ध्यप्रदेश शासन
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सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 5 ]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 31 जनवरी 2020- माघ 11 , शक 1941
विषय-सूची
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश , ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, (3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं,
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2) सांख्यिकीय सूचनाएं.
भाग 4.- ( क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, (3 ) संसद् में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद् के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 20 जनवरी 2020
क्र. -106-114-2019-एक-10.- राज्य शासन, एतद्वारा , माननीय न्यायमूर्ति श्री सुशील कुमार पालो, उप लोकायुक्त, भोपाल को दिनांक 11 से 15 नवम्बर 2019 तक कुल पाँच दिवस के उपभोग किये गये अर्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान करता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
रंजना पाटने , अवर सचिव.
225
गृहविभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 13 जनवरी 2020
क्र. एफ-1 ( एक) 10-2000- ब-2-दो. राज्य शासन , श्री साजिद फरीद शापू, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल , मध्य क्षेत्र, पु. मु. , भोपाल को अखिल भारतीय सेवायें ( अवकाश ) नियम, 1955 के नियम 15 सहपठित नियम 21 के अन्तर्गत निहित शर्तों के अध्याधीन दिनांक 26 दिसम्बर 2019 से दिनांक 15 मई 2020 तक कुल 142 दिवस असाधारण अवकाश की स्वीकृति इस शर्त के साथ स्वीकृत की जाती है कि असाधारण अवकाश ( EOL ) के लिये कोई छुटटी वेतन नहीं दिया जावेगा.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2020.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
226
भोपाल, दिनांक 16 जनवरी 2020
क्र. एफ 1-98-2018- ब-2- दो. राज्य शासन , एतद्वारा , श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण , पुलिस मुख्यालय , भोपाल को चूड़ालंकरण विश्वविद्यालय का भारतीय अध्ययन केन्द्र ( ISC) बैंकाक ( थाइलैण्ड) में दिनांक 21 फरवरी 2020 को माना कस्तूरबा गाँधी के 150वीं वर्षगाँठ कार्यक्रम में सम्मिलित होने हेतु (Ex- India Tour) की अनुमति निम्नलिखित शर्तों के साथ प्रदान करता है :-
1. विदेश में स्वास्थ्य/चिकित्सा आदि पर होने वाला किसी भी प्रकार का व्यय राज्य शासन द्वारा वहन नहीं किया जावेगा.
2. विदेश यात्रा के दौरान होने वाला सम्पूर्ण व्यय चूड़ालंकरण विश्वविद्यालय का भारतीय अध्ययन केन्द्र ( ISC) बैंकाक ( थाइलैण्ड ) द्वारा वहन किया जावेगा.
3. विदेश में कोई Assignment नहीं लेंगे.
(2 ) यात्रा से लौटने पर श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न रूप से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण, पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे यात्रा पर नहीं जातीं तो अपने पद पर बनीं रहतीं.
क्र. एफ-1 (ए) 105-2016- ब-2- दो. राज्य शासन, श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, भापुसे, सेनानी 15वीं वाहिनी , विसबल , इन्दौर को दिनांक 18 नवम्बर 2019 से 15 मई 2020 तक, 180 दिवस प्रसूति अवकाश ( Maternity Leave ) की स्वीकृति प्रदान की जाती है .
(2 ) श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, रेल, इंदौर के अवकाश अवधि में इनका चालू कार्य श्री ओ. पी. त्रिपाठी, भापुसे , सेनानी, प्रथम वाहिनी, विसबल , इन्दौर द्वारा अपने कार्य के साथ- साथ संपादित किया जावेगा .
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, भापुसे को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न सेनानी 15वीं वाहिनी , विसबल, इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, भापुसे, द्वारा अपना कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका-2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव कार्यभार से मुक्त होंगे.
(5) अवकाशकाल में श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो कि उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जातीं तो अपने पद पर बनी रहतीं.
क्र. एफ 1 (ए ) 139-2017 - ब-2 दो. राज्य शासन द्वारा श्री राकेश कुमार सिंह, भापुसे, पुलिस अधीक्षक, पीटीएस, तिघरा , ग्वालियर को खण्डवर्ष 2018-21 के प्रथम विस्तार वर्ष में दिनांक 18 से 27 दिसम्बर 2019 तक कुल दस दिवस अर्जित अवकाश अवधि में परिवार सहित गृह जिले के स्थान पर भारत भ्रमण अंतर्गत अंडमान निकोबार द्वीप समूह की अवकाश यात्रा सुविधा अंतर्गत परिवार के निम्नलिखित सदस्यों के साथ कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है :-
1. श्री राकेश कुमार सिंह स्वयं
2. श्रीमती सुनीता सिंह पत्नी
3. श्री चारूदत्त सिंह पुत्र
(2) अवकाश से लौटने पर श्री राकेश कुमार सिंह, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस अधीक्षक, पीटीएस , तिघरा , ग्वालियर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(3) अवकाशकाल में श्री राकेश कुमार सिंह, भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री राकेश कुमार सिंह, भापुसे, अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
क्र. एफ 1 (ए) 254-1988- ब- 2- दो. राज्य शासन , श्री संजय राणा, भापुसे, विशेष पुलिस महानिदेशक, ( प्रशिक्षण ) , पु. मु. , भोपाल को दिनांक 1 से 20 फरवरी 2020 तक, बीस दिवस अर्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
(2) श्री संजय राणा, भापुसे के अवकाश अवधि में इनका चालू कार्य श्रीमती अनुराधा शंकर, भापुसे , अति. पुलिस महानिदेशक, (प्रशिक्षण) , पु. मु. , भोपाल द्वारा अपने कार्य के साथ सम्पादित किया जावेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री संजय राणा, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न विशेष पुलिस महानिदेशक, (प्रशिक्षण) , पु. मु. , भोपाल के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री संजय राणा , भापुसे द्वारा अपना कार्यभार ग्रहण करने पर कंडिका 2 में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5) अवकाशकाल में श्री संजय राणा , भापुसे, को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री संजय राणा , भापुसे उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
227
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
भोपाल, दिनांक 21 जनवरी 2020
क्र. एफ 1-79-2019-ब- 2- दो. राज्य शासन, एतद्वारा , श्री एस. एल. थाउसेन, भापुसे, अति. पुलिस महानिदेशक/संचालक, खेल एवं युवा कल्याण, मध्यप्रदेश, भोपाल को दिनांक 27 नवम्बर से 6 दिसम्बर 2019 तक, "Oceania Championships and World Championship " में सम्मिलित होने ऑक्लैंड (न्यूजीलैंड) जाने हेतु विदेश यात्रा (Ex - India Tour) की कार्योत्तर अनुमति प्रदान की जाती है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीदास, अवर सचिव.
गृह ( सामान्य ) विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 24 जनवरी 2020
क्र. एफ- 15-06-2019- दो- ए ( 3 ) .- भारत की जनगणना 2021 से संबंधित मकानसूचीकरण का कार्य 01 अप्रैल 2020 से 30 सितम्बर, 2020 तक सम्पादित करने की केन्द्र सरकार की घोषणा संबंधी भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त द्वारा जारी निम्नानुसार अधिसूचना को मध्यप्रदेश के राजपत्र में पुनः प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, उषा परमार, उपसचिव.
गृह मंत्रालय
( भारत के महारजिस्ट्रार का कार्यालय ) नई दिल्ली, 7 जनवरी 2020
का. आ. 119 ( अ ) .- केन्द्रीय सरकार, जनगणना नियम, 1990 के नियम 6क के साथ पठित जनगणना अधिनियम, 1948 ( 1948 का 37 ) की धारा 3 और धारा 17क द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, घोषणा करती है कि भारत की जनगणना 2021 से संबंधित मकानसूचीकरण का कार्य 1 अप्रैल 2020 से 30 सितम्बर 2020 तक होना है.
[फा.सं. 9/7/2019 - सीडी ( सेन ) /3 ]
विवेक जोशी, भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त.
Bhopal , the 24th January 2020
F. No. एफ- 15-06-2019 -दो ए ( 3 ) .- The following notification by Registrar General and Census Commissioner of India , regarding the declaration of Centeral Government to conduct Houselisting Operations ofCensus of India , 2021 from 01st April 2020 to 30th September 2020 is hereby republished .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
USHA PARMAR, Dy. Secy .
New Delhi , the 7th January 2020 S.O. 119 (E) . In exercise of the powers conferred by Section 3 and Section 17A of the Census Act , 1948 (37 of 1948 ) read with rule 6A of the Census Rules , 1990, the Centeral Government hereby declares that the houselisting operations of the Census of India 2021 shall take place from the 1st April , 2020 to the 30th September 2020 in India .
[F. No. 9/7 /2019 - CD ( Cen )/3 ] VIVEK JOSHI , Registrar General and Census Commissioner , India .
भोपाल, दिनांक 24 जनवरी 2020
क्र. एफ- 15-06/ 2019 / दो ए(3): सभी जनगणना अधिकारियों द्वारा अपनी नियुक्ति से संबंधित स्थानीय क्षेत्रों की सीमाओं के भीतर भारत की जनगणना 2021 के संबंध में मकानसूचीकरण तथा मकानों की गणना अनुसूचियों के माध्यम से पूछे जाने वाले प्रश्नों संबंधी भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त द्वारा जारी निम्नानुसार अधिसूचना को मध्यप्रदेश के राजपत्र में पुनः प्रकाशित किया जाता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, उषा परमार, उपसचिव.
नई दिल्ली, 7 जनवरी 2020
का.आ. 120(अ) . केन्द्रीय सरकार , जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) की धारा 8 की उपधारा (1 ) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनुदेश देती है कि वे सभी जनगणना अधिकारी जिसके लिए उन्हें नियुक्तकिया गया है, अपनी नियुक्ति से संबंधित स्थानीय क्षेत्रों की सीमाओं के भीतर भारत की जनगणना 2021 के संबंध में मकानसूचीकरण तथा मकानों की गणना अनुसूचियों के माध्यम से जानकारी एकत्र करने के लिए नीचे प्रगणित मदों के संबंध में सभी व्यक्तियों से इस प्रकार के प्रश्न पूछें , अर्थात्:-
1. भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर)
2. जनगणना मकान नंबर
3. जनगणना मकान के फर्श , दीवार तथा छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
4. जनगणना मकान के उपयोग [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
228
5. जनगणना मकान की हालत
6. परिवार क्रमांक
7 . परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
8. परिवार के मुखिया का नाम
9. परिवार के मुखिया का लिंग
10. क्यापरिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है
11. मकान के स्वामित्व की स्थिति
12. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
13. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या
14. पेयजल का मुख्य स्त्रोत
15. पेयजल स्त्रोत की उपलब्धता
16. प्रकाश का मुख्य स्त्रोत
17. शौचालय की सुलभता
18. शौचालय का प्रकार
19. गंदे पानी की निकासी
20. स्नानगृह की उपलब्धता
21. रसोईघर और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता
22. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन
23. रेडियो/ट्रांजिस्टर
24. टेलीविजन
25. इंटरनेट सुविधा
26. लैपटाप/कम्प्यूटर
27. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन
४. साइकिल/स्कूटर/ मोटर साइकिल/मोपेड
कार/जीप/वेन 29.
30. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज
31. मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संसूचना के लिए)
टिप्पणी: मद सं. 1 से 5 भवन के विवरणों से मद सं. 6 और 7 परिवार के विवरणों (पूर्णतः अथवा अंशतः आवासीय उपयोग में लाए गए जनगणना मकान के लिए ) से , मद सं. 8 से 10 परिवार के मुखिया से और मद सं. 9 से 31 केवल सामान्य परिवार से जिसमें से मद सं. 23 , 24 , 26 , 27 , 28 और 29 परिवार द्वारा धारित परिसंपत्तियां से संबंधित है ।
[फा.सं. 9/7/2019 -सीडी ( सेन) /3 ]
विवेक जोशी , भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त.
Bhopal , the 24th January 2020
१) F.No. कमांक एफ - 15-06 / 2019 / दो ए (3 ) The following notification by Registrar General and Census Commissioner of India, regarding the questions to be asked by all Census Officers within the limits of the local areas for which they have been respectively appointed, through the Houselisting and Housing Census Schedules in connection with the Census of India, 2021 is hereby republished.
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh ,
USHA PARMAR , Dy . Secy .
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मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
New Delhi , the 7th January , 2020
S.O. 120 (E) - In exercise of the powers conferred by sub - section ( 1 ) of section 8 of the Census Act, 1948 (37 of 1948) the Central Government hereby instructs that all Census Officers may, within the limits of the local areas for which they have been respectively appointed , ask all such questions from all persons on the items enumerated below for collecting information through the houselisting and housing census schedules in connection with the Census of India 2021, namely : -
1. Building number (Municipal or local authority or census number )
2. Census house number
3. Predominent material of floor , wall and roof of the census house .
4. Ascertain use of census house .
5. Condition of the Census house .
6. Household number .
7. Total number of persons normally residing in the household.
8. Name of the head of household .
9. Sex of the head of the household .
10. Whether the head of the household belongs of Scheduled Caste/Scheduled Tribe/Other .
11. Ownership status of the Census house .
12. Number of dwelling rooms exclusively in possession of the household.
13. Number of married couple(s ) living in the household.
14. Mainsource of drinking water .
15. Availability of drinking water source .
16. Mainsource of lighting.
17. Access to latrine .
18. Type of latrine.
19. Waste water outlet .
20. Availability of bathing facility.
21. Availability of kitchen and LPG /PNG connection.
22 . Main fuel used for cooking .
23 . Radio/Transistor .
24. Television .
25. Access of internet .
26. Laptop/Computer .
27. Telephone/Mobile Phone/Smartphone .
28. Bicycle/Scooter/Motorcycle/Moped.
29. Car/Jeep/Van.
30. MainCereal consumed in the household.
31. Mobile Number ( for census related communications only).
Note: Items 1 to 5 relate to building particulars, items 6 and 7 relate to household particulars (for census house used wholly or partly as a residence) , items 8 to 10 relate to head of the household , and items 9 to 31 relate only to normal household of which items 23 , 24, 26, 27, 28 and 29 relate to the assets of the household.
[F. No. 9 /7 /2019 - CD ( Cen)/3 ]
VIVEK JOSHI , Registrar General and Census Commissioner, India .
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विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल , दिनांक 17 जनवरी 2020
फा. क्र. 3 ( सी ) 8-2020-145 - इक्कीस - ब (एक ) .-मध्यप्रदेश शासन, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पत्र क्रमांक 145- इक्कीस - ब ( एक ) -2020, दिनांक 14 जनवरी 2020 में अंकित " रुपये 5000/- ( रुपये पांच हजार मात्र ) " को " रुपये 15000/- (रुपये पन्द्रह हजार मात्र ) " पढ़ा जाएं.
फा. क्र. 2020- इक्कीस ब( एक ) 168.- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा 2019 में सिविल न्यायधीश, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर चयनित अभ्यर्थी सुश्री रोहिणी उपाध्याय पुत्री श्री पारसनाथ उपाध्याय ( मेरिट क्रमांक 44 ) ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में कार्यभार ग्रहण कर लिये जाने तथा मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा में कार्यभार ग्रहण करने के इच्छुक न होने के कारण राज्य शासन, एतद्वारा , सुश्री रोहिणी उपाध्याय पुत्री श्री पारसनाथ उपाध्याय का नाम चयनित सिविल न्यायाधीश , वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) परीक्षा 2019 की मुख्य चयन सूची के मेरिट क्रमांक 44 से विलोपित कर उनका चयन का अधिकार समाप्त करता है.
फा. क्र. 2020- इक्कीस- ब( एक) 168.- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा 2019 में सिविल न्यायधीश, वर्ग -2 ( प्रवेश स्तर ) के पद पर चयनित अभ्यर्थी श्री हरिहर गुप्ता पुत्र श्री सर्वेश कुमार गुप्ता ( मेरिट क्रमांक 93 ) ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा में कार्यभार ग्रहण कर लिये जाने तथा मध्यप्रदेश न्यायकि सेवा में कार्यभार ग्रहण करने के इच्छुक न होने के कारण राज्य शासन , एतद्वारा , श्री हरिहर गुप्ता पुत्र श्री सर्वेश कुमार गुप्ता का नाम चयनित सिविल न्यायाधीश , वर्ग-2 ( प्रवेश स्तर ) परीक्षा 2019 की मुख्य चयन सूची के मेरिट क्रमांक 93 से विलोपित कर उनका चयन का अधिकार समाप्त करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सत्येन्द्र कुमार सिंह, प्रमुख सचिव.
भोपाल , दिनांक 23 जनवरी 2020
फा. क्र. 1 (सी) 548- एट्रोसिटीज इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 ( क्र. 33 सन् 1989 ) की धारा 14 के अंतर्गत स्थापित विशेष न्यायालय , जिला रीवा के लिये उक्त अधियिम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री राकेश कुमार निगम, अधिवक्ता (नामांकन क्र. एम . पी. - 900-97, दिनांक 4 जून 1994 ) को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है . श्री राकेश कुमार निगम, अधिवक्ता की उक्त विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्ति आदेश दिनांक से 3 वर्ष की अवधि अथवा उनकी जन्म तिथि दिनांक 12 जनवरी 1961 के आधार पर उनके द्वारा 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक, इनमें से जो पहले हो, के लिये होगी तथा यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकेगी.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
श्री राकेश कुमार निगम, अधिवक्ता, रीवा को ऐसे विशेष लोक अभियोजक के रूप में कार्य के लिये देय शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) एट्रोसिटी- इक्कीस- ब (दो) , दिनांक 26 सितम्बर 2018 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29 - मुख्य शीर्ष- 2225 - अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जनजातियां तथा अन्य पिछड़े वर्गों का कल्याण (01 ) अनुसूचित जातियों का कल्याण ( 800 ) -अन्य व्यय - 0703- केन्द्र प्रवर्तित योजना अनुसूचित जाति उपयोजना ( सबस्कीम ) योजना (5171 ) -विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 - व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां की उपमद-003 -अभिभाषकों को फीस के अंतर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
फा. क्र. 1 ( सी ) 6392 , 406- एट्रोसिटीज- इक्कीस- ब (दो) .-राज्य शासन, इस विभाग के आदेश क्रमांक 4610-19- इक्कीस - ब ( दो ) , दिनांक 3 सितम्बर 2019 द्वारा श्री दीपक उगाले, अधिवक्ता, बुरहानपुर की लोक अभियोजक के पद पर की गई नियुक्तितत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए, उन्हें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989 (क्र. 33 सन् 1989) की धारा 14 के अंतर्गत स्थापित विशेष न्यायालय , जिला बुरहानपुर के लिये उक्त अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री दीपक उगाले, अधिवक्ता ( नामांकन क्र. एम. पी./ 2464/91, दिनांक 15 अक्टूबर 2001 ) को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है . श्री दीपक उगाले, अधिवक्ता की उक्त विशेष लोक अभियोजक के रूप में की नियुक्ति आदेश दिनांक से 3 वर्ष की अवधि अथवा उनकी जन्म तिथि दिनांक 23 मई 1971 के आधार पर उनके द्वारा 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक, इनमें से जो पहले हो, के लिये होगी तथा यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकेगी.
श्री दीपक उगाले , अधिवक्ता, बुरहानपुर को ऐसे विशेष लोक अभियोजक के रूप में कार्य के लिये देय शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) एट्रोसिटी- इक्कीस- ब ( दो) , दिनांक 26 सितम्बर 2018 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29 - मुख्य शीर्ष-2225-अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जनजातियां तथा अन्य पिछड़े वर्गों का कल्याण (01 ) अनुसूचित जातियों का कल्याण ( 800 ) -अन्य व्यय - 0703- केन्द्र प्रवर्तित योजना अनुसूचित जाति उपयोजना ( सबस्कीम ) योजना (5171 ) -विशेष न्यायालयों की स्थापना-31- व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां की उपमद - 003 - अभिभाषकों को फीस के अंतर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया जायेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, संतोष प्रसाद शुक्ल, अतिरिक्त सचिव.
231
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 16 जनवरी 2020
क्र. 138-3305-2019- पचास- 2.- किशोर न्याय ( बालकों की देख- रेख और संरक्षण ) अधिनियम , 2015 (2016 का सं. 02 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) तथा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , नीचे दी गई अनुसूची के कॉलम (2 ) में यथाविनिर्दिष्ट किशोर न्याय बोर्ड में, कॉलम ( 3 ) में यथाविनिर्दिष्ट जिले के लिये उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे बोर्ड को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा कर्तव्यों का निर्वहन करने के प्रयोजनों के लिए, कॉलम ( 4 ) में यथाविनिर्दिष्ट न्यायिक अधिकारी को प्रधान मजिस्ट्रेट के रूप में पदांकित करता है, अर्थात्: -
अनुसूची
जिला का नाम
क्र.
किशोर न्याय बोर्ड और उसका मुख्यालय
(3) (2)
(1)
सागर 1
सागर
सीहोर 2
सीहोर
उज्जैन 3
उज्जैन
प्रधान मजिस्ट्रेट का नाम एवं पदनाम
(4)
सुश्री स्वाती बजाज, JMFC , Sagar
सुश्री रिनी खान , JMFC , Sehore
श्रीमती नताशा शेख पटेल, JMFC, Ujjain No. 139-3305-2019 - L- 2 . In exercise of the powers conferred by sub - section (1 ) and (2 ) of Section 4 of the Juvenile Justice ( Care & Protection of Children ) Act , 2015 (No. 02 of 2016) , the State Government hereby designates Judicial Officers as specified in column no . (4) as the Principal Magistrate in the following Juvenile Justice Board as specified in the column (2) of the Schedule below for the District as specified in column (3) thereof for the purpose of exercising of the powers and discharging the duties conferred on such Board under the said Act , namely :-
SCHEDULE
Name of the Principal Magistrate &Designation (4)
Name of the
District
(3)
S.No. Name of the Juvenile Justice Board & its Head Quarter (1) (2)
1
Sagar Sagar
Sehore Sehore
2
3
Ujjain Ujjain
Sushree Swati Bajaj , JMFC , Sagar
Sushree Rini Khan , JMFC , Sehore Smt. Natasha Shaikh Patel , JMFC , Ujjain मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पी. के. ठाकुर, उपसचिव.
नगरीय विकास एवं आवास विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 21 जनवरी 2020
सूचना
क्र. एफ -3-04-2020-अठारह 5.-मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) की धारा 23 " क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा , संचालक नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल की सूचना क्रमांक 6250-04-टीसी- 308- सतना- नग्रानि-2018 , दिनांक 17 अक्टूबर 2019 द्वारा प्रस्तावित किये गये अनुसार प्रवर्तित सतना विकास योजना 2021 में निम्नानुसार उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं :-
अनुसूची
खसरा क्र .
ग्राम
क्रमांक
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
(4)
(3)
(1)
(2)
6.402
38/1
1
सोनोरा, तहसील रघुराजनगर, जिला
सतना.
कुल रकबा.. 6.402 उपरोक्त उपांतरण सतना विकास योजना , 2021 का एकीकृत भाग होगा.
विकास योजना में उपांतरण पश्चात् उपांतरित भू- उपयोग निर्दिष्ट भू- उपयोग (5)
(6) आवासीय एवं मार्ग ( प्रधानमंत्री आवास योजना) .
प्रस्तावित वनस्पति उद्यान एवं मार्ग.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
शुभाशीष बैनर्जी, उपसचिव.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
232
नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
सूचना
भोपाल, दिनांक 20 जनवरी 2020
क्र. एफ - 3-07-2019- अठारह 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 ( क्रमांक 23 , सन् 1973 ) की धारा 19 की उपधारा (4 ) के अधीन एतद्वारा सूचना दी जाती है कि राज्य सरकार द्वारा खरगोन निवेश क्षेत्र के लिये विकास योजना, 2031 मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 19 ( 1 ) में अनुमोदित की गई है, तथा योजना की प्रति का निम्नलिखित कार्यालयों में कार्यालय समय के दौरान निरीक्षण किया जा सकेगा, अर्थात्:-
1. आयुक्त संभाग , इन्दौर, मध्यप्रदेश
2. कलेक्टर खरगोन, मध्यप्रदेश
3. सहायक संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय खरगोन, मध्यप्रदेश.
4. मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका परिषद्, खरगोन , मध्यप्रदेश.
(2 ) यह विकास योजना मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश , अधिनियम, 1973 की धारा 19 की उपधारा ( 5 ) के प्रावधान अनुसार राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवर्तित होगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शुभाशीष बैनर्जी, उपसचिव.
भोपाल , दिनांक 20 जनवरी 2020
क्र.एफ- 03-07-2019- अठारह- 5.- भारत के संविधान केअनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में नगरीय विकास एवं आवास की सूचना क्रमांक- एफ- 3-07-2019-अठारह 5, दिनांक 20 जनवरी 2020का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, शुभाशीष बैनर्जी, उपसचिव.
NOTICE
Bhopal the 20th January 2020
No.F -3-07-2019-XVIII- 5.-Notice under Section 19(4) of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam, 1973 is hereby given that the State Government has approved the Development Plan for , Khargone (Planning Area) 2031 under sub - section ( 1 ) of Section 19 of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam , 1973 ( No. 23 of 1973) , and a copy of the said planmay be inspected at the following offices during office hours , namely :-
1. Commissioner , Indore Division , Indore Madhya Pradesh .
2. Collector , District Khargone , Madhya Pradesh.
3. Assistant Director, Town & Country Planning , District Officer Khargone , Madhya Pradesh .
4. C. M. O. Municipal Council , Khargone , Madhya Pradesh .
(2) The said development plan shall come into operation with effect from the date of publication of this notice in Madhya Pradesh , Gazette under section 19 (5 ) of Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam, 1973 .
By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh , SHUBHASHISH BANERJEE , Dy. Secy.
संस्कृति विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 7 जनवरी 2020
क्र. एफ- 11-11-2019- तीस. - राज्य शासन की यह राय है कि नीचे दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट किये गये प्राचीन स्मारक, पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष को विनष्ट किये जाने, क्षतिग्रस्त किये जाने , परिवर्तित किये जाने, विरूपित किये जाने , हटाये जाने, तितर - बितर किये जाने या उनका अपक्षय होने से संरक्षित करना आवश्यक है.
2. अतएव मध्यप्रदेश एन्शीयेन्ट मान्युमेन्टस एण्ड आक्र्योलॉजीकल साईट्स एण्ड रिमेन्स एक्ट, 1964 ( क्रमांक 12 सन् 1964 ) की धारा 3 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य शासन, एतद्वारा, दो माह पश्चात् उक्त प्राचीन स्मारक को राज्य संरक्षित स्मारक के रूप में घोषित करने के अपने आशय की सूचना देता है.
233
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
3. किसी भी ऐसी आपत्ति पर, जो इस संबंध में उक्त प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष में हित रखने वाले किसी व्यक्ति से इस सूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से एक माह की कालावधि समाप्त होने के पूर्व प्राप्त हो, राज्य शासन द्वारा विचार किया जाएगा :-
अनुसूची
जिला तहसील
राज्य
स्थानीय क्षेत्र का नाम
स्मारक का नाम
(5)
(4) (1)
(2)
खरगोन
(3) महेश्वर पिपल्या मध्यप्रदेश
क्षेत्रफल स्वामित्व धार्मिक पूजा के अधीन है अथवा नहीं.
राजस्व का क्षेत्र जो संरक्षण के अधीन है
(9)
(8)
(6)
(7)
36/1
म. प्र. शासन
प्राचीन बावड़ी
(समस पूरा भाता).
चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 14 जनवरी 2020
15*50 हे.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, पदमरेखा ढोले , अवर सचिव.
क्र. एफ - 2-33-2019-1- पचपन.- राज्य शासन, एतद्वारा , डॉ. त्रिभुवन नाथ दुबे , प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष, मेडिसिन विभाग , गांधी चिकित्सा महाविद्यालय , भोपाल को कुलपति, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय , जबलपुर के पद पर इनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष की कालावधि अथवा 70 वर्ष की आयु जो भी पूर्वतर हो, के लिये अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ किया जाता है.
2. प्रतिनियुक्ति की सेवा शर्तें कुलपति, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय , जबलपुर द्वारा पृथक् से जारी की जावेगी .
विभाग प्रमुखों के आदेश कार्यालय , कलेक्टर, जिला बैतूल , मध्यप्रदेश बैतूल, दिनांक 8 जनवरी 2020
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, सोमेश मिश्र , उपसचिव.
क्रमांक 139-88- स्था-272.- मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल की अधिसूचना क्र. एफ- 3-4-2014-एक-4, दिनांक 22 नवम्बर 2014 एवं सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग - दो, अनुक्रमांक 4 के नियम 05 के अन्तर्गत प्राधिकृत प्रावधानों के अनुसार मैं, तेजस्वी एस . नायक, कलेक्टर, बैतूल, वर्ष 2020 में बैतूल जिले के लिए निम्न तिथियों को स्थानीय अवकाश घोषित करता हूं:-
दिनांक त्यौहार का नाम
क्रमांक
(3) (1)
(2)
1 माँ ताप्ती जन्मोत्सव
2
27 जून 2020 01 सितम्बर 2020 अनंत चतुर्दशी
2. उपरोक्त अवकाश कोषालय/उपकोषालय पर लागू नहीं होंगे .
दिन (4) शनिवार मंगलवार
रिमार्क (5) सम्पूर्ण जिला सम्पूर्ण जिला
3. जिले हेतु स्वीकृत शेष एक स्थानीय अवकाश पृथक् से घोषित किया जावेगा.
तेजस्वी एस. नायक, कलेक्टर.
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
234
कार्यालय, परिसमापक एवं सहकारिता विस्तार अधिकारी, विकासखण्ड बैहर
सूचना पत्र
क्र. परि. 2020-22
बालाघाट, दिनांक 14 जनवरी 2020 म.प्र.सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 69 (1 ) के तहत निम्नलिखित सहकारी समितियों को दर्शाये गये आदेश क्रमांक एवं दिनांक के अनुसार उप पंजीयक सहकारी संस्थायें बालाघाट द्वारा परिसमापन में लाया जाकर विधान की धारा 70 (1 ) के तहत सहकारिता विस्तार अधिकारी विकास खंड बैहर को परिसमापक नियुक्त किया गया है ।
पंजीयन क्रमांक व दिनांक
परिसमापनाधीन समितियों का नाम
क्र.
परिसमापन आदेश क्रमांक व दिनांक
975/27.7 2013
659/31.03.2005
1 दुग्ध सहकारी समिति मर्या० परसाटोला
980/27.7.2013
714/20.01.209
2 दुग्ध सहकारी समिति मर्या० बिजौरा
974/27.7.2013
657/31.3.2005
3 महिला दुग्ध सहकारी समिति मर्या ० पौंडी
960/29.7.2015
478/31.10.1992
दुग्ध सहकारी समिति गर्यो ० मेंढकी
1022/4.7.2016
763/27.11.2011
5 दुग्ध सहकारी समिति मर्या० हर्सनाला
946/29.7.2015
6
869/10.12.2013
आदिम जाति श्रमठेका सह०समिति गर्या० बैहर
1020/4.7.2016
776/12.03.2012
7 मां बंजारी श्रम ठेका सेवा सहकारी समिति मर्या० गढी (खजरी)
1019/4.7.2016
778/16.3.2012
8 सांई श्रम ठेका सहकारी समिति मर्या० नेवरगांव
962/29.7.2015
9
675/ 27.5.2006
शिवग ग्रामीण महिला बहुउददेश्यीय सहकारी समिति मर्या० भंडेरी
1018/4.7.2016
831/10.12.2013
गं नर्मदा बीज सह० समिति मर्या० खोलवया
10
968/8.7.2019
790/21.05.2012
किसान सेवा साख सहकारी समिति गर्या० बैहर
11
अतः मैं एम०के ०मानेश्वर, परिसमापक एवं सहारिता विस्तार अधिकारी विकास खंड बैहर, जिला बालाघाट , म.प्र . सहकारी सोसायटी अधिनियम (नियम ) 57 (सी/ ग) के अंतर्गत इस सूचना की जरिये उक्त सहकारी समितियों के समस्त सदस्यों एवं सभी संबंधितों को सूचित करता हूं कि जो भी उनकी लेनदारी एवं देनदारी उक्त सहकारी समितियों से शेष निकलती हो तो उनके दावे इस सूचना के प्रकाशन से दो माह के भीतर मेरे समक्ष कार्यालय जनपद पंचायत बैहर में कार्यालयीन दिवस एवं समय पर प्रस्तुत करें। प्रवास की स्थिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बैहर /कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्थायें बालाघाट के माध्यम से प्रस्तुत किया जावे । प्रकाशन की सूचना जारी दिनांक से 60 दिन की अवधि समाप्त हो जाने के पश्चात प्राप्त होने वाले कोई भी दावे मान्य नहीं होंगे तथा अग्रिम कार्यवाही कर समिति का पंजीयन निरस्त करने बाबत् अंतिम प्रतिवेदन श्रीमान उप पंजीयक सहकारी संस्थायें बालाघाट को प्रस्तुत कर दिया जावेगा । साथ ही यह भी सूचित किया जाता है कि उपरोक्त सभी सहकारी संस्थाओं से संबंधित कोई भी प्रभार, अभिलेख एवं जखीरा, स्टाक (सम्पत्तिया) इत्यादि किसी भी व्यक्ति के पास हो तो वह भी मुझे कार्यालय जनपद पंचायत बैहर में कार्यालयीन समय व दिनांक में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें । उक्त अवधि के पश्चात उपरोक्त सहकारी समितियों को कोई भी प्रभार, अभिलेख , जखीरा स्टाक (सम्पल्ली) आदि किसी के पास पाया जाता हैहै तो उसके लिए की जाने वाली कानूनी कार्यवाही के परिणामों के लिए वह व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा।
)
यह सूचना आज दिनांक 14.01.2020 को मेरे हस्ताक्षर से जारी किया गया । 235
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
क्र. परि. 2020-23
म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 69 (1 ) के तहत निम्नलिखित सहकारी समितियों को दर्शाये गये आदेश क्रमांक एवं दिनांक के अनुसार उप पंजीयक सहकारी संस्थायें बालाघाट द्वारा परिसमापन में लाया जाकर विधान की धारा 70 (1 ) के तहत सहकारिता विस्तार अधिकारी विकास खंड बिरसा को परिसमापक नियुक्त किया गया है ।
परिसमापन आदेश क्रमांक व
पंजीयन क्रमांक व दिनांक
परिसमापनाधीन समितियों का नाम
क्र.
दिनांक
950/29.7.2015
863/10.12.13
1 ज्न कल्याण कामगार कारीगर सहकारी समिति मर्या० भूतना
952/29.7.2015
2
821 / 20.01.209
वसुंधरा कृषि उद्यानिकी उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति मर्या ० पीपरटोला
1017/04.07.2016
773 /28.2.2012
3
गोंडवाना बीज उत्पादक सहकारी समिति मर्या० कंटगी (मलाजखंड)
960/29.7.2015
4
664/ 25.6.2005
जगदम्बा महिला बहुउददेश्यीय सहकारी समिति गर्या० गोदरीटोला
अतः मैं एग० के ० मानेश्वर, परिसमापक एवं सहारिता विस्तार अधिकारी विकास खंड. बिरसा, जिला बालाघाट, म.प्र. सहकारी सोसायटी अधिनियम (नियम ) 57 (सी/ ग ) के अंतर्गत इस सूचना की जरिये उक्त सहकारी समितियों के समस्त सदस्यों एवं सभी संबंधितों को सूचित करता हूं कि जो भी उनकी लेनदारी एवं देनदारी उक्त सहकारी समितियों से शेष निकलती हो तो उनके दावे इस सूचना के प्रकाशन से दो माह के भीतर मेरे समक्ष कार्यालय जनपद पंचायत बिरसा में कार्यालयीन दिवस एवं समय पर प्रस्तुत करें । प्रवास की स्थिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिरसा / कार्यालय उप पंजीयक सहकारी संस्थायें बालाघाट के माध्यम से प्रस्तुत किया जावे । प्रकाशन की सूचना जारी दिनांक से 60 दिन की अवधि समाप्त हो जाने के पश्चात प्राप्त होने वाले कोई भी दावे मान्य नहीं होंगे तथा अग्रिम कार्यवाही कर समिति का पंजीयन निरस्त करने बाबत् अंतिम प्रतिवेदन श्रीमान उप पंजीयक सहकारी संस्थायें बालाघाट को प्रस्तुत कर दिया जावेगा । साथ ही यह भी सूचित किया जाता है कि उपरोक्त सभी सहकारी सस्थाओं से संबंधित कोई भी प्रभार, अभिलेख एवं जखीरा , स्टाक (सम्पत्तियां) इत्यादि किसी भी व्यक्ति के पास हो तो वह भी मुझे कार्यालय जनपद पंचायत बैहर में कार्यालयीन समय व दिनांक में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें । उक्त अवधि के पश्चात उपरोक्त सहकारी समितियों को कोई भी प्रभार , अभिलेख, जखीरा स्टाक (सम्पत्ती) आदि किसी के पास पाया जाता है तो उसके लिए की जाने वाली कानूनी कार्यवाही के परिणामों के लिए वह व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होगा।
यह सूचना आज दिनांक 14.01.2020 को मेरे हस्ताक्षर से जारी किया गया ।
एम. के. मानेश्वर, परिसमापक एवं सहकारिता विस्तार अधिकारी.
[ भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
236
कार्यालय , प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मध्यप्रदेश
मानव संसाधन विकास, प्रथम तल , सतपुड़ा भवन, भोपाल
विभागीय परीक्षा प्रकोष्ठ
भोपाल, दिनांक 16 जनवरी 2019
सामान्य प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक एफ-10-1/ 2015/ 1/9 दिनांक 27.03.2015 के परिपेक्ष्य में सहायक वन संरक्षक एवं वनक्षेत्रपालों के लिये विभागीय परीक्षा दिनांक 29 , 30, 31 , जुलाई 2019 एवं 01 अगस्त 2019 की अवधि में आयोजित की गई, जिसमें वनक्षेत्रपाल/उपवनक्षेत्रपाल के लिये दिनांक 29.07.2019 को प्रथम- प्रक्रिया, दिनांक 30.07.2019 को द्वितीय- लेखा , दिनांक 31.07.2019 को तृतीय - सामान्य विधि विषयों पर सम्पन्न हुई थी, में सम्मिलित निम्न वनक्षेत्रपाल एवं उपवनक्षेत्रपालों को परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण घोषित किया जाता है:-
//वनक्षेत्रपाल परीक्षा परिणाम//
क्रं. परीक्षार्थी का नाम पद
परीक्षा विषय (जिसमें उत्तीर्ण हुए हैं)
भोपाल संभाग
1 श्री रणधीर सिंह मीना 2 श्री कृष्ण मोहन शर्मा 3 श्री दिनेश सिंह खंगार 4 श्री छगन सिंह भिलाला 5 कु. समीक्षा सिसोदिया 6 श्री घनश्याम बामनगया 7 श्री देवकरण भिलाला 8 श्री द्वारका प्रसाद तेकाम 9 श्री शिवकुमार चौहान 10 श्री सुरेश कुमार शर्मा 11 श्री रामनारायण बारसे 12 श्री भगवान सिंह कीर 13 श्री पी.सी. शर्मा
14 श्री चन्दर सिंह भिलाला 15 श्री ओ.पी. गोंदिया 16 श्री दिनेश जोशी
17 श्री के.एल. त्रिपालिया 18 श्री विनोद तिवारी 19 श्री प्रकाशचन्द्र उईके 20 श्री शंकरलाल बरेठा 21 श्री हरजीत सिंह मीना 22 श्री प्रकाश मेहरा
23 श्री वीरेन्द्र बिसोरिया 24 श्री परसराम मदनकर 25 श्री विकास कुमार सुलिया 26 श्री रेवसिंह डाबर
27 श्री धर्मेन्द्र शर्मा
28 श्री पंकज कुमार शर्मा उपवनक्षेत्रपाल प्रथम- प्रक्रिया द्वितीय-लेखा तृतीय- सामान्य विधि उपवनक्षेत्रपाल प्रथम- प्रक्रिया द्वितीय-लेखा तृतीय सामान्य विधि प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय- लेखा तृतीय- सामान्य विधि प्रथम - प्रक्रिया
प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि उपवनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
द्वितीय- लेखा तृतीय- सामान्य विधि प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा तृतीय- सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
प्रथम- प्रक्रिया द्वितीय-लेखा
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा तृतीय- सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया 237 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
29 श्री नरेश कुमार ककोड़िया 30 श्री अमित कुमार साहू 31 श्री सचिन कुमार गुप्ता 32 श्री प्रिवेश बराडे
33 सुश्री दीप्ति गढपाले 34 श्री विजय कुमार बारस्कर 35 श्री संजय कुमार आर्य 36 श्री धीरसिंह मवासे 37 श्री नाथूराम अखण्डे 38 श्री कैलाश कुमार बटके 39 श्री फत्तेसिंह उईके 40 श्री नामदेव सिंह कवडे 41 श्री अम्मूसिंह कास्दे 42 श्री ज्ञानसिंह उईके 43 श्री जितेन्द्र बंसल
44 कु. रीतिका यादव
45 श्री विवेक चौधरी
46 कुमारी विनिता सूर्यवंशी 47 कुमारी साधना चौहान 48 श्री घनश्याम मांझी
49 श्री दिलीप सिंह भलावी 50 श्री राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव 51 श्री गयाप्रसाद त्रिपाठी 52 श्री बडगूलाल उइके 53 श्री डी.एन.राजनकर 54 श्री लालजी उइके
55 श्री डी.के. मराठा
56 कुः प्रियंका बाथम
57 श्री प्रतीक श्रीवास्तव 58 श्रीनितिन साहू
59 श्री कमल सिंह चौहान 60 श्री प्यारेलाल डोयरे
61 श्री सुरेशचन्द्र गोस्वामी 62 श्री भगवतीप्रसाद श्रीवास्तव 63 श्री मुकेश डुडवे
64 श्री राहुल कुमार उपाध्याय 65 श्री हीरालाल पटेल
66 श्री तिलक सिंह रायपुरिया 67 श्री निखलेख शर्मा
68
कु. सुमन परमार
69 श्री संतोष कुमार श्रीवास्तव 70 श्री लखनसिंह ठाकुर 71 श्री विनोद कुमार राय वनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय - लेखा तृतीय सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय- लेखा तृतीय सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया
द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- द्वितीय- लेखा
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
उपवनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखां
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
उपवनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा तृतीय- सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल
प्रथम- प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेंखा
प्रथम- प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीयं-लेखा
वनक्षेत्रपाल
प्रथम- प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
238
72
उपवनक्षेत्रपाल श्री महेशप्रसाद अहिरवार
73
वनक्षेत्रपाल श्री नवल सिंह चौहान
74
वनक्षेत्रपाल श्री हरिप्रसाद पाल
75
उपवनक्षेत्रपाल श्री कैलाशचन्द्र उइके
76
उपवनक्षेत्रपाल श्री अवधनारायण इवने
77
वनक्षेत्रपाल श्री शेख हबीब खान
78
वनक्षेत्रपाल श्री जयराम प्रभाकर
79
उपवनक्षेत्रपाल श्री आर. के . उपाध्याय
80
वनक्षेत्रपाल श्रीमती स्मृति दुबे तिवारी
प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय- लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय- लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय-लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
ग्वालियर संभाग
81
वनक्षेत्रपाल श्री बृजेन्द्र कुमार विश्वकर्मा
82
वनक्षेत्रपाल श्री बृजेश धुर्वे
83
उपवनक्षेत्रपाल श्री अजय बाजपेयी
84 श्री कैशलेन्द्र प्रसाद पाण्डेय उपवनक्षेत्रपाल 85
उपवनक्षेत्रपाल श्री मनोज सिंह बघेल
86
उपवनक्षेत्रपाल श्री लाल बाबू तिवारी
87
वनक्षेत्रपाल श्री विन्देश्वर राम भगत
88
वनक्षेत्रपाल श्री दीपक शर्मा
89
वनक्षेत्रपाल श्री राजकुमार सिंह चौहान
90
उपवनक्षेत्रपाल श्री मूलचंद सिरोठिया
91
वनक्षेत्रपाल श्री घनश्यामदास चतुर्वेदी
92
उपवनक्षेत्रपाल श्री वीरेन्द्र सिंह कुशवाह
93
उपवनक्षेत्रपाल श्री राजेन्द्र कुमार सक्सेना
94
उपवनक्षेत्रपाल श्री कैलाश नारायण शर्मा
95
उपवनक्षेत्रपाल श्री एम.पी.शर्मा
96
वनक्षेत्रपाल श्री सुखदेव शर्मा
97
वनक्षेत्रपाल श्री आर.आर. अटल
98
उपवनक्षेत्रपाल श्री सुनील सिंह सेंगर
उपवनक्षेत्रपाल 99 श्री शिवराज सिंह भदौरिया
उपवनक्षेत्रपाल 100 श्री रामकुमार डुमोलिया
वनक्षेत्रपाल 101 श्री राघवेन्द्र सिंह भदौरिया
वनक्षेत्रपाल 102 श्री ऋषभ बिसारिया
वनक्षेत्रपाल 103 कु . कृतिका शुक्ला
वनक्षेत्रपाल 104 श्री किशोर सिंह रघुवंशी
वनक्षेत्रपाल 105 श्री एस.सी. जादम
उपवनक्षेत्रपाल 106 श्री जगदीश प्रसाद चिकावा
उपवनक्षेत्रपाल 107 श्री आशीष समाधिया
उपवनक्षेत्रपाल 108 श्री कल्याण प्रसाद जाटव
उपवनक्षेत्रपाल 109 श्री तुलसीराम चौपड़ा
उपवनक्षेत्रपाल 110 श्री बाबूसिंह परमार
उपवनक्षेत्रपाल 111 श्री लक्ष्मीनारायण शाक्य
उपवनक्षेत्रपाल 112 श्री आनंद सिंह बिष्ठ
उपवनक्षेत्रपाल 113 श्री महाराजसिंह रघुवंशी
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय-लेखा
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय-लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय- लेखा
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय-लेखा
द्वितीय-लेखा
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय- लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
द्वितीय-लेखा
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
द्वितीय-लेखा
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय- लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
द्वितीय-लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय-लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि प्रथम-प्रक्रिया द्वितीय- लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
द्वितीय-लेखा
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया 239 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
श्री अरुण कुमार भार्गव 114
श्री मनोज कुमार सरवैया 115
श्री दिनेश कुमार गोयल 116
117 श्री राजपाल सिंह रघुवंशी 118 श्री रामजी सिंह जादोन श्री महेश कुमार शर्मा 119
120 श्री राधाकिशन धाकड़ श्री गज्जूराम कोली 121
श्री लक्ष्मणप्रसाद जाटव 122
123 श्री मुरारीलाल शर्मा 124 श्री रामचरण अहिरवार श्री नरेश कुमार आदिवासी 125
श्री अशोक गहलोत 126
श्री कुंवरसिंह भिलाला 127
128 श्री धर्मेन्द्र शर्मा
129 श्री वीरेन्द्र सिंह पिरोनिया 130 श्री वीरनारायण शर्मा 131 श्री कैलाश नारायण भील श्री प्रेरणा दुबे
132
133 श्री भूपेन्द्र कुमार वर्मा 134 श्री मोहम्मद औबेदुल्ला 135 श्री रामसिंह यादव
136 श्री कैलाश बामनिया उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
उपवनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा
'प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
इंदौर संभाग
136 कांशीराम पंवार
गजानंद बिरला
137
सुनिल मुजाल्दे
138
139 श्री नीरज शर्मा
श्री सलमान खान
140
141 श्री संजय चौहान
श्री किशोर दशोरे
142
143 श्री शरद जाटव
श्री अभयसिंह तोमर 144
श्री रामप्रसाद चौधरी 145
श्री सुनील कुमार सोमानी 146
श्री विजय कुमार सोनी 147
श्री राजेश तिवारी
148
श्री शीतल सिंह कुशवाह 149
श्री सीताराम अखंडे 150
श्री प्रभाकर गीते
151
श्री दुर्गा नवलसिंह सोलंकी 152
153 श्री लक्ष्मीनारायण शर्मा श्री विनोद तारे
154
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
प्रथम -प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय- लेखा तृतीय- सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया
द्वितीय- लेखा तृतीय- सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
तृतीय- सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया द्वितीय- लेखा
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
तृतीय- सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया द्वितीय- लेखा
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
तृतीय- सामान्य विधि प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
-
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
उपवनक्षेत्रपाल प्रथम-प्रक्रिया
द्वितीय-लेखा
उपवनक्षेत्रपाल [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
240
द्वितीय-लेखा
उपवनक्षेत्रपाल
155 श्री सखाराम सेते
उपवनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
प्रथम - प्रक्रिया
156 श्री श्रीराम पाण्डे
उपवनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि 157 श्री गुलाबचंद चेतमल
वनक्षेत्रपाल
158 श्री छोटेलाल गौर.
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
159 कु. अभिलाषा राव कालवा
उपवनक्षेत्रपाल
160 श्री शारदर प्रसाद वर्मा
वनक्षेत्रपाल
161 श्री धरमसिंह सोलंकी
उपवनक्षेत्रपाल
श्री निर्मल कुमार तिवारी
162
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
श्री आजाद कुमार नागोरिया
163
उपवनक्षेत्रपाल
164 श्री मार्टिन कटारा
जबलपुर संभाग
वनक्षेत्रपाल
165 श्री पदरसराम मदनकार
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल
166 श्री विकास कुमार सुलिया
द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल
167 श्री रेव सिंह डाबर
वनक्षेत्रपाल
168 श्री पंकज शर्मा
वनक्षेत्रपाल
169 श्री नरेश कुमार ककोड़िया
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
170 श्री सीताराम राजुकर
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि 171 श्री हंसराज चौहान
द्वितीय- लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
द्वितीय-लेखा तृतीय - सामान्य विधि
प्रथम-प्रक्रिया
172 श्री गुरुदयाल साहू
-
वनक्षेत्रपाल
173 श्री जगतदास खरे
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
प्रथम- प्रक्रियां
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
सुश्री लतिका तिवारी
174
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
175 श्री बलवंत सिंह केशवाल
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
176 श्री गौरव वनखेड़े
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
वनक्षेत्रपाल
प्रथम-प्रक्रिया
177 श्री बृजभान चर्मकार
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
178 श्री विवेक सिंह
प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
179 श्री मुकेश अहिरवार
वनक्षेत्रपाल
180 श्री जगदीश चन्द्र उइके
वनक्षेत्रपाल
181 श्री छोटेलाल कोल
द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल
182 श्री गुठझ्या प्रसाद चर्मकार
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
183 श्री हर्षित मिश्रा
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
184 कु. कविता रावत
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
श्री रामनरेश साकेत
185
द्वितीय-लेखा
प्रथम- प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
186 श्री रविन्द्र सिंह
तृतीय- सामान्य विधि
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
द्वितीय- लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
187 श्री गौरव वानखेड़े
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु प्रथम-प्रक्रिया
188 श्रीमती बीनू सिंह
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
श्री पवन कुमार ताम्रकार
प्रथम- प्रक्रिया
189
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
वनक्षेत्रपाल
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय- लेखा
190
श्री पंकज दुबे
प्रथम -प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल
191 कु. वैशाली नामदेव
192 श्री पराग सेनानी
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
तृतीय- सामान्य विधि श्री सचिन सिंह
द्वितीय-लेखा
193
प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
कु. संगीता अमलतास
194
तृतीय- सामान्य विधि
द्वितीय-लेखा
वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु
कु. अंजू वर्मा
195
वनक्षेत्रपाल
श्री भजनलाल पाल
196 241
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
वनक्षेत्रपाल 197 श्री दनसी उइके
वनक्षेत्रपाल 198 श्री महेन्द्र कनेश
वनक्षेत्रपाल 199 श्री मोहनलाल आरसे
वनक्षेत्रपाल 200 श्री नीरज बिसेन
उपवनक्षेत्रपाल 201 श्री गोविंद नारायण शुक्ला
वनक्षेत्रपाल 202 सपन ताम्रकार
203 श्री बिजेन्द्र सिंह चौहान
उपवनक्षेत्रपाल
उपवनक्षेत्रपाल 204 श्री गुलवीर सिंह
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया द्वितीय-लेखा
द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
द्वितीय- लेखा तृतीय - सामान्य विधि ست
द्वितीय-लेखा तृतीय- सामान्य विधि द्वितीय-लेखा
प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल 205 श्री अजीत कुमार पाण्डेय
द्वितीय-लेखा तृतीय- सामान्य विधि प्रथम-प्रक्रिया
वनक्षेत्रपाल 206 नेहा घोड़ेश्वर
द्वितीय- लेखा तृतीय - सामान्य विधि प्रथम-प्रक्रिया
उपवनक्षेत्रपाल 207 श्री कैलाश बहादुर श्रीवास्तव
वनक्षेत्रपाल 208 श्री विवेक सिंह पटेल
द्वितीय-लेखा
महेन्द्र यादुवेन्दु, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक.
कार्यालय, कलेक्टर, जिला शाजापुर, मध्यप्रदेश
शाजापुर, दिनांक 15 जनवरी 2020
क्र. सामान्य- 1-2020-481.- मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के अधिसूचना क्रमांक 3-3-1999- एक-4, दिनांक 30 मार्च 1999 द्वारा सामान्य पुस्तक परिपत्र भाग दो के अनुक्रम -4 के नियम-8 अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, मैं, डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत, कलेक्टर, जिला शाजापुर वर्ष 2020 के लिये निम्नानुसार स्थानीय अवकाश घोषित करता हूँ :-
दिनांक (3)
नाम त्यौहार (2)
अ. क्र. (1)
22अगस्त 2020
1
गणेश चतुर्थी
क्षेत्र (5)
वार (4)
शनिवार
संपूर्ण जिला सोमवार
संपूर्ण जिला
26 अक्टूबर 2020
2
दशहरा का दूसरा दिन
16 नवम्बर 2020
3
भाईदूज
सोमवार
संपूर्ण जिला
वीरेन्द्र सिंह रावत, कलेक्टर.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
242
[भाग 1 संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश, भोपाल
" कचनार " ई -5 , पर्यावरण परिसर, अरेरा कालोनी, हबीबगंज पुलिस थाना के पास , भोपाल -462016
भोपाल, दिनांक 23 जनवरी 2020 क्रमांक-472-अमृत- वि.यो.-03- नग्रानि-2019.-
सूचना
एतद् द्वारा यह सूचना दी जाती है कि डबरा निवेश क्षेत्र के लिए विकास योजना का प्रारूप म.प्र नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 (क्र. 23 सन् 1973) की धारा 18 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार निम्नानुसार प्रकाशित किया गया है , इसकी एक प्रति संचालनालय की वेब साइट-
http://www.mptownplan.gov.in/plan_gwalior.html/Amrut.dabra.pdf पर तथा कार्यालयीन समय में निम्नलिखित कार्यालयों में निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं 1. आयुक्त, ग्वालियर संभाग, ग्वालियर
2. जिला कलेक्टर, ग्वालियर
3. मुख्य नगर पालिका अधिकारी , नगर पालिका परिषद, डबरा
4. संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश , जिला कार्यालय ग्वालियर, म.प्र.
यदि कोई आपत्ति या सुझाव प्रारूप विकास योजना के संबंध में हों , उसे लिखित रूप में संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, जिला कार्यालय , डबरा में इस सूचना के म. प्र . राजपत्र में प्रकाशित होने के दिनांक से 30 दिन की अवधि का अवसान होने के पूर्व, सम्यक विचार हेतु प्रस्तुत किया जा सकता है ।
स्वतंत्र कुमार सिंह, संचालक.
243
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
No-472-Amrut- D.P. -03 -TCP - 2019.-
Bhopal , the 23rd January 2020
NOTICE
Notice is hereby given that the Draft Development Plan for Dabra Planning area has been published as under in accordance with the provisions of sub- section [ 1 ] of Section 18 of the Madhya Pradesh Nagar Tatha Gram Nivesh Adhiniyam , 1973 ( No.23 of 1973) , a copy thereof is available for inspection on Directorate's website http://www.mptownplan.gov.in/plan_gwalior.html/Amrut.dabra.pdf and at following offices during office hours namely -
1- Commissioner, Gwalior Division , Gwalior
2- Collector, District- Gwalior
3- ChiefMunicipal officer, Nagar Palika Parishad , Dabra
4- Joint Director, Town and Country Planning, District office, Gwalior
If there be any objection or suggestion with respect to the said Draft Plan , the same may be submitted in writing to the Joint Director, Town and Country Planning , Gwalior or mail on Email - id obj - sugg- [email protected], before the expiry of thirty days from the date of publication of this notice in the Madhya Pradesh Gazette for due consideration .
SWATANTRA KUMAR SINGH , Director .
