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ध्यप्र
श शासन
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित
भोपाल , मंगलवार, दिनांक 4 अगस्त 2020- श्रावण 13 , शक 1942
क्रमांक 247]
श्रम विभाग
मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल
भोपाल , दिनांक 29 जुलाई 2020
क्र.-600-358-2020- ए- सौलह. राज्य सरकार, एतद्वारा आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिगत प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों के कल्याण, रोजगार एवं कौशल विकास आदि के विषय में सुझाव हेतु मध्यप्रदेश प्रवासी श्रमिक आयोग का गठन करता है.
1. नाम, विस्तार और आरंभ (1 ) इस आयोग का संक्षिप्त नाम " मध्यप्रदेश राज्य प्रवासी श्रमिक आयोग " है.
(2) इस आयोग का गठन इस अधिसूचना के मध्यप्रदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होगा.
आयोग का कार्यकाल इस अधिसूचना की तारीख से सामान्यतया दो वर्ष का होगा जिसे राज्य सरकार आवश्यकता अनुसार बढ़ा सकेगी. (3)
(4) इस आयोग का क्षेत्र संपूर्ण मध्यप्रदेश राज्य में होगा.
2. परिभाषाएं - (क) "आयोग " से अभिप्रत है, राज्य सरकार द्वारा गठित मध्यप्रदेश राज्य प्रवासी श्रम आयोग ;
(ख) "प्रवासी श्रमिक " से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश के ऐसे मूल निवासी जो अन्य राज्य में श्रमिक के रूप में कार्य कर रहे थे तथा 1 मार्च 2020 या उसके बाद मध्यप्रदेश राज्य में वापस लौटे हैं;
(ग) "परिवार " से अभिप्रेत है प्रवासी श्रमिक का परिवार जिसमें पति/ पत्नी, पुत्र, पुत्री, आश्रित माता-पिता सम्मिलित है;
(घ) "हितलाभ " से अभिप्रेत है, प्रवासी श्रमिकों को राज्य सरकार के विभिन्न योजनाओं एवं राज्य या केन्द्र के अधिनियमों में प्राप्त होने वाले हितलाभ.
3. आयोग के कर्तव्य एवं उद्देश्य. आयोग का कर्तव्य राज्य के प्रवासी श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक सिफारिशें प्रस्तुत करना है.
493 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अगस्त 2020
494
आयोग , सदस्यों से या अन्य व्यक्तियों, संगठनों, विभागों, मंडलों आदि से, जिन्हें आयोग आवश्यक समझे , परामर्श करते हुए राज्य सरकार को निम्न विषयों पर अपने सुझाव / अनुशंसाएं /सिफारिशें प्रस्तुत करें, -
(1) प्रवासी श्रमिकों के कल्याण हेतु;
(2) प्रवासी श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसरों के सृजन हेतु;
(3) प्रावसी श्रमिकों एवं उनके परिवार के कौशल विकास हेतु;
(4) प्रवासी श्रमिकों हित संरक्षण हेतु प्रचलित श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु;
(5) प्रवासी श्रमिकों एवं उनके परिवार को राज्य की प्रचलित सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं में लाभ प्रदान करने हेतु;
(6) अन्य कोई अनुशंसा, जो प्रवासी श्रमिकों के हित मे आयोग उचित समझे.
4. आयोग का गठन.- आयोग का गठन, राज्य सरकार के आदेश द्वारा निम्नानुसार अर्हताधारी व्यक्तियों में से किया जायेगा:-
(1) अध्यक्ष एवं उनकी अर्हता (अ) आयोग का अध्यक्ष, राज्य सरकार द्वारा नामांकित व्यक्ति होगा.
(ब) अध्यक्ष, राज्य में प्रवासी मजदूरों के कल्याण के क्षेत्र में न्यूनतम 10 वर्ष की अवधि से कार्यरत कोई व्यक्ति या राज्य सरकार के सचिव से अनिम्नस्तर का सेवानिवृत्त अधिकारी होगा.
(2) सदस्य एवं उनकी अर्हता आयोग के, राज्य सरकार द्वारा नामांकित निम्नानुसार दो सदस्य होंगे जो राज्य में प्रवासी मजदूरों के कल्याण के क्षेत्र में न्यूनतम 5 वर्ष की अवधि से कार्यरत हों.
5. वर्ष का होगा. अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल (1 ) आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यगणों का कार्यकाल सामान्यतः नियुक्ति से दो (2) राज्य सरकार आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को पद से हटा सकेगा, यदि वह-
(अ) दिवालिया हो गया हो;
(ब) किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध ठहराया गया हो;
(स) विकृतचित्त हो गया हो;
(द) कार्य करने से इंकार करता है या असमर्थ हो जाता है या त्यागपत्र देता है ;
(इ) राज्य सरकार की राय में उसका पद पर बना रहना लोकहित में नहीं होगा.
