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शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
प्राधिकार से प्रकाशित
क्रमांक 12]
भोपाल, शुक्रवार, दिनांक 20 मार्च 2020- फाल्गुन 30, शक 1941
विषय-सूची
1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश, भाग
(3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, (4) राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 6 ) निर्वाचन आयोग , भारत की अधिसूचनाएं, ( 7 ) लोक- भाषा परिशिष्ट.
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं.
भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं.
(2) सांख्यिकीय सूचनाएं,
क) ( 1 ) मध्यप्रदेश विधेयक, ( 2 ) प्रवर समिति के प्रतिवेदन, भाग 4.- (
(3) संसद्में पुरःस्थापित विधेयक,
(ख) ( 1 ) अध्यादेश, ( 2 ) मध्यप्रदेश अधिनियम, (3) संसद्के अधिनियम,
(ग) ( 1 ) प्रारूप नियम, ( 2 ) अंतिम नियम.
भाग १
राज्य शासन के आदेश
गृह विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 3 मार्च 2020
क्र. एफ 1 ( ए) 24-2016- ब-2- दो. राज्य शासन, श्री गुरूकरण सिंह, भापुसे, ( 2014 ) पुलिस अधीक्षक, नरसिंहपुर को दिनांक 24 फरवरी से 8 मार्च 2020 तक, चौदह दिवस पितृत्व अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
(2) अवकाश से लौटने पर श्री गुरूकरण सिंह, भापुसे , ( 2014) को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस अधीक्षक, नरसिंहपुर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
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(3) अवकाश काल में श्री गुरूकरण सिंह, भापुसे , (2014 ) को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
( 4) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री गुरूकरण सिंह , भापुसे, (2014) उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते.
भोपाल , दिनांक 7 मार्च 2020
क्र. एफ-1 (ए) 101-2008- ब- 2 - दो.- राज्य शासन , श्री सुरेन्द्रपाल सिंह, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक विसबल , इन्दौर को दिनांक 24फरवरी से 4 मार्च 2020 तक, दस दिवस अर्जित अवकाश एवं दिनांक 23 फरवरी 2020 के विज्ञप्त अवकाश के लाभ के साथ कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2020.
2182
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
(2 ) श्री सुरेन्द्रपाल सिंह, भापुसे के अवकाश अवधि में इनका चालू कार्य श्री रमन सिंह सिकरवार, भापुसे, पुलिस महानिरीक्षक, पीआरटीएस, इन्दौर द्वारा अपने कार्य के साथ सम्पादित किया जावेगा.
(3 ) अवकाश से लौटने पर श्री सुरेन्द्रपाल सिंह, भापुसे, को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश तक, स्थानापन्न पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, इन्दौर के पद पर पुनः पदस्थ किया जाता है.
(4) श्री सुरेन्द्र पाल सिंह , भापुसे द्वारा अपना कार्यभार ग्रहण करने पर कण्डिका ( 2 ) में अतिरिक्त कार्यभार हेतु निर्देशित अधिकारी स्वमेव कार्यभार से मुक्त होंगे .
(5) अवकाशकाल में श्री सुरेन्द्रपाल सिंह , भापुसे , को अवकाश वेतन एवं भत्ता उसी प्रकार देय होगा जो उन्हें अवकाश पर जाने के पूर्व मिलता था.
(6 ) प्रमाणित किया जाता है कि यदि श्री सुरेन्द्रपाल सिंह , भापुसे, उक्त अवकाश पर नहीं जाते तो अपने पद पर बने रहते .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीदास , अवर सचिव.
विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल , दिनांक 11 मार्च 2020
पंजी क्र . 1529-2020- इक्कीस- ब-( दो ) .- राज्य शासन, एतद्वारा तहसील- सांरगपुर, जिला - राजगढ़ में विभागीय आदेश दिनांक 28 मई 1992 द्वारा नियुक्त नोटरी , श्री रमाकांत पंचौली तथा विभागीय आदेश दिनांक 23 सितम्बर 2000 द्वारा तहसील- सांरगपुर, जिला राजगढ़ में नियुक्त नोटरी श्री बेनीप्रसाद सक्सेना का निधन होने के कारण उनका नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित करता है.
पंजी क्र . 1645-2020-इक्कीस- ब ( दो ) .- राज्य शासन , एतद्वारा जिला मुख्यालय , मंदसौर में विभागीय आदेश दिनांक 23 सितम्बर 1989 द्वारा नियुक्त नोटरी, श्री सुरेन्द्र सिंह तोमर, तहसील- नारायणगढ़ ( मल्हारगढ़ ) , जिला - मन्दसौर में विभागीय आदेश दिनांक 3 अक्टूबर 1998 द्वारा नियुक्त नोटरी श्री नंदलाल यादव, तहसील- गरोठ, जिला- मंदसौर में विभागीय आदेश दिनांक 25 जनवरी 1992 द्वारा नियुक्त नोटरी श्री शालीगराम पंजाबी, विभागीय आदेश दिनांक 7 जुलाई 2005 द्वारा तहसील- गरोठ, जिला- मंदसौर में नियुक्त नोटरी श्री विद्याशंकर जोशी का निधन होने के कारण उक्त नोटरी अधिवक्ताओं का नाम शासन द्वारा संधारित नोटरी पंजी से विलोपित करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एस. पी. शुक्ल, अपर सचिव.
भोपाल , दिनांक 4 मार्च 2020
फा. क्र. 1527- इक्कीस- ब ( दो ) 2020.- राज्य शासन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति ( अत्याचार निवारण ) अधिनियम, 1989
[ भाग 1 (क्र. 33सन् 1989 ) की धारा 14 के अंतर्गत स्थापित विशेष न्यायालय, जिला छिन्दवाड़ा के लिये उक्त अधिनियम की धारा 15 के अन्तर्गत श्री मोहम्मद आरिफ खान, अधिवक्ता ( नामांकन क्र. एम. पी./09- 1995, दिनांक 13 जनवरी 1995 ) को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करता है. श्री मोहम्मद आरिफ खान , अधिवक्ता की उक्त विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्ति आदेश दिनांक से 3 वर्ष की अवधि अथवा उनकी जन्मतिथि दिनांक 2 नवम्बर 1964 के आधार पर उनके द्वारा 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक, इनमें से जो पहले हो, के लिये होगी तथा यह नियुक्ति बिना कोई कारण बताये समाप्त की जा सकेगी.
श्री मोहम्मद आरिफ खान, अधिवक्ता, छिन्दवाड़ा को ऐसे विशेष लोक अभियोजक के रूप में कार्य के लिए देय शुल्क आदि विधि और विधायी कार्य विभाग के आदेश क्रमांक 1 ( सी ) एट्रोसिटी- इक्कीस- ब (दो) , दिनांक 24 सितम्बर 2018 के अनुरूप देय होंगे एवं इस संबंध में होने वाला व्यय मांग संख्या 29 - मुख्य शीर्ष-2225- अनुसूचित जातियां, अनुसूचित जनजातियां तथा अन्य पिछड़े वर्गों का कल्याण ( 01 ) अनुसूचित जातियों का कल्याण (800 ) -अन्य व्यय - 0703 - केन्द्र प्रवर्तित योजना अनुसूचित जाति उपयोजना ( सबस्कीम ) योजना ( 5171 ) - विशेष न्यायालयों की स्थापना- 31 -व्यावसायिक सेवाओं हेतु अदायगियां की उपमद- 003 -अभिभाषकों को फीस के अंतर्गत विकलनीय होगा. जिसका भुगतान उक्त शीर्ष से संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा कियाजायेगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गोपाल श्रीवास्तव, सचिव.
खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल, दिनांक 25 फरवरी 2020
क्र. एफ- 11-01 ( 11-1 ) 2006 - उन्तीस- 2.- मध्यप्रदेश शासन , सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 11-02-2019- 1-9, दिनांक 6 मार्च 2019 से निगम मंडल के अध्यक्ष का कार्यभार संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव को सौंपे जाने के आदेश प्राप्त हुए हैं .
(2) उक्त आदेश के परिपालन में राज्य शासन, एतद्वारा , मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन 1962 ( क्रमांक 58 सन् 1962 ) की धारा 20 ( 1 ) ( बी ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्डलॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन के संचालक मंडल में संचालक नियुक्त करते हुए कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से दो वर्ष अथवा आगामी आदेश, जो भी हो तक के लिए संचालक एवं अध्यक्ष नियुक्त करता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, उमाकांत पाण्डेय , उपसचिव.
2183
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
नगरीय विकास एवं आवास विभाग
मंत्रालय , वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 6 मार्च 2020
सूचना
क्र. एफ -3-21-2020-अठारह 5.- मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, ( संशोधित ) 1973 ( क्रमांक 1 सन् 2012 ) , की धारा 23 " क" की उपधारा ( 2 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा, संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश भोपाल की सूचना क्रमांक 4839-टीसी-84-उपां-नाग्रनि-छिन्दवाड़ा 2019 , दिनांक 20 अगस्त 2019 द्वारा प्रस्तावित किये गये अनुसार प्रवर्तित छिन्दवाड़ा विकास योजना 2011 में निम्नानुसार उपांतरण की पुष्टि करती है. उपांतरण ब्यौरे निम्नानुसार हैं:-
खसरा क्र.
अनुसूची
क्षेत्रफल ( हेक्टेयर में )
क्रमांक
ग्राम
(3) (2)
(1)
उपांतरण पश्चात् प्रस्तावित भू- उपयोग
विकास योजना में निर्दिष्ट भू- उपयोग
(5)
(6) (4)
10.360 हेक्टेयर
1/1 1
कुसमैली
औद्योगिक
कृषि
औद्योगिक 29.865 हेक्टेयर
खापाभाट
2
1 एवं 57
कृषि
40.225 हेक्टेयर
योग उपरोक्त उपांतरण छिन्दवाड़ा विकास योजना 2011 का एकीकृत भाग होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
शुभाशीष बैनर्जी, उपसचिव.
भोपाल, दिनांक 6 मार्च 2020
अधि. क्र. 90- एफ1-36-2019-अठारह- 3.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम , 1961 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( ग) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , एतद्वारा , निम्नलिखित नगरपालिका परिषद, हरदा, जिला हरदा में वर्तमान परिषद् के सहविस्तारी कार्यकाल या राज्य शासन के अन्य आदेश तक, जो भी पहले हो तक के लिए उनके नाम के सामने अंकित व्यक्तियों को पार्षद के रूप में नामनिर्दिष्ट करता है:-
नगर परिषद का नाम
(2)
स. क्र. (1)
नामनिर्दिष्ट व्यक्ति का नाम, पिता/पति का नाम एवं पता (2)
क्र. (1)
1 जिला- हरदा
1 नगरपालिका परिषद् हरदा, जिला हरदा 1
श्री गगन अग्रवाल संजय वार्ड , नारायण टाकीज के सामने मेनरोड, हरदा.
भोपाल, दिनांक 9 मार्च 2020
अधि. क्र. 91- एफ 1-36-2019-अठारह -3.- मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 19 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( ग ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए राज्य शासन , एतद्वारा , निम्नलिखित नगरपालिका परिषद सारणी,, जिला बैतूल में वर्तमान परिषद् के सहविस्तारी कार्यकाल या राज्य शासन के अन्य आदेश तक, जो भी पहले हो तक के लिए उनके नाम के सामने अंकित व्यक्तियों को पार्षद के रूप में नामनिर्दिष्ट करता है:-
नगर परिषद का नाम
स. क्र. (1)
(2)
नामनिर्दिष्ट व्यक्ति का नाम, पिता/पति का नाम एवं पता (2)
क्र. (1)
1 जिला- बैतूल
1 नगरपालिका परिषद्, सारणी , जिला बैतूल 1
श्रीमती उज्जवला पांसे निवासी पाथाखेड़ा, सारणी 2
श्री मानिकराव धोटे निवासी सारणी
3
श्री मो. इलियास खान निवासी सारणी
4
श्री मनोज पण्डित निवासी शोभापुर सारणी
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
उमेश कुमार सिंह , उपसचिव.
2184
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
[ भाग 1
(2)
पर्यावरण विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
अध्यक्ष को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आवास का आवंटन किया जाता है , वहां वह मकान किराया भत्ते का हकदार नहीं होगा और यथा अनुज्ञेय अनुज्ञप्ति फीस का संदाय करेगा.
भोपाल , दिनांक 9 मार्च 2020
(3) अध्यक्ष के रूप में अपने कर्तव्यों के संबंध में की गई यात्राओं की बाबत् मध्यप्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव को यथा अनुज्ञेय दरों पर यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ता, चिकित्सा सुविधाएं अनुज्ञेय होगी.
(4)
क्र. एफ 7-1-2019- बत्तीस-3 .- राज्य शासन द्वारा जल ( प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 ( क्रमांक 6 सन् 1974) की धारा 4 की उपधारा ( 2 ) के खण्ड ( क) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग में लाते हुए, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर श्री महेन्द्र सिंह धाकड़, भावसे. 1989 अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक/प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश मत्स्य महासंघ, भोपाल की सेवाएं वन विभाग से प्रतिनियुक्ति पर ली जाकर, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि अथवा 65 वर्ष की आयु जो भी पहले हो, हेतु नामनिर्दिष्ट किया जाता है.
2. सेवा शर्तें-
भत्तों, छुट्टी, कार्यभार ग्रहण करने का समय, कार्यभार ग्रहण समय के वेतन, भविष्य निधि, उपादान, अधिवार्षिकी आयु, सेवा निवृत्ति लाभ और सेवा की अन्य शर्तों के विषय में अध्यक्ष की सेवा की अन्य शर्तें ऐसे नियमों और विनियमों के अनुसार विनियमित होगी जो तत्समय उन स्थानों पर कार्यरत तत्सम वेतनमान वाले अधिकारियों को लागू है.
(1) श्री महेन्द्र सिंह धाकड़ को वर्तमान में धारित पद का वेतनमान देय होगा.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, एन. ए. खान, उपसचिव.
विभाग प्रमुखों के आदेश
कार्यालय, राज्यपाल का सचिवालय,
मध्यप्रदेश, भोपाल
राजभवन , भोपाल, दिनांक 14 फरवरी 2020
क्र. एफ 12-1 - रास- यू.ए. - 5-2012-247.- जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय अधिनियम, 1963 की धारा 25 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए माननीय कुलाधिपतिजी अधिनियम की धारा 25 की उपधारा ( 1 ) के खण्ड ( सात ) एवं ( आठ ) के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा नामनिर्देशित निम्नांकित व्यक्तियों को जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के प्रबंध बोर्ड में सदस्य मनोनीत करते हैं:-
अधिनियम की धारा 25 ( 1 ) (सात ) के अंतर्गत:-
श्री ब्रजेश दत्त अरजरिया , 53 , बलदेव बाग , चेरीटल वार्ड, जबलपुर (म. प्र. ) .
अधिनियम की धारा 25 ( 1 ) ( आठ) के अंतर्गतः- श्री राजीव चौधरी, संचालक कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय, भोपाल (म. प्र. ) . कुलाधिपति, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय , जबलपुर के आदेशानुसार, अभय वर्मा, राज्यपाल के अपर सचिव.
पर्यटन विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल
भोपाल, दिनांक 2 मार्च 2020
क्र. एफ- 01-17-2019- तैंतीस.- राज्य शासन , एतद्वारा, मध्यप्रदेश शासन पर्यटन नीति 2016 ( यथा संशोधित 2019 ) की कंडिका क्रमांक 11.4में किये गये प्रावधान अनुसार विभागीय संक्षेपिका दिनांक 3 फरवरी 2020 के साथ परिशिष्ट 1 पर वर्णित मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2020 कीकंडिका क्रमांक 10 अन्तर्गत नीति के प्रयोजन हेतु फीचर फिल्म से आशय " न्यूनतम 90 मिनिट की सिनेमेटोग्राफिक फिल्म, जो केन्द्रीय सेंसर बोर्ड ( CBFC ) से श्रेणीकृत/प्रमाणीकृत हो तथा सिनेमाघर में प्रक्रियानुसार रिलीज की गई हो " को स्पष्ट करते हुए संलग्न परिशिष्ट 1 " मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2020 " में जोड़कर अनुमोदन किया जाता है.
उक्त आदेश मंत्रि - परिषद् निर्णय के आयटम क्रमांक 13 , दिनांक 19 फरवरी 2020 के संदर्भ में जारी किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
फैज अहमद किदवई , प्रमुख सचिव.