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
244
[भाग 1
अमृत M onfor Rejuvenation and UrbanTransformation
डबरा विकास योजना -2031 (प्रारूप)
SULTA
EYAYAL
To Chinor
GEDOLKA
SIROHI
BAROTHA
संचालनालय , नगर तथा ग्राम निवेश, मध्यप्रदेश 245
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
अध्याय-1
नियोजन दृष्टिकोण एवं कार्यप्रणाली भूमि, सम्पूर्ण पर्यावरण का एक घटक है एवं मानव बस्तियां बसाने हेतु भूमि की आवश्यकता होती है । जिस भूमि पर नगर की बसाहट है, उसका संलग्न भूमि पर हुआ प्रभाव , जो भूमि उपयोग परिवर्तन के फलस्वरूप होता है, इस बात का प्रमाण है कि पर्यावरण के इस महत्वपूर्ण घटक, अर्थात भूमि का उपयोग मानव सभ्यता द्वारा नियोजित दृष्टिकोण से किया है अथवा नही । नगरीय क्षेत्र के अध्ययन एवं विशलेषण से स्पष्ट है कि, द्रुतगति से एवं नियोजन सिद्धांतों के विपरित नगरीय क्षेत्र का बेतरतीब फैलाव , जनसंख्या वृद्धि का दबाव इसका मुख्य कारण है । जिसके फलस्वरूप .. अधोसंरचना सुविधाओं में कमी आयी है । डबरा नगर मध्यम श्रेणी के प्रमुख नगर के रूप में तेजी से उभर रहा है । इसकी विकास योजना के पुनर्विलोकन की आवश्यकता है ।
अतः पर्यावरण की दृष्टि से नगर नियोजन , भूमि का उपयोग सुसंगत आधार पर किया जाना चाहिये । उपरोक्त संदर्भ में नगर की विकास योजना के पुनरीक्षण के समय आवश्कता अनुसार संशोधन , जनसंख्या वृद्धि तथा नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने की दृष्टि से किया जाता है ।
डबरा नगर कृषि प्रधान ग्रामीण क्षेत्रों से घिरा हुआ है, जिसमें मुख्यतः कृषि उपजों का व्यापार होता है इस प्रकार डबरा एक प्रमुख व्यापारिक केन्द्र है । यहां की मुख्य फसलों में गेहूँ, चना, गन्ना, सोयाबीन आदि हैं, जिसे आस - पास के क्षेत्रों से डबरा नगर की कृषि उपज मण्डी में विक्रय हेतु लाई जाती है । यहाँ से कृषि उपज , इन्दौर, ग्वालियर एवं अन्य नगरों को भेजी जाती हैं । यह नगर सेन्ट्रल रेल्वे लाईन पर स्थित होने से इस नगर का महत्व अधिक है । यह सड़क मार्ग से अन्य नगरों से जुड़ा हुआ है । विकास योजना में नगर के बढ़ते हुये क्षेत्रीय महत्व को ध्यान में रखते हुये इसकी वृद्धि की दिशा तथा विकास हेतु क्षेत्र का निर्धारण प्रस्तावित है । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
246
भारत सरकार आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा " Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " (AMRUT) योजना की शुरूआत जून 2015 में राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में देश के सभी शहरों में परिवारों को बुनियादी सेवायें अर्थात जल-आपूर्ति, सीवरेज कनेक्शन, बिजली, शहरी परिवहन, हरित क्षेत्र इत्यादि मुहैया कराने एवं सुख - सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से अद्योसंरचना का सृजन करना है , जिससे विशेषतया गरीबों और वंचितों सभी के जीवन स्तर में सुधार होगा । इस योजना की उपयोजना के अन्तर्गत मध्य प्रदेश के चयनित 34 शहरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन (रिमोट सेसिंग ) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई. एस. तकनीकी) का उपयोग कर, विकास योजना तैयार करने हेतु मापदण्ड (Design & Standards ) दिये गये है ।
विकास योजनाऐं तैयार करने हेतु सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग ) एवं भौगोलिक सूचना पद्धति (जी.आई.एस. तकनीक) का महत्वपूर्ण योगदान है । इन पद्धतियों से भूमि उपयोग , सर्वेक्षण तथा विभिन्न प्रकार के आकड़ों का संकलन तथा विश्लेषण कम समय में, विश्वसनीय एवं वैज्ञानिक तरीके से किया जा सकता है एवं भावी नियोजन हेतु विभिन्न प्रकार के विकल्प उपलब्ध कराये जा सकते हैं । इसके आधार पर नियोजकों को सर्वश्रेष्ठ विकल्प का चयन कर भावी विकास हेतु भूमि उपयोगों को प्रस्तावित करने में तथा विकास मापदण्डों को निर्धारित करने में आसानी होती है । 1.1 नियोजन हेतु प्रयास
नगर के सुनियोजित एवं समन्वित विकास के लिये प्रथम विकास योजना वर्ष 2008 में तैयार की जाकर 2010 से प्रभावशाली की गई थी, जिसमें वर्ष 2021 की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये नियोजन प्रस्ताव दिये गये थे । उक्त विकास योजना अवधि में हुये अधोसंरचना विकास एवं जनसंख्या वृद्धि के परिप्रेक्ष्य में 2021 की विकास योजना के पुर्नविलोकन एवं उपांतरण की आवश्यकता है । अतः डबरा निवेश क्षेत्र की उपांतरित विकास योजना 2031 हेतु तैयार की गई है । विकास योजना (प्रारूप) -2031 तैयार करने हेतु, स्थानीय जन प्रतिनिधि एवं शासकीय विभागों के 247
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
माध्यम से प्राप्त आपत्ति/ सुझाव प्राप्त कर , उक्त का गुणदोष के आधार पर विकास योजना में समावेश किया गया है ।
विकास योजना में निहित प्रस्तावों के अंतर्गत नगर का विस्तार, विकास योजना, क्रियान्वयन की पद्धति जो नागरिकों के सक्रिय सहभागिता पर आधारित है, एवं नियोजित विकास प्रक्रिया को समाहित किया गया है । विकास योजना में अन्य विभागों के स्वीकृत विकास के प्रस्तावों को भी समायोजित किया गया है । क्रियान्वयन की दृष्टि से, विशिष्टता के आधार पर यह प्रस्ताव है कि भूमि के बड़े भू- भाग को विस्तृत किया जावें ताकि नागरिकों को सार्वजनिक सेवा एवं सुविधाऐं उपलब्ध हो ।
1.2 नियोजन प्रस्ताव
नियोजन की अवधारणा में समयानुसार बदलाव आया है एवं विकास योजना तैयार करना, अब संतुलित विकास पर केन्द्रित है । डबरा विकास योजना तैयार करते समय अमृत योजना की रूपरेखा एवं मानकों के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक आकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण कर प्रस्ताव किये गये है । डबरा विकास योजना 2031 में निम्न उद्देश्यों/ लक्ष्यों को ध्यान में रखा गया है:-
1. भूमि का समुचित एवं सक्षम उपयोग,
2. कुशल यातायात प्रणाली का विकास, जिससे नागरिक एवं तीर्थयात्री अपनी यात्रा सुरक्षित एवं द्रुतगति से कर सकें,
3. नगरीय गतिविधियों से सामंजस्य पूर्ण, वाणिज्यिक उपयोग हेतु भूमि का प्रावधान,
4. मूलभूत सेवा सुविधाओं का विकास,
5. प्राकृतिक भू- दृश्यीकरण एवं पर्यावरण संरक्षण ,
6. असंगत एवं अकार्यक्षम गतिविधियों का स्थानांतरण तथा रिक्त भूमि का विकास , 7. वाहन विराम स्थलों के प्रावधान,
8. आपदा प्रबंधन हेतु सुझाव । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
248
1.3 अमृत मानकों के अनुसार विकास योजना तैयार करने में सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग :-
1.3.1 अमृत योजना
भारत सरकार द्वारा " Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation " (AMRUT) योजना की उपयोजना के अन्तर्गत देश के 500 चयनित शहरों की विकास योजना में सुदूर संवेदन तकनीक एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करना सुनिश्चित किया गया है । इन 500 शहरों में मध्य - प्रदेश के 34 शहरों का चयन किया गया है जिसमें एक डबरा शहर भी सम्मिलित है । इस योजना के मुख्य उद्देश्य है-
भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग करते हुए भूमि उपयोग मानचित्र एवं जियोरिफरेंस कर आधार मानचित्र तैयार करना ।
अमृत योजना के अन्तर्गत चयनित शहरों की जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करना ।
1.3.2 सुदूर संवेदन
इस तकनीक के अंतर्गत भारतीय सुदूर संवेदन केन्द्र से प्राप्त वर्ल्ड व्यू- II (World View) उच्च आवर्धन उपगृह चित्रों का उपयोग , थीमेटिक मानचित्र तैयार करने हेतु किया गया है । उपग्रह चित्रों का उपयोग अमृत योजना के अन्तर्गत आधार मानचित्र 1: 4000 पैमाने पर तैयार करने हेतु किया गया । अमृत योजना में उपग्रह चित्रों के मानक, सारणी क्रमांक 1 - सा -1 में दर्शाये गये हैं ।
Table 1 - सा-1 Image Standards
Remarks
Value
Description
S. No
0.5 metres or Better
1 Spatial Resolution
2
IR band is optional
PAN Sharpened
Spectral Resolution
(Bands : Panchromatic , Red , Green , Blue and Near Infrared ) 249
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
Less than1/4th of pixel size
3
Band registration to Band
10 bit or better
4 Radiometry
5
Nearest Neighbourhood
Image Resampling
6
Plain Areas : Monoscopic
Highly Hilly areas : Stereoscopic
a. Monoscopic/Stere oscopic
Need Stereoscopic to be reviewed case by of case. If the city is terrain built on slope more than 15 degrees .
Less than 10 degree from nadir
b. Monoscopic data View angle
In specific cases , maximum upto 15 degrees view angle shall be allowed c. Stereoscopic
Base Height (B /H ) ratio: to 0.6< B /H< 0.8
One of the stereo image view angle should be less than 10 degrees from nadir
7 Product type
Ortho - kit data with RPCs
Image data should be associated with corresponding Rational Polynomial Coefficients ( RPCs )
Format:
1. image data : Geo- tiff
1.3.3 भौगोलिक सूचना प्रणाली
यह प्रणाली कम्प्यूटराईज पद्धति से सभी भौगोलिक जानकारियों को संयुक्त रूप से उपलब्ध कराती है, जिसका वैज्ञानिक विश्लेषण संभव है । भौगोलिक सूचना प्रणाली, प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण के व्यवस्थापन, एवं क्षेत्रीय योजना प्रस्ताव एवं अन्य भौगोलिक संदर्भ में निर्णय लेने में उपयोगी है । अमृत योजना में विभिन्न स्पेशियल लेयर्स ( spatial layers ) को क्लास एवं सब- क्लास (classes and sub classes ) में विभाजित किया गया है । इनका उपयोग विकास योजना तैयार करनें में किया गया है, जो कि सारणी क्रमांक 1 - सा -2 में दर्शाया गया है । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
250
Table- 1- सा-2 GEO Spatial Data Content Standards
Classification based on Use & Attributes Spatial Layers
SI . No
Source for Spatial datageneration
Classes
Sub Classes
3
16 I
Baselayers
Very High Resolution satellite data
1. Roads
2. Bridges
3. Water bodies
48
22
II Urban Land Use/Land cover Very High Resolution satellite data
46
16
III Building Footprints
Very High Resolution satellite data
1
1
IV
CARTO DEM – NRSC , ISRO
Digital Elevation Model (DEM) Type : Digital Terrain Model (DTM)
1
V Cadastral Layer
State Revenue Department
VI Boundaries
1
1 1. Planning boundaries
Town & Country Plannimg
1
1
Urban Local Bodies
2. Municipal Boundaries
1
3. Hazard Prone Areas
Department of Seismology
1.4 अध्ययन क्षेत्र एवं स्थिति
डबरा नगर, ग्वालियर जिले के अंतर्गत एक प्रमुख तहसील मुख्यालय है । यह, म०प्र० राज्य के उत्तरी भाग में 25 °53 ' उत्तरी अक्षांश तथा 78 °20 ' पूर्वी देशांश के बीच झांसी - ग्वालियर सेन्ट्रल रेल्वे लाइन पर स्थित है । यह नगर ग्वालियर -झॉसी राष्ट्रीय मार्ग क्रमांक -75 पर स्थित होकर नगरीय केन्द्रो जैसे ग्वालियर , झाँसी, शिवपुरी, आगरा , सागर आदि से जुडा हुआ है । यह नगर क्षेत्रीय स्तर : का वाणिज्यिक एवं यातायात केन्द्र है तथा समुद्र सतह से 205 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है ।
ईसा पूर्व 6 वीं शताब्दी के आरम्भ मे इस क्षेत्र पर पाटलीपुत्र के नंद वंश का राज था । पदमावती नामक ऐतिहासिक नगरी जिसे आज का "पदम पवाया" 251
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
ToDaulatpura
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
BuiltupArea
NationalHighway Road
Legend
ToJhansi ToJhansi
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal ToPichore
NH 79
ToGwalior
ToBhitarwar
ToGwaliori
ToChinor
Dabra
00.511.522.533.54 Km 1.1RegionalLocationMap
DATIA
Reservoir
Tighra
GWALIOR
Re
RENA
AtulSagar
SHIVPURI
Madhya Pradesh
SHEOPUR
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal India [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
252
PlanningArea
Legend
2.533.5
DABRA 1.2PLANNINGAREA
Waterbody MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
RailwayStation
Parking
RailwayLine
BuiltupArea
Landuse&UrbanSurveyDivision
VillageBoundary
Road
BusStand
1.5
Source:DepartmentofTown&CountryPlanning
RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
Scale
00.51
aulatpur
2823307240
GOUDOLKHKHU
CHANDPUR
SHERA
NH75
ToJhansi ToJhansi
KALA
KARRA
SULTANPUR
SAHARAI
KHEDINATVA.
THIGHRU
ToPichore
JURG
MAGRORA
RAMGHAD
NH 75
AARU
DABRA
ToGwalior
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMARIYA(TAAL)
ToGwalior
ToChinor
2552304255325533025540 253
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
कहते है वह ग्वालियर के दक्षिण- पश्चिम मे बसा हुआ है । किसी समय मे उस सम्राज्य की जिसमे वर्तमान ग्वालियर जिले का अधिकांश भाग सम्मिलित था , राजधानी थी । इस बात का प्रमाण मिलता है कि , ईसा पश्चात पहली शताब्दी के प्रारम्भ मे ग्वालियर क्षेत्र के आसपास नाग राज्य था । पवाया मे प्राप्त हुये एक पुरालेख से यह पता चलता है कि नाग राजबंश के प्रारंभिक राजा स्वाविन शिवनंदी के राजकमल के चतुर्थ वर्ष मे किसी लोक निकाय के कुछ सदस्यो ने यक्ष मणिभद्र की एक मूर्ति अर्पित की थी । ऐसा प्रतीत होता है कि उसके पश्चात कुशाणो ने जो कि उस समय उत्तर मे प्रमुख राजनैतिक शक्ति के रूप मे थे , इस क्षेत्र से नागा राजवंश को अपदस्थ कर दिया । कुशाणो ने एक विशाल सम्राज्य का निर्माण किया जो बहुत काल तक बना रहा ।
ग्वालियर रियासत के पिछोर परगने के अंतर्गत इंडियन पेनिनसुला रेल्वे का स्टेशन डबरा , 1901 में एक छोटे से गांव के रूप में विद्यमान था । 1942 में शुगर मिल की स्थापना एवं 1947 में भारत के विभाजन के समय सिन्ध के विस्थापितों की बसाहट के बाद डबरा की आबादी में तेजी से वृद्धि हुई ।
1.5 क्रियान्वयन परिदृश्य
डबरा विकास योजना 2011 में क्रियान्वन की प्रक्रिया के अंतर्गत , विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर नागरिकों की सक्रिय सहभागिता अर्जित करना था, किन्तु अपेक्षित लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सके । यह विकास योजना, मुख्य रूप से निम्न बिन्दुओं के प्रबन्धन के अभाव में प्रभावित हुई है ।
1. विकास प्राधिकरण का गठन नहीं होना । संस्थागत संरचना के लिए भूमि आपूर्ति एवं नगरीय भूमि प्रबंधन व प्रक्रिया का अभाव ।
2. नगरीय अधोसंरचना के विकास के लिए स्थानीय निकाय के पास संसाधनों की पर्याप्त रूप से एवं समय पर अनुपलब्धता । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
254
[भाग 1 3. निवेश के लिए संस्थाओं को प्रोत्साहन करने में अपेक्षित प्रणाली के विकास का अभाव ।
4. पर्यावरण सुधार के लिए प्रबंधन का अभाव ।
5. योजना क्रियान्वयन का सतत् पर्यवेक्षण न होना ।
6. विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग के विपरीत विकास / निर्माण ।
1.6 विकास योजना (2011 ) के क्रियान्वयन का मूल्यांकन (2003-2018) :-
वर्ष 2018 के भूमि उपयोग सर्वेक्षण से ज्ञात होता है कि नगर में कुल 1080 हेक्टयर क्षेत्र का विकास हुआ है, जबकि विकास योजना 2021 में प्रस्तावित विकास हेतु 1120 हेक्टेयर भूमि निहित थी । डबरा नगर के वर्तमान भूमि उपयोग सर्वेक्षण 2008 के अनुसार वर्ष 2008 में कुल 579.40 हेक्टेयर विकसित क्षेत्र था । अर्थात् गत 10 वर्षों में 500.60 हेक्टेयर भूमि का विकास हुआ है । अधिकांश विकास , प्रस्तावित क्षेत्र के बाहर हुआ है । उक्त प्रस्तावों में क्रियान्वयन संबंधी मूल्यांकन को निम्न सारणी में दर्शाया गया है । सारणी 1 - सा-3 भूमि उपयोग मूल्यांकन (2008-2018)
क्र भूमि उपयोग
2018 तक कुल विकास
विकास योजना का क्रियान्वयन प्रतिशत
विकास के लिये उपलब्ध भूमि विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग 2021
क्षेत्र फल विकास योजना 2021 में दर्शित अनुसार भूमि उपयोग (2008)
3
2
1
301.90 1 आवासीय
30.00 2| वाणिज्यिक
92.90 3 औद्योगिक
5.60
4 आमोद-प्रमोद
31.80 5 सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक
102.60 6 यातायात एवं परिवहन
14.60 7 सार्वजनिक उपयोगिताएं और सुविधायें
579.40 योग
क्षेत्र दर
क्षेत्र दर
9 6
7
8
4
5
21.25
96.06
518.75 3.84
3.37
540
110.33
0.73
(-)9.27 0.56 99.27
90
72.56
0.42 44.18
57.44
130.00 0.81
142.32
0.44
0.73
70.00
99.63
(-)29.63
68.70
0.40
25.04 54.96
0.50
80.00
13.16
92.68
1.23
166.84
1.13
180.00
25.50
22.35
0.05
0.19 7.65
30.00
115.46 1004.54
7.00
7.40
1120.00
:
255
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार डबरा निवेश क्षेत्र की जनसंख्या 1.29 लाख है ।
वर्ष 2018 में डबरा की जनसंख्या 1.35 लाख प्रक्षेपित की गई है ।
भूमि उपयोग दर एक हेक्टेयर प्रति हजार जनसंख्या में दी गई है ।
उपरोक्त सारणी से ज्ञात होता है कि विकास योजना के लगभग 65.0 प्रतिशत प्रस्ताव क्रियान्वित किये जा चुके है । कुछ भूमि उपयोगों का क्रिन्यान्वयन कम हुआ है । वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार नगर की जनसंख्या 61277 है । विभिन्न उपयोग के अंतर्गत क्रियान्वयन स्थिति निम्नानुसार है :-
1.6.1 आवासीय
डबरा विकास योजना 2021 में 540 हेक्टेयर भूमि 3.37 की दर से विकसित करने का प्रस्ताव था । आवासीय उपयोग अंतर्गत समग्र रुप से 3.84 की दर से 2018 तक 518.75 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित हो गया है । वर्तमान भूमि उपयोग सर्वेक्षण 2008 के अनुसार 3.30 की दर से 301.90 हेक्टयर विकसित क्षेत्र था । इससे स्पष्ट है कि वर्ष 2008 से 2018 तक की 10 वर्ष की अवधि में 216.85 हेक्टयर क्षेत्र विकसित हुआ है एवं वर्ष 2021 तक के लिए आवासीय उपयोग के अंतर्गत कोई भूमि विकास के लिए उपलब्ध नहीं है । डबरा नगर की जनसंख्या विकास योजना के अनुसार 2011 तक 1 . 20 लाख एवं 2021 तक 1.60 लाख अनुमानित थी ।
जनगणना 2011 के अनुसार डबरा निवेश क्षेत्र की जनसंख्या 1.29 लाख पहुँच सकी है । दशक वृद्धि दर 18.0 प्रतिशत ही रही है, जो प्रदेश की दशक वृद्धि दर 20 . 35 से कम है । इसी वृद्धि दर के अनुसार वर्ष 2021 तक डबरा निवेश क्षेत्र की जनसंख्या 2021 तक 1.40 लाख तक ही पहुंच सकेगी । विकास योजना 2021 में 1.6 लाख जनसंख्या के अनुसार विकास के लिए क्षेत्र प्रस्तावित किया गया था । सर्वेक्षण से यह भी विदित होता है कि आवासीय विकास, विकास योजना में प्रस्तावित क्षेत्र के बाहर अधिक हुआ है । डबरा निवेश क्षेत्र में शासकीय संस्थाओं तथा निजी कॉलोनाइजर्स द्वारा कॉलोनी निर्माण की कोई स्वीकृति भी प्राप्त नहीं की गई है । इससे स्पष्ट है कि विकास कार्य विकसित अधोसंरचनाओं के समानांतर ही हुआ है । विकास योजना में प्रस्तावित नवीन अधोसंरचनायें विकसित नहीं हुई हैं । 256
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 1.6.2 वाणिज्यिक
विकास योजना 2021 में वाणिज्यिक विकास हेतु 90 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित थी। वर्ष 2018 तक कुल 99.27 हेक्टेयर वाणिज्यिक क्षेत्र ही विकसित हुआ है । वर्ष 2008 के भूमि उपयोग सर्वेक्षण के अनुसार 30.00 हेक्टयर वाणिज्यिक क्षेत्र था । विगत 10 वर्षों में 69.27 हेक्टयर वाणिज्यिक क्षेत्र का विकास हुआ है । वाणिज्यिक विकास मुख्य सड़कों के समानान्तर विकसित अधोसंरचना क्षेत्र में ही हुआ है । प्रस्तावित विशिष्ट वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास 9.27 हेक्टे. क्षेत्रफल अधिक हुआ है । वाणिज्यिक कार्यकेन्द्रों के क्रियान्वयन की स्थिति निम्न सारणी में दर्शाई गई है ।
सारणी 1 - सा -4 डबराः- वाणिज्यिक कार्यकेन्द्रों का कियान्वयन
स्थान
विवरण
क०
क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
विकास की वर्तमान स्थिति 2018
5
4
3
1
2
अविकसित
05
झांसी मार्ग
1 यातायात नगर
05
अविकसित
बायपास मार्ग
2 विशेषीकृत वाणिज्यिक
1.6.3 औद्योगिक
विकास योजना 2021 में औद्योगिक उपयोग के अंतर्गत 130 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी । वर्ष 2008 के भूमि उपयोग सर्वेक्षण के समय औद्योगिक उपयोग के अंतर्गत 92.90 हेक्टेयर भूमि विकसित थी । वर्ष 2008 से 2018 तक घरेलू औद्योगिक केन्द्र बंद हो जाने के कारणवश औद्योगिक उपयोग के अंतर्गत 57.44 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है । विकास योजना का क्रियान्वयन इस उपयोग के अंतर्गत 44. 18 प्रतिशत रहा है ।
1.6.4 आमोद - प्रमोद
विकास योजना 2021 में अमोद - प्रमोद भूमि उपयोग के अंतर्गत 70 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी । वर्ष 2018 तक कुल 99.63 हेक्टयर भूमि का 257
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
आमोद - प्रमोद उपयोग के अंतर्गत विकास हुआ है । इसमें वर्ष 2008 तक विकसित 5.6 हेक्टेयर क्षेत्र भी सम्मिलित है । विकास योजना का क्रियान्वयन इस उपयोग के अंतर्गत 142.32 प्रतिशत है ।
1.6.5 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक
:
विकास योजना 2021 में सार्वजनिक एवं अद्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत 80 हेक्टयर भूमि प्रस्तावित की गई थी । वर्ष 2018 तक कुल 54.96 हेक्टयर भूमि सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत विकसित हुई है । इसमें वर्ष 2008 :: तक विकसित 31.80 हेक्टेयर भूमि सम्मलित है । वर्ष 2021 तक की योजना अवधि के लिए इस उपयोग के अंतर्गत 25.04 हेक्टयर भूमि उपलब्ध है । विकास योजना का क्रियान्यवन इस उपयोग के अंतर्गत 68.70 प्रतिशत है ।
1.6.6 यातायात एवं परिवहन
विकास योजना 2021 में यातायात एवं परिवहन उपयोग के अंतर्गत 180 हेक्टयर भूमि विकास के लिए प्रस्तावित थी । वर्ष 2018 तक कुल 166.84 हेक्टेयर भूमि यातायात एवं परिवहन उपयोग के अंतर्गत विकसित हुई है । इसमें वर्ष 2008 तक विकसित 102.60 हेक्टेयर भूमि भी सम्मिलित है । इस उपयोग के अंतर्गत प्रस्तावित क्षेत्र से अधिक विकास होने से वर्ष 2021 तक की योजना कालावधि तक के लिए यातायात एवं परिवहन उपयोग के अंतर्गत विकास के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है । विकास योजना का क्रियान्यवन इस उपयोग के अंतर्गत 92.68 प्रतिशत है ।
1.6.7 सार्वजनिक उपयोगितायें और सुविधायें
विकास योजना 2021 में सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवाओं के अंतर्गत 30 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई थी । वर्ष 2021 तक की योजना अवधि के लिये उपयोग के अंतर्गत 22.35 हेक्टयर भूमि विकास के लिये उपलब्ध है । विकास योजना का क्रियान्वयन इस उपयोग के अंतर्गत 25.50 प्रतिशत है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 258
1.7 क्रियान्वयन संस्थाओं द्वारा संपादित विकास कार्य
1.7.1 डबरा नगर पालिका
डबरा नगर पालिका की विकास योजना क्रियान्वयन में प्रभावी भूमिका है , परिषद द्वारा योजना कालावधि में निम्नलिखित प्रमुख विकास / निर्माण कार्य किये गये है-
जल प्रदाय योजना का उन्नयन ।
श्मशान घाट के समीप पार्क का विकास ।
शॉपिंग कॉम्पलैक्स का निर्माण ।
सामुदायिक भवन का निर्माण ।
सड़कों का निर्माण ।
नालों का निर्माण ।
सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण ।
1.7.2 लोक निर्माण विभाग
लोक निर्माण विभाग की, विकास योजना क्रियान्वयन में प्रभावी भूमिका है , विभाग द्वारा योजना कालावधि में निम्नलिखित विकास / निर्माण कार्य किये गये है- सारणी 1 -सा-5 डबराः- मुख्य मार्गों का विकास
संस्था
स्थिति क०
लम्बाई
मुख्य मार्ग / खण्ड मार्ग
3
4
5
1
2
Ν.Η.Α.Ι
1
9.5 K.m.
N.H. डबरा बायपास
निर्माण पूर्ण
P.W.D
2 झाँसी रोड से भितरवार मार्ग 3.5 K.m.
निर्माण पूर्ण
P.W.D
3
निर्माणाधीन चीनोर रोड से ग्वालियर मार्ग 3.5 K.m.
1.7.3 निजी संस्थाएं /विकासकर्ता
निजी कॉलोनाईजर एवं विकासकर्ताओं द्वारा आवासीय भू- खण्ड़ों का विकास , आवासीय भवन एवं वाणिज्यिक दुकानों का निर्माण कार्य किया गया है । 259
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
1.8 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग
1.8.1 असंगत भूमि उपयोग कार्य सम्पादन विशेषताओं के आधार पर कौन से भूमि उपयोग आसपास के क्षेत्रों के भूमि उपयोग से सामन्जस नहीं रखते हैं इसका अध्ययन करने पर यह देखा गया है कि नगर में कई ऐसे भूमि उपयोग है जो असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग की श्रेणी में आते है । ऐसे भू- उपयोगों / गतिविधियों को उपयुक्त स्थान पर स्थानान्तरित किया जाना आवश्यक है । निम्न सारणी में असंगत भूमि उपयोग की सूची दी गई है ।
सारणी 1 - सा-6 डबरा असंगत भूमि उपयोग
प्रस्तावित स्थल
वर्तमान स्थल क० भूमि उपयोग (गतिविधि)
2.
1.
3. 1.
भितरवार मार्ग दालमिल, तेलमिल
स्थानांतरण का
कारण
रिक्त होने पर भूमिका प्रस्तावित उपयोग
6
4
5
आवासीय पर्यावरण प्रदूषण
निवेश ईकाई
क्र. 1 में
प्रस्तावित
औद्योगिक क्षेत्र
फल बाजार
2.
बस स्टेण्ड मार्ग
यातायात में रूकावट
वाणिज्यक एवं आवासीय
निवेश ईकाई
क्र. 1 में
वर्तमान मण्डी
के पास
भितरवार मार्ग 3. फुटकर सब्जी बाजार
यातायात में रूकावट
मार्ग विस्तार तथा वाणिज्यक एवं आवासीय
निवेश ईकाई
क्र. 1 में
वर्तमान मण्डी
के पास
4.
झांसी रोड तहसील कार्यालय परिसर
स्थान की कमी वाणिज्यक एवं आवासीय
निवेश क्षेत्र में
स्थित
शासकीय भूमि
स्टेशन रोड
यातायात में
मार्ग विस्तार
निवेश क्षेत्र में
घास बाजार
5.
[भाग 1 260
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
रूकावट
कृषि भूमि
उपयोग के
अंतगर्त
1.8.2 अकार्यक्षम भूमि उपयोग
नगर के कुछ भू- उपयोग अपने वर्तमान स्थल पर पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर पा रहे है, ऐसे भूमि उपयोगों / गतिविधियों को अकार्यक्षम माना है । अतः आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण से मूल्यांकन के आधार पर इनकों अधिक समय तक वर्तमान स्थल पर कार्यरत रखना उचित नहीं होगा ।
सारणी 1 - सा-7 डबरा
अकार्यक्षम भूमि उपयोग
प्रस्तावित स्थल
वर्तमान स्थिति
विवरण
कमांक
4.
3.
2.
1.
ग्वालियर मार्ग
1. बस स्टेण्ड (प्राइवेट)
ग्राम चांदपुर, नगर पालिका वार्ड क्र . 28 की शासकीय भूमि पर
भितरवार मार्ग
नगर पालिका भवन
2.
ग्राम मगरौरा , नगर पालिका वार्ड क्र . 22 की शासकीय भूमि पर
ग्वालियर मार्ग
तहसील कार्यालय
3.
ग्राम डबरा , नगर पालिका वार्ड क्र. 05 की शासकीय भूमि पर 1.9 योजना अवधारणा
डबरा विकास योजना 2031 (प्रारूप) में पदक्रम नियोजन प्रणाली के अनुसार निवेश ईकाई, वृत्त खण्ड एवं उपवृत्त खण्ड केन्द्र को प्रावधानिक न करते हुये केवल नगर स्तर के थोक एवं विशेषीकृत वाणिज्यिक केन्द्र, प्रशासनिक एवं मनोरंजन केन्द्र आदि प्रस्तावित किये गये हैं । मार्ग संरचना प्रस्ताव में सुगम यातायात की दृष्टि से विशेष ध्यान दिया गया है । इस योजना में क्षेत्रीय / नगर स्तर के 60 मी. चौंडे मार्गों से लेकर वृत्तखण्ड / उपवृत्तखण्ड स्तर के 12 मीटर तक के मार्ग दर्शाये गये है । पारिक्षेत्रिक नियमन एवं स्वीकृत / स्वीकार्य उपयोगों को अधिक व्यापक बनाया गया है । 261
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
संभावित नगरीय विकास को दृष्टिगत रखते हुये महत्वपूर्ण मार्गों को वाणिज्यिक / वाणिज्यिक सह आवासीय मार्ग के रूप में चिन्हित किया गया है । मुख्य मार्गों पर संस्थागत परिसर जिनमें शैक्षणिक भवन, गैर- प्रदूषणकारी सेवा उपयोग (आई.टी. पार्क , स्टार होटल , आदि) एवं सार्वजनिक केन्द्रों को प्रस्तावित किया गया है ।
1.10 उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली
विकास योजना प्रस्ताव तैयार करने का मुख्य उद्देश्य , स्थायी एवं पूर्ण क्षमता युक्त उपलब्ध नगरीय क्षेत्र का विकास करना है । तकनीकी दृष्टि से सुदृढ़ एवं पर्यावरण की दृष्टि से सुसंगत विकास योजना तैयार करने हेतु, पर्यावरण के सभी घटकों जो आज विद्यमान हैं, अर्थात नैसर्गिक पर्यावरण एवं भविष्य में होने वाली बसाहट पर विचार करना आवश्यक है । भूमि उपयोग मानचित्र के प्रावधान लचीले होना आवश्यक है , जिससे बदलती परिस्थितियों का समायोजन हो सके । अतः स्थायी एवं पूर्ण क्षमता युक्त भूमि उपयोग तैयार करने, नगर एवं परिक्षेत्र हेतु प्राकृतिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं पर विचार किया जाना चाहिये । इसके साथ ही , यह भी लक्ष्य रखा गया है कि प्रस्ताव, भूमि उपयोग क्षमता के आधार पर हो । एकीकृत विकास योजना तैयार करने हेतु निम्न लिखित घटकों के संबंध में विस्तृत जानकारी आवश्यक है-
धरातल विशेषताएँ
भौतिक स्थिति, कंटूर , सामान्य अथवा अत्याधिक ढ़लान , भूगर्भ विशेषताएँ, मिट्टी की विशेषताएँ एवं गहराई, भूमिगत जल स्त्रोत , जलप्लवित क्षेत्र , सघन कृषि भूमि, वन क्षेत्र, जलीय जीवन, तापमान, हवा , बारिश एवं सूर्य के प्रवास का मार्ग ।
भूमि उपयोग वितरण
: नगरीय विस्तार, कृषि एवं अनुपयोगी भूमि, वन क्षेत्र के अधीन भूमि, उत्तम भू- दृश्यीकरण , स्थल , नगरीय भूमि उपयोग जैसे आवासीय , वाणिज्यिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, आमोद प्रमोद , यातायात, रिक्त क्षेत्र जो आगामी विकास हेतु उपलब्ध हैं, प्रत्येक उपयोगों के प्रकार एवं सघनता । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 262
जनसंख्या विशेषताएँ
संख्या, आयु , लिंग , आव्रजन वितरण, आगामी जनसंख्या, जनसंख्या घनत्व, मजदूर एवं गैर मजदूर और व्यवसायिक संरचना ।
आर्थिक गतिविधियाँ
कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य भूमि आधारित गतिविधियाँ, आर्थिक धरातल समस्याएँ एवं संभावनाएँ , वाणिज्यिक क्षेत्रों का वितरण , व्यापार का आकार, स्थानीय संस्था की वित्तीय स्थिति, संस्थाएँ एवं आगामी विकास हेतु संभावनाएँ ।
यातायात विशेषताएँ
वर्तमान सेवाओं के प्रकार एवं क्षमताऐं, माल वाहन , निजी वाहन, सार्वजनिक वाहन, सायकल पथ, पादचारी पथ , जलाशय, रेलवे , वायु सेवा , केन्द्रीय सुविधायें एवं यातायात संरचना ।
आवास विशेषताएँ
उपलब्ध संख्या एवं भवनों की स्थिति, सक्रिय आवश्यकता, झुग्गीवासियों की आवश्यकताएँ , एवं उसका निराकरण , भूमि तथा वित्तीय स्थिति ।
सार्वजनिक सेवाएँ
पेयजल वितरण एवं आवश्यकता, मलवाहन प्रणाली, विद्युत प्रदाय , संचार सेवायें । सार्वजनिक सुविधाएँ
शैक्षणिक संस्थाएँ , आमोद प्रमोद क्षेत्र , स्वास्थ्य सेवाएँ , वाणिज्यिक क्षेत्र, पूजा स्थल अतः जो जानकारी एकत्रित की गयी है वह एकीकृत प्रक्रिया के अंतर्गत, वर्ल्डव्यू- II ( World View ) उपग्रह चित्रों के आधार पर अमृत योजनानुसार निम्नलिखित उद्देश्य पर निर्धारित हैं । जिसमें URDPFI गाईड लाईन के अन्तर्गत समावेशी नियोजन अवधारणा सम्मिलित है ।
1.10.1 उद्देश्य
भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करनाः 263
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
वर्ल्डव्यू- II (World View) उच्च आवर्धन उपग्रह द्वारा प्राप्त जानकारी, जो श्रेणी- II को दर्शाती है, नगरीय भूमि उपयोग का मानचित्र तैयार करना, जिसमें आवासीय , वाणिज्यिक , औद्योगिक , सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक, आमोद प्रमोद एवं यातायात भूमि उपयोग अंकित हो ।
बसाहट के विस्तार का मानचित्र
विभिन्न स्थितियों पर, उपग्रह से उपलब्ध जानकारी के आधार पर , नगर का विकास, क्रमशः विभिन्न समयावधि में हुआ है, का मानचित्र तैयार करना । संपूर्ण डबरा नगर के लिए यातायात मानचित्र तैयार करना ।
नैसर्गिक आपदाओं का, जैसे बाढ़ , भूमि कटाव , भूकम्प से संबंधित क्षेत्र इत्यादि का मानचित्र तैयार करना ।
- जल स्त्रोत , नैसर्गिक जल प्रवाह प्रणाली, जलाशय, ढ़लान , मिट्टी के प्रकार का मानचित्र तैयार करना ।
नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का मानचित्र तैयार करना एवं जिस भूमि का संरक्षण करना है, उसका मानचित्र पर अंकन करना ।
प्रस्तावित भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करना ।
जनगणना के ऑकड़ें:
अनुमानित जनसंख्या का निर्धारण करने हेतु, जनगणना वर्ष 1961 , 1971 , 1981 , 1991 , 2001 एवं 2011 के आंकड़ों का विकास योजना में उपयोग किया गया हैं । 1.10.2 कार्यप्रणाली
डबरा नगर की जी.आई.एस. आधारित विकास योजना तैयार करने हेतु अंगीकृत कार्यप्रणाली , चित्र क्रमांक -1 में दी गई है । अमृत योजना के अन्तर्गत एन.आर.एस.सी. हैदराबाद से प्राप्त , स्थल मानचित्र जिसमें उपग्रह चित्र के साथ बिल्डिंग फुटप्रिंट अंकित थे, का स्थल पर सत्यापन कर , अमृत मानकों के अनुसार आकड़ें एकत्रित कर, सामाजिक , आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर जी.आई.एस. आधारित विकास योजना हेतु [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
264
आधार मानचित्र तैयार किया गया । विकास योजना तैयार करने हेतु कार्यप्रणाली
विवरण निम्नानुसार है-
World View II Satellite Data
Ancillarydata
GIS Layers
Population Projection
Acts & Rules Data Vetting and Correction
T&CP Act 1973
Demography & Socio Economic data
ThematicMapping
MP Bhumi Vikas Niyam 2012
Infrastructure
Geomorphology
AMRUT Guideline
Urban Sprawl
Landuse
URDPFI Guidelines Soil
GAPAnalysis
Slope
Land Allocation Road Buffer
Comprehensive Urban land Suitability Map
DrainageBuffer Weightage Analysis
Suitability Index
LandAvailable for Planning
Proposed Landuse Allocation
Draft Development Plan चित्र क्र 1: अंगीकृत कार्यप्रणाली 265
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
A
PlanningArea
DABRA
Legend
Source:MPCST&NRSC PlanningAreaBoundary
1.3SATELLITEIMAGES
Note:SatelliteImagesareDepictedin TrueColourComposite
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
1
Scale District-Gwallor
0
WORLDVIEW-II,2016
CARTOSAT,2011
☐DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
LISS-III,2012
LISS-IV,2003 भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
266
1.10.3 जनसंख्या आंकलन पद्धति
सन् 2031 की भावी जनसंख्या के आंकलन करने हेतु, वर्ष 1961 से 2011 तक की जनगणना जानकारी एकत्र की गई , एवं विभिन्न सांख्यिकी पद्धति के आधार पर { (I) अंक गणितीय वृद्धि पद्धति ( II) ज्यामितीय वृद्धि पद्धति ( III ) दरवृद्धि पद्धति (IV) घातांकीय पद्धति प्रगणित की गई है ।
1.10.4 अमृत मानकों की व्याख्या
अमृत मानकों के अनसार, शहर के विभिन्न विभागों से आंकड़े एकत्रित किये गये , इन आंकड़ो में शहर की भौगोलिक जानकारी, जनसांख्यिकी आंकड़े , औद्योगिक पहलु, अधोसंरचना जिसमें शैक्षणिक, स्वास्थ्य, संचार, जल प्रदाय, जल - मल निकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, परिवहन, पर्यावरण , पर्यटन एवं राजस्व से संबधित जानकारी इत्यादि सम्मिलित है ।
1.11 थिमेटिक मानचित्रीकरण (Thematic Mapping )
विकास योजना तैयार करनें हेतु किए जाने वाले विश्लेषण में उपयोग किए जाने हेतु विभिन्न थिमेटिक मानचित्र तैयार किए गये है जिसकी कार्यप्रणाली आकृति में स्पष्ट की गई है ।
1.11.1 यातायात संरचना मानचित्र
: अमृत योजना के मानकों के आधार पर उपग्रह चित्र आधारित वर्तमान यातायात मानचित्र तैयार किया गया , जिसमें निम्न मानकों को आधार मान वर्गीकृत किया गया है , जिसे सारणी क्रमांक 1 - सा-8 एवं 1 - सा-9 में दर्शाया गया है । 267
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
Table- 1- सा-8 Road : Geo- Spetial Data Content
SUB - CLASS
CLASS
CODE
S.No
Road
Major City Road
01-09
1
Other Public Road
01-11
Other Private Road
01-12
Village road
01-15
01-16
Footpath
Table- 1- सा-9: Bridges/Flyovers -Geo - Spatial Data Content
SUB - CLASS
CLASS
CODE
S.No
Culvert
03-01
3
Bridges
03-03
Bridge across river
भूमि उपयोग / भूमि आच्छादन मानचित्र
1.11.2
एन.आर.एस.सी. से प्राप्त उच्च आवर्धन उपग्रह चित्रों पर आधारित बिल्डिंग फुटप्रिंट के उपयोग को आधार मानकर, डबरा शहर का वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र स्थल सत्यापन के उपरांत तैयार किया गया है । भूमि उपयोग मानचित्र तैयार करते समय अमृत योजना में दिए गये वर्गीकरण प्रणाली को अंगीकृत किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत नगरीय भूमि उपयोग वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 1 - सा -10 में उल्लेखित हैः-
Table- 1- सा-10 : Building Footprint_Geo Spatial Data Content
SUB - CLASS
CLASS
CODE
S.No
House
Residential
06-04
1
06-05
Group ofHouses
Retail
Commercial
2
07-01
General Business
07-03
Hotel / Lodge / Restaurant
07-04
Hostel
07-13 [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
268
4
Mixed
Residential & Commercial
09-01
Educational
School
5
10-01
Anganwari
10-05
College
Polytecnic
6
Health Services
11-01
Govt.Hospital
11-02
Private Hospital
11-04
Clinic/Dispensary
12-01
7
Office
Central Govt . Property
12-02
Quarter
8
13-01
Office
State Govt. Property
15-02 Public & Semi - public Banks
15-05
Police Station
Cantonment/Battalion
15-06
Crematorium Burial Groun /Grave Yard 15-08
15-09
Guesthouse /Resthouse
10
Dharmashala
15-11
15-12
Tourist Facility Centre
Museum
15-15
15-16
Public Library
15-25
Public/ Community Toilet
15-28
OldAgeHome
Fire Station
15-30
16-01
11
Temple
Religious
Gurudwara
16-05
16-09
Aashram/Math/Bhojanshala
Garden
Recreational
12
17-01
Water Treatment Plant
Public Utilities
13 18-01-01
18-01-02
WaterPumping Station
18-03-01
Sewage Treatment Plant 269
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
Electric Sub- Station
18-04-02
Monuments
16
21-01
Heritage
Fort
21-02
21-03
Archaeological Site
Bus stand /Terminus
17
24-01
Transportation
Traffic related
25-04
Multi -Level Parking
18
House
Rural
26-02
19
26-03
Group Of House
Farm house
Others
33-09
22
33-10
Dairyfarm
Gaushala
33-17
1.11.3 ढ़लान मानचित्र
भारतीय सर्वेक्षण विभाग से प्राप्त टोपोशीट के आधार पर एवं Madhya Pradesh Agency for Promotion of Information Technology से प्राप्त Carto- DEM के आधार पर ढ़लान मानचित्र तैयार किया है । इसका विश्लेषण अध्याय -3 में किया गया है । ग्रिड पद्धति से निम्नलिखित समीकरण इसका आधार है । ढलान का प्रतिशत = ऊँचाई में अंतर / दूरी में अंतर X 100
?
1.11.4 मृदा मानचित्र
संपूर्ण जिले के मिट्टी के प्रकार का मानचित्र, भारत की मृदा और भूमि उपयोग सर्वेक्षण विभाग (SLUSI ) जो मृदा के सर्वेक्षण का कार्य करती है, से जानकारी प्राप्त कर तैयार किया गया है । उक्त मानचित्र तैयार करने में सुदूर संवेदन प्रणाली एवं मृदा प्रोफाईल के विश्लेषण के आधार पर जो कि मिटटी की उपयोगिता निर्धारित करती है का उपयोग किया है, मृदा के विभिन्न घटकों के आधार पर भूमि का कटाव मानचित्र, मिट्टी की बनावट का मानचित्र तथा मिट्टी की गहराई का मानचित्र तैयार किया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 270
1.11.5 बाढ़ आपदा मानचित्र
उक्त जानकारी हेतु ढ़लान, जलाशय मानचित्र से प्राप्त आंकड़ों तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग , संभावित बाढ़ क्षेत्रों का निर्धारण कर मानचित्र तैयार किया गया है ।
1.11.6 जलाशय मानचित्र
वर्ल्डव्यू- II (World View) उच्च आवर्धन उपग्रह चित्र एवं अमृत योजना की वर्गीकरण प्रणाली को आधार मानकर डबरा शहर मे स्थित जलाशयों का मानचित्र तैयार किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत जलाशयों की वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 1 -सा-11 में उल्लेखित है:-
Table - 1- सा-11 : Water Bodies - Geo Spatial Data Content
SUB - CLASS
CLASS
CODE
S.No
River
Water Bodies
05-01
5
Stream
05-02
Canal
05-03
Drain
05-04
Ponds
05-05
05-08
Island (River/Lake)
Reservoir
05-09
1.11.7 भूकम्प आपदा परिक्षेत्र मानचित्र
भूगर्भीय स्थिति के फ्रेक्चर्स एवं फॉल्टस् (Fractures and Faults) तथा मिट्टी की जानकारी , ढलान की जानकारी एवं जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया, एन.जी. आर.आई. के आंकड़ों के आधार पर भूकम्प आपदा परिक्षेत्रों का मानचित्र तैयार किया गया है । 271
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
1.11.8 भूमि मूल्य मानचित्र
मध्य- प्रदेश रजिस्ट्रेशन एवं स्टाम्प विभाग से निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत कुल वार्ड के अन्तर्गत , भूमि मूल्य की जानकारी एकत्रित की गई एवं मूल्य के संदर्भ में वर्गीकृत जानकारी का मानचित्र तैयार किया है ।
1.11.9 ग्राम/वार्ड सीमा मानचित्र
राजस्व विभाग से प्राप्त डिजिटल खसरा मानचित्रों का उपयोग कर ग्राम सीमा मानचित्र तैयार किया है । भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग कर खसरा मानचित्रों को जियोरिफरेंस किया गया । ग्राम मानचित्रों को जियोरिफरेन्स करने के पश्चात निवेश क्षेत्र सीमा निर्धारित की गयी है । नगर पालिका से प्राप्त वार्ड मानचित्र के आधार पर नगर का वार्ड मानचित्र तैयार किया गया है । अन्य सीमाओं हेतु भारतीय सर्वेक्षण विभाग की 1: 30000 का तथा 1: 25000 मापमान पर तैयार टोपोशीट का उपयोग किया गया है । उक्त मानचित्र, विभिन्न जानकारी के एकीकृत वॉर्ड आधारित जानकारी से किया गया है । जनसंख्या के ऑकड़ें जो भारत की जनगणना 2011 से प्राप्त किये, उनको ग्राम मानचित्रों से संबद्ध किया गया है । अमृत योजना के अंतर्गत सीमाओ की वर्गीकरण प्रणाली सारणी क्रमांक 1 - सा -12 में उल्लेखित हैः-
Table- 1- सा -12 : Administrative , Planning & Municipal Boundaries
Administrative Boundaries
SUB - CLASS
CLASS
CODE
S.No.
37-05
Village Boundary
Forest Boundary
37-06
1.
Administrative
Boundaries
Revenue Boundary
37-07
Planning Boundaries
SUB - CLASS
CLASS
CODE
S.No.
38-01
Planning Area Boundary
Planning
2.
Boundaries
38-04
Controlled Area Boundary
Municipal Boundaries
SUB - CLASS
CLASS
CODE
S.No.
37-05
Municipal Boundary
Municipal
WardBoundary
37-06
3.
Boundaries
37-07
Zone Boundary [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
272
थीमेटिक मानचित्र भौगोलिक सूचना प्रणाली के अंतर्गत , उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर ए -1 आर.एस. Classification का उपयोग कर डिजीटाईज किये हैं एवं डबरा निवेश क्षेत्र के साथ समन्वित किये गये हैं । क्षेत्र के सांख्यकीय आंकड़े, भौगोलिक सूचना प्रणाली के माध्यम से ही ज्ञात किये गये हैं । 1.12 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता
नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में यह निर्धारित करना है कि, कौन सी भूमि का विकास किया जाये एवं किस प्रकार किया जाये । इस कारण भूमि उपयोग उपयुक्तता मानचित्र तैयार करने की प्रक्रिया में प्राकृतिक, विशेषताएँ, नैसर्गिक अवरोध एवं सामाजिक एवं आर्थिक समानताएँ महत्वपूर्ण हैं । मूलतः इस प्रक्रिया में भूमि की धारण क्षमता के अंतर्गत, भूमि उपयोग उपयुक्तता एवं स्थानीय भूमि का मूल्य सम्मिलित है । भूमि उपयुक्तता का निर्धारण भूमि की प्राकृतिक एवं नैसर्गिक क्षमता पर निर्भर है । भूमि का मूल्य प्रमुखतः तीन आधार पर निर्भर होना चाहिए (1 ) भूमि का बाजार मूल्य जो पूर्ण विक्रय के आधार पर होता है (2) प्राकृतिक संरचना का गुणात्मक मूल्यांकन (3 ) संस्पर्शी क्षेत्र का भूमि मूल्य । भूमि मूल्य एवं भूमि उपयुक्तता का संयुक्त मानचित्र, के आधार पर सामाजिक एवं आर्थिक मूल्य के संदर्भ में वैकल्पिक विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जा सकते हैं । निवेश क्षेत्र में नगरीय विकास हेतु उपयुक्त भूमि का निर्धारण महत्वपूर्ण है एवं इसी आधार पर विकास योजना प्रस्ताव तैयार किये जाते हैं । भूमि की उपयुक्तता न सिर्फ प्राकृतिक विशेषता पर निर्भर है, अपितु इसका आर्थिक पहलू भी महत्वपूर्ण है । उक्त दोनों मापदण्ड़ों का परिणाम उपयुक्तता श्रेणी का निर्धारण करना है, एवं भूमि के विस्तृत वर्गीकरण, विभिन्न विकास हेतु करना संभव है । इसके अतिरिक्त भूमि उपयोग उपयुक्तता निर्धारण , वर्तमान स्थिति जैसे भूमि पर दबाव महत्वपूर्ण है । यदि भूमि पर आर्थिक दबाव रहा , उस दशा में, उक्त भूमि जो उपयुक्तता के आधार पर, ग्राह्य नहीं है, का विकास होगा । यह स्पष्ट है कि मापदण्डों की श्रेणियाँ अधिक होंगी जो बाजार के संदर्भ से प्रभावित होती हैं । अतः उपरोक्त संदर्भ में , उपयोगिता विश्लेषण प्रक्रिया 273 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
जो इस रिपोर्ट में उल्लेखित है, वरीयता के आधार पर नगरीय भूमि उपयोग हेतु निर्धारण की दृष्टि से देखा गया है ।
अतः इस अध्ययन में, बहु प्रणाली आधारित अध्ययन (स्थल सर्वेक्षण , स्थल की वास्तविकता, पुराने मानचित्र एवं सुदूर संवेदन इमेजरी) किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप भूमि उपयुक्तता विश्लेषण संभव हुआ है । डबरा नगर के संदर्भ में Composite land Suitability Analysis अपनाई गई है । इस प्रक्रिया को अध्याय -3 में दर्शाया गया है । उदाहरण के रूप में , इस प्रकार के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि कौन सी भूमि विकास / भवन निर्माण हेतु उपयुक्त है एवं किस भूमि को हरित क्षेत्र के रूप में अथवा विकास हेतु प्रतिबंधित / संरक्षित रखी जाना है । भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने हेतु निम्नलिखित श्रेणी घटकों पर विचार किया गया है ।
1. वर्तमान भूमि उपयोग
2. मिट्टी का प्रकार
3. ढलान का प्रतिशत
बाढ़ आपदा 4.
5. जलाशय
6. मार्ग संरचना
7. जियोमार्फोलॉजी
8. भूमि का मूल्य (वार्ड अनुसार)
उपरोक्त घटकों के मूल्यांकन के माध्यम से नगर विकास हेतु भूमि के संदर्भ में उपयोग सीमा निर्धारित होती है । सीमा की अवधारणा, भूमि के गुणात्मक मूल्यांकन से हैं । अगर ढ़लान अधिक है तो यह स्पष्ट है कि , अधिक ढ़लान वाले क्षेत्र को विकसित करने हेतु व्यापक स्त्रोत (पैसा, जनशक्ति, सामग्री) आवश्यक होंगे । अतः उक्त भूमि समतल भूमि से कम उपयोगी होगी । उक्त अवधारणा सभी घटकों के संदर्भ में प्रभावी है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 274
उपरोक्त सभी घटकों के प्राकृतिक विचारणीय बिन्दु को नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि के विश्लेषण में शामिल किया है, तथा पर्यावरण के विश्लेषण में शामिल किया है । इन घटकों से विश्लेषित जानकारी का, भौगोलिक सूचना प्रणाली से समन्वय कर, संकेतक प्राप्त किये हैं ।
1.13 भूमि उपयोग का आवंटन
नगर विकास हेतु उपयुक्त भूमि का चयन करने के पश्चात्, भूमि उपयोग क्षेत्र का निर्धारण, भारत सरकार के शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय द्वारा प्रसारित यू. आर.डी.पी.एफ.आई. गाईड लाईन एवं राज्य के विधिक प्रावधानों को ध्यान में रखकर किया गया है ।
इस अध्याय में सुदूर संवेदन प्रणाली एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के उद्देश्य एवं इसमें अंगीकृत कार्यप्रणाली, विस्तार से प्रस्तुत है । पारंपरिक पद्धति से किये गये सर्वेक्षण कार्य की तुलना में, उपरोक्त प्रणाली अधिक उपयोगी एवं प्रभावी है । इसके अंतर्गत, उपग्रह से प्राप्त चित्रों की व्याख्या करने के पश्चात् भूमि उपयोग मानचित्र, वस्तुस्थिति के अनुरूप तैयार करना संभव है । पर्यावरण के घटकों का अध्ययन एवं विश्लेषण संभव है । इसी कार्यप्रणाली के आधार पर, डबरा निवेश क्षेत्र का विश्लेषण किया गया है तथा प्रस्तावित विकास की दिशा निर्धारण , जो विभिन्न घटकों के विश्लेषण के आधार पर है, विकास हेतु भूमि चयन के वैकल्पिक प्रस्ताव प्रस्तुत है । 275
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
अध्याय-2
अध्ययन एवं विश्लेषण 2.1 क्षेत्रीय एवं उपक्षेत्रीय संदर्भ
म.प्र . नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम-1973 के प्रावधानों के अंतर्गत घोषित ग्वालियर कृषि परिक्षेत्र में भिण्ड, मुरैना, ग्वालियर , दतिया, श्योपुर एवं शिवपुरी जिले सम्मिलित है । इन छः जिलों के अन्तर्गत (1 ) भिण्ड जिले में भिण्ड एवं गोहद (2) मुरैना जिले में मुरैना, (3 ) ग्वालियर जिले में ग्वालियर एवं डबरा, (4 ) दतिया जिले में दतिया, (5) श्योपुर जिले में श्योपुर, (6) शिवपुरी जिले में शिवपुरी , विकास योजनाएं सम्मिलित है तथा अंगीकृत होकर प्रभावशील है ।
डबरा निवेश क्षेत्र ग्वालियर जिले का एक प्रमुख तहसील मुख्यालय नगर है । यह परिक्षेत्र सिंध नदी के किनारे पर स्थित है तथा मध्य प्रदेश की उत्तरी सीमा का निर्धारण करता है । यह परिक्षेत्र सड़क मार्ग द्वारा मध्य प्रदेश के अलावा उत्तरप्रदेश से जुड़ा है । क्षेत्रफल की दृष्टि से इस परिक्षेत्र का सबसे बडा जिला मुरैना एवं सबसे छोटा जिला दतिया है । डबरा नगर रोन्ट्रल रेलवे लाईन पर स्थित है तथा ग्वालियर जिले के अंतर्गत आता है । डबरा नगर से ग्वालियर की दूरी लगभग 50 किमी. है । भौगोलिक दृष्टि से यह स्थल 25 °53' उत्तर अक्षांश एवं 78°20 ' पूर्वी देशान्तर रेखा पर समुद्र सतह से लगभग 205 मीटर ऊँचाई पर स्थित है । नगर के समीप अन्य बड़े शहर दतिया एवं ग्वालियर हैं ।
यह नगर , सड़क मार्ग से मध्यप्रदेश के ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी , सागर, ओरछा एवं उत्तरप्रदेश के झांसी शहरों से सीधा जुड़ा हुआ है । शहर से जुड़े हुए अन्य नगरों की दूरी सारणी क्रमांक 2 - सा-1 में दर्शायी गयी है ।
सारणी 2- सा-1 : डबरा शहर से अन्य नगरों की दूरी
Distance
Nearest Town
45 km
GWALIOR
58 km
JHANSI (U.P. )
28 km
DATIA
106 km
SHIVPURI
258 km
SAGAR
70 km
ORCHHA [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
276
2.2 निवेश क्षेत्र
नगर के सुनियोजित विकास को दृष्टिगत रखते हुये मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 13 (1 ) के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक 1336 / एफ-1 / 37/ 33 /74 दिनांक 23.04.1974 द्वारा डबरा निवेश क्षेत्र का गठन किया गया था । निवेश क्षेत्र की सीमाओं को अधिनियम की धारा 13 (2) के अंतर्गत अधिसूचना क्रमांक 29 दिनांक 22.01.2001 के द्वारा पुनरीक्षित किया गया । पुनरीक्षित निवेश क्षेत्र में डबरा नगर के अतिरिक्त 15 ग्राम सम्मिलित किये गये है । वर्तमान में नगर पालिका क्षेत्र की सीमा निवेश क्षेत्र की सीमा तक बढा दी गई है । पुर्नगठित निवेश क्षेत्र का क्षेत्रफल 10125.05 हेक्टेयर है । वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार विवरण निम्नानुसार है ।
सारणी 2- सा-2:- डबरा- निवेश क्षेत्र एवं जनसंख्या
ग्राम का नाम क्रमांक
2. 1.
