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Madhya Pradesh Gazette · Government of Madhya Pradesh

विधान सभा के द्वारा दिये जाने वाले स्‍वच्‍छानुदानों को विनियमित करने के लिए नियम......

Published 16 March 2020

Department
संसदीय कार्य विभाग
Type
Extraordinary
Gazette no.
111
Identifier
in.gazette.madhya.2020-03-16.111.Extraordinary
Languages
English, Hindi
Published at
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मध्यप्रदेश शासन

सत्यमेव जयते ।

मध्यप्रदेश राजपत्र

(असाधारण )

प्राधिकार से प्रकाशित

क्रमांक 111]

भोपाल , सोमवार , दिनांक16 मार्च 2020- फाल्गुन 26 , शक 1941

संसदीय कार्य विभाग

भोपाल , दिनांक 16 मार्च 2020

क्रमांक 344- एफ-2-55-2019- एक- अड़तालीस. - भारत के संविधान के अनुच्छेद 283 के उपखण्ड ( 2 ) तथा वित्तीय शक्ति पुस्तिका 1983 के इस संबंध में सामर्थ्यकारी उपबंधों द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार, अध्यक्ष , उपाध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष, विधान सभा के द्वारा दिये जाने वाले स्वेच्छानुदानों को विनियमित करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है , अर्थात्ः-

नियम

माननीय अध्यक्ष , उपाध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष , विधान सभा को प्रतिवर्ष व्यय के निमित्त एकमुश्त विनियोग सौंप दिये जाते हैं , ताकि ये लोक-निधियों से सहायता योग्य प्रयोजनों के लिए अपने विवेकानुसार अनुदान दे सकें। माननीय अध्यक्ष , उपाध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष निम्न निर्बन्धनों के अध्यधीन निर्धारित सीमा के भीतर व्यय मंजूर कर सकेंगे : -

(क) अनुदान ऐसे किसी भी सार्वजनिक प्रयोजन के लिए दिये जा सकते हैं, जिसका व्यय राज्य द्वारा उसके राजस्वों में से भुगतान योग्य हो ।

टीप : - " सार्वजनिक प्रयोजन" में निम्नलिखित मुद्दे सम्मिलित हैं :-

( 1 ) व्यक्ति विशेष के मामले में :-

चिकित्सा, शिक्षा , ईमानदारी एवं वीरतापूर्ण कार्य के लिए पुरस्कार , पाठशाला के योग्य तथा निर्धन बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार, विधवा स्त्री, मुक्त बंधुआ मजदूर की लड़की की शादी के लिए आर्थिक सहायता , अत्यन्त गरीब व्यक्ति, अनाथ या अपंग व्यक्ति को सहायता।

221 222

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 मार्च 2020

(2) संस्थाके मामले में : -

इसके तहत ऐसे सभी सार्वजनिक प्रयोजन सम्मिलित होंगे जो जनहित के स्वरूप के हों। इसमें रूपये 5 लाख तक निर्माण कार्य भी शामिल होंगे। किसी एक प्रकरण में एक वर्ष में यह सीमा रूपये 10 लाख से अधिक नहीं होगी।

(ख) कोई आवर्ती व्यय नहीं किया जा सकेगा।

(ग) (1 ) मध्यप्रदेश राज्य के भीतर रहने वाले केवल ऐसे व्यक्तियों के मामलों को छोड़, जो उक्त नियम (क) टीप ( 1 ) के अनुसार अनुदान से सहायता पाने की योग्यता रखते हों, अन्य मामलों में धर्मार्थ संस्थाओं या संस्थाओं से भिन्न व्यक्तियों के विशुद्धतः व्यक्तिगत या धर्मार्थ भुगतानों के स्वरूप का कोई अनुदान नहीं किया जाना चाहिए, परन्तु प्रत्येक व्यक्ति के मामले में ऐसा अनुदान रूपये 25,000/- (रूपये पच्चीस हजार) से अधिक नहीं होगा, लेकिन अध्यक्ष को किसी भी व्यक्ति को रूपये 50,000/- ( रूपये पचास हजार) तक अनुदान देने की शक्तियां होगी। राजनीतिक तथा धार्मिक स्वरूप की संस्थाओं को कोई अनुदान स्वीकृत नहीं किया जा सकेगा।

(2) स्वविवेकाधीन अनुदान किसी भी व्यक्ति को लोक हित में उसकी असाधारण सेवा के लिए माननीय अध्यक्ष , उपाध्यक्ष तथा नेता प्रतिपक्ष द्वारा सामान्यतः रूपये 25,000/- ( रूपये पच्चीस हजार) और माननीय अध्यक्ष द्वारा विशेष प्रकरणों में रूपये 50,000/- (रूपये पचास हजार) तक का पुरस्कार दिया जा सकेगा , किन्तु सरकारी सेवक को यह पुरस्कार प्रदान नहीं किया जायेगा।

