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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

अनुसूचित जाति तथा जनजातीय (अत्याचार निवारण) नियम 1995......

Published 13 January 2020

Department
अनुसू‍चित जाति कल्‍याण
Type
Extraordinary
Gazette no.
12
Identifier
in.gazette.madhya.2020-01-13.12.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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मध्यप्रदेश शासन

सत्यमेव जयते

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

भोपाल, सोमवार , दिनांक 13 जनवरी 2020- पौष 23, शक 1941

क्रमांक 12]

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग

मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल

भोपाल, दिनांक 19 नवम्बर 2019

क्र. एफ 23-13-2012-4-पच्चीस.-अनुसूचित जाति तथा जनजातीय ( अत्याचार निवारण ) नियम, 1995 की कण्डिका 15 अनुसार अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक, सामाजिक शैक्षणिक पुनर्वास एवं राहत हेतु आकस्मिक योजना नियम, 1995 प्रचलित है. अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों को राहत प्रदान करने के लिये अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति ( यथासंशोधित ) नियम, 2016 जारी किये गये हैं, जिसके अनुसार पीड़ित व्यक्तियों को राहत राशि व पुनर्वास की सुविधा दी जा रही है . उक्त नियम में उल्लेखित प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निम्नानुसार निर्देश प्रदान किये जाते हैं:-

23 24

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जनवरी 2020

क्र.

प्रावधान

1 अत्याचार से पीड़ितों को राहत राशि का प्रदान म.प्र. शासन, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की अधिसूचना क्रमांक / एफ 23-13/ 2012/4/25 दिनांक 1 अगस्त 2016में निम्नानुसार

अपराध का नाम राहत की न्यूनतम राशि

स. क्र. (1)

(2)

(3) 1

पीड़ित व्यक्ति को एक लाख रूपये। पीड़ित व्यक्ति को संदाय निम्नानुसार किया जाये- अखाद्य या घृणाजनक पदार्थ रखना अधिनियम की धारा 3 (1)(क)

2 मलमूत्र, मल, पशु शव या कोई अन्य घृणाजनक पदार्थ इकट्ठा करना अधिनियम की धारा 3 (1) (ख)

3

(ⅰ) क्रम संख्याक (2) और (3) के लिये प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर. ) पर10 प्रतिशत और क्रम संख्याक (1 ), (4), और (5) के लिये प्रथम सूचना रिपोर्ट प्रक्रम पर 25 प्रतिशत ।

(ii) जब आरोप पत्र न्यायालय में भेजा जाता है तब 50 प्रतिशत,

(iii) जब अभियुक्त व्यक्ति क्रम संख्या क्षति करने, अपमानित या क्षुब्ध करने के आशय से मलमूत्र, कूड़ा, पशु शव इकट्ठा करना अधिनियम की धारा 3 (1) (ग)

4 जूतों की माला पहनाना या नग्न या अर्ध नग्न

समय सीमा बजट हैड क्रियान्वयन के लिये

उत्तरदायी अधिकारी

अनुसूचित जाति के लिये

5504-5191

-42-007 आकस्मिकता योजना नियम 11 (अ) अनुसार जिला दण्डाधिकारी अध्यक्ष, पुलिस

म.प्र. लोक सेवा गारण्टी अधिनियम में निर्धारित की गई सीमा 30दिवस

अधीक्षक-सदस्य,

अनुसूचित जनजाति के लिये सहायक आयुक्त/जिला

2506-5191 -42-007 संयोजक, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कल्याण सदस्य सचिव की समिति की अनुशंसा पर ।

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार 24 ( 1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

क्र.

प्रावधान घुमाना

अधिनियम की धारा 3 (1) (घ)

5

(2) और (3) के लिये अवर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध कर दिया जाता है तब 40 प्रतिशत और इसी प्रकार कम संख्याक (1), (4) और (5) के लिये 25 प्रतिशत

बलपूर्वक ऐसे कार्य करना जैसा कपड़ा उतारकर, बलपूर्वक सिर का मुण्डन करना, मूंछें हटाना, चेहरे या शरीर कोपोतना

अधिनियम की धारा 3 (1) (ड)

6 भूमि को सदोष अधिभोग में लेना या उसपर खेती करना

अधिनियम की धारा 3 (1) (च)

7

पीड़ित व्यक्ति को एक लाख रूपये । जहां आवश्यक हो वहां संबंधित राज्य सरकार या संघ राज्य प्रशासन द्वारा सरकारी खर्चे पर भूमि या परिसर या जल आपूर्ति या सिंचाई सुविधा वापस लौटाई जायेगी। पीड़ित व्यक्ति को निम्नानुसार संदाय किया जायेगा - भूमि या परिसरों से सदोष कब्जा करना या अधिकारों जिनके अधीन वन अधिकार भी हैं के साथ हस्तक्षेप करना