2185
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
मध्य प्रदेश फिल्म पर्यटन नीति 2020
मध्य प्रदेश में फ़ीचर फ़िल्म, वेब सीरीज़ , टीवी सीरियल्स, और रियलिटी शो, डाक्यूमेंट्री के निर्माण/फिल्मांकन के लिये सुविधा/प्रोत्साहन एवं फिल्म पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने हेतु
1. दृष्टिः
मध्य प्रदेश को प्रमुख फिल्म पर्यटन अनुकूल राज्य बनाना और राज्य में फिल्म उद्योग के माध्यम से अधिकाधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न करना ।
2. परिभाषाएं-
"नीति" का अर्थ , मध्य प्रदेश की फिल्म पर्यटन नीति, 2020 से है ।
" राज्य" का अर्थ , मध्य प्रदेश राज्य से है ।
"शासन" का अर्थ , मध्य प्रदेश शासन के विभाग और उसके स्वामित्व वाले उपक्रम से है । "बोर्ड " का अर्थ है, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ।
" प्रबंध संचालक का अर्थ है, प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ।
"केन्द्र शासन " का अर्थ , भारत सरकार एवं इसके उपक्रम से है ।
" फिल्म" की परिभाषा सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 में दी गई है, जो निम्नानुसार है ।
" फिल्म" का अर्थ एक सिनेमैटोग्राफ फिल्म है ।
* भारतीय सिनेमैटोग्राफी अधिनियम 1952 में वेब श्रृंखला , टीवी धारावाहिक/ शो , रियलिटी शो /डाक्यूमेन्ट्री आदि को परिभाषित नहीं किया गया है । अतः नीति के तहत इन्हें लाभ प्रदान करने का निर्णय , " फिल्म फेसीलिटेशन " द्वारा लिया जाएगा , जैसा कि नीति में उल्लेख है ।
3. उद्देश्यः फिल्म पर्यटन नीति के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं : -
3.1 प्रदेश में फिल्म निर्माण को फिल्म निर्माताओं के मध्य पहली पसन्द बनाना।
3.2 फिल्मों की शूटिंग के लिए मध्य प्रदेश को सेन्ट्रल हब के रूप में विकसित करना।
3.3 स्थानीय प्रतिभाओं के लिए रोजगार के अवसरों का विकास करना और उन्हें बढ़ावा देना। 3.4 फिल्म निर्माण हेतु बुनियादी ढांचा तैयार करना।
3.5 फिल्म निर्माण क्षेत्र में राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करना । [ भाग 1 2186
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
.6 प्रचार प्रसार, विपणन एवं ब्रांडिंग के माध्यम से प्रदेश में फिल्मों तथा पर्यटन विकास को गति प्रदान करना।
3.7 प्रदेश के पर्यटन स्थलों को फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पहचान दिलाना। 3.8 प्रदेश में फिल्म शूटिंग की अनुमति की आसान प्रक्रिया बनाई जाना एवं प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा फिल्मांकन को प्रोत्साहित करना ।
3.9 फिल्म निर्माण एवं प्रोत्साहन हेतु सभी आवश्यक उपाय करना।
4. रणनीति : प्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए
यह नीति प्रदेश में पयर्टन प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने में सहायक होगी। फिल्म पर्यटन नीति -2020 के तहत निम्नलिखित उपाय किए जाएंगे -
4.1 समस्त प्रक्रियाओं, अनुमोदन, अनुमति और लाइसेंस की रुकावटों को दूर करने के लिए परिभाषित करना ।
4.2 निवेश को आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन और छूट प्रदान करना ।
4.3 आधारभूत संरचना बनाने के लिए भूमि उपलब्ध करना।
4.4 फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण हेतु एक अनुकूल वातावरण प्रदान करना।
4.5 फिल्म निर्माताओं के लिए बुनियादी ढांचागत सुविधाऐं विकसित करना।
5. सलाहकार /साधिकार समिति : मध्य प्रदेश शासन के परिपत्र क्रमांक एफ 1 / 9-64/ 2019 / 1 / 5 दिनांक 22/12/2016 से साधिकार समिति गठन किया गया है , जो कि प्रदेश में पर्यटन नीति के क्रियानवयन के लिए नीति स्पष्टीकरण/ व्याख्या/विवाद निराकरण हेतु प्राधिकृत है । फिल्म पर्यटन नीति 2020 मूलतः पर्यटन नीति (2016) संशोधित 2019 का ही हिस्सा है अतः इस समिति में प्रमुख सचिव, वाणिज्यकर विभाग को शामिल करते हुए इस समिति द्वारा फिल्म पर्यटन नीति 2020 क्रियान्वयन के लिये नियम स्पष्टीकरण , नियम संशोधन, निर्देश/अनुमोदन. निगरानी का कार्य भी किया जायेगा ।
5.1 साधिकार समिति प्रदेश अन्तर्गत सभी नगर निकायों / ग्रामीण क्षेत्रों के तहत आने वाले स्थलों एवं शासकीय आधिपत्य वाली सम्पत्तियों पर फिल्म शूटिंग के लिये दरों का निर्धारण करेगी तथा यह दरें सम्पूर्ण राज्य में लागू होंगी।
6. फिल्म सुविधा सेल ( फिल्म फेसीलिटेशन सेल ):
6.1 फिल्म पर्यटन नीति को क्रियान्वित करने के लिए, एक समर्पित फिल्म सुविधा प्रकोष्ठ (फिल्म फेसीलिटेशन सेल ) का गठन किया जाएगा। प्रबंध संचालक , मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अध्यक्षता में यह फिल्म फेसीलिटेशन सेल फिल्म पर्यटन हेतु प्रदेश की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा । यह समिति फिल्म पर्यटन नीति 2020 के क्रियान्वयन , प्रक्रिया निर्धारण, 2187
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
आवेदनों के निराकरण संबंधित स्टेक होल्डर्स के साथ समन्वय करेगी तथा फिल्म उद्योग की अद्यतन प्रवृतियों के अनुसार नीति संबंधी सुझाव एवं नियामक सुधार के लिये समय - समय पर प्रस्ताव तैयार करेगी।
6.2 फिल्म सुविधा सेल के सदस्य ( फिल्म फेसीलिटेशन सेल ):
प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म वोर्ड (अध्यक्ष )
अतिरिक्त प्रबंध संचालक , मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ( उपाध्यक्ष )
संचालक , आईपी , मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ( सदस्य )
उपसंचालक, फिल्म पर्यटन , मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ( सदस्य सचिव )
उपसंचालक, वित्त, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ( सदस्य)
पुरातत्व सलाहकार , मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ( सदस्य)
फिल्म उद्योग से संबंधित व्यक्ति निकाय (प्रबंध संचालक द्वारा नामांकित सदस्य)
संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष (आवश्यकतानुसार ) (सदस्य)
6.3 फिल्म फेसीलिटेशन सेल का कार्यक्षेत्रः
6.3.1 सभी आवेदन फिल्म फेसीलिटेशन सेल , मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ऑनलाइन प्राप्त किये जायेगें । ( वेब पोर्टल तैयार न होने तक ऑफलाइन मोड में भी प्राप्त किए जा सकेगें । ) 6.3.2 फिल्म फेसीलिटेशन सेल फिल्म अनुदान हेतु आवेदक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों/ देयको की जांच करने के लिए स्वयं के स्तर पर एक विभागीय वित्त समिति का गठन करेगा । 6.3.3 फिल्म फेसीलिटेशन सेल राज्य में फिल्म शूटिंग में सहयोग करने वाले लाइन प्रोडयूसर को पंजीकृत करने हेतु कार्यवाही करेगा।
6.3.4 फिल्म फेसीलिटेशन सेल फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ( FTII ) पुणे एवं सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कोलकाता , नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, नई दिल्ली तथा अन्य समकक्ष संस्थानों में मध्य प्रदेश के अध्ययनरत छात्रों को वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए चयन प्रक्रिया निर्धारित करेगा ।
6.3.5 फिल्म फेसीलिटेशन सेल फिल्म पर्यटन नीति-2020 के संबंधी विस्तृत दिशा- निर्देश, नियम, प्रक्रिया, मापदण्ड एवं अन्य सभी प्रपत्र एवं अनुबंध इत्यादि जो कि नीति के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक हो , को निर्धारित /लागू करने हेतु प्राधिकृत होगा ।
6.3.6 फिल्म फेसीलिटेशन सेल फिल्म नीति संबंधी आवेदन शुल्क/पंजीकरण शुल्क आवश्यकता होने पर तय कर सकेगा। [ भाग 1 2188
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
6.3.7 फिल्म फेसीलिटेशन सेल प्रदेश की फिल्म पर्यटन नीति तथा फिल्म शूटिंग हेतु सभी संभावित स्थानों का संकलित विवरण समय - समय पर प्रकाशित करेगा एवं प्रिन्ट तथा डिजिटल मीडियों के माध्यम से प्रचार- प्रसार हेतु कार्य करेगा।
7. क्रियान्वयन :
7.1 सम्पूर्ण नीति एवं प्रपत्र मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की वेवसाइट पर उपलब्ध कराये जाएगें । 7.2 यह नीति सभी पात्र राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के फिल्म शूटिंग अनुमति लेने और अनुदान आवेदनों पर लागू होगी।
7.3 फिल्म शूटिंग की अनुमति और फिल्म निर्माण हेतु अनुदान आवेदन करने से पूर्व एक बार (One Time ) ऑन लाईन रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा ।
7.4 अनुदान हेतु आवेदित परियोजना में दृष्य / श्रव्य माध्यम से देश / प्रदेश एवं प्रदेश के लोगों के बारे में कोई प्रतिकूल अथवा नकारात्मक दृश्य /संवाद न हो, इसका परीक्षण फिल्म फेसीलिटेशन सेल अनुदान स्वीकृति पूर्व कर सकेगा।
7.5 फिल्म फेसीलिटेशन सेल फिल्म शूटिंग हेतु प्राप्त आवेदनों को समय पर अनुमति प्रदान करना सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों अधिकारियों के साथ समन्वय करेगा।
7.6 फिल्म अनुदान हेतु आवेदित परियोजना के पूर्ण/ प्रसारित होने के पश्चात निर्माता द्वारा निर्धारित प्रारूप में अनुदान हेतु आवश्यक सहपत्रों सहित मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड में आवेदन प्रस्तुत करेगा। अनुदान हेतु परियोजना लागत ( COP ) के मान्य प्रमुख व्यय मद संलग्न परिशिष्ट " अ " अनुसार होगें।
7.7 प्रबंध संचालक द्वारा गठित वित्तीय समिति अनुदान प्रमाणों का परीक्षण करेगी, तथा अपनी अनुशंसा के साथ निर्णय के लिये फिल्म फेसीलिटेशन सेल के अध्यक्ष को प्रेषित करेगी । 7.8 अध्यक्ष फिल्म फेसीलिटेशन सेल के अनुमोदन के बाद आवेदक को एक अनुदान स्वीकृति पत्र जारी किया जाएगा ।
7.9 अनुदान राशि का भुगतान आवेदक को ऑनलाइन किया जाएगा ।
7.10 अनुदान राशि का भुगतान समस्त आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति पश्चात कार्यालय में प्रस्तुत दिनांक से 45 कार्य दिवस की अधिकतम समयसीमा के अंदर किया जायेगा। 8. सिंगल विंडो क्लीयरेंस :
मध्य प्रदेश में शूटिंग करने के इच्छुक फिल्म निर्माताओं के लिए एकल बिन्दु इंटरफेस प्रदान करने तथा समयबद्ध अनुमति तंत्र के लिए एक समर्पित ऑनलाइन फिल्म वेब पोर्टल तैयार किया जाएगा । सभी आवेदन फिल्म फेसीलिटेशन सेल द्वारा ऑनलाइन तरीके से (वेव पोर्टल तैयार न होने 2189
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
*सक ऑफलाइन ) प्राप्त किए जाएंगे और संबंधित विभाग से समन्वय कर अनुमति हेतु कार्रवाई की जावेगी। यह समर्पित पोर्टल फिल्म पर्यटन नीति के संबंध में सूचना- प्रसार के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करेगा और नियमों , विनियमों, अनुदान और अन्य सुविधा सेवाओं से संबंधित जानकारी भी प्रदान करेगा ।
फिल्म फेसीलिटेशन सेल सभी फिल्म निर्माताओं/ आवेदकों को शूटिंग की अनुमतियों के लिए आवश्यक सहायता, समन्वय एवं सुविधा उपलब्ध कराएगा।
प्रत्येक जिले में एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में प्राधिकृत किया जायेगा , जो कि फिल्म नीति 2020 के क्रियान्वयन में जिला स्तर पर सहयोग एवं समन्वय करेगा । 9. राज्य में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार- प्रसार एवं प्रोत्साहन सहायताः फिल्म पर्यटन नीति के माध्यम से राज्य सरकार मनोरंजन उद्योग के विकास के लिये प्रतिबद्ध है । फिल्म संबंधी हितधारकों के लिए अधिकाधिक अवसर पैदा करने की दृष्टि से, राज्य सरकार विभिन्न प्रयास करेगी । प्रचारक गतिविधियों के तहत विभिन्न थीम पार्क , सेल्फी पॉइंट , फिल्म फेस्टिवल और फिल्म अवार्ड आदि विकसित किए जाएंगे। फिल्म फेसीलिटेशन सेल विभिन्न राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों, गोष्ठी , सेमीनार आदि में भागीदारी पर निर्णय लेगा, जो राज्य में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेंगे । प्रदेश में भी राष्ट्रीय / अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह/ गोष्ठी/ सेमीनार आयोजित किये जायेगें तथा देश के प्रमुख फिल्म निर्माताओं के फेम टूअर्स आयोजित किये जायेगें । प्रदेश के फिल्म शूटिंग स्थलों पर फिल्मांकित की गई फिल्मों के स्थलों को पर्यटक आकर्षण हेतु पर्यटन उत्पाद के रूप में विकसित कर प्रचार-प्रसार किया जायेगा।
फिल्म फेसेलीटेशन सेल द्वारा फिल्म नगरी मुम्बई में निर्माताओं को प्रदेश में फिल्म बनाने के लिए आकर्षित करने / सुविधा प्रदान करने के लिए शाखा कार्यालय आवश्यकतानुसार स्थापित किये जाने पर विचार किया जाएगा ।
10. फिल्म पर्यटन नीति अन्तर्गत वित्तीय प्रोत्साहन -
फिल्म सुविधा सेल, पर्यटन विभाग मध्य प्रदेश में फिल्म निर्माण/टीवी सीरियल/ वेव श्रंखला आदि एवं अन्य नीति संबंधित प्रावधानों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा ।
फिल्म निर्माताओं को राज्य में अपनी फिल्मों के अधिकाधिक फिल्मांकन करने के दृष्टिकोण से प्रदेश में किसी भी भाषा में फिल्म निर्माण किये जाने पर अनुदान हेतु निम्न पात्रता मापदण्ड निर्धारित किये जाते है : - [ भाग 1 2190
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
#10.1 फीचर फिल्मों के लिए अनुदानः
10.1.1 पहली फिल्म की शूटिंग के लिए अनुदानः
मापदंड
क्र. पहली फिल्म के लिए अनुदान
1 रु. 1 करोड़ तक या फिल्म की कुल लागत ( COP ) का 25 %, जो भी कम हो
फिल्म की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
2 रु. 1.50 करोड़ तक या फिल्म की कुल लागत ( COP ) का 25 %, जो भी कम हो
फिल्म की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 75 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
10.1.2 दूसरी फिल्म की शूटिंग के लिए अनुदानः
मापदण्ड
क्र. दूसरी फिल्म के लिए अनुदान
1 रु. 1.25 करोड़ तक या फिल्म की कुल लागत ( COP) का 25 %, जो भी कम हो
फिल्म की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
2 रु . 1.75 करोड़ तक या फिल्म की कुल लागत ( COP ) का 25% , जो भी कम हो
फिल्म की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 75 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
10.1.3 तीसरी और आगे की फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुदान
मापदंड
क्र. तीसरी और आगे की फिल्मों के लिए अनुदान
1 रु . 1.50 करोड़ तक या फिल्म की कुल लागत ( COP ) का 25%, जो भी कम हो
फिल्म की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
2 रु. 2.00 करोड़ तक या फिल्म की कुल लागत ( COP ) का 25 %, जो भी कम हो
फिल्म की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 75 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
यदि प्रदेश में 75 प्रतिशत से अधिक शूटिंग दिवस वाली फीचर फिल्म के फिल्मांकन में मध्य प्रदेश को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया हो, तथा प्रदेश के पर्यटन को सीधे तौर पर बढ़ावा मिलता है, तो ऐसी फिल्म को प्रत्येक श्रेणी ( प्रथम, द्वितीय , तृतीय एवं आगामी फिल्म ) में रूपये 50.00 लाख अतिरिक्त प्रोत्साहन अनुदान दिया जा सकेगा, जिसका निर्णय फिल्म फेसेलिटेशन सेल द्वारा लिया जायेगा।
मध्यप्रदेश विशेष ब्राण्डिंग ( MP Specific Film ) की दृष्टि से प्रदेश पर आधारित कहानी / स्क्रिप्ट पर प्रदेश में फिल्मांकन एवं फिल्म निर्माण हेतु फिल्म की परियोजना लागत के 50 प्रतिशत 2191
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
अथवा रूपये 5.00 करोड़ जो भी कम हो, का विशेष अनुदान प्रदान किया जा सकेगा । इस प्रकार के अनुदान विषयक निर्णय के लिए साधिकार समिति अधिकृत होगी।
10.1.4 राज्य में फिल्म शूटिंग का प्रतिशत सम्पूर्ण फिल्म के कुल शूटिंग दिनों में से मध्य प्रदेश में शूटिंग किए गए दिनों की संख्या के अनुपात में गिना जाएगा।
10.1.5 राज्य में शूटिंग दिनों की संख्या की जानकारी संबंधित जिले के जिला कलेक्टर द्वारा सत्यापित की जाएगी ।
10.1.6 यदि फिल्म निर्माता मध्य प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को कार्य का अवसर दे रहा है, तो अतिरिक्त अनुदान के रूप में, न्यूनतम 3 प्रमुख स्तर ( कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर ) के कलाकारों के लिये अधिकतम 25 लाख रु. प्रदान किए जाएंगे और न्यूनतम 5 द्वितीयक स्तर ( कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर के अतिरिक्त अन्य प्रमुख कैरेक्टर ) के कलाकारों के लिये अधिकतम 10.00 लाख रूपये अथवा उक्त दोनों श्रेणियों हेतु कलाकारों के वास्तविक भुगतान की 50 प्रतिशत राशि जो भी कम हो प्रदान की जाएगी। यह राशि भुगतान किये गये दस्तावेजों के आधार पर आवेदक को प्रदान की जावेगी ।
10.1.7 फिल्म निर्माण की कुल लागत ( COP) और कुल शूटिंग दिवसों की संख्या जो कि आवेदन में प्रस्तुत की गयी है, का निर्णय आवेदक द्वारा आवेदन के साथ प्रस्तुत की गयी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा ।
10.1.8 फिल्म शूटिंग/टी.वी. धारावाहिक/टी.वी. शो / OTT प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होने वाली वेव सीरीज ओरिजनल शो, डाक्यूमेंट्री हेतु अनुमति शुल्क की प्रतिपूर्तिः-
मापदंड
क्र. अनुदान
1 राज्य में भुगतान किए शूटिंग अनुमति के वास्तविक शुल्क का 50% प्रतिपूर्ति
फिल्म शूटिंग/ OTT प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होने वाली वेव सीरीज ओरिजनल शो/ डाक्यूमेंट्री की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
टी.वी. धारावाहिक/टी.वी . शो राज्य में न्यूनतम 90 दिवसों की शूटिंग होने पर
2 राज्य में भुगतान किए शूटिंग अनुमति के वास्तविक शुल्क का 75 % प्रतिपूर्ति
फिल्म शूटिंग/ OTT प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होने वाली वेब सीरीज ओरिजनल शो / डाक्यूमेंट्री की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 75 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
टी.वी. धारावाहिक/टी.वी. शो राज्य में न्यूनतम 180 दिवसों की शूटिंग होने पर [ भाग 1 2192
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
10.1.9 यदि आवेदित फीचर फिल्म परियोजना द्वारा न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस का मापदण्ड पूर्ण नहीं किया जाता है , किन्तु निर्मित फीचर फिल्म में कुल स्क्रीन समय का क्रमशः 20 एवं 10 प्रतिशत भाग मध्य प्रदेश में शूटिंग किये गये दृश्यो को दिया गया हो , तथा आवेदक फीचर फिल्म परियोजना में मध्य प्रदेश की ब्राण्डिंग विशेष रूप से है , को क्रमशः अधिकतम रूपये 75.00 लाख एवं रूपये 50.00 लाख वित्तीय अनुदान दिया जा सकेगा , जिसका परीक्षण फिल्म फेसीलिटेशन सेल द्वारा किया जायेगा ।
10.1.10 दक्षिणी राज्यों में क्षेत्रीय भाषाओं (तामिल, तेलगू, कन्नड़ एवं मलयालम ) में सिनेमा एक प्रमुख एवं प्रभावी उद्योग है, तथा वहाँ क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के लिए दर्शक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। मध्य प्रदेश में इन राज्यों से आने वाले पर्यटकों की संख्या कम है । अतः प्रदेश के पर्यटन महत्व के स्थलों को दक्षिणी राज्यों में लोकप्रियता बढ़ाने के लिए दक्षिणी राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं यथा तामिल , तेलगू, कन्नड़ एवं मलयालम फिल्मों को उपरोक्त कण्डिका 10.1 के सभी मापदण्डों को पूर्ण करने पर उपरोक्त प्रावधानों के अतिरिक्त 10 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जा सकेगा ।
* उपरोक्त अनुदान राज्य के भीतर के ASI , पुरातत्व, स्थानीय नगर निकायों, पर्यटन विभाग, वन विभाग , सिंचाई विभाग , पीडब्ल्यूडी और सभी राज्य या केंद्र सरकार के प्रतिष्ठान / स्मारकों पर लगने वाले सभी प्रकार के अनुमति शुल्क पर देय होगा।
* जो प्रस्ताव अनुमति शुल्क की छूट के लिये उपरोक्त दायरे में नही आते ( यथा 50 प्रतिशत से कम शूटिंग दिवस वाले फिल्म प्रस्ताव ) उनके लिये शूटिंग स्थलों पर लगने वाले शुल्क को रियायत / निशुल्क करना एफएफसी के विवेकाधीन होगा।
* फिल्म फेसीलिटेशन सेल फिल्म निर्माताओं को अनुदान प्रदान करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश और प्रक्रिया जारी करेगा ।
10.2 टीवी धारावाहिक/ शो के लिए अनुदानः-
क्र.