जनसंख्या 2011 ग्राम का क्षेत्रफल (हे० में)
4
3.
(अ) ग्रामीण
सिमरिया ताल
1.
अरू
2.
3. इटायल
सिरोही
4.
बरोठा
5 .
कर्रा
6.
तिघरू
7.
गेडोलकला
8.
9. गेडोलखुर्द
सहराई
10.
खेडी नटवा
11.
सुल्तानपुर
12.
मगरोरा
13.
निभेरा
14.
चांदपुर
15.
16. डबरा (ग्रामीण)
बुजुर्ग (ग्रामीण)
17.
1508.95
3950
1934 482.55
2277 801.99
1855 293.29
551.83
3112
1206 507.29
117.47
984
242.33
911
457
205,57
816 308.67
569
184.51
932 196.58
2254 1431.64
583 446.64
3523 1233.43
20629 856.46
145.03
13868 277
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
A
PlanningArea
15.26
5.49
356.58
5,42 12.12
11.12
8:45
42.43
7.06
82.48 12:38
11.91
23.66
12.51 12.99
17.34
4.13
5.32
7.68
5.58 7.29
9.24
7.01
11.43
Km
3.5
DABRA
Legend
KABIRWARD
SUBHASHWARD
KIDWALWARD
AZADWARD
JAWAHARWARD
TAGOREWARD VIVEKANANDWARD
GURUDWARAWARD
TATYATOPEWARD
GANDHIWARD
SATKANWARRAMWARD
SARDARPATELWARD
BHAGATSINGHWARD
RAJIVGANDHIWARD
INDRAGANDHIWARD
JAINMANDIRWARD THAKURBABAWARD
LALALAJPATRAIWARD
CHANDERSHEKHARWARD
OR.AMBEDKARWARD
2.1WARDS (AsPerCensus,2011)
TILAKWARD DR. RAJENDERPRASADWARD
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
VillageBoundary
Road
WardBoundary
1.522.53
4LALBAHADURSHASHTRIWARD
Source:NagarPalikaParishad,Dabra WARDNO WARDNAME AREA(ha) MAHARANILAXMIBAIWARD 18.27
12
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale 0.5
District-Gwalior
5678900023
GOUDOLKHUR
CHANDPUR
NIBHERA
NH75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KARRA
SULTANPUR
SAHARAL
KHEMINATVA
THIGHPL
ToRichore
BUJURCY
20
MAGRORA
RAMGHAD
NH 75
AARU
DABRA
ToGwalior
ToBhitarwar.
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
SIMARIYARIYA(TAAL)(T
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor
18/1830 [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
278
A
PlanningArea
86.84
81.68
13.66
67.04
10125.05
20.25
48.92
154.77
29.57
346.42 27.03
$9.09 1595.77 29:30 1055.42
16.38
1540.42 208.66
7:31
45.27 21.00
1261.23
41.49
31.38
789.85
664.31
AREA(ha)
DABRA
Legend
TAGOREWARD
TILAKWARD
DEENDAYALWARD
GURUDWARAWARD
VIVEKANANDWARD
SUBHASHWARD
AZADWARD JAWAHARWARD
KABIRWARD
KIDWAIWARD
VANKHANDESHWARWAND
2.5 3.5 Km
MAITHIUSHARANGUPTWARD
TATYA TATYATOPEWARD
SARDARPATELWARD
BHAGATSINGHWARD
INDRAGANDHIWARD
JAINMANDIRWARD THAKURBABAWARD
BALAJIDHAMWARD RANVGANDHIWARD
LALBAHADURSHASHTRIWARD
SATKANWARRAMWARD
CHANDERSHEKHARWARD LALALAJPATRAIWARD
BABUJAGJIVANWARD
WARDNAME MAHARANILAXMIBAIWARD
DR.AMBEDKARWARD
SHYMAPRASADMUKHERJEEWARD170554
2.2WARDS(30)
DR.RAJENDERPRASADWARD
MAHATMAJYOTIBARAOPHULEWARD31.33
Waterbody
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
RailwayLine
Road
WardBoundary
Source:NagarPalikaParishad,Dabra WARDNO.
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale DistrictGwalior
00.5 1.5
NH 75
ToJhansi ToJhansi ToPichore
22
NH75
ToGwalior
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor 279
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
रामगढ़ (ग्रामीण)
18.
योग
(ब) नगर पालिका डबरा (ग्राम डबरा , रामगढ़ एवं बुजुर्ग)
योग (अ + ब)
स्त्रोत :- भारत की जनगणना 2011
8423
254.24
68283
9768.47
61277
356.58
129560
10125.05
2.3 जनसांख्यिकी एवं सामाजिक आर्थिक विश्लेषण (Demographic & Socio Analysis)
2.3.1 जनसंख्या विश्लेषण
डबरा नगर, मध्यप्रदेश राज्य के ग्वालियर जिले के तहसील मुख्यालय डबरा होने से परिक्षेत्र के संस्पर्शी पांच अन्य जिला मुख्यालयों के जनसंख्या का विवरण, इस परिक्षेत्र के नियोजन हेतु महत्वपूर्ण है । इसका विवरण सारणी क्रमांक 2 - सा-3 में दर्शाया गया है । सारणी 2- सा-3: राज्य में जनसंख्या विवरण एवं लिंग अनुपात (जिला)
क्र.
महिला
पुरुष
कुल जनसंख्या-2011
जिला एवं तहसील
लिंग अनुपात
35014503
931 37612306
72626809
मध्य-प्रदेश
1.
2032036 ग्वालियर जिला
2.
324569 3. डबरा तहसील
786754 दतिया जिला
4.
1725050 5. शिवपुरी जिला
864
941709
1090327
860
150094
174475
420157
873
366597
877
806255
919795
840 1068417 897553
1965970
6. मुरैना जिला
776162
837 926843
1703005
7. भिण्ड जिला
स्त्रोत :- भारत की जनगणना 2011
उपरोक्त सारणी के अवलोकन से स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश राज्य में महिला एवं पुरूष लिंग- अनुपात 1000 से कम है । चंबल एवं ग्वालियर संभाग के अंतर्गत छः जिले में सबसे कम, भिण्ड एवं सबसे अधिक शिवपुरी जिले का लिंगानुपात है । इसकी जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-3 में दर्शाई गई है ।
डबरा नगर की जनसंख्या , वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 104197 है जो वर्ष 2001 में 56672 थी । अमृत योजना के मानकों के अनुसार वार्ड वार कुल जनसंख्या, शिशु, अनुसुचित जाति, अनुसुचित जनजाति एवं साक्षरता की जानकारी निम्नानुसार सारणी क्रमांक 2-सा-4 एवं मानचित्र में दर्शायी गई है । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
280
सारणीः 2- सा -4 वार्ड वार कुल जनसंख्या
Population
Literates
ST
SC
Child (0-6)
Ward No
Population
F Total M F
Total M
Total M F
F
Total M
Total M F
909
997
42 19 23 1906
133 372 166 206
276 143
1197 1142
2339
1
771
2
1 1
1913 1142
174
190 181
371
372 198
1320
2 2780 1460
817
2
594
7
5 1411
904
160 141 1850 946
301
3 2216 1141 1075
1301 891
1
0 2192
1
361 206 155 1419 769 650
1408
4 3088 1680
770
2 5 1704 934
7
97
130 93 200 103
223
974
2078 1104
5
624
0
724
0
0 1348
122 64 58
71
833
153 82
772
6 1605
1159 890
5 2049
7 2
278 145 133
186 186
372
1506 1411
7 2917
1278 865
4
6 2143
10
228 636 330 306
490 262
8 3357 1766 1591
512
821
0 0 1333
0
176 160 642 335 307
336
1215 1063
2278
9
734
3 5 1817 1083
8
381 204 177 1356 713 643
2797 1501 1296
10
477 320
7 797
18 11
50
53
353 193
160
1062 579
103483
11
886 625
4 1511
11 7
146 1600 861 739
302 156
2464 1302 1162
12
578
48 1435 857
97 49
1201 657 544
280 147 133
2175 1152 1023
13
4
1027 788
9
5 1815
89 224 113 111
198 109
1194 1033
2227
14
2062 1242 820
298 154 144
403 215 188
375 200 175
1691 1439
15 3130
749
945
21 11
22
10 1694
36
109 58
132
995 241
2149 1154
16
810
6
976
12
61786
63
114
51
98
225 127
1146 1001
2147
17
940
0
0
0 1980 1040
106
12 15
27
220 114
1169 1095
2264
18
837
992
0 0 1829
58
0
136 78
97
205 108
1122 1017
2139
19
818
12
1009
58 30
18 1827
93 132 74
242 149
1279 1132
20 2411
5
2
87
3 1969 1082 887
116 203 116
264 148
1288 1150
2438
21
930 760
6 5 1690
31
11
82 55 24
944 200 118
1096
22 2040
24 19 3874 2187 1687
43
317 348 191 157
660 343
2683 2423
23 5106
1737 1306
45 28 3043
116 93 73
209
244
537 293
2188 1882
24 4070
25643 19485
712 365 347 45128
6510 5799
12309
3944 3373
7317
61277 32446 28831
Total
स्त्रोत:- भारत की जनगणना 2011
2.4.- जनसंख्या लिंगानुपात
डबरा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 4 एवं 11 में लिंगानुपात 834-850 के मध्य है तथा वार्ड क्रमांक 1 में लिंगानुपात 950-960 के मध्य है । जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 2-सा-5 एवं मानचित्र क्रमांक 1.3 में दर्शित है । 281 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
सारणी 2 - सा -5: वार्ड जनसंख्या लिंगानुपात
क्र.
वार्ड क्रमांक
कुल वार्डों की संख्या जनसंख्या लिंगानुपात (1000 पुरूष पर महिला) ..
1
1 950-960
1.
8
2,3,6,7,8,18,19,23
2.
900-950
13 850-900
3.
5,9,10,12,13,14,15,16,17,20,21,22,24
2 834-850
4,11
4.
24
योग
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011
2.4.1- शिशु जनसंख्या
डबरा शहर का लिंग अनुपात 889 है , जबकि शिशु श्रेणी में यह अनुपात 855 है । डबरा में शिशु जनसंख्या प्रतिशत वार्ड क्रमांक- 2, 3 , 7, 8 , 9, 10 , 12, 13 , 23 , 24 में 12-15 प्रतिशत प्राप्त हुई है एवं वार्ड नं. 6 , 11 , 14, 18,19, 22 में शिशु जनसंख्या प्रतिशत सबसे कम प्राप्त हुई है । जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-6 एवं मानचित्र क्रमांक 2.4 एवं 2.5 में दर्शाया गया है ।
सारणी 2- सा-6 : शिशु जनसंख्या
वार्ड क्रमांक
क्र.
कुल वार्डों की संख्या शिशु जनसंख्या (0-6 वर्ष) प्रतिशत
10
1.
12-15
2, 3, 7, 8, 9, 10, 12, 13, 23, 24
08
2.
10-12
1 , 4, 5, 15 , 16 , 17 , 20 , 21
06
<10
3.
6, 11 , 14, 18 , 19 , 22
24
योग
स्त्रोतः- जनगणना विभाग-2011
2.5 - अनुसूचित जाति एवं जनजाति जनसंख्या
अनुसूचित जाति - जनजाति जनसंख्या कुल जनसंख्या से अनुक्रम में 10-85 प्रतिशत है । उक्त जनसंख्या संपूर्ण नगर में वितरित है, किन्तु वार्ड क्रमांक -3 , में उक्त श्रेणी की जनसंख्या तुलनात्मक दृष्टि से अधिक है एवं वार्ड क्र0 5, 6, 7 , 16 , 17, 18, 19, 20, 21 , 22, 23 , 24 की जनसंख्या प्रतिशत 10 से भी कम है । अनुसूचित जाति- जनजाति जनसंख्या सारणी क्रमांक 2 - सा-7 एवं मानचित्र क्रमांक 2.6 में दर्शाया गया है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 282
सारणी 2- सा-7. अनुसूचित जाति, जनजाति जनसंख्या
वार्ड क्रमांक
क्र.
कुल वार्डों की संख्या अनुसूचित जाति / जनजाति जनसंख्या प्रतिशत
1
3
80-85
1.
2
12, 13
50-80
2.
3
4, 10, 11
30-50
3.
6 10-30
1, 2, 8, 9, 14, 15
4.
5.
<10
12
5, 6, 7, 16, 17, 18, 19, 20 , 21 , 22, 23, 24
24
योग
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011
2.6- साक्षरता
डबरा नगर परिषद क्षेत्र में साक्षरता दर 83.63 प्रतिशत है । शहर के वार्ड क्रमांक 9 में साक्षरता दर तुलनात्मक दृष्टि से कम एवं सबसे अधिक वार्ड क्रमांक-1 , 5, 6, 17, 18, 19 , 21 , 22 में पायी गई है । साक्षरता जनसंख्या सारणी क्रमांक 2 - सा-8 एवं मानचित्र क्रमांक 2.7 में दर्शाया गया है ।
सारणी 2- सा-8 साक्षरता प्रतिशत
वार्ड क्रमांक
कुल वार्डों की संख्या साक्षरता प्रतिशत
क्र.
9
80-90
1, 5, 6,14,17, 18, 19, 21 , 22
1.
7
70-80
4, 7, 11 , 16, 20, 23 , 24
2.
7
60-70
2, 3, 8, 10, 12, 13, 15
3.
1
9
50-60
4.
24
योग
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011
2.7 कार्यशील जनसंख्या
डबरा नगर की कुल जनसंख्या में श्रमिकों / कार्य सहभागिता की संख्या के अध्ययन से ज्ञात होता है कि वर्ष 2011 की जनसंख्या में से कितने प्रतिशत व्यक्ति विभिन्न कार्यकलापों एवं व्यवसायों में संलग्न होकर जीविकोपार्जन कर रहे हैं, तथा सबसे अधिक कार्य सहभागिता का प्रतिशत वार्ड क्रमांक- 3 एवं 13 में पायी गई हैं एवं सबसे कम प्रतिशत वार्ड क्रमांक-24 में जानकारी प्राप्त हुई है । वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार नगर की व्यावसायिक संरचना सारणी क्रमांक 2-सा-9 में दर्शाया गया है । कार्यशील जनसंख्या मानचित्र क्रमांक 2.8 में दर्शाया गया है । 283 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
A
PlanningArea
DABRA
Legend
2.533.5 Km
850-900
PlanningAreaBoundary
900-950
834-850Low:
RailwayLine
Source:CensusofIndia,2011 950-960High
NationalHighway
VillageBoundary
Road
1.5
2.3WARDWISESEXRATIO
***MunicipalAreaBoundary
SexRatio(Femalesper1000Male)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
0.5
DistrictGwalior
GOUDOLKHURI
CHANDPUR
NH 75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KARRA
SULTANPUR NIBHERA
SAHARAI
KHEDINATVA
THIGHRU
ToPichore
BUJURG
MAGRORA
RAMGHAD
NH 75
AARU
DABRA
ToGwalior
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMARIYA(TAAL)
ToGwalior
ToChinor
посье
нести новое посвете какие костеле
послки насте Notes Malла портале набыла после побоя [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
284
PlanningArea
DABRA
Legend
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
Source:CensusofIndia,2011
RailwayLine
12-15 High
10-12
VillageBoundary
Road
<10
CHILDPOPULATION0-6(Percent)
2.4WARDWISECHILDPOPULATION(0-6)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale DistrictGwalior
00.5 11.522.533.5
GOUDOLKHURD
CHANDPUR
NIBHERA
NIL75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KARRA
SULTANPPUR
SAHARAI
KHEDINATVA
THIGHRU
ToPichore
BUJURG
MAGRORA
RAMOMGHAD
NH 75
AARU
DABRA
ToGwallor
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMARIYA(TAAL)
ToGwalior
ToChinor
NOD19.30 285
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
DABRA
Legend
900-1000High
700-800
624-700 Low
800-900
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
Source:CensusofIndia,2011
VillageBoundary
Road
2.5WARDWISECHILDSEXRATIO
valior
***MunicipalAreaBoundary
ChildSexRatio(Femalesper1000Male)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
0.5 11.522.5 33.5 Km
GOUDOLKHURI
CHANDPUR
NH75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KARRA
SULTANPUR NIBHERA
SEHARAI
THIGHRU
KHEDIMATVA
ToPichore
BUJURG
MAGRORA
RAMGHAD
NH 75
AARU
DAB ABRA
ToGwalior
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
SIMARIYA(TAAL)
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor [भाग 1 286
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
PlanningArea
DABRA
Legend
Low
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
10-30
30-50
80-85High
Source:CensusofIndia,2011 50-80
VillageBoundary
Road
<10
2.6WARDWISESC/STPOPULATION
SC/STPopulation(Percent)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale DistrictGwallor
00.511.522.533.54
GOUDOLKHURD
CHANDPUR
NH75
ToJhansi ToJhansi
KARRA
GEDOLKALA
SULTANANPUR NIBHERA
SAHARAI
KHEDINAT TVA
THIGHRU
ToPichore
BUJURG
MAGRORA
RAMGHAD
NH.75
AARU
ABRA
DAE
ToGwalior
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
ETAYA
SIMARIYA(TAAL)
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor 287
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
DABRA
Legend
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
70-80
60-70
50-60 Low
80-90
Source:CensusofIndia,2011 Road VillageBoundary
2.7WARDWISELITERACY
Literacy(Percent)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
DistrictGwalior
Sca
00.5 11.522.533.5
GOUDOLKHURD
CHANDPUR
NH 75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KARRA
SULTANPUR NIBHERA
SAHAFAI
KHEDIKATZA
THIGHRU
ToPichare
BUJURG
MAGRORA
RAMGHAD
NH 75
AARU
DABRA
ToGwallor
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
SIMARIYA(TAAL)
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal To
ToChinor [भाग 1 288
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
A
PlanningArea
DABRA
Legend
MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
Source:CensusofIndia,2011 NationalHighway
31-33 27-29
33-35High
29-31
VillageBoundary
25-27Lov
Road
1.522.533.5
2.8WARDWISEWORKPARTICIPATION
WorkParticipationRate(Percent)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale DistrictGwalior
GOUDOLKHURD
CHANDPUR
NIBHERA
NH75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KAPRA
SULTANPUR
SAHARAI
KHEDINATVA
THIGHRU
ToPichore
BUJURG
MAGRORA
RAMGMGHAD
NH 75
AARU
DABRA
ToGwallor
ToBhitarwar.
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMARIYA(TAAL).
ToGwalior
ToChinor
NAPS SE 289
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
सारणी 2- सा-9 डबरा
कार्यशील (सहभागिता) जनसंख्या 2011
वार्ड क्रमांक
क्र. कार्य सहभागिता प्रतिशत 1.
33-35
31-33
2.
3.
29-31
4.
27-29
5
25-27
योग स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011 2.8 जनसंख्या घनत्व
कुल वार्डों की संख्या
2
3, 13
6
2, 4, 6 , 10 , 14 , 15,
8
5, 9 , 11 , 12, 19,20 , 21 , 22
7
1 , 7, 8 , 16 , 17 , 18 , 23
24
1
24
डबरा निवेश क्षेत्र में सकल जनसंख्या घनत्व मुख्यतः समतल , उपजाऊ भूमि क्षेत्र एवं नदी-नाले के कारण आवासीय घनत्व सामान्य है । नगर की वार्ड वार जनसंख्या घनत्व की जानकारी सारणी क्रमांक 2 - सा-10 एवं मानचित्र क्रमांक 2.9 में दर्शाया गया है ।
सारणी 2- सा -10 वार्ड वार जनसंख्या घनत्व
वार्ड का नाम
वार्ड का कुल क्षेत्र हेक्टेयर में वार्ड क्र.
3
2
1
1.
18.27 महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड
सरदार पटेल वार्ड
2.
11.19 3. डॉ. अम्बेडकर वार्ड
5.44
4.08 4. लाल बहादुर शास्त्री वार्ड
5.35 5. सुभाषवार्ड
6.
5.44 किदवई वार्ड
भगत सिंह वार्ड
7.
15.25 8. चन्द्रशेखर वार्ड
12.13 लाल लाजपत राय वार्ड
9.
7.16 कबीर वार्ड
10.
7.69 11. आजाद वार्ड
5.54 जवाहर वार्ड
12.
12.52 गांधी वार्ड
13.
7.22 तिलक वार्ड
14.
7.01 15. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड
82.85 16. इन्द्रा गांधी वार्ड
12.92 17.
12.42 गुरुद्वारा वार्ड
18. जैन मंदिर वार्ड
11.86 जनसंख्या (2011)
जनसंख्या घनत्व (व्यक्ति/ हेक्टेयर) 5
6
2339
128
2780
248.2
2216
410.3
3088
753.1
2078
388.4
1605
295
2917
191.3
276.75
3357
2278
318.15
363.7
2797
1062
191.7
2464
196.8
2175
301.2
2227
318.1
3130
37.77
2149
165
2147
173.1
2264
190 [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
290
9.40 19. ठाकुर बाबा वार्ड
8.55 तात्या तोपे वार्ड
20.
17.32 सतकन्वर राम वार्ड
21.
11.51 टैगोर वार्ड
22.
23.50 विवेकानन्द वार्ड
23.
42.22 24. राजीव गांधी वार्ड
1. भारत की जनगणना -2011 स्त्रोतः-
227
2139
282
2411
141
2438
177
2040
217.2
5106
96.4
4070
2. नवीन 30 वार्डों का गठन 2016 में होने एवं जनगणना के आकडें 2011 के ही उपलब्ध होने से ही तदानुसार 24 वार्डो के आंकड़े विशलेषण हेतु लिए गए हैं । उपरोक्त सारणी में जनसंख्या घनत्व के तुलनात्मक अध्ययन से यह स्पष्ट है कि पुराने शहर एवं बाहरी आबादी में, घनत्व के संदर्भ में काफी अंतर है । लाल बहादुर शास्त्री वार्ड क्रमांक 4 में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व 753.1 व्यक्ति प्रति हेक्टर है एवं डॉ. अम्बेडकर वार्ड क्रमांक -3 द्वितीय क्रम पर होकर 410.3 जनसंख्या धनत्व है तथा सबसे कम डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्रमांक-15 में जनसंख्या का घनत्व 37.77 व्यक्ति प्रति हेक्टर है ।
सारणी 2- सा-11 वार्ड वार जनसंख्या घनत्व (प्रतिशत में)
क्र.
जनसंख्या घनत्व (प्रति हेक्टर)
700-756
1.
600-700
2.
500-600
3.
400-500
4.
300-400
5.
200-300
6
100-200
7
8
<100
योग- स्त्रोतः- भारत की जनगणना-2011 वार्ड क्रमांक
कुल वार्डों की संख्या
1
4
1 3
5
5, 9, 10, 13, 14
6
2, 6, 8 , 19, 20, 23
9
1 , 7, 11 , 12, 16, 17, 18 , 21 , 22
2 15, 24
24 बाहरी क्षेत्र में जनसंख्या का घनत्व 180 व्यक्ति प्रति हेक्टर की दर से भी कम है । इनमें से कई क्षेत्रों में नदी, नाला , नहर एवं अनुपयोगी भूमि सम्मिलित है । परिणामस्वरूप जनसंख्या घनत्व कम है । यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि इन क्षेत्रों में प्रभावशील घनत्व, इस क्षेत्र के सकल घनत्व से अधिक होगा । 291 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
A
PlanningArea
DABRA
Legend
Low
500-600
100-200
400-500
600-700
PlanningAreaBoundary
MunicipalAreaBoundary
300-400
700-756High
200-300 NationalHighway
RailwayLine
Source:CensusofIndia,2011
VillageBoundary
Road
<100
PopulationDensity(Person/Hectare)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 2.9WARDWISEPOPULATIONDISTRIBUTION
DistrictGwalior
0 0.511.522.533.5
GOUDOLKHURD
CHANDPUR
NH75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KARRA
SULTANPUR NIBHERA
SAHARAI
THIGHRU
ToPichore
K-EDINATVA
BUJUR
MAGRORA
RAMGHAD
NH 75
AAR ARU
DABRA
ToGwallor
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
SIMARIYA(TAAL)
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwa
ToChinor [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
292
नगर में नई दिल्ली - मुम्बई रेल्वे लाईन एवं ग्वालियर- झांसी मार्ग के मध्य जनसंख्या घनत्व चार श्रेणियों में निम्न से अधिकतम है ।
अतः यह स्पष्ट है कि डबरा नगर भिन्न- भिन्न जनसंख्या घनत्व से युक्त होने के कारण इसके योजना ठोस एवं परिणामकारक हो , जिससे अत्यधिक घनत्व के क्षेत्रों का विकेन्द्रीकरण किया जा सके तथा आवश्यक सेवायें एवं अधोसंरचना उपलब्ध हो जिससे कम घनत्व के क्षेत्र आगामी विकास हेतु उपलब्ध हो सके ।
2.9 जनसंख्या परिवर्तन
भारत की जनगणना-2011 अनुसार मध्यप्रदेश की औसतन दशकीय जनसंख्या डबरा नगर की वर्ष 1971 में जनसंख्या 21430 थी, जिसकी वृद्धि दर 69.26 प्रतिशत रही । जनसंख्या में वृद्धि 1991 से 2001 के दशक में 21.13 प्रतिशत थी । वर्ष 2001 से 2011 में दशकीय जनसंख्या वृद्धि 52.10 प्रतिशत रही । सारणी में 2- सा-12 नगर की जनसंख्या एवं दशकीय वृद्धि दर्शाई गई है :-
सारणी 2 - सा-12: डबरा : दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर
जनसंख्या
वर्ष
योग
प्रतिशत दशकीय वृद्धि
3
2
3
1
निवेश क्षेत्र
नगर पालिका क्षेत्र निवेश क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र
56672
101101
2001
44429
68283
28.14 प्रतिशत 61277
129560
2011
स्त्रोतः- भारत की जनगणना 2011 293
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
Population Growth
88000
86000
84000
82000
-Population Growth
80000
78000
76000
74000
2011
2001
चित्र : डबरा : दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर (2001-2011 )
2.10 अनुमानित जनसंख्या
डबरा नगर में दशकीय जनसंख्या वृद्धि के आधार पर वर्ष 2021 की भावी जनसंख्या 150000 का आंकलन लिया गया है तथा विकास योजना 2031 के प्रस्ताव औसतन जनसंख्या 200000 के आधार पर तैयार किए गये है । वर्ष 2021 एवं 2031 में जनसंख्या वृद्धि का आकलन विभिन्न गणितीय पद्धति से किया गया है जो सारणी क्रमांक 2- सा-13 में दर्शाया गया है ।
सारणी 2- सा-13 .; जनसंख्या का आंकलन
2031
2021
क्र.
जनसंख्या अनुमानित पद्धति
जनसंख्या
जनसंख्या
186478
158019
1. अंकगणित वृद्धि पद्धति ( Arithmetic method )
212271
165837
2. ज्यामितिय वृद्धि पद्धति ( Geometric method )
186478
158019
3. वृद्धिशील वृद्धि पद्धति (Incremental method)
167088
147132
4. घातांक वृद्धि पद्धति (Exponential method ) [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
294
Population projection Methods
अंकगणित वृद्धि पद्धति
ज्यामितिय वृद्धि पद्धति
250000
200000
180000
200000
160000
140000
150000
120000
100000
वृद्धि
100000
वृद्धि 80000
60000
50000
40000
20000
0
0
2011 2021 2031 वर्ष
2001
वर्ष
2001 2011 2021 2031
घातांक वृद्धि पद्धति
वृद्धिशील वृद्धि पद्धति
180000
200000
160000
140000
150000
120000
100000
100000
80000
वृद्धि
वृद्धि
60000
50000
40000
20000
0
0
वर्ष
2011 2021 2031
2031 वर्ष 2001
2011 2021
2001
चित्र क्रमांकः 2.12.1 डबरा : जनसंख्या आंकलन पद्धति मानचित्र
डबरा विकास योजना -2031 में सम्मिलित ग्रामों की कुल जनसंख्या का आंकलन सभी चारों गणितीय पद्धति अनुसार किया गया है । इसमें से ज्यामितिय वृद्धि पद्धति आंकलन अनुसार सबसे अधिक जनसंख्या 212211 अनुमानित की गई है जबकि अंकगणितीय वृद्धि पद्धति से 186478 जनसंख्या अनुमानित की गई है ।
2.11 नगर पालिका क्षेत्र
डबरा नगर पालिका समिति की स्थापना 1907 में की गई थी , इस समय समिति का व्यय रियासत द्वारा वहन किया जाता था । सन् 1915-16 से नगरपालिका द्वारा कर उदग्रहित किए गए । वर्तमान नगरपालिका 30 वार्डों में विभाजित है । नगरपालिका का क्षेत्र 10125.05 हे0 है । 295 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
किसी नगर की आर्थिक क्षमता का अनुमान उस नगर में कार्यरत स्थानीय संस्था के आय- व्यय से किया जा सकता है । नगर पालिका डबरा की वर्ष 2012 में आय 3062.64 लाख रुपये तथा व्यय 1872.67 लाख रुपये थी जो वर्ष 2016 में बढ़कर आय 3720.42 लाख रुपये तथा व्यय 2306.05 लाख रुपये हो गया है । इससे स्पष्ट होता है कि नगर पालिका की आय एवं व्यय में बढोत्तरी से आर्थिक स्थिति में उन्नयन परिलक्षित होता है । प्रति व्यक्ति आय भी विगत पांच वर्षों में रूपये 3054 से बढकर रूपये 3710 हुई है । नगर पालिका डबरा को नगर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना आवश्यक है ।
2.12 नगर के मुख्य कार्यकलाप
मुख्य रूप से यह नगर ग्रामीण परिवेश होने से यहाँ औद्योगिक एवं विशेष व्यावसायिक गतिविधियों संचालित है । नगर वासीयों की आवश्यकता की पूर्ति हेतु कार्यकलाप है इसके अतिरिक्त कोई अन्य व्यवसाय यहाँ पर नहीं है ।
2.13 गंदी बस्तियां
निम्न आवासीय क्षेत्रों में अधिक सघनता, कच्चे टूटे- फूटे मकान , अस्वास्थ्यप्रद पर्यावरण तथा मूलभूत सेवा सुविधाओं का अभाव है । उन क्षेत्रों को गंदी बस्ती क्षेत्र कहा : जाता है । नगर में बसी हुई अनाधिकृत बस्तियों में मानव निवास हेतु आवश्यक सुविधाओं का अभाव है । इन बस्तियों में उपयुक्त पर्यावरण का अभाव होने के साथ ही मकानों की दशा दयनीय है । इन बस्तियों में कच्चे निर्मित मकान झुग्गी-झोपडी की श्रेणी में आते है ।
डबरा नगर पालिका से प्राप्त जानकारी अनुसार, घोषित गंदी बस्ती क्षेत्रों की जनसंख्या निम्नानुसार है ।
सारणी 2- सा-14 डबरा गंदी बस्ती
जनसंख्या
घोषित क्षेत्र का नाम
वार्ड कमांक
कमांक
395 1
1
पोखर के पास का क्षेत्र एवं टिट्घर से देवपाल तक
461 2
2.
रामगढ स्कूल के पास का क्षेत्र एवं नरिया किनारे का क्षेत्र
2797 3.
3
सम्पूर्ण वार्ड का क्षेत्र
379 4
पोखर के पास का क्षेत्र एवं रामगढ रोड
4.
379 अस्पताल के पीछे वाला क्षेत्र
5
5.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
296
6
6.
मिश्रा स्कूल के सामने एवं बिजली घर कें पीछे का क्षेत्र
7
7.
671
669
रेल्वे लाइन के किनारे वाला क्षेत्र
8
8.
वार्ड का सम्पूर्ण क्षेत्र
9
9.
वार्ड का सम्पूर्ण क्षेत्र 10
10.
वार्ड का सम्पूर्ण क्षेत्र
मीट मार्केट वाला रोड 11
11.
12
12.
वार्ड का सम्पूर्ण क्षेत्र 13
चीनोर रोड तक 13.
14
14.
श्रीकृष्ण पाण्डे से शारदा हीजडा तक , रमेश कोरी से जाट तक
आदिवासी दफाई वाला क्षेत्र 15
15.
20
16.
ढीमर मोहल्ला वाला क्षेत्र 21
17.
ठाकुर बाबा के पास एवं रेल्वे लाईन के किनारे वाला क्षेत्र
23
2995
2661
2336
896
2252
817
802
412
979
805
934
महावीर कालोनी वाला क्षेत्र एवं लक्ष्मी कॉलोनी रोड तक
18.
24
19.
शिक्षक कॉलोनी एवं छाडा के पास नंदू का डेरा वाला क्षेत्र
योग - स्त्रोतः- नगर पालिका परिषद, डबरा
2.14 आवास की आवश्यकता
788
22428 वर्ष 2011 की जनंसख्या के अनुसार डबरा नगर समूह के अंतर्गत 20858 परिवार 11085 आवासों में निवास करते है । इस आधार पर प्रति परिवार का आकार 5 व्यक्ति आता है । प्रत्येक परिवार को एक स्वतंत्र आवास की आवश्यकता के मान से 9773 आवासों की कमी के साथ परिवार का आकार बड़ा परिलक्षित होता है । इसका प्रमुख कारण संयुक्त परिवार एवं परिवार में सदस्यों की संख्या अधिक होना है ।
सारणी 2 - सा-15 आवास की कमी कुल आवासीय इकाईयां
विवरण
क्र.
कुल संख्या
3 1
2
11085 1. वर्ष 2011 तक कमी
पुनर्स्थापना का प्रतिशत
आवास इकाईयों की कमी
5
4
9773 297
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
उपरोक्त आंकलन के अनुसार डबरा नगर में वर्ष 2011 तक लगभग कुल 9773 आवासों की कमी आंकलित की गई है । वर्ष 2031 की अनुमानित जनसंख्या के लिए आवासों की आवश्यकता एवं अतिरिक्त परिवारों की जानकारी सारणी 2- सा -16 में दी गई है । सारणी 2-सा-16: अनुमानित परिवार एवं आवास आवश्यकता
आवासीय ईकाईयों
विवरण
वर्ष 2031
वर्ष 2011
कं.
200000
104292
जनसंख्या हजार में
1.
:
95708 2. अतिरिक्त जनसंख्या
5
5.1
औसत परिवार का आकार
3.
19141 अतिरिक्त परिवार
4.
17227 5. वर्ष 2011 में 90 प्रतिशत परिवारों को आवास की कमी को शामिल करते हुए आवास आवश्यकता
27000
9773
6. वर्ष 2011 की आवासीय कमी को शामिल करते हुए आवास आवश्यकता
2700 7. निवास योग्य रहवास ईकाईयों का प्रतिशत की दर से पुर्नस्थापना
29700
9773
कुल आवास की आवश्यकता
स्त्रोत :- नगर तथा ग्राम निवेश
वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार परिवार का औसत आकार 5.1 है । अनुमानित है कि वर्ष 2031 में यह 5 व्यक्ति तक पहुँच जायेगा । अतः उक्त अध्ययन के आधार पर वर्तमान आवासों की कमी को सम्मिलित करते हुए अनुमानित जनसंख्या के आधार पर वर्ष 2031 तक 29700 नवीन आवासों की आवश्यकता होगी ।
2.15 नगरीय विस्तार
डबरा निवेश क्षेत्र का नगरीय विस्तार क्रम , अलग-अलग तिथियों पर सुदूर संवेदन प्रणाली के माध्यम से एकत्रित जानकारी के आधार पर किया गया है । मानचित्र में नगर का प्राकृतिक विकासक्रम एवं दिशा स्पष्ट है । प्राकृतिक विस्तार समय एवं क्षेत्रफल सारणी 2-सा-17 में स्पष्ट है । सारणी से यह स्पष्ट होता है कि नगर विकास/ विस्तार का क्रम वर्ष 2015-2018 में, तुलनात्मक दृष्टि से वर्ष 2004-2015 की समयावधि में संपन्न विस्तार से अधिक एवं उच्च स्तर का था । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
298
सारणी 2- सा-17: नगरीय विस्तार एवं क्षेत्रफल
अ.क्र.
नगरीय विस्तार
क्षेत्रफल %
क्षेत्रफल(हे.में.)
579.40
59.75 1.
2006 तक.
390.27
40.25 2.
2006-2018
100
969.67
कुल
नगरीय विस्तार के मानचित्र एवं सारणी के आधार पर निष्कर्ष निम्नानुसार है :
वर्ष 2006 के पूर्व नगरीय गतिविधियां प्रमुखतः नगर पालिका क्षेत्र में केन्द्रित थी । वर्ष 2006 से 2018 तक नगर का विस्तार प्रमुखतः राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 75, भितरवार मार्ग , चीनोर मार्ग एवं पिछौर मार्ग के आस-पास के क्षेत्र में हुआ है ।
2.16 नगर विकास हेतु आवश्यक क्षेत्रफल
पूर्व में किये गये स्पष्टीकरण के आधार पर, डबरा निवेश क्षेत्र की, वर्ष 2031 में जनसंख्या 200000 के आसपास रहेगी । अतः वर्ष 2031 तक वृद्धिगत जनसंख्या लगभग 95708 होगी ।
सारणी 2 - सा-18: विकास योजना हेतु अतिरिक्त क्षेत्र आवश्यकता की गणना
200000 वर्ष 2031 तक प्रस्तावित जनसंख्या डबरा
10125.05 हे.
निवेश क्षेत्र
:
1120 हे.
डबरा विकास योजना-2021 में प्रस्तावित नगरीय उपयोग
1005.67 हे.
डबरा नगर में वस्तुतः विकसित क्षेत्रफल वर्ष 2004-2018
114.33 हे.
अतिरिक्त अविकसित उपलब्ध क्षेत्रफल विकास योजना 2021
1600.00 हे.
कुल आवश्यक क्षेत्रफल 2031 (125 व्यक्ति प्रति हेक्टर )
विकसित क्षेत्र में आवासीय , वाणिज्यिक , मिश्रित , सार्वजनिक एवं अर्द्ध सावर्जनिक सुविधाएं एवं सेवाऐं , परिवहन एवं आमोद- प्रमोद निवेश क्षेत्र में शामिल हैं । रिक्त भूमि, जलाश्य, ग्रामीण निर्मित क्षेत्र एवं कृषि भूमि सम्मिलित नहीं है ।
यू.आर.डी.पी.एफ.आय. मानक जनसंख्या घनत्व के संदर्भ में नगरों के लिये निर्धारित है । डबरा की प्राकृतिक संरचना के कारण कम ऊंचाई एवं मध्यम ऊंचाई के भवनों को प्रधानता दिये जाने के कारण , 125 व्यक्ति प्रति हेक्टर प्रस्तावित जनसंख्या घनत्व की अनुशंसा की जाती है । इस संदर्भ में वर्ष 2031 तक , डबरा निवेश क्षेत्र में विकास योजना प्रस्ताव निर्धारित करने हेतु क्षेत्रफल की गणना की गई है एवं इस गणना के अनुसार 1600.00 हे. भूमि, कुल 200000 जनसंख्या (वर्ष 2031 ) के लिये आवश्यक होगी । डबरा निवेश क्षेत्र में प्रस्तावित उपयोग हेतु भूमि का चयन करने हेतु समन्वित भूमि उपयोग उपयुक्तता 299
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
विश्लेषण किया गया है, जिसका मुख्य आधार भौगोलिक विशेषताएं एवं पर्यावरणीय घटकों का संयुक्त रूप से "Multicriteria Index " के माध्यम से विश्लेषण है ।
2.17 नगरीय भूमि उपयोग उपयुक्तता
अध्याय एक में वर्णित कार्यप्रणाली आधार 7 प्राकृतिक घटकों का परस्पर महत्व के आधार पर तथा प्रत्येक घटक का महत्व एवं संयुक्त प्रभाव का मूल्यांकन किया है । इन प्राकृतिक एवं नैसर्गिक घटकों का विवरण, विश्लेषण के परिणाम के साथ प्रस्तुत है ।
2.17.1 वर्तमान भूमि उपयोग मानचित्र
डबरा शहर का भूमि उपयोग मानचित्र नगर में निर्मित इकाईयों एवं रिक्त भूमि के वर्तमान उपयोग पर आधारित है । सारणी 2- सा -19 में उल्लेखित वर्गीकरण प्रणाली के आधार पर डिजीटल विश्लेषण तकनीकी एवं स्थल सत्यापन करने के पश्चात निवेश क्षेत्र का भूमि उपयोग मानचित्र तैयार किया गया है ।
भूमि उपयोग के प्रकार एवं व्याप्त क्षेत्रफल सारणी 2 - सा -19 एवं गानचित्र क्रमांक 2. 10 में उल्लेखित है । विभिन्न भूमि उपयोग प्रकार के संदर्भ में विस्तृत विवरण निम्नलिखित है-
सारणी 2- सा-19 वर्तमान भूमि उपयोग क्षेत्रफल
क्र. भूमि उपयोग (श्रेणी- III)
क्षेत्रफल (प्रतिशत)
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
भूमि उपयोग यू.आर.डी.पी.एफ. आई. मार्गदर्शिका अनुसार (प्रतिशत)
45-50
472.99
47.08
आवासीय क्षेत्र
1.
2-3
9.88
99.27
वाणिज्यिक
2.
45.76
4.56
3. मिश्रित
8-10
57.44
5.72
औद्योगिक
4.
12-14
99.63
9.91
5. आमोद-प्रमोद (नगर उद्यान + हरित क्षेत्र)
6-8
5.48
54.96
सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक
6.
10-12
166.84
7. यातायात एवं परिवहन
16.61
7.65
.76
8. सार्वजनिक सेवाएं सुविधाएं
100.00
1004.54
योग (अ)
92.70
9. रिक्त भूमि
8634.67
10. कृषि भूमि
91.52
पहाडी क्षेत्र
11.
301.62
12. जलाशय
9120.50
योग (ब)
10125.05
कुल योग (अ)+(ब) [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
300
PUF3
PUF4
SP10
A
PUR
G1
PlanningArea
Km
3.5
सार्वजनिकसंस्थानऔर प्रशासनिकक्षेत्रो/शिक्षाऔर
वृक्षारोपन अनुसंधान/स्वास्थ्य/सामाजिक, सास्कृतिकसंस्थागतगतिविधियों
सानान्यउद्योग
सामान्य
सामान्यआवासीय
श्मशान/कब्रिस्तान
वाणिज्यिक
सार्वजनिकसेवाएंएवं
उद्यान
निवेशक्षेत्र
मिश्रितउपयोग
सार्वजनिकएवंअर्थसार्वजनिक
मण्डी
औद्योगिक
नगरपालिका
वाहनविरामस्थल
ठोसअपशिष्टनिपटानसंयंत्रPUFS
आवासीय
सुविधाएं
रेल्वेस्टेशन
जलाशय
ग्राम
रेल्वेलाईन
जलशोधनसंयंत्र विद्युतउपकेन्द्र
परिवहन
पुल
अन्य(पहाड़ीदक्षेत्र)
आमोदप्रमोद
सीमाएं
विशेषप्रयोजन
कृषिभूमि
DABRA
Legend
valior
2.10EXISTINGLANDUSE
Landuse&UrbanSurveyDivision
1.522.53
AFFORESTATION TRANSPORTATION
CREMATORIUMGRAVEYARD
RECREATIONAL
WATERBODIES
RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
AGRICULTURE
RESIDENTIAL
TRENCHINGGROUND
BOUNDARIES
COMMERCIAL
ADMINISTRATIVEAREAI EDUCATIONANDRESEARCHI
PLANNINGAREA
MUNICIPAL
ELECTRICSUBSTATION
FACILITIES
GENERAL
INDUSTRIAL
RAILWAYSTATION
GENERALRESIDENTIAL
PARKING
GENERALINDUSTRIES
RAILWAYLINE
VILLAGE
BRIDGE
PLANT
OTHER(HILLOCKAREA)
ROADS
SOLIDWASTEDISPOSAL
PUBLICINSTITUTIONSAND
WATERTREATMENTPLANT
HEALTH/SOCIAL/CULTURAL INSTITUTIONALACTIVITIES
MANDI
SPECIALPURPOSE
MIXEDLANDUSE
PARK PUBLIC&SEMIPUBLIC
PUBLICUTILITIES&
BUSSTAND
Source:WorldView-II,2016SatelliteData&GroundVerification
Scale District-Gwalior
00.51
Daulatpura
CHANDPUR
ToJhansi
ToJhansi
SEDOLK
SULTANPUR
ToPichore
MAGRORA
RAMGHAD
INH 75
AARU
DABRA
ToGwalior
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
TAYAYAL
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwallor
ToChinor
NOCES -se Les se
255230N 301 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
Km
DABRA
0.5
Legend
Communication
Transportation
Recreational
Educational
Commercial
SurveybyMPCST&T&CP Residential
Industrial
Religious
RallwayLine
Railway
Heritage
Others
Landuse&UrbanSurveyDivision
PublicUtilitiesFacilities
Central/StateGovt.Property
HealthServices
Road
Mixed
Public&Semi-public
Rural
2.11BUILDINGFOOTPRINT
---VillageBoundary
Source:BuildingFootprintGeospatialData-AMRUT.
RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale District-Gwalior
0
THIGHRU
KARRA
SAHARAI
RAMSHAD
DABRA
SIROHI मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 302
PlanningArea
DABRA
Legend
Km 2.533.54
Waterbody
RailwayLine
PlanningAreaBoundary
2.12GEOMORPHOLOGY
NationalHighway
Pediplain
BuiltupArea
ResidualHill
Badland
Road
LateralBar
Ridge
PointBar
Geomorphology
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
0.5 11.52
Source:NationalGeomorphologicalMappingProjectNRSC,ISRO-2016 &LimitedFeildSurvey
Scale DistrictGwalior
ToJhansi ToJhansi ToPichste
NH75
ToGwalior
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor 303
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
Krm
DABRA
Legend
2.13CONTOUR
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
Contour(200m-260m)
NationalHighway
Road
Source:SruveyofIndiaToposheetandCartoDEM
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
1.522.533.54 0.5
DistrictGwalior
ToJhansi ToJhansi P
ToPichore
ToGwallor
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChininor
movewonmovewhenwemeaswiretribesmorenoharwerenineareamaremorewherewaive [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
304
PlanningArea
Km
DABRA
Legend
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
Source:CartoDEM,MAPIT
Landuse&UrbanSurveyDivision Road
Low:113
High:220High
Gwalior
2.14DIGITALELEVATIONMODEL(DEM)
Height(Meter)
RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
0.5 1.522.533.5
Scale
Distr
ToJhansi ToJhansi ToPichare
ToGwallor
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor 305
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
स्त्रोत :- नगर तथा ग्राम निवेश एवं जी.आई.एस. सर्वेक्षण
निर्मित क्षेत्र
निर्मित क्षेत्र (विकसित क्षेत्र) का प्राकृतिक विस्तार हेतु कुल निर्मित क्षेत्र 1004.54 हेक्टेयर भूमि है । निवेश क्षेत्र में निर्मित क्षेत्र को विभिन्न श्रेणिओं में वर्गीकृत किया है जैसे आवासीय, वाणिज्यिक , मिश्रित निर्मित क्षेत्र आमोद- प्रमोद , सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, यातायात ।
कृषि भूमि
नगरीय क्षेत्र के बाहर कृषि भूमि उपयोग प्रमुख है । कृषि उपयोग के अंतर्गत 8818.43 हेक्टेयर भूमि व्याप्त है । उक्त श्रेणी में फसल युक्त कृषि भूमि, रिक्त भूमि तथा वृक्षारोपण की भूमि भी सम्मिलित है । निवेश क्षेत्र में फसल युक्त (कृषि) भूमि क्षेत्रफल 8634.67 हेक्टेयर उपलब्ध है जिसमें खरीफ मौसम में सोयाबीन एवं रबी मौसम में गेहूँ तथा दाल की फसलों का उत्पादन होता है ।
हरित क्षेत्र
डबरा निवेश क्षेत्र में हरित क्षेत्र के अंतर्गत 91.49 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है ।
जलाशय
जलाशय के अंतर्गत मुख्य रूप से सिंध नदी, तालाब , नाला एवं नहर के क्षेत्रफल को सम्मिलित किया गया है । इसका कुल क्षेत्रफल 301.62 हेक्टेयर भूमि है । निवेश क्षेत्र में जलाशय का प्रतिशत 2.97 है ।
2.17.2 भू- संरचना विज्ञान (जिओमॉर्कोलाजीकल) उपखण्ड
डबरा निवेश क्षेत्र को भू-आकृति की दृष्टि से तीन भागों में विभाजित किया गया है । निवेश क्षेत्र को पेडीप्लेन तथा शेष भाग विच्छेदित पहाडियां व संरचनात्क घाटी में विभाजित किया गया है, जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा-20 एवं मानचित्र क्रमांक 2.12 में दर्शाई गयी है ।
सारणी 2- सा-20: जिओमॉर्कोलाजीकल उपखण्ड़ एवं क्षेत्रफल
जिओमॉर्फालॉजीकल
क्षेत्रफल (प्रतिशत) क्र.
क्षेत्रफल (हेक्टर में) |
969.44
1.
9.57 अनुर्वर भूमि (Bad Land)
689.18
2
6.81 बसाहट (Builtup)
1.03
3.
0.01 पार्श्व पट्टी (Lateral Bar )
8195.58
4.
80.94 पेडी मैदान ( Pedi Plain)
4.48
0.04 5. बिन्दु बार (Point Bar)
8.20
0.08 6. अवशिष्ट पहाड़ी (Residual Hill)
132.33
7.
1.31 चोटी (Ridge)
124.82
1.23 8. जलाशय (Water Body)
10125.05
योग
100.00 स्त्रोतः - भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
306
2.17.3 मिट्टी की जानकारी
डबरा निवेश क्षेत्र में मिट्टी की जानकारी एम.पी.आर.एस.ए.सी. भोपाल (स्त्रोत एन.बी. एस.एस. एवं एल.यू.पी. ) के आधार पर अध्ययन कर, प्रत्येक प्रकार की मिट्टी को विभाजित किया गया है । इससे मिट्टी की संरचना संबंधी मानचित्र तैयार किया गया है ।
सारणी 2-सा-21 मिट्टी की संरचना के विभिन्न प्रकार
क्र.
मिट्टी की संरचना 1. बसाहट (Built up)
2. ललित (Fine)
3. ललित लोमी (Fine Loamy) 4. दोमट कंकाल (Loamy Skeletal ) 5. जलाशय (Water Body)
कुल
स्त्रोतः- भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण 2.17.4 ढ़लान
क्षेत्रफल (प्रतिशत) क्षेत्रफल (हे.में)
6.807
689.20
64.16
6496.31
27.28
2761.98
0.468
47.36
1.286
130.21
100
10125.05
निवेश क्षेत्र में, प्राकृतिक संरचना के अन्तर्गत ढलान के विशिष्ट पहलुओं का अध्ययन, भूमि उपयुक्तता निर्धारण करने में महत्वपूर्ण है । ऊंचाई के आधार पर निर्धारित ढलान की विशेषताएं दर्शाने वाला मानचित्र Contour एवं Carto- DEM के आधार पर तैयार किया है । जो मानचित्र क्रमांक-2.16 तथा सारणी 2- सा-22 पर दर्शीत है ।
सारणी 2- सा-22 ढलान के विभिन्न श्रेणी के अन्तर्गत क्षेत्रफल
क्र.
ढ़लान (प्रतिशत)
0-1
1.
1-3
2.
3-5
3.
5-10
4.
10-15
5.
कुल
स्त्रोतः-भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण 2.17.5 भूकम्प (आपदा) परिक्षेत्र
क्षेत्रफल (प्रतिशत) क्षेत्रफल (हे.में)
99.38
10062.58
0.55
56.22
4.93
0.73
0.06
100.00
10125.05
क्षेत्र के सूक्ष्म अध्ययन से भूकम्प (आपदा) परिक्षेत्र का स्वटिय मानचित्र , जिसमें फाल्ट तथा छोटे मध्यम एवं वृहद फ्रेक्चर परिक्षेत्र के आधार पर, मिट्टी की स्थिति, भूगर्भीक फाल्टस का अध्ययन एवं विश्लेषण किया गया है । उक्त आधार पर निवेश क्षेत्र 307 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
A
PlanningArea
DABRA
Legend
2.15SOILTEXTURE
LoamySkeletal
Waterbody
PlanningAreaBoundary
FineLoamy
RailwayLine
NationalHighway
BuiltupArea
Road
Fine
Source:SoilandLanduseSurveyofIndia SoilTexture
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
DistrictGwalior
Km 00.511.522.533.54
ToJhansi ToJhansi ToPichore
ToGwalior
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor
25/500 [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
308
PlanningArea
Km
DABRA
Legend
2.16SLOPE
Waterbody
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
RailwayLine
BuiltupArea
10-15High
5-10
Road
Source:CartoDEM,MAPIT 3-5
1-3
<1 Low
Slope(Percent)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
00511.522.533.54 Scale
ToJhansi ToJhansi ToPhbore
ToGwallor
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor
NALS SENDEDS.se 309
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
MadhyaPradesh
Legend
Waterbodies
NationalHighways
Forest
DistrictBoundary
MADHYAPRADESH
ZONE-IIIModerateDamageRisk Zone(MSKVII)
ZONE-IILowDamageRiskZone (MSKVIORLess)
Rail
2.17EARTHQUAKEZONES
EARTHQUAKEZONES
Source:SeismotectonicAtlasofIndia,GSI,GOI
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale India
Bhind
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
Mandsaur मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 310
का भूकम्प सम्भावना युक्त क्षेत्र का मानचित्र तैयार किया गया है । डबरा निवेश क्षेत्र भूकंप तीवृता की दृष्टि से ज़ोन II में वगीकृत किया गया है । यह क्षेत्र दक्षिण के पठार का स्थिर क्षेत्र है तथा जो कि हॉस्ट ब्लॉक कहलाता है । देश के मुख्य भूकम्पीय क्षेत्रों से पृथक करता है । अतः उच्च तीवृता के भूकम्प आने की सम्भावना इस क्षेत्र में कम है ।
स्त्रोतः- भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण
2.17.6 जल स्त्रोत बफर
डबरा निवेश क्षेत्र में मुख्यतः सिंध नदी, नहर तथा नाला सम्मिलित किये गये है जिसका कुल क्षेत्रफल 311.63 हेक्टर है । सिंध नदी के दोनों ओर 30 मी 0 की दूरी तक निर्माण / विकास कार्य, पूर्व विकास योजना-2021 अनुसार प्रतिबंधित किया गया है, ताकि सिंध नदी का तटीय क्षेत्र , जैसे सुन्दर घाट, मंदिर परिसरों के मूल स्वरूप को यथावत बनाया रखा जा सके । भू- जल संभावना एवं जल स्त्रोत बफर की जानकारी सारणी 2- सा-23 एवं मानचित्र क्रमांक-22 एवं 23 में दर्शायी गयी है ।
सारणी 2 - सा-23: जल स्त्रोत बफर क्षेत्रफल
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
क्र.
बफर (मी० में)
क्षेत्रफल (प्रतिशत)
22.24
476.72
15
1.
21.48
460.40
30
2.
21.04
450.95
45
3.
20.68
443.26
60
4.
311.62
14.54 5.
नदी
100.00
2142.95
कुल
स्त्रोतः- भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण
2.17.7 भूमि अवक्रमण ( Land Degradation ) : - डबरा निवेश क्षेत्र अंतगर्त, कुछ क्षेत्रों में अधिक भूमि कटाव होने के कारणवश नाली, बीहड़ एवं खड्ड के रूप में मृदा अपरदित भूमि एवं बंजर पथरीली भूमि के होने से भूमि का अवक्रमण पाया गया । जिसे मानचित्र क्रमांक 2.20 में दर्शाया गया है ।
2.17.8 मार्ग संरचना
मार्ग संरचना निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत भावी विकास के क्षेत्रों को विकसित करने हेतु महत्वपूर्ण माध्यम है । नगरीय भूमि उपयुक्तता का विश्लेषण करने हेतु इन दोनों मार्गों को सम्मिलित किया गया है एवं बफर जोन मार्ग के दोनों ओर निर्धारित 311
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
किए गये है । ज़ोन के अन्तर्गत बफर मार्ग संरचना की जानकारी सारणी 2 - सा-24 एवं मानचित्र क्रमांक-2.21 में दर्शायी गयी है ।
सारणी 2 - सा-24 मार्ग संरचना बफर क्षेत्रफल
क्र.
मार्ग बफर (मी०)
100
1.
200
2.
500
3.
मार्ग
4.
कुल
स्त्रोतः-भारतीय भू- वैज्ञानिक सर्वेक्षण 2.17.9 रेलवे स्टेशन
क्षेत्रफल (प्रतिशत) क्षेत्रफल (हेक्टर में)
13.88
546.27
26.50
1042.80
53.11
2089.68
6.48
255.21
100.00
3933.96
निवेश क्षेत्र में निकटतम रेलवे स्टेशन डबरा रेलवे स्टेशन है जो नई दिल्ली- मुम्बई रेल्वे लाईन एवं ग्वालियर- झांसी रेल्वे लाईन पर स्थित है ।
2.17.10 भूमि मूल्य
डबरा निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत 30 वार्ड सम्मिलित हैं । जिला पंजीयक ग्वालियर से प्राप्त जानकारी सारणी क्रमांक 2- सा -25 में दर्शाई गयी है । निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत रिहायशी क्षेत्र एवं व्यावसायिक क्षेत्र में भूमि के मूल्यों की श्रेणी सारणी 2 - सा-25 एवं मानचित्र क्रमांक 2.22 एवं निवेश क्षेत्र अंतर्गत आने वाली शासकीय भूमि को मानचित्र क्रमांक 2.23 में दर्शाया गया है ।
सारणी 2 - सा-25ः विभिन्न भूमिमूल्य श्रेणी अन्तर्गत क्षेत्र
ग्राम का नाम क्र.
लक्ष्मीबाई वार्ड.
1
सरदार पटेल वार्ड 2
बाबू जगजीवनराम वार्ड 3
वनखण्डेश्वर वार्ड 4
लालबहादुर शास्त्री वार्ड 5
किदवई वार्ड 6
भगत सिंह वार्ड 7
भूमि मूल्य (रूपये प्रति वर्ग.मी.)
व्यावसायिक आवासीय
वार्ड
सर्वा.
सर्वा. न्यून.
न्यून.