(!) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई. आर.) प्रकम पर 25 प्रतिशत, अधिनियम की धारा 3 (1) (च)

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(iii ) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त के दोष सिद्ध किये जाने गर 25 प्रतिशत 8

पीड़ित व्यक्ति को एक लाख रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा बेगार या अन्य प्रकार के बलातश्रम या बंधुआ श्रम (अधिनियम की धारा 3 (1) (ज)

9

समय सीमा बजट हैड क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

(i)

प्रथम सूचना रिपोर्ट

(एफ.आई.आर.)

प्रक्रम

प्रतिशत,

पर 25

मानव या पशु शवों की अंत्येष्टि या ले जाने या कब्रों को खोदने के लिये विवश करना

(अधिनियम की धारा 3 (1) (झ))

(ii ) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(iii ) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त के दोष सिद्ध किये जाने पर 25

10 अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य को हाथ से सफाई करवाना या ऐसे

८

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 (2)

प्रावधान

क्र.

प्रतिशत प्रयोजन के लिये उसे नियोजित करना

(अधिनियम की धारा 3 (1) (স))

11 अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की स्त्री को देवदासी के रूप में कार्य निष्पादन करने या समर्पण का संवर्धन करने

(अधिनियम की धारा 3 (1 ) (2))

पीड़ित व्यक्ति को पचासी हजार रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा -

12 मतदान करने या नाम निर्देशन फाईल करने से निवारित करना (अधिनियम की धारा 3 (1) (8))

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) प्रकम पर 25 प्रतिशत, 13 पंचायत या नगर पालिका के पंद के धारक को कर्तव्यों के पालन में मजबूर करना या अभित्रस्त करना या उनमें व्यवधान डालना

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत, (अधिनियम की धारा 3 (1) (ड))

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त के दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत 14 मतदान के पश्चात् हिंसा और सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार का अधिरोपण

(अधिनियम की धारा 3 (1) (ড))

15 किसी विशिष्ट अभ्यर्थी के लिये मतदान करने या उसको मतदान नहीं करने के लिये इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध करना

(अधिनियम की धारा 3 (1) (ण))

16 मिथ्या, द्वेषपूर्ण या तंग करने वाली विधिक कार्रवाइयाँ संस्थित करना

पीड़ित व्यक्ति को पचासी हजार रूपये या वास्तविक विधिक खचों ओर नुकसानियों की प्रतिपूर्ति जो भी कम हो । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

(अधिनियम की धारा 3 (1) (त))

समय सीमा बजट हैड क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

(i ) प्रथम सूचना रिपोर्ट

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 (3) क्र.

प्रावधान

समय सीमा बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

(एफ.आई.आर.)

प्रक्रम

प्रतिशत,

पर 25

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त के दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत

17 किसी लोक सेवक को कोई मिथ्या और तुच्छ सूचना देना

(अधिनियम की धारा 3

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

(1) (थ))

पीड़ित व्यक्ति को एक लाख रूपये या वास्तविक विधिक खचों ओर नुकसानियों की प्रतिपूर्ति जो भी कम हो । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) प्रकम पर 25 प्रतिशत,

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त के दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत

पीड़ित व्यक्ति को एक लाख रूपये। संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

18 लोक दृष्टि में आने वाले किसी स्थान पर साशय अपमान या अपमानित करनें के लिये अभित्रास

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार (अधिनियम की धारा 3 (1) (द))

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) प्रकग पर 25 प्रतिशत,

19

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

लोक दृष्टि में आने वाले किसी स्थान पर जाति के नाम से गाली गलौज करना

उपरोक्तानुसार

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(अधिनियम की धारा 3 (1) (ध))

(iii) निचले न्यायालय द्वारा अभियुक्त के दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार 20 धार्मिक मानी जाने वाली या अति श्रद्धा से ज्ञात किसी वस्तु को नष्ट करना, हानि पहुंचाना या उसे अपवित्र करना

(अधिनियम की धारा 3 (1) (न)) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 (4)

क्र.

प्रावधान 21 शत्रुता, घृणा, स वैमन्सय की भावनाओं में अभिवृद्धि करना

(अधिनियम की धारा 3 (1) (प))

22 अति श्रद्धा से माने जाने वाले किसी दिवंगत व्यक्ति का शब्दों द्वारा या किसी अन्य साधन से अनादर करना

(अधिनियम की धारा 3 (1) (फ))

23

पीड़ित व्यक्ति को दो लाख रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

समय सीमा बजट हैड क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

(i ) प्रथम सूचना रिपोर्ट

(एफ.आई.आर.)

