचनालय प्रस्तावित किया जाना आवश्यक होगा ।

स्त्रोत:- URDPFI गाईड-लाईन अनुसार । 814(121)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

4.4.15 इलेक्ट्रिक चार्जिंग

ओंकारेश्वर शहर में वर्तमान में विद्युत से चलने वाले वाहनों के लिए किसी भी प्रकार के चार्जिंग स्टेशन स्थापित नही है । प्रस्तावित वर्ष-2031 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर शहर में बस स्थानक, पार्किंग क्षेत्रो एवं पेट्रोल पम्प क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाये जाना प्रस्तावित होगा ।

स्त्रोतः- URDPFI गाईड- लाईन अनुसार ।

4.4.16 श्मशान घाट

वर्तमान में ब्रम्हपुरी क्षेत्र में निरंजनी अखाड़े के पास स्थित शमशान घाटं पर्यावरण की दृष्टि से उचित न होने के कारण नर्मदा नदी के प्रवाह के पश्चिम की ओर नवीन घाट के समीप स्थानांतरित किया गया है । साथ ही भविष्य में शमशान घाट नर्मदा नदी से पश्चिम दिशा में नये घाट से आगे की ओर प्रस्तावित किया जाना उचित होगा ।

4.4.17 धोबी घाट

वर्तमान में कोई संगठित धोबी घाट उपलब्ध नहीं है, इसके लिए नर्मदा नदी तट पर बने घाटों का स्थानीय नागरिक एवं तीर्थयात्रियों द्वारा उपयोग किया जाता है । अतः विकसित क्षेत्र के बाहर इसके लिये स्थान प्रस्तावित किया जाना उचित होगा तथा इससे निकलने वाले जल को उपचारित करने के उपरांत ही आस- पास की नदी/ नाले में प्रवाहित किया जाना उचित होगा ।

4.4.18 दूरसंचार

ओंकारेश्वर शहर क्षेत्र में दूर संचार के साधन में विभिन्न कम्पनियों के कुल 05 (बी.एस.एन.एल.. आईडिया, ऐयरटेल, रिलायंस ) मोबाईल टॉवर स्थापित हैं । जो शहर में सुचारू रूप से संचार सेवाएं उपलब्ध कराते है । इसके अतिरिक्त शहर में एक उप -डाक घर है, जो पुराने बस स्टैण्ड परिसर में संचालित है ।

4.4.19 पवित्र नगरी

भारत वर्ष में 12 ज्योर्तिलिंग में से एक ज्योर्तिलिंग ओंकारेश्वर में स्थित होने से इस स्थान की गणना प्रमुख तीर्थस्थान के रूप में की जाती है । जिसे ओंकारेश्वर शहर को मध्य- प्रदेश शासन धर्मस्व विभाग की जारी अधिसूचना क्रमांक एम-2-2/ 2004/6 भोपाल दिनांक 03.03.2004 द्वारा ओंकारेश्वर नगर परिषद क्षेत्र को पवित्र नगर घोषित होने पर यहाँ पर मांस, मदिरा एवं मत्स्य ग्रहण प्रतिबंधित है । ओंकारेश्वर में ज्योतिलिग के अतिरिक्त अन्य प्रमुख एवं प्राचीन मन्दिर स्थित होने से , धार्मिक एवं पुरातात्वीय महत्व है तथा ओंकारेश्वर एक धार्मिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन स्थल भी होने से विदेशी यात्रियों का भी यहां आगमन होता है । जिससे शहर को साफ- सफाई , स्वच्छता एवं प्रदूषण रहित करने हेतु पॉलिथिन उपयोग प्रतिबंधित किया जाना होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814( 122)

अध्याय-5

विकास योजना प्रस्ताव-2031 5.1 विकास योजना-2021 का पुनर्विलोकन

ओंकारेश्वर विकास योजना-2021 , वर्ष 2006 में प्रकाशित की गयी थी । उक्त विकास योजना की पुनरीक्षित योजना , दिनांक 2 मई 2017 से अंगीकृत होकर प्रभावशील है । विकास योजना-2021 अनुसार, ओंकारेश्वर शहर की प्रस्तावित जनसंख्या 16,000 अनुमानित की गई थी । जिसमें एक हेक्टेयर प्रति 110 व्यक्ति के मान से 16,000 की जनसंख्या हेतु भूमि उपयोग का निर्धारण किया गया था । वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार ओंकारेश्वर की जनसंख्या 10063 थी । अंकगणित वृद्धि पद्धति, ज्यामितिय वृद्धि पद्धति, वद्धिशील वृद्धि पद्धति, घातांक वृद्धि पद्धति तथा अनुपातिय वृद्धि पद्धति के आधार पर वर्ष 2021 एवं 2031 की जनसंख्या का व्यवहारिक आधार पर अनुमान लगाया गया है । अनुमानित जनसंख्या के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि, ओंकारेश्वर विकास योजना-2031 को अनुमानित जनसंख्या 25,000 के आधार पर तैयार किया जाये । पिछले दस वर्षों में लगभग 9,000 जनसंख्या की वृद्धि होनी सम्भावित है । विकास योजना में 25,000 जनसंख्या हेतु प्रति हेक्टर की दर से भूमि आरक्षण प्रस्तावित किया गया है । उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर यह ज्ञात हुआ है कि, वर्ष 2004 से 2019 के मध्य ,ओंकारेश्वर में 128.55 हेक्टेयर क्षेत्र , विकसित हुआ है । सम्पूर्ण विकसित क्षेत्र के मान से नगरीय घनत्व 78 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर प्राप्त हुई है ।

ओंकोरश्वर विकास योजना-2021 में 105.00 हेक्टेयर भूमि, नगरीय उपयोग हेतु प्रस्तावित की गई थी जिसमें वर्ष 2015 तक कुल 77.58 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य हुआ है । वर्ष 2016 में विकास योजना के पुनर्विलोकन के किये जाने पर पूर्व की प्रस्तावित 27.42 हेक्टेयर अविकसित भूमि को सम्मिलित कर 50.76 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि के साथं कुल 78.18 हेक्टेयर भूमि नगरीय विकास के अंतर्गत प्रस्तावित की गई थी । इस प्रकार विकास योजना 2016-2021 में कुल 155.76 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई । मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम-1973 की धारा 23(क) (1 ) (क) एवं (1 ) (ख ) के अन्तर्गत नगर का कोई भूमि उपयोग परिवर्तन / उपांतरण नही किया गया था । इस प्रकार 2021 की विकास योजना में क्रियान्वयन का प्रतिशत, वर्ष 2018 में एन.आर.एस.सी. हैदराबाद से प्राप्त उपग्रह चित्रों के विश्लेषण एवं भू- उपयोग 814(123)

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सर्वेक्षण के आधार पर 82.53 प्रतिशत रहा । नगरीय विस्तार प्रस्तावित भू- उपयोग मानचित्र पृष्ठ क्रमांक -92 पर दर्शाया गया है ।

5.2 विकास योजना-2031 पुनर्विलोकन के आधार बिन्दु

1. निवेश क्षेत्र में नियोजन की दृष्टि से विकास की निरंतरता को बनाये रखे हेतु, धार्मिक नगरी के मूल स्वरूप बनाये रखने हेतु, मन्दिर के आस - पास एवं नर्मदा नदी किनारों पर अव्यवस्थित विकास / निर्माण कार्य सुनियोजित कर भू- उपयोग आरक्षित किया जाना आवश्यक होंगे ।

2. मांधाता पहाड़ी क्षेत्र का संरक्षण करने हेतु सार्वजनिक सेवाएं एवं सुविधाएं के अन्तर्गत पहाड़ी पर आमोद- प्रमोद, अस्थाई मेला, अस्थाई पार्किंग , जैसी गतिविधियां मान्य किया जाना आवश्यक होगा तथा इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार का विकास / निर्माण कार्य प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक होगा । 3. शहर मे होने वाले धार्मिक पर्वों पर श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा पथ पर पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था किया जाना आवश्यक होगा ।

4. पुरातात्विक महत्व के स्थलों का नियमानुसार संरक्षण एवं सर्वधन आवश्यक होगा ।

5. धार्मिक आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए, नर्मदा नदी पर नवीन घाट से परिक्रमा पथ को संयोजन करने हेतु, नवीन पुल का निर्माण किया जाना आवश्यक है । जिससे प्रमुख त्यौहारों के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को दर्शनार्थ नियोजित किया जा सके ।

6. नर्मदा नदी के किनारों का संरक्षण हेतु नर्मदा नदी के दोनों ओर उच्च बाढ़ चिन्ह से 30 मीटर की सीमा के अन्दर संरक्षण संबंधी गतिविधियों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के भवन निर्माण / विकास मान्य नहीं होंगे ।

7. वाणिज्यिक क्षेत्रों में नियोजित विकास हेतु आवासीय क्षेत्रों में वाणिज्यिक विकास को सीमित करने की आवश्यकता होगी ।

8. रिहायशी क्षेत्रों की सकरी गलियों में भीड़ को कम करने हेतु सम्भावित क्षेत्रों में स्काय -वॉक का निर्माण किया जाना होगा ।

9. नवीन बस स्थानक से नवीन घाट जाने वाले वर्तमान मार्ग की चौड़ाई 9.00 मी ० प्रस्तावित किया जाना आवश्यक है , जिससे कि मुख्य त्यौहारों के समय श्रद्धालुओं के दबाव को सुनियोजित तरीके से नियंत्रित किया जा सके ।

10. नवीन घाट से परिक्रमा पथ को जोड़ने वाले प्रस्तावित पुल के नदी की ओर दोनों किनारों का सौन्दर्गीकरण किया जाना होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

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11. निवेश क्षेत्र के बाहर विकास को नियंत्रित करने हेतु कोठी, धावड़िया , भोंगावा एवं थापना को सुनियोजित विकास की दृष्टि से नियंत्रित करना आवश्यक है । 12. विकास योजना में चिन्हित मेला ग्राउण्ड तथा पार्किंग सुविधाओं को विकसित करने हेतु प्रस्ताव सम्मिलित किये जाने आवश्यक होगें ।

13. मांधाता पहाड़ी के किनारे पर स्थित बसाहट को अन्य स्थान पर विस्थापित किया जाना आवश्यक है । इस पहाड़ी पर ईको पर्यटन का समावेश , विकास योजना में किया जाना भी आवश्यक होगा ।

14. बालवाड़ी से नर्मदा नदी के घाट की ओर उत्तर दिशा के क्षेत्रों में स्थित मकानों /भवनों से निकलने वाला अपशिष्ट जल का प्रवाह, गऊ घाट की ओर तथा ओंकार मंदिर के निचले रिहायशी क्षेत्रों से निकलने वाले अपशिष्ट जल, सीधे नर्मदा में प्रवाहित न हो, इस हेतु समुचित नियंत्रण करना आवश्यक है ।

5.3 प्रस्तावित भूमि उपयोग का भू आवंटन ओंकारेश्वर विकास योजना-2021 में 78.18 हेक्टेयर क्षेत्र 4.9 प्रति हजार व्यक्ति की दर से प्रस्तावित किया गया था, तथा विकास योजना-2031 में प्रस्तावित भूमि आवंटन की जानकारी सारणी क्रमांक-5.3 में दी गयी है ।

सारणी-5.3ः प्रस्तावित भूमि उपयोग एवं भू-आवंटन-2031

प्रस्तावित क्षेत्र 2031

विकसित क्षेत्र 2019

प्रतिशत

क्र. भूमि उपयोग वर्तमान क्षेत्र

4

3

2

1

48.35

62.15 आवासीय

1

7.65

9.83 2 वाणिज्यिक

31.65

40.69 3 सार्वजनिक एवं अद्धसार्वजनिक

6.63

8.52 4 सार्व सेवाएँ एवं सुविधाएं

4.13

5.31 5 आमोद -प्रमोद

2.05 1.59

6 यातायात एवं परिवहन

100

128.55

योग

प्रतिशत

क्षेत्रफल हेक्टेयर

दर (प्रतिशत)

दर (प्रतिशत)

6

7

8 5

1.55 38.79

6.17

45.28

0.05 1.26 1.47

0.98

4.75

0.19 4.04

5.55

0.0

0.0

0 0.85

1.04

30.25

0.53 25.91

0.60 14.95 17.45

0.20

100

3.43 12.77 85.66

स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश एवं जी.आई.एस.आधारित विश्लेषण वर्ष- 2019.

814(125 )

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1. वर्ष 2011 की जनसंख्या -10,063

टीप :

2. वर्ष 2031 की आकलित जनसंख्या-25,000

3. भूमि उपयोग दर एवं भूमि आवंटन दर हेक्टेयर प्रति 1000 में है ।

5.3.1 आवासीय

ओंकारेश्वर नगर धार्मिक परिवेश का होने से नगर में ऐसा कोई भी आवासीय क्षेत्र नहीं है, जिसे नगरीय दृष्टिकोण से स्वसक्षम कहा जा सके, इन क्षेत्रों में नगरीय अधोसंरचना में विकास योग्य भूमि की सर्वथा कमी है । अतः वर्तमान एवं भावी जनसंख्या की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्रति 1000 जनसंख्या की औसत दर से 38.79 हेक्टेयर भूमि आवासीय उपयोग के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है । विकास योजना-2031 में इस उपयोग हेतु 45.28 प्रतिशत भूमि प्रस्तावित की गई है ।

5.3.2 वाणिज्यिक क्षेत्र

विकास योजना में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों हेतु 1.26 हेक्टेयर क्षेत्र वाणिज्यिक गतिविधियों हेतु प्रस्तावित किया गया है । जो विकास योजना -2031 के प्रस्ताव का 1.47 प्रतिशत है ।

5.3.3 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक क्षेत्र

इस उपयोग के अंतर्गत वर्तमान में 40.69 हेक्टेयर क्षेत्र विद्यमान है । विकास योजना-2031 में भावी आवश्यकता ही पूर्ति हेतु, अतिरिक्त 4.75 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है । यह विकास योजना -2031 में 5.55 प्रतिशत भूमि प्रस्तावित की गई है । 5.3.4 सार्वजनिक सेवाएँ एवं सुविधाएं

इस उपयोग के अंतर्गत 8.52 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास कार्य किया गया गया है, जो नगर की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकता की पूर्ति हेतु पर्याप्त है । अन्य उपयोग हेतु भूमि की कमी के कारण इस उपयोग के अंतर्गत उक्त विकास योजना में नये प्रस्ताव नहीं दिए गये हैं ।

5.3.5 आमोद-प्रमोद

इस उपयोग के अंतर्गत विकास योजना में कुल 25.91 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित है तथा इसके अंतर्गत उद्यान, नगर उद्यान, खेल मैदान, मेला मैदान, वृक्षारोपण इत्यादि नये प्रस्ताव सम्मिलित किये गये है । विकास योजना-2031 में उक्त हेतु 30.25 प्रतिशत भूमि प्रस्तावित की गई है । 814 (126)

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5.3.6 यातायात एवं परिवहन

इस उपयोग के अंतर्गत मार्ग , यातायात अवसान केन्द्र , वाहन विराम स्थल , बस स्थानक, बस डिपो तथा परिवहन संबधी सेवा सुविधाओं का समावेश होता है । इस उपयोग हेतु 14.95 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित है, इसके अन्तर्गत पार्किंग , रोप- वे, स्काई वॉक इत्यादि नये प्रस्ताव दिये गये है । विकास योजना-2031 में उपरोक्त उपयोग हेतु 17.45 प्रतिशत भूमि प्रस्तावित की गई है ।

5.4 आवास आवश्यकता

नगर वासियों को उनकी क्रय क्षमता के अनुरूप आवासीय क्षेत्र उपलब्ध कराने की नीति , विकास योजना का महत्पपूर्ण लक्ष्य है । इस प्रकार की व्यवस्था आवास गृह उपलब्ध कराने के अतिरिक्त, नगरवासियों की सामाजिक आर्थिक उन्नति के साथ जीवन सार के मूल्यों को उत्थान एवं नगरीय बसाहट की समरूपता विशेष महत्व का विषय है ।

5.5 आवासीय क्षेत्र का नियोजन एवं रूपांतरण

5.5.1 निवेश इकाईयां

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र को 3 निवेश इकाईयों में विभक्त किया गया है ।

विष्णुपुरी निवेश इकाई क्रमांक-1

इस निवेश इकाई की सीमा में मोरटक्का मार्ग के समान्तर जे.पी. चौक होते हुए नर्मदा नदी के किनारे का क्षेत्र तथा ग्राम गोदड़पुरा का पश्चिमी भाग सम्मिलित है । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल 409.82 हेक्टेयर है । इसमें से 33.08 हेक्टेयर विकसित क्षेत्र है । भावी विकास के लिये इस निवेश इकाई, में मोरटक्का मार्ग पर बहुत ही कम भूमि उपलब्ध है, इस निवेश इकाई में नगर परिषद कार्यालय, अन्नपूर्णां मंदिर, नागर घाट, वन विभाग , रेस्ट हाउस , एन.व्ही.डी.ए. रेस्ट हाउस , पर्यटन परिसर तथा बस स्टैंड एवं नगरीय क्षेत्र सम्मिलित है । 814(127)

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ब्रम्हपुरी निवेश इकाई क्रमांक-2

इस निवेश इकाई की सीमा में मोरटक्का मार्ग के समान्तर जे.पी. चौक होते हुए नर्मदा नदी के किनारे का क्षेत्र तथा ग्राम गोदड़पुरा का पूर्वी भाग एवं ग्राम डुहकिया राजस्व सीमा तक सम्पूर्ण क्षेत्र सम्मिलित है । इस निवेश इकाई में ग्राम गोदड़पुरा के वन क्षेत्र को छोड़कर समस्त क्षेत्र विकसित है । इस निवेश इकाई में डुहकिया की राजस्व भूमि के अतिरिक्त अन्य खुली भूमि उपलब्ध है । अतः ग्राम गोदड़पुरा के विकसित क्षेत्र में ही उपलब्ध भूमि को सुनियोजित ढंग से विकसित किया जा सकता है । इस निवेश इकाई का कुल क्षेत्रफल 591.99 हेक्टेयर है इसमें से 42.28 हेक्टेयर विकसित है । इस निवेश इकाई में पवित्र ममलेश्वर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर , गजानन महाराज मंदिर , निरंजनी अखाड़ा, मेला मैदान, प्रसादालय एवं पुलिस थाना आदि सम्मिलित है ।

शिवपुरी निवेश इकाई क्रमांक – 3

इस निवेश इकाई की सीमा में ग्राम मांधाता का सम्पूर्ण क्षेत्र सम्मिलित है, जिसका कुल क्षेत्रफल 265.24 हेक्टेयर है । इसमें से 53.19 हेक्टेयर वर्तमान विकसित क्षेत्र सम्मिलित है । यह क्षेत्र नदी एवं पहाड़ियों से घिरा होने के कारण सुगम पहुँच मार्ग भी उपलब्ध नहीं है । मांधाता, पहाड़ी क्षेत्र का संरक्षण एवं सौन्दर्यकरण करने हेतु, इसमें विकास की सम्भावना नहीं होने से, इस क्षेत्र में नए प्रस्ताव नहीं दिए गए है । इस निवेश इकाई में ओंकारेश्वर मुख्य मंदिर राजवाड़ा एवं परिक्रमा पथ पर विद्यमान गौरी सोमनाथ मंदिर, आशादेवी मंदिर, सिंहनाथ मंदिर , सम्मिलित है । इस निवेश इकाई , में पैदल पुल में अतिरिक्त अन्य पहुँच मार्ग उपलब्ध न होने से विकास की संभावना नहीं है । इस निवेश इकाई में विकसित क्षेत्र के अतिरिक्त परिक्रमा पथ पर कुछ खुली भूमि उपलब्ध है , लेकिन सुगम पहुँच मार्ग उपलब्ध न होने से तथा विशेष पर्वों पर पैदल पुलों पर तीर्थ यात्रियों की अनियंत्रित भीड़ होने से इस क्षेत्र को धार्मिक आस्था से संबंधित विकास के साथ- साथ प्राकृतिक सौन्दर्य को बनाए रखना, वृक्षारोपण किया जाना एवं नियोजित विकास को नियंत्रित किया जाना आवश्यक है । सारणी-5.5.1: निवेश इकाईयों (क्षेत्रफल एवं जनसंख्या)

निवेश इकाई

क्र.