मानदंड
अनुदान
1 रु. 50 लाख तक या टीवी धारावाहिक/ शो की कुल लागत ( COP) का 25 %, जो भी कम हो
राज्य में न्यूनतम 90 दिवसों की शूटिंग होने पर 2 रु . 1.00 करोड़ तक या टीवी धारावाहिक शो की कुल लागत ( COP) का 25 % , जो भी कम हो
राज्य में न्यूनतम 180 दिवसों की शूटिंग होने पर 10.2.1 राज्य में शूटिंग दिनों की संख्या की संबंधित जानकारी संबंधित शूटिंग जिले के जिला कलेक्टर द्वारा सत्यापित की जाएगी ।
10.2.2 उपर्युक्त अनुदान केवल उन आवेदको को प्रदान किया जावेगा , जो कि GEC ( General Entertainment Channels ) से विधिवत टेलीकास्ट शेड्यूल जारी कराकर प्रस्तुत करेगें । 2193 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
10.2.3 यदि टीवी धारावाहिक / शो निर्माता मध्य प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को कार्य का अवसर दे रहा है , तो अतिरिक्त अनुदान के रूप में , न्यूनतम 3 प्रमुख स्तर ( कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर ) के कलाकारों के लिये कुल अनुदान अधिकतम 25.00 लाख रु. तक प्रदान किए जाएंगे और न्यूनतम 5 द्वितीयक स्तर ( कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर के अतिरिक्त अन्य प्रमुख कैरेक्टर ) के कलाकारों के लिये कुल अनुदान अधिकतम 10.00 लाख रुपये अथवा उक्त दोनों श्रेणियों हेतु कलाकारों के वास्तविक भुगतान की 50 प्रतिशत राशि जो भी कम हो प्रदान की जाएगी। यह अनुदान राशि प्राप्तकर्ता कलाकारों को राशि भुगतान किये गये दस्तावेजों के आधार पर आवेदक को प्रदान की जाएगी.
10.3 OTT (Over the Top ) प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होने वाली वेब सीरीज ओरीजनल शो के लिए अनुदान:-
क्र.
मापदंड
अनुदान
1
वेब सीरीज ओरीजनल शो की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
रु. 50.00 लाख तक या वेब सीरीज ओरीजनल शो की कुल लागत ( COP ) का 25 % , जो भी कम हो
2
वेव सीरीज/ ओरीजनल शो की सम्पूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 75 % शूटिंग दिवस मध्य प्रदेश में हों ।
रु. 1.00 करोड़ तक या वेव सीरीज ओरीजनल शो की कुल लागत ( COP) का 25 % , जो भी कम हो
10.3.1 राज्य में शूटिंग दिनों की संख्या की जानकारी संबंधित शूटिंग जिले के जिला कलेक्टर द्वारा सत्यापित की जाएगी ।
10.3.2 यदि वेब सीरीज निर्माता मध्य प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को कार्य का अवसर दे रहा है . तो अतिरिक्त अनुदान के रूप में, न्यूनतम 3 प्रमुख स्तर ( कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर ) के कलाकारों के लिये कुल अनुदान अधिकतम 25.00 लाख रु. तक प्रदान किए जाएंगे और न्यूनतम 5 द्वितीयक स्तर ( कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित होने वाले कैरेक्टर के अतिरिक्त अन्य प्रमुख कैरेक्टर ) के कलाकारों के लिये कुल अनुदान अधिकतम 10.00 लाख रुपये अथवा उक्त दोनों श्रेणियों हेतु कलाकारों के वास्तविक भुगतान की 50 प्रतिशत राशि जो भी कम हो प्रदान की जाएगी । यह अनुदान राशि प्राप्तकर्ता कलाकारों को राशि भुगतान किये गये दस्तावेजों के आधार पर आवेदक को प्रदान की जाएगी ।
10.3.3 उपर्युक्त अनुदान केवल उन आवेदको को प्रदान किया जावेगा , जो कि OTT ( Over the Top ) प्लेटफार्म से विधिवत टेलीकास्ट शिडयूल / रिलीज सर्टीफिकेट जारी कराकर प्रस्तुत करेगें।
वेब सीरिज/ओरीजनल शो के OTT ( Over The Top ) प्लेटफार्म शूटिंग से संबंधित गाइड लाईन समय- समय पर एफएफसी द्वारा जारी की जा सकेगी , जो कि भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से प्राप्त होने वाले दिशा निर्देशों के अधीन रहेगी । [ भाग 1 2194
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
चूंकि वर्तमान में OTT ( Over The Top ) प्लेटफार्म के लिये कोई प्रमाणीकरण के मापदण्ड नही है । अतः एफएफसी समिति इसकी स्क्रिप्ट सामग्री के निर्धारण एवं अनुदान स्वीकृति हेतु पूर्ण रूप से अधिकृत होगी ।
10.4 मध्य प्रदेश में शूट होने वाली डाक्यूमेन्ट्री फिल्मों के लिए अनुदान -
अनुभवी एवं प्रतिष्ठित डाक्यूमेन्ट्री फिल्मों के निर्माताओं को प्रदेश से संबंधित डाक्यूमेंट्री निर्माण हेतु प्रोत्साहित करने के उददेश्य से मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों , वाइल्ड लाईफ, संस्कृति, खानपान , हस्तशिल्प, धार्मिक पर्वों/ उत्सवों, रहन- सहन/ टैक्सटाइल , प्रदेश के लोगों , विशिष्ट व्यक्तियों, प्रदेश से जुड़ी विरासत / इतिहास एवं कहानियों आदि पर बनाई गई डाक्यूमेंट्री, जो कि मध्य प्रदेश में शूट की जायेगीं , को वित्तीय अनुदान निम्नानुसार उपलब्ध कराया जावेगाः-
10.4.1 राष्ट्रीय स्तर पर रिलीज होने वाली डाक्यूमेन्ट्री फिल्म के लिए रूपये 20.00 लाख तक या कुल परियोजना लागत का 50 % तक जो भी कम हो ।
10.4.2 अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज होने वाली डाक्यूमेन्ट्री फिल्म के लिए रूपये 40.00 लाख तक या कुल परियोजना लागत का 50 % तक जो भी कम हो ।
10.5 अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म शूटिंग/टी.वी. धारावाहिक/टी.वी. शो/OTT प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होने वाली वेब सीरीज/ओरिजनल शो परियोजनाओं द्वारा प्रदेश में न्यूनतम 07 दिवस शूटिंग किये जाने पर प्रदेश में किये गये व्यय की 10 प्रतिशत एवं मध्य प्रदेश की विशेष ग्रांण्डिंग होने पर अधिकतम 25 प्रतिशत राशि तक वित्तीय सहायता के रूप में प्रतिपूर्ति की जायेगी , जिसकी अधिकतम सीमा 10.00 करोड़ रूपये तक होगी , जिसका निर्णय फिल्म फेसेलिटेशन सेल द्वारा लिया जावेगा ।
उपरोक्त सुविधा उन राष्ट्रीय फीचर फिल्म निर्माताओं को भी प्राप्त होगीं , जिनकी फीचर फिल्म परियोजना लागत रूप में 100.00 करोड़ से अधिक होगी। ऐसी इकाईयों को यह विकल्प होगा कि वे कंण्डिका 10 अन्तर्गत प्रावधानित अनुदान सुविधा अथवा उपरोक्त वर्णित सुविधा में से किसी भी एक का चयन कर सकें ।
फिल्म संबंधी सभी अनुदान और प्रतिपूर्ति , फिल्म प्रमाणन बोर्ड से U अथवा UA प्रमाण-पत्र प्राप्त करने एवं फिल्म रिलीज होने पर दिये जायेगें । इसी प्रकार टीवी धारावाहिक/ वेब श्रृंखला आदि के संबंध में टीवी चैनल / मीडिया प्लेटफार्म पर रिलीज होने पर देय होगी । मध्य प्रदेश में फिल्म रिलीज होने को भी अखिल भारतीय रिलीज माना जाएगा । उक्त स्पष्टीकरण बिंदु क्रमांक 10 के सभी विवरणों पर लागू होगा ।
11. बुनियादी ढांचे का विकासः राज्य में फिल्म निर्माताओं एवं पर्यटको की सुविधा एवं आसानी के लिये बुनियादी ढांचे यथा सड़कें , परिवहन , वायुयान सम्पर्कता, रेल सम्पर्कता , पर्यटन स्थलों / शूटिंग स्थलों के करीब आवास सुविधा वृद्धि आदि के लिये राज्य सरकार यथा संभव प्रयास करेगी।
12. सर्विस इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकासः फिल्मों के लिये आवश्यक सहयोगी सेवाऐं जैसे आवास , भोजन. आदि जो मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित है , पर फिल्म के कलाकारों और सहयोगी दल को प्रकाशित / निर्धारित दरों पर , 40 प्रतिशत तक की रियायत प्रदान की जावेगी । इसके
10 2195 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
साथ ही राज्य सरकार के स्वामित्व की विभिन्न संस्थाओं यथा-स्पोर्टस अकादमी, एडवेंचर स्पोर्टस अकादमी, बोट क्लब्स आदि के द्वारा भी रियायती दरों पर सुविधाएँ प्रदान की जायेंगी ।
13. विशिष्ट आधारभूत संरचना सहायताः राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में उपलब्ध हवाई पटिट्यों और हेलिकॉप्टर्स को निर्धारित शुल्क के साथ फिल्म निर्माताओं को उपयोग की अनुमति दी जा सकेगी। 14. फिल्म मेकिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए प्रोत्साहनः राज्य सरकार निजी निवेशक संस्थाओं को फिल्म संबंधित उपकरण क्रय करने/आयात करने के लिये पर्यटन नीति ( 2016 ) संशोधित 2019 में उल्लेखित प्रावधानों के अन्तर्गत प्रोत्साहित करेगी।
15. भौतिक आधारभूत संरचना बनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहनः -
15.1 मध्य प्रदेश की पर्यटन नीति ( 2016 ) संशोधित 2019 के अन्तर्गत राज्य में फिल्म स्टूडियो और फिल्म निर्माण के लिए स्थायी प्रकृति के बुनियादी ढांचे के निर्माण और उपकरणों की स्थापना पर अनुदान प्रदान करने का प्रावधान है । पर्यटन नीति की धारा 6 के तहत उप - खंड 6.8 . निम्नलिखित अनुदान का प्रावधान है-
अनुदान योजना
अनुदान की अधिकतम सीमा (रुपये लाख में )
स्थायी पूंजीगत व्यय पर अनुदान का प्रतिशत
न्यूनतम
परियोजना व्यय
(लाख में रुपये
लाख में)
500
100
15%
फिल्म स्टूडियो एवं फिल्म निर्माण हेतु स्थायी अधोसंरचना निर्माण एवं उपकरणों की स्थापना/म्यूजियम , एक्वेरियम , थीम पार्क स्थापना पर पूंजीगत अनुदान
मध्य प्रदेश के पर्यटन नीति 2016 (संशोधित 2019 ) के खंड संख्या 6.8 में उल्लिखित अधोसंरचना के अलावा, फिल्म क्षेत्र के कौशल विकास केंद्र और स्टार्ट-अप परियोजनाओं को भी खंड संख्या 6.8 के प्रावधान अन्तर्गत शामिल किया जाता है । उक्त परियोजनाऐं खंड संख्या 6.8 में उल्लेखित अनुदान हेतु पात्र होंगी। 2196
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
15.2 मध्य प्रदेश के पर्यटन नीति 2016 ( संशोधित 2019 ) की कण्डिका क्रमांक 5.16 " फिल्म स्टूडियों एवं फिल्म निर्माण हेतु अधोसंरचना निर्माण एवं उपकरणों की स्थापना " गतिविधियाँ नीति के खण्ड संख्या 6.19 के अनुसार बड़े / मेगा/अल्ट्रा मेगा पर्यटन परियोजनाएं उनकी श्रेणी के अनुसार निवेश संवर्धन सहायता के लिए पात्र होगे: - परियोजना श्रेणी
परियोजना श्रेणी हेतु न्यूनतम निवेश
परियोज ना श्रेणी हेतु न्यूनतम (प्रदेश के लोगो को) रोजगार
50 वृहद रु. 10 करोड़ अथवा उससे अधिक
मेगा
100
रु. 50 करोड़ अथवा उससे अधिक
200 अल्ट्रा मेगा
रु. 100 करोड़ अथवा उससे अधिक
वर्षवार निवेश सहायता राशि भुगतान का प्रतिशत
चतुर्थ वर्ष प्रथम वर्ष
द्वितीय वर्ष
तृतीय वर्ष
निवेश प्रोत्साहन सहायता राशिकी अधिकतम सीमा
इकाई द्वारा स्थायी पूंजी निवेश पर यूनिट प्रोत्साहन सहायता का प्रतिशत
30%
10% 10% 5% 5% 15 करोड़
30%
30 करोड 10% 10% 5% 5%
30%
10% 10% 5% 5% 90 करोड़
पर्यटन नीति ( 2016 ) संशोधित 2019 के मापदंड और प्रक्रिया के अनुसार उपरोक्त अनुदान का क्लेम किया जा सकता है। किंतु फिल्म निर्माण/ टी.वी . धारावाहिक/ शो निर्माण OTT प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होने वाले वेब सीरीज ओरिजनल शो निर्माण एवं डाक्यूमेन्ट्री निर्माण परियोजनाएं इस प्रावधान के तहत नहीं आयेंगी । 16. फिल्म सिटी
मध्य प्रदेश सरकार राज्य में फिल्म सिटी स्थापित करने हेतु प्रयास करेगी , ताकि एक ही स्थान पर फिल्म निर्माताओं के लिए पूर्ण बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो सके। निजी क्षेत्र की सहायता से फिल्म सिटी/शहरों / फिल्म लैब की स्थापना की संभावनाओं का आकलन करने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा एक विशेषज्ञ एजेंसी के माध्यम से व्यवहार्यता अध्ययन कराया जाएगा तथा क्रियान्वयन हेतु एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी ।
राज्य सरकार प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना के लिए पर्यटन नीति 2016 (संशोधित 2019 ) के अनुसार भूमि भी प्रदान करेगी और सक्रिय बुनियादी ढांचे के निर्माण में सक्रिय रूप से सहयोग करेगी । 2197
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
17. फिल्म स्टूडियो एवं लैब: -
राज्य सरकार प्रदेश में फिल्म स्टूडियो और प्रोसेसिंग लैब की स्थापना हेतु निजी निवेश को बढ़ावा देगी ।
18. भूमि बैंकः -
फिल्म पर्यटन परियोजनाओं की स्थापना के लिए प्रदेश में पर्यटन नीति 2016 (संशोधित 2019 ) की भूमि आवंटन नीति के अनुसार विभिन्न फिल्म उद्योग संबंधी अधोसंचरचना की स्थापना के लिए पर्यटन भूमि बैंक से भूमि आवंटित की जा सकेगी । फिल्म, मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग के लिए, निजी निवेश के माध्यम से विशेष क्षेत्र विकसित किये जाएँगे , जिसमें और इन्हीं परियोजनाओं के लिए शासकीय भूमि लीज पर आवंटित की जाएगी। यह लैंड बैंक निम्नलिखित परियोजनाओं के लिए उपलब्ध होगा:
18.1 फिल्म संबंधी कौशल विकास केंद्र,
18.2 फिल्म संस्थान और प्रशिक्षण केंद्र,
18.3 फिल्म स्टूडियो और लैब, पोस्ट प्रोडक्शन केन्द्र, VFX ,
18.4 फिल्म सिटी,
18.5 इन्क्यूबेशन केंद्र,
18.6 स्टार्ट-अप प्रोजेक्ट ।