किसी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की स्त्री को साशय ऐसे कार्यों या अंग विक्षेपों का उपयोग करके जो लैंगिक प्रकृति के कार्य के रूप में हों, उसकी सहमति के बिना उसे स्पर्श करना

(ii ) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(अधिनियम की धारा 3 (1) (ब) )

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त के दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत

24

प्रक्रम पर 25 प्रतिशत,

(

क) ऐसे पीड़ित व्यक्ति को

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 326 ख (1860 का 45) स्वैच्छया अम्ल फेंकना या फेंकने का प्रयत्न करना ।

(अधिनियम की अनुसूवी के साथ पठित धारा 3 (2) (फक))

जिसका चेहरा 2 प्रतिशत या उससे अधिक जला हुआ है या आंख, कान, नाक और मुंह के प्रकार्य हास और या शरीर पर 30 प्रतिशत से अधिक जलन की क्षति की दशा में आठ लाख पच्चीस हजार रूपये ,

(ख) ऐसे पीड़ित व्यक्ति को जिसका शरीर 10 प्रतिशत से 30 प्रतिशत के बीच में जला हुआ है, चार लाख पंद्रह हजार रूपये

(ग) ऐसा पीड़ित व्यक्ति, चेहरे के अतिरिक्त, जिसका शरीर 10 प्रतिशत से कम जला हुआ है को पचासी हजार रूपये ।

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24(5) क्र.

प्रावधान

समय सीमा बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार या संघ राज्य प्रशासन अम्ल के हमले के पीड़ित व्यक्ति के उपचार के लिये पूरी जिम्मेदारी लेगा ।

मद (क) से (ग) के

निबंधनानुसार

संदाय

निम्नानुसार किया जायेगा

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट

(एफ.आई.आर.)

प्रक्रम

प्रतिशत,

पर 50

(ii) चिकित्सा रिपोर्ट के प्राप्त हो जाने पर 50 प्रतिशत,

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

पीड़ित रूपये । व्यक्ति को दो लाख संदाय निम्नानुसार किया जायेगा-

25 भारतीय दण्ड संहिता की धारा 354 ( 1860 का 45) स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से उस हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) प्रक्रम पर 50 प्रतिशत,

(अधिनियम की अनुसूची के साथ पठित धारा 3

(2) ( क))

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 25 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय द्वारा विचारण के समाप्त होने पर 25 प्रतिशत

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार पीड़ित व्यक्ति को दो लाख रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

26 भारतीय दण्ड संहिता की धारा 354 (1800 का 45) (लैंगिक उप्तीड़न और लैंगिक उत्पीड़ने के लिये दण्ड)

(अधिनियम की अनुसूची के साथ पठित धारा 3

(i ) प्रथम सूचना रिपोर्ट

(एफ.आई.आर.)

प्रक्रम

प्रतिशत,

पर 50

(2) ( क))

(ii ) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 25 प्रतिशत,

(iii) निचले न्यायालय द्वारा विचारण के समाप्त होने पर 25 प्रतिशत

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार पीडित व्यक्ति को दो लाख रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

27 भारतीय दण्ड संहिता की धारा 354 ख (1860 का 45) निर्वस्त्र करने के आशय से स्त्री पर हमला या आपराधिक (i) प्रथम सूचना मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 ( 6)

प्रावधान

समय सीमा

क्र.

बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

बल का प्रयोग

रिपोर्ट (एफ.आई. आर.) प्रकम पर 50प्रतिशत,

(अधिनियम की अनुसूची के साथ पठित धारा 3

(2) ( क))

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 25 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय

द्वारा विचारण के

समाप्त होने पर

25प्रतिशत

28

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

पीड़ित व्यक्ति को दो लाख रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 354 ग (1860 का 45) दृश्यरतिकता

(अधिनियम की अनुसूची के साथ पठित धारा 3

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट

(एफ.आई.आर. )

(2) ( क))

प्रकन पर 10 प्रतिशत,

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त व्यक्ति को दोष सिद्ध किये जाने पर 40 प्रतिशत

29

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

पीड़ित व्यक्ति को दो लाख रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 354 घ (1860 का 45) पीछा करना

(अधिनियम की अनुसूची के साथ पठित धारा 3

(2) ( क))

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) प्रकम पर 10 प्रतिशत,

(ii ) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त व्यक्ति को दोष सिद्ध किये जाने पर 40 प्रतिशत

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

व्यक्ति को दो लाख पीड़ित रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

30 भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 ख (1860 का 45) पति द्वारा अपनी पत्नी के साथ पृथक्करण के दौरान मैथून

(अधिनियम की अनुसूची के साथ पठित धारा 3

(i) चिकित्सा परीक्षा और पुष्टिकारक चिकित्सा रिपोर्ट के पश्चात् 50 प्रतिशत, मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 ( 7) क्र.