क्षेत्रफल वर्तमान (हेक्टेयर में)

अनुमानित जनसंख्या (2031)

13,000

409.82

1. विष्णुपुरी निवेश इकाई क्रमांक-1

7,500

591.99

2.

ब्रम्हपुरी निवेश इकाई क्रमांक-2

265.24

4,500

3.

शिवपुरी निवेश इकाई क्रमांक-3

1267.05

25,000 योग मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

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5.5.2 असंगत भूमि उपयोग

सारणी क्रमांक -5.5.2 में दर्शित गतिविधियों को उनके वर्तमान स्थल के अंसगत भू- उपयोग गतिविधियों को अन्य स्थल पर पुर्नस्थापित करना प्रस्तावित है तथा रिक्त भूमि को अन्य उपयोग हेतु प्रस्तावित किया गया है ।

सारणी-5.5.2: असंगत भूमि उपयोग की पुर्नस्थापना एवं रिक्त भूमि का उपयोग प्रस्तावित स्थल

वर्तमान स्थल

क्र.

भू-उपयोग

3

2

1

रिक्त होने पर भूमि का उपयोग

5 4

असंगत भूमि उपयोग

जे.पी. चौक

1. जे.पी. चौक में आस- पास की दुकानें

मार्ग विस्तार एवं खुला मैदान मोरटक्का मार्ग पर प्रस्तावित वाणिज्यिक क्षेत्र

जे.पी. चौक

2. जाट धर्मशाला

खुला मैदान एवं सौन्दर्याकरण मोरटक्का मार्ग पर प्रस्तावित वाणिज्यक क्षेत्र

अन्नपूर्णा मार्ग

3. अन्नपूर्णा मार्ग पर नर्मदा नदी के दक्षिणी किनारे की ओर का समस्त निर्माण

मार्ग विस्तार एवं घाट सौन्दर्याकरण मोरटक्का मार्ग पर ग्राम दुहकिया में प्रस्तावित आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्र में

नरसिंह मार्ग

4. ब्रम्हपुरी क्षेत्र में नर्मदा नदी के दक्षिण किनारे की ओर समस्त निर्माण

गऊघाट 5. गऊघाट की अस्थाई दुकानें

गऊघाट 6. गऊ घाट की पार्किंग

मार्ग विस्तार एवं खुला मैदान मोरटक्का मार्ग पर ग्राम डुहकिया में प्रस्तावित आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्र में

घाट विस्तार एवं सौन्दर्गीकरण ग्राम डुहकिया में प्रस्तावित वाणिज्यिक क्षेत्र में

प्रस्तावित पार्किंग क्षेत्र में घाट विस्तार एवं सौन्दर्याकरण

सम्पूर्ण क्षेत्र

7. झुग्गी झोपड़ियाँ अतिक्रमण

ग्राम डुहकिया आबादी विस्तार क्षेत्र

नियोजित पुनर्विकास

सम्पूर्ण क्षेत्र

8. मांधाता क्षेत्र की समस्त झुग्गी झोपड़ी

पहाड़ी क्षेत्र का संरक्षण एवं सर्वधन

ग्राम डुहकिया एवं निवेश क्षेत्र के बाहर ग्राम कोठी में, आबादी विस्तार हेतु मोरटक्का मार्ग 814(129)

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5.6 वाणिज्यिक क्षेत्र

नगर की जनसंख्या काफी कम होने से वहां की आवश्यकताएं भी सीमित है । इस कारण नगर में कोई भी बड़ा व्यवसाय संचालित नहीं है । नगर की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सनावद, बड़वाह, खण्डवा , इन्दौर नगरों से होती है । नगर में आने वाले यात्रियों के लिये माला, प्रसाद, पूजन सामग्री, धार्मिक पुस्तकें, पीतल, तांबे के बर्तन, पत्थर - मार्बल की मूर्तियां, होटल, भोजनालय आदि फुटकर दुकानें, मान्धाता क्षेत्र में मंदिर के मुख्य मार्ग पर दोनों और जे.पी. चौक, ममलेश्वर एवं बस स्टैण्ड से जेपी चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर , इस प्रकार की दुकानें अधिक मात्रा में हैं । उक्त वाणिज्यिक उपयोग के अंतर्गत 1.26 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित किया गया है, जो कुल विकसित क्षेत्र का 1.47 प्रतिशत है ।

5.7 आमोद- प्रमोद

ओंकोरश्वर शहर में कुल 03 वर्तमान उद्यान निर्मित है तथा 02 उद्यान का विकास कार्य अमृत योजना के अन्तर्गत निर्माणधीन हैं । इस उपयोग के अंतर्गत विकास योजना-2031 में कुल 25.91 हेक्टेयर नवीन क्षेत्र प्रस्तावित है, जो कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 30.25 प्रतिशत है । इसके अंतर्गत उद्यान, नगर उद्यान , खेल के मैदान, खुले क्षेत्र , मेला मैदान आदि गतिविधियाँ आमोद -प्रमोद उपयोग के अंतर्गत सम्मिलित है । ओंकारेश्वर परियोजना की मुख्य नहर से प्रभावित भाग में विकास योजना मानचित्र में दर्शाए अनुसार, क्षेत्र में नहर के दोनों ओर की भूमि को सामुदायिक खुले क्षेत्र एवं आमोद- प्रमोद के रूप में उपयोग किया जाना होगा है । उसके अतिरिक्त मांधाता टापू क्षेत्र में परिक्रमा पथ के मध्य की भूमि पर वनस्पति उद्यान भी प्रस्तावित है ।

5.8 ऐतिहासिक / धार्मिक एवं पुरातत्वीय धरोहरों का संरक्षण एवं संवर्धन

(अ) संरक्षण एवं संवर्धन

ओंकारेश्वर में पवित्र ओंकारेश्वर मंदिर के अतिरिक्त पुरातत्वीय महत्व के अनेक प्राचीन मंदिर मान्धाता टापू क्षेत्र, परिक्रमा क्षेत्र, शिवपुरी , विष्णुपुरी, आदि विद्यमान है, इनका संरक्षण व संवर्धन नियमानुसार आवश्यक है, इस कारण इन स्थलों के आसपास के क्षेत्रों को विकास योजना में संरक्षित किया जाना प्रस्तावित किया गया है , जिससे इस क्षेत्र की सुन्दरता बनाई रखी जा सके । नर्मदा नदी के दोनों ओर उच्च जल क्षेत्र से 30 मीटर की दूरी तक निर्माण प्रतिबंधित किया गया है, ताकि नर्मदा नदी का मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

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तटीय क्षेत्र जिसमें घाट सौन्दर्गीकरण, मंदिर परिसरों के मूल स्वरूप को यथावत बनाया रखा जा सके ।

(ब) पर्यावरण सुधार

धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के सरंक्षण के उद्देश्य से ओंकारेश्वर विकास योजना प्रस्ताव तैयार करते समय यह प्रयत्न किया गया है कि, धार्मिक भवनों एवं खुले क्षेत्रों का तीर्थ यात्रियों की सुख - सुविधा की दृष्टि से इनका आपस में सामंजस्य बना रहे । ओंकारेश्वर चारों ओर से प्राकृतिक सौन्दर्य से घिरा हुआ है, लेकिन मान्धाता एवं गोदड़पुरा में विकसित क्षेत्र का घनत्व सघन है । इन क्षेत्र में अतिक्रमण तथा गंदी बस्तियां विकसित होने से यह अपनी प्राकृतिक सौन्दर्य को खोता जा रहा है । अतः पर्यावरण संरक्षण के साथ ही चयनित क्षेत्रों को भी विकसित किया जाना नितान्त आवश्यक है, जो निम्नानुसार है:-

1. दक्षिण में नर्मदा नदी तथा उत्तर में कावेरी नदी से घिरा हुआ मध्य का मान्धाता टापू प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है, लेकिन ओंकारेश्वर मंदिर एवं राजवाड़ा के आस-पास पहाड़ी क्षेत्र में, अतिक्रमण होकर गंदी बस्ती क्षेत्र एक ओर बढ़ता जा रहा है , दूसरी ओर खुला पहाड़ी क्षेत्र कम हो रहा है । अतः अतिक्रमित गंदी बस्ती क्षेत्र को यहां से विस्थापित करना आवश्यक है । इसके साथ ही परिक्रमा पथ पर असुविधाजनक भवन संरचनाओं को भी विस्थापित करना नितान्त आवश्यक है । मंधाता पहाड़ी क्षेत्र में पर्यावरण सरंक्षण बनाये रखने एवं भूमि के कटाव को रोकने हेतु वृक्षारोपण व आमोद- प्रमोद की गतिविधियों को बढावा देना अनिवार्य होगा ।

2. गोदड़पुरा में विकसित हो रहे गंदी बस्ती क्षेत्र को विस्थापित कर उक्त रिक्त क्षेत्र को सार्वजनिक उपयोग हेतु विकसित किया जाना प्रस्तावित है । सघन विकसित क्षेत्र में पर्यावरण सुधार के अन्तर्गत वृक्षारोपण एवं व्यवस्थित जल- मल निकास की योजना, क्रियान्वयन संस्थाओं द्वारा ली जाना प्रस्तावित है ।

3. सभी मंदिर परिसरों को तीर्थ यात्रियों की सुविधानुकूल विकसित कर, इनका सौंदर्याकरण किया जाना प्रस्तावित है ।

4. मान्धाता ग्राम पूर्णतः पहाड़ी क्षेत्र एवं ओंकारेश्वर मन्दिर होने से इस क्षेत्र को पूर्णतः हरित क्षेत्र एवं पहाड़ी संरक्षण करने हेतु प्रस्तावित किया गया है एवं परिक्रमा पथ पर तीर्थ यात्रियों / दर्शनार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए

पथ के दोनों ओर हरित क्षेत्र एवं सुविधा अनुसार यात्री प्रतिक्षालय व सुलभ शौचालय का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है ।

(स) विकसित क्षेत्र विकास

1. मान्धाता, टापू क्षेत्र होकर इसमें आवागमन पैदल पुल के माध्यम से ही है । चूंकि ओंकारेश्वर मंदिर इसी क्षेत्र में स्थित है, अतः धार्मिक आयोजनों के दौरान यात्रियों / दर्शनार्थियों के दबाव को कम करने हेतु इस क्षेत्र में विद्यमान अतिक्रमण तथा वर्तमान आबादी क्षेत्र को प्रस्तावित आवासीय क्षेत्र में स्थानांतरित करना प्रस्तावित है । 814(131)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

2. पुराने पुल के पूर्वी भाग से मुख्य ओंकारेश्वर मंदिर तक पहुंच मार्ग अत्यंत सकरा है, मार्ग के दोनों ओर अनेकों छोटी-छोटी दुकानें है, जिनमें पूजन सामग्री , खाने-पीने की दुकानें, धार्मिक पुस्तकें, कलात्मक वस्तुएँ , बर्तन इत्यादि का व्यवसाय होता है । मार्ग अत्यन्त संकरा होने से, मेले तथा धार्मिक पर्वों पर हमेशा ही दुर्घटना की संभावना बनी रहती है । नगर से मंदिर की ओर जाने वाला यह एकमात्र मार्ग है । नर्मदा नदी के किनारें से 30 मीटर दूरी से 10 मी. की दूरी तक के भवन संरचनाओं की अधिकतम ऊँचाई एक मंजिली तक रखने की अनुमति होगी, ताकि नर्मदा नदी के प्राकृतिक दृश्यों का अवलोकन सुलभ हो सके । भविष्य में स्थानीय संस्था द्वारा परिक्षेत्रिक योजना बनाते समय , पुनर्घनत्वीकरण के अन्तर्गत विकास योजना प्रस्तावों पर पुनर्विचार किया जा सकता है , जिसके अंतर्गत नर्मदा नदी के किनारे के दोनों ओर के भवनों को स्थानांतरित कर , घाट का सौन्दर्याकरण किया जा सके ।

3. ओंकारेश्वर मंदिर के चारों ओर खुला क्षेत्र विकसित कर दर्शनार्थियों के प्रसाधन, पीने के पानी तथा आवश्यक सामान को सुरक्षित रखने हेतु सुविधाजनक स्थान का विकास / निर्माण किया जाना प्रस्तावित है । दर्शनार्थी दर्शन करने के उपरान्त अपने सामान को एकत्रित कर, एकांगी मार्ग या नये पुल से मंदिर परिसर से बाहर जा सकते है ।

4. ओंकारेश्वर मंदिर से झूला पुल के मध्य पहाड़ी क्षेत्र में विद्यमान पहुँच मार्ग पर भू- दृश्य स्थल (व्यू- पाईन्ट) का चयन कर इसका विकास किया जाना प्रस्तावित है ।

5. वर्तमान में नगर में खुले क्षेत्र का सर्वथा अभाव है, अतः जे.पी. चौक के आसपास विद्यमान दुकानों तथा अतिक्रमण, अनियोजित व्यवसायी दुकानों को हटाया जाकर , इस क्षेत्र को प्राधिकारी द्वारा सुनियोजित योजना तैयार कर पार्किंग स्थल तथा उसके कुछ भाग को व्यवसायिक परिसर के रूप में विकसित / निर्मित किया जाये । इसी परिसर में विस्थापित व्यवसायियों को सुनियोजित ढंग से पुनः स्थापित किया जावे ।

6. ओंकारेश्वर परियोजना के पूर्ण होने पर बांध तथा उसके आसपास का क्षेत्र पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र स्वतः ही बन गया है । अतः उस क्षेत्र का सौन्दर्याकरण किया जाना प्रस्तावित है । नवीन घाट से परिक्रमा पथ को जोड़ने वाले प्रस्तावित पुल तथा नये पुल को सुगम मार्ग से जोड़ा जाना प्रस्तावित है । साथ ही इस क्षेत्र में नदी किनारे बने शमशान को विकास योजना में दर्शाये अनुसार अन्य स्थान पर स्थानान्तरित किया गया है , जिससे रिक्त भूमि पर सौन्दर्गीकरण कर, ओंकारेश्वर नगर में धार्मिक श्रद्धालु यात्रियों के अतिरिक्त पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सके। इस क्षेत्र में नौका विहार, मनोरंजन एवं पिकनिक स्थल विकसित किये जा सकते हैं ।

7. नावघाट क्षेत्र वर्तमान में अविकसित होकर इस क्षेत्र में दुकानदारों द्वारा अनियोजित तरीके से अस्थायी संरचनाओं का निर्माण किया गया है । इस क्षेत्र से ही ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर को जाने के लिये पहुंच मार्ग है । अतः इस क्षेत्र को सुनियोजित तरीके से तीर्थयात्रियों के सुविधा हेतु विकसित किया जाना प्रस्तावित है । 814( 132)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

अध्याय 6

विकास नियमन 6.1 प्रवृत्तशीलता:

इन नियमनों का उद्देश्य , ओंकारेश्वर नगरवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है । यह नियमन निम्न गतिविधियों को नियंत्रित करेंगे:-

1. निवेश क्षेत्र के अंदर समस्त विकास ।

2. भूमि के स्वरूप में परिवर्तन , जिसमें भूमि का उप - विभाजन, संयुक्तिकरण , विलियन, उपांतरण एवं भूमि का उपयोग सम्मिलित है ।

3. समूह आवासीय परियोजनाओं का सम्मिलित संस्थागत विकास ।

4. किसी भी प्रकार के भवन जिसमें भवन की ऊँचाई सम्मिलित है ।

5. ऐसे क्षेत्र में जो नगर परिषद सीमा से बाहर है , किन्तु निवेश क्षेत्र सीमा के अंदर है, भूमि का विकास, भवनों का निर्माण / परिवर्तन एवं तोड़ना ।

6.2 क्षेत्राधिकार :

1. इस अध्याय में वर्णित विकास नियमन , राज्य शासन द्वारा , मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973 ) की धारा 13 (1 ) के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन , नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 2568 / 1-74 / तैतीस / 73 , म ०प्र ० राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 19.10.1973 द्वारा गठित निवेश क्षेत्र पर लागू होगें तथा जो नियमन इस अध्याय में वर्णित नहीं है, वे म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 में निहित प्रावधानों एवं शासन द्वारा नियमों में होने वाले संशोधन के अनुरूप लागू होगें ।

