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मध्य प्रदेश
शास
सत्यमेव जयते
मध्यप्रदेश राजपत्र
(असाधारण )
प्राधिकार से प्रकाशित्त
क्रमांक 348]
भोपाल , शनिवार, दिनांक 26 सितम्बर 2020- आश्विन 4, शक 1942
विधि और विधायी कार्य विभाग
भोपाल , दिनांक 26 सितम्बर 2020
क्र. 11302-197 - इक्कीस - अ(प्रा.).- मध्यप्रदेश विधान सभा का निम्नलिखित अधिनियम जिस पर दिनांक 25 सितम्बर, 2020 को महामहिम राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो चुकी है , एतद्वारा सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, गोपाल श्रीवास्तव , सचिव.
695 696
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 सितम्बर 2020
मध्यप्रदेश अधिनियम
क्रमांक १६ सन् २०२०
मध्यप्रदेश साहूकार ( संशोधन ) अधिनियम, २०२०
[दिनांक २५ सितम्बर , २०२० को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हुई; अनुमति " मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण ) " में दिनांक २६ सितम्बर , २०२० को प्रथम बार प्रकाशित की गई . ]
मध्यप्रदेश साहूकार अधिनियम, १ ९ ३४ को और संशोधित करने हेतु अधिनियम.
भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान- मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम.
१. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश साहूकार ( संशोधन ) अधिनियम, २०२० है.
धारा २ का
संशोधन.
२. मध्यप्रदेश साहूकार अधिनियम, १ ९ ३४ ( क्रमांक १३ सन् १ ९ ३४ ) ( जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के नाम से निर्दिष्ट है ) की धारा २ में, खण्ड ( सात ) में, उपखण्ड ( घ ) के पश्चात्, निम्नलिखित उपखण्ड अन्तःस्थापित किया जाए, अर्थात्:-
" ( घ क) भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम , १ ९ ३४ ( १ ९ ३४ का २ ) की धारा ४५ - आई ( च ) में यथापरिभाषित किसी " गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनी " द्वारा अग्रिम दिया गया कोई उधार, ".
३. मूल अधिनियम की धारा २ - क के पश्चात्, निम्नलिखित धारा अन्तःस्थापित की जाए, अर्थात्ः- धारा २ ख का अन्तःस्थापन.
ब्याज की सीमा.
" २ -ख. कोई भी साहूकार , राज्य सरकार द्वारा समय - समय पर अधिसूचित की गई दर से अधिक ब्याज प्रभारित नहीं करेगा. ".
धारा ११ - च च का
४. मूल अधिनियम की धारा ११ च च को धारा ११ - चचच के रूप में पुनर्क्रमांकित किया जाए और इस प्रकार पुनर्क्रमांकित धारा ११ - चचच के पूर्व, निम्नलिखित नई धारा अन्तःस्थापित की जाए, अर्थात्ः-
पुनर्क्रमांकित किया जाना तथा नवीन धारा ११ - च च का अन्तःस्थापन .
अरजिस्ट्रीकृत
साहूकारों द्वारा दिया
गया उधार कतिपय
" ११ - चच. तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी धारा ११ - ख के अधीन अरजिस्ट्रीकृत किसी साहूकार द्वारा, किसी व्यक्ति को अग्रिम दिया गया कोई उधार विधि के किसी न्यायालय में तब तक वसूलनीय नहीं होगा जब तक कि वाद दायर किए जाने के समय साहूकार प्रभावी रजिस्ट्रीकरण न रखता हो और न्यायालय का समाधान न हो गया हो कि अग्रिम दिए गए उधार धारा २ - ख के अनुसरण में थे. " .
परिस्थितियों में वसूलनीय नहीं होगा.
धारा ११- चचच कासंशोधन.
५. मूल अधिनियम की इस प्रकार पुनर्क्रमांकित धारा ११ - चचच में , पार्श्व शीर्ष में और उपबंध में, शब्द, अंक तथा अक्षर, " धारा २ - क ", जहां कहीं भी आए हों, के स्थान पर, शब्द, अंक तथा अक्षर " धारा २ - क, धारा २ - ख " स्थापित किए जाएं.
भोपाल, दिनांक 26 सितम्बर 2020
क्र. 11302-197-इक्कीस- अ ( प्रा. ) .- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड ( 3 ) के अनुसरण में मध्यप्रदेश साहूकार ( संशोधन) अधिनियम, 2020 ( क्रमांक 16 सन् 2020 ) का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्वारा प्रकाशित किया जाता है .
मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,
गोपाल श्रीवास्तव, सचिव.
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 26 सितम्बर 2020
696 ( 1) MADHYA PRADESH ACT
No. 16 OF 2020
THE MADHYA PRADESH MONEYLENDERS ( AMENDMENT ) ACT , 2020
[Received the assent of the Governor on the 25th September , 2020 ; assent first published in the "Madhya Pradesh Gazette ( Extra - ordinary ) " , dated the 26th September , 2020. ]
An Act further to amend the Madhya Pradesh Moneylenders Act, 1934.
Be it enacted by the Madhya Pradesh Legislature in the seventy first year of the Republic of India as follows : -
Short title.
1. This Act may be called the Madhya Pradesh Moneylenders ( Amendment) ) Act , 2020.
Amendment of section 2.
2. In Section 2 of the Madhya Prdesh Moneylenders Act , 1934 (No. 13 of 1934 ) ( herinafter referred to as the principal Act ) , in clause ( vii ) , after sub - clause (d ) , the following sub- clause shall be inserted , namely:-
"(da) a loan advanced by a " non - banking financial company " as defined in Section 45- I(f) of the Reserve Bank of India Act , 1934 , ( No. 2 of 1934) , " .
of 3. After Section 2 -A of the principal Act , the following section shall be inserted , namely:- Insertion section 2 -B .
Limit of interest .
"2- B . No moneylender shall charge interest more than the rate notified by the State Government from time to time ." .
4. Section 11 - FF of the principal Act shall be renumbered as Section 11 - FFF and before Section 11 - FFF as so renumbered , the following new section shall be inserted . namely: --
Renumbering of section 11 - FF and insertion of new section 11 -FF .
" 11 - FF. Notwithstanding anything contained in any other law for the time being in force, any loan advanced to any person by a moneylender not registered under section 11 - B shall not be recoverable in any court of law unless at the time of filing the suit the moneylender held an effective registration and the court is seatisfied that the loans advannced were in compliance with Section 2 -B . " .
Loan by unregistered moneylenders shall not be recoverable in certain conditions .
Amendemnt of section 11 - FFF .
5. In Section 11 - FFF as so renumbered of the principal Act , in marginal heading and in provision, for the word , figure and letter " section 2 - A " wherever they occur, the words , the figures and letters " section 2 - A , section 2 - B " shall be substitued.
नियंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय , भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित- 2020.