9800
1800
6500
1200
1
9800
1800
6500
1200
2
3150 15300 10200
2100
3
6000
3150
4000
2100
4
6000
3150
4000
2100
5
12000
1500
6
12000
8000 3150
2100
7 [भाग 1 312
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
PlanningArea
Legend
Lineaments
Waterbody
Moderate
ModeratetoPoor
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
BuiltupArea
Road
Poor
VeryGoodtoGood
DABRA 2.18GROUNDWATERPROSPECTS
GroundwaterProspects
Source:ResourceSat-2,LISS-IV&IntegrationofLithology,. GeomorphologyandHydrologyLayers.
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
00.5 1.5 22.533.5 Km
Scale District-Gwalior
ToJhansi ToJhansi ToPichore
ToGwalior
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor 313 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
Km A
DABRA
Legend
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
BuiltupArea
Roads
2.19WATERBODYBUFFER
30
60 45
15
Source:Worldview-IlSatellitedata WaterbodyBuffer(DistanceinMeters)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
00.51 1.522.533.5
NH75
ToJhansi ToJhansi ẢNH 75
To Gwalior
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinorC मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 314
12000
1950
1300 8000
चन्द्रशेखर वार्ड
8
8
3100
1250
800
2100
लाला लाजपतराय वार्ड
9
9
11100
3150
2100 7400
आजाद वार्ड
10
10
12000
3150
8000
2100
जवाहर वार्ड
11
11
12000
3150
8000
2100
'बालाजी धाम वार्ड
12
12
12000
3150
8000
2100
राजीव गांधी वार्ड
13
13
3200 26100
2100 17400
14
सुभाष वार्ड
14
24000
16000 3450
2300
15
महात्मा ज्योतिबाराव फुले वार्ड
15
15000
10000 3150
2100
डा० अम्बेडकर वार्ड
16
16
26100
17400 4500
3000
17
17
राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्तवार्ड
11100
7400 3150
2100
तिलक वार्ड
18
18
11100
4500
3000 7400
तात्या टोपे वार्ड
19
19
26100
5700
3800 17400
डा० राजेन्द्र प्रसाद वार्ड
20
20
26100
17400 3150
2100
इन्दिरा गांधी वार्ड
21
21
26100
1650
17400
1100
पण्डित दीनदयाल वार्ड
22
22
26100
17400 6000
4000
23
गुरुद्वारा वार्ड
23
6000 61500
4000 41000
जैन मंदिर वार्ड
24
24
3150 31500
21000
2100
25
ठाकुरबाबा वार्ड
25
31500
5700
3800 21000
संतकंवरराम वार्ड
26
26
6000 24000
16000
4000
विवेकानंद वार्ड
27
27
1650 12000
1100 8000
28
श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड
28
9000
700 6000 1050
कबीर वार्ड
29
29
1050 4500
3000
700
टैगोर वार्ड
30
30
स्त्रोतः- पंजीयक कार्यालय एवं नगर परिषद डबरा
2.18 नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प
निवेश क्षेत्र के अन्तर्गत राजस्व भूमि सीमित होने के कारण नगरीय भूमि उपयुक्तता विकल्प के घटकों के विश्लेषण का आधार सीमित होने के कारण दो विकल्प प्रस्तावित किये गये हैं । इन दोनों ही विकल्पों में प्रत्येक घटक का क्रम दूसरे घटक के परस्पर संबंधों पर निर्धारित किया गया है एवं नगरीयकरण के संबंध में निर्धारित उपयुक्तता विकल्प सारणी , क्रमांक 2 - सा-26 , 2 - सा -27 एवं 2 - सा -28 एवं मानचित्र क्रमांक 2.24, 2.25 एवं 2.26 में दर्शित है । 315
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
सारणी 2 - सा-26 Weighted Index For Composite Land Suitability [ Model - 1 ]
THEME
S.NO.
1
LANDUSE
2
3
4
5
6
1
GEOMORPHOLOGY 2
3
4
5
6
7
GROUNDWATERPROSPECTS 2
3
4
5
6
1
SOIL TEXTURE 2
3
4
ROAD BUFFER 1
2
3
4
1
WATER BODIES BUFFER 2
3
4
5
SLOPE
1
2
3
4
5
1
LAND VALUE 2
3
4
CLASS
CLASS WEIGHT THEME WEIGHT
7 Agriculture
9 Vacant Land
1
Builtup
25
Wasteland
8
Forest
1
1 Waterbody
1
Badland
3 Lateral bar
9
Pediplain
20
4
Pointbar
2
Ridges
5 Residual hill
1 Waterbody
5 10
Moderate To Poor
8
Moderate
2
Poor
9
Excellent
1 Reserve Zone
1 Waterbodies
8 05
Fineloamy
7
Fine
9 Loamy Skeletal
1 Waterbodies
1
Builtup
100 m
9 10
8
200 m
7
500 m
3
>500 m
15m
1 10
2
30 m
5
45 m
7
60m
9
>60 m
9
0-1 %
10
1-3 %
8
3-5 %
7
5-10 %
6
10-15%
5
9 10
8
7
5 [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
316
A
PlanningArea
DABRA
Legend
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
BulltupArea
Barrenrocky/Stonywaste
WatererosionSheet-Severe
SalineSodic-Slight
2.20LANDDEGRADATION
Road
Watererosion-Ravines-Shallow
Watererosion-Gullies
WatererosionSheet-Moderate
Source:NationalLandDegradationMappingProject NRSC, LandDegradation
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale District-Gwalior
00.5 1.522.533.5 Km
ToJhansi ToJhansi ToPichore
NH 75
ToGwalior
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
ToChinor- 317
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
DABRA
Legend
2.21ROADBUFFER
Waterbody
PlanningAreaBoundary
NationalHighway
Roads
BuiltupArea
200
500 100
Source:Worldview-IISatellitedata RoadBuffer(DistanceinMeters)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale District-Gwalior
00.511.522.533.54
20
To Jhansi zeze
ToPichore
ToGwalior
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
ToChinor
seekerzaleanzockereseenactionandthezonesezoneseniorsole मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
318
[भाग 1
PlanningArea
Dabra
High
DABRA
Legend
2.22LANDVALUES
Waterbody MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
VillageBoundary
NationalHighway
Road
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal WardwiseLandValueRangeinINR (PerSqureMeter)
Source:DepartmentofRegistration&Stamp,Govt.ofM.P.(2019)
Scale DistrictGwalior
00.511.522.533.54 Km
78240E
CHANDPUR
NH75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
SULT ILTANPUR
SAHARAI
KHEDINATVA
THIGHRU
ToF Pichore
URG
MAGRORA
RAMGHAD
2
NH75
5DABRA
ToGwalior
ToBhitarwar
29 BAROTHA
ETAYAL
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMA ARIYA(TAAL)
ToGwalior
ToChinor
...
marsse nocese nas nais.st
NALS.SR 319
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
A
PlanningArea
Km
DABRA
Legend
GovernmentLand
Waterbody
PlanningAreaBoundary
MunicipalAreaBoundary
PrivateLand
NationalHighway
RailwayLine
VillageBoundary
2.23GOVERNMENTLAND
Road
LandOwnership
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
0.511.522.533.54
Source:CommissionerLandRecords(10thMay,2019)
DistrictGwalior
CHA
NH 75
ToJhansi ToJhansi
SARALSAREERLonesenseaneLage KHEDINA
ToPichore
7750
MAGRORA
RAMGHA
1285/256
Ayensorgerragasscoutesagree
DABRA
ToGwalior
sonersainesalimsenasiersocles20ewsadhurahesamesamesahar
ToBhitarwar
24032443
723842407
2134100
2405
SIROHI
148101
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMARIYA
283
629
37207847654550261
1226
4526
ToGwalior
243
sepiksapnasafirsaleargue
ToChinor
samesomeestionrevurader
781530876-1σσε मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
320
[भाग 1 सारणी 2- सा -27 Weighted Index For Composite Land Suitability [ Model - 2 ]
THEME
S.NO.
1
LANDUSE 2
3
4
5
6
1
GEOMORPHOLOGY 2
3
4
5
6
7
1 GROUNDWATERPROSPECTS 10
2
3
4
5
6
1
SOIL TEXTURE 2
3
4
1
ROAD BUFFER 2
3
4
1
WATER BODIES BUFFER 2
3
4
5
1
SLOPE
2
3
4
5
1
LAND VALUE 2
3
4
CLASS
CLASS WEIGHT THEME WEIGHT
7 Agriculture
VacantLand
9
1
Builtup
20
Wasteland
8
Forest
1
1 Waterbody
1
Badland
3 Lateral bar
9
Pediplain
10
4
Point bar
2
Ridges
5 Residual hill
1 Waterbody
5 Moderate To Poor
8
Moderate
2
Poor
9
Excellent
1 Reserve Zone
1 Waterbodies
8 05
Fineloamy
7
Fine
9 Loamy Skeletal
1 Waterbodies
1
Builtup
100 m
9 10
8
200 m
7
500 m
3
>500 m
10
15 m
1
2
30m
45 m
5
7
60 m
>60 m
9
0-1 %
9 10
1-3 %
8
3-5 %
7
5-10 %
6
10-15%
1
9 10
8
7
5 321
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
सारणी 2 - सा-28 Weighted Index For Composite Land Suitability [ Model -3 ]
THEME
S.NO.
1
LANDUSE 2
3
4
5
6
1
GEOMORPHOLOGY 2
3
4
5
6
7
1 GROUNDWATERPROSPECTS 12
2
3
4
5
6
1
SOIL TEXTURE 2
3
4
1
ROAD BUFFER 2
3
4
1
WATER BODIES BUFFER 2
3
4
5
1
SLOPE
2
3
4
5
1
LAND VALUE 2
3
4
CLASS
CLASS WEIGHT THEME WEIGHT
7 Agriculture
Vacant Land
9
1
Builtup
14
Wasteland
8
Forest
1
1 Waterbody
1
Badland
12
3 Lateral bar
9
Pediplain
4
Pointbar
2
Ridges
5 Residual hill
1 Waterbody
5 Moderate To Poor
8
Moderate
2
Poor
9
Excellent.
1 Reserve Zone
1 Waterbodies
8 12
Fineloamy
7
Fine
9 Loamy Skeletal
1 Waterbodies
1
Builtup
9
100 m
14
8
200 m
7
500 m
3
>500 m
15 m
1 12
2
30 m
45 m
5
60m
7
9
>60 m
0-1 %
9 12
1-3%
8
3-5%
7
5-10 %
6
10-15%
5
9 12
8
7
5 भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
322
A
PlanningArea
Km
DABRA
Legend
Source:DatabaseLayers ModeratelySuitable
Waterbody
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
BuiltupArea
Road
HighlySuitable
LessSuitable
2.24UrbanLandSuitability(Model-1)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal SUITABILITY (EqualWeightagetoAllLayers)
District-Gwalior
Scal 0.511.522.533.5
ToJhansi ToJhansi ToPichore
23Meenzationsheerseenmelesseden
To Gwalior
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor
modernsomesees200hin200200200200200200 323
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
DABRA
Legend
Source:DatabaseLayers
Waterbody
ModeratelySuitable
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
BuiltupArea
HighlySuitable
Road
LessSuitable
1.522.533.5
SUITABILITY
2.25UrbanLandSuitability(Model-2)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (Landuse,Geomorphologyand WaterbodyBuffergivenmoreWeightage)
005
District-Gwalior
ToJhansi ToJhansi ToPichore
ToGwalior
ToBhitarwar.
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 324
hingArea
DABRA
Legend
Source:DatabaseLayers
Waterbody
ModeratelySuitable
PlanningAreaBoundary
RailwayLine
NationalHighway
BuiltupArea
Road
HighlySuitable
LessSuitable
SUITABILITY
2.26UrbanLandSuitability(Model-3)
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal (Landuse,Slope,TransportBufferand WaterbodyBullergrvenmoreWeightage).
0.5 11.522.533.5 Km
DistrictGwalior
Scal
Jhansi ToJhansi
NH 75
oPichore
ToGwalior
ToBhitarwar
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
ToChinor 325
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
अध्याय-3
प्रस्तावित परिवहन तंत्र तथा नगरीय अधोसंरचना 3.1 यातायात संरचना
परिवहन संरचना शहर की मूल आवश्यकता का आधार होने से वाहन , जल , मल , अपशिष्ट, विद्युत, टेलीफोन आदि जन - सुविधाओं के संबंध का कार्य परिवहन संरचना के सापेक्ष ही होता है ।
नगरीय विकास / विस्तार के लिये प्रभावपूर्ण परिभ्रमण संरचना की आवश्यकता होती है, ताकि नगर आबादी को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था प्राप्त हो सके, प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना नगर के भावी आकार एवं स्वरूप का निर्धारण करती है, कुशल यातायात प्रबंधन से यात्रा का समय , दूरी तथा वाहन चालन मूल्य आदि को कम किया जा सकता है , प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना निम्नलिखित अवधारणा पर आधारित है :-
(1 ) क्षेत्रीय यातायात एवं नगरीय यातायात का पृथक्करण ।
(2) नगर के प्रस्तावित विकास एवं विस्तार हेतु उपयुक्त परिभ्रमण संरचना, (3) नगर के कार्य केन्द्रों का परस्पर संबंध स्थापित करना
(4) नगर की बसाहटों का आपस में सामन्जस्य स्थापित करना ,
(5) मिश्रित यातायात के अनुरूप संसंगठित मार्ग संरचना ,
यातायात प्रणाली की कार्य- कुशलता का आंकलन निम्न घटकों के आधार पर किया जाता है-
(1 ) अंर्तनगरीय यातायात (2) नगरीय यातायात
3.2 अंर्तनगरीय यातायात : -
(अ) रेल मार्ग
डबरा नगर , रेल यातायात से ग्वालियर- इटावा रेल लाइन पर स्थित होने के कारण देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुडा हुआ है, जिससे इसकी क्षेत्रीय यातायात की आवश्यकता की पूर्ति वर्तमान में हो सकेगी, वर्तमान में डबरा रेल्वे स्टेशन को विकसित करने हेतु पर्याप्त स्थान उपलब्ध है । [भाग 1 326
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
(ब) मार्ग :-
डबरा राष्ट्रीय राजमार्ग -75 पर स्थित होने से माल का आयात- निर्यात मार्ग यातायात द्वारा देश एवं प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से होता है । इस प्रकार क्षेत्रीय मार्गो पर यातायात का काफी दबाव रहता है । क्षेत्रीय यातायात के दबाव को दृष्टिगत रखते हुये डायवर्सन मार्ग का निर्माण किया गया है । भावी यातायात की दृष्टि से क्षेत्रीय मार्गो का प्रस्ताव किया गया है ।
(स) सीधा यातायात
डबरा नगर से झाँसी , सागर, जबलपुर, रीवा , ग्वालियर, मुरैना की ओर जाने वाले मार्गो पर सीधा यातायात गुजरता है , अतः इन मार्गो पर बढते हुये यातायात के दबाव को देखते हुये इन मार्गो को पर्याप्त रूप से सक्षम बनाया जाना प्रस्तावित है ।
नगरीय यातायात :-
3.3
नगरीय यातायात की परिभ्रमण संरचना वर्तमान एवं प्रस्तावित दोनो ही प्रकार के प्रमुख कार्य केन्द्रों तथा यातायात अवसान केन्द्रो को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित की गई है, इसके द्वारा क्षेत्रीय यातायात एवं नगरीय यातायात का पृथक्करण हो सकेगा । प्रस्तावित परिभ्रमण संरचना से नगर के प्रमुख कार्य केन्द्र जैसे- तहसील , कृषि उपज मण्डी, यातायात नगर, औद्योगिक क्षेत्र वाणिज्यिक केन्द्र से सीधा सम्पर्क हो सकेगा । प्रस्तावित यातायात संरचना हेतु अपनाई गई नियोजन नीति निम्न बिन्दुओं पर आधारित है-
(अ) नगर के आबादी क्षेत्रों एवं मुख्य गतिविधि क्षेत्रों तक सुविधाजनक एवं सुरक्षित यातायात प्रणाली का विकास ।
(ब) मुख्य कार्य केन्द्रो जैसे- यातायात केन्द्र, वाणिज्यिक केन्द्र, शैक्षणिक आदि केन्द्रों में पदचारी मार्गो का विकास ।
(स) विभिन्न संरचना इकाईयों के मध्य प्रभावी परिवहन तंत्र का विकास ।
(द) समस्याग्रस्त क्षेत्रों के यातायात एवं प्रबंधन की तकनीकी पहल ।
(इ) नगर की भावी जनसंख्या हेतु दक्ष एवं सुदृढ परिवहन प्रणाली की व्यवस्था । 327
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
3.4 मार्गो का श्रेणी कम एवं मार्गो की प्रस्तावित चौडाई :-
(अ ) क्षेत्रीय मार्गः-
3.4.1
डबरा नगर से राष्ट्रीय राजमार्ग 75 गुजरता है, जिसके फलस्वरूप नगर का विभिन्न नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क स्थापित होता है ।
3.4.2 नगरीय मार्गः-
(ब) बायपास मार्ग
एन.एच. 75 के बायपास के अतिरिक्त डबरा नगर के आंतरिक यातायात दबाव एवं दुर्घटनाओं को कम करने हेतु डायवर्सन मार्गों के विकास प्रसतावित किये गये हैं , जिसकी चौडाई 30/40 मीटर प्रस्तावित की गई है ।
(स) प्रमुख नगर मार्ग
नगर का प्रमुख यातायात नगर केन्द्र, प्रमुख कार्य केन्द्र, शिक्षा संस्थायें, स्वास्थ्य केन्द्र इन्ही मार्गो पर स्थित होने से इन मार्गो की यातायात क्षमता को दृष्टिगत रखते हुये चौडाई 30-40 मीटर प्रस्तावित की गई है ।
(द) वृत्त खण्ड मार्ग
यह मार्ग आवासीय खण्डों एवं भूमि उपयोग क्षेत्रों की सीमा पर प्रस्तावित किये गये है, ये विभिन्न आवासीय क्षेत्रों के मध्य परस्पर संबध स्थापित करेगे , इनकी चौडाई 24-30 मीटर प्रस्तावित की गई है ।
(इ) उपवृत्त खण्ड मार्ग
इन मार्गों द्वारा खण्ड में स्थित आबादी की यातायात विषयक आवश्यकतायें पूरी होती रहेगी , तथा इन मार्गो को वृत्त खण्ड स्तरीय मार्गो से जोडा जाएगा । इन मार्गो की चौडाई 18-24 मीटर प्रस्तावित की गई है ।
(फ) स्थानीय मार्ग
यह माग मुख्यतः आवासीय खण्डों में परिभ्रमण उपलब्ध करवाने हेतु प्रस्तावित है , इन मार्गो के किनारे पुटपाथ, भूमिगत मल निकास एवं विद्युत प्रदाय हेतु लाईन का प्रावधान होता है । इनकी चौडाई 12 से 18 मीटर प्रस्तावित की गई है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
328
3.4.3 मार्गो की प्रस्तावित चौडाई
[भाग 1 यातायात के प्रकार व उनकी विशेषता के अनुरूप एवं भविष्य की आवश्यकता को देखते हुये मार्गो की चौडाई निर्धारित की गई है, सारणी 3 - सा-1 में नगर के विकास हेतु विभिन्न क्षेत्रीय मार्गो की प्रस्तावित चौडाई एवं सारणी 3 - सा-2 में विद्यमान नगरीय मार्गो की प्रस्तावित चौड़ाई निर्धारित की गई है ।
सारणी 3 - सा-1 डबरा क्षेत्रीय मार्गो की प्रस्तावित चौडाई
मार्गो का नाम क
2.
1
क्षेत्रीय मार्ग
1. ग्वालियर- झाँसी मार्ग (NH - 75) भितरवार मार्ग
2.
3 चीनोर मार्ग
पिछौर मार्ग
4.
5. चीनोर मार्ग से ग्वालियर मार्ग बायपास भितरवार मार्ग से झाँसी मार्ग बायपास 6.
7. ग्वालियर झाँसी बायपास मार्ग
प्रस्तावित चौडाई (मीटर में) विकास योजना 2021 में चौंड़ाई (मीटर)
4
3.
60
60
45
45
36
40
30
30
40
40
40
40
80
80
सारणी 3- सा-2
डबरा : नगरीय मार्गो की प्रस्तावित चौडाई
मार्गो का नाम
क
2.
1
स्टेशन से कमल टॉकीज मार्ग 1.
2. झांसी रोड से तहसील के अंदर का मार्ग
3 चुंगी से जेल मार्ग
नगर पालिका रोड
4.
जय स्तम्भ चौक से स्टेडियम मार्ग 5.
बस स्टैण्ड से स्टेडियम मार्ग 6.
बस स्टैण्ड से पार्क मार्ग
7.
8. बुजुर्ग मार्ग
सराफा मार्ग
9.
गल्ला मण्डी मार्ग
10.
सराफा बाजार से स्टेशन मार्ग 11.
12. अग्रसेन चौक से ठाकुर बाबा मार्ग वर्तमान चौंड़ाई
विकास योजना 2021 में चौड़ाई (मीटर)
प्रस्तावित चौडाई (मीटर में)
5
4
3.
18.0
18.0
15.0
18.0
18.0
15.0
18.0
18.0 12.0
18.0
18.0
15.0
18.0
18.0
15.0
15.0 12.0
15.0
15.0
15.0
12.0
12.0
12.0
9.0
12.0
12.0
10.80
12.0
12.0 8.40
9.0
9.0 7.50
15.0 12.0
15.0 329
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
12.0
10.0
12.0 13. जेल मार्ग
12.0
10.10
12.0 14. रामगढ़ मार्ग
टीप - (1 ) वर्तमान मार्गों की उपलब्ध चौंड़ाई उपखण्ड में प्रस्तावित से अधिक उपलब्ध होगी उसे कम न करते हुये भूमि का उपयोग वाहन विराम हेतु सुरक्षित रखा जावेगा ।
(2) प्रस्तावित चौड़ाई का क्रियान्वयन भूमि के उपलब्ध होने, आवासों के पुर्ननिर्माण अथवा नवीनीकरण के समय किया जावेगा ।
3.5 यातायात अवसान केन्द्र (माल / यात्री):-
नगर के मुख्य अवसान केन्द्र बस स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशन, कृषि उपज मण्डी, अग्रेषण अधिकरण , गोदामों एवं उद्योगों के निकट के क्षेत्र है । जहां बस, ट्रक, मिनी बस, ट्रेक्टर-ट्राली एवं अन्य माल वाहक वाहन अवसान किये जाते हैं ।
(अ) रेल्वे गुड्स यार्ड
भविष्य की आवश्यकता के मान से वर्तमान में रेल्वे विभाग का गुड्स यार्ड हेतु स्थान पर्याप्त है ।
(ब) यातायात नगर
डबरा नगर के मध्य क्षेत्र में व्याप्त यातायात समस्याओं के निदान हेतु प्रस्तावित बायपास मार्ग एवं एन.एच -75 के जंक्शन पर यातायात नगर हेतु 72.78 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है । जिसमें थोक व्यवसाईयों लोहा . मण्डी एवं भवन निर्माण सामग्री के व्यवसाय के लिये भूखण्डों का विकास तथा माल वाहनों की पार्किंग के लिये सुविधाओं का विकास किया जाएगा ।
3.5.1 आवसान केन्द्र (यात्री)
(अ) रेल्वे स्टेशन
वर्तमान में डबरा रेल्वे स्टेशन नगर के पश्चिम में स्थित है जिसके लिये नगर के मध्य से व अन्य क्षेत्र से पहुंच मार्ग उपलब्ध है । रेल्वे स्टेशन पर यात्रियों हेतु पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
330
[भाग 1 (ब) क्षेत्रीय बस स्टेण्ड एवं बस डिपो
डबरा नगर में वर्तमान में लगभग 300 बसों द्वारा 500 यात्री फेरे लिये जाते है । वर्तमान में डबरा का क्षेत्रीय राज्य परिवहन बस स्टेण्ड ग्वालियर- झाँसी मार्ग पर कार्यरत है तथा इससे लगा हुआ बस डिपों क्षेत्र है । प्राइवेट बस स्टेण्ड भी राज्य परिवहन बस स्टेण्ड से लगा हुआ है । नगर विस्तार तथा नये रेल्वे स्टेशन क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुये आधुनिक बस स्टेण्ड विकसित किया जाना प्रस्तावित है । इसके लिये यातायात नगर के समीप 22.78 हेक्टर भूमि विकास योजना में प्रस्तावित की गई है । नवीन बस स्टैण्ड अंतर्राज्यीय एवं क्षेत्रीय मार्गों की बसों द्वारा प्रयुक्त किया जायेगा ।
3.6 पार्किग प्रस्ताव
वर्तमान में पार्किंग की समस्या नगर के मध्य क्षेत्र एवं अन्य कार्य केन्द्रो के रागीप बहुत अधिक है । आने वाले समय में यह समस्या ओर भी बढेगी , इसका एक मात्र हल यही होगा कि प्रभावी परिवहन व्यवस्था विकसित की जावे एवं यातायात के प्रबंधन हेतु कार्य योजना तैयार की जावे । साथ ही स्थायी निराकरण के लिये यह आवश्यक है कि पार्किंग की विस्तृत योजना बनाई जाकर उसका कियान्वयन किया जावे । पार्किग योजना तैयार होने तक निम्न व्यवस्था प्रस्तावित है ।
मध्य क्षेत्र में पार्किंग स्थलों का विकास करते हुये पार्किंग की फीस प्रतिघंटे की दर से निर्धारित की जावे ।
(ii) मध्यप्रदेश में फुटपाथ की चौडाई 1.5 मीटर रखी जाकर उसके अंदर ही ड्रेनेज निकाली जाये तथा सडक की शेष भूमि का पार्किंग के लिये उपयोग किया जावे । मध्य क्षेत्र की सडको के भाग पर स्ट्रीट पार्किंग की व्यवस्था । (ii)
(iv) चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के लिये पृथक- पृथक पर्किंग क्षेत्र का निर्धारण । (^) नगर के क्षेत्रीय मार्गों एवं कार्यकेन्द्रो के समीप पार्किंग के स्थान हेतु भूमि आरक्षित करना ।
:
(vi ) पार्किंग के लिये म.प्र. भूमि विकास अधिनियम 2012 के प्रावधानों को सुनिश्चित करना । 331
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
DABRA
Legend
Waterbody MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
RailwayStation
Parking
RailwayLine(BroadGauge)
Bridge
NationalHighway
VillageRoad
VillageBoundary
OtherPrivateRoad
OtherDistrictRoad
OtherPublicRoad
MajorCityRoad
MinorCityRoad
BusStand
Source:Worldview-IISatellitedata 3.1EXISTINGTRANSPORTNETWORK
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
Scale District-Gwalior
00.5 11.522.53 3,5 Km
MODE.SE NO 25-56-30% 25/6704
GOUDOLKHURD
CHANDPUR NH.75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KARRA
SULTAN ANPURNIBHERA
SAHARAIPAL
KHEDINATVA
THIGHRU
ToPichore
BUJURG
RAMGHAD
MAGRORA
someseensonalsareesizesoicessalesseensex20CALK
NH 75
AARU
DABRA
ToGwallor
ToBhitarwar
BAROTH THA
ETAYAL
SIROHI
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMARIYA(TAAL)
ToGwalior
ToChinor
MOLISSE NOISE NOCOsse masse noxinse
N.OUPS.
Notesse natsst
MASHOES.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 332
A
PlanningArea
Dabra
यातायातनगर
निवेशक्षेत्र
नगरपालिका
परिवहन
जलाशय
वाहनविरामस्थल
ग्राम
रेल्वेस्टेशन
बसस्थानक
मार्ग
पुल
सीमाएं
रेल्वेलाईन
===
DABRA
Legend
=
EXISTINGPROPOSED
3.2PROPOSEDTRANSPORTNETWORK
TRANSPORTATION
WATERBODIES
Source:WWIISatelliteData&ArchiveMasterplan
BOUNDARIES
TRANSPORTNAGAR
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
PLANNINGAREA
MUNICIPAL
PARKING
RAILWAYLINE
RAILWAYSTATION
VILLAGE
BRIDGE
ROAD
BUSSTAND
Scale DistrictGwalior
00.5 1 1.522.53 3,5 Km
GOUDOLKHURD:
CHANDPUR
NH.75
POLKALA
ToJhansi ToJhansi
SULTANPUR NIBHERA
KARRA11
-12M12м
12M
SAHARAI
KHEDINATVA
720 THIGHRU
ToPichore
BUJURG
RAMGHAD
MAGRORA
DABRA
18M
NH 75
Th2
PAARU
12M
ToGwalior
socreasasthanzonemakessuresahusakerokesenasonalsathe
ToBhitarwar
60M
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal ToGwalior
shesociissocie
SIMARIYA(TAAL)
ToChinor
HOUS/SE 333 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
(vi ) स्वीकृत मानचित्रों मे पार्किगके लिये प्रस्तावित क्षेत्र का स्थानीय प्रशासन द्वारा समय सीमा में कियान्वयन सुनिश्चित करना ।
3.7 यातायात प्रबंधन योजना
डबरा में पंजीकृत वाहनों की संख्या 50 हजार से अधिक है । विगत दशक में इनकी संख्या में काफी वृद्धि हुई है । अतः नगर के मध्य क्षेत्र में स्थित कार्यकेन्द्रो के बढते स्वरूप तथा विद्यमान मार्ग संरचना की सीमित क्षमता को दृष्टिगत रखते हुये यातायात प्रबंधन योजना तैयार की जाकर उसका क्रियान्वयन किया जाना आवश्यक है । यातायात प्रबंधन योजना के घटकों में मार्ग संगमों पर ट्रेफिक सिंग्नल , रोटरी , ज्यामितिय संरचना, मार्ग विभाजन, जन परिवहन वाहनों को यातायात में प्राथमिकता, पैदल यात्रियों के लिये फुटपाथ , चौराहों पुटपाथ पर रेलिंग व्यवस्था , सडकों पर यातायात के लिये चिन्ह अंकित करना , नागरिकों को यातायात की जानकारी , स्कूल एवं कॉलेजो मे यातायात प्रशिक्षण आदि को सम्मिलित किया जाना आवश्यक है ।
3.7.1 चौराहों का विकास
नगर के व्यस्तम मार्ग संगमों पर यातायात सिंग्नल लगाये जाकर उन्हें सिन्कोनाइज किया जावे तथा इनके नियंत्रण हेतु केन्द्रीय यातायात नियंत्रण योजना तैयार की जाना प्रस्तावित है । भविष्य की आवश्यकताओं, यातायात दबाब तथा स्थल विशेष की वर्तमान परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुये प्रमुख मार्ग संगमों पर फ्लाय ओवर, निर्मित किया जाना प्रस्तावित है ।
3.7.2 पुलों का निर्माण
नगर से गुजरने वाली नदी / नालो तथा रेल्वे लाइन के उपर विद्यमान पुलों का चौडीकरण एवं नवीन पुलों का निर्माण प्रस्तावित है ।
3.8 भौतिक अधोसंरचना
वर्ष 2031 तक डबरा निवेश क्षेत्र की जनसंख्या लगभग 2 लाख तक पहुंचना अनुमानित है । नगर अधोसंरचना के घटकों का विकास जैसे जल प्रदाय , निकासी नालियां तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को इस प्रकार प्रस्तावित किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
334
[भाग 1 नगरवासियों को स्वस्थ पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सके । इसके अतिरिक्त नगर विकास योजना, वृहद् पर्यावरणीय प्रबंध योजना तथा नगरीय जल प्रदाय एवं पर्यावरणीय सुधार योजना के प्रस्ताव भी, यथा आवश्यक उचित सुधारों के साथ , इस विकास योजना में समाविष्ट किए गए है ।
3.8.1 जल आपूर्ति
डबरा नगर की वर्तमान जल आपूर्ति व्यवस्था संतोषजनक है । नगर पालिका द्वारा सिंध नदी से 8 एम.एल.डी. जल प्राप्त कर नगर की लगभग एक लाख जनसंख्या को 130 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मान से लगभग 8 एम.एल.डी. जल प्रदाय किया जाता है । यह निर्धारण 135 लीटर प्रतिव्यक्ति प्रतिदिन के मापदण्ड से थोड़ा कम है । वर्ष 2031 की प्रस्तावित लगभग 2.0 लाख जनसंख्या के लिये लगभग 27 से 30 एम.एल.डी. पानी की प्रतिदिन आवश्यकता होगी । जिसके लिए वर्तमान जलशोधन संयंत्र की क्षमता को 30 एम.एल.डी. प्रतिदिन के अनुसार बढ़ाया जाना आवश्यक है । इसके साथ ही नये आबादी क्षेत्र में पाईप लाईन का विस्तार एवं टंकियों का निर्माण किया जाना भी प्रस्तावित है ।
3.8.2 मांग का आकलन एवं जल प्रदाय स्त्रोत (Demand & Gap Analysis ) केन्द्रीय लोक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण यांत्रिकी संगठन की, जल प्रदाय एवं उपचार हेतु जारी निर्देशिका में, यह सुझाव दिया गया है कि उन बड़े शहरों में , जहां जल प्रदाय व्यवस्था अस्तित्व में हो या बनाई जाने वाली हो , वहां प्रति व्यक्ति/ प्रतिदिन 150 लीटर : पानी प्रदाय किया जाना चाहिय । हांलाकि राष्ट्रीय बिल्डिंग संहिता जल प्रदाय की आधारभूत , आवश्यकता, निकासी एवं स्वच्छता प्रबंध संहिता (आई.एस.: 1172-1983) में न्यूनतम 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन जल प्रदाय, ऐसे सभी निवासों के लिय , जहां मल निकासी के लिये पूर्ण तेज बहाव ( फ्लस) व्यवस्था हो, किये जाने का अनुमोदन किया गया है ।
यह प्रस्तावित किया गया है कि 135 लीटर प्रति व्यक्ति, प्रतिदिन जल प्रदाय, पाईप लाईन से किया जाए , तो इस दर से शहर की वर्तमान जनसंख्या वर्ष 2011 (1.04 लाख) के आधार पर कुल 29.7 एम.एल.डी. जल की आवश्यकता रही थी तथा शहर के 335 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
भावी विकास अनुसार वर्ष 2031 की अनुमानित जनसंख्या 2.0 लाख के आधार पर कुल 27.0 एम.एल.डी. जल आपूर्ति की आवश्यकता होगी ।
वर्ष-2050 तक अनुमानित जनसंख्या अनुसार भविष्य की जल आपूर्ति मांग हेतु सिंध नदीं में पर्याप्त जल उपलब्ध है । जिसका आकलन सारणी में दर्शाया गया है । सारणी 3 - सा-3: जनसंख्या अनुसार जल आपूर्ति की मांग का आंकलन एवं उपलब्धता Perticular Item's
For Current Population of1.04 lakh ( Year 2011) at 135 LPCD .
For Projected Population of 2.0 Lakh (Year 2031) at 135 LPCD .
For Projected Population of 3.0 Lakh (Year 2050) at135 LPCD.
27 MLD
51MLD
Demand
14MLD
50MLD
50MLD
50 MLD
Availability
चित्र क्रमांक 3.3.1 सम्पवेल मानचित्र डबरा
3.8.3 जल वितरण व्यवस्था
यह प्रस्तावित है कि वर्ष 2031 तक पर्याप्त प्रदाय दबाव सहित, नगर की 100 प्रतिशत जनसंख्या को पाईप द्वारा जल प्रदाय व्यवस्था में सम्मिलित किरा जावे । वर्तमान में नगर की 85 प्रतिशत जनसंख्या को ही, पाईप द्वारा जल प्रदाय उपलब्ध है । वर्तमान की आवरोधित जल प्रदाय व्यवस्था के स्थान पर , सुरक्षित एवं पीने योग्य गुणवत्तता वाले जल की निरंतर जल प्रदाय व्यवस्था सुनिश्चित कि जायेगी । शहर के मांधाता पहाडी क्षेत्र में नगर परिषद द्वारा सामुदायिक जल प्रदाय की व्यवस्था की गई है । जल प्रदाय व्यवस्था का विश्लेषण अनुसार, जल शोधन संयंत्र से 200 मि.मी. की मुख्य पाईप लाईन को 150 मि.मी. , 100 मि.मी. , 75 मि.मी. व 1.5 इंच की जल वितरण लाईनों से संयोजन किया गया है । इन पाईप लाईनों पर कुल 21 वाल्वों के द्वारा शहर में जल प्रदाय व्यवस्था को वार्ड अनुसार नियंत्रित किया जाता है । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
336
पेयजल के दुरूपयोग को रोकने तथा प्रदाय व्यवस्था में उच्चतर उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिये , सेवा मीटर स्थापित किया जाना प्रस्तावित है । इसके अतिरिक्त, जब तक उन्हें जल के वास्तविक उपयोग पर आधारित न किया जावे, जल दरों की व्यवस्था का निर्माण , दक्षताओं हेतु आवश्यक है ।
3.8.4 नालियां तथा मल उपचार
घरेलू मल निकासी हेतु स्वास्थ्य रक्षा नालियां तथा वर्षा जल की निकासी हेतु वर्षा जल प्रवाह नालियां , इस प्रकार पृथक - पृथक नालियां उपलब्ध कराई जाएंगी । शहर में निकासी की व्यवस्था हेतु निम्नलिखित दृष्टिकोण बनाए गए है-
1. खुले में शौच से मुक्त शहर हेतु सभी मकानों / भवनों में शौचालय
2. 100 प्रतिशत नगर को सम्मिलित करती हुई नाली व्यवस्था
3. नाली व्यवस्था से सम्पर्क बनाए रखने हेतु सुविधाएं एवं प्रोत्साहन
4. स्वतंत्र स्वशासी तथा सक्षम संगठन
5. नाली प्रणाली / रीति का निर्धारण तथा सेवाओं पर निगरानी
6. उपचारित गंदे पानी का पुनर्चक्रीकरण व पुनः उपयोग
7. वाणिज्यिक स्थानों, बागीचों तथा लोक स्थानों पर सुव्यवस्थित सःशुल्क शौचालय 8. आर्थिक रूप से वहन किए जाने योग्य नाली व्यवस्था
9. मेलों एवं धार्मिक पर्वों में आने वाले श्रद्धालुओं / पर्यटकों की सुविधा हेतु चलित शौचालय अथवा स्वच्छ आधुनिक (मोड्यूलर) /जैविक शौचालय की व्यवस्था 3.8.5 अपशिष्ट जल प्रवाह
अपशिष्ट जल प्रवाह की दर, जनसामान्य को प्रदाय की गई जल की दर तथा भू-जल रिसावों की दर पर निर्भर करती है । सामान्य व्यवहार के अनुसार, अनुमानतः जल उपभोग का 80 प्रतिशत अपशिष्ट जल प्रवाह में परिवर्तित होता है । अधिकांश क्षेत्र में पाईप लाईनों का, भूमि जल स्तर के ऊपर होना प्रस्तावित है और इसलिए भूमि जल रिसाव को अनदेखा कर दिया जाता है , किन्तु सबसे खराब परिस्थितियों में , भूमि जल रिसाव के लिए , विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार करते समय वैज्ञानिक तथा तकनीकि अध्ययन आवश्यक है ।
3.8.6 मांग का आकलन (Demand & Gap Analysis )
डबरा शहर की वर्ष 2011 की जनसंख्या 1.04 लाख के आधार पर 11,20,000 Lpd . (लीटर प्रतिदिन) अपशिष्ट जल के शोधन की आवश्यकता हेतु वर्तमान में शहर में स्थापित शोधन संयंत्र नहीं है । शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए वर्ष-2031 की 337
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
प्रस्तावित जनसंख्या 2.0 लाख अनुसार 21,60,600 Lpd . (लीटर प्रतिदिन) अपशिष्ट जल उपचार हेतु शोधन संयंत्र की आवश्यकता है । इसकी जानकारी सारणी 3 - सा -4 में दर्शायी गई है ।
सारणी- 3- सा-4 मल शोधन संयंत्र मांग का आकलन
For Projected Population of 25,000 (2031 ) 80 % of Water Supply For Current Population of 10,063 (2011) 80 % of Water Supply
Demand
21,60,000 Ltr Per Day 11,20,000 Ltr Per Day
NIL
NIL
Availability
स्त्रोतः- नगर परिषद् डबरा एवं नगर तथा ग्राम निवेश
उपरोक्त सारणी का अवलोकन अनुसार, जल शोधन संयंत्र शीघ्र ही स्थापित करने की आवश्यकता है ।
3.8.7 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
डबरा शहर में , ठोस अपशिष्ट उत्पादन की वास्तविक मात्रा तथा लक्षण ज्ञात नही है किन्तु डबरा नगर परिषद से प्राप्त जानकारी अनुसार नगरीय क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 50 टन ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता है । शहर में अधिकांश अपशिष्ट नागरिकों द्वारा कचरा पेटी में डालने की जगह खुले स्थान पर डाल दिया जाता है । जिसकी साफ- सफाई एवं कचरा इकत्रित करने में नगर परिषद कर्मचारियों को काफी समस्या उत्पन्न होती है ।
डबरा शहर से निकलने वाले कचरें को नगर पालिका परिषद की कचरा संग्रहण वाहन (Door To Door Collection ) के माध्यम से इकट्ठा किया जाता है तदु -उपरांत लगभग क्षेत्रफल 0.500 हेक्टर ट्रेचिंग ग्राउण्ड क्षेत्र में ठोस अपशिष्ठ का शोधन किया जाता है, जिसमें वर्तमान में , शहर एवं घरों से प्राप्त होने वाला गीला एवं सुखा कचरा (ठोस अपशिष्ट पदार्थ) , को जैविक एवं अकार्बनिक प्रक्रिया की जाती है तथा इसके साथ मंदिरों से इकट्ठा होने वाली पूजा की सामग्री में, फूल एवं पत्तियों से, ट्रेचिंग गाउण्ड में स्थापित नाडेब टांके से जैविक खाद के रूप में तैयार किया जाता है । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
338
चित्र क्रमांक 3 ट्रेनचींग ग्राउण्ड मानचित्र डबरा
3.9 शासकीय कार्यालय
डबरा ग्वालियर जिले का महत्वपूर्ण तहसील कार्यालय होने से यहां एस.डी.एम. कार्यालय, नगर पालिका परिषद्, तहसील कार्यालय, सिंचाई विभाग का कार्यालय, खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय एवं अन्य समस्त विभागों के कार्यालय शहर में स्थातिप हैं । 3.9.1 शैक्षणिक
डबरा शहर में 18 शास . प्राथमिक शाला, 12 शास. माध्यमिक शाला, 4 निजी माध्यमिक शाला , 1 शास . हाईस्कूल , 1 शास. हाई सेकण्डरी तथा 11 निजी हाई सेकण्डरी संचालित है । इसके अतिरिक्त नगर में 1 शासकीय आई.टी.आई. , 2 निजि आई. टी.आई. , 1 शासकीय महाविद्यालय एवं 1 निजि महाविद्यालय शिक्षण संस्था संचालित है तथा नगर की वर्ष-2031 की प्रस्तावित की जनसंख्या का राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता-2016 के मानक की गणना अनुसार अतिरिक्त शालाओं की आवश्यकता की जानकारी सारणी क्रमांक 3 - सा -5 में दर्शाया गया है । शहर से उच्च शिक्षा हेतु समीप स्थित बड़वाह, खंडवा , इन्दौर आदि नगरों में प्राप्त की जाती है । 339
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
DABRA
Legend
Waterbody MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
ProposedPumpingLine
RailwayLine
NationalHighway
VillageBoundary
Road
Source:NagarPalikaPaíshad,Dabra
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal 3.3PROPOSEDWATERSUPPLYNETWORK
1.522.53 3.5 0.5
Scale DistrictGwalior
малася постале MORSE NOESS Nagase NOCPS.SE mapase
GOUDOLKHURD
CHANDPUR
NIBHERA
NH75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
SULTANPUR
SAHARARAI
KHEDINATVA
THIGHRU
ToPichore
BUJURG
MAGRORA
RAMGHAD
ANH75
AARU
DABRA
ToGwalior-
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMARIYA(TAAL)
ToGwalior
salesselensales20003000moralikeBadlinescensesomerealsaine
ToChinor
socales3,03
78-15:301 25560425553025570
25-56-30°N
259550 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
340
[भाग 1 सारणी 3 - सा-5 शैक्षणिक शाला की जानकारी
वर्तमान शाला की स्थिति
क्र०
स्कूल
निजी
शासकीय
राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता-2016 के मानक
वर्ष-2031 की जनसंख्या अनुसार अतिरिक्त शाला की आवश्यकता
18
22
1.
5000 जनसंख्या पर 1
प्राथमिक शाला
18
04
06
7500 जनसंख्या पर 1
2. माध्यमिक शाला
02
24
7500 जनसंख्या पर 1
3. हाई - सकूल (10th)
4.
02
11
13
7500 जनसंख्या पर 1
हाई- सेकण्डरी (12)
03
5
01
महाविघालय
1.25 लाख जनसंख्या पर 1
5
01
02
आई.टी.आई
10 लाख जनसंख्या पर 1
01
6 पॉलीटैक्निक
00
10 लाख जनसंख्या पर 1
स्त्रोत: - URDPFI की गाईडलाईन अनुसार
3.9.2 स्वास्थ्य
नगर में एक शासकीय उप- स्वास्थ्य केन्द्र, एक डिस्पेंसरी , एक मेटर्निटी हॉम केन्द्र कार्यरत है । डबरा नगर के समीप स्थित ग्वालियर नगर में जाकर विशेष चिकित्सा सुविधाएँ प्राप्त की जाती है । जिसकी जानकारी सारणी क्रमांक 3 - सा-6 में दर्शाया गया है ।
सारणी 3- सा-6 : स्वास्थ्य सुविधा की जानकारी
वर्तमान शाला की स्थिति
क्र० स्वास्थ्यसुविधा
राष्ट्रीय भवन निर्माण संहिता-2016 के मानक
वर्ष-2031 की जनसंख्या अनुसार अतिरिक्त शाला की आवश्यकता
शासकीय निजी
01
01
11
डिस्पेंसरी
1.
15000 जनसंख्या पर 1
01
2.
03
मेटर्निटी हॉम
45000 जनसंख्या पर 1
18
09
7500 जनसंख्या पर 1
3. उप-स्वास्थ्य केन्द्र
स्त्रोतः- स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ।
3.9.3 विद्युत प्रदाय
शहर में कोई भी वर्तमान उद्योग संचालित नही है । वर्तमान में विद्युत वितरण प्रदाय व्यवस्था हेतु एक उपकेन्द्र 33 के. व्ही . स्टैण्ड, 33 के.व्ही. डबरा नगर क्षेत्र, 133 के.
341
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भांग 1 ]
व्ही. / 33 के.व्ही. भितरवार रोड क्षेत्र में स्थित है जिसके द्वारा शहर में 37533 MKWH विद्युत की खपत की पूर्ति की जा रही हैं । विद्युत वितरण व्यवस्था, मानचित्र क्रमांक 3.8 में दर्शाया गयी है ।
स्त्रोत:- मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड के अनुसार ।
3.9.4 अग्निशमन
डबरा शहर की वर्तमान जनंसख्या अनुसार बस स्थानक के पीछे वर्तमान में 0 . 22 हैक्ट. भूमि पर अग्निशमन केन्द्र संचाचित है । जिसके द्वारा शहर में आगजनी की स्थिति को नियंत्रण किया जाता है । शहर की प्रस्तावित वर्ष-2031 की अनुमानित जनसंख्या के आधार पर नवीन अग्निशमन केन्द्र के क्षेत्रफल का विस्तार एवं अग्निशमन वाहनों की संख्या में वृद्धि करना प्रस्तावित होगा ।
स्त्रोत:- नगर पालिका परिषद् डबरा ।
3.9.5 पुलिस कार्यालय
डबरा शहर में नगर पालिका कार्यालय के सामने मार्ग की दूसरी ओर पुलिस कार्यालय स्थापित है । शहर की प्रस्तावित वर्ष-2031 की अनुमानित जनसंख्या के आधार एक पुलिस चौकी शहर में पर्याप्त है ।
स्त्रोतः- पुलिस अधीक्षक कार्यालय , ग्वालियर ।
3.9.6 शमशान घाट
वर्तमान में ग्राम सिमरियाताल पर रेल्वे क्रासिंग के पास एक शमशान घाट, ग्राम रामगढ़ एवं डबरा के मध्य सीमा पर पुरानी मण्डी के समीप एक शमशान घाट एवं ग्राम डबरा में रेल्वे क्रासिंग के समीप एक शमशान घाट एवं एक कब्रिस्तान स्थित है ।
3.9.7 दूरसंचार
डबरा शहर क्षेत्र में दूर संचार के साधन में विभिन्न कम्पनियों के कुल (बी.एस.एन. एल. , आईडिया, ऐयरटेल , रिलायंस ) मोबाईल टॉवर स्थापित हैं । जो शहर में सुचारू रूप से संचार सेवाएं उपलब्ध कराते है । इसके अतिरिक्त शहर में भारतीय दूर संचार निगम कार्यालय एक उप -डाक घर सुभाषगंज नगर डबरा में स्थित है । दूरसंचार सुविधा संकेतम सेवा में जैसे-टेलीफोन, पोस्ट ऑफिस , डाकघर आदि की जानकारी परिशिष्ट- में दर्शाई गयी है । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 342
A
PlanningArea
1.5
DABRA
Legend
Transformer
Waterbody
RailwayLine
NationalHighway
VillageBoundary
Source:MPMKVVCompanyLtd.
Road
Poles
33KvLine
11KvLine
0.5
3.4POWERSUPPLYNETWORK
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
DistrictGwalior
SAHARAI
MAGRORA
MGHAD
DABRA
SIROHI
BAROTHA
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMARIYA
ETAYAL 343
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
DABRA
Legend
CommunityToilet
Waterbody
Source:GroundVerification RailwayLine
VillageBoundary
וייין Road
3.5EXISTINGCOMMUNITYTOILET
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
District-Gwalior
BUJURG
RAMGHAD
7820
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal
DABRA भाग 1 344
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
PlanningArea
DABRA
Legend
Km.
0.5
3.6EXISTINGATM
Waterbody
RailwayLine
Source:GroundVerification NationalHighway
VillageBoundary
Road
ATM
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
DistrictGwalior
THIGHRU
KARRA SAHARAL
RANGHAD
DABRA
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal AARU
SIROHI SIMARIYA (TAAL)
ETAYAL 345 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
अध्याय-4
विकास योजना प्रस्ताव-2031 4.1 विकास योजना-2021 का पुनर्विलोकन
डबरा विकास योजना-2021 , वर्ष 2008 में प्रकाशित की गयी थी । उक्त विकास योजना की पुनरीक्षित योजना, दिनांक 30 अप्रैल 2010 से अंगीकृत होकर प्रभावशील है । विकास योजना -2021 अनुसार डबरा शहर की प्रस्तावित जनसंख्या 1.60 अनुमानित की गई थी । जिसमें एक हेक्टर प्रति 143 व्यक्ति के मान से 1.60 लाख की जनसंख्या हेतु भूमि उपयोग का निर्धारण किया गया था । वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार डबरा की जनसंख्या 129560 थी । अंकगणित वृद्धि पद्धति , ज्यामितिय वृद्धि पद्धति, वद्भिशील वृद्धि पद्धति, घातांक वृद्धि पद्धति तथा अनुपातिय वृद्धि पद्धति के आधार पर वर्ष 2021 एवं 2031 की जनसंख्या का व्यवहारिक आधार पर अनुमान लगाया गया है । अनुमानित जनसंख्या के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि डबरा विकास योजना-2031 को अनुमानित जनसंख्या 2.0 लाख के आधार पर तैयार किया जाये । अगले बारह वर्षों में लगभग 0.96 लाख जनसंख्या की वृद्धि होनी सम्भावित है । विकास योजना में 2.0 लाख जनसंख्या हेतु 10.0 हेक्टर प्रति हजार की दर से भूमि आरक्षण प्रस्तावित किया गया है । उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर यह ज्ञात हुआ है कि, वर्ष 2008 से 2018 के मध्य डबरा में 628.0 हेक्टेयर क्षेत्र, विकसित हुआ है । सम्पूर्ण विकसित क्षेत्र के मान से नगरीय घनत्व 125 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर प्राप्त हुई है ।
डबरा विकास योजना-2021 में 1120 हेक्टेयर भूमि, नगरीय उपयोग हेतु प्रस्तावित की गई थी जिसमें वर्ष 2018 तक कुल 1004.54 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य हुआ है । वर्ष-2018 में विकास योजना के पुनर्विलोकन के किये जाने पर पूर्व की प्रस्तावित 115.46 हेक्टेयर अविकसित भूमि को सम्मिलित कर 1547.84 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि के साथ कुल 1663.30 हेक्टेयर भूमि नगरीय विकास के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है । इस प्रकार विकास योजना 2031 में कुल 2667.84 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई । मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम-1973 की धारा 23 (क) (1 ) के अन्तर्गत नगर का कोई भूमि उपयोग परिवर्तन / उपांतरण नही किया गया था । इस प्रकार 2021 की विकास योजना में क्रियान्वयन का प्रतिशत वर्ष 2018 के उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर 96.0 प्रतिशत रहा । नगरीय विस्तार मानचित्र क्रमांक -4.1 पर दर्शाया गया है । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
346
4.2 प्रस्तावित भूमि उपयोग का भू आवंटन विकास योजना में नगर के संतुलित एवं नियोजित विकास को दृष्टिगत रखते हुए 10 हेक्टेयर प्रति हजार व्यक्ति की भू- उपयोगिता दर से नवीन क्षेत्र में नगरीय विकास प्रस्तावित है । विकास योजना 2021 में भूमि उपयोग दर 7.0 हेक्टेयर प्रति हजार व्यक्ति प्रस्तावित की गई थी, जबकि वर्तमान में यह दर 7.45 हेक्टेयर प्रति एक हजार व्यक्ति प्राप्त हुई है जिससे नगरीय घनत्व में कमी एवं सेवा सुविधओं में बहुलता परिलक्षित होती है । विकास योजना 2031 में भूमि उपयोग की दर 13.31 हेक्टेयर प्रति एक हजार व्यक्ति प्रस्तावित की गई है । विकास योजना 2031 में मिश्रित उपयोग के अंतर्गत 1495.15 हेक्टेयर, वाणिज्यिक उपयोग के अंतर्गत 115.51 हेक्टेयर, औद्योगिक उपयोग के अंतर्गत 122.25 हेक्टेयर, सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत 54.08 हेक्टेयर, सार्वजनिक उपयोगिता एवं सुविधाऐं के अन्तर्गत 11.97 हेक्टेयर, आमोद - प्रमोद के अंतर्गत 533.82 हेक्टेयर तथा यातायात एवं परिवहन उपयोग के अंतर्गत 335.06 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है । इस प्रकार विकास योजना में कुल 2461.52 हेक्टेयर भूमि उपयोग के प्रस्ताव उपदर्शित किए गए है । नगरीय स्तर पर प्रस्तावित भूमि उपयोग वितरण सारणी क्रमांक 4- सा-1 एवं मानचित्र क्रमांक 4.2 में दर्शाया गया है ।
सारणीः 4- सा -1 डबरा प्रस्तावित भू- उपयोग 2031 ( हेक्टेयर में )
प्रस्तावित क्षेत्र 2021 क्र. भू-
उपयोग
क्षेत्र फल
क्षेत्र फल
प्रति शत
भू- उपयो ग दर
6
5
3
4
2
1
3.37 518.75
48.21
540.0
1
आवासीय + मिश्रित
0.56 99.27
8-04
90.00
2 वाणिज्यिक
11.61 0.81 57.44
130.00
3 औद्योगिक
6.25 0.44
70.0
99.63 4 आमोद प्रमोद
0.50 54.96
7.14
80.00
5
सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक
16.07 1.13
180.00
166.84 6
यातायात एवं परिवहन
2.68 0.19
30.00
7
सार्वजनिक उपयोगितायें एवं सुविधायें
7.00
1120 100
1004.54
योग
प्रस्तावित क्षेत्र 2031
विकसित क्षेत्र 2018
क्षेत्रफल प्रतिशत भू-उपय ोग दर प्रति शत
भू- उप योग दर
11
9
10
8
7
56.05 7.47
1495.15
3.84
51.64
.57
115.51 4.34
0.73
9.88
4.58
.61
122.25
0.42
5.72
2.66
533.82 19.98
9.91 0.73
.27
2.02
54.08
5.48 0.40
12.58 1.67
335.06
1.23
16.60
0.45
.06
11.97
7.65 0.76 0.05
13.31
2667.84 100
7.40
100.00
नोट :- 1. भूमि उपयोग दर 10 हेक्टेयर प्रतिहजार जनसंख्या में दी गई है । 347
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
A
PlanningArea
Km
DABRA
Legend
Waterbody
4.1URBANSPRAWL
2011-2018(257)
2004-2012(34)
PlanningAreaBoundary
MunicipalAreaBoundary
NationalHighway
RailwayLine
Landuse&UrbanSurveyDivision:
VillageBoundary
Road
Upto2003(399)
1.522.533.5
UrbanSprawl(Areainha)
RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
0.5
Source:SatelliteImageofIRSLISS-III,2004,WorldView-1,2011, WorldView-II,2018
DistrictGwalior
2530251
GOUDOLKHUR
CHANDPUR
NH75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KARRA
PURNITHERA SULTANPU
SAHARAI'
KHEDINATVA
THIGHRU
ToPichore
BUSORG
MAGRORA
RAMGHAD
Η 75
AARU
DABRA
ToGwalior
ToBhitarwar
BAROTHA
SIROHI
ETAYAL
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMAR ARIYA(TAAL)
ToGwalior
ToChinor
narsise भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
348
PlanningArea
नदियर
सार्वजनिकसेवाएएवं
जलाशय
सार्वजनिकएवंअर्थसार्वजनिक
रेल्वंस्टेशन
वाणिज्यिक औद्योगिक
रेल्वेलाईन
आयासोय
आगोदप्रपेद
विशेषप्रयोजन अन्यपिशाठीनेत्र
Legend
DABRA
2.533.5 Km
EXISTINGPROPOSED
TRANSPORTATION
WATERBODIES
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
BOUNDARIES
AGRICULTURE
AFFORESTATION INSTITUTIONALACTIV
PLANNINGAREA
MUNICIPA
TRANSPORTMAGAR
RECREATIONAL
VILLAGE
ARAEDAANDIS
NALLAHISANAL
ELECTRICSUBSTATION
COMMERCIAL
4.2DEVELOPMENTPLAN2031(DRAFT) ProposedLanduse
PLANT CREMATORIUMGRAVEYARD
RAILWAYSTATION
PARKING
RAILWAYLINE
PONDS
RIVER
STADIUM
GENERA
BRIDGE
ROADS
TRENCHINGGROUND SOLIDWASTEDISPOSAL
WATERTREATMENTPLANT
INDUSTRIAL GENERALINDUSTRIES
RESIDENTIAL GENERALRESIDENTIAL
OTHERCHILLOOKAREA
SPECIALPURPOSE
MANDI
PUBLICUTILITIES& FACILITIES
BUSSTAND
PARK PUBLIC&SEMIPUBLIC PURJCINSTITUTIONSAND
Source:WorldView-11,2016SatelliteData&GroundVerification EDUCATIONANDR HEALTHISOCIAL
Scale District-Gwalior
00.5
NOLS.SE
ToDaulatpura
KHU
CHANDPUR
NH 75
ToJhansi ToJhansi
78210
THIGHRU
KHEDIDINAT
ToPichore
MAGRORA
ARH
INH 75
ToBhitarwar
ToGwallor
BAROTHA
ETAYAL
SIROHI
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMARIYA(TAALH
ToGwalior
ToChinor
NAPS.SE
MOSSA 349
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
2. वर्ष 2031 के लिये निवेश क्षेत्र की जनसंख्या 2.0 लाख प्रक्षेपित की गई है । 3. वर्ष 2018 में डबरा की जनसंख्या 1.35 लाख प्रक्षेपित की गई है ।
4.2.1 आवासीय
आवासीय क्षेत्र का विस्तार नगर के पूर्वी एवं दक्षिणी क्षेत्र में अधिक रहेगा । उपांतरित डबरा विकास योजना 2031 में आवासीय उपयोग हेतु कोई प्रस्ताव नहीं लिया गया है । इसमें वर्तमान में विकसित 518.75 हेक्टेयर क्षेत्र ही सम्मलित है । विकसित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जलग्रहण क्षेत्र के समीप के क्षेत्र में आवासीय घनत्व में कमी करते हुये स्वीकृति दी जा सकेगी । ग्रामीण आबादी के विस्तार हेतु मानचित्र में क्षेत्र निर्धारित किया गया है । इस क्षेत्र में ग्रामीण आबादी के विस्तार हेतु आवासीय / सामाजिक / सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के विकारा मान्य होंगे । 4.2.2 मिश्रित
नगर के मध्य क्षेत्र एव मुख्य मार्ग / राजमार्ग के समीप मिश्रित भूमि उपयोग विकसित होता है । मिश्रित उपयोग के भवनों में सामान्यतः भूतल पर व्यवसायिक, स्कूल, क्लीनिक आदि प्रदूषणकारी गतिविधियां संचालित होती है एवं ऊपर के तल आवासीय उपयोग के अंतर्गत विकसित होते है । मिश्रित उपयोग के कारण कार्य स्थल पर जाने- आने में समय की बचत होती है, साथ ही यातायात संरचना पर भी दबाव में कमी आती है । इस कारण मिश्रित उपयोग के अंतर्गत विकास को बढावा दिया जाना तब तक उचित माना जाना चाहिये, जब तक कि आवासीय क्षेत्र के लिये कोई प्रदूषण पैदा नही होता है । इस कारण डबरा नगर के मध्य क्षेत्र एवं प्रमुख राजमार्गो के समीप मिश्रित भूमि उपयोग के प्रस्ताव दिये गये है । मिश्रित उपयोग के अंतर्गत स्वीकृति देते समय अप्रदूषणकारी गतिविधियों को उस क्षेत्र के प्रमुख भूमि उपयोग के 50 प्रतिशत तक ही प्रत्येक भवन में सीमित रखा जाना प्रस्तावित है । डबरा विकास योजना 2031- 2.0 लाख की अंनुमानित जनसंख्या के लिये प्रस्तावित की गई है । अतः पारम्पारिक भूमि उपयोगों को प्रस्ताव में न रखते हुये मिश्रित भूमि उपयोग हेतु 1495.15 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है जिसमें [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
350
वर्तमान आवासीय 518.75 हेक्टेयर क्षेत्र सम्मलित है । मिश्रित उपयोग अंतर्गत 12.0 मी. या इससे अधिक चौंड़े मार्ग पर गैर आवासीय गतिविधियाँ जैसे वाणिज्यिक एवं सार्वजनिक , अर्द्धसार्वजनिक गतिविधियाँ मान्य की जा सकेंगीं । सारणी क्रमांक 4- सा -1 में प्रस्तावित मिश्रित भूमि उपयोग की गणना आवासीय भूमि उपयोग के संग की गई है ।
4.2.3 वाणिज्यिक क्षेत्र
वाणिज्यिक उपयोग के अंतर्गत वर्तमान में विकसित 99.27 हेक्टेयर सहित कुल 115.51 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है, जो कुल विकसित क्षेत्र का 4.34 प्रतिशत है । वाणिज्यिक क्षेत्र का विस्तार नगर के मध्य क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से नवीन विकसित आवासीय क्षेत्रों के समीप किया जाना प्रस्तावित है । विकास योजना में रेल्वे स्टेशन, कलेक्ट्रेट एवं बायपास मार्ग के समीप आवासीय क्षेत्र को दृष्टिगत रखते हुये वाणिज्यिक उपयोग प्रस्तावित किये गये हैं । नगर के 24 मी. एवं अधिक चौंड़ाई के वर्तमान मार्गों को भी वाणिज्यिक मार्गों के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है ।
4.2.4 औद्योगिक
वर्तमान में नगर में एक औद्योगिक केन्द्र झांसी मार्ग पर स्थित है । तकनीकी जनशिक्त की कमी एवं पानी की उपलब्धता में कमी के कारण डबरा नगर में औद्योगिक केन्द्र आवश्यकतानुरूप विकसित नहीं हो सका है । तदापि सरकार की उदार आर्थिक एवं औद्योगिक नीति को दृष्टिगत रखते हुये नेशनल हाईवे क्रमांक 75 पर नगर की स्थिति तथा पूर्व- पश्चिमी यातायात कोरीडोर के 45 किमी से गुजरने के कारण भविष्य में औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है । आबादी क्षेत्र में कार्यरत औद्योगिक इकाईयों को भी पर्यावरण प्रदूषण के कारण आबादी क्षेत्र से स्थानांतरित किये जाने की आवश्यकता के कारण औद्योगिक उपयोग हेतु भूमि प्रस्तावित की गई है । विकास योजना में औद्योगिक उपयोग के अंतर्गत 122.25 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है जिसमें वर्तमान में विकसित 57.44 हेक्टेयर क्षेत्र भी सम्मिलित है । यह कुल विकसित क्षेत्र का 4.