2. इस अध्याय में वर्णित सक्षम प्राधिकारी से तात्पर्य है, संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश होगें जो विकास योजना में विभिन्न उपयोगों के अन्तर्गत स्वीकार्य गतिविधियों हेतु विकास अनुज्ञा देने हेतु सक्षम प्राधिकारी होगें ।

3. विकास योजना प्रस्तावों का विस्तृतीकरण परिक्षेत्रिक योजना में किया जायेगा । यह संभावना है कि विकास योजना में परिभ्रमण एवं उपयोग परिक्षेत्रों के निर्धारण संबंधी प्रस्तावों के क्रियान्वयन के समय यांत्रिकी आवश्यकताओं के परिपेक्ष्य में संशोधित करना पड़े , ऐसे संशोधनों के संबंध में राज्य शासन का निर्णय अंतिम होगा, जो कि योजना प्रस्तावों का एक भाग माना जायेगा । वर्तमान भूमि उपयोग को अंगीकृत विकास योजना में दर्शाये अनुसार वास्तविक खसरा मानचित्र पर हस्तांतरित किया जावेगा । 814(133)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

4. आस - पास विद्यमान / निर्मित एवं धारा -30 में स्वीकृत मार्गों का समन्वय कर म०प्र ० नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम-1973 की धारा-16, 27 , 28 व 29 में प्राप्त प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा । निवेश क्षेत्र में ऐसे निर्मित मार्ग , जो मौके पर विद्यमान है, परन्तु जिनके प्रस्ताव विकास योजना में उप - दर्शित नहीं है अथवा उप- दर्शित है, परन्तु चौड़ाई का उल्लेख नहीं है, ऐसे मार्गों को समन्वय मार्ग माना जावेगा एवं उनकी मौके पर उपलब्ध चौड़ाई अनुसार निरंतरता भी समन्वय के साथ सुनिश्चित की जावेगी ।

5. विकास योजना में दिये गये प्रस्ताव सांकेतिक एवं व्यापक स्वरूप के है । उदाहरण स्वरूप विकास योजना में दर्शाये गये आवासीय क्षेत्र में स्वीकार्य मानकों के अनुसार आंतरिक सड़क, खुला एवं हरित क्षेत्र, दुकानें, शैक्षणिक , एवं स्वास्थ्य सुविधायें आदि समाविष्ट है ।

6. विकास योजना मानचित्र में चिन्हित प्रस्ताव सांकेतिक एवं स्थूल स्वरूप के हैं , तथा उक्त प्रस्ताव मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 17 के आधार पर चिन्हित किये गए हैं । उदाहरणार्थ आवासीय परिक्षेत्र , जो विकास योजना मानचित्र में दर्शाया गया है , उसमें आंतरिक मार्ग , खुले तथा हरित क्षेत्र , नागरिकों के लिए आवश्यक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु क्षेत्रफल तथा नगरीय विकास हेतु अनुपयोगी भूमि, वर्तमान वृक्ष समूहों द्वारा व्याप्त भूमि, आवासीय क्षेत्र के अभिन्न अंग के रूप में सम्मिलित हैं । इस कारण उक्त क्षेत्र विकास योजना मानचित्र में नहीं दर्शाये गये हैं ।

7. परिक्षेत्रिक योजना / विस्तृत अभिन्यास में दी गई प्रत्येक उपयोग परिसर की स्थिति एवं सीमायें , स्थल पर विद्यमान मार्ग / ड्रेन एवं अन्य भौतिक गतिविधि के सापेक्ष होगी ।

8. अपरिहार्य परिस्थितियों तथा सार्वजनिक हित में राज्य शासन नगर जनसंख्या को सामूहिक लाभ देने वाली राष्ट्रीय , राज्य एवं नगर स्तर की गतिविधि हेतु विकास अनुज्ञा पर विचार कर सकती है भले ही वे विकास योजना में उल्लेखित न हो ।

9. ऐसे क्षेत्र जहां जन सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक हो, उसके लिये आदेश जारी करने हेतु राज्य शासन सक्षम होगा ।

10. विकास अनुज्ञा के लिये प्रस्तुत मानचित्र में अगर कोई सुधार आवश्यक हो तो, संबंधित अधिकारी द्वारा मानचित्र सुधार कर पुनः प्रस्तुत करने हेतु आवेदक को वापिस किया जायेगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814 (134)

11. विभिन्न उपयोग परिसरों की पार्किंग की आवश्यकताएं उसी उपयोग परिसर के अन्दर ही आवश्यक रूप से देय होगी ।

12. नगर में निर्मित होने वाले फ्लाय ओवर / स्कॉय वॉक के नीचे के स्थान को पार्किंग , अन्य जनहित उपयोगी गतिविधियों में उपयोग की अनुमति स्थल विशेष की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये दी जायेगी, परंतु ऐसी गतिविधि हेतु संचालक से पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा ।

13. विकास योजना में नदी/ नालों के दोनों ओर दर्शाया गया हरित क्षेत्र सांकेतिक स्वरूप का है । ओंकारेश्वर शहर नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर बसा हुआ है, नर्मदा नदी के बाढ़ का पानी ओंकारेश्वर बांध तथा इससे पूर्व निर्मित इंदिरा सागर एवं बरगी बांध के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है । ओंकारेश्वर शहर के विकास एवं तटों का संरक्षण हेतु नदी के उच्चतम जल स्तर से 30.00 मीटर की दूरी तक नदी के दोनों ओर किनारों पर नदी के संरक्षण से संबंधित विकास/ निर्माण के अतिरिक्त किसी प्रकार का भवन निर्माण / विकास कार्य प्रतिबंधित होगा । इसके पश्चात् 70 मीटर की दूरी तक भवनों की अधिकतम ऊँचाई 9.00 से 12.00 मीटर के मध्य बढ़ते क्रम में होगी । नालों की स्थिति में मध्य- प्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के निमय 50 (ख ) में निहित प्रावधानों के अनुसार खुला क्षेत्र रखना अनिवार्य होगा, इस भूमि पर मार्ग का निर्माण कार्य स्वीकार्य होगा ।

14. झुग्गियों में रहने वाले निवासी , नगरीय केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों में सेवा कार्य से जुड़े होते है । यदि झुग्गी-झोपड़ी को किसी स्थान पर व्यवस्थापन कर उसे विकसित किया जाना है, तो उस दशा में जल स्त्रोतों के क्षेत्र, आमोद- प्रमोद के क्षेत्र तथा प्रस्तावित मार्ग के क्षेत्र को छोड़कर शेष भूमि उपयोग परिक्षेत्रों में झुग्गी- झोपड़ी का व्यवस्थापन ग्राह्य होगा ।

15. विकास योजना मानचित्र, जो पुस्तक के साथ संलग्न है, जिससे मशीन द्वारा छोटा / बड़ा किया गया मानचित्र है । इस कारण उक्त मानचित्र के आधार पर भूमि की न तो लंबाई- चौड़ाई नापी जाये, न ही इस मानचित्र के क्षेत्रफल को नापा जाये । लंबाई- चौड़ाई एवं क्षेत्रफल नापने तथा भू- उपयोग जानकारी की कार्यवाही हेतु सर्वे मानचित्र जो 1 :4000 के माप पर तैयार किए गए हैं, उसके आधार पर किया जाये । विकास योजना में दर्शित वर्तमान भूमि उपयोग , स्थल वास्तविक स्थिति के अनुसार ही खसरा मानचित्र पर अंकित किए जाये तथा इस संबंध में स्थल निरीक्षण / अभिलेख का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लिये जा 814(135)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

संकेंगे उक्त संबंध में किसी प्रकार की विसंगति होने पर शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।

16. परिक्षेत्रिक योजना तैयार करने की पद्धति , विकास योजना तैयार करने के ही समान है । विकास के स्वरूप के अनुसार अलग -अलग विकास नियमन- परिक्षेत्रिक नियमनों की आवश्यकता हो सकती है । किन्तु परिक्षेत्रिक योजना के प्रकाशित एवं प्रभावशील होने तक इस अध्याय में वर्णित नियमनों के आधार पर विकास अनुज्ञा दी जायेगी ।

17. विकास योजना तैयार करते समय विभिन्न परिक्षेत्रों में स्वीकार्य फर्शी क्षेत्र अनुपात को, उस क्षेत्र में प्रस्तावित घनत्व को दृष्टिगत रखते हुए निर्धारण किया गया है । अतः घनत्व का निर्धारण अनुज्ञा देते समय , अभिन्यास स्तर पर न किया जावे ।

18. प्रत्येक उपयोग परिसर की परिक्षेत्रिक योजना / विस्तृत अभिन्यास में दी गई स्थिति एवं सीमायें स्थल पर विद्यमान वर्तमान मार्ग / गाड़ी मार्ग एवं अन्य भौतिक स्वरूपों को संदर्भ माना जायेगा ।

19. विकास योजना में दर्शित वर्तमान उपयोग , स्थल पर विकसित एवं उक्त के राजस्व अभिलेख में दर्ज अनुसार ही मान्य होंगे । उससे लगकर स्थित भूमि पर संस्पर्शी भूमि उपयोग ही अधिमान्य होंगे ।

20. जिन अभिन्यासों को सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृति दी गई है, अर्थात मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम -1973 के अंतर्गत अथवा मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता-1959 के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा स्वीकृति दी गई है एवं उसकी समयावधि विकास योजना प्रारूप प्रकाशन की तिथि पर वैध है, उस दशा में यह माना जायेगा कि, वह अभिन्यास विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग के अनुरूप है ।

21. निवेश क्षेत्र स्थित कृषि प्रधान ग्रामों में स्थित शासकीय भूमि विकास योजना-2031 के प्रस्तावों के परिपेक्ष्य में म ०प्र ० भू- राजस्व संहिता -1959 के अनुसार नियंत्रित होगी ।

22. विकास योजना में विभिन्न भूमि उपयोगों के विकास हेतु नियमन दिये गये है । नियमों में यदि किसी प्रकार की विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है अथवा किसी व्याख्या की आवश्यकता होती है तो, इस संबंध में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा । 814(136)

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23. किसी भी उपयोग परिक्षेत्र में उपयोगिता अधोसंरचना में संबंधित निर्माण अथवा गतिविधि, जो स्थल पर आवश्यकता के अनुरूप तथा उपयुक्त अधोसंरचना नियोजित एवं रूपांकन के अनुरूप तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित हो, स्वीकार्य होगी ।

6.3 परिभाषायें-

उपयोग परिक्षेत्र :-

मुख्य भू- उपयोग से संबंधित प्रस्तावित विशिष्ट नगरीय कार्यकलापों में से किसी एक कार्यकलाप का क्षेत्र ।

उपयोग परिसर :-

उपयोग परिसर से तात्पर्य ऐसा परिसर जो कि उपयोग परिक्षेत्र के उपविभाजन का एक भाग हो एवं जिसे कि अभिन्यास तैयार करते समय एक विशिष्ट मुख्य उपयोग या गतिविधि के लिए स्पष्ट किया गया हो ।

अभिन्यास :-

अभिन्यास से तात्पर्य उप विभाजित योजना से है, जिसमें उपयोग परिसर के सभी आकार एवं प्रकार इंगित हों ।

भूमि उपयोग मानचित्र :- सभी उपयोग परिक्षेत्रों को दर्शाने वाला मानचित्र भूमि उपयोग मानचित्र कहलायेगा ।

परिक्षेत्रिक योजना :-

निवेश क्षेत्र के एक परिक्षेत्र की योजना जिसमें नियोजन के प्रावधानों का विस्तार , सामाजिक अधोसंरचना, उद्यान , खुले क्षेत्र एवं यातायात तंत्र संबंधी विस्तृत जानकारी प्रावधित हों ।

नगरीय ग्राम :-

भूमि उपयोग मानचित्र में दर्शाये एवं प्रस्तावित उपयोग परिक्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण आबादी नगरीय ग्राम कहलायेंगे ।

नगरीय विरासत :-

नगरीय विरासत से तात्पर्य ऐसा परिसर जिसमें कि पुरातत्व महत्व के ऐतिहासिक भवन एवं उसके आसपास का परिसर सम्मिलित हो ।

एकल/ संयुक्त परिवार हेतु भूखण्डीय विकास :-

अपने सभी समानान्तर एवं ज्यामितीय बदलाव के साथ भूखंडीय विकास से तात्पर्य परिवार हेतु भूखंडीय विकास (अभिन्यास ) का भूखंडों में उप-विभाजन , 814(137)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

जिसका नगरीय उपयोग प्रमुखतः एकल परिवार , संयुक्त परिवार के आवास हेतु किया जाना हो , ऐसे परिसर में गैरेज / गैरेजों हेतु अतिरिक्त संलग्न ब्लाक का प्रावधान हो । अन्य परिभाषायें म.प्र. भूमि विकास नियम-2012 में वर्णित अनुरूप हैं ।

6.4 योजना कालावधि:

विकास योजना कालावधि नगर विकास की एक सतत् प्रक्रिया है तथा इस प्रक्रिया में अनेक घटकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । इन सभी घटकों में कालावधि को नगर के विकास तथा नियोजन हेतु आधार माना जाता है । कालावधि के आधार पर नगर की भावी जनसंख्या की आवश्यकताओं आदि को अनुमानित कर नगर का भावी स्वरूप निर्धारित किया जाता है । ओंकारेश्वर नगर के वर्तमान एवं भावी विकास को दृष्टिगत रखते हुए विकास योजना की कालावधि वर्ष 2031 तक निर्धारित की गई है । अतः नगर की भावी जनसंख्या एवं अन्य आवश्यकताओं का निर्धारण उपरोक्त कालावधि हेतु किया जाने के साथ - साथ इसमें दीर्घकालीन आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा गया है ।

विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग एवं नगरीय अधोसंरचना के प्रस्ताव केवल विकास योजना कालावधि तक सीमित नही रखे जा सकते है । चूँकि नगर विकास एक सतत् प्रक्रिया है एवं योजना कालावधि के बाद के नगरीय विकास के लिए आधारभूत संरचना के रूप में उपयोगी सिद्ध होगे । अतः ओंकारेश्वर विकास योजना के प्रस्ताव योजना कालावधि समाप्त हो जाने के उपरांत भी विकास योजना के पुनर्विलोकन एवं उपान्तरण होने तक अथवा विकास योजना प्रस्तावों के संतृप्त होने तक प्रभावशील रहेंगे ।

6.5 भूमि उपयोग परिक्षेत्र :

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र को 10 उपयोग श्रेणियों में विभक्त किया गया है । प्रत्येक उपयोग परिक्षेत्र आगे विभिन्न उपयोग परिसरों के रूप में उपविभाजित किये गये हैं । प्रत्येक उपयोग परिसर में विशिष्ट उपयोग , गतिविधियों की शर्तों या बिना शर्तों के स्वीकार्य होगी । ऐसे क्षेत्र जिसका निर्धारित अभिन्यास स्वीकृत नहीं है, का प्रतिबंध विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना के भू- उपयोग / प्रस्तावों के अधीन निर्धारित होगा । निर्धारित मुख्य 10 भू- उपयोगों के अनुरूप ही उपयोग परिक्षेत्र रहेंगे यथा आवासीय , वाणिज्यिक, मिश्रित, सार्वजनिक एवं अर्द्ध- सार्वजनिक, सार्वजनिक उपयोगिताऐं एवं सेवायें, आमोद- प्रमोद, यातायात एवं परिवहन तथा कृषि । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019 814(138)

सारणी क्रमांक 6.5 :- उपयोग परिक्षेत्र

नाम पद्धति

भू- उपयोग उप - परिक्षेत्र

क्र. भू- उपयोग परिक्षेत्र

3 2

1

आवासीय आवासीय

1

ग्रामीण आबादी

नगर केन्द्र

वाणिज्यिक

2

मण्डी

यातायात नगर

आवासीय

3 मिश्रित

वाणिज्यिक

4

(आर 1) (आर 2) (सी 1 )

(सी 2)

(सी 3)

(आर)

(सी )

सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक

आमोद-प्रमोद उद्यान

4

क्षेत्रीय उद्यान

(पी)

(जी 1)

(जी 2)

(जी 3)

बहु- उद्देशीय खुला क्षेत्र / खेल मैदान

(जी 5)

नदी / तालाब के किनारे का खुला क्षेत्र

मेला मैदान

वनस्पति उद्यान

5

(जी 6)

(जी 7)

सार्वजनिक संस्थान और प्रशासनिक क्षेत्रों / शिक्षा

और अनुसंधान /स्वास्थ्य/

(पी)

सामाजिक / सांस्कृतिक संस्थागत गतिविधियां

सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक

संरक्षित परिक्षेत्र

6 विशेष प्रयोजन

7 परिवहन

(एस पी 1 )

बस स्टैण्ड या टर्मिनल / बस डिपों

बस पिकअप स्टेशन

सड़क

परिक्रमा मार्ग

रोप-वे

जल शोधन संयंत्र

मल शोधन संयंत्र

विद्युत सब स्टेशन 8 सार्वजनिक उपयोगिताएं और सुविधाएं

ट्रेचिंग ग्राउण्ड

(टी 1)

(टी 2)

(टी 3)

(टी 4)

(टी 5)

(पीयूएफ 1 ) (पीयूएफ 2) (पीयूएफ 3) (पीयूएफ 4)

ट्रंक लाइन कॉरिडोर जल / मल /

(पीयूएफ 5)

अतिरिक्त वोल्टेज विद्युत लाइनें / गैस या तेल

पाईप लाइनें और संबंधित संरचनाएं

दूरसंचार केन्द्र

अग्नि नियंत्रण स्टेशन (पीयूएफ 6 ) (पीयूएफ 7)

ठोस अपशिष्ट निपटान संयंत्र / अपघटन संयंत्र

(पीयूएफ 8) 814(139)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

जल निकाय नदियां

9

(डब्ल्यू1)

(डब्ल्यू2) तालाब /जलाशय

(डब्ल्यू3) नाला/ नहर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र

(डब्ल्यू4)

(ए 1) कृषि भूमि

कृषि

10

ग्राम आबादी विस्तार

(ए 2) 6.5.1 मिश्रित उपयोग :