भूमि आवंटन उपरान्त निर्धारित प्रीमियम राशि का भुगतान किश्तों में करने की सुविधा आवंटी को होगी । आवंटी को निम्नानुसार किश्तों में प्रीमियम राशि जमा करनी होगी : -
अ- प्रीमियम का 10 प्रतिशत ( GST सहित ) आवंटन आदेश जारी होने के 30 दिवस के भीतर । ब- प्रीमियम का 15 प्रतिशत ( GST सहित ) लीज निष्पादन उपरान्त आधिपत्य प्राप्ति के समय । स- प्रीमियम का 25 प्रतिशत ( GST सहित ) परियोजना निर्माण कार्य प्रारम्भ करते समय । द- प्रीमियम का 50 प्रतिशत ( GST सहित ) परियोजना पूर्ण होने के दिनांक से 180 दिवस के भीतर ।
19. फिल्म स्क्रीनिंगः
मध्य प्रदेश में वर्तमान में लगभग 59 मल्टीप्लेक्स इकाइयाँ हैं, जिनमें 156 मल्टी- स्क्रीन तथा लगभग 149 सिंगल स्क्रीन हैं । हालाँकि, राज्य के अधिकांश सिंगल स्क्रीन सिनेमा खराब स्थिति में हैं और उनके नवीनीकरण/ जीर्णोद्धार की आवश्यकता है । राज्य में कई ऐसे छोटे शहर व कस्बे हैं , जिनमें सिनेमा हॉल उपलब्ध नहीं हैं । अतः राज्य में मौजूदा सिनेमा हॉल / मल्टीप्लेक्स को सहयोग प्रदान करना और नये सिनेमा हॉल/ मल्टीप्लेक्स की स्थापना को बढ़ावा देने की आवश्यकता है । [ भाग 1 2198
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
119.1 सिंगल स्क्रीन सिनेमाः
राज्य सरकार एकल स्क्रीन सिनेमाघरों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए नगर निगम क्षेत्रों के अलावा अन्य स्थानों पर कम लागत वाले एकल स्क्रीन सिनेमाघरों की स्थापना के लिए किये गए पूंजी निवेश पर 15 प्रतिशत पूंजी अनुदान प्रदान करेगी । यह सुविधा केवल गाँव / शहर में स्थापित किए जा रहे प्रथम 03 नवीन एकल स्क्रीन सिनेमाघरों के लिए उपलब्ध होगी। सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल के विकास पर सब्सिडी निम्नानुसार प्रदान की जाएगीः
अनुदान योजना न्यूनतम परियोजना व्यय
अनुदान की अधिकतम सीमा
स्थायी पूंजीगत व्यय पर अनुदान का प्रतिशत
एकल स्क्रीन सिनेमाघर रु. 50 लाख
15%
रु. 50 लाख 19.2 मौजूदा सिनेमाघर के पुर्नउद्धार एवं अद्धतन् कार्य हेतु सहायता-
सिनेमा हॉल में फिल्म देखने को बढ़ावा देने के लिए , मौजूदा सिनेमा हॉल में उपलब्ध सुविधाओं और तकनीक को आधुनिक बनाना और उन्नत करना महत्वपूर्ण है इस नीति के लागू होने के दिनांक से बंद हो चुके सिनेमाघरों को फिर से क्रियाशील करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा एवं सिनेमाघरों से सम्बद्ध अन्य वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए अनुमति प्राप्त करने में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर सहायता दी जाएगी । मौजूदा बंद सिनेमा हॉल के उन्नयन पर राज्य सरकार निम्नलिखित वित्तीय लाभ प्रदान करेगी ।
अनुदान योजना
न्यूनतम परियोजना व्यय
अनुदान की अधिकतम सीमा
स्थायी पूंजीगत व्यय पर अनुदान का प्रतिशत
सिनेमाघरों का उन्नयन रु. 25 लाख
15%
रु . 50 लाख सिनेमाघर से आशय 100 कुर्सी दक्षता वाले सिनेमा प्रदर्शन हॉल , बुकिंग विंडो, दर्शक सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों व पार्किंग व्यवस्था आदि से होगा ।
19.3 मल्टीप्लेक्स की स्थापना को प्रोत्साहित करनाः-
मल्टीप्लेक्स सिनेमा में एक से अधिक फिल्म चलाने के लिए स्क्रीन की संख्या समवर्ती होती है, जिससे दर्शकों के लिए एक ही समय में एक से अधिक फिल्मों के अवसर उपलब्ध होते हैं । मध्य प्रदेश में नवीन मल्टीप्लेक्स की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए, जिनमें एक या अधिक सिनेमा स्क्रीन हों को वित्तीय सहायता निम्नानुसार प्रदान की जायेगी।
अनुदान योजना न्यूनतम परियोजना व्यय
अनुदान की अधिकतम सीमा
स्थायी पूंजीगत व्यय पर अनुदान का प्रतिशत
मल्टीप्लेक्स
15%
रु. 1 करोड़
रु. 75 लाख 2199
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
20. कौशल विकास और क्षमता निर्माण: मध्य प्रदेश राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं दोनों के लिए पसंदीदा फिल्म शूटिंग गंतव्य के रूप में उभरा है , परन्तु राज्य मे कुशल कार्यवल उपलब्ध न होने के कारण निर्माता अपने साथ प्रदेश के बाहर के तकनीशियन , कलाकार एवं अन्य कार्यबल साथ लेकर राज्य के शूटिंग गंतव्यो की यात्रा करता है , जिससे निर्माताओ को अधिक लागत व्यय करनी पड़ती है ।
मध्य प्रदेश में प्रतिभावान लेखक , संगीतकार , निर्माता, डिजाइनर और कलाकारों की प्रचुर संभावनाएं है, जो कि फिल्म निर्माण गतिविधियों में सहयोग कर सकते हैं । फिल्म क्षेत्र में कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण हेतु भी राज्य में कलाकारों एवं फिल्म तकनीशियनों के लिये सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। राज्य शासन द्वारा फिल्म निर्माताओ की इस लागत को कम करने के लिए आवश्यक कुशल कार्यबल एवं जनशक्ति विकसित की जावेगी ताकि फिल्म निर्माता राज्य के कुशल कार्यबल का उपयोग कर सकेंगे , जिससे राज्य में रोजगार वृद्धि होगी। राज्य मे थिएटर /फिल्म उद्योग के अंतर्गत काम करने वाले युवाओ और कलाकारों के लिए नये अवसर उपलब्ध होंगे । सिनेमा उद्योग संबंधित प्रशिक्षण संस्थानों , कौशल केंद्रों और सिनेमा स्टार्ट-अप परियोजनाऐं , राज्य पर्यटन नीति 2016 (संशोधित 2019 ) के कंडिका क्रं . 6.8 तथा 6.19 अनुसार निवेश प्रोत्साहन सहायता के पात्र होंगे।
20.1 निजी निवेश प्रोत्साहन के माध्यम से राज्य में फिल्म उद्धोग संबंधी कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केन्द्रों में फिल्म निर्माण, निर्देशन, उत्पादन, प्रकाश व्यवस्था, संपादन, कलर ग्रेडिंग , साउंड रिकॉर्डिंग , फिल्म वितरण और प्रदर्शनी , एनीमेशन और ग्राफिक्स आदि के लिए विभिन्न पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण उपलब्ध होंगे ।
20.2 राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई ) और राज्य के विश्वविद्यालय में प्रासंगिक फिल्म प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रयास किये जायेंगे । फिल्मों से संबंधित अद्यतन तकनीकों और पाठ्यक्रमों के साथ प्रशिक्षण संस्थान खोलने के लिए राज्य सरकार निजी क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करेगी ।
20.3 निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करके एनीमेशन और कंप्यूटर ग्राफिक्स तथा अन्य तकनीकी सुविधाओं आदि के लिए इन्क्यूबेशन केंद्र की स्थापना की जाएगी ।
20.4 विभिन्न फिल्मांकन विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी । राज्य सरकार प्रदेश में फिल्मों से संबंधित विषयों पर सामयिक कार्यशाला/सीमित अवधि पाठ्यक्रम आदि आयोजित करेगी। राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों में शैक्षणिक विनिमय कार्यक्रम भी चलाएगी । 20.5 फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इण्डिया ( एफटीआईआई ) पुणे तथा सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ कोलकाता , नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा, दिल्ली एवं अन्य समकक्ष प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रदेश के छात्रों को अध्ययन हेतु रु 50,000 / - प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी । एक वर्ष में प्रदान की जाने वाली अधिकतम [ भाग 1 2200
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
छात्रवृत्तियों की संख्या 10 छात्र होगी । छात्रवृत्ति हेतु नियम / शर्त/प्रक्रिया फिल्म फेसीलिटेशन सेल द्वारा निर्धारित किया जावेगा ।
21. राज्य सहयोग हेतु अर्हता -
21.1 प्रत्येक प्रोडेक्शन कम्पनी जो फिल्म नीति के तहत सहायता प्राप्त करेगी , उन्हें राज्य सरकार , पर्यटन विभाग को श्रेय ( क्रेडिट ) अनिवार्यतः फिल्म के साथ शूटिंग स्थल के नाम सहित प्रदर्शित करना होगा ।
21.2 राज्य शासन/ पर्यटन विभाग का लोगो फिल्म/ टी.वी. धारावाहित/ शो/ वेब सीरीज/ ओटीटी शो/ डाक्यूमेन्ट्री को क्रेडिट लिस्ट में अनिवार्यतः उपयोग करना होगा ।
22. नीति को लागू करना और वैधता अवधिः फिल्म पर्यटन नीति-2020 का क्षेत्र सम्पूर्ण मध्य प्रदेश होगा तथा यह नीति लागू होने के दिनांक से आगामी 5 साल के लिए वैघ होगी । 23. विवाद समाधानः नीति क्रियान्वयन में किसी भी विवाद पर साधिकार समिति द्वारा विचार किया जाएगा। समिति का निर्णय अंतिम और सभी संबंधितों पर बाध्यकारी होगा ।
संशोधनः फिल्म पर्यटन नीति -2020 के किसी भी प्रावधान में संशोधन , स्पष्टीकरण , एवं व्याख्या के लिए साधिकार समिति अधिकृत होगी । 24.
2201
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
फिल्म फिल्म शूटिंग / टी.वी. धारावाहिक / टी.वी. शो / OTT प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होने वाली वेब सीरीज/ओरिजनल शो/ डाक्यूमेंट्री की कुल परियोजना लागत अन्तर्गत सम्मिलित व्ययमद अनुदान हेतु प्रस्तुत आवेदन में आवेदक द्वारा किये गये कुल पूंजीगत व्यय में से निम्न व्यय मद अनुदान हेतु मान्य होगें : -
1 Lead Actors fees
2 Producer fees
3 Director & Writer fees
4 Supporting Cast Charges
5 Dialogue /Story Writerfees.
6 Entourage Charges
7 Extras & Features Charges
8 Direction Department Fees
9 Production Department Including Line Producer Fees
10 Camera , Grip & Light Fees
11 Sync Sound & Sync Security
12 Art Department Fees Including Wages
13 Costume Department Fees
14 Make - up & Make- up Material
15 Choreographer & Photographer Fees
16. Camera & Equipment Hire Charges
17 Sound Equipment Hire Charges
18 Light &Grip Hire Charges
19 Generator Hire Charges
20 Vanity Van , Walkies & Picture Vehicles Hire Charges
21 Workshop , Recce , Rehearsals expenditure
22 Costume Purchase & Hire Charges
23 Art , Set & Props expenditure
24 Transport Charges
25 Location Charges
26 Flights & Hotel Accommodation expenditure
27 Food & Beverage expenditure
28 Production Office Cost
29 Post Production , Legal & Auditor fees / Charges
उपर्युक्तविवरणों के अलावा अन्य अतिरिक्त व्यय मदों को विचार कर उपरोक्त सूची में सम्मिलित करने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड का फिल्म सुविधा सेल ( FFC ) अधिकृत होगा । [ भाग 1 2202
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दमोह, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दमोह, दिनांक 18 फरवरी 2020 क्र. क- भू-अर्जन-2019
राज्य शासन के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों को सार्वजनिक प्रयोजन हेतु निर्माण की जाने वाली अधोसंरचना के लिये समय- समय पर निजी भूमि की आवश्यकता पड़ती है । म.प्र. शासन राजस्व विभाग के परिपत्र क. 12-2-2014 / सात /ए / भोपाल , दिनांक12.11.2014 म.प्र.राजपत्र दिनांक 14.11.2014 के अनुसार राज्य सरकार द्वारा निजी भू- धारकों की आपसी सहमति से भूमि कय नीति 2014 जारी की गई है । इस नीति के अंतर्गत राज्य शासन के विभाग / उपकम / लोक निर्माण विभाग दमोह को मनका से खागर हरदुआ तक मार्ग निर्माण के भू-अर्जन मे ग्राम मनका से खागर हरदुआ मार्ग के कृषकों की निजी भूमि की आवश्यकता है । इसका विवरण निम्नानुसार है तथा इनके भूस्वामी / भूस्वामियों द्वारा नीति की कंडिका 10 के अंतर्गत भू-अर्जन हेतु निर्धारित प्रपत्र ' ख ' में सहमति प्रस्तुत की गई है । आपसी सहमति से भूमि कय नीति की कंडिका 11 (1 ) के अंतर्गत भूमि विभाग के पक्ष में कय की जाना है । यदि किसी व्यक्ति को भूमि के स्वत्व के विषय में कोई आपत्ति हो तो वह सार्वजनिक सूचना प्रकाशन के 15 दिवस की अवधि में आधार सहित अपनी आपत्ति अधोहस्ताक्षरकर्ता के कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर कार्यालयीन समय में प्रस्तुत कर सकता है । नियत अवधि के पश्चात् प्राप्त होने वाली आपत्तियों को स्वीकार नहीं किया जावेगा ।
सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है ।
योजना का नाम: मनका से खागर हरदुआ मार्ग निर्माण ।
ग्राम का नाम:
मनका 0.65 हे. ,
आपसी सहमति से कय की जाने वाली भूमि का विवरण
अर्जित रकबा
अन्य सम्पत्ति क.
भूस्वामीका नाम पिता का नाम
कुल रकबा हेक्टे. में
खसरा नं.
मनका
380/2
0.02
0.05
1 श्री माखन खेमचंद पिता कोटू, लखन जमना पिता सीताराम बगैरह
0.12
381
1.54
2 श्री महावीरजी भगवान मंदिर मु.यादवेन्द्र सिंह पिता भुजवल सिंह सा. मनका
0.04
0.30
0.05
376/1 379/1
3 श्री मुन्ना सुरेन्द्र राजू पिता खिलान कांतिबाई पुत्री खिलान ललता बाई वेया खिलान
1.03
0.09.