प्रावधान

समय सीमा बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

(2) ( क))

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 25 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त व्यक्ति को दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

पीड़ित व्यक्ति को चार लाख रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

31 भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 ग (1860 का 45) प्राधिकार में किसी व्यक्ति द्वारा मैथून (अधिनियम की अनुसूची के साथ पठित धारा 3 (2) ( क))

(i ) चिकित्सा परीक्षा और पुष्टिकारक चिकित्सा रिपोर्ट के पश्चात् प्रतिशत, 50

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 25 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त व्यक्ति को दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत

32

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

व्यक्ति को दो लाख पीड़ित रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

भारतीय दण्ड संहिता की धारा 509 (1860 का 45) शब्द, अंग विक्षेय या कार्य जो किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के लिये आशयित है ।

(i)

प्रथम सूचना रिपोर्ट

(एफ.आई.आर.)

प्रतिशत,

प्रक्रम पर 25

(अधिनियम की अनुसूची के साथ पठित धारा 3 (2) (v क))

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त व्यक्ति को दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार 33 जल को दूषित या गंदा करना (अधिनियम की धारा 3 (1) (भ))

सामान्य सुविधा जिसके अंतर्गत जब पानी दूषित कर दिया जाता है, की सफाई भी है, को वापस लौटाने का पूरा खर्च संबंद्ध राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा वहन किया जायेगा । इसके अतिरिक्त आठ लाख पच्चीस हजार की रकम स्थानीय निकाय के परागर्श से जिला मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 (8)

समय सीमा बजट हैड प्रावधान

क्र.

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

प्राधिकारी द्वारा विनिश्चय की जाने वाली प्रकृति की सामुदायिक आस्तियों को सृजित करने के लिये जिला मजिस्ट्रेट के पास जमा की जाये ।

34

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

संबंधित राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा उपरोक्तानुसार पीड़ित व्यक्ति को चार लाख पच्चीस हजार रूपये और गुजरने के अधिकार के प्रत्यावर्तन का खर्च । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा -

लोक समागम के किसी स्थान से गुजरने के किसी रूढ़िजन्य अधिकार से इनकार या लोक समागम के ऐसे स्थान का उपयोग करने या उसपर पहुंच रखने में बाधा पहुंचाना

(अधिनियम की धारा 3 (1) (म))

(i ) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई. आर.) प्रक्रम पर 25प्रतिशत,

(ii) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(iii) निचले न्यायालय द्वारा अभियुक्त व्यक्ति को दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

35 गृह, ग्राम या निवास का स्थान छोड़ने के लिये मजबूर करना

(अधिनियम की धारा 3

(1) (य))

संबंधित राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा गृह, ग्राम या निवास के अन्य स्थान पर स्थल या ठहरने के अधिकार की बहाली और पीड़ित व्यक्ति को एक लाख रूपये की राहत तथा सरकारी खर्चे पर गृह का पुनः संनिर्माण , यदि विनिष्ट हो गया है । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

(i ) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई. आर.) प्रकम पर 25 प्रतिशत ,

(ii ) न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिये जाने पर 50 प्रतिशत,

(iii) अवर न्यायालय द्वारा अभियुक्त व्यक्ति को दोष सिद्ध किये जाने पर 25 प्रतिशत

(अ) क्षेत्र की सामान्य सम्पत्ति संसाधनों कब्रिस्तान या

36 निम्नलिखित के संबंध में, किसी रीति में

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 (9) क्र.