इस उपयोग के अंतर्गत वर्तमान कोठी से गजानंद महाराज मंदिर मार्ग तथा आदिवासी धर्मशाला तिराहे से जे.पी. चौक मुख्य मार्ग के दोनों ओर 30-30 मीटर की गहराई तक मिश्रित उपयोग प्रस्तावित किया गया है, जिसके अंतर्गत आवासीय , वाणिज्यिक , सार्वजनिक एवं अर्द्ध - सार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत समस्त गतिविधियां स्वीकार्य होगी । किन्तु विकास योजना में उल्लेखित प्रस्तावित मार्गों के क्षेत्र, तालाबों एवं अन्य जल स्त्रोतों के क्षेत्र, कृषि तथा आमोद -प्रमोद के क्षेत्र में मिश्रित उपयोग की गतिविधियां मान्य नही होगी ।

मिश्रित उपयोग हेतु नियमन :

(1) मिश्रित उपयोग के अंतर्गत स्वीकृत उपयोगों में आवासीय , वाणिज्यिक, सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग सम्मिलित है । उक्त तीनों मुख्य उपयोगों के अन्तर्गत स्वीकार्य गतिविधियां मिश्रित उपयोग में मान्य होंगी ।

(2) विकास योजना मानचित्र में दर्शाए क्षेत्र में मिश्रित उपयोग में स्वीकृत एवं स्वीकार्य परिसरों के नियोजन मापदण्ड गतिविधि आवासीय , वाणिज्यिक अथवा सार्वजनिक अर्द्ध-सार्वजनिक उपयोगों के अंतर्गत प्रस्तावित नियोजन मापदण्ड अनुसार ही नियोजन अनुज्ञा दी जा सकेगी ।

(3) मिश्रित उपयोग अन्तर्गत 12.5 मीटर तक ऊंचे भवनों में एफ.ए.आर. 1: 1.50 स्वीकार्य होगा तथा 12.5 मीटर से अधिक ऊँचे भवनों के लिये नियोजन मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास निमय 2012 के नियम 42 के अनुसार होगें । 6.6 नवीन एवं आवासीय भू- खण्ड़ों के आकार हेतु विकास नियमन:

नवीन आवासीय निर्माण हेतु मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के नियम 53 एवं 56 के मापदण्ड अनुसार नियंत्रित होगे ।

टीप:-

1. इस नियमन का उद्देश्य परिक्षेत्रों के अभिन्यास तैयार करने में मार्गदर्शन देना है । इन नियमों में परिभ्रमण संरचना एवं सुविधाओं के प्रावधानों के मानक 814 (140)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

सम्मिलित है । ऐसे अभिन्यासों से जुड़े सेवा प्रावधान जैसे भौतिक संरचनायें, जल प्रदाय, जल - मल निकास आदि नगर परिषद उप- नियमों के अनुरूप होगे । 2. म.प्र. नगर पालिका (कालोनाईजर रजिस्ट्रेशन , निर्बंधन एवं शर्तें) नियम-1998 के प्रावधानों के अनुरूप कमजोर आय वर्ग हेतु भूमि / भवन आरक्षित किये जायेगें ।

3. म.प्र. भूमि विकास नियम-2012 के परिशिष्ट-ञ (नियम 99) में निहित प्रावधानों के अनुरूप विशेषतः अल्प आय वर्ग का अभिन्यास तैयार किया जावेंगे ।

6.7 बहुविधि बहुमंजिली इकाई निर्माण :

बहुविधि बहुमंजिली इकाई निर्माण हेतु मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 के मापदण्ड अनुसार नियंत्रित होगे । 6.8 फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा :

फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा हेतु मानक मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के नियम 17 एवं 17 (क) अनुसार मान्य होगें ।

6.9 वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए रूपांकन मार्गदर्शिका :

सारणी क्रमांक 6.9: वाणिज्यिक क्षेत्रों के भूखण्डीय विकास मापदण्ड

क्र.

सीमांत खुला क्षेत्र (मीटर में)

मार्ग की चौड़ाई

(मीटर में)

क्षेत्र (वर्गमीटर में)

भूखण्ड का आकार (मीटर में)

4

2

3

1

6.0X9.0

अग्र

आजू बाजू पृष्ठ

6

7

8 5

0.0

0.0 0.0

3.0

12से कम

54

1.

6.0X9.0

3.0

0.0

0.0

0.0

12से अधिक

54

2.

9.0X15.0

3.0

1.5

2.5

0.0

12से कम

135

3.

9.0X15.0

0.0 4.5

1.5

2.5

12से अधिक

135

4.

12.0X18.0

216

2.5

2.5 3.0

1.5

12से कम

5.

12.0X18.0

216

2.5

2.5

4.5

1.5

12से अधिक

6.

15.0X24.0

3.0

3.0 3.0

3.0

12से कम

360

7.

15.0X24.0

3.0

3.0

3.0 4.5

12से अधिक

360

8.

टीप :-

1. यह मापदण्ड सभी वाणिज्यिक क्षेत्रों में लागू होगें । 814(141)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

2. 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल एवं 12.5 मीटर से ऊँचे 18 मीटर तक के भवनों के लिए न्यूनतम खुला क्षेत्र चारों ओर 6.0 मीटर से कम नहीं होंगे ।

3. 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखण्डों के लिए न्यूनतम खुला क्षेत्र अग्र भाग में 6 मीटर एवं तीनों ओर 4.5 मीटर होगा ।

सारणी क्रमांक 6.9.1 थोक वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक

वर्ग

क्र.

कुल क्षेत्र का प्रतिशत

3

2

1

अधिकतम 50 प्रतिशत भूखण्डों का क्षेत्र

1.

अधिकतम 40 प्रतिशत 2. परिभ्रमण एवं वाहन विराम स्थल का क्षेत्र

न्यूनतम 10 प्रतिशत (8:2 ) खुले स्थानों को सम्मिलित कर सुविधाओं का क्षेत्र

3.

12मीटर

मार्गों की चौड़ाई: -

4.

बाजार से गुजरने वाले मुख्य सीधे मार्ग कीन्यूनतम चौड़ाई

18 मीटर

के लिये न्यूनतम चौड़ाई दुकानों के सामने ट्रकों के खड़े होने एवं मुड़ने

दुकानों के सामने पादचारी की न्यूनतम

3 मीटर

चौड़ाई

मार्ग सर्वेक्षण एवं प्रोजेक्शन 5. दुकानों के आकार

के आधार पर

10X30 मीटर (उपयुक्त)

10 से 200 मीटर के मध्य

1.50 कार स्पेस

6. विराम स्थल

प्रति 100 वर्गमीटर फर्शी क्षेत्र के

नोट:- थोक वाणिज्यिक विकास के अभिन्यास हेतु 50 प्रतिशत अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था करना आवश्यक होगा ।

6.10 वर्तमान विकसित क्षेत्र हेतु परिक्षेत्रिक नियमन:

परिक्षेत्रिक नियमन, स्थल ऊँचाई , भवन का आकार एवं संरचना अथवा अन्य उपयोग जिसमें भवन या भूमि का उपयोग किया जा सकता है । इन सभी के संदर्भ में परिक्षेत्र के अन्दर अथवा मध्य में होने वाले विकास के लिए मार्गदर्शक का कार्य करते हैं । निम्न नियमन एवं मापदण्ड सम्पूर्ण क्षेत्र पर लागू होगे , साथ ही बाहरी ओर भी इन मार्गों के मध्य से 12.00 मीटर गहराई तक ये नियमन एवं मापदण्ड लागू होंगे । 814 (142)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

नगर के अधिक घनत्व वाले निर्मित क्षेत्र के लिए भू- खण्ड का नियमित आकार निर्धारित कर पाना संभव नहीं है । निर्मित क्षेत्र में वर्तमान आवास सबसे ज्यादा अनियमित आकार एवं माप के हैं, लेकिन आवश्यक घनत्व प्राप्ति तथा जनस्वास्थ्य की दृष्टि से फर्शी क्षेत्र अनुपात (एफ.ए.आर.) तथा भूखण्ड आच्छादन प्रस्तावित किये गये हैं ।

आच्छादन (निर्मित क्षेत्र) तथा फर्शी क्षेत्र अनुपात (अधिकतम)

(1 ) भूखण्ड का क्षेत्रफल 90 वर्गमीटर तक

निर्मित क्षेत्र 60 प्रतिशत

फर्शी क्षेत्रानुपात 1:1.5

(2) भूखण्ड का क्षेत्रफल निर्मित क्षेत्र 90 वर्गमीटर से अधिक तथा 180 वर्गमीटर तक 55 प्रतिशत

फर्शी क्षेत्रानुपात 1:1.25

(3) भूखण्ड का क्षेत्रफल 180 वर्गमीटर से अधिक

निर्मित क्षेत्र 50 प्रतिशत

फर्शी क्षेत्रानुपात 1: 1.25 (9.0 मीटर से अधिक चौड़े मार्गों पर 1:1 .

5)

6.11 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान :

नवीन वाणिज्यिक केन्द्रों के नियोजन के समय फुटपाथ दुकानें, हाथ ठेला एवं इसी तरह की अन्य गतिविधियों के लिए निम्न सारणी में दिए गए मानकों के अनुसार अनौपचारिक वर्ग हेतु प्रावधान निर्धारित किए गए हैं ।

सारणी क्रमांक 6.11: अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान

मानक

विवरण

क्रमांक

3

2

1

1.

फुटपाथ व्यापार

3 से 4 इकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें वृत्त खण्ड केन्द्र

उपवृत्त खण्ड केन्द्र

सुलभ शॉपिंग

2.

1 से 2 इकाई प्रति 100 कर्मकार शासकीय एवं वाणिज्यिक कार्यालय

3.

थोक व्यापार एवं मालभाड़ा

3 से 4 इकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें 814(143)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

कॉम्पलेक्स

4.

चिकित्सालय

3 से 4 इकाई प्रति 100 बिस्तर

5.

विद्यालय

3 से 4 इकाई

प्राथमिक

5 से 6 इकाई

माध्यमिक / उच्चतर माध्यमिक

उद्यान

6.

नगर उद्यान

8 से 10 इकाई प्रत्येक प्रमुख प्रवेश द्वार स्थानीय उद्यान

2 से 3 इकाई

आवासीय

1 इकाई प्रति 500 जनसंख्या

7.

8.

बस स्थानक

परियोजना तैयार करते समय किये गये सर्वेक्षण पर निर्भर होगा ।

टीपः- प्रत्येक इकाई 2.5 से 5 वर्गमीटर के आकार की नियत होगी ।

6.12 ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक :

ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक भूमि विकास नियम 2012 के नियम 53 (3 ) (चार) के अनुरूप होंगे ।

6.13 शॉपिंग मॉल :

शापिंग मॉल हेत, मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 96 के अनुरूप होंगे ।

उक्त गतिविधि विकास योजना में दर्शित केवल वाणिज्यिक , मिश्रित एवं आवासीय भू- उपयोग में मान्य होगी ।

6.14 सामुदायिक सुविधाएं तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं के मापदण्ड :

1. शैक्षणिक स्वास्थ्य, संचार तथा सांस्कृतिक सुविधाओं के लिए अपेक्षित न्यूनतम भूमि का आकार , प्रशासकीय विभाग या किसी नियामक प्राधिकारी या भूखण्ड का न्यूनतम आकार विहित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित किए गए अनुसार होगा ।

2. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा निम्न आय समूह गृह निर्माण के लिए अत्यावश्यक सुख सुविधाओं की आवश्यकताएं म०प्र० भूमि विकास नियम-2012 के नियम-99 के परिशिष्ट-ञ में दिए गए अनुसार होगी । 3. म०प्र० भूमि विकास निमय-2012 के नियम-49 की सारणी 6 उपविभाजन या अभिन्यास रेखांक विभिन्न आवश्यकताओं का पता लगाने का मार्गदर्शी आधार 814(144)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

होगी । विकास रेखांक में प्रस्तावित घनत्व किसी क्षेत्र की वास्तविक जनसंख्या को अवधरित करेगा । ऐसे क्षेत्रों के जिनमें कोई विकास रेखांक या परिक्षेत्रिक रेखांक तैयार नहीं किया गया हो ऐसे क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा अवधरित किया जाएगा ।

4. उस भूमि के लिए जिसमें कि कोई आवेदक हितबद्ध हो सकता है, विकास रेखांक अथवा परिक्षेत्रिक रेखांक के प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए प्राधिकारी को म०प्र० भूमि विकास निमय-2012 के निमय -49 की परिशिष्ट- छः में दिए अनुसार विहित प्रारूप में कोई आवेदन किया जा सकता है । प्राधिकारी , ऐसे आवेदन की प्राप्ति के तीस दिनों के भीतर आवेदक को ऐसी जानकारी प्रदान करेगा, जैसी कि उसके लिए यथास्थिति विकास रेखांक अथवा किसी प्रस्तावित भू- उपयोग अथवा घनत्व पद्धति के अनुसार उपविभाजन अथवा अभिन्यास रेखांक तैयार करने के लिए आवश्यक हो ।

सामाजिक अधोसंरचना के मानक

सारणी क्रमांक 6.14 : जनसुविधाओं / सेवाओं के लिये आच्छादित क्षेत्र एवं फर्शी क्षेत्र

कं श्रेणी

एफ.ए.आर.

अधिकतम आच्छादित क्षेत्र

4

3

2

1 1 शैक्षणिक भवन

1.00

40 प्रतिशत

नर्सरी/ पूर्व प्राथमिक शाला

1.00

33प्रतिशत

प्राथमिक विद्यालय

1.00

30प्रतिशत

उच्चतर माध्यमिक विद्यालय

1.00

25प्रतिशत

महाविद्यालय

2 स्वास्थ्य

1.00

33प्रतिशत

हॉस्पिटल

1.00

30प्रतिशत

नेचरोपैथी सेंटर

1.00.

33 प्रतिशत

हेल्थ सेंटर

1.00

33प्रतिशत

नर्सिंग होम

1.00

30प्रतिशत

पॉलीक्लिनिक

30प्रतिशत

1.00

1.00

30प्रतिशत

ब्लड बैंक / पैथालॉजी सेंटर इत्यादि

1.00

30 प्रतिशत

फिजियोथैरेजी सेंटर 814(145)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

3 जनउपयोगिता एवं सेवाएं

पुलिस चौकी

पुलिस स्टेशन आवास गृह सहित सामुदायिक भवन

उपअग्निशमन केन्द्र

अग्निशमन केन्द्र

डाक एवं तार

विद्युत सब स्टेशन

4 धार्मिक भवन

5 शासकीय / अर्द्ध शासकीय कार्यालय 6 आध्यात्मिक योगा केन्द्र

1.00

35 प्रतिशत

1.00

35प्रतिशत

1.00

35प्रतिशत

1.00

35प्रतिशत

35प्रतिशत

1.00

1.00

35 प्रतिशत

1.00

30प्रतिशत

35प्रतिशत

1.00

1.00

35प्रतिशत

टीपः- उपरोक्त सारणी में जो सुविधाएं सम्मिलित नहीं है, उनका आच्छादित क्षेत्र 40 प्रतिशत तथा फर्शी क्षेत्र अनुपात 1.00 से अधिक नही होगा ।

6.15 परिभ्रमण तंत्र में वाहनों का आवागमन :

(अ) मार्गों / गलियों की अनुशंसित चौड़ाई

आवासीय क्षेत्रों में कलडीसेक या लूप गलियों की चौड़ाई 7.50 से 9 मीटर अनुशंसित है । उच्च आय समूह के आवासीय क्षेत्र, जहां निजी वाहनों की संख्या अधिक होती है , वहां मार्ग की चौड़ाई 12 मीटर रखी जा सकती है ।

सारणी क्रमांक 6.15.1: निकास मार्गों की निम्नतम चौड़ाई

मार्ग वर्गीकरण

अभ्युक्ति

अनुशंसित मार्ग चौड़ाई

(मार्गाधिकार) मीटर में

2

1

9 मीटर लूप मार्ग

7.5 कल्डी सेक

7.5 मीटर गली सामान्य आवासीय क्षेत्र में

3

अधिकतम लंबाई 500 मीटर

अधिकतम लंबाई 150 मीटर घूर्णन वृत्त की त्रिज्या 9 मीटर अधिकतम लंबाई 100 मीटर

4.5 से 6.0 मीटर

निम्न वर्ग आवासीय क्षेत्र

अधिकतम लंबाई 100 मीटर

0.9 से 1.5

गंदी बस्तियों में पादचारी मार्ग

अधिकतम लम्बाई 5 मीटर से 20 मीटर

2 से 5 मीटर

साइकल पथ

1.5 से 4.5 मीटर

पादचारी मार्ग मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(146)

(ब) कार एवं बसों के सड़कों पर पार्किंग हेतु मानक

बस स्थानक का आकार

50मीटर

मार्ग संगम से निम्नतम दूरी

15 मीटर

प्रत्येक बस स्थानक स्थल की लंबाई

1: 8

टेपर वांछनीय

1: 6

न्यूनतम

विश्राम स्थल की गहराई

4.5 मीटर

एक बस स्थानक

7.0 मीटर

दोहरा बस स्थानक

जन सुविधाओं के निकट बस बे के मापदण्ड (आई.आर.सी.) निम्नानुसार होंगे , इन्हे मार्ग संगम से दूर स्थापित किया जावेगा ।

03मीटर

चौड़ाई

30मीटर

लंबाई

15 मीटर

अंतिम टेपर

(स) सड़कों के किनारे कार एवं बसों की पार्किंग हेतु मानक :

कोणीय विराम का क्रियान्वयन तभी किया जाना चाहिये, जबकि मार्ग की चौड़ाई कम से कम 20 मीटर हो तथा यातायात का आकार बहुत अधिक न हो । कार विराम के लिए सामान्यतः 2.5 मीटर से 5 मीटर तथा ट्रकों के लिए 3.75 मीटर से 7.5 का स्थल सामान्य आकार के रूप में रखा जा सकता है ।

सारणी क्रमांक 6.15.2 सड़कों के किनारे वाहन विराम स्थल का आकार

विराम का प्रकार कर्व से वास्तविक चौड़ाई मीटर में कर्व लाईन से समानांतर नापी गयी कार के लिए लंबाई की आवश्यकता (मीटर में)

3

2

1

5.90

2.50

समानांतर

5.00

4.66

30डिग्री

3.54

5.31

45डिग्री

2.89

5.58

60 डिग्री

2.50

5.00

90डिग्री 814(147)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

कोणीय विराम का क्रियान्वयन तभी किया जाना चाहिये, जबकि मार्ग की चौड़ाई कम से कम 20 मीटर हो तथा यातायात का आयतन बहुत अधिक न हो । कार विराम के लिए सामान्यतः 2.5 मीटर से 5 मीटर तथा ट्रकों के लिए 3.75 मीटर का स्थल सामान्य आकार के रूप में रखा जा सकता है ।

(द) परिसरों में वाहन विराम के मापदण्ड

वाहन विराम संबंधी मापदण्ड म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 84 के प्रावधानों के अनुरूप होंगे ।

विभिन्न परिसरों में वाहन विराम स्थल के मापदण्ड निम्नानुसार नियंत्रित होंगेः- सारणी क्रमांक 6.15.1 वाहन विराम मापदण्ड

क्र. उपयोग / उपयोग परिक्षेत्र

ई.सी.एस. प्रति 100 वर्ग मीटर फर्शी क्षेत्रफल पर

3

2

1

0.50 1.50

1. आवासीय समूह आवासीय , भूखंडीय विकास (250 वर्गमीटर से बड़े ) एवं मिश्रित उपयोग

वाणिज्यिक

2.