0.10
376/2
1.33
4 श्री मुन्नालाल रमेश काशीबाई द्रोपतीबाई पिता हुकुम प्रकाश हल्ले सीतावाई पिता मुकेश गनेश कुसुमरानी वेवा गनेश
5 श्रीमति सुशीलाबाई पिता आशाराम
0.33 0.28
375 372
0.05 0.02 0.07
0.08
373
0.29
6 श्री सब्बूपिता सूरत सींग
370
0.17
0.06
7 श्री खूबलाल रामचरण दशरथ गीता बाई बोटाबाई पिता टीकाराम देवका वाई वेवा टीकाराम परमू मुन्नीलाल पिता वक्तू गुड्डीबाई वेवा बक्तू सियावाई नन्नीबाई पुत्री प्यारेलाल नारायण पिता प्यारेलाल
0.06
371
0.26
8 श्री हीरालाल पिता वालपोश
0.02
362
0.45
9 श्री हीरालाल पिता मस्तराम
0.15
0.03
368
10 श्रीमति अनंदी अजुद्वी पिता धनसींग कोमल लक्खू गनपत नन्नेभाई रघवीर पिता सुलतानिया अशोक पिता आनंदी अहिरवार
0.65
5.15
योग:-
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार ,
तरूण राठी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2203
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
कार्यालय, कलेक्टर, जिला छिन्दवाड़ा, मध्यप्रदेश एवं पदेन अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग क्रमांक 1507- भू-अर्जन -2020
}
छिन्दवाड़ा, दिनांक 24 फरवरी 2020
चूँकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से (4) में उल्लेखित वर्णित भूमि के अनुसूची खाने (6) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है । अतएव भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा -11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार एतद् द्वारा सभी संबंधित हितबद्ध व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने (5) में उल्लेखित प्राधिकृत अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में, भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा -12 में दी गई शक्तियों को प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है ।
2 मध्य प्रदेश शासन , जल संसाधन विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के आदेश पत्र क्र. एफ -22 ए/ 101 /2016/ एम० पी० एस० / 31 /1875 भोपाल, दिनांक 14 सितम्बर 2016 के द्वारा योजना के प्राक्कलन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त है । 3. अतएव उपरोक्त के दृष्टिगत आवेदक विभाग द्वारा "भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा-6 (2) के अन्तर्गत "सिंचाई परियोजनाओ की बाबत जहाँ तत्समय प्रवृत किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन पर्यावरणीय समाघात निर्धारण की प्रक्रिया की अपेक्षा की जाती है, इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण के उपबन्ध लागू नहीं होगें । " अतः अधिनियम की धारा-6 के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान की जाकर अधिनियम की धारा-11 (3 ) के अन्तर्गत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट का सारांश प्रकाशित नहीं किया जा रहा है ।
4. इस संबंध में राज्य शासन यह भी निर्देश देता है, कि उपरोक्त भूमि के अधिग्रहण किये जाने के संबंध में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013की धारा-15 के उपबंध उक्त भूमियों के संबंध में लागू होगें ।
अनुसूची
1. भूमि का वर्णनः-
तहसील
जिला
नगर/ग्राम
अर्जित की जाने वाली प्रस्तावित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन
अर्जित की जाने
वाली प्रस्तावित
भूमि लगभग
क्षेत्रफल
(हेक्टेयर में)
4
3
2
1
रकबा- छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा ग्राम- खैरीलदू प०ह०न-45 ब.न.-118 रा.नि.मं.- छिन्दवाड़ा
भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 12 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
6
5
भू-अर्जन अधिकारी तहसील- छिन्दवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा
पेंच व्यपवर्तन वृहद परियोजना के अन्तर्गत बांध निर्माण से डूब प्रभावित निजी भूमि अधिग्रहण किये जाने के संबंध में
0.633 हेक्टेयर
एवं उपरोक्त भूमि
पर आने वाली
परिसंपत्तियां ।
[ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
2204
अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधि- सूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईट www.chhindwara.nic.in एवं म०प्र० शासन राजस्व विभाग भोपाल की वेबसाईट http://www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है ।
3 अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण कार्यालय कलेक्टर भू-अर्जन शाखा) छिंदवाड़ा जिला छिन्दवाड़ा के न्यायालय में कार्यालयीन समय पर किया जा सकता है । 4. अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसील- छिन्दवाड़ा, जिला छिन्दवाडा (म०प्र०) के कार्यालय में कार्यालयीन समय पर देखा जा सकता है ।
5. अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण कार्यपालन यंत्री, पेंच व्यपवर्तन परियोजना बांध जल संभाग क्रमांक-01 चौरई, जिला छिंदवाड़ा के कार्यालय में कार्यालयीन समय पर किया जा सकता है ।
6. अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शा प्लान एवं प्रकरण का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी पेंच व्यपवर्तन कच्चा बांध उपसंभाग क्रमांक-01 सिंगना, तहसील चौरई, जिला छिन्दवाडा के कार्यालय में कार्यालयीन समय पर किया जा सकता है ।
7. अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्व कोई व्यक्ति अधि- सूचना प्रकाशन के 60 दिनों के अंदर भू- अर्जन किये जाने के संबंध में आक्षेप लिखित रूप से कलेक्टर छिन्दवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत कु सकता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, श्रीनिवास शर्मा, कलेक्टर एवं पदेन सचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सागर, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सागर, दिनांक 28 फरवरी 2020 क्रमांक 133 - अ-82-17-18-2034
मौजा कानोनी पटवारी हल्का नं. 032 तहसील सागर चुकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना पी. एम. यू. जल संसाधन विभाग सागर को बण्डा परियोजना बण्डा बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढने की संभावना है । इस परियोजना मे निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि परियोजना प्रबंधक बीना पी. एम. यू. जल संसाधन विभाग सागर द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु प्रशासकीय स्वीकृति म.प्र . शासन जल संसाधन विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र कमांक-22(ए)/363/2018/एम.पी.एस./31/1110 भोपाल दिनांक 26.06.2018 द्वारा प्रदाय की गई है एवं बण्डा सिंचाई परियोजना के टी.ओ.आर. की स्वीकृति केन्द्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पत्र कमांक J- 12011/8 /2018-A-1 (R) नई दिल्ली दिनांक 14 मई 2018 द्वारा प्राप्त की जा चुकी है । अतः अधिनियम की धारा 6(2 ) के परंतुक पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपलब्ध लागू नहीं होगे । भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शितका का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 6(2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बावत् जहां पर्यावरण समाधात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबधित उपबंध लागू नहीं होगे परियोजना के निर्माण से लगभग 352 ग्रामों की लगभग 80,000 है, भूमि सिचिंत होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है ।
बण्डा परियोजना बण्डा बांध
परियोजना का नाम :-
(1)
(2) भूमि का विवरण:-
सागर
1.जिला
सागर
2. तहसील
कानोनी
3. ग्राम 2205
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
032
4. पटवारी हल्का नं.
4.470
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
: अनुसूची -01:
स.क्र.
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
भूमि का प्रकार
खसरा क्र.
स्वामित्व का प्रकार
अर्जित भूमि (रकवा हे. मे. )
क्षेत्रफल कुल रकया हे. में.
3
5
6
7 2
4
1
1
9
1.440
भूमिस्वामी
1.440
हीरासिंह बल्द भर्गुन्तसिंह लोधी पता सा. देह भूमि स्वामी
2
10
0.300
0.300
भूमि स्वामी
मेगलसिंह बल्द जवाहरसिंह लोधी पता सा. देह भूमि स्वामी
3
11
0.880
0.880
भूमिस्वामी
सुम्मेरसिंह बल्द खुमानसिंह लोधी पता सा. देह भूमि स्वामी
4
12
1.130
1.130
भूमि स्वामी
करनसिंह बल्द रामसिंह लोधी पता सा देह भूमि स्वामी
5
0.720
0.720
13
भूमिस्वामी
चंदाबाई बेवा कृपालसिंह लोधी पता सा. शेवपुरा तहसील महारानी भूमि स्वामी
5
4.470
4.470 कुलः-
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15- (7)2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनांक 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 03: 10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशा के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशत किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर एवं परियोजना प्रबंधक बीना पी. एम . यू. जल संसाधन विभाग सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निद्रेशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15- (7 )2014- सात- शा , 2 ए भोपाल, दिनांक 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनवार्सन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन शाखा जिला सागर को अधिनियम की धारा 16 द्वारा पुर्नव्र्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेगें । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर एवं परियोजना प्रबंधक बीना पी. एम. यू, जल संसाधन विभाग सागर समुचित सहयोग करंगें एवं प्रबधंक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करगें ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के पृष्ठ के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा । या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रम विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15 (1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्तिद्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधीकरी (राजस्व) सागर मे) आपेक्ष यदि कोई हो फाईल किए जा सकेगें ।
भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर एवं परियोजना संचालक बीना पी. एम. यू. जल संसाधन विभाग सागर के कार्यालय में किया जा सकता है । [ भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
2206
क्रमांक 134- अ-82-17-18-2032
मौजा मैहर पटवारी हल्का नं. 31 तहसील सागर चुकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना पी. एम. यू. जल संसाधन विभाग सागर को बण्डा परियोजना बण्डा बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढने की संभावना है । इस परियोजना मे निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि परियोजना प्रबंधक बीना पी. एम. यू. जल संसाधन विभाग सागर द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु प्रशासकीय स्वीकृति म.प्र . शासन जल संसाधन विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र कमांक-22 (ए )/363/2018/एम.पी. एस./31/1110 भोपाल दिनांक 26.06.2018 द्वारा प्रदाय की गई है एवं बण्डा सिंचाई परियोजना के टी.ओ.आर. की स्वीकृति केन्द्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पत्र कमांक J - 12011/8/2018-A-1 ( R) नई दिल्ली दिनांक 14 मई 2018 द्वारा प्राप्त की जा चुकी है । अतः अधिनियम की धारा 6(2) के परंतुक पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपलब्ध लागू नहीं होगे । भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शितका का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 6(2 ) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बावत् जहां पर्यावरण समाघात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबधित उपबंध लागू नहीं होगे परियोजना के निर्माण से लगभग 352 ग्रामों की लगभग 80,000 है, भूमि सिचिंत होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है ।
बण्डा परियोजना बण्डा बांध
परियोजना का नाम :-
(1)
(2) भूमि का विवरण:-
सागर
1.जिला
सागर
2. तहसील
मैहर
3. ग्राम
31
4. पटवारी हल्का नं.
0.250
हेक्टेयर
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
::अनुसूची -01:
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
स.क्र.
खसरा क्र.
स्वामित्व का प्रकार
भूमि का प्रकार
अर्जित भूमि (रकवा हे. मे.)
क्षेत्रफल कुल रकवा हे. में.
3
5
6
7 2
4
1
1
0.050
1.450
भूमि स्वामी 243/2
जीवनसींग पिता किशोरसींग सा देह भूमि पता सागर मध्यप्रदेश संपूर्ण भाग
0.780 0.150
2
भूमि स्वामी
रामजी पिता निरमू पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी
244/1
भूमिस्वामी
0.770 0.050
3
244/2
करनसींग पिता निरकू पता निवासी ग्राम भूमि स्वामी
3
0.250
3.000
कुलः-
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15-(7)2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनांक 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को,जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशा के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशत किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर एवं परियोजना प्रबंधक बीना पी. एम. यू. जल संसाधन विभाग सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निद्रेशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15- (7) 2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनांक 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनवार्सन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन शाखा जिला सागर को अधिनियम की धारा 16 द्वारा पुर्नर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेगें । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर एवं परियोजना प्रबंधक बीना पी. एम . यू, जल संसाधन विभाग सागर समुचित सहयोग करंगें एवं प्रबधंक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करगें । 2207
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
अधिनियम की धारा 11 (4) के पृष्ठ के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा । या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रम विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15 (1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधीकरी (राजस्व) सागर में) आपेक्ष यदि कोई हो फाईल किए जा सकेगें ।
भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर एवं परियोजना संचालक बीना पी. एम . यू. जल संसाधन विभाग सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।
क्रमांक 135- अ- 82-17-18-2033
मौजा सुनेटी पटवारी हल्का नं. 12 तहसील सागर चुकि समुचित सरकार को यह प्रतीत होता है कि अनुसूची-1 में वर्णित भूमि की, राज्य शासन के विभाग बीना पी. एम. यू. जल संसाधन विभाग सागर को बण्डा परियोजना बण्डा बांध निर्माण हेतु सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पढने की संभावना है । इस परियोजना में निहित व्यापक लोकहित के दृष्टिगत कुछ प्रभावित व्यक्तियों का विस्थापन आवश्यक हो गया है । चूँकि परियोजना प्रबंधक बीना पी. एम. यू. जल संसाधन विभाग सागर द्वारा प्रमाणित किया गया है कि परियोजना हेतु प्रशासकीय स्वीकृति म.प्र. शासन जल संसाधन विभाग मंत्रालय भोपाल के पत्र कमांक-22(ए) /363/2018/एम.पी.एस./31/1110 भोपाल दिनांक 26.06. 2018 द्वारा प्रदाय की गई है एवं बण्डा सिंचाई परियोजना के टी.ओ.आर. की स्वीकृति केन्द्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पत्र क्रमांक J- 12011/8/ 2018-A-1( R ) नई दिल्ली दिनांक 14 मई 2018 द्वारा प्राप्त की जा चुकी है । अतः अधिनियम की धारा 6 (2) के परंतुक पूर्व में सामाजिक समाघात निर्धारण के उपलब्ध लागू नहीं होगे । भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शितका का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 6 (2) के परंतुक अनुसार ऐसी सिंचाई परियोजना की बावत् जहां पर्यावरण समाधात निर्धारण प्रक्रिया तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अधीन अपेक्षित है, वहां इस अधिनियम के सामाजिक समाघात निर्धारण से संबधित उपबंध लागू नहीं होगे परियोजना के निर्माण से लगभग 352 ग्रामों की लगभग 80,000 है, भूमि सिचिंत होना है एवं परियोजना के निर्माण से व्यापक लोकहित निहित है । अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुर्नर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 11 की उपधारा (1 ) के उपबंधों के अनुसार इस सार्वजनिक सूचना के जरिये सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि इसके द्वारा उक्त परियोजना हेतु निम्नानुसार भूमि का अर्जन किया जाता है ।
परियोजना का नाम:-
(1)
बण्डा परियोजना बण्डा बांध
(2) भूमि का विवरण:--
1. जिला
सागर
2. तहसील
सागर
3. ग्राम
सुनेटी
12
4. पटवारी हल्का नं.
0.440
5. अर्जित भूमि का क्षेत्रफल
हेक्टेयर
::अनुसूची -01::
स.क्र.
अभिलिखित धारक का नाम व पिता का नाम
खसरा क्र.
भूमि का प्रकार
स्वामित्व का प्रकार
क्षेत्रफल कुल रकवा हे. में.
अर्जित भूमि ( रकवा हे. मे.) 1
168 0,800
भूमि स्वामी
0.070 लक्ष्मीनारायण पिता द्वारका प्रसाद साहू पता सागर भूमि स्वामी
2
भूमि स्वामी 170 0.090 0.010 लच्छोबाई पुत्री भगोनी पता सा . पथरिया बंडा भूमि स्वामी
3
भूमि स्वामी
बब्बू पिता नन्नाई पता सा. मेहर भूमि स्वामी
1.000 0.360
172/5
3
0.440
1.890
कुलः- [ भाग 1 2208
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक - एफ 16-15- (7 ) 2014- सात - शा, 2 ए भोपाल , दिनांक 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय की भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा और उसके सेवकों, कर्मकारों या उसके निर्देशा के अधीन कार्य करने वाले किसी अन्य व्यक्ति को उस जिले के भीतर अधिनियम की धारा 12 के उपबंधों को क्रियान्वित करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । अतः उक्त अधिसूचना के परिपालन में प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन शाखा सागर को अधिनियम की धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिये निर्देशत किया जाता है । अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर एवं परियोजना प्रबंधक बीना पी. एम. यू, जल संसाधन विभाग सागर प्रभारी अधिकारी , भू-अर्जन शाखा जिला सागर के निद्रेशन में कार्य करते हुये आवश्यक सहयोग प्रदान करेगे ।
राज्य सरकार की अधिसूचना क्रमांक एफ 16-15-(7 )2014- सात- शा, 2 ए भोपाल, दिनांक 29.09.2014 जिसका मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 03.10.2014 के पृष्ठ क्रमांक-2895 पर प्रकाशन किया गया है के द्वारा अधिनियम की धारा 43 की उपधारा (1 ) के तहत भू-अर्जन शाखा के प्रभारी अधिकारी को, जो डिप्टी कलेक्टर से अनिम्न श्रेणी का होगा को पुनवार्सन और पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है । अतः प्रभारी अधिकारी भू-अर्जन शाखा जिला सागर को अधिनियम की धारा 16 द्वारा पुर्नर्व्यवस्थापन स्कीम तैयार कर प्रस्तुत करेगें । इस कार्य में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर एवं परियोजना प्रबंधक बीना पी. एम. यू. जल संसाधन विभाग सागर समुचित सहयोग करंगें एवं प्रबंधंक के निर्देशानुसार कार्यवाही करते हुये निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करगें ।
अधिनियम की धारा 11 (4) के पृष्ठ के अधीन कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के पूर्व अनुमोदन के बिना ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा । या कोई भी संव्यवहार नहीं होने देगा अर्थात, क्रम विक्रय आदि नहीं करेगा या ऐसी भूमि पर कोई विल्लंगम सृजित नहीं करेगा ।
अधिनियम की धारा 15 (1 ) के अधीन यथा उपबंधित इस सूचना के प्रकाशन की तारीख से 60 (साठ) दिनों के भीतर किसी भी इच्छुक व्यक्ति द्वारा भूमि अर्जन के बारे में कलेक्टर के समक्ष (कार्यालय अनुविभागीय अधीकरी (राजस्व) सागर में) आपेक्ष यदि कोई हो फाईल किए जा सकेगें ।
भूमि का नक्शा (प्लान) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सागर एवं परियोजना संचालक बीना पी. एम. यू. जल संसाधन -विभाग सागर के कार्यालय में किया जा सकता है ।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, प्रीति मैथिल नायक, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय, कलेक्टर , जिला सीधी , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सीधी, दिनांक 4 मार्च 2020
क्रमांक११ /भू-अर्जन/ 2020 , चूँकि राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (2) मैं वर्णित भूमि अनुसूची की सारणी के कालम (3 ) में उल्लेखित भूमि के रकवे का कालम 4 में अंकित भूमिस्वामी की भूमि का सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । अतः भूमि अर्जन पुर्नवासन एवं पुर्नव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा -19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है ।
अनुसूची"
1- भूमि का वर्णनः-
सीधी
(क)जिला
बहरी
(ख) तहसील
खोरी
(ग) नगर/ग्राम
निजी रकवा 4.648 है. र
(घ) लगभग क्षेत्रफल
स.क्र.
खसरा नम्बर
भूमि स्वामी का नाम
अर्जित रकवा हेक्टेयर में
4
2
3
1
0.250
रामपाल सिंह पिता लखपती सिंह
482/1
1.
483
0.012 रामपाल सिंह पिता लखपती सिंह
2.
0.012
484/2
3.
विष्णुबहादुर सिंह पिता कालेन्द्र बहादुर सिंह चौहान
0.200
492/1
कल्याण सिंह पिता लखपती सिंह चौहान
4.
0.085
492/2/2/1
5.
विष्णुबहादुर सिंह पिता कालेन्द्र बहादुर सिंह चौहान
492/2/2/2
0.050 उपेन्द्र सिंह पिता कालेन्द्र बहादुर सिंह चौहान
6.
2209
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
0.005
492/2/3
7.
वीरेन्द्र बहादुर सिंह पिता सुरेन्द्र बहादुर सिंह बघेल
498
0.015
8.
वीरेन्द्र बहादुर सिंह पिता सुरेन्द्र बहादुर सिंह
0.070
499
9.
वीरेन्द्र बहादुर सिंह पिता सुरेन्द्र बहादुर सिंह
0.085
509/1
10.
समशेर बहादुर सिंह पिता ललऊ सिंह चौहान
509/2
0.100
11.
नारेन्द्र बहादुर सिंह पिता ललऊ सिंह
509/3
0.100
12.
योगेन्द्र बहादुर सिंह पिता ललऊ सिंह चौहान
0.170
511/2
13.
512
0.110
मु.बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्मला सिंह ममता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह गजमोचन सिंह पिता हरिहर सिंह
14.
517
0.424
15.