(घ) समस्त व्यय की लेखा परीक्षा की जायेगी।

(ड. ) (1 ) अनुदानों को किसी भी एक वर्ष में , किसी भी एक मामले के संबंध में अध्यक्ष द्वारा अधिक से अधिक 10.00 लाख रूपये ( दस लाख रूपये) तक, एवं उपाध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष द्वारा रूपये 1.00 लाख ( रूपये एक लाख ) तक सीमित रखा जाना चाहिए ।

(2) अनुदानों से, माननीय अध्यक्ष , माननीय उपाध्यक्ष एवं माननीय नेता प्रतिपक्ष, विधान सभा द्वारा , दानों की रकम के भुगतान के संबंध में निम्नलिखित प्रक्रिया निर्धारित की गई है :-

(क) जैसे ही माननीय अध्यक्ष, माननीय उपाध्यक्ष एवं माननीय नेता प्रतिपक्ष कोई दान देने का निर्णय करें वैसे ही मध्यप्रदेश विधान सभा सचिवालय , महालेखाकार को आदेशों की एक प्रति भेजेगा, जिसके साथ आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित एक सादी रसीद भी होगी । विधान सभा सचिवालय द्वारा आदेशों की एक प्रति वित्त विभाग को भेजी जाना चाहिए , ताकि वह वार्षिक आवंटन से व्यय की प्रगति की जांच कर सके। 222 ( 1)

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 मार्च 2020

(ख) प्रत्येक ऐसे मामले को, जिसमें कोई अनुदान मंजूर किया गया हो, आहरण एवं संवितरण अधिकारी , विधान सभा सचिवालय द्वारा माननीय अध्यक्ष एवं माननीय मुख्यमंत्री की जानकारी में लाया जाना चाहिए , ताकि वे दिये गये प्रत्येक अनुदान के संबंध में माननीय उपाध्यक्ष , माननीय नेता प्रतिपक्ष तथा मंत्रियों को अवगत करा सकें, जिससे कि भविष्य में किसी संस्था को अनुदान देने के संबंध में अपने विवेक का प्रयोग करते समय उन्हें यह बात मालूम रहे कि संस्था को अनुदान पहले ही प्राप्त हो चुका है। परन्तु यह योग्य मामलों में, उसी संस्था को दूसरा अनुदान देने के संबंध में माननीय उपाध्यक्ष/ माननीय नेता प्रतिपक्ष, विधान सभा को नहीं रोकेगी।

(ग) यदि शर्तों के अध्यधीन रहते हुए कोई अनुदान दिया जाता है, तो बिल पर प्रतिहस्ताक्षर करने वाले सचिव/अपर सचिव के लिए यह आवश्यक नहीं होगा कि वह अनुदान के संबंध में महालेखाकार को उपयोगिता प्रमाण -पत्र प्रस्तुत करें, किन्तु वह ( अनुदान) व्यक्ति के मामले में रूपये 5,000/- ( रूपये पांच हजार) और संस्था के मामले में रूपये 10,000 /- ( रूपये दस हजार) से अधिक न हो।

(घ ) ये अनुदान कोषागार संहिता, जिल्द-1 के उप नियम (एस.आर. ) 424 में निर्धारित उपबंधों के अनुसार दिये जायेंगे ।

(च) विवेकाधीन अनुदान के प्रयोजनार्थ, विधान सभा का आहरण एवं संवितरण अधिकारी, आहरण अधिकारी होगा। आहरण एवं संवितरण अधिकारी , विधान सभा सचिवालय जैसे और जब भी रकम की आवश्यकता होगी, रकम का आहरण करेगा और उसका संवितरण करेगा।

(छ) दान का भुगतान आवश्यकता अनुसार या तो ड्राफ्ट द्वारा या ऑनलाईन प्राप्तकर्ता के खाते में जमा होगा। मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 16 मार्च 2020

222(2)

(3) यदि कोई भी दिया जाने वाला अनुदान, स्वेच्छानुदान नियमों में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के अध्यधीन तथा निर्धारित राशि की सीमा के भीतर न हो, तो उपयुक्त पाये जाने वाले प्रकरण में माननीय अध्यक्ष, मध्यप्रदेश विधान सभा द्वारा , नियमों को शिथिल कर, स्वीकृत किया जा सकेगा , बशर्ते स्वीकृत अनुदान , बजट में प्रावधानित राशि के अन्तर्गत देय हो।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, महेन्द्र सोनूने, उपसचिव.

नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री , मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2020.

Cite this issue. Madhya Pradesh Gazette, Government of Madhya Pradesh, 16 March 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.madhya.2020-03-16.111.Extraordinary/. Archive identifier in.gazette.madhya.2020-03-16.111.Extraordinary.