1.50 2.50

(अ ) थोक व्यापार एवं परिवहन परिसर (लोडिंग एवं अन

1.00 2.00

लोडिंग हेतु वाहन विराम की आवश्यकता सहित) (ब ) वाणिज्यिक केन्द्र, नगर केन्द्र, होटल, सिनेमा एवं अन्य

0.50 1.50

(स) सामुदायिक केन्द्र, स्थानीय दुकानें, सुविधाजनक दुकानें, अल्पाहार गृह

3. सार्वजनिक एवं अर्द्ध - सार्वजनिक सुविधायें

0.50 1.50

(अ ) नर्सिंग होम , चिकित्सालय (शासकीय को छोड़कर) सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य संस्थायें, शासकीय एवं अर्द्ध-शासकीय कार्यालय

0.25 0.75

(ब) विद्यालय , महाविद्यालय , विश्वविद्यालय, शासकीय चिकित्सालय

4.

0.50 1.00

औद्योगिक छोटे एवं सेवा उद्योग , फ्लेटेड ग्रुप फेक्ट्री, वृहद उद्योग 814(148)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

6.16 (अ) होस्टल, वर्किंग वूमन होस्टल , रेस्ट / गेस्ट हाउस , लॉजिंग / बोर्डिंग /धर्मशाला:

500 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1: 1.0

अधिकतम एफ.ए.आर.

33प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कव्हरेज) क्षेत्र

12.00 मीटर

अधिकतम ऊँचाई

सीमांत खुला क्षेत्र

10.0 मीटर

(अ) सम्मुख

4.50मीटर

(ब) अन्य तीन ओर

अन्य नियंत्रण

12.0 मीटर

भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई

पार्किंग

म.प्र. भूमि विकास निमय 2012

प्रावधान अनुसार ।

(ब) मेरिज गार्डन

2000 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1:0.25

अधिकतम एफ.ए.आर.

25 प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कव्हरेज )

30.0 मीटर

न्यूनतम भूखण्ड का अग्रभाग

सीमांत खुला क्षेत्र

10.0 मीटर

सम्मुख

4.50 मीटर

अन्य तीन ओर

अन्य नियंत्रण

12.0मीटर

भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई

भूखण्ड के सम्मुख खुले क्षेत्र का 40 प्रतिशत भाग पार्किंग हेतु आरक्षित होगा, तत्पश्चात् 6.00 मीटर का सम्मुख खुला क्षेत्र रखना होगा तथा अन्य तीन ओर भी खुला क्षेत्र 4.5 मीटर होगा । इन गतिविधियों से जनित होने वाले समस्त पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से परिसर के अंदर करनी होगी । 814(149)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

(स) बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डप / कम्युनिटी हाल :

बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम / कम्युनिटी हाल आवासीय एवं वाणिज्यिक भूमि उपयोग में स्वीकार्य होगे । विकास के नियमन निम्नानुसार होंगे :-

500 वर्गमीटर

भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल

1: 0.50

अधिकतम एफ.ए.आर.

15 प्रतिशत

अधिकतम भूतल आच्छादन (कव्हरेज )

25.0 मीटर

न्यूनतम भूखण्ड का अग्रभाग

सीमांत खुला क्षेत्र

10.0 मीटर

सम्मुख

4.50मीटर

अन्य तीन ओर

अन्य नियंत्रण :-

(1 ) भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर ।

(2) भूखण्ड के सम्मुख खुले क्षेत्र का 40 प्रतिशत भाग सार्वजनिक पार्किंग हेतु आरक्षित रहेगा , इसके पश्चात् न्यूनतम सम्मुख खुला क्षेत्र 4.50 मीटर तथा अन्य तीनों ओर का खुला क्षेत्र 4.5 मीटर रखना होगा ।

(3) इस गतिविधि से जनित होने वाली पार्किंग की पूर्ण व्यवस्था परिसर के अंदर ही सुनिश्चित की जायेगी ।

टीप- शासकीय भूमि अथवा मार्ग पर एवं परिसर के बाहर पार्किंग गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी ।

(द) छविगृहों के लिए मापदण्ड

म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 53 (3) के प्रावधान लागू होंगे जो आवासीय , वाणिज्यिक तथा मिश्रित उपयोग में मान्य होंगे । ।

(इ) मल्टीप्लेक्स -

मल्टीप्लेक्स हेतु म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 95 के प्रावधान लागू होगे । जो आवासीय , वाणिज्यिक एवं कृषि भूमि उपयोग में मान्य होंगे एवं फर्शी क्षेत्रानुपात उस भू- उपयोग के अनुरूप होगा जिसमें उक्त गतिविधि मान्य की गई हो ।

6.17 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन:

संवेदनशील क्षेत्र में विकास की गतिविधियां निम्नानुसार प्रावधानित है:-

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(150)

1. नाले एवं अन्य जल स्त्रोतों के किनारे छोड़ा जाने वाला कम- से- कम क्षेत्र मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों के अनुसार होगा ।

2. नगर के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा इस नगर को पवित्र नगर घोषित किया गया है । अतः पवित्र नगर की सीमा के अंदर प्रतिबंधित वस्तुओं का क्रय -विक्रय करने पर प्रतिबंध किया गया है । नर्मदा नदी का तटीय क्षेत्र जिसमें मंदिर परिसर, घाट, किला एवं राजवाड़ा सम्मिलित है । जहां पर वर्तमान में धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के अतिरिक्त अन्य निर्माण कार्य नहीं हुआ है, वहां पर भविष्य में नर्मदा नदी के दोनों ओर उच्च बाढ़ चिन्ह से 30 मीटर की सीमा के अंदर भवन निर्माण की अनुज्ञा नहीं दी जायेगी ।

3. प्रदूषत जल / मल किसी भी स्थिति में नदी में प्रवाहित नहीं किया जावेगा ।

4. नर्मदा नदी के किनारे की ओर के क्षेत्रों में, अपने भवनों को व्यक्तिगत सेप्टिक टेंक, ग्रिड मल लाईन, जब उसका निर्माण हो जाए , जोड़ना होगा ।

5. निवेश क्षेत्र में आने वाले निर्मित भवनों के आच्छादित क्षेत्र में या एफ.ए.आर. में पूर्व की स्वीकृति के अतिरिक्त वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी ।

6. नदी की सुरक्षा एवं जल गुणवत्ता के संरक्षण हेतु किये जाने वाले कार्य स्वीकार्य होगे ।

7. पुरातत्वीय महत्व के नियंत्रित क्षेत्रों का रख- रखाव एवं संरक्षण हेतु विस्तार संबंधी कार्य स्वीकार्य होंगे ।

8. ऐतिहासिक महत्व के भवनों रख - रखाव ।

9. नागरिक एवं सांस्कृतिक महत्व के भवन ।

10. प्राचीन वास्तुकला भवन यदि निजी अधिपत्य में हो, तो भी

11. समय - समय पर उत्खनित/ खोजे गए विरासतीय भवन । 814(151)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

6.18 स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग / उपयोग गतिविधियां :

सारणी क्रमांक 6.18:- स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग

Sr. no

2

1

1 Apartment housing

2 Residential Plot/Plotted Housing Group Housing/Row Housing/Cluster 3 Housing

4 Reidential Dweling units

Children Home

5

6 OldageHome

7 Beauty Parlours

8 Gymnasium

9 Open/Playground

Hotels

10

11 Wholesalemarket

12 C& FAgencies

F.M.C.G. Go downs

13

Pharmaceutical Market , Chemical Market

14

15 PaperStationary/ Book market 16 Automatic and Spare part market 17 Fireworks Market

18 Gold, Silver Market/ Crockery market 19 Retail Shops

20 Repair /ServiceShop

21 Weekly Market/Hat bazar

22 Restaurant/ Café taria

ConferenceHall

23

24 ShoppingMalls

25 Super Market/ Departmental Stores 26 Call Centers

27 Bank /ATM

28 Cinema

MultiPlex

29

30 FuelFilling Station

31 Auto Service Station

32 Vocational Trg. Institute

33 Coaching Institute

Transportation

Recreational

Commercial

Agricultral

Public; Public

Publicutiilties& facilities

00

4

wResidendial

NP P

NP NP NP NP

C

NP P

NP

NP

NP NP

C

NP

NP

NP

P

NP

C

NP

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NP

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NP

NP NP

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NP NP

NP

P

NP

P

C 814(152)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

Transportation

Recreational

Commercial

Residendial

Sr. no

BaaratGhar

34

35

Warehousing/ Storage other than Agricultral Products

36 Depot for inflammable substance Cold storage/ Agriculture based 37 product storage

38 MilkChilling Plant/Dairy Plant 39 Junk Yard

40 Petroleum Product Depot

41 GasGodown

42 Coal Yard/fuel Yard/ Steel Yard Building Material/ (Brick, sand, and 43 Gitti market ) Yard

TimberMarket

44

45 E-Chaupal

46 Agro Based industry

47 Obnoxious /Hazardous Industry 48 I. TIndustry

49 StoneCrusher/ Mining & Quary Hostels

50

51 Working Women hostel

52 Resthouse

53 Lodging houses

Guest house

54

55 NightShelter

Dharmashala

56

57 MarriageGarden

58 University

59

Law College/management collage/other professional college/ sport/ Training Insititute/ Hotel management Insititute

PrePrimary Schoo/ Nursery School 60 Primary Schoool

61 Secondary School/ Senior Sec . School 62 Hospital 100 +

63 Hospital30-100

64 Hospital 0-30

65 Naturapathy Center

Health Center

66

67 Nursing Home

68 Poly Clinic/ Clinic

Agricultral

Public; Public

P

NP

NP

2Publicutiilties &facilities NP

NP

NP

NP NP

NP NP NP

NP NP C NP NP

NP NP

NP

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NP

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P

NP NP

C 814(153)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

Sr. no

Transportation

Recreational

Commercial

Residendial

PetClinic

69

Blood/ Plasma bank/ Semen bank/ 70 Pathology Centers

71 Physiotherapy Centers

72 Govt . And Semi Govt . Offices Professiobal Offices/ Chambers Norms

73

Jail

74

75 PoliceStation/ Chowki

76 PostOffices

77 Radio/ TVStation

78 Museum/ Art Gallery

79 Community Center

80 Library

81 Science Centers

82 Exhibition/Convention Centers 83 BusStop/ Pick up Station

84 Parking Lots

85 Cargo/ container yard

86 Swimmingpool

87 Club/ Resort

GolfCourse

88

89 Water Park / Amusement Park Zoo

90

91 HorseRiding school

92 Velodrome/Stadium

93 Motels

94 Apiary

95 Floriculture

96 Nursery

97 TelephoneExchanges

Wire less Stations

98

99 FireStation

Telecom Tower & Station

100

Wastewater Treatment Plant 101

102 SewageTreatment Plant

Water storageTanks & Pumping 103 Station

Sewage Pumping station

104

105 Water Treatment Plant

106 Slaughter house

Agricultral

NP

P Public; Public

NP NP

zPublicutiilties& facilitles NP

NP NP NP NP

C

P

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NP P

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NP

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NP

NP

P

NP

C 814 (154)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

Sr. no

Transportation

Recreational

Commercial

Residendial

107 Cremation/ burial ground 108 Electric Sub-Station

109 Non polluting Industry

111 Agricultural Tourist Facilities Dharmik Parisar

112

Social welfare center

113

Music/Dance/Drama Trainning 114 center

Club House

115

FlourMill

116

Agricultral

Publicutiilties& facilities

Public; Public

C

C

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NP NP

स्त्रोतः- नगर तथा ग्राम निवेश सर्वेक्षण एवं URDPFI की गाईड- लाईन

अनुसार

नोट :-

1. P- स्वीकार्य गतिविधि 2. C- ये गतिविधियां इस अध्याय में दिए गए नियमनों के अध्याधीन स्वीकार्य हो सकेंगी । तथा गुण- दोष के आधार पर सक्षम प्राधिकारी के द्वारा स्वीकार्य की जा सकेंगी ।

3. NP- अस्वीकार्य गतिविधि 4. उपरोक्त सारणी में जो गतिविधियां सम्मिलित नहीं है , उन गतिविधियों के लिए स्वीकार्यता एवं नियमन उनके समकक्ष गतिविधियों के अनुरूप होंगे ।

5. आमोद - प्रमोद भूमि उपयोग के अंतर्गत जिन गतिविधियों को C से दर्शाया गया है , इन गतिविधियों के मापदण्ड आमोद -प्रमोद के पैरा में दिए मापदण्ड ही लागू होंगे ।

व्याख्या-

1. *सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है कि मध्य- प्रदेश शासन द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की नीति पत्र में वर्णित उद्योग एवं संस्थायें ।

2. ** गैर प्रदूषणकारी उद्योग से तात्पर्य है मध्य -प्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल द्वारा सफेद श्रेणी में वर्गीकृत उद्योग ।

3. *** *कृषि पर्यटन सुविधा से तात्पर्य है कि मध्य- प्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के निमय 17 (क) में वर्णित अनुसार । 814( 155)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

टीप :- उपरोक्त व्याख्या 1 एवं 2 के भू- खण्ड हेतु पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.00 मीटर होगी ।

6.19 उपयोग परिसर में स्वीकृत उपयोग / उपयोग गतिविधियां :

आवासीय भूखण्ड

आवास , मिश्रित भू- उपयोग पैराग्राफ में दिये गये विवरण अनुसार गतिविधियां ।

आवासीय भू-खण्ड एवं समूह आवास

आवासीय फ्लेट, कन्फेक्शनरी की फुटकर दुकान, किराना एवं सामान्य व्यापार, पुस्तकें एवं स्टेशनरी, दवाई दुकान, नाई, धोबी-लाण्ड्री, टेलर, सब्जी, दुकान (भूतल पर प्रत्येक हेतु 15 वर्गमीटर क्षेत्रफल के साथ ) ।

झूलाघर एवं डे- केयर सेन्टर

भूतल पर 50 वर्गमीटर तक के क्षेत्रफल के साथ एवं निगरानी आवास (20 वर्ग मीटर ) । आवासीय फ्लेट

आवास एवं व्यावसायिक गतिविधि (आवासीय भूखण्ड अनुसार) ।

आवास सह कार्य भूखण्ड

आवास, भू- तल को फुटकर दुकानों के कार्यक्षेत्र के रूप में उपयोग में लिया जा सकता है, गृह उद्योग एवं व्यक्तिगत दुकान ।

छात्रावास, अतिथिगृह, बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह

छात्रावास , अतिथिगृह, बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह , निगरानी कर्मियों के आवास (20 वर्गमीटर ) , व्यक्तिगत सेवा दुकान एवं नाई धोबी, शीतल पेय एवं स्नेक्स (खाद्य ) स्टॉल (15 वर्गमीटर) ।

धर्मशाला

धर्मशाला, धोबी, नाई की व्यक्तिगत सेवा दुकान , शीतल पेय एवं स्नेक्स ( खाद्य) बार (15 वर्गमीटर तक) ।

बारात घर

बारात घर , शीतल पेय एवं स्नेक्स बार ( 15 वर्गमीटर तक) ।

रात्रि आश्रय

रात्रि आश्रय ।

मोटल 814(156)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

क्षेत्रीय मार्गो पर वाहन सुधार सेवाएँ , फिलिंग स्टेशन तथा खान- पान एवं विश्राम सुविधा सहित ।

फुटकर मरम्मत एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान

फुटकर दुकान, मरम्मत दुकान, व्यक्तिगत सेवा दुकान ।

वेन्डिंग बूथ

वितरण बूथ (वेन्डिंग बूथ) ।

सुविधाजनक दुकानें

फुटकर मरम्मत एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान, उपाहार गृह, क्लीनिक ।

स्थानीय दुकानें

फुटकर, दुरूस्ती एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान, वाणिज्यिक कार्यालय , मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 37 (1 ) परिशिष्ट- च में उल्लेखित उद्योग , उपचार प्रयोगशाला, क्लीनिक एवं पॉली क्लीनिक , उपाहार गृह, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , डाकघर एवं बैंक विस्तार काउण्टर, नर्सिंग होम्स एवं अतिथिगृह ।

साप्ताहिक बाजार

साप्ताहिक बाजार, अनौपचारिक फुटकर व्यवसाय , शीतल पेय , स्नेक्स स्टॉल (सभी संरचनायें गतियमान या अस्थायी स्वरूप होगी एवं सप्ताह में केवल एक दिवस) । थोक व्यापार

थोक दुकान, गोदाम एवं भण्डारण , वाणिज्यिक कार्यालय ( कुल तलीय क्षेत्र के 25 प्रतिशत तक प्रतिबंधित) ।