ददन कमलेश्वर पिता मोतीलाल सिंह चौहान सुधीर मोहन चन्द्रमोहन कौशिल्या सतिलिया मनोरमा पिता भैयालाल सिंह धनराजू वेवा भैयालाल सिंह
533
0.220
16.
जमालुद्दीन सफी मो. जब्बार वक्स जिवरनिया शहिदिया पिता दारूद वक्स
540
0.070
17.
घनश्याम प्रसाद विद्या प्रसाद मिथिला प्रसाद पिता विश्वनाथ राम मु. चन्द्रवती वेवा विश्वनाथ राम
574/1
0.100
18.
544
0.026
श्रीमती मन्जू सिंह पत्नी पृथ्वीराज सिंह 9/20 श्रीमती सविरा वेगम पत्नी सफी मोहम्मद 9/20 पृथ्वीराज सिंह पिता बब्बूलाल सिंह 1/10 रामजियावन पिता कामता तेली
19.
545
0.110
20.
मु.बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्मला सिंह ममता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह 1/6 श्रीमती मुन्नी देवी
सिंह पत्नी शिवबहादुर सिंह 1/8 बबोल पिता रघुवीर साहू भिम्मा उर्फ भीमसेन पिता हरिवंश साहू सुखलाल पिता शम्भू साहू 1/8 ऋषि कुमार पिता महादेव 1/24 भगवत गिल्ली पिता बबोल उर्फ मकड़ा 1/18 श्रीमती लखराज कुमारी पति विष्णुबहादुर 1/24 श्रीमती मुन्नी सिंह पत्नी शिवबहादुर सिंहं 1/9 हिन्छ उर्फ पकवा पिता मोतिया 1/6 शिवबहादुर सिंह पिता वीरबहादुर सिंह 1/6
548
0.008
21.
मु.बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्मला सिंह ममता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह
549
0.040
22.
श्रीमती लखराज कुमारी पति विष्णुबहादुर सिंह 1/6 बबोल पिता रघुवीर साहू भिम्मा उर्फ भीमसेन पिता हरिवंश साहू सुखलाल पिता शम्भू साहू 1/8 ऋषि कुमार पिता महादेव 1/24 भगवत गिल्ली पिता बबोल उर्फ मकड़ा 1/18 हिन्छ उर्फ पकवा पिता मोतिया 1/6 श्रीमती मुन्नी सिंह पत्नी शिवबहादुर सिंह 1/9 शिवबहादुर सिंह पिता वीर बहादुर सिंह1 /6 मु. बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्मला सिंह ममता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह 1/6 387
0.025
23.
श्रीमती लखराज कुमारी पति विष्णुबहादुर सिंह 1/6 बबोल पिता रघुवीर साहू भिम्मा उर्फ भीमसेन पिता हरिवंश साहू सुखलाल पिता शम्भू साहू 1/8 ऋषि कुमार पिता महादेव 1/24 भगवत गिल्ली पिता बबोल उर्फ मकड़ा 1/18 हिन्छ उर्फ पकवा पिता मोतिया 1/6 श्रीमती मुन्नी सिंह पत्नी शिवबहादुर सिंह 1/9 शिवबहादुर सिंह पिता वीर बहादुर सिंह1 /6 मु. बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्गला सिंह गगता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह 1/6 317/600
0.010
24.
मु.बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्मला सिंह ममता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह
315
0.045
25.
लालबहादुर सावित्री पिता छोटेराम रामाधार पिता रामशरन राम 0.005
316
26.
राजेन्द्र बहादुर सिंह पिता ललऊ सिंह चौहान 2210
319
28.
322
29.
323
30.
294
31.
291
32.
292
33.
293/1
34.
284
35.
285
36 ..
288
37.
217
38.
214/2
39.
215
40.
216
41.
210
206
42. 43.
138
44.
204
45.
205
46.
141/3/2
47.
141/3/3
48.
193/2
49.
193/1
50.
141/2
51.
145/2
52.
144
53.
143/2/2/1
54.
142/2/1
55.
142/2/2
56.
142/1
57.
99/1
58.
97
59.
89/1
60.
89/2
61.
Total
61किता
[ भाग 1 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
0,040 मु.बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्मला सिंह ममता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह 1/2 रामनारायण योगेन्द्र राघवेन्द्र पिता हीरालाल कमला वेवा हीरालाल चौहान
0.075 मु.बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्मला सिंह ममता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह 1/2 रामनारायण योगेन्द्र राघवेन्द्र पिता हीरालाल कमला वेवा हीरालाल चौहान
0.020
रामनारायण योगेन्द्र राघवेन्द्र पिता हीरालाल चौहान
0.014
कौशल पिता हरिहर सिंह चौहान
0.028 कौशल पिता हरिहर सिंह चौहान
0.015 मु.बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्मला सिंह ममता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह
0.037 सुरेन्द्र बहादुर सिंह पिता ललऊ सिंह चौहान
0.040 राजेन्द्र बहादुर सिंह पिता ललऊ सिंह चौहान
0.020
0.012
मु.बूटी वेवा वीरबहादुर सिंह विष्णुबहादुर सिंह शिवबहादुर सिंह पृथ्वीराज सिंह सुरेन्द्र बहादुर सिंह मुन्नी सिंह मैना सिंह सुनैना सिंह सावित्री सिंह निर्मला सिंह ममता सिंह पिता वीरबहादुर सिंह यादवेन्द्र सिंह पिता ललऊ सिंह चौहान
0.130 रामरसीले पिता लालमणि 11/20 अयोध्या शालिक मुद्रिकारामरूचि पिता लालमणि 1/5 मु. रामकली वेवा लालजी राम ऋषिकेश सुनील कुमार पिता लालजीराम 1/4
0.045 मु.सुन्दरी वेवा बिन्द्रा राजराखन राजकुमार राजेश पिता बिन्द्रा तेली
0.050 श्रीमती सुन्दरी देवी पति विन्द्रा प्रसाद तेली
0.005 हृदन पिता सुखपति 1/8 वीरवल छोटवा पिता निरपतिया ना.बा. मझिला वेवा निरपतिया 1/8 हिन्छपतिया पिता पियारे 1/8 हीरालाल पिता दुरपतिया 1/2
0.045
श्रीमती सुन्दरी देवी पति विन्द्रा प्रसाद
0.015 निरंजनराम पिता रघुनाथ राम 1/2 जागेश्वर प्रसाद पिता जगदीश राम 1/7 इन्द्रलाल पिता जगदीश राम 5/14 ग्रा.
0.010 श्रीमती सुन्दरी देवी पति बिन्द्रा प्रसाद
0.060 सनत कुमार पिता रामविशाल राम ब्रा.
0.100
सनत कुमार पिता रामविशाल राम ब्रा.
0.015
उपेन्द्र सिंह पिता कालेन्द्र बहादुर सिंह चौहान
0.120 विष्णुबहादुर सिंह पिता कालेन्द्र बहादुर सिंह चौहान
0.032 विष्णुबहादुर सिंह पिता कालेन्द्र बहादुर सिंह चौहान
0.180 हरिकश बहादुर सिंह प्रदीप कुमार सिंह पिता सामशेर बहादुर सिंह 3/4 नारेन्द्र सिंह पिता ललऊ सिंह 1/4
0.070 हरिकश बहादुर सिंह प्रदीप कुमार सिंह पिता सामशेर बहादुर सिंह 3/4 नारेन्द्र सिंह पिता ललऊ सिंह 1/4
0.045 यादवेन्द्र सिंह पिता ललऊ सिंह चौहान
0.002 सुरेन्द्र बहादुर सिंह पिता ललऊ सिंह चौहान
0.035 सुरेन्द्र बहादुर सिंह पिता ललऊ सिंह चौहान
0.080 कमालुद्दीन पिता अजमत वक्स मुसलमान
0.080
श्रीमती सखीना बेगम पत्नी अहमद वक्स
0.140 बृजभान सिंह पिता जगजाहिर सिंह चौहान
0.036 बृजभान सिंह पिता जगजाहिर सिंह चौहान
0.100
सुरेन्द्र सिंह पिता शिवबालक सिंह बाघेल
0.410 समशेर बहादुर दिवाकर कमलभान पिता सम्पूर्ण सिंह 2/5 भाग दिवाकर सिंह पिता ददन सिंह 1/5 भाग कमलेश्वर सिंह पिता मोतीलाल सिंह 1/5 सुधीर सिंह पिता भैयालाल सिंह 1/5
0.180 पंचराज पिता रामदेव दाहिया श्रीमती लक्ष्मी पति वंशबहादुर दाहिया सा.
अमरपुर
4.648 Ha.
2. साईनतिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है बहरी मुख्य नहर की माइनर नम्बर 8 के निर्माण हेतु ।
३. भूमि के नक्शे एवं प्लान भू-अर्जन कार्यालय सिहावल में देखे जा सकता है।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रवीन्द्र कुमार चौधरी, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2211
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय, कलेक्टर जिला खण्डवा, मध्यप्रदेश एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
खण्डवा, दिनांक 23 दिसम्बर 2019
क्र. 112-2018- एलए- 20100- नस्ती क्रमांक 112/2018- एलए.- कार्यपालन अभियंता ( सिविल ) साधारण संभाग- एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगालिया द्वारा का पत्र क्रमांक 515-7300- श्री सिंगाजी रेल्वे-6/ 12143 दिनांक 14 नवम्बर 2018 से श्री सिंगाजी थर्मल पावर दोंगालिया परियोजना के लिये सुरगांव बंजारी से बीड तक रेलमार्ग के निर्माण के अंतर्गत ग्राम बीड में निजी भूमि के संबंध में भूमि अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (क्र. 30 सन् 2013 ) के अध्याय -2 ( अ ) धारा 4 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया है.
उक्त प्रस्ताव का अध्ययन करने के पश्चात् प्रस्तावित योजना पूर्णतः लोकहित से संबंधित होने के कारण मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग , मंत्रालय वल्लभ भवन, भोपाल के ज्ञाप. क्रमांक एफ- 16-15 ( 1 ) -2014- सात-2ए, दिनांक 29 सितम्बर 2014 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये, मैं, तन्वी सुंद्रियाल , कलेक्टर जिला खण्डवा एवं समुचित सरकार, मध्यप्रदेश शासन, विधि एवं विधायी कार्य मंत्रालय , भारत शासन के संशोधित अध्यादेश क्रमांक 9/2014 के बिन्दु, 10 - ए अनुसार लोकहित को दृष्टिगत रखते हुये प्रस्तावित लोक परियोजना के निम्नांकित क्षेत्र को अधिनियम के अध्याय-2 ( अ ) धारा 4 में वर्णित सामाजिक समाघात निर्धारण अध्ययन से छूट प्रदान करती हूं: -
ग्राम का नाम
सार्वजनिक प्रयोजन
प.ह.नं.
जिला
तहसील
अ. क्र.
प्रस्तावित अनुमानित क्षेत्रफल (हे . में. )
(6)
(7) (3)
(1)
(5) बीड
1
खण्डवा (2)
(4) 77
0.136
टप्पा-मूंदी,
तहसील- पुनासा.
0.136
योग .
श्री सिंगाजी थर्मल पावर दोंगालिया परियोजना के लिये सुरगांव बंजारी से बीड तक रेल मार्ग के निर्माण के अंतर्गत ग्राम बीड में निजी भूमि के संबंध में भूमि अर्जन .
नोट.- ( 1 ) उपरोक्त प्रस्तावित भूमि के क्षेत्रफल में कमी अथवा वृद्धि संभावित है.
(2) उक्त भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी , राजस्व एवं भू- अर्जन अधिकारी , पुनासा एवं कार्यपालन अभियंता (सिविल) साधारण संभाग- एक श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगालिया के कार्यालय में अवलोकन किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, तन्वी सुंद्रियाल, कलेक्टर एवं समुचित सरकार.
कार्यालय , प्रशासक , भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 5 फरवरी 2020
प. क्र. 119 - प्रशा. - भू- अर्जन-2020. चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में अर्जित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 11 के द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत 2212
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
करता है. चूंकि बहुती नहर के डगडगपुर वितरक के माइनर नहर में आने वाले अधिकांश भाग के भू- अर्जन की कार्यवाही पूर्व में की जा चुकी है एवं इसी वितरक नहर के माइनर एवं सब - माइनर निर्माण हेतु कुछ अंश भाग के भू-अर्जन की कार्यवाही वांछित है. इस कारण धारा 11 (3 ) के तहत् सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है: -
भूमि का वर्णन
जिला तहसील नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल (हे. में) (1)
(2) (3)
(4)
10.000
ताला
अमरपाटन
रीवा
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 के द्वारा प्राधिकृत अधिकृत अधिकारी
(5)
(6)
कार्यपालन यंत्री, क्योंटी नहर संभाग , जिला रीवा, (म. प्र. ).
बेला वितरक के माइनर क्र, 4, 5 एवं 6 के सबमाइनर नहर निर्माण हेतु.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. कुलेश, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय कलेक्टर, जिला दतिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
दतिया, दिनांक 18 फरवरी 2020
प्र. क्रमांक- 2 - अ- 82-2019-20.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में 'वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अधिग्रहण पुनर्वास अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 11 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है:-
जिला तहसील ग्राम
अर्जनीय रकबा (हेक्टेयर में)
(3)
(4) (1)
(2)
डंगरा
0.03 बडौनी
दतिया
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन धारा 11 की उपधारा ( 2) द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6) (5)
कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड दतिया (म. प्र.) .
बड़ौनकला ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत ग्राम डंगरा में जल संशोधन संयंत्र तक एप्रोच रोड के निर्माण हेतु.
(2 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , भू- अर्जन अधिकारी कलेक्ट्रेट, दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .
(3 ) भूमि के नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रोहित सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2213
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
कार्यालय , कलेक्टर, जिला सीधी, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
सीधी, दिनांक 4 मार्च 2020
पत्र क्र. 223 - भू- अर्जन -2020 .- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इस संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 5 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उसके सामने दिये गए सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भू-अर्जन पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि कोई भी व्यक्ति इस अधिसूचना के प्रकाशन की तारीख से इस अधिनियम के अधीन कार्यवाहियों के पूरा हो जाने तक अधिसूचना में विनिर्दिष्ट भूमि का कोई संव्यवहार नहीं करेगा या कोई संव्यवहार नहीं कराएगा, अथवा ऐसी भूमि पर कोई विलंगम सृजित नहीं करेगा. यह परियोजना कृषकों के हित से सम्बन्ध है. यहां पर कोई वृहद स्तर का विस्थापन न होकर महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के द्वितीय चरण में बहरी नहर विस्तार योजना के मुख्य नहर निर्माण हेतु क्षेत्र प्रस्तावित है. यह प्रक्रिया/परियोजना शासन एवं आमजन के न्याय हित में होने के कारण सामाजिक समाघात के पूर्व मूल्यांकन/आंकलन की आवश्यकता नहीं है . राज्य शासन इसके द्वारा अनुसूची के खाने ( 4 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के सम्बन्ध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का विवरण:-
जिला-सीधी
तहसील- बहरी ग्राम का नाम- चन्दवाही निजी भूमि का अर्जित क्षेत्रफल- निजी रकबा 4.615 हेक्टेयर .
खसरा नम्बर
स. क्र.
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन अर्जन हेतु प्रस्तावित रकबा (हे. में. )
धारा 12 के अन्तर्गत प्राधिकृत प्राधिकृत अधिकारी
(1)
(3)
(5) (2)
0.025
1
585
0.130
2
596
3
595
0.130
(4) कार्यपालन यंत्री , महान नहर संभाग , सीधी जिला-सीधी, (म. प्र. ) .
4
0.440
597/Min - 1
5
0.196
638/1 , 638/2
महान ( गुलाब सागर ) परियोजना के बहरी नहर विस्तार योजना ( द्वितीय चरण ) के मुख्य नहर की टेल माइनर ( दांयी तरफ ) निर्माण हेतु.
0.417
6
625/1
0.204
7
634
8
441
0.082
439
9
0.045
10
442
0.030
11
443/1
0.054
444
0.095
12
435
13
0.040
0.120
14
440/1
15
434
0.112
0.230
16
433
403
0.050
17
18
412
0.012
0.010
19
413/1
406
0.036
20
0.255
21 305/1क , 305/ 1 /ख [ भाग 1 2214
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
(5)
(4)
(2)
(3)
(1)
0.250
22
304
0.290
300/ख
23
0.090
299/1
24
0.195
25
289/1
0.216
26
290/1
0.500
27
291/1
0.108
278/1
28
270
0.023
29
0.035
30
269
0.165
31
272/1
0.030
32
271
4.615
योग
(2) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यालय उपखण्ड अधिकारी सिहावल में देखा जा सकता है .
(3 ) उक्त कार्य हेतु सम्बन्धित परिवारों के पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्रयोजन के लिए अपर कलेक्टर सीधी को प्रशासक नियुक्त किया जाता है. अतः हितबद्ध कोई भी व्यक्ति इस हेतु उनके समक्ष 60 दिनों के अंदर आवेदन कर सकता है .
(4) धारा 11 के तहत जारी उक्त अधिसूचना की प्रकाशन की तारीख से 60 दिन के भीतर कोई भी व्यक्ति अधिनियम, 2013 की धारा 15 के तहत लिखित आक्षेप प्रस्तुत कर सकते हैं.
(5) यह सूचना सर्व सम्बन्धितों की जानकारी के लिए जारी की जा रही है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , रवीन्द्र कुमार चौधरी , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला जबलपुर , मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग
जबलपुर , दिनांक 7 मार्च 2020
क्र. 39- भू.अ.ई. - 2-19- प्र. क्र.- 01-अ-82-2019-20.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से (4 ) में वर्णित भूमि की , अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) के उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लिखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने हेतु प्राधिकृत करता है:-
अनुसूची
भूमि का विवरण
सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन तहसील
ग्राम
जिला
धारा 11 के अंतर्गत प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
अर्जित क्षेत्रफल (हेक्टर में) (4)
(2)
(3)
(1)
0.10
मझौली
जबलपुर
लमकना वितरक नहर की घानाकला माइनर निर्माण हेतु.
