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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

मध्‍यप्रदेश में लघु जल आधारित विधुत परियोजना क्रियान्‍वयन नीति 2011.....

Published 25 October 2019

Department
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा
Type
Extraordinary
Gazette no.
428
Identifier
in.gazette.madhya.2019-10-25.428.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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ध्यप्रदेश शासन

म

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 428]

भोपाल , शुक्रवार , दिनांक 25 अक्टूबर 2019- कार्तिक 3 , शक 1941

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 23 अक्टूबर 2019

क्रमांक F 3-16-2011 - साठ.- मंत्रि- परिषद् दिनांक 5 अक्टूबर 2019 को सम्पन्न बैठक में, " मध्यप्रदेश में लघु जल आधारित विद्युत् परियोजना क्रियान्वयन नीति 2011 " के विभिन्न प्रावधानों/कंडिका में संशोधन संबंधी निर्णय लिये गये हैं, तदनुसार सर्वसाधारण की जानकारी के लिये उक्त का प्रकाशन " मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण ) " में किया जा रहा है.

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव.

855 856

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अक्टूबर 2019

क) - नीति का नाम संशोधित कर "मध्यप्रदेश में लघु जल आधारित विद्युत परियोजना क्रियान्वयन नीति 2011 " किया जाए ।

ख)- संशोधन खंड-अ -

(i) कंडिका 3 प्रतिभागिता - के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के अंतिम वाक्य को निम्नानुसार प्रतिस्थापित किया जाए-

परियोजना आवंटन से परियोजना के वाणिज्यिक उत्पादन के एक वर्ष तक, संचालन के लिये वही संस्था/व्यक्ति या उससे संबद्ध ऐसी संस्थाएं अधिकृत होंगी, जिसमें आवेदक संस्था/व्यक्ति की नियंत्रक हिस्सेदारी हो या जिसकी नियंत्रक हिस्सेदारी के अधीन वह आवेदक संस्था/व्यक्ति हो , या जब दोनों संस्थाएं एक ही संस्थाके नियंत्रण में हों।

व्यक्ति/ईकाई के नियंत्रण(Control ) का अर्थ है-

1. व्यक्ति/ईकाई का प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष स्वामित्व जिसके लिये यह आवश्यक है कि उसकी 50% से अधिक मतदान अंशधारिता हो, अथवा

2. व्यक्ति/ईकाई को बहुसंख्यक निदेशक की नियुक्ति का अधिकार हो, अथवा

3. व्यक्ति/ईकाई को कानून, अनुबंध या अन्यथा प्राप्त शक्ति हो जिसके द्वारा वह प्रबंधन को निर्देशित कर सके।

(ii ) कंडिका 4.1.1 - के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के अंत में निम्न प्रावधान अंतर्निहित किया जाए -

"निविदा प्रक्रिया के द्वितीय चरण में हिस्सा लेने पर और चयनित नहीं होने पर, प्रस्तावों के साथ जमा किया गया वचनबद्धता शुल्क वापस किया जाएगा। "

(iii) कंडिका 4.2.6 के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए-

"यदि कंडिका 4.2.4 के अन्तर्गत किसी संबंधित विभाग द्वारा आपत्ति प्रस्तुत की जाती है, तो परियोजना विकास के लिए कंडिका 4.2.3 में निर्धारित शुल्क आवेदकों को वापिस कर दिया जायेगा। " 856( 1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अक्टूबर 2019

(iv) कंडिका 5.3.1- स्वीकृती एवं निकासी के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए -

5.3.1.1- विकासक द्वारा अनुबंध ( HPDA) निष्पादन तिथि से 12 माह में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन जमा किया जाएगा।

5.3.1.2- संबंधित विभाग के समक्ष सहमति हेतु प्रस्तुत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन एवम अन्य आवश्यक अनुमतियों हेतु प्रस्तुत आवेदनों के साथ विकासक द्वारा प्रचलित नियम/विनियम/ अधिनियम के अनुसार समस्त जानकारी/दस्तावेज प्रस्तुत किये जाएंगे । संबंधित विभाग के मत में उक्त जानकारी /दस्तावेज में कोई कमी होने अथवा विकासक के पक्ष में अनुमति दी जाने योग्य होने , दोनों ही परिस्थितियों में , संबंधित विभाग को 3 माह में अभिमत प्रस्तुत करना होगा, अन्यथा तत्पश्चात नवीन एवम नवकरणीय विभाग द्वारा प्रकरण में संबंधित विभागों की deemed सहमति मान्य की जाकर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन का अनुमोदन किया जा सकेगा। deemed सहमति का प्रावधान वन भूमि के उपयोग के प्रकरणों में लागू नहीं होगा।