351 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
58 प्रतिशत है । औद्योगिक क्षेत्र के लिये प्रस्तावित भूमि के विकास से नगर में चल रहे लघु उद्योगों के स्थानांतरित होने से नगर के प्रदूषण में भी कमी होगी एवं नगर की आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी ।
4.2.5 आमोद- प्रमोद
इस उपयोग के अंतर्गत कुल 533.82 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है जिसमें वर्तमान में विकसित 99.63 हेक्टेयर क्षेत्र सम्मिलित है । यह कुल प्रस्तावित क्षेत्र का 19.98 प्रतिशत है । इसके अंतर्गत उद्यान , खेल मैदान, मेला मैदान, स्टेडियम इत्यादि आमोद- प्रमोद गतिविधियां आती है । विकास योजना में नगर स्तर एवं निवेश इकाई स्तर की आमोद-प्रमोद गतिविधियों हेतु प्रस्ताव दिये गये हैं । उक्त के अलावा वृतखण्ड एवं उपवृतखण्ड स्तर के उद्यान , खेल मैदान, आदि भी प्रस्तावित है । तालाबों के किनारे एवं पर्यावरण संवदेनशील स्थलों पर वृक्षारोपण हेतु भी विकास योजना में क्षेत्र रखा गया है । 4.2.6 सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक
सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के अंतर्गत विकास योजना में 54.08 हेक्टयर भूमि प्रस्तावित की गई है । यह कुल विकसित क्षेत्र का 2.02 प्रतिशत है । शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य गतिविधियों का विस्तार ग्वालियर मार्ग एवं बायपास मार्ग पर केन्द्रित होने की संभावनाओं के कारण इन क्षेत्रों में सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग के प्रस्ताव दिये गये हैं ।
4.2.7 यातायात एवं परिवहन
उपांतरित विकास योजना में यातायात के अंतर्गत 335.06 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित की गई है, जिसमें वर्तमान में विकसित 166.84 हेक्टेयर क्षेत्र भी सम्मिलित है । यह भूमि कुल विकास के लिये प्रस्तावित भूमि का 12.58 प्रतिशत है । यातायात एवं परिवहन उपयोग के अंतर्गत नगरीय मार्गों के विस्तार के साथ बायपास मार्ग के निर्माण तथा स्थानीय मार्गों की यातायात संरचना पदानुक्रम में विकास के लिये प्रस्तावित की गई है । 4.2.8 सार्वजनिक उपयोगितायें और सुविधायें
विकास योजना में सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवाओं के लिये 11.97 हेक्टेयर क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है । यह कुल विकसित क्षेत्र का 0.45 प्रतिशत है । सार्वजनिक उपयोगिता के अंतर्गत बस स्थानक, जल प्रदाय , जल - मल शोधन संयंत्र, विद्युत उपकेन्द्र, मरघट, कब्रिस्तान एवं कचरा प्रबंधन क्षेत्र आदि सुविधायें सम्मलित है । नवीन मरघट एवं कब्रिस्तान का निर्धारण कृषि उपयोग के अंतर्गत स्थानीय निकाय एवं जिला प्रशासन द्वारा किया जाना प्रस्तावित है । भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
352
4.3 आवास आवश्यकता
नगरों में अधिकतम भू- उपयोग आवासीय होता है । यह उपयोग नगर की आकृति तथा स्वरूप निर्धारण में महत्वपूर्ण होता है । आवासीय संरचना में नगर के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन की झलक देखी जा सकती है ।
डबरा नगरीय क्षेत्र में जनगणना 2011 अनुसार 16114 आवास है, जबकि परिवारों की संख्या 19865 है । इस प्रकार वीमन में कुल 3751 आवासों की कमी है । इन्हें मिलाकर 2031 तक 22892 अतिरिक्त आवासीय इकाईयों की आवश्यकता होगी ।
नगर में आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ती हेतु निम्नानुसार कार्यवाही की जाना प्रस्तावित है ।
(अ) नगरीय अधोसरंचना तथा जन सुविधाओं के विकास हेतु भूमि का उपलब्धता सुनिश्चित करना ।
(ब) निजी संस्थाओं तथा सामुदायिक समूहों द्वारा भूमि के विकास में आने वाली रूकावटों को दूर करना ।
(स) नियोजन एवं विकास अनुज्ञा की प्रक्रिया का सरलीकरण ।
(द) उपयुक्त आवासीय क्षेत्रों / कालोनियों के नियमितीकरण की कार्यवाही शीघ्र करना । 4.4 निवेश इकाईयाँ
डबरा विकास योजना 2011 में निवेश क्षेत्र को दो निवेश ईकाईयों में विभक्त किया गया था । वाणिज्यिक, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के कार्यक्रेन्द्रों के संदर्भ में प्रत्येक इकाई का एकात्मकता पूर्वक कार्य सुनिश्चित किया गया था । विकास योजना 2031 में भी दोनों निवेश इकाईयों की सीमायें यथावत् रखी गयी है । निवेश इकाईयाँ मानचित्र 4.3 में दर्शाई गई है ।
सारणी 4 - सा-2 डबराः प्रस्तावित भूमि उपयोग एवं भू-आवंटन (निवेश ईकाई)
वाणिज्यिक औद्योगिक
आवासीय
क्र.
सार्वजनिक अर्द्ध सार्वजनिक
4
5
3
1
2
21.52
72.27
82.57
626.82
1.
39.58 32.56
43.24
868.33
2.
54.08
122.25
115.51
योग 1495. 15
यातायात योग
आमोद प्रमोद
कृषि/जलाश ाय इत्यादि
कुल निवेश ईकाई क्षेत्रफल सेवा सुविध ाएं
11
10
9
6
8
7
4782.20
3472.31
334.56 164.97
7.18
1309. 89
5342.85
3985
199.26 170.09
4.79
1357. 95
10125.05
7457.31
335.06
533.82
2667. 84
11. 97 353 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
PlanningArea
Dabra
DABRA
Legend
4.3PLANNINGUNIT
Waterbody MunicipalAreaBoundary
PlanningAreaBoundary
PlanningUnitBoundary(2)
PlanningUnitBoundary(1)
RailwayLine
NationalHighway
VillageBoundary
Road
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
0.5 1.522.533.5 Km
DistrictGwalior
Sca
25-5030
CHANDPUR
NH75
ToJhansi ToJhansi
GEDOLKALA
KARRA
SULTANPUR
SAHAHARAI
KHEDINATVA
THIGHRU
ToPichore
BUJURG
2
MAGRORA
RAMGHAD
NH75
AARU
DABRA
ToGwalior-
ToBhitarwar
AROTHA
ETAYAL
DirectorateofTown&CountryPlanningMadhyaPradesh,Bhopal SIMAR
ToGwalior
ToChinor मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 354
4.5 असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग:
नगर में विद्यमान असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोग वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यातायात, पर्यावरण , स्थान की कमी आसपास के भूमि उपयोगों में असंगतता की दृष्टि से इस श्रेणी में लिये गये हैं । इन भूमि उपयोगों को स्थानांतरित कर पुर्नस्थापना तथा रिक्त हुये स्थान को अधिक सक्षम रूप से प्रस्तावित किया गया है । जिसका विवरण संलग्न सारणी में दिया गया है । इन भूमि उपयोगों के पुर्नस्थापना हेतु मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम , 1973 की धारा 25 के अनुसार युक्तिसंगत अवधि उपलब्ध होगी । असंगत भूमि उपयोगों को तत्काल स्थानांतरित करना प्रस्तावित है, जबकि अकार्यक्षम भूमि का तत्काल स्थानांतरण आवश्यक नहीं है । अकार्यक्षम भूमि उपयोग उनके वर्तमान स्थल पर आवश्यक सुधार सहित कार्यरत रह सकेंगे , किन्तु इन्हें वर्तमान स्थल पर वृद्धि एवं विकास की अनज्ञा नहीं होगी ।
सारणीः 4 - सा -3 डबराः असंगत एवं अकार्यक्षम भूमि उपयोगों की पुर्नस्थापना एवं रिक्त भूमि
का उपयोग
प्रस्तावित स्थल
क्र०
भूमि उपयोग
रिक्त होने पर भूमि का प्रस्तावित उपयोग
4.
3.
2.
1.
असंगत भूमि उपयोग
(अ)
औद्योगिक क्षेत्र
1.
वाणिज्यिक / आवासीय मिल दाल मिल , तेल मिल , पोहा
फल बाजार
2.
मार्ग
विशेषीकृत वाणिज्यिक
चौड़ीकरण /पार्किंग 3.
फुटकर सब्जी बाजार विशेषीकृत वाणिज्यिक मार्ग चौड़ीकरण /पार्किंग
4.
हाट बाजार
कृषि उपयोग परिक्षेत्र मार्ग चौड़ीकरण /पार्किंग
वाणिज्यिक
मिश्रित उपयोग
तहसील कार्यालय
5.
मिश्रित उपयोग
वाणिज्यिक नगर पालिका कार्यालय
6.
अकार्यक्षम भूमि उपयोग
(ब)
यातायात नगर बस स्टाप एवं पार्किंग 1.
बस स्टैण्ड (प्रायवेट) 355 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
4.5.1 कार्यकेन्द्र
वाणिज्यिक, औद्योगिक तथा प्रशासनिक गतिविधियां , नगर की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को प्रतिबिंबित करती है । यह गतिविधियां यातायात के मुख्य उदित केन्द्र होने से इनका नियोजन इस प्रकार किया गया है कि जिससे आवासीय क्षेत्र से इनके मध्य न्यूनतम यात्रा समय द्वारा सुविधाजनक सुरक्षित एवं तीव्र गति द्वारा पहुंच सुनिश्चित हो सके ।
4.5.2 व्यापार एवं वाणिज्यिक
वाणिज्यिक गतिविधि केन्द्रों का वर्गीकरण नगर एवं निवेश इकाई स्तर पर किया गया है । इसके अतिरिक्त प्रमुख चयनित मार्गों को गतिविधि कोरीडोर के रूप में चिन्हित किया गया है । इनमें आवासीय उपयोग के साथ - साथ स्थल विशेष एवं भविष्य की आवश्यकता अनुसार अन्य व्यवसायिक गतिविधियों जैसे- शैक्षणिक, संस्थागत, वाणिज्यिक एवं सेवा उद्योग आदि स्वीकार्य होगी ।
नगर स्तरीय वाणिज्यिक केन्द्र
4.5.3
नगर स्तर की वाणिज्यिक गतिविधियां वर्तमान में मध्य क्षेत्र एवं उससे संलग्न क्षेत्र में केन्द्रित है । मध्य क्षेत्र में भीड़- भाड़ के कारण नगर स्तर की गतिविधियां नवीन नगरीय / उपनगरीय केन्द्रों एवं सामुदयिक केन्द्रों में प्रस्तावित की गई है ।
अग्रेषण अभिकरण तथा थोक वाणिज्यिक गतिविधियां भी मध्य क्षेत्र से यातायात नगर में प्रस्तावित की गई है ।
4.5.4 कार्यालय
कुछ तहसील स्तरीय एवं स्थानीय संस्थाओं के कार्यालय वर्तमान में सघन बहु आयामी विकसित क्षेत्र में कार्यरत है, जिसके कारण इन क्षेत्रों में यातायात पार्किंग आदि समस्यायें पैदा होती है । अतः इन कार्यालयों को स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
356
4.5.5 अनौपचारिक सेक्टर
बेरोजगार एवं सीमित रूप से रोजगार से जुडे कर्मी जो रोजगार की तलाश में हैं, अथवा आर्थिक उन्नति के लिये अशान्वित है , अनौपचारिक वर्ग के अंतर्गत आते है । ये वर्ग शहर की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते है तथा आवासीय क्षेत्र के लिये सेवा जनसंख्या के रूप में भी कार्य करते है ।
अनौपचारिक गतिविधियां मुख्य रूप से कार्य केन्द्रों, वाणिज्यिक केन्द्रों, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के बाहर, यातायात केन्द्रों एवं बडे आवासीय समूहों के आस - पास स्थापित हो जाती है । चूंकि आर्थिक गतिविधियों में उनकी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिये औपचारिक वर्ग के साथ- साथ अनौपचारिक गतिविधियों के लिये भी विकास योजना में प्रस्ताव रखे गये है ।
: अनौपचारिक गतिविधि क्षेत्रों की योजना, व्यापार एवं विभिन्न प्रकार के उपयोग परिक्षेत्र के नियंत्रित विकास में समाहित एवं सम्मिलित कर निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रस्तावित है ।
(अ ) सामान्य वाणिज्यिक क्षेत्र में सेवा प्रदान करने हेतु फुटकर दुकानों का प्रावधान करना जैसे - नगर केन्द्र खण्ड स्तरीय दुकानें व सुविधा दुकान क्षेत्र ।
(ब) थोक व्यापार एवं यातायात नगर क्षेत्र में सेवा प्रदान करना ।
(स) संस्थागत क्षेत्रों, आमोद- प्रमोद , औद्योगिक क्षेत्रों एवं अवसान केन्द्रों पर खाद्य सेवा प्रदान करने वाली सेवा दुकानें उपलब्ध कराना ।
(द) आवासीय क्षेत्रों के निकट सेवा दुकानें ।
(इ) निर्माण स्थलों के समीप अस्थाई रहवास की व्यवस्था करना ।
4.6 अनौपचारिक सेक्टर को नियोजित आवासीय विकास क्षेत्र में निम्नानुसार समाहित किया जाना प्रस्तावित है ।
(i) परिक्षेत्रिक योजना बनाते समय अनौपचारिक सेक्टर के लिये प्रस्तावित आवासीय विकास हेतु भूमि सुरक्षित रखना । 357
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
(ii ) अभिन्यास स्वीकृति के समय अनौपचारिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का प्रावधान भी समय- समय पर शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किया जाना प्रस्तावित है ।
(iii ) अनौपचारिक सेक्टर इकाई का विकास , क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप किया जावे ।
4.7 गंदी बस्ती एवं झुग्गी / झोपड़ी क्षेत्र
डबरा नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा अधिसूचित 19 गंदी बस्तियां है जिसे सारणी क्रमांक 2- सा -14 में दर्शाया गया है । नगर पालिका डबरा द्वारा इन गंदी बस्ती क्षेत्रों में मूलभूत सामुदायिक सुविधाओं का विकास किया गया है । गंदी बस्तियों के पर्यावरण सुधार हेतु यह आवश्यक है कि इनकी रोकथाम, विकास , निर्मूलन एवं पुनर्स्थापना हेतु एकीकृत कार्यक्रम चलाया जावे । इस हेतु निम्नानुसार प्रयास किया जाना प्रस्तावित है ।
(i ) भवन निर्माण उपविधियों में संशोधन एवं परिक्षेत्रिक नियमों का निर्धारण एवं उनका पालन ।
(ii) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु आरक्षित भूमि का निश्चित समय सीमा में उसी वर्ग के लिये विकास ।
(iii) गंदी बस्ती क्षेत्र में पर्यावरण सुधार हेतु सार्वजनिक सुविधाओं का विकास ।
(iv) जिन गंदी बस्ती क्षेत्रों को वर्तमान स्थान पर पर्यावरण सुधार कर रखा जाना संभव न हो उनको स्थानांतरित कर नवीन स्थल पर पुनर्स्थापना करना ।
4.7.1 अवैध कालोनियां
डबरा नगरीय क्षेत्र में 25 अवैध कालोनियां विकसित की गई है । इन कालोनियों में भी मूल - भूत सुविधाओं का अभाव है । अवैध कालोनियों का क्षेत्रफल लगभग 60 हेक्टर है । 358
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 4.7.2 खुला स्थल प्रणाली
विकास योजना ऐसे खुले स्थलों की प्रणाली को प्रस्तावित करती है जो, वर्तमान प्राकृतिक संरचनाओं के भू- दृश्यीकरण विकास के साथ- साथ आमोद - प्रमोद एवं पर्यावरणीय कार्य- कलापों को पूर्ण करने में विशिष्टता रखती है । योजना में शहर के प्रमुख खुले स्थलों को प्राकृतिक जल निकास गलियारों के साथ और वर्तमान भू- दृश्यीकरण उप आकृतियों के नये विकास के साथ समाहित करते हुये प्रस्तावित किया है ।
4.7.3 क्षेत्रीय पार्क
क्षेत्रीय पार्क के लिये सिंध नदी के पास भूमि प्रस्तावित है । इन पार्को में विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों का वृक्षारोपण भी अपेक्षित है ।
4.7.4 नगर उद्यान
शहर में वर्तमान में पाँच नगरीय उद्यान है । इसके अतिरिक्त एक नगर उद्यान के लिये 5 हेक्टेयर भूमि नगरीय स्तरीय पार्क के निर्माण के लिये प्रस्तावित की गई है । 4.7.5 स्टेडियम तथा खेल परिसर
वर्तमान में नगर में एक खेल स्टेडियम है । इसमें स्थानीय स्तर की खेल गतिविधियां आयोजित की जाती रही है । यह मैदान नगर की 2031 तक की खेलकूद आवश्यकताओं के लिये पर्याप्त नहीं है । इस कारण एक स्टेडियम एवं खेल परिसर का विकास किया जाना प्रस्तावित है ।
4.8 पुनर्विकास क्षेत्र
शहर की विकास प्रक्रिया के कारण कुछ वर्तमान निर्मित क्षेत्र शहरी विकास की दृष्टि से केन्द्रीय स्थिति प्राप्त कर लेते है, जिससे इनका भू- मूल्य अधिक हो जाता है । ऐसे क्षेत्रों को पुर्नविकास क्षेत्र के रूप में चयनित किया जावेगा । ऐसे क्षेत्रों की विकास नीति निम्नलिखित बिन्दुओं के द्वारा संचालित की जावेगी ।
(अ) उच्च मूल्य वाली अकार्यक्षम भू- उपयोग अंतर्गत भूमि / क्षेत्र जिस भूमि का अन्य सक्षम उपयोग हेतु मांग अधिक है, उन्हें पुर्नघनत्वीकरण / पुर्नविकास क्षेत्रों के रूप में चयनित किया जावे । 359 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
(ब) पुनर्विकास परियोजना को विशेष परियोजना के रूप में माना जावेगा । इन परियोजनाओं का रूपांकन , नगरीय रूपांकन के दृष्टिकोण के आधार पर करने के पश्चात निवेश प्रस्ताव तैयार किये जावेगे ।
(स) उपयोग एवं गतिविधियों का निर्धारण, निष्पादन स्तर एवं अनुकूलता स्तर जिन्हें आसपास के उपयोग द्वारा प्रभावित किया गया है, निर्धारित होगा । जिसकी परियोजना को परिक्षेत्र की योजना के रूप में तैयार किया जाना प्रस्तावित है । (द) स्वीकार्य विकास का घनत्व उपयोगिता एवं अधोसंरचना का यातायात दबाव की वहन क्षमता और इसका समीकरण क्षेत्र के प्रभाव द्वारा निर्धारित होगा ।
यदि मध्य क्षेत्र में उन्नत पर्यावरण एवं यातायात सुधार की दृष्टि से पुर्नविकास योजना तैयार की जाती है तो उस स्थिती में फर्शी क्षेत्र अनुपात उस क्षेत्र हेतु निर्धारित फर्शी क्षेत्र अनुपात से 0.25 अधिक मान्य किया जा सकेगा ।
भू-स्वामी अपने भूखण्ड में से कुछ भूखण्डीय क्षेत्र सार्वजनिक उपयोग जैसे- सड़क, फुटपाथ, पार्किंग इत्यादि हेतु छोडता है तो उसे शेष भूखण्ड में सामान्य स्वीकार्य एफ.ए.आर. एवं सार्वजनिक उपयोग हेतु छोड़ी जाकर स्थानीय संस्था को समर्पित किये गये भूखण्ड क्षेत्र की भूमि के दो गुना तक फर्शी क्षेत्र अनुपात में जोड़ा जा सकेगा । 4.9 ग्राम आबादी विस्तार
डबरा निवेश क्षेत्र में स्थित ग्रामों की आबादी, विकास योजना में प्रस्तावित निवेश क्षेत्र में विकास योजना में दर्शित उपयोग अनुरुप ही किया जा सकेगा, किन्तु जो आबादी नगरीय क्षेत्र में शामिल नहीं हुई है, उनका विस्तार वर्तमान आबादी से संलग्न 100 मीटर की परिधि में सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा से ही किया जा सकेगा ।
4.10 कमजोर आय वर्ग के लिए प्रावधान
कमजोर आय वर्ग के लिए प्रत्येक आवासीय कालोनी में छोटे भूखण्डों का प्रावधान किया जाता है , यह वर्ग प्रायः रोजगार अस्थायी ठेला , गुमटी आदि की स्थापना के माध्यम से प्राप्त करता है । अतः कमजोर आय वर्ग के लिए मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 में उल्लेखित प्रावधान तथा शासन द्वारा समय - समय पर इन वर्गों के लिए दिए गए दिशा- निर्देशों के अनुसार किया गया प्रावधान स्वीकार होगा । यह संबंधित उपयोग परिक्षेत्रों के संदर्भ में निर्धारित किया जावेगा । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
360
5 अध्याय
विकास नियमन 5.1 प्रवृत्तशीलता
इन नियमनों का उद्देश्य डबरा नगरवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है । यह नियमन निम्न गतिविधियों को नियंत्रित करेंगे :-
1. निवेश क्षेत्र के अंदर समस्त विकास ।
2. भूमि. के स्वरूप में परिवर्तन जिसमें भूमि का उप विभाजन , संयुक्तिकरण , विलियन उपांतरण एवं भूमि का उपयोग सम्मिलित है ।
3. समूह आवासीय परियोजनाओं का सम्मिलित संस्थागत विकास ।
4. किसी भी प्रकार के भवन जिसमें भवन की ऊंचाई सम्मिलित हो ।
5. ऐसे क्षेत्र में, जो निवेश क्षेत्र सीमा के अंदर है, भूमि का विकास , भवनों का निर्माण / परिवर्तन एवं तोड़ना ।
5.2 क्षेत्राधिकार
1. इस अध्याय में वर्णित विकास नियमन राज्य शासन द्वारा मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 (क्रमांक 23 सन् 1973) की धारा 13 (1 ) के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन , नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग अधिसूचना क्रमांक 2568 / 1-74 / तैतीस / 73 राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 19.10.1973 द्वारा गठित निवेश क्षेत्र पर लागू होंगे तथा जो नियमन इस अध्याय में वर्णित नहीं है, वे म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 में निहित प्रावधानों एवं समय- समय पर शासन द्वारा नियमों में किये जाने वाले संशोधन के अनुरूप लागू होंगे ।
2. इस अध्याय में वर्णित सक्षम प्राधिकारी से तात्पर्य है संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी जो विकास योजना में विभिन्न उपयोगों के अन्तर्गत स्वीकार्य गतिविधियों हेतु विकास अनुज्ञा देने हेतु सक्षम हैं । 361 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
3. विकास योजना प्रस्तावों का विस्तृतीकरण परिक्षेत्रिक योजना में किया जायेगा । यह संभावना है कि विकास योजना में परिभ्रमण एवं उपयोग परिक्षेत्रों के निर्धारण संबंधी प्रस्तावों के क्रियान्वयन के समय, यांत्रिकी आवश्यकताओं के परिपेक्ष्य में संशोधित करना पड़े , ऐसे संशोधनों के संबंध में सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया जा सकेगा । यदि किसी विवाद / विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है, तो उस दशा में राज्य शासन का निर्णय अंतिम होगा, जो कि योजना प्रस्तावों का एकीकृत भाग माना जायेगा । वर्तमान भूमि उपयोग को अंगीकृत विकास योजना में दर्शाये अनुसार वास्तविक खसरा मानचित्र पर हस्तांतरित किया जावे ।
4. आस- पास विद्यमान /निर्मित एवं धारा -30 में स्वीकृत मार्गों का समन्वय कर म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा 27 , 28 व 29 में प्राप्त प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा । निवेश क्षेत्र में ऐसे निर्मित मार्ग , जो मौके पर विद्यमान है, परन्तु जिनके प्रस्ताव, विकास योजना में उप - दर्शित नहीं है अथवा उप- दर्शित है, परन्तु चौड़ाई का उल्लेख नहीं है , ऐसे मार्गों की, उनकी मौके पर उपलब्ध चौड़ाई अनुसार निरंतरता समन्वय के साथ सुनिश्चित की जावेगी । 5. विकास योजना मानचित्र में चिन्हित प्रस्ताव सांकेतिक एवं स्थूल स्वरूप के हैं । उदाहरणार्थ आवासीय परिक्षेत्र जो विकास योजना मानचित्र में दर्शाया गया है, उसमें आंतरिक मार्ग , खुले तथा हरित क्षेत्र, नागरिकों के लिए आवश्यक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं हेतु क्षेत्रफल तथा नगरीय विकास हेतु अनुपयोगी भूमि वर्तमान वृक्ष समूहों द्वारा व्याप्त भूमि आवासीय क्षेत्र के अभिन्न अंग के रूप में सम्मिलित हैं । इस कारण उक्त क्षेत्र विकास योजना मानचित्र में नहीं दर्शाये गये हैं ।
6. पारिक्षेत्रिक योजना / विस्तृत अभिन्यास में दी गई प्रत्येक उपयोग परिसर की स्थिति एवं सीमायें स्थल पर विद्यमान मार्ग / ड्रेन एवं अन्य भौतिक गतिविधि के सापेक्ष होगी ।
7. संचालक अथवा उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी द्वारा अनुमोदित अभिन्यास की समयावधि, यदि विकास योजना प्रारूप प्रकाशन की तिथि पर वैध है, उस दशा में यह स्वीकृत अभिन्यास का व्यापक भूमि उपयोग ही मान्य किया जावेगा ।
8. अपरिहार्य परिस्थितियों तथा सार्वजनिक हित में राज्य शासन नगर जनसंख्या को सामूहिक लाभ देने वाली राष्ट्रीय , राज्य एवं नगर स्तर की गतिविधि हेतु विकास अनुज्ञा पर विचार कर सकती है, भले ही वह विकास योजना में उल्लेखित न हो । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
362
9. ऐसे क्षेत्र जहां जन सुरक्षा की दृष्टि से प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक हो , उसके लिये आदेश जारी करने हेतु राज्य शासन सक्षम होगा ।
10. विकास अनुज्ञा के लिये प्रस्तुत मानचित्र में अगर कोई सुधार आवश्यक हो तो संबंधित अधिकारी द्वारा मानचित्र सुधार कर पुनः प्रस्तुत करने हेतु आवेदक को वापिस किया जायेगा ।
11. विभिन्न उपयोग परिसरों की पार्किंग की आवश्यकताएं उसी उपयोग परिसर के अन्दर ही आवश्यक रूप से करनी होगी ।
12. नगर में निर्मित होने वाले फ्लाय ओवर/ स्कॉय वॉक के नीचे के स्थान को पार्किंग , अन्य जनसुविधा की गतिविधियों में उपयोग की अनुमति स्थल विशेष की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये दी जा सकेगी, परंतु ऐसी गतिविधियों हेतु सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा ।
13. विकास योजना में नदी नालों के दोनों ओर दर्शाया गया हरित क्षेत्र सांकेतिक स्वरूप का है । नदी के दोनों किनारों पर उच्चतम जल स्तर से न्यूनतम 30 मीटर तक एवं नालों की स्थिति में मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के निमय 50 (ख) में निहित प्रावधानों के अनुसार खुला क्षेत्र रखना अनिवार्य होगा , इस भूमि पर मार्ग एवं सार्वजनिक, सेवा एवं सुविधा का निर्माण कार्य स्वीकार्य होगा ।
14. झुग्गियों में रहने वाले निवासी, नगरीय केन्द्र की विभिन्न गतिविधियों में सेवा कार्य से जुड़े होते है । यदि झुग्गी - झोपड़ी को किसी स्थान पर व्यवस्थापन कर उसे विकसित किया जाना है , तो उस दशा में जल स्त्रोतों के क्षेत्र आमोद- प्रमोद के क्षेत्र तथा प्रस्तावित मार्ग के क्षेत्र को छोड़कर शेष भूमि उपयोग परिक्षेत्रों में झुग्गी- झोपड़ी का व्यवस्थापन ग्राह्य होगा ।
15. विकास योजना मानचित्र, जो पुस्तक के साथ संलग्न है, वह मशीन द्वारा छोटा /बड़ा किया गया मानचित्र है । इस कारण उक्त मानचित्र के आधार पर भूमि की न तो लंबाई - चौड़ाई नापी जाये , न ही इस मानचित्र के क्षेत्रफल को नापा जाये । लंबाई-चौड़ाई एवं क्षेत्रफल नापने तथा भू- उपयोग जानकारी की कार्यवाही हेतु सर्वे मानचित्र जो 1 :4000 की माप पर तैयार किया गया है, उसके आधार पर किया जाये । विकास योजना में दर्शित वर्तमान भूमि उपयोग , स्थल वास्तविक स्थिती के अनुसार ही खसरा मानचित्र पर अंकित किए जाये तथा इस संबंध में स्थल निरीक्षण/ अभिलेख का परीक्षण कर अंतिम निर्णय लिये जा सकेंगे । उक्त बाबत् किसी प्रकार की विसंगति होने पर शासन का निर्णय अंतिम होगा । 363 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
16. परिक्षेत्रिक योजना तैयार करने की पद्धति विकास योजना तैयार करने के ही समान है । विकास के स्वरूप के अनुसार अलग-अलग विकास नियमन- परिक्षेत्रिक नियमनों की आवश्यकता हो सकती है । किन्तु परिक्षेत्रिक योजना के प्रकाशित एवं प्रभावशील होने तक इस अध्याय में वर्णित नियमनों के आधार पर विकास अनुज्ञा दी जायेगी ।
17. प्रत्येक उपयोग परिसर की परिक्षेत्रिक योजना / विस्तृत अभिन्यास में दी गई स्थिति एवं सीमायें स्थल पर विद्यमान वर्तमान मार्ग / गाड़ी मार्ग एवं अन्य भौतिक स्वरूपों को संदर्भ माना जायेगा ।
18. विकास योजना में दर्शित समस्त वर्तमान उपयोग , स्थल पर विकसित एवं उक्त के राजस्व अभिलेख के अनुसार ही मान्य होंगे । उससे लगकर स्थित भूमि पर संस्पर्शी भूमि उपयोग मान्य होगा ।
19. निवेश क्षेत्र स्थित कृषि प्रधान ग्रामों में स्थित शासकीय भूमि विकास योजना 2031 के प्रस्तावों के परिपेक्ष्य में म.प्र. भू- राजस्व संहिता 1959 के अनुसार नियंत्रित होगी ।
20. विकास योजना में विभिन्न भूमि उपयोगों के विकास हेतु नियमन दिये गये है । नियमों में यदि किसी प्रकार की विरोधाभास की स्थिति निर्मित होती है अथवा किसी व्याख्या की आवश्यकता होती है तो इस संबंध में राज्य शासन का निर्णय अंतिम एवं बंधनकारी होगा ।
21. वर्तमान भूमि उपयोग अंतगर्त दर्शाये गये सार्वजनिक / अर्द्धसार्वजनिक , हरित क्षेत्र , औद्योगिक क्षेत्र , उपयोगिता, मार्ग का सत्यापन स्थिति के अनुसार मान्य होगा । तथा विकास योजना में मुद्रित मानचित्र के आकार से भिन्न होने पर खसरे के आधार पर ही विस्तृत मानचित्र से भूमि उपयोग का निर्धारण किया जायेगा ।
परिभाषायें- 5.3
उपयोग परिक्षेत्र :-
मुख्य भू- उपयोग से संबंधित प्रस्तावित विशिष्ट नगरीय कार्यकलापों में से किसी एक कार्यकलाप का क्षेत्र । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 364
उपयोग परिसर :-
उपयोग परिसर से तात्पर्य ऐसा परिसर जो कि उपयोग परिक्षेत्र के उपविभाजन का एक भाग हो एवं जिसे कि अभिन्यास तैयार करते समय एक विशिष्ट मुख्य उपयोग या गतिविधि के लिए स्पष्ट किया गया हो ।
अभिन्यास :-
अभिन्यास से तात्पर्य उप विभाजित योजना से है, जिसमें उपयोग परिसर के सभी आकार एवं प्रकार इंगित हों । भूमि उपयोग मानचित्र :- सभी उपयोग उपक्षेत्रों को दर्शाने वाला मानचित्र भूमि उपयोग मानचित्र कहलायेगा ।
परिक्षेत्रिक योजना :-
निवेश क्षेत्र के एक परिक्षेत्र की योजना जिसमें नियोजन के प्रावधानों का विस्तार, सामाजिक अधोसंरचना, उद्यान, खुले क्षेत्र एवं यातायात तंत्र संबंधी विस्तृत जानकारी प्रावधित हों । नगरीय ग्राम :-
भूमि उपयोग मानचित्र में दर्शाये एवं प्रस्तावित उपयोग परिक्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण आबादी, नगरीय ग्राम कहलायेंगे ।
नगरीय विरासत :-
नगरीय विरासत से तात्पर्य ऐसा परिसर जिसमें कि पुरातत्व महत्व के ऐतिहासिक भवन एवं उसके आसपास का परिसर सम्मिलित हो ।
मिश्रित उपयोग:-
मिश्रित उपयोग से तात्पर्य ऐसे उपयोग परिक्षेत्र से है जो कि अध्याय 5 के पैरा 5.8 में दर्शाया गया है । जिसमें एक से अधिक उपयोग परिक्षेत्र होंगे , उपयोग परिक्षेत्र / उपयोग गतिविधि दोनों उपयोग परिक्षेत्र में स्वीकार्य होंगे ।
समूह गृह निर्माण :-
"समूह गृह निर्माण" से अभिप्रेत है कि एक से अधिक निवास ईकाई का बहुमंजिल या समूह गृह निर्माण जिनमें भूमि पर संयुक्त स्वामित्व होता है या भूमि विधिक अधिकार के अधीन धारण की जाती है । जैसा कि सहकारी समितियों या स्थानीय प्राधिकरण या गृह निर्माण मण्डल आदि लोक ... एजेंसियों आदि के मामले है और निर्माण कार्य एक एजेंसी /प्राधिकारी द्वारा किया जाता है । 365 मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
ऊंचे भवनों का विकास: - म.प्र. भूमि विकास नियमं 2012 के नियम 42 के अनुसार होंगे ।
फर्शी क्षेत्र अनुपात :-
म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 2 (30) के अनुसार होंगे ।
भवन की ऊंचाई : -
म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 2 (9 ) के अनुसार होंगे ।
संवेदनशील क्षेत्र : -
परिस्थितिजन्य पर्यावरणीय , ईकोलाजिकल एवं विरासत के . आधार पर सीमांकित क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र कहलाएगा । इसके अंतगर्त नदी, तालाबों के निकटवर्ती क्षेत्र भी सम्मिलित होंगे ।
नियंत्रित क्षेत्र :-
नाली विभाजक तालाबों के ग्राह्य क्षेत्र एवं परिदृश्य गुणवत्ता की संभावना के आधार पर निर्धारित किये गये क्षेत्र
एकल / संयुक्त परिवार हेतु
भूखण्डीय विकास :-
अपने सभी समानान्तर एवं ज्यामितीय बदलाव के साथ भूखंडीय विकास से तात्पर्य परिवार हेतु भूखंडीय विकास (अभिन्यास) का भूखंडों में उप-विभाजन, जिसका नगरीय उपयोग प्रमुखतः एकल परिवार, संयुक्त परिवार के आवास हेतु किया जाना हो , ऐसे परिसर में गैरेज / गैरेजों हेतु अतिरिक्त संलग्न ब्लाक का प्रावधान हो । अन्य परिभाषायें म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 में वर्णित अनुरूप हैं ।
योजना कालावधि:-
विकास योजना कालावधि नगर विकास की एक सतत् प्रक्रिया है तथा इस प्रक्रिया में अनेक घटकों की महत्तवपूर्ण भूमिका होती है । इन सभी घटकों में कालावधि को नगर के विकास तथा नियोजन हेतु आधार माना जाता है । कालावधि के आधार पर नगर की भावी जनसंख्या की आवश्यकताओं आदि को अनुमानित कर नगर का भावी स्वरूप निर्धारित किया जाता है । डबरा नगर के वर्तमान एवं भावी विकास को दृष्टिगत रखते हुए विकास योजना की कालावधि वर्ष 2031 तक निर्धारित की गई है । अतः नगर की भावी जनसंख्या एवं अन्य आवश्यकताओं का निर्धारण उपरोक्त कालावधि हेतु किया जाने के साथ - साथ इसमें दीर्घकालीन आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा गया है ।
विकास योजना में प्रस्तावित भूमि उपयोग एवं नगरीय अधोसंरचना के प्रस्ताव केवल विकास योजना कालावधि तक सीमित नहीं रखे जा सकते हैं । चूंकि नगर विकास एक सतत् प्रक्रिया है एवं योजना कालावधि के बाद के नगरीय विकास के लिए आधारभूत संरचना के रूप में उपयोगी सिद्ध होंगे । अतः डबरा विकास योजना के प्रस्ताव योजना कालावधि समाप्त हो जाने के उपरांत भी विकास योजना के पुर्नविलोकन एवं उपांतरण होने तक अथवा विकास योजना प्रस्तावों के संतृप्त होने तक प्रभावशील रहेंगे । [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
366
5.4 भूमि उपयोग परिक्षेत्र
डबरा निवेश क्षेत्र को 10 उपयोग परिक्षेत्रों में विभक्त किया गया है । प्रत्येक उपयोग परिक्षेत्र आगे विभिन्न उपयोग परिसरों के रूप में उपविभाजित किये गये हैं । प्रत्येक उपयोग परिसर में विशिष्ट उपयोग , गतिविधियों की शर्तों या बिना शर्तों के स्वीकार्य होगी । ऐसे क्षेत्र जिसका कि निर्धारित अभिन्यास स्वीकृत नहीं है, का प्रतिबंध विकास योजना / परिक्षेत्रिक योजना के भू- उपयोग / प्रस्तावों के अधीन निर्धारित होगा ।
निर्धारित मुख्य 10 भू- उपयोगों के अनुरूप ही उपयोग परिक्षेत्र रहेंगे यथा आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक, आमोद -प्रमोद, सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक, विशेष प्रयोजन, यातायात एवं परिवहन, सार्वजनिक उपयोगिता एवं सेवायें, जलाशय एवं कृषि ।
उपयोग परिक्षेत्र सारणी क्रमांक 5- सा-1
नाम पद्धति
भू- उपयोग उप- परिक्षेत्र
क्र. भू-उपयोग परिक्षेत्र
3 2
1
1
आवासीय
आवासीय
मिश्रित
उपनगर केन्द्र
2 वाणिज्यिक
मण्डी
सामान्य उद्योग
3 औद्योगिक
उद्यान
4 आमोद-प्रमोद
वृक्षारोपण
स्टेडियम
5
सार्वजनिक संस्थान और प्रशासनिक क्षेत्रों / शिक्षा और अनुसंधान / स्वास्थ्य / सार्वजनिक तथा अर्द्ध सार्वजनिक
4
(आर 1)
(आर 2)
(सी 2 )
(सी 6)
(आई 2)
(जी 1)
(जी 2)
(जी 6)
(पी)
सामाजिक/सांस्कृतिक संस्थागत गतिविधियां
6
पहाड़ी क्षेत्र
विशेष प्रयोजन
7 परिवहन
बस स्टैण्ड या टर्मिनल / बस डिपों
सड़कें
रेल्वे स्टेशन
रेल्वे लाईन
ट्रांसपोर्ट नगर
जल शोधन संयंत्र 8
विद्युत सब स्टेशन
ट्रेचिंग ग्राउण्ड
सार्वजनिक उपयोगिताएं और सुविधाएं
(एस पी 10)
(टी 1 )
(टी 3)
(टी 4)
(टी 5)
(टी 7)
(पीयूएफ 1)
(पीयूएफ 3)
(पीयूएफ 4)
ठोस अवशिष्ट निपटान संयंत्र /अपघटन संयंत्र
कब्रिस्थान/ शमशान घाट 9
नदियां
जल निकाय
तालाब/ जलाशय
नाला/ नहर
कृषि भूमि
कृषि
10
ग्राम आबादी विस्तार
(पीयूएफ 9)
(डब्ल्यू1)
(डब्ल्यू2)
(डब्ल्यू3)
(ए 1 )
(ए 2) 367
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
5.5 आवासीय
5.5.1 नवीन आवासीय क्षेत्र हेतु विकास नियमन - नवीन आवासीय विकास हेतु म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के मापदण्डों के अनुसार नियंत्रित होंगे ।
टीप :
1. इस नियमन का उद्देश्य परिक्षेत्रों के अभिन्यास तैयार करने में मार्गदर्शन देना है । इन नियमों में परिभ्रमण संरचना एवं सुविधाओं के प्रावधानों के मानक सम्मिलित है । ऐसे अभिन्यासों से जुड़े सेवा प्रावधान जैसे भौतिक संरचनायें , जल प्रदाय , जल- मल निकास आदि नगर पालिका उपनियमों के अनुरूप होंगे ।
2. सामन्यतः भूखण्ड की चौड़ाई एवं गहराई का अनुपात 1: 1.5 से 1 : 3 होना चाहिए । 3. भवन निर्माता / वास्तुविदों को अपने भवन नियोजन हेतु आवासीय विकास के संदर्भ में भूखण्ड आकार, भूखण्ड प्रकार, फर्शी क्षेत्रानुपात , भू- तल आच्छादन, भवन की ऊंचाई तथा स्वीकार्य आवासीय इकाईयों के मानकों की आवश्यकता होती है । सारणी-5 सा-2 में आवासीय क्षेत्रों के आच्छादन तथा सीमान्त खुला क्षेत्र वर्णित है । सारणी में दर्शायें भूखण्ड स्वीकृत अभिन्यास का भाग होना आवश्यक है तथा भवन अनुज्ञा हेतु यह पूर्णतः विकसित होना चाहिए ।
4. एक भूखण्ड में अधिकतम चार इकाईयों को समाहित करने हेतु प्रस्तावित आवासीय क्षेत्र में तैयार किये गये अभिन्यास की स्वीकृति तभी दी जायेगी जब आवश्यक प्रावधान जैसे जल प्रदाय, जल - मल निकास तथा विराम सुविधा का प्रावधान किया हो तथा भवन निर्माण की अनुमति देने के पूर्व, उक्त सेवायें एवं सुविधायें, वास्तविक रूप से उपलब्ध होना चाहिये । ऐसे भूखण्डों का आकार 288 वर्गमीटर से कम नहीं होगा तथा म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 85 के अनुरूप परिवारों को समाहित करने हेतु विशिष्ट रूप से रूपांकित किये जायेंगे ।
5. म.प्र. नगर पालिका (कालोनाईजर का रजिस्ट्रीकरण , निबंधन एवं शर्तें) नियम 1998 एवं मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास) नियम 2014 के प्रावधानों के अनुरूप अल्प आय वर्ग एवं कमजोर आय वर्ग हेतु भूमि/ भवन, आरक्षित किये जावेंगे ।
6. म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के परिशिष्ट- अ ( नियम 99 ) में निहित प्रावधानों के अनुरूप विशेषतः अल्प आय वर्ग का अभिन्यास तैयार किया जाना चाहिये । 368
[भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
सारणी क्रमांक 5- सा-2 आवासीय भूखण्डों के विकास मापदण्ड
(मी.) में
एम.ओ.एस.
कं
भूखण्ड का आकार (मी. में)
विकास का प्रकार
बाजू
पार्श्व आजू
भू-आच्छा दन क्षेत्र प्रतिशत में
अधिकतम उँचाई (मी. में )
क्षेत्र (वर्ग मीटर) न्यूनतम
एफ.ए.
आर.
अधिकत अग्र
म
एक भूखण्ड पर अधिकतम स्वीकार्य आवासीय ईकाइयां
भूखण्ड के सामने मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई (मी. में )
2
12
13
6
9
11
5
7
8
10
4
3
1
4.0X8.0
2
9
0.0
0.0
0.0
6
पंक्ति
60 1.25 3.00
20-32
1
9
4.0X12.0
6
2
0.0 0.0
1.5
पंक्ति
60 1.25 3.00
33-48
2
9
5.0X15.0
2
6
0.0 0.0
1.5
पंक्ति
60 1.25 3.00
49-75
3
9
7.0X15.0
2
7.5
0.0 0.0
1.5
50 1.25 3.00
4
76-105
पंक्ति
9.0X15.0
3
7.5
0.0
12.5
1.25 3.00
50
1.5 2.5
5
अर्धपृथक्कृत
106-135
12.5
11.10X18.0
4
9.0
2.5 2.5 0.0
50 1.25 3.00
6
अर्धपृथक्कृत
136-200
12.5
12.0X18.0
4
9.0
2.5 3.0 0.0
3.5
42 1.25
7
201-216 अर्धपृथक्कृत
12.5
12.0X24.0
4
3.5 1.5
9.0
1.25
2.5
4.5
217-288
8
पृथक्कृत 40
12.5
12.0X24.0
5
3.0 3.0 12.0
2.5
35 1.25 6.0
289-360
9
पृथक्कृत
12.0
12.5
15.0X27.0
5
3.0
3.0 3.5
1.25 6.0
35
361-405
10
पृथक्कृत
12.0
12.5
18.0X30.0
7
3.0
4.0
3.0
406-540
1.25 6.0
11
33पृथक्कृत
12.0
12.5
20X30.0
7
3.0
3.0 4.5
33 1.25 6.0
541-600
12
पृथकृत
12.0
12.5
25X30.0
7
4.5 4.5 4.5
30 1.25 6.0
601-750
13
पृथक्कृत
12.0
12.5
30X30.0
7.
4.5 4.5 4.5
751-999
14
पृथक्कृत 30 1.25 6.0
नोटः-
1. मिश्रित उपयोग सहित सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भूखण्ड जिसमें न्यूनतम भूखण्ड क्षेत्रफल की अर्हता पूर्ण होती है, हेतु भी उपरोक्त मापदण्ड लागू होंगे । (आवासीय ईकाइ छोड़कर)
2. सारणी के अनुक्रमांक 9 से 14 में दर्शाये भूखण्ड आकार को केवल प्रस्तावित आवासीय क्षेत्रों में बहुईकाई भूखण्डीय विकास के रूप में मान्य किया जा सकता है । 369 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
3. ऐसे भूखण्ड जिनका क्षेत्र सारणी में दर्शायी श्रेणियों के मध्य के आकार के हो, को इसके पूर्व की श्रेणी के एम.ओ.एस. आच्छादन, एफ.ए.आर. के अनुसार अथवा नियोजन अनुज्ञा में वर्णित अनुसार स्वीकृति दी जानी चाहिए ।
4. भवन की अधिकतम ऊंचाई 12.50 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिये । ऐसी अवस्था में जब भूतल आच्छादित पार्किंग के लिए उपयोग में लाया गया हो तो भवन की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर होगी ।
5. एकल / संयुक्त परिवार हेतु निर्धारित भूखण्ड पर 4 से अधिक आवासीय ईकाइयां स्वीकार्य नहीं होगी ।
6. घनत्वीय गणना हेतु एक आवासीय इकाई में 4.8 व्यक्ति तथा कर्मचारी आवास में 2.4 व्यक्ति का रहवास माना जावेगा ।
7. 288 वर्गमीटर से अधिक के भूखण्डों में स्वीकार्य निर्मित फर्शी क्षेत्र के प्रति 100 वर्गमीटर पर एक कार पार्किंग स्थल प्रावधित होना चाहिये ।
8. झुग्गियों की पुर्नस्थापना की दशा में 32 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल के भूखण्ड स्वीकार्य होंगे ।
9. भूखण्ड की चौड़ाई एवं गहराई का अनुपात 1: 3 अधिकतम सर्वथा उचित होगा । 10. अनुक्रमांक 9 से 14 के भूखण्डों के समक्ष यदि 12 मीटर या उससे अधिक चौड़ा मार्ग उपलब्ध है तथा सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के पश्चात् क्रियान्वित किये जाने वाले इस विकास में आवश्यक सेवाऐं एवं सुविधाऐं प्रावधानित हो तो ऐसे भूखण्डों पर बहु आवासीय ईकाईयां मान्य होगी अन्यथा केवल 4 आवासीय ईकाइयों की संख्या मान्य होगी ।
11. यदि आवासीय भवन का निर्माण 2.4 मीटर ऊंचाई के स्टिल्ट पर, स्वीकार्य ग्राउण्ड कवरेज की सीमा तक किया जाता है तो स्टिल्ट फ्लोर की ऊंचाई तथा ऐसे निर्मित क्षेत्र की गणना, क्रमशः भवन ऊंचाई तथा एफ.ए.आर. से नहीं की जाएगी ।
5.6 बहुविधि बहुमंजिली इकाई निर्माण
बहुविधि बहुमंजिली इकाई, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 42 के मापदण्ड अनुसार नियंत्रित होंगे ।
5.7 फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधा
- फार्म हाउस एवं कृषि पर्यटन सुविधायें हेतु मानक मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 17 अनुसार मान्य होंगे । [भाग 1 370
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
5.8 मिश्रित उपयोग
आवासीय क्षेत्र में गैर आवासीय गतिविधियां
5.8.1 मिश्रित उपयोग नियमन
मिश्रित उपयोग पारंपरिक नगर नियोजन तथा भारतीय सामाजिक-आर्थिक- सांस्कृतिक परिवेश पर आधारित है ।
मिश्रित उपयोग के संबंध में अध्ययन किया गया जिसमें यह परिलक्षित हुआ कि आवासीय परिसरों में बाजार के आर्थिक आवश्यक बल के कारण सामाजिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों का विकास आवासीय परिसरों में हुआ है । बाजार के आर्थिक आवश्यक बल होने के कारण आवासीय परिसरों में वाणिज्यिक गतिविधियों की मांग और बढ़ रही है, अतः वास्तविकता को अनदेखा करना नियोजन की दृष्टि से उचित नहीं होगा । अतः अब ऐसी नीति बनाने की आवश्यकता है जिसके फलस्वरूप नागरिकों की वास्तविक आवश्यकता एवं नागरिकों की सुविधा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मध्य संतुलन बना रहे । इस हेतु आवासीय परिसरों में मिश्रित उपयोग स्वीकार्य करने हेतु स्पष्ट सिद्धांत एवं प्रक्रिया का निर्धारण आवश्यक है । इस प्रक्रिया से भविष्य में सुनियोजित तरीके से मिश्रित उपयोग का प्रावधान, न केवल नगर के नियोजित स्वरूप को उजागर करेगा, बल्कि इन नियमनों के क्रियान्वयन हेतु स्थानीय संस्था को इन क्षेत्रों की अधोसंरचना के विकास हेतु राशि भी उपलब्ध हो सकेगी ।
5.8.2 मिश्रित उपयोग के मार्गदर्शी सिद्धांत
1. मिश्रित उपयोग का आशय आवासीय परिसर में गैर आवासीय गतिविधि किये जाने से है ।
2. ऐसे कार्य कलापों की सामाजिक, आर्थिक आवश्यकता तथा आवासीय क्षेत्र में उक्त कार्यकलापों से पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित विपरीत प्रभाव के बीच संतुलन बनाये रखना आवश्यक है ।
3. मिश्रित उपयोग से, अलग अलग मोहल्लों में निकटतम क्षेत्र में व्यावसायिक सुविधायें प्राप्त हो सकेंगी जिससे आवागमन में कमी आयेगी किन्तु इससे रिहायशी इलाकों में भीड़ भाड़ बढ़ने , पार्किंग की असुविधा एवं अन्य पर्यावरणीय दुष्प्रभाव भी पड़ना संभावित है । प्रस्तावित नियमन से इन प्रभावों का प्रबंधन एवं नियंत्रण संभव होगा ।
5.8.3 मिश्रित उपयोग की सामान्य शर्तें
1. केन्द्र शासन / राज्य शासन तथा इनके उपक्रमों, सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक संस्थाओं, संगठनों, बैंक इत्यादि द्वारा अपने सेवकों हेतु निर्मित आवासीय कालोनी में गैर आवासीय गतिविधियाँ प्रतिबंधित रहेगी । इसके अतिरिक्त विकास योजना में संवेदनशील क्षेत्र , सक्षम प्राधिकारी द्वारा सूचित विरासतीय भवन / क्षेत्र में मिश्रित उपयोग प्रतिबंधित रहेगा । 371
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
2. आवासीय क्षेत्र में विकास नियंत्रण के जो मापदण्ड (एफ. ए. आर. , ग्राउण्ड कवरेज इत्यादि) पूर्व से लागू हैं, वही मापदण्ड मिश्रित उपयोग के लिये भी लागू रहेंगे ।
3. मिश्रित उपयोग के यह नियमन पूर्व से विकसित क्षेत्र एवं नवीन प्रस्तावित क्षेत्रों में लागू होंगें जिसके मापदण्ड एवं प्रक्रिया पृथक - पृथक इस अध्याय की आगामी कंडिकाओं में स्पष्ट किये गये है ।
4. 12.0 मीटर एवं अधिक चौड़े मार्ग पर गैर आवासीय गतिविधियां जैसे : वाणिज्यिक एवं सार्वजनिक , अर्द्धसार्वजनिक गतिविधियां मान्य की जा सकेंगी । कम चौड़े मार्गो पर मिश्रित उपयोग में केवल आवासीय गतिविधियां मान्य होंगे ।
5.8.4 मिश्रित उपयोग के प्रकार
1. वाणिज्यिक गतिविधियाँ फुटकर दुकानों के रूप में ।
2. सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक गतिविधियाँ
3. व्यावसायिक परामर्श कार्यालय
5.8.5 वाणिज्यिक गतिविधियों, फुटकर दुकानों के अंतर्गत स्वीकार्य गतिविधियाँ :-
आवासीय परिसरों में निम्न गतिविधियाँ निधारित मानकों सहित निर्धारित सीमा तक स्वीकार्य होंगी:-
1. बेकरी सामग्री / कॉन्फेक्शनरी सामग्री
2. किराना / जनरल स्टोर्स
3. डेयरी उत्पाद
4. स्टेशनरी / बुक्स / उपहार / बुक बाईंडिंग
5. साईबर कैफे / काल फोन बूथ
6. एल.पी.जी. बुकिंग आफिस / शोरूम एल. पी.जी. सिलेण्डर रहित
7. पान की दुकान
8. लाण्ड्री/ड्राय क्लीनिंग / कपड़ों पर प्रेस की दुकान
9. मिठाई की दुकान, चाय की दुकान बैठने की व्यवस्था रहित
10. केमिस्ट/ दवाई की दुकान
11. चश्मे की दुकान
12. घरेलू इलेक्ट्रिक / इलेक्ट्रानिक सामग्री के मरम्मत की दुकान
13. फोटो स्टूडियो
14. केबल टी.वी. / डी. टी. एच. आपरेशन
15. इलेक्ट्रानिक व्यापार
16. साईकल मरम्मत की दुकान [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
372
17. राशन की दुकान एवं केरोसिन वितरण उपभोक्ता सहकारी समिति के माध्यम से संचालित
18. साग- सब्जी/ फल / फूल की दुकान 19. फोटो स्टेट / फेक्स/ एस.टी.डी. पी.सी.ओ.