6. आयोग में नियुक्तियां.- (1 ) राज्य सरकार द्वारा आयोग के कार्यकाल के दौरान कार्यों के संपादन एवं संचालन हेतु सचिव के रूप में सहायक श्रमायुक्त स्तर के अधिकारी तथा कार्यालय सहायक के रूप में दो कर्मचारियों एवं दो भृत्य को राज्य सरकार के किसी विभाग , उपक्रम या मंडल से प्रतिनियुक्ति पर सेवायें ली जा सकेगी. यह नियुक्तियां आयोग के समाप्त होने पर स्वतः समाप्त हो जाएंगी.
(2) आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को देय वेतन एवं भत्ते एवं अन्य सेवा शर्ते मूल विभाग के अनुरूप होगी .
7. प्रवासी श्रमिक आयोग के गठन के प्रस्ताव में अध्यक्ष / सदस्यों को देय मानदेय एवं अन्य सुविधाएं वित्त विभाग के परिपत्र क्र. एफ 11-15-2010- नियम- चार, दिनांक10-08-2011 के अनुसार निम्नानुसार प्रस्तावित है:-
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 4 अगस्त 2020
494(1)
अध्यक्ष (3)
सदस्य (4) अनुक्रमांक (1)
देय सुविधाओं का प्रकार (2)
1
मानदेय एवं सत्कार भत्ता
रु. 13000/मासिक
रु. 10000/ मासिक 2
यात्रा भत्ता
राज्य सरकार के "ए "
श्रेणी के अधिकारी के
समतुल्य
राज्य सरकार के " ए" श्रेणी के अधिकारी के समतुल्य
3
रु. 15000/ मासिक
रु. 20000 /मासिक
किराये के आवास की सुविधा
उपरोक्त सुविधाओं के अतिरिक्त आयोग के अध्यक्ष / सदस्य को मध्यप्रदेश सरकार, वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी.
8. आयोग की बैठकें. आयोग , ऐसी समय अवधि एवं स्थान पर अपनी बैठकें आयोजित करेगा जो अध्यक्ष उचित समझे तथापि यह बैठक प्रत्येक तीन माह में एक बार आयोजित की जाएगी.
9. आयोग को अनुदान. - राज्य सरकार द्वारा आयोग को अनुदान के माध्यम से ऐसी धनराशि प्रदान की जाएगी जो आयोग के कार्य संपादन हेतु राज्य सरकार ठीक समझे.
10. लेखा और संपरीक्षा (1) आयोग , समुचित लेखा और अन्य सुसंगत अभिलेख रखेगा और लेखाओं का वार्षिक विवरण ऐसे प्रारूप में तैयार करेगा जैसा कि राज्य सरकार द्वारा इस हेतु निर्धारित किया जाए .
(2) आयोग के लेखाओं की संपरीक्षा संचालक, स्थानीय निधि एवं संपरीक्षा द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत की जाएगी.
11. वार्षिक रिपोर्ट. आयोग द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष या उसके भाग के लिए , यथास्थिति, अपनी रिपोर्ट जिसमें उस वित्तीय वर्ष के दौरान उसके क्रियाकलापों, अनुशंसाओं तथा लेखा का पूर्ण विवरण होगा, राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष की समाप्ति के 15 दिवस में प्रस्तुत की जाएगी. आयोग अपने कार्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आवश्यक अभिलेख / जानकारी, विभाग / मंडल कार्यालयों आदि से बुला सकेगा. आयोग , प्रत्येक तीन माह में अपना अंतरिंम प्रतिवेदन राज्य सरकार को देगा एवं अंतिम प्रतिवेदन आयोग के गठन से अधिकतम दो वर्ष की कालावधि के भीतर प्रस्तुत करेगा.
12. आयोग के अध्यक्ष / सदस्य और कर्मचारियों को लोक सेवक होना. आयोग का अध्यक्ष , सदस्यगण तथा कर्मचारीगण भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 21 के अंतर्गत लोक सेवक समझे जायेंगे.
13. राज्य सरकार आयोग की अनुशंसाएं प्राप्त होने पर प्रवासी श्रमिकों के हित में कोई योजना या नीति निर्धारण करते समय उन पर विचार कर निर्णय ले सकेगी.
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
राजेश राजौरा , अपर मुख्य सचिव.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित-2020.