समय सीमा

प्रावधान

बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य को बाधा डालना या निवारित करना

श्मशान भूमि का अन्य के साथ समानता के आधार पर उपयोग को या किसी नदी, धारा , झरना, कुंआ, टैंक, होज, नल या अन्य जल स्थान या नहाने के घाट, किसी लोक परिवाहन, किसी सड़क या रास्ते का उपयोग समानता के आधार पर संबंधित राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा बहाल करना और पीड़ित को एक लाख रूपये की राहत । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा -

(अ) क्षेत्र की सामान्य सम्पत्ति या अन्य के. साथ समानता के आधार पर कब्रिस्तान या श्मशान भूमि या किसी नदी, धारा, झरना, कुंआ, टैंक, होज, नल या अन्य जल स्थान या नहाने के घाट , किसी लोक परिवाहन, किसी सड़क या रास्ते उपयोग का

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) पर 25 प्रतिशत,

(अधिनियम की धारा 3 (1) (य क) (अ)

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है,

(iii) 25 प्रतिशत जब अभियुक्त को अवर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने पर

( आ) सार्वजनिक स्थानों (आ)

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

पर साइकिल या मोटर साइकिल पर सवार होना या जूतादि या नये वस्त्र पहनना या बारात निकालना या बारात के दौरान घोड़े की सवारी या किसी अन्य वाहन की सवारी करना

सार्वजनिक स्थानों पर साइकिल या मोटर साइकिल पर सवार होना या जूतादि या नये वस्त्र पहनना या बारात निकालना या बारात के दौरान घोड़े की सवारी या किसी अन्य वाहन की सवारी की राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा बहाली करना और पीड़ित को एक लाख रूपये का अनुतोष । निम्नानुसार किया जायेगा संदाय

(अधिनियम की धारा 3 (1) (य क) (आ)

(i ) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) पर 25 प्रतिशत,

(ii) 50 प्रतिशत जब मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 ( 10)

क्र.

प्रावधान

समय सीमा बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

पत्र आरोप न्यायालय को भेजा जाता है ,

(iii) 25 प्रतिशत जब अभियुक्त को अवर द्वारा दोष सिद्ध किये न्यायालय जाने पर

उपरोक्तानुसार. उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार (इ) किसी ऐसे पूजा ( स्थल में प्रवेश करना, जो पब्लिक या अन्य व्यक्तियों के लिये खुले हुए हैं, जो उसी धर्म के हैं या कोई धार्मिक जूलूस या किसी सामाजिक या सांस्कृतिक जुलूस, जिसके अंतर्गत यात्रा हैं, निकालना या उनमें भाग लेना।

(अधिनियम की धारा 3 (1) (य क) (इ)

इ) अन्य व्यक्तियों के साथ समानता पूर्वक किसी ऐसे पूजा स्थल में प्रवेश करना, जो पब्लिक या अन्य व्यक्तियों के लिये खुले हुए हैं, जो उसी धर्म के हैं या कोई धार्मिक जूलूस या किसी सामाजिक या सांस्कृतिक जुलूस , जिसके अंतर्गत यात्रा हैं, निकालना या उनमें भाग लेने के अधिकार की राज्य सरकार याः संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा बहाली करना और पीड़ित को एक लाख रूपये का अनुतोष । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) पर 25 प्रतिशत,

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है ,

(iii) 25 प्रतिशत जब अभियुक्त को अवर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने पर

(ई) किसी शैक्षणिक (ई

संस्था,

अस्पताल,

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

औषधालयं,

प्राथमिक

स्वास्थ्य केन्द्र,

दुकान या

सार्वजनिक

मनोरंजन के

स्थान या किसी

सार्वजनिक

स्थान में प्रवेश करना

या

) किसी शैक्षणिक संस्था, अस्पताल , औषधालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, दुकान या सार्वजनिक मनोरंजन के स्थान या किसी सार्वजनिक स्थान में प्रवेश करना या पब्लिक के लिये खुले किसी स्थान में पब्लिक द्वारा उपयोग के लिये आशयित वर्तनों या वस्तुओं के उपयोग की राज्य सरकार या संघ मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24(11) क्र.

समय सीमा बजट हैड प्रावधान

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा बहाली करना और पीड़ित को एक लाख रूपये का अनुतोष । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

पब्लिकके लिये खुले किसी स्थान में पब्लिक द्वारा उपयोग के लिये आशयित बर्तनों या वस्तुओं का उपयोग ।

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) पर 25 प्रतिशत, ?