5.3.1.3- विकासक द्वारा परियोजना का वित्तीय समापन पूर्ववर्ती शर्तों (conditions precedent) की पूर्णता के उपरांत 6 माह में किया जाएगा। पूर्ववर्ती शर्तों की पूर्णता के अंतर्गत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन का अनुमोदन, शासकीय भूमि ( राजस्व/ वन) का आवंटन, पर्यावरण विभाग मत्यस्य विभाग एवं स्थानीय निकायों की स्वीकृतियाँ, विद्युत निष्क्रमण की स्वीकृति , विद्युत क्रय अनुबंध निष्पादन सम्मिलित होंगे ।

5.3.1.4- परियोजना विकास में परिस्थितिवश होने वाले विलम्ब को समाधानकारक कारणों के दृष्टिगत मान्य किया जाकर उपरोल्लेखित अवधि को बढाया जा सकेगा।

5.3.1.5- निर्धारित अवधि में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन जमा नही किये जाने एवम परियोजना का वित्तीय समापन नहीं करने की दशा में लघु जल विदयुत विकास अनुबंध ( HPDA) स्वयमेव निरस्त हो जायेगा, तथा परियोजना का आवंटन निरस्त कर निष्पादन गारंटी राशि राजसात कर ली जायेगी।

(v) कंडिका 5.4.1- के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अक्टूबर 2019

856(2)

परियोजना के विद्युत क्रय अनुबंध ( PPA) के निष्पादन की तिथि से परियोजना को कार्यशील करने व अन्य संकेतक चरण पूर्ण करने की समय-सीमा निम्नानुसार होगी-

परियोजना को कार्यशील होने की

अवधि

परियोजना की वित्तीय प्रगति (50 प्रतिशत या अधिक)

24माह

30माह

परियोजना स्थापना में परिस्थितिवश होने वाले विलम्ब को समाधान-कारक कारणों के दृष्टिगत मान्य किया जाकर उपरोल्लेखित अवधि को प्रकरणवार बढाया जासकेगा।

(vi) नीति के खंड अ के अंतर्गत नवीन कंडिका 5.4.2. (अ) जोडी जाए -

नवीन कंडिका 5.4.2 (अ ) – यह कंडिका जोडे जाने के समय विभाग में पंजीकृत सभी परियोजनाओं के संबंध में निम्न व्यवस्था लागू की जाए -

5.4.2 ( अ-i ) - नीति में संशोधन की अधिसूचना के उपरांत , समस्त स्थापनाधीन परियोजना के अग्रिम विकास हेतु विकासकों से सहमति मांगी जाए, जिसके लिए उन्हें एक माह का समय दिया जाए।

5.4.2 (अ-ii ) – एक माह में सहमति न देने की स्थिति में , परियोजना आवंटन निरस्त किया जाए।

5.4.2 (अ- iii) – सहमति व्यक्त करने की स्थिति में , जिन परियोजना विकासकों द्वारा डी पी आर जमा नहीं की गयी है, उन्हें डी पी आर जमा करने हेतु 6 माह का समय दिया जाए।

5.4.2 (अ- iv) - निर्धारित 6 माह में डी पी आर जमा नहीं करने पर परियोजना आवंटन निरस्त किया जाए।

5.4.2 (अ-v) - जिन परियोजनाओं के संबंध में संबंधित विभागों से सहमति प्राप्त हो चुकी है, उनके विकासकों द्वारा डी पी आर की लंबित अनुमोदन की कार्यवाही के लिये नीति अधिसूचना से 3 माह में निर्धारित निष्पादन गारंटी जमा की जानी होगी अन्यथा युक्तियुक्त कारण के आभाव में परियोजना आवंटन निरस्त किया जाए।

5.4.2 (अ- vi ) - यह कंडिका जोडे जाने के समय पंजीकृत परियोजनाओं के संबंध में कंडिका 5.4.2 ( अ-iii) एवम 5.4.2 (अ- v) यथा लागू के परिपालन उपरांत, 856(3 )

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 25 अक्टूबर 2019

परियोजनाओं के अग्रिम विकास हेतु समय सीमा नीति की संशोधित कंडिकाओं 5.3.1 एवम 5.4.1 अनुसार लागू होंगी । साथ ही, जिन परियोजनाओं का लघु जल विद्युत विकास अनुबंध ( HPDA) निष्पादन अथवा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन का अनुमोदन अथवा विद्युत क्रय अनुबंध का निष्पादन हो चुका है, उनके लिये क्रमशः विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन की प्रस्तुति , वित्तीय समापन एवम स्थापना की निर्धारित तिथि हेतु 'शून्य तिथि' संशोधन की अधिसूचना तिथि मान्य की जाएगी।

(vii) कंडिका 5.7.1.2 के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए-

"शासकीय राजस्व भूमि के उपयोग की अनुमति हेतु राजस्व विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा जारी परिपत्र क्रमांक एफ 16-3/93/सात-2ए दिनांक 06.09.2010 एवं क्रमांक एफ 16-14/2013/सात/शा-2 ए दिनांक 30 मई, 2013 यथा संशोधित 04 मार्च, 2014 एवम नवीन एवम नवकरणीय ऊर्जा विभाग के आदेश क्रंमाक एफ1 -2/2014/साठ, दिनांक 07.10.2014 में अधिकथित शर्तें लागू होंगी। " (viii ) कंडिका 6 - ऊर्जा विक्रय के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए-