कार्यपालन यंत्री, नर्मदा विकास संभाग क्र. 4 सिहोरा, जबलपुर.
झिंगरई प.ह.नं. 55/60 नं. बं. 264
( 2 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का अवलोकन, कार्यपालन यंत्री , नर्मदा विकास संभाग क्र. 4, सिहोरा जिला - जबलपुर एवं भू - अर्जन अधिकारी , रानी अवंती बाई सागर परियोजना, इकाई क्र. 2 बरगी हिल्स , जबलपुर के कार्यालय में किसी भी कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, भरत यादव, कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
2215
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
राजस्व विभाग
कार्यालय , कलेक्टर, जिला दतिया, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग दतिया, दिनांक 18 फरवरी 2020
प्र. क्र. 1 - अ - 82-2019-20.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित निजी भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि कावर्णन-निजी भूमि
(क) जिला- दतिया
(ख) तहसील- दतिया
(ग) ग्राम- इकारा
(घ ) अर्जित क्षेत्रफल-0.98 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
प्रभावित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
0.24
1068
0.17
1083
0.08
1072
0.09
1084/5
0.02
1073
0.10
1084/6
0.20
1074
0.05
1093
0.03
1075
योग : 0.98
(2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता है.- खटौला लघु सिंचाई योजना के अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , भू-अर्जन शाखा, कलेक्ट्रेट , दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , दतिया सिंचाई नहर संभाग दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
प्र. क्र. 4- अ-82-2018-19.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2) में उल्लेखित निजी भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी भूमि
(क) जिला- दतिया
(ख ) तहसील- दतिया
(ग) ग्राम-खटौला
(घ) अर्जित क्षेत्रफल-4.61 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
प्रभावित रकबा (हेक्टेयर में)
(2)
(1)
47/3
0.13
0.31
48
51
0.19
0.22
53
0.10
65
323
0.11
0.04
327
0.09
64
0.09
67
0.08
69/1
0.05
351
0.02
349
0.24
72
0.04
347
78
0.03
0.06
212
350
0.10
0.10
263
184
0.08
0.13
189
0.04
187
0.13
188
0.01
481
0.08
366/1
0.04
328 2216
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
(1)
(2)
0.03
329
0.01
477/1
477/2
0.01
0.01
186
0.09
210
0.08
213
71
0.16
262
0.10
346
0.04
0.07
480
0.08
482
0.26
264
265
0.06
313
0.03
0.02
317
0.09
315
0.08
316
320
0.08
321
0.03
322
0.01
0.02
325
0.15
483/2
0.07
483/3
0.04
326
0.03
332
0.11
324
0.02
342
0.01
333
335
0.01
0.02
344
345
0.01
0.04
391
0.01
348
470
0.12
0.10
70/3
योग : 4.61
(2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता है. - खटौला लघु सिंचाई योजना के अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , भू-अर्जन शाखा, कलेक्ट्रेट , दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री , दतिया सिंचाई नहर संभाग दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है .
प्र. क्र. 3 - अ-82-2018-19.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित निजी भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निजी भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-निजी भूमि
(क) जिला- दतिया
(ख) तहसील- दतिया
(ग) ग्राम- ललउआ
(घ) अर्जित क्षेत्रफल-1.56 हेक्टेयर.
खसरा नंबर
प्रभावित होने वाला रकबा (हेक्टेयर में )
(1)
(2)
0.09
6
0.04
17/2
0.01
10
17/1
0.09
16
0.08
15/1
0.12
0.09
20/1
0.02
14
29
0.11
0.20
30
31
0.03
250
0.09
251
0.07
0.06
252
0.26
270
0.10
272
271
0.01
274/1
0.02
0.02
274/2
0.02
274/3
275/3
0.02
194
0.01
योग : 1.56
(2) सार्वजनिक प्रयोजन की आवश्यकता है.- खटौला लघु सिंचाई योजना के अन्तर्गत नहर निर्माण हेतु.
2217
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू-अर्जन अधिकारी , भू- अर्जन शाखा, कलेक्ट्रेट , दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
(4) भूमि का नक्शा ( प्लान ) कार्यपालन यंत्री, दतिया सिंचाई नहर संभाग दतिया के कार्यालय में देखा जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, रोहित सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
कार्यालय , कलेक्टर, जिला बालाघाट, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव , मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग बालाघाट, दिनांक 11 मार्च 2020
क्र. 1438- भू- अर्जन-2020.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि की सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 की धारा 19 के अंतर्गत , इसके द्वारा यह भी घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिये आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- बालाघाट
(ख) तहसील- कटंगी
(ग) नगर/ ग्राम- ग्राम-अर्जुननाला, प.ह.नं. - 26, रा.नि.मं.- कटंगी
( घ) ब्राडगेज रेल्वे लाईन के निर्माण में अर्जित किये जाने वाला प्रस्तावित क्षेत्रफल- 0.016 हेक्टर एवं उसमें आने वाली सम्पत्तियाँ.
प्रस्तावित खसरा नम्बर (1) 372/7
प्रस्तावित रकबा (हेक्टेयर में) (2) 0.016
(2 ) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित भूमि के सार्वजनिक प्रयोजन का वर्णन जिसके लिये भूमि की आवश्यकता है- कटंगी से तिरोडी ब्राडगेज अमान परिवर्तन निर्माण हेतु निजी भूमि अर्जन के संबंध में.
(3) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के बारे में हितबद्ध कोई व्यक्ति अधिसूचना प्रकाशन की जानकारी वेबसाईड [email protected] एवं मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग , भोपाल की वेबसाईट http// www.mprevenue.nic.in/ पर भी देखा जा सकता है.
(4) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान) का निरीक्षण भू-अर्जन अधिकारी तहसील कटंगी, जिला बालाघाट के न्यायालय में किया जा सकता है.
(5) अर्जित की जाने वाली उल्लेखित प्रस्तावित भूमि के नक्शे (प्लान ) का निरीक्षण उपअभियंता ( निर्माण ) द.पू.म.रेल्वे नैनपुर के कार्यालय में किया जा सकता है.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, दीपक आर्य , कलेक्टर एवं पदेन उपसचिव.
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
2218
राज्य शासन के आदेश
राजस्व विभाग
कार्यालय , प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास, बाणसागर परियोजना, जिला रीवा, मध्यप्रदेश एवं पदेन उपसचिव, मध्यप्रदेश शासन , राजस्व विभाग
रीवा , दिनांक 13 मार्च 2020
क्र. 169- भू- अर्जन- 19-20.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि-अर्जन , पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है . राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि कुबरी माइनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
नगर/ग्राम
लगभग क्षेत्रफल तहसील
जिला
(हे. में)
(4)
(3)
(2)
(1)
2.25 सतना
कुबरी
बिरसिंहपुर
योग .. 2.25
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
बाणसागर परियोजना की कुबरी
माइनर नहर हेतु.
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग, क्रं. 2 , सतना (म. प्र. ) .
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
क्र. 171 - भू- अर्जन- 19-20.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि- अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि महिदल वितरक माइनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
भूमि का विवरण
लगभग क्षेत्रफल
नगर/ग्राम
जिला तहसील
(हे. में)
(4) (2)
(3)
(1)
1.75
देउमउ
रामपुर बाघेलान
सतना
दलदल
1.75
योग ..
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन
का वर्णन धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
(6)
(5)
पुरवा मुख्य नहर के महिदल वितरक की सब- माइनर नहर हेतु.
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग , क्र. 2, सतना ( म. प्र. ) .
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन , प्रशासक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग, जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
2219 भाग 1 ]
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
क्र. 173- भू- अर्जन-19-20.- चूंकि, राज्य शासन को यह प्रतीत है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के खाने ( 6 ) में उनके नीचे दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः भूमि- अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 11 की उपधारा ( 1 ) उपबंधों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है. राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची खाने के ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 12 द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. चूंकि बम्हौरी एवं उमरी माइनर नहर का निर्माण पूर्व से चल रहा है तथा अधिकांश भूमि के अर्जन की प्रक्रिया पूर्व में की जा चुकी है इस कारण धारा 11 ( 3 ) के तहत सामाजिक समाधान निर्धारण रिपोर्ट का सार प्रकाशित नहीं किया जा रहा है:-
अनुसूची
सार्वजनिक प्रयोजन भूमि का विवरण
का वर्णन जिला तहसील नगर/ग्राम
धारा 11 की धारा द्वारा प्राधिकृत अधिकारी
लगभग क्षेत्रफल (हे. में)
(3)
(6) (2)
(4)
(5)
(1)
1.25
इटौर
कोटर
सतना
बाणसागर परियोजना की बम्हौरी एवं उमरी माइनर नहर हेतु.
कार्यपालन यंत्री, पुरवा नहर संभाग क्र. 2 , सतना (म. प्र. ) .
1.25
योग ..
भूमि के नक्शे ( प्लान ) का अवलोकन, प्रशासक, भू- अर्जन एवं पुनर्वास एवं पदेन उपसचिव राजस्व विभाग , जिला रीवा के कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के कार्यालयीन अवधि में किया जा सकता है.
(1)
(2)
0.073
618/2
0.089
622
0.077
619
0.010
620
646
0.089
0.105
645
क्र. 175- प्रका.- भू-अर्जन- 2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
0.010
618
0.136
647
अनुसूची
0.720
888
(1 ) भूमि का वर्णन-
योग.. 1.703
(क) जिला- रीवा
(ख) तहसील-सेमरिया
(ग ) नगर/ग्राम- लैनबधरी
(घ ) क्षेत्रफल लगभग- 1.703 हेक्टेयर.
( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- पुरवा मुख्य नहर के टेल माइनर की लैनबधरी सब - माइनर नहर निर्माण के अन्तर्गत आने वाली निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
खसरा नं.
प्रभावित रकबा (हेक्टेयर में )
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण, प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
(2)
(1)
631
0.121
0.026
632
0.065
630
0.054
629
0.063
628
0.065
623
क्र. 177- प्रका.- भू-अर्जन- 2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि [भाग 1 2220
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
निजी भूमि/ शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु निजी भूमि/शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु
आवश्यकता है:-
आवश्यकता है:-
अनुसूची
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(क) जिला- सतना
(ख) तहसील- रामपुरबाघेलान
(ख ) तहसील- रामपुरबाघेलान
(ग) नगर/ ग्राम- छिबौरा
(ग) नगर/ग्राम-मढ़ी
(घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.570 हेक्टेयर .
(घ) लगभग क्षेत्रफल-0.922 हेक्टेयर .
खसरा नं .
खसरा नं.
रकबा (हेक्टेयर में) रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
(2)
(1)
0.070
1033
0.024
921
0.070
1034
0.040
922
0.090
1037
923
0.036
1021
0.112
924
0.038
1014
0.138
0.122
925
0.054
999
0.096
915
0.083
995
0.108
908
0.102
993
0.040
907
975
0.112
0.118
893
0.045
976
0.067
891
0.043
978
0.058
826/1034
979
0.108
0.043
287
0.083
980
0.014
293
983
0.147
0.022
909
0.036
433
0.096
292
456
0.015
योग.. 0.922
476
0.262
योग.. 1.570
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मढ़ी माइनर नहर एवं बरती सब- माइनर नं. 3 के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मढ़ी माइनर नहर एवं बरती सब- माइनर के अन्तर्गत आने वाले निजी/ शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक , बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 181 - प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू-अर्जन पुनर्वासन और क्र. 179- प्रका.- भू-अर्जन- 2016.- चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि भाग 1 ]
2221
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी / शासकीय भूमि पर स्थित सम्पत्ति के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
( 1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(ख) तहसील- रामपुरबाघेलान
(ग ) नगर/ ग्राम- बरती
(घ) क्षेत्रफल लगभग- 3.742 हेक्टेयर.
खसरा नं.
प्रभावित रकबा (हेक्टेयर में)
(1)
(2)
0.110
2447
0.134
2449
2452
0.139
2453
0.018
0.192
2454
0.070
2455
0.064
2456
0.086
2457
2490
0.038
0.006
2492
0.018
2493
0.108
2494
0.127
1803
0.094
1804
0.043
1820
0.061
1825
1824
0.003
0.034
1822
0.122
1823
1835
0.118
0.163
1750
0.043
1748
0.082
1747
0.043
1743
1736
0.062
0.053
1733
(2)
(1)
0.005
1728
0.005
1729
1725
0.031
1726
0.024
0.020
1717
1718
0.004
0.074
1719
0.072
1615
0.029
1616
0.014
1617
1612
0.072
0.067
1613
0.043
1614
0.053
1582
0.058
1583
0.076
1584
0.008
1580
0.180
1578
0.010
1577
1557
0.148
0.007
1558
0.120
1550
0.014
1549
0.084
1500
0.134
1501
0.010
1496
0.028
1494
0.062
1493
1492
0.012
0.144
1488
1490
0.103
योग .. 3.742
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मढ़ी माइनर नहर एवं बरती सब- माइनर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
2222
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
क्र. 183- प्रका.- भू-अर्जन-2016. चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है. अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम , 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी / शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन-
(क) जिला- सतना
(ख ) तहसील- रामपुरबाघेलान
(ग) नगर/ग्राम- किटहा
(घ) क्षेत्रफल लगभग-0.288 हेक्टेयर.
खसरा क्र.
एरिया
(हे. में)
(2)
(1)
786
0.012
790
0.012
0.128
793
0.136
794
0.288
योग.
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मढ़ी माइनर नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है.
क्र. 185- प्रका.- भू-अर्जन- 2016.-चूंकि, राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की, अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित भूमि सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है . अतः भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 19 के अन्तर्गत इसके द्वारा घोषित किया जाता है कि निजी / शासकीय भूमि पर स्थित भूमि के अर्जन हेतु आवश्यकता है:-
अनुसूची
(1 ) भूमि का वर्णन -
(क) जिला- सतना
(ख) तहसील- रामपुरबाघेलान
(ग) नगर/ग्राम- बेला
(घ) क्षेत्रफल लगभग- 1.519 हेक्टेयर.
खसरा क्र.
एरिया
(हे. में)
(1)
(2)
1624
0.194
1623
0.086
0.066
1604
1605
0.080
1606
0.110
1607
0.144
0.007
2707
2708
0.030
2709
0.020
0.060
1632
2710
0.014
2711
0.073
2712
0.099
0.044
2715
2697
0.030
2736
0.122
2729
0.045
0.077
2728
2854
0.010
0.048
1620
2861
0.100
2860
0.010
2859
0.010
2858
0.010
0.010
2857
2856
0.010
0.010
2855
1.519
योग..
(2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिये आवश्यकता है- बाणसागर परियोजना की मढ़ी माइनर नहर के अन्तर्गत आने वाले निजी/शासकीय भूमि एवं उस पर स्थित संपत्तियों के अर्जन हेतु.
(3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण , प्रशासक, बाणसागर परियोजना रीवा के कार्यालय में किया जा सकता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बी. एस. कुलेश, प्रशासक एवं पदेन उपसचिव.