भण्डारण, गोदाम एवं भण्डारगृह

भण्डारण , गोदाम , एवं भण्डारगृह, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , थोक आऊट-लेट प्रशासकीय एवं विक्रय कार्यालय ।

शीतगृह

शीतगृह , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , प्रशासकीय कार्यालय ।

गैस गोदाम

गैस गोदाम, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , देख -रेख कार्यालय ।

तेल डिपो 814( 157)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

तेल एवं गैस डिपो , आवासीय इकाई ( निगरानी एवं रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , प्रशासकीय कार्यालय ।

कबाड़खाना

कबाड़खाना, निगरानी आवास, विक्रय कार्यालय ।

वाणिज्यिक कार्यालय

वाणिज्यिक कार्यालय , फुटकर एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान , उपाहार गृह , बैंक , डाक एवं तार घर ।

बैंक

बैंक, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , वाणिज्यिक कार्यालय , अल्पाहार गृह. । मोटर गैरेज एवं कर्मशाला

मोटर गैरेज एवं कर्मशाला, फुटकर दुकान (कलपुर्जे) शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल । छबिगृह

छबिगृह , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , प्रशासकीय कार्यालय , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , फुटकर दुकान एवं वाणिज्यिक कार्यालय (कुल तलीय क्षेत्र के 20 प्रतिशत तक) ।

पेट्रोल पम्प

पेट्रोल पम्प / डीजल / वाहन हेतु इंधन, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , ऑटो मोबाईल मरम्मत दुकान ।

रेस्टोरेंट / उपाहार गृह

ऐसा परिसर जिसका उपयोग व्यावसायिक आधार पर खाने के व्यंजनों को उपलब्ध कराने के लिए किया जाता हो (व्यंजन पकाने की व्यवस्था के साथ) जिसमें खुले, बंद या दोनों प्रकार की बैठक व्यवस्था हो ।

होटल

होटल , फुटकर एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान एवं वाणिज्यिक कार्यालय (कुल तलीय क्षेत्र के 5 प्रतिशत तक प्रतिबंधित) ।

सेवाकेन्द्र

फुटकर, दुरूस्ती एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान, सेवा केन्द्रों में मान्य उद्योग जैसा कि पृथक से दिया गया है , गैस गोदाम , वाणिज्यिक कार्यालय । 814 (158)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

हल्के औद्योगिक भूखण्ड

हल्के उद्योग इकाई भूमि विकास निगम 2012 के नियम-37 (1 परिशिष्ट- च ) की सूची अनुसार , प्रशासकीय कार्यालय, विक्रय केन्द्र, निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु तलीय क्षेत्र के 5 प्रतिशत या 50 वर्गमीटर से जो भी कम हो , तक के आवासीय फ्लेट (निगरानी हेतु) ।

पार्क

पार्क , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल (एक हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल के पार्क हेतु) । खेल मैदान

खेल मैदान ।

आउटडोर स्टेडियम , इनडोर स्टेडियम एवं शूटिंग रेंज

स्टेडियम , स्थानीय शासन कार्यालय (रख -रखाव) , निगरानी आवास (20 वर्ग मीटर) , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , फुटकर दुकान, उपाहार गृह ।

आंतरिक खेल हाल

आंतरिक खेल हाल , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

तरण पुष्कर

तरण पुष्कर, निगरानी/ रख -रखाव कर्मचारी आवास, उपाहार गृह ।

आमोद-प्रमोद क्लब

आमोद - प्रमोद क्लब , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , आवासीय इकाई (रख -रखाव कर्मचारियों हेतु, तरण पुष्कर, आंतरिक एवं बाह्य खेल सुविधायें ।

ऐतिहासिक स्मारक

ऐतिहासिक स्मारक एवं उसकी सीमा के अन्तर्गत का क्षेत्र ।

वनस्पति उद्यान , पक्षी अभ्यारण एवं जीव उद्यान

वनस्पति एवं जीवन उद्यान, पक्षी अभ्यारण, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , फुटकर, उपाहार गृह ।

पिकनिक हट / केम्पिंग साइट

ऐसा परिसर जहां पर्यटन एवं आमोद - प्रमोद के उद्देश्य से अल्पाधि के लिए परिवार सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो ।

उड्डयन क्लब 814(159)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

उड्डयन क्लब एवं आमोद - प्रमोद में सम्मिलित गतिविधियाँ ।

पार्किंग /वाहन विराम

सार्वजनिक वाहन विराम हेतु उपयोग में लाया जाने वाला परिसर जो कि व्यावसायिक या गैर व्यावसायिक आधार पर संचालित किया जाता हो ।

टैक्सी एवं तिपहिया वाहन स्थानक

ऐसा परिसर जिसका उपयोग अन्तर्वर्ती सार्वजनिक यातायात वाहनों, जो कि व्यावसायिक आधार पर चलती हो, द्वारा विराम हेतु किया जाता है । वाहन विराम स्थल व्यावसायिक या गैर व्यावसायिक हो ।

माल एवं बुकिंग कार्यालय

माल एवं बुकिंग कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्ग मीटर तक) ।

रेल माल गोदाम

रेल माल गोदाम, देख - रेख कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।

रेल बुकिंग कार्यालय एवं सड़क परिवहन बुकिंग कार्यालय

रेल तथा सड़क परिवहन बुकिंग कार्यालय भण्डारण ।

बस टर्मिनल

बस डिपो, कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) हल्के पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , प्रशासकीय कार्यालय ।

बस डिपो

बस डिपो , कार्मशाला, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , हल्के पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , प्रशासकीय कार्यालय ।

सार्वजनिक सुविधा परिसर

ओव्हर हेड टैंक , भू- गर्भीय टैंक, आक्सीडेशन पॉण्ड्स, सेप्टिक टेंक, मल पम्पिंग स्टेशन, सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय , विद्युत् उपकेन्द्र, ढ़लाव एवं कचरादानी, धोबीघाट ।

केन्द्रीय शासन कार्यालय , स्थानीय शासन कार्यालय एवं सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय

केन्द्रीय शासन कार्यालय , स्थानीय शासन कार्यालय एवं सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), औषधि की फुटकर दुकानें, पुस्तकें एवं स्टेशनरी, 814(160)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

कन्ज्यूमर स्टोर, (भूतल पर 15 वर्गमीटर तक प्रत्येक दुकान हेतु) , अल्पाहार गृह बैंक विस्तार काउण्टर , डाकघर विस्तार काउण्टर ।

न्यायालय

न्यायालय, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), अल्पाहार गृह, स्टेशनरी एवं औषधि की फुटकर दुकानें (प्रत्येक 15 वर्गमीटर तक) , ग्रंथालय , प्रशासकीय कार्यालय , बैंक डाक व तार घर, पुलिस चौकी, अधिवक्ताओं के चेम्बर ।

चिकित्सालय

चिकित्सालय , आवासीय इकाई (कर्मचारियों एवं सेवा व्यक्तियों हेतु) , संस्थागत होस्टल , चिकित्सा महाविद्यालय , फुटकर दुकान, कन्फेक्शनरी , किराना एवं सामान्य व्यवसाय , पुस्तकें एवं स्टेशनरी, औषधि, नाई, धोबी , सब्जी ।

स्वास्थ्य केन्द्र एवं नर्सिंग होम

स्वास्थ्य केन्द्र , नर्सिंग होम, निगरानी आवास (प्रत्येक 20 वर्गमीटर तक) , औषधि दुकान (प्रत्येक 15 वर्गमीटर तक) ।

फोरेन्सिक विज्ञान प्रयोगशाला

फोरेन्सिक विज्ञान प्रयोगशाला ।

औषधालय (डिस्पेंसरी)

औषधालय /डिस्पेंसरी, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

उपचार प्रयोगशाला

उपचार प्रयोगशला, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा

स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , प्रशासकीय कार्यालय, औषधालय, अल्पाहार गृह ।

पूर्व प्राथमिक एवं किंडर गार्डन विद्यालय

पूर्व प्राथमिक एवं किंडर गार्डन विद्यालय, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।

प्राथमिक विद्यालय

प्राथमिक विद्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , पुस्तकें एवं स्टेशनरी दुकान (15 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल । 814(161)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

उच्चतर माध्यमिक, वरिष्ठ उच्चतर माध्यमिक एवं एकीकृत विद्यालय

उच्चतर माध्यमिक, वरिष्ठ उच्चतर माध्यमिक एवं एकीकृत विद्यालय, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , पुस्तकें एवं स्टेशनरी, औषधि दुकान (15 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर, सभागृह, आंतरिक खेल हाल , तरण पुष्कर, डाकघर काउण्टर सुविधा ।

एकीकृत आवासीय विद्यालय एवं महाविद्यालय (व्यवसायिक महाविद्यालय समेत) विद्यालय एवं महाविद्यालय, आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , संस्थागत होस्टल, 15 वर्गमीटर प्रत्येक तक की फुटकर दुकानें, कन्फेक्शनरी, किराना एवं सामान्य व्यवसाय , पुस्तक एवं स्टेशनरी, औषधि, नाई , धोबी, सब्जी, अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर, सभागृह , आंतरिक खेल हाल, तरण पुष्कर, खेल मैदान, काउण्टर सुविधा)।

व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान

व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) (होस्टल) , केवल शासकीय केन्द्रों के प्रकरणों में , पुस्तकें एवं स्टेशनरी दुकानें (15 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, ग्रंथालय ।

सामाजिक कल्याण केन्द्र

समाजिक कल्याण केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, प्रदर्शनी- सह-विक्रय काउण्टर ।

अनुसंधान एवं विकास केन्द्र

अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), आवासीय फ्लेट (रख- रखाव कर्मचारियों के लिये) , होस्टल, अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर, ग्रंथालय, काउण्टर सुविधा ।

ग्रंथालय

ग्रंथालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), अल्पाहार गृह, प्रदर्शनी एवं कला वीथिका, सभा गृह ।

तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र

तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र, आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , पुस्तकें एवं स्टेशनरी तथा औषधि दुकान (प्रत्येक 15 वर्गमीटर तक), अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर, सभागृह , डाकघर, काउण्टर सुविधा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

814(162)

खेल प्रशिक्षण केन्द्र

खेल प्रशिक्षण केन्द्र, आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) फुटकर दुकानें (कन्फेक्शनरी , किराना एवं सामान्य व्यवसाय) , छात्रावास, बैंक, डाकघर, अल्पाहार गृह , इनडोर एवं आउटडोर स्टेडियम , तरण पुष्कर, खेल मैदान ।

मोटर चालन प्रशिक्षण केन्द्र

मोटर चालन प्रशिक्षण केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।

बाल यातायात उद्यान

बाल यातायात उद्यान, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , संग्रहालय , सभागृह ।

संग्रहालय , प्रदर्शनी केन्द्र एवं कला वीथिक, सभागृह एवं खुला रंग मंच

संग्रहालय, प्रदर्शनी केन्द्र एवं कला वीथिका, सभागृह एवं खुला रंग मंच , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह ।

सामुदायिक हाल

सामुदायिक हाल , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल । मेला मैदान

मेला मैदान , आवासीय इकाई (रख- रखाव कर्मचारियों हेतु) , प्रदर्शनी केन्द्र (अस्थाई स्वरूप में) , उपाहारगृह, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , पुलिस पोस्ट, अग्निशमन केन्द्र, बैंक विस्तार काउण्टर सुविधा, डाकघर काउण्टर सुविधा ।

सांस्कृतिक एवं प्रसार केन्द्र

सांस्कृतिक एवं प्रसार केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), छात्रावास, अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर सुविधा, सभागृह (500 व्यक्तियों की बैठने की क्षमता तक) , ग्रन्थालय , प्रदर्शनी एवं कला वीथिका ।

सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान

सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, उपाहार गृह, अल्पाहार गृह , बैंक विस्तार काउण्टर सुविधा, सभागृह, ग्रन्थालय , नृत्य, संगीत एवं नाट्य प्रशिक्षण केन्द्र, संग्रहालय, प्रदर्शनी केन्द्र तथा कला वीथिका । 814(163)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

सुधारगृह एवं अनाथालय

सुधारगृह एवं अनाथालय , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , छात्रावास , व्यक्तिगत सेवा दुकान (15 वर्गमीटर तक ।

धार्मिक परिसर / भवन

1. मंदिर, 2. मस्ज़िद, 3 चर्च, 4. गुरूद्वारा , 5. यहूदियों का देवालय, 6. आश्रम, 7. स्नानघाट, 8 गौशाला, 9 दरगाह, 10. धर्मार्थ औषधालय एवं ग्रंथालय ।

एकाग्रता/योग केन्द्र, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र

योग / एकाग्रता केन्द्र, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , छात्रावास, शीतल पेयं एवं स्नेक्स स्टॉल ।

पुलिस थाना

ऐसा परिसर जिसमें स्थानीय कार्यालय एवं सुविधायुक्त परिसर एवं कर्मवारी आवास के साथ हो ।

पुलिस चौकी

पुलिस चौकी, आवश्यक कर्मचारी आवास ।

जेल

जेल एवं आवश्यक आवास (कर्मचारियों के लिये) ।

अग्निशमन केन्द्र

अग्निशमन केन्द्र, आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , छात्रावास (कर्मचारियों हेतु), सेवा कार्यशाला ।

डाकघर, डाक व तार कार्यालय एवं सामान्य डाकघर

डाकघर, डाक व तार कार्यालय एवं सामान्य डाक घर, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह ।

दूरभाष केन्द्र

दूरभाष केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), छात्रावास, अल्पाहार गृह, ग्रंथालय । दूरसंचार टावर

दूरसंचार टावर, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।

दूरसंचार केन्द्र

दूरसंचार केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह । 814(164)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

दूरसंचार केन्द्र तथा वैधशाला एवं जलवायु कार्यालय

दूरसंचार एवं उपग्रह केन्द्र तथा वैधशाला एवं जलवायु कार्यालय , आवासीय फ्लेट (रख- रखाव कर्मचारियों हेतु) अल्पाहार गृह , अनुसंधान प्रयोगशाला ।

आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केन्द्र

आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह , छात्रावास , पुस्तकालय ।

कब्रिस्तान, शवदाह गृह, सिमेट्री एवं विद्युत् दाहगृह

कब्रिस्तान, शवदाह गृह, सिमेट्री एवं विद्युत् दाहगृह, लकड़ी, फूल एवं संबंधित सामग्री की फुटकर दुकानें, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।

नर्सरी /पौधशाला

पौधशाला , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , सभी संरचनायें अस्थाई स्वरूप की होंगी ।

डेयरी फार्म

डेयरी फार्म , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) सभी संरचनायें अस्थायी स्वरूप की होगी ।

मुर्गी पालन फार्म

मुर्गी पालन फार्म, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) . सभी संरचनायें अस्थायी स्वरूप की होगी ।

6.20 विकास / निवेश अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रिया :

विकास योजना प्रस्तावों के अंतर्गत आवेदनकर्ता को अनुज्ञा प्राप्त करने हेतु अपने आवेदन-पत्र के साथ मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के प्रावधानुसार निम्न दस्तावेज / जानकारी संलग्नित की जाना आवश्यक है :-

1. मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 14 , परिशिष्ट क -(1 ) में निर्धारित प्रपत्र पर अनुज्ञा हेतु आवेदन प्रस्तुत करना चाहिए जिसमें नियमानुसार समस्त जानकारी का समावेश होना चाहिए ।

2. स्वामित्व संबंधी प्रमाणः खसरा पांचशाला , खसरा खतौनी , पंजीयननामा, प्रश्नाधीन भूमि का नामांतरण ।

3. मध्यप्रदेश नगर पालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम-1998 तथा मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कालोनी का विकास) नियम-2014 के अन्तर्गत जानकारी ।

4. भूमि का विवरण (स्थान के साथ सड़क / सड़को के नाम जिस पर या जिसके सामने संपदा स्थित हो एवं भू- सीमायें) 814(165)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

5. मूल खसरा मानचित्र जिसमें प्रश्नाधीन भूमि के क्रमांक अंकित हों, साथ ही प्रश्नाधीन भूमि की बाहरी सीमा से 200 मीटर के अंतर्गत निहित पास के खसरा क्रमांक दर्शाये हों, प्रश्नाधीन भूमि खसरा मानचित्र पर लाल रंग से चिन्हित की जायें ।

6. विकसित क्षेत्र के प्रकरण में भूखण्ड क्रमांक तथा स्वीकृत अभिन्यास के विस्तृत विवरण सहित ।

7. 1:5000/1000/2000 के स्केल पर सर्वे प्लान जिसमें प्रश्नाधीन भूमि की सीमा, प्राकृतिक स्वरूप जैसे नाले, गड्ढे, पहाड़ियां, वृक्ष, यदि भूमि समतल न हो तो कंटूर प्लान , प्रश्नाधीन भूमि में से या 200 मीटर तक की समीपस्थ भूमि से जा

रही उच्च दाब विद्युत लाईन , राईट ऑफ वे को दर्शाते हुए वर्तमान मार्ग ।

8. सामान्य प्रतिवेदन के साथ प्रश्नाधीन भूमि चिन्हित हों, साथ ही मुख्य पहुंच मार्ग , भूमि के आसपास वर्तमान भू- उपयोग एवं महत्वपूर्ण भवन ।

9. प्रस्तावों के यथोचित परीक्षण हेतु प्रश्नाधीन भूमि से संबंधित सभी विकासीय प्रस्ताव दर्शाता प्लान / मानचित्र ।

10. विकास प्रस्ताव के प्रकार जैसे- आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक आदि पर एक प्रतिवेदन ।

11. मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों के अनुरूप विकास / निवेश अनुज्ञा शुल्क जमा करना होगा । अनुज्ञा आवेदन के साथ निर्धारित शीर्ष में जमा शुल्क का चालान संलग्नित होना चाहिए ।

12.

अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक प्रमाण / जानकारी या अधिनियम के अंतर्गत शासन द्वारा जारी परिपत्रों के अनुरूप प्रमाण / जानकारी एवं प्रश्नाधीन भूमि के विकास प्रस्ताव आवेदन के साथ संलग्नित होना चाहिए ।

13. अनुज्ञा हेतु प्रस्तुत सामान्य मानचित्रों के अतिरिक्त अपने प्राधिकृत वास्तुविद / यंत्री / नियोजक द्वारा हस्ताक्षरित याथोचित भू- दृश्यीकरण प्लान , जहां आवश्यक हो, वहां का परिवहन प्लान जिसमें वाहन एवं नगरीय रूपांकन योजना दर्शायी गई हो , को आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होंगे । टीप:-

1. आवेदक द्वारा प्रस्तुत योजना प्रस्ताव के परीक्षण करते समय राज्य शासन द्वारा समय- समय पर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत प्रसारित निर्देशों एवं मार्गदर्शन का कड़ाई से पालन किया जायेगा ।

2. भूमि विकास / निवेश अनुज्ञा संबंधी मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानों को भी ध्यान में रखना चाहिए ।

6.21 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया (प्रस्तावित भू-उपयोग):

विकास योजना प्राप्ति हेतु निम्न की आवश्यकता होगी:

1. म० प्र ० भूमि विकास नियम-2012 के परिशिष्ट- छ के अनुसार निर्धारित प्रपत्र में आवेदन-पत्र ।

2. प्रश्नाधीन भूमि का मूल खसरा मानचित्र जिसमें इस भूमि तथा 200 मीटर तक के समीपस्थ खसरा क्रमांक दर्शित हों ।

3. अद्यतन खसरा पांचशाला एवं खसरा खतौनी । 814(166)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

अध्याय-7

विकास योजना क्रियान्वन विकास योजना के क्रियान्वन एवं प्रभावशील करने हेतु यथा सम्भव प्रयास पूर्ण रूप से नहीं किये जाते हैं, तो नियोजन प्रस्ताव व्यर्थ हो जायेंगे । यह अपेक्षित है कि इसमें नागरिकों द्वारा व्यक्तिगत या संगठित रूप से निर्माण , पुर्ननिर्माण और विभिन्न उपयोग हेतु भूमि विकास करके योगदान करना होगा । इसलिए यह आवश्यक होगा कि ऐसे प्रयासों का मार्गदर्शन, तकनीकी सलाह देकर किया जावे जिससे कि विकास एवं निर्माण , विकास योजना या परिक्षेत्रीय योजना के उपबंधों के अनुरूप हो सके । विकास योजना का प्रभावीकरण तभी संभव हो सकेगा, जब मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 के प्रावधानों के अन्तर्गत कोई भी विकास कार्य चाहे वह शासकीय, अर्द्ध-शासकीय , स्थानीय संस्थायें या निजी अथवा व्यक्तिगत हो, उसकी अनुज्ञा नगर तथा ग्राम निवेश से प्राप्त कर किया जावें । भूमि विकास के नियंत्रण संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 एवं अधिनियम 1973 में निहित है । विकास योजना का क्रियान्वन मुख्यतः ओंकारेश्वर नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी द्वारा किया जावेगा, जब तक विकास अधिकारी का गठन नहीं होता तब तक क्रियान्वयन का दायित्व नगर परिषद, ओंकारेश्वर द्वारा वहन किया जावेगा । इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश गृह निर्माण अधोसंरचना विकास मंडल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , लोक निर्माण विभाग , उद्योग विभाग , नगर परिषद् आदि द्वारा भी अपने संबंधित कार्य क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाता है । उससे विकास योजना के क्रियान्वन में मदद मिलेगी । इसलिए यह अपेक्षित होगा कि सभी प्रकार की निर्माण गतिविधियों को समन्वित करने हेतु शासकीय, अर्द्ध-शासकीय , नगरीय निकाय, विकास योजना के क्रियान्वन की क्रमावस्था तथा कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दें तथा उसके अनुरूप बजट में भी प्रावधान किया जावे ।

7.1 विकास योजना का क्रियान्वयन:

विकास योजना के प्रस्ताव सन् 2031 तक की कालावधि के लिए है । वर्तमान मूल्यों के अनुसार पूर्ण प्रस्ताव क्रियान्वन करने में 6747.60 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है । इसमें विभिन्न भूमि उपयोग हेतु 55 लाख प्रति हेक्टेयर भूमि के अर्जन हेतु मुआवजा एवं भूमि के विकास पर व्यय, जिसमें नये मार्गों पर पुलों का निर्माण आदि सम्मिलित है । इस पर विकास संबंधी व्यय भूमि व्यय का आठ गुना अनुमानित 814(167)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

है । विकास व्यय का जहां तक प्रश्न है, वह भूमि उपयोग के प्रकार अनुसार अलग-अलग माना गया है ।

विकास योजना से दर्शित प्रथम चरण के घटक प्राथमिकता के आधार पर विकसित किये जायेंगे जिसमें होने वाले व्यय हेतु शासन एवं अनुदान / जिला प्रशासन के बजट से विकलनीय होगा ।

सारणी क्रमांक 7.1:-ओंकारेश्वर योजना क्रियान्वन की लागत

क्षेत्र (हेक्टेयर में)

अर्जित भूमि के 70 प्रतिशत का विकास व्यय

वर्तमान

प्रस्तावित

क्षेत्र हे. में

कुल लागत (रू लाख में 6+9) क्र.

(लागत रू. लाख में 7X8)

विवरण भूमि उपयोग

शेष भूमि जो करना है अर्जित

भू-अर्ज न लागत (रु.55 लाख की दर से) प्रति हे.

विका स दर प्रति हे. (रू. लाख में)

10

6

7

8

9

4

5

2

1

3

30 634.50 2767.95

2133.45 21.15

38.79

100.94 62.15

1. आवासीय

80 70.40 139.70

0.88

1.26 69.30

11.09 9.83

2. वाणिज्यिक

60 199.20 460.45

3.32

4.75 261.25

40.69

45.44

3. सार्वजनिक अर्द्ध- सार्वजनिक

0.00

0.0

8.52 8.52

4. सार्वजनिक सुविधाएं एवं सेवाएं

1878.30

25 453.25

1425.05 18.13

25.91

31.22 5.31

5. आमोद- प्रमोद

1762.45

50 71.75

1690.70 1.43

2.05 30.74

32.79

6. यातायात एवं परिवहन

6747.60

1429.10

85.65 5318.50 45.08

230 128.55

योग 814(168)

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7.2 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम :

पर्यावरण प्रबंधन एवं सरंक्षण से तात्पर्य उन पर्यावरण संबंधी समस्याओं से हैं, जो जल स्त्रोतों के संरक्षण , इनकी जल गुणवत्ता , उत्कृष्ट भू- स्वरूप तथा जलग्रहण क्षेत्रों से संबंधित कतिपय भूमि प्रबंधन से संबंधित है । अन्य पर्यावरणीय समस्याएं जैसे नगरीय अवशिष्ट के उपचार, निराकरण इसके पुनर्चक्रीकरण एवं नगर विस्तार के परिपेक्ष्य में जनसंख्या से उत्पन्न आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं से संबंधित है । 7.2.1 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रमुख तत्व :

उपरोक्त संवेदनशील बिन्दुओं के परिपेक्ष्य में निम्न विषय विचारणीय है:-

1. जल स्त्रोतों में जल - मल के प्रवाह को रोकने हेतु प्रभावी कदम ।

2. निस्तारी एवं जल गुणवत्ता का स्वतंत्र पर्यवेक्षण ।

3. सभी जल स्त्रोतों के जल फैलाव क्षेत्रों में प्रदूषण एवं अन्य पर्यावरणीय गिरावट के नियत्रंण हेतु संस्थागत समन्वय व्यवस्था ।

7.3 नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना:

नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना का प्रमुख स्वरूप निम्न नीतिगत उद्देश्यों की पूर्ति हेतु होगा : -

संस्था का गठन ।

विस्तृत योजना प्रस्ताव तथा भूमि क्षमता के अनुरूप भूमि उपयोग तथा अधोसंरचना विकास हेतु नियमन ।

भौतिक एवं वित्तीय आवश्यकताओं के परिपेक्ष्य में निजी एवं राज्य योजनाओं के स्थल तथा रूपांकन में अधिकतम सक्षम भूमि उपयोग ।

नगरवासियों दर्शनार्थियों एवं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के परिपेक्ष्य में भौतिक, आर्थिक एवं सामाजिक अधोसंरचना तथा सेवाओं का युक्तिसंगत प्रावधान। 814(169)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

नगर अधोसरंचना और सेवा कार्यक्रम के प्रमुख तत्व-

1. नियंत्रित विकास ।

2. अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन ।

3. एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना ।

4. विकास नियमन हेतु व्यापक दृष्टिकोण ।

5. समयबद्ध विकास अनुज्ञा प्रक्रिया हेतु तंत्र उपलब्ध कराना ।

7.4 भूमि विकास नीति :

विकास कार्यक्रमों में भू- स्वामी / विकासकर्ता / सामुदायिक समूह की भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित विकास तंत्र का प्रभावीकरण किया जावेगा । यहां समन्वयक संस्था की भूमिका प्रदायकर्ता की होगी । सार्वजनिक संस्थाएं , प्रमुख सेवाएं तंत्र के एकीकृत नियोजन एवं रूपांकन हेतु उत्तरदायी होगी ।

7.4.1 अधोसंरचना भूमि के बैंक का गठन:

एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम में सहभाग करने वाले सार्वजनिक संस्थाओं तथा निजी संस्थाओं की विभिन्न परियोजना में सम्मिलित भूमि में से आनुपातिक एवं साम्य के आधार पर भूमि अंशदान करने हेतु अधोसंरचना भूमि बैंक की स्थापना प्रस्तावित है । नगर के मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक खुले क्षेत्रों हेतु अधोसंरचना विकास बैंक में भूमि के अंशदान को प्रोत्साहन स्वरूप छूट या लाभ राज्य शासनके सहयोग से प्रदत्त किया जाना प्रस्तावित है ।

7.4.2 एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना :

एकीकृत विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत वार्षिक योजना / वार्षिक विकास कार्यक्रम तैयार किया जाएगा । जिसमें पांच वर्षीय नगर विकास कार्यक्रम सामने आ सकेगा । मूलतः यह कार्यक्रम योजना के प्रमुख क्षेत्रों के विकास हेतु प्राथमिकता के आधार पर लिये जाने वाले क्षेत्रों के लिये विकास कार्यक्रम होगा ।

यह कार्यक्रम भूमि अधिग्रहण लक्ष्य, भूमि विकास प्रस्ताव, धार्मिक नगरी स्तर की सुविधाओं का विकास तथा शासकीय एवं अर्द्ध - शासकीय संगठनों के कार्यक्रमों को प्रमुख रूप से दर्शाएगा । यह कार्यक्रम चालू वर्ष में पूर्ण किये जाने नगर मार्ग तंत्र तथा मुख्य सेवा सुविधाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित करेगा । इस निवेश योजना का एकीकृत आलोच्य क्षेत्रों में नगरीय अधोसंरचना के विकास के लिये समुचित धनराशि समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा । योजना के क्रियान्वन में सार्वजनिक 814 (170)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका सुविधादायक के रूप में होनी चाहिए । इस हेतु समन्वित तंत्र तैयार करने की आवश्यकता है । नगर विकास में निवेश के अन्तर्गत अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार कर इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के पास उस वर्ष विशेष के लिए उपलब्ध बजट एवं अन्य स्त्रोतों से एकत्रित कर निर्धारित एकीकृत नगर विकास परियोजना में करने का प्रयास किया जायेगा ।

7.4.3 विकास नियमन हेतु व्यापक दृष्टिकोण :

नगरीय भूमि के अधिकतम सक्षम उपयोग के साथ - साथ आधुनिक भूमि उपयोग प्रबंधन नीतियों को अंगीकृत करने की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक है कि विकास नियमनों को पुर्नभाषित किया जाये । भारतीय जीवन शैली के अनुरूप उपयुक्त की प्राप्ति हेतु विकास को नियंत्रित एवं निर्देशित करने के उद्देश्य से अध्याय 5 में विकास नियमन वर्णित किये गये है ।

7.4.4 योजना एवं कार्यक्रम :

(अ) योजना प्रस्तावों के क्रियान्वन हेतु भूमि- स्वामियों, विकासकर्ताओं, सामुदायिक समूहों, निजी विकासकर्ताओं एवं सार्वजनिक संस्थाओं के माध्यम से गतिशीलता का सहभागिता के आधार पर कार्यक्रम बनाये जाने की आवश्यकता है । (ब) योजना प्रस्तावों में निर्धारित समयावधि में क्रियान्वन करने के लिए नीति को सुविधाजनक बनाने में राज्य शासन की सहयोगी संस्था की भूमिका होगी । उन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु राज्य शासन और वर्तमान में कार्यरत संस्थाओं के साथ नगर विकास प्राधिकारी द्वारा निम्नलिखित क्षेत्रों में नगर स्तरीय अधोसंरचना विकास क्रियान्वन किया जायेगा:-

1. भूमि प्रवाह सरलीकरण के लिए नीति तैयार करना ।

2. मार्ग विकास कार्यक्रम निर्धारण करना जो नगर की अन्य सभी गतिविधियों को भी कार्यरूप दे सके ।

3. भूमि स्वामियों, विकासकर्ताओं, सामुदायिक समूहों एवं निजी भवन निर्माणकर्ताओं की साझेदारी की दृष्टि से क्रियान्वन संबंधी भूमि विकास कार्यक्रम की नीतियां तैयार करना । 814(171 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

4. परिसीमन अधोसंरचना के प्रावधानों के साथ- साथ लगभग 5 से 10 हेक्टेयर आकार के अर्द्ध विकसित भू- खण्डों को सार्वजनिक संस्थानों के माध्यम से प्राप्त करने हेतु भूमि विकास कार्यक्रम को मूर्तरूप देना ।

5. योजना के दोनों चरणों के आवश्यक जल एवं ऊर्जा वितरण केन्द्रों में वृद्धि तथा विकास ।

6. भूमि विकास कार्यक्रम, नगरीय विकास परियोजनाएं साथ ही लक्षित समूह आवासों के विकास के क्रियान्वन हेतु एक विशेष नियोजन एवं विकास अनुज्ञा प्रणाली तैयार करना चाहिए ।

7.4.5 संस्थाओं के प्रयास संबंधी मुख्य तत्व:

एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम हेतु निर्देशित सिद्धांत निम्नानुसार है: -

यह सुनिश्चित करना कि उपलब्धता में कमी तथा उपयुक्त अधोसंरचना में कमी के कारण विकास अवरूद्ध न हो ।

उपलब्ध नगरीय भूमि का पूरी तरह उपयोग करना ।

नगरीय विकास के लिये सघन क्षेत्र के सुविधाजनक पहुंच मार्ग उपलब्ध कराना ।

भू-स्वामियों, सामाजिक समूहों एवं निजी विकासकर्ताओं के विकास कार्य में सहभागिता के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भूमि विकास कार्यक्रम हाथ में लेना ।

7.5 प्रथम चरण कार्यक्रम :

विकास योजना के प्रथम चरण में चयनित घटकों के क्रियान्वयन द्वारा विभिन्न उपयोग के अन्तर्गत भूमि अधिग्रहित कर विकसित किया जाना प्रस्तावित है । प्रस्तावित क्रियान्वयन प्रक्रिया के अन्तर्गत भूमि अधिग्रहण की लागत सहित क्षेत्र की वर्तमान विकास दर के अनुसार प्रथम चरण क्रियान्वयन की अनुमानित लागत लगभग रूपये 1355.75 लाख होगी । 814(172)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

सारणी क्रमांक 7.5:-ओंकारेश्वर : प्रथम चरण क्रियान्वयन लागत

भू-अर्जन

अर्जित भूमि का विकास व्यय

कुल लागत (रू लाख में 4+6) क्र.

भूमि उपयोग कार्य का विवरण

लागत (रू. लाख में)

भौतिक लक्ष्य (हेक्टर में)

व्यय (55. 00) लाख/हे.