20. नाई की दुकान / हेयर कटिंग सलून / ब्यूटी पार्लर
21. दर्जी की दुकान/ बुटीक
नोट :-
इसके अतिरिक्त समय- समय पर राज्य शासन के अनुमोदन से अन्य गतिविधियाँ भी स्वीकार्य होंगी ।
ध्वनि, वायु, पार्किंग अथवा जल प्रदूषण से संबंधित जो भी मापदण्ड/ नियम है उनकी पूर्ति होने पर ही ये गतिविधियाँ मान्य होगी ।
5.9 वाणिज्यिक
5.9.1 वाणिज्यिक क्षेत्रों के लिए रूपांकन गार्गदर्शिका
वाणिज्यिक क्षेत्रों के भूखण्डीय विकास मापदण्ड
क्र.
मार्ग की चौड़ाई (मीटर में)
क्षेत्र (वर्गमीट र में)
भूखण्ड का आकार (मीटर में)
4
3
2
1
12या अधिक
54
6.0X9.0
1.
12से अधिक
54
6.0X9.0
2.
135 12से अधिक 9.0X15.0
3.
12से अधिक
135
9.0X15.0
4.
216 12से अधिक 12.0X18.0
5.
216 12से अधिक 12.0X18.0
6.
540 12से अधिक 18.0X30.0
7.
12से अधिक 30.0X33.0
8.
990से अधिक
सारणी क्रमांक 5- सा-3 सीमांत खुला क्षेत्र (मीटर में)
अग्र
बाजू
आजू
पृष्ठ
8
7
5
6
0.0
0.0
0.0
3.0
0.0
0.0 0.0
3.0
0.0
1.5
1.5
3.0
0.0
1.5
1.5
4.5
2.5
1.5
4.5 1.5
2.5
1.5
4.5 1.5
3.0
3.0
3.0
4.5
3.0
3.0
3.0
4.5 373 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
टीप:-
1. यह मापदण्ड सभी वाणिज्यिक क्षेत्रों में लागू होंगे । सारिणी में दर्शायें गये क्षेत्रफल से कम होने की स्थिति में उसके पूर्व सरल क्रमांको के मानक लाभ होगें ।
2. 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल एवं 12.5 मीटर से ऊंचे 18 मीटर तक के भवनों के लिए न्यूनतम खुला क्षेत्र चारों ओर 6.0 मीटर से कम नहीं होंगे ।
3. 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल एवं 12.5 मीटर तक ऊँचाई वाले भूखण्डों के लिए न्यूनतम खुला क्षेत्र अग्र भाग में 6 मीटर एवं अन्य तीनों ओर 4.5 मीटर होगा ।
सारणी क्रमांक 5- सा-4 वाणिज्यिक विकास हेतु अभिन्यास के मानक
क्र.
वर्ग
कुल क्षेत्र का प्रतिशत
2
3
1
अधिकतम 40 प्रतिशत
1. भूखण्डों का क्षेत्र
2.
अधिकतम 50 प्रतिशत
परिभ्रमण एवं वाहन विराम स्थल का क्षेत्र
3.
न्यूनतम 10 प्रतिशत (8 : 2) खुले स्थानों को सम्मिलित कर सुविधाओं का क्षेत्र
4. मार्गों की चौड़ाई:-
12मीटर
बाजार से गुजरने वाले मुख्यं सीधे मार्ग कीन्यूनतम चौड़ाई
18 मीटर
दुकानों के सामने ट्रकों के खड़े एवं मुड़ने के लिये न्यूनतम चौड़ाई
3 मीटर
दुकानों के सामने पादचारी की न्यूनतम चौड़ाई
5.
मार्ग सर्वेक्षण एवं प्रोजेक्शन के दुकानों के आकार: -
आधार पर
10x30 मीटर (उपयुक्त) 10 से 200 मीटर के मध्य
6.
1.00 कार स्पेस
विराम स्थल
प्रति 50 वर्गमीटर फर्शी क्षेत्र के 374
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 5.10 औद्योगिक
5.10.1 औद्योगिक विकास के मानक
औद्योगिक विकास के मानक म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के अनुसार होगें । 5.10.2 विशेषीकृत परियोजना क्षेत्र
ग्वालियर एग्रीकल्चर कम्पनी लिमिटेड, डबरा द्वारा म.प्र. औद्योगिक विकास निगम , और रोजगार विभाग को प्रस्तुत डबरा - ग्वालियर के निकट एवियेशन सिटी, एयर कार्गो हब, एग्रो प्रोडक्टस एवं रियल इस्टेट एवं अन्य क्षेत्र में निवेश के परियोजना प्रस्तावों को मंत्रिपरिषद् के आदेश दिनांक 30.09.2008 के अनुसार सेद्धान्तिक अनुमोदन प्रदान किया गया है ।
उपरोक्त परियोजना सड़क एवं आमोद- प्रमोद हेतु आरक्षित क्षेत्र को छोड़कर अन्य समस्त भू- उपयोगों में मान्य होगी । आमोद- प्रमोद के लिए प्रस्तावित क्षेत्र को परियोजना प्रक्षेत्र अंदर अन्य स्थान पर परियोजना की आवश्यकता के अनुरूप स्वीकार्य होगा । राज्य शासन द्वारा विशेषीकृत परियोजना / विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र हेतु योजना स्वीकृत होने के पश्चात् भारत शासन / राज्य शासन द्वारा अनुमोदित नियमन मान्य होंगे । इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र में भारत शासन / राज्य शासन द्वारा आर्थिक प्रोत्साहन हेतु लागू की जाने वाली अन्य योजनाएं भी मान्य होंगी ।
आमोद-प्रमोद
5.11
क्षेत्रीय पार्क / वनस्पति उद्यान
5.11.1
इस भूमि उपयोग में निम्नलिखित गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी ।
5.11.1 (अ)
क्षेत्रीय पार्क, आवासीय इकाई (चौकसी एवं निगरानी हेतु) , पिकनिक हट, शासन कार्यालय (रख रखाव) , ओपन- एयर - थियेटर, पुलिस पोस्ट, अग्निशमक केन्द्र, बाग , पौध नर्सरी एवं वन, ऐसी कृषि गतिविधियाँ रासायनिक खाद पर आधारित नहीं हो, स्टड फार्म ।
क्षेत्रीय पार्क / वनस्पति उद्यान में विकास हेतु मानक सारणी 5- सा -5
0.5 हेक्टर
न्यूनतम भूखण्ड का क्षेत्रफल
2 प्रतिशत
स्वीकार्य भूतल कव्हरेज
1: 0.2
अधिकतम एफ. ए. आर.
अधिकतम भवन की ऊँचाई 4.5 मीटर ढलाव युक्त छत के सहित
पार्किंग
भूमि का 10 प्रतिशत
1-20 वर्गमीटर
चौकीदार हट
9 वर्गमीटर
पम्प हाउस 375 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
5.11.2
नगर उद्यान
5.11.2(अ)
नगर उद्यान केवल नगर उद्यान के रूप में विकसित न किया जाकर, बल्कि सघन वृक्षारोपण में विकसित किया जायेगा जिससे नगर के सौन्दर्गीकरण में वृद्धि होगी । नगर उद्यान में निम्नलिखित गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी ।
वृक्षारोपण , उद्यान , सुविधाजनक दुकानें, पार्किंग , पम्प हाउस और अन्य सुविधायें जैसे - चौकीदार हट, कार्यालय , फव्वारा , जन सुविधा प्रसाधन केन्द्र ।
नगर उद्यान के विकास हेतु निम्नानुसार मापदण्ड रहेगें ।
5.11.2(ब)
सारणी 5- सा-6
1.0 हेक्टर
न्यूनतम भूखण्ड का क्षेत्रफल
2 प्रतिशत
स्वीकार्य भूतल कव्हरेज
1: 0.02
अधिकतम एफ. ए. आर.
अधिकतम भवन की ऊँचाई 4.5 मीटर ढलाव युक्त छत के सहित
सुविधाजनक दुकानें
1 - दुकान 0.5 प्रति हेक्टर पर 10 वर्गमीटर क्षेत्रफल अधिकतम
पार्किंग
भूमि का 10 प्रतिशत
1-20 वर्गमीटर
चौकीदार हट
9 वर्गमीटर
पम्प हाउस
1-12 वर्गमीटर अधिकतम
कार्यालय (मेंटनेंस स्टोर)
2 - प्रत्येक 10 वर्गमीटर
जन प्रसाधन केन्द्र(पब्लिक टायलेट)
5.12
सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक उपयोग
5.12.1
सामाजिक अधोसंरचना हेतु नियमन सामाजिक अधोसंरचना हेतु नियमन निम्नलिखित सारणी 5- सा-7 एवं 5- सा-8 में दिये गये हैं । 376
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
5-सा-7
सामाजिक अधोसंरचना हेतु नियमन
जनसंख्या
क्र
सेवा / सुविधायें
2
1
शैक्षणिक
प्रतिसुविधा हेतु अनुशंसित क्षेत्रफल (हेक्टर में)
4
3
0.05
2500से 3000
1 नर्सरी , पूर्व प्राथमिक शाला, झूलाघर
0.20
3000 से 4000
2
प्राथमिक शाला
3
उच्चतर माध्यमिक शाला
0.80
7,500से 10,000
0.80 से 1.00 लाख
4
महाविद्यालय
5
इंजीनियरिंग महाविद्यालय 6
चिकित्सा महाविद्यालय 7
तकनीकी/व्यवसायिक शिक्षा 10लाख
10 लाख
10लाख
10से 15 लाख
विश्वविद्यालय परिसर 8.
स्वास्थ्य
हास्पिटल 100 बिस्तर 1
2
हास्पिटल 30से 100 बिस्तर 3
हास्पिटल - ० से 30 बिस्तर
नेच्रोपेथी सेन्टर
4
हेल्थ सेन्टर
5
6
नर्सिंग होम
पालीक्लीनिक
7
पेट क्लीनिक
8
9 ब्लड बैंक / पैथालॉजी सेन्टर इत्यादि
फिजियोथेरेपी सेन्टर 10
सामाजिक एवं सांस्कृतिक
4 से 6 हेक्टर
1.00 लाख
3 से 5 हेक्टर
1.00 लाख
2से 4 हेक्टर
0.50 लाख
0.20 से 0.50 हेक्टर
1.00 लाख
0.20 से 0.50 हेक्टर
0.50 लाख
0.20 से 0.50 हेक्टर
0.50 लाख
0.10 से 0.20 हेक्टर
0.50 लाख
0.05 से 0.08 हेक्टर
0.25 लाख
0.05 से 0.08 हेक्टर
0.25 लाख
0.05 से 0.08 हेक्टर
0.25 लाख
0.50
महानगरीय
कला वीथिका एवं संग्रहालय 1
2
सभागृह
0.10
50,000
0.50
महानगरीय
3
केन्द्रीय पुस्तकालय
क्लब
4
5 सामुदायिक गृह एवं पुस्तकालय
धार्मिक भवन
6
0.10
50,000
0.08
10,000
0.04
5000
0.5
1 से 3 लाख
7
धार्मिक/ अध्यात्मिक केन्द्र 377
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
जनसंख्या
क्र
सेवा/सुविधायें
प्रतिसुविधा हेतु अनुशंसित क्षेत्रफल (हेक्टर में) 1
2
3
4
सुरक्षा
40000 से
1
आरक्षी चौकी
0.16
50000
0.75 लाख से 0.
2
1.15
आरक्षी केन्द्र
90लाख
3
4.00
10लाख
जिला पुलिस कार्यालय
4
4.00
10 लाख
पुलिस लाईन
5
10.00
10 लाख
जिला जेल
6
10से 20 लाख
2.00
नगर सेना परिक्षेत्रीय कार्यालय
7
2.00
10लाख
अग्निशमन केन्द्र
अन्य
5000
1
0.002
दुग्ध वितरण केन्द्र
2
3 से 5 लाख
0.80
दूरभाष केन्द्र
3
तार कार्यालय
5 से 10 लाख
0.2
4
2.5 लाख
0.05
मुख्यडाकघर
5
0.25
5 से 10 लाख
मुख्य डाकघर (प्रशासकीय)
6
4000 से 5000
0.05
तरल पेट्रोलियम गैस गोदाम
7
15000
0.05
टैक्सी एवं तिपहिया वाहन स्थल
8
1.5 से 2.0 लाख
2.0
कब्रिस्तान/ श्मशान घाट
9
1.0
1 लाख
विद्युत उपकेन्द्र 66 किलोवाट
7500 से 10000
0.20
10 विद्युत उपकेन्द्र 11 किलोवाट
उपरोक्त कॉलम (4 ) में वर्णित विभिन्न सुख सुविधाओं के लिये अपेक्षित न्यूनतम भूमि केवल निदर्शित है । भूखण्ड का आकार, प्रशासकीय विभाग या किसी नियामक प्राधिकारी या भूखण्ड का न्यूनतम आकार विहित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित किए गए अनुसार होगा । सारणी तद्नुसार परिवर्तित हो जाएगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
378
[भाग 1
5- सा-8
सारणी
:
सामुदायिक सुविधाओं / सेवाओं हेतु नियमन
श्रेणी
एफ.ए.आर.
क्र.
अधिकतम निर्मित क्षेत्र
अन्य तीन ओर (मी. में)
अग्र सीमान्त खुला क्षेत्र (मी. में)
न्यूनतम मार्ग चौड़ाई (मी. में)
1 शैक्षणिक भवन
3.0
6.0
12.0
0.75
40प्रतिशत
1. नर्सरी/ पूर्व प्राथमिक शाला
3.5
12.0
7.5
33प्रतिशत 1.00
2.प्राथमिक विद्यालय
5.0
12.0
18.0
1.00
30प्रतिशत
3. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय
6.0
15.0
24.0
1.00
25 प्रतिशत
4.महाविद्यालय
स्वास्थ्य
2
06.00
15.00
24.00
1.25
30प्रतिशत
हास्पिटल 100 बिस्तर
06.00
15.00
24.00
1.25
30 प्रतिशत
हास्पिटल 30से 100 बिस्तर
04.50
12.00
18.00
1.25
30प्रतिशत
हास्पिटल 0 से 30 बिस्तर
12.00
04.50
18.00
1.25
30प्रतिशत
नेच्रोपेथी सेन्टर
12.00
04.50
18.00
1.25
30प्रतिशत
हेल्थ सेन्टर
12.00
04.50
18.00
1.25
30प्रतिशत
नर्सिंग होम
04.50
12.00
18.00
1.25
30प्रतिशत
पालीक्लीनिक
04.50
12.00
12.00
1.25
30प्रतिशत
पेट क्लीनिक
04.50
12.00
12.00
1.25
30प्रतिशत
ब्लड बैंक / पैथालाजी सेन्टर
इत्यादि
12.00
04.50
12.00
1.25
30प्रतिशत
फिजियोथेरेपी सेन्टर
3 जनउपयोगिता एवं सेवायें
म.प्र. भूमि विकास
12.0
म.प्र. भूमि विकास
1.00
35प्रतिशत
पुलिस चौकी
अधिनियम
12.0
अधिनियम
1.00
25 प्रतिशत
पुलिस स्टेशन आवास गृह
2012के 2012के सहित
नियम 42 नियम 42
12.0
1.00
35प्रतिशत
के सामुदायिक भवन
के अनुसार
12.0
1.00
उप अग्निशमन केन्द्र
35प्रतिशत
मान्य होंगे । अनुसार
12.0
मान्य अग्निशमन केन्द्र
1.00
35प्रतिशत
होंगे ।
12.0
1.00
डाक एवं तार
35प्रतिशत
विद्युत सब स्टेशन
12.0
1.00
30प्रतिशत
4 धार्मिक भवन
18.0
1.00
35प्रतिशत
5 शासकीय / अर्द्ध-शासकीय
कार्यालय
नोट - उपरोक्त सारणी में जो सुविधाएं सम्मिलित नहीं हैं उनके भू-आच्छादित क्षेत्र 30 प्रतिशत तथा फर्शी क्षेत्र अनुपात 1.0 से अधिक नहीं होंगे । जो सीमांत खुले क्षेत्र उपरोक्त सारणी में उल्लेखित नहीं हैं, वे मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के प्रावधानों के अनुसार रहेंगे । 379
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
5.12.2 सार्वजनिक तथा अर्द्धसार्वजनिक स्वीकार्य निर्मित क्षेत्र तथा एफ.ए.आर. वर्तमान सघन क्षेत्र के लिये निम्न सारणी क्र ० 5- सा-9 में दर्शाये गये हैं ।
सारणी 5 -सा-9
सार्वजनिक तथा अर्ध सार्वजनिक
क्रमांक
विवरण
2
1
1
महाविद्यालय 2
उच्चतर माध्यमिक शाला 3
प्राथमिक शाला 4
नर्सरी स्कूल 5
अस्पताल
6
स्वास्थ्य केन्द्र 7
पुलिस थाना 8
अग्निशामक स्थल 9
सामुदायिक भवन 10
शासकीय एवं अर्द्धशासकीय कार्यालय 5.13
यातायात
5.13.1
यातायात नगर / मैकेनिक नगर 5.13.1 (अ)
एफ.ए.आर कवरेज (प्रतिशत में)
3
4 25
1:1.0
30
1:1.0
33
1:1.0
40
1:0.75
30
1:1.25
30
1:1.25
25
1:1.0
35
1:1.0
35
1:1.0
35
1:1.0
इस उपयोग के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी- ट्रक टर्मिनल, मोटर गैरेज, वर्कशाप, स्पेयर पाटर्स एवं सुधार की दुकानें रात्रि विश्राम गृह बोर्डिंग / लाजिंग , बैंक , रेस्टोरेंट , बुकिंग आफिस , वेयर हाउस इत्यादि
5.13.1 (ब) यातायात नगर एवं मैकेनिक नगर परिक्षेत्र हेतु नियमन
यातायात नगर के लिये न्यूनतम क्षेत्रफल 8 से 10 ट्रक हेतु 1 हेक्टर आवश्यक होगा । यातायात नगर के विकास हेतु न्यूनतम 5 हेक्टर क्षेत्रफल की आवश्यकता होगी , साथ ही अन्य संबंधित गतिविधियों हेतु 1 हेक्टर की अतिरिक्त आवश्यकता होगी ।
यातायात नगर में ट्रकों की संख्या का अनुमान लगाने के लिये सर्वेक्षण की आवश्यकता होगी कि प्रतिदिन नगर में कितने ट्रक आते - जाते है एवं कितने ट्रक नगर में रूकते हैं । सर्वे के आधार पर नगर में रूकने वाले ट्रकों की संख्या हेतु अथवा नगर में आने जाने वाले ट्रकों के 30 प्रतिशत ट्रकों में से जो भी अधिक हो हेतु यातायात नगर विकसित किया जाये । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
380
यातायात नगर के अभिन्यास निम्नानुसार होंगे ।
5.13.1 (स)
सारणी 5 - सा-10
अभिन्यास मानक
डबरा : यातायात / मैकेनिक नगर के
कार्य का प्रकार
कमांक
इकाईयाँ प्रति 100 ट्रक
अनुशंसित क्षेत्रफल की सीमा प्रति इकाई वर्गमीटर
(4)
(3)
(2)
(1 )
29-450
30-40
1. माल बुकिंग कार्यालय एवं गोदाम
9-72
10-15
2. स्पेयर पार्ट की दुकानें
7.5-135
15-25
3. मैकेनिक एवं इलेक्ट्रिक वर्कशाप
7.5-90
4.
12-20
टायर ट्यूब सुधार एवं ब्रिकी दुकानें
30-90
5-7
5.
ढाबा
9-14
8-19
6. चाय नाश्ता दुकान
2-5
10-14
10. पान सिगरेट दुकान
10-15
1
11. नाई , सिलाई दुकानें आदि
टीप :- अत्याधिक व्यस्त समय में सकल क्षेत्र 1.1-1.5 हेक्टर के लगभग प्रति 1000 ट्रक की आवश्यकता होती है ।
बायपास मार्ग
5.13.2
लोक निर्माण विभाग द्वारा बायपास मार्ग का निर्माण किया गया है । इस बायपास मार्ग के दोनों ओर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा निर्धारित नियंत्रित क्षेत्र को छोड़ते हुए इसके पश्चात मार्ग के दोनों ओर 200-200 मीटर तक निम्नलिखित गतिविधियाँ स्वीकार्य होंगी । विकास कार्य को नियंत्रित क्षेत्र में एक अतिरिक्त सर्विस मार्ग का निर्माण कर पहुँच प्राप्त करना होगी ।
शासकीय एवं अर्ध शासकीय उपक्रमों हेतु 200 मीटर का बंधन लागू नहीं होगा । गतिविधियाँ
1. ईंधन भराव केन्द्र/ सर्विस स्टेशन
2. मोटल
3. रिसोर्ट
4. बस स्टैण्ड/ पिकअप स्टेशन / टेक्सी स्टैण्ड
5. ढाबा/ रेस्टोरेन्ट 381
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
6. पुलिस स्टेशन / पुलिस चौकी
7. नाका/ धर्मकांटा/ वेबिंग ब्रिज
8. भवन सामग्री स्थल
9. कोयला भण्डारण
10. दूर संचार केन्द्र / एस.टी.डी.पी.सी.ओ / साइबर कैफे
11. यात्रियों के लिये अधोसंरचना सुविधा / एम्यूजमेंट पार्क
12. शासकीय अर्ध शासकीय कार्यालय
13. भौतिक अधोसंरचना सुविधा जैसे - जल मल निकास , जल प्रदाय विद्युत व्यवस्था, मार्ग इत्यादि ।
14. बैंक/ ए.टी.एम. / पोस्ट आफिस,
15. ट्रक टर्मिनल/ कंटेनर डिपो
16. पार्किंग
17. अग्निशमन केन्द्र
18. सूचना एवं प्रौद्योगिकी साफटवेयर इकाईयाँ
सारणी क्रमांक 5- सा-11 बायपास मार्ग स्वीकृत गतिविधियों हेतु मानक
1
1:0.75
अधिकतम एफ. ए. आर.
25प्रतिशत
2 अधिकतम भूतल कव्हरेज
12.0 मीटर
3 अधिकतम ऊँचाई
4 सीमांत खुला क्षेत्र सम्मुख
12मीटर 6.0 मीटर
अन्य तीनों ओर
5.14 सार्वजनिक सेवायें एवं सुविधायें
5.14.1 शमशान घाट / कब्रिस्तान / सिमेट्री
(1 ) वर्तमान में स्थित शमशान घाट में विद्युत शवदाह गृह का प्रावधान किया जाना आवश्यक है ।
(2) प्रस्तावित नगरीय क्षेत्रण्ठों में नये शमशान घाट, विद्युत शवदाह गृह, कब्रिस्तान , सिमेट्री इत्यादि पार्किंग एवं लेण्डस्केपिंग के प्रावधानों के साथ प्रस्तावित किया जावे । इस हेतु भूमि, न्यूनतम 2 हेक्टर आवश्यक होगी । स्थल चयन हेतु जिलाध्यक्ष, इन्दौर का निर्णय अंतिम होगा ।
(3) नियोजन मापदण्ड
सार्वजनिक सेवाओं एवं सुविधाओं हेतु निम्न मापदण्ड अनुशंसित है-
30प्रतिशत
1. अधिकतम भू-अच्छादन क्षेत्र
1:0.20
2. फर्शी अनुपात क्षेत्र
3. अधिकतम ऊँचाई
म.प्र. भूमि विकास नियम 1984 के अनुसार
सामने 4.50 मीटर
4. सीमांत खुला क्षेत्र भाग 1 382
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
5. अनुज्ञेय एफ.ए.आर. के 10 प्रतिशत क्षेत्र मेन्टेनेन्स कार्यलय एवं चौकीदार गृह हेतु मान्य रहेगा ।
2 ई.सी.एस. प्रति 100 वर्गमीटर
6. पार्किंग
5.15 वर्तमान विकसित क्षेत्र हेतु नियमन
परिक्षेत्रिक नियमन , स्थल ऊँचाई , भवन का आकार एवं संरचना अथवा अन्य उपयोग जिसमें भवन या भूमि का उपयोग किया जा सकता है । इन सभी के संदर्भ में परिक्षेत्र के अन्दर अथवा मध्य में होने वाले विकास के लिए मार्गदर्शक का कार्य करते हैं । निम्न नियमन एवं मापदण्ड सम्पूर्ण क्षेत्र पर लागू होंगे , साथ ही बाहरी ओर भी इन मार्गों के मध्य से 12.00 मीटर गहराई तक ये नियमन एवं मापदण्ड लागू होंगे ।
नगर के अधिक घनत्व वाले निर्मित क्षेत्र के लिए भू- खण्ड का नियमित आकार निर्धारित कर पाना संभव नहीं है । निर्मित क्षेत्र में वर्तमान आवास सबसे ज्यादा अनियमित आकार एवं माप के हैं, लेकिन आवश्यक घनत्व प्राप्ति तथा जनस्वास्थ्य एवं सुरक्षा की दृष्टि से फ़र्शी क्षेत्र अनुपात (एफ.ए.आर. ) तथा भूखण्ड आच्छादन प्रस्तावित किये गये हैं ।
भू- आच्छादन तथा फर्शी क्षेत्र अनुपात (अधिकतम)
90 वर्गमीटर तक
भू- आच्छादन भूखण्ड का क्षेत्रफल
(1)
60 प्रतिशत अधिकतम
निर्मित क्षेत्र
1:1.5
फर्शी क्षेत्रानुपात
(2)भू- आच्छादन भूखण्ड का क्षेत्रफल 90 वर्गमीटर से अधिक तथा 180 वर्गमीटर तक 55 प्रतिशत अधिकतम
निर्मित क्षेत्र
1:1.25
* फर्शी क्षेत्रानुपात
180 वर्गमीटर से अधिक
भू- आच्छादन भूखण्ड का क्षेत्रफल
(3)
50 प्रतिशत अधिकतम
निर्मित क्षेत्र
1:1.25 (9.0 मीटर से अधिक चौड़े फर्शी क्षेत्रानुपात
मार्गों पर 1: 1.5)
5.16 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान
नवीन वाणिज्यिक केन्द्रों के नियोजन के समय फुटपाथ दुकानें, हाथ ठेला एवं इसी तरह की अन्य गतिविधियों के लिए निम्न सारणी में दिए गए मानकों के अनुसार अनौपचारिक वर्ग हेतु प्रावधान निर्धारित किए गए हैं । 383
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
सारणी कमांक 5- सा-12 अनौपचारिक वर्ग के लिए प्रावधान
मानक
विवरण
क्रमांक
3
2
1
1.
फुटपाथ व्यापार
3 से 4 इकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें वृत्त खण्ड केन्द्र
उपवृत्त खण्ड केन्द्र
सुलभ शॉपिंग
1 से 2 इकाई प्रति 100 कर्मकार
2.
शासकीय एवं वाणिज्यिक कार्यालय
3.
3 से 4 इकाई प्रति 10 औपचारिक दुकानें थोक व्यापार एवं मालभाड़ा कॉम्पलेक्स
3 से 4 इकाई प्रति 100 बिस्तर
4.
चिकित्सालय
5.
विद्यालय
3 से 4 इकाई
प्राथमिक
5 से 6 इकाई
माध्यमिक/ उच्चतर माध्यमिक
उद्यान
6.
नगर उद्यान
8 से 10 इकाई प्रत्येक प्रमुख प्रवेश द्वार स्थानीय उद्यान
2से 3 इकाई
आवासीय
1 इकाई प्रति 500 जनसंख्या
7.
परियोजना तैयार करते समय किये गये बस स्थानक
8.
सर्वेक्षण पर निर्भर होगा ।
टीपः- प्रत्येक इकाई 2.5 से 5 वर्गमीटर के आकार की नियत होगी ।
5.17 ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक
ईंधन भराव एवं भराव सह- सेवा केन्द्र के मानक म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 53 (3) (चार) के अनुरूप होंगे । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
384
5.18 शॉपिंग मॉल
शापिंग मॉल हेतु मापदण्ड मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 96 के अनुरूप होंगे ।
उक्त गतिविधि विकास योजना में दर्शित केवल वाणिज्यिक, मिश्रित एवं आवासीय भू-उपयोग में मान्य होगी ।
5.19 सामुदायिक सुविधाएं तथा अन्य उपखण्डीय आवश्यकताओं के मापदंड
1. शैक्षणिक स्वास्थ्य, संचार तथा सांस्कृतिक सुविधाओं के लिए अपेक्षित न्यूनतम भूमि का आकार प्रशासकीय विभाग या किसी नियामक प्राधिकारी या भूखण्ड का न्यूनतम आकार विहित करने के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित किए गए अनुसार होगा । 2. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तथा निम्न आय समूह गृह निर्माण के लिए अत्यावश्यक सुख सुविधाओं की आवश्यकताएं म०प्र ० भूमि विकास नियम-2012 के नियम 19 के परिशिष्ट- ञ में दिए गए अनुसार होगी ।
3. विकास योजना तैयार करते समय विभिन्न परिक्षेत्रो में स्वीकार्य फर्शीक्षेत्र अनुपात को उस क्षेत्र में प्रस्तावित धनत्व को दृष्टिगत रखते हुये निर्धारण किया गया है । अतः धनत्व का निर्धारण अनुज्ञा देते समय अभिन्यास स्तर पर न किया जावे ।
4. उस भूमि के लिए जिसमें कि कोई आवेदक हितबद्ध हो सकता हो विकास रेखांक अथवा परिक्षेत्रीय रेखांक के प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए प्राधिकारी को म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 49 की परिशिष्ट- छः में दिए अनुसार विहित प्रारूप में कोई आवेदन किया जा सकता है । प्राधिकारी , ऐसे आवेदन की प्राप्ति के तीस दिनो के भीतर आवेदक को ऐसी जानकारी प्रदान करेगा जैसी कि उसके लिए यथास्थिति विकास रेखांक अथवा किसी प्रस्तावित भू- उपयोग अथवा घनत्व पद्धति के अनुसार उपविभाजन अथवा अभिन्यास रेखांक तैयार करने के लिए आवश्यक हो ।
5.20 परिभ्रमण तंत्र में वाहनों का आवागमन
(अ) मार्गों / गलियों की अनुशंसित चौड़ाई -
आवासीय क्षेत्रों में कलडीसेक या लूप गलियों की चौड़ाई 7.50 से 9 मीटर अनुशंसित है । 385
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
सारणी क्रमांक 5- सा-13 निकास मार्गो की निम्नतम चौड़ाई
मार्ग वर्गीकरण
अभ्युक्ति
अनुशंसित मार्ग
चौड़ाई (मार्गाधिकार)
मीटर में
3
2
1
9 मीटर
अधिकतम लंबाई 500 मीटर
लूप मार्ग
7.5
कल्डी सेक
अधिकतम लंबाई 150 मीटर घूर्णन वृत्त की त्रिज्या 9 मीटर
7.5मीटर
गली सामान्य आवासीय क्षेत्र में
अधिकतम लंबाई 100 मीटर
6.0 मीटर
अधिकतम लंबाई 100 मीटर
निम्न वर्ग आवासीय क्षेत्र
4.5मीटर
अधिकतम लम्बाई 5 मीटर से 20 मीटर गंदी बस्तियों में पादचारी मार्ग
2से 5 मीटर
साइकल पथ
पादचारी मार्ग
1.5 से 4.5 मीटर
उपरोक्तानुसार निर्माणाधिकार के क्षेत्र में किसी भी प्रकार के रैम्प, सीढ़ी अथवा गार्डन का निर्माण प्रतिबंधित रहेगा ।
(ब) कार एवं बसों के सड़कों पर पार्किंग हेतु मानक
बस स्थानक का आकार
50मीटर
मार्ग संगम से निम्नतम दूरी
15मीटर
प्रत्येक बस स्थानक स्थल की लंबाई
1: 8
टेपर वांछनीय
1: 6
न्यूनतम
विश्राम स्थल की गहराई
4.5 मीटर
एक बस स्थानक
7.0मीटर
दोहरा बस स्थानक
जन सुविधाओं के निकट बस वे के मापदण्ड (आई.आर.सी.) निम्नानुसार होंगे , इन्हे मार्ग संगम से दूर स्थापित किया जावेगा ।
03 मीटर
चौड़ाई
30मीटर
लंबाई
15 मीटर
अंतिम टेपर [भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
386
(स) सड़को के किनारे कार एवं वृक्षों की पार्किंग हेतु मानक :-
5.21 कार बसों के सड़क पर पार्किंग हेतु मानक कोणीय विराम का क्रियान्वयन तभी किया जाना चाहिये, जबकि मार्ग की चौड़ाई कम से कम 20 मीटर हो तथा यातायात का आयतन बहुत अधिक न हो । कार विराम के लिए सामान्यतः 2.5 मीटर से 5 मीटर तथा ट्रको के लिए 3.75 मीटर से 7.5 का स्थल सामान्य आकार के रूप में रखा जा सकता है । सड़कों के किनारे वाहन विराम स्थल का आकार
विराम का प्रकार
सारणी क्रमांक 5- सा-14
कर्ब से वास्तविक चौड़ाई मीटर में
2 1
2.50 समानांतर
4.66 30डिग्री
5.31 45डिग्री
5.58 60डिग्री
5.00 90डिग्री
(द) परिसरों में वाहन विराम के मापदण्ड कर्ब लाईन से समानांतर नापी गयी कार के लिए लंबाई की आवश्यकता (मीटर में)
3
5.90
5.00
3.54
2.89
2.50
वाहन विराम संबंधी मापदण्ड म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के नियम 84 के प्रावधानों के अनुरूप होंगे ।
विभिन्न परिसरों में वाहन विराम स्थल के मापदण्ड निम्नानुसार नियंत्रित होंगेः- 5.21 (अ) होस्टल , वर्किंग वूमन होस्टल , रेस्ट/ गेस्ट हाउस , लाजिंग / बोर्डिंग / धर्मशाला
भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल
अधिकतम एफ.ए.आर.
अधिकतम भूतल आच्छादन (कव्हरेज ) अधिकतम ऊँचाई
सीमांत खुला क्षेत्र
(अ) सम्मुख
(ब) अन्य तीन ओर
अन्य नियंत्रण
भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई पार्किंग
500 वर्गमीटर
1: 1.0
33प्रतिशत
12.00 मीटर
6.0मीटर
4.50 मीटर
12.0 मीटर
म.प्र. भूमि विकास निमय 2012 प्रावधान अनुसार । 387 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
(ब) मेरिज गार्डन
4000 वर्गमीटर
भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल
1:0.1
अधिकतम एफ.ए.आर.
10प्रतिशत
अधिकतम भूतल आच्छादन (कव्हरेज)
25.0मीटर
भूखण्ड का न्यूनतम अग्रभाग
सीमांत खुला क्षेत्र
6.0 मीटर
सम्मुख
4.50मीटर
अन्य तीन ओर
अन्य नियंत्रण
12.0मीटर
भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई
भूखण्ड के सम्मुख खुले क्षेत्र का 30 प्रतिशत भाग पार्किंग हेतु आरक्षित होगा, तत्पश्चात् 6.00 गीटर का राम्मुख खुला क्षेत्र रखना होगा । इन गतिविधियों से जनित होने वाले समस्त पार्किंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से परिसर के अंदर करनी होगी ।
बारात घर/ मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम/ कम्युनिटी हाल
(स)
बारात घर / मांगलिक भवन / कल्याण मण्डपम/ कम्युनिटी हाल आवासीय एवं वाणिज्यिक भूमि उपयोग में स्वीकार्य होंगे । विकास के नियमन निम्नानुसार होंगे :-
500वर्गमीटर
भूखण्ड का न्यूनतम क्षेत्रफल
1: 0.5
अधिकतम एफ.ए.आर.
15 प्रतिशत
अधिकतम भूतल आच्छादन (कव्हरेज)
25.0 मीटर
न्यूनतम भूखण्ड का अग्रभाग
सीमांत खुला क्षेत्र -
6.0 मीटर
सम्मुख
4.50मीटर
अन्य तीन ओर
अन्य नियंत्रण:-
भूखण्ड के सम्मुख मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.0 मीटर ।
(1 )
(2) भूखण्ड के सम्मुख खुले क्षेत्र का 40 प्रतिशत भाग सार्वजनिक पार्किंग हेतु आरक्षित रहेगा ।
(3) इस गतिविधि से जनित होने वाली पार्किंग की पूर्ण व्यवस्था परिसर के अंदर ही सुनिश्चित की जायेगी ।
टीप- शासकीय भूमि अथवा मार्ग पर एवं परिसर के बाहर पार्किंग गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
388
[भाग 1 (द) छविगृहों के लिए मापदण्ड
म.प्र. भूमि विकास नियम , 2012 के नियम 53 (3 ) के प्रावधान लागू होंगे , जो आवासीय वाणिज्यक, औद्योगिक तथा मिश्रित उपयोग में मान्य होंगे ।
(इ) मल्टीप्लेक्स
मल्टीप्लेक्स हेतु म.प्र . भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 95 के प्रावधान लागू होंगे । जो आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक एवं मिश्रित भूमि उपयोग में मान्य होंगे एवं फर्शी क्षेत्रानुपात उस भू- उपयोग के अनुरूप होगा जिसमें उक्त गतिविधि मान्य की गई हो ।
5.22 संवेदनशील क्षेत्रों हेतु नियमन
संवेदनशील क्षेत्रों से तात्पर्य है कि परिस्थितिजन्य पर्यावरणीय , ईकोलाजिकल एवं विरासत के आधार पर सीमांकित क्षेत्र संवेदनशील क्षेत्र कहलाएगा । इसके अंतगर्त नदी, तालाबों के निकटवर्ती क्षेत्र भी सम्मिलित होंगे ।
संवेदनशील क्षेत्र में विकास की गतिविधियां निम्नानुसार प्रावधानित है :-
1. नदी, नाले, शाखा नहर एवं अन्य जल स्त्रोतों के किनारे छोड़ा जाने वाला कम- से - कम क्षेत्र मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियमों के अनुसार होगा ।
2. मुख्य नहर के मध्य से 30 मीटर दोनों ओर का क्षेत्र खुला रखा जावेगा ।
3. प्रदूषित जल / मल किसी भी स्थिति में नदी में प्रवाहित नहीं किया जावेगा ।
4. तालाब के किनारे क्षेत्रों में अपने भवनों को व्यक्तिगत सेप्टिक टेंक, ग्रिडल मल लाईन, जब उसका निर्माण हो जाए, जोड़ना होगा ।
5. पेट्रोलियम आधारित उर्वरकों का उपयोग कर जल स्त्रोतों के जल संग्रहण क्षेत्र में कृषि कार्य को प्रतिबंधित किया जायेगा, जिससे कि तालाबों में जलीय घास - फूस एवं अन्य ऐसी गतिविधियां जो कटाव करती है, को रोका जा सके । संबंधित विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक उपाय किये जाना चाहिए ।
6. नियंत्रित क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से पर्यटकों के परोक्ष आमोद- प्रमोद, प्रोत्साहन, दर्शनीय स्थलों के विस्तार एवं अन्य कार्य स्वीकार्य होंगे । नियंत्रित क्षेत्र से बाहर के खुले क्षेत्रों में निम्नलिखित श्रेणियों के निर्माण के अतिरिक्त अन्य निर्माण प्रतिबंधित होंगे ।
7. नियंत्रण क्षेत्र में आने वाले वर्तमान निर्मित भवनों के आच्छादित क्षेत्र में या एफ.ए.आर. में पूर्व की स्वीकृति के अतिरिक्त वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी ।
8. नदियों की सुरक्षा एवं जल गुणवत्ता के सुधार एवं संरक्षण हेतु किये जाने वाले कार्य स्वीकार्य होंगे ।
9. संवेदनशील क्षेत्रों निम्न श्रेणी के रख - रखाव के विस्तार संबंधी कार्य स्वीकार्य होंगे । 5.22.1 ऐतिहासिक महत्व
1. नागरिक एवं सांस्कृतिक महत्व के भवन
2. प्राचीन वास्तुकला भवन यदि निजी अधिपत्य में हो, तो भी
3. समय- समय पर उत्खनित/ खोजे गए विरासतीय भवन । 389
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
5.23 उपयोग परिक्षेत्रों में उपयोग परिसरों की अनुमति, स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग / उपयोग गतिविधियां
सरणी क्रमांक 5- सा-15 स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग
Industrial
Transportation
Recreational
Agricultural
Residential
Commercial
Sr. no
Public; 5!yqnd
Publicutilities& facilities
P PUF1 PUF3 PUF4
C6 12 G1 A1 A2 T7
C2
R1
16
14
15
12 13
10 11
7
9
4
6
5
2
1
NP
NP
NP
NP
NP NP
C
NP
NP
P NP NP
1 Apartment housing
NP
C NP NP
NP
NP NP
NP
NP NP NP
P
2
Residential Plot/Plotted Housing
NP
C NP
NP
NP
NP
NP
P NP NP NP NP
3
GroupHousing/Row Housing/Cluster Housing
NP NP
NP
NP
C
NP
NP NP
C
NP NP
P
4 Reidential Dweling units
NP
NP
NP
NP
NP NP NP
NP
NP NP
P
P
Children Home
5
NP NP NP
P NP
NP
NP NP
NP NP
P
P
Old age Home
6
NP
NP
NP NP
NP NP
NP NP
NP
NP
P
P
7 BeautyParlours
NP
NP NP
P
NP NP
NP
NP C
P
P NP
8 Gymnasium
NP NP
P NP
P
P
P P
P
P
P NP
Open/Play ground
9
NP NP
NP
NP NP
NP NP
C
P
NP
P
P
10 Hotels
NP
NP NP NP
NP NP NP NP
NP C
NP P
11 Whole sale market
NP
NP
NPNP
NP NP NP
NP
NP C
NP P
12 C & F Agencies
NP
NP NP
NP
NP
NP NP NP
P NP C
NP
13 F.M.C.G. Go downs
NP NP
NP NP
NP
NP
NP
NP
P
P
NP
NP
14
Pharmaceutical Market , Chemical Market
NP
NP NP NP
NP
NP NP
NP NP NP
P
NP
15
Paper Stationary / Book market
NP
NP NP
NP
NP NP NP
NP
NP
NP NP
NP
16
Automobile and Spare partmarket
NP NP
NP
NP
NP
C
NP
NP
P
NP NP
NP
17 Fire works Market
NP NP NP NP
NP NP NP
NP
C
NP P NP
18
Gold, Silver Market/ Crockery market
NP NP
NP
NP
NP NP NP
NPNP
P
NP
P
19 Retail Shops
NP.
NP NP NP
NP NP
NP NP
P
NP
P
C
20 Repair/Service Shop
NP
NP
NP
P
NP
P NP
NP NP
C P NP
21 Weekly Market/Hat bazar
NP NP NP
C
NP
NP
C NP
C
P NP
C
22 Restaurant/ Café taria Conference Hall / Convention
NP
NP
NP NP NP
NP
NPP
P NP NP
P
23
Centre/Community
Centre
NP
NP NP
NP
NP NP
NP NP
NP NP
P
C
NP NP NP
NP
NP NP
24 Shopping Malls SuperMarket/
NP
NP
P NP NP
C
25
Departmental Stores मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
390
[भाग 1
Industrial
Agricultural
Recreational
Transportation
Commercial
Residential
Sr. no
Public; Public
Publicutilities& facilities
PUF3 PUF4
PUF1
G1 A1 A2 T7 P
C6 12
R1 C2
16
15
12 13 14
6 5 7 9 10 11
4
1
2
NP NP NP
NP
NP
NP
NP
NP
P NP NP
NP
26 Call Centres
NP NP
P
NP
P
P NP
NP
P
C
P NP
27 BanK / ATM
NP
C NP NP
NP
NP
NP NP
NP
P NP
P
28 CInema
NP NP
NP
NP
NP
C
NP
NP
P NP P
P
29 MultiPlex
NP NP NP
P P
P
P P
P
P NP
C
30
FuelFilling Station / Fuel Filling cum Service Station / Battery Swapping Station
P
NP NP NP
P
P
P
NP
P
C
NP P
31 Auto Service Station
NP
P
NP NP NP
NP NP
NP
NP P
C P
32
Vocational Trg. Institute/ Management Institute
NP
NP NP
NP
P NP
NP
NP
C P NP NP
33 Coaching Institute
NP
P
NP
NP
NP
C
C
P
NP
P
NP NP
BaaratGhar / Mangalik 34 Bhawan / Marriage Garden
NP NP NP NP
NP NP NP
NP
P
NP NP NP
Ware housing/ Storage 35 other than Agricultral Products
NP NP
NP NP
P
C
NP
NP
NP
NP NP NP
36
Depot for inflammable substance
NP NP
NP NP
P
P NP
P NP
NP NP NP
37
Cold storage/ Agriculture based product storage
NP NP NP NP
P
NP
P NP
P
NP NP NP
38
MilkChilling Plant/Dairy Plant
NP
P NP
NP NP
NP
P NP P
NP NP NP
Junk Yard
39
NP NP
NPNP
C NP
NP C
NP NP NP P
40 Petroleum Product Depot
NP
NP NP
C
NP NP
NP
P
C
NP NP NP
41 Gas Godown
NP NP
NPNP
NP
NP
C
C
P
NP NP NP
42
CoalYard/ fuel Yard/ SteelYard
NP
NP NP
NP
P
P NP
P NP
NP NP NP
Building Material/ (Brick, 43 sand , and Gitti market ) Yard
NP NP
NP
NP NP
P
P
NP
P
NP NP NP
44 TimberMarket
NP NP
NP
P NP NP
P
P
NP
NP NP NP
45 E- Chaupal
NP NP NP NP
NP C
NPC
P
NP NP NP
46 Agro Based industry
NP NP NP NP
NP
C
NP NP
NP
NP NP NP
47
Obnoxious /Hazardous Industry
NP
NP
P
NP
NP NP NP
P NP
NPP
P
48 I. T Industry
NP NP NP
NP
NP NP
C
NP NP NP NP NP
49
Stone Crusher/ Mining & Quary
NP NP
NP
NP NP P
NP NP
NP NP
P P
50
Hostels/Working Women hostel 391
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
Transportatio u
Recreational
Agricultural
Industrial
Residential
Commercial Sr. no
R1 C2
Public; Public
Publicutilities &facilities
P
PUF3 PUF4
PUF1
C6 12 G1 A1 A2 T7
9
4 6 5 7 2
1
P
16
13
1514
10 11 12
NP
P
NP
NP
NP
NPNP
NP NP NP
P
51
Juvenile Correction Home
P NP
P NP
P
52 Rest house
NP C NP
P
P
Lodging houses
53
NP
P
P NP
P
54 Guest house
NP
NP C
P P
55 Night Shelter
NP
C
NP
P P
56 Dharmashala
P
P NP
P P 57
Electric Charging Station
NP NP
NP NP 58 University
C P NP NP NP Law College/management collage/other professional college/ 59 sport/ Training Insititute/ Hotel management Insititute/Physical Training Centre
P
C NP
NP
P
PrePrimary School/ 60 Nursery School Primary Schoool
C
NP
NP
P P
61
Secondary School/ Senior Sec . School
NP
C
P
P NP Hospital 100 +
62
NP
C
P NP
C
Hospital 30-100
63
NP
C
C P NP Hospital 0-30
64
NP NP C
P
C
65 Naturapathy Centre
NP NP NP
C P
66 Health Centre
NP
C
C P NP 67
NursingHome/ MaternityHome
NP
C
C P NP 68
Poly Clinic / Clinic / Dispensary
C
NP NP
P
69 Pet Clinic
P NP P NP
C
70
Blood/Plasma bank/ Semenbank/ Pathology Centres/Clinical Laboratory
NP NP NP
P
C
71 Physiotherapy Centres
P
NP
NP NP NP NP NP
NP NP NP P
NP
NP
NP
NP
NP
P
NP
NP NP NP
NP
P
NP NP
P NP
NP
NP
NP
NP
P
NP
NPNP
NP
NP
NP NP
P
P
NP
NP
NP
P
NP
NP NP NP
NP NP
NP NP
P
NP NP
NP
P
NP
NP
P NP
NP
NP
NP NP P
NP
NP P
NP
NP NP P
P
NP
NP
NP
NP
NP
NP P NP P
NP
NP
P
NP
NP P NP
NP
NP NP P
NP
C
C
P
NP
NP
NP
NP
NP
NP
NP NP P
NP
NP P
NP
NP NP
P
NP NP NP
NP
NP
NP
NP
P
P
NP P
NP
NP
P
NP
NP NP NP
NP
P
NP NP
NP
NP NP 392
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1
Industrial
Recreational Transportatio n
Commercial
Residential
Agricultural
Sr. no
Public; Public
Publicutilities &facilities
P PUF1 PUF3 PUF4 R1 C2 C6 12 G1 A1 A2 T7
13
15 16
10
14
11 12
6
2
4
5 7 9
1
P
P
NP P
P
C
C
NP P
C
P
72
C
Govt. And Semi Govt . Offices
NP
P
NP
NP
NP
NP
NP NP
P NP P
C
73
Professional Offices/ Chambers
NP
NP
NP
P
NP
P
P
NP NP NP
NP NP
74 Jail
P
P
P
P
P
P
P
P
P P NP P
75 Police Station/ Chowki
NP
NP
P
NP
NP
P NP P NP
P NP
P
76 Post Offices
NP
NP
P
NP
NP
NP NP
P
P
NP
NP
C
77 Radio/ TV Station
NP
NP NP
C
NP NP P
P
NP
P
P NP
78 Museum/ Art Gallery
NP
NP
NP
P
NP
NP
P
NP NP
P P NP
79 Community Centre
NP
NP
NP
P
NP
P
NP NP NP
P P NP
80 Library
NP
NP
NP
P
NP
P
NP
P
C NP
P NP
81 Science Centres
NP
NP
NP
NP NP
P
P C NP
P P NP
82 Exhibition Centre
P
P
P
P
P
P
P P
P
P P NP
83
Bus Stop/ Pick up Station
NP
P
P
NP
P
P
P
P P
P P NP
84 Parking Lots
NP
NP
NP
NP
NP
P
NP NP NP
NP NP NP
85 Cargo/ container yard
NP
NP
NP
P
NP
P
C
NP NP
P
P
NP
86 Swimming pool
NP
NP
P
NP
NP NP NP
P
P NP NP C
87 Club/ Resort
NP
P
NP
P
NP
NP
NP NP NP
NP NP
P
88 Golf Course
NP
P
NP
NP
NP
NP NP
NP NP
P
C
P
89
WaterPark / Amusement Park
NP
NP
NP
P
P
P
NP NP
NP
NP NP NP
90 Zoo
NP
NP
P
NP
NP NP
NP
C
NP NP NP
C
Horse Riding school
91
NP
NP
NP
P
NP NP NP
NP C
NP NP NP
92 Velodrome/ Stadium
NP
NP
NP
NP
NP C NP NP
NP
NP NP NP
93 Motels
NP
NP
NP
NP
C
P NP NP
NP
NP NP NP
94 Apiary
NP NP
NP
P
P
P NP NP
NP NP NP NP
95 Floriculture
NP
NP
NP
P P
P
P NP P
P P NP
96 Nursery
NP
P
NP NP
P NP
P
P P
P P NP
97 Telephone Exchanges
P
NP
P
NP
P
P
NP
P P NP P
P
Wire less Stations
98
P
P
P
NP
P
P
P
P P
P NP
P
99 Fire Station
P
P
P
P
P
P
P
P
P NP P P
100
Telecom Tower& Station 393
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
Industrial
Commercial Transportatio n
Recreational
Residential
Sr. no
Agricultural
Public; Public
Publicutilities &facilities
P PUF1 PUF3 PUF4
R1 C2 C6 12 G1 A1 A2 T7
6 5 7 2
4
1
NP
C
P
P P
101
Waste water Treatment Plant
P P
C P NP Sewage Treatment Plant
102
P
NP P
P P
103
Water storage Tanks & Pumping Station
P C
P NP
P
104
SewagePumping station
C
P P NP P 105 Water Treatment Plant
NP
P
NP NP NP Slaughter house
106
NP
NP NP NP NP 107
Cremation / burial ground /Cemetery/ Electri Crematorium
P
P
P P NP 108 Electric Sub - Station
NP
P
P NP NP 109 Non polluting Industry
NP
NP
NP NP NP 110
Agricultural Tourist Facilities
C
P NP
NP
P
111
Religious Premises / Building.