(अधिनियम की धारा 3

(1) (यक) (ई)

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है,

(iii ) 25 प्रतिशत जब अभियुक्त को अवर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने पर

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

(उ) कोई व्यवसाय करना या कोई वृत्तिक, व्यापार या कारवार करना या किसी कार्य में नियोजन जिनमें पब्लिकके अन्य व्यापार सदस्यों या उसके किसी भाव का उपयोग करने का या उस तक पहुंच का अधिकार है ।

(उ) कोई व्यवसाय करना या कोई वृत्तिक, व्यापार या कारवार करना या किसी कार्य में नियोजन जिनमें पब्लिक के अन्य सदस्यों या उसके किसी भाव के उपयोग करने के या उस तक पहुंच के अधिकार की राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा बहाली करना और पीड़ित को एक लाख रूपये का अनुतोष । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

(अधिनियम की धारा 3

(i)

(1) (यक) (उ)

सूचना रिपोर्ट (एफ.आई. आर.) पर 25 प्रतिशत,

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को जाता है ,

(iii) 25 प्रतिशत जब सभियुक्त को अदर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने पर

पीड़ित को लाख रूपये और उसके दर वेइज्जती, क्षति और अवमानना के अनुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

37 डायन होने या जादू टोना करने का आरोप लगाने से शारीरिक क्षति या मानसिक अपहानि पारित करन.फ।

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 ( 12)

क्र.

प्रावधान

समय सीमा बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

(एफ.आई.आर.) पर 25 प्रतिशत,

(अधिनियम की धारा 3 (1) (य ख)

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है,

(iii) 25 प्रतिशत जब अभियुक्त को अवर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने पर

38

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार समाजिक या आर्थिक बहिष्कार अधिरोपित करना या उसकी धमकी देना ।

उपरोक्तानुसार

(अधिनियम की धारा 3 (1) (य ग)

संबंधित राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन द्वारा अन्य व्यक्तियों के साथ समान रूप से सभी सामाजिक और आर्थिक सेवाओं की बहाली और पीड़ित को एक लाख रूपए का अनुतोष । जिसका संदाय पूर्ण रूप से अवर न्यायालय को आरोप पत्र भेजने पर किया जाएगा ।

39 मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़ना ।

पीड़ित को चार लाख पचास उजार रूपये संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

(अधिनियम की धारा 3

उपरोक्तानुसार (2) (i ) और (ii)

(i ) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) पर 25 प्रतिशत,

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है,

(iii) 25 प्रतिशत जब अभियुक्त को अवर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने पर

40

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) के अधीन अपराध करना जो 10 वर्ष से उससे अधिक के कारावास से

दण्डनीय है ।

पीड़ित और या उसके आश्रितों को चार लाख रूपये । इस रकम में फेरफार हो सकता है । यदि अनुसूची में विनिर्दिष्टत अन्यथा उपबंध किया गया हो, संदाय निम्नानुसार किया जायेगा -

(अधिनियम की धारा 3 (2)

(i ) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई. आर.) पर 25 प्रतिशत ,

(ii ) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है, 24 ( 13)

मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जनवरी 2020

प्रावधान

क्र.

समय सीमा बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

(iii ) 25 प्रतिशत जब अभियुक्त को अवर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने पर

41

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

पीड़ित और या उसके आश्रितों को दो लाख रूपये । इस रकम में फेरफार हो सकता है । यदि अनुसूची में विनिर्दिष्टत अन्यथा उपबंध किया गया हो, संदाय निम्नानुसार किया जायेगा -

(i) प्रथग सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) पर 25प्रतिशत,

भारतीय दण्ड संहिता (1860 का 45) के अधीन अपराध करना, जो अधिनियम की अनुसूची में विनिर्दिष्ट हैं, जो ऐसे दण्ड से दण्डनीय है जैसा ऐसे अपराधों के लिये भारतीय दण्ड संहिता में विनिर्दिष्टत किया गया है ।

(अधिनियम की अनुसूची के साथ पठित धारा 3

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है ,

(2) (va)

(iii) 25 प्रतिशत जब अभियुक्त को अवर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने पर

42

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

पीड़ित और या उसके आश्रितों को दो लाख रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

लोक सेवक के हाथों पीड़ित करना (अधिनियम की धारा 3 (2) (vii)

(i) प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई. आर.) पर 25 प्रतिशत,

(ii ) 50 प्रतिशत जब पत्र को आरोप न्यायालय भेजा जाता है,

(iii) 25 प्रतिशत जब अभियुक्त को अवर न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किये जाने पर

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

43 निःशक्तता । सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की अधिसूचना सं. 16-18/97 आई. तारीख 1 जून, 2001 में यथा प्रमाणन एन. की प्रक्रिया के लिये अंतविर्शिट विभिन्न निःशक्तताओं के मूल्यांकन के लिये मार्गदर्शक सिद्धांत । अधिसूचना की एक प्रति मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 (14)

समय सीमा

प्रावधान

क्र.

बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

उपाबंध 2 पर है ।

(क) अक्षमता शत- प्रतिशत पीड़ित को आठ लाख और पच्चीस हजार रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

(i) चिकित्सा जांच और चिकित्सा रिपोर्ट की पृष्टी के पश्चात्50 प्रतिशत

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है,

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

पीड़ित को चार लाख और पचास हजार रूपये संदाय निम्नानुसार किया जायेगा उपरोक्तानुसार

(ख) जहां अक्षमता शत- प्रतिशत से कम है किंतु पचास प्रतिशत से अधिक है ।

(i ) चिकित्सा जांच और चिकित्सा रिपोर्ट की पृष्टी के पश्चात्50 प्रतिशत

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है ,

(ग) जहां अक्षमता पचास प्रतिशत से कम है ।

पीड़ित को दो लाख और पचास हजार रूपये । संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

(i) चिकित्सा जांच और चिकित्सा रिपोर्ट की पृष्टी के पश्चात् 50 प्रतिशत

(ii) 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है,

44 बलात्संग या सामूहिक बलात्संग

पीड़ित को पांच लाख रूपये संदाय निम्नानुसार किया जायेगा -

उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार (i) बलात्संग (भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 375)

(i) चिकित्सा जांच और चिकित्सा रिपोर्ट की पृष्टी के पश्चात्50 प्रतिशत

(ii) 25 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजा जाता है

(iii) अवर न्यायालय द्वारा विचारण की समाप्ति पर प्रतिशय मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 ( 15) क्र.

प्रावधान

समय सीमा बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

पीड़ित को आठ लाख पच्चीस हजार रूपये संदाय निम्नानुसार किया जायेगा -

(ii) सामूहिक बलात्संग (भारतीय दंड संहिता (1860का 45) की धारा 376(घ)

(i) चिकित्सा जांच और चिकित्सा रिपोर्ट की पृष्टी के पश्चात् 50 प्रतिशत

(ii) 25 प्रतिशत जब पत्र को आरोप न्यायालय भेजा जाता है

(iii) अवर न्यायालय

द्वारा विचारण की

समाप्ति पर 25

प्रतिशत

45 हत्या या मृत्यु

पीड़ित को आठ लाख पच्चीस हजार रूपये संदाय निम्नानुसार किया जायेगा

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

(1) शव परीक्षा के

पश्चात्

प्रतिशत

50

(ii) . 50 प्रतिशत जब आरोप पत्र न्यायालय को भेजे जाने पर ।

46

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

उपरोक्तानुसार

पूर्वोक्त मदों के अधीन संदत्त अनुतोष की रकम के अतिरिक्त अनुतोष का अत्याचार की तारीख से तीन मास के भीतर निम्नानुसार प्रबंध किया जाएगा:-

हत्या, मृत्यु, सामूहिक हत्या, बलात्संग , सामूहिक बलात्संग , स्थायी अक्षमता और डकैती के पीड़ितों को अतिरिक्त अनुतोष ।

(i) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजातियों से संबंध रखने वाले मृतक व्यक्ति की विधवा या अन्य आश्रितों के प्रतिभास पांच हजार रूपये की मूल पेंशन के साथ अनुज्ञेय महंगाई भत्ता, जैसा संबंधित राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र के सरकारी सेवकों को लागू है और मृतक के कुटुंब के सदस्यों को रोजगार और कृापे भूमि, घर, यदि तुरंत कय द्वारा आवश्यक हो, का मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 13 जनवरी 2020

24 (16)

क्र.

प्रावधान

समय सीमा बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

उपबंध

(ii) पीड़ित के बालकों की स्नातक स्तर तक शिक्षा की पूरी लागत और उनका भरण-पोषण । बालकों को सरकार द्वारा पूर्णतया वित्तपोषित आश्रम स्कूलों या आवासीय स्कूलों में दाखिल किया जा सकेगा ।

(iii ) बर्तनों, चावल , गेहूं, दालों, दलहन आदि तीन मास की अवधि के लिए उपबंध ।

47 घरों को पूर्णतया नष्ट करना या जलाना ।

उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार उपरोक्तानुसार

ईटों या पत्थरों से बने हुए घरों का निर्माण या सरकारी लागत पर उन्हें वहां उपलब्ध कराना जहां उन्हें पूर्णतया जला दिया गया है या नष्ट कर दिया गया है ।"

सहायक

तत्काल नगद 5504-

आयुक्त/ जिला भुगतान

2. अत्याचार से पीडित व्यक्ति उसके आश्रित तथा साक्षियों को यात्रा भत्ता, भरण पोषण और सुविधायें (ग.प्र. आकस्मिकता योजना नियम 1995 की कण्डिका 8 )