विकास दर (रू. लाख में)

3

4

6

7 1

2

5

30

120

4

220

340 1. आवासीय

(अ) मान्धाता पहाड़ी पर अतिक्रमण आवासीय इकाइयों का कोठी में पुर्नस्थापना ।

2. यातायात

30

5.75

316.25

172.50

488.75 (1 ) प्रस्तावित मार्ग

341

30

527

6.20

186

(2) मुख्य पहुंच मार्ग काचौड़ीकरण

1355.75

877.25

15.95

478.50

योगः

टीप :- उपरोक्त के अतिरिक्त ओंकारेश्वर नगर की आधुनिक जल - मल निकासी व्यवस्था का क्रियान्वयन भी प्रथम चरण में ही किया जाना प्रस्तावित है । 7.6 योजना पर्यवेक्षण तंत्र :

योजना पर्यवेक्षण तंत्र निम्न सीमा में तैयार करना प्रस्तावित है :-

1. पंचवर्षीय आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम के निरंतर तंत्र की स्थापना ।

2. आलोच्य क्षेत्रों में वार्षिक विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत प्राथमिक कार्य योजना का निर्धारण ।

3. वार्षिक भौतिक लक्ष्य एवं अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश का निर्माण ।

4.. आलोच्य क्षेत्रों के सार्वजनिक संस्थाओं एवं अन्य सहभागियों के विकास में भूमि का निर्धारण ।

5. समन्वित संस्थागत तंत्र की स्थापना । 814(173)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

6. वार्षिक आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम का निर्धारण ।

7. सार्वजनिक एवं अन्य संस्थाओं की भूमिका को परिभाषित करते हुए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम को परियोजना तथा उप - परियोजनाओं के संदर्भ में परिवर्तित करना ।

योजना पर्यवेक्षण के लक्ष्य की पूर्ति निम्न स्तरों के माध्यम से प्राप्त किया जाना प्रस्तावित है-

1. स्थानीय स्तर पर नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति का गठन ।

2. नगर विकास प्राधिकरण अथवा नगर पंचायत द्वारा वार्षिक विकास प्रतिवेदन तैयार करना ।

3. नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति द्वारा विकास प्रतिवेदन का मूल्यांकन ।

4. समिति को प्रतिवेदन प्रस्तुत करना ।

5. वार्षिक विकास प्रतिवेदन पर शासन द्वारा जारी निर्देशें का क्रियान्वयन करना । विकास योजना की सफलता, विकास योजना प्रस्तावों का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन तथा प्रथम चरण कार्यक्रमों के अनुरूप संसाधनों की उपलब्धता तथा संसाधनों की गतिशीलता पर निर्भर करता है । यह योजना क्रियान्वयन एवं पुर्नविलोकन के साथ -साथ विकास योजना के अंगीकृत होने के उपरान्त तद्नुसार कार्यवाही हेतु परिभाषित पर्यवेक्षण तंत्र की स्थापना की आवश्यकता प्रदर्शित करता है ।

7.6.1 वार्षिक विकास प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण:

वकास प्राधिकरण द्वारा नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति के समक्ष वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा । जिनमें नियोजन क्रियान्वयन के सभी पहलू सम्मिलित होने के साथ ही सुधार हेतु अनुशंसित बिन्दु भी सम्मिलित होगे । समिति अपनी अनुशंसा के साथ संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश , भोपाल के विचारार्थ वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी तथा संचालक द्वारा उक्त प्रतिवेदन अनुमोदित कर राज्य शासनको प्रस्तुत किया जावेगा । 814(174)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 1 अक्टूबर 2019

7.7 योजना की व्याख्या:

यह विकास योजना मूलतः नीतिगत योजना है । विकास योजना के प्रस्ताव स्थूल स्वरूप के है अतः विकास प्रस्तावों की व्याख्या करने हेतु निम्नलिखित मापदण्ड निर्धारित किये गये है:-

1. विकास योजना प्रस्तावों की व्याख्या करते समय तथा विकास अनुज्ञा देने के पूर्व विकास योजना में उल्लेखित विषय वस्तु के साथ- साथ संदर्भित नियमों का अनुसरण आवश्यक है ।

2. परिक्षेत्र में स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग योजना सारणी एवं विकास नियमन के अध्याय 5 में वर्णित प्रक्रिया अनुसार होगा । नेवरहुड के वर्तमान स्थल एवं व्यापक क्षेत्रफल उपखण्ड स्तर की गतिविधियों का क्षेत्रों विकास प्रस्तावों में समाहित है । अतः उनका रेखांकन नहीं किया गया है ।

3. ऐसे भूमि उपयोग / गतिविधियां जो प्रमुख भू- उपयोग वर्ग (मेजर लेण्ड यूज जोन) मे परिभाषित नहीं है वे भूमि उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में माने जावेंगे किन्तु जो स्वीकार्य भूमि उपयोग / स्वीकृत भूमि उपयोग की सूची में शामिल है वे भू- उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में नहीं आयेंगे ।

4. विकास योजना प्रस्ताव क्रियान्वयन के समय प्रमुख मार्ग संरचना में आंशिक बदलाव अपरिहार्य होता है । स्थल की स्थिति तथा अभियांत्रिकी आवश्यकता के आधार पर मार्ग संरचना का निर्माण आवश्यक होगा । इस संदर्भ में राज्य शासनद्वारा लिया गया निर्णय स्वीकृत विकास योजना का अंश माना जायेगा । 814(175)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

परिशिष्ट -एक

(नियम 14 देखिए)

नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 16 या 29(1 ) के अधीन विकास

अनुज्ञा हेतु आवेदन प्रारूप

प्रति,

मैं नगर.. बाजार ग्राम ..तहसील... में स्थित खसरा क्रमांक जिलाके कालोनी या मोहल्ला या भू-खण्ड क्रमांक क्षेत्र.... .. (विकास के प्रयोजन का उल्लेख करें) में तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 16 के अनुसार विकास करना चाहता हूं और मैं इसके साथ मेरे तथा क्रमांक हेक्टेयर/ वर्ग मीटर वस्तुविद या संरचना इंजीनियर या इंजीनियर नगर निवेशक (नाम स्पष्ट अक्षरों में) अनुज्ञप्ति जो इसके विकास का पर्यवेक्षण करेगा द्वारा सम्यक हस्ताक्षरित निम्नलिखित रेखांक दस्तावेज तथा विशिष्ट विवरण चार प्रतियों में अग्रेषित है:-

1. मुख्य रेखांक नियम 16 (3 ) अनुसार

2. स्थल रेखांक (नियम 16(4) अनुसार

3. उप विभाग/ अभिन्यास योजना (नियम (5) अनुसार सबडिवीजन / ले-आउट प्लान)

4. सेवा आयोजना रेखांक (नियम 16(7) अनुसार)

5. प्रस्तावित विकास कार्य को दर्शाते हुए प्रोजेक्ट रिपोर्ट

6. स्थल के संबंध में भूमि स्वामित्व अथवा कोई विधिक अधिकार के सबूत दर्शाने वाले दस्तावेज (नियम, 16(11 ) अनुसार).

7. नजूल अनापत्ति की कापी (नियम 16(11 ) अनुसार 8. आवेदन शुल्क की पावती की प्रति (नियम 21 (2) (झ) अनुसार

9. इस आवेदन के साथ स्वामी द्वारा अधिकृत किये गए आवेदक के सबूत प्रस्तुत करें (जहां आवेदक स्वामी से भिन्न हो)

10. पार्किंग संगणना के साथ पार्किंग प्लान

11. ऊपर दिए गए अनुक्रमांक 1 से 10 की इल्ट्रॉनिक कॉपी

मैं निवेदन करता हूं कि प्रस्तावित विकास कार्यों को अनुमोदित किया जाए और मुझे / हमें कार्य निष्पादित करने की अनुज्ञा प्रदान की जाएं ।

आवेदक के हस्ताक्षर

आवेदक का नाम

आवेदक का पता

ई-मेल पता

दूरभाष /मोबाइल न.

दिनांक 814(176)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

परिशिष्ट-दो

नियम (49(3)]

विकास योजना के प्रस्तावों को प्राप्त करने का प्रारूप

प्रति,

प्राधिकारी

मध्यप्रदेश

महोदय,

मैं एतद् द्वारा नगर बस्ती/कालोनी / गली मोहल्ला, / बाजार सड़क ..भूखण्ड क्रमांक खसरा क्रमांक की भूमि के विकास / पुनर्विकास करने का इच्छुक हूं । क्षेत्र में संबंधित विकास योजना / परिक्षेत्रिक विकास योजना संबंधी प्रस्तावों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक भुगतान किया जा चुका है तथा रसीद की अभिप्रमाणित प्रति संलग्न है ।

स्थान

दिनांक

स्वामी के हस्ताक्षर

स्वामी का नाम

(स्पष्ट अक्षरों में)

स्वामी का पता 814 (177)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

परिशिष्ट-तीन

मध्यप्रदेश शासन ,

नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग

अधिसूचना

क्रमांक 2568 / 1-74 / तैंतीस / 73- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्र. 23 सन् 1973 ) की धारा 13 से उपधारा (1 ) के अनुसरण में राज्य सरकार, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिये ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र का गठन करती है जिसकी सीमाएं नीचे दी गई अनुसूची में परिनिश्चित की गई है :-

अनुसूची

ओंकारेश्वर नगर निवेश क्षेत्र की सीमाएं

1. उत्तर में- मान्धाता तथा गोदड़पुरा ग्राम की उत्तरी सीमा तक ।

2. पश्चिम में गोदड़पुरा तथा डुहकिया ग्राम से पश्चिमी सीमा तक ।

3. दक्षिण में- डुहिक्या ग्राम की दक्षिणी सीमा तक ।

4. पूर्व में-मान्धाता तथा गोदड़पुरा ग्राम से पूर्वी सीमा तक

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

हस्ता./- (एन.सी.जैन) उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , नगर एवं ग्रामीण नियोजन

विभाग

भोपाल , दिनांक 19 अक्टूबर 1973 क्र. 2569 /1-74 / तैंतीस / 73 प्रतिलिपि:-

1. कमिश्नर , इन्दौर संभाग , इन्दौर ।

2. कलेक्टर, खण्डवा ।

3. मुख्य नगर पालिक अधिकारी , नगरपालिका, ओंकारेश्वर ।

4. संयुक्त संचालक, नगर एवं ग्रामीण नियोजन, इन्दौर ।

5. अपर संचालक, नगर एवं ग्रामीण नियोजन, भोपाल ।

6. मध्यप्रदेश को उनके ज्ञाप 10423 / विधि/ टी.एण्ड सी.पी. , दिनांक 04.09.73 के संदर्भ में सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेसित ।

7. नियंत्रक, शासकीय मुद्रणालय , मध्यप्रदेश , भोपाल कृपया इस अधिसूचना को मध्यप्रदेश राजपत्र में भाग दो में प्रकाशित किया जावे ।

हस्ता./- अवर सचिव , मध्यप्रदेश शासन, नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग , 814 (178)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

परिशिष्ट-चार मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 6 फरवरी 1976

(भाग 3 (1 ) , पृष्ठ क्र. 319)

कार्यालय नगर तथा ग्रामीण नियोजन विभाग , इन्दौर

मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, (23 सन् 1973) की धारा 15 की उपधारा (3) के अनुसरण में सर्व- साधारण की जानकारी हेतु यह प्रकाशित किया जाता है कि संचालक, नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग द्वारा निम्नलिखित अनुसूची में विनिर्दिष्ट ओंकारेश्वर निवेश- क्षेत्र में की भूमि का वर्तमान उपयोग संबंधी मानचित्र तद्‌नुसार सम्यक् रूप से अंगीकृत किये जाते हैं । इस सूचना की प्रति उक्त अधिनियम की धारा 15 (4) के अनुसरण में मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजी जा रही है जो इस बात का निश्चायक साक्ष्य होगा कि मानचित्र सम्यक् रूप से तैयार तथा अंगीकृत कर लिया गया है ।

अनुसूची

ओंकारेश्वर निवेश क्षेत्र की सीमाएं

1.

उत्तर में- मान्धाता तथा गोदड़पुरा ग्राम की उत्तरी सीमा तक ।

2.

पश्चिम में- गोदड़पुरा तथा डुहकिया ग्राम से पश्चिमी सीमा तक ।

3.

दक्षिण में- डुहकिया ग्राम की दक्षिणी सीमा तक ।

4.

मान्धाता तथा गोदड़पुरा ग्राम से पूर्वी सीमा तक ।

पूर्व में

उक्त अंगीकृत मानचित्र 22 जनवरी 1976 से 29 जनवरी 1976 तक कार्यालय , सरपंच, ग्राम पंचायत (मान्धाता) , ओंकारेश्वर में सार्वजनिक निरीक्षण हेतु कार्यालयीन समय में अवकाश के दिन छोड़कर खुला रहेगा ।

हस्ता/- संयुक्त संचालक 814(179)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

परिशिष्ट-पांच

कार्यालय कलेक्टर , जिला पूर्व निमाड़ खण्डवा (म.प्र.)

खण्डवा, दिनांक 14 जनवरी

क्रमांक 33/ जियोस / जि.स.प्र./2002 2003

आदेश

मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 (संशोधन 1996) की धारा 17(क) (1 ) के अंतर्गत ओंकोश्वर विकास योजना हेतु जिला योजना समिति, जिला खण्डवा की बैठक दिनांक 16 नवम्बर 2002 के अनुमोदन उपरांत निम्नानुसार समिति का गठन किया जाता है, यह समिति अधिनियम की धारा 17(क) (2 ) में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार कार्य करेगी:-

संस्था का पता

पद का नाम

3

क्र. 1

2

अध्यक्ष

नगर पालिक परिषद, ओंकारेश्वर

(क)

जिला पंचायत, खण्डवा

(ख) अध्यक्ष

संसद सदस्य

संसदीय क्षेत्र, खण्डवा

(ग)

विधायक

विधानसभा क्षेत्र, निमाड़खेड़ी

(घ)

अध्यक्ष

जनपद पंचायत, पुनासा

(च)

1. प्रतिनिधि

कलेक्टर, जिला खण्डवा

(ज)

कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग खण्डवा

2. प्रतिनिधि

3. प्रतिनिधि

अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व , खण्डवा

4. प्रतिनिधि

मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पंचायत , ओंकारेश्वर

5. प्रतिनिधि

श्री अमोक गुप्ता, इन्स्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट , इंडिया मध्यप्रदेश चेप्ट , सी-18 पारिजात काम्पलेक्स, विठ्ठल मार्केट , ई / 5 अरेरा कालोनी भोपाल ।

6. प्रतिनिधि

श्री पी.पी. अग्रवाल , एफ.आई.ई.. एच.आय.जी. 10 , शिवाजी नगर , भोपाल ।

7. प्रतिनिधि

श्री जी.व्ही. कुलकर्णी, आर्किटेक्ट, आय.पी.एस. एकाडमी , राजेन्द्र नगर,

इंदौर ।

समिति संयोजक

उप संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , जिला कार्यालय , खण्डवा

(झ)

हस्ता/-

कलेक्टर एवं सचिव

जिला योजना समिति, जिला खण्डवा एवं पदेन उप सचिव, मध्यप्रदेश भासन

आवास एव पर्यावरण विभाग

खण्डवा, दिनांक

क्रमांक 33 से 47/ जियोस / जि.स.प्र. /2002

प्रतिलिपि:-

1. आयुक्त- सह- संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश, भोपाल की ओर सूचनार्थ । 2. उप संचालक, संयोजन, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय , खण्डवा की ओर सूचनार्थ ।

3. सम्मानित सदस्य श्री समिति के सदस्य ।

4. प्रभारी अधिकारी, जिला योजना समिति , खण्डवा की ओर सूचनार्थ ।

हस्ता/-

कलेक्टर एवं सचिव

जिला योजना समिति, जिला खण्डवा 814(180)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

परिशिष्ट-छः

संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश

मध्यप्रदेश, भोपाल

भोपाल, दिनांक 15 मई 1998

क्रमांक 2876 / नग्रानि / वि.यो. /98

प्रति,

1. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विकास प्राधिकरण / विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण ,

2. आयुक्त / मुख्य नगरपालिका अधिकारी , नगरपालिका निगम / नगरपालिका परिशद्

विशय: - विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शासनद्वारा गठित नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति की कार्यवाही हेतु रूपरेखा ।

मध्यप्रदेश शासन , आवास एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय , भोपाल के आदेश क्रमांक एफ 3/130/32/97, दिनांक 20.01.98 द्वारा मध्यप्रदेश के विभिन्न नगरों की अनुमोदित विकास योजनओं के क्रियान्वयन संबंधी गठित की गई "नियोजन एवं पर्यवेक्षण " समिति की कार्यपद्धति की संक्षिप्त रूपरेखा निम्नानुसार है:-

1. पर्यवेक्षण समिति निम्न क्षेत्रों में क्रियान्वयन स्थिति का पर्यवेक्षण करेगी:-

नगरीय अधोसंरचना का विकास (अ )

(ब) आवासीय एवं आश्रय योजनाओं का विकास

(स) सार्वजनिक सुविधाओं एवं नगरीय केन्द्रों/ उपकेन्द्रों का विकास

आमोद- प्रमोद क्षेत्रों का विकास

(द)

2. समिति निम्नलिखित कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु 3 माह में एक बार बैठक करेगीः-

(अ) कार्यक्रम का चयन

(ब) परियोजना तैयारीकरण

(स) परियोजना क्रियान्वयन एवं वित्तीय व्यवस्था

(द)

परियोजना क्रियान्वयन के मूल्यांकन के फलस्वरूप वांछित सुधार ।

3. समिति निम्नलिखित व्यवस्था अनुसार वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी ।

विकास प्राधिकरण / स्थानीय निकाय द्वारा नियोजन पर्यवेक्षण समिमि के समक्ष वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा । जिसमें नियोजन क्रियान्वयन के सभी पहलू सम्मिलित होने के साथ ही सुधार हेतु अनुशंसित बिन्दु भी सम्मिलित होगे । समिति अपनी अनुशंसा के साथ संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , मध्यप्रदेश के विचारार्थ वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी तथा संचालक द्वारा उक्त प्रतिवेदन का अनुमोदन कर राज्य शासन को प्रस्तुत किया जावेगा ।

हस्ता./- (के.के. सिंह)

संचालक

नगर तथा ग्राम निवेश , भोपाल (मध्यप्रदेश) 814 (181 )

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

PUFS

PUP1

C

A

PlanningArea

14

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KHEDEFUN

pediatreasસાહને-

AAIASH

やばいです

125

OMKARESHWAR

Legend

025

TRANSPORTATION

53DEVELOPMENTPLAN(DRAFT)2031 ProposedLanduse

APPONESTATION

AGRICULTURE

WATERBODIES

RECREATIONAL

ROMAROUTE

BICHINDARIES

COMMERCIAL

PARRAGAPATH

PROTECTEDZONE

BOTANICALGARDEN

HAVEDFORSSI

ELECTRICSLOSTATION

PLARMINGAREA

Landuse&UrbanSurveyDivision DamateSonninaAnelionkionControコウ4hanal RESIDENTIAL BEDENTIAL

KOPGANYSTATION

REAL

CONTOUR(20)

PICKUPSTATION

MUNECPAL

EDUCATIONANDREBRANCHRANCH HEALTHBOGIAULIAICHAN

WATERTREATMENTPLANT

SOMRAGETREATMENT MART

MDAD

ACARASTRATNEWHEA

SPECIALPURPOSE

GHATS

VELLAGAG

MELAURJUNG

DistrictKhandwa

PUMIK:INSTITUTKINGAND

PUBLICUTILITIES& FACILITIES

QUISTAND

PUBLIC&SEMIPUBLIC

206

NARMADARIVER

DAM

Mandhata

KAVERIRIVER

Duhikya

NARMADARIVER

ToDhawadiya

12M

Godadpura

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal

ToMortakka 814(182)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 1 अक्टूबर 2019

A

PlanningArea

15

121

OMKARESHWAR

Legend

Wallerbodies

5.5.1PLANNINGUNIT

MunicipalAreeBoundary

PlanningAreaBoundary

PlanningUnitBoundary(2)

PlanningUnitBoundary(1)

PlanningUnitBoundary(3)

Roads

--VillageBoundary

05

Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST.Bhopal

Scale District-Khandwa

207

NARMADARIVER

2

3

KAVERIRIVER

Duhiya

Mandhata

NARMADARIVER

ToDhewadiya

DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal Godadpura

ToMortakks

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 01 October 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2019-10-01.407.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2019-10-01.407.Extraordinary.