NP
P NP NP
P
112 Social welfare Centre
NP
P NP NP
P
113
Music/Dance/Drama Trainning Centre
P P NP NP 114 Club House
NP
P NP P
P
115 Flour Mill
NP P NP
P P
116 Convenient shopping
NP
P P NP P Local shopping Centre
117
P NP NP NP
P
Creche , day care centre
118
NP
P
P P P Openairtheatre 119 Cultural & information Centre
NP
NP NP
P P
120
Orphanage , yoga centre , meditation, Spiritual Centre
NP
P P P
P
121 SEZ , SEDZ
P P NP
NP
122 Dairy product market
P NP
P NP
NP
123 Printing press
15 16
13 14
9 10 11 12
P NP NP
P
P
NP
P
P P
P
NP
NP
P
P
P P
P
P
NP
P NP
P
P
P
NP
P NP NP
P
NP
P
P
P NP NP
NP
NP
P
NP
C NP NP
P
P
P NP NP
P P
P
P P
P
NP
P
P
NP NP
P
NP
P
P
P
NP P
P
NP NP
P
NP
NP P
NP
NP
NP P P
NP
NP NP P
NP
C
C
NP
NP P NP NP
NP
P
NP NP NP NP NP NP
NP NP
NP NP
NP NP
NP NP NP
P
P
NP NP NP NP NP
NP
P
NP
NP
NP NP P
P
NP NP NP NP NP
NP
P
NP
NP
P
P P
NP C
P
NP
NP
NP
C
NP
NP
P
P
NP
NP NP
NP
NP NP
NP
NP P NP NP
NP
NP
NP
NP
NP NP NP मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
394
[भाग 1
Industrial
Recreational
Commercial
Transportation
Residential
Agricultural
Sr. no
Public; Public
Publicutilities &facilities
PUF3 PUF4
P PUF1
A1 A2 T7
C2 C6 12 G1
R1
16
15
14
4
131211
6 5 7
9 10
2
1
Private sector business
NP NP NP
NP NP NP
NP NP
NP P
NP P
124 establishment attached to ind. Unit
NP NP
NPNP
NP
NP NP
NP
NP P
NP
125 Flatted factories
NP NP
NP NP
NP
NP
NP
NP
NP P NP P
Motor garage &workshop
126
127 Storage/Godown
NP NP NP NP
P
NP
NP
P
P NP P
a) Noniflammable NP
NP NP NP
NP
P
P NP
P NP
NP NP NP
b) inflammable
NP
P NP
NP NP NP
P
NP
P
NP NP NP
128
Fuelstorage Extensive, specific extractive industry
NP NP
P
NP
NP
NP NP
P
P P
P
NP
Cargo booking office
129
NP
NP
NP
P
NP NP
P
NP NP NP
P
P
130
Working women Hostel/lodging & boarding
NP
P
NP
NP NP
NP
NP NP NP
P
P P
131 Hospital
P
NP NP NP
NP NP
P
P
NP
NP NP
NP
132 Veterinary Hospital
NP
NP
NP
NP NP P
NP NP
NP
P
P
NP
133 Geriatric Centre
NP
NP NP
P
NP NP
NP NP
NP NP
P P
Academic college
134
P
NP NP
NP
NP NP
NP NP
NP
P NP NP
135 Medical /Engineering college
P
NP NP
NP
NP NP
NP
NP NP NP NP
P
Polytechnic
136
P
NP NP NP
NP
C NP
NP
NP NP NP
P
Higher secondary school
137
NP
NP NP
NP NP
P
NP
NP
P
P NP P
Computer training centre
138
NP NP
P
NP
NP NP NP NP
P NP P
P
139
Nursing & Paramedical Institute
NP
NP
NP NP NP
NP NP
NP NP
NP NP NP
Vetenery institute
140
NP NP
P
P NP
NP NP
P P NP NP NP
141
School for Specially abled Person
P
NP NP NP
P NP
NP
P
P
NP NP NP
142
Integrated residential school
NP
NP
NP
P
NP
P
NP
NP NP NP
P P
Social & cultural institute
143
NP
NP NP
P
NP NP NP NP
NP NP P
NP
144
Industrialtraining Institute
NP
P
NP NP
NP
NP
NP
NP
P NP P
P
Sport training Institute
145 395
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
Industrial
Commercial
Residential
Recreational Transportation
Agricultural
Sr. по
Public; Public
Publicutilities &facilities
A2 T7 P PUF1 PUF3 PUF4 R1 C2 C6 12 G1 A1
4
13 14 15 16 2
6 5 7 9 10 11 12
1
NP
NP
NP P
P NP P
NP
NP NP P
146
P
Research and development centre
NP P NP NP NP P P
NP NP
NP NP NP
147
Music dance and drama centre
NP
P
NP NP
P
NP NP NP
NP
NP NP NP
148
Motor driving training centre
NP
P NP NP NP NP P
NP NP
P NP
P
Voluntary Health service
149
NP
P
P
P P
P
P P
P
NP 150
P
NP
Telecommunication centre
NP
P P NP P P
P
NP
P P P NP
151
Observatroy & weather office
NP
C
NP
NP
NP
NP NP
NP NP NP
NP
C
152 Shooting range
P
NP
NP
NP
P
P
NP NP NP NP NP NP
153 Forensic science lab
NP
NP
NP
P
NP P
P
P
P P NP P
154 Fire station
P NP NP
NP NP
NP NP NP 155 Social welfare centre
NP NP NP NP
P NP NP
NP NP NP
P NP
NP
NP NP NP
156 Brick Kiln , refectories Agriculture operation
NP
NP NP NP
NP NP NP NP NP NP NP NP
157 ( not based on use of chemical fertilizers )
NP NP NP
NP
NP P NP NP
NP NP NP
NP
158 Stud farm
NP
P
P NP
NP NP NP
NP NP NP NP
159
NP
Poultry/dairy /piggery farm
NP P
P
NP NP NP
NP NP
NP
NP NP NP
160 Forest house
P
NP
P
NP NP
P
NP
NP
P P NP NP
161 Recreational Club
P P NP NP NP NP NP NP
NP NP NP
Indoor/ Out door stadium NP
162
P
NP NP NP NP NP NP NP NP NP NP
P
163 Regional park/city level park
P
P NP
P NP NP NP
P
NP NP NP NP
Orchard/nursery
164
P NP NP NP NP NP NP NP NP NP NP NP
165
NP NP
P NP NP NP NP
NP NP NP NP P
Zoological garden/park playground, stadium & Sports complex
166
T- 1 Bus Stand : -
कुल भूमि का 30 प्रतिशत क्षेत्रफल बसस्टेण्ड से संबंधित वाणिज्यिक एवं प्राशासनिक उपयोग के लिये मान्य होगा । शेष 70 प्रतिशत भूमि केवल बस पार्किंग हेतु उपयोग में लानी होगी । [भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
396
Mixed: -
मिश्रित भूमि उपयोग में आवासीय , वाणिज्यक , सार्वजनिक एवं अर्द्धसार्वजनिक भूमि उपयोग के अंतगर्त स्वीकार्य समस्त गतिविधियां मान्य होंगी । जिसके लिये पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर होगी , कम चौड़े मार्ग पर केवल आवासीय गतिविधि मान्य होगी ।
स्त्रोत :- नगर तथा ग्राम निवेश सर्वेक्षण एवं यू.आर.डी.पी.एफ.आई. की गाईड- लाईन अनुसार नोट:-
स्वीकार्य गतिविधि
1. P-
2. C- ये गतिविधियां इस अध्याय में दिए गए नियमनों के अध्याधीन स्वीकार्य हो सकेंगी तथा गुण- दोष के आधार पर सक्षम प्राधिकारी के द्वारा स्वीकार्य की जा सकेंगी ।
अस्वीकार्य गतिविधि
3. NP-
4. उपरोक्त सारणी में जो गतिविधियां सम्मिलित नहीं है , उन गतिविधियों के लिए स्वीकार्यता एवं नियमन उनके समकक्ष गतिविधियों के अनुरूप होंगे ।
5. आमोद- प्रमोद भूमि उपयोग के अंतर्गत जिन गतिविधियों को C से दर्शाया गया है , इन गतिविधियों के मापदण्ड आमोद - प्रमोद के पैरा में दिए मापदण्ड ही लागू होंगे ।
व्याख्या-
1. *सूचना प्रौद्योगिकी से तात्पर्य है कि मध्य- प्रदेश शासन द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग की नीति पत्र में वर्णित उद्योग एवं संस्थायें ।
2. **गैर प्रदूषणकारी उद्योग से तात्पर्य है मध्य- प्रदेश प्रदूषण निवारण मण्डल द्वारा सफेद श्रेणी में वर्गीकृत उद्योग ।
3. *** *कृषि पर्यटन सुविधा से तात्पर्य है कि मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के निमय 17 (क) में वर्णित अनुसार ।
टीप :- उपरोक्त व्याख्या 1 एवं 2 के भू- खण्ड हेतु पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 12.00 मीटर होगी । 397
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
5.24 उपयोग परिसर में स्वीकृत उपयोग / उपयोग गतिविधियां:
आवासीय भूखण्ड
आवास , मिश्रित भू- उपयोग पैराग्राफ में दिये गये विवरण अनुसार गतिविधियां ।
आवासीय भू- खण्ड एवं समूह आवास
आवासीय फ्लेट, कन्फेक्शनरी की फुटकर दुकान, किराना एवं सामान्य व्यापार, पुस्तकें एवं स्टेशनरी , दवाई दुकान, नाई , धोबी- लाण्ड्री, टेलर, सब्जी, दुकान (भूतल पर प्रत्येक हेतु 15 वर्गमीटर क्षेत्रफल के साथ) ।
झूलाघर एवं डे- केयर सेन्टर
भूतल पर 50 वर्गमीटर तक के क्षेत्रफल के साथ एवं निगरानी आवास (20 वर्ग मीटर) । आवासीय फ्लेट
आवास एवं व्यावसायिक गतिविधि (आवासीय भूखण्ड अनुसार) ।
आवास सह कार्य भूखण्ड
आवास , भू-तल को फुटकर दुकानों के कार्यक्षेत्र के रूप में उपयोग में लिया जा सकता है , गृह उद्योग एवं व्यक्तिगत दुकान ।
छात्रावास , अतिथिगृह, बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह
छात्रावास, अतिथिगृह , बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह, निगरानी कर्मियों के आवास (20 वर्गमीटर) , व्यक्तिगत सेवा दुकान एवं नाई धोबी , शीतल पेय एवं स्नेक्स (खाद्य) स्टॉल ( 15 वर्गमीटर) । धर्मशाला
धर्मशाला , धोबी, नाई की व्यक्तिगत सेवा दुकान, शीतल पेय एवं स्नेक्स ( खाद्य) बार ( 15 वर्गमीटर तक) ।
बारात घर
बारात घर, शीतल पेय एवं स्नेक्स बार ( 15 वर्गमीटर तक) ।
रात्रि आश्रय रात्रि आश्रय ।
मोटल
क्षेत्रीय मार्गो पर वाहन सुधार सेवाएँ , फिलिंग स्टेशन तथा खान- पान एवं विश्राम सुविधा सहित ।
फुटकर मरम्मत एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
398
फुटकर दुकान, मरम्मत दुकान, व्यक्तिगत सेवा दुकान ।
वेन्डिंग बूथ वितरण बूथ (वेन्डिंग बूथ ) ।
सुविधाजनक दुकानें फुटकर मरम्मत एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान, उपाहार गृह, क्लीनिक ।
स्थानीय दुकानें
फुटकर, दुरूस्ती एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान , वाणिज्यिक कार्यालय, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के नियम 37 (1 ) परिशिष्ट- च में उल्लेखित उद्योग , उपचार प्रयोगशाला, क्लीनिक एवं पॉली क्लीनिक, उपाहार गृह, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, डाकघर एवं बैंक विस्तार काउण्टर, नर्सिंग होम्स एवं अतिथिगृह ।
साप्ताहिक बाजार
साप्ताहिक बाजार, अनौपचारिक फुटकर व्यवसाय , शीतल पेय , स्नेक्स स्टॉल (सभी संरचनायें गतियमांन या अस्थायी स्वरूप होगी एवं सप्ताह में केवल एक दिवस) ।
थोक व्यापार थोक दुकान, गोदाम एवं भण्डारण, वाणिज्यिक कार्यालय (कुल तलीय क्षेत्र के 25 प्रतिशत तक प्रतिबंधित) ।
भण्डारण , गोदाम एवं भण्डारगृह भण्डारण , गोदाम, एवं भण्डारगृह, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), थोक आऊट - लेट प्रशासकीय एवं विक्रय कार्यालय ।
शीतगृह
शीतगृह, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), प्रशासकीय कार्यालय ।
गैस गोदाम गैस गोदाम, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , देख - रेख कार्यालय ।
तेल डिपो
तेल एवं गैस डिपो, आवासीय इकाई (निगरानी एवं रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , प्रशासकीय कार्यालय ।
कबाड़खाना
कबाड़खाना, निगरानी आवास, विक्रय कार्यालय ।
वाणिज्यिक कार्यालय
वाणिज्यिक कार्यालय , फुटकर एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान, उपाहार गृह, बैंक, डाक एवं तार घर । 399
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
बैंक बैंक , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , वाणिज्यिक कार्यालय, अल्पाहार गृह. ।
मोटर गैरेज एवं कर्मशाला मोटर गैरेज एवं कर्मशाला, फुटकर दुकान (कलपुर्जे) शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।
छबिगृह छबिगृह, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , प्रशासकीय कार्यालय, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , फुटकर दुकान एवं वाणिज्यिक कार्यालय (कुल तलीय क्षेत्र के 20 प्रतिशत तक) । पेट्रोल पम्प पेट्रोल पम्प /डीजल / वाहन हेतु इंधन , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, ऑटो मोबाईल मरम्मत दुकान ।
रेस्टोरेंट/ उपाहार गृह ऐसा परिसर जिसका उपयोग व्यावसायिक आधार पर खाने के व्यंजनों को उपलब्ध कराने के लिए किया जाता हो (व्यंजन पकाने की व्यवस्था के साथ) जिसमें खुले, बंद या दोनों प्रकार की बैठक व्यवस्था हो ।
होटल होटल , फुटकर एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान एवं वाणिज्यिक कार्यालय (कुल तलीय क्षेत्र के 5 प्रतिशत तक प्रतिबंधित) ।
सेवाकेन्द्र
फुटकर, दुरूस्ती एवं व्यक्तिगत सेवा दुकान, सेवा केन्द्रों में मान्य उद्योग जैसा कि पृथक से दिया गया है, गैस गोदाम, वाणिज्यिक कार्यालय ।
हल्के औद्योगिक भूखण्ड
हल्के उद्योग इकाई भूमि विकास निगम 2012 के नियम-37 (1 परिशिष्ट- च) की सूची अनुसार, प्रशासकीय कार्यालय , विक्रय केन्द्र, निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु तलीय क्षेत्र के 5 प्रतिशत या 50 वर्गमीटर से जो भी कम हो, तक के आवासीय फ्लेट (निगरानी हेतु) ।
पार्क
पार्क , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल (एक हेक्टेयर या अधिक क्षेत्रफल के पार्क हेतु) ।
खेल मैदान खेल मैदान ।
आउटडोर स्टेडियम , इनडोर स्टेडियम एवं शूटिंग रेंज स्टेडियम, स्थानीय शासन कार्यालय (रख -रखाव) , निगरानी आवास (20 वर्ग मीटर) , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , फुटकर दुकान, उपाहार गृह । [भाग 1 400
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
आंतरिक खेल हाल आंतरिक खेल हाल , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।
तरण पुष्कर तरण पुष्कर , निगरानी / रख - रखाव कर्मचारी आवास , उपाहार गृह ।
आमोद- प्रमोद क्लब आमोद - प्रमोद क्लब , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ), आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु, तरण पुष्कर, आंतरिक एवं बाह्य खेल सुविधायें ।
ऐतिहासिक स्मारक ऐतिहासिक स्मारक एवं उसकी सीमा के अन्तर्गत का क्षेत्र ।
वनस्पति उद्यान , पक्षी अभ्यारण एवं जीव उद्यान वनस्पति एवं जीवन उद्यान, पक्षी अभ्यारण , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , आवासीय इकाई (रख- रखाव कर्मचारियों हेतु) , फुटकर, उपाहार गृह ।
पिकनिक हट / केम्पिंग साइट ऐसा परिसर जहां पर्यटन एवं आमोद - प्रमोद के उद्देश्य से अल्पाधि के लिए परिवार सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो ।
उड्डयन क्लब उड्डयन क्लब एवं आमोद- प्रमोद में सम्मिलित गतिविधियाँ ।
पार्किंग / वाहन विराम सार्वजनिक वाहन विराम हेतु उपयोग में लाया जाने वाला परिसर जो कि व्यावसायिक या गैर व्यावसायिक आधार पर संचालित किया जाता हो ।
टैक्सी एवं तिपहिया वाहन स्थानक
ऐसा परिसर जिसका उपयोग अन्तर्वर्ती सार्वजनिक यातायात वाहनों , जो कि व्यावसायिक आधार पर चलती हो, द्वारा विराम हेतु किया जाता है । वाहन विराम स्थल व्यावसायिक या गैर व्यावसायिक हो ।
माल एवं बुकिंग कार्यालय माल एवं बुकिंग कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्ग मीटर तक) ।
रेल माल गोदाम
रेल माल गोदाम , देख - रेख कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) । 401
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
रेल बुकिंग कार्यालय एवं सड़क परिवहन बुकिंग कार्यालय रेल तथा सड़क परिवहन बुकिंग कार्यालय भण्डारण ।
बस टर्मिनल
बस डिपो , कार्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) हल्के पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , प्रशासकीय कार्यालय ।
बस डिपो
बस डिपो , कार्मशाला , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , हल्के पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, प्रशासकीय कार्यालय ।
सार्वजनिक सुविधा परिसर ओव्हर हेड टैंक , भू- गर्भीय टैंक, आक्सीडेशन पॉण्ड्स, सेप्टिक टैंक, मल पम्पिंग स्टेशन, सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय, विद्युत् उपकेन्द्र , ढ़लाव एवं कचरादानी , धोबीघाट ।
केन्द्रीय शासन कार्यालय, स्थानीय शासन कार्यालय एवं सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय केन्द्रीय शासन कार्यालय , स्थानीय शासन कार्यालय एवं सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , औषधि की फुटकर दुकानें, पुस्तकें एवं स्टेशनरी , कन्ज्यूमर स्टोर, (भूतल पर 15 वर्गमीटर तक प्रत्येक दुकान हेतु) , अल्पाहार गृह बैंक विस्तार काउण्टर , डाकघर विस्तार काउण्टर ।
न्यायालय
न्यायालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह , स्टेशनरी एवं औषधि की फुटकर दुकानें (प्रत्येक 15 वर्गमीटर तक) , ग्रंथालय , प्रशासकीय कार्यालय , बैंक डाक व तार घर, पुलिस चौकी, अधिवक्ताओं के चेम्बर ।
चिकित्सालय
चिकित्सालय , आवासीय इकाई ( कर्मचारियों एवं सेवा व्यक्तियों हेतु) , संस्थागत होस्टल , चिकित्सा महाविद्यालय, फुटकर दुकान, कन्फेक्शनरी , किराना एवं सामान्य व्यवसाय , पुस्तकें एवं स्टेशनरी , औषधि, नाई , धोबी, सब्जी ।
स्वास्थ्य केन्द्र एवं नर्सिंग होम
स्वास्थ्य केन्द्र, नर्सिंग होम, निगरानी आवास (प्रत्येक 20 वर्गमीटर तक) , औषधि दुकान (प्रत्येक 15 वर्गमीटर तक) ।
फोरेन्सिक विज्ञान प्रयोगशाला
फोरेन्सिक विज्ञान प्रयोगशाला ।
औषधालय (डिस्पेंसरी)
औषधालय /डिस्पेंसरी , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल । 402
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 उपचार प्रयोगशाला
उपचार प्रयोगशला, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।
स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा
स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवा निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , प्रशासकीय कार्यालय , औषधालय, अल्पाहार गृह ।
पूर्व प्राथमिक एवं किंडर गार्डन विद्यालय
पूर्व प्राथमिक एवं किंडर गार्डन विद्यालय, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।
प्राथमिक विद्यालय
प्राथमिक विद्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), पुस्तकें एवं स्टेशनरी दुकान (15 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।
उच्चतर माध्यमिक, वरिष्ठ उच्चतर माध्यमिक एवं एकीकृत विद्यालय
उच्चतर माध्यमिक, वरिष्ठ उच्चतर माध्यमिक एवं एकीकृत विद्यालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) , पुस्तकें एवं रटेशनरी, औषधि दुकान ( 15 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर, सभागृह, आंतरिक खेल हाल , तरण पुष्कर, डाकघर काउण्टर सुविधा ।
एकीकृत आवासीय विद्यालय एवं महाविद्यालय (व्यवसायिक महाविद्यालय समेत)
विद्यालय एवं महाविद्यालय , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , संस्थागत होस्टल , 15 वर्गमीटर प्रत्येक तक की फुटकर दुकानें , कन्फेक्शनरी , किराना एवं सामान्य व्यवसाय , पुस्तक एवं स्टेशनरी , औषधि, नाई , धोबी, सब्जी, अल्पाहार गृह , बैंक विस्तार काउण्टर , सभागृह, आंतरिक खेल हाल, तरण पुष्कर, खेल मैदान, काउण्टर सुविधा) ।
व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान
व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) (होस्टल ) , केवल शासकीय केन्द्रों के प्रकरणों में , पुस्तकें एवं स्टेशनरी दुकानें ( 15 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, ग्रंथालय । सामाजिक कल्याण केन्द्र
समाजिक कल्याण केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक ) , अल्पाहार गृह , प्रदर्शनी- सह-विक्रय काउण्टर ।
अनुसंधान एवं विकास केन्द्र
अनुसंधान एवं विकास केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों के लिये) , होस्टल , अल्पाहार गृह , बैंक विस्तार काउण्टर, ग्रंथालय, काउण्टर सुविधा ।
ग्रंथालय
ग्रंथालय , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, प्रदर्शनी एवं कला वीथिका, सभा गृह । 403
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र, आवासीय इकाई (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , पुस्तकें एवं स्टेशनरी तथा औषधि दुकान (प्रत्येक 15 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर, सभागृह, डाकघर, काउण्टर सुविधा ।
खेल प्रशिक्षण केन्द्र
खेल प्रशिक्षण केन्द्र, आवासीय फ्लेट (रख- रखाव कर्मचारियों हेतु) फुटकर दुकानें (कन्फेक्शनरी , किराना एवं सामान्य व्यवसाय ) , छात्रावास, बैंक, डाकघर, अल्पाहार गृह, इनडोर एवं आउटडोर स्टेडियम , तरण पुष्कर , खेल मैदान ।
मोटर चालन प्रशिक्षण केन्द्र
मोटर चालन प्रशिक्षण केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।
बाल यातायात उद्यान
बाल यातायात उद्यान, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , संग्रहालय, सभागृह ।
संग्रहालय , प्रदर्शनी केन्द्र एवं कला वीथिक, सभागृह एवं खुला रंग मंच संग्रहालय , प्रदर्शनी केन्द्र एवं कला वीथिका, सभागृह एवं खुला रंग मंच, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह ।
सामुदायिक हाल
सामुदायिक हाल , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।
मेला मैदान
मेला मैदान, आवासीय इकाई (रख- रखाव कर्मचारियों हेतु) , प्रदर्शनी केन्द्र (अस्थाई स्वरूप में) , उपाहारगृह, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल, पुलिस पोस्ट, अग्निशमन केन्द्र, बैंक विस्तार काउण्टर सुविधा, डाकघर काउण्टर सुविधा ।
सांस्कृतिक एवं प्रसार केन्द्र
सांस्कृतिक एवं प्रसार केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक), छात्रावास, अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर सुविधा, सभागृह (500 व्यक्तियों की बैठने की क्षमता तक) , ग्रन्थालय , प्रदर्शनी एवं कला वीथिका ।
सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान
सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल , उपाहार गृह, अल्पाहार गृह, बैंक विस्तार काउण्टर सुविधा, सभागृह, ग्रन्थालय , नृत्य, संगीत एवं नाट्य प्रशिक्षण केन्द्र, संग्रहालय , प्रदर्शनी केन्द्र तथा कला वीथिका । 404
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 सुधारगृह एवं अनाथालय सुधारगृह एवं अनाथालय , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) , छात्रावास, व्यक्तिगत सेवा दुकान ( 15 वर्गमीटर तक ।
धार्मिक परिसर / भवन
1. मंदिर , 2. मस्ज़िद, 3 चर्च, 4. गुरुद्वारा , 5. यहूदियों का देवालय , 6. आश्रम, 7. स्नानघाट, 8. गौशाला, 9 दरगाह, 10. धर्मार्थ औषधालय एवं ग्रंथालय ।
एकाग्रता/ योग केन्द्र, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र
योग / एकाग्रता केन्द्र, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , छात्रावास, शीतल पेय एवं स्नेक्स स्टॉल ।
पुलिस थाना
ऐसा परिसर जिसमें स्थानीय कार्यालय एवं सुविधायुक्त परिसर एवं कर्मवारी आवास के साथ हो ।
पुलिस चौकी पुलिस चौकी , आवश्यक कर्मचारी आवास ।
जेल जेल एवं आवश्यक आवास (कर्मचारियों के लिये) ।
अग्निशमन केन्द्र
अग्निशमन केन्द्र, आवासीय इकाई (रख- रखाव कर्मचारियों हेतु) , छात्रावास (कर्मचारियों हेतु) , सेवा कार्यशाला ।
डाकघर, डाक व तार कार्यालय एवं सामान्य डाकघर
डाकघर, डाक व तार कार्यालय एवं सामान्य डाक घर, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह ।
दूरभाष केन्द्र दूरभाष केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , छात्रावास , अल्पाहार गृह, ग्रंथालय ।
दूरसंचार टावर दूरसंचार टावर , निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।
दूरसंचार केन्द्र दूरसंचार केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह ।
दूरसंचार केन्द्र तथा वैधशाला एवं जलवायु कार्यालय
दूरसंचार एवं उपग्रह केन्द्र तथा वैधशाला एवं जलवायु कार्यालय , आवासीय फ्लेट (रख - रखाव कर्मचारियों हेतु) अल्पाहार गृह, अनुसंधान प्रयोगशाला । 405
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केन्द्र
आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केन्द्र, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , अल्पाहार गृह, छात्रावास, पुस्तकालय ।
कब्रिस्तान, शवदाह गृह, सिमेट्री एवं विद्युत् दाहगृह
कब्रिस्तान, शवदाह गृह, सिमेट्री एवं विद्युत् दाहगृह, लकड़ी, फूल एवं संबंधित सामग्री की फुटकर दुकानें, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) ।
नर्सरी /पौधशाला
पौधशाला, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) , सभी संरचनायें अस्थाई स्वरूप की होंगी । डेयरी फार्म
डेयरी फार्म, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) सभी संरचनायें अस्थायी स्वरूप की होगी । मुर्गी पालन फार्म
मुर्गी पालन फार्म, निगरानी आवास (20 वर्गमीटर तक) . सभी संरचनायें अस्थायी स्वरूप की होगी ।
5.25 विकास / निवेश अनुज्ञा प्राप्ति की प्रक्रिया:
विकास योजना प्रस्तावों के अंतर्गत आवेदनकर्ता को अनुज्ञा प्राप्त करने हेतु अपने आवेदन- पत्र के साथ मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 तथा मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 के प्रावधानुसार निम्न दस्तावेज / जानकारी संलग्नित की जाना आवश्यक है :-
1. मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम 14 , परिशिष्ट क (1 ) में निर्धारित प्रपत्र पर अनुज्ञा हेतु आवेदन प्रस्तुत करना चाहिए जिसमें नियमानुसार समस्त जानकारी का समावेश होना चाहिए ।
2. स्वामित्व संबंधी प्रमाणः खसरा पांचशाला, खसरा खतौनी, पंजीयननामा, प्रश्नाधीन भूमि का नामांतरण ।
3. मध्यप्रदेश नगर पालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम-1998 तथा मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कालोनी का विकास) नियम-2014 के अन्तर्गत जानकारी ।
4. भूमि का विवरण (स्थान के साथ सड़क / सड़को के नाम जिस पर या जिसके सामने संपदा स्थित हो एवं भू- सीमायें)
5. मूल खसरा मानचित्र जिसमें प्रश्नाधीन भूमि के क्रमांक अंकित हों, साथ ही प्रश्नाधीन भूमि की बाहरी सीमा से 200 मीटर के अंतर्गत निहित पास के खसरा क्रमांक दर्शाये हों, प्रश्नाधीन भूमि खसरा मानचित्र पर लाल रंग से चिन्हित की जायें ।
6. विकसित क्षेत्र के प्रकरण में भूखण्ड क्रमांक तथा स्वीकृत अभिन्यास के विस्तृत विवरण सहित । मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
406
[भाग 1 7. 1:5000/1000/2000 के स्केल पर सर्वे प्लान जिसमें प्रश्नाधीन भूमि की सीमा, प्राकृतिक स्वरूप जैसे नाले, गड्ढे , पहाड़ियां, वृक्ष , यदि भूमि समतल न हो तो कंटूर प्लान, प्रश्नाधीन भूमि में से या 200 मीटर तक की समीपस्थ भूमि से जा रही उच्च दाब विद्युत लाईन , राईट ऑफ वे को दर्शाते हुए वर्तमान मार्ग ।
8. सामान्य प्रतिवेदन के साथ प्रश्नाधीन भूमि चिन्हित हों, साथ ही मुख्य पहुंच मार्ग,... भूमि के आसपास वर्तमान भू-उपयोग एवं महत्वपूर्ण भवन ।
9. प्रस्तावों के यथोचित परीक्षण हेतु प्रश्नाधीन भूमि से संबंधित सभी विकासीय प्रस्ताव दर्शाता प्लान / मानचित्र ।
10. विकास प्रस्ताव के प्रकार जैसे-आवासीय , वाणिज्यिक, औद्योगिक आदि पर एक प्रतिवेदन ।
11. मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों के अनुरूप विकास / निवेश अनुज्ञा शुल्क जमा करना होगा । अनुज्ञा आवेदन के साथ निर्धारित शीर्ष में जमा शुल्क का चालान संलग्नित होना चाहिए ।
12. अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक प्रमाण/ जानकारी या अधिनियम के अंतर्गत शासन द्वारा जारी परिपत्रों के अनुरूप प्रमाण / जानकारी एवं प्रश्नाधीन भूमि के विकास प्रस्ताव आवेदन के साथ संलग्नित होना चाहिए ।
13. अनुज्ञा हेतु प्रस्तुत सामान्य मानचित्रों के अतिरिक्त अपने प्राधिकृत वास्तुविद /यंत्री/ नियोजक द्वारा हस्ताक्षरित याथोचित भू- दृश्यीकरण प्लान, जहां आवश्यक हो , वहां का परिवहन प्लान जिसमें वाहन एवं नगरीय रूपांकन योजना दर्शायी गई हो, को आवेदन के साथ प्रस्तुत करना होंगे ।
टीप:-
1. आवेदक द्वारा प्रस्तुत योजना प्रस्ताव के परीक्षण करते समय राज्य शासन द्वारा समय- समय पर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत प्रसारित निर्देशों एवं मार्गदर्शन का कड़ाई से पालन किया जायेगा ।
2. भूमि विकास /निवेश अनुज्ञा संबंधी मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के प्रावधानों को भी ध्यान में रखना चाहिए ।
5.26 विकास योजना के प्रस्तावों की प्राप्ति हेतु प्रक्रिया (प्रस्तावित भू- उपयोग):
विकास योजना प्राप्ति हेतु निम्न की आवश्यकता होगी:
1. म०प्र० भूमि विकास नियम-2012 के परिशिष्ट- छ के अनुसार निर्धारित प्रपत्र में आवेदन-पत्र ।
2. प्रश्नाधीन भूमि का मूल खसरा मानचित्र जिसमें इस भूमि तथा 200 मीटर तक के समीपस्थ खसरा क्रमांक दर्शित हों ।
3. अद्यतन खसरा पांचशाला एवं खसरा खतौनी । 407
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
अध्याय-6
विकास योजना क्रियान्वन विकास योजना के क्रियान्वन एवं प्रभावशील करने हेतु यथा संभव प्रयास पूर्ण रूप से नहीं किये जाते हैं, तो नियोजन प्रस्ताव व्यर्थ हो जावेंगे । यह अपेक्षित है कि इसमें नागरिकों द्वारा व्यक्तिगत या संगठित रूप से निर्माण, पुननिर्माण और विभिन्न उपयोग हेतु भूमि विकास करके योगदान करना होगा । इसलिए यह आवश्यक होगा कि ऐसे प्रयासों का मार्गदर्शन, तकनीकी सलाह देकर किया जावे जिससे कि विकास एवं निर्माण, विकास योजना या परिक्षेत्रीय योजना के उपबंधों के अनुरूप हो सके । विकास योजना का प्रभावीकरण तभी संभव हो सकेगा , जब मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 के प्रावधानों के अन्तर्गत कोई भी विकास कार्य चाहे वह शासकीय , अर्द्धशासकीय , स्थानीय संस्थायें या निजी अथवा व्यक्तिगत हो , उसकी अनुज्ञा नगर तथा ग्राम निवेश से प्राप्त कर किया जावें । भूमि विकास के नियंत्रण संबंधी प्रावधान मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 एवं अधिनियम 1973 में निहित है ।
विकास योजना का क्रियान्वन मुख्यतः नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकारी द्वारा किया जावेगा, जब तक विकास प्राधिकारी का गठन नहीं होता तब तक क्रियान्वन का दायित्व नगर पालिका, डबरा द्वारा वहन किया जावेगा । इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश गृह निर्माण अधोसंरचना विकास मंडल , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , लोक निर्माण विभाग , उद्योग विभाग, नगर पालिका परिषद् आदि द्वारा भी अपने संबंधित कार्य क्षेत्र में निर्माण कार्य किया जाता है । उससे विकास योजना के क्रियान्वन में मदद मिलेगी । इसलिए यह अपेक्षित होगा कि सभी प्रकार की निर्माण गतिविधियों को समन्वित करने हेतु शासकीय अर्द्धशासकीय निकाय , विकास योजना के क्रियान्वन की क्रमावस्था तथा कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दें तथा उसके अनुरूप बजट में भी प्रावधान किया जावे ।
6.1 विकास योजना का क्रियान्वयन:-
विकास योजना के प्रस्ताव सन् 2031 तक की कालावधि के लिए है । वर्तमान मूल्यों के अनुसार पूर्ण प्रस्ताव क्रियान्वन करने में 128303 लाख रूपये का व्यय अनुमानित है । इसमें विभिन्न भूमि उपयोग हेतु 25 लाख प्रति हेक्टर भूमि के अर्जन हेतु मुआवजा एवं भूमि के विकास पर व्यय, जिसमें नये मार्गों पर पुलों का निर्माण आदि शामिल है । इस पर विकास संबंधी व्यय भूमि व्यय का आठ गुना अनुमानित है । विकास व्यय का जहां तक प्रश्न है वह भूमि उपयोग के प्रकार अनुसार अलग -अलग माना गया है ।
विकास योजना से दर्शित प्रथम चरण के घटक प्राथमिकता के आधार पर विकसित किये जायेंगे जिसमें होने वाले व्यय हेतु शासन एवं अनुदान / जिला प्रशासन के बजट से विकलनीय होगा । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
408
[भाग 1 सारणी क्रमांक 6- सा -1 डबरा योजना क्रियान्वन की लागत
क्र.
अर्जित भूमि के 60 प्रतिशत का विकास व्यय
भूमि उपयोग विवरण
क्षेत्र(हेक्टर में)
क्षेत्र हे. में
कुल लागत (रू लाख में 6+9)
वर्त मान
प्रस्ता वित
(लागत रू. लाख में)
विका सदर प्रति हे. (रू. लाख में)
भू-अर्ज न लागत (रु.25 लाख प्रति हे. की दर से)
शेष भूमि जो अर्जि त करना है
6
8
9
10
5
3
4
7
2
1
58587
82998.25
100
1495.1 518.7 976.4 24411.25 585.87
1.
5
5
5
आवासीय + मिश्रित
1380
9.74 100 974
99.27 16.24 406
115.51
वाणिज्यिक
2.
50
54.96
54.08
3. सार्वजनिक अर्द्ध- सार्वजनिक
5508.25
38.88 100 3888
64.81 1620.25
57.44
122.25
औद्योगिक
4.
237.5
2.59
50
129.50
7.65 4.32 108
11.97
5. सार्वजनिक, उपयोगितायें एवं सुविधाएं
23880.25
13025.50
260.51 50
99.63 434.1 10854.75
533.82
आमोद- प्रमोद
6.
9
14298.5
10093
100.93 100
166.8 168.2 4205.5
335.06
7.
4
2
यातायात एवं परिवहन
128303
86697
41605.75 998.52
2667.8
योग
4
54 1004. 1664. 23
6.2 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण कार्यक्रम
पर्यावरण प्रबंधन एवं सरंक्षण से तात्पर्य उन पर्यावरण संबंधी समस्याओं से हैं, जो जल स्त्रोतों के संरक्षण, इनकी जल गुणवत्ता , उत्कृष्ट भू- स्वरूप तथा जलग्रहण क्षेत्रों से संबंधित कतिपय भूमि प्रबंधन से संबंधित है ।
अन्य पर्यावरणीय समस्याएं जैसे नगरीय अवशिष्ट के उपचार , निराकरण इसके पुनर्चक्रीकरण एवं नगर विस्तार के परिपेक्ष्य में जनसंख्या से उत्पन्न आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं से संबंधित है । 409
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
6.2.1 पर्यावरण प्रबंधन एवं संरक्षण के प्रमुख तत्व : -
उपरोक्त संवेदनशील बिन्दुओं के परिपेक्ष्य में निम्न विषय विचारणीय है :-
1. जल स्त्रोतों में जल - मल के प्रवाह को रोकने हेतु प्रभावी कदम ।
2. निस्तारी एवं जल गुणवत्ता का स्वतंत्र पर्यवेक्षण ।
3. सभी जल स्त्रोतों के जल फैलाव क्षेत्रों में प्रदूषण एवं अन्य पर्यावरणीय गिरावट के नियत्रंण हेतु संस्थागत समन्वय व्यवस्था ।
6.3 नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना:
नगरीय अधोसंरचना एवं सेवा योजना का प्रमुख स्वरूप निम्न नीतिगत उद्देश्यों की पूर्ति हेतु होगा :-
संस्था का गठन ।
विस्तृत योजना प्रस्ताव तथा भूमि क्षमता के अनुरूप भूमि उपयोग तथा अधोसंरचना विकास हेतु नियमन ।
भौतिक एवं वित्तीय आवश्यकताओं के परिपेक्ष्य में निजी एवं राज्य योजनाओं के स्थल तथा रूपांकन में अधिकतम सक्षम भूमि उपयोग ।
नगरवासियों दर्शनार्थियों एवं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के परिपेक्ष्य में भौतिक , आर्थिक एवं सामाजिक अधोसंरचना तथा सेवाओं का युक्तिसंगत प्रावधान ।
6.3.1 नगर अधोसरंचना और सेवा कार्यक्रम के प्रमुख तत्व :-
1. नियंत्रित विकास ।
2. अधोसंरचना भूमि बैंक का गठन ।
3. एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना ।
4. विकास नियमन हेतु व्यापक दृष्टिकोण ।
5. समयबद्ध विकास अनुज्ञा प्रक्रिया हेतु तंत्र उपलब्ध कराना । 410
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 6.4 भूमि विकास नीति
विकास कार्यक्रमों में भू- स्वामी / विकासकर्ता / सामुदायिक समूह की भागीदारी के माध्यम से नियंत्रित विकास तंत्र का प्रभावीकरण किया जावेगा । यहां समन्वयक संस्था की भूमिका प्रदायकर्ता की होगी । सार्वजनिक संस्थाएं, प्रमुख सेवाएं तंत्र के एकीकृत नियोजन एवं रूपांकन हेतु उत्तरदायी होगी ।
6.4.1 अधोसंरचना भूमि के बैंक का गठन
एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम में सहभाग करने वाले सार्वजनिक संस्थाओं तथा निजी संस्थाओं की विभिन्न परियोजना में सम्मिलित भूमि में से आनुपातिक एवं साम्य के आधार पर भूमि अंशदान करने हेतु अधोसंरचना भूमि बैंक की स्थापना प्रस्तावित है । नगर के मुख्य मार्गों एवं सार्वजनिक खुले क्षेत्रों हेतु अधोसंरचना विकास बैंक में भूमि के अंशदान को प्रोत्साहन स्वरूप छूट या लाभ राज्य शासनके सहयोग से प्रदत्त किया जाना प्रस्तावित है ।
6.4.2 एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार करना
एकीकृत विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत वार्षिक योजना / वार्षिक विकास कार्यक्रम तैयार किया जाएगा । जिसमें पांच वर्षीय नगर विकास कार्यक्रम सामने आ सकेगा । मूलतः यह कार्यक्रम योजना के प्रमुख क्षेत्रों के विकास हेतु प्राथमिकता के आधार पर लिये जाने वाले क्षेत्रों के लिये विकास कार्यक्रम होगा ।
यह कार्यक्रम भूमि अधिग्रहण लक्ष्य, भूमि विकास प्रस्ताव, धार्मिक नगरी स्तर की सुविधाओं का विकास तथा शासकीय एवं अर्द्धशासकीय संगठनों के कार्यक्रमों को प्रमुख रूप से दर्शाएगा । यह कार्यक्रम चालू वर्ष में पूर्ण किये जाने नगर मार्ग तंत्र तथा मुख्य सेवा सुविधाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित करेगा । इस निवेश योजना का एकीकृत आलोच्य क्षेत्रों में नगरीय अधोसंरचना के विकास के लिये समुचित धनराशि समय पर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा । योजना के क्रियान्वन में सार्वजनिक संस्थाओं की * महत्वपूर्ण भूमिका सुविधादायक के रूप में होनी चाहिए । इस हेतु समन्वित तंत्र तैयार करने की आवश्यकता है । नगर विकास में निवेश के अन्तर्गत अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम तैयार कर इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के पास उस वर्ष विशेष के लिए उपलब्ध बजट एवं अन्य स्त्रोतों से एकत्रित कर निर्धारित एकीकृत नगर विकास परियोजना में करने का प्रयास किया जायेगा । 411
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
6.4.3 विकास नियमन हेतु व्यापक दृष्टिकोण
नगरीय भूमि के अधिकतम सक्षम उपयोग के साथ- साथ आधुनिक भूमि उपयोग प्रबंधन नीतियों को अंगीकृत करने की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए यह आवश्यक है कि विकास नियमनों को पुर्नभाषित किया जाये । भारतीय जीवन शैली के अनुरूप उपयुक्त की प्राप्ति हेतु विकास को नियंत्रित एवं निर्देशित करने के उद्देश्य से अध्याय 5 में विकास नियमन वर्णित किये गये है ।
6.4.4 योजना एवं कार्यक्रम
(अ) योजना प्रस्तावों के क्रियान्वन हेतु भूमि- स्वामियों, विकासकर्ताओं, सामुदायिक समूहों, निजी विकासकर्ताओं एवं सार्वजनिक संस्थाओं के माध्यम से गतिशीलता का सहभागिता के आधार पर कार्यक्रम बनाये जाने की आवश्यकता है ।
(ब) योजना प्रस्तावों में निर्धारित समयावधि में क्रियान्वन करने के लिए नीति को सुविधाजनक बनाने में राज्य शासन की सहयोगी संस्था की भूमिका होगी । उन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु राज्य शासन और वर्तमान में कार्यरत संस्थाओं के साथ नगर विकास प्राधिकारी द्वारा निम्नलिखित क्षेत्रों में नगर स्तरीय अधोसंरचना विकास क्रियान्वन किया जायेगा:-
1. भूमि प्रवाह सरलीकरण के लिए नीति तैयार करना ।
2. मार्ग विकास कार्यक्रम निर्धारण करना जो नगर की अन्य सभी गतिविधियों को भी कार्यरूप दे सके ।
3. भूमि स्वामियों, विकासकर्ताओं, सामुदायिक समूहों एवं निजी भवन निर्माणकर्ताओं की साझेदारी की दृष्टि से क्रियान्वन संबंधी भूमि विकास कार्यक्रम की नीतियां तैयार करना ।
4. परिसीमन अधोसंरचना के प्रावधानों के साथ- साथ लगभग 5 से 10 हेक्टर आकार के अर्द्ध विकसित भू- खण्डों को सार्वजनिक संस्थानों के माध्यम से प्राप्त करने हेतु भूमि विकास कार्यक्रम को मूर्तरूप देना ।
5. योजना के दोनों चरणों के आवश्यक जल एवं ऊर्जा वितरण केन्द्रों में वृद्धि तथा विकास ।
6. भूमि विकास कार्यक्रम , नगरीय विकास परियोजनाएं साथ ही लक्षित समूह आवासों के विकास के क्रियान्वन हेतु एक विशेष नियोजन एवं विकास अनुज्ञा प्रणाली तैयार करना चाहिए । 412
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
6.4.5 संस्थाओं के प्रयास संबंधी मुख्य तत्व
[भाग 1 एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम हेतु निर्देशित सिद्धांत निम्नानुसार है:-
यह सुनिश्चित करना कि उपलब्धता में कमी तथा उपयुक्त अधोसंरचना में कमी के कारण विकास अवरूद्ध न हो । उपलब्ध नगरीय भूमि का पूरी तरह उपयोग करना ।
नगरीय विकास के लिये सघन क्षेत्र के सुविधाजनक पहुंच मार्ग उपलब्ध कराना । भू-स्वामियों, सामाजिक समूहों एवं निजी विकासकर्ताओं के विकास कार्य में सहभागिता के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भूमि विकास कार्यक्रम हाथ में लेना ।
6.5 प्रथम चरण कार्यक्रम
विकास योजना के प्रथम चरण में चयनित घटकों के क्रियान्वयन द्वारा विभिन्न उपयोग के अन्तर्गत भूमि अधिग्रहित कर विकसित किया जाना प्रस्तावित है । जिसे मानचित्र क्रमांक 39 में दर्शाया गया है । प्रस्तावित क्रियान्वयन प्रक्रिया के अन्तर्गत भूमि अधिग्रहण की लागत सहित क्षेत्र की वर्तमान विकास दर के अनुसार प्रथम चरण क्रियान्वयन की अनुमानित लागत लगभग रूपये 15277.05 लाख होगी ।
सारणी क्रमांक 6 - सा-2 :- डबरा प्रथम चरण क्रियान्वयन लागत
क्र. भूमि उपयोग विवरण
प्रस्ता वित क्षेत्र (हेक्टर में)
भू-अर्जन लागत (रू. 25 लाख प्रति हे. की दर से)
6
3
2
1
2540.00
101.60
1. आवासीय + मिश्रित
81.75
3.27
2. वाणिज्यिक
564.25
22.57
3. औद्योगिक
574.25
22.97
4. अमोद-प्रमोद
5. सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक
11.06
276.50
2557.50
102.30
6. यातायात एवं परिवहन मार्ग अ) ट्रांस्पोर्ट नगर ब) मार्ग
188.75
7.55
स) बस स्टेंड
6783.00
271.32
योग
अर्जित भूमि के 60 प्रतिशत का विकास व्यय
कुल लागत (रू लाख में 6+9) क्षेत्र हे. में
(लागत रू. लाख में)
विकास दर प्रति हे. (रू. लाख में)
9
10 8
7
7416.80 80
4876.80
60.96
156.80
156.80
1.96
80
1241.25
677.00
50
13.54
1263.25 50
689.00
13.78
475.40
198.90
6.63
30
4398.90 30
61.38
1841.40
324.65 4.53
30
135.90
8575.80 15277.05 162.78 413
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
A
PlanningArea
पालिका
स्टेडियम
यातायातनगर
सामान्य
वाणिज्यिक
आवासीय सामान्यआवासीय
औद्योगिक
जलाशय निवेशक्षेत्र
बसस्थानक
रेल्वेलाईन
पारवहन
सामान्यउद्योग आमोदप्रमोद
सीमाएं
DABRA
Legend
EXISTINGPROPOSED
6.1FIRSTPHASE
PAL
TRANSPORTATION
RECREATIONAL
Landuse&UrbanSurveyDivision RemoteSensingApplicationCentre,MPCST,Bhopal
WATERBODIES
COMMERCIAL
BOUNDARIES
TRANSPORTNAGAR
0.5 1.5 2 2.533.5 Km
PLANNINGAREA
RESIDENTIAL GENERALRESIDENTIAL
GENERAL INDUSTRIAL
GENERALINDUSTRIES
STADIUM RAILWAYLINE
ROADS
VILLAGE
ale
BUSSTAND
DistrictGwalior
25533025540225530252953025370
GOUDOLKHURD
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2530N मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
414
[भाग 1 6.6 योजना पर्यवेक्षण तंत्र
6.6.1 योजना पर्यवेक्षण तंत्र निम्न सीमा में तैयार करना प्रस्तावित है :-
1. पंचवर्षीय आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम के निरंतर तंत्र की स्थापना ।
2. आलोच्य क्षेत्रों में वार्षिक विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत प्राथमिक कार्य योजना का निर्धारण।
3. वार्षिक भौतिक लक्ष्य एवं अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश का निर्माण ।
4. आलोच्य क्षेत्रों के सार्वजनिक संस्थाओं एवं अन्य सहभागियों के विकास में भूमि का निर्धारण ।
5. समन्वित संस्थागत तंत्र की स्थापना ।
6. वार्षिक आधार पर एकीकृत नगरीय विकास कार्यक्रम का निर्धारण ।
7. सार्वजनिक एवं अन्य संस्थाओं की भूमिका को परिभाषित करते हुए एकीकृत नगर विकास कार्यक्रम को परियोजना तथा उप - परियोजनाओं के संदर्भ में परिवर्तित करना ।
6.6.2 योजना पर्यवेक्षण के लक्ष्य की पूर्ति निम्न स्तरों के माध्यम से प्राप्त किया जाना प्रस्तावित हैः-
1. स्थानीय स्तर पर नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति का गठन ।
2. नगर विकास प्राधिकरण अथवा नगर पंचायत द्वारा वार्षिक विकास प्रतिवेदन तैयार करना ।
3. नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति द्वारा विकास प्रतिवेदन का मूल्यांकन ।
4. समिति को प्रतिवेदन प्रस्तुत करना ।
5. वार्षिक विकास प्रतिवेदन पर शासनद्वारा जारी निर्देशें का क्रियान्वयन करना । विकास योजना की सफलता, विकास योजना प्रस्तावों का निर्धारित समयावधि में क्रियान्वयन तथा प्रथम चरण कार्यक्रमों के अनुरूप संसाधनों की उपलब्धता तथा संसाधनों की गतिशीलता पर निर्भर करता है । यह योजना क्रियान्वयन एवं पुर्नविलोकन के साथ- साथ विकास योजना के अंगीकृत होने के उपरान्त तद्नुसार कार्यवाही हेतु परिभाषित पर्यवेक्षण तंत्र की स्थापना की आवश्यकता प्रदर्शित करता है । 415
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
6.7 योजना की व्याख्या
6.7.1 वार्षिक विकास प्रतिवेदन का प्रस्तुतीकरण
विकास प्राधिकरण द्वारा नियोजन एवं पर्यवेक्षण समिति के समक्ष वार्षिक विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जावेगा । जिनमें नियोजन क्रियान्वयन के सभी पहलू सम्मिलित होने के साथ ही सुधार हेतु अनुशंसित बिन्दु भी सम्मिलित होंगे । समिति अपनी अनुशंसा के साथ संचालक नगर तथा ग्राम निवेश मध्यप्रदेश, भोपाल के विचारार्थ वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी । तथा संचालक द्वारा उक्त प्रतिवेदन अनुमोदित कर राज्य शासनको प्रस्तुत किया जावेगा
6.7.2 योजना की व्याख्या
यह विकास योजना मूलतः नीतिगत योजना है । विकास योजना के प्रस्ताव स्थूल स्वरूप के है अतः विकास प्रस्तावों की व्याख्या करने हेतु निम्नलिखित मापदण्ड निर्धारित किये गये हैः-
1. विकास योजना प्रस्तावों की व्याख्या करते समय तथा विकास अनुज्ञा देने के पूर्व विकास योजना में उल्लेखित विषय वस्तु के साथ- साथ संदर्भित नियमों का अनुसरण आवश्यक है ।
2. परिक्षेत्र में स्वीकृत एवं स्वीकार्य उपयोग योजना सारणी एवं विकास नियमन के अध्याय 5 में वर्णित प्रक्रिया अनुसार होगा । नेवरहुड के वर्तमान स्थल एवं व्यापक क्षेत्रफल उपखण्ड स्तर की गतिविधियों का क्षेत्रों विकास प्रस्तावों में समाहित है । अतः उनका रेखांकन नहीं किया गया है ।
3. ऐसे भूमि उपयोग / गतिविधियां जो प्रमुख भू- उपयोग वर्ग (मेजर लेण्ड यूज जोन ) मे परिभाषित नहीं है वे भूमि उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में माने जावेंगे किन्तु जो स्वीकार्य भूमि उपयोग / स्वीकृत भूमि उपयोग की सूची में शामिल है वे भू- उपयोग परिवर्तन की श्रेणी में नहीं आवेंगे ।
4. विकास योजना प्रस्ताव क्रियान्वयन के समय प्रमुख मार्ग संरचना में आंशिक बदलाव अपरिहार्य होता है । स्थल की स्थिति तथा अभियांत्रिकी आवश्यकता के आधार पर मार्ग संरचना का निर्माण आवश्यक होगा । इस संदर्भ में राज्य शासन द्वारा लिया गया निर्णय स्वीकृत विकास योजना का अंश माना जायेगा ।
6.8 हस्तांतरणीय विकास अधिकार (T.D.R. )
राज्य शासन द्वारा अधिसूचना अनुसार हस्तांतरणीय विकास संबंधी प्रावधान मान्य होंगे । 416
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1
अनुसूची
1
परिसरों की परिभाषायें :
1 आवासीय भू- खण्ड भू- खण्डीय आवास
एक या अधिक आवासीय इकाईयों का ऐसा परिसर जिसमें मुख्य भवन खण्ड तथा एक गैरेज/ गैरेजेस , सेवक आवास हेतु एक अतिरिक्त खण्ड सम्मिलित हो ।
2 आवासीय भू-खण्ड समूह आवास
न्यूनतम 5000 वर्गमीटर का परिसर, जिसमें मूलभूत सेवा सुविधायें जैसे वाहन विराम स्थल, उद्यान, सुविधाजनक दुकानें, सार्वजनिक सुविधायें आदि के साथ आवासीय प्रकोष्ठ स्थित हों । 3 आवासीय फ्लेट
एक परिसर के लिए आवासीय इकाई जो कि समूह आवास का भाग या स्वतंत्र हो ।
4 आवासीय- सह- कार्य भू- खण्ड
एक परिवार में एक परिवार के लिए उपलब्ध आवासीय जगह हो तथा जिसका कार्य स्थल भूतल तक सीमित हो, ऐसे परिसर केवल सार्वजनिक आवासीय परियोजनाओं में मान्य होंगे ।
5 आवासीय परिसर - विशेष क्षेत्र
विशेष क्षेत्र नियमन में दिये अनुसार मिश्रित उपयोग रहित या सहित विशेष क्षेत्र में आवासीय स्थान ।
छात्रावास (होस्टल) 6
दीर्घावधि हेतु आवंटित संस्थानों से जुड़े कमरों का परिसर ।
7 अतिथिगृह बोर्डिंग एवं लॉजिंग गृह
अतिथिगृह से तात्पर्य अल्पावधि हेतु शासकीय , अर्द्धशासकीय , सार्वजनिक उपक्रम एवं निजी
मर्यादित संस्थाओं हेतु आवासीय परिसर ।
बोर्डिंग हाउस वह परिसर जिसमें कमरों को छात्रावासों की अपेक्षा दीर्घावधि के लिए किराये पर दिये हों ।
धर्मशाला एवं इसके समकक्ष 8
वह परिसर जिसमें बिना किसी लाभ के अल्पावधि के लिए अस्थाई रहवासी जगह उपलब्ध हो ।
9 बारात घर
सार्वजनिक संस्था द्वारा संचालित विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यों के उपयोग हेतु स्थान ।
10 रैन बसेरा (नाइट शेल्टर)
ऐसा परिसर जिसमें व्यक्तियों को रात्रि में स्थान बिना किसी शुल्क या सांकेतिक शुल्क के साथ उपलब्ध कराया जाता हो , जो कि स्थानीय शासन या स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा संचालित हों । 417
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
11 फुटकर दुकानें
आवश्यक भण्डारण के साथ उपभोक्ताओं हेतु सीधे आवश्यक वस्तुओं का विक्रय परिसर ।
12 मरम्मत दुकान
गृह सामग्री , इलेक्ट्रानिक सामान, आटोमोबाईल, सायकल आदि की मरम्मत हेतु फुटकर दुकानों के समकक्ष परिसर ।
व्यक्तिगत सेवा दुकान 13
फुटकर दुकान के समकक्ष ऐसा परिसर जिसमें दर्जी, नाई आदि की सेवायें उपलब्ध हों ।
14 बेडिंग बूथ
यांत्रिकी या अन्य व्यवस्था के माध्यम से दैनिक उपयोग की वस्तुओं का विक्रय परिसर जो कि एक बूथ के स्वरूप में हो ।
15 सुविधाजनक दुकान केन्द्र
लगभग 5000 जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में अधिकतम 50 दुकानों का समूह ।
:
16 स्थानीय दुकान केन्द्र
लगभग 15 हजार जनसंख्या हेतु आवासीय क्षेत्र में 75 दुकानों का समूह ।
17 साप्ताहिक बाजार /अनौपचारिक समूह इकाई
बाजार में सप्ताह में एक बार उपयोगिता अनौपचारिक दुकानों का समूह क्षेत्र । यह बाजार सप्ताह में विभिन्न दिवसों में एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित हो ।
थोक व्यापार 18
ऐसा परिसर जहां से वस्तुयें एवं सामग्री फुटकर व्यवसायियों को विक्रय हेतु पहुंचाई जाती हों । 19 स्टोरेज गोदाम एवं भण्डारण
ऐसा परिसर जहां केवल विशेष रूप से संबंधित वस्तुओं की आवश्यकता के अनुरूप सामग्री एवं वस्तुओं के भण्डारण का उपयोग किया जाता है ।
20 कोल्ड स्टोरेज (शीतगृह)
आवश्यक तापमान बनाये रखने हेतु यांत्रिकी एवं विद्युत उपकरणों के उपयोग के साथ ऐसी बंद जगह जहां शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुओं का भण्डारण किया जाता हो ।
21 गैस गोदाम
ऐसा परिसर जहां खाना पकाने की गैस के सिलेण्डर या अन्य गैस सिलेण्डरों का भंडारण किया जाता हो । मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
418
[भाग 1 22 तेल डिपो
संबंधित सुविधाओं के साथ पेट्रोलियम उत्पाद भण्डारण का परिसर ।
23 कबाड़खाना
अतिशेष वस्तुयें एवं सामग्री के क्रय- विक्रय के साथ बंद, अर्द्धबंद एवं खुला भण्डारण परिसर ।
24 वाणिज्यिक कार्यालय
लाभ अर्जित करने वाली संस्थाओं के कार्यालयीन उपयोग का परिसर ।
25 बैंक
ऐसा परिसर जहां बैंकिंग कार्य एवं गतिविधियों के कार्यालय स्थित हों ।
26 मोटर गैरेज एवं कार्यशाला
वाहनों के मरम्मत एवं सर्विसिंग परिसर ।
27 छविगृह
दर्शकों की बैठक व्यवस्था के साथ बंद जगह जहां चलचित्र दिखाये जाने की व्यवस्था हो, ऐसा परिसर ।
28 पेट्रोल पंप
ऐसा परिसर जहां उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पाद विक्रय हो, साथ ही वाहन सर्विसिंग की व्यवस्था हो ।
29 रेस्टॉरेंट / अल्पहार गृह
ऐसा परिसर जिसका उपयोग व्यवसायिक आधार पर खाने के व्यंजनों को उपलब्ध कराने के लिए किया जाता हो (व्यंजन पकाने की व्यवस्था के साथ) जिसमें खुले, बंद या दोनों प्रकार की बैठक व्यवस्था हो ।
30 होटल
ऐसा परिसर , जहां भोजन अथवा बिना भोजन व्यवस्था के 15 व्यक्तियों की सशुल्क रहवास की व्यवस्था हो ।
31 मोटल.
