मध्यप्रदे श शासन
इसे वेबसाईट www.govtpressmp.nic.in से भी डाउन लोड किया जा सकता है.
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , शुक्रवार , दिनांक 20 दिसम्बर 2019- अग्रहायण 29, शक 1941
क्रमांक 507]
विधान सभा सचिवालय , मध्यप्रदेश
भोपाल, दिनांक 20 दिसम्बर 2019
क्र.- 20879- मप्रविस-15- विधान- 2019.- मध्यप्रदेश विधान सभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम 64 के उपबंधों के पालन में मध्यप्रदेश जिला योजना समिति (संशोधन) विधेयक, 2019 (क्रमांक 41 सन् 2019) जो विधान सभा में दिनांक 20 दिसम्बर 2019 को पुरःस्थापित हुआ है. जनसाधारण की सूचना के लिए प्रकाशित किया जाता है.
ए. पी. सिंह प्रमुख सचिव , मध्यप्रदेश विधान सभा.
1013 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 दिसम्बर 2019
1014
मध्यप्रदेश विधेयक
क्रमांक ४१ सन् २०१६
मध्यप्रदेश जिला योजना समिति (संशोधन) विधेयक, २०१६ मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, १६६५ को और संशोधित करने हेतु विधेयक.
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मंडल द्वारा निम्नालिखित रूप में ये अधिनियमित हो:-
संक्षिप्त नाम.
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश जिला योजना समिति ( संशोधन) अधिनियम, २०१६ है.
२. मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, १६६५ (क्रमांक १६ सन् १६६५ ) (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट है) की धारा ४ में, -
धारा ४ का संशोधन.
उपधारा (१ ) के स्थान पर, निम्नखित उपधारा स्थापित की जाए , अर्थात्:-
(एक)
" (9 ) प्रत्येक जिले में , समिति में बीस सदस्य होंगे.
स्पष्टीकरण.- मध्यप्रदेश जिला योजना समिति (संशोधन) अधिनियम, २०१६ के प्रारंभ होने से पूर्व विद्यमान समिति के निर्वाचित और नामनिर्दिष्ट सदस्य अपनी चालू अवधि की समाप्ति तक, समिति के सदस्य बने रहेंगे. " ;
उपधारा (३ ) में, खण्ड (ग ) के स्थान पर निम्नलिखित खण्ड स्थापित किया जाए, अर्थात्:-
(दो)
" (ग) दो सदस्य राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट किए जाऐंगे. " ,
(तीन) उपधारा ( ४ ) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा स्थापित की जाए , अर्थात्: -
"(४) उपधारा (३ ) के खण्ड (ग ) के अधीन नामनिर्दिष्ट सदस्य दो वर्ष की अवधि तक पद धारणा करेंगे और पुनः नमानिर्देशन के लिए पात्र होंगे . तथापि, कोई भी ऐसा सदस्य निरंतर पांच वर्ष से अधिक की कालावधि के लिए पद धारण नहीं करेगा. राज्य सरकार, स्वविवेकानुसार इन सदस्यों का नामनिर्देशन , किसी भी समय उनकी पदावधि की समाप्ति से पूर्व, समाप्त कर सकेगी.
स्पष्टीकरण.- मध्यप्रदेश जिला योजना समिति (संशोधन) अधिनियम, २०१६ के प्रारंभ होने से पूर्वविद्यमान समिति के नामनिर्दिष्ट सदस्य अपनी चालू अवधि की समाप्ति तक समिति के सदस्य बने रहेंगे. ".
धारा ५ का संशोधन.
३. मूल अधिनियम की धारा ५ में, उपधारा (१ ) में, खण्ड (ख ) के पश्चात्, निम्नलिखित नए खण्ड जोड़े जाएं , अर्थात:-
"(ग) दोविशिष्ट व्यक्ति जो संबंधित जिले के निवासी हों, भारसाथक मंत्री द्वारा नामनिर्दिष्ट किए जाएंगे [राज्य सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट जैसा की धारा ४ की उपधारा (३ ) के खण्ड (क) में उपबंधित है ] समिति की बैठक में स्थाई विशेष आमंत्रिती होंगे.
(घ) खण्ड (ग) के अधीन नामनिर्दिष्ट आमंत्रिती दो वर्ष की अवधि के लिए पद धारणा करेंगे और पुनः नामनिर्देशन के लिए पात्र होंगे. तथापि, कोई भी ऐसा सदस्य निरंतर पांच वर्ष से अधिक की कालावधि के लिए पद धारण नहीं करेगा. राज्य सरकार , स्वविवेकानुसार इन सदस्यों का नामनिर्देशन किसी भी समय उनकी पदावधि की समाप्ति से पूर्व, समाप्त कर सकेगी.".
1014 (1)
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 दिसम्बर 2019
४. मूल अधिनियम की धारा ६ में , उपधारा (२) में, निम्नलिखित नया खण्ड और स्पष्टीकरण जोड़ा जाए , धारा ६ का
संशोधन.
अर्थात्:-
"(तीन) समिति द्वारा उसे सौंपे गए कोई अन्य कार्य करना.
स्पष्टीकरण. उपसमिति केवल ऐसे कार्यों के लिए गठित की जा सकेगी , जो कि राज्य सरकार द्वारा समिति को इस प्रकार सौंपी गई शक्तियों के अंतर्गत आते हों. ",
अनुसूचीविलोपन .
५. मूल अधिनियम की अनुसूची का लोप किया जाता है.
उद्देश्यों और कारणों का कथन
मध्यप्रदेश जिला योजना समिति अधिनियम, १६६५ (क्रमांक १६ सन् १६६५) , भारत के संविधान के अनुच्छेद २४३ - य घ के अनुसरण में जिला योजना समितियां बनाने तथा राज्य सरकार के कारबार की मदों के संबंध में राज्य सरकार के कृत्यों के निर्वहन करने का उपबंध करता है.
२. राज्य सरकार अपने कारबार को संचालित करने हेतु, जिला योजना समितियों को अधिक दक्ष बनाने का आशय रखती है, जिससे जिला स्तर तक राज्य सरकार की शक्तियों के विकेन्द्रीकरण की संकल्पना को वास्तविक अर्थ में मूर्त रूप दिया जा सके. इस प्रयोजन हेतु निम्नलिखित संशोधन प्रस्तावित किए जा रहे हैं ,
( एक) अधिनियम से संलग्न अनुसूची के अनुसार दस, पंद्रह और बीस के विद्यमान उपबंध के स्थान पर समिति में सदस्यों की संख्या को बीस तक बढ़ाया जाना;
(दो) भारसाधक मंत्री द्वारा स्थाई आमंत्रिती के रूप में जिले से दो विशिष्ट व्यक्तियों को नामनिर्दिष्ट करना. यह जिले में प्रतिष्ठित व्यक्तियों से जिला योजना समिति के लिए विशेषज्ञता लाने में मदद करेगा;
(तीन) जिला योजना समिति द्वारा सौंपे गए कोई विशेष क्रियाकलाप को करने हेतु उपसमितियां बनाना.
३. अतः यह विधेयक प्रस्तुत है.
तरूण भनोत भोपाल:
भारसाधक सदस्य.
तारीख १८ दिसम्बर , २०१६.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल- से मुद्रित तथा प्रकाशित-2019 मनुपश