संयोजक,

अनुसूचित जाति

तथा जनजातीय

5191-51- 000 से राशि आहरित

कार्य

कर सहायक

विभाग/थाना

प्रभारी,

आयुक्त/ जिला

अजाक/विशेष

न्यायालय,

संयोजक, संबंधित

अत्याचार निवारण

जिले के पुलिस

अधिनियम

विभाग/वि शेष न्यायालय आहरण कर उपलब्ध करायेंगे। 3. हत्या, मृत्यु, सामूहिक हत्या. बलात्संग, सामूहिक बलात्संग, स्थायी अक्षमता और डकैती के पीडितों को अतिरिक्त अनुतोष का निम्नानुसार प्रबंध किया जाएगा: - मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 ( 17) क्र.

प्रावधान

समय सीमा बजट हैड

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

जिला कलेक्टर

अनुसूचित जाति के लिये 5504-

5191-42-

007 (i) अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजातियों से संबंध रखने वाले मृतक व्यक्ति की विधवा या अन्य आश्रितों के प्रतिमास पांच हजार रुपये की मूल पेंशन के साथ अनुज्ञेय महंगाई भत्ता , जैसा संबंधित राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र के सरकारी सेवकों को लागू है और मृतक के कुटुंब के सदस्यों को रोजगार और कृषि भूमि, घर , यदि तुरंत क्रय द्वारा आवश्यक हो, का उपबंध

पीडित के आश्रित को 6 माह की अवधि तक अथवा नुियक्ति/ रोजगार उपलब्ध कराने की अवधि तक

अनु. जनजाति के लिये 2506- 5191-42- 007

जिला कलेक्टर

(ii) पीड़ित के बालकों की स्नातक स्तर तक शिक्षा की पूरी लागत और उनका भरण-पोषण । बालकों को सरकार द्वारा पूर्णतया वित्तपोषित आश्रम स्कूलों या आवासीय स्कूलों में दाखिल किया जा सकेगा।

घटना घटित होने के तत्काल बाद आवश्यकतानु सार

शासकीय विद्यालय/ महाविद्यालय में व्यवस्था करेंगे ।

जिला कलेक्टर

(iii) बर्तनों, चावल, गेहूं, दालों, दलहन आदि तीन मास की अवधि के लिए उपबंध।

अनुसूचित जाति के लिये 5504-

5191-42- 007 अनु.

जनजाति के लिये 2506- 5191-42- 007 4. रोजगार-

6 माह

जिला कलेक्टर

मृतक की विधवा अथवा उसकी संतानों या आश्रितों में किसी एक को 6 माह के अंदर रोजगार दिया जायेगा। कलेक्टर जिलें में ही रोजगार निर्धारित समयावधि में दी जाना सुनिश्चित करेंगे ।

5 कृषि भूमिः

6 माह

जिला कलेक्टर

यदि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को रोजगार प्रदाय नहीं किया जाता है और परिवार भूमिहीन हो तो कलेक्टर 6 माह के अदर कम से कम 2 एकड़ कृषि भूमि पीड़ित परिवार के आश्रितजन को कलेक्टर द्वारा यथा संभव उपलब्ध कराई मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 13 जनवरी 2020

24 ( 18)

समय सीमा

प्रावधान

बजट हैड क्र०

क्रियान्वयन के लिये उत्तरदायी अधिकारी

जायेगी ।

6 बच्चों की शिक्षाः

एक माह

5504- 5191-51- 000

सहायक आयुक्त/ जिला संयोजक, अनुसूचित जाति तथा जनजातीय विभाग/ कार्य

मृतक के 18 वर्ष से कम उम्र के पुत्र-पुत्रियों को एक माह के अंदर छात्रावास/ आश्रम में प्रवेश दिया जाकर उनकी 18 वर्ष की उम्र पूरी होने तक अथवा स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण होने तक शिक्षा की व्यवस्था की जाएगीं । ऐसे बालक- बालिकाओं को 12 माह की अवधि के लिए शिष्यवृत्ति की पात्रता होगी । इसके अतिरिक्त प्राथमिक स्तर पर 1000/- माध्यमिक स्तर पर 1500/- हाईस्कूल व हायर सेकेण्डरी स्तर व स्नातक स्तर पर 3000/- रु. प्रतिवर्ष पहनने के कपड़े, जूते , पुस्तकें तथा अभ्यास पुस्तिकाओं, स्टेशनरी आदि के लिए दिए जाएंगे ।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

विनोद कुमार प्रमुख सचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2020 .

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 13 January 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2020-01-13.12.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2020-01-13.12.Extraordinary.