2223
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
विभाग प्रमुखों के आदेश कार्यालय- सक्षम प्राधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) , अनुभाग , जिला - इन्दौर
खुडैल, दिनांक 17 मार्च 2020 क्र.- 316-भू-अर्जन- 2020- राजस्व प्रकरण क्र.-06- अ-82-2019-20.-
प्ररुप- " घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 398 / भू- अर्जन / 2019 , खुडैल , दिनांक 13-06-2019 तथा संशोधित अधिसूचना क्रमांक- 1041 / भू- अर्जन / 2019 , खुडैल , दिनांक 05-12-2019 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम मुण्डला दोसदार तहसील एवं जिला इन्दौर से ग्राम हरियाखेड़ी, तहसील एवं जिला- उज्जैन तक उज्जैनी- उज्जैन पाईपलाईन योजना की भूमिगत ग्रेविटीमेन पाईप लाईन में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । और वह अधिसूचना म०प्र ० राजपत्र भाग -1 में दिनांक 28.06.2019 एवं संशोधित अधिसूचना दिनांक 20.12.2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/ अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा, पाईपलाईन , बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
तहसील
जिला
खसरा कमांक
ग्राम / पटवारी
हल्का क्रमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
4
5
3
1
42/1
0.017
इन्दौर
धमनाय ,
खुडैल
प.ह.न. 68
42/2
0.008
77
0.014
76/4
0.009
102/1/मिन-1
0.014
102/2/1 2224
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
[ भाग 1 जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)
4
2
1
3
5
102/ 1/मिन -2
0.014 इन्दौर खुडैल
102/2/2
धमनाय ,
प.ह.न. - 68
106/2
0.031
0.007
110/1/2/1/मिन-1
0.005
0.006
110/1/2/ 1 /मिन -2
110/1/2/2
0.010
110/1/2/3 /मिन -1
0.002
110/1/2/3 /मिन -2 0.002
110/2
0.011
111/2
0.004
112/2/1
0.014
112/4
0.030
235/1
0.026
242/2
0.035
236
0.010
237
0.059
242/1
0.048
244/2
0.023
257/1
0.024
257/2
0.028
259
0.051
260
0.007
27
0.509
कुल योग
R, Rhin
A 2225
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
क्र. -316-भू-अर्जन- 2020- राजस्व प्रकरण क्र.-03-अ-82-2019-20.-
प्ररुप- "घ "
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 382 / भू- अर्जन / 2019 , खुडैल , दिनांक 13-06-2019 तथा संशोधित अधिसूचना क्रमांक- 1043/ भू-अर्जन / 2019 , खुडैल, दिनांक 05-12-2019 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम- मुण्डला दोसदार तहसील एवं जिला इन्दौर से ग्राम- हरियाखेड़ी, तहसील एवं जिला- उज्जैन तक उज्जैनी- उज्जैन पाईपलाईन योजना की भूमिगत ग्रेविटीमेन पाईप लाईन में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । और वह अधिसूचना म०प्र० राजपत्र भाग -1 में दिनांक 28.06.2019 एवं संशोधित अधिसूचना दिनांक 20.12.2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर , सक्षम अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव , उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
तहसील
जिला
खसरा क्रमांक
ग्राम / पटवारी
हल्काकमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
4
5
3
1
0.049
9/1
इन्दौर खुडैल कपाल्याखेड़ी प.ह.नं.- 69
0.019
9/2
0.020
12/1/2
0.018
12/2/2
य
13/1
0.034
0.016
20/1/1
अधिकारीराजस्व , अनखुडल(शलेक्टोरेट)इन्दा 2226
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
[भाग 1 जिला
तहसील
खसरा कमांक
ग्राम / पटवारी
हल्काक्रमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
1
4
5
3
0.010
20/1/2
इन्दौर खुडैल
0.026
20/2
कपाल्याखेड़ी
प.ह.नं.- 69
0.017
20/1/5
20/3/1
0.019
0.016
20/3/2
56/1
0.010
56/3/2
0.014
0.029
56/5/1
0.007
96/1
0.038
68
72/1
0.019
0.033
72/2
0.005
72/3
75/2
0.012
76/1/1
0.014
0.014
77/2
76/2/1
0.002
76/2/2
0.011
0.019
92/1/1
92/1/2
0.010
0.007
92/2/1/1
93/1
0.053
97/2
0.017
29
0.558
कुल योग
2227
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
क्र.-316-भू-अर्जन-2020- राजस्व प्रकरण क्र.-07-3-82-2019-20.-
प्ररुप- "घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम , 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक - 394 / भू- अर्जन / 2019, खुडैल, दिनांक 13-06-2019 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम मुण्डला दोसदार तहसील एवं जिला इन्दौर से ग्राम हरियाखेड़ी, तहसील एवं जिला- उज्जैन तक उज्जैनी- उज्जैन पाईपलाईन योजना की भूमिगत ग्रेविटीमेन पाईप लाईन में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । और वह अधिसूचना म० प्र ० राजपत्र भाग -1 में दिनांक 28.06.2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी, तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव , उक्त अधिनियम की धारा- 4 की उपधारा (1 ) द्वारा, पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
::अनुसूची::
तहसील
जिला
खसरा कमांक
ग्राम / पटवारी
हल्का कमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर मे)
4
5
2
1
3
सिन्धीबरोदा
इन्दौर खुडैल
0.022
6/2
प.ह.नं.- 69
अधिकारीराजस्व अ
01
0.022
कुल योग
विभागीन 2228
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
[भाग 1 क्र.- 316-भू-अर्जन-2020- राजस्व प्रकरण क्र.- 02-अ-82-2019-20.-
प्ररुप- " घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 390 / भू- अर्जन/ 2019, खुडैल , दिनांक 13-06-2019 तथा संशोधित अधिसूचना कमांक- 1039 / भू- अर्जन / 2019 , खुडैल, दिनांक 05-12-2019 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम मुण्डला दोसदार तहसील एवं जिला इन्दौर से ग्राम हरियाखेड़ी, तहसील एवं जिला- उज्जैन तक उज्जैनी- उज्जैन पाईपलाईन योजना की भूमिगत ग्रेविटीमेन पाईप लाईन में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । और वह अधिसूचना म०प्र० राजपत्र भाग -1 में दिनांक 28.06.2019 एवं संशोधित अधिसूचना दिनांक 20.12.2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर , सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन , बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
तहसील
जिला
खसरा कमांक
ग्राम / पटवारी
हल्काकमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में)
4
2
3
5
1
157/2/1
0.007 इन्दौर
उज्जैनी,
खुडैल
प.ह.न.
67
0.029
158/1/3/2
158/2/2
0.031
0.023
160
0.056
161
लकारी राजस्व अनुभागखुल 2229
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
तहसील
जिला
ग्राम / पटवारी
हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
1
4
5
3
162/2
0.024 इन्दौर खुडैल
170/1
0.014
उज्जैनी,
प.ह.न. - 67
170/2
0.051
185/1
0.032
185/2/मिन -1
0.003
186/1
187/1
0.017
18/2
186/2
0.013
187/2
0.005
188/1
0.035
191/1/2/2
0.008
0.024
191/2
192
0.023
0.017
194/1
194/2
0.009
194/3
0.007
194/4
0.007
21
0.435
कुल योग
2230
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
[ भाग 1 क्र. -316-भू-अर्जन- 2020- राजस्व प्रकरण क्र.-05-3-82-2019-20.-
प्ररुप- " घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 402 / भू- अर्जन/ 2019, खुडैल , दिनांक 13-06-2019 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम मुण्डला दोसदार तहसील एवं जिला इन्दौर से ग्राम- हरियाखेड़ी, तहसील एवं जिला- उज्जैन तक उज्जैनी- उज्जैन पाईपलाईन योजना की भूमिगत ग्रेविटीमेन पाईप लाईन में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । और वह अधिसूचना म०प्र ० राजपत्र भाग-1 में दिनांक 28.06.2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर , सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव , उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1) द्वारा , पाईपलाईन , बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
जिला
तहसील
खसरा कमांक
ग्राम / पटवारी
हल्काक्रमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
3
4
1
5
111/1/2/मिन-1.
इन्दौर
0.032 खुडैल हासाखेड़ी प.ह.नं.- 50
111/2/ 1 /मिन-1
0.023
111/3/मिन-1
0.022
111/4/मिन-2
0.027 अधिकारीराजस्व अनुभागखुल
117/5
0.033
121
0.038
(कलेक्टोरेट) 2231
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
तहसील
खसरा
जिला
ग्राम / पटवारी
हल्का कमांक
कमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
3
4
5
128/1/1
0.028 खुडैल
इन्दौर
134/3
0.012
हासाखेड़ी प.ह.नं.- 50
131/2
0.060
133
0.046
0.009
134/1
134/2
0.011
0.025
135/1
0.007
135/2
0.077
193/1
0.025
193/2
197/1/2
0.012
0.007
197/3/1
0.039
197/5/मिन -1
19
0.533
कुल योग
2232
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
[भाग 1 क्र.-316-भू-अर्जन-2020- राजस्व प्रकरण क्र. - 04- अ- 82-2019-20.-
प्ररुप- " घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम , 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013 ) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 406/ भू- अर्जन/ 2019 , खुडैल , दिनांक 13-06-2019 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम मुण्डला दोसदार तहसील एवं जिला इन्दौर से ग्राम- हरियाखेड़ी, तहसील एवं जिला- उज्जैन तक उज्जैनी- उज्जैन पाईपलाईन योजना की भूमिगत ग्रेविटीमेन पाईप लाईन में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । और वह अधिसूचना म०प्र० राजपत्र भाग -1 में दिनांक 28.06.2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर, सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी/ अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर, राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्काकमांक
खसरा कमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
3
4
5
इन्दौर
0.025
240/मिन-2
खुडैल गारीपिपल्या प.ह.नं.- 50
0.026
247/1/1
247/1/2
0.017
0.017
247/1/3
248/2
250/2
0.011
Pia भागखुलकलेक्टोरेटइ 2233
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 1
2
3
4
5
251
0.014 इन्दौर खुडैल
261
0.035
गारीपिपल्या
प.ह.नं.- 50
269
0.010
278/1
0.086
281/2
0.062
0.010
283/1
0.022
283/2/1
283/2/2
0.020
284/1/2
0.033
284/3/2
0.035
286
0.021
287/1
0.040 अधिकारीराजस्व, भा अनुविभागीय
17
0.484
कुल योग
2234
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
[भाग 1 क्र.- 316-भू-अर्जन- 2020- राजस्व प्रकरण क्र.-अ- 82-2019-20.-
प्ररुप- " घ"
{ नियम- 6 देखिए }
अतएव मध्यप्रदेश भूमिगत पाईपलाईन, केबल एवं डक्ट (भूमि के उपयोक्ता के अधिकारों का अर्जन) अधिनियम, 2012 (क्रमांक 5 सन् 2013) (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट किया गया है) की धारा 3 की उपधारा (1 ) के अधीन जारी सक्षम प्राधिकारी की अधिसूचना कमांक- 386 / भू- अर्जन / 2019 , खुडैल , दिनांक 13-06-2019 द्वारा , राज्य सरकार ने ग्राम मुण्डला दोसदार तहसील एवं जिला इन्दौर से ग्राम- हरियाखेड़ी, तहसील एवं जिला- उज्जैन तक उज्जैनी- उज्जैन पाईपलाईन योजना की भूमिगत ग्रेविटीमेन पाईप लाईन में जल परिवहन हेतु भूमिगत पाईपलाईन , केबल एवं डक्ट को बिछाने के प्रयोजन हेतु अधिसूचना को संलग्न अनुसूची में विनिर्दिष्ट भूमि में उपयोक्ता के अधिकार के अर्जन की इस आशय की घोषणा की है । और वह अधिसूचना म०प्र० राजपत्र भाग-1 में दिनांक 28.06.2019 को प्रकाशित की गई तथा कलेक्टर , सक्षम अधिकारी , तहसीलदार कार्यालय के नोटिस बोर्ड के साथ ग्राम पंचायत एवं संबंधित ग्राम के लोक समागम स्थल पर अधिसूचना चस्पा कर इसकी सूचना भूमिस्वामी / अधिभोगी को भी दी गई है ।
अतएव, उक्त अधिनियम की धारा 4 की उपधारा (1 ) द्वारा , पाईपलाईन, बिछाने के लिए भूमि में उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर , राज्य सरकार में निहित होगा ।
:: अनुसूची::
जिला
तहसील ग्राम / पटवारी हल्काक्रमांक
खसरा कमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
1
3
4
5
इन्दौर
40/1
0.005
रामगढ़
खुडैल
प.ह.नं.- 50
41
0.023
42/1
0.015
50
0.012
51
0.014
43
0.013
Broker.
A 2235
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
जिला तहसील ग्राम / पटवारी हल्का कमांक
खसरा कमांक
उपयोग के अधिकार के लिये अर्जित की जाने वाली भूमि (हेक्टेयर में) 2
1
3
4
5
46/1
0.051
रामगढ़
इन्दौर खुडैल
47
0.009
प.ह.नं.- 50
132/2
0.014
0.089
139
0.010
158/3/1
0.032
158/3/2
158/4
0.044
159
0.031
169/1/1
0.010
0.006
172/1
16
कुल योग
0.378 अधिकारीरास्त
आर.एस. मण्डलोई, सक्षम प्राधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) .
2236
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
भाग 1 ]
राज्य शासन के आदेश
श्रम विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन , भोपाल भोपाल, दिनांक 19 मार्च 2020
No. F 4 (A) 01-2012 - A- XVI . In supersession of this department Notification No. F -4- (A) -01-2012 - A-XVI , dated 3rd August 2017 and in exercise of the powers conferred by sub- section (2) of Section 8 of the Factories Act, 1948 (63 of 1948) , the State Government , hereby, appoints Shri Jitendra Vyas , Incharge Director Industrial Health & Safety, Madhya Pradesh , Indore as " Chief Inspector of Factories " for the State of Madhya Pradesh until the leave period of Shri Raj Shekhar Singh .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, वंदना मेहरा अटूट, उपसचिव.
क्र. एफ 4(ए) 01-2012- ए- सोलह. इस विभाग की अधिसूचना एफ 4 (ए) 04-2012- ए- सोलह, दिनांक 3 अगस्त 2017 को अधिक्रमित करते हुए तथा कारखाना अधिनियम, 1948 ( सन् 1948 का 63 ) की धारा 8 ( 2 ) प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य शासन , एतद्वारा , श्री जितेन्द्र व्यास , प्रभारी संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर को श्री राजशेखर सिंह, प्रभारी संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर की अवकाश अवधि तक मध्यप्रदेश राज्य के लिये " मुख्य कारखाना निरीक्षक " नियुक्त करता है.
भाग 1 ]
उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर
जबलपुर, दिनांक 5 मार्च 2020
क्र. C- 985- दो - 12-2-23 भाग-16.- उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश जबलपुर की रजिस्ट्री अधिसूचना क्रमांक सी- 156- एक-7-3-2019 भाग -1 जबलपुर, दिनांक 13 जनवरी 2020 में आंशिक संशोधन करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय देवास, खंडवा, उज्जैन, सीहोर, भोपाल , हरदा, इन्दौर, रायसेन , सागर एवं शाजापुर (म. प्र. ) में " रंगपंचमी " के उपलक्ष्य में शनिवार दिनांक 14 मार्च 2020 को अवकाश घोषित करते हुए उसके एवज में तृतीय शनिवार दिनांक 21 मार्च 2020 ( अवकाश दिवस ) को कार्यदिवस घोषित किया जाता है.
जबलपुर, दिनांक 6 मार्च 2020
क्र . C - 1005-दो- 12-2-23 भाग-16 .- उच्च न्यायालय , मध्यप्रदेश जबलपुर की रजिस्ट्री अधिसूचना क्रमांक सी-156- एक- 7-3-2019 भाग-1 जबलपुर, दिनांक 13 जनवरी 2020 में आंशिक संशोधन करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय रतलाम ( म. प्र. ) में " रंगपंचमी " के उपलक्ष्य में शनिवार दिनांक 14 मार्च 2020 को अवकाश घोषित करते हुए उसके एवज में तृतीय शनिवार दिनांक 21 मार्च 2020 (अवकाश दिवस ) को कार्यदिवस घोषित किया जाता है.
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार, राजेन्द्र कुमार वाणी , रजिस्ट्रार जनरल.
जबलपुर, दिनांक 26 फरवरी 2020
क्र. D- 1616- दो- 2-23-2017 .- श्री प्रकाश चन्द्र गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , मुरैना को दिनांक 11 से 12 अक्टूबर 2019 तक के अर्जित अवकाश तथा अवकाश के पूर्व में 6 से 10 अक्टूबर
2237
मध्यप्रदेश राजपत्र , दिनांक 20 मार्च 2020
उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं
2019 तक के एवं अवकाश के पश्चात् में 13 अक्टूबर 2019 के सार्वजनिक अवकाश के साथ एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण दिनांक 1 नवम्बर 2017 से दिनांक 31 अक्टूबर 2019 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग , भोपाल के आदेश क्रमांक -3 ( ए) 19-03 - इक्कीस-ब ( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1 - ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक- 3666- इक्कीस- ब ( एक ) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत प्रदान की जाती है.
क्र. D- 1618-दो-2-102-2017.- श्री हदेश, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नीमच को मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- (ए) 19-03-इक्कीस- ब( एक) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 12 ( 1 ) के अंतर्गत दिनांक 1 नवम्बर 2017 से दिनांक 31 अक्टूबर 2019 तक 02 वर्ष की ब्लाक अवधिके लिए 30 दिवस के अर्जित अवकाश को नगद भुगतान के लिए समर्पित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है.
क्र. D- 1656-दो- 2-86-2018.- श्री प्रेम कुमार सिन्हा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश , उमरिया को एल.टी.सी. सुविधा का उपभोग करने के कारण दिनांक 1 नवम्बर 2019 से दिनांक 31 अक्टूबर 2023 तक की ब्लाक अवधि हेतु 10 दिवस ( केवल दस दिवस) के अर्जित अवकाश नगदीकरण की स्वीकृति मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, भोपाल के आदेश क्रमांक- 3- ( ए) 19- 03-इक्कीस- ब ( एक ) , दिनांक 15 जून 2006 के अनुक्रमांक 9 ( 1- ड) एवं समसंख्यक ज्ञापन क्रमांक-3666- इक्कीस -ब( एक) 2011 , दिनांक 8 अगस्त 2011 में दिए गए निर्देशों के अंतर्गत प्रदान की जाती है .
माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति महोदय के आदेशानुसार,
यू. एस. दुबे, रजिस्ट्रार.
2238
[भाग 1
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 20 मार्च 2020
जबलपुर , दिनांक 18 फरवरी 2020
क्र. ए-407-तीन- 10-40-78 ( भाग- आठ ) .-मध्यप्रदेश सिविल न्यायालय अधिनियम, 1958 ( क्रमांक 19 सन् 1958 ) की धारा 12 की उपधारा ( 1 ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, इस संबंध में पूर्व में जारी की गई अधिसूचना क्रमांक सी-4666-तीन-10- 40-78-सात, दिनांक 18 नवंबर, 2016 जो मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 16 दिसंबर, 2016 में प्रकाशित हुई थी, में निम्नानुसार संशोधन किया जाता है . उक्त अधिसूचना में, सारणी में अनुक्रमांक 36 सिविल जिला सागर तथा उससे संबंधित प्रविष्टियों के पश्चात्, निम्नलिखित प्रविष्टियां स्थापित की जाएं, अर्थात्ः-
सारणी
सिविल जिले का नाम
अनुक्र.
सिविल न्यायाधीश प्रथम वर्ग के न्यायालय
सिविल न्यायाधीश द्वितीय वर्ग के न्यायालय
अपर जिला न्यायाधीश
के न्यायालय
स्थान
स्थान
स्थान
न्यायालयों की संख्या
न्यायालयों की संख्या
न्यायालयों की संख्या
(4)
(6)
(7)
(8) (1)
11
9*
(3) सागर
7
सागर
36
(2) सागर
2
(5) सागर देवरी
1
देवरी
1
देवरी
No. A-407 - III - 10-40-78- VIII . In the Notification of the High Court of Madhya Pradesh No. C-4666 - III- 10-40/ 78-VII, dated 18 November , 2016 , issued in exercise of the powers conferred by sub- section 1 of Section 12 of the Madhya Pradesh Civil Court Act , 1958 (No. 19 of 1958) , which was published in the " Madhya Pradesh Gazette " dated 16 December , 2016 following amendment is made. In the said notification, in the table , for the Serial number 36 Civil District Sagar the following entries are substituted , namely:-
TABLE
S. No. Name of Civil District
Court of Civil Juges (Class- I)
Court of Civil Juges (Class- II)
Court of Additional District Judges
Place
Place
Place
Number ofCourts
(4)
Number ofCourts (8)
(5)
Number ofCourts (6)
(7)
(1)
(2)
(3)
9*
36
7
11
Sagar
Sagar
Sagar
2
Deori
Deori
Sagar Deori
1
1
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, बी. पी. शर्मा , रजिस्ट्रार (डी. ई. ) .