"विकासक द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में अथवा राज्य के बाहर स्थित किसी भी उपभोक्ता/ अनुज्ञप्तिधारी कंपनी को स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादन (IPP)से उत्पादित संपूर्ण ऊर्जा या केप्टिव ऊर्जा उत्पादन (CPP ) से उत्पादित अतिशेष ऊर्जा का विक्रय किया जा सकेगा। राज्य के बाहर विक्रय करने पर राज्य शासन को यदि कोई शुल्क प्राप्त होता है, तब उसका भुगतान करना होगा। राज्य की अनुज्ञप्तिधारी कंपनी (म.प्र.पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड) को उक्त विद्युत के क्रय का प्रथम अधिकार होगा। म.प्र.पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के साथ विद्युत क्रय अनुबंध (PPA) हेतु विकासक को म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति करनी होगी, तथापि यदि विकासक द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने से 3 माह की अवधि में म.प्र.पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड व विकासक के मध्य विद्युत क्रय अनुबंध (PPA) निष्पादित नहीं हो पाता है, तब विकासक उत्पादित विद्युत का राज्य के बाहर विक्रय/उपयोग हेतु स्वतंत्र होगा। "

ग) - संशोधन खंड-ब- मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अक्टूबर 2019

856(4)

(i ) कंडिका 2.0 – के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए-

"स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक (IPP) को केप्टिव ऊर्जा उत्पादक (CPP ) के रूप में या इसके विपरीत परिवर्तित करने का विकल्प होगा; तथापि यह प्रावधान मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा इस संबंध में विनियमन जारी करने की स्थिति में उन विनियमनों के अधीन रहेगा। "

(ii) कंडिका 3.0 – के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए -

"विकासक को तृतीय पक्ष से अनुज्ञप्तिधारी अथवा एक तृतीय उपभोक्ता पक्ष से दूसरे तृतीय उपभोक्ता पक्ष को ऊर्जा विक्रय की स्वतंत्रता होगी; तथापि यह प्रावधान मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा इस संबंध में विनियमन जारी करने की स्थिति में उन विनियमनों के अधीन रहेगा। "

(iii) कंडिका 5.1 – के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए-

"वाणिज्यिक उत्पादन से एक वर्ष तक विकासक द्वारा परियोजना का हस्तांतरण उसी संस्था/व्यक्ति या उससे संबद्ध ऐसी संस्थाओं को किया जा सकेगा जिसमें आवेदक संस्था/व्यक्ति की नियंत्रक हिस्सेदारी हो या जिसकी नियंत्रक हिस्सेदारी के अधीन वह आवेदक संस्था/व्यक्ति हो। "

(iv) कंडिका 5.2 – के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए-

"एक वर्ष के उपरांत , विकासक मध्यप्रदेश शासन की अनुमति से एक लाख रुपये प्रति मेगावाट की दर से परियोजना हस्तांतरण शुल्क जमा कर परियोजना अन्य विकासक को हस्तांतरित कर सकेगा। वर्ष 2020 के पश्चात इस राशि में 10 % प्रति वर्ष वृद्धि की जाएगी। "

घ)- संशोधन खंड-स-

(i ) कंडिका 1.1 – के अंतर्गत वर्तमान प्रावधान के स्थान पर निम्न प्रावधान प्रतिस्थापित किया जाए - 856(5)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 अक्टूबर 2019

"इस नीति के अंतर्गत स्थापित लघु जल विद्युत परियोजना द्वारा उत्पादित ऊर्जा का विकासक द्वारा मध्यप्रदेश राज्य में अथवा राज्य के बाहर स्थित किसी भी उपभोक्ता/ अनुज्ञप्तिधारी कंपनी को स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादन (IPP ) से उत्पादित संपूर्ण ऊर्जा या केप्टिव ऊर्जा उत्पादन (CPP) से उत्पादित अतिशेष ऊर्जा का विक्रय किया जा सकेगा । राज्य के बाहर विक्रय करने पर राज्य शासन को यदि कोई शुल्क प्राप्त होता है, तब उसका भुगतान करना होगा। राज्य की अनुज्ञप्तिधारी कंपनी (म.प्र.पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड) को उक्त विद्युत के क्रय का प्रथम अधिकार होगा। विकासक द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने से 3 माह की अवधि में म.प्र.पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड व विकासक के मध्य विद्युत क्रय अनुबंध (PPA) निष्पादित नहीं हो पाता है, तब विकासक उत्पादित विद्युत का राज्य के बाहर विक्रय /उपयोग हेतु स्वतंत्र होगा। "

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2019.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 25 October 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2019-10-25.428.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2019-10-25.428.Extraordinary.