ऐसा परिसर , जो कि मुख्य राजमार्ग के समीप एवं नगरीय सीमा के बाहर हो तथा जिसका उपयोग सड़क से यात्रा करने वाले व्यक्तियों के सुलभ भोजन व्यवस्था हेतु किया जाता हो । 32 फ्लेटेड समूह उद्योग
ऐसा समूह जिसमें अहानिकारक लघु उद्योग इकाईयों का समूह स्थित हो , यह इकाईयां बहुमंजिला भवन में हो सकती हैं । 419
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
33 सेवा केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें विशिष्ट रूप से वाहन मरम्मत , विद्युतीय उपकरण मरम्मत, भवन सामग्री आदि की दुकानें स्थित हों, ताकि पड़ोसी आवासीय क्षेत्रों को आवश्यक सेवा प्रदाय हो सके । 34 औद्योगिक भूखण्ड - हल्के उद्योग
अहानिकारक 50 कर्मचारियों वाली उद्योग इकाईयों का परिसर ।
35 औद्योगिक भूखण्ड विशिष्ट उद्योग
ऐसी औद्योगिक इकाईयों का परिसर जिसमें इलेक्ट्रानिक सामग्री आदि जैसी विशिष्ट उत्पादन इकाईयों का समूह सम्मिलित हो ।
36 उद्यान (पार्क)
आमोद- प्रमोद गतिविधियों के उपयोग का परिसर जिसमें भू- दृश्यीकरण, वाहन विराम, सार्वजनिक शौचालय , फैंसिंग आदि संबंधित सुविधायें हों, इसमें लॉन , खुले एवं हरित क्षेत्र आदि सम्मिलित होंगे ।
क्रीड़ांगन 37
बाह्य खेलों के उपयोग में आने वाला परिसर, इसमें भूदृश्यीकरण , वाहन विराम सुविधा, सार्वजनिक शौचालय सम्मिलित हों ।
38 बाह्य खेल स्टेडियम
बाह्य खेलों के लिए ऐसा स्टेडियम जिसमें पेवेलियन के साथ दर्शक दीर्घा एवं खिलाड़ियों के लिए संबंधित सुविधायें उपलब्ध हों ।
39 आंतरिक खेल स्टेडियम
अहानिकारक खेलों के लिए ऐसा परिसर जिसमें खेल क्षेत्र , दर्शक दीर्घा तथा खिलाड़ियों के लिए संबंधित सुविधायें उपलब्ध हों ।
40 आंतरिक खेल हॉल
ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक खेलों तथा खिलाड़ियों से संबंधित सुविधाओं हेतु आवश्यक क्षेत्र संलग्न हों ।
41 शूटिंग रेंज
ऐसा परिसर जिसमें निशानेबाजी के अभ्यास एवं खेल की सुविधायें उपलब्ध हों ।
42 तरण पुष्कर
ऐसा परिसर जिसमें तैराकी की सुविधा एवं आकार, मानक एवं उद्देश्य के अनुपात में
दर्शकों के बैठने की व्यवस्था हो ।
43 आमोद-प्रमोद क्लब
संबंधित सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जहां सामाजिक एवं मनोरंजन के उद्देश्य से व्यक्तियों के समूह का एकत्रीकरण होता हो । 420
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 44 ऐतिहासिक स्मारक
ऐसा परिसर जिसमें प्राचीन समय के खण्डहर एवं ढांचे स्थित हों ।
45 प्राणी उद्यान एवं मत्स्यालय
संबंधित समस्त सुविधाओं के साथ ऐसा परिसर जिसमें उद्यान, पार्क या मत्स्यालय के रूप में पशु और पक्षियों की प्रजातियां प्रदर्शनी एवं अध्ययन हेतु उपलब्ध हों ।
46 पक्षी अभ्यारण्यं
पक्षियों के संरक्षण एवं प्रजनन हेतु वन या विस्तृत उद्यान के रूप में संबंधित सर्वसुविधायुक्त परिसर ।
वनस्पति उद्यान 47
अनुसंधान एवं प्रदर्शन के लिए उद्यान के स्वरूप में वृक्षारोपण वाला परिसर ।
48 पिकनिक हट / केम्पिंग साइट
ऐसा परिसर जहां पर्यटन एवं आमोद- प्रमोद के उद्देश्य से अल्पावधि के लिए परिवार सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो ।
49 फ्लाईंग क्लब
ऐसा परिसर जहां ग्लाईडिंग एवं छोटे विमानों को उड़ाने का प्रशिक्षण दिये जाने की व्यवस्था हो, साथ ही इसमें मनोरंजन एवं आंतरिक खेल गतिविधियां शामिल हों ।
50 माल एवं टिकट घर
ऐसा परिसर जिसका उपयोग एक एयरलाईन द्वारा टिकिट घर एवं माल के भण्डारण के लिए किया जाता हो ।
51 रेल माल गोदाम
ऐसा परिसर जिसका उपयोग रेल्वे द्वारा ढोये गये माल के भंडारण हेतु किया जाता हो ।
52 रेल टिकट घर
ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु रेलवे टिकिट घर के रूप में किया जाता हो ।
53 सड़क परिवहन टिकट घर
ऐसा परिसर जिसका उपयोग यात्रियों के प्रवास हेतु सड़क परिवहन द्वारा टिकट घर के रूप में किया जाता हो जिसमें गोदाम भी सम्मिलित हो या सम्मिलित नहीं हो ।
54 वाहन विराम
सार्वजनिक वाहन विराम हेतु उपयोग में लाया जाने वाला परिसर जो कि व्यवसायिक या गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित किया जाता हो ।
55 टेक्सी एवं तिपहिया वाहन स्थानक
ऐसा परिसर जिसका उपयोग अंतवर्ती सार्वजनिक यातायात वाहनों, जो कि व्यवसायिक आधार पर चलती हों , द्वारा विराम हेतु किया जाता है । वाहन विराम स्थल व्यवसायिक अथवा गैर 421
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
व्यवसायिक हो ।
56 बस अवसान केन्द्र
ऐसा परिसर जिसका उपयोग जनता के उपयोग में आने वाली सार्वजनिक यातायात संस्था की बस द्वारा कम समय के विराम हेतु किया जाता हो । इसमें यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधायें शामिल हो सकती हैं ।
57 बस स्थानक
ऐसा परिसर जिसका उपयोग सार्वजनिक यातायात संस्था या अन्य किसी संस्था द्वारा बसों के रख- रखाव , मरम्मत एवं विराम हेतु किया जाता हो, इसमें कर्मशाला भी शामिल की जा सकती है अथवा नहीं भी ।
58 सार्वजनिक उपयोगिता परिसर
1. पानी की टंकी ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एवं संग्रहण हेतु पानी की टंकी स्थित हो, इसमें पंप हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है ।
2. भूमिगत टंकी ऐसा परिसर जिसमें समीपस्थ क्षेत्रों में जल वितरण एव संग्रहण हेतु पानी की भूमिगत टंकी स्थित हो, इसमें पंप हाऊस भी सम्मिलित किया जा सकता है ।
3. आक्सीकरण पौंड ऐसा परिसर जिसमें स्थित तालाब का उपयोग जल निकास एवं अन्य अवशिष्ट पदार्थों के आक्सीकरण हेतु किया जाता हो ।
4. सेप्टिक टैंक ऐसा परिसर जिसमें जल - मल निकास संकलन एवं उसके निराकरण हेतु भूमिगत टैंक स्थित हो ।
5. जल-मल पंपिग स्टेशन ऐसा परिसर जिसका उपयोग जल- मल को ऊंचाई पर भेजने हेतु पंपिंग स्टेशन हेतु किया जाता हो ।
6. सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय ऐसा परिसर जिसमें सार्वजनिक शौचालय एवं मूत्रालय स्थित हो, इसमें पीने के पानी की सुविधा भी सम्मिलित की जा सकती है और नहीं भी । 7. विद्युत उपकेन्द्र ऐसा परिसर जिसमें विद्युत वितरण हेतु ट्रांसफार्मर एवं संबंधित उपकरण स्थित हो ।
8. घूरा एवं कचराघर ऐसा परिसर जिसका उपयोग अवशिष्ट पदार्थों के एकत्रीकरण एवं आगे गड्डों को भरने हेतु लदान किया जाता हो ।
9. धोबीघाट ऐसा परिसर जिसका उपयोग कपड़े धोने, सुखाने इत्यादि के लिए किया जाता हो ।
59. केन्द्र शासन के कार्यालय
ऐसा परिसर जिसका उपयोग केन्द्र शासन के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।
60 स्थानीय शासन के कार्यालय
ऐसा परिसर जिसका उपयोग स्थानीय शासन एवं स्थानीय संस्थाओं के कार्यालय हेतु किया जाता हो । 422
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 061 सार्वजनिक उपक्रम कार्यालय
ऐसा परिसर जिसका उपयोग सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो अधिनियम के अंतर्गत स्थापित कंपनियों के कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।
062 न्यायालय
ऐसा परिसर जिसका उपयोग न्यायालयीन कार्यालयों द्वारा किया जाता हो ।
063 शासकीय भूमि (अनिर्धारित उपयोग)
शासकीय भूमि का ऐसा परिसर जिसका उपयोग अनिर्धारित हो ।
064 चिकित्सालय
ऐसा परिसर जिसमें आंतरिक एवं बाह्य रोगियों की सामान्य एवं विशेषीकृत चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध हो ।
065 स्वास्थ्य केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें बाह्य रोगियों एवं आंतरिक रोगियों (30 बिस्तर तक) की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो । स्वास्थ्य केन्द्र का प्रबंधन सार्वजनिक एवं धर्मार्थ संस्था द्वारा गैर - व्यवसायिक आधार पर किया जाता है । इसमें परिवार कल्याण केन्द्र भी सम्मिलित है ।
066 उपचार केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें 30 बिस्तरों वाले आंतरिक बाह्य रोगियों की चिकित्सा सुविधा हो । जिसका संचालन चिकित्सक या चिकित्सक समूह द्वारा व्यवसायिक आधार पर किया जा सकता है । 067 औषधालय
ऐसा परिसर जिसमें सार्वजनिक अथवा धर्मार्थ संस्थाओं द्वारा चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाईयों के प्रबंधन की व्यवस्था हो ।
068 क्लीनिक/ चिकित्सा केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें चिकित्सक द्वारा वाह्य रोगियों के उपचार की सुविधा हो । पाली क्लीनिक की दशा में चिकित्सकों के समूह द्वारा प्रबंधन किया जायेगा ।
069 उपचार प्रयोगशाला
ऐसा परिसर जिसमें रोगों की पुष्टि करने हेतु विभिन्न प्रकार के परीक्षण की सुविधा हो ।
070 स्वैच्छिक स्वास्थ्य सेवा
ऐसा परिसर जिसमें स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा रक्त बैंक एवं बाह्य रोगियों के चिकित्सा की सुविधा हो । यह सेवा धर्मार्थ उद्देश्य से अस्थाई कैम्प द्वारा भी उपलब्ध कराई जा सकती है ।
071 झूलाघर एवं दिवस देख -रेख केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें दिन में छोटे बच्चों की देखरेख की सुविधा हो । यह केन्द्र व्यक्तिगत अथवा व्यवसायिक अथवा गैर व्यवसायिक संस्था द्वारा संचालित हो सकती है
072 पूर्व माध्यमिक एवं किंडरगार्डन स्कूल
ऐसा परिसर जिसमें पाठशाला पूर्व बच्चों के खेलने एवं प्रशिक्षण की सेवायें उपलब्ध हों । 423
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
073 माध्यमिक शाला
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 5 तक के छात्रों की शिक्षा एवं खेलने की सुविधा हो ।
074 प्राथमिक शाला .
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के पढ़ने खेलने की सुविधा हो । इसमें वर्तमान में संचालित कक्षा 8 तक की माध्यमिक शालायें सम्मिलित हैं ।
075 उच्चतर माध्यमिक शाला
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 10 से 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की व्यवस्था हो ।
076 एकीकृत शाला :
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो
077 एकीकृत आवासीय शाला
ऐसा परिसर जिसमें कक्षा 12 तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो तथा छात्रों के लिए बोर्डिंग सुविधा हो । इसमें अध्यापकों के आवास भी हो सकते हैं ।
078 महाविद्यालय
ऐसा परिसर जिसमें विश्वविद्यालय के स्नातक एवं स्नातकोत्तर तक के छात्रों के खेलने एवं शिक्षण की सुविधा हो । इसमें सभी व्यवसायिक शिक्षण शामिल हैं ।
079 व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें कम अवधि के शिक्षण पाठ्यक्रम तथा कतिपय विशेष व्यवसाय व व्यापार से संबंधित रोजगार हेतु प्रशिक्षण सुविधा हो । ये सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्था द्वारा गैर व्यवसायिक आधार पर संचालित होना चाहिये । इसमें प्रशिक्षण- सह- कार्य केन्द्र शामिल हैं ।
080 सामाजिक कल्याण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें सामुदायिक विकास के उन्नयन एवं कल्याण की सुविधा हो । यह सार्वजनिक अथवा धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित हो सकता है ।
081 अनुसंधान एवं विकास केन्द्र
पैसा परिसर जिसमें किसी विशेष विषय में अनुसंधान एवं विकास की सुविधा हो ।
082 पुस्तकालय
ऐसा परिसर जिसमें एक विशेष वर्ग अथवा सामान्य जनता के पढ़ने एवं संदर्भ के लिए वृहद् संख्या में पुस्तकों का संकलन हो ।
083 तकनीकी प्रशिक्षण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें तकनीकी प्रकृति के विषय में प्रशिक्षण की सुविधा हो । इसमें तकनीकी शाला, औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र आदि शामिल है ।
084 वाणिज्यिक एवं सचिवालयीन प्रशिक्षण
ऐसा परिसर जिसमें शीघ्रलेखन एवं टंकण , पत्राचार , रिकार्ड रखने आदि के प्रशिक्षण की सुविधा हो । 424
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 085 संगीत, नृत्य एवं नाटक प्रशिक्षण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें संगीत, नृत्य एवं नाटकों आदि के प्रशिक्षण प्रदान करने की सुविधा हो । :. 086 खेल प्रशिक्षण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें तैराकी सहित विभिन्न आंतरिक एवं बाह्य खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा हो । इसमें शारीरिक शिक्षा केन्द्र भी शामिल है ।
087 वाहन चालन प्रशिक्षण केन्द्र
ऐसा परिसर जिसमें आटो/ वाहनों के चालन के प्रशिक्षण की सुविधा हो ।
088 बाल यातायात उद्यान
ऐसा परिसर जिसमें बालकों को यातायात एवं संकेतों की शिक्षा-सह- उद्यान की सुविधा हो । 089 संग्रहालय
ऐसा परिसर जिसमें प्राचीन वस्तुओं, प्राकृतिक, ऐतिहासिक एवं काल संबंधी वस्तुओं के संकलन एवं प्रदर्शन की सुविधा हो ।
090 कला दीर्घा एवं प्रदर्शनी स्थल
ऐसा परिसर जिसमें पेंटिंग , छाया चित्रों, मूर्तियों, भित्ती क्षेत्र, मिट्टी से बनी कलाकृतियों, हाथ करघा अथवा विशेष वर्ग के उत्पादन को प्रदर्शन करने की सुविधा हो
091 सभागृह (ऑडीटोरियम)
:
ऐसा परिसर जिसमें संगीत विद्या गतिविधियों के विभिन्न आयोजन हेतु दर्शक दीर्घा सहित मंच हो ।
092 खुला रंगमंच
ऐसा परिसर जिसमें आयोजनों के लिए दर्शक दीर्घा व मंच सहित खुला रंगमंच हो ।
093 सामुदायिक भवन
ऐसा परिसर जिसमें 15000 की समीपस्थ जनसंख्या की विभिन्न सामाजिक- सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधा हो ।
094 मेला मैदान
ऐसा परिसर जिसमें सहभागी समूह के लिए प्रदर्शनी , प्रदर्शन एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों की सुविधायें हों ।
सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र
095
ऐसा परिसर जिसमें संस्था, राज्य तथा देश के लिए सांस्कृतिक व सूचना सेवा की सुविधायें हों । 096 सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था
ऐसा परिसर जिसमें गैर - वाणिज्यिक रूप से सार्वजनिक, स्वैच्छिक अथवा व्यक्तिगत सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों हेतु सुविधायें हों । 425
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
097 सुधार गृह
ऐसा परिसर जिसमें अपराधियों के कारावास एवं सुधार की सुविधा उपलब्ध हो ।
अनाथालय
098
ऐसा परिसर जिसमें अनाथ बच्चों के रहने की सुविधा हो । यह शैक्षणिक सहित या रहित हो सकता है ।
धार्मिक
099
ऐसा परिसर जिसमें अनाथ बच्चों के रहने की सुविधा हो । यह शैक्षणिक सहित या रहित हो सकता है ।
योग , ध्यान, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन केन्द्र
100
ऐसा परिसर जिसमें आत्म चिंतन, शरीर एवं मस्तिष्क की उच्च गुणवत्ता प्राप्ति करना, आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचन आदि की सुविधायें शामिल हों ।
101 पुलिस चौकी
पुलिस स्टेशन की तुलना में लघु एवं अस्थाई स्थानीय पुलिस चौकी हेतु सुविधायुक्त परिसर ।
102 पुलिस स्टेशन
ऐसा परिसर जिसमें स्थानीय पुलिस चौकी के कार्यालयों हेतु सुविधा हो ।
103 जिला पुलिस कार्यालय
अर्द्ध सैनिक बलों के कार्यालय हेतु सुविधायुक्त परिसर ।
104 नागरिक सुरक्षा एवं नगर सैनिक
आंतरिक सुरक्षा की नागरिक संस्थानों हेतु कार्यालय सुविधा एवं अन्य कार्यकलापों वाला परिसरः । 105 न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला
ऐसा परिसर जहां न्यायिक प्रकरणों में चिकित्सा ज्ञान के प्रयोग की सुविधा प्राप्त हो ।
106 जेल
ऐसा परिसर जहां कानून के अंतर्गत कारावास / बंदीगृह एवं अपराधियों के सुधार की व्यवस्था हो अग्निशमन पोस्ट
107
ऐसा परिसर जहां अल्प स्तर पर अग्निशमन व्यवस्था हो । अग्नि प्रवृत्त गतिविधियों वाले विशिष्ट परिसरों में यह व्यवस्था संलग्नित की जा सकती है ।
अग्निशमन केन्द्र
108
एक निर्धारित क्षेत्र हेतु अग्निशमन सुविधा से युक्त परिसर ।
109 डाकघर
सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक सुविधायुक्त परिसर । 426
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 110 डाक एवं तार घर
सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर ।
111 मुख्य डाकघर
सार्वजनिक उपयोग के लिए डाक एवं दूरसंचार सुविधायुक्त परिसर ।
112 टेलीफोन एक्सचेंज
परिसर जहां सार्वजनिक टेलीफोन प्रणाली केन्द्र स्थापित हो ।
113 रेडियो एवं दूरदर्शन स्टेशन
समाचार एवं अन्य कार्यक्रमों का संबंधित माध्यमों द्वारा प्रचार, प्रसार, रिकार्डिंग आदि सुविधायुक्त परिसर, जिसमें अतिथि कलाकारों के लिए होस्टल व्यवस्था तथा प्रचार (ट्रांसमिशन) के लिए टावर्स जैसे सुविधायें भी सम्मिलित हो सकती हैं ।
114 ट्रांसमिशन टावर एवं वायरलेस स्टेशन
ऐसा परिसर जिसका उपयोग संचार के उद्देश्य के लिए टावर निर्माण हेतु किया जाता हो ।
115 उपग्रह एवं दूरसंचार केन्द्र
ऐसा परिसर जहां उपग्रह एवं दूरसंचार तकनीकी के अनुसंधान तथा विकास के लिए सुविधा उपलब्ध हो ।
116 वैधशाला एवं मौसम कार्यालय
:
: ऐसा परिसर जहां मौसम के आंकड़ों के विश्लेषण एवं विकास तथा इस आधार पर मौसम की पूर्व सूचना किये जाने की सुविधा उपलब्ध हो ।
117 कब्रिस्तान
मृतकों के अंतिम संस्कार हेतु आवश्यक सुविधायुक्त परिसर
118 विश्रामघाट
दाह विधि से मृतकों के अंतिम संस्कार का आवश्यक सुविधायुक्त परिसर ।
119 सिमिट्री
ईसाई समुदाय के मृतकों के अंतिम संस्कार का आवश्यक सुविधायुक्त परिसर ।
120 विद्युत दाहगृह
ऐसा परिसर जहां विद्युत फरनेस में मृतक का दाह किया जाता हो ।
121 बाग (ओरचर्ड)
सघन फल वृक्षों का परिसर, जिसमें फल वृक्षों के साथ उद्यान सम्मिलित हो सकता है ।
122 पौध नर्सरी
पौध के उगाने एवं विक्रय का सुविधायुक्त परिसर । 427 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
123 वन
सघन प्राकृतिक वन युक्त परिसर
124 डेरी फार्म
ऐसा परिसर जहां डेयरी उत्पादन के उपचार एवं उत्पादन की सुविधा उपलब्ध हो । जिसमें अस्थायी रूप से पशु एवं पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते हैं ।
125 कुक्कुटफार्म
कुक्कुट उत्पाद के प्रजनन एवं उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें अस्थायी रूप से पक्षियों के शेड्स सम्मिलित हो सकते हैं ।
126 सुअर पालन
सुअर प्रजनन एवं उत्पादन उपचार का सुविधायुक्त परिसर जिसमें सुअरों के लिए अस्थायी स्वरूप के शेड्स सम्मिलित हो सकते हैं ।
127 फार्म हाउस
एक फार्म पर बनी आवासीय इकाई ।
128 ग्रामीण केन्द्र
एक निश्चित संख्या के ग्रामों हेतु विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का सुविधायुक्त परिसर ।
URDPFI
129
Urban and Regional Development Plans Formulation and Implementation GIS
130
Geographic Information System
TDR
131
Transit Development Rights
132 DEM
Digital Elevation Model 428
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1 कार्यालय , कलेक्टर एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग , जिला देवास
देवास, दिनांक 22-01-2020 क्र.-208-भू-अर्जन-20.-
//प्रारंभिक अधिसूचना //
[ भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013
(कं 30सन् 2013) की धारा 11 (1 ) के अंतर्गत]
चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इसमें संलग्न अनुसूची (1) के खाने 1 से 4 में वर्णित भूमि की, खाने 6 में उसके सम्मुख दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है । अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (क 30 सन् 2013) की धारा-11 की उपधारा (1 ) उपबंधों के अनुसार अनुसूची ( 2) में दर्शित भूमि के ब्यौरों से संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची (1 ) के खाने 5 में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा -12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है ।
प्रस्तावित पहुंच मार्ग की प्रकृति लोकहित के अंतर्गत सार्वजनिक प्रयोजन की है । अधिनियम के अध्याय-2(अ) की धारा-4 सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट से छूट प्रदान की गई है, जिसका प्रकाशन पृथक से किया गया है इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट के प्रकाशन की आवश्यकता नहीं है ।
अनुसूची
भूमिका वर्णन
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
ग्राम
जिला तहसील
धारा-12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
क्षेत्रफल (हेक्टर में)
3
4
5
6
1
2
3.004
देवास उदयनगर बोरखाल्या
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग कं. 20, मण्डलेश्वर जिला खरगोन (म.प्र.)
आई.एस.पी.- कालीसिंध लिंक माईको उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रथम चरण के अंतर्गत पम्प हाऊस नंबर -03 के निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन
अनुसूची(2)
आई.एस.पी.- कालीसिंध लिंक माईको उद्वहन सिंचाई परियोजना प्रथम चरण के अंतर्गत पम्प हाऊस नंबर-03 के निर्माण हेतु निजी भूमि का अर्जन के अंतर्गत ग्राम बोरखाल्या की प्रभावित भूमि का वर्णन कं.
सर्वे नंबर
अर्जित की जाने वाली भूमि का कुल क्षेत्रफल
0.214
1
59/4
2
0.315
60/1
3
0.558
60/2
4
76
0.276
5
77
0.196
6
78
0.639
0.806
7
79/2
3.004
योग-7
नोट:- 1. भूमि का नक्शा (प्लान) अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी बागली एवं कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्रमांक-20 मण्डलेश्वर जिला खरगोन के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है । 429
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
देवास, दिनांक 28-01-2020 क्र.- 326-भू-अर्जन-20.-
अंतर्गत धारा 11 भूमि अर्जन पुनर्वास एवं पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पार दर्शिता का अधिकार,
अधिनियम 2013 क्र. 30 सन् 2013
चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची क.1 में " नर्मदा क्षिप्रा बहु उद्देशीय माईको उद्वहन सिंचाई परियोजना " के अन्तर्गत ग्राम भानगढ़ तहसील व जिला देवास के लिए वर्णित भूमि जिसका कृषकवार एवं सर्वे कमांक वार विवरण अनुसूची (2) में उल्लेखित है । सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
योजना का निर्माण प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है । प्रस्तावित सर्वे कमांक की भूमि "नर्मदा क्षिप्रा बहु उद्देशीय माईको उद्वहन सिंचाई परियोजना" से प्रभावित होने के कारण अधिग्रहण किया जाना है । अतः सोशल इम्पेक्ट असेसमेंट सर्वेक्षण की आवश्यकता नहीं है ।
अतः भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 (क. 30सन् 2013) की धारा 11 के अन्तर्गत घोषित किया जाता है कि निम्न वर्णित अनुसूची (2) की भूमि की अनुसूचि (1) में अंकित सार्वजनिक प्रयोजनार्थ आवश्यकता है ।
अनुसूचि-1
ग्राम- भानगढ़
तहसील- देवास क.
विवरण
अर्जित की जाने भूमि का कुल रकबा (हैक्टर)
सिंचित
असिंचित
योग
0.79
1.82
1.03
1. " नर्मदा क्षिप्रा बहु उद्देशीय माईको उद्वहन सिंचाई परियोजना"
अनुसूचि-2
" नर्मदा क्षिप्रा बहु उद्देशीय माईको उद्वहन सिंचाई परियोजना" के अन्तर्गत ग्राम भानगढ़ ग्राम- भानगढ़ की प्रभावित भूमि का विवरण
तहसील- देवास क्र. कृषक का नाम व पिता / पति का नाम
भूमि का कुल रकबा
खसरा कमांक
अर्जित की जाने वाली भूमि का कुल रकबा (हैक्टर)
सिंचित असिंचित
सिंचित असिंचित कुल
कुल
36 0.79 1.03 1.82 0.79 1.03 1.82 बाबूलाल, 1 शिवजीराम, बाबूलाल , सालगराम , मोतीलाल, घनश्याम पिता हजारीलाल सूरजमल पिता काशीराम सुगन, रामकला, आनंदा, पिता काशीराम सोरम, गंगाबाई लंका पिता हजारीलाल, मोहन, केदार, किशोर, कांतिलाल, रामदयाल पिता सीताराम, कमलाबाई वि. सीताराम, जाति खाती, रमेश पिता कालू, सुमित्रा , शांता पिता सीताराम, मुरारीलाल पिता गिरधारीलाल , संपतबाई पिता बद्रीलाल जाति खाती , सोरमबाई वि. मदनलाल, बालमुकुन्द पिता रामचंद्र, देवबाई पि. रामचन्द्र, प्रहलाद पिता राजाराम, सुरेश , संगीता, तारा, अनिता पिता श्रीराम , गेंदालाल, रामचरण, रामबक्ष पिता बापू , रामकन्याबाई, मानीबाई पिता बापू, कमलाबाई पिता गोविंद जाति खाती, बनेसिंह पिता आत्माराम, राधेश्याम, अमीन , लीलाबाई, कुन्ताबाई, पवित्राबाई, मुगलबाई पिता अम्बाराम ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
श्रीकान्त पाण्डेय , कलेक्टर एवं समुचित सरकार.
430
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[ भाग 1
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश, जबलपुर
जबलपुर, दिनांक 13 जनवरी 2020
क्र. B -243- एक- 7-3-2019 भाग- एक.- उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु वर्ष 2020 के ऐच्छिक (Optional) अवकाशों की घोषणा निम्नानुसार की जाती है:-
क्र.
अवकाश का नाम
(1)
(2)
1 महर्षि गुरू गोकुलदास जी महाराज का जन्म दिवस 2 हेमू कालाणी का शहीदी दिवस
3 बसंत पंचमी
4 देव नारायण जयन्ती
5 नर्मदा जयन्ती
6 महर्षि दयानंद सरस्वती का जन्म दिवस 7 छत्रपति शिवाजी जयन्ती
8 शबरी जयन्ती
9 हजरत अली का जन्म दिवस
10 वीरांगना अवंतीबाई का बलिदान दिवस/ भक्त माता कर्मा जयन्ती
11 हाटकेश्वर जयन्ती
शंकराचार्य जयन्ती
12
13 केवट जयन्ती
जमात-उल-विदा
14
15 ईद- उल फितर ( के ठीक पूर्व का दिवस ) 16 बड़ा महादेव पूजन
17 कबीर जयन्ती
18 बिरसा मुंडा शहीदी दिवस
19
रथयात्रा
20 वीरांगना दुर्गावती का बलिदान दिवस
21 नागपंचमी
22 गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती
23 ईद- उल - अदहा ( ईदुज्जुहा के ठीक पूर्व का दिवस) 24 गदीर-ए-खुम
25 दुर्गादास राठौर जयन्ती
26 नवाखाई
27 योम-ए-अशुरा
28 डोलग्यारस
29 ओणम
30 अनंत चतुर्दशी
सप्ताह के दिन ग्रेगोरियन कैलेण्डर के अनुसार तारीख
(3)
(4)
06 जनवरी 2020
सोमवार
21 जनवरी 2020
मंगलवार
30जनवरी 2020
गुरुवार
31 जनवरी 2020
शुक्रवार
01 फरवरी 2020
शनिवार
18 फरवरी 2020
मंगलवार
19फरवरी 2020
बुधवार
24 फरवरी 2020
सोमवार
07 मार्च 2020
शनिवार
20 मार्च 2020
शुक्रवार
07 अप्रैल 2020
मंगलवार
28 अप्रैल 2020
मंगलवार
15 मई 2020
शुक्रवार
22मई 2020
शुक्रवार
23 मई 2020
शनिवार
बुधवार
03जून 2020
शुक्रवार
05 जून 2020
मंगलवार
09जून 2020
मंगलवार
23 जून 2020
बुधवार
24जून 2020
शनिवार
25 जुलाई 2020
सोमवार
27 जुलाई 2020
30जुलाई 2020
गुरुवार
07 अगस्त 2020
शुक्रवार
13 अगस्त 2020
गुरुवार
25 अगस्त 2020
मंगलवार
28 अगस्त 2020
शुक्रवार
शनिवार
29 अगस्त 2020
31 अगस्त 2020
सोमवार
01 सितम्बर 2020
मंगलवार 431
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
(2)
(1)
31 प्राणनाथ जयन्ती
32 राजा शंकर शाह तथा रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस 33 महर्षि वाल्मीकी जयन्ती/महाराज अजमोढ़ देव जयन्ती/ टेकचंद जी महाराज का समाधि उत्सव.
34 करवाचौथ पर्व
35 छठ पूजा पर्व
36 गुरु तेगबहादुर का शहीदी दिवस
37 नामदेव जयन्ती
38 विश्व विकलांग दिवस
39 डॉ. सैय्यदना साहब का जन्म दिवस
40 गुरु घासीदास जयन्ती
41 संत श्री जिनतरण तारण जयन्ती
42 दत्तात्रय जयन्ती
43 बालीनाथ जी बैरवा जयन्ती
(3)
(4)
16 सितम्बर 2020
बुधवार
18 सितम्बर 2020
शुक्रवार
रविवार
31 अक्टूबर 2020
04 नवम्बर 2020
बुधवार
20 नवम्बर 2020
शुक्रवार
24 नवम्बर 2020
मंगलवार
25 नवम्बर 2020
बुधवार
03 दिसम्बर 2020
गुरुवार
शनिवार
05 दिसम्बर 2020
18 दिसम्बर 2020
शुक्रवार
सोमवार
21 दिसम्बर 2020
29दिसम्बर 2020
मंगलवार
31 दिसम्बर 2020
गुरुवार
( 1) प्रत्येक अधिकारी/ कर्मचारी को इन 43 ऐच्छिक अवकाशों में से उनकी इच्छानुसार तीन दिन का अवकाश दिया जाएगा, उससे अधिक नहीं.
(2) ऐच्छिक अवकाश का उपभोग करते समय अधिकारी/ कर्मचारी इस बात का ध्यान रखें कि अब विशेष अवकाश की पात्रता उन्हें नहीं है, इसलिये ऐच्छिक अवकाश का उपभोग अनिवार्यता एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ही किया करें.
(3) मुख्यपीठ जबलपुर पर कार्यरत उच्च न्यायालय के प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी को इन 43 ऐच्छिक अवकाशों में से उनके इच्छानुसार 3 दिवस का अवकाश रजिस्ट्रार जनरल के आदेशानुसार, इस प्रकार दिया जावेगा जिससे उच्च न्यायालय के कार्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े.
(4) खण्डपीठ इन्दौर/ग्वालियर की स्थापना पर कार्यरत उच्च न्यायालय के अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों को उपरान्त प्रतिबंधों के अन्तर्गत वहाँ के प्रिन्सिपल रजिस्ट्रार ऐच्छिक अवकाश स्वीकृत करेंगे.
क्र. B-245- एक-7-3-2019 भाग-एक.- उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश के अधीनस्थ न्यायालयों के अधिकारियों/कर्मचारियों हेतु वर्ष 2020 के ऐच्छिक ( Optional ) अवकाशों की घोषणा निम्नानुसार की जाती है:-
क्र.
अवकाश का नाम
(2)
(1)
1 गुरू गोविंद सिंह जी का जन्म दिवस
2 महर्षि गुरु गोकुलदास जी महाराज का जन्म दिवस 3 मकर संक्रांति/पोंगल
4 हेमू कालाणी का शहीदी दिवस
बसंत पंचमी
5
6 देव नारायण जयंती
7 नर्मदा जयंती
8 स्वामी रामचरण जी महाराज का जन्म दिवस 9 मर्हिष दयानंद सरस्वती का जन्म दिवस
10 छत्रपति शिवाजी जयन्ती
सप्ताह के दिन
ग्रेगोरियन कैलेण्डर के
अनुसार तारीख
(3)
(4)
02जनवरी 2020
गुरुवार
06 जनवरी 2020
सोमवार
15 जनवरी 2020
बुधवार
मंगलवार
21 जनवरी 2020
30जनवरी 2020
गुरुवार
31 जनवरी 2020
शुक्रवार
01 फरवरी 2020
शनिवार
08 फरवरी 2020
शनिवार
18 फरवरी 2020
मंगलवार
19 फरवरी 2020
बुधवार 432
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
(1)
(2)
11
शबरी जयन्ती
12 हजरत अली का जन्म दिवस
वीरांगना अवंतीबाई का बलिदान दिवस/ भक्त माता कर्मा जयन्ती
13
14 हाटकेश्वर जयन्ती
15 महात्मा ज्योतिबा पुले जयन्ती
16 विशु
17 शंकराचार्य जयन्ती
18 केवट जयन्ती
19 जमात-उल-विदा
20 ईद- उल-फितर (के ठीक पूर्व का दिवस) 21 बड़ा महादेव पूजन
22 कबीर जयन्ती
23 बिरसा मुंडा का शहीदी दिवस
रथयात्रा
24
25 वीरांगना दुर्गावती का बलिदान दिवस
नागपंचमी
26
27 गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती
28 ईद- उल- अदहा ( ईदुज्जुहा के ठीक के पूर्व का दिवस ) 29 गदीर-ए-खुम
30 दुर्गादास राठौर जयन्ती
31 नवाखाई
32 योम-ए-अशुरा
33 डोलग्यारस
34 ओणम
35 अनंत चतुर्दशी
36 प्राणनाथ जयन्ती
37 राजा शंकर शाह तथा रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस 38 महर्षि वाल्मीकी जयन्ती/ महाराज अजमोढ़ देव जयन्ती/ टेकचंद जी महाराज का समाधि उत्सव.
करवाचौथ पर्व
39
40 छठ पूजा पर्व
41 गुरू तेगबहादुर का शहीदी दिवस
42 नामदेव जयन्ती
43 विश्व विकलांग दिवस
डॉ. सैय्यदना साहब का जन्म दिवस
44
45 गुरू घासीदास जयन्ती
संत श्री जिनतरण तारण जयन्ती
46
दत्तात्रय जयन्ती
47
बालीनाथ जी बैरवा जयन्ती
48
(3)
(4)
24फरवरी 2020
सोमवार
07 मार्च 2020
शनिवार
20मार्च 2020
शुक्रवार
07 अप्रैल 2020
मंगलवार
11 अप्रैल 2020
शनिवार
सोमवार
13 अप्रैल 2020
28 अप्रैल 2020
मंगलवार
15 मई 2020
शुक्रवार
22मई 2020
शुक्रवार
शनिवार
23 मई 2020
बुधवार
03 जून 2020
शुक्रवार
05 जून 2020
मंगलवार
09जून 2020
मंगलवार
23जून 2020
24जून 2020
बुधवार
शनिवार
25जुलाई 2020
सोमवार
27 जुलाई 2020
गुरुवार
30 जुलाई 2020
07 अगस्त 2020
शुक्रवार
13 अगस्त 2020
गुरुवार
मंगलवार
25 अगस्त 2020
28 अगस्त 2020
शुक्रवार
शनिवार
29 अगस्त 2020
सोमवार
31 अगस्त 2020
01 सितम्बर 2020
मंगलवार
16 सितम्बर 2020
बुधवार
18 सितम्बर 2020
शुक्रवार
शनिवार
31 अक्टूबर 2020
04 नवम्बर 2020
बुधवार
20 नवम्बर 2020
शुक्रवार
मंगलवार
24 नवम्बर 2020
25 नवम्बर 2020
बुधवार
03 दिसम्बर 2020
गुरुवार
शनिवार
05 दिसम्बर 2020
18 दिसम्बर 2020
शुक्रवार
सोमवार
21 दिसम्बर 2020
मंगलवार
29 दिसम्बर 2020
31 दिसम्बर 2020
गुरुवार
( 1 ) प्रत्येक अधिकारी/ कर्मचारी को इन 48 ऐच्छिक अवकाशों में से उनकी इच्छानुसार तीन दिन का अवकाश दिया जाएगा, उससे अधिक नहीं.
433
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
(2 ) ऐच्छिक अवकाश का उपभोग करते समय अधिकारी /कर्मचारी इस बात का ध्यान रखें कि अब विशेष अवकाश की पात्रता उन्हें नहीं है, इसलिये ऐच्छिक अवकाश का उपभोग अनिवार्यता एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ही किया करें .
(3 ) अधीनस्थ न्यायालय की स्थापना पर कार्यरत प्रत्येक अधिकारी/ कर्मचारी के प्रकरणों में उपरोक्त प्रतिबंधों के अंदर वहाँ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऐच्छिक अवकाश स्वीकृत करेंगें.
क्र. B -219-दो-2-14-2014.- श्री अमर नाथ , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल को दिनांक 18 से 20 दिसम्बर 2019 तक तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री अमर नाथ , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बैतूल को बैतूल पुनः पदस्थापित किया जाता है .
क्र. B- 255.- रजिस्ट्री अधिसूचना क्रमांक सी-156- एक-7-3- 2019, भाग -1 जबलपुर दिनांक 13 जनवरी 2020 में आंशिक संशोधन करते हुए बैशाखी पर्व के उपलक्ष्य में सोमवार दिनांक 13 अप्रैल 2020 को राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों हेतु अवकाश घोषित करते हुए उसके एवज में तृतीय शनिवार अवकाश दिवस दिनांक 18 अप्रैल 2020 को कार्यदिवस घोषित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, राजेन्द्र कुमार वाणी, रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 13 जनवरी 2020
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अमर नाथ, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B- 215- दो - 2-41-2014.- श्री एस. के. पी . कुलकर्णी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उज्जैन को दिनांक 10 से 12 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. पी. कुलकर्णी , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. B- 233- दो- 2-41-2014.- श्री एस. के. पी. कुलकर्णी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को दिनांक 23 दिसम्बर 2019 का एक दिन का शीतकालीन अवकाश तथा दिनांक 24 दिसम्बर 2019 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 एवं 22 दिसम्बर 2019 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 25 दिसम्बर 2019 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की गई है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर श्री एस. के. पी. कुलकर्णी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को उज्जैन पुनः पदस्थापित किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. पी. कुलकर्णी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
शीतकालीन / अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. B -217- दो - 2-52-2016 .- श्री राजेश कुमार कोष्टा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गुना को निम्नानुसार अवकाश निरस्त एवं स्वीकृत किया जाता है:-
प्रमाणित किया जाता है कि श्री एस. के. पी. कुलकर्णी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते , तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
1. दिनांक 23 से 26 दिसम्बर 2019 तक, चार दिन का स्वीकृत शीतकालीन अवकाश तथा दिनांक 27 से 28 दिसम्बर 2019 तक, दो दिन का स्वीकृत अर्जित अवकाश निरस्त किया जाता है.
क्र. B- 235- दो- 2-47-2018.- श्री संजीव कुमार सरैया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , रायसेन को निम्नानुसार अवकाश निरस्त एवं स्वीकृत किया जाता है:-
1. दिनांक 02 से 04 जनवरी 2020 तक, तीन दिन का स्वीकृत अर्जित अवकाश निरस्त किया जाता है.
2. दिनांक 26 से 29 दिसम्बर 2019 तक, चार दिन का शीतकालीन अवकाश तथा दिनांक 30 से 31 दिसम्बर 2019 तक, दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
2. दिनांक 02 से 04 जनवरी 2020 तक, तीन दिन का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री राजेश कुमार कोष्टा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गुना को गुना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. C- 143-दो-2-36-2018 .- श्रीमती अनुराधा शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश , कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर को दिनांक 30 से 31 दिसम्बर 2019 तक, दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
शीतकालीन / अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर श्रीमती अनुराधा शुक्ला , प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय , जबलपुर को जबलपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजेश कुमार कोष्टा, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते, तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
434
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती अनुराधा शुक्ला , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं, तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. D -34-दो- 2-17-2016.- श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीधी को दिनांक 11 से 12 दिसम्बर 2019 तक, दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीधी को सीधी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. C- 145-दो-2-21-2018 .- श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , बुरहानपुर को दिनांक 10 से 12 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D -36-दो- 2-63-2017.- श्री कृष्ण गोपाल सुरेका, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अलीराजपुर को दिनांक 09 से 11 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री कृष्ण गोपाल सुरेका, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अलीराजपुर को अलीराजपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. C-147-दो-2-31-2018.- श्री मो . सैय्यदुल अबरार अंसारी, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , देवास को निम्नानुसार अवकाश दिनांक 6 से 11 जनवरी 2020 तक, छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश पूर्व में दिनांक 5 जनवरी 2020 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 12 जनवरी 2020 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर श्री मो. सैय्यदुल अबरार अंसारी , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , देवास को देवास पुनः पदस्थापित किया जाता है .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री कृष्ण गोपाल सुरेका, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री मो. सैय्यदुल अबरार अंसारी , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D- 38-दो- 2-74-2017.- श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , बैतूल को 30 से 31 दिसम्बर 2019 तक, दो दिन के स्वीकृत शीतकालीन अवकाश के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 28 से 29 दिसम्बर 2019 तक, दो दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, बैतूल को बैतूल पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. C- 158-दो- 2-47-2019 .- श्री अवधेश कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , मण्डला को दिनांक 20 से 25 जनवरी 2020 तक, छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश पूर्व में दिनांक 18 एवं 19 जनवरी 2020 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री वीरेन्द्र सिंह राजपूत , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते जो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
अवकाश से लौटने पर श्री अवधेश कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , मण्डला को मण्डला पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. D -40-दो- 2-65-2018 .- श्री सुनील कुमार जैन , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , सीधी को दिनांक 16 से 18 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अवधेश कुमार सिंह , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते. अवकाश से लौटने पर श्री सुनील कुमार जैन, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , सीधी को सीधी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. D- 32- दो- 2-76-2017.- श्री श्यामकांत कुलकर्णी , जिला
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री सुनील कुमार जैन , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते जो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
एवं सत्र न्यायाधीश, उज्जैन को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक-3- ( ए) 19-03- इक्कीस ब( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अंतर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2017 से 31 अक्टूबर 2019 तक 02 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिए तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
435 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री वीरेन्द्र एस . पाटीदार, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. D-42- दो- 2-8-2012.- श्रीमती सुनीता यादव , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दतिया को दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन के स्वीकृत शीतकालीन अवकाश तथा दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन के अर्जित अवकाश के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 24 से 25 दिसम्बर 2019 तक, दो दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्रीमती सुनीता यादव, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , दतिया को दतिया पुनः पदस्थापित किया जाता है .
शीतकालीन/अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. D-50-दो- 2-3-2019.- श्री रामप्रकाश मिश्रा, प्रथम अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19-03-इक्कीस- ब( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12(1 ) के अंतर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2017 से 31 अक्टूबर 2019 तक 02 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिए तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती सुनीता यादव, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
क्र. D- 52-दो - 2-102-2017 .- श्री हदेश , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच को दिनांक 31 जनवरी से 7 फरवरी 2020 तक, आठ दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
क्र. D-44-दो- 2-28-2019 .- श्री सतीश चन्द्र शर्मा , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , मुरैना को दिनांक 12 दिसम्बर 2019 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री सतीश चन्द्र शर्मा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है. को नीमच पुनः पदस्थापित किया जाता है. अवकाश से लौटने पर श्री हृदेश , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री सतीश चन्द्र शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते जो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री हृदेश , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. D -46-चार- 8-42-77 भाग-सोलह. श्री अनीष कुमार मिश्रा , प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मंदसौर को दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2019 तक , तीन दिन का शीतकालीन अवकाश तथा दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
क्र. D - 54-दो- 2-36-18.- श्रीमती अनुराधा शुक्ला, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , जबलपुर को मध्यप्रदेश शासन , विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19- 03 - इक्कीस - ब (एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 (1 ) के अंतर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2017 से 31 अक्टूबर 2019 तक 02 वर्ष की ब्लाक अवधि के लिए तीस दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर श्री अनीष कुमार मिश्रा , प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मंदसौर को मंदसौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
शीतकालीन / अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. D-56-दो- 2-45-2019. श्री बी. के. द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सिंगरौली को दिनांक 9 से 14 दिसम्बर 2019 तक, पांच दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 8 दिसम्बर 2019 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 15 दिसम्बर 2019 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री अनीष कुमार मिश्रा उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते जो प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
अवकाश से लौटने पर श्री बी. के. द्विवेदी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिंगरौली को सिंगरौली पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दरं से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. D- 48-दो -2-46-2017 .- श्री वीरेन्द्र एस. पाटीदार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर को दिनांक 16 से 18 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री वीरेन्द्र एस. पाटीदार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. के. द्विवेदी, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
436
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. D-61-दो - 2-42-2017 .- श्री रामेश्वर कोठे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बड़वानी को दिनांक 26 से 31 दिसम्बर 2019 तक , छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 25 दिसम्बर 2019 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. एस. भदौरिया, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
अवकाश से लौटने पर श्री रामेश्वर कोठे, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बड़वानी को बड़वानी पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. B - 302-दो- 2-67-2018 .-श्री बी. एस. दीक्षित, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , डिण्डौरी को दिनांक 3 से 22 फरवरी 2020 तक, बीस दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 2 फरवरी 2020 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 23 फरवरी 2020 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री रामेश्वर कोठे , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
जबलपुर, दिनांक 16 जनवरी 2020
अवकाश से लौटने पर श्री बी. एस. दीक्षित, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री बी. एस . दीक्षित, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते , तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B - 293-दो-2-12-2018 .- श्री डी. एन. मिश्र, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , डिण्डौरी को दिनांक 20 से 31 जनवरी 2020 तक, बारह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 18 एवं 19 जनवरी 2020 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 फरवरी 2020 के स्थानीय अवकाश एवं दिनांक 2 फरवरी 2020 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
क्र. D- 186-दो- 2-88-2018.- श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्त, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , बालाघाट को दिनांक 24 से 30 जनवरी 2020 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री डी. एन. मिश्र, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डिण्डौरी को डिण्डौरी पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्त, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बालाघाट को बालाघाट पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री डी. एन . मिश्र, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्त , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. B - 298- दो - 2-23-2018 .- श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, नरसिंहपुर को दिनांक 6 से 11 जनवरी 2020 तक छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 5 जनवरी 2020 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 12 जनवरी 2020 के सार्वजनिक अवकाश के लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
क्र. D- 188-दो- 2-50-2018.- डॉ. रमेश साहू, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , शहडोल को दिनांक 4 से 17 जनवरी 2020 तक, चौदह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 18 एवं 19 जनवरी 2020 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
अवकाश से लौटने पर डॉ. रमेश साहू, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , शहडोल को शहडोल पुनः पदस्थापित किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , नरसिंहपुर को नरसिंहपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. रमेश साहू, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री सुदीप कुमार श्रीवास्तव, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. B- 300- दो - 3-75-2009.- श्री बी. एस. भदौरिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , छिन्दवाड़ा को दिनांक 21 जनवरी से 4 फरवरी 2020 तक , पन्द्रह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है.
क्र. D- 190- दो- 2-14-2015.- श्रीमती रेणुका कंचन , द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , इंदौर को दिनांक 6 से 7 दिसम्बर 2019 तक , दो दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है . साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 8 दिसम्बर 2019 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री बी. एस. भदौरिया, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, छिन्दवाड़ा को छिन्दवाड़ा पुनः पदस्थापित किया जाता है.
437
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
भाग 1 ]
अवकाश से लौटने पर श्रीमती रेणुका कंचन, द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, इंदौर को इंदौर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
क्र. D- 198- दो- 2-15-2015.-डॉ. सुभाष कुमार जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अनूपपुर को दिनांक 23 से 25 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन का शीतकालीन अवकाश तथा दिनांक 26 से 31 दिसम्बर 2019 तक, छह दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पूर्व में दिनांक 21 एवं 22 दिसम्बर 2019 के तथा अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 जनवरी 2020 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्रीमती रेणुका कंचन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जातीं तो द्वितीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहतीं.
अवकाश से लौटने पर डॉ. सुभाष कुमार जैन , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अनूपपुर को अनूपपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि डॉ. सुभाष कुमार जैन, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. D- 192-दो-2-46-2015.- श्री संजीव श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , सिवनी को दिनांक 23 से 24 दिसम्बर 2019 तक, दो दिन के स्वीकृत शीतकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 25 से 28 दिसम्बर 2019 तक, चार दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 29 दिसम्बर 2019 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
अवकाश से लौटने पर श्री संजीव श्रीवास्तव , प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, सिवनी को सिवनी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
क्र. D - 200- दो- 2-64-2014.- श्री आर . के. गुप्त , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, छतरपुर को दिनांक 7 से 10 दिसम्बर 2019 तक, चार दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था. अवकाश से लौटने पर श्री आर. के. गुप्त, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , छतरपुर को छतरपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री संजीव श्रीवास्तव, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री आर. के. गुप्त, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते.
क्र. D- 194- दो- 2-21-2018.- श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय, बुरहानपुर को निम्नानुसार अवकाश निरस्त एवं स्वीकृत किया जाता है:-
1. दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन का स्वीकृत शीतकालीन अवकाश निरस्त किया जाता है.
क्र. D-202-दो- 2-28-2019- श्री सतीश चन्द्र शर्मा , प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय, मुरैना को दिनांक 26 से 28 दिसम्बर 2019 तक, दिन के स्वीकृत शीतकालीन अवकाश के अनुक्रम में दिनांक 29 से 31 दिसम्बर 2019 तक, तीन दिन का कम्युटेड अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 1 जनवरी 2020 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है .
2. दिनांक 26 से 27 दिसम्बर 2019 तक, दो दिन का शीतकालीन अवकाश एवं दिनांक 17 जुलाई 2019 का एक दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री सतीश चन्द्र शर्मा, प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय , मुरैना को मुरैना पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अवकाश से लौटने पर श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर, प्रधान न्यायाधीश , कुटुंब न्यायालय , बुरहानपुर को बुरहानपुर पुनः पदस्थापित किया जाता है.
कम्युटेड अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री सतीश चन्द्र शर्मा , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री उपेन्द्र कुमार सोनकर, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो प्रधान न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
क्र. D- 204-दो- 2-17-2016 .- श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को दिनांक 30 जनवरी से 1 फरवरी 2020 तक, तीन दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है. साथ ही अवकाश के पश्चात् में दिनांक 2 फरवरी 2020 के सार्वजनिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति प्रदान की जाती है.
क्र. D - 196- दो - 2-61-2018 . - श्री ए. के. पालीवाल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , कटनी को दिनांक 23 से 28 दिसम्बर 2019 तक, छह दिन के स्वीकृत शीतकालीन अवकाश के पूर्व के अनुक्रम में दिनांक 16 से 22 दिसम्बर 2019 तक, सात दिन का अर्जित अवकाश और स्वीकृत किया जाता है .
अवकाश से लौटने पर श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह , जिला एवं सत्र न्यायाधीश , सीधी को सीधी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था.
अवकाश से लौटने पर श्री ए. के. पालीवाल , जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कटनी को कटनी पुनः पदस्थापित किया जाता है.
अर्जित अवकाशकाल में उन्हें अवकाश वेतन तथा भत्ता उसी दर से देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के तत्काल पूर्व मिलता था .
प्रमाणित किया जाता है कि श्री नरेन्द्र प्रताप सिंह, उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
यू. एस. दुबे, रजिस्ट्रार.
प्रमाणित किया जाता है कि श्री ए. के. पालीवाल , उपरोक्तानुसार अवकाश पर नहीं जाते तो जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहते .
438
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 31 जनवरी 2020
[भाग 1
Jabalpur , the 13th January 2020
No.C- 156-1-7-3-2019 ( Part - I) . The following list of Holidays and Vacations for the Subordinate Civil Courts during the Year 2020 prepared by the High Court and approved by the State Government as required by Section 21 of the Madhya Pradesh Civil Courts Act, 1958 , is hereby published for general information:-
Name of Holidays
Sr. No.
(2)
(1)
1 New Year's Day
2
Mahashivratri
3 Holi (Holidays)
4 Gudi Padwa/Chaiti Chand 5
Ramnavmi
6 Mahaveer Jayanti
7 Good Friday
8 Dr. Ambedkar Jayanti/Baisakhi 9
Buddh Purnima
10
Id-Ul-Fitar
11 Id-Ul -Zuha
12 Raksha Bandhan
13
Janmashtmi
14 Ganesh Chaturthi
15 Sarv Pitra Moksha Amavasya 16 Gandhi Jayanti
Dates as per
Days of Week Gregorian Calendar
(3)
(4)
01-01-2020
Wednesday 21-02-2020
Friday
09-03-2020
Monday
10-03-2020
Tuesday
11-03-2020
Wednesday 25-03-2020
Wednesday 02-04-2020
Thursday
06-04-2020
Monday
10-04-2020
Friday
14-04-2020
Tuesday
07-05-2020
Thursday
25-05-2020
Monday
01-08-2020
Saturday
03-08-2020
Monday
12-08-2020
Wednesday 22-08-2020
Saturday
17-09-2020
Thursday
02-10-2020
Friday 439 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
(3)
(1)
(2)
(4)
24-10-2020
17
Mahanavmi/ Mahaastmi
Saturday Dussehra
26-10-2020
Monday
27-10-2020
Tuesday (25-10-2020 Sunday)
28-10-2020
Wednesday
29-10-2020
Thursday 18 Id-milad un - Nabi
30-10-2020
Friday 19
12-11-2020
Deepawali
Thursday
13-11-2020
Friday (14-11-2020 Saturday)
14-11-2020
Saturday
16-11-2020
Monday
30-11-2020
20 Gurunanak Jayanti
Monday
25-12-2020
21 Christmas Day
Friday NOTES :--
1. Republic Day dated 26-01-2020 , Moharrum dated 30-08-2020 , falls on Sunday & Independence Day dated 15-08-2020 , fall on closed Saturday, therefore these holidays are not declared separately.
2. Saturdays , falling on 18th January, 15th February , 21th March , 18th April , 16th May, 20th June , 18th July , 15th August , 19th September , 17th October, 21st November, 19th December will be closed Saturdays for Subordinate Court .
3. SummerVacation of Subordinate Court shall be from 18th May, 2020 to 12th June , 2020 and Winter Vacation From 23rd December 2020 to 31st December, 2020 .
4. Subordinate Courts will not observe the holidays declared or changed suddenly by the State Government/ Competent Authority without approval of High Court .
5. The District Judge of the concerned district shall declare three Local holidays declared by the Collector/ Commissioner of the concerned District or Tehsil without approval of the High Court under intimation to this Registry .
6. The holidays in respect of Id - ul- Fitar, Id - ul-Zuha , Moharrum and Id- milad un- Nabi are subject to change depending upon the visibility of moon .
RAJENDRA KUMAR VANI , Registrar General .
440
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 31 जनवरी 2020
[ भाग 1
26 28
23
29
28.
27 3031
19
18.
17 19
2027
22
21
2229
24
20
25
26
14
1320
1623
1522
10 13 14
APRIL
AUGUST
1421
13
DECEMBER
8 9
2916
3)
1118
10
8 6
3456789
45.67
4 30
31
123
6789012
31
12345
26 29
(29
30
31
30
29
22
25
19
22 223 2425 26 27 28
162330
15 18
19.26
17
22 2027 2128
12
2222232425 142128
MARCH
16
9
18
JULY
18
NOVEMBER
8 10
6132027
5
12
7 8
13
14
9
11
9(16)
(9)
815
11
11
1017
12 14
13
2 4 6
5 7
4
34
123
24
23
30
28
234567
26
67)
25
30)
31
16
2229
25
21 24 26 18
(2128
2128
1017
121926
111825
16.23
152229
17
18
14
FEBRUARY
1219
FORTHEYEAR2020
JUNE
OCTOBER
29
3
7
158
12 411
0891011
456 6:132027
1
6132027
5
3
(2)
10 4567890
1234
27
26 29
30
27
2431
1825
2027
2229
1724
2128
26
142128
1320
CALENDAROFSUBORDINATECOURTOFTHESTATEOFMADHYAPRADESH
121926
11 14
1320
JANUARY
10
1724
152229
162330
142128
MAY
SEPTEMBER
6
51219
7 81522
91623
4 5 6
10 3
111825
9/162330
8
7 9
1219
10 111825
(6)13
18
2
2
31
1 3 4 5
Vacation
Sundays&Holidays
234
ClosedSaturday
Days MON.
SUN.
WED.
Days
TUE.
THU.
MON.
SAT.
WED.
SUN.
TUE.
THU.
FRI.
Days MON.
SUN.
WED.
SAT.
TUE.
THU.
FRI.
SAT.
